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उदितवाणी
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'''उदितवाणी''' [[जमशेदपुर]], [[झारखंड]] से प्रकाशित होने वाला एक दैनिक [[हिन्दी समाचारपत्र|हिंदी समाचारपत्र]] है।<ref>{{cite web |title=‘एक्सप्रेस’ का अंग होना गर्व की बात थी |url=http://ranchiexpress.com/216408 |publisher=रांची एक्सप्रेस |author=डॉ॰ अनिल सुलभ |date=३० दिसम्बर २०१२ |accessdate=१२ जून २०१४ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131103162053/http://ranchiexpress.com/216408 |archive-date=3 नवंबर 2013 |url-status=dead }}</ref>
== इतिहास ==
उदितवाणी की स्थापना लगभग 45 वर्ष पहले ''राधे श्याम अग्रवाल'' द्वारा की गई थी। यह जमशेदपुर का सबसे पुराना समाचारपत्र माना जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.newspapers.in/newspapers_details/ref_id-8413/language-hindi/periodicity-daily/district-east%20singhbhum/www.indiapress.org|title=UDIT VANI|website=www.newspapers.in|access-date=2025-09-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://pwidirectory.haymarketsac.in/listing/Udit-Vani-Hindi-Daily/|title=Udit Vani (Hindi Daily)|website=pwidirectory.haymarketsac.in|language=en-US|access-date=2025-09-16}}</ref>
== प्रकाशन स्थल ==
* [[जमशेदपुर]]
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची]] ।
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.uditvani.com आधिकारिक वेबसाइट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180319221109/http://www.uditvani.com/ |date=19 मार्च 2018 }}
[[श्रेणी:हिन्दी भाषा के समाचार पत्र]]
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मुज़फ्फरपुर
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'''मुज़फ़्फ़रपुर''' ({{Langx|en|Muzaffarpur|italic=no}}) [[भारत]] के [[बिहार]] राज्य के [[तिरहुत]] प्रमंडल के [[मुजफ्फरपुर जिला|मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह दोनों प्रमंडल और ज़िले की राजधानी है। यह [[बूढ़ी गण्डक नदी]] के तट पर बसा हुआ है। मुज़फ़्फ़रपुर बिहार का चौथा सबसे आबाद शहर है, जिस प्रकार इसे उत्तर बिहार की राजधानी मानी जाती है।<ref>{{Cite web |title=Muzaffarpur City Population 2025 |url=https://www.census2011.co.in/census/city/165-muzaffarpur.html |website=Census2011.co.in |access-date=11 सितंबर 2025}}</ref>
== विवरण ==
मुज़फ़्फ़रपुर उत्तरी बिहार का एक प्रमुख शहर है। अपने सूती वस्त्र उद्योग,लाह (लाख)की चूड़ियों, शहद तथा [[आम]] और [[लीची]] जैसे फलों के उम्दा उत्पादन के लिये यह जिला पूरे विश्व में जाना जाता है, खासकर यहाँ की शाही लीची का कोई जोड़ नहीं है।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/shahi-litchi-to-get-gi-tag-soon/articleshow/64900499.cms|title=Bihar's famous Shahi litchi to get GI tag soon|access-date=8 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180804013808/https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/shahi-litchi-to-get-gi-tag-soon/articleshow/64900499.cms|archive-date=4 अगस्त 2018|url-status=live}}</ref> यहाँ तक कि [[भारत]] के [[राष्ट्रपति]] और [[प्रधानमंत्री]] को भी यहाँ से लीची भेजी जाती है। बिहार के जर्दालु आम, मगही पान और कतरनी धान को जीआइ टैग (ज्योग्रफिकल इंडिकेशन) मिल चुका है। अब शाही लीची को भी जल्द जीआइ मिल जाएगा।<ref>{{cite web|url=https://www.jagran.com/bihar/patna-city-famous-shahi-litchi-of-bihar-to-get-gi-tag-soon-17793985.html|title=अब बिहार की खास होगी मुज़फ़्फ़रपुर की शाही लीची, जल्दी मिलगा GI टैग|access-date=8 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180708133159/https://www.jagran.com/bihar/patna-city-famous-shahi-litchi-of-bihar-to-get-gi-tag-soon-17793985.html|archive-date=8 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://zeenews.india.com/hindi/india/bihar-jharkhand/bihar-muzaffarpur-famous-shahi-litchi-get-gi-tag-soon/413551|title=धान, पान और आम के बाद मुज़फ़्फ़रपुर की शाही लीची को भी जल्द मिल जाएगा GI टैग|access-date=8 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180708104255/http://zeenews.india.com/hindi/india/bihar-jharkhand/bihar-muzaffarpur-famous-shahi-litchi-get-gi-tag-soon/413551|archive-date=8 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref>
2017 मे मुज़फ़्फ़रपुर स्मार्ट सिटी के लिये चयनित हुआ है। अपने उर्वरक भूमि और स्वादिष्ट फलों के स्वाद के लिये मुज़फ़्फ़रपुर देश विदेश मे "स्वीटसिटी" के नाम से जाना जाता है। [[कांटी थर्मल पावर स्टेशन|मुज़फ़्फ़रपुर थर्मल पावर प्लांट]] देशभर के सबसे महत्वपूर्ण बिजली उत्पादन केंद्रो मे से एक है।<ref>http://abpnews.abplive.in/ind/2014/05/24/article329024.ece/%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%9A#.VHGCK_mSxqg{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://aajtak.intoday.in/story/bihars-litchis-for-president-pm--1-732086.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 नवंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141129075816/http://aajtak.intoday.in/story/bihars-litchis-for-president-pm--1-732086.html |archive-date=29 नवंबर 2014 |url-status=live }}</ref>
== इतिहास ==
प्राचीन काल में मुजफ्फरपुर [[मिथिला]] (तिरहुत) राज्य का अंग था। बाद में मिथिला में [[वज्जि]] गणराज्य की स्थापना हुई। तीसरी सदी में भारत आए चीनी यात्री [[ह्वेनसांग]] के यात्रा विवरणों से यह पता चलता है कि यह क्षेत्र काफी समय तक महाराजा [[हर्षवर्धन]] के शासन में रहा। उनकी मृत्यु के बाद स्थानीय क्षत्रपों का कुछ समय शासन रहा तथा आठवीं सदी के बाद यहाँ [[बंगाल]] के [[पाल वंश]] के शासकों का शासन शुरु हुआ जो 1019 तक जारी रहा। [[तिरहुत]] पर लगभग 11 वीं सदी में [[चेदि वंश]] का भी कुछ समय शासन रहा। सन 1211 से 1226 बीच गैसुद्दीन एवाज़ तिरहुत का पहला मुसलमान शासक बना। [[चम्पारण]] के सिमराँव वंश के शासक हरसिंह देव के समय 1323 ईस्वी में [[तुग़लक वंश]] के शासक [[गयासुद्दीन तुग़लक]] ने इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया लेकिन उसने सत्ता मिथिला के शासक कामेश्वर ठाकुर को सौंप दी। चौदहवीं सदी के अंत में तिरहुत समेत पूरे उत्तरी [[बिहार]] का नियंत्रण [[जौनपुर जिला|जौनपुर]] के राजाओं के हाथ में चला गया जो तबतक जारी रहा जबतक [[दिल्ली सल्तनत]] के [[सिकन्दर लोदी]] ने जौनपुर के शासकों को हराकर अपना शासन स्थापित नहीं किया। इसके बाद विभिन्न [[मुग़ल]] शासकों और बंगाल के नवाबों के प्रतिनिधि इस क्षेत्र का शासन चलाते रहे। पठान सरदार दाऊद खान को हराने के बाद मुगलों ने नए बिहार प्रांत का गठन किया जिसमें तिरहुत को शामिल कर लिया गया। <br /> 1764 में बक्सर की लडाई के बाद यह क्षेत्र सीधे तौर पर अंग्रेजी हुकूमत के अधीन हो गया। सन [[1875]] में प्रशासनिक सुविधा के लिये [[तिरहुत]] का गठन कर मुजफ्फरपुर जिला बनाया गया। मुजफ्फरपुर ने [[भारतीय स्वाधीनता आंदोलन]] में अत्यंत महत्वपूरण भूमिका निभाई है। [[महात्मा गाँधी]] की दो यात्राओं ने इस क्षेत्र के लोगों में स्वाधीनता के चाह की नयी जान फूँकी थी। [[खुदीराम बोस]], [[जुब्बा साहनी]], पण्डित सहदेव झा,<ref>पंडित सहदेव झा (एक महान व्यक्तित्व)
-: पंडित सहदेव झा एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनका जन्म 20 अक्टूबर 1874 को मुजफ्फरपुर जिला के मीनापुर थाना अन्तर्गत हरका मानशाही गांव में हुआ एवं देहावसान 20 दिसम्बर 1982 को हुआ।
-: अपने काशी प्रवास के दौरान सर्वप्रथम पंडित मदन मोहन मालवीय जी के कहने पर 1911 ई. में पंडित सहदेव झा ने राष्ट्रीय कांग्रेस की सक्रिय सदस्यता स्वीकार की ।
-:पहली बार 1912 के कांग्रेस के बिहार अधिवेशन में पंडित सहदेव झा ने हिस्सा लिया , तदोपरांत पूरे भारत में होने वाले अधिकांश कांग्रेस अधिवेशन में उपस्थित रहकर उन्होंने सक्रिय सहभागिता दिखाई।
-: 1917 में अंग्रेजों के तिनकठवा कानून ( इसमें एक बीघा/20 कट्ठा में से तीन कट्ठा में जबरन नील की खेती करायी जाती थी )के विरुद्ध में जब राजकुमार शुक्ल जी ने आंदोलन किया एवं उनके बुलाने पर महात्मा गांधी जी चंपारन आये तो उसी दरम्यान गांधी जी से घनिष्ठता बढ़ी ।
-: पंडित सहदेव झा एक समृद्ध किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे और राजसी वस्त्र पहनते थे, 1919 में रॉलेट एक्ट के विरोध में गांधी जी के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल हुई और महात्मा गांधी बिहार आये, इसी क्रम में पंडित सहदेव झा अपने पैतृक निवास मुजफ्फरपुर जिला के मीनापुर थाना अन्तर्गत हरका मानशाही गांव से रामपुर हरी जा रहे थे,रास्ते में एक कुंआ पर एक महिला नहा रही थी , उस महिला ने अपने साड़ी के दो टुकड़े किए थे आधा सुखा रही थी एवं आधा से किसी प्रकार अपने शरीर को ढकने का प्रयास कर रही थी , यह दृश्य देखकर गांधी जी ने पंडित सहदेव झा से कहा, पंडित जी इस देश में इतनी गरीबी है की एक महीला को अपना शरीर ढकने के लिए समुचित वस्त्र नहीं मिल पा रहा और आप हैं की राजसी वस्त्र धारण किये हुए हैं , यह बात हुई और उनका कारवां आगे बढ़ गया अगले दीन सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर में जनसभा हुई जिसमें गांधी जी ने भरे मंच से कहा नेता होने के साथ ही मैं एक बनिया भी हूं जहां जाता हूं व्यापार के अवसर तलाशता हूं , यहां भी व्यापार करने आया हूं और आज इस भरे मंच से मैं पंडित सहदेव झा जी के साफा, चपकन, एवं पगड़ी की नीलामी करने जा रहा हूं , इस प्रकार जब पंडित सहदेव झा के कपड़ों की निलामी संपन्न हुई तो गांधी जी नीलामी से प्राप्त पैसा पंडित जी को देने आये, तब पंडित सहदेव झा ने कहा , चूंकि एक महिला की दयनीय दशा देखकर आज यह नीलामी हुई है अतः इससे प्राप्त पैसा महिला उत्थान में लगाया जाये , वहीं पर महिला उत्थान के लिए कस्तूरबा गांधी ट्रस्ट की नींव पड़ी एवं उस संस्था का पहला डोनेशन पंडित सहदेव झा के कपड़ों की नीलामी से प्राप्त रूपया था, कालांतर में कस्तूरबा गांधी ट्रस्ट ने महिला उत्थान के लिए बहुत सारे सामाजिक कार्य किए।
-: 1930 में मुजफ्फरपुर में गांधी जी के आह्वान पर शराबबंदी एवं नशा के विरुद्ध आंदोलन का पंडित सहदेव झा ने नेतृत्व किया।
-: 1934 में भूकंप के बाद जब महात्मा गांधी बिहार दौरे पर आये तो उनके साथ इन्होंने क्षेत्र का सघन दौरा किया एवं जनमानस के हक में कार्य किया।
-: 1936 में जवाहरलाल नेहरू के आह्वान पर बाबा रामचंद्र, विजय सिंह पथिक, एन जी रंगा एवं सहजानंद सरस्वती के साथ किसानों को एकत्रित करने के लिए कार्य किए।
-:12 अगस्त 1942 को पंडित सहदेव झा के नेतृत्व में हजारों भीड़ मीनापुर थाना पर पहुंची, वहां थाना परिसर में भारतीय झंडा फहराया गया एवं तत्कालीन मीनापुर थाना प्रभारी लुइस वालर को जबरन गांधी टोपी पहनाई गई, इसके खिलाफ लुइस वालर ने स्वयं पंडित सहदेव झा सहित 29 लोग एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कि और उस लिस्ट में पहला नाम पंडित सहदेव झा का था ।
-: 15 अगस्त को मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी रोड पर रामपुर हरी के पास कुछ क्रान्तिकारी सड़क जाम करके विरोध प्रदर्शन कर रहे थे जिसमें फोर्स की गोली से 5 क्रान्तिकारी, विशन देव पटवा, चतुर्भुज मिश्र, केशव शाही, विन्देश्वर पाठक, और रमण राय शहीद हो गये एवं दर्जनों घायल हुए, इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया और पुनः
16 अगस्त 1942 को पंडित सहदेव झा के नेतृत्व में थाना परिसर में हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित हुई जहां भीड़ से घबड़ाकर तत्कालीन थाना प्रभारी लुइस वालर ने भीड़ तीतर-बीतर करने के उद्देश्य से पंडित सहदेव झा पर गोली चलवा दी इसी क्रम में पंडित सहदेव झा समेत कई लोगों को गोली लगी, बांगुर सहनी गोली लगने से उसी वक्त शहीद हो गये फिर क्या था गुस्साई भीड़ ने पंडित सहदेव झा के नेतृत्व में तत्कालीन थाना प्रभारी लुइस वालर को थाना परिसर में ही कुर्सी से बांध कर जिन्दा जला दिया और थाना परिसर से यूनियन जैक उतार कर भारतीय झंडा लहरा दिया , यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उस वक्त तक अपने आप में इस प्रकार की प्रथम एवं इकलौती घटना थी ।
-: लुइस वालर हत्याकांड में पुनः सैकड़ों लोगों को अभियुक्त बनाया गया और इस बार अभियुक्तों कि लिस्ट में पहले नंबर पर पंडित सहदेव झा का नाम था , इसी केस में 1943 के जनवरी में अंग्रेज प्रशासन ने पंडित सहदेव झा के ऊपर 5000 कि इनामी राशी घोषित कि जो उस वक्त बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी ,
कालांतर में पंडित सहदेव झा समेत बाकी क्रान्तिकारियों को बचाने के उद्देश्य से महान स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा सहनी ने अपने एकतरफा बयान में सारे आरोप अपने ऊपर ले लिया और उनको फांसी हुई ।
-: स्वतंत्रता आंदोलन के दरम्यान 1930,1933 और 1942 में तीन बार पंडित सहदेव झा को गिरफ्तार किया गया ।
-: 1947 में आजादी के बाद हर ओर फैले दंगों के दौरान कौमी एकता के लिए उन्होंने यादगार काम किया ।
-: विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में पंडित सहदेव झा की सक्रिय सहभागिता रही , उन्होंने खुद अपना जमीन दान किया और परसौनी राजा, बेतिया नरेश, शिवहर के आनंदा बाबू, काशी नरेश, जौतपुर स्टेट, दरभंगा महाराज जैसे लोगों से जमीन दान भी करवाये।
-: खादी ग्रामोद्योग संघ के प्रचार प्रसार के लिए भी उन्होंने काफी कार्य किया ।
</ref>शुक्ल बंधु जैसे अनेक क्रांतिकारियों की यह कर्मभूमि रही है। 1930 के नमक आन्दोलन से लेकर 1942 के भारत छोडो आन्दोलन के समय तक यहाँ के क्रांतिकारियों के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे,मुजफ्फरपुर उत्तरी छोर की कमान युवा राम संजीवन ठाकुर ने संभाले रखी।<br /> मुजफ्फरपुर का वर्तमान नाम ब्रिटिस काल के राजस्व अधिकारी मुजफ्फर खान के नाम पर पड़ा है। 1972 तक मुजफ्फरपुर जिले में [[शिवहर]], [[सीतामढी]] तथा [[वैशाली जिला]] शामिल था।
मुजफ्फरपुर शहर मे महादेव का बहुत बङा स्थान है जहां मन से मांगे हर मनोकामना को पुरा होते लोगो ने देखा है जिसका नाम बाबा गरीबनाथ धाम है,इसके अलावे देवी मंदिर, मां बंग्लामुखी मंदिर भी यहां प्रसिद्ध है।मुजफ्फरपुर का पुराना नाम महाभारत एवं रामायण काल मे अलग था,जो जल्द सुधार हो जाये तो पौराणिक महत्व बढ जायेगा।
मुजफ्फरपुर को इस्लामी और [[हिन्दू]] सभ्यताओं की मिलन स्थली के रूप में भी देखा जाता रहा है। दोनों सभ्यताओं के रंग यहाँ गहरे मिले हुये हैं और यही इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी है।
== भूगोल ==
* क्षेत्रफलः 3172 किमी<sup>२</sup>
* नदियाँ: [[गंडक]], [[बूढी गंडक]], [[बागमती]] तथा [[लखनदेई]]
==मौसम==
मुजफ्फरपुर का मौसम गर्मियों में, अप्रैल से जून, महीनों के बीच अत्यंत गर्म एवं नम रहता है (28/40 °C,90% अधिकतम्)। इसके मुकाबले सर्दियां काफ़ी सुखद एवं शीतल होती हैं।
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|Jan high C = 22
|Feb high C = 26
|Mar high C = 32
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|May high C = 44
|Jun high C = 40
|Jul high C = 36
|Aug high C = 33
|Sep high C = 32
|Oct high C = 32
|Nov high C = 29
|Dec high C = 24
|Jan low C = 06
|Feb low C = 12
|Mar low C = 17
|Apr low C = 22
|May low C = 25
|Jun low C = 27
|Jul low C = 26
|Aug low C = 26
|Sep low C = 26
|Oct low C = 22
|Nov low C = 15
|Dec low C = 07
|Jan precipitation mm = 12
|Feb precipitation mm = 17
|Mar precipitation mm = 7
|Apr precipitation mm = 16
|May precipitation mm = 42
|Jun precipitation mm = 185
|Jul precipitation mm = 339
|Aug precipitation mm = 259
|Sep precipitation mm = 242
|Oct precipitation mm = 39
|Nov precipitation mm = 17
|Dec precipitation mm = 7
|source = [http://www.myweather2.com/City-Town/India/Muzaffarpur/climate-profile.aspx Muzaffarpur Weather]
|date = June 2012
}}
== राजनीतिक विभाजन ==
* अनुमंडलः पूर्वी अनुमंडल तथा पश्चिमी अनुमंडल
* प्रखंडः १६ [[औराई मुजफ्फरपुर|औराई]], [[बोचहाँ मुजफ्फरपुर|बोचहाँ]], [[गायघाट मुजफ्फरपुर|गायघाट]], [[कटरा मुजफ्फरपुर|कटरा]], [[मीनापुर मुजफ्फरपुर|मीनापुर]], [[मुरौल मुजफ्फरपुर|मुरौल]], [[मुसहरी मुजफ्फरपुर|मुसहरी]], सकरा, [[काँटी मुजफ्फरपुर|काँटी]], कुढनी, [[मोतीपुर, मुजफ़्फ़रपुर|बरुराज (मोतीपुर)]], [[पारु मुजफ्फरपुर|पारु]], [[साहेबगंज मुजफ्फरपुर|साहेबगंज]], [[सरैया मुजफ्फरपुर|सरैया]][[बंदरा]] मरवां
* पंचायतों की संख्या: ३८७
* गाँवों की संख्या: १८११
* भारत के बड़े गाव में से एक जजुआर कटरा ब्लाक में है
== शिक्षण संस्थान ==
=== विश्वविद्यालय ===
* [[बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय]]
=== महाविद्यालय ===
* [[लंगट सिंह महाविद्यालय]]
* [[मुजफ्फरपुर तकनीकी संस्थान|मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालाजी]]
== दर्शनीय स्थल ==
[[File:Lychee garden in Muzaffarpur.JPG|right|thumb|मुजफ्फरपुर में लीची गार्डन]]
* बसोकुंड: जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर [[भगवान महावीर]] का जन्म [[वैशाली]] के निकट बसोकुंड में लिच्छवी कुल में हुआ था। यह स्थान [[जैन धर्म]] के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र है। यहाँ अहिंसा एवं प्राकृत शिक्षा संस्थान भी है।
* [[जुब्बा साहनी]] पार्क: [[भारत छोड़ो आन्दोलन]] के दौरान [[जुब्बा साहनी]] ने १६ अगस्त १९४२ को मीनापुर थाने के इंचार्ज लियो वालर को आग में जिंदा झोंक दिया था। बाद में पकड़े जाने पर उन्हें ११ मार्च १९४४ को फांसी दे दी गयी।<ref>{{Cite web |url=http://ilovebihar.com/forum/showthread.php?t=312 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=5 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100107015951/http://www.ilovebihar.com/forum/showthread.php?t=312 |archive-date=7 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> जिले के इस महान स्वतंत्रता सेनानी की याद में बनाया गया पार्क दर्शनीय है।
* बाबा गरीबनाथ मंदिर: मुजफ्फरपुर के इस शिव मंदिर को देवघर के समान आदर प्राप्त है। सावन के महीने में यहाँ शिवलिंग का जलाभिषेक करने वालों भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
** रामचंद्र शाही संग्रहालय : इतिहास और पुराने कलाकृतियों को देखने में रुचि रखते हैं तो रामचंद्र शाही संग्रहालय जरूर जाएं। इस संग्रहालय में कुषाण काल से लेकर 13वीं शताब्दी तक की दुर्लभ वस्तुएं देखने को मिलती हैं। यहां पर आपको जैन, महावीर, बौद्ध स्तूप, मुहर आदि चीजें देखने को मिलेंगी।
** लीची गार्डन : मुजफ्फरपुर की पहचान ही लीची से है और अगर आप यहां आए हैं तो लीची गार्डन जाना ना भूलें। हर साल फरवरी से मई के महीने के बीच में यहां पर लीची की पैदावार होती है। इस दौरान आप यहां पर लजीज लीची का स्वाद ले सकते हैं।
** श्री चतुर्भुज स्थान मंदिर : यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां पर साल भर हर महीने किसी ना किसी तरह का उत्सव होता रहता है। यहां पर आप शांत वातावरण में भगवान विष्णु के दर्शन कर सकते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.prabhatkhabar.com/life-and-style/bihar-tourist-which-is-the-best-place-to-visit-in-bihar-visit-here-bml|title=बिहार के साथ साथ मुजफ्फरपुर में जरूर घूमे इन जगह में|date=16 जनवरी 2023|work=प्रभात खबर}}</ref>
* देवी मंदिर:
* बंग्लामुखी मंदिर
* माता वैष्णो काली मंदिर। (स्वतन्तता सेनानी रामसंजीवन ठाकुर आवास के पास)
* पंचमुखी हनुमान मंदिर मोतीपुर
* माई मंदिर सरैया शक्ति पीठ
* कोठिया मज़ार (कांटी):
*दाता कंबल शाह मज़ार:
* शहीद खुदीराम स्मारक:
*छह्न्न्मास्तिका मन्दिर (कांटी)
* मां मनोकामना मन्दिर (प्रतापपुर)
* बाबाजी मनोकामनामहादेव ब्रह्म (प्रतापपुर)
== आवागमनDakini Devi bahilwara govind laxmipur ==
;हवाई मार्ग
यहाँ का सबसे नजदीकी पताही हवाई अड्डा जो ४ किलोमीटर पर अवस्थित है लम्बे समय से बंद परा है। सामान्य हवाई अड्डा ८० किलोमीटर दूर [[पटना]] में स्थित है। एक अन्य हवाई अड्डा दरभंगा में स्थित है जो सैनिक उद्देश्यों के लिए बना है।
;रेल मार्ग
मुजफ्फरपुर [[भारतीय रेल]] के [[पूर्व मध्य रेलवे]] क्षेत्र के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। यह शहर रेलमार्ग से भारत के महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ा हुआ है। [[दिल्ली]] से [[गोरखपुर]] और [[हाजीपुर]] या [[मोतिहारी]] होते हुए मुजफ्फरपुर पहुंचा जा सकता है। मुजफ्फरपुर उतर-पूर्व भारतीय राज्यों से भी ट्रेन माध्यम से जुड़ा हुआ है।
;सड़क मार्ग
मुजफ्फरपुर बिहार के अन्य शहरों से सड़क के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। [[हाजीपुर]] से प्रारंभ होकर सोनबरसा ([[सीतामढी]]) जानेवाली [[राष्ट्रीय राजमार्ग ७७]] मुजफ्फरपुर होकर जाती है। [[लखनऊ]] से [[बरौनी]] को जोडनेवाली [[राष्ट्रीय राजमार्ग २८]] मुजफ्फरपुर से गुजरती है। इसके अलावे राष्ट्रीय राजमार्ग ५७ तथा १०२ एवं राजकीय राजमार्ग ४६ तथा ४८ भी यहाँ से गुजरती है। राजधानी पटना से मुजफ्फरपुर (78 कि॰मी॰) के लिए [[हाजीपुर]] होकर नियमित बस सेवाएं हैं। पड़ोसी जिलों के लिए भी मुजफ्फरपुर से अच्छी बस सेवा उपलब्ध है।
;जलमार्ग
जिले के पश्चिमी सीमा से गुजरनेवाली [[गंडक नदी]] नौका गम्य है लेकिन मानसून के दिनों में यह परिवहन योग्य नहीं रहती।
== इन्हें भी देखें ==
* [[मैथिली]]
* [[मिथिला]]
* [[मुज़फ्फरपुर ज़िला]]
वातावरण
इस शहर मे प्रदूषण एक बड़ी समस्या है इस शहर का नाम देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों मे शुमार है कचड़ा प्रबंधन और जल निकासी एक बड़ी समस्या है बारिश के दिनों मे यहाँ के लोगो को जल जमाव जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है
* [https://web.archive.org/web/20050123200933/http://muzaffarpur.nic.in/ अंग्रेजी में जिले का आधिकारिक जालस्थल]
* [https://web.archive.org/web/20090819074653/http://www.muzaffarpurtimes.com/Muzaffarpur_history.htm मुजफ्फरपुर स संबंधित इतिहास]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{बिहार}}
[[श्रेणी:मुज़फ्फरपुर जिला]]
[[श्रेणी:बिहार के शहर]]
[[श्रेणी:मुज़फ्फरपुर ज़िले के नगर]]
[[श्रेणी:मुज़फ्फरपुर|*]]
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एड्स
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wikitext
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{{ऍचआइवी-सम्बंधित जानकारी}}
{{Infobox disease
| Name = उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण (एड्स)
| Image = Red_Ribbon.svg
| Caption = लाल फीता: उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण का अंतर्राष्ट्रीय चिह्न
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}}
{| style="float: right; clear:right; margin: 0 0 0.5em 1em; padding: 0.5em; background: #fffff4; border: 1px solid #ddb; width: 250px; font-size:90%;"
|-
|उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण संबंधित लघुनाम<br />
'''AIDS''': उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण<br />
'''HIV''': [[एचआईवी|मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाण]]<br />
'''CD4+''': [[टी सहायक कोशिका|CD4+ टी सहायक कोशिकाएं]] <br />
'''CCR5''': [[CCR5|चेमोकिन (C-C मोटिफ़) रिसेप्टर ५]]<br />
'''CDC''': [[रोग रोकथाम एवं निवारण केंद्र]]<br />
'''WHO''': [[विश्व स्वास्थ्य संगठन]]<br />
'''PCP''': [[न्यूमोसिस्टिस निमोनिया]]<br />
'''TB''': [[तपेदिक]]<br />
'''MTCT''': मां-से-संतान प्रसार<br />
'''HAART''': [[एंटीरिट्रोवियल ड्रग|उच्च सक्रिय एंटीरिट्रोवियल चिकित्सा]]<br />
'''STI/STD''': [[यौन संक्रमित रोग|यौन प्रसारित संक्रमण]]/रोग
|}
'''उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण (एड्स)''' ([[अंग्रेज़ी]]:acquired immunodeficiency syndrome (aids)) [[मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु]] (मा॰प्र॰अ॰स॰) (एच॰आई॰वी) संक्रमण के बाद की स्थिति है, जिसमें मानव अपने प्राकृतिक प्रतिरक्षण क्षमता खो देता है। एड्स स्वयं कोई बीमारी नही है, पर एड्स से पीड़ित मानव शरीर संक्रामक बीमारियों, जो कि जीवाणु और विषाणु आदि से होती हैं, के प्रति अपनी प्राकृतिक प्रतिरोधी शक्ति खो बैठता है क्योंकि एच.आई.वी (वह वायरस जिससे कि एड्स होता है) रक्त में उपस्थित प्रतिरोधी पदार्थ लसीका-कोशो पर आक्रमण करता है। एड्स पीड़ित के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता के क्रमशः क्षय होने से कोई भी अवसरवादी संक्रमण, यानि आम सर्दी [[ज़ुकाम|जुकाम]] से ले कर क्षय रोग जैसे रोग तक सहजता से हो जाते हैं और उनका इलाज करना कठिन हो जाता हैं। एच.आई.वी. संक्रमण को एड्स की स्थिति तक पहुंचने में ८ से १० वर्ष या इससे भी अधिक समय लग सकता है। एच.आई.वी से ग्रस्त व्यक्ति अनेक वर्षों तक बिना किसी विशेष लक्षणों के बिना रह सकते हैं।
एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है यानी कि यह एक महामारी है। एड्स के संक्रमण के तीन मुख्य कारण हैं - असुरक्षित यौन संबंधो, रक्त के आदान-प्रदान तथा माँ से शिशु में संक्रमण द्वारा। [https://web.archive.org/web/20070312184838/http://www.nacoonline.org/ राष्ट्रीय उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण नियंत्रण कार्यक्रम] और [https://web.archive.org/web/20130526040247/http://www.unaids.org/] संयुक्त राष्ट्रसंघ उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण] दोनों ही यह मानते हैं कि भारत में ८० से ८५ प्रतिशत संक्रमण असुरक्षित विषमलिंगी/विषमलैंगिक यौन संबंधों से फैल रहा है<ref>{{cite web| last = | title = भारत में एड्सः शतुरमुर्ग सा रवैया| publisher = निरंतर| date = 2006-08-01| url = http://www.nirantar.org/0806-cover-bharat-mein-aids| access-date = 25 दिसंबर 2009| archive-url = https://web.archive.org/web/20101009132816/http://www.nirantar.org/0806-cover-bharat-mein-aids| archive-date = 9 अक्तूबर 2010| url-status = dead}}</ref>। माना जाता है कि सबसे पहले इस रोग का विषाणु: एच.आई.वी, अफ्रीका के खास प्राजाति की बंदर में पाया गया और वहीं से ये पूरी दुनिया में फैला। अभी तक इसे लाइलाज माना जाता है लेकिन दुनिया भर में इसका इलाज पर शोधकार्य चल रहे हैं। १९८१ में एड्स की खोज से अब तक इससे लगभग ३० करोड़ लोग जान गंवा बैठे हैं।
== एड्स और एच॰आई॰वी॰ में अंतर ==
एच॰आई॰वी॰ एक अतिसूक्षम रोग विषाणु हैं जिसकी वजह से एड्स हो सकता है। एड्स स्वयं में कोई रोग नहीं है बल्कि एक संलक्षण है। यह मनुष्य की अन्य रोगों से लड़ने की नैसर्गिक प्रतिरोधक क्षमता को घटा देता हैं। प्रतिरोधक क्षमता के क्रमशः क्षय होने से कोई भी अवसरवादी संक्रमण, यानि आम सर्दी जुकाम से ले कर फुफ्फुस प्रदाह, टीबी, क्षय रोग, कर्क रोग जैसे रोग तक सहजता से हो जाते हैं और उनका इलाज करना कठिन हो जाता हैं और मरीज़ की मृत्यु भी हो सकती है। यही कारण है की एड्स परीक्षण महत्वपूर्ण है। सिर्फ एड्स परीक्षण से ही निश्चित रूप से संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। एड्स एक तरह का संक्रामक यानी की एक से दुसरे को और दुसरे से तीसरे को होने वाली एक गंभीर बीमारी है। एड्स का पूरा नाम ‘एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम/उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण’ (''acquired immune deficiency syndrome)'' है और यह एक तरह के विषाणु जिसका नाम HIV (Human immunodeficiency virus) है, से फैलती है। अगर किसीको HIV है तो ये जरुरी नहीं की उसको एड्स भी है। HIV वायरस की वजह से एड्स होता है अगर समय रहते [[Www.aapkisuccess.com/hiv-aids-एड्स-के-लक्षण-aids-ke-lakshan/|<u>'''वायरस का इलाज़'''</u>]] कर दिया गया तो एड्स होने का खतरा कम हो जाता है।
== भारत में एड्स ==
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में हाल के एक अध्ययन के अनुसार, भारत में लगभग 14-16 लाख लोग एचआईवी / एड्स से प्रभावित है<ref>{{Cite web |url=http://www.bmj.com/content/340/bmj.c621 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=20 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121020122033/http://www.bmj.com/content/340/bmj.c621 |archive-date=20 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref>. हालांकि २००५ में मूल रूप से यह अनुमान लगाया गया था कि भारत में लगभग 55 लाख एचआईवी / एड्स से संक्रमित हो सकते थे। २००७ में और अधिक सटीक अनुमान भारत में एचआईवी / एड्स से प्रभावित लोगों कि संख्या को 25 लाख के आस-पास दर्शाती है। ये नए आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन और यू.एन.एड्स द्वारा समर्थित हैं<ref>{{Cite web |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/6276398.stm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=20 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121111130326/http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/6276398.stm |archive-date=11 नवंबर 2012 |url-status=live }}</ref>. संयुक्त राष्ट्र कि 2011 के एड्स रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों भारत में नए एचआईवी संक्रमणों की संख्या में 50% तक की गिरावट आई है<ref>www.hindustantimes.com/India-sees-50-decline-in-new-hiv-infections-un-report/Article1-680333.aspx</ref>.
'''भारत में एड्स से प्रभावित लोगों की बढ़ती संख्या के संभावित कारण'''
* आम जनता को एड्स के विषय में सही जानकारी न होना
* एड्स तथा यौन रोगों के विषयों को कलंकित समझा जाना
* शिक्षा में यौन शिक्षण व जागरूकता बढ़ाने वाले पाठ्यक्रम का अभाव
* कई धार्मिक संगठनों का [[गर्भ निरोधक]] के प्रयोग को अनुचित ठहराना आदि।
== एड्स के लक्षण ==
ई.वी से संक्रमित लोगों में लम्बे समय तक एड्स के कोई लक्षण नहीं दिखते। दीर्घ समय तक (3, 6 महीने या अधिक)
एच.आई.वी भी औषधिक परीक्षा में नहीं उभरते। अक्सर एच.आधिकांशतः एड्स के मरीज़ों को ज़ुकाम या विषाणु बुखार हो जाता है पर इससे एड्स होने की पहचान नहीं होती। एड्स के कुछ प्रारम्भिक लक्षण हैं:<ref>{{Cite web |url=http://www.paliganjtimes.com/2017/01/aids-kaise-pata-chalta-hai_20.html |title=पुरुषों में एचआईवी के लक्षण in Hindi |access-date=18 अप्रैल 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180418141306/http://www.paliganjtimes.com/2017/01/aids-kaise-pata-chalta-hai_20.html |archive-date=18 अप्रैल 2018 |url-status=dead }}</ref>
*
*
* हैजाथकानबुखार
* सिरदर्द
* मतली व भोजन से अरुचि
* लसीकाओं में सूजन
ध्यान रहे कि ये समस्त लक्षण साधारण बुखार या अन्य सामान्य रोगों के भी हो सकते हैं। अतः एड्स की निश्चित रूप से पहचान केवल और केवल, औषधीय परीक्षण से ही की जा सकती है व की जानी चाहिये।
एचआईवी संक्रमण के तीन मुख्य चरण हैं: तीव्र संक्रमण, नैदानिक विलंबता एवं एड्स.
=== '''तीव्र संक्रमण''' ===
एचआईवी की प्रारंभिक अवधि जो कि उसके संक्रमण के बाद प्रारंभ होती है उसे तीव्र एच.आई.वी या प्राथमिक एच.आई.वी या तीव्र रेट्रोवायरल सिंड्रोम कहते हैं<ref>{{Cite book |last=Organization |first=World Health |url=http://www.who.int/hiv/pub/guidelines/HIVstaging150307.pdf |title=WHO case definitions of HIV for surveillance and revised clinical staging and immunological classification of HIV-related disease in adults and children |date=2007-12-31 |publisher=World Health Organization |isbn=978-92-4-159562-9 |language=English |hdl=10665/43699 |access-date=3 फ़रवरी 2026 |archive-date=31 अक्तूबर 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081031053144/http://www.who.int/hiv/pub/guidelines/HIVstaging150307.pdf |url-status=bot: unknown }}</ref>.कई व्यक्तियों में २ से ४ सप्ताह में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी या मोनोंयुक्लिओसिस जैसी बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं और कुछ व्यक्तियों में ऐसे कोई विशेष लक्षण नहीं दिखते. ४०% से ९०% मामलों में इस बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं जिसमे सबसे प्रमुख लक्षण बुखार, बड़ी निविदा लिम्फ नोड्स, गले की सूजन, चक्कते, सिर दर्द या मुँह और जननांगों के घाव आदि हैं<ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=-HRJOElZch8C&pg=PA25#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=26 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130927080955/http://books.google.ca/books?id=-HRJOElZch8C&pg=PA25#v=onepage&q&f=false |archive-date=27 सितंबर 2013 |url-status=live }}</ref>. चक्कते २०%-५०% मामलों में दिखते हैं<ref>{{Cite journal |last=Vogel |first=Martin |last2=Schwarze-Zander |first2=Carolynne |last3=Wasmuth |first3=Jan-Christian |last4=Spengler |first4=Ulrich |last5=Sauerbruch |first5=Tilman |last6=Rockstroh |first6=Jürgen Kurt |date=2010-07-19 |title=The Treatment of Patients With HIV |url=https://www.aerzteblatt.de/10.3238/arztebl.2010.0507 |journal=Deutsches Ärzteblatt international |doi=10.3238/arztebl.2010.0507 |issn=1866-0452 |pmc=2915483 |pmid=20703338}}</ref>. कुछ लोगों में इस स्तर पर अवसरवादी संक्रमण भी विकसित हो जाता है। कुछ लोगों में जठरांत्र कि बीमारियाँ जैसे उल्टी, मिचली या दस्त और कुछ में परिधीय न्यूरोपैथी के स्नायविक लक्षण और जुल्लैन बर्रे सिंड्रोम जैसी बीमारियों के लक्षण दिखते हैं। लक्षण कि अवधि आम तौर पर एक या दो सप्ताह होती है। अपने विशिष्ट लक्षण न दिखने के कारण लोग इन्हें अक्सर एचआईवी का संक्रमण नहीं मानते. कई सामान्य संक्रामक रोगों के लक्षण इस बीमारी में दिखने के कारण अक्सर डॉक्टर और हॉस्पिटल में भी इस बीमारी का गलत निदान कर देते हैं। इसलिए यदि किसी रोगी को बिना किसी वजह के बार बार बुखार आता हो तो उसका एचआईवी परीक्षण करा लिया जाना चाहिए क्योकि या एच.आई.वी. संक्रमण का एक लक्षण हो सकता है<ref>Mandell, Bennett, and Dolan (2010). Chapter 118.</ref>.
=== '''नैदानिक विलंबता''' ===
इस रोग के प्रारंभिक लक्षण के अगले चरण को नैदानिक विलंबता, स्पर्शोन्मुख एचआईवी या पुरानी एचआईवी कहते हैं<ref>{{Cite web |url=http://aids.gov/hiv-aids-basics/just-diagnosed-with-hiv-aids/hiv-in-your-body/stages-of-hiv/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121014004849/http://www.aids.gov/hiv-aids-basics/just-diagnosed-with-hiv-aids/hiv-in-your-body/stages-of-hiv/ |archive-date=14 अक्तूबर 2012 |url-status=dead }}</ref>. उपचार के बिना एचआईवी संक्रमण का दूसरा चरण ३ साल से २० साल तक रह सकता है (औसतन ८ साल)<ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=WauaC7M0yGcC&pg=PA29#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130927080957/http://books.google.ca/books?id=WauaC7M0yGcC&pg=PA29#v=onepage&q&f=false |archive-date=27 सितंबर 2013 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=xmFBtyPGOQIC&pg=PA19#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130927080949/http://books.google.ca/books?id=xmFBtyPGOQIC&pg=PA19#v=onepage&q&f=false |archive-date=27 सितंबर 2013 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=M4q3AyDQIUYC&pg=PA273#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130927080953/http://books.google.ca/books?id=M4q3AyDQIUYC&pg=PA273#v=onepage&q&f=false |archive-date=27 सितंबर 2013 |url-status=live }}</ref>. आम तौर पर इस चरान में कुछ या कोई लक्षण नहीं दिखते है जबकि इस चरण के अंत के कई लोगों को बुखार, वजन घटना, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं और मांसपेशियों में दर्द अनुभव होता है<ref>{{Cite web |url=http://aids.gov/hiv-aids-basics/just-diagnosed-with-hiv-aids/hiv-in-your-body/stages-of-hiv/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121014004849/http://www.aids.gov/hiv-aids-basics/just-diagnosed-with-hiv-aids/hiv-in-your-body/stages-of-hiv/ |archive-date=14 अक्तूबर 2012 |url-status=dead }}</ref>. लगभग ५०-७०% लोगों में ३-६ महीने के भीतर लासीका ग्रंथियों (जांघ कि बगल वाली लसीका ग्रंथियों के आलावा) में सूजन या विस्तार भी देखा जाता है<ref> Mandell, Bennett, and Dolan (2010). Chapter 121</ref>. हालाँकि HIV-1 से संक्रमित अधिकतर व्यक्तियों में पता लगाने योग्य एक वायरल लोड होता है लेकिन इलाज के आभाव में वह अंततः बढ़ कर एड्स में बदल जाता है जबकि कुछ मामलो (लगभग ५%) में बिना एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एड्स कि चिकित्सा पद्यति) के CD4+ T-कोशिकाएं ५ साल से अधिक शरीर में बनी रहती हैं<ref>Mandell, Bennett, and Dolan (2010). Chapter 118.</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20350494 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120718062920/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20350494 |archive-date=18 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref>. जिन व्यक्तियों में इस प्रकार के मामले सामने आते है उन्हें एचआईवी नियंत्रक या लंबी अवधि वृधिविहीन के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और जिन व्यक्तियों में बिना रेट्रोवायरल विरोधी चिकित्सा के वायरल लोड कम या नहीं पता लगाने योग्य स्तर तक बना रहता है उन्हें अभिजात वर्ग का नियंत्रक या अभिजात वर्ग का दमन करने वाला कहते हैं<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20350494 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120718062920/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20350494 |archive-date=18 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref>.
=== '''एड्स''' ===
एड्स को दो प्रकार से परिभाषित किया गया है या तो जब CD4+ टी कोशिकाओं कि संख्या जब २०० कोशिकाएं प्रति μL से कम होती हैं या तो तब जबकि एचआईवी संक्रमण के कारण कोई रोग व्यक्ति के शरीर में उत्पन्न हो जाता है<ref>Mandell, Bennett, and Dolan (2010). Chapter 118.</ref>. विशिष्ट उपचार के अभाव में एचआईवी से संक्रमित आधे लोगों के अन्दर दस साल में एड्स विकसित हो जाता है<ref>Mandell, Bennett, and Dolan (2010). Chapter 118.</ref>. सबसे आम प्रारंभिक स्थिति जो कि एड्स की उपस्थिति को इंगित करती है वो है न्युमोसाईतिस निमोनिया (40%), कमजोरी जैसे कि वजन घटना, मांसपेशियों में खिचाव, थकान, भूख में कमी इत्यादि (२०%) और सोफागेल कैंडिडिआसिस (ग्रास नली का संक्रमण) होती है। इसके आलावा आम लक्षण में [[श्वास नलिका]] में कई बार संक्रमण होना भी है<ref>Mandell, Bennett, and Dolan (2010). Chapter 118.</ref>.
अवसरवादी संक्रमण बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवी के कारण हो सकते हैं जो कि आम तौर पर हमारे [[प्रतिरक्षा प्रणाली]] द्वारा नियंत्रित हो जाते हैं<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/12594648 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120515112209/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/12594648 |archive-date=15 मई 2012 |url-status=live }}</ref>. भिन्न भिन्न व्यक्तियों में भिन्न भिन्न प्रकार के संक्रमण होते है जो कि इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति के आस पास वातावरण में कौन से जीव या संक्रमण आम रूप से पाए जाते है<ref>Mandell, Bennett, and Dolan (2010). Chapter 118.</ref>. ये संक्रमण शरीर के हर अंग प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/21322514 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430184041/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/21322514 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>.
== एच.आई.वी. का प्रसार ==
दुनिया भर में इस समय लगभग चार करोड़ 20 लाख लोग एच.आई.वी का शिकार हैं। इनमें से दो तिहाई [[सहारा]] से लगे अफ़्रीकी देशों में रहते हैं और उस क्षेत्र में भी जिन देशों में इसका [[संक्रमण]] सबसे ज़्यादा है वहाँ हर तीन में से एक वयस्क इसका शिकार है। दुनिया भर में लगभग 14,000 लोगों के प्रतिदिन इसका शिकार होने के साथ ही यह डर बन गया है कि ये बहुत जल्दी ही [[एशिया]] को भी पूरी तरह चपेट में ले लेगा। जब तक कारगर इलाज खोजा नहीं जाता, एड्स से बचना ही एड्स का सर्वोत्तम उपचार है।
''' एच.आई.वी. तीन मुख्य मार्गों से फैलता है'''
* मैथुन या सम्भोग द्वारा (गुदा, योनिक या मौखिक)
* शरीर के संक्रमित तरल पदार्थ या ऊतकों द्वारा (रक्त संक्रमण या संक्रमित सुइयों के आदान-प्रदान)
* माता से शीशु मे (गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान द्वारा)
मल, नाक स्रावों, लार, थूक, पसीना, आँसू, मूत्र, या उल्टी से एच. आई. वी. संक्रमित होने का खतरा तबतक नहीं होता जबतक कि ये एच. आई. वी संक्रमित रक्त के साथ दूषित न हो<ref>{{Cite journal |last=van der Kuyl |first=Antoinette C |last2=Cornelissen |first2=Marion |date=2007 |title=Identifying HIV-1 dual infections |url=http://retrovirology.biomedcentral.com/articles/10.1186/1742-4690-4-67 |journal=Retrovirology |volume=4 |issue=1 |pages=67 |doi=10.1186/1742-4690-4-67 |pmc=2045676 |pmid=17892568}}</ref>.
=== मैथुन या सम्भोग द्वारा एच. आई. वी. संक्रमण ===
एचआईवी संक्रमण की सबसे ज्यादा विधा संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क के माध्यम से है। दुनिया भर में एच. आई. वी. प्रसार के मामलों के सबसे अधिक मामले विषमलैंगिक संपर्क (यानी विपरीत लिंग के लोगों के बीच यौन संपर्क जैसे कि पुरुष एवं स्त्री के बीच) के माध्यम से होते हैं। हालांकि, एच. आई. वी. प्रसार भिन्न भिन्न देशों में भिन्न भिन्न तरीकों से हुआ है। संयुक्त राज्य अमेरिका में 2009 तक<ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130730222154/http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |archive-date=30 जुलाई 2013 |url-status=live }}</ref>, सबसे अधिक एच. आई. वी. प्रसार उन समलैंगिक पुरुषों में हुआ जो कि सभी नए मामलों की 64% आबादी के बराबर थी<ref>{{Cite web |url=http://www.cdc.gov/hiv/topics/surveillance/resources/factsheets/us_overview.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130501102910/http://www.cdc.gov/hiv/topics/surveillance/resources/factsheets/us_overview.htm |archive-date=1 मई 2013 |url-status=live }}</ref>.
असुरक्षित विषमलिंगी यौन संबंधो के मालमे में अनुमानतः प्रत्येक यौन सम्बन्ध में एचआईवी संक्रमण का जोखिम कम आय वाले देशों में उच्च आय वाले देशों कि तुलना से चार से दस गुना ज्यादा होता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19179227 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121106143649/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19179227 |archive-date=6 नवंबर 2012 |url-status=live }}</ref>. कम आय वाले देशों में संक्रमित महिला से पुरुष में संक्रमण का जोखिम ०.३८% है जबकि पुरुषों से महिला में संक्रमण का जोखिम ०.३०% है। उच्चा आय वाले देशो में यही जोखिम महिला से पुरुष में ०.०४% तथा पुरुष से महिला में ०.०८% है। गुदा सम्भोग द्वारा एच. आई. वी. संक्रमण का जोखिम विशेष रूप से ज्यादा होता है जो कि विषमलिंगी तथा समलिंगी दोनों प्रकार के यौन संबंधों में १.४-१.७% तक होता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19179227 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121106143649/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19179227 |archive-date=6 नवंबर 2012 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/22819660 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430180139/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/22819660 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>. मुख मैथुन के द्वारा एच. आई. वी. संक्रमण का खतरा थोडा कम होता है लेकिन खत्म नहीं होता<ref>{{Cite journal |last=Yu |first=Mingke |last2=Vajdy |first2=Michael |date=2010-08 |title=Mucosal HIV transmission and vaccination strategies through oral compared with vaginal and rectal routes |url=http://www.tandfonline.com/doi/full/10.1517/14712598.2010.496776 |journal=Expert Opinion on Biological Therapy |language=en |volume=10 |issue=8 |pages=1181–1195 |doi=10.1517/14712598.2010.496776 |issn=1471-2598 |pmc=2904634 |pmid=20624114}}</ref>.
=== शरीर के संक्रमित तरल पदार्थ या ऊतकों द्वारा (रक्त संक्रमण या संक्रमित सुइयों के आदान-प्रदान) ===
एचआईवी के संक्रमण का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत रक्त और रक्त उत्पाद के द्वारा हैं<ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130730222154/http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |archive-date=30 जुलाई 2013 |url-status=live }}</ref>. रक्त के द्वारा संक्रमण नशीली दवाओ के सेवन के दौरान सुइयों के साझा प्रयोग के द्वारा, संक्रमित सुई से चोट लगने पर, दूषित रक्त या रक्त उत्पाद के माध्यम से या उन मेडिकल सुइयों के माध्यम से जो एच. आई. वी. संक्रमित उपकरणों के साथ होते हैं। दवा के इंजेक्शन आपस में बाँट कर लगाने से इसके फ़ैलाने का जोखिम ०.६३-२.४% होता है, जोकि औसतन ०.८% होता है<ref>{{Cite journal |last=Baggaley |first=Rebecca F |last2=Boily |first2=Marie-Claude |last3=White |first3=Richard G |last4=Alary |first4=Michel |date=2006-04-04 |title=Risk of HIV-1 transmission for parenteral exposure and blood transfusion: a systematic review and meta-analysis |url=https://journals.lww.com/00002030-200604040-00003 |journal=AIDS |language=en |volume=20 |issue=6 |pages=805–812 |doi=10.1097/01.aids.0000218543.46963.6d |issn=0269-9370}}</ref>. एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल की हुई सुई के माध्यम से एचआईवी होने का जोखिम 0.3% प्रतिशत होता है (३३३ में १) और श्लेष्मा झिल्ली के खून से संक्रमित होने का जोखिम ०.०९% होता है (१००० में १). संयुक्त राज्य अमेरिका में २००९ में १२% मामले ऐसे लोगों के आए हैं जो कि नसों में नशीली दवाओं का उपयोग करते थे<ref>{{Cite web |url=http://www.cdc.gov/hiv/topics/surveillance/resources/factsheets/us_overview.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130501102910/http://www.cdc.gov/hiv/topics/surveillance/resources/factsheets/us_overview.htm |archive-date=1 मई 2013 |url-status=live }}</ref> और कुछ क्षेत्रों में नशीली दवाओं का सेवन करने वालों में से ८०% से ज्यादा लोग एचआईवी पोजिटिव मिले<ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130730222154/http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |archive-date=30 जुलाई 2013 |url-status=live }}</ref>.
एच. आई. वी. संक्रमित रक्त का प्रयोग करने से संक्रमण का जोखिम ९३% तक होता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/16549963 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430194006/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/16549963 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>. विकसित देशों में संक्रिमित रक्त से एचआईवी प्रसार का जोखिम बहुत ही कम है (५,००,००० बार में से १ बार से भी कम) क्योकि वह रक्त देने वाले व्यक्ति कि एच. आई. वी. जांच उसका रक्त लेने के पहले कि जाती है<ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130730222154/http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |archive-date=30 जुलाई 2013 |url-status=live }}</ref>. ब्रिटेन में जोखिम औसतन पचास लाख में से १ से भी कम की है<ref>hospital.blood.co.uk/library/pdf/2011_Will_I_Need_English_v3.pdf</ref>. हालांकि, कम आय वाले देशों में रक्त का इस्तेमाल करने के पहले केवल आधे रक्त कि उचित रूप से जाँच होती है (२००८ के रिपोर्ट के अनुसार)<ref>UNAIDS 2011 pg. 60–70</ref>. यह अनुमान है कि इन क्षेत्रों में १५% एचआईवी संक्रमण का आधार रक्त या रक्त उत्पादों से होता है, जो कि वैश्विक संक्रमण का ५-१०% है<ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130730222154/http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |archive-date=30 जुलाई 2013 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.who.int/inf-pr-2000/en/pr2000-25.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050117092135/http://www.who.int/inf-pr-2000/en/pr2000-25.html |archive-date=17 जनवरी 2005 |url-status=live }}</ref>. उप सहारा अफ्रीका में एचआईवी के प्रसार में एक महत्वपूर्ण भूमिका असुरक्षित चिकित्सा सुइयां निभाते हैं। २००७ में इस क्षेत्र में संक्रमण (१२-१७%) का कारण असुरक्षित चिकित्सा सुइयां ही थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के अनुसार चिकित्सा सुइयों के द्वारा एच. आई. वी. संक्रमण का जोखिम अफ्रीका में १.२% मामलों में होता है<ref>{{Cite journal |last=Reid |first=Savanna R |date=2009 |title=Injection drug use, unsafe medical injections, and HIV in Africa: a systematic review |url=http://harmreductionjournal.biomedcentral.com/articles/10.1186/1477-7517-6-24 |journal=Harm Reduction Journal |language=en |volume=6 |issue=1 |pages=24 |doi=10.1186/1477-7517-6-24 |issn=1477-7517 |pmc=2741434 |pmid=19715601}}</ref>. टैटू बनाने या बनवाने, खुरचने से भी सैद्धांतिक रूप संक्रमण का जोखिम बना रहता है लेकिन अभी तक किसी भी ऐसे मामले के पुष्टि नहीं हुई है। मच्छर या अन्य कीड़े कभी एचआईवी संचारित नहीं कर सकते हैं<ref>{{Cite web |url=http://www.rci.rutgers.edu/~insects/aids.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131206190442/http://www.rci.rutgers.edu/~insects/aids.htm |archive-date=6 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref>.
=== माँ से बच्चे में एच. आई. वी. संक्रमण ===
एचआईवी माँ से बच्चे को गर्भावस्था के दौरान, प्रसव के दौरान और स्तनपान के दौरान प्रेषित हो सकता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20954881 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=31 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430165414/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20954881 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.aids.gov/hiv-aids-basics/prevention/reduce-your-risk/fluids-of-transmission/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=31 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140625071311/http://www.aids.gov/hiv-aids-basics/prevention/reduce-your-risk/fluids-of-transmission/ |archive-date=25 जून 2014 |url-status=dead }}</ref>. एचआईवी दुनिया भर में फैलने का यह तीसरा सबसे आम कारण है<ref>{{Cite web |url=http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130730222154/http://books.google.ca/books?id=H4Sv9XY296oC&pg=PA745#v=onepage&q&f=false |archive-date=30 जुलाई 2013 |url-status=live }}</ref>. इलाज के आभाव में जन्म के पहले या जन्म के समय इसके संक्रमण का जोखिम २०% तक होता है और स्तनपान के द्वारा यही जोखिम ३५% तक होता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20954881 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=31 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430165414/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20954881 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>. वर्ष २००८ तक बच्चो में एचआईवी का संक्रमण ९०% मामलों में माँ के द्वारा हुआ। उचित उपचार होने पर माँ से बच्च्चे को होने वाले संक्रमण को कम कर के यह जोखिम ९०% से १% तक लाया जा सकता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20954881 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=31 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430165414/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20954881 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>. माँ को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान एंटीरेट्रोवाइरल दवा दे कर, वैकल्पिक शल्यक्रिया (आपरेशन) द्वारा प्रसव करके, नवजात शिशु को स्तनपान से न करा के तथा नवजात शिशु को भी एंटीरिट्रोवाइरल औषधियों कि खुराक देकर माँ से बच्चे में एच. आई. वी. का संक्रमण रोका जाता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/12810858 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=31 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120515112751/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/12810858 |archive-date=15 मई 2012 |url-status=live }}</ref>. हलांकि इनमें से कई उपाय अभी भी विकासशील देशों में नहीं हैं। यदि भोजन चबाने के दौरान संक्रमित रक्त भोजन को दूषित कर देता है तो यह भी एच. आई. वी. संचरण का जोखिम पैदा कर सकता है<ref>{{Cite web |url=http://www.cdc.gov/hiv/topics/basic/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=31 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121013080351/http://www.cdc.gov/hiv/topics/basic/ |archive-date=13 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref>.
== एड्स से बचने के उपाए ==
* अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार रहें। एक से अधिक व्यक्ति से यौनसंबंध ना रखें।
* यौन संबंध ([[मैथुन]]) के समय [[कंडोम]] का सदैव प्रयोग करें।
* यदि आप एच.आई.वी संक्रमित या एड्स ग्रसित हैं तो अपने जीवनसाथी से इस बात का खुलासा अवश्य करें। बात छुपाये रखनें तथा इसी स्थिती में यौन संबंध जारी रखनें से आपका साथी भी संक्रमित हो सकता है और आपकी संतान पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है<ref>{{Cite web |url=https://www.mtatva.com/hi/disease-facts/aids-prevention-and-complications-in-hindi/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=22 दिसंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171222111233/https://www.mtatva.com/hi/disease-facts/aids-prevention-and-complications-in-hindi/ |archive-date=22 दिसंबर 2017 |url-status=dead }}</ref>।
* यदि आप एच.आई.वी संक्रमित या एड्स ग्रसित हैं तो रक्तदान कभी ना करें।
* रक्त ग्रहण करने से पहले रक्त का एच.आई.वी परीक्षण कराने पर ज़ोर दें।
* यदि आप को एच.आई.वी संक्रमण होने का संदेह हो तो तुरंत अपना एच.आई.वी परीक्षण करा लें। उल्लेखनीय है कि अक्सर एच.आई.वी के कीटाणु, संक्रमण होने के 3 से 6 महीनों बाद भी, एच.आई.वी परीक्षण द्वारा पता नहीं लगाये जा पाते। अतः तीसरे और छठे महीने के बाद एच.आई.वी परीक्षण अवश्य दोहरायें।
=== '''यौन संपर्क''' ===
यौन संपर्क के दौरान कंडोम का लगातार इस्तेमाल एचआईवी संक्रमण के जोखिम को लगभग ८०% तक कम कर देता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/22348628 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430194244/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/22348628 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>. जब जोड़ी में से एक साथी एचआईवी से संक्रमित है तब कंडोम का लगातार इस्तेमाल करने से असंक्रमित व्यक्ति को एचआईवी संक्रमण होने कि संभावना प्रति वर्ष १% से कम हो जाती है<ref>{{Cite web |url=http://www.wpro.who.int/mediacentre/factsheets/fs_200308_Condoms/en/index.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121018145513/http://www.wpro.who.int/mediacentre/factsheets/fs_200308_Condoms/en/index.html |archive-date=18 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref>. इन बातों के भी प्रमाण मिले है कि महिलाओं का कंडोम इस्तेमाल करना भी पुरूषों के कंडोम इस्तेमाल करने के सामान सुरक्षा प्रदान करता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/22348629 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430183736/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/22348629 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>. एक अध्ययन के अनुसार अफ्रीकी महिलाओं में सेक्स के तुरंत पहले तेनोफोविर नामक जेल का योनि पर इस्तेमाल करने से एच. आई. वी संक्रमण का जोखिम ४०% तक कम हुआ<ref>{{Cite journal |last=Celum |first=Connie |last2=Baeten |first2=Jared M. |date=2012-02 |title=Tenofovir-based pre-exposure prophylaxis for HIV prevention: evolving evidence |url=http://journals.lww.com/00001432-201202000-00009 |journal=Current Opinion in Infectious Diseases |language=en |volume=25 |issue=1 |pages=51–57 |doi=10.1097/QCO.0b013e32834ef5ef |issn=0951-7375|pmc=3266126|pmid=22156901}}</ref>. जबकि इसके विपरीत स्पेर्मिसईद नोंओक्स्य्नोल ९ (spermicide nonoxynol 9) सक्रमण के जोखिम को बढ़ा देते हैं क्योंकि योनि और गुदा में जलन बढ़ाना इसकी अपनी प्रवृत्ति है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20205637 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430185412/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20205637 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>. उप सहारा अफ्रीका में सुन्नत विषमलैंगिक पुरुषों में एच.आई.वी संक्रमण के दर को ३८%-६६% मामलों में २४ महीनों तक कम कर देता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19370585 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121114195720/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19370585 |archive-date=14 नवंबर 2012 |url-status=live }}</ref>. इन अध्यनों के आधार पर वर्ष २००७ में विश्व स्वास्थ्य संगठन और यू.एन.एड्स ने महिला से पुरुष में एचआईवी संक्रमण से बचने का उपाय पुरुष खतना बताया था<ref>{{Cite web |url=http://www.who.int/mediacentre/news/releases/2007/pr10/en/index.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110126183014/http://www.who.int/mediacentre/news/releases/2007/pr10/en/index.html |archive-date=26 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref>. यधपि इससे पुरुष से महिला में संक्रमण को रोका जा सकता है यह विवादस्पद है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20622758 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120715181145/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20622758 |archive-date=15 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19849961 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130206185235/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19849961 |archive-date=6 फ़रवरी 2013 |url-status=live }}</ref> और पुरुष खतना विकसित देशों में कारगर होगा या नहीं एवं समलैंगिक पुरुषों में इसका कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं ये बात अभी अनिर्धारित है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20844437 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120715190109/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20844437 |archive-date=15 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19935420 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120715190127/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19935420 |archive-date=15 जुलाई 2012 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/21678366 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120929061759/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/21678366 |archive-date=29 सितंबर 2012 |url-status=live }}</ref>. कुछ विशेषज्ञों को डर है कि खतना पुरुषों के बीच असुरक्षा कि कम धारणा यौन जोखिम को बढ़ावा दे सकती है जो कि अपने निवारक प्रभाव को कम कर देती है<ref>{{Cite journal |last=Eaton |first=Lisa A. |last2=Kalichman |first2=Seth C. |date=2007-11 |title=Risk compensation in HIV prevention: Implications for vaccines, microbicides, and other biomedical HIV prevention technologies |url=http://link.springer.com/10.1007/s11904-007-0024-7 |journal=Current HIV/AIDS Reports |language=en |volume=4 |issue=4 |pages=165–172 |doi=10.1007/s11904-007-0024-7 |issn=1548-3568 |pmc=2937204 |pmid=18366947}}</ref>. जिन महिलाओं का मादा जननांग कट चुका होता है उनमें एचआईवी कि वृद्धि का जोखिम बढ़ जाता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19065392 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121116194756/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19065392 |archive-date=16 नवंबर 2012 |url-status=live }}</ref>. यौन संयम को बताने वाले कार्यक्रम भी एचआईवी के बढते जोखिम प्रभावित करते नहीं दिखाई देते<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/17943855 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130114051258/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/17943855 |archive-date=14 जनवरी 2013 |url-status=live }}</ref>. स्कूल में व्यापक रूप से यौन शिक्षा देने पर इसके व्यापकता में कमी आ सकती है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/21251451 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430161754/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/21251451 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>. युवा लोगों का एक बड़ा समूह एचआईवी / एड्स के बारे में जानकारी होने के बावजूद भी इस प्रथा में संलग्न है कि वह खुद अपने को एचआईवी से संक्रमित होने के जोखिम को ये कम आँकता है<ref>{{Cite web |url=http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/18724961 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130430160013/http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/18724961 |archive-date=30 अप्रैल 2013 |url-status=live }}</ref>.
== एड्स इन कारणों से नहीं फैलता ==
* एचआईवी संक्रमित या एड्स ग्रसित व्यक्ति से हाथ मिलाने से
* एचआईवी संक्रमित या एड्स ग्रसित व्यक्ति के साथ रहने से या उनके साथ खाना खाने से।
* एक ही बर्तन या रसोई में स्वस्थ और एचआईवी संक्रमित या एड्स ग्रसित व्यक्ति के खाना बनाने से।
== प्रारंभिक अवस्था में एड्स के लक्षण ==
* तेज़ी से अत्यधिक वजन घटना
* सूखी खांसी
* लगातार ज्वर या रात के समय अत्यधिक/असाधारण मात्रा में पसीने छूटना
* जंघाना, [[कक्षे]] और गर्दन में लम्बे समय तक सूजी हुई लसिकायें
* एक हफ्ते से अधिक समय तक दस्त होना। लम्बे समय तक गंभीर हैजा।
* फुफ्फुस प्रदाह
* चमड़ी के नीचे, मुँह, पलकों के नीचे या नाक में लाल, भूरे, गुलाबी या बैंगनी रंग के धब्बे।
* निरंतर भुलक्कड़पन,
== एड्स रोग का उपचार ==
औषधी विज्ञान में एड्स के इलाज पर निरंतर संशोधन जारी हैं। भारत, जापान, अमेरिका, यूरोपीय देश और अन्य देशों में इस के इलाज व इससे बचने के टीकों की खोज जारी है। हालांकी एड्स के मरीज़ों को इससे लड़ने और एड्स होने के बावजूद कुछ समय तक साधारण जीवन जीने में सक्षम हैं परंतु आगे चल कर ये खतरा पैदा कर सकता हैं। एड्स का इलाज के लिए शोध जारी है। हैं। आज यह भारत में एक महामारी का रूप हासिल कर चुका है। भारत में एड्स रोग की चिकित्सा महंगी है, एड्स की दवाईयों की कीमत आम आदमी की आर्थिक पहुँच के परे है। कुछ विरल मरीजों में सही चिकित्सा से 10-12 वर्ष तक एड्स के साथ जीना संभव पाया गया है, किंतु यह आम बात नही है।
ऐसी दवाईयाँ अब उपलब्ध हैं जिन्हें प्रति उत्त्क्रम-प्रतिलिपि-किण्वक विषाणु चिकित्सा [anti reverse transcript enzyme viral therapy or anti-retroviral therapy] दवाईयों के नाम से जाना जाता है। सिपला की ट्रायोम्यून जैसी यह दवाईयाँ महँगी हैं, प्रति व्यक्ति सालाना खर्च तकरीबन 150000 रुपये होता है और ये हर जगह आसानी से भी नहीं मिलती। इनके सेवन से बीमारी थम जाती है पर समाप्त नहीं होती। अगर इन दवाओं को लेना रोक दिया जाये तो बीमारी फ़िर से बढ़ जाती है, इसलिए एक बार बीमारी होने के बाद इन्हें जीवन भर लेना पड़ता है। अगर दवा न ली जायें तो बीमारी के लक्षण बढ़ते जाते हैं और एड्स से ग्रस्त व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है।
एक अच्छी खबर यह है कि सिपला और हेटेरो जैसे प्रमुख भारतीय दवा निर्माता एच.आई.वी पीड़ितों के लिये शीघ्र ही पहली एक में तीन मिश्रित निधिक अंशगोलियाँ बनाने जा रहे हैं जो इलाज आसान बना सकेगा (सिपला इसे वाईराडे के नाम से पुकारेगा)। इन्हें आहार व औषध मंत्रि-मण्डल [FDA] से भी मंजूरी मिल गई है। इन दवाईयों पर प्रति व्यक्ति सालाना खर्च तकरीबन 1 लाख रुपये होगा, संबल यही है कि वैश्विक कीमत से यह 80-85 प्रतिशत सस्ती होंगी।
== एड्स ग्रस्त लोगों के प्रति व्यवहार ==
एड्स का एक बड़ा दुष्प्रभाव है कि समाज को भी संदेह और भय का रोग लग जाता है। यौन विषयों पर बात करना हमारे समाज में वर्जना का विषय रहा है। निःसंदेह शतुरमुर्ग की नाई इस संवेदनशील मसले पर रेत में सर गाड़े रख अनजान बने रहना कोई हल नहीं है। इस भयावह स्थिति से निपटने का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक बदलाव लाना भी है। एड्स पर प्रस्तावित विधेयक<ref>{{cite web| last = | title = Draft Law on HIV| publisher = Lawyers Collective| date = | url = http://www.lawyerscollective.org/^hiv/Draft_Law_On_HIV.asp| format = asp| access-date = 16 जून 2020| archive-url = https://web.archive.org/web/20070927235211/http://www.lawyerscollective.org/%5Ehiv/Draft_Law_On_HIV.asp| archive-date = 27 सितंबर 2007| url-status = dead}}</ref> को अगर भारतीय संसद कानून की शक्ल दे सके तो यह भारत ही नहीं विश्व के लिये भी एड्स के खिलाफ छिड़ी जंग में महती सामरिक कदम सिद्ध होगा।
== इन्हें भी देखें ==
* [[व्यभिचार]]
* [[कंडोम]]
* [[हाइपरहाइड्रोसिस]]
* [[मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु]]
* [[कैंसर]]
* [https://gyaninformer.blogspot.com/2022/07/HIV-Kya-Hota-Hai-HIV-Hone-Ke-Kya-Karan-Hai.html HIV]
* [https://gyaninformer.blogspot.com/2022/07/what-is-aids-aids-kya-hota-hai.html AIDS]
* [https://answervk.com/aids-kya-hai-in-hindi/ शरीर में एच.आई.वी. कहाँ रहता है?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221225153605/https://answervk.com/aids-kya-hai-in-hindi/ |date=25 दिसंबर 2022 }}
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|colwidth=30em}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20171204181042/https://www.youtube.com/watch?v=izwomieBwG0 How a Sick Chimp Led to a Global Pandemic: The Rise of HIV]
* [https://web.archive.org/web/20110530005929/http://www.brandbharat.com/hindi/women/aids.html यौन सम्भोग से संक्रमित इन्फैक्शन एच आई वी और एड्स]
*[[Http://readerschowk.com/ajab-gajab-history-of-hiv-in-hindi/|एड्स{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} का इतिहास- जानिए कब, कहां और कैसे अस्तित्व में आई यह बीमारी]]
*[https://gyaninformer.blogspot.com/2022/07/alcohol-use-Symptoms-prevented-abuse.html शराब का दुरुपयोग (Alcohol Abuse) - उपचार, लक्षण और कारण]
*[https://gyaninformer.blogspot.com/2022/07/HIV-Kya-Hota-Hai-HIV-Hone-Ke-Kya-Karan-Hai.html एचआईवी क्या होता है]
[[श्रेणी:यौन रोग]]
[[श्रेणी:ऍचआइवी-सम्बंधित जानकारी]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्य आपदाएँ]]
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[[चित्र:Sun in February (black version).jpg|अंगूठाकार|right|[[पृथ्वी]] पर लगभग समस्त [[जीवन]] के लिए [[सूर्य]] [[सौर्य ऊर्जा|ऊर्जा का स्रोत]] है। मुख्यतः वह [[प्रकाश|प्रकाशीय ऊर्जा]], [[ऊष्मीय ऊर्जा]] और अवरक्त ऊर्जा छोड़ता है।]]
[[भौतिकी]] में, '''ऊर्जा''' [[भौतिक वस्तु|वस्तुओं]] का एक [[भौतिक गुण|गुण]] है, जो अन्य वस्तुओं को स्थानांतरित किया जा सकता है या विभिन्न रूपों में [[ऊर्जा का रूपान्तरण|रूपान्तरित]] किया जा सकता हैं।<ref name=":0">{{Cite book|title = Thermal Physics|url = https://books.google.com/books?id=c0R79nyOoNMC|publisher = Macmillan|date = 1980-01-15|isbn = 9780716710882|language = en|first = Charles|last = Kittel|first2 = Herbert|last2 = Kroemer|access-date = 1 जनवरी 2017|archive-url = https://web.archive.org/web/20170119001408/https://books.google.com/books?id=c0R79nyOoNMC|archive-date = 19 जनवरी 2017|url-status = live}}</ref>
किसी भी कार्यकर्ता के [[कार्य]] करने की क्षमता को '''ऊर्जा''' (Energy) कहते हैं। ऊँचाई से गिरते हुए जल में ऊर्जा है क्योंकि उससे एक पहिये को घुमाया जा सकता है जिससे बिजली पैदा की जा सकती है।
ऊर्जा की सरल परिभाषा देना कठिन है। ऊर्जा वस्तु नहीं है। इसको हम देख नहीं सकते, यह कोई जगह नहीं घेरती, न इसकी कोई छाया ही पड़ती है। संक्षेप में, अन्य वस्तुओं की भाँति यह [[पदार्थ|द्रव्य]] नहीं है, यद्यपि बहुधा द्रव्य से इसका घनिष्ठ संबंध रहता है। फिर भी इसका अस्तित्व उतना ही वास्तविक है जितना किसी अन्य वस्तु का और इस कारण कि किसी पिंड समुदाय में, जिसके ऊपर किसी बाहरी [[बल]] का प्रभाव नहीं रहता, इसकी मात्रा में कमी बेशी नहीं होती।
ऊर्जा , तत्व के परमाणु को ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है परिवती ऊर्जा हम मनुष्य दो तरीके से इस्तेमाल कर सकते है ठोस धातु या
इलॉक्टम के बीच शुद्ध कर अमोनिया से कथित कर ऊर्जा को भरी ऊर्जा के साथ मुक्त कर दिया जाता है
=ऊर्जा के विभिन्न रूप =
[[चित्र:Energy-p-k-i.svg|right|thumb|300px|तीन रूपों में उर्जा - स्थितिज, गतिज एवं आन्तरिक]]
साधारणत: कार्य कर सकने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। जब [[धनुष]] से शिकार करनेवाला कोई शिकारी डोरी को खींचता है तो धनुष में ऊर्जा आ जाती है जिसका उपयोग बाण को शिकार तक चलाने में किया जाता है। बहते पानी में ऊर्जा होती है जिसका उपयोग [[पवनचक्की]] चलाने में अथवा किसी दूसरे काम के लिए किया जा सकता है। इसी तरह [[बारूद]] में ऊर्जा होती है, जिसका उपयोग पत्थर की शिलाएँ तोड़ने अथवा [[तोप]] से [[गोला]] दागने में हो सकता है। बिजली की [[धारा]] में ऊर्जा होती है जिससे [[विद्युत मोटर|बिजली की मोटर]] चलाई जा सकती है। [[सूर्य]] के [[प्रकाश]] में ऊर्जा होती है जिसका उपयोग [[प्रकाश सेल|प्रकाशसेलों]] द्वारा बिजली की धारा उत्पन्न करने में किया जा सकता है। ऐसे ही [[परमाण बम|अणुबम]] में [[नाभिकीय ऊर्जा]] रहती है जिसका उपयोग शत्रु का विध्वंस करने अथवा अन्य कार्यों में किया जाता है।
इस प्रकार हम देखते हैं कि ऊर्जा कई रूपों में पाई जाती है। तने हुए [[स्प्रिंग]] में जो ऊर्जा है उसे '''[[स्थितिज ऊर्जा]]''' कहते हैं; बहते पानी की ऊर्जा '''[[गतिज ऊर्जा]]''' है; बारूद की ऊर्जा '''[[रासायनिक ऊर्जा]]''' है; बिजली की धारा की ऊर्जा '''वैद्युत ऊर्जा''' है; सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को '''प्रकाश ऊर्जा''' कहते हैं। सूर्य में जो ऊर्जा है वह उसके ऊँचे ताप के कारण है। इसको '''उष्मा ऊर्जा''' कहते हैं।
==ऊर्जा की मात्रा के कुछ उदहरण==
{{मुख्य|ऊर्जा के परिमाण की कोटि}}
* पिस्टल से निकली गोली की ऊर्जा : लगभग ५०० जूल
* १ किलो [[टी एन टी]] में निहित ऊर्जा : लगभग ४ मेगा जूल
* १ लीटर पेट्रोल में निहित ऊर्जा : लगभग ३० मेगाज
== कार्य एवं उर्जा ==
विभिन्न उपायों द्वारा ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इन परिवर्तनों में ऊर्जा की मात्रा सर्वदा एक ही रहती है। उसमें कमी बेशी नहीं होती। इसे '''ऊर्जा-अविनाशिता-सिद्धांत''' कहते हैं।
ऊपर कहा गया है कि कार्य कर सकने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। परंतु सारी ऊर्जा को कार्य में परिणत करना सर्वदा संभव नहीं होता। इसलिए यह कहना अधिक उपयुक्त होगा कि ऊर्जा वह वस्तु है जो उतनी ही घटती है जितना कार्य होता है। इस कारण ऊर्जा को नापने के वे ही एकक होते हैं। जो कार्य को नापने के। यदि हम एक किलोग्राम भार को एक मीटर ऊँचा उठाते हैं तो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध एक विशेष मात्रा में कार्य करना पड़ता है। यदि हम इसी भार को दो मीटर ऊँचा उठाएँ अथवा दो किलोग्राम भार को एक मीटर ऊँचा उठाएँ तो दोनों दशाओं में पहले की अपेक्षा दूना कार्य करना पड़ेगा। इससे प्रकट होता है कि कार्य का परिमाण उस बल के परिमाण पर, जिसके विरुद्ध कार्य किया जाए और उस दूरी के परिमाण पर, जिस दूरी द्वारा उस बल के विरुद्ध कार्य किया जाए, निर्भर रहता है और इन दोनों परिमाणों के गुणनफल के बराबर होता है।
== ऊर्जा के मात्रक ==
कार्य की किसी भी मात्रा को हम कार्य का एकक मान सकते हैं। उदाहरणत: एक किलोग्राम भार को पृथ्वी के आकर्षण के विरुद्ध एक मीटर ऊँचा उठाने में जितना कार्य करना पड़ता है उसे एकक माना जा सकता है। परंतु पृथ्वी का आकर्षण सब जगह एक समान नहीं होता। इसका जो मान [[चेन्नई]] में है वह [[दिल्ली]] में नहीं है। इसलिए यह एकक असुविधापूर्ण है। फिर भी बहुत से देशों में इंजीनियर ऐसे ही एकक का उपयोग करते हैं। जिसे फुट-पाउंड कहते हैं। यह उस कार्य की मात्रा है जो लंदन के अक्षांश में समुद्रतट पर एक पाउंड को एक दूसरे ही एकक का प्रयोग किया जाता है जो सेंटीमीटर-ग्राम-सेंकड के ऊपर निर्भर है। इसमें बल के एकक को "डाइन" (Dyne) कहते हैं। डाइन बल का वह एकक है जो एक ग्राम के पिंड में एक सेकंड में एक सेंटीमीटर प्रति सेकंड का वेग उत्पन्न कर सकता है। इस बल के क्रियाबिंदु को इसके विरुद्ध एक सें. मी. हटाने में जितना कार्य करना पड़ता है उसे वर्ग कहते हैं। परंतु व्यावहारिक दृष्टि से कार्य का यह एकक बहुत छोटा है। अतएव दैनिक व्यवहार में एक दूसरा एकक उपयोग में लाया जाता है। इसमें लंबाई का एकक सेंटीमीटर के स्थान पर मीटर है तथा द्रव्यमान का एकक ग्राम के स्थान पर किलोग्राम है। इसमें बल का एकक "न्यूटन" है। न्यूटन बल का वह एकक है जो एक किलोग्राम के पिंड में एक सेकंड में एक मीटर प्रति सेकंड का वेग उत्पन्न कर सकता है। इस तरह न्यूटन 100000 डाइन के बराबर होता है। इस बल के क्रियाबिंदु को उसके विरुद्ध एक मीटर तक हटाने में जितना कार्य करना पड़ता है उसे '''जूल''' कहते हैं। एक [[जूल]] 10<sup>7</sup> '''अर्गो''' के बराबर होता है।
=== अन्य मात्रक ===
ऊर्जा को भी इन्हीं एककों में नापा जाता है। परंतु कभी कभी विशेष स्थलों पर कुछ अन्य एककों का उपयोग होता है। इनमें एक '''इलेक्ट्रान वोल्ट''' है। वह ऊर्जा का वह एकक है जिसे इलेक्ट्रान का वोल्ट के विभवांतर (पोटेंशियल डिफ़रेंस) से गुजरने पर प्राप्त करता है। यह बहुत छोटा एकक है और केवल 1.60 x 10 <sup>-19</sup> जूल के बराबर होता है। इसके अतिरिक्त घरों में उपयोग में आनेवाली वैद्युत ऊर्जा को नापने के लिए एक दूसरे एकक का उपयोग होता है, जिसे '''[[किलोवाट-घंटा]]''' (KWh या 'यूनिट') कहते हैं और जो 3.6x 10 <sup>6</sup> जूलों के बराबर होता है l ऊर्जा के यूनिट को झॉन पर्स्कॉट जूल के ऊर्जा के क्षेत्र में एक क्रांति लाने की याद में 'जूल' रखा।
{| class="wikitable"
!
! [[जूल]] या वाट-सेकेन्ड
! [[किलोवाटघंटा]]
! [[इलेक्ट्रान वोल्ट]]
! [[किलोपॉन्डमीटर]]<br> (Kilopondmeter)
! [[कैलरी]]<!-- "International Table"-Kalorie á 4.1868 J -->
! [[अर्ग]] (Erg)
|-
! 1 kg·m²/s²
| {{0|00}} 1
| {{0|00}} 2.778 · 10<sup>−7</sup>
| {{0|00}} 6.242 · 10<sup>18</sup>
| {{0|00}} 0.102
| {{0|00}} 0.239
| {{0|0}} 10<sup>7</sup>
|-
! 1 kW·h
| {{0|00}} 3.6 · 10<sup>6</sup>
| {{0|00}} 1
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|-
! 1 eV
| {{0|00}} 1.602 · 10<sup>−19</sup>
| {{0|00}} 4.45 · 10<sup>−26</sup>
| {{0|00}} 1
| {{0|00}} 1.63 · 10<sup>−20</sup>
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|-
! 1 kp·m
| {{0|00}} 9.80665
| {{0|00}} 2.72 · 10<sup>−6</sup>
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| {{0|0}} 9.80665 · 10<sup>7</sup>
|-
! 1 cal<sub>IT</sub>
| {{0|00}} 4.1868
| {{0|00}} 1.163 · 10<sup>−6</sup>
| {{0|00}} 2.611 · 10<sup>19</sup>
| {{0|00}} 0.427
| {{0|00}} 1
| {{0|0}} 4.1868 · 10<sup>7</sup>
|-
! 1 g·cm²/s²
| {{0|00}} 10<sup>−7</sup>
| {{0|0}} 2.778 · 10<sup>−14</sup>
| {{0|0}} 6.242 · 10<sup>11</sup>
| {{0|0}} 1.02 · 10<sup>−8</sup>
| {{0|0}} 2.39 · 10<sup>−8</sup>
| {{0|00}} 1
|}
== यांत्रिक ऊर्जा ==
उन वस्तुओं की अपेक्षा, जिनके अस्तित्व का अनुमान हम केवल तर्क के आधार पर कर सकते हैं, हमें उन वस्तुओं का ज्ञान अधिक सुगमता से होता है जिन्हें हम स्थूल रूप से देख सकते हैं। मनुष्य के मस्तिष्क में ऊर्जा के उस रूप की भावना सबसे प्रथम उदय हुई जिसका संबंध बड़े बड़े पिंडों से है और जिसे यंत्रों की सहायता से कार्यरूप में परिणात होते हम स्पष्टत: देख सकते हैं। इस यांत्रिक ऊर्जा के दो रूप हैं : एक स्थितिज ऊर्जा एवं दूसरा गतिज ऊर्जा। इसके विपरीत उस ऊर्जा का ज्ञान जिसका संबंध अणुओं तथा परमाणुओं की गति से है, मनुष्य को बाद में हुआ। इस कारण यह कम आश्चर्य की बात नहीं है कि न्यूटन से भी पहले फ्रांसिस बेकन की यह धारणा थी कि ऊष्मा द्रव्य के कणों की गति के कारण है।
=== स्थितिज ऊर्जा ===
एक किलोग्राम भार के एक पिंड को पृथ्वी के आकर्षण के विरुद्ध एक मीटर ऊँचा उठाने में जो कार्य करना पड़ता है उसे हम किलोग्राम-मीटर कह सकते हैं और यह लगभग 981 जूलों के बराबर होता है। यदि हम एक डोर लेकर ओर उसे एक घिरनी के ऊपर डालकर उसके दोनों सिरों से लगभग एक किलोग्राम के पिंड बाँधे और उन्हें ऐसी अवस्था में छोड़ें कि वे दोनों एक ही ऊँचाई पर न हों और ऊँचे पिंड को बहुत धीरे-से नीचे आने दें तो हम देखेंगे कि एक किलोग्राम के पिंड को एक मीटर ऊँचा उठा देगा। घिरनी में घर्षण जितना ही कम होगा दूसरा पिंड भार में उतना ही पहले पिंड के भार के बराबर रखा जा सकेगा। इसक अर्थ यह हुआ कि यदि हम किसी पिंड को पृथ्वी से ऊँचा बढ़ जाती है। एक किलोग्राम भार के पिंड को यदि 5 मीटर ऊँचा उठाया जाए तो उसमें 5 किलोग्राम-मीटर कार्य करने की क्षमता आ जाती है, एवं उसकी ऊर्जा पहले की अपेक्षा उसी परिमाण में बढ़ जाती है। यह ऊर्जा पृथ्वी तथा पिंड की आपेक्षिक स्थिति के कारण होती है और वस्तुत: पृथ्वी एवं पिंड द्वारा बने तंत्र (सिस्टम) की ऊर्जा होती है। इसीलिए इसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। जब कभी भी पिंडों के किसी समुदाय की पारस्परिक दूरी अथवा एक ही पिंड के विभिन्न भागों की स्वाभाविक स्थिति में अंतर उत्पन्न होता है तो स्थितिज ऊर्जा में भी अंतर आ जाता है। कमानी को दबाने से अथवा धनुष को झुकाने से उनमें स्थितिज ऊर्जा आ जाती है। नदियों में बाँध बाँधकर पानी को अधिक ऊँचाई पर इकट्ठा किया जाए तो इस पानी में स्थितिज ऊर्जा आ जाती है।
=== गतिज ऊर्जा ===
न्यूटन ने बल की यह परिभाषा दी कि बल संवेग (मोमेंटम) के परिवर्तन की दर के बराबर होता है। यदि '''m''' किलोग्राम का कोई पिंड प्रारंभ में स्थिर हो और उसपर एक नियत बल '''F''', '''t''' सेंकड तक कार्य करके जो वेग उत्पन्न करे उसका मान '''v''' मीटर प्रति सेकंड हो तो बल का मान <math>\frac{mv}{t}</math> न्यूटन होगा। इसी समय में पिंड जो दूरी तै करे वह यदि '''d''' मीटर हो तो बल द्वारा किया गया कार्य '''F.d''' जूल के बराबर होगा।
अर्थात् '''m''' द्रव्यमानवालें पिंड का वेग यदि '''v''' हो तो उसकी ऊर्जा <math>\frac{1}{2}mv^{2}</math> होगी। यह ऊर्जा उस पिंड में उसकी गति के कारण होती है और गतिज ऊर्जा कहलाती है। जब हम धनुष को झुकाकर तीर छोड़ते हैं तो धनुष की स्थितिज ऊर्जा तीर की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन हो जाती है।
स्थितिज ऊर्जा एवं गतिज ऊर्जा के पारस्परिक परिवर्तन का सबसे सुंदर उदाहरण सरल लोलक है। जब हम लोलक के गोलक को एक ओर खींचते हैं तो गोलक अपनी साधारण स्थिति से थोड़ा ऊँचा उठ जाता है और इसमें स्थितिज ऊर्जा आ जाती है। जब हम गोलक को छोड़ते हैं तो गोलक इधर उधर झूलने लगता है। जब गोलक लटकने की साधारण स्थिति में आता है तो इसमें केवल गतिज ऊर्जा रहती है। संवेग के कारण गोलक दूसरी ओर चला जाता है और गतिज ऊर्जा पुन: स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। साधारणत: वायु के घर्षण के विरुद्ध कार्य करने से गोलक की ऊर्जा कम होती जाती है और इसकी गति कुछ देर में बंद हो जाती है। यदि घर्षण का बल न हो तो लोलक अनंत काल तक चलता रहेगा।
== उष्मीय ऊर्जा ==
{{मुख्य|उष्मा}}<br />
[[चित्र:Midsummer bonfire.jpg|right|thumb|250px|आग, रासायनिक उर्जा को उष्मीय उर्जा में बदल देती है।]]
गति विज्ञान में [[उर्जा संरक्षण का नियम|ऊर्जा-अविनाशिता-सिद्धांत]] के प्रमाणित हो जाने के बाद भी इसके दूसरे स्वरूपों का ज्ञान न होने के कारण यह समझा जाता था कि कई स्थितियों में ऊर्जा नष्ट भी हो सकती है; जैसे, जब किसी पिंडसमुदाय के विभिन्न भागों में अपेक्षिक गति हो तो घर्षण के कारण स्थितिज और गतिज ऊर्जा कम हो जाती है। वस्तुत: ऐसी स्थितियों में ऊर्जा नष्ट नहीं होती वरन् ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तन हो जाती है। परंतु 18वीं शताब्दी तक ऊष्मा को ऊर्जा का ही एक स्वतंत्र स्वरूप नहीं समझा जाता था। उस समय तक यह धारणा थी कि ऊष्मा एक द्रव्य है। 19वीं शताब्दी में प्रयोगों द्वारा यह निर्विवाद रूप से सिद्ध कर दिया गया कि ऊष्मा भी ऊर्जा का ही एक दूसरा रूप है।
[[चित्र:Bockdampfmaschine.JPG|right|thumb|300px|वाष्प इंजन, उष्मीय उर्जा को यांत्रिक उर्जा में बदलता है]]
यों तो प्रागैतिहासिक काल में भी मनुष्य लकड़ियों को रगड़कर अग्नि उत्पन्न करता था, परंतु ऊर्जा एवं ऊष्मा के घनिष्ठ संबंध की ओर सबसे पहले बेंजामिन टामसन (काउंट रुमफर्ड) का ध्यान गया। यह संयुक्त राज्य (अमरीका) के मैसाचूसेट्स प्रदेश का रहनेवाला था। परंतु उस समय यह बवेरिया के राजा का युद्धमंत्री था। ढली हुई पीतल की तोप की नलियों को छेदते समय इसने देखा कि नली बहुत गर्म हो जाती है तथा उससे निकले बुरादे और भी गरम हो जाते हैं। एक प्रयोग में तोप की नाल के चारों ओर काठ की नाँद में पानी भरकर उसने देखा कि खरादने से जो ऊष्मा उत्पन्न होती है उससे ढाई घंटे में सारा पानी उबलने के ताप तक पहुँच गया। इस प्रयोग में उसका वास्तविक ध्येय यह सिद्ध करना था कि ऊष्मा कोई द्रव नहीं है जो पिंडों में होती है और दाब के कारण वैसे ही बाहर निकल आती है जैसे निचोड़ने से कपड़े में से पानी; क्योंकि यदि ऐसा होता तो किसी पिंड में यह द्रव एक सीमित मात्रा में ही होता, परंतु छेदनेवाले प्रयोग से ज्ञात होता है कि जितना ही अधिक कार्य किया जाए उतनी ही अधिक ऊष्मा उत्पन्न होगी। रुमफर्ड ने यह प्रयोग सन् 1798 ई. में किया। इसके 20 वर्ष पहले ही लाव्वाजिए तथा लाग्राँज़ ने यह देखा था कि जानवरों में भोजन से उतनी ही ऊष्मा उत्पन्न होती है जितनी रासायनिक क्रिया द्वारा उस भोजन से प्राप्त हो सकती है।
सन् 1819 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक ड्यूलों ने देखा कि किसी गैस के संपीडन से उसमें ऊष्मा उसी अनुपात में उत्पन्न होती है जितना संपीडन में कार्य किया जाता है। सन् 1842 ई. में इसी भावना का उपयोग जूलियस राबर्ट मायर ने, जो उस समय केवल 28 वर्ष का था और जर्मनी के हाइलब्रॉन नगर में डॉक्टर था, इस बात की गणना के लिए किया कि एक कलरी ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए कितना कार्य आवश्यक है। हम जानते हैं कि प्रत्येक गैस की दो विशिष्ट उष्माएँ होती है : एक नियत आयतन पर तथा दूसरी नियत दाब पर। पहली अवस्था में गैस कोई कार्य नहीं करती। दूसरी अवस्था में गैस को बाह्य दबाव के विरुद्ध कार्य करना पड़ता है और दोनों विशिष्ट उष्माओं में जो अंतर होता है वह इसी कार्य के समतुल्य होता है। इस तरह मायर को ऊष्मा के यांत्रिक तुल्यांक का जो मान प्राप्त हुआ वह लगभग उतना ही था जितना काउंट रुमफ़ोर्ड को प्राप्त हुआ था।
[[चित्र:Fahrrad-detail-23.jpg|right|thumb|300px|सायकिल का डायनेमो, यांत्रिक उर्जा को विद्युत उर्जा में बदल देता है]]
इसी समय इंग्लैंड में जेम्स प्रेसकाट जूल भी ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक निकालने में लगा हुआ था। इसके प्रयोग सन् 1842 ई. से सन् 1852 ई. तक चलते रहे। अपने प्रयोग में इसने एक ताँबे के उष्मामापी में पानी लिया और उसे एक मथनी से मथा। मथनी को दो घिरनियों पर से लटके हुए दो भारों पर चलाया जाता था। जिस डोर से ये भार लटके हुए थे वह इस मथनी के सिरे में लपेटी हुई थी और जब ये भार नीचे की ओर गिरते थे तो मथनी घूमती थी। जब ये भार नीचे गिरते थे तो इनकी स्थितिज ऊर्जा कम हो जाती थी। इस कमी का कुछ भाग भारों की गतिज ऊर्जा में परिणत होता था और कुछ भाग मथनी को घुमाने में व्यय होता था। इस तरह यह ज्ञात किया जा सकता था कि मथनी को घुमने में कितना कार्य किया जा रहा था। उष्मामापी के पानी के ताप में जितनी वृद्धि हुई उससे यह ज्ञात हो सकता था कि कितनी ऊष्मा उत्पन्न हुई; और तब ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक ज्ञात किया जा सकता था। जूल ने ये प्रयोग पानी तथा पारा दोनों के साथ किए।
सन् 1847 ई. में हरमान फान हेल्महोल्ट्स ने एक पुस्तक लिखी जिसमें ऊष्मा, चुंबक, बिजली, भौतिक रसायन आदि विभिन्न क्षेत्रों के उदाहरणों द्वारा उष्मा-अविनाशिता-सिद्धांत का प्रतिपादन किया गया था। जूल ने प्रयोग द्वारा वैद्युत ऊर्जा तथा उष्मा-ऊर्जा की समानता सिद्ध की।
== विद्युत ऊर्जा ==
देखें - '''[[विद्युत ऊर्जा]]'''
== ऊर्जा की अविनाशिता तथा ऊर्जा का परिवर्तन ==
[[चित्र:Newtons cradle animation book.gif|right|thumb|300px|ऊर्जा का संरक्षण का प्रदर्शन (न्यूटन का क्रेडिल) <br /> स्थितिज ऊर्जा --> गतिज ऊर्जा --> विकृति ऊर्जा --> गतिज ऊर्जा का चक्र]]
{{मुख्य|उर्जा संरक्षण का नियम}}
== द्रव्यमान तथा ऊर्जा की समतुल्यता ==
सन् 1905 ई. में आइन्स्टाइन ने अपना आपेक्षिक सिद्धांत प्रतिपादित किया जिसके अनुसार कणों का द्रव्यमान उनकी गतिज ऊर्जा पर निर्भर रहता है।
इसका यह अर्थ है कि ऊर्जा का मान द्रव्यमान वृद्धि को प्रकाश के वेग के वर्ग से गुणा करने पर प्राप्त होता है। इस सिद्धांत की पुष्टि नाभिकीय विज्ञान के बहुत से प्रयोगों द्वारा होती है। सूर्य में भी ऊर्जा इसी तरह बनती है। सूर्य में एक श्रृंखल क्रिया होती है जिसका फल यह होता है कि हाइड्रोजन के चार नाभिकों के संयोग से हीलियम का नाभिक बन जाता है। हाइड्रोजन के चारों नाभिकों के द्रव्यमान का योगफल हीलियम के नाभिक से कुछ अधिक होता है। यह अंतर ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है। [[परमाणु बम]] एवं [[हाइड्रोजन बम]] में भी इसी द्रव्यमान-ऊर्जा-समतुल्यता का उपयोग होता है।
== ऊर्जा का क्वांटमीकरण (Quantization of energy) ==
वर्णक्रम के विभिन्न वर्णों के अनुसार कृष्ण पिंड के विकिरण के वितरण का ठीक सूत्र क्या है, इसका अध्ययन करते हुए प्लांक इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि विकिरण का आदान प्रदान अनियमित मात्रा में नहीं होता प्रत्युत ऊर्जा के छोटे कणों द्वारा होता है। इन कणों को रहता है। आवृत्तिसंख्या को जिस नियतांक से गुणा करने पर ऊर्जाक्वांटम का मान प्राप्त होता है उसे प्लांक नियतांक कहते हैं।
[[नील्स बोर]] ने सन् 1913 ई. में यह दिखलाया कि यह [[क्वांटम सिद्धांत]] अत्यन्त व्यापक है और परमाणुओं में इलेक्ट्रान जिन कक्षाओं में घूमते हैं। वे कक्षाएँ भी क्वांटम सिद्धांत के अनुसार ही निश्चित होती हैं। जब इलेक्ट्रान अधिक ऊर्जावाली कक्षा से कम ऊर्जावाली कक्षा में जाता है तो इन दो ऊर्जाओं का अंतर प्रकाश के रूप में बाहर आता है। हाइज़ेनबर्ग, श्रोडिंगर तथा डिराक ने इस क्वांटम सिद्धांत को और भी विस्तृत किया है।
== उर्जा के स्रोत ==
[[चित्र:Energy and life.svg|right|thumb|300px|मानव जीवन में ऊर्जा]]
आधुनिक भौतिक विज्ञान में प्रत्येक कार्य के लिए ऊर्जा को आवश्यक बताया गया है। [[उर्जा के संरक्षण का सिद्धान्त|ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत]] के अनुसार ऊर्जा को न तो जना जा सकता है और ना तो नष्ट किया जा सकता केवल इसका स्वरूप बदला जा सकता है। हम अपने दैनिक जीवन में प्रयोग करने हेतु ऊर्जा के इस्तेमाल कई रूपों में करते हैं, यथा - यांत्रिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा, ऊष्मीय ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा, रसायनिक ऊर्जा इत्यादि। मोटर में विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदल कर काम लिया जाता है तो बैटरी में रसायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में। मानव शरीर खाद्य पदार्थों की रासायनिक ऊर्जा को पचा कर उससे यांत्रिक कार्य करता है। इसी प्रकार एक विद्युत बल्ब विद्युत ऊर्जा को प्रकाय़ तथा ऊष्मीय ऊर्जा में बदल देता है। कार या बस का ईंजन पेट्रोल की रासायनिक ऊर्जा को पहले ऊष्मीय ऊर्जा में बदलता है तथा उसे फिर यांत्रिक ऊर्जा में। इन सभी कार्यों के लिए प्रयुक्त ऊर्जा इन स्रोतों से प्राप्त होती है -
* [[कोयला]]
* [[पेट्रोलियम]]
* [[प्राकृतिक गैस]]
* [[पवन ऊर्जा]]
* [[सौर ऊर्जा]]
* [[ज्वारीय शक्ति|ज्वारीय ऊर्जा]]
== उर्जा एवं [[औद्योगिक क्रांति]] ==
उर्जा की अवधारणा (कांसेप्ट) उन्नीसवीं शताब्दी में आयी। यह मानव द्वारा आविष्कृत एक अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं मौलिक अवधारणा है। यह विभिन्न प्रकार की घटनाओं में होने वाली अन्तर्क्रियाओं (इन्टरैक्शन्स्) को संख्यात्मक रूप में व्यक्त करने में बहुत उपयोगी है। इसे एक तरह से विभिन्न भौतिक फेनामेना के बीच होने वाली अन्तःक्रियाओं के लिये सर्वनिष्ट (कॉमन) मुद्रा की तरह समझा जा सकता है।
उर्जा की अवधारणा से ही परिवर्तन (ट्रान्स्फार्मेशन) (जैसे रसायन एवं धातुकर्म में) एवं ट्रान्समिशन से सम्बन्धित है जो कि [[औद्योगिक क्रांति]] के आधार हैं। जब तक केवल मानवी या पाशविक उर्जा से ही काम होता था, तब तक उर्जा सीमित थी; उसे स्वचालित एवं नियंत्रित करना कठिन कार्य था। किन्तु वाष्प आदि से चलने वाली मशीनों के आविष्कार से यह स्थिति बदल गयी जिससे औद्योगिक क्रान्ति का सूत्रपात हुआ।
आधुनिक काल में किसी देश द्वारा खपत की जाने वाली उर्जा उसके विकास की प्रमुख माप है।
== उर्जा से सम्बन्धित प्रमुख सूत्र ==
* '''स्थानान्तरण की गतिज ऊर्जा
:<math>
E_\mathrm{kin} \,=\, \tfrac{1}{2} m v^2\,
</math>.
* '''घूर्णन की गतिज ऊर्जा
: <math> E_\mathrm{rot} = \frac{1}{2} J \omega^2 </math>
: जहाँ <math>J</math> घूर्णन-अक्ष के परितः [[जड़त्वाघूर्ण]] है, तथा <math>\omega</math> [[कोणीय आवृत्ति]] है।
* '''तने हुए स्प्रिंग की गतिज उर्जा
:<math>E_{\text{pot}} = {1 \over 2}\, k \, x^2\, </math>
:जहाँ ''k'' स्प्रिंग का बल नियतांक है तथा ''x'' स्प्रिंग का सामायावस्था की तुलना में कुल तनाव है।
* '''आवेशित [[संधारित्र]] की उर्जा
:<math>E = \frac{Q^2}{2C}= \frac{C\,U^2}{2}\, </math>
:जहाँ ''Q'' संधारित्र की प्लेटों पर एकत्र आवेश है; तथा ''C'' संधारित्र की धारिता है; ''U'' संधारित्र की प्लेटों के बीच विभवान्तर है।
* '''धारावाही प्रेरक में संचित ऊर्जा
: <br /><math>E_{\text{Spule}} = \frac{L\,I^2}{2}\,</math>
: <br />जहाँ <math>L</math> [[प्रेरकत्व]] है तथा <math>I</math> उसमें प्रवाहित [[धारा]]।
* '''द्रव्यमान एवं उर्जा की समतुल्यता -
<math>m</math> द्रव्यमान एवं <math>v</math> वेग के मुक्त कण की सापेक्षिक (रिलेटिविस्टिक) उर्जा:
:<math>E = \frac{m \, c^2}{\sqrt{1-\frac{v^2}{c^2}}} </math>
:जहाँ <math>c</math> [[प्रकाश]] का वेग है।
* '''फोटॉनों या प्रकाश क्वान्टा की उर्जा
:<math>E = h \, f\, </math>
:जहाँ ''h'' प्लांक नियतांक है; तथा <math>f</math> फोटॉन की [[आवृत्ति]] है।
* '''[[भूकम्प]] की उर्जा
:<math>E=10^{\frac{3}{2}(M-2)}</math> टन [[टीएनटी]] के समतुल्य
: जहाँ ''M'' भूकम्प की तीव्रता (रिचर पैमाने पर) है।
* '''कार्य या उर्जा में परिवर्तन''', बल का दूरी के साथ इन्टीग्रल के बराबर होता है।
:<math>W = \int \mathbf F\,\mathrm{d}\mathbf x\,.</math>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[शक्ति (भौतिकी)|शक्ति]]
* [[अक्षय उर्जा]]
* [[अक्षय विकास]]
* [[नवीकरणीय ऊर्जा]]
* [[ऊर्जा भण्डारण]]
* [[ऊर्जा का रूपान्तरण]]
* [[ऊर्जा स्वतंत्रता]] ( इनर्जी इन्डिपेन्डेन्स)
* [[ऊर्जा के परिमाण की कोटि]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
*[https://www.edutzar.in/sources-of-energy-in-hindi/ ऊर्जा : ऊर्जा के स्रोत, गुण, महत्वपूर्ण प्रशन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210518115731/https://www.edutzar.in/sources-of-energy-in-hindi/ |date=18 मई 2021 }}
*[https://www.hindivigyan.in/2019/12/what-is-energy-hindi.html ऊर्जा की परिभाषा और प्रकार]{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}
*[https://web.archive.org/web/20160306233023/http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=35625 ऊर्जा क्रांति की दहलीज पर खड़ा है भारत]
* [https://web.archive.org/web/20190319224607/http://webcollection.co.in/sources-of-energy/ ऊर्जा के स्रोत]
* [https://web.archive.org/web/20170819015937/http://www.deshbandhu.co.in/editorial/articlesmeasures-for-energy-independence-59499-2 ऊर्जा स्वतंत्रता का उपाय] (डॉ. भरत झुनझुनवाला)
* [https://web.archive.org/web/20100118184340/http://www.divyurja.com/Default.aspx '''दिव्य उर्जा'''] (उर्जा जागरूकता का अभिनव प्रयास)
* [https://web.archive.org/web/20100103092339/http://www.spreri.org/ Sardar Patel Renewable Energy Research Institute (SPRERI)]
* [https://web.archive.org/web/20100119232930/http://www.teriin.org/index.php टाटा उर्जा संसाधन संस्थान (TERI)]
* [https://web.archive.org/web/20100324042545/http://www.indiaenergyportal.org/ India Energy Portal]
* [https://web.archive.org/web/20100416062343/http://www.lightandmatter.com/html_books/2cl/ch01/ch01.html Conservation of Energy]
* [https://web.archive.org/web/20180323052913/http://energyandlife.org/ Energy and Life]
* [https://web.archive.org/web/20090210042044/http://physicsworld.com/cws/article/print/9233 What does energy really mean? From Physics World]
* [https://web.archive.org/web/20110426160837/http://www.physnet.org/modules/pdf_modules/m20.pdf ''Work, Power, Kinetic Energy'']
{{Authority control}}
[[श्रेणी:स्थिति फलन]]
[[श्रेणी:ऊर्जा| ]]
[[श्रेणी:भौतिकी]]
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मनोहरथाना
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मैं भगवान श्री देवनारायण जी का मंदिर ऐड किया है जो उसे क्षेत्र का बहुत प्रसिद्ध है और देखने लायक है
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}}
'''मनोहरथाना''' (Manoharthana) [[भारत]] के [[राजस्थान]] राज्य के [[झालावाड़ ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह इसी नाम की [[तहसील]] का मुख्यालय भी है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=0LU7DwAAQBAJ Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra]," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ Berlitz Pocket Guide Rajasthan]," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990</ref>
== विवरण ==
मनोहरथाना राजस्थान के दक्षिण पूर्व में स्थित झालावाड जिले का एक कस्बा है। यह [[राजस्थान]]-[[मध्यप्रदेश]] सीमा से कुछ ही दुरी पर स्थित है और कस्बे से मध्यप्रदेश सीमा करीब १२ किलोमीटर है। मनोहर थाना ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिती है, तहसील मनोहर थाना लगती है। यह ग्राम तीन और से नदियों से घिरा हुआ है। दो तरफ़ से इसे मध्य प्रदेश से आने वाली घोडापछाड नदी (यहाँ इसे कालीखाड नदी भी कहते हैं) घेरती है एवं एक और से [[परवन नदी]]। गांव के बाहर ही कालीखाड परवन नदी में मिलती है, जिसे संगम स्थल कहा जाता है।
गांव के चारों तरफ़ [[ मनोहरथाना किला| परकोटा]] है जिसे प्राचीन काल में राजा मनोहर भील नामक राजा ने बनवाया था। राजस्थान के इस दुसरे जल किले मे आज भी राजाओं के समय के खण्डर हुए कक्ष, स्नानागार आदि देखे जा सकते हैं।साथ ही यहां प्राचीन काली मााता का मंदिर भी किले मेे ही है। यहां पर रानी सती मंदिर दर्शनीय हैं जहां हर साल भाद्रपद कृष्णपक्ष की चतुर्दशी व अमावस्या को मेला लगता है। वहीं भील [[ राजा चक्रसेन भील]] का इतिहास इस क्षेत्र को गोरवान्वित करता है। कुछ वर्ष पहले तक आसपास घने वन भी हुआ करते थे लेकिन अब सब काटे जा चुके हैं। यह कस्बा आस पास के करीब ५० गाँवों के लिये व्यापार का केन्द्र है। कृषि उपज मंडी भी है जहाँ किसान अपनी फसल बेचने आते हैं।
== देखने योग्य स्थल ==
प्राचीन किला,राम टेक मन्दिर, नदी तट पर स्थित प्राचीन थानेश्वर महादेव मंदिर, कालीखाड बालाजी, थोडी ही दूरी पर स्थित टनटोकरी स्थित हनुमान मंदिर। इसके अलावा करीब २२ किलोमीटर दूर कामखेडा बालाजी का प्रसिद्ध मंदिर है जहाँ हर [[मंगलवार]] को मेला लगता है और दूर दूर से श्रृद्धालू आते है। यह [[अकलेरा]]-मनोहरथाना मार्ग पर स्थित है। करीब २० किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश सीमा पर बाघबाघेश्वर धाम है जहाँ [[शिव|शिवजी]] का मंदिर है। मनोहर थाना से 13 किलोमीटर दूर बिनांगज रोड से 1.5 km पर प्रसिद्ध देवनारायणज का मंदिर है जो बहुत ही लोकप्रिय और ऐतिहासिक है
मनोहरथाना से कुछ ही दुरी पर "दो खुपि महादेव मंदिर" हे जहाँ पर शिव मंदिर,हनुमान मंदिर स्थित हे।
== आसपास के प्रमुख कस्बे व शहर ==
* [[चाचोरनी]] (राजस्थान)
* [[कामखेड़ा]] (राजस्थान) २५ किलोमिटर
* [[अकलेरा]] (राजस्थान) ३७ किलोमीटर (तहसील मुख्यालय)
* [[चाचौड़ा]] (मध्यप्रदेश) २५ किलोमीटर
* [[गुना]] (मध्यप्रदेश) ८० किलोमीटर
* [[भोपाल]](मध्यप्रदेश) १७० किलोमीटर
* [[इन्दौर]] (मध्यप्रदेश) २२० किलोमीटर
* [[कोटा]] (राजस्थान) १८५ किलोमीटर
* [[झालावाड]] (राजस्थान)१०० किलोमीटर (जिला मुख्यालय)
== आवागमन ==
राजस्थान से आने के लिये: [[जयपुर]]-[[जबलपुर]] [[राष्ट्रीय राजमार्ग 12]] (NH १२) पर जयपुर से लगभग ३७० किलोमीटर दूर अकलेरा से मनोहर थाना के लिये अलग रास्ता निकलता है। कोटा एवं झालावाड से नियमित बस सेवा उपलब्ध है।
[[मध्यप्रदेश]] की तरफ़ से : [[आगरा]]-[[मुम्बई]] [[राष्ट्रीय राजमार्ग 3]] (NH 3) पर बीनागंज कस्बे से रास्ता निकलता है। बीनागंज के लिये इन्दौर, भोपाल एवं गुना से नियमित बसें उपलब्ध हैं। बीनागंज से प्राइवेट जीप व टेक्सी का सहारा लेना होता है। चाचौड़ा में रेलवे स्टेशन है, स्टेशन का नाम चाचौडा-बीनागंज (Station code CBK) है।
== ठहरने के स्थान ==
ठहरने के ज्यादा विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। सरकारी डाकबंगले के अलावा बस स्टेण्ड पर एक धर्मशाला है।
== व्यापार एवं वाणिज्य ==
कस्बा आसपास के कई गाँवों के लिये व्यापार का केन्द्र है। इलाके में मुख्य फ़सलें [[सोयाबीन]], [[सरसों]], [[धनिया]], [[चना]], [[मक्का]], [[गेहूँ]] आदि होती हैं जो मनोहरथान कृषि उपज मंडी में बिकने आती हैं। प्रत्येक [[रविवार]] को हाट बाजार लगता है। साल में एक बार [[शिवरात्रि|महाशिवरात्रि]] के अवसर पर मेला भी लगता है जो करीब एक महीना चलता है और विशेष आकर्षण का केन्द्र होता है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[झालावाड़ ज़िला]]
* [[मनोहरथाना किला]]
* [[भील]]
* [[राणा पूंजा]]
* [[राजा चक्रसेन भील]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राजस्थान के शहर]]
[[श्रेणी:झालावाड़ ज़िला]]
[[श्रेणी:झालावाड़ ज़िले के नगर]]
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इतिहास (हिन्दू धर्म)
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अनुनाद सिंह
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{{db-reason|1=व2: अर्थहीन लेख, जिसका विकल्प [[हिन्दू धर्म का इतिहास]] पहले से उपलब्ध।}}
सनातन परम्परा में [[वाल्मीकि]] कृत [[वाल्मीकि रामायण|रामायण]] तथा [[वेद व्यास]] द्वारा रचित [[महाभारत]] को '''इतिहास''' कहा जाता है।
==इन्हें भी देखें==
* [[श्रुति]]
* [[स्मृति]]
* [[संहिता]]
* [[ब्राह्मण-ग्रन्थ|ब्राह्मण]]
* [[आरण्यक]]
* [[उपनिषद]]
* [[पुराण]]
* [[आगम]]
* [[आख्यान]]
* [[गाथा]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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#पुनर्प्रेषित [[इतिहास (ग्रन्थ)]]
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राजा अमर सिंह
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{{Infobox royalty|name=अमर सिंह|title=पटियाला के राजा-ए-राजगण|image=Miniature painting of Raja Amar Singh of Patiala, ca.1830.jpg|caption={{circa|1830}} में अमर सिंह की लघु चित्रकला|succession=[[पटियाला के महाराजा]]|reign=1765–1781|coronation=1765|cor-type=राज्याभिषेक|predecessor=[[आला सिंह]]|successor=[[राजा साहिब सिंह|साहिब सिंह]]|birth_date={{Birth date|df=yes|1748|6|7}}|death_date=फ़रवरी 1781 (आयु 32 वर्ष)|issue=बीबी साहिब कौर और साहिब सिंह|father=सार्दुल सिंह|religion=[[सिख धर्म]]|dynasty=फुलकियान वंश}}
'''अमर सिंह''' (7 जून 1748 – फ़रवरी 1781) [[पटियाला राज्य|पटियाला]] के दूसरे शासक और [[राजा (शीर्षक)|राजा]]<nowiki/>-ए-राजगण (राजाओं का राजा) थे। वो अपने दादा [[आला सिंह]] के उत्तराधिकारी के रूप में सन् 1765 में [[पटियाला के महाराजा|पटियाला के राजा]] बने।<ref name=":5">{{Cite book|url=http://archive.org/details/ThePunjabPastAndPresent-Volume19Part1|title=The Punjab Past and Present|last=|publisher=पंजाबी विश्वविद्यालय|year=1985|editor-last=सिंह|editor-first=गांदा|series=भाग 1|volume=19|location=पटियाला|pages=30–32|language=en}}</ref> सन् 1767 में अफ़्गान [[दुर्रानी साम्राज्य]] के संस्थापक और राजा [[अहमद शाह अब्दाली]] ने उन्हें राजा-ए-राजगण की उपाधि दी जो अन्य सिख शासकों और नेताओं की उपाधियों की तुलना में एक श्रेष्ठ शाही उपाधि थी।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7iOsNUZ2MXgC|title=The Golden Book of India: A Genealogical and Biographical Dictionary of the Ruling Princes, Chiefs, Nobles, and Other Personages, Titled Or Decorated of the Indian Empire|last=Lethbridge|first=Sir Roper|publisher=Aakar Books|year=2005|isbn=978-81-87879-54-1|edition=|location=Delhi|page=412|language=en|access-date=26 July 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240727100307/https://www.google.co.in/books/edition/The_Golden_Book_of_India/7iOsNUZ2MXgC?hl=en|archive-date=27 जुलाई 2024|url-status=live}}</ref><ref name=":7">{{Cite book|title=Piety and Splendour: Sikh Heritage in Art|last=Goswamy|first=B. N.|publisher=National Museum|year=2000|location=Delhi|pages=156–157}}</ref>
अपने शासनकाल के दौरान, सिंह ने कई लड़ाइयों और संघर्षों के ज़रिये पटियाला को उत्तरी भारत में यमुना और सतलुज नदियों के बीच सबसे शक्तिशाली रियासत बना दिया। सिंह ने अपने दादा, आला सिंह की व्यावहारिक विदेश नीति को भी सफलतापूर्वक जारी रखा, जिसके तहत उन्होंने दल खालसा और दुर्रानी साम्राज्य दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाये रखे। प्रतिद्वंद्वी मिसलों ने पटियाला के इस महत्वाकांक्षी शासक को नियंत्रण में रखा।
== सन्दर्भ ==
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'''अमर सिंह''' (7 जून 1748 – फ़रवरी 1781) [[पटियाला राज्य|पटियाला]] के दूसरे शासक और [[राजा (शीर्षक)|राजा]]<nowiki/>-ए-राजगण (राजाओं का राजा) थे। वो अपने दादा [[आला सिंह]] के उत्तराधिकारी के रूप में सन् 1765 में [[पटियाला के महाराजा|पटियाला के राजा]] बने।<ref name=":5">{{Cite book|url=http://archive.org/details/ThePunjabPastAndPresent-Volume19Part1|title=The Punjab Past and Present|last=|publisher=पंजाबी विश्वविद्यालय|year=1985|editor-last=सिंह|editor-first=गांदा|series=भाग 1|volume=19|location=पटियाला|pages=30–32|language=en}}</ref> सन् 1767 में अफ़्गान [[दुर्रानी साम्राज्य]] के संस्थापक और राजा [[अहमद शाह अब्दाली]] ने उन्हें राजा-ए-राजगण की उपाधि दी जो अन्य सिख शासकों और नेताओं की उपाधियों की तुलना में एक श्रेष्ठ शाही उपाधि थी।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7iOsNUZ2MXgC|title=The Golden Book of India: A Genealogical and Biographical Dictionary of the Ruling Princes, Chiefs, Nobles, and Other Personages, Titled Or Decorated of the Indian Empire|last=Lethbridge|first=Sir Roper|publisher=Aakar Books|year=2005|isbn=978-81-87879-54-1|edition=|location=Delhi|page=412|language=en|access-date=26 July 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240727100307/https://www.google.co.in/books/edition/The_Golden_Book_of_India/7iOsNUZ2MXgC?hl=en|archive-date=27 जुलाई 2024|url-status=live}}</ref><ref name=":7">{{Cite book|title=Piety and Splendour: Sikh Heritage in Art|last=Goswamy|first=B. N.|publisher=National Museum|year=2000|location=Delhi|pages=156–157}}</ref>
अपने शासनकाल के दौरान, सिंह ने कई लड़ाइयों और संघर्षों के ज़रिये पटियाला को उत्तरी भारत में यमुना और सतलुज नदियों के बीच सबसे शक्तिशाली रियासत बना दिया। सिंह ने अपने दादा, आला सिंह की व्यावहारिक विदेश नीति को भी सफलतापूर्वक जारी रखा, जिसके तहत उन्होंने दल खालसा और दुर्रानी साम्राज्य दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाये रखे। प्रतिद्वंद्वी मिसलों ने पटियाला के इस महत्वाकांक्षी शासक को नियंत्रण में रखा।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}{{जीवनचरित-आधार}}
[[श्रेणी:1748 में जन्मे लोग]]
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[[श्रेणी:१७८१ में निधन]]
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{{मूल शोध|date=मई 2024}}
{{Infobox royalty
| name = मुघल दिल्ली सल्तनत
बादशहा-ए-हिंदुस्थान शहंशाह बहादुर शाह ज़फ़र
|title = </small>[[मुग़ल शासकों की सूची|मुग़ल बादशाह]]</small><br /></small>'''देह्ली का बादशाह्'''</small><br/></small>'''पादिशाह्'''</small><br></small>'''''शहंशाह-इ-हिन्दोस्तान'''''</small>
| caption = तस्वीर-इ-शहंशाह, 1850 सन
| image = [[चित्र:Bahadur Shah II of India.jpg|thumb|300px]]
| image_size = 250px
| reign = २८ सितंबर १८३७ – २१ सितंबर १८५७
| coronation = २९ सितंबर १८३७
| predecessor = [[अकबर शाह द्वितीय]]
| successor = पद अभ्यर्थी (आज़मत जहाँ, 1८५७ में)
| house = [[तैमूरी राजवंश|तिमुर]] [[मुग़ल साम्राज्य|मुग़ल]]
| father = [[अकबर शाह द्वितीय]]
| birth_date = २४ अक्टूबर १७७५
| birth_place = [[रंगून]], [[बर्मा में ब्रितानी शासन]], [[ब्रिटिश भारत]]
| death_date = ७ नवम्बर १८६२
| death_place = [[रंगून]], [[बर्मा में ब्रितानी शासन]],[[ब्रिटिश भारत]]
| burial_place = [[रंगून]], [[बर्मा में ब्रितानी शासन]], [[ब्रिटिश भारत]]
| signature = Ghulam Ali Khan 018b.jpg
| signature_type = [[Seal (emblem)|राज मुहर]]
| burial_date = ७ नवम्बर १८६२
| spouse = [[ज़ीनत महल]]
}}
<!-- अन्य जानकारी के लिए इसमें आप और जोड़ सकते हैं -->
'''बहादुर शाह ज़फ़र''' (1775-1862) [[भारत]] में [[मुग़ल साम्राज्य]] के आखिरी शहंशाह, और [[उर्दू]] के जानेे-माने शायर थे। उन्होंने [[1857 का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम]] में भारतीय सिपाहियों का नेतृत्व किया। युद्ध में हार के बाद अंग्रेजों ने उन्हें बर्मा (अब [[म्यांमार]]) भेज दिया जहाँ उनकी मृत्यु हुई ।
जब मेजर हडसन मुगल सम्राट को गिरफ्तार करने के लिए हुमायूं के मकबरे में पहुँचा, जहाँ पर बहादुर शाह ज़फर अपने दो बेटों के साथ छुपे हुए थे, तो उसने (मेजर हडसन) की स्वयं उर्दू का थोड़ा ज्ञान रखता था ,कहा -
''दम में दम नहीं है ख़ैर मांगो जान की..''
''ऐ ज़फर, ठंडी हुई अब तेग हिंदुस्तान की..''
इस पर ज़फ़र ने उत्तर दिया-
''हिन्दुयोँ (इंडियन) मेँ बू रहेगी जब तक ईमान की..''
''तख़्त-इ-लंदन तक चलेगी तेग़-इ-हिन्दोस्तान की.''<ref>{{cite web
| title = Discover Bahadur Shah Zafar's Timeless Poetry Pratha
| url = https://www.prathaculturalschool.com/post/bahadur-shah-zafar-poetry
| date = 2024-05-21
| archiveurl = https://archive.today/20240521060726/https://www.prathaculturalschool.com/post/bahadur-shah-zafar-poetry
| archivedate = 2024-05-21 }}</ref>
==जीवन परिचय==
इनका का जन्म 24 अक्तूबर, 1775 में हुआ था। उनके पिता अकबर शाह द्वितीय और माँ लालबाई थीं। अपने पिता की मृत्यु के बाद जफर को 28 सितंबर, 1837 में मुगल बादशाह बनाया गया। यह दीगर बात थी कि उस समय तक दिल्ली की सल्तनत बेहद कमजोर हो गई थी और मुगल बादशाह नाममात्र का सम्राट रह गया था।
भारत के प्रथम स्वतंत्रता सं
ग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जफर को भारी कीमत भी चुकानी पड़ी थी। उनके पुत्रों और प्रपौत्रों को ब्रिटिश अधिकारियों ने सरेआम गोलियों से भून डाला। यही नहीं, उन्हें बंदी बनाकर [[रंगून]] ले जाया गया, जहां उन्होंने सात नवंबर, १८६२ में एक बंदी के रूप में दम तोड़ा। उन्हें रंगून में श्वेडागोन पैगोडा के नजदीक दफनाया गया। उनके दफन स्थल को अब बहादुर शाह जफर दरगाह के नाम से जाना जाता है। आज भी कोई देशप्रेमी व्यक्ति जब तत्कालीन बर्मा (म्यंमार) की यात्रा करता है तो वह जफर की मजार पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देना नहीं भूलता। लोगों के दिल में उनके लिए कितना सम्मान था उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिंदुस्तान में जहां कई जगह सड़कों का नाम उनके नाम पर रखा गया है, वहीं पाकिस्तान के लाहौर शहर में भी उनके नाम पर एक सड़क का नाम रखा गया है। बांग्लादेश के ओल्ड ढाका शहर स्थित विक्टोरिया पार्क का नाम बदलकर बहादुर शाह जफर पार्क कर दिया गया है।
१८५७ में जब हिंदुस्तान की आजादी की चिंगारी भड़की तो सभी विद्रोही सैनिकों और राजा-महाराजाओं ने उन्हें हिंदुस्तान का सम्राट माना और उनके नेतृत्व में अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी। अंग्रेजों के खिलाफ भारतीय सैनिकों की बगावत को देख बहादुर शाह जफर का भी गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अंग्रेजों को हिंदुस्तान से खदेड़ने का आह्वान कर डाला। भारतीयों ने [[दिल्ली]] और देश के अन्य हिस्सों में अंग्रेजों को कड़ी शिकस्त दी।
शुरुआती परिणाम हिंदुस्तानी योद्धाओं के पक्ष में रहे, लेकिन बाद में अंग्रेजों के छल-कपट के चलते प्रथम स्वाधीनता संग्राम का रुख बदल गया और अंग्रेज बगावत को दबाने में कामयाब हो गए। बहादुर शाह जफर ने [[हुमायूँ का मकबरा|हुमायूं के मकबरे]] में शरण ली, लेकिन मेजर हडसन ने उन्हें उनके बेटे मिर्जा मुगल और खिजर सुल्तान व पोते अबू बकर के साथ पकड़ लिया।
अंग्रेजों ने जुल्म की सभी हदें पार कर दीं। जब बहादुर शाह जफर को भूख लगी तो अंग्रेज उनके सामने थाली में परोसकर उनके बेटों के सिर ले आए। उन्होंने अंग्रेजों को जवाब दिया कि हिंदुस्तान के बेटे देश के लिए सिर कुर्बान कर अपने बाप के पास इसी अंदाज में आया करते हैं। आजादी के लिए हुई बगावत को पूरी तरह खत्म करने के मकसद से अंग्रेजों ने अंतिम मुगल बादशाह को देश से निर्वासित कर [[रंगून]] भेज दिया।
== उर्दू के कवि ==
[[चित्र:Autograph of His Majesty Bahadur Shah of Delhi 29th April 1844 right side.png|thumb|फारसी में कविता, जो बहादुरशाह ने लिखा।.]]
बहादुर शाह जफर सिर्फ एक देशभक्त मुगल बादशाह ही नहीं बल्कि उर्दू के मशहूर कवि भी थे। उन्होंने बहुत सी मशहूर उर्दू कविताएँ लिखीं, जिनमें से काफी अंग्रेजों के खिलाफ बगावत के समय मची उथल-पुथल के दौरान खो गई या नष्ट हो गई। उनके द्वारा उर्दू में लिखी गई पंक्तियां भी काफी मशहूर हैं-
देश से बाहर [[यांगून|रंगून]] में भी उनकी उर्दू कविताओं का जलवा जारी रहा। वहां उन्हें हर वक्त हिंदुस्तान की फिक्र रही। उनकी अंतिम इच्छा थी कि वह अपने जीवन की अंतिम सांस हिंदुस्तान में ही लें और वहीं उन्हें दफनाया जाए लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
<poem>
लगता नहीं है जी मेरा उजड़े दयार में,
किस की बनी है आलम-ए-नापायदार में।
बुलबुल को बागबां से न सैयाद से गिला,
किस्मत में कैद लिखी थी फसल-ए-बहार में।
कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें,
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़दार में।
एक शाख गुल पे बैठ के बुलबुल है शादमान,
कांटे बिछा दिए हैं दिल-ए-लाल-ए-ज़ार में।
उम्र-ए-दराज़ माँग के लाये थे चार दिन,
दो आरज़ू में कट गये, दो इन्तेज़ार में।
दिन ज़िन्दगी खत्म हुए शाम हो गई,
फैला के पांव सोएंगे कुंज-ए-मज़ार में।
कितना है बदनसीब 'ज़फर' दफ्न के लिए,
दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में॥
</poem>
बहादुर शाह जफर जैसे कम ही शासक होते हैं जो अपने देश को महबूबा की तरह मोहब्बत करते हैं और कू-ए-यार (प्यार की गली) में जगह न मिल पाने की कसक के साथ परदेस में दम तोड़ देते हैं। यही बुनियादी फ़र्क़ था मूलभूत हिंदुस्तानी विचारधारा के साथ जो अपने देश को अपनी माँ मानते है।
बादशाह जफर ने जब रंगून में कारावास के दौरान अपनी आखिरी सांस ली तो शायद उनके लबों पर अपनी ही मशहूर गजल का यह शेर जरूर रहा होगा- "कितना है बदनसीब जफर दफ्न के लिए, दो गज जमीन भी न मिली कू-ए-यार में।"
भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर उर्दू के एक बड़े शायर के रूप में भी विख्यात हैं। उनकी शायरी भावुक कवि की बजाय देशभक्ति के जोश से भरी रहती थी और यही कारण था कि उन्होंने अंग्रेज शासकों को तख्ते-लंदन तक हिन्दुस्तान की शमशीर (तलवार) चलने की चेतावनी दी थी।
जनश्रुतियों के अनुसार प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद जब बादशाह जफर को गिरफ्तार किया गया तो उर्दू जानने वाले एक अंग्रेज सैन्य अधिकारी ने उन पर कटाक्ष करते हुए यह शेर कहा- '''"दम में दम नहीं, अब खैर मांगो जान की, ए जफर अब ठण्ड हो चुकी है, शमशीर (तलवार) हिन्दुस्तान की..'''!!" इस पर जफर ने करारा जवाब देते हुए कहा था-'''हिन्दोँ(इंडियन) मेँ बू रहे गी जब तक ईमान की.. तख़्त-इ-लंदन तक चलेगी तेग़-इ-हिन्दोस्तान की.'''.!!"
भारत में मुगलकाल के अंतिम बादशाह कहे जाने वाले जफर को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान दिल्ली का बादशाह बनाया गया था। बादशाह बनते ही उन्होंने जो चंद आदेश दिए, उनमें से एक था [[गोहत्या]] पर रोक लगाना। इस आदेश से पता चलता है कि वे हिन्दू-मुस्लिम एकता के कितने बड़े पक्षधर थे।
[[गोरखपुर विश्वविद्यालय]] में इतिहास के पूर्व प्राध्यापक डॉ॰ शैलनाथ चतुर्वेदी के अनुसार 1857 के समय बहादुर शाह जफर एक ऐसी बड़ी हस्ती थे, जिनका बादशाह के तौर पर ही नहीं एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति के रूप में भी सभी सम्मान करते थे। इसीलिए बेहद स्वाभाविक था कि मेरठ से विद्रोह कर जो सैनिक दिल्ली पहुंचे उन्होंने सबसे पहले बहादुर शाह जफर को अपना बादशाह बनाया।
चतुर्वेदी ने बातचीत में कहा कि जफर को बादशाह बनाना सांकेतिक रूप से ब्रिटिश शासकों को एक संदेश था। इसके तहत भारतीय सैनिक यह संदेश देना चाहते थे कि भारत के केन्द्र दिल्ली में विदेशी नहीं बल्कि भारतीय शासक की सत्ता चलेगी। बादशाह बनने के बाद बहादुर शाह जफर ने गोहत्या पर पाबंदी का जो आदेश दिया था वह कोई नया आदेश नहीं था। बल्कि अकबर ने अपने शासनकाल में इसी तरह का आदेश दे रखा था। जफर ने महज इस आदेश का पालन फिर से करवाना शुरू कर दिया था।
देशप्रेम के साथ-साथ जफर के व्यक्तित्व का एक अन्य पहलू शायरी थी। उन्होंने न केवल गालिब, दाग, मोमिन और जौक जैसे उर्दू के बड़े शायरों को तमाम तरह से प्रोत्साहन दिया, बल्कि वह स्वयं एक अच्छे शायर थे। साहित्यिक समीक्षकों के अनुसार जफर के समय में जहां मुगलकालीन सत्ता चरमरा रही थी वहीं उर्दू साहित्य खासकर उर्दू शायरी अपनी बुलंदियों पर थी। जफर की मौत के बाद उनकी शायरी "कुल्लियात ए जफर" के नाम से संकलित की गयी।
== मुग़ल सम्राटों का कालक्रम ==
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== गैलरी ==
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चित्र:The Emperor Bahadur Shah II Enthroned.jpg|बहादुर शाह द्वितीय का राज्यारोहण
चित्र:"Capture of the King of Delhi by Captain Hodson".jpg|कैप्टन हॉड्सन द्वारा बन्दी बनाये गये बहादुर शाह द्वितीय
</gallery>
[[भारतीय स्वतन्त्रता का प्रथम संग्राम]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.livehindustan.com/news/desh/national/39-39-77569.html जफर: देश को महबूबा मानने वाला अंतिम मुगल सम्राट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201101005756/https://www.livehindustan.com/news/desh/national/39-39-77569.html |date=1 नवंबर 2020 }}
* [https://web.archive.org/web/20090204050337/http://kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9_%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A4%B0 ज़फ़र की रचनाएँ, कविता कोश में]
[[श्रेणी:भारत का इतिहास]]
[[श्रेणी:मुग़ल साम्राज्य]]
[[श्रेणी:मुग़ल सम्राट]]
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{{Infobox royalty
| name = मुघल दिल्ली सल्तनत
शहंशाहा-ए-हिंदुस्थान बादशहा बहादुर शाह ज़फ़र बादशहा सलामत
|title = </small>[[मुग़ल शासकों की सूची|मुग़ल बादशाह]]</small><br /></small>'''देह्ली का बादशाह्'''</small><br/></small>'''पादिशाह्'''</small><br></small>'''''शहंशाह-इ-हिन्दोस्तान'''''</small>
| caption = तस्वीर-इ-शहंशाह, 1850 सन
| image = [[चित्र:Bahadur Shah II of India.jpg|thumb|300px]]
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| reign = २८ सितंबर १८३७ – २१ सितंबर १८५७
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| birth_date = २४ अक्टूबर १७७५
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| burial_date = ७ नवम्बर १८६२
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'''बहादुर शाह ज़फ़र''' (1775-1862) [[भारत]] में [[मुग़ल साम्राज्य]] के आखिरी शहंशाह, और [[उर्दू]] के जानेे-माने शायर थे। उन्होंने [[1857 का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम]] में भारतीय सिपाहियों का नेतृत्व किया। युद्ध में हार के बाद अंग्रेजों ने उन्हें बर्मा (अब [[म्यांमार]]) भेज दिया जहाँ उनकी मृत्यु हुई ।
जब मेजर हडसन मुगल सम्राट को गिरफ्तार करने के लिए हुमायूं के मकबरे में पहुँचा, जहाँ पर बहादुर शाह ज़फर अपने दो बेटों के साथ छुपे हुए थे, तो उसने (मेजर हडसन) की स्वयं उर्दू का थोड़ा ज्ञान रखता था ,कहा -
''दम में दम नहीं है ख़ैर मांगो जान की..''
''ऐ ज़फर, ठंडी हुई अब तेग हिंदुस्तान की..''
इस पर ज़फ़र ने उत्तर दिया-
''हिन्दुयोँ (इंडियन) मेँ बू रहेगी जब तक ईमान की..''
''तख़्त-इ-लंदन तक चलेगी तेग़-इ-हिन्दोस्तान की.''<ref>{{cite web
| title = Discover Bahadur Shah Zafar's Timeless Poetry Pratha
| url = https://www.prathaculturalschool.com/post/bahadur-shah-zafar-poetry
| date = 2024-05-21
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==जीवन परिचय==
इनका का जन्म 24 अक्तूबर, 1775 में हुआ था। उनके पिता अकबर शाह द्वितीय और माँ लालबाई थीं। अपने पिता की मृत्यु के बाद जफर को 28 सितंबर, 1837 में मुगल बादशाह बनाया गया। यह दीगर बात थी कि उस समय तक दिल्ली की सल्तनत बेहद कमजोर हो गई थी और मुगल बादशाह नाममात्र का सम्राट रह गया था।
भारत के प्रथम स्वतंत्रता सं
ग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जफर को भारी कीमत भी चुकानी पड़ी थी। उनके पुत्रों और प्रपौत्रों को ब्रिटिश अधिकारियों ने सरेआम गोलियों से भून डाला। यही नहीं, उन्हें बंदी बनाकर [[रंगून]] ले जाया गया, जहां उन्होंने सात नवंबर, १८६२ में एक बंदी के रूप में दम तोड़ा। उन्हें रंगून में श्वेडागोन पैगोडा के नजदीक दफनाया गया। उनके दफन स्थल को अब बहादुर शाह जफर दरगाह के नाम से जाना जाता है। आज भी कोई देशप्रेमी व्यक्ति जब तत्कालीन बर्मा (म्यंमार) की यात्रा करता है तो वह जफर की मजार पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देना नहीं भूलता। लोगों के दिल में उनके लिए कितना सम्मान था उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिंदुस्तान में जहां कई जगह सड़कों का नाम उनके नाम पर रखा गया है, वहीं पाकिस्तान के लाहौर शहर में भी उनके नाम पर एक सड़क का नाम रखा गया है। बांग्लादेश के ओल्ड ढाका शहर स्थित विक्टोरिया पार्क का नाम बदलकर बहादुर शाह जफर पार्क कर दिया गया है।
१८५७ में जब हिंदुस्तान की आजादी की चिंगारी भड़की तो सभी विद्रोही सैनिकों और राजा-महाराजाओं ने उन्हें हिंदुस्तान का सम्राट माना और उनके नेतृत्व में अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी। अंग्रेजों के खिलाफ भारतीय सैनिकों की बगावत को देख बहादुर शाह जफर का भी गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अंग्रेजों को हिंदुस्तान से खदेड़ने का आह्वान कर डाला। भारतीयों ने [[दिल्ली]] और देश के अन्य हिस्सों में अंग्रेजों को कड़ी शिकस्त दी।
शुरुआती परिणाम हिंदुस्तानी योद्धाओं के पक्ष में रहे, लेकिन बाद में अंग्रेजों के छल-कपट के चलते प्रथम स्वाधीनता संग्राम का रुख बदल गया और अंग्रेज बगावत को दबाने में कामयाब हो गए। बहादुर शाह जफर ने [[हुमायूँ का मकबरा|हुमायूं के मकबरे]] में शरण ली, लेकिन मेजर हडसन ने उन्हें उनके बेटे मिर्जा मुगल और खिजर सुल्तान व पोते अबू बकर के साथ पकड़ लिया।
अंग्रेजों ने जुल्म की सभी हदें पार कर दीं। जब बहादुर शाह जफर को भूख लगी तो अंग्रेज उनके सामने थाली में परोसकर उनके बेटों के सिर ले आए। उन्होंने अंग्रेजों को जवाब दिया कि हिंदुस्तान के बेटे देश के लिए सिर कुर्बान कर अपने बाप के पास इसी अंदाज में आया करते हैं। आजादी के लिए हुई बगावत को पूरी तरह खत्म करने के मकसद से अंग्रेजों ने अंतिम मुगल बादशाह को देश से निर्वासित कर [[रंगून]] भेज दिया।
== उर्दू के कवि ==
[[चित्र:Autograph of His Majesty Bahadur Shah of Delhi 29th April 1844 right side.png|thumb|फारसी में कविता, जो बहादुरशाह ने लिखा।.]]
बहादुर शाह जफर सिर्फ एक देशभक्त मुगल बादशाह ही नहीं बल्कि उर्दू के मशहूर कवि भी थे। उन्होंने बहुत सी मशहूर उर्दू कविताएँ लिखीं, जिनमें से काफी अंग्रेजों के खिलाफ बगावत के समय मची उथल-पुथल के दौरान खो गई या नष्ट हो गई। उनके द्वारा उर्दू में लिखी गई पंक्तियां भी काफी मशहूर हैं-
देश से बाहर [[यांगून|रंगून]] में भी उनकी उर्दू कविताओं का जलवा जारी रहा। वहां उन्हें हर वक्त हिंदुस्तान की फिक्र रही। उनकी अंतिम इच्छा थी कि वह अपने जीवन की अंतिम सांस हिंदुस्तान में ही लें और वहीं उन्हें दफनाया जाए लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
<poem>
लगता नहीं है जी मेरा उजड़े दयार में,
किस की बनी है आलम-ए-नापायदार में।
बुलबुल को बागबां से न सैयाद से गिला,
किस्मत में कैद लिखी थी फसल-ए-बहार में।
कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें,
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़दार में।
एक शाख गुल पे बैठ के बुलबुल है शादमान,
कांटे बिछा दिए हैं दिल-ए-लाल-ए-ज़ार में।
उम्र-ए-दराज़ माँग के लाये थे चार दिन,
दो आरज़ू में कट गये, दो इन्तेज़ार में।
दिन ज़िन्दगी खत्म हुए शाम हो गई,
फैला के पांव सोएंगे कुंज-ए-मज़ार में।
कितना है बदनसीब 'ज़फर' दफ्न के लिए,
दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में॥
</poem>
बहादुर शाह जफर जैसे कम ही शासक होते हैं जो अपने देश को महबूबा की तरह मोहब्बत करते हैं और कू-ए-यार (प्यार की गली) में जगह न मिल पाने की कसक के साथ परदेस में दम तोड़ देते हैं। यही बुनियादी फ़र्क़ था मूलभूत हिंदुस्तानी विचारधारा के साथ जो अपने देश को अपनी माँ मानते है।
बादशाह जफर ने जब रंगून में कारावास के दौरान अपनी आखिरी सांस ली तो शायद उनके लबों पर अपनी ही मशहूर गजल का यह शेर जरूर रहा होगा- "कितना है बदनसीब जफर दफ्न के लिए, दो गज जमीन भी न मिली कू-ए-यार में।"
भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर उर्दू के एक बड़े शायर के रूप में भी विख्यात हैं। उनकी शायरी भावुक कवि की बजाय देशभक्ति के जोश से भरी रहती थी और यही कारण था कि उन्होंने अंग्रेज शासकों को तख्ते-लंदन तक हिन्दुस्तान की शमशीर (तलवार) चलने की चेतावनी दी थी।
जनश्रुतियों के अनुसार प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद जब बादशाह जफर को गिरफ्तार किया गया तो उर्दू जानने वाले एक अंग्रेज सैन्य अधिकारी ने उन पर कटाक्ष करते हुए यह शेर कहा- '''"दम में दम नहीं, अब खैर मांगो जान की, ए जफर अब ठण्ड हो चुकी है, शमशीर (तलवार) हिन्दुस्तान की..'''!!" इस पर जफर ने करारा जवाब देते हुए कहा था-'''हिन्दोँ(इंडियन) मेँ बू रहे गी जब तक ईमान की.. तख़्त-इ-लंदन तक चलेगी तेग़-इ-हिन्दोस्तान की.'''.!!"
भारत में मुगलकाल के अंतिम बादशाह कहे जाने वाले जफर को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान दिल्ली का बादशाह बनाया गया था। बादशाह बनते ही उन्होंने जो चंद आदेश दिए, उनमें से एक था [[गोहत्या]] पर रोक लगाना। इस आदेश से पता चलता है कि वे हिन्दू-मुस्लिम एकता के कितने बड़े पक्षधर थे।
[[गोरखपुर विश्वविद्यालय]] में इतिहास के पूर्व प्राध्यापक डॉ॰ शैलनाथ चतुर्वेदी के अनुसार 1857 के समय बहादुर शाह जफर एक ऐसी बड़ी हस्ती थे, जिनका बादशाह के तौर पर ही नहीं एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति के रूप में भी सभी सम्मान करते थे। इसीलिए बेहद स्वाभाविक था कि मेरठ से विद्रोह कर जो सैनिक दिल्ली पहुंचे उन्होंने सबसे पहले बहादुर शाह जफर को अपना बादशाह बनाया।
चतुर्वेदी ने बातचीत में कहा कि जफर को बादशाह बनाना सांकेतिक रूप से ब्रिटिश शासकों को एक संदेश था। इसके तहत भारतीय सैनिक यह संदेश देना चाहते थे कि भारत के केन्द्र दिल्ली में विदेशी नहीं बल्कि भारतीय शासक की सत्ता चलेगी। बादशाह बनने के बाद बहादुर शाह जफर ने गोहत्या पर पाबंदी का जो आदेश दिया था वह कोई नया आदेश नहीं था। बल्कि अकबर ने अपने शासनकाल में इसी तरह का आदेश दे रखा था। जफर ने महज इस आदेश का पालन फिर से करवाना शुरू कर दिया था।
देशप्रेम के साथ-साथ जफर के व्यक्तित्व का एक अन्य पहलू शायरी थी। उन्होंने न केवल गालिब, दाग, मोमिन और जौक जैसे उर्दू के बड़े शायरों को तमाम तरह से प्रोत्साहन दिया, बल्कि वह स्वयं एक अच्छे शायर थे। साहित्यिक समीक्षकों के अनुसार जफर के समय में जहां मुगलकालीन सत्ता चरमरा रही थी वहीं उर्दू साहित्य खासकर उर्दू शायरी अपनी बुलंदियों पर थी। जफर की मौत के बाद उनकी शायरी "कुल्लियात ए जफर" के नाम से संकलित की गयी।
== मुग़ल सम्राटों का कालक्रम ==
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from:1748 till:1754 shift:(-2,35) color:MUG text:"[[अहमद शाह बहादुर]] 1748–1754"
from:1754 till:1759 shift:(-5,-40) color:MUG text:"[[अज़ीज़ुद्दीन]] 1754–1759"
from:1759 till:1760 shift:(-5,50) color:MUG text:"[[मुही-उल-मिल्लत]] 1759–1760"
from:1759 till:1806 shift:(-45,-55) color:MUG text:"[[अली गौहर]] 1759–1806"
from:1806 till:1837 shift:(-45,35) color:MUG text:"[[अकबर शाह द्वितीय|अकबर शाह II]] 1806–1837"
from:1837 till:1857 shift:(-30,-40) textcolor:ACTIVE color:MUG text:"बहादुर शाह II 1837–1857"
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== गैलरी ==
<gallery>
चित्र:The Emperor Bahadur Shah II Enthroned.jpg|बहादुर शाह द्वितीय का राज्यारोहण
चित्र:"Capture of the King of Delhi by Captain Hodson".jpg|कैप्टन हॉड्सन द्वारा बन्दी बनाये गये बहादुर शाह द्वितीय
</gallery>
[[भारतीय स्वतन्त्रता का प्रथम संग्राम]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.livehindustan.com/news/desh/national/39-39-77569.html जफर: देश को महबूबा मानने वाला अंतिम मुगल सम्राट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201101005756/https://www.livehindustan.com/news/desh/national/39-39-77569.html |date=1 नवंबर 2020 }}
* [https://web.archive.org/web/20090204050337/http://kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9_%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A4%B0 ज़फ़र की रचनाएँ, कविता कोश में]
[[श्रेणी:भारत का इतिहास]]
[[श्रेणी:मुग़ल साम्राज्य]]
[[श्रेणी:मुग़ल सम्राट]]
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जॉन बैलियोल
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{{Infobox royalty|name=जॉन बैलियोल|succession=स्कॉट राजा|image=John, King of Scotland (seal).png|caption=राजा जॉन की मोहर|reign=17 नवम्बर 1292 –<br/>10 जुलाई 1296|coronation=30 नवम्बर 1292|cor-type=राज्याभिषेक|predecessor=मार्गरेट (1290)|successor=[[रॉबर्ट द ब्रूस|रॉबर्ट प्रथम]] (1306)|spouse=इसाबेला दी वारेन|issue=[[एडवर्ड बालियोल]]|house=बैलियोल वंश|father=जॉन प्रथम दी बैलियोल|mother=गैलोवे की डेरवोर्गुइला|birth_date={{circa|1249}}|birth_place=|death_date=1314 (लगभग आयु 65 वर्ष)|death_place=शैतो दी हेलिकोर्ट, पिकार्डी, फ़्रांस|burial_place=संभवतः हेलिकोर्ट}}
'''जॉन (डी) बैलियोल''' (John (de) Balliol;'''<ref>[https://archive.org/stream/actisanddeidisi00henrgoog/actisanddeidisi00henrgoog_djvu.txt=false Hary, Blind. ''The Actes and Deidis of the Illustre and Vallyeant Campioun Schir William Wallace''.]</ref>''' {{circa|1249}} – 1314) सन् 1292 से 1296 तक स्कॉट राजा थे। उन्हें उपहासपूर्वक '''टूम टैबर्ड''' (Toom Tabard; अर्थात् 'खाली कोट') के नाम से जाना जाता था। उनके शुरुआती जीवन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। नॉर्वे की कुमारी मार्गरेट की मृत्यु के बाद स्कॉटलैण्ड [[अंतर्शासन काल]] (शासन सम्बंधी अव्यवस्था) से गुजरने लगा और इसी दौरान स्कॉटलैण्ड के राजसिंहासन के लिए कई दावेदारों ने अपनी-अपनी दावेदारी पेश की। इंग्लैण्ड के राजा एडवर्ड प्रथम के नेतृत्व में चुने हुए कुछ कुलीन व्यक्तियों के एक समूह ने इन्हीं दावेदारों में से बैलियोल को स्कॉटलैण्ड के नये राजा के रूप में चुना।
एडवर्ड ने इस प्रक्रिया पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके स्कॉटलैंड को अपने अधीन कर लिया और स्कॉटलैंड को इंग्लैंड का एक जागीरदार मानकर बैलियोल के निजी शासन को कमज़ोर कर दिया। स्कॉटिश रईसों के दबाव में आकर बैलियोल ने फ्रांस के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर किए, जिसे "ऑल्ड अलायंस" के नाम से जाना जाता है और एडवर्ड के प्रति अपनी निष्ठा त्याग दी।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:यूनाइटेड किंगडम के शासक]]
{{आधार}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Commons category-inline|John of Scotland|John Balliol}}
* [[ब्रिटिश राजतंत्र]] के आधिकारिक जालस्थल पर [https://www.royal.uk/john-balliol-r-1292-1296 जॉन बैलियोल]
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[[श्रेणी:१३१४ में निधन]]
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बाल साहित्य
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{{स्रोतहीन|date=अगस्त 2015}}
[[चित्र:Struwwelpeter.png|right|thumb|300px|बच्चों की एक पुस्तक का मुखपृष्ठ]]
'''बाल साहित्य''' छोटी उम्र के बच्चो को ध्यान में रख कर लिखा गया [[साहित्य]] होता है। पंद्रहवीं शताब्दी से बहुत सारा साहित्य विशेष रूप से बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया है, अक्सर नैतिक या धार्मिक संदेश के साथ। बच्चों के साहित्य को धार्मिक स्रोतों, जैसे प्यूरिटन परंपराओं, या [[चार्ल्स डार्विन]] और जॉन लॉक के प्रभावों के साथ अधिक दार्शनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोणों द्वारा आकार दिया गया है।<ref>{{Cite book|last=Lerer |first= Seth |url=https://archive.org/details/childrensliterat0000lere|title=Children's Literature: A Reader's History, from Aesop to Harry Potter |publisher=University of Chicago Press |date=15 June 2008|isbn=978-0-226-47300-0|location=Chicago|oclc=176980408|url-access=registration}}</ref> उन्नीसवीं सदी के अंत और बीसवीं सदी के आरंभ को "बाल साहित्य का स्वर्ण युग" कहा जाता है, क्योंकि उस समय बच्चों की कई क्लासिक पुस्तकें प्रकाशित हुई थीं।<ref>...remains the most translated Italian book and, after the Bible, the most widely read... by Francelia Butler, ''Children's Literature'', Yale University Press, 1972.</ref>
== परिचय ==
बाल-साहित्य लेखन की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। नारायण पंडित ने [[पञ्चतन्त्र|पंचतंत्र]] नामक पुस्तक में कहानियों में पशु-पक्षियों को माध्यम बनाकर बच्चों को शिक्षा प्रदान की। कहानियों को सुनना तो बच्चों की सबसे प्यारी आदत है। कहानियों के माध्यम से ही हम बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं। बचपन में हमारी दादी, नानी हमारी मां ही हमें कहानियां सुनाती थी। कहानियॉं सुनाते-सुनाते कभी तो वे हमें परियों के देश ले जाती थी तो कभी सत्य जैसी यथार्थवादी वाली बातें सिखा जाती थीं। साहस, बलिदान, त्याग और परिश्रम ऐसे गुण हैं जिनके आधार पर एक व्यक्ति आगे बढ़ता है और ये सब गुण हमें अपनी मां के हाथों ही प्राप्त होते हैं। बच्चे का अधिक से अधिक समय तो मां के साथ गुजरता है मां ही उसे साहित्य तथा शिक्षा संबंधी जानकारी देती है क्योंकि जो हाथ पालना में बच्चे को झुलाते हैं वे ही उसे सारी दुनिया की जानकारी देते हैं।
दरअसल, बाल साहित्य का उद्देश्य बाल पाठकों का मनोरंजन करना ही नहीं अपितु उन्हें आज के जीवन की सच्चाइयों से परिचित कराना है। आज के बालक कल के भारत के नागरिक है। वे जैसा पढ़ेगें उसी के अनुरुप उनका चरित्र निर्माण होगा। कहानियों के माध्यम से हम बच्चों को शिक्षा प्रदान करके उनका चरित्र निर्माण कर सकते हैं तभी तो ये बच्चे जीवन के संघर्षों से जूझ सकेंगे। इन बच्चों को बड़े होकर अंतरिक्ष की यात्राएं करनी हैं, चाँद पर जाना है और शायद दूसरे ग्रहों पर भी। बाल साहित्य के लेखक को बाल-मनोविज्ञान की पूरी जानकारी होनी चाहिए। तभी वह बाल मानस पटल पर उतर कर बच्चों के लिए कहानी, कविता या बाल उपन्यास लिख सकता है। बच्चों का मन मक्खन की तरह निर्मल होता है, कहानियों और कविताओं के माध्यम से हम उनके मन को वह शक्ति प्रदान कर सकते हैं जो उनके मन के भीतर जाकर संस्कार, समर्पण, सदभावना और भारतीय संस्कृति के तत्व बिठा सकते हैं।
श्री के. शंकर पिल्लई द्वारा बाल साहित्य के संदर्भ में “[[चिल्ड्रेन बुक ट्रस्ट]]” की स्थापना १९५७ में की गई थी। आज यह ट्रस्ट अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए उचित डिजाइनिंग व सामग्री उपलब्ध कराना है। इसमें 5-16 वर्ष तक के बच्चों के लिए बेहतर बाल साहित्य उपलब्ध है। जैसे:
'''पौराणिक कथाएँ''' : कृष्ण सुदामा, पंचतंत्र की कहानियॉं, पौराणिक कहानियॉं, प्रहलाद
'''ज्ञानवर्धक''' : उपयोगी आविष्कार, पर्वत की पुकार, रंगों की महिमा, विज्ञान के मनोरंजक खेल
'''रहस्य रोमांच''' : अनोखा उपहार, जासूसों का जासूस, ननिहाल में गुजरे दिन,पॉंच जासूस
'''उपन्यास/कहानियॉं''' : 24 कहानियॉं, इंसान का बेटा, गुड्डी, मास्टर साहब
'''महान व्यक्तित्व''' : महान व्यक्तित्व पार्ट एक से दस तक
'''वन्य जीवन''' : अम्मां का परिवार, कुछ भारतीय पक्षी, छोटा शेर बड़ा शेर,
'''पर्यावरण''' : अनोखे रिश्ते
'''क्या और कैसे''' : कम्पयूटर, घड़ी, टेलिफोन, रेलगाड़ी
चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट ने बच्चों के लिए असमिया, बंगाली, हिन्दी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलगू भाषाओं में सचित्र पुस्तकें प्रकाशित की हैं। इस ट्रस्ट के परिसर में ही डा0 राय मेमोरी चिल्ड्रन वाचनालय तथा पुस्तकालय की स्थापना की गई है। जो केवल 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए हैं। इसमें हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषा की 30,000 से अधिक पुस्तकें हैं। इसी क्रम में सन् 1991 में शंकर आर्ट अकादमी की स्थापना की गई है। जहॉं पर पुस्तक, चित्र, आर्ट तथा ग्राफिक के कार्यक्रम चलाए जाते हैं। शंकर इंटरनेशनल चित्रकला प्रतियोगिता भी पूरे देश में आयोजित की जाती है जिससे बच्चों में सृजनात्मक रुचि का विकास होता है।
पत्रिकाओं के स्तर पर अनेक भारतीय भाषाओ में चंपक, हिन्दी में बालहंस, बालभारती, नन्हें सम्राट, नंदन तथा युवाओं के लिए मुक्ता प्रकाशित की जाती है।
पंजाब केसरी, [[नवभारत टाइम्स]], हिन्दुस्तान समाचार पत्रों में भी ‘बालकों का कोना’ बच्चों के लिए प्रकाशित किया जाता है। जिसमें बाल प्रतिभा को विकसित करने का अवसर दिया जाता है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के दरियागंज स्थित एन.आई.ई. (N.I.E) सेन्टर में दिल्ली के स्कूली बच्चों की रचनाओं पर आधारित शिक्षा (एजूकेशन) का पृष्ठ संपादित होता है जो अत्यंत सूचनाप्रद तथा रंगबिरंगी आभा को लेकर प्रकाशित किया जाता है। जिसमें दिल्ली के सभी स्कूलों की गतिविधियॉं प्रकाशित की जाती है जो कि बाल साहित्य के क्षेत्र में एक अनूठा कदम है।
== हिन्दी में बाल साहित्य ==
{{मुख्य | हिन्दी बाल साहित्य}}
आधुनिक बालसाहित्य के प्रणेता के रूप में भारतेंदु हरिश्चंद्र, श्रीधर पाठक, हरिऔध, आदि ने उल्लेखनीय सृजन किया।
'''डॉ हरिकृष्ण देवसरे''' ने 300 से अधिक पुस्तकें लिखी, साहित्य के प्रतिष्ठित संस्थाओं से 25 से अधिक राष्ट्रीय एवं राजकीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। साहित्य अकादमी द्वारा बालसाहित्य के क्षेत्र में समग्र योगदान हेतु वर्ष 2011 के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
श्री [[जयप्रकाश भारती]] को हिन्दी में बालसाहित्य का युग प्रवर्तक माना जाता है। सोहनलाल द्विवेदी, [[रामधारी सिंह 'दिनकर'|रामधारी सिंह दिनकर]], डॉ. राष्ट्रबंधु, श्रीप्रसाद, [[द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी]], डॉ. नागेश पांडेय 'संजय', अंकुश्री इत्यादि हिंदी के चर्चित बाल साहित्य लेखक हैं।
[[अरविन्द गुप्ता]] का नाम हिन्दी बाल साहित्य में अग्रणी रहा है। बच्चों के लिए सस्ते और [[विज्ञान]] की समझ को पुख्ता करने वाले खिलौने बनाने का उन्हें जुनून रहा है। इन खिलौनों को बनाने की कई किताबें उन्होंने लिखी हैं। इन खिलौनों को बनाने और काम करने की विधियाँ उनकी साइट पर उपलब्ध हैं। हिन्दी में बच्चों के लिए और शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर लगभग चार सौ पुस्तकें पीडीएफ के रूप में [https://www.arvindguptatoys.com/ उनकी साइट] पर मौजूद हैं।
बाल साहित्य की आलोचना के क्षेत्र में निरंकार देव सेवक, प्रकाश मनु, नागेश पांडेय संजय और शकुंतला कालरा ने उल्लेखनीय कार्य किया है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{commons category}}
* [https://web.archive.org/web/20140101061618/http://rsaudr.org/show_adition.php?id=November%202013 '''मधुमती''' का बाल-साहित्य विशेषांक]
* [https://web.archive.org/web/20120723023006/http://www.srijangatha.com/Sanskar2_Nov2k7 भारतीय बालसाहित्य और विश्व-परिदृश्य] (डॉ॰ श्यामसिंह शशि)
* [http://books.google.co.in/books?id=TPqdrF04y78C&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false चुनी हुईं बाल कहानियाँ ; भाग - १] (गूगल पुस्तक ; लेखक - रोहिताश्व अष्ठाना)
* [http://books.google.co.in/books?id=Chsn6G3xHLoC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false मैत्रे का पुल] (गूगल पुस्तक ; लेखक - जयप्रकाश भारती)
* [https://web.archive.org/web/20100417115906/http://www.udanti.com/2009/07/blog-post_9267.html मार्गदर्शन के लिये तरसते बच्चे] (संजय द्विवेदी)
* [http://books.google.co.in/books?id=tgU5RJ0X7GAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false स्वातंत्रोत्तर बाल साहित्य] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कामना सिंह)
* [http://gadyakosh.org/gk/index.php?title=हिंदी_का_बाल-साहित्य_:_परंपरा,_प्रगति_और_प्रयोग_/_दिविक_रमेश हिंदी का बाल-साहित्य : परंपरा, प्रगति और प्रयोग] (गद्यकोश ; लेखक - दिविक रमेश)
•बाल साहित्य के प्रतिमान, नागेश पांडेय संजय, बुनियादी साहित्य प्रकाशन, लखनऊ 2009
•बाल साहित्य सृजन और समीक्षा,नागेश पांडेय संजय, विनायक पब्लिकेशन, इलाहाबाद
•बाल साहित्य का शंखनाद, नागेश पांडेय संजय, अनंत प्रकाशन, लखनऊ
•आधुनिक बाल कहानियां, नागेश पांडेय संजय,दर्पण प्रकाशन, 1995
{{Authority control}}
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:साहित्य]]
[[श्रेणी:बाल साहित्य]]
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wikitext
text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=अगस्त 2015}}
[[चित्र:Struwwelpeter.png|right|thumb|300px|बच्चों की एक पुस्तक का मुखपृष्ठ]]
'''बाल साहित्य''' छोटी उम्र के बच्चो को ध्यान में रख कर लिखा गया [[साहित्य]] होता है। पंद्रहवीं शताब्दी से बहुत सारा साहित्य विशेष रूप से बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया है, अक्सर नैतिक या धार्मिक संदेश के साथ। बच्चों के साहित्य को धार्मिक स्रोतों, जैसे प्यूरिटन परंपराओं, या [[चार्ल्स डार्विन]] और जॉन लॉक के प्रभावों के साथ अधिक दार्शनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोणों द्वारा आकार दिया गया है।<ref>{{Cite book|last=Lerer |first= Seth |url=https://archive.org/details/childrensliterat0000lere|title=Children's Literature: A Reader's History, from Aesop to Harry Potter |publisher=University of Chicago Press |date=15 June 2008|isbn=978-0-226-47300-0|location=Chicago|oclc=176980408|url-access=registration}}</ref> उन्नीसवीं सदी के अंत और बीसवीं सदी के आरंभ को "बाल साहित्य का स्वर्ण युग" कहा जाता है, क्योंकि उस समय बच्चों की कई क्लासिक पुस्तकें प्रकाशित हुई थीं।<ref>...remains the most translated Italian book and, after the Bible, the most widely read... by Francelia Butler, ''Children's Literature'', Yale University Press, 1972.</ref>
== परिचय ==
बाल-साहित्य लेखन की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। नारायण पंडित ने [[पञ्चतन्त्र|पंचतंत्र]] नामक पुस्तक में कहानियों में पशु-पक्षियों को माध्यम बनाकर बच्चों को शिक्षा प्रदान की। कहानियों को सुनना तो बच्चों की सबसे प्यारी आदत है। कहानियों के माध्यम से ही हम बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं। बचपन में हमारी दादी, नानी हमारी मां ही हमें कहानियां सुनाती थी। कहानियॉं सुनाते-सुनाते कभी तो वे हमें परियों के देश ले जाती थी तो कभी सत्य जैसी यथार्थवादी वाली बातें सिखा जाती थीं। साहस, बलिदान, त्याग और परिश्रम ऐसे गुण हैं जिनके आधार पर एक व्यक्ति आगे बढ़ता है और ये सब गुण हमें अपनी मां के हाथों ही प्राप्त होते हैं। बच्चे का अधिक से अधिक समय तो मां के साथ गुजरता है मां ही उसे साहित्य तथा शिक्षा संबंधी जानकारी देती है क्योंकि जो हाथ पालना में बच्चे को झुलाते हैं वे ही उसे सारी दुनिया की जानकारी देते हैं।
दरअसल, बाल साहित्य का उद्देश्य बाल पाठकों का मनोरंजन करना ही नहीं अपितु उन्हें आज के जीवन की सच्चाइयों से परिचित कराना है। आज के बालक कल के भारत के नागरिक है। वे जैसा पढ़ेगें उसी के अनुरुप उनका चरित्र निर्माण होगा। कहानियों के माध्यम से हम बच्चों को शिक्षा प्रदान करके उनका चरित्र निर्माण कर सकते हैं तभी तो ये बच्चे जीवन के संघर्षों से जूझ सकेंगे। इन बच्चों को बड़े होकर अंतरिक्ष की यात्राएं करनी हैं, चाँद पर जाना है और शायद दूसरे ग्रहों पर भी। बाल साहित्य के लेखक को बाल-मनोविज्ञान की पूरी जानकारी होनी चाहिए। तभी वह बाल मानस पटल पर उतर कर बच्चों के लिए कहानी, कविता या बाल उपन्यास लिख सकता है। बच्चों का मन मक्खन की तरह निर्मल होता है, कहानियों और कविताओं के माध्यम से हम उनके मन को वह शक्ति प्रदान कर सकते हैं जो उनके मन के भीतर जाकर संस्कार, समर्पण, सदभावना और भारतीय संस्कृति के तत्व बिठा सकते हैं।
श्री के. शंकर पिल्लई द्वारा बाल साहित्य के संदर्भ में “[[चिल्ड्रेन बुक ट्रस्ट]]” की स्थापना १९५७ में की गई थी। आज यह ट्रस्ट अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए उचित डिजाइनिंग व सामग्री उपलब्ध कराना है। इसमें 5-16 वर्ष तक के बच्चों के लिए बेहतर बाल साहित्य उपलब्ध है। जैसे:
'''पौराणिक कथाएँ''' : कृष्ण सुदामा, पंचतंत्र की कहानियॉं, पौराणिक कहानियॉं, प्रहलाद
'''ज्ञानवर्धक''' : उपयोगी आविष्कार, पर्वत की पुकार, रंगों की महिमा, विज्ञान के मनोरंजक खेल
'''रहस्य रोमांच''' : अनोखा उपहार, जासूसों का जासूस, ननिहाल में गुजरे दिन,पॉंच जासूस
'''उपन्यास/कहानियॉं''' : 24 कहानियॉं, इंसान का बेटा, गुड्डी, मास्टर साहब
'''महान व्यक्तित्व''' : महान व्यक्तित्व पार्ट एक से दस तक
'''वन्य जीवन''' : अम्मां का परिवार, कुछ भारतीय पक्षी, छोटा शेर बड़ा शेर,
'''पर्यावरण''' : अनोखे रिश्ते
'''क्या और कैसे''' : कम्पयूटर, घड़ी, टेलिफोन, रेलगाड़ी
चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट ने बच्चों के लिए असमिया, बंगाली, हिन्दी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलगू भाषाओं में सचित्र पुस्तकें प्रकाशित की हैं। इस ट्रस्ट के परिसर में ही डा0 राय मेमोरी चिल्ड्रन वाचनालय तथा पुस्तकालय की स्थापना की गई है। जो केवल 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए हैं। इसमें हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषा की 30,000 से अधिक पुस्तकें हैं। इसी क्रम में सन् 1991 में शंकर आर्ट अकादमी की स्थापना की गई है। जहॉं पर पुस्तक, चित्र, आर्ट तथा ग्राफिक के कार्यक्रम चलाए जाते हैं। शंकर इंटरनेशनल चित्रकला प्रतियोगिता भी पूरे देश में आयोजित की जाती है जिससे बच्चों में सृजनात्मक रुचि का विकास होता है।
पत्रिकाओं के स्तर पर अनेक भारतीय भाषाओ में चंपक, हिन्दी में बालहंस, बालभारती, नन्हें सम्राट, नंदन तथा युवाओं के लिए मुक्ता प्रकाशित की जाती है।
पंजाब केसरी, [[नवभारत टाइम्स]], हिन्दुस्तान समाचार पत्रों में भी ‘बालकों का कोना’ बच्चों के लिए प्रकाशित किया जाता है। जिसमें बाल प्रतिभा को विकसित करने का अवसर दिया जाता है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के दरियागंज स्थित एन.आई.ई. (N.I.E) सेन्टर में दिल्ली के स्कूली बच्चों की रचनाओं पर आधारित शिक्षा (एजूकेशन) का पृष्ठ संपादित होता है जो अत्यंत सूचनाप्रद तथा रंगबिरंगी आभा को लेकर प्रकाशित किया जाता है। जिसमें दिल्ली के सभी स्कूलों की गतिविधियॉं प्रकाशित की जाती है जो कि बाल साहित्य के क्षेत्र में एक अनूठा कदम है।
== हिन्दी में बाल साहित्य ==
{{मुख्य | हिन्दी बाल साहित्य}}
आधुनिक बालसाहित्य के प्रणेता के रूप में भारतेंदु हरिश्चंद्र, श्रीधर पाठक, हरिऔध, आदि ने उल्लेखनीय सृजन किया।
श्री [[जयप्रकाश भारती]] को हिन्दी में बालसाहित्य का युग प्रवर्तक माना जाता है। सोहनलाल द्विवेदी, [[रामधारी सिंह 'दिनकर'|रामधारी सिंह दिनकर]], डॉ. राष्ट्रबंधु, श्रीप्रसाद, [[द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी]], हरिकृष्ण देवसरे, डॉ. नागेश पांडेय 'संजय', अंकुश्री इत्यादि हिंदी के चर्चित बाल साहित्य लेखक हैं।
[[अरविन्द गुप्ता]] का नाम हिन्दी बाल साहित्य में अग्रणी रहा है। बच्चों के लिए सस्ते और [[विज्ञान]] की समझ को पुख्ता करने वाले खिलौने बनाने का उन्हें जुनून रहा है। इन खिलौनों को बनाने की कई किताबें उन्होंने लिखी हैं। इन खिलौनों को बनाने और काम करने की विधियाँ उनकी साइट पर उपलब्ध हैं। हिन्दी में बच्चों के लिए और शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर लगभग चार सौ पुस्तकें पीडीएफ के रूप में [https://www.arvindguptatoys.com/ उनकी साइट] पर मौजूद हैं।
बाल साहित्य की आलोचना के क्षेत्र में निरंकार देव सेवक, प्रकाश मनु, नागेश पांडेय संजय और शकुंतला कालरा ने उल्लेखनीय कार्य किया है।
वर्तमान में डॉ नागेश पांडेय संजय बाल साहित्य के प्रखर आलोचक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने बाल साहित्य के प्रतिमान, बालसहित्य सृजन और समीक्षा, बाल साहित्य का शंखनाद, समकालीन बाल साहित्य की दिशा (संपादित), हिंदी बाल साहित्य के प्रकाश स्तंभ जैसे प्रामाणिक ग्रंथों के माध्यम से बाल साहित्य आलोचना को समृद्ध किया है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{commons category}}
* [https://web.archive.org/web/20140101061618/http://rsaudr.org/show_adition.php?id=November%202013 '''मधुमती''' का बाल-साहित्य विशेषांक]
* [https://web.archive.org/web/20120723023006/http://www.srijangatha.com/Sanskar2_Nov2k7 भारतीय बालसाहित्य और विश्व-परिदृश्य] (डॉ॰ श्यामसिंह शशि)
* [http://books.google.co.in/books?id=TPqdrF04y78C&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false चुनी हुईं बाल कहानियाँ ; भाग - १] (गूगल पुस्तक ; लेखक - रोहिताश्व अष्ठाना)
* [http://books.google.co.in/books?id=Chsn6G3xHLoC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false मैत्रे का पुल] (गूगल पुस्तक ; लेखक - जयप्रकाश भारती)
* [https://web.archive.org/web/20100417115906/http://www.udanti.com/2009/07/blog-post_9267.html मार्गदर्शन के लिये तरसते बच्चे] (संजय द्विवेदी)
* [http://books.google.co.in/books?id=tgU5RJ0X7GAC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false स्वातंत्रोत्तर बाल साहित्य] (गूगल पुस्तक ; लेखक - कामना सिंह)
* [http://gadyakosh.org/gk/index.php?title=हिंदी_का_बाल-साहित्य_:_परंपरा,_प्रगति_और_प्रयोग_/_दिविक_रमेश हिंदी का बाल-साहित्य : परंपरा, प्रगति और प्रयोग] (गद्यकोश ; लेखक - दिविक रमेश)
•बाल साहित्य के प्रतिमान, नागेश पांडेय संजय, बुनियादी साहित्य प्रकाशन, लखनऊ 2009
•बाल साहित्य सृजन और समीक्षा,नागेश पांडेय संजय, विनायक पब्लिकेशन, इलाहाबाद
•बाल साहित्य का शंखनाद, नागेश पांडेय संजय, अनंत प्रकाशन, लखनऊ
•आधुनिक बाल कहानियां, नागेश पांडेय संजय,दर्पण प्रकाशन, 1995
{{Authority control}}
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:साहित्य]]
[[श्रेणी:बाल साहित्य]]
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मर्लिन मुनरो
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| image =
| image_upright = 1.1
| caption = 1952 में मर्लिन मुनरो
| alt = 1952 में मर्लिन मुनरो
| birth_name = नोर्मा जीने मोर्तेंसन
| birth_date = {{Birth date|mf=yes|1926|6|1}}
| birth_place = [[लॉस एंजेलिस]], [[कैलिफ़ोर्निया]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| death_date = {{Death date and age|mf=yes|1962|8|5|1926|6|1}}
| death_place = लॉस एंजेलिस, कैलिफ़ोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका
| death_cause = अधिक मात्रा में बार्बिचुरेट का सेवन
| restingplace = वेस्टवुड विलेज मेमोरियल पार्क कब्रिस्तान
| other_names = नोर्मा जीने बकेर
| occupation = {{hlist |अभिनेत्री|मॉडल|गायक}}
| years_active = 1945–62
| spouse = {{unbulleted list | {{marriage|जेम्स डोघेर्टी<br>|1942|1946|end=div}} | {{marriage|[[जौ डिमाज्जियो]]<br>|1954|1955|end=div}} | {{marriage|[[आर्थर मिलर]]<br>|1956|1961|end=div}}}}
| signature = Marilyn Monroe Signature.svg
| website = {{url|marilynmonroe.com}}
}}
'''मर्लिन मुनरो''' ([[१ जून]], [[१९२६]]-[[५ अगस्त]], [[१९६२]]) [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमरीका]] के [[हॉलीवुड]] फिल्म जगत की एक सुप्रसिद्ध [[अभिनेत्री]] थीं।<ref>{{cite web|url=https://hindi.thequint.com/entertainment/marilyn-monroe-rare-pictures-you-must-see|title=मर्लिन मुनरो की ये क्लासिक तस्वीरें कभी देखी हैं आपने?|access-date=30 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180730080631/https://hindi.thequint.com/entertainment/marilyn-monroe-rare-pictures-you-must-see|archive-date=30 जुलाई 2018|url-status=dead}}</ref> उन्हें हॉलीवुड की [[मधुबाला]] भी कहा जाता है।
वो लास एंजलौस मे जन्मी एवं पली-बढ़ीं।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/international/2016/06/160608_vert_cul_secret_diary_of_marilyn_monroe_tk|title=मुनरो की ज़िंदगी का वो राज़...|access-date=30 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180730114817/https://www.bbc.com/hindi/international/2016/06/160608_vert_cul_secret_diary_of_marilyn_monroe_tk|archive-date=30 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
* [[मेम्फिस मुनरो]]
* [[सलमा हायेक]]
* [[डेमी मूर]]
* [[गैल गैडट]]
* [[शेरोन स्टोन]]
* [[जॉन एफ॰ केनेडी]]
==सन्दर्भ==
{{reflist}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{IMDb name|0000054}}
{{Commons|Category:Marilyn Monroe|मर्लिन मुनरो}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:1926 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:अमेरिकी अभिनेत्री]]
[[श्रेणी:जॉन एफ॰ केनेडी की प्रेमिका]]
[[श्रेणी:१९६२ में निधन]]
{{जीवनचरित-आधार}}
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हिन्दुस्तान टाईम्स
0
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2026-04-22T20:32:53Z
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लेख का विस्तार; संदर्भ सुधारे गए; भाषा एवं संरचना में सुधार
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wikitext
text/x-wiki
{{Short description|भारत का अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र}}
{{Use dmy dates|date=April 2026}}
{{Infobox newspaper
| name = Hindustan Times
| logo = [[File:Hindustan Times logo.svg|200px]]
| type = दैनिक समाचार पत्र
| format = ब्रॉडशीट
| foundation = 1924
| owners = HT Media Ltd.
| publisher = HT Media Ltd.
| editor = Sukumar Ranganathan
| language = अंग्रेज़ी
| headquarters = [[नई दिल्ली]], भारत
| sister newspapers = [[हिंदुस्तान (हिंदी दैनिक)|हिंदुस्तान]]
| website = {{URL|https://www.hindustantimes.com}}
}}
[[चित्र:Hindustan Times House New Delhi.jpg|thumb|220px|नई दिल्ली स्थित हिन्दुस्तान टाइम्स हाउस]]
'''हिन्दुस्तान टाइम्स''' ({{lang-en|Hindustan Times}}) भारत का एक अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। इसकी स्थापना 1924 में की गई थी और यह [[एचटी मीडिया लिमिटेड]] द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह भारत के प्रमुख अंग्रेज़ी समाचार पत्रों में से एक है।<ref>{{Cite web |title=About Hindustan Times |url=https://www.hindustantimes.com/about-us |website=Hindustan Times}}</ref>
== इतिहास ==
हिन्दुस्तान टाइम्स की स्थापना 1924 में [[सुन्दर सिंह लायलपुरी]] द्वारा की गई थी। यह समाचार पत्र स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी सक्रिय रहा और समय के साथ भारत के प्रमुख मीडिया संस्थानों में शामिल हो गया।<ref>{{Cite web |title=HT Media Profile |url=https://www.htmedia.in |website=HT Media}}</ref>
== सामग्री ==
यह समाचार पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार, राजनीति, व्यापार, खेल, मनोरंजन और जीवनशैली से संबंधित विषयों पर समाचार और विश्लेषण प्रकाशित करता है।
== प्रसार ==
हिन्दुस्तान टाइम्स भारत के विभिन्न प्रमुख शहरों जैसे [[नई दिल्ली]], [[मुंबई]], [[लखनऊ]], [[पटना]] और [[कोलकाता]] से प्रकाशित होता है।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[द टाइम्स ऑफ इंडिया]]
* [[द इंडियन एक्सप्रेस]]
[[Category:भारत के अंग्रेज़ी समाचार पत्र]]
[[Category:1924 में स्थापित प्रकाशन]]
[[Category:नई दिल्ली की कंपनियाँ]]
[[Category:HT मीडिया]]
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एकेई बोले शूटिंग
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text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=अप्रैल 2026}}
{{Short description|सत्यजित राय की एक कृति}}
'''यह लेख [[सत्यजित राय]] द्वारा लिखित एक पुस्तक से संबंधित है।'''
[[सत्यजित राय]] भारतीय फिल्म निर्देशक, लेखक और चित्रकार थे, जिन्होंने साहित्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कई प्रसिद्ध कहानियाँ, उपन्यास और बाल साहित्य की रचनाएँ कीं।
== कृतियाँ ==
{{सत्यजित राय की कृतियाँ}}
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:सत्यजित राय की कृतियाँ]]
[[श्रेणी:भारतीय साहित्य]]
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यादव
0
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2026-04-23T11:08:01Z
Siya4vm
906618
/* महाकाव्यों और पुराणों में */
6543358
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text/x-wiki
{{Multiple issues|
{{विवादित|date=जुलाई 2025}}
{{दृष्टिकोण|date=जुलाई 2025}}
{{मूल शोध|date=जुलाई 2025}}
}}{{Infobox caste
| caption =
| caste_name =यादव
| subdivisions = [[यदुवंशी]] ,[[ग्वालवंशी]] और [[नंदवंशी]]
| populated_states = [[भारत]] और [[नेपाल]]
| religions = [[हिन्दू]] में ([[वैष्णव]] या [[भागवत]] सम्प्रदाय के अनुयायी)<ref>{{cite book|first=Shyam Singh |last=Shashi |title=Encyclopaedia of Indian Tribes: The tribal world in transition |url=https://books.google.com/books?id=duIjAQAAIAAJ |year=1994 |publisher=Anmol Publications, 1994 |isbn=9788170418368 |page=76 |quote=The Yadavas of the Mahabharata period were known to be the followers of Vaisnavism, of which Krsna was the leader: they were gopas (cowherd) by profession, but at the same time they held the status of the Ksatriyas, participating in the battle of Kurukshetra. The present Ahirs are also followers of Vaisnavism.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=n8rTDwAAQBAJ&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=History of Ancient India Revisited, A Vedic-Puranic View.|last=Chopra|first=Omesh K.|date=2020-03-02|publisher=BlueRose Publishers|pages=252|language=en|quote=Sanskrit scholars such as Panini and Chanakya say that Abhiras follow the Bhagavata sect of Hindu religion.}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Bhagavata|title=Bhagavata {{!}} Vaishnavism, Puranas, Devotion {{!}} Britannica|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2025-02-13}}</ref>
|varna=[[वैदिक]] [[चंद्रवंशी]]<nowiki> [[क्षत्रिय]]</nowiki>|image=[[File:Krishna as Envoy.jpg|thumb| दुर्योधन की सभा में भगवान कृष्ण और यादव योद्धा ]]}}
'''यादव''' [[भारत]] और [[नेपाल]] का पारंपरिक रूप से योद्धा-पशुपालक समुदाय है। जाफरलॉट कहते हैं कि अधिकांश आधुनिक यादव [[किसान]] हैं, जो मुख्य रूप से भूमि जोतने में लगे हैं, तथा एक तिहाई से भी कम जनसंख्या मवेशी पालने या दूध के व्यवसाय में लगी हुई है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=OAkW94DtUMAC&redir_esc=y|title=India's Silent Revolution: The Rise of the Lower Castes in North India|last=Jaffrelot|first=Christophe|date=2003|publisher=Hurst & Company|isbn=978-1-85065-670-8|pages=188|language=en}}</ref>
यादव/अहीर समुदाय [[भारत]] में अकेला सबसे बड़ा समुदाय है। वे किसी विशेष क्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि देश के लगभग सभी हिस्सों में निवास करते हैं। हालाँकि, [[हरियाणा]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] में उनका प्रभुत्व है। राजस्थान, [[मध्य प्रदेश]], [[छत्तीसगढ़]], [[उड़ीसा]], [[बंगाल]], [[महाराष्ट्र]], [[गुजरात]], [[आंध्र प्रदेश]], [[तमिलनाडु]] और [[कर्नाटक]] जैसे अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में यादव हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p69GMA226bgC&newbks=0&hl=en|title=Followers of Krishna: Yadavas of India|last=Yadava|first=S. D. S.|date=2006|publisher=Lancer Publishers|isbn=978-81-7062-216-1|language=en}}</ref>
यादव समुदाय को [[बिहार]], [[छत्तीसगढ़]], [[दिल्ली]], [[हरियाणा]], [[झारखण्ड|झारखंड]], [[कर्नाटक]], [[मध्य प्रदेश]], [[ओडिशा]], [[राजस्थान]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[पश्चिम बंगाल]]। राज्यों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] (ओबीसी) के रूप में सरकारी [[नौकरी|नौकरियों]] और [[शैक्षणिक विषयों की सूची|शैक्षणिक]] संस्थानों में [[प्रतिनिधित्व]] दिया जाता है।
== उत्पत्ति और इतिहास ==
===ऋग्वेद में===
यादव शब्द की व्याख्या "यदु के वंशज" के रूप में की गई है। यदु [[ऋग्वेद]] में वर्णित पाँच प्रारंभिक इंडो-आर्यन जनजातियों (पंचजन, पंचकृष्ट्य या पंचमनुष्य) में से एक है।<ref>{{cite book |last=Singh |first=Upinder |author-link=Upinder Singh |title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century |url=https://books.google.com/books?id=GW5Gx0HSXKUC&pg=PA187 |year=2008 |publisher=Pearson Education |location=Delhi |isbn=978-81-317-1120-0 |page=187}}</ref><ref>{{Cite book|last=Jamison|first=Stephanie|title=The Rigveda: The Earliest Religious Poetry of India|last2=Brereton|first2=Joel|publisher=Oxford University Press|year=2014|isbn=9780199370184|pages=54}}</ref><ref name=":0">{{Cite journal|last=Witzel|first=Michael|date=1999|title=Substrate Languages in Old Indo-Aryan: (Ṛgvedic, Middle and Late Vedic).|url=https://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.411.6137&rep=rep1&type=pdf|journal=Electronic Journal of Vedic Studies|volume=5|pages=3, 33}}</ref> यदुओं का तुर्वसु जनजाति के साथ एक आदिवासी संघ था, और उन्हें अक्सर एक साथ वर्णित किया गया था।<ref>{{Cite journal|last=Witzel|first=Michael|date=2001|title=Autochthonous Aryans?: The Evidence from Old Indian and Iranian Texts.|url=http://www.people.fas.harvard.edu/~witzel/EJVS-7-3.pdf|journal=Electronic Journal of Vedic Studies|volume=7|pages=7}}</ref><ref name=":1">{{Cite book|last=Erdosy|first=George|title=Language, Material Culture and Ethnicity. The Indo-Aryans of Ancient South Asia: Rgvedic history: poets, chieftains and politics|last2=Witzel|first2=Michael|publisher=De Gruyter|year=1995|isbn=|location=|pages=204}}</ref> यदु आंशिक रूप से [[इंडो-आर्यन और भारत में जाति व्यवस्था: ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टिकोण"|इंडो-आर्यन-संस्कृति]] से प्रभावित सिंधु जनजाति थे। पुरु और भरत जनजातियों के आगमन के समय तक, यदु-तुर्वसु [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] में बस गए थे, यदु संभवतः [[यमुना नदी]] के किनारे रहते थे।{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=262}}
[[ऋग्वेद]] के मंडल 4 और 5 में यदुवों (यादवों ) एवं तुर्वसों को विदेशी जाति बताते हुए उन्हें [[इन्द्र]] द्वारा समुद्र-मार्ग से भारत में ले आने एवं बसाने का उल्लेख मिलता है। मंडल 5, 6, और 8 में यदु-तुर्वशों के साथ अपेक्षाकृत सकारात्मक व्यवहार किया गया है, और उन्हें पुरु-भरत का यदा-कदा सहयोगी और शत्रु बताया गया है। [[दशराज्ञ युद्ध|दस राजाओं]] की लड़ाई में, यदुओं को भरत सरदार [[सुदास (ऋग्वेद)|सुदास]] ने हराया था।{{Sfn|Jamison|Brereton|2014|p=605, 695}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=222, 262}}{{Sfn|Jamison|Brereton|2014|p=829}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=237}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=235}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=239}}
[[ऋग्वेद]] X.62.10 में, यदुओं और तुर्वशों को [[दस्यु|दास-दस्यु]] और [[बर्बर]] ([[म्लेच्छ]]) कहा गया है। इतिहासकार आर.पी. चंदा ने अनुमान लगाया कि यदु लोग मूल रूप से [[पश्चिमी एशिया]] में बसे थे, जहां से वे [[भारत]] आए, [[सुराष्ट्र]] या [[काठियावाड़]] प्रायद्वीप में बस गए और फिर [[मथुरा]] में फैल गए।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=CmaewdodLZQC&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Reflections on the Tantras|last=Chattopadhyaya|first=Sudhakar|date=1978|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=978-81-208-0691-7|pages=19|language=en|quote=In the Rgveda, x.62.10, the Yadus and Turvaśas are called dāsas or barbarians. From these evidences R.P. Chanda infers that the Yadus were of homo-Alpinus origin, settled originally in Western Asia, whence they came to India, settled in Surāştra or Kathiawad Peninsula and then spread to Mathura.}}</ref>
===महाकाव्यों और पुराणों में===
बाद के हिंदू ग्रंथों जैसे [[महाभारत]], [[हरिवंश पर्व|हरिवंश]] और [[पुराण|पुराणों]] में [[यदु]] को राजा [[ययाति]] और उनकी रानी [[देवयानी]] के सबसे बड़े पुत्र के रूप में वर्णित किया गया है। यदु एक स्वाभिमानी व सुसंस्थापित शासक थे। [[विष्णु पुराण]], [[भागवत पुराण]] व [[गरुड़ पुराण]] के अनुसार यदु के चार पुत्र थे, जबकि बाकी के पुराणो के अनुसार उनके पाँच पुत्र थे।<ref name="gbook2">{{cite book | url=http://books.google.co.in/books?id=Jmnm-smZm6oC&pg=PA10 | title=Cultural History from the Vāyu Purāna Issue 2 of Deccan College dissertation series, Poona Deccan College Post-graduate and Research Institute (India) | publisher=Motilal Banarsidass Publisher | date=1946 | accessdate=23 September 2014 | first=Devendrakumar Rajaram | last=Patil | page=10 | archive-url=https://web.archive.org/web/20150223144744/http://books.google.co.in/books?id=Jmnm-smZm6oC&pg=PA10 | archive-date=23 फ़रवरी 2015 | url-status=live }}</ref> बुध व ययाति के मध्य के सभी राजाओं को सोमवंशी या चंद्रवंशी कहा गया है। महाभारत व विष्णु पुराण के अनुसार यदु ने पिता ययाति को अपनी युवावस्था प्रदान करना स्वीकार नहीं किया था जिसके कारण ययाति ने यदु के किसी भी वंशज को अपने वंश व साम्राज्य मे शामिल न हो पाने का श्राप दिया था।<ref>{{cite book |first=Romila |last=Thapar |authorlink=Romila Thapar |year=1996 |origyear=1978 |edition=Reprinted |title=Ancient Indian Social History: Some Interpretations |publisher=Orient Longman |isbn=81-250-0808-X |pages=268–269}}</ref> इस कारण से यदु के वंशज सोमवंश से प्रथक हो गए व मात्र राजा पुरू के वंशज ही कालांतर में सोमवंशी कहे गए।<ref name="एचएसबी">{{पुस्तक सन्दर्भ|last1=भाटी|first1=हरी सिंह|title=भटनेर का इतिहास|date=2000|publisher=कवि प्रकाशन|url=https://books.google.co.in/books?id=QDhuAAAAMAAJ&q=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&dq=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwiasJra5rTNAhUMvo8KHQk4Ag4Q6AEIRzAH|accessdate=19 जून 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170912012356/https://books.google.co.in/books?id=QDhuAAAAMAAJ&q=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&dq=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwiasJra5rTNAhUMvo8KHQk4Ag4Q6AEIRzAH|archive-date=12 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> परंतु [[हरिवंश पर्व|हरिवंश]] आदि के अनुसार [[ययाति]] ने अपने जीवन काल में अपना सम्पूर्ण साम्राज्य अपने पाँच पुत्रों में बाँट दिया था। [[पुरु]] सबसे छोटा होने के कारण अपने पिता का सबसे प्रिय था, इसलिए उसे साम्राज्य का मध्य भाग मिला। अन्य भाइयों को उम्र में परिपक्व होने के कारण साम्राज्य के दूर-दराज के क्षेत्र मिले।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/yadavas-through-the-ages-i/page/8/mode/1up?q=Curse|title=Yadavas Through The Ages, Vol. I|last=Singh Yadav|first=J[ai] N[arain|date=1992|pages=9}}</ref>
ए.डी. पुसालकर ने देखा कि [[महाकाव्य|महाकाव्यों]] और [[पुराण|पुराणों]] में यादवों को असुर कहा गया था, जो गैर-आर्यों के साथ घुलने-मिलने और आर्यन धर्म के पालन में ढिलाई के कारण हो सकता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि [[महाभारत]] में भी [[कृष्ण]] को संघमुख कहा गया है। बिमनबिहारी मजूमदार बताते हैं कि महाभारत में एक स्थान पर यादवों को व्रात्य कहा गया है और दूसरी जगह कृष्ण अपने कबीले की बात करते हैं जिसमें अठारह हज़ार व्रात्य शामिल थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=lr9pFQPwhXYC&pg=PA33&dq=yadu+Rigveda&hl=en&ei=zm3VTMvMJ4eucL2qsdQL&sa=X&oi=book_result&ct=result&redir_esc=y#v=onepage&q=yadu%20Rigveda&f=false|title=Theory of Avatāra and Divinity of Chaitanya|last=Roy|first=Janmajit|date=2002|publisher=Atlantic Publishers & Dist|isbn=978-81-269-0169-2|pages=33-34|language=en|quote=A.D. Pusalkar observes that the Yadava branches are called Asuras in the epics and purāņas on account of their considerable mixture with the non-Aryans and the resultant looseness in the observance of the Aryan Dharma. It is important to note that even in the Mahābhārata, Krsna is called the sanghamukhya. Bimanbehari Majumdar points out that at one place in the Mahābhārata the Yadavas are called Vrātyas and at another place, Krşņa speaks of his tribe consisting of eighteen thousand Vrātas. He is inclined to accept Bloomfield's interpretation of the term Vrātya as meaning Samghātmaka.}}</ref>
[[हरिवंश पुराण]] के अनुसार [[यदु]] का जन्म [[इक्ष्वाकु|इक्ष्वाकुवंशी]] हर्यश्व तथा मधुमती से हुआ था। मधुमती मथुरा के राक्षस-राज मधु की पुत्री थी। मधु कहता है- [[मथुरा]] के चतुर्दिक् सारा प्रदेश [[आभीर|आभीरों]] का है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=Ta5HAAAAMAAJ&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y|title=Mathurā jile kī bolī|last=Rawat|first=Chandrabhan|date=1967|publisher=Hindustānī Ekeḍemī|pages=77|language=hi|quote=हरिवंश पुराण के अनुसार 'यदु' का जन्म हर्यश्व तथा मधुमती से हुआ था। मधुमती मथुरा के राक्षस-राज 'मधु' की पुत्री थी। मधु कहता है- "मथुरा के चतुर्दिक् सारा प्रदेश आभीरों का है।}}</ref> अपने बड़े भाई द्वारा राजगद्दी से बेदखल किए जाने पर, हर्यश्व ने अपने ससुर के दरबार में शरण ली, जिन्होंने उनका बहुत स्नेहपूर्वक स्वागत किया, और उन्हें अपना पूरा राज्य सौंप दिया, केवल राजधानी [[मधुवन]] को छोड़कर; जिसे उन्होंने अपने बेटे लावनाशूर के लिए सुरक्षित रखा। इसके बाद हर्यश्व ने पवित्र गिरिजरा पर एक नया शाही निवास बनवाया, और आनर्त राज्य को मजबूत किया, जिसके बाद उन्होंने अनूप देश को अपने साथ मिला लिया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Indian_Antiquary.html?id=Nd1W1ZDx9ukC&printsec=frontcover&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_entity&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Indian Antiquary|date=1872|publisher=Popular Prakashan|pages=234|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.217532/page/n237/mode/1up|title=Annals Of The Bhandarkar Oriental Research Institute Vo. Xxii|last=Dandekar|first=R. n|date=1942|pages=220}}</ref>
कई प्रमुख [[पुराण|पुराणों]] के वंशानुचरित (वंशावली) खंडों से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यादव अरावली क्षेत्र, [[गुजरात]], [[नर्मदा घाटी]], उत्तरी दक्कन और पूर्वी गंगा घाटी में फैले थे। [[महाभारत]] और पुराणों में उल्लेख है कि यदु या यादव, कई कुलों से मिलकर बना एक संघ था जो [[मथुरा]] क्षेत्र का शासक था। महाभारत में मगध के पौरव शासकों और संभवतः कौरवों के दबाव के कारण मथुरा से द्वारका तक यादवों के पलायन का भी उल्लेख है।<ref name="thapar2">Thapar, Romila (1978, reprint 1996). ''Ancient Indian Social History: Some Interpretations'', New Delhi: Orient Longman, {{ISBN|978-81-250-0808-8}}, pp.216-7</ref><ref name="sircar1">{{cite book|last=Sircar|first=D. C. |title=Studies in the Religious Life of Ancient and Medieval India|year=2008|publisher=Motilal Banarsidass|isbn=978-81-208-2790-5|page=16|url=https://books.google.com/books?id=mh1y1eMgGBMC&pg=PA16|location=Delhi}}</ref><ref>{{Cite book |last=Dalal |first=Roshen |url=https://books.google.co.in/books?id=zrk0AwAAQBAJ&printsec=frontcover&dq=inauthor:%22Roshen+Dalal%22&hl=en&sa=X&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false |title=Hinduism: An Alphabetical Guide |date=2014-04-18 |publisher=Penguin UK |isbn=978-81-8475-277-9 |language=en}}</ref><ref name="hcr1">Raychaudhuri, Hemchandra (1972) ''Political History of Ancient India'', Calcutta: University of Calcutta, pp.127-8</ref>
[[महाभारत]] काल के यादवों को [[वैष्णव सम्प्रदाय]] के अनुयायी के रूप में जाना जाता था, श्री [[कृष्ण]] इनके नेता थे: वे सभी पेशे से गोपालक थे। लेकिन साथ ही उन्होंने [[कुरुक्षेत्र]] की लड़ाई में भाग लेते हुए [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की स्थिति धारण की। वर्तमान [[अहीर]] भी [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] मत के अनुयायी हैं।<ref>{{cite book|first=Shyam Singh |last=Shashi |title=Encyclopaedia of Indian Tribes: The tribal world in transition |url=https://books.google.com/books?id=duIjAQAAIAAJ |year=1994 |publisher=Anmol Publications, 1994 |isbn=9788170418368 |page=76 |quote=The Yadavas of the Mahabharata period were known to be the followers of Vaisnavism, of which Krsna was the leader: they were gopas (cowherd) by profession, but at the same time they held the status of the Ksatriyas, participating in the battle of Kurukshetra. The present Ahirs are also followers of Vaisnavism.}}</ref>
इतिहसकार [[चिन्तामण विनायक वैद्य]] के अनुसार, यादवों की आदतें चरवाहे या पशुपालकों जैसी थीं, यह इस तथ्य से स्पष्ट रूप से सिद्ध होता है कि जब [[कृष्ण]] की बहन [[सुभद्रा]] को [[अर्जुन]] ने हरण कर लिया था, तब उन्होंने [[गोप|गोपी]] या महिला चरवाहे की पोशाक पहन रखी थी। इस तथ्य को समझाना तब तक असंभव है जब तक हम यह न मान लें कि पूरा समुदाय इस पोशाक का उपयोग करने का आदी था। जिस स्वतंत्रता के साथ वह और अन्य यादव महिलाएँ उस अवसर पर उत्सवों में रैवतक पहाड़ी पर घूमती हुई वर्णित हैं, उससे यह भी पता चलता है कि उनके सामाजिक संबंध अन्य [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की तुलना में अधिक स्वतंत्र और अधिक बाधा रहित थे। [[महाभारत]] में कहा गया है कि जब कृष्ण अर्जुन के पक्ष में गए, तो उन्होंने उस कार्य के बदले में दुर्योधन को [[गोप|गोपों]] की एक सेना दे दी। गोप कोई और नहीं बल्कि स्वयं यादव थे।<ref>{{cite book|first=Chintaman Vinayak |last=Vaidya |title=Epic India, Or, India as Described in the Mahabharata and the Ramayana |url=https://books.google.com/books?id=dmOUq73LZLgC |year=2001 |publisher=Asian Educational Services, 2001 |isbn=9788120615649 |page=423 |quote= The fact that the Yadavas were pastoral in their habits is distinctly proved by the fact that Krishna's sister Subhadra when she was taken away by Arjuna is described as having put on the dress of a Gopi or female cowherd. It is impossible to explain this fact unless we believe that the whole tribe was accustomed to use this dress. The freedom with which she and other Yadava women are described as moving on the Raivataka hill in the festivities on that occasion also shows that their social relations were freer and more unhampered than among the other Kshatriyas. Krishna again when he went over to Arjuna's side is said in the Mahabharata to have given in balance for that act an army of Gopas to Duryodhana. The Gopas could have been no other than the Yadavas themselves.}}</ref>
श्री रामधारी सिंह, एम०ए० अपने अन्धक-वृष्णि-संघ का इतिहास" शीर्षक लेख में लिखते हैं-
{{cquote|"यादव जाति नितान्त परिश्रमी तथा आनन्द प्रिय थी। वह जाति ग्वालों की थी, जो अपने डोरों के साथ यमुना तटवर्ती अत्यन्त उपजाऊ तथा सुविधापूर्ण स्थान में निवास करते थे। उनकी कौटुम्बिक प्रथाएँ भी यह सिद्ध करती है कि उनका व्यवसाय गोपालान था। [[सुभद्रा]] तक भी कुन्ती तथा द्रोपदी से अन्तःपुर में मिलने के लिए रागी की पोशाक में न जाकर एक साधारण गोपी या ग्वालिन बेश में भेजी गई थीं। यह घटना उनके रहन-सहन और व्यवसाय का प्रत्यक्ष प्रमाण है। [[श्रीकृष्ण]] और [[बलराम]] भी अपनी गायों को जंगलों में चराया करते थे। इससे सिद्ध होता है कि अमीर-गरीब सभी समान जीवन व्यतीत करते थे। वे पर्याप्त मात्रा में दूध, दही, मक्खन तथा घी उत्पन्न करके सुलमय जीवन व्यतीत करते थे।"<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/shivpujansinh-kushwah_202308/page/n32/mode/1up?q=%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AD%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE+|title=क्या अहीर गूजर जाट विदेशी है? ( इस पुस्तक में अनेक ऐतिहासिक प्रमाणो द्वारा यह सिद्ध किया गया है कि अहीर, गूजर-जाट विदेशी नहीं है वरन् आर्यो कि संतान है. ये चन्द्र वंशीय क्षत्रिय है ] लेखक :- शिवपूजनसिंह कुशवाह Shivpujansinh Kushwah|last=शिवपूजनसिंह कुशवाह}}</ref>}}
== अहीरों से संबंध ==
विद्वान एम.एस.ए. राव का कहना है कि [[अहीर|अहीरों]] की पहचान प्राचीन यादवों से करने के [[इतिहास|ऐतिहासिक]] साक्ष्य मौजूद हैं।<ref>{{Cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Social_Movements_and_Social_Transformati/wWEiAQAAMAAJ?hl=en|title=Social Movements and Social Transformation: A Study of Two Backward Classes Movements in India|last=Rao|first=M. S. A.|date=1987|publisher=Manohar|isbn=978-0-8364-2133-0|pages=124|language=en|quote=Besides this mythical origin of the Yadavas, semi-historical and historical evidence exists* for equating the Ahirs with the Yadavas. It is argued that the term Ahir comes from Abhira (Bhandarkar, 1911:16), who were once found in different parts of India, and who in several places wielded political power. The Abhiras are equated with Ahirs, Gopas and Gollas, and all of them are considered Yadavas.}}</ref> इतिहासकार पी. एम. चंदोरकर साहित्यिक और [[पुरालेख|पुरालेखीय]] दोनों स्रोतों का उपयोग करते हुए आधुनिक [[अहीर|अहीरों]] की पहचान शास्त्रीय [[संस्कृत ग्रन्थों की सूची|संस्कृत ग्रंथों]] के यादवों से करते हैं।{{sfnp|Guha|2006|p=47|ps=:P. M. Chandorkar, using both literary and epigraphic sources has argued that the modern Ahirs and Gavlis - until recently cattle-keepers - should be identified with the Yadavas and Abhiras of the classical Sanskrit texts. He also notes that Khandesh, on the margin of the central Indian forests, was earlier known as the land of the Ahirs, and the local Marathi dialect continued to be called Ahirani.}}
इतिहासकार टी पद्मजा अपनी पुस्तक टेम्पल्स ऑफ कृष्णा इन साउथ इंडिया: हिस्ट्री, आर्ट, एंड ट्रेडिशन्स इन तमिलनाडु में लिखते हैं, [[अहीर|अहीरों]] को [[तमिल]] में अयार नाम से जाना जाता है, अहीरों ने [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] में प्रवास किया और अपने राज्य स्थापित किए और [[अभिलेख|ताम्रपत्र अनुदानों]] और [[अभिलेख|शिलालेखों]] में इन अयार/अहीरों का उल्लेख है कि वे [[यदु]]/यादव वंश से हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=pzgaS1wRnl8C&pg=RA1-PA34&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Temples of Kr̥ṣṇa in South India: History, Art, and Traditions in Tamilnāḍu|last=Padmaja|first=T.|date=2002|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-81-7017-398-4|pages=34,35|language=en}}</ref>
[[महाभारत]] में अहीर, गोप, [[गोपाल]] और यादव सभी [[पर्यायवाची]] हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ggtuAAAAMAAJ&redir_esc=y|title=Religions and Communities of India|last=Chopra|first=Pran Nath|date=1982|publisher=Vision Books|isbn=978-0-391-02748-0|pages=140|language=en|quote=The Mahabharata and other authoritative works use the three terms-Gopa, Yadava and Ahir synonymously.}}</ref><ref>{{Cite book|title=Social Movements and Social Transformation: A Study of Two Backward Classes Movements in India|url=https://archive.org/details/socialmovementss0000raom|last=Rao|first=M. S. A.|date=1987|publisher=Manohar|isbn=978-0-8364-2133-0|pages=[https://archive.org/details/socialmovementss0000raom/page/n150 127]|language=en|quote=in the [[महाभारत]], Abhir, Gopa, Gopal and Yadavas are all synonyms.}}</ref> [[महाकाव्य|महाकाव्यों]] और [[पुराण|पुराणों]] में यादवों का [[अहीर|अहीरों]] के साथ संबंध इस साक्ष्य से प्रमाणित होता है कि यादव साम्राज्य "अधिकांशतः [[अहीर|अहीरों]] द्वारा बसा हुआ था"।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?newbks=0&redir_esc=y&id=c8kiAQAAMAAJ&focus=searchwithinvolume&q=Y%C3%A5dava+kingdom|title=Man in India|last=Bahadur)|first=Sarat Chandra Roy (Rai|date=1974|publisher=A. K. Bose|pages=40,41|language=en|quote=In the Epics and the Puranas the association of the Yādavas with the Abhiras was attested by the evidence that the Yådava kingdom was“ mostly inhabited by the Abhiras".}}</ref>
[[क्लाडियस टॉलमी|टॉलेमी]] जिस क्षेत्र को लरिके बताते हैं वह लगभग 80 ईस्वी में [[पेरिप्लस ऑव दि एरिथ्रीयन सी|पेरीप्लस]] के दिनों में अभीरिया ([[अबीरिया]]) कहलाता था। गुजरात के यह [[आभीर]] अशोक के काल के राष्ट्रिक और [[महाभारत]] काल के यादव थे। इस क्षेत्र में अनेक बार [[गणराज्य|गणतन्त्र प्रणाली]] अपनायी जाती रही है। महाभारत के काल में यहाँ यादवों के अंधक-[[वृष्णि]] और भोज गणतन्त्र थे, अशोक के काल में यहां राष्ट्रिक और भोज गणतंत्र थे और खारवेल के काल में रठिक और भोज गणतंत्र थे। [[समुद्रगुप्त]] के काल में यहाँ [[आभीर]] थे और पुराणों के अनुसार यहाँ [[सौराष्ट्र]] और [[अवन्ति|अबन्ति]]<nowiki/>-[[आभीर|आभीरों]] के [[गणराज्य|गणतंत्र]] थे। कुमारगुप्त प्रथम तथा स्कन्दगुप्त के काल में यहाँ [[पुष्यमित्र|पुष्यमित्र जनजाति]] के लोग थे। ये सब एक ही जाति के लोग थे जो अलग अलग काल खंडों में अलग अलग नाम से जाने गये।<ref>{{cite web | url=https://books.google.com/books?id=gPAdAAAAMAAJ&q=Abhiras| title=The Glory that was Gūrjaradeśa, Volume 1| publisher= Bharathiya Vidya Bhavan | work= History | author= Mularaja solanki | year=1943| pages=30}}</ref><ref>{{cite web | url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.499265| title= Hindu Polity| publisher= Bangalore Print | work= History | author= K P Jayaswal | year= 1943| pages=141}}</ref><ref>{{Cite book |last=Yadav |first=J. N. Singh |url=https://books.google.com/books?id=QJNHAAAAMAAJ |title=Yadavas Through the Ages, from Ancient Period to Date |date=1992 |publisher=Sharada Publishing House |isbn=978-81-85616-03-2 |pages=241 |language=en}}</ref>
[[त्रैकूटक राजवंश|आभीर-त्रैकुटक]] नामक एक ऐतिहासिक राजवंश ने 'महाकाव्य' और पुराणों में वर्णित [[हैहय राजवंश|हैहय यादवों]] से वंश का दावा किया।<ref>{{Cite book |last=Vaidya |first=Chintaman Vinayak |url=https://books.google.com/books?id=7UkzAQAAMAAJ |title=History of Mediæval Hindu India: Circa 600-800 A.D |date=1921 |publisher=Oriental Book Supplying Agency |language=en}}</ref>
जैन विद्वान [[हेमचन्द्राचार्य]] ने अपने द्याश्रय-काव्य में [[जूनागढ़]] के पास वंथली में शासन करने वाले राजा ग्रहरिपु का वर्णन [[आभीर]] और यादव के रूप में किया है।<ref>{{Cite book |last=Tambs-Lyche |first=Harald |url=https://books.google.com/books?id=5ntuAAAAMAAJ&q=Hemachandra+kavya+Yadava |title=Power, Profit, and Poetry: Traditional Society in Kathiawar, Western India |date=1996-12-31 |publisher=Manohar Publishers & Distributors |isbn=978-81-7304-176-1 |pages=56 |language=en |quote=Hemachandra, in the Dyashraya-Kavya, describe the prince Grahasipu, ruling at Vanthali near Junagadh, as an Abhira and a Yadava (Krishna's legendary tribe) (Enthoven 1920, 25).}}</ref> फिर, [[खानदेश]] जिले में कई प्राचीन अवशेष [[गवली]] ([[आभीर|अभीर]]) राज के काल के माने जाते हैं। पुरातात्विक दृष्टिकोण से, इन्हें [[देवगिरि के यादव|देवगिरि के यादवों]] के समय का माना जाता है। इसलिए लोकप्रिय धारणा के अनुसार, ये यादव [[आभीर]] थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=FoT6gPrbTp8C&newbks=0&hl=en&redir_esc=y|title=The Tribes and Castes of Bombay|last=Enthoven|first=Reginald Edward|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0630-2|pages=25|language=en|quote=Again, many ancient remains in the Khándesh district are popularly believed to belong to the period of the Gauli Ráj. From the Archæological point of view, they are to be ascribed to the time of the Yádavas of Devagiri. It is, therefore, not unlikely that, according to popular belief, these Yádavas were Abhiras. This receives some support from the fact that Yaduvanshis even now are one of the most important sub-divisions of the Ahirs.}}</ref>
==हिंदू धर्म में पौराणिक पात्र==
===देवी गायत्री===
*गायत्री लोकप्रिय [[श्री गायत्री देवी|गायत्री]] मंत्र का व्यक्त रूप है, जो [[वैदिक धर्म|वैदिक]] ग्रंथों का एक भजन है। उन्हें [[सावित्री]] और [[वेद माता गायत्री मंदिर|वेदमाता]] (वेदों की माता) के रूप में भी जाना जाता है।
पुराणों के अनुसार, [[गायत्री]] एक [[अहीर]] कन्या थी जिसने पुष्कर में किए गए यज्ञ में [[ब्रह्मा]] की मदद की थी।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ADIqAAAAYAAJ&q=abhira&redir_esc=y|title=Nārada Purāṇa, a Critical Study|last=Nambiar|first=K. Damodaran|date=1979|publisher=All-India Kashiraj Trust|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=KDQqAAAAYAAJ&q=abhira&redir_esc=y|title=Religion and Philosophy of the Padma-purāṇa|last=Arya|first=Sharda|date=1988|publisher=Nag Publishers|isbn=978-81-7081-190-9|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1SMLAQAAMAAJ&q=gayatri+abhira&redir_esc=y|title=The Aryan Path|last=Wadia|first=Sophia|date=1969|publisher=Theosophy Company (India), Limited|language=en}}</ref>
===देवी दुर्गा===
*[[दुर्गा]] हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवी हैं। उन्हें देवी माँ के एक प्रमुख पहलू के रूप में पूजा जाता है और भारतीय देवताओं के बीच सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से सम्मानित में से एक है।
इतिहासकार रामप्रसाद चंदा के अनुसार, [[दुर्गा]] भारतीय उपमहाद्वीप में समय के साथ विकसित हुईं। चंदा के अनुसार, दुर्गा का एक आदिम रूप, "[[हिमालय]] और [[विंध्य]] के निवासियों द्वारा पूजा की जाने वाली एक पर्वत-देवी की समन्वयता" का परिणाम था, जो युद्ध-देवी के रूप में [[अहीर|अभीर]] की एक देवता थी। विराट पर्व स्तुति और [[विष्णु]] ग्रंथ में देवी को [[महामाया]] या [[विष्णु]] की [[योग निद्रा|योगनिद्रा]] कहा गया है। ये उसके [[अहीर|अभीर]] या [[गोप]] [[मूल]] को इंगित करते हैं। दुर्गा तब सर्व-विनाशकारी समय के अवतार के रूप में काली में परिवर्तित हो गईं, जबकि उनके पहलू मौलिक ऊर्जा (आद्या शक्ति) के रूप में उभरे और संसार (पुनर्जन्मों का चक्र) की अवधारणा में एकीकृत हो गए और यह विचार वैदिक धर्म की नींव पर बनाया गया था। पौराणिक कथाओं और दर्शन।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=L4bXAAAAMAAJ&q=parvan+stuti&redir_esc=y|title=Durga As Mahisasuramardini|last=Aiyar|first=Indira S.|date=1997|publisher=Gyan Publishing House|isbn=978-81-212-0510-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=caeJpIj9SdkC&redir_esc=y|title=Offering Flowers, Feeding Skulls: Popular Goddess Worship in West Bengal|last=McDaniel|first=June|date=2004-08-05|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-534713-5|language=en}}</ref>
===देवी राधा===
*[[राधा]] को राधिका भी कहा जाता है, एक हिंदू देवी और वह बरसाना के एक यादव ([[अहीर]]) शासक [[वृषभानु]] की बेटी थीं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=_anlsbp56aoC&pg=PA46&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The Book of Krishna|last=Varma|first=Pavan K.|date=2009-07-01|publisher=Penguin Books India|isbn=978-0-14-306763-4|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ihgIAQAAIAAJ&newbks=0&hl=en|title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Káthiáwar|date=1884|publisher=Government Central Press|language=en|quote=Radha or Radhika who was the daughter of Vrashabhánu, an Áhir chief of Varsána, a village near Gokul.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=OXXXAAAAMAAJ&dq=vrishabhanu+yadava&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiyv5vrq73xAhUNyzgGHeI_D3wQ6AEwAHoECAgQAw|title=Temples of Vrindaban|last=Das|first=R. K.|date=1990|publisher=Sandeep Prakashan|isbn=978-81-85067-47-6|language=en}}</ref>
==योद्धा जाति के रूप में==
[[यादव]] महान योद्धा हैं।<ref name="ks#1">{{cite book | url=https://books.google.co.in/books?id=iKsqzB4P1ioC&dq=ahir+warriors&source=gbs_navlinks_s | title=Rajasthan, Part 1 | publisher=Popular Prakashan | author=K. S. Singh, B. K. Lavania | year=1998 | pages=45 | isbn=9788171547661}}</ref> भगवान [[कृष्ण]] ने [[दुर्योधन]] को [[महाभारत]] में लड़ने के लिए जो [[नारायणी सेना]] दी थी वह अहीर [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की ही थी। संसप्तकों में भी वीर अहीर योद्धा विद्यमान थे। [[अहीर|अहीरों]] का [[महाभारत]] में [[क्षत्रिय]] के रूप में उल्लेख किया गया है और [[द्रोणाचार्य]] द्वारा बनाए गए [[चक्रव्यूह]] का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा थे, जिसने अपनी सेना में केवल [[ब्राह्मण|ब्राह्मणों]] और [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] को अनुमति दी थी।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=KTEoAAAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=Report of the Indian Statutory Commission ...|last=commission|first=Great Britain Indian statutory|date=1930|publisher=H. M. Stationery Office|language=en|quote=The Narayani Army which the Krishna organised and which made him so powerful that his friendship was eagerly sought by the greatest kings of his time, is described in the Mahabharata as being all of the Ahir caste.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=6uY2AQAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=Rajputana Classes: 1921|date=1922|publisher=Government Monotype Press|language=en|quote=In the Mahabharat it is mentioned that the Narayani army which Sri Krishna organised was composed of Ahirs.}}</ref><ref>{{cite book|first=Braj Kumar |last=Pandey |title=Sociology and Economics of Casteism in India: A Study of Bihar |url=https://books.google.com/books?id=e41uAAAAMAAJ |year=1996 |publisher=Pragati Publications, 1996 |isbn=9788173070365 |page=78 |quote=The Narayani Army which he organized, and which made him so powerful that his friendship was eagerly sought by the greatest kings of his time, is described in the Mahabharat as being all of the Abhira caste.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7tAOAAAAIAAJ&newbks=0&hl=en|title=ब्रज का रास रंगमंच|last=अग्रवाल|first=रामनारायण|date=1981|publisher=नेशनल पब्लिशिंग हाउस|language=hi|quote=भगवान कृष्ण ने दुर्योधन को महाभारत में लड़ने के लिए जो नारायणी सेना दी थी वह आभीरों की ही थी। संसप्तकों में भी वीर आभीर योद्धा विद्यमान थे। द्रोण की सुवर्ण-व्यूह रचना में आभीरों का मुख्य स्थान था।}}</ref>
भारत के ब्रिटिश शासकों ने अहीरों को "[[योद्धा जातियाँ|लड़ाकू जातियों]]" में वर्गीकृत किया था। वे लंबे समय से सेना में भर्ती होते रहे हैं<ref>{{cite book |title=Peasants and monks in British India |first=William R. |last=Pinch |publisher=University of California Press |year=1996 |isbn=978-0-520-20061-6 |url=http://books.google.co.uk/books?id=uEP-ceGYsnYC |page=90 |accessdate=2012-02-22}}</ref> तब ब्रिटिश सरकार ने अहीरों की चार कंपनियाँ बनायीं थी, इनमें से दो 95वीं रसेल इंफेंटरी में थीं।<ref>{{cite book|author=M. S. A. Rao|title=Social movements and social transformation: a study of two backward classes movements in India|url=http://books.google.com/books?id=tZAiAAAAMAAJ|accessdate=2011-03-28|date=1 May 1979|publisher=Macmillan}}</ref> 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान 13 [[कुमाऊं रेजिमेंट|कुमाऊं रेजीमेंट]] की [[अहीर|अहीर कंपनी]] द्वारा [[रेज़ांग ला|रेजांगला]] मोर्चे पर अहीर सैनिकों की वीरता और बलिदान की आज भी भारत में प्रशंसा की जाती है। और उनकी वीरता की याद में युद्ध स्थल स्मारक का नाम "अहीर धाम" रखा गया।<ref>{{cite news|first=Mohan |last=Guruswamy |url=http://www.thehindu.com/opinion/lead/dont-forget-the-heroes-of-rezang-la/article4112584.ece |title=Don’t forget the heroes of Rezang La |work=The Hindu |date=20 November 2012 |accessdate=2014-07-13}}</ref><ref>{{cite news|url=http://archive.indianexpress.com/news/-nobody-believed-we-had-killed-so-many-chinese-at-rezang-la.-our-commander-called-me-crazy-and-warned-that-i-could-be-courtmartialled-/1023745/0 |title=‘Nobody believed we had killed so many Chinese at Rezang La. Our commander called me crazy and warned that I could be court-martialled’ |work=The Indian Express |date=30 October 2012 |accessdate=2014-07-13}}</ref>
== राजवंश ==
===प्रद्योत राजवंश ===
[[प्रद्योत वंश|प्रद्योत राजवंश]] एक प्राचीन भारतीय [[आभीर|आभीर-यादव राजवंश]] था, जिसने [[अवन्ति|अवंती]] और [[मगध महाजनपद|मगध]] पर शासन किया था। इस राजवंश ने 138 या 152 वर्षों तक शासन किया।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/yadavas-through-the-ages-i/page/153/mode/1up?q=Pradyota|title=Yadavas Through The Ages, Vol. I|last=Singh Yadav|first=J[ai] N[arain|date=1992}}</ref>
=== आभीर राजवंश ===
आभीर राजवंश ने दक्कन पर शासन किया था, जहां यह संभवतः सातवाहन राजवंश का उत्तराधिकारी था। आभीरों का एक विस्तृत साम्राज्य था जिसमें आधुनिक महाराष्ट्र, कोंकण, गुजरात और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से शामिल थे।<ref>{{Cite book |url=https://books.google.com/books?id=lwFIAAAAMAAJ |title=Numismatic Digest |date=1985 |publisher=Numismatic Society of Bombay. |pages=74 |language=en |quote=The Ābhīras had an extensive empire comprising Maharashtra, Konkan, Gujarat and some part of South Madhya Pradesh.}}</ref> इतिहासकार सुधाकर चट्टोपाध्याय के अनुसार आभीर साम्राज्य दक्षिण भारत में कहीं अधिक विस्तृत था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=78I5lDHU2jQC&pg=PA129&dq=abhira+kingdom&hl=en&sa=X&redir_esc=y#v=onepage&q=abhira%20kingdom&f=false|title=Some Early Dynasties of South India|last=Chattopadhyaya|first=Sudhakar|date=1974|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=978-81-208-2941-1|pages=129|language=en}}</ref> कुछ विद्वान आभीरों को तीसरी शताब्दी ई. में एक महान लगभग एक शाही शक्ति के रूप में मानते हैं।<ref>{{Cite book |last=Majumdar |first=R. C. |url=https://books.google.com/books?id=k1wuEAAAQBAJ |title=Ancient India |date=2016-01-01 |publisher=Motilal Banarsidass |isbn=978-81-208-0435-7 |pages=380 |language=en}}</ref> कुछ इतिहासकारों के अनुसार, [[कलचुरि राजवंश|कलचुरी]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट]] और बाद में [[देवगिरि के यादव|सेऊना यादव]] जैसे कई राजवंशों का उद्गम इन्हीं [[आभीर|आभीरों]] से माना जाता है, जो राजनीतिक रूप से मजबूत पशुपालक समूहों के [[ब्राह्मणवाद|ब्राह्मणवादी]] जाति व्यवस्था में एकीकरण पर प्रकाश डालता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=p159EAAAQBAJ&dq=Abhira+pastoralists+clans&pg=PT19&redir_esc=y#v=onepage&q=Abhira%20pastoralists%20clans&f=false|title=Water and Historic Settlements: The Making of a Cultural Landscape|last=Mubayi|first=Yaaminey|date=2022-09-13|publisher=Taylor & Francis|isbn=978-1-000-64163-9|language=en}}</ref>
=== त्रैकूटक राजवंश ===
सामान्यतः यह माना जाता है कि त्रैकूटक राजवंश [[हैहय राजवंश|हैहयवंशी]] [[आभीर]] थे जिन्होंने [[कलचुरि राजवंश|कल्चुरी]] और [[चेदि राज्य|चेदि]] संवत् चलाया था<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=aSe2AAAAIAAJ&q=traikutaka&dq=traikutaka&lr=&ei=wl1TS9zLBojKlQTt24CFDQ&cd=16&redir_esc=y|title=Journal of the Asiatic Society of Bombay|date=1935|publisher=Asiatic Society of Bombay|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=B1WgAAAAMAAJ&redir_esc=y|title=The Age of Imperial Unity|date=1968|publisher=Bharatiya Vidya Bhavan|language=en}}</ref> इंद्रदत्त, दहरसेन, व्याघ्रसेन व विक्रमसेन इस राजवंश के प्रसिद्ध राजा थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=x40mwFwgK44C&pg=PA49&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Antiquities of India: An Account of the History and Culture of Ancient Hindustan|last=Barnett|first=Lionel D.|date=1994|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0530-5|language=en}}</ref> [[त्रैकूटक राजवंश|त्रैकूटको]] को उनके [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] संप्रदाय के लिए जाना जाता था, जो [[हैहय राजवंश|हैहय]] शाखा के [[यादव]] थेे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7UkzAQAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=History of Mediæval Hindu India: Circa 600-800 A.D|last=Vaidya|first=Chintaman Vinayak|date=1921|publisher=Oriental Book Supplying Agency|language=en|quote=It is clear that the rule previous to that of the Gurjaras was that of the Traikutakas who claimed to be Haihayas by descent and whose capital Trikuta not yet well identified is mentioned even in the Rāmāyaṇa and in Kalidasa's Raghuvansha.}}</ref> महाराज दहरसेन ने [[अश्वमेध यज्ञ]] भी किया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=Wk4_ICH_g1EC&pg=PA426&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Indian History and Civilization|last=Sen|first=Sailendra Nath|date=1999|publisher=New Age International|isbn=978-81-224-1198-0|language=en}}</ref>
=== कलचुरि राजवंश ===
कलचुरि एक प्रारंभिक मध्ययुगीन भारतीय [[आभीर|आभीर राजवंश]] था, जिन्होंने वर्तमान [[महाराष्ट्र]], [[गुजरात]] और [[मध्य प्रदेश|दक्षिणी मध्य प्रदेश]] के कुछ हिस्सों पर शासन किया था। उनकी राजधानी महिष्मती में स्थित थी। पुरालेख और मुद्राशास्त्रीय साक्ष्य बताते हैं कि एलोरा और [[घारापुरी गुफाएँ|एलीफेंटा गुफा]] स्मारकों में से सबसे पहले कलचुरी शासन के दौरान बनाए गए थे।<ref>{{cite book|first=Jitāmitra Prasāda |last=Siṃhadeba |title=Archaeology of Orissa: With Special Reference to Nuapada and Kalahandi |url=https://books.google.com/books?id=2ypuAAAAMAAJ |year=2006 |publisher=R.N. Bhattacharya, 2006 |isbn=9788187661504 |page=113}}</ref>
=== चूड़ासमा (आभीर) राजवंश ===
"[[चूड़ासमा|चूडासमा राजवंश]]" मूल रूप से [[सिंध]] प्रांत का [[आभीर|आभीर वंश]] था। 875 ई. के बाद से [[जूनागढ़]] के आसपास उनका काफी प्रभाव था, जब उन्होंने अपने-राजा रा चुडा के नेतृत्व में गिरनार के करीब [[वंथली|वनथली]] (प्राचीन वामनस्थली) में खुद को समेकित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=2eIcAAAAMAAJ&dq=&redir_esc=y|title=Junagadh|last=Rajan|first=K. V. Soundara|date=1985|publisher=Archaeological Survey of India|language=en|quote=The Chudasama dynasty, originally of Abhira clan from Sind wielded great influence around Junagadh from the 875 A.D. onwards when they consolidated themselves at Vanthali (ancient Vamanasthali) close to Girnar under their-King Ra Chuda.}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/history-of-gujarat-gazetteer-of-bombay-vol.-i_202109|title=History Of Gujarat ( Gazetteer Of Bombay Vol. I)|last=Gazetteer Of Bombay Vol. I|quote=Doctor Bhagvanlal held that the Chudasamas were originally of the Abhira tribe, as their traditions attest connection with the Abhiras and as the description of Graharipu one of their kings by Hemachandra in his DvydaSraya points to his being of some local tribe and not of any ancient Rajput lineage. Further in their bardic traditions as well as in popular stories the Chudasamas are still commonly called Ahera-ranas. The position of Aberia in Ptolemy (A.D. 150) seems to show that in the second century the Ahirs were settled between Sindh and the Panjab. Similarly it may be suggested that Jadeja is a corruption of Jaudheja which in turn comes from Yaudheya (the change of y to j being very common) who in Kshatrapa Inscriptions appear as close neighbours of the Ahirs. After the fall of the Valabhis (A.D. 775) the Yaudheyas seem to have established themselves in Kacch and the Ahirs settled and made conquests in Kathiavada.}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.36138|title=Abhiras their history and culture|last=SurvaVanshi|first=Bhagwansingh|date=1962|quote=Hemachandra in his Dvyasrayakavya mentions Graharipu, as a mighty Abhira-Chudasama king of Saurashtra. The Chudasama kings are described as Abhiras by Merutungacharya.}}</ref>
=== सेऊना यादव शासक ===
[[File:Aurangabad - Daulatabad Fort (95).JPG|thumb|right|देवगिरि का किला]]
यदुवंशी अहीरों के मजबूत गढ़, खानदेश से प्राप्त अवशेषों को बहुचर्चित 'गवली राज' से संबन्धित माना जाता है तथा पुरातात्विक रूप से इन्हें देवगिरि के यादवों से जोड़ा जाता है। इसी कारण से कुछ इतिहासकारों का मत है कि 'देवगिरि के यादव' भी अभीर(अहीर) थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=FoT6gPrbTp8C&pg=PA59&dq=The+tribes+and+castes+of+Bombay,+Volume+1&ei=wSxHS-_UDYiGlQSI8fz5DQ&cd=1&redir_esc=y#v=onepage&q=gauli&f=false|title=The Tribes and Castes of Bombay|last=Enthoven|first=Reginald Edward|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0630-2|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=v2hDAAAAYAAJ&q=ahir+king&dq=ahir+king&hl=en&sa=X&ved=0CCYQ6AEwAjhaahUKEwiOzIyJ0r7HAhXHBo4KHSUhDfo|title=Maharashtra State Gazetteers: Buldhana|last=Maharashtra (India)|date=1976|publisher=Directorate of Government Print., Stationery and Publications, Maharashtra State|language=en}}</ref> यादव शासन काल में अनेक छोटे-छोटे निर्भर राजाओं का जिक्र भी मिलता है, जिनमें से अधिकांश अभीर या अहीर सामान्य नाम के अंतर्गत वर्णित है, तथा खानदेश में आज तक इस समुदाय की आबादी बहुतायत में विद्यमान है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=4oXoAAAAMAAJ&q=abhira+yadava&dq=abhira+yadava&hl=en&sa=X&ved=0CEUQ6AEwCTgUahUKEwjDrYDT6tzHAhUmY6YKHY0YBzI|title=Epigraphia Indica|date=1985|publisher=Manager of Publications|language=en}}</ref>
सेऊना गवली यादव राजवंश खुद को उत्तर भारत के यदुवंशी या चंद्रवंशी समाज से अवतरित होने का दावा करते थे।<ref>192.
Chapter 8, "Yadavas Through the Ages" J.N.S.Yadav (1992)</ref><ref>193.Robin James Moore. Tradition and Politics in South Asia. 1979. Vikas Publishing House.</ref> सेऊना मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा से बाद में द्वारिका में जा बसे थे। उन्हें "कृष्णकुलोत्पन्न (भगवान कृष्ण के वंश में पैदा हुए)","यदुकुल वंश तिलक" तथा "द्वारवाटीपुरवारधीश्वर (द्वारिका के मालिक)" भी कहा जाता है। अनेक वर्तमान शोधकर्ता, जैसे कि डॉ॰ कोलारकर भी यह मानते हैं कि यादव उत्तर भारत से आए थे।<ref>195.Marathyancha Itihaas by Dr. S.G Kolarkar, p.4, Shri Mangesh Prakashan, Nagpur.</ref> निम्न सेऊना यादव राजाओं ने देवगिरि पर शासन किया था-
* दृढ़प्रहा
* सेऊण चन्द्र प्रथम
* ढइडियप्पा प्रथम
* भिल्लम प्रथम
* राजगी
* वेडुगी प्रथम
* धड़ियप्पा द्वितीय
* भिल्लम द्वितीय (सक 922)
* वेशुग्गी प्रथम
*भिल्लम तृतीय (सक 948)
* वेडुगी द्वितीय
* सेऊण चन्द्र द्वितीय (सक 991)
* परमदेव
* सिंघण
* मलुगी
*अमरगांगेय
* अमरमालगी
* भिल्लम पंचम
* सिंघण द्वितीय
* राम चन्द्र
=== अयार राजवंश ===
अयार एक भारतीय यादव राजवंश था जिसने प्रायद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी सिरे को प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से मध्यकाल तक नियंत्रित किया था। कबीले ने परंपरागत रूप से विझिंजम के बंदरगाह, नानजिनाद के उपजाऊ क्षेत्र और मसाला-उत्पादक पश्चिमी घाट पहाड़ों के दक्षिणी भागों पर शासन किया। मध्ययुगीन काल में राजवंश को कुपका के नाम से भी जाना जाता था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=nHluAAAAMAAJ&q=Ayar&redir_esc=y|title=Social and Cultural History of Tamilnad: To A.D. 1336|last=Subrahmanian|first=N.|date=1993|publisher=Ennes|language=en}}</ref><ref name=":62">{{Cite journal|last=Ganesh|first=K.N.|date=June 2009|title=Historical Geography of Natu in South India with Special Reference to Kerala|journal=Indian Historical Review|volume=36|issue=1|pages=3–21|doi=10.1177/037698360903600102|s2cid=145359607|issn=0376-9836}}</ref><ref>Narayanan, M. G. S. ''Perumāḷs of Kerala.'' Thrissur (Kerala): CosmoBooks, 2013. 179.</ref>
यह अनुमान लगाया जाता है कि अयार नाम प्रारंभिक तमिल शब्द "अयार" से लिया गया है जिसका अर्थ है ग्वाला।<ref>A Dictionary Of The Tamil And English Languages, Volume 1, Page 131</ref> ग्वालों को तमिल में अयार के रूप में जाना जाता था, यहां तक कि उन्हें उत्तर भारत में [[अहीर]] और [[आभीर|अभीर]] के रूप में जाना जाता था। परंपरा कहती है कि पांड्य देश में [[अहीर]] [[पाण्ड्य राजवंश|पांड्य]] के पूर्वजों के साथ तमिलकम में आए थे। पोटिया पर्वत क्षेत्र और इसकी राजधानी को अय-कुडी के नाम से जाना जाता था। नचिनार्किनियार, तोल्काप्पियम के प्रारंभिक सूत्र पर अपनी टिप्पणी में, एक ऋषि अगस्त्य के साथ यादव जाति के प्रवास से संबंधित एक परंपरा का वर्णन करता है, जो द्वारका की मरम्मत करता है और अपने साथ [[कृष्ण]] की रेखा के 18 राजाओं को ले जाता है और दक्षिण में चला जाता है। . वहाँ, उसने जंगलों को साफ करवाया और अपने साथ लाए गए सभी लोगों को उसमें बसाने के लिए राज्यों का निर्माण किया।
अयार राजाओं ने बाद के समय में भी [[यदुकुल|यदु-कुल]] और [[कृष्ण]] के साथ अपने संबंध को संजोना जारी रखा, जैसा कि उनके [[ताम्रपत्र]] अनुदानों और [[अभिलेख|शिलालेखों]] में देखा गया है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=pzgaS1wRnl8C&pg=RA1-PA34&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Temples of Kr̥ṣṇa in South India: History, Art, and Traditions in Tamilnāḍu|last=Padmaja|first=T.|date=2002|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-81-7017-398-4|language=en}}</ref>
अल्फ हिल्टेबेइटेल के अनुसार, [[कोनार]] यादव जाति का एक क्षेत्रीय नाम है, जिस जाति से [[कृष्ण]] संबंधित हैं। कई [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] ग्रंथ [[कृष्ण]] को अयार जाति, या कोनार से जोड़ते हैं, विशेष रूप से थिरुप्पावई, जो खुद देवी अंडाल द्वारा रचित है, विशेष रूप से [[कृष्ण]] को "आयर कुलथु मणि विलक्के" के रूप में संदर्भित करते हैं। जाति का नाम कोनार और कोवलर नामों के साथ विनिमेय है जो तमिल शब्द कोन से लिया गया है, जिसका अर्थ "राजा" और "[[ग्वाला|ग्वाले]]" हो सकता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ui5gju8MwDUC&pg=PA35&redir_esc=y|title=The Cult of Draupadi, Volume 1: Mythologies: From Gingee to Kuruksetra|last=Hiltebeitel|first=Alf|date=1988-03-21|publisher=University of Chicago Press|isbn=978-0-226-34046-3|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=YSM9AAAAIAAJ&pg=PA101&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Neolithic Cattle-Keepers of South India|last=Studies|first=Faculty of Oriental|publisher=CUP Archive|language=en}}</ref>
मध्ययुगीन अयार राजवंश ने दावा किया कि वे यादव या [[वृष्णि|वृष्णि वंश]] के थे और यह दावा वेनाड और त्रावणकोर के शासकों द्वारा आगे बढ़ाया गया था। त्रिवेंद्रम में श्री [[पद्मनाभस्वामी मंदिर|पद्मनाभ]] मध्ययुगीन अयार परिवार के संरक्षक देवता थे।<ref name="google.co.in22">Aiya, V. Nagam. ''The Travancore State Manual.'' Vol 1. Part 2. Trivandrum: The Travancore Government Press, 1906 [https://books.google.com/books?id=AVd1AQAAQBAJ&pg=PT222#v=onepage&q&f=false]</ref><ref name=":7">{{Cite journal|last=Ganesh|first=K.N.|date=February 1990|title=The Process of State Formation in Travancore|journal=Studies in History|volume=6|issue=1|pages=15–33|doi=10.1177/025764309000600102|s2cid=162972188|issn=0257-6430}}</ref>
== संस्कृतिकरण ==
हाल ही में प्रकाशित कुछ पुस्तकों का दावा है कि वर्तमान यादव जाति के लोग केवल अहीर हैं जिन्होंने 1922 में कुछ हिंदू जातियों के संस्कृतिकरण आंदोलन के हिस्से के रूप में अपनी पहचान बदलकर यादव कर ली थी। हालाँकि 1881 की ब्रिटिश जनगणना इस दावे का खंडन करती है, किसी भी [[संस्कृतीकरण|संस्कृतिकरण]] आंदोलन से आधी सदी पहले की [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश जनगणना]] (1881) में यादवों की पहचान अहीरों के रूप में बताई गई है। इसमें कहा गया है कि [[अहीर]] और [[गवली]] के रूप में पहचाने जाने वाले यादव उस समय प्रमुख जाति थे।<ref>{{Cite book|url=https://ruralindiaonline.org/en/library/resource/report-on-the-census-of-british-india-taken-on-the-17th-of-february-1881-vols-i-iii/|title=Report on the Census of British India taken on the 17th of February 1881: Vols. I-III|date=1881-02-17|pages=326|language=en|quote=The Yadavas, who in their turn are identified with the Gaolis and Ahirs, were the dominant race at that time.}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
[[अहीर]]
==सन्दर्भ==
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[[श्रेणी:अन्य पिछड़ा वर्ग]]
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/* आभीर राजवंश */
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{{Multiple issues|
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{{दृष्टिकोण|date=जुलाई 2025}}
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}}{{Infobox caste
| caption =
| caste_name =यादव
| subdivisions = [[यदुवंशी]] ,[[ग्वालवंशी]] और [[नंदवंशी]]
| populated_states = [[भारत]] और [[नेपाल]]
| religions = [[हिन्दू]] में ([[वैष्णव]] या [[भागवत]] सम्प्रदाय के अनुयायी)<ref>{{cite book|first=Shyam Singh |last=Shashi |title=Encyclopaedia of Indian Tribes: The tribal world in transition |url=https://books.google.com/books?id=duIjAQAAIAAJ |year=1994 |publisher=Anmol Publications, 1994 |isbn=9788170418368 |page=76 |quote=The Yadavas of the Mahabharata period were known to be the followers of Vaisnavism, of which Krsna was the leader: they were gopas (cowherd) by profession, but at the same time they held the status of the Ksatriyas, participating in the battle of Kurukshetra. The present Ahirs are also followers of Vaisnavism.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=n8rTDwAAQBAJ&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=History of Ancient India Revisited, A Vedic-Puranic View.|last=Chopra|first=Omesh K.|date=2020-03-02|publisher=BlueRose Publishers|pages=252|language=en|quote=Sanskrit scholars such as Panini and Chanakya say that Abhiras follow the Bhagavata sect of Hindu religion.}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Bhagavata|title=Bhagavata {{!}} Vaishnavism, Puranas, Devotion {{!}} Britannica|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2025-02-13}}</ref>
|varna=[[वैदिक]] [[चंद्रवंशी]]<nowiki> [[क्षत्रिय]]</nowiki>|image=[[File:Krishna as Envoy.jpg|thumb| दुर्योधन की सभा में भगवान कृष्ण और यादव योद्धा ]]}}
'''यादव''' [[भारत]] और [[नेपाल]] का पारंपरिक रूप से योद्धा-पशुपालक समुदाय है। जाफरलॉट कहते हैं कि अधिकांश आधुनिक यादव [[किसान]] हैं, जो मुख्य रूप से भूमि जोतने में लगे हैं, तथा एक तिहाई से भी कम जनसंख्या मवेशी पालने या दूध के व्यवसाय में लगी हुई है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=OAkW94DtUMAC&redir_esc=y|title=India's Silent Revolution: The Rise of the Lower Castes in North India|last=Jaffrelot|first=Christophe|date=2003|publisher=Hurst & Company|isbn=978-1-85065-670-8|pages=188|language=en}}</ref>
यादव/अहीर समुदाय [[भारत]] में अकेला सबसे बड़ा समुदाय है। वे किसी विशेष क्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि देश के लगभग सभी हिस्सों में निवास करते हैं। हालाँकि, [[हरियाणा]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] में उनका प्रभुत्व है। राजस्थान, [[मध्य प्रदेश]], [[छत्तीसगढ़]], [[उड़ीसा]], [[बंगाल]], [[महाराष्ट्र]], [[गुजरात]], [[आंध्र प्रदेश]], [[तमिलनाडु]] और [[कर्नाटक]] जैसे अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में यादव हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p69GMA226bgC&newbks=0&hl=en|title=Followers of Krishna: Yadavas of India|last=Yadava|first=S. D. S.|date=2006|publisher=Lancer Publishers|isbn=978-81-7062-216-1|language=en}}</ref>
यादव समुदाय को [[बिहार]], [[छत्तीसगढ़]], [[दिल्ली]], [[हरियाणा]], [[झारखण्ड|झारखंड]], [[कर्नाटक]], [[मध्य प्रदेश]], [[ओडिशा]], [[राजस्थान]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[पश्चिम बंगाल]]। राज्यों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] (ओबीसी) के रूप में सरकारी [[नौकरी|नौकरियों]] और [[शैक्षणिक विषयों की सूची|शैक्षणिक]] संस्थानों में [[प्रतिनिधित्व]] दिया जाता है।
== उत्पत्ति और इतिहास ==
===ऋग्वेद में===
यादव शब्द की व्याख्या "यदु के वंशज" के रूप में की गई है। यदु [[ऋग्वेद]] में वर्णित पाँच प्रारंभिक इंडो-आर्यन जनजातियों (पंचजन, पंचकृष्ट्य या पंचमनुष्य) में से एक है।<ref>{{cite book |last=Singh |first=Upinder |author-link=Upinder Singh |title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century |url=https://books.google.com/books?id=GW5Gx0HSXKUC&pg=PA187 |year=2008 |publisher=Pearson Education |location=Delhi |isbn=978-81-317-1120-0 |page=187}}</ref><ref>{{Cite book|last=Jamison|first=Stephanie|title=The Rigveda: The Earliest Religious Poetry of India|last2=Brereton|first2=Joel|publisher=Oxford University Press|year=2014|isbn=9780199370184|pages=54}}</ref><ref name=":0">{{Cite journal|last=Witzel|first=Michael|date=1999|title=Substrate Languages in Old Indo-Aryan: (Ṛgvedic, Middle and Late Vedic).|url=https://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.411.6137&rep=rep1&type=pdf|journal=Electronic Journal of Vedic Studies|volume=5|pages=3, 33}}</ref> यदुओं का तुर्वसु जनजाति के साथ एक आदिवासी संघ था, और उन्हें अक्सर एक साथ वर्णित किया गया था।<ref>{{Cite journal|last=Witzel|first=Michael|date=2001|title=Autochthonous Aryans?: The Evidence from Old Indian and Iranian Texts.|url=http://www.people.fas.harvard.edu/~witzel/EJVS-7-3.pdf|journal=Electronic Journal of Vedic Studies|volume=7|pages=7}}</ref><ref name=":1">{{Cite book|last=Erdosy|first=George|title=Language, Material Culture and Ethnicity. The Indo-Aryans of Ancient South Asia: Rgvedic history: poets, chieftains and politics|last2=Witzel|first2=Michael|publisher=De Gruyter|year=1995|isbn=|location=|pages=204}}</ref> यदु आंशिक रूप से [[इंडो-आर्यन और भारत में जाति व्यवस्था: ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टिकोण"|इंडो-आर्यन-संस्कृति]] से प्रभावित सिंधु जनजाति थे। पुरु और भरत जनजातियों के आगमन के समय तक, यदु-तुर्वसु [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] में बस गए थे, यदु संभवतः [[यमुना नदी]] के किनारे रहते थे।{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=262}}
[[ऋग्वेद]] के मंडल 4 और 5 में यदुवों (यादवों ) एवं तुर्वसों को विदेशी जाति बताते हुए उन्हें [[इन्द्र]] द्वारा समुद्र-मार्ग से भारत में ले आने एवं बसाने का उल्लेख मिलता है। मंडल 5, 6, और 8 में यदु-तुर्वशों के साथ अपेक्षाकृत सकारात्मक व्यवहार किया गया है, और उन्हें पुरु-भरत का यदा-कदा सहयोगी और शत्रु बताया गया है। [[दशराज्ञ युद्ध|दस राजाओं]] की लड़ाई में, यदुओं को भरत सरदार [[सुदास (ऋग्वेद)|सुदास]] ने हराया था।{{Sfn|Jamison|Brereton|2014|p=605, 695}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=222, 262}}{{Sfn|Jamison|Brereton|2014|p=829}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=237}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=235}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=239}}
[[ऋग्वेद]] X.62.10 में, यदुओं और तुर्वशों को [[दस्यु|दास-दस्यु]] और [[बर्बर]] ([[म्लेच्छ]]) कहा गया है। इतिहासकार आर.पी. चंदा ने अनुमान लगाया कि यदु लोग मूल रूप से [[पश्चिमी एशिया]] में बसे थे, जहां से वे [[भारत]] आए, [[सुराष्ट्र]] या [[काठियावाड़]] प्रायद्वीप में बस गए और फिर [[मथुरा]] में फैल गए।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=CmaewdodLZQC&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Reflections on the Tantras|last=Chattopadhyaya|first=Sudhakar|date=1978|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=978-81-208-0691-7|pages=19|language=en|quote=In the Rgveda, x.62.10, the Yadus and Turvaśas are called dāsas or barbarians. From these evidences R.P. Chanda infers that the Yadus were of homo-Alpinus origin, settled originally in Western Asia, whence they came to India, settled in Surāştra or Kathiawad Peninsula and then spread to Mathura.}}</ref>
===महाकाव्यों और पुराणों में===
बाद के हिंदू ग्रंथों जैसे [[महाभारत]], [[हरिवंश पर्व|हरिवंश]] और [[पुराण|पुराणों]] में [[यदु]] को राजा [[ययाति]] और उनकी रानी [[देवयानी]] के सबसे बड़े पुत्र के रूप में वर्णित किया गया है। यदु एक स्वाभिमानी व सुसंस्थापित शासक थे। [[विष्णु पुराण]], [[भागवत पुराण]] व [[गरुड़ पुराण]] के अनुसार यदु के चार पुत्र थे, जबकि बाकी के पुराणो के अनुसार उनके पाँच पुत्र थे।<ref name="gbook2">{{cite book | url=http://books.google.co.in/books?id=Jmnm-smZm6oC&pg=PA10 | title=Cultural History from the Vāyu Purāna Issue 2 of Deccan College dissertation series, Poona Deccan College Post-graduate and Research Institute (India) | publisher=Motilal Banarsidass Publisher | date=1946 | accessdate=23 September 2014 | first=Devendrakumar Rajaram | last=Patil | page=10 | archive-url=https://web.archive.org/web/20150223144744/http://books.google.co.in/books?id=Jmnm-smZm6oC&pg=PA10 | archive-date=23 फ़रवरी 2015 | url-status=live }}</ref> बुध व ययाति के मध्य के सभी राजाओं को सोमवंशी या चंद्रवंशी कहा गया है। महाभारत व विष्णु पुराण के अनुसार यदु ने पिता ययाति को अपनी युवावस्था प्रदान करना स्वीकार नहीं किया था जिसके कारण ययाति ने यदु के किसी भी वंशज को अपने वंश व साम्राज्य मे शामिल न हो पाने का श्राप दिया था।<ref>{{cite book |first=Romila |last=Thapar |authorlink=Romila Thapar |year=1996 |origyear=1978 |edition=Reprinted |title=Ancient Indian Social History: Some Interpretations |publisher=Orient Longman |isbn=81-250-0808-X |pages=268–269}}</ref> इस कारण से यदु के वंशज सोमवंश से प्रथक हो गए व मात्र राजा पुरू के वंशज ही कालांतर में सोमवंशी कहे गए।<ref name="एचएसबी">{{पुस्तक सन्दर्भ|last1=भाटी|first1=हरी सिंह|title=भटनेर का इतिहास|date=2000|publisher=कवि प्रकाशन|url=https://books.google.co.in/books?id=QDhuAAAAMAAJ&q=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&dq=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwiasJra5rTNAhUMvo8KHQk4Ag4Q6AEIRzAH|accessdate=19 जून 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170912012356/https://books.google.co.in/books?id=QDhuAAAAMAAJ&q=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&dq=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwiasJra5rTNAhUMvo8KHQk4Ag4Q6AEIRzAH|archive-date=12 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> परंतु [[हरिवंश पर्व|हरिवंश]] आदि के अनुसार [[ययाति]] ने अपने जीवन काल में अपना सम्पूर्ण साम्राज्य अपने पाँच पुत्रों में बाँट दिया था। [[पुरु]] सबसे छोटा होने के कारण अपने पिता का सबसे प्रिय था, इसलिए उसे साम्राज्य का मध्य भाग मिला। अन्य भाइयों को उम्र में परिपक्व होने के कारण साम्राज्य के दूर-दराज के क्षेत्र मिले।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/yadavas-through-the-ages-i/page/8/mode/1up?q=Curse|title=Yadavas Through The Ages, Vol. I|last=Singh Yadav|first=J[ai] N[arain|date=1992|pages=9}}</ref>
ए.डी. पुसालकर ने देखा कि [[महाकाव्य|महाकाव्यों]] और [[पुराण|पुराणों]] में यादवों को असुर कहा गया था, जो गैर-आर्यों के साथ घुलने-मिलने और आर्यन धर्म के पालन में ढिलाई के कारण हो सकता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि [[महाभारत]] में भी [[कृष्ण]] को संघमुख कहा गया है। बिमनबिहारी मजूमदार बताते हैं कि महाभारत में एक स्थान पर यादवों को व्रात्य कहा गया है और दूसरी जगह कृष्ण अपने कबीले की बात करते हैं जिसमें अठारह हज़ार व्रात्य शामिल थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=lr9pFQPwhXYC&pg=PA33&dq=yadu+Rigveda&hl=en&ei=zm3VTMvMJ4eucL2qsdQL&sa=X&oi=book_result&ct=result&redir_esc=y#v=onepage&q=yadu%20Rigveda&f=false|title=Theory of Avatāra and Divinity of Chaitanya|last=Roy|first=Janmajit|date=2002|publisher=Atlantic Publishers & Dist|isbn=978-81-269-0169-2|pages=33-34|language=en|quote=A.D. Pusalkar observes that the Yadava branches are called Asuras in the epics and purāņas on account of their considerable mixture with the non-Aryans and the resultant looseness in the observance of the Aryan Dharma. It is important to note that even in the Mahābhārata, Krsna is called the sanghamukhya. Bimanbehari Majumdar points out that at one place in the Mahābhārata the Yadavas are called Vrātyas and at another place, Krşņa speaks of his tribe consisting of eighteen thousand Vrātas. He is inclined to accept Bloomfield's interpretation of the term Vrātya as meaning Samghātmaka.}}</ref>
[[हरिवंश पुराण]] के अनुसार [[यदु]] का जन्म [[इक्ष्वाकु|इक्ष्वाकुवंशी]] हर्यश्व तथा मधुमती से हुआ था। मधुमती मथुरा के राक्षस-राज मधु की पुत्री थी। मधु कहता है- [[मथुरा]] के चतुर्दिक् सारा प्रदेश [[आभीर|आभीरों]] का है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=Ta5HAAAAMAAJ&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y|title=Mathurā jile kī bolī|last=Rawat|first=Chandrabhan|date=1967|publisher=Hindustānī Ekeḍemī|pages=77|language=hi|quote=हरिवंश पुराण के अनुसार 'यदु' का जन्म हर्यश्व तथा मधुमती से हुआ था। मधुमती मथुरा के राक्षस-राज 'मधु' की पुत्री थी। मधु कहता है- "मथुरा के चतुर्दिक् सारा प्रदेश आभीरों का है।}}</ref> अपने बड़े भाई द्वारा राजगद्दी से बेदखल किए जाने पर, हर्यश्व ने अपने ससुर के दरबार में शरण ली, जिन्होंने उनका बहुत स्नेहपूर्वक स्वागत किया, और उन्हें अपना पूरा राज्य सौंप दिया, केवल राजधानी [[मधुवन]] को छोड़कर; जिसे उन्होंने अपने बेटे लावनाशूर के लिए सुरक्षित रखा। इसके बाद हर्यश्व ने पवित्र गिरिजरा पर एक नया शाही निवास बनवाया, और आनर्त राज्य को मजबूत किया, जिसके बाद उन्होंने अनूप देश को अपने साथ मिला लिया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Indian_Antiquary.html?id=Nd1W1ZDx9ukC&printsec=frontcover&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_entity&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Indian Antiquary|date=1872|publisher=Popular Prakashan|pages=234|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.217532/page/n237/mode/1up|title=Annals Of The Bhandarkar Oriental Research Institute Vo. Xxii|last=Dandekar|first=R. n|date=1942|pages=220}}</ref>
कई प्रमुख [[पुराण|पुराणों]] के वंशानुचरित (वंशावली) खंडों से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यादव अरावली क्षेत्र, [[गुजरात]], [[नर्मदा घाटी]], उत्तरी दक्कन और पूर्वी गंगा घाटी में फैले थे। [[महाभारत]] और पुराणों में उल्लेख है कि यदु या यादव, कई कुलों से मिलकर बना एक संघ था जो [[मथुरा]] क्षेत्र का शासक था। महाभारत में मगध के पौरव शासकों और संभवतः कौरवों के दबाव के कारण मथुरा से द्वारका तक यादवों के पलायन का भी उल्लेख है।<ref name="thapar2">Thapar, Romila (1978, reprint 1996). ''Ancient Indian Social History: Some Interpretations'', New Delhi: Orient Longman, {{ISBN|978-81-250-0808-8}}, pp.216-7</ref><ref name="sircar1">{{cite book|last=Sircar|first=D. C. |title=Studies in the Religious Life of Ancient and Medieval India|year=2008|publisher=Motilal Banarsidass|isbn=978-81-208-2790-5|page=16|url=https://books.google.com/books?id=mh1y1eMgGBMC&pg=PA16|location=Delhi}}</ref><ref>{{Cite book |last=Dalal |first=Roshen |url=https://books.google.co.in/books?id=zrk0AwAAQBAJ&printsec=frontcover&dq=inauthor:%22Roshen+Dalal%22&hl=en&sa=X&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false |title=Hinduism: An Alphabetical Guide |date=2014-04-18 |publisher=Penguin UK |isbn=978-81-8475-277-9 |language=en}}</ref><ref name="hcr1">Raychaudhuri, Hemchandra (1972) ''Political History of Ancient India'', Calcutta: University of Calcutta, pp.127-8</ref>
[[महाभारत]] काल के यादवों को [[वैष्णव सम्प्रदाय]] के अनुयायी के रूप में जाना जाता था, श्री [[कृष्ण]] इनके नेता थे: वे सभी पेशे से गोपालक थे। लेकिन साथ ही उन्होंने [[कुरुक्षेत्र]] की लड़ाई में भाग लेते हुए [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की स्थिति धारण की। वर्तमान [[अहीर]] भी [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] मत के अनुयायी हैं।<ref>{{cite book|first=Shyam Singh |last=Shashi |title=Encyclopaedia of Indian Tribes: The tribal world in transition |url=https://books.google.com/books?id=duIjAQAAIAAJ |year=1994 |publisher=Anmol Publications, 1994 |isbn=9788170418368 |page=76 |quote=The Yadavas of the Mahabharata period were known to be the followers of Vaisnavism, of which Krsna was the leader: they were gopas (cowherd) by profession, but at the same time they held the status of the Ksatriyas, participating in the battle of Kurukshetra. The present Ahirs are also followers of Vaisnavism.}}</ref>
इतिहसकार [[चिन्तामण विनायक वैद्य]] के अनुसार, यादवों की आदतें चरवाहे या पशुपालकों जैसी थीं, यह इस तथ्य से स्पष्ट रूप से सिद्ध होता है कि जब [[कृष्ण]] की बहन [[सुभद्रा]] को [[अर्जुन]] ने हरण कर लिया था, तब उन्होंने [[गोप|गोपी]] या महिला चरवाहे की पोशाक पहन रखी थी। इस तथ्य को समझाना तब तक असंभव है जब तक हम यह न मान लें कि पूरा समुदाय इस पोशाक का उपयोग करने का आदी था। जिस स्वतंत्रता के साथ वह और अन्य यादव महिलाएँ उस अवसर पर उत्सवों में रैवतक पहाड़ी पर घूमती हुई वर्णित हैं, उससे यह भी पता चलता है कि उनके सामाजिक संबंध अन्य [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की तुलना में अधिक स्वतंत्र और अधिक बाधा रहित थे। [[महाभारत]] में कहा गया है कि जब कृष्ण अर्जुन के पक्ष में गए, तो उन्होंने उस कार्य के बदले में दुर्योधन को [[गोप|गोपों]] की एक सेना दे दी। गोप कोई और नहीं बल्कि स्वयं यादव थे।<ref>{{cite book|first=Chintaman Vinayak |last=Vaidya |title=Epic India, Or, India as Described in the Mahabharata and the Ramayana |url=https://books.google.com/books?id=dmOUq73LZLgC |year=2001 |publisher=Asian Educational Services, 2001 |isbn=9788120615649 |page=423 |quote= The fact that the Yadavas were pastoral in their habits is distinctly proved by the fact that Krishna's sister Subhadra when she was taken away by Arjuna is described as having put on the dress of a Gopi or female cowherd. It is impossible to explain this fact unless we believe that the whole tribe was accustomed to use this dress. The freedom with which she and other Yadava women are described as moving on the Raivataka hill in the festivities on that occasion also shows that their social relations were freer and more unhampered than among the other Kshatriyas. Krishna again when he went over to Arjuna's side is said in the Mahabharata to have given in balance for that act an army of Gopas to Duryodhana. The Gopas could have been no other than the Yadavas themselves.}}</ref>
श्री रामधारी सिंह, एम०ए० अपने अन्धक-वृष्णि-संघ का इतिहास" शीर्षक लेख में लिखते हैं-
{{cquote|"यादव जाति नितान्त परिश्रमी तथा आनन्द प्रिय थी। वह जाति ग्वालों की थी, जो अपने डोरों के साथ यमुना तटवर्ती अत्यन्त उपजाऊ तथा सुविधापूर्ण स्थान में निवास करते थे। उनकी कौटुम्बिक प्रथाएँ भी यह सिद्ध करती है कि उनका व्यवसाय गोपालान था। [[सुभद्रा]] तक भी कुन्ती तथा द्रोपदी से अन्तःपुर में मिलने के लिए रागी की पोशाक में न जाकर एक साधारण गोपी या ग्वालिन बेश में भेजी गई थीं। यह घटना उनके रहन-सहन और व्यवसाय का प्रत्यक्ष प्रमाण है। [[श्रीकृष्ण]] और [[बलराम]] भी अपनी गायों को जंगलों में चराया करते थे। इससे सिद्ध होता है कि अमीर-गरीब सभी समान जीवन व्यतीत करते थे। वे पर्याप्त मात्रा में दूध, दही, मक्खन तथा घी उत्पन्न करके सुलमय जीवन व्यतीत करते थे।"<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/shivpujansinh-kushwah_202308/page/n32/mode/1up?q=%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AD%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE+|title=क्या अहीर गूजर जाट विदेशी है? ( इस पुस्तक में अनेक ऐतिहासिक प्रमाणो द्वारा यह सिद्ध किया गया है कि अहीर, गूजर-जाट विदेशी नहीं है वरन् आर्यो कि संतान है. ये चन्द्र वंशीय क्षत्रिय है ] लेखक :- शिवपूजनसिंह कुशवाह Shivpujansinh Kushwah|last=शिवपूजनसिंह कुशवाह}}</ref>}}
== अहीरों से संबंध ==
विद्वान एम.एस.ए. राव का कहना है कि [[अहीर|अहीरों]] की पहचान प्राचीन यादवों से करने के [[इतिहास|ऐतिहासिक]] साक्ष्य मौजूद हैं।<ref>{{Cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Social_Movements_and_Social_Transformati/wWEiAQAAMAAJ?hl=en|title=Social Movements and Social Transformation: A Study of Two Backward Classes Movements in India|last=Rao|first=M. S. A.|date=1987|publisher=Manohar|isbn=978-0-8364-2133-0|pages=124|language=en|quote=Besides this mythical origin of the Yadavas, semi-historical and historical evidence exists* for equating the Ahirs with the Yadavas. It is argued that the term Ahir comes from Abhira (Bhandarkar, 1911:16), who were once found in different parts of India, and who in several places wielded political power. The Abhiras are equated with Ahirs, Gopas and Gollas, and all of them are considered Yadavas.}}</ref> इतिहासकार पी. एम. चंदोरकर साहित्यिक और [[पुरालेख|पुरालेखीय]] दोनों स्रोतों का उपयोग करते हुए आधुनिक [[अहीर|अहीरों]] की पहचान शास्त्रीय [[संस्कृत ग्रन्थों की सूची|संस्कृत ग्रंथों]] के यादवों से करते हैं।{{sfnp|Guha|2006|p=47|ps=:P. M. Chandorkar, using both literary and epigraphic sources has argued that the modern Ahirs and Gavlis - until recently cattle-keepers - should be identified with the Yadavas and Abhiras of the classical Sanskrit texts. He also notes that Khandesh, on the margin of the central Indian forests, was earlier known as the land of the Ahirs, and the local Marathi dialect continued to be called Ahirani.}}
इतिहासकार टी पद्मजा अपनी पुस्तक टेम्पल्स ऑफ कृष्णा इन साउथ इंडिया: हिस्ट्री, आर्ट, एंड ट्रेडिशन्स इन तमिलनाडु में लिखते हैं, [[अहीर|अहीरों]] को [[तमिल]] में अयार नाम से जाना जाता है, अहीरों ने [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] में प्रवास किया और अपने राज्य स्थापित किए और [[अभिलेख|ताम्रपत्र अनुदानों]] और [[अभिलेख|शिलालेखों]] में इन अयार/अहीरों का उल्लेख है कि वे [[यदु]]/यादव वंश से हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=pzgaS1wRnl8C&pg=RA1-PA34&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Temples of Kr̥ṣṇa in South India: History, Art, and Traditions in Tamilnāḍu|last=Padmaja|first=T.|date=2002|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-81-7017-398-4|pages=34,35|language=en}}</ref>
[[महाभारत]] में अहीर, गोप, [[गोपाल]] और यादव सभी [[पर्यायवाची]] हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ggtuAAAAMAAJ&redir_esc=y|title=Religions and Communities of India|last=Chopra|first=Pran Nath|date=1982|publisher=Vision Books|isbn=978-0-391-02748-0|pages=140|language=en|quote=The Mahabharata and other authoritative works use the three terms-Gopa, Yadava and Ahir synonymously.}}</ref><ref>{{Cite book|title=Social Movements and Social Transformation: A Study of Two Backward Classes Movements in India|url=https://archive.org/details/socialmovementss0000raom|last=Rao|first=M. S. A.|date=1987|publisher=Manohar|isbn=978-0-8364-2133-0|pages=[https://archive.org/details/socialmovementss0000raom/page/n150 127]|language=en|quote=in the [[महाभारत]], Abhir, Gopa, Gopal and Yadavas are all synonyms.}}</ref> [[महाकाव्य|महाकाव्यों]] और [[पुराण|पुराणों]] में यादवों का [[अहीर|अहीरों]] के साथ संबंध इस साक्ष्य से प्रमाणित होता है कि यादव साम्राज्य "अधिकांशतः [[अहीर|अहीरों]] द्वारा बसा हुआ था"।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?newbks=0&redir_esc=y&id=c8kiAQAAMAAJ&focus=searchwithinvolume&q=Y%C3%A5dava+kingdom|title=Man in India|last=Bahadur)|first=Sarat Chandra Roy (Rai|date=1974|publisher=A. K. Bose|pages=40,41|language=en|quote=In the Epics and the Puranas the association of the Yādavas with the Abhiras was attested by the evidence that the Yådava kingdom was“ mostly inhabited by the Abhiras".}}</ref>
[[क्लाडियस टॉलमी|टॉलेमी]] जिस क्षेत्र को लरिके बताते हैं वह लगभग 80 ईस्वी में [[पेरिप्लस ऑव दि एरिथ्रीयन सी|पेरीप्लस]] के दिनों में अभीरिया ([[अबीरिया]]) कहलाता था। गुजरात के यह [[आभीर]] अशोक के काल के राष्ट्रिक और [[महाभारत]] काल के यादव थे। इस क्षेत्र में अनेक बार [[गणराज्य|गणतन्त्र प्रणाली]] अपनायी जाती रही है। महाभारत के काल में यहाँ यादवों के अंधक-[[वृष्णि]] और भोज गणतन्त्र थे, अशोक के काल में यहां राष्ट्रिक और भोज गणतंत्र थे और खारवेल के काल में रठिक और भोज गणतंत्र थे। [[समुद्रगुप्त]] के काल में यहाँ [[आभीर]] थे और पुराणों के अनुसार यहाँ [[सौराष्ट्र]] और [[अवन्ति|अबन्ति]]<nowiki/>-[[आभीर|आभीरों]] के [[गणराज्य|गणतंत्र]] थे। कुमारगुप्त प्रथम तथा स्कन्दगुप्त के काल में यहाँ [[पुष्यमित्र|पुष्यमित्र जनजाति]] के लोग थे। ये सब एक ही जाति के लोग थे जो अलग अलग काल खंडों में अलग अलग नाम से जाने गये।<ref>{{cite web | url=https://books.google.com/books?id=gPAdAAAAMAAJ&q=Abhiras| title=The Glory that was Gūrjaradeśa, Volume 1| publisher= Bharathiya Vidya Bhavan | work= History | author= Mularaja solanki | year=1943| pages=30}}</ref><ref>{{cite web | url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.499265| title= Hindu Polity| publisher= Bangalore Print | work= History | author= K P Jayaswal | year= 1943| pages=141}}</ref><ref>{{Cite book |last=Yadav |first=J. N. Singh |url=https://books.google.com/books?id=QJNHAAAAMAAJ |title=Yadavas Through the Ages, from Ancient Period to Date |date=1992 |publisher=Sharada Publishing House |isbn=978-81-85616-03-2 |pages=241 |language=en}}</ref>
[[त्रैकूटक राजवंश|आभीर-त्रैकुटक]] नामक एक ऐतिहासिक राजवंश ने 'महाकाव्य' और पुराणों में वर्णित [[हैहय राजवंश|हैहय यादवों]] से वंश का दावा किया।<ref>{{Cite book |last=Vaidya |first=Chintaman Vinayak |url=https://books.google.com/books?id=7UkzAQAAMAAJ |title=History of Mediæval Hindu India: Circa 600-800 A.D |date=1921 |publisher=Oriental Book Supplying Agency |language=en}}</ref>
जैन विद्वान [[हेमचन्द्राचार्य]] ने अपने द्याश्रय-काव्य में [[जूनागढ़]] के पास वंथली में शासन करने वाले राजा ग्रहरिपु का वर्णन [[आभीर]] और यादव के रूप में किया है।<ref>{{Cite book |last=Tambs-Lyche |first=Harald |url=https://books.google.com/books?id=5ntuAAAAMAAJ&q=Hemachandra+kavya+Yadava |title=Power, Profit, and Poetry: Traditional Society in Kathiawar, Western India |date=1996-12-31 |publisher=Manohar Publishers & Distributors |isbn=978-81-7304-176-1 |pages=56 |language=en |quote=Hemachandra, in the Dyashraya-Kavya, describe the prince Grahasipu, ruling at Vanthali near Junagadh, as an Abhira and a Yadava (Krishna's legendary tribe) (Enthoven 1920, 25).}}</ref> फिर, [[खानदेश]] जिले में कई प्राचीन अवशेष [[गवली]] ([[आभीर|अभीर]]) राज के काल के माने जाते हैं। पुरातात्विक दृष्टिकोण से, इन्हें [[देवगिरि के यादव|देवगिरि के यादवों]] के समय का माना जाता है। इसलिए लोकप्रिय धारणा के अनुसार, ये यादव [[आभीर]] थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=FoT6gPrbTp8C&newbks=0&hl=en&redir_esc=y|title=The Tribes and Castes of Bombay|last=Enthoven|first=Reginald Edward|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0630-2|pages=25|language=en|quote=Again, many ancient remains in the Khándesh district are popularly believed to belong to the period of the Gauli Ráj. From the Archæological point of view, they are to be ascribed to the time of the Yádavas of Devagiri. It is, therefore, not unlikely that, according to popular belief, these Yádavas were Abhiras. This receives some support from the fact that Yaduvanshis even now are one of the most important sub-divisions of the Ahirs.}}</ref>
==हिंदू धर्म में पौराणिक पात्र==
===देवी गायत्री===
*गायत्री लोकप्रिय [[श्री गायत्री देवी|गायत्री]] मंत्र का व्यक्त रूप है, जो [[वैदिक धर्म|वैदिक]] ग्रंथों का एक भजन है। उन्हें [[सावित्री]] और [[वेद माता गायत्री मंदिर|वेदमाता]] (वेदों की माता) के रूप में भी जाना जाता है।
पुराणों के अनुसार, [[गायत्री]] एक [[अहीर]] कन्या थी जिसने पुष्कर में किए गए यज्ञ में [[ब्रह्मा]] की मदद की थी।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ADIqAAAAYAAJ&q=abhira&redir_esc=y|title=Nārada Purāṇa, a Critical Study|last=Nambiar|first=K. Damodaran|date=1979|publisher=All-India Kashiraj Trust|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=KDQqAAAAYAAJ&q=abhira&redir_esc=y|title=Religion and Philosophy of the Padma-purāṇa|last=Arya|first=Sharda|date=1988|publisher=Nag Publishers|isbn=978-81-7081-190-9|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1SMLAQAAMAAJ&q=gayatri+abhira&redir_esc=y|title=The Aryan Path|last=Wadia|first=Sophia|date=1969|publisher=Theosophy Company (India), Limited|language=en}}</ref>
===देवी दुर्गा===
*[[दुर्गा]] हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवी हैं। उन्हें देवी माँ के एक प्रमुख पहलू के रूप में पूजा जाता है और भारतीय देवताओं के बीच सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से सम्मानित में से एक है।
इतिहासकार रामप्रसाद चंदा के अनुसार, [[दुर्गा]] भारतीय उपमहाद्वीप में समय के साथ विकसित हुईं। चंदा के अनुसार, दुर्गा का एक आदिम रूप, "[[हिमालय]] और [[विंध्य]] के निवासियों द्वारा पूजा की जाने वाली एक पर्वत-देवी की समन्वयता" का परिणाम था, जो युद्ध-देवी के रूप में [[अहीर|अभीर]] की एक देवता थी। विराट पर्व स्तुति और [[विष्णु]] ग्रंथ में देवी को [[महामाया]] या [[विष्णु]] की [[योग निद्रा|योगनिद्रा]] कहा गया है। ये उसके [[अहीर|अभीर]] या [[गोप]] [[मूल]] को इंगित करते हैं। दुर्गा तब सर्व-विनाशकारी समय के अवतार के रूप में काली में परिवर्तित हो गईं, जबकि उनके पहलू मौलिक ऊर्जा (आद्या शक्ति) के रूप में उभरे और संसार (पुनर्जन्मों का चक्र) की अवधारणा में एकीकृत हो गए और यह विचार वैदिक धर्म की नींव पर बनाया गया था। पौराणिक कथाओं और दर्शन।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=L4bXAAAAMAAJ&q=parvan+stuti&redir_esc=y|title=Durga As Mahisasuramardini|last=Aiyar|first=Indira S.|date=1997|publisher=Gyan Publishing House|isbn=978-81-212-0510-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=caeJpIj9SdkC&redir_esc=y|title=Offering Flowers, Feeding Skulls: Popular Goddess Worship in West Bengal|last=McDaniel|first=June|date=2004-08-05|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-534713-5|language=en}}</ref>
===देवी राधा===
*[[राधा]] को राधिका भी कहा जाता है, एक हिंदू देवी और वह बरसाना के एक यादव ([[अहीर]]) शासक [[वृषभानु]] की बेटी थीं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=_anlsbp56aoC&pg=PA46&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The Book of Krishna|last=Varma|first=Pavan K.|date=2009-07-01|publisher=Penguin Books India|isbn=978-0-14-306763-4|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ihgIAQAAIAAJ&newbks=0&hl=en|title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Káthiáwar|date=1884|publisher=Government Central Press|language=en|quote=Radha or Radhika who was the daughter of Vrashabhánu, an Áhir chief of Varsána, a village near Gokul.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=OXXXAAAAMAAJ&dq=vrishabhanu+yadava&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiyv5vrq73xAhUNyzgGHeI_D3wQ6AEwAHoECAgQAw|title=Temples of Vrindaban|last=Das|first=R. K.|date=1990|publisher=Sandeep Prakashan|isbn=978-81-85067-47-6|language=en}}</ref>
==योद्धा जाति के रूप में==
[[यादव]] महान योद्धा हैं।<ref name="ks#1">{{cite book | url=https://books.google.co.in/books?id=iKsqzB4P1ioC&dq=ahir+warriors&source=gbs_navlinks_s | title=Rajasthan, Part 1 | publisher=Popular Prakashan | author=K. S. Singh, B. K. Lavania | year=1998 | pages=45 | isbn=9788171547661}}</ref> भगवान [[कृष्ण]] ने [[दुर्योधन]] को [[महाभारत]] में लड़ने के लिए जो [[नारायणी सेना]] दी थी वह अहीर [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की ही थी। संसप्तकों में भी वीर अहीर योद्धा विद्यमान थे। [[अहीर|अहीरों]] का [[महाभारत]] में [[क्षत्रिय]] के रूप में उल्लेख किया गया है और [[द्रोणाचार्य]] द्वारा बनाए गए [[चक्रव्यूह]] का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा थे, जिसने अपनी सेना में केवल [[ब्राह्मण|ब्राह्मणों]] और [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] को अनुमति दी थी।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=KTEoAAAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=Report of the Indian Statutory Commission ...|last=commission|first=Great Britain Indian statutory|date=1930|publisher=H. M. Stationery Office|language=en|quote=The Narayani Army which the Krishna organised and which made him so powerful that his friendship was eagerly sought by the greatest kings of his time, is described in the Mahabharata as being all of the Ahir caste.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=6uY2AQAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=Rajputana Classes: 1921|date=1922|publisher=Government Monotype Press|language=en|quote=In the Mahabharat it is mentioned that the Narayani army which Sri Krishna organised was composed of Ahirs.}}</ref><ref>{{cite book|first=Braj Kumar |last=Pandey |title=Sociology and Economics of Casteism in India: A Study of Bihar |url=https://books.google.com/books?id=e41uAAAAMAAJ |year=1996 |publisher=Pragati Publications, 1996 |isbn=9788173070365 |page=78 |quote=The Narayani Army which he organized, and which made him so powerful that his friendship was eagerly sought by the greatest kings of his time, is described in the Mahabharat as being all of the Abhira caste.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7tAOAAAAIAAJ&newbks=0&hl=en|title=ब्रज का रास रंगमंच|last=अग्रवाल|first=रामनारायण|date=1981|publisher=नेशनल पब्लिशिंग हाउस|language=hi|quote=भगवान कृष्ण ने दुर्योधन को महाभारत में लड़ने के लिए जो नारायणी सेना दी थी वह आभीरों की ही थी। संसप्तकों में भी वीर आभीर योद्धा विद्यमान थे। द्रोण की सुवर्ण-व्यूह रचना में आभीरों का मुख्य स्थान था।}}</ref>
भारत के ब्रिटिश शासकों ने अहीरों को "[[योद्धा जातियाँ|लड़ाकू जातियों]]" में वर्गीकृत किया था। वे लंबे समय से सेना में भर्ती होते रहे हैं<ref>{{cite book |title=Peasants and monks in British India |first=William R. |last=Pinch |publisher=University of California Press |year=1996 |isbn=978-0-520-20061-6 |url=http://books.google.co.uk/books?id=uEP-ceGYsnYC |page=90 |accessdate=2012-02-22}}</ref> तब ब्रिटिश सरकार ने अहीरों की चार कंपनियाँ बनायीं थी, इनमें से दो 95वीं रसेल इंफेंटरी में थीं।<ref>{{cite book|author=M. S. A. Rao|title=Social movements and social transformation: a study of two backward classes movements in India|url=http://books.google.com/books?id=tZAiAAAAMAAJ|accessdate=2011-03-28|date=1 May 1979|publisher=Macmillan}}</ref> 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान 13 [[कुमाऊं रेजिमेंट|कुमाऊं रेजीमेंट]] की [[अहीर|अहीर कंपनी]] द्वारा [[रेज़ांग ला|रेजांगला]] मोर्चे पर अहीर सैनिकों की वीरता और बलिदान की आज भी भारत में प्रशंसा की जाती है। और उनकी वीरता की याद में युद्ध स्थल स्मारक का नाम "अहीर धाम" रखा गया।<ref>{{cite news|first=Mohan |last=Guruswamy |url=http://www.thehindu.com/opinion/lead/dont-forget-the-heroes-of-rezang-la/article4112584.ece |title=Don’t forget the heroes of Rezang La |work=The Hindu |date=20 November 2012 |accessdate=2014-07-13}}</ref><ref>{{cite news|url=http://archive.indianexpress.com/news/-nobody-believed-we-had-killed-so-many-chinese-at-rezang-la.-our-commander-called-me-crazy-and-warned-that-i-could-be-courtmartialled-/1023745/0 |title=‘Nobody believed we had killed so many Chinese at Rezang La. Our commander called me crazy and warned that I could be court-martialled’ |work=The Indian Express |date=30 October 2012 |accessdate=2014-07-13}}</ref>
== राजवंश ==
===प्रद्योत राजवंश ===
[[प्रद्योत वंश|प्रद्योत राजवंश]] एक प्राचीन भारतीय [[आभीर|आभीर-यादव राजवंश]] था, जिसने [[अवन्ति|अवंती]] और [[मगध महाजनपद|मगध]] पर शासन किया था। इस राजवंश ने 138 या 152 वर्षों तक शासन किया।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/yadavas-through-the-ages-i/page/153/mode/1up?q=Pradyota|title=Yadavas Through The Ages, Vol. I|last=Singh Yadav|first=J[ai] N[arain|date=1992}}</ref>
=== आभीर राजवंश ===
आभीर राजवंश ने दक्कन पर शासन किया था, जहां यह संभवतः सातवाहन राजवंश का उत्तराधिकारी था। आभीरों का एक विस्तृत साम्राज्य था जिसमें आधुनिक महाराष्ट्र, कोंकण, गुजरात और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से शामिल थे।<ref>{{Cite book |url=https://books.google.com/books?id=lwFIAAAAMAAJ |title=Numismatic Digest |date=1985 |publisher=Numismatic Society of Bombay. |pages=74 |language=en |quote=The Ābhīras had an extensive empire comprising Maharashtra, Konkan, Gujarat and some part of South Madhya Pradesh.}}</ref> इतिहासकार सुधाकर चट्टोपाध्याय के अनुसार आभीर साम्राज्य दक्षिण भारत में कहीं अधिक विस्तृत था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=78I5lDHU2jQC&pg=PA129&dq=abhira+kingdom&hl=en&sa=X&redir_esc=y#v=onepage&q=abhira%20kingdom&f=false|title=Some Early Dynasties of South India|last=Chattopadhyaya|first=Sudhakar|date=1974|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=978-81-208-2941-1|pages=129|language=en}}</ref> कुछ विद्वान आभीरों को तीसरी शताब्दी ई. में एक महान लगभग एक शाही शक्ति के रूप में मानते हैं।<ref>{{Cite book |last=Majumdar |first=R. C. |url=https://books.google.com/books?id=k1wuEAAAQBAJ |title=Ancient India |date=2016-01-01 |publisher=Motilal Banarsidass |isbn=978-81-208-0435-7 |pages=380 |language=en}}</ref> कुछ इतिहासकारों के अनुसार, [[कलचुरि राजवंश|कलचुरी]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट]] और बाद में [[देवगिरि के यादव|सेऊना यादव]] जैसे कई राजवंशों का उद्गम इन्हीं [[आभीर|आभीरों]] से माना जाता है, जो राजनीतिक रूप से मजबूत पशुपालक समूहों के [[ब्राह्मणवाद|ब्राह्मणवादी]] जाति व्यवस्था में एकीकरण पर प्रकाश डालता है। ब्राह्मण सामाजिक ढांचे के भीतर, शासक समूहों को अक्सर [[क्षत्रिय]] के रूप में वर्गीकृत किया जाता था और उन्हें [[सूर्यवंश]], [[चंद्रवंश]] या [[अग्निवंश]] जैसे प्रतीकात्मक वंशों से जोड़ा जाता था। इतिहासकार आमतौर पर इन वंशों को वास्तविक जैविक वंश का प्रतिनिधित्व करने के बजाय राजनीतिक सत्ता को वैधता प्रदान करने के लिए विकसित वंशावली संरचना मानते हैं। ये कथाएँ उस प्रक्रिया का हिस्सा थीं जिसके द्वारा उभरते हुए शासक समूहों को ब्राह्मणवादी जाति व्यवस्था में समाहित किया गया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=p159EAAAQBAJ&dq=Abhira+pastoralists+clans&pg=PT19&redir_esc=y#v=onepage&q=Abhira%20pastoralists%20clans&f=false|title=Water and Historic Settlements: The Making of a Cultural Landscape|last=Mubayi|first=Yaaminey|date=2022-09-13|publisher=Taylor & Francis|isbn=978-1-000-64163-9|language=en}}</ref>
=== त्रैकूटक राजवंश ===
सामान्यतः यह माना जाता है कि त्रैकूटक राजवंश [[हैहय राजवंश|हैहयवंशी]] [[आभीर]] थे जिन्होंने [[कलचुरि राजवंश|कल्चुरी]] और [[चेदि राज्य|चेदि]] संवत् चलाया था<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=aSe2AAAAIAAJ&q=traikutaka&dq=traikutaka&lr=&ei=wl1TS9zLBojKlQTt24CFDQ&cd=16&redir_esc=y|title=Journal of the Asiatic Society of Bombay|date=1935|publisher=Asiatic Society of Bombay|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=B1WgAAAAMAAJ&redir_esc=y|title=The Age of Imperial Unity|date=1968|publisher=Bharatiya Vidya Bhavan|language=en}}</ref> इंद्रदत्त, दहरसेन, व्याघ्रसेन व विक्रमसेन इस राजवंश के प्रसिद्ध राजा थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=x40mwFwgK44C&pg=PA49&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Antiquities of India: An Account of the History and Culture of Ancient Hindustan|last=Barnett|first=Lionel D.|date=1994|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0530-5|language=en}}</ref> [[त्रैकूटक राजवंश|त्रैकूटको]] को उनके [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] संप्रदाय के लिए जाना जाता था, जो [[हैहय राजवंश|हैहय]] शाखा के [[यादव]] थेे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7UkzAQAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=History of Mediæval Hindu India: Circa 600-800 A.D|last=Vaidya|first=Chintaman Vinayak|date=1921|publisher=Oriental Book Supplying Agency|language=en|quote=It is clear that the rule previous to that of the Gurjaras was that of the Traikutakas who claimed to be Haihayas by descent and whose capital Trikuta not yet well identified is mentioned even in the Rāmāyaṇa and in Kalidasa's Raghuvansha.}}</ref> महाराज दहरसेन ने [[अश्वमेध यज्ञ]] भी किया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=Wk4_ICH_g1EC&pg=PA426&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Indian History and Civilization|last=Sen|first=Sailendra Nath|date=1999|publisher=New Age International|isbn=978-81-224-1198-0|language=en}}</ref>
=== कलचुरि राजवंश ===
कलचुरि एक प्रारंभिक मध्ययुगीन भारतीय [[आभीर|आभीर राजवंश]] था, जिन्होंने वर्तमान [[महाराष्ट्र]], [[गुजरात]] और [[मध्य प्रदेश|दक्षिणी मध्य प्रदेश]] के कुछ हिस्सों पर शासन किया था। उनकी राजधानी महिष्मती में स्थित थी। पुरालेख और मुद्राशास्त्रीय साक्ष्य बताते हैं कि एलोरा और [[घारापुरी गुफाएँ|एलीफेंटा गुफा]] स्मारकों में से सबसे पहले कलचुरी शासन के दौरान बनाए गए थे।<ref>{{cite book|first=Jitāmitra Prasāda |last=Siṃhadeba |title=Archaeology of Orissa: With Special Reference to Nuapada and Kalahandi |url=https://books.google.com/books?id=2ypuAAAAMAAJ |year=2006 |publisher=R.N. Bhattacharya, 2006 |isbn=9788187661504 |page=113}}</ref>
=== चूड़ासमा (आभीर) राजवंश ===
"[[चूड़ासमा|चूडासमा राजवंश]]" मूल रूप से [[सिंध]] प्रांत का [[आभीर|आभीर वंश]] था। 875 ई. के बाद से [[जूनागढ़]] के आसपास उनका काफी प्रभाव था, जब उन्होंने अपने-राजा रा चुडा के नेतृत्व में गिरनार के करीब [[वंथली|वनथली]] (प्राचीन वामनस्थली) में खुद को समेकित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=2eIcAAAAMAAJ&dq=&redir_esc=y|title=Junagadh|last=Rajan|first=K. V. Soundara|date=1985|publisher=Archaeological Survey of India|language=en|quote=The Chudasama dynasty, originally of Abhira clan from Sind wielded great influence around Junagadh from the 875 A.D. onwards when they consolidated themselves at Vanthali (ancient Vamanasthali) close to Girnar under their-King Ra Chuda.}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/history-of-gujarat-gazetteer-of-bombay-vol.-i_202109|title=History Of Gujarat ( Gazetteer Of Bombay Vol. I)|last=Gazetteer Of Bombay Vol. I|quote=Doctor Bhagvanlal held that the Chudasamas were originally of the Abhira tribe, as their traditions attest connection with the Abhiras and as the description of Graharipu one of their kings by Hemachandra in his DvydaSraya points to his being of some local tribe and not of any ancient Rajput lineage. Further in their bardic traditions as well as in popular stories the Chudasamas are still commonly called Ahera-ranas. The position of Aberia in Ptolemy (A.D. 150) seems to show that in the second century the Ahirs were settled between Sindh and the Panjab. Similarly it may be suggested that Jadeja is a corruption of Jaudheja which in turn comes from Yaudheya (the change of y to j being very common) who in Kshatrapa Inscriptions appear as close neighbours of the Ahirs. After the fall of the Valabhis (A.D. 775) the Yaudheyas seem to have established themselves in Kacch and the Ahirs settled and made conquests in Kathiavada.}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.36138|title=Abhiras their history and culture|last=SurvaVanshi|first=Bhagwansingh|date=1962|quote=Hemachandra in his Dvyasrayakavya mentions Graharipu, as a mighty Abhira-Chudasama king of Saurashtra. The Chudasama kings are described as Abhiras by Merutungacharya.}}</ref>
=== सेऊना यादव शासक ===
[[File:Aurangabad - Daulatabad Fort (95).JPG|thumb|right|देवगिरि का किला]]
यदुवंशी अहीरों के मजबूत गढ़, खानदेश से प्राप्त अवशेषों को बहुचर्चित 'गवली राज' से संबन्धित माना जाता है तथा पुरातात्विक रूप से इन्हें देवगिरि के यादवों से जोड़ा जाता है। इसी कारण से कुछ इतिहासकारों का मत है कि 'देवगिरि के यादव' भी अभीर(अहीर) थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=FoT6gPrbTp8C&pg=PA59&dq=The+tribes+and+castes+of+Bombay,+Volume+1&ei=wSxHS-_UDYiGlQSI8fz5DQ&cd=1&redir_esc=y#v=onepage&q=gauli&f=false|title=The Tribes and Castes of Bombay|last=Enthoven|first=Reginald Edward|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0630-2|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=v2hDAAAAYAAJ&q=ahir+king&dq=ahir+king&hl=en&sa=X&ved=0CCYQ6AEwAjhaahUKEwiOzIyJ0r7HAhXHBo4KHSUhDfo|title=Maharashtra State Gazetteers: Buldhana|last=Maharashtra (India)|date=1976|publisher=Directorate of Government Print., Stationery and Publications, Maharashtra State|language=en}}</ref> यादव शासन काल में अनेक छोटे-छोटे निर्भर राजाओं का जिक्र भी मिलता है, जिनमें से अधिकांश अभीर या अहीर सामान्य नाम के अंतर्गत वर्णित है, तथा खानदेश में आज तक इस समुदाय की आबादी बहुतायत में विद्यमान है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=4oXoAAAAMAAJ&q=abhira+yadava&dq=abhira+yadava&hl=en&sa=X&ved=0CEUQ6AEwCTgUahUKEwjDrYDT6tzHAhUmY6YKHY0YBzI|title=Epigraphia Indica|date=1985|publisher=Manager of Publications|language=en}}</ref>
सेऊना गवली यादव राजवंश खुद को उत्तर भारत के यदुवंशी या चंद्रवंशी समाज से अवतरित होने का दावा करते थे।<ref>192.
Chapter 8, "Yadavas Through the Ages" J.N.S.Yadav (1992)</ref><ref>193.Robin James Moore. Tradition and Politics in South Asia. 1979. Vikas Publishing House.</ref> सेऊना मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा से बाद में द्वारिका में जा बसे थे। उन्हें "कृष्णकुलोत्पन्न (भगवान कृष्ण के वंश में पैदा हुए)","यदुकुल वंश तिलक" तथा "द्वारवाटीपुरवारधीश्वर (द्वारिका के मालिक)" भी कहा जाता है। अनेक वर्तमान शोधकर्ता, जैसे कि डॉ॰ कोलारकर भी यह मानते हैं कि यादव उत्तर भारत से आए थे।<ref>195.Marathyancha Itihaas by Dr. S.G Kolarkar, p.4, Shri Mangesh Prakashan, Nagpur.</ref> निम्न सेऊना यादव राजाओं ने देवगिरि पर शासन किया था-
* दृढ़प्रहा
* सेऊण चन्द्र प्रथम
* ढइडियप्पा प्रथम
* भिल्लम प्रथम
* राजगी
* वेडुगी प्रथम
* धड़ियप्पा द्वितीय
* भिल्लम द्वितीय (सक 922)
* वेशुग्गी प्रथम
*भिल्लम तृतीय (सक 948)
* वेडुगी द्वितीय
* सेऊण चन्द्र द्वितीय (सक 991)
* परमदेव
* सिंघण
* मलुगी
*अमरगांगेय
* अमरमालगी
* भिल्लम पंचम
* सिंघण द्वितीय
* राम चन्द्र
=== अयार राजवंश ===
अयार एक भारतीय यादव राजवंश था जिसने प्रायद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी सिरे को प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से मध्यकाल तक नियंत्रित किया था। कबीले ने परंपरागत रूप से विझिंजम के बंदरगाह, नानजिनाद के उपजाऊ क्षेत्र और मसाला-उत्पादक पश्चिमी घाट पहाड़ों के दक्षिणी भागों पर शासन किया। मध्ययुगीन काल में राजवंश को कुपका के नाम से भी जाना जाता था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=nHluAAAAMAAJ&q=Ayar&redir_esc=y|title=Social and Cultural History of Tamilnad: To A.D. 1336|last=Subrahmanian|first=N.|date=1993|publisher=Ennes|language=en}}</ref><ref name=":62">{{Cite journal|last=Ganesh|first=K.N.|date=June 2009|title=Historical Geography of Natu in South India with Special Reference to Kerala|journal=Indian Historical Review|volume=36|issue=1|pages=3–21|doi=10.1177/037698360903600102|s2cid=145359607|issn=0376-9836}}</ref><ref>Narayanan, M. G. S. ''Perumāḷs of Kerala.'' Thrissur (Kerala): CosmoBooks, 2013. 179.</ref>
यह अनुमान लगाया जाता है कि अयार नाम प्रारंभिक तमिल शब्द "अयार" से लिया गया है जिसका अर्थ है ग्वाला।<ref>A Dictionary Of The Tamil And English Languages, Volume 1, Page 131</ref> ग्वालों को तमिल में अयार के रूप में जाना जाता था, यहां तक कि उन्हें उत्तर भारत में [[अहीर]] और [[आभीर|अभीर]] के रूप में जाना जाता था। परंपरा कहती है कि पांड्य देश में [[अहीर]] [[पाण्ड्य राजवंश|पांड्य]] के पूर्वजों के साथ तमिलकम में आए थे। पोटिया पर्वत क्षेत्र और इसकी राजधानी को अय-कुडी के नाम से जाना जाता था। नचिनार्किनियार, तोल्काप्पियम के प्रारंभिक सूत्र पर अपनी टिप्पणी में, एक ऋषि अगस्त्य के साथ यादव जाति के प्रवास से संबंधित एक परंपरा का वर्णन करता है, जो द्वारका की मरम्मत करता है और अपने साथ [[कृष्ण]] की रेखा के 18 राजाओं को ले जाता है और दक्षिण में चला जाता है। . वहाँ, उसने जंगलों को साफ करवाया और अपने साथ लाए गए सभी लोगों को उसमें बसाने के लिए राज्यों का निर्माण किया।
अयार राजाओं ने बाद के समय में भी [[यदुकुल|यदु-कुल]] और [[कृष्ण]] के साथ अपने संबंध को संजोना जारी रखा, जैसा कि उनके [[ताम्रपत्र]] अनुदानों और [[अभिलेख|शिलालेखों]] में देखा गया है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=pzgaS1wRnl8C&pg=RA1-PA34&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Temples of Kr̥ṣṇa in South India: History, Art, and Traditions in Tamilnāḍu|last=Padmaja|first=T.|date=2002|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-81-7017-398-4|language=en}}</ref>
अल्फ हिल्टेबेइटेल के अनुसार, [[कोनार]] यादव जाति का एक क्षेत्रीय नाम है, जिस जाति से [[कृष्ण]] संबंधित हैं। कई [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] ग्रंथ [[कृष्ण]] को अयार जाति, या कोनार से जोड़ते हैं, विशेष रूप से थिरुप्पावई, जो खुद देवी अंडाल द्वारा रचित है, विशेष रूप से [[कृष्ण]] को "आयर कुलथु मणि विलक्के" के रूप में संदर्भित करते हैं। जाति का नाम कोनार और कोवलर नामों के साथ विनिमेय है जो तमिल शब्द कोन से लिया गया है, जिसका अर्थ "राजा" और "[[ग्वाला|ग्वाले]]" हो सकता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ui5gju8MwDUC&pg=PA35&redir_esc=y|title=The Cult of Draupadi, Volume 1: Mythologies: From Gingee to Kuruksetra|last=Hiltebeitel|first=Alf|date=1988-03-21|publisher=University of Chicago Press|isbn=978-0-226-34046-3|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=YSM9AAAAIAAJ&pg=PA101&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Neolithic Cattle-Keepers of South India|last=Studies|first=Faculty of Oriental|publisher=CUP Archive|language=en}}</ref>
मध्ययुगीन अयार राजवंश ने दावा किया कि वे यादव या [[वृष्णि|वृष्णि वंश]] के थे और यह दावा वेनाड और त्रावणकोर के शासकों द्वारा आगे बढ़ाया गया था। त्रिवेंद्रम में श्री [[पद्मनाभस्वामी मंदिर|पद्मनाभ]] मध्ययुगीन अयार परिवार के संरक्षक देवता थे।<ref name="google.co.in22">Aiya, V. Nagam. ''The Travancore State Manual.'' Vol 1. Part 2. Trivandrum: The Travancore Government Press, 1906 [https://books.google.com/books?id=AVd1AQAAQBAJ&pg=PT222#v=onepage&q&f=false]</ref><ref name=":7">{{Cite journal|last=Ganesh|first=K.N.|date=February 1990|title=The Process of State Formation in Travancore|journal=Studies in History|volume=6|issue=1|pages=15–33|doi=10.1177/025764309000600102|s2cid=162972188|issn=0257-6430}}</ref>
== संस्कृतिकरण ==
हाल ही में प्रकाशित कुछ पुस्तकों का दावा है कि वर्तमान यादव जाति के लोग केवल अहीर हैं जिन्होंने 1922 में कुछ हिंदू जातियों के संस्कृतिकरण आंदोलन के हिस्से के रूप में अपनी पहचान बदलकर यादव कर ली थी। हालाँकि 1881 की ब्रिटिश जनगणना इस दावे का खंडन करती है, किसी भी [[संस्कृतीकरण|संस्कृतिकरण]] आंदोलन से आधी सदी पहले की [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश जनगणना]] (1881) में यादवों की पहचान अहीरों के रूप में बताई गई है। इसमें कहा गया है कि [[अहीर]] और [[गवली]] के रूप में पहचाने जाने वाले यादव उस समय प्रमुख जाति थे।<ref>{{Cite book|url=https://ruralindiaonline.org/en/library/resource/report-on-the-census-of-british-india-taken-on-the-17th-of-february-1881-vols-i-iii/|title=Report on the Census of British India taken on the 17th of February 1881: Vols. I-III|date=1881-02-17|pages=326|language=en|quote=The Yadavas, who in their turn are identified with the Gaolis and Ahirs, were the dominant race at that time.}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
[[अहीर]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:अन्य पिछड़ा वर्ग]]
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AMAN KUMAR
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{{Multiple issues|
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}}{{Infobox caste
| caption =
| caste_name =यादव
| subdivisions = [[यदुवंशी]] ,[[ग्वालवंशी]] और [[नंदवंशी]]
| populated_states = [[भारत]] और [[नेपाल]]
| religions = [[हिन्दू]] में ([[वैष्णव]] या [[भागवत]] सम्प्रदाय के अनुयायी)<ref>{{cite book|first=Shyam Singh |last=Shashi |title=Encyclopaedia of Indian Tribes: The tribal world in transition |url=https://books.google.com/books?id=duIjAQAAIAAJ |year=1994 |publisher=Anmol Publications, 1994 |isbn=9788170418368 |page=76 |quote=The Yadavas of the Mahabharata period were known to be the followers of Vaisnavism, of which Krsna was the leader: they were gopas (cowherd) by profession, but at the same time they held the status of the Ksatriyas, participating in the battle of Kurukshetra. The present Ahirs are also followers of Vaisnavism.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=n8rTDwAAQBAJ&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=History of Ancient India Revisited, A Vedic-Puranic View.|last=Chopra|first=Omesh K.|date=2020-03-02|publisher=BlueRose Publishers|pages=252|language=en|quote=Sanskrit scholars such as Panini and Chanakya say that Abhiras follow the Bhagavata sect of Hindu religion.}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Bhagavata|title=Bhagavata {{!}} Vaishnavism, Puranas, Devotion {{!}} Britannica|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2025-02-13}}</ref>
|varna=[[वैदिक]] [[चंद्रवंशी]]<nowiki> [[क्षत्रिय]]</nowiki>|image=[[File:Krishna as Envoy.jpg|thumb| दुर्योधन की सभा में भगवान कृष्ण और यादव योद्धा ]]}}
'''यादव''' [[भारत]] और [[नेपाल]] का पारंपरिक रूप से योद्धा-पशुपालक समुदाय है। जाफरलॉट कहते हैं कि अधिकांश आधुनिक यादव [[किसान]] हैं, जो मुख्य रूप से भूमि जोतने में लगे हैं, तथा एक तिहाई से भी कम जनसंख्या मवेशी पालने या दूध के व्यवसाय में लगी हुई है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=OAkW94DtUMAC&redir_esc=y|title=India's Silent Revolution: The Rise of the Lower Castes in North India|last=Jaffrelot|first=Christophe|date=2003|publisher=Hurst & Company|isbn=978-1-85065-670-8|pages=188|language=en}}</ref>
यादव/अहीर समुदाय [[भारत]] में अकेला सबसे बड़ा समुदाय है। वे किसी विशेष क्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि देश के लगभग सभी हिस्सों में निवास करते हैं। हालाँकि, [[हरियाणा]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] में उनका प्रभुत्व है। राजस्थान, [[मध्य प्रदेश]], [[छत्तीसगढ़]], [[उड़ीसा]], [[बंगाल]], [[महाराष्ट्र]], [[गुजरात]], [[आंध्र प्रदेश]], [[तमिलनाडु]] और [[कर्नाटक]] जैसे अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में यादव हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=p69GMA226bgC&newbks=0&hl=en|title=Followers of Krishna: Yadavas of India|last=Yadava|first=S. D. S.|date=2006|publisher=Lancer Publishers|isbn=978-81-7062-216-1|language=en}}</ref>
यादव समुदाय को [[बिहार]], [[छत्तीसगढ़]], [[दिल्ली]], [[हरियाणा]], [[झारखण्ड|झारखंड]], [[कर्नाटक]], [[मध्य प्रदेश]], [[ओडिशा]], [[राजस्थान]], [[उत्तर प्रदेश]] और [[पश्चिम बंगाल]]। राज्यों में [[अन्य पिछड़ा वर्ग]] (ओबीसी) के रूप में सरकारी [[नौकरी|नौकरियों]] और [[शैक्षणिक विषयों की सूची|शैक्षणिक]] संस्थानों में [[प्रतिनिधित्व]] दिया जाता है।
== उत्पत्ति और इतिहास ==
===ऋग्वेद में===
यादव शब्द की व्याख्या "यदु के वंशज" के रूप में की गई है। यदु [[ऋग्वेद]] में वर्णित पाँच प्रारंभिक इंडो-आर्यन जनजातियों (पंचजन, पंचकृष्ट्य या पंचमनुष्य) में से एक है।<ref>{{cite book |last=Singh |first=Upinder |author-link=Upinder Singh |title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century |url=https://books.google.com/books?id=GW5Gx0HSXKUC&pg=PA187 |year=2008 |publisher=Pearson Education |location=Delhi |isbn=978-81-317-1120-0 |page=187}}</ref><ref>{{Cite book|last=Jamison|first=Stephanie|title=The Rigveda: The Earliest Religious Poetry of India|last2=Brereton|first2=Joel|publisher=Oxford University Press|year=2014|isbn=9780199370184|pages=54}}</ref><ref name=":0">{{Cite journal|last=Witzel|first=Michael|date=1999|title=Substrate Languages in Old Indo-Aryan: (Ṛgvedic, Middle and Late Vedic).|url=https://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.411.6137&rep=rep1&type=pdf|journal=Electronic Journal of Vedic Studies|volume=5|pages=3, 33}}</ref> यदुओं का तुर्वसु जनजाति के साथ एक आदिवासी संघ था, और उन्हें अक्सर एक साथ वर्णित किया गया था।<ref>{{Cite journal|last=Witzel|first=Michael|date=2001|title=Autochthonous Aryans?: The Evidence from Old Indian and Iranian Texts.|url=http://www.people.fas.harvard.edu/~witzel/EJVS-7-3.pdf|journal=Electronic Journal of Vedic Studies|volume=7|pages=7}}</ref><ref name=":1">{{Cite book|last=Erdosy|first=George|title=Language, Material Culture and Ethnicity. The Indo-Aryans of Ancient South Asia: Rgvedic history: poets, chieftains and politics|last2=Witzel|first2=Michael|publisher=De Gruyter|year=1995|isbn=|location=|pages=204}}</ref> यदु आंशिक रूप से [[इंडो-आर्यन और भारत में जाति व्यवस्था: ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टिकोण"|इंडो-आर्यन-संस्कृति]] से प्रभावित सिंधु जनजाति थे। पुरु और भरत जनजातियों के आगमन के समय तक, यदु-तुर्वसु [[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]] में बस गए थे, यदु संभवतः [[यमुना नदी]] के किनारे रहते थे।{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=262}}
[[ऋग्वेद]] के मंडल 4 और 5 में यदुवों (यादवों ) एवं तुर्वसों को विदेशी जाति बताते हुए उन्हें [[इन्द्र]] द्वारा समुद्र-मार्ग से भारत में ले आने एवं बसाने का उल्लेख मिलता है। मंडल 5, 6, और 8 में यदु-तुर्वशों के साथ अपेक्षाकृत सकारात्मक व्यवहार किया गया है, और उन्हें पुरु-भरत का यदा-कदा सहयोगी और शत्रु बताया गया है। [[दशराज्ञ युद्ध|दस राजाओं]] की लड़ाई में, यदुओं को भरत सरदार [[सुदास (ऋग्वेद)|सुदास]] ने हराया था।{{Sfn|Jamison|Brereton|2014|p=605, 695}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=222, 262}}{{Sfn|Jamison|Brereton|2014|p=829}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=237}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=235}}{{Sfn|Erdosy|Witzel|1995|p=239}}
[[ऋग्वेद]] X.62.10 में, यदुओं और तुर्वशों को [[दस्यु|दास-दस्यु]] और [[बर्बर]] ([[म्लेच्छ]]) कहा गया है। इतिहासकार आर.पी. चंदा ने अनुमान लगाया कि यदु लोग मूल रूप से [[पश्चिमी एशिया]] में बसे थे, जहां से वे [[भारत]] आए, [[सुराष्ट्र]] या [[काठियावाड़]] प्रायद्वीप में बस गए और फिर [[मथुरा]] में फैल गए।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=CmaewdodLZQC&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Reflections on the Tantras|last=Chattopadhyaya|first=Sudhakar|date=1978|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=978-81-208-0691-7|pages=19|language=en|quote=In the Rgveda, x.62.10, the Yadus and Turvaśas are called dāsas or barbarians. From these evidences R.P. Chanda infers that the Yadus were of homo-Alpinus origin, settled originally in Western Asia, whence they came to India, settled in Surāştra or Kathiawad Peninsula and then spread to Mathura.}}</ref>
===महाकाव्यों और पुराणों में===
बाद के हिंदू ग्रंथों जैसे [[महाभारत]], [[हरिवंश पर्व|हरिवंश]] और [[पुराण|पुराणों]] में [[यदु]] को राजा [[ययाति]] और उनकी रानी [[देवयानी]] के सबसे बड़े पुत्र के रूप में वर्णित किया गया है। यदु एक स्वाभिमानी व सुसंस्थापित शासक थे। [[विष्णु पुराण]], [[भागवत पुराण]] व [[गरुड़ पुराण]] के अनुसार यदु के चार पुत्र थे, जबकि बाकी के पुराणो के अनुसार उनके पाँच पुत्र थे।<ref name="gbook2">{{cite book | url=http://books.google.co.in/books?id=Jmnm-smZm6oC&pg=PA10 | title=Cultural History from the Vāyu Purāna Issue 2 of Deccan College dissertation series, Poona Deccan College Post-graduate and Research Institute (India) | publisher=Motilal Banarsidass Publisher | date=1946 | accessdate=23 September 2014 | first=Devendrakumar Rajaram | last=Patil | page=10 | archive-url=https://web.archive.org/web/20150223144744/http://books.google.co.in/books?id=Jmnm-smZm6oC&pg=PA10 | archive-date=23 फ़रवरी 2015 | url-status=live }}</ref> बुध व ययाति के मध्य के सभी राजाओं को सोमवंशी या चंद्रवंशी कहा गया है। महाभारत व विष्णु पुराण के अनुसार यदु ने पिता ययाति को अपनी युवावस्था प्रदान करना स्वीकार नहीं किया था जिसके कारण ययाति ने यदु के किसी भी वंशज को अपने वंश व साम्राज्य मे शामिल न हो पाने का श्राप दिया था।<ref>{{cite book |first=Romila |last=Thapar |authorlink=Romila Thapar |year=1996 |origyear=1978 |edition=Reprinted |title=Ancient Indian Social History: Some Interpretations |publisher=Orient Longman |isbn=81-250-0808-X |pages=268–269}}</ref> इस कारण से यदु के वंशज सोमवंश से प्रथक हो गए व मात्र राजा पुरू के वंशज ही कालांतर में सोमवंशी कहे गए।<ref name="एचएसबी">{{पुस्तक सन्दर्भ|last1=भाटी|first1=हरी सिंह|title=भटनेर का इतिहास|date=2000|publisher=कवि प्रकाशन|url=https://books.google.co.in/books?id=QDhuAAAAMAAJ&q=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&dq=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwiasJra5rTNAhUMvo8KHQk4Ag4Q6AEIRzAH|accessdate=19 जून 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170912012356/https://books.google.co.in/books?id=QDhuAAAAMAAJ&q=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&dq=%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5+%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%80&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwiasJra5rTNAhUMvo8KHQk4Ag4Q6AEIRzAH|archive-date=12 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> परंतु [[हरिवंश पर्व|हरिवंश]] आदि के अनुसार [[ययाति]] ने अपने जीवन काल में अपना सम्पूर्ण साम्राज्य अपने पाँच पुत्रों में बाँट दिया था। [[पुरु]] सबसे छोटा होने के कारण अपने पिता का सबसे प्रिय था, इसलिए उसे साम्राज्य का मध्य भाग मिला। अन्य भाइयों को उम्र में परिपक्व होने के कारण साम्राज्य के दूर-दराज के क्षेत्र मिले।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/yadavas-through-the-ages-i/page/8/mode/1up?q=Curse|title=Yadavas Through The Ages, Vol. I|last=Singh Yadav|first=J[ai] N[arain|date=1992|pages=9}}</ref>
ए.डी. पुसालकर ने देखा कि [[महाकाव्य|महाकाव्यों]] और [[पुराण|पुराणों]] में यादवों को असुर कहा गया था, जो गैर-आर्यों के साथ घुलने-मिलने और आर्यन धर्म के पालन में ढिलाई के कारण हो सकता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि [[महाभारत]] में भी [[कृष्ण]] को संघमुख कहा गया है। बिमनबिहारी मजूमदार बताते हैं कि महाभारत में एक स्थान पर यादवों को व्रात्य कहा गया है और दूसरी जगह कृष्ण अपने कबीले की बात करते हैं जिसमें अठारह हज़ार व्रात्य शामिल थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=lr9pFQPwhXYC&pg=PA33&dq=yadu+Rigveda&hl=en&ei=zm3VTMvMJ4eucL2qsdQL&sa=X&oi=book_result&ct=result&redir_esc=y#v=onepage&q=yadu%20Rigveda&f=false|title=Theory of Avatāra and Divinity of Chaitanya|last=Roy|first=Janmajit|date=2002|publisher=Atlantic Publishers & Dist|isbn=978-81-269-0169-2|pages=33-34|language=en|quote=A.D. Pusalkar observes that the Yadava branches are called Asuras in the epics and purāņas on account of their considerable mixture with the non-Aryans and the resultant looseness in the observance of the Aryan Dharma. It is important to note that even in the Mahābhārata, Krsna is called the sanghamukhya. Bimanbehari Majumdar points out that at one place in the Mahābhārata the Yadavas are called Vrātyas and at another place, Krşņa speaks of his tribe consisting of eighteen thousand Vrātas. He is inclined to accept Bloomfield's interpretation of the term Vrātya as meaning Samghātmaka.}}</ref>
[[हरिवंश पुराण]] के अनुसार [[यदु]] का जन्म [[इक्ष्वाकु|इक्ष्वाकुवंशी]] हर्यश्व तथा मधुमती से हुआ था। मधुमती मथुरा के राक्षस-राज मधु की पुत्री थी। मधु कहता है- [[मथुरा]] के चतुर्दिक् सारा प्रदेश [[आभीर|आभीरों]] का है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=Ta5HAAAAMAAJ&printsec=frontcover&source=gb_mobile_entity&newbks=1&newbks_redir=0&hl=en&gl=IN&redir_esc=y|title=Mathurā jile kī bolī|last=Rawat|first=Chandrabhan|date=1967|publisher=Hindustānī Ekeḍemī|pages=77|language=hi|quote=हरिवंश पुराण के अनुसार 'यदु' का जन्म हर्यश्व तथा मधुमती से हुआ था। मधुमती मथुरा के राक्षस-राज 'मधु' की पुत्री थी। मधु कहता है- "मथुरा के चतुर्दिक् सारा प्रदेश आभीरों का है।}}</ref> अपने बड़े भाई द्वारा राजगद्दी से बेदखल किए जाने पर, हर्यश्व ने अपने ससुर के दरबार में शरण ली, जिन्होंने उनका बहुत स्नेहपूर्वक स्वागत किया, और उन्हें अपना पूरा राज्य सौंप दिया, केवल राजधानी [[मधुवन]] को छोड़कर; जिसे उन्होंने अपने बेटे लावनाशूर के लिए सुरक्षित रखा। इसके बाद हर्यश्व ने पवित्र गिरिजरा पर एक नया शाही निवास बनवाया, और आनर्त राज्य को मजबूत किया, जिसके बाद उन्होंने अनूप देश को अपने साथ मिला लिया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Indian_Antiquary.html?id=Nd1W1ZDx9ukC&printsec=frontcover&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_entity&hl=en&gl=IN&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Indian Antiquary|date=1872|publisher=Popular Prakashan|pages=234|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.217532/page/n237/mode/1up|title=Annals Of The Bhandarkar Oriental Research Institute Vo. Xxii|last=Dandekar|first=R. n|date=1942|pages=220}}</ref>
कई प्रमुख [[पुराण|पुराणों]] के वंशानुचरित (वंशावली) खंडों से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यादव अरावली क्षेत्र, [[गुजरात]], [[नर्मदा घाटी]], उत्तरी दक्कन और पूर्वी गंगा घाटी में फैले थे। [[महाभारत]] और पुराणों में उल्लेख है कि यदु या यादव, कई कुलों से मिलकर बना एक संघ था जो [[मथुरा]] क्षेत्र का शासक था। महाभारत में मगध के पौरव शासकों और संभवतः कौरवों के दबाव के कारण मथुरा से द्वारका तक यादवों के पलायन का भी उल्लेख है।<ref name="thapar2">Thapar, Romila (1978, reprint 1996). ''Ancient Indian Social History: Some Interpretations'', New Delhi: Orient Longman, {{ISBN|978-81-250-0808-8}}, pp.216-7</ref><ref name="sircar1">{{cite book|last=Sircar|first=D. C. |title=Studies in the Religious Life of Ancient and Medieval India|year=2008|publisher=Motilal Banarsidass|isbn=978-81-208-2790-5|page=16|url=https://books.google.com/books?id=mh1y1eMgGBMC&pg=PA16|location=Delhi}}</ref><ref>{{Cite book |last=Dalal |first=Roshen |url=https://books.google.co.in/books?id=zrk0AwAAQBAJ&printsec=frontcover&dq=inauthor:%22Roshen+Dalal%22&hl=en&sa=X&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false |title=Hinduism: An Alphabetical Guide |date=2014-04-18 |publisher=Penguin UK |isbn=978-81-8475-277-9 |language=en}}</ref><ref name="hcr1">Raychaudhuri, Hemchandra (1972) ''Political History of Ancient India'', Calcutta: University of Calcutta, pp.127-8</ref>
[[महाभारत]] काल के यादवों को [[वैष्णव सम्प्रदाय]] के अनुयायी के रूप में जाना जाता था, श्री [[कृष्ण]] इनके नेता थे: वे सभी पेशे से गोपालक थे। लेकिन साथ ही उन्होंने [[कुरुक्षेत्र]] की लड़ाई में भाग लेते हुए [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की स्थिति धारण की। वर्तमान [[अहीर]] भी [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] मत के अनुयायी हैं।<ref>{{cite book|first=Shyam Singh |last=Shashi |title=Encyclopaedia of Indian Tribes: The tribal world in transition |url=https://books.google.com/books?id=duIjAQAAIAAJ |year=1994 |publisher=Anmol Publications, 1994 |isbn=9788170418368 |page=76 |quote=The Yadavas of the Mahabharata period were known to be the followers of Vaisnavism, of which Krsna was the leader: they were gopas (cowherd) by profession, but at the same time they held the status of the Ksatriyas, participating in the battle of Kurukshetra. The present Ahirs are also followers of Vaisnavism.}}</ref>
इतिहसकार [[चिन्तामण विनायक वैद्य]] के अनुसार, यादवों की आदतें चरवाहे या पशुपालकों जैसी थीं, यह इस तथ्य से स्पष्ट रूप से सिद्ध होता है कि जब [[कृष्ण]] की बहन [[सुभद्रा]] को [[अर्जुन]] ने हरण कर लिया था, तब उन्होंने [[गोप|गोपी]] या महिला चरवाहे की पोशाक पहन रखी थी। इस तथ्य को समझाना तब तक असंभव है जब तक हम यह न मान लें कि पूरा समुदाय इस पोशाक का उपयोग करने का आदी था। जिस स्वतंत्रता के साथ वह और अन्य यादव महिलाएँ उस अवसर पर उत्सवों में रैवतक पहाड़ी पर घूमती हुई वर्णित हैं, उससे यह भी पता चलता है कि उनके सामाजिक संबंध अन्य [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की तुलना में अधिक स्वतंत्र और अधिक बाधा रहित थे। [[महाभारत]] में कहा गया है कि जब कृष्ण अर्जुन के पक्ष में गए, तो उन्होंने उस कार्य के बदले में दुर्योधन को [[गोप|गोपों]] की एक सेना दे दी। गोप कोई और नहीं बल्कि स्वयं यादव थे।<ref>{{cite book|first=Chintaman Vinayak |last=Vaidya |title=Epic India, Or, India as Described in the Mahabharata and the Ramayana |url=https://books.google.com/books?id=dmOUq73LZLgC |year=2001 |publisher=Asian Educational Services, 2001 |isbn=9788120615649 |page=423 |quote= The fact that the Yadavas were pastoral in their habits is distinctly proved by the fact that Krishna's sister Subhadra when she was taken away by Arjuna is described as having put on the dress of a Gopi or female cowherd. It is impossible to explain this fact unless we believe that the whole tribe was accustomed to use this dress. The freedom with which she and other Yadava women are described as moving on the Raivataka hill in the festivities on that occasion also shows that their social relations were freer and more unhampered than among the other Kshatriyas. Krishna again when he went over to Arjuna's side is said in the Mahabharata to have given in balance for that act an army of Gopas to Duryodhana. The Gopas could have been no other than the Yadavas themselves.}}</ref>
श्री रामधारी सिंह, एम०ए० अपने अन्धक-वृष्णि-संघ का इतिहास" शीर्षक लेख में लिखते हैं-
{{cquote|"यादव जाति नितान्त परिश्रमी तथा आनन्द प्रिय थी। वह जाति ग्वालों की थी, जो अपने डोरों के साथ यमुना तटवर्ती अत्यन्त उपजाऊ तथा सुविधापूर्ण स्थान में निवास करते थे। उनकी कौटुम्बिक प्रथाएँ भी यह सिद्ध करती है कि उनका व्यवसाय गोपालान था। [[सुभद्रा]] तक भी कुन्ती तथा द्रोपदी से अन्तःपुर में मिलने के लिए रागी की पोशाक में न जाकर एक साधारण गोपी-बेश में भेजी गई थीं। यह घटना उनके रहन-सहन और व्यवसाय का प्रत्यक्ष प्रमाण है। [[श्रीकृष्ण]] और [[बलराम]] भी अपनी गायों को जंगलों में चराया करते थे। इससे सिद्ध होता है कि अमीर-गरीब सभी समान जीवन व्यतीत करते थे। वे पर्याप्त मात्रा में दूध, दही, मक्खन तथा घी उत्पन्न करके सुलमय जीवन व्यतीत करते थे।"<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/shivpujansinh-kushwah_202308/page/n32/mode/1up?q=%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AD%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE+|title=क्या अहीर गूजर जाट विदेशी है? ( इस पुस्तक में अनेक ऐतिहासिक प्रमाणो द्वारा यह सिद्ध किया गया है कि अहीर, गूजर-जाट विदेशी नहीं है वरन् आर्यो कि संतान है. ये चन्द्र वंशीय क्षत्रिय है ] लेखक :- शिवपूजनसिंह कुशवाह Shivpujansinh Kushwah|last=शिवपूजनसिंह कुशवाह}}</ref>}}
== अहीरों से संबंध ==
विद्वान एम.एस.ए. राव का कहना है कि [[अहीर|अहीरों]] की पहचान प्राचीन यादवों से करने के [[इतिहास|ऐतिहासिक]] साक्ष्य मौजूद हैं।<ref>{{Cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Social_Movements_and_Social_Transformati/wWEiAQAAMAAJ?hl=en|title=Social Movements and Social Transformation: A Study of Two Backward Classes Movements in India|last=Rao|first=M. S. A.|date=1987|publisher=Manohar|isbn=978-0-8364-2133-0|pages=124|language=en|quote=Besides this mythical origin of the Yadavas, semi-historical and historical evidence exists* for equating the Ahirs with the Yadavas. It is argued that the term Ahir comes from Abhira (Bhandarkar, 1911:16), who were once found in different parts of India, and who in several places wielded political power. The Abhiras are equated with Ahirs, Gopas and Gollas, and all of them are considered Yadavas.}}</ref> इतिहासकार पी. एम. चंदोरकर साहित्यिक और [[पुरालेख|पुरालेखीय]] दोनों स्रोतों का उपयोग करते हुए आधुनिक [[अहीर|अहीरों]] की पहचान शास्त्रीय [[संस्कृत ग्रन्थों की सूची|संस्कृत ग्रंथों]] के यादवों से करते हैं।{{sfnp|Guha|2006|p=47|ps=:P. M. Chandorkar, using both literary and epigraphic sources has argued that the modern Ahirs and Gavlis - until recently cattle-keepers - should be identified with the Yadavas and Abhiras of the classical Sanskrit texts. He also notes that Khandesh, on the margin of the central Indian forests, was earlier known as the land of the Ahirs, and the local Marathi dialect continued to be called Ahirani.}}
इतिहासकार टी पद्मजा अपनी पुस्तक टेम्पल्स ऑफ कृष्णा इन साउथ इंडिया: हिस्ट्री, आर्ट, एंड ट्रेडिशन्स इन तमिलनाडु में लिखते हैं, [[अहीर|अहीरों]] को [[तमिल]] में अयार नाम से जाना जाता है, अहीरों ने [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] में प्रवास किया और अपने राज्य स्थापित किए और [[अभिलेख|ताम्रपत्र अनुदानों]] और [[अभिलेख|शिलालेखों]] में इन अयार/अहीरों का उल्लेख है कि वे [[यदु]]/यादव वंश से हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=pzgaS1wRnl8C&pg=RA1-PA34&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Temples of Kr̥ṣṇa in South India: History, Art, and Traditions in Tamilnāḍu|last=Padmaja|first=T.|date=2002|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-81-7017-398-4|pages=34,35|language=en}}</ref>
[[महाभारत]] में अहीर, गोप, [[गोपाल]] और यादव सभी [[पर्यायवाची]] हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ggtuAAAAMAAJ&redir_esc=y|title=Religions and Communities of India|last=Chopra|first=Pran Nath|date=1982|publisher=Vision Books|isbn=978-0-391-02748-0|pages=140|language=en|quote=The Mahabharata and other authoritative works use the three terms-Gopa, Yadava and Ahir synonymously.}}</ref><ref>{{Cite book|title=Social Movements and Social Transformation: A Study of Two Backward Classes Movements in India|url=https://archive.org/details/socialmovementss0000raom|last=Rao|first=M. S. A.|date=1987|publisher=Manohar|isbn=978-0-8364-2133-0|pages=[https://archive.org/details/socialmovementss0000raom/page/n150 127]|language=en|quote=in the [[महाभारत]], Abhir, Gopa, Gopal and Yadavas are all synonyms.}}</ref> [[महाकाव्य|महाकाव्यों]] और [[पुराण|पुराणों]] में यादवों का [[अहीर|अहीरों]] के साथ संबंध इस साक्ष्य से प्रमाणित होता है कि यादव साम्राज्य "अधिकांशतः [[अहीर|अहीरों]] द्वारा बसा हुआ था"।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?newbks=0&redir_esc=y&id=c8kiAQAAMAAJ&focus=searchwithinvolume&q=Y%C3%A5dava+kingdom|title=Man in India|last=Bahadur)|first=Sarat Chandra Roy (Rai|date=1974|publisher=A. K. Bose|pages=40,41|language=en|quote=In the Epics and the Puranas the association of the Yādavas with the Abhiras was attested by the evidence that the Yådava kingdom was“ mostly inhabited by the Abhiras".}}</ref>
[[क्लाडियस टॉलमी|टॉलेमी]] जिस क्षेत्र को लरिके बताते हैं वह लगभग 80 ईस्वी में [[पेरिप्लस ऑव दि एरिथ्रीयन सी|पेरीप्लस]] के दिनों में अभीरिया ([[अबीरिया]]) कहलाता था। गुजरात के यह [[आभीर]] अशोक के काल के राष्ट्रिक और [[महाभारत]] काल के यादव थे। इस क्षेत्र में अनेक बार [[गणराज्य|गणतन्त्र प्रणाली]] अपनायी जाती रही है। महाभारत के काल में यहाँ यादवों के अंधक-[[वृष्णि]] और भोज गणतन्त्र थे, अशोक के काल में यहां राष्ट्रिक और भोज गणतंत्र थे और खारवेल के काल में रठिक और भोज गणतंत्र थे। [[समुद्रगुप्त]] के काल में यहाँ [[आभीर]] थे और पुराणों के अनुसार यहाँ [[सौराष्ट्र]] और [[अवन्ति|अबन्ति]]<nowiki/>-[[आभीर|आभीरों]] के [[गणराज्य|गणतंत्र]] थे। कुमारगुप्त प्रथम तथा स्कन्दगुप्त के काल में यहाँ [[पुष्यमित्र|पुष्यमित्र जनजाति]] के लोग थे। ये सब एक ही जाति के लोग थे जो अलग अलग काल खंडों में अलग अलग नाम से जाने गये।<ref>{{cite web | url=https://books.google.com/books?id=gPAdAAAAMAAJ&q=Abhiras| title=The Glory that was Gūrjaradeśa, Volume 1| publisher= Bharathiya Vidya Bhavan | work= History | author= Mularaja solanki | year=1943| pages=30}}</ref><ref>{{cite web | url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.499265| title= Hindu Polity| publisher= Bangalore Print | work= History | author= K P Jayaswal | year= 1943| pages=141}}</ref><ref>{{Cite book |last=Yadav |first=J. N. Singh |url=https://books.google.com/books?id=QJNHAAAAMAAJ |title=Yadavas Through the Ages, from Ancient Period to Date |date=1992 |publisher=Sharada Publishing House |isbn=978-81-85616-03-2 |pages=241 |language=en}}</ref>
[[त्रैकूटक राजवंश|आभीर-त्रैकुटक]] नामक एक ऐतिहासिक राजवंश ने 'महाकाव्य' और पुराणों में वर्णित [[हैहय राजवंश|हैहय यादवों]] से वंश का दावा किया।<ref>{{Cite book |last=Vaidya |first=Chintaman Vinayak |url=https://books.google.com/books?id=7UkzAQAAMAAJ |title=History of Mediæval Hindu India: Circa 600-800 A.D |date=1921 |publisher=Oriental Book Supplying Agency |language=en}}</ref>
जैन विद्वान [[हेमचन्द्राचार्य]] ने अपने द्याश्रय-काव्य में [[जूनागढ़]] के पास वंथली में शासन करने वाले राजा ग्रहरिपु का वर्णन [[आभीर]] और यादव के रूप में किया है।<ref>{{Cite book |last=Tambs-Lyche |first=Harald |url=https://books.google.com/books?id=5ntuAAAAMAAJ&q=Hemachandra+kavya+Yadava |title=Power, Profit, and Poetry: Traditional Society in Kathiawar, Western India |date=1996-12-31 |publisher=Manohar Publishers & Distributors |isbn=978-81-7304-176-1 |pages=56 |language=en |quote=Hemachandra, in the Dyashraya-Kavya, describe the prince Grahasipu, ruling at Vanthali near Junagadh, as an Abhira and a Yadava (Krishna's legendary tribe) (Enthoven 1920, 25).}}</ref> फिर, [[खानदेश]] जिले में कई प्राचीन अवशेष [[गवली]] ([[आभीर|अभीर]]) राज के काल के माने जाते हैं। पुरातात्विक दृष्टिकोण से, इन्हें [[देवगिरि के यादव|देवगिरि के यादवों]] के समय का माना जाता है। इसलिए लोकप्रिय धारणा के अनुसार, ये यादव [[आभीर]] थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=FoT6gPrbTp8C&newbks=0&hl=en&redir_esc=y|title=The Tribes and Castes of Bombay|last=Enthoven|first=Reginald Edward|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0630-2|pages=25|language=en|quote=Again, many ancient remains in the Khándesh district are popularly believed to belong to the period of the Gauli Ráj. From the Archæological point of view, they are to be ascribed to the time of the Yádavas of Devagiri. It is, therefore, not unlikely that, according to popular belief, these Yádavas were Abhiras. This receives some support from the fact that Yaduvanshis even now are one of the most important sub-divisions of the Ahirs.}}</ref>
==हिंदू धर्म में पौराणिक पात्र==
===देवी गायत्री===
*गायत्री लोकप्रिय [[श्री गायत्री देवी|गायत्री]] मंत्र का व्यक्त रूप है, जो [[वैदिक धर्म|वैदिक]] ग्रंथों का एक भजन है। उन्हें [[सावित्री]] और [[वेद माता गायत्री मंदिर|वेदमाता]] (वेदों की माता) के रूप में भी जाना जाता है।
पुराणों के अनुसार, [[गायत्री]] एक [[अहीर]] कन्या थी जिसने पुष्कर में किए गए यज्ञ में [[ब्रह्मा]] की मदद की थी।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ADIqAAAAYAAJ&q=abhira&redir_esc=y|title=Nārada Purāṇa, a Critical Study|last=Nambiar|first=K. Damodaran|date=1979|publisher=All-India Kashiraj Trust|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=KDQqAAAAYAAJ&q=abhira&redir_esc=y|title=Religion and Philosophy of the Padma-purāṇa|last=Arya|first=Sharda|date=1988|publisher=Nag Publishers|isbn=978-81-7081-190-9|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1SMLAQAAMAAJ&q=gayatri+abhira&redir_esc=y|title=The Aryan Path|last=Wadia|first=Sophia|date=1969|publisher=Theosophy Company (India), Limited|language=en}}</ref>
===देवी दुर्गा===
*[[दुर्गा]] हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवी हैं। उन्हें देवी माँ के एक प्रमुख पहलू के रूप में पूजा जाता है और भारतीय देवताओं के बीच सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से सम्मानित में से एक है।
इतिहासकार रामप्रसाद चंदा के अनुसार, [[दुर्गा]] भारतीय उपमहाद्वीप में समय के साथ विकसित हुईं। चंदा के अनुसार, दुर्गा का एक आदिम रूप, "[[हिमालय]] और [[विंध्य]] के निवासियों द्वारा पूजा की जाने वाली एक पर्वत-देवी की समन्वयता" का परिणाम था, जो युद्ध-देवी के रूप में [[अहीर|अभीर]] की एक देवता थी। विराट पर्व स्तुति और [[विष्णु]] ग्रंथ में देवी को [[महामाया]] या [[विष्णु]] की [[योग निद्रा|योगनिद्रा]] कहा गया है। ये उसके [[अहीर|अभीर]] या [[गोप]] [[मूल]] को इंगित करते हैं। दुर्गा तब सर्व-विनाशकारी समय के अवतार के रूप में काली में परिवर्तित हो गईं, जबकि उनके पहलू मौलिक ऊर्जा (आद्या शक्ति) के रूप में उभरे और संसार (पुनर्जन्मों का चक्र) की अवधारणा में एकीकृत हो गए और यह विचार वैदिक धर्म की नींव पर बनाया गया था। पौराणिक कथाओं और दर्शन।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=L4bXAAAAMAAJ&q=parvan+stuti&redir_esc=y|title=Durga As Mahisasuramardini|last=Aiyar|first=Indira S.|date=1997|publisher=Gyan Publishing House|isbn=978-81-212-0510-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=caeJpIj9SdkC&redir_esc=y|title=Offering Flowers, Feeding Skulls: Popular Goddess Worship in West Bengal|last=McDaniel|first=June|date=2004-08-05|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-534713-5|language=en}}</ref>
===देवी राधा===
*[[राधा]] को राधिका भी कहा जाता है, एक हिंदू देवी और वह बरसाना के एक यादव ([[अहीर]]) शासक [[वृषभानु]] की बेटी थीं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=_anlsbp56aoC&pg=PA46&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The Book of Krishna|last=Varma|first=Pavan K.|date=2009-07-01|publisher=Penguin Books India|isbn=978-0-14-306763-4|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ihgIAQAAIAAJ&newbks=0&hl=en|title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Káthiáwar|date=1884|publisher=Government Central Press|language=en|quote=Radha or Radhika who was the daughter of Vrashabhánu, an Áhir chief of Varsána, a village near Gokul.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=OXXXAAAAMAAJ&dq=vrishabhanu+yadava&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiyv5vrq73xAhUNyzgGHeI_D3wQ6AEwAHoECAgQAw|title=Temples of Vrindaban|last=Das|first=R. K.|date=1990|publisher=Sandeep Prakashan|isbn=978-81-85067-47-6|language=en}}</ref>
==योद्धा जाति के रूप में==
[[यादव]] महान योद्धा हैं।<ref name="ks#1">{{cite book | url=https://books.google.co.in/books?id=iKsqzB4P1ioC&dq=ahir+warriors&source=gbs_navlinks_s | title=Rajasthan, Part 1 | publisher=Popular Prakashan | author=K. S. Singh, B. K. Lavania | year=1998 | pages=45 | isbn=9788171547661}}</ref> भगवान [[कृष्ण]] ने [[दुर्योधन]] को [[महाभारत]] में लड़ने के लिए जो [[नारायणी सेना]] दी थी वह अहीर [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] की ही थी। संसप्तकों में भी वीर अहीर योद्धा विद्यमान थे। [[अहीर|अहीरों]] का [[महाभारत]] में [[क्षत्रिय]] के रूप में उल्लेख किया गया है और [[द्रोणाचार्य]] द्वारा बनाए गए [[चक्रव्यूह]] का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा थे, जिसने अपनी सेना में केवल [[ब्राह्मण|ब्राह्मणों]] और [[क्षत्रिय|क्षत्रियों]] को अनुमति दी थी।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=KTEoAAAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=Report of the Indian Statutory Commission ...|last=commission|first=Great Britain Indian statutory|date=1930|publisher=H. M. Stationery Office|language=en|quote=The Narayani Army which the Krishna organised and which made him so powerful that his friendship was eagerly sought by the greatest kings of his time, is described in the Mahabharata as being all of the Ahir caste.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=6uY2AQAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=Rajputana Classes: 1921|date=1922|publisher=Government Monotype Press|language=en|quote=In the Mahabharat it is mentioned that the Narayani army which Sri Krishna organised was composed of Ahirs.}}</ref><ref>{{cite book|first=Braj Kumar |last=Pandey |title=Sociology and Economics of Casteism in India: A Study of Bihar |url=https://books.google.com/books?id=e41uAAAAMAAJ |year=1996 |publisher=Pragati Publications, 1996 |isbn=9788173070365 |page=78 |quote=The Narayani Army which he organized, and which made him so powerful that his friendship was eagerly sought by the greatest kings of his time, is described in the Mahabharat as being all of the Abhira caste.}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7tAOAAAAIAAJ&newbks=0&hl=en|title=ब्रज का रास रंगमंच|last=अग्रवाल|first=रामनारायण|date=1981|publisher=नेशनल पब्लिशिंग हाउस|language=hi|quote=भगवान कृष्ण ने दुर्योधन को महाभारत में लड़ने के लिए जो नारायणी सेना दी थी वह आभीरों की ही थी। संसप्तकों में भी वीर आभीर योद्धा विद्यमान थे। द्रोण की सुवर्ण-व्यूह रचना में आभीरों का मुख्य स्थान था।}}</ref>
भारत के ब्रिटिश शासकों ने अहीरों को "[[योद्धा जातियाँ|लड़ाकू जातियों]]" में वर्गीकृत किया था। वे लंबे समय से सेना में भर्ती होते रहे हैं<ref>{{cite book |title=Peasants and monks in British India |first=William R. |last=Pinch |publisher=University of California Press |year=1996 |isbn=978-0-520-20061-6 |url=http://books.google.co.uk/books?id=uEP-ceGYsnYC |page=90 |accessdate=2012-02-22}}</ref> तब ब्रिटिश सरकार ने अहीरों की चार कंपनियाँ बनायीं थी, इनमें से दो 95वीं रसेल इंफेंटरी में थीं।<ref>{{cite book|author=M. S. A. Rao|title=Social movements and social transformation: a study of two backward classes movements in India|url=http://books.google.com/books?id=tZAiAAAAMAAJ|accessdate=2011-03-28|date=1 May 1979|publisher=Macmillan}}</ref> 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान 13 [[कुमाऊं रेजिमेंट|कुमाऊं रेजीमेंट]] की [[अहीर|अहीर कंपनी]] द्वारा [[रेज़ांग ला|रेजांगला]] मोर्चे पर अहीर सैनिकों की वीरता और बलिदान की आज भी भारत में प्रशंसा की जाती है। और उनकी वीरता की याद में युद्ध स्थल स्मारक का नाम "अहीर धाम" रखा गया।<ref>{{cite news|first=Mohan |last=Guruswamy |url=http://www.thehindu.com/opinion/lead/dont-forget-the-heroes-of-rezang-la/article4112584.ece |title=Don’t forget the heroes of Rezang La |work=The Hindu |date=20 November 2012 |accessdate=2014-07-13}}</ref><ref>{{cite news|url=http://archive.indianexpress.com/news/-nobody-believed-we-had-killed-so-many-chinese-at-rezang-la.-our-commander-called-me-crazy-and-warned-that-i-could-be-courtmartialled-/1023745/0 |title=‘Nobody believed we had killed so many Chinese at Rezang La. Our commander called me crazy and warned that I could be court-martialled’ |work=The Indian Express |date=30 October 2012 |accessdate=2014-07-13}}</ref>
== राजवंश ==
===प्रद्योत राजवंश ===
[[प्रद्योत वंश|प्रद्योत राजवंश]] एक प्राचीन भारतीय [[आभीर|आभीर-यादव राजवंश]] था, जिसने [[अवन्ति|अवंती]] और [[मगध महाजनपद|मगध]] पर शासन किया था। इस राजवंश ने 138 या 152 वर्षों तक शासन किया।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/yadavas-through-the-ages-i/page/153/mode/1up?q=Pradyota|title=Yadavas Through The Ages, Vol. I|last=Singh Yadav|first=J[ai] N[arain|date=1992}}</ref>
=== आभीर राजवंश ===
आभीर राजवंश ने दक्कन पर शासन किया था, जहां यह संभवतः सातवाहन राजवंश का उत्तराधिकारी था। आभीरों का एक विस्तृत साम्राज्य था जिसमें आधुनिक महाराष्ट्र, कोंकण, गुजरात और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से शामिल थे।<ref>{{Cite book |url=https://books.google.com/books?id=lwFIAAAAMAAJ |title=Numismatic Digest |date=1985 |publisher=Numismatic Society of Bombay. |pages=74 |language=en |quote=The Ābhīras had an extensive empire comprising Maharashtra, Konkan, Gujarat and some part of South Madhya Pradesh.}}</ref> इतिहासकार सुधाकर चट्टोपाध्याय के अनुसार आभीर साम्राज्य दक्षिण भारत में कहीं अधिक विस्तृत था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=78I5lDHU2jQC&pg=PA129&dq=abhira+kingdom&hl=en&sa=X&redir_esc=y#v=onepage&q=abhira%20kingdom&f=false|title=Some Early Dynasties of South India|last=Chattopadhyaya|first=Sudhakar|date=1974|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=978-81-208-2941-1|pages=129|language=en}}</ref> कुछ विद्वान आभीरों को तीसरी शताब्दी ई. में एक महान लगभग एक शाही शक्ति के रूप में मानते हैं।<ref>{{Cite book |last=Majumdar |first=R. C. |url=https://books.google.com/books?id=k1wuEAAAQBAJ |title=Ancient India |date=2016-01-01 |publisher=Motilal Banarsidass |isbn=978-81-208-0435-7 |pages=380 |language=en}}</ref> कुछ इतिहासकारों के अनुसार, [[कलचुरि राजवंश|कलचुरी]], [[चालुक्य राजवंश|चालुक्य]], [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट]] और बाद में [[देवगिरि के यादव|सेऊना यादव]] जैसे कई राजवंशों का उद्गम इन्हीं [[आभीर|आभीरों]] से माना जाता है, जो राजनीतिक रूप से मजबूत पशुपालक समूहों के [[ब्राह्मणवाद|ब्राह्मणवादी]] जाति व्यवस्था में एकीकरण पर प्रकाश डालता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=p159EAAAQBAJ&dq=Abhira+pastoralists+clans&pg=PT19&redir_esc=y#v=onepage&q=Abhira%20pastoralists%20clans&f=false|title=Water and Historic Settlements: The Making of a Cultural Landscape|last=Mubayi|first=Yaaminey|date=2022-09-13|publisher=Taylor & Francis|isbn=978-1-000-64163-9|language=en}}</ref>
=== त्रैकूटक राजवंश ===
सामान्यतः यह माना जाता है कि त्रैकूटक राजवंश [[हैहय राजवंश|हैहयवंशी]] [[आभीर]] थे जिन्होंने [[कलचुरि राजवंश|कल्चुरी]] और [[चेदि राज्य|चेदि]] संवत् चलाया था<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=aSe2AAAAIAAJ&q=traikutaka&dq=traikutaka&lr=&ei=wl1TS9zLBojKlQTt24CFDQ&cd=16&redir_esc=y|title=Journal of the Asiatic Society of Bombay|date=1935|publisher=Asiatic Society of Bombay|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=B1WgAAAAMAAJ&redir_esc=y|title=The Age of Imperial Unity|date=1968|publisher=Bharatiya Vidya Bhavan|language=en}}</ref> इंद्रदत्त, दहरसेन, व्याघ्रसेन व विक्रमसेन इस राजवंश के प्रसिद्ध राजा थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=x40mwFwgK44C&pg=PA49&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Antiquities of India: An Account of the History and Culture of Ancient Hindustan|last=Barnett|first=Lionel D.|date=1994|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0530-5|language=en}}</ref> [[त्रैकूटक राजवंश|त्रैकूटको]] को उनके [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] संप्रदाय के लिए जाना जाता था, जो [[हैहय राजवंश|हैहय]] शाखा के [[यादव]] थेे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=7UkzAQAAMAAJ&newbks=0&hl=en|title=History of Mediæval Hindu India: Circa 600-800 A.D|last=Vaidya|first=Chintaman Vinayak|date=1921|publisher=Oriental Book Supplying Agency|language=en|quote=It is clear that the rule previous to that of the Gurjaras was that of the Traikutakas who claimed to be Haihayas by descent and whose capital Trikuta not yet well identified is mentioned even in the Rāmāyaṇa and in Kalidasa's Raghuvansha.}}</ref> महाराज दहरसेन ने [[अश्वमेध यज्ञ]] भी किया था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=Wk4_ICH_g1EC&pg=PA426&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Indian History and Civilization|last=Sen|first=Sailendra Nath|date=1999|publisher=New Age International|isbn=978-81-224-1198-0|language=en}}</ref>
=== कलचुरि राजवंश ===
कलचुरि एक प्रारंभिक मध्ययुगीन भारतीय [[आभीर|आभीर राजवंश]] था, जिन्होंने वर्तमान [[महाराष्ट्र]], [[गुजरात]] और [[मध्य प्रदेश|दक्षिणी मध्य प्रदेश]] के कुछ हिस्सों पर शासन किया था। उनकी राजधानी महिष्मती में स्थित थी। पुरालेख और मुद्राशास्त्रीय साक्ष्य बताते हैं कि एलोरा और [[घारापुरी गुफाएँ|एलीफेंटा गुफा]] स्मारकों में से सबसे पहले कलचुरी शासन के दौरान बनाए गए थे।<ref>{{cite book|first=Jitāmitra Prasāda |last=Siṃhadeba |title=Archaeology of Orissa: With Special Reference to Nuapada and Kalahandi |url=https://books.google.com/books?id=2ypuAAAAMAAJ |year=2006 |publisher=R.N. Bhattacharya, 2006 |isbn=9788187661504 |page=113}}</ref>
=== चूड़ासमा (आभीर) राजवंश ===
"[[चूड़ासमा|चूडासमा राजवंश]]" मूल रूप से [[सिंध]] प्रांत का [[आभीर|आभीर वंश]] था। 875 ई. के बाद से [[जूनागढ़]] के आसपास उनका काफी प्रभाव था, जब उन्होंने अपने-राजा रा चुडा के नेतृत्व में गिरनार के करीब [[वंथली|वनथली]] (प्राचीन वामनस्थली) में खुद को समेकित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=2eIcAAAAMAAJ&dq=&redir_esc=y|title=Junagadh|last=Rajan|first=K. V. Soundara|date=1985|publisher=Archaeological Survey of India|language=en|quote=The Chudasama dynasty, originally of Abhira clan from Sind wielded great influence around Junagadh from the 875 A.D. onwards when they consolidated themselves at Vanthali (ancient Vamanasthali) close to Girnar under their-King Ra Chuda.}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/history-of-gujarat-gazetteer-of-bombay-vol.-i_202109|title=History Of Gujarat ( Gazetteer Of Bombay Vol. I)|last=Gazetteer Of Bombay Vol. I|quote=Doctor Bhagvanlal held that the Chudasamas were originally of the Abhira tribe, as their traditions attest connection with the Abhiras and as the description of Graharipu one of their kings by Hemachandra in his DvydaSraya points to his being of some local tribe and not of any ancient Rajput lineage. Further in their bardic traditions as well as in popular stories the Chudasamas are still commonly called Ahera-ranas. The position of Aberia in Ptolemy (A.D. 150) seems to show that in the second century the Ahirs were settled between Sindh and the Panjab. Similarly it may be suggested that Jadeja is a corruption of Jaudheja which in turn comes from Yaudheya (the change of y to j being very common) who in Kshatrapa Inscriptions appear as close neighbours of the Ahirs. After the fall of the Valabhis (A.D. 775) the Yaudheyas seem to have established themselves in Kacch and the Ahirs settled and made conquests in Kathiavada.}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.36138|title=Abhiras their history and culture|last=SurvaVanshi|first=Bhagwansingh|date=1962|quote=Hemachandra in his Dvyasrayakavya mentions Graharipu, as a mighty Abhira-Chudasama king of Saurashtra. The Chudasama kings are described as Abhiras by Merutungacharya.}}</ref>
=== सेऊना यादव शासक ===
[[File:Aurangabad - Daulatabad Fort (95).JPG|thumb|right|देवगिरि का किला]]
यदुवंशी अहीरों के मजबूत गढ़, खानदेश से प्राप्त अवशेषों को बहुचर्चित 'गवली राज' से संबन्धित माना जाता है तथा पुरातात्विक रूप से इन्हें देवगिरि के यादवों से जोड़ा जाता है। इसी कारण से कुछ इतिहासकारों का मत है कि 'देवगिरि के यादव' भी अभीर(अहीर) थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=FoT6gPrbTp8C&pg=PA59&dq=The+tribes+and+castes+of+Bombay,+Volume+1&ei=wSxHS-_UDYiGlQSI8fz5DQ&cd=1&redir_esc=y#v=onepage&q=gauli&f=false|title=The Tribes and Castes of Bombay|last=Enthoven|first=Reginald Edward|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0630-2|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=v2hDAAAAYAAJ&q=ahir+king&dq=ahir+king&hl=en&sa=X&ved=0CCYQ6AEwAjhaahUKEwiOzIyJ0r7HAhXHBo4KHSUhDfo|title=Maharashtra State Gazetteers: Buldhana|last=Maharashtra (India)|date=1976|publisher=Directorate of Government Print., Stationery and Publications, Maharashtra State|language=en}}</ref> यादव शासन काल में अनेक छोटे-छोटे निर्भर राजाओं का जिक्र भी मिलता है, जिनमें से अधिकांश अभीर या अहीर सामान्य नाम के अंतर्गत वर्णित है, तथा खानदेश में आज तक इस समुदाय की आबादी बहुतायत में विद्यमान है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=4oXoAAAAMAAJ&q=abhira+yadava&dq=abhira+yadava&hl=en&sa=X&ved=0CEUQ6AEwCTgUahUKEwjDrYDT6tzHAhUmY6YKHY0YBzI|title=Epigraphia Indica|date=1985|publisher=Manager of Publications|language=en}}</ref>
सेऊना गवली यादव राजवंश खुद को उत्तर भारत के यदुवंशी या चंद्रवंशी समाज से अवतरित होने का दावा करते थे।<ref>192.
Chapter 8, "Yadavas Through the Ages" J.N.S.Yadav (1992)</ref><ref>193.Robin James Moore. Tradition and Politics in South Asia. 1979. Vikas Publishing House.</ref> सेऊना मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा से बाद में द्वारिका में जा बसे थे। उन्हें "कृष्णकुलोत्पन्न (भगवान कृष्ण के वंश में पैदा हुए)","यदुकुल वंश तिलक" तथा "द्वारवाटीपुरवारधीश्वर (द्वारिका के मालिक)" भी कहा जाता है। अनेक वर्तमान शोधकर्ता, जैसे कि डॉ॰ कोलारकर भी यह मानते हैं कि यादव उत्तर भारत से आए थे।<ref>195.Marathyancha Itihaas by Dr. S.G Kolarkar, p.4, Shri Mangesh Prakashan, Nagpur.</ref> निम्न सेऊना यादव राजाओं ने देवगिरि पर शासन किया था-
* दृढ़प्रहा
* सेऊण चन्द्र प्रथम
* ढइडियप्पा प्रथम
* भिल्लम प्रथम
* राजगी
* वेडुगी प्रथम
* धड़ियप्पा द्वितीय
* भिल्लम द्वितीय (सक 922)
* वेशुग्गी प्रथम
*भिल्लम तृतीय (सक 948)
* वेडुगी द्वितीय
* सेऊण चन्द्र द्वितीय (सक 991)
* परमदेव
* सिंघण
* मलुगी
*अमरगांगेय
* अमरमालगी
* भिल्लम पंचम
* सिंघण द्वितीय
* राम चन्द्र
=== अयार राजवंश ===
अयार एक भारतीय यादव राजवंश था जिसने प्रायद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी सिरे को प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से मध्यकाल तक नियंत्रित किया था। कबीले ने परंपरागत रूप से विझिंजम के बंदरगाह, नानजिनाद के उपजाऊ क्षेत्र और मसाला-उत्पादक पश्चिमी घाट पहाड़ों के दक्षिणी भागों पर शासन किया। मध्ययुगीन काल में राजवंश को कुपका के नाम से भी जाना जाता था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=nHluAAAAMAAJ&q=Ayar&redir_esc=y|title=Social and Cultural History of Tamilnad: To A.D. 1336|last=Subrahmanian|first=N.|date=1993|publisher=Ennes|language=en}}</ref><ref name=":62">{{Cite journal|last=Ganesh|first=K.N.|date=June 2009|title=Historical Geography of Natu in South India with Special Reference to Kerala|journal=Indian Historical Review|volume=36|issue=1|pages=3–21|doi=10.1177/037698360903600102|s2cid=145359607|issn=0376-9836}}</ref><ref>Narayanan, M. G. S. ''Perumāḷs of Kerala.'' Thrissur (Kerala): CosmoBooks, 2013. 179.</ref>
यह अनुमान लगाया जाता है कि अयार नाम प्रारंभिक तमिल शब्द "अयार" से लिया गया है जिसका अर्थ है ग्वाला।<ref>A Dictionary Of The Tamil And English Languages, Volume 1, Page 131</ref> ग्वालों को तमिल में अयार के रूप में जाना जाता था, यहां तक कि उन्हें उत्तर भारत में [[अहीर]] और [[आभीर|अभीर]] के रूप में जाना जाता था। परंपरा कहती है कि पांड्य देश में [[अहीर]] [[पाण्ड्य राजवंश|पांड्य]] के पूर्वजों के साथ तमिलकम में आए थे। पोटिया पर्वत क्षेत्र और इसकी राजधानी को अय-कुडी के नाम से जाना जाता था। नचिनार्किनियार, तोल्काप्पियम के प्रारंभिक सूत्र पर अपनी टिप्पणी में, एक ऋषि अगस्त्य के साथ यादव जाति के प्रवास से संबंधित एक परंपरा का वर्णन करता है, जो द्वारका की मरम्मत करता है और अपने साथ [[कृष्ण]] की रेखा के 18 राजाओं को ले जाता है और दक्षिण में चला जाता है। . वहाँ, उसने जंगलों को साफ करवाया और अपने साथ लाए गए सभी लोगों को उसमें बसाने के लिए राज्यों का निर्माण किया।
अयार राजाओं ने बाद के समय में भी [[यदुकुल|यदु-कुल]] और [[कृष्ण]] के साथ अपने संबंध को संजोना जारी रखा, जैसा कि उनके [[ताम्रपत्र]] अनुदानों और [[अभिलेख|शिलालेखों]] में देखा गया है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=pzgaS1wRnl8C&pg=RA1-PA34&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Temples of Kr̥ṣṇa in South India: History, Art, and Traditions in Tamilnāḍu|last=Padmaja|first=T.|date=2002|publisher=Abhinav Publications|isbn=978-81-7017-398-4|language=en}}</ref>
अल्फ हिल्टेबेइटेल के अनुसार, [[कोनार]] यादव जाति का एक क्षेत्रीय नाम है, जिस जाति से [[कृष्ण]] संबंधित हैं। कई [[वैष्णव सम्प्रदाय|वैष्णव]] ग्रंथ [[कृष्ण]] को अयार जाति, या कोनार से जोड़ते हैं, विशेष रूप से थिरुप्पावई, जो खुद देवी अंडाल द्वारा रचित है, विशेष रूप से [[कृष्ण]] को "आयर कुलथु मणि विलक्के" के रूप में संदर्भित करते हैं। जाति का नाम कोनार और कोवलर नामों के साथ विनिमेय है जो तमिल शब्द कोन से लिया गया है, जिसका अर्थ "राजा" और "[[ग्वाला|ग्वाले]]" हो सकता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=ui5gju8MwDUC&pg=PA35&redir_esc=y|title=The Cult of Draupadi, Volume 1: Mythologies: From Gingee to Kuruksetra|last=Hiltebeitel|first=Alf|date=1988-03-21|publisher=University of Chicago Press|isbn=978-0-226-34046-3|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=YSM9AAAAIAAJ&pg=PA101&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Neolithic Cattle-Keepers of South India|last=Studies|first=Faculty of Oriental|publisher=CUP Archive|language=en}}</ref>
मध्ययुगीन अयार राजवंश ने दावा किया कि वे यादव या [[वृष्णि|वृष्णि वंश]] के थे और यह दावा वेनाड और त्रावणकोर के शासकों द्वारा आगे बढ़ाया गया था। त्रिवेंद्रम में श्री [[पद्मनाभस्वामी मंदिर|पद्मनाभ]] मध्ययुगीन अयार परिवार के संरक्षक देवता थे।<ref name="google.co.in22">Aiya, V. Nagam. ''The Travancore State Manual.'' Vol 1. Part 2. Trivandrum: The Travancore Government Press, 1906 [https://books.google.com/books?id=AVd1AQAAQBAJ&pg=PT222#v=onepage&q&f=false]</ref><ref name=":7">{{Cite journal|last=Ganesh|first=K.N.|date=February 1990|title=The Process of State Formation in Travancore|journal=Studies in History|volume=6|issue=1|pages=15–33|doi=10.1177/025764309000600102|s2cid=162972188|issn=0257-6430}}</ref>
== संस्कृतिकरण ==
हाल ही में प्रकाशित कुछ पुस्तकों का दावा है कि वर्तमान यादव जाति के लोग केवल अहीर हैं जिन्होंने 1922 में कुछ हिंदू जातियों के संस्कृतिकरण आंदोलन के हिस्से के रूप में अपनी पहचान बदलकर यादव कर ली थी। हालाँकि 1881 की ब्रिटिश जनगणना इस दावे का खंडन करती है, किसी भी [[संस्कृतीकरण|संस्कृतिकरण]] आंदोलन से आधी सदी पहले की [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश जनगणना]] (1881) में यादवों की पहचान अहीरों के रूप में बताई गई है। इसमें कहा गया है कि [[अहीर]] और [[गवली]] के रूप में पहचाने जाने वाले यादव उस समय प्रमुख जाति थे।<ref>{{Cite book|url=https://ruralindiaonline.org/en/library/resource/report-on-the-census-of-british-india-taken-on-the-17th-of-february-1881-vols-i-iii/|title=Report on the Census of British India taken on the 17th of February 1881: Vols. I-III|date=1881-02-17|pages=326|language=en|quote=The Yadavas, who in their turn are identified with the Gaolis and Ahirs, were the dominant race at that time.}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
[[अहीर]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:अन्य पिछड़ा वर्ग]]
7d4lloswnuc9yj52ftblp2o5mt9mr9s
बर्मी लिपि
0
32450
6543128
6284718
2026-04-22T12:46:25Z
~2026-24836-35
921447
मुझे इसे सीखना है
6543128
wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Burmese alphabet.svg|right|thumb|250px|''बर्मी लिपि के अक्षर'']]के<hiero>
इन शब्द को कैसे सीखे
</hiero>{{ब्राम्ही}}
'''म्यांमार लिपि''' या '''बर्मी लिपि''' ([[बर्मी भाषा]]: ဗမာအက္ခရာ / बमाअक्खरा या မြန်မာအက္ခရာ / म्यन्माअक्खरा ), [[बर्मी भाषा]] लिखने के लिये प्रयुक्त होती है। यह [[ब्राह्मी परिवार]] की [[लिपि]] है। इसके अक्षर गोल होते हैं जो [[ताड़पत्र]] पर लेखन में सुविधा प्रदान करते थे क्योंकि सीधी रेखाएँ लिखने से पत्तों के फटने का डर रहता है।
==बर्मी उच्चारण की कुछ विशिष्टताएँ==
बर्मी लिपि, [[ब्राह्मी लिपि]] से व्युत्पन्न है किन्तु कुछ-कुछ शब्दों की वर्तनी और उच्चारण में बहुत अन्तर होता है। उदाहरण के लिये,
* '''र''' को प्रायः '''य''' उच्चारित करते हैं। (पालि, हिन्दी तथा विदेशी शब्दों को छोड़कर)
* '''च''' को '''स''' उच्चारित करते हैं।
* '''स''' को '''/त/द/ग''' उच्चारित करते हैं।
* '''प''' को '''ब''' उच्चारित करते हैं।
===कुछ अन्य अनियमितताएँ===
* -န်, ံ, -မ် से अन्त होने वाले शब्दों के अन्त में अनुनासिक (''' ं''' ) उच्चारित होता है।
* -ပ် और -တ် से अन्त होने वाले शब्दों के उच्चारण में अन्त में '''त्''' आता है।
== स्वर ==
{| class="prettytable"
|- class="hintergrundfarbe8"
! colspan="3" | स्वतंत्र स्वर !! colspan="3" | स्वर (मात्रा के रूप में)
|- class="hintergrundfarbe8"
! संकेत !! देवनागरी !! IPA !! संकेत !! देवनागरी !! IPA
|-
|{{lang|my|အ}}
|''अ''
|[{{IPA|a̰}}], [{{IPA|ə}}]
|{{lang|my|က}}
|''क''
|[{{IPA|ka̰}}], [{{IPA|kə}}]
|-
|{{lang|my|အာ}}
|''आ''
|[{{IPA|à}}]
|{{lang|my|ကာ}}
|''का''
|[{{IPA|kà}}]
|-
|{{lang|my|အား}}
|''आः''
|[{{IPA|á}}]
|{{lang|my|ကား}}
|''काः''
|[{{IPA|ká}}]
|-
|{{lang|my|ဣ}}
|''इ''
|[{{IPA|ḭ}}]
|{{lang|my|ကိ}}
|''कि''
|[{{IPA|kḭ}}]
|-
|{{lang|my|ဤ}}
|''ई''
|[{{IPA|ì}}]
|{{lang|my|ကီ}}
|''की''
|[{{IPA|kì}}]
|-
|{{lang|my|အီး}}
|''ईः''
|[{{IPA|í}}]
|{{lang|my|ကီး}}
|''कीः''
|[{{IPA|kí}}]
|-
|{{lang|my|ဥ}}
|''उ''
|[{{IPA|ṵ}}]
|{{lang|my|ကု}}
|''कु''
|[{{IPA|kṵ}}]
|-
|{{lang|my|ဦ}}
|''ऊ''
|[{{IPA|ù}}]
|{{lang|my|ကူ}}
|''कू''
|[{{IPA|kù}}]
|-
|{{lang|my|ဦး}}
|''ऊः''
|[{{IPA|ú}}]
|{{lang|my|ကူး}}
|''कूः''
|[{{IPA|kú}}]
|-
|{{lang|my|ဧ့}}
|''ए''
|[{{IPA|ḛ}}]
|{{lang|my|ကေ့}}
|''के''
|[{{IPA|kḛ}}]
|-
|{{lang|my|ဧ}}
|''ए''
|[{{IPA|è}}]
|{{lang|my|ကေ}}
|''के''
|[{{IPA|kè}}]
|-
|{{lang|my|ဧး}}
|''एः''
|[{{IPA|é}}]
|{{lang|my|ကေး}}
|''केः''
|[{{IPA|ké}}]
|-
|{{lang|my|အဲ့}}
|''ऐ''
|[{{IPA|ɛ̰}}]
|{{lang|my|ကဲ့}}
|''कै''
|[{{IPA|kɛ̰}}]
|-
|{{lang|my|အယ်}}
|''ऐ''
|[{{IPA|ɛ̀}}]
|{{lang|my|ကယ်}}
|''कै''
|[{{IPA|kɛ̀}}]
|-
|{{lang|my|အဲ}}
|''ऐः''
|[{{IPA|ɛ́}}]
|{{lang|my|ကဲ}}
|''कैः''
|[{{IPA|kɛ́}}]
|-
|{{lang|my|အို့}}
|''ओ''
|[{{IPA|o̰}}]
|{{lang|my|ကို့}}
|''को''
|[{{IPA|ko̰}}]
|-
|{{lang|my|အို}}
|''ओ''
|[{{IPA|ò}}]
|{{lang|my|ကို}}
|''को''
|[{{IPA|kò}}]
|-
|{{lang|my|အိုး}}
|''ओः''
|[{{IPA|ó}}]
|{{lang|my|ကိုး}}
|''कोः''
|[{{IPA|kó}}]
|-
|{{lang|my|အော့}}
|''औ''
|[{{IPA|ɔ̰}}]
|{{lang|my|ကော့}}
|''कौ''
|[{{IPA|kɔ̰}}]
|-
|{{lang|my|ဪ}}
|''औ''
|[{{IPA|ɔ̀}}]
|{{lang|my|ကော်}}
|''कौ''
|[{{IPA|kɔ̀}}]
|-
|{{lang|my|ဩ}}
|''औः''
|[{{IPA|ɔ́}}]
|{{lang|my|ကော}}
|''कौः''
|[{{IPA|kɔ́}}]
|}
यहाँ ''' ः ''' (विसर्ग) का अर्थ वास्तविक विसर्ग नहीं है बल्कि इसके लगाने का अर्थ संगत मात्रा को बड़ा(सुदीर्घ) करना है।
== व्यंजन ==
{| class="prettytable"
! class="hintergrundfarbe8" | बर्मी व्यंजन !! class="hintergrundfarbe8" | [[पालि]] उच्चारण !! class="hintergrundfarbe8" | बर्मी उच्चारण !! class="hintergrundfarbe8" | बर्मी उच्चारण [[आईपीए]] !! class="hintergrundfarbe8" | [[पालि]] उच्चारण [[आईपीए]] !! MLCTS लिप्यन्तरण
|-
| က || क || क || [ka'] || || k
|-
| ခ || ख || ख || [kʰa'] || || hk
|-
| ဂ || ग || ग || [ɡa'] || || g
|-
| ဃ || घ || '''ग''' || [ɡa'] || [ɡʰa'] || gh
|-
| င || ङ || ङ || [ŋa'] || || ng
|-
| စ || च || '''स''' || [sa'] || || c
|-
| ဆ || छ || '''श''' || [sʰa'] || || hc
|-
| ဇ || ज || '''ज़''' || [za'] || || j
|-
| ဈ || झ || '''ज''' || [za'] || [jʰa] || jh
|-
| ည || ञ || ञ || [ɲa] || || ny
|-
| ဋ || ट || '''त''' || [ta'] || [ṭa] || t
|-
| ဌ || ठ || '''ठ''' || [tʰa'] || [ṭha] || ht
|-
| ဍ || ड || '''द''' || [da'] || [ḍa] || d
|-
| ဎ || ढ || '''द''' || [da'] || [ḍʰa] || dh
|-
| ဏ || ण || '''न''' || [na'] || [ṇa] || n
|-
| တ || त || त || [ta] || || t
|-
| ထ || थ || थ || [tʰa'] || || ht
|-
| ဒ || द || द || [da'] || || d
|-
| ဓ || ध || '''द''' || [da'] || [dʰa] || dh
|-
| န || न || न || [na'] || || n
|-
| ပ || प || '''प/ब''' || [pa'] || || p
|-
| ဖ || फ || फ || [pʰa'] || || hp
|-
| ဗ || ब || ब || [ba'] || || b
|-
| ဘ || भ || '''ब''' || [ba'] || || bh
|-
| မ || म || म || [ma'] || || m
|-
| ယ || य || य || [ja'] || || y
|-
| ရ || र || '''य''' || [ja'] || [ɹa] || r
|-
| လ || ल || ल || [la'] || || l
|-
| ဝ || व || व || [wa'] || || w
|-
| သ || स || '''थ''' || [θa'] || || s
|-
| ဟ || ह || ह || [ha'] || || h
|-
| ဠ || ळ || '''ल''' || [la'] || [ḷa] || l
|-
| အ || अ || अ || [ʔa'] || [a] || rien
|-
|}
== बर्मी अंक ==
{| class="wikitable" style="text-align:center;width:560px"
!1!!2!!3!!4!!5!!6!!7!!8!!9!!0
|- style="height:3em;"
|<span style="font-size:24px;">{{My|၁}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၂}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၃}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၄}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၅}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၆}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၇}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၈}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၉}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၀}}</span>
|}
== विशेषक ==
ऐसे कई विशेषक चिह्न हैं जो किसी अक्षर की स्वर ध्वनि को बदल देते हैं। दो विशेषक विशेष रूप से पालि के लिए उपयोग किए जाते हैं और शायद ही कहीं और देखे जाते हैं।
{| class="wikitable"
|-
! Diacritic !! नाम !! टिप्पणी
|-
|ာ || ရေးချ ဝိုက်ချ၊ မောက်ချ || creates low tone
|-
|ိ (ဣ) || လုံးကြီးတင် || creates an ''i'' sound at creaky tone ( e.g. English ''s'''ea'''t'')
|-
|ီ (ဤ) || လုံးကြီးတင်ဆန်ခတ် || creates an ''i'' sound at low tone
|-
|ု (ဥ) || တစ်ချောင်းငင် || creates a ''u'' sound at creaky tone (e.g. English ''tr'''u'''ce'')
|-
|ူ (ဦ) || နှစ်ချောင်းငင် || creates a ''u'' sound at low tone
|-
|ေ (ဧ) || သဝေထိုး || creates an ''ei'' sound at high tone (e.g. English ''c'''a'''ne'')
|-
|ဲ (ဩ) || နောက်ပစ် || creates an ''è'' sound at high tone (e.g. English ''p'''e'''t'')
|-
|် || အသတ်, တံခွန် || [[विराम]] (ဝိရာမ) ; modifies the sound quality of a letter and varies with letters (usually creates a consonant final)
|-
|◌း || ဝစ္စပေါက်, ရှေ့ကပေါက်, ရှေ့ဆီး || [[विसर्ग]]; creates high tone, but cannot be used alone
|-
|ံ || သေးသေးတင် || [[अनुनासिक]], creates nasalised ''-n'' final
|-
|့ || အောက်မြစ် || [[अनुस्वार]], creates short tone
|-
|ၙ || || केवल [[पालि]] में प्रयुक्त
|-
|ၘ || || केवल [[पालि]] में प्रयुक्त
|}
इनमें से एक या अधिक उच्चारण किसी व्यंजन की ध्वनि को बदलने के लिए उसमें जोड़े जा सकते हैं। इसके अलावा, अन्य संशोधित प्रतीकों का उपयोग स्वर और ध्वनि को अलग करने के लिए किया जाता है, लेकिन उन्हें विशेषक नहीं माना जाता है।
== म्यांमार लिपि का लिप्यन्तरण ==
बर्मी लिपि के रोमनीकरण की चार प्रणालियाँ प्रचलित हैं। इनमे से दो प्रणालियाँ [[लिप्यन्तरण]] (transliterations) कही जा सकती हैं तथा अन्य दो का जोर उच्चारण पर है इसलिये उन्हें टांस्क्रिप्शन (transcriptions) कह सकते हैं।
लिप्यन्तरण की प्रणालियाँ हैं- [http://www.sil.org/~hopplep/dissertation/Appendix/Transcription_into_Roman.pdf MLC Transcription System] ([[w:MLC Transcription System|Wikipedia article]]) तथा [http://www.loc.gov/catdir/cpso/romanization/burmese.pdf ALA-LC Romanization] भी देखें। टांसक्रिप्शन प्रणालियाँ हैं- [http://earth-info.nga.mil/gns/html/Romanization/Romanization_Burmese.pdf BGN/PCGN romanization] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110429092416/http://earth-info.nga.mil/gns/html/Romanization/Romanization_Burmese.pdf |date=29 अप्रैल 2011 }} (कुछ परिवर्तनों के साथ) तथा [[w:John Okell|John Okell]] द्वारा प्रयुक्त प्रणाली।
इन प्रणालियों का विस्तृत विवेचन नीचे की सारणियों में दिया गया है-
== आरम्भिक (Syllable onsets) ==
Syllable onsets (या "initials") का रोमनीकरण निम्नवत किया जाता है-
{| class="wikitable"
|-
! बर्मी !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
|<big>က</big> || {{IPAchar|/k/}} || k || k
| style=background:#FF6 | k || k
|-
| <big>ကျ</big> || {{IPAchar|/tɕ/}} || ky || ky
| style=background:#FF6 | ky || c
|-
| <big>ကြ</big> || {{IPAchar|/tɕ/}} || kr || kr
| style=background:#FF6 | ky || c
|-
| <big>ကျွ</big> || {{IPAchar|/tɕw/}}<ref name=wa>But see [[#ကွတ်, ဝတ်, etc.|below]] for what happens before တ်, န်, ပ်, မ် and with ံ.</ref> || kyw || kyv
| style=background:#FF6 | kyw || cw
|-
| <big>ကြွ</big> || {{IPAchar|/tɕw/}}<ref name=wa /> || krw || krv
| style=background:#FF6 | kyw || cw
|-
| <big>ကွ</big> || {{IPAchar|/kw/}}<ref name=wa /> || kw || kv
| style=background:#FF6 | kw || kw
|-
| <big>ခ</big> || {{IPAchar|/kʰ/}} || hk || kh
| style=background:#FF6 | hk || hk
|-
| <big>ချ</big> || {{IPAchar|/tɕʰ/}} || hky || khy
| style=background:#FF6 | ch || hc
|-
| <big>ခြ</big> || {{IPAchar|/tɕʰ/}} || hkr || khr
| style=background:#FF6 | ch || hc
|-
| <big>ချွ</big> || {{IPAchar|/tɕʰw/}}<ref name=wa /> || hkyw || khyv
| style=background:#FF6 | chw || hcw
|-
| <big>ခြွ</big> || {{IPAchar|/tɕʰw/}}<ref name=wa /> || hkrw || khrv
| style=background:#FF6 | chw || hcw
|-
| <big>ခွ</big> || {{IPAchar|/kʰw/}}<ref name=wa /> || hkw || khv
| style=background:#FF6 | hkw || hkw
|-
|<big>ဂ</big> || {{IPAchar|/ɡ/}} || g || g
| style=background:#FF6 | g || g
|-
| <big>ဂျ</big> || {{IPAchar|/dʑ/}} || gy || gy
| style=background:#FF6 | gy || j
|-
| <big>ဂျွ</big> || {{IPAchar|/dʑw/}}<ref name=wa /> || gyw || gyv
| style=background:#FF6 | gyw || jw
|-
| <big>ဂွ</big> || {{IPAchar|/ɡw/}}<ref name=wa /> || gw || gv
| style=background:#FF6 | gw || gw
|-
|<big>ဃ</big> || {{IPAchar|/ɡ/}} || gh || gh
| style=background:#FF6 | g || g
|-
|<big>င</big> || {{IPAchar|/ŋ/}} || ng || ṅ
| style=background:#FF6 | ng || ng
|-
| <big>ငှ</big> || {{IPAchar|/ŋ̊/}} || hng || ṅh
| style=background:#FF6 | hng || hng
|-
| <big>ငြ</big> || {{IPAchar|/ɲ/}} || ngr || ṅr
| style=background:#FF6 | ny || ny
|-
| <big>ငြှ</big> || {{IPAchar|/ɲ̥/}} || hngr || ṅrh
| style=background:#FF6 | hny || hny
|-
| <big>ငွ</big> || {{IPAchar|/ŋw/}}<ref name=wa /> || hngw || ṅvh
| style=background:#FF6 | hngw || hngw
|-
| <big>စ</big> || {{IPAchar|/s/}} || c || c
| style=background:#FF6 | s || s
|-
| <big>စွ</big> || {{IPAchar|/sw/}}<ref name=wa /> || cw || cv
| style=background:#FF6 | sw || sw
|-
| <big>ဆ</big> || {{IPAchar|/sʰ/}} || hc || ch
| style=background:#FF6 | hs || hs
|-
| <big>ဆွ</big> || {{IPAchar|/sʰw/}}<ref name=wa /> || hcw || chv
| style=background:#FF6 | hsw || hsw
|-
| <big>ဇ</big> || {{IPAchar|/z/}} || j || j
| style=background:#FF6 | z || z
|-
| <big>ဇွ</big> || {{IPAchar|/zw/}}<ref name=wa /> || jw || jv
| style=background:#FF6 | zw || zw
|-
|<big>ဈ</big> || {{IPAchar|/z/}} || jh || jh
| style=background:#FF6 | z || z
|-
|<big>ဉ</big><br /><big>ည</big> || {{IPAchar|/ɲ/}} || ny || ñ<br />ññ
| style=background:#FF6 | ny || ny
|-
| <big>ဉှ</big><br /><big>ညှ</big> || {{IPAchar|/ɲ̥/}} || hny || ñh<br />ññh
| style=background:#FF6 | hny || hny
|-
| <big>ညွ</big> || {{IPAchar|/ɲw/}}<ref name=wa /> || nyw || ñv
| style=background:#FF6 | nyw || nyw
|-
| <big>ညွှ</big> || {{IPAchar|/ɲ̥w/}}<ref name=wa /> || hnyw || ñhv
| style=background:#FF6 | hnyw || hnyw
|-
|<big>ဋ</big> || {{IPAchar|/t/}} || t || ṭ
| style=background:#FF6 | t || t
|-
|<big>ဌ</big> || {{IPAchar|/tʰ/}} || ht || ṭh
| style=background:#FF6 | ht || ht
|-
|<big>ဍ</big> || {{IPAchar|/d/}} || d || ḍ
| style=background:#FF6 | d || d
|-
|<big>ဎ</big> || {{IPAchar|/d/}} || dh || ḍh
| style=background:#FF6 | d || d
|-
|<big>ဏ</big> || {{IPAchar|/n/}} || n || ṇ
| style=background:#FF6 | n || n
|-
|<big>တ</big> || {{IPAchar|/t/}} || t || t
| style=background:#FF6 | t || t
|-
|<big>တွ</big> || {{IPAchar|/tw/}}<ref name=wa /> || tw || tv
| style=background:#FF6 | tw || tw
|-
|<big>ထ</big> || {{IPAchar|/tʰ/}} || ht || th
| style=background:#FF6 | ht || ht
|-
|<big>ထွ</big> || {{IPAchar|/tʰw/}}<ref name=wa /> || htw || thv
| style=background:#FF6 | htw || htw
|-
|<big>ဒ</big> || {{IPAchar|/d/}} || d || d
| style=background:#FF6 | d || d
|-
|<big>ဒွ</big> || {{IPAchar|/dw/}}<ref name=wa /> || dw || dv
| style=background:#FF6 | dw || dw
|-
|<big>ဓ</big> || {{IPAchar|/d/}} || dh || dh
| style=background:#FF6 | d || d
|-
|<big>န</big> || {{IPAchar|/n/}} || n || n
| style=background:#FF6 | n || n
|-
| <big>နှ</big> || {{IPAchar|/n̥/}} || hn || nh
| style=background:#FF6 | hn || hn
|-
|<big>နွ</big> || {{IPAchar|/nw/}}<ref name=wa /> || nw || nv
| style=background:#FF6 | nw || nw
|-
|<big>နွှ</big> || {{IPAchar|/n̥w/}}<ref name=wa /> || hnw || nvh
| style=background:#FF6 | hnw || hnw
|-
|<big>ပ</big> || {{IPAchar|/p/}} || p || p
| style=background:#FF6 | p || p
|-
|<big>ပျ</big> || {{IPAchar|/pj/}} || py || py
| style=background:#FF6 | py || py
|-
|<big>ပြ</big> || {{IPAchar|/pj/}} || pr || pr
| style=background:#FF6 | py || py
|-
|<big>ပြွ</big> || {{IPAchar|/pw/}}<ref name=wa /> || prw || prv
| style=background:#FF6 | pw || pw
|-
|<big>ပွ</big> || {{IPAchar|/pw/}}<ref name=wa /> || pw || pv
| style=background:#FF6 | pw || pw
|-
|<big>ဖ</big> || {{IPAchar|/pʰ/}} || hp || ph
| style=background:#FF6 | hp || hp
|-
|<big>ဖျ</big> || {{IPAchar|/pʰj/}} || hpy || phy
| style=background:#FF6 | hpy || hpy
|-
|<big>ဖြ</big> || {{IPAchar|/pʰj/}} || hpr || phr
| style=background:#FF6 | hpy || hpy
|-
|<big>ဖွ</big> || {{IPAchar|/pʰw/}}<ref name=wa /> || hpw || phv
| style=background:#FF6 | hpw || hpw
|-
|<big>ဗ</big> || {{IPAchar|/b/}} || b || b
| style=background:#FF6 | b || b
|-
|<big>ဗျ</big> || {{IPAchar|/bj/}} || by || by
| style=background:#FF6 | by || by
|-
|<big>ဗြ</big> || {{IPAchar|/bj/}} || br || br
| style=background:#FF6 | by || by
|-
|<big>ဗွ</big> || {{IPAchar|/bw/}}<ref name=wa /> || bw || bv
| style=background:#FF6 | bw || bw
|-
|<big>ဘ</big> || {{IPAchar|/b/}}<br />{{IPAchar|/pʰ/}} || bh || bh
| style=background:#FF6 | b<br />hp || b<br />hp
|-
|<big>ဘွ</big> || {{IPAchar|/bw/}}<ref name=wa /> || bhw || bhv
| style=background:#FF6 | bw || bw
|-
|<big>မ</big> || {{IPAchar|/m/}} || m || m
| style=background:#FF6 | m || m
|-
| <big>မှ</big> || {{IPAchar|/m̥/}} || hm || mh
| style=background:#FF6 | hm || hm
|-
| <big>မျ</big> || {{IPAchar|/mj/}} || my || my
| style=background:#FF6 | my || my
|-
| <big>မျှ</big> || {{IPAchar|/m̥j/}} || hmy || myh
| style=background:#FF6 | hmy || hmy
|-
| <big>မြ</big> || {{IPAchar|/mj/}} || mr || mr
| style=background:#FF6 | my || my
|-
| <big>မြှ</big> || {{IPAchar|/m̥j/}} || hmr || mrh
| style=background:#FF6 | hmy || hmy
|-
| <big>မြွ</big> || {{IPAchar|/mw/}}<ref name=wa /> || mrw || mrv
| style=background:#FF6 | mw || mw
|-
| <big>မွ</big> || {{IPAchar|/mw/}}<ref name=wa /> || mw || mv
| style=background:#FF6 | mw || mw
|-
| <big>မွှ</big> || {{IPAchar|/m̥w/}}<ref name=wa /> || hmw || mvh
| style=background:#FF6 | hmw || hmw
|-
|<big>ယ</big> || {{IPAchar|/j/}} || y || y
| style=background:#FF6 | y || y
|-
| <big>ယှ</big> || {{IPAchar|/ʃ/}} || hy || yh
| style=background:#FF6 | sh || hy
|-
| <big>ယွ</big> || {{IPAchar|/jw/}}<ref name=wa /> || yw || yv
| style=background:#FF6 | yw || yw
|-
|<big>ရ</big> || {{IPAchar|/j/}}<br />{{IPAchar|/ɹ/}}<ref name=loan>In some loanwords only</ref> || r || r
| style=background:#FF6 | y<br />r || y<br />r
|-
| <big>ရှ</big> || {{IPAchar|/ʃ/}} || hr || rh
| style=background:#FF6 | sh || hy
|-
| <big>ရွ</big> || {{IPAchar|/jw/}}<ref name=wa /> || rw || rv
| style=background:#FF6 | yw || yw
|-
| <big>ရွှ</big> || {{IPAchar|/ʃw/}}<ref name=wa /> || hrw || rvh
| style=background:#FF6 | shw || hyw
|-
|<big>လ</big> || {{IPAchar|/l/}} || l || l
| style=background:#FF6 | l || l
|-
| <big>လှ</big> || {{IPAchar|/ɬ/}} || hl || lh
| style=background:#FF6 | hl || hl
|-
|<big>လျ</big> || {{IPAchar|/lj/}}<br />{{IPAchar|/j/}} || ly || ly
| style=background:#FF6 | ly<br />y || ly<br />y
|-
| <big>လျှ</big> || {{IPAchar|/ɬj/}}<br />{{IPAchar|/ʃ/}} || hly || lyh
| style=background:#FF6 | hly<br />sh || hly<br />hy
|-
|<big>လွ</big> || {{IPAchar|/lw/}}<ref name=wa /> || lw || lv
| style=background:#FF6 | lw || lw
|-
| <big>လွှ</big> || {{IPAchar|/ɬw/}}<ref name=wa /> || hlw || lvh
| style=background:#FF6 | hlw || hlw
|-
|<big>ဝ</big> || {{IPAchar|/w/}}<ref name=wa /> || w || v
| style=background:#FF6 | w || w
|-
| <big>ဝှ</big> || {{IPAchar|/ʍ/}}<ref name=wa /> || hw || vh
| style=background:#FF6 | hw || hw
|-
| <big>သ</big> || {{IPAchar|/θ/}}<br />{{IPAchar|/ð/}} || s || s
| style=background:#FF6 | th<br />dh || th
|-
| <big>သွ</big> || {{IPAchar|/θw/}}<ref name=wa /> || sw || sv
| style=background:#FF6 | thw || thw
|-
|<big>ဟ</big> || {{IPAchar|/h/}} || h || h
| style=background:#FF6 | h || h
|-
| <big>ဟွ</big> || {{IPAchar|/hw/}}<ref name=wa /> || hw || hv
| style=background:#FF6 | hw || hw
|-
|<big>ဠ</big> || {{IPAchar|/l/}} || l || ḷ
| style=background:#FF6 | l || l
|-
|<big>အ</big> || {{IPAchar|/ʔ/}} || (none) || ’
| style=background:#FF6 | (none) || (none)
|}
;टिप्पणी
<references />
== अंतिम (Syllable rhymes) ==
Syllable rhymes (या "finals") का रोमनीकरण निम्नवत किया जाता है। इस सारणी में बर्मी वर्ण 'क' <big>က</big> {{IPAchar|/k/}} को आधार के रूप में प्रयोग किया गया है।
{| class="wikitable"
! बर्मी !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
|<big>က</big> || {{IPAchar|/ka̰/}} || ka. || ka
| style=background:#FF6 | ka. || ká
|-
|<big>ကက်</big> || {{IPAchar|/kɛʔ/}} || kak || kak‘
| style=background:#FF6 | ket || keʔ
|-
|<big>ကင်</big> || {{IPAchar|/kìɴ/}} || kang || kaṅ‘
| style=background:#FF6 | kin || kiñ
|-
|<big>ကစ်</big> || {{IPAchar|/kiʔ/}} || kac || kac’
| style=background:#FF6 | kit || kiʔ
|-
|<big>ကည်</big> || {{IPAchar|/kì/}}<br />{{IPAchar|/kè/}}<br />{{IPAchar|/kɛ̀/}}
| rowspan=2 | kany
| kaññ‘
| style=background:#FF6 | ki<br />ke<br />kè || ki<br />kei<br />ke
|-
|<big>ကဉ်</big> || {{IPAchar|/kìɴ/}}
| kañ‘
| style=background:#FF6 | kin || kiñ
|-
|<big>ကတ်</big> || {{IPAchar|/kaʔ/}} || kat || kat‘
| style=background:#FF6 | kat || kaʔ
|-
|<big>ကန်</big> || {{IPAchar|/kàɴ/}} || kan || kan‘
| style=background:#FF6 | kan || kañ
|-
|<big>ကပ်</big> || {{IPAchar|/kaʔ/}} || kap || kap‘
| style=background:#FF6 | kat || kaʔ
|-
|<big>ကမ်</big> || {{IPAchar|/kàɴ/}} || kam || kam‘
| style=background:#FF6 | kan || kañ
|-
|<big>ကယ်</big> || {{IPAchar|/kɛ̀/}} || kai || kay‘
| style=background:#FF6 | kè || ke
|-
|<big>ကံ</big> || {{IPAchar|/kàɴ/}} || kam || kaṃ
| style=background:#FF6 | kan || kañ
|-
|<big>ကာ</big> || {{IPAchar|/kà/}} || ka || kā
| style=background:#FF6 | ka || ka
|-
|<big>ကိ</big> || {{IPAchar|/kḭ/}} || ki. || ki
| style=background:#FF6 | ki. || kí
|-
|<big>ကိတ်</big> || {{IPAchar|/keiʔ/}} || kit || kit‘
| style=background:#FF6 | keik || keiʔ
|-
|<big>ကိန်</big> || {{IPAchar|/kèiɴ/}} || kin || kin‘
| style=background:#FF6 | kein || keiñ
|-
|<big>ကိပ်</big> || {{IPAchar|/keiʔ/}} || kip || kip‘
| style=background:#FF6 | keik || keiʔ
|-
|<big>ကိမ်</big> || {{IPAchar|/kèiɴ/}} || kim || kim‘
| style=background:#FF6 | kein || keiñ
|-
|<big>ကိံ</big> || {{IPAchar|/kèiɴ/}} || kim || kiṃ
| style=background:#FF6 | kein || keiñ
|-
|<big>ကီ</big> || {{IPAchar|/kì/}} || ki || kī
| style=background:#FF6 | ki || ki
|-
|<big>ကု</big> || {{IPAchar|/kṵ/}} || ku. || ku
| style=background:#FF6 | ku. || kú
|-
|<big>ကုတ်</big> || {{IPAchar|/kouʔ/}} || kut || kut‘
| style=background:#FF6 | kok || kouʔ
|-
|<big>ကုန်</big> || {{IPAchar|/kòuɴ/}} || kun || kun‘
| style=background:#FF6 | kon || kouñ
|-
|<big>ကုပ်</big> || {{IPAchar|/kouʔ/}} || kup || kup‘
| style=background:#FF6 | kok || kouʔ
|-
|<big>ကုမ်</big> || {{IPAchar|/kòuɴ/}} || kum || kum‘
| style=background:#FF6 | kon || kouñ
|-
|<big>ကုံ</big> || {{IPAchar|/kòuɴ/}} || kum || kuṃ
| style=background:#FF6 | kon || kouñ
|-
|<big>ကူ</big> || {{IPAchar|/kù/}} || ku || kū
| style=background:#FF6 | ku || ku
|-
|<big>ကေ</big> || {{IPAchar|/kè/}} || ke || ke
| style=background:#FF6 | ke || kei
|-
|<big>ကဲ</big> || {{IPAchar|/kɛ́/}} || kai: || kai
| style=background:#FF6 | kè: || kè
|-
|<big>ကော</big> || {{IPAchar|/kɔ́/}} || kau: || ko
| style=background:#FF6 | kaw: || kò
|-
|<big>ကောက်</big> || {{IPAchar|/kauʔ/}} || kauk || kok‘
| style=background:#FF6 | kauk || kauʔ
|-
|<big>ကောင်</big> || {{IPAchar|/kàuɴ/}} || kaung || koṅ‘
| style=background:#FF6 | kaung || kauñ
|-
|<big>ကော်</big> || {{IPAchar|/kɔ̀/}} || kau || ko‘
| style=background:#FF6 | kaw || ko
|-
|<big>ကို</big> || {{IPAchar|/kò/}} || kui || kui
| style=background:#FF6 | ko || kou
|-
|<big>ကိုက်</big> || {{IPAchar|/kaiʔ/}} || kuik || kuik‘
| style=background:#FF6 | kaik || kaiʔ
|-
|<big>ကိုင်</big> || {{IPAchar|/kàiɴ/}} || kuing || kuiṅ‘
| style=background:#FF6 | kaing || kaiñ
|}
=== ကွတ်, ဝတ်, इत्यादि ===
In sequences with ွ or ဝ before တ်, န်, ပ်, မ် or together with ံ, the vowel pronounced is {{IPAchar|/u/}} rather than the expected {{IPAchar|/(w)a/}}. This is reflected in the BGN/PCGN and Okell transcriptions, but not in the MLCTS and ALA-LC transliterations.
{| class="wikitable"
! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
|<big>ကွတ်</big> || {{IPAchar|/kuʔ/}} || kwat || kvat‘
| style=background:#FF6 | kut || kuʔ
|-
|<big>ကွန်</big> || {{IPAchar|/kùɴ/}} || kwan || kvan‘
| style=background:#FF6 | kun || kuñ
|-
|<big>ကွပ်</big> || {{IPAchar|/kuʔ/}} || kwap || kvap‘
| style=background:#FF6 | kut || kuʔ
|-
|<big>ကွမ်</big> || {{IPAchar|/kùɴ/}} || kwam || kvam‘
| style=background:#FF6 | kun || kuñ
|-
|<big>ကွံ</big> || {{IPAchar|/kùɴ/}} || kwam || kvaṃ
| style=background:#FF6 | kun || kuñ
|-
|<big>ဝတ်</big> || {{IPAchar|/wuʔ/}} || wat || vat‘
| style=background:#FF6 | wut || wuʔ
|-
|<big>ဝန်</big> || {{IPAchar|/wùɴ/}} || wan || van‘
| style=background:#FF6 | wun || wuñ
|-
|<big>ဝပ်</big> || {{IPAchar|/wuʔ/}} || wap || vap‘
| style=background:#FF6 | wut || wuʔ
|-
|<big>ဝမ်</big> || {{IPAchar|/wùɴ/}} || wam || vam‘
| style=background:#FF6 | wun || wuñ
|-
|<big>ဝံ</big> || {{IPAchar|/wùɴ/}} || wam || vaṃ
| style=background:#FF6 | wun || wuñ
|}
=== स्वतंत्र स्वर ===
The independent vowel letters are transcribed the same as the vowels formed with <big>အ</big>, except in ALA-LC, where those formed with <big>အ</big> take a preposed apostrophe (’):
{| class=wikitable
! बर्मी !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
| <big>အိ</big><br /><big>ဣ</big> || {{IPAchar|/ḭ/}} || i. || ’i<br />i
| style=background:#FF6 | i. || í
|-
| <big>အီ</big><br /><big>ဤ</big> || {{IPAchar|/ì/}} || i || ’ī<br />ī
| style=background:#FF6 | i || i
|-
| <big>အု</big><br /><big>ဥ</big> || {{IPAchar|/ṵ/}} || u. || ’u<br />u
| style=background:#FF6 | u. || ú
|-
| <big>အူ</big><br /><big>ဦ</big> || {{IPAchar|/ù/}} || u || ’ū<br />ū
| style=background:#FF6 | u || u
|-
| <big>အေ</big><br /><big>ဧ</big> || {{IPAchar|/è/}} || e || ’e<br />e
| style=background:#FF6 | e || ei
|-
| <big>အော</big><br /><big>ဩ</big> || {{IPAchar|/ɔ́/}} || au: || ’o<br />o
| style=background:#FF6 | aw: || ò
|-
| <big>အော်</big><br /><big>ဪ</big> || {{IPAchar|/ɔ̀/}} || au || ’o‘<br />o‘
| style=background:#FF6| aw || o
|}
== टोन (Tones) ==
The low tone and checked tone are represented as shown in the table above. The representation of the high tone and creaky tone varies depending on the respective syllable rhyme: sometimes they are inherent in the vowel symbol used, and sometimes they are indicated by a diacritic mark. The ALA-LC romanization indicates these two tones explicitly only in cases where diacritic marks are used; the other three romanizations indicate them regardless of how they are spelled. Examples:
{| class=wikitable
! Tone !! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
| rowspan=4 | High
| <big>ကဲ</big> || {{IPAchar|/kɛ́/}} || kai: || kai
| style=background:#FF6 | kè: || kè
|-
|<big>ကော</big> || {{IPAchar|/kɔ́/}} || kau: || ko
| style=background:#FF6 | kaw: || kò
|-
|<big>ကား</big> || {{IPAchar|/ká/}} || ka: || kā″
| style=background:#FF6 | ka: || kà
|-
|<big>ကန်း</big> || {{IPAchar|/káɴ/}} || kan: || kan‘″
| style=background:#FF6 | kan: || kàñ
|-
| rowspan=5 | Creaky
|<big>က</big> || {{IPAchar|/ka̰/}} || ka. || ka
| style=background:#FF6 | ka. || ká
|-
|<big>ကိ</big> || {{IPAchar|/kḭ/}} || ki. || ki
| style=background:#FF6 | ki. || kí
|-
|<big>ကု</big> || {{IPAchar|/kṵ/}} || ku. || ku
| style=background:#FF6 | ku. || kú
|-
| <big>ကဲ့</big> || {{IPAchar|/kɛ̰/}} || kai. || kai′
| style=background:#FF6 | kè. || ké
|-
|<big>ကန့်</big> || {{IPAchar|/ka̰ɴ/}} || kan. || kan‘′
| style=background:#FF6 | kan. || káñ
|}
== लघु सिलैबल (Minor syllables) ==
Minor syllables in Burmese contain only the vowel {{IPAchar|/ə/}} in the rhyme and do not bear tone. They are always followed by a major syllable (any other kind of syllable). In the orthography, they are most commonly spelled as if their rhyme was {{IPAchar|/a̰/}} (i.e. with no vowel diacritic at all), but are often spelled in other ways. In the MLCTS and ALA-LC systems, minor syllables are romanized exactly as they are spelled in Burmese orthography. In the modified BGN/PCGN system and in the Okell system, minor syllables are indicated by the letter ''ă'' regardless of the Burmese orthography. Examples:
{| class=wikitable
! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6 | BGN-PCGN !! Okell
|-
| <big>ခလုတ်</big> || {{IPAchar|/kʰəlouʔ/}} || hka.lut || khalut‘
| style=background:#FF6 | hkălok || hkălouʔ
|-
| <big>စာရေး</big> || {{IPAchar|/səjé/}} || care: || cāre″
| style=background:#FF6 | săye: || săyeì
|-
| <big>ငါးဥ</big> || {{IPAchar|/ŋəʔṵ/}} || nga:u. || ṅā″u
| style=background:#FF6 | ngău. || ngăú
|-
| <big>သူငယ်</big> || {{IPAchar|/θəŋɛ̀/}} || su-ngai || sūṅay‘
| style=background:#FF6 | thăngè || thănge
|}
== सिलैबल का विभाजन ==
Where two consonants appear next to each other between two vowels in a romanization, use hyphens as necessary to avoid ambiguity. For example (the following are not necessarily real words of Burmese):
{| class=wikitable
! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6 | BGN-PCGN !! Okell
|-
| <big>အက်ယန်</big><br /><big>အာကျန်</big> || {{IPAchar|/ʔɛʔjàɴ/}}<br />{{IPAchar|/ʔàtɕàɴ/}} || ak-yan<br />a-kyan || ’ak‘yan‘<br />’ākyan‘
| style=background:#FF6 | et-yan<br />a-kyan || eʔyañ<br />acañ
|-
| <big>ကတ်ဝက်</big><br /><big>ကာတွက်</big> || {{IPAchar|/kaʔwɛʔ/}}<br />{{IPAchar|/kàtwɛʔ/}} || kat-wak<br />ka-twak || kat‘vak‘<br />kātvak‘
| style=background:#FF6 | kat-wet<br />ka-twet || kaʔweʔ<br />katweʔ
|-
| <big>တန်ဂါ</big><br /><big>တာငါ</big> || {{IPAchar|/tàɴɡà/}}<br />{{IPAchar|/tàŋà/}} || tan-ga<br />ta-nga || tan‘gā<br />tāṅā
| style=background:#FF6 | tan-ga<br />ta-nga || tañga<br />tanga
|}
== व्यंजन का उच्चारण (Consonant voicing) ==
In many words, a written voiceless (aspirated or unaspirated) consonant is pronounced voiced when it appears after a vowel or {{IPAchar|/ɴ/}}. This is indicated in the BGN-PCGN and Okell transcriptions, but not in the MLCTS and ALA-LC transliterations. In BGN-PCGN, the letter for the voiced consonant is used; in Okell, the letter for the voiceless consonant is used but underlined. Examples:
{| class=wikitable
! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6 | BGN-PCGN !! Okell
|-
| <big>ဆီပုံး</big> || {{IPAchar|/sʰìbóuɴ/}} || hcipum: || chīpuṃ″
| style=background:#FF6 | hsibon: || hsi<u>p</u>oùñ
|-
| <big>အုန်းဆီ</big> || {{IPAchar|/ʔóuɴzì/}} || un:hci || ’un‘″chī
| style=background:#FF6 | on:zi || oùñ<u>hs</u>i
|-
| <big>အညာသား</big> || {{IPAchar|/ʔəɲàðá/}} || a.nyasa: || ’añāsā″
| style=background:#FF6 | ănyadha: || ănya<u>th</u>à
|}
== बर्मी यूनिकोड ==
{|border="1" cellpadding="4" cellspacing="0" style="font-family:Padauk,Parabaik,Myanmar3,Myanmar2,Myanmar1,MyMyanmar,Thanlwin,'Masterpiece Uni Sans',Zawgyione,Code2000;font-size:125%;" lang="my" xml:lang="my"
|-style="background:#333;color:#fff;"
!U+!!width="15pt"|0!!width="15pt"|1!!width="15pt"|2!!width="15pt"|3!!width="15pt"|4!!width="15pt"|5!!width="15pt"|6!!width="15pt"|7!!width="15pt"|8!!width="15pt"|9!!width="15pt"|A!!width="15pt"|B!!width="15pt"|C!!width="15pt"|D!!width="15pt"|E!!width="15pt"|F
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1000
|က||ခ||ဂ||ဃ||င||စ||ဆ||ဇ||ဈ||ဉ||ည||ဋ||ဌ||ဍ||ဎ||ဏ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1010
|တ||ထ||ဒ||ဓ||န||ပ||ဖ||ဗ||ဘ||မ||ယ||ရ||လ||ဝ||သ||ဟ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1020
|ဠ||အ||ဢ||ဣ||ဤ||ဥ||ဦ||ဧ||ဨ||ဩ||ဪ||ါ||ာ||ိ||ီ||ု
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1030
|ူ||ေ||ဲ||ဳ||ဴ||ဵ||ံ||့||း||္||်||ျ||ြ||ွ||ှ||ဿ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1040
|၀||၁||၂||၃||၄||၅||၆||၇||၈||၉||၊||။||၌||၍||၎||၏
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1050
|ၐ||ၑ||ၒ||ၓ||ၔ||ၕ||ၖ||ၗ||ၘ||ၙ||ၚ||ၛ||ၜ||ၝ||ၞ||ၟ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1060
|ၠ||ၡ||ၢ||ၣ||ၤ||ၥ||ၦ||ၧ||ၨ||ၩ||ၪ||ၫ||ၬ||ၭ||ၮ||ၯ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1070
|ၰ||ၱ||ၲ||ၳ||ၴ||ၵ||ၶ||ၷ||ၸ||ၹ||ၺ||ၻ||ၼ||ၽ||ၾ||ၿ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1080
|ႀ||ႁ||ႂ||ႃ||ႄ||ႅ||ႆ||ႇ||ႈ||ႉ||ႊ||ႋ||ႌ||ႍ||ႎ||ႏ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1090
|႐||႑||႒||႓||႔||႕||႖||႗||႘||႙||ႚ||ႛ||ႜ||ႝ||႞||႟
|}
== इन्हें भी देखें==
*[[पालि भाषा]]
*[[पालि साहित्य]]
*[[थाई लिपि]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://docs.google.com/open?id=0B06JOlm5x83YTGMwelFIZVlSWks3S1RrRmdHS04yQQ Myanmar script to Devanagari script Converter] (download and use in any browser)
* [http://www.tuninst.net/Linguistics/indx-linguistics.htm#indx-linguistics Linguistics] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120301011704/http://www.tuninst.net/Linguistics/indx-linguistics.htm#indx-linguistics |date=1 मार्च 2012 }} (Tun Institute of Learning)
* [http://viss.wordpress.com/2009/01/04/10-things-i-hate-about-the-burmese-language/ 10 things I hate about the Burmese language]
* [http://people.w3.org/rishida/scripts/myanmar/ Myanmar script notes]
* [http://www.goldenland.luke.org/?p=39 Devanagari->Burmese->Lanna->Thai]
* [http://scriptsource.org/cms/scripts/page.php?item_id=script_detail_sym&key=Mymr Myanmar script]
* [http://people.w3.org/rishida/scripts/block/myanmar#index Myanmar character notes]
* [http://people.w3.org/rishida/scripts/pickers/myanmar/#main Burmese character picker v16]
* [https://dl.dropboxusercontent.com/u/8589366/Files/IPA converter/converter_ipabur.html Burmese phonetic to IPA Converter]{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }} (Lionslayer)
* [https://docs.google.com/spreadsheets/d/1iN1nZ7pVrmeVM5T0Ik60s8epI6Ecs6lkWc99WvcjZD8/edit?hl=en#gid=0 Burmese phonetic IPA] (Compiled by Lionslayer@Maung Maung San Mar 12 2011 Freely Redistributable under CC3)
[[श्रेणी:लिपि]]
[[श्रेणी:भाषा-विज्ञान]]
[[श्रेणी:ब्राह्मी परिवार की लिपियाँ]]
[[श्रेणी:शब्द सीमाओं के बिना लेखन प्रणालियाँ]]
ea81guw90l0rot11v5rp1ourqnhbm90
6543149
6543128
2026-04-22T15:39:36Z
AMAN KUMAR
911487
[[विशेष:योगदान/Sourish Paul Shyamnagar India|Sourish Paul Shyamnagar India]] ([[सदस्य वार्ता:Sourish Paul Shyamnagar India|वार्ता]]) के अवतरण 6284718 पर पुनर्स्थापित : पूर्ववत किया
6543149
wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Burmese alphabet.svg|right|thumb|250px|बर्मी लिपि के अक्षर]]
{{ब्राम्ही}}
'''म्यांमार लिपि''' या '''बर्मी लिपि''' ([[बर्मी भाषा]]: ဗမာအက္ခရာ / बमाअक्खरा या မြန်မာအက္ခရာ / म्यन्माअक्खरा ), [[बर्मी भाषा]] लिखने के लिये प्रयुक्त होती है। यह [[ब्राह्मी परिवार]] की [[लिपि]] है। इसके अक्षर गोल होते हैं जो [[ताड़पत्र]] पर लेखन में सुविधा प्रदान करते थे क्योंकि सीधी रेखाएँ लिखने से पत्तों के फटने का डर रहता है।
==बर्मी उच्चारण की कुछ विशिष्टताएँ==
बर्मी लिपि, [[ब्राह्मी लिपि]] से व्युत्पन्न है किन्तु कुछ-कुछ शब्दों की वर्तनी और उच्चारण में बहुत अन्तर होता है। उदाहरण के लिये,
* '''र''' को प्रायः '''य''' उच्चारित करते हैं। (पालि, हिन्दी तथा विदेशी शब्दों को छोड़कर)
* '''च''' को '''स''' उच्चारित करते हैं।
* '''स''' को '''/त/द/ग''' उच्चारित करते हैं।
* '''प''' को '''ब''' उच्चारित करते हैं।
===कुछ अन्य अनियमितताएँ===
* -န်, ံ, -မ် से अन्त होने वाले शब्दों के अन्त में अनुनासिक (''' ं''' ) उच्चारित होता है।
* -ပ် और -တ် से अन्त होने वाले शब्दों के उच्चारण में अन्त में '''त्''' आता है।
== स्वर ==
{| class="prettytable"
|- class="hintergrundfarbe8"
! colspan="3" | स्वतंत्र स्वर !! colspan="3" | स्वर (मात्रा के रूप में)
|- class="hintergrundfarbe8"
! संकेत !! देवनागरी !! IPA !! संकेत !! देवनागरी !! IPA
|-
|{{lang|my|အ}}
|''अ''
|[{{IPA|a̰}}], [{{IPA|ə}}]
|{{lang|my|က}}
|''क''
|[{{IPA|ka̰}}], [{{IPA|kə}}]
|-
|{{lang|my|အာ}}
|''आ''
|[{{IPA|à}}]
|{{lang|my|ကာ}}
|''का''
|[{{IPA|kà}}]
|-
|{{lang|my|အား}}
|''आः''
|[{{IPA|á}}]
|{{lang|my|ကား}}
|''काः''
|[{{IPA|ká}}]
|-
|{{lang|my|ဣ}}
|''इ''
|[{{IPA|ḭ}}]
|{{lang|my|ကိ}}
|''कि''
|[{{IPA|kḭ}}]
|-
|{{lang|my|ဤ}}
|''ई''
|[{{IPA|ì}}]
|{{lang|my|ကီ}}
|''की''
|[{{IPA|kì}}]
|-
|{{lang|my|အီး}}
|''ईः''
|[{{IPA|í}}]
|{{lang|my|ကီး}}
|''कीः''
|[{{IPA|kí}}]
|-
|{{lang|my|ဥ}}
|''उ''
|[{{IPA|ṵ}}]
|{{lang|my|ကု}}
|''कु''
|[{{IPA|kṵ}}]
|-
|{{lang|my|ဦ}}
|''ऊ''
|[{{IPA|ù}}]
|{{lang|my|ကူ}}
|''कू''
|[{{IPA|kù}}]
|-
|{{lang|my|ဦး}}
|''ऊः''
|[{{IPA|ú}}]
|{{lang|my|ကူး}}
|''कूः''
|[{{IPA|kú}}]
|-
|{{lang|my|ဧ့}}
|''ए''
|[{{IPA|ḛ}}]
|{{lang|my|ကေ့}}
|''के''
|[{{IPA|kḛ}}]
|-
|{{lang|my|ဧ}}
|''ए''
|[{{IPA|è}}]
|{{lang|my|ကေ}}
|''के''
|[{{IPA|kè}}]
|-
|{{lang|my|ဧး}}
|''एः''
|[{{IPA|é}}]
|{{lang|my|ကေး}}
|''केः''
|[{{IPA|ké}}]
|-
|{{lang|my|အဲ့}}
|''ऐ''
|[{{IPA|ɛ̰}}]
|{{lang|my|ကဲ့}}
|''कै''
|[{{IPA|kɛ̰}}]
|-
|{{lang|my|အယ်}}
|''ऐ''
|[{{IPA|ɛ̀}}]
|{{lang|my|ကယ်}}
|''कै''
|[{{IPA|kɛ̀}}]
|-
|{{lang|my|အဲ}}
|''ऐः''
|[{{IPA|ɛ́}}]
|{{lang|my|ကဲ}}
|''कैः''
|[{{IPA|kɛ́}}]
|-
|{{lang|my|အို့}}
|''ओ''
|[{{IPA|o̰}}]
|{{lang|my|ကို့}}
|''को''
|[{{IPA|ko̰}}]
|-
|{{lang|my|အို}}
|''ओ''
|[{{IPA|ò}}]
|{{lang|my|ကို}}
|''को''
|[{{IPA|kò}}]
|-
|{{lang|my|အိုး}}
|''ओः''
|[{{IPA|ó}}]
|{{lang|my|ကိုး}}
|''कोः''
|[{{IPA|kó}}]
|-
|{{lang|my|အော့}}
|''औ''
|[{{IPA|ɔ̰}}]
|{{lang|my|ကော့}}
|''कौ''
|[{{IPA|kɔ̰}}]
|-
|{{lang|my|ဪ}}
|''औ''
|[{{IPA|ɔ̀}}]
|{{lang|my|ကော်}}
|''कौ''
|[{{IPA|kɔ̀}}]
|-
|{{lang|my|ဩ}}
|''औः''
|[{{IPA|ɔ́}}]
|{{lang|my|ကော}}
|''कौः''
|[{{IPA|kɔ́}}]
|}
यहाँ ''' ः ''' (विसर्ग) का अर्थ वास्तविक विसर्ग नहीं है बल्कि इसके लगाने का अर्थ संगत मात्रा को बड़ा(सुदीर्घ) करना है।
== व्यंजन ==
{| class="prettytable"
! class="hintergrundfarbe8" | बर्मी व्यंजन !! class="hintergrundfarbe8" | [[पालि]] उच्चारण !! class="hintergrundfarbe8" | बर्मी उच्चारण !! class="hintergrundfarbe8" | बर्मी उच्चारण [[आईपीए]] !! class="hintergrundfarbe8" | [[पालि]] उच्चारण [[आईपीए]] !! MLCTS लिप्यन्तरण
|-
| က || क || क || [ka'] || || k
|-
| ခ || ख || ख || [kʰa'] || || hk
|-
| ဂ || ग || ग || [ɡa'] || || g
|-
| ဃ || घ || '''ग''' || [ɡa'] || [ɡʰa'] || gh
|-
| င || ङ || ङ || [ŋa'] || || ng
|-
| စ || च || '''स''' || [sa'] || || c
|-
| ဆ || छ || '''श''' || [sʰa'] || || hc
|-
| ဇ || ज || '''ज़''' || [za'] || || j
|-
| ဈ || झ || '''ज''' || [za'] || [jʰa] || jh
|-
| ည || ञ || ञ || [ɲa] || || ny
|-
| ဋ || ट || '''त''' || [ta'] || [ṭa] || t
|-
| ဌ || ठ || '''ठ''' || [tʰa'] || [ṭha] || ht
|-
| ဍ || ड || '''द''' || [da'] || [ḍa] || d
|-
| ဎ || ढ || '''द''' || [da'] || [ḍʰa] || dh
|-
| ဏ || ण || '''न''' || [na'] || [ṇa] || n
|-
| တ || त || त || [ta] || || t
|-
| ထ || थ || थ || [tʰa'] || || ht
|-
| ဒ || द || द || [da'] || || d
|-
| ဓ || ध || '''द''' || [da'] || [dʰa] || dh
|-
| န || न || न || [na'] || || n
|-
| ပ || प || '''प/ब''' || [pa'] || || p
|-
| ဖ || फ || फ || [pʰa'] || || hp
|-
| ဗ || ब || ब || [ba'] || || b
|-
| ဘ || भ || '''ब''' || [ba'] || || bh
|-
| မ || म || म || [ma'] || || m
|-
| ယ || य || य || [ja'] || || y
|-
| ရ || र || '''य''' || [ja'] || [ɹa] || r
|-
| လ || ल || ल || [la'] || || l
|-
| ဝ || व || व || [wa'] || || w
|-
| သ || स || '''थ''' || [θa'] || || s
|-
| ဟ || ह || ह || [ha'] || || h
|-
| ဠ || ळ || '''ल''' || [la'] || [ḷa] || l
|-
| အ || अ || अ || [ʔa'] || [a] || rien
|-
|}
== बर्मी अंक ==
{| class="wikitable" style="text-align:center;width:560px"
!1!!2!!3!!4!!5!!6!!7!!8!!9!!0
|- style="height:3em;"
|<span style="font-size:24px;">{{My|၁}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၂}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၃}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၄}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၅}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၆}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၇}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၈}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၉}}</span>
|<span style="font-size:24px;">{{My|၀}}</span>
|}
== विशेषक ==
ऐसे कई विशेषक चिह्न हैं जो किसी अक्षर की स्वर ध्वनि को बदल देते हैं। दो विशेषक विशेष रूप से पालि के लिए उपयोग किए जाते हैं और शायद ही कहीं और देखे जाते हैं।
{| class="wikitable"
|-
! Diacritic !! नाम !! टिप्पणी
|-
|ာ || ရေးချ ဝိုက်ချ၊ မောက်ချ || creates low tone
|-
|ိ (ဣ) || လုံးကြီးတင် || creates an ''i'' sound at creaky tone ( e.g. English ''s'''ea'''t'')
|-
|ီ (ဤ) || လုံးကြီးတင်ဆန်ခတ် || creates an ''i'' sound at low tone
|-
|ု (ဥ) || တစ်ချောင်းငင် || creates a ''u'' sound at creaky tone (e.g. English ''tr'''u'''ce'')
|-
|ူ (ဦ) || နှစ်ချောင်းငင် || creates a ''u'' sound at low tone
|-
|ေ (ဧ) || သဝေထိုး || creates an ''ei'' sound at high tone (e.g. English ''c'''a'''ne'')
|-
|ဲ (ဩ) || နောက်ပစ် || creates an ''è'' sound at high tone (e.g. English ''p'''e'''t'')
|-
|် || အသတ်, တံခွန် || [[विराम]] (ဝိရာမ) ; modifies the sound quality of a letter and varies with letters (usually creates a consonant final)
|-
|◌း || ဝစ္စပေါက်, ရှေ့ကပေါက်, ရှေ့ဆီး || [[विसर्ग]]; creates high tone, but cannot be used alone
|-
|ံ || သေးသေးတင် || [[अनुनासिक]], creates nasalised ''-n'' final
|-
|့ || အောက်မြစ် || [[अनुस्वार]], creates short tone
|-
|ၙ || || केवल [[पालि]] में प्रयुक्त
|-
|ၘ || || केवल [[पालि]] में प्रयुक्त
|}
इनमें से एक या अधिक उच्चारण किसी व्यंजन की ध्वनि को बदलने के लिए उसमें जोड़े जा सकते हैं। इसके अलावा, अन्य संशोधित प्रतीकों का उपयोग स्वर और ध्वनि को अलग करने के लिए किया जाता है, लेकिन उन्हें विशेषक नहीं माना जाता है।
== म्यांमार लिपि का लिप्यन्तरण ==
बर्मी लिपि के रोमनीकरण की चार प्रणालियाँ प्रचलित हैं। इनमे से दो प्रणालियाँ [[लिप्यन्तरण]] (transliterations) कही जा सकती हैं तथा अन्य दो का जोर उच्चारण पर है इसलिये उन्हें टांस्क्रिप्शन (transcriptions) कह सकते हैं।
लिप्यन्तरण की प्रणालियाँ हैं- [http://www.sil.org/~hopplep/dissertation/Appendix/Transcription_into_Roman.pdf MLC Transcription System] ([[w:MLC Transcription System|Wikipedia article]]) तथा [http://www.loc.gov/catdir/cpso/romanization/burmese.pdf ALA-LC Romanization] भी देखें। टांसक्रिप्शन प्रणालियाँ हैं- [http://earth-info.nga.mil/gns/html/Romanization/Romanization_Burmese.pdf BGN/PCGN romanization] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110429092416/http://earth-info.nga.mil/gns/html/Romanization/Romanization_Burmese.pdf |date=29 अप्रैल 2011 }} (कुछ परिवर्तनों के साथ) तथा [[w:John Okell|John Okell]] द्वारा प्रयुक्त प्रणाली।
इन प्रणालियों का विस्तृत विवेचन नीचे की सारणियों में दिया गया है-
== आरम्भिक (Syllable onsets) ==
Syllable onsets (या "initials") का रोमनीकरण निम्नवत किया जाता है-
{| class="wikitable"
|-
! बर्मी !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
|<big>က</big> || {{IPAchar|/k/}} || k || k
| style=background:#FF6 | k || k
|-
| <big>ကျ</big> || {{IPAchar|/tɕ/}} || ky || ky
| style=background:#FF6 | ky || c
|-
| <big>ကြ</big> || {{IPAchar|/tɕ/}} || kr || kr
| style=background:#FF6 | ky || c
|-
| <big>ကျွ</big> || {{IPAchar|/tɕw/}}<ref name=wa>But see [[#ကွတ်, ဝတ်, etc.|below]] for what happens before တ်, န်, ပ်, မ် and with ံ.</ref> || kyw || kyv
| style=background:#FF6 | kyw || cw
|-
| <big>ကြွ</big> || {{IPAchar|/tɕw/}}<ref name=wa /> || krw || krv
| style=background:#FF6 | kyw || cw
|-
| <big>ကွ</big> || {{IPAchar|/kw/}}<ref name=wa /> || kw || kv
| style=background:#FF6 | kw || kw
|-
| <big>ခ</big> || {{IPAchar|/kʰ/}} || hk || kh
| style=background:#FF6 | hk || hk
|-
| <big>ချ</big> || {{IPAchar|/tɕʰ/}} || hky || khy
| style=background:#FF6 | ch || hc
|-
| <big>ခြ</big> || {{IPAchar|/tɕʰ/}} || hkr || khr
| style=background:#FF6 | ch || hc
|-
| <big>ချွ</big> || {{IPAchar|/tɕʰw/}}<ref name=wa /> || hkyw || khyv
| style=background:#FF6 | chw || hcw
|-
| <big>ခြွ</big> || {{IPAchar|/tɕʰw/}}<ref name=wa /> || hkrw || khrv
| style=background:#FF6 | chw || hcw
|-
| <big>ခွ</big> || {{IPAchar|/kʰw/}}<ref name=wa /> || hkw || khv
| style=background:#FF6 | hkw || hkw
|-
|<big>ဂ</big> || {{IPAchar|/ɡ/}} || g || g
| style=background:#FF6 | g || g
|-
| <big>ဂျ</big> || {{IPAchar|/dʑ/}} || gy || gy
| style=background:#FF6 | gy || j
|-
| <big>ဂျွ</big> || {{IPAchar|/dʑw/}}<ref name=wa /> || gyw || gyv
| style=background:#FF6 | gyw || jw
|-
| <big>ဂွ</big> || {{IPAchar|/ɡw/}}<ref name=wa /> || gw || gv
| style=background:#FF6 | gw || gw
|-
|<big>ဃ</big> || {{IPAchar|/ɡ/}} || gh || gh
| style=background:#FF6 | g || g
|-
|<big>င</big> || {{IPAchar|/ŋ/}} || ng || ṅ
| style=background:#FF6 | ng || ng
|-
| <big>ငှ</big> || {{IPAchar|/ŋ̊/}} || hng || ṅh
| style=background:#FF6 | hng || hng
|-
| <big>ငြ</big> || {{IPAchar|/ɲ/}} || ngr || ṅr
| style=background:#FF6 | ny || ny
|-
| <big>ငြှ</big> || {{IPAchar|/ɲ̥/}} || hngr || ṅrh
| style=background:#FF6 | hny || hny
|-
| <big>ငွ</big> || {{IPAchar|/ŋw/}}<ref name=wa /> || hngw || ṅvh
| style=background:#FF6 | hngw || hngw
|-
| <big>စ</big> || {{IPAchar|/s/}} || c || c
| style=background:#FF6 | s || s
|-
| <big>စွ</big> || {{IPAchar|/sw/}}<ref name=wa /> || cw || cv
| style=background:#FF6 | sw || sw
|-
| <big>ဆ</big> || {{IPAchar|/sʰ/}} || hc || ch
| style=background:#FF6 | hs || hs
|-
| <big>ဆွ</big> || {{IPAchar|/sʰw/}}<ref name=wa /> || hcw || chv
| style=background:#FF6 | hsw || hsw
|-
| <big>ဇ</big> || {{IPAchar|/z/}} || j || j
| style=background:#FF6 | z || z
|-
| <big>ဇွ</big> || {{IPAchar|/zw/}}<ref name=wa /> || jw || jv
| style=background:#FF6 | zw || zw
|-
|<big>ဈ</big> || {{IPAchar|/z/}} || jh || jh
| style=background:#FF6 | z || z
|-
|<big>ဉ</big><br /><big>ည</big> || {{IPAchar|/ɲ/}} || ny || ñ<br />ññ
| style=background:#FF6 | ny || ny
|-
| <big>ဉှ</big><br /><big>ညှ</big> || {{IPAchar|/ɲ̥/}} || hny || ñh<br />ññh
| style=background:#FF6 | hny || hny
|-
| <big>ညွ</big> || {{IPAchar|/ɲw/}}<ref name=wa /> || nyw || ñv
| style=background:#FF6 | nyw || nyw
|-
| <big>ညွှ</big> || {{IPAchar|/ɲ̥w/}}<ref name=wa /> || hnyw || ñhv
| style=background:#FF6 | hnyw || hnyw
|-
|<big>ဋ</big> || {{IPAchar|/t/}} || t || ṭ
| style=background:#FF6 | t || t
|-
|<big>ဌ</big> || {{IPAchar|/tʰ/}} || ht || ṭh
| style=background:#FF6 | ht || ht
|-
|<big>ဍ</big> || {{IPAchar|/d/}} || d || ḍ
| style=background:#FF6 | d || d
|-
|<big>ဎ</big> || {{IPAchar|/d/}} || dh || ḍh
| style=background:#FF6 | d || d
|-
|<big>ဏ</big> || {{IPAchar|/n/}} || n || ṇ
| style=background:#FF6 | n || n
|-
|<big>တ</big> || {{IPAchar|/t/}} || t || t
| style=background:#FF6 | t || t
|-
|<big>တွ</big> || {{IPAchar|/tw/}}<ref name=wa /> || tw || tv
| style=background:#FF6 | tw || tw
|-
|<big>ထ</big> || {{IPAchar|/tʰ/}} || ht || th
| style=background:#FF6 | ht || ht
|-
|<big>ထွ</big> || {{IPAchar|/tʰw/}}<ref name=wa /> || htw || thv
| style=background:#FF6 | htw || htw
|-
|<big>ဒ</big> || {{IPAchar|/d/}} || d || d
| style=background:#FF6 | d || d
|-
|<big>ဒွ</big> || {{IPAchar|/dw/}}<ref name=wa /> || dw || dv
| style=background:#FF6 | dw || dw
|-
|<big>ဓ</big> || {{IPAchar|/d/}} || dh || dh
| style=background:#FF6 | d || d
|-
|<big>န</big> || {{IPAchar|/n/}} || n || n
| style=background:#FF6 | n || n
|-
| <big>နှ</big> || {{IPAchar|/n̥/}} || hn || nh
| style=background:#FF6 | hn || hn
|-
|<big>နွ</big> || {{IPAchar|/nw/}}<ref name=wa /> || nw || nv
| style=background:#FF6 | nw || nw
|-
|<big>နွှ</big> || {{IPAchar|/n̥w/}}<ref name=wa /> || hnw || nvh
| style=background:#FF6 | hnw || hnw
|-
|<big>ပ</big> || {{IPAchar|/p/}} || p || p
| style=background:#FF6 | p || p
|-
|<big>ပျ</big> || {{IPAchar|/pj/}} || py || py
| style=background:#FF6 | py || py
|-
|<big>ပြ</big> || {{IPAchar|/pj/}} || pr || pr
| style=background:#FF6 | py || py
|-
|<big>ပြွ</big> || {{IPAchar|/pw/}}<ref name=wa /> || prw || prv
| style=background:#FF6 | pw || pw
|-
|<big>ပွ</big> || {{IPAchar|/pw/}}<ref name=wa /> || pw || pv
| style=background:#FF6 | pw || pw
|-
|<big>ဖ</big> || {{IPAchar|/pʰ/}} || hp || ph
| style=background:#FF6 | hp || hp
|-
|<big>ဖျ</big> || {{IPAchar|/pʰj/}} || hpy || phy
| style=background:#FF6 | hpy || hpy
|-
|<big>ဖြ</big> || {{IPAchar|/pʰj/}} || hpr || phr
| style=background:#FF6 | hpy || hpy
|-
|<big>ဖွ</big> || {{IPAchar|/pʰw/}}<ref name=wa /> || hpw || phv
| style=background:#FF6 | hpw || hpw
|-
|<big>ဗ</big> || {{IPAchar|/b/}} || b || b
| style=background:#FF6 | b || b
|-
|<big>ဗျ</big> || {{IPAchar|/bj/}} || by || by
| style=background:#FF6 | by || by
|-
|<big>ဗြ</big> || {{IPAchar|/bj/}} || br || br
| style=background:#FF6 | by || by
|-
|<big>ဗွ</big> || {{IPAchar|/bw/}}<ref name=wa /> || bw || bv
| style=background:#FF6 | bw || bw
|-
|<big>ဘ</big> || {{IPAchar|/b/}}<br />{{IPAchar|/pʰ/}} || bh || bh
| style=background:#FF6 | b<br />hp || b<br />hp
|-
|<big>ဘွ</big> || {{IPAchar|/bw/}}<ref name=wa /> || bhw || bhv
| style=background:#FF6 | bw || bw
|-
|<big>မ</big> || {{IPAchar|/m/}} || m || m
| style=background:#FF6 | m || m
|-
| <big>မှ</big> || {{IPAchar|/m̥/}} || hm || mh
| style=background:#FF6 | hm || hm
|-
| <big>မျ</big> || {{IPAchar|/mj/}} || my || my
| style=background:#FF6 | my || my
|-
| <big>မျှ</big> || {{IPAchar|/m̥j/}} || hmy || myh
| style=background:#FF6 | hmy || hmy
|-
| <big>မြ</big> || {{IPAchar|/mj/}} || mr || mr
| style=background:#FF6 | my || my
|-
| <big>မြှ</big> || {{IPAchar|/m̥j/}} || hmr || mrh
| style=background:#FF6 | hmy || hmy
|-
| <big>မြွ</big> || {{IPAchar|/mw/}}<ref name=wa /> || mrw || mrv
| style=background:#FF6 | mw || mw
|-
| <big>မွ</big> || {{IPAchar|/mw/}}<ref name=wa /> || mw || mv
| style=background:#FF6 | mw || mw
|-
| <big>မွှ</big> || {{IPAchar|/m̥w/}}<ref name=wa /> || hmw || mvh
| style=background:#FF6 | hmw || hmw
|-
|<big>ယ</big> || {{IPAchar|/j/}} || y || y
| style=background:#FF6 | y || y
|-
| <big>ယှ</big> || {{IPAchar|/ʃ/}} || hy || yh
| style=background:#FF6 | sh || hy
|-
| <big>ယွ</big> || {{IPAchar|/jw/}}<ref name=wa /> || yw || yv
| style=background:#FF6 | yw || yw
|-
|<big>ရ</big> || {{IPAchar|/j/}}<br />{{IPAchar|/ɹ/}}<ref name=loan>In some loanwords only</ref> || r || r
| style=background:#FF6 | y<br />r || y<br />r
|-
| <big>ရှ</big> || {{IPAchar|/ʃ/}} || hr || rh
| style=background:#FF6 | sh || hy
|-
| <big>ရွ</big> || {{IPAchar|/jw/}}<ref name=wa /> || rw || rv
| style=background:#FF6 | yw || yw
|-
| <big>ရွှ</big> || {{IPAchar|/ʃw/}}<ref name=wa /> || hrw || rvh
| style=background:#FF6 | shw || hyw
|-
|<big>လ</big> || {{IPAchar|/l/}} || l || l
| style=background:#FF6 | l || l
|-
| <big>လှ</big> || {{IPAchar|/ɬ/}} || hl || lh
| style=background:#FF6 | hl || hl
|-
|<big>လျ</big> || {{IPAchar|/lj/}}<br />{{IPAchar|/j/}} || ly || ly
| style=background:#FF6 | ly<br />y || ly<br />y
|-
| <big>လျှ</big> || {{IPAchar|/ɬj/}}<br />{{IPAchar|/ʃ/}} || hly || lyh
| style=background:#FF6 | hly<br />sh || hly<br />hy
|-
|<big>လွ</big> || {{IPAchar|/lw/}}<ref name=wa /> || lw || lv
| style=background:#FF6 | lw || lw
|-
| <big>လွှ</big> || {{IPAchar|/ɬw/}}<ref name=wa /> || hlw || lvh
| style=background:#FF6 | hlw || hlw
|-
|<big>ဝ</big> || {{IPAchar|/w/}}<ref name=wa /> || w || v
| style=background:#FF6 | w || w
|-
| <big>ဝှ</big> || {{IPAchar|/ʍ/}}<ref name=wa /> || hw || vh
| style=background:#FF6 | hw || hw
|-
| <big>သ</big> || {{IPAchar|/θ/}}<br />{{IPAchar|/ð/}} || s || s
| style=background:#FF6 | th<br />dh || th
|-
| <big>သွ</big> || {{IPAchar|/θw/}}<ref name=wa /> || sw || sv
| style=background:#FF6 | thw || thw
|-
|<big>ဟ</big> || {{IPAchar|/h/}} || h || h
| style=background:#FF6 | h || h
|-
| <big>ဟွ</big> || {{IPAchar|/hw/}}<ref name=wa /> || hw || hv
| style=background:#FF6 | hw || hw
|-
|<big>ဠ</big> || {{IPAchar|/l/}} || l || ḷ
| style=background:#FF6 | l || l
|-
|<big>အ</big> || {{IPAchar|/ʔ/}} || (none) || ’
| style=background:#FF6 | (none) || (none)
|}
;टिप्पणी
<references />
== अंतिम (Syllable rhymes) ==
Syllable rhymes (या "finals") का रोमनीकरण निम्नवत किया जाता है। इस सारणी में बर्मी वर्ण 'क' <big>က</big> {{IPAchar|/k/}} को आधार के रूप में प्रयोग किया गया है।
{| class="wikitable"
! बर्मी !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
|<big>က</big> || {{IPAchar|/ka̰/}} || ka. || ka
| style=background:#FF6 | ka. || ká
|-
|<big>ကက်</big> || {{IPAchar|/kɛʔ/}} || kak || kak‘
| style=background:#FF6 | ket || keʔ
|-
|<big>ကင်</big> || {{IPAchar|/kìɴ/}} || kang || kaṅ‘
| style=background:#FF6 | kin || kiñ
|-
|<big>ကစ်</big> || {{IPAchar|/kiʔ/}} || kac || kac’
| style=background:#FF6 | kit || kiʔ
|-
|<big>ကည်</big> || {{IPAchar|/kì/}}<br />{{IPAchar|/kè/}}<br />{{IPAchar|/kɛ̀/}}
| rowspan=2 | kany
| kaññ‘
| style=background:#FF6 | ki<br />ke<br />kè || ki<br />kei<br />ke
|-
|<big>ကဉ်</big> || {{IPAchar|/kìɴ/}}
| kañ‘
| style=background:#FF6 | kin || kiñ
|-
|<big>ကတ်</big> || {{IPAchar|/kaʔ/}} || kat || kat‘
| style=background:#FF6 | kat || kaʔ
|-
|<big>ကန်</big> || {{IPAchar|/kàɴ/}} || kan || kan‘
| style=background:#FF6 | kan || kañ
|-
|<big>ကပ်</big> || {{IPAchar|/kaʔ/}} || kap || kap‘
| style=background:#FF6 | kat || kaʔ
|-
|<big>ကမ်</big> || {{IPAchar|/kàɴ/}} || kam || kam‘
| style=background:#FF6 | kan || kañ
|-
|<big>ကယ်</big> || {{IPAchar|/kɛ̀/}} || kai || kay‘
| style=background:#FF6 | kè || ke
|-
|<big>ကံ</big> || {{IPAchar|/kàɴ/}} || kam || kaṃ
| style=background:#FF6 | kan || kañ
|-
|<big>ကာ</big> || {{IPAchar|/kà/}} || ka || kā
| style=background:#FF6 | ka || ka
|-
|<big>ကိ</big> || {{IPAchar|/kḭ/}} || ki. || ki
| style=background:#FF6 | ki. || kí
|-
|<big>ကိတ်</big> || {{IPAchar|/keiʔ/}} || kit || kit‘
| style=background:#FF6 | keik || keiʔ
|-
|<big>ကိန်</big> || {{IPAchar|/kèiɴ/}} || kin || kin‘
| style=background:#FF6 | kein || keiñ
|-
|<big>ကိပ်</big> || {{IPAchar|/keiʔ/}} || kip || kip‘
| style=background:#FF6 | keik || keiʔ
|-
|<big>ကိမ်</big> || {{IPAchar|/kèiɴ/}} || kim || kim‘
| style=background:#FF6 | kein || keiñ
|-
|<big>ကိံ</big> || {{IPAchar|/kèiɴ/}} || kim || kiṃ
| style=background:#FF6 | kein || keiñ
|-
|<big>ကီ</big> || {{IPAchar|/kì/}} || ki || kī
| style=background:#FF6 | ki || ki
|-
|<big>ကု</big> || {{IPAchar|/kṵ/}} || ku. || ku
| style=background:#FF6 | ku. || kú
|-
|<big>ကုတ်</big> || {{IPAchar|/kouʔ/}} || kut || kut‘
| style=background:#FF6 | kok || kouʔ
|-
|<big>ကုန်</big> || {{IPAchar|/kòuɴ/}} || kun || kun‘
| style=background:#FF6 | kon || kouñ
|-
|<big>ကုပ်</big> || {{IPAchar|/kouʔ/}} || kup || kup‘
| style=background:#FF6 | kok || kouʔ
|-
|<big>ကုမ်</big> || {{IPAchar|/kòuɴ/}} || kum || kum‘
| style=background:#FF6 | kon || kouñ
|-
|<big>ကုံ</big> || {{IPAchar|/kòuɴ/}} || kum || kuṃ
| style=background:#FF6 | kon || kouñ
|-
|<big>ကူ</big> || {{IPAchar|/kù/}} || ku || kū
| style=background:#FF6 | ku || ku
|-
|<big>ကေ</big> || {{IPAchar|/kè/}} || ke || ke
| style=background:#FF6 | ke || kei
|-
|<big>ကဲ</big> || {{IPAchar|/kɛ́/}} || kai: || kai
| style=background:#FF6 | kè: || kè
|-
|<big>ကော</big> || {{IPAchar|/kɔ́/}} || kau: || ko
| style=background:#FF6 | kaw: || kò
|-
|<big>ကောက်</big> || {{IPAchar|/kauʔ/}} || kauk || kok‘
| style=background:#FF6 | kauk || kauʔ
|-
|<big>ကောင်</big> || {{IPAchar|/kàuɴ/}} || kaung || koṅ‘
| style=background:#FF6 | kaung || kauñ
|-
|<big>ကော်</big> || {{IPAchar|/kɔ̀/}} || kau || ko‘
| style=background:#FF6 | kaw || ko
|-
|<big>ကို</big> || {{IPAchar|/kò/}} || kui || kui
| style=background:#FF6 | ko || kou
|-
|<big>ကိုက်</big> || {{IPAchar|/kaiʔ/}} || kuik || kuik‘
| style=background:#FF6 | kaik || kaiʔ
|-
|<big>ကိုင်</big> || {{IPAchar|/kàiɴ/}} || kuing || kuiṅ‘
| style=background:#FF6 | kaing || kaiñ
|}
=== ကွတ်, ဝတ်, इत्यादि ===
In sequences with ွ or ဝ before တ်, န်, ပ်, မ် or together with ံ, the vowel pronounced is {{IPAchar|/u/}} rather than the expected {{IPAchar|/(w)a/}}. This is reflected in the BGN/PCGN and Okell transcriptions, but not in the MLCTS and ALA-LC transliterations.
{| class="wikitable"
! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
|<big>ကွတ်</big> || {{IPAchar|/kuʔ/}} || kwat || kvat‘
| style=background:#FF6 | kut || kuʔ
|-
|<big>ကွန်</big> || {{IPAchar|/kùɴ/}} || kwan || kvan‘
| style=background:#FF6 | kun || kuñ
|-
|<big>ကွပ်</big> || {{IPAchar|/kuʔ/}} || kwap || kvap‘
| style=background:#FF6 | kut || kuʔ
|-
|<big>ကွမ်</big> || {{IPAchar|/kùɴ/}} || kwam || kvam‘
| style=background:#FF6 | kun || kuñ
|-
|<big>ကွံ</big> || {{IPAchar|/kùɴ/}} || kwam || kvaṃ
| style=background:#FF6 | kun || kuñ
|-
|<big>ဝတ်</big> || {{IPAchar|/wuʔ/}} || wat || vat‘
| style=background:#FF6 | wut || wuʔ
|-
|<big>ဝန်</big> || {{IPAchar|/wùɴ/}} || wan || van‘
| style=background:#FF6 | wun || wuñ
|-
|<big>ဝပ်</big> || {{IPAchar|/wuʔ/}} || wap || vap‘
| style=background:#FF6 | wut || wuʔ
|-
|<big>ဝမ်</big> || {{IPAchar|/wùɴ/}} || wam || vam‘
| style=background:#FF6 | wun || wuñ
|-
|<big>ဝံ</big> || {{IPAchar|/wùɴ/}} || wam || vaṃ
| style=background:#FF6 | wun || wuñ
|}
=== स्वतंत्र स्वर ===
The independent vowel letters are transcribed the same as the vowels formed with <big>အ</big>, except in ALA-LC, where those formed with <big>အ</big> take a preposed apostrophe (’):
{| class=wikitable
! बर्मी !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
| <big>အိ</big><br /><big>ဣ</big> || {{IPAchar|/ḭ/}} || i. || ’i<br />i
| style=background:#FF6 | i. || í
|-
| <big>အီ</big><br /><big>ဤ</big> || {{IPAchar|/ì/}} || i || ’ī<br />ī
| style=background:#FF6 | i || i
|-
| <big>အု</big><br /><big>ဥ</big> || {{IPAchar|/ṵ/}} || u. || ’u<br />u
| style=background:#FF6 | u. || ú
|-
| <big>အူ</big><br /><big>ဦ</big> || {{IPAchar|/ù/}} || u || ’ū<br />ū
| style=background:#FF6 | u || u
|-
| <big>အေ</big><br /><big>ဧ</big> || {{IPAchar|/è/}} || e || ’e<br />e
| style=background:#FF6 | e || ei
|-
| <big>အော</big><br /><big>ဩ</big> || {{IPAchar|/ɔ́/}} || au: || ’o<br />o
| style=background:#FF6 | aw: || ò
|-
| <big>အော်</big><br /><big>ဪ</big> || {{IPAchar|/ɔ̀/}} || au || ’o‘<br />o‘
| style=background:#FF6| aw || o
|}
== टोन (Tones) ==
The low tone and checked tone are represented as shown in the table above. The representation of the high tone and creaky tone varies depending on the respective syllable rhyme: sometimes they are inherent in the vowel symbol used, and sometimes they are indicated by a diacritic mark. The ALA-LC romanization indicates these two tones explicitly only in cases where diacritic marks are used; the other three romanizations indicate them regardless of how they are spelled. Examples:
{| class=wikitable
! Tone !! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6| BGN-PCGN !! Okell
|-
| rowspan=4 | High
| <big>ကဲ</big> || {{IPAchar|/kɛ́/}} || kai: || kai
| style=background:#FF6 | kè: || kè
|-
|<big>ကော</big> || {{IPAchar|/kɔ́/}} || kau: || ko
| style=background:#FF6 | kaw: || kò
|-
|<big>ကား</big> || {{IPAchar|/ká/}} || ka: || kā″
| style=background:#FF6 | ka: || kà
|-
|<big>ကန်း</big> || {{IPAchar|/káɴ/}} || kan: || kan‘″
| style=background:#FF6 | kan: || kàñ
|-
| rowspan=5 | Creaky
|<big>က</big> || {{IPAchar|/ka̰/}} || ka. || ka
| style=background:#FF6 | ka. || ká
|-
|<big>ကိ</big> || {{IPAchar|/kḭ/}} || ki. || ki
| style=background:#FF6 | ki. || kí
|-
|<big>ကု</big> || {{IPAchar|/kṵ/}} || ku. || ku
| style=background:#FF6 | ku. || kú
|-
| <big>ကဲ့</big> || {{IPAchar|/kɛ̰/}} || kai. || kai′
| style=background:#FF6 | kè. || ké
|-
|<big>ကန့်</big> || {{IPAchar|/ka̰ɴ/}} || kan. || kan‘′
| style=background:#FF6 | kan. || káñ
|}
== लघु सिलैबल (Minor syllables) ==
Minor syllables in Burmese contain only the vowel {{IPAchar|/ə/}} in the rhyme and do not bear tone. They are always followed by a major syllable (any other kind of syllable). In the orthography, they are most commonly spelled as if their rhyme was {{IPAchar|/a̰/}} (i.e. with no vowel diacritic at all), but are often spelled in other ways. In the MLCTS and ALA-LC systems, minor syllables are romanized exactly as they are spelled in Burmese orthography. In the modified BGN/PCGN system and in the Okell system, minor syllables are indicated by the letter ''ă'' regardless of the Burmese orthography. Examples:
{| class=wikitable
! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6 | BGN-PCGN !! Okell
|-
| <big>ခလုတ်</big> || {{IPAchar|/kʰəlouʔ/}} || hka.lut || khalut‘
| style=background:#FF6 | hkălok || hkălouʔ
|-
| <big>စာရေး</big> || {{IPAchar|/səjé/}} || care: || cāre″
| style=background:#FF6 | săye: || săyeì
|-
| <big>ငါးဥ</big> || {{IPAchar|/ŋəʔṵ/}} || nga:u. || ṅā″u
| style=background:#FF6 | ngău. || ngăú
|-
| <big>သူငယ်</big> || {{IPAchar|/θəŋɛ̀/}} || su-ngai || sūṅay‘
| style=background:#FF6 | thăngè || thănge
|}
== सिलैबल का विभाजन ==
Where two consonants appear next to each other between two vowels in a romanization, use hyphens as necessary to avoid ambiguity. For example (the following are not necessarily real words of Burmese):
{| class=wikitable
! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6 | BGN-PCGN !! Okell
|-
| <big>အက်ယန်</big><br /><big>အာကျန်</big> || {{IPAchar|/ʔɛʔjàɴ/}}<br />{{IPAchar|/ʔàtɕàɴ/}} || ak-yan<br />a-kyan || ’ak‘yan‘<br />’ākyan‘
| style=background:#FF6 | et-yan<br />a-kyan || eʔyañ<br />acañ
|-
| <big>ကတ်ဝက်</big><br /><big>ကာတွက်</big> || {{IPAchar|/kaʔwɛʔ/}}<br />{{IPAchar|/kàtwɛʔ/}} || kat-wak<br />ka-twak || kat‘vak‘<br />kātvak‘
| style=background:#FF6 | kat-wet<br />ka-twet || kaʔweʔ<br />katweʔ
|-
| <big>တန်ဂါ</big><br /><big>တာငါ</big> || {{IPAchar|/tàɴɡà/}}<br />{{IPAchar|/tàŋà/}} || tan-ga<br />ta-nga || tan‘gā<br />tāṅā
| style=background:#FF6 | tan-ga<br />ta-nga || tañga<br />tanga
|}
== व्यंजन का उच्चारण (Consonant voicing) ==
In many words, a written voiceless (aspirated or unaspirated) consonant is pronounced voiced when it appears after a vowel or {{IPAchar|/ɴ/}}. This is indicated in the BGN-PCGN and Okell transcriptions, but not in the MLCTS and ALA-LC transliterations. In BGN-PCGN, the letter for the voiced consonant is used; in Okell, the letter for the voiceless consonant is used but underlined. Examples:
{| class=wikitable
! Burmese !! IPA !! MLCTS !! ALA-LC
! style=background:#FF6 | BGN-PCGN !! Okell
|-
| <big>ဆီပုံး</big> || {{IPAchar|/sʰìbóuɴ/}} || hcipum: || chīpuṃ″
| style=background:#FF6 | hsibon: || hsi<u>p</u>oùñ
|-
| <big>အုန်းဆီ</big> || {{IPAchar|/ʔóuɴzì/}} || un:hci || ’un‘″chī
| style=background:#FF6 | on:zi || oùñ<u>hs</u>i
|-
| <big>အညာသား</big> || {{IPAchar|/ʔəɲàðá/}} || a.nyasa: || ’añāsā″
| style=background:#FF6 | ănyadha: || ănya<u>th</u>à
|}
== बर्मी यूनिकोड ==
{|border="1" cellpadding="4" cellspacing="0" style="font-family:Padauk,Parabaik,Myanmar3,Myanmar2,Myanmar1,MyMyanmar,Thanlwin,'Masterpiece Uni Sans',Zawgyione,Code2000;font-size:125%;" lang="my" xml:lang="my"
|-style="background:#333;color:#fff;"
!U+!!width="15pt"|0!!width="15pt"|1!!width="15pt"|2!!width="15pt"|3!!width="15pt"|4!!width="15pt"|5!!width="15pt"|6!!width="15pt"|7!!width="15pt"|8!!width="15pt"|9!!width="15pt"|A!!width="15pt"|B!!width="15pt"|C!!width="15pt"|D!!width="15pt"|E!!width="15pt"|F
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1000
|က||ခ||ဂ||ဃ||င||စ||ဆ||ဇ||ဈ||ဉ||ည||ဋ||ဌ||ဍ||ဎ||ဏ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1010
|တ||ထ||ဒ||ဓ||န||ပ||ဖ||ဗ||ဘ||မ||ယ||ရ||လ||ဝ||သ||ဟ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1020
|ဠ||အ||ဢ||ဣ||ဤ||ဥ||ဦ||ဧ||ဨ||ဩ||ဪ||ါ||ာ||ိ||ီ||ု
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1030
|ူ||ေ||ဲ||ဳ||ဴ||ဵ||ံ||့||း||္||်||ျ||ြ||ွ||ှ||ဿ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1040
|၀||၁||၂||၃||၄||၅||၆||၇||၈||၉||၊||။||၌||၍||၎||၏
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1050
|ၐ||ၑ||ၒ||ၓ||ၔ||ၕ||ၖ||ၗ||ၘ||ၙ||ၚ||ၛ||ၜ||ၝ||ၞ||ၟ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1060
|ၠ||ၡ||ၢ||ၣ||ၤ||ၥ||ၦ||ၧ||ၨ||ၩ||ၪ||ၫ||ၬ||ၭ||ၮ||ၯ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1070
|ၰ||ၱ||ၲ||ၳ||ၴ||ၵ||ၶ||ၷ||ၸ||ၹ||ၺ||ၻ||ၼ||ၽ||ၾ||ၿ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1080
|ႀ||ႁ||ႂ||ႃ||ႄ||ႅ||ႆ||ႇ||ႈ||ႉ||ႊ||ႋ||ႌ||ႍ||ႎ||ႏ
|- style="text-align:center;"
!style="background:#fff;"|1090
|႐||႑||႒||႓||႔||႕||႖||႗||႘||႙||ႚ||ႛ||ႜ||ႝ||႞||႟
|}
== इन्हें भी देखें==
*[[पालि भाषा]]
*[[पालि साहित्य]]
*[[थाई लिपि]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://docs.google.com/open?id=0B06JOlm5x83YTGMwelFIZVlSWks3S1RrRmdHS04yQQ Myanmar script to Devanagari script Converter] (download and use in any browser)
* [http://www.tuninst.net/Linguistics/indx-linguistics.htm#indx-linguistics Linguistics] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120301011704/http://www.tuninst.net/Linguistics/indx-linguistics.htm#indx-linguistics |date=1 मार्च 2012 }} (Tun Institute of Learning)
* [http://viss.wordpress.com/2009/01/04/10-things-i-hate-about-the-burmese-language/ 10 things I hate about the Burmese language]
* [http://people.w3.org/rishida/scripts/myanmar/ Myanmar script notes]
* [http://www.goldenland.luke.org/?p=39 Devanagari->Burmese->Lanna->Thai]
* [http://scriptsource.org/cms/scripts/page.php?item_id=script_detail_sym&key=Mymr Myanmar script]
* [http://people.w3.org/rishida/scripts/block/myanmar#index Myanmar character notes]
* [http://people.w3.org/rishida/scripts/pickers/myanmar/#main Burmese character picker v16]
* [https://dl.dropboxusercontent.com/u/8589366/Files/IPA converter/converter_ipabur.html Burmese phonetic to IPA Converter]{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }} (Lionslayer)
* [https://docs.google.com/spreadsheets/d/1iN1nZ7pVrmeVM5T0Ik60s8epI6Ecs6lkWc99WvcjZD8/edit?hl=en#gid=0 Burmese phonetic IPA] (Compiled by Lionslayer@Maung Maung San Mar 12 2011 Freely Redistributable under CC3)
[[श्रेणी:लिपि]]
[[श्रेणी:भाषा-विज्ञान]]
[[श्रेणी:ब्राह्मी परिवार की लिपियाँ]]
[[श्रेणी:शब्द सीमाओं के बिना लेखन प्रणालियाँ]]
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द हिन्दू
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2026-04-22T20:40:34Z
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लेख का आधुनिकीकरण; अविश्वसनीय व पुरानी जानकारी हटाई गई; संरचना व भाषा में सुधार
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text/x-wiki
{{Italic title}}
{{Short description|भारत का अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र}}
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{{Infobox newspaper
| name = The Hindu
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| type = दैनिक समाचार पत्र
| format = ब्रॉडशीट
| foundation = {{start date and age|1878|09|20|df=yes}}
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'''द हिन्दू''' ({{lang-en|The Hindu}}) भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। इसका मुख्यालय [[चेन्नई]] में स्थित है। इसकी स्थापना 1878 में एक साप्ताहिक पत्रिका के रूप में हुई थी और 1889 में इसे दैनिक समाचार पत्र के रूप में प्रकाशित किया जाने लगा।<ref>{{Cite web |title=About The Hindu |url=https://www.thehindu.com/aboutus/ |website=The Hindu}}</ref>
== इतिहास ==
द हिन्दू की स्थापना [[जी. सुब्रमण्यम अय्यर]] द्वारा की गई थी। यह भारत के सबसे पुराने और प्रमुख अंग्रेज़ी समाचार पत्रों में से एक है। समय के साथ यह समाचार पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के विश्वसनीय स्रोत के रूप में स्थापित हुआ।
== प्रसार और प्रकाशन ==
यह समाचार पत्र भारत के कई प्रमुख शहरों जैसे [[चेन्नई]], [[बेंगलुरु]], [[हैदराबाद]], [[नई दिल्ली]] और [[कोलकाता]] से प्रकाशित होता है। इसका मुख्य पाठक वर्ग दक्षिण भारत में केंद्रित है।
== सामग्री ==
द हिन्दू राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खेल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से संबंधित समाचार और विश्लेषण प्रकाशित करता है।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://www.thehindu.com}}
[[Category:भारत के अंग्रेज़ी समाचार पत्र]]
[[Category:1878 में स्थापित प्रकाशन]]
[[Category:चेन्नई की कंपनियाँ]]
[[Category:भारतीय मीडिया]]
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मंदर पर्वत
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Arjun Kannaujiya
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text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=मई 2015}}
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार [[समुद्र मन्थन]] में देवताओं ने '''मन्दराचल''' (मन्दार पर्वत) को मथनी बनाया था। सदियों से खड़ा मन्दार पर्वत आज भी लोगों की आस्था का केन्द्र है। इसे '''मन्दराचल''' या मन्दार पर्वत''' भी कहते हैं। यह पर्वत बांका जिला के बौंसी में स्थित है। जो बिहार राज्य के पूर्वी भाग में स्तिथ है |'''
[[चित्र:Kurma, the tortoise incarnation of Vishnu.jpg|center|600px|thumb|मन्दर पर्वत को मथनी बनाकर समुद्र को मथते हुए देवता और दानव]] सवाल है कि मन्दार पर्वत समुद्र से वहां गया कैसे
== स्थिति ==
बिहार राज्य के बांका जिला के बौंसी (Bounsi) में यह पर्वत स्थित है। भागलपुर से बौंसी पहुँचने से पूर्व स्टेट हाइवे - 19 और मंदार विद्यापीठ हॉल्ट के करीब यह पर्वत है। यहाँ से भागलपुर 50 किलोमीटर है। यह पर्वत अक्षांश 24<sup>0</sup> 50’ उत्तर तथा देशांतर 87<sup>0</sup> 4’ पूरब में अवस्थित है।
== मान्यता ==
लोक मान्यता है कि भगवान विष्णु सदैव मंदार पर्वत पर निवास करते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह वही पर्वत है, जिसकी मथनी बनाकर देव और दानवों ने समुद्र मंथन किया था। मकर-संक्रांति के अवसर पर यहां एक विशाल मेला भी लगता है जो करीब पंद्रह दिन तक चलता है। मंदार पर्वत से लोगों की आस्थाएं कई रूप से जुड़ी हैं। हिंदुओं के लिए यह पर्वत भगवान विष्णु का पवित्र आश्रय स्थल है तो [[जैन धर्म]] को मानने वाले लोग प्रसिद्ध तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य से इसे जुड़ा मानते हैं। आदिवासियों के लिए मंदार पर्वत एक सिद्धि क्षेत्र है जहां वे प्रतिवर्ष 13 जनवरी की रात्रि में रातभर राम-लक्ष्मण की साधना करते हैं। यह सबसे बड़ा संताली मेला है जहां प्रतिवर्ष रातभर के लिए एक लाख से अधिक लोग (सफा संप्रदाय के अनुयायी) आते हैं। इस संप्रदाय को बाबा चंदर दास ने बनाया था। बौंसी में लगने वाले प्राचीन बौंसी मेले को अब 'राजकीय मेला' का दर्ज़ा प्राप्त हुआ है।
बौंसी से दक्षिण में रेल और सड़क मार्ग पर स्थित [[बिहार ]]राज्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मेले का इतिहास काफी पुराना है इसमें आदिवासी और गैर-आदिवासी बड़े पैमाने पर मिलजुल कर मेले का आनंद लेते हैं।
मेले का मुख्य आकर्षण काले ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित सात सौ फीट ऊंचा मंदार पर्वत है। यह अनेक दंत कथाओं को समेटे बौंसी से करीब दो किलोमीटर उत्तर में स्थित है। समुद्र मंथन की पौराणिक गाथा से जुड़ा होने के कारण इसका विशेष महत्व है। मंदार की चट्टानों पर उत्कीर्ण सैकड़ों प्राचीन मूर्तियां, गुफाएं, ध्वस्त चैत्य और मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव के मूक साक्षी हैं। विभिन्न पुराणों, ऐतिहासिक और धार्मिक ग्रंथों में अनेक बार मंदार पर्वत का नाम आया है स्कंद पुराण में तो मंदार महातम्य नामक एक अलग अध्याय ही है। मंदार वैष्णव संप्रदाय का प्रमुख केंद्र माना जाता है। प्रसिद्ध वैष्णव संत चैतन्य महाप्रभु ने भी अनेक जगह मंदार पर्वत की चर्चा की है। समुद्र मंथन का आख्यान महाभारत के [[आदिपर्व|आदि पर्व]] के 18वें अध्याय में भी है। महाभारत के मुताबिक भगवान विष्णु की प्रेरणा से मेरू पर्वत पर काफी विचार विमर्श के बाद देवताओं और दानवों ने समुद्र को मथा।
== पर्व ==
[[मकर संक्रान्ति|मकर संक्रांति]] के दिन मंदार पर्वत की तलहट्टी में उपस्थित पापहरणि तालाब का महत्व तो कुछ और है। लोकमान्यता है कि इस तालाब में स्नान करने से [[कुष्ठरोग|कुष्ठ रोग]] से मुक्ति मिलती है। लोग मकर संक्रांति के दिन यहाँ आवश्य स्नान करते हैं। जगह-जगह जल रही आग का लुत्फ उठाते हैं। उसके बाद भगवान मधुसूदन की पूजा अर्चना करते हैं। दही-चूड़ा और तिल के लड्डू विशेष रूप से खाए जाते हैं।
== इतिहास और पर्यटन ==
पुरातत्ववेत्ताओं के मुताबिक मंदार पर्वत की अधिकांश मूर्तियां उत्तर [[गुप्त राजवंश|गुप्त काल]] की हैं। उत्तर गुप्त काल में [[मूर्ति कला|मूर्तिकला]] की काफी सन्नति हुई थी। मंदार के सर्वोच्च शिखर पर एक मंदिर है, जिसमें एक प्रस्तर पर पद चिह्न अंकित है। बताया जाता है कि ये पद चिह्न भगवान [[विष्णु]] के हैं। पर जैन धर्मावलंबी इसे प्रसिद्ध [[तीर्थंकर]] [[वासुपूज्य|भगवान वासुपूज्य]] के चरण चिह्न बतलाते हैं और पूरे विश्वास और आस्था के साथ दूर-दूर से इनके दर्शन करने आते हैं। एक ही पदचिह्न को दो संप्रदाय के लोग अलग-अलग रूप में मानते हैं लेकिन विवाद कभी नहीं होता है। इस प्रकार यह दो संप्रदाय का संगम भी कहा जा सकता है। इसके अलावा पूरे पर्वत पर यत्र-तत्र अनेक सुंदर मूर्तियां हैं, जिनमें शिव, सिंह वाहिनी दुर्गा, महाकाली, नरसिंह आदि की प्रतिमाएं प्रमुख हैं। चतुर्भुज विष्णु और भैरव की प्रतिमा अभी भागलपुर संग्रहालय में रखी हुई हैं। फ्रांसिस बुकानन, मार्टिन हंटर और ग्लोब जैसे पाश्चात्य विद्वानों की मूर्तियों भी हैं। पर्वत परिभ्रमण के बाद लोग बौंसी मेला की ओर प्रस्थान कर जाते हैं। बौंसी स्थित भगवान मधुसूदन के मंदिर में साल भर श्रद्धालु भक्तों का तांता लगा रहता है। मकर संक्रांति के दिन यहां से आकर्षक शोभायात्रा निकलती है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
===सन्दर्भ ग्रन्थ===
== सृष्टि का मूल इतिहास, लेखक परशुराम ठाकुर ब्रहमवादी, प्रकाशित -1997, भागलपुर ,बिहार ! ==
* इतिहास को एक नई दिशा लेखक - ब्रहमवादी !
* "वेद अमृत" पत्रिका ( मुंबई )में प्रकाशित " सृष्टि का आदि पर्वत :मंदार ", लेखक- परशुराम ठाकुर ब्रह्मवादी,।
* मंदार: जहाँ से प्रकट हुई गंगा , लेखक- परशुराम ठाकुर ब्रह्मवादी, प्रकाशक- शिवांक प्रकाशन, नई दिल्ली। रघुनाथपुर जाने के रास्ते में पढ़ते हैं
==इन्हें भी देखें==
*[[समुद्र मन्थन]]
[[श्रेणी:पर्वत]]
[[श्रेणी:हिन्दू मान्यताएँ]]
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एश्मोलियन संग्रहालय
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[[चित्र:Ashmolean.jpg|right|thumb|300px|एश्मोलियन संग्रहालय]]
'''ऐशमोलियन संग्रहालय''' (Ashmolean Museum) अपनी तरह का दुनिया मे पहला [[संग्रहालय]] माना जाता है। कुछ लोग इसे पहला संग्रहालय भी मानते हैं लेकिन तथ्यों के अभाव मे इसे पहला यूनिवर्सिटी संग्रहालय भी कहा जाता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.alva.org.uk/details.cfm?p=423 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अगस्त 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171223011220/http://www.alva.org.uk/details.cfm?p=423 |archive-date=23 दिसंबर 2017 |url-status=live }}</ref>
ऐशमोलियन संग्रहालय [[ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी]] का ही एक भाग है। विधिवत रूप से यह संग्रहालय 1677 मे शुरू हुआ। 1683 के बाद से इस संग्रहालय मे आम आदमियों को भी प्रवेश की छुट दी गई।
== विभाग ==
पूरा संग्रहालय डिपार्टमेंट ऑफ एंटिक्स और डिपार्टमेंट ऑफ इस्टर्न इस प्रकार दो भागों मे बँटा हुआ है। डिपार्टमेंट ऑफ एंटिक्स मे जर्मनी, इजिप्त, रोम और मध्य पूर्विय देशों की वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाता है। इस्टर्न आर्ट गैलरी मे बुद्ध, भारतीय और तुर्क शस्त्रों और मोरक्को की वस्तुओं को संग्रहित किया गया है। इसके अलावा इस संग्रहालय मे उस जमाने की नृत्यांगनाओं, भित्तीचित्रों, पेंटिंगों, मूर्तियों आदि को संग्रहित किया गया है।<ref>{{Cite web |url=https://www.admin.ox.ac.uk/media/global/wwwadminoxacuk/localsites/estatesservices/documents/conservation/Ashmolean_Museum.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अगस्त 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200602071939/https://www.admin.ox.ac.uk/media/global/wwwadminoxacuk/localsites/estatesservices/documents/conservation/Ashmolean_Museum.pdf |archive-date=2 जून 2020 |url-status=dead }}</ref>
किसी समय ईस्ट इंडिया कम्पनी के पदाधिकारियों ने उनको मिले उपहारों को भी संग्रहालय मे दान दिया था। इस तरह से इस संग्रहालय के इस विभाग मे 30000 से भी अधिक कलाकृतियां हैं। चूँकि यह संग्रहालय ओक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी का ही एक भाग है इसलिए इस युनिवर्सिटी के छात्र इन वस्तुओं पर अपना शोध भी करते हैं।
यहाँ का हेबर्डन कोईन रूम सिक्कों के संग्रह के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ प्राचिन जगत से लेकर आधुनिक युग तक के लगभग सभी प्रकार से सिक्के संग्रहित हैं।
समय समय पर इस संग्रहालय का कायाकल्प होता रहता है। आज इस प्राचीन संग्रहालय मे रेस्त्रां और गिफ्ट शोप भी उपलब्ध है। 2001 में यहाँ सेकलर पुस्तकालय खोला गया, जहाँ प्राचीन और आधुनिक पुस्तकों को लोगों तक उपलब्ध कराया गया है।
इस समय भी संग्रहालय के आधुनिकीकरण का कार्य जारी है। यह संग्रहालय दुनिया का पहला संग्रहालय है या नहीं इसको लेकर मतभेद है क्योंकि कोई पुख्ता सबूत नहीं है। परंतु यह संग्रहालय दुनिया केप्राचिनतम संग्रहालयों मे से एक ज़रूर है। इस संग्रहालय विभाग में 30,000 से अधिक कलाकृतियाँ हैं।<ref>{{Cite web |url=https://zaubee.com/biz/ashmolean-museum-crn1yuim |title=एश्मोलियन संग्रहालय |website= |access-date=2023-03-07 |archive-date=4 मार्च 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230304104245/https://zaubee.com/biz/ashmolean-museum-crn1yuim |url-status=dead }}</ref>
== इतिहास ==
एक जमाने में ब्रिटेन मे एक घुमक्कड प्रवृत्ति के इंसान हुआ करते थे, नाम था जॉन ट्रेडसेंट सिनियर. वे दुनिया भर मे घूमा करते थे और साथ ही साथ जहाँ भी जाते वहाँ से कुछ ना कुछ खरीद कर लाते थे। उन्हें अनोखी चीजें जमा करने शौख था। आगे चलकर यही लत उनके हम नाम बेटे को भी लगी. वे दोनों इस तरह से इकट्ठी की गई चीजों की प्रदर्शनी अपने घर मे लगाते थे।
एक दिन उनके मन मे विचार आया कि इन बेशकिमती चीजों को ऐसी कोई जगह रखना चाहिए जहाँ अधिक से अधिक लोग उन्हे देख सकें. वे लोग ऐलियस एशमोल नामक सम्भ्रांत व्यक्ति से मिलते हैं। ऐलियस एशमोल ब्रिटेन का चतुर राजनेता था। उसे भी पुरानी चीजें जमा करने का शौख था। ब्रिटेन गृह युद्ध के दौरान उसने ब्रिटिश साम्राज्य और राजा की सहायता की थी। और चार्ल्स द्वितीय को फिर से गद्दी पर बिठाने मे अपना योगदान दिया था। बाद मे सम्राट चार्ल्स ने उसे कई तोहफे और सत्ता मे उच्च पद दिए थे।
ऐलियस को जॉन ट्रेडसेंट का प्रस्ताव अच्छा लगा और उसने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय मे अपने नाम से यानि कि ऐशमोलियन संग्रहालय की शुरूआत की। यह सन 1640 की बात है। ऐशमोलियन संग्रहालय इसतरह से अपनी तरह का दुनिया मे पहला संग्रहालय माना जाता है। कुछ लोग इसे पहला संग्रहालय भी मानते हैं लेकिन तथ्यों के अभाव मे इसे पहला यूनिवर्सिटी संग्रहालय भी कहा जाता है।<ref>{{Cite web |url=http://web.prm.ox.ac.uk/sma/index.php/primary-documents/primary-documents-ashmolean-museum.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अगस्त 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180926162956/http://web.prm.ox.ac.uk/sma/index.php/primary-documents/primary-documents-ashmolean-museum.html |archive-date=26 सितंबर 2018 |url-status=dead }}</ref>
== सन्दर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commonscat|Ashmolean Museum|एश्मोलियन संग्रहालय}}
* [https://web.archive.org/web/20110929155544/http://www.ashmolean.org/ एश्मोलियन संग्रहालय वेबसाइट]
* [https://web.archive.org/web/20040613183046/http://www.saclib.ox.ac.uk/ Sackler Library]
* [https://web.archive.org/web/20070202061949/http://www.ashmolean.museum/Griffith.html The Griffith Institute]
* [https://web.archive.org/web/20080803104145/http://www.chem.ox.ac.uk/oxfordtour/ashmolean/ Virtual Tour of the Ashmolean Museum, photography from 2003]
* [https://web.archive.org/web/20081009072244/http://www.she-philosopher.com/gallery/powhatan-map.html Powhatan's Mantle — pictures, description & history]
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[[श्रेणी:संग्रहालय]]
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{{Short description|ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य का उपनगर}}
[[File:St Vincents Rd, Banyo - September 2014.jpg|thumb|बन्यो का एक दृश्य]]
'''बन्यो''' (अंग्रेज़ी: ''Banyo'') [[ऑस्ट्रेलिया]] के [[क्वींसलैंड]] राज्य में स्थित [[ब्रिस्बेन]] नगर का एक उपनगर है। यह ब्रिस्बेन के केंद्रीय व्यापारिक क्षेत्र से लगभग 13 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।
2001 की जनगणना के अनुसार, बन्यो की जनसंख्या 4,746 थी।<ref>{{Cite web
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|access-date=23 अप्रैल 2026}}</ref>
यह क्षेत्र मुख्य रूप से आवासीय उपनगर के रूप में विकसित है और यहाँ रेल तथा सड़क परिवहन की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:क्वींसलैंड के नगर]]
[[श्रेणी:ऑस्ट्रेलिया के उपनगर]]
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कालिंदी चरण पाणिग्रही
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लेख का विस्तार; जीवनी संबंधी जानकारी जोड़ी गई; संदर्भ जोड़े गए
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{{Short description|भारतीय साहित्यकार}}
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{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| name = कालिंदी चरण पाणिग्रही
| birth_date = 1901
| death_date = 1991
| birth_place = [[ओडिशा]], भारत
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'''कालिंदी चरण पाणिग्रही''' (1901–1991) ओडिशा के एक प्रमुख भारतीय साहित्यकार, कवि और लेखक थे। वे आधुनिक ओड़िया साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं।<ref>{{Cite web |title=Kalindi Charan Panigrahi |url=https://sahitya-akademi.gov.in |website=साहित्य अकादमी}}</ref>
इन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए [[भारत सरकार]] द्वारा वर्ष 1971 में [[पद्म भूषण]] से सम्मानित किया गया था।
== योगदान ==
पाणिग्रही ओड़िया साहित्य में ''सबुज आंदोलन'' (Sabuj Movement) के प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक थे, जिसने आधुनिक साहित्यिक धारा को नई दिशा दी।
== सन्दर्भ ==
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{{पद्म भूषण धारक 1970–1979}}
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[[Category:1991 में निधन]]
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[[Category:भारतीय लेखक]]
[[Category:पद्म भूषण प्राप्तकर्ता]]
[[Category:साहित्य अकादमी फ़ैलोशिप प्राप्तकर्ता]]
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द इंडियन एक्सप्रेस
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{{Short description|भारत का अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र}}
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{{Infobox newspaper
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| type = दैनिक समाचार पत्र
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[[चित्र:IE screenshot.jpg|अंगूठाकार|दि इंडियन एक्सप्रेस का एक अंक]]
'''''दि इंडियन एक्सप्रेस''''' ({{lang-en|The Indian Express}}) भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। यह [[इंडियन एक्सप्रेस समूह]] द्वारा प्रकाशित किया जाता है और देश के प्रमुख समाचार पत्रों में से एक माना जाता है।<ref>{{Cite web |title=About Indian Express |url=https://indianexpress.com/about-us/ |website=The Indian Express}}</ref>
== इतिहास ==
इस समाचार पत्र की स्थापना 1932 में [[रामनाथ गोयनका]] द्वारा की गई थी। समय के साथ यह भारत के प्रमुख मीडिया समूहों में विकसित हुआ और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय विषयों पर अपनी रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है।<ref>{{Cite web |title=Indian Express Group Profile |url=https://indianexpress.com |website=The Indian Express}}</ref>
== सामग्री ==
यह समाचार पत्र राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार, खेल, अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और सामाजिक मुद्दों से संबंधित समाचार, विश्लेषण और संपादकीय सामग्री प्रकाशित करता है।
== प्रकाशन ==
दि इंडियन एक्सप्रेस भारत के कई प्रमुख शहरों जैसे [[नई दिल्ली]], [[मुंबई]], [[पुणे]], [[चंडीगढ़]] और [[अहमदाबाद]] से प्रकाशित होता है।
== सन्दर्भ ==
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{{भारत मे प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्र}}
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राष्ट्रीय उद्यान
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[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name="Routledge"/><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref <ref name="Routledge">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
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विकि कड़ियाँ
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[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0"/><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref <ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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2026-04-22T16:02:26Z
चाहर धर्मेंद्र
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text/x-wiki
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref <ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
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wikitext
text/x-wiki
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref <ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
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चाहर धर्मेंद्र
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परिभाषाएं
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wikitext
text/x-wiki
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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2026-04-23T04:21:00Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
शब्दावली
6543246
wikitext
text/x-wiki
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
703114
इतिहास
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wikitext
text/x-wiki
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि विलियम वर्ड्सवर्थ ने लेक डिस्ट्रिक्ट को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में अमेरिकी पश्चिम की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
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[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
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प्रारंभिक प्रयास
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[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति एंड्रयू जैक्सन ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक गर्म जलस्रोतों और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब अब्राहम लिंकन ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
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पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन
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wikitext
text/x-wiki
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
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टैग {{[[साँचा:काम जारी|काम जारी]]}} लेख में जोड़ा जा रहा ([[वि:ट्विंकल|ट्विंकल]])
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{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
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राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास
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wikitext
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{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, सिडनी के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में रॉयल नेशनल पार्क की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में स्वीडन ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व सोवियत संघ का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन कांगो मुक्त राज्य (वर्तमान कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में दक्षिण अफ्रीका ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। यूनाइटेड किंगडम ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित पर्यटन परियोजना के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, माउंट किलिमंजारो को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य माउंट एवरेस्ट के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—ल्होत्से, मकालू और चो ओयू—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में जमैका में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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चाहर धर्मेंद्र
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राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ
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{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, सिडनी के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में रॉयल नेशनल पार्क की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में स्वीडन ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व सोवियत संघ का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन कांगो मुक्त राज्य (वर्तमान कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में दक्षिण अफ्रीका ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। यूनाइटेड किंगडम ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित पर्यटन परियोजना के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, माउंट किलिमंजारो को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य माउंट एवरेस्ट के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—ल्होत्से, मकालू और चो ओयू—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में जमैका में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर वुडरो विल्सन ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, सिडनी के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में रॉयल नेशनल पार्क की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में स्वीडन ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व सोवियत संघ का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन कांगो मुक्त राज्य (वर्तमान कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में दक्षिण अफ्रीका ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। यूनाइटेड किंगडम ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित पर्यटन परियोजना के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, माउंट किलिमंजारो को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य माउंट एवरेस्ट के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—ल्होत्से, मकालू और चो ओयू—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में जमैका में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर वुडरो विल्सन ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, सिडनी के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में रॉयल नेशनल पार्क की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में स्वीडन ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व सोवियत संघ का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन कांगो मुक्त राज्य (वर्तमान कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में दक्षिण अफ्रीका ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। यूनाइटेड किंगडम ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित पर्यटन परियोजना के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, माउंट किलिमंजारो को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य माउंट एवरेस्ट के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—ल्होत्से, मकालू और चो ओयू—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में जमैका में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर वुडरो विल्सन ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
==आर्थिक परिणाम==
कोस्टा रिका जैसे देशों में, जहाँ पारिस्थितिकी-आधारित पर्यटन (इकोटूरिज्म) एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो चुका है, राष्ट्रीय उद्यानों की भूमिका केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ के रूप में भी उभरते हैं।<ref name="ahs.uwaterloo.ca">ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 134. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
===पर्यटन===
राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन की लोकप्रियता समय के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह प्रवृत्ति विशेष रूप से उन देशों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। उदाहरणस्वरूप, कोस्टा रिका, जिसे एक “अत्यधिक जैव-विविध” देश के रूप में जाना जाता है, वहाँ 1985 से 1999 के बीच राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।<ref name="ahs.uwaterloo.ca"/> यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक स्थलों के प्रति वैश्विक आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और लोग प्रकृति के निकट अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते जा रहे हैं।
वर्तमान समय में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द केवल एक भौगोलिक या प्रशासनिक संज्ञा भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शब्द अब प्रकृति-आधारित पर्यटन से गहराई से जुड़ गया है और ऐसे स्थलों का प्रतीक बन गया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक वातावरण सुव्यवस्थित और संतुलित पर्यटक अवसंरचना के साथ उपलब्ध होता है।<ref>ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 133. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान आज केवल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आकर्षण स्थल भी बन गए हैं जहाँ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलता है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि इन क्षेत्रों का प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता और प्राकृतिक संतुलन भविष्य में भी अक्षुण्ण बना रहे।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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wikitext
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{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, सिडनी के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में रॉयल नेशनल पार्क की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में स्वीडन ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व सोवियत संघ का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन कांगो मुक्त राज्य (वर्तमान कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में दक्षिण अफ्रीका ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। यूनाइटेड किंगडम ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित पर्यटन परियोजना के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, माउंट किलिमंजारो को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य माउंट एवरेस्ट के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—ल्होत्से, मकालू और चो ओयू—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में जमैका में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर वुडरो विल्सन ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
==आर्थिक परिणाम==
कोस्टा रिका जैसे देशों में, जहाँ पारिस्थितिकी-आधारित पर्यटन (इकोटूरिज्म) एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो चुका है, राष्ट्रीय उद्यानों की भूमिका केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ के रूप में भी उभरते हैं।<ref name="ahs.uwaterloo.ca">ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 134. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
===पर्यटन===
राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन की लोकप्रियता समय के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह प्रवृत्ति विशेष रूप से उन देशों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। उदाहरणस्वरूप, कोस्टा रिका, जिसे एक “अत्यधिक जैव-विविध” देश के रूप में जाना जाता है, वहाँ 1985 से 1999 के बीच राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।<ref name="ahs.uwaterloo.ca"/> यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक स्थलों के प्रति वैश्विक आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और लोग प्रकृति के निकट अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते जा रहे हैं।
वर्तमान समय में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द केवल एक भौगोलिक या प्रशासनिक संज्ञा भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शब्द अब प्रकृति-आधारित पर्यटन से गहराई से जुड़ गया है और ऐसे स्थलों का प्रतीक बन गया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक वातावरण सुव्यवस्थित और संतुलित पर्यटक अवसंरचना के साथ उपलब्ध होता है।<ref>ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 133. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान आज केवल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आकर्षण स्थल भी बन गए हैं जहाँ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलता है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि इन क्षेत्रों का प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता और प्राकृतिक संतुलन भविष्य में भी अक्षुण्ण बना रहे।
===कर्मचारी===
पार्क रेंजर का कार्य केवल किसी संरक्षित क्षेत्र की देखरेख तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह संरक्षण, प्रबंधन और जनसहभागिता—तीनों के बीच एक सजीव सेतु का कार्य करता है। उनका प्रमुख दायित्व पार्क के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संसाधनों की रक्षा करना तथा उनके संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करना होता है। इसके अंतर्गत वे जैव विविधता के संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन के अनुरक्षण और विरासत स्थलों की देखभाल के साथ-साथ आगंतुकों के लिए व्याख्यात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का विकास और संचालन भी करते हैं, जिससे लोग इन स्थलों के महत्व को समझ सकें और उनसे सार्थक रूप से जुड़ सकें।
रेंजरों की जिम्मेदारियाँ विविध और व्यावहारिक होती हैं। वे आगंतुकों को सामान्य, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करते हैं, जिसे “विरासत व्याख्या” कहा जाता है। साथ ही वे वन्यजीव क्षेत्रों, झीलों और समुद्र तटों, वनों, ऐतिहासिक भवनों, युद्धस्थलों, पुरातात्विक स्थलों तथा विभिन्न मनोरंजन क्षेत्रों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।<ref name="OPM.gov">अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय. ''Handbook of occupational groups and families''. वाशिंगटन, डीसी, जनवरी 2008। पृष्ठ 19. [http://www.opm.gov/FEDCLASS/GSHBKOCC.pdf OPM.gov] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090103205044/http://www.opm.gov/fedclass/gshbkocc.pdf |date=3 जनवरी 2009 }} Accessed 2 नवंबर 2014.</ref> इसके अतिरिक्त, वे अग्निशमन कार्यों में भी संलग्न रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर खोज एवं बचाव अभियानों का संचालन करते हैं, जिससे संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना (1916) के बाद, पार्क रेंजर की भूमिका और अधिक विस्तृत हो गई। अब वे केवल प्रकृति के संरक्षक ही नहीं रहे, बल्कि कानून प्रवर्तन से जुड़े अनेक दायित्व भी निभाने लगे।<ref>आर मीडोज; डी.एल. सोडेन: [https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 ''National Park Ranger Attitudes and Perceptions Regarding Law Enforcement Issues.''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304110437/https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 |date=4 मार्च 2016 }} सार. ''जस्टिस प्रोफेशनल'' वॉल्यूम:3 अंक:1 (वसंत 1988) पृष्ठ:70–93</ref> वे यातायात नियंत्रण करते हैं, विभिन्न गतिविधियों के लिए अनुमति-पत्रों का प्रबंधन करते हैं, और नियमों के उल्लंघन, शिकायतों, अतिक्रमणों तथा दुर्घटनाओं की जाँच भी करते हैं। इस प्रकार, पार्क रेंजर एक बहुआयामी भूमिका निभाते हुए संरक्षण, सुरक्षा और जनसेवा के समन्वय का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।<ref name="OPM.gov"/>
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, सिडनी के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में रॉयल नेशनल पार्क की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में स्वीडन ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व सोवियत संघ का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन कांगो मुक्त राज्य (वर्तमान कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में दक्षिण अफ्रीका ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। यूनाइटेड किंगडम ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित पर्यटन परियोजना के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, माउंट किलिमंजारो को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य माउंट एवरेस्ट के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—ल्होत्से, मकालू और चो ओयू—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में जमैका में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर वुडरो विल्सन ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
==आर्थिक परिणाम==
कोस्टा रिका जैसे देशों में, जहाँ पारिस्थितिकी-आधारित पर्यटन (इकोटूरिज्म) एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो चुका है, राष्ट्रीय उद्यानों की भूमिका केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ के रूप में भी उभरते हैं।<ref name="ahs.uwaterloo.ca">ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 134. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
===पर्यटन===
राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन की लोकप्रियता समय के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह प्रवृत्ति विशेष रूप से उन देशों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। उदाहरणस्वरूप, कोस्टा रिका, जिसे एक “अत्यधिक जैव-विविध” देश के रूप में जाना जाता है, वहाँ 1985 से 1999 के बीच राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।<ref name="ahs.uwaterloo.ca"/> यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक स्थलों के प्रति वैश्विक आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और लोग प्रकृति के निकट अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते जा रहे हैं।
वर्तमान समय में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द केवल एक भौगोलिक या प्रशासनिक संज्ञा भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शब्द अब प्रकृति-आधारित पर्यटन से गहराई से जुड़ गया है और ऐसे स्थलों का प्रतीक बन गया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक वातावरण सुव्यवस्थित और संतुलित पर्यटक अवसंरचना के साथ उपलब्ध होता है।<ref>ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 133. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान आज केवल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आकर्षण स्थल भी बन गए हैं जहाँ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलता है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि इन क्षेत्रों का प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता और प्राकृतिक संतुलन भविष्य में भी अक्षुण्ण बना रहे।
===कर्मचारी===
पार्क रेंजर का कार्य केवल किसी संरक्षित क्षेत्र की देखरेख तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह संरक्षण, प्रबंधन और जनसहभागिता—तीनों के बीच एक सजीव सेतु का कार्य करता है। उनका प्रमुख दायित्व पार्क के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संसाधनों की रक्षा करना तथा उनके संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करना होता है। इसके अंतर्गत वे जैव विविधता के संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन के अनुरक्षण और विरासत स्थलों की देखभाल के साथ-साथ आगंतुकों के लिए व्याख्यात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का विकास और संचालन भी करते हैं, जिससे लोग इन स्थलों के महत्व को समझ सकें और उनसे सार्थक रूप से जुड़ सकें।
रेंजरों की जिम्मेदारियाँ विविध और व्यावहारिक होती हैं। वे आगंतुकों को सामान्य, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करते हैं, जिसे “विरासत व्याख्या” कहा जाता है। साथ ही वे वन्यजीव क्षेत्रों, झीलों और समुद्र तटों, वनों, ऐतिहासिक भवनों, युद्धस्थलों, पुरातात्विक स्थलों तथा विभिन्न मनोरंजन क्षेत्रों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।<ref name="OPM.gov">अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय. ''Handbook of occupational groups and families''. वाशिंगटन, डीसी, जनवरी 2008। पृष्ठ 19. [http://www.opm.gov/FEDCLASS/GSHBKOCC.pdf OPM.gov] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090103205044/http://www.opm.gov/fedclass/gshbkocc.pdf |date=3 जनवरी 2009 }} Accessed 2 नवंबर 2014.</ref> इसके अतिरिक्त, वे अग्निशमन कार्यों में भी संलग्न रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर खोज एवं बचाव अभियानों का संचालन करते हैं, जिससे संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना (1916) के बाद, पार्क रेंजर की भूमिका और अधिक विस्तृत हो गई। अब वे केवल प्रकृति के संरक्षक ही नहीं रहे, बल्कि कानून प्रवर्तन से जुड़े अनेक दायित्व भी निभाने लगे।<ref>आर मीडोज; डी.एल. सोडेन: [https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 ''National Park Ranger Attitudes and Perceptions Regarding Law Enforcement Issues.''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304110437/https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 |date=4 मार्च 2016 }} सार. ''जस्टिस प्रोफेशनल'' वॉल्यूम:3 अंक:1 (वसंत 1988) पृष्ठ:70–93</ref> वे यातायात नियंत्रण करते हैं, विभिन्न गतिविधियों के लिए अनुमति-पत्रों का प्रबंधन करते हैं, और नियमों के उल्लंघन, शिकायतों, अतिक्रमणों तथा दुर्घटनाओं की जाँच भी करते हैं। इस प्रकार, पार्क रेंजर एक बहुआयामी भूमिका निभाते हुए संरक्षण, सुरक्षा और जनसेवा के समन्वय का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।<ref name="OPM.gov"/>
==चिंताएँ==
पूर्व यूरोपीय उपनिवेशों में स्थापित अनेक राष्ट्रीय उद्यानों को लेकर समय-समय पर आलोचना भी सामने आई है। कुछ विद्वानों का मत है कि इन उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया में उपनिवेशवादी दृष्टिकोण का प्रभाव परिलक्षित होता है, जिसमें प्रकृति को “अछूते” और “मानव-विहीन” रूप में संरक्षित करने की अवधारणा प्रमुख रही। यह विचार विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में सीमांत विस्तार के काल में विकसित हुआ, जहाँ प्राकृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पहचान और ऐतिहासिक गौरव के प्रतीक के रूप में देखा गया।<ref>{{Cite book|last=विलियम|first=क्रोनन|title=Uncommon ground: rethinking the human place in nature|date=1996|publisher=डब्ल्यूडब्ल्यू नॉर्टन एंड कंपनी|isbn=0-393-31511-8|oclc=36306399}}</ref>
किन्तु आलोचकों का तर्क है कि जिन भूमि क्षेत्रों को संरक्षित घोषित किया गया, वे अनेक मामलों में पहले से ही स्थानीय या आदिवासी समुदायों के निवास और जीवन-यापन के केंद्र थे। राष्ट्रीय उद्यानों के निर्माण के लिए इन समुदायों को वहाँ से विस्थापित किया गया, जिससे न केवल उनकी पारंपरिक जीवनशैली प्रभावित हुई, बल्कि उनके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी टूट गए। इस संदर्भ में यह आरोप लगाया जाता है कि प्रकृति संरक्षण के नाम पर मानव उपस्थिति को हटाना यह धारणा मजबूत करता है कि प्रकृति केवल तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मनुष्य का हस्तक्षेप न हो। इससे प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन स्थापित होता है, जिसे “प्रकृति–संस्कृति द्वैत” के रूप में समझा जाता है।
कुछ आलोचक इसे “पारिस्थितिक भूमि हड़पने” का रूप भी मानते हैं,<ref>{{Cite book|last=क्लॉस|first= सी. ऐनी|title=Drawing the Sea Near|date=2020-11-03|publisher=यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा प्रेस|doi=10.5749/j.ctv1bkc3t6|isbn=978-1-4529-5946-7|s2cid=230646912}}</ref> जहाँ संरक्षण के नाम पर भूमि के स्वामित्व और उपयोग के पारंपरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, यह भी तर्क दिया जाता है कि राष्ट्रीय उद्यानों में प्रकृति का अनुभव करने वाले लोग कई बार अपने दैनिक जीवन में उपस्थित प्राकृतिक परिवेश की अनदेखी करने लगते हैं, जिससे प्रकृति के प्रति समग्र संवेदनशीलता कम हो सकती है।
वहीं, पर्यटन से जुड़ी एक अन्य चिंता यह है कि बढ़ती पर्यटक गतिविधियाँ स्वयं उन क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं, जिनके संरक्षण के लिए ये उद्यान बनाए गए हैं।<ref>{{Cite journal|last1=बुशर|first1=ब्रैम|last2=फ्लेचर|first2=रॉबर्ट|date=2019|title=Towards Convivial Conservation|journal=संरक्षण और समाज|volume=17|issue=3|pages=283|doi=10.4103/cs.cs_19_75|bibcode=2019CoSoc..17..283B |s2cid=195819004|issn=0972-4923|doi-access=free}}</ref> अत्यधिक आगंतुक दबाव, संसाधनों का उपयोग और पर्यावरणीय हस्तक्षेप पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा जहाँ एक ओर संरक्षण का सशक्त माध्यम है, वहीं दूसरी ओर इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर संतुलित और संवेदनशील दृष्टि बनाए रखना भी आवश्यक है।
आलोचकों के अनुसार, पूर्व में उपनिवेशित क्षेत्रों में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया अनेक बार स्वदेशी समुदायों के विस्थापन से जुड़ी रही है। जिन भूमि क्षेत्रों को “प्राकृतिक” और “अछूते” रूप में संरक्षित घोषित किया गया, वे अक्सर उन्हीं समुदायों के पारंपरिक निवास और आजीविका के केंद्र थे। ऐसे में संरक्षण की यह धारणा कि प्रकृति तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मानव उपस्थिति न हो, “शुद्ध” वन्य प्रकृति की एक सीमित और विवादास्पद कल्पना को बढ़ावा देती है। यह दृष्टिकोण प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन को स्थापित करता है, जिससे यह बहस और गहरी हो जाती है कि क्या संरक्षण केवल मानव अनुपस्थिति में ही संभव है, या फिर मनुष्य और प्रकृति का सह-अस्तित्व भी एक वैध और टिकाऊ विकल्प हो सकता है।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय उद्यानों में बढ़ता पर्यटन भी एक जटिल चुनौती प्रस्तुत करता है। यद्यपि पर्यटन जागरूकता और आर्थिक लाभ का स्रोत बन सकता है, किंतु अत्यधिक आगंतुकों की उपस्थिति कई पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म देती है। इनमें प्राकृतिक आवासों का क्षरण, प्रदूषण में वृद्धि, मृदा अपरदन तथा वन्यजीवों के व्यवहार में बाधा जैसी समस्याएँ प्रमुख हैं। परिणामस्वरूप, वे पारिस्थितिक तंत्र, जिन्हें संरक्षण के उद्देश्य से सुरक्षित किया गया था, स्वयं मानवीय दबाव के कारण प्रभावित होने लगते हैं।<ref>{{cite web |title=Environmental Impact of Tourism in National Parks |url=https://www.usanationalparks.info/environmental-impact-of-tourism-in-national-parks-3-key-concerns/ |website=यूएसए राष्ट्रीय उद्यान सूचना}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को समझते समय यह आवश्यक हो जाता है कि संरक्षण, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और सतत पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित किया जाए, ताकि प्रकृति की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक न्याय और पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित की जा सके।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 April 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, [[सिडनी]] के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में [[रॉयल नेशनल पार्क]] की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में [[बैनफ़ नेशनल पार्क|बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में [[स्वीडन]] ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व [[सोवियत संघ]] का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन [[कांगो मुक्त राज्य]] (वर्तमान [[कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य]]) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]] के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में [[दक्षिण अफ्रीकी गणतंत्र|दक्षिण अफ्रीका]] ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
[[द्वितीय विश्व युद्ध]] के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। [[यूनाइटेड किंगडम]] ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित [[पर्यटन|पर्यटन परियोजना]] के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, [[किलिमंजारो|माउंट किलिमंजारो]] को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के [[तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र]] में स्थित [[कोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण|चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र]] की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य [[एवरेस्ट पर्वत|माउंट एवरेस्ट]] के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—[[एवरेस्ट पर्वत|एवरेस्ट]], [[ल्होत्से]], [[मकालू]] और [[चोयु|चो चोयु]]—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में [[जमैका]] में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर [[वुडरो विल्सन]] ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
==आर्थिक परिणाम==
कोस्टा रिका जैसे देशों में, जहाँ [[पारिस्थितिक पर्यटन|पारिस्थितिकी-आधारित पर्यटन]] (इकोटूरिज्म) एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो चुका है, राष्ट्रीय उद्यानों की भूमिका केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ के रूप में भी उभरते हैं।<ref name="ahs.uwaterloo.ca">ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 134. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
===पर्यटन===
राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन की लोकप्रियता समय के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह प्रवृत्ति विशेष रूप से उन देशों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। उदाहरणस्वरूप, कोस्टा रिका, जिसे एक “[[विशालविविध देश|अत्यधिक जैव-विविध]]” देश के रूप में जाना जाता है, वहाँ 1985 से 1999 के बीच राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।<ref name="ahs.uwaterloo.ca"/> यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक स्थलों के प्रति वैश्विक आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और लोग प्रकृति के निकट अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते जा रहे हैं।
वर्तमान समय में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द केवल एक भौगोलिक या प्रशासनिक संज्ञा भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शब्द अब प्रकृति-आधारित पर्यटन से गहराई से जुड़ गया है और ऐसे स्थलों का प्रतीक बन गया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक वातावरण सुव्यवस्थित और संतुलित पर्यटक अवसंरचना के साथ उपलब्ध होता है।<ref>ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 133. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान आज केवल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आकर्षण स्थल भी बन गए हैं जहाँ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलता है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि इन क्षेत्रों का प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता और प्राकृतिक संतुलन भविष्य में भी अक्षुण्ण बना रहे।
===कर्मचारी===
पार्क रेंजर का कार्य केवल किसी संरक्षित क्षेत्र की देखरेख तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह संरक्षण, प्रबंधन और जनसहभागिता—तीनों के बीच एक सजीव सेतु का कार्य करता है। उनका प्रमुख दायित्व पार्क के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संसाधनों की रक्षा करना तथा उनके संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करना होता है। इसके अंतर्गत वे जैव विविधता के संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन के अनुरक्षण और विरासत स्थलों की देखभाल के साथ-साथ आगंतुकों के लिए व्याख्यात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का विकास और संचालन भी करते हैं, जिससे लोग इन स्थलों के महत्व को समझ सकें और उनसे सार्थक रूप से जुड़ सकें।
रेंजरों की जिम्मेदारियाँ विविध और व्यावहारिक होती हैं। वे आगंतुकों को सामान्य, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करते हैं, जिसे “विरासत व्याख्या” कहा जाता है। साथ ही वे वन्यजीव क्षेत्रों, झीलों और समुद्र तटों, वनों, ऐतिहासिक भवनों, युद्धस्थलों, पुरातात्विक स्थलों तथा विभिन्न मनोरंजन क्षेत्रों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।<ref name="OPM.gov">अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय. ''Handbook of occupational groups and families''. वाशिंगटन, डीसी, जनवरी 2008। पृष्ठ 19. [http://www.opm.gov/FEDCLASS/GSHBKOCC.pdf OPM.gov] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090103205044/http://www.opm.gov/fedclass/gshbkocc.pdf |date=3 जनवरी 2009 }} Accessed 2 नवंबर 2014.</ref> इसके अतिरिक्त, वे अग्निशमन कार्यों में भी संलग्न रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर खोज एवं बचाव अभियानों का संचालन करते हैं, जिससे संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना (1916) के बाद, पार्क रेंजर की भूमिका और अधिक विस्तृत हो गई। अब वे केवल प्रकृति के संरक्षक ही नहीं रहे, बल्कि कानून प्रवर्तन से जुड़े अनेक दायित्व भी निभाने लगे।<ref>आर मीडोज; डी.एल. सोडेन: [https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 ''National Park Ranger Attitudes and Perceptions Regarding Law Enforcement Issues.''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304110437/https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 |date=4 मार्च 2016 }} सार. ''जस्टिस प्रोफेशनल'' वॉल्यूम:3 अंक:1 (वसंत 1988) पृष्ठ:70–93</ref> वे यातायात नियंत्रण करते हैं, विभिन्न गतिविधियों के लिए अनुमति-पत्रों का प्रबंधन करते हैं, और नियमों के उल्लंघन, शिकायतों, अतिक्रमणों तथा दुर्घटनाओं की जाँच भी करते हैं। इस प्रकार, पार्क रेंजर एक बहुआयामी भूमिका निभाते हुए संरक्षण, सुरक्षा और जनसेवा के समन्वय का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।<ref name="OPM.gov"/>
==चिंताएँ==
पूर्व [[उपनिवेशवाद का इतिहास|यूरोपीय उपनिवेशों]] में स्थापित अनेक राष्ट्रीय उद्यानों को लेकर समय-समय पर आलोचना भी सामने आई है। कुछ विद्वानों का मत है कि इन उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया में [[उपनिवेशवाद|उपनिवेशवादी]] दृष्टिकोण का प्रभाव परिलक्षित होता है, जिसमें प्रकृति को “अछूते” और “मानव-विहीन” रूप में संरक्षित करने की अवधारणा प्रमुख रही। यह विचार विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में सीमांत विस्तार के काल में विकसित हुआ, जहाँ प्राकृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पहचान और ऐतिहासिक गौरव के प्रतीक के रूप में देखा गया।<ref>{{Cite book|last=विलियम|first=क्रोनन|title=Uncommon ground: rethinking the human place in nature|date=1996|publisher=डब्ल्यूडब्ल्यू नॉर्टन एंड कंपनी|isbn=0-393-31511-8|oclc=36306399}}</ref>
किन्तु आलोचकों का तर्क है कि जिन भूमि क्षेत्रों को संरक्षित घोषित किया गया, वे अनेक मामलों में पहले से ही स्थानीय या आदिवासी समुदायों के निवास और जीवन-यापन के केंद्र थे। राष्ट्रीय उद्यानों के निर्माण के लिए इन समुदायों को वहाँ से विस्थापित किया गया, जिससे न केवल उनकी पारंपरिक जीवनशैली प्रभावित हुई, बल्कि उनके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी टूट गए। इस संदर्भ में यह आरोप लगाया जाता है कि प्रकृति संरक्षण के नाम पर मानव उपस्थिति को हटाना यह धारणा मजबूत करता है कि प्रकृति केवल तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मनुष्य का हस्तक्षेप न हो। इससे प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन स्थापित होता है, जिसे “प्रकृति–संस्कृति द्वैत” के रूप में समझा जाता है।
कुछ आलोचक इसे “पारिस्थितिक भूमि हड़पने” का रूप भी मानते हैं,<ref>{{Cite book|last=क्लॉस|first= सी. ऐनी|title=Drawing the Sea Near|date=2020-11-03|publisher=यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा प्रेस|doi=10.5749/j.ctv1bkc3t6|isbn=978-1-4529-5946-7|s2cid=230646912}}</ref> जहाँ संरक्षण के नाम पर भूमि के स्वामित्व और उपयोग के पारंपरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, यह भी तर्क दिया जाता है कि राष्ट्रीय उद्यानों में प्रकृति का अनुभव करने वाले लोग कई बार अपने दैनिक जीवन में उपस्थित प्राकृतिक परिवेश की अनदेखी करने लगते हैं, जिससे प्रकृति के प्रति समग्र संवेदनशीलता कम हो सकती है।
वहीं, पर्यटन से जुड़ी एक अन्य चिंता यह है कि बढ़ती पर्यटक गतिविधियाँ स्वयं उन क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं, जिनके संरक्षण के लिए ये उद्यान बनाए गए हैं।<ref>{{Cite journal|last1=बुशर|first1=ब्रैम|last2=फ्लेचर|first2=रॉबर्ट|date=2019|title=Towards Convivial Conservation|journal=संरक्षण और समाज|volume=17|issue=3|pages=283|doi=10.4103/cs.cs_19_75|bibcode=2019CoSoc..17..283B |s2cid=195819004|issn=0972-4923|doi-access=free}}</ref> अत्यधिक आगंतुक दबाव, संसाधनों का उपयोग और पर्यावरणीय हस्तक्षेप पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा जहाँ एक ओर संरक्षण का सशक्त माध्यम है, वहीं दूसरी ओर इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर संतुलित और संवेदनशील दृष्टि बनाए रखना भी आवश्यक है।
आलोचकों के अनुसार, पूर्व में उपनिवेशित क्षेत्रों में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया अनेक बार स्वदेशी समुदायों के विस्थापन से जुड़ी रही है। जिन भूमि क्षेत्रों को “प्राकृतिक” और “अछूते” रूप में संरक्षित घोषित किया गया, वे अक्सर उन्हीं समुदायों के पारंपरिक निवास और आजीविका के केंद्र थे। ऐसे में संरक्षण की यह धारणा कि प्रकृति तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मानव उपस्थिति न हो, “शुद्ध” वन्य प्रकृति की एक सीमित और विवादास्पद कल्पना को बढ़ावा देती है। यह दृष्टिकोण प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन को स्थापित करता है, जिससे यह बहस और गहरी हो जाती है कि क्या संरक्षण केवल मानव अनुपस्थिति में ही संभव है, या फिर मनुष्य और प्रकृति का सह-अस्तित्व भी एक वैध और टिकाऊ विकल्प हो सकता है।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय उद्यानों में बढ़ता पर्यटन भी एक जटिल चुनौती प्रस्तुत करता है। यद्यपि पर्यटन जागरूकता और आर्थिक लाभ का स्रोत बन सकता है, किंतु अत्यधिक आगंतुकों की उपस्थिति कई पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म देती है। इनमें प्राकृतिक आवासों का क्षरण, प्रदूषण में वृद्धि, मृदा अपरदन तथा वन्यजीवों के व्यवहार में बाधा जैसी समस्याएँ प्रमुख हैं। परिणामस्वरूप, वे पारिस्थितिक तंत्र, जिन्हें संरक्षण के उद्देश्य से सुरक्षित किया गया था, स्वयं मानवीय दबाव के कारण प्रभावित होने लगते हैं।<ref>{{cite web |title=Environmental Impact of Tourism in National Parks |url=https://www.usanationalparks.info/environmental-impact-of-tourism-in-national-parks-3-key-concerns/ |website=यूएसए राष्ट्रीय उद्यान सूचना}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को समझते समय यह आवश्यक हो जाता है कि संरक्षण, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और सतत पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित किया जाए, ताकि प्रकृति की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक न्याय और पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित की जा सके।
== Ranthambore rashtriya udyan nibdh ==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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2026-04-23T09:29:34Z
चाहर धर्मेंद्र
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बाहरी कड़ियाँ
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wikitext
text/x-wiki
{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 अप्रैल 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, [[सिडनी]] के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में [[रॉयल नेशनल पार्क]] की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में [[बैनफ़ नेशनल पार्क|बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में [[स्वीडन]] ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व [[सोवियत संघ]] का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन [[कांगो मुक्त राज्य]] (वर्तमान [[कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य]]) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]] के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में [[दक्षिण अफ्रीकी गणतंत्र|दक्षिण अफ्रीका]] ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
[[द्वितीय विश्व युद्ध]] के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। [[यूनाइटेड किंगडम]] ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित [[पर्यटन|पर्यटन परियोजना]] के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, [[किलिमंजारो|माउंट किलिमंजारो]] को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के [[तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र]] में स्थित [[कोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण|चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र]] की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य [[एवरेस्ट पर्वत|माउंट एवरेस्ट]] के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—[[एवरेस्ट पर्वत|एवरेस्ट]], [[ल्होत्से]], [[मकालू]] और [[चोयु|चो चोयु]]—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में [[जमैका]] में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर [[वुडरो विल्सन]] ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
==आर्थिक परिणाम==
कोस्टा रिका जैसे देशों में, जहाँ [[पारिस्थितिक पर्यटन|पारिस्थितिकी-आधारित पर्यटन]] (इकोटूरिज्म) एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो चुका है, राष्ट्रीय उद्यानों की भूमिका केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ के रूप में भी उभरते हैं।<ref name="ahs.uwaterloo.ca">ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 134. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
===पर्यटन===
राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन की लोकप्रियता समय के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह प्रवृत्ति विशेष रूप से उन देशों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। उदाहरणस्वरूप, कोस्टा रिका, जिसे एक “[[विशालविविध देश|अत्यधिक जैव-विविध]]” देश के रूप में जाना जाता है, वहाँ 1985 से 1999 के बीच राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।<ref name="ahs.uwaterloo.ca"/> यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक स्थलों के प्रति वैश्विक आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और लोग प्रकृति के निकट अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते जा रहे हैं।
वर्तमान समय में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द केवल एक भौगोलिक या प्रशासनिक संज्ञा भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शब्द अब प्रकृति-आधारित पर्यटन से गहराई से जुड़ गया है और ऐसे स्थलों का प्रतीक बन गया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक वातावरण सुव्यवस्थित और संतुलित पर्यटक अवसंरचना के साथ उपलब्ध होता है।<ref>ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 133. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान आज केवल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आकर्षण स्थल भी बन गए हैं जहाँ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलता है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि इन क्षेत्रों का प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता और प्राकृतिक संतुलन भविष्य में भी अक्षुण्ण बना रहे।
===कर्मचारी===
पार्क रेंजर का कार्य केवल किसी संरक्षित क्षेत्र की देखरेख तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह संरक्षण, प्रबंधन और जनसहभागिता—तीनों के बीच एक सजीव सेतु का कार्य करता है। उनका प्रमुख दायित्व पार्क के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संसाधनों की रक्षा करना तथा उनके संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करना होता है। इसके अंतर्गत वे जैव विविधता के संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन के अनुरक्षण और विरासत स्थलों की देखभाल के साथ-साथ आगंतुकों के लिए व्याख्यात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का विकास और संचालन भी करते हैं, जिससे लोग इन स्थलों के महत्व को समझ सकें और उनसे सार्थक रूप से जुड़ सकें।
रेंजरों की जिम्मेदारियाँ विविध और व्यावहारिक होती हैं। वे आगंतुकों को सामान्य, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करते हैं, जिसे “विरासत व्याख्या” कहा जाता है। साथ ही वे वन्यजीव क्षेत्रों, झीलों और समुद्र तटों, वनों, ऐतिहासिक भवनों, युद्धस्थलों, पुरातात्विक स्थलों तथा विभिन्न मनोरंजन क्षेत्रों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।<ref name="OPM.gov">अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय. ''Handbook of occupational groups and families''. वाशिंगटन, डीसी, जनवरी 2008। पृष्ठ 19. [http://www.opm.gov/FEDCLASS/GSHBKOCC.pdf OPM.gov] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090103205044/http://www.opm.gov/fedclass/gshbkocc.pdf |date=3 जनवरी 2009 }} Accessed 2 नवंबर 2014.</ref> इसके अतिरिक्त, वे अग्निशमन कार्यों में भी संलग्न रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर खोज एवं बचाव अभियानों का संचालन करते हैं, जिससे संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना (1916) के बाद, पार्क रेंजर की भूमिका और अधिक विस्तृत हो गई। अब वे केवल प्रकृति के संरक्षक ही नहीं रहे, बल्कि कानून प्रवर्तन से जुड़े अनेक दायित्व भी निभाने लगे।<ref>आर मीडोज; डी.एल. सोडेन: [https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 ''National Park Ranger Attitudes and Perceptions Regarding Law Enforcement Issues.''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304110437/https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 |date=4 मार्च 2016 }} सार. ''जस्टिस प्रोफेशनल'' वॉल्यूम:3 अंक:1 (वसंत 1988) पृष्ठ:70–93</ref> वे यातायात नियंत्रण करते हैं, विभिन्न गतिविधियों के लिए अनुमति-पत्रों का प्रबंधन करते हैं, और नियमों के उल्लंघन, शिकायतों, अतिक्रमणों तथा दुर्घटनाओं की जाँच भी करते हैं। इस प्रकार, पार्क रेंजर एक बहुआयामी भूमिका निभाते हुए संरक्षण, सुरक्षा और जनसेवा के समन्वय का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।<ref name="OPM.gov"/>
==चिंताएँ==
पूर्व [[उपनिवेशवाद का इतिहास|यूरोपीय उपनिवेशों]] में स्थापित अनेक राष्ट्रीय उद्यानों को लेकर समय-समय पर आलोचना भी सामने आई है। कुछ विद्वानों का मत है कि इन उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया में [[उपनिवेशवाद|उपनिवेशवादी]] दृष्टिकोण का प्रभाव परिलक्षित होता है, जिसमें प्रकृति को “अछूते” और “मानव-विहीन” रूप में संरक्षित करने की अवधारणा प्रमुख रही। यह विचार विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में सीमांत विस्तार के काल में विकसित हुआ, जहाँ प्राकृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पहचान और ऐतिहासिक गौरव के प्रतीक के रूप में देखा गया।<ref>{{Cite book|last=विलियम|first=क्रोनन|title=Uncommon ground: rethinking the human place in nature|date=1996|publisher=डब्ल्यूडब्ल्यू नॉर्टन एंड कंपनी|isbn=0-393-31511-8|oclc=36306399}}</ref>
किन्तु आलोचकों का तर्क है कि जिन भूमि क्षेत्रों को संरक्षित घोषित किया गया, वे अनेक मामलों में पहले से ही स्थानीय या आदिवासी समुदायों के निवास और जीवन-यापन के केंद्र थे। राष्ट्रीय उद्यानों के निर्माण के लिए इन समुदायों को वहाँ से विस्थापित किया गया, जिससे न केवल उनकी पारंपरिक जीवनशैली प्रभावित हुई, बल्कि उनके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी टूट गए। इस संदर्भ में यह आरोप लगाया जाता है कि प्रकृति संरक्षण के नाम पर मानव उपस्थिति को हटाना यह धारणा मजबूत करता है कि प्रकृति केवल तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मनुष्य का हस्तक्षेप न हो। इससे प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन स्थापित होता है, जिसे “प्रकृति–संस्कृति द्वैत” के रूप में समझा जाता है।
कुछ आलोचक इसे “पारिस्थितिक भूमि हड़पने” का रूप भी मानते हैं,<ref>{{Cite book|last=क्लॉस|first= सी. ऐनी|title=Drawing the Sea Near|date=2020-11-03|publisher=यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा प्रेस|doi=10.5749/j.ctv1bkc3t6|isbn=978-1-4529-5946-7|s2cid=230646912}}</ref> जहाँ संरक्षण के नाम पर भूमि के स्वामित्व और उपयोग के पारंपरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, यह भी तर्क दिया जाता है कि राष्ट्रीय उद्यानों में प्रकृति का अनुभव करने वाले लोग कई बार अपने दैनिक जीवन में उपस्थित प्राकृतिक परिवेश की अनदेखी करने लगते हैं, जिससे प्रकृति के प्रति समग्र संवेदनशीलता कम हो सकती है।
वहीं, पर्यटन से जुड़ी एक अन्य चिंता यह है कि बढ़ती पर्यटक गतिविधियाँ स्वयं उन क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं, जिनके संरक्षण के लिए ये उद्यान बनाए गए हैं।<ref>{{Cite journal|last1=बुशर|first1=ब्रैम|last2=फ्लेचर|first2=रॉबर्ट|date=2019|title=Towards Convivial Conservation|journal=संरक्षण और समाज|volume=17|issue=3|pages=283|doi=10.4103/cs.cs_19_75|bibcode=2019CoSoc..17..283B |s2cid=195819004|issn=0972-4923|doi-access=free}}</ref> अत्यधिक आगंतुक दबाव, संसाधनों का उपयोग और पर्यावरणीय हस्तक्षेप पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा जहाँ एक ओर संरक्षण का सशक्त माध्यम है, वहीं दूसरी ओर इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर संतुलित और संवेदनशील दृष्टि बनाए रखना भी आवश्यक है।
आलोचकों के अनुसार, पूर्व में उपनिवेशित क्षेत्रों में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया अनेक बार स्वदेशी समुदायों के विस्थापन से जुड़ी रही है। जिन भूमि क्षेत्रों को “प्राकृतिक” और “अछूते” रूप में संरक्षित घोषित किया गया, वे अक्सर उन्हीं समुदायों के पारंपरिक निवास और आजीविका के केंद्र थे। ऐसे में संरक्षण की यह धारणा कि प्रकृति तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मानव उपस्थिति न हो, “शुद्ध” वन्य प्रकृति की एक सीमित और विवादास्पद कल्पना को बढ़ावा देती है। यह दृष्टिकोण प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन को स्थापित करता है, जिससे यह बहस और गहरी हो जाती है कि क्या संरक्षण केवल मानव अनुपस्थिति में ही संभव है, या फिर मनुष्य और प्रकृति का सह-अस्तित्व भी एक वैध और टिकाऊ विकल्प हो सकता है।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय उद्यानों में बढ़ता पर्यटन भी एक जटिल चुनौती प्रस्तुत करता है। यद्यपि पर्यटन जागरूकता और आर्थिक लाभ का स्रोत बन सकता है, किंतु अत्यधिक आगंतुकों की उपस्थिति कई पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म देती है। इनमें प्राकृतिक आवासों का क्षरण, प्रदूषण में वृद्धि, मृदा अपरदन तथा वन्यजीवों के व्यवहार में बाधा जैसी समस्याएँ प्रमुख हैं। परिणामस्वरूप, वे पारिस्थितिक तंत्र, जिन्हें संरक्षण के उद्देश्य से सुरक्षित किया गया था, स्वयं मानवीय दबाव के कारण प्रभावित होने लगते हैं।<ref>{{cite web |title=Environmental Impact of Tourism in National Parks |url=https://www.usanationalparks.info/environmental-impact-of-tourism-in-national-parks-3-key-concerns/ |website=यूएसए राष्ट्रीय उद्यान सूचना}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को समझते समय यह आवश्यक हो जाता है कि संरक्षण, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और सतत पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित किया जाए, ताकि प्रकृति की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक न्याय और पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित की जा सके।
==इन्हें भी देखें==
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
==बाहरी कड़ियाँ==
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*{{cite web|url=http://www.biodiversitya-z.org/areas/37/| website=बायोडायवर्सिटी एरिज़ोना| title=Areas of Biodiversity Importance: National Parks| access-date=21 अप्रैल 2011| archive-url=https://web.archive.org/web/20110516232146/http://www.biodiversitya-z.org/areas/37| archive-date=16 मई 2011}}
*{{cite web|url=http://www.europarc.org/ |website=यूरोपार्क फेडरेशन|title= Europe's protected areas}}
*{{cite web|url=https://www.nps.gov/aboutus/faqs.htm |website=अमेरिकी राष्ट्रीय उद्यान सेवा |title=FAQs}}
*{{cite web|website=Travel Is Free|title=Map of All The World's National Parks|url=http://travelisfree.com/2018/09/10/map-of-all-the-worlds-national-parks/#more-17443|author=मैकोम्बर, ड्रू|date= सितंबर 10, 2018|access-date=18 अक्टूबर 2018|archive-date=5 अप्रैल 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190405073256/https://travelisfree.com/2018/09/10/map-of-all-the-worlds-national-parks/#more-17443|url-status=dead}}
*{{cite web|url=http://www.unesco.org/mab/ |website= यूनेस्को |title= Man and the Biosphere Programme (Biosphere Reserves)|date=7 जनवरी 2019}}
*{{cite web|url=http://nationalparks.nighthee.com/| website=nighthee.com| title=National parks, landscape parks and protected areas in the world| access-date=11 अगस्त 2015|url-status=usurped| archive-url=https://web.archive.org/web/20150905182433/http://nationalparks.nighthee.com/| archive-date=5 सितंबर 2015}}
*{{cite web|url=http://www.staff.amu.edu.pl/~zbzw/ph/pnp/swiat.htm|website=amu.edu.pl|title=National Parks Worldwide|access-date=3 जनवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080119140316/http://www.staff.amu.edu.pl/~zbzw/ph/pnp/swiat.htm|archive-date=19 जनवरी 2008|df=dmy-all}}
*{{cite web|url=http://www.protectedplanet.net |website=संरक्षित ग्रह |title= World Database of Protected Areas}}
*{{cite web|url=http://dopa.jrc.ec.europa.eu |website=यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र द्वारा |title= Digital Observatory for Protected Areas (DOPA)}}
*{{cite web|url=https://whc.unesco.org/ |website= यूनेस्को |title=World Heritage Sites}}
{{Portal bar|Environment|Ecology|Earth sciences}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
lfmcaeflv8rpyoz32koebiswggevwmh
6543342
6543340
2026-04-23T09:42:48Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
इन्हें भी देखें
6543342
wikitext
text/x-wiki
{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 अप्रैल 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, [[सिडनी]] के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में [[रॉयल नेशनल पार्क]] की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में [[बैनफ़ नेशनल पार्क|बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में [[स्वीडन]] ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व [[सोवियत संघ]] का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन [[कांगो मुक्त राज्य]] (वर्तमान [[कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य]]) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]] के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में [[दक्षिण अफ्रीकी गणतंत्र|दक्षिण अफ्रीका]] ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
[[द्वितीय विश्व युद्ध]] के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। [[यूनाइटेड किंगडम]] ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित [[पर्यटन|पर्यटन परियोजना]] के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, [[किलिमंजारो|माउंट किलिमंजारो]] को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के [[तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र]] में स्थित [[कोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण|चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र]] की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य [[एवरेस्ट पर्वत|माउंट एवरेस्ट]] के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—[[एवरेस्ट पर्वत|एवरेस्ट]], [[ल्होत्से]], [[मकालू]] और [[चोयु|चो चोयु]]—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में [[जमैका]] में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर [[वुडरो विल्सन]] ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
==आर्थिक परिणाम==
कोस्टा रिका जैसे देशों में, जहाँ [[पारिस्थितिक पर्यटन|पारिस्थितिकी-आधारित पर्यटन]] (इकोटूरिज्म) एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो चुका है, राष्ट्रीय उद्यानों की भूमिका केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ के रूप में भी उभरते हैं।<ref name="ahs.uwaterloo.ca">ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 134. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
===पर्यटन===
राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन की लोकप्रियता समय के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह प्रवृत्ति विशेष रूप से उन देशों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। उदाहरणस्वरूप, कोस्टा रिका, जिसे एक “[[विशालविविध देश|अत्यधिक जैव-विविध]]” देश के रूप में जाना जाता है, वहाँ 1985 से 1999 के बीच राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।<ref name="ahs.uwaterloo.ca"/> यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक स्थलों के प्रति वैश्विक आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और लोग प्रकृति के निकट अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते जा रहे हैं।
वर्तमान समय में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द केवल एक भौगोलिक या प्रशासनिक संज्ञा भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शब्द अब प्रकृति-आधारित पर्यटन से गहराई से जुड़ गया है और ऐसे स्थलों का प्रतीक बन गया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक वातावरण सुव्यवस्थित और संतुलित पर्यटक अवसंरचना के साथ उपलब्ध होता है।<ref>ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 133. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान आज केवल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आकर्षण स्थल भी बन गए हैं जहाँ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलता है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि इन क्षेत्रों का प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता और प्राकृतिक संतुलन भविष्य में भी अक्षुण्ण बना रहे।
===कर्मचारी===
पार्क रेंजर का कार्य केवल किसी संरक्षित क्षेत्र की देखरेख तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह संरक्षण, प्रबंधन और जनसहभागिता—तीनों के बीच एक सजीव सेतु का कार्य करता है। उनका प्रमुख दायित्व पार्क के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संसाधनों की रक्षा करना तथा उनके संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करना होता है। इसके अंतर्गत वे जैव विविधता के संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन के अनुरक्षण और विरासत स्थलों की देखभाल के साथ-साथ आगंतुकों के लिए व्याख्यात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का विकास और संचालन भी करते हैं, जिससे लोग इन स्थलों के महत्व को समझ सकें और उनसे सार्थक रूप से जुड़ सकें।
रेंजरों की जिम्मेदारियाँ विविध और व्यावहारिक होती हैं। वे आगंतुकों को सामान्य, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करते हैं, जिसे “विरासत व्याख्या” कहा जाता है। साथ ही वे वन्यजीव क्षेत्रों, झीलों और समुद्र तटों, वनों, ऐतिहासिक भवनों, युद्धस्थलों, पुरातात्विक स्थलों तथा विभिन्न मनोरंजन क्षेत्रों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।<ref name="OPM.gov">अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय. ''Handbook of occupational groups and families''. वाशिंगटन, डीसी, जनवरी 2008। पृष्ठ 19. [http://www.opm.gov/FEDCLASS/GSHBKOCC.pdf OPM.gov] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090103205044/http://www.opm.gov/fedclass/gshbkocc.pdf |date=3 जनवरी 2009 }} Accessed 2 नवंबर 2014.</ref> इसके अतिरिक्त, वे अग्निशमन कार्यों में भी संलग्न रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर खोज एवं बचाव अभियानों का संचालन करते हैं, जिससे संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना (1916) के बाद, पार्क रेंजर की भूमिका और अधिक विस्तृत हो गई। अब वे केवल प्रकृति के संरक्षक ही नहीं रहे, बल्कि कानून प्रवर्तन से जुड़े अनेक दायित्व भी निभाने लगे।<ref>आर मीडोज; डी.एल. सोडेन: [https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 ''National Park Ranger Attitudes and Perceptions Regarding Law Enforcement Issues.''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304110437/https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 |date=4 मार्च 2016 }} सार. ''जस्टिस प्रोफेशनल'' वॉल्यूम:3 अंक:1 (वसंत 1988) पृष्ठ:70–93</ref> वे यातायात नियंत्रण करते हैं, विभिन्न गतिविधियों के लिए अनुमति-पत्रों का प्रबंधन करते हैं, और नियमों के उल्लंघन, शिकायतों, अतिक्रमणों तथा दुर्घटनाओं की जाँच भी करते हैं। इस प्रकार, पार्क रेंजर एक बहुआयामी भूमिका निभाते हुए संरक्षण, सुरक्षा और जनसेवा के समन्वय का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।<ref name="OPM.gov"/>
==चिंताएँ==
पूर्व [[उपनिवेशवाद का इतिहास|यूरोपीय उपनिवेशों]] में स्थापित अनेक राष्ट्रीय उद्यानों को लेकर समय-समय पर आलोचना भी सामने आई है। कुछ विद्वानों का मत है कि इन उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया में [[उपनिवेशवाद|उपनिवेशवादी]] दृष्टिकोण का प्रभाव परिलक्षित होता है, जिसमें प्रकृति को “अछूते” और “मानव-विहीन” रूप में संरक्षित करने की अवधारणा प्रमुख रही। यह विचार विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में सीमांत विस्तार के काल में विकसित हुआ, जहाँ प्राकृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पहचान और ऐतिहासिक गौरव के प्रतीक के रूप में देखा गया।<ref>{{Cite book|last=विलियम|first=क्रोनन|title=Uncommon ground: rethinking the human place in nature|date=1996|publisher=डब्ल्यूडब्ल्यू नॉर्टन एंड कंपनी|isbn=0-393-31511-8|oclc=36306399}}</ref>
किन्तु आलोचकों का तर्क है कि जिन भूमि क्षेत्रों को संरक्षित घोषित किया गया, वे अनेक मामलों में पहले से ही स्थानीय या आदिवासी समुदायों के निवास और जीवन-यापन के केंद्र थे। राष्ट्रीय उद्यानों के निर्माण के लिए इन समुदायों को वहाँ से विस्थापित किया गया, जिससे न केवल उनकी पारंपरिक जीवनशैली प्रभावित हुई, बल्कि उनके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी टूट गए। इस संदर्भ में यह आरोप लगाया जाता है कि प्रकृति संरक्षण के नाम पर मानव उपस्थिति को हटाना यह धारणा मजबूत करता है कि प्रकृति केवल तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मनुष्य का हस्तक्षेप न हो। इससे प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन स्थापित होता है, जिसे “प्रकृति–संस्कृति द्वैत” के रूप में समझा जाता है।
कुछ आलोचक इसे “पारिस्थितिक भूमि हड़पने” का रूप भी मानते हैं,<ref>{{Cite book|last=क्लॉस|first= सी. ऐनी|title=Drawing the Sea Near|date=2020-11-03|publisher=यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा प्रेस|doi=10.5749/j.ctv1bkc3t6|isbn=978-1-4529-5946-7|s2cid=230646912}}</ref> जहाँ संरक्षण के नाम पर भूमि के स्वामित्व और उपयोग के पारंपरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, यह भी तर्क दिया जाता है कि राष्ट्रीय उद्यानों में प्रकृति का अनुभव करने वाले लोग कई बार अपने दैनिक जीवन में उपस्थित प्राकृतिक परिवेश की अनदेखी करने लगते हैं, जिससे प्रकृति के प्रति समग्र संवेदनशीलता कम हो सकती है।
वहीं, पर्यटन से जुड़ी एक अन्य चिंता यह है कि बढ़ती पर्यटक गतिविधियाँ स्वयं उन क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं, जिनके संरक्षण के लिए ये उद्यान बनाए गए हैं।<ref>{{Cite journal|last1=बुशर|first1=ब्रैम|last2=फ्लेचर|first2=रॉबर्ट|date=2019|title=Towards Convivial Conservation|journal=संरक्षण और समाज|volume=17|issue=3|pages=283|doi=10.4103/cs.cs_19_75|bibcode=2019CoSoc..17..283B |s2cid=195819004|issn=0972-4923|doi-access=free}}</ref> अत्यधिक आगंतुक दबाव, संसाधनों का उपयोग और पर्यावरणीय हस्तक्षेप पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा जहाँ एक ओर संरक्षण का सशक्त माध्यम है, वहीं दूसरी ओर इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर संतुलित और संवेदनशील दृष्टि बनाए रखना भी आवश्यक है।
आलोचकों के अनुसार, पूर्व में उपनिवेशित क्षेत्रों में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया अनेक बार स्वदेशी समुदायों के विस्थापन से जुड़ी रही है। जिन भूमि क्षेत्रों को “प्राकृतिक” और “अछूते” रूप में संरक्षित घोषित किया गया, वे अक्सर उन्हीं समुदायों के पारंपरिक निवास और आजीविका के केंद्र थे। ऐसे में संरक्षण की यह धारणा कि प्रकृति तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मानव उपस्थिति न हो, “शुद्ध” वन्य प्रकृति की एक सीमित और विवादास्पद कल्पना को बढ़ावा देती है। यह दृष्टिकोण प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन को स्थापित करता है, जिससे यह बहस और गहरी हो जाती है कि क्या संरक्षण केवल मानव अनुपस्थिति में ही संभव है, या फिर मनुष्य और प्रकृति का सह-अस्तित्व भी एक वैध और टिकाऊ विकल्प हो सकता है।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय उद्यानों में बढ़ता पर्यटन भी एक जटिल चुनौती प्रस्तुत करता है। यद्यपि पर्यटन जागरूकता और आर्थिक लाभ का स्रोत बन सकता है, किंतु अत्यधिक आगंतुकों की उपस्थिति कई पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म देती है। इनमें प्राकृतिक आवासों का क्षरण, प्रदूषण में वृद्धि, मृदा अपरदन तथा वन्यजीवों के व्यवहार में बाधा जैसी समस्याएँ प्रमुख हैं। परिणामस्वरूप, वे पारिस्थितिक तंत्र, जिन्हें संरक्षण के उद्देश्य से सुरक्षित किया गया था, स्वयं मानवीय दबाव के कारण प्रभावित होने लगते हैं।<ref>{{cite web |title=Environmental Impact of Tourism in National Parks |url=https://www.usanationalparks.info/environmental-impact-of-tourism-in-national-parks-3-key-concerns/ |website=यूएसए राष्ट्रीय उद्यान सूचना}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को समझते समय यह आवश्यक हो जाता है कि संरक्षण, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और सतत पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित किया जाए, ताकि प्रकृति की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक न्याय और पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित की जा सके।
==इन्हें भी देखें==
* [[जैव संरक्षण]]
* [[संरक्षण आंदोलन]]
* [[भूद्यान]]
* [[राष्ट्रीय स्मारक]]
* [[संधारणीय विकास]]
* [[संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम]]
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
===सूत्रों का कहना है===
* {{cite book |url=https://books.google.com/books?id=xIWwmVUUU4wC |title = Tourism in National Parks and Protected Areas: Planning and Management |publisher = सीएबीआई |author=ईगल्स, पॉल एफ. जे |author2=मैककूल, स्टीफन एफ. |year = 2002 |isbn = 0851997597}} 320 pages.
* {{cite book |url=https://books.google.com/books?id=4FG6HsjlcfoC | title = Preserving Nature in the National Parks: A History |publisher = येल यूनिवर्सिटी प्रेस |author=सेलर्स, रिचर्ड वेस्ट |year = 2009 |isbn = 978-0300154146}} 404 pages.
* शीएल, जॉन (2010) ''Nature's Spectacle - The World's First National Parks and Protected Places'' अर्थस्कैन, लंदन, वाशिंगटन. {{ISBN|978-1-84971-129-6}}
==अग्रिम पठन==
* क्रेग डब्ल्यू. एलिन (संपादक), ''International Handbook of National Parks and Nature Reserves'', ब्लूम्सबरी एकेडमिक, ग्रीनवुड (प्रकाशक), प्रथम संस्करण, 1990, 560 पृष्ठ। ISBN 978-0274924080
* अहमद नकीउद्दीन बकर और मोहम्मद नाजिप सुरतमान ( यूनिवर्सिटी टेक्नोलोजी MARA के संपादक ), ''Protected Areas, National Parks and Sustainable Future'', इंटेकओपन, 2020, 134 पृष्ठ। ISBN 978-1-78984-229-6
* एरिक डफी (18 राष्ट्रीय सलाहकारों के साथ निर्देशित), ''National Parks and Reserves of Western Europe'', हैरो हाउस एडिशन्स, लंदन, 1982, 288 पृष्ठ। सर पीटर स्कॉट द्वारा प्रस्तावना । ISBN 978-0356085869
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Sister project links | 1= | display= | author= | wikt= | commons= | n= | q= | s= | b= | voy=National parks | v= | d= | species=no | species_author=no | m=no | mw=no }}
*{{cite web|url=http://www.biodiversitya-z.org/areas/37/| website=बायोडायवर्सिटी एरिज़ोना| title=Areas of Biodiversity Importance: National Parks| access-date=21 अप्रैल 2011| archive-url=https://web.archive.org/web/20110516232146/http://www.biodiversitya-z.org/areas/37| archive-date=16 मई 2011}}
*{{cite web|url=http://www.europarc.org/ |website=यूरोपार्क फेडरेशन|title= Europe's protected areas}}
*{{cite web|url=https://www.nps.gov/aboutus/faqs.htm |website=अमेरिकी राष्ट्रीय उद्यान सेवा |title=FAQs}}
*{{cite web|website=Travel Is Free|title=Map of All The World's National Parks|url=http://travelisfree.com/2018/09/10/map-of-all-the-worlds-national-parks/#more-17443|author=मैकोम्बर, ड्रू|date= सितंबर 10, 2018|access-date=18 अक्टूबर 2018|archive-date=5 अप्रैल 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190405073256/https://travelisfree.com/2018/09/10/map-of-all-the-worlds-national-parks/#more-17443|url-status=dead}}
*{{cite web|url=http://www.unesco.org/mab/ |website= यूनेस्को |title= Man and the Biosphere Programme (Biosphere Reserves)|date=7 जनवरी 2019}}
*{{cite web|url=http://nationalparks.nighthee.com/| website=nighthee.com| title=National parks, landscape parks and protected areas in the world| access-date=11 अगस्त 2015|url-status=usurped| archive-url=https://web.archive.org/web/20150905182433/http://nationalparks.nighthee.com/| archive-date=5 सितंबर 2015}}
*{{cite web|url=http://www.staff.amu.edu.pl/~zbzw/ph/pnp/swiat.htm|website=amu.edu.pl|title=National Parks Worldwide|access-date=3 जनवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080119140316/http://www.staff.amu.edu.pl/~zbzw/ph/pnp/swiat.htm|archive-date=19 जनवरी 2008|df=dmy-all}}
*{{cite web|url=http://www.protectedplanet.net |website=संरक्षित ग्रह |title= World Database of Protected Areas}}
*{{cite web|url=http://dopa.jrc.ec.europa.eu |website=यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र द्वारा |title= Digital Observatory for Protected Areas (DOPA)}}
*{{cite web|url=https://whc.unesco.org/ |website= यूनेस्को |title=World Heritage Sites}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 अप्रैल 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, [[सिडनी]] के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में [[रॉयल नेशनल पार्क]] की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में [[बैनफ़ नेशनल पार्क|बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में [[स्वीडन]] ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व [[सोवियत संघ]] का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन [[कांगो मुक्त राज्य]] (वर्तमान [[कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य]]) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]] के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में [[दक्षिण अफ्रीकी गणतंत्र|दक्षिण अफ्रीका]] ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
[[द्वितीय विश्व युद्ध]] के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। [[यूनाइटेड किंगडम]] ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित [[पर्यटन|पर्यटन परियोजना]] के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, [[किलिमंजारो|माउंट किलिमंजारो]] को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के [[तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र]] में स्थित [[कोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण|चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र]] की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य [[एवरेस्ट पर्वत|माउंट एवरेस्ट]] के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—[[एवरेस्ट पर्वत|एवरेस्ट]], [[ल्होत्से]], [[मकालू]] और [[चोयु|चो चोयु]]—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में [[जमैका]] में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर [[वुडरो विल्सन]] ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
==आर्थिक परिणाम==
कोस्टा रिका जैसे देशों में, जहाँ [[पारिस्थितिक पर्यटन|पारिस्थितिकी-आधारित पर्यटन]] (इकोटूरिज्म) एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो चुका है, राष्ट्रीय उद्यानों की भूमिका केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ के रूप में भी उभरते हैं।<ref name="ahs.uwaterloo.ca">ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 134. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
===पर्यटन===
राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन की लोकप्रियता समय के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह प्रवृत्ति विशेष रूप से उन देशों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। उदाहरणस्वरूप, कोस्टा रिका, जिसे एक “[[विशालविविध देश|अत्यधिक जैव-विविध]]” देश के रूप में जाना जाता है, वहाँ 1985 से 1999 के बीच राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।<ref name="ahs.uwaterloo.ca"/> यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक स्थलों के प्रति वैश्विक आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और लोग प्रकृति के निकट अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते जा रहे हैं।
वर्तमान समय में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द केवल एक भौगोलिक या प्रशासनिक संज्ञा भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शब्द अब प्रकृति-आधारित पर्यटन से गहराई से जुड़ गया है और ऐसे स्थलों का प्रतीक बन गया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक वातावरण सुव्यवस्थित और संतुलित पर्यटक अवसंरचना के साथ उपलब्ध होता है।<ref>ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 133. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान आज केवल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आकर्षण स्थल भी बन गए हैं जहाँ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलता है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि इन क्षेत्रों का प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता और प्राकृतिक संतुलन भविष्य में भी अक्षुण्ण बना रहे।
===कर्मचारी===
पार्क रेंजर का कार्य केवल किसी संरक्षित क्षेत्र की देखरेख तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह संरक्षण, प्रबंधन और जनसहभागिता—तीनों के बीच एक सजीव सेतु का कार्य करता है। उनका प्रमुख दायित्व पार्क के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संसाधनों की रक्षा करना तथा उनके संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करना होता है। इसके अंतर्गत वे जैव विविधता के संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन के अनुरक्षण और विरासत स्थलों की देखभाल के साथ-साथ आगंतुकों के लिए व्याख्यात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का विकास और संचालन भी करते हैं, जिससे लोग इन स्थलों के महत्व को समझ सकें और उनसे सार्थक रूप से जुड़ सकें।
रेंजरों की जिम्मेदारियाँ विविध और व्यावहारिक होती हैं। वे आगंतुकों को सामान्य, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करते हैं, जिसे “विरासत व्याख्या” कहा जाता है। साथ ही वे वन्यजीव क्षेत्रों, झीलों और समुद्र तटों, वनों, ऐतिहासिक भवनों, युद्धस्थलों, पुरातात्विक स्थलों तथा विभिन्न मनोरंजन क्षेत्रों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।<ref name="OPM.gov">अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय. ''Handbook of occupational groups and families''. वाशिंगटन, डीसी, जनवरी 2008। पृष्ठ 19. [http://www.opm.gov/FEDCLASS/GSHBKOCC.pdf OPM.gov] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090103205044/http://www.opm.gov/fedclass/gshbkocc.pdf |date=3 जनवरी 2009 }} Accessed 2 नवंबर 2014.</ref> इसके अतिरिक्त, वे अग्निशमन कार्यों में भी संलग्न रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर खोज एवं बचाव अभियानों का संचालन करते हैं, जिससे संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना (1916) के बाद, पार्क रेंजर की भूमिका और अधिक विस्तृत हो गई। अब वे केवल प्रकृति के संरक्षक ही नहीं रहे, बल्कि कानून प्रवर्तन से जुड़े अनेक दायित्व भी निभाने लगे।<ref>आर मीडोज; डी.एल. सोडेन: [https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 ''National Park Ranger Attitudes and Perceptions Regarding Law Enforcement Issues.''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304110437/https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 |date=4 मार्च 2016 }} सार. ''जस्टिस प्रोफेशनल'' वॉल्यूम:3 अंक:1 (वसंत 1988) पृष्ठ:70–93</ref> वे यातायात नियंत्रण करते हैं, विभिन्न गतिविधियों के लिए अनुमति-पत्रों का प्रबंधन करते हैं, और नियमों के उल्लंघन, शिकायतों, अतिक्रमणों तथा दुर्घटनाओं की जाँच भी करते हैं। इस प्रकार, पार्क रेंजर एक बहुआयामी भूमिका निभाते हुए संरक्षण, सुरक्षा और जनसेवा के समन्वय का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।<ref name="OPM.gov"/>
==चिंताएँ==
पूर्व [[उपनिवेशवाद का इतिहास|यूरोपीय उपनिवेशों]] में स्थापित अनेक राष्ट्रीय उद्यानों को लेकर समय-समय पर आलोचना भी सामने आई है। कुछ विद्वानों का मत है कि इन उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया में [[उपनिवेशवाद|उपनिवेशवादी]] दृष्टिकोण का प्रभाव परिलक्षित होता है, जिसमें प्रकृति को “अछूते” और “मानव-विहीन” रूप में संरक्षित करने की अवधारणा प्रमुख रही। यह विचार विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में सीमांत विस्तार के काल में विकसित हुआ, जहाँ प्राकृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पहचान और ऐतिहासिक गौरव के प्रतीक के रूप में देखा गया।<ref>{{Cite book|last=विलियम|first=क्रोनन|title=Uncommon ground: rethinking the human place in nature|date=1996|publisher=डब्ल्यूडब्ल्यू नॉर्टन एंड कंपनी|isbn=0-393-31511-8|oclc=36306399}}</ref>
किन्तु आलोचकों का तर्क है कि जिन भूमि क्षेत्रों को संरक्षित घोषित किया गया, वे अनेक मामलों में पहले से ही स्थानीय या आदिवासी समुदायों के निवास और जीवन-यापन के केंद्र थे। राष्ट्रीय उद्यानों के निर्माण के लिए इन समुदायों को वहाँ से विस्थापित किया गया, जिससे न केवल उनकी पारंपरिक जीवनशैली प्रभावित हुई, बल्कि उनके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी टूट गए। इस संदर्भ में यह आरोप लगाया जाता है कि प्रकृति संरक्षण के नाम पर मानव उपस्थिति को हटाना यह धारणा मजबूत करता है कि प्रकृति केवल तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मनुष्य का हस्तक्षेप न हो। इससे प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन स्थापित होता है, जिसे “प्रकृति–संस्कृति द्वैत” के रूप में समझा जाता है।
कुछ आलोचक इसे “पारिस्थितिक भूमि हड़पने” का रूप भी मानते हैं,<ref>{{Cite book|last=क्लॉस|first= सी. ऐनी|title=Drawing the Sea Near|date=2020-11-03|publisher=यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा प्रेस|doi=10.5749/j.ctv1bkc3t6|isbn=978-1-4529-5946-7|s2cid=230646912}}</ref> जहाँ संरक्षण के नाम पर भूमि के स्वामित्व और उपयोग के पारंपरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, यह भी तर्क दिया जाता है कि राष्ट्रीय उद्यानों में प्रकृति का अनुभव करने वाले लोग कई बार अपने दैनिक जीवन में उपस्थित प्राकृतिक परिवेश की अनदेखी करने लगते हैं, जिससे प्रकृति के प्रति समग्र संवेदनशीलता कम हो सकती है।
वहीं, पर्यटन से जुड़ी एक अन्य चिंता यह है कि बढ़ती पर्यटक गतिविधियाँ स्वयं उन क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं, जिनके संरक्षण के लिए ये उद्यान बनाए गए हैं।<ref>{{Cite journal|last1=बुशर|first1=ब्रैम|last2=फ्लेचर|first2=रॉबर्ट|date=2019|title=Towards Convivial Conservation|journal=संरक्षण और समाज|volume=17|issue=3|pages=283|doi=10.4103/cs.cs_19_75|bibcode=2019CoSoc..17..283B |s2cid=195819004|issn=0972-4923|doi-access=free}}</ref> अत्यधिक आगंतुक दबाव, संसाधनों का उपयोग और पर्यावरणीय हस्तक्षेप पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा जहाँ एक ओर संरक्षण का सशक्त माध्यम है, वहीं दूसरी ओर इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर संतुलित और संवेदनशील दृष्टि बनाए रखना भी आवश्यक है।
आलोचकों के अनुसार, पूर्व में उपनिवेशित क्षेत्रों में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया अनेक बार स्वदेशी समुदायों के विस्थापन से जुड़ी रही है। जिन भूमि क्षेत्रों को “प्राकृतिक” और “अछूते” रूप में संरक्षित घोषित किया गया, वे अक्सर उन्हीं समुदायों के पारंपरिक निवास और आजीविका के केंद्र थे। ऐसे में संरक्षण की यह धारणा कि प्रकृति तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मानव उपस्थिति न हो, “शुद्ध” वन्य प्रकृति की एक सीमित और विवादास्पद कल्पना को बढ़ावा देती है। यह दृष्टिकोण प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन को स्थापित करता है, जिससे यह बहस और गहरी हो जाती है कि क्या संरक्षण केवल मानव अनुपस्थिति में ही संभव है, या फिर मनुष्य और प्रकृति का सह-अस्तित्व भी एक वैध और टिकाऊ विकल्प हो सकता है।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय उद्यानों में बढ़ता पर्यटन भी एक जटिल चुनौती प्रस्तुत करता है। यद्यपि पर्यटन जागरूकता और आर्थिक लाभ का स्रोत बन सकता है, किंतु अत्यधिक आगंतुकों की उपस्थिति कई पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म देती है। इनमें प्राकृतिक आवासों का क्षरण, प्रदूषण में वृद्धि, मृदा अपरदन तथा वन्यजीवों के व्यवहार में बाधा जैसी समस्याएँ प्रमुख हैं। परिणामस्वरूप, वे पारिस्थितिक तंत्र, जिन्हें संरक्षण के उद्देश्य से सुरक्षित किया गया था, स्वयं मानवीय दबाव के कारण प्रभावित होने लगते हैं।<ref>{{cite web |title=Environmental Impact of Tourism in National Parks |url=https://www.usanationalparks.info/environmental-impact-of-tourism-in-national-parks-3-key-concerns/ |website=यूएसए राष्ट्रीय उद्यान सूचना}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को समझते समय यह आवश्यक हो जाता है कि संरक्षण, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और सतत पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित किया जाए, ताकि प्रकृति की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक न्याय और पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित की जा सके।
==इन्हें भी देखें==
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[जैव संरक्षण]]
* [[संरक्षण आंदोलन]]
* [[भूद्यान]]
* [[राष्ट्रीय स्मारक]]
* [[संधारणीय विकास]]
* [[संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम]]
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
===सूत्रों का कहना है===
* {{cite book |url=https://books.google.com/books?id=xIWwmVUUU4wC |title = Tourism in National Parks and Protected Areas: Planning and Management |publisher = सीएबीआई |author=ईगल्स, पॉल एफ. जे |author2=मैककूल, स्टीफन एफ. |year = 2002 |isbn = 0851997597}} 320 pages.
* {{cite book |url=https://books.google.com/books?id=4FG6HsjlcfoC | title = Preserving Nature in the National Parks: A History |publisher = येल यूनिवर्सिटी प्रेस |author=सेलर्स, रिचर्ड वेस्ट |year = 2009 |isbn = 978-0300154146}} 404 pages.
* शीएल, जॉन (2010) ''Nature's Spectacle - The World's First National Parks and Protected Places'' अर्थस्कैन, लंदन, वाशिंगटन. {{ISBN|978-1-84971-129-6}}
==अग्रिम पठन==
* क्रेग डब्ल्यू. एलिन (संपादक), ''International Handbook of National Parks and Nature Reserves'', ब्लूम्सबरी एकेडमिक, ग्रीनवुड (प्रकाशक), प्रथम संस्करण, 1990, 560 पृष्ठ। ISBN 978-0274924080
* अहमद नकीउद्दीन बकर और मोहम्मद नाजिप सुरतमान ( यूनिवर्सिटी टेक्नोलोजी MARA के संपादक ), ''Protected Areas, National Parks and Sustainable Future'', इंटेकओपन, 2020, 134 पृष्ठ। ISBN 978-1-78984-229-6
* एरिक डफी (18 राष्ट्रीय सलाहकारों के साथ निर्देशित), ''National Parks and Reserves of Western Europe'', हैरो हाउस एडिशन्स, लंदन, 1982, 288 पृष्ठ। सर पीटर स्कॉट द्वारा प्रस्तावना । ISBN 978-0356085869
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Sister project links | 1= | display= | author= | wikt= | commons= | n= | q= | s= | b= | voy=National parks | v= | d= | species=no | species_author=no | m=no | mw=no }}
*{{cite web|url=http://www.biodiversitya-z.org/areas/37/| website=बायोडायवर्सिटी एरिज़ोना| title=Areas of Biodiversity Importance: National Parks| access-date=21 अप्रैल 2011| archive-url=https://web.archive.org/web/20110516232146/http://www.biodiversitya-z.org/areas/37| archive-date=16 मई 2011}}
*{{cite web|url=http://www.europarc.org/ |website=यूरोपार्क फेडरेशन|title= Europe's protected areas}}
*{{cite web|url=https://www.nps.gov/aboutus/faqs.htm |website=अमेरिकी राष्ट्रीय उद्यान सेवा |title=FAQs}}
*{{cite web|website=Travel Is Free|title=Map of All The World's National Parks|url=http://travelisfree.com/2018/09/10/map-of-all-the-worlds-national-parks/#more-17443|author=मैकोम्बर, ड्रू|date= सितंबर 10, 2018|access-date=18 अक्टूबर 2018|archive-date=5 अप्रैल 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190405073256/https://travelisfree.com/2018/09/10/map-of-all-the-worlds-national-parks/#more-17443|url-status=dead}}
*{{cite web|url=http://www.unesco.org/mab/ |website= यूनेस्को |title= Man and the Biosphere Programme (Biosphere Reserves)|date=7 जनवरी 2019}}
*{{cite web|url=http://nationalparks.nighthee.com/| website=nighthee.com| title=National parks, landscape parks and protected areas in the world| access-date=11 अगस्त 2015|url-status=usurped| archive-url=https://web.archive.org/web/20150905182433/http://nationalparks.nighthee.com/| archive-date=5 सितंबर 2015}}
*{{cite web|url=http://www.staff.amu.edu.pl/~zbzw/ph/pnp/swiat.htm|website=amu.edu.pl|title=National Parks Worldwide|access-date=3 जनवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080119140316/http://www.staff.amu.edu.pl/~zbzw/ph/pnp/swiat.htm|archive-date=19 जनवरी 2008|df=dmy-all}}
*{{cite web|url=http://www.protectedplanet.net |website=संरक्षित ग्रह |title= World Database of Protected Areas}}
*{{cite web|url=http://dopa.jrc.ec.europa.eu |website=यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र द्वारा |title= Digital Observatory for Protected Areas (DOPA)}}
*{{cite web|url=https://whc.unesco.org/ |website= यूनेस्को |title=World Heritage Sites}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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[[File:Parque Nacional Los cardones.jpg|thumb|upright|upright=1.25|[[अर्जेण्टीना|आर्जेन्टीना]] के साल्ता प्रान्त में लोस कार्दोनेस राष्ट्रीय उद्यान]]
[[File:Bogdkhan Uul Strictly Protected Area, Mongolia (149199747).jpg|thumb|[[मंगोलिया]] में स्थित बोग्ड खान उउल राष्ट्रीय उद्यान उन सबसे पुराने संरक्षित क्षेत्रों में से एक है जिन्हें अब राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।]]
[[File:Stambecchi nel Parco Nazionale del Gran Paradiso.jpg|thumb|राष्ट्रीय उद्यान अक्सर संरक्षित प्रजातियों को फलने-फूलने का अवसर प्रदान करते हैं। चित्र में इटली के पीडमोंट में स्थित ग्रैन पैराडिसो राष्ट्रीय उद्यान में अल्पाइन आइबेक्स ( कैप्रा आइबेक्स ) दिखाए गए हैं । 1922 में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किए जाने के बाद से आइबेक्स की आबादी में दस गुना वृद्धि हुई है।]]
'''राष्ट्रीय उद्यान''' (national park) वह संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र होता है, जिसे उसके विशिष्ट प्राकृतिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष संरक्षण प्रदान किया जाता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक अथवा आंशिक रूप से विकसित भूमि का स्वरूप धारण कर सकता है, परंतु इसका मूल उद्देश्य उसकी मौलिक पारिस्थितिकी, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होता है। प्रायः ऐसे उद्यानों का स्वामित्व और संरक्षण सरकार के अधीन होता है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
यद्यपि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने के मानदंड भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, फिर भी इन सबके पीछे एक समान भावना कार्य करती है—प्रकृति की अनुपम धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना<ref name=":0" /><ref>यूरोपार्क फेडरेशन (संपादक) 2009, Living Parks, 100 Years of National Parks in Europe, Oekom Verlag, München</ref> और उसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करना। यही कारण है कि विश्व भर में राष्ट्रीय उद्यान केवल पर्यावरण संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के संतुलित सह-अस्तित्व के सजीव उदाहरण भी हैं।
सामान्यतः राष्ट्रीय उद्यान जनता के लिए खुले होते हैं, ताकि लोग प्रकृति के निकट आ सकें, उसका अनुभव कर सकें<ref name="Gissibl, B. 2012">गिस्सिबल, बी., एस. होहलर और पी. कुप्पर, 2012, ''Civilizing Nature, National Parks in Global Historical Perspective'', बर्गहान, ऑक्सफोर्ड</ref> और उसके महत्व को समझ सकें। अधिकांश देशों में इन उद्यानों का विकास, स्वामित्व और प्रबंधन राष्ट्रीय सरकारों द्वारा किया जाता है। हालांकि, संघीय या विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था वाले कुछ देशों में यह दायित्व क्षेत्रीय या स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं को भी सौंपा जा सकता है, जो अपने-अपने स्तर पर इन अमूल्य प्राकृतिक क्षेत्रों की देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित करते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष 1872 में [[यलोस्टोन नेशनल पार्क|येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना की, जिसे “जनता के लाभ और आनंद के लिए पहला सार्वजनिक उद्यान अथवा मनोरंजन स्थल” के रूप में परिकल्पित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002//amrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r?ammem/consrvbib:@field(NUMBER+@band(amrvl+vl002))&linkText=0|archive-url=https://web.archive.org/web/20170123114358/http://memory.loc.gov/cgi-bin/ampage?collId=amrvl&fileName=vl002%2F%2Famrvlvl002.db&recNum=1&itemLink=r%3Fammem%2Fconsrvbib%3A%40field%28NUMBER%2B%40band%28amrvl%2Bvl002%29%29&linkText=0|title=Evolution of the Conservation Movement, 1850-1920|archive-date=23 January 2017|website=अमेरिकन मेमोरी - लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस }}</ref> यद्यपि उस समय इसे औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी गई थी,<ref>[https://archive.org/stream/annualreports18721880#page/n7/mode/2up Report of the Superintendent of Yellowstone National Park for the Year 1872] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160403152134/https://archive.org/stream/annualreports18721880 |date=3 अप्रैल 2016 }}, 43rd Congress, 3rd Session, ex. doc. 35, quoting Department of Interior letter of 10 May 1872, "The reservation so set apart is to be known as the "Yellowstone National Park"."</ref> फिर भी व्यवहार में इसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम और सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।<ref>{{cite web |title=Yellowstone National Park |url=https://whc.unesco.org/en/list/28 |publisher=[[यूनेस्को]] |access-date=18 जुलाई 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230603014000/https://whc.unesco.org/en/list/28/ |archive-date=3 जून 2023}}</ref> इस पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की वैश्विक अवधारणा को एक नई दिशा प्रदान की और आने वाले समय में अनेक देशों को इसी प्रकार के [[संरक्षित क्षेत्र|संरक्षित क्षेत्रों]] की स्थापना के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, यदि इतिहास की गहराइयों में देखा जाए, तो कुछ अन्य क्षेत्र इससे भी पूर्व संरक्षण के अंतर्गत आ चुके थे। उदाहरणस्वरूप, टोबैगो मेन रिज फॉरेस्ट रिजर्व, जिसकी स्थापना 1776 में हुई थी,<ref>{{cite web | date=17 अगस्त 2011 |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | title=Tobago Main Ridge Forest Reserve | publisher=[[यूनेस्को]] | access-date=13 अगस्त 2018 | archive-date=15 अगस्त 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180815051851/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5646/ | url-status=live }}</ref> तथा बोगद खान उउल पर्वत के आसपास का क्षेत्र, जिसे 1778 में संरक्षित किया गया, ऐसे आरंभिक उदाहरण हैं जहाँ प्राकृतिक परिवेश को विधिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे इन्हें विश्व के सबसे पुराने विधिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थान प्राप्त हुआ।<ref>{{cite web | author=हार्डी, यू.| date=9 अप्रैल 2017 |url=https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | title=The 10 Oldest National Parks in the World | publisher=द कल्चरट्रिप. | access-date=21 दिसंबर 2017 | archive-date=17 अक्टूबर 2019 | archive-url=https://web.archive.org/web/20191017141141/https://theculturetrip.com/north-america/articles/the-10-oldest-national-parks-in-the-world/ | url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{cite book| author=बोनेट, ए. | year=2016 | title=The Geography of Nostalgia: Global and Local Perspectives on Modernity and Loss | publisher= रूटलेज | page=68 | isbn=978-1-315-88297-0 }}</ref>
प्राकृतिक संरक्षण की इस विकसित होती परंपरा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम वर्ष 1911 में उठाया गया, जब पार्क्स कनाडा की स्थापना की गई। यह संस्था विश्व की सबसे पुरानी राष्ट्रीय उद्यान सेवा मानी जाती है,<ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date= मई 13, 2011|work=टोरंटो स्टार|access-date=मई 18, 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=मई 16, 2011}}</ref> जिसने न केवल कनाडा में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राष्ट्रीय उद्यानों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया।
[[अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ|प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ]] तथा इसके अधीन कार्यरत संरक्षित क्षेत्रों पर विश्व आयोग ने “राष्ट्रीय उद्यान” को संरक्षित क्षेत्रों की श्रेणी द्वितीय के अंतर्गत परिभाषित किया है।<ref>{{Cite web|date=5 फरवरी 2016|title=Category II: National Park|url=https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|website= आईयूसीएन |access-date=25 जुलाई 2018|archive-date=18 नवंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191118152025/https://www.iucn.org/theme/protected-areas/about/protected-areas-categories/category-ii-national-park|url-status=live}}</ref> इस वर्गीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र होते हैं जहाँ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक प्रक्रियाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही सीमित रूप में जनसुलभता भी सुनिश्चित की जाती है।
इस मानक के आधार पर, वर्ष 2006 तक विश्व भर में लगभग 6,555 राष्ट्रीय उद्यान ऐसे थे जो इन मापदंडों पर खरे उतरते थे। तथापि, प्रकृति संरक्षण के बदलते स्वरूप और नई पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ अब भी राष्ट्रीय उद्यान की परिभाषा और उसके मानकों को और अधिक सुस्पष्ट एवं समकालीन बनाने के लिए निरंतर विमर्श करता रहता है।
यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए, तो इस परिभाषा के अंतर्गत आने वाला विश्व का सबसे विशाल राष्ट्रीय उद्यान [[पूर्वोत्तर ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान]] है, जिसकी स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। लगभग 9,72,000 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह उद्यान न केवल आकार की दृष्टि से अद्वितीय है,<ref>{{Cite book |title=1993 United Nations list of national parks and protected areas: = Liste des Nations Unies des parcs nationaux et des aires protégées 1993 = Lista de las Naciones Unidas de parques nacionales y areas protegidas 1993 |date=1994 |publisher=आईयूसीएन/यूआईसीएन |isbn=978-2-8317-0190-5 |editor-last=वेरीन्ते नेशनेन |location=Gland |editor-last2=विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र}}</ref> बल्कि आर्कटिक क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और वन्य जीवन के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
==परिभाषाएं==
[[File:Koli 2019 2.jpg|thumb|[[फ़िनलैंड]] के उत्तरी कारेलिया में कोली राष्ट्रीय उद्यान के परिदृश्यों ने जीन सिबेलियस , जुहानी अहो और एरो जार्नेफेल्ट सहित कई चित्रकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|title=History of Koli National Park|website=Nationalparks.fi|access-date=16 अगस्त 2020|archive-date=27 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211127160710/https://www.nationalparks.fi/kolinp/history|url-status=live}}</ref>]]
[[File:Puerto Escondido P N Manuel Antonio.JPG|thumb|[[फ़ोर्ब्स]] ने कोस्टा रिका में मैनुअल एंटोनियो नेशनल पार्क को दुनिया के 12 सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है।<ref>{{cite news|url=https://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|title=The World's Most Beautiful National Parks|author=जेन लेवेरे|work=[[फ़ोर्ब्स]]|date=29 अगस्त 2011|access-date=4 अक्टूबर 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20111001031720/http://www.forbes.com/sites/janelevere/2011/08/29/the-worlds-most-beautiful-national-parks/|archive-date=1 October 2011|df=dmy-all}}</ref>]]
[[File:Beech trees in Mallard Wood, New Forest - geograph.org.uk - 779513.jpg|thumb|इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित न्यू फॉरेस्ट नेशनल पार्क के मल्लार्ड वुड में बीच के पेड़]]
वर्ष 1969 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा को अधिक स्पष्ट करते हुए इसे कुछ विशिष्ट विशेषताओं वाले अपेक्षाकृत विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया।<ref>गुलेज़, सुमेर (1992). A method of evaluating areas for national park status.</ref>
* इस परिभाषा के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान ऐसे क्षेत्रों को कहा गया जहाँ एक या एक से अधिक [[पारितंत्र|पारिस्थितिकी तंत्र]] मानव हस्तक्षेप, शोषण और स्थायी कब्जे से लगभग पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पतियाँ, जीव-जंतु, भू-आकृतिक संरचनाएँ और प्राकृतिक आवास न केवल वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि वे मनोरंजन और सौंदर्यबोध की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान होते हैं, जिनमें प्रकृति की विलक्षण छटा सजीव रूप में विद्यमान रहती है।
* इस परिभाषा का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि संबंधित देश का सर्वोच्च सक्षम प्राधिकारी इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के शोषण या अवैध कब्जे को रोकने अथवा समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है। साथ ही, वह यह सुनिश्चित करता है कि इन उद्यानों की पारिस्थितिक, भू-आकृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी विशेषताओं का संरक्षण और सम्मान निरंतर बना रहे। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान केवल संरक्षण के क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक संगठित और उत्तरदायी व्यवस्था के प्रतीक बन जाते हैं।
* इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में इन उद्यानों को आम जनता के लिए भी खोला जाता है, ताकि लोग प्रेरणा प्राप्त कर सकें, प्रकृति के प्रति जागरूक बनें और शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकें।
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित सेतु का कार्य करते हैं, जहाँ संरक्षण और सहभागिता का सामंजस्यपूर्ण मेल दिखाई देता है।
वर्ष 1971 में प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ ने पूर्व निर्धारित मानदंडों को और अधिक विस्तृत एवं स्पष्ट रूप प्रदान किया, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अधिक ठोस दिशानिर्देश स्थापित हो सके। इन संशोधित मानकों के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया कि
* ऐसे क्षेत्रों का न्यूनतम विस्तार सामान्यतः 1,000 हेक्टेयर होना चाहिए, जहाँ प्रकृति संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हो और पारिस्थितिकी तंत्र को यथासंभव अप्रभावित बनाए रखा जा सके।
* इसके साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय उद्यानों को विधिक रूप से संरक्षित दर्जा प्राप्त हो, ताकि उनके संरक्षण को कानूनी आधार मिल सके और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या दोहन को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
* केवल कानूनी मान्यता ही पर्याप्त नहीं मानी गई, बल्कि यह भी अपेक्षित किया गया कि इन उद्यानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षित मानवबल उपलब्ध हों, जिससे संरक्षण उपायों को व्यवहारिक रूप में लागू किया जा सके।
* इन मानदंडों का एक और महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण से संबंधित है। उद्यानों के भीतर खेलकूद, शिकार, मछली पकड़ने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से संसाधनों के दोहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए, यहाँ तक कि बड़े निर्माण कार्य, जैसे बाँधों का विकास भी वर्जित माना गया। इस प्रकार, 1971 के ये विस्तारित मानदंड राष्ट्रीय उद्यानों को केवल नाममात्र के संरक्षित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सुदृढ़ संरक्षण, प्रभावी प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करते हैं।
यद्यपि “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा एक सुव्यवस्थित परिभाषा प्रदान की गई है, तथापि व्यवहार में विभिन्न देशों में अनेक संरक्षित क्षेत्रों को अब भी “राष्ट्रीय उद्यान” कहा जाता है, भले ही वे आईयूसीएन की संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन की अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आते हों। यह स्थिति इस तथ्य को रेखांकित करती है कि नामकरण की परंपरा और वास्तविक प्रबंधन श्रेणियाँ कई बार एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं।<ref name="Gissibl, B. 2012"/><ref>यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download ''Protected areas in Europe – an overview''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924010816/http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download |date=24 सितंबर 2015 }} In: EEA Report No 5/2012 Kopenhagen: 2012 {{ISBN|978-92-9213-329-0}} {{ISSN|1725-9177}} [http://www.eea.europa.eu/publications/protected-areas-in-europe-2012/download pdf] doi=10.2800/55955</ref> उदाहरणस्वरूप,
* स्विस राष्ट्रीय उद्यान (स्विट्जरलैंड) आईयूसीएन की श्रेणी ‘कठोर प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ के अंतर्गत आता है, जहाँ मानव हस्तक्षेप को अत्यंत सीमित रखा जाता है।
* इसी प्रकार, एवरग्लेड्स राष्ट्रीय उद्यान (संयुक्त राज्य अमेरिका) ‘वन्य क्षेत्र’ श्रेणी में सम्मिलित है,
* जबकि कोली राष्ट्रीय उद्यान (फिनलैंड) उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है जिसे सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में ही परिभाषित किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त, विक्टोरिया फॉल्स राष्ट्रीय उद्यान (जिम्बाब्वे) आईयूसीएन की ‘राष्ट्रीय स्मारक’ श्रेणी में आता है, जहाँ विशिष्ट प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण प्रमुख होता है।
* विटोशा राष्ट्रीय उद्यान (बुल्गारिया) ‘पर्यावास प्रबंधन क्षेत्र’ के अंतर्गत वर्गीकृत है, जहाँ विशेष प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर बल दिया जाता है।
* इसी क्रम में, न्यू फॉरेस्ट राष्ट्रीय उद्यान (यूनाइटेड किंगडम) ‘संरक्षित भूदृश्य’ श्रेणी का उदाहरण है, जहाँ मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व को महत्व दिया जाता है,
* जबकि एटनिको यग्रोटोपिको पार्को डेल्टा एवरौ (ग्रीस) ‘प्रबंधित संसाधन संरक्षित क्षेत्र’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और नियंत्रित उपयोग संभव होता है।
इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” का नाम सार्वभौमिक रूप से प्रचलित होने के बावजूद, उनके संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग की वास्तविक प्रकृति देश-विशेष की नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती है।
यद्यपि सामान्यतः “राष्ट्रीय उद्यान” नाम से ही यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय सरकारों के अधीन होता है, वास्तविकता में विभिन्न देशों में इसकी संरचना भिन्न रूपों में विकसित हुई है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में केवल कुछ ही राष्ट्रीय उद्यान सीधे संघीय सरकार के अधीन हैं, जबकि अधिकांश का संचालन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इन उद्यानों में से कई की स्थापना ऑस्ट्रेलियाई संघ के गठन से भी पूर्व हो चुकी थी, जिससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से राज्य स्तर पर ही विकसित हुई।
इसी प्रकार, नीदरलैंड में राष्ट्रीय उद्यानों का प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के माध्यम से किया जाता है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यहाँ स्थानीय प्रशासनिक इकाइयाँ इन संरक्षित क्षेत्रों की देखरेख, संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी निभाती हैं, जो विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का एक उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
वहीं कनाडा में एक मिश्रित प्रणाली देखने को मिलती है, जहाँ कुछ राष्ट्रीय उद्यान संघीय सरकार द्वारा संचालित होते हैं, जबकि अन्य प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकारों के अधीन आते हैं। इसके बावजूद, प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा के अनुसार, इन अधिकांश उद्यानों को उनके संरक्षण मानकों और उद्देश्यों के आधार पर “राष्ट्रीय उद्यान” की श्रेणी में ही माना जाता है।<ref>जॉन एस. मार्श, "[https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks Provincial Parks]", {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200310160520/https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/provincial-parks |date=10 मार्च 2020 }}, in ''कैनेडियन एनसाइक्लोपीडिया'' (हिस्टोरिका कनाडा, 2018‑05‑30), [accessed 2020‑02‑18].</ref> इस प्रकार, स्पष्ट होता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा केवल नाम से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के उद्देश्य और प्रबंधन की गुणवत्ता से परिभाषित होती है, चाहे उसका प्रशासन किसी भी स्तर पर क्यों न किया जा रहा हो।
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा निर्धारित मानकों के बावजूद, विभिन्न देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा का व्यवहारिक स्वरूप अनेक बार इन परिभाषाओं से भिन्न दिखाई देता है। उदाहरणस्वरूप, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है, किंतु वे आईयूसीएन की औपचारिक परिभाषा के सभी मानकों का पूर्णतः पालन नहीं करते।
इसके विपरीत, कुछ ऐसे संरक्षित क्षेत्र भी अस्तित्व में हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में नामित नहीं किया गया है।<ref name="Gissibl, B. 2012"/> यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा केवल वैज्ञानिक या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नहीं होती, बल्कि प्रत्येक देश की ऐतिहासिक परंपराओं, प्रशासनिक ढाँचे, नीतिगत प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं से भी गहराई से प्रभावित होती है।
इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एकरूप प्रतीत होते हुए भी, व्यवहार में यह विविधता और लचीलेपन का परिचायक है, जहाँ नामकरण और वास्तविक प्रबंधन के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
===शब्दावली===
[[File:012 035 Ile Mingan Niapiscau.jpg|thumb|मिंगन द्वीपसमूह राष्ट्रीय उद्यान आरक्षित क्षेत्र,<ref name="The Canadian Encyclopedia">{{cite web |title=Mingan Archipelago National Park Reserve |url=https://www.thecanadianencyclopedia.ca/en/article/mingan-archipelago-national-park-reserve |publisher=कैनेडियन विश्वकोश|access-date=2024-01-12 |date=2015-01-03 |quote=Oddly shaped rock pillars sculpted by wind and sea create the unique islandscape of the natural reserve}}</ref> [[सेंट लॉरेंस की खाड़ी]], [[क्यूबेक]], [[कनाडा]]]]
प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ की परिभाषा का सभी देशों द्वारा समान रूप से पालन न किए जाने के कारण “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का प्रयोग व्यवहार में कहीं अधिक व्यापक और लचीले अर्थों में किया जाने लगा है। इस विविधता के कारण यह शब्द केवल एक कठोर वैज्ञानिक वर्गीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विभिन्न देशों की आवश्यकताओं, नीतियों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपना स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
उदाहरणस्वरूप, यूनाइटेड किंगडम और [[चीनी गणराज्य|ताइवान]] जैसे कुछ देशों में “राष्ट्रीय उद्यान” का अर्थ प्रायः ऐसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र से होता है, जो अपेक्षाकृत कम विकसित, प्राकृतिक रूप से मनोहारी और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला हो। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजन संबंधी कुछ प्रतिबंध अवश्य लागू किए जाते हैं, किंतु इनके भीतर मानव बस्तियों का अस्तित्व भी असामान्य नहीं माना जाता। इस प्रकार, यहाँ संरक्षण और मानवीय गतिविधियों के बीच एक संतुलित सह-अस्तित्व देखने को मिलता है।
इसके विपरीत, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जो आईयूसीएन द्वारा निर्धारित सभी संरक्षण मानदंडों को पूर्णतः पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें “राष्ट्रीय उद्यान” की संज्ञा नहीं दी जाती। ऐसे क्षेत्रों के लिए प्रायः “संरक्षित क्षेत्र” या “आरक्षित क्षेत्र” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो उनके संरक्षणात्मक महत्व को तो दर्शाते हैं, किंतु उन्हें राष्ट्रीय उद्यान के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं प्रदान करते।
इस प्रकार, “राष्ट्रीय उद्यान” की अवधारणा एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह विभिन्न देशों की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं के अनुसार विविध रूपों में अभिव्यक्त होती है।
==इतिहास==
===प्रारंभिक सन्दर्भ===
अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण में ही प्रकृति संरक्षण की भावना ने एक संगठित स्वरूप लेना शुरू कर दिया था। वर्ष 1735 से नेपल्स की सरकार ने प्राकृतिक क्षेत्रों की रक्षा के उद्देश्य से विधिक प्रावधान लागू किए, जिनका उपयोग राजपरिवार द्वारा शिकारस्थल के रूप में भी किया जा सकता था। इसी क्रम में प्रोसिडा को प्रथम संरक्षित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|author=एंजेला डी सारियो|title=La "Regia Caccia" Di Torre Guevara Nel Settecento|website=Fondazionecariforli.it|access-date=28 फरवरी 2022|archive-date=22 अक्टूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022120321/https://www.fondazionecariforli.it/downloads/files/3-La-regia-caccia-di-torre-guevara-nel-settecento.pdf|url-status=live}}</ref>
हालाँकि, इस व्यवस्था की विशेषता यह थी कि यह केवल पारंपरिक शाही शिकारगाहों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संरक्षण की एक विकसित और दूरदर्शी दृष्टि कार्यरत थी।<ref>Museo privato Agriturismo Maria Sofia di Borbone, Azienda Agricola Le Tre Querce, Seminara, Calabria, organised by the Study Centre for Environmental Education in the Mediterranean Area of Reggio, Italy</ref> नेपल्स की शासन प्रणाली ने उस समय ही प्राकृतिक क्षेत्रों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की अवधारणा पर विचार किया—जहाँ एक ओर ऐसे क्षेत्र थे जो अपेक्षाकृत खुले और मानवीय गतिविधियों के लिए उपलब्ध थे, वहीं दूसरी ओर कठोर संरक्षण वाले क्षेत्र भी चिन्हित किए गए, जहाँ प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने एक नए वैचारिक रूप को जन्म दिया, जिसमें प्राकृतिक स्थलों को केवल संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि साझा धरोहर के रूप में देखा जाने लगा। वर्ष 1810 में अंग्रेज़ी कवि [[विलियम वर्ड्सवर्थ]] ने [[लेक डिस्ट्रिक्ट]] को “एक प्रकार की राष्ट्रीय संपत्ति” के रूप में निरूपित किया। उनके विचार में यह ऐसा स्थान था, जिस पर हर उस व्यक्ति का अधिकार और हित होना चाहिए, जिसके पास प्रकृति की सुंदरता को देखने की दृष्टि और उसका आनंद लेने का हृदय हो।<ref>{{cite book|last=वर्ड्सवर्थ|first=विलियम|author-link=विलियम वर्ड्सवर्थ|url=https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ|quote=sort of national property in which every man has a right and interest who has an eye to perceive and a heart to enjoy.|title=A guide through the district of the lakes in the north of England with a description of the scenery, &c. for the use of tourists and residents|edition=5th|location=केंडल, इंग्लैंड|publisher=हडसन और निकोलसन|year=1835|page=[https://archive.org/details/bub_gb_idlAAAAAYAAJ/page/n122 88]}}</ref> यह दृष्टिकोण प्रकृति को जनसामान्य की साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक पहल थी।
इसी भावना का विस्तार आगे चलकर जॉर्ज कैटलिन के विचारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 1830 के दशक में [[पश्चिमी संयुक्त राज्य|अमेरिकी पश्चिम]] की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि [[संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकी मूल-निवासी|संयुक्त राज्य अमेरिका में मूल निवासियों]] और वन्य जीवों को एक साथ संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कल्पना की कि यह संरक्षण किसी व्यापक सरकारी नीति के अंतर्गत एक “भव्य उद्यान” के रूप में विकसित हो सकता है—एक ऐसा “राष्ट्र का उद्यान”, जहाँ मनुष्य और पशु अपनी प्रकृति की स्वाभाविक सुंदरता, स्वच्छंदता और ताजगी के साथ सह-अस्तित्व में रह सकें।<ref>{{cite book|last=कैटलिन|first=जॉर्ज|url=https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C%28by+some+great+protecting+policy+of+government%29|title=Letters and Notes on the manners, customs, and condition of the North American Indians: written during eight years' travel amongst the wildest tribes of Indians in North America in 1832, 33, 34, 35, 36, 37, 38, and 39|volume=1|year=1841|location=इजिप्शियन हॉल, पिकाडिली, लंदन|publisher=लेखक द्वारा प्रकाशित|pages=261–262|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501132843/https://books.google.com/books?id=MA4TAAAAYAAJ&q=%7C(by+some+great+protecting+policy+of+government)#v=snippet&q=%7C(by%20some%20great%20protecting%20policy%20of%20government)&f=false|archive-date=1 मई 2016|df=dmy-all}}</ref>
इस प्रकार, इन विचारकों की दृष्टि में प्रकृति केवल भौतिक संपदा नहीं थी, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव थी, जिसे संरक्षित करना और साझा करना समस्त समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
===प्रारंभिक प्रयास: हॉट स्प्रिंग्स, अर्कांसस और योसेमाइट घाटी===
[[File:Tunnel View, Yosemite Valley, Yosemite NP - Diliff.jpg|thumb|योसेमाइट घाटी, [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]], कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका]]
प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की दिशा में संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने पहला संगठित कदम 20 अप्रैल 1832 को उठाया, जब राष्ट्रपति [[ऐन्ड्रयू जैकसन]] ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे 22वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था। इस कानून के अंतर्गत अर्कांसस स्थित हॉट स्प्रिंग्स के आसपास की भूमि के चार खंडों को अलग रखते हुए वहाँ के प्राकृतिक [[गरम चश्मा|गर्म जलस्रोतों]] और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का प्रयास किया गया।<ref name=Shugart>{{cite web |url=http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |title=Hot Springs of Arkansas Through the Years: A Chronology of Events |access-date=30 मार्च 2008 |last=शुगार्ट |first=शेरोन |year=2004 |publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]] |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080414015510/http://www.nps.gov/hosp/historyculture/upload/chronology.web.pdf |archive-date=14 अप्रैल 2008 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|chapter=Twenty-Second Congress, Session 1, Chap. 70: An Act authorizing the governor of the territory of Arkansas to lease the salt springs, in said territory, and for other purposes (April 20, 1832)|title=The Public Statutes at Large of the United States of America from the Organization of the Government in 1789, to 3 March 1845, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=पीटर्स, रिचर्ड|volume=4|location=बोस्टन|publisher=चार्ल्स सी. लिटिल और जेम्स ब्राउन|page=505|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111115233149/http://constitution.org/uslaw/sal/004_statutes_at_large.pdf|archive-date=15 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref><ref>{{cite web|title=Act Establishing Yellowstone National Park (1872)|url=http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|website=Our Documents.gov|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304200955/http://www.ourdocuments.gov/doc.php?flash=true&doc=45|archive-date=4 मार्च 2016|df=dmy-all}}</ref> इस संरक्षित क्षेत्र को “हॉट स्प्रिंग्स आरक्षण” के नाम से जाना गया, जो प्रकृति संरक्षण के इतिहास में एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण पहल थी।
हालाँकि, इस आरंभिक प्रयास में स्पष्ट कानूनी अधिकारों का अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र पर संघीय नियंत्रण तत्काल सुदृढ़ रूप से स्थापित नहीं हो सका। अंततः वर्ष 1877 में जाकर इस संरक्षण को विधिक रूप से स्पष्ट और प्रभावी आधार प्राप्त हुआ। इसके बावजूद, यह पहल उस व्यापक विचारधारा की नींव बन गई, जिसने आगे चलकर राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों की अवधारणा को सुदृढ़ किया।<ref name=Shugart/>
प्रकृति और वन्य जीवन के संरक्षण के लिए किए गए इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में कई दूरदर्शी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें अब्राहम लिंकन, लॉरेंस रॉकफेलर, थियोडोर रूजवेल्ट, जॉन मुइर तथा लेडी बर्ड जॉनसन जैसे व्यक्तित्व विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite web|title=Mission & History|url=https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|access-date=2022-02-11|website=राष्ट्रीय उद्यान फाउंडेशन|language=en|archive-date=14 फरवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220214234521/https://www.nationalparks.org/about-foundation/mission-history|url-status=live}}</ref> इन सभी ने अपने-अपने स्तर पर संरक्षण संबंधी नीतियों, जनजागरूकता और विधिक उपायों के विकास में योगदान दिया, जिससे प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सुदृढ़ और स्थायी आधार निर्मित हो सका।
जॉन म्यूर को योसेमाइट क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के कारण आज “राष्ट्रीय उद्यानों का जनक” कहा जाता है।<ref>{{cite book|last=मिलर|first= बारबरा कीली|title=जॉन म्यूर |publisher=गैरेथ स्टीवंस|year=2008|page=10|isbn=978-0836883183}}</ref> प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता उनके लेखन में भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने द सेंचुरी मैगज़ीन में दो अत्यंत प्रभावशाली लेख प्रकाशित किए, जिन्होंने आगे चलकर संरक्षण संबंधी विधायी प्रक्रियाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।<ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "Features of the Proposed Yosemite National Park"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 November 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, सितंबर 1890, अंक 5</ref><ref>जॉन म्यूर. [http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ "The Treasures of the Yosemite"] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141102195140/http://www.yosemite.ca.us/john_muir_writings/the_treasures_of_the_yosemite/ |date=2 नवंबर 2014 }} ''द सेंचुरी मैगज़ीन'', खंड XL, अगस्त 1890, अंक 4</ref>
इस विचारधारा को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम तब उठा, जब [[अब्राहम लिंकन]] ने 1 जुलाई 1864 को कांग्रेस द्वारा पारित एक अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। इस अधिनियम के अंतर्गत योसेमाइट घाटी तथा विशाल सिकोइया वृक्षों से समृद्ध मारिपोसा ग्रोव को कैलिफोर्निया राज्य को सौंप दिया गया, जो आगे चलकर [[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]] का भाग बना। इस विधेयक के अनुसार, इस भूमि का निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और राज्य सरकार को इसे “जनसाधारण के उपयोग, पर्यटन और मनोरंजन” के उद्देश्य से संरक्षित एवं प्रबंधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीमित अवधि के लिए पट्टे की अनुमति दी गई, जिसकी आय को संरक्षण और सुधार कार्यों में व्यय किया जाना था।
हालाँकि, इस प्रारंभिक प्रयास के बाद व्यापक सार्वजनिक विमर्श प्रारंभ हुआ और यह प्रश्न तीव्र बहस का विषय बन गया कि क्या सरकार को ऐसे उद्यान स्थापित करने का अधिकार होना चाहिए। आगे चलकर कैलिफोर्निया द्वारा योसेमाइट के कथित कुप्रबंधन के अनुभव ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि कुछ वर्षों पश्चात् स्थापित येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान को सीधे राष्ट्रीय नियंत्रण में रखा गया,<ref>एडम वेस्ली डीन. [https://web.archive.org/web/20141102171047/http://mtw160-198.ippl.jhu.edu/login?auth=0&type=summary&url=/journals/civil_war_history/v056/56.4.dean.pdf ''Natural Glory in the Midst of War: The Establishment of Yosemite State Park''] In: Abstract. ''गृह युद्ध इतिहास'', खंड 56, अंक 4, दिसंबर 2010, पृष्ठ 386–419| 10.1353/cwh.2010.0008</ref><ref>{{cite book|chapter-url=http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|page=325|chapter=Thirty-Eighth Congress, Session 1, Chap. 184: An Act authorizing a Grant to the State of California of the "Yo-Semite Valley" and of the Land embracing the "Mariposa Big Tree Grove" (June 30, 1864)|title=38th United States Congress, Session 1, 1864. In: The Statutes at Large, Treaties, and Proclamations of the United States of America from December 1863, to December 1865|editor=जॉर्ज पी. सैंगर|volume=13|location=बोस्टन|publisher=लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी|year=1866|archive-url=https://web.archive.org/web/20111116010746/http://constitution.org/uslaw/sal/013_statutes_at_large.pdf|archive-date=16 नवंबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे उसके संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
===पहला राष्ट्रीय उद्यान: येलोस्टोन===
[[File:Aerial image of Grand Prismatic Spring (view from the south).jpg|thumb|[[यलोस्टोन नेशनल पार्क]], व्योमिंग, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड प्रिज़मैटिक स्प्रिंग; येलोस्टोन दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।]]
वर्ष 1872 में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधुनिक अर्थों में अपने पहले राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी, जिसे व्यापक रूप से विश्व का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref>मंगन, एलिजाबेथ यू. [http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html Yellowstone, the First National Park from Mapping the National Parks] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131019090110/http://memory.loc.gov/ammem/gmdhtml/yehtml/yeabout.html |date=19 अक्टूबर 2013 }}. [[लाइब्रेरी ऑफ़ कॉंग्रेस]], भूगोल और मानचित्र प्रभाग.</ref> यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि प्रकृति को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने की एक दूरदर्शी पहल थी, जिसने आगे चलकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की सोच को गहराई से प्रभावित किया।
हालाँकि, यदि ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इससे पूर्व भी [[संरक्षित प्रकृतिक्षेत्र|प्राकृतिक क्षेत्रों]] के संरक्षण की परंपरा विद्यमान थी। किंतु उन संरक्षित क्षेत्रों का स्वरूप आज के राष्ट्रीय उद्यानों से भिन्न था, क्योंकि वे प्रायः शाही परिवारों के लिए आरक्षित शिकारस्थल या विश्राम स्थल के रूप में विकसित किए गए थे। उदाहरणस्वरूप, फॉन्टेनब्लू वन (फ्रांस, 1861) का एक भाग संरक्षित किया गया था,<ref>किम्बर्ली ए. जोन्स, साइमन आर. केली, सारा केनेल, हेल्गा केसलर-ऑरिश, ''In the forest of Fontainebleau: painters and photographers from Corot to Monet'', National Gallery of Art, 2008, p.23</ref> जहाँ संरक्षण की भावना तो थी, परंतु उसका उद्देश्य मुख्यतः शाही उपयोग तक सीमित था।
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान उस समय एक संघीय शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता था, जहाँ किसी राज्य सरकार के लिए उसके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं था। इसी कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार ने स्वयं इसकी प्रत्यक्ष देखरेख का दायित्व ग्रहण किया, और इस प्रकार यह देश का पहला औपचारिक राष्ट्रीय उद्यान बना। इसकी स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं थी, बल्कि संरक्षणवादियों, राजनेताओं और नॉर्दर्न पैसिफिक रेलरोड जैसी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम थी, जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रकृति संरक्षण के इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में [[थियोडोर रूज़वेल्ट]] और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में गठित बूने और क्रॉकेट क्लब ने सक्रिय अभियान चलाकर राजनीतिक समर्थन जुटाया और बड़े उद्योगों सहित विभिन्न समूहों को इस दिशा में सहमत किया। उस समय येलोस्टोन का क्षेत्र अवैध शिकारियों और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन करने वालों के कारण गंभीर संकट में था। किंतु रूजवेल्ट और उनके साथियों के संगठित प्रयासों ने इस विनाशकारी प्रवृत्ति को नियंत्रित किया और पार्क को संरक्षण के मार्ग पर स्थापित किया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल येलोस्टोन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि इसके माध्यम से अन्य राष्ट्रीय उद्यानों के लिए भी एक सुदृढ़ विधिक ढाँचा विकसित हुआ, जिसने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को संस्थागत रूप प्रदान किया। इस विचारधारा की महत्ता को रेखांकित करते हुए अमेरिकी [[पुलित्ज़र पुरस्कार]] विजेता लेखक [[वालेस स्टेग्नर]] ने लिखा था कि राष्ट्रीय उद्यान मानव समाज के सर्वोत्तम विचारों में से एक हैं—वे पूर्णतः अमेरिकी और पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं, जो हमें हमारे श्रेष्ठ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं, न कि हमारे दुर्बल पक्षों में।<ref>{{cite web|date=16 January 2003|title=Famous Quotes Concerning the National Parks: Wallace Stegner, 1983|url=http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110508031121/http://www.cr.nps.gov/history/hisnps/NPSThinking/famousquotes.htm|archive-date=8 मई 2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|work=डिस्कवर हिस्ट्री|publisher=[[राष्ट्रीय उद्यान सेवा]]|df=dmy-all}}</ref>
===राष्ट्रीय उद्यानों का अंतर्राष्ट्रीय विकास===
[[File:Mackinac National Park map.jpg|thumb|right|मैकिनैक नेशनल पार्क का 1890 का नक्शा]]
“राष्ट्रीय उद्यान” शब्द का विधिक रूप से प्रयोग करने वाला पहला क्षेत्र मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान था, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई। यह पहल इस दृष्टि से विशेष महत्व रखती है कि इसमें पहली बार किसी संरक्षित क्षेत्र के निर्माण संबंधी कानून में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द को औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया, जिससे इस अवधारणा को एक स्पष्ट प्रशासनिक और विधिक पहचान प्राप्त हुई।
हालाँकि, समय के साथ इसकी स्थिति में परिवर्तन आया। वर्ष 1895 में इस क्षेत्र को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसने अपना आधिकारिक “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा खो दिया।<ref>{{cite web|title=Mackinac Island|url=http://www.michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|website=Michigan State Housing Development Authority|access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160105141143/https://michigan.gov/mshda/0,4641,7-141-54317_19320_61909_61927-54596--,00.html|archive-date=5 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref><ref name="ReferenceA">किम एलन स्कॉट, 2011 "Robertson's Echo The Conservation Ethic in the Establishment of Yellowstone and Royal National Parks" येलोस्टोन साइंस 19:3</ref> इसके बावजूद, मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक महत्व अक्षुण्ण बना रहा, क्योंकि इसने राष्ट्रीय उद्यानों की संज्ञा और उनके विधिक स्वरूप के विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला का कार्य किया।
[[File:Late Afternoon at North & South Era.jpg|thumb|ऑस्ट्रेलिया के [[न्यू साउथ वेल्स]] में स्थित [[रॉयल नेशनल पार्क]] दुनिया का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान था।]]
येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान और मैकिनैक राष्ट्रीय उद्यान में विकसित हुई संरक्षण की अवधारणा ने शीघ्र ही विश्व के अन्य देशों को भी प्रेरित किया, और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना का क्रम प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया में, [[सिडनी]] के दक्षिण में स्थित क्षेत्र में [[रॉयल नेशनल पार्क]] की स्थापना 26 अप्रैल 1879 को न्यू साउथ वेल्स कॉलोनी में की गई। यह विश्व का दूसरा आधिकारिक राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है,<ref>{{cite web|title=1879: Australia's first national park created|url=http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|website=ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय संग्रहालय |access-date=9 जनवरी 2016|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128023110/http://www.nma.gov.au/online_features/defining_moments/featured/first_national_park|archive-date=28 जनवरी 2016|df=dmy-all}}</ref> और मैकिनैक के राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा समाप्त हो जाने के पश्चात्, यह वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाला दूसरा सबसे प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान भी माना जाता है।<ref name="ReferenceA"/><ref>{{cite web |url=http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141102063535/http://pinkava.asu.edu/starcentral/microscope/portal.php?pagetitle=getcollection&collectionID=127 | archive-date=2 नवंबर 2014 | title=Audley Bottom | publisher=Pinkava.asu.edu | access-date=3 नवंबर 2014 }}</ref><ref>रॉडनी हैरिसन, 2012 "Heritage: Critical approaches" Routledge</ref>
इसके पश्चात् कनाडा ने 1885 में [[बैनफ़ नेशनल पार्क|बैन्फ राष्ट्रीय उद्यान]] की स्थापना कर अपने प्रथम राष्ट्रीय उद्यान की नींव रखी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए न्यूज़ीलैंड ने 1887 में टोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की, जो अपने विशिष्ट भू-आकृतिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
दक्षिण अमेरिका में इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल अर्जेंटीना ने की, जहाँ फ्रांसिस्को मोरेनो के प्रयासों से वर्ष 1934 में नाहुएल हुआपी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। इसके साथ ही अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप का तीसरा देश बन गया जिसने एक संगठित राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली विकसित की। इस प्रकार, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा वैश्विक स्तर पर फैलती गई और प्रकृति संरक्षण की एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय धारा के रूप में स्थापित हो गई।
[[File:Lapporten 2.jpg|thumb|स्वीडन में स्थित अबिस्को राष्ट्रीय उद्यान यूरोप में स्थापित होने वाले पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था।]]
यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा ने बीसवीं शताब्दी के आरंभ में संस्थागत रूप ग्रहण किया। वर्ष 1909 में [[स्वीडन]] ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राष्ट्रीय उद्यानों संबंधी कानून पारित किया, जिसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए। इसके पश्चात् स्विट्जरलैंड ने 1914 में स्विस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना कर इस दिशा में अग्रसरता दिखाई। आगे चलकर वर्ष 1971 में एस्टोनियाई एसएसआर में स्थित लाहेमा राष्ट्रीय उद्यान पूर्व [[सोवियत संघ]] का पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, जो इस क्षेत्र में संरक्षण के नए अध्याय का संकेतक था।
[[File:The Greater Virunga Landscape, Africa (Copernicus 2026-03-03).png|thumb|upright|अफ्रीका में कई राष्ट्रीय उद्यान हैं: [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]], रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान , क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान , बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान और ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान।]]
अफ्रीका महाद्वीप में भी राष्ट्रीय उद्यानों की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। यहाँ के प्रमुख उद्यानों में विरुंगा राष्ट्रीय उद्यान, रुवेंज़ोरी पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, क्वीन एलिजाबेथ राष्ट्रीय उद्यान, बविंडी इंपेनेट्रेबल राष्ट्रीय उद्यान तथा ज्वालामुखीय राष्ट्रीय उद्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अफ्रीका का पहला राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1925 में स्थापित हुआ, जब अल्बर्ट प्रथम ने अपने निजी क्षेत्र, तत्कालीन [[कांगो मुक्त राज्य]] (वर्तमान [[कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य]]) के पूर्वी भाग में स्थित एक क्षेत्र को “अल्बर्ट राष्ट्रीय उद्यान” घोषित किया, जिसे बाद में [[विरुन्गा राष्ट्रीय उद्यान]] के नाम से जाना गया। इसके पश्चात् 1926 में [[दक्षिण अफ्रीकी गणतंत्र|दक्षिण अफ्रीका]] ने क्रूगर राष्ट्रीय उद्यान को अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया, जो पूर्ववर्ती साबी गेम रिजर्व का विस्तारित और पुनर्गठित स्वरूप था, जिसकी स्थापना 1898 में पॉल क्रूगर द्वारा की गई थी।
[[द्वितीय विश्व युद्ध]] के उपरांत राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना ने वैश्विक स्तर पर तीव्र गति पकड़ी। [[यूनाइटेड किंगडम]] ने 1951 में अपना पहला राष्ट्रीय उद्यान, पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान, स्थापित किया। यह निर्णय लगभग सत्तर वर्षों तक चले उस जनदबाव का परिणाम था, जो प्राकृतिक परिदृश्यों तक व्यापक जनसुलभता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर बना रहा। इसके बाद दशक के अंत तक यूनाइटेड किंगडम में नौ और राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए,<ref>{{Cite web|url=https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|title=History of our National Park|website=पीक डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय उद्यान|access-date=1 नवंबर 2019|archive-date=14 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190714041006/https://www.peakdistrict.gov.uk/learning-about/about-the-national-park/our-history|url-status=live}}</ref> जिससे संरक्षण और जनसहभागिता की यह अवधारणा और अधिक सुदृढ़ हुई।
इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक यूरोप में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ चुकी थी, और वर्ष 2010 तक यहाँ लगभग 359 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित हो चुके थे। इस व्यापक विस्तार के बीच फ्रांस के वैनोइस राष्ट्रीय उद्यान का विशेष महत्व है, जो आल्प्स पर्वतमाला में स्थित पहला फ्रांसीसी राष्ट्रीय उद्यान था। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में एक प्रस्तावित [[पर्यटन|पर्यटन परियोजना]] के विरुद्ध उठे जनआंदोलन के परिणामस्वरूप हुई, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति संरक्षण के प्रति जनचेतना भी इस प्रक्रिया में कितनी निर्णायक रही है।
इसी प्रकार, [[किलिमंजारो|माउंट किलिमंजारो]] को 1973 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में वर्गीकृत किया गया और 1977 में इसे जनसामान्य के लिए खोल दिया गया,<ref>{{cite web|url=http://www.privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|title=Kilimanjaro: The National Park|work=प्राइवेट किलिमंजारो: किलिमंजारो के बारे में|publisher=प्राइवेट एक्सपेडिशन्स, लिमिटेड|year=2011|access-date=24 अक्टूबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111017152135/http://privatekilimanjaro.com/about_kilimanjaro_park.asp|archive-date=17 अक्टूबर 2011|df=dmy-all}}</ref> जिससे अफ्रीका में भी संरक्षण और पर्यटन का संतुलित मॉडल विकसित हुआ। एशिया में, चीन के [[तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र]] में स्थित [[कोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण|चोमोलंगमा राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र]] की स्थापना 1989 में की गई, जिसका उद्देश्य [[एवरेस्ट पर्वत|माउंट एवरेस्ट]] के उत्तरी ढलान सहित लगभग 33.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का संरक्षण करना था। यह संरक्षण क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्रशासनिक संरचना के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें पृथक वनरक्षकों या विशेष कर्मचारियों के बजाय स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रबंधन किया जाता है, जिससे कम लागत में व्यापक क्षेत्र का संरक्षण संभव हो पाता है। इस क्षेत्र में विश्व की छह सर्वोच्च चोटियों में से चार—[[एवरेस्ट पर्वत|एवरेस्ट]], [[ल्होत्से]], [[मकालू]] और [[चोयु|चो चोयु]]—भी सम्मिलित हैं, और यह पड़ोसी नेपाल के राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़कर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र का निर्माण करता है।<ref>डैनियल सी. टेलर, कार्ल ई. टेलर, जेसी ओ. टेलर, ''Empowerment on an Unstable Planet'' न्यूयॉर्क और ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2012, अध्याय 9</ref>
कैरेबियन क्षेत्र में भी संरक्षण की यह परंपरा विकसित हुई। वर्ष 1993 में [[जमैका]] में ब्लू और जॉन क्रो पर्वत राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना लगभग 41,198 हेक्टेयर क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। इस उद्यान में उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वर्षावनों के साथ-साथ संरक्षित बफर क्षेत्र भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web |title=The National Park - Blue and John Crow Mountains National Park |url=https://www.blueandjohncrowmountains.org/about |access-date=2023-05-12 |website=www.blueandjohncrowmountains.org}}</ref> यहाँ ब्लू माउंटेन पीक, जो देश की सबसे ऊँची चोटी है, स्थित है, साथ ही यहाँ पदयात्रा मार्ग और आगंतुक केंद्र भी विकसित किए गए हैं। इसकी विशिष्ट पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए वर्ष 2015 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया,<ref>{{Cite web |last=केंद्र |first=यूनेस्को विश्व धरोहर |title=Blue and John Crow Mountains |url=https://whc.unesco.org/en/list/1356/ |access-date=2023-05-12 |website=यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र|language=en}}</ref> जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी सुदृढ़ हुई।
===राष्ट्रीय उद्यान सेवाएँ===
विश्व में राष्ट्रीय उद्यानों के संगठित और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम 19 मई 1911 को कनाडा में उठाया गया, जब पहली राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना की गई।<ref>{{cite web |url=http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |title=WWF News and Stories |access-date=25 मई 2017 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107011646/http://www.wwf.ca/newsroom/?uNewsID=9381 |archive-date=7 नवंबर 2017 |df=dmy-all }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|title=Parks Canada celebrates a century of discovery|last=आयरिश|first=पॉल|date=13 मई 2011|work=टोरंटो स्टार |access-date=18 मई 2011|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20110516235956/http://www.thestar.com/travel/northamerica/article/990243--parks-canada-celebrates-a-century-of-discovery|archive-date=16 मई 2011|df=dmy-all}}</ref> डोमिनियन वन रिजर्व और पार्क अधिनियम के अंतर्गत डोमिनियन उद्यानों को आंतरिक मामलों के विभाग के अधीन स्थापित “डोमिनियन पार्क शाखा” के प्रबंधन में रखा गया, जिसे आज पार्क्स कनाडा के नाम से जाना जाता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आश्चर्यों से भरपूर स्थलों की रक्षा करना और उन्हें इस प्रकार विकसित करना था कि वे लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर मानसिक शांति और आध्यात्मिक नवचेतना का अनुभव भी प्रदान कर सकें।<ref>{{cite news|url=http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|title=Parks Canada History|date=2 फरवरी 2009|work=पार्क्स कनाडा|access-date=30 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022095725/http://www.pc.gc.ca/apprendre-learn/prof/itm2-crp-trc/htm/evolution_e.asp|archive-date=22 अक्टूबर 2016|df=dmy-all}}</ref> समय के साथ कनाडा ने संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया और आज लगभग 4,50,000 वर्ग किलोमीटर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के साथ यह विश्व के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक बन चुका है।<ref>{{cite news|url=https://www.pc.gc.ca/en/voyage-travel|title=Parks Canada|access-date=30 अगस्त 2012|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323053512/http://www.pc.gc.ca/|archive-date=23 मार्च 2009|df=dmy-all}}</ref>
इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान, योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान तथा अन्य अनेक संरक्षित स्थलों की स्थापना के बावजूद, इन सभी का समन्वित प्रबंधन करने वाली एक केंद्रीय संस्था के गठन में समय लगा। लगभग 44 वर्षों के अंतराल के पश्चात् 64वीं अमेरिकी कांग्रेस ने “नेशनल पार्क सर्विस ऑर्गेनिक एक्ट” पारित किया, जिस पर [[वुडरो विल्सन]] ने 25 अगस्त 1916 को हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना हुई, जिसने देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित स्थलों के प्रबंधन को एकीकृत और सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया।
[[File:Teufelsschloss-greenland.jpg|thumb|पूर्वी ग्रीनलैंड के कैसर-फ्रांज-जोसेफ-फ्योर्ड में स्थित टेउफेलश्लॉस का चित्र ( लगभग 1900 ) । यह स्थल अब उत्तरपूर्वी ग्रीनलैंड राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।]]
आज इस संस्था के अधीन कुल 433 स्थल आते हैं, जिनमें से केवल 63 को औपचारिक रूप से “राष्ट्रीय उद्यान” का दर्जा प्राप्त है।<ref name="USNPS">{{Cite web |url=https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |title=National Park System (U.S. National Park Service) |date=2019-05-17 |access-date=16 जुलाई 2018 |archive-date=20 अप्रैल 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220420174702/https://www.nps.gov/aboutus/national-park-system.htm |url-status=live }}</ref> यह तथ्य दर्शाता है कि संरक्षण की व्यापक प्रणाली में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों का समावेश होता है, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट भूमिका और महत्व है।
==आर्थिक परिणाम==
कोस्टा रिका जैसे देशों में, जहाँ [[पारिस्थितिक पर्यटन|पारिस्थितिकी-आधारित पर्यटन]] (इकोटूरिज्म) एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो चुका है, राष्ट्रीय उद्यानों की भूमिका केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ के रूप में भी उभरते हैं।<ref name="ahs.uwaterloo.ca">ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 134. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
===पर्यटन===
राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन की लोकप्रियता समय के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह प्रवृत्ति विशेष रूप से उन देशों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। उदाहरणस्वरूप, कोस्टा रिका, जिसे एक “[[विशालविविध देश|अत्यधिक जैव-विविध]]” देश के रूप में जाना जाता है, वहाँ 1985 से 1999 के बीच राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।<ref name="ahs.uwaterloo.ca"/> यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक स्थलों के प्रति वैश्विक आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और लोग प्रकृति के निकट अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते जा रहे हैं।
वर्तमान समय में “राष्ट्रीय उद्यान” शब्द केवल एक भौगोलिक या प्रशासनिक संज्ञा भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शब्द अब प्रकृति-आधारित पर्यटन से गहराई से जुड़ गया है और ऐसे स्थलों का प्रतीक बन गया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक वातावरण सुव्यवस्थित और संतुलित पर्यटक अवसंरचना के साथ उपलब्ध होता है।<ref>ईगल्स, पॉल एफ.जे. [http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf "Trends in Park Tourism: Economics, Finance and Management".] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304105416/http://ahs.uwaterloo.ca/~eagles/documents/TrendsbyEagles.pdf |date=4 मार्च 2016 }} In: ''जर्नल ऑफ सस्टेनेबल टूरिज्म'' वॉल्यूम 10, अंक 2, 2002, पृष्ठ 133. {{doi|10.1080/09669580208667158}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यान आज केवल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आकर्षण स्थल भी बन गए हैं जहाँ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलता है। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि इन क्षेत्रों का प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता और प्राकृतिक संतुलन भविष्य में भी अक्षुण्ण बना रहे।
===कर्मचारी===
पार्क रेंजर का कार्य केवल किसी संरक्षित क्षेत्र की देखरेख तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह संरक्षण, प्रबंधन और जनसहभागिता—तीनों के बीच एक सजीव सेतु का कार्य करता है। उनका प्रमुख दायित्व पार्क के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संसाधनों की रक्षा करना तथा उनके संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करना होता है। इसके अंतर्गत वे जैव विविधता के संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन के अनुरक्षण और विरासत स्थलों की देखभाल के साथ-साथ आगंतुकों के लिए व्याख्यात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का विकास और संचालन भी करते हैं, जिससे लोग इन स्थलों के महत्व को समझ सकें और उनसे सार्थक रूप से जुड़ सकें।
रेंजरों की जिम्मेदारियाँ विविध और व्यावहारिक होती हैं। वे आगंतुकों को सामान्य, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करते हैं, जिसे “विरासत व्याख्या” कहा जाता है। साथ ही वे वन्यजीव क्षेत्रों, झीलों और समुद्र तटों, वनों, ऐतिहासिक भवनों, युद्धस्थलों, पुरातात्विक स्थलों तथा विभिन्न मनोरंजन क्षेत्रों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।<ref name="OPM.gov">अमेरिकी कार्मिक प्रबंधन कार्यालय. ''Handbook of occupational groups and families''. वाशिंगटन, डीसी, जनवरी 2008। पृष्ठ 19. [http://www.opm.gov/FEDCLASS/GSHBKOCC.pdf OPM.gov] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090103205044/http://www.opm.gov/fedclass/gshbkocc.pdf |date=3 जनवरी 2009 }} Accessed 2 नवंबर 2014.</ref> इसके अतिरिक्त, वे अग्निशमन कार्यों में भी संलग्न रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर खोज एवं बचाव अभियानों का संचालन करते हैं, जिससे संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका राष्ट्रीय उद्यान सेवा की स्थापना (1916) के बाद, पार्क रेंजर की भूमिका और अधिक विस्तृत हो गई। अब वे केवल प्रकृति के संरक्षक ही नहीं रहे, बल्कि कानून प्रवर्तन से जुड़े अनेक दायित्व भी निभाने लगे।<ref>आर मीडोज; डी.एल. सोडेन: [https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 ''National Park Ranger Attitudes and Perceptions Regarding Law Enforcement Issues.''] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304110437/https://www.ncjrs.gov/App/Publications/abstract.aspx?ID=110802 |date=4 मार्च 2016 }} सार. ''जस्टिस प्रोफेशनल'' वॉल्यूम:3 अंक:1 (वसंत 1988) पृष्ठ:70–93</ref> वे यातायात नियंत्रण करते हैं, विभिन्न गतिविधियों के लिए अनुमति-पत्रों का प्रबंधन करते हैं, और नियमों के उल्लंघन, शिकायतों, अतिक्रमणों तथा दुर्घटनाओं की जाँच भी करते हैं। इस प्रकार, पार्क रेंजर एक बहुआयामी भूमिका निभाते हुए संरक्षण, सुरक्षा और जनसेवा के समन्वय का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।<ref name="OPM.gov"/>
==चिंताएँ==
पूर्व [[उपनिवेशवाद का इतिहास|यूरोपीय उपनिवेशों]] में स्थापित अनेक राष्ट्रीय उद्यानों को लेकर समय-समय पर आलोचना भी सामने आई है। कुछ विद्वानों का मत है कि इन उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया में [[उपनिवेशवाद|उपनिवेशवादी]] दृष्टिकोण का प्रभाव परिलक्षित होता है, जिसमें प्रकृति को “अछूते” और “मानव-विहीन” रूप में संरक्षित करने की अवधारणा प्रमुख रही। यह विचार विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में सीमांत विस्तार के काल में विकसित हुआ, जहाँ प्राकृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पहचान और ऐतिहासिक गौरव के प्रतीक के रूप में देखा गया।<ref>{{Cite book|last=विलियम|first=क्रोनन|title=Uncommon ground: rethinking the human place in nature|date=1996|publisher=डब्ल्यूडब्ल्यू नॉर्टन एंड कंपनी|isbn=0-393-31511-8|oclc=36306399}}</ref>
किन्तु आलोचकों का तर्क है कि जिन भूमि क्षेत्रों को संरक्षित घोषित किया गया, वे अनेक मामलों में पहले से ही स्थानीय या आदिवासी समुदायों के निवास और जीवन-यापन के केंद्र थे। राष्ट्रीय उद्यानों के निर्माण के लिए इन समुदायों को वहाँ से विस्थापित किया गया, जिससे न केवल उनकी पारंपरिक जीवनशैली प्रभावित हुई, बल्कि उनके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी टूट गए। इस संदर्भ में यह आरोप लगाया जाता है कि प्रकृति संरक्षण के नाम पर मानव उपस्थिति को हटाना यह धारणा मजबूत करता है कि प्रकृति केवल तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मनुष्य का हस्तक्षेप न हो। इससे प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन स्थापित होता है, जिसे “प्रकृति–संस्कृति द्वैत” के रूप में समझा जाता है।
कुछ आलोचक इसे “पारिस्थितिक भूमि हड़पने” का रूप भी मानते हैं,<ref>{{Cite book|last=क्लॉस|first= सी. ऐनी|title=Drawing the Sea Near|date=2020-11-03|publisher=यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा प्रेस|doi=10.5749/j.ctv1bkc3t6|isbn=978-1-4529-5946-7|s2cid=230646912}}</ref> जहाँ संरक्षण के नाम पर भूमि के स्वामित्व और उपयोग के पारंपरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, यह भी तर्क दिया जाता है कि राष्ट्रीय उद्यानों में प्रकृति का अनुभव करने वाले लोग कई बार अपने दैनिक जीवन में उपस्थित प्राकृतिक परिवेश की अनदेखी करने लगते हैं, जिससे प्रकृति के प्रति समग्र संवेदनशीलता कम हो सकती है।
वहीं, पर्यटन से जुड़ी एक अन्य चिंता यह है कि बढ़ती पर्यटक गतिविधियाँ स्वयं उन क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं, जिनके संरक्षण के लिए ये उद्यान बनाए गए हैं।<ref>{{Cite journal|last1=बुशर|first1=ब्रैम|last2=फ्लेचर|first2=रॉबर्ट|date=2019|title=Towards Convivial Conservation|journal=संरक्षण और समाज|volume=17|issue=3|pages=283|doi=10.4103/cs.cs_19_75|bibcode=2019CoSoc..17..283B |s2cid=195819004|issn=0972-4923|doi-access=free}}</ref> अत्यधिक आगंतुक दबाव, संसाधनों का उपयोग और पर्यावरणीय हस्तक्षेप पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा जहाँ एक ओर संरक्षण का सशक्त माध्यम है, वहीं दूसरी ओर इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर संतुलित और संवेदनशील दृष्टि बनाए रखना भी आवश्यक है।
आलोचकों के अनुसार, पूर्व में उपनिवेशित क्षेत्रों में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना की प्रक्रिया अनेक बार स्वदेशी समुदायों के विस्थापन से जुड़ी रही है। जिन भूमि क्षेत्रों को “प्राकृतिक” और “अछूते” रूप में संरक्षित घोषित किया गया, वे अक्सर उन्हीं समुदायों के पारंपरिक निवास और आजीविका के केंद्र थे। ऐसे में संरक्षण की यह धारणा कि प्रकृति तभी सुरक्षित रह सकती है जब उसमें मानव उपस्थिति न हो, “शुद्ध” वन्य प्रकृति की एक सीमित और विवादास्पद कल्पना को बढ़ावा देती है। यह दृष्टिकोण प्रकृति और संस्कृति के बीच एक कृत्रिम विभाजन को स्थापित करता है, जिससे यह बहस और गहरी हो जाती है कि क्या संरक्षण केवल मानव अनुपस्थिति में ही संभव है, या फिर मनुष्य और प्रकृति का सह-अस्तित्व भी एक वैध और टिकाऊ विकल्प हो सकता है।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय उद्यानों में बढ़ता पर्यटन भी एक जटिल चुनौती प्रस्तुत करता है। यद्यपि पर्यटन जागरूकता और आर्थिक लाभ का स्रोत बन सकता है, किंतु अत्यधिक आगंतुकों की उपस्थिति कई पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म देती है। इनमें प्राकृतिक आवासों का क्षरण, प्रदूषण में वृद्धि, मृदा अपरदन तथा वन्यजीवों के व्यवहार में बाधा जैसी समस्याएँ प्रमुख हैं। परिणामस्वरूप, वे पारिस्थितिक तंत्र, जिन्हें संरक्षण के उद्देश्य से सुरक्षित किया गया था, स्वयं मानवीय दबाव के कारण प्रभावित होने लगते हैं।<ref>{{cite web |title=Environmental Impact of Tourism in National Parks |url=https://www.usanationalparks.info/environmental-impact-of-tourism-in-national-parks-3-key-concerns/ |website=यूएसए राष्ट्रीय उद्यान सूचना}}</ref>
इस प्रकार, राष्ट्रीय उद्यानों की अवधारणा को समझते समय यह आवश्यक हो जाता है कि संरक्षण, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और सतत पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित किया जाए, ताकि प्रकृति की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक न्याय और पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित की जा सके।
==इन्हें भी देखें==
* [[भारत के राष्ट्रीय उद्यान]]
* [[जैव संरक्षण]]
* [[संरक्षण आंदोलन]]
* [[भूद्यान]]
* [[राष्ट्रीय स्मारक]]
* [[संधारणीय विकास]]
* [[संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम]]
* [[संरक्षण (नैतिक)]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
===सूत्रों का कहना है===
* {{cite book |url=https://books.google.com/books?id=xIWwmVUUU4wC |title = Tourism in National Parks and Protected Areas: Planning and Management |publisher = सीएबीआई |author=ईगल्स, पॉल एफ. जे |author2=मैककूल, स्टीफन एफ. |year = 2002 |isbn = 0851997597}} 320 pages.
* {{cite book |url=https://books.google.com/books?id=4FG6HsjlcfoC | title = Preserving Nature in the National Parks: A History |publisher = येल यूनिवर्सिटी प्रेस |author=सेलर्स, रिचर्ड वेस्ट |year = 2009 |isbn = 978-0300154146}} 404 pages.
* शीएल, जॉन (2010) ''Nature's Spectacle - The World's First National Parks and Protected Places'' अर्थस्कैन, लंदन, वाशिंगटन. {{ISBN|978-1-84971-129-6}}
==अग्रिम पठन==
* क्रेग डब्ल्यू. एलिन (संपादक), ''International Handbook of National Parks and Nature Reserves'', ब्लूम्सबरी एकेडमिक, ग्रीनवुड (प्रकाशक), प्रथम संस्करण, 1990, 560 पृष्ठ। ISBN 978-0274924080
* अहमद नकीउद्दीन बकर और मोहम्मद नाजिप सुरतमान ( यूनिवर्सिटी टेक्नोलोजी MARA के संपादक ), ''Protected Areas, National Parks and Sustainable Future'', इंटेकओपन, 2020, 134 पृष्ठ। ISBN 978-1-78984-229-6
* एरिक डफी (18 राष्ट्रीय सलाहकारों के साथ निर्देशित), ''National Parks and Reserves of Western Europe'', हैरो हाउस एडिशन्स, लंदन, 1982, 288 पृष्ठ। सर पीटर स्कॉट द्वारा प्रस्तावना । ISBN 978-0356085869
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Sister project links | 1= | display= | author= | wikt= | commons= | n= | q= | s= | b= | voy=National parks | v= | d= | species=no | species_author=no | m=no | mw=no }}
*{{cite web|url=http://www.biodiversitya-z.org/areas/37/| website=बायोडायवर्सिटी एरिज़ोना| title=Areas of Biodiversity Importance: National Parks| access-date=21 अप्रैल 2011| archive-url=https://web.archive.org/web/20110516232146/http://www.biodiversitya-z.org/areas/37| archive-date=16 मई 2011}}
*{{cite web|url=http://www.europarc.org/ |website=यूरोपार्क फेडरेशन|title= Europe's protected areas}}
*{{cite web|url=https://www.nps.gov/aboutus/faqs.htm |website=अमेरिकी राष्ट्रीय उद्यान सेवा |title=FAQs}}
*{{cite web|website=Travel Is Free|title=Map of All The World's National Parks|url=http://travelisfree.com/2018/09/10/map-of-all-the-worlds-national-parks/#more-17443|author=मैकोम्बर, ड्रू|date= सितंबर 10, 2018|access-date=18 अक्टूबर 2018|archive-date=5 अप्रैल 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190405073256/https://travelisfree.com/2018/09/10/map-of-all-the-worlds-national-parks/#more-17443|url-status=dead}}
*{{cite web|url=http://www.unesco.org/mab/ |website= यूनेस्को |title= Man and the Biosphere Programme (Biosphere Reserves)|date=7 जनवरी 2019}}
*{{cite web|url=http://nationalparks.nighthee.com/| website=nighthee.com| title=National parks, landscape parks and protected areas in the world| access-date=11 अगस्त 2015|url-status=usurped| archive-url=https://web.archive.org/web/20150905182433/http://nationalparks.nighthee.com/| archive-date=5 सितंबर 2015}}
*{{cite web|url=http://www.staff.amu.edu.pl/~zbzw/ph/pnp/swiat.htm|website=amu.edu.pl|title=National Parks Worldwide|access-date=3 जनवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080119140316/http://www.staff.amu.edu.pl/~zbzw/ph/pnp/swiat.htm|archive-date=19 जनवरी 2008|df=dmy-all}}
*{{cite web|url=http://www.protectedplanet.net |website=संरक्षित ग्रह |title= World Database of Protected Areas}}
*{{cite web|url=http://dopa.jrc.ec.europa.eu |website=यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र द्वारा |title= Digital Observatory for Protected Areas (DOPA)}}
*{{cite web|url=https://whc.unesco.org/ |website= यूनेस्को |title=World Heritage Sites}}
[[श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान|*]]
[[श्रेणी:संरक्षित क्षेत्र]]
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वार्ता:इतिहास (हिन्दू धर्म)
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इस पृष्ठ को शीघ्र नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (इस लेख के शीर्षक का अर्थ 'हिन्दू धर्म का इतिहास' '''नहीं''' है। फिर 'इतिहास' का यहाँ क्या अर्थ है? प्राचीन भारतीय ग्रन्थ एक नहीं, बल्कि हजारों में हैं। इस कारण उनको '''कई श्रेणियों''' में बांटकर समझा जाता है। इनमें से कुछ मुख्य श्रेणीयाँ ये हैं- [[संहिता]], [[ब्राह्मण-ग्रन्थ|ब्राह्मण]], [[आरण्यक]], [[उपनिषद]], [[आगम]], '''इतिहास''' आदि। एक विशिष्ट श्रेणी के ग्रन्थों की विषयवस्तु और प्रस्तुतीकरण आदि में बहुत समानता होती है। संक्षेप में कहें तो [[रामायण]] और [[महाभारत]] को सम्मिलित रूप से 'इतिहास' कहा जाता है (पुराण|पुराणों) को इतिहास से अलग श्रेणी में रखा जाता है।)। ) --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 02:28, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
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== शीघ्र हटाने पर चर्चा ==
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{{ज्ञानसन्दूक अभिनेता
| name = एंजेलिना जोली
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| caption = जोली 2024 में
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| birthplace = [[लॉस एंजिल्स]], [[कैलिफोर्निया]], संयुक्त राज्य
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}}
'''एंजेलीना जोली''' ({{lang-en|Angelina Jolie}}) (जन्म '''एंजेलीना जोली वॉइट'''; जून 4, 1975) एक अमेरिकी [[अभिनेत्री]] और [[शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त|संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी]] के लिए [[सद्भावना राजदूत]] हैं। इन्होंने तीन [[गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]], दो [[स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड्स]] और एक [[अकादमी पुरस्कार]] प्राप्त किए हैं। जोली दुनिया भर में मानवीय मामलों को बढ़ावा देने और शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के माध्यम से शरणार्थियों के साथ अपने काम के लिए विख्यात हैं। वे दुनिया की "सबसे सुंदर" महिलाओं में से एक मानी जाती हैं और उनकी परदे के पीछे की ज़िंदगी को मीडिया ने व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है।<ref name="Most Beautiful"/>
हालांकि वे अपने पिता [[जॉन वोइट]] के साथ 1982 की फ़िल्म ''[[लूकिंग टु गेट आउट]]'' में बतौर बाल कलाकार परदे पर पहली बार नज़र आईं, तथापि वास्तविक रूप से एक दशक बाद जोली का अभिनय कैरियर कम बजट के निर्माण ''[[साइबोर्ग 2]]'' (1993) के साथ शुरू हुआ। किसी बड़ी फ़िल्म में उनकी पहली मुख्य भूमिका साइबर-थ्रिलर ''[[हैकर (फ़िल्म)]]'' (1995) में थी। उन्होंने समीक्षकों की प्रशंसा पाने वाली जीवनीक टेलीविजन फिल्मों ''[[जॉर्ज वालेस]]'' (1997) और ''[[जिया]]'' (1998) में अभिनय किया और ड्रामा ''[[गर्ल, इंटरप्टेड]]'' (1999) में अपने अभिनय के लिए [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]] जीता।
जोली ने ''लारा क्राफ्ट: टूम्ब रैडर'' (2001) में अपनी वीडियो गेम नायिका लारा क्राफ्ट की भूमिका के लिए व्यापक प्रसिद्धि प्राप्त की और इसकी उत्तरकथा ''लारा क्राफ्ट टूम्ब रैडर: द क्रेडल आँफ लाइफ'' (2003) के साथ ख़ुद को प्रख्यात और अत्यधिक पारिश्रमिक पाने वाली हॉलीवुड की अभिनेत्रियों के बीच स्थापित किया।<ref>ग्रेबिकी, मिशेल. [http://www.reuters.com/article/peopleNews/idUSN3030609020071130 Witherspoon is Hollywood's highest-paid actress.] रॉयटर्स 30 नवम्बर 2007 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> इन्होने एक्शन कॉमेडी ''[[मिस्टर एंड मिसेज़ स्मित]]'' (2005) और ''[[वांटेड (2008 फ़िल्म)|वांटेड]]'' (2008) में निभाई गई भूमिकाओं से अपनी एक अग्रणी एक्शन स्टार के रूप में प्रतिष्ठा प्रबलित की है, ये दो इनकी अबतक कि सर्वाधिक गैर एनिमेटेड व्यावसायिक रूप से सफल फिल्में भी हैं। जोली ने पुनः ड्रामा फ़िल्मों ''अ माइटी हार्ट'' (2007) और ''[[चेंजलिंग]]'' (2008) में अपने अभिनय के लिए आलोचकों की प्रशंसा और ''चेंजलिंग'' के लिए [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]] का नामांकन अर्जित किया।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results">[http://www.boxofficemojo.com/people/chart/?view=Actor&id=angelinajolie.htm Angelina Jolie Movie Box Office Results]. बॉक्स ऑफिस मोजो. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
अभिनेता [[जॉनी ली मिलर]] और बिली बॉब थोर्नटन से तलाकशुदा, जोली इस समय अभिनेता [[ब्रैड पिट]] के साथ रहती हैं, इस रिश्ते ने विश्व भर में मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है। जोली और पिट ने तीन बच्चों को गोद लिया है, मैडॉक्स, पैक्स और ज़हारा, साथ ही, उनके तीन जैविक बच्चे हैं, शीलोह, नॉक्स और विवियन।
== प्रारंभिक जीवन और परिवार ==
[[लॉस एंजिल्स]], [[कैलिफ़ोर्निया]] में जन्मी जोली, कलाकार जोड़ी [[जॉन वोइट]] और [[मार्शलीन बर्ट्रेंड]] की बेटी हैं। वह [[चिप टेलर]] की भतीजी, [[जेम्स हैवन]] की बहन और [[जैक्विलीन बिसेट]] और [[मैक्सीमिलियन शेल]] की धर्म-बेटी हैं। पिता की ओर से, जोली [[स्लोवाक]] और [[जर्मन]] मूल की हैं,<ref>[https://archive.today/20120604204514/www.accessmylibrary.com/coms2/summary_0286-15078417_ITM Will the real Jon Voight please stand up?.] ''साक्षात्कार.'' 1 मई 2006 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref><ref>जोसेफ़ कैंप. ''[[न्यूयॉर्क टाइम्स.]]'' 20 जून 1944. पृ. 19.</ref> और माता की ओर से [[फ़्रेंच कनाडाई]], [[डच]] और जर्मन वंश की हैं। यह अपनी माता की ओर से अंशतः इरोक्योई होने का दावा भी कर चुकी हैं।<ref>नेविन, चार्ल्स. [http://www.findarticles.com/p/articles/mi_qn4158/is_20050718/ai_n14783035 The glamour of Swindon: Billie Piper, Melinda.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081218045213/http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4158/is_20050718/ai_n14783035 |date=18 दिसंबर 2008 }} ''द इंडिपेंडेंट.'' 18 जुलाई 2005 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref><ref name="Wild at heart">Wild at heart. ''एल्यूर.'' नवंबर 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> हालांकि, वाइट ने दावा किया है कि बर्ट्रेंड "वास्तविक तौर पर इरोक्योई नहीं" थीं और उन्होंने केवल अपनी पूर्व पत्नी की विदेशी पृष्ठभूमि को बढ़ाने के लिए कहा था।<ref>[http://www.telegraph.co.uk/health/main.jhtml?xml=/health/2001/10/02/fmjoli02.xml Telegraph interview with Jon Voight.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080605074113/http://www.telegraph.co.uk/health/main.jhtml?xml=%2Fhealth%2F2001%2F10%2F02%2Ffmjoli02.xml |date=5 जून 2008 }} ''टेलीग्राफ़.'' 2 अक्टूबर 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
1976 में अपने माता-पिता के अलगाव के बाद, जोली और उसके भाई को उनकी मां ने ही पाला, जिसने अपनी अभिनय महत्वाकांक्षाओं को अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान केंद्रित करने के लिए त्याग दिया।<ref name="Angelina Jolie: Body Beautiful">Van Meter, Jonathan. [https://web.archive.org/web/20071209202602/http://www.style.com/vogue/feature/032602/page2.html Angelina Jolie: Body Beautiful]. ''वोग.'' अप्रैल 2002. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> बचपन में जोली नियमित रूप से अपनी मां के साथ फ़िल्में देखती थी और बाद में इन्होने स्पष्ट किया कि इसकी वजह से ही अभिनय में उनकी दिलचस्पी बढ़ी; उनके पिता ने उन्हें प्रभावित नहीं किया था।<ref name="Angelina Jolie Biography">विल्स, डोमिनिक. [http://www.tiscali.co.uk/entertainment/film/biographies/angelina_jolie_biog.html Angelina Jolie Biography.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090228194045/http://www.tiscali.co.uk/entertainment/film/biographies/angelina_jolie_biog.html |date=28 फ़रवरी 2009 }} टिस्कली.co.uk. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जब वे छह साल की थी तब इनकी माता व सौतेला पिता, फिल्मकार बिल डे, अपने परिवार के साथ पैलिसेड्स, [[न्यूयॉर्क]] चले गये थे। पांच साल बाद परिवार लॉस एंजिल्स वापस चला गया और जोली ने अभिनय का फ़ैसला किया और [[ली स्ट्रेसबर्ग थिएटर एन्ड फ़िल्म इंस्टीट्यूट]] में दाखिला लिया, जहां उन्होंने दो साल के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया और अनेक मंच प्रस्तुतियों में भाग लिया।
14 की उम्र में, उन्होंने अभिनय कक्षाओं को छोड़ दिया और अंतिम-संस्कार निर्देशक बनने का सपना देखा।<ref>हीथ, क्रिस. [http://www.rollingstone.com/news/story/5938014/blood_sugar_sex_magic Blood, Sugar, Sex, Magic.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090423015714/http://www.rollingstone.com/news/story/5938014/blood_sugar_sex_magic |date=23 अप्रैल 2009 }} ''रोलिंग स्टोन.'' जुलाई 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> इन्होने फैशन मॉडल के रूप में काम करना शुरू कर दिया, मुख्य रूप से लॉस एंजिल्स, न्यूयॉर्क और लंदन में। इस अवधि के दौरान, वे काले कपड़े पहनने लगीं, चाकू खेलने के साथ प्रयोग करें और अपने साथ रहने वाले बॉयफ़्रेंड के साथ मोशिंग के लिए बाहर जाने लगी।<ref name="Angelina Jolie Biography"/> दो साल बाद, जब यह रिश्ता ख़त्म हो गया, उन्होंने अपनी मां के घर से कुछ भवन-खंडों बाद, किराए पर एक गैरेज के ऊपर का अपार्टमेंट लिया।<ref name="Angelina Jolie: Body Beautiful"/> वह रंगमंच अध्ययन के लिए लौटीं और हाई स्कूल की उपाधि हासिल की, हालांकि हाल के समय में उस अवधि के बारे में उन्होंने कहा कि, "मैं दिल में अब भी—और हमेशा ही—टैटू वाली बदमाश बच्ची रहूंगी।"<ref>स्ट्रेजेक, जिंजर. [http://www.seasonmagazine.com/Profiles/angelinaj.htm Attracting the Eyes of the World.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110716030044/http://www.seasonmagazine.com/Profiles/angelinaj.htm |date=16 जुलाई 2011 }} ''सीज़न मैगज़ीन.'' 2005 ग्रीष्मकाल. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
जोली को अपनी किशोर और शुरुआती बिसवां दशा के दौरान आत्मघाती अवसाद के प्रकरणों का सामना करना पड़ा। अपने [[बेवर्ली हिल्स हाई स्कूल]] के विद्यार्थी काल के दौरान क्षेत्र के कुछ संपन्न परिवारों के बच्चों के बीच जोली को एकाकीपन महसूस होता था, चूंकि इनकी मां एक मामूली आय पर जीवन-निर्वाह करती थीं, इन्हें अन्य छात्र बहुत पतली होने और चश्मा तथा ब्रेसस पहनने के लिए छेड़ते थे।<ref name="Angelina Jolie Biography"/> इन्हें अन्य लोगों के साथ भावनात्मक रूप से जुडनें में मुश्किल होती थी, जिसका परिणाम यह हुआ कि इन्होने अपने को आत्म हानि पहुंचानी शुरु कर दी; जिस पर बाद की टिप्पणी में कहा, "मैं चाकू इकट्ठा करती थी और हमेशा ही अपने आस-पास कुछ चीज़ें रखती थीं। किसी कारणवश, ख़ुद को काटना और दर्द महसूस करना, शायद ज़िंदा महसूस करना था, जिससे एक तरह की शांति मिलती और यह मेरे लिए काफ़ी उपचारात्मक था।"<ref>Paula Zahn Now. CNN.com. 9 जून 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> इन्होने ड्रग्स के साथ भी प्रयोग शुरू किया था; 20 वर्ष की उम्र तक, हेरोइन सहित इन्होने "लगभग हर संभव नशीली दवा" का परीक्षण कर लिया था।
[[चित्र:Jon Voight 1988.jpg|right|thumb|upright|जॉन वोइट 1988 ऑस्कर समारोह में, उनके दाहिने कंधे के पीछे जोली देखी जा सकती हैं।]]
जोली लंबे समय से अपने पिता से अलग हैं। दोनों ने मेल-मिलाप की कोशिश की और वे जोली के साथ [20] में (2001) नज़र आए। <ref name="Angelina Jolie: Body Beautiful"/> जुलाई 2002 में, जोली ने वाइट उपनाम को छोड़ते हुए, क़ानूनी तौर पर अपना नाम "एंजेलीना जोली" के रूप में बदलने के लिए अनुरोध दायर किया; आधिकारिक तौर पर उनका नाम 12 सितंबर 2002 को बदला गया।<ref name="Angelina Jolie's Name Interrupted">ग्रॉसबर्ग, जोश. [http://de.eonline.com/print/index.jsp?uuid=71ee1ce0-30ab-41c1-b600-eb381d91d427&contentType=newsStory Angelina Jolie's Name Interrupted.] E! ऑनलाइन. 17 सितंबर 2002. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उसी वर्ष अगस्त के दौरान, वाइट ने ''एक्सेस हॉलीवुड'' में दावा किया कि उनकी बेटी "गंभीर मानसिक समस्याओं" से पीड़ित हैं। जोली ने बाद में संकेत दिया कि वह अब अपने पिता के साथ संबंध आगे बढ़ाने की कामना नहीं रखती और कहा, "मैं और मेरे पिता आपस में बात नहीं करते हैं। मुझे उनसे कोई नाराज़गी नहीं है। मैं नहीं मानती कि किसी का परिवार उनका ख़ून बन जाता है। क्योंकि मैंने बेटे गोद लिए हैं और परिवारों को अर्जित किया है।" उसने कहा कि वह पिता के साथ अपने मनमुटाव के कारणों को प्रचारित नहीं करना चाहती, पर चूंकि उसने अपने बेटे को गोद लिया था, इसीलिए उसे नहीं लगता था कि वाइट के साथ ख़ुद को जोड़ना उसके लिए स्वास्थ्यकर था।<ref>श्रुअर्स, फ्रेड. [http://www.premiere.com/features/1894/angelina-jolie.html?print_page=y Angelina Jolie.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080604233523/http://www.premiere.com/features/1894/angelina-jolie.html?print_page=y |date=4 जून 2008 }} ''प्रीमियर मैगज़ीन.'' अक्टूबर 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
== प्रारंभिक कार्य, 1993-1997 ==
जोली जब 14 साल की थीं, तब से बतौर एक फैशन मॉडल काम करना शुरू किया, मुख्य रूप से लॉस एंजिल्स, न्यूयॉर्क और लंदन में। उस समय वे कई संगीत वीडियो में भी नज़र आईं, जिनमें शामिल हैं मीट लोफ़ ("रॉक एंड रोल ड्रीम्स कम थ्रू"), एंटोनेलो वेनडिटी ("अल्टा मारिया"), लेनी क्रेविट्ज़ ("स्टैंड बाइ माई वुमन") और द लेमनहेड्स ("इट्स अबाउट टाइम")।
16 की उम्र में, जोली रंगमंच पर लौटीं और जर्मन डॉमिनट्रिक्स के रूप में अपनी पहली भूमिका निभाई। उसने अपने पिता से सीखना शुरू किया, क्योंकि उसने उनके तरीक़े पर ग़ौर किया कि वे लोगों को बारीक़ी से देखते थे, ताकि उन जैसा अभिनय कर सकें। इस समय उनके संबंध कम तनावपूर्ण थे और जोली ने महसूस किया कि दोनों ही "अभिनय के शहंशाह हैं।"<ref name="Angelina Jolie Biography"/>
जोली ने USC स्कूल ऑफ़ सिनेमाटिक आर्ट्स में अध्ययन कर रहे अपने भाई की पांच छात्र फ़िल्मों में अभिनय किया, पर व्यावसायिक तौर पर उनके फ़िल्म कैरियर की शुरूआत 1993 में हुई, जब उन्होंने कम बजट की फिल्म ''[[साइबोर्ग 2]]'' में बतौर कैसेला "कैश" रीज़ अपनी पहली प्रमुख भूमिका निभाई, जो अपने प्रतिद्वंद्वी विनिर्माता के मुख्यालय में बहकाते हुए प्रवेश करने और आत्म-विस्फोट के लिए बना एक मानवीय [[रोबोट]] है। बाद में ''विदाउट एविडेंसा'' नामक एक स्वतंत्र फ़िल्म में एक सहायक भूमिका निभाते हुए, जोली ने हॉलीवुड की अपनी पहली फ़िल्म ''[[हैकर]]'' (1995) में केट "एसिड बर्न" लिब्बी के किरदार को निभाया, जहां उन्होंने अपने पहले पति [[जॉनी ली मिलर]] से मुलाकात की। ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने लिखा, "केट (एंजेलीना जोली) का अभिनय शानदार है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे [अपने सह सितारों] से ज़्यादा तेवर दिखाती हैं और एक दुर्लभ महिला हैकर हैं जो अपने सी-थ्रू टॉप को पहने की-बोर्ड पर स्थिरता से विराजमान ह। अपने उदास रुख़ के बावजूद, जो इस भूमिका की एकमात्र ज़रूरत है, मिस जोली के पास उनके पिता जॉन वोइट का सुंदर और भोला चेहरा है।"<ref>मसलिन, जेनेट. [http://movies2.nytimes.com/mem/movies/review.html?title1=&title2=HACKERS%20%28MOVIE%29&reviewer=Janet%20Maslin&v_id=135760&partner=Rotten%20Tomatoes Hackers - Review. ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151104055820/http://movies2.nytimes.com/mem/movies/review.html?title1=&title2=HACKERS%20%28MOVIE%29&reviewer=Janet%20Maslin&v_id=135760&partner=Rotten%20Tomatoes |date=4 नवंबर 2015 }} ''न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 15 सितंबर 1995. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर लाभ कमाने में नाकाम रही, लेकिन वीडियो जारी होने के बाद उसने एक रीत बनाई।<ref>ब्रैंड्ट, एंड्रयू. [http://archives.cnn.com/2001/TECH/internet/04/05/hacking.hollywood.idg/index.html?related How Hollywood portrays hackers.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060510124043/http://archives.cnn.com/2001/TECH/internet/04/05/hacking.hollywood.idg/index.html?related |date=10 मई 2006 }} ''पीसी वर्ल्ड.'' 4 मई 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
उन्होंने 1996 की कॉमेडी फ़िल्म ''लव इज़ ऑल देयर इज़'' में जीना मालासिसि की भूमिका निभाई, जो कुछ हद तक ''रोमियो और जूलियट'' के आधुनिक रूपांतरण पर आधारित, न्यूयॉर्क के ब्रांक्स में अवस्थित दो प्रतिद्वंद्वी इतालवी रेस्तरां मालिक को लेकर बनी थी। रोड मूवी ''मोजावो मून'' (1996) में वे इलियनोर रिग्बी नामक युवा थीं, जिसे डैनी एइलो के किरदार से प्यार हो जाता है, जबकि वह उसकी मां को चाहता है, जो भूमिका एनी आर्चर ने निभाई। 1996 में, जोली ने मार्गरेट "लेग्स" सदोवस्की का किरदार निभाया, जो उन पांच किशोर लड़कियों में से एक थीं, जो फ़िल्म ''फॉक्सफ़ायर'' में, उन्हें प्रताड़ित करने वाले कामुक शिक्षक को मारने के बाद, एक अप्रत्याशित बंधन में बंध जाते हैं। ''[[लॉस एंजिल्स टाइम्स]]'' ने उनके प्रदर्शन के बारे में लिखा था "यह किरदार बड़े बेतुके ढर्रे पर विकसित है, लेकिन जोली, जॉन वोइट की शानदार बेटी ने, अपनी उपस्थिति से घिसी-पिटी भूमिका को बख़ूबी उभारा. हालांकि कहानी मैडी ने सुनाई है, वस्तुतः लेग्स ही मूल किरदार और उत्प्रेरक है।"<ref>मैथ्यूज, जैक. [http://www.calendarlive.com/movies/reviews/cl-movie961028-38,0,1420921.story Movie Review - Foxfire.] ''द लॉस एंजिल्स टाइम्स.'' 23 अगस्त 1996. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
1997 में, जोली ने लॉस एंजिल्स के अपराध जगत पर आधारित ''प्लेइंग गॉड'' नामक रोमांचक फ़िल्म में, डेविड डचोवनी के साथ अभिनय किया। आलोचकों ने फ़िल्म को सकारात्मक रूप से नहीं लिया और रोजर एबर्ट ने नोट किया कि "एंजेलीना जोली ऐसी भूमिका में नरम दिखती हैं, जो आम तौर पर सख्त और आक्रामक है; वह एक अपराधी की भूमिका में बहुत ही नाज़ुक लगती हैं और संभवतः वे ऐसी ही हैं।"<ref>एबर्ट, रोजर. [http://rogerebert.suntimes.com/apps/pbcs.dll/article?AID=/19971017/REVIEWS/710170306/1023 Reviews: Playing God.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130127164500/http://rogerebert.suntimes.com/apps/pbcs.dll/article?AID=%2F19971017%2FREVIEWS%2F710170306%2F1023 |date=27 जनवरी 2013 }} ''शिकागो सन-टाइम्स.'' 17 अक्टूबर 1997. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उसके बाद वे टेलीविज़न फ़िल्म ''ट्रू वुमेन'' में नज़र आईं, जो जेनिस वुड्स विंडल की पुस्तक पर आधारित, अमेरिकी पश्चिम में अवस्थित एक ऐतिहासिक रोमांटिक ड्रामा है। उस वर्ष वे म्युज़िक वीडियो "एनीबडी सीन माइ बेबी" में भी नज़र आईं, जो रोलिंग स्टोन्स द्वारा तैयार की गई थी।
== सफलता, 1997-2000 ==
1997 की आत्मकथात्मक फ़िल्म ''[[जॉर्ज वालेस]]'' में कार्नीलिया वालेस के रूप में अभिनय के बाद, जोली के कैरियर की संभावनाओं में सुधार होने लगा, जिसके लिए उन्होंने [[गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]] जीता और [[एम्मी अवार्ड]] के लिए नामित की गईं। गैरी सिनिस ने [[अलबामा]] के राज्यपाल [[जॉर्ज वालेस]] के रूप में अभिनय किया। जॉन फ़्रैंकेनहेमर द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म की आलोचकों ने ख़ूब प्रशंसा की और अन्य पुरस्कारों के अलावा, टी.वी. के लिए निर्मित सर्वोत्कृष्ट लघु-श्रृंखला/मोशन पिक्चर की श्रेणी में गोल्डन ग्लोब हासिल किया। उन्होंने पूर्व अलगाववादी राज्यपाल की दूसरी पत्नी की भूमिका निभाई, जिन्हें 1972 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के लिए लड़ते समय गोली मारी गई और जो लकवाग्रस्त रहे।
1998 में, जोली ने [[एचबीओ]] की [[जिया]] में सुपर मॉडल जिया कारंगी की भूमिका निभाई। फ़िल्म में सेक्स, ड्रग्स की दुनिया और भावनात्मक नाटक को दिखाया गया और उसमें मादक पदार्थों की लत के कारण कारंगी के जीवन और कैरियर के विनाश और उसके पतन और [[एड्स]] से मौत का चित्रण किया गया था। रील डॉट कॉम से वैनेसा वान्स ने लिखा, "एंजेलीना जोली को जिया नामधारी की भूमिका के लिए व्यापक मान्यता मिली है और ऐसा क्यों है, यह जानना आसान है। जोली अपने अभिनय में ज़बरदस्त हैं - अपने किरदार में हिम्मत, आकर्षण और हताशा को भरने में - और इस फ़िल्म में उनकी भूमिका संभवतः अब तक फ़िल्माया गया सबसे सुंदर ट्रेन मलबा है।<ref>वैन्स, वैनेसा. [http://reel.com/movie.asp?MID=42045&PID=10086013&Tab=reviews&CID=18 Gia (1998).] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151117032705/http://reel.com/movie.asp?MID=42045&PID=10086013&Tab=reviews&CID=18 |date=17 नवंबर 2015 }} Reel.com. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> लगातार दूसरे वर्ष के लिए, जोली ने [[गोल्डेन ग्लोब पुरस्कार]] जीता और एम्मी पुरस्कार के लिए नामित की गईं। उसने अपना पहला [[स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड्स]] भी जीता। ली स्टैसबर्ग के मेथड एक्टिंग के अनुसार, जोली ने कथित रूप से अपनी कई प्रारंभिक फ़िल्मों में दृश्यों के दौरान किरदारों में ही रहना पसंद किया और इसके परिणामस्वरूप नाम कमाया कि उनके साथ काम करना मुश्किल है। ''जिया'' की शूटिंग के दौरान, उन्होंने अपने तत्कालीन पति जॉनी ली मिलर को बताया कि वे उन्हें फ़ोन नहीं कर पाएंगी: "मैं उनसे कहती; मैं अकेली हूँ, मैं मर रही हूँ, मैं समलैंगिक हूँ, मैं तुम्हें हफ़्तों नहीं देखूंगी"।<ref name="Angelina Jolie interviews featuring Jonny Lee Miller">[http://www.jonnyleemiller.co.uk/angelinajolie.html Angelina Jolie interviews featuring Jonny Lee Miller.] JonnyLeeMiller.co.uk. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref><ref name="Angelina Jolie interviews featuring Jonny Lee Miller"/>
''जिया'' के बाद, जोली [[न्यूयॉर्क]] चली गईं और एक छोटी अवधि के लिए अभिनय बंद कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि उनके पास "देने के लिए कुछ नहीं था।" उन्होंने [[न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय]] में दाखिला लिया और फ़िल्म निर्माण का अध्ययन करने लगीं और लेखन कक्षाओं में भाग लिया। इसका ज़िक्र करते हुए वे कहती हैं कि ''अभिनेताओं के स्टूडियो के भीतर'' यह मेरे लिए "ख़ुद को संभालने का अच्छा अवसर था"।<ref name="Inside the Actors Studio">[http://www.tv.com/inside-the-actors-studio/angelina-jolie/episode/425020/summary.html?tag=ep_list;title;15 Inside the Actors Studio, Episode 169.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100814163211/http://www.tv.com/inside-the-actors-studio/angelina-jolie/episode/425020/summary.html?tag=ep_list;title;15 |date=14 अगस्त 2010 }} ब्रेवो. 5 जून 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
जोली ने 1998 की गैंगस्टर मूवी ''हेल इज़ किचन'' में ग्लोरिया मॅकनियरी की भूमिका में लौटीं और बाद में उस वर्ष अन्य कलाकारों के साथ ''प्लेइंग बाय हार्ट'' में नज़र आईं, जिसमें शामिल थे [[शॉन कॉनरी]], जिलियन एंडरसन, रयान फिलिप और जॉन स्टीवर्ट। फ़िल्म को मुख्य रूप से सकारात्मक समीक्षाएं मिलीं और जोली ने विशेष रूप से प्रशंसा हासिल की। ''सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल'' ने लिखा, "जोली, एक बढ़-चढ़ कर लिखी गई भूमिका में काम करते हुए, हताश क्लब क्रॉलर के रूप में, वह क्या दांव पर लगना चाहती है जैसी सच्चाइयों के गुर सीखती हुई, अपने ज़बरदस्त अभिनय से आकर्षित करती है।<ref>स्टैक, पीटर. [http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=/c/a/1999/01/22/DD83092.DTL `Heart' Barely Misses a Beat.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120306185732/http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?f=%2Fc%2Fa%2F1999%2F01%2F22%2FDD83092.DTL |date=6 मार्च 2012 }} ''सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल.'' 22 जनवरी 1999. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने नेशनल बोर्ड ऑफ़ रिव्यू द्वारा निर्णायक प्रदर्शन पुरस्कार जीता।
1999 में, उन्होंने माइक निवेल के कॉमेडी-ड्रामा ''पुशिंग टिन'' में अभिनय किया, जिसमें उनके सह कलाकार थे जॉन क्युसैक, बिली बॉब थार्नटन और [[केट ब्लैंचेट]]। जोली ने थार्नटन की मोहक पत्नी की भूमिका निभाई। फ़िल्म के आलोचकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलीं और जोली के किरदार की विशेष रूप से आलोचना की गई। ''[[द वाशिंगटन पोस्ट]]'' ने लिखा, "मेरी (एंजेलीना जोली), पूरी तरह ऊटपटांग लेखक द्वारा रची गई एक आज़ाद ख़यालों की औरत जो एक मरे हुए हाइबिस्कस पौधों को देख कर रोती है, मरकत के कई छल्ले पहनती है और असल में अकेली पड़ जाती है, जब रसेल पूरी रात घर से दूर बिताता है।"<ref>होव, डेसन. [http://www.washingtonpost.com/wp-srv/style/movies/reviews/pushingtinhowe.htm 'Pushing Tin'. ] ''द वाशिंगटन पोस्ट.'' 23 अप्रैल 1999. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उसके बाद उन्होंने [[डेंज़ल वॉशिंगटन]] के साथ ''[[द बोन कलेक्टर]]'' (1999) में काम किया जो जेफ़री डीवर द्वारा लिखित अपराध उपन्यास पर आधारित थी। जोली ने एक पुलिस अफ़सर अमेलिया डोनोघी का किरदार निभाया, जो अपने पुलिस पिता की [[आत्महत्या]] से प्रेतबाधित रहती है और अनिच्छा से वाशिंगटन को एक सीरियल किलर का पता लगाने में मदद करती है। फ़िल्म ने दुनिया भर में $151 मिलियन की कमाई की,<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> पर एक ज़बरदस्त विफलता थी। ''डेट्राइट फ्री प्रेस'' ने निष्कर्ष निकाला, "जोली, जोकि हमेशा ही देखने में मोहक लगती है, इस फ़िल्म के लिए बहुत ही ग़लत चुनाव रही हैं।"<ref>लॉसन, टेरी. [http://www.rottentomatoes.com/m/bone_collector/ The Bone Collector.] ''डेट्रायट फ्री प्रेस.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
{{quote box|width=35%|quote="जोली एक वर्तमान फ़िल्मों में एक जंगली आत्मा जैसे उभर रही है, एक ऐसी बेलगाम तोप जिसका निशाना अचूक है।"|source=रॉजर एल्बर्ट ''[[गर्ल इंटरप्टेड]]'' (1999) में जोली की भूमिका पर।<ref>Ebert, Roger. [http://rogerebert.suntimes.com/apps/pbcs.dll/article?AID=/20000114/REVIEWS/1140301/1023 Reviews : Girl, Interrupted]. ''Chicago Sun-Times''. जनवरी 14, 2000. Accessed सितंबर 8, 2008.</ref>}}
जोली ने अगली बार सोशियोपथिक लिसा रोव की सहायक भूमिका में फ़िल्म ''[[गर्ल इंटरप्टेड]]'' (1999) में काम किया, जो एक मानसिक रोगी सुज़ाना केसन की कहानी सुनाती है और जिसे केसन के मूल संस्मरण ''[[गर्ल, इंटरप्टेड]]'' से रूपांतरित किया गया था। जहां विनोना राइडर ने मुख्य भूमिका निभाई थी इस आशा के साथ कि यह उनके लिए एक वापसी होगी, अप्रत्याशित रूप से यह उनकी जगह अंततः हॉलीवुड में जोली की सफलता के रूप में अंकित हुई।<ref>[http://imdb.com/MotDArchive/2003/motd.20030307 IMDb Movie of the Day.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20041220191524/http://imdb.com/MotDArchive/2003/motd.20030307 |date=20 दिसंबर 2004 }} IMDb.com. 7 मार्च 2003. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उन्होंने अपने तीसरे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार, दूसरे स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ [[सहायक अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]] हासिल किए। ''वेराइटी'' ने लिखा, "जोली तेजतर्रार, लापरवाह लड़की के रूप में उत्कृष्ट हैं, जो सुज़ाना के पुनर्वास में डॉक्टरों से भी अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।"<ref>लेवी, इमानुअल. [http://www.variety.com/review/VE1117759846.html?categoryid=31&cs=1 Variety.com - Reviews - Girl, Interrupted.] ''वेराइटी.'' 10 दिसम्बर 1999. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
सन् 2000 में जोली ने गर्मियों की अपनी पहली सफल फ़िल्म ''[[गॉन इन 60 सेकंड]]'' में सारा "स्वे" वेलैंड की भूमिका निभाई, जो कार-चोर [[निकोलस केज]] की पूर्व प्रेमिका है। भूमिका छोटी थी और ''वॉशिंगटन पोस्ट'' ने आलोचना की कि "पूरी फ़िल्म में बस वे साथ खड़ी रहती हैं, आराम करते हुए, अपने दांतों के आस-पास उत्तेजना से भरे मांसल, स्पंदित होने वाली मांसपेशियों को दिखाते हुए।"<ref>हंटर, स्टीफन. [http://www.washingtonpost.com/wp-srv/entertainment/movies/reviews/gonein60secondshunter.htm 'Gone in 60 Seconds': Lost in the Exhaust.] ''द वाशिंगटन पोस्ट'' 9 जून 2000. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> बाद में उन्होंने बताया कि लिसा रो की गंभीर भूमिका के बाद यह फ़िल्म एक स्वागत योग्य राहत थी और वह तब तक की उनकी सर्वाधिक मुनाफ़ा कमाने वाली फ़िल्म थी, जिसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर $237 मिलियन की कमाई की।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/>
== अंतर्राष्ट्रीय सफलता, 2001-अब तक ==
हालांकि अपनी उच्च अभिनय क्षमता के लिए प्रशंसित, अब तक जोली की फ़िल्मों ने व्यापक स्तर पर दर्शकों को नहीं लुभाया था, लेकिन ''[[लारा क्रॉफ्ट: टॉम्ब रेडर]]'' (2001) ने उन्हें एक अंतर्राष्ट्रीय सुपर स्टार बना दिया। लोकप्रिय ''[[टॉम्ब रेडर]]'' के वीडियोगेम अनुकूलन के लिए, लारा क्रॉफ्ट की शीर्षक भूमिका निभाने हेतु जोली को ब्रिटिश उच्चारण सीखने और व्यापक [[मार्शल आर्ट]] प्रशिक्षण की ज़रूरत पड़ी। आम तौर पर उन्हें अपने शारीरिक प्रदर्शन के लिए सराहना मिली, लेकिन फ़िल्म को ज्यादातर नकारात्मक समीक्षाएं हासिल हुईं। ''स्लैंट मैगज़ीन'' ने टिप्पणी की, "एंजेलीना जोली, लारा क्राफ्ट की भूमिका निभाने के लिए ही पैदा हुई थीं, लेकिन [निर्देशक] साइमन वेस्ट ने [[गोताखोरी|ग़ोताखोर]] के एक खेल में उनकी यात्रा करवाते हैं।"<ref>गोंज़ालेज़, सं. [http://www.slantmagazine.com/film/film_review.asp?ID=425 Film Review - Lara Croft: Tomb Raider.] ''स्लैंट मैगज़ीन.'' 2001 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> बहरहाल, फ़िल्म अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल रही, जिसने दुनिया भर में $275 मिलियन का मुनाफ़ा कमाया,<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> और एक महिला एक्शन स्टार के रूप में उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा का शुभारंभ किया।
जोली ने बाद में [[एंटोनियो बैंडेराज़]] के साथ, कॉर्नेल वूलरिच के उपन्यास ''वाल्ट्ज़ इनटू डार्कनेस'' पर आधारित रोमांचक फ़िल्म ''[[ऑरिजिनल सीन]]'' (2001) में मेल-ऑर्डर दुल्हन जूलिया रसेल के रूप में अभिनय किया। फ़िल्म बड़ी प्रमुख विफलता थी, जिसके बारे में ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने टिप्पणी की, "कहानी मिस जोली के गले की रेखा से भी गहरे ग़ोता खाती है।"<ref>मिशेल, एल्विस. [http://movies2.nytimes.com/mem/movies/review.html?title1=&title2=Original%20Sin%20%28Movie%29%20%20&reviewer=Elvis%20Mitchell&v_id=214078&partner=Rotten%20Tomatoes Original Sin - Review.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151104055937/http://movies2.nytimes.com/mem/movies/review.html?title1=&title2=Original%20Sin%20(Movie)%20%20&reviewer=Elvis%20Mitchell&v_id=214078&partner=Rotten%20Tomatoes |date=4 नवंबर 2015 }} ''द न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 3 अगस्त 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2002 में, उन्होंने ''[[लाइफ़ ऑर समथिंग लाइक इट]]'' में लेनी केरिगन की भूमिका निभाई, जो फ़िल्म में एक महत्वाकांक्षी टी.वी. पत्रकार है, जिसे बताया जाता है कि वह एक सप्ताह में मर जाएगी। फ़िल्म को आलोचकों की प्रशंसा नहीं मिली, हालांकि जोली के अभिनय के प्रति सकारात्मक समीक्षाएं हासिल हुईं। [[सीएनएन]] के पॉल क्लिंटन ने लिखा, "जोली अपनी भूमिका में उत्कृष्ट रहीं। फ़िल्म के बीच में कुछ ऊटपटांग कथानक अंशों के बावजूद, यह अकादमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री अपने आत्मान्वेषण और जीवन को सही मायने में पूरी तरह जीने की यात्रा में बेहद विश्वसनीय है।"<ref>क्लिंटन, पॉल [http://archives.cnn.com/2002/SHOWBIZ/Movies/04/25/review.life/ Jolie shines in up-and-down 'Life'.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100113064153/http://archives.cnn.com/2002/SHOWBIZ/Movies/04/25/review.life/ |date=13 जनवरी 2010 }} CNN.com. 25 अप्रैल 2002 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
2003 में जोली ने ''[[लारा क्रॉफ्ट टॉम्ब रेडर: द क्रेडल ऑफ़ लाइफ़]]'' में लारा क्रॉफ्ट के रूप में अपनी भूमिका को दोहराया। अगली कड़ी ने, जोकि मूल जितना आकर्षक नहीं था, अंतर्राष्ट्रीय बॉक्स-ऑफ़िस स्तर पर $156 करोड़ डॉलर की कमाई की।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> बाद में उस वर्ष जोली ने अफ्रीका में एड कार्यकर्ताओं से जुड़ी एक फ़िल्म ''[[बियॉन्ड बॉर्डर्स]]'' में अभिनय किया। हालांकि फ़िल्म मानवीय राहत को बढ़ावा देने में जोली के वास्तविक जीवन की रुचि को दर्शाती है, फ़िल्म आलोचनात्मक और आर्थिक रूप से असफल रही। ''लॉस एंजिल्स टाइम्स'' ने लिखा, "जोली, जैसा कि उसने ऑस्कर-विजेता भूमिका ''गर्ल, इंटरप्टेड'' में किया, उस रोमांच और विश्वसनीयता को अपनी उन भूमिकाओं में पैदा कर सकती है, जिनकी वास्तविकता को वे समझती हैं। वे ''लारा क्रॉफ्ट'' फ़िल्मों को देख सकती हैं, कार्टूनों का समर्थन कर सकती हैं। लेकिन उनका यह संकर किरदार, जो भिनभिनाते कीडों, ख़ून और नालों की दुनिया में फंसा, बुरी तरह से लिखा गया एक कार्डबोर्ड व्यक्ति है, उन्हें पूरी तरह परास्त करता है।"<ref>तुरन, केनेथ. [http://www.calendarlive.com/movies/reviews/cl-et-borders24oct24,2,3041228.story?coll=cl-mreview "Beyond Borders" turns out to be an unreal film about a too-real situation.] ''लॉस एंजिल्स टाइम्स'' . 24 अक्टूबर 2003. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
2004 में, जोली ने इथन हॉक के साथ एक थ्रिलर ''[[टेकिंग लाइफ़]]'' में अभिनय किया। उन्होंने एक [[एफ बी आई|एफ़बीआई]] प्रोफ़ाइलर इलियाना स्कॉट की भूमिका निभाई, जिसे एक शृंखला हत्यारे को खोजने में [[मॉन्ट्रियल]] लॉ एन्फ़ोर्समेंट की मदद के लिए बुलाया जाता है। फ़िल्म को मिश्रित समीक्षाएं मिलीं और ''हॉलीवुड रिपोर्टर'' ने निष्कर्ष निकाला, "एंजेलीना जोली ने एक ऐसी भूमिका निभाई, जो निश्चित रूप से उनके द्वारा पहले से निभाए किरदारों जैसा ही लगता है, लेकिन उन्होंने उसमें रोमांच और ग्लैमर का एक अचूक पुट जोड़ा है।"<ref>हनीकट, कर्क. [http://hollywoodreporter.printthis.clickability.com/pt/cpt?action=cpt&title=Taking+Lives&expire=&urlID=30869587&fb=Y&url=http%3A%2F%2Fweb.archive.org%2Fweb%2F20071011080057%2Fwww.hollywoodreporter.com%2Fhr%2Fsearch%2Farticle_display.jsp%3Fvnu_content_id%3D1000462115&partnerID=3690 Taking Lives.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151117031855/http://hollywoodreporter.printthis.clickability.com/pt/cpt?action=cpt&title=Taking+Lives&expire=&urlID=30869587&fb=Y&url=http%3A%2F%2Fweb.archive.org%2Fweb%2F20071011080057%2Fwww.hollywoodreporter.com%2Fhr%2Fsearch%2Farticle_display.jsp%3Fvnu_content_id%3D1000462115&partnerID=3690 |date=17 नवंबर 2015 }} ''द हॉलीवुड रिपोर्टर'' 15 मार्च 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उन्होंने एनिमेटेड [[ड्रीमवर्क्स]] फ़िल्म ''[[शार्क टेल]]'' (2004) में ''परीमछली'' लोला के लिए आवाज़ भी दी है और केरी कॉनरैन की एक [[विज्ञान पर आधारित फ़िल्म|विज्ञान पर आधारित]] रोमांचक फ़िल्म ''[[स्काई कैप्टन एंड द वर्ल्ड ऑफ़ टुमारो]]'' (2004) में छोटी भूमिका निभाई, जिसे अभिनेताओं को लेकर पूरी तरह नीले परदे के सामने फ़िल्माया गया। इसके अलावा 2004 में, जोली ने [[अलेक्ज़ांडर महान]] के बारे में ऑलिवर स्टोन की जीवनी फ़िल्म [[अलेक्ज़ांडर]] में, ऑलिम्पियास की भूमिका निभाई। फ़िल्म घरेलू तौर पर विफल रही, जिसके ख़राब प्रदर्शन का श्रेय स्टोन ने अलेक्जांडर के उभयलिंगी चित्रण की अस्वीकृति को दिया,<ref>[http://www.guardian.co.uk/film/2005/jan/06/news1 Stone blames 'moral fundamentalism' for US box office flop.] ''द गार्जियन.'' 15 जनवरी 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> लेकिन यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल हुई, जहां संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के बाहर $139 मिलियन का राजस्व उसकी झोली में आया।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/>
2005 में जोली की एकमात्र फ़िल्म एक्शन-कॉमेडी ''[[मिस्टर एंड मिसेज़ स्मिथ]]'' थी। [[डो लिमन]] द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म, एक ऊबे हुए विवाहित दंपत्ति की कहानी है, जिन्हें यह पता है कि वे दोनों ही रहस्यमय हत्यारे हैं। जोली ने [[ब्रैड पिट]] के साथ जेन स्मिथ की भूमिका निभाई। फ़िल्म को मिश्रित समीक्षाएं हासिल हुईं, लेकिन दोनों के बीच मौजूद आपसी ताल-मेल के लिए उनको सराहना मिली। ''[[स्टार ट्रिब्यून]]'' ने कहा, "हालांकि कहानी बेतरतीब लगती है, फ़िल्म मिलनसार आकर्षण, सरपट ऊर्जा और परदे पर सितारों के आपसी आकर्षण के बल पर आगे बढ़ती है।"<ref>कोवर्ट, कॉलिन [http://www.rottentomatoes.com/m/mr_and_mrs_smith/ Mr. & Mrs. Smith.] ''मिनियापोलिस स्टार ट्रिब्यून.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> फ़िल्म ने दुनिया भर में $478 मिलियन कमाए, जो 2005 की सबसे बड़ी हिट फ़िल्मों में से थी।<ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/>
इसके बाद वे [[रॉबर्ट डि नीरो]] की फ़िल्म ''[[द गुड शेफ़र्ड]]'' (2006) में नज़र आईं, जो [[मैट डेमन]] द्वारा निभाए गए एडवर्ड विल्सन के किरदार की नज़रों से [[CIA]] के प्रारंभिक इतिहास से जुड़ा है। जोली ने मार्गरेट रसेल की सहायक भूमिका निभाई, जो विल्सन की उपेक्षित पत्नी है। ''[[शिकागो ट्रिब्यून]]'' के अनुसार, "जोली विश्वसनीय रूप से बूढ़ी होती हैं, इस बात से लापरवाह कि कैसे उनका भंगुर किरदार दर्शकों की सहानुभूति को उकेर रहा है।"<ref>फिलिप्स, माइकल. [http://chicago.metromix.com/movies/review/movie-review-the-good/162975/content Movie review: 'The Good Shepherd'.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110430162441/http://chicago.metromix.com/movies/review/movie-review-the-good/162975/content |date=30 अप्रैल 2011 }} ''शिकागो ट्रिब्यून.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
[[चित्र:Angelina Jolie on the set of Changeling by Monique Autrey (cropped).jpg|thumb|जोली बतौर क्रिस्टीन कॉलिन्स, चेंजलिंग के सेट पर, नवंबर 2007]]
सन् 2007 में जोली ने वृत्तचित्र ''ए प्लेस इन टाइम'' के ज़रिए निर्देशन की दुनिया में अपना पहला क़दम रखा, जो एक सप्ताह के दौरान विश्व भर में 27 स्थानों पर जीवन को कैमरे में क़ैद करता है। फ़िल्म को [[ट्रिबेका फ़िल्म समारोह]] में दिखाया गया और इसे मुख्यतः उच्च विद्यालयों में [[राष्ट्रीय शिक्षा संघ]] के माध्यम से वितरित करने का इरादा है।<ref>[http://www.truveo.com/Angelina-Jolie-Screens-Documentary-at-Tribeca/id/1534836040 Angelina Jolie screens her film at the Tribeca Film Festival.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110623164610/http://www.truveo.com/Angelina-Jolie-Screens-Documentary-at-Tribeca/id/1534836040 |date=23 जून 2011 }} Eitb24.com. 29 अप्रैल 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने [[माइकल विंटरबॉटम]] की वृत्तचित्र शैली के ड्रामा ''[[ए माइटी हार्ट]]'' (2007) में [[मरियन पर्ल]] की भूमिका निभाई, जो पाकिस्तान में ''[[वॉल स्ट्रीट जर्नल]]'' के रिपोर्टर [[डेनियल पर्ल]] के अपहरण और हत्या के बारे में है। फ़िल्म मरियन पर्ल के संस्मरण ''[[ए माइटी हार्ट]]'' पर आधारित है और [[कान फ़िल्म महोत्सव]] में इसका प्रीमियर आयोजित हुआ था। ''हॉलीवुड रिपोर्टर'' ने जोली के प्रदर्शन को "अच्छी तरह से नपा-तुला और मर्म को छूने वाला", जिसे "सम्मान और मुश्किल लहजे पर मज़बूत पकड़ के साथ निभाया" कहा।<ref>बेनेट, रे. [http://hollywoodreporter.printthis.clickability.com/pt/cpt?action=cpt&title=Review%3A+%27A+Mighty+Heart%27&expire=&urlID=30869544&fb=Y&url=http%3A%2F%2Fweb.archive.org%2Fweb%2F20071011093503rn_1%2Fwww.hollywoodreporter.com%2Fhr%2Fcontent_display%2Fnews%2Fe3i3e0cd5c8b61cf5ddde642ec54897986c%3Fimw%3DY&partnerID=3690 Review: 'A Mighty Heart'.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180402234139/http://hollywoodreporter.printthis.clickability.com/pt/cpt?action=cpt&title=Review%3A+%27A+Mighty+Heart%27&expire=&urlID=30869544&fb=Y&url=http%3A%2F%2Fweb.archive.org%2Fweb%2F20071011093503rn_1%2Fwww.hollywoodreporter.com%2Fhr%2Fcontent_display%2Fnews%2Fe3i3e0cd5c8b61cf5ddde642ec54897986c%3Fimw%3DY&partnerID=3690 |date=2 अप्रैल 2018 }} ''द हॉलीवुड रिपोर्टर.'' 22 मई 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> फ़िल्म ने उन्हें चौथे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार और तीसरे स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार के लिए नामांकन दिलवाया। जोली ने [[रॉबर्ट ज़ेमेकिस]] के एनिमेटेड महाकाव्य ''[[बियोवुल्फ़]]'' (2007) में ग्रैन्डल की मां का किरदार निभाया, जिसे [[मोशन कैप्चर]] तकनीक के ज़रिए निर्मित किया गया था।
जोली ने [[मार्क मिल्लर]] के [[ग्राफ़िक उपन्यास]] के रूपांतरण, 2008 की एक्शन फ़िल्म ''[[वान्टेड]]'' में [[जेम्स मॅकवाय]] और [[मॉर्गन फ़्रीमैन]] के साथ अभिनय किया। फ़िल्म को मुख्य रूप से अनुकूल समीक्षाएं प्राप्त हुईं और दुनिया भर में $342 मिलियन अर्जित करते हुए, यह एक अंतर्राष्ट्रीय सफल फ़िल्म साबित हुई। <ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> उन्होंने ड्रीमवर्क्स एनिमेटेड फ़िल्म ''[[कुंग फ़ू पांडा]]'' (2008) में [[मास्टर टाइग्रेस]] के लिए आवाज़ दी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर $632 मिलियन राजस्व के साथ, यह उनकी अब तक की सर्वोच्च मुनाफ़ा कमाने वाली फ़िल्म बनी। <ref name="Angelina Jolie Movie Box Office Results"/> उसी वर्ष, जोली ने [[क्लिंट ईस्टवुड]] के ड्रामा ''[[चेंजलिंग]]'' (2008) में क्रिस्टिन कॉलिन्स की भूमिका निभाई, जिसका प्रीमियर कान फ़िल्म महोत्सव में आयोजित हुआ।<ref>फाउंडस, स्कॉट. [http://www.laweekly.com/2007-12-20/film-tv/clint-eastwood-the-set-whisperer/ Clint Eastwood: The Set Whisperer.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141006123022/http://www.laweekly.com/2007-12-20/film-tv/clint-eastwood-the-set-whisperer/ |date=6 अक्तूबर 2014 }} ''ला वीकली.'' 19 दिसम्बर 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> यह 1928 में लॉस एंजिल्स की एक महिला की सच्ची कहानी पर आधारित है, जिसका अपने अपहृत बेटे के साथ मिलन होता है, पर बाद में वह जान जाती है कि वह एक कपटी है। जोली को अकादमी पुरस्कार के लिए उनका दूसरा नामांकन प्राप्त हुआ और वे [[बाफ्टा पुरस्कार]] गोल्डन ग्लोब पुरस्कार और स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड के लिए भी नामांकित हुईं.<ref name="oscar">[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/oscars/7837579.stm "Oscar nominations 2009."] BBC समाचार. 23 फ़रवरी 2009. अभिगम 9 मार्च 2009.</ref> शिकागो ट्रिब्यून ने लिखा, "जोली वास्तव में तूफान से पहले की शांति में चमकती है, दृश्य [...] जब संकट की घड़ी में, एक के बाद एक सत्ताधारी पुरुष हस्तियां उसे नीचा दिखाती हैं।"<ref>फिलिप्स, माइकल. [http://archives.chicagotribune.com/2008/oct/24/entertainment/chi-changeling-review-1024oct24 ‘Changeling’ stars Angelina Jolie, John Malkovich, Jeffrey Donovan.]{{Dead link|date=मई 2022 |bot=InternetArchiveBot }} ''शिकागो ट्रिब्यून.'' 24 अक्टूबर 2008. अभिगम 26 मार्च 2009.</ref>
== मानवीय कार्य ==
जोली को पहली बार [[कंबोडिया]] में ''टूंब राइडर'' के फ़िल्मांकन के समय विश्वव्यापी मानवीय संकट की व्यक्तिगत जानकारी हासिल हुई। अंततः उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समस्या स्थलों के बारे में अधिक जानकारी के लिए [[UNHCR]] से संपर्क किया।<ref name="Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees"/> आगामी महीनों में उन्होंने इन क्षेत्रों की स्थिति के बारे में जानने के लिए, दुनिया भर के शरणार्थी शिविरों का दौरा किया। फरवरी 2001 में, जोली ने 18 दिवसीय [[सियरा लियोन]] और [[तंजानिया]] के मिशन पर, अपनी पहली क्षेत्रीय यात्रा की; बाद में उन्होंने वस्तुस्थिति को देख कर सदमा पहुंचने की बात ज़ाहिर की। <ref name="Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees">UNHCR.[http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&id=3b85044b10 Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees, ] 23 अगस्त 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> आने वाले महीनों में वे दो सप्ताह के लिए कंबोडिया लौटीं और बाद में, पाकिस्तान में [[अफ़गान शरणार्थियों]] के साथ मुलाकात की, जहां एक अंतर्राष्ट्रीय UNHCR आपातकालीन अपील के जवाब में उन्होंने अफ़गान शरणार्थियों के लिए $1 मिलियन का दान दिया।<ref>UNHCR.[http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&id=3bb2f8be16 Angelina Jolie responds to UNHCR emergency appeal.] UNHCR.org. 27 सितंबर 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उन्होंने अपने मिशन से संबंधित सभी लागत को स्वयं चुकाने पर जोर दिया और अपने सभी दौरों में UNHCR फ़ील्ड स्टाफ़ की प्राथमिक कार्य और जीवन शैली को साझा किया।<ref name="Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees"/> 27 अगस्त 2001 को UNHCR मुख्यालय, [[जेनिवा]] में जोली [[UNHCR सद्भावना राजदूत]] के रूप में नामित की गईं। <ref name="Bad Girl Interrupted">स्विबेल, मैथ्यू. [http://www.forbes.com/forbes/2006/0703/118_print.html Bad Girl Interrupted.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090912170926/http://www.forbes.com/forbes/2006/0703/118_print.html |date=12 सितंबर 2009 }} ''फोर्ब्स.'' 12 जून 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
{{quote box|width=35%|quote="We cannot close ourselves off to information and ignore the fact that millions of people are out there suffering. I honestly want to help. I don't believe I feel differently from other people. I think we all want justice and equality, a chance for a life with meaning. All of us would like to believe that if we were in a bad situation someone would help us."|source=Jolie on her motives for joining [[UNHCR]] in 2001<ref name="Angelina Jolie named UNHCR Goodwill Ambassador for refugees"/>}}
जोली दुनिया भर में क्षेत्रीय मिशन पर रहीं और 20 से अधिक देशों में शरणार्थियों और [[आंतरिक रूप से विस्थापित]] लोगों के साथ मुलाकात की। <ref>UNHCR.[http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/help/opendoc.pdf?tbl=HELP&id=439d41052 Angelina Jolie UNHCR Goodwill Ambassador Fact Sheet.] UNHCR.org. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> यह पूछने पर कि वह क्या हासिल करना चाहती हैं, उन्होंने कहा, "इन लोगों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता. मुझे लगता है कि उन पर जो गुज़री है, उससे उभरने के लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए, उन्हें नीची दृष्टि से नहीं देखना चाहिए."<ref>UNHCR [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&id=3db3f99b5 Interview with Angelina Jolie.] UNHCR.org. 21 अक्टूबर 2002. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2002 में, जोली ने [[थाईलैंड]] में थाम हिन शरणार्थी शिविर और [[इक्वाडोर]] में [[कोलंबियाई]] शरणार्थियों का दौरा किया।<ref>UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&id=3d04d46e4 Goodwill Ambassador Angelina Jolie ends Ecuador mission.] UNHCR.org. 10 जून २००२. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> इसके बाद जोली [[कोसोवो]] में विभिन्न UNHCR सुविधा स्थलों पर गईं और [[केन्या]] में मुख्य रूप से [[सूडान]] के शरणार्थियों के साथ [[काकुमा]] शरणार्थी शिविर की यात्रा की। [[नामीबिया]] में ''बियॉन्ड बार्डर्स'' की शूटिंग के दौरान उन्होंने [[अंगोलाई]] शरणार्थियों के साथ भेंट की।
2003 में, जोली छह दिन के मिशन पर [[तंजानिया]] गईं, जहां उन्होंने [[कांगोलीस]] शरणार्थी शिविर की मेजबानी करने वाले पश्चिमी सीमा की यात्रा की और वे एक सप्ताह के लिए [[श्रीलंका]] के दौरे पर रहीं। बाद में उन्होंने रूस में एक चार दिवसीय अभियान के समापन के रूप में [[उत्तर काकेशस]] का दौरा किया। अपनी फ़िल्म ''बियॉन्ड बार्डर्स'' के समवर्ती उन्होंने ''[[नोट्स फ़्राम माइ ट्रैवल्स]]'' प्रकाशित किया, जो उनकी दैनिक प्रविष्टियों का एक संग्रह है जिसमें उनके प्रारंभिक फ़ील्ड मिशन (2001-2002) की प्रविष्टियां दर्ज हैं। दिसम्बर 2003 में, [[जॉर्डन]] में एक निजी वास के दौरान उन्होंने जॉर्डन के पूर्वी रेगिस्तान में इराकी शरणार्थियों से मिलने की इच्छा ज़ाहिर की और बाद में उस महीने वे सूडानी शरणार्थियों से मिलने मिस्र की यात्रा पर गईं।
संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर अपनी पहली U.N यात्रा पर, जोली 2004 में [[एरिजोना]] गईं, जहां तीन सुविधा स्थलों पर हिरासत में बंद शरण चाहने वालों से भेंट की और दक्षिण-पश्चिमी मुख्य कार्यक्रम [[फीनिक्स]] का दौरा किया, जो बिना साथी वाले बच्चों के लिए एक सुविधा स्थल है। वे जून 2004 में [[छाड]] गईं और सीमावर्ती प्रांतों और शरणार्थी शिविरों का दौरा किया, जो पश्चिमी सूडान [[दरफ़र]] क्षेत्र में लड़ाई से भाग आए थे। चार महीने बाद वे क्षेत्र में लौटीं और इस बार सीधे पश्चिम दरफ़र गईं। इसके अलावा 2004 में, जोली थाईलैंड में अफगान शरणार्थियों से मिलीं और क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान [[लेबनान]] में एक निजी प्रवास के दौरान, [[बेरूत]] में अवस्थित UNHCR के क्षेत्रीय कार्यालय का दौरा किया, साथ ही, कुछ युवा शरणार्थी और लेबनान की राजधानी में कैंसर रोगियों से भेंट की। <ref>UNHCR. [http://www.unhcr.org/news/NEWS/41d2b32f4.html Jolie shares festive cheer with refugees in Lebanon, UNHCR.org.] 29 दिसम्बर 2004. अभिगम 22 नवम्बर 2008.</ref>
2005 में, जोली ने अफ़गानी शरणार्थियों वाले पाकिस्तानी शिविरों का दौरा किया और पाकिस्तान के राष्ट्रपति [[परवेज़ मुशर्रफ़]] और प्रधानमंत्री [[शौक़त अजीज]] के साथ भी मुलाकात की; नवंबर में धन्यवाद सप्ताहांत के दौरान, [[2005 कश्मीर भूकंप]] के प्रभाव को देखने के लिए वे [[ब्रैड पिट]] के साथ पाकिस्तान लौटीं। 2006 में, जोली और पिट ने [[हैती]] के लिए उड़ान भरी और हाईतियन-हिप हॉप संगीतकार [[वाइक्लेफ़ जीन]] द्वारा स्थापित चैरिटी येले हैती द्वारा सहायता प्राप्त स्कूल का दौरा किया। भारत में ''ए माइटी हार्ट'' के फ़िल्मांकन के दौरान, [[नई दिल्ली]] में जोली ने अफ़गानिस्तान और [[बर्मी]] शरणार्थियों के साथ मुलाकात की। उन्होंने [[सैन जोस, कोस्टा रिका]] में कोलंबियन शरणार्थियों के साथ क्रिसमस दिवस 2006 बिताया, जहां उन्होंने उपहार बांटे। सन् 2007 में जोली दो दिन के मिशन पर [[छाड]] लौटीं, ताकि [[दरफ़र]] से शरणार्थियों की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का आकलन कर सकें; जोली और पिट ने बाद में छाड और दरफ़र में तीन राहत संगठनों को $1 मिलियन का दान दिया। <ref>UNHCR. [http://www.alertnet.org/thenews/newsdesk/UNHCR/dc35790f8bdb81d4b2df69046a0af36b.htm Jolie-Pitt Foundation donates US$1 million to groups working in Darfur.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080614214107/http://www.alertnet.org/thenews/newsdesk/UNHCR/dc35790f8bdb81d4b2df69046a0af36b.htm |date=14 जून 2008 }} रॉयटर्स आल्टरनेट. 10 मई 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने पहली बार [[सीरिया]] की यात्रा की और दो बार इराक गईं, जहां उन्होंने इराकी शरणार्थियों और साथ ही, बहु राष्ट्रीय बलों और अमेरिकी सैनिकों के साथ मुलाकात की। <ref>[http://edition.cnn.com/2008/WORLD/meast/02/07/iraq.jolie/?iref=mpstoryview Jolie in Iraq: 2M refugees need help,] CNN.com. 7 फ़रवरी 2008. अभिगम 3 दिसम्बर 2008.</ref>
[[चित्र:2005 06 15 rice-jolie 600.jpg|left|thumb|upright|जोली और कोंडोलीज़ा राइस, विश्व शरणार्थी दिवस जून 2005 में]]
समय के साथ, जोली राजनीतिक स्तर पर मानवीय कारणों को बढ़ावा देने में शरीक़ होने लगीं। उन्होंने नियमित रूप से वाशिंगटन डी.सी। में [[विश्व शरणार्थी दिवस]] में भाग लिया है और वह 2005 और 2006 में वे देवास में [[विश्व आर्थिक मंच]] पर एक आमंत्रित वक्ता थीं। जोली ने अमेरिका की राजधानी में मानवीय हितों की पैरवी भी शुरू कर दी है, जहां उन्होंने 2003 से कम से कम 20 बार कांग्रेस के सदस्यों के साथ मुलाकात की। <ref name="Bad Girl Interrupted"/> उन्होंने ''[[फोर्ब्स]]'' में स्पष्ट किया, "भले ही मैं वॉशिंगटन की यात्रा नहीं करना चाहूं, पर काम कराने का यही तरीक़ा है।"<ref name="Bad Girl Interrupted"/>
2005 में, जोली ने [[राष्ट्रीय प्रेस क्लब]] के उपाहार में भाग लिया, जहां उन्होंने ''नेशनल सेंटर फ़ॉर रिफ्यूजी एंड इमिग्रेंट चिल्ड्रन'' की स्थापना की घोषणा की, जो एक ऐसा संगठन है, जहां बिना क़ानूनी प्रतिनिधित्व वाले, शरण की याचना करने वाले बच्चों को मुफ़्त क़ानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसके प्रारंभ के दो वर्षों के लिए स्वयं जोली ने $500,000 का दान दिया। <ref>UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&id=422f33944 Angelina Jolie launches centre for unaccompanied children.] UNHCR.org. 9 मार्च 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने तीसरी दुनिया में शरणार्थी और कमज़ोर बच्चों की सहायता के लिए कई पैसे दिए। <ref name="Bad Girl Interrupted"/> अपनी राजनैतिक भागीदारी के अतिरिक्त, जोली जन-संचार के ज़रिए लोकोपकारी कार्यों को बढ़ावा देने के लिए अपने सार्वजनिक प्रोफ़ाइल का भी उपयोग करने लगी हैं। उन्होंने [[MTV]] के लिए [[द डायरी ऑफ़ एंजेलीना जोली एंड डॉ॰ जेफ़री सैक्स]] इन अफ़्रीका नामक विशेष फ़िल्म बनवाया, जिसमें वे और प्रख्यात अर्थशास्त्री [[डॉ॰ जेफ़री सैक्स]] द्वारा पश्चिमी केन्या के सुदूर ग्राम समूहों का दौरा शामिल है। 2006 में, जोली ने जोली/पिट फाउंडेशन की स्थापना की घोषणा की, जिसमें प्रत्येक ने $1 मिलियन का प्रारंभिक दान दिया, जो [[बच्चों के लिए वैश्विक आंदोलन]] और [[सीमारहित डॉक्टरों]] के लिए है।<ref>ग्रीन, मेरी. [http://www.people.com/people/article/0,26334,1537302,00.html Brad & Angelina Start Charitable Group.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070307112930/http://www.people.com/people/article/0%2C26334%2C1537302%2C00.html |date=7 मार्च 2007 }} ''पीपल.'' 20 सितंबर 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2006 में स्थापित [[क्लिंटन ग्लोबल इनिशिएटिव]] में स्थापित ''एज्युकेशन पार्टनरशिप फ़ॉर चिल्ड्रन ऑफ़ कॉन्फ्लिक्ट'' की सह-अध्यक्षा भी हैं, जो संघर्ष से प्रभावित बच्चों के लिए शिक्षा कार्यक्रमों में कोष सहायता उपलब्ध कराता है।<ref>[http://www.educationpartnership.org/about-founders About the Founders.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081123052444/http://educationpartnership.org/about-founders |date=23 नवंबर 2008 }} संघर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा भागीदारी. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
जोली को अपने मानवीय कार्यों के लिए व्यापक मान्यता मिली है। 2003 में, [[यूनाइटेड नेशन्स करेसपॉन्डेंट एसोसिएशन]] द्वारा संस्थापित [[सिटिज़न ऑफ़ द वर्ल्ड अवार्ड]] की वे सर्वप्रथम प्राप्तकर्ता थीं और 2005 में, [[UNA-USA]] द्वारा उन्हें ''ग्लोबल मानवतावादी पुरस्कार'' से सम्मानित किया गया।<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/4333544.stm Jolie honoured for refugee role.] BBC समाचार. 12 अक्टूबर 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> [[कंबोडिया]] के राजा [[नोरोडम सिहमोनी]] ने 12 अगस्त 2005 को देश में जोली द्वारा संरक्षण कार्य के लिए, उन्हें कंबोडिया की नागरिकता से सम्मानित किया; जोली ने [[बट्टमबैंग]] के उत्तर-पश्चिमी प्रांत में वन्य जीव अभयारण्य की स्थापना के लिए $5 मिलियन का वचन दिया और वहां उनकी संपत्ति भी है।<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/4144518.stm Jolie given Cambodian citizenship.] BBC समाचार. 12 अगस्त 2000. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> सन् 2007 में जोली [[विदेशी संबंध परिषद]] की सदस्या बनीं,<ref>ग्रीन, मेरी. [http://www.people.com/people/article/0, 20041839,00.html?xid=rss-topheadlines Angelina Jolie Joins Council on Foreign Relations.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल'' 7 जून 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और उन्हें [[अंतर्राष्ट्रीय बचाव समिति]] द्वारा [[स्वतंत्रता पुरस्कार]] प्रदान किया गया।<ref>UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/news/opendoc.htm?tbl=NEWS&id=473055832 High Commissioner and Angelina Jolie to receive IRC Freedom Award.] UNHCR.org. 10 नवम्बर 2007 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
== रिश्ते ==
28 मार्च 1996 को, जोली ने अपनी फ़िल्म ''[[हैकर]]'' (1995) के सह-कलाकार ब्रिटिश अभिनेता [[जॉनी ली मिलर]] से शादी की। उन्होंने अपने विवाह में रबर का काला पैंट और सफ़ेद शर्ट पहन रखी थी, जिस पर अपने ख़ून से उन्होंने दूल्हे का नाम लिखा था।<ref>* बैंडन, एलैक्ज़ांड्रा. [http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C07E7DF1230F936A1575BC0A960958260&sec=&spon=&pagewanted=all Following, Ambivalently, in Mom or Dad's Footsteps.] ''दी न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 25 अगस्त 1996 अभिगम 25 फ़रवरी 2006.</ref> अगले साल जोली और मिलर में संबंध विच्छेद हो गया और बाद में 3 फ़रवरी 1999 को तलाक़ हुआ। उनके बीच बाद में भी संबंध अच्छे रहे, जिसके बारे में जोली ने स्पष्टीकरण दिया कि "यह बस समय की बात थी। मुझे लगता है कि वे बहुत ही अच्छे एक ऐसे पति हैं, जैसा हर लड़की चाहती है। मैं उनसे हमेशा प्यार करती रहूंगी, हम बस युवा थे।"<ref name="Angelina Jolie interviews featuring Jonny Lee Miller"/>
''[[पुशिंग टिन]]'' (1999) की शूटिंग के दौरान वे अमेरिकी अभिनेता [[बिली बॉब थार्नटन]] से मिलीं और बाद में 5 मई 2000 को उनसे शादी कर ली। अपने जुनून और प्यार के संकेतों की अक्सर सार्वजनिक घोषणा की वजह से - जिनमें सर्वाधिक मशहूर है अपने गले में एक दूसरे के ख़ून की शीशियों को लटकाए घूमना - उनका रिश्ता मनोरंजन मीडिया का पसंदीदा विषय बन गया।<ref name="News for Angelina Jolie">WENN. [http://www.imdb.com/name/nm0001401/news News for Angelina Jolie.] IMDb.com. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली और थार्नटन के बीच 27 मई 2003 को तलाक हुआ। उनकी शादी के अचानक भंग करने के बारे में पूछे जाने पर जोली ने कहा, "मुझे भी इसने चौंका दिया, क्योंकि रातों रात हम पूरी तरह बदल चुके थे। मुझे लगता है कि अचानक एक दिन हम में कुछ भी आम नहीं था। और यह डरावना है, लेकिन ... मुझे लगता है कि ऐसा हो सकता है कि जब किसी और में आपकी दिलचस्पी बढ़ रही हो और आप खुद अभी इस बात को नहीं जानते."<ref name="Learning To Fly">Van Meter, Jonathan. [https://web.archive.org/web/20071221225830/http://www.style.com/vogue/feature/022304/page2.html Learning To Fly]. ''वोग.'' मार्च 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
[[चित्र:Angelina Jolie Brad Pitt Cannes.jpg|thumb|left|upright|जोली और ब्रैड पिट, डिओविले अमेरिकी फ़िल्म समारोह 2007 में]]
जोली ने साक्षात्कार में कहा है कि वह [[उभयलिंगी]] है और लंबे समय पहले ही स्वीकार किया है कि उनके और ''[[फ़ॉक्सफ़ायर]]'' (1996) की सह अभिनेत्री [[जेनी शिमिज़ु]] के बीच लैंगिक संबंध थे, "मैं शायद जेनी के साथ शादी कर लेती, यदि मैंने अपने पति से शादी नहीं की होती तो. जिस पल मेरी नज़र उस पर पड़ी, उसी पल मुझे उससे प्यार हो गया था।"<ref>'Tis the Season to Be Jolie. ''गर्लफ्रेंड मैगज़ीन.'' दिसम्बर 1997.</ref> 2003 में जब उनसे पूछा गया कि क्या वे उभयलिंगी हैं, तो जोली ने कहा, "बेशक. अगर कल मुझे किसी महिला से प्यार हो जाए, तो क्या मुझे उसका चुंबन लेना और उसे छूना ठीक लगेगा? अगर मुझे उसके साथ प्यार हो जाए? बिल्कुल! हां!<ref name="Angelina, saint vs. sinner">केसनर, जूलियन एंड मेगना मिशेल. [https://web.archive.org/web/20060207100110/http://www.nydailynews.com/front/story/387860p-329048c.html Angelina, saint vs. sinner]. ''न्यूयॉर्क डेली न्यूज़'' 2 फ़रवरी 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
2005 की शुरूआत में, जोली एक बेहद प्रचारित हॉलीवुड लोकापवाद में शामिल हुईं, जब उन पर अभिनेता [[ब्रैड पिट]] और [[जेनिफर एनिस्टन]] के बीच तलाक का कारण बनने का आरोप लगाया गया था। आरोप था कि उनके और पिट के बीच ''[[मिस्टर एंड मिसेज़ स्मिथ]]'' (2005) के फ़िल्मांकन के दौरान प्रेम-संबंध शुरू हुआ था। उन्होंने कई अवसरों पर इसका खंडन किया, लेकिन स्वीकार किया कि उनके बीच सेट पर "प्यार हो गया" था।<ref>हैरिस, मार्क. [http://www.nytimes.com/2008/10/19/movies/19harr.html?_r=2&pagewanted=all The Mommy Track.] ''द न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 15 अक्टूबर 2008. अभिगम 18 अक्टूबर 2008.</ref> 2005 के एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया, "एक शादीशुदा आदमी के साथ नज़दीकियां, जब मेरे अपने पिता ने मेरी मां के साथ धोखा दिया, कुछ ऐसी बात है, जिसे मैं खुद माफ़ नहीं कर सकती हूं. सुबह मैं खुद अपनी सूरत नहीं देख पाती, यदि मैंने वह किया। मैं एक ऐसे आदमी के प्रति आकर्षित नहीं हो सकती, जो अपनी पत्नी को धोखा देता है।"<ref name="Angelina, saint vs. sinner"/>
जहां जोली और पिट ने अपने रिश्ते की प्रकृति पर सार्वजनिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं कीं, वहीं 2005 के दौरान अटकलबाजियां जारी रहीं। पहली अंतरंग [[फ़ोटो पत्रकार]] तस्वीरें अप्रैल में उभरीं, एनिस्टन द्वारा तलाक़ के लिए अर्जी दायर करने के एक महीने बाद; जिसमें पिट और जोली, उनके बेटे मैडक्स के साथ केन्या में समुद्र तट पर दिखे। गर्मियों के दौरान जोली और पिट बारंबार एक साथ देखे जाने लगे और मनोरंजन मीडिया ने उन्हें एक युगल जोड़ी माना और उन्हें नाम दिया [["ब्रैंजलिना".]] 11 जनवरी 2006 को, जोली ने ''[[पीपल]]'' में पुष्टि की कि वे पिट के बच्चे की मां बनने वाली हैं और इस तरह पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने संबंध की पुष्टि की। <ref name="News for Angelina Jolie"/>
== बच्चे ==
<div style="margin:0 0 1.5em 1em;background:#f9f9f9;float:right;width:250px;font-size:95%" class="NavFrame"><div class="NavHead" style="background:#B0C4DE;font-size:90%">जोली के बच्चे</div>
<div class="NavContent" style="font-size:normal;text-align:left">
* मैडॉक्स शिवान जोली-पिट<br />{{small|(born अगस्त 5, 2001 in [[Cambodia]]; adopted मार्च 10, 2002)}}
* पैक्स थीयन जोली-पिट<br />{{small|(born नवम्बर 29, 2003 in [[Vietnam]]; adopted मार्च 15, 2007)}}
* ज़हारा मार्ले जोली-पिट<br />{{small|(born जनवरी 8, 2005 in [[Ethiopia]]; adopted जुलाई 6, 2005)}}
* शीलोह नाउवेल जोली-पिट<br />{{small|(born मई 27, 2006 in [[Swakopmund]], [[Namibia]])}}
* नॉक्स-लियॉन जोली पिट<br />{{small|(born जुलाई 12, 2008 in [[Nice]], France)}}
* विवियन मार्शलीन जोली-पिट<br />{{small|(born जुलाई 12, 2008 in Nice, France)}}
</div></div>
10 मार्च 2002 को जोली ने अपने पहले बच्चे, सात महीने के मैडॉक्स शिवान को गोद लिया।<ref name="Angelina Jolie's Name Interrupted"/> उसका जन्म 5 अगस्त 2001 को [[कंबोडिया]] में रथ वाइबॉल के रूप में हुआ था और वह शुरूआत में [[बैटमबैंग]] के एक स्थानीय अनाथालय में रहता था। जोली ने ''[[Lara Croft: Tomb Raider|टूंब रैडर]]'' फ़िल्माते समय और 2001 में [[UNHCR]] क्षेत्र की यात्रा पर, दो बार कंबोडिया का दौरा करने के बाद, गोद लेने के लिए आवेदन का फ़ैसला किया। अपने दूसरे पति [[बिली बॉब थोर्नटन]] से तलाक के बाद, जोली को मैडॉक्स की एकल अभिरक्षा हासिल हुई। जोली के अन्य बच्चों की तरह, मैडॉक्स ने काफ़ी लोकप्रियता प्राप्त की है और नियमित रूप से अख़बार मीडिया में दिखाई देता रहता है।<ref>BANG मीडिया इंटरनेशनल. [http://www.lifestyleextra.com/ShowbizNews.asp?Code=EQ203331T&headline=maddox_cutest_kid_ Maddox cutest kid.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120119165934/http://www.lifestyleextra.com/ShowbizNews.asp?Code=EQ203331T&headline=maddox_cutest_kid_ |date=19 जनवरी 2012 }} ''लाइफ़ स्टाइल एक्स्ट्रा.'' 20 जुलाई 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
जोली ने 6 जुलाई 2005 को [[इथियोपिया]] से छह महीने की लड़की, ज़हारा मार्ले को गोद लिया। ज़हारा का जन्म 8 जनवरी 2005 को हुआ था। मूल रूप से उसकी मां ने उसका नाम येम्सरच रखा था,<ref name="pflanz1120">फ़्लांज़, माइक. [http://www.telegraph.co.uk/news/uknews/1569961/Angelina-Jolie%27s-adopted-baby-%27result-of-rape%27.html Angelina Jolie's adopted baby 'result of rape'.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090210131117/http://www.telegraph.co.uk/news/uknews/1569961/Angelina-Jolie%27s-adopted-baby-%27result-of-rape%27.html |date=10 फ़रवरी 2009 }} ''टेलीग्राफ़.'' 20 नवम्बर 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और बाद में एक अनाथालय में क़ानूनी नाम टीना एडम दिया गया था।<ref>बेल, जॉन.[https://web.archive.org/web/20070329045625/http://movies.yahoo.com/mv/news/st/20050714/112135320003.html Angelina's Baby Zahara: Her touching family story]. Yahoo मूवीज़. 14 जुलाई 2005. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने उसे [[अदीस अबाबा]] में वाइड होराइजंस फ़ॉर चिल्ड्रन्स अनाथालय से अपनाया। संयुक्त राज्य अमेरिका को लौटने के कुछ ही समय बाद, ज़हारा को निर्जलीकरण और कुपोषण के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। सन् 2007 में, मीडिया आउटलेट ने रिपोर्ट किया कि ज़हारा की जैविक मां, मेन्टेवेब डविट, अभी भी जीवित है और अपनी बेटी वापस चाहती हैं, लेकिन बाद में उन्होंने इन खबरों का यह कहते हुए खंडन किया कि उनके विचार में ज़हारा जोली द्वारा गोद लिए जाने के लिए "बहुत भाग्यशाली" है।<ref name="pflanz1120"/>
[[ब्रैड पिट]] कथित तौर पर उपस्थित थे, जब जोली ने गोद लेने के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए और अपनी बेटी को संभाला;<ref name="News for Angelina Jolie"/> बाद में जोली ने संकेत दिया कि उसने और पिट ने एक साथ ज़हारा को अपनाने का फैसला किया।<ref>[http://transcripts.cnn.com/TRANSCRIPTS/0606/20/acd.01.html Anderson Cooper 360 - Angelina Jolie: Her Mission and Motherhood. ] CNN.com. 20 जून 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 19 जनवरी 2006 को, कैलिफ़ोर्निया में एक न्यायाधीश ने क़ानूनी रूप से जोली के दो बच्चों को गोद लेने के पिट के अनुरोध को मंजूरी दे दी। उनके उपनामों को औपचारिक रूप से बदल दिया गया "जोली-पिट".<ref>[http://www.msnbc.msn.com/id/10927183/ Judge says Jolie's children can take Pitt's name.] एसोसिएटेड प्रेस. 19 जनवरी 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
जोली ने 27 मई 2006 को [[स्वाकोपमुंड]], [[नामीबिया]] में नियत [[शल्य प्रसव]] द्वारा एक बेटी शीलोह नाउवेल को जन्म दिया। पिट ने पुष्टि की कि उनकी नवजात बेटी के पास नामीबिया का पासपोर्ट होगा,<ref>रोशलाउ, फ़्राउक. [https://archive.today/20120604204632/www.monstersandcritics.com/people/news/article_1170812.php Little Shiloh will be Namibian: Angelina and Brad.] Deutsche Presse-Agentur. 7 जून 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और जोली ने फ़ैसला किया है कि वे ख़ुद अपने वितरक [[गेट्टी इमेजस]] के माध्यम से शिलोह की पहली तस्वीरें बेचेंगी, बजाय फ़ोटो पत्रकारों द्वारा इन्हें कीमती बनाने के। ''पीपल'' ने $4.1 मिलियन से ज़्यादा में उत्तर अमेरिकी अधिकारों को खरीदा, जबकि ब्रिटिश पत्रिका ''[[हेलो!]]'' ने मोटे तौर पर $3.5 मिलियन में अंतर्राष्ट्रीय अधिकार प्राप्त किए।<ref>[http://www.thetimes.co.za/PrintEdition/News/Article.aspx?id=780852 Jolie's twins to set new record.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090722124712/http://www.thetimes.co.za/PrintEdition/News/Article.aspx?id=780852 |date=22 जुलाई 2009 }} ''द टाइम्स.'' 8 जून 2008. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली और पिट ने सभी लाभ एक अज्ञात चैरिटी को दान कर दिए। न्यूयॉर्क में [[मैडम तुसाद्स]] ने दो महीने की शिलोह के [[मोम के पुतले]] का अनावरण किया, यह मैडम तुसाद्स द्वारा तैयार पहला शिशु पुतला है।<ref>[http://www.usatoday.com/life/people/2006-07-27-shiloh_x.htm NYC Wax Museum Shows Off Jolie-Pitt Baby.] ''USA टुडे.'' 27 जुलाई 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
15 मार्च 2007 को जोली ने [[वियतनाम]] से एक तीन साल के लड़के पैक्स थीन को गोद लिया,<ref>केन ली. [http://www.people.com/people/article/0, 20040831,00.html Angelina Jolie's Son Legally Named Pax Thien Jolie-Pitt] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल.'' 31 मई 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जो 29 नवम्बर 2003 को पैदा हुआ था और एक स्थानीय अस्पताल में छोड़ दिया गया था, जहां उसका शुरूआती नाम था फाम क्वांग सैंग.<ref name="Jolie sorry to throw media spotlight on adopted boy">AFP. [https://archive.today/20120702214516/news.ninemsn.com.au/article.aspx?id=255199 Jolie sorry to throw media spotlight on adopted boy.] [[नाइन न्यूज़.]] 17 मार्च 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> जोली ने [[हो ची मिन्ह सिटी]] में टैम बिन्ह अनाथालय से लड़के को अपनाया था।<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/6452741.stm Angelina Jolie adopts Vietnam boy.] BBC समाचार. 15 मार्च 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उसने ज़ाहिर किया है कि उसका पहला नाम पैक्स, उसकी मां ने अपनी मौत से पहले सुझाया था।<ref>नॉर्मन, पीट. [http://www.people.com/people/article/0, 20042763,00.html Angelina Jolie: Brad and I मई Want Up to 14 Kids.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल.'' 15 जून 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
मीडिया द्वारा महीनों अटकलें लगाये जाने के बाद, जोली ने [[2008 कान फ़िल्म समारोह]] में पुष्टि की कि वे जुड़वां बच्चों की उम्मीद कर रहीं हैं। उसने एक बेटे नॉक्स लियोन और एक बेटी विवियन मार्शलीन को शल्य प्रसव द्वारा 12 जुलाई 2008 को फ़्रान्स के [[नाइस]] में लेनवल अस्पताल में जन्म दिया। <ref>AP. [http://www.msnbc.msn.com/id/25657370/ It's a boy and a girl for Jolie and Pitt.] MSNBC.com. 13 जुलाई 2008. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> नॉक्स और विवियन की पहली छवियों के संयुक्त अधिकार'' पीपल'' और ''हेलो!'' को $14 मिलियन में बेचे गए - जो किसी भी सेलिब्रिटी की सबसे महंगी तस्वीरें हैं। पैसे जोली/पिट फाउंडेशन में पहुंचे।<ref>कार्लसन, एरिन. [http://abcnews.go.com/Entertainment/wireStory?id=5496001 Person close to deal: Jolie-Pitt pix for $14 mil.] एसोसिएटेड प्रेस. 1 अगस्त 2008. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
== मीडिया में ==
[[चित्र:Angelina jolie lugar.jpg|thumb|upright|जोली एक फ़ोटो सेशन में, वाशिंगटन, D.C. 2005 में]]
जोली अपने लोकप्रिय पिता [[जॉन वोइट]] के कारण छोटी उम्र में ही मीडिया में प्रकट हुईं। सात वर्ष की उम्र में उनके पिता द्वारा सह-लिखित और अभिनीत ''[[लुकिंग टु गेट आउट]]'' में उन्होंने एक छोटी भूमिका निभाई और 1986 और 1988 में उनके साथ किशोरी के रूप में [[अकादमी पुरस्कार]] में भाग लिया। लेकिन, जब उन्होंने अपने अभिनय कैरियर की शुरूआत की, तो अपने मंच नाम के तौर पर जोली ने "वाइट" का उपयोग न करने का फ़ैसला किया, क्योंकि वह एक अभिनेत्री के रूप में ख़ुद अपनी पहचान स्थापित करना चाहती थीं।<ref name="News for Angelina Jolie"/> जोली ने विवाद से कभी शर्म महसूस नहीं किया और अपने कैरियर के प्रारंभिक दिनों में किशोरी के रूप में बतौर "जंगली लड़की" अपनी छवि को सार्वजनिक व्यक्तित्व में एकीकृत किया। [[2000 अकादमी पुरस्कार]] में अपने स्वीकृति भाषण के दौरान जोली ने घोषणा की, "मैं अपने भाई से प्रेम करती हूं", जिसने उस रात उनके भाई [[जेम्स हेवन]] के प्रति प्रेमपूर्ण व्यवहार के कारण, कौटुंबिक अनैतिक संबंध को लेकर अख़बार मीडिया में अटकलों को मौक़ा दिया। उन्होंने ज़ोरदार तरीक़े से उन अफवाहों का खंडन किया और जोली और हेवन ने अपने बाद के साक्षात्कारों बताया कि उनके माता-पिता के तलाक बाद वे एक दूसरे पर भरोसा करने लगे थे और यही वजह है कि वे भावनात्मक समर्थन के एक साधन के रूप में एक दूसरे से जुड़े हैं।<ref name="News for Angelina Jolie"/>
जोली ने किसी प्रचारक या एजेंट को नियुक्त नहीं किया है।<ref>बार्न्स, ब्रूक्स. [http://www.nytimes.com/2008/11/21/business/media/21angelina.html Angelina Jolie’s Carefully Orchestrated Image .] ''द न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 20 नवम्बर 2008. अभिगम 24 नवम्बर 2008.</ref> वह जल्दी ही अख़बारों की चहेती बन गई, क्योंकि वह साक्षात्कारों में ख़ुद को मुखर रूप में प्रस्तुत करती थीं, जहां वे अपनी प्रेम जीवन और [[BDSM]] में रुचि की खुले आम चर्चा करती थीं,<ref name="Wild at heart"/> और एक बार "एक महिला प्रशंसक के साथ सोने की संभावना" का दावा किया।<ref name="Angelina, saint vs. sinner"/> सबसे विशिष्ट शारीरिक विशेषताओं के रूप में, जोली के होंठों ने उल्लेखनीय रूप से मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है और उनके रूप-सौंदर्य को कॉस्मेटिक सर्जरी की शौक़ीन महिलाओं के बीच "पश्चिम में मौजूदा सोने के मानक" के तौर पर वर्णित किया गया है।<ref>आप [http://www.smh.com.au/news/beauty/jolie-good/2007/04/12/1175971251818.html Everyone wants to look like Jolie.] ''द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड.'' 12 अप्रैल 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> वे [[बिली बॉब थार्नटन]] के साथ अपने काफ़ी प्रचार पाने वाली शादी पर और उसके बाद वैश्विक मानवीय समस्याओं के समर्थन की वजह से सुर्खियों में बनी रहीं। जब उन्होंने [[UNHCR सद्भावना राजदूत]] की भूमिका को ग्रहण किया, तब से अपनी लोकप्रिय हस्ती का, दुनिया भर में मानवीय कारणों पर प्रकाश डालने के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया। जोली 2004 के बाद से विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही हैं और उनके पास एक निजी पायलट लाइसेंस ([[उपकरण दर्जे]] के साथ) है और वे एक [[सिरस SR22]] हवाई जहाज की मालिक हैं।<ref>नॉर्मन, पीट. [http://www.people.com/people/article/0, 20039712,00.html Angelina Jolie Taking a Year Off Work.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल.'' 22 मई 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> मीडिया ने अटकलें लगाईं कि जोली एक बौद्ध है, लेकिन उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे को मैडोक्स को [[बौद्ध धर्म]] सिखाती हैं, क्योंकि वह उसे बेटे की संस्कृति का हिस्सा मानती हैं। जोली ने निश्चित रूप से यह नहीं बताया कि वह भगवान में विश्वास करती हैं या नहीं। जब 2000 में उनसे पूछा गया कि क्या कोई परमेश्वर है, तो उन्होंने कहा, "जो लोग उन पर विश्वास करते हैं, उनके लिए ऐसा हो सकता है। मुझे अपने लिए भगवान की ज़रूरत नहीं है।<ref>थांपसन, स्टीफन. [http://www.avclub.com/content/node/24504 Is there a God?.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070305184837/http://www.avclub.com/content/node/24504 |date=5 मार्च 2007 }} ''द ए.वी. क्लब.'' 6 सितंबर 2000. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
[[चित्र:AngelinaJolieBradPittAAFeb09.jpg|thumb|left|जोली और पिट, 81वें अकादमी पुरस्कार फरवरी 2009 में]]
2005 में प्रारंभ होते हुए, [[ब्रैड पिट]] के साथ उनका रिश्ता, दुनिया भर में बहु चर्चित क़िस्सों में से एक बन गया। 2006 के प्रारंभ में जोली द्वारा अपने गर्भावस्था की पुष्टि के बाद, उनको लेकर अभूतपूर्व मीडिया प्रचार "पागलपन की हद तक" पहुंच गया, जैसा कि [[रॉयटर्स]] ने उनकी कहानी "ब्रैंजलीना बुख़ार" में वर्णित किया है।<ref name="The Brangelina fever">[http://www.theage.com.au/articles/2006/02/06/1139074140202.html The Brangelina fever.] रॉयटर्स. 6 फ़रवरी 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> मीडिया के ध्यान से बचने की कोशिश में, यह युगल जोड़ी शीलोह के जन्म के लिए [[नामीबिया]] पहुंची, "यीशु मसीह के बाद सबसे प्रत्याशित बच्चे" के रूप में जिसको वर्णित किया गया है।<ref>लियोनार्ड, टेरी. [http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2006/05/25/AR2006052501187.html Namibia Shielding Pitt and Jolie.] एसोसिएटेड प्रेस. 25 मई 2006 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> दो साल बाद, जोली की दूसरी गर्भावस्था ने दुबारा मीडिया उन्माद को जन्म दिया। [[नाइस]] में समुंदर के किनारे स्थित अस्पताल में उनके द्वारा गुज़ारे दो सप्ताह में, पत्रकार और फ़ोटोग्राफ़रों ने जन्म की रिपोर्ट देने के लिए विहार-स्थल के बाहर डेरा जमाया.<ref>ग्रुबेर, बेन. [http://www.reuters.com/article/entertainmentNews/idUSL1322562520080715 Jolie twins doctor admits to pre-birth pressure.] {{Webarchive|url=https://archive.today/20120604/http://www.reuters.com/article/entertainmentNews/idUSL1322562520080715 |date=4 जून 2012 }} रॉयटर्स 15 जुलाई 2008. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
आज, जोली दुनिया भर की प्रसिद्ध हस्तियों में से एक हैं। [[क्यू स्कोर]] के अनुसार, 2000 में, ऑस्कर जीतने के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका में उत्तर देने वालों में से 31% ने कहा कि वे जोली से परिचित हैं, जबकि 2006 तक आते-आते अमेरिका के 81% लोग उनसे परिचित थे।<ref name="Bad Girl Interrupted"/> 2006 में [[ACNielsen]] उद्योग द्वारा 42 अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में किए गए वैश्विक सर्वेक्षण में जोली, ब्रैड पिट के साथ, ब्रांड और उत्पादों के लिए दुनिया भर में पसंदीदा सेलिब्रिटी समर्थक पाए गए।<ref>ACNielsen. [http://www.afaqs.com/news/company_news/Corporate/9263.html Angelina Jolie, Brad Pitt top the charts, as favourite celebrity endorsers.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090722062354/http://www.afaqs.com/news/company_news/Corporate/9263.html |date=22 जुलाई 2009 }} ''एजेंसी फ़ैक्ट्स.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2006 और 2008 में जोली, दुनिया में सबसे प्रभावशाली 100 लोगों की सूची [[टाइम 100]] में शामिल थीं।<ref>ब्राउन, मैलोच. [http://www.time.com/time/2006/time100/ The Time 100.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060502231929/http://www.time.com/time/2006/time100/ |date=2 मई 2006 }} ''टाइम.'' 30 अप्रैल 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref><ref>क्लूनी, जॉर्ज. [http://www.time.com/time/specials/2007/article/0,28804,1733748_1733756,00.html समय 100.] {{Webarchive|url=https://archive.today/20120604/http://www.time.com/time/specials/2007/article/0,28804,1733748_1733756,00.html |date=4 जून 2012 }} ''टाइम.'' अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> 2006 में वे ''[[पीपल]]'' के "100 सबसे सुंदर" अंक में, उन्हें दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला के रूप में वर्णित किया गया,<ref name="Most Beautiful">[http://www.people.com/people/article/0, 20034523_1187416,00.html 2006's Most Beautiful Star: Angelina Jolie.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190407133006/https://people.com/people/article/0, |date=7 अप्रैल 2019 }} ''पीपल.'' 26 अप्रैल 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और 2007 में ब्रिटेन के [[चैनल 4]] टेलीविज़न शो ''द 100 ग्रेटेस्ट सेक्स सिंबल्स'' में सर्वकालिक सबसे महान सेक्स प्रतीक के रूप में वे चुनी गईं। <ref name="Jolie named sexiest person ever">[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/6390647.stm Jolie named 'sexiest person ever'.] BBC समाचार. 24 फ़रवरी 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> ''[[हॉलीवुड रिपोर्टर]]'' ने जोली को 2008 की सर्वाधिक पारिश्रमिक पाने वाली अभिनेत्री के रूप में नामित किया, जो $15 मिलियन प्रति फ़िल्म कमाती थीं।<ref>[https://web.archive.org/web/20080705043657/http://www.hollywoodreporter.com/hr/features/womeninentertainment/celebrity-gallery.jsp Women In Entertainment.] ''द हॉलीवुड रिपोर्टर.'' अभिगम 26 मार्च 2009.</ref> 2009 में उन्होंने [[फ़ोर्ब्स]] की वार्षिक [[सेलिब्रिटी 100]] की सूची में भी अव्वल दर्जे पर रहीं;<ref>[http://www.forbes.com/2009/06/03/forbes-100-celebrity-09-jolie-oprah-madonna-intro.html The World's Most Powerful Celebrities.] ''फ़ोर्ब्स.'' 3 जून 2009 अभिगम 18 जून 2006.</ref> इससे पहले 2007 में 14वें स्थान पर,<ref>[http://www.forbes.com/2007/06/14/best-paid-celebrities-07celebrities_cz_lg_0614celeb_land.html The Celebrity 100.] ''फ़ोर्ब्स.'' 14 जून 2009 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और 2008 में 3रे स्थान पर रही थीं।<ref>[http://www.forbes.com/lists/2008/53/celebrities08_Angelina-Jolie_T5SH.html The Celebrity 100.] ''फ़ोर्ब्स.'' 30 जून 2008 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref>
== टैटू ==
[[चित्र:Jolietattoo.png|thumb|जोली न्यूयॉर्क में, अपने कई दृश्यमान टैटू के साथ, जून 2007]]
जोली के कई टैटू मीडिया का ज़्यादा ध्यान आकर्षित करते रहे हैं और अक्सर साक्षात्कारकर्ताओं द्वारा इस विषय को संबोधित किया गया है। जोली ने कहा कि, जहां वे फ़िल्म नग्नता के खिलाफ़ नहीं है, वहीं उनके शरीर पर टैटू की बड़ी संख्या ने नग्न या प्रेम दृश्यों की योजना बनाते समय, फ़िल्म निर्माताओं को अधिक रचनात्मक होने पर मजबूर कर दिया है।<ref>कर्कलैंड, ब्रुस. [http://jam.canoe.ca/Movies/Artists/J/Jolie_Angelina/2003/10/19/759420.html The new Angelina Jolie.] जैम! शोबिज़. 19 अक्टूबर 2003 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उनकी अनेक फ़िल्मों में टैटू को ढकने के लिए मेकअप का उपयोग किया गया है। इस समय जानकारी के अनुसार जोली के शरीर पर तेरह टैटू हैं, उनमें शामिल हैं [[टेनेसी विलियम्स]] के उद्धरण "जंगली दिल के लिए एक प्रार्थना, जिसे पिंजरे में बंद रखा है", जो उसने अपनी माँ के साथ मिल कर बनवाया, अरबी भाषा के वाक्यांश "العزيمة" (इच्छा शक्ति), लैटिन कहावत "''quod me nutrit me destruit'' " (जो मेरा पोषण करता है, मुझे नष्ट करता है),<ref>थॉमस, करेन. [http://www.usatoday.com/life/2003-07-17-jolie-side_x.htm Angelina Jolie, tattoo diarist.] ''USA टुडे.'' 7 जुलाई 2003. अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> और एक [[यंत्र]] प्रार्थना जो उनके बेटे मैडॉक्स के लिए प्राचीन [[खमेर लिपि]] में लिखी है।<ref>[http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2972855.stm Jolie adds Thai tattoo.] BBC समाचार. 24 अप्रैल 2003 अभिगम 8 सितंबर 2008.</ref> उनकी बाईं बांह में ऊपर छह भौगोलिक निर्देशांक भी हैं, जो उनके बच्चों के जन्म स्थलों को सूचित करते हैं।<ref>[http://www.smh.com.au/news/web/angelinas-new-geotattoos/2008/10/07/1223145273346.html Angelina shows off her new geo-tattoos.] ''द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड.'' 7 अक्टूबर 2008. अभिगम 22 अक्टूबर 2008.</ref> समय के साथ-साथ उन्होंने अपने कई टैटू ढक दिए या लेसर करवाया, जिनमें शामिल हैं उनके पूर्व पति [[बिली बॉब थार्नटन]] का नाम "बिली बॉब", मृत्यु के लिए चीनी अक्षर (死), उनकी पीठ में नीचे एक खिड़की; बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि खिड़की को इसलिए हटाया कि पहले वे हमेशा बाहर रहने की तमन्ना लिए खिड़की के बाहर देखा करती थीं, लेकिन अब अधिकांश समय वे बाहर ही रहती हैं।<ref name="Inside the Actors Studio"/>
== फ़िल्मोग्राफ़ी ==
{|class="wikitable" style="font-size: 90%;" border="2" cellpadding="4" background: #f9f9f9;
|- align="center"
! style="background:#B0C4DE;" | वर्ष
! style="background:#B0C4DE;" | फ़िल्म
! style="background:#B0C4DE;" | भूमिका
! style="background:#B0C4DE;" | नोट
|-
|1982
| ''[[लुकिंग टू गेट आउट]]''
| टॉश
|
|-
|rowspan="3"| 1993
| "एंजेला एंड विरिल"
| एंजेला
| 2 मिनट लघु फ़िल्म
|-
| "एलिस एंड विरिल"
| एलिस
| 2 मिनट लघु फ़िल्म
|-
| ''[[साइबोर्ग 2]]''
| कैसेला "कैश" रीज़
|
|-
|rowspan="2"|1995
| ''[[विदाउट एविडेन्स]]''
| जोडी स्वेरिनजेन
|
|-
| ''[[हैकर्स]]''
| केट "एसिड बर्न" लिब्बी
|
|-
|rowspan="3"|1996
| ''[[मोजेव मून]]''
| इलिनॉर "इली" रिग्बी
|
|-
| ''[[लव इज़ ऑल देयर इज़]]''
| जीना मालसिसी
|
|-
| ''[[फ़ॉक्सफ़ायर]]''
| मार्गरेट "लेग्स" सैडोवस्की
|
|-
|rowspan="3"| 1997
| ''[[ट्रू विमेन]]'' (टी.वी.)
| जॉर्जिया वर्जीनिया लॉश वुड्स
|
|-
| ''[[जॉर्ज वालेस]]'' (टी.वी.)
| [[कॉर्नेलिया वालेस]]
| [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार - श्रृंखला/लघु-श्रृंखला/टी.वी. मूवी]]<br />नामांकित - [[लघु-श्रृंखला या मूवी में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए एम्मी पुरस्कार]]
|-
| ''[[प्लेयिंग गॉड]]''
| क्लेयर
|
|-
| rowspan="4"| 1998
| ''[[जिया]]'' (टी.वी.)
| [[जिया मेरी कारंगी]]
| [[टी.वी. के लिए निर्मित लघु-श्रृंखला या मोशन पिक्चर में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]<br />[[टी.वी.मूवी या लघु-श्रृंखला में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[लघु-श्रृंखला या मूवी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए एम्मी पुरस्कार]]
|-
| ''[[हेल्स किचन]]''
| ग्लोरिया मॅकनियरी
|
|-
| ''[[प्लेइंग बाइ हार्ट]]''
| जोआन
| [[नेशनल बोर्ड ऑफ़ रिव्यू पुरस्कार - निर्णायक अभिनय]]
|-
| ''[[पुशिंग टिन]]''
| मेरी बेल
|
|-
| rowspan="2"| 1999
| ''[[द बोन कलेक्टर]]''
| अमेलिया डोनाघी
|
|-
| ''[[गर्ल, इंटरप्टेड]]''
| लीज़ा रोव
| [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]]<br />[[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए ब्रॉडकास्ट फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />[[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - मोशन पिक्चर के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]<br />[[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - मोशन पिक्चर के लिए स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कार के लिए शिकागो फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन]]
|-
| 2000
| ''[[गॉन इन सिक्सटी सेकंड्स]]''
| सारा "स्वे" वेलैंड
|
|-
| rowspan="2"| 2001
| ''[[लारा क्रॉफ्ट: टॉम्ब रेडर]]''
| लारा क्रॉफ्ट
| नामांकित - सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार<br />नामांकित - सर्वश्रेष्ठ मारधाड़ के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार
|-
| ''[[ओरिजिनल सिन]]''
| जूलिया रसेल
|
|-
| 2002
| ''[[लाइफ़ ऑर समथिंग लाइक इट]]''
| लेनी केरिगन
|
|-
| rowspan="2"| 2003
| ''[[लारा क्रॉफ्ट टॉम्ब रेडर: द क्रेडल ऑफ़ लाइफ़]] ''
| लारा क्रॉफ्ट
|
|-
| ''[[बियॉन्ड बार्डर्स]]''
| सारा जॉर्डन
|
|-
| rowspan="5"| 2004
| ''[[टेकिंग लाइव्स]]''
| इलियाना स्कॉट
|
|-
| ''[[शार्क टेल]]''
| लोला
| वाइस
|-
| ''[[स्काई कैप्टन एंड दी वर्ल्ड ऑफ़ टुमारो]]''
| फ़्रैन्सेस्का "फ़्रैन्की" कुक
| पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - फ़ेवरेट फ़ीमेल एक्शन स्टार
|-
| ''[[द फ़ीवर]]'' (टी. वी.)
| क्रांतिकारी
| लघु पात्र
|-
| ''[[अलेक्जांडर]]''
| ऑलंपियास
|
|-
| 2005
| ''[[मिस्टर एंड मिसेज़ स्मिथ]]''
| जेन स्मिथ
| [[सर्वश्रेष्ठ मारधाड़ के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ चुंबन के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा महिला मूवी स्टार]]<br />नामांकित - [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा महिला एक्शन स्टार]]<br />नामांकित - [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा परदे पर जोड़ी]] ([[ब्रैड पिट]] के साथ)
|-
| 2006
| ''[[गुड शेफ़र्ड]]''
| मार्गरेट रसेल
|
|-
| rowspan="2"| 2007
| ''[[ए माइटी हार्ट]]''
| [[मेरीयन पर्ल]]
| नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए ब्रॉडकास्ट फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए शिकागो फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - मोशन पिक्चर ड्रामा के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ प्रमुख महिला भूमिका के लिए इंडिपेंडेन्ट स्पिरिट पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए लंडन फ़िल्म क्रिटिक्स सर्कल पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए ऑन-लाइन फ़िल्म क्रिटिक्स सोसाइटी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - मोशन पिक्चर के लिए स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार]]
|-
| ''[[बियोवुल्फ़]]''
| [[ग्रेन्डेल की मां]]
| नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ खलनायक के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]
|-
|rowspan="3"| 2008
| ''[[कुंग फ़ू पांडा]]''
| [[मास्टर टाइग्रेस]]
| आवाज़
|-
| ''[[वांटेड]]''
| फ़ॉक्स
| [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा महिला एक्शन स्टार]]<br />नामांकित - [[पीपुल्स च्वाइस अवार्ड - पसंदीदा महिला मूवी स्टार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ महिला प्रदर्शन के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ चुंबन के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ WTF पल के लिए एमटीवी मूवी पुरस्कार]]
|-
| ''[[चेंजलिंग]]''
| [[क्रिस्टीन कॉलिन्स]]
| [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए सैटर्न पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[प्रमुख भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए BAFTA पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए ब्रॉडकास्ट फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए शिकागो फ़िल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - मोशन पिक्चर ड्रामा के लिए गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए लंदन फ़िल्म क्रिटिक्स सर्कल पुरस्कार]]<br />नामांकित - [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - मोशन पिक्चर के लिए स्क्रीन अभिनेता गिल्ड पुरस्कार]]
|-
| 2010
| ''[[साल्ट]]''
| एवलिन साल्ट
| (निर्माणाधीन)
|}
== पुरस्कार ==
{| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:90%"
|- bgcolor="#B0C4DE" align="center"
!वर्ष
!पुरस्कार
!श्रेणी
!फ़िल्म
!परिणाम
|-
| rowspan="4"| 1998
| [[एम्मी पुरस्कार]]
| [[लघु-श्रृंखला या फ़िल्म में उत्कृष्ट सहायक अभिनेत्री]]
| rowspan="2"| ''[[जॉर्ज वालेस]]''
| {{award-nom}}
|-
| [[गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]]
| [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - श्रृंखला/ लघु-श्रृंखला/टी.वी. मूवी]]
| {{award-won}}
|-
| [[नेशनल बोर्ड ऑफ़ रिव्यू पुरस्कार]]
| सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन - महिला
| ''[[प्लेइंग बाइ हर्ट]]''
| {{award-won}}
|-
| एम्मी पुरस्कार
| [[लघु-श्रृंखला या फ़िल्म में सर्वश्रेष्ठ प्रमुख अभिनेत्री]]
| rowspan="3"| ''[[जिया]]''
| {{award-nom}}
|-
| rowspan="2"| (1999)
| गोल्डन ग्लोब पुरस्कार
| [[लघु-श्रृंखला या टी.वी. के लिए निर्मित मोशन पिक्चर में अभिनेत्री द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन]]
| {{award-won}}
|-
| [[स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार]]
| [[टी.वी. मूवी या लघु-श्रृंखला में अभिनेत्री द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन]]
| {{award-won}}
|-
| rowspan="3"| 2000
| गोल्डन ग्लोब पुरस्कार
| [[सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - (मोशन पिक्चर)]]
| rowspan="3"| ''[[गर्ल, इंटरप्टेड]]''
| {{award-won}}
|-
| स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार
| [[सहायक भूमिका में अभिनेत्री द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन]]
| {{award-won}}
|-
| [[अकादमी पुरस्कार]]
| [[सहायक भूमिका में अभिनेत्री द्वारा प्रदर्शन]]
| {{award-won}}
|-
| rowspan="1"| 2004
| [[पीपुल्स च्वाइस पुरस्कार]]
| पसंदीदा महिला एक्शन स्टार
| rowspan="1"| ''[[स्काई कैप्टन एंड द वर्ल्ड ऑफ़ टुमारो]]''
| {{award-won}}
|-
| rowspan="2"| 2008
| गोल्डन ग्लोब पुरस्कार
| [[मोशन पिक्चर - ड्रामा में एक अभिनेत्री द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन]]
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| स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार
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| [[मोशन पिक्चर - ड्रामा में एक अभिनेत्री द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन]]
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| स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार
| [[प्रमुख भूमिका में अभिनेत्री द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन]]
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| [[बाफ्टा पुरस्कार]]
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| अकादमी पुरस्कार
| [[प्रमुख भूमिका में एक अभिनेत्री द्वारा प्रदर्शन]]
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| align="center" colspan="5"| {{small|(Source: [http://www.imdb.com/name/nm0001401/awards IMDb.com])}}
|}
== सन्दर्भ ==
=== नोट ===
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=== अतिरिक्त पठन ===
* मॅकफ़े, एडगर. ''एंजेलीना जोली: एंजल इन डिसगाइस.'' आइकन प्रेस, 2005. इस्बं 1-894864-25-5
* जोली, एंजेलीना. ''[[नोट्स फ़्राम माई ट्रैवल्स.]]'' पॉकेट बुक्स, 2003. ISBN 0-7434-7023-0.
* विल्स, डोमिनिक. [http://www.tiscali.co.uk/entertainment/film/biographies/angelina_jolie_biog.html Angelina Jolie biography.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090228194045/http://www.tiscali.co.uk/entertainment/film/biographies/angelina_jolie_biog.html |date=28 फ़रवरी 2009 }} टिस्कली.co.uk. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/help/opendoc.pdf?tbl=HELP&id=439d41052 Angelina Jolie UNHCR Goodwill Ambassador Fact Sheet.] UNHCR.org. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* UNHCR. [http://www.unhcr.org/cgi-bin/texis/vtx/help/opendoc.htm?tbl=HELP&id=4399624c2 Field Missions.] UNHCR.org. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* बैंडन, एलेक्ज़ांड्रा. [http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C07E7DF1230F936A1575BC0A960958260&sec=&spon=&pagewanted=all Following, Ambivalently, in Mom or Dad's Footsteps.] दी न्यूयॉर्क टाइम्स. 25 अगस्त 2007 अभिगम 25 फ़रवरी 2006.
* रोशलिन, मार्गी. [http://www.nytimes.com/2001/06/17/arts/17ROCH.html?ex=1232254800&en=000201710cccb8e3&ei=5070 Angelina Jolie: For a Fighting Machine, a 'Bad Girl' Image Is Good.] दी न्यूयॉर्क टाइम्स. 17 जून 2008. अभिगम ६ जनवरी 2009.
* हीथ, क्रिस. [http://www.rollingstone.com/news/story/5938014/blood_sugar_sex_magic Blood, Sugar, Sex, Magic.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090423015714/http://www.rollingstone.com/news/story/5938014/blood_sugar_sex_magic |date=23 अप्रैल 2009 }} रोलिंग स्टोन जुलाई 2001. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* वैन मीटर, जोनाथन. [https://web.archive.org/web/20071209202602/http://www.style.com/vogue/feature/032602/page2.html बॉडी व्युटिफ़ुल]. ''वोग.'' अप्रैल 2002. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* वैन मीटर, जोनाथन. [https://web.archive.org/web/20071221225830/http://www.style.com/vogue/feature/022304/page2.html लर्निंग टु फ़्लाई]. ''वोग.'' मार्च 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* श्रुअर्स, फ्रेड. Angelina Jolie. ''प्रीमियर पत्रिका.'' अक्टूबर 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* सीसम्स, केविन [https://web.archive.org/web/20070503044807/http://fansites.hollywood.com/~ajolie/int34.html Wild at heart.] ''एल्यूर.'' नवंबर 2004. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* स्विबेल, मैथ्यू. [http://www.forbes.com/forbes/2006/0703/118_print.html Bad Girl Interrupted.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090912170926/http://www.forbes.com/forbes/2006/0703/118_print.html |date=12 सितंबर 2009 }} फ़ोर्ब्स. 12 जून 2006. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* वैन मीटर, जोनाथन. [https://web.archive.org/web/20071209202628/http://www.style.com/vogue/feature/121206/page2.html द बोल्ड एंड द ब्युटिफ़ुल]. ''वोग.'' जनवरी 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* पामर, मार्टिन. [http://entertainment.timesonline.co.uk/tol/arts_and_entertainment/film/article2378287.ece Angelina Almighty.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110616111808/http://entertainment.timesonline.co.uk/tol/arts_and_entertainment/film/article2378287.ece |date=16 जून 2011 }} ''द टाइम्स.'' 8 सितंबर 2007. अभिगम 8 सितंबर 2008.
* हैरिस, मार्क. [http://www.nytimes.com/2008/10/19/movies/19harr.html?partner=rssnyt The Mommy Track.] ''न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 15 अक्टूबर 2008. अभिगम 16 जनवरी 2009.
* बार्न्स, ब्रूक्स. [http://www.nytimes.com/2008/11/21/business/media/21angelina.html Angelina Jolie’s Carefully Orchestrated Image.] ''द न्यूयॉर्क टाइम्स.'' 20 नवम्बर 2008. अभिगम 24 नवम्बर 2008.
== बाहरी कड़ियाँ ==
*{{Commons-inline|Angelina Jolie}}
* {{imdb|0001401}}
* {{ymovies name|1800019275}}
* {{people.com}}
* [http://www.unhcr.org/pages/49c3646c56.html UNHCR Goodwill Ambassador Angelina Jolie,] UNHCR.org में आधिकारिक मुखपृष्ठ
* [https://web.archive.org/web/20200629001936/https://www.unhcr.org/pages/49c3646c56.html Angelina Jolie's Refugee Journals,] जोली की पत्रिकाएं (2002-2005) UNHCR.org पर
* [http://www.ushmm.org/museum/exhibit/online/congojournal/ Journey Through Eastern Congo,] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070810020220/http://www.ushmm.org/museum/exhibit/online/congojournal/ |date=10 अगस्त 2007 }} मल्टीमीडिया पत्रिका, जोली द्वारा सुनाई गई, U.S.
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सिसवा बाज़ार
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'''सिसवा बाज़ार''' (Siswa Bazar) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[महराजगंज ज़िले]] में स्थित एक नगर पालिका परिषद है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC |date=23 अप्रैल 2017 }}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref>
== Facebook page 👉🌐👇siswa bazar Maharajganj ==
सिसवा बाज़ार में सात महत्वपूर्ण स्कूल है.U.P. बोर्ड संचालित 1- आर० पी ० इंटर कॉलेज 2-- प्रेमलाल सिंघानिया कन्या इंटर कॉलेज 3-चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज तथा CBSE बोर्ड संचालित 4- सेंट जोसफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल 5- स्टर्लिंग पब्लिक स्कूल 6- यस के यस डी सीनियर [https://www.facebook.com/share/17S7epdGsW/ '''Facebook page'''] स्कूल 7- यूपी पब्लिक स्कूल । सिसवा बाज़ार प्रदेश की सबसे पुरानी टाउन एरिया है। यहाँ के लोग मुख्यतःकृषि पर निर्भर है, जिसमे गन्ना, चावल, गेहू, तिलहन इत्याद मुख्य उत्पाद है। यहां पर यातायात के लिए रेलवे प्रमुख साधन है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[महराजगंज ज़िला]]
* [[फैजाबाद]]
* [[राजेसुल्तानपुर]]
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== सन्दर्भ ==
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== विवरण ==
सिसवा बाज़ार में सात महत्वपूर्ण स्कूल है.U.P. बोर्ड संचालित 1- आर० पी ० इंटर कॉलेज 2-- प्रेमलाल सिंघानिया कन्या इंटर कॉलेज 3-चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज तथा CBSE बोर्ड संचालित 4- सेंट जोसफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल 5- स्टर्लिंग पब्लिक स्कूल 6- यस के यस डी सीनियर सेकेंडरी स्कूल 7- यूपी पब्लिक स्कूल । सिसवा बाज़ार प्रदेश की सबसे पुरानी टाउन एरिया है। यहाँ के लोग मुख्यतःकृषि पर निर्भर है, जिसमे गन्ना, चावल, गेहू, तिलहन इत्याद मुख्य उत्पाद है। यहां पर यातायात के लिए रेलवे प्रमुख साधन है।
== इन्हें भी देखें ==
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सिसवा बाजार महाराजगंज की सम्पूर्ण जानकारी के लिए,, इस लिंक पर क्लिक करें 🌐👉https://www.facebook.com/share/17S7epdGsW/
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== विवरण ==
सिसवा बाज़ार में सात महत्वपूर्ण स्कूल है.U.P. बोर्ड संचालित 1- आर० पी ० इंटर कॉलेज 2-- प्रेमलाल सिंघानिया कन्या इंटर कॉलेज 3-चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज तथा CBSE बोर्ड संचालित 4- सेंट जोसफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल 5- स्टर्लिंग पब्लिक स्कूल 6- यस के यस डी सीनियर सेकेंडरी स्कूल 7- यूपी पब्लिक स्कूल । सिसवा बाज़ार प्रदेश की सबसे पुरानी टाउन एरिया है। यहाँ के लोग मुख्यतःकृषि पर निर्भर है, जिसमे गन्ना, चावल, गेहू, तिलहन इत्याद मुख्य उत्पाद है। यहां पर यातायात के लिए रेलवे प्रमुख साधन है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[महराजगंज ज़िला]]
* [[फैजाबाद]]
* [[राजेसुल्तानपुर]]
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== सन्दर्भ ==
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'''सिसवा बाज़ार''' (Siswa Bazar) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[महराजगंज ज़िले]] में स्थित एक नगर पालिका परिषद है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC |date=23 अप्रैल 2017 }}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref>
== विवरण ==
सिसवा बाज़ार में सात महत्वपूर्ण स्कूल है.U.P. बोर्ड संचालित 1- आर० पी ० इंटर कॉलेज 2-- प्रेमलाल सिंघानिया कन्या इंटर कॉलेज 3-चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज तथा CBSE बोर्ड संचालित 4- सेंट जोसफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल 5- स्टर्लिंग पब्लिक स्कूल 6- यस के यस डी सीनियर सेकेंडरी स्कूल 7- यूपी पब्लिक स्कूल । सिसवा बाज़ार प्रदेश की सबसे पुरानी टाउन एरिया है। यहाँ के लोग मुख्यतःकृषि पर निर्भर है, जिसमे गन्ना, चावल, गेहू, तिलहन इत्याद मुख्य उत्पाद है। यहां पर यातायात के लिए रेलवे प्रमुख साधन है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[महराजगंज ज़िला]]
* [[फैजाबाद]]
* [[राजेसुल्तानपुर]]
* [[गोरखपुर]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:महराजगंज ज़िला]]
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{{About|the video game genre|the board game genre|Adventure board game|the television series|The Adventure Game}}
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'''ऐड्वेंचर गेम''' (अंग्रेज़ी: ''Adventure game'') एक कंप्यूटर-आधारित वीडियो गेम है जिसमें शारीरिक चुनौती की बजाए अन्वेषण (Exploration) और पहेली को सुलझाने (Puzzle solving) पर आधारित एक संवादात्मक कहानी होती है। इसमें आमतौर पर खिलाड़ी को मुख्य नायक माना जाता है।<ref name="fundamentals">{{Citation|last=Rollings|first=Andrew|authorlink=|author2=Ernest Adams|title=Fundamentals of Game Design|publisher=Prentice Hall|year=2006|location=|url=http://wps.prenhall.com/bp_gamedev_1/54/14053/3597646.cw/index.html|access-date=23 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20171231072651/http://wps.prenhall.com/bp_gamedev_1/54/14053/3597646.cw/index.html|archive-date=31 दिसंबर 2017|url-status=live}}</ref> इसकी शैली मुख्य रूप से कहानी पर केंद्रित होती है जो इसे साहित्य और फिल्म जैसे अन्य कहानी-आधारित मीडिया से विषय ग्रहण करने की अनुमति देती है। लगभग सभी ऐड्वेंचर गेम का डिज़ाइन केवल एकल खिलाड़ी (Single-player) के लिए ही होता है, क्योंकि कहानी और चरित्रों पर अत्यधिक बल देने के कारण इसे बहु-खिलाड़ियों (Multiplayer) के लिए डिज़ाइन करना काफी कठिन हो जाता है।<ref name="perspectives">{{Citation|title=Game Design Perspectives|chapter=Special Issues in Multiplayer Game Design|first=Joe|last=Hitchens|editor=François-Dominic Laramée|publisher=Charles River Media|year=2002|page=258}}</ref>
पश्चिमी दुनिया में, इस शैली की लोकप्रियता 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक के मध्य के दौरान चरम पर थी, जब कई लोगों का मानना था कि यह सबसे अधिक उन्नत तकनीक वाली शैली है। हालाँकि, अब इसे कभी-कभी एक विशिष्ट या सीमित (Niche) शैली माना जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.gamasutra.com/view/feature/1453/the_circle_of_life_an_analysis_of_.php|title=The Circle of Life: An Analysis of the Game Product Lifecycle|website=www.webcitation.org|access-date=2026-03-10|archive-date=13 मई 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130513044550/http://www.gamasutra.com/view/feature/129880/the_circle_of_life_an_analysis_of_.php?print=1|url-status=dead}}</ref> दूसरी तरफ पूर्वी एशिया में, 'दृश्य उपन्यास' (Visual novel) के रूप में ऐड्वेंचर गेम की लोकप्रियता लगातार जारी है, जो [[जापान]] में जारी होने वाले लगभग 70% पीसी गेम्स का हिस्सा है।<ref name="ANN">{{cite web| date = 8 फरवरी 2006| url = http://www.animenewsnetwork.com/pressrelease.php?id=1510| title = AMN and Anime Advanced Announce Anime Game Demo Downloads| publisher = Hirameki International Group Inc.| accessdate = 1 दिसंबर 2006| archive-url = https://web.archive.org/web/20200729122357/https://www.animenewsnetwork.com/press-release/2006-02-08/amn-and-anime-advanced-announce-anime-game-demo-downloads| archive-date = 29 जुलाई 2020| url-status = live}}</ref>
== परिभाषा ==
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|-
| उद्धरण
|-
| पहेलियाँ सुलझाना (पज़ल सॉल्विंग) या समस्या का हल करना
|<ref name="fundamentals" /><ref name="rollings">{{citation | last = Rollings | first = Andrew | last2 = Adams | first2 = Ernest | year = 2003 | title = Andrew Rollings and Ernest Adams on Game Design | publisher = New Riders | isbn = 1592730019 | page = 443 | url = http://books.google.com/?id=Qc19ChiOUI4C | accessdate = 10 जुलाई 2008}}</ref><ref name="encyclopedia">{{citation | last=Kent | first=Allen | last2=Williams | first2=James G | title=Encyclopedia of microcomputers | year=1989 | volume=3 | publisher=CRC Press | isbn=0824727029 | page=143 | url=http://books.google.com/?id=I79N-8QTzjwC | accessdate=25 जुलाई 2008 }}</ref><ref name="agdefinition">{{citation | title=What are adventure games? | url=http://adventuregamers.com/article/id,149 | publisher=adventuregamers.com | date=15 अक्टूबर 2002 | accessdate=26 जुलाई 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080702195815/http://www.adventuregamers.com/article/id%2C149 | archive-date=2 जुलाई 2008 | url-status=dead }}</ref><ref name="alessi">{{citation | last=Alessi | first=Stephen M. | last2=Trollip | first2=Stanley R. | title=Computer-based instruction: methods and development | year=1985 | publisher=Prentice-Hall | page=205 | url=http://books.google.com/?id=Dy0eAAAAMAAJ | accessdate=25 जुलाई 2008 | isbn=0131641611}}</ref><ref name="Gibson">{{citation | last=Gibson | first=David | last2=Aldrich | first2=Clark | title=Games And Simulations in Online Learning: Research And Development Frameworks | year=2006 | publisher=Information Science Pub. | page=276 | url=http://books.google.com/?id=6EMOFjbABbQC | accessdate=26 जुलाई 2008 | isbn=9781599043050}}</ref><ref name="pedersen">{{citation | last=Pedersen | first=Roger E. | title=Game Design Foundations Second Edition | isbn=1556229739 | year=2003 | publisher=Wordware Publishing | pages=36–37 | url=http://www.jbpub.com/Catalog/9781598220346/Overview/ | access-date=23 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20091007002446/http://www.jbpub.com/Catalog/9781598220346/Overview/ | archive-date=7 अक्तूबर 2009 | url-status=dead }}</ref><ref name="peterson">{{citation | title=Genesis II, Creation and Recreation with Computers: Creation and Recreation With Computers | last=Peterson | first=Dale | year=1983 | publisher=Reston Pub. Co. | isbn=0835924343 | page=[https://archive.org/details/genesisiicreatio0000pete/page/189 189] | url=https://archive.org/details/genesisiicreatio0000pete/page/189 }}</ref>
|-
| कथा या संवादात्मक कहानी
|<ref name="fundamentals" /><ref name="rollings" /><ref name="encyclopedia"/><ref name="Gibson" /><ref name="peterson" />
|-
| अन्वेषण (Exploration)
|<ref name="fundamentals" /><ref name="rollings" /><ref name="encyclopedia" />
|-
| खिलाड़ी को नायक / चरित्र की भूमिका में माना जाता है।
|<ref name="fundamentals" /><ref name="rollings" /><ref name="alessi" />
|-
| वस्तुओं का संग्रह या उनमें हेरफेर (Inventory management)।
|<ref name="rollings" /><ref name="encyclopedia"/>
|}
"ऐड्वेंचर गेम" शब्द की उत्पत्ति 1970 के दशक के कंप्यूटर गेम ''ऐड्वेंचर'' (Adventure) से हुई है,<ref name="rollings" /><ref name="encyclopedia" /> जो गेमप्ले की एक नई शैली का अग्रगामी बना। बाद में इसकी व्यापक रूप से नकल की गई और यह अपने आप में एक शैली बन गया। साहित्यिक शैली के विपरीत (जो अपने विषय से परिभाषित होती है), वीडियो गेम शैली अपने 'गेमप्ले' (Gameplay) द्वारा परिभाषित होती है।<ref name="fundamentals" />
इस शैली के आवश्यक तत्वों में कहानी, अन्वेषण और पहेली सुलझाना शामिल है।<ref name="fundamentals" /> ऐड्वेंचर गेम को ऐसी पहेलियों के रूप में वर्णित किया गया है जो कथा के ढांचे में सन्निहित होती हैं,<ref name="agdefinition" /> जहां गेम में "कथा सामग्री शामिल होती है जिसे खिलाड़ी चरण दर चरण खोलता जाता है।"<ref name="rules-385">{{citation | title=[[Rules of Play]]: Game Design Fundamentals | isbn=0-262-24045-9 | last=Salen | first=Katie | authorlink=Katie Salen | last2=Zimmerman | first2=Eric | authorlink2=Eric Zimmerman | page=385 | year=2003 | publisher=MIT Press }}</ref> जिन गेमों में खिलाड़ी पहेलियां सुलझाते समय कहानी के मुख्य प्रवाह से नहीं भटकते, उन्हें अच्छे गेम डिज़ाइन का उदाहरण माना जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=0z_OBQAAQBAJ&printsec=copyright&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Game Design: From Blue Sky to Green Light|last=Todd|first=Deborah|date=2007-02-23|publisher=CRC Press|isbn=978-1-4398-9409-5|language=en}}</ref>
=== अन्य शैलियों से संबंध ===
ऐड्वेंचर गेम में युद्ध और एक्शन चुनौतियां काफी कम या बिल्कुल नहीं होती हैं,<ref name="fundamentals" /> जो उन्हें एक्शन गेम से अलग करता है।<ref name="agdefinition" /> ''एंड्रयू रोल्लिंग्स एंड अर्नेस्ट एडम्स ऑन गेम डिजाइन'' पुस्तक में लेखक ने कहा है कि "इसमें युद्ध पर कम जोर दिया जाता है, इसका अर्थ यह नहीं होता कि ऐड्वेंचर गेम में कोई विवाद ही नहीं होता...लेकिन इतना जरूर है कि युद्ध प्राथमिक गतिविधि नहीं है।"<ref name="rollings" /> कुछ ऐड्वेंचर गेम अन्य वीडियो गेम शैली से एक मिनी-गेम को शामिल करते हैं, जिसकी शुद्धतावादियों द्वारा हमेशा सराहना नहीं की जाती है।<ref name="fundamentals" /> बेशक, इसमें कुछ ऐसे गेम भी हैं जिनमें शुरू से अंत तक एक्शन और ऐड्वेंचर का मिश्रण होता है।<ref>{{citation | url=http://adventuregamers.com/article/id,903/ | title=Insecticide, Part 1 review | publisher=[[Adventure Gamers]] | accessdate=5 अगस्त 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080811024218/http://www.adventuregamers.com/article/id%2C903/ | archive-date=11 अगस्त 2008 | url-status=dead }}</ref> इस प्रकार के मिश्रित एक्शन-ऐड्वेंचर गेम में शुद्ध ऐड्वेंचर गेम के मुकाबले अधिक शारीरिक चुनौतियां और तेज गति होती है।
ऐड्वेंचर गेम रोल-प्लेइंग वीडियो गेम (RPG) से भी अलग होता है जिसमें एक्शन, टीम निर्माण और पॉइंट प्रबंधन शामिल होते हैं।<ref name="agdefinition" /> ऐड्वेंचर गेम में संख्यात्मक नियमों या युद्ध कौशल प्रणाली का अभाव होता है।<ref name="fundamentals" /><ref name="rollings" /> हालांकि, कुछ मिश्रित गेम भी मौजूद होते हैं, जहां मज़बूत कथा और पहेली तत्वों के साथ रोल-प्लेइंग गेम को RPG-रोमांच माना जाता है।<ref>{{citation | url=http://www.mobygames.com/game/heros-quest-so-you-want-to-be-a-hero | title=Hero's Quest: So You Want To Be A Hero | publisher=[[MobyGames]] | accessdate=5 अगस्त 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080612232502/http://www.mobygames.com/game/heros-quest-so-you-want-to-be-a-hero | archive-date=12 जून 2008 | url-status=live }}</ref> अंततः ऐड्वेंचर गेम को पहेली गेम से अलग वर्गीकृत किया जाता है।<ref name="agdefinition" /> हालांकि एक ऐड्वेंचर गेम में पहेलियां शामिल हो सकती हैं, लेकिन वे आम तौर पर एक इंटरैक्टिव-कहानी में खिलाड़ी द्वारा नियंत्रित अवतार पर निर्भर होते हैं।<ref name="fundamentals" />
== गेम डिजाइन ==
=== पहेली हल ===
ऐड्वेंचर गेमों में विभिन्न प्रकार की पहेलियां शामिल होती हैं, जैसे संदेशों को डिकोड करना, चीजों को खोजना और उनका इस्तेमाल करना, बंद दरवाजे को खोलना, या नए स्थानों का पता लगाना।<ref name="game_development">{{citation|title=Fundamentals of Game Development|author= Heather Maxwell Chandler, Rafael Chandler | publisher = Jones & Bartlett Learning}}</ref> पहेली का हल गेम की दुनिया के नए क्षेत्रों को खोलता है और गेम की कहानी को आगे बढ़ाता है।<ref name="bergman">{{citation|author = Eric Bergman | title = Information appliances and beyond: interaction design for consumer products | publisher = Morgan Kaufmann }}</ref> तर्क पहेलियां (Logic puzzles), जहां खिलाड़ी के निगमनात्मक तर्क कौशल का परीक्षण किया जाता है, काफी आम होती हैं।<ref name="fundamentals" />
कुछ पहेलियों की आलोचना उनके हल की अस्पष्टता के लिए की गई है। उदाहरण के लिए ''द लॉन्गेस्ट जर्नी'' (The Longest Journey) में कपड़े सुखाने की रस्सी, क्लैंप और रबर का अजीब संयोजन, जो गेम की कहानी से बाहर होता है और खिलाड़ी के लिए केवल एक बाधा उत्पन्न करता है।<ref name="understanding">{{cite book | last1=Nielsen| first1=Simon | last2=Smith | first2=Jonas | last3=Tosca |first3=Susana | title=Understanding Video Games | url=https://archive.org/details/understandingvid00egen|year=2008 | publisher=Routledge | isbn=0-415-97721-5 |accessdate=9 जून 2010 | page=[https://archive.org/details/understandingvid00egen/page/n197 189]}}</ref> खिलाड़ियों को अंधे अंदाजे लगाने पर मजबूर करने के लिए, या पिक्सेल-हंटिंग (सही पिक्सेल पर क्लिक करने) के लिए भी कुछ खेलों की आलोचना की जाती रही है।<ref>{{citation|title=Introductory Programming with Simple Games|author= B. C. Ladd, Christopher James Jenkins | publisher = Wiley}}</ref> वे गेम भी कम लोकप्रिय हैं जिनमें खिलाड़ियों को भूलभुलैया (Maze) से गुज़रना पड़ता है, हालांकि प्रारम्भिक टेक्स्ट-ऐड्वेंचर गेम में आमतौर पर खिलाड़ियों को काल्पनिक स्थानों का मार्गनिर्देशन करने के लिए स्वयं मैप बनाने की आवश्यकता होती थी।<ref name="fundamentals" />
=== सामग्री का एकत्रीकरण और प्रयोग ===
कई ऐड्वेंचर गेमों में गेमप्ले के दौरान एक विशिष्ट इन्वेंट्री (Inventory) या प्रबंधन स्क्रीन का उपयोग किया जाता है।<ref name="fundamentals" /> चूँकि खिलाड़ी गेम में केवल कुछ ही वस्तुओं को उठा सकते हैं, इसलिए वे आमतौर पर समझ जाते हैं कि प्राप्त की गई वस्तु आगे जाकर महत्वपूर्ण होगी।<ref name="fundamentals" /> पिक्सेल हंटिंग से बचने के लिए कई आधुनिक गेम वस्तुओं को उजागर (Highlight) करने या कर्सर बदलने की तकनीक का उपयोग करते हैं।<ref name="IGN_adventure">{{Cite web|url=https://www.ign.com/pc|title=PC Games, Wikis, Cheats, Walkthroughs, News, Reviews & Videos|website=IGN|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20101216063628/http://pc.ign.com/articles/849/849843p1.html|archive-date=2010-12-16|access-date=2026-03-10}}</ref>
इन गेमों की कई पहेलियों में सामग्री का एकत्रीकरण और उसका सही प्रयोग शामिल होता है।<ref name="game_development" /> खिलाड़ियों को 'पार्श्विक सोच' (Lateral thinking) तकनीकों को लागू करना पड़ता है जहां वे वास्तविक दुनिया के ज्ञान का अप्रत्याशित तरीके से उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, एक गुलेल का निर्माण करने के लिए एक कैक्टस पर इनर ट्यूब लगाना।<ref name="fundamentals" /> खिलाड़ियों की स्मृति का परीक्षण करना भी सामान्य है जहां गेम के पूर्व में आई हुई सूचनाओं को याद रखकर चुनौती का सामना किया जाता है।<ref name="fundamentals" /> इसमें समय सीमा का दबाव कम ही होता है और तेज सोच की बजाए खिलाड़ियों की तार्किक क्षमता पर ध्यान दिया जाता है।<ref name="bergman" />
=== कहानी, समायोजन और विषय ===
ऐड्वेंचर गेम एक एकल-खिलाड़ी अनुभव है जो सर्वाधिक रूप से कहानी द्वारा संचालित होता है।<ref>{{cite web | url = http://www.gamasutra.com/view/feature/3393/designers_notebook_its_time_to_.php | author = Ernest Adams | title = It's Time To Bring Back Adventure Games | publisher = Gamasutra | date = 9 नवंबर 1999 | access-date = 23 अगस्त 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100509132544/http://www.gamasutra.com/view/feature/3393/designers_notebook_its_time_to_.php | archive-date = 9 मई 2010 | url-status = live }}</ref> किसी भी अन्य शैली से अधिक, ऐड्वेंचर गेम सम्मोहक अनुभव देने के लिए अपनी कहानियों और परिवेश पर निर्भर करता है।<ref name="fundamentals" /> आमतौर पर उनका समायोजन एक काल्पनिक दुनिया में किया जाता है,<ref name="encyclopedia" /><ref name="Gibson" /> और नवीनता को जोड़ने के लिए स्थान-स्थान पर परिवेश को बदलने की कोशिश की जाती है।<ref name="fundamentals" /> कॉमेडी एक आम विषय है, और जब खिलाड़ी बेतुके संयोजन करने का प्रयास करते हैं तो अक्सर गेम में हास्यास्पद प्रतिक्रियाएं दिखाई जाती हैं।<ref name="fundamentals" />
खिलाड़ी अक्सर किसी रहस्य को सुलझाने या किसी खोज में सम्मिलित होते हैं।<ref name="pedersen" /><ref name="alessi" /> इस प्रकार की रहस्यमय कहानियां डिजाइनरों को "एम्नेशिया (स्मृति लोप) की समस्या" से निपटने की अनुमति देती हैं, जहां खिलाड़ी गेम शुरू करते समय मुख्य किरदार और उसकी दुनिया के बारे में कुछ नहीं जानता।<ref name="problems">{{cite web | last=Adams | first=Ernest | title=The Designer's Notebook: Three Problems for Interactive Storytellers | url=http://www.gamasutra.com/view/feature/3414/the_designers_notebook_three_.php | publisher=[[Gamasutra]] | accessdate=9 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100510155724/http://www.gamasutra.com/view/feature/3414/the_designers_notebook_three_.php | archive-date=10 मई 2010 | url-status=live }}</ref>
=== संवाद और वार्तालाप वृक्ष ===
ऐड्वेंचर गेम में महत्वपूर्ण संवाद होते हैं और कभी-कभी वॉयस अभिनेताओं (Voice actors) द्वारा रिकॉर्ड किए गए संवादों का भी उपयोग किया जाता है।<ref name="fundamentals" /> गेम की इस शैली में संवादों को एक 'वार्तालाप वृक्ष' (Conversation tree) के रूप में दर्शाया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://www.goodreads.com/book/show/34796.Re|title=Re:play: game design + game culture|date=2003|publisher=P. Lang|isbn=978-0-8204-7053-5|editor-last=Scholder|editor-first=Amy|series=New literacies and digital epistemologies|location=New York|editor-last2=Zimmerman|editor-first2=Eric}}</ref> खिलाड़ी को संवाद के कई विकल्प दिए जाते हैं और उसके चुनाव के आधार पर खेल के पात्र प्रतिक्रिया देते हैं।<ref name="fundamentals" /> पहेलियों को कैसे सुलझाया जाए, इसके सुराग अक्सर अन्य चरित्रों के साथ बातचीत करने से ही मिलते हैं।<ref name="fundamentals" />
=== लक्ष्य, सफलता और विफलता ===
ऐड्वेंचर गेम में प्राथमिक लक्ष्य सौंपे गए कार्य या खोज को पूरा करना होता है।<ref name="pedersen-16">{{citation | last=Pedersen | first=Roger E. | title=Game Design Foundations Second Edition | isbn=1556229739 | year=2003 | publisher=Wordware Publishing | page=16 | url=http://www.jbpub.com/Catalog/9781598220346/Overview/ | access-date=23 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20091007002446/http://www.jbpub.com/Catalog/9781598220346/Overview/ | archive-date=7 अक्तूबर 2009 | url-status=dead }}</ref> प्रारम्भिक ऐड्वेंचर गेमों (जैसे ज़ोर्क) में अक्सर उच्च स्कोर (High score) का विकल्प होता था, साथ ही खिलाड़ियों को एक रैंक दिया जाता था।<ref name="montfort-136">{{citation | last = Montfort | first = Nick | author-link = Nick Montfort | year = 2003 | title = Twisty Little Passages: An Approach to Interactive Fiction | publisher = MIT Press | isbn = 0262633183 | page = 136 | url = http://books.google.com/?id=XiJFORKEm0oC | accessdate = 25 जून 2010}}</ref>
ऐड्वेंचर गेम में प्राथमिक विफलता की स्थिति "खिलाड़ी की मृत्यु" होती है, जिसे एक्शन खेलों से लिया गया है। हालांकि, कई आधुनिक डेवलपर्स अब इससे बचते हैं।<ref name="fundamentals" /> कुछ प्रारम्भिक ऐड्वेंचर गेमों में गेम समाप्त होने से पहले ही खिलाड़ियों को फंसा लिया जाता था। इन्फोकॉम के गेम ''द हिचिकर गाइड टू द गेलेक्सी'' की इस बात के लिए आलोचना की गई थी कि यदि खिलाड़ी शुरुआत में जंक मेल का गट्ठर उठाना भूल जाता है, तो वह बाद में गेम पूरा ही नहीं कर सकता।<ref name="twinkie">{{cite web | last=Adams | first=Ernest | title=Designer's Notebook: Bad Game Designer, No Twinkie! | url=http://www.gamasutra.com/view/feature/3260/designers_notebook_bad_game_.php | publisher=[[Gamasutra]] | accessdate=10 जून 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100510113532/http://www.gamasutra.com/view/feature/3260/designers_notebook_bad_game_.php | archive-date=10 मई 2010 | url-status=live }}</ref>
== उप-शैलियां ==
=== टेक्स्ट ऐड्वेंचर ===
{{Main|Interactive fiction}}
टेक्स्ट ऐड्वेंचर को इंटरैक्टिव फिक्शन (Interactive fiction) के रूप में भी जाना जाता है, जहाँ पाठ के अनुच्छेदों के माध्यम से खेल की कहानी को संप्रेषित किया जाता है और खिलाड़ी की-बोर्ड से निर्देश टाइप करता है। प्रारम्भिक टेक्स्ट ऐड्वेंचर गेमों (जैसे ''ऐड्वेंचर'', "ह्यूगो हाउस ऑफ होरर") में इन निर्देशों की व्याख्या एक सरल टेक्स्ट पार्सर (Text Parser) का उपयोग करके की जाती थी (जैसे "चाबी उठाओ" या "दरवाजा खोलो")।
=== ग्राफिक ऐड्वेंचर ===
{{Main|Graphic adventure game}}
ग्राफिक ऐड्वेंचर गेम में ग्राफिक्स का उपयोग खिलाड़ी के लिए पर्यावरण को संप्रेषित करने के लिए किया जाता है। पॉइंट-एंड-क्लिक (Point-and-click) सबसे सामान्य प्रकार का ग्राफिक ऐड्वेंचर है जिसमें खिलाड़ी पर्यावरण और पहेली को सुलझाने के लिए एक पॉइंटर और आमतौर पर एक माउस का इस्तेमाल करता है।
कुछ गेमों में प्रथम-व्यक्ति या तीसरे-व्यक्ति परिप्रेक्ष्य का उपयोग किया जाता है जहां कैमरे खिलाड़ियों की चाल का पीछा करते हैं, जबकि कई गेम प्रत्येक स्थान का सर्वश्रेष्ठ प्रभाव दिखाने के लिए स्थिर (Static) कैमरों का इस्तेमाल करते हैं।<ref name="fundamentals" />
=== पहेली रोमांच (पज़ल ऐड्वेंचर) ===
पहेली रोमांच खेल ऐसे गेम हैं जो साजिश या संवाद के बजाय पहेली हल करने पर काफी जोर देते हैं। वे आमतौर पर जटिल प्रक्रियाओं या 'रूब गोल्डबर्ग मशीनों' के उपयोग पर आधारित होते हैं।
कई पहेली ऐड्वेंचर को प्रथम पुरुष परिप्रेक्ष्य से ही खेला जाता है। शैली के उदाहरणों में ''शिज़्म'' (Schizm), ''अटलांटिस'' (Atlantis: The Lost Tales) और ''मिस्ट'' (Myst) शामिल हैं, जिसने इस उप-शैली का मार्ग प्रशस्त किया। इसका एक लोकप्रिय प्रकार 'कमरे से बचो' (Escape the room) उप-शैली है, जो कि छोटे फ्लैश गेम होते हैं जहां खिलाड़ी को कमरे से बाहर निकलने का रास्ता खोजना होता है (जैसे ''सबमशीन-सीरीज़'' और ''क्रिमसन रूम'')।
=== दृश्य उपन्यास ===
{{Main|Visual novel}}
[[चित्र:Wikipe-tan visual novel (Ren'Py).png|right|thumb|200px|एक दृश्य उपन्यास की एक छवि: दृश्य उपन्यास सामान्यतः संवाद बक्से और स्प्राईट द्वारा पहचाने जाते हैं।]]
दृश्य उपन्यास (Visual novel) एक जापानी ऐड्वेंचर गेम शैली है जिसमें अधिकांशतः अपरिवर्ती (Static) ग्राफिक्स और एनिमे-शैली की कला होती है। वे मिश्रित-मीडिया उपन्यास या सजीव चित्र मंच नाटक के सदृश होते हैं। दृश्य उपन्यास विशेष रूप से [[जापान]] में प्रचलित हैं, जहां वे पीसी गेम की कुल बिक्री का लगभग 70% हिस्सा हैं।<ref name="ANN" />
पश्चिमी देशों में इन्हें कभी-कभी "डेटिंग सिम्स" (Dating sims) भी कहा जाता है, हालांकि दृश्य उपन्यासों में आँकड़ों या सिमुलेशन तत्वों की कमी होती है और वे पूरी तरह से संवाद, एक्शन और बहु-विकल्पीय कहानियों पर निर्भर होते हैं। लोकप्रिय शीर्षकों में ''कनोन'' (1999), ''क्लानाड'' (2004), और ''फेट/स्टे नाइट'' (2004) शामिल हैं।
== इतिहास ==
=== प्रारंभिक विकास ===
{{See also|Interactive fiction}}
टेक्स्ट ऐड्वेंचर के रूप में पहला ऐड्वेंचर गेम देखा गया, जिसमें उपयोगकर्ता के साथ संवाद के लिए टेक्स्ट पार्सर (Text parser) का इस्तेमाल किया गया। इसका विकास ''हंट द वुम्पस'' (ग्रेगोरी योब) और ''ऐड्वेंचर'' (क्राउथर और वुड्स) जैसे प्रारम्भिक मेनफ़्रेम शीर्षकों द्वारा हुआ, जिसे बाद में इन्फोकॉम के ''ज़ोर्क'' सीरीज़ ने पर्सनल कम्प्यूटर पर लोकप्रिय बनाया। पुराने ऐड्वेंचर गेम की कहानी ऐसी होती थी मानो स्वयं खिलाड़ी ने वह दुनिया बसाई हो, और खिलाड़ी को खुद को अवतार के रूप में कल्पना करने की अनुमति दी जाती थी।<ref name="fundamentals" />
==== ऐड्वेंचर (1975-1977) ====
{{Main|Colossal Cave Adventure}}
[[चित्र:ADVENT -- Will Crowther's original version.png|thumb|300px|विल क्रोदर का ऐड्वेंचर का मूल संस्करण।]]
1970 के दशक के मध्य में विलियम क्राउथर ने ''ऐड्वेंचर'' (Adventure) नामक प्रोग्राम का विकास किया। क्राउथर, जो ARPANET के साथ जुड़े हुए थे, ने 300 किलोबाइट मेमोरी का उपयोग करके PDP-10 पर इस गेम का निर्माण किया।<ref name="montfort">{{citation | last = Montfort | first = Nick | author-link = Nick Montfort | year = 2003 | title = Twisty Little Passages: An Approach to Interactive Fiction | publisher = MIT Press | isbn = 0262633183 | page = 10 | url = http://books.google.com/?id=XiJFORKEm0oC | accessdate = 11 जुलाई 2008}}</ref><ref name="cameron">{{citation | last = Cameron | first = Keith | year = 1989 | title = Computer Assisted Language Learning: Program Structure and Principles | publisher = Intellect Books | isbn = 0893915602 | page = 40 | url = http://books.google.com/?id=KKetQ6wsGBAC | accessdate = 11 जुलाई 2008}}</ref><ref name="adventureland">{{cite web | url=http://www.alphaworks.com.au/scottadams/series.htm | title=Scott Adams Adventureland | accessdate=10 जुलाई 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080719230812/http://www.alphaworks.com.au/scottadams/series.htm | archive-date=19 जुलाई 2008 | url-status=dead }}</ref>
क्राउथर के कार्य को बाद में स्टेनफोर्ड में प्रोग्रामर डोन वुड्स द्वारा संशोधित और विस्तारित किया गया,<ref name="montfort" /> और यह प्रारम्भिक कंप्यूटर उत्साही लोगों के बीच बेतहाशा लोकप्रिय बन गया। यथार्थवादी गुफाओं के विवरण और जादुई तत्वों के संयोजन ने दशकों के लिए ऐड्वेंचर गेम शैली को परिभाषित किया।
==== ऐड्वेंचर इंटरनेशनल (1978-1985) ====
{{Main|Adventure International}}
कोलोसल केव के कई प्रशंसकों में से एक प्रोग्रामर स्कॉट एडम्स भी थे।<ref name="adventureland" /><ref name="byte">{{Cite book|url=http://archive.org/details/byte-magazine-1980-12|title=Byte Magazine Volume 05 Number 12 - Adventure|date=1980-12-17}}</ref><ref name="advcode">{{cite web| title=FORTRAN source code for Crowther and Woods' version of Adventure| url=http://www.ifarchive.org/if-archive/games/source/advent-original.tar.gz| format=tar.gz| accessdate=18 जुलाई 2008| archive-url=https://web.archive.org/web/20071216021831/http://www.ifarchive.org/if-archive/games/source/advent-original.tar.gz| archive-date=16 दिसंबर 2007| url-status=live}}</ref> 1978 में एडम्स ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 'ऐड्वेंचर इंटरनेशनल' (Adventure International) की स्थापना की। उनका पहला गेम ''ऐड्वेंचरलैंड'' (Adventureland) TRS-80 कंप्यूटर के लिए बनाया गया था, जो व्यावसायिक रूप से बेचा जाने वाला पहला ऐड्वेंचर गेम बना।<ref name="montfort121">{{citation | last = Montfort | first = Nick | author-link = Nick Montfort | year = 2003 | title = Twisty Little Passages: An Approach to Interactive Fiction | publisher = MIT Press | isbn = 0262633183 | page = 121 | url = http://books.google.com/?id=XiJFORKEm0oC | accessdate = 16 जुलाई 2008}}</ref> 1985 में कम्पनी के दिवालिया होने से पहले उन्होंने कुल 12 ऐड्वेंचर गेम बनाए।<ref>{{cite web | url=http://www.gamesetwatch.com/2006/07/gamesetinterview_adventure_int.php | title=GameSetInterview: Adventure International's Scott Adams | publisher=Gamesetwatch.com | date=19 जुलाई 2006 | accessdate=16 जुलाई 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160803114144/http://www.gamesetwatch.com/2006/07/gamesetinterview_adventure_int.php | archive-date=3 अगस्त 2016 | url-status=live }}</ref>
==== इन्फोकॉम (1979-1989) ====
{{Main|Infocom}}
एमआईटी (MIT) के कुछ छात्रों (डेव लेबलिंग, मार्क ब्लैंक आदि) ने ''ज़ोर्क'' (Zork) नामक गेम का विकास किया।<ref name="sloane">{{citation | last=Sloane | first=Sarah | title=Digital Fictions: Storytelling in a Material World | year=2000 | publisher=Greenwood Publishing Group | page=77 | url=http://books.google.com/?id=ICk2Fj_W4ygC | accessdate=18 जुलाई 2008 | isbn=9781567504828 }}</ref> 1979 में उन्होंने इसे व्यावसायिक रूप से बेचने के लिए 'इन्फोकॉम' (Infocom) कंपनी की स्थापना की।<ref name="montfort125">{{citation | last = Montfort | first = Nick | author-link = Nick Montfort | year = 2003 | title = Twisty Little Passages: An Approach to Interactive Fiction | publisher = MIT Press | isbn = 0262633183 | pages = 125–126 | url = http://books.google.com/?id=XiJFORKEm0oC | accessdate = 11 जुलाई 2008}}</ref> उन्होंने गेम को छोटे कंप्यूटरों पर चलाने के लिए Z-मशीन (Z-machine) नामक तकनीक विकसित की।<ref name="montfort127">{{citation | last = Montfort | first = Nick | author-link = Nick Montfort | year = 2003 | title = Twisty Little Passages: An Approach to Interactive Fiction | publisher = MIT Press | isbn = 0262633183 | page = 127 | url = http://books.google.com/?id=XiJFORKEm0oC | accessdate = 11 जुलाई 2008}}</ref> इन्फोकॉम ने बेहतरीन टेक्स्ट ऐड्वेंचर गेम्स का निर्माण किया, लेकिन ग्राफिक्स की बढ़ती मांग के कारण 1989 में इसे एक्टिविज़न (Activision) द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया।
=== ग्राफिकल विकास ===
{{See also|Graphic adventure game}}
ग्राफिक्स की शुरूआत 'ऑन-लाइन सिस्टम्स' (बाद में सिएरा ऑन-लाइन) द्वारा 1980 में हुई थी। ''मिस्टरी हाउस'' (1980) जैसे प्रारम्भिक ग्राफिक ऐड्वेंचर में बुनियादी वेक्टर ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया गया था। 1984 में एप्पल मैकिंटोश के शुभारम्भ के बाद पॉइंट-एंड-क्लिक (Point-and-click) इंटरफेस वाले नए गेम उभरे, जिनमें ICOM सिमुलेशन का ''डेजा वू'' (1985) और लुकासआर्ट्स का ''मेनिएक मेनसन'' (1987) प्रमुख थे।
==== सियरा (1979-1999) ====
{{Main|Sierra Entertainment}}
[[चित्र:Mystery House - Apple II render emulation - 2.png|thumb|250px|right|एप्पल II के लिए मिस्ट्री हाउस पहला ऐड्वेंचर गेम था जिसमें घरेलू कंप्यूटर युग में ग्राफ़िक्स का उपयोग किया गया था।]]
रोबर्टा विलियम्स और उनके पति केन विलियम्स ने ''मिस्टरी हाउस'' (Mystery House) का निर्माण किया, जो पहला ग्राफिक ऐड्वेंचर गेम था।<ref name="high134">{{citation | title=High Score!: The Illustrated History of Electronic Games | last=Demaria | first=Rusel | last2=Wilson | first2=Johnny L. | year=2003 | isbn=9780072231724 | publisher=McGraw-Hill Professional | pages=134–135 }}</ref><ref name="montfort169">{{citation | last = Montfort | first = Nick | author-link = Nick Montfort | year = 2003 | title = Twisty Little Passages: An Approach to Interactive Fiction | publisher = MIT Press | isbn = 0262633183 | pages = 169–170 | url = http://books.google.com/?id=XiJFORKEm0oC | accessdate = 11 जुलाई 2008}}</ref> 1980 में उन्होंने 'ऑन लाइन सिस्टम्स' की स्थापना की जो बाद में 'सिएरा ऑन-लाइन' (Sierra On-Line) बना। सिएरा ने ''किंग्स क्वेस्ट'' (King's Quest), ''पोलिस क्वेस्ट'', ''स्पेस क्वेस्ट'', और ''लेज़र सूट लैरी'' जैसी कई प्रसिद्ध श्रृंखलाएं बनाईं। सिएरा ने लगभग 20 वर्षों तक ऐड्वेंचर गेमिंग उद्योग पर राज किया।
==== जापानी ऐड्वेंचर गेम (1983-से अब तक) ====
{{See also|Visual novel}}
[[चित्र:Portopia PC-6001.gif|thumb|right|पोर्तोपिया रेंज़ोकू सत्सुजिन जिकेन (1983) में अपराध का स्थल, आरंभिक ऐड्वेंचर गेम जिसमें रंगीन ग्राफिक्स का उपयोग हुआ।]]
जापान का प्राचीनतम दृश्य उपन्यास और ग्राफिक ऐड्वेंचर गेम चनसॉफ्ट का ''पोर्टोपिया रेनज़ोको सटसुजिन जिकेन'' (1983) था। बाद में हिदेओ कोजिमा (Hideo Kojima) ने इसी से प्रेरित होकर ''स्नेचर'' (1988) और ''पोलिसनॉट्स'' (1994) जैसे गेम बनाए। जापानी ऐड्वेंचर गेम मुख्य रूप से संवाद और मेनू-आधारित नेविगेशन पर निर्भर होते हैं।
==== लुकासआर्ट्स (1986-2000) ====
{{Main|LucasArts}}
[[चित्र:C64 Maniac Mansion.png|thumb|250px|कमोडोर 64 पर मैनिएक मेनिसन, पहला गेम जिसमें SCUMM इंटरफ़ेस का उपयोग हुआ।]]
1987 में प्रोग्रामर रॉन गिल्बर्ट ने लुकासफिल्म गेम्स के लिए SCUMM इंजन का विकास किया। लुकासआर्ट्स ने ''द सिक्रेट ऑफ मोन्की आइलैंड'' (The Secret of Monkey Island) और ''डे ऑफ द टेंटेकल'' (Day of the Tentacle) जैसे कार्टून-शैली के अत्यंत सफल गेम बनाए। लुकासआर्ट्स ने खिलाड़ी के मरने की संभावना को समाप्त करके गेमप्ले में क्रांतिकारी बदलाव किए।
==== साइएन वर्ल्ड (1987-वर्तमान) ====
{{Main|Cyan Worlds}}
[[चित्र:Myst-library and ship.jpg|right|thumb|250px|मिस्ट ने ऐसी छवि प्रदान करने के लिए उच्च गुणवत्ता 3डी प्रदत्त ग्राफिक्स का प्रयोग किया जो अपने समय में अद्वितीय थी।]]
साइएन (Cyan) पहला डेवलपर था जिसने CD-ROM तकनीक का लाभ उठाया। उन्होंने 1993 में ''मिस्ट'' (Myst) जारी किया, जो पूर्व-प्रस्तुत 3D ग्राफिक्स वाला एक अत्यंत सफल प्रथम-व्यक्ति ऐड्वेंचर गेम था।<ref name="ign retro">{{cite web|author=Staff|date=1 अगस्त 2000|url=http://pc.ign.com/articles/082/082913p1.html|title=RC Retroview: Myst|publisher=[[IGN]]|accessdate=21 अप्रैल 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20120120054557/http://pc.ign.com/articles/082/082913p1.html|archive-date=20 जनवरी 2012|url-status=live}}</ref><ref name="1up">{{cite web|author=Parrish, Jeremy|url=http://www.1up.com/do/feature?cId=3134600|title=When SCUMM Ruled the Earth|publisher=[[1UP.com]]|accessdate=2 मई 2008|archive-url=https://www.webcitation.org/6ffGEdT2d?url=http://www.1up.com/features/essential-50-myst|archive-date=29 फ़रवरी 2016|url-status=live}}</ref> ''मिस्ट'' ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और 2000 में ''द सिम्स'' के आने तक यह सबसे अधिक बिकने वाला पीसी गेम बना रहा।<ref name="best-selling">{{cite web |url=http://www.gamespot.com/pc/strategy/simslivinlarge/news_2857556.html |title=The Sims overtakes Myst |accessdate=17 मार्च 2008 |author=Walker, Trey |date=22 मार्च 2002 |work=[[GameSpot]] |publisher=[[CNET Networks]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20071008173552/http://www.gamespot.com/pc/strategy/simslivinlarge/news_2857556.html |archive-date=8 अक्तूबर 2007 |url-status=live }}</ref>
=== आधुनिक युग ===
==== पतन ====
1990 के दशक के मध्य में फर्स्ट-पर्सन शूटर्स (जैसे ''डूम'' और ''हाफ-लाइफ'') की लोकप्रियता बढ़ने से ऐड्वेंचर गेम की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई। 3D ग्राफिक्स की ओर रुझान और मल्टी-प्लेयर ऑनलाइन गेम्स (MMORPGs) के उदय ने भी इसे बहुत प्रभावित किया। सिएरा और लुकासआर्ट्स जैसी बड़ी कंपनियों ने धीरे-धीरे इस शैली से किनारा कर लिया। हालांकि, यूरोपीय बाज़ार में यह शैली अब भी लोकप्रिय बनी रही।
==== नए निर्देश ====
[[चित्र:FIPConversation.jpg|thumb|right|250px|इंडिगो प्रोफेसी, 2005 में जारी, अपने अभिनव खेल के लिए विख्यात था।]]
आजकल पारंपरिक पॉइंट-एंड-क्लिक गेम भले ही कम हो गए हों, लेकिन 'एक्शन-ऐड्वेंचर' और तीसरे-व्यक्ति चरित्र वाले गेम बहुत आम हो गए हैं। क्वानटिक ड्रीम के ''फारेनहाइट'' (Fahrenheit/Indigo Prophecy) जैसे गेमों ने संवादात्मक कहानी को नई ऊंचाइयां दीं।<ref name="fundamentals" />
2006 में 'टेलटेल गेम्स' (Telltale Games) ने पुराने क्लासिक्स (जैसे ''सैम एंड मैक्स'') को 3D एपिसोडिक फॉर्मेट में वापस लाकर इस शैली को फिर से जीवित करने का प्रयास किया। इसके अतिरिक्त, निन्टेंडो DS, आईफोन (iPhone) और आईपैड (iPad) जैसे टच-स्क्रीन उपकरणों ने इस शैली में एक नई जान फूंकी है, क्योंकि इनका इंटरफेस पॉइंट-एंड-क्लिक गेम्स के लिए एकदम उपयुक्त है।<ref>{{cite web | url = http://www.independent.co.uk/life-style/gadgets-and-tech/gaming/pointandclick-reviving-a-onceforgotten-gaming-genre-1798527.html | title = Point-and-click: Reviving a once-forgotten gaming genre | first = David | last = Crookes | date = 6 अक्टूबर 2009 | accessdate = 10 नवंबर 2009 | work = [[The Independent]] | archive-url = https://web.archive.org/web/20091011082849/http://www.independent.co.uk/life-style/gadgets-and-tech/gaming/pointandclick-reviving-a-onceforgotten-gaming-genre-1798527.html | archive-date = 11 अक्तूबर 2009 | url-status = live }}</ref><ref>{{Cite web | url = http://www.gamasutra.com/view/news/27947/InDepth_Your_Survival_Guide_to_the_iPads_Launch_Lineup.php | title = In-Depth: Your Survival Guide to the iPad’s Launch Lineup | first = Danny | last = Cowen | date = 5 अप्रैल 2010 | accessdate = 5 अप्रैल 2010 | publisher = [[Gamasutra]] | archive-url = https://web.archive.org/web/20100407102150/http://www.gamasutra.com/view/news/27947/InDepth_Your_Survival_Guide_to_the_iPads_Launch_Lineup.php | archive-date = 7 अप्रैल 2010 | url-status = live }}</ref><ref name="ipad interview">{{cite web | url = http://www.destructoid.com/telltale-s-dan-connors-on-the-ipad-sam-max-169778.phtml | title = Telltale's Dan Connors on the iPad, Sam & Max | first = Dale | last = North | date = 3 अप्रैल 2010 | accessdate = 3 अप्रैल 2010 | publisher = [[Destructoid]] | archive-url = https://web.archive.org/web/20100405003652/http://www.destructoid.com/telltale-s-dan-connors-on-the-ipad-sam-max-169778.phtml | archive-date = 5 अप्रैल 2010 | url-status = live }}</ref>
== अनुकरण (Emulation) ==
बहुत से क्लासिक ऐड्वेंचर गेम्स आज के नए ऑपरेटिंग सिस्टम पर नहीं चलते हैं। लेकिन आज आधुनिक कंप्यूटरों के लिए एमुलेटर (Emulators) मौजूद हैं जो इन पुराने गेम्स को चलाने की अनुमति देते हैं। इनमें 'ScummVM' सबसे प्रमुख है, जो लुकासआर्ट्स और सिएरा के 2D गेम खेलने की सुविधा देता है। इसके अलावा, DOSBox का उपयोग MS-DOS आधारित बहुत से पुराने गेम्स को चलाने के लिए किया जाता है।
== इन्हें भी देंखे ==
* ऐड्वेंचर गेमर्स
* साइबरटेक्स्ट
* इंटरैक्टिव कल्पना
* ग्राफिक ऐड्वेंचर गेमों की सूची
* पाठ-आधारित कंप्यूटर गेम की सूची
* MUD
* रोगलाइक
* दृश्य उपन्यास (Visual novel)
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20190607163402/http://sciprogramming.com/ SCI Programming Community], सिएरा के क्रिएटिव इंटरप्रेटर का इस्तेमाल करते हुए ऐड्वेंचर गेम पर आधारित समुदाय
* [https://web.archive.org/web/20100710001636/http://www.ifreviews.org/ IFReviews Organization], इंटरएक्टिव फिक्शन कम्युनिटी
* [https://web.archive.org/web/20100819032159/http://www.atariarchives.org/adventure/ "Creating Adventure Games on Your Computer"], टिम हार्टनेल का प्रोग्रामिंग मैनुअल 1983
* [https://web.archive.org/web/20100816234517/http://www.adventureclassicgaming.com/index.php/site/features/105/ "Defining the ideal adventure game"] डेविड टान्गुए द्वारा लेख (1999)
* [https://web.archive.org/web/20080810115309/http://www.strangehorizons.com/2008/20080804/newheiser-a.shtml "Searching under the rug"], ऐड्वेंचर गेम पज़ल और इंटरफेस पर लेख
* [https://web.archive.org/web/20070817082731/http://adventure.if-legends.org/ Adventureland], ऐड्वेंचर गेम डेटाबेस
* [https://web.archive.org/web/20190927073957/http://www.gameboomers.com/ GameBoomers], विचार, समीक्षा, ऐड्वेंचर और गेम पर जानकारी
{{DEFAULTSORT:Adventure Game}}
[[श्रेणी:ऐड्वेंचर गेम]]
[[श्रेणी:वीडियो गेम शैली]]
[[श्रेणी:श्रेष्ठ लेख योग्य लेख]]
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विकिपीडिया:स्वतः परीक्षित अधिकार हेतु निवेदन
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AMAN KUMAR
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{{विकिपीडिया:विशेषाधिकार निवेदन/शीर्ष}}
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{{Center|
<big>'''स्वतःपरीक्षित सदस्य'''</big>
}}
;दायित्व
यह अधिकार विकि के अनुभवी एवं विश्वसनीय सदस्यों को दिया जाता है ताकि स्वतः स्थापित सदस्यों के स्तर तक सुरक्षित पृष्ठों और असुरक्षित पृष्ठों के सम्पादन करने पर उनके योगदान स्वतः ही परीक्षित चिह्नित हो जाएँ। अर्थात इनके संपादन स्वतः ही परीक्षित हो जाते है इसके लिये परीक्षक की आवश्यकता नहीं होगी।
;आवश्यकताएँ
#विकि पर अच्छा संपादन अनुभव एवं अवधि
#१ प्रबंधक का समर्थन बिना किसी प्रबंधक के विरोध के
;निवृति
#विकि नीतियों का निरंतर उल्लंघन
#अपने अधिकार का दुरुपयोग करना
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;वर्तमान सदस्य
*वर्तमान स्वतः परीक्षित सदस्यों की सूची [{{fullurl:विशेष:ListUsers|group=autopatrolled}} यहाँ] पाई जा सकती है।
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=== [[सदस्य:राजकुमार|राजकुमार]] ===
{{sr-request
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|user name = राजकुमार
|Purpose = माननीय नमस्कार! मैं काफ़ी समय से हिन्दी विकिपीडिया पर अपना योगदान दें रहा हूँ। मैंने कई सारे प्रष्ठ निर्मित किये है एवम कई सारे पहले से बने हुए पेज का विस्तार, स्त्रोत जोडना और बर्बरता हटाने जैसे कार्य किये हुए है। मुझे बर्बरता को हटाने के लिये रौलबेक का अधिकार भी दिया गया है जो मुझे काफी मदद कर रहा है। मै कई सारे सुरक्षित पृष्ठ पर भी सम्पादन करता हुँ परन्तु उसकी पुनरीक्षक या प्रबंधक द्वारा जाँच में काफी समय लग जाता है। इसलिये मैं चाहता हुं कि मुझे स्वतःपरीक्षित सदस्य का अधिकार दिया जाये ताकी मैरे द्वारा सम्पादन स्वतः ही परीक्षित चिह्नित हो जाएँ। धन्यवाद
}}
;स्वीकृति
;मत
* {{विरोध|असहमत}} (नीचे चर्चा देखें, सदस्य को पता नहीं कि ये क्या माँग रहे और क्यों माँग रहे) --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 14:44, 9 अक्टूबर 2024 (UTC)
;प्रश्न
* [[सदस्य:राजकुमार|राजकुमार]] जी, नमस्ते। आपके जाँचे हुए संपादन स्वतः ही परीक्षित चिह्नित हो जाने के बारे में आपका विशेषाग्रह क्यों है? हम आमतौर पर विश्वस्त एवं हिंदी भाषा के ऊपर अच्छी पकड़ रखने वाले और कुछ बेहतरीन लेख बनाने वाले संपादकों को यह अधिकार प्रदान करते हैं। यह अधिकार अपने आप में स्थानांतरण जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को भी अपने में समेटे हुए है। जब आप अभी (अपने ऊपर के अनुरोध में देखें) पृष्ठ और स्रोत जैसे शब्द सही नहीं लिख पा रहे, कैसे मान लिया जाय कि आप इस योग्य हैं कि आपको इस तरह की सुविधा दी जाये?<small>— इस [[विकिपीडिया:हस्ताक्षर|अहस्ताक्षरित]] संदेश के लेखक हैं -[[सदस्य:SM7|SM7]] ([[सदस्य वार्ता:SM7|वार्ता]] • [[विशेष:Contributions/SM7|योगदान]]){{#if:15:23, 5 अक्टूबर 2024 (UTC)| 15:23, 5 अक्टूबर 2024 (UTC)|}}</small><!-- साँचा:अहस्ताक्षरित -->
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:: नमस्ते! मैं समझता हूँ कि लेख के विवरण में त्रुटियों के बारे में आपका क्या कहना है। कभी-कभी मैं अपने संपादनों की जाँच करते समय इन त्रुटियों को देखता हूँ, और उन्हें ठीक करता हूँ, जिसे आप मेरे पुराने योगदानों में देख सकते हैं। अन्य संपादक भी इन गलतियों को पकड़ते हैं और सुधार करते हैं। ये छोटी-छोटी गलतियाँ मेरे द्वारा जोड़ी गई जानकारी को कम मूल्यवान नहीं बनाती हैं। मैंने पहली पंक्ति में "पृष्ठ" की वर्तनी गलत लिखी, लेकिन मैंने दूसरी पंक्ति में सही लिखा। यह गलती टाइप करते समय हो जाती है। जिस तरह आपने शुरू में "नमस्ते" की वर्तनी गलत लिखी और उसे ठीक किया, मैं भी अपनी गलतियों को ठीक करता हूँ, और कभी-कभी अन्य संपादक भी ऐसा करते हैं।<br>माननीय, मै जानता हूं कि स्थानांतरण का अधिकार कितना महत्वपूर्ण है, और मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मैं उस अधिकार का उपयोग करते समय सावधान रहूँगा। [[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 01:47, 6 अक्टूबर 2024 (UTC)
:::[[सदस्य:राजकुमार|राजकुमार]] जी, पहला यही तो आपसे पूछा है। सभी के योगदान महत्वपूर्ण हैं छोटे भी और बड़े भी। तो क्या हर ऐसे छोटे सुधार करने वाले को यह अधिकार मिलना चाहिए, क्योंकि वो छोटे-छोटे सुधार करता है? ऐसे तो सैकड़ों संपादक त्रुटि देखकर उन्हें सुधारने की कोशिश करते हैं। सबसे बड़ी बात की इससे आपको क्या फ़ायदा जो यह अधिकार माँग रहे?
:::आपने यह भी लिखा है की आपको रोलबैकर अधिकार भी दिया गया है और आपको मदद मिल रही; मैंने देखा आपको यह अधिकार मिले अभी बमुश्किल 10 दिन हुए हैं। इससे व को भी लाभ मिल रहा और आपके रोलबैक सही हो रहे हैं, कम से कम इसकी प्रतिष्ठा तो हो लेने दें। या केवल अधिकार माँगने की कोई जल्दी पड़ी है?
:::''स्त्रोत'' भी टाइपो के कारण लिखा था? अगर आप वाकई अपनी ग़लतियाँ सुधारते हैं तो आपको टोके जाने के बाद तो उन्हें ऊपर संदेश में सुधार ही लेना चाहिए था। दो उदाहरणों के अलावा और भी कई तथाकथित टाइपो दिख रहे हैं। मैं किसी तरह से आश्वस्त नहीं कि ऐसा हो सकता है की कोई ''स्रोत'' को टाइपो के कारण ''स्त्रोत'' लिख दे।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 09:20, 6 अक्टूबर 2024 (UTC)
::::माननीय, इस अधिकार से क्या फायदा है यह मैंने उद्देश्य में स्पष्ट किया है। मुझे पिछला अधिकार नामांकन के 6 महीने बाद मिला था, इसलिए ऐसा नहीं है कि मैं किसी अधिकार के लिए जल्दी में हूँ। रोलबैक अधिकार और स्व-परीक्षित अधिकार के कार्य अलग-अलग हैं, और मुझे समझ में नहीं आया कि आप यह क्या कहना चाहते है, शायद यह कि रोलबैक अधिकार से किये गये योगदान के आधार पर स्व-परीक्षित अधिकार मिलना चाहिये ।<br>स्रोत और स्त्रोत में सिर्फ एक अतिरिक्त t का इस्तेमाल से गलती हुई है जो एक टाइपो में गलती के कारण हुआ है। मैंने ऊपर दिए गए संदेश को सही नहीं किया क्योंकि आपका प्रश्न उसी गलती के बारे में था, जिसे अन्य प्रशासकों के लिए जानना महत्वपूर्ण था।<br>विकिपीडिया पर योगदानकर्ताओं की कमी के कारण, यह अधिकार उन लोगों को दिया जाना चाहिए जो लंबे समय से हिंदी विकिपीडिया में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं जो पुनरीक्षक को जाचँ में देरी होने के बाद भी लेख को सुधार सके जिसे पाठकों को जल्द ही दिखे। [[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 05:09, 7 अक्टूबर 2024 (UTC)
::::[[सदस्य:राजकुमार|राजकुमार]] जी, आपने जो उद्देश्य में स्पष्ट किया है वो मुझे बिलकुल नहीं समझ में आ रहा। इसीलिए पूछ रहा हूँ। आपके संपादन स्वतः परीक्षित चिह्नित हों या न हों इससे आपको क्या दिक्कत है? अगर चिह्नित नहीं हो रहे तो यह प्रबंधकों और पुनरीक्षक लोगों की समस्या है। पुनरीक्षक की जाँच में देरी से आपको कौन सी समस्या हो रही?--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 13:26, 7 अक्टूबर 2024 (UTC)
::::: माननीय, अगर प्रबंधक और पुनरीक्षक को लगता है की मेरे द्वारा सम्पादन में बर्बरता नही है या मैं जानकारी गलत नही जोड़ता हूं तो स्वतः परीक्षित अधिकार देने से भी कोई दिक्कत नही हैं। <br>मुझे लगता है आप जाँच में देरी को एक समस्या मानते ही नही। फिर भी मैं आपको कहना चाहता हूं कि मुझे पुनरीक्षक का अधिकार नही चाहिए।<br>मैंने स्वतः परीक्षित के अधिकार के लिये नामांकन किया है। [[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 04:58, 8 अक्टूबर 2024 (UTC)
::::::[[सदस्य:राजकुमार|राजकुमार]] जी, तो अपने अनुरोध में यही लिख देते साफ़-साफ़ की आप बर्बरता नहीं करते और सही जानकारी जोड़ते हैं, सुधार करते हैं - इसलिए आपको यह अधिकार दिए जाने में कोई दिक्कत नहीं - इसलिए दिया जाय। बेमतलब पुनरीक्षक जाँच इत्यादि का हवाला देने की क्या आवश्यकता थी? क्यों बहाना बना रहे की पुनरीक्षक जाँच नहीं करते इसलिए आपको यह अधिकार चाहिए?
::::::और सच में मुझे अभी तक समझ में नहीं आया की आप के संपादन की जाँच पुनरीक्षक नहीं करते तो इससे आपको क्या परेशानी है। वो जाँच पुनरीक्षण करने वालों की समस्या है। जब पुनरीक्षक लोगों को लगेगा की आपके संपादन जाँचने की ज़रूरत नहीं है तो वो स्वतः आपको इस अधिकार के लिए नामांकित कर देंगे। आप इसे माँग क्यों रहे यह तो बताइये।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 15:58, 8 अक्टूबर 2024 (UTC)
::::::: माननीय, मैंने बार बार बताया हैं कि मुझे यह अधिकार चाहिए। एक बार फिर - कई सारे ऐसे पृष्ठ होते है जिन पर बर्बरता सामान्य रुप से अधिक होती हैं। इसलिये प्रबंधक उन लेख को पुनरीक्षक के स्तर पर सुरक्षित कर देते है जो केवल पुनरीक्षकों की अनुमति के बाद ही अपडेट होते है। हिन्दी विकिपीडिया पर योगदानकर्ताओं की कमी के कारण यहा पुनरीक्षक भी कम हैं और कई सारे पुनरीक्षक दुसरे कार्यो में व्यस्त रहने के कारण लेखों कि जाँच में काफी समय लग जाता है। कई बार जानकारी अपडेट होने में काफ़ी समय लग जाता हैं। मैंरे द्वारा किये गये सकारात्मक योगदान को देखकर मुझे यह अधिकार दिया जाये ताकि मैंरे द्वारा सम्पादन स्वतः ही परीक्षित चिह्नित हो जाएँ।<br>आप ने इस चर्चा को मेरे मात्रा त्रुटि से आपको क्या समस्या हैं तक बिना वजह ही बढाया हैं।<br>''अपने अनुरोध में यही लिख देते साफ़-साफ़ की आप बर्बरता नहीं करते और सही जानकारी जोड़ते हैं, सुधार करते हैं - इसलिए आपको यह अधिकार दिए जाने में कोई दिक्कत नहीं - इसलिए दिया जाय। बेमतलब पुनरीक्षक जाँच इत्यादि का हवाला देने की क्या आवश्यकता थी?''<br>आप यहा पर मैंरे जिस उत्तर पर सवाल उठा रहे है, यह आपके द्वारा पुछे गये एक बेमतलब पुराने प्रश्न ''आपको कौन सी समस्या हो रही?'' का जवाब था। <br>मैंने कही भी बहाना नही बनाया हैं। <br>अगर कोई अधिकार के लिये अनुरोध करता है तो उसको यह कहकर मना करना कि आप को क्या समस्या हैं, यह आपके अहंवाद को दर्शाता हैं। धन्यवाद [[User:राजकुमार|<span style="color: #E63E62;font-family:Georgia;">'''राज'''</span><span style="color: #414A4C;font-family:Georgia;">'''कुमार'''</span>]][[User talk:राजकुमार|<sup style="color: #E63E62">(talk)</sup>]] 03:48, 10 अक्टूबर 2024 (UTC)
::::::::[[स:राजकुमार|राजकुमार]] जी, मुझे कोई दिक्कत नहीं। यहाँ सब मुझे अहंवादी ही मानते हैं। आपका अनुरोध ग़लत है। आपको पता नहीं की इस अधिकार के साथ क्या मिलता है। बाक़ी आपको निर्णय करने वाले प्रबंधक बताएँगे।--[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:18, 10 अक्टूबर 2024 (UTC)
;परिणाम
{{not done}} अभी सदस्य को अनुभव की आवश्यकता है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 12:40, 12 अक्टूबर 2024 (UTC)
[[श्रेणी:विकिपीडिया सदस्य समूह]]
=== [[स:The Sorter|The Sorter]] ===
{{Sr-request|Status=not done|user name=The Sorter|Purpose=1 साल और 5 महीनों से विकिपीडिया में मैंने अंग्रेज़ी विकिपीडिया से 801 लेखों का अनुवाद किया है, और कई सारे सांचों एवं श्रेणियों को भी बनाया है। मेरे लेख साफ़ और व्यवस्थित हैं, कुछ श्रेष्ठ उदाहरण हैं:
* [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]]
* [[ओस्पिसियो काबान्यास]]
* [[तलत जाफ़री]]
* [[कप नूडल]]
* [[जामा मस्जिद, दिल्ली]] (नवीकृत)
* [[गोकुल मेध]]
* [[पुत्रा मस्जिद]]
* [[ग़ालिब की हवेली]]
* [[ज़्वेचान क़िला]]
* [[कोन्स्तांतिनोस तासुलास]]
* [[सायन]]
* [[कोशरी]]
* [[शाह-ए-ज़िंदा]]
* [[सामसा]]
इसके साथ-साथ मैंने दूसरे सदस्यों के लेखों पर बड़े योगदान भी दिया तथा अनेक साँचों के कोड को भी अद्यतन बनाया। इस कारण मैं मानता हूँ कि मैं स्वतः परीक्षित अधिकारों के लिए उचित हूँ। कृपया मेरे अनुवाद पर विचार करें। धन्यवाद![[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 14:38, 9 मार्च 2026 (UTC)}}
;स्वीकृति
;मत
;परिणाम
{{not done}} [[special:diff/3715216/6530087|Module:Convert]] (13 मार्च 2026) में किये गये विघटनकारी बदलावों को देखते हुये यह प्रतीत हो रहा है कि आप इसी तरह के विघटनकारी बदलाव स्थानान्तरण में करोगे। अतः आपको अपनी मशीनी और अन्य भाषा के पाठ डालने की प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 12:15, 27 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैंने हाल में मॉड्यूल:Convert/text को ठीक किया है। मैं आपके बात से समझ लिया हूँ कि मुझे (ख़ासकर साँचों में) अंग्रेज़ी पाठ डालने समय सावधान रहना चाहिए। बाद में, मैं मॉड्यूल:Convert/data को भी ठीक करूँगा। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:55, 27 मार्च 2026 (UTC)
=== [[सदस्य:Wikiuser829|Wikiuser829]] ===
{{sr-request
|Status = <!-- यह लाइन न बदलें -->
|user name = Wikiuser829
|Purpose = मैं वर्ष 2022 से विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से योगदान कर रहा हूँ और अब तक 100 से अधिक संपादन कर चुका हूँ। वर्ष 2025 में भी मैंने 19 सार्थक संपादन किए हैं।
मैं विकिपीडिया:स्वतः परीक्षित अधिकार हेतु निवेदन कर रहा हूँ। मेरे संपादन मुख्यतः सामग्री सुधार, अद्यतन जानकारी जोड़ने तथा लेखों की गुणवत्ता बेहतर करने पर केंद्रित रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, मैं पृष्ठों के गलत या पुराने नामों को ठीक करने (स्थानांतरण/नाम परिवर्तन) में भी योगदान देना चाहता हूँ, जिसके लिए यह अधिकार उपयोगी होगा।
कृपया मेरे अनुरोध पर विचार करने का कष्ट करें।
}}
;स्वीकृति
;मत
;परिणाम
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=== [[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] ===
{{sr-request
|Status = <!-- यह लाइन न बदलें -->
|user name =चाहर धर्मेंद्र
|Purpose = मैंने वर्ष 2022 में विकिपीडिया से जुड़कर संपादन कार्य आरंभ किया। प्रारंभिक उत्साह के साथ ही मैंने यह समझा कि इस मंच पर सार्थक योगदान देने के लिए उसकी नीतियों और दिशानिर्देशों की गहन समझ अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मैंने लगभग तीन वर्षों तक विकिपीडिया की विभिन्न नीतियों, प्रक्रियाओं और सामुदायिक चर्चाओं का गंभीर अध्ययन किया। इस अवधि में मैंने विशेष रूप से लेख विलोपन चर्चाएँ तथा विश्वसनीय स्रोतों (RS) से संबंधित विमर्शों का अवलोकन किया और यह समझने का प्रयास किया कि नीतियों का व्यावहारिक अनुप्रयोग किस प्रकार किया जाता है।
मैंने अपने द्वारा निर्मित तथा संपादित प्रत्येक लेख में इन नीतियों और दिशानिर्देशों का यथासंभव पालन करने का प्रयास किया है। मेरा लक्ष्य सदैव निष्पक्ष, प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता की सामग्री प्रदान करना रहा है। मैं विकिपीडिया का एक नियमित और सक्रिय संपादक हूँ तथा सामुदायिक मानकों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।
वर्तमान में मेरा उद्देश्य स्वतः परीक्षित सदस्य के रूप में समुदाय की सेवा करना है। मुझे विश्वास है कि मेरी समझ, अनुभव और कार्यशैली विकिपीडिया की अपेक्षाओं के अनुरूप है। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मेरी अब तक की गतिविधियों और योगदानों का मूल्यांकन करें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरा कार्य विकिपीडिया की नीतियों और मूल सिद्धांतों के अनुरूप रहा है, और मैं भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देता रहूँगा।
}}
;स्वीकृति
;मत
* {{विरोध}} हाल ही में आपके द्वारा "[[कृत्रिम बुद्धिमत्ता संचालित अनुवाद]]" और "[[बौद्ध ग्रंथों की अनुवाद परंपरा]]" जैसे उत्कृष्ट व ससंदर्भ (IEEE जर्नल आदि) लेखों पर 'शीघ्र हटाने (बर्बरता)' और 'हहेच (उल्लेखनीय नहीं)' के अनुचित नामांकन किए गए हैं। उन्नत अधिकारों के लिए 'उल्लेखनीयता' और 'बर्बरता' की सटीक समझ होना अति आवश्यक है, जिसका मुझे आपके हालिया संपादनों में अभाव लगा। अतः अभी के लिए मेरी ओर से पूर्ण विरोध। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:35, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, नमस्ते। आपने लिखा है <em>"उन्नत अधिकारों के लिए 'उल्लेखनीयता' और 'बर्बरता' की सटीक समझ होना अति आवश्यक है"</em> ऐसा नियम आपने कहाँ पढ़ लिया? --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 05:53, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:SM7|SM7]] महोदय, आप बिल्कुल सही हैं कि नीति में ऐसा कोई कठोर नियम नहीं है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 08:06, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
:::'''मत वापस लिया:''' आदरणीय SM7 जी के स्पष्टीकरण और @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] के योगदान को देखते हुए|
:::{{समर्थन}} [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:49, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
* {{समर्थन}} : '''चाहर धर्मेन्द्र''' पर्याप्त समय से हिन्दी विकिपीडिया पर कार्य कर रहे हैं और वर्तमान एवं इनकी हिन्दी-भाषा-क्षमता एवं विकिपीडिया सम्बन्धी अन्य जानकारी अच्छी है। अतः मैं इनको स्वतः परीक्षित अधिकार देने का समर्थन करता हूँ। -- [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 09:48, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
*{{समर्थन|पूर्ण समर्थन}} - मैंने चाहर धर्मेन्द्र जी के कार्यों को देखा और उसकी समीक्षा की है, पिछले कुछ महीनों में और इनके द्वारा निर्मित लेख भी देखा जो काफ़ी अच्छे गुणवत्ता के प्रतीत होते है, और इनकी हिन्दी भाषा का स्तर और विकिपीडिया पर इनको कार्य करने का काफ़ी सालों का अनुभव भी प्राप्त हो गया है। इसलिए इनको ये अधिकार स्थायी रूप से दिया जाना चाहिए। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 03:00, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
;परिणाम
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0lvq4jjnlpz23hydm58mdogjnuzabvu
विकिपीडिया:अनुवाद अनुरोध
4
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2026-04-22T15:52:14Z
AMAN KUMAR
911487
Translation cleanup requested on [[:कोईमोई]] ([[वि:ट्विंकल|ट्विंकल]])
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wikitext
text/x-wiki
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अनुवादकर्ता: लेख बनाने पर अनुरोध के आगे उस लेख का नाम प्रदान करें ताकि अन्य अनुवादकर्ता भी उसी लेख को बढ़ाएँ और एक विषय पर एक से अधिक लेख ना बनें। अनुवादकर्ता अनूदित पृष्ठ के वार्ता पृष्ठ पर {{tl|अनूदित पृष्ठ}} साँचे का प्रयोग करें। साथ ही वैकल्पिक रूप से अनुवादकर्ता [[वि:अन्य विकिमीडिया परियोजनाओं से सामग्री लेना]] पढें।
प्रशांत पारस
प्रशांत पारस एक हिंदी वीर रस के कवि है।आपकी एक पुस्तक आज़ादी के पंख ने पाठकों के समक्ष एक नये आयाम के साथ उपस्थित हुई है
* [[यहूदी-ईसाई समझ और सहयोग के लिए केंद्र]] - [[:en:Center for Jewish-Christian Understanding and Cooperation]]
* [[छोटे बुद्ध]] - [[:en:Tiny Buddha]]
#लेख का अनुवाद किया गया था। परंतु विरोध के फलस्वरूप सर्वसहमति से यह लेख मिटा दिया गया है। इंग्लिश विकिपीडिया पर समाज संबंधी लेख उपलब्ध है।
* [[सर्वोदय आश्रम, कुर्सेला]] - [[:en:Sarvoday Ashram, Kursela]]
#इस लेख का अंग्रेजी अनुवाद करें.
:लेख अंग्रेजी विकि पर उपलब्ध नहीं है। यहाँ बनाया जा चुका है। कृपया संदर्भ सहित विस्तार करें और [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] साबित करें। --[[User:SM7|<font color="#00A300">SM7</font>]]<sup><small>[[User talk:SM7|<font color="#6F00FF">--बातचीत--</font>]]</small></sup>
*[[श्रीकांत राणा]] - [[:sa:श्रीकांत राणा]]
*[[मुकेश मिश्रा]] -[[https://mai.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B6_%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE]]
== Geology (भू विज्ञान) ==
* [[:en:Types of volcanic eruptions]] [[ज्वालामुखी विस्फोटों के प्रकार]]
===शिक्षा (Education)===
इसमें विद्यालय, विश्वविद्यालय आदि से जुड़े लेख शामिल हैं।
* [[:en:KV2, NSB, Vizag]] [[केंद्रीय विद्यालय नं २, नौसेना बाग, विशाखापट्टणम]]
==अर्थशास्त्र==
*[[:en:Moody's Investors Service]] को [[मूडीज़]] पर अनुवादित करें।
प्रशांत पारस
कवि-वीर रस
पुस्तक-आज़ादी के पंख
== प्रौद्योगिकी (Technology)==
===प्रोग्रामिंग/स्क्रिप्टिंग/मार्कअप भाषायें (Programming/scripting/markup languages)===
*[[:en:Pascal (programming language)]] [[पास्कल (प्रोग्रामिंग भाषा)]]
*[[:en:Perl]] - [[पर्ल]] (मौजूदा लेख छोटा है, नये सिरे से लिखने की ज़रुरत है)
*[[:en:Visual Basic .NET]] - [[विज़ुअल बेसिक डॉटनेट]]
===कम्प्यूटर विज्ञान===
*[[:en:Hard_disk_drive]] - [[हार्ड_डिस्क_ड्राइव]] (इस पृष्ठ को अनुवादित करने के लिए स्वयंसेवकों की सहायता अपेक्षित है। थोड़ा ही अनुवादित हुआ है।)
#इसका अनुवाद लगभग पूरा हो चुका है और यह पृष्ठ ढेर सारी जानकारियों के साथ काफी अच्छा हो चुका है। [[सदस्य:चंद्र शेखर|चंद्र शेखर/Shekhar]] 10:40, 4 जुलाई 2015 (UTC)
*[[:en:ISO 9660]] - [[आईएसओ 9660]] (मौजूदा लेख छोटा है, नये सिरे से लिखने की ज़रुरत है)
<!-- इस आगे के अनुभाग को हमेशा सबसे नीचे रहने दें -->
==नए अश्रेणीकृत अनुरोध==
===रखरखाव टैग लगाते समय प्रेषित अनुरोध===
====[[नन्दिता बेहेरा]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। सामग्री में सुधार करके लेख को विकिपीडिया की नीति के अनुकूल बनाएँ। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 06:46, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[नूरां बहनें]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Nooran_Sisters] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 07:32, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
:yes [[सदस्य:Nagpurjournalism|Nagpurjournalism]] ([[सदस्य वार्ता:Nagpurjournalism|वार्ता]]) 07:12, 20 जून 2025 (UTC)
====[[बिन्ध्याबासिनी देवी]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Bindhyabasini_Devi] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 07:45, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[जयवंत दलवी]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 15:20, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[देवी एस॰]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 15:33, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[देवकी पंडित]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Devaki_Pandit] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 13:37, 5 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[गायत्री गोविन्द]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 15:22, 5 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[बैसाली मोहंती]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Baisali_Mohanty] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 06:44, 6 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[वीना दास (मानव विज्ञानी)]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 09:45, 6 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[आरती अंकलीकर टिकेकर]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 13:25, 6 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[जीजा माधवन हरिसिंह]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Jija_Madhavan_Harisingh] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 15:09, 6 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[एस्केप प्लान: द एक्सट्रैक्टर्स]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अम्बिका साव|अम्बिका साव]] ([[सदस्य वार्ता:अम्बिका साव|वार्ता]]) 19:07, 11 अप्रैल 2020 (UTC)
==Help with translation==
(''I apologize for posting in English ''):
Dear colleagues, We are organizing a project called WPWP that focus on the use of images collected as part of various contest and photowalks on Wikipedia articles across all languages and our team needs your help with translations into the language of this community. Here is the translation link: https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Special:Translate&group=page-Wikipedia+Pages+Wanting+Photos&language=en&action=page&filter= I am sorry if I post in the won't venue. Thanks in anticipation. [[सदस्य:T Cells|T Cells]] ([[सदस्य वार्ता:T Cells|वार्ता]]) 17:30, 13 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[प्रोटीन ( पोषक तत्व )]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:सौरभ तिवारी 05|सौरभ तिवारी 05]] ([[सदस्य वार्ता:सौरभ तिवारी 05|वार्ता]]) 17:14, 28 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[वेनेजुएला के राष्ट्रपति]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 19:44, 14 मई 2020 (UTC)
====[[लडाकू पतंगें]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 07:04, 18 मई 2020 (UTC)
====[[क्रिस्टोफ़ सोग्लो]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:17, 27 मई 2020 (UTC)
====[[जीन-बैप्टिस्ट हैचमे]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:20, 27 मई 2020 (UTC)
====[[मार्शल सेलेस्टिन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 10:41, 28 मई 2020 (UTC)
====[[क्रिस्टोफ़र कोलम्बस]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''अम्बिका साव'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''(🎁)'''</span>]] 10:20, 11 जून 2020 (UTC)
====[[पोरिरुआ]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 13:06, 25 जून 2020 (UTC)
====[[परमहंस योगानन्द]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 09:22, 27 जून 2020 (UTC)
====[[ज़ैनब शब्बीर]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[सदस्य: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''अम्बिका साव'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''(🎁)'''</span>]] 11:45, 28 जून 2020 (UTC)
====[[टकाटक]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''अम्बिका साव'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''(🎁)'''</span>]] 13:21, 28 जून 2020 (UTC)
====[[गावरान मेवा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''अम्बिका साव'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''(🎁)'''</span>]] 04:55, 29 जून 2020 (UTC)
====[[लियोनेल कर्टिस]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 21:31, 25 अगस्त 2020 (UTC)
====[[अप्रवासी आबादी द्वारा संप्रभु राज्यों और आश्रित प्रदेशों की सूची]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। <span style="font-family: Cambria;">[[सदस्य:Nilesh shukla|<span style="color: teal;">'''निलेश शुक्ला'''</span>]] ([[User talk:Nilesh shukla|वार्ता]])</span> 13:07, 26 अगस्त 2020 (UTC)
====[[फोर्ट सम्टर की दूसरी लड़ाई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <span style="font-family: Cambria;">[[सदस्य:Nilesh shukla|<span style="color: teal;">'''निलेश शुक्ला'''</span>]] ([[User talk:Nilesh shukla|वार्ता]])</span> 13:32, 26 अगस्त 2020 (UTC)
====[[2018 मॉस्को-कॉन्स्टेंटिनोपल पत्रकारिता]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 09:41, 27 अगस्त 2020 (UTC)
====[[अदृश्य गुलाबी इकसिंगा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 13:14, 5 सितंबर 2020 (UTC)
====[[सिद्धार्थ शंकर रे]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 12:40, 11 सितंबर 2020 (UTC)
====[[मिस्र की क्रांति (२०११)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Ts12rAc|Ts12rAc]] ([[सदस्य वार्ता:Ts12rAc|वार्ता]]) 11:01, 22 अक्टूबर 2020 (UTC)
====[[मिस्र के विदेशी संबंध]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Ts12rAc|Ts12rAc]] ([[सदस्य वार्ता:Ts12rAc|वार्ता]]) 11:07, 22 अक्टूबर 2020 (UTC)
====[[दिल्ली स्कूल ऑफ एक्सीलेंस]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 10:17, 10 दिसम्बर 2020 (UTC)
====[[कोबरा काई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 21:38, 3 जनवरी 2021 (UTC)
====[[बैक ऑन द बरनार्ड]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:03, 7 जनवरी 2021 (UTC)
== पुनः अनुवादन हेतु ==
[[:en:Alha]] को [[आल्हा]] में, [[:en:Udal of Mahoba]] को [[ऊदल]] में और [[:en:Alha-Khand]] को [[आल्ह-खण्ड]] में पुनः अनुवादन हेतु आवेदन देना चाहते हैं। यह अनुवादित लेख अब POV सम्पादनों के शिकार हो चुके हैं। --[[सदस्य:HinduKshatrana|HinduKshatrana]] ([[सदस्य वार्ता:HinduKshatrana|वार्ता]]) 08:56, 17 जनवरी 2021 (UTC)
====[[ज़ी म्यूजिक कंपनी]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। इस लेख में अत्यधिक अंग्रेजी शब्द है , जिन्हे हिन्दी नहीं लिखा गया है । [[User:Karam06|<span style="font-family:monospace;color:red;text-shadow:-2px 2px 2px gold;">Kᴀʀᴀᴍ</span>]]''<sup>[[User talk:Karam06|<span style="color:red">Lɪᴠᴇ Lᴏɴɢ Iɴᴅɪᴀ</span>]]</sup><sub>[[Special:Contributions/Karam06|c0ntribs]]</sub>'' 02:10, 10 मार्च 2021 (UTC)
====[[2008 में महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश और बिहारी प्रवासियों पर हमला]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 17:32, 20 मार्च 2021 (UTC)
====[[परवीन श्रॉफ]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --<b>[[User:Mala chaubey|<font color="FF990">माला चौबे</font>]]</b><sup>[[User talk:Mala chaubey|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 13:03, 24 मार्च 2021 (UTC)
====[[अमेरिकन पाई 2]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:LifetimeWiki|LifetimeWiki]] ([[सदस्य वार्ता:LifetimeWiki|वार्ता]]) 07:08, 13 मई 2021 (UTC)
====[[मोमल जी मारी]]====
इस लेख की मूल भाषा en थी। [[सदस्य:Gotitbro|Gotitbro]] ([[सदस्य वार्ता:Gotitbro|वार्ता]]) 14:35, 9 जून 2021 (UTC)
====[[कोड डिवीजन मल्टीपल एक्सेस]]====
इस लेख की मूल भाषा English थी। <b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 05:02, 2 अगस्त 2021 (UTC)
====[[बैक्ट्रियन ऊंट]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Mnhrdng|मनोहर ]] ([[सदस्य वार्ता:Mnhrdng|वार्ता]]) 16:07, 21 जनवरी 2022 (UTC)
====[[चीन में धर्म की स्वतंत्रता]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Mnhrdng|मनोहर ]] ([[सदस्य वार्ता:Mnhrdng|वार्ता]]) 01:19, 23 फ़रवरी 2022 (UTC)
:इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी।हिंदी में जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे https://smartsarkariyojana.in/ [[विशेष:योगदान/2405:204:540F:16D9:F573:BDC4:15A3:C8C4|2405:204:540F:16D9:F573:BDC4:15A3:C8C4]] ([[सदस्य वार्ता:2405:204:540F:16D9:F573:BDC4:15A3:C8C4|वार्ता]]) 16:39, 24 फ़रवरी 2022 (UTC)
====[[धनगर]]====
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====[[योला मागोगवाना]]====
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====[[फातिह बिरोल]]====
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====[[ओकेचुकु इबेनु]]====
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====[[फातमा ज़ोहरा केसेंटिनी]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 11:41, 8 मई 2022 (UTC)
====[[एलिजाबेथ मरेमा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 11:42, 8 मई 2022 (UTC)
====[[जोस फ़्रांसिस्को कैली त्ज़े]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 11:50, 8 मई 2022 (UTC)
====[[क्रिस्टा वैन वेलज़ेन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 15:09, 9 मई 2022 (UTC)
====[[बायजूस]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 06:10, 7 जुलाई 2022 (UTC)
====[[ऑल ऑफ़ अस आर डेड]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 03:19, 14 दिसम्बर 2022 (UTC)
====[[समीर कुरैशी]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Ritikpraj|<span style="color:green;">☆</span><u><span style="color:Magenta;">Ritik praj</span></u>]] 16:36, 10 अप्रैल 2023 (UTC)
====[[फ़ौजी (टीवी श्रृंखला)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 04:22, 27 मई 2023 (UTC)
====[[विष्णु विशाल]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 02:29, 6 जून 2023 (UTC)
====[[गोपीचंद मलिनेनी]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 02:35, 6 जून 2023 (UTC)
====[[वेड]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 10:15, 6 जून 2023 (UTC)
====[[वेब ब्राउज़र]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 02:27, 19 जून 2023 (UTC)
====[[लाइमन फ्रैंक बाउम]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 28 जून 2023 (UTC)
====[[भगवा लव ट्रैप]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:48, 28 जून 2023 (UTC)
====[[चीनी ड्रैगन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:50, 28 जून 2023 (UTC)
====[[प्रबंधन में भारतीय लोकाचार]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:50, 28 जून 2023 (UTC)
====[[हेनरी डेविड थोरो]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:50, 28 जून 2023 (UTC)
====[[गोवाई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:50, 28 जून 2023 (UTC)
====[[भारतीय एम्बुलेंस कोर]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:51, 28 जून 2023 (UTC)
====[[जीने नहीं दूँगा (२०१२ फिल्म)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:51, 28 जून 2023 (UTC)
====[[ललित कला स्नातक]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:51, 28 जून 2023 (UTC)
====[[ग्लोबल टेक समिट]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 17:07, 6 जुलाई 2023 (UTC)
====[[बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <span style="color:gold;">★</span>[[user: Ritikpraj|<u><span style="color: brown;">Ritik Prajapati</span></u>]]<span style="color:gold;">★</span> • [[User talk: Ritikpraj|<span style="color:tan;">✉</span>]] • 14:54, 12 अक्टूबर 2023 (UTC)
====[[चतुर्भुज मंदिर (ओरछा)]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:04, 12 नवम्बर 2023 (UTC)
====[[इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। – [[User:DreamRimmer|<big style="color:black; font-family: Tahoma">'''DreamRimmer'''</big>]] ('''[[User talk:DreamRimmer|वार्ता]]''') 07:00, 21 जनवरी 2024 (UTC)
====[[सोप ओपेरा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 14:12, 6 फ़रवरी 2024 (UTC)
====[[वॉल-ई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 18:19, 16 फ़रवरी 2024 (UTC)
====[[बर्न-ई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 18:21, 16 फ़रवरी 2024 (UTC)
====[[2024 वर्ज़क़ान हेलीकॉप्टर दुर्घटना]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:चन्द्र वर्धन|<span style="color:#004400;">'''च҉न҉्҉द҉्҉र҉ ҉व҉र҉्҉ध҉न҉'''</span>]] <small><small>[[User talk:चन्द्र वर्धन|वार्तालाप करें]]</small></small> 03:48, 21 मई 2024 (UTC)
====[[रबी पीरज़ादा]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:चन्द्र वर्धन|<span style="color:#004400;">'''च҉न҉्҉द҉्҉र҉ ҉व҉र҉्҉ध҉न҉'''</span>]] <small><small>[[User talk:चन्द्र वर्धन|वार्तालाप करें]]</small></small> 03:58, 21 मई 2024 (UTC)
====[[ज़ैनब बिन्त जहश]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:चन्द्र वर्धन|<span style="color:#004400;">'''च҉न҉्҉द҉्҉र҉ ҉व҉र҉्҉ध҉न҉'''</span>]] <small><small>[[User talk:चन्द्र वर्धन|वार्तालाप करें]]</small></small> 03:29, 22 मई 2024 (UTC)
====[[ट्रैविस स्कॉट]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 09:15, 5 जुलाई 2024 (UTC)
====[[मिरांडा केर]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। – [[User:DreamRimmer|<big style="color:black; font-family: Tahoma">'''DreamRimmer'''</big>]] ('''[[User talk:DreamRimmer|वार्ता]]''') 09:09, 14 जुलाई 2024 (UTC)
====[[मिनियन्स (घृणित मी)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 08:53, 20 जुलाई 2024 (UTC)
====[[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 08:38, 26 जुलाई 2024 (UTC)
====[[सेंट एलिजाबेथ किला (यूक्रेन)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 14:31, 27 जुलाई 2024 (UTC)
====[[करीवुर्स्ट]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 17:24, 27 जुलाई 2024 (UTC)
====[[अबू सईद (कार्यकर्ता)]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:NXcrypto|<span style="color:#004400;">'''एनएक्स <small>क्रिप्टो</small>'''</span>]] <small><small>[[User talk:NXcrypto|वार्तालाप करें]]</small></small> 01:58, 31 जुलाई 2024 (UTC)
====[[अंतिम पंघाल]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:NXcrypto|<span style="color:#004400;">'''एनएक्स <small>क्रिप्टो</small>'''</span>]] <small><small>[[User talk:NXcrypto|वार्तालाप करें]]</small></small> 04:33, 7 अगस्त 2024 (UTC)
====[[बलूचिस्तान (पाकिस्तान)]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:NXcrypto|<span style="color:#004400;">'''एनएक्स <small>क्रिप्टो</small>'''</span>]] <small><small>[[User talk:NXcrypto|वार्तालाप करें]]</small></small> 13:49, 9 अगस्त 2024 (UTC)
====[[इयाजुद्दीन अहमद]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 15:49, 13 अगस्त 2024 (UTC)
====[[साल्वाटोर गारौ]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 18:21, 24 अगस्त 2024 (UTC)
====[[नाहुआ लोग]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <span style="color:gold;">★</span>[[user: Ritikpraj|<u><span style="color: brown;">Ritik Prajapati</span></u>]]<span style="color:gold;">★</span> • [[User talk: Ritikpraj|<span style="color:tan;">✉</span>]] • 13:42, 10 सितंबर 2024 (UTC)
====[[ज़ूनी भाषा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <span style="color:gold;">★</span>[[user: Ritikpraj|<u><span style="color: brown;">Ritik Prajapati</span></u>]]<span style="color:gold;">★</span> • [[User talk: Ritikpraj|<span style="color:tan;">✉</span>]] • 06:09, 12 सितंबर 2024 (UTC)
====[[ऐरालो]]====
इस लेख की मूल भाषा English थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 17:02, 17 सितंबर 2024 (UTC)
====[[मिशेल सोनी]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 11:22, 18 सितंबर 2024 (UTC)
====[[अलेक्स एलियास]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। Mixed [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 06:29, 1 अक्टूबर 2024 (UTC)
====[[एक्विनास कॉलेज एडाकोचिन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 19:14, 21 अक्टूबर 2024 (UTC)
====[[द्वितीय बोअर युद्ध]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:NXcrypto|<span style="color:#004400;">'''एनएक्स <small>क्रिप्टो</small>'''</span>]] <small><small>[[User talk:NXcrypto|वार्तालाप करें]]</small></small> 08:44, 20 दिसम्बर 2024 (UTC)
====[[2020 सूडान में बाढ़]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 03:46, 15 जनवरी 2025 (UTC)
====[[एकसिन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 13:43, 2 फ़रवरी 2025 (UTC)
====[[सबप्राइम मोर्टगेज क्राइसिस]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:51, 20 मार्च 2025 (UTC)
====[[बॉस्टन चाय पार्टी]]====
इस लेख की मूल भाषा english थी। '''-- [[User:Suyash.dwivedi|<span style="color:#FF5733;">सुयश</span> <span style="color:#2E86C1;">द्विवेदी</span> / Suyash Dwivedi]]''' ([[User talk:Suyash.dwivedi|💬]]) 17:28, 28 मार्च 2025 (UTC)
====[[मॉरीशस की भाषा]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 19:06, 21 अप्रैल 2025 (UTC)
====[[एल्विर लिन्दो]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 02:57, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
====[[कोईमोई]]====
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AMAN KUMAR
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प्रशांत पारस
प्रशांत पारस एक हिंदी वीर रस के कवि है।आपकी एक पुस्तक आज़ादी के पंख ने पाठकों के समक्ष एक नये आयाम के साथ उपस्थित हुई है
* [[यहूदी-ईसाई समझ और सहयोग के लिए केंद्र]] - [[:en:Center for Jewish-Christian Understanding and Cooperation]]
* [[छोटे बुद्ध]] - [[:en:Tiny Buddha]]
#लेख का अनुवाद किया गया था। परंतु विरोध के फलस्वरूप सर्वसहमति से यह लेख मिटा दिया गया है। इंग्लिश विकिपीडिया पर समाज संबंधी लेख उपलब्ध है।
* [[सर्वोदय आश्रम, कुर्सेला]] - [[:en:Sarvoday Ashram, Kursela]]
#इस लेख का अंग्रेजी अनुवाद करें.
:लेख अंग्रेजी विकि पर उपलब्ध नहीं है। यहाँ बनाया जा चुका है। कृपया संदर्भ सहित विस्तार करें और [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] साबित करें। --[[User:SM7|<font color="#00A300">SM7</font>]]<sup><small>[[User talk:SM7|<font color="#6F00FF">--बातचीत--</font>]]</small></sup>
*[[श्रीकांत राणा]] - [[:sa:श्रीकांत राणा]]
*[[मुकेश मिश्रा]] -[[https://mai.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B6_%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE]]
== Geology (भू विज्ञान) ==
* [[:en:Types of volcanic eruptions]] [[ज्वालामुखी विस्फोटों के प्रकार]]
===शिक्षा (Education)===
इसमें विद्यालय, विश्वविद्यालय आदि से जुड़े लेख शामिल हैं।
* [[:en:KV2, NSB, Vizag]] [[केंद्रीय विद्यालय नं २, नौसेना बाग, विशाखापट्टणम]]
==अर्थशास्त्र==
*[[:en:Moody's Investors Service]] को [[मूडीज़]] पर अनुवादित करें।
प्रशांत पारस
कवि-वीर रस
पुस्तक-आज़ादी के पंख
== प्रौद्योगिकी (Technology)==
===प्रोग्रामिंग/स्क्रिप्टिंग/मार्कअप भाषायें (Programming/scripting/markup languages)===
*[[:en:Pascal (programming language)]] [[पास्कल (प्रोग्रामिंग भाषा)]]
*[[:en:Perl]] - [[पर्ल]] (मौजूदा लेख छोटा है, नये सिरे से लिखने की ज़रुरत है)
*[[:en:Visual Basic .NET]] - [[विज़ुअल बेसिक डॉटनेट]]
===कम्प्यूटर विज्ञान===
*[[:en:Hard_disk_drive]] - [[हार्ड_डिस्क_ड्राइव]] (इस पृष्ठ को अनुवादित करने के लिए स्वयंसेवकों की सहायता अपेक्षित है। थोड़ा ही अनुवादित हुआ है।)
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===रखरखाव टैग लगाते समय प्रेषित अनुरोध===
====[[नन्दिता बेहेरा]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। सामग्री में सुधार करके लेख को विकिपीडिया की नीति के अनुकूल बनाएँ। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 06:46, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[नूरां बहनें]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Nooran_Sisters] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 07:32, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
:yes [[सदस्य:Nagpurjournalism|Nagpurjournalism]] ([[सदस्य वार्ता:Nagpurjournalism|वार्ता]]) 07:12, 20 जून 2025 (UTC)
====[[बिन्ध्याबासिनी देवी]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Bindhyabasini_Devi] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 07:45, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[जयवंत दलवी]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 15:20, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[देवी एस॰]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 15:33, 2 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[देवकी पंडित]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Devaki_Pandit] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 13:37, 5 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[गायत्री गोविन्द]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 15:22, 5 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[बैसाली मोहंती]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी[https://en.wikipedia.org/wiki/Baisali_Mohanty] थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 06:44, 6 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[वीना दास (मानव विज्ञानी)]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 09:45, 6 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[आरती अंकलीकर टिकेकर]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:नीलम|नीलम]] ([[सदस्य वार्ता:नीलम|वार्ता]]) 13:25, 6 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[जीजा माधवन हरिसिंह]]====
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====[[एस्केप प्लान: द एक्सट्रैक्टर्स]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अम्बिका साव|अम्बिका साव]] ([[सदस्य वार्ता:अम्बिका साव|वार्ता]]) 19:07, 11 अप्रैल 2020 (UTC)
==Help with translation==
(''I apologize for posting in English ''):
Dear colleagues, We are organizing a project called WPWP that focus on the use of images collected as part of various contest and photowalks on Wikipedia articles across all languages and our team needs your help with translations into the language of this community. Here is the translation link: https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Special:Translate&group=page-Wikipedia+Pages+Wanting+Photos&language=en&action=page&filter= I am sorry if I post in the won't venue. Thanks in anticipation. [[सदस्य:T Cells|T Cells]] ([[सदस्य वार्ता:T Cells|वार्ता]]) 17:30, 13 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[प्रोटीन ( पोषक तत्व )]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[सदस्य:सौरभ तिवारी 05|सौरभ तिवारी 05]] ([[सदस्य वार्ता:सौरभ तिवारी 05|वार्ता]]) 17:14, 28 अप्रैल 2020 (UTC)
====[[वेनेजुएला के राष्ट्रपति]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 19:44, 14 मई 2020 (UTC)
====[[लडाकू पतंगें]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 07:04, 18 मई 2020 (UTC)
====[[क्रिस्टोफ़ सोग्लो]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:17, 27 मई 2020 (UTC)
====[[जीन-बैप्टिस्ट हैचमे]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:20, 27 मई 2020 (UTC)
====[[मार्शल सेलेस्टिन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 10:41, 28 मई 2020 (UTC)
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इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''अम्बिका साव'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''(🎁)'''</span>]] 10:20, 11 जून 2020 (UTC)
====[[पोरिरुआ]]====
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====[[परमहंस योगानन्द]]====
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====[[ज़ैनब शब्बीर]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[सदस्य: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''अम्बिका साव'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''(🎁)'''</span>]] 11:45, 28 जून 2020 (UTC)
====[[टकाटक]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''अम्बिका साव'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''(🎁)'''</span>]] 13:21, 28 जून 2020 (UTC)
====[[गावरान मेवा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''अम्बिका साव'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: अम्बिका साव|<span style="text-shadow:pink 3px 3px 2px;color: violet">'''(🎁)'''</span>]] 04:55, 29 जून 2020 (UTC)
====[[लियोनेल कर्टिस]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 21:31, 25 अगस्त 2020 (UTC)
====[[अप्रवासी आबादी द्वारा संप्रभु राज्यों और आश्रित प्रदेशों की सूची]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। <span style="font-family: Cambria;">[[सदस्य:Nilesh shukla|<span style="color: teal;">'''निलेश शुक्ला'''</span>]] ([[User talk:Nilesh shukla|वार्ता]])</span> 13:07, 26 अगस्त 2020 (UTC)
====[[फोर्ट सम्टर की दूसरी लड़ाई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <span style="font-family: Cambria;">[[सदस्य:Nilesh shukla|<span style="color: teal;">'''निलेश शुक्ला'''</span>]] ([[User talk:Nilesh shukla|वार्ता]])</span> 13:32, 26 अगस्त 2020 (UTC)
====[[2018 मॉस्को-कॉन्स्टेंटिनोपल पत्रकारिता]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 09:41, 27 अगस्त 2020 (UTC)
====[[अदृश्य गुलाबी इकसिंगा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 13:14, 5 सितंबर 2020 (UTC)
====[[सिद्धार्थ शंकर रे]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 12:40, 11 सितंबर 2020 (UTC)
====[[मिस्र की क्रांति (२०११)]]====
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====[[मिस्र के विदेशी संबंध]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Ts12rAc|Ts12rAc]] ([[सदस्य वार्ता:Ts12rAc|वार्ता]]) 11:07, 22 अक्टूबर 2020 (UTC)
====[[दिल्ली स्कूल ऑफ एक्सीलेंस]]====
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====[[कोबरा काई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 21:38, 3 जनवरी 2021 (UTC)
====[[बैक ऑन द बरनार्ड]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -[[सदस्य: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''रोहित'''</span>]][[सदस्य_वार्ता: रोहित साव27|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: black">'''(💌)'''</span>]] 08:03, 7 जनवरी 2021 (UTC)
== पुनः अनुवादन हेतु ==
[[:en:Alha]] को [[आल्हा]] में, [[:en:Udal of Mahoba]] को [[ऊदल]] में और [[:en:Alha-Khand]] को [[आल्ह-खण्ड]] में पुनः अनुवादन हेतु आवेदन देना चाहते हैं। यह अनुवादित लेख अब POV सम्पादनों के शिकार हो चुके हैं। --[[सदस्य:HinduKshatrana|HinduKshatrana]] ([[सदस्य वार्ता:HinduKshatrana|वार्ता]]) 08:56, 17 जनवरी 2021 (UTC)
====[[ज़ी म्यूजिक कंपनी]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। इस लेख में अत्यधिक अंग्रेजी शब्द है , जिन्हे हिन्दी नहीं लिखा गया है । [[User:Karam06|<span style="font-family:monospace;color:red;text-shadow:-2px 2px 2px gold;">Kᴀʀᴀᴍ</span>]]''<sup>[[User talk:Karam06|<span style="color:red">Lɪᴠᴇ Lᴏɴɢ Iɴᴅɪᴀ</span>]]</sup><sub>[[Special:Contributions/Karam06|c0ntribs]]</sub>'' 02:10, 10 मार्च 2021 (UTC)
====[[2008 में महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश और बिहारी प्रवासियों पर हमला]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 17:32, 20 मार्च 2021 (UTC)
====[[परवीन श्रॉफ]]====
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====[[अमेरिकन पाई 2]]====
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====[[मोमल जी मारी]]====
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====[[कोड डिवीजन मल्टीपल एक्सेस]]====
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====[[बैक्ट्रियन ऊंट]]====
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====[[चीन में धर्म की स्वतंत्रता]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Mnhrdng|मनोहर ]] ([[सदस्य वार्ता:Mnhrdng|वार्ता]]) 01:19, 23 फ़रवरी 2022 (UTC)
:इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी।हिंदी में जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे https://smartsarkariyojana.in/ [[विशेष:योगदान/2405:204:540F:16D9:F573:BDC4:15A3:C8C4|2405:204:540F:16D9:F573:BDC4:15A3:C8C4]] ([[सदस्य वार्ता:2405:204:540F:16D9:F573:BDC4:15A3:C8C4|वार्ता]]) 16:39, 24 फ़रवरी 2022 (UTC)
====[[धनगर]]====
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====[[योला मागोगवाना]]====
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====[[क्रिस्टा वैन वेलज़ेन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 15:09, 9 मई 2022 (UTC)
====[[बायजूस]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 06:10, 7 जुलाई 2022 (UTC)
====[[ऑल ऑफ़ अस आर डेड]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 03:19, 14 दिसम्बर 2022 (UTC)
====[[समीर कुरैशी]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Ritikpraj|<span style="color:green;">☆</span><u><span style="color:Magenta;">Ritik praj</span></u>]] 16:36, 10 अप्रैल 2023 (UTC)
====[[फ़ौजी (टीवी श्रृंखला)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 04:22, 27 मई 2023 (UTC)
====[[विष्णु विशाल]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 02:29, 6 जून 2023 (UTC)
====[[गोपीचंद मलिनेनी]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 02:35, 6 जून 2023 (UTC)
====[[वेड]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 10:15, 6 जून 2023 (UTC)
====[[वेब ब्राउज़र]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 02:27, 19 जून 2023 (UTC)
====[[लाइमन फ्रैंक बाउम]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 28 जून 2023 (UTC)
====[[भगवा लव ट्रैप]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:48, 28 जून 2023 (UTC)
====[[चीनी ड्रैगन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:50, 28 जून 2023 (UTC)
====[[प्रबंधन में भारतीय लोकाचार]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:50, 28 जून 2023 (UTC)
====[[हेनरी डेविड थोरो]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:50, 28 जून 2023 (UTC)
====[[गोवाई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:50, 28 जून 2023 (UTC)
====[[भारतीय एम्बुलेंस कोर]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:51, 28 जून 2023 (UTC)
====[[जीने नहीं दूँगा (२०१२ फिल्म)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:51, 28 जून 2023 (UTC)
====[[ललित कला स्नातक]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:51, 28 जून 2023 (UTC)
====[[ग्लोबल टेक समिट]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 17:07, 6 जुलाई 2023 (UTC)
====[[बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <span style="color:gold;">★</span>[[user: Ritikpraj|<u><span style="color: brown;">Ritik Prajapati</span></u>]]<span style="color:gold;">★</span> • [[User talk: Ritikpraj|<span style="color:tan;">✉</span>]] • 14:54, 12 अक्टूबर 2023 (UTC)
====[[चतुर्भुज मंदिर (ओरछा)]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 18:04, 12 नवम्बर 2023 (UTC)
====[[इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। – [[User:DreamRimmer|<big style="color:black; font-family: Tahoma">'''DreamRimmer'''</big>]] ('''[[User talk:DreamRimmer|वार्ता]]''') 07:00, 21 जनवरी 2024 (UTC)
====[[सोप ओपेरा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 14:12, 6 फ़रवरी 2024 (UTC)
====[[वॉल-ई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 18:19, 16 फ़रवरी 2024 (UTC)
====[[बर्न-ई]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 18:21, 16 फ़रवरी 2024 (UTC)
====[[2024 वर्ज़क़ान हेलीकॉप्टर दुर्घटना]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:चन्द्र वर्धन|<span style="color:#004400;">'''च҉न҉्҉द҉्҉र҉ ҉व҉र҉्҉ध҉न҉'''</span>]] <small><small>[[User talk:चन्द्र वर्धन|वार्तालाप करें]]</small></small> 03:48, 21 मई 2024 (UTC)
====[[रबी पीरज़ादा]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:चन्द्र वर्धन|<span style="color:#004400;">'''च҉न҉्҉द҉्҉र҉ ҉व҉र҉्҉ध҉न҉'''</span>]] <small><small>[[User talk:चन्द्र वर्धन|वार्तालाप करें]]</small></small> 03:58, 21 मई 2024 (UTC)
====[[ज़ैनब बिन्त जहश]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:चन्द्र वर्धन|<span style="color:#004400;">'''च҉न҉्҉द҉्҉र҉ ҉व҉र҉्҉ध҉न҉'''</span>]] <small><small>[[User talk:चन्द्र वर्धन|वार्तालाप करें]]</small></small> 03:29, 22 मई 2024 (UTC)
====[[ट्रैविस स्कॉट]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 09:15, 5 जुलाई 2024 (UTC)
====[[मिरांडा केर]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। – [[User:DreamRimmer|<big style="color:black; font-family: Tahoma">'''DreamRimmer'''</big>]] ('''[[User talk:DreamRimmer|वार्ता]]''') 09:09, 14 जुलाई 2024 (UTC)
====[[मिनियन्स (घृणित मी)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|<font color="80 00 80">हिंदुस्थान वासी</font>]]<sup> ''' [[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]]''' </sup> 08:53, 20 जुलाई 2024 (UTC)
====[[योसेमाइट राष्ट्रीय उद्यान]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 08:38, 26 जुलाई 2024 (UTC)
====[[सेंट एलिजाबेथ किला (यूक्रेन)]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 14:31, 27 जुलाई 2024 (UTC)
====[[करीवुर्स्ट]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 17:24, 27 जुलाई 2024 (UTC)
====[[अबू सईद (कार्यकर्ता)]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:NXcrypto|<span style="color:#004400;">'''एनएक्स <small>क्रिप्टो</small>'''</span>]] <small><small>[[User talk:NXcrypto|वार्तालाप करें]]</small></small> 01:58, 31 जुलाई 2024 (UTC)
====[[अंतिम पंघाल]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:NXcrypto|<span style="color:#004400;">'''एनएक्स <small>क्रिप्टो</small>'''</span>]] <small><small>[[User talk:NXcrypto|वार्तालाप करें]]</small></small> 04:33, 7 अगस्त 2024 (UTC)
====[[बलूचिस्तान (पाकिस्तान)]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:NXcrypto|<span style="color:#004400;">'''एनएक्स <small>क्रिप्टो</small>'''</span>]] <small><small>[[User talk:NXcrypto|वार्तालाप करें]]</small></small> 13:49, 9 अगस्त 2024 (UTC)
====[[इयाजुद्दीन अहमद]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 15:49, 13 अगस्त 2024 (UTC)
====[[साल्वाटोर गारौ]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 18:21, 24 अगस्त 2024 (UTC)
====[[नाहुआ लोग]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <span style="color:gold;">★</span>[[user: Ritikpraj|<u><span style="color: brown;">Ritik Prajapati</span></u>]]<span style="color:gold;">★</span> • [[User talk: Ritikpraj|<span style="color:tan;">✉</span>]] • 13:42, 10 सितंबर 2024 (UTC)
====[[ज़ूनी भाषा]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। <span style="color:gold;">★</span>[[user: Ritikpraj|<u><span style="color: brown;">Ritik Prajapati</span></u>]]<span style="color:gold;">★</span> • [[User talk: Ritikpraj|<span style="color:tan;">✉</span>]] • 06:09, 12 सितंबर 2024 (UTC)
====[[ऐरालो]]====
इस लेख की मूल भाषा English थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 17:02, 17 सितंबर 2024 (UTC)
====[[मिशेल सोनी]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 11:22, 18 सितंबर 2024 (UTC)
====[[अलेक्स एलियास]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। Mixed [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 06:29, 1 अक्टूबर 2024 (UTC)
====[[एक्विनास कॉलेज एडाकोचिन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 19:14, 21 अक्टूबर 2024 (UTC)
====[[द्वितीय बोअर युद्ध]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। [[User:NXcrypto|<span style="color:#004400;">'''एनएक्स <small>क्रिप्टो</small>'''</span>]] <small><small>[[User talk:NXcrypto|वार्तालाप करें]]</small></small> 08:44, 20 दिसम्बर 2024 (UTC)
====[[2020 सूडान में बाढ़]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 03:46, 15 जनवरी 2025 (UTC)
====[[एकसिन]]====
इस लेख की मूल भाषा uncertain थी। [[सदस्य:Suyash.dwivedi|सुयश द्विवेदी]] ([[सदस्य वार्ता:Suyash.dwivedi|वार्ता]]) 13:43, 2 फ़रवरी 2025 (UTC)
====[[सबप्राइम मोर्टगेज क्राइसिस]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:51, 20 मार्च 2025 (UTC)
====[[बॉस्टन चाय पार्टी]]====
इस लेख की मूल भाषा english थी। '''-- [[User:Suyash.dwivedi|<span style="color:#FF5733;">सुयश</span> <span style="color:#2E86C1;">द्विवेदी</span> / Suyash Dwivedi]]''' ([[User talk:Suyash.dwivedi|💬]]) 17:28, 28 मार्च 2025 (UTC)
====[[मॉरीशस की भाषा]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेज़ी थी। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 19:06, 21 अप्रैल 2025 (UTC)
====[[एल्विर लिन्दो]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 02:57, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
====[[कोईमोई]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:52, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
====[[शेंग लिहाओ]]====
इस लेख की मूल भाषा अंग्रेजी थी। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:12, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
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ऑस्ट्रेलिया का इतिहास
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'''Uऑस्ट्रेलिया का इतिहास''' [[ऑस्ट्रेलिया|कॉमनवेल्थ ऑफ ऑस्ट्रेलिया]] और इससे पूर्व के मूल-निवासी तथा औपनिवेशिक समाजों के क्षेत्र और लोगों के इतिहास को संदर्भित करता है। ऐसा माना जाता है कि ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि पर ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों का पहली बार आगमन लगभग 40,000 से 60,000 वर्षों पूर्व इंडोनेशियाई द्वीप-समूह से नाव द्वारा हुआ। उन्होंने पृथ्वी पर सबसे लंबे समय तक बची रहने वाली कलात्मक, संगीतमय और आध्यात्मिक परंपराओं में कुछ की स्थापना की।
सन् 1606 में ऑस्ट्रेलिया पहुँचे [[नीदरलैण्ड|डच]] नाविक [[विलेम जैन्सज़ून]] <!--- (Willem Janszoon) ---> यहाँ निर्विरोध उतरने वाले पहले यूरोपीय व्यक्ति थे। इसके बाद यूरोपीय खोजकर्ता लगातार यहाँ आते रहे। सन् 1770 में [[जेम्स कुक]] ने ऑस्ट्रेलिया की पूर्वी तट को [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|ब्रिटेन]] के लिए चित्रित कर दिया और वे बॉटनी बे (अब [[सिडनी]] में), [[न्यू साउथ वेल्स]] में उपनिवेश बनाने का समर्थन करने वाले विवरणों के साथ वापस लौटे। एक दंडात्मक उपनिवेश की स्थापना करने के लिए ब्रिटिश जहाजों का पहला बेड़ा जनवरी 1788 में सिडनी पहुँचा। ब्रिटेन ने पूरे महाद्वीप में अन्य उपनिवेश भी स्थापित किए। पूरी उन्नीसवीं सदी के दौरान आंतरिक भागों में यूरोपीय खोजकर्ताओं को भेजा गया। इस अवधि के दौरान नए रोगों के संपर्क में आने और ब्रिटिश उपनिवेशवादियों के साथ हुए संघर्ष ने ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को बहुत अधिक कमज़ोर बना दिया।
सोने की खानों और कृषि उद्योगों के कारण समृद्धि आई और उन्नीसवीं सदी के मध्य में सभी छः ब्रिटिश उपनिवेशों में स्वायत्त संसदीय लोकतंत्रों की स्थापना की शुरुआत हुई। सन् 1901 में इन उपनिवेशों ने एक जनमत-संग्रह के द्वारा एक संघ के रूप में एकजुट होने के लिए मतदान किया और आधुनिक ऑस्ट्रेलिया अस्तित्व में आया। विश्व-युद्धों में ऑस्ट्रेलिया ब्रिटेन की ओर से लड़ा और [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] के दौरान शाही जापान द्वारा संयुक्त राज्य अमरीका को धमकी मिलने पर ऑस्ट्रेलिया संयुक्त राज्य अमरीका का दीर्घकालिक मित्र साबित हुआ। एशिया के साथ व्यापार में वृद्धि हुई और युद्धोपरांत एक बहु-सांस्कृतिक आप्रवास कार्यक्रम के द्वारा 6.5 मिलियन से अधिक प्रवासी यहाँ आए, जिनमें प्रत्येक महाद्वीप के लोग शामिल थे। अगले छः दशकों में जनसंख्या तिगुनी होकर 2010 में लगभग 21 मिलियन तक पहुँच गई, जहाँ 200 देशों के मूल नागरिक मिलकर विश्व की चौदहवीं सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था का निर्माण करते हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.dfat.gov.au/aib/overview.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110216000834/http://www.dfat.gov.au/aib/overview.html |archive-date=16 फ़रवरी 2011 |url-status=dead }}</ref>
== आस्ट्रेलियाई आदिवासी ==
[[चित्र:Aboriginal Art Australia.jpg|thumb|upright|काकदु राष्ट्रीय उद्यान में उबिर पर रॉक पेंटिंग]]
[[चित्र:Hut Eastern Arrernte Basedow.jpg|thumb|upright|एक पारंपरिक झोपड़ी (1920) में उत्तरी क्षेत्र के एक एरेंटे आदमी.]]
=== यूरोपीय संपर्क से पहले के आस्ट्रेलियाई आदिवासी ===
ऐसा माना जाता है कि ऑस्ट्रेलिया के मूल-निवासियों के पूर्वज शायद 40,000 से 60,000 वर्षों पूर्व ऑस्ट्रेलिया में आए, लेकिन संभव है कि वे और पहले लगभग 70,000 वर्षों पूर्व यहाँ आए हों.<ref>पीटर हिसकॉक (2008). ''ऑस्ट्रेलिया प्राचीन पुरातत्व'' . रूटलेज: लंदन. ISBN 0-415-33811-5</ref><ref>जॉन मलवानी और जोहन कमिंगा (1999). ''ऑस्ट्रेलिया के प्रागितिहास.'' एलन और अनविन, सिडनी. ISBN 1 864489502</ref> उन्होंने शिकारी संग्राहकों की जीवन-शैली विकसित की, वे आध्यात्मिक तथा कलात्मक परंपराओं का पालन करते थे और उन्होंने [[पाषाण युग|पाषाण प्रौद्योगिकियों]] का प्रयोग किया। ऐसा अनुमान है कि [[यूरोप]] से हुए पहले संपर्क के समय इनकी जनसंख्या कम से कम 350,000 थी,<ref>एल. स्मिथ (1980), ''द अबौरिजनल पॉप्युलेशन ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'', ऑस्ट्रेलियन नैशनल यूनिवर्सिटी प्रेस, कैनबरा.</ref><ref>जेफ्री ब्लेनी (1975) ''ट्रीएम्फ ऑफ़ द नोमैड्स: अ हिस्ट्री ऑफ़ एशियंट ऑस्ट्रेलिया'' . पृष्ठ 92 सन बुक्स. ISBN 0 7251 02403. ब्लेनली ने मानवविज्ञानी ए.आर. रैडक्लिफ-ब्राउन द्वारा सन 1930 के दशक में किये गए एक शोध का हवाला दिया है। एक पाद टिप्पणी में उन्होंने गणना की है कि 28,000 ईपू से ऑस्ट्रेलिया में 300 मिलियन से अधिक ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों ने अपना जीवन बिताया और उनकी मृत्यु हुई और उन्होंने सन 1788 की जनसंख्या 300,000 बताई है।</ref> जबकि हाल के पुरातात्विक शोध बताते हैं कि कम से कम 750,000 की जनसंख्या रही होगी। <ref name="pop_abs">[http://www.abs.gov.au/ausstats/abs@.nsf/94713ad445ff1425ca25682000192af2/bfc28642d31c215cca256b350010b3f4!OpenDocument 1301.0 - इयर बुक ऑस्ट्रेलिया, 2002] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110410054601/http://www.abs.gov.au/Ausstats/abs@.nsf/94713ad445ff1425ca25682000192af2/bfc28642d31c215cca256b350010b3f4!OpenDocument |date=10 अप्रैल 2011 }} सांख्यिकी के ऑस्ट्रेलियाई ब्यूरो 25 जनवरी 2002</ref><ref>नोएल बटलीन (1983) ''आवर ऑरिजनल अग्रेशन'' जॉर्ज एलेन और अन्विन सहित अन्य इतिहासकारों को भी देखें, सिडनी. ISBN 0 868612235</ref> ऐसा प्रतीय होता है कि हिमनदीकरण (Glaciation) की अवधि के दौरान लोग समुद्र के रास्ते यहाँ आए थे, जब [[नया गिनी|न्यू गिनी]] और [[टासमानिया|तस्मानिया]] इसी महाद्वीप से जुड़े हुए थे। हालांकि, इसके बावजूद भी इस सफर के लिए समुद्री-यात्रा की आवश्यकता होती थी, जिसके चलते वे लोग विश्व के शुरुआती समुद्री यात्रियों में से एक बन गए।<ref>टिम गरी (एड)(1984) ''द यूरोपियन औकयुपेशन'' में रॉन लैडलॉ "ऐबऑरिजनल सोसाइटी बिफोर यूरोपियन सेटेलमेंट". हिनेमैन शैक्षिक ऑस्ट्रेलिया, रिचमंड. पृष्ठ.40. ISBN 0 85859 2509</ref>
जनसंख्या का सबसे अधिक घनत्व दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों, विशेषतः मुरे नदी की घाटी, में विकसित हुआ। ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों ने द्वीप पर दीर्घकाल तक बने रहने के लिए संसाधनों का प्रयोग उचित ढंग से किया और कभी-कभी वे शिकार तथा संग्रह का कार्य बंद कर दिया करते थे, ताकि जनसंख्या और संसाधनों को पुनः विकसित होने का अवसर मिल सके। उत्तरी ऑस्ट्रेलियाई लोगों द्वारा "फायरस्टिक कृषि" का प्रयोग ऐसी वनस्पतियाँ उगाने के लिए किया जाता था, जिनकी ओर पशु आकर्षित होते थे।<ref>जॉन ऑल्टमैन और डियन स्मिथ (1991) ''अबौरिजनल ऑस्ट्रेलिया'' में "अबौरिजनल पीपल ऑफ़ नॉदर्न टेरिटरी", पृष्ठ 6, ऐबऑरिजनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर कमीशन द्वारा उत्पादित (एटीएसआईसी (ATSIC))ISBN 06421587033
</ref> यूरोपीय उपनिवेशों की स्थापना से पूर्व ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी पृथ्वी की सबसे प्राचीन, सबसे दीर्घकालिक व सर्वाधिक एकाकी संस्कृतियों में से थे। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया के पहले निवासियों के आगमन ने इस महाद्वीप को लक्षणीय रूप से प्रभावित किया और संभव है कि ऑस्ट्रेलिया के पशु-जीवन के विलुप्त होने में मौसम परिवर्तन के साथ ही इसका भी योगदान रहा हो। <ref>{{Cite web |url=http://www.abc.net.au/science/features/megafauna/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101021111237/http://www.abc.net.au/science/features/megafauna/ |archive-date=21 अक्तूबर 2010 |url-status=live }}</ref> संभव है कि ऑस्ट्रेलिया की मुख्य-भूमि से थाइलेसाइन, तस्मानियाई डेविल और तस्मानियाई मूल-मुर्गी के विलुप्त होने में मानव द्वारा किये जाने वाले शिकार के साथ ही लगभग 3000-4000 वर्षों पूर्व ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी लोगों द्वारा प्रस्तुत डिंगो डॉग (dingo dog) का भी योगदान रहा हो। <ref>{{Cite web |url=http://animals.nationalgeographic.com/mammals/dingo/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110714155835/http://animals.nationalgeographic.com/mammals/dingo/ |archive-date=14 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|author=Jeff Short, J. E. Kinnearb, Alan Robleyc|title=Surplus killing by introduced predators in Australia—evidence for ineffective anti-predator adaptations in native prey species?|url=http://www.sciencedirect.com/science?_ob=ArticleURL&_udi=B6V5X-44N9NCJ-4&_user=10&_rdoc=1&_fmt=&_orig=search&_sort=d&view=c&_version=1&_urlVersion=0&_userid=10&md5=a019859a5528c1206e695efc334e3533|publisher=ScienceDirect|date=12 दिसम्बर 2001|accessdate=8 मई 2009}}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
अभी तक मिले प्राचीनतम मानव अवशेष लेक मुंगो में मिले हैं, जो कि न्यू साउथ वेल्स के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक झील है। मुंगो पर प्राप्त अवशेष विश्व के सर्वाधिक प्राचीन दाह-संस्कारों में से एक की ओर सूचित करते हैं और इस प्रकार वे मनुष्यों के बीच प्रचलित धार्मिक रीति-रिवाजों का प्रारम्भिक प्रमाण प्रतीत होते हैं।<ref name="pmid16468208" /><ref>बोलर, जे.एम. 1971. प्लिस्टोसिन सैलिनिटिज़ और जलवायु परिवर्तन: दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में ल्युनेट्स और झीलों से सबूत. में: मलवानी, डी.जे. और गोल्सन, जे. (एड्स), ऐबऑरिजनल मैन और ऑस्ट्रेलिया में पर्यावरण. कैनबरा: आस्ट्रेलियन नैशनल यूनिवर्सिटी प्रेस, पीपी 47-65.</ref> ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की पौराणिक मान्यताओं तथा इन प्रारम्भिक ऑस्ट्रेलियाई लोगों के वंशजों के जीववादी ढांचे के अनुसार ड्रीमिंग (Dreaming) एक भयानक युग था, जिसमें पूर्वज टोटेमिक आत्माओं ने सृष्टि की रचना की। ड्रीमिंग ने समाज के नियम व संरचनाएं स्थापित कीं और रीति-रिवाजों का पालन जीवन व भूमि की निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता था। यह ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की कला की एक मुख्य विशेषता थी और आज भी बनी हुई है।
ऐसा विश्वास किया जाता है कि ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की कला विश्व की प्राचीनतम कला-परंपरा है, जो आज भी जारी है।<ref name="NGVindig">{{cite web|url=http://www.ngv.vic.gov.au/whats-on/exhibitions/exhibitions/the-indigenous-collection|title=The Indigenous Collection|work=The Ian Potter Centre: NGV Australia|publisher=National Gallery of Victoria|accessdate=6 दिसम्बर 2010|archive-url=https://www.webcitation.org/5ulScpce3?url=http://www.ngv.vic.gov.au/whats-on/exhibitions/exhibitions/the-indigenous-collection|archive-date=6 दिसंबर 2010|url-status=dead}}</ref> ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की कला के प्रमाण कम से कम 30,000 वर्षों पूर्व तक देखे जा सकते हैं और वे पूरे ऑस्ट्रेलिया में मिलते हैं (विशेषतः उत्तरी क्षेत्र के उलुरू (Uluru) तथा काकाडु राष्ट्रीय उद्यान में).<ref>{{Cite web |url=http://www.environment.gov.au/parks/kakadu/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/659dRjaxq?url=http://www.environment.gov.au/parks/kakadu/ |archive-date=2 फ़रवरी 2012 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.environment.gov.au/parks/uluru/index.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/659dSumXW?url=http://www.environment.gov.au/parks/uluru/index.html |archive-date=2 फ़रवरी 2012 |url-status=live }}</ref> आयु और बहुतायत के संदर्भ में, ऑस्ट्रेलिया की गुफा-कला की तुलना यूरोप के लैसकॉक्स व एल्टामिरा से की जा सकती है।<ref>{{cite web
|url=http://www.cultureandrecreation.gov.au/articles/indigenous/art/index.htm
|title=Indigenous art
|work=Australian Culture and Recreation Portal
|publisher=Australia Government
|accessdate=26 सितंबर 2010
|archive-url=https://www.webcitation.org/659dTrBuG?url=http://australia.gov.au/about-australia/australian-story/austn-indigenous-art
|archive-date=2 फ़रवरी 2012
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}}</ref><ref>{{Cite web |url=http://australianmuseum.net.au/The-spread-of-people-to-Australia/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/659dUodkP?url=http://australianmuseum.net.au/The-spread-of-people-to-Australia/ |archive-date=2 फ़रवरी 2012 |url-status=live }}</ref>
पर्याप्त सांस्कृतिक निरंतरता के बावजूद, ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के लिए जीवन महत्वपूर्ण परिवर्तनों से अछूता नहीं था। लगभग 10-12,000 वर्षों पूर्व तस्मानिया मुख्य भूमि से अलग हो गया और कुछ पाषाण प्रौद्योगिकियाँ तस्मानियाई लोगों तक नहीं पहुँच सकीं (जैसे पत्थर के औज़ारों की मूठ जोड़ना और [[बूमरैंग]] का प्रयोग).<ref>जूलिया क्लार्क (सी.1992) "अबौरिजनल पीपल ऑफ़ तसमानिया", पृष्ठ 3 ''अबौरिजनल ऑस्ट्रेलिया'', अबौरिजनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर कमीशन (एटीएसआईसी (ATSIC)) द्वारा उत्पादित ISBN 0-644-24277-9</ref> भूमि भी सदैव ही दयालु नहीं रही; दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों को "एक दर्जन से अधिक ज्वालामुखी विस्फोटों का सामना करना पड़ा…जिनमें माउंट गैम्बियर भी (शामिल) है, जिसका विस्फोट केवल 1,400 वर्षों पूर्व हुआ था। "<ref>रिचर्ड ब्रूम (1984) ''अराइविंग'' . पृष्ठ.6</ref> इस बात के प्रमाण मौजूद हैं कि आवश्यकता होने पर, ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी अपनी जनसंख्या-वृद्धि पर नियंत्रण रख सकते थे और सूखा पड़ने या जल की कमी होने के दौरान जल की विश्वसनीय आपूर्ति बनाये रख पाने में सक्षम थे। {{Citation needed|date= जनवरी 2011}} दक्षिण पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में, वर्तमान में मौजूद लेक कोंडा के पास, मधुमक्खियों के छत्तों के आकार के अर्ध-स्थायी गांव विकसित हुए, जहाँ आस-पास भोजन की प्रचुर आपूर्ति उपलब्ध थी।<ref>रिचर्ड ब्रूम (1984) ''अराइविंग'' पृष्ठ.8</ref> कई सदियों तक, ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी तट पर रहने वाले ऑस्ट्रेलियाई मूल-निवासियों का मकासान व्यापार, विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी आर्नहेम लैंड के योलंगु लोगों के साथ, बढ़ता रहा।
सन 1788 तक, जनसंख्या 250 स्वतंत्र राष्ट्रों के रूप में मौजूद थी, जिनमें से अनेक की एक-दूसरे के साथ संधि थी और प्रत्येक राष्ट्र के भीतर अनेक जातियाँ थीं, जिनकी संख्या पांच या छः से लेकर 30 या 40 तक हुआ करती थी। प्रत्येक राष्ट्र की अपनी स्वयं की भाषा होती है और इनमें से कुछ राष्ट्रों में एक से अधिक भाषाओं का प्रयोग भी किया जाता था, इस प्रकार 250 से अधिक भाषाएँ अस्तित्व में थीं, जिनमें से लगभग 200 अब विलुप्त हो चुकी हैं। "संबंधों के जटिल नियम लोगों के सामाजिक संबंधों को व्यवस्थित रखते थे और कूटनीतिक संदेशवाहक तथा भेंट के रीति-रिवाज समूहों के बीच संबंधों को सुचारु बनाते थे," जिसके चलते समूहों के बीच संघर्ष, जादू-टोना और आपसी विवाद कम से कम हुआ करते थे।<ref>रिचर्ड ब्रूम (1991) "अबौरिजनल पीपल ऑफ़ विक्टोरिया", ''अबौरिजनल ऑस्ट्रेलिया'' में पृष्ठ 7, अबौरिजनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर कमीशन (एटीएसआईसी (ATSIC)) द्वारा उत्पादित ISBN 1-920750-00-2</ref>
प्रत्येक राष्ट्र की जीवन-शैली और भौतिक संस्कृति में बहुत अधिक अंतर था। विलियम डैम्पियर जैसे कुछ प्रारम्भिक यूरोपीय पर्यवेक्षकों के ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की शिकार-संग्राहक जीवन-शैली का वर्णन कठिन व "तकलीफदेह" कहकर किया है। इसके विपरीत, कैप्टन कुक ने अपनी जर्नल में लिखा है कि संभवतः "न्यू हॉलैंड के मूल-निवासी" वास्तव में यूरोपीय लोगों की तुलना में बहुत अधिक प्रसन्न थे। पहले बेड़े के सदस्य वॉटकिन टेन्च, ने सिडनी के ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों को अच्छे स्वभाव वाले और अच्छे हास्य-बोध वाले ओग कहकर उनकी प्रशंसा की है, हालांकि उन्होंने एयोरा व कैमेरायगल लोगों के बीच हिंसक शत्रुता का वर्णन भी किया है और अपने मित्र बैनेलॉन्ग व उसकी पत्नी बैरंगारू के बीच हिंसक घरेलू झगड़े का भी उल्लेख किया है।<ref>फ्लैनेरी, टी. (एड.), ''1788 वॉटकिन टेंच'', पाठ प्रकाशन कंपनी, 1996, ISBN 1-875847-27-8</ref> उन्नीसवीं सदी के उपनिवेशवादियों, जैसे एडवर्ड कर, ने पाया कि ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी "अधिकांश सभ्य (जैसे) लोगों की तुलना में कम दुखी थे और जीवन का अधिक आनंद उठा रहे थे। "<ref>रिचर्ड ब्रूम (1984) ''अराइविंग'' में एडवर्ड कर उद्धृत. पृष्ठ.16, फेयरफैक्स, सिम और वेल्डन, सिडनी. ISBN 0 949288012</ref> इतिहासकार जेफरी ब्लेनी ने लिखा कि ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के लिए जीवन के भौतिक मानक सामान्यतः उच्च थे, जो कि डचों द्वारा ऑस्ट्रेलिया की खोज के समय की यूरोपीय जीवन-शैली से बहुत अधिक बेहतर थे।<ref>जेफ्री ब्लैनी (1975) ''ट्राइंफ ऑफ़ नोमैड्स'', प्रिफेस. ब्लेनली लिखते हैं कि "यदि सत्रहवीं सदी के किसी ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी को उत्सुकतावश पकड़कर यूरोप की ओर जाने वाले किसी डच जहाज पर ले जाया गया होता और यदि उसने स्कॉटलैंड से कॉकेशस तक की पूरी यात्रा की होती और देखा होता कि औसत यूरोपीय जीवन-यापन के लिए किस प्रकार संघर्ष कर रहे थे, तो शायद उसने स्वयं से यह कहा होता कि अब उसने तृतीय विश्व तथा इसकी समस्त गरीबी और समस्याएँ देख लीं थीं।</ref>
स्थायी यूरोपीय उपनिवेशवादी सन 1788 में सिडनी पहुँचे और उन्नीसवीं सदी के अंत तक उन्होंने महाद्वीप के अधिकांश भाग पर कब्ज़ा कर लिया। काफी हद तक अनछुए रहे ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी समाजों के गढ़ बीसवीं सदी तक बचे रहे, विशिष्ट रूप से उत्तरी व पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में, जब अंततः 1984 में गिब्सन मरुस्थल के पिंटुपी लोगों के एक समूह के सदस्य बाहरी लोगों के संपर्क में आने वाले अंतिम लोग बने। <ref name="Central Art Store">सेंट्रल कला स्टोर: "द लौस्ट नोमैड्स" http://www.aboriginalartstore.com.au/aboriginal-art-culture/the-last-nomads.php {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110706100232/http://www.aboriginalartstore.com.au/aboriginal-art-culture/the-last-nomads.php |date=6 जुलाई 2011 }}</ref><ref name="Central Art Store" /> हालांकि अधिकांश ज्ञान नष्ट हो चुका था, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की कला, संगीत व संस्कृति, जिसका संपर्क के प्रारम्भिक काल में यूरोपीय लोगों द्वारा अक्सर तिरस्कार किया जाता था, बची रही और समय-समय पर व्यापक ऑस्ट्रेलियाई समुदाय द्वारा इसकी प्रशंसा भी की गई।
=== 1788 के बाद यूरोपीय लोगों के साथ संपर्क व संघर्ष ===
[[चित्र:Gov Davey's proclamation-edit2.jpg|thumb|upright|सन 1816 में अश्वेत युद्ध के चरम पर पहुँचने से पूर्व वैन डायमेन की भूमि में जारी एक पोस्टर, जिसमें उपनिवेशवादियों और ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के लिए मित्रता और समान न्याय की लेफ्टिनेंट-गवर्नर आर्थर की नीति को चित्रित किया गया है]]
[[चित्र:Augustus Earle Portrait of Bungaree.jpg|thumb|upright|सिडनी में आदिवासी एक्सप्लोरर बंगारी के पोर्ट्रेट.]]
नौवहन मार्गदर्शक जेम्स कुक ने, मौजूदा निवासियों के साथ कोई समझौता किये बिना ही, सन 1770 में ब्रिटेन के लिए ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर दावा किया। पहले गर्वनर, आर्थर फिलिप, को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया था कि वे ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के साथ मित्रता व अच्छे संबंध स्थापित करें और पूरे औपनिवेशिक काल के दौरान- सिडनी के प्रारम्भिक संभाषियों बेनेलॉन्ग व बंगारी द्वारा प्रदर्शित आपसी उत्सुकता से लेकर, सिडनी क्षेत्र के पेमुल्वाय और विंड्रेडाइन, अथवा पर्थ के पास स्थित यागन के प्रत्यक्ष विरोध तक- प्रारम्भिक नवागतों एवं प्राचीन भू-स्वामियों के बीच अंतःक्रियाओं में बहुत अधिक परिवर्तन आते रहे। बेनेलॉन्ग व उनके एक साथी यूरोप की समुद्री-यात्रा करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियावासी बने और किंग जॉर्ज तृतीय से उनका परिचय करवाया गया। बंगारी ने ऑस्ट्रेलिया के पहले पूर्ण-नौवहन (circumnavigation) अभियान में मैथ्यु फ्लिंडर्स की सहायता की। सन 1790 में पहली बार किसी श्वेत उपनिवेशवादी की हत्या का आरोप पेमुल्वाय पर लगा और विंड्रेडाइन ने ब्लू माउंटेन्स के आगे ब्रिटिशों के विस्तार का सामना किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.sbs.com.au/firstaustralians/index/index/epid/1 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101001013820/http://www.sbs.com.au/firstaustralians/index/index/epid/1 |archive-date=1 अक्तूबर 2010 |url-status=live }}</ref>
इतिहासकार जेफरी ब्लेनी के अनुसार, औपनिवेशिक काल के दौरान, ऑस्ट्रेलिया में: "हज़ारों सुनसान स्थानों पर गोलीबारी और भाला-युद्ध की घटनाएं होतीं थीं। इससे भी बदतर यह है कि स्मालपॉक्स, खसरा, ज़ुकाम और दूसरी नई बीमारियाँ ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के एक बस्ती से दूसरी बस्ती तक फैलने लगीं… ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के मुख्य विजेता रोग और उसका साथी, नैतिक-पतन, थे।<ref>जेफ्री ब्लैनी, अ वेरी शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ़ द वर्ल्ड; पेंगुइन बुक्स, 2004; ISBN 978-0-14-300559-9</ref> यहाँ तक कि स्थानीय जिलों में यूरोपीय उपनिवेशवादियों के आगमन से पूर्व अक्सर यूरोपीय बीमारियाँ पहले पहुँच जाया करतीं थीं। सन 1789 में सिडनी में स्मालपॉक्स की महामारी फैलने की घटना दर्ज की गई है, जिसने सिडनी के आस-पास के लगभग आधे ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों का खात्मा कर दिया." इसके बाद यह यूरोपीय उपनिवेशों की तत्कालीन सीमाओं से काफी बाहर तक फैल गई, जिसमें दक्षिण पूर्वी ऑस्ट्रेलिया का अधिकांश भाग शामिल था और सन 1829-1830 में यह फिर उभरी और इसने ऑस्ट्रेलियाई जनसंख्या के 40-60% को नष्ट कर दिया। <ref>रिचर्ड ब्रूम (1984) ''अराइविंग'' . पृष्ठ.27-28</ref>
ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के जीवन के लिए यूरोपीय लोगों का प्रभाव बहुत अधिक हानिकारक साबित हुआ, हालांकि हिंसा की सीमा के संबंध में विवाद है, लेकिन सरहद पर बहुत अधिक संघर्ष हुआ था। उसी समय, कुछ उपनिवेशवादियों को इस बात का अहसास था कि वे ऑस्ट्रेलिया में अन्यायपूर्वक ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों का स्थान ले रहे थे। सन 1845 में, उपनिवेशवादी चार्ल्स ग्रिफिथ्स ने यह लिखकर इसे सही ठहराने का प्रयास किया कि; "प्रश्न यह है कि ज़्यादा सही क्या है-वह असभ्य जंगली मनुष्य, जो एक ऐसे देश में जन्मा और निवास करता है, जिस पर अधिकार होने का दावा वह शायद ही कर सकता हो…या वह सभ्य मनुष्य, जो इस…अनुत्पादक देश में, जीवन का समर्थन करने वाले उद्योग के साथ आता है। "<ref>रिचर्ड ब्रूम में चार्ल्स ग्रीफिथ उद्धृत (1999) पृष्ठ.35</ref>
सन 1960 के दशक से, ऑस्ट्रेलियाई लेखकों ने ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के बारे में यूरोपीय धारणाओं का पुनर्मूल्यांकन करना प्रारम्भ किया-इसमें एलन मूरहेड का ''द फैटल इम्पैक्ट'' (1966) और जेफरी ब्लेनी की युगांतरकारी ऐतिहासिक रचना ''ट्रायंफ ऑफ द नोमैड्स'' (1975) शामिल हैं। सन 1968 में, मानविकीविद् डब्ल्यू.ई.एच. स्टैनर ने यूरोपीय लोगों व ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के बीच संबंधों के ऐतिहासिक विवरणों की कमी का वर्णन "महान ऑस्ट्रेलियाई मौन (great Australian Silence)" के रूप में किया।<ref>बैन एटवूड और एस.जे. फोस्टर (एड्स)(2003) ''फ्रंटियर कंफ्लिक्ट; द ऑस्ट्रेलियन एक्सपीरियंस'' द्वारा स्टैनर उद्धृत. पृष्ठ 1 ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय संग्रहालय, कैनबरा. ISBN 1876944 110</ref><ref>रेमंड इवांस और बिल थोर्प "इंडीजेनोसाइड एंड द मैस्कर ऑफ़ अबौरिजनल हिस्ट्री," इन ''ओवरलैंड'' मैगज़ीन, संख्या 163, विंटर 2001. ISBN 0 9577 35235</ref> इतिहासकार हेनरी रेनॉल्ड्स का तर्क है कि 1960 के दशक के अंत तक इतिहासकारों द्वारा ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों को "ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित" किया जाता रहा। <ref>हेनरी रेनोल्ड्स (1989) ''डिसपोसेशन: ब्लैक आस्ट्रेलियन एंड व्हाइट इन्वेडर्स'' . पृष्ठ.xiii. एलन और अनविन, एनएसडब्लयू (NSW). ISBN 1 86448 1412</ref> अक्सर प्रारम्भिक व्याख्याओं में यह वर्णन मिलता है कि यूरोपीय लोगों के आगमन के बाद ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों को विलुप्त होने का अभिशाप मिला। विक्टोरिया के उपनिवेश पर सन 1864 में विलियम वेस्टगार्थ द्वारा लिखित पुस्तक के अनुसार; "विक्टोरिया के ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों का मामला इस बात की पुष्टि करता है…यह प्रकृति का एक लगभग अपरिवर्तनीय नियम प्रतीत होता है कि ऐसी निम्न अश्वेत प्रजातियाँ विलुप्त हो जाएं."<ref>रिचर्ड ब्रूम और एलन फ्रॉस्ट (1999) ''द कोलोनियल एक्सपीरियंस: द पोर्ट फिलिप डिस्ट्रिक्ट'' 1834-1850 में वेस्टगार्थ उद्धृत है। पृष्ठ 122. एचटीएवी (HTAV), मेलबर्न. ISBN 1 86446 4127</ref> हालांकि, सन 1970 के दशक के प्रारम्भिक काल तक आते-आते लिंडाल रयान, हेनरी रेनॉल्ड्स तथा रेमण्ड इवान्स जैसे इतिहासकार सीमा पर हुए संघर्ष और मानवीय संख्या का आकलन करने और इसे लेखबद्ध करने का प्रयास करने लगे थे।
ऐसी अनेक घटनाएं हैं, जो इस बात को प्रदर्शित करती हैं कि जब ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों ने घुसपैठ से अपनी ज़मीनों की रक्षा करने और उपनिवेशवादियों व पादरी-समर्थकों (Pastoralists) ने अपनी उपस्थिति को स्थापित करने का प्रयास किया, तो उनके बीच विरोध व हिंसा हुई। मई 1804 में, वैन डाइमेन की भूमि (Van Diemen's Land),<ref>क्रिस कुलथार्ड-क्लार्क (1998) ''द इनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया बीटल्स'' .पृष्ठ.3-4 एलन और अनविन, सिडनी. ISBN 1-86508-634-7</ref> रिडन कोव पर नगर में पहुँचने पर शायद 60 ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की हत्या कर दी गई।<ref>ब्रूस एल्डर (1998) ''ब्लड ऑन द वैटल'' ; मैसकर एंड
मैट्रीटमेंट ऑफ़ अबौरिज्नल ऑस्ट्रेलियन सिंस 1788. ''पृष्ठ 31-32'' .''न्यू हौलैंड प्रकाशन, सिडनी. '' ''ISBN 1 86436 4106''</ref> सन 1803 में, ब्रिटिशों ने वैन डाइमेन की भूमि (तस्मानिया) में एक नई चौकी स्थापित की। हालांकि तस्मानियाई इतिहास आधुनिक इतिहासकारों द्वारा सर्वाधिक विवादित इतिहास में से एक है, लेकिन उपनिवेशवादियों व ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के बीच हुए संघर्ष का उल्लेख कुछ समकालीन विवरणों में अश्वेत युद्ध (Black War) के रूप में किया गया''.<ref>{{Cite web |url=http://www.sbs.com.au/firstaustralians/index/index/epid/2 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110308055455/http://www.sbs.com.au/firstaustralians/index/index/epid/2 |archive-date=8 मार्च 2011 |url-status=live }}</ref>'' ''बीमारियों, बेदखली, अंतःविवाह और संघर्ष के संयुक्त प्रभाव के कारण सन 1830 के दशक तक आते-आते ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की जनसंख्या घटकर केवल कुछ सैकड़ा रह गई, जबकि ब्रिटिशों के आगमन के समय यह कुछ हज़ार थी। '' ''उस अवधि के दौरान मार दिये गए लोगों की संख्या अनुमान 300 से शुरु होता है, हालांकि वास्तविक आंकड़ों की पुष्टि कर पाना अब असंभव है।<ref>{{Cite web |url=http://www.utas.edu.au/library/companion_to_tasmanian_history/F/Fabrication%20of%20Aboriginal%20history.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110827092019/http://www.utas.edu.au/library/companion_to_tasmanian_history/F/Fabrication%20of%20Aboriginal%20history.htm |archive-date=27 अगस्त 2011 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.utas.edu.au/library/companion_to_tasmanian_history/F/Fabrication.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110615151831/http://www.utas.edu.au/library/companion_to_tasmanian_history/F/Fabrication.htm |archive-date=15 जून 2011 |url-status=live }}</ref> '' ''सन 1830 में, गवर्नर जॉर्ज आर्थर ने बिग रिवर (Big River) तथा ऑइस्टर बे (Oyster Bay) जनजातियों को ब्रिटिश उपनिवेशों वाले जिलों से बाहर खदेड़ने के लिए एक सशस्र दल (ब्लैक लाइन) को रवाना किया। '' ''यह प्रयास विफल रहा और सन 1833 में जॉर्ज ऑगस्टस रॉबिन्सन ने शेष जन-जातीय लोगों के साथ मध्यस्थता के लिए निहत्थे जाने का प्रस्ताव दिया.<ref>{{Cite web |url=http://gutenberg.net.au/dictbiog/0-dict-biogR.html#robinson1 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101222212148/http://gutenberg.net.au/dictbiog/0-dict-biogR.html#robinson1 |archive-date=22 दिसंबर 2010 |url-status=dead }}</ref> '' ''एक मार्गदर्शक व अनुवादक के रूप में ट्रुगैनिनी की सहायता से, रॉबिन्सन ने जन-जातीय लोगों को फ्लिंडर्स आइलैंड पर एक नए, पृथक उपनिवेश पर बसने के लिए आत्मसमर्पण करने पर राज़ी कर लिया, जहाँ बाद में बीमारी के कारण उनमें से अधिकांश की मृत्यु हो गई।<ref>{{Cite web |url=http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A060326b.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110112201757/http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A060326b.htm |archive-date=12 जनवरी 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A020340b.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110218065210/http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A020340b.htm |archive-date=18 फ़रवरी 2011 |url-status=dead }}</ref>''
सन 1838 में, न्यू साउथ वेल्स की मेयॉल क्रीक में कम से कम अठ्ठाइस ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों की हत्या कर दी गई, जिसके परिणामस्वरूप एक अभूतपूर्व फैसले में औपनिवेशिक अदालतों ने सात श्वेत उपनिवेशवादियों को फांसी की सज़ा सुनाई.<ref>ब्रूस एल्डर (1998) पृष्ठ.83-94</ref> ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों ने भी श्वेत उपनिवेशवादियों पर हमला किया-सन 1838 में, ओवेन्स रिवर के ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों द्वारा पोर्ट फिलिप डिस्ट्रिक्ट में ब्रोकन रिवर पर चौदह यूरोपीय लोगों की हत्या कर दी गई, जो कि निश्चित ही ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी महिलाओं के साथ किये गए दुर्व्यवहार का बदला था।<ref>रिचर्ड ब्रूम और एलन फ्रॉस्ट (1999) पृष्ठ.43</ref> पोर्ट फिलिप डिस्ट्रिक्ट के कैप्टन हटन ने एक बार ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के मुख्य संरक्षक जॉर्ज ऑगस्टस रॉबिन्सन से कहा कि "यदि किसी जनजाति का कोई एक सदस्य भी विरोध करे, तो पूरी जनजाति को नष्ट कर दिया जाए."<ref>रिचर्ड ब्रूम (1984) ''अराइविंग'' में उद्धृत. पृष्ठ.31</ref> क्वीन्सलैंड के औपनिवेशिक सचिव ए.एच. पामर ने सन 1884 में लिखा कि "अश्वेतों का स्वभाव इतना अधिक कपटपूर्ण था कि वे केवल भय के द्वारा ही संचालित होते थे-वस्तुतः ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों पर…शासन कर पाना…केवल क्रूर बलप्रयोग द्वारा ही संभव हो सकता था। "<ref>हेनरी रेनोल्ड्स (1989) ''डिसपोसेशन'' . पृष्ठ.141</ref> ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों का सबसे हालिया नरसंहार सन 1928 में उत्तरी क्षेत्र के कॉनिस्टन में हुआ था। ऑस्ट्रेलिया में नरसंहार के अनेक अन्य स्थल मौजूद हैं, हालांकि इस बात का समर्थन करने वाले दस्तावेज भिन्न-भिन्न हैं।
[[चित्र:Hermannsburg NT.jpg|thumb|left|उत्तरी क्षेत्र में हर्मंसबर्ग मिशन.]]
सन 1830 के दशक से, औपनिवेशिक सरकारों ने मूल-निवासी लोगों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार से बचने और उन पर भी सरकारी नीतियों को लागू करने के प्रयास में प्रोटेक्टर ऑफ ऐबोरिजिन्स (Protector of Aborigines) के कार्यालय स्थापित किये, जो कि अब विवादित हैं। ऑस्ट्रेलिया स्थित ईसाई चर्चों ने ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों को धर्मांतरित करने का प्रयास किया और कल्याण व समावेश की नीतियों को लागू करने के लिए सरकार द्वारा अक्सर उनका प्रयोग किया जाता था। औपनिवेशिक चर्च के सदस्यों, जैसे सिडनी के पहले कैथलिक आर्चबिशप, जॉन बीड पोल्डिंग, ने दृढ़ता से ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के अधिकारों व सम्मान की वकालत की<ref>{{Cite web |url=http://apsa2000.anu.edu.au/confpapers/osullivan.rtf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130519072722/http://apsa2000.anu.edu.au/confpapers/osullivan.rtf |archive-date=19 मई 2013 |url-status=dead }}</ref> और ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के प्रसिद्ध कार्यकर्ता नोएल पीयर्सन (जन्म 1965), जिनका लालन-पालन केप यॉर्क के एक लूथरन मिशन में हुआ था, ने लिखा है कि ऑस्ट्रेलिया के पूरे औपनिवेशिक इतिहास के दौरान ईसाई मिशनों ने "ऑस्ट्रेलियाई सीमा पर नारकीय जीवन को संरक्षण प्रदान किया और साथ ही उपनिवेशवाद की सहायता की".<ref>{{Cite web |url=http://www.theaustralian.com.au/news/features/when-words-arent-enough/story-e6frg6z6-1111115528371 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101202114619/http://www.theaustralian.com.au/news/features/when-words-arent-enough/story-e6frg6z6-1111115528371 |archive-date=2 दिसंबर 2010 |url-status=live }}</ref>
सन 1932-4 के कैलेडन बे संकट के दौरान मूलनिवासी और गैर-मूलनिवासी ऑस्ट्रेलिया की 'सीमा' पर हिंसक अंतःक्रिया की अंतिम घटना हुई, जिसकी शुरुआत तब हुई, जब योलंगु महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहे जापानी मछुआरों पर बरछियों से हमला किये जाने के बाद एक पुलिसवाले की हत्या कर दी गई। इस संकट का पता चलने पर, राष्ट्रीय जनमत ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के पक्ष में खड़ा हो गया और एक ऑस्ट्रेलियाई मूलनिवासी की ओर से हाईकोर्ट ऑफ ऑस्ट्रेलिया (High Court of Australia) में पहली अपील दायर की गई। इस संकट के बाद, मानविकीविद् डोनाल्ड थॉम्पसन को सरकार द्वारा योलंगु समुदाय के बीच रहने के लिए भेजा गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/AS10126b.htm?hilite=dhakiyarr |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-date=28 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221228142311/http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/AS10126b.htm?hilite=dhakiyarr |url-status=dead }}</ref> इसी समय के दौरान अन्य स्थानों पर, सर डगलस निकोल्स जैसे कार्यकर्ता स्थापित ऑस्ट्रेलियाई राजनैतिक तंत्र के भीतर ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के अधिकारों के लिए अपने अभियान की शुरुआत कर रहे थे और सीमावर्ती संघर्ष समाप्त हो गया।
ऑस्ट्रेलिया में सीमांत मुठभेड़ें सदैव ही नकारात्मक नहीं साबित हुईं. प्रारम्भिक यूरोपीय खोजकर्ताओं, जो अक्सर ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के मार्गदर्शन व सहायता पर निर्भर होते थे, के संस्मरणों में ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के रीति-रिवाजों व संपर्क के सकारात्मक विवरण भी दर्ज किये गए हैं: चार्ल्स स्टर्ट ने मुरे-डार्लिंग की खोज करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी प्रतिनिधि नियुक्त किये; बर्के और विल्स के अभियानों में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति का उपचार स्थानीय ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों द्वारा किया गया था और प्रसिद्ध ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी खोजकर्ता जैकी जैकी ने ईमानदारी से अपनी बदकिस्मत मित्र एडमण्ड केनेडी का केप यॉर्क तक साथ निभाया। <ref>टिम फ्लैनेरी; ''द एक्स्प्लोरर'', टेक्स्ट प्रकाशन 1998</ref> सम्मानपूर्ण अध्ययन किये गए, जैसे वॉल्टर बाल्डविन स्पेंसर और फ्रैंक गिलन का प्रसिद्ध मानविकी अध्ययन ''द नेटिव ट्राइब्स ऑफ सेंट्रल ऑस्ट्रेलिया'' (1899), तथा आर्नहेम लैंड के डोनाल्ड थॉम्पसन द्वारा (1935-1943 के दौरान किया गया). भीतरी ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी पशुपालकों की कुशलता का बहुत अधिक सम्मान किया जाने लगा और बीसवीं सदी में, विन्सेंट लिंगियारी जैसे ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी पशुपालक, बेहतर वेतन और सुविधाओं के लिए चलाये गए उनके अभियानों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो गए।<ref>{{Cite web |url=http://www.naa.gov.au/about-us/publications/fact-sheets/fs224.aspx |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101221201943/http://naa.gov.au/about-us/publications/fact-sheets/fs224.aspx |archive-date=21 दिसंबर 2010 |url-status=dead }}</ref>
मूल-निवासी बच्चों को हटाये जाने, जिसे मानवाधिकारों और समान अवसर के कमीशन (Human Rights and Equal Opportunity Commission) ने जातिसंहार का एक प्रयास करार दिया,<ref>ह्युमन राइट्स एंड इक्वल औपर्च्युनिटी कमीशन, ''ब्रिंगिंग देम होम: कम्युनिटी गाइड'' (1997), निष्कर्ष, http://www.austlii.edu.au/au/other/IndigLRes/stolen_summary/13.html {{Webarchive|url=https://archive.today/20120803200336/http://www.austlii.edu.au/au/other/IndigLRes/stolen_summary/13.html |date=3 अगस्त 2012 }}. पर. 11 अक्टूबर 2007 को पुनःप्राप्त.</ref> का मूलनिवासियों की जनसंख्या पर अत्यधिक प्रभाव पड़ा.<ref>ह्युमन राइट्स एंड इक्वल औपर्च्युनिटी कमीशन, ब्रिंगिंग देम होम: कम्युनिटी गाइड (1997), निष्कर्ष, http://www.austlii.edu.au/au/other/IndigLRes/stolen_summary/13.html {{Webarchive|url=https://archive.today/20120803200336/http://www.austlii.edu.au/au/other/IndigLRes/stolen_summary/13.html |date=3 अगस्त 2012 }}. पर. 21 अक्टूबर 2007 को पुनःप्राप्त.</ref> कीथ विंडशटल का तर्क है कि ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के इतिहास की ऐसी व्याख्या को राजनैतिक या विचारधारात्मक कारणों से अतिरंजित किया या गढ़ा गया है।<ref>विंड्सशटल, के. (2001). ''[http://www.newcriterion.com/archive/20/sept01/keith.htm# द फैब्रिकेसन ऑफ़ अबौरिजिनल हिस्ट्री] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080310222701/http://www.newcriterion.com/archive/20/sept01/keith.htm |date=10 मार्च 2008 }}'', द न्यू क्राइटेरियन खंड. 20, संख्या 1, 20 सितंबर.</ref> यह बहस उस बात का एक हिस्सा है, जिसे ऑस्ट्रेलिया के भीतर इतिहास युद्धों (History Wars) के रूप में जाना जाता है।
== यूरोपीय अन्वेषण ==
[[चित्र:Australia discoveries by Europeans before 1813 en.png|thumb|300px|1812[71][72][73][74][75][76][77][78][79][80] तक यूरोपीय द्वारा अन्वेषण]]
[[चित्र:Thevenot - Hollandia Nova detecta 1644.png|thumb|होलैंडिया नोवा के 1644 चार्ट.]]
कई लेखकों ने यह साबित करने का प्रयास किया है कि यूरोपीय लोग सोलहवीं सदी के दौरान ऑस्ट्रेलिया पहुँचे। केनेथ मैक्लिंटियर और अन्य लेखकों का तर्क है कि सन 1520 के दशक में पुर्तगालियों द्वारा गुप्त रूप से ऑस्ट्रेलिया की खोज कर ली गई थी।<ref>मैकिनटायर, के.जी. (1977) ''द सीक्रेट डिस्कवरी ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया, पौर्चुगिज़ वेंचर्स 200 इयर्स बिफोर कूक'', सोविनिर प्रेस, मेनिंदी ISBN 028562303 6</ref> डायेपी नक्शों (Dieppe Maps) पर "''जेव ला ग्रांडे (Jave la Grande)'' " नामक एक भू-खण्ड की उपस्थिति का उल्लेख अक्सर "पुर्तगाली खोज" के प्रमाण के रूप में किया जाता है। हालांकि, डायेपी नक्शे स्पष्ट रूप से उस काल में वास्तविक व सैद्धांतिक, दोनों ही प्रकार के, भौगोलिक ज्ञान की अपूर्ण अवस्था को भी प्रदर्शित करते हैं।<ref>रॉबर्ट जे. किंग, "द जैगिलोनियन ग्लोब, अ की टू द पज़ल ऑफ़ जेव ला ग्रैंड", ''द ग्लोब: जर्नल ऑफ़ द ऑस्ट्रेलियन मैप सर्कल'', संख्या 62,
2009, पीपी.1-50.</ref> और यह तर्क भी दिया जाता रहा है कि जेव ला ग्रांडे एक काल्पनिक अवधारणा थी, जो कि सोलहवीं सदी की सृष्टिवर्णन की धारणाओं को प्रतिबिम्बित करती है। हालांकि सत्रहवीं सदी के पूर्व यूरोपीय लोगों के आगमन के सिद्धांत ऑस्ट्रेलिया में लोकप्रिय रुचि को आकर्षित करना जारी रखे हुए हैं और अन्य स्थानों पर उन्हें सामान्यतः विवादपूर्ण और मज़बूत प्रमाणों से रहित माना जाता है।
विलेम जैन्सज़ून को सन 1606 में ऑस्ट्रेलिया की पहली अधिकृत यूरोपीय खोज का श्रेय दिया जाता है।<ref>जेपीसिगमंड और एल एच ज़ुइदर्बान (1979)''डच डिस्कवरिज़ ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'' .रिग्बी लिमिटेड, ऑस्ट्रेलिया। पृष्ठ.19-30 ISBN 0-7270-0800-5</ref> उसी वर्ष लुइस वाएज़ डी टॉरेस (Luis Váez de Torres) टॉरेस जलडमरूमध्य से होकर गुज़रे थे और संभव है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी तट को देखा हो। <ref name="prado">{{Cite web |url=http://www.sl.nsw.gov.au/discover_collections/history_nation/voyages/voya_spanishQuest.html |title=प्रैडो अकाउंट कैन बी रीड ऑनलाइन |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080122222609/http://www.sl.nsw.gov.au/discover_collections/history_nation/voyages/voya_spanishQuest.html |archive-date=22 जनवरी 2008 |url-status=dead }}</ref> जैन्सज़ून की खोजों ने अनेक नाविकों को उस क्षेत्र के नक्शे बनाने पर प्रेरित किया, जिनमें [[नीदरलैण्ड|डच]] खोजकर्ता एबेल तस्मान शामिल थे।
सन 1616 में, हेंडेरिक ब्रॉवर द्वारा [[केप ऑफ़ गुड होप|केप ऑफ गुड होप]] से रोअरिंग फोर्टीज़ होकर बाटाविया तक जाने वाले हाल ही में खोजे गए मार्ग पर बढ़ने का प्रयास करते हुए डच समुद्री-कप्तान डर्क हार्टोग बहुत दूर निकल गए। ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट पर पहुँचकर वे 25 अक्टूबर 1616 को शार्क बे में केप इन्स्क्रीप्शन पर उतरे. उनका नाम पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई तट पर पहुँचने वाले पहले यूरोपीय के रूप में दर्ज किया गया है।
हालांकि एबेल तस्मान को सन 1642 के उनके समुद्री अभियान के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है; जिसमें वे वैन डाइमेन की भूमि (बाद में [[टासमानिया|तस्मानिया]]) और [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूज़ीलैंड]] के द्वीपों पर पहुँचने वाले तथा [[फ़िजी|फिजी द्वीपों]] को देखने वाले पहले ज्ञात यूरोपीय बने, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मानचित्रण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। सन 1644 में, अपने दूसरे समुद्री अभियान पर तीन जहाजों (लिमेन, ज़ीमीयुव और टेंडर ब्रेक) के साथ, वे पश्चिम की ओर न्यू गिनी के तट पर बढ़े. उन्होंने न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया के बीच टॉरेस जलडमरूमध्य को खो दिया, लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तट के साथ-साथ अपना समुद्री अभियान जारी रखा और ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी तट के मानचित्रण के साथ इसका समापन किया, जिसमें भूमि और यहाँ के लोगों के बारे में विवरण शामिल थे।<ref>*{{Dictionary of Australian Biography|First=Abel|Last=Tasman|Link=http://gutenberg.net.au/dictbiog/0-dict-biogT-V.html#tasman1}}
* एडवर्ड ड्युकर (संपादक) द डिस्कवरी ऑफ तस्मानिया: एबेल जैन्सज़ून तस्मान तथा मार्क-जोसेफ मैरियन डफ्रेस्ने 1642 व 1772 के अभियानों के जर्नल उद्धरण, सेंट डेविड्स पार्क पब्लिशिंग/तस्मानियाई सरकार का मुद्रण कार्यालय, होबार्ट, 1992, पृ. 106, आईएसबीएन (ISBN) 0 7246 2241 1.</ref>
सन 1650 के दशक तक आते-आते डच खोजों के परिणामस्वरूप, अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई तट का इतना मानचित्रण हो चुका था, जो कि तत्कालीन नौवहन मानकों के लिए पर्याप्त रूप से विश्वसनीय था और इसे सन 1655 में न्यू एम्सटर्डम ''स्टैधुइस (Stadhuis)'' ("टाउन हॉल") के ''बर्गरज़ाल (Burgerzaal)'' ("बर्गर्स हॉल") के फर्श पर जड़े विश्व के नक्शे में सब लोगों के देखने के लिए उजागर किया गया। हालांकि उपनिवेशीकरण के लिए विभिन्न प्रस्ताव दिये गए, उल्लेखनीय रूप से सन 1717 से 1744 तक पियरे पुरी (Pierre Purry) द्वारा, लेकिन उनमें से किसी पर भी आधिकारिक रूप से प्रयास नहीं किय गया।<ref>जॉन पीटर परी, ''अ मेथड फॉर डेटरमाइनिंग द बेस्ट क्लाइमेट ऑफ़ द अर्थ'', लंदन, 1744; और ''लैंड्स ऑफ़ तरु एंड सर्टेन बाउंटी: द ज्योग्राफिकल थ्योरीज एंड कोलोनाइज़ेशन स्ट्रैटजिज़ ऑफ़ जिन पेरी परी'', अरलीन सी. मिग्लिएज़ो द्वारा टेक्स्ट के परिचय के साथ संपादित और एनोटेट; पाइरेट सी. क्रिसचेन-लव्रिन एंड 'बायोदून जे. ऑगनदायो द्वारा फ्रेंच से अनुवाद, सुस्कुइहन्ना यूनिवर्सिटी प्रेस, सेलिंसग्रोव पीए (PA), 2002.</ref> यूरोपीय लोगों, भारतीयों, ईस्ट इंडीज़, चीन व जापान के साथ व्यापार कर पाने में ऑस्ट्रेलियाई मूलनिवासियों की रुचि कम थे और वे इसमें सक्षम भी नहीं थे। [[डच इस्ट इंडिया कंपनी|डच ईस्ट इंडिया कम्पनी]] का निष्कर्ष यह था कि "वहाँ कुछ भी अच्छा नहीं किया जा सकता". उन्होंने पुरी की योजना इस टिप्पणी के साथ अस्वीकार कर दी कि "इसमें कम्पनी के प्रयोग या लाभ की कोई संभावना नहीं है, इसके बजाय इसमें निश्चित रूप से बहुत अधिक लागत शामिल है".
हालांकि, पश्चिम की ओर डचों के भावी दौरों के अपवाद के अलावा, पहले [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|ब्रिटिश]] अन्वेषण तक ऑस्ट्रेलिया का एक बड़ा भाग यूरोपीय लोगों से अछूता रहा। सन 1769 में, एचएमएस ''एंडीवर'' (HMS Endeavour) के कप्तान के रूप में लेफ्टिनेंट जेम्स कुक ने शुक्र ग्रह के पारगमन का निरीक्षण करने और इसे दर्ज करने के लिए ताहिति (Tahiti) की यात्रा की। इसके अलावा कुक को एडमिरल की ओर से संभावित दक्षिणी महाद्वीप को ढूंढने के गुप्त निर्देश भी मिले थे:<ref>एंड्रयू कुक, ''एन अकाउंट ऑफ़ द डिस्कवरिज़ मेड इन द साउथ पैसफिक ओशन / बाई एलेक्सजेंडर डैलरिम्पल'' ; 1767 में प्रथम मुद्रित, केविन फ्युस्टर द्वारा पुनर्निर्गम और एंड्रयू कुक द्वारा एक निबंध, पॉट्स प्वाइंट एनएसडब्ल्यू (NSW), होर्दर्न हॉउस रेयर बुक्स फॉर द ऑस्ट्रेलियन नैशनल मैरीटाइम म्युज़ियम, 1966, पीपी. 38-9.</ref> "इस बात की कल्पना करने का पर्याप्त कारण मौजूद है कि एक महाद्वीप, या बहुत बड़े विस्तार वाली भूमि, पूर्व नाविकों के मार्ग की दक्षिणी दिशा में जाने पर ढूंढी जा सकती थी।"<ref>ए.जी.एल. शॉ (1972) ''द स्टोरी ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'' में नावधिकरण निर्देश
उद्धृत है। पृष्ठ 32 फैबर और फैबर, लंदन. ISBN 0-571-04775-0</ref> 19 अप्रैल 1770 को, ''एंडीवर'' के नाविक-दल ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट को देखा और इसके दस दिनों बाद वे बॉटनी बे पर उतरे. कुक ने पूर्वी किनारे को इसकी उत्तरी सीमा तक मानचित्रित किया और जहाज के प्रकृतिवादी, जोसेफ बैंक्स, के साथ मिलकर बॉटनी बे में एक उपनिवेश की स्थापना की संभावनाओं का समर्थन करने वाली रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सन 1772 में, लुइस एलीनो डी सेंट एलोआर्न (Louis Aleno de St Aloüarn) के नेतृत्व में आया एक [[फ़्रांस|फ्रेंच]] अभियान [[वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया|ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट]] पर औपचारिक रूप से स्वायत्तता का दावा करने वाला पहला यूरोपीय दल बना, लेकिन इसके बाद उपनिवेश की स्थापना का कोई प्रयास नहीं किया गया।<ref>डकसी सी.सी. कोवन एंड जॉन सी. किम, ''ऑब्जेक्ट्स एंड हिस्ट्री ऑफ़ द वॉयेज ऑफ़ Mm. वेस दे करगुलेन एंड फ्रैंकोइस अलेसने दे सेंट अलौर्न इन द ऑस्ट्रेलियन सिस (Yves de Kerguelen and François Alesne de Saint-Allouarn in the Australian Seas)'', पैरिस, 1934.</ref>
सन 1786 में स्वीडन के राजा गुस्ताव तृतीय की अपने देश के लिए स्वान रिवर (Swan River) पर एक उपनिवेश बनाने की आकांक्षा जन्म लेते ही समाप्त हो गई।<ref>रॉबर्ट जे. किंग, "गस्तफ़ III ऑस्ट्रेलियन कोलोनी", ''द ग्रेट सर्कल'', खंड 27, संख्या 2, पीपी 3-20. एपीएफटी (APAFT) पर: search.informit.com.au/fullText;dn=200600250;res=APAFT</ref> ऐसा सन 1788 तक नहीं हो सका, जब ग्रेट ब्रिटेन की आर्थिक, प्रौद्योगिकीय और राजनैतिक परिस्थितियों ने उस देश के लिए इस बात को संभव व लाभकर बनाया कि वे न्यू साउथ वेल्स में अपना पहला बेड़ा भेजने का बड़े पैमाने पर प्रयास करें। <ref>कैम्पबेल मैकनाइट, "अ यूजलेस डिस्कवरी?" ऑस्ट्रेलिया एंड इट्स पीपल इन द आइज़ ऑफ़ अदर्स फ्रॉम तसमान टू कूक", ''द ग्लोब'', संख्या. 61. 2008, पीपी 110.</ref>
== ब्रिटिश बस्तियाँ व उपनिवेशीकरण ==
=== उपनिवेशीकरण की योजनाएं ===
[[चित्र:Indig2.jpg|thumb|एन्ड्र्यु गैरन, 1886 की "ऑस्ट्रेलिया: फर्स्ट हंड्रेड ईयर्स (Australia: the first hundred years)" से लिया गया एक नक्काशीदार चित्र, जिसमें सन 1770 में कैप्टन जेम्स कुक के आगमन का विरोध कर रहे ग्वीयागल जनजाति के मूलनिवासी प्रदर्शित हैं]]
ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर कुक के आगमन के सत्रह वर्षों बाद ब्रिटिश सरकार ने बॉटनी बे पर एक उपनिवेश स्थापित करने का निर्णय लिया।
सन 1799 में सर जोसेफ बैंक्स, प्रसिद्ध वैज्ञानिक जो लेफ्टिनेंट जेम्स कुक की सन 1770 की समुद्री-यात्रा के दौरान उनके साथ थे, ने एक उपयुक्त स्थल के रूप में बॉटनी बे की अनुशंसा की। <ref>जॉन ग़ैस्कौइन, ''साइंस इन द सर्विस ऑफ़ इम्पायर: जोसेफ बैंक्स, द ब्रिटिश स्टेट एंड यूज़ेस ऑफ़ साइंस इन द एज ऑफ़ रेव्युलेशन'', मेलबर्न, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, 1998, पृष्ठ.187.</ref> बैंक्स ने सन 1783 में अमरीकी राजभक्त जेम्स मैट्रा द्वारा दिये गए सहयोग के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। मैट्रा ने सन 1770 में जेम्स कुक के नेतृत्व वाले ''एंडीवर'' में जूनियर ऑफिसर के रूप में बैंक्स के साथ बॉटनी बे की यात्रा की थी। बैंक्स के मार्गदर्शन में, उन्होंने जल्द ही "न्यू साउथ वेल्स में उपनिवेश की स्थापना के लिए एक प्रस्ताव (A Proposal for Establishing a Settlement in New South Wales)" की रचना की, जिसमें अमरीकी राजभक्तों, चीनियों तथा दक्षिणी समुद्री द्वीपवासियों (लेकिन अपराधी नहीं) से मिलकर बने एक उपनिवेश की स्थापना के कारणों का एक पूरी तरह विकसित समुच्चय प्रस्तुत किया गया था।<ref>हेरोल्ड बी. कार्टर, "बैंक्स, कूक एंड द सेंचरी नैचरल हिस्ट्री ट्रेडिशन", इन टोनी देलामोट और कार्ल ब्रिज (एड्स.) ''इंटरप्रेटिंग ऑस्ट्रेलिया: ब्रिटिश परसेप्शन ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया सिंस 1788'', लंदन, सर रॉबर्ट मेनजीज़ सेंटर फॉर आस्ट्रेलियन अध्ययन, पीपी 4-23.</ref>
ये कारण थे: यह देश शक्कर, कपास व तंबाकू के उत्पादन के लिए उपयुक्त था; न्यूज़ीलैंड की लकड़ी और भांग या पटसन मूल्यवान वस्तुएं साबित हो सकती हैं; यह चीन, कोरिया, जापान, अमरीका के उत्तर-पश्चिमी तट और मोलुकास (Moluccas) के साथ व्यापार का एक केन्द्र बन सकता है; और यह विस्थापित अमरीकी राजभक्तों के लिए एक उपयुक्त मुआवजा साबित हो सकता है।<ref>जेम्स मात्रा, 23 अगस्त 1783, राष्ट्रीय अभिलेखागार, क्यू, औपनिवेशिक कार्यालय, ''मूल पत्राचार'', सीओ 201/1: 57 61; जोनाथन किंग में प्रजनन ''"इन द बिगनिंग..."'' ''द स्टोरी ऑफ़ द क्रिएशन ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया, फ्रॉम द ऑरिजनल राइटिंग्स'', मेलबर्न, मैकमिलन, 1985, पृष्ठ.18.</ref> मार्च 1784 में सेक्रेटरी ऑफ स्टेट लॉर्ड सिडनी के साथ मुलाकात के बाद, मेट्रा ने अपने प्रस्ताव को संशोधित करके उपनिवेश के सदस्यों के रूप में अपराधियों को भी शामिल किया, जिसके पीछे यह विचार था कि इससे "जनता को अर्थव्यवस्था का तथा व्यक्ति को मानवीयता का" लाभ मिलेगा.<ref>फॉक्स को मात्रा, 2 अप्रैल 1784. ब्रिटिश लाइब्रेरी, एड. एमएस 47568; सुश्री; है प्रस्ताव मात्रा दूसरे संस्करण के इस संक्षेपण एक में से एक में सुलभ, 1786 अक्टूबर 13, 12 थी प्रकाशित में के मुद्दों ''जनरल विज्ञापनदाता'' 17 14 और: www.nla.gov.au/app/eresources/item/3304</ref>
मेट्रा की योजना को "न्यू साउथ वेल्स में उपनिवेश के लिए मूल रूप-रेखा प्रदान करने वाली योजना" के रूप में देखा जा सकता है".<ref>एलन एटकिंसन, "द फर्स्ट प्लान्स फॉर गवर्निंग न्यू साउथ वेल्स, 1786-87", ''ऑस्ट्रेलियन हिसटॉरिकल स्टडीज़'', खंड 24, संख्या 94, अप्रैल 1990, पीपी 22-40, पृष्ठ 31.</ref>
दिसंबर 1784 का एक केबिनेट ज्ञापन दर्शाता है कि न्यू साउथ वेल्स में एक उपनिवेश की स्थापना पर विचार करते समय सरकार ने मेट्रा की योजना पर ध्यान दिया था।<ref>'मेमो. ऑफ़ मैटर्स टू बी बरौट बिफोर केबिनेट', न्यू साउथ वेल्स के स्टेट लाइब्रेरी, डिक्सन लाइब्रेरी एड. एमएस क्यू522: एलन एटकिंसन, "द फर्स्ट प्लांस फॉर गवर्निंग न्यू साउथ वेल्स, 1786-1787", ''ऑस्ट्रेलियन हिसटॉरिकल स्टडीज़,'' खंड 24, संख्या 94, अप्रैल 1990, पीपी 22-40, पृष्ठ 31, एलन फ्रॉस्ट में डेटेड और फोटो डुप्लीकेटेड, "हिस्टोरियंस, हैंडलिंग डॉक्युमेंट्स, ट्रांसग्रेशन एंड ट्रांसपोर्टबल औफेंसेस", ''ऑस्ट्रेलियन हिसटॉरिकल स्टडीज़,'' खंड 25, संख्या 98, अक्टूबर 1992, पीपी 192-213, पीपी.208-9.</ref> सरकार ने उपनिवेशीकरण की इस योजना में नॉर्फोक द्वीप (Norfolk Island), लकड़ी और पटसन के इसके आकर्षणों के कारण, पर उपनिवेश बसाने की परियोजना भी शामिल की थी, जिसका प्रस्ताव बैंक्स के रॉयल सोसाइटी के सहयोगियों, सर जॉन कॉल व सर जॉर्ज यंग द्वारा दिया गया था।<ref>रॉबर्ट जे. किंग, "नॉरफोक आइलैंड: फैंटसी एंड रिएल्टी, 1770-1814", ''द ग्रेट सर्कल'', खंड.25, संख्या 2, 2003, पीपी. 20-41.</ref>
उसी समय, ब्रिटेन के मानवतावादियों व सुधारकों ने ब्रिटिश जेलों और पुराने जहाजों की घटिया अवस्था के खिलाफ अभियान चला रखा था। सन 1777 में जेलों के सुधारक जॉन हॉवर्ड ने "''द स्टेट ऑफ प्रिज़न्स इन इंग्लैंड एण्ड वेल्स (The State of Prisons in England and Wales)'' " लिखी, जिसने जेलों की वास्तविकता का भयावह चित्र प्रस्तुत किया और भीतर छिपी ऐसी कई बातें …सभ्य समाज के सामने उजागर कीं."<ref>डेविड हिल. (2008) ''1788; द ब्रुटल ट्रुथ ऑफ़ द फर्स्ट फ्लीट'' . पृष्ठ 9. विलियम हिनेमैन, ऑस्ट्रेलिया ISBN 978 17466 7974</ref> दंड निर्वासन पहले से ही अंग्रेज़ी दंड संहिता के मुख्य बिंदु के रूप में स्थापित हो चुका था और स्वतंत्रता के अमरीकी युद्ध (American War of Independence) तक प्रतिवर्ष लगभग एक हज़ार अपराधी मैरीलैंड और वर्जिनिया भेज दिये जाते थे।<ref>ए.जी.एल. शॉ (1972) पृष्ठ.35</ref> यह कानून के उल्लंघन को रोकने के लिए एक शक्तिशाली निवारक सिद्ध हुआ। उस समय, "यूरोपीय लोग ग्लोब के भूगोल के बारे में बहुत कम जानते थे" और "इंग्लैंड के अपराधियों के लिए बॉटनी बे में निर्वासन एक डरावनी संभावना थी।" ऑस्ट्रेलिया "कोई दूसरा ग्रह भी हो सकता था। "<ref>डेविड हिल (2008) पृष्ठ.11</ref>
1960 के दशक के प्रारम्भ में, इतिहासकार जेफरी ब्लेनी ने इस पारंपरिक दृष्टिकोण पर प्रश्न उठाया कि [[न्यू साउथ वेल्स]] की स्थापना पूरी तरह केवल अपराधियों को भेजने के स्थान के रूप में ही की गई थी। उनकी पुस्तक ''द टाइरनी ऑफ डिस्टन्स (The Tyranny of Distance)''<ref>जेफ्री ब्लैनी (1966) ''द टिरैनी ऑफ़ डिस्टेंस; हाउ डिस्टेंस शेप्ड ऑस्ट्रेलिया हिस्ट्री'' . सन बुक्स, मेलबर्न. पुनः प्रकाशित 1982. ISBN 0-333-33836-7</ref> में यह सुझाव दिया गया है कि संभवतः अमरीकी उपनिवेशों में हार के बाद पटसन और लकड़ी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी ब्रिटिश सरकार को प्रेरणा मिली हो और नॉर्फोक आइलैंड ब्रिटिश निर्णय की कुंजी था। अनेक इतिहासकारों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी और इस विवाद के फलस्वरूप उपनिवेशीकरण के कारणों से संबंधित अतिरिक्त स्रोत बहुत बड़ी मात्रा में सामने आए। <ref>जेड मार्टिन (1981) ''द फाउन्डिंग ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया: आर्ग्युमेंट अबाउट ऑस्ट्रेलिया औरिजिंस'' हेल एंड आयरमौंगर, सिडनी. ISBN 0-908094-00-0. इन्हें भी देखें डेविड मकाय, ''अ प्लेस ऑफ़ एक्साइल: द यूरोपियन सेटेलमेंट ऑफ़ न्यू साउथ वेल्स'', मेलबर्न, ऑक्सफोर्ड यूपी, 1985; एलन एटकिंसन, "द फर्स्ट प्लांस फॉर गवर्निंग न्यू साउथ वेल्स, 1786-1787", ''ऑस्ट्रेलियन हिसटॉरिकल स्टडीज़,'' खंड 24, संख्या 94, अप्रैल 1990, पीपी 22-40; एलन फ्रॉस्ट, "हिस्टोरियंस, हैंडलिंग डॉक्युमेंट्स, ट्रांसग्रेशन एंड ट्रांसपोर्टबल औफेंसेस", ''ऑस्ट्रेलियन हिसटॉरिकल स्टडीज़,'' खंड 25, संख्या 98, अक्टूबर 1992, पीपी.192-213, पृष्ठ 199; डेविड मकाय, '"बैनिश्ड टू बोटैनी बे": द फेट ऑफ़ द रेलेंटलेस हिस्टोरियन', ''ऑस्ट्रेलियन हिसटॉरिकल स्टडीज़,'' खंड 25, संख्या 98, अक्टूबर 1992, पीपी. 214-216; और एलन फ्रॉस्ट, "अ फिट ऑफ़ एब्सेंस ऑफ़ माइंड? द डिसीज़न टू कोलोनाइज़ ''बोटैनी बे, 1779-1786", बोटैनी बे माइरेजेस: इल्यूज़न ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया कंविक्ट बिग्निंग्स'', मेलबर्न यूनिवर्सिटी प्रेस, 1994, पीपी.98-109.</ref>
न्यू साउथ वेल्स में उपनिवेश स्थापित करने का निर्णय तब लिया गया था, जब ऐसा प्रतीत होने लगा कि नीदरलैंड्स में गृह-युद्ध का विद्रोह एक ऐसे युद्ध में बदल सकता है, जिसमें इंग्लैंड को तीन नौसैनिक शक्तियों, फ्रांस, हॉलैंड और स्पेन, के गठबंधन का पुनः सामना करने पड़ेगा, जिनसे सन 1783 में उसे हार का मुंह देखना पड़ा था। इन परिस्थितियों में, न्यू साउथ वेल्स में एक उपनिवेश, जिसका वर्णन जेम्स मेट्रा के प्रस्ताव में किया गया था, से मिलने वाले रणनीतिक लाभ आकर्षक थे।<ref>एलन फ्रॉस्ट, ''कंविक्ट्स एंड इम्पायर: अ नैवल क्वेस्चन, 1776 1811'', मेलबर्न, ऑक्सफोर्ड यूपी, 1980, पीपी.115-116, 129; रॉबर्ट जे. किंग, "'पोर्ट्स ऑफ़ शेल्टर एंड रिफ्रेशमेंट...' बोटैनी बे एंड नॉरफोक आइलैंड इन ब्रिटिश नैवल स्ट्रैटेजी, 1786 1808", [ऑस्ट्रेलिया] ''हिसटॉरिकल स्टडीज़'', खंड 72, संख्या 87, 1986, पीपी 199-213.</ref> मेट्रा ने लिखा था कि ऐसा उपनिवेश दक्षिण अमरीका और फिलीपीन्स के स्पेनी उपनिवेशों, तथा ईस्ट इंडीज़ के डच क्षेत्रों पर ब्रिटिश आक्रमणों के लिए सहायक हो सकता है।<ref>जेम्स मात्रा, 23 अगस्त 1783, राष्ट्रीय पुरालेख, क्यू, औपनिवेशिक कार्यालय, ''मूल पत्राचार'', CO 201/1, ff.57, 61; जोनाथन किंग में प्रजनन, ''"इन द बिगनिंग..."'' ''द स्टोरी ऑफ़ द क्रिएशन ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया, फ्रॉम द ऑरिजनल राइटिंग्स'', मेलबर्न, मैकमिलन, 1985, पृष्ठ18. न्यू साउथ वेल्स में एक उपनिवेश की स्थापना के इरादे की घोषणा किये जाने के बाद, लगभग सभी अंग्रेज़ी समाचार-पत्रों ने मैट्रा के प्रस्ताव के इस परिच्छेद को प्रकाशित किया और इनसे अन्य यूरोपीय देशों तथा संयुक्त राज्य अमरीका की प्रेस में बड़े पैमाने पर इसे प्रतिलिपित किया गया। 12 अक्टूबर 1786 के ''द व्हाइटहॉल इवनिंग पोस्ट'' और ''द जर्नल एड्वरटाइज़र'' ; ''द लंदन क्रोनिकल'', द डेली युनिवर्सल रेजिस्टर, 13 अक्टूबर 1786 के द मॉर्निंग क्रोनिकल और ''द मॉर्निंग पोस्ट'', ''द इंडीपेंडेंट गैज़ेटियर'' (फिलाडेल्फिया), 2 जनवरी 1787; ''द मैसाचुसेट्स स्पाई'', 18 जनवरी 1787; ''द न्यू हैम्पशायर स्पाई'', 16 जनवरी 1787; ''द चार्ल्सटन मॉर्निंग पोस्ट'', 22 जनवरी 1787.</ref> सन 1790 में, नूटका संकट (Nootka Crisis) के दौरान, अमरीकी महाद्वीप तथा फिलीपीन्स पर स्पेन के अधिकार के विरुद्ध नौसैनिक अभियानों की योजना बनाई गई, जिसमें न्यू साउथ वेल्स को "विश्राम, संपर्क और शरण" के एक अड्डे के रूप में कार्य करने की भूमिका सौंपी गई। अगले डेढ़ दशक के दौरान उन्नीसवीं सदी के प्रारम्भिक काल में, जब ब्रिटेन और स्पेन के बीच युद्ध का खतरा मंडरा रहा था या युद्ध छिड़ गया था, तब इन योजनाओं को पुनर्जीवित किया गया और प्रत्येक मामले में विरोध की संक्षिप्त लंबाई की अवधिoय ने उन्हें अमल में लाने से रोका.<ref>रॉबर्ट जे. किंग में यह योजनाओं की चर्चा हुई, "स्पैनिश अमेरिका इन 18थ सेंचरी ब्रिटिश नैवल स्ट्रेटजी एंड द विज़िट ऑफ़ मालसपिना टू न्यू साउथ वेल्स इन 1793", ''Actas del II Simposio de Historia Marítima y Naval Iberoamericano, noviembre 1993'', Viña del Mar, Universidad Marítima de Chile, 1996, पीपी.1-13 में, रॉबर्ट जे. किंग, "एन ऑस्ट्रेलियन पर्सपेक्टिव ऑन द इंग्लिश इन्वेशन ऑफ़ द रियो डी ला प्लाटा इन 1806 एंड 1807", ''इंटरनैशनल जर्नल ऑफ़ नैवल हिस्ट्री'', खंड 8, संख्या 1, अप्रैल 2009; और एलन फ्रॉस्ट में, "शेकिंग ऑफ़ द स्पैनिश योक: ब्रिटिश स्कीम्स टू रेव्ल्युशनाइज स्पैनिश अमेरिका, 1739-1807", मार्गरेट लिंकन, ''साइंस एंड एक्सप्लोरेशन इन द पैसिफिक: यूरोपियन वौयेजेस टू द सदर्न ओशंस इन द ऐटिंथ सेंचरी'', वूडब्रिज, ब्वॉयडेल एंड ब्रियुवर, 2001, पीपी. 19-37.</ref>
जर्मन वैज्ञानिक तथा साहित्यकार जॉर्ज फ्रॉस्टर, जिन्होंने ''रिज़ॉल्यूशन'' (1772-1775) के समुद्री अभियान के दौरान कैप्टन जेम्स कुक के नेतृत्व में यात्रा की थी, ने सन 1786 में इंग्लिश उपनिवेश की भावी संभावनाओं के बारे में लिखा: "न्यू हॉलैंड, विशाल विस्तार वाला एक द्वीप या ऐसा कहा जा सकता है कि तीसरा महाद्वीप, नये सभ्य समाज की भावी जन्मभूमि है और भले ही इसकी शुरुआत चाहे कितनी ही निकृष्ट प्रतीत होती हो, लेकिन इसके बावजूद यह थोड़े ही समय में बहुत महत्वपूर्ण बन जाने का वादा करती है।<ref>जॉर्ज फोर्स्टर, "बोटैनी-बे में Neuholland und die brittische Colonie", ''Allgemeines historisches Taschenbuch'', (बर्लिन, दिसंबर 1786), http://web.mala.bc.ca/Black/AMRC/index.htm?home.htm&2 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080505173915/http://web.mala.bc.ca/black/amrc/index.htm?home.htm&2 |date=5 मई 2008 }} और http://www.australiaonthemap.org.au/content/view/47/59/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080719062302/http://www.australiaonthemap.org.au/content/view/47/59/ |date=19 जुलाई 2008 }} पर अंग्रेजी अनुवाद</ref>
=== ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश उपनिवेश ===
[[चित्र:ArthurPhilip.jpg|thumb|left|न्यू साउथ वेल्स के आर्थर फिलिप, पहले राज्यपाल.]]
[[चित्र:Norfolk Island jail1.jpg|thumb|left|नॉरफ़ॉक द्वीप पर अपराधी बनी हुई है।]]
[[चित्र:PortArthurPenitentiary.jpg|thumb|पोर्ट आर्थर, तस्मानिया एक कुख्यात जेल चौकी.]]
[[चित्र:The Foundation of Perth 1829.jpg|thumb|left|जॉर्ज पिट मॉरिसन द्वारा 1829 पर्थ की फाउंडेशन.]]
[[चित्र:Adelaide North Tce 1839.jpg|thumb|1839 में एडिलेड.दोषियों के बिना साउथ ऑस्ट्रेलिया मुक्त कॉलोनी के रूप में स्थापित किया गया था।]]
[[चित्र:Landing at melbourne 1840.jpg|thumb|left|मेलबोर्न लैंडिंग, 1840; डब्ल्यू. लिएरडेट द्वारा पानी के रंग (1840)]]
[[चित्र:George Bowen b.jpg|thumb|सर जॉर्ज बोवेन, क्वींसलैंड के पहले राज्यपाल.]]
==== न्यू साउथ वेल्स में पहला उपनिवेश ====
जनवरी 1788 में कैप्टन आर्थर फिलिप के नेतृत्व में 11 जहाजों के पहले बेड़े के आगमन के साथ ही न्यू साउथ वेल्स के ब्रिटिश उपनिवेश की स्थापना हुई. इसमें एक हज़ार से अधिक उपनिवेशवादी थे, जिनमें 778 अपराधी (192 महिलाएँ और 586 पुरुष) शामिल थे।<ref>रोजलिंड माइल्स (2001) ''हु कूक्ड द लास्ट सपर: द वुमेन हिस्ट्री ऑफ़ द वर्ल्ड'' थ्री रिवर्स प्रेस. ISBN 0-609-80695-5 [http://books.google.com/books?id=6vPOD6Ol15MC&printsec=frontcover&dq=womens+history++of+the+world&hl=en&ei=2lCATOC9BcKC8gbPrNT3Cw&sa=X&oi=book_result&ct=book-thumbnail&resnum=2&ved=0CD0Q6wEwAQ#v=onepage&q=first%20fleet&f=false] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160515193000/https://books.google.com/books?id=6vPOD6Ol15MC&printsec=frontcover&dq=womens+history++of+the+world&hl=en&ei=2lCATOC9BcKC8gbPrNT3Cw&sa=X&oi=book_result&ct=book-thumbnail&resnum=2&ved=0CD0Q6wEwAQ#v=onepage&q=first%20fleet&f=false|date=15 मई 2016}}</ref> बॉटनी बे पर आगमन के कुछ दिनों बाद यह बेड़ा अधिक उपयुक्त स्थान पोर्ट जैक्सन की ओर बढ़ गया, जहाँ 26 जनवरी 1788 को सिडनी कोव में एक बस्ती की स्थापना की गई।<ref>पीटर हिल (2008) पृष्ठ.141-150</ref> बाद में यह तिथि ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय दिवस, ऑस्ट्रेलिया डे, बन गई। 7 फ़रवरी 1788 को गवर्नर फिलिप द्वारा सिडनी में इस उपनिवेश की आधिकारिक घोषणा की गई।
दावा किये गए क्षेत्र में भूमध्य रेखा के 135° पूर्व से लेकर ऑस्ट्रेलिया का समस्त पूर्वी भाग तथा [[प्रशान्त महासागर|प्रशांत महासागर]] में केप यॉर्क एवं वैन डायमेन की भूमि के दक्षिणी छोर (तस्मानिया) के अक्षांशों के बीच स्थित सभी द्वीप शामिल थे। एक विस्तृत द्वावा, जिसने उस समय की उत्तेजना को प्रकट किया: "साम्राज्य का विस्तार रचना की भव्यता की मांग करता है", लेखक वॉटकिन टेन्च, जो कि फर्स्ट फ्लीट के एक अधिकारी थे, ने अपनी पहली रचना ''अ नरेटिव ऑफ द एक्सपीडिशन टू बॉटनी बे (A Narrative of the Expedition to Botany Bay)'' में लिखा.<ref>वाटकिन टेंच, ''अ नरेटिव ऑफ़ द एक्स्पिडेशन टू बोटैनी बे'', लंदन, डेब्रेट, 1789, पृष्ठ 103.</ref> "सचमुच एक आश्चर्यजनक विस्तार!" टेन्च की पुस्तक के डच अनुवादक ने टिप्पणी की: "एक अकेला प्रान्त, जो बिना किसी संदेह के, पृथ्वी की पूरी सतह पर सबसे बड़ा है। उनकी परिभाषा के अनुसार, पूर्व से पश्चिम के इसके सबसे बड़े विस्तार में यह वस्तुतः ग्लोब के पूरे परिमाप के एक चौथाई को घेर लेता है".<ref>''Beschrijving van den Togt Naar Botany-Baaij....door den Kapitein Watkin Tench,'' एम्स्टर्डम, मार्टिनस डे ब्रुइन, 1789, 211.</ref>
इस कॉलोनी में वर्तमान [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूज़ीलैंड]] के द्वीप भी शामिल थे, जिसका प्रशासन न्यू साउथ वेल्स के एक भाग के रूप में किया जाता था। सन 1817 में, ब्रिटिश सरकार ने दक्षिणी प्रशांत पर व्यापक क्षेत्राधिकार का दावा वापस ले लिया। व्यावहारिक रूप से, सरकार का आज्ञापत्र दक्षिणी प्रशांत के द्वीपों में क्रियान्वित न होता हुआ देखा जाता रहा है।<ref>''हिसटॉरिकल रिकॉर्ड्स ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'', श्रृंखला III, खंड VIII, 1916, पीपी.96 118, 623; और श्रृंखला IV, खंड I, 1922, पीपी. 103-4.</ref> चर्च मिशनरी सोसाइटी साउथ सी आइलैंड्स के मूल निवासियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों और अराजकता से निपटने में न्यू साउथ वेल्स सरकार की अप्रभावकारिता को लेकर चिंतित थी। इसके परिणामस्वरूप, 27 जून 1817 को संसद ने ''महारानी के उपनिवेशों में न आने वाले स्थानों में की गई हत्याओं व नरसंहार के लिए अधिक प्रभावपूर्ण सजा के लिए एक कानून (Act for the more effectual Punishment of Murders and Manslaughters committed in Places not within His Majesty's Dominions)'' पारित किया, जिसके अनुसार ताहिती, न्यूज़ीलैंड और दक्षिणी प्रशांत के अन्य द्वीप महाराज के उपनिवेशों में शामिल नहीं थे।<ref>''स्टैचूट एट लार्ज'', 57 जियो.III, सी.53, पृष्ठ.27, चर्च मिशनरी सोसाइटी टू बाथर्स्ट [1817 जल्दी], ''हिसटॉरिकल रिकॉर्ड्स ऑफ़ न्यूजीलैंड'', खंड I, पीपी 417 29; लंदन मिशनरी सोसाइटी टू मार्सडेन, 5 जून 1817, माइकल लाइब्रेरी, ''मार्सडेन पेपर्स'', ए1995, खंड 4, पृष्ठ 64, ए.टी. यार्वूड, ''सैम्युल मार्सडेन: द ग्रेट सर्वाइवर'', मेलबर्न, एमयूपी (MUP), 1977, पृष्ठ 192; रॉबर्ट मैकनब, ''फ्रॉम तसमान टू मार्सडेन'', डुनेडिन, 1914, पृष्ठ 207.</ref>
==== अन्य उपनिवेशों की ओर विस्तार ====
सन 1788 में न्यू साउथ वेल्स में उपनिवेश की स्थापना के बाद ऑस्ट्रेलिया को सिडनी स्थित औपनिवेशिक सरकार के प्रशासन के अधीन न्यू साउथ वेल्स नामक एक पूर्वी अर्ध-भाग तथा न्यू हॉलैंड नामक एक पश्चिमी अर्ध-भाग में विभाजित किया गया।
दक्षिणी प्रशांत में स्थित नॉर्फोक आइलैंड की सुंदरता, सुहावने मौसम और उपजाऊ मिट्टी के रूमानी वर्णनों के परिणामस्वरूप सन 1788 में ब्रिटिश सरकार ने वहाँ न्यू साउथ वेल्स के उपनिवेश की एक सहायक बस्ती की स्थापना की। ऐसी आशा की गई थी कि नॉर्फोक आइलैंड चीड़ के जंगली रूप से उग आने वाले विशाल वृक्ष तथा पटसन के पौधे एक स्थानीय उद्योग के लिए आधार बनेंगे, जो विशेषतः पटसन के मामले में, रूस को एक ऐसी सामग्री की आपूर्ति का एक वैकल्पिक स्रोत प्रदान करेगा, जो कि ब्रिटिश नौसेना के लिए जहाजों के रस्से और पlाअ बनाने के लिए आवश्यक थी। हालांकि, इस द्वीप पर कोई भी सुरक्षित बंदरगाह मौजूद नहीं था, जिसके फलस्वरूप सन 1807 में इस उपनिवेश को समाप्त कर दिया गया और इसके नागरिकों को तस्मानिया में बसाया गया।<ref>किंग, रॉबर्ट जे. "नॉरफ़ॉक आइलैंड: फैंटसी एंड रिएल्टी, 1770-1814." ''द ग्रेट सर्किल'', खंड 25, संख्या 2, 2003, पीपी.20-41.</ref> सन 1824 में इस द्वीप को एक दण्डात्मक उपनिवेश के रूप में पुनः बसाया गया।
सन 1798 में, जॉर्ज बास और मैथ्यू फ्लिंडर्स ने वैन डायमेन की भूमि की जलीय-परिक्रमा पूरा किया, जिससे यह साबित हो गया कि वह एक द्वीप था। सन 1802 में, फ्लिंडर्स ने पहली बार सफलतापूर्वक ऑस्ट्रेलिया की जलीय-परिक्रमा पूर्ण की।
सलिवन बे पर एक उपनिवेश, जिसे अब विक्टोरिया के नाम से जाना जाता है, को बसाने के एक विफल प्रयास के बाद वैन डायमेन की भूमि, जिसे अब [[टासमानिया|तस्मानिया]] के नाम से जाना जाता है, को सन 1803 में बसाया गया, इसके बाद विभिन्न समयों पर पूरे महाद्वीप में अन्य ब्रिटिश उपनिवेश स्थापित किये गए, जिनमें से अनेक असफल भी रहे। सन 1823 में ईस्ट इंडिया ट्रेड कमिटी ने डचों को पहले ही रोक देने के लिए उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के तट पर एक उपनिवेश स्थापित करने की अनुशंसा की और कैप्टन जे.जे.जी.ब्रेमर, आरएन (RN), को बाथर्स्ट आइलैंड और कोबोर्ग पेनिन्सुला के बीच एक उपनिवेश की स्थापना के लिए नियुक्त किया गया। सन 1824 में ब्रेमर ने उपनिवेश के स्थल के रूप में मेल्विल आइलैंड स्थित फोर्ट डन्डास को चुना और चूंकि यह सन 1788 में घोषित सीमा से पर्याप्त रूप से पश्चिम में स्थित था, अतः अक्षांश 129˚ पूर्व तक समस्त पश्चिमी क्षेत्र पर ब्रिटिशों के अधिकार की घोषणा की गई।<ref>''हिसटॉरिकल रिकॉर्ड्स ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'', श्रृंखला III, खंड V, 1922, पीपी.743 7, 770.</ref>
नई सीमा में मेल्विल और बाथर्स्ट आइलैण्ड तथा निकटवर्ती मुख्य-भूमि शामिल थी। सन 1826 में, ब्रिटिशों का दावा पूरे ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप तक फैल गया, जब मेजर एडमंड लॉकियर ने किंग जॉर्ज साउंड (बाद के एल्बनी नगर का आधार) में एक उपनिवेश की स्थापना की, लेकिन [[वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया|वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया]] की पूर्वी सीमा अक्षांश 129˚ पूर्व पर अपरिवर्तित बनी रही। सन 1824 में, ब्रिस्बेन नदी के मुहाने पर एक दण्डात्मक उपनिवेश (बाद के [[क्वीन्सलैण्ड|क्वीन्सलैंड]] के उपनिवेश का आधार) की स्थापना की गई। सन 1829 में, स्वान रिवर कॉलोनी और इसकी राजधानी [[पर्थ]] को पश्चिमी तट पर बसाया गया और उस पर किंग जॉर्ज साउंड के नियंत्रण को मान्यता दी गई। प्रारम्भ में एक स्वतंत्र उपनिवेश रहे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया ने बाद में मजदूरों की भारी कमी के कारण ब्रिटिश अपराधियों को स्वीकार कर लिया।
=== अपराधी और औपनिवेशिक समाज ===
[[चित्र:Black-eyed Sue and Sweet Poll of Plymouth taking leave of their lovers who are going to Botany Bay.jpeg|thumb|left|प्लायमाउथ, इंग्लैंड की काली-आंखों वाली स्यु और स्वीट पॉल, जो अपने प्रेमियों के लिए विलाप कर रही हैं, जिन्हें जल्द ही बॉटनी बे निर्वासित किया जाना है, 1792]]
[[चित्र:Battle of VinegarHill.jpg|thumb|1804 के कासल हिल कंविक्ट विद्रोह चित्र का वर्णन करते हैं।]]
सन 1788 और 1868 के बीच, लगभग 161,700 अपराधियों (जिनमें से 25,000 महिलाएँ थीं) को निर्वासित करके न्यू साउथ वेल्स, वैन डायमेन की भूमि और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के ऑस्ट्रेलियाई उपनिवेशों में भेज दिया गया।<ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ 258</ref> इतिहासकार लॉयड रॉब्सन का अनुमान है कि शायद इनमें से दो तिहाई कामकाजी वर्ग के नगरों, विशेषतः मिडलैंड्स और इंग्लैंड के उत्तरी भाग, से थे। इनमें से अधिकांश आदतन अपराधी थे।<ref>लॉयड रॉबसन (1976) ''द कंविक्ट ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'' देखें. मेलबर्न यूनिवर्सिटी प्रेस, मेलबर्न ISBN 0 522839940</ref> निर्वासन ने चाहे सुधार के अपने लक्ष्य को प्राप्त किया हो या न किया हो, लेकिन इनमें से कुछ अपराधी ऑस्ट्रेलिया में जेल प्रणाली को छोड़ पाने में सक्षम हो सके; सन 1801 के बाद वे अच्छे व्यवहार के लिए "रिहाई का टिकट" हासिल कर सकते थे और मजदूरी के बदले उन्हें स्वतंत्र लोगों को उनका काम करने के लिए सौंपा जा सकता था। उनमें से कुछ को उनकी सज़ा के अंत में क्षमादान दे दिया गया और वे मुक्त हो चुके व्यक्तियों (Emancipists) के रूप में जीवन बिता पाने में सफल रहे। महिला अपराधियों के पास कम अवसर थे।
कु्छ अपराधियों, विशिष्ट रूप से आइरिश अपराधियों, को राजनैतिक अपराधों या सामाजिक विद्रोहों के लिए ऑस्ट्रेलिया में निर्वासित किया गया था, अतः इसके परिणामस्वरूप अधिकारीगण आइरिश लोगों के प्रति आशंकित थे और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में कैथलिकवाद की पद्धति को प्रतिबंधित कर दिया। सन 1804 में आइरिशों के नेतृत्व में हुए कैसल हिल विद्रोह ने इस संशय और दमन को और अधिक बढ़ाने का कार्य किया।<ref name="catholicaustralia.com.au">{{Cite web |url=http://www.catholicaustralia.com.au/page.php?pg=austchurch-history |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120324111940/http://www.catholicaustralia.com.au/page.php?pg=austchurch-history |archive-date=24 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> इस दौरान चर्च ऑफ इंग्लैंड के पादरी-वर्ग ने गवर्नरों के साथ निकटता से कार्य किया और गवर्नर आर्थर फिलिप ने फर्स्ट फ्लीट के पादरी रिचर्ड जॉन्सन को उपनिवेश में "सार्वजनिक नैतिकता" में सुधार लाने का जिम्मा सौंपा और साथ ही वे स्वास्थ्य व शिक्षा में भी बहुत अधिक सहभागी थे।<ref name="adbonline.anu.edu.au">{{Cite web |url=http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A020018b.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110408202042/http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A020018b.htm |archive-date=8 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}</ref> रेवरेंड सैम्युएल मार्सडेन (1765-1838) के पास मजिस्ट्रेट संबंधी कर्तव्य थे और इसलिए अपराधियों द्वारा उनकी तुलना अधिकारियों से की गई, उनकी सजाओं की गंभीरता के कारण उन्हें 'कोड़े मारने वाले पादरी (floging parson)' के नाम से जाना जाने लगा। <ref>{{Cite web |url=http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A020176b.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110408202056/http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A020176b.htm |archive-date=8 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}</ref>
फर्स्ट फ्लीट के साथ आए नौसैनिकों को कार्यमुक्त करने के लिए सन 1789 में इंग्लैंड में एक स्थायी रेजिमेंट के रूप में न्यू साउथ वेल्स कोर का गठन किया गया। जल्दी ही इस कोर के अधिकारी उपनिवेश में रम के भ्रष्ट व आकर्षक व्यापार में शामिल हो गए। सन 1808 के रम विद्रोह में, कोर, जो कि ऊन के नव-स्थापित व्यापारी जॉन मैकार्थर के साथ मिलकर कार्य कर रही थी, ने ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में सरकार पर एकमात्र सफल सशस्र नियंत्रण प्रदर्शित किया, गवर्नर विलियम ब्लाय को अपदस्थ कर दिया गया और सन 1810 में ब्रिटेन से गवर्नर लैक्लान मैक्वेरी के आगमन से पूर्व तक उपनिवेश में चले सैन्य-शासन की शुरुआत हुई। <ref>http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A010111b.htm?hilite=william%3Bbligh{{Dead link|date=अगस्त 2025 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
सन 1810 से 1821 तक मैक्वेरी ने न्यू साउथ वेल्स के अंतिम निरंकुश गवर्नर के रूप में कार्य किया और न्यू साउथ वेल्स, जो कि एक दण्डात्मक उपनिवेश से एक उभरते हुए मुक्त समाज में रूपांतरित हो रहा था, के सामाजिक व आर्थिक विकास में उनकी एक मुख्य भूमिका रही। उन्होंने सार्वजनिक सुविधाएं, एक बैंक, चर्च और धर्मार्थ संस्थाएं स्थापित कीं और ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के साथ अच्छे संबंध बनाने का प्रयास किया। सन 1813 में, उन्होंने ब्लाक्सलैंड, वेंटवर्थ और लॉसन को ब्लू माउंटेन के उस पार भेजा, जहाँ उन्होंने आंतरिक भाग के विशाल मैदानों की खोज की। हालांकि, मुक्त हो चुके व्यक्तियों (Emancipists) के साथ किया जाने वाला व्यवहार मैक्वेरी की नीति के केन्द्र में था, जिनके बारे में उन्होंने आज्ञा दी कि उनके साथ उपनिवेश के स्वतंत्र-व्यक्तियों की तरह ही व्यवहार किया जाना चाहिये। विरोध के खिलाफ जाकर, उन्होंने मुक्त हो चुके व्यक्तियों को मुख्य शासकीय पदों पर नियुक्त किया, जिनमें औपनिवेशिक वास्तुकार के रूप में फ्रैंसिस ग्रीनवे तथा मजिस्ट्रेट के रूप में विलियम रेडफर्न शामिल थे। लंडन ने उनके सार्वजनिक कार्यों को बहुत अधिक खर्चीला माना और मुक्त हो चुके व्यक्तियों (Emancipists) के प्रति उनके व्यवहार के कारण समाज में नाराज़गी फैल गई।<ref>http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A020162b.htm?hilite=lachlan%3Bmacquarie{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> इसके बावजूद, समय के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के बीच समतावाद को केन्द्रीय मूल्य के रूप में स्वीकार किया गया।
[[चित्र:The arrest of Bligh propaganda cartoon from around 1810.jpg|thumb|300px|1808 के रम राज्यपाल के दौरान गवर्नर विलियम ब्लिघ की गिरफ्तारी का प्रचार कार्टून.]]
न्यू साउथ वेल्स के गवर्नरों में से प्रथम पांच ने मुक्त उपनिवेशवादियों को प्रोत्साहित करने की अविलंब आवश्यकता महसूस की, लेकिन ब्रिटिश सरकार का मत इससे बहुत अधिक भिन्न था। सन 1790 में ही, गवर्नर आर्थर फिलिप ने लिखा था; "महामहिम आप संभवतः मेरे…पत्रों के द्वारा यह देख सकेंगे कि हमने भूमि की जुताई कर पाने में कितनी कम प्रगति कर सके हैं… वर्तमन में यह उपनिवेश केवल एक व्यक्ति को वहन कर सकता है, जिसे मैं भूमि को जोतने के लिए नियुक्त कर सकूं…"<ref>ट्रीना जेर्मियाह में फिलिप उद्धृत; टी. गरी (1984) में "आप्रवासियों और समाज" पृष्ठ.121-122</ref> सन 1820 के दशक से मुक्त उपनिवेशवादियों का बड़ी संख्या में आगमन प्रारम्भ हुआ और मुक्त उपनिवेशवादियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय योजनाएं प्रस्तुत की गईं। परोपकारी व्यक्तियों, कैरोलाइन काइशोम और जॉन डानमोर लैंग, ने अपनी स्वयं की आप्रवासन योजनाएं विकसित कीं. गवर्नरों द्वारा शाही भूमि का आवंटन किया गया और आप्रवासियों पर उपनिवेश की योजनाओं, जैसे एडवर्ड गिबन वेकफील्ड की योजनाओं, का कुछ हद तक उत्साहपूर्ण प्रभाव पड़ा, जिसके कारण संयुक्त राज्य अमरीका या कनाडा के विपरीत वे ऑस्ट्रेलिया की लंबी यात्राएं करने लगे। <ref>सन 1850 में जहाज की सबसे सस्ती श्रेणी में संयुक्त राज्य अमरीका या कनाडा जाने का खर्च लगभग £5 आता था, जबकि ऑस्ट्रेलिया की समुद्री यात्रा का खर्च £40 था। टी. गरी (1984) में ट्रीना जेर्मियाह देखें पृष्ठ.126</ref>
सन 1820 के दशक से अनाधिकृत निवासियों (Squatters) की बढ़ती हुई संख्या<ref>ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में, इस शब्द का अर्थ है, कोई ऐसा व्यक्ति जिसने चारागाही या किसी अन्य उद्देश्य से "खाली भूमि" पर "अनाधिकृत कब्ज़ा" कर लिया हो</ref> ने यूरोपीय उपनिवेशों की सीमाओं के बाहर स्थित भूमि पर कब्ज़ा कर लिया। अपेक्षाकृत कम खर्च के साथ लंबे स्टेशनों पर भेड़ों को चराने वाले ये अनधिकृत निवासी काफी लाभ कमा लेते थे। सन 1834 तक, ऑस्ट्रेलिया से लगभग 2 मिलियन किलोग्राम ऊन का ब्रिटेन को निर्यात किया गया।<ref>डब्ल्यू.पी.ड्रिसकोल और ई.एस. एल्फिक (1982)''बर्थ ऑफ़ अ नेशन'' पृष्ठ.147रिग्बी, ऑस्ट्रेलिया। ISBN 0-85179-697-4</ref> सन 1850 तक आते-आते, केवल 2,000 अनधिकृत निवासियों ने 30 मिलियन हेक्टेयर भूमि हासिल कर ली थी और अनेक उपनिवेशों में उन्होंने एक शक्तिशाली और "सम्मानीय" रुचि समूह स्थापित कर लिया था।<ref>डब्ल्यू.पी. ड्रिसकोल और ई.एस. एल्फिक (1982) पृष्ठ.148</ref>
सन 1835 में, ब्रिटिश कॉलोनियल ऑफिस ने ''गवर्नर बॉर्क की घोषणा (Proclamation of Governor Bourke)'', जिसके आधार पर ब्रिटिश उपनिवेशों की स्थापना की गई थी, जारी की, जिसके द्वारा ''टेरा नलियस (terra nullius)'' के कानूनी सिद्धांत को लागू किया गया, जिसके बाद यह धारणा पुनः प्रभावी हुई कि ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा अपने अधिकार में लिए जाने से पूर्व तक वह भूमि किसी की भी नहीं थी और जॉन बैटमैन के साथ की गई संधि सहित, ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के साथ संधियों की किसी भी संभावना को ख़ारिज कर दिया गया। इसके प्रकाशन का अर्थ यह था कि उसके बाद से, सरकार की अनुमति के बिना भूमि पर कब्ज़ा किये हुए पाये जाने वाले ''सभी'' लोगों को अवैध प्रवेशकर्ता माना जाएगा.<ref>{{cite web |url=http://www.migrationheritage.nsw.gov.au/exhibition/objectsthroughtime/bourketerra/ |title=http://www.albanyaustralia.com/history.htm .Governor Bourke’s Proclamation of Terra Nullius c.1835, NSW Migration Heritage Centre website |publisher=Migrationheritage.nsw.gov.au |date= |accessdate=29 अप्रैल 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090306211229/http://www.migrationheritage.nsw.gov.au/exhibition/objectsthroughtime/bourketerra |archive-date=6 मार्च 2009 |url-status=dead }}</ref>
न्यू साउथ वेल्स के भागों से पृथक बस्तियाँ और बाद में उपनिवेश स्थापित किये गए: सन 1836 में [[साउथ ऑस्ट्रेलिया]], सन 1840 में [[न्यूज़ीलैण्ड|न्यूज़ीलैंड]], सन 1834 में पोर्ट फिलिप डिस्ट्रिक्ट, जो बाद में सन 1851 में [[विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया)|विक्टोरिया]] उपनिवेश बना और सन 1859 में [[क्वीन्सलैण्ड|क्वीन्सलैंड]]. सन 1863 में साउथ ऑस्ट्रेलिया के एक भाग के रूप में नॉर्दर्न टेरिटरी की स्थापना की गई। सन 1840 से 1868 के बीच अपराधियों के ऑस्ट्रेलिया में निर्वासन को बंद कर दिया गया।
यूरोपीय उपनिवेशीकरण के पहले 100 वर्षों में कृषि और अन्य कार्यों के लिए भूमि को बड़े पैमाने पर साफ किया गया। स्वाभाविक प्रभावों के अलावा भूमि की इस प्रारम्भिक सफाई और सख्त-खुरों वाले जानवरों को लाये जाने का विशिष्ट क्षेत्रों की पारिस्थितिकी पर प्रभाव पड़ा, इसने ऑस्ट्रेलियाई मूल-निवासियों को बहुत अधिक प्रभावित किया क्योंकि वे अपने भोजन, निवास और अन्य आवश्यकताओं के लिए जिन संसाधनों पर आश्रित रहते थे, उनमें कमी आ गई। इससे वे क्रमशः अधिक छोटे क्षेत्रों की ओर जाने पर मजबूर कर दिये गए और उनकी संख्या भी कम हो गई क्योंकि नई बीमारियों और संसाधनों की कमी के कारण बड़ी संख्या में उनकी मृत्यु हो गई। उपनिवेशवादियों के विरुद्ध मूल-निवासियों का विरोध व्यापक था और सन 1788 से सन 1920 के दशक तक चली लंबी लड़ाई के परिणामस्वरूप कम से कम 20,000 मूल-निवासियों और 2,000 से 2500 के बीच यूरोपीय लोगों की मृत्यु हो गई।<ref>{{cite book|last=Grey|first=Jeffrey|title=A Military History of Australia|url=https://archive.org/details/militaryhistorya00grey_277|publisher=Cambridge University Press|location=Port Melbourne|year=2008|edition=Third|isbn=9780521697910|pages=[https://archive.org/details/militaryhistorya00grey_277/page/n43 28]–40}}</ref> उन्नीसवीं सदी के मध्य से अंत के दौरान, अनेक दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के अनेक ऑस्ट्रेलियाई मूल-निवासियों को, अक्सर बलपूर्वक, आरक्षित क्षेत्रों व मिशनों की ओर स्थलांतरित कर दिया गया। इनमें से अनेक संस्थाओं के स्वरूप ने बीमारियों को तेज़ी से फैलाने में सहायता की और इनमें से अनेक को इसलिए बंद कर दिया गया क्योंकि उनमें रहनेवालों की संख्या घट गई थी।
== औपनिवेशिक स्वशासन और सोने की खोज ==
[[चित्र:Bernhard otto holterman with 630lb gold from Hill End.jpg|thumb|upright|हिल एंड से एक सोने का डला, 1872 में पता लगाया।]]
पारंपरिक रूप से एडवर्ड हैमण्ड हार्ग्रेव्ज़ को फरवरी 1851 में बाथर्स्ट, न्यू साउथ वेल्स के पास ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज करने का श्रेय दिया जाता है। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया में सोने की मौजूदगी के लक्षण सर्वेक्षणकर्ता जेम्स मैक्ब्रायन द्वारा 1823 में ही खोजे जा चुके थे। चूंकि [[अंग्रेजी विधि|अंग्रेज़ी कानून]] के मुताबिक समस्त खनिज राजा की संपत्ति थे, अतः प्रारम्भ में "एक ग्राम्य अर्थव्यवस्था के अंतर्गत विकसित हो रहे एक उपनिवेश में वास्तव में समृद्ध सोने की खदानों की खोज के लिए बहुत कम प्रेरणा मौजूद थी।"<ref>फ्रांसिस हेल (1983) ''वेल्थ बिनीथ द सॉइल'' . पृष्ठ 3-5. थॉमस नेल्सन. मेलबर्न. ISBN 0-17-006049-7</ref> रिचर्ड ब्रूम का यह भी तर्क है कि कैलिफोर्निया में सोने की प्राप्ति से हुए अप्रत्याशित लाभ (California Gold Rush) ने प्रारम्भ में ऑस्ट्रेलियाई खोजों को पूरी तरह अपने प्रभाव में ले लिया, जब तक कि "मई 1852 में माउंड एलेक्ज़ेंडर का समाचार इंग्लैंड पहुँचा, जिसके कुछ ही समय बाद आठ टन सोना लेकर छः जहाज आए."<ref>रिचर्ड ब्रूम (1984) ''अराइविंग'' . पृष्ठ.69</ref>
तेज़ी से मिलते सोने के कारण अनेक ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैंड, महाद्वीपीय यूरोप, उत्तरी अमरीका और चीन के अनेक आप्रवासी ऑस्ट्रेलिया आए। [[विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया)|विक्टोरिया]] के उपनिवेश की जनसंख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई और यह 1850 में 76,000 से बढ़कर 1859 में 530,000 तक जा पहुँची.<ref>सी.एम.एच. क्लार्क (1971) ''सिलेक्ट डॉक्युमेंट्स इन ऑस्ट्रेलियन हिस्ट्री 1851-1900'' (खंड 2) पृष्ठ 664-5. एंगस और रॉबर्टसन, सिडनी. ISBN 0 307941440</ref> लगभग तुरंत ही खदान-कर्मियों, विशिष्ट रूप से भीड़-भरी विक्टोरियाई खदानों में कार्यरत, के मन में असंतोष उभर आया। औपनिवेशिक सरकार का खुदाई का प्रशासन और सोने के लाइसेंस की प्रणाली इसके कारण थे। सुधार के लिए किये गए कई विरोधों और याचिकाओं के बाद, 1854 के अंत में बैलाराट में हिंसा भड़क उठी.
रविवार 3 दिसम्बर 1854 की सुबह, ब्रिटिश सेना और पुलिस ने यूरेका लीड पर निर्मित एक बंदी शिविर पर आक्रमण कर दिया और कुछ असंतुष्ट खदान-कर्मियों को बंधक बना लिया। कुछ ही समय तक चली इस लड़ाई में, कम से कम 30 श्रमिक मारे गए और घायलों की संख्या ज्ञात नहीं हो सकी। <ref>बॉब ओ'ब्रायन (1992) ''मैसकर एट यूरेका, द अंटोल्ड स्टोरी'' . पृष्ठ 94-98. ऑस्ट्रेलियाई विद्वानों प्रकाशन, मेलबर्न. ISBN 1 875606041. 12वीं रेजिमेंट में 5 सैनिकों को ओ'ब्रायन ने सूची किया और 40 रेजिमेंट मरे गए और 12 घायल हुए</ref> लोकतांत्रिक अधिस्वर के साथ हो रहे विरोध के प्रति अपने भय के कारण अपना विवेक खो चुके स्थानीय कमिश्नर रॉबर्ट रीड ने महसूस किया था कि “यह अत्यंत आवश्यक था कि खदान-श्रमिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए”.<ref>फ्रांसिस हेल (1983) ''वेल्थ बिनीथ द सॉइल'' पृष्ठ.77</ref>
लेकिन इसके कुछ ही महीनों बाद, एक शाही कमिशन ने विक्टोरिया की सोने की खदानों के प्रशासन में आमूलचूल परिवर्तन किये। इसकी अनुशंसाओं में लाइसेंस व्यवस्था को हटाना, पुलिस बल में सुधार और खनन का अधिकार प्राप्त खदान-कर्मियों के लिए मतदान का अधिकार शामिल थे।<ref>जैन बैसेट (1986), ''द कॉनसाइस ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ऑफ़ ऑस्ट्रेलियन हिस्ट्री'' . पृष्ठ 87. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, मेलबर्न. ISBN 0 195544226</ref> कुछ लोग गंभीरतापूर्वक इस बात पर विचार करने लगे थे कि बैलाराट के खदान-कर्मियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रयोग किये जाने वाले यूरेका के ध्वज को ऑस्ट्रेलियाई ध्वज के एक विकल्प के रूप में अपनाया जाना चाहिये क्योंकि यह लोकतांत्रिक सुधारों का प्रतीक बन चुका था।
सन 1890 के दशक में, प्रवासी लेखक [[मार्क ट्वैन|मार्क ट्वेन]] ने यूरेका की लड़ाई का वर्णन अपने इस प्रसिद्ध विवरण में इस प्रकार किया:
<blockquote>
{{cquote| The finest thing in Australasian history. It was a revolution-small in size, but great politically; it was a strike for liberty, a struggle for principle, a stand against injustice and oppression...it is another instance of a victory won by a lost battle.<ref>Mark Twain (1897)''Following the Equator''.Reprinted as Mark Twain in Australia and New Zealand (1973) by Penguin books, Australia. p.233. ISBN 0 14 0700 34 X</ref>}}
</blockquote>
बाद में, सोने की तीव्र प्राप्ति सन 1870 के दशक में पाल्मर रिवर, [[क्वीन्सलैण्ड|क्वीन्सलैंड]] में तथा 1890 के दशक में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में कूलगार्डी और [[कालगुर्ली|कैलगूर्ली]] में हुई। सन 1950 के दशक और सन 1960 के दशक के प्रारम्भ में न्यू साउथ वेल्स में विक्टोरिया और लैम्बिंग फ्लैट में बकलैंड रिवर पर चीनी और यूरोपीय खदान-कर्मियों को मुठभेड़ें हुईं. इतिहासकार जेफरी सर्ल के अनुसार कछारी (सतही) सोना समाप्त हो जाने पर चीनियों के प्रयासों को मिली सफलता के कारण यूरोपीय ईर्ष्या से संचालित, इन मुठभेड़ों ने उभरते हुए ऑस्ट्रेलियाई दृष्टिकोणों को एक श्वेत ऑस्ट्रेलिया की नीति के समर्थन में स्थापित कर दिया। <ref>जेफ्री सरले (1963) ''द गोल्डेन एज: अ हिस्ट्री ऑफ़ द कोलनी ऑफ़ विक्टोरिया 1851-1861'' . पृष्ठ.320-335. मेलबर्न यूनिवर्सिटी प्रेस, मेलबर्न. ISBN 0-522-84143-0</ref>
सन 1855 में, न्यू साउथ वेल्स ज़िम्मेदारीपूर्ण सरकार प्राप्त करने वाला पहला उपनिवेश बना और ब्रिटिश साम्राज्य का भाग बना रहकर भी यह अपने अधिकांश कार्यों का प्रबंध स्वयं करने लगा। सन 1856 में विक्टोरिया, तस्मानिया और साउथ ऑस्ट्रेलिया; सन 1859 में अपनी स्थापना के साथ ही क्वीन्सलैंड; और सन 1890 में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया भी ऐसा ही करने लगे। कुछ मामलों का नियंत्रण लंदन के औपनिवेशिक कार्यालय के हाथों में ही बना रहा, जिनमें विदेशों से जुड़े मामले, रक्षा व अंतर्राष्ट्रीय नौवहन उल्लेखनीय हैं।
स्वर्ण-युग के परिणामस्वरूप उन्नति का एक लंबा काल आया, जिसे कभी-कभी “द लॉन्ग बूम” कहा जाता है।<ref>डब्ल्यू.पी. ड्रिसकोल और ई.एस. एल्फिक (1982) पृष्ठ.189</ref> रेलमार्ग, [[मर्रे नदी|नदी]] और समुद्र के रास्ते होने वाले दक्ष परिवहन में वृद्धि के अलावा ब्रिटिश निवेश तथा ग्राम्य व खनिज उद्योगों ने भी इसके विकास में सहायता प्रदान की। सन् 1891 तक, ऑस्ट्रेलिया में भेड़ों की संख्या 100 मिलियन होने का अनुमान लगाया गया। सन् 1850 के दशक से ही सोने के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन फिर भी उस वर्ष इसका मूल्य £5.2 मिलियन था।<ref>डब्ल्यू.पी. ड्रिसकोल और ई.एस. एल्फिक (1982) पृष्ठ.189-196. असमायोजित आंकड़ों में सोने का उत्पादन।</ref> अंततः आर्थिक विस्तार अपनी समाप्ति पर पहुँचा और 1890 का दशक आर्थिक मंदी लेकर आया, जिसका सबसे ज्यादा असर विक्टोरिया और इसकी राजधानी [[मेलबॉर्न|मेलबर्न]] में महसूस किया गया।
हालांकि उन्नीसवीं सदी के अंतिम भाग में, दक्षिण पूर्वी ऑस्ट्र्रेलिया के शहरों में अत्यधिक विकास देखा गया। सन 1900 में ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या (जिसमें ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी शामिल नहीं थे क्योंकि उन्हें जनगणना से अलग रखा गया था) 3.7 मिलियन थी, जिनमें से लगभग 1 मिलियन लोग [[मेलबॉर्न|मेलबर्न]] व [[सिडनी]] में रहा करते थे।<ref>सी.एम.एच. क्लार्क (1971) पृष्ठ.666</ref> उस सदी की समाप्ति तक आते-आते कुल जनसंख्या के दो तिहाई से अधिक लोग शहरों में निवास करने लगे, जिससे ऑस्ट्रेलिया “पश्चिमी विश्व के सर्वाधिक शहरीकृत समाजों में से एक” बन गया।<ref name="heidelberg">{{cite book | url=http://books.google.com.au/books/about/City_bushmen.html?id=gjkkAAAAMAAJ | title=सिटी बुशमेन : द हिडेलबर्ग स्कूल एंड द रुरल माइथोलॉजी | publisher=[[ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस]] | author=ली एस्टबरी | year=१९८५ | language=अंग्रेज़ी | pages=2 | isbn=9780195545012 | access-date=16 जून 2020 | archive-url=https://web.archive.org/web/20161003144730/https://books.google.com.au/books/about/City_Bushmen.html?id=gjkkAAAAMAAJ | archive-date=3 अक्तूबर 2016 | url-status=live }}</ref>
== ऑस्ट्रेलियाई लोकतंत्र का विकास ==
[[चित्र:Catherine Helen Spence.jpg|thumb|150px|साउथ ऑस्ट्रेलियाई सफ्रागेट कैथरीन हेलेन स्पेन्स (1825-1910).सन 1995 में, साउथ ऑस्ट्रेलिया की महिलाएँ मतदान का अधिकार प्राप्त करने वाली तथा संसद में खड़ी हो पाने वाली विश्व की शुरुआती महिलाओं में से एक थीं।]]
पारंपरिक ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी समाज का संचालन वरिष्ठ-जनों की समितियों और एक व्यापारिक निर्णय प्रक्रिया के द्वारा किया जाता था, लेकिन सन 1788 के बाद स्थापित यूरोपीय-शैली की प्रारम्भिक सरकारें स्वायत्त हुआ करतीं थीं और उनका संचालन नियुक्त किये गए गवर्नरों द्वारा किया जाता था – हालांकि अधिप्राप्ति के सिद्धांत (doctrine of reception) के आधार पर ऑस्ट्रेलियाई उपनिवेशों में अंग्रेज़ी विधि प्रत्यारोपित की गई थी और इस प्रकार उपनिवेशवादी ''[[मैग्ना कार्टा]]'' तथा [[अधिकार अधिनियम|बिल ऑफ राइट्स 1689]] द्वारा स्थापित अधिकारों व प्रक्रियाओं की अवधारणा को ब्रिटेन से लाये। उपनिवेशों की स्थापना के शीघ्र बाद प्रतिनिधिक सरकार के गठन के लिए प्रदर्शन शुरु हो गए।<ref>{{Cite web |url=http://moadoph.gov.au/our-democracy/democracy-timeline/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090929140952/http://moadoph.gov.au/our-democracy/democracy-timeline/ |archive-date=29 सितंबर 2009 |url-status=dead }}</ref>
ऑस्ट्रेलिया की सबसे पुरानी विधायी समिति, न्यू साउथ वेल्स लेजिस्लेटिव काउंसिल, का गठन सन 1825 में न्यू साउथ वेल्स के गवर्नर को परामर्श देने के लिए नियुक्त एक समिति के रूप में हुआ। न्यू साउथ वेल्स के लिए एक लोकतांत्रिक सरकार की मांग करने के लिए सन 1835 में विलियम वेंटवर्थ ने ऑस्ट्रेलियन पैट्रियोटिक असोसियेशन (ऑस्ट्रेलिया का पहला राजनैतिक दल) की स्थापना की। सुधारवादी एटर्नी जनरल, जॉन प्लंकेट, ने उपनिवेश के प्रशासन पर सूचना के सिद्धांतों को लागू करने का प्रयास किया, जिसके अंतर्गत, ज्यूरी के अधिकार पहले मुक्त हो चुके व्यक्तियों (emancipists) तक विस्तारित करके और उसके बाद अपराधियों, आवंटित सेवकों और ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों तक विधिक सुरक्षा का विस्तार करके, कानून के समक्ष बराबरी के सिद्धांत का पालन किया गया। प्लंकेट ने ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के साथ मेयॉल क्रीक नरसंहार के उपनिवेशवादी अपराधियों पर दो बार हत्या का आरोप लगाया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपराधी करार दिया गया और प्लंकेट के सन 1836 के ऐतिहासिक ''चर्च ऐक्ट'' ने चर्च ऑफ इंग्लैंड को समाप्त कर दिया तथा एंग्लिकन, कैथलिक, प्रेस्बीस्टेरियन और बाद में मेथोडिस्ट लोगों के बीच वैधानिक समानता स्थापित की। <ref name="adb">{{cite web
| first=T. L.
| last=Suttor
| title=Plunkett, John Hubert (1802 - 1869)
| publisher=[[Australian National University]]
| work=[[Australian Dictionary of Biography]]
| url=http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A020299b.htm
| accessdate=8 नवंबर 2009
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| archive-date=5 मार्च 2011
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सन 1840 में, एडीलेड सिटी काउंसिल तथा सिडनी सिटी काउंसिल की स्थापना हुई। जिन पुरुषों के पास 1000 पाउंड कीमत की संपत्ति हो, वे चुनाव लड़ पाने के योग्य थे और धनवान भू-स्वामियों को प्रत्येक चुनाव में चार तक मतों की अनुमति दी गई। ऑस्ट्रेलिया के प्रथम संसदीय चुनाव सन 1843 में न्यू साउथ वेल्स लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए आयोजित किये गए, जिसमें मतदान का अधिकार (केवल पुरुषों के लिए) को पुनः संपत्ति के स्वामित्व या आर्थिक क्षमता के साथ जुड़ा हुआ था। आगे सन 1850 में न्यू साउथ वेल्स में मतदाताओं के अधिकारों का विस्तार हुआ और विक्टोरिया, साउथ ऑस्ट्रेलिया व तस्मानिया में विधायी समितियों के लिए चुनाव आयोजित किये गए।<ref name="autogenerated1">{{Cite web |url=http://aec.gov.au/Elections/Australian_Electoral_History/reform.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110601193842/http://www.aec.gov.au/Elections/Australian_Electoral_History/reform.htm |archive-date=1 जून 2011 |url-status=live }}</ref>
उन्नीसवीं सदी के मध्य तक, ऑस्ट्रेलिया के उपनिवेशों में प्रतिनिधिक व उत्तरदायी सरकार के गठन के लिए तीव्र इच्छा उत्पन्न हो चुकी थी, जिसे यूरेका के बंदी शिविरों में हुए गोल्ड-फील्ड्स प्रमाण की लोकतांत्रिक भावना तथा [[यूरोप का इतिहास|यूरोप]], संयुक्त राज्य अमरीका और ब्रिटिश साम्राज्य को झकझोर रहे पूर्ण सुधार आंदोलन के विचारों ने प्रेरणा दी। अपराधियों के निर्वासन की समाप्ति के कारण सन 1840 के दशक और सन 1850 के दशक में सुधारों में तेज़ी आई. ''द ऑस्ट्रेलियन कॉलोनीज़ गवर्नमेन्ट ऐक्ट (The Australian Colonies Government Act)'' [1850] एक ऐतिहासिक विकास था, जिसने न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया, साउथ ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया को प्रतिनिधिक संविधान प्रदान किये और ये उपनिवेश ऐसे संविधानों के लेखन के लिए उत्साह के साथ तैयार हो गए, जिनके फलस्वरूप लोकतांत्रिक रूप से उन्नत संसदों का जन्म हुआ – हालांकि सामान्यतः ये संविधान सामाजिक और आर्थिक “हितों” के प्रतिनिधियों के रूप में औपनिवेशिक उच्च सदन की भूमिका निभाते रहे तथा सभी ने संवैधानिक राजतंत्रों की स्थापना की, जिनमें ब्रिटेन की महारानी राज्य की सांकेतिक प्रमुख थीं।<ref>{{Cite web |url=http://aec.gov.au/Elections/Australian_Electoral_History/righttovote.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/6F4D6vi6M?url=http://aec.gov.au/Elections/Australian_Electoral_History/righttovote.htm |archive-date=12 मार्च 2013 |url-status=live }}</ref>
सन 1855 में, लंदन द्वारा न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया, साउथ ऑस्ट्रेलिया व तस्मानिया को सीमित स्व-शासन का अधिकार प्रदान किया गया। सन 1856 में, विक्टोरिया, तस्मानिया और साउथ ऑस्ट्रेलिया में पहली बार गुप्त मतदान की अभिनव अवधारणा प्रस्तुत की गई, जिसमें सरकार ने उम्मीदवारों के नामों वाले मतपत्र प्रदान किये और मतदाता गुप्त-रूप से उम्मीदवार का चयन कर सकते थे। इस प्रणाली को पूरी दुनिया में अपनाया गया और इसे “ऑस्ट्रेलियाई मतपत्र” के नाम से जाना जाने लगा। सन 1855 में ही [[साउथ ऑस्ट्रेलिया]] में 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की समस्त पुरुष ब्रिटिश प्रजा को मतदान का अधिकार प्रदान किया गया। इस अधिकार को सन 1857 में विक्टोरिया तक और अगले वर्ष न्यू साउथ वेल्स तक विस्तारित किया गया। अन्य उपनिवेशों ने भी इसका पालन किया और सन 1896 में तस्मानिया समस्त पुरुषों को मताधिकार प्रदान करने वाला अंतिम उपनिवेश बना। <ref name="autogenerated1" />
सन 1861 में साउथ ऑस्ट्रेलिया के उपनिवेश में संपत्तिधारी महिलाओं को स्थानीय चुनावों में (लेकिन संसदीय चुनावों में नहीं) मतदान करने का अधिकार प्रदान किया गया। सन 1884 में, हेनरिटा डगडेल (Henrietta Dugdale) ने [[मेलबॉर्न|मेलबर्न]], विक्टोरिया में ऑस्ट्रेलियाई महिला मतदाताओं के पहले संगठन की स्थापना की। सन 1895 में महिलाओं को पार्लियामेंट ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए मतदान करने का अधिकार मिला। यह महिलाओं को राजनैतिक पदों के लिए होने वाले चुनाव लड़ने की अनुमति देने वाला विश्व का पहला कानून था और सन 1897 में, कैथरीन हेलन स्पेंस किसी राजनैतिक पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली महिला राजनैतिक उम्मीदवार बनीं, हालांकि ऑस्ट्रेलियाई संघ के संघीय सम्मेलन (Federal Convention on Australian Federation) के एक प्रतिनिधि के चयन के लिए हुए इस चुनाव में उनकी हार हुई। [[वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया|वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया]] ने सन 1899 में महिलाओं को मतदान का अधिकार प्रदान किया।<ref name="aec.gov.au">{{cite web |url=http://www.aec.gov.au/Voting/indigenous_vote/indigenous.htm |title=AEC.gov.au |publisher=AEC.gov.au |date=25 Oct. 2007 |accessdate=27 Jun. 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110217030847/http://aec.gov.au/Voting/indigenous_vote/indigenous.htm |archive-date=17 फ़रवरी 2011 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://foundingdocs.gov.au/item.asp?dID=8 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101203020826/http://www.foundingdocs.gov.au/item.asp?dID=8 |archive-date=3 दिसंबर 2010 |url-status=dead }}</ref>
जब विक्टोरिया, न्यू साउथ वेल्स, तस्मानिया तथा साउथ ऑस्ट्रेलिया ने 21 वर्ष से अधिक आयु वाली समस्त पुरुष ब्रिटिश प्रजा को मतदान का अधिकार प्रदान किया, तो सामान्यतः इसी काल में ऑस्ट्रेलियाई मूल-निवासी पुरुषों को भी कानूनी रूप से मतदान का अधिकार मिल गया – केवल क्वीन्सलैंड और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों को मताधिकार से वंचित रखा। इस प्रकार, ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी पुरुषों और महिलाओं ने सन 1901 में पहली राष्ट्रमंडल संसद (Commonwealth Parliament) के लिए कुछ न्याय-क्षेत्रों में मतदान किया। हालांकि शुरुआती संघीय संसदीय सुधारों और न्यायिक व्याख्याओं ने व्यावहार में ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के मताधिकार को सीमित करने का प्रयास किया – यह स्थिति सन 1940 के दशक में अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा अभियान छेड़े जाने तक बनी रही। <ref>{{Cite web |url=http://aec.gov.au/Voting/indigenous_vote/aborigin.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110629073447/http://www.aec.gov.au/voting/indigenous_vote/aborigin.htm |archive-date=29 जून 2011 |url-status=live }}</ref>
हालांकि ऑस्ट्रेलिया की विभिन्न संसदें लगातार बनतीं रहीं हैं, लेकिन चयनित संसदीय सरकार के मुख्य आधार ने ऑस्ट्रेलिया में सन 1850 के दशक से लेकर इक्कीसवीं सदी में प्रवेश तक भी अपनी ऐतिहासिक निरंतरता कायम रखी है।
== राष्ट्रवाद और संघ का विकास ==
[[चित्र:Banjo Patterson.jpg|thumb|upright|कवि, बैंजो पैटर्सन.]]
[[चित्र:Roberts-The Australian native.jpg|thumb|upright|हीडलबर्ग स्कूल के टॉम रॉबर्ट्स द्वारा "ऑस्ट्रेलियाई मूल निवासी" (1888).]]
सन 1880 के दशक के अंत तक आते-आते, ऑस्ट्रेलियाई उपनिवेशों में रहने वाले अधिकांश लोग ऐसे थे, जिनका जन्म उसी भूमि पर हुआ था, हालांकि उनमें से 90% से ज्यादा लोग ब्रिटिश और आइरिश मूल के थे।<ref>डी.एम. गिब (1982) ''नैशनल आइडेंटिटी एंड कॉन्शियसनेस'' . पृष्ठ.33. थॉमस नेल्सन, मेलबर्न. ISBN 0 170060535</ref> इतिहासकार डॉन गिब का सुझाव है कि भगोड़ा (bushranger) नेड केली मूल-निवासियों के उभरते रुख के एक पहलू का प्रतिनिधित्व करता है। परिवार और साथियों के साथ मज़बूत पहचान रखने वाला केली उस बात का विरोधी था, जिसे वह पुलिस और शक्तिशाली अनाधिकृत निवासियों द्वारा किया जाने वाला अन्याय मानता था। इतिहासकार रसेल वार्ड द्वारा बाद में परिभाषित ऑस्ट्रेलियाई रूढ़िवाद को लगभग प्रतिबिम्बित करता केली “एक कुशल भगोड़ा बन गया, जो कि बंदूकों, घोड़ों तथा मुक्कों के प्रयोग में माहिर था और उसे उस जिले के अपने साथियों की प्रशंसा प्राप्त थी।”<ref>डी.एम. गिब (1982) पृष्ठ.3</ref> पत्रकार वैन्स पामर का सुझाव है कि हालांकि केली “आने वाली पीढ़ियों के लिए देश के विद्रोही व्यक्तित्व का प्रतीक बन गया, लेकिन (वास्तव में) वह…किसी अन्य काल से संबंधित था। ”<ref>वैन्स पाल्मेर (1954) ''लिजेंड ऑफ़ द नाइनटिज़'' . पृष्ठ.54. करी ओ'नील रॉस, मेलबोर्न द्वारा पुनः प्रकाशित. ISBN 0 85902 1459</ref>
विशिष्ट रूप से ऑस्ट्रेलियाई चित्रकला के मूल को इसी काल से तथा सन 1880-1890 के दशक की हीडेलबर्ग पद्धति (Heidelberg School) से जोड़कर देखा जाता है।<ref>बर्नार्ड स्मिथ (1971) ''ऑस्ट्रेलियाई चित्रकारी 1788-1970'' पृष्ठ.82. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, मेलबर्न. ISBN 0-19-550372-4</ref> आर्थर स्ट्रीटन, फ्रेडरिक मैक्युबिन और टॉम रॉबर्ट्स जैसे कलाकारों ने ऑस्ट्रेलियाई भूदृश्य में दिखाई देने वाले प्रकाश और रंगों के एक अधिक वास्तविक अर्थ के साथ अपनी कला की पुनर्रचना का प्रयास किया। यूरोपीय प्रभाववादियों के समान, वे भी खुली हवा में चित्रकारी किया करते थे। इन कलाकारों ने उस अद्वितीय प्रकार और रंग से प्रेरणा प्राप्त की, जो कि ऑस्ट्रेलियाई झाड़ी की विशेषता है। उनके सर्वाधिक प्रसिद्ध कार्य में ग्राम्य तथा जंगली ऑस्ट्रेलिया के दृश्य शामिल हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलियाई ग्रीष्म-काल के भड़कीले और यहाँ तक कि कठोर, रंग शामिल हैं।<ref>एलन मैकक्लोच, गोल्डेन एज ऑफ़ ऑस्ट्रेलियन पेंटिंग: इम्प्रेशानिज्म एंड द हिडेलबर्ग स्कूल</ref>
ऑस्ट्रेलियाई साहित्य में भी समान रूप से विशिष्ट स्वर का विकास हो रहा था। प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियाई लेखक हेनरी लॉसन, बैंजो पैटरसन, माइल्स फ्रैंक्लिन, नॉर्मन लिंडसे, स्टील रड, मैरी गिल्मोर, सी जे डेनिस व डोरोथिया मैक्केलर सभी विकसित होती हुई राष्ट्रीयता की इसी भट्टी में तपकर तैयार हुए थे- और वस्तुतः वे भी इस आग को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुए. कई बार ऑस्ट्रेलिया के दृष्टिकोण में टकराव भी उत्पन्न होता था – लॉसन व पैटरसन ने ''द बुलेटिन'' मैगज़ीन में लेखों की एक श्रृंखला में योगदान दिया, जिसमें वे ऑस्ट्रेलिया में जीवन के स्वरूप को लेकर एक साहित्यिक बहस में शामिल हो गए: लॉसन (एक रिपब्लिकन समाजवादी) ने पैटरसन को रूमानी करार देकर उनका उपहास किया, जबकि पैटरसन (ग्रामीण क्षेत्र में जन्मे एक शहरी वकील) का मानना था कि लॉसन दुर्भाग्य व उदासी से परिपूर्ण थे। सन 1895 में पैटरसन ने अत्यधिक प्रसिद्ध लोकगीत ''वॉल्ट्ज़िंग मैटिल्डा'' की रचना की। <ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ.267</ref> अक्सर इस गीत को ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रगीत बनाये जाने का सुझाव दिया जाता रहा है और ''एडवान्स ऑस्ट्रेलिया फेयर'', जो कि सन 1970 के दशक के अंतिम काल से ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रगीत है, वस्तुतः सन 1887 में लिखा गया था। डेनिस ने छोटे नायकों के बारे में ऑस्ट्रेलियाई मातृभाषा में लिखा, जबकि मैक्केलर ने इंग्लैंड के सुहावने ग्राम्य जीवन के प्रति प्रेम को नकारते हुए, अपनी आदर्शवादी कविता: माय कण्ट्री ''(1903)'' में उस देश का समर्थन किया, जिसे उन्होंने “धूप से झुलसा हुआ देश (Sunburnt Country)” कहा है।<ref>{{Cite web |url=http://www.cultureandrecreation.gov.au/articles/lawson/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110408180527/http://www.cultureandrecreation.gov.au/articles/lawson/ |archive-date=8 अप्रैल 2011 |url-status=live }}</ref>
उन्न्सवीं सदी के अंतिम दौर की संपूर्ण राष्ट्रवादी कला, संगीत और लेखन की साझा विषय-वस्तु रूमानी ग्राम्य या ''बुश मिथ (bush myth)'' थी और यह विडम्बना ही है कि इसकी रचना विश्व के सर्वाधिक शहरीकृत समाजों में से एक के द्वारा की गई थी।<ref>ली एस्टबरी (1985) पृष्ठ.2</ref> पैटरसन की प्रसिद्ध कविता, सन 1889 में लिखित, क्लैंसी ऑफ द ओवरफ्लो, इस रूमानी कथा का आह्वान करती है। एक ओर जहाँ बुश बैले (bush ballads) ने संगीत के और साहित्य के विशिष्ट रूप से ऑस्ट्रेलियाई लोकप्रिय माध्यम का प्रमाण प्रस्तुत किया, वहीं दूसरी ओर एक अधिक पारंपरिक सांचे में ढले ऑस्ट्रेलियाई कलाकारों – जैसे ओपेरा गायक डेम नेली मेल्बा और चित्रकार जॉन पीटर रसेल तथा रूपर्ट बनी – ने बीसवीं सदी के प्रवासी ऑस्ट्रेलियाई लोगों के आदिरूप को चित्रित किया, जो ‘स्टॉकयार्ड और रेलों’ के बारे में बहुत कम जानते थे, लेकिन जिनकी विदेश यात्राओं का पश्चिमी कला और संस्कृति पर प्रभाव पड़ा.<ref>{{Cite web |url=http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A100464b.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110114141824/http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A100464b.htm |archive-date=14 जनवरी 2011 |url-status=dead }}</ref>
राष्ट्रवाद के महत्व को लेकर औपनिवेशिक समुदाय के कुछ वर्गों (विशेषतः छोटे उपनिवेशों में) व्याप्त आशंका के बावजूद अंतः औपनिवेशिक परिवहन व संचार, जिसमें सन 1877 में [[पर्थ]] को दक्षिण पूर्वी शहरों के साथ टेलीग्राफ द्वारा जोड़े जाने सहित,<ref>डी.एम. गिब (1982) पृष्ठ.79</ref> अंतः औपनिवेशिक शत्रुताओं को कम करने में सहायक सिद्ध हुआ। सन 1895 तक आते-आते, विभिन्न औपनिवेशिक राजनेताओं, ऑस्ट्रेलियन नेटिव्ज़ एसोसियेशन और कुछ समाचार-पत्रों सहित शक्तिशाली रूचि-समूह एक संघ के निर्माण की वकालत करने लगे थे। सामूहिक राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व की पहचान के अलावा लगातार बढ़ते [[राष्ट्रवाद]], श्वेत औपनिवेशिक ऑस्ट्रेलियाई लोगों के बीच राष्ट्रीय पहचान की बढ़ती हुई भावना, तथा साथ ही एक राष्ट्रीय आव्रजन नीति (जो कि श्वेत ऑस्ट्रेलिया नीति बनने वाली थी) की इच्छा ने भी संघीय आंदोलन को प्रोत्साहित किया। हालांकि शायद अधिकांश उपनिवेशवादियों की साम्राज्यवाद के प्रति पूर्ण निष्ठा थी। सन 1890 में एक संघीय सम्मेलन भोज के दौरान, न्यू साउथ वेल्स से राजनेता हेनरी पार्क्स ने कहा कि
<blockquote>
{{cquote| The crimson thread of kinship runs through us all. Even the native born Australians<ref>by which he meant Australians of British descent, not Australian Aborigines</ref> are Britons as much as those born in London or Newcastle. We all know the value of that British origin. We know that we represent a race for which the purpose of settling new countries has never had its equal on the face of the earth... A united Australia means to me no separation from the Empire.<ref>Henry Parkes cited in D.M.Gibb(1982) p.32-33</ref>}}
</blockquote>
कुछ उपनिवेशवादियों, लेखक हेनरी लॉसन, ट्रेड यूनियनवादी विलियम लेन और जैसा कि सिडनी बुलेटिन के पृष्ठों में मिलता है, के द्वारा एक पृथक ऑस्ट्रेलिया के एक अधिक उग्र दृष्टिकोण रखने के बावजूद, सन 1899 के अंत में और अत्यधिक औपनिवेशिक बहस के बाद, छः ऑस्ट्रेलियाई उपनिवेशों में से पांच के नागरिकों ने जनमत-संग्रहों में एक संघ के निर्माण के संविधान के समर्थन में मतदान किया था। जुलाई 1900 में [[वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया|वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया]] भी मतदान के द्वारा इनमें सम्मिलित हो गया। 5 जुलाई 1900 को “कॉमनवेल्थ ऑफ ऑस्ट्रेलिया कॉन्स्टिट्यूशन ऐक्ट (यूके)” पारित हुआ और 9 जुलाई 1900 को [[विक्टोरिया|महारानी विक्टोरिया]] द्वारा इसे शाही सहमति प्रदान की गई।<ref>आर विलिस, एट अल (1982)''इशुज़ इन ऑस्ट्रेलियन हिस्ट्री'' . पृष्ठ 160. लॉन्गमैन चेशायर. ISBN 0-582-66327-X</ref>
== कॉमनवेल्थ ऑफ ऑस्ट्रेलिया की स्थापना ==
[[चित्र:Opening of the first parliament.jpg|thumb|right|300px|1901 में ऑस्ट्रेलिया की पहली संसद के उद्घाटन]]
[[चित्र:EBarton2.jpg|thumb|thumb|अल्फ्रेड डीकिन, दूसरा प्रधानमंत्री के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रथम प्रधानमंत्री एडमंड बार्टन (बाएं).]]
[[चित्र:8hourday.jpg|thumb|4 अक्टूबर 1909 में आठ घण्टे के काम के समर्थन में जुलूस.]]
1 जनवरी 1901 को गवर्नर जनरल लॉर्ड होपटॉन द्वरा संघीय संविधान की घोषणा किये जाने पर कॉमनवेल्थ ऑफ ऑस्ट्रेलिया अस्तित्व में आया। मार्च 1901 में पहले संघीय चुनाव आयोजित किये गए और इन चुनावों में प्रोटेक्शनिस्ट पार्टी ने फ्री ट्रेड पार्टी को बहुत कम अंतर से पराजित किया, जबकि ऑस्ट्रेलियन लेबर पार्टी (एएलपी) तीसरे स्थान पर रही। लेबर पार्टी ने घोषणा की कि वह रियायतें देने वाली पार्टी का समर्थन करेगी और एडमण्ड बार्टन की प्रोटेक्शनिस्ट पार्टी ने सरकार बनाई, तथा एल्फ्रेड डीकिन एटर्नी जनरल के पद पर आसीन हुए.<ref name="autogenerated2">{{Cite web |url=http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A080275b.htm?hilite=alfred%3Bdeakin |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110423044609/http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A080275b.htm?hilite=alfred%3Bdeakin |archive-date=23 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}</ref>
बार्टन ने “एक उच्च न्यायालय,… तथा एक कुशल संघ लोक सेवा के निर्माण का वचन दिया… उन्होंने समझौते व मध्यस्थता का विस्तार करने, पूर्वी राजधानियों के बीच एक समान चौड़ाई (gauge) वाले रेलमार्ग का निर्माण करने,<ref>हालांकि ऐसा सन 1960 के दशक से पूर्व तक नहीं हो सका</ref> महिला संघीय प्रतिनिधि प्रस्तुत करने, वृद्धों की पेंशन प्रणाली लागू करने…का प्रस्ताव दिया.”<ref>फ्रैंक क्रोली (1973)''मॉडर्न ऑस्ट्रेलिया इन डॉक्युमेंट्स'' ; 1901-1939. ''खंड 1'' . पृष्ठ.1. रेन प्रकाशन, मेलबर्न. ISBN 0-85885-032-X</ref> उन्होंने एशियाई या प्रशांत द्वीपीय श्रमिकों के किसी भी अंतः प्रवाह से “श्वेत ऑस्ट्रेलिया” की रक्षा करने वाला एक अधिनियम प्रस्तुत करने का वचन भी दिया।
लेबर पार्टी (जिसके हिज्जों को सन 1912 में “Labour” से बदलकर “Labor” कर दिया गया था) की स्थापना सन 1890 के दशक में, समुद्री श्रमिकों तथा भेड़ों से ऊन निकालने वालों की हड़ताल की विफलता के बाद हुई थी। इसकी शक्ति ऑस्ट्रेलियाई ट्रेड यूनियन आंदोलन में निहित थी, “और इसकी सदस्य संख्या, जो कि सन 1901 में 100,000 से भी कम थी, सन 1914 में 5,00,000 से अधिक हो गई।”<ref>स्टुअर्ट मेकिंटायर (1986) पृष्ठ.86.</ref> एएलपी (ALP) का मंच लोकतांत्रिक समाजवादी था। चुनावों में इसके बढ़ते समर्थन ने तथा इसके द्वारा संघीय सरकार की स्थापना, सन 1904 में क्रिस वॉटसन के नेतृत्व में तथा पुनः सन 1908 में, के साथ मिलकर सन 1909 में प्रतिस्पर्धी रूढ़िवादी, मुक्त बाज़ार के समर्थक तथा [[उदारतावाद|उदारवादी]] समाजवाद-विरोधियों को कॉमनवेल्थ लिबरल पार्टी में एकजुट करने में सहायता की। हालांकि, सन 1916 में इस पार्टी को विसर्जित कर दिया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में इसके “उदारवाद” के एक संस्करण, जो कि कुछ हद तक [[व्यक्तिवाद]] के समर्थन और [[समाजवाद]] के विरोध के लिए मिल्शियाई उदारवादियों और बर्कियाई उदारवादियों के संयुक्त गठबंधन से मिलकर बना है, के उत्तराधिकारी आधुनिक लिबरल पार्टी में देखे जा सकते हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.theaustralian.com.au/news/opinion/we-believe-the-liberal-party-and-the-liberal-cause/story-e6frg6zo-1225791120808 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120118161657/http://www.theaustralian.com.au/news/opinion/we-believe-the-liberal-party-and-the-liberal-cause/story-e6frg6zo-1225791120808 |archive-date=18 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> ग्रामीण हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसानों के अनेक राज्य-आधारित दलों को मिलाकर सन 1913 में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में तथा सन 1920 में राष्ट्रीय स्तर पर कण्ट्री पार्टी (वर्तमान नैशनल पार्टी) की स्थापना की गई।<ref name="Aitkin, 1972; Graham, 1959">एटकिन, (1972); ग्राहम, (1959)</ref>
आप्रवासन प्रतिबंध अधिनियम 1901 (The Immigration Restriction Act 1901) नई ऑस्ट्रेलियाई संसद द्वारा पारित किये गए कुछ शुरुआती कानूनों में से एक था। एशिया (विशेषतः चीन) से होने वाले आप्रवासन को प्रतिबंधित करने पर केन्द्रित, इस कानून को राष्ट्रीय संसद में तगड़ा समर्थन मिला और इसके पक्ष में आर्थिक सुरक्षा से लेकर स्पष्ट नस्लवाद तक अनेक तर्क दिये गए।<ref>फ्रैंक क्रोली (1973) पृष्ठ.१३</ref> इस कानून ने किसी भी यूरोपीय भाषा में एक लिखित परीक्षा आयोजित किये जाने की अनुमति दी, जिसका प्रयोग प्रभावी रूप से गैर-“श्वेत” आप्रवासियों को बाहर रखने के लिए किया जाना था। एएलपी (ALP) “श्वेत” नौकरियों की रक्षा करना चाहती थी और इसने अधिक स्पष्ट प्रतिबंधों पर ज़ोर दिया। कुछ राजनेताओं ने इस प्रश्न पर उन्मत्त बहस से बचने की आवश्यकता की बात कही. संसद-सदस्य ब्रुस स्मिथ ने कहा कि उनकी “निम्न-वर्ग के भारतीयों, चीनियों या जापानियों…को इस देश में झुण्ड बनाकर घूमता हुआ देखने की कोई इच्छा नहीं थी… लेकिन एक अनिवार्यता यह भी थी…कि उन देशों के शिक्षित-वर्ग का अनावश्यक विरोध न किया जाए”<ref>ब्रूस स्मिथ (मुफ्त व्यापार पार्टी) डी.एम. गिब (1973)'' द मेकिंग ऑफ़ व्हाइट ऑस्ट्रेलिया'' में संसदीय बहस उद्धृत पृष्ठ.113. विक्टोरियन ऐतिहासिक एसोसिएशन. ISBN</ref> तस्मानिया के एक सदस्य डोनाल्ड कैमरून ने विवाद की एक दुर्लभ टिप्पणी व्यक्त की:
<blockquote>
{{cquote|[N]o race on...this earth has been treated in a more shameful manner than have the Chinese... They were forced at the point of a bayonet to admit Englishmen...into China. Now if we compel them to admit our people...why in the name of justice should we refuse to admit them here?<ref>Donald Cameron(Free Trade Party)Parliamentary Debates, cited in D.M.Gibb (1973)p.112</ref>}}
</blockquote>
यह कानून संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया और सन 1950 के दशक में निरस्त किये जाने तक ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन कानूनों का केन्द्रीय लक्षण बना रहा। सन 1930 के दशक में, [[जोसेफ लियोन्स|लायोन्स सरकार]] ने ज़ेकोस्लोवाकियाई साम्यवादी लेखक एगॉन एर्विन किश को स्कॉटिश गैलिक में एक “श्रुतलेख परीक्षा” के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश से अलग रखने का एक असफल प्रयास किया। हाईकोर्ट ऑफ ऑस्ट्रेलिया (High Court of Australia) ने इस प्रयोग के विरूद्ध आदेश दिया और यह चिन्ताएं उभरने लगीं कि इस कानून का प्रयोग ऐसे राजनैतिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।<ref>स्टुअर्ट मेकिंटायर (1986) ''द ऑक्सफोर्ड हिस्ट्री ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'', खंड 4 1901-1942 पृष्ठ.310. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, मेलबर्न. ISBN 0-19-554612-1</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A150043b.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110114134926/http://www.adb.online.anu.edu.au/biogs/A150043b.htm |archive-date=14 जनवरी 2011 |url-status=dead }}</ref>
सन 1901 के पूर्व तक, सभी छः ऑस्ट्रेलियाई उपनिवेशों की सैनिक-टुकड़ियाँ बोअर युद्ध में ब्रिटिश सेनाओं के एक भाग के रूप में सक्रिय रहीं थीं। सन 1902 में जब ब्रिटिश सरकार ने ऑस्ट्रेलिया से और अधिक टुकड़ियों की मांग की, तो ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने एक राष्ट्रीय टुकड़ी के साथ आभार व्यक्त किया। जून 1902 में इस युद्ध की समाप्ति तक लगभग 16,500 पुरुषों ने इसमें स्वेच्छा से अपनी सेवा दी थी।<ref>फ्रैंक क्रोली (1973) पृष्ठ.22</ref> लेकिन ऑस्ट्रेलियाई जनता ने शीघ्र ही अपने देश के पास ही खुद को असुरक्षित महसूस किया। सन 1902 के आंग्ल-जापानी गठबंधन ने “रॉयल नेवी को सन 1907 तक प्रशांत से अपने मुख्य जहाजों को हटा लेने की अनुमति दी. ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने युद्ध के समय स्वयं को एक वीरान, कम जनसंख्या घनत्व वाली एक चौकी पर महसूस किया।”<ref>बिल गैमेज "द क्रूसिबल: द इस्टैबलिशमेंट ऑफ़ द एन्ज़क ट्रेडिशन 1899-1918" इन एम.मैककेर्नन और एम. ब्राउन (एड्स)(1988)''ऑस्ट्रेलिया: टू सेंच्रिज़ ऑफ़ वौर एंड पीस'' . पृष्ठ.157 ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक और एलन और अनविन ऑस्ट्रेलिया। ISBN 0-642-99502-8</ref> सन 1908 में यूएस (US) नेवी की ग्रेट व्हाइट फ्लीट के प्रभावपूर्ण आगमन ने सरकार को एक ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के महत्व का अहसास दिलाया। सन 1909 के डिफेन्स ऐक्ट (Defence Act) ने ऑस्ट्रेलियाई रक्षा-पंक्ति को पुनर्स्थापित किया और फरवरी 1910 में लॉर्ड किचनर ने अनिवार्य सैन्य-सेवा पर आधारित एक रक्षा-योजना का सुझाव दिया। सन 1913 तक आते-आते, बैटल क्रूज़र ऑस्ट्रेलिया (Battle Cruiser Australia) अनुभवहीन रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी (Royal Australian Navy) का नेतृत्व करने लगा। इतिहासकार बिल गैमेज का अनुमान है कि युद्ध के मुहाने पर ऑस्ट्रेलिया में 200,000 पुरुष “किसी न किसी प्रकार के शस्रों” से लैस थे”.<ref>बिल गैमेज (1988) पृष्ठ.157</ref>
इतिहासकारों हम्फ्रे मैक्क्वीन का मानना है कि बीसवीं सदी के प्रारम्भ में ऑस्ट्रेलिया के श्रमिक वर्ग के लिए कार्यस्थल व जीवन की स्थितियाँ “अल्पव्यवयी सुविधाओं” वालीं थीं।<ref>हम्प्फ्री मैकक्वीन (1986) ''सोशल स्केचेस ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया 1888-1975'' पृष्ठ 42. पेंगुइन बुक्स, मेलबर्न. ISBN 0 140044353</ref> हालांकि श्रम-विवादों में मध्यस्थता के लिए एक न्यायालय की स्थापना को लेकर विवाद था, लेकिन यह ऐसे औद्योगिक निर्णयों की स्थापना की आवश्यकता की एक स्वीकारोक्ति थी, जिसमें किसी एक उद्योग के सभी कर्मचारी कार्य व वेतन की एक समान स्थितियों का आनंद प्राप्त करते थे। सन 1907 के हार्वेस्टर निर्णय ने एक मूल वेतन की अवधारणा की पहचान की और सन 1908 में संघीय सरकार ने भी एक वृद्धावस्था पेंशन योजना की शुरुआत की। इस प्रकार, इस नये कॉमनवेल्थ ने सामाजिक प्रयोगात्मकता तथा सकारात्मक उदारवाद की एक प्रयोगशाला के रूप में अपनी पहचान बनाई। <ref name="autogenerated2" />
सन 1890 के दशक के अंत और बीसवीं सदी के प्रारम्भ में विनाशकारी अकालों ने कुछ क्षेत्रों को महामारी से ग्रस्त बना दिया और रैबिट प्लेग के साथ मिलकर इसने ग्रामीण ऑस्ट्रेलिया में बहुत अधिक कठिन परिस्थियाँ उत्पन्न कर दीं। इसके बावजूद, अनेक लेखकों ने “एक ऐसे काल की कल्पना की, जब ऑस्ट्रेलिया संपत्ति और महत्व के संदर्भ में ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ देगा, जब इसकी खुली-भूमि पर कई एकड़ में फैले खेत और कल-कारखाने होंगे, जिनकी तुलना संयुक्त राज्य अमरीका के साथ की जा सकेगी. कुछ लेखकों ने भावी जनसंख्या 100 मिलियन, 200 मिलियन या उससे भी अधिक हो जाने का अनुमान किया।”<ref>स्टुअर्ट मेकिंटायर (1986) पृष्ठ.198</ref> इनमें ई. जे. ब्रैडी शामिल थे, जिनकी सन 1918 में लिखी गई कियाब ''ऑस्ट्रेलिया अनलिमिटेड'' ने ऑस्ट्रेलिया की भूमि का वर्णन विकास करने और बसने के लिए तैयार हो चुकी भूमि के रूप में किया, “जिसके भाग्य में जीवन के साथ धड़कना ही लिखा था। ”<ref>स्टुअर्ट मेकिंटायर (1986) पृष्ठ.199</ref>
== अंतिम शिलिंग तक: प्रथम विश्व-युद्ध ==
[[चित्र:Australian 9th and 10th battalions Egypt December 1914 AWM C02588.jpeg|thumb|left|रेजिमेंट शुभंकर, के रूप में एक कंगारू के साथ मिस्र में ऑस्ट्रेलियाई सैनिक, 1914.]]
अगस्त 1914 में यूरोप में युद्ध की शुरुआत होने पर “ब्रिटेन के सभी उपनिवेशों और राज्यों” को स्वतः ही इसमें शामिल होना पड़ा.<ref name="Frank Crowley 1973 p.214">फ्रैंक क्रोली (1973) पृष्ठ.214</ref> प्रधानमंत्री एन्ड्र्यू फिशर ने जुलाई के अंतिम दिनों में चुनावी अभियान के दौरान जो कहा, उसके द्वारा संभवतः वे अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के विचारों को ही व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा था
<blockquote>
{{cquote|Turn your eyes to the European situation, and give the kindest feelings towards the mother country...I sincerely hope that international arbitration will avail before Europe is convulsed in the greatest war of all time... But should the worst happen...Australians will stand beside our own to help and defend her to the last man and the last shilling.<ref name="Frank Crowley 1973 p.214"/>}}
</blockquote>
सन 1914 से 1918 के बीच [[पहला विश्व युद्ध|प्रथम विश्व युद्ध]] के दौरान<ref name="awm.gov.au">ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक http://www.awm.gov.au/atwar/ww1.asp {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120215170018/http://www.awm.gov.au/atwar/ww1.asp |date=15 फ़रवरी 2012 }}</ref> 4.9 मिलियन की कुल राष्ट्रीय जनसंख्या में से 416,000 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई पुरुषों ने स्वेच्छा से इस लड़ाई में हिस्सा लिया।<ref>{{cite web |url=http://www.abs.gov.au/websitedbs/D3310114.nsf/home/home?opendocument |title=Australian Bureau of Statistics |publisher=Abs.gov.au |date= |accessdate=29 अप्रैल 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110120002646/http://abs.gov.au/websitedbs/D3310114.nsf/home/home?opendocument |archive-date=20 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> इतिहासकार लॉयड रॉब्सन इसे कुल योग्य पुरुष जनसंख्या के एक तिहाई और आधे के बीच मानते हैं।<ref>लॉयड रॉबसन (1980) ''ऑस्ट्रेलिया इन द नाइनटिन ट्वेंटिज़'' . पृष्ठ 6. थॉमस नेल्सन ऑस्ट्रेलिया। ISBN 017 0059022</ref> सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने युद्ध की शुरुआत का उल्लेख ऑस्ट्रेलिया के “अग्नि के बपतिस्मा (Baptism of Fire)”<ref>बिल गैमेज "द क्रूसिबल: "द इस्टैबलिशमेंट ऑफ़ द एन्ज़क ट्रेडिशन 1899-1918" इन एम.मैककेर्नन और एम. ब्राउन (एड्स)(1988) पृष्ठ.159</ref> के रूप में की। [[तुर्की]] के तट पर, गैलीपोली की लड़ाई के 8 महीनों में 8,141 पुरुष मारे गए।<ref>ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक http://www.awm.gov.au/encyclopedia/gallipoli/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110218184801/http://www.awm.gov.au/encyclopedia/gallipoli/ |date=18 फ़रवरी 2011 }}</ref> सन 1915 के अंत में, ऑस्ट्रेलियन इम्पीरियल फोर्सेस (Australian Imperial Forces) (AIF) को वापस बुला लिए जाने और पांच डिविजनों में विस्तारित किये जाने के बाद, इनमें से अधिकांश को ब्रिटिश आदेश के अधीन अपनी सेवाएं देने के लिए फ्रांस भेज दिया गया।
पश्चिमी सीमा पर एआईएफ (AIF) का युद्ध का पहला अनुभव ऑस्ट्रेलियाई सैन्य इतिहास की सबसे महंगी एकल मुठभेड़ भी था। जुलाई 1916 में, फ्रॉमेलेस (Fromelles) पर, सोमे की लड़ाई (Battle of the Somme) के दौरान एक पथांतरित आक्रमण के दौरान 24 घंटों के भीतर ही एआईएफ (AIF) के 5,533 जवानों की मृत या घायल हो गए।<ref>बिल गैमेज (1974) ''द ब्रोकेन इयर्स'' . पृष्ठ .158-162 पेंगुइन ऑस्ट्रेलिया ISBN 014 003383 1</ref> सोलह माह बाद, पांच ऑस्ट्रेलियाई डिविजन ऑस्ट्रेलियन कोर (Australian Corps) बन गईं, जिनका नेतृत्व पहले जनरल बर्डवुड के हाथों में और बाद में ऑस्ट्रेलियन जनरल सर जॉन मोनाश के हाथों में रहा। सन 1916 और 1917 में ऑस्ट्रेलिया में अनिवार्य सैन्य सेवा को लेकर कटुतापूर्वक लड़े गए और विभाजक दो जनमत संग्रह आयोजित हुए. दोनों ही विफल रहे और ऑस्ट्रेलियाई सेना एक स्वयंसेवी बल बनी रही।
सैन्य कार्यवाही के नियोजन के प्रति मोनाश का नज़रिया अति-सतर्कतापूर्ण और उस समय के सैन्य विचारकों की दृष्टि में असामान्य था। हैमेल की अपेक्षाकृत छोटी लड़ाई में उनकी पहली कार्यवाही ने उनके नज़रिये की वैधता का प्रदर्शन कर दिया और बाद में सन 1918 की हिंडेनबर्ग लाइन से पूर्व की गई कार्यवाहियों से इसकी पुष्टि भी हो गई।
[[चित्र:Hughes Welcomehome Parispeaceconference.jpg|thumb|200px|पेरिस शांति सम्मेलन, 1919 से लौटने पर प्रधानमंत्री बिली ह्युजेस, 'लिटिल डिगर' को जॉर्ज स्ट्रीट, सिडनी से ले जाते ऑस्ट्रेलियाई सैनिक.]]
इस संघर्ष के दौरान 60,000 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई मारे गए और 160,000 घायल हो गए, जो कि सुमद्रपार जाकर लड़े 330,000 लोगों में से एक बड़ा भाग था।<ref name="awm.gov.au" /> युद्ध में मारे गए लोगों को याद करने के लिए ऑस्ट्रेलिया का वार्षिक अवकाश प्रतिवर्ष एन्ज़ैक डे (ANZAC Day) पर 25 अप्रैल जो कि सन 1915 में गैलीपोली पर पहले अवतरण की तिथि है, को मनाया जाता है। इस दिन का चयन अक्सर गैर-ऑस्ट्रेलियाई लोगों को चकित करता है; आखिरकार यह गठबंधना द्वारा किया गया एक आक्रमण था, जिसका अंत सैन्य पराजय के रूप में हुआ था। बिल गैमेज का सुझाव है कि 25 अप्रैल के चयन का ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए बहुत महत्व है क्योंकि गैलीपोली में, “आधुनिक युद्ध की महान मशीनों की संख्या इतनी पर्याप्त नहीं थी कि सामान्य नागरिक अपने पराक्रम का परिचय दे सकें.” फ्रांस में, सन 1916 और 1918 के बीच, “जब लगभग सात गुना (ऑस्ट्रेलियाई) मारे गए,...बंदूकों ने नृशंसतापूर्वक यह दिखा दिया कि व्यक्तियों की जान कितनी तुच्छ है। ”<ref>बिल गैमेज "द क्रूसिबल: "द इस्टैबलिशमेंट ऑफ़ द एन्ज़क ट्रेडिशन 1899-1918"एम.मैककेर्नन और एम. ब्राउन (एड्स)(1988) पृष्ठ.166</ref>
सन 1919 में, प्रधान मंत्री [[बिली ह्यूस|बिली ह्युजेस]] और पूर्व प्रधान मंत्री [[जोसेफ कुक]] ने वार्सेल्स शांति सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पेरिस की यात्रा की। <ref>{{Cite web |url=http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A090395b.htm?hilite=billy%3Bhughes |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://archive.today/20120701174254/http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A090395b.htm?hilite=billy;hughes |archive-date=1 जुलाई 2012 |url-status=dead }}</ref> ह्युजेस द्वारा ऑस्ट्रेलिया की ओर से वार्सेल्स की संधि (Treaty of Versailles) पर हस्ताक्षर करने की घटना ऑस्ट्रेलिया द्वारा किसी अंतर्राष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किये जाने की पहली घटना थी। ह्युजेस ने जर्मनी से भारी मुआवजे की मांग की और अक्सर उनकी अमरीकी राष्ट्रपति [[वूड्रो विलसन|वुडरो विल्सन]] से बहस हुई। एक अवसर पर ह्युजेस ने घोषणा कर दी: “मैं 60 000 मृत [ऑस्ट्रेलियाई] लोगों की ओर से बोल रहा हूं”.<ref>डेविड लोव, "''ऑस्ट्रेलिया इन द वर्ल्ड", इन जोआन बौमोंट (एड.), ऑस्ट्रेलिया वॉर, 1914-18'', एलन और अनविन, 1995, पृष्ठ 132</ref> इसके बाद उन्होंने विल्सन से पूछा; "आप कितने लोगों की ओर से बोल रहे हैं?"
ह्युजेस ने मांग की नवगठित लीग ऑफ नेशन्स (League of Nations) में ऑस्ट्रेलिया को स्वतंत्र प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाना चाहिये और वे जापानी नस्लीय समानता प्रस्ताव को सम्मिलित किये जाने के सर्वाधिक प्रमुख विरोधी थे, जो कि उनके व अन्य लोगों के द्वारा चलाये गए अभियान के कारण अंतिम संधि में शामिल नहीं किया गया, जिससे जापान बहुत अधिक नाराज़ हुआ। ह्युजेस जापान के उदय से चिंतित थे। सन 1914 में यूरोपीय युद्ध की घोषणा के कुछ महीनों के भीतर ही; जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने दक्षिण पश्चिमी प्रशांत में सभी जर्मन क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया। हालांकि जापान ने ब्रिटेन के आशीर्वाद से जर्मन क्षेत्रों पर कब्ज़ा किया था, लेकिन ह्युजेस इस नीति के प्रति सतर्क हो गए।<ref name="Lowe129">लोव, "ऑस्ट्रेलिया इन द वर्ल्ड", पृष्ठ.129.</ref> सन 1919 में औपनिवेशिक नेताओं के एक शांति सम्मेलन में न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया ने जर्मन समोआ, जर्मन साउथ वेस्ट अफ्रीका और जर्मन न्यू गिनी के क्षेत्रों पर अपने कब्ज़े को बनाये रखने के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किये; इन क्षेत्रों के लिए संबंधित उपनिवेशों को “क्लास सी अधिदेश (Class C Mandates)” प्रदान किये गए। एक समान-समान सौदे में, जापान ने विषुवत् के उत्तर में इसके द्वारा अधिग्रहित जर्मन क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल कर लिया।<ref name="Lowe129" />
== युद्ध के बीच के वर्ष ==
=== पुरुष, धन व बाज़ार: 1920 का दशक ===
[[चित्र:WMcWilliams.JPG|upright|150px|thumb|विलियम मैकविलियम्स, कंट्री पार्टी (राष्ट्रीय) के संस्थापक और 1920-1921 नेता.]]
युद्ध के बाद, प्रधानमंत्री [[बिली ह्यूस|विलियम मॉरिस ह्युजेस]] ने एक नये उदारवादी दल, नैशनलिस्ट पार्टी, जिसका निर्माण पुरानी लिबरल पार्टी और अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण को लेकर हुए गंभीर और कटु विभाजन के बाद लेबर पार्टी (जिसमें वे सबसे बड़े नेता थे) के टूटे हुए समूह को मिलाकर हुआ था, का नेतृत्व किया। एक अनुमान के मुताबिक सन 1919 की स्पैनिश फ्लू महामारी, जो कि लगभग निश्चित रूप से घर वापस लौट रहे सैनिकों द्वारा लाई गई थी, के परिणामस्वरूप लगभग 12,000 ऑस्ट्रेलियाई मारे गए।<ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ.236</ref>
रूस में बोल्शेविक क्रांति की सफलता ने अनेक ऑस्ट्रेलियाई लोगों की नज़रों में खतरा उत्पन्न कर दिया, हालांकि समाजवादियों के एक छोटे समूह के लिए यह प्रेरणादायी घटना थी। सन 1920 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ऑस्ट्रेलिया की स्थापना हुई और हालांकि यह चुनावी रूप से महत्वहीन बनी रही, लेकिन इसने ट्रेड यूनियन आंदोलन में कुछ प्रभाव हासिल कर लिया था और हिटलर-स्टैलिन समझौते का समर्थन करने के कारण द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसे प्रतिबंधित कर दिया गया तथा मेन्ज़ीस सरकार ने [[कोरियाई युद्ध]] के दौरान इसे पुनः प्रतिबंधित करने का असफल प्रयास किया। विभाजनों के बावजूद यह पार्टी [[शीतयुद्ध|शीत-युद्ध]] की समाप्ति पर हुए अपने विसर्जन तक सक्रिय बनी रही। <ref>{{Cite web |url=http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A160470b.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110412170512/http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A160470b.htm |archive-date=12 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.britannica.com/EBchecked/topic/43958/Australian-Communist-Party |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110629074854/http://www.britannica.com/EBchecked/topic/43958/Australian-Communist-Party |archive-date=29 जून 2011 |url-status=live }}</ref>
सन 1920 में कण्ट्री पार्टी (आज की नैशनल पार्टी) की स्थापना कृषि-वाद (agrarianism) के इसके संस्करण, जिसे इसने “ग्रामीणप्रवृत्ति (Countrymindedness)” करार दिया, के प्रचार के लिए की गई। इसका लक्ष्य चरवाहों (भेड़ों के बड़े फार्म के संचालकों) और छोटे किसानों की अवस्था को सुधारना तथा उनके लिए सब्सिडी सुरक्षित करना था।<ref>राय वियर, "कंट्री माइंडेडनेस रिविजिटेड," (ऑस्ट्रेलियाई पॉलिटिकल साइंस एसोसिएशन, 1990) [http://apsa2000.anu.edu.au/confpapers/wear.rtf ऑनलाइन संस्करण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20030702002413/http://apsa2000.anu.edu.au/confpapers/wear.rtf |date=2 जुलाई 2003 }}</ref> लेबर पार्टी के अलावा किसी भी अन्य बड़े दल से अधिक लंबे समय तक टिके रहते हुए, इसने सामान्यतः लिबरल पार्टी के साथ गठबंधन में कार्य किया है (सन 1940 के दशक से) और यह ऑस्ट्रेलिया में सरकार की एक प्रमुख पार्टी बन चुकी है – विशिष्ट रूप से क्वीन्सलैंड में.
अन्य उल्लेखनीय युद्धेतर प्रभावों में लगातार जारी औद्योगिक असंतोष शामिल है, जिसमें सन 1923 की विक्टोरियाई पुलिस हड़ताल भी शामिल है।<ref>लॉयड रॉबसन (1980) पृष्ठ.18</ref> औद्योगिक विवाद सन 1920 के दशक के ऑस्ट्रेलिया का प्रतीक हैं। अन्य प्रमुख हड़तालें जलीय सीमा पर, कोयले की खदानों में और लकड़ी उद्योगों में सन 1920 के दशक के अंतिम दौर में हुईं. कार्य की स्थितियों को परिवर्तित करने और यूनियनों की शक्ति को घटाने के नैशनलिस्ट सरकार के प्रयासों की प्रतिक्रिया के रूप में सन 1927 में यूनियन आंदोलन ने ऑस्ट्रेलियन काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (एसीटीयू [ACTU]) की स्थापना की।
[[जैज़]] संगीत, मनोरंजन की संस्कृति, नई प्रौद्योगिकी और उपभोक्तावाद, जो कि सन 1920 के दशक के अमरीका का प्रतीक हैं, कुछ हद तक, ऑस्ट्रेलिया में भी पाये जाते थे। ऑस्ट्रेलिया में शराबबंदी लागू नहीं की गई थी, हालांकि अल्कोहल-विरोधी शक्तियाँ होटलों को शाम 6 बजे के बाद बंद करवाने और कुछ शहरीय उपनगरों में इन्हें पूरी तरह बंद करवाने में सफल रहीं थीं।’<ref>लॉयड रॉबसन (1980) पृष्ठ.45</ref>
इस पूरे दशक के दौरान अनुभवहीन फिल्म उद्योग में गिरावट देखी गई और प्रति सप्ताह 2 मिलियन से अधिक ऑस्ट्रेलियाई 1250 स्थानों पर सिनेमा देखा करते थे। सन 1927 में, एक रॉयल कमीशन सहयोग कर पाने में विफल रहा और एक ऐसा उद्योग, जिसने विश्व की पहली फीचर फिल्म, द स्टोरी ऑफ द केली गैंग (The Story of the Kelly Gang) (1906) के साथ धमाकेदार शुरुआत की थी, सन 1970 के दशक में इसका पुनरुत्थान किये जाने तक कमज़ोर हो गया।<ref>लॉयड रॉबसन (1980) पृष्ठ.48</ref><ref>एरिक रेडी (1979) ''हिस्ट्री एंड हार्टबर्न; द सागा ऑफ़ ऑस्ट्रेलियन फिल्म 1896-1978'' . हार्पर और रो, सिडनी. ISBN 0-06-312033-X</ref>
[[चित्र:Rev John Flynn 1929.jpg|thumb|left|150px|upright|रेव्ड जॉन फ्लिन, रॉयल फ्लाइंग चिकित्सक सेवा के संस्थापक.]]
सन 1923 में, नैशनल पार्टी की सरकार के सदस्यों द्वारा डब्ल्यू.एम. ह्यूजेस को हटाने के पक्ष में मतदान किये जाने पर [[स्टान्ली ब्रूस|स्टैनली ब्रुस]] प्रधानमंत्री बने. सन 1925 के प्रारम्भ में अपने संबोधन में ब्रुस ने अनेक ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की प्राथमिकताओं और आशावाद को यह कहते हुए संक्षेप में प्रकट किया कि "पुरुष, धन व बाज़ार ऑस्ट्रेलिया की अनिवार्य आवश्यकताओं को सटीक ढ़ंग से परिभाषित करते हैं" और वे ब्रिटेन से यहि पाने की इच्छा रखते थे।<ref>''द अर्गस'', 9 अप्रैल 1925, लॉयड रॉबसन में उद्धृत (1980) पृष्ठ.76</ref> सन 1920 के दशक में डेवलपमेंट एन्ड माइग्रेशन कमीशन द्वारा संचालित आप्रवास अभियान के द्वारा लगभग 300,000 से अधिक ब्रिटिशवासी ऑस्ट्रेलिया आए,<ref>स्टुअर्ट मेकिंटायर (1986) पृष्ठ.200-201</ref> हालांकि आप्रवासियों और वापस लौटे सैनिकों को “भूमि पर (on the land)” बसाने की योजना सामान्यतः सफल नहीं हो सकी। "[[वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया|वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया]] और [[क्वीन्सलैण्ड|क्वीन्सलैंड]] की डॉसन वैली में नये सिंचाई-क्षेत्र विनाशक साबित हुए"<ref>आर विलिस में जोसी कासल "द 1920", एट अल (एड्स)(1982), पृष्ठ.285</ref>
ऑस्ट्रेलिया में, मुख्य निवेश लागतों की पूर्ति पारंपरिक रूप से राज्य व संघीय सरकारों द्वारा की जाती थी और सन 1920 के दशक में सरकारों ने विदेशों से बहुत अधिक कर्ज़ लिया। कर्ज़, जिसका दो-तिहाई से अधिक विदेशों से आया था, के मामलों में सहायता करने के लिए सन 1928 में लोन काउंसिल (Loan Council) का गठन किया गया।<ref>आर विलिस में जोसी कासल "द 1920", एट अल (एड्स)(1982), पृष्ठ.253</ref> साम्राज्य की प्राथमिकता के बावजूद, ब्रिटेन के साथ व्यापारिक संतुलन सफलतापूर्वक प्राप्त नहीं किया जा सका। "सन 1924..से..1928 के पांच वर्षों में, ऑस्ट्रेलिया ने अपना 43.4% आयात ब्रिटेन से खरीदा और अपने निर्यात का 38.7% उसे बेचा। गेहूं और ऊन का निर्यात ऑस्ट्रेलिया के कुल निर्यात का दो तिहाई से अधिक था," जो कि निर्यात की केवल दो वस्तुओं पर एक खतरनाक निर्भरता थी।<ref>स्टुअर्ट मेकिंटायर (1986) पृष्ठ.204</ref>
ऑस्ट्रेलिया ने परिवहन और संचार की नई प्रौद्योगिकीयाँ अपनाईं. तटीय क्षेत्रों में चलने वाले जहाजों का स्थान अंततः भाप ने ले लिया और रेल तथा मोटर परिवहन ने कार्य व मनोरंजन में नाटकीय परिवर्तनों की शुरुआत की। सन 1918 में पूरे ऑस्ट्रेलिया में 50,000 कारें व भारवाहन थे। सन 1929 तक आते-आते इनकी संख्या बढ़कर 500,000 हो गई।<ref>आर विलिस में जोसी कासल "द 1920", एट अल (एड्स)(1982), पृष्ठ.273</ref> सन 1853 में स्थापित स्टेज कोच कम्पनी, कॉब एण्ड कं (Cobb and Co) को अंततः 1924 में बंद कर दिया गया।<ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ. 56-7</ref> सन 1920 में, क्वीन्सलैंड एण्ड नॉर्दर्न टेरिटरी एरियल सर्विस (Queensland and Northern Territory Aerial Service) (जो बाद में ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटास [QANTAS] बनी) की स्थापना हुई। <ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ. 213</ref> सन 1928 में रेवरेंड जॉन फ्लिन ने विश्व की पहली वायु ऐम्बुलेन्स, रॉयल फ्लाइंग डॉक्टर सर्विस (Royal Flying Doctor Service) की स्थापना की। <ref>{{Cite web |url=http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A080554b.htm?hilite=john%3Bflynn |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110413074034/http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A080554b.htm?hilite=john%3Bflynn |archive-date=13 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}</ref> दुस्साहसी पायलट, सर चार्ल्स किंग्सफोर्ड स्मिथ सन 1927 में ऑस्ट्रेलिया सर्किट का एक चक्र पूरा करते हुए तथा सन 1928 में वायुयान ''सदर्न क्रॉस'' में हवाई और फिजी होते हुए अमरीका से ऑस्ट्रेलिया तक प्रशांत महासागर का चक्कर लगाकर नई उड़ान मशीनों को सीमा से परे ले गए। आगे वे वैश्विक प्रसिद्धि तक पहुँचे और सन 1935 में सिंगापुर में एक रात्रिकालीन उड़ान के दौरान गुम होने से पहले तक उन्होंने हवाई रिकॉर्डों की एक श्रृंखला खड़ी कर दी। <ref>{{Cite web |url=http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A090602b.htm?hilite=charles%3Bkingsford%3Bsmith |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://archive.today/20120707113217/http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A090602b.htm?hilite=charles;kingsford;smith |archive-date=7 जुलाई 2012 |url-status=dead }}</ref>
=== उपनिवेश का दर्जा ===
[[चित्र:ImperialConference.jpg|thumb|left|200px|अपने प्रधानमंत्री के साथ किंग जॉर्ज V (सामने, बीच में). (दाएं से बाएं) स्थायी: मोनरो (न्यूफाउंडलैंड), कोट्स (न्यूजीलैंड), ब्रूस (ऑस्ट्रेलिया), हर्टजोग (दक्षिण अफ्रीका के संघ), कोसग्रेव (आयरिश मुक्त राज्य).बैठा: बाल्डविन (यूनाइटेड किंगडम), किंग जॉर्ज पंचम, किंग (कनाडा).]]
प्रथम विश्व युद्ध के बाद, वेस्टमिन्स्टर अधिनियम (Statute of Westminster) के अंतर्गत ऑस्ट्रेलिया को स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र का दर्जा प्राप्त हुआ। इसने सन 1926 की बेल्फोर घोषणा की स्थापना की, जो कि सन 1926 में ब्रिटिश साम्राज्य के नेताओं के [[लंदन]] में आयोजित सम्मेलन के परिणामस्वरूप प्राप्त एक रिपोर्ट थी, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य के उपनिवेशों को इस प्रकार परिभाषित किया
<blockquote>
{{cquote|They are autonomous Communities within the [[British Empire]], equal in status, in no way subordinate one to another in any aspect of their domestic or external affairs, though united by a common allegiance to [[the Crown]], and freely associated as members of the [[Commonwealth of Nations|British Commonwealth]] of Nations.<ref>Cited in Jan Bassett (1986) p.271. It has also been argued that the signing of the [[Treaty of Versailles]] by Australia shows defacto recognition of sovereign nation status.See Sir Geoffrey Butler KBE,MA and Fellow, Librarian and Lecturer in International Law and Diplomacy of Corpus Christi College, Cambridge author of "A Handbook to the League of Nations.</ref>}}
</blockquote>
हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने सन 1942 तक वेस्टमिन्स्टर अधिनियम को अंगीकार नहीं किया। इतिहासकार फ्रैंक क्रोले के अनुसार, ऐसा इसलिए था क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के संकट से पूर्व तक ब्रिटेन के साथ अपने संबंधों को पुनर्परिभाषित करने में ऑस्ट्रेलिया की बहुत कम रुचि थी।<ref>फ्रैंक क्रोली (1973) पृष्ठ.417</ref>
ऑस्ट्रेलिया एक्ट 1986 (Australia Act 1986) ने ब्रिटिश संसद और ऑस्ट्रेलियाई राज्यों के बीच सभी शेष संबंधों को भी हटा दिया।
1 फ़रवरी 1927 से 12 जून 1931 के पूर्व तक, उत्तरी क्षेत्र (Northern Territory) 20°द अक्षांश पर नॉर्थ ऑस्ट्रेलिया और सेंट्रल ऑस्ट्रेलिया के रूप में विभाजित था। सन 1915 में न्यू साउथ वेल्स को जर्विस बे टेरिटरी (Jervis Bay Territory) नामक एक और क्षेत्र प्राप्त हुआ, जिसका क्षेत्रफल 6,677 हेक्टेयर था। ये बाहरी क्षेत्र भी शामिल किये गए: नॉर्फोक आइलैंड (1914); ऐशमोर आइलैंड, कार्शियर आइलैंड (1931); ब्रिटेन से स्थानांतरित ऑस्ट्रेलियाई अंटार्क्टिक टेरिटरी (1933); हर्ड आइलैंड, मैक्डोनाल्ड आइलैंड, तथा ब्रिटेन से ऑस्ट्रेलिया को सौंपा गया मैक्वायर आइलैंड (1947).
प्रस्तावित नई संघीय राजधानी [[कैनबरा]] (सन 1901 से 1927 तक सरकार का केन्द्र [[मेलबॉर्न|मेलबर्न]] था) के लिए स्थान प्रदान कर ने हेतु सन 1911 में न्यू साउथ वेल्स में संघीय राजधानी क्षेत्र (Federal Capital Territory) (एफसीटी) (FCT) की स्थापना की गई। सन 1938 में एफसीटी (FCT) का नाम बदलकर ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र (Australian Capital Territory) (एसीटी) (ACT) कर दिया गया। सन 1911 में नॉर्दर्न टेरिटरी का नियंत्रण साउथ ऑस्ट्रेलिया की सरकार से कॉमनवेल्थ को सौंप दिया गया।
=== महान मंदी: 1930 का दशक ===
[[चित्र:Unemployed marching to see Mitchell, 1931.jpg|thumb|left|1931 में, प्रीमियर सर जेम्स मिशेल को देखने के लिए 1000 से अधिक बेरोजगार पुरुष पर्थ, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में ट्रेजरी बिल्डिंग से एस्प्लेनेड तक मार्च किये.]]
[[चित्र:Sydney Harbour Bridge opening.jpg|thumb|float|रिबन समारोह 20 मार्च 1932 को सिडनी हार्बर ब्रिज खोलने के लिए.प्रोटोकॉल का उल्लंघन करके प्रीमियर जैक लैंग, जिन्हें शीघ्र ही निलंबित किया जाने वाला था, फीता काट रहे हैं, जबकि गवर्नर फिलीप गेम देखते रह गए।]]
सन 1930 के दशक की [[महान मंदी]] का ऑस्ट्रेलिया पर गहरा प्रभाव पड़ा, विशेष रूप से निर्यात, विशिष्टतः [[ऊन]] और [[गेहूँ|गेहूं]] जैसे प्राथमिक उत्पादों, पर इसकी अत्यधिक निर्भरता के कारण,<ref name="Giblin">{{cite web |url=http://socserv.mcmaster.ca/~econ/ugcm/3ll3/giblin/australi.htm |title=Australia, 1930: An inaugural lecture |author=L.F. Giblin |date=28 अप्रैल 1930 |accessdate=21 अक्टूबर 2008 |archive-url=https://www.webcitation.org/66QNE5HKB?url=http://socserv.mcmaster.ca/~econ/ugcm/3ll3/giblin/australi.htm |archive-date=25 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> सन 1920 के दशक में बहुत अधिक मात्रा में लगातार कर्ज़ लेने के कारण ऑस्ट्रेलियाई व राज्य सरकारें “सन 1927, जब अधिकांश आर्थिक सूचक एक बुरे दौर की ओर संकेत कर रहे थे, से ही बहुत अधिक असुरक्षित स्थिति में थीं। निर्यात पर ऑस्ट्रेलिया की निर्भरता ने इसे विश्व बाज़ार में होने वाले उतार-चढ़ावों के प्रति असामान्य रूप से असुरक्षित बना दिया," जैसा कि आर्थिक इतिहासकार ज्यॉफ स्पेंसली का मत है।<ref>ज्योफ स्पेंसली (1981) ''डिप्रेशन के दशक'' पृष्ठ.14, थॉमस नेल्सन, ऑस्ट्रेलिया। ISBN 0 170060489</ref> दिसंबर 1927 तक ऑस्ट्रेलिया द्वारा लिए गए कुल ॠण का लगभग आधा केवल [[न्यू साउथ वेल्स]] राज्य द्वारा लिया गय था। इस स्थिति को देखकर कुछ राजनेता और अर्थशास्री चिंतित हो गए, जिनमें यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के एडवर्ड शॉन का नाम उल्लेखनीय है, लेकिन अधिकांश राजनैतिक, यूनियन व व्यापारिक नेता गंभीर समस्याओं को स्वीकार करने से हिचकते रहे। <ref>ज्योफ स्पेंसली (1981) पृष्ठ.15-17</ref> सन 1926 में, ''ऑस्ट्रेलियन फाइनेंस (Australian Finance)'' मैगज़ीन ने वर्णन किया कि ॠण एक “परेशान कर देने वाली आवृत्ति (disconcerting frequency)” पर उत्पन्न हो रहे थे, जो कि ब्रिटिश साम्राज्य में अद्वितीय थी: "यह ॠण किसी पूर्ण हो चुके ॠण को चुकाने के लिए लिया गया ॠण या मौजूदा ॠणों पर ब्याज चुकाने के लिए लिया गया ॠण, अथवा बैंकरों से लिए गए किसी अस्थायी ॠण को लौटाने के लिए लिया गया ॠण हो सकता है। ..<ref>''ऑस्ट्रेलियाई वित्त'', लंदन, 1926, ज्योफ स्पेंसली में उद्धृत (1981) पृष्ठ.14</ref> इस प्रकार, सन 1929 की वॉल स्ट्रीट क्रैश (Wall Street Crash) से बहुत पहले से ही, ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था गंभीर समस्याओं का सामना करती आ रही थी। जब सन 1927 में अर्थव्यवस्था की गति धीमी पड़ गई, तो उत्पादन में भी कमी आई और मुनाफा घटने तथा बेरोज़गारी बढ़ने के कारण देश मंदी की चपेट में आ गया।<ref>हेनरी पुक (1993)''विंडोज ऑन आवर पास्ट; कंसट्रक्टिंग ऑस्ट्रेलियन हिस्ट्री'' . पृष्ठ 195 ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, मेलबर्न. ISBN 0 195535448</ref>
अक्टूबर 1929 में हुए चुनावों में लेबर पार्टी भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई, यहाँ तक कि पूर्व प्रधानमंत्री [[स्टान्ली ब्रूस|स्टैनली ब्रुस]] स्वयं भी अपना चुनाव हार गए। नये प्रधानमंत्री [[जेम्स स्कलिन]] और उनकी बड़े पैमाने पर अनुभवहीन सरकार को लगभग तुरंत ही संकटों की एक श्रृंखला का सामना करना पड़ा. सीनेट पर नियंत्रण कर पाने, बैंकिंग तंत्र पर नियंत्रण रख पाने में उनकी विफलता और इस स्थिति से निपटने के सर्वश्रेष्ठ तरीकों को लेकर पार्टी में मतभेद के कारण सरकार को ऐसे उपाय स्वीकार करने पड़े, जो अंततः पार्टी को विभाजित कर देते, जैसा कि सन 1917 में हुआ। कुछ लोगों का झुकाव न्यू साउथ वेल्स प्रीमियर लैंग की ओर, तो कुछ लोग प्रधानमंत्री स्कलिन की ओर रहा.
इस संकट से निपटने की विभिन्न “योजनाओं” का सुझाव दिया गया; सर ओटो नायमेयर (Sir Otto Niemeyer), अंग्रेज़ी बैंकों के एक प्रतिनिधि, जिन्होंने सन 1930 के मध्य में ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की थी, ने एक अपस्फीतिकर योजना प्रस्तावित की, जिसमें सरकारी खर्चों और वेतन में कटौती करना शामिल था। कोषपाल, टेड थियोडोर (Ted Theodore) ने एक आंशिक रूप से अपस्फीति पूर्ण योजना प्रस्तावित की, जबकि लेबर पार्टी के न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर, जैक लैंग (Jack Lang) ने एक उग्र सुधारवादी योजना का प्रस्ताव दिया, जिसमें विदेशी कर्ज़ों को नामजूंर कर दिया जाना प्रस्तावित था।<ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ.118-9</ref> अंततः संघीय व राज्य सरकारों द्वारा जून 1931 को “प्रीमियर की योजना (Premier's Plan)” स्वीकार कर ली गई, जिसके बाद नायमेयर द्वारा समर्थित अपस्फीतिकर मॉडल को अपनाया गया और इसमें सरकारी खर्चों में 20% की कटौती, बैंक की ब्याज दरों में कमी और कर-वृद्धि शामिल थी।<ref>आर. विलिस में जॉन क्लोज़ "द डिप्रेशन डिकेड" को भी देखें, एट अल (एड्स)(1982), पृष्ठ.318</ref> मार्च 1931 में, लैंग ने घोषणा की कि लंदन को दिया जाने वाला ब्याज नहीं चुकाया जाएगा और संघीय सरकार को ॠण की पूर्ति करने के लिए दखल देना पड़ा. मई में, न्यू साउथ वेल्स की गवर्नमेंट सेविंग्स बैंक (Government Savings Bank) को बंद कर देना पड़ा. मेलबर्न प्रीमियरों के सम्मेलन में अत्यधिक अपस्फीतिकर नीति के एक भाग के रूप में वेतन तथा पेंशन में कटौती पर सहमति बनी, लेकिन लैंग ने यह योजना अस्वीकार कर दी। सन 1932 में सिडनी हार्बर ब्रिज के शानदार उदघाटन ने भी इस युवा संघ को परेशान करने वाले लगातार बढ़ते संकट से बहुत थोड़ी राहत दी। लाखों पाउंड तक बढ़ चुके कर्ज़, सार्वजनिक प्रदर्शनों और लैंग व स्कलिन, उसके बाद लायोन्स संघीय सरकारों, के बीच चालों और प्रति-चालों के साथ न्यू साउथ वेल्स के गवर्नर फिलिप गेम संघीय खज़ाने में धन का भुगतान न करने के लैंग के निर्देशों का परीक्षण कर रहे थे। गेम का निष्कर्ष था कि ऐसा करना ग़ैरकानूनी था। लैंग ने अपना आदेश वापस लेने से इंकार कर दिया और 13 मई को गवर्नर गेम को बरखास्त कर दिया गया। जून में हुए चुनावों में लैंग लेबर की सीट ढह गई।<ref>{{Cite web |url=http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A090666b.htm?hilite=jack%3Blang |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://archive.today/20120710115756/http://adbonline.anu.edu.au/biogs/A090666b.htm?hilite=jack;lang |archive-date=10 जुलाई 2012 |url-status=dead }}</ref>
मई 1931 में एक नई उदारवादी राजनैतिक शक्ति, लेबर पार्टी से निकले सदस्यों और नैशनलिस्ट पार्टी के सदस्यों के बनी यूनाइटेड ऑस्ट्रेलिया पार्टी, का निर्माण हुआ। दिसंबर 1931 के संघीय चुनावों में, यूनाइटेड ऑस्ट्रेलिया पार्टी ने पूर्व लेबर सदस्य [[जोसेफ लियोन्स|जोसेफ लायोन्स]] के नेतृत्व में आसानी से जीत दर्ज कर ली। वे सितंबर 1940 तक सत्ता में बने रहे। अक्सर लायोन्स की सरकार को मंदी से उबरने का श्रेय दिया जाता है, हालांकि इस बात को लेकर विवाद है कि इसमें उनकी नीतियों का कितना हाथ था।<ref>उदाहरण के लिए आर. विलिस में जॉन क्लोज़ "द डिप्रेशन डिकेड" को भी देखें, एट अल (एड्स)(1982), पृष्ठ.318</ref> स्टुअर्ट मैसिन्टायर इस बात की ओर भी सूचित करते हैं कि भले ही ऑस्ट्रेलिया की सकल उत्पाद दर [[सकल घरेलू उत्पाद|(जीडीपी) (GDP)]] सन 1931-2 और 1938-9 के बीच £386.9 मिलियन से बढ़कर £485.9 मिलियन हो गया था, लेकिन जनसंख्या का प्रति व्यक्ति घरेलू उत्पाद अभी भी "1938-39 (£70.12) में सन 1920-21 (£70.04) के मुकाबले केवल कुछ ही शिलिंग बढ़ा था।<ref>स्टुअर्ट मेकिंटायर (1986) पृष्ठ.287</ref>
ऑस्ट्रेलिया में बेरोज़गारी के विस्तार की सीमा को लेकर विवाद है, जिसके बारे में अक्सर उल्लेख किया जाता है कि सन 1932 में 29% के साथ यह अपने शीर्ष पर थी। इतिहासकार वेंडी लोवेन्स्टीन ने मंदी के मौखिक इतिहासों के अपने संग्रह में लिखा कि "अधिकांशतः ट्रेड यूनियन के आंकड़ों का उल्लेख किया जाता है, लेकिन जो लोग वहाँ थे…वे मानते हैं कि ये आंकड़े बेरोजगारी की भयावहता को कम करके बताते हैं”.<ref>वेंडी लोवेंस्टीन (1978) ''वीविल्स इन द फ्लोर: एन ओरल रिकॉर्ड ऑफ़ द 1930 डिप्रेशन इन ऑस्ट्रेलिया'' . पृष्ठ 14, स्क्राइब प्रकाशन, फिट्ज़रॉय. ISBN 0-908011-06-7</ref> हालांकि, डेविड पॉट्स का तर्क है कि “पिछले तीस वर्षों में…इस काल के इतिहासकारों ने या तो उस आंकड़े (चरम वर्ष सन 1932 में 29%) को किसी भी आलोचना के बिना स्वीकार किया है, जिसमें ‘एक तिहाई’ बढ़ा दिया जाना शामिल है, या फिर उन्होंने क्रोधपूर्वक यह तर्क दिया है कि एक तिहाई बहुत कम है। "<ref>डेविड पॉट्स. ''ऑस्ट्रेलियाई ऐतिहासिक अध्ययन'' में "अ रिअसेसमेंट ऑफ़ द एक्सटेंट ऑफ़ अन इम्प्लौय्मेंट इन ऑस्ट्रेलिया ड्यूरिंग द ग्रेट डिप्रेशन" खंड 24, संख्या 7, पृष्ठ 378. डेविड पॉट्स (2006) "द मिथ ऑफ़ द ग्रेट डिप्रेशन". स्क्राइब प्रेस, कार्लटन उत्तर. ISBN 1-920769-84-6</ref> पॉट्स बेरोज़गारी के एक उच्चतम राष्ट्रीय आंकड़े के रूप में 25% का सुझाव देते हैं।<ref>डेविड पॉट्स पृष्ठ.395</ref>
हालांकि, इस बात को लेकर बहुत कम आशंका दिखाई देती है कि बेरोज़गारी के स्तरों में बहुत अधिक अंतर था। इतिहासकार पीटर स्पीअररिट द्वारा एकत्रित आंकड़े दर्शाते हैं कि आरामदेह सिडनी के वूलाहरा उपनगर में सन 1933 में 17.8% पुरुष और 7.9% महिलाएँ बेरोज़गार थीं। कर्मचारी वर्ग के उपनगर पैडिंग्टन में, 41.3% पुरुष और 20.7% महिलाएँ बेरोज़गार के रूप में सूचीबद्ध थीं।<ref>हेनरी पुक (1993) में स्पियरिट उद्धृत पृष्ठ 211-212. ड्रियू कौटल (1979) "द सिडनी रिच एंड द ग्रेट डिप्रेशन" इन ''बोयांग''
मैगज़ीन, सितंबर 1979</ref> जेफरी स्पेंसली का तर्क है कि पुरुषों और महिलाओं के बीच अंतर के अलावा, बेरोज़गारी कुछ उद्योगों, जैसे इमारतों और निर्माण उद्योग, में बहुत अधिक थी, जबकि सार्वजनिक प्रशासन और व्यावसायिक क्षेत्रों में यह अपेक्षाकृत कम थी।<ref>ज्योफ स्पेंसली (1981) पृष्ठ.46</ref>
ग्रामीण क्षेत्रों में, सबसे बुरा प्रभाव उत्तर-पूर्वी [[विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया)|विक्टोरिया]] और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में रहने वाले छोटे किसानों पर पड़ा, जिन्होंने पाया कि उनकी अधिकांश आय ब्याज चुकाने में ही समाप्त हो गई थी।<ref>ज्योफ स्पेंसली (1981) पृष्ठ.52</ref>
== द्वितीय विश्व युद्ध ==
[[चित्र:Menzies Churchill WW21941.jpg|thumb|200px|left|upright|1941 में प्रधानमंत्री रॉबर्ट मेंज़िस और ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल.]]
[[चित्र:HMAS Sydney (AWM 301473).jpg|thumb|नवंबर 1941, हिंद महासागर में प्रकाश क्रूजर एचएमएएस (HMAS) सिडनी एक लड़ाई में हार गए।]]
=== सन 1930 के दशक में रक्षा नीति ===
सन 1930 के दशक के अंतिम भाग से पूर्व तक, रक्षा ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए कोई महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं थी। सन 1937 के चुनावों में, दोनों राजनैतिक दलों ने, [[चीन]] में बढ़ते [[जापान|जापानी]] दखल और [[यूरोप]] में [[जर्मनी]] के बढ़ते दखल के संदर्भ में, रक्षा खर्च में वृद्धि की वकालत की. हालांकि इस बात को लेकर मतभेद था कि रक्षा खर्च का आवंटन किस प्रकार किया जाए. यूएपी (UAP) सरकार ने “साम्राज्यवादी रक्षा की एक नीति” के तहत ब्रिटेन के साथ सहयोग पर ज़ोर दिया। इसका आधार सिंगापुर स्थित ब्रिटिश नौसैनिक अड्डा और रॉयल नेवी का जंगी बेड़ा था, “जिसके बारे में यह आशा की जा रही थी कि आवश्यकता के समय इसका प्रयोग किया जाएगा."<ref>जॉन रॉबर्टसन (1984) ''ऑस्ट्रेलिया गोज़ टू वॉर'', 1939-1945. पृष्ठ.12. डबलडे, सिडनी. ISBN 0 868241555</ref> युद्ध के वर्षों के दौरान किये गए रक्षा-खर्च से यह प्राथमिकता प्रतिबिम्बित होती है। सन 1921-1936 की अवधि में आरएएन (RAN) पर कुल £40 मिलियन, ऑस्ट्रेलियाई सेना पर £20 और आरएएफ (RAAF) (तीनों सेनाओं में “सबसे युवा” जिसकी स्थापना सन 1921 में हुई थी) पर £6 मिलियन खर्च किये गए। सन 1939 में, नौसेना, जिसमें दो हेवी क्रूज़र और चार लाइट क्रूज़र शामिल थे, युद्ध के लिए सज्जित सर्वश्रेष्ठ सैन्य-दल था।<ref>रक्षा विभाग (नेवी) (1976) ''एन आउट लाइन ऑफ़ ऑस्ट्रेलियन नैवल हिस्ट्री'' . पृष्ठ 33 ऑस्ट्रेलियाई सरकार प्रकाशन सेवा, कैनबरा. ISBN 0 642 022550</ref>
प्रशांत में जापानी इरादों के भय से, मेन्ज़ीस ने टोक्यो और वॉशिंगटन में स्वतंत्र दूतावासों की स्थापना की, ताकि गतिविधियों के बारे में स्वतंत्र सलाह प्राप्त की जा सके। <ref name="primeministers.naa.gov.au">{{Cite web |url=http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/menzies/in-office.aspx#section1 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131113103332/http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/menzies/in-office.aspx#section1 |archive-date=13 नवंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> गैविन लॉन्ग का तर्क है कि लेबर विरोध ने उत्पादन के माध्यम से अत्यधिक राष्ट्रीय आत्म-निर्भरता तथा सेना व आरएएएफ (RAAF) पर अधिक बल दिया, जैसी कि जनरल स्टाफ के प्रमुख, जॉन लावारैक ने भी समर्थन किया था।<ref>गेविन लांग (1952) ''टू बेन्घाज़ी'' .''1939-1945 के युद्ध में ऑस्ट्रेलिया।'' खंड 1. एक श्रृंखला, सेना. पृष्ठ.22-23. ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक, कैनबरा.</ref> नवंबर 1936 में, लेबर नेता जॉन कर्टिन ने कहा कि "हमारी सहायता के लिए सेना भेजने हेतु ब्रिटिश राजनेताओं के सामर्थ्य, इच्छा तो दूर की बात है, पर ऑस्ट्रेलिया की निर्भरता ऑस्ट्रेलिया की रक्षा नीति के लिए एक बहुत बड़ा संकट है। "<ref>जॉन रॉबर्टसन (1984) पृष्ठ.12</ref> जॉन रॉबर्ट्सन के अनुसार, "कुछ ब्रिटिश नेताओं को यह अहसास भी हो था कि उनका देश एक ही समय पर [[जापान]] और [[जर्मनी]] का सामना नहीं कर सकता." लेकिन "ऑस्ट्रेलियाई और ब्रिटिश रक्षा योजनाकारों के बीच…किसी भी बैठक (कों), जैसे सन 1937 की इम्पीरियल कॉन्फ्रेन्स (1937 Imperial Conference), में इस पर खुलकर चर्चा नहीं की गई ".<ref>जॉन रॉबर्टसन "दूर युद्ध: ऑस्ट्रेलिया और इम्पीरियल रक्षा 1919-1914." एम. मैककेर्नन और एम. ब्राउन (1988) में पृष्ठ.225</ref>
सितंबर 1939 तक आते-आते ऑस्ट्रेलियाई सेना के नियमित सैनिकों की संख्या 3,000 हो गई।<ref>जॉन रॉबर्टसन (1984) पृष्ठ.17</ref> सन 1938 के अंत में चलाये गए एक भर्ती अभियान, इसका नेतृत्व मेजर-जनरल थॉमस ब्लेमी ने किया था, ने आरक्षित नागरिक-सेना की संख्या बढ़ाकर लगभग 80,000 कर दी। <ref>गेविन लांग) (1952) पृष्ठ 26</ref> युद्ध के लिए प्रशिक्षित पहले डिविजन को छ्ठें डिविजन और दूसरे एआईएफ (AIF) का नाम दिया गया क्योंकि प्रथम विश्व युद्ध में कागज़ पर 5 नागरिक सेना डिविजन और पहला एआईएफ (AIF) था।<ref>जॉन रॉबर्टसन (1984) पृष्ठ.20. इसी कारण द्वितीय विश्व युद्ध की ऑस्ट्रेलियन बटालियनों को प्रथम विश्व युद्ध की बटालियनों से अलग पहचान पाने के लिए उनके नामों से पहले उपसर्ग 2/ लगाया जाता था</ref>
=== युद्ध की घोषणा ===
3 सितंबर 1939 को, प्रधानमंत्री, रॉबर्ट मेन्ज़ीस, ने एक रेडियो प्रसारण के द्वारा राष्ट्र को संबोधित किया:
<blockquote>
{{cquote|My fellow Australians. It is my melancholy duty to inform you, officially, that, in consequence of the persistence by Germany in her [[invasion of Poland]], [[Great Britain]] has declared war upon her, and that, as a result, Australia is also at war.<ref>Frank Crowley (1973)''Modern Australia in Documents 1939-1970''. p.1. Wren Publishing, Melbourne. ISBN 0 858885033X</ref>}}
</blockquote>
[[चित्र:9 Div Tobruk(AWM 020779).jpg|thumb|200px|left|उत्तरी अफ्रीका में तोब्रुक पर 2/13th इन्फैंट्री बटालियन से एक गश्ती, (एडब्ल्यूएम (AWM) 020779)]]
[[चित्र:Aust soldiers Wewak June 1945.jpg|thumb|200px|जून 1945 में पापुआ न्यू गिनी, वेवाक के पास कार्रवाई में एक ऑस्ट्रेलियाई प्रकाश मशीन बंदूक टीम]]
इस प्रकार 6 वर्षों के वैश्विक संघर्ष में ऑस्ट्रेलिया की सहभागिता की शुरुआत हुई। ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों को स्थानों की एक असामान्य विविधता में लड़ना था, जिसमें तोब्रुक (Tobruk) में जर्मन टैंकों का सामना करने से लेकर यूरोप के ऊपर बमवर्षक मिशन और जापानी ज़ीरोस (Zeros) के खिलाफ राबौल पर हवाई हमले से लेकर, बॉर्नियो के जंगलों में युद्ध शामिल थे।<ref>जॉन रॉबर्टसन (1984) पृष्ठ.9-11</ref>
घरेलू और विदेशों में सेवा देने के लिए एक स्वयंसेवी सैन्य बल, दूसरी ऑस्ट्रेलियाई इम्पीरियल फोर्स, की घोषणा की गई और स्थानीय सुरक्षा के लिए एक नागरिक सेना संगठित की गई। सिंगापुर में सुरक्षा-बलों की संख्या बढ़ाने में ब्रिटेन की विफलता से परेशान, मेन्ज़ीस यूरोप में टुकड़ियों को भेजने की प्रतिबद्धता में सतर्क थे। जून 1940 के अंत तक, फ्रांस, नॉर्वे और निम्न देश नाज़ी जर्मनी से हार चुके थे और ब्रिटेन अपने उपनिवेशों के साथ अकेला खड़ा था। मेन्ज़ीस से “सभी को युद्ध के लिए बाहर आने” का आह्वान किया और संघीय शक्तियों को बढ़ाया तथा अनिवार्य सैन्य-सेवा प्रस्तुत की। सन 1940 के चुनावों के बाद मेन्ज़ीस की अल्पमत सरकार केवल दो निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन पर टिकी थी
जनवरी 1941 में, मेन्ज़ीस ने सिंगापुर में सेना की कमज़ोरी पर चर्चा करने के लिए ब्रिटेन की यात्रा की। द ब्लिट्ज़ (The Blitz) के दौरान लंदन पहुँचने पर, अपनी यात्रा के दौरान मेन्ज़ीस को [[विन्सटन चर्चिल]] की ब्रिटिश वॉर केबिनेट में आमंत्रित किया गया। निकट आते जापान के खतरे और ग्रीक तथा क्रीट के अभियानों में परेशान ऑस्ट्रेलियाई सेना की समस्याओं के साथ ऑस्ट्रेलिया लौटे मेन्ज़ीस एक युद्ध केबिनेट की स्थापना के लिए पुनः लेबर पार्टी के पास पहुँचे। उनका समर्थन हासिल कर पाने में असफल होने और एक अकार्यक्षम संसदीय बहुमत के कारण मेन्ज़ीस ने प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया। उनका गठबंधन अगले एक माह तक सत्ता में बना रहा, जिसके बाद निर्दलीय सदस्यों ने अपनी राजनिष्ठा बदल ली और जॉन कर्टिन ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। <ref name="primeministers.naa.gov.au" /> आठ हफ्तों बाद, जापान ने पर्ल हार्बर पर आक्रमण कर दिया।
सन 1940-41 में, ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं ने भूमध्यसागरीय मंच, जिसमें ऑपरेशन कम्पास, तोब्रुक की घेराबंदी, ग्रीक अभियान, क्रीट की लड़ाई, सीरिया-लेबनान अभियान और एल-एलामिन की दूसरी लड़ाई शामिल हैं, में लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं. नवंबर 1941 में जब एचएमएएस (HMAS) ''सिडनी'' जर्मन छापामार ''कॉर्मोरान'' के साथ लड़ाई में पूरी तरह हार गया, तो युद्ध घरेलू भूमि के पास पहुँच गया।
ऑस्ट्रेलिया की अधिकांश सर्वश्रेष्ठ सेनाओं को मध्य-पूर्व में हिटलर के खिलाफ लड़ने पर प्रतिबद्ध पाकर जापान ने 8 दिसम्बर 1941 (पूर्वी ऑस्ट्रेलियाई मानक समय के अनुसार) को हवाई में अमरीकी नौसनिक अड्डे, पर्ल हार्बर, पर आक्रमण कर दिया। इसके कुछ ही समय बाद ब्रिटिश युद्धपोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स (HMS Prince of Wales) तथा बैटलक्रूज़र एचएमएस रीपल्स (HMS Repulse), जिन्हें सिंगापुर को बचाने के लिए भेजा गया था, डूब गए। ऑस्ट्रेलिया किसी हमले के लिए तैयार नहीं था और उसके पास शस्रास्रों, आधुनिक लड़ाकू विमानों, भारी बमवर्षकों और विमान-वाहक पोतों सभी की कमी थी। चर्चिल से सैन्य सहायता की मांग करते हुए, 27 जनवरी 1941 को कर्टिन ने ऐतिहासिक घोषणा की:<ref name="ReferenceA">{{Cite web |url=http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/curtin/in-office.aspx |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120117203302/http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/curtin/in-office.aspx |archive-date=17 जनवरी 2012 |url-status=dead }}</ref>
<blockquote>
{{cquote|"The Australian Government...regards the Pacific struggle as primarily one in which the [[United States]] and Australia must have the fullest say in the direction of the democracies' fighting plan. Without inhibitions of any kind, I make it clear that Australia looks to [[United States|America]], free of any pangs as to our traditional links or kinship with the United Kingdom."<ref>Cited in Frank Crowley (1973) Vol 2, p.51</ref>}}
</blockquote>
[[चित्र:POWs Burma Thai RR.jpg|thumb|left|200px|1943 में थाईलैंड में तरसौ पर नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलियाई पीओडब्ल्यू (POWs). जापानी द्वारा 22,000 ऑस्ट्रेलियाई कब्जा कर लिया गया, जिसमें से 8000 निधन हो गए।]]
[[चित्र:Curtinmacarthur.jpg|right|thumb|200px|ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन ऑस्ट्रेलिया के साथ अमेरिकी जनरल डगलस मैकआर्थर, प्रशांत में मित्र देशों की सेनाओं के कमांडर.]]
शीघ्र ही ब्रिटिश मलाया भी ढह गया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्र स्तब्ध रह गया। सिंगापुर में लड़ रही ब्रिटिश, भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई टुकड़ियों के बीच तालमेल का अभाव था और 15 फ़रवरी 1942 को उन्होंने आत्म-समर्पण कर दिया। 15,000 ऑस्ट्रेलियाई सैनिक युद्धबंदी बना लिए गए। कर्टिन ने पूर्वानुमान लगाया कि अब ‘ऑस्ट्रेलिया के लिए युद्ध’ किया जाएगा. 19 फ़रवरी को, डार्विन पर विनाशक हवाई हमला हुआ, यह पहला अवसर था, जब शत्रु सेनाओं द्वारा ऑस्ट्रेलियाई मुख्यभूमि पर आक्रमण किया गया था। अगले 19 माग में, लगभग 100 बार ऑस्ट्रेलिया पर हवाई हमले किये गए।
युद्ध के लिए तैयार दो ऑस्ट्रेलियाई टुकड़ियाँ पहले ही मध्य-पूर्व से सिंगापुर के लिए रवाना हो चुकीं थीं। चर्चिल उन्हें बर्मा की मोड़ना चाहते थे, लेकिन कर्टिन ने ऐसा करने से इंकार कर दिया और बेचैनी से उनके ऑस्ट्रेलिया लौटने की प्रतीक्षा करने लगे। मार्च 1942 में अमरीकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन रूज़वेल्ट ने फिलीपीन्स में अपने कमांडर, जनरल डगलस मैकआर्थर को ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर एक प्रशांत रक्षा योजना बनाने का आदेश दिया। कर्टिन ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं को जनरल मैकआर्थर, जो कि “दक्षिण पश्चिमी प्रशांत के सुप्रीम कमाण्डर (Supreme Commander of the South West Pacific)” बन गए, के नेतृत्व में रखने को राज़ी हो गए। इस प्रकार कर्टिन ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश नीति में एक बुनियादी परिवर्तन की अध्यक्षता की थी। मार्च 1942 में मैकआर्थर ने अपना मुख्यालय मेलबर्न स्थानांतरित कर दिया और अमरीकी टुकड़ियों के ऑस्ट्रेलिया में एकत्रित होने की शुरुआत हुई। मई 1942 के अंत में, सिडनी हार्बर पर किये गए एक साहसी हमले में जापानी मिजेट पनडुब्बी ने एक आपूर्ति जलयान को डुबो दिया। 8 जून 1942 को, दो जापानी पनडुब्बियों ने कुछ समय तक सिडनी के पूर्वी उपनगरों और न्यूकैसल शहर पर बमबारी की। <ref>{{cite web |url=http://home.st.net.au/~dunn/japsubs/midgetsubs.htm |title=Midget Submarines history at |publisher=Home.st.net.au |date= |accessdate=29 अप्रैल 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100413131337/http://home.st.net.au/~dunn/japsubs/midgetsubs.htm |archive-date=13 अप्रैल 2010 |url-status=dead }}</ref>
ऑस्ट्रेलिया को अलग-थलग करने के एक प्रयास में, जापानियों ने न्यू गिनी के ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र में स्थित पोर्ट मॉरेसबी पर एक समुद्री हमले की योजना बनाई। मई 1942 में, [[अमेरिकी नौसेना|अमरीकी नौसेना]] ने जापान को कोरल समुद्र की लड़ाई (Battle of the Coral Sea) में उलझा दिया, जिससे यह हमला रूक गया। जून में हुई मिडवे की लड़ाई (Battle of Midway) में जापानी नौसेना को प्रभावी रूप से पराजित हुई और जापानी थल-सेना ने उत्तर की ओर से मॉरिसबी पर ज़मीनी धावा बोल दिया। <ref name="ReferenceA" /> जुलाई व नवम्बर 1942 के बीच, ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं ने [[नया गिनी|न्यू गिनी]] के पर्वतीय क्षेत्रों में कोकोडा ट्रैक के रास्ते पर पड़ने वाले शहर पर जापानी हमले के प्रयासों को परास्त कर दिया। अगस्त 1942 में हुई मिल्ने बे की लड़ाई (Battle of Milne Bay) मित्र सेनाओं द्वारा जापानी थल सेनाओं की पहली संगठित पराजय थी।
ऑस्ट्रेलिया की नवीं टुकड़ी, जो कि अभी भी मध्य-पूर्व में लड़ रही थी, एल-एलामीन की पहली व दूसरी लड़ाई की कुछ भीषणतम लड़ाइयों में शामिल थी, जो मित्र सेनाओं के लिए उत्तरी अफ्रीका अभियान (North Africa Campaign) साबित हुई।
नवंबर 1942 से जनवरी 1943 के बीच बुना-गोना की लड़ाई ने न्यू गिनी अभियान के खट्टे अंतिम चरणों का सुर तैयार कर दिया, जो 1945 तक बना रहा। मैकआर्थर ने ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं को उत्तर की ओर फिलीपीन्स और जापान पर हुए मुख्य हमलों से अलग रखा। ब्रोनियो में जापानी अड्डों पर जल और थल दोनों ओर से किये जाने वाले आक्रमणों का नेतृत्व ऑस्ट्रेलिया को सौंपा गया। कार्य के तनाव के कारण कर्टिन का स्वास्थ्य बिगड़ गया और युद्ध की समाप्ति के दो सप्ताह पहले ही उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद [[बेन चिफ्ली|बेन चीफली]] ने उनका स्थान लिया।
युद्ध के दौरान ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या 7 मिलियन थी, जिसेमें से लगभग 1 मिलियन पुरुषों व महिलाओं ने युद्ध-काल के छः वर्षों के दौरान सेना की किसी न किसी शाखा में अपनी सेवाएं दी। युद्ध के अंत तक, ऑस्ट्रेलियाई सेना में भर्ती हुए पुरुष व महिलाओं की कुल संख्या का योग 727,200 हो चुका था (जिनमें से 557,800 से विदेशों में अपनी सेवाएं दीं), 216,900 आरएएएफ (RAAF) में रहे और 48,900 आरएएन (RAN) में. 39,700 से अधिक लोग मारे गए या युद्ध बंदियों के रूप में उनकी मृत्यु हो गई, जिनमें से लगभग 8,000 की मृत्यु जापानियों के बंदियों के रूप में हुई। <ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ.228-229. गेविन लॉन्ग (1963) ''द फाइनल कैम्पेन'', ऑस्ट्रेलिया इन द वॉर ऑफ़ 1939-1945, सिरीज़ 1, खंड 7, पृष्ठ 622-637.ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक, कैनबरा.</ref>
=== घरेलू-मोर्चा ===
[[चित्र:MA I084436 TePapa Poster He's Coming South.tiff|thumb|left|1942 ऑस्ट्रेलियाई प्रचार पोस्टर.ऑस्ट्रेलिया सिंगापुर के पतन के बाद इम्पीरियल जापान के आक्रमण की आशंका.]]
[[चित्र:Victory job (AWM ARTV00332).jpg|thumb|ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं को प्रोत्साहित किया गया कि वे सैन्य सेवा की महिला शाखाओं में से एक में शामिल होकर अथवा श्रम-बल में सहभागी होकर युद्ध में अपना योगदान दें]]
[[चित्र:Darwin 42.jpg|thumb|डार्विन का हमला, 19 फ़रवरी 1942.]]
द्वितीय विश्व युद्ध के कारण ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई। <ref>रे विलिस एट अल में जॉन क्लोज़ "ऑस्ट्रेलियन इन वॉरटाइम" में बौल्टोन उद्धृत है (1982) पृष्ठ 209</ref> सन 1943-4 तक युद्ध पर हो रहा खर्च सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (GDP) के 37% तक पहुँच गया, जबकि सन 1939-40 में यह खर्च 4% था।<ref>जॉन रॉबर्टसन (1984).पृष्ठ.198.</ref> सन 1939 से 1945 के बीच युद्ध पर कुल £2,949 मिलियन का खर्च आया।<ref>गेविन लांग (1973) ''द सिक्स इयर वॉर'' पृष्ठ.474. ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक, कैनबरा. ISBN 0 642 993750</ref>
हालांकि सेना में भर्ती जून-जुलाई 1940 में अपने चरम पर थी, जब 70,000 से ज्यादा लोग भर्ती हुए थे, लेकिन अक्टूबर 1941 में बनी कर्टिन की लेबर सरकार ही “संपूर्ण ऑस्ट्रेलियाई आर्थिक, घरेलू और औद्योगिक जीवन के एक पूर्ण पुनरीक्षण” के लिए उत्तरदायी थी।<ref name="John Robertson 1984 p.195">जॉन रॉबर्टसन (1984) पृष्ठ.195</ref> इंधन, कपड़ों तथा कुछ खाद्य-पदार्थों के नियंत्रित वितरण की शुरुआत की गई (हालांकि इसकी तीव्रता ब्रिटेन की तुलना में कम थी), क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई, "ब्राउन आउट्स (brown outs)" प्रस्तुत किये गए और सार्वजनिक परिवहन में कुछ कमी की गई। दिसंबर 1941 से, सरकार ने डार्विन और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया से सभी महिलाओं और बच्चों को हटवा दिया और जब जापान की सेनाएं आगे बढ़ने लगीं, तो दक्षिण पूर्वी एशिया से 10,000 से अधिक शरणार्थियों का आगमन हुआ।<ref>जॉन रॉबर्टसन (1984) पृष्ठ.202-3</ref> जनवरी 1942 में, “समस्त रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ संभव पद्धति में ऑस्ट्रेलियन नागरिकों के संगठन को सुनिश्चित करने के लिए” मैनपॉवर डायरेक्टरेट (Manpower Directorate) की स्थापना की गई।<ref name="John Robertson 1984 p.195" /> उद्योगों के युद्ध-संगठन मंत्री (Minister for War Organisation of Industry), जॉन डेडमैन ने मितव्ययिता और सरकारी का नियंत्रण की एक अभूतपूर्व सीमा प्रस्तुत की, जिसका विस्तार इतना अधिक था कि उन्हें “फादर क्रिसमस की हत्या करने वाला व्यक्ति (the man who killed Father Christmas)” कहा जाने लगा।
मई 1942 में, ऑस्ट्रेलिया में समान कर कानून प्रस्तुत किये गए और सरकारों ने आय के करारोपण पर अपना नियंत्रण त्याग दिया, "इस निर्णय का महत्व पूरे युद्ध के दौरान लिए गए किसी भी अन्य…की तुलना में अधिक था क्योंकि इसने संघीय सरकार को अधिक गहन शक्तियाँ प्रदान कीं और राज्यों की वित्तीय स्वायत्ता में कटौती की."<ref>फ्रैंक क्रोली (1973) खंड 2, पृष्ठ.55</ref>
युद्ध के कारण उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि हुई। "सन 1939 में मशीन उपकरण बनाने वाली केवल तीन ऑस्ट्रेलियाई फर्म थीं, लेकिन सन 1943 तक सौ से अधिक फर्म यह कार्य कर रहीं थीं।"<ref>रे विलिस एट अल (एड्स) में जॉन क्लोज़ "ऑस्ट्रेलियंस इन वॉरटाइम" (1982) पृष्ठ.210</ref> सन 1939 में केवल कुछ विमानों वाली आरएएएफ (RAAF) सन 1945 तक मित्र सेनाओं की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना बन चुकी थी। युद्ध की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया में लाइसेंस के अंतर्गत बड़ी संख्या में विमानों का निर्माण किया गया, जिनमें ब्यूफोर्ट (Beaufort) और ब्यूफाइटर (Beaufighter) उल्लेखनीय हैं, हालांकि अधिकांश विमान ब्रिटेन और बाद में यूएसए (USA) से थे।<ref>जॉन रॉबर्टसन (1984) पृष्ठ.189-190</ref> बूमरैंग फाइटर, जिसकी रचना और निर्माण सन 1942 के चार महीनों में किया गया, उस हताश स्थिति का प्रतीक है, जिसमें जापनियों को आगे बढ़ता हुआ देखकर ऑस्ट्रेलिया ने स्वयं को पाया।
ऑस्ट्रेलिया ने, वस्तुतः शून्य से, प्रत्यक्ष युद्ध उत्पादन में शामिल एक उल्लेखनीय महिला कार्य-बल का निर्माण भी कर लिया। सन 1939 से 1944 के बीच कारखानों में कार्यरत महिलाओं की संख्या 171,000 से बढ़कर 286,000 हो गई।<ref>रे विलिस एट अल (एड्स) में जॉन क्लोज़ "ऑस्ट्रेलियंस इन वॉरटाइम" (1982) पृष्ठ.211</ref> डेम एनिड लायन्स (Dame Enid Lyons), प्रधानमंत्री [[जोसेफ लियोन्स|जोसेफ लायन्स]] की विधवा, सन 1943 में हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स के लिए चुनी जाने वाली पहली महिला बनीं, जो रॉबर्ट मेन्ज़ीस की नई केन्द्रीय-दक्षिणपंथी लिबरल पार्टी ऑफ ऑस्ट्रेलिया में शामिल हो गईं, जिसकी स्थापना सन 1945 में हुई थी। उसी चुनाव में, डोरोथी टैंग्नी (Dorothy Tangney) सीनेट के लिए चुनी जाने वाली पहली महिला बनीं।
== युद्धोत्तर तेजी ==
[[चित्र:Portrait Menzies 1950s.jpg|150px|thumb|left|सर रॉबर्ट मेंज़िस, ऑस्ट्रेलिया के लिबरल पार्टी के संस्थापक और ऑस्ट्रेलिया 1939-41 (यूएपी (UAP)) के प्रधानमंत्री और 1949-66]]
[[चित्र:QueenElizabeth InspectingSheep WaggaWagga 1954.jpg|thumb|महारानी एलिजाबेथ द्वितीय वग्गा वग्गा पर अपने 1954 रॉयल यात्रा पर भेड़ निरीक्षण किया। ऑस्ट्रेलिया के पार रॉयल पार्टी से भारी भीड़ ने मुलाकात की.]]
=== मेन्ज़ीस और लिबरल प्रभुत्व 1949-72 ===
राजनैतिक रूप से युद्धोत्तर काल के तुरंत बाद अधिकांशतः रॉबर्ट मेन्ज़ीस और लिबरल पार्टी ऑफ ऑस्ट्रेलिया प्रभावी रही और उन्होंने सन 1949 में [[बेन चिफ्ली|बेन चीफली]] की लेबर सरकार को हराया, जिसका आंशिक कारण बैंको का राष्ट्रीयकरण करने का एक लेबर प्रस्ताव<ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ.18</ref> तथा कोयला खदानों की एक पंगु कर देने वाली हड़ताल का समर्थन करना था, जो कि ऑस्ट्रेलियन कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में चल रही थी। मेन्ज़ीस देश के सबसे ज्यादा कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए और ग्रामीण-आधारित कण्ट्री पार्टी के साथ गठबंधन में लिबरल पार्टी ने सन 1972 तक का प्रत्येक संघीय चुनाव जीता।
जैसा कि सन 1050 के दशक के संयुक्त राज्य अमरीका में हुआ था, समाज में कम्युनिस्ट प्रभाव के आरोपों के कारण राजनीति में तनाव उत्पन्न हुए. सोवियत प्रभुत्व वाले पूर्वी यूरोप से शरणार्थी ऑस्ट्रेलिया आए, जबकि ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी भाग में, माओ ने सन 1950 में चीनी नागरिक युद्ध जीत लिया और जून 1950 में कम्युनिस्ट [[उत्तर कोरिया]] ने [[दक्षिण कोरिया]] पर अधिकार कर लिया। मेन्ज़ीस सरकार से संयुक्त राज्य अमरीका के नेतृत्व वाली [[संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद]] द्वारा दक्षिण कोरिया के लिए मांगी गई सैन्य सहायता पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने नियंत्रण वाले जापानी क्षेत्रों से सेनाओं को मोड़ दिया, जिससे कोरियाई युद्ध में ऑस्ट्रेलिया की सहभागिता की शुरुआत हुई। एक कटु गतिरोध तक लड़ने के बाद, यूएन (UN) और उत्तर कोरिया ने जुलाई 1953 में एक युद्ध-विराम समझौते पर हस्ताक्षर किये। ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं ने केपियोंग (Kapyong) तथा मारयान्ग सान (Maryang San) जैसी प्रमुख लड़ाइयों में भाग लिया था। 17,000 ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों ने अपनी सेवाएं दीं थीं और घायलों की संख्या 1,500 से अधिक थी, जिनमें से 339 की मृत्यु हो गई।<ref>{{Cite web |url=http://www.awm.gov.au/atwar/korea.asp |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120107181032/http://www.awm.gov.au/atwar/korea.asp |archive-date=7 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref>
[[कोरियाई युद्ध]] के दौरान, लिबरल सरकार ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ऑस्ट्रेलिया पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया, पहले सन 1950 में एक विधेयक के द्वारा तथा इसके बाद सन 1951 में जनमत-संग्रह के द्वारा.<ref>फ्रैंक क्रोली (1973) ''मॉडर्न ऑस्ट्रेलिया इन डॉक्युमेंट्स, 1939-1970'' . पृष्ठ.222-226. रेन प्रकाशन, मेलबर्न. ISBN0 85885 033 X</ref> हालांकि ये दोनों ही प्रयास विफल रहे, लेकिन इसके बाद हुई कुछ अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं, जैसे सोवियत दूतावास के छोटे अधिकारी व्लादिमीर पेट्रोव की कार्यपरायणता में कमी, ने आसन्न संकट की भावना को बढ़ाया, जो राजनैतिक रूप से मेन्ज़ीस की लिबरल-सीपी (CP) सरकार के लिए लाभदायक सिद्ध हुआ क्योंकि ट्रेड यूनियन आंदोलन पर कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभाव से जुड़ी चिन्ताओं से उपजे मतभेदों के कारण लेबर पार्टी का विभाजन हो गया। इन तनावों के कारण एक और कटु विघटन हुआ और पृथकतावादी डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (डीएलपी) (DLP) उभरकर सामने आई. सन 1974 तक डीएलपी (DLP) एक प्रभावी राजनैतिक शक्ति बनी रही और अक्सर सीनेट में सत्ता का संतुलन बनाये रखने में इसक हाथ रहा। इसके नेता लिबरल और कण्ट्री पार्टी के समर्थक थे।<ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ.75-6</ref> सन 1951 में चीफली की मृत्यु के बाद एच.वी. एवैट ने लेबर पार्टी का नेतृत्व किया। एवैट सन 1948-49 के दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ की सामान्य सभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके थे और उन्होंने मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र संघ के वैश्विक घोषणापत्र (संयुक्त राष्ट्र Universal Declaration of Human Rights) (1948) का मसौदा तैयार करने में सहायता की थी। एवैट ने सन 1960 में निवृत्त हो गए और आर्थर कॉलवेल ने नेता के रूप में उनका स्थान लिया, जबकि युवा गॉफ व्हिटलैम उनके सहायक बने।
मेन्ज़ीस सन 1950 के दशक में अनवरत जारी आर्थिक उछाल और व्यापक सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत – रॉक एण्ड रोल संगीत तथा टेलीविजन के आगमन के साथ – के दौरान नेतृत्व करते रहे। सन 1958 में, ऑस्ट्रेलियाई ग्रामीण संगीत गायक स्लिम डस्टी, जो ग्रामीण ऑस्ट्रेलिया के संगीतमय प्रतीक बने, का बुश बैले पब विथ नो बीयर (Pub With No Beer) ऑस्ट्रेलिया का पहला अंतर्राष्ट्रीय संगीत चार्ट हिट बना,<ref>{{Cite web |url=http://www.guardian.co.uk/news/2003/sep/20/guardianobituaries.artsobituaries |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090531135044/http://www.guardian.co.uk/news/2003/sep/20/guardianobituaries.artsobituaries |archive-date=31 मई 2009 |url-status=live }}</ref> जबकि रॉक एन्ड रोलर जॉनी ओ’कीफी का ''वाइल्ड वन (Wild One)'' राष्ट्रीय चार्ट पर पहुँचने वाली पहली स्थानीय रिकॉर्डिंग था,<ref name="ABD" /> जो कि बींसवे स्थान तक पहुँचा।<ref name="Kent">{{cite book |title=[[Kent Music Report|Australian Chart Book 1940-1970]]|last=Kent|first=David|authorlink=David Kent (historian)|publisher=Australian Chart Book, 2005|location=[[Turramurra, New South Wales|Turramurra]], N.S.W.|year=2005|isbn=0646444395|accessdate=19 फरवरी 2008}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.abc.net.au/longway/discography/ |title=Long Way to the Top |publisher=[[Australian Broadcasting Commission|ABC]] |accessdate=28 मई 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080530145120/http://www.abc.net.au/longway/discography/ |archive-date=30 मई 2008 |url-status=live }}</ref> 1960 के दशक की सुस्ती से पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सिनेमा ने सन 1950 के दशक में अपनी स्वयं की बहुत थोड़ी-सी ही सामग्री निर्मित की थी, लेकिन ब्रिटिश और हॉलीवुड स्टूडियोज़ ने ऑस्ट्रेलियाई साहित्य से सफलता की गाथाएं गढ़ीं, जिनमें स्थानीय स्तर पर उभरे सितारे चिप्स रैफर्टी और पीटर फिंच शामिल थे।
मेन्ज़ीस राजतंत्र और ब्रिटिश कॉमनवेल्थ से जुड़ाव के कट्टर समर्थक बने रहे और उन्होंने संयुक्त राज्य अमरीका के साथ एक गठबंधन बनाया, लेकिन साथ ही जापान के साथ भी युद्धोपरांत व्यापार की शुरुआत की, जिससे ऑस्ट्रेलियाई कोयले, लौह-खनिज और खनिज संसाधनों के निर्यात में वृद्धि लगातार जारी रही, जिसके परिणामस्वरूप जापान ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.abc.net.au/news/stories/2010/04/30/2886680.htm?site=thedrum |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110623215244/http://www.abc.net.au/news/stories/2010/04/30/2886680.htm?site=thedrum |archive-date=23 जून 2011 |url-status=live }}</ref>
सन 1965 में जब मेन्ज़ीस निवृत्त हुए, तो लिबरल नेता और प्रधानमंत्री के रूप में [[हेरोल्ड होल्ट|हैरोल्ड होल्ट]] ने उनका स्थान लिया। दिसंबर 1967 में एक सर्फ-बीच (surf beach) पर तैराकी के दौरान डूब जाने से होल्ट की मृत्यु हो गई और उनके स्थान पर [[जाह्न गार्टन|जॉन गॉर्टन]] (1968–1971) और उनके बाद [[विलियम मकमहन|विलियम मैक्महोन]] (1971–1972) आए।
=== युद्धोपरांत आप्रवासन ===
[[चित्र:Dutch Migrant 1954 MariaScholte=50000thToAustraliaPostWW2.jpg|thumb|युद्ध के बाद 1954 में प्रवासी ऑस्ट्रेलिया में पहुँचे।]]
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, [[बेन चिफ्ली|चीफली]] की लेबर सरकार ने एक यूरोपीय आप्रवासन के एक व्यापक कार्यक्रम की शुरुआत की। सन 1945 में, आप्रवासी मामलों के मंत्री (Minister for Immigration), आर्थर कॉलवेल ने लिखा “यदि प्रशांत युद्ध के अनुभव ने हमें कोई एक बात सिखाई है, तो निश्चित ही वह बात ये है कि साठ लाख ऑस्ट्रेलियाई तीस लाख वर्ग मील की इस भूमि की अनंत काल तक रक्षा नहीं कर सकते.”<ref>हॉउस ऑफ़ रिप्रेसेंटेटिव हैनसर्ड, 2 अगस्त 1945, पीपी.4911-4915. आर्थर कौलवेल - आप्रवासन पर श्वेत पत्र. [http://john.curtin.edu.au/1940s/populate/index.html] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110306041307/http://john.curtin.edu.au/1940s/populate/index.html|date=6 मार्च 2011}}</ref> सभी राजनैतिक दलों का यह साझा निष्कर्ष था कि देश “या तो जनसंख्या वृद्धि करे या लुप्त होने को तैयार रहे (populate or perish).” कॉलवेल ने अन्य देशों से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर दस ब्रिटिश आप्रवासियों को प्राथमिकता देने की बात कही, हालांकि सरकार की सहायता के बावजूद ब्रिटिश आप्रवासियों की संख्या अपेक्षा से कम पड़ा गई।<ref>मीकल दुगन और जोसेफ स्वार्क (1984) ''देयर गोज़ द नेबरहूड!'' ''ऑस्ट्रेलिया माइग्रेंट एक्सपीरियंस'' पृष्ठ.138 मैकमिलन, दक्षिण मेलबर्न. ISBN 0-333-357112-4</ref> प्रस्तुतिकर्ता बैरी (Barry), मॉरिस (Maurice), रॉबिन (Robin) और एन्डी गिब (Andy Gibb), जिनका परिवार सन 1958 में ब्रिस्बेन आकर बस गया, “10 पाउंड पॉम्स (10 pound poms)” का एक विशिष्ट परिवार थे, जिन्होंने बाद में बी जीज़ (Bee Gees) पॉप ग्रुप के रूप में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की। <ref>रोजर मैकडॉनल्ड्स (1999) ''बैरी हम्फ्रिज़ फ्लैशबैक'' पृष्ठ 5 हार्पर कॉलिन्स ऑस्ट्रेलिया। ISBN 0-7322-5825-1</ref>
आप्रवासन के परिणामस्वरूप पहली बार दक्षिणी और मध्य यूरोपीय लोग बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलिया आए। सन 1958 के एक सरकारी पत्रक ने पाठकों को आश्वासित किया कि अकुशल गैर-ब्रिटिश आप्रवासियों की आवश्यकता “निम्न स्तर की परियोजनाओं के लिए थी …अर्थात जिन कार्यों को करना ऑस्ट्रेलियाई या ब्रिटिश मजदूर सामान्यतः स्वीकार नहीं करते.”<ref>माइकल दुगन और जोसेफ स्वार्क (1984) में उद्धृत पृष्ठ.139)</ref> ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था युद्ध से जर्जर हो चुके यूरोप से पूरी तरह विपरीत बनी रही और और नवागत आप्रवासियों को उभरते उत्पादन उद्योग और सरकार द्वारा समर्थित कार्यक्रमों, जैसे स्नोवी माउंटेन्स स्कीम (Snowy Mountains Scheme) में रोज़गार प्राप्त हुआ। दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया स्थित यह [[जलविद्युत ऊर्जा|जलविद्युत]] व सिंचाई परिसर सन 1949 से 1974 के बीच बने सोलह प्रमुख बांधों तथा सात बिजली घरों से मिलकर बना था। आज भी यह ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग परियोजना बनी हुई है। 30 से अधिक देशों के 100,000 लोगों के रोज़गार को रोज़गार प्रदान करने वाली इस परियोजना को कई लोग बहु-सांस्कृतिक ऑस्ट्रेलिया के जन्म का प्रतीक मानते हैं।<ref name="The Snowy Mountains Scheme">{{Cite web |url=http://www.cultureandrecreation.gov.au/articles/snowyscheme/ |title=द स्नोवी माउन्टेन स्कीम |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070830103344/http://www.cultureandrecreation.gov.au/articles/snowyscheme/ |archive-date=30 अगस्त 2007 |url-status=live }}</ref>
सन 1945 से 1985 के बीच लगभग 4.2 मिलियन आप्रवासियों का आगमन हुआ, जिनमें से लगभग 40% ब्रिटेन और आयरलैंड से आए थे।<ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ.138-9</ref> सन 1957 का उपन्यास दे’आर अ वीयर्ड मॉब (They're a Weird Mob) ऑस्ट्रेलिया आए एक इतालवी आप्रवासी का लोकप्रिय वर्णन है, हालांकि इसे ऑस्ट्रेलिया में जन्मे लेखक जॉन ओ’ग्रेडी ने लिखा है। सन 1959 में ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या 10 मिलियन हो गई।
मई 1958 में, मेन्ज़ीस सरकार ने आप्रवासन अधिनियम (Immigration Act) में निरंकुश रूप से शामिल की गई लिखित परीक्षा के स्थान पर एक एन्ट्री परमिट सिस्टम लागू किया, जो आर्थिक और कुशलता मापदण्डों को प्रतिबिम्बित करता था।<ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ .273</ref><ref>फ्रैंक क्रोली पृष्ठ.358</ref> इसके अलावा सन 1960 के दशक में किये गए परिवर्तनों ने श्वेत ऑस्ट्रेलिया की नीति को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया. वैधानिक रूप से इसकी समाप्ति सन 1973 में हुई.
=== आर्थिक विकास और उपनगरीय जीवन ===
[[चित्र:Tumut3GeneratingStation.jpg|thumb|टुमुट 3 पावर स्टेशन विशाल स्नोवी हिमाच्छन्न पर्वत जलविद्युत योजना (1949-1974) के भाग के रूप में निर्माण किया गया था। निर्माण ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन कार्यक्रम का विस्तार जरूरी हो गया।]]
[[चित्र:WelcomeToTelevision.jpg|thumb|सिडनी के निवासियों के लिए सन 1956 की अपनी प्रथम नियमित टेलीविजन प्रसारण सेवा की प्रस्तुति का टीसीएन-9 (TCN-9) पर पुनराभिनय करते ब्रुस जिंजेल]]
सन 1950 के दशक और सन 1960 के दशक में ऑस्ट्रेलिया ने समृद्धि में लक्षणीय उन्नति का आनंद प्राप्त किया। विनिर्माण उद्योग, जो पहले प्राथमिक उत्पादन के प्रभुत्व वाली अर्थव्यवस्था में एक छोटी-सी भूमिका निभा रहा था, का व्यापक विस्तार हुआ। नवम्बर 1948 में जनरल मोटर्स-होल्डन’स फिशरमैन (General Motors-Holden’s Fisherman) के बेंड कारखाने (Bend factory) से पहली होल्डन मोटर कार बनकर निकली. कार के स्वामित्व में तीव्रता से वृद्धि हुई – सन 1949 में प्रति 1,000 में 130 मालिकों से बढ़कर सन 1961 तक प्रति 1,000 में 271 मालिकों तक.<ref>लिन केर और केन वेब (1989) ''ऑस्ट्रेलिया एंड द वर्ल्ड इन द ट्वेंटीएथ सेंचरी'' . पृष्ठ 123-4 मैकग्रॉ हिल ऑस्ट्रेलिया। ISBN 0-07-452615-4</ref> सन 1960 के दशक के प्रारम्भ तक आते-आते, होल्डन के चार प्रतिस्पर्धी ऑस्ट्रेलिया में अपने कारखाने स्थापित कर चुके थे, जिनमें 80,000 से 100,000 कर्मचारियों को रोज़गार मिला था, “जिनमें से कम से कम 4/5 आप्रवासी थे। ”<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) ''द ऑक्सफोर्ड हिस्ट्री ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया, वॉल्यूम 1942-1988'' पृष्ठ.99 ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, मेलबर्न. ISBN 0-19-554613-X</ref>
सन 1960 के दशके में, लगभग 60% ऑस्ट्रेलियाई उत्पादन दर-सूचियों (tariffs) के द्वारा रक्षित था। व्यापारिक हितों और यूनियन आंदोलन से आते दबाव ने इस बात को सुनिश्चित किया, यह उच्च बना रहे। इतिहासकार जेफरी बोल्टन का सुझाव है कि सन 1960 के दशक की इस उच्च दर-सूची सुरक्षा के कारण कुछ उद्योग “आलस्य के शिकार” हो गए, वे अनुसंधान एवं विकास तथा नये बाज़ारों की खोज की उपेक्षा करने लगे। <ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.99</ref> सीएसआईआरओ (CSIRO) से यह अपेक्षा की जाती थी कि वह अनुसंधान व विकास की पूर्ति करे.
ऊन व गेहूं के दाम उंचाई पर बने रहे और ऊन ऑस्ट्रेलिया के निर्यात का मुख्य आधार बना रहा। भेड़ों की संख्या सन 1950 के 113 मिलियन के मुकाबले सन 1965 में बढ़कर 171 मिलियन हो गई। इसी अवधि में ऊन के उत्पादन 518,000 से बढ़कर 819,000 टन हो गया।<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.92</ref> गेहूं, ऊन और खनिजों ने सन 1950 से 1966 के बीच व्यापार में एक स्वस्थ संतुलन को सुनिश्चित किया।<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.97</ref>
युद्धोत्तर काल में गृहनिर्माण उद्योग में आए अत्यधिक उछाल ने प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई शहरों के उपनगरों में बहुत अधिक वृद्धि दर्ज की। सन 1966 की जनगणना तक, केवल 14% लोग ग्रामीण ऑस्ट्रेलिया में रहा करते थे, जबकि सन 1933 में यह संख्या 31% थी और केवल 8% लोग खेतों में रहते थे।<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.122</ref> वास्तविक पूर्ण रोज़गार का अर्थ था, उच्च जीवन-स्तर और गृह स्वामित्व में नाटकीय वृद्धि. हालांकि, सभी लोग ऐसा नहीं मानते कि तीव्र उपनगरीय वृद्धि वांछित थी। विख्यात वास्तुविद और रचनाकार रॉबिन बॉयड, निर्मित ऑस्ट्रेलियाई परिवेश के एक आलोचक, ने ऑस्ट्रेलिया का वर्णन “’प्रशांत में स्थित स्थिर स्पंज’, जो कि विदेशी चलन की नकल कर रहा था और जिसमें स्व-निर्मित, मौलिक विचारों के आत्मविश्वास का अभाव था। ”<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.123</ref> सन 1956 में, डैडाइस्ट (dadaist) हास्य-कलाकार बैरी हम्फ्रीज़ ने सन 1950 के दशक के मेलबर्न उपनगरों की एक गृह-गर्वित गृहिणी की पैरोडी के रूप में एडना ईवरेज का किरदार निभाया (हालांकि बाद में यह पात्र स्व-आसक्त सेलिब्रिटी संस्कृति की एक आलोचना में बदल गया). यह विचित्र ऑस्ट्रेलियाई पात्रों को आधार बनाकर रची गई उनकी अनेक व्यंग्यपूर्ण मंचीय और स्क्रीन रचनाओं में से पहली थी: सैंडी स्टोन, उपनगर-निवासी एक चिड़चिड़ी बुढ़िया, बैरी मैक्केन्ज़ी, लंदन में एक निष्कपट ऑस्ट्रेलियाई भगोड़ा (expat) और सर लेस पैटरसन, व्हिटलैम युग के राजनेता की एक अभद्र नकल.<ref>{{Cite web |url=http://www.cultureandrecreation.gov.au/articles/barryhumphries/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110410090505/http://www.cultureandrecreation.gov.au/articles/barryhumphries/ |archive-date=10 अप्रैल 2011 |url-status=dead }}</ref>
हालांकि कुछ लेखकों ने उपनगरीय जीवन का बचाव किया। पत्रकार क्रेग मैक्ग्रेगोर ने उपनगरीय जीवन को “…आप्रवासियों की आवश्यकताओं के हल…” के रूप में देखा. हफ स्ट्रेटन का तर्क है कि “वस्तुतः उपनगरों में बड़ी मात्रा में उदास जीवन बिताये जाते हैं … लेकिन उनमें से अधिकांश संभवतः अन्य स्थानों पर भी इतने ही बुरे रहे होते.”<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) में उद्धृत पृष्ठ.124</ref> इतिहासकार पीटर कफली ने मेलबर्न के बाहरी क्षेत्र में उभरते एक नये उपनगर में जीवन को किसी बच्चे के लिए एक प्रकार की आनंदमय उत्तेजना के रूप में याद किया है। “हमारी कल्पनाओं ने हमें जीवन को बहुत अधिक नीरस मानने से बचाया, जैसा कि विभिन्न प्रकार की (पड़ोसी) झाड़ियों में दूर-दूर तक घूम पाने में सक्षम होने की उन्मुक्त स्वतंत्रता ने भी किया …घरों के पीछे, सड़कों और गलियों में, खेल के मैदानों और आरक्षित स्थलों पर उपनगरों के बच्चों के लिए बहुत जगह रहा करती थी…”<ref>पीटर कफली (1993) ''ऑस्ट्रेलियन हॉउसेस ऑफ़ द फोर्टिज़ एंड फिफ्टिज़'' . पृष्ठ 26. द फाइव माइल प्रेस, विक्टोरिया. ISBN 0-86788-578-5</ref>
सन 1954 में, मेन्ज़ीस सरकार ने नई द्वि-स्तरीय टीवी प्रणाली प्रस्तुत करने की घोषणा की—सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त एक सेवा, जिसका संचालन एबीसी (ABC) द्वारा किया जाना था और [[सिडनी]] व [[मेलबॉर्न|मेलबर्न]] में दो व्यावसायिक सेवाएं, क्योंकि [[मेलबॉर्न|मेलबर्न]] में आयोजित सन 1956 के ग्रीष्म ओलंपिक ऑस्ट्रेलिया में टेलीविजन के आगमन के पीछे एक मुख्य चालक शक्ति साबित हुए.<ref name="first24">{{Cite document
| title = Australian Television: the first 24 years
| publisher = Nelsen/Cinema Papers
| year = 1980
| page = 3
| location = [[Melbourne]]
| accessdate = 23 सितंबर 2007
| postscript = <!--None--> }}</ref> रंगीन टीवी का प्रसारण सन 1975 में प्रारम्भ हुआ।
=== गठबंधन 1950-1972 ===
[[चित्र:John F. Kennedy and Harold Holt.jpg|thumb|right|1963 में ओवल ऑफिस में प्रधानमंत्री हेरोल्ड होल्ट और अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी.1960 दशक तक, ब्रिटेन से महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में ऑस्ट्रेलियाई रक्षा नीति स्थानांतरित हो गए।]]
सन 1950 के दशक के प्रारम्भ में, मेन्ज़ीस सरकार ने ऑस्ट्रेलिया को संयुक्त राज्य अमरीका और पारंपरिक साथी ब्रिटेन, दोनों के साथ एक “तिहरे गठबंधन” में पाया।<ref>ग्लेन बार्कले और जोसेफ सिराकुसा (1976) ''ऑस्ट्रेलियन अमेरिकन रिलेशन सिंस 1945'' . पृष्ठ.35-49. होल्ट, राइनहार्ट और विंस्टन, सिडनी. ISBN 003 9001229</ref> पहले पहल “ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व ने कूटनीति में लगातार ब्रिटिश-समर्थक नीति का पलन किया,” जबकि उसी समय वह दक्षिण पूर्वी एशिया में संयुक्त राज्य अमरीका को शामिल करने के अवसरों की खोज भी करता रहा। <ref>ग्लेन बार्कले और जोसेफ सिराकुसा (1976) पृष्ठ.35</ref> इस प्रकार सरकार ने [[कोरियाई युद्ध]] और मलय आपातकाल के लिए सेनाएं भेजने पर प्रतिबद्धता जाहिर की और सन 1952 के बाद ब्रिटिश परमाणु परीक्षणों की मेज़बानी की। <ref>एड्रियन टेम और एफ.पी.जे रोबोथम (1982) ''मरलिंगा; ब्रिटिश ए-बॉम्ब, ऑस्ट्रेलियन लेगसी'' . पृष्ठ 179 फोंटाना बुक्स, मेलबर्न. ISBN 0 00636 3911</ref> साथ ही, ऑस्ट्रेलिया स्वेज़ संकट के दौरान ब्रिटेन को समर्थन की पेशकश करने वाला एकमात्र कॉमनवेल्थ देश था।<ref>ई.म एंड्रयूज़ (1979) ''अ हिस्ट्री ऑफ़ ऑस्ट्रेलियन फॉरेन पॉलिसी'' . पृष्ठ .144 लौंगमैन चेशायर, मेलबर्न. ISBN 0-582-68253-3</ref>
सन 1954 में, मेन्ज़ीस ने महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के लिए एक भावपूर्ण स्वागत की देखरेख की, जो कि शासन कर रही किसी रानी की प्रथम ऑस्ट्रेलिया यात्रा थी। सन 1953 में उनके राज्याभिषेक में सम्मिलित होने के लिए जाते समय, न्यूयॉर्क में एक हल्के-फुल्के भाषण के दौरान उन्होंने निम्नलिखित टिप्पणी की;
<blockquote>
{{cquote| “We in Australia, of course, are British, if I may say so, to the boot heels…but we stand together–our people stand together –till the crack of doom.”<ref>cited in Glen Barclay and Joseph Siracusa (1976) p.36-38</ref>}}
</blockquote>
हालांकि, जैसे दक्षिण पूर्वी एशिया में ब्रिटिश प्रभाव में कमी आने के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई नेताओं के लिए और ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के लिए संयुक्त राज्य अमरीका के साथ मित्रता अधिक महत्वपूर्ण बनती गई। ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश निवेश सन 1970 के दशक के अंत तक लक्षणीय बना रहा, लेकिन सन 1950 के दशक और सन 1960 के दशक के दौरान ब्रिटेन के साथ व्यापार में कमी आई. सन 1950 के दशक के अंतिम भाग में, ऑस्ट्रेलियाई सेना ने अमरीकी सैन्य सामग्री का प्रयोग करके खुद को पुनर्सज्जित करना प्रारम्भ किया। सन 1962 में, संयुक्त राज्य अमरीका ने नॉर्थ वेस्ट केप में एक नौसैनिक संचार स्टेशन स्थापित किया, जो कि अगले दशक में निर्मित अनेक स्टेशनों में से पहला था।<ref>ग्लेन बार्कले और जोसेफ सिराकुसा (1976) पृष्ठ.63</ref><ref>डेसमंड बॉल (1980) ''अ सूटेबल पीस ऑफ़ रियल एस्टेट; अमेरिकन इन्सटौलेशन इन ऑस्ट्रेलिया'' को भी देखें. हेल और आयरमोंगर. सिडनी. ISBN 0-908094-47-7</ref> अधिक महत्वपूर्ण रूप से, सन 1962 में, ऑस्ट्रेलियाई सेना के सलाहकारों को दक्षिणी वियतनामी बलों के प्रशिक्षण में सहायता करने के लिए भेजा गया, जो कि एक ऐसा संघर्ष था, जिसमें ब्रिटेन की कोई सहभागिता नहीं थी।
कूटनीतिज्ञ एलन रेनॉफ के अनुसार सन 1950 के दशक और 60 के दशक में ऑस्ट्रेलिया की लिबरल-कण्ट्री पार्टी सरकारों के अधीन ऑस्ट्रेलिया की विदेश नीति में साम्यवाद-विरोध प्रभावी विषय-वस्तु थी।<ref>एलन रेनौफ़ (1979) ''द फ़्राइटेंड कंट्री'' . पृष्ठ 2-3.</ref> एक अन्य पूर्व कूटनीतिज्ञ, जेफरी क्लार्क का सुझाव है कि बीस वर्षों तक ऑस्ट्रेलिया की विदेश नीति के निर्णय विशिष्ट रूप से चीन के प्रति भय के द्वारा संचालित होते रहे। <ref>ग्रेगरी क्लार्क (1967) ''इन फियर ऑफ़ चाइना'' देखें. लैंसडाउन प्रेस.</ref> एन्ज़ुस (ANZUS) सुरक्षा संधि, जिस पर सन 1951 में हस्ताक्षर किये गए थे, का मूल पुनः शस्र-सज्जित जापान के प्रति ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के भय में निहित था। संयुक्त राज्य अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड पर इसकी शर्तें अस्पष्ट हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई विदेश नीति की सोच पर इसका प्रभाव कई बार बहुत महत्वपूर्ण रहा। <ref>पॉल हैम में वियतनाम वॉर से ऑस्ट्रेलिया के कमिटमेंट में एंज़स के भूमिका पर चर्चा देखें (2007)''वियतनाम; द ऑस्ट्रेलियन वॉर'' . पृष्ठ 86-7 हार्पर कोलिन्स प्रकाशक, सिडनी. ISBN 9 780732 282370</ref> सीटो (SEATO) संधि, जिस पर केवल तीन वर्षों बाद ही हस्ताक्षर किये गए, ने उभरते हुए शीत युद्ध में संयुक्त राज्य अमरीका के सहयोगी के रूप में ऑस्ट्रेलिया की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कर दी।
== वियतनाम युद्ध ==
[[चित्र:RAAF TFV (HD-SN-99-02052).jpg|thumb|left|अगस्त 1964 में दक्षिण वियतनाम में आरएएएफ (RAAF) परिवहन उड़ान वियतनाम के विमान और कार्मिक]]
सन 1965 तक आते-आते, ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलियन आर्मी ट्रेनिंग टीम वियतनाम (Australian Army Training Team Vietnam) (एएटीटीवी) (AATTV) का आकार बढ़ा दिया था और अप्रैल में, सरकार ने अचानक यह घोषणा की कि “संयुक्त राज्य अमरीका के साथ गहन परामर्श के बाद”, टुकड़ियों की एक बटालियन दक्षिणी वियतनाम भेजी जानी थी।<ref>ई.म एंड्रयूज़ (1979) पृष्ठ.160</ref> संसद में, मेन्ज़ीस ने इस तर्क पर बल दिया कि “हमारा गठबंधन हमसे इस बात की मांग की है। ” संभवतः इसमें शामिल गठबंधन सीटो (SEATO) था, ऑस्ट्रेलिया सैन्य सहायता इसलिए दे रहा था क्योंकि दक्षिणी वियतनाम, जो कि सीटो (SEATO) का एक हस्ताक्षरकर्ता था, ने संभवतः इसका निवेदन किया था।<ref>ग्लेन बार्कले और जोसेफ सिराकुसा (1976) पृष्ठ.74</ref> सन 1971 में जारी किये गए दस्तावेजों ने यह सूचित किया कि सेना भेजने का निर्णय ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमरीका द्वारा लिया गया था और ऐसा दक्षिणी वियतनाम के किसी निवेदन के आधार पर नहीं किया गया था।<ref>ईएम एंड्रयूज में चर्चा देखें (1979) पृष्ठ.172-3</ref> सन 1968 तक आते-आते, पहले ऑस्ट्रेलियाई कार्य-बल (1st Australian Task Force) (1एटीएफ) (1ATF) के नुइ डात (Nui Dat) स्थित अड्डे पर किसी भी समय ऑस्ट्रेलियाई सेना की तीन बटालियनें रहा करतीं थीं, जबकि पूरे वियतनाम में नियुक्त एएटीटीवी (AATTV) सलाहकारों की संख्या इसके अतिरिक्त थी और, सैनिकों की कुल संख्या लगभग 8,000 तक बढ़कर अपने चरम पर पहुँच गई, जो कि सेना की प्रतिरोधक क्षमता के लगभग एक तिहाई थी। सन 1962 और 1972 के बीच, लगभग 60,000 सैनिकों ने वियतनाम में अपनी सेवाएं दीं, जिनमें मैदानी टुकड़ियां, नौसैनिक बल और वायु-सामग्री शामिल हैं।<ref name="Elkins">एशले एल्किंस, ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक: 1962, वियतनाम युद्ध में ऑस्ट्रेलियाई सेना की भागीदारी का अवलोकन - 1975. [http://www.awm.gov.au/exhibitions/impressions/impressions.asp] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110219014431/http://www.awm.gov.au/exhibitions/impressions/impressions.asp|date=19 फ़रवरी 2011}}</ref> विरोधी लेबर पार्टी ने वियतनाम के प्रति सैन्य प्रतिबद्धता तथा प्रतिबद्धता के इस स्तर का समर्थन करने के लिए आवश्यक राष्ट्रीय सेवा का विरोध किया।
जुलाई 1966 में, नये प्रधानमंत्री [[हेरोल्ड होल्ट]] ने संयुक्त राज्य अमरीका और विशिष्ट रूप से वियतनाम में इसकी भूमिका के प्रति अपनी सरकार का समर्थन व्यक्त किया। “मैं नहीं जानता कि इस देश की सुरक्षा के लिए लोग यदि संयुक्त राज्य अमरीका की मित्रता और शक्ति पाने का नहीं, तो फिर आखिर किस बात का प्रयास करेंगे.”<ref>ग्लेन बार्कले और जोसेफ सिराकुसा (1976) पृष्ठ.79</ref> अधिक प्रसिद्ध रूप से, उसी वर्ष संयुक्त राज्य अमरीका की यात्रा के दौरान होल्ट ने राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉन्सन को आश्वासन दिया
<blockquote>
{{cquote|“…I hope there is corner of your mind and heart which takes cheer from the fact that you have an admiring friend, a staunch friend, [Australia] that will be all the way with LBJ.”<ref>Jan Bassett (1986) p.265</ref>}}
</blockquote>
दिसंबर 1966 में हुए चुनावों, जो कि वियतनाम सहित राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर लड़े गए थे, में लिबरल-सीपी (CP) सरकार भारी बहुमत के साथ वापस लौटी. इसके कुछ ही महीनों बाद आर्थर कॉलवेल, जो कि सन 1960 से लेबर पार्टी के नेता रहे थे, ने अपने सहयोगी जॉफ व्हिटलैम के लिए पद छोड़ दिया।
होल्ट की भावनाओं और सन 1966 में उनकी चुनावी सफलता के बावजूद, संयुक्त राज्य अमरीका की ही तरह ऑस्ट्रेलिया में भी यह युद्ध अलोकप्रिय बन गया। सन 1968 के प्रारम्भ में हुए टेट अपमान (Tet Offensive) के बाद ऑस्ट्रेलिया की सहभागिता समाप्त करने के आंदोलन ने शक्ति प्राप्त की और अनिवार्य राष्ट्रीय सेवा (जिसका चुनाव मतपत्रों के द्वारा किया गया था) अत्यधिक अलोकप्रिय बनती गई। सन 1969 के चुनावों में, लोकप्रियता में भारी गिरावट के बावजूद सरकार बच गई। सन 1970 के मध्य में पूरे ऑस्ट्रेलिया में आयोजित ॠण-स्थगन रैलियों ने बड़ी संख्या में भीड़ा को आकर्षित किया – लेबर सांसद जिम कैर्न्स के नेतृत्व में मेलबर्न में आयोजित रिली में 100,000 लोग शामिल थे। निक्सन प्रशासन द्वारा युद्ध का वियतनामीकरण करने और टुकड़ियों को वापस बुलाने की शुरुआत किये जाने पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भी ऐसा ही किया। नवंबर 1970 में 1एटीएफ (1ATF) को दो बटालियनों तक घटा दिया गया और नवंबर 1971 में, 1एटीएफ (1ATF) को वियतनाम से वापस बुला लिया गया। मध्य दिसंबर 1972 में व्हिटलैम लेबर सरकार ने एएटीटीवी (AATTV) के अंतिम सैन्य सलाहकार को वापस बुला लिया।<ref name="Elkins" />
वियतनाम में ऑस्ट्रेलिया की मौजूदगी 10 वर्षों तक रही और विशुद्ध मानवीय लागत में, 500 से ज्यादा लोग मारे गए और 2,000 से अधिक घायल हुए. सन 1962 और 1972 के बीच ऑस्ट्रेलिया को इस युद्ध पर $218 की लागत आई.<ref name="Elkins" />
== 1960 के दशक के बाद उभरता आधुनिक ऑस्ट्रेलिया ==
=== कला और “नव राष्ट्रवाद” ===
[[चित्र:JohnGorton1954.JPG|thumb|left|upright|"ऑस्ट्रेलियन टू द बूटहील्स": ऑस्ट्रेलियाई सिनेमा के लिए प्रधानमंत्री जॉन गौर्टन ने सरकारी सहायता की स्थापना की.]]
[[चित्र:Sydney Opera House Night.jpg|thumb|1973 में सिडनी ओपेरा हॉउस सरकारी तौर पर खोला गया था।]]
सन 1960 के दशक के मध्य से, ऑस्ट्रेलिया में एक नया और अधिक तीक्ष्ण राष्ट्रवाद उभरने लगा। सन 1960 के दशक के प्रारम्भ में, नैशनल ट्रस्ट ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया की प्राकृतिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की शुरुआत की। सदैव अमरीकी और ब्रिटिश आयातों पर निर्भर रहे ऑस्ट्रेलियाई टीवी पर स्थानीय स्तर पर निर्मित नाटकों और हास्य-धारावाहिकों का प्रसारण प्रारम्भ हुआ और होमिसाइड (Homicide) जैसे कार्यक्रमों ने स्थानीय स्तर पर मज़बूत वफादार दर्शक-वर्ग हासिल किया, जबकि स्किपी द बुश कंगारू (Skippy the Bush Kangaroo) एक वैश्विक वस्तु बन गया। लिबरल प्रधानमंत्री [[जाह्न गार्टन|जॉन गॉर्टन]], युद्ध से भयभीत एक पूर्व फाइटर पायलट, जिन्होंने स्वयं का वर्णन “जूते की नोक तक ऑस्ट्रेलियाई” के रूप में किया था, ने ऑस्ट्रेलियन काउंसिल फॉर आर्ट्स, ऑस्ट्रेलियन फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और नैशनल फिल्म एन्ड टेलीविजन ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना की। <ref>{{Cite web |url=http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/gorton/in-office.aspx |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110315145129/http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/gorton/in-office.aspx |archive-date=15 मार्च 2011 |url-status=dead }}</ref>
अनेक विलंबों के बाद अंततः सन 1973 में प्रतिष्ठित सिडनी ओपेरा हाउस की शुरुआत हुई। उसी वर्ष, [[पेट्रिक व्हैट|पैट्रिक व्हाइट]] साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई बने। <ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.229-230</ref> सन 1970 के दशक तक आते-आते स्कूली पाठ्यक्रमों में ऑस्ट्रेलियाई इतिहास शामिल होना शुरु हो गया था<ref>रिचर्ड व्हाइट (1981) ''इन्वेंटिंग ऑस्ट्रेलिया; इमेजेस एंड आइडेंटिटी, 1688-1980'' . पृष्ठ 169 जॉर्ज एलेन और अनविन, सिडनी. ISBN 0-86861-035-6</ref> और 1970 के दशक के प्रारम्भ से ही ऑस्ट्रेलियाई सिनेमा ने ऐसी फीचर फिल्मों के नये ऑस्ट्रेलियाई युग का निर्माण प्रारम्भ कर दिया था, जो कि पूरी तरह ऑस्ट्रेलियाई विषय-वस्तुओं पर आधारित थीं। फिल्मों को आर्थिक सहायता देने का कार्य गॉर्टन सरकार के नेतृत्व में प्रारम्भ हुआ, लेकिन फिल्म-निर्माण को सहायता प्रदान करने में साउथ ऑस्ट्रेलियन फिल्म कॉर्पोरेशन सबसे आगे रहा और उनकी महान सफलताओं में सर्वोत्कृष्ट ऑस्ट्रेलियाई फिल्में संडे टू फार अवे (Sunday Too Far Away) (1974), पिकनिक ऐट हैंगिंग रॉक (Picnic at Hanging Rock) (1975), ब्रेकर मोरांट (Breaker Morant) (1980) तथा गैलिपोली (Gallipoli) (1981) शामिल हैं। सन 1975 में राष्ट्रीय निधिकरण संस्था, ऑस्ट्रेलियन फिल्म कमीशन, की स्थापना की गई।
सन 1969 में सीमा व उत्पाद शुल्क (Customs and Excise) के लिए नये लिबरल मंत्री, डॉन चिप, की नियुक्ति के बाद ऑस्ट्रेलियाई सेंसरशिप में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए. सन 1968 में, बैरी हम्फ्रीज़ और निकोलस गार्लैण्ड की कार्टून पुस्तिका को प्रतिबंधित कर दिया गया, जिसमें दंगेबाज़ पात्र बैरी मैक्केन्ज़ी को प्रस्तुत किया गया था। फिर भी इसके कुछ वर्षों बाद, इस पुस्तक को, आंशिक रूप से सरकार से प्राप्त आर्थिक सहायता के साथ, एक फिल्म के रूप में निर्मित किया गया था।<ref>ऐनी पेंडर (मार्च 2005) ''द ऑस्ट्रेलियन जर्नल ऑफ़ पॉलिटिक्स एंड हिस्ट्री'' . ''द मिथिकल ऑस्ट्रेलियन: बैरी हम्फ्रिज़, गफ विटलम एंड न्यू नैशनलिज्म" [https://archive.today/20120709124117/findarticles.com/p/articles/mi_go1877/is_1_51/ai_n29173558/]''</ref> ऐने पेंडर का मत है कि बैरी मैक्केन्ज़ी का चरित्र ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रवाद को प्रतिष्ठित भी करता है और इस पर व्यंग्य भी करता है। इतिहासकार रिचर्ड व्हाइट का भी तर्क है कि “हालांकि सन 1970 के दशक में निर्मित अधिकांश नाटक, उपन्यास और फिल्में ऑस्ट्रेलियाई जीवन के पहलुओं के प्रति अत्यधिक आलोचनात्मक थे, लेकिन ‘नव राष्ट्रवाद’ ने उन्हें अवशोषित कर लिया और ऑस्ट्रेलियाई होने के लिए उनकी प्रशंसा की। ”<ref>रिचर्ड व्हाइट (1981) पृष्ठ.170</ref>
सन 1973 में, व्यापारी केन मायर ने टिप्पणी की; “हम यह सोचना पसंद करते हैं कि हमारी स्वयं की एक अलग शैली है। हम अपनी अनेक कमियों को पीछे छोड़ चुके हैं। ..एक समय था, जब कला में रुचि रखने वाले पुरुषों की [[मर्दानगी]] को शक की नज़रों से देखा जाता था। ”<ref>रॉबर्ट ड्रियू. "लैरिकिंस इन द असेंडेंट." ''द ऑस्ट्रेलियन.'' स्टीफन एल्मोस और कैथरीन जोन्स (1991) में 12 अप्रैल 1973 उद्धृत ''ऑस्ट्रेलियन नैशनलिज्म'' पृष्ठ 355. एंगस और रॉबर्टसन सिडनी. ISBN 0-207-16364-2</ref> सन 1973 में, इतिहास जेफरी सर्ल, अपनी 1973 की ''फ्रॉम डेज़र्ट्स द प्रोफेट्स कम (From Deserts the Prophets Come)'' में तर्क देते हैं कि विश्वविद्यालयों और स्कूलों में शैक्षणिक अध्ययन के बजाय, उस काल तक “जब ऑस्ट्रेलिया का अधिकांश महत्वपूर्ण अध्ययन सृजनात्मक व्यवहारों में प्राप्त किया जाता रहा था”,<ref>रिचर्ड व्हाइट (1981) पृष्ठ.170-171</ref> अंततः ऑस्ट्रेलिया “परिपक्व राष्ट्रवादिता (mature nationhood)” पर पहुँच चुका था।<ref>स्टीफन एल्मोस और कैथरीन जोन्स में सरले उद्धृत (1991) पृष्ठ.401</ref>
=== सभी ऑस्ट्रेलियावासियों के लिए नागरिक अधिकार ===
[[चित्र:Douglas & Gladys Nicholls statue.JPG|thumb|right|300px|सर डगलस निकोल्स की प्रतिमा, साउथ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व राज्यपाल.]]
==== मूलनिवासी नागरिक ====
सन 1960 का दशक ऑस्ट्रेलियाई मूलनिवासियों के अधिकारों के लिए चलाये गए लंबे अभियानों में एक प्रमुख दशक था। सन 1959 में, ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी नागरिक पेंशन और मातृत्व भत्तों के योग्य माने गए।{{Citation needed|date= जनवरी 2011}} सन 1962 में, रॉबर्ट मेन्ज़ीस के ''कॉमनवेल्थ इलेक्टोरल ऐक्ट (Commonwealth Electoral Act)'' में यह प्रावधान था कि सभी मूलनिवासी नागरिकों को संघीय चुनावों में नाम दर्ज करवाने और मतदान करने का अधिकार होना चाहिये (इससे पूर्व, क्वीन्सलैंड, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और नॉर्दर्न टेरिटरी में “राज्य के भागों” में रहने वाले मूलनिवासियों को, केवल भूतपूर्व सैनिकों के अलावा, मतदान से बाहर रखा गया था). सन 1965 में, क्वीन्सलैंड ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी नागरिकों को राज्य के चुनावों में मतदान का अधिकार देने वाले अंतिम राज्य बना। <ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.190</ref><ref name="ReferenceB">{{Cite web |url=http://aec.gov.au/Voting/indigenous_vote/indigenous.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110630123059/http://www.aec.gov.au/Voting/indigenous_vote/indigenous.htm |archive-date=30 जून 2011 |url-status=live }}</ref>
सन 1967 में [[हेरोल्ड होल्ट|होल्ट]] सरकार द्वारा करवाये गए एक जनमत संग्रह में, ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने 90% बहुमत के साथ ऑस्ट्रेलिया के संविधान में संशोधन करके ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों को राष्ट्रीय जनगणना में शामिल किये जाने तथा संघीय संसद को उनकी ओर से कानून बनाने की अनुमति प्रदान करने के समर्थन में मतदान किया।<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ190-194. वोट संवैधानिक बदलाव के लिए समर्थन के मामले में एक रिकार्ड का प्रतिनिधित्व किया।</ref> एक काउंसिल फॉर ऐबोरिजनल अफेयर्स (Council for Aboriginal Affairs) की स्थापना की गई, हालांकि सन 1972 में व्हिटलैम लेबर सरकार के चुनाव से पूर्व तक संघीय सरकार ने अपनी नई शक्तियों के द्वारा अपेक्षाकृत बहुत कम कार्य किया।<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ190-194.</ref>
सन 1970 के दशक के दौरान ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों ने ऑस्ट्रेलियाई संसदों में प्रतिनिधित्व प्राप्त करना शुरु किया। सन 1971 में, क्वीन्सलैंड पार्लियामेंट ने निवृत्त हो रहे एक सांसद का स्थान लेने के लिए लिबरल पार्टी के नेविली बॉनर को नियुक्ता किया, जो कि संघीय संसद में आने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी बने। सन 1972 के चुनाव में बॉनर पुनः लौटे और वे सन 1983 तक बने रहे। <ref name="ReferenceB" /> सन 1974 में, नॉर्दर्न टेरिटरी में कण्ट्री लिबरल पार्टी के ह्यासिंथ टंग्युटैलम (Hyacinth Tungutalum) और नैशनल पार्टी ऑफ क्वीन्सलैंड के एरिक डीरल (Eric Deeral) क्षेत्रीय व राज्य विधायिकाओं के लिए चुने जाने वाले पहले मूलनिवासी बने। सन 1976 में, सर डगलस निकोलस को साउथ ऑस्ट्रेलिया का गवर्नर नियुक्त किया गया और इस प्रकार वे ऑस्ट्रेलिया में किसी उप-राजकीय पद पर पहुँचने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी बने। अगस्त 2010 में ऑस्ट्रेलियाई लिबरल केन व्याट (Ken Wyatt) से पूर्व तक कोई मूलनिवासी व्यक्ति हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्ज़ के लिए नहीं चुना गया था।<ref name="ReferenceB" />
सन 1960 के दशक से ही विभिन्न समूह तथा व्यक्ति समानता और सामाजिक न्याय के प्रयासों में सक्रिय थे। सन 1960 के दशक के मध्य में, सिडनी विश्वविद्यालय से निकले सर्वप्रथम ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी स्नातकों में से एक, चार्ल्स पर्किन्स ने भेदभाव और असमानता को उजागर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के कुछ भागों में स्वतंत्रता वाहन-रैलियाँ आयोजित करने में सहायता प्रदान की। सन 1966 में, वेव हिल स्टेशन (जिसका स्वामित्व वेस्टी ग्रुप के पास था) के गुरिंदजी (Gurindji) लोगों ने समान वेतन और भूमि अधिकारों को मान्यता दिये जाने की मांग को लेकर हड़ताल की शुरुआत की। <ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ 193 और 195.</ref>
व्हिटलैम सरकार के प्रारम्भिक कानूनों में से एक जस्टिस वुडवर्ड के नेतृत्व में नॉर्दर्द टेरिटरी में भूमि अधिकारों के लिए एक रॉयल कमीशन की स्थापना करना था।<ref>गफ विटलम (1985) ''विटलम सरकार'' . पृष्ठ 467-8. वाइकिंग बुक्स, मेलबर्न. ISBN 0-670-80287-5</ref> इसके निष्कर्षों पर आधारित विधेयक को सन 1976 में फ्रेसर लिबरल-नैशनल कण्ट्री पार्टी सरकार ने ऐबोरिजनल लैंड राइट्स ऐक्ट 1976 (Aboriginal Land Rights Act 1976) के रूप में कानून में परिवर्तित किया।
सन 1992 में, हाईकोर्ट ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने मैबो के मामले में अपने निर्णय को खारिज कर दिया और घोषणा की कि ''टेरा नलिस (terra nullius)'' की पुरानी कानूनी अवधारणा अवैधानिक थी। उसी वर्ष, प्रधानमंत्री पॉल कीटिंग ने अपने रेडफर्न पार्क भाषण में कहा कि ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी समुदायों को लगातार झेलनी पड़ रही समस्याओं के लिए यूरोपीय आप्रवासी ज़िम्मेदार थे: ‘हमने हत्याएँ कीं. हमने बच्चों को उनकी माताओं से छीन लिया। हमने भेदभाव और बहिष्कार किया। यह हमारी अज्ञानता और हमारा पूर्वाग्रह था’. सन 1999 में संसद ने सामंजस्य का एक प्रस्ताव (Motion of Reconciliation) पारित किया, जिसका मसौदा प्रधानमंत्री [[जाह्न हावर्ड|जॉन हॉवर्ड]] तथा ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी सीनेटर एडेन रिजवे द्वारा तैयार किया गया था, जिसके अनुसार ऑस्ट्रेलियाई मूलनिवासियों के साथ किये गए दुर्व्यवहार को “हमारे राष्ट्रीय इतिहास का सबसे कलुषित अध्याय” कहा गया था।<ref>{{cite web |url=http://www.thinkingfaith.org/articles/20080221_1.htm |title=The History of Apologies Down Under [Thinking Faith – the online journal of the British Jesuits] |publisher=Thinkingfaith.org |date= |accessdate=12 Oct. 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141202000730/http://www.thinkingfaith.org/articles/20080221_1.htm |archive-date=2 दिसंबर 2014 |url-status=dead }}</ref> सन 2008 में, प्रधानमंत्री [[कैविन रूड|केविन रुड]] ने चुरा ली गई पीढ़ियों (Stolen Generations) के सदस्यों के प्रति ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ओर से सार्वजनिक क्षमायाचना जारी की।
==== महिलाएँ ====
मई 1974 में, कॉमनवेल्थ कोर्ट ऑफ कन्सिलिएशन एन्ड आर्बिट्रेशन (Commonwealth Court of Conciliation and Arbitration) ने महिलाओं को पूर्ण वयस्क वेतन पाने का अधिकार प्रदान किया। हालांकि विशिष्ट उद्योगों में महिलाओं की नियुक्ति का नियुक्ति का विरोध सन 1970 के दशक तक बना रहा। यूनियन आंदोलन के तत्वों की ओर से आते अवरोधों के कारण मेलबर्न में चलने वाली ट्राम के चालकों के रूप में महिलाओं की नियुक्ति सन 1975 के पूर्व तक नहीं की जा सकी और सन 1979 तक सर रेजिनाल्ड एन्सेट महिलाओं को पायलट के रूप में प्रशिक्षण दिये जाने की अनुमति प्रदान करने से इंकार करते रहे। <ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.229</ref>
उन्नीसवीं सदी के अंत में महिलाओं को मतदान का अधिकार प्रदान करने में ऑस्ट्रेलिया ने विश्व का नेतृत्व किया था और सन 1921 में एडिथ कोवान वेस्ट ऑस्ट्रेलियन लेजिस्लेटिव असेम्बली के लिए चुनी गईं। सन 1949 में डेम एनिड लायन्स रॉबर्ट मेन्ज़ीस के मंत्री-मण्डल में केबिनेट के किसी पद पर रहने वाली पहली महिला बनीं और अंततः सन 1989 में ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र (Australian Capital Territory) की मुख्यमंत्री के रूप में चुनीं गईं रोज़मेरी फॉलेट किसी राज्य या क्षेत्र का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनीं। सन 2010 तक आते-आते, ऑस्ट्रेलिया के सबसे पुराने शहर, [[सिडनी]], के लोगों के सामने उनके ऊपर स्थित प्रत्येक प्रमुख राजनैतिक पद पर महिलाएँ थीं, जहाँ लॉर्ड मेयर के रूप में क्लोवर मूर, न्यू साउथ वेल्स की प्रीमियर के रूप में क्रिस्टीना केनीली, न्यू साउथ वेल्स की गवर्नर के रूप में मैरी बशीर, प्रधानमंत्री के रूप में जूलिया गिलार्ड, ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल के रूप में क्वेंटिन ब्रिस तथा ऑस्ट्रेलिया की साम्राज्ञी के रूप में [[एलिजा़बेथ द्वितीय|एलिज़ाबेथ द्वितीय]] विराजमान थीं।<ref>{{Cite web |url=http://aec.gov.au/Elections/Australian_Electoral_History/wopa.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110717161840/http://www.aec.gov.au/Elections/Australian_Electoral_History/wopa.htm |archive-date=17 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref>
=== "यही समय है": व्हिटलैम और फ्रेसर ===
[[चित्र:Vincent Lingiari.jpg|thumb|150px|upright|right|गुरिंदजी समुदाय को भूमि लौटाने के प्रतीकस्वरूप विन्सेंट लिंजियारी के हाथों में रेत डालते हुए गॉफ व्हिटलैम.(1975)]]
[[चित्र:John Fraser Prime Minister of Australia and Jimmy Carter during a state visit arrival ceremony. - NARA - 175240.tif|150px|upright|thumb|मैल्कम फ्रेजर और अमेरिका के राष्ट्रपति जिमी कार्टर (1977).]]
23 वर्षों तक विपक्ष में रहने के बाद दिसंबर 1972 में, लेबर पार्टी ने गॉफ व्हिटलैम के नेतृत्व में चुनावों में जीत हासिल की और सामाजिक परिवर्तन व सुधार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किया। चुनावों से पूर्व व्हिटलैम ने कहा था: “हमारे कार्य के तीन मुख्य लक्ष्य हैं। ये हैं – समानता को प्रोत्साहित करना; ऑस्ट्रेलियाई जनता को … निर्णय प्रक्रिया में … शामिल करना; तथा प्रतिभा को मुक्त करना और ऑस्ट्रेलियाई जनता के क्षितिजों को ऊपर उठाना.”<ref>गफ विटलम, बैंक्सटाउन स्पीच. 13 नवम्बर 1972. सैली वॉरहैफ्ट (सं.) में उद्धृत (2004) ''वेल में वी से... द स्पीचेस दैट मेड ऑस्ट्रेलिया'' . पृष्ठ 178 9 ब्लैक इंक, मेलबर्न. ISBN 1-86395-277-2</ref>
व्हिटलैम की कार्यवाहियाँ अविलम्ब और नाटकीय थीं। कुछ ही हफ्तों के भीतर वियतनाम से अंतिम सैन्य सलाहकार को वापस बुला लिया गया और राष्ट्रीय सेवा समाप्त कर दी गई। चीन के जनवादी गणतंत्र (People’s Republic of China) को मान्यता प्रदान की गई (व्हिटलैम ने सन 1971 में विपक्ष के नेता के रूप में चीन की यात्रा की थी) और [[ताइवान]] स्थित दूतावास को बंद कर दिया गया।<ref>जेफ्री बौल्टोन (1990) पृष्ठ.215-216.</ref><ref>जैन बैसेट (1986) पृष्ठ 273-4</ref> अगले कुछ वर्षों में, विश्वविद्यालयीन शुल्क को हटा दिया गया और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा योजना की स्थापना की गई। विद्यालयों को दिये जाने वाले अनुदान में महत्वपूर्ण परिवर्तन किये गए, जिन्हें व्हिटलैम ने अपनी सरकार की “सर्वाधिक चिरस्थायी एकल उपलब्धि” करार दिया। <ref>गफ विटलम (1985) पृष्ठ.315</ref>
व्हिटलैम सरकार के कार्यक्रम को कुछ ऑस्ट्रेलियाई जनता ने पसंद किया, लेकिन सभी ने नहीं। कुछ राज्य सरकारें खुलकर इसका विरोध कर रहीं थीं और चूंकि सीनेट पर इसका नियंत्रण नहीं था, अतः इसके अधिकांश विधेयक या तो खारिज कर दिये गए या उनमें संशोधन किया गया। क्वीन्सलैंड कंट्री पार्टी की जो जेल्के-पीटरसन (Joh Bjelke-Petersen) सरकार के रिश्ते संघीय सरकार के साथ विशिष्ट रूप से कटु थे। मई 1974 के चुनावों में दोबारा चुने जाने के बाद भी सीनेट इसके राजनैतिक कार्यक्रम के लिए एक अवरोध बनी रही। अगस्त 1974 में, संसद के एकमात्र संयुक्त सत्र में विधेयक के छः मुख्य अंश पारित किये गए।
सन 1974 में, व्हिटलैम ने लेबर पार्टी के पूर्व सदस्य और न्यू साउथ वेल्स के मुख्य न्यायाधीश जॉन कैर (John Kerr) को गवर्नर जनरल के रूप में चुना। सन 1974 के चुनाव में व्हिटलैम सरकार एक घटे हुए बहुमत के साथ निचले सदन के लिए दोबारा चुनी गई। विदेशी ॠण में वृद्धि करने के इसके अकुशल प्रयासों के बाद सरकार को अक्षम करार देते हुए, विपक्षी लिबरल-कण्ट्री पार्टी गठबंधन ने सीनेट में सरकार के आर्थिक प्रस्तावों को तब तक लटकाये रखा, जब तक कि सरकार ने नये चुनावों का वचन न दे दे। व्हिटलैम ने इससे इंकार कर दिया, नेता प्रतिपक्ष [[मैल्कम फ्रेजर|मैल्कम फ्रेसर]] इस पर अड़े रहे। यह गतिरोध तब समाप्त हुआ, जब 11 नवम्बर 1975 को व्हिटलैम सरकार गवर्नर जनरल [[जॉन कैर]] द्वारा बरखास्त कर दी गई और चुनावों को टालकर फ्रेसर को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया गया। ऑस्ट्रेलियाई संविधान द्वारा गवर्नर जनरल को दिये गए “आरक्षित अधिकार” रानी के किसी प्रतिनिधि द्वारा कोई चेतावनी दिये बिना एक चुनी हुई सरकार को बरखास्त करने की अनुमति देते थे।<ref>विटलम विदाई पर कई किताबें हैं। उदाहरण के लिए, पॉल केली के ''नवंबर 1975: द इनसाइडस्टोरी ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ग्रेटेस्ट पॉलिटिकल क्राइसिस'' . सेंट लियोनार्ड्स, एनएसडब्लयू (NSW): एलन और अनविन. ISBN 1-86373-987-4.</ref>
सन 1975 के अंत में आयोजित चुनावों में मैल्कम फ्रेसर और उनके गठबंधन ने भारी जीत हासिल की।
फ्रेसर सरकार ने लगातार दो अगले चुनाव जीते। फ्रेसर ने व्हिटलैम युग के सामाजिक सुधारों में से कुछ को जारी रखते हुए राजकोषीय नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास किया। उनकी सरकार में प्रथम ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी संघीय प्रतिनिधि, नेविली बॉनर को शामिल किया गया था और सन 1976 में संसद ने ऐबोरिजनल लैंड राइट्स ऐक्ट 1976 (Aboriginal Land Rights Act 1976) पारित किया, जिसने, हालांकि यह नॉर्दन टेरिटरी में सीमित था, ने कुछ पारंपरिक भूमियों को “अहस्तांतरणीय” मुक्त दर्जा प्रदान करने को स्वीकृत दी। फ्रेसर ने बहु-सांस्कृतिक प्रसारणकर्ता एसबीएस (SBS) की स्थापना की, नाव से आए वियतनामी शरणार्थियों का स्वागत किया, रंगभेद का पालन करने वाले दक्षिण अफ्रीका और रोडेशिया में अल्पमत वाले श्वेत शासन का विरोध किया तथा सोवियत विस्तारवाद का विरोध किया। हालांकि आर्थिक सुधारों के लिए किसी भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत नहीं की गई और सन 1983 तक आते-आते ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में थी, जिस पर एक भीषण सूखे का भी प्रभाव पड़ा. फ्रेसर ने “राज्य के अधिकारों” को प्रोत्साहित किया था और उनकी सरकार ने सन 1982 में तस्मानिया में फ्रैंकलिन बांध के निर्माण को रोकने के लिए कॉमनवेल्थ अधिकारों का प्रयोग करने से इंकार कर दिया। <ref>{{Cite web |url=http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/fraser/in-office.aspx |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110315143901/http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/fraser/in-office.aspx |archive-date=15 मार्च 2011 |url-status=dead }}</ref> सन 1977 में, एक लिबरल मंत्री, डॉन चिप ने अपनी पार्टी से अलग होकर एक नई सामाजिक उदारवादी पार्टी, ऑस्ट्रेलियन डेमोक्रेट्स, का गठन कर लिया और फ्रैंकलिन बांध के प्रस्ताव ने ऑस्ट्रेलिया में एक प्रभावी पर्यावरण आंदोलन के शुरु होने में योगदान दिया, जिसकी शाखाओं में ऑस्ट्रेलियन ग्रीन्स, एक राजनैतिक दल, जो बाद में पर्यावरणवाद और साथ ही वाम-पंथी सामाजिक व आर्थिक नीतियों के पालन के लिए [[टासमानिया|तस्मानिया]] से बाहर भी बढ़ा, शामिल थीं।<ref>{{Cite web |url=http://www.abc.net.au/dimensions/dimensions_people/Transcripts/s849441.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110628232931/http://www.abc.net.au/dimensions/dimensions_people/Transcripts/s849441.htm |archive-date=28 जून 2011 |url-status=live }}</ref>
=== आर्थिक सुधार: हॉक, कीटिंग और हॉवर्ड ===
[[चित्र:Parliament House Canberra Dusk Panorama.jpg|thumb|left|कैनबरा में नई संसद भवन 1988 में खोला गया था।]]
बॉब हॉक, व्हिटलैम की तुलना में एक कम ध्रुवीकर (polarising) लेबर नेता, ने सन 1983 के चुनावों में फ्रेसर को पराजित किया। इस नई सरकार ने हाइकोर्ट ऑफ ऑस्ट्रेलिया के माध्यम से फ्रैंकलिन बांध परियोजना पर रोक लगा दी। कोषाध्यक्ष पॉल कीटिंग के साथ मिलकर हॉक ने सूक्ष्म-आर्थिक और औद्योगिक संबंधों के सुधार का कार्य अपने हाथों में लिया, जिसकी रचना दक्षता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए की गई थी। व्हिटलैम मॉडल की प्रारम्भिक विफलता और फ्रेसर के नेतृत्व में आंशिक विखण्डन के बाद हॉक ने स्वास्थ्य बीमा की एक नई सकल प्रणाली की पुनर्स्थापना की, जिसे मेडिकेयर (Medicare) नाम दिया गया। उद्योग व नौकरियों की रक्षा करने के लिए हॉक और कीटिंग ने दर-सूचियों (Tariffs) के लिए पारंपरिक लेबर समर्थन समाप्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के वित्तीय तंत्र को नियंत्रण मुक्त कर दिया और [[ऑस्ट्रेलियाई डॉलर]] का ‘मुद्रा संतुलन’ बनाया। <ref name="ReferenceC">{{Cite web |url=http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/hawke/in-office.aspx |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111114204343/http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/hawke/in-office.aspx |archive-date=14 नवंबर 2011 |url-status=dead }}</ref>
सन 1988 में कैनबरा में नये संसद भवन के उदघाटन के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की दो सौवीं वर्षगांठ मनाई गई। अगले वर्ष ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र (Australian Capital Territory) ने स्वशासन का अधिकार प्राप्त किया और जर्विस बे (Jervis Bay) क्षेत्रों के मंत्री (Minister for Territories) के अधीन एक पृथक क्षेत्र बना।
संयुक्त राज्य अमरीका के साथ गठबंधन के एक समर्थक, हॉक ने सन 1990 में इराक द्वारा कुवैत पर किये गए कब्जे के बाद, खाड़ी युद्ध में ऑस्ट्रेलिया नौसैनिक बल भेजने पर प्रतिबद्धता जाहिर की। चार सफल चुनावों के बाद, लेकिन एक लड़खड़ाती ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी के बीच, हॉक और कीटिंग के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा के परिणामस्वरूप लेबर पार्टी को अपने नेता के रूप में हॉक को हटाना पड़ा और सन 1991 में पॉल कीटिंग प्रधानमंत्री बने। <ref name="ReferenceC" />
सन 1992 में बेरोजगारी 11.4% पर पहुँच गई – जो कि [[महान मंदी]] के सर्वाधिक ऊंचाई पर थी। लिबरल-नैशनल विपक्ष ने सन 1993 के चुनावों में जाने के लिए आर्थिक सुधार की एक आशावादी योजना प्रस्तावित की थी, जिसमें वस्तुओं व सेवा पर एक नया कर प्रस्तुत किया जाना शामिल था। कीटिंग ने कोषपालों को बदल दिया और कर के सख्त खिलाफ प्रचार करके सन 1993 के चुनावों में जीत हासिल कर ली। अपने कार्यकाल के दौरान, कीटिंग ने, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति [[सुहार्तो]] के साथ निकटता से सहयोग करते हुए, एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपने संबंधों पर बल दिया और आर्थिक सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में एपेक (APEC) की भूमिका को बढ़ाने के लिए अभियान चलाया। कीटिंग मूलनिवासियों के मामलों को लेकर भी सक्रिय थे और सन 1992 में हाइकोर्ट ऑफ ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक मैबो (Mabo) निर्णय के लिए, मूलनिवासियों को भूमि का अधिकार प्रदान किये जाने के लिए विधायिका की प्रतिक्रिया की आवश्यकता थी, जिसकी समाप्ति नेटिव टाइटल ऐक्ट 1993 (Native Title Act 1993) एवं लैंड फंड ऐक्ट 1994 (Land Fund Act 1994) के रूप में हुई। सन 1993 में, ऑस्ट्रेलिया के एक गणतंत्र बनने के विकल्पों का परीक्षण करने के लिए कीटिंग ने एक रिपब्लिक ऐडवाइज़री कमिटी (Republic Advisory Committee) की स्थापना की। विदेशी कर्ज, ब्याज और बेरोजगारी की उच्च दरों के साथ तथा मंत्रियों के त्यागपत्रों की एक श्रृंखला के बाद सन 1996 के चुनावों में कीटिंग लिबरल नेता [[जाह्न हावर्ड|जॉन हॉवर्ड]] से हार गए।<ref>{{Cite web |url=http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/keating/in-office.aspx |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101202031451/http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/keating/in-office.aspx |archive-date=2 दिसंबर 2010 |url-status=dead }}</ref>
[[चित्र:Fireworks, Sydney Harbour Bridge, 2000 Summer Olympics closing ceremony.jpg|thumb|right|2000 में सिडनी हार्बर ब्रिज पर ओलिंपिक रंग.]]
[[चित्र:2000 Summer Olympics opening ceremony 4.JPEG|thumb|2000 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में आदिवासी नर्तकों ने सिडनी में प्रदर्शन किया।]]
[[जाह्न हावर्ड|जॉन हॉवर्ड]] ने सन 1996 से लेकर सन 2007 तक [[प्रधान मन्त्री आस्ट्रेलिया|प्रधानमंत्री]] के रूप में कार्य किया, जो कि रॉबर्ट मेन्ज़ीस के बाद किसी भी प्रधानमंत्री का दूसरा सबसे लंबा कार्यकाल था। पोर्ट आर्थर पर हुई एक सामूहिक गोलीबारी के बाद शुरु की गई राष्ट्रीय बंदूक नियंत्रण योजना हॉवर्ड सरकार द्वारा प्रारम्भ किये गए शुरुआती कार्यक्रमों में से एक थी। इस सरकार ने औद्योगिक संबंधों में सुधार भी प्रस्तुत किये, विशेषतः जलीय सीमा पर दक्षता के संदर्भ में. सन 1998 के चुनावों के बाद, हॉवर्ड और कोषाध्यक्ष पीटर कॉस्टेलो ने वस्तुओं और सेवाओं पर कर (Goods and Services Tax) (जीएसटी) (GST) का प्रस्ताव रखा, जिसे वे सन 2000 में मतदाताओं तक सफलतापूर्वक ले गए। सन 1999 में, ऑस्ट्रेलिया ने पूर्वी तिमोर में राजनैतिक हिंसा के बाद उस देश में लोकतंत्र और स्वतंत्रता की स्थापना में सहायता करने के लिए पूर्वी तिमोर में संयुक्त राष्ट्र संघ की एक सेना का नेतृत्व किया।<ref name="autogenerated3">{{Cite web |url=http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/howard/in-office.aspx |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110315150934/http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/howard/in-office.aspx |archive-date=15 मार्च 2011 |url-status=dead }}</ref>
ऑस्ट्रेलिया की साम्राज्ञी के रूप में [[एलिजा़बेथ द्वितीय|महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय]] के साथ ऑस्ट्रेलिया आज भी एक संवैधानिक राजतंत्र बना हुआ है; एक गणतंत्र की स्थापना के लिए सन 1999 में आयोजित एक जनमत संग्रह को आंशिक रूप से अस्वीकार कर दिया। अपने ब्रिटिश अतीत के साथ ऑस्ट्रेलिया के संबंध लगातार कमज़ोर होते जा रहे हैं, हालांकि नागरिकों के व्यक्तिगत स्तर पर तथा सांस्कृतिक स्तर पर ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के बीच संबंध आज भी उल्लेखनीय बने हुए हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी में [[२००० ऊष्ण ओलंपिक्स|सन 2000 में आयोजित ग्रीष्मकालीन ऑलम्पिक]] खेलों की मेजबानी के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक प्रशंसा प्राप्त की। इसके उदघाटन समारोह में ऑस्ट्रेलियाई प्रहचान और इतिहास को प्रस्तुत किया गया तथा मशाल कार्यक्रम में महिला खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिसके अंतर्गत तैराक डॉन फ्रेसर ने ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी धावक कैथी फ्रीमैन के साथ मिलकर ओलम्पिक मशाल प्रज्वलित की। सन 2001 में, ऑस्ट्रेलिया ने एक संघ के रूप में अपनी शताब्दी मनाई और अनेक घटनाओं, जिनमें ऑस्ट्रेलियाई समाज या सरकार के प्रति अपना योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए शताब्दी पदक (Centenary Medal) का निर्माण भी शामिल है, के साथ एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
हॉवर्ड सरकार ने सकल रूप से आप्रवासन का विस्तार किया, लेकिन नावों पर सवार होकर अनधिकृत रूप से आने वाले लोगों को हतोत्साहित करने के लिए अक्सर विवादास्पद कड़े आप्रवासन कानून भी लागू किये। हालांकि हॉवर्ड [[राष्ट्रकुल|कॉमनवेल्थ]] के साथ पारंपरिक संबंधों तथा संयुक्त राज्य अमरीका के साथ गठबंधन के प्रबल समर्थक थे, लेकिन एशिया, विशेषतः चीन, के साथ व्यापार में नाटकीय वृद्धि हुई और ऑस्ट्रेलिया ने समृद्धि के एक विस्तारित काल का आनंद उठाया. संयोग से सन 2001 की 11 सितंबर को हुए आतंकी हमलों के दौरान हॉवर्ड ही प्रधानमंत्री थे। इस घटना के बाद, सरकार ने [[अफ़ग़ानिस्तान युद्ध|अफगानिस्तान युद्ध]] (दोनों दलों के समर्थन के साथ) एवं इराक युद्ध (अन्य राजनैतिक दलों की असहमति के साथ) के लिए सैन्य टुकड़ियाँ भेजने पर प्रतिबद्धता जाहिर की। <ref name="autogenerated3" />
=== इक्कीसवीं सदी में ===
सन 2007 के चुनावों में लेबर पार्टी के [[कैविन रूड|केविन रूड]] ने हॉवर्ड को पराजित किया और वे जून 2010 तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहे, जिसके बाद पार्टी के नेता के रूप में जूलिया गिलार्ड ने उनका स्थान लिया। रूड ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का प्रयोग [[क्योटो प्रोटोकॉल]] को सांकेतिक रूप से स्वीकार करने और ''खो चुकी पीढ़ियों (Stolen Generation)'' (वे ऑस्ट्रेलियाई मूलनिवासी, जिन्हें राज्य द्वारा बीसवीं सदी के प्रारम्भिक काल से लेकर सन 1960 के दशक के दौरान उनके अभिभावकों से छीन लिया गया था) के प्रति ऐतिहासिक संसदीय क्षमायाचना<ref>{{Cite web |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/7241965.stm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=16 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190901232526/http://news.bbc.co.uk/2/hi/7241965.stm |archive-date=1 सितंबर 2019 |url-status=live }}</ref> का नेतृत्व करने के लिए किया। मैंडरिन चीनी भाषी इस पूर्व कूटनीतिज्ञ ने जोशपूर्ण विदेश नीति भी अपनाई और ग्लोबल वॉर्मिंग का मुकाबला करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में ''कार्बन पर मूल्य (price on carbon)'' की सबसे पहले शुरुआत की। उनके प्रधानमंत्रित्व-काल में ही सन 2007-2010 के आर्थिक संकट के शुरुआती चरण भी आए, जिनके प्रति प्रतिक्रिया देते हुए उनकी सरकार ने आर्थिक सहायता के बड़े पैकेज प्रस्तुत किये – जिनका प्रबंधन बाद में विवादास्पद साबित हुआ।<ref>{{Cite web |url=http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/rudd/in-office.aspx |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101129023555/http://primeministers.naa.gov.au/primeministers/rudd/in-office.aspx |archive-date=29 नवंबर 2010 |url-status=dead }}</ref>
एशिया के साथ बढ़ते व्यापार के बीच आर्थिक सुधार के ढाई दशक बाद, अधिकांश अन्य पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं के विपरीत, ऑस्ट्रेलिया आर्थिक बाज़ारों में आई गिरावट के बावजूद मंदी से बचने से सफल रहा। <ref>{{Cite web |url=http://www.theodora.com/wfbcurrent/australia/australia_economy.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110519045101/http://www.theodora.com/wfbcurrent/australia/australia_economy.html |archive-date=19 मई 2011 |url-status=dead }}</ref>
रूड की उत्तराधिकारी, जूलिया गिलार्ड, सन 2010 में टोनी एबॉट के लिबरल-नैशनल गठबंधन के खिलाफ बहुत कम अंतर से हुई जीत, जिसके परिणामस्वरूप सन 1940 के चुनावों के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया में एक त्रिशंकु संसद बनी, का नेतृत्व करते हुए ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री चुनी जाने वाली पहली महिला बनीं। <ref name="hung">[http://www.abc.net.au/news/stories/2010/08/21/2989767.htm "वोटर्स लीव ऑस्ट्रेलिया हैंगिंग] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100824054316/http://www.abc.net.au/news/stories/2010/08/21/2989767.htm |date=24 अगस्त 2010 }}" ''एबीसी (ABC) न्यूज'', 21 अगस्त 2010</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* ऑस्ट्रेलिया की प्रादेशिक विकास
* ऑस्ट्रेलियाई पुरातत्व
* ओशिनिया का इतिहास
* ऑस्ट्रेलिया के सैन्य इतिहास
* व्हाइट ऑस्ट्रेलियाई नीति
* प्रोक्लेमेशन डिक्लेरिंग द इस्टैब्लिश्मेंट ऑफ़ द कॉमनवेल्थ ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया
* ऑस्ट्रेलियाई तार इतिहास
* ऑस्ट्रेलिया में राजशाही के इतिहास
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|colwidth=30em}}
== आगे पढ़ें ==
* बैमब्रिक, सुसन एड. ''द कैम्ब्रिज इनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'' (1994)
* डेविसन, ग्रीम, जॉन हर्स्ट और स्टुअर्ट मैकिनटायर, एड्स. अनेक शैक्षिक पुस्तकालयों में ''द ऑक्सफोर्ड कम्पेनियन टू ऑस्ट्रेलियन हिस्ट्री'' (2001) ऑनलाइन, [http://www.amazon.com/Oxford-Companion-Australian-History/dp/019551503X/ref=sr_1_6?ie=UTF8&s=books&qid=1209696680&sr=8-6 एक्सर्प्ट एंड टेक्स्ट सर्च] में भी.
* ओ'शेन, पैट एट अल. ''ऑस्ट्रेलिया: पूर्ण विश्वकोश'' (2001)
* शॉ, जॉन, एड. ''कोलिन्स ऑस्ट्रेलियाई विश्वकोश'' (1984)
* एटकिंसन, एलन. ''ऑस्ट्रेलिया में यूरोपवासी: एक इतिहास. '' ''खंड 2: लोकतंत्र.'' (2005). 440 पीपी.
* बार्कर, एंथनी. ''व्हाट हैपेंड वेन: अ क्रोनोलॉजी ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया फ्रॉम 1788.'' एलेन और अनविन. 2000. [http://www.questia.com/PM.qst?a=o&d=108433410 ऑनलाइन संस्करण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111123214710/http://www.questia.com/PM.qst?a=o&d=108433410 |date=23 नवंबर 2011 }}
* बैसेट, जैन ''द ऑक्सफोर्ड इलस्ट्रेटेड डिक्शनरी ऑफ ऑस्ट्रेलियन हिस्ट्री'' (1998)
* बौल्टोन, जेफ्री. ''द ऑक्सफोर्ड हिस्ट्री ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया: खंड 5: 1942-1995. '' ''द मिडेल वे'' (2005)
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* डेविसन, ग्रीम, जॉन हर्स्ट और स्टुअर्ट मैकिनटायर, एड्स. अनेक शैक्षिक पुस्तकालयों में ''द ऑक्सफोर्ड कम्पेनियन टू ऑस्ट्रेलियन हिस्ट्री'' (2001) ऑनलाइन, [https://web.archive.org/web/20101114085202/http://www.amazon.com/Oxford-Companion-Australian-History/dp/019551503X एंड टेक्स्ट सर्च] में भी.
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* ह्यूजेस, रॉबर्ट. ''द फैटल शोर: द एपिक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया फाउन्डिंग'' (1988). [https://web.archive.org/web/20101114031058/http://www.amazon.com/Fatal-Shore-Robert-Hughes/dp/0099448548 एक्सर्प्ट एंड टेक्स्ट सर्च]
* केंप, रॉड और मैरियन स्टैनटन, एड्स. ''स्पीकिंग फॉर ऑस्ट्रेलिया: पार्लियामेंट्री स्पीचेस दैट शेप्ड आवर नेशन'' एलेन एंड अनविन, 2004 [http://www.questia.com/PM.qst?a=o&d=110168653 ऑनलाइन संस्करण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111123214007/http://www.questia.com/PM.qst?a=o&d=110168653 |date=23 नवंबर 2011 }}
* किंग्सटन, बेवरली. ''द ऑक्सफोर्ड हिस्ट्री ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया: वॉल्यूम 3: 1860-1900 ग्लैड, कॉन्फिडेंट मॉर्निंग'' (1993)
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* मैकिनटायर, स्टुअर्ट. ''द ऑक्सफोर्ड हिस्ट्री ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया: वॉल्यूम 4: 1901-1942, द सक्सिडिंग एज'' (1993)
* मैकिनटायर, स्टुअर्ट. ''अ कॉन्साइस हिस्ट्री ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया'' (2. एड. 2009) [https://web.archive.org/web/20110121005328/http://www.amazon.com/Concise-History-Australia-Cambridge-Histories/dp/0521735939 एक्सर्पट एंड टेक्स्ट सर्च] ISBN 0-521-60101-0
* मार्टिन, ए.डब्ल्यू. ''रॉबर्ट मेंज़िस: अ लाइफ'' (2 खंड 1993-99), एसीएलएस (ACLS) ई-बुक्स पर ऑनलाइन
* मेगालौग्निस, जॉर्ज. ''द लौन्गेस्ट डिकेड'' (2 एड. 2009), राजनीति 1990-2008
* स्क्रियुडर, डेरिक और स्टुअर्ट वार्ड, एड्स. ''ऑस्ट्रेलिया इम्पायर'' (ब्रिटिश साम्राज्य कौम्पैनियन सिरीज़ के ऑक्सफोर्ड इतिहास) (2008) [https://web.archive.org/web/20130214011813/http://www.amazon.com/Australias-Empire-History-British-Companion/dp/0199273731 एक्सर्पट एंड टेक्स्ट सर्च]
* सरले. पर्सिवल, एड. ''ऑस्ट्रेलियाई जीवनी के शब्दकोष'' (1949)[https://web.archive.org/web/20101222211015/http://gutenberg.net.au/dictbiog/00-dict-biogIndex.html ऑनलाइन संस्करण]
* टेलर, पीटर. ''ऑस्ट्रेलियाई इतिहास का एटलस'' (1991)
* वेल्श, फ्रैंक. ''ऑस्ट्रेलिया: अ न्यू हिस्ट्री ऑफ़ द ग्रेट सदर्न लैंड'' (2008)
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|History of Australia|ऑस्ट्रेलिया के इतिहास}}
* [https://web.archive.org/web/20060814093840/http://www.gutenberg.net.au/ ऑस्ट्रेलिया के प्रोजेक्ट गटेनबर्ग] पर द [https://web.archive.org/web/20110216123255/http://gutenberg.net.au/aust-history.html ऑस्ट्रेलियन हिस्ट्री] पृष्ठ
* [https://web.archive.org/web/20080113105115/http://www.bushpoetry.org.au/ बुश पोएट्री ऑस्ट्रेलियाई इतिहास का एक स्रोत है]
* [https://web.archive.org/web/20080903131313/http://www.sl.nsw.gov.au/discover_collections/history_nation/terra_australis/index.html फ्रॉम टेरा ऑस्ट्रेलिस टू ऑस्ट्रेलिया], न्यू साउथ वेल्स के स्टेट लिबर्टी
* [https://web.archive.org/web/20110216230554/http://www.cultureandrecreation.gov.au/articles/australianhistory/ ऑस्ट्रेलिया के यूरोपीय खोज और उपनिवेशण - ऑस्ट्रेलियाई सरकार]
* [https://web.archive.org/web/20121113073137/http://www.abc.net.au/local/audio/2010/05/14/2899543.htm लुकिंग फॉर ब्लैकफेलास प्वाइंट] हिस्ट्री ऑफ़ यूरोपियन सेटेलमेंट एंड रिलेशन विद ऐबऑरिजनल पीपल ऑफ़ साउथ इस्टर्न ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन
{{ऑस्ट्रेलिया के विषय}}
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{{Infobox software
| released = {{start date|2003|6|18}}<ref>[http://www.google.com/press/pressrel/adsense.html Google Expands Advertising Monetization Program for Websites], June 18, 2003, Press Release, Google</ref>
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'''ऐडसेन्स''', गूगल इनकार्पोरेटेड द्वारा चलायी जा रही विज्ञापन उपलब्ध कराने की सेवा है। वेबसाइटों के स्वामी अपनी वेबसाइटों में विषयवस्तु, छवियों तथा वीडियो विज्ञापन उपलब्ध कराने हेतु इस कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। ये [[विज्ञापन]] [[गूगल]] द्वारा प्रशासित किये जाते हैं और इनसे प्रति-क्लिक अथवा प्रति-प्रदर्शन के आधार पर राजस्व प्राप्त होता है। गूगल ने मूल्य-प्रति-एक्शन सेवा का बीटा परीक्षण किया परन्तु अक्टूबर 2008 में डबलक्लिक प्रस्तुति (यह भी गूगल के स्वामित्व में है) के समर्थन में इसे बंद कर दिया गया।<ref>{{Cite web |url=http://adwords.google.com/support/bin/answer.py?answer=97264 |title=पे-पर-एक्शन बिता का क्या हुआ? |access-date=6 फ़रवरी 2011 |archive-date=1 मार्च 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090301024756/http://adwords.google.com/support/bin/answer.py?answer=97264 |url-status=dead }}</ref> 2010 की प्रथम तिमाही में, गूगल ने ऐडसेंस से 2.04 बिलयन डॉलर (वार्षिक करने पर 8.16 बिलियन डॉलर) अर्जित किये जो कि उसके कुल राजस्व का 30% है।<ref>[http://investor.google.com/earnings/2010/Q1_google_earnings.html "गूगल अनाउन्सेस फर्स्ट क्वाटर 2010 फाइनेंशियल रिज़ल्ट्स"]. गूगल. 18 जून 2010 को पुन:प्राप्त.</ref>
== विवरण ==
{{Ref improve section|date=September 2010}}
गूगल वेबसाइटों पर इन विज्ञापन सामग्रियों के वितरण हेतु अपनी [[इंटरनेट खोज प्रौद्योगिकी]] के प्रयोग के साथ ही साथ प्रयोगकर्ता की भौगोलिक स्थिति तथा अन्य कारकों का भी प्रयोग करता है। गूगल की लक्ष्योन्मुख विज्ञापन प्रणाली के माध्यम से विज्ञापन देने वालों को ऐडवर्ड्स के जरिये नामांकन करना होता है। ऐडसेंस वेबसाईट पर विज्ञापन उपलब्ध कराने की सबसे लोकप्रिय पद्धति हो गयी है क्योंकि इसमें दिए गए विज्ञापन अधिकांश बैनरों की तुलना में कम हस्तक्षेप करते हैं साथ ही विज्ञापन की विषय-वस्तु वेबसाईट के लिए प्रासंगिक होती है।
कई वेबसाइटें ऐडसेन्स का प्रयोग अपनी सामग्री के मौद्रीकरण के लिए करती हैं; यह विज्ञापनों का सर्वाधिक लोकप्रिय संजाल (नेटवर्क) है। ऐडसेंस विशेष रूप से उन छोटी वेबसाइटों के लिए, विज्ञापन से आमदनी मुहैया कराने की दृष्टि बहुत महत्वपूर्ण हो गया है जिनके पास विज्ञापन के विपणन में प्रसार के कार्यक्रमों और सेल्स के लोगों के लिए संसाधन नहीं होते हैं। किसी वेबसाइट को उस वेबसाईट की सामग्री के अनुरूप विज्ञापनों से भरने के लिए, वेबमास्टर्स [[वेबसाइट]] के पेजों पर एक संक्षिप्त स्क्रिप्ट लागू करते हैं। वेबसाइटें, जो कि सामग्री से भरपूर हैं, इस विज्ञापन कार्यक्रम के साथ बहुत सफल रही हैं, जैसा कि ऐडसेंस वेबसाइट पर प्रकाशित केस अध्ययनों की बड़ी संख्या में उल्लेखित हैं।
कुछ वेबमास्टर अपनी ऐडसेंस आय को अधिकतम करने में महत्वपूर्ण प्रयास करते हैं। ऐसा करने के लिए वे तीन तरीके प्रयोग करते हैं:{{Citation needed|date=June 2008}}
# वे वेबसाईट पर ट्रैफिक उत्पन्न करने के लिए विविध तकनीकों का प्रयोग करते हैं जिनमें ऑनलाइन विज्ञापन भी शामिल हैं पर ये प्रयास इन तक ही सीमित नहीं हैं।
# वे अपनी वेबसाइट पर बहुमूल्य सामग्री उपलब्ध कराते हैं जो ऐडसेंस विज्ञापनों को आकर्षित करते हैं, जिनपर क्लिक किये जाने से अधिकतम आय होती है।
# वे अपनी वेबसाइटों पर पाठ सामग्री के उपयोग से पाठकों को विज्ञापनों पर क्लिक करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। कृपया ध्यान रखें कि गूगल ने "मेरे ऐडसेंस विज्ञापन पर क्लिक करें" जैसे वाक्यांशों के प्रयोग पर वेबमास्टरों को प्रतिबंधित कर रखा है जिनके द्वारा वे क्लिक करने की दर को बढ़ा सकते हैं। हालांकि "प्रायोजित लिंक" और "विज्ञापन" जैसे वाक्यांश स्वीकृत हैं।
ऐडसेंस की सभी आय का स्रोत ऐडवर्ड्स कार्यक्रम है, जो विक्रे (Vickrey) के दूसरे मूल्य की नीलामी के एक जटिल मूल्यांकन मॉडल पर आधारित होता है। ऐडसेंस विज्ञापनदाता को एक मुहरबंद नीलामी की बोली लगाने को कहता है (अर्थात ऐसी बोली जिसे उसके प्रतिद्वंदी नहीं देख सकते)। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्राप्त क्लिक के लिए विज्ञापनदाता दूसरी उच्चतम बोली से एक बढ़ी हुई बोली का भुगतान करते हैं। वर्तमान में गूगल, ऐडसेंस द्वारा अर्जित राजस्व का 68% प्रतिशत अंश सामग्री उपलब्ध कराने वाले भागीदारों के साथ बांटता है।<ref name="10QJul10">{{cite web | url=http://investor.google.com/documents/20100630_google_10Q.html | title=Google Form 10-Q, Q2 2010 | date=2010-07-15 | accessdate=2010-09-08}}</ref>
== इतिहास ==
ओइंगो इनकार्पोरेटेड लॉस एंजिल्स स्थित एक निजी स्वामित्व वाली कंपनी थी जिसे 1998 में गिलाद एल्बज़ और एडम वीज़मैन द्वारा शुरू किया गया था। ओइंगो ने एक अपने ही स्वामित्व में खोज करने की एक कलन विधि (algorithm) विकसित की जो कि शब्दों के अर्थ पर आधारित थी तथा इसे वर्डनेट नामक एक लघु शब्दकोश पर बनाया गया था जिसका विकास पिछले 15 वर्षों में जॉर्ज मिलर के नेतृत्व में प्रिंसटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया था।<ref>{{cite news|url=http://www.infotoday.com/newsbreaks/nb1220-2.htm|title=Beyond Keyword Searching|publisher=Info Today|author=Paula J. Hane|date=1999-12-20}}</ref>
2001 में ओइंगो का नाम बदल कर अप्लाइड सेमांटिक्स (कंपनी) हो गया,<ref>{{cite news|url=http://searchenginewatch.com/showPage.html?page=2196001|title=Google Buys Applied Semantics|publisher=Incisive Interactive Marketing LLC|date=2003-04-24|access-date=6 फ़रवरी 2011|archive-date=19 मार्च 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120319231317/http://searchenginewatch.com/showPage.html?page=2196001|url-status=dead}}</ref> जिसे बाद में अप्रैल 2003 में 102 मिलयन डॉलर के मूल्य पर गूगल द्वारा अधिग्रहीत कर लिया गया।<ref>{{cite news|url=http://www.google.com/press/pressrel/applied.html|title=Google Acquires Applied Semantics|publisher=Press release|date=2003-04-23}}</ref>
2009 में, गूगल ऐडसेंस ने घोषणा की कि अब यह नई सुविधाओं की प्रस्तुति करेगा जिसमें "विज्ञापनों की प्रस्तुति के लिए कई नेटवर्कों का प्रयोग" भी शामिल होगा।
== प्रकार ==
=== ऐडसेन्स फॉर फीड्स ===
मई 2005 में, गूगल ने सीमित भागीदारी वाले '''ऐडसेन्स फॉर फीड्स''' के बीटा संस्करण की घोषणा की, यह ऐडसेन्स का एक संस्करण था जो आरएसएस (RSS) व ऐटम फीड पर चलता था तथा जिसके 100 से अधिक सक्रिय नियमित ग्राहक थे। गूगल के आधिकारिक ब्लॉग के अनुसार "विज्ञापनदाता अपने विज्ञापन सबसे उचित फीड शब्द वर्गों में रखते हैं; प्रकाशकों को मौलिक सामग्री के लिए भुगतान किया जाता है; पाठक सबसे उचित विज्ञापन देखते हैं - तथा लम्बे समय में उत्कृष्ट फ़ीडों में से चुनाव करते हैं।"<ref name="google_blog_feed_me">{{cite web | url=http://googleblog.blogspot.com/2005/05/feed-me.html | title=Official Google Blog: Feed me | author=[[Shuman Ghosemajumder]] | date=2005-05-17 | accessdate=2007-12-29}}</ref>
ऐडसेन्स फॉर फीड्स, फ़ीडों में छवियों को डाल कर कार्य करता है। यह छवि जब आरएसएस रीडर अथवा ब्राउज़र द्वारा प्रदर्शित की जाती हैं, गूगल इन छवियों में विज्ञापन सामग्री लिख देता है। विज्ञापन सामग्री को छवि के आसपास की फ़ीड की सामग्री के आधार पर चुना जाता है। जब उपयोगकर्ता छवि को क्लिक करता है, वह नियमित ऐडसेंस विज्ञापनों की तरह ही विज्ञापनदाताओं की वेबसाइटों की ओर पुनर्प्रेषित कर दिया जाता है।
अगस्त 15, 2008 तक ऐडसेन्स फॉर फीड्स बीटा स्थिति में ही बना रहा तत्पश्चात इसे सभी ऐडसेन्स प्रयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध करा दिया गया।
दिसम्बर 3, 2012 को ऐडसेन्स फॉर फीड्स को निरस्त किया जा रहा है।
=== ऐडसेंस फॉर सर्च ===
'''ऐडसेंस फॉर सर्च''' जो कि सामान्य ऐडसेन्स कार्यक्रम के साथ ही है, वेबसाईट धारकों को अपनी वेबसाइटों में गूगल सर्च बॉक्स लगाने की सुविधा प्रदान करता है। जब कोई प्रयोगकर्ता इंटरनेट अथवा वेबसाईट पर कोई खोज करता है, गूगल उस खोज से उत्पन्न होने वाले राजस्व का 51% भाग उस वेबसाईट के स्वामी से बांटता है।<ref name="10QJul10"/> हालांकि प्रकाशक को भुगतान सिर्फ तब ही किया जाता है जबकि उस पेज पर विज्ञापन को क्लिक किया गया हो; ऐडसेन्स प्रकाशक को खोज के लिए भुगतान नहीं करता है।
=== ऐडसेंस फॉर मोबाइल ===
ऐडसेंस फॉर मोबाइल की सामग्री प्रकाशकों को अपनी मोबाइल वेबसाइटों से गूगल विज्ञापनों का प्रयोग करते हुए आय अर्जित करने का मौका प्रदान करती है। सामग्री के लिए ऐडसेन्स की तरह ही गूगल विज्ञापनों को वेबसाईट की सामग्री के अनुसार मिला कर दिखाता है - जो कि इस मामले में एक मोबाइल वेबसाईट है।
=== ऐडसेंस फॉर डोमेंस ===
ऐडसेंस फॉर डोमेन्स ऐसे डोमेन पर विज्ञापन करने की सुविधा देता है जो अभी तक विकसित नहीं की गयी हैं।
यह डोमेन नेम मालिकों को ऐसे डोमेनों के मौद्रिकरण का अवसर प्रदान करता है जो अन्यथा निष्क्रिय ही रहती हैं।
फिलहाल ऐडसेंस फॉर डोमेन कुछ प्रयोगकर्ताओं के लिए ही है, हालांकि इसे सभी के लिए चरणों में उपलब्ध कराये जाने की योजना है।
12 दिसम्बर 2008 को ''टेकक्रंच'' की रिपोर्ट के अनुसार ऐडसेंस फॉर डोमेन संयुक्त राज्य अमेरिका के सभी प्रकाशकों के लिए उपलब्ध है।<ref>[http://www.techcrunch.com/2008/12/12/adsense-for-domains-now-available-for-all-us-publishers/ ऐडसेंस फॉर डोमेन्स नाउ अवेलबल फॉर ऑल यूएस पब्लिशर्स], रॉबिन वॉटर्स, 12 दिसम्बर 2008, टेकक्रंच</ref>
=== ऐडसेंस फॉर वीडियो ===
ऐडसेंस फॉर वीडियो, ऐसे प्रकाशक जिनके पास वीडियो सामग्री उपलब्ध है, उन्हें यूट्यूब सहित गूगल के विस्तृत विज्ञापन संजाल (नेटवर्क) का प्रयोग करते हुए विज्ञापन प्रकाशन द्वारा राजस्व अर्जित करने का अवसर प्रदान करता है।<ref>{{cite web | url = http://www.businessweek.com/news/2010-05-03/google-s-youtube-boosts-display-advertisers-10-fold-update1-.html | title = Google’s YouTube Boosts Display Advertisers 10-Fold (Update1) | author = Brian Womack | publisher = Bloomberg Businessweek | date = 2010-05-03 | accessdate = 2010-05-03}}</ref>
== एक्सएचटीएमएल (XHTML) अनुकूलता ==
सितम्बर 2007 तक ऐडसेंस खोज बॉक्स का [[एचटीएमएल|एचटीएमएल (HTML)]] कोड एक्सएचटीएमएल (XHTML) को स्वीकार नहीं करता था, तथा निम्नलिखित के प्रयोग के कारण वेबसाईट निर्माण के आधुनिक सिद्धांतों का पालन भी नहीं करता था
* गैर मानक एंड टैग जैसे <code></img></code> और <code></input></code>,
* एट्रिब्यूट <code>checked="checked"</code> के स्थान पर <code>checked</code>,
* <code>id</code>, <code>class</code>, अथवा <code>style</code> के स्थान पर अन्य प्रेजेंटेशन एट्रिब्यूट का प्रयोग - उदाहरण के लिए <code>bgcolor</code> व <code>align</code>,
* विशुद्ध प्रस्तुतिकरण (अर्थात गैर सारणीबद्ध) प्रयोजनों के लिए सारिणी संरचना का प्रयोग,<sup>1</sup> तथा
* <code>font</code> टैग.<sup>2</sup>
<small>1: तालिका का उपयोग अनभिप्रेत कारणों के लिए करने को डब्ल्यू3C (W3C) द्वारा हतोत्साहित किया जाता है<ref>{{cite web|url=http://www.w3.org/TR/CSS2/tables.html|title=Tables|author=W3C|accessdate=2009-10-06}}</ref> परन्तु फिर भी इससे कोई डॉक्युमेंट वैलिडेशन असफल नहीं होता है - वर्तमान में इसकी कोई कलन विधि नहीं है कि जिससे यह पता चल सके कि किसी सारिणी का प्रयोग ठीक तरह से हुआ है या नहीं (सारिणीबद्ध डेटा अथवा तत्वों को दर्शाने के लिए, जो सक्रिय क्लायंट की ओर से स्क्रिप्ट के प्रयोग के बिना ब्राउज़र विंडो का आकार परिवर्तित करने पर अनुपात खो कर अपेक्षाकृत चौड़ी अथवा पतली हो जाती है)। </small><br /><small></small>
<small>2: <code>font</code> टैग की प्रशंसा नहीं की जाती है परन्तु यह एक्सएचटीएमएल मानक में किसी वैलिडेशन पर असफल नहीं होता है{{Citation needed|date=October 2009}}.</small>
इसके अतिरिक्त, ऐडसेंस विज्ञापन इकाइयां जावास्क्रिप्ट पद्धति का उपयोग <code>document.write()</code> करती है, जो <code>application/xhtml+xml</code> माइम (MIME) प्रकार के साथ प्रयोग किये जाने पर सही ढंग से काम नहीं करती हैं। ये इकाइयां <code>iframe</code> एचटीएमएल (HTML) टैग का प्रयोग भी करती हैं, जो कि ''एक्सएचटीएमएल 1.0 स्ट्रिक्ट (XHTML 1.0 Strict)'' अथवा ''एक्सएचटीएमएल 1.0 ट्रांज़िशनल (XHTML 1.0 Transitional)'' DOCTYPEs को सही रूप से वैलिडेट (अभिपुष्ट) नहीं करता है।
ऐडसेंस कार्यक्रम की शर्तों के अंतर्गत इसके सहयोगियों द्वारा इसके कोड को बदलने पर रोक होती है, अतः इसके सहभागी वैध एक्सएचटीएमएल वेबसाइटें नहीं बना पाते.
हालांकि, इसे करने का एक तरीका इस प्रकार खोजा गया है कि एक अलग एचटीएमएल पेज लेकर उस पर सिर्फ ऐडसेन्स विज्ञापन इकाइयां डाली जाती हैं, इसके बाद इस पेज को <code>ऑब्जेक्ट (object)</code> टैग का प्रयोग करते हुए एक एक्सएचटीएमएल में इम्पोर्ट किया जाता है।<ref>{{cite web|url=http://www.cssplay.co.uk/menu/adsense.html|title=Adding AdSense to application/xhtml+xml pages|author=Stu Nicholls|accessdate=2008-02-02|archive-date=26 दिसंबर 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20101226000614/http://www.cssplay.co.uk/menu/adsense.html|url-status=dead}}</ref> इस तरीके को गूगल द्वारा स्वीकार किया गया प्रतीत होता है।<ref>{{cite web|url=http://www.456bereastreet.com/archive/200409/content_negotiation_adsense_and_comments/ | title=Content negotiation, AdSense, and comments | author=Roger Johansson | date=2004-09-01| accessdate=2008-02-02}}</ref>
== ऐडसेन्स कैसे कार्य करता है ==
* वेबमास्टर एक वेबपेज पर ऐडसेंस जावास्क्रिप्ट कोड सम्मिलित करता है।
* जितनी बार इस पेज को देखा जाता है, लाइनों में सम्मिलित जावास्क्रिप्ट कोड जेएसओएन (JSON) का प्रयोग करते हुए गूगल के सर्वरों से सामग्री निरुपित करता है।
* [[:Contextual advertising|प्रासंगिक विज्ञापनों]] के लिए गूगल के सर्वर पेज की कैश (cache) का उपयोग करते हुए उच्च परिमाण वाले खोजशब्द (keywords) निर्धारित करते हैं। यदि खोजशब्द पहले से ही कैश कर लिए गए हैं, तो उन खोजशब्दों के लिए ऐडवर्ड्स बिडिंग प्रणाली का प्रयोग करते हुए विज्ञापन प्रस्तुत कर दिए जाते हैं। (अधिक विवरण [http://appft1.uspto.gov/netacgi/nph-Parser?Sect1=PTO2&Sect2=HITOFF&p=1&u=%2Fnetahtml%2FPTO%2Fsearch-bool.html&r=1&f=G&l=50&co1=AND&d=PG01&s1=20040059708&OS=20040059708&RS=20040059708 ऐडसेंस पेटेंट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190219235349/http://appft1.uspto.gov/netacgi/nph-Parser?Sect1=PTO2&Sect2=HITOFF&p=1&u=%2Fnetahtml%2FPTO%2Fsearch-bool.html&r=1&f=G&l=50&co1=AND&d=PG01&s1=20040059708&OS=20040059708&RS=20040059708 |date=19 फ़रवरी 2019 }} में वर्णित हैं।)
* साइट लक्षित विज्ञापनों के लिए, विज्ञापनदाता जिस पेज पर विज्ञापन प्रदर्शित करना है, उसे चुनता है तथा कॉस्ट पर माइल (सीपीएम) के आधार पर, अथवा वह मूल्य जो कि वह प्रति हज़ार विज्ञापन प्रदर्शन पर देगा, भुगतान करता है।<ref>{{cite web
|url=http://adwords.google.com/support/bin/answer.py?answer=54411&topic=13175
|title=Google AdSense Help Center: What are CPM ads?
|date=2007-12-29
|access-date=6 फ़रवरी 2011
|archive-date=22 जनवरी 2009
|archive-url=https://web.archive.org/web/20090122054213/http://adwords.google.com/support/bin/answer.py?answer=54411&topic=13175
|url-status=dead
}}</ref><ref>{{cite web
|url=http://www.google.com/ads/sitetargeted.html
|title=Google AdWords: All About Site-Targeted Ads
|date=2007-12-29
}}</ref>
* रेफरल के लिए गूगल प्रयोगकर्ता द्वारा निर्दिष्ट किया गया सॉफ्टवेयर डाउनलोड किये जाने पर, अथवा निर्दिष्ट की गयी सेवा को स्वीकार किये जाने पर, विज्ञापनदाता के खाते में धन जोड़ देता है।<ref>{{cite web
|url=https://www.google.com/adsense/support/bin/answer.py?answer=25890&topic=11724
|title=Google AdSense Help Center: What is the referrals feature?
|date=2007-12-29
}}</ref> रेफरल कार्यक्रम अगस्त 2008 में समाप्त हो गया।<ref>{{cite journal
| title = Google yanks AdSense referral program, offers shoddy surrogate
| journal = blog.anta.net
| date = 2008-07-01
| url = http://blog.anta.net/2008/07/01/google-yanks-adsense-referral-program-offers-shoddy-surrogate/
| issn = 1797-1993
| accessdate = 2008-07-01
| archive-date = 23 जुलाई 2011
| archive-url = https://web.archive.org/web/20110723014344/http://blog.anta.net/2008/07/01/google-yanks-adsense-referral-program-offers-shoddy-surrogate/
| url-status = dead
}}</ref>
* खोज विज्ञापन प्रयोगकर्ता द्वारा की गयी खोज के परिणामों की सूची में जोड़ दिए जाते हैं।
* चूंकि पेज का अनुरोध किये जाने पर जावास्क्रिप्ट को वेब ब्राउज़र को भेज दिया जाता है, अतः अन्य वेबसाईट स्वामियों के लिए इस जावास्क्रिप्ट कोड को कॉपी करके अपने वेबपेजों में सम्मिलित किया जाना संभव होता है। इस प्रकार की धोखाधड़ी के विरुद्ध रक्षा के लिए, ऐडसेंस के ग्राहक जिन पेजों पर विज्ञापन दिखाया जाना है, उनको निर्दिष्ट कर सकते हैं। ऐडसेंस तब इन निर्दिष्ट किये गए पेजों के अतिरिक्त अन्य से की गयी क्लिक पर ध्यान नहीं देता है।
== दुरुपयोग ==
कुछ वेबमास्टर ऐसी वेबसाइटें बनाते हैं हैं जो गूगल व अन्य इंजनों के खोजकर्ताओं को लुभा कर अपनी ऐडसेन्स वेबसाईट पर लाती हैं जिससे कि क्लिक द्वारा धन अर्जित किया जा सके। इन "ज़ोंबी" ("zombie") वेबसाइट पर अक्सर एक दुसरे से जुड़ी हुई स्वतः प्राप्त सामग्री के अतिरिक्त कुछ नहीं होता है (उदाहरण के लिए [[मुक्त निर्देशिका परियोजना|ओपन डाइरेक्ट्री परियोजना]] से प्राप्त सामग्री वाली एक डाइरेक्ट्री अथवा आरएसएस फीड से प्राप्त सामग्री पर आधारित एक स्क्रैपर वेबसाईट)। संभवतः "ऐडसेंस फार्मों" का सबसे लोकप्रिय रूप स्प्लॉग (स्पैम ब्लॉग) होते हैं, जो कि उच्च-मूल्य वाले खोज शब्दों पर केन्द्रित होते हैं। कई वेबसाइटें प्रयोगकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए अन्य वेबसाइटों, जैसे [[विकिपीडिया]], की सामग्री का प्रयोग कर लेती हैं। ये तथा इससे संबंधित तरीकों को सर्च इंजन स्पैम माना जाता है तथा इनके विषय में गूगल को सूचित किया जा सकता है। {{Citation needed|date=May 2009}}
ऐडसेन्स के लिए बनी (Made for AdSense) (एमएफए (MFA)) वेबसाईट अथवा वेबपेज पर थोड़ी सी अथवा बिलकुल भी सामग्री नहीं हो सकती है, तथा यह विज्ञापनों से भरी हुई होती है जिससे कि प्रयोगकर्ता के पास किसी विज्ञापन पर क्लिक करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं होता है। पूर्व में ऐसे पेजों को सहन कर लिया जाता था परन्तु शिकायतों के कारण गूगल अब ऐसे खातों को बंद कर देता है।
ऐसे ट्रोजन हौर्स की भी शिकायतें प्राप्त हुईं जो कि वैध गूगल विज्ञापनों की तरह ही दिखने वाले नकली विज्ञापन प्रदर्शित करते हैं। ऐसे ट्रोजन हौर्स आशंकित प्रयोगकर्ता के कंप्यूटर में वेबपेज के ज़रिये स्वयं को अपलोड कर लेते हैं एवं तब असली विज्ञापनों को स्वयं के दुर्भावनापूर्ण विज्ञापनों के वर्ग से बदल देते हैं।<ref>{{cite news|url=http://www.techshout.com/internet/2005/27/a-trojan-horse-program-that-targets-google-ads-has-been-detected-by-an-indian-web-publisher/|title=Trojan Horse program that targets Google AdSense ads|publisher=TechShout|date=2005-12-27|author=Benaifer Jah}}</ref>
== आलोचना ==
क्लिक धोखाधड़ी की कथित चिंताओं के कारण गूगल ऐडसेन्स की कई [[खोज इंजन इष्टतमीकरण|सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन]] व्यापारिक कंपनियों द्वारा आलोचना की गयी क्योंकि गूगल जिसे "अमान्य क्लिक" कहता है, उसमें कोई कंपनी अपनी प्रतियोगी कंपनी के सर्च इंजन विज्ञापनों पर क्लिक करती है जिससे कि उसका खर्च काफी बढ़ जाता है।<ref>{{cite news
|url=http://www.wired.com/wired/archive/14.01/fraud.html
|title=How click fraud could swallow the internet|publisher=[[Wired (magazine)|Wired]]
|author=[[Charles C. Mann]]
|date= जनवरी 2006}}</ref>
क्लिक धोखाधड़ी को रोकने के लिए ऐडसेंस प्रकाशक कई क्लिक निर्धारण कार्यक्रमों में से किसी को भी चुन सकते हैं।{{Citation needed|date=October 2007}} ये कार्यक्रम ऐडसेंस विज्ञापन पर क्लिक करने वाले आगंतुकों के बारे में विस्तृत सूचनाएं प्रदर्शित करते हैं। प्रकाशक इनका प्रयोग इसके निर्धारण के लिए कर सकते हैं कि कहीं वे क्लिक धोखाधड़ी के शिकार तो नहीं बन रहे हैं। कई वाणिज्यिक ट्रैकिंग स्क्रिप्ट खरीद के लिए उपलब्ध हैं।
वेबमास्टरों को किये जाने वाले भुगतान की शर्तों की भी आलोचना की गयी है।<ref>{{cite news
|url=http://lembingley.computing.co.uk/2007/02/google-keeps-co.html
|title=Google keeps on coining it in
|publisher=[[IT Week]]
|date=2007-02-01
|author=Lem Bingley
}}{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
गूगल भुगतान को तब तक रोके रखता है जब तक कि यह 100 डॉलर न पहुंच जाये,<ref>{{cite web
|url=https://www.google.com/adsense/support/bin/answer.py?answer=9905
|title=When do I get paid?
|publisher=Google AdSense Help Center
}}</ref>
लेकिन बहुत से सूक्ष्म सामग्री प्रदाताओं {{Citation needed|date=July 2008}} को इतना ऐडसेन्स राजस्व उत्पन्न करने में लम्बा समय लगता है - कुछ मामलों में तो यह वर्षों तक हो सकता है। हालांकि, खाते को बंद किये जाने पर, जबकि वह निष्क्रिय न किया गया हो, गूगल 10 डॉलर से अधिक के अर्जित राजस्व का भुगतान करता है।
कई वेबसाइट मालिकों की शिकायत है कि इससे पहले कि वे गूगल से अपना पहला भुगतान चेक प्राप्त कर पाते, उनके ऐडसेंस खाते को निष्क्रिय कर दिया गया। गूगल का दावा है खातों को धोखाधड़ी या निषिद्ध सामग्री के कारण निष्क्रिय किया गया है परन्तु उन्होंने इसका कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। प्रकाशक को एक स्वचालित ईमेल भेज दी जाती है जिसमें कोई कारण नहीं बताया गया होता है और न ही कोई विकल्प होता है, सिर्फ अपील फ़ाइल करने के लिए एक लिंक होता है। ईमेल में, गूगल द्वारा कहा गया होता है कि "चूंकि यह
हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अपने ऐडवर्ड्स विज्ञापनदाताओं को अमान्य गतिविधियों के कारण बढ़े हुए खर्चों से बचाएं, हमारे लिए आपका ऐडसेन्स खाता निष्क्रिय करना आवश्यक है।
आपकी बकाया राशि और गूगल का राजस्व का भाग, दोनों ही, पीड़ित विज्ञापनदाताओं को पूरी तरह वापस कर दिए जायेंगे." इस प्रकार उत्पन्न किया गया राजस्व, चाहे वह वैध हो अथवा अवैध - ले लिया जाता है तथा सारी शिकायतें विलंबित कर दी जाती हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.google.com/adsense/support/bin/answer.py?answer=57153
|title=Disabled Account FAQ - AdSense Help
|date=2010-11-08}}</ref>
गूगल परेशानी में आ गया जब आधिकारिक ऐडसेन्स ब्लॉग ने फ़्रांसिसी वीडियो वेबसाईट Imineo.com को प्रदर्शित कर दिया। इस वेबसाइट ने ऐडसेंस को कामोत्तेजक सामग्री के साथ प्रदर्शित करके गूगल के ऐडसेंस कार्यक्रम की नीतियों का उल्लंघन किया। आमतौर पर, ऐडसेंस वेबसाइटों में ऐसी सामग्री प्रदर्शित करना प्रतिबंधित होता है।<ref>{{cite news
|url=https://www.google.com/adsense/support/bin/answer.py?hl=en&answer=105957
|title=Adult content
|publisher=Google AdSense Help Center}}</ref> कुछ साइटों पर कॉपीराईट सामग्री के वितरण के कारण रोक लगा दी गयी, जबकि वे स्वयं ही उस कॉपीराईट की धारक थीं अथवा उनके पास कॉपीराईट के वितरण का अधिकार था।<ref>{{cite web
|url=https://www.google.com/adsense/support/bin/answer.py?answer=48182&sourceid=aso&subid=ww-ww-et-asui&medium=link
|title=Google AdSense Program Policies
|date=2007-12-29
}}</ref>
ऐसी सूचनाएं प्राप्त हुई हैं कि ऐडसेन्स तथा ऐडवर्ड्स दोनों का उपयोग करने पर किसी वेबसाईट को स्वयं को विज्ञापित किये जाने पर गूगल को कमीशन देना पड़ता है।<ref>{{cite web
|url=http://blog.colnect.com/2009/02/be-careful-when-using-both-adsense.html
|title=BE CAREFUL when using both AdSense + AdWords by Google
|date=2009-02-19
}}</ref>
कुछ मामलों में, ऐडसेंस अनुचित अथवा अपमानजनक विज्ञापन प्रदर्शित करता है। उदाहरण के लिए, [[भारत]] में आतंकवादी हमले के सम्बन्ध में प्रकाशित एक समाचार में, एक विज्ञापन प्रदर्शित किया गया था जो आतंकवाद में शैक्षणिक योग्यता (जो कि संभवतः विद्यमान नहीं है) के लिए था।<ref>{{cite web
|url=http://www.businessinsider.com/googles-worst-ads-ever-2009-8
|title=Google's Worst Ads Ever (GOOG)
|date=2009-08-20
}}</ref>
ऐडसेंस ट्रैकिंग कुकीज़ को स्थापित कर देता है जिसे कुछ<ref>[http://www.scroogle.org/adsense.html ऐडसेंस कुकीज़ की आलोचना]{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> द्वारा एकान्तता पर खतरे के रूप में देखा जाता है। जो वेबमास्टर ऐडसेंस का प्रयोग करते हैं, उन्हें एकान्तता की नीति के पेज में उचित चेतावनी प्रदर्शित करनी चाहिए। <ref>[https://www.google.com/adsense/localized-terms गूगल ऐडसेंस टर्म्स]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* ''द ऐडसेंस कोड'' (पुस्तक)
* गूगल ऐडवर्ड्स
* गूगल (Google) उत्पादों की सूची
* पे पर प्ले
* स्क्रैपर वेबसाइट
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|2}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* [http://www.adsense.com/ गूगल ऐडसेंस]
{{Google Inc.}}
{{DEFAULTSORT:Adsense}}
[[श्रेणी:गूगल सेवाएं (Google services)]]
[[श्रेणी:इंटरनेट विज्ञापन सेवाएं और सहबद्ध नेटवर्क]]
[[श्रेणी:वेब 2.0]]
[[श्रेणी:इंटरनेट मार्केटिंग]]
[[श्रेणी:1998 संस्थापन]]
6597ebxnrkx0mw2we4kwiy4twg4877i
स्वामी निगमानन्द परमहंस
0
400071
6543353
6523950
2026-04-23T10:31:44Z
आर्य सूर्यव्रत।
895894
कुछ बदलाव।
6543353
wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक हिन्दू नेता
|name= स्वामी निगमानन्द
|image= Thakur Nigamananda(bw).jpg
|caption= (परमहंस श्रीमद् स्वामी निगमानन्द सरस्वती)
|birth-date= {{birth date|1880|8|18|df=y}}
|birth-place= [[नदिया जिला]], [[पश्चिम बंगाल]], [[भारत]]
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|philosophy= [[वेदान्त दर्शन]] - [[तन्त्र]], [[योग]], [[ज्ञान योग]] और [[प्रेम]]([[भक्ति]])
|honors= [[परमहंस]], [[सत्गुरु|सद्गुरु]]
|quote = ''बत्छ ! इस्ट चिंता से गुरु चिंता का फल अधिक है; कियूँकी श्रीगुरु प्रतक्ष्य बिद्यमान है ; इसीलिए तुम गुरु के स्वरुप चिंता करने से उन की अगाध ज्ञानरासी तुम्हे प्राप्त होगी ''
|footnotes=
}}
'''स्वामी निगमानन्द परमहंस''' (१८८० - १९३५) [[भारत]] के एक महान् [[संन्यास|सन्यासी]] और [[सत्गुरु|सदगुरु]] थे।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(स्वामी निगमानन्द का जन्म १८८० में हुआ था)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=43|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> उन के शिष्य लोग उन्हें आदरपूर्वक - श्री श्री ठाकुर बुलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि स्वामी निगमानन्द ने [[तन्त्र|तंत्र]], [[ज्ञान]], [[योग]] और [[प्यार|प्रेम]] ([[भक्ति]]) जैसे चतुर्विध साधना में सिद्धि प्राप्त की थी, साथ साथ में कठिन समाधि जैसे निर्विकल्प समाधि का भी अनुभूति लाभ किया था। उन के इन साधना अनुभूति से वे पाँच प्रसिद्ध ग्रन्थ यथा ब्रह्मचर्य साधन, योगिगुरु, ज्ञानीगुरु, तांत्रिकगुरु और प्रेमिकगुरु [[बंगाली भाषा|बंगला]] भाषा में प्रणयन किये थे।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''स्वामी निगमानन्द ([[तन्त्र|तंत्र]], [[ज्ञान]], [[योग]] और [[प्यार|प्रेम]]([[भक्ति]])- चतुर्विध साधना में सिद्धि प्राप्त की थी)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=102|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623063511/http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref> उन्होंने असाम बंगीय सारस्वत मठ [[जोरहाट जिला|जोरहट जिला]]<ref name="Behera1998">{{cite book|author=M. C. Behera|title=Pilgrim centre Parashuram Kund: articulation of Indian society, culture, and economic dimension|url=http://books.google.com/books?id=QU0vAAAAYAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(असाम बंगीय सारस्वत मठ)''|date=1 जनवरी 1998|publisher=Commonwealth Publishers|isbn=978-81-7169-503-4|page=18|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623070510/http://books.google.com/books?id=QU0vAAAAYAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref><ref name="SinghSadhu1991">{{cite book|author1=Sher Singh|author2=S. N. Sadhu|title=Indian books in print|url=http://books.google.com/books?id=-EMbAQAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(स्वामी निगमानन्द परमहंस की असाम बंगीय सारस्वत मठ [[जोरहाट जिला|जोरहट जिला]])''|year=1991|publisher=Indian Bureau of Bibliographies.|isbn=978-81-85004-46-4|page=572|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623061404/http://books.google.com/books?id=-EMbAQAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref> में और नीलाचल सारस्वत संघ [[ओडिशा|पूरी जिला]] में स्थापित करे जो आज भी अपना कार्य कर रहा है।<ref name="SinghSadhu2003">{{cite book|author1=Sher Singh|author2=S. N. Sadhu|author3=Indian Bibliographies Bureau|title=Indian books in print|url=http://books.google.com/books?id=zDcbAQAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(नीलाचल सारस्वत संघ)''|year=2003|publisher=Indian Bureau of Bibliographies|page=866}}</ref><ref name="Society2001">{{cite book|author=Indian Anthropological Society|title=Journal of the Indian Anthropological Society|url=http://books.google.com/books?id=RE6BAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(स्वामी निगमानन्द परमहंस की नीलाचल सारस्वत संघ [[पुरी|पूरी जिला]])''|year=2001|publisher=The Society|page=156|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623060810/http://books.google.com/books?id=RE6BAAAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref> उन्होंने सारे [[साधना]] मात्र ३ साल (१९०२ - १९०५) में समाप्त कर लिया और '''परमहंस श्रीमद् स्वामी निगमानन्द सरस्वती देव''' के नाम से विख्यात हुए।
== जीवन ==
=== बाल्य जीवन ===
[[चित्र:Gurudham.jpeg|right|144px|स्वामी निगमानंद जी के जन्म स्थान नदिया जिल्ले में अबस्तिथ गाँब : '''कुतबपुर ''']]
स्वामी निगमानन्द का जन्म तत्कालीन नदिया जिला (अब [[बांग्लादेश|बंगलादेश]] का मेहरपुर जिला) के कुतबपुर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=(''स्वामी निगमानन्द का जन्म '')|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=43|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> उनके बचपन का नाम नलिनीकांत था।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=btYXAAAAIAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(बचपन का नाम नलिनीकांत था)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=100}}</ref> उनके पिता भुबन मोहन भट्टाचार्य एक सरल अध्यात्मिक ब्यक्ति के नाम से सुपरिचित थे। बचपन में ही उनकी मां, माणिक्य सुंदरी, का स्वर्गबास हुआ था।
=== सांसारिक जीवन ===
सत्रह बर्ष की आयु में हलिसहर निबसी स्वर्गीय बैद्यनाथ मुखोपाधाय की जेष्ठ कन्या एकादस वर्षीय सुधांशुबाला के साथ नलिनीकांत का बिबाह सम्पर्न हुआ।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(सुधांशुबाला के साथ नलिनीकांत का बिबाह)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=49|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> इस बिच नलिनीकांत ने सर्भे स्कूल का पाठक्रम पूरा करके ओबरसिअर की नौकरी की। <ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(ओबरसिअर की नौकरी)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=49|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> उनके बाद उन्होंने दीनाजपुर जमीदारी के अंतर्गत नारायणपुर में नौकरी शुरु की। एक दिन साम को नारायणपुर कचहरी में कार्यरत रहते समय सुधादेवी (उनकी पत्नी) की छायामूर्ति देखकर बह चौंक उठे। कुछ देर बाद बह मूर्ति गायब हो गई।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(सुधादेवी (उनकी पत्नी) की छायामूर्ति दर्शन)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=50|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> बाद में गांब पहंच कर पता चला कि सुधादेवी इस संसार में नही रहीं। इस घटना से उनमे परलोग के प्रति बिश्वास पैदा हुआ क़ी मृत्यु के साथ परलोग का घनिष्ठ संबंध है। इस मृत्यु और परलोग तत्त्व को जानने केलिए उन्होंने [[चेन्नई|मद्रास]] स्थित थिओसफि संप्रदाय में शामिल हो कर बह बिद्या सीखी।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(थिओसफि संप्रदाय में शामिल हुए निगमानन्द)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=63|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> बह दिबंगत सुधांशुबाला को प्रत्यक्ष रूप में देखना चाहते थे। इसलिए मीडियम के भीतर उनकी आत्मा को लाकर आत्मा के प्रत्यक्ष दर्शन ना होनेसे नलिनीकांत तृप्त नहीं हो पाये। अभ्यास करते समय उन्हें पता चला कि हिन्दू योगियों की कृपा से उन्हें प्रत्यक्ष ज्ञान की प्राप्ति होगी। इसलिए नलिनीकांत [[चेन्नई|मद्रास]] से लौटकर हिन्दूयोगियों की खोज में लग गये।
=== साधक जीवन ===
==== तंत्र साधना ====
एक दिन रात को नलिनीकांत ने देखा, उनकी शय्या के पास एक ज्योतिर्मय महापुरुष खड़े होकर कह रहे हें - "बत्स ! अपना यह मंत्र ग्रहण करो"। इतना कहकर उन्होंने नलिनीकांत को बिल्वपत्र पर लिखित एकाख्यर मंत्र प्रदान किया और उसके बाद पलभर में ही गायब हो गये। उसके बाद नलिनीकांत काफी खोज की, फिर भी कोई भी उन्हें उस मंत्र का रहस्य नहीं समझा पाया। उस समय बहुत ही निरुत्चायहित होकर नलिनीकांत ने आत्म हत्या करने का संकल्प किया और उसके बाद बह नींद में सो गये। तत्पश्यात एक बृद्ध ब्राहमण ने स्वप्न में कहा, बेटा, तुम्हारे गुरु तारापीठ के [[बामाक्षेपा]] हें।
एक दिन रात को नलिनीकांत ने देखा, उनकी शय्या के पास एक ज्योतिर्मय महापुरुष खड़े होकर कह रहे हें - ''बत्स ! अपना यह मंत्र ग्रहण करो''। इतना कहकर उन्होंने नलिनीकांत को बिल्वपत्र पर लिखित एकाख्यर मंत्र प्रदान किया और उसके बाद पलभर में ही गायब हो गये। उसके बाद नलिनीकांत काफी खोज की, फिर भी कोई भी उन्हें उस मंत्र का रहस्य नहीं समझा पाया। उस समय बहुत ही नीरू उत्चाया निरुत्चायहित होकर नलिनीकांत ने आत्म हत्या करने का संकल्प किया और उसके बाद बह नींद में सो गये। तत्पश्यात एक बृद्ध ब्राहमण ने स्वप्न में कहा, ''बेटा, तुम्हारे गुरु तारापीठ के बामाखेपा हें''।
नलिनीकांत [[बीरभूम जिला|बीरभूम जिले]] के [[तारापीठ]] में साधू बामाक्षेपा के पास पहुंचे।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=btYXAAAAIAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(नलिनीकांत साधू बामाक्षेपा के पास पहुंचे)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=100}}</ref> सिद्ध महात्मा [[बामाक्षेपा]] ने उन्हें मंत्र की साधन प्रणाली सिखाने का बचन दिया। उनकी कृपा से नलिनीकांत ने देबी तारा को सुधांसूबाला की मूर्ति में दर्शन किया और देवी के साथ बर्तालाप किया। देवी के बार बार दर्शन पाकर भी नलिनीकांत उन्हें स्पर्श करने में असमर्थ रहे। इसका तत्व जानने के लिए बह तंत्रिक्गुरु [[बामाक्षेपा]] के उपदेशानुसार संन्यासी गुरु के खोज करने लगे।
==== ज्ञान साधना ====
गुरु की खोज करते करते उन्होंने [[भारत]] के अनेक स्थानों का भ्रमण किया और अंत में [[पुष्कर]] [[तीर्थ]] में स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती के दर्शन पाकर बह उनके चरनाश्रित हुए |<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=btYXAAAAIAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(सन्यासी गुरु के खोज)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=101}}</ref> सच्चिदानंद के दर्शन करते ही नलिनीकांत जान पाये की जिन [[महात्मा]] ने उन्हें स्वप्न में मंत्र दान किया था, बे ही यही सच्चिदानंद स्वामी है। नलिनीकांत गुरु के पास रहकर उनके आदेश से अनेक श्रमसाध्य कार्य किये। उनकी सेवा से संतुस्ट होकर गुरुदेव ने उन्हें सन्यास की दिक्ष्या दे कर उनका नाम '''निगमानंद''' रखा।
==== योग साधना ====
सन्यास लेने के बाद तत्व की उपलब्धि के लिए उन्होंने गुरु के आदेश पर चारधामों का भम्रण किया।<ref>[http://orissa.gov.in/e-magazine/Orissareview/june2006/engpdf/13.pdf Swami Nigamananda's visit to Char Dham ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111003235611/http://orissa.gov.in/e-magazine/Orissareview/june2006/engpdf/13.pdf |date=3 अक्तूबर 2011 }} ''Swami Nigamananda was instructed by his guru Swami Sachidananda to visit all these spiritual centers
(dhamas) to realize the deeper significance of the four great sayings of Vedas and Upanishads.'' '''Page: 1 (Para - 2nd)'''</ref> परन्तु जिस तत्व की उन्होंने उपलब्धि की, उस तत्व की अंतर में उपलब्धि के लिये बे ज्ञानी गुरु के आदेश से उनसे विदा ले कर योगी गुरु की खोज में निकल पड़े। योगी गुरु की खोज के समय, एक दिन बनों के रमणीय दृश्य को देखकर बह इतने मोहित ओ गये कि दिन ढल जाने कि बाद भी उन्हें पता ही नहीं चल पाया कि शाम हो चुकी है। फलतः उन्हाने बस्ती में न लौटकर एक पेड़ के कोटर में रात बिताई | रात बीत जाने का बाद परिब्राजक निगमानंद ने पेड़ के नीचे एक दीर्घकाय तेजस्बी साधू के दर्शन किये और उनके इशारे पर उनका अनुसरण किया। बाद में उस साधुने निगमानंद को अपना परिचय दिया और उन्हें योग शिख्या देने का बचन देकर उन्हें अपनी [[कुटिया]] में ठहराया। उस साधू के [[आश्रम]] में रहकर स्वामी निगमानंद ने योगसाधन के कौशल सीखे और उनके आदेश से बह योग साधना के लिय लोकालय में लौटे। उनके उन योग शिख्यादाता गुरु का नाम '''उदासिनाचार्य सुमेरुदास महाराज''' है।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|accessdate=26 दिसम्बर 2011|series=''He found a Yogi guru called "Sumerudasji" (सुमेरु दास)otherwise known as "Koot Hoomi Lal Singh" (कूथ हुमि लाल सिंह)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=101|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623063511/http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref><ref name="Behera1998">{{cite book|author=M. C. Behera|title=Pilgrim centre Parashuram Kund: articulation of Indian society, culture, and economic dimension|url=http://books.google.com/books?id=QU0vAAAAYAAJ|accessdate=2 मई 2012|series='''Swami Nigamananda'''|date=1 जनवरी 1998|publisher=Commonwealth Publishers|isbn=978-81-7169-503-4|pages=19, 41|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623070510/http://books.google.com/books?id=QU0vAAAAYAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref>
;निर्विकल्प समाधि की प्राप्ति
निगमानंद हठ योग की साधना के लिए पावना जिला के हरिपुर गांव में रहने लगे। साधना में अनेक बिघ्न पैदा होने के कारण निगमानंद कामाख्या चलें गये और पहेले सविकल्प समाधि प्राप्त की। उसके बाद [[कामाख्या मन्दिर|कामाख्या]] पहाड़ में निर्विकल्प समाधि प्राप्त की। ऐसा माना जाता हे, निगमानंद निर्विकल्प समाधि में निमग्न होकर '''में गुरु हूँ''' - यह स्वरुप-ज्ञान लेकर पुनः बापस आये थे। लेखक [[:en:Durga Charan Mohanty|दुर्गा चरण महान्ति]] ने लिखा "में कौन हूँ" यह जानने केलिए स्वामी निगमानंद संसार को त्याग कर बैरागी बने थे और "में गुरु हूँ", यह भाव लेकर वह संसार में लौट आये।
==== भाव साधना ====
पूर्णज्ञानी, यह अभिमान ले कर निगमानंद [[काशी]] में पहुंचे। बहां पर माँ ''अर्णपुर्न्ना'' (काशी नगरी की इष्ट देवी) ने उनके भीतर अपूर्णता-बोध का जागरण कर दिया और कहा, '' तुमने ब्रहमज्ञान प्राप्त किया हे सही, परन्तु अबर ब्रहमज्ञान, या [[प्यार|प्रेम-भक्ति]] के पथ में जो भगबत [[ज्ञान]] है, तुम्हें प्राप्ति नहीं हुई। इसलिए तुम पूर्ण नहीं हो ''। तत्पचात श्री निगमानंद देव प्रेम शिद्धा ''गौरीदेवी'' की कृपा से अबर ब्रहम ज्ञान प्राप्त कर चरम सिद्धि में पहुंचे। प्रेम सिद्धि के बाद स्वामी निगमानंद देव की इष्ट देवी ''तारा'' उन्हें प्रतख्य दर्शन देकर कहा ''तुम्ही सार्वभौम गुरु हो; जगत बासी तुम्हारी संतान है। तुम लोकलय में जाकर अपने [[शिष्य]] भक्त को स्वरुप ज्ञान दो''। ''तारादेवी'' के बाक्य से निगमानंद ने अपने को पूर्ण समझा।
== परमहंस पद से अलंकृत ==
इस बिच बह गुरुदेव को दर्शन के लिए [[कुम्भ मेला|कुम्भ मेले]] में पहुंचे। बहां उन्होंने सब से पहले अपने गुरु सच्चिदानंद देव को प्रणाम करने के बाद [[शंकराचार्य|जगदगुरु शंकराचार्य]] को प्रणाम किया। दुसरे साधुओने उस पर आपति जताई। स्वामी निगमानंद ने उसका सही उत्तर देकर [[शंकराचार्य|जगदगुरु]] को संतुष्ट किया।
जब उन्होंने जगदगुरु शंकराचार्य के कुछ सुचिंतित प्रश्नों के सही उत्तर दिये, तो जगदगुरु ने उनके गुरु सच्चिदानंद को निर्देश दिया की उन्हें '''परमहंस''' की उपाधि से अलंकृत करें। साधुमंडली की श्रद्धा पूर्ण सम्मति से गुरु सच्चिदानंद देव ने स्वामी निगमानंद को परमहंस की उपाधि दी। उनका पूरा नाम इसी प्रकार से रहा '''परिब्राजकाचार्य परमहंस श्री मद स्वामी निगमानंद सरस्वती देव'''।<ref name="Prajnanananda2005">{{cite book|author=Paramahamsa Prajnanananda|title=My Time With The Master|url=http://books.google.com/books?id=9hrnJd9cRMcC&pg=PA25|accessdate=2 मई 2012|series='''Paramahansa Swami Nigamananda'''|date=1 दिसम्बर 2005|publisher=Sai Towers Publishing|isbn=978-81-7899-055-2|pages=25–|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623055222/http://books.google.com/books?id=9hrnJd9cRMcC&pg=PA25|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref>
== कर्म ==
[[चित्र:Aryadarpan_BENGALI_ORIYA.png|thumb|right|144px|स्वामी निगमानंद प्रकाशित सनातन धर्म मुख पत्र '''आर्य दर्पण''']]
देश बासियों का मनोभाव बदल कर उन्हें प्रवृति से निवृति मार्ग में लौटाने के लिए श्री निगमानंद ने ''योगी गुरु'', ''ज्ञानी गुरु'', ''ब्रहमचर्य साधन'', ''तांत्रिक गुरु'' और ''प्रेमिक गुरु'' आदि ग्रंथो का प्रणयन किया और [[सनातन धर्म]] के मुख पत्र के रूप में '''आर्य दर्पण''' नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन किया।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|accessdate=2 मई 2012|series=''स्वामी निगमानंद प्रकाशित सनातन धर्म मुख पत्र'' : '''आर्य दर्पण'''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=102|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623063511/http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref> उसके अतिरिक्त सत शिख्या के बिश्तार और सनातन धर्म के उद्देश्य से साल 1912 में जोरहट स्तित (असम) कोकिलामुख में शांति आश्रम (सारस्वत मठ) की प्रतिष्टा की और संघ, सम्मलेन का अनुष्ठान किया।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=2 मई 2012|series='''स्वामी निगमानंद की भक्त सम्मिलनी'''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=129|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> संघ और सम्मलेन के माध्यम से आदर्श गृहस्थ समाज का गठन, संघ शक्ति की प्रतिष्टा और भाव बिनिमय कराकर जगत बासियों की सेवा करना ही उनका उद्देश्य था। [[ईश्वर|नारायण]] के ज्ञान से जिव सेवा करने का उपदेश देकर श्री निगमानंद ने शिष्य-भक्तों और जनसाधारण को उदबुद्ध किया। इस प्रकार बहुत ही कम समय के भीतर [[बंगाल]], [[बिहार]], [[असम]] और [[म्यान्मार|ब्रहमदेश]] के कुछ खेत्रों में उपनी भावधारा का ब्यापक प्रचार पर उन्होंने असम स्तित [[मठ]] छोड़ दिया और बे जीवन के शेष भाग को [[पुरी|पुरीधाम]] में निर्जन बास में ([[:en:Nilachala Kutir|नीलाचल कुटीर]] में) बिताने लगे। उन्होंने ओडिशा के भक्तों को संघबद्ध करने के उद्देश्य में उपने शुभ जन्मदिन साल 1934 की [[श्रावण]] [[पूर्णिमा]] को [[:en:Nilachala Saraswata Sangha|'''नीलाचल सारस्वत संघ''']] की स्तापना करके उपनी आध्यात्मिक भावधारा का प्रचार करने का निर्देश दिया। आदर्श गृहस्थ जीवन यापन करके संघ शक्ति की प्रतिष्टा करने के साथ साथ उन्होंने शिष्य भक्तों को भाव बिनिमय करने का उपदेश दिया।
== दर्शन ==
;[[इष्ट-देव|इष्ट]] और [[गुरु]] अभिर्ण व एक है
स्वामी निगमानंद ने कहा, [[इष्ट-देव]] के स्थान पर उपने गुरुदेव को ध्यान कर सकते हो इसीलिए इष्ट और गुरु अभिर्ण व एक है।
;[[शंकराचार्य|शंकर]] की मत्त और महाप्रभु [[चैतन्य महाप्रभु|गौरांग]] की पथ
जगदगुरु शंकर की मत्त (ज्ञान) और महाप्रभु गौरांग देव की पथ (प्रेम) यह आदर्श अपनाने केलिए शिष्य भक्तों को आदेश दिया है।
== शिक्षा ==
[[चित्र:Sadgurunigamananda.jpg|thumb|right|144px|''' सदगुरु निगमानंद ''']]
* जिन्होंने निर्विकल्प समाधि से उत्तीर्ण होकर बापस इस संसार को आये, उन्हें सदगुरु कहा जाता है। केवल वे ही दुसरों पर कृपा करने में समर्थ है।
* जो गुरु महापुरुष त्रिगुणमयी माया को पार कर आत्मस्वरूप में प्रतिष्टित रहकर जीव उधार करते हें, वे ही सदगुरु है।
* प्रेम भक्ति ही पृथ्वी की श्रेष्ट शक्ति है। इसलिए श्रीगुरु देव के चरणों का आश्रय लेकर भगवत चर्चा करने केलिय शास्त्रों का नीरेश है।
* भक्ति समस्त धर्मों का मूल है। भक्ति मार्ग पर चलने से आखरी में ज्ञान की प्राप्ति होती है।
* श्री गुरु देव ही मुक्ति दाता और गुरुसेवा ही शिष्यों का एकमात्र परमधर्म है।
* सनातन धर्म में सदगुरु और इस्टदेवता अभिन्न है।
* सदगुरु अवतार नहीं है, वे युग धर्म के पदर्शित मत और पथ पर शिषों को संचालित करते है।
* सदगुरु के निर्देशानुसार कर्म करना ही कर्म योग है।
* मनुष्य जीवन का लख्य आनंद की प्राप्ति है, भगवत प्राप्ति होने पर ही उस आनंद की प्राप्ति होती है।
* कलियुग में संघ शक्ति ही श्रेष्ट है
== महासमाधि ==
इस तरह पूरीधाम में अवस्थान करके समय वे सामान्य अस्वस्थता के कारण कलकता चले गये। उसके बाद 29 नवम्बर 1935 अग्रहायण शुक्ल चतुर्थी तिथि को उस महानगरी में एक निर्जन कमरे में महासमाधि ली।
== इन्हें भी देखें ==
* [[शंकराचार्य|शंकर]]
* [[चैतन्य महाप्रभु|गौरांग]]
* [[दुर्गाचरण महान्ति]]
== ध्यान दें ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20120321093919/http://swaminigamananda.org/ स्वामी निगमानन्द]
* [https://web.archive.org/web/20180910045302/http://nsspuri.org/ नीलाचल सारस्वत संघ, पूरी]
* [https://web.archive.org/web/20080605152208/http://www.absmath.org/ आसाम बंगीय सारस्वत मठ, कोकिलामुख, जोरहट ]
; लेख
* [http://www.indiadivine.org/audarya/vedic-astrology-jyotisha/644727-sri-thakur-nigamananda-paramahamsa.html श्री श्री ठाकुर निगमानंद परमहंस ] available at '''indiadivine.org'''
* [https://web.archive.org/web/20110928042808/http://www.srichinmoylibrary.com/books/1176/5/35 स्वामी निगमानन्द] available at '''srichinmoylibrary.com'''
[[श्रेणी:सद्गुरु]]
[[श्रेणी:परमहंस]]
[[श्रेणी:हिन्दू गुरु]]
[[श्रेणी:हिन्दू आध्यात्मिक नेता]]
[[श्रेणी:योगी]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
[[श्रेणी:लेखक]]
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6543354
6543353
2026-04-23T10:36:08Z
आर्य सूर्यव्रत।
895894
कुछ बदलाव।
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक हिन्दू नेता
|name= स्वामी निगमानन्द
|image= Thakur Nigamananda(bw).jpg
|caption= (परमहंस श्रीमद् स्वामी निगमानन्द सरस्वती)
|birth-date= {{birth date|1880|8|18|df=y}}
|birth-place= [[नदिया जिला]], [[पश्चिम बंगाल]], [[भारत]]
|birth-name= नलिनीकांत भट्टाचार्य
|death-date= {{death date and age|1935|11|29|1863|||df=y}}
|death-place= [[कलकत्ता]]
|guru= १: बामाक्षेपा
२: सच्चिदानन्द
३: सुमेरु दासजी
४: गौरी देवी
|philosophy= [[वेदान्त दर्शन]] - [[तन्त्र]], [[योग]], [[ज्ञान योग]] और [[प्रेम]]([[भक्ति]])
|honors= [[परमहंस]], [[सत्गुरु|सद्गुरु]]
|quote = ''बत्छ ! इस्ट चिंता से गुरु चिंता का फल अधिक है; कियूँकी श्रीगुरु प्रतक्ष्य बिद्यमान है ; इसीलिए तुम गुरु के स्वरुप चिंता करने से उन की अगाध ज्ञानरासी तुम्हे प्राप्त होगी ''
|footnotes=
}}
'''स्वामी निगमानन्द परमहंस''' (१८८० - १९३५) [[भारत]] के एक महान् [[संन्यास|सन्यासी]] और [[सत्गुरु|सदगुरु]] थे।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(स्वामी निगमानन्द का जन्म १८८० में हुआ था)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=43|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> उन के शिष्य लोग उन्हें आदरपूर्वक - श्री श्री ठाकुर बुलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि स्वामी निगमानन्द ने [[तन्त्र|तंत्र]], [[ज्ञान]], [[योग]] और [[प्यार|प्रेम]] ([[भक्ति]]) जैसे चतुर्विध साधना में सिद्धि प्राप्त की थी, साथ साथ में कठिन समाधि जैसे निर्विकल्प समाधि का भी अनुभूति लाभ किया था। उन के इन साधना अनुभूति से वे पाँच प्रसिद्ध ग्रन्थ यथा ब्रह्मचर्य साधन, योगिगुरु, ज्ञानीगुरु, तांत्रिकगुरु और प्रेमिकगुरु [[बंगाली भाषा|बंगला]] भाषा में प्रणयन किये थे।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''स्वामी निगमानन्द ([[तन्त्र|तंत्र]], [[ज्ञान]], [[योग]] और [[प्यार|प्रेम]]([[भक्ति]])- चतुर्विध साधना में सिद्धि प्राप्त की थी)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=102|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623063511/http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref> उन्होंने असाम बंगीय सारस्वत मठ [[जोरहाट जिला|जोरहट जिला]]<ref name="Behera1998">{{cite book|author=M. C. Behera|title=Pilgrim centre Parashuram Kund: articulation of Indian society, culture, and economic dimension|url=http://books.google.com/books?id=QU0vAAAAYAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(असाम बंगीय सारस्वत मठ)''|date=1 जनवरी 1998|publisher=Commonwealth Publishers|isbn=978-81-7169-503-4|page=18|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623070510/http://books.google.com/books?id=QU0vAAAAYAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref><ref name="SinghSadhu1991">{{cite book|author1=Sher Singh|author2=S. N. Sadhu|title=Indian books in print|url=http://books.google.com/books?id=-EMbAQAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(स्वामी निगमानन्द परमहंस की असाम बंगीय सारस्वत मठ [[जोरहाट जिला|जोरहट जिला]])''|year=1991|publisher=Indian Bureau of Bibliographies.|isbn=978-81-85004-46-4|page=572|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623061404/http://books.google.com/books?id=-EMbAQAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref> में और नीलाचल सारस्वत संघ [[ओडिशा|पूरी जिला]] में स्थापित करे जो आज भी अपना कार्य कर रहा है।<ref name="SinghSadhu2003">{{cite book|author1=Sher Singh|author2=S. N. Sadhu|author3=Indian Bibliographies Bureau|title=Indian books in print|url=http://books.google.com/books?id=zDcbAQAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(नीलाचल सारस्वत संघ)''|year=2003|publisher=Indian Bureau of Bibliographies|page=866}}</ref><ref name="Society2001">{{cite book|author=Indian Anthropological Society|title=Journal of the Indian Anthropological Society|url=http://books.google.com/books?id=RE6BAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(स्वामी निगमानन्द परमहंस की नीलाचल सारस्वत संघ [[पुरी|पूरी जिला]])''|year=2001|publisher=The Society|page=156|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623060810/http://books.google.com/books?id=RE6BAAAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref> उन्होंने सारे [[साधना]] मात्र ३ साल (१९०२ - १९०५) में समाप्त कर लिया और '''परमहंस श्रीमद् स्वामी निगमानन्द सरस्वती देव''' के नाम से विख्यात हुए।
== जीवन ==
=== बाल्य जीवन ===
[[चित्र:Gurudham.jpeg|right|144px|स्वामी निगमानंद जी के जन्म स्थान नदिया जिल्ले में अबस्तिथ गाँब : '''कुतबपुर ''']]
स्वामी निगमानन्द का जन्म तत्कालीन नदिया जिला ([[बांग्लादेश|बंगलादेश]] का मेहरपुर जिला) के कुतबपुर में ब्राह्मण परिवार में हुया था।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=(''स्वामी निगमानन्द का जन्म '')|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=43|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> उन के बचपन का नाम नलिनीकांत था।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=btYXAAAAIAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(बचपन का नाम नलिनीकांत था)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=100}}</ref> उन के पिता भुबन मोहन भट्टाचार्य एक सरल अध्यात्मिक व्यक्ति के नाम से सुपरिचित थे। बचपन में ही उन की मां, माणिक्य सुंदरी का स्वर्गवास हुया था।
=== सांसारिक जीवन ===
सत्रह बर्ष की आयु में हलिसहर निबसी स्वर्गीय बैद्यनाथ मुखोपाधाय की जेष्ठ कन्या एकादस वर्षीय सुधांशुबाला के साथ नलिनीकांत का बिबाह सम्पर्न हुआ।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(सुधांशुबाला के साथ नलिनीकांत का बिबाह)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=49|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> इस बिच नलिनीकांत ने सर्भे स्कूल का पाठक्रम पूरा करके ओबरसिअर की नौकरी की। <ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(ओबरसिअर की नौकरी)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=49|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> उनके बाद उन्होंने दीनाजपुर जमीदारी के अंतर्गत नारायणपुर में नौकरी शुरु की। एक दिन साम को नारायणपुर कचहरी में कार्यरत रहते समय सुधादेवी (उनकी पत्नी) की छायामूर्ति देखकर बह चौंक उठे। कुछ देर बाद बह मूर्ति गायब हो गई।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(सुधादेवी (उनकी पत्नी) की छायामूर्ति दर्शन)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=50|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> बाद में गांब पहंच कर पता चला कि सुधादेवी इस संसार में नही रहीं। इस घटना से उनमे परलोग के प्रति बिश्वास पैदा हुआ क़ी मृत्यु के साथ परलोग का घनिष्ठ संबंध है। इस मृत्यु और परलोग तत्त्व को जानने केलिए उन्होंने [[चेन्नई|मद्रास]] स्थित थिओसफि संप्रदाय में शामिल हो कर बह बिद्या सीखी।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(थिओसफि संप्रदाय में शामिल हुए निगमानन्द)''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=63|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> बह दिबंगत सुधांशुबाला को प्रत्यक्ष रूप में देखना चाहते थे। इसलिए मीडियम के भीतर उनकी आत्मा को लाकर आत्मा के प्रत्यक्ष दर्शन ना होनेसे नलिनीकांत तृप्त नहीं हो पाये। अभ्यास करते समय उन्हें पता चला कि हिन्दू योगियों की कृपा से उन्हें प्रत्यक्ष ज्ञान की प्राप्ति होगी। इसलिए नलिनीकांत [[चेन्नई|मद्रास]] से लौटकर हिन्दूयोगियों की खोज में लग गये।
=== साधक जीवन ===
==== तंत्र साधना ====
एक दिन रात को नलिनीकांत ने देखा, उनकी शय्या के पास एक ज्योतिर्मय महापुरुष खड़े होकर कह रहे हें - "बत्स ! अपना यह मंत्र ग्रहण करो"। इतना कहकर उन्होंने नलिनीकांत को बिल्वपत्र पर लिखित एकाख्यर मंत्र प्रदान किया और उसके बाद पलभर में ही गायब हो गये। उसके बाद नलिनीकांत काफी खोज की, फिर भी कोई भी उन्हें उस मंत्र का रहस्य नहीं समझा पाया। उस समय बहुत ही निरुत्चायहित होकर नलिनीकांत ने आत्म हत्या करने का संकल्प किया और उसके बाद बह नींद में सो गये। तत्पश्यात एक बृद्ध ब्राहमण ने स्वप्न में कहा, बेटा, तुम्हारे गुरु तारापीठ के [[बामाक्षेपा]] हें।
एक दिन रात को नलिनीकांत ने देखा, उनकी शय्या के पास एक ज्योतिर्मय महापुरुष खड़े होकर कह रहे हें - ''बत्स ! अपना यह मंत्र ग्रहण करो''। इतना कहकर उन्होंने नलिनीकांत को बिल्वपत्र पर लिखित एकाख्यर मंत्र प्रदान किया और उसके बाद पलभर में ही गायब हो गये। उसके बाद नलिनीकांत काफी खोज की, फिर भी कोई भी उन्हें उस मंत्र का रहस्य नहीं समझा पाया। उस समय बहुत ही नीरू उत्चाया निरुत्चायहित होकर नलिनीकांत ने आत्म हत्या करने का संकल्प किया और उसके बाद बह नींद में सो गये। तत्पश्यात एक बृद्ध ब्राहमण ने स्वप्न में कहा, ''बेटा, तुम्हारे गुरु तारापीठ के बामाखेपा हें''।
नलिनीकांत [[बीरभूम जिला|बीरभूम जिले]] के [[तारापीठ]] में साधू बामाक्षेपा के पास पहुंचे।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=btYXAAAAIAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(नलिनीकांत साधू बामाक्षेपा के पास पहुंचे)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=100}}</ref> सिद्ध महात्मा [[बामाक्षेपा]] ने उन्हें मंत्र की साधन प्रणाली सिखाने का बचन दिया। उनकी कृपा से नलिनीकांत ने देबी तारा को सुधांसूबाला की मूर्ति में दर्शन किया और देवी के साथ बर्तालाप किया। देवी के बार बार दर्शन पाकर भी नलिनीकांत उन्हें स्पर्श करने में असमर्थ रहे। इसका तत्व जानने के लिए बह तंत्रिक्गुरु [[बामाक्षेपा]] के उपदेशानुसार संन्यासी गुरु के खोज करने लगे।
==== ज्ञान साधना ====
गुरु की खोज करते करते उन्होंने [[भारत]] के अनेक स्थानों का भ्रमण किया और अंत में [[पुष्कर]] [[तीर्थ]] में स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती के दर्शन पाकर बह उनके चरनाश्रित हुए |<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=btYXAAAAIAAJ|accessdate=26 नवम्बर 2011|series=''(सन्यासी गुरु के खोज)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=101}}</ref> सच्चिदानंद के दर्शन करते ही नलिनीकांत जान पाये की जिन [[महात्मा]] ने उन्हें स्वप्न में मंत्र दान किया था, बे ही यही सच्चिदानंद स्वामी है। नलिनीकांत गुरु के पास रहकर उनके आदेश से अनेक श्रमसाध्य कार्य किये। उनकी सेवा से संतुस्ट होकर गुरुदेव ने उन्हें सन्यास की दिक्ष्या दे कर उनका नाम '''निगमानंद''' रखा।
==== योग साधना ====
सन्यास लेने के बाद तत्व की उपलब्धि के लिए उन्होंने गुरु के आदेश पर चारधामों का भम्रण किया।<ref>[http://orissa.gov.in/e-magazine/Orissareview/june2006/engpdf/13.pdf Swami Nigamananda's visit to Char Dham ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111003235611/http://orissa.gov.in/e-magazine/Orissareview/june2006/engpdf/13.pdf |date=3 अक्तूबर 2011 }} ''Swami Nigamananda was instructed by his guru Swami Sachidananda to visit all these spiritual centers
(dhamas) to realize the deeper significance of the four great sayings of Vedas and Upanishads.'' '''Page: 1 (Para - 2nd)'''</ref> परन्तु जिस तत्व की उन्होंने उपलब्धि की, उस तत्व की अंतर में उपलब्धि के लिये बे ज्ञानी गुरु के आदेश से उनसे विदा ले कर योगी गुरु की खोज में निकल पड़े। योगी गुरु की खोज के समय, एक दिन बनों के रमणीय दृश्य को देखकर बह इतने मोहित ओ गये कि दिन ढल जाने कि बाद भी उन्हें पता ही नहीं चल पाया कि शाम हो चुकी है। फलतः उन्हाने बस्ती में न लौटकर एक पेड़ के कोटर में रात बिताई | रात बीत जाने का बाद परिब्राजक निगमानंद ने पेड़ के नीचे एक दीर्घकाय तेजस्बी साधू के दर्शन किये और उनके इशारे पर उनका अनुसरण किया। बाद में उस साधुने निगमानंद को अपना परिचय दिया और उन्हें योग शिख्या देने का बचन देकर उन्हें अपनी [[कुटिया]] में ठहराया। उस साधू के [[आश्रम]] में रहकर स्वामी निगमानंद ने योगसाधन के कौशल सीखे और उनके आदेश से बह योग साधना के लिय लोकालय में लौटे। उनके उन योग शिख्यादाता गुरु का नाम '''उदासिनाचार्य सुमेरुदास महाराज''' है।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|accessdate=26 दिसम्बर 2011|series=''He found a Yogi guru called "Sumerudasji" (सुमेरु दास)otherwise known as "Koot Hoomi Lal Singh" (कूथ हुमि लाल सिंह)''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=101|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623063511/http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref><ref name="Behera1998">{{cite book|author=M. C. Behera|title=Pilgrim centre Parashuram Kund: articulation of Indian society, culture, and economic dimension|url=http://books.google.com/books?id=QU0vAAAAYAAJ|accessdate=2 मई 2012|series='''Swami Nigamananda'''|date=1 जनवरी 1998|publisher=Commonwealth Publishers|isbn=978-81-7169-503-4|pages=19, 41|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623070510/http://books.google.com/books?id=QU0vAAAAYAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref>
;निर्विकल्प समाधि की प्राप्ति
निगमानंद हठ योग की साधना के लिए पावना जिला के हरिपुर गांव में रहने लगे। साधना में अनेक बिघ्न पैदा होने के कारण निगमानंद कामाख्या चलें गये और पहेले सविकल्प समाधि प्राप्त की। उसके बाद [[कामाख्या मन्दिर|कामाख्या]] पहाड़ में निर्विकल्प समाधि प्राप्त की। ऐसा माना जाता हे, निगमानंद निर्विकल्प समाधि में निमग्न होकर '''में गुरु हूँ''' - यह स्वरुप-ज्ञान लेकर पुनः बापस आये थे। लेखक [[:en:Durga Charan Mohanty|दुर्गा चरण महान्ति]] ने लिखा "में कौन हूँ" यह जानने केलिए स्वामी निगमानंद संसार को त्याग कर बैरागी बने थे और "में गुरु हूँ", यह भाव लेकर वह संसार में लौट आये।
==== भाव साधना ====
पूर्णज्ञानी, यह अभिमान ले कर निगमानंद [[काशी]] में पहुंचे। बहां पर माँ ''अर्णपुर्न्ना'' (काशी नगरी की इष्ट देवी) ने उनके भीतर अपूर्णता-बोध का जागरण कर दिया और कहा, '' तुमने ब्रहमज्ञान प्राप्त किया हे सही, परन्तु अबर ब्रहमज्ञान, या [[प्यार|प्रेम-भक्ति]] के पथ में जो भगबत [[ज्ञान]] है, तुम्हें प्राप्ति नहीं हुई। इसलिए तुम पूर्ण नहीं हो ''। तत्पचात श्री निगमानंद देव प्रेम शिद्धा ''गौरीदेवी'' की कृपा से अबर ब्रहम ज्ञान प्राप्त कर चरम सिद्धि में पहुंचे। प्रेम सिद्धि के बाद स्वामी निगमानंद देव की इष्ट देवी ''तारा'' उन्हें प्रतख्य दर्शन देकर कहा ''तुम्ही सार्वभौम गुरु हो; जगत बासी तुम्हारी संतान है। तुम लोकलय में जाकर अपने [[शिष्य]] भक्त को स्वरुप ज्ञान दो''। ''तारादेवी'' के बाक्य से निगमानंद ने अपने को पूर्ण समझा।
== परमहंस पद से अलंकृत ==
इस बिच बह गुरुदेव को दर्शन के लिए [[कुम्भ मेला|कुम्भ मेले]] में पहुंचे। बहां उन्होंने सब से पहले अपने गुरु सच्चिदानंद देव को प्रणाम करने के बाद [[शंकराचार्य|जगदगुरु शंकराचार्य]] को प्रणाम किया। दुसरे साधुओने उस पर आपति जताई। स्वामी निगमानंद ने उसका सही उत्तर देकर [[शंकराचार्य|जगदगुरु]] को संतुष्ट किया।
जब उन्होंने जगदगुरु शंकराचार्य के कुछ सुचिंतित प्रश्नों के सही उत्तर दिये, तो जगदगुरु ने उनके गुरु सच्चिदानंद को निर्देश दिया की उन्हें '''परमहंस''' की उपाधि से अलंकृत करें। साधुमंडली की श्रद्धा पूर्ण सम्मति से गुरु सच्चिदानंद देव ने स्वामी निगमानंद को परमहंस की उपाधि दी। उनका पूरा नाम इसी प्रकार से रहा '''परिब्राजकाचार्य परमहंस श्री मद स्वामी निगमानंद सरस्वती देव'''।<ref name="Prajnanananda2005">{{cite book|author=Paramahamsa Prajnanananda|title=My Time With The Master|url=http://books.google.com/books?id=9hrnJd9cRMcC&pg=PA25|accessdate=2 मई 2012|series='''Paramahansa Swami Nigamananda'''|date=1 दिसम्बर 2005|publisher=Sai Towers Publishing|isbn=978-81-7899-055-2|pages=25–|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623055222/http://books.google.com/books?id=9hrnJd9cRMcC&pg=PA25|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref>
== कर्म ==
[[चित्र:Aryadarpan_BENGALI_ORIYA.png|thumb|right|144px|स्वामी निगमानंद प्रकाशित सनातन धर्म मुख पत्र '''आर्य दर्पण''']]
देश बासियों का मनोभाव बदल कर उन्हें प्रवृति से निवृति मार्ग में लौटाने के लिए श्री निगमानंद ने ''योगी गुरु'', ''ज्ञानी गुरु'', ''ब्रहमचर्य साधन'', ''तांत्रिक गुरु'' और ''प्रेमिक गुरु'' आदि ग्रंथो का प्रणयन किया और [[सनातन धर्म]] के मुख पत्र के रूप में '''आर्य दर्पण''' नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन किया।<ref name="Ray1965">{{cite book|author=Benoy Gopal Ray|title=Religious movements in modern Bengal|url=http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|accessdate=2 मई 2012|series=''स्वामी निगमानंद प्रकाशित सनातन धर्म मुख पत्र'' : '''आर्य दर्पण'''|year=1965|publisher=Visva-Bharati|page=102|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623063511/http://books.google.com/books?id=6eVWAAAAMAAJ|archive-date=23 जून 2013|url-status=live}}</ref> उसके अतिरिक्त सत शिख्या के बिश्तार और सनातन धर्म के उद्देश्य से साल 1912 में जोरहट स्तित (असम) कोकिलामुख में शांति आश्रम (सारस्वत मठ) की प्रतिष्टा की और संघ, सम्मलेन का अनुष्ठान किया।<ref name="Bagchee1987">{{cite book|author=Moni Bagchee|title=Sadguru Nigamananda: a spiritual biography|url=http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|accessdate=2 मई 2012|series='''स्वामी निगमानंद की भक्त सम्मिलनी'''|year=1987|publisher=Assam Bangiya Saraswat Math|page=129|archive-url=https://web.archive.org/web/20140626180743/http://books.google.com/books?id=nrkcAAAAMAAJ|archive-date=26 जून 2014|url-status=live}}</ref> संघ और सम्मलेन के माध्यम से आदर्श गृहस्थ समाज का गठन, संघ शक्ति की प्रतिष्टा और भाव बिनिमय कराकर जगत बासियों की सेवा करना ही उनका उद्देश्य था। [[ईश्वर|नारायण]] के ज्ञान से जिव सेवा करने का उपदेश देकर श्री निगमानंद ने शिष्य-भक्तों और जनसाधारण को उदबुद्ध किया। इस प्रकार बहुत ही कम समय के भीतर [[बंगाल]], [[बिहार]], [[असम]] और [[म्यान्मार|ब्रहमदेश]] के कुछ खेत्रों में उपनी भावधारा का ब्यापक प्रचार पर उन्होंने असम स्तित [[मठ]] छोड़ दिया और बे जीवन के शेष भाग को [[पुरी|पुरीधाम]] में निर्जन बास में ([[:en:Nilachala Kutir|नीलाचल कुटीर]] में) बिताने लगे। उन्होंने ओडिशा के भक्तों को संघबद्ध करने के उद्देश्य में उपने शुभ जन्मदिन साल 1934 की [[श्रावण]] [[पूर्णिमा]] को [[:en:Nilachala Saraswata Sangha|'''नीलाचल सारस्वत संघ''']] की स्तापना करके उपनी आध्यात्मिक भावधारा का प्रचार करने का निर्देश दिया। आदर्श गृहस्थ जीवन यापन करके संघ शक्ति की प्रतिष्टा करने के साथ साथ उन्होंने शिष्य भक्तों को भाव बिनिमय करने का उपदेश दिया।
== दर्शन ==
;[[इष्ट-देव|इष्ट]] और [[गुरु]] अभिर्ण व एक है
स्वामी निगमानंद ने कहा, [[इष्ट-देव]] के स्थान पर उपने गुरुदेव को ध्यान कर सकते हो इसीलिए इष्ट और गुरु अभिर्ण व एक है।
;[[शंकराचार्य|शंकर]] की मत्त और महाप्रभु [[चैतन्य महाप्रभु|गौरांग]] की पथ
जगदगुरु शंकर की मत्त (ज्ञान) और महाप्रभु गौरांग देव की पथ (प्रेम) यह आदर्श अपनाने केलिए शिष्य भक्तों को आदेश दिया है।
== शिक्षा ==
[[चित्र:Sadgurunigamananda.jpg|thumb|right|144px|''' सदगुरु निगमानंद ''']]
* जिन्होंने निर्विकल्प समाधि से उत्तीर्ण होकर बापस इस संसार को आये, उन्हें सदगुरु कहा जाता है। केवल वे ही दुसरों पर कृपा करने में समर्थ है।
* जो गुरु महापुरुष त्रिगुणमयी माया को पार कर आत्मस्वरूप में प्रतिष्टित रहकर जीव उधार करते हें, वे ही सदगुरु है।
* प्रेम भक्ति ही पृथ्वी की श्रेष्ट शक्ति है। इसलिए श्रीगुरु देव के चरणों का आश्रय लेकर भगवत चर्चा करने केलिय शास्त्रों का नीरेश है।
* भक्ति समस्त धर्मों का मूल है। भक्ति मार्ग पर चलने से आखरी में ज्ञान की प्राप्ति होती है।
* श्री गुरु देव ही मुक्ति दाता और गुरुसेवा ही शिष्यों का एकमात्र परमधर्म है।
* सनातन धर्म में सदगुरु और इस्टदेवता अभिन्न है।
* सदगुरु अवतार नहीं है, वे युग धर्म के पदर्शित मत और पथ पर शिषों को संचालित करते है।
* सदगुरु के निर्देशानुसार कर्म करना ही कर्म योग है।
* मनुष्य जीवन का लख्य आनंद की प्राप्ति है, भगवत प्राप्ति होने पर ही उस आनंद की प्राप्ति होती है।
* कलियुग में संघ शक्ति ही श्रेष्ट है
== महासमाधि ==
इस तरह पूरीधाम में अवस्थान करके समय वे सामान्य अस्वस्थता के कारण कलकता चले गये। उसके बाद 29 नवम्बर 1935 अग्रहायण शुक्ल चतुर्थी तिथि को उस महानगरी में एक निर्जन कमरे में महासमाधि ली।
== इन्हें भी देखें ==
* [[शंकराचार्य|शंकर]]
* [[चैतन्य महाप्रभु|गौरांग]]
* [[दुर्गाचरण महान्ति]]
== ध्यान दें ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20120321093919/http://swaminigamananda.org/ स्वामी निगमानन्द]
* [https://web.archive.org/web/20180910045302/http://nsspuri.org/ नीलाचल सारस्वत संघ, पूरी]
* [https://web.archive.org/web/20080605152208/http://www.absmath.org/ आसाम बंगीय सारस्वत मठ, कोकिलामुख, जोरहट ]
; लेख
* [http://www.indiadivine.org/audarya/vedic-astrology-jyotisha/644727-sri-thakur-nigamananda-paramahamsa.html श्री श्री ठाकुर निगमानंद परमहंस ] available at '''indiadivine.org'''
* [https://web.archive.org/web/20110928042808/http://www.srichinmoylibrary.com/books/1176/5/35 स्वामी निगमानन्द] available at '''srichinmoylibrary.com'''
[[श्रेणी:सद्गुरु]]
[[श्रेणी:परमहंस]]
[[श्रेणी:हिन्दू गुरु]]
[[श्रेणी:हिन्दू आध्यात्मिक नेता]]
[[श्रेणी:योगी]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
[[श्रेणी:लेखक]]
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एक ननद की खुशियों की चाबी-मेरी भाभी
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox television
| name = एक ननद की खुशियो की चाबी-मेरी भाभी
| image = [[चित्र:एक ननद की खुशियों की चाबी - मेरी भाभी.jpeg|200px]]
| format = ड्रामा<br>रोमांस
| Creator = डीजे'स़ क्रिएटिव यूनिट
| writer = ज़मा हबीब
| show_name_2 = ''मेरी भाभी''
| country = [[भारत]]
| language = [[हिन्दी]]
| network = [[स्टार प्लस]]
| producer = टोनी सिंह<br>दिया सिंह
| location = [[नई दिल्ली]]<br>[[मुम्बई|मुंबई]]
| runtime = लगभग 24 मिनट
| picture_format = 576i ([[:en:SDTV|एसडी टीवी]])<br>1080i ([[हाई डेफिनेशन टेलीविजन|एचडी टीवी]])
| first_aired = 17 जून 2013
| last_aired = 12 अप्रैल 2014
| num_episodes = कुल 225
}}
'''एक ननद की खुशियों की चाबी – मेरी भाभी''' एक भारतीय [[हिन्दी]] धारावाहिक है, जिसका प्रसारण [[स्टार प्लस]] पर 17 जून 2013 से 12 अप्रैल 2014 तक हुआ।<ref>{{cite web|url=http://m.amarujala.com/news/punjab/chandigarh/chandigarh-17233-54/|title=ननद की खुशियों की चाबी मेरी भाभी|publisher=अमर उजाला|accessdate=22 सितम्बर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20151208100702/http://m.amarujala.com/news/punjab/chandigarh/chandigarh-17233-54/|archive-date=8 दिसंबर 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|title=स्टार प्लस पर 17 जून से "मेरी भाभी"|url=http://m.khaskhabar.com/hindinews/entertainment-meri-bhabhi-aired-on-star-plus-from-june-17-22511843.html|publisher=खास खबर|date=14 जून 2013|accessdate=22 सितम्बर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20151208200743/http://m.khaskhabar.com/hindinews/entertainment-meri-bhabhi-aired-on-star-plus-from-june-17-22511843.html|archive-date=8 दिसंबर 2015|url-status=live}}</ref> यह धारावाहिक शेरगिल परिवार की एक ननद एवं भाभी के प्यार भरे रिश्ते पर आधारित है। इस धारावाहिक का शीर्षक पहले '''शेर दिल शेरगिल''' रखा गया था जिसे बाद में बदल दिया।
== पात्र ==
{| class="wikitable"
|-
! अभिनेता / अभिनेत्री
|-
| '''विपुल गुप्ता'''
| आनंद जोरावर शेरगिल
|-
| '''ईशा कंसारा'''
| कृतिका आनंद शेरगिल<ref>{{cite web|title="मेरी भाभी" से छवि बदलना चाहती है ईशा|url=http://hindi.oneindia.in/television/2013/06/20/with-meri-bhabhi-esha-kansara-wants-break-past-image-249891.html|publisher=हिन्दी वन इंडिया|date=20 जून 2013|accessdate=22 सितम्बर 2014|archive-date=18 अक्तूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211018203712/https://hindi.filmibeat.com/television/with-meri-bhabhi-esha-kansara-wants-break-past-image-249891.html|url-status=dead}}</ref>
|-
| '''काँची कौल'''
| श्रद्धा कुनाल श्रीवास्तव
|-
| [[कंवलजीत सिंह]]
| कोल जोरावर शेरगिल
|-
| '''सुप्रिया पिलगांवकर'''
| अमित जोरावर शेरगिल
|-
| '''रविश देसाई'''
| कुनाल श्रीवास्तव
|-
| '''अभिषेक बजाज'''
| ईशान जोरावर शेरगिल
|-
| '''करन सिंह'''
| आशीष जोरावर शेरगिल
|-
| '''प्रियंका सिंह'''
| जया आशीष शेरगिल
|-
| '''मधुरा नाइक'''
| जसप्रीत / जस<ref>{{cite web|url=http://peoplessamachar.Co.in/index.php/entertainment-news/33-behind-tv-screen/12737-2013-08-18-16-40-57|title="मेरी भाभी" में वकील की भूमिका में मधुरा|date=18 अगस्त 2013|publisher=पीपल समाचार|accessdate=22 सितम्बर 2014}}{{Dead link|date=सितंबर 2024 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
|-
| '''श्वेता गौतम'''
| कामिनी श्रीवास्तव
|-
| '''उजैर बसर'''
| ध्रुव कुनाल श्रीवास्तव
|-
| '''भारत चावडा'''
| बोबी सूद
|-
| '''मानसी शर्मा'''
| छाया
|}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{स्टार प्लस के धारावाहिक}}
[[श्रेणी:भारतीय स्टार टीवी कार्यक्रम]]
[[श्रेणी:स्टार प्लस के धारावाहिक]]
[[श्रेणी:भारतीय टेलीविजन धारावाहिक]]
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सादड़ी
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6530101
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Romeolution
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/* विवरण */ गलत और गुमराह करने वाली जानकारी को हटाया
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox settlement
|name = सादड़ी
|other_name = Sadri
|pushpin_label = सादड़ी
|pushpin_map = India Rajasthan
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|pushpin_map_caption = राजस्थान में स्थिति
|subdivision_type = देश |subdivision_name = {{IND}}
|subdivision_type1 = [[भारत के राज्य|प्रान्त]] |subdivision_name1 = [[राजस्थान]]
|subdivision_type2 = [[भारत के ज़िले|ज़िला]] |subdivision_name2 = [[पाली ज़िला]]
|subdivision_type3 = [[तहसील]] |subdivision_name3 = [[देसूरी]]
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|blank1_name_sec1 = [[लिंगानुपात]] |blank1_info_sec1 = 990 [[पुरुष|♂]]/[[स्त्री|♀]]
}}
'''सादड़ी''' [[भारत|भारतीय]] राज्य [[राजस्थान]] के [[पाली ज़िले]] में स्थित एक नगर है।
== विवरण ==
सादड़ी मध्य काल के दौरान सिंधल राठौड़ की जागीर हुआ करती थी।<ref> {{Cite web|url=https://lsg.urban.rajasthan.gov.in/content/raj/udh/nagar-palika-sadri/en/about-/introduction.html|title=Introduction|website=नगर पालिका सादड़ी, राजस्थान सरकार|access-date=11 मार्च 2025}} </ref>
== प्रशासन ==
सादड़ी एक नगरपालिका है। पाली जिले का सबसे बड़ा नगर पालिका क्षेत्र भी है। भारत की सन् 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ की कुल जनसंख्या 27390 है।<ref>{{Cite web|url=https://www.census2011.co.in/data/town/800563-sadri-rajasthan.html|title=Sadri Municipality City Population Census 2011-2025 {{!}} Rajasthan|website=www.census2011.co.in|access-date=2025-03-11}}</ref>
== इतिहास ==
सादड़ी इतिहास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण नगर रहा है।यहां से कुछ ही दूरी पर राजस्थान के अमरनाथ कहलाने वाले [[*परशुराम महादेवजी*]] का मंदिर है। विश्व प्रसिद्ध [[राणकपुर जैन मंदिर]] इस नगर से कुछ ही दूरी पर मौजूद है।
यहां पर रणकपुर बांध भी है जो पाली जिले का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। यह बाँध जोधपुर दरबार के अधीन है, इसका कुल गेज 62 फीट 4 पत्ती है। यहां पर रणकपुर जैन मंदिर के कारण प्रतिदिन विदेशी पर्यटक बहुत आते हैं।
सादड़ी के अंदर आने के लिए तीन रोड जुड़े हुए हैं। एक सादड़ी से [[उदयपुर]] को जोड़ता है (राणकपुर घाट से होकर) ; दूसरा सादड़ी से [[फालना]] [[जोधपुर]] और तीसरा सादड़ी से [[देसूरी]] घाट की तरफ जाता है। यहां पर एक बड़ा बस स्टैंड भी है जहां पर प्रत्येक बस 10 मिनट कम से कम रूकती है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[पाली ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राजस्थान के शहर]]
[[श्रेणी:पाली ज़िला]]
[[श्रेणी:पाली ज़िले के नगर]]
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एक्शन जैकसन
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2026-04-22T20:56:04Z
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6543213
wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक फ़िल्म
| name = अैक्शन जैकसन
| image = Action Jackson Poster.jpg
| caption = पोस्टर
| director = [[प्रभु देवा|प्रभू देवा]]
| producer =
| screenplay = [[प्रभु देवा|प्रभू देवा]]<br />शिराज अहमद
| story =
|| starring = [[अजय देवगन]]<br>[[सोनाक्षी सिन्हा]]<br>[[यामी गौतम]]<br>[[कुणाल रॉय कपूर]]<br>[[मनस्वी मंगई]]
| music = हिमेश रेशमिया
| cinematography = विजय कुमार अरोरा
| editing = बंटी नागी
| studio =
| released = ५ दिसम्बर २०१४
| distributor = एरॉस इंटरनेशनल<ref>{{cite web|title=Eros International's big plans involve Superstar Rajinikanth, Ilayathalapathy Vijay, and Thala Ajith|url=http://behindwoods.com/tamil-movies-cinema-news-14/eros-international-to-release-superstar-rajinikanth-ilayathalapathy-vijay-and-thala-ajiths-next.html|publisher=Behindwoods|accessdate=20 April 2014|archive-url=https://www.webcitation.org/6SOjtSL9u?url=http://behindwoods.com/tamil-movies-cinema-news-14/eros-international-to-release-superstar-rajinikanth-ilayathalapathy-vijay-and-thala-ajiths-next.html|archive-date=7 सितंबर 2014|url-status=dead}}</ref>
| runtime =
| country = [[भारत]]
| language = [[हिन्दी]]
| budget =
}}
''' अैक्शन जैकसन''' एक भारतीय हास्य पर आधारित बॉलीवुड फिल्म है। जिसका निर्देशन [[प्रभु देवा|प्रभू देवा]] ने किया है। यह ५ दिसम्बर २०१४ को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में [[अजय देवगन]], [[सोनाक्षी सिन्हा]] और [[यामी गौतम]] हैं।
== कलाकार ==
* [[अजय देवगन]]
* [[सोनाक्षी सिन्हा]]
* [[यामी गौतम]]
* आनंद राज<ref>{{Cite web |url=http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/tamil/movies/news/My-wife-is-happy-that-I-am-a-villain-Anand-Raj/articleshow/45098013.cms |title=संग्रहीत प्रति |access-date=2 दिसंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150730011351/http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/tamil/movies/news/My-wife-is-happy-that-I-am-a-villain-Anand-Raj/articleshow/45098013.cms |archive-date=30 जुलाई 2015 |url-status=live }}</ref>
* मनस्वी मंगई<ref>http://www.punjabkesari.in/news/article-312318{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
* [[प्रभु देवा]] (विशेष उपस्थिति)
* [[शाहिद कपूर]] (विशेष उपस्थिति)
* [[सलमान ख़ान|सलमान खान]] (विशेष उपस्थिति)
== गानें ==
* कीड़ा - [[हिमेश रेशमिया]], [[नीति मोहन]]
* पंजाबी मस्त - विनीत सिंह, [[अंकित तिवारी]], नीति मोहन
* छिछोरा पिया - हिमेश रेशमिया, [[शाल्मली खोलगडे]]
* धूम धाम - अंकित तिवारी, [[पलक मुच्छल]]
== प्रचार ==
अपनी फिल्म एक्शन जैकसन के प्रचार के लिए [[अजय देवगन]] सोनी के धारावाहिक [[सीआईडी (धारावाहिक)|सीआईडी]] में भी पहुंचे।<ref>{{cite news|title='CID' के सेट पर दिखा अजय देगवन का एक्शन-जैक्सन अवतार|url=http://www.punjabkesari.in/news/article-311763|accessdate=२ दिसम्बर २०१४|publisher=पंजाब केशरी|date=२ दिसम्बर २०१४}}{{Dead link|date=सितंबर 2025 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{IMDb title|0403935}}
[[श्रेणी:2014 की फ़िल्में]]
[[श्रेणी:2014 में बनी हिन्दी फ़िल्म]]
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युग वर्णन
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wikitext
text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=मई 2020}}
{{Infobox deity
| Image = Bhagavan Vishnu.jpg
| Caption = चतुर्भुजी विष्णु
| Name = विष्णु
| Devanagari = RAM
| Sanskrit_Transliteration =
| Pali_Transliteration =
| Tamil_script =
| Affiliation = [[हिन्दू देवी देवताओं की सूची|हिन्दू देवता]]
| God_of = सृष्टि के पालनकर्ता
| Abode = [[बैकुण्ठ|वैकुंठ]]
| Mantra = ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
| Weapon = [[शंख|पाञ्चजन्य शंख]], [[चक्र|सुदर्शन चक्र]], [[गदा|कौमुदी गदा]] [[कमल|पद्म]]
| Consort = [[लक्ष्मी]]
| Mount = [[गरुड़]]
| Planet =
}}
'''युग''' का अर्थ होता है एक निर्धारित संख्या के वर्षों की काल-अवधि। उदाहरणः [[कलियुग]], [[द्वापर युग|द्वापर]], [[सत्य युग|सत्ययुग]], [[त्रेतायुग]] आदि। '''युग वर्णन''' का अर्थ होता है कि उस युग में किस प्रकार से व्यक्ति का जीवन, आयु, ऊँचाई होती है एवं उनमें होने वाले अवतारों के बारे में विस्तार से परिचय दे।
प्रत्येक [[युग]] के वर्ष प्रमाण और उनकी विस्तृत जानकारी कुछ इस तरह है :
==सत्ययुग==
*पूर्ण आयु - १७,२८,०००
*मनुष्य की आयु - १,००,०००
*लम्बाई - ३२ फिट (लगभग) [ २१ हाथ ]
*[[तीर्थ]] - [[पुष्कर]]
*[[पाप]] - ० विश्वा
*[[पुण्य]] - २० विश्वा
*[[अवतार]] – [[मत्स्य]], [[कूर्म अवतार|कूर्म]], [[वाराह]], [[नरसिंह|नृसिंह]] ( सभी अमानवीय अवतार हुए )
*कारण – शंखासुर का वध एंव वेदों का उद्धार, पृथ्वी का भार हरण, [[हरिण्याक्ष]] दैत्य का वध, [[हिरण्यकशिपु|हिरण्यकश्यपु]] का वध एवं प्रह्लाद को सुख देने के लिए।
*मुद्रा – [[रत्न|रत्नमय]]
*पात्र – [[सोना|स्वर्ण]] का
==त्रेतायुग==
*पूर्ण आयु - १२,९६,०००
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] की आयु - १०,०००
*लम्बाई - २१ फिट (लगभग) [ १४ हाथ ]
*तीर्थ - [[नैमिषारण्य]]
*पाप - ५ विश्वा
*पुण्य - १५ विश्वा
*अवतार – [[वामनावतार|वामन]], [[परशुराम]], [[राम]] (राजा [[दशरथ]] के घर)
*कारण – [[बलि]] का उद्धार कर पाताल भेजा, मदान्ध क्षत्रियों का संहार, [[रावण]]-वध एवं देवों को बन्धनमुक्त करने के लिए।
*मुद्रा – स्वर्ण
*पात्र – चाँदी का
==द्वापरयुग==
*पूर्ण आयु - ८.६४,०००
*मनुष्य की आयु - १,०००
*लम्बाई - ११ फिट (लगभग) [ ७ हाथ ]
*[[तीर्थ]] - [[कुरुक्षेत्र]]
*पाप - १०
*[[पुण्य]] - १०
*[[अवतार]] – [[कृष्ण]], (देवकी के गर्भ से एंव नंद के घर पालन-पोषण), [[बलराम]]।
*कारण – कंसादि दुष्टो का संहार एंव गोपों की भलाई, दैत्यो को मोहित करने के लिए।
*[[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]] – [[चाँदी]]
*[[पात्र]] – [[ताम्र]] का
==कलियुग==
*पूर्ण आयु - ४,३२,०००
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] की [[आयु]] - १००
*लम्बाई - ५.५ फिट (लगभग) [२. हाथ]
*[[तीर्थ]] - [[गंगा नदी|गंगा]]
*[[पाप]] - १५
*पुण्य - ५
*अवतार – [[कल्कि]] ([[ब्राह्मण]] विष्णु यश के घर)।
*कारण – मनुष्य जाति के उद्धार अधर्मियों का विनाश एंव धर्म कि रक्षा के लिए।
*[[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]] – [[लोहा]]
*[[पात्र]] – [[मृदा|मिट्टी]] का
==चौरासी लाख योनियों की व्यवस्था==
८४ लाख योनि व्यवस्था कुछ इस प्रकार है
*[[जल|जलचर]] जीव - ९ लाख
*[[वृक्ष]] - २७ लाख
*[[कीट]] (क्षुद्रजीव) - ११ लाख
*[[पक्षी]] - १० लाख
*जंगली [[प्राणी|पशु]] - २३ लाख
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] - ४ लाख
{{पुराण}}
{{वैदिक साहित्य}}
{{महाभारत}}
{{रामायण}}
{{हिन्दू धर्म}}
==बाहरी कडियाँ==
*ये सारे लिखित शब्द [https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Abhishek_tiwar अभिषेक तिवारी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211020222146/https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Abhishek_tiwar |date=20 अक्तूबर 2021 }} ने अपने पठित पुस्तकों से लिखें है।
*वेद
*गीता
*रुपेश पंचांग
[[श्रेणी:विष्णु]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
[[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]]
[[श्रेणी:वैदिक धर्म]]
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6543281
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text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=मई 2020}}
{{Infobox deity
| Image = Bhagavan Vishnu.jpg
| Caption = चतुर्भुजी विष्णु
| Name = विष्णु
| Devanagari = RAM
| Sanskrit_Transliteration =
| Pali_Transliteration =
| Tamil_script =
| Affiliation = [[हिन्दू देवी देवताओं की सूची|हिन्दू देवता]]
| God_of = सृष्टि के पालनकर्ता
| Abode = [[बैकुण्ठ|वैकुंठ]]
| Mantra = ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
| Weapon = [[शंख|पाञ्चजन्य शंख]], [[चक्र|सुदर्शन चक्र]], [[गदा|कौमुदी गदा]] [[कमल|पद्म]]
| Consort = [[लक्ष्मी]]
| Mount = [[गरुड़]]
| Planet =
}}
'''युग''' का अर्थ होता है एक निर्धारित संख्या के वर्षों की काल-अवधि। उदाहरणः [[कलियुग]], [[द्वापर युग|द्वापर]], [[सत्य युग|सत्ययुग]], [[त्रेतायुग]] आदि। '''युग वर्णन''' का अर्थ होता है कि उस युग में किस प्रकार से व्यक्ति का जीवन, आयु, ऊँचाई होती है एवं उनमें होने वाले अवतारों के बारे में विस्तार से परिचय दे।
प्रत्येक [[युग]] के वर्ष प्रमाण और उनकी विस्तृत जानकारी कुछ इस तरह है :
==सत्ययुग==
*पूर्ण आयु - १७,२८,०००
*मनुष्य की आयु - १,००,०००
*लम्बाई - ३२ फिट (लगभग) [ २१ हाथ ]
*[[तीर्थ]] - [[पुष्कर]]
*[[पाप]] - ० विश्वा
*[[पुण्य]] - २० विश्वा
*[[अवतार]] – [[मत्स्य]], [[कूर्म अवतार|कूर्म]], [[वाराह]], [[नरसिंह|नृसिंह]] ( सभी अमानवीय अवतार हुए )
*कारण – शंखासुर का वध एंव वेदों का उद्धार, पृथ्वी का भार हरण, [[हरिण्याक्ष]] दैत्य का वध, [[हिरण्यकशिपु|हिरण्यकश्यपु]] का वध एवं प्रह्लाद को सुख देने के लिए।
*मुद्रा – [[रत्न|रत्नमय]]
*पात्र – [[सोना|स्वर्ण]] का
==त्रेतायुग==
*पूर्ण आयु - १२,९६,०००
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] की आयु - १०,०००
*लम्बाई - २१ फिट (लगभग) [ १४ हाथ ]
*तीर्थ - [[नैमिषारण्य]]
*पाप - ५ विश्वा
*पुण्य - १५ विश्वा
*अवतार – [[वामनावतार|वामन]], [[परशुराम]], [[राम]] (राजा [[दशरथ]] के घर)
*कारण – [[बलि]] का उद्धार कर पाताल भेजा, मदान्ध क्षत्रियों का संहार, [[रावण]]-वध एवं देवों को बन्धनमुक्त करने के लिए।
*मुद्रा – स्वर्ण
*पात्र – चाँदी का
==द्वापरयुग==
*पूर्ण आयु - ८.६४,०००
*मनुष्य की आयु - १,०००
*लम्बाई - ११ फिट (लगभग) [ ७ हाथ ]
*[[तीर्थ]] - [[कुरुक्षेत्र]]
*पाप - १०
*[[पुण्य]] - १०
*[[अवतार]] – [[कृष्ण]], (देवकी के गर्भ से एंव नंद के घर पालन-पोषण), [[बलराम]]।
*कारण – कंसादि दुष्टो का संहार एंव गोपों की भलाई, दैत्यो को मोहित करने के लिए।
*[[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]] – [[चाँदी]]
*[[पात्र]] – [[ताम्र]] का
==कलियुग==
*पूर्ण आयु - ४,३२,०००
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] की [[आयु]] - १००
*लम्बाई - ५.५ फिट (लगभग) [३.५० हाथ]
*[[तीर्थ]] - [[गंगा नदी|गंगा]]
*[[पाप]] - १५
*पुण्य - ५
*अवतार – [[कल्कि]] ([[ब्राह्मण]] विष्णु यश के घर)।
*कारण – मनुष्य जाति के उद्धार अधर्मियों का विनाश एंव धर्म कि रक्षा के लिए।
*[[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]] – [[लोहा]]
*[[पात्र]] – [[मृदा|मिट्टी]] का
==चौरासी लाख योनियों की व्यवस्था==
८४ लाख योनि व्यवस्था कुछ इस प्रकार है
*[[जल|जलचर]] जीव - ९ लाख
*[[वृक्ष]] - २७ लाख
*[[कीट]] (क्षुद्रजीव) - ११ लाख
*[[पक्षी]] - १० लाख
*जंगली [[प्राणी|पशु]] - २३ लाख
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] - ४ लाख
{{पुराण}}
{{वैदिक साहित्य}}
{{महाभारत}}
{{रामायण}}
{{हिन्दू धर्म}}
==बाहरी कडियाँ==
*ये सारे लिखित शब्द [https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Abhishek_tiwar अभिषेक तिवारी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211020222146/https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Abhishek_tiwar |date=20 अक्तूबर 2021 }} ने अपने पठित पुस्तकों से लिखें है।
*वेद
*गीता
*रुपेश पंचांग
[[श्रेणी:विष्णु]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
[[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]]
[[श्रेणी:वैदिक धर्म]]
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2026-04-23T07:13:00Z
~2026-24926-75
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wikitext
text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=मई 2020}}
{{Infobox deity
| Image = Bhagavan Vishnu.jpg
| Caption = चतुर्भुजी विष्णु
| Name = विष्णु
| Devanagari = RAM
| Sanskrit_Transliteration =
| Pali_Transliteration =
| Tamil_script =
| Affiliation = [[हिन्दू देवी देवताओं की सूची|हिन्दू देवता]]
| God_of = सृष्टि के पालनकर्ता
| Abode = [[बैकुण्ठ|वैकुंठ]]
| Mantra = ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
| Weapon = [[शंख|पाञ्चजन्य शंख]], [[चक्र|सुदर्शन चक्र]], [[गदा|कौमुदी गदा]] [[कमल|पद्म]]
| Consort = [[लक्ष्मी]]
| Mount = [[गरुड़]]
| Planet =
}}
'''युग''' का अर्थ होता है एक निर्धारित संख्या के वर्षों की काल-अवधि। उदाहरणः [[कलियुग]], [[द्वापर युग|द्वापर]], [[सत्य युग|सत्ययुग]], [[त्रेतायुग]] आदि। '''युग वर्णन''' का अर्थ होता है कि उस युग में किस प्रकार से व्यक्ति का जीवन, आयु, ऊँचाई होती है एवं उनमें होने वाले अवतारों के बारे में विस्तार से परिचय दे।
प्रत्येक [[युग]] के वर्ष प्रमाण और उनकी विस्तृत जानकारी कुछ इस तरह है :
==सत्ययुग==
*पूर्ण आयु - १७,२८,०००
*मनुष्य की आयु - १,००,०००
*लम्बाई - ३२ फिट (लगभग) [ २१ हाथ ]
*[[तीर्थ]] - [[पुष्कर]]
*[[पाप]] - ० विश्वा
*[[पुण्य]] - २० विश्वा
*[[अवतार]] – [[मत्स्य]], [[कूर्म अवतार|कूर्म]], [[वाराह]], [[नरसिंह|नृसिंह]] ( सभी अमानवीय अवतार हुए )
*कारण – शंखासुर का वध एंव वेदों का उद्धार, पृथ्वी का भार हरण, [[हरिण्याक्ष]] दैत्य का वध, [[हिरण्यकशिपु|हिरण्यकश्यपु]] का वध एवं प्रह्लाद को सुख देने के लिए।
*मुद्रा – [[रत्न|रत्नमय]]
*पात्र – [[सोना|स्वर्ण]] का
==त्रेतायुग==
*पूर्ण आयु - १२,९६,०००
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] की आयु - १०,०००
*लम्बाई - २१ फिट (लगभग) [ १४ हाथ ]
*तीर्थ - [[नैमिषारण्य]]
*पाप - ५ विश्वा
*पुण्य - १५ विश्वा
*अवतार – [[वामनावतार|वामन]], [[परशुराम]], [[राम]] (राजा [[दशरथ]] के घर)
*कारण – [[बलि]] का उद्धार कर पाताल भेजा, मदान्ध क्षत्रियों का संहार, [[रावण]]-वध एवं देवों को बन्धनमुक्त करने के लिए।
*मुद्रा – स्वर्ण
*पात्र – चाँदी का
==द्वापरयुग==
*पूर्ण आयु - ८,६४,०००
*मनुष्य की आयु - १,०००
*लम्बाई - ११ फिट (लगभग) [ ७ हाथ ]
*[[तीर्थ]] - [[कुरुक्षेत्र]]
*पाप - १०
*[[पुण्य]] - १०
*[[अवतार]] – [[कृष्ण]], (देवकी के गर्भ से एंव नंद के घर पालन-पोषण)।
*कारण – कंसादि दुष्टो का संहार एंव गोपों की भलाई, दैत्यो को मोहित करने के लिए।
*[[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]] – [[चाँदी]]
*[[पात्र]] – [[ताम्र]] का
==कलियुग==
*पूर्ण आयु - ४,३२,०००
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] की [[आयु]] - १००
*लम्बाई - ५.५ फिट (लगभग) [३.५० हाथ]
*[[तीर्थ]] - [[गंगा नदी|गंगा]]
*[[पाप]] - १५
*पुण्य - ५
*अवतार – [[कल्कि]] ([[ब्राह्मण]] विष्णु यश के घर)।
*कारण – मनुष्य जाति के उद्धार अधर्मियों का विनाश एंव धर्म कि रक्षा के लिए।
*[[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]] – [[लोहा]]
*[[पात्र]] – [[मृदा|मिट्टी]] का
==चौरासी लाख योनियों की व्यवस्था==
८४ लाख योनि व्यवस्था कुछ इस प्रकार है
*[[जल|जलचर]] जीव - ९ लाख
*[[वृक्ष]] - २७ लाख
*[[कीट]] (क्षुद्रजीव) - ११ लाख
*[[पक्षी]] - १० लाख
*जंगली [[प्राणी|पशु]] - २३ लाख
*[[होमो सेपियन्स|मनुष्य]] - ४ लाख
{{पुराण}}
{{वैदिक साहित्य}}
{{महाभारत}}
{{रामायण}}
{{हिन्दू धर्म}}
==बाहरी कडियाँ==
*ये सारे लिखित शब्द [https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Abhishek_tiwar अभिषेक तिवारी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211020222146/https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Abhishek_tiwar |date=20 अक्तूबर 2021 }} ने अपने पठित पुस्तकों से लिखें है।
*वेद
*गीता
*रुपेश पंचांग
[[श्रेणी:विष्णु]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
[[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]]
[[श्रेणी:वैदिक धर्म]]
tf8cryfkgbfaosl450djek8rgo1r2ey
वार्ता:युग वर्णन
1
607985
6543308
2643200
2026-04-23T08:01:00Z
अनुनाद सिंह
1634
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text/x-wiki
{{वार्ता शीर्षक}}
'''युग वर्णन''' नाम से अलग लेख का औचित्य क्या है? इसमें जो सामग्री है वह [[युग]] या [[युगचक्र]] में क्यों नहीं डाली जाय? --[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 08:01, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
7odpj55h0p1e6dh81ax4juougq2huds
चित्रे भञ्ज्याङ
0
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2026-04-23T08:12:17Z
Citexji
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Upgrade
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text/x-wiki
{{Short description|नेपाल के स्यांजा जिले की एक पूर्व गाँव विकास समिति}}
'''{{SUBPAGENAME}}''' [[नेपाल]] के [[गण्डकी प्रदेश]] के [[स्यांजा जिल्ला]] में स्थित एक पूर्व [[गाँउ विकास समिति]] (Village Development Committee) थी। यह क्षेत्र अपनी उर्वर भूमि और घनी आबादी के लिए जाना जाता है।
नेपाल के प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद, गाँव विकास समितियों को स्थानीय निकायों में समाहित कर दिया गया।
== प्रशासन ==
यह क्षेत्र पूर्व में [[पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र]] और [[गंडकी अंचल]] के अंतर्गत आता था।
== इन्हें भी देखें ==
* [[स्यांजा जिल्ला]]
* [[गण्डकी प्रदेश]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:स्यांजा जिला के गाँव]]
[[श्रेणी:गण्डकी प्रदेश]]
[[श्रेणी:नेपाल के पूर्व गाँव विकास समितियाँ]]
{{आधार}}
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विज़ुअल बेसिक डॉटनेट
0
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2026-04-22T16:03:58Z
AMAN KUMAR
911487
लेख विस्तार तथा सुधार किया
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text/x-wiki
'''विज़ुअल बेसिक डॉटनेट''' (Visual Basic .NET) या '''VB.NET''' [[प्रोग्रामिंग भाषा]] है, जिसे [[.नेट फ्रेमवर्क|डॉटनेट फ्रेमवर्क]] पर विकसित किया गया है। [[माइक्रोसॉफ्ट]] ने इसे वर्ष 2002 में अपनी मूल क्लासिक विज़ुअल बेसिक भाषा के उत्तराधिकारी के रूप में जारी किया था।<ref>{{Cite web|url=https://learn.microsoft.com/en-us/dotnet/visual-basic/|title=Visual Basic docs - get started, tutorials, reference. - Visual Basic|last=BillWagner|website=learn.microsoft.com|language=en-us|access-date=2026-04-22}}</ref>
हालाँकि 2005 में इसके नाम से "डॉटनेट" शब्द हटा दिया गया था, लेकिन इस लेख में और सामान्य बोलचाल में, क्लासिक विज़ुअल बेसिक और नए संस्करणों के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए 2002 के बाद जारी हुए सभी संस्करणों को अक्सर "विज़ुअल बेसिक डॉटनेट" ही कहा जाता है। [[सी शार्प|विज़ुअल C#]] के साथ, यह डॉटनेट फ्रेमवर्क को लक्षित करने वाली दो मुख्य भाषाओं में से एक है।
विज़ुअल बेसिक प्रोग्रामिंग के लिए मुख्य रूप से माइक्रोसॉफ्ट के 'विज़ुअल स्टूडियो' [[एकीकृत विकास परिवेश]] का उपयोग किया जाता है। विज़ुअल स्टूडियो के अधिकांश संस्करण व्यावसायिक हैं, लेकिन 'विज़ुअल स्टूडियो एक्सप्रेस' और 'विज़ुअल स्टूडियो कम्युनिटी' संस्करण मुफ़्त उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, डॉटनेट फ्रेमवर्क <code>vbc.exe</code> नामक मुफ़्त कमांड-लाइन कम्पाइलर भी प्रदान करता है।<ref>{{Cite web|url=https://learn.microsoft.com/en-us/dotnet/visual-basic/whats-new/|title=What's new - Visual Basic|last=BillWagner|website=learn.microsoft.com|language=en-us|access-date=2026-04-22}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[सी शार्प|C# (सी शार्प)]]
== संदर्भ ==
<references />
[[श्रेणी:प्रोग्रामिंग भाषाएँ]]
[[श्रेणी:माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर]]
[[श्रेणी:माइक्रोसॉफ्ट]]
6hc1iocms8bhrtul71p2viqgrf5m5ci
काली पूजा
0
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2026-04-22T20:11:25Z
Arjun Kannaujiya
921490
/* growthexperiments-addlink-summary-summary:2|0|0 */
6543193
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text/x-wiki
{{Infobox holiday
|holiday_name= काली पूजा
|image= Maa Kali Barasat Roy Chowdhury Bari.jpg
|caption=महाकाली, रूद्रकाली
|nickname= महानिशा पूजा
|observedby= हिंदू
|date=अमावस्या,चंद्रमास गणना आधारित
|observances= पूजा, प्रार्थना/प्रसाद
|celebrations=[[दीपावली]]
|relatedto = लक्ष्मी पूजा
|type=हिंदू
|longtype= हिंदू
|significance=
|date2012=13 नवंबर
|date2013=2 नवंबर
|date2014=23 अक्टूबर
|date2015=10 नवंबर
|frequency=वार्षिक
}}
'''काली पूजा''' ({{lang-bn|কালী পূজা}}, {{Lang-or|କାଳୀ ପୂଜା}}) '''महानिशा पूजा''' ({{Lang-bn|মহানিশা পূজা}}''','''{{Lang-or|ମହାନିଶା ପୂଜା}}) अथवा '''श्यामा पूजा''' ({{lang-bn|শ্যামা পূজা}} ,{{Lang-or|ଶ୍ୟାମା ପୂଜା}})पूर्वी भारत, मुख्यतः [[बंगाल]], [[त्रिपुरा]], [[ओडिशा|ओड़िशा]] और [[असम]] में प्रचलित एक हिंदू पर्व है। [[हिंदू देवी]] [[काली]] को समर्पित यह पर्व [[कार्तिक]] मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है, अर्थात उसी दिन जिस दिन पूरे भारत में [[दीपावली]] का पर्व और लक्ष्मी पूजा मनायी जाती है। यह मान्यता है कि इसी दिन देवी काली ६४,००० योगिनियों के साथ प्रकट हुई थीं।<ref>{{वेब सन्दर्भ|title=Regional Names of Diwali in India|url=http://www.diwalifestival.org/regional-names-diwali.html|accessdate=3 दिसंबर 2015|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20151130123128/http://www.diwalifestival.org/regional-names-diwali.html|archive-date=30 नवंबर 2015|url-status=dead}}</ref> हालाँकि इस दिन पूरे भारत में लक्ष्मी पूजा मनाई जाती है, लेकिन देवी के बंगाली, असमिया और ओडिया भक्त इस दिन काली पूजा करते हैं। इसके अलावा, बंगाली कैलेंडर के माघ महीने की कृष्ण चतुर्दशी तिथि पर रतन्ति काली पूजा और ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर फलहारिणी काली पूजा भी काफी लोकप्रिय हैं। बंगाली कैलेंडर के ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन श्रीरामकृष्ण परमहंस देव ने देवी षोडशी के रूप में मां सरदादेवी की पूजा की थी। वह दिन था फल्हारिणी काली पूजा। इस संदर्भ में यह बात ध्यान देने योग्य है कि आज भी रामकृष्ण मठ एवं मिशन में इस पूजा को षोडशी पूजा के नाम से जाना जाता है। षोडशी पूजा का विवरण स्वामी सारदानंद द्वारा लिखित 'श्री श्री रामकृष्ण लीलाप्रसंग' और ब्रह्मचारी अक्षय चैतन्य द्वारा लिखित 'श्री श्री सारदादेवी' पुस्तकों में मिलता है। आज भी बेलूर मठ में 'ठाकुर' के गर्भगृह में 'ठाकुर' के बाईं ओर माता का चित्र रखकर पूजा की जाती है। इस आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण घटना की स्मृति में, यह फल्हारिणी काली पूजा कई स्थानों पर बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। योग- भक्ति पथ के सिद्ध संत भादुड़ी महाशय (Bhaduri Mahasaya) यानी महर्षि नागेंद्रनाथ को दक्षिणेश्वर में श्रीरामकृष्ण परमहंस के सान्निध्य में रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।<ref>{{Cite book|title=The Levitating Saint|last=Sen Shastri|first=Prof. Tripurasankar|publisher=Nagendra Mission|year=2020|location=Kolkata, W.B, India|pages=13}}</ref> इसलिए, यह फलहारिणी काली पूजा कोलकाता के [[राजा राममोहन राय]] रोड पर श्रीश्रीनागेंद्र मठ और नागेंद्र मिशन में भी गहन सम्मान और भक्ति के साथ आयोजित की जाती है, यह वह स्थान है जहां महर्षि नागेंद्रनाथ ने अपना अंतिम जीवन बिताया था।
== काली देवी का पौराणिक विवरण ==
वह ग्रंथ जिसके द्वारा काली को हिंदू देवताओं में एक महत्वपूर्ण विहित दर्जा प्राप्त हुआ, वह देवी महात्म्य है| इसे मार्कंडेय पुराण में जोड़ा गया था, जिसे 300 ई. के आसपास लिखा गया था | देवी महात्म्य ने देवी को हिंदू धर्म की 'महान परंपरा' में शामिल किया | इसके तीसरे प्रकरण में, काली दुर्गा के माथे से एक रूप के रूप में उभरती हैं और राक्षसों, चंड, मुंड, रक्तबीज, शुंभ और निशुंभ का वध करती हैं, जिससे उन्हें चामुंडा की उपाधि मिलती है | इस गंभीर रूप से विनाशकारी रूप को प्राप्त करने के बाद, काली या चामुंडा एक भयानक विजय नृत्य में कूद पड़ती हैं | इसे शिव के हस्तक्षेप से समाप्त करना पड़ता है - दुर्गा के पति - जो उसके रास्ते में लेट जाते हैं, उसे अपनी छाती पर कदम रखने के लिए खींचते हैं, जिसके बाद वह शर्मिंदगी की मुद्रा में रुक जाती है, अपनी जीभ को अपमान के संकेत के रूप में फैलाती है. यह रूप बाद में काली की प्रतिमा में सबसे प्रसिद्ध हो गया |<ref>{{Cite web|url=https://www.etvbharat.com/hi/!spiritual/kali-puja-2024-know-the-history-of-kali-worship-traditions-of-worship-belated-genesis-famous-kali-temples-in-india-hin24082702254|title=जानें, क्यों मनाई जाती है काली पूजा, क्या है इसका इतिहास - History of Kali Worship|last=Bharat|first=E. T. V.|date=2024-08-31|website=ETV Bharat News|language=hi|access-date=2024-10-23}}</ref>
== काली मंत्रा ==
ॐ क्रीं कालिकायै नमः - काली मंत्र का जप करने से आपको शांति-समृद्धि-सफलता प्राप्त करने में मदद मिलेगी। <ref>{{Cite web | url=https://www.swamirara.com/achieve-success-life-maha-kali-mantra/ | title=Maha Kali Mantra | publisher=Swamirara | access-date=21 जुलाई 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170728051326/https://www.swamirara.com/achieve-success-life-maha-kali-mantra/ | archive-date=28 जुलाई 2017 | url-status=dead }}</ref>
'''काली पूजा 2024 मुहूर्त'''
कार्तिक अमावस्या तिथि शुरू - 31 अक्टूबर 2024, दोपहर 03.52
कार्तिक अमावस्या तिथि समाप्त - 1 नवंबर 2024, शाम 06.18
* काली पूजा निशिता काल समय - रात 11.39 - देर रात 12.31
* अवधि - 52 मिनट<ref>{{Cite web|url=https://www.abplive.com/lifestyle/religion/kali-puja-2024-date-time-shubh-muhurat-puja-vidhi-of-shyama-puja-on-diwali-2809494|title=दिवाली पर काली पूजा 31 अक्टूबर या 1 नवंबर कब ? सही तारीख और मुहूर्त जानें|last=लाइव|first=एबीपी|date=2024-10-23|website=www.abplive.com|language=hi|access-date=2024-10-23}}</ref>
==शाक्त पदावली और श्यामा संगीत==
अधिकांश बंगाली घरों में प्रतिदिन देवी काली की पूजा की जाती है। शनिवार, मंगलवार और अमावस्या को विशेष पूजा की जाती है। बंगाली भाषा में देवी काली के प्रति श्रद्धा और भक्ति पर केंद्रित अनगिनत गीतों की रचना की गई है। संगीत की इस शैली को शाक्त पदावली के नाम से जाना जाता है। इस शैली की कविता के दो प्रसिद्ध बंगाली कवि रामप्रसाद सेन और [[कमलाकांत भट्टाचार्य]] हैं। रामप्रसाद सेन और कमलाकांत भट्टाचार्य दोनों ही माँ काली के निपुण भक्त थे। इन दोनों संतों के विषय में अनगिनत चमत्कारिक कहानियाँ प्रचलित हैं। हालाँकि, आम तौर पर माँ काली को समर्पित सभी संगीत को बंगाली में श्यामा संगीत कहा जाता है। 'शाक्त पदावली' और 'श्यामा संगीत' बंगालियों की दैनिक और औपचारिक काली पूजा से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं।
इस बंगाली श्यामा संगीत के दो प्रसिद्ध गायक [[पन्नालाल भट्टाचार्य]] और [[धनञ्जय भट्टाचार्य]] हैं। पन्नालाल भट्टाचार्य के बड़े भाई प्रफुल्ल भट्टाचार्य और माझला भाई [[धनञ्जय भट्टाचार्य]] संत कलाकार पन्नालाल भट्टाचार्य के पहले संगीत शिक्षक थे। पन्नालाल में भक्तिरस पाकर [[धनञ्जय भट्टाचार्य]] भक्ति गीत गाना बंद कर दिया। हालाँकि, पन्नालाल भट्टाचार्य की मृत्यु के बाद, उन्होंने कई भक्ति गीत गाए।<ref>{{Cite news|url=https://www.anandabazar.com/patrika/a-memorabilia-on-veteran-singer-dhanajoy-bhattacharya-on-his-birth-anniversary-1.206104|title=যদি ভুলে যাও মোরে…}}</ref>
पन्नालाल भट्टाचार्य ने श्यामा संगीत गाकर भक्तिरस की गहराइयों में प्रवेश किया था। बाली बारेंद्र पारा स्थित अपने घर में स्थापित मां काली की प्रतिमा में वह प्रतिदिन पूजा करते थे। लेकिन फिर भी पन्नालाल अपने आप से, अपने संगीत से कभी संतुष्ट नहीं हो सके।इसलिए वह बच्चों की तरह रोते थे और मां काली को पुकारते थे। श्यामा संगीत गाते समय भी कई बार उनका पूरा शरीर कांप उठता था, पसीना निकल आता था और आंखों से लगातार आंसू बहते रहते थे।पन्नालाल भट्टाचार्य की इस स्थिति का वर्णन करते हुए उनके बड़े भाई संगीतकार प्रफुल्ल भट्टाचार्य की बेटी शिवानी भट्टाचार्य बंद्योपाध्याय कहती हैं:
{{Quote|"जब छोटा काका मुझे संगीत सिखाते थे तो मैं ऐसे ही उठ जाती थी। मैं खेलने जाता था। छोटा काका को पता भी नहीं चलता था।"}}
पन्नालाल भट्टाचार्य को जब भी समय मिलता था तो वे विभिन्न श्मशानों में जाते थे। वहां वह देर रात तक मां काली की पूजा करते थे। देवी के दर्शन न कर पाने का असंतोष उन्हें अपनी मृत्यु तक बना रहा।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:हिन्दू पर्व]]
{{Hinduism-stub}}
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उटाम्बर
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox settlement
| name = [[उटाम्बर ]]
| settlement_type = गाँव / ग्राम पंचायत
| pushpin_map = India Rajasthan#India#Asia#Earth
| pushpin_label_position = right
| pushpin_map_caption = राजस्थान, भारत में स्थिति
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}}
'''उटाम्बर''' भारत के राजस्थान राज्य के जोधपुर जिले की बालेसर तहसील में स्थित एक ग्राम पंचायत एवं गाँव है। यह गाँव थार मरुस्थल क्षेत्र का हिस्सा है और प्रशासनिक रूप से ग्रामीण स्थानीय शासन प्रणाली के अंतर्गत संचालित होता है।<ref>{{Cite web |url=https://villageinfo.org/village/85352 |title=Utambar Village Profile}}</ref>
== '''भूगोल '''==
उटाम्बर पश्चिमी राजस्थान के शुष्क एवं अर्ध-शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र में स्थित है। यहाँ की जलवायु अत्यधिक गर्म और कम वर्षा वाली होती है।<ref>{{Cite web |url=https://www.census2011.co.in/data/village/85352-utambar-rajasthan.html |title=Census 2011 Data}}</ref>
यह गाँव जोधपुर–जैसलमेर क्षेत्रीय सड़क मार्ग एवं NH-125 मार्ग से जुड़ा हुआ है।<ref>{{Cite web |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Balesar |title=Balesar Geography}}</ref>
== '''जनसांख्यिकी '''==
2011 जनगणना के अनुसार:<ref>{{Cite web |url=https://www.census2011.co.in/data/village/85352-utambar-rajasthan.html |title=Census of India 2011}}</ref>
* कुल जनसंख्या: 2,515
* पुरुष: 1,325
* महिला: 1,190
* कुल परिवार: 429
* साक्षरता दर: 56.25%
== '''अर्थव्यवस्था '''==
गाँव की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि, पशुपालन और ग्रामीण श्रम (MGNREGA) पर आधारित है। प्रमुख फसलें बाजरा, मूंग और ग्वार हैं।<ref>{{Cite web |url=https://nregastrep.nic.in |title=MGNREGA Rajasthan Work Data}}</ref>
== '''प्रशासन '''==
उटाम्बर एक ग्राम पंचायत है, जो स्थानीय ग्रामीण शासन व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करती है।<ref>{{Cite web |url=https://panchayat.rajasthan.gov.in |title=Rajasthan Panchayati Raj Department}}</ref>
===''' प्रशासनिक परिवर्तन '''===
उटाम्बर गाँव पूर्व में बालेसर पंचायत समिति के अंतर्गत बताया जाता था। वर्तमान में इसे आगोलाई पंचायत समिति के अंतर्गत प्रशासनिक रूप से दर्शाया जाता है। यह परिवर्तन राजस्थान पंचायती राज विभाग के समय-समय पर होने वाले प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा माना जाता है।<ref>{{Cite web |url=https://villageinfo.org |title=Village Administrative Records}}</ref>
== '''पूर्व राजस्व एवं संबद्ध क्षेत्र '''==
स्थानीय प्रशासनिक विवरणों एवं ग्रामीण परंपराओं के अनुसार, उटाम्बर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पहले निम्नलिखित क्षेत्र जुड़े हुए बताए जाते हैं:
* '''उटाम्बर '''
* शहीद गणपत सिंह नगर
* अनूपसिंह नगर
* रामनगर
* भेरू नगर
* हनुमान नगर
* चंचलवा
* रावतसर
* इस्लामनगर
== '''प्रशासनिक एवं राजस्व पुनर्गठन''' (स्थानीय विवरण) ==
उटाम्बर ग्राम पंचायत एवं इसके अंतर्गत आने वाले राजस्व क्षेत्रों में समय-समय पर प्रशासनिक पुनर्गठन होते रहे हैं। ये परिवर्तन राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के विभाजन एवं पुनर्संरचना की प्रक्रिया के तहत बताए जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी एवं ग्रामीण विवरणों के अनुसार, पूर्व में उटाम्बर ग्राम पंचायत से जुड़े कई राजस्व एवं आवासीय क्षेत्र समय के साथ अन्य ग्राम पंचायतों में सम्मिलित किए गए या नई पंचायत इकाइयों के रूप में विकसित हुए।
=== '''प्रमुख प्रशासनिक परिवर्तन '''(स्थानीय विवरण अनुसार) ===
* '''शहीद गणपत सिंह नगर''' एवं '''अनूपसिंह नगर''' — इन्हें वर्तमान में अलग ग्राम पंचायत (विजयनगर क्षेत्र) में सम्मिलित बताया जाता है।
<ref>{{Cite web |url=https://villageinfo.org |title=Village Administrative Listings}}</ref>
* '''भेरू नगर''' एवं '''रामनगर''' — इन क्षेत्रों को मिलाकर एक अलग प्रशासनिक इकाई/ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किए जाने का उल्लेख स्थानीय स्तर पर मिलता है।
<ref>{{Cite web |url=https://panchayat.rajasthan.gov.in |title=Rajasthan Panchayati Raj Department}}</ref>
* '''चंचलवा''' — इसे समय के साथ एक पृथक ग्राम पंचायत के रूप में पुनर्गठित किया गया बताया जाता है।
* '''रावतसर''' — इसे चंचलवा क्षेत्र से अलग होकर एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत के रूप में विकसित बताया जाता है।
* '''इस्लामनगर''' — स्थानीय विवरणों के अनुसार यह क्षेत्र रावतसर अथवा चंचलवा पंचायत संरचना के अंतर्गत शामिल बताया जाता है।
* '''हनुमान नगर''' — कुछ विवरणों के अनुसार यह क्षेत्र भी विभिन्न समयों पर चंचलवा अथवा संबंधित पंचायत संरचनाओं में समायोजित किया गया बताया जाता है।
=== '''वर्तमान स्थिति '''===
वर्तमान में उटाम्बर ग्राम पंचायत मुख्य रूप से अपने मूल राजस्व क्षेत्र तक सीमित बताई जाती है, जबकि अन्य संबद्ध बस्तियाँ एवं राजस्व क्षेत्र समय-समय पर अलग-अलग ग्राम पंचायतों में पुनर्गठित किए गए बताए जाते हैं।
📌 यह सभी परिवर्तन राजस्थान पंचायती राज विभाग के अंतर्गत होने वाले ग्राम पंचायत पुनर्गठन का हिस्सा माने जाते हैं, जिनका अंतिम एवं आधिकारिक निर्धारण सरकारी अधिसूचना (Gazette notification) द्वारा किया जाता है।
== '''शिक्षा '''==
school 🏫 🎒
* राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, उटाम्बर
* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, उटाम्बर
[[चित्र:School utambar.jpg|1000px|अंगूठाकार|पाठ=image|राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उटाम्बर बालेसर जोधपुर ]]
<ref>{{Cite web |url=https://education.rajasthan.gov.in |title=Rajasthan Education Portal}}</ref>
== '''स्वास्थ्य '''==
गाँव में उप-स्वास्थ्य केंद्र एवं आंगनवाड़ी केंद्र उपलब्ध हैं। गंभीर मामलों में मरीजों को जोधपुर रेफर किया जाता है।
[[चित्र:Utambar Jodhpur.jpg|1000px|अंगूठाकार|पाठ=image|उप स्वास्थ्य केंद्र उटाम्बर जोधपुर ]]
<ref>{{Cite web |url=https://nhm.rajasthan.gov.in |title=National Health Mission Rajasthan}}</ref>
== '''परिवहन''' ==
गाँव सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन जोधपुर जंक्शन है।<ref>{{Cite web |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Jodhpur_Junction_railway_station |title=Jodhpur Junction}}</ref>
== '''जल एवं बिजली '''==
जल आपूर्ति बोरवेल एवं जल टंकी प्रणाली पर आधारित है तथा बिजली ग्रामीण विद्युत ग्रिड से उपलब्ध है।<ref>{{Cite web |url=https://energy.rajasthan.gov.in |title=Rajasthan Energy Department}}</ref>
== '''सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ''' ==
गाँव में सामाजिक जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
[[चित्र:SHRWAN RAM MEGHWAL UTAMBAR.jpg|950px|अंगूठाकार|पाठ=image|14 अप्रैल 2026 अंबेडकर जयंती सामाजिक कार्यक्रम उटाम्बर ]]
[[चित्र:SHRAWANRAMPANWAR2025.jpg|1000px|अंगूठाकार|पाठ=image|14 अप्रैल 2025 अंबेडकर जयंती सामाजिक कार्यक्रम उटाम्बर ]]
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[[चित्र:JayBhimutambar7.jpg|150px|अंगूठाकार|पाठ=image|जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर का लोगो]]
=='''[[जय भीम नव जागृति संस्थान, उटाम्बर]]'''==
स्थानीय स्तर पर शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय संगठन है!
[[चित्र:जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर.jpg|1000px|अंगूठाकार|पाठ=image|जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर जोधपुर ]]
<ref>{{Cite news |url=https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jodhpur/bambor/news/utamber-ambedkar-jayanti-rally-honors-talent-137701208.html |title=Social Activity Report |publisher=Dainik Bhaskar}}</ref>
∆
== '''[[14 अप्रैल अंबेडकर जयंती]] '''==
हर वर्ष 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर गाँव में सामाजिक रैली, प्रतिभा सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
[[चित्र:Utambar jay bhim Jodhpur Rajasthan.jpg|अंगूठाकार|पाठ=image|950px|जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर द्वारा अंबेडकर जयंती 2026 के अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ]][[चित्र:Utambar.jpg|अंगूठाकार|पाठ=image| 950px|जय भीम नव जागृति संस्थान, उटाम्बर द्वारा अंबेडकर जयंती 2026 के अवसर पर वाहन रैली का शुभारंभ]] [[File:Utambar Jodhpur Rajasthan.jpg|950px|अंगूठाकार|पाठ=image|जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर 14 अप्रैल 2026 अंबेडकर जयंती कार्यक्रम उटाम्बर ]]
©
== '''धार्मिक स्थल''' ==
* '''[[बाबा रामदेवजी मंदिर]] [[UTAMBAR]] '''
* मेघराज जी भोमिया जी एवं स्थानीय लोकदेव स्थल
* पारंपरिक कुएँ एवं बावड़ियाँ
<ref>{{Cite web |url=https://www.tourmyindia.com/states/rajasthan/baba-ramdev-temple-jodhpur.html |title=Baba Ramdev Temple Rajasthan}}</ref>
== '''इतिहास''' ==
स्थानीय मौखिक परंपराओं के अनुसार गाँव का इतिहास कई सौ वर्ष पुराना माना जाता है। कुछ परंपराओं में इसका पूर्व नाम “सिंगापुर” बताया जाता है, हालांकि इसके लिए स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं। यह विवरण मुख्यतः जनश्रुति आधारित है।
== '''विशेष तथ्य '''==
* पिन कोड: 342306
* पोस्ट ऑफिस: तिंवरी
* क्षेत्र: थार मरुस्थल
* पंचायत समिति: आगोलाई (वर्तमान), बालेसर (पूर्व)
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==''' सन्दर्भ '''==
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[[श्रेणी:राजस्थान के गाँव]]
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'''''Koimoi''''' is an Indian [[बॉलीवुड]] entertainment [[वेबसाइट]] that provides Bollywood news, [[बॉक्स ऑफिस इंडिया|box office]] reports and [[फ़िल्म|film]] reviews.<ref name="alexa">{{cite web |url= http://www.alexa.com/siteinfo/koimoi.com# |title= Koimoi.com Site Info |publisher= [[एलेक्सा (जालस्थल)|अलेक्सा इंटरनेट]] |access-date= 21 February 2016 |archive-url= https://web.archive.org/web/20160404211545/http://www.alexa.com/siteinfo/koimoi.com |archive-date= 4 April 2016 |url-status= live }}</ref>
In February 2016, in [[भारत]], this website had an Alexa rank of 732.<ref>{{cite web|title=Contest2win launches Bollywood portal Koimoi.com|url=http://www.indiadigitalreview.com/news/contest2win-launches-bollywood-portal-koimoicom|publisher=इंडियनडीजिटल रिव्यू |access-date=10 January 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20131007132436/http://www.indiadigitalreview.com/news/contest2win-launches-bollywood-portal-koimoicom|archive-date=7 October 2013|url-status=dead}}</ref>
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==See also==
* [[बॉलीवुड हंगामा]]
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==References==
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'''''Koimoi''''' is an Indian [[बॉलीवुड]] entertainment [[वेबसाइट]] that provides Bollywood news, [[बॉक्स ऑफिस इंडिया|box office]] reports and [[फ़िल्म|film]] reviews.<ref name="alexa">{{cite web |url= http://www.alexa.com/siteinfo/koimoi.com# |title= Koimoi.com Site Info |publisher= [[एलेक्सा (जालस्थल)|अलेक्सा इंटरनेट]] |access-date= 21 February 2016 |archive-url= https://web.archive.org/web/20160404211545/http://www.alexa.com/siteinfo/koimoi.com |archive-date= 4 April 2016 |url-status= live }}</ref>
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==See also==
* [[बॉलीवुड हंगामा]]
* [[बॉक्स ऑफिस इंडिया]]
==References==
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'''''द एशियन एज''''' ({{lang-en|The Asian Age}}) भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। यह [[नई दिल्ली]], [[मुंबई]] और [[कोलकाता]] से प्रकाशित होता है। इसका एक अंतरराष्ट्रीय संस्करण [[लंदन]] से भी प्रकाशित किया जाता है।<ref name="about">{{Cite web |title=About Us |url=https://web.archive.org/web/20160304091912/http://www.asianage.com/content/about-us |website=The Asian Age}}</ref>
== इतिहास ==
इस समाचार पत्र की स्थापना 1994 में [[एम. जे. अकबर]] द्वारा की गई थी। यह [[डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड]] के स्वामित्व में प्रकाशित होता है, जो ''[[डेक्कन क्रॉनिकल]]'' का भी प्रकाशन करती है।<ref name="about" />
== सन्दर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
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[[Category:भारत के अंग्रेज़ी समाचार पत्र]]
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'''पिण्ड''' [[चावल]] और [[जौ]] के [[आटा|आटे]], काले [[तिल]] तथा [[घी]] से निर्मित गोल आकार के होते हैं जो अन्त्येष्टि में तथा [[श्राद्ध]] में पितरों को अर्पित किये जाते हैं।
पूर्वज पूजा की प्रथा विश्व के अन्य देशों की भाँति बहुत प्राचीन है। यह प्रथा यहाँ वैदिक काल से प्रचलित रही है। विभिन्न देवी देवताओं को सम्बोधित वैदिक ऋचाओं में से अनेक पितरों तथा मृत्यु की प्रशस्ति में गाई गई हैं। पितरों का आह्वान किया जाता है कि वे पूजकों (वंशजों) को धन, समृद्धि एवं शक्ति प्रदान करें। पितरों को आराधना में लिखी ऋग्वेद की एक लम्बी ऋचा (१०.१४.१) में यम तथा वरुण का भी उल्लेख मिलता है। पितरों का विभाजन वर, अवर और मध्यम वर्गों में किया गया है (कृ. १०.१५.१ एवं यजु. सं. १९४२)। सम्भवत: इस वर्गीकरण का आधार मृत्युक्रम में पितृविशेष का स्थान रहा होगा। ऋग्वेद (१०.१५) के द्वितीय छन्द में स्पष्ट उल्लेख है कि सर्वप्रथम और अन्तिम दिवंगत पितृ तथा अन्तरिक्षवासी पितृ श्रद्धेय हैं। सायण के टीकानुसार श्रोत संस्कार संपन्न करने वाले पितर प्रथम श्रेणी में, स्मृति आदेशों का पालन करने वाले पितर द्वितीय श्रेणी में और इनसे भिन्न कर्म करने वाले पितर अन्तिम श्रेणी में रखे जाने चाहिए।
ऐसे तीन विभिन्न लोकों अथवा कार्यक्षेत्रों का विवरण प्राप्त होता है जिनसे होकर मृतात्मा की यात्रा पूर्ण होती है। ऋग्वेद (१०.१६) में अग्नि से अनुनय है कि वह मृतकों को पितृलोक तक पहुँचाने में सहायक हो। अग्नि से ही प्रार्थना की जाती है कि वह वंशजों के दान पितृगणों तक पहुँचाकर मृतात्मा को भीषण रूप में भटकने से रक्षा करें। ऐतरेय ब्राह्मण में अग्नि का उल्लेख उस रज्जु के रूप में किया गया है जिसकी सहायता से मनुष्य स्वर्ग तक पहुँचता है। स्वर्ग के आवास में पितृ चिन्तारहित हो परम शक्तिमान् एवं आनन्दमय रूप धारण करते हैं। पृथ्वी पर उनके वंशज सुख समृद्धि की प्राप्ति के हेतु पिण्डदान देते और पूजापाठ करते हैं। वेदों में पितरों के भयावह रूप की भी कल्पना की गई है। पितरों से प्रार्थना की गई है कि वे अपने वंशजों के निकट आएँ, उनका आसन ग्रहण करें, पूजा स्वीकार करें और उनके क्षुद्र अपराधों से अप्रसन्न न हों। उनका आह्वान व्योम में नक्षत्रों के रचयिता के रूप में किया गया है। उनके आशीर्वाद में दिन को जाज्वल्यमान और रजनी को अन्धकारमय बताया है। परलोक में दो ही मार्ग हैं : देवयान और पितृयान। पितृगणों से यह भी प्रार्थना है कि देवयान से मर्त्यो की सहायता के लिये अग्रसर हों (वाज. सं. १९.४६)।
संहिताओं और ब्राह्मणों की बहुत सी पंक्तियों में मृत्यु के प्रति मिलता है। पहला जन्म साधारण जन्म है। पिता की मृत्यु के उपरान्त पुत्र में ओर पुत्र के बाद पौत्र में जीवन की जो निरन्तरता बनी रहती है उसे दूसरे प्रकार का जन्म माना गाया है। मृत्युपरान्त पुनर्जन्म तीसरे प्रकार का जन्म है। कौशीतकी में ऐसे व्यक्तियों का उल्लेख है जो मृत्यु के पश्चात् चन्द्रलोक में जाते हैं और अपने कार्य एवं ज्ञानानुसार वर्षा के माध्यम से पृथ्वी पर कीट पशु, पक्षी अथवा मानव रूप में जन्म लेते हैं। अन्य मृत्क देवयान द्वारा अग्निलोक में चले जाते हैं।
छान्दोग्य के अनुसार ज्ञानोपार्जन करने वाले भले व्यक्ति मृमृत्युपरान्त देवयान द्वारा सर्वोच्च ब्राह्मण पद प्राप्त करते हैं। पूजापाठ एवं जनकार्य करने वाले दूसरी श्रेणी के व्यक्ति रजनी और आकाश मार्ग से होते हुए पुन: पृथ्वी पर लौट आते हैं और इसी नक्षत्र में जन्म लेते हैं।
स्मृतियों एवं पुराणों में भी आत्मासंसरण सम्बन्धी विश्वास पाए जाते हैं और इनमें भी पितृर्पण के हेतु श्राद्धसंस्कारों की महत्ता परिलक्षित होती है। मृत्युपरान्त पितृ-कल्याण-हेतु पहले दिन दस दान और अगले दस ग्यारह दिन तक अन्य दान दिए जाने चाहिए। इन्हीं दानों की सहायता से मृतात्मा नई काया धारण करती है और अपने कर्मानुसार पुनरावृत्त होती है। पितृपूजा के समय वंशज अपने लिये भी मंगलकामना करते हैं।
प्रथम दस दानों का प्रयोजन मृतकों का अध्यात्मनिर्माण है। मृत्यु के ११वें दिन एकोद्दिष्ट नामक दान दिया जाता है अगले दो मास में प्रत्येक मास एक बार और अगले १२ मासों में प्रत्येक छह मास की समाप्ति पर एक अन्तिम दान द्वारा इन संस्कारों की कुल संख्या १६ कर दी जाती है। श्राद्ध संस्कारों के सम्पन्न हो जाने पर पहला शरीर नष्ट हो जाता है और आगामी अनुभवों के लिये नए शरीर का निर्माण होता है। वेदवर्णित कर्तव्यों में श्राद्धसंस्कारों का विशेष स्थान है। कर्तव्यपरायणता के हित में वंशजों द्वारा इनका पालन आवश्यक है। आज भी प्रत्येक हिन्दू इस कर्तव्य का पालन वैदिक रीति के अनुसार करता है।
इस प्रथा के दार्शनिक आधार की पहली मान्यता मनुष्य में आध्यात्मिक तत्व की अमरता है। आत्मा किसी सूक्ष्म शारीरिक आकार में प्रभावाित होती है और इस आकार के माध्यम से ही आत्मा का संसरण सम्भव है। असंख्य जन्ममरणोपरान्त आत्मा पुनरावृत्ति से मुक्त हो जाती है। यद्यपि आत्मा के संसरण का मार्ग पूर्वकर्मों द्वारा निश्चित होता है तथापि वंशजों द्वारा सम्पन्न श्राद्धक्रियाओं का माहात्म्य भी इसे प्रभावित करता है। बौद्ध धर्म में दो जन्मों के बीच एक अन्त:स्थायी अवस्था की कल्पना की गई है जिसमें आत्मा के संसरण का रूप पूर्वकर्मानुसार निर्धारित होता है। पुनर्जन्म में विश्वास हिन्दू, बौद्ध तथा जैन तीनों चिन्तनप्रणलियों में पाया जाता है। हिन्दू दर्शन की चार्वाक पद्धति इस दिशा में अपवादस्वरूप है। अन्यथा पुनर्जन्म एवं पितरों की सत्ता में विश्वास सभी चिन्तनप्रणालियों और वर्तमान पढ़ अपढ़ सभी हिन्दुओं में समान रूप से पाया जाता है।
मालाबार के नायरों में मृतकों को दान देने की रस्म दाहसंस्कार के अगले दिन प्रारम्भ की जाती है और पूरे सप्ताह भर चलती है। उत्तरी भारत की नीची जातियों में मृतकों को भोजन देने की प्रथा प्रचलित है। गोण्ड जाति में दाहसंस्कार सम्बन्धी रस्मों की अवधि केवल तीन दिन है। इन रस्मों की समाप्ति पर शोककर्ता स्नान और क्षोर द्वारा शुद्ध हो पितरों को दूध और अन्न का तर्पण करते हैं। नेपाल में 'कमो' लोहारों में मृत्यु के ११वें दिन मृतक के सम्बन्धियों के भोज का आयोजन किया जाता है। किन्तु भोजन प्रारम्भ होने के पूर्व प्रत्येक व्यंजन का थोड़ा थोड़ा अंश एक पत्तल पर निकालकर मृत आत्मा के लिये जंगल में भेज दिया जाता है। पत्तल ले जानेवाला व्यक्ति उसे तब तक दृष्टि से ओझल नहीं होने देता जब तक पत्तल में रखे भोजन पर कोई मक्खी या कीड़ा न बैठ जाए। ऐसा होने पर पत्तल को किसी भारी पत्थर से ढक कर वह व्यक्ति अपने साथ लाया भोजन जंगल में ही रख देता है। तदुपरान्त वह गाँव में जाकर सम्बन्धियों को मृतात्मा द्वारा उनके दान की स्वीकृति की सूचना देता है और तब भोज प्रारम्भ होता है। मक्त ओरांव मृतक के अस्थि अवशेषों को शवस्थान में गाड़कर सुरक्षित रखते हैं। दिवंगत पुरखों को सूअर का मांस और ढेरों चावल भेंट में चढ़ाए जाते हैं और उठते बैठते, भोजन या धूम्रपान के अवसर पर उनका स्मरण किया जाता है। मल पहाड़ियाँ जाति में पूर्वजों की तुलना उन काष्ठस्तम्भों से की जाती है जो मकान की छत को सहारा देते हैं। शव को गाड़ते समय मेछ लोग मृतात्मा की तृप्ति के लिये कब्र पर आग जलाकर उसमें भोजन और पेय पदार्थों की आहुति देते हैं। मल पहाड़ियाँ भी अक्टूबर नवम्बर मास में कालीपूजा की रात्रि को मृत पुरखों के सम्मान में सूखे सन की बत्तियाँ जलाते हैं। उत्तरी भारत के अन्य भागों में इस प्रकार की रीतियाँ प्रचलित हैं। मिर्जापुर के घासिया पाँच पत्तलों में प्रतिदिन भोजन सजाकर पुरखों को भेंट चढ़ाते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि वे उनकी भेंट स्वीकार कर अपने वंशजों और पशुधन पर कृपादृष्टि रखें। कोलों में मृतात्मा को मुर्गे की बलि देते हैं। वे बलिस्थल पर शराब छिड़ककर सन्तति की सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं। राजी लोग सिर, दाढ़ी और मूँछों के बाल मुँडाकर उन्हें पूर्वजों की भेंट स्वरूप कब्र पर छोड़ देते हैं। खानाबदोश और पूर्व अपराधोपजीवी नट कबीले के लोग नदी के तट पर भोजन बनाते हैं और कपड़ा बिछा उसपर मृतात्मा के बैठने की प्रतीक्षा करते हैं। मृतक का निकटतम सम्बन्धी एक कुल्हड़ और धुरी हाथ में लेकर नदी में डुबकी लगाता है। वह तब तक जल से बाहर नहीं आता जब तक सिर पर रखा कुल्हड़ भर न जाए। कुल्हड़ को कपड़े पर रख, उसके चारों कोनों का भी ऐसे कुल्हड़ों से दबा दिया जाता है। फिर कुल्हड़ों से घिरे इस कपड़े पर आत्मा की तृप्ति के लिये भोजन रख दिया जाता है।
कुछ भारतीय जातियों में मृतात्मा की भोजन सम्बन्धी आवश्यकता की पूर्ति माता की ओर से सम्बन्धियों को भोज देकर की जाती है। निचले हिमालय की तराई के भोकसा अपनी पुत्रियों के वंशजों को भोज देकर मृतात्मा की शान्ति की व्यवस्था करते हैं। उड़ीसा के जुआंग और उत्तरी भारत के अन्य कबीले मृतक के मामा को पुजारी का पद देते हैं। गया ओर ऐसे अन्य स्थानों में जहाँ सगे सम्बन्धियों को पिण्डदान दिया जाता है, ऐसे अवसरों पर भोजन करने के लिये ब्राह्मणों का एक विशेष वर्ग भी बन गया है। समस्त भारत में आश्विन (अगस्त सितम्बर) मास में पितृपक्ष के अवसर पर वंशज पुरखों को और पिण्डदान देते हैं और पूरे पखवारे निकटतम पवित्र नदी में स्नान करते हैं।
मैसूर के कुरुवारू और नीलगिरि पहाड़ियों के येरुकुल अपने देवताओं के साथ पितरों को भी बलि देते हैं। मुम्बई राज्य के ढोर कठकरी तथा अन्य हिन्दू कबीले बिना छिले नारियल का पूर्वज मानकर उसकी पूजा करते हैं।
==इन्हें भी देखें==
*[[पितृपक्ष]]
*[[श्राद्ध]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
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'''पंडित दौलतराम''' [[जयपुर]] के तेरहपंथ परंपरा से जुड़े एक विद्वान और प्रारंभिक [[हिन्दी साहित्य]] के साहित्यकार थे। उन्होंने विक्रम संवत १८२३ में ''पद्मपुराण'' नामक हिंदी ग्रंथ की रचना की, जो [[पद्म पुराण]] के मूल संस्कृत श्लोकों का हिंदी अनुवाद माना जाता है।
दौलतराम को आधुनिक [[मानक हिन्दी]] के आरंभिक विकास में योगदान देने वाले साहित्यकारों में गिना जाता है।
== कृतियाँ ==
* ''पद्मपुराण'' (हिंदी अनुवाद)
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:हिन्दी साहित्यकार]]
[[श्रेणी:जयपुर के लोग]]
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संरचना व भाषा सुधार
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{{Short description|व्यापारिक गतिविधियों के लिए गठित कानूनी संगठन}}
'''व्यापार संगठन''' ({{lang-en|Business entity}}) एक ऐसा संगठन होता है जिसे व्यापारिक गतिविधियों, सेवाओं के आदान-प्रदान, या अन्य आर्थिक कार्यों के संचालन के लिए स्थापित किया जाता है। ऐसे संगठन लाभ कमाने, सेवाएँ प्रदान करने या सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बनाए जाते हैं।<ref>{{Cite web |title=Forms of Business Organizations |url=https://www.investopedia.com/terms/b/business-entity.asp |website=Investopedia}}</ref>
व्यापार संगठनों के प्रकार विभिन्न देशों की कानूनी व्यवस्थाओं के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। इन संगठनों को उनके स्वामित्व, दायित्व और प्रबंधन संरचना के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
==एकल स्वामित्व==
[[File:Small Shop (9277222566).jpg|thumb|एक एकल स्वामित्व व्यापारी फर्म]]
एक एकल स्वामित्व व्यापारी फर्म या स्वामित्व के रूप में भी जाना जाता है। यह् एक व्यवसाय के रूप में है और एक व्यक्ति द्वारा चलाया जाता है। एक एकमात्र मालिक एक व्यापार नाम या व्यापार के लिए अपने या अपने नाम के अलावा अन्य नाम का प्रयोग कर सकता है। इस कारोबार अपने या अपने स्वयं के लाभ के लिए एक व्यक्ति द्वारा चलाया जाता है। यह व्यापार संगठन का सरलतम रूप है। मालिकों के अलावा इसका अस्तित्व नहीं है। कारोबार से जुड़े देनदारियों के मालिक की व्यक्तिगत दायित्व हैं। व्यापार मालिक की मौत पर समाप्त हो जाता है। मालिक उसका / उसकी संपत्ति की हद तक व्यापार के जोखिम को चलाती है।
एकल प्रोपराइटर पेशेवर लोगों, सेवा प्रदाताओं, और खुदरा विक्रेताओं, जो "खुद के लिए व्यापार में।" शामिल है। एक एकल स्वामित्व उसके मालिक से एक अलग कानूनी इकाई नहीं है, लेकिन् यह लेखा प्रयोजनों के लिए एक अलग इकाई है। व्यवसाय की वित्तीय गतिविधियों निजी वित्तीय गतिविधियों से अलग रखा जाता है।
==भागीदारी जनरल और लिमिटेड==
[[File:ISEKI partners.jpg|thumb|सीमित भागीदारी]]
एक सामान्य साझेदारी दो या दो से अधिक लोगों को, जो एक साथ शामिल होने के लाभ के लिए एक व्यावसायिक उद्यम पर ले जाने के लिए के बीच एक समझौता है। प्रत्येक साझेदार धन, संपत्ति, श्रम, या कौशल योगदान देता है। प्रत्येक साझेदार मुनाफा और व्यापार के घाटे के शेयरों। प्रत्येक साझेदार भी व्यवसाय के ऋणों के लिए असीमित व्यक्तिगत दायित्व है।
सीमित भागीदारी राशि वे निवेश किया है, उसके अनुसार व्यवसाय के ऋणों के लिए अलग-अलग भागीदारों की व्यक्तिगत दायित्व की सीमा। भागीदारों के राज्य के अधिकारियों के साथ सीमित भागीदारी का एक प्रमाण पत्र फाइल चाहिए। सक्रिय भागीदार इसमें निवेश करने के अलावा व्यापार के दिन-प्रतिदिन के कार्यों में भाग लेने। सक्रिय भागीदार उद्यम के लाभ का एक हिस्सा करने के हकदार हैं। सो रही भागीदारों के व्यवसाय में निवेश करने और अपने लाभ का एक हिस्सा करने के हकदार हैं। वे दिन-प्रतिदिन के कार्यों में भाग नहीं लेते।
==सीमित दायित्व भागीदारी==
यह एक भागीदारी है जिसमें कुछ या सभी भागीदारों (अधिकार क्षेत्र पर निर्भर करता है) सीमित दायित्व है। यह एक साझेदारी और एक निगम के बीच एक संकर है। एक LIC के सदस्य एक साझेदारी के समान परिचालन लचीलापन और आय लाभ है। उन्होंने यह भी सीमित देयता जोखिम है। यह बहुत ही एक सीमित भागीदारी के समान लगता है, लेकिन वहाँ महत्वपूर्ण कानूनी और सांविधिक मतभेद रहे हैं।
भारत में कराधान के सभी प्रयोजनों (सेवा कर या किसी अन्य निर्धारित कर भुगतान) के लिए, एक सीमित दायित्व भागीदारी किसी अन्य साझेदारी फर्म की तरह बर्ताव् किया जाता है।
==हिन्दू संयुक्त परिवार==
ये हिंदू धर्म से संबंधित एक संयुक्त परिवार के स्वामित्व में कारोबार कर रहे हैं। जैन और सिख परिवारों को हिंदू कानून से संचालित नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे एक हिन्दू संयुक्त परिवार बना सकते हैं। परिवार के एक कुलपति, आम तौर पर सबसे पुराना पुरुष, जो पूरे परिवार की ओर से आर्थिक और सामाजिक मामलों पर निर्णय करता है के नेतृत्व में है। कुलपति की पत्नी घरेलू और नाबालिग धार्मिक प्रथाओं पर नियंत्रण डाल रही है। परिवार की आय एक आम पूल में बहती है और संसाधनों के सभी सदस्यों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।
महिला सदस्यों को भी संपत्ति के हिस्सा का अधिकार दिया जाता है।
==सहकारी==
[[File:Maraussan la cave cooperative.jpg|thumb|एक सहकारी]]
यह संयुक्त स्वेच्छा से एक संयुक्त रूप से स्वामित्व और लोकतांत्रिक तरीके से नियंत्रित व्यापार के माध्यम से उनके आम आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों की एक स्वायत्त संस्था है। सहकारिता गैर लाभ सामुदायिक संगठनों और व्यवसायों कि स्वामित्व में है और लोग हैं, जो उनकी सेवाओं का उपयोग करें, जो लोग वहाँ काम करके और वहां रहने वाले लोगों के द्वारा प्रबंधित कर रहे हैं शामिल हैं। यह एक संयुक्त रूप से स्वामित्व उत्पादन, वस्तुओं के वितरण में उलझाने या सेवाओं, उनके आपसी लाभ के लिए अपने सदस्यों के द्वारा संचालित की आपूर्ति उद्यम है। यह उपभोक्ताओं या किसानों द्वारा आयोजित किया जाता है। सहकारी व्यवसायों और अधिक आर्थिक रूप से व्यापार के कई अन्य रूपों की तुलना में लचीला हैं।
सहकारिता पारंपरिक रूप से पूँजीवादी संपत्ति-अधिकार के हितों के साथ सामाजिक लाभ के हितों की गठबंधन करते है।
==सार्वजनिक कंपनी==
यह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के रूप में भी जाना जाता है। यह एक पब्लिक लिमिटेड किसी राज्य सरकार या भारत के एक केन्द्र सरकार द्वारा प्रमुख स्वामित्व के साथ शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनी हो सकती है या इसे किसी राज्य सरकार या भारत के एक केन्द्र सरकार द्वारा प्रमुख स्वामित्व के साथ गैर-सूचीबद्ध इकाई हो सकता है। इन संस्थाओं में से कुछ विशेष कानून के माध्यम से व्यावसायिक संस्थाओं के रूप में गठन हैं।
==प्राइवेट लिमिटेड कंपनी==
[[File:Konami Corporation Entrance.jpg|thumb|एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी]]
यह अपने शेयरधारकों के लिए सीमित देयता, या कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन है कि अपने स्वामित्व पर कुछ प्रतिबंध देता है।
प्रमुख स्वामित्व प्रतिबंध हैं:
शेयरधारकों को बेचने या खरीद के लिए अन्य शेयरधारकों के लिए उन्हें पहली पेशकश के बिना उनके शेयरों का हस्तांतरण नहीं किया जा सकता,
शेयरधारकों को एक शेयर बाजार के ऊपर आम जनता के लिए उनके शेयरों की पेशकश नहीं कर सकते हैं, और
शेयरधारकों की संख्या (आमतौर पर ५०) एक निश्चित आंकड़ा पार नहीं कर सकता।
==छोटी सी कंपनी==
छोटे व्यापारों निजी निगमों, भागीदारी, या एकल स्वामित्व कम कर्मचारियों और / या एक नियमित रूप से आकार के व्यापार या निगम से कम वार्षिक राजस्व है कि स्वामित्व में हैं। यह एक सार्वजनिक कंपनी जिसका चुकता शेयर पूंजी से अधिक ₹ ५० लाख नहीं है और कारोबार ₹ १ करोड़ से अधिक नहीं है के अलावा अन्य कंपनी है।
==असीमित कंपनी==
एक असीमित कंपनी या निजी असीमित कंपनी के एक संकर के साथ या एक शेयर पूंजी के बिना, लेकिन जहां सदस्यों या शेयरधारकों की कानूनी दायित्व सीमित नहीं है निगमित कंपनी है। अपने सदस्यों या शेयरधारकों कंपनी के औपचारिक परिसमापन की स्थिति में किसी भी बकाया वित्तीय दायित्व के निपटारे सक्षम करने के लिए कंपनी की संपत्ति में कोई कमी को पूरा करने के लिए एक, संयुक्त कई और गैर सीमित दायित्व है। सदस्यों या कंपनी के शेयरधारकों की, संयुक्त कई और गैर सीमित देयता केवल कंपनी के औपचारिक परिसमापन पर लागू होता है।
==बहुराष्ट्रीय कंपनियां==
एक बहुराष्ट्रीय निगम या दुनिया भर में उद्यम है कि एक संगठन का मालिक है या अपने देश की तुलना में एक या एक से अधिक देशों में अन्य वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन को नियंत्रित करता है। यह भी एक अंतरराष्ट्रीय निगम, एक "अंतरराष्ट्रीय निगम", या एक राज्यविहीन निगम के रूप में भेजा जा सकता है। एक बहुराष्ट्रीय निगम आम तौर पर एक बड़ी निगम है जो उत्पादन या विभिन्न देशों में वस्तुओं या सेवाओं बेचता है।
यह निम्न कार्य करते है:
आयात और माल और सेवाओं का निर्यात
एक विदेशी देश में महत्वपूर्ण निवेश कर रही
विदेशी बाजारों में खरीद और बिक्री के लिए लाइसेंस
अनुबंध में उलझाने एक विदेशी देश में एक स्थानीय निर्माता विनिर्माण की अनुमति देने के लिए अपने उत्पादों का उत्पादन करने के लिए
विदेशी देशों में विनिर्माण सुविधाओं या विधानसभा आपरेशन खोलने
==संदर्भों==
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द हिंदू बिजनेस लाइन
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2026-04-22T20:25:48Z
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लेख का विस्तार; विश्वसनीय स्रोत जोड़े गए; शैली एवं संरचना में सुधार
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wikitext
text/x-wiki
{{Short description|भारत का अंग्रेज़ी भाषा का व्यावसायिक दैनिक समाचार पत्र}}
{{Use dmy dates|date=April 2026}}
{{Infobox newspaper
| name = The Hindu Business Line
| logo =
| type = Daily newspaper
| format = Broadsheet
| foundation = 1994
| owners = Kasturi & Sons Limited
| publisher = Kasturi & Sons Limited
| language = English
| headquarters = Chennai, India
| website = {{URL|https://www.thehindubusinessline.com}}
}}
'''द हिंदू बिजनेस लाइन''' ({{lang-en|The Hindu Business Line}}) भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी भाषा का व्यावसायिक दैनिक समाचार पत्र है। यह द हिंदू समूह द्वारा प्रकाशित किया जाता है और मुख्यतः व्यापार, अर्थव्यवस्था, उद्योग तथा वित्तीय बाजारों से संबंधित समाचार और विश्लेषण प्रस्तुत करता है।<ref>{{Cite web |title=About Us |url=https://www.thehindubusinessline.com/about-us/ |website=BusinessLine}}</ref>
== इतिहास ==
इस समाचार पत्र की स्थापना 1994 में कस्तूरी एंड सन्स लिमिटेड द्वारा की गई थी, जो [[द हिंदू]] समाचार पत्र का भी प्रकाशन करती है। यह पत्र विशेष रूप से व्यापार और अर्थव्यवस्था से संबंधित विषयों पर केंद्रित है।<ref>{{Cite web |title=The Hindu Group Profile |url=https://www.thehindu.com/profile/ |website=The Hindu}}</ref>
== सामग्री और कवरेज ==
यह समाचार पत्र व्यापार, वित्त, कॉरपोरेट क्षेत्र, कृषि, प्रौद्योगिकी तथा नीति-निर्माण से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और संपादकीय सामग्री प्रकाशित करता है। इसकी सामग्री मुख्यतः व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों पर केंद्रित होती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindu.com/profile/|title=Latest Profile News|website=The Hindu|language=en|access-date=2026-04-22}}</ref>
== प्रकाशन ==
यह समाचार पत्र भारत के कई प्रमुख शहरों जैसे [[चेन्नई]], [[मुंबई]], [[दिल्ली]], [[कोलकाता]], [[बेंगलुरु]] और [[हैदराबाद]] से प्रकाशित होता है।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[Category:भारत के अंग्रेज़ी समाचार पत्र]]
[[Category:व्यावसायिक समाचार पत्र]]
[[Category:1994 में स्थापित प्रकाशन]]
[[Category:चेन्नई की कंपनियाँ]]
[[Category:द हिंदू समूह]]
==इन्हें भी देखें==
*[[भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची]]
==सन्दर्भ==
{{संसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20170916033712/http://newspapers.co.in/ NEWSPAPERS.co.in - A dedicated portal showcasing online newspapers from all over India]
* [https://web.archive.org/web/20161026213502/http://www.newspaperindex.com/en/newspapers/India/ Newspaper Index - Newspapers from India - Most important online newspapers in India]
* [https://web.archive.org/web/20160305052847/http://www.thepaperboy.com/india/ ThePaperboy.com India - Comprehensive directory of more than 110 Indian online newspapers]
[[श्रेणी:भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र]]
[[श्रेणी:अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्र]]
{{आधार}}
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दैनिक समाचार एंड एनालाइसिस
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लेख का विस्तार; जानकारी और संदर्भ जोड़े गए; प्रारूप में सुधार
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text/x-wiki
{{Short description|भारत का अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र}}
{{Use dmy dates|date=April 2026}}
{{Infobox newspaper
| name = Daily News and Analysis
| logo =
| type = Daily newspaper
| format = Broadsheet
| foundation = 2005
| owners = Diligent Media Corporation Ltd.
| publisher = Zee Media Corporation
| language = English
| headquarters = Mumbai, India
| website = {{URL|https://www.dnaindia.com}}
}}
'''दैनिक समाचार एंड एनालाइसिस''' ({{lang-en|Daily News and Analysis}}), जिसे सामान्यतः '''DNA''' के नाम से जाना जाता है, भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र था। इसका प्रकाशन मुख्य रूप से [[मुंबई]] से किया जाता था।<ref>{{Cite web |title=About DNA |url=https://www.dnaindia.com/about |website=DNA India}}</ref>
== इतिहास ==
इस समाचार पत्र की शुरुआत वर्ष 2005 में [[डीएनए मीडिया]] द्वारा की गई थी। यह [[जी मीडिया कॉर्पोरेशन]] के स्वामित्व में संचालित था और शहरी पाठकों को लक्षित करते हुए समाचार और विश्लेषण प्रस्तुत करता था।<ref>{{Cite web |title=Zee Media Corporation |url=https://www.zeemedia.in |website=Zee Media}}</ref>
== सामग्री ==
यह समाचार पत्र राजनीति, व्यापार, मनोरंजन, खेल और शहरी जीवन से संबंधित विषयों पर समाचार, विश्लेषण और फीचर लेख प्रकाशित करता था।
== प्रकाशन ==
DNA का मुद्रित संस्करण मुख्यतः मुंबई सहित कुछ प्रमुख शहरों में उपलब्ध था। बाद के वर्षों में इसका डिजिटल संस्करण अधिक सक्रिय रहा।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची]]
[[Category:भारत के अंग्रेज़ी समाचार पत्र]]
[[Category:2005 में स्थापित प्रकाशन]]
[[Category:मुंबई की कंपनियाँ]]
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दी इकोनॉमिक्स टाइम्स
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2026-04-22T20:31:29Z
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लेख का विस्तार और संरचना में सुधार
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{{Short description|भारत का अंग्रेज़ी भाषा का व्यावसायिक दैनिक समाचार पत्र}}
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{{Infobox newspaper
| name = The Economic Times
| logo =
| type = Daily newspaper
| format = Broadsheet
| foundation = 1961
| owners = Bennett, Coleman & Co. Ltd.
| publisher = Bennett, Coleman & Co. Ltd.
| language = English
| headquarters = Mumbai, India
| sister newspapers = [[द टाइम्स ऑफ इंडिया]]
| website = {{URL|https://economictimes.indiatimes.com}}
}}
'''दी इकोनॉमिक्स टाइम्स''' ({{lang-en|The Economic Times}}) भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी भाषा का व्यावसायिक दैनिक समाचार पत्र है। यह बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (The Times Group) द्वारा प्रकाशित किया जाता है और मुख्यतः व्यापार, अर्थव्यवस्था, वित्त और उद्योग से संबंधित समाचार एवं विश्लेषण प्रस्तुत करता है।<ref>{{Cite web |title=About The Economic Times |url=https://economictimes.indiatimes.com/about_us.cms |website=The Economic Times}}</ref>
== इतिहास ==
इस समाचार पत्र की स्थापना वर्ष 1961 में की गई थी। यह भारत के प्रमुख व्यावसायिक समाचार पत्रों में से एक है और देश के विभिन्न शहरों से प्रकाशित होता है।<ref>{{Cite web |title=Times Group Profile |url=https://timesgroup.com |website=Times Group}}</ref>
== सामग्री ==
यह समाचार पत्र व्यापार, वित्तीय बाजार, कॉरपोरेट क्षेत्र, नीतिगत बदलाव, प्रौद्योगिकी और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और संपादकीय सामग्री प्रकाशित करता है।
== प्रकाशन ==
यह समाचार पत्र भारत के कई प्रमुख शहरों से प्रकाशित होता है, जिनमें [[मुंबई]], [[दिल्ली]], [[कोलकाता]], [[चेन्नई]] और [[बेंगलुरु]] शामिल हैं।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची]]
[[Category:भारत के अंग्रेज़ी समाचार पत्र]]
[[Category:व्यावसायिक समाचार पत्र]]
[[Category:1961 में स्थापित प्रकाशन]]
[[Category:मुंबई की कंपनियाँ]]
[[Category:टाइम्स समूह]]
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द स्टेटमैन
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लेख का विस्तार; संरचना और जानकारी में सुधार; विश्वसनीय स्रोत जोड़े गए
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text/x-wiki
{{Short description|भारत का अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र}}
{{Use dmy dates|date=April 2026}}
{{Infobox newspaper
| name = The Statesman
| logo =
| type = दैनिक समाचार पत्र
| format = ब्रॉडशीट
| foundation = 1875
| owner = The Statesman Ltd.
| publisher = The Statesman Ltd.
| language = अंग्रेज़ी
| headquarters = [[कोलकाता]], [[पश्चिम बंगाल]], भारत
| website = {{URL|https://www.thestatesman.com}}
}}
'''द स्टेट्समैन''' ({{lang-en|The Statesman}}) भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। इसकी स्थापना 1875 में हुई थी और यह भारत के सबसे पुराने समाचार पत्रों में से एक है।<ref>{{Cite web |title=About The Statesman |url=https://www.thestatesman.com/about-us |website=The Statesman}}</ref>
== इतिहास ==
द स्टेट्समैन का इतिहास ब्रिटिश भारत के समय से जुड़ा हुआ है। यह समाचार पत्र समय के साथ भारत के प्रमुख अंग्रेज़ी समाचार पत्रों में शामिल हो गया और अपनी संपादकीय परंपरा तथा रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है।<ref>{{Cite web |title=The Statesman History |url=https://www.thestatesman.com |website=The Statesman}}</ref>
== प्रकाशन ==
यह समाचार पत्र [[कोलकाता]], [[नई दिल्ली]], [[सिलीगुड़ी]] और [[भुवनेश्वर]] से प्रकाशित होता है।
== सामग्री ==
यह समाचार पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार, राजनीति, व्यापार, खेल और संस्कृति से संबंधित विषयों पर समाचार, विश्लेषण और संपादकीय सामग्री प्रकाशित करता है।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची]]
[[Category:भारत के अंग्रेज़ी समाचार पत्र]]
[[Category:1875 में स्थापित प्रकाशन]]
[[Category:कोलकाता की कंपनियाँ]]
[[Category:भारतीय मीडिया]]
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वांग्लैनी
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लेख का विस्तार; संरचना और प्रारूप में सुधार; संदर्भ जोड़े गए
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text/x-wiki
{{Short description|मिजो भाषा का भारतीय दैनिक समाचार पत्र}}
{{Use dmy dates|date=April 2026}}
{{Infobox newspaper
| name = Vanglaini
| type = दैनिक समाचार पत्र
| format = ब्रॉडशीट
| language = [[मिजो भाषा|मिजो]]
| headquarters = [[आइज़ोल]], [[मिजोरम]], भारत
}}
'''वांग्लैनी''' ({{lang-en|Vanglaini}}) भारत के [[मिजोरम]] राज्य से प्रकाशित होने वाला मिजो भाषा का एक दैनिक समाचार पत्र है। यह राज्य के प्रमुख स्थानीय समाचार पत्रों में से एक है और क्षेत्रीय समाचार, राजनीति तथा सामाजिक मुद्दों पर सामग्री प्रकाशित करता है।<ref>{{Cite web |title=Mizoram Newspapers |url=https://www.newspapers.co.in/mizoram.html |website=Newspapers.co.in}}</ref>
== सामग्री ==
यह समाचार पत्र स्थानीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, संस्कृति और समाज से जुड़े विषयों पर लेख और रिपोर्ट प्रकाशित करता है।
== प्रकाशन ==
वांग्लैनी का प्रकाशन मुख्यतः [[आइज़ोल]] से किया जाता है और यह मिजोरम क्षेत्र में व्यापक रूप से पढ़ा जाता है।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची]]
[[Category:भारत के समाचार पत्र]]
[[Category:मिजो भाषा के समाचार पत्र]]
[[Category:मिजोरम]]
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TrueLinguist
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text/x-wiki
'''चौकी '''पुलिस का बॉक्स है [[भारतीय पुलिस सेवा]] मैं। अवर निरीक्षक चौकी के प्रभारी है।<ref>Ratna N. Rao ''Social Organisation in an Indian Slum: Study of a Caste Slum'' 1990 8170991862 "The police chowky in Wadarwadi evokes opposite kinds of response from the slum-dwellers. </ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:भारत आधार]]
[[श्रेणी:विधि-प्रवर्तन उपकरण]]
ir0s4aarffujgu0z8jlhnsninkyupfe
उस्मान
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The Sorter
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अनुप्रेषण का लक्ष्य [[उस्मान प्रथम]] से [[उस्मान बिन अफ़्फ़ान]] में बदला
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text/x-wiki
#पुनर्प्रेषित [[उस्मान बिन अफ़्फ़ान]]
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प्लेबॉय
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CommonsDelinker
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"Marilyn_Monroe_in_1952.jpg" को हटाया। इसे कॉमन्स से [[commons:User:Gbawden|Gbawden]] ने हटा दिया है। कारण: per [[:c:Commons:Deletion requests/File:Marilyn Monroe in 1952.jpg|]]
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text/x-wiki
{{Infobox magazine
|title = प्लेबॉय<br><small>Playboy</small>
|image_file =
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|publisher = प्लेबॉय एंटरप्राइजेज
|category = पुरुषों की पत्रिका
|total_circulation = 474,220<ref name="AAM-Circulation">{{cite web|title=AAM: Total Circ for Consumer Magazines|url=http://abcas3.auditedmedia.com/ecirc/magtitlesearch.asp|website=abcas3.auditedmedia.com|accessdate=20 October 2017|archive-url=https://archive.today/20170123200306/http://abcas3.auditedmedia.com/ecirc/magtitlesearch.asp|archive-date=23 जनवरी 2017|url-status=dead}}</ref>
|circulation_year = 2017
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|language = अंग्रेजी और कई अन्य
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|founded = {{start date and age|1953|10|1}}<ref>{{cite web |url=http://www.playboyenterprises.com/home/content.cfm?content=t_template&packet=00017B97-9135-1C72-8FEA8304E50A010D&artTypeID=00025AAE-7EF7-1C72-8FEA8304E50A010D |title=Playboy Enterprises, Inc |website=Playboyenterprises.com |date= |accessdate=2016-02-14 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150924074225/http://www.playboyenterprises.com/home/content.cfm?content=t_template&packet=00017B97-9135-1C72-8FEA8304E50A010D&artTypeID=00025AAE-7EF7-1C72-8FEA8304E50A010D |archive-date=24 सितंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>
|founder = हग हेफ़नर
|editor = बेन कोन
|editor_title = सीईप
|firstdate = दिसंबर 1953
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|website =
|issn = 0032-1478
}}
'''''प्लेबॉय''''' एक अमेरिकी लाइफस्टाइल और मनोरंजन पत्रिका है। इसकी स्थापना हग हेफ़नर द्वारा शिकागो में 1953 में की गयी थी।<ref>{{Cite news | url=http://business.timesonline.co.uk/tol/business/industry_sectors/media/article5310203.ece | title=Hefner's Daughter Christie Walks Away from Playboy Enterprises | work=The Times | location=London | first=Christine | last=Seib | date=December 9, 2008 | accessdate=May 22, 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20110809075405/http://business.timesonline.co.uk/tol/business/industry_sectors/media/article5310203.ece | archive-date=9 अगस्त 2011 | url-status=live }}</ref>
नग्न और अर्ध-नग्न मॉडल (प्लेमेट्स) के केंद्रों के लिए उल्लेखनीय, प्लेबॉय ने यौन क्रांति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्लेबॉय एंटरप्राइजेज, इंक. में उगाए जाने वाले दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ब्रांडों में से एक बना हुआ है। । संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रमुख पत्रिका के अलावा, प्लेबॉय के विशेष राष्ट्र-विशिष्ट संस्करण दुनिया भर में प्रकाशित किए गए हैं।
पत्रिका में आर्थर सी क्लार्क, इयान फ्लेमिंग, व्लादिमीर नाबोकोव, शाऊल बोले, चक पलाहनीक, पीजी वोडाहाउस, रोल्ड डाहल जैसे उल्लेखनीय उपन्यासकारों द्वारा लघु कथाओं को प्रकाशित करने का एक लंबा इतिहास है। हरुकी मुराकामी, और मार्गरेट एटवुड। यह उल्लेखनीय कार्टूनिस्टों के लिए एक शोकेस बन गया, जिसमें हार्वे कुर्टज़मैन, जैक कोल, एल्डन डेडिनी, जुल्स फीफर, शेल सिल्वरस्टीन, एरिच सोकोल, रॉय रेमोंडे, गहन विल्सन, और रोवलैंड बी विल्सन। प्लेबॉय में कलाकारों, आर्किटेक्ट्स, अर्थशास्त्री, संगीतकार, कंडक्टर, फिल्म निर्देशक, पत्रकार, उपन्यासकार, नाटककार, धार्मिक आंकड़े, राजनेता, एथलीट, और रेस कार ड्राइवर जैसे उल्लेखनीय सार्वजनिक आंकड़ों के मासिक साक्षात्कार शामिल हैं। पत्रिका आम तौर पर उदार संपादकीय रुख को दर्शाती है, हालांकि यह अक्सर रूढ़िवादी हस्तियों का साक्षात्कार करती है।
प्लेबॉय पत्रिका में सबसे नग्न तस्वीरों को सालाना हटाने के बाद, मार्च-अप्रैल 2017 के मुद्दे ने नग्नता वापस लाई।
==विशेषताएं और प्रारूप==
===खरगोश लोगो===
प्लेबॉय के प्रतिष्ठित और स्थायी शुभंकर, एक टक्सेडो धनुष टाई पहने हुए खरगोश का एक स्टाइलिज्ड सिल्हूट, प्लेबॉय कला निर्देशक आर्ट पॉल द्वारा दूसरे मुद्दे के लिए एक अंतराल के रूप में बनाया गया था, लेकिन इसे आधिकारिक लोगो के रूप में अपनाया गया था और तब से दिखाई दिया है।<ref name = Faye>{{cite web |last=Faye |first=Marcia |url=http://www.iit.edu/magazine/spring_2009/article_2.shtml |title=Art Paul: The art of designing Playboy |publisher=''iitmagazine'' |date=Spring 2009 |accessdate=December 7, 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150124062523/http://iit.edu/magazine/spring_2009/article_2.shtml |archive-date=24 जनवरी 2015 |url-status=live }}</ref><ref name = Heller>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=h9PZI10IuIoC&printsec=frontcover&vq=Art+Paul |title=Heller, Steven and Vienne, Véronique, ''The Education of an Art Director'' Allworth Communications, Inc., (2005)ISBN 1581154356, ISBN 978-1-58115-435-1 pp. 174–180 |publisher=Google Books |accessdate=December 7, 2011 |isbn=9781581154351 |year=2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170301232747/https://books.google.com/books?id=h9PZI10IuIoC&printsec=frontcover&vq=Art+Paul |archive-date=1 मार्च 2017 |url-status=live }}</ref> पत्रिका में एक चल रहे मजाक में कवर कला या तस्वीर में कहीं भी लोगो छिपाना शामिल है। हेफनर ने कहा कि उन्होंने खरगोश को अपने "विनोदी यौन अर्थ" के लिए चुना है, और क्योंकि छवि "झटकेदार और चंचल" थी।
{{clear}}
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://web.archive.org/web/20150914193143/http://www.playboy.com/ आधिकारिक वेबसाइट]
[[श्रेणी:अमेरिकी पत्रिकाएँ]]
[[श्रेणी:अंग्रेज़ी पत्रिकाएँ]]
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{{स्रोतहीन|date=अप्रैल 2026}}
'''आचार्य रविषेण''' (सातवीं शती) प्रसिद्ध जैन ग्रंथ 'पद्मपुराण' के रचयिता हैं। यह ग्रंथ [[विमलसूरि]] रचित प्राकृत भाषा के 'पउम चरियं' का पल्लवित अनुवाद माना जाता है।
== समय एवं रचना ==
[[File:Padmapuran (Jain).jpg|thumb|आचार्य रविषेण रचित पद्मपुराण (प्रकाशित संस्करण की झलक)]]
रविषेणाचार्य का समय निःसंदिग्ध रूप से सातवीं शताब्दी है। उन्होंने स्वयं अपने सुप्रसिद्ध ग्रंथ पद्मपुराण अथवा पद्म चरित के अंत में ग्रंथ के संपन्न होने के समय का उल्लेख करते हुए लिखा है कि जिनसूर्य श्री वर्धमान जिनेन्द्र के मोक्ष के बाद एक हजार दो सौ तीन वर्ष छह माह बीत जाने पर श्री पद्ममुनि का यह चरित्र लिखा गया है।<ref>पद्मपुराण, आचार्य रविषेण, तृतीय भाग, संपादन-अनुवाद- डॉ० पन्नालाल जैन साहित्याचार्य, भारतीय ज्ञानपीठ, नयी दिल्ली, सोलहवाँ संस्करण-2017, पृष्ठ-425 (१२३-१८२).</ref> इस प्रकार इस ग्रंथ की पूर्णता विक्रम संवत् ७३४ अर्थात् ६७७ ई० में सिद्ध होती है।
==इन्हें भी देखें==
* [[विमलसूरि]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:जैन आचार्य]]
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स्वाबिया
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The Sorter
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[[File:Modern Swabia-map.PNG|thumb|250px|आधुनिक [[जर्मनी]] में स्वाबिया क्षेत्र]]
'''स्वाबिया''' ({{Langx|de|Schwaben|italic=no}}) [[जर्मनी]] के दक्षिणपश्चिमी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक क्षेत्र है। यहाँ के लोग [[जर्मन भाषा|जर्मन]] की "स्वाबियाई जर्मन" (Swabian German) नामक [[उपभाषा]] बोलते हैं। जर्मनी का तीसरा सबसे बड़ा नगर, [[म्यूनिख]], इसी क्षेत्र में स्थित है।<ref>Minahan, James (2000). One Europe, Many Nations: A Historical Dictionary of European National Groups. Greenwood Publishing Group, Ltd. ISBN 978-0313309847.</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[जर्मनी]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:जर्मनी के क्षेत्र]]
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विकिपीडिया:प्रयोगस्थल
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text/x-wiki
'''Translation and mass media'''
परिचय ==
[[जनसंचार]] (Mass Media) और [[अनुवाद]] (Translation) आधुनिक समाज के दो ऐसे स्तंभ हैं जो सूचनाओं को भाषाई और सांस्कृतिक सीमाओं के पार ले जाते हैं। जनसंचार माध्यमों में अनुवाद की भूमिका केवल शब्दों के रूपांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक 'प्रकार्यात्मक' (Functional) प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य समाचार, सूचना और मनोरंजन को लक्ष्य भाषा (Target Language) के दर्शकों के लिए बोधगम्य और प्रभावशाली बनाना है। वर्तमान समय में, वैश्विक न्यूज़ एजेंसियों प्रसारित अधिकांश खबरें अनुवाद के माध्यम से ही स्थानीय भाषाओं तक पहुँचती हैं।
== सैद्धांतिक आधार एवं भारतीय परिप्रेक्ष्य ==
भारतीय संदर्भ में अनुवाद विज्ञान को स्थापित करने में डॉ. भोलानाथ तिवारी और डॉ. कैलाश चंद्र भाटिया का योगदान अतुलनीय है।
डॉ. भोलानाथ तिवारी का सिद्धांत: तिवारी जी के अनुसार, अनुवाद एक 'सृजनात्मक' प्रक्रिया है।<ref>अनुवाद विज्ञान</ref> जनसंचार के क्षेत्र में अनुवादक को 'स्रोत भाषा' के अर्थ को सुरक्षित रखते हुए 'लक्ष्य भाषा' की प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना होता है।
== जनसंचार में अनुवाद की प्रक्रियाएँ ==
जनसंचार माध्यमों में अनुवाद की प्रक्रिया अन्य विधाओं से भिन्न होती है। इसके मुख्य आयाम निम्नलिखित हैं:
=== 1 [[समाचार]]अनुवाद (News Translation) ===
समाचार पत्रों और न्यूज़ पोर्टल्स में अनुवाद की गति (Speed) अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यहाँ अनुवादक को 'पिरामिड शैली' (Pyramid Style) का ध्यान रखना पड़ता है, जहाँ सबसे महत्वपूर्ण सूचना सबसे पहले दी जाती है।
=== 2 दृश्य-श्रव्य अनुवाद (Audiovisual Translation - AVT) ===
इसमें [[डबिंग]] (Dubbing) और [[सबटाइटलिंग]] (Subtitling) शामिल हैं। डबिंग में जहाँ 'लिप-सिंकिंग' (Lip-syncing) महत्वपूर्ण है, वहीं सबटाइटलिंग में समय और स्थान (Space and Time) की सीमा के भीतर अनुवाद करना होता है।
=== 3 [[विज्ञापन]] और अनुवाद (Advertising and Translation) ===
विज्ञापनों में 'ट्रांसक्रिएशन' (Transcreation) का उपयोग होता है। यहाँ मूल शब्दों से अधिक मूल 'भाव' और 'ब्रैंड मैसेज' को स्थानीय संस्कृति के अनुसार ढालना आवश्यक होता है।
== युद्ध, संघर्ष और अनुवाद की राजनीति ==
युद्ध के समय जनसंचार में अनुवाद एक रणनीतिक हथियार (Strategic Tool) बन जाता है। यहाँ अनुवादक की भूमिका 'द्वारपाल' (Gatekeeper) की होती है।
विचारधारात्मक फ्रेमिंग: अनुवाद के माध्यम से किसी पक्ष को 'मुक्तिदाता' और दूसरे को 'आक्रमणकारी' दिखाया जा सकता है। शब्दावली का चयन (Lexical Choice) यहाँ अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
सत्ता और विमर्श: मोना बेकर (Mona Baker) के अनुसार, युद्धकालीन परिस्थितियों में अनुवाद कभी भी तटस्थ नहीं होता। यह अक्सर राष्ट्रवाद और राजनीतिक हितों से प्रभावित होता है। उदाहरण के लिए, शत्रु सेना की क्षति को 'हताहत' (Casualties) कहना और अपनी सेना की मृत्यु को 'शहादत' कहना अनुवादक के वैचारिक झुकाव को दर्शाता है।
== समकालीन चुनौतियाँ और मशीन अनुवाद ==
21वीं सदी में [[मशीनी अनुवाद]] (Machine Translation) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने जनसंचार के स्वरूप को बदल दिया है।
गति बनाम सटीकता: सोशल मीडिया पर सूचनाएं 'रियल-टाइम' में अनूदित होकर फैलती हैं। गूगल ट्रांसलेट जैसे टूल्स सूचना को तेज़ तो बनाते हैं, लेकिन इनमें 'संदर्भगत सटीकता' (Contextual Accuracy) की कमी होती है, जिससे [[भ्रामक सूचना]] (Fake News) का खतरा बढ़ जाता है।
नैतिक संकट: मशीन कभी भी युद्ध की संवेदना या सांस्कृतिक बारीकियों को नहीं समझ सकती। इसलिए, मीडिया अनुवाद में मानवीय हस्तक्षेप (Human-in-the-loop) अनिवार्य बना हुआ है।
== निष्कर्ष ==
जनसंचार और अनुवाद का संबंध अटूट है। एक बहुभाषी समाज में अनुवाद ही वह शक्ति है जो वैश्विक सूचना को स्थानीय संदर्भ प्रदान करती है। हालांकि, तकनीक के विकास के साथ अनुवादक की चुनौतियाँ बढ़ी हैं, लेकिन उसकी 'बौद्धिक मध्यस्थता' (Intellectual Mediation) की प्रासंगिकता आज भी कायम है।
== संदर्भ (References) ==
तिवारी, भोलानाथ (2002). ''अनुवाद विज्ञान''. दिल्ली: शब्दकार प्रकाशन।
भाटिया, कैलाश चंद्र (1985). ''अनुवाद कला: सिद्धांत और प्रयोग''. तक्षशिला प्रकाशन।
Baker, Mona (2006). ''Translation and Conflict: A Narrative Account''. Routledge.
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चाहर धर्मेंद्र
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प्रयोगस्थल खाली किया।
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Krishiwithsagar
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* * यह संपादकीय ड्राफ्ट समुद्री विकास पर है। अंतिम संस्करण के लिए फीडबैक दें।
* कीवर्ड्स: भारत समुद्री शक्ति, इंडिया विजन 2030, बंदरगाह सुधार।
* अपडेट: न्यू इंडिया समाचार, अप्रैल 2026 अंक। *
* "भारत के 7,500 किमी मुख्य तट रेखा पर विश्व का 95% व्यापार समुद्री मार्ग से होता है।" *
*
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प्रिय पाठकों,
भारत की समुद्री परंपरा प्राचीन और गौरवशाली रही है। इसी ऐतिहासिक विरासत से प्रेरणा लेते हुए आज भारत अपने समुद्री क्षेत्र को आधुनिक विकास के नए चरण में ले जा रहा है। लगभग 11 हजार किलोमीटर लंबी तटरेखा और वैश्विक समुद्री मार्गों की रणनीतिक स्थिति के कारण भारत के पास अपार संभावनाएं हैं। 12 प्रमुख बंदरगाहों और 217 अन्य बंदरगाहों के साथ समुद्री परिवहन आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है। बीते 11 वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं। ‘इंडिया विजन 2030’ के तहत भारत को विश्व की अग्रणी समुद्री शक्ति और जहाज निर्माता देशों में स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार लगातार कार्य कर रही है।
न्यू इंडिया समाचार (अंक 1-15 अप्रैल, 2026) की कवर स्टोरी का विषय ‘महासागर बन रहे अवसरों का सेतु’ है, जो 'पोर्ट फॉर प्रोसपेरिटी', 'पोर्ट फॉर प्रोग्रेस' और 'पोर्ट फॉर प्रोडक्टिविटी' पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को दर्शाता है।
साथ ही व्यक्तित्व की कड़ी में बाबू जगजीवन राम और 14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र के नमन पर केंद्रित विशेष सामग्री को भी इस अंक में शामिल किया गया है। मुझे आशा है कि आपको यह अंक पसंद आएगा।
शुभकामनाएं और आभार
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Sanjeev bot
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सम्राट चौधरी
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{{Infobox officeholder
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}}
'''सम्राट चौधरी लेखा राजी माऊंट जियोन स्कूल संतोष सिंह रेखा प्रिया सौरभ आनंद अशोक सिंह कोर्ट स्टेशन पूर्णिया राहुल राज गुप्ता सुधा दुध माचोद भारत चोर है माचोद हिन्दू माचोद राम मां चोद भूम-ईहर गोत्र कुर्-मी कोइरी झा वर्मा शर्मा शुक्ला गुप्ता श्रीवास्तव सिंह चौधरी राय पाल योगी मोदी उपाध्याय घोष खान कपूर पांडेय तोमर साही इत्यादि '''<ref>{{Cite web |title=Home - Show Member Personal Details |url=https://vidhanparishad.bihar.gov.in/profile/77 |access-date=2025-10-03 |website=vidhanparishad.bihar.gov.in}}</ref> (जन्म 16 नवंबर 1968), जिन्हें उनके उपनाम राकेश कुमार से भी जाना जाता है , एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में 2024 से विजय कुमार सिन्हा के साथ नीतीश कुमार के अधीन बिहार के 8वें उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे, अब मुख्यमंत्री चुन गए हैं, इन्होंने 15 अप्रैल 2026 को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली<ref>{{Cite web|url=https://gyanok.com/state/bihar/who-is-samrat-chaudhary-bihar-new-cm-bjp-news/|title=Bihar New CM: कौन हैं सम्राट चौधरी? जिन्हें बीजेपी ने सौंपी बिहार की कमान, विधायक दल की बैठक में हुआ बड़ा फैसला - gyanok.com|date=2026-04-14|language=en-US|access-date=2026-04-17}}</ref>। वे 2025 में तारापुर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए चुने जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी से बिहार विधान परिषद के सदस्य थे। वे मार्च 2023 से 25 जुलाई 2024 तक भाजपा बिहार राज्य इकाई के पार्टी अध्यक्ष रहे हैं। <ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bihar-mlc-polls-bjp-candidates-1692214-2020-06-24|title=Mayukh, Samrat Choudhary BJP candidates for Bihar MLC polls|website=India Today|date=24 June 2020 |accessdate=15 November 2020|archive-date=14 October 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201014013022/https://www.indiatoday.in/india/story/bihar-mlc-polls-bjp-candidates-1692214-2020-06-24|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.newsnationtv.com/states/bihar/all-9-candidates-have-been-elected-unopposed-for-9-seats-of-bihar-legislative-councile-148137.html|title=बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी 9 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, JDU-RJD का दिखा दबदबा|website=newsnationtv|date=29 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201115202848/https://www.newsnationtv.com/states/bihar/all-9-candidates-have-been-elected-unopposed-for-9-seats-of-bihar-legislative-councile-148137.html|accessdate=15 November 2020|archive-date=15 November 2020|quote=The JDU's winning in Bihar Legislative Council are Dr. Kumud Verma, Professor Ghulam and Bhisam Sahni. While RJD to Mo Farooq, Rambali Singh and Sunil Kumar Singh have been made MLCs. On the other hand, Sanjay Prakash and Samrat Chaudhary from BJP have secured MLC seat while Sameer Kumar Singh from Congress has got a place in Bihar Legislative Council. }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/nda-candidates-file-nomination-papers-for-council-elections-in-bihar-2252158|title=NDA Candidates File Nomination Papers For Council Elections In Bihar|website=NDTV|accessdate=15 November 2020|archive-date=6 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200906215845/https://www.ndtv.com/india-news/nda-candidates-file-nomination-papers-for-council-elections-in-bihar-2252158|url-status=live}}</ref>
वे राष्ट्रीय जनता दल सरकार में विधान सभा के और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। चौधरी बिहार राज्य के लिए भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में 2019 में अपना पहला कार्यकाल समाप्त होने के बाद 2020 में एमएलसी के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए चुने गए हैं ।2022 में, उन्हें बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में चुना गया । 2024 में, उन्हें माल और सेवा कर दर युक्तिकरण पैनल पर मंत्रियों के समूह का संयोजक भी बनाया गया। वह बिहार सरकार में वर्तमान मुख्यमंत्री हैं ।
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीति]]
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2026-04-23T08:40:43Z
चाहर धर्मेंद्र
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[[Special:Contributions/~2026-24743-25|~2026-24743-25]] ([[User talk:~2026-24743-25|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6543318|6543318]] को पूर्ववत किया
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'''सम्राट चौधरी '''<ref>{{Cite web |title=Home - Show Member Personal Details |url=https://vidhanparishad.bihar.gov.in/profile/77 |access-date=2025-10-03 |website=vidhanparishad.bihar.gov.in}}</ref> (जन्म 16 नवंबर 1968), जिन्हें उनके उपनाम राकेश कुमार से भी जाना जाता है , एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में 2024 से विजय कुमार सिन्हा के साथ नीतीश कुमार के अधीन बिहार के 8वें उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे, अब मुख्यमंत्री चुन गए हैं, इन्होंने 15 अप्रैल 2026 को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली<ref>{{Cite web|url=https://gyanok.com/state/bihar/who-is-samrat-chaudhary-bihar-new-cm-bjp-news/|title=Bihar New CM: कौन हैं सम्राट चौधरी? जिन्हें बीजेपी ने सौंपी बिहार की कमान, विधायक दल की बैठक में हुआ बड़ा फैसला - gyanok.com|date=2026-04-14|language=en-US|access-date=2026-04-17}}</ref>। वे 2025 में तारापुर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए चुने जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी से बिहार विधान परिषद के सदस्य थे। वे मार्च 2023 से 25 जुलाई 2024 तक भाजपा बिहार राज्य इकाई के पार्टी अध्यक्ष रहे हैं। <ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bihar-mlc-polls-bjp-candidates-1692214-2020-06-24|title=Mayukh, Samrat Choudhary BJP candidates for Bihar MLC polls|website=India Today|date=24 June 2020 |accessdate=15 November 2020|archive-date=14 October 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201014013022/https://www.indiatoday.in/india/story/bihar-mlc-polls-bjp-candidates-1692214-2020-06-24|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.newsnationtv.com/states/bihar/all-9-candidates-have-been-elected-unopposed-for-9-seats-of-bihar-legislative-councile-148137.html|title=बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी 9 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, JDU-RJD का दिखा दबदबा|website=newsnationtv|date=29 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201115202848/https://www.newsnationtv.com/states/bihar/all-9-candidates-have-been-elected-unopposed-for-9-seats-of-bihar-legislative-councile-148137.html|accessdate=15 November 2020|archive-date=15 November 2020|quote=The JDU's winning in Bihar Legislative Council are Dr. Kumud Verma, Professor Ghulam and Bhisam Sahni. While RJD to Mo Farooq, Rambali Singh and Sunil Kumar Singh have been made MLCs. On the other hand, Sanjay Prakash and Samrat Chaudhary from BJP have secured MLC seat while Sameer Kumar Singh from Congress has got a place in Bihar Legislative Council. }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/nda-candidates-file-nomination-papers-for-council-elections-in-bihar-2252158|title=NDA Candidates File Nomination Papers For Council Elections In Bihar|website=NDTV|accessdate=15 November 2020|archive-date=6 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200906215845/https://www.ndtv.com/india-news/nda-candidates-file-nomination-papers-for-council-elections-in-bihar-2252158|url-status=live}}</ref>
वे राष्ट्रीय जनता दल सरकार में विधान सभा के और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। चौधरी बिहार राज्य के लिए भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में 2019 में अपना पहला कार्यकाल समाप्त होने के बाद 2020 में एमएलसी के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए चुने गए हैं ।2022 में, उन्हें बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में चुना गया । 2024 में, उन्हें माल और सेवा कर दर युक्तिकरण पैनल पर मंत्रियों के समूह का संयोजक भी बनाया गया। वह बिहार सरकार में वर्तमान मुख्यमंत्री हैं ।
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीति]]
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'''सम्राट चौधरी लेखा राजी माउंट जोन स्कूल संतोष सिंह रेखा प्रिया सौरभ आनंद अशोक सिंह कोर्ट स्टेशन पूर्णिया राहुल राज गुप्ता सुधा दुध माचोद भारत चोर है माचोद हिन्दू माचोद राम मां चोद भूम-ईहर गोत्र कुर्-मी कोइरी झा वर्मा शर्मा शुक्ला गुप्ता श्रीवास्तव सिंह चौधरी राय पाल योगी मोदी उपाध्याय घोष खान कपूर पांडेय तोमर साही इत्यादि '''<ref>{{Cite web |title=Home - Show Member Personal Details |url=https://vidhanparishad.bihar.gov.in/profile/77 |access-date=2025-10-03 |website=vidhanparishad.bihar.gov.in}}</ref> (जन्म 16 नवंबर 1968), जिन्हें उनके उपनाम राकेश कुमार से भी जाना जाता है , एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में 2024 से विजय कुमार सिन्हा के साथ नीतीश कुमार के अधीन बिहार के 8वें उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे, अब मुख्यमंत्री चुन गए हैं, इन्होंने 15 अप्रैल 2026 को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली<ref>{{Cite web|url=https://gyanok.com/state/bihar/who-is-samrat-chaudhary-bihar-new-cm-bjp-news/|title=Bihar New CM: कौन हैं सम्राट चौधरी? जिन्हें बीजेपी ने सौंपी बिहार की कमान, विधायक दल की बैठक में हुआ बड़ा फैसला - gyanok.com|date=2026-04-14|language=en-US|access-date=2026-04-17}}</ref>। वे 2025 में तारापुर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए चुने जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी से बिहार विधान परिषद के सदस्य थे। वे मार्च 2023 से 25 जुलाई 2024 तक भाजपा बिहार राज्य इकाई के पार्टी अध्यक्ष रहे हैं। <ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bihar-mlc-polls-bjp-candidates-1692214-2020-06-24|title=Mayukh, Samrat Choudhary BJP candidates for Bihar MLC polls|website=India Today|date=24 June 2020 |accessdate=15 November 2020|archive-date=14 October 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201014013022/https://www.indiatoday.in/india/story/bihar-mlc-polls-bjp-candidates-1692214-2020-06-24|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.newsnationtv.com/states/bihar/all-9-candidates-have-been-elected-unopposed-for-9-seats-of-bihar-legislative-councile-148137.html|title=बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी 9 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, JDU-RJD का दिखा दबदबा|website=newsnationtv|date=29 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201115202848/https://www.newsnationtv.com/states/bihar/all-9-candidates-have-been-elected-unopposed-for-9-seats-of-bihar-legislative-councile-148137.html|accessdate=15 November 2020|archive-date=15 November 2020|quote=The JDU's winning in Bihar Legislative Council are Dr. Kumud Verma, Professor Ghulam and Bhisam Sahni. While RJD to Mo Farooq, Rambali Singh and Sunil Kumar Singh have been made MLCs. On the other hand, Sanjay Prakash and Samrat Chaudhary from BJP have secured MLC seat while Sameer Kumar Singh from Congress has got a place in Bihar Legislative Council. }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/nda-candidates-file-nomination-papers-for-council-elections-in-bihar-2252158|title=NDA Candidates File Nomination Papers For Council Elections In Bihar|website=NDTV|accessdate=15 November 2020|archive-date=6 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200906215845/https://www.ndtv.com/india-news/nda-candidates-file-nomination-papers-for-council-elections-in-bihar-2252158|url-status=live}}</ref>
वे राष्ट्रीय जनता दल सरकार में विधान सभा के और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। चौधरी बिहार राज्य के लिए भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में 2019 में अपना पहला कार्यकाल समाप्त होने के बाद 2020 में एमएलसी के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए चुने गए हैं ।2022 में, उन्हें बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में चुना गया । 2024 में, उन्हें माल और सेवा कर दर युक्तिकरण पैनल पर मंत्रियों के समूह का संयोजक भी बनाया गया। वह बिहार सरकार में वर्तमान मुख्यमंत्री हैं ।
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीति]]
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चाहर धर्मेंद्र
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}}
'''सम्राट चौधरी '''<ref>{{Cite web |title=Home - Show Member Personal Details |url=https://vidhanparishad.bihar.gov.in/profile/77 |access-date=2025-10-03 |website=vidhanparishad.bihar.gov.in}}</ref> (जन्म 16 नवंबर 1968), जिन्हें उनके उपनाम राकेश कुमार से भी जाना जाता है , एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में 2024 से विजय कुमार सिन्हा के साथ नीतीश कुमार के अधीन बिहार के 8वें उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे, अब मुख्यमंत्री चुन गए हैं, इन्होंने 15 अप्रैल 2026 को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली<ref>{{Cite web|url=https://gyanok.com/state/bihar/who-is-samrat-chaudhary-bihar-new-cm-bjp-news/|title=Bihar New CM: कौन हैं सम्राट चौधरी? जिन्हें बीजेपी ने सौंपी बिहार की कमान, विधायक दल की बैठक में हुआ बड़ा फैसला - gyanok.com|date=2026-04-14|language=en-US|access-date=2026-04-17}}</ref>। वे 2025 में तारापुर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए चुने जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी से बिहार विधान परिषद के सदस्य थे। वे मार्च 2023 से 25 जुलाई 2024 तक भाजपा बिहार राज्य इकाई के पार्टी अध्यक्ष रहे हैं। <ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/bihar-mlc-polls-bjp-candidates-1692214-2020-06-24|title=Mayukh, Samrat Choudhary BJP candidates for Bihar MLC polls|website=India Today|date=24 June 2020 |accessdate=15 November 2020|archive-date=14 October 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201014013022/https://www.indiatoday.in/india/story/bihar-mlc-polls-bjp-candidates-1692214-2020-06-24|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.newsnationtv.com/states/bihar/all-9-candidates-have-been-elected-unopposed-for-9-seats-of-bihar-legislative-councile-148137.html|title=बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी 9 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, JDU-RJD का दिखा दबदबा|website=newsnationtv|date=29 June 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201115202848/https://www.newsnationtv.com/states/bihar/all-9-candidates-have-been-elected-unopposed-for-9-seats-of-bihar-legislative-councile-148137.html|accessdate=15 November 2020|archive-date=15 November 2020|quote=The JDU's winning in Bihar Legislative Council are Dr. Kumud Verma, Professor Ghulam and Bhisam Sahni. While RJD to Mo Farooq, Rambali Singh and Sunil Kumar Singh have been made MLCs. On the other hand, Sanjay Prakash and Samrat Chaudhary from BJP have secured MLC seat while Sameer Kumar Singh from Congress has got a place in Bihar Legislative Council. }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/nda-candidates-file-nomination-papers-for-council-elections-in-bihar-2252158|title=NDA Candidates File Nomination Papers For Council Elections In Bihar|website=NDTV|accessdate=15 November 2020|archive-date=6 September 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200906215845/https://www.ndtv.com/india-news/nda-candidates-file-nomination-papers-for-council-elections-in-bihar-2252158|url-status=live}}</ref>
वे राष्ट्रीय जनता दल सरकार में विधान सभा के और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। चौधरी बिहार राज्य के लिए भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में 2019 में अपना पहला कार्यकाल समाप्त होने के बाद 2020 में एमएलसी के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए चुने गए हैं ।2022 में, उन्हें बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में चुना गया । 2024 में, उन्हें माल और सेवा कर दर युक्तिकरण पैनल पर मंत्रियों के समूह का संयोजक भी बनाया गया। वह बिहार सरकार में वर्तमान मुख्यमंत्री हैं ।
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीति]]
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'''कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड''' ('''कृभको'''), [[भारत]] की एक [[सहकार|सहकारी]] संस्था है जो [[उर्वरक]] (मुख्यतः [[यूरिया]]) बनाती हैं।
कृभको कि स्थापना 1980 में भारत सरकार द्वारा की गई।
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}}
'''2019-20 एसएलसी ट्वेंटी 20 टूर्नामेंट''' एक [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी|ट्वेंटी 20 क्रिकेट]] टूर्नामेंट था जो [[श्रीलंका]] में आयोजित किया गया था। यह श्रीलंका में छब्बीस घरेलू टीमों के बीच खेला गया था,<ref>{{cite web |url=http://www.thepapare.com/slc-invitational-t20-tournament-2020-schedule/ |title=SLC Invitational T20 Tournament to Commence on 4th January |work=The Papare |accessdate=4 January 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200103191433/http://www.thepapare.com/slc-invitational-t20-tournament-2020-schedule/ |archive-date=3 जनवरी 2020 |url-status=dead }}</ref> जिसमें टूर्नामेंट 4 से 21 जनवरी 2020 तक चला था।<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/scores/series/8673/season/2020/slc-twenty-20-tournament |title=SLC Twenty-20 Tournament 2020: Fixtures & Results |work=ESPN Cricinfo |accessdate=3 January 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200103134433/https://www.espncricinfo.com/scores/series/8673/season/2020/slc-twenty-20-tournament |archive-date=3 जनवरी 2020 |url-status=live }}</ref> [[मूर्स स्पोर्ट्स क्लब]] गत विजेता थे।<ref>{{cite web |url=http://www.thepapare.com/moors-complete-breathtaking-run-chase-lift-slc-major-t20/ |title=Moors complete breathtaking run chase to lift SLC Major T20 |work=The Papare |accessdate=27 February 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190228004244/http://www.thepapare.com/moors-complete-breathtaking-run-chase-lift-slc-major-t20/ |archive-date=28 फ़रवरी 2019 |url-status=dead }}</ref>
टूर्नामेंट के उद्घाटन के दिन, शेहान जयसूर्या ने चिलव मारियंस क्रिकेट क्लब के लिए शतक बनाया और मोहम्मद दिलशाद ने सरकेन्स स्पोर्ट्स क्लब के लिए पांच विकेट लिया।<ref>{{cite web |url=http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-201920-day-1-roundup/ |title=Jayasuriya, Priyanjan and Dilshad take honours at SLC Invitation T20 day 1 |work=The Papare |accessdate=7 January 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200112193424/http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-201920-day-1-roundup/ |archive-date=12 जनवरी 2020 |url-status=dead }}</ref> तीसरे दिन, एशेन बंडारा ने सार्केन्स स्पोर्ट्स क्लब के लिए एक शतक बनाया और असिता फर्नांडो ने चिलवा मारियंस क्रिकेट क्लब के लिए आठ रन देकर छह विकेट लिए।<ref>{{cite web |url=http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-201920-day-3-roundup/ |title=Ashen, Asitha and Lasanda light up SLC Invitational T20 |work=The Papare |accessdate=8 January 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200112131914/http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-201920-day-3-roundup/ |archive-date=12 जनवरी 2020 |url-status=dead }}</ref> पांच दिवसीय इरोस समरसूरिया ने नूगोडा स्पोर्ट्स वेलफेयर क्लब के लिए 59 गेंदों में नाबाद 108 रन बनाए।<ref name="Day5">{{cite web |url=http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-201920-day-5-roundup/ |title=Irosh Samarasooriya hits a ton – SSC tie with Cops |work=The Papare |accessdate=12 January 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200112171850/http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-201920-day-5-roundup/ |archive-date=12 जनवरी 2020 |url-status=dead }}</ref> पुलिस स्पोर्ट्स क्लब और सिंहली स्पोर्ट्स क्लब के बीच मैच टाई के रूप में समाप्त हुआ, लेकिन कोई सुपर ओवर नहीं खेला गया।<ref name="Day5"/>
ग्रुप स्टेज के समापन के बाद, बदुरेलिया स्पोर्ट्स क्लब, कोलंबो क्रिकेट क्लब, नॉनडेस्क्रिप्शंस क्रिकेट क्लब, श्रीलंका आर्मी स्पोर्ट्स क्लब, चिलव मारियंस क्रिकेट क्लब, सिंहली स्पोर्ट्स क्लब, रागामा क्रिकेट क्लब और कोल्ट्स क्रिकेट क्लब सभी क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर गए।<ref>{{cite web |url=http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-2019-20-day-8-roundup/ |title=Baduraliya, Colts through to the quarterfinals |work=The Papare |accessdate=15 January 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200115190257/http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-2019-20-day-8-roundup/ |archive-date=15 जनवरी 2020 |url-status=dead }}</ref> कोलंबो, रागामा, चिलवा मारियंस और नॉनडेस्क्रिप्शंस सभी ने अपने-अपने मैच जीतकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।<ref>{{cite web|url=http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-2019-20-quarter-final-roundup/ |title=CCC, NCC, Ragama & Chilaw through to the semis |work=The Papare |accessdate=17 January 2020}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.sundayobserver.lk/2020/01/19/sports/chilaw-marians-meet-ccc-ncc-confront-ragama-t20-semis |title=Chilaw Marians meet CCC as NCC confront Ragama in T20 semis |work=Sunday Observer |accessdate=19 January 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200120020623/http://www.sundayobserver.lk/2020/01/19/sports/chilaw-marians-meet-ccc-ncc-confront-ragama-t20-semis |archive-date=20 जनवरी 2020 |url-status=dead }}</ref> चिलमा मारियंस ने पहला सेमीफाइनल, रगामा के खिलाफ 33 रनों से जीता और कोलंबो ने दूसरे सेमीफाइनल में नोंडेस्क्रिप्स को 10 रनों से हराया।<ref>{{cite web|url=http://www.thepapare.com/slc-invitation-t20-tournament-2019-20-semi-final-roundup/ |title=Another Croospulle special as Chilaw join CCC in final |work=The Papare |accessdate=19 January 2020}}</ref>
मैच की अंतिम गेंद पर विजयी रन बनाने के साथ, कोलंबो क्रिकेट क्लब ने फ़ाइनल में चिलाव मारियंस क्रिकेट क्लब को चार विकेट से हराकर टूर्नामेंट जीत लिया।<ref>{{cite web |url=http://www.thepapare.com/chilaw-marians-vs-ccc-slc-invitational-t20-tournament-final-match-report/ |title=CCC clinch cliffhanger on the back of Hasaranga half-century |work=The Papare |accessdate=21 January 2020 }}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
==सन्दर्भ==
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जावरिया खान
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'''जावेरिया खान वदूद''' (उर्दू: {{lang|ur|جاویریہ خان}}; जन्म 14 मई 1988) पाकिस्तान की एक महिला [[क्रिकेट]] खिलाड़ी हैं। उनका जन्म [[कराची]], [[सिंध]] में हुआ था। वे पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के लिए एक [[हरफनमौला]] खिलाड़ी के रूप में खेल चुकी हैं।
उन्होंने मई 2008 में श्रीलंका के विरुद्ध [[महिला वनडे अंतर्राष्ट्रीय]] क्रिकेट में पदार्पण किया, जबकि 2009 में आयरलैंड के खिलाफ [[महिला ट्वेन्टी-20 अंतर्राष्ट्रीय]] में पहला मैच खेला।<ref>{{Cite web
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जावेरिया खान [[2009 महिला क्रिकेट विश्व कप]] सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वे घरेलू क्रिकेट में कराची महिला टीम के लिए भी खेली हैं।<ref>{{cite web
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== सन्दर्भ ==
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}}
'''जावेरिया खान वदूद''' (उर्दू: {{lang|ur|جاویریہ خان}}; जन्म 14 मई 1988) पाकिस्तान की एक महिला [[क्रिकेट]] खिलाड़ी हैं। उनका जन्म [[कराची]], [[सिंध]] में हुआ था। वे पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के लिए एक हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में खेल चुकी हैं।
उन्होंने मई 2008 में श्रीलंका के विरुद्ध महिला वनडे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया, जबकि 2009 में आयरलैंड के खिलाफ महिला ट्वेन्टी-20 अंतर्राष्ट्रीय में पहला मैच खेला।<ref>{{Cite web
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जावेरिया खान [[2009 महिला क्रिकेट विश्व कप]] सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वे घरेलू क्रिकेट में कराची महिला टीम के लिए भी खेली हैं।<ref>{{cite web
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== सन्दर्भ ==
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| bowl avg2 = 20.18
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| date = 3 मार्च 2020
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|url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/javeria-khan-346680
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}}
'''जावेरिया खान वदूद''' (उर्दू: {{lang|ur|جاویریہ خان}}; जन्म 14 मई 1988) पाकिस्तान की एक महिला [[क्रिकेट]] खिलाड़ी हैं। उनका जन्म [[कराची]], [[सिंध]] में हुआ था। वे पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के लिए एक हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में खेल चुकी हैं।
उन्होंने मई 2008 में श्रीलंका के विरुद्ध महिला वनडे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया, जबकि 2009 में आयरलैंड के खिलाफ महिला ट्वेन्टी-20 अंतर्राष्ट्रीय में पहला मैच खेला।<ref>{{Cite web
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जावेरिया खान [[2009 महिला क्रिकेट विश्व कप]] सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वे घरेलू क्रिकेट में कराची महिला टीम के लिए भी खेली हैं।<ref>{{cite web
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== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:1988 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:पाकिस्तानी महिला क्रिकेटर]]
[[श्रेणी:कराची के लोग]]
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[[श्रेणी:पाकिस्तान के ट्वेन्टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी]]
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क्रिस्टोफ़ सोग्लो
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{{Infobox Officeholder
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| imagesize = 180px
| order = [[बेनिन|दहोमे]] के तीसरे राष्ट्रपति
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| profession = सैन्य अधिकारी
}}
'''क्रिस्टोफ़ सोग्लो''' ({{lang-en|Christophe Soglo}}; 28 जून 1909 – 7 अक्टूबर 1983) बेनीनी सैन्य अधिकारी और राजनीतिक नेता थे। वे 1960 के दशक में राजनीतिक अस्थिरता के दौरान देश के एक प्रमुख व्यक्ति थे। उन्होंने दो बार [[बेनिन|दहोमे (वर्तमान बेनिन)]] के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Historical_Dictionary_of_Benin.html?id=3G3XyLV6b4cC&redir_esc=y|title=Historical Dictionary of Benin|last=Houngnikpo|first=Mathurin C.|last2=Decalo|first2=Samuel|date=2012-12-14|publisher=Bloomsbury Publishing PLC|isbn=978-0-8108-7373-5|language=en}}</ref>
उनका पहला कार्यकाल 28 अक्टूबर 1963 से 25 जनवरी 1964 तक रहा, जब उन्होंने एक सैन्य तख्तापलट के बाद ह्यूबर्ट मागा से सत्ता अपने हाथों में ली थी। बाद में, 22 दिसंबर 1965 को उन्होंने फिर से सत्ता संभाली और 19 दिसंबर 1967 तक देश के राष्ट्रपति रहे, जिसके बाद युवा सैन्य अधिकारियों के एक समूह ने उन्हें पद से हटा दिया।<ref>{{Cite web|url=https://catalogue.leidenuniv.nl/discovery/fulldisplay/alma9939078592702711/31UKB_LEU:UBL_V1|title=Dictionary of African biography|website=catalogue.leidenuniv.nl|language=en|access-date=2026-04-22}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:1909 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:1983 में निधन]]
[[श्रेणी:बेनिन के राष्ट्रपति]]
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पोरिरुआ
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AMAN KUMAR
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सुधार किया तथा लेख का विस्तार किया
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text/x-wiki
{{Infobox settlement
| name = पोरिरुआ
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| settlement_type = शहर
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| map_caption = वेलिंगटन क्षेत्र में पोरिरुआ की स्थिति
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}}
[[File:Aerial view of Porirua City Centre and Porirua Station.jpg|thumb|350px|पोरिरुआ सिटी सेंटर और पोरिरुआ स्टेशन का हवाई दृश्य]]
'''पोरिरुआ''' ({{lang-en|Porirua}}) [[न्यूज़ीलैंड]] के उत्तरी द्वीप के [[वेलिंगटन क्षेत्र|वेलिंगटन]] क्षेत्र में स्थित शहर है। यह शहर लगभग पूरी तरह से पोरिरुआ हार्बर से घिरा हुआ है और कापिति तट के दक्षिणी छोर पर स्थित है। जून 2019 के अनुमानों के अनुसार, पोरिरुआ की कुल [[जनसंख्या]] लगभग 55,500 थी।<ref>{{cite web |title=Subnational population estimates: At 30 June 2019 (provisional) {{!}} Stats NZ |url=https://www.stats.govt.nz/information-releases/subnational-population-estimates-at-30-june-2019-provisional |website=www.stats.govt.nz |accessdate=25 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200226152339/https://www.stats.govt.nz/information-releases/subnational-population-estimates-at-30-june-2019-provisional |archive-date=26 फ़रवरी 2020 |url-status=dead }}</ref>
== पोरिरुआ के महापौरों की सूची ==
पोरिरुआ में अब तक छह व्यक्ति महापौर (Mayor) पद पर आसीन हो चुके हैं:
{| class="wikitable"
! क्रम
! नाम
! कार्यकाल
|-
| 1 || व्हाइटफोर्ड ब्राउन || 1962–1983
|-
| 2 || जॉन बर्क || 1983–1998
|-
| 3 || जेनी ब्राश || 1998–2010
|-
| 4 || निक लेगट || 2010–2016
|-
| 5 || माइक टाना || 2016–2019
|-
| 6 || अनीता बेकर || 2019–वर्तमान
|}
=== पोरिरुआ के उप-महापौरों की सूची ===
{| class="wikitable"
! नाम
! कार्यकाल
! संबंधित महापौर
|-
| टुटुहिरा वाई नीरा || 1971–1972 || व्हाइटफोर्ड ब्राउन
|-
| जॉन बर्क || 1977–1983 || व्हाइटफोर्ड ब्राउन
|-
| जैस्मीन अंडरहिल || 1989–2001 || जॉन बर्क / जेनी ब्राश
|-
| इयॉन मूरेल || 2003–2007 || जेनी ब्राश
|-
| लिटिया आह होई || 2007–2010 || जेनी ब्राश
|-
| लिज़ केली || 2010–2013 || निक लेगट
|-
| एना कॉफ़ी || 2013–2016 || निक लेगट
|-
| इज़ी फोर्ड || 2016–वर्तमान || माइक टाना / अनीता बेकर
|}
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:न्यूज़ीलैंड के आबाद स्थान]]
{{भूगोल-आधार}}
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एलिजा मायरी
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text/x-wiki
{{Infobox artist
| name = एलिजा मायरी
| training = विलियम्स कॉलेज - बी.ए<br> नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी - एम.एफ.ए<br>स्कोव्हेगं स्कूल <br>व्हिटनी स्वतंत्र अध्ययन कार्यक्रम
| awards =
| influenced =
| patrons =
| works =
| movement =
| field = [[सामाजिक व्यवहार]]
| image = Eliza_Myrie.jpg
| nationality = [[अफ्रीकी अमेरिकी | अमेरिकी]]
| birth_place = न्यूयॉर्क, [[संयुक्त राज्य अमेरिका | यू.एस.]]
| birth_date = 1981
| birth_name =
| caption =
| imagesize =
| website = {{URL|elizamyrie.com|ElizaMyrie.com}}
}}
'''एलिजा मायरी''' एक [[दृश्य कला|दृश्य कलाकार]] हैं, जो [[शिकागो]] में रहती हैं।<ref name=":0">{{Cite web|title=eliza myrie|url=https://chicagoartistscoalition.org/artists/eliza-myrie|access-date=2020-07-12|website=Chicago Artists Coalition|language=en-US|archive-date=15 जुलाई 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200715223631/https://chicagoartistscoalition.org/artists/eliza-myrie|url-status=dead}}</ref>
मायरी विभिन्न प्रकार की मीडिया में काम करती हैं, जिनमें मूर्तिकला, भागीदारी की स्थापना कला, सार्वजनिक कला और प्रिंटमेकिंग शामिल हैं।<ref name=":0" /><ref name="Eliza Myrie">{{Cite web |title=Eliza Myrie |url=https://artadia.org/artist/eliza-myrie/ |access-date=2020-07-12 |website=Artadia}}</ref><ref>{{Cite web |title=Tie Up: Eliza Myrie & Yasmin Spiro in Conversation |url=http://www.thevisualist.org/2019/08/tie-up-eliza-myrie-yasmin-spiro-in-conversation/ |access-date=2020-07-12}}</ref><ref>{{Cite web |title=Eliza Myrie |url=https://www.artslant.com/global/artists/show/138978-eliza-myrie |access-date=2020-07-12 |website=ArtSlant |archive-date=12 जुलाई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190712150144/https://www.artslant.com/global/artists/show/138978-eliza-myrie |url-status=dead }}</ref>
==प्रारंभिक जीवन और शिक्षा==
मायरी के पिता पत्थर की चिनाई करते हैं।<ref>{{Cite web |last=Myrie |first=Eliza |title=Building a Wall Through My Father |url=https://3arts.org/projects/building-wall-through-my-father/ |access-date=2020-07-12 |website=3Arts: 3AP – MAKE ART WORK |language=en}}</ref>
मायरी ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमएफए और विलियम्स कॉलेज से बीए किया।<ref name=":1">{{Cite web |title=Eliza Myrie |url=https://sfai.org/alumni/eliza-myrie/ |access-date=2020-07-12 |website=Santa Fe Art Institute |language=en-US}}</ref>
मायरी स्कोहेगन स्कूल और व्हिटनी इंडिपेंडेंट स्टडी प्रोग्राम में एक प्रतिभागी थे।<ref name=":0" />
==कला कैरियर==
मायरी ने ब्लैक आर्टिस्ट्स रिट्रीट (2013-2016) की सह-स्थापना की और एक प्रयास किया, जो पारंपरिक कला संस्थानों के बाहर काले दृश्य कलाकारों के एक अंतर समूह को इकट्ठा करता था।<ref>{{Cite web |last=Simchak |first=Courtney |last2=Myrie |first2=Eliza |title=Visual Arts: Eliza Myrie {{!}} Newfound |url=https://newfound.org/archives/volume-10/issue-2/visual-arts-eliza-myrie/ |access-date=2020-07-12 |language=en-US}}</ref>
2016 की सर्दियों में, मायरी को मैकडॉवेल फैलोशिप से सम्मानित किया गया।<ref>{{Cite web |title=eliza myrie - Artist |url=https://www.macdowell.org/artists/eliza-myrie |website=MacDowell |language=en}}</ref>
2017/2018 में, मायरी ने सांता फे कला संस्थान में समान न्याय निवास/फैलोशिप का आयोजन किया।<ref name=":1"/>
मायरी ब्लैक लंच टेबल में विकी प्रोजेक्ट मैनेजर है।<ref>{{Cite web |last=Valentine |first=Jina |last2=Myrie |first2=Eliza |title=The myth of the comprehensive historical archive |url=https://wikipedia20.pubpub.org/pub/d26b3c1u/release/2 |language=en |website=Wikipedia @ 20}}</ref>
===शिक्षण===
मायरी ने शिकागो और विलियम्स कॉलेज के कला संस्थान के स्कूल में पढ़ाया है।<ref name=":1" />
===चयनित प्रदर्शनियां===
* डेविडसन समकालीन, न्यूयॉर्क (2010)<ref name=":2">{{Cite web |last=Reichert |first=Elliot |date=2016-09-15 |title=Art 50 2016 {{!}} Newcity Art - Part 5 |url=https://art.newcity.com/2016/09/15/art-50-2016/5/ |access-date=2020-07-13 |website=art.newcity.com |language=en-US}}</ref>
* [[हाइड पार्क]] आर्ट्स सेंटर, शिकागो (2010)<ref>{{Cite web |title=Eliza Myrie {{!}} Artist Profile with Bio |url=https://www.mutualart.com/Artist/Eliza-Myrie/402027E5EB92FDF0 |access-date=2020-07-12 |website=www.mutualart.com |language=en}}</ref>
* समकालीन कला का नया संग्रहालय, न्यूयॉर्क (2011)<ref>{{Cite web |title=Exhibitions |url=https://archive.newmuseum.org/exhibitions/1393 |access-date=2020-07-13 |website=New Museum Digital Archive |language=en}}</ref>
* समकालीन कला का संग्रहालय शिकागो, शिकागो (2012)<ref>{{Cite web |date=2012-01-01 |title=Skyscraper |url=https://mcachicago.org/Publications/Books/Skyscraper |access-date=2020-07-12 |website=MCA |language=en}}</ref><ref>{{Cite web|last=Darby|first=Angela|date=2012-06-01|title=Aesthetica Magazine - Humanising A Modernist Icon|url=https://aestheticamagazine.com/humanising-a-modernist-icon/|url-status=live|archive-url=|archive-date=|access-date=2020-07-14|website=Aesthetica Magazine|language=en-GB}}</ref>
* रूट्स एंड कल्चर, शिकागो (2014)<ref>{{Cite web |last=Morris |first=Matt |date=2014-09-29 |title=Review: Daniel Giles and Eliza Myrie/Roots & Culture {{!}} Newcity Art |url=https://art.newcity.com/2014/09/29/review-daniel-giles-and-eliza-myrieroots-culture/ |access-date=2020-07-13 |website=art.newcity.com |language=en-US}}</ref>
* शेन कैंपबेल, शिकागो (2016)<ref>{{Cite web |title=SHANE CAMPBELL GALLERY — Chicago and Vicinity - 2016 |url=https://www.shanecampbellgallery.com/chicago-and-vicinity-2016 |access-date=2020-07-13 |website=SHANE CAMPBELL GALLERY |language=en-US}}</ref>
* वोक्स पोपुली, फिलाडेल्फिया (2016)<ref>{{Cite web |last=Populi |first=Vox |title=Vox Populi > Eliza Myrie |url=http://voxpopuligallery.org/exhibitions/eliza-myrie/ |access-date=2020-07-12 |website=Vox Populi |language=en}}</ref><ref name=":2" />
=== पुरस्कार ===
* लेरॉय नीमन और जेनेट बायरन नीमन अर्टाडिया अवार्डी - शिकागो, 2020<ref name="Eliza Myrie"/><ref>{{Cite web |last=Rockett |first=Darcel |title=Uptown, Garfield Park artists Eliza Myrie and Caroline Kent win $10K from national arts nonprofit Artadia |url=https://www.chicagotribune.com/entertainment/ct-ent-artadia-chicago-winners-0708-20200708-sjllylsbxjcmngcgojngeijrii-story.html |access-date=2020-07-12 |website=chicagotribune.com}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://newfound.org/archives/volume-10/issue-2/visual-arts-eliza-myrie/ लैब्रिश, और अन्य शब्द - एलिजा मैरी के साथ साक्षात्कार - न्यूफ़ाउंड प्रकाशक - ऑस्टिन, TX]
[[श्रेणी:1981 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:विकिपीडिया के लोग]]
[[श्रेणी:अफ्रीकी-अमेरिकी कलाकार]]
[[श्रेणी:अमेरिकी महिला कलाकार]]
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एलेक्सी दे तोकवील
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text/x-wiki
{{Infobox officeholder|name=एलेक्सी दे तोकवील<br>Alexis de Tocqueville|predecessor3=Jules Polydore Le Marois|profession=[[Historian]], [[magistrate]], [[jurist]]|alma_mater=[[University of Paris]]|spouse={{marriage|Mary Mottley|1835}}|party=[[Movement Party (France)|Movement Party]]<ref>{{cite book|last1=Boucaud-Victoire|first1=Kévin|title=La guerre des gauches|date=2017|publisher=Editions du Cerf}}</ref><ref>{{cite book|last1=Véricour|first1=Louis Raymond|title=Modern French Literature|url=https://archive.org/details/modernfrenchlite00vruoft|date=1848|publisher=Gould, Kendall and Lincoln|page=[https://archive.org/details/modernfrenchlite00vruoft/page/104 104]}}</ref><br/>(1839–1848)<br/>[[Party of Order]]<br/>(1848–1851)|death_place=[[Cannes]], [[Second French Empire|France]]|death_date={{death date and age|df=yes|1859|4|16|1805|7|29}}|birth_place=[[पेरिस]], फ़्रान्स|birth_date={{birth date|df=yes|1805|7|29}}|birth_name=Alexis Charles Henri Clérel de Tocqueville|constituency3=[[Valognes]]|successor3=Gabriel-Joseph Laumondais|office3=Member of the [[Chamber of Deputies (France)|Chamber of Deputies]]<br/>for [[Manche]]|image=Alexis de tocqueville.jpg|constituency2=[[Sainte-Mère-Église]]|successor2=Hervé de Kergorlay|predecessor2=[[Léonor-Joseph Havin]]|office2=Member of the [[National Assembly (France)|National Assembly]]<br/>for [[Manche]]|successor1=[[Urbain Le Verrier]]|predecessor1=[[Léonor-Joseph Havin]]|office1=[[List of presidents of departmental councils (France)|President of the General Council]] of [[Manche]]|successor=[[Alphonse de Rayneval]]|predecessor=[[Édouard Drouyn de Lhuys]]|primeminister=[[Odilon Barrot]]|office=[[Ministry of Europe and Foreign Affairs|Minister of Foreign Affairs]]|caption=Portrait by [[Théodore Chassériau]] (1850), at the [[Palace of Versailles]]|module={{Infobox philosopher|embed=yes
| region = [[Western philosophy]]
| era = [[19th-century philosophy]]
| school_tradition = [[Liberalism]]<ref name="Jaume" /><ref name="Kahan2" /><ref name="Sankar" />
| main_interests = [[History]], [[political philosophy]], [[sociology]]
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| influenced = {{hlist|[[Max Weber]]|[[John Stuart Mill]]|[[Friedrich Hayek]]|[[Camillo Benso, Count of Cavour|Camillo Benso of Cavour]]|[[Emmanuel Todd]]|[[Raymond Aron]]|[[Juan Bautista Alberdi]]|[[Leo Strauss]]|[[Pierre Manent]]|[[Pierre Hassner]]|[[Harvey Mansfield]]|[[Claude Lefort]]}}
}}}}'''एलेक्सी चार्ल्स हेनरी क्लेरेल, कॉम्ट दे तोकवील''' ('''Alexis Charles Henri Clérel, comte de Tocqueville,''' {{IPA-fr|alɛksi də tɔkvil|lang}} ; 29 जुलाई 1805{{snd}}16 अप्रैल 1859), जिन्हें आम बोलचाल की भाषा में '''तोकवील''' (Tocqueville)<ref>[http://www.dictionary.com/browse/tocqueville "Tocqueville"]. ''[[Random House Webster's Unabridged Dictionary]]''.</ref> के रूप में जाना जाता है- एक फ्रांसीसी [[राजनयिक]], [[राजनीति विज्ञान|राजनीतिक वैज्ञानिक]], [[राजनीतिक दर्शन|राजनीतिक दार्शनिक]] और [[इतिहासकार]] थे। उन्हें उनकी रचनाओं ''अमेरिका में लोकतंत्र'' (दो खंड, 1835 और 1840 में) और ''द ओल्ड रिजीम एंड द रिवोल्यूशन'' (1856) के लिए जाना जाता है। दोनों में, उन्होंने पश्चिमी क्षेत्रों में बाजार और राज्य के साथ-साथ व्यक्तियों के बेहतर [[जीवन स्तर]] और सामाजिक परिस्थितियों का विश्लेषण किया। ''अमेरिका में लोकतंत्र'' तोकवील की संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा के बाद प्रकाशित हुआ था और आज इसे [[समाजशास्त्र]] और [[राजनीति विज्ञान]] का प्रारंभिक कार्य माना जाता है।
टोकेविले एक शास्त्रीय उदारवादी थे जिन्होंने [[संसदीय प्रणाली|संसदीय सरकार]] की वकालत की और [[लोकतंत्र]] की अति पर संदेह किया।<ref name="Paul R Hansen 2009 p 3">{{Cite book|title=Contesting the French Revolution|last=Hansen|first=Paul R.|date=February 2009|publisher=Wiley-Blackwell|isbn=978-1-4051-6084-1|page=3}}</ref> संसद में अपने समय के दौरान, वह केंद्र-वाम की ओर बैठे थे, <ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/revolutionrepubl00jenn|title=Revolution and the Republic: A History of Political Thought in France Since the Eighteenth Century|last=Jennings|first=Jeremy|date=2011|publisher=Oxford University Press|page=[https://archive.org/details/revolutionrepubl00jenn/page/n198 188]|url-access=limited}}</ref> लेकिन उनके उदारतावाद की जटिल और बेचैन-सी प्रकृति ने राजनीतिक स्पेक्ट्रम भर में विपरीत व्याख्याओं और प्रशंसकों को प्रेरित किया है। <ref name="Jaume">{{Cite book|title=Tocqueville: The Aristocratic Sources of Liberty|url=https://archive.org/details/tocquevillearist0000jaum|last=Jaume|first=Lucien|date=2013|publisher=Princeton University Press|page=[https://archive.org/details/tocquevillearist0000jaum/page/6 6]|quote=The “liberal” label is not misplaced, because Tocqueville described himself as a liberal.}}</ref> <ref name="Kahan2">{{Cite book|title=Alexis de Tocqueville|last=Kahan|first=Alan S.|date=2010|publisher=A&C Black|pages=112–122}}</ref> <ref name="Sankar">{{Cite book|title=Empire and Modern Political Thought|last=Muthu|first=Sankar|date=2012|publisher=Cambridge University Press|pages=261–291|chapter=Republicanism, Liberalism, and Empire in Postrevolutionary France}}</ref> <ref name="Richter">{{Cite journal|last=Richter|first=Melvin|date=2004|title=Tocqueville and Guizot on democracy: from a type of society to a political regime|journal=History of European Ideas|volume=30|issue=1|pages=61–82|doi=10.1016/j.histeuroideas.2003.08.006}}</ref> अपनी राजनीतिक स्थिति के बारे में, तोकवील ने लिखा है "' [[वामपन्थी राजनीति|लेफ्ट]] ' [...] वह शब्द जिसे मैं अपने नाम के साथ ऐसे जोड़ना चाहता था कि वह हमेशा के लिए इससे जुड़ा रहे।" <ref>{{Cite book|title=Tocqueville: A Biography|last=Jardin|first=Andre|date=1989|publisher=Macmillan|page=299}}</ref>
[[चित्र:Alexis_de_Tocqueville.jpg|अंगूठाकार|352x352पिक्सेल| टोकेविले का एक स्केच]]
== कार्य ==
* ''अमेरिका में एलेक्सिस डी टोकेविले और गुस्ताव डे ब्यूमोंट:'' ऑलिवियर ज़ुन्ज द्वारा संपादित ''उनकी दोस्ती और उनकी यात्रा'', आर्थर गोल्डहामर द्वारा अनुवादित (यूनिवर्सिटी ऑफ़ वर्जीनिया प्रेस, 2011, ), 698 पृष्ठ। पहले से अप्रकाशित पत्र, निबंध और अन्य लेखन शामिल हैं।
* [https://gallica.bnf.fr/ark:/12148/bpt6k4627724.image {{Lang-|fr|Du système pénitentaire aux États-Unis et de son application en France}}] (१ ( ''३३'' ) - ''संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रायद्वीपीय व्यवस्था और इसके अनुप्रयोग से फ्रांस तक,'' गुस्ताव डे ब्यूमोंट के साथ ।
* {{Lang-|fr|De la démocratie en Amérique}} (1835/1840) - ''[[अमेरिका में लोकतंत्र]]'' । इसे दो खंडों में प्रकाशित किया गया था, पहला 1835 में, दूसरा 1840 में। अंग्रेजी भाषा संस्करण: टोकेविले, ''[[अमेरिका में लोकतंत्र|डेमोक्रेसी इन अमेरिका]]'' । और एड, हार्वे सी। मैन्सफील्ड और डेल्बा विन्थ्रोप, यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो प्रेस, 2000; टोकेविले, ''अमेरिका में लोकतंत्र'' (आर्थर गोल्डहामर, ट्रांस।। [[ओलिवियर ज़ुन्ज़|ओलिवियर]] ज़ुन्ज़, एड।) (द लाइब्रेरी ऑफ़ अमेरिका, 2004)
* {{Lang-|fr|L'Ancien Régime et la Révolution}} (१ (५६) - ''[[पुरानी व्यवस्था और क्रांति]]'' । यह टोकेविले का दूसरा सबसे प्रसिद्ध काम है।
* [[iarchive:recollectionsofa00tocquoft|''स्मरण'']] (1893) - यह काम 1848 की क्रांति की एक निजी पत्रिका थी। उन्होंने अपने जीवनकाल के दौरान इसे प्रकाशित करने का कभी इरादा नहीं किया; यह उनकी पत्नी और उनके मित्र गुस्ताव डे ब्यूमोंट द्वारा उनकी मृत्यु के बाद प्रकाशित किया गया था।
* ''अमेरिका की यात्रा'' (1831-1832) - एलेक्सिस डी टोकेविले की अमेरिका यात्रा की डायरी; जॉर्ज लॉरेंस द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित, जे.-पी द्वारा संपादित। मेयर, येल यूनिवर्सिटी प्रेस, 1960; वॉल्यूम के आधार पर। V, 1 की {{Lang-|fr|[[s:Œuvres complètes d’Alexis de Tocqueville, Lévy/Mélanges, fragments historiques et notes|Œuvres Complètes]]}} Tocqueville का।
* ''एल'टैट सामाजिक एट पॉलिटिक डे ला फ्रांस एवांट एट डिपो 1789'' - एलेक्सिस डी ''टोकेविले''
* [http://www.civitas.org.uk/pdf/Tocqueville_rr2.pdf ''प्यूपरिज्म पर संस्मरण: क्या सार्वजनिक दान समाज के एक निष्क्रिय और निर्भर वर्ग का उत्पादन करता है?''] (1835) मूल रूप से इवान आर डी द्वारा प्रकाशित। इंग्लैंड की यात्रा से प्रेरित। टोकेविले के अधिक अस्पष्ट कार्यों में से एक।
* [[iarchive:journeystoenglan013498mbp|''इंग्लैंड और आयरलैंड की यात्रा'']], 1835।
== यह सभी देखें ==
* ''एलेक्सिस डे टोकेविले टूर: अमेरिका में डेमोक्रेसी डेमोक्रेसी''
* एलेक्सिस डी टोकेविले इंस्टीट्यूशन
* बेंजामिन कॉन्स्टेंट, ''लिबर्टी ऑफ़ द एनसिएंट्स एंड द मॉडर्न्स के'' लेखक
* गुस्ताव डे ब्यूमोंट, टोकेविले का सबसे अच्छा दोस्त और संयुक्त राज्य अमेरिका का यात्रा साथी
* [[फर्डिनेंड डी लेसप|फर्डिनेंड डी लेप्स]], फ्रांसीसी राजनयिक और [[स्वेज़ नहर|स्वेज नहर]] के विकासकर्ता
* प्रिक्स एलेक्सिस डी टोकेविले
* टोकेविले प्रभाव, एक सामाजिक घटना
; सामान्य
* [[नागरिक समाज]]
* उदारवादी सिद्धांत में योगदान
* [[उदारतावाद|उदारवाद]]
* फ्रांसीसी क्रांति के इतिहासकारों की सूची
* नरम निराशावाद
* बहुमत का अत्याचार
{{Reflist|30em}}
== अग्रिम पठन ==
* Allen, Barbara. ''Tocqueville, Covenant, and the Democratic Revolution: Harmonizing Earth with Heaven''. Lanham, MD: Lexington Books, 2005.
* Allen, James Sloan. "Alexis de Tocqueville: Democracy in America." ''Worldly Wisdom: Great Books and the Meanings of Life''. Savannah, GA: Frederic C. Beil, 2008.
* Benoît, Jean-Louis. ''Comprendre Tocqueville''. Paris: Armand Colin/Cursus, 2004.
* Benoît, Jean-Louis, and Eric Keslassy. ''Alexis de Tocqueville: Textes économiques Anthologie critique''. Paris: Pocket/Agora, 2005. See [http://classiques.uqac.ca/contemporains/benoit_jean_louis/benoit_jean_louis.html "Jean-Louis Benoit"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110616122703/http://classiques.uqac.ca/contemporains/benoit_jean_louis/benoit_jean_louis.html |date=16 जून 2011 }}.
* Benoît, Jean-Louis. ''Tocqueville, Notes sur le Coran et autres textes sur les religions''. Paris : Bayard, 2005. See also [http://classiques.uqac.ca/contemporains/benoit_jean_louis/relectures_de_tocqueville/relectures_de_tocqueville.html "Relectures de Tocqueville"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110616122951/http://classiques.uqac.ca/contemporains/benoit_jean_louis/relectures_de_tocqueville/relectures_de_tocqueville.html |date=16 जून 2011 }} and [http://classiques.uqac.ca/contemporains/benoit_jean_louis/tocqueville_trouve_ses_juges/tocqueville_trouve_ses_juges.html "Tocqueville aurait-il enfin trouvé ses juges ? Ôter son masque au parangon de la vertu démocratique"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110616123052/http://classiques.uqac.ca/contemporains/benoit_jean_louis/tocqueville_trouve_ses_juges/tocqueville_trouve_ses_juges.html |date=16 जून 2011 }}.
* Boesche, Roger. ''The Strange Liberalism of Alexis de Tocqueville''. Ithaca, NY: Cornell University Press, 1987.
* Boesche, Roger. ''Tocqueville's Road Map: Methodology, Liberalism, Revolution, and Despotism''. Lnahma, MD: Lexington Books, 2006.
* Brogan, Hugh. ''Alexis De Tocqueville''. London: Profile Books, and New Haven, CT: Yale University Press, 2006.
* Cossu-Beaumont, Laurence. ''Marie ou l'esclavage aux Etats-Unis'' de Gustave de Beaumont (1835). Paris: Forges de Vulcain, 2014. [[ISBN (identifier)|ISBN]] [[Special:BookSources/978-2-919176-52-6|978-2-919176-52-6]].
* Coutant, Arnaud. ''Tocqueville et la Constitution democratique''. Mare et Martin, 2008.
* Coutant, Arnaud. ''Une Critique républicaine de la démocratie libérale, de la démocratie en Amérique de Tocqueville''. Mare et Martin, 2007.
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== बाहरी कड़ियाँ ==
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* Works by or about Alexis de Tocqueville
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* {{Cite web|url=http://www.tocqueville.culture.fr/en/|title=Alexis de Tocqueville|access-date=14 May 2012|archive-date=19 दिसंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181219022453/http://www.tocqueville.culture.fr/en/|url-status=dead}}
* {{Cite web|url=http://www.academie-francaise.fr/immortels/base/academiciens/fiche.asp?param=379|title=Alexis de Tocqueville (1805–1859)|website=Académie française|language=fr|archive-url=https://web.archive.org/web/20101213061159/http://academie-francaise.fr/immortels/base/academiciens/fiche.asp?param=379|archive-date=13 December 2010|access-date=14 May 2012}}
* {{Cite web|url=http://www.larousse.fr/encyclopedie/personnage/Tocqueville/146951|title=Charles Alexis Henri Clérel de Tocqueville|website=Encyclopédie Larousse|language=fr|access-date=14 May 2012}}
* [http://classiques.uqac.ca/classiques/De_tocqueville_alexis/de_tocqueville.html {{Lang-|fr|Les classiques des sciences sociales}}] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110408125815/http://classiques.uqac.ca/classiques/De_tocqueville_alexis/de_tocqueville.html |date=8 अप्रैल 2011 }} मूल फ्रेंच में काम करता है।
* [[hdl:10079/fa/beinecke.tocque|येल टोकेविले पांडुलिपियां]] । सामान्य संग्रह, बेइनेके दुर्लभ पुस्तक और पांडुलिपि पुस्तकालय, येल विश्वविद्यालय।
* The Tocqueville castle in the footsteps of Alexis de Tocqueville
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
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एमार प्रोपर्टिज
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{{Short description|Emirati real estate development company}}
{{Infobox company
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एमार पाकिस्तान
[[एमार इंडिया]]
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'''एमार प्रॉपर्टीज''' (या बस एमार) संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित एक प्रमुख अमीराती रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी है।<ref name=":2">{{Cite web |date=2024-05-18 |title=Singapore Money Laundering Suspects Invested Huge Sums in Dubai Property |url=https://www.occrp.org/en/dubai-unlocked/singapore-money-laundering-suspects-invested-huge-sums-in-dubai-property |website=OCCRP |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |last=Al Helou |first=Elias |title=Emaar Development reports 66 percent surge in property sales, exceeding $13 billion in Q1-Q3 |url=https://economymiddleeast.com/news/emaar-development-reports-66-percent-surge-in-property-sales-exceeding-13-billion-in-q1-q3/ |access-date=2025-04-14 |website=Economy Middle East |language=en-US}}</ref> यह दुबई के सबसे बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक है और इसे विश्व प्रसिद्ध बुर्ज खलीफा जैसी विशाल परियोजनाओं के निर्माण के लिए जाना जाता है। कंपनी के दो सबसे बड़े शेयरधारक दुबई के शासक मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और यूएई का सॉवरेन वेल्थ फंड, इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ दुबई हैं।<ref name=":2" /> एमार एक सार्वजनिक संयुक्त स्टॉक कंपनी है जो दुबई वित्तीय बाजार में सूचीबद्ध है।
अगस्त 2023 तक एमार का बाजार मूल्य 16.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर आँका गया है, जबकि दिसंबर 2022 तक तीसरे पक्ष द्वारा किए गए मूल्यांकन के अनुसार इसकी शुद्ध परिसंपत्तियों का मूल्यांकन 37.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर (AED 138.1 बिलियन) रहा। एमार प्रॉपर्टीज ने न केवल दुबई के आधुनिक स्काईलाइन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना प्रभावशाली विस्तार कर चुकी है।
== इतिहास ==
===1997–2005===
एमार प्रॉपर्टीज की स्थापना और निगमन 1997 में इसके अध्यक्ष मोहम्मद अलबर द्वारा किया गया था।<ref name=khaleej>{{cite news | url=http://www.khaleejtimes.com/DisplayArticle09.asp?xfile=data/business/2005/February/business_February381.xml§ion=business | title=Emaar Properties growing from strength to strength | first=Moushumi Das | last=Chaudhury | date=19 February 2005 | newspaper = खलीज टाइम्स | access-date = 23 September 2014}}</ref><ref name=businesswk>{{cite magazine | url = http://investing.businessweek.com/research/stocks/snapshot/snapshot_article.asp?ticker=EMAAR:UH | archive-url = https://archive.today/20130628201437/http://investing.businessweek.com/research/stocks/snapshot/snapshot_article.asp?ticker=EMAAR:UH | url-status = dead | archive-date = June 28, 2013 | title = Emaar Properties Pjsc (EMAAR:DFM)| magazine = BusinessWeek | access-date=23 September 2014}}</ref><ref>{{Cite web |last=Mughal |first=Waqar |title=Mohamed Alabbar |url=https://www.forbesmiddleeast.com/lists/most-impactful-real-estate-leaders-2024/mohamed-alabbar/ |access-date=2025-04-14 |website=Forbes Lists |language=en-US}}</ref> शुरुआत से ही एमार ने वाणिज्यिक और आवासीय संपत्ति विकास, साथ ही मॉल और आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) क्षेत्रों में अपनी गहरी रुचि दिखाई।<ref>{{Cite web |title=Dubai's Latest Mega-Projects Should Worry You |url=https://www.businessinsider.com/dubais-projects-concern-2014-7 |access-date=2025-04-14 |website=Business Insider |language=en-US}}</ref> कंपनी ने 2000 में सार्वजनिक रूप से परिचालन शुरू किया, जब इसका आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश) लॉन्च किया गया।<ref name=covell>{{cite book | last = Covell | first = Jeffrey L. | date = 2014 | title = International Directory of Company Histories | editor = Jay P. Pederson | volume = 220 | location = Detroit | publisher = St. James Press}}</ref><ref name=anil>{{cite magazine | last = Bhoyrul| first = Anil | title = Mohamed Alabbar: The only way is up | date = 31 March 2013 | magazine = Arabian Business}}</ref> उस समय दुबई सरकार के पास एमार का 100% स्वामित्व था, जबकि संस्थापक शेयरधारकों के पास 24.3% हिस्सेदारी थी। उसी वर्ष, कंपनी ने एक प्रमुख परियोजना दुबई मरीना की योजना की घोषणा की।<ref name=covell />
2000 में ही एमार प्रॉपर्टीज को दुबई वित्तीय बाजार में सूचीबद्ध किया गया<ref>{{Cite web |date=2015-01-05 |title='When greed isn't good': Mohamed Alabbar on the current fluctuations in the region's stock markets - Arabian Business: Latest News on the Middle East, Real Estate, Finance, and More |url=https://www.arabianbusiness.com/interviews/property/when-greed-isn-t-good-mohamed-alabbar-on-current-fluctuations-in-region-s-stock-markets-577151 |access-date=2025-04-14 |website=www.arabianbusiness.com |language=en-US}}</ref>, और यह विदेशी नागरिकों को शेयर प्रदान करने वाली पहली रियल एस्टेट कंपनी बनी।<ref name="anil" /> कंपनी की विकास यात्रा का पहला चरण 2001 में शुरू हुआ, जब उसने छह अपार्टमेंट टावरों में से तीन के निर्माण के लिए एक संयुक्त उद्यम अनुबंध दिया।<ref name="gulfcon">{{cite web | url = http://www.gulfconstructiononline.com/news/2572_Joint-venture-wins-Emaar-towers-deal.html | title = Joint venture wins Emaar towers deal | date = 1 October 2001 | publisher = Gulf Construction Online | access-date = 23 September 2014 | archive-date = 28 जनवरी 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20190128083042/http://www.gulfconstructiononline.com/news/2572_Joint-venture-wins-Emaar-towers-deal.html | url-status = dead }}</ref> इसके बाद 2003 में एमार ने अपनी ऐतिहासिक परियोजना डाउनटाउन दुबई की योजना का अनावरण किया, जिसमें दो प्रतिष्ठित विकास शामिल थे – बुर्ज खलीफा (दुनिया की सबसे ऊँची इमारत) और दुबई मॉल (दुनिया का सबसे बड़ा मॉल)।<ref name=ameinfo>{{cite web |url=http://ameinfo.com/blog/real-estate-&-property-management/emaar-properties/regions-largest-property-developer-emaar-showcases-world-class-projects-to-dubai-delegates/ |title=Region's largest property developer, EMAAR, showcases world-class projects to Dubai 2003 delegates |date=17 September 2003 |publisher=AME Info |access-date=23 September 2014 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20141123215905/http://ameinfo.com/blog/real-estate-%26-property-management/emaar-properties/regions-largest-property-developer-emaar-showcases-world-class-projects-to-dubai-delegates/ |archive-date=23 November 2014 }}</ref>
[[File:Dubai Downtown Model.jpg|thumb|[[दुबई मॉल|दुबई मॉल]] का एक स्केल मॉडल]]
2004 में एमार इंटरनेशनल एलएलसी की स्थापना हुई.<ref name=covell /><ref name=ameinfo />, जो कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।<ref name="covell" /> इसके बाद एमार ने अफ्रीका, एशिया, उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व में कई अंतरराष्ट्रीय परियोजनाएँ शुरू कीं, जिससे यह एक वैश्विक रियल एस्टेट ब्रांड बन गया।<ref>{{Cite news |last=Parasie |first=Nicolas |date=2014-04-06 |title=Q&A: Emaar's Chairman Strives for International Mix with Dubai Flavour |url=https://www.wsj.com/articles/BL-250B-1438 |access-date=2025-04-14 |work=Wall Street Journal |language=en-US |issn=0099-9660}}</ref>
===2006–वर्तमान===
दुबई मॉल का औपचारिक उद्घाटन 2008 में हुआ, जबकि बुर्ज खलीफा को 2010 में जनता के लिए खोला गया। 2014 तक, एमार प्रॉपर्टीज़ के रियल एस्टेट निवेशों का मूल्य $11.4 बिलियन से अधिक था।<ref name=bidness>{{cite web| url=http://www.bidnessetc.com/business/emaar-properties-pjsc-is-down-over-last-month-but-can-rebound/| title=Emaar Properties PJSC Is Down Over Last Month But Can Rebound| first=Bob | last=Cramer| date=1 July 2014| publisher=Bidness ETC| access-date=15 September 2014| archive-url=https://web.archive.org/web/20140805155957/http://www.bidnessetc.com/business/emaar-properties-pjsc-is-down-over-last-month-but-can-rebound/| archive-date=5 August 2014| url-status=dead}}</ref> 2007 में, कंपनी का बहुसंख्यक स्वामित्व दुबई सरकार के पास था।<ref>{{Cite news |date=August 10, 2007 |title=Land-for-stock deal gives Dubai control of Emaar |url=https://www.reuters.com/article/idUSL18554042/ |access-date=2025-04-14 |work=Reuters |language=en-GB}}</ref> हालांकि, कंपनी ने चुनौतियों का भी सामना किया; उदाहरण के लिए, उसकी सहायक कंपनी जॉन लैंग होम्स, जिसे 2006 में अधिग्रहित किया गया था<ref>{{Cite web |last= |date=2006-06-02 |title=Dubai's Emaar Acquires John Laing Homes in $1 Billion Deal |url=https://archive.nytimes.com/dealbook.nytimes.com/2006/06/02/dubais-emaar-acquires-john-laing-homes-in-1-billion-deal/?_php=true&_type=blogs&_r=0 |access-date=2025-04-14 |website=DealBook |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=2009-01-18 |title=John Laing Homes reviewing all options for funding |url=https://www.denverpost.com/2009/01/18/john-laing-homes-reviewing-all-options-for-funding/ |access-date=2025-04-14 |website=The Denver Post |language=en-US}}</ref>, ने 2009 में डेलावेयर के अमेरिकी न्यायालय में अध्याय 11 के अंतर्गत दिवालियापन संरक्षण के लिए आवेदन किया।<ref>{{cite news | url = https://www.latimes.com/archives/la-xpm-2009-feb-20-fi-bankrupt20-story.html | title = John Laing Homes files for Chapter 11 | newspaper = लॉस एंजिल्स टाइम्स | date = 20 February 2009 | access-date = 23 September 2014 | last=Vincent | first=Roger }}</ref>
सामान्य व्यापार विवादों में, जुलाई 2010 में अमेरिकी व्यवसायी लियोनेल लोम्बार्ड ने कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत में एमार प्रॉपर्टीज और इसके अध्यक्ष मोहम्मद अलब्बार के खिलाफ मुकदमा दायर किया<ref>{{Cite web |date=2009-01-18 |title=Dubai's Emaar faces US wrongful imprisonment case |url=https://www.denverpost.com/2009/01/18/john-laing-homes-reviewing-all-options-for-funding/ |access-date=2025-04-14 |website=Reuters |language=en-US}}</ref>, जिसमें उन पर गलत तरीके से हिरासत में लेने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए, क्योंकि उन्होंने एमार के विदेशी कर्मचारियों की ओर से आवाज़ उठाई थी। हालांकि, नवंबर 2010 में लोम्बार्ड ने इस मामले को वापस ले लिया।<ref>{{cite news| agency=Reuters | url=http://arabnews.com/economy/article83506.ece |title=Emaar Properties dismisses charges in US lawsuit | newspaper=अरब समाचार |date=2010-07-13 |access-date=2011-11-14 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111014123529/http://arabnews.com/economy/article83506.ece |archive-date=2011-10-14 }}</ref><ref>{{cite web | url = http://law.justia.com/cases/federal/district-courts/california/caedce/2:2010cv01740/210019/18 | title = Lombard v. Emaar USA et al – Document 18 | publisher = Justia | date = 30 November 2010 | access-date = 23 September 2014 }}</ref>
[[File:UAE Dubai Marina img1 asv2018-01.jpg|thumb|left|[[दुबई मरीना]] जिला]]
सितंबर 2012 में, एमार प्रॉपर्टीज ने दुबई मॉल के समीप डाउनटाउन बुर्ज दुबई में अपने एक प्रमुख प्रोजेक्ट एड्रेस BLVD का शुभारंभ किया, जो एक शानदार 72-मंजिला होटल और होटल सर्विस्ड अपार्टमेंट्स का संयोजन है।<ref>{{Cite web |last=Deulgaonkar |first=Parag |date=2013-01-17 |title=Emaar to launch new luxury tower in Downtown Dubai - News - Emirates - Emirates24{{!}}7 |url=https://www.emirates247.com/news/emirates/emaar-to-launch-new-luxury-tower-in-downtown-dubai-2013-01-17-1.491434 |access-date=2025-04-14 |website=www.emirates247.com |language=en}}</ref>
2014 में, एमार ने अपने मॉल और खुदरा व्यवसाय के शेयर जनता को बेचने की योजना बनाई। यह आईपीओ वैश्विक वित्तीय संकट के बाद क्षेत्र में सबसे बड़े आईपीओ में से एक था।<ref name=":3">{{Cite news |last=Lohade |first=Nikhil |date=2014-03-16 |title=Emaar's Retail Unit IPO Plan Draws Cheers |url=https://www.wsj.com/articles/BL-250B-1345 |access-date=2025-04-14 |work=Wall Street Journal |language=en-US |issn=0099-9660}}</ref> अक्टूबर 2014 में, एमार मॉल्स समूह दुबई वित्तीय बाजार में सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी बन गया।.<ref name=":3" /> आईपीओ के दौरान लगभग 535 मिलियन शेयर 3.25 दिरहम प्रति शेयर के भाव पर बिके, जो 2007 के बाद दुबई में सबसे बड़ा आईपीओ था।<ref>{{cite web| url=https://www.bloomberg.com/news/2014-10-02/emaar-malls-rises-20-as-dubai-s-biggest-ipo-since-2007-debuts.html| title=Emaar Malls Rises as Much as 21% in Biggest Dubai IPO in 7 Years| last1=Khan| first1=Sarmad| last2=Sharif| first2=Arif| date=2 October 2014| publisher=Bloomberg| access-date=19 February 2015}}</ref>
साथ ही, एमार ने बुर्ज खलीफा में दुनिया का सबसे ऊंचा अवलोकन डेक, एट द टॉप, बुर्ज खलीफा स्काई लॉन्च किया, जो दुबई में पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया।.<ref>{{Cite web |title=Burj Khalifa opens world's highest observation deck |url=https://www.breakingtravelnews.com/news/article/burj-khalifa-opens-worlds-highest-observation-deck/ |access-date=2025-04-14 |website=Breaking Travel News}}</ref>
2015 के नए साल (NYE) समारोह में, एमार प्रॉपर्टीज ने बुर्ज खलीफा पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराया — दुनिया के सबसे ऊंचे मानव-निर्मित ढांचे पर "सबसे बड़ा एलईडी-प्रबुद्ध अग्रभाग"।<ref>{{cite web| url=http://www.news.com.au/world/fireworks-around-the-world-light-the-night-for-new-years-eve/story-fndir2ev-1227171544300| title=Fireworks around the world light the night for New Year's Eve| date=1 January 2015| publisher=News Limited| access-date=19 February 2015}}</ref><ref>{{cite web| url=http://www.constructionweekonline.com/article-31997-emaars-nye-spectacular-was-worlds-most-watched/| title=Emaar's NYE spectacular was world's most-watched| first=Hannah | last=Raven| date=4 January 2015| publisher=Construction Week| access-date=19 February 2015}}</ref> इस रिकॉर्ड-सेटिंग डिस्प्ले में लगभग 70,000 एलईडी पैनल शामिल थे, जिनपर देश के नेताओं और अन्य छवियों की रंगीन रोशनी और प्रक्षेपण दिखाई दिए।<ref>{{cite web| url=http://www.arabiangazette.com/breathtaking-fireworks-spectacle-and-led-facade-on-burj-khalifa-for-2015/| title=Breathtaking fireworks spectacle and LED facade on Burj Khalifa for 2015| date=31 December 2014| publisher=Arabian Gazette| access-date=19 February 2015| archive-date=8 November 2018| archive-url=https://web.archive.org/web/20181108184750/https://arabiangazette.com/breathtaking-fireworks-spectacle-and-led-facade-on-burj-khalifa-for-2015/| url-status=dead}}</ref>
2015 की दूसरी तिमाही में, एमार ने अपने शुद्ध लाभ में 16% की वृद्धि दर्ज की। इसके पास 235 मिलियन वर्ग मीटर से अधिक का बड़ा लैंड बैंक है।<ref>{{cite news| url=https://www.reuters.com/article/emaar-properties-results-q-idUSL5N10D0BX20150802| title=Dubai's Emaar Properties Q2 net profit rises 16 pct| date=August 2, 2015| first=Matt | last=Smith| work=Reuters| access-date=December 29, 2015}}</ref>
नवंबर 2020 में, कंपनी ने साल की शुरुआत से सितंबर तक 48% की लाभ में गिरावट की घोषणा की।<ref>{{Cite web |date=November 11, 2020 |title=REFILE-Dubai's Emaar reports nine-month profit almost cut in half |url=https://www.reuters.com/article/business/healthcare-pharmaceuticals/refile-dubais-emaar-reports-nine-month-profit-almost-cut-in-half-idUSL8N2HX3VU/ |access-date=2020-11-15 |website= |publisher=Reuters |location=}}</ref> दिसंबर 2020 में, अध्यक्ष मोहम्मद अलब्बर ने अपना पद छोड़ दिया, लेकिन प्रबंध निदेशक के रूप में कंपनी की रोज़मर्रा की गतिविधियों की निगरानी जारी रखी।<ref>{{Cite web |date=2020-12-13 |title=Alabbar steps down as Emaar chairman |url=https://www.arabnews.com/node/1776626/business-economy |access-date=2025-04-14 |website=Arab News |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |last=Mansoor |first=Zainab |date=2020-12-13 |title=Mohamed Alabbar steps down as Emaar's chairman |url=https://gulfbusiness.com/emaar-chairman-alabbar-steps-down/ |access-date=2025-04-14 |language=en-US}}</ref>
====दुबई मॉल:====
दुबई मॉल (Dubai Mall) दुनिया का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल है, जो कुल क्षेत्रफल के हिसाब से अग्रणी है।<ref name="reuters">{{cite news| url=http://www.reuters.com/article/emaar-malls-sukuk-idUSL5N0OS2OY20140611| title=UPDATE 2-Dubai's Emaar Malls attracts strong demand for debut sukuk| first=Archana | last=Narayanan| date=11 June 2014| work=Reuters| access-date=15 September 2014}}</ref>
* नवंबर 2008 में सॉफ्ट ओपनिंग, मई 2009 में आधिकारिक उद्घाटन।<ref name="australian">{{cite web| url=http://www.theaustralian.com.au/news/features/dubai-mall-is-the-most-popular-place-on-the-planet-why/story-e6frg8h6-1226974116141#| title=Dubai Mall is the most popular place on the planet. Why?| first=John | last=Arlidge | date=5 July 2014 | newspaper=द ऑस्ट्रेलियन | access-date=15 September 2014}}</ref>
* मॉल में 1,200 से अधिक स्टोर और 200 रेस्तरां हैं।
* इसमें दुबई एक्वेरियम और अंडरवाटर चिड़ियाघर, किडज़ानिया, दुबई आइस रिंक, और क्षेत्र के सबसे बड़े सिनेमा परिसर रील सिनेमा मौजूद हैं।<ref name="arabianbiz">{{cite magazine| url=http://www.arabianbusiness.com/dubai-mall-unveils-giant-octopus-attraction-559080.html| title=Dubai Mall unveils giant octopus attraction| date=24 July 2014| magazine=Arabian Business | access-date=15 September 2014}}</ref><ref>{{Cite web |last=XPRESS |date=2019-07-23 |title=Dubai Mall to open UAE's largest Cineplex |url=https://gulfnews.com/uae/dubai-mall-to-open-uaes-largest-cineplex-1.478543 |access-date=2025-04-14 |website=Gulf News: Latest UAE news, Dubai news, Business, travel news, Dubai Gold rate, prayer time, cinema |language=en}}</ref><ref name="dubaimall">{{cite web |title=U Wang Young |url=https://uwangyoung.store/ |access-date=15 September 2014 |publisher=The Dubai Mall |archive-date=21 मई 2025 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250521163750/https://uwangyoung.store/ |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |last=KidZania |title=KidZania |url=https://www.thedubaimall.com/en/Entertain/KidZania.aspx |access-date=2025-04-14 |website=Dubai Mall |language=en}}</ref>
* 2014 में, मॉल में 80 मिलियन से अधिक आगंतुक आए, जिनमें से 40% क्षेत्र के बाहर से पर्यटक थे।<ref>{{cite web|url=http://gulfbusiness.com/2015/02/dubai-mall-sees-80m-visitors-2014/|title=Dubai Mall Sees 80m Visitors in 2014|magazine=Gulf Business|date=10 February 2015|access-date=1 July 2015|last=Sophia|first=Mary|archive-date=24 June 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150624073952/http://gulfbusiness.com/2015/02/dubai-mall-sees-80m-visitors-2014/|url-status=dead}}</ref>
* दुबई मॉल के विस्तार के तहत, एमार ने डाउनटाउन व्यूज़ नामक 55-मंजिला आवासीय इमारत विकसित करना शुरू किया।<ref>{{cite web|last1=Views|first1=Downtown|title=Downtown Views is the upcoming 55 storey residential building by Emaar connecting Dubai mall.|url=http://downtownviews.info/en/About.html|website=Downtown Views|publisher=Anamika Murali|access-date=21 February 2017|archive-date=5 अगस्त 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200805001533/https://downtownviews.info/en/About.html|url-status=dead}}</ref>
====दुबई फाउंटेन====
* दुनिया का सबसे ऊंचा प्रदर्शन करने वाला फव्वारा।
* 2009 के वसंत में इसका संचालन शुरू हुआ।<ref name="gulfnews2011">{{cite news| url=http://gulfnews.com/life-style/leisure/dubai-fountain-a-splash-of-notes-1.859634| title=Dubai Fountain: A splash of notes| first=Sharmila| last=Dhal| date=1 September 2011| newspaper=Gulf News| access-date=15 September 2014| archive-date=16 September 2014| archive-url=https://web.archive.org/web/20140916034200/http://gulfnews.com/life-style/leisure/dubai-fountain-a-splash-of-notes-1.859634| url-status=dead}}</ref>
* यह फव्वारा एमार प्रॉपर्टीज द्वारा विकसित किया गया है।
====बुर्ज खलीफा====
* दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, जिसकी ऊंचाई 2,716.5 फीट (828 मीटर) है।
* इसमें कुल 160 मंजिलें हैं।<ref name="latimes" />
* मुख्य रूप से आवासीय उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाती है।
* यह इमारत 2010 में खुली।<ref>{{Cite news |last=Critchlow |first=Stefania Bianchi And Andrew |date=2010-01-05 |title=Burj Dubai Tower Opens |url=https://www.wsj.com/articles/SB10001424052748703580904574638111667658806 |access-date=2025-04-14 |work=Wall Street Journal |language=en-US |issn=0099-9660}}</ref><ref name="latimes">{{cite news| url=http://latimesblogs.latimes.com/money_co/2010/01/dubai-burj-tower-opening-tallest-building.html| title=Monument to excess? Dubai opens world's tallest building| first=Tom | last=Petruno| date=4 January 2010| newspaper=लॉस एंजिल्स टाइम्स | access-date=15 September 2014}}</ref>
* इसका नाम अबू धाबी के शासक, शेख [[खलीफा बिन जायद अल नाहयान]] के सम्मान में रखा गया है।<ref>{{Cite web |date=2010-01-04 |title=Monument to excess? Dubai opens world's tallest building |url=https://www.latimes.com/archives/blogs/money-company/story/2010-01-04/monument-to-excess-dubai-opens-worlds-tallest-building |access-date=2025-04-14 |website=लॉस एंजिल्स टाइम्स |language=en-US}}</ref>
* यह एमार प्रॉपर्टीज द्वारा विकसित की गई थी।
[[Image:Springs1.jpg|thumb|left|स्प्रिंग्स समुदाय]]
एमार प्रॉपर्टीज ने दुबई में कई प्रमुख आवासीय और वाणिज्यिक पड़ोस विकसित किए हैं, जिनमें अरेबियन रांच, दुबई मरीना, द ग्रीन्स, द मीडोज, द लेक्स और द स्प्रिंग्स शामिल हैं।<ref name=arabianbiz2>{{cite magazine| url=http://www.arabianbusiness.com/emaar-launches-new-dubai-residential-project-504541.html| title=Emaar launches new Dubai residential project| first=Andy | last=Sambidge| date=10 June 2013| magazine=Arabian Business | access-date=15 September 2014}}</ref> वर्ष 2013 में, कंपनी ने डाउनटाउन दुबई में कई प्रमुख परियोजनाओं की शुरुआत की, जैसे द एड्रेस रेसिडेंस फाउंटेन व्यू I, II और III, द एड्रेस रेसिडेंस स्काई व्यू, बुर्ज विस्टा, बुलेवार्ड पॉइंट और विदा रेसिडेंस।<ref name=gulfbiz>{{cite web| url=http://gulfbusiness.com/2013/09/emaar-launches-sale-of-the-address-residence-in-dubai/#.U_-Gp_ldVXY| title=Emaar Launches Sale Of The Address Residence In Dubai| first=Aarti| last=Nagraj| date=16 September 2013| magazine=Gulf Business| access-date=15 September 2014| archive-date=27 June 2015| archive-url=https://web.archive.org/web/20150627200916/http://gulfbusiness.com/2013/09/emaar-launches-sale-of-the-address-residence-in-dubai/#.U_-Gp_ldVXY| url-status=dead}}</ref> इसके अलावा, एमार ने डाउनटाउन दुबई के ओपेरा डिस्ट्रिक्ट का भी विकास किया है, जिसकी सबसे खास विशेषता दुबई ओपेरा हाउस है — यह देश का पहला समर्पित ओपेरा हाउस है।<ref name="gulfbizopera">{{cite web| url=http://gulfbusiness.com/2014/03/emaar-reveals-details-about-2000-seat-opera-house-in-dubai/#.U_-I2_ldVXY| title=Emaar Reveals Details About 2,000-Seat Opera House In Dubai| first=Aarti | last=Nagraj| date=18 March 2014| magazine=Gulf Business | access-date=15 September 2014| archive-date=19 August 2015| archive-url=https://web.archive.org/web/20150819014953/http://gulfbusiness.com/2014/03/emaar-reveals-details-about-2000-seat-opera-house-in-dubai/#.U_-I2_ldVXY| url-status=dead}}</ref>
जनवरी 2015 में, एमार हॉस्पिटैलिटी ने डाउनटाउन दुबई में एक बुटीक होटल, मंज़िल खोलकर अपनी हॉस्पिटैलिटी सेवाओं का विस्तार किया। इस होटल का प्रबंधन विदा होटल्स एंड रिसॉर्ट्स द्वारा किया जाता है और इसमें 200 कमरे, बुर्ज खलीफा के मनोरम नज़ारों वाले सुइट, एक स्पोर्ट्स हब और कई रेस्तरां शामिल हैं।<ref>{{cite web| url=http://gulfbusiness.com/2015/01/emaar-opens-new-boutique-hotel-manzil-downtown-dubai/| title=Emaar Opens New Boutique Hotel Manzil Downtown Dubai| first=Mary| last=Sophia| date=8 January 2015| magazine=Gulf Business| access-date=19 February 2015| archive-date=20 April 2015| archive-url=https://web.archive.org/web/20150420073201/http://gulfbusiness.com/2015/01/emaar-opens-new-boutique-hotel-manzil-downtown-dubai/| url-status=dead}}</ref> इसके अलावा, एमार ने दुबई ट्रॉली के साथ क्षेत्र की पहली हॉप-ऑन-हॉप-ऑफ ट्रांजिट प्रणाली शुरू की<ref>{{Cite web |last=Al-Mahmoud |first=Zaid |date=2015-04-21 |title=Emaar Launches Hydrogen-Powered Dubai Trolley |url=https://www.dubaitripguide.com/emaar-launches-hydrogen-powered-dubai-trolley/ |access-date=2025-04-14 |website=Dubai Trip Guide |language=en-US}}</ref>, जो दुनिया की पहली हाइड्रोजन-संचालित, शून्य-उत्सर्जन वाली स्ट्रीट ट्राम प्रणाली भी है।<ref>{{Cite web |date=2015-04-21 |title=Emaar rolls out Dubai Trolley tram system - Construction Week Online |url=https://www.constructionweekonline.com/projects-tenders/article-33373-emaar-rolls-out-dubai-trolley-tram-system |access-date=2025-04-14 |language=en-US}}</ref> वर्ष 2016 में, एमार प्रॉपर्टीज़ ने बुर्ज खलीफा से भी ऊँची दुनिया की सबसे ऊँची संरचना बनाने की योजना की घोषणा की, जिसका निर्माण 2020 तक पूरा होने की उम्मीद थी।<ref>{{Cite news |last=Parasie |first=Nicolas |date=2016-04-10 |title=Dubai Developer Emaar Plans New 'World's Tallest' Tower |url=https://www.wsj.com/articles/dubai-developer-emaar-plans-new-worlds-tallest-tower-1460289927 |access-date=2025-04-14 |work=Wall Street Journal |language=en-US |issn=0099-9660}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-middle-east-36010002|title=New Dubai tower 'to surpass' world's tallest building Burj Khalifa | publisher=[[BBC]] | work=बीबीसी समाचार |date=10 April 2016 | location=UK |language=en-GB|access-date=2016-04-11}}</ref>
==अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाएँ==
एमार प्रॉपर्टीज़ ने अपनी विभिन्न सहायक कंपनियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों में संपत्ति विकास और परियोजनाएं स्थापित की हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, जॉर्डन, मिस्र, लेबनान, मोरक्को, संयुक्त राज्य अमेरिका, सऊदी अरब, सीरिया, इराकी कुर्दिस्तान और तुर्की जैसे देश शामिल हैं।<ref name=emaarcomm>{{cite web| url=http://www.emaar.com/en/what-we-do/communities/| title=Emaar Properties-Premier Developer of Integrated Lifestyle Communities| publisher=Emaar Properties| access-date=18 September 2014| archive-date=16 December 2018| archive-url=https://web.archive.org/web/20181216115247/https://www.emaar.com/en/what-we-do/communities/| url-status=dead}}</ref> इन परियोजनाओं में प्रमुख रूप से लेबनान में बेत मिस्क<ref>{{cite web|url=http://www.executive-magazine.com/business-finance/real-estate/lebanon-home-on-a-mountain |title=Lebanon – Home on a mountain | first=Nada | last=Nohra |date=3 September 2009 |publisher=Executive Magazine |access-date=19 February 2015 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20150219213028/http://www.executive-magazine.com/business-finance/real-estate/lebanon-home-on-a-mountain |archive-date=19 February 2015 }}</ref>, सऊदी अरब में जेद्दा गेट<ref>{{cite magazine| url=http://www.arabianbusiness.com/emaar-launch-luxury-home-sales-at-saudi-project-525972.html| title=Emaar to launch luxury home sales at Saudi project| first=Andy | last=Sambridge| date=12 November 2013| magazine=Arabian Business| access-date=19 February 2015}}</ref> और जॉर्डन में समारा डेड सी रिज़ॉर्ट<ref>{{cite web| url=http://www.albawaba.com/business/emaar-international-jordan-showcases-samarah-dead-sea-resort| title=Emaar International Jordan showcases Samarah Dead Sea Resort| date=6 December 2007| publisher=Albawaba Business| access-date=19 February 2015}}</ref> जैसे उल्लेखनीय विकास कार्य शामिल हैं। ये परियोजनाएं एमार की वैश्विक उपस्थिति और रियल एस्टेट क्षेत्र में इसकी विशेषज्ञता को दर्शाती हैं।
===अमेरिका===
2008 में एमार प्रॉपर्टीज़ ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाते हुए जॉन लैंग होम्स का अधिग्रहण किया, जो उस समय संयुक्त राज्य अमेरिका में दूसरा सबसे बड़ा निजी स्वामित्व वाला रियल एस्टेट डेवलपर था। यह अधिग्रहण 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर नकद में किया गया था। इस सौदे के परिणामस्वरूप एमार नॉर्थ अमेरिका की स्थापना हुई, जिसे अमेरिका और कनाडा में प्रमुख रियल एस्टेट परियोजनाओं की देखरेख के लिए गठित किया गया। एमार नॉर्थ अमेरिका की सबसे प्रमुख परियोजनाओं में लॉस एंजिल्स स्थित "बेवर्ली वेस्ट" शामिल थी — एक अल्ट्रा-लक्जरी कॉन्डोमिनियम टॉवर, जिसने एलेन डीजेनेरेस और द वीकेंड जैसे हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों को आकर्षित किया। इस प्रभाग का नेतृत्व डारियो डी लुका और पॉल स्प्रैडलिंग ने किया, जो इस विस्तार को सफल बनाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे।
===मिस्र===
एमार मिस्र ने 2005 में काहिरा के मोकाटम पठार पर एक महत्वाकांक्षी विकास परियोजना की शुरुआत की, जिसकी लागत लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी।<ref name="albawaba3">{{cite web |date=22 May 2006 |title=Emaar Misr signs MoU with Egypt's Bibliotheca Alexandrina for waterfront redevelopment project |url=http://www.albawaba.com/business/emaar-misr-signs-mou-egypt%E2%80%99s-bibliotheca-alexandrina-waterfront-redevelopment-project |access-date=18 September 2014 |publisher=Albawaba Business}}</ref> इस परियोजना को प्रारंभ में "काहिरा ग्रैंड हाइट्स" कहा गया, जिसे बाद में "अपटाउन काहिरा" नाम दिया गया।<ref name="bime2">{{cite web |last=Lloyd-Jones |first=Trevor |date=18 August 2005 |title=Emaar unveils blueprint for US$4 billion Cairo Heights |url=http://www.bi-me.com/main.php?id=1869&t=1 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20150219212103/http://www.bi-me.com/main.php?id=1869&t=1 |archive-date=19 February 2015 |access-date=18 September 2014 |publisher=Business Intelligence Middle East}}</ref><ref name="dubaichron2">{{cite web |date=8 February 2009 |title=Emaar Misr Makes Strong Progress on Marassi for on-schedule Completion |url=http://www.dubaichronicle.com/2009/02/08/emaar-misr-makes-strong-progress-on-marassi/ |access-date=18 September 2014 |publisher=Dubai Chronicle}}</ref> इसका उद्देश्य एक समेकित आवासीय, वाणिज्यिक और मनोरंजक समुदाय का निर्माण करना था, जो आधुनिक जीवनशैली की सभी सुविधाएँ एक ही स्थान पर प्रदान करे।
इसके बाद, 2006 में एमार की मिस्र स्थित सहायक कंपनी ने अलेक्जेंड्रिया के पूर्वी बंदरगाह क्षेत्र में पुनर्विकास कार्य हेतु बिब्लियोथेका अलेक्जेंड्रिना के साथ एक समझौता किया।<ref name="constructionwk2">{{cite web| url=http://m.arabianbusiness.com/emaar-books-egypt-library-job-208744.html| title=Emaar books Egypt library job| first=Sean | last=Cronin| date=27 May 2006| publisher=ConstructionWeek| access-date=18 September 2014| archive-url=https://web.archive.org/web/20150201161523/http://m.arabianbusiness.com/emaar-books-egypt-library-job-208744.html| archive-date=1 February 2015| url-status=dead}}</ref> इस योजना का उद्देश्य प्राचीन अलेक्जेंड्रिया की ऐतिहासिक लाइब्रेरी के स्थान के समीप एक नई आधुनिक लाइब्रेरी सुविधा विकसित करना था।<ref name="uaeinteract">{{cite web| url=http://www.uaeinteract.com/docs/EMAAR_subsidiary_signs_pact_for_project_in_Egypt/20896.htm| title=Emaar subsidiary signs pact for project in Egypt| date=22 May 2006| publisher=UAE Interact| access-date=18 September 2014}}</ref> हालांकि, यह परियोजना विचार तक ही सीमित रह गई और कभी भी व्यावहारिक रूप नहीं ले सकी।
2008 में, एमार मिस्र ने भूमध्यसागरीय तट पर स्थित सिदी अब्देल रहमान में "मारसी" नामक एक प्रमुख पर्यटक रिसॉर्ट परियोजना पर काम शुरू किया। इस रिसॉर्ट में 3,000 कमरों वाला एक होटल, एक मरीना और एक गोल्फ कोर्स शामिल था। इस परियोजना के अंतर्गत सुप्रसिद्ध अल-आलमीन होटल का नवीनीकरण भी किया गया, जिससे इस क्षेत्र के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को नया जीवन मिला।<ref name=thenational>{{cite news| url=http://www.thenational.ae/business/travel-tourism/egypt-revels-in-tourism-boom| title=Egypt revels in tourism boom| first=Amena | last=Bakr| date=3 September 2008| newspaper=The National (Abu Dhabi) | location=UAE | access-date=18 September 2014}}</ref> इन परियोजनाओं के माध्यम से एमार मिस्र ने मिस्र में अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित की और देश के रियल एस्टेट और पर्यटन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
===भारत===
एमार इंडिया भारतीय रियल एस्टेट उद्योग के प्रमुख क्षेत्रों—आवासीय, वाणिज्यिक, खुदरा (मॉल), और आतिथ्य—में सक्रिय परियोजनाओं का एक विस्तृत पोर्टफोलियो रखती है।<ref name=":02">{{Cite web|url=http://www.emaar-india.com/|title=Emaar: Global Real Estate Company in India|website=www.emaar-india.com/|access-date=28 मई 2025|archive-date=14 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170914215715/http://emaar-india.com/|url-status=dead}}</ref><ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.emaar.com/en/what-we-do/communities/india/|title=Real Estate Developments in India {{!}} Emaar Properties|website=www.emaar.com|language=en|access-date=2017-09-15|archive-date=2017-09-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20170915161421/https://www.emaar.com/en/what-we-do/communities/india/|url-status=dead}}</ref> कंपनी के पास लगभग 6,000 एकड़ भूमि का एक मजबूत भूमि बैंक है, जिसका उपयोग भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है।<ref name=":0" /> एमार की वर्तमान संपत्तियाँ, निर्माणाधीन परियोजनाएँ और भूमि बैंक पूरे भारत में फैले हुए हैं, जिनमें दिल्ली एनसीआर (विशेष रूप से गुरुग्राम), मोहाली, चेन्नई, हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर और इंदौर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
====प्रारंभिक परियोजनाएं====
भारत में एमार की उपस्थिति की शुरुआत 2000 के दशक की शुरुआत में हुई, जब उसने हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर परियोजना के लिए सफलतापूर्वक बोली जीती।<ref name="bizstandard">{{cite news| url=http://www.business-standard.com/article/companies/emaar-mulls-more-projects-in-india-106010901025_1.html| title=Emaar mulls more projects in India| date=9 January 2006| newspaper=Business Standard| access-date=18 September 2014}}</ref> इस परियोजना के लिए "साइबराबाद कन्वेंशन सेंटर प्राइवेट लिमिटेड" (CCCL) नामक एक संयुक्त उद्यम का गठन किया गया<ref name="The Business Standard">{{cite news|url=http://www.business-standard.com/article/companies/why-did-the-law-take-forever-to-catch-up-with-emaar-mgf-113060600737_1.html |title=Why did the law take forever to catch up with Emaar MGF? |newspaper=The Business Standard | date=7 June 2013}}</ref>, जिसने देश में कंपनी की रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखा।<ref name="bizstandard" /> इस तरह एमार ने भारत में न केवल आवासीय बल्कि व्यावसायिक और आतिथ्य क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की।
====संयुक्त उद्यम चरण====
2005 में, जब हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर परियोजना चल रही थी, एमार ने भारत में अपने रियल एस्टेट संचालन को और अधिक संगठित रूप देने के लिए एक संयुक्त उद्यम की स्थापना की। इस संयुक्त उद्यम के तहत **एमार इंडिया** की स्थापना की गई, जिसमें एमार प्रॉपर्टीज पीजेएससी और भारत की एमजीएफ डेवलपमेंट्स लिमिटेड साझेदार बने। इस संरचना में एमार प्रमुख इक्विटी भागीदार था, जबकि संचालन की ज़िम्मेदारी एमजीएफ को सौंपी गई थी।<ref name=":0">{{Cite news| url=http://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/emaar-india-to-invest-rs-2000-cr-in-2yrs-to-complete-projects/articleshow/58558410.cms | title=Emaar India to invest Rs 2,000 cr in 2yrs to complete projects | newspaper=[[The Times of India]] |access-date=2017-09-14}}</ref> इस गठबंधन ने कई प्रमुख परियोजनाओं को साकार किया, जिनमें सबसे उल्लेखनीय था **दिल्ली में 2010 राष्ट्रमंडल खेल गांव का विकास**।<ref>{{Cite web| url=https://www.emaar.com/en/what-we-do/communities/india/commonwealth-games-village-delhi.aspx|title=Commonwealth Games Village in Delhi | publisher=Emaar Properties | website=emaar.com|language=en|access-date=2017-09-14}}</ref>
हालांकि, अप्रैल 2016 में एमार ने अपने संयुक्त उद्यम भागीदार से अलग होने का निर्णय लिया और कंपनी को **लंबवत रूप से विभाजित** करने की योजना की घोषणा की। इसके तुरंत बाद, एमार ने इस विभाजन के लिए [[दिल्ली उच्च न्यायालय]] में याचिका दायर की। साथ ही, एमजीएफ के प्रतिनिधि श्रवण गुप्ता ने अपने सभी परिचालन पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके पश्चात **प्रशांत गुप्ता** को एमार इंडिया का नया सीईओ नियुक्त किया गया।
विभाजन के बाद, एमार इंडिया वर्तमान में एक **पुनर्गठन प्रक्रिया** से गुजर रही है, जिसके अंतर्गत कंपनी ने अपने सभी चल रही परियोजनाओं का पूर्ण नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसका उद्देश्य परियोजनाओं को तेजी से और प्रभावी ढंग से पूरा करना है।<ref>{{Cite news |date=April 14, 2016 |title=Dubai-based Emaar to separate from Indian partner MGF, ending decade-old joint venture |url=http://economictimes.indiatimes.com/industry/indl-goods/svs/construction/dubai-based-emaar-to-separate-from-indian-partner-mgf-ending-decade-old-joint-venture/articleshow/51805849.cms |work=Economic Times}}</ref> कंपनी ने 2017 में ही 3,000 से अधिक इकाइयाँ वितरित कर दी थीं और 2018 के अंत तक कुल 11,000 इकाइयाँ सौंपने की प्रतिबद्धता जताई थी।<ref>{{Cite news|url=http://www.business-standard.com/article/companies/emaar-india-to-deliver-11-000-flats-by-2018-in-haryana-117090200330_1.html|title=Emaar India to deliver 11,000 flats by 2018 in Haryana|last=ANI|date=2017-09-02|work=Business Standard India|access-date=2017-09-14}}</ref> यह पुनर्गठन एमार की भारत में दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और भरोसे को दर्शाता है।
====भविष्य की योजनाएं====
2021 के अंत में, दुबई और भारत के जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में प्रमुख परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करना था। इस समझौते के तहत, दुबई की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी **एमार** को **श्रीनगर में 500,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल** में एक अत्याधुनिक शॉपिंग मॉल विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।<ref>{{Cite web|last=Nandy|first=Madhurima|date=2022-01-03|title=Emaar to develop shopping mall in Srinagar|url=https://www.livemint.com/companies/news/emaar-to-develop-shopping-mall-in-srinagar-11641198922831.html|access-date=2022-01-03| website=livemint.com |language=en}}</ref><ref>{{Cite web|agency=Press Trust of India|title=Dubai's Emaar group to develop 5 lakh sq ft shopping mall in Srinagar|url=https://www.greaterkashmir.com/business/dubais-emaar-group-to-develop-5-lakh-sq-ft-shopping-mall-in-srinagar|access-date=2022-01-03|website=Greater Kashmir|date=3 January 2022 |language=en}}</ref> यह मॉल जम्मू-कश्मीर में निजी विदेशी निवेश की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, एमार जम्मू और श्रीनगर शहरों में **आतिथ्य सेवाओं (हॉस्पिटैलिटी)** तथा **मिश्रित उपयोग वाली वाणिज्यिक और आवासीय परियोजनाओं** में भी संभावित निवेश के अवसरों का मूल्यांकन कर रहा है। यह पहल जम्मू-कश्मीर में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए एक सकारात्मक संकेत है, और इसके ज़रिए एमार भारत के एक नए क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को और अधिक सशक्त बना रहा है।<ref>{{Cite news|last=Haidar|first=Faizan|title=Emaar group to develop shopping mall in Srinagar|work=The Economic Times|url=https://economictimes.indiatimes.com/industry/services/property-/-cstruction/emaar-group-to-develop-shopping-mall-in-srinagar/articleshow/88661414.cms?from=mdr|access-date=2022-01-03}}</ref>
===सऊदी अरब===
किंग अब्दुल्ला इकोनॉमिक सिटी (KAEC), जिसे एमार द्वारा विकसित किया गया है, सऊदी अरब की अब तक की सबसे बड़ी निजी निवेश परियोजनाओं में से एक है।<ref name=pbs>{{cite web| url=https://www.pbs.org/wnet/wideangle/episodes/the-sand-castle/export-dubai/1845/| title=The Sand Castle:Dubai| date=24 July 2007| publisher=PBS| access-date=18 September 2014}}</ref> इस परियोजना का विकास "द इकोनॉमिक सिटी" (Emaar Economic City या Emaar E.C.) के माध्यम से किया जा रहा है, जो सऊदी स्टॉक एक्सचेंज तडावुल में सूचीबद्ध एक सार्वजनिक कंपनी है।
KAEC परियोजना जेद्दा से लगभग 60 मील उत्तर में, लाल सागर के किनारे स्थित एक विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित की जा रही है।<ref name=covell/><ref name=reuters2014>{{cite news| url=https://www.reuters.com/article/emaar-ec-ports-idUSL6N0PH06R20140706| title=Saudi's Emaar EC says port unit agrees capital hike to fund expansion| date=6 July 2014| work=Reuters| access-date=18 September 2014}}</ref> इसका उद्देश्य सऊदी अरब को व्यापार, लॉजिस्टिक्स, उद्योग, और पर्यटन के लिए एक वैश्विक केंद्र में परिवर्तित करना है। इस मेगासिटी के तहत विकसित की जा रही प्रमुख संरचनाओं में KAEC पोर्ट (बंदरगाह) शामिल है, जो सऊदी अरब का पहला निजी स्वामित्व वाला बंदरगाह है। इस बंदरगाह का संचालन जनवरी 2014 में शुरू हुआ था<ref name=reuters2014 />, और बाद में अतिरिक्त वित्तपोषण के साथ इसके और विस्तार की योजना बनाई गई है।
KAEC का कुल आकार वाशिंगटन डी.सी. के बराबर होने का अनुमान है, और परियोजना के पूर्ण रूप से विकसित हो जाने पर इसमें लगभग 2 मिलियन लोगों के रहने की क्षमता होगी।<ref name=reuters2014 /> यह परियोजना न केवल सऊदी अरब के विज़न 2030 के लक्ष्यों को समर्थन देती है, बल्कि एमार की वैश्विक स्तर पर मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी विकास में विशेषज्ञता को भी दर्शाती है।
===सीरिया===
एमार प्रॉपर्टीज़ ने पहली बार 2006 में सीरिया में अपनी बड़ी विकास योजनाओं की घोषणा की थी।<ref name=albawaba2>{{cite web| url=http://www.albawaba.com/business/500m-mixed-use-project-be-developed-emaar-syria| title=$500m mixed-use project to be developed by Emaar in Syria| date=12 June 2006| publisher=Albawaba Business| access-date=18 September 2014}}</ref> इस परियोजना को "एथ गेट" (Eighth Gate) के नाम से जाना जाता है और यह एक बहु-उद्देश्यीय मेगा-विकास परियोजना है, जिसे सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास विकसित किया जाना था।
इस परियोजना में तीन प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:
* वाणिज्यिक केंद्र – आधुनिक कार्यालयों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और व्यापारिक सुविधाओं से युक्त एक व्यावसायिक जिला।
* वाटरफ्रंट और आवासीय क्षेत्र – जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले आवास, उद्यान, जलाशयों के आसपास विकसित जीवनशैली सुविधाएँ शामिल हैं।
* पर्यटक क्षेत्र – होटल, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन-आधारित अवसंरचना के साथ विकसित एक आकर्षक क्षेत्र।<ref name=khaleejtimes2>{{cite news| url=http://www.khaleejtimes.com/kt-article-display-1.asp?xfile=data/business/2005/October/business_October381.xml§ion=business| title=Emaar unveils massive Syrian expansion plan| date=19 October 2005| newspaper=Khaleej Times | access-date=18 September 2014}}</ref>
यह परियोजना एमार प्रॉपर्टीज़ और आईजीओ (IGO) नामक एक अपतटीय निवेश और संपत्ति विकास कंपनी के बीच एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) के रूप में स्थापित की गई थी। IGO का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करना और मध्य पूर्व में स्थायी शहरी विकास को बढ़ावा देना था।<ref name=khaleejtimes2 />
हालाँकि इस परियोजना की महत्वाकांक्षाएं काफी बड़ी थीं, लेकिन सीरिया में वर्षों से चले आ रहे संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता के चलते इसकी प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इसके बावजूद, एमार का यह प्रयास यह दर्शाता है कि कंपनी वैश्विक स्तर पर उभरते बाजारों में निवेश करने और शहरी विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
===टर्की===
टस्कन वैली एमार की तुर्की में पहली परियोजना थी।<ref name=bloomberg2012>{{cite web| url=https://www.bloomberg.com/news/2012-12-19/emaar-obtains-500-million-financing-facility-for-turkey-project.html| title=Emaar Obtains $500 Million Financing Facility for Turkey Project| first=Arif | last=Sharif| date=19 December 2012| publisher=Bloomberg| access-date=18 September 2014}}</ref> इस परियोजना का पहला चरण 2007 तक पूरा कर लिया गया था, जिसमें इस्तांबुल के बाहर लक्जरी विला और वाणिज्यिक स्थानों का विकास शामिल था।<ref name=pbs /> इसके बाद, 2012 में एमार ने एमार स्क्वायर परियोजना का विकास शुरू किया, जिसमें तुर्की का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल और एक पाँच सितारा होटल बनाना शामिल था।<ref name=bloomberg2012 /> 2013 में, एमार प्रॉपर्टीज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एमार तुर्की ने इस्तांबुल में द एड्रेस रेसिडेंस, एमार स्क्वायर लॉन्च किया।<ref>{{cite web|url=http://www.ttgmena.com/Emaar-Turkey-launches-The-Address-Residences-in-Istanbul-sales/ |title=Emaar Turkey launches The Address Residences in Istanbul sales |date=4 March 2013 |publisher=TTG Mena |access-date=19 February 2015 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20150219205736/http://www.ttgmena.com/Emaar-Turkey-launches-The-Address-Residences-in-Istanbul-sales/ |archive-date=19 February 2015 }}</ref> अंततः, 2017 में एमार स्क्वायर मॉल जनता के लिए खोल दिया गया।<ref>{{cite news |title=Emaar Square Mall in Turkey opens |url=https://www.khaleejtimes.com/business/retail/emaar-square-mall-in-turkey-opens |access-date=21 June 2021 |work=Khaleej Times |language=en}}</ref>
===इराकी कुर्दिस्तान===
डाउनटाउन एरबिल, एरबिल में एक बड़े पैमाने पर विकसित किया जा रहा मिश्रित उपयोग परिसर है। इस परियोजना को 2013 में एमार प्रॉपर्टीज़ द्वारा लॉन्च किया गया था और यह लगभग 541,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र को कवर करती है।<ref>[http://www.emaar.com/index.aspx?page=emaarinternational-Erbil Emaar Erbil], Emaar Properties Website. Retrieved 2014-01-30</ref> इस परिसर में आवासीय अपार्टमेंट, होटल, और एक शॉपिंग मॉल सहित विभिन्न उपयोगों के लिए स्थान निर्धारित किया गया है, जिससे यह क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाएगा।
===पाकिस्तान===
क्रिसेंट बे, कराची के डिफेंस क्षेत्र में स्थित एक 108 एकड़ (लगभग 440,000 वर्ग मीटर) का निर्माणाधीन अपस्केल मिक्स-यूज़ ओशनफ्रंट डेवलपमेंट है। इस परियोजना को पाकिस्तान की सबसे बड़ी और सबसे महत्वाकांक्षी रियल एस्टेट परियोजनाओं में से एक माना जाता है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 2.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। क्रिसेंट बे में आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के लिए ऊँची और मध्यम ऊँचाई वाली कई मीनारें विकसित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, एक शॉपिंग सेंटर, एक पाँच सितारा बीचफ्रंट होटल, और परियोजना के केंद्र में स्थित एक प्रमुख टावर इस विकास का हिस्सा हैं।<ref>{{Cite web|url=https://tribune.com.pk/story/204627/dha-takes-over-crescent-bay-project-on-the-rocks/|title=DHA takes over: Crescent Bay project on the rocks|date=July 8, 2011|website=The Express Tribune}}</ref> यह परियोजना कराची की शहरी रूपरेखा में एक आधुनिक और भव्य आयाम जोड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
इसके अलावा, एमार की पाकिस्तान में एक और प्रमुख परियोजना कैन्यन व्यूज़ है, जो इस्लामाबाद में स्थित है।<ref>{{Cite web|url=https://emaarpakistan.pk/canyon-views-islamabad/|title=Canyon Views Islamabad|access-date=28 मई 2025|archive-date=27 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221127072321/https://emaarpakistan.pk/canyon-views-islamabad/|url-status=dead}}</ref> यह परियोजना भी उच्च गुणवत्ता वाले आवासीय विकास पर केंद्रित है और पाकिस्तान में एमार की बढ़ती उपस्थिति का एक और उदाहरण है।
==प्रबंध==
* मोहम्मद अलब्बर, संस्थापक और अध्यक्ष<ref>{{Cite web |title=Propriétés EMAAR |url=https://sekenkoum.com/fr/blog/who-is-the-owner-of-emaar-properties#:~:text=N%C3%A9%20le%208%20novembre%201956,d'EMAAR%20Properties%20en%201997.}}</ref>
* अमित जैन, सीईओ<ref>{{Cite web |title=Amit Jain Corporate Office, Emaar Properties | date=12 August 2024 |url=https://gulfbusiness.com/lists/most-influential-indians-in-the-region-2024/amit-jain/#:~:text=Amit%20Jain%20has%20played%20a,him%20under%20the%20Corporate%20Office.}}</ref>
== बाहरी कड़ियाँ ==
== सन्दर्भ ==
[[श्रेणी:दुबई स्थित कंपनियाँ]]
[[श्रेणी: गगनचुम्बी इमारतें]]
[[श्रेणी:1997 में स्थापित समूह कंपनियाँ]]
[[श्रेणी:अमीराती ब्रांड]]
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एसएलसी ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट 2021
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'''2020–21 एसएलसी ट्वेंटी 20 टूर्नामेंट''' एक [[ट्वेंटी 20 क्रिकेट]] टूर्नामेंट था जो [[श्रीलंका]] में आयोजित किया गया था। यह 4 से 20 मार्च 2021 तक हुआ।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/slc-twenty-20-tournament-2020-21-1253098/match-schedule-fixtures |title=SLC Twenty-20 Tournament 2020/21: Fixtures and Results |work=ESPN Cricinfo |access-date=27 February 2021}}</ref> [[कोलंबो क्रिकेट क्लब]] गत विजेता थे।<ref>{{cite web |url=http://www.thepapare.com/chilaw-marians-vs-ccc-slc-invitational-t20-tournament-final-match-report/ |title=CCC clinch cliffhanger on the back of Hasaranga half-century |work=The Papare |access-date=21 January 2020 }}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> टूर्नामेंट में कुल 26 टीमों ने हिस्सा लिया,<ref>{{cite web |url=https://www.thepapare.com/slc-major-club-t20-tournament-04th-march-roundup-english/ |title=Sadeera, Priyamal, Dhananjaya & Muditha shine as Domestic T20 kicks off in style |work=The Papare |access-date=5 March 2021 |archive-date=10 अप्रैल 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210410111233/https://www.thepapare.com/slc-major-club-t20-tournament-04th-march-roundup-english/ |url-status=dead }}</ref> जिसमें चार ग्रुप में बंटवारा हुआ, जिसमें 79 मैच खेले गए।<ref>{{cite web |url=https://www.crickethighlights.cricket/series/slc-twenty-20-tournament/ |title=SLC Twenty-20 Tournament |work=Cricket Highlights |access-date=28 February 2021 |archive-date=18 अप्रैल 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210418183347/https://www.crickethighlights.cricket/series/slc-twenty-20-tournament/ |url-status=dead }}</ref>
[[सिंहली स्पोर्ट्स क्लब]] और [[श्रीलंका आर्मी स्पोर्ट्स क्लब (क्रिकेट)|श्रीलंका आर्मी स्पोर्ट्स क्लब]] ने टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया,<ref>{{cite web|url=http://www.dailynews.lk/2021/03/20/sports/244520/army-look-turn-tables-ssc-slc-t20-final |title=Army look to turn tables on SSC in SLC T20 final |work=Daily News |access-date=21 March 2021}}</ref> जिसके साथ सिंहली स्पोर्ट्स क्लब 29 रन से मैच जीत गया।<ref>{{cite web|url=http://www.sundayobserver.lk/2021/03/21/sports/ssc-blow-army-regain-title-after-16-years |title=SSC blow up Army to regain title after 16 years |work=Sunday Observer |access-date=21 March 2021}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:2021 में श्रीलंका क्रिकेट]]
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{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=एस जे सूर्या|image=SJ Surya at Iraivi Press Meet.jpg|caption=इरावीय प्रेस मीट में एस जे सूर्या|birth_name=एस जस्टिन सेल्वराज<ref>{{cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/tamil/movies/did-you-know-/SJ-Suryahs-real-name-is-S-Justin-Selvaraj/articleshow/44849821.cms|title=SJ Suryah's real name is S Justin Selvaraj|newspaper=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=22 December 2017}}</ref>|birth_date={{birth date and age|df=yes|1968|7|20}}<ref>{{cite web|url=http://popcorn.oneindia.in/artist/6180/1/sj-surya.html|title=S.J. Surya|website=Oneindia.in|date=20 July 1978|access-date=1 August 2012|archive-date=6 फ़रवरी 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120206181459/http://popcorn.oneindia.in/artist/6180/1/sj-surya.html|url-status=dead}}</ref><ref name="jointscene1">{{cite web |url=http://www.jointscene.com/artists/Kollywood/S.J.Suryah/48 |title=SJ Suryah |work=Jointscene |access-date=6 June 2011 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090915205419/http://www.jointscene.com/artists/Kollywood/S.J.Suryah/48 |archive-date=15 September 2009 }}</ref>|birth_place=[[वासुदेवनल्लूर]], [[तेनकाशी जिला]], तमिलनाडु, भारत|height=5 ft 10 in|occupation=[[अभिनेता]], [[फिल्म निर्देशक]], [[पटकथा लेखक]], [[फ़िल्म निर्माता|निर्माता]], [[संगीत संगीतकार]], [[गायक]]|yearsactive=1988-वर्तमान}}'''एस। जस्टिन सेल्वाराज''', जिन्हें उनके मंचीय नाम '''एस जे सूर्य''' द्वारा जाना जाता है, एक भारतीय फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, अभिनेता, संगीत संगीतकार और निर्माता हैं, जिन्होंने [[तमिल भाषा|तमिल]], तेलुगु और हिंदी फिल्म उद्योगों में काम किया है। उन्होंने अभिनेता बनने की कोशिश की, लेकिन [[:en:Vasanth|वसंत]] और सबाथी की सहायता करते हुए निर्देशन को समाप्त कर दिया।
''सुराह ने 1999 में वैली के'' साथ अपना निर्देशन किया, जिसकी सफलता ने उन्हें स्टारडम तक पहुँचाया। उनकी अन्य उल्लेखनीय फिल्मों में ''[[:en:Kushi_(2000_film)|कुशी]]'' (2000), ''[[:en:New_(film)|न्यू]]'' (2004), ''[[:en:Anbe_Aaruyire_(2005_film)|अनबे आर्युइरे]]'' (2005) और ''[[:en:Isai|इसाई]]'' (2015) शामिल हैं। उन्होंने साथ ''नई'' अपने अभिनय की शुरुआत और जैसी फिल्मों में अभिनय करने के लिए पर चला गया ''[[:en:Kalvanin_Kadhali_(2006_film)|कलवनिन कधली]]'' (2006), ''[[:en:Thirumagan|थिरुमगन]]'' (2007), ''[[:en:Viyabari|व्यबरी]]'' (2007) और भी विरोधी के रूप में काम किया है ''[[:en:Spyder_(film)|स्पैडर]]'' (2017) और ''[[मेर्सल]]'' (2017)।
== प्रारंभिक और व्यक्तिगत जीवन ==
एस। जे। सूर्या का जन्म वासुदेवनल्लूर, तेनकासी जिले में 20 जुलाई 1968 को माता-पिता संमानसु पांडियन और आननधाम में हुआ था। उनके दो बड़े भाई-बहन हैं, एक भाई विक्टर और एक बहन सेल्वी। मूल रूप से एक ईसाई, सूर्या का परिवार अपने बचपन के दौरान हिंदू धर्म में परिवर्तित हो गया। वह संयुक्त अरब अमीरात चले गए जहां उन्होंने अपनी प्राथमिक स्कूलिंग इंडियन हाई स्कूल, दुबई में की। बाद में सूर्या तमिलनाडु लौट आए और चेन्नई के लोयोला कॉलेज से स्नातक की डिग्री पूरी की।{{उद्धरण आवश्यक|date=February 2021}}
सूर्या [[बहुभाषिकता|बहुभाषी हैं]], और धाराप्रवाह तमिल, अंग्रेजी, हिंदी और तेलुगु बोल सकते हैं। वह अविवाहित है।
उन्होंने '''नादिपिन अरक्कन''' होने का भी शीर्षक दिया है।
== फिल्मी करियर ==
=== 1990-2003: प्रारंभिक कैरियर और सफलता ===
सूर्या लोयोला कॉलेज में भौतिकी की डिग्री हासिल करने के [[चेन्नई|लिए चेन्नई]] चले गए। तमिल फिल्मों में एक अभिनेता के रूप में सफलता पाने की आशा के साथ, [[मदुरई|मदुरै के]] एक इंजीनियरिंग कॉलेज में आगे की पढ़ाई करने का अवसर मिलने के बावजूद, उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और चेन्नई में ही रहे। आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर होने के लिए, उन्होंने के। भाग्यराज के तहत प्रशिक्षु को एक प्रस्ताव प्राप्त करने से पहले, होटलों और एक स्टूवर्ड के रूप में काम करना शुरू कर दिया। <ref name="idle"/> बाद में उन्होंने की टीमों के सहायक निर्देशक के रूप में काम ''आसै'' के तहत (1995) वसंत और ''सुंदर पुरुषार्थ'' (1996) के तहत सबपथी, जबकि यह भी एक अभिनेता के रूप बिना श्रेय दिखावे में देखा जा रहा है, विशेष रूप से में एक मुर्गा सेनानी के रूप में भारतीराजा केकिज्हाकु चमेयिले (1993 ) का है।
उल्लासम (1997) की टीम में काम करते हुए, फिल्म के मुख्य अभिनेता अजित कुमार ने सूर्या को औराई में उनके सहयोग से पहचाना, और एक स्क्रिप्ट वर्णन सुनना स्वीकार किया। अजित ने इस कथन से प्रभावित होकर बाद में एसएस चक्रवर्ती को फिल्म के निर्माण में मदद की और टीम ने 1997 के अंत में वैली (1999) में काम करना शुरू किया। कीर्ती रेड्डी को सिमरन द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले मुख्य अभिनेत्री के रूप में घोषित किया गया था, जबकि सूर्या ने भी चुना था। ज्योतिका को फिल्म में लाने के लिए। एक थ्रिलर फिल्म, डेक्कन हेराल्ड के एक समीक्षक ने इसे "निश्चित रूप से देखने लायक" के रूप में वर्णित किया, जिसमें सभी स्वादों के लिए कुछ है - एक सुखद प्रेम कोण, कुछ रहस्य, जटिल मनोवैज्ञानिक बारीकियाँ, अच्छा अभिनय, सुखदायक गीत "अजीत के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए"। Indolink.com के समीक्षक ने फिल्म को "अपने आप में एक क्लासिक" के रूप में लेबल किया, सूर्या को "सिने क्षेत्र में एक नया युवा निर्देशक के रूप में वर्णित किया जो तमिल सिनेमा को एक बार फिर से गर्व कर सकता है"। <ref>{{Cite web|url=http://www.indolink.com/tamil/cinema/Reviews/articles/Vaali_162432.html|title=Vaali: Movie Review|publisher=indolink.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20110830015339/http://www.indolink.com/tamil/cinema/Reviews/articles/Vaali_162432.html|archive-date=30 August 2011|access-date=21 December 2017}}</ref>
''[[द न्यू इंडियन एक्सप्रेस|न्यू इंडियन एक्सप्रेस]]'' ने सूर्या के "अच्छा काम करने और सफल होने" का उल्लेख करते हुए फिल्म को "उत्कृष्ट" बताया। <ref>{{Cite web|url=http://www.cscsarchive.org:8081/MediaArchive/art.nsf/(docid)/7205BE818081514865256941003DC8E0|title=Twin trouble|website=New Indian Express|archive-url=https://web.archive.org/web/20120322152727/http://www.cscsarchive.org:8081/MediaArchive/art.nsf/(docid)/7205BE818081514865256941003DC8E0|archive-date=22 March 2012|access-date=4 September 2011}}</ref> फिल्म की व्यावसायिक सफलता का मतलब था कि इसने सूर्या और मुख्य अभिनेता के करियर दोनों के लिए एक सफलता प्रदान की। <ref>{{Cite web|url=http://www.rediff.com/movies/1999/jul/06ajit.htm|title=An interview with Ajith Kumar|date=6 July 1999|publisher=Rediff|access-date=19 June 2013}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.rediff.com/movies/2000/jun/14spice.htm|title=Gossip from the southern film industry|date=14 June 2000|publisher=Rediff|access-date=19 June 2013}}</ref>
''वाली'' के प्रीमियर शो देखने के बाद, निर्माता AM रत्नम् सूर्य एक और फिल्म है और इस तरह बनाने के लिए एक अवसर की पेशकश की ''कुशी'', एक रोमांटिक कॉमेडी की विशेषता [[विजय (अभिनेता)|विजय]] और [[ज्योतिका]] भौतिकीकृत । <ref name="idle"/> कॉलेज बैकड्रॉप के साथ अहंकारी प्रेमियों की एक जोड़ी की कहानी को बताते हुए, फिल्म को 2000 के शुरुआती दिनों में दक्षिण भारत और न्यूजीलैंड में शूट किया गया था। फिल्म ने मई 2000 में समीक्षकों से सकारात्मक समीक्षा की और बॉक्स ऑफिस पर सफलता भी हासिल की। [[रीडिफ.कॉम|Rediff.com]] ने एक सकारात्मक निर्णय देते हुए कहा कि फिल्म एक "साफ-सुथरी पारिवारिक मनोरंजन" है, निर्देशक की कहानी-कहानी की प्रशंसा करते हुए, <ref>{{Cite web|url=http://www.rediff.com/movies/2000/jun/14kush.htm|title=rediff.com, Movies: The Kushee review|publisher=Rediff.com|access-date=25 August 2012}}</ref> जबकि बिज़हत.कॉम ने भी फिल्म की सकारात्मक समीक्षा की। <ref>{{Cite web|url=http://movies.bizhat.com/review_kushi.php|title=BizHat.com — Kushi Review. Vijay, Jyothika, Vivek, Vijaykumar, Nizhalgal Ravi, Janaki|last=HostOnNet.com|publisher=Movies.bizhat.com|access-date=25 August 2012|archive-date=4 अक्तूबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131004215444/http://movies.bizhat.com/review_kushi.php|url-status=dead}}</ref> ''[[द हिन्दू|हिंदू]]'' ने 2000 में अपनी शीर्ष तमिल फिल्मों की सूची में उपविजेता के रूप में फिल्म को प्रदर्शित किया, <ref>{{Cite web|url=http://www.hindu.com/2001/01/19/stories/09190224.htm|title=Hits and misses of the year that was|date=19 January 2001|publisher=The Hindu|access-date=25 August 2012|archive-date=1 अक्तूबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131001180529/http://hindu.com/2001/01/19/stories/09190224.htm|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.rediff.com/movies/2001/jan/03mallu.htm|title=rediff.com, Movies: Showbuzz! Ajith to star with Suresh Gopi|date=3 January 2001|publisher=Rediff.com|access-date=25 August 2012}}</ref> जबकि [[ज्योतिका]] ने फिल्म में अपने प्रदर्शन के लिए तमिल में फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता। <ref>{{Cite web|url=http://www.hindu.com/2001/03/24/stories/0424401t.htm|title=Trophy time for tinseldom|date=24 March 2001|publisher=The Hindu|access-date=25 August 2012|archive-date=1 मई 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110501104755/http://www.hindu.com/2001/03/24/stories/0424401t.htm|url-status=dead}}</ref>
टीम ने [[पवन कल्याण]] को फिल्म के एक तेलुगु संस्करण में अभिनय करने के लिए संपर्क किया और एक सकारात्मक कथन सत्र के बाद, अभिनेता ने दो अन्य फिल्मों में उद्यम को प्राथमिकता दी। [[भूमिका चावला]] को ज्योतिका की भूमिका निभाने के लिए कलाकारों में जोड़ा गया, जबकि तेलुगु दर्शकों के लिए इसे फिट बनाने के लिए कुछ बदलाव किए गए थे। पवन कल्याण ने तेलुगु संस्करण के लिए कुछ अतिरिक्त एक्शन दृश्यों को शामिल करने पर जोर दिया था, और शुरुआती मतभेदों के बावजूद, सूर्या ने अंततः दृश्यों को फिल्माया, लेकिन जब उन्हें गोली मार दी गई तो उन्होंने शूटिंग के लिए मना कर दिया। <ref name="idle">{{Cite web|url=http://www.idlebrain.com/celeb/interview/interview_sjsurya.html|title=Telugu Cinema|publisher=idlebrain.com|access-date=21 December 2017}}</ref>
''फिल्म को कुशी'' (2001) के नाम से भी जाना जाता है, इसे सकारात्मक समीक्षाओं के साथ खोला गया और जून 2001 में रिलीज होने वाली यह अब तक की सबसे सफल तेलुगु फिल्म बन गई। <ref>{{Cite web|url=http://www.idlebrain.com/celeb/interview/interview_amratnam.html|title=Telugu Cinema Etc|publisher=idlebrain.com|access-date=21 December 2017}}</ref> एक फिल्म समीक्षक ने सूर्या को इस बार एक और विजेता के साथ पेश किया। इस फिल्म में कोई कहानी नहीं है, लेकिन यह एक साफ-सुथरी पटकथा के साथ चलती है "," उन्होंने पटकथा लेखक के रूप में एक असाधारण काम किया है। " <ref>{{Cite web|url=http://www.idlebrain.com/movie/archive/mr-kushi.html|title=Telugu Cinema: SJ Surya|publisher=idlebrain.com|access-date=21 December 2017}}</ref> [[बोनी कपूर|उन्होंने निर्माता बोनी कपूर]] के लिए फिल्म, ''[[खुशी (2003 फ़िल्म)|ख़ुशी]]'' (2003) का तीसरा संस्करण बनाया, जिसमें मुख्य भूमिकाओं में [[फ़रदीन ख़ान|फरदीन खान]] और [[करीना कपूर|करीना कपूर थे।]] अन्य दो संस्करणों की तुलना में, फिल्म ने नकारात्मक समीक्षा प्राप्त की और बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन किया, एक आलोचनात्मक लेखन के साथ "सूर्य के बहुत सारे दृश्य भी कुछ हद तक वंचित हैं, उन अस्सी के दशक के परिवार के पॉट-बॉयलरों की नस में।" [...] ] बस अपने प्रमुख अभिनेताओं से प्रभावी भावुकता नहीं पा सकता है। <ref>{{Cite web|url=http://www.planetbollywood.com/displayReview.php?id=041206121811|title=''Khushi'' review by M. Ali Ikram|publisher=planetbollywood.com|access-date=21 December 2017}}</ref>
=== 2004-2009: अभिनय करियर ===
''सूर्या ने 2001 की शुरुआत में न्यू'' नाम की एक तीसरी कहानी पर प्री-प्रोडक्शन का काम शुरू किया, जिसे वे प्रोड्यूस भी करेंगे। [[अजित कुमार]] और ज्योतिका की मुख्य भूमिका में, और देवा ने जून 2001 तक फिल्म के लिए दस गीतों की रचना की थी। <ref name="idle"/> अजित कुमार अन्य प्रतिबद्धताओं में व्यस्त हो जाने के बाद, सूर्या ने खुद मुख्य भूमिका निभाने का फैसला किया, यह खुलासा करते हुए कि वह हमेशा से अभिनेता बनना चाहते थे। [[सिमरन (अभिनेत्री)|सिमरन]] ने प्रमुख महिला किरदार निभाने के लिए साइन किया, जबकि किरण और देवयानी को निर्णायक भूमिकाओं में लिया गया।
साथ ही साथ मुख्य भूमिका में [[महेश बाबु|महेश बाबू]] ''की भूमिका वाली नानी'' [[अमीषा पटेल|नामक तेलुगु संस्करण में अमीषा पटेल]], [[रम्या कृष्णन|राम्या कृष्णन]] और देवयानी सहायक भूमिकाओं में भी थीं। ''नव्या'' ने एक 8 वर्षीय लड़के की कहानी बताई, जिसे एक वैज्ञानिक द्वारा 28 वर्षीय व्यक्ति में बदल दिया गया और सूर्या ने उल्लेख किया कि वह हॉलीवुड फिल्म ''बिग'' (1988) से शिथिल रूप से प्रेरित था। फिल्म की शूटिंग सौ दिनों में हुई थी, सूर्या ने खुलासा किया कि वह अक्सर दृश्यों के बीच अभिनय करना बंद कर देंगे, जब उन्हें पता था कि निर्देशक के रूप में उनका प्रदर्शन उनकी उम्मीद तक नहीं था। <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/tamil/interview.php?id=13441423&cid=2408|title=Welcome to Sify.com|website=Sify.com|access-date=21 December 2017|archive-date=11 अप्रैल 2004|archive-url=https://web.archive.org/web/20040411020156/http://sify.com/movies/tamil/interview.php?id=13441423&cid=2408|url-status=dead}}</ref>
''नई'' समीक्षा अप्रैल 2004 में मिश्रित समीक्षाओं के साथ हुई, [[द हिन्दू|द हिंदू के]] एक आलोचक ने दावा किया कि "एक शैली से संबंधित जो हमारे सिनेमा के लिए दुर्लभ है, ''नई'', हालांकि, युगल और डबल एंट्रेंस की एक दलदल में फंस जाती है", लेकिन संभावित सफलता के संकेत दिए उस निर्देशक का हवाला देते हुए "लगता है कि उसने बैल की आंख मार दी है।" <ref>{{Cite news|url=http://www.hindu.com/thehindu/fr/2004/07/16/stories/2004071602120300.htm|title=Film review for ''New''|date=16 July 2004|work=The Hindu|location=Chennai, India|access-date=11 मई 2021|archive-date=20 अगस्त 2004|archive-url=https://web.archive.org/web/20040820201348/http://www.hindu.com/thehindu/fr/2004/07/16/stories/2004071602120300.htm|url-status=dead}}</ref> बाद में फिल्म एक ब्लॉकबस्टर [[ए॰ आर॰ रहमान|बन गई, जिसमें एआर रहमान]] द्वारा संगीतबद्ध किया गया था, जिसे फिल्म के सबसे बड़े विक्रय बिंदुओं में से एक माना जाता है। ''नानी'' ने अगले महीने आलोचकों से मिश्रित समीक्षा के लिए खोला, एक समीक्षक ने कहा कि फिल्म "एक बुरी स्क्रिप्ट और कृत्रिमता" से ग्रस्त है। <ref>{{Cite web|url=http://www.idlebrain.com/movie/archive/mr-nani.html|title=Telugu cinema Review|publisher=idlebrain.com|access-date=21 December 2017}}</ref> फिल्म के वयस्क विषय ने विवाद उत्पन्न किया, और रिलीज के बाद, [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] राज्य में महिला कार्यकर्ताओं ने रिलीज के बाद एक फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, जिसमें वे कहते हैं कि अश्लील सेक्स दृश्य हैं। सूर्या ने यह दावा करते हुए जवाब दिया कि सेक्स के दृश्य वहां हैं क्योंकि कहानी की लाइन को उनकी आवश्यकता है और उन्होंने अपनी फिल्म को "सेक्स और कॉमेडी के साथ काल्पनिक कथा" के रूप में वर्णित किया। <ref>{{Cite news|url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/south_asia/3935795.stm|title='Obscene' Tamil film angers women|date=29 July 2004|work=BBC News}}</ref>
अगस्त 2005 में, मद्रास उच्च न्यायालय ने फिल्म के लिए सेंसर प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया और सूर्या के खिलाफ दर्ज दो आपराधिक शिकायतों की जांच करने के लिए चेन्नई के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया, यह फैसला करते हुए कि फिल्म ने "स्वच्छ और स्वस्थ मनोरंजन" प्रदान नहीं किया है और यह होगा अपने कर्तव्य में असफल होने पर अगर उसने फिल्म के सेंसर प्रमाणपत्र को रद्द नहीं किया, तो यह दावा करते हुए कि मूल रूप से "संदिग्ध परिस्थितियों में" "प्रमाण पत्र" प्राप्त किया गया था। सूर्या को तब शहर की पुलिस ने फिल्म के निर्माण के दौरान गुस्से में एक महिला सेंसर बोर्ड के एक अधिकारी के मोबाइल फोन को कथित तौर पर गुस्से में फेंक दिया था। <ref>{{Cite news|url=http://www.hindu.com/2005/08/24/stories/2005082416620300.htm|title=S.J. Surya arrested, released on bail|date=24 August 2005|work=The Hindu|location=Chennai, India|access-date=11 मई 2021|archive-date=22 अक्तूबर 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20071022065219/http://hindu.com/2005/08/24/stories/2005082416620300.htm|url-status=dead}}</ref> बाद में उन्हें बिना किसी आरोप के रिहा कर दिया गया। <ref>{{Cite web|url=http://in.rediff.com/news/2005/aug/23tamil.htm|title=Tamil actor arrested, released on bail|date=23 August 2005|publisher=Rediff|access-date=11 June 2013}}</ref> मार्च 2006 में एक और मामला लॉन्च किया गया, जिसमें सेंसर बोर्ड ने सूर्या के खिलाफ फिल्म से हटाए गए दृश्यों का उपयोग करने के लिए एक शिकायत दर्ज की, एक पोस्टर के साथ जिसमें सूर्या ने सिमरन की दरार के पुनरुत्थान पर आराम करते हुए दिखाया। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/tamil-movie-news/mar-06-04/21-03-06-s.j.surya.html|title=Tamil movies: S J Surya again in clutches of law|date=21 March 2006|publisher=Behindwoods.com|access-date=11 June 2013}}</ref> रिहा होने से पहले उन्हें दूसरी बार गिरफ्तार किया गया था। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/features/News/News30/19-9-05/tamil-movies-news-sjsurya.html|title=Tamil movies: S J Surya is arrested again|publisher=Behindwoods.com|access-date=11 June 2013}}</ref>
उन्होंने कहा कि शीर्षक से एक फिल्म की घोषणा की ''इसाई'' शीघ्र ही ''नई,'' के रिलीज के बाद 2004 में जब वह पता चला है कि [[ए॰ आर॰ रहमान|ए.आर.रहमान]] भी शीर्षक से दो और उद्यमों के लिए सहयोग करेंगे ''प्रिय मित्र'' और ''सातपहाड़ बनाम चित्रा।'' <ref>{{Cite web|url=http://www.tfmpage.com/forum/27114.02.10.54.html|title=A R Rahman and his Tamil projects in future|publisher=tfmpage.com|access-date=21 December 2017|archive-date=2 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170902232749/http://www.tfmpage.com/forum/27114.02.10.54.html|url-status=dead}}</ref>
जब ''इसाई'' को स्थगित कर दिया गया था, तो ''अन्बुला नानबाने को'' ''बेस्ट फ्रेंड के'' तहत विकसित किया गया था, इससे पहले कि शीर्षक ''एब्बे आरयूइरे'' (2005) को अंतिम रूप दिया गया था। <ref>{{Cite web|url=http://www.thehindu.com/mp/2005/07/30/stories/2005073001120300.htm|title=Metro Plus Pondicherry/Cinema: Marketing wizard|publisher=thehindu.com|access-date=21 December 2017|archive-date=21 अक्तूबर 2014|archive-url=https://archive.today/20141021190724/http://www.thehindu.com/mp/2005/07/30/stories/2005073001120300.htm|url-status=dead}}</ref>
मुख्य भूमिका में खुद को फिर से शामिल करते हुए, उन्होंने [[मीरा चोपड़ा|फिल्म के लिए नवोदित अभिनेत्री मीरा चोपड़ा]] को साइन किया और स्टेज नाम के तहत उन्हें फिर से जीवंत किया। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें यह बताने के लिए फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया गया था कि युवा प्रेमी एक-दूसरे को जगह दें और यह दिखाना चाहते थे कि भारतीय युवाओं द्वारा रिश्तों के प्रति रवैया पिछले एक दशक से बदल रहा है। <ref name="aa">{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/tamil/interview.php?id=13948089&cid=2408|title=Welcome to Sify.com|website=Sify.com|access-date=21 December 2017|archive-date=1 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141101041734/http://www.sify.com/movies/tamil/interview.php?id=13948089&cid=2408|url-status=dead}}</ref> उन्होंने फिल्म को ''"कुशी की'' सीक्वल" कहा, जिससे पता चलता है कि फिल्म के मुख्य अभिनेताओं में भी इसी तरह के अहम् संघर्ष होंगे। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/News/18-1-05/sjsurya_interview.htm|title=Interview With S.J.Surya On BF|publisher=behindwoods.com|access-date=21 December 2017}}</ref>
''न्यू की'' तरह, फिल्म को कई कट्स पर जोर देने वाले सेंसर बोर्ड के साथ रिलीज करने से पहले बाधाओं का सामना करना पड़ा और सूर्या के चल रहे कानूनी झगड़े का मतलब था कि फिल्म में देरी हुई। सितंबर 2005 में फिल्म को मिश्रित समीक्षाओं के साथ खोला गया, जिसमें Sify.com ने इसे "वयस्क मनोरंजन" के रूप में लेबल किया, हालांकि उन्होंने कहा कि वह अपने चरित्र शिव को जीवन में लाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन जहां तक डायलॉग डिलीवरी और वॉयस मॉड्यूलेशन के रूप में मील की दूरी पर जाना है, लेकिन है बेहतर छलांग और डांसिंग मोर्चे पर बंधी हुई है ”। <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/ah-aah-bf-review-tamil-13937866.html|title=Review : (2005)|website=Sify.com|access-date=22 December 2017|archive-date=4 दिसंबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131204024316/http://www.sify.com/movies/ah-aah-bf-review-tamil-13937866.html|url-status=dead}}</ref> यह फिल्म तमिल फिल्मों में उनकी लगातार चौथी व्यावसायिक सफलता बन गई, जिसमें सूर्या ने अपने दल को विवादों के माध्यम से मदद करने के लिए धन्यवाद दिया, और कहा कि "टीम प्रयास" ने उन्हें समस्याओं से उबरने में मदद की। <ref name="aa"/>
सूर्य एक निर्देशित फिल्म पर पूर्व उत्पादन कार्य प्रारंभ किया था ''सात पहाड़ बनाम चित्रा,'' एक रोमांटिक कॉमेडी अभिनीत सिलम्बरासन और [[असिन]] जनवरी 2005 में, और टीम जारी की छवियों को एक प्रचार फोटो शूट से लिया। हालाँकि फिल्म, जिसे एसएस चक्रवर्ती द्वारा निर्मित किया जाना था, अंततः विकसित होने में विफल रही और इसमें शामिल लोग अलग-अलग उपक्रमों में चले गए। <ref>{{Cite web|url=http://www.indiaglitz.com/simbhu-s-future-plans-tamil-news-12695|title=Simbhus future plans – Tamil Movie News|publisher=IndiaGlitz.com|access-date=21 December 2017|archive-date=23 मई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190523162337/https://www.indiaglitz.com/simbhu-s-future-plans-tamil-news-12695|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/features/Slideshows/slideshows2/dropped-movies/ac.html|title=Arunachalam vs. Chitra (AC)|publisher=behindwoods.com|access-date=21 December 2017}}</ref>
''सूर्या ने तब पुली'' नामक एक उद्यम पर काम शुरू किया, जो एक पुलिस थ्रिलर थी, जिसमें [[विजय (अभिनेता)|विजय]] की मुख्य भूमिका होगी, और निर्माता के रूप में नवोदय अप्पचन होगा। 2005 के अंत में, रिपोर्टों ने सुझाव दिया कि [[असिन]] प्रमुख महिला भूमिका निभाएंगी, जबकि सूर्या ने एक अभिनेता के रूप में अपनी प्रतिबद्धताओं के साथ परियोजना का विकास किया। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/features/News/News31/27-9-05/tamil-movies-news-sjsurya.html|title=Tamil movies : S J Surya has acting assignments before directing Puli|website=Behindwoods.com|access-date=22 December 2017}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/features/News/News39/05-12-05/tamil-movies-news-asin.html|title=Tamil movies: Asin to pair with Vijay in Puli|website=Behindwoods.com|access-date=21 December 2017}}</ref>
हालांकि, 2006 की शुरुआत में, विजय ने परियोजना से बाहर कर दिया, क्योंकि सूर्या ने स्क्रिप्ट में बदलाव करने से इनकार कर दिया था। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/features/News/News39/12.01.06/simbu.html|title=Simbu:The reason behind Vijay killing Puli|publisher=behindwoods.com|access-date=21 December 2017}}</ref> जनवरी 2006 में, ''इसाई'' को एसएस चक्रवर्ती या नवोदय अप्पचन निर्माता होने के साथ वापस आने की सूचना मिली थी और यह सुझाव दिया गया था कि यह फिल्म "चालाक सहायक संगीत निर्देशक शीर्ष पर आता है"। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/tamil-movie-news/jan-06-01/26-01-06-a.r.rahman.html|title=Tamil movies: A R Rahman to give his best for Isai|publisher=behindwoods.com|access-date=21 December 2017}}</ref>
अन्य रिपोर्टों में यह भी सुझाव दिया गया था कि फिल्म ने दक्षिण भारतीय संगीतकारों [[इलैयाराजा]] और [[ए॰ आर॰ रहमान|एआर रहमान के]] बीच तनाव की कहानी बताई है। हालाँकि फिल्म फिर से सफल नहीं हो पाई और सूर्या ने प्रोडक्शन का काम रोक दिया। अपनी कई परियोजनाओं के स्थगित होने के बाद, सूर्या ने अप्रैल 2006 में खुलासा किया कि वह ''बच्चों और परिवार के दर्शकों के लिए पेसुम देवांगल'' नामक एक उद्यम में निर्देशन और अभिनय करेंगे, जो कि फिल्मों में उनके द्वारा जुड़ी "स्लेज" छवि को हटाने के प्रयास में था। पूर्व-निर्माण कार्यों को किए जाने के बावजूद, फिल्म भी सफल नहीं हो पाई। <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/boxoffice.php?id=14189096&cid=2363|title=Sify Movies – Bollywood, Kollywood, Track Kabali News, Reviews|publisher=sify.com|access-date=21 December 2017|archive-date=1 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141101040217/http://www.sify.com/movies/boxoffice.php?id=14189096&cid=2363|url-status=dead}}</ref>
''न्यू'' और ''अनबे आर्युइरे के'' साथ अपने अभिनय पर मिले सकारात्मक स्वागत के बाद, सूर्या ने निर्देशन से ब्रेक लेना चुना और अन्य फिल्म निर्माताओं द्वारा निर्देशित फिल्मों में अभिनय करने का विकल्प चुना। उन्होंने Tamilvannan की रोमांटिक कॉमेडी में एक casanova की भूमिका दी गई ''Kalvanin Kadhali'' (2006) विपरीत [[नयनतारा]], और फिल्म उद्योग की प्रत्याशा जारी करने से पहले हुई। <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/entertainment/movies/tamil/fullstory.php?id=14051979|title=Profile|publisher=sify.com|access-date=21 December 2017|archive-date=24 सितंबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150924101745/http://www.sify.com/entertainment/movies/tamil/fullstory.php?id=14051979|url-status=dead}}</ref> इसने अंततः औसत समीक्षा जीती और बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, एक आलोचक ने कहा "सूर्या प्रत्येक फिल्म के साथ सुधार कर रहा है, हालांकि वह सामान्य तरीके से काम करता है।" <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/kalvanin-kathali-review-tamil-14143276.html|title=Kalvanin Kathali|publisher=sify.com|access-date=21 December 2017|archive-date=1 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141101050304/http://www.sify.com/movies/kalvanin-kathali-review-tamil-14143276.html|url-status=dead}}</ref> 2007 में अभिनेता के रूप में उनकी दो फ़िल्में रिलीज़ हुईं, जिसमें ''[[:en:Viyabari|साक्षी]]'' [[:en:Sakthi_Chidambaram|चिदंबरम]] की साइंस फिक्शन कॉमेडी वियाबारी थी। [[तमन्ना भाटिया|तमन्नाह]], [[नमिता]] और वडिवेलु के साथ एक कलाकारों की टुकड़ी में, सूर्या को एक व्यवसायी के रूप में रखा गया था, जो अपने परिवार की देखभाल करने और दोनों भूमिकाएं निभाने के लिए खुद का एक क्लोन बनाता है, सूर्या के प्रदर्शन को "अपमानजनक, शीर्ष पर और जोर से" बताया गया था। <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/vyabari-review-tamil-14421017.html|title=Review|publisher=sify.com|access-date=21 December 2017}}</ref> ''इसी तरह, आलोचकों ने कहा कि वह "एक सीमित अभिनेता हैं, जो थिरुमगन'' में अपने प्रदर्शन के लिए" अपनी पिछली फिल्मों में उन्होंने जो किया था, वह सहजता से कर रहे हैं। <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/thirumahan-review-tamil-14405632.html|title=Review : (2007)|website=Sify.com|access-date=22 December 2017|archive-date=1 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141101041736/http://www.sify.com/movies/thirumahan-review-tamil-14405632.html|url-status=dead}}</ref> दोनों फिल्मों की विफलता ने पांडिगई नामक एक और चल रहे उद्यम को ''ठिकाने लगाने के'' लिए प्रेरित किया, और सूर्या ने निर्देशन के बजाय ध्यान केंद्रित करना चुना। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/tamil-movie-news/june-06-01/07-06-06-sj-surya.html|title=Tamil movies : S J Surya opts for Thirumagan. Perarasu brothers’ Pandigai shelved|publisher=behindwoods.com|access-date=21 December 2017}}</ref> ''उन्होंने साइकोलॉजिकल थ्रिलर न्यूटोनिन मूंद्राम विधी'' (2009) में मुख्य अभिनेता के रूप में वापसी की, जिसने अच्छी समीक्षा हासिल की लेकिन बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन किया। <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/newtonin-moondram-vidhi-review-tamil-14884791.html|title=Movie Review|publisher=sify.com|access-date=21 December 2017|archive-date=1 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141101041731/http://www.sify.com/movies/newtonin-moondram-vidhi-review-tamil-14884791.html|url-status=dead}}</ref>
=== 2010-वर्तमान: हाल ही में काम और वापसी की सफलता ===
सूर्या ने घोषणा की कि वह अपने निर्देशन उद्यम ''पुली'' पर फिर से काम शुरू करेंगे, लेकिन इसके बजाय इसे तेलुगु फिल्म बना देंगे और [[पवन कल्याण]] मुख्य भूमिका निभाएंगे। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/tamil-movie-news/apr-07-01/03-04-07-s.j.surya.html|title=Movie news|publisher=behindwoods.com|access-date=21 December 2017}}</ref> सिंगनमाला रमेश द्वारा निर्मित, उन्होंने फिल्म के संगीत की रचना के लिए [[ए॰ आर॰ रहमान|एआर रहमान]] [[निकेशा पटेल|पर हस्ताक्षर किए, जबकि नवोदित अभिनेत्री नाइकशा पटेल]] को बालक का किरदार निभाने के लिए चुना गया। फिल्म के निर्माण में तीन साल के करीब लग गए और नियमित अंतराल पर देरी का सामना करना पड़ा। <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/komaram-puli-to-resume-after-polls-news-telugu-kkfsqDcdcaasi.html|title=Komaram Puli to resume after polls|publisher=sify.com|access-date=21 December 2017|archive-date=1 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141101040219/http://www.sify.com/movies/komaram-puli-to-resume-after-polls-news-telugu-kkfsqDcdcaasi.html|url-status=dead}}</ref> फिल्म को अंततः सितंबर 2010 में रिलीज़ किया गया और आलोचकों से नकारात्मक समीक्षा मिली। Sify.com के एक समीक्षक ने उल्लेख किया कि "फिल्म के साथ मुख्य समस्या यह है कि इसमें एक विश्वसनीय कहानी या पटकथा नहीं है", यह कहते हुए कि सूर्या ने अपने लेखन में एक घृणित कार्य किया है। चरित्र-चित्रण में कोई निरंतरता नहीं है। " <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/komaram-puli-is-a-big-let-down-kannada-film-review-news-national-kjltObjbjbdsi.html|title='Komaram Puli' is a big let down (Kannada Film Review)|publisher=sify.com|access-date=21 December 2017|archive-date=1 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141101050300/http://www.sify.com/movies/komaram-puli-is-a-big-let-down-kannada-film-review-news-national-kjltObjbjbdsi.html|url-status=dead}}</ref> एक अन्य आलोचक ने कहा कि सूर्या "पटकथा विभाग में विफल हैं" और फिल्म में कमियां हैं, इसे "निराशा" करार दिया। <ref>{{Cite web|url=http://www.idlebrain.com/movie/archive/mr-komarampuli.html|title=Komaram Puli film review – Telugu cinema Review – Pawan Kalyan & Nikesha Patel|publisher=idlebrain.com|access-date=21 December 2017}}</ref>
निर्देशकीय प्रतिबद्धताओं के बीच, उन्होंने [[एस॰ शंकर|शंकर]] के ''नानबान'' ''[[पिज्जा 2: द विल्ला|(2012) में अतिथि भूमिका निभाई और हॉरर पिज्जा 2: द विला]]'' (2013) में फिल्म निर्देशक के रूप में भूमिका निभाई। 2011 में, सूर्या ने घोषणा की कि वह ''इसई'' को फिर से शुरू करेंगे और एआर रहमान द्वारा सिफारिश किए जाने के बाद खुद फिल्म के लिए संगीत तैयार करेंगे, इसे एक "संगीतमय" के रूप में वर्णित किया जाएगा जो एक अनुभवी और उभरते संगीत संगीतकार के बीच लड़ाई का पता लगाएगा। <ref>{{Cite web|url=http://www.behindwoods.com/tamil-movie-news-1/apr-11-02/sj-suryah-isai-11-04-11.html|title=S J Surya To Make Beautiful Music!|publisher=Behindwoods.com|access-date=21 December 2017}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/63516.html|title=IndiaGlitz – SJ Suryah returns|publisher=indiaglitz.com|access-date=21 December 2017|archive-date=1 फ़रवरी 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110201221909/http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/63516.html|url-status=dead}}</ref>
मई 2012 में, फिल्म का फर्स्ट लुक पोस्टर सामने आया था, एक [[ओड़िया लोग|उड़िया]] [[सुलगना पाणिग्राही|टेलीविजन और फिल्म अभिनेत्री सुलगना पाणिग्रही के]] साथ, जिसे नए नाम सावित्री के तहत प्रमुख भूमिका में पेश किया गया था। प्रोडक्शन के बीच में [[प्रकाश राज|प्रकाश राज से]] लेकर [[सत्यराज]] तक फिल्म के प्रतिपक्षी में एक उल्लेखनीय बदलाव के दौर से गुजरते हुए इस फिल्म को दो साल से अधिक समय तक शूट किया गया था। सूर्या ने छह महीने के स्ट्रेच के लिए दस घंटे तक के सबक लेते हुए संगीतकार के रूप में प्रशिक्षण लिया। <ref>{{Cite web|url=http://www.thehindu.com/entertainment/took-six-months-to-learn-music-for-isai-suryah/article6388226.ece|title=Took six months to learn music for 'Isai': Suryah|date=7 September 2014|publisher=thehindu.com|via=The Hindu}}</ref> ''इसाई'' ने 2014 के अंत में पोस्ट-प्रोडक्शन का काम पूरा किया और 2015 की शुरुआत में एक नाटकीय रिलीज़ हुई। <ref>{{Cite web |url=https://www.indiaglitz.com/Isai-tamil-movie-review-13079 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 मई 2021 |archive-date=9 मई 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190509120503/https://www.indiaglitz.com/Isai-tamil-movie-review-13079 |url-status=dead }}</ref>
2016 में, सूर्या ने ड्रामा फिल्म, ''इरावी'' में अभिनय किया। एक शराबी और अपमानजनक निर्देशक के रूप में उनके प्रदर्शन को आलोचकों और दर्शकों दोनों से अत्यधिक सकारात्मक समीक्षा मिली, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। बाद में, सूर्या ने दो फिल्मों, ''स्पाइडर'', एक द्विभाषी और ''[[मेर्सल|मर्सल]]'' में हस्ताक्षर किए और अभिनय किया। उन्होंने दोनों फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाई। ''स्पाइडर'' को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली, जबकि ''मर्सल'' एक ब्लॉकबस्टर हिट बन गई, <ref>https://scroll.in/reel/890005/vijay-starrer-mersal-will-be-the-first-tamil-film-to-be-released-in-china</ref> हालांकि दोनों फिल्मों में सूर्या के प्रदर्शन की व्यापक रूप से सराहना की गई, कुछ ने असफल फिल्मों का सामना करने के बाद भी उन्हें "वापसी" के रूप में वर्णित किया। ''मार्च 2017 में, सूर्या ने इरावाक्कलम'' नामक एक नई परियोजना पर हस्ताक्षर किए, ''[[:en:Maya_(2015_Tamil_film)|जिसे माया]]'' प्रसिद्धि अश्विन सरवनन द्वारा शशिवाड़ा और [[वामिका गब्बी]] के साथ अभिनय करने के लिए निर्देशित किया जाना है। <ref>{{Cite news|url=https://www.top10cinema.com/article/41993/sj-suryah-sshivada-wamiqa-join-maya-director-now|title=''Maya'' (2015)|date=30 March 2017|work=Top 10 Cinema|access-date=2 September 2017|archive-date=19 अगस्त 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170819145713/https://www.top10cinema.com/article/41993/sj-suryah-sshivada-wamiqa-join-maya-director-now|url-status=dead}}</ref> सूर्या का 2019 का उपक्रम ''मॉन्स्टर है'', एक कॉमेडी फिल्म है जिसमें [[प्रिया भवानी शंकर]] ''अभिनीत हैं और इसका निर्देशन ओरु नाल कुथु'' की नेल्सन वेंकटेशन ने किया है। फिल्म को आलोचकों से सकारात्मक समीक्षा के लिए 17 मई 2019 को रिलीज़ किया गया। एक बार फिर, सूर्या के प्रदर्शन की आलोचना की गई। <ref>https://www.firstpost.com/entertainment/monster-movie-review-sj-suryahs-goofy-encounters-with-a-rat-make-this-melodramatic-film-work-6656501.html</ref>
2021 में, उनकी फिल्म ''नेनजाम मरप्पाथिलाई'' [[सेल्वारागवन|को सेल्वाराघवन]] द्वारा निर्देशित किया गया था। एसजे सूर्या पूरी तरह से एक घातक प्रदर्शन के साथ एक उत्साही व्यवसायी के रूप में शो चुराते हैं। निस्संदेह, रामसे एसजे सूर्या के सबसे बेहतरीन मनोरंजन पात्रों में से एक है। <ref>https://www.sify.com/movies/nenjam-marappathillai-review-a-fairly-engaging-thriller--review-tamil-vdfhmKdfjgdhf.html</ref> सूर्या का अगला उद्यम [[:en:Venkat_Prabhu|वेंकट प्रभु-]] निर्देशित ''मन्नडू'' (2021) है, जिसमें मुख्य भूमिकाओं में सिलम्बरासन और कल्याणी प्रियदर्शन हैं। उन्हें एक पुलिस वाला, तीसरी बार उनकी विरोधी भूमिका निभाने के लिए कहा जाता है। <ref>https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/sj-suryah-joins-simbu-s-maanadu-what-a-story-what-narration-1643424-2020-02-05</ref>
== फिल्मोग्राफी ==
* ''सभी फिल्में तमिल में हैं, जब तक कि अन्यथा नोट न की गई हों।''
; एक निर्देशक के रूप में
{| class="wikitable sortable"
! rowspan="2" style="width:35px;" |साल
! rowspan="2" style="width:250px;" | फ़िल्म
! colspan="3" style="width:195px;" | के रूप में श्रेय दिया जाता है
! rowspan="2" style="width:150px;" | भूमिका
! rowspan="2" class="unsortable" style="text-align:center; width:250px;" | टिप्पणियाँ
|-
! style="width:65px;" | निदेशक
! width="65" | लेखक
! width="65" | निर्माता
|-
| 1999
| ''वाली''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{n}}
| ऑटो चालक
| अतिथि भूमिका
|-
| 2000
| ''कुशी''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{n}}
| कोलकाता में व्यक्ति
| अतिथि भूमिका
|-
| 2001
| ''कुशी''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{n}}
| अनजान
| तेलुगु फिल्म; अतिथि भूमिका
|-
| 2003
| ''[[खुशी (2003 फ़िल्म)|खुशी]]''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{n}}
| अनजान
| हिंदी फिल्म; अतिथि भूमिका
|-
| rowspan="2" | 2004
| ''नानी''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{n}}
| गणित के प्रोफेसर
| तेलुगु फिल्म; कैमियो उपस्थिति
|-
| ''नवीन व''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| विचू / पप्पू
|
|-
| 2005
| ''अनबे आरुइरे''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| शिव
| लेखक, निर्माता और अभिनेता भी
|-
| 2010
| ''पुली''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{n}}
| हुसैन
| तेलुगु फिल्म; अतिथि भूमिका
|-
| 2015
| ''मैं कहता हूं''
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| style="text-align:center;" |{{y}}
| एके शिव
| लेखक, निर्माता, संगीतकार और अभिनेता भी
|-
|}
; एक अभिनेता के रूप में
{| class="wikitable sortable"
! style="width:35px;" |वर्ष
! style="width:250px;" |फ़िल्म
! style="width:150px;" |भूमिका
! class="unsortable" style="text-align:center; width:250px;" |टिप्पणियाँ
|-
|1988
|''[[:en:Nethiyadi|नेथियादि]]''
|ग्रामवासी
|बिना श्रेय की भूमिका
|-
|1993
|''[[:en:Kizhakku_Cheemayile|किज़हक्कू चीमायाइल]]''
|बुल ट्रेनर
|बिना श्रेय की भूमिका
|-
|1995
|''[[:en:Aasai|आसाई]]''
|ऑटो चालक
|कैमियो उपस्थिति
|-
|2004
|''[[:en:New_(film)|नया]]''
|विचु/पप्पू
|बतौर हीरो डेब्यू फिल्म
|-
|2004
|''[[:en:Maha_Nadigan|महा नदीगण]]''
|वह स्वयं
|कैमियो उपस्थिति
|-
| rowspan="2" |2006
|''[[:en:Kalvanin_Kadhali_(2006_film)|कल्वानिन कधाली]]''
|सत्य
|
|-
|''[[:en:Dishyum|ढिशुम]]''
|पोम्पी फ्रांसिस्को
|कैमियो उपस्थिति
|-
| rowspan="2" |2007
|''[[:en:Thirumagan|थिरु मगन]]''
|थंगापंडी
|
|-
|''[[:en:Vyabari|व्यबरी]]''
|सूर्यप्रकाश, उनका क्लोन
|दोहरी भूमिका
|-
|2009
|''[[:en:Newtonin_Moondram_Vidhi|न्यूटनिन मूनड्रम विधि]]''
|गुरु
|
|-
|2012
|''[[:en:Nanban_(2012_film)|नानबानो]]''
|असली पंचवन परिवंथन
|कैमियो उपस्थिति
|-
|2013
|''[[:en:Pizza_2:_The_Villa|पिज़्ज़ा 2: द विला]]''
|निर्देशक
|अतिथि भूमिका
|-
|2015
|''[[:en:Vai_Raja_Vai|वै राजा वै]]''
|ऑटो सुधाकरण
|अतिथि भूमिका
|-
|2015
|''[[:en:Yatchan|याचचानो]]''
|वह स्वयं
|अतिथि भूमिका
|-
|2015
|[[:en:Isai|इसाई]]
|एके शिव
|
|-
|2016
|''[[:en:Iraivi|इरैविक]]''
|अरुल
|
|-
| rowspan="2" |2017
| rowspan="2" |''[[:en:Spyder_(film)|स्पाइडर]]''
|सुदलाई
|[[:en:Vijay_Award_for_Best_Villain|सर्वश्रेष्ठ खलनायक के लिए विजय पुरस्कार]]
|-
|भैरवडु
|तेलुगु फिल्म
|-
|2017
|''[[:en:Mersal_(film)|मर्सालो]]''
|डेनियल अरोकियाराजी
|[[:en:7th_South_Indian_International_Movie_Awards|नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का SIIMA पुरस्कार]]
|-
|2019
|''[[:en:Monster_(2019_film)|राक्षस]]''
|अंजनम अज़गिया पिल्लई
|
|-
|2021
|''[[:en:Nenjam_Marappathillai_(2021_film)|नेंजाम मराप्पथिल्लै]]''
|रामास्वामी (रामसे)
|
|-
|2021
|''[[:en:Maanaadu|मानाडु]]''
|धनुषकोडी
|नकारात्मक भूमिका
|-| {{TBA}}
|2021|| ''[[:en:Don_(upcoming_film)|डॉन]]''
|फिल्माने<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/sivakarthikeyan-s-don-to-hit-the-screens-in-september-1766767-2021-02-07|title=Sivakarthikeyan's Don to hit the screens in September}}</ref>
|
|-| {{TBA}}
|''बोम्मई''|| {{TBA}}
|फिल्माने
|-| {{TBA}}
|''कदमैयै सेइस''|| {{TBA}}
|फिल्माने
|-| {{TBA}}
|''इरावाकालमी''|| {{TBA}}
|विलंबित
|}
; पार्श्व गायक के रूप में
{| class="wikitable"
!साल
! फ़िल्म
! गीत
! संगीतकार
|-
| 1999
| ''वाली''
| "वानिल कायुथे"
| देवा
|-
| 2007
| ''व्यबरी''
| "जुलाई माडाथिल"
| देवा
|-
| 2009
| ''न्यूटोनिन मूंद्राम विधी''
| "मुदल मुराई"
| एफएस फैजल (विनय)
|-
| 2015
| ''मैं कहता हूं''
| "पुथंडिन मुथल"
| एसजे सूर्या
|-
| 2016
| ''इरावी''
| "ओन्नू रेंदु"
| संतोष नारायणन
|-
| 2021
| ''नेनजाम मरप्पथिल्लई''
| "एन पंडती ओरुक्कु पोइता"
| [[युवान शंकर राजा]]
|}
; एक गीतकार के रूप में
{| class="wikitable"
!साल
! फ़िल्म
! गीत
! संगीतकार
|-
| 1996
| ''सुंदर पुरषन''
| "सेटपा माथी"
| सिरपीस
|-
| 1996
| ''पुरुषण पोंडत्ती''
| "लॉटरी एनक्कु"
| सिरपीस
|-
|}
; एक संगीत निर्देशक के रूप में
* ''इश्क वाला लव'' (2014; मराठी)
* ''इसाई'' (2015)
; एक कथावाचक के रूप में
* ''144'' (2015)
* ''रेमो'' (2016)
== संदर्भ ==
== बाहरी संबंध ==
* Surya, S.J. at IMDb
[[श्रेणी:भारतीय ईसाई]]
[[श्रेणी:1968 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:तमिल फ़िल्म निर्देशक]]
<references />
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एंड्रिया बेनेटी
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{{Infobox artist
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49वां नेट्टुनो डी'ओरो पुरस्कार - 2020
}}
'''एंड्रिया बेनेट्टी''' एक [[इतालवी]] चित्रकार हैं, जो 2009 में प्रस्तुत किए गए ''नियो केव आर्ट'' वेनिस बियनेला|के घोषणापत्र के लेखक हैं, जो 53 वें वेनिस बियनेला में का फोस्कारी यूनिवर्सिटी में प्रस्तुत किए गए हैं । <ref>{{Cite web|url=https://bologna.repubblica.it/cronaca/2013/04/12/news/andrea_benetti_e_la_sua_arte_neorupestre-56465622/|title=Andrea Benetti and his Neo-Cave Art|date=April 12, 2013|website=la Repubblica}}</ref>
== जीवनी ==
एंड्रिया बेनेट्टी एक इतालवी चित्रकार, फोटोग्राफर और डिजाइनर हैं, जिनका जन्म 1964 में बोलोना में हुआ था। 2006 में उन्होंने नियो-केव आर्ट का मेनिफेस्टो लिखा, जिसे उन्होंने 2009 में 53 वें वेनिस बियनेला ऑफ़ आर्ट में प्रस्तुत किया। <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Benetti, Andrea in the Treccani Encyclopedia|website=www.treccani.it}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://museomacia.org/collezione-permanente-arte-contemporanea-italiana/andrea-benetti-arte-contemporanea.html|title=Andrea Benetti in the MACIA Museum|website=museomacia.org|access-date=4 जून 2021|archive-date=29 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210629192537/https://museomacia.org/collezione-permanente-arte-contemporanea-italiana/andrea-benetti-arte-contemporanea.html|url-status=dead}}</ref>
उनकी कला प्रत्यक्ष संदर्भ और परोक्ष रूप से प्रागैतिहासिक मनुष्य द्वारा बनाई गई कला के पहले रूपों से प्रेरित है। गुफा के कार्यों से, बेनेट्टी ने रचनात्मक दृष्टिकोण से अपनी शैलीगत विशेषताओं को उधार लिया, शैलीबद्ध ज़ूमोर्फिक और मानवरूपी रूपांकनों, ज्यामितीय आकृतियों और अमूर्त आकृतियों के साथ रंग के क्षेत्रों के साथ भीड़ का निर्माण किया, जैसे कि प्रागैतिहासिक और समसामयिकता, 'वनस्पति रंगद्रव्य और तकनीक जैसे आधार-राहत और भित्तिचित्रों के उपयोग' द्वारा जोर दिया गया। <ref>[https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti Taken from the Treccani Encyclopedia]</ref>
<br>उनका मुख्य काम राष्ट्रीय और विदेशी कला संग्रह संस्थानों (जैसे संयुक्त राष्ट्र, वेटिकन और क्विरिनल) में मौजूद है, <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Benetti, Andrea nell'Enciclopedia Treccani|website=www.treccani.it}}</ref> उनकी सबसे हालिया प्रदर्शनियों में "रंग और मूल के ध्वनियां" (बोलोना, पलाज्जो डी'एकर्सियो, 2013) , <ref>{{Cite web|url=https://www.lastampa.it/cultura/2013/03/20/news/colori-e-suoni-delle-origini-1.36113830|title=Colors and sounds of the origins|date=March 20, 2013|website=lastampa.it}}</ref> "VR60768 ·एंथ्रोपोमोर्फिक फिगर" (रोम, चैंबर ऑफ डेप्युटीज, 2015), <ref>{{Cite web|url=http://www.camera.it/leg17/browse/1131?shadow_comunicatostampa=9016|title=Thursday inauguration of Andrea Benetti's exhibition at the Chamber of Deputies|website=Camera dei Deputati}}</ref> "पैटर ल्यूमिनम" (गैलिपोली, सिविक संग्रहालय, 2017) और "हिंसा के खिलाफ चेहरे" (बोलोना, पलाज्जो डी'एकर्सियो, 2017) हैं। <ref>{{Cite web|url=http://www.comune.bologna.it/news/volti-contro-la-violenza-mostra-fotografica-di-andrea-benetti-palazzo-daccursio|title="Faces against violence", photographic exhibition by Andrea Benetti at Palazzo d'Accursio|website=www.comune.bologna.it}}</ref><br>
2020 में, एंड्रिया बेनेट्टी को बोलोना शहर के " नेट्टुनो डी'ओरो पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। <ref>{{Cite web|url=https://bologna.repubblica.it/cronaca/2020/10/21/news/il_lions_da_il_suo_nettuno_d_oro_a_andrea_benetti-271320159/|title=Il "Golden Neptune" awarded to Andrea Benetti|date=October 21, 2020|website=la Repubblica}}</ref>
== संग्रहालय और संग्रह ==
निजी और संस्थागत संग्रहालय और कला संग्रह, जिन्होंने एंड्रिया बेनेट्टी के कार्यों का अधिग्रहण किया है
* [[संयुक्त राष्ट्र]] कला संग्रह ( [[न्यूयॉर्क नगर|न्यूयॉर्क]], संयुक्त राज्य अमेरिका) <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Benetti, Benetti, Andrea in the Treccani Encyclopedia|website=www.treccani.it}}</ref>
* वेटिकन कला संग्रह (वैटिकन सिटी ) <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Andrea Benetti nell'Enciclopedia Treccani|website=www.treccani.it}}</ref>
* एम.ए.सी.आई.ए. - अमेरिका में इतालवी समकालीन कला संग्रहालय ( [[सान होज़े (कोस्ता रीका)|सैन जोस]] - [[कोस्ता रीका|कोस्टा रिका]] ) <ref>{{Cite web|url=http://www.museomacia.org/collezione-permanente-arte-contemporanea-italiana/andrea-benetti-arte-contemporanea.html|title=Andrea Benetti in the MACIA Museum Collection|website=www.museomacia.org|access-date=4 जून 2021|archive-date=29 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210629192537/https://museomacia.org/collezione-permanente-arte-contemporanea-italiana/andrea-benetti-arte-contemporanea.html|url-status=dead}}</ref>
* क्विरिनल आर्ट कलेक्शन इटालियन प्रेसीडेंसी ऑफ़ द रिपब्लिक ∙ (रोम - इटली) <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Benetti, Andrea nell'Enciclopedia Treccani|website=www.treccani.it}}</ref>
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== ग्रन्थसूची ==
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== संदर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://www.andreabenetti.com इतालवी में आधिकारिक साइट]
* [https://www.andreabenetti.eu अंग्रेजी में आधिकारिक साइट]
* [https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti ट्रेकानी विश्वकोश में एंड्रिया बेनेट्टीetti]
* [https://vimeo.com/409226880 प्रस्तुति वीडियो]
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| cost = [[यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर|$]]5 बिलियन (भूमि की लागत $160 मिलियन अनुमानित की गई थी)<ref>[https://www.bloomberg.com/news/articles/2013-04-04/inside-apples-plans-for-its-futuristic-5-billion-headquarters Apple Campus 2 cost 5 billion] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171116030504/https://www.bloomberg.com/news/articles/2013-04-04/inside-apples-plans-for-its-futuristic-5-billion-headquarters |date=16 November 2017}} Projects: Foster and Partners</ref>
| floor_area = 0.26 km<sup>2</sup><ref name="projectdescr_Sept13"/>
| floor_count = 4 <ref name="projectdescr_Sept13">{{cite web|url=https://s3.amazonaws.com/apple-campus2-project/Project_Description_Submittal7.pdf|title=Apple Campus 2: Project Description|date=Sep 2013|website=City of Cupertino|publisher=[[Apple Inc.]]|location=Cupertino, CA|access-date=17 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140610181233/https://s3.amazonaws.com/apple-campus2-project/Project_Description_Submittal7.pdf|archive-date=10 June 2014|url-status=live}}</ref>
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'''एप्पल पार्क''' [[एप्पल इंक.]] का [[कॉर्पोरेट मुख्यालय]] है, जो [[क्यूपर्टिनो, कैलिफोर्निया]], [[यूनाइटेड स्टेट्स]] में वन एप्पल पार्क वे में स्थित है। इसे अप्रैल 2017 में कर्मचारियों के लिए खोल दिया गया था, जबकि निर्माण अभी भी चल रहा था, और [[Apple Campus|1 Infinite Loop]] के मूल मुख्यालय का स्थान ले लिया, जो १९९३ में खुला था।<ref>{{cite web|url=http:/ /fortune.com/2016/05/31/apple-campus-2-drone-flyover/|title=Apple Campus 2 नए ड्रोन फ्लाईओवर में अच्छा लग रहा है|पहला=डॉन|अंतिम=Reisinger|दिनांक=31 मई 2016|कार्य= फॉर्च्यून|एक्सेस-डेट=22 जून 2016|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20160710103308/http://fortune.com/2016/05/31/apple-campus-2-drone- फ्लाईओवर/|संग्रह-तिथि=10 जुलाई 2016|url-status=live}}</ref>
[[नॉर्मन फोस्टर]],<ref>{{cite web|url=http://www.businessinteriors.co.uk/new-apple-headquarters-best द्वारा मुख्य भवन का पैमाना और गोलाकार [[ग्राउंडस्क्रैपर]] डिज़ाइन, -ऑफ़िस-बिल्डिंग-वर्ल्ड-डिज़ाइन-लंदन/|शीर्षक=''नया ऐप्पल मुख्यालय दुनिया में सर्वश्रेष्ठ कार्यालय भवन, लंदन में डिज़ाइन किया गया''|एक्सेस-डेट=25 मई 2019|आर्काइव-यूआरएल=https://वेब .archive.org/web/20190525084939/http://www.businessinteriors.co.uk/new-apple-headquarters-best-office-build-world-designed-london/|archive-date=25 मई, 2019|url -status=live}}{{Dead link|date=जून 2024 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> ने संरचना को मीडिया उपनाम "द स्पेसशिप" अर्जित किया है।<ref>{{Cite news|url=http://www.macworld.co.uk/feature/apple/complete- गाइड-ऐप्पल-पार्क-सेब-न्यू-स्पेसशिप-कैंपस-3489704/|शीर्षक=एप्पल पार्क, एप्पल के नए 'स्पेसशिप' कैंपस के लिए पूरी गाइड मई 2017|भाषा=एन-जीबी|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20170507095013/http://www.macworld.co.uk/feature/apple/complete-guide-apple-park -सेब-नया-अंतरिक्ष यान-ca mpus-3489704/|archive-date=7 मई 2017|url-status=live}}{{Dead link|date=जुलाई 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.wired.com/2013/11/a- झलक-में-सेब-क्रेज़ी-न्यू-स्पेसशिप-मुख्यालय/|शीर्षक=24 सभी नए रेंडरिंग के साथ ऐप्पल के स्पेसशिप मुख्यालय के अंदर देखें|अंतिम=वानहेमर्ट|प्रथम=काइल|कार्य=वायर्ड|पहुंच-तिथि=7 मई 2017 =en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20170321104602/https://www.wired.com/2013/11/a-glimpse-into-apples-crazy-new-spaceship|आर्काइव-तारीख=21 मार्च 2017|url-status=live|title=संग्रहीत प्रति|access-date=4 जुलाई 2021|archive-date=21 मार्च 2017}}</ref><ref name="VBtree" /> उपनगरीय साइट पर स्थित कुल 1.46 किमी<sup>2</sup>, यह घर लगभग ०.२६ किमी<sup>2</sup> के एक केंद्रीय चार मंजिला वृत्ताकार भवन में १२,००० से अधिक कर्मचारी। एप्पल के सह-संस्थापक [[स्टीव जॉब्स]] चाहते थे कि परिसर एक [[बिजनेस पार्क]] की तरह कम दिखे और प्रकृति शरणस्थल की तरह अधिक दिखे। साइट के अस्सी प्रतिशत हिस्से में सूखा प्रतिरोधी पेड़ और क्यूपर्टिनो क्षेत्र के स्वदेशी पौधे लगाए गए हैं, और मुख्य भवन के मध्य प्रांगण में एक कृत्रिम [[तालाब]] है।<ref name="VBtree">{{ वेब का हवाला दें|url=https://venturebeat.com/2016/06/04/a-look-at-apples-insanely-ambitious-tree-planting-plans-for-its-new-spaceship-campus/|title= अपने नए अंतरिक्ष यान परिसर के लिए Apple की अत्यधिक महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण योजनाओं पर एक नज़र|फर्स्ट=क्रिस|अंतिम=ओ ब्रायन|दिनांक=४ जून २०१६|कार्य=VentureBeat|archive-url=https://web.archive.org/ वेब/20170819202441/https://venturebeat.com/2016/06/04/a-look-at-apples-insanely-ambitious-tree-planting-plans-for-its-new-spaceship-campus/|archive-date =19 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref>
== इतिहास ==
अप्रैल 2006 में, एप्पल के तत्कालीन सीईओ [[स्टीव जॉब्स]] ने क्यूपर्टिनो की नगर परिषद को घोषणा की कि एप्पल ने दूसरा परिसर, एप्पल कैम्पस 2 बनाने के लिए नौ निकटवर्ती संपत्तियों का अधिग्रहण किया है।<ref>{{Cite web|url=http: //www.cupertino.org/index.aspx?page=26&recordid=696&returnURL=/index.aspx|archive-url=https://web.archive.org/web/20130709153522/http://www.cupertino.org/|url-status=dead|archive-date=9 जुलाई 2013|शीर्षक=क्यूपर्टिनो : समाचार: एप्पल कैंपस 2 प्रोजेक्ट अपडेट|तिथि=2013-07-09|access-date=2018-09-15|title=संग्रहीत प्रति}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.engadget.com/2006/08/07/live-from-wwdc-2006- steve-jobs-keynote/|title=WWDC 2006 से लाइव: स्टीव जॉब्स कीनोट|वेबसाइट=Engadget|भाषा=en|एक्सेस-डेट=२०२०-०२-१६}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> एक नए मुख्यालय के विचार की कल्पना किसके द्वारा की गई थी जॉब्स और एप्पल के पूर्व मुख्य डिजाइनर [[जॉनी इवे]]।<ref>{{cite web|last=Tetzeli|first=Rick|title=''व्हाई जॉनी इवे इज एप्पल्स डिजाइन जीनियस''|url=https://www .smithsonianmag.com/innovation /jony-ive-apple-design-genius-180967232/|date=दिसंबर 2017|publisher=Smithsonian|access-date=May 16, 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180517010027/https:///|archive-date=17 मई 2018|url-status=live}}</ref> मैं Apple की तत्काल पसंद था परियोजना को डिजाइन करने के लिए, पांच वर्षों में [[नॉर्मन फोस्टर, टेम्स बैंक के बैरन फोस्टर|नॉर्मन फोस्टर]] के साथ मिलकर काम करना, ग्लास पैनल से लेकर लिफ्ट बटन तक हर विवरण को डिजाइन करना।<ref>{{ समाचार का हवाला दें|last=Passariello|first=Christina|url=https://www.wsj.com/articles/how-jony-ive-masterkind-apples-new-headquarters-1501063201|title=How जॉनी इवे मास्टरमाइंड एप्पल के नए मुख्यालय |दिनांक=2017-07-26|कार्य=वॉल स्ट्रीट जर्नल|पहुंच-तिथि=2020-02-16|भाषा=एन-यूएस|आईएसएसएन=0099-9660}}</ref><ref>{{वेब का हवाला दें| url=https://www.ft.com/content/5014495a-98ce-11e9-8cfb-30c211dcd229|title=पढ़ने के लिए सदस्यता लें {{!}} फाइनेंशियल टाइम्स|वेबसाइट=www.ft.com|acces s-date=2020-02-16}}</ref>
आवश्यक संपत्तियों की खरीदारी कंपनी के माध्यम से की गई [[हाइन्स इंटरेस्ट्स लिमिटेड पार्टनरशिप|हाइन्स इंटरेस्ट]],<ref>{{cite web|url=http://sanjose.bizjournals.com/sanjose/stories/2006/04/ 17/daily70.html|शीर्षक=नए क्यूपर्टिनो परिसर में टेक्सास फर्म के साथ एप्पल की टीमें|कार्य=सैन जोस बिजनेस जर्नल|लेखक=शेरोन सिमोंसन|तिथि=21 अप्रैल, 2006|पहुंच-तिथि=10 मई, 2010|संग्रह-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20061126224847/http://sanjose.bizjournals.com/sanjose/stories/2006/04/17/daily70.html|archive-date=26 नवंबर, 2006|url-status=live}}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref name=Chandler2006>{{cite news|last1=Chandler|first1=Michele|title=Apple ने क्यूपर्टिनो में ५० एकड़ कैसे पाया और उन्होंने इसके लिए मोटी रकम क्यों अदा की|url=http:/ /www.mercurynews.com/mld/mercurynews/14422699.htm|access-date=27 सितंबर 2014|work=सैन जोस मर्करी-न्यूज|डेट=28 अप्रैल, 2006|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive .org/web/20060628080011/http://www.mercurynews.com/mld/mercurynews/14422699.htm|archive-date=28 जून, 2006}}</ref> जो कम से कम कुछ मामलों में इस तथ्य का खुलासा नहीं किया कि एप्पल अंतिम खरीदार था;<ref name=Chandler2006 /> एक स्थानीय वाणिज्यिक अचल संपत्ति ब्रोकरेज के एक भागीदार, फिलिप्स महाने ने नोट किया कि निकटवर्ती भूमि की खरीद की व्यवस्था करने के प्रयासों में अलग-अलग मालिकों के साथ कई पार्सल, लागत को आसमान छूते रहने और प्रतिस्पर्धियों को कंपनी की योजनाओं को प्रकट न करने के लिए यह आम बात है ।<ref name=Chandler2006 /> संपत्तियों के विक्रेताओं में समरहिल होम्स ({{कन्वर्ट|8|एकड़ का एक प्लॉट)। |ha|disp=or|abbr=off}}) और [[हेवलेट पैकर्ड]] (क्यूपर्टिनो में उनके परिसर की तीन इमारतें) थे।<ref name=Chandler2006 />
अप्रैल 2008 तक, एप्पल ने निर्माण शुरू करने के लिए आवश्यक परमिट नहीं मांगा था, इसलिए यह अनुमान लगाया गया था कि मूल रूप से प्रस्तावित परियोजना 2010 में तैयार नहीं होगी; हालाँकि, साइट पर इमारतों को इसके संचालन के लिए एप्पल द्वारा आयोजित किया गया था। नवंबर 2010 में ''[[सैन जोस मर्करी न्यूज]]'' ने खुलासा किया<ref>{{cite web |url=http://www.mercurynews.com/2010/11/24/apple-makes-big-land -purchase-in-cupertino-2/ |title=Apple ने क्यूपर्टिनो में जमीन की बड़ी खरीददारी की |काम=सैन जोस मर्करी न्यूज |फर्स्ट=ब्रैंडन |लास्ट=बेली |तारीख=१३ अगस्त, २०१६ |एक्सेस-डेट=२८ दिसंबर, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20161228201418/http://www.mercurynews.com/2010/11/24/apple-makes-big-land-purchase-in-cupertino- |archive-date=28 दिसंबर 2016 |url-status=live |access-date=4 जुलाई 2021 }}</ref><nowiki> कि एप्पल ने एक अतिरिक्त {{कन्वर्ट|98|एकड़|हेक्टेयर} खरीदा था जो अब [[HP Inc.] द्वारा उपयोग नहीं किया जाता है। ], प्रूनरिज एवेन्यू के ठीक उत्तर में। </nowiki>[[पालो ऑल्टो]] में स्थानांतरित होने से पहले यह स्थान क्यूपर्टिनो में एचपी परिसर था।
7 जून, 2011 को जॉब्स ने क्यूपर्टिनो सिटी काउंसिल को नई इमारतों और उनके आसपास के वास्तुशिल्प डिजाइन के विवरण प्रस्तुत किए।<ref>{{cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v =gtuz5OmOh_M|title=स्टीव जॉब्स क्यूपर्टिनो सिटी काउंसिल को प्रस्तुत करता है (6/7/11)|id=[https://www.youtube.com/channel/UChTGNMh9Ti6cCi6gMCxhBTg सिटी ऑफ क्यूपर्टिनो]|मीडियम=यूट्यूब|डेट=7 जून , 2011|पहुंच-तिथि=11 सितंबर, 2019|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20150604140310/https://www.youtube.com/watch?v=gtuz5OmOh_M|archive-date= 4 जून, 2015|url-status=live}}</ref> निर्माण शुरू होते देखने के लिए वह जीवित नहीं थे। कुछ महीने बाद, 5 अक्टूबर 2011 को जॉब्स की मृत्यु हो गई।<ref>{{Cite news|last=Markoff|first=John|url=https://www.nytimes.com/2011/10/06/business/steve -jobs-of-apple-dies-at-56.html|title=Apple का दूरदर्शी पुनर्परिभाषित डिजिटल युग|दिनांक=2011-10-05|कार्य=द न्यूयॉर्क टाइम्स|पहुंच-तिथि=2020-02-16|भाषा=en-US|issn=0362-4331}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
१५ अक्टूबर २०१३ को, क्यूपर्टिनो सिटी काउंसिल ने छह घंटे की बहस के बाद सर्वसम्मति से नए परिसर के लिए एप्पल की योजनाओं को मंजूरी दे दी।<ref>{{cite news|last=May|first=Patrick|title=Cupertino council clears huge Apple 'spaceship' campus for liftoff|url=http://www.mercurynews.com/business/ci_24319747/cupertino-council-clears-huge-apple-spaceship-campus-liftoff|access-date=October 16, 2013|newspaper=[[San Jose Mercury News]]|date=October 15, 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131016134602/http://www.mercurynews.com/business/ci_24319747/cupertino-council-clears-huge-apple-spaceship-campus-liftoff|archive-date=October 16, 2013|url-status=live}}</ref> इसके तुरंत बाद, निर्माण के लिए साइट तैयार करने के लिए विध्वंस कार्य शुरू हुआ।<ref>{{Cite web|url = http://www.macrumors.com/2013/12/05/demolition-at-new-apple-campus-2-well-underway/|title = Demolition at New Apple Campus 2 Well Underway|last = Clover|first = Juli|date = December 5, 2013|publisher = [[MacRumors]]|access-date = June 22, 2016|archive-url = https://web.archive.org/web/20160701123559/http://www.macrumors.com/2013/12/05/demolition-at-new-apple-campus-2-well-underway/|archive-date = July 1, 2016|url-status = live}}</ref>
22 फरवरी, 2017 को, एप्पल ने परिसर के आधिकारिक नाम "एप्पल" और ऑडिटोरियम को "स्टीव जॉब्स थियेटर" नाम देने की घोषणा की।<ref name="openingdate"/>
मूल रूप से 2013 में शुरू होने और 2015 में खुलने की उम्मीद थी, परियोजना में देरी हुई और 2014 में शुरू हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/technology/apple/11628710/When-Stephen-Fry-met-Jony-Ive-the-self-confessed-fanboi-meets-Apples-newly-promoted-chief-design-officer.html|title=When Stephen Fry met Jony Ive the self-confessed tech geek talks to Apple's newly promoted chief design officer|publisher=[[The Telegraph (U.K.)|The Telegraph]]|work=[[telegraph.co.uk]]|date=May 26, 2015|author=Fry, Stephen|access-date=May 31, 2015| archive-url= https://web.archive.org/web/20150531075735/http://www.telegraph.co.uk/technology/apple/11628710/When-Stephen-Fry-met-Jony-Ive-the-self-confessed-fanboi-meets-Apples-newly-promoted-chief-design-officer.html| archive-date= May 31, 2015 | url-status= live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bloomberg.com/news/2012-11-21/jobs-s-spaceship-like-apple-offices-to-arrive-later-than-planned.html|title=Jobs's Spaceship-Like Apple Offices Completion Meets Delays|publisher=Bloomberg|work=Bloomberg.com|date=November 21, 2012|author=Peter Burrows|access-date=February 27, 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130308093459/http://www.bloomberg.com/news/2012-11-21/jobs-s-spaceship-like-apple-offices-to-arrive-later-than-planned.html|archive-date=March 8, 2013|url-status=live}}</ref> निर्माण कार्य जारी रहने के बावजूद, परिसर अप्रैल 2017 में श्रमिकों के लिए खोला गया। <ref>{{Cite news|url=https://www.theverge.com/2017/2/22/14696808/apple-park-campus-steve-jobs-theater-april-2017|title=Apple's spaceship campus, Apple Park, opens in April|work=The Verge|access-date=June 26, 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180626192502/https://www.theverge.com/2017/2/22/14696808/apple-park-campus-steve-jobs-theater-april-2017|archive-date=June 26, 2018|url-status=live}}</ref> इसके बाद स्टीव जॉब्स थिएटर में पहला कार्यक्रम हुआ, जो 12 सितंबर, 2017 को हुआ।<ref>{{Cite news|url=https://www.theverge.com/2017/8/31/16233998/apple-iphone-8-event-september-12th-invitation|title=Apple's iPhone 8 event is happening on September 12th|work=The Verge|access-date=June 26, 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20170831183143/https://www.theverge.com/2017/8/31/16233998/apple-iphone-8-event-september-12th-invitation|archive-date=August 31, 2017|url-status=live}}</ref> एप्पल पार्क विज़िटर सेंटर पांच दिन बाद, 17 सितंबर, 2017 को खोला गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.cnet.com/news/apple-park-visitor-center-ar-augmented-reality-open-to-public/|title=You too can now visit the new Apple Park campus|date=November 17, 2017|work=CNET|access-date=June 26, 2018|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180626000449/https://www.cnet.com/news/apple-park-visitor-center-ar-augmented-reality-open-to-public/|archive-date=June 26, 2018|url-status=live}}</ref>
क्षेत्र में एप्पल पार्क की उपस्थिति के परिणामस्वरूप, आसपास पर्यटन में वृद्धि हुई है,कार्यस्थल के पास रहने के इच्छुक एप्पल कर्मचारियों के आकर्षित होने के कारण स्थानीय आवास के बढ़ते अचल संपत्ति मूल्य भी बढे हैं |.<ref name="APark side issue NYT 1">{{cite web|url=https://www.nytimes.com/2017/07/04/realestate/commercial/apples-park-silicon-valley-cupertino-sunnyvale.html|title=Apple Disrupts Silicon Valley With Another Eye-Catcher: Its New Home|work=[[The New York Times]]|first=Kathy Chin|last=Leong|date=July 4, 2017|access-date=July 18, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170719110934/https://www.nytimes.com/2017/07/04/realestate/commercial/apples-park-silicon-valley-cupertino-sunnyvale.html|archive-date=July 19, 2017|url-status=live}}</ref><ref name="APark side issue MR 1">{{cite web|url=https://www.macrumors.com/2017/07/05/houses-near-apple-park-tourism|title=Houses Near Apple Park Met With Increased Tourism and Rising Real Estate Values|publisher=[[MacRumors]]|first=Mitchel|last=Broussard|date=July 5, 2017|access-date=July 18, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20180829000217/https://www.macrumors.com/2017/07/05/houses-near-apple-park-tourism/|archive-date=August 29, 2018|url-status=live}}</ref>
== स्थान ==
[[File:I-280 with Apple Campus 2 aerial.jpg|thumb|upright|[[Cupertino]],[[क्यूपर्टिनो]], कैलिफोर्निया, एप्पल पार्क की गोलाकार इमारत के साथ, [[इंटरस्टेट 280 (कैलिफोर्निया)|इंटरस्टेट 280]] के उत्तर में स्थित है।]]
एप्पल पार्क मूल [[एप्पल कैंपस]] से 1.2 मील पूर्व में स्थित है। कैंपस की क्यूपर्टिनो में 1977 से उपस्थिति रही है, यही वजह है कि कंपनी ने सस्ते, दूर के स्थान पर जाने के बजाय इस क्षेत्र में निर्माण करने का फैसला किया। परिसर [[सुपरफंड]] कानून के तहत एक दूषित स्थल के बगल में एक भूजल प्लम के साथ भी है।<ref>Hugh Biggar (June 7, 2006). ''The Cupertino Courier''.</ref>
== डिजाइन और निर्माण ==
[[स्टीव जॉब्स]], अक्टूबर 2011 में अपनी मृत्यु से पहले अपनी अंतिम सार्वजनिक उपस्थिति में यह कहते हुए उद्धृत किया गया था:
{{bquote|इसके बीच में एक भव्य आंगन है, और भी बहुत कुछ। यह एक वृत्त है, इसलिए यह चारों ओर से घुमावदार है। यह कुछ बनाने का सबसे सस्ता तरीका नहीं है। मुख्य भवन में लगे शीशे के हर फलक पर कर्व किया जाएगा। हमारे पास दुनिया में सबसे अच्छा कार्यालय भवन बनाने का एक शॉट है। मुझे सच में लगता है कि आर्किटेक्चर के छात्र इसे देखने के लिए यहां आएंगे।<ref>{{cite web|url=http://fortune.com/2017/02/23/data-sheet-apple-park-steve-jobs| शीर्षक=स्टीव जॉब्स की विरासत एप्पल के नए परिसर में रहती है|फर्स्ट=एडम|अंतिम=लशिंस्की|तिथि=23 फरवरी, 2017|कार्य=फॉर्च्यून|पहुंच-तिथि=25 फरवरी, 2017|आर्काइव-यूआरएल=https://web .archive.org/web/20170225214221/http://fortune.com/2017/02/23/data-sheet-apple-park-steve-jobs/|archive-date=February 25, 2017|url-status=live }}</ref>}}
[[फ़ाइल:एप्पल कैंपस २ एरियल अगस्त २०१६.jpg|अंगूठे|अगस्त २०१६ में निर्माण के दौरान एप्पल पार्क का हवाई दृश्य (नीचे) I-२८० के उत्तर में। मूल [[Apple Campus]], जो १.२ मील पश्चिम की ओर स्थित है, I-२८० के दक्षिण में शीर्ष-दाईं ओर भी दिखाया गया है]]
अंगूठी के आकार की इमारत, जिसे "एक पूर्ण चक्र" के रूप में विज्ञापित किया गया था, मूल रूप से इस तरह की योजना नहीं बनाई गई थी। प्रत्येक मंजिल पर आंतरिक रिम और बाहरी रिम को वॉकवे के रूप में खुला छोड़ दिया गया है। आठ इमारतें हैं, जो नौ मिनी-[[एट्रियम (आर्किटेक्चर)|एट्रिया]] से अलग हैं। परिसर {{कन्वर्ट|1|मी|किमी|वर्तनी=इन}} [[परिधि]] में है, जिसका व्यास {{कन्वर्ट|1512|फीट|मी}} है। एक सर्कुलर बिल्डिंग में ज्यादातर कर्मचारी रहते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.businessinsider.com/apple-park-spaceship-campus-headquarters-explained-2017-9|title=Apple होने वाला है इसके 5 अरब डॉलर के परिसर को जनता के सामने प्रकट करें — यहां आपको जानने की जरूरत है|last=Leswing|first=Kif|website=Business Insider|access-date=2020-02-16}}</ref> यह ऊपर की चार कहानियां हैं ग्राउंड और थ्री स्टोरी अंडरग्राउंड।<ref name="wired.com">{{Cite news|last=Levy|first=Steven|url=https://www.wired.com/2017/05/apple-park-new -सिलिकॉन-वैली-कैंपस/|शीर्षक=एप्पल का नया परिसर: मदरशिप के अंदर एक विशेष रूप|तिथि=2017-05-16|कार्य=वायर्ड|पहुंच-तिथि=2020-02-16|भाषा=एन-यूएस|आईएसएसएन =1059-1028}}</ref> Apple ने किसी भी डिज़ाइन की समस्या का विश्लेषण करने के लिए भवन के सभी हिस्सों के आदमकद मॉक-अप बनाए।
डिजाइन सड़कों और पार्किंग की जगहों को भूमिगत छुपाता है। परिसर अपनी दीवारों और आंतरिक आंगन के दृश्यों के साथ-साथ इमारत के बाहरी हिस्से के सामने के परिदृश्य के लिए केवल कांच का उपयोग करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.theverge.com/2018/2 /16/17020246/एप्पल-पार्क-मुख्यालय-कर्मचारी-चोट-कांच-दरवाजे-डिज़ाइन|शीर्षक=ऐप्पल के कर्मचारी नए ऐप्पल पार्क परिसर में सुंदर कांच के दरवाजों में घूमना बंद नहीं कर सकते|अंतिम=गरुण|पहले=नट|तारीख=2018-02-16|वेबसाइट=द वर्ज|भाषा=hi|पहुंच-तिथि=2020-02-16}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web|url=https://architizer.com/blog /प्रेरणा/कहानियां/वास्तुकला-विवरण-एप्पल-पार्क-विंडोज़/|शीर्षक=दुनिया के सबसे बड़े घुमावदार विंडोज को एप्पल मुख्यालय के लिए कैसे जाली बनाया गया - आर्किटाइज़र जर्नल|तिथि=2017-08-09|वेबसाइट=जर्नल|भाषा=एन|पहुंच -date=2020-02-16}}</ref> लगभग {{convert|83,000|sqft|m2}} जगह मीटिंग और बिल्डिंग में ब्रेकआउट स्पेस के लिए है। गोलाकार इमारत के अंदरूनी हिस्से में एक {{convert|30|एकड़|हा|adj=on}} पार्क है जिसमें एक तालाब है, जिसमें फलों के पेड़ और कैलिफोर्निया के फलों के बागों से प्रेरित घुमावदार रास्ते हैं।
स्टीव जॉब्स चाहते थे कि एक साफ फिट और फिनिश के लिए कोई सीम, गैप या पेंटब्रश स्ट्रोक दिखाई न दे।{{उद्धरण की जरूरत है|दिनांक=सितंबर २०२०}}
फर्नीचर के लिए उपयोग की जाने वाली सभी आंतरिक लकड़ी [[मेपल]] की एक निश्चित प्रजाति से काटी गई थी, जिसमें Apple 19 देशों की निर्माण कंपनियों के साथ डिजाइन और सामग्री के लिए काम कर रहा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.macworld .co.uk/feature/apple/complete-guide-apple-park-3489704/|title=वीडियो में ड्रोन को Apple पार्क की छत पर दुर्घटनाग्रस्त होते हुए दिखाया गया है|last=Moore|first=Amy|website=Macworld UK|access-date=2020 -02-16}}{{Dead link|date=जुलाई 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
एक श्वास, खोखला कंक्रीट स्लैब फर्श, छत और [[HVAC]] प्रणाली के रूप में कार्य करता है। कुल 4,300 स्लैब का इस्तेमाल किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://appleinsider.com/articles/16/06/11/new-apple-campus-2-tour-highlights-breathing-concrete -ग्लास-पैनल्स-पावर-टेक-मोर|शीर्षक=नया ऐप्पल कैंपस 2 टूर 'ब्रीदिंग' कंक्रीट, ग्लास पैनल, पावर टेक और अधिक पर प्रकाश डालता है|last1=शनिवार|फर्स्ट1=रोजर फिंगस|अंतिम २=११ जून|वेबसाइट=AppleInsider|language=hi|पहुंच-तिथि=२०२०-०२-१६|last3=2016|last4=PT|first4=04:41 pm}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> कुछ स्लैब का वजन {{कन्वर्ट|60,000|lb|t}} है .<ref>{{Cite web|url=https://www.businessinsider.com/apple-campus-2-construction-tour-cupertino-2016-6|title=Apple ने अपने नए 'स्पेसशिप' का निजी दौरा किया परिसर — यह कैसा था|अंतिम=विज्ञान|प्रथम=जेवियर हार्डिंग, लोकप्रिय|वेबसाइट=बिजनेस इनसाइडर|भाषा=hi|पहुंच-तिथि=२०२०-०२-१६}}</ref>
=== निर्माण ===
निर्माण के दौरान, भवन की संरचना DPR/[[Skanska]] द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन उन्हें अज्ञात कारणों से नौकरी से हटा दिया गया था।<ref>{{cite news |last1=Donato-Weinstein |first1=Nathan |title=Apple to ऐप्पल कैंपस 2 पर डीपीआर/स्केन्स्का के साथ हफ्तों के भीतर पूरी तरह से अलग हो गए |url=https://www.bizjournals.com/sanjose/news/2015/06/09/apple-to-completely-part-ways-with-dpr- skanska-on.html |access-date=9 December 2018 |work=Silicon Valley Business Journal |publisher= American City Business Journals |date=9 जून 2015 |location=San Jose |archive-url=https://web.archive .org/web/20170617022240/http://www.bizjournals.com/sanjose/news/2015/06/09/apple-to-completely-part-ways-with-dpr-skanska-on.html |archive-date =17 जून, 2017 |url-status=live }}</ref> [[रूडोल्फ़ और स्लेटन]] और होल्डर कंस्ट्रक्शन ने संरचना, लिफाफा और आंतरिक निर्माण पूरा किया।<ref name="Donato1">{{cite news | last1=डोनाटो-वेन्सटीन |फर्स्ट1=नाथन |शीर्षक=एप्पल ने नए अंतरिक्ष यान सामान्य ठेकेदार को काम पर रखा है क्योंकि सवाल घूमता है निर्माण में देरी के बारे में |url=https://www.bizjournals.com/sanjose/news/2015/05/04/apple-hires-news-spaceship-generalcontractor-as.html |access-date=9 दिसंबर 2018 |work= सिलिकॉन वैली बिजनेस जर्नल |प्रकाशक=अमेरिकन सिटी बिजनेस जर्नल्स |तिथि=4 मई 2015 |स्थान=सैन जोस |आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20170702160956/http://www.bizjournals.com /sanjose/news/2015/05/04/apple-hires-news-spaceship-generalcontractor-as.html |archive-date=जुलाई 2, 2017 |url-status=live }}</ref> ट्रूबेक कंस्ट्रक्शन (तब ज्ञात बीएनबीटीबिल्डर्स के रूप में) ने बाहरी भूनिर्माण, स्टीव जॉब्स थिएटर और स्वास्थ्य और फिटनेस सेंटर पर काम किया; मैककार्थी बिल्डिंग कंपनियों ने पार्किंग गैरेज का निर्माण किया; और [[ग्रेनाइट निर्माण]] ने सड़क चौड़ीकरण और उपयोगिता कार्य किया।<ref name="Donato1" />
अग्रभाग पैन बवेरियन कंपनी ''[[सीले जीएमबीएच]]'' द्वारा निर्मित हैं।<ref>{{समाचार उद्धृत करें|दिनांक=2016-02-22|शीर्षक=Apple-Hauptquartier: Fenster stellt Firma aus Bayern her|work= [[डाई वेल्ट]]|url=https://www.welt.de/wirtschaft/article152524308/Ein-Teil-des-Apple-Raumschiffs-kommt-aus-Bayrn.html|access-date=2020-09-24 }}</ref>
{{विस्तृत छवि|Apple अंतरिक्ष यान निर्माणाधीन है।jpg|600px|निर्माणाधीन Apple पार्क का पैनोरमा, जुलाई २०१६}}
=== लागत ===
{{Building and ship comparison to the Pentagon2|Apple Park main building (light green)}}
भूमि की लागत $160 आकलित की गई थी। 2011 में, Apple के कैम्पस 2 का बजट $3 बिलियन से कम था।<ref name="Burrows">{{cite web |last=Burrows |first=Peter |url=http://www.businessweek.com/articles/2013-04-04/apples-campus-2-shapes-up-as-an-investor-relations-nightmare |title=Inside Apple's Plans for Its Futuristic, $5 Billion Headquarters |work=Businessweek |access-date=May 28, 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130529174905/http://www.businessweek.com/articles/2013-04-04/apples-campus-2-shapes-up-as-an-investor-relations-nightmare |archive-date=May 29, 2013 |url-status=live }}</ref> हालांकि, 2013 में कुल लागत 5 अरब डॉलर के करीब होने का अनुमान लगाया गया था।<ref name="Burrows" /><ref>{{Cite web|url=https://www.theverge.com/2013/4/4/4182174/apple-campus-2-spaceship-overbudget-rumor|title=Apple Campus 2 nearly $2 billion over budget and behind schedule, says Bloomberg|website=The Verge|access-date=April 4, 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160403194658/http://www.theverge.com/2013/4/4/4182174/apple-campus-2-spaceship-overbudget-rumor|archive-date=April 3, 2016|url-status=live}}</ref>
=== ऊर्जा स्रोत ===
परिसर दुनिया की सबसे अधिक ऊर्जा कुशल इमारतों में से एक है,<ref name="openingdate" /> और मुख्य भवन,<ref>{{Cite web|date=31 December, 2019|title=Apple Park Main Building |url=https://www.usgbc.org/projects/apple-park-main-build|access-date=11 जुलाई, 2020|वेबसाइट=यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल}}</ref> स्टीव जॉब्स थिएटर,<ref>{{Cite web|date=दिसंबर 31, 2019|title=Apple Park स्टीव जॉब्स थिएटर|url=https://www.usgbc.org/projects/ ऐप्पल-पार्क-स्टीव-जॉब्स-थियेटर|पहुंच-तिथि=11 जुलाई, 2020|वेबसाइट=अमेरिका ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल}}</ref> और फिटनेस सेंटर<ref>{{Cite web|date=31 December, 2019|title=Apple Park Fitness Center|url=https://www.usgbc.org/projects/apple- पार्क-फिटनेस-सेंटर|पहुँच-तिथि=११ जुलाई, २०२०|वेबसाइट=अमेरिका ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल}}</ref> सभी [[ऊर्जा और पर्यावरण डिजाइन में नेतृत्व|एलईईडी]] प्लेटिनम प्रमाणित हैं। अप्रैल 2018 की प्रेस विज्ञप्ति में, Apple ने घोषणा की कि वह पूरी तरह से [[नवीकरणीय ऊर्जा]] द्वारा संचालित होने के लिए स्विच कर चुका है।<ref>{{Cite web|url=https://www.apple.com/newsroom/2018/04 /Apple-now-globally-power-by-100-प्रतिशत-नवीकरणीय-ऊर्जा/|शीर्षक=Apple अब विश्व स्तर पर 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा द्वारा संचालित है|वेबसाइट=Apple Newsroom|भाषा=एन-यूएस|पहुंच-तिथि=2019-11 -04}}</ref> परिसर की छत पर लगे सौर पैनल 17 मेगावाट बिजली पैदा कर सकते हैं, जो दिन के व्यस्त समय में 75% बिजली के लिए पर्याप्त है,<ref name="CupertinoCityCouncil">{{cite web|url=http ://www.cupertino.org/index.aspx?recordid=463&page=410|title=Cupertino : सिटी न्यूज: स्टीव जॉब्स ने क्यूपर्टिनो सिटी काउंसिल को प्रस्तुत किया -url=https://web.archive.org/web/160609230452/http://www.cupertino.org/index.aspx?recordid=463&page=410|archive-date=9 जून 2016|url-status=dead|access-date=1 जुलाई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20160609230452/http://www.cupertino.org/index.aspx?recordid=463&page=410}}</ref> और इसे [[रूफटॉप फोटोवोल्टिक इंस्टालेशन की सूची#ऑपरेशन 2|बिग्स में से एक बनाना टी दुनिया की सौर छतों]]। अन्य 4 मेगावाट [[ब्लूम एनर्जी सर्वर]] ईंधन सेल का उपयोग करके ऑनसाइट उत्पन्न होते हैं, जो [[जैव ईंधन]] या [[प्राकृतिक गैस]] द्वारा संचालित होते हैं।<ref>{{cite web|url=http://appleinsider .com/articles/16/06/24/apples-campus-2-to-use-updated-bloom-energy-food-cells-first-deployed-at-nc-data-center|title=Apple's Campus 2 उपयोग करने के लिए अपडेटेड ब्लूम एनर्जी फ्यूल सेल पहले एनसी डेटा सेंटर में तैनात किए गए थे।प्रकाशक=एप्पल इनसाइडर|एक्सेस-डेट=29 जून, 2016|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20160630012133/http://appleinsider। कॉम/आलेख/16/06/24/सेब-परिसर-2-से-उपयोग-अद्यतन-ब्लूम-ऊर्जा-ईंधन-कोशिकाओं-प्रथम-तैनाती-पर-एनसी-डेटा-केंद्र|संग्रह-तिथि=30 जून, 2016|url-status=live}}{{Dead link|date=जुलाई 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> हवा इमारत के अंदर और बाहर के बीच स्वतंत्र रूप से बहती है, प्राकृतिक वेंटिलेशन प्रदान करती है और साल के नौ महीनों के दौरान [[HVAC]] सिस्टम की आवश्यकता को कम करती है।<ref name= "उद्घाटन तिथि" />
== सुविधाएं ==
=== कैफे ===
परिसर में सात कैफे हैं, जिनमें सबसे बड़ा 3,000 बैठे लोगों के लिए तीन-स्तरीय कैफे है। इसमें हल्के रंग का पत्थर का अस्तर और बिना धातु के समर्थन के कांच की रेलिंग है, और यह व्यापक भूनिर्माण से घिरा हुआ है। [[मेजेनाइन]] {{convert|20,000|sqft|m2|abbr=on}} का स्थान बाहर की छतों पर ६०० लोगों और १,७५० सीटों को समायोजित कर सकता है, जिसमें एक दिन में १५,००० लंच परोसने की क्षमता है, जिसमें विशेष रूप से डिजाइन ५०० टेबल हैं। ठोस [[स्पेसर्ट]] सफेद ओक से बना है, जिसकी माप {{कन्वर्ट|18|फीट|एम|एबीबीआर=ऑन}} लंबी और {{कन्वर्ट|4|फीट|एम|एबीबीआर=ऑन}} चौड़ी है।{{उद्धरण वांछित |तारीख=दिसंबर 2017}}
स्पोर्ट्स टेबल और बेंच [[Apple Store]]s के समान हैं।
=== सभागार ===
[[File:Steve Jobs Theater - external.jpg|thumb|एप्पल पार्क में स्टीव जॉब्स थिएटर का बाहरी दृश्य।]]
[[सह-संस्थापक]] और एप्पल के पूर्व [[सीईओ]] के बाद आधिकारिक तौर पर [[स्टीव जॉब्स]] थिएटर,<ref name="openingdate" /> के रूप में जाना जाता है, यह सुविधा परिसर में एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है। . यह एक भूमिगत, १,०००-सीट [[ऑडिटोरियम]] है जिसका उद्देश्य Apple उत्पाद लॉन्च और प्रेस मीट करना है। इसमें जमीन के ऊपर सिलेंडर के आकार की एक बड़ी लॉबी है जिसमें नीचे सभागार तक सीढ़ियां हैं। थिएटर में उत्तरी तांताऊ एवेन्यू पर 350 पार्किंग स्थान हैं और एक पैदल मार्ग है जो थिएटर के उत्तर-पश्चिम में स्थित मुख्य परिसर की ओर जाता है।
थिएटर की लॉबी में बेलनाकार आकार की कांच की दीवारें हैं और कोई सपोर्ट कॉलम नहीं है, जो आसपास के परिसर का 360 डिग्री दृश्य प्रदान करता है। {{convert|80|ST|t|abbr=off|sp=us|adj=on}} [[कार्बन फाइबर]] छत, ४४ समान पैनलों से बनी, दुबई स्थित कंपनी, प्रीमियर कंपोजिट टेक्नोलॉजीज द्वारा आपूर्ति की गई थी। . प्रत्येक पैनल {{convert|70|ft|m|abbr=on}} लंबा और {{convert|11|ft|m|abbr=on}} चौड़ा और बीच में अन्य पैनल के साथ लॉक होता है।<ref>{{cite web|url=http://qz.com/699112/what-apple-is-building-wwdc/|title=What is Apple actually doing besides building that ridiculously expensive new headquarters?|first=Mike|last=Murphy|access-date=June 23, 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160625120550/http://qz.com/699112/what-apple-is-building-wwdc/|archive-date=June 25, 2016|url-status=live}}</ref>यह कार्बन फाइबर की सबसे बड़ी छत और दुनिया की सबसे बड़ी ग्लास-समर्थित संरचना है।<ref name=foster />
थिएटर में एक {{convert|42|ft|adj=on}} उच्च कांच का एलिवेटर भी शामिल है जो नीचे से ऊपरी लॉबी स्तर तक 171 डिग्री घूमता है। एलेवेटर रासायनिक रूप से टेम्पर्ड ग्लास से बनाया गया है, और इसे दुनिया का सबसे ऊंचा फ्री-स्टैंडिंग, ग्लास एलिवेटर माना जाता है।<ref name=foster>{{cite web|url=https://www.fosterandpartners.com/news/archive/2017/09/the-steve-jobs-theater-at-apple-park/|title=The Steve Jobs Theater at Apple Park – Foster + Partners|first=Foster + Partners /|last=www.fosterandpartners.com|website=www.fosterandpartners.com|access-date=November 1, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171009234803/https://www.fosterandpartners.com/news/archive/2017/09/the-steve-jobs-theater-at-apple-park/|archive-date=October 9, 2017|url-status=live}}</ref>
थिएटर का पहला प्रेस कार्यक्रम 12 सितंबर, 2017 को आयोजित किया गया था, जहां [[iPhone 8]], iPhone 8 Plus, [[iPhone X]], [[Apple Watch Series 3]] और [[Apple TV 4K]] थे। की घोषणा की।<ref>{{Cite news|url=https://www.theverge.com/2017/8/31/16233998/apple-iphone-8-event-september-12th-invitation|title=Apple's iPhone 8 event is happening on September 12th|work=The Verge|access-date=September 11, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170831183143/https://www.theverge.com/2017/8/31/16233998/apple-iphone-8-event-september-12th-invitation|archive-date=August 31, 2017|url-status=live}}</ref>
{{wide image|Steve Jobs Theater - Auditorium.jpg|800px|कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो में एप्पल पार्क में स्टीव जॉब्स थिएटर में ऑडिटोरियम का पैनोरमा। थिएटर में आयोजित एप्पल की पहली शेयरधारक बैठक की शुरुआत से पहले लिया गया।}}
=== वेलनेस सेंटर ===
एक {{convert|100,000|sqft|m2|adj=on}} फिटनेस सेंटर परिसर के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। जिम उपकरण के अलावा, फिटनेस सेंटर में चेंजिंग रूम, शावर, लॉन्ड्री सेवाएं और समूह सत्रों के लिए कमरे जैसी अन्य सुविधाएं हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.usatoday.com/story/tech/ समाचार/2018/02/27/एप्पल-ऑफ़र्स-न्यू-वेलनेस-प्रोग्राम-मुख्यालय-कर्मचारी/377609002/|शीर्षक=ऐप्पल मुख्यालय के कर्मचारियों के लिए नया वेलनेस प्रोग्राम पेश करता है|अंतिम=कावा|प्रथम=मार्को डेला|वेबसाइट=यूएसए टुडे|भाषा=एन-यूएस|पहुंच-तिथि=2020-02-16|title=संग्रहीत प्रति|access-date=1 जुलाई 2021|archive-date=5 मई 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160505091920/http://www.usatoday.com/story/tech|url-status=dead}}</ref>
=== अनुसंधान एवं विकास सुविधा ===
[[अनुसंधान और विकास]] सुविधाओं में परिसर के दक्षिणी किनारे पर दो बड़ी {{कन्वर्ट|३००,०००|sqft|m2}} इमारतें हैं और इनमें २,००० से अधिक लोग रहते हैं। प्रत्येक भवन की ऊपरी मंजिल में औद्योगिक डिज़ाइन और मानव इंटरफ़ेस टीमों का विभाग होता है, जिसका नेतृत्व पहले डिज़ाइन प्रमुख [[जॉनी इवे]] करते थे।<ref>{{Cite web|url=https://appleinsider.com/articles/17/ ०३/२४/नया-ऐप्पल-पार्क-ड्रोन-फुटेज-कब्जे-कब्जे-अनुसंधान-और-विकास-भवन-भूनिर्माण-प्रगति का पता चलता है|शीर्षक=नया ऐप्पल पार्क ड्रोन फुटेज कब्जे वाले अनुसंधान और विकास भवन, भूनिर्माण प्रगति का खुलासा करता है|अंतिम १=शुक्र|first1=माइक वुएरथेले|last2=24 मार्च|वेबसाइट=AppleInsider|भाषा=hi|पहुंच-तिथि=2020-02-16|last3=2017|last4=PT|first4=01:29 अपराह्न|title=संग्रहीत प्रति|access-date=1 जुलाई 2021|archive-date=18 मई 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080518153232/http://www.appleinsider.com/articles/./17/|url-status=dead}}</ref>
=== देखभाल क्लीनिक ===
हाल के वर्षों में, Apple ने कंपनी के कार्यस्थल में सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने और स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए सांता क्लारा काउंटी में देखभाल क्लीनिक शुरू करना शुरू किया। समुदाय में स्वास्थ्य सेवा लाने का विचार समावेशन के तत्व को बढ़ाता है और अधिकांश फर्मों में पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल विकल्पों में वास्तविक परिवर्तन लाता है।<ref>{{Cite web|title=Apple 'दुनिया की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य देखभाल' प्रदान करने के लिए चिकित्सा क्लीनिक शुरू कर रहा है। अपने कर्मचारियों को अनुभव'|url=https://www.cnbc.com/2018/02/27/apple-launching-medical-clinics-for-employees.html|last=Farr|first=Christina|date=2018- 02-27|वेबसाइट=सीएनबीसी|भाषा=hi|पहुंच-तिथि=2020-05-08}}</ref>
=== परिवहन ===
==== बस ====
बस से यात्रा करने वाले कर्मचारी बस स्टेशन से चढ़ेंगे और प्रस्थान करेंगे, जो दो सफेद सीढ़ियों के माध्यम से मुख्य परिसर की ओर जाता है।<ref name="wired.com"/> यह क्षेत्र [[सांता क्लारा घाटी परिवहन प्राधिकरण] द्वारा भी सेवा प्रदान की जाती है। ] (VTA), जो क्यूपर्टिनो से आस-पास के शहरों के लिए एक स्थानीय बस सेवा चलाती है। प्रमुख पारगमन सलाहकार [[जेरेट वाकर]], जिन्होंने परिसर में सेवा प्रदान करने के लिए वीटीए के साथ काम किया, ने सार्वजनिक परिवहन की खराब पहुंच के कारण परिसर के डिजाइन की आलोचना की।<ref>{{Cite web|last=Brinklow|first=एडम|डेट=2017-04-27|शीर्षक=टेक कंपनियों को ट्रांजिट के करीब जाना चाहिए, नई रिपोर्ट कहती है|url=https://sf.curbed.com/2017/4/27/15458764/spur-silicon-valley-|पहुँच-तिथि=२०२०-१२-११|वेबसाइट=कर्बेड SF|भाषा=hi|title=संग्रहीत प्रति|access-date=1 जुलाई 2021|archive-date=11 जुलाई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210711171516/https://sf.curbed.com/2017/4/27/15458764/spur-silicon-valley-transit-report-sf|url-status=dead}}</ref>
==== वाहन ====
पार्किंग भूमिगत और दो बड़ी पार्किंग संरचनाओं में स्थित है, जिसमें लगभग 14,200 कर्मचारी रहते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.macworld.co.uk/feature/apple/apple-spaceship-campus-facts-pictures-video-info-video-3489704|title=Apple sends out photos of near-complete Campus 2 HQ ahead of 2017 launch|first=Amy|last=Moore|publisher=Macworld|access-date=June 22, 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160623051436/http://www.macworld.co.uk/feature/apple/apple-spaceship-campus-facts-pictures-video-info-video-3489704/|archive-date=June 23, 2016|url-status=live}}</ref> क्यूपर्टिनो विनियमों के लिए कम से कम 11,000 पार्किंग स्पेस की आवश्यकता है,<ref>{{cite web|url=https://www.businessinsider.nl/apple-park-new-campus-more-parking-than-offices-2017-4/?international=true&r=US|title=Apple's new $5 billion campus has more space for parking than offices|first=Kif|last=Leswing|date=April 9, 2017|work=BusinessInsider|access-date=April 17, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170418081900/https://www.businessinsider.nl/apple-park-new-campus-more-parking-than-offices-2017-4/?international=true&r=US|archive-date=April 18, 2017|url-status=live}}</ref> जिनमें से 700 में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन हैं।<ref>{{cite web|title=Environmental Responsibility Report|url=https://images.apple.com/environment/pdf/Apple_Environmental_Responsibility_Report_2017.pdf|publisher=Apple Inc.|date=2017|access-date=April 21, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170421013446/https://images.apple.com/environment/pdf/Apple_Environmental_Responsibility_Report_2017.pdf|archive-date=April 21, 2017|url-status=live}}</ref>
भूमिगत पार्किंग गैरेज में 2,000 पार्किंग स्थान हैं। पार्किंग का प्रबंधन सेंसर और ऐप्स द्वारा किया जाता है, जो ट्रैफ़िक और पार्किंग स्थानों का प्रबंधन करते हैं।<ref name="MC-parking">{{cite web|url=http://www.mercurynews.com/2017/02/24/apple-campus-city-public-works-shares-insights-into-traffic-sheer-size-of-project|title=Apple Park: Cupertino shares insights into traffic, sheer size of project|first=Kristi|last=Myllenbeck|date=February 24, 2017|work=The Mercury News|access-date=April 17, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170418081804/http://www.mercurynews.com/2017/02/24/apple-campus-city-public-works-shares-insights-into-traffic-sheer-size-of-project/|archive-date=April 18, 2017|url-status=live}}</ref>
==== साइकिल चलाना ====
कर्मचारियों के घूमने के लिए परिसर में 1,000 बाइक हैं, पूरे {{convert|175|एकड़|हा|adj=on}} परिसर में मीलों साइकिल और जॉगिंग ट्रेल्स के साथ।<ref>{{Cite web|url=https://www.businessinsider.com/apple-designed-bikes-new-campus-created-by-public-bikes-photos-2018-1|title=Check out the beautifully minimalist bikes Apple designed for its $5 billion campus|last=Leswing|first=Kif|website=Business Insider|access-date=2019-11-04}}</ref> भूमिगत कार पार्किंग गैरेज में अतिरिक्त 2,000 साइकिल पार्किंग स्थान हैं।<ref name="MC-parking" />
=== एप्पल पार्क आगंतुक केंद्र ===
[[File:Apple Park Visitor Center - October 2018 - 8837.jpg|thumb|10600 एन तांताऊ एवेन्यू ऐप्पल पार्क विज़िटर सेंटर [[क्यूपर्टिनो, कैलिफ़ोर्निया|क्यूपर्टिनो]]। ऐप्पल पार्क मॉडल की खोज के लिए [[ऑगमेंटेड रियलिटी|ऑगमेंटेड रियलिटी]] [[आईपैड]] का उपयोग करते हुए देखे गए विज़िटर।.]]
एप्पल पार्क आगंतुक केंद्र पार्क विज़िटर सेंटर एक दो मंजिला {{convert|20,135|sqft|m2|abbr=on}} संरचना है जिसमें चार मुख्य क्षेत्र हैं: एक [[एप्पल स्टोर]]<ref>{{cite web|url=https://news.fastcompany.com/here-are-all-the-details-on-apple-park-the-companys-massive-new-spaceship-campus-4031078|title=Here are all the details on Apple Park, the company's massive new spaceship campus|work=Fast Company|date=February 22, 2017|access-date=May 16, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170225142736/https://news.fastcompany.com/here-are-all-the-details-on-apple-park-the-companys-massive-new-spaceship-campus-4031078|archive-date=February 25, 2017|url-status=live}}</ref> एप्पल-ब्रांडेड मर्चेंडाइज (टी-शर्ट, टोपी, टोट बैग, पोस्ट कार्ड) को नियमित एप्पल स्टोर पर नहीं बेचा जाता है,<ref>{{cite web|title=Apple Park Visitor Center Set to Open by Year's End (Byways Magazine)|url=https://apple.news/Avw0kKJh4S_ebSasCZDNaUA|website=Byways|access-date=October 30, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171102004444/https://apple.news/Avw0kKJh4S_ebSasCZDNaUA|archive-date=November 2, 2017|url-status=live}}</ref> {{convert|2386|sqft|m2|abbr=on}} एप्पल कैफे, एक प्रदर्शनी स्थल जो वर्तमान में संवर्धित वास्तविकता के साथ एप्पल पार्क का एक 3D मॉडल और परिसर की ओर एक छत की छत को प्रदर्शित करता है। इसे 17 नवंबर, 2017 को जनता के लिए खोल दिया गया।<ref>{{cite web|last1=Hein|first1=Buster|title=Apple Park visitor center opens doors to the public {{!}} Cult of Mac|url=https://www.cultofmac.com/514753/apple-park-visitor-center-opens-doors-public/|website=Cult of Mac|access-date=November 17, 2017|date=November 17, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171118033125/https://www.cultofmac.com/514753/apple-park-visitor-center-opens-doors-public/|archive-date=November 18, 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|last1=Wuerthele|first1=Mike|title=Apple Park visitors center complete, slated to open before end of 2017|url=http://appleinsider.com/articles/17/10/30/apple-park-visitors-center-complete-slated-to-open-before-end-of-2017|website=AppleInsider|access-date=October 30, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171031081306/http://appleinsider.com/articles/17/10/30/apple-park-visitors-center-complete-slated-to-open-before-end-of-2017|archive-date=October 31, 2017|url-status=live}}</ref>केंद्र की अनुमानित लागत $80M है।<ref>{{cite web|url=http://appleinsider.com/articles/16/01/18/apple-to-spend-80m-on-campus-2-visitor-center|title=Apple to spend $80M on Campus 2 visitor center|first=Mikey|last=Campbell|date=January 18, 2016|work=AppleInsider|access-date=February 18, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170218143500/http://appleinsider.com/articles/16/01/18/apple-to-spend-80m-on-campus-2-visitor-center|archive-date=February 18, 2017|url-status=live}}</ref> 10600 एन. तांताऊ (तांताऊ और प्रूनरिज के पूर्वोत्तर कोने) में संपत्ति परिसर से सड़क के पार है और ठीक है एक सांता क्लारा आवासीय पड़ोस।<ref>{{cite web|url=http://fortune.com/2015/07/30/apple-visitors-center-spaceship|title=Apple visitor's center will offer views of Steve Jobs' Spaceship|first=Philip|last=Elmer-DeWitt|date=July 30, 2015|work=Fortune|access-date=February 18, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170228043515/http://fortune.com/2015/07/30/apple-visitors-center-spaceship/|archive-date=February 28, 2017|url-status=live}}</ref> भूमिगत पार्किंग गैरेज, जिसमें करीब 700 स्थान हैं, की अनुमानित लागत $26 मिलियन है। आगंतुक केंद्र एप्पल पार्क का एकमात्र हिस्सा है [[पर्यटन|पर्यटक]] को जाने की अनुमति है।
== मैदान ==
=== भूनिर्माण ===
[[फ़ाइल:एप्पल कैंपस २ जनवरी१६.जेपीजी|अंगूठे|निर्माणाधीन पार्क, जनवरी २०१६]]
परिसर का 80% हिस्सा हरा भरा है।<ref name="APark Jobs Council">{{cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=06QqipaAvGY|title=Steve Jobs TV Appearance at at क्यूपर्टिनो सिटी काउंसिल (६/७/११)|प्रकाशक=[[यूट्यूब]]|दिनांक=६ जुलाई, २०११|एक्सेस-डेट=१६ मई, २०१७|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/ web/20160629130329/https://www.youtube.com/watch?v=06QqipaAvGY|archive-date=June 29, 2016|url-status=live}}</ref> प्राथमिक भवन के बीच में विशाल प्रांगण खूबानी, जैतून, और सेब के बागों के साथ-साथ कैफे के पास एक [[जड़ी-बूटी का बगीचा]] लगाया गया था। परिसर के परिदृश्य के लिए चुने गए अन्य पौधे सूखा सहिष्णु हैं। परिसर में पानी भरने के लिए पुनर्नवीनीकरण पानी का उपयोग किया जाता है।
2011 में, Apple ने Apple पार्क के आसपास कैलिफ़ोर्निया के प्राकृतिक वातावरण को विकसित करने के लिए एक [[arborist]], डेव मफ़्ली को काम पर रखा था।<ref name="Levy">{{cite news|last1=Levy|first1=Steven|author-link1=स्टीवन लेवी|शीर्षक=एप्पल पार्क का ट्री व्हिस्परर|यूआरएल=https://www.wired.com/story/apple-parks-tree-whisperer/|access-date=19 मार्च, 2018|काम=वायर्ड|प्रकाशक=कोंडे नास्ट| दिनांक=1 जून, 2017|स्थान=सैन फ्रांसिस्को|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20180319213741/https://www.wired.com/story/apple-parks-tree-whisperer/ |archive-date=मार्च 19, 2018|url-status=live}}</ref> जब जॉब्स ने [[द डिश (लैंडमार्क)|स्टैनफोर्ड डिश] के पास ओक के पेड़ों की गुणवत्ता को पहचाना, तब एप्पल के हेडहंटर्स ने 2010 में मफली को ट्रैक किया। ] और अपने लोगों से उनकी देखभाल करने वाले आर्बोरिस्ट को खोजने के लिए कहा।<ref name="Levy" />
एप्पल पार्क परिसर में ९,००० पेड़ हैं, जिनमें ३०९ देशी प्रजातियां हैं।<ref name="openingdate" /><ref name=VBtree /> लगाए गए पेड़ हैं [[ओक सवाना]], [[ओक वुड]] , और [[खुबानी]], सेब, आलूबुखारा, चेरी और [[ख़ुरमा]] सहित फलों के पेड़। [[घास का मैदान|कैलिफोर्निया के मूल निवासी घास के मैदान]] के लिए अतिरिक्त {{कन्वर्ट|15|एकड़|0}} का उपयोग किया जाता है।<ref>{{cite web|url=http://www.cnga.org/page-1633090 |Title=कैलिफोर्निया नेटिव ग्रासलैंड्स एसोसिएशन - ग्रास फैक्ट्स|एक्सेस-डेट=24 जून, 2016|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20160809200925/http://www.cnga.org/page- १६३३०९०|आर्काइव-डेट=अगस्त ९, २०१६|url-status=live}}</ref> प्रस्तुत सेब की किस्मों में [[गोल्डन डिलीशियस]], [[ग्रैनी स्मिथ]], [[ग्रावेनस्टीन]], और [ [क्रिप्स पिंक|पिंक लेडी]], लेकिन [[मैकिन्टोश (सेब)|मैकिन्टोश]] उल्लेखनीय रूप से अनुपस्थित है।<ref name="Levy" />
ईमानदारी से काम शुरू करने के बाद, मफली ने महसूस किया कि 4,000 मौजूदा पेड़ों में से सौ से भी कम वास्तव में प्रयोग करने योग्य थे।<ref name="Levy" /> इसका मतलब था कि उन्हें 9,000 नियोजित पेड़ों में से लगभग सभी को खरोंच से खरीदना था।<ref name="Levy" /> उनकी टीम ने छोड़े गए [[क्रिसमस ट्री की खेती|क्रिसमस ट्री फ़ार्म]] की खोज की, और Apple ने वास्तव में [[यर्मो, कैलिफ़ोर्निया|यर्मो]] [[मोजावे डेजर्ट] में एक खरीदा। ].<ref name="लेवी" />
=== ऐतिहासिक खलिहान ===
[[फाइल: ग्लेनडेनिंग बार्न १.jpg|अंगूठे|दाएं|ईमानदार=0.8|ग्लेनडेनिंग बार्न जैसा कि एप्पल पार्क के बगल में फुटपाथ से देखा गया]]
ऐप्पल ने परिसर के लिए जो जमीन खरीदी थी, उसमें एक पुराना [[खलिहान]] था जिसे जॉन लियोनार्ड ने रेडवुड तख्तों का उपयोग करके १९१६ में बनाया था। लियोनार्ड ने ग्लेनडेनिंग परिवार में शादी की, जो स्कॉटलैंड से संयुक्त राज्य अमेरिका में आकर बस गए और 1850 के दशक में इस क्षेत्र में बस गए। Apple द्वारा संपत्ति खरीदने के बाद, Apple, क्यूपर्टिनो हिस्टोरिकल सोसाइटी और क्यूपर्टिनो शहर के बीच खलिहान के भाग्य के बारे में चर्चा हुई। खलिहान में शहर की दिलचस्पी 2004 के ऐतिहासिक स्थल के रूप में घोषित होने से पैदा हुई।<ref>{{cite news|url=http://www.mercurynews.com/2017/07/14/barn-at-apple-park- पीढ़ी-दर-पीढ़ी-कड़ी मेहनत का प्रतिनिधित्व करता है/|शीर्षक=एप्पल पार्क में खलिहान 'दूरदर्शी' की पीढ़ियों की 'कड़ी मेहनत' का प्रतिनिधित्व करता है|तिथि=14 जुलाई, 2017|कार्य=[[सैन जोस मर्करी न्यूज]]|access-date=जुलाई 25, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170719185000/http://www.mercurynews.com/2017/07/14/barn-at-apple-|आर्काइव-तिथि=19 जुलाई, 2017|url-status=live|title=संग्रहीत प्रति|archive-date=19 जुलाई 2017}}</ref>
अंततः ऐप्पल संपत्ति पर खलिहान रखने के लिए सहमत हो गया, और इसका उपयोग "रखरखाव उपकरण और अन्य भूनिर्माण सामग्री को स्टोर करने" के लिए कर रहा है। परिसर के निर्माण के दौरान खलिहान को अलग कर दिया गया और फिर एक अलग स्थान पर फिर से इकट्ठा किया गया जहां से यह मूल रूप से स्थित था।<ref>{{cite web|url=https://www.macrumors.com/2017/07/13/apple- पार्क-जुलाई-2017-ड्रोन-वीडियो|शीर्षक=Apple ने अपने नए मुख्यालय में एक ऐतिहासिक खलिहान को स्थानांतरित करना और सटीक रूप से फिर से जोड़ना समाप्त कर दिया है|तिथि=13 जुलाई, 2017|पहले=जो|अंतिम=रॉसिग्नोल|पहुंच-तिथि=२५ जुलाई, २०१७ |archive-url=https://web.archive.org/web/20170715144303/https://www.macrumors.com/2017/07/13/apple-park-july-2017-drone-video/|archive- दिनांक=15 जुलाई, 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{उद्धरण समाचार|url=http://www.mercurynews.com/2017/07/14/barn-at-apple- पार्क-प्रतिनिधित्व-कड़ी मेहनत-की-पीढ़ी-दूरदर्शी|शीर्षक=एप्पल पार्क में खलिहान 'दूरदर्शी' की पीढ़ियों की 'कड़ी मेहनत' का प्रतिनिधित्व करता है|तिथि=14 जुलाई, 2017|पहला=क्रिस्टी|अंतिम=माइलनबेक|कार्य =[[सैन जोस मर्करी न्यूज]]|एक्सेस-डेट=२५ जुलाई, २०१७|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20170719185000/http://www.mercurynews.com/2017/07 /14/खलिहान-पर-सेब-पार्क- प्रतिनिधित्व-कड़ी मेहनत-की-पीढ़ी के दूरदर्शी/|संग्रह-तिथि=19 जुलाई, 2017|url-status=live}}</ref>
=== भीतरी आंगन === ==
भीतरी प्रांगण {{convert|30|एकड़|हेक्टेयर}} है, और एक कृत्रिम तालाब और एक कैफे के साथ फलों के पेड़ों से भरा हुआ है। केंद्र में, कई मेहराबों वाला एक आयताकार मैदान है जो दूर से देखने पर [[इंद्रधनुष]] जैसा दिखता है।
== आलोचना ==
[[फ़ाइल: ऐप्पल पार्क क्यूपर्टिनो नाइट एरियल.जेपीजी|थंब|दिसंबर 2017 में नए खुले ऐप्पल पार्क और क्यूपर्टिनो का रात का हवाई दृश्य]]
ऐप्पल पार्क परिसर के डिजाइन को उपनगरीय कार्यालय पार्कों का "अंतिम उदाहरण" कहा गया है, जो कि गिरावट में हैं क्योंकि कंपनियां बेहतर पारगमन, साइकिल और पैदल यात्री पहुंच के साथ शहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित करना चाहती हैं।<ref>{{उद्धरण समाचार |last=Goodyear |first=Sarah |date=14 जून, 2011 |शीर्षक=उपनगरीय कार्यालय पार्कों में भाप कम होने के कारण, Apple ने अंतिम उदाहरण का खुलासा किया |url=http://grist.org/sprawl/2011-06-14-as -उपनगरीय-कार्यालय-पार्क-खोज-भाप-सेब-अनवील-द-अल्टीमेट-ई/ |कार्य=[[ग्रिस्ट (पत्रिका)|ग्रिस्ट]] |पहुंच-तिथि=4 दिसंबर, 2017 |आर्काइव-यूआरएल=https: //web.archive.org/web/20171206140029/http://grist.org/sprawl/2011-06-14-as-suburban-office-parks-lose-steam-apple-unveils-the-ultimate-e/ |archive-date=दिसंबर ६, २०१७ |url-status=live }}</ref> एक गैर-लाभकारी पर्यावरण वकालत समूह [[नेचुरल रिसोर्सेज डिफेंस काउंसिल]] के केड बेनफील्ड ने मौजूदा परिसर में योगदान के लिए प्रस्तावित परिसर की आलोचना की [[उपनगरीय फैलाव]], कार पर निर्भर सुविधाओं और महंगी अचल संपत्ति की बर्बादी के साथ [[किफायती आवास]] के लिए टोपी का इस्तेमाल किया जा सकता था। =[[प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद]] |url=http://switchboard.nrdc.org/blogs/kbenfield/if_you_care_about_cities_retur.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120504000649/http://switchboard.nrdc.org/blogs/kbenfield/if_you_care_about_cities_retur.html |date=4 मई 2012 }} |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/ वेब/२०१२०५०४०००६४९/http://switchboard.nrdc.org/blogs/kbenfield/if_you_care_about_cities_retur.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120504000649/http://switchboard.nrdc.org/blogs/kbenfield/if_you_care_about_cities_retur.html |date=4 मई 2012 }} |archive-date=4 मई, 2012 |access-date=4 दिसंबर, 2017 |df=mdy-all }}</ref >
मुख्यालय ने उस समय भी प्रतिकूल ध्यान आकर्षित किया जब 2018 में यह सामने आया कि इमारत की स्पष्ट कांच की दीवारों और दरवाजों में चलने के बाद दो कर्मचारी घायल हो गए थे और उन्हें अस्पताल में इलाज की आवश्यकता थी।<ref>{{Cite web |url=https://www.marketwatch। कॉम/स्टोरी/पीपल-अरे-वॉकिंग-इन-ग्लास-एट-द-न्यू-ऐप्पल-हेडक्वार्टर-2018-02-15 |शीर्षक=संग्रहीत कॉपी |एक्सेस-डेट=13 मार्च, 2018 |आर्काइव-यूआरएल=https: //web.archive.org/web/20180313094212/https://www.marketwatch.com/story/people-are-walking-into-glass-at-the-new-apple-headquarters-2018-02-15 |संग्रह-तिथि=13 मार्च, 2018 |url-status=live }}{{Dead link|date=जुलाई 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
ऐप्पल को अपने नए मुख्यालय के कथित अपव्यय के साथ-साथ इसके डिजाइन और निर्माण के लिए पूर्णतावादी दृष्टिकोण के लिए कुछ आलोचना मिली। निर्माण सामग्री के रूप में विशेष लकड़ी के उपयोग को 30-पृष्ठ दिशानिर्देश का विषय बताया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.reuters.com/article/us-apple-campus- idUSKBN15M0CM|शीर्षक=स्टीव जॉब्स को चैनल करते हुए, Apple नए में डिजाइन पूर्णता चाहता है...|last=Love|first=Julia|work=US|access-date=28 मई, 2018|भाषा=एन-यूएस|आर्काइव-यूआरएल=https ://web.archive.org/web/20170515175005/http://www.reuters.com/article/us-apple-campus-idUSKBN15M0CM|archive-date=15 मई, 2017|url-status=live}}{{Dead link|date=जुलाई 2021 |bot=InternetArchiveBot }}< /ref> दरवाजे के हैंडल के डिजाइन को डेढ़ साल की बहस का विषय बताया गया, जिसमें एप्पल प्रबंधन द्वारा अपनी मंजूरी देने से पहले कई संशोधन शामिल थे।<ref>{{Cite news|url=http://www. techtimes.com/articles/196461/20170208/apple-repeated-delays-to-perfect-spaceship-campus-reveal-why-it-is-extravagantly-anti-people.htm|title=Apple रिपीट डिले टू परफेक्ट स्पेसशिप कैंपस रिवील यह अत्यधिक जनविरोधी क्यों है|अंतिम=लॉटरिना|पहला=क्रिस|तिथि=8 फरवरी, 2017|कार्य=टेक टाइम्स|पहुंच-दा te=28 मई, 2018|भाषा=hi|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org/web/20180528133644/http://www.techtimes.com/articles/196461/20170208/apple-repeated-delays -to-perfect-spaceship-campus-reveal-why-it-is-extravagantly-anti-people.htm|archive-date=28 मई, 2018|url-status=live}}</ref> कस्टम साइनेज के लिए Apple की इच्छा कंपनी को सांता क्लारा काउंटी फायर डिपार्टमेंट के विरोध में खड़ा कर दिया, इस डर के कारण कई दौर की बातचीत की आवश्यकता थी कि यह आपात स्थिति में सुरक्षा से समझौता कर सकता है।<ref>{{Cite news|url=http://www.siliconbeat.com/ २०१७/०२/०७/सेब-स्पेसशिप-कैंपस-अधिक-से-एक-वर्ष-से-अनुमोदन-ए-डोर-हैंडल-रिपोर्ट-कहता है/|शीर्षक=एप्पल का 'स्पेसशिप' परिसर: ए को स्वीकृत करने के लिए एक वर्ष से अधिक रिपोर्ट में कहा गया है कि दरवाज़े के हैंडल और शौचालय जैसे iPhones|दिनांक=7 फरवरी, 2017|काम=सिलिकॉनबीट|एक्सेस-डेट=28 मई, 2018|भाषा=एन-यूएस|आर्काइव-यूआरएल=https://web.archive.org /web/20180528220229/http://www.siliconbeat.com/2017/02/07/apples-spaceship-campus-more-than-a-year-to-approve-a-door-handle-report-says/| संग्रह-डी ate=28 मई, 2018|url-status=live}}</ref>
अपनी पुस्तक ''[[ब्रोटोपिया]]'' में, लेखिका [[एमिली चांग (पत्रकार)|एमिली चांग]] ने कर्मचारियों के बच्चों के लिए डेकेयर की सुविधा नहीं होने के बावजूद एप्पल पार्क की आलोचना की, इसके बावजूद यह हर व्यक्ति की जरूरतों को स्पष्ट रूप से पूरा करता है।< रेफरी> {{उद्धरण पुस्तक | अंतिम = चांग | प्रथम = एमिली | लेखक-लिंक = एमिली चांग (पत्रकार) | तारीख = 6 फरवरी, 2018 | शीर्षक = [[ब्रोटोपिया | ब्रोटोपिया: सिलिकॉन वैली के लड़कों के क्लब को तोड़ना] ]|प्रकाशक=पोर्टफोलियो|isbn=978-0-7352-1353-1}}</ref>
== References ==
{{Reflist|2}}
== External links ==
{{Commons category|Apple Park}}
*[https://www.wired.com/2017/05/apple-park-new-silicon-valley-campus Apple Park] – ''One More Thing: Inside Apple’s Insanely Great (Or Just Insane) New Mothership'' article, [[Wired.com]]
*[https://www.youtube.com/watch?v=gtuz5OmOh_M Steve Jobs Presents to the Cupertino City Council (6/7/11)] – Steve Jobs presenting his plans for the Apple Park at the Cupertino Community Hall, [[YouTube]]
{{Apple Inc.}}
{{Cupertino, California}}
{{Portal bar|San Francisco Bay Area|Architecture}}
[[श्रेणी:Apple Inc.]]
[[श्रेणी:High-tech architecture]]
[[श्रेणी:Foster and Partners buildings]]
[[श्रेणी:Buildings and structures in Santa Clara County, California]]
[[श्रेणी:Information technology company headquarters in the United States]]
[[श्रेणी:Round buildings]]
[[श्रेणी:Office buildings in California]]
[[श्रेणी:Cupertino, California]]
[[श्रेणी:Office buildings completed in 2017]]
[[श्रेणी:2017 establishments in California]]
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एप्पल कैंपस
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text/x-wiki
{{For|एप्पल का वर्तमान मुख्यालय|एप्पल पार्क}}
{{Infobox building
|name = एप्पल कैंपस
|image = Apple Campus One Infinite Loop Sign.jpg
|caption = इनफिनिट लूप पर प्रवेश चिह्न
|built = 1993
|location = [[क्यूपर्टिनो, कैलिफ़ोर्निया]], यू.एस.
|coordinates = {{coord|37.33182|-122.03118|region:US-CA|display=inline,title}}
|architect = सोबराटो डेवलपमेंट कंपनी
|area = {{convert|850000|sqft|m2}}
|address = 1 इनफिनिट लूप<br>क्यूपर्टिनो, CA 95014
}}
'''ऐप्पल कैम्पस''' 1993 से 2017 तक [[एप्पल इंक.]] का पूर्व [[कॉर्पोरेट मुख्यालय]] है, जब इसे बड़े पैमाने पर [[एप्पल पार्क]] द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था, हालांकि यह अभी भी इसके द्वारा उपयोग किया जाता है Apple ऑफिस और लैब स्पेस के रूप में। यह परिसर संयुक्त राज्य अमेरिका के [[क्यूपर्टिनो, कैलिफोर्निया]] में '''1 अनंत लूप''' पर स्थित है। इसका डिज़ाइन एक [[विश्वविद्यालय]] जैसा दिखता है, जिसमें एक उपनगरीय व्यापार पार्क के समान [[हरित आधारभूत संरचना | हरी रिक्त स्थान]] की व्यवस्था की गई इमारतों के साथ।
==इतिहास और स्थापना==
[[File:Apple Headquarters in Cupertino.jpg|thumb|left|upright|डी अंज़ा बुलेवार्ड से मुख्य भवन (IL1) का दृश्य]]
[[File:Apple Campus.png|thumb|170px|एप्पल कैंपस के अंदर। कैफ मैक के बाहर ले जाया गया, IL6 की ओर देख रहा है।]]
ऐप्पल का कॉर्पोरेट मुख्यालय मूल रूप से क्यूपर्टिनो में 20525 मारियानी एवेन्यू में बिल्डिंग 1 में स्थित था। डे अंज़ा बुलेवार्ड में मारियानी वन के पूर्व की भूमि जहां परिसर का निर्माण किया गया था, मूल रूप से कंपनी [[चार-चरण सिस्टम]] (बाद में [[मोटोरोला]] द्वारा अधिग्रहित) द्वारा कब्जा कर लिया गया था। इसका क्षेत्रफल {{convert|850000|sqft|m2}} है। निर्माण 1992 में शुरू हुआ और 1993 में सोबराटो डेवलपमेंट कंपनी द्वारा पूरा किया गया। <ref>{{cite web |url = http://www.sobrato.com/portfolio_commercial.php?id=17&thumb=thumb1&img=img1&page=12 |publisher = The Sobrato Organization |title = Portfolio - Commercial: Apple Computer World Headquarters |access-date = May 10, 2010 |year = 2007 |url-status = dead |archive-url = https://web.archive.org/web/20090402080117/http://sobrato.com/portfolio_commercial.php?id=17&thumb=thumb1&img=img1&page=12 |archive-date = April 2, 2009 }}</ref>| 1997 से पहले, परिसर में विशेष रूप से गतिविधियां आयोजित की जाती थीं [[अनुसंधान और विकास]]। उस समय तक इमारतों को आर एंड डी 1-6 के रूप में जाना जाता था। 1997 में एप्पल में [[स्टीव जॉब्स]] की वापसी के साथ, परिसर में परिवर्तन किए गए: एप्पल ने कब्जे वाले भवनों की संख्या में वृद्धि की, और R&D से संबंधित कई गतिविधियों को अनंत लूप पर इमारतों में स्थानांतरित कर दिया गया, जिस बिंदु पर वे उनके आईएल # पदनामों द्वारा संदर्भित किया जाने लगा। स्टीव जॉब्स ने परिसर में अतिरिक्त निशान छोड़े, उदाहरण के लिए, कर्मचारियों के पालतू जानवरों पर प्रतिबंध लगाना<ref>{{cite web |title=Steve Jobs, Pitbull Lover |url=https://motherboard.vice.com/en_us/article/mggpkb/steve-jobs-pitbull-lover |website=Motherboard |language=en-us |date=10 October 2011 |access-date=1 जुलाई 2021 |archive-date=31 दिसंबर 2019 |archive-url=https://archive.today/20191231081129/https://motherboard.vice.com/en_us/article/mggpkb/steve-jobs-pitbull-lover |url-status=dead }}</ref> और कैफेटेरिया मेनू में नाटकीय रूप से सुधार रहे हैं।
12 अगस्त 2008 की रात को, वैली ग्रीन 6 इमारत की दूसरी मंजिल पर आग लग गई। अग्निशामकों ने आग बुझाने के लिए अगली सुबह तक घंटों तक काम किया। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन चालीस साल पुरानी इमारत को आग से $2 मिलियन का नुकसान हुआ है।<ref>{{cite news |url = http://abclocal.go.com/kgo/story?section=news/local&id=6323910 |title = Fire burns building at Apple headquarters |date = August 13, 2008 |publisher = KGO-TV/DT |location = San Francisco, CA |access-date = July 19, 2010 |archive-url = https://web.archive.org/web/20100314101746/http://abclocal.go.com/kgo/story?section=news%2Flocal&id=6323910 |archive-date = March 14, 2010 |url-status = dead }}</ref>
== स्थान और लेआउट ==
[[File:AppleCampusInfiniteLoop.png|thumb|left|upright|एप्पल परिसर का नक्शा]]
[[File:Apple Cupertino Executive Briefing Center.jpg|thumb|एप्पल कैंपस के एक्जीक्यूटिव ब्रीफिंग सेंटर में फ्लैटस्क्रीन और सर्वर की एक दीवार]]
एप्पल कैंपस [[इंटरस्टेट 280 (कैलिफ़ोर्निया)|इंटरस्टेट 280]] और डी अंज़ा बुलेवार्ड के दक्षिण-पूर्व कोने पर स्थित है, और {{convert|32|acre|m2}} पर कब्जा करता है <ref name="22questions">{{cite web |url = http://www.appleinsider.com/articles/06/05/04/piperjaffray_addresses_22_unanswered_apple_questions.html |title = PiperJaffray addresses 22 unanswered Apple questions |work = AppleInsider |date = May 4, 2006 |access-date = May 10, 2010 |archive-date = 30 जून 2012 |archive-url = https://archive.today/20120630010522/http://www.appleinsider.com/articles/06/05/04/piperjaffray_addresses_22_unanswered_apple_questions.html |url-status = dead }}</ref> चार मंजिलों में फैले छह भवनों में। निजी यू-आकार की सड़क अनंत लूप पर प्रत्येक भवन को एक अंक के साथ क्रमांकित किया जाता है, इसलिए इसका नाम [[अनंत लूप]] की प्रोग्रामिंग अवधारणा के कारण रखा गया है। मारियानी एवेन्यू के साथ सड़क, वास्तव में एक सर्किट (या चक्र) बनाती है जो अनिश्चित काल तक फैल सकती है। मुख्य भवन का पता 1 अनंत लूप, क्यूपर्टिनो, कैलिफोर्निया है। अनंत लूप 1-6 के लिए कर्मचारी इन भवनों को IL1 से IL6 के रूप में संदर्भित करते हैं। अनंत लूप पर इमारतों के अलावा, पूरे ऐप्पल कैंपस में अपने कर्मचारियों को समायोजित करने के लिए पूरे शहर में बिखरे हुए अतिरिक्त तीस भवन हैं। इनमें से कुछ इमारतों को पट्टे पर दिया गया है (औसतन 2.50 डॉलर प्रति वर्ग फुट की किराये की लागत के साथ),<ref>{{cite web |url = http://sanjose.bizjournals.com/sanjose/stories/2005/10/03/story4.html?page=1 |title = Apple gobbles up Cupertino office space |work = San Jose Business Journal |first = Sharon |last = Simonson |date = September 30, 2005 |access-date = May 11, 2010 }}</ref> जबकि अन्य हाल के अधिग्रहण के हैं; नई इमारतों पर कब्जा करने वाली भूमि का उपयोग कंपनी की गतिविधियों को केंद्रीकृत करने के उद्देश्य से शहर में दूसरे परिसर के भविष्य के निर्माण के लिए किया जाएगा। कुल मिलाकर, प्रूनरिज एवेन्यू पर नौ नई अधिग्रहीत इमारतों सहित, कंपनी क्यूपर्टिनो शहर में अपनी गतिविधियों के लिए {{convert|3300000|sqft|m2}} से अधिक को नियंत्रित करती है। यह कार्यालय स्थान के {{कन्वर्ट|८८०००००|वर्गफुट|एम२}} के लगभग ४०% का प्रतिनिधित्व करता है और शहर में उपलब्ध अनुसंधान और विकास के लिए सुविधाएं। 1 अनंत लूप में एक [[Apple Store#Apple Company Store|Apple Store]] Apple उपकरण और स्मृति चिन्ह बेच रहा है। यह परिसर का एकमात्र भाग है जो जनता के लिए खुला है।<ref name="Inside Apple's redesigned campus store in Cupertino">{{cite web |last1 = Bell |first1 = Karissa |title = Inside Apple's redesigned campus store in Cupertino |url = http://mashable.com/2015/09/19/apple-store-cupertino/ |website = Mashable |access-date = November 22, 2015 }}</ref>
{{clear}}
=== एप्पल पार्क का विकास ===
{{मुख्य|एप्पल पार्क}}
अप्रैल 2006 में, स्टीव जॉब्स ने क्यूपर्टिनो की नगर परिषद को घोषणा की कि Apple ने दूसरा परिसर बनाने के लिए नौ निकटवर्ती संपत्तियों का अधिग्रहण किया है, जिसे Apple कैंपस 2 कहा जाता है,<ref>{{cite web |url = http://www.cupertino.org /index.aspx?page=26&recordid=696&returnURL=%2findex.aspx |title = News : Apple Campus 2 Project Update |publisher = Cupertino |access-date = 28 मई, 2013 }}</ref> एक मील पूर्व में स्थित है मौजूदा सुविधा। ऐप्पल की क्यूपर्टिनो में 1977 से उपस्थिति रही है, यही वजह है कि कंपनी ने सस्ते, दूर के स्थान पर जाने के बजाय इस क्षेत्र में निर्माण करने का फैसला किया। आवश्यक संपत्तियों की खरीद कंपनी [[हाइन्स इंटरेस्ट्स लिमिटेड पार्टनरशिप|हाइन्स इंटरेस्ट]],<ref>{{cite web |url = http://sanjose.bizjournals.com/sanjose/stories/2006/04/ के माध्यम से की गई थी। 17/daily70.html |शीर्षक = नए क्यूपर्टिनो परिसर में टेक्सास की फर्म के साथ एप्पल की टीमें |कार्य = सैन जोस बिजनेस जर्नल |प्रथम = शेरोन |अंतिम = सिमंसन |दिनांक = २१ अप्रैल, २००६ |पहुंच-तिथि = १० मई, २०१० }}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref name=Chandler2006>{{cite news |last1 = Chandler |first1 = Michele |title = Apple ने क्यूपर्टिनो में 50 एकड़ कैसे पाया और उन्होंने इसके लिए मोटी रकम क्यों अदा की |url = http://www.mercurynews .com/mld/mercurynews/14422699.htm |एक्सेस-डेट = 27 सितंबर, 2014 |वर्क = सैन जोस मर्करी-न्यूज़ |डेट = 28 अप्रैल, 2006 |आर्काइव-यूआरएल = https://web.archive.org/web /20060628080011/http://www.mercurynews.com/mld/mercurynews/14422699.htm |archive-date = 28 जून, 2006 }}{{Dead link|date=जुलाई 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जिसने कम से कम कुछ मामलों में इस तथ्य का खुलासा नहीं किया कि Apple था अंतिम खरीदार;<ref name=Chandler2006 /> फिलिप महोनी, एक साथी बुद्धि हा स्थानीय वाणिज्यिक अचल संपत्ति ब्रोकरेज, ने नोट किया कि लागत को आसमान छूने से बचाने और प्रतिस्पर्धियों को कंपनी की योजनाओं को प्रकट नहीं करने के लिए अलग-अलग मालिकों के साथ कई पार्सल से बनी आसन्न भूमि की खरीद की व्यवस्था करने के प्रयासों में यह आम बात है।<ref name =Chandler2006 /> संपत्तियों के विक्रेताओं में समरहिल होम्स ({{कन्वर्ट|8|एकड़|m2}} का एक प्लॉट) और [[हेवलेट-पैकार्ड]] (क्यूपर्टिनो में उनके परिसर की तीन इमारतें) थे।<ref name =चैंडलर2006 />
7 जून 2011 को, एप्पल के तत्कालीन सीईओ स्टीव जॉब्स ने क्यूपर्टिनो सिटी काउंसिल को नई इमारतों और उनके परिवेश के वास्तुशिल्प डिजाइन के विवरण प्रस्तुत किए। {{कन्वर्ट|176|एकड़|किमी२}} की कुल साइट पर नए परिसर में १३,००० कर्मचारियों के लिए लगभग {{कन्वर्ट|२८००००|sqft|m2}}, एक कैफे के चार मंजिला वृत्ताकार भवन में आवास शामिल हैं। 3,000 बैठे लोगों के लिए, और व्यापक भूनिर्माण से घिरा हुआ है। अन्य सुविधाओं में १,००० सीटों वाला सभागार, आर एंड डी सुविधाओं का {{कन्वर्ट|३००,०००|वर्गफुट|एम२}}, एक फिटनेस सेंटर, एक बाग, और बिजली के प्राथमिक स्रोत के रूप में एक समर्पित उत्पादन संयंत्र (प्राकृतिक गैस और अन्य पर्यावरणीय रूप से संचालित) शामिल हैं। ध्वनि का अर्थ है)।<ref name="CupertinoCityCouncil">{{cite web |url = http://www.cupertino.org/index.aspx?recordid=463&page=410 |title = स्टीव जॉब्स क्यूपर्टिनो सिटी काउंसिल को प्रस्तुत करते हैं |वेबसाइट = cupertino.org |access-date = 1 जुलाई 2021 |archive-date = 9 जून 2016 |archive-url = https://web.archive.org/web/20160609230452/http://www.cupertino.org/index.aspx?recordid=463&page=410 |url-status = dead }}</ref> जॉब्स ने कहा: "इसके बीच में एक भव्य आंगन है, और भी बहुत कुछ। यह एक वृत्त है, इसलिए यह चारों ओर से घुमावदार है। यह कुछ बनाने का सबसे सस्ता तरीका नहीं है। "; अक्टूबर 2011 में उनकी मृत्यु से पहले यह जॉब्स की आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति साबित हुई। मीडिया रिपोर्टों ने व्यापक रूप से नई संरचना को "[[स्पेसक्राफ्ट|स्पेसशिप]]" के रूप में वर्णित किया।<ref>{{cite web |url = https://techcrunch .com/2013/04/04/apples-spaceship-campus-budget-reportedly-balloons-to-5b-will-look-to-cut-1b-before-proceeding |title = Apple का 'स्पेसशिप' कैंपस बजट कथित तौर पर गुब्बारे को $5B, आगे बढ़ने से पहले $1B काटने की कोशिश करेंगे |work = TechCrunch |date = 4 अप्रैल, 2013 |access-date = 28 मई, 2013 |archive-date = 9 अगस्त 2013 |archive-url = https://web.archive.org/web/20130809121043/http://techcrunch/ |url-status = dead }}</ref> कई लोगों ने संरचना की तुलना "[[Tulou]]" से की, एक यूनेस्को [[विश्व धरोहर स्थल]] सूचीबद्ध वास्तुकला, जिसमें एक विशिष्ट विशिष्ट गोलाकार आकृति है।<ref>{{Cite web |url=https://www.everyday.com.kh/mobile/en/article/48324.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=1 जुलाई 2021 |archive-date=5 अगस्त 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180805143402/https://www.everyday.com.kh/mobile/en/article/48324.html |url-status=dead }}</ref> '' [[एल इकोनोमिस्टा (स्पेन)|एल इकोनोमिस्टा]]''<रेफ>{{Cite web |यूआरएल = http://www.eleconomista.es/empresas-finanzas/noticias/2639712/11/10/नॉर्मन-फोस्टर- trabaja-en-el-diseno-de-la-nueva-Ciudad-de-Apple-en-Cupertino.html |title = Norman Foster trabaja en el diseño de la nueva 'Siudad de Apple' en Cupertino - elEconomista.es |last = elEconomista.es |website = eleconomista.es}}</ref> ने बताया कि आर्किटेक्ट [[नॉर्मन फोस्टर, टेम्स बैंक के बैरन फोस्टर|लॉर्ड नॉर्मन फोस्टर]] इसके प्रभारी थे। नए परिसर का डिजाइन।
प्रोजेक्ट का [[ग्राउंड-ब्रेकिंग]] समारोह 2012 में हुआ था,<ref>{{cite web |url = https://www.telegraph.co.uk/technology/apple/11628710/When-Stephen-Fry-met- जॉनी-इवे-द-सेल्फ-कन्फस्ड-फैनबोई-मीट्स-एप्पल-न्यू-प्रमोटेड-चीफ-डिजाइन-ऑफिसर.एचटीएमएल |शीर्षक = जब स्टीफन फ्राई जॉनी इवे से मिले तो एप्पल के नए पदोन्नत मुख्य डिजाइन अधिकारी से आत्म-कबूल तकनीकी गीक वार्ता |अखबार = [[द टेलीग्राफ (यूके)|द टेलीग्राफ]] |तिथि = २६ मई, २०१५ |आखिरी = फ्राई |फर्स्ट = स्टीफेन |एक्सेस-डेट = ३१ मई, २०१५ |आर्काइव-यूआरएल = https://web। आर्काइव.org/web/150531075735/http://www.telegraph.co.uk/technology/apple/11628710/How-Stephen-Fry-met-Jony-Ive-the-self-confessed-fanboi-meets-Apples- new-promoted-chief-design-officer.html |archive-date = 31 मई, 2015 |url-status = live }}{{Dead link|date=जुलाई 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> लेकिन क्यूपर्टिनो नगर परिषद ने छह साल के बाद 15 अक्टूबर 2013 को ही योजनाओं को मंजूरी दी। -घंटे की बहस के परिणामस्वरूप सर्वसम्मत सहमति हुई।<ref>{{समाचार का हवाला दें |अंतिम = मई |पहला = पैट्रिक |शीर्षक = क्यूपर्टिनो परिषद ने विशाल एप्पल को मंजूरी दी लिफ्टऑफ़ के लिए 'स्पेसशिप' परिसर |url = http://www.mercurynews.com/business/ci_24319747/cupertino-council-clears-huge-apple-spaceship-campus-liftoff |access-date = 16 अक्टूबर, 2013 |समाचार पत्र = [[सैन जोस मर्करी न्यूज]] |तिथि = १५ अक्टूबर २०१३ }}</ref> इसके तुरंत बाद, नए निर्माण के लिए साइट तैयार करने के लिए विध्वंस कार्य शुरू हुआ।<ref>{{Cite web |url = http:// www.macrumors.com/2013/12/05/demolition-at-new-apple-campus-2-well-underway/ |title = न्यू एप्पल कैंपस में डिमोलिशन 2 वेल अंडरवे |आखिरी = तिपतिया घास |पहला = जूली |तिथि 5 दिसंबर, 2013 |कार्य = [[MacRumors]] }}</ref> परिसर, जिसे अब ''Apple Park'' कहा जाता है, अप्रैल 2017 में खोला गया और बड़े पैमाने पर इनफिनिट लूप साइट को बदल दिया गया, हालांकि Apple ने कहा है कि वह इसे बनाए रखेगा सहायक कार्यालय स्थान के रूप में पुरानी इमारतें।<ref>{{Cite web |url = https://arstechnica.com/gadgets/2017/02/apples-spaceship-campus-now-dubbed-apple-park-will-open- इन-अप्रैल/ |शीर्षक = एप्पल के नए अंतरिक्ष यान परिसर को एक नाम मिला, अप्रैल में बंद हो गया |अंतिम = कनिंघम |फिर सेंट = एंड्रयू |तिथि = २३ फरवरी, २०१७ |कार्य = [[आर्स टेक्निका]] }}</ref><ref>{{Cite web |यूआरएल = https://www.apple.com/newsroom/2017/02 /apple-park-opens-to-employees-in-april.html |title = Apple पार्क अप्रैल में कर्मचारियों के लिए खुला |प्रकाशक = [[Apple Inc.]] |तिथि = 22 फरवरी, 2017 |लेखक = प्रेस विज्ञप्ति |पहुंच -दिनांक = 24 फरवरी, 2017 |आर्काइव-यूआरएल = https://web.archive.org/web/20170224071114/http://www.apple.com/newsroom/2017/02/apple-park-opens-to- कर्मचारी-इन-अप्रैल.html |संग्रह-तिथि = 24 फरवरी, 2017 |url-status = live}}</ref>
==References==
{{Reflist|30em}}
==External links==
{{commons category|Original Apple Campus}}
{{portal|San Francisco Bay Area|Architecture}}
*[http://www.kinomap.com/#!kms-uzwjyk Cycling the Infinite Loop with interactive map] on [[Kinomap]]
*[http://www.applegazette.com/feature/inside-apple-hq/ Pictures from Inside Apple HQ] on AppleGazette.com
*[https://www.youtube.com/watch?v=gtuz5OmOh_M Steve Jobs Presents to the Cupertino City Council (6/7/11)]
{{Apple Inc.}}
{{Cupertino, California}}
[[श्रेणी:Apple Inc.]]
[[श्रेणी:Information technology company headquarters in the United States]]
[[श्रेणी:High-tech architecture]]
[[श्रेणी:Office buildings in California]]
[[श्रेणी:Cupertino, California]]
[[श्रेणी:Office buildings completed in 1993]]
[[श्रेणी:1993 establishments in California]]
[[श्रेणी:Buildings and structures in Santa Clara County, California]]
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ऑलेक्ज़ेंड्रा कोनोनोवा
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text/x-wiki
{{Infobox skier|name=ऑलेक्ज़ेंड्रा कोनोनोवा|image=Кононова Олександра.JPG|caption=सोची में ऑलेक्ज़ेंड्रा कोनोनोवा, 2014|fullname=ऑलेक्ज़ेंड्रा मायकोलाईवना कोनोनोवा|nickname=|birth_date={{birth date and age|1991|2|27|df=yes}}|birth_place=कीव क्षेत्र, यूक्रेन|height=|club=|skis=|seasons=|wins=|totalpodiums=}}
'''ऑलेक्ज़ेंड्रा मायकोलाईवना कोनोनोवा''' ( {{Lang-uk|Олександра Миколаївна Кононова}} , जन्म २७ फरवरी १९९१) [[यूक्रेन]] के पैरालंपिक खिलाड़ी हैं। उसने 2010 पैरालिंपिक में तीन पदक जीते और वर्ष 2010 की यूक्रेनी खेल हस्ती बन गईं।
== व्यक्तिगत जीवन ==
कोनोनोवा का जन्म 1991 में ब्रोवरी में हुआ था। जब वह एक छोटी बच्ची थी, तब उसकी एक स्थिति थी, जिसका अर्थ था कि उसका दाहिना हाथ उसके दूसरे हाथ की तरह विकसित नहीं हुआ था। कोनोनोवा एक अनाथ थी जिसे उसकी दादी ने पाला था।<ref name="week">[http://ukrainianweek.com/Society/17589 The Faces of Ukraine], Ukrainian week, December 2010, retrieved 14 February 2014</ref> जब वह दस साल की थी तब उसकी मुलाकात कुछ ऐसे युवाओं से हुई जो इन-लाइन रोलर स्केट्स का उपयोग कर रहे थे। कोनोनोवा एक गरीब पृष्ठभूमि से आती थी, उसकी विकलांगता के कारण उसे तंग किया जाता था और उसे दुखी होने की याद आती थी। उसे पता चला कि पार्क में वह जिन लोगों से मिली थी, वे रोलर स्केटर नहीं थे, बल्कि क्रॉस-कंट्री स्कीइंग के लिए स्केट्स का उपयोग करने वाली एक टीम थी। उसने खेल को अपनाने का फैसला किया। <ref name="year">{{Cite news|url=http://www.bunews.com.ua/index.php?option=com_content&view=article&id=546:2010-review-paralympics-sensation-oleksandra-kononova&catid=6:politics&Itemid=2|title=2010 the year in review Ukrainian sports personality of the year: Paralympics sensation Oleksandra Kononova|date=December 2010|work=Business Ukraine Online|access-date=14 February 2014|archive-date=22 फ़रवरी 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140222142221/http://www.bunews.com.ua/index.php?option=com_content&view=article&id=546:2010-review-paralympics-sensation-oleksandra-kononova&catid=6:politics&Itemid=2|url-status=dead}}</ref>
== आजीविका ==
वसंत और ग्रीष्म ऋतुओं के दौरान स्केट्स पर प्रशिक्षण में उसने पाया कि उसकी विकलांगता ने स्कीइंग में सफल होने की उसकी क्षमता को प्रभावित नहीं किया और वह अठारह वर्ष की उम्र तक राष्ट्रीय पदों को प्राप्त कर रही थी। उनके पहले प्रशिक्षक अनातोली ज़डविनयेव थे ।
जब कोनोनोवा उन्नीस वर्ष की थी, तो उसे कनाडा में पैरालिंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए कीव ओब्लास्ट में अपने घर से यात्रा करने के लिए चुना गया था। वह एक यूक्रेनी टीम का हिस्सा थी जो पिछले पैरालिंपिक में चौथे स्थान पर थी और जिसने अपनी स्थिति बेहतर करने की उम्मीद की थी। कोनोनोवा ने 2010 में वैंकूवर में पैरालंपिक खेलों में स्थायी बायथलॉन में यूक्रेन के लिए स्वर्ण पदक जीता था। उसने विश्व चैंपियन के रूप में खेलों में भाग लिया। कोनोनोवा ने खेलों में सर्वश्रेष्ठ पदार्पण <ref>[http://www.paralympic.org/video/paralympic-awards-2011-best-games-debut-oleksandra-kononova Best Games Debut], Paralympics.org, retrieved 14 February 2014</ref> जीता, जिसमें उन्नीस पदक शामिल हैं जो यूक्रेन ने वैंकूवर में लिए थे।
उसने 2010 पैरालिंपिक में तीन स्वर्ण पदक और एक रजत पदक जीता और वर्ष 2010 की यूक्रेनी खेल हस्ती बन गई। उसने यूक्रेनी सरकार से महत्वपूर्ण पुरस्कार राशि जीती और उसे सामान्य रूप से विकलांगता के प्रति यूक्रेनी के दृष्टिकोण को बदलने में सहायता करने का श्रेय दिया गया।
कोनोनोवा ने 2014 में फ़िनलैंड के वुकाट्टी में आईपीसी नॉर्डिक बायथलॉन विश्व कप में <ref>[http://www.demotix.com/news/3742188/short-distance-night-biathlon-opens-ipc-world-cup-oberried#media-3742008 Short Distance Night Biathlon Opens IPC World Cup at Oberried] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150923232432/http://www.demotix.com/news/3742188/short-distance-night-biathlon-opens-ipc-world-cup-oberried#media-3742008 |date=23 सितंबर 2015 }}, Luc Percial, January 2013, retrieved 14 February 2014</ref> विश्व कप के अंतिम दिन वह स्वर्ण पदक का दावा करने वाली एकमात्र गैर-रूसी थीं। <ref>[http://www.insidethegames.biz/paralympics/winter-sports/nordic-skiing/1017817-competition-concludes-in-vuokatti-with-yet-more-success-for-russian-skiers Competition concludes in Vuokatti with yet more success for Russian skiers] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140814073319/http://www.insidethegames.biz/paralympics/winter-sports/nordic-skiing/1017817-competition-concludes-in-vuokatti-with-yet-more-success-for-russian-skiers |date=14 अगस्त 2014 }}, 12 January 2014, Gary Anderson, retrieved 14 February 2014</ref> वह सोची 2014 पैरालंपिक शीतकालीन खेलों में यूक्रेनी बायथलॉन टीम में थीं।
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1991 में जन्मे लोग]]
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ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का बांग्लादेश दौरा 2021
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{{Infobox cricket tour
| series_name = ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का बांग्लादेश दौरा 2021
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}}
[[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम]] ने पांच [[ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय]] (टी20आई) मैच खेलने के लिए अगस्त 2021 में बांग्लादेश का दौरा किया।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/bcb-confirms-bangladesh-will-also-host-england-and-new-zealand-in-2021-1251039 |title=BCB confirms Bangladesh will also host England and New Zealand in 2021 |work=ESPN Cricinfo |access-date=10 February 2021}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/australia-to-tour-bangladesh-for-five-t20is-in-august-1264043 |title=Australia to tour Bangladesh for five T20Is in August |work=ESPN Cricinfo |access-date=25 May 2021}}</ref> मैचों का उपयोग [[2021 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप]] से पहले तैयारी के रूप में किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/116167/australia-new-zealand-set-to-tour-bangladesh-for-t20is |title=Australia, New Zealand set to tour Bangladesh for T20Is |work=CricBuzz |access-date=10 February 2021}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/117239/bangladesh-to-kickstart-t20-wc-preparations-with-australia-series |title=Bangladesh to kickstart T20 WC preparations with Australia series |work=CricBuzz |access-date=26 April 2021}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/australia-set-to-tour-bangladesh-later-this-year-for-t20is-not-tests-1251004 |title=Australia set to tour Bangladesh later this year for T20Is, not Tests |work=ESPN Cricinfo |access-date=26 April 2021}}</ref> क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के अपने दौरे के बाद होने वाली श्रृंखला के लिए योजना बनाई।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/australia-cricketers-covid-19-vaccine-bangladesh-tour-west-indies-the-hundred-world-cup/2021-05-17 |title=CA hopeful of COVID jabs as Bangladesh tour edges closer |work=Cricket Australia |access-date=17 May 2021}}</ref> यह दोनों टीमों के बीच पहली द्विपक्षीय टी20आई श्रृंखला थी,<ref>{{cite web |url=https://www.bdcrictime.com/australia-agree-to-play-5-t20is-vs-bangladesh/ |title=Australia agree to play 5 T20Is vs Bangladesh |work=BD Crictime |access-date=25 May 2021 |archive-date=10 जुलाई 2025 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250710113758/https://bdcrictime.com/australia-agree-to-play-5-t20is-vs-bangladesh |url-status=dead }}</ref> और 2017 के बाद से ऑस्ट्रेलिया का बांग्लादेश का पहला दौरा था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/aus-in-bangladesh-2021-australia-set-to-tour-bangladesh-for-five-t20is-in-august-1270594 |title=Australia set to tour Bangladesh for five T20Is in August |work=ESPN Cricinfo |access-date=22 July 2021}}</ref>
बांग्लादेश ने पहला टी20आई मैच 23 रन से जीता,<ref>{{cite web |url=https://www.bdcrictime.com/bangladesh-defend-131-to-thump-aussies |title=Bangladesh defend 131 to thump Aussies |work=BD Crictime |access-date=3 August 2021 |archive-date=16 सितंबर 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240916083223/https://bdcrictime.com/bangladesh-defend-131-to-thump-aussies |url-status=dead }}</ref> ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच प्रयासों में प्रारूप में अपनी पहली जीत दर्ज की।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/australia-in-bangladesh-2021-1270832/bangladesh-vs-australia-1st-t20i-1270834/match-report |title=Shakib Al Hasan and Nasum Ahmed star as Bangladesh record first T20I win over Australia |work=ESPN Cricinfo |access-date=3 August 2021}}</ref> इसके बाद बांग्लादेश ने दूसरा टी20आई पांच विकेट से<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/australia-in-bangladesh-2021-1270832/bangladesh-vs-australia-2nd-t20i-1270835/match-report |title=Afif Hossain steers the chase as Bangladesh 2-0 up |work=ESPN Cricinfo |access-date=6 August 2021}}</ref> और तीसरा टी20आई दस रन से जीता।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/match-report/bangladesh-australia-third-t20-twenty20-watch-video-highlights-live-scores-report/2021-08-07|title=Aussies fall just short, Bangladesh claim series win |work=Cricket Australia |access-date=6 August 2021}}</ref> इसलिए, बांग्लादेश ने दो मैचों के साथ श्रृंखला जीती,<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/australia-in-bangladesh-2021-1270832/bangladesh-vs-australia-3rd-t20i-1270836/match-report |title=Bangladesh register historic series win against Australia |work=ESPN Cricinfo |access-date=6 August 2021}}</ref> और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भी प्रारूप में अपनी पहली श्रृंखला जीत दर्ज की।<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/2208444 |title=Bangladesh secure their first series win against Australia |work=International Cricket Council |access-date=6 August 2021}}</ref> व्हाइटवॉश से बचने के लिए ऑस्ट्रेलिया ने चौथा टी20आई तीन विकेट से जीता।<ref>{{cite web|url=https://www.skysports.com/cricket/news/12123/12375877/australia-edge-bangladesh-in-fourth-t20-international-to-end-any-danger-of-a-5-0-sweep |title=Australia edge Bangladesh in fourth T20 international to end any danger of a 5-0 sweep |work=Sky Sports |access-date=9 August 2021}}</ref> हालांकि, वे अंतिम मैच 60 रन से हार गए, जिसमें बांग्लादेश ने श्रृंखला 4-1 से जीत ली।<ref>{{cite web|url=https://www.dhakatribune.com/sport/2021/08/09/bangladesh-win-toss-to-bat-first-against-australia-2 |title=Bangladesh beat Australia by 60 runs in 5th T20I |work=Dhaka Tribune |access-date=9 August 2021}}</ref>
==पृष्ठभूमि==
हालाँकि शुरू में ऑस्ट्रेलिया को अक्टूबर 2021 में तीन टी20आई मैच खेलने थे, अप्रैल 2021 में, [[बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड]] (बीसीबी) ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को तीन के बजाय पाँच टी20आई खेलने के लिए कहा।<ref>{{Cite web|last=|first=|title=BCB ask Australia to play five T20I instead three|url=https://www.cricfrenzy.com/bn/article/134155/BCB-ask-Australia-to-play-five-T20I-instead-three|url-status=dead|access-date=21 May 2021|website=CricFrenzy|language=en-US|archive-date=21 मई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210521060358/https://www.cricfrenzy.com/bn/article/134155/BCB-ask-Australia-to-play-five-T20I-instead-three}}</ref> मई 2021 में, दोनों क्रिकेट बोर्ड ऑस्ट्रेलिया के वेस्टइंडीज दौरे के बाद अगस्त 2021 में पांच टी20आई खेलने के लिए सहमत हुए।<ref>{{cite web|title=Australia to play five T20Is on their tour of Bangladesh|url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/117539/australia-to-play-five-t20is-on-their-tour-of-bangladesh|access-date=26 May 2021|work=CricBuzz}}</ref><ref>{{Cite web|title=Australia planning five T20 matches in Bangladesh in August|url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/australia-planning-five-t20-matches-in-bangladesh-in-august/articleshow/82962766.cms|url-status=live|access-date=11 June 2021|website=The Times of India|language=en}}</ref>
किसी भी तरह की सुरक्षा या स्वास्थ्य जोखिम से बचने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बीसीबी की तीन शर्तों का अनुरोध किया।<ref>{{Cite web|date=|title=Cricket Australia sets three conditions to BCB|url=https://www.bdcrictime.com/cricket-australia-sets-three-conditions-to-bcb/|url-status=dead|access-date=11 June 2021|website=Bdcrictime|language=en-US|archive-date=11 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210611064648/https://www.bdcrictime.com/cricket-australia-sets-three-conditions-to-bcb/}}</ref> सबसे पहले वे चाहते थे कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और कर्मचारियों को आगमन पर तुरंत [[शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा|शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे]] से टीम होटल ले जाया जाए, और दूसरी बात यह है कि वे केवल ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी चाहते थे, जिसमें [[जैव सुरक्षित बुलबुला]] से संबंधित व्यक्ति भी शामिल थे, होटल में बने रहें।<ref>{{Cite web|date=|title=বাংলাদেশ সফরের জন্য ৩ শর্ত ক্রিকেট অস্ট্রেলিয়ার|url=https://dailysportsbd.com/2021/06/%e0%a6%ac%e0%a6%be%e0%a6%82%e0%a6%b2%e0%a6%be%e0%a6%a6%e0%a7%87%e0%a6%b6-%e0%a6%b8%e0%a6%ab%e0%a6%b0%e0%a7%87%e0%a6%b0-%e0%a6%9c%e0%a6%a8%e0%a7%8d%e0%a6%af-%e0%a7%a9-%e0%a6%b6%e0%a6%b0%e0%a7%8d/|url-status=dead|access-date=11 June 2021|website=Daily Sports BD|archive-date=11 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210611064651/https://dailysportsbd.com/2021/06/%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%82%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%A6%E0%A7%87%E0%A6%B6-%E0%A6%B8%E0%A6%AB%E0%A6%B0%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%9C%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AF-%E0%A7%A9-%E0%A6%B6%E0%A6%B0%E0%A7%8D/}}</ref> पिच को बाधित होने से बचाने के लिए बीसीबी दो स्थानों [[मीरपुर मॉडल थाना|मीरपुर]] और [[चटगांव|चट्टाग्राम]] में टी20आई मैचों का आयोजन करना चाहता था। हालांकि, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अनुरोध किया है कि पूरी श्रृंखला के लिए केवल एक स्थान का उपयोग किया जाना चाहिए।<ref>{{Cite web|date=|title=BCB, CA yet to agree on several aspects of Australia’s tour|url=https://www.thedailystar.net/sports/bangladesh-cricket/news/bcb-ca-yet-agree-several-aspects-australias-tour-2108505|url-status=live|access-date=11 June 2021|website=The Daily Star|language=en}}</ref> बीसीबी ने बाद में अनुरोध का अनुपालन किया, जिसमें सभी पांच मैच [[ढाका]] के [[शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]] में खेले जाने वाले थे।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/bcb-to-enforce-strict-bio-bubble-measures-for-australia-s-visit-1267477 |title=BCB to enforce strict bio-bubble measures for Australia's visit |work=ESPN Cricinfo |access-date=23 June 2021}}</ref> 22 जुलाई 2021 को मैचों की तारीखों की पुष्टि की गई।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/australia-tour-of-bangladesh-dates-schedule-venue-series-covid-19-t20-world-cup-twenty20/2021-07-22 |title=Details for Australia's tour of Bangladesh revealed |work=Cricket Australia |access-date=22 July 2021}}</ref> ब्रॉडकास्टरों के साथ कोई समझौता नहीं होने के कारण श्रृंखला को ऑस्ट्रेलिया में लाइव नहीं दिखाया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.smh.com.au/sport/cricket/bangladesh-t20is-may-not-be-broadcast-20210723-p58cds.html |title=Australian cricket team's first broadcast blackout since 1994 confirmed |work=The Sydney Morning Herald |access-date=3 August 2021}}</ref> [[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का पाकिस्तान दौरा 1994-95|1994 में टीम के पाकिस्तान दौरे]] के बाद यह पहला मौका था जब ऑस्ट्रेलियाई टेलीविजन पर कोई विदेशी दौरा नहीं दिखाया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/bangladesh-vs-australia-t20is-2021-lack-of-broadcast-deal-leaves-australia-men-s-tour-off-screen-after-27-years-1271890 |title=Lack of broadcast deal leaves Australia men's tour off screen after 27 years |work=ESPN Cricinfo |access-date=3 August 2021}}</ref>
== दस्ते ==
{| class="wikitable" style="text-align:center; margin:auto"
|-
!colspan=2|टी20आई
|-
! {{cr|BAN}}<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/ban-vs-aus-t20-series-bangladesh-expect-liton-das-and-mustafizur-rahman-to-be-fit-for-second-or-third-game-1271079 | title=Bangladesh expect Liton Das and Mustafizur Rahman to be fit for 'second or third game' against Australia |work= ESPN Cricinfo| access-date=26 July 2021}}</ref>
! {{cr|AUS}}<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/australia-squad-odi-t20-tour-windies-bangladesh-smith-injury-warner-cummins-maxwell-stoinis-opt-out/2021-06-16 |title=Seven stars withdraw from tours of Windies, Bangladesh |work=Cricket Australia |access-date=16 June 2021}}</ref>
|- style="vertical-align:top"
|
* [[महमुदुल्लाह]] ([[कप्तान (क्रिकेट)|कप्तान]])
* [[नसुम अहमद]]
* [[तस्कीन अहमद]]
* <s>[[लिटन दास]] ([[विकेट कीपर]])</s>
* [[महेदी हसन]]
* [[नुरुल हसन (क्रिकेटर)|नुरुल हसन]] ([[विकेट कीपर]])
* [[शाकिब अल हसन]]
* [[अफिफ हुसैन]]
* [[मोसादेक हुसैन]]
* [[रुबेल हुसैन]]
* [[शमीम हुसैन]]
* [[शोरफुल इस्लाम]]
* [[तैजुल इस्लाम]]
* [[मोहम्मद मिथुन]]
* [[मोहम्मद नईम]]
* [[मुस्तफिजुर रहमान]]
* [[मोहम्मद सैफुद्दीन]]
* [[सौम्या सरकार]]
|
* <s>[[एरोन फिंच]] ([[कप्तान (क्रिकेट)|कप्तान]])</s>
* [[मैथ्यू वेड]] ([[कप्तान (क्रिकेट)|कप्तान]], [[विकेट कीपर]])
* [[एश्टन अगर]]
* [[वेस अगर]]
* [[जेसन बेहरेनडॉर्फ]]
* [[एलेक्स कैरी (क्रिकेटर)|एलेक्स कैरी]] ([[विकेट कीपर]])
* [[डैन क्रिश्चियन]]
* [[नाथन एलिस]]
* [[जोश हेज़लवुड]]
* [[मोइसेस हेनरिक्स]]
* [[मिशेल मार्श]]
* [[रिले मेरेडिथ]]
* [[बेन मैकडरमोट]]
* [[जोश फिलिप]]
* [[मिशेल स्टार्क]]
* [[मिशेल स्वेपसन]]
* [[एश्टन टर्नर]]
* [[एंड्रयू टाय]]
* [[एडम ज़म्पा]]
|}
27 मई 2021 को, ऑस्ट्रेलिया ने दौरे के लिए 23 सदस्यीय प्रारंभिक टीम का नाम रखा, जिसमें [[एरोन फिंच]] को उनके कप्तान के रूप में नामित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/tanveer-sangha-australia-t20-squad-west-indies-bangladesh-leg-spinner-sydney-thunder-nsw-blues/2021-05-27 |title=Tanveer's time in Aussie colours just beginning |work=Cricket Australia | accessdate=28 May 2021}}</ref> 8 जून 2021 को ऑस्ट्रेलिया की प्रारंभिक टीम में छह और खिलाड़ियों को शामिल किया गया,<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/dan-christian-called-up-to-australia-s-preliminary-white-ball-squad-for-tours-of-west-indies-and-bangladesh-1265547 |title=Dan Christian called up to Australia's preliminary white-ball squad |work=ESPN Cricinfo |access-date=8 June 2021}}</ref> ऑस्ट्रेलिया ने 16 जून 2021 को अंतिम टीम की पुष्टि की।<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/2172566 |title=Australia to test their depth ahead of T20 World Cup |work=International Cricket Council |access-date=16 June 2021}}</ref> [[तनवीर संघा]] और [[नाथन एलिस]] को रिजर्व खिलाड़ी के रूप में नामित किया गया था।<ref>{{cite web| url=https://www.espncricinfo.com/story/david-warner-and-pat-cummins-among-australia-players-to-opt-out-of-west-indies-and-bangladesh-tours-1266659 |title=Warner, Cummins and Maxwell among six to opt out of West Indies and Bangladesh tours |work=ESPN Cricinfo |accessdate= 16 June 2021}}</ref> एलिस को बाद में [[रिले मेरेडिथ]] के लिए कवर करते हुए ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम में शामिल किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/bangladesh-australia-all-need-know-series-where-when-watch-coverage-dhaka-t20i-series-five-match/2021-08-02 |title=All you need to know for Aussies' tour of Bangladesh |work=Cricket Australia |access-date=6 August 2021}}</ref> 25 जुलाई 2021 को ऑस्ट्रेलिया के कप्तान एरोन फिंच चोट के कारण दौरे से बाहर हो गए थे।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/aaron-finch-australia-tour-of-west-indies-bangladesh-heading-home-captain-knee-injury-t20-world-cup/2021-07-25 |title=Finch heads home, surgery looms ahead of World Cup |work=Cricket Australia |access-date=25 July 2021}}</ref> अगले दिन, [[लिटन दास]] को एक पारिवारिक मामले के कारण बांग्लादेश की टीम से बाहर कर दिया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/ban-vs-aus-t20i-series-liton-das-ruled-out-of-australia-series-1271079 |title=Liton Das ruled out of Australia series |work=Cricinfo |access-date=26 July 2021}}</ref> 2 अगस्त 2021 को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने फिंच की अनुपस्थिति में [[मैथ्यू वेड]] को टीम का कप्तान बनाया।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/matthew-wade-australia-bangladesh-t20-series-captain-aaron-finch-injury-replacement/2021-08-02 |title=Wade confirmed as Aussie skipper in Finch absence |work=Cricket Australia |access-date=2 August 2021}}</ref>
==टी20आई सीरीज==
===पहला टी20आई ===
{{Single-innings cricket match
| date = 3 अगस्त 2021
| time = 18:00
| night = Yes
| team1 = {{cr-rt|BAN}}
| team2 = {{cr|AUS}}
| score1 = 131/7 (20 ओवर)
| runs1 = [[शाकिब अल हसन]] 36 (33)
| wickets1 = [[जोश हेज़लवुड]] 3/24 (4 ओवर)
| score2 = 108 (20 ओवर)
| runs2 = [[मिशेल मार्श]] 45 (45)
| wickets2 = [[नसुम अहमद]] 4/19 (4 ओवर)
| result = बांग्लादेश 23 रन से जीता
| report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1270834.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[ढाका]]
| umpires = [[मसुदुर रहमान]] (बांग्लादेश) और [[शरफुद्दौला]] (बांग्लादेश)
| motm = [[नसुम अहमद]] (बांग्लादेश)
| toss = ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का फैसला किया।
| rain =
| notes = मिचेल स्टार्क टी20आई में 50 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के पहले गेंदबाज बने।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/match-report/bangladesh-australia-first-t20-twenty20-watch-video-highlights-live-scores-report/2021-08-04 |title=Marsh stands up again but Australia spun out in Dhaka |work=Cricket Australia |access-date=4 August 2021}}</ref>
}}
=== दूसरा टी20आई ===
{{Single-innings cricket match
| date = 4 अगस्त 2021
| time = 18:00
| night = Yes
| team1 = {{cr-rt|AUS}}
| team2 = {{cr|BAN}}
| score1 = 121/7 (20 ओवर)
| runs1 = [[मिशेल मार्श]] 45 (42)
| wickets1 = [[मुस्तफिजुर रहमान]] 3/23 (4 ओवर)
| score2 = 123/5 (18.4 ओवर)
| runs2 = [[अफिफ हुसैन]] 37[[नाबाद|*]] (31)
| wickets2 = [[एश्टन अगर]] 1/17 (4 ओवर)
| result = बांग्लादेश 5 विकेट से जीता
| report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1270835.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[ढाका]]
| umpires = [[तंवीर अहमद (अंपायर) | तनवीर अहमद]] (बांग्लादेश) और [[मसुदुर रहमान]] (बांग्लादेश)
| motm = [[अफिफ हुसैन]] (बांग्लादेश)
| toss = ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
| rain =
| notes =
}}
===तीसरा टी20आई ===
{{Single-innings cricket match
| date = 6 अगस्त 2021
| time = 18:00
| night = Yes
| team1 = {{cr-rt|BAN}}
| team2 = {{cr|AUS}}
| score1 = 127/9 (20 ओवर)
| runs1 = [[महमुदुल्लाह]] 52 (53)
| wickets1 = [[नाथन एलिस]] 3/34 (4 ओवर)
| score2 = 117/4 (20 ओवर)
| runs2 = [[मिशेल मार्श]] 51 (47)
| wickets2 = [[शोरफुल इस्लाम]] 2/29 (4 ओवर)
| result = बांग्लादेश 10 रन से जीता
| report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1270836.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[ढाका]]
| umpires = [[शरफुद्दौला]] (बांग्लादेश) और [[गाजी सोहेल]] (बांग्लादेश)
| motm = [[महमुदुल्लाह]] (बांग्लादेश)
| toss = बांग्लादेश ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
| rain =
| notes = नाथन एलिस (ऑस्ट्रेलिया) ने अपना टी20आई पदार्पण किया, और टी20ई में पदार्पण पर हैट्रिक लेने वाले पहले क्रिकेटर बने।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/58120763 |title=Nathan Ellis: Australia bowler takes hat-trick on debut against Bangladesh |work=BBC Sport |access-date=6 August 2021}}</ref>
}}
===चौथा टी20आई===
{{Single-innings cricket match
| date = 7 अगस्त 2021
| time = 18:00
| night = Yes
| team1 = {{cr-rt|BAN}}
| team2 = {{cr|AUS}}
| score1 = 104/9 (20 ओवर)
| runs1 = [[मोहम्मद नईम]] 28 (36)
| wickets1 = [[मिशेल स्वेपसन]] 3/12 (4 ओवर)
| score2 = 105/7 (19 ओवर)
| runs2 = [[डैन क्रिश्चियन]] 39 (15)
| wickets2 = [[मुस्तफिजुर रहमान]] 2/9 (4 ओवर)
| result = ऑस्ट्रेलिया 3 विकेट से जीता
| report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1270837.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[ढाका]]
| umpires = [[मसुदुर रहमान]] (बांग्लादेश) और [[गाज़ी सोहेल]] (बांग्लादेश)
| motm = [[मिशेल स्वेपसन]] (ऑस्ट्रेलिया)
| toss = बांग्लादेश ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
| rain =
| notes =
}}
===पांचवां टी20आई===
{{Single-innings cricket match
| date = 9 अगस्त 2021
| time = 18:00
| night = Yes
| team1 = {{cr-rt|BAN}}
| team2 = {{cr|AUS}}
| score1 = 122/8 (20 ओवर)
| runs1 = [[मोहम्मद नईम]] 23 (23)
| wickets1 = [[नाथन एलिस]] 2/16 (4 ओवर)
| score2 = 62 (13.4 ओवर)
| runs2 = [[मैथ्यू वेड]] 22 (22)
| wickets2 = [[शाकिब अल हसन]] 4/9 (3.4 ओवर)
| result = बांग्लादेश 60 रन से जीता
| report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1270838.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[ढाका]]
| umpires = [[तंवीर अहमद (अंपायर) | तनवीर अहमद]] (बांग्लादेश) और [[शरफुद्दौला]] (बांग्लादेश)
| motm = [[शाकिब अल हसन]] (बांग्लादेश)
| toss = बांग्लादेश ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
| rain =
| notes = [[शाकिब अल हसन]] (बांग्लादेश) टी20आई में 100 विकेट लेने वाले दूसरे क्रिकेटर बने।<ref>{{cite web|url=https://www.cricket.com.au/news/match-report/bangladesh-australia-fifth-t20-video-highlights-live-scores-match-report-dhaka/2021-08-10 |title=Aussies 62 all out, fall to 4-1 series defeat |work=Cricket Australia |access-date=9 August 2021}}</ref>
* शाकिब अल हसन (बांग्लादेश) टी20आई में 100 विकेट लेने और 1,000 रन बनाने वाले पहले क्रिकेटर बने।<ref>{{cite web|url=https://www.thedailystar.net/sports/cricket/news/shakib-only-player-the-double-100-wickets-and-1k-runs-t20is-2148521 |title=Shakib only player to the double of 100 wickets and 1K runs in T20Is |work=The Daily Star (Bangladesh) |access-date=9 August 2021}}</ref>
* यह टी20आई में ऑस्ट्रेलिया का सबसे कम स्कोर था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/australia-in-bangladesh-2021-1270832/bangladesh-vs-australia-5th-t20i-1270838/match-report |title=Australia crash to their lowest T20I score in 4-1 series defeat |work=ESPN Cricinfo |access-date=9 August 2021}}</ref>
}}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://www.espncricinfo.com/series/australia-in-bangladesh-2021-1270832 ईएसपीएन क्रिकइन्फो पर सीरीज होम]
{{2021 बांग्लादेश क्रिकेट सीजन}}
{{बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट दौरे}}
{{अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 2021}}
{{DEFAULTSORT:ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का बांग्लादेश का दौरा 2021}}
[[श्रेणी:2021 में बांग्लादेशी क्रिकेट]]
[[श्रेणी:2021 में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट]]
[[श्रेणी:२०२१ में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताएं]]
[[श्रेणी:ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का बांग्लादेश का दौरा]]
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माल्टा क्रिकेट एसोसिएशन
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2026-04-23T07:09:33Z
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'''माल्टा क्रिकेट संघ''' (Malta Cricket Association) [[माल्टा]] में [[क्रिकेट]] खेल की आधिकारिक [[खेल शासीकीय निकाय|शासी निकाय]] है। इसका वर्तमान मुख्यालय माल्टा के [[मार्सा, माल्टा|मार्सा]] में स्थित है। माल्टा क्रिकेट संघ, [[अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद]] (आईसीसी) का एक [[अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के सदस्यों की सूची|सहयोगी सदस्य]] है जो माल्टा का प्रतिनिधित्व करता है।<ref name="Assoc">{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/422449|title=Ireland and Afghanistan ICC newest full members amid wide-ranging governance reform|date=22 जून 2017|work=[[अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद]]|accessdate=1 सितम्बर 2018}}</ref> इस संघ ने आईसीसी की सदस्यता सन् 1998 में ली। यह आईसीसी यूरोप (पूर्व में [[यूरोपीय क्रिकेट परिषद]]) का भी सदस्य है।
== इतिहास ==
माल्टा में दर्ज पहला खेल सन् 1800 में [[होरेशियो नेलसन|लॉर्ड नेल्सन]] के बेड़े के नाविकों के बीच खेला गया था।
== स्थानीय प्रतियोगितायें ==
माल्टा क्रिकेट संघ द्वारा मार्सा में सन् 2008 से प्रतिवर्ष टी२० लीग का आयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त सन् 2010 से शीतलकालीन टी२० प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है। वहाँ पर टी१० प्रतियोगिताओं के प्रयोग भी किये गये हैं।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20040914151822/http://www.maltacricket.biz/ माल्टा क्रिकेट एसोसियेशन का आधिकारिक जालस्थल]
[[श्रेणी:क्रिकेट प्रशासन]]
7uzd7dry06goutixdiaztc0qg2kfsyv
ऐतिहासिक स्रोत
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text/x-wiki
'''ऐतिहासिक स्रोत''' उन मूल स्रोतों को कहते हैं जिसमें महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारी वर्णित हो। इनको 'ऐतिहासिक सामग्री' या 'ऐतिहासिक आंकड़े' भी कहते हैं। ये स्रोत हमें इतिहास के बारे में मूलभूत सूचना प्रदान करते हैं। <ref>[https://www.historyonthenet.com/what-are-historical-sources What Are Historical Sources?]</ref> इन स्रोतों का उपयोग इतिहास का अध्ययन करने के लिए 'संकेत या सुराग' के रूप में किया जाता है।
==भारतीय इतिहास के स्रोत==
===प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत===
'''प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी के साधन''' वे स्रोत हैं जिनसे [[प्राचीन भारत|भारत के प्राचीन इतिहास]] के बारे में जानकारी मिलती है, जिनके आधार पर इतिहास निर्माण किया जाता है, और जिनके आधार पर ऐतिहासिक घटनाओं के कालानुक्रम का निर्धारण किया जाता है। इन्हें ऐतिहासिक स्रोत, ऐतिहासिक सामग्रियाँ अथवा ऐतिहासिक आँकड़ें भी कहा जाता है और सामन्यतः ऐतिहासिक स्रोतों को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: प्राथमिक, रूप एवं तृतीयक स्रोत<ref>{{cite web |title=What Are Historical Sources? |url=https://www.historyonthenet.com/what-are-historical-sources |website=History |accessdate=4 फरवरी 2022 |date=4 जुलाई 2014}}</ref><ref>{{cite web |title=What Are Historical Materials? {{!}} Modern Japan in archives |url=https://www.ndl.go.jp/modern/e/guidance/whats01.html |website=www.ndl.go.jp |accessdate=4 फरवरी 2022 |language=en}}</ref>
इतिहासकार [[वी. डी. महाजन]] द्वारा, प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोतों को चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है - साहित्यिक स्रोत, पुरातात्विक स्रोत, विदेशी विवरण, एवं जनजातीय गाथायें।<ref>{{cite book |last1=Mahajan |first1=V. D. |title=Ancient India |date=2019 |publisher=S. Chand Publishing |isbn=978-93-5283-724-3 |url=https://books.google.co.in/books?id=eljzDwAAQBAJ&newbks=1&newbks_redir=0&lpg=PR1&dq=sources%20of%20ancient%20indian%20history&hl=hi&pg=PA15#v=onepage&q=sources%20of%20ancient%20indian%20history&f=false |accessdate=4 फरवरी 2022 |language=en}}</ref> [[रामशरण शर्मा]] द्वारा इन स्रोतों को - भौतिक अवशेष, अभिलेख, मुद्राएँ, साहित्यिक स्रोत, विदेशी विवरण, ग्राम्य अध्ययन, और प्राकृतिक विज्ञानों के अध्ययन से प्राप्त जानकारी के रूप में वर्गीकृत किया गया है।<ref>{{cite book |last1=Sharma |first1=R. S. |title=India's Ancient Past |date=2006 |publisher=Oxford University Press |isbn=978-0-19-908786-0 |url=https://books.google.co.in/books?id=giwpDwAAQBAJ&newbks=1&newbks_redir=0&lpg=PP1&dq=ancient%20india%20by%20rs%20sharma&hl=hi&pg=PT24#v=onepage&q=ancient%20india%20by%20rs%20sharma&f=false |accessdate=4 फरवरी 2022 |language=en}}</ref>
===मध्यकालीन भारतीय इतिहास के स्रोत ===
मध्ययुग में अनेक ऐतिहासिक ग्रंथ लिखे गये, जिनसे हमें इस युग की राजनीतिक घटनाओं के बारे में जानकारी मिलती है। मुसलमानों के सम्पर्क में आने के बाद भारतीय भी इस लोक की तरफ आकर्षित हुए। इस काल के ग्रंथों में सभ्यता एवं संस्कृति का उल्लेख बहुत कम हुआ है। प्रो॰ यू.एन. दे के अनुसार, ‘‘सल्तनतकालीन लेखकों के वर्णन से यह स्पष्ट हो जाता है कि वे अपने स्वामी का यशगान करने और इस्लाम की विजयों के प्रति धार्मिक उत्साह के कारण सामाजिक व राजनीतिक संस्थाओं की ओर ध्यान नहीं देते थे।’’
इन साहित्यों में तत्कालीन इतिहास की सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, धार्मिक नीति की विषद् जानकारी मिलती है। इन साहित्यिक स्रोतों को दो भागों में विभाजित किया गया है- सल्तनतकालीन साहित्य एवं मुगलकालीन साहित्य।
==== सल्तनतकालीन साहित्य ====
सल्तनतकालीन ऐतिहासिक ग्रंथों से राजनैतिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है। ये ग्रंथ [[अरबी]] तथा [[फ़ारसी भाषा|फारसी]] भाषा में लिखे गये थे। कुछ सुल्तानों ने अपने जीवन का वर्णन अपने द्वारा रचित ग्रंथों में किया है। ये ग्रंथ ऐतिहासिक जानकारी के महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं। सल्तनतकालीन ग्रंथ निम्नलिखित हैं-
;चचनामा
यह अरबी भाषा में लिपिबद्ध है। इससे मुहम्मद-बिन-कासिम से पहले तथा बाद के [[सिन्ध]] के इतिहास का ज्ञान होता है। इसका फारसी भाषा में भी अनुवाद किया गया है। इसके लेखक अली अहमद हैं।
;तहकिकात-ए-हिन्द (किताब-उल-हिन्द)
[[अलबेरूनी]] के द्वारा लिखी गई पुस्तक तहकीक ए हिंद को किताब उल हिंद या भारत की खोज के नाम से भी जाना जाता है । अलबेरूनी ने तहकीक ए हिंद को अरबी भाषा में लिखा था जिसमें भारतीय समाज और संस्कृति की जानकारी प्रदान की गई है । अलबेरूनी ने तहकीक ए हिंद की रचना अप्रैल 1030 से दिसंबर 1031 के मध्य गजनी (आधुनिक अफगानिस्तान में) में की थी । 1885/86 में अलबेरूनी के भारत यात्रा विवरण तहकीक ए हिंद को अरबी भाषा में पहली बार प्रकाशित किया गया था । 1888 में भारतीय अंग्रेजी सरकार ने एक जर्मन विद्वान डॉ. एडवर्ड सचौ से तहकीक ए हिंद का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद करवाया था । तहकीक ए हिंद का हिंदी भाषा में अनुवाद संतराम बीए के द्वारा किया गया था, जिसमें उनकी सहायता प्रोफ़ेसर एसएन दास गुप्त, महेश प्रसाद, पंडित राजा राम शास्त्री आदि ने किया था ।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagranmantra.com/2022/09/alberuni-history-in-hindi.html|title=अल बेरुनी की भारत यात्रा|website=JAGRAN MANTRA}}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
; ताजुल-मासिर
यह ग्रंथ हसन निजामी ने लिखा था। वह गौरी के साथ भारत आया था। इस ग्रंथ से 1192 ई. से 1218 ई. तक के इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है। इसमें विभिन्न स्थानों, मेलों व मनोरंजन का भी वर्णन है तथा सल्तनतकालीन सामाजिक व्यवस्था के बारे में जानकारी मिलती है, जो अस्पष्ट है। यू.एन. डी के अनुसार, "यद्यपि पुस्तक की शैली अत्यधिक कलात्मक और अलंकृत है, पर इसमें वर्णित सामान्य तथ्य साधारणतः सत्य है।"
;तबकात-ए-नासिरी
इस ग्रंथ का रचयिता ''मिनहाज-उस-सिराज'' है। इसमें गोरी के आक्रमणों से लेकर 1260 ई. तक की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं का वर्णन है। लेखक का वर्णन पक्षपातपूर्ण रहा है। उसने गोरी एवं इल्तुमिश के वंशों का निष्पक्ष वर्णन नहीं किया है तथा बलबन की आंख मूंदकर प्रशंसा की गयी है। इसके बाद भी यह ऐतिहासिक दृष्टि से काफी <ref>{{Cite web|url=https://www.jagranmantra.com/2020/10/minhaj-i-siraj-ka-itihas.html|title=मिन्हाज उस सिराज और उसकी तबकात ए नासिरी|website=JAGRAN MANTRA|access-date=28 मार्च 2026|archive-date=9 नवंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241109191523/https://www.jagranmantra.com/2020/10/minhaj-i-siraj-ka-itihas.html|url-status=dead}}</ref>महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें घटनाएं क्रमबद्ध रूप से वर्णित की गयी है तथा इनकी तिथियां सत्य हैं। यह गुलाम वंश का इतिहास जानने का एक महत्त्वपूर्ण साधन है। फरिश्ता ने इसे ‘एक अति उच्चकोटि का ग्रंथ’ माना है। एलफिस्टन, स्टेवार्ट तथा मार्ले ने भी इसकी काफी प्रशंसा की है। रेवर्टी ने इसे अंग्रेजी में अनुवादित किया है।
=====अमीर खुसरों के ग्रंथ=====
[[अमीर ख़ुसरो|अमीर खुसरो]] मध्यकालीन भारत के बहुत बड़े विद्वान थे। उनका पूरा नाम अबुल हसन यामिन उद्-दीन खुसरो था। वह छह सुल्तानों के दरबार में रहे थे। उसने बलबन से लेकर मुहम्मद तुगलक तक का इतिहास लिखा है। उसने युद्ध में भी भाग लिया था। उसके ग्रंथ ऐतिहासिक दृष्टि से अमूल्य हैं, जो इस प्रकार हैं-
;किरानुस्सादेन
अमीर खुसरो ने 1289 ई. में लिखी। इस पुस्तक में कैकुबाद तथा बुगरा खां की भेंट का वर्णन किया है। इससे तत्कालीन राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी मिलती है। इससे दिल्ली नगर की स्थिति, मुख्य भवन, दरबार का ऐश्वर्य, मद्यपान गोष्ठियों, संगीत तथा नृत्य के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी मिलती है तथा कैकुबाद व बुगरा खां के चरित्र पर भी प्रकाश पड़ता है।
;मिफता-उल-फुतूह
1291 ई. में रचित यह पुस्तक अमीर खुसरो के तीसरे दीवान ‘गुर्रतुल कमाल’ का भाग है। यह साधारण शैली में लिखी गयी है। इसमें जलालुद्दीन की आरंभिक सफलताओं का वर्णन है।
;आशिका
इस ग्रंथ में खुसरो ने अलाउद्दीन के पुत्र खिज्र खां तथा गुजरात नरेश कर्ण की पुत्री देवल रानी की प्रेमकथा तथा विवाह का वर्णन किया है। इसमें खिज्र खां की हत्या, अलाउद्दीन की बीमारी एवं मलिक काफूर की विजयों का भी वर्णन है। इसमें खुसरो ने यह भी बताया है कि वह मंगोलों द्वारा किस प्रकार बंदी बनाया गया।
; खजाइनुल फुतूह अथवा तारीख-ए-अलाई
खुसरो ने यह ग्रंथ 1311 ई. में लिखा। ‘‘तारीख-ए-अलाई एक गद्यात्मक रचना है, जिसे ‘खजाइनुल फुतूह’ भी कहा जाता है। इस ग्रंथ में कृत्रिमता काफी है, लेकिन जो ठोस जानकारी उपलब्ध है, उसे देखते हुए हम कृत्रिमता को क्षमा कर सकते हैं।’’
इस ग्रंथ में खुसरो ने अलाउद्दीन की 15 वर्ष की विजयों एवं आर्थिक सुधारों का वर्णन किया है। लेखक के वर्णन में पक्षपात की भावना दिखाई देती है। उसने अलाउद्दीन के सिर्फ गुणों पर प्रकाश डाला है, दोषों पर नहीं। उसने अलाउद्दीन के राज्यारोहण का वर्णन किया है, किन्तु जलालुद्दीन के वध का कोई उल्लेख नहीं किया है। इसके बाद भी यह महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ है तथा तत्कालीन सामाजिक एवं सांस्कृतिक दशा की जानकारी का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
; तुगलकनामा
यह खुसरो की अंतिम ऐतिहासिक कविता है। इसमें खुसरो खां के शासनकाल एवं पतन का तथा तुगलक वंश की स्थापना का वर्णन है।
===== जियाउद्दीन बरनी के ग्रंथ =====
[[जियाउद्दीन बरनी]] के प्रमुख ऐतिहासिक ग्रंथ निम्न हैं-
;तारीख-ए-फीरोजशाही
बरनी ने इस ग्रंथ में खिलजी तथा तुगलक वंश का आंखों देखा वर्णन लिखा है। इस ग्रंथ के बारे में उसने लिखा है, ‘‘यह एक ठोस रचना है, जिसमें अनेक गुण सम्मिलित हैं। जो इसे इतिहास समझकर पढ़ेगा, उसे राजाओं और के अलावा सामाजिक, आर्थिक एवं न्यायिक सुधारों का भी वर्णन किया है। इसमें कवियों, दार्शनिकों तथा संतों की लम्बी सूची दी गयी है। बरनी ने जलालुद्दीन तथा अलाउद्दीन के पतन के कारणों का भी वर्णन किया है। बरनी इतिहास की विकृत करने के विरूद्ध था। डॉ॰ ईश्वरीप्रसाद के अनुसार, ‘‘मध्यकालीन इतिहासकारों में बरनी ही अकेला ऐसा व्यक्ति है, जो सत्य पर जोर देता है और चाटुकारिता तथा मिथ्या वर्णन से घृणा करता है।’’ इसके बाद भी इस ग्रंथ में तिथि सम्बन्धी दोष तथा धार्मिक पक्षपात देखने को मिलता है, किन्तु यह अमूल्य ऐतिहासिक कृति है। यू.एन. डे के अनुसार, ‘‘अपने दोषों के बाद भी यह पुस्तक तत्कालीन संस्थाओं के अध् ययन का मुख्य स्रोत है।’’
;फतवा-ए-जहांदारी
बरनी ने उच्च वर्ग का मार्गदर्शन करने हेतु एवं फीरोज के समक्ष आदर्श उपस्थित करने हेतु इस ग्रंथ की रचना की। इस पुस्तक में शरीयत के अनुसार सरकार के कानूनी पक्ष का वर्णन है। इसमें मुस्लिम शासकों के लिए आदर्श राजनीतिक संहिता का वर्णन है। बरनी ने महमूद गजनवी को आदर्श मुस्लिम शासक माना है तथा मुसलमान सुल्तानों को उसका अनुकरण करने के लिए कहा है। बरनी कट्टर मुसलमान था, अतः उसने काफिरों का विनाश करने वाले को आदर्श मुस्लिम शासक माना है। उसने आदर्श शासन के लिए कुशल शासन प्रबंध भी आवश्यक बताया है। यदि बरनी के आदर्श शासक सम्बन्धी विचारों में से उसकी धर्मान्धता को निकाल दिया जाये, तो यह शासन प्रबंध में आदर्श सिद्ध हो सकते हैं।
वस्तुतः बरनी की कृतियां ऐतिहासिक दृष्टि से अमूल्य हैं तथा ये बाद के इतिहासकारों के लिए प्रेरक रही हैं। इलियट एवं डाउसन ने ‘भारत का इतिहास’ (तृतीय खण्ड) में बरनी के कई उद्धरण दिये हैं तथा डॉ॰ रिजवी ने उसकी कृति ‘तारीख-ए-फीरोजशाही’ का हिन्दी अनुवाद किया है।
;तारीख-ए-फीरोजशाही
इस ग्रंथ का रचयिता शम्स-ए-सिराज अफीफ था। वह दीवाने वजारत में कार्यरत था। वह सुल्तान के काफी नजदीक था। जहां बरनी की तारीख-ए-फीरोजशाही समाप्त होती है, वहीं अफीफ की तारीख-ए- फीरोजशाही शुरू होती है। इसमें उसे फीरोज तुगलक का 1357 ई. से 1388 ई. तक का इतिहास लिखा है। यह ग्रंथ 90 अध्यायों में बंटा हुआ है। इसमें फीरोज के चरित्र, अभियान, शासन प्रबन्ध, धार्मिक नीति तथा उसके दरबारियों का विस्तृत वर्णन है। यह ग्रंथ पक्षपातपूर्ण है, क्योंकि उसने फीरोज की अत्यधिक प्रशंसा की है। इसके बावजूद यह हमारी जानकारी का मुख्य स्रोत है। अफीफ के इस ग्रंथ से राजनीतिक घटनाओं के अलावा सामाजिक तथा धार्मिक स्थिति के बारे में भी जानकारी मिलती है। यह कृति बाद के इतिहासकारों के लिये प्रेरक रही है। डॉ॰ ईश्वरीप्रसाद के अनुसार, ‘‘अफीस में बरनी जैसी न तो बौद्धिक उपलब्धि है और न ही इतिहासकारों की योग्यता, सूझबूझ तथा पैनी दृष्टि ही। अफीफ एक घटना को तिथिक्रम से लिखने वाला सामान्य इतिहासकार है, जिसने प्रशंसात्मक दृष्टि से अपने विचार व्यक्त किये हैं। वह अत्यन्त अतिश्योक्तिपूर्ण शैली में सुल्तान की प्रशंसा करता है। उसमें इतनी अतिश्योक्ति है कि फीरोज के सत्कार्यों के वर्णन को पढ़कर सर हेनरी इलियट ने उसकी तुलना अकबर से कर डाली है।’’
; फुतुहात-ए-फीरोजशाही
इस ग्रंथ का रचयिता ''फीरोज तुगलक'' स्वयं था। इससे उसके शासन प्रबन्ध तथा धार्मिक नीति की जानकारी मिलती है।
;किताब-उल-रेहला
यह ग्रंथ [[मोरक्को]] के यात्री [[इब्न-बतूता|इब्नबतूता]] ने लिखा है। यह उसका यात्रा-वृत्तांत है, जो अरबी भाषा में रचित है। इस ग्रंथ में उसने मुहम्मद तुगलक के दरबार, उसके नियम, रीति-रिवाजों, परम्पराओं, दास प्रथा एवं स्त्रियों की दशा का सुन्दर वर्णन किया है। उसका वर्णन पक्षपात की भावना से मुक्त है।
==== मुगलकालीन साहित्य ====
मुगलकालीन ऐतिहासिक स्रोतों में राजकीय पत्र, डायरियां, फरमान, ऐतिहासिक ग्रंथ एवं विदेशी यात्रियों के विवरण प्रमुख हैं। मुगलकालीन फारसी साहित्य के मुख्य ग्रंथ इस तरह हैं-
===== तुजुक-ए-बाबरी =====
[[बाबर]] की आत्मकथा तुजुक-ए-बाबरी अथवा बाबरनामा अथवा बाबर के संस्मरण आदि नामों से प्रसिद्ध हैं। बाबर ने इसे चगताई तुर्की भाषा में लिखा। इस ग्रंथ से बाबर के शासनकाल तथा उसके जीवन के सम्बन्ध में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण जानकारी मिलती है। बाबरनामा का फारसी भाषा में अनुवाद 1589 ई. में ''अब्दुर्रहीम खानखाना'' ने अकबर के आदेश पर किया था। ''श्रीमती बैवरिज'' ने इसका सुन्दर अंग्रेजी अनुवाद किया है। ''डॉ॰ मथुरालाल शर्मा'' ने इसका हिन्दी में संक्षिप्त अनुवाद किया है। संसार में बहुत कम ग्रंथों को बाबरनामा के समान प्रसिद्धि प्राप्त हुई है। बाबर दिन-भर थका देने वाली यात्राओं के बाद भी इसे लिखता था। यह अमूल्य ऐतिहासिक ग्रंथ है। लेनपूल के अनुसार, "तुजुक-ए-बाबरी ही केवल एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें दी गयी सामग्री की पुष्टि के लिए अन्य प्रमाणों की विशेष आवश्यकता नहीं है।" बाबरनामा से बाबर की विजयों, चरित्र, कार्यों एवं सफलताओं के सम्बन्ध में जानकारी मिलती है।
इस ग्रंथ में भारत की राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं धार्मिक स्थिति के बारे में सुन्दर वर्णन मिलता है। प्रकृति-प्रेमी होने के कारण बाबर ने इसमें तत्कालीन फल-फूल, भोजन, रहन-सहन का स्तर, नदी-नालों आदि के सम्बन्ध में भी विस्तृत वर्णन किया है। इस ग्रंथ से भारत तथा मध्य एशिया के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
===== हुमायूंनामा =====
इसे बाबर की पुत्री तथा [[हुमायूँ|हुमायूं]] की बहन ''गुलबदन बेगम'' ने दो भागों में लिखा है। प्रथम भाग में बाबर की दशा द्वितीय में हुमायूं का इतिहास है। इस ग्रंथ से हुमायूं के शासनकाल के इतिहास की प्रामाणिक जानकारी मिलती है। मिसेज बैवरीज ने इस ग्रंथ का अंग्रेजी अनुवाद किया है। बैवरिज के अनुसार, ‘‘हिन्दुस्तान के मुगलकाल का जिन लोगों ने इतिहास लिखा है, उन्हें साधारणतः इस बात का ज्ञान नहीं कि गुलबदन बेगम ने भी किसी ग्रंथ की रचना की। इसका ज्ञान मिस्टर अर्सकिन को भी न रहा होगा, अन्यथा वह बाबर एवं हुमायूं के वंश का इतिहास अधिक शुद्ध रूप से लिखते।’’ रशब्रुक विलियम के अनुसार, ‘‘यह ग्रंथ पक्षपात से भरा हुआ है फिर भी, लेखिका ने इसमें अपने पिता की कुछ निजी स्मृतियां दी है।’’ इस ग्रंथ की एक प्रति ब्रिटिश म्युजियम में सुरक्षित है।
===== तबकात-ए-अकबरी =====
यह ग्रंथ अकबरशाही अथवा 'तारीखे निजामी' भी कहलाता है। ''निजामुद्दीन अहमद'' ने अकबर के समय के 27 ग्रंथों को आधार बनाकर इसे लिखा था। यह ग्रंथ नौ भागों में विभक्त है। इसके दूसरे भाग में बाबर, हुमायूं व अकबर का इतिहास है, जबकि तीसरे भाग में प्रान्तीय राज्यों का इतिहास है।
===== तारीख-ए-शेरशाही =====
यह ग्रंथ ''अब्बास खां शेरवानी'' ने अकबर की आज्ञा से लिखा था। उसने इसका नाम ‘तोहफत-ए-अकबरशाही’ रखा था, किन्तु कुछ वर्षों बाद अहमद यादगार ने ‘तारीख-ए-सलातीन-ए-अफगान’ नामक ग्रंथ लिखा, उसने इस पुस्तक को ‘तारीख-ए-शेरशाही’ के नाम से संबोधित किया तथा वह इसी नाम से प्रसिद्ध है।
इतिहासकारों ने तारीख-ए-शेरशाही को आधार बनाकर ही शेरशाह का इतिहास लिखा है। डॉ॰ निगम के अनुसार, ‘‘अब्बास खां ने अनेक घटनाओं से सम्बन्धित अपने सूचना स्रोतों का भी उल्लेख किया है। अतः इस पुस्तक के तथ्यों में कोई संदेह नहीं है। बड़ी-बड़ी घटनाओं की पुष्टि हुमायूं से सम्बन्धित अन्य इतिहासों से भी होती है। शेरशाह का सम्पूर्ण विवरण जितना विस्तारपूर्वक इस ग्रंथ में मिलता है, उतना किसी अन्य में नहीं।’’ अब्बास खां ने इस ग्रंथ को बड़ी बुद्धिमत्ता तथा सावधानी से लिखा है। उसने लिखा है कि, ‘‘जो कुछ इन विश्वसनीय पठानों के मुख से, जो साहित्य तथा इतिहास में निपुण थे और उनके राज्य के प्रारम्भ से अंत तक उनके साथ थे तथा विशेष सेवा के कारण विभूषित एवं सम्मानित थे, सुना था। अन्य मनुष्यों से जो कुछ छानबीन कर प्राप्त किया था, उसको मैंने लिखा। जो कुछ उनके विरूद्ध सुना था और जांच की कसौटी पर नहीं उतरा था, उसे त्याग दिया।’’
इस ग्रंथ से शेरशाह के शासनकाल का विस्तृत इतिहास पता चलता है। इस ग्रंथ से शेरशाह के शासन- सुधारों, फरीद के जागीर-प्रबंध की बाबर से मुलाकात, हुमायूं से संघर्ष एवं हुमायूं की असफलता के कारणों का वर्णन है। अब्बास खां ने शेरशाह की राजस्व-प्रणाली, सैन्य-संगठन तथा न्याय-प्रबंध पर अच्छा प्रकाश डाला है तथा उसे जन हितैषी शासक बताया है।
इस ग्रंथ की बड़ी त्रुटि यह है कि इसमें घटनाओं की तिथियां नहीं दी गई हैं। इसके बाद भी यह अमूल्य ऐतिहासिक ग्रंथ है। इलियट तथा डाउसन ने उसके विवरण को भारत का इतिहास (चतुर्थ भाग) में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया है।
===== अकबरनामा =====
यह ग्रंथ अकबर के वजीर ''अबुल फजल'' ने लिखा था। वह 1575 ई. के लगभग अकबर के सम्पर्क में आया एवं उसका विश्वासपात्र बन गया। 1602 ई. में सलीम ने वीरसिंह बुन्देला द्वारा उसकी हत्या करवा दी। अबुल फजल बहुत बड़ा विद्वान था। अबुल फजल का ‘अकबरनामा’ तीन जिल्दों में है। प्रथम जिल्द में अकबर के पूर्वजों, उसके आरंभिक जीवन एवं उसके शासनकाल के 17 वर्ष तक का वर्णन है। द्वितीय जिल्द में 17 से 46वें वर्ष तक का इतिहास है। तीसरी जिल्द आइने-अकबरी है, जो पृथक ग्रंथ माना जाता है।
अबुल फजल ने अकबर की अत्यधिक प्रशंसा की है। उसके ग्रंथ से तत्कालीन राजनीतिक घटनाओं के साथ सांस्कृतिक दशा का भी पता चलता है। उसने प्रत्येक महत्त्वपूर्ण घटना से पहले उसकी प्रस्तावना लिखी है। उसके विवरण से तत्कालीन धार्मिक स्थिति पर भी प्रकाश पड़ता है। वह अकबर की धार्मिक उदारता से अत्यधिक प्रभावित था। अतः उसने अकबर को ‘इंसाने-कामिल’ एवं ‘देवी प्रकाश’ की संज्ञा दी है। उसने अकबर की अत्यधिक प्रशंसा की है। अतः यह ग्रंथ निष्पक्ष नहीं कहा जा सकता। इस ग्रंथ की भाषा जटिल, आडम्बरपूर्ण एवं अलंकारिक है, किन्तु फिर भी यह अमूल्य ऐतिहासिक ग्रंथ है। एच.बैवरिज ने इस ग्रंथ का अंग्रेजी में अनुवाद किया है। सैय्यद अतहर अब्बास रिजवी तथा डॉ॰ मथुरालाल शर्मा ने भी इसका अनुवाद दिया है। इलियट तथा डाउसन ने भारत का इतिहास (छठा भाग) में इसका अनुवाद दिया है।
===== आईने-अकबरी =====
यद्यपि यह ''अकबरनामा का तृतीय भाग'' है, तथापि इसे पृथक् ग्रंथ माना जाता है। इसमें अकबर के शासनकाल से सम्बन्धित आंकड़े तथा शासन-व्यवस्था सम्बन्धी अन्य नियमों का विस्तृत वर्णन है। अबुल फजल के इस ग्रंथ का ब्लोचमेन तथा गैरेट ने अंग्रेजी अनुवाद किया है। इससे तत्कालीन समय की राजनीतिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा आर्थिक स्थिति के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिलती है।
आईने-अकबरी के बारे में डॉ॰ अवधबिहारी पाण्डेय ने लिखा है, ‘‘एशिया अथवा यूरोप में कहीं भी ऐसी पुस्तक की रचना नहीं हुई है।’’ जे.एन. सरकार के अनुसार, ‘‘भारत में यह अपनी कोटि का प्रथम ग्रंथ है और इसकी रचना उस समय हुई थी, जिस समय नवनिर्मित मुगल शासन अर्द्ध-तरलावस्था में था।’’ के.एम. अशरफ ने लिखा है, ‘‘आईने अकबरी सामाजिक इतिहास का प्रतीक है।’’ ब्लोचमेन के अनुसार, ‘‘यह भिन्न-भिन्न प्रकार के अध्ययन का खजाना है।’’
===== मुन्तखाब-उत-तवारीख =====
इस ग्रंथ का लेखक '''अब्दुल कादिर बदायूंनी''' था। वह अकबर के दरबार में इमाम था। बदायूंनी अरबी, फारसी एवं संस्कृत भाषा का पूर्ण ज्ञाता था। बदायूंनी एक कट्टर मुसलमान था, अतः उसने अकबर की उदार धार्मिक नीति की आलोचना की। उसने सम्राट के प्रशंसक अबुल फजल को चापलूस की संज्ञा दी। बदायूंनी ने अकबर की अतिश्योतिक्तपूर्ण आलोचना की। मुन्तखाब-उत-तवारीख तीन भागों में विभक्त है। पहले भाग में सुबुक्तगीन से हुमायूं तक का इतिहास है। दूसरे भाग में अकबर के शासनकाल की 1595-96 ई. तक की घटनाओं का वर्णन है। तीसरे भाग में तत्कालीन सूफियों, विद्वानों, हकीमों एवं कवियों की जीवनियां हैं। यह ग्रंथ ‘तारीखे-मुबारकशाही’ तथा ‘तबकाते अकबरी’ को आधार बनाकर लिखा गया है। इसका महत्त्व इसलिए है, क्योंकि इससे अकबर के शासनकाल के दूसरे पहलू का ज्ञान होता है।
===== तुजुक-ए-जहांगीरी =====
इसका रचयिता स्वयं जहांगीर था। इसे '''‘इकबालनामा’, ‘तारीख-ए-सलीमशाही'''’ अथवा ‘'''जहांगीरनामा'''’ भी कहा जाता है। इसमें जहांगीर के आरंभिक 17 वर्षों के शासन की घटनाओं का वर्णन है। उसकी बीमारी के कारण '''मोतमिद खां''' ने इसे पूरा किया। इस ग्रंथ में हमें राजनीतिक घटनाओं के साथ-साथ तत्कालीन संगीत, साहित्य, चित्रकला तथा ललितकला के सम्बन्ध में भी जानकारी मिलती है। यह ग्रंथ जहांगीर के शासनकाल के इतिहास की जानकारी का मूल्यवान तथा विश्वसनीय स्रोत है।
===== नुश्खा-ए-दिलकुशा =====
इस ग्रंथ की रचना कायस्थ जाति के '''भीमसेन''' ने फारसी भाषा में की। वह औरंगजेब की सेना में क्लर्क था। उसने उसकी सेना के साथ कई युद्धों में भाग लिया था। मुगल सेना द्वारा पनहाला का दुर्ग घेरे जाने पर उसने सैनिक सेवा छोड़ दी तथा इस ग्रंथ की रचना शुरू की। इस ग्रंथ में वर्णित घटनाएं सत्य हैं। लेखक ने ऐतिहासिक व्यक्तियों के चरित्र का यथार्थता में चित्रण किया है। इस ग्रंथ में चापलूसी देखने को नहीं मिलती। अतः जे.एन. सरकार ने उसे महान संस्मरण लेखक माना है। इसमें ओरंगजेब के दक्षिण अभियानों के बारे में जानकारी मिलती है
===विदेशी विवरण===
1.ग्रांट डफ:मराठों का एतिहास
2.कर्नल : राजपूतों का इतिहास
विलियम हॉकिंस: 1608-13 ईसवी के बीच जहांगीर के दरबार में रहा।
3.सर टॉमस रो: 1616 से 19 ईसवी जहांगीर के दरबार में रहा
4.फ्रांसिस्को: जहांगीर के दरबार में रहा
5.बर्नियर: शाहजहां के दरबार में आए
===भारतीय इतिहास के विविध साहित्यिक स्रोत===
*[[राजतरंगिणी|राजत्रङ्गिणी]] (कल्हण द्वारा रचित)
*[[पृथ्वीराजरासो]] – [[चन्दबरदाई]] द्वारा रचित
*[[बीसलदेव रासो]] – नरपति नाल्ह
*[[हम्मीर रासो]] – जोधराज
*[[हम्मीर रासो]] – शार्ङ्गधर
* संगत रासो – गिरधर आंसिया
* बेलिकृष्ण रुकमणीरी – पृथ्वीराज राठौड़
* अचलदास खीची री वचनिका – शिवदास गाडण
* कान्हड़ दे प्रबन्ध – पदमनाभ
* पातल और पीथल – कन्हैया लाल सेठिया
* धरती धोरा री – कन्हैया लाल सेठिया
* लीलटास – कन्हैया लाल सेठिया
* रूठीराणी, चेतावणी रा चूंगठिया – केसरीसिंह बारहड
* राजस्थानी कहांवता – मुरलीधर ब्यास
* [[नैणसी री ख्यात]] – मुहणौत नैणसी
* मारवाड रे परगाना री विगत – मुहणौत नैणसी
* [[पृथ्वीराजविजय]] -- यह भयानक भट्ट द्वारा लिखा गया है। इसमें [[अजमेर]] के चौहानों का इतिहास है।
* [[हमीर महाकाव्य]] -- यह नयन चंद्र सूरी द्वारा लिखा गया है इसमें रणथंबोर के चौहानों का इतिहास दिया गया है।
* [[राजवल्लभ]] -- यह [[मंडन सूत्रधार|मंडन]] द्वारा लिखा गया है और १५वीं सदी के सैन्य संगठन, स्थापत्य कला, एवं मेवाड़ की जानकारी देता है।
* राजविनोद -- यह भट्ट सदाशिव द्वारा लिखा गया है और मेवाड़ के गुहिल एवं सोलहवीं शताब्दी में राजस्थान के सामाजिक परिवेश की जानकारी देता है।
* [[एकलिंग महात्म्य]] -- यह कान्ह व्यास द्वारा लिखा गया है जिसमें मेवाड़ के गुहिलों का इतिहास है।
* करमचंद वंशों कीर्तन काव्यम् -- यह जयसोम द्वारा लिखा गया है जो बीकानेर के राठौरों का इतिहास बीकानेर दुर्ग की निर्माण की जानकारी देता है।
* अमरसार -- पंडित जीवाधर द्वारा रचित ग्रन्थ जो [[महाराणा प्रताप]] एवं महाराणा अमर सिंह इतिहास की जानकारी देता है।
* अमर काव्य वंशावली -- रणछोड़ भट्ट द्वारा लिखी गई है जो मेवाड़ के गुहीलो का विशेष कर महाराणा राजसिंह की गाथा का वर्णन है।
* राज रत्नाकर -- सदाशिव द्वारा लिखा गया है और महाराणा [[राज सिंह सिसोदिया]] के इतिहास की जानकारी मिलती है।
* अजीतोदय -- भट्ट जगजीवन द्वारा लिखा गया है और जोधपुर के राठौरों का तथा अजीत सिंह राठौड़ का इतिहास बताता है।
* भट्टिकाव्य -- भट्टि द्वारा लिखा गया है १५शताब्दी में जैसलमेर की राजनीतिक एवं सामाजिक स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है।
* '''बांकीदास की ख्यात''' -- महाराजा श्री मानसिंह के शासनकाल में बारहठ बांकीदास ने [[ख्यात]] की रचना की थी। इसमें विविध राजपूत वंशों का वर्णन है। जांगलू पहले सांखलो के राज मे था। मांगलिया मेहाजी की पूजा करते हैं। राठोड़ों के समस्त राजाओं का संक्षिप्त परिचय है। उमादे भटियाणी, मालदेव की रानी थी। चन्द्र सेन की मा ने चन्द्रसेन को श्राप दिया कि उसका राज नहीं रहेगा। मालदेव की टीपू नाम की पङदायत के दो पुत्र थे,महेश और डुंगरसी। इनके वंशज महेशदासोत और डूंगरोत जोधा कहलाये। महाराजा गजसिह का ससुर सिखरो चौहान था। जीवो घसियारो,अमियो डूम,बखतो साहणी,विजिया देवासी ये सब महाराजा रामसिंह के घनिष्ठ चाकर थे। गुलाब राय, महाराजा श्री की पासवान बनने से पहले अणदराम के घर बडारन थी। <ref>{{Cite book|title=बांकीदास की ख्यात|last=मूल नाम (किशनसिंह परमार)|first=जिन विजय सूरी|publisher=राजस्थान राज्य प्राच्य विधा प्रतिष्ठान जोधपुर|year=1956|location=जोधपुर|pages=1,19,28,46}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[राजतरंगिणी]]
*[[ख्यात]]
* [[प्राचीन भारत]]
* [[अभिलेख|शिलालेख]]
* [[पाण्डुलिपि]]
* [[सिक्के]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.rncollegehajipur.in/rn/uploads/products/BA%20PART-II%20Literary%20Sources%20of%20Madieval%20(sultan%20Period)%20Indian%20History%20by%20Dr.%20Amiya%20Anand.pdf मध्यकालीन भारतीय इतिहास के साहित्य स्रोत] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220102110002/http://www.rncollegehajipur.in/rn/uploads/products/BA%20PART-II%20Literary%20Sources%20of%20Madieval%20(sultan%20Period)%20Indian%20History%20by%20Dr.%20Amiya%20Anand.pdf |date=2 जनवरी 2022 }}
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'''एई ऑरिगे''' ( संक्षिप्त में '''एई ऑर''' ) [[ब्रह्मा तारामंडल|औरिगा]] [[तारामंडल|नक्षत्र]] में एक भगोड़ा तारा है। यह [[आईसी ४०५|फ्लेमिंग स्टार नेबुला]] को रोशनी देता है।
== विवरण ==
[[चित्र:AEAurLightCurve.png|बाएँ|अंगूठाकार| एई ऑरिगे के लिए हिपपारकोस लाइट कर्व्स। मुख्य प्लॉट लंबी अवधि की भिन्नता को दर्शाता है, और इनसेट प्लॉट 213.7 दिनों की अवधि में मुड़ी हुई भिन्नता को दर्शाता है। ''मार्चेंको एट अल'' से अनुकूलित । (1998) ]]
एई ऑरिगे एक नीला ओ-टाइप [[मुख्य अनुक्रम|मुख्य अनुक्रम बौना]] तारा है जिसका औसत या मध्यमान [[सापेक्ष कांतिमान|स्पष्ट परिमाण]] +6.0 है। इसे [[ओरियन परिवर्ती|ओरियन प्रकार]] के [[परिवर्ती तारा|चर तारे के]] रूप में वर्गीकृत किया गया है और इसकी चमक +5.78 और +6.08 परिमाण के बीच अनियमित रूप से भिन्न होती है। [[पृथ्वी|यह पृथ्वी]] से लगभग 1,300 [[प्रकाश-वर्ष|प्रकाश वर्ष]] दूर है।
एई ऑर एक भगोड़ा तारा है जिसे दो जोड़ा तारे के समूहों की टक्कर के दौरान बाहर निकल गया होगा। यह टक्कर, जिसे [[म्यू कोलंबे]] और संभवतः [[53 एरियेटिस]] को भी बाहर निकालने का श्रेय दिया जाता है, बीस लाख वर्ष पहले [[ओरियन नेबुला]] में [[समलंब समूह|ट्रैपेज़ियम क्लस्टर]] में होने का पता लगाया गया है। बाइनरी [[आयोटा ओरायोनिस तारा|आयोटा ओरायोनिस]] इस टक्कर का दूसरा आधा हिस्सा हो सकता है। <ref name="hoogerwerf">{{Cite journal|last=Hoogerwerf|first=R.|last2=De Bruijne|first2=J. H. J.|last3=De Zeeuw|first3=P. T.|year=2001|title=On the origin of the O and B-type stars with high velocities. II. Runaway stars and pulsars ejected from the nearby young stellar groups|journal=Astronomy and Astrophysics|volume=365|issue=2|pages=49|arxiv=astro-ph/0010057|bibcode=2001A&A...365...49H|doi=10.1051/0004-6361:20000014}}</ref>
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एई ऑर फ्लेमिंग स्टार निहारिका को रोशन करते हुए देखा जाता है, लेकिन यह उसके भीतर नहीं बना था। इसके बजाय यह इस निहारिका से तेज गति से गुजर रहा है और एक प्रचण्ड धनुषीय झटका और उच्च ऊर्जा विद्युत वाला चुम्बकीय विकिरण पैदा कर रहा है। <ref>{{Cite journal|last=López-Santiago|first=J.|last2=Miceli|first2=M.|last3=Del Valle|first3=M. V.|last4=Romero|first4=G. E.|last5=Bonito|first5=R.|last6=Albacete-Colombo|first6=J. F.|last7=Pereira|first7=V.|last8=De Castro|first8=E.|last9=Damiani|first9=F.|year=2012|title=AE Aurigae: First Detection of Non-thermal X-Ray Emission from a Bow Shock Produced by a Runaway Star|journal=The Astrophysical Journal Letters|volume=757|issue=1|pages=L6|arxiv=1208.6511|bibcode=2012ApJ...757L...6L|doi=10.1088/2041-8205/757/1/L6}}</ref> <ref>{{Cite journal|last=France|first=Kevin|last2=McCandliss|first2=Stephan R.|last3=Lupu|first3=Roxana E.|year=2007|title=A Cometary Bow Shock and Mid-Infrared Emission Variations Revealed in Spitzer Observations of HD 34078 and IC 405|url=https://archive.org/details/sim_astrophysical-journal_2007-02-01_655_2/page/920|journal=The Astrophysical Journal|volume=655|issue=2|pages=920–939|arxiv=astro-ph/0610953|bibcode=2007ApJ...655..920F|doi=10.1086/510481}}</ref>
== साथी ==
संभवतः अपने भगोड़े तारे की प्रकृति के कारण, एई ऑरिगे के पास कोई भौतिक साथी सितारे नहीं हैं, हालांकि कुछ आस-पास के सितारों को गलती से साथियों के रूप में पहचाना गया है। एई ऑरिगे से 1000 एयू (0.016 प्रकाश-वर्ष) दूर एक सैद्धांतिक साथी का 2.5 आर्कसेकंड से कम का कोणीय पृथक्करण होगा और वह संभवत: तारे की चकाचौंध में खो जाएगा।{{उद्धरण आवश्यक|date=March 2021}}
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी संबंध ==
{{portal bar|खगोलशास्त्र}}
* [http://stars.astro.illinois.edu/sow/aeaur.html ''एई ऑरिगे''] जिम केलर
* [http://webviz.u-strasbg.fr/viz-bin/VizieR-S?V*%20AE%20Aur एई और] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211225144812/http://webviz.u-strasbg.fr/viz-bin/VizieR-S?V*%20AE%20Aur |date=25 दिसंबर 2021 }} विज़ीर जीसीवीएस एंट्री
* [http://webviz.u-strasbg.fr/viz-bin/VizieR-S?HR%201712 एचआर 1712] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211225144811/http://webviz.u-strasbg.fr/viz-bin/VizieR-S?HR%201712 |date=25 दिसंबर 2021 }} विज़ीर ब्राइट स्टार कैटलॉग एंट्री
* [http://aladin.u-strasbg.fr/AladinPreview?-c=05+16+18.1497%2B34+18+44.341&ident=V*+AE+Aur&submit=Aladin+previewer एई औरिगे] अलादीन छवि
* [http://webviz.u-strasbg.fr/viz-bin/VizieR-S?CCDM%20J05163%2b3419A CCDM J05163+3419] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211225144814/http://webviz.u-strasbg.fr/viz-bin/VizieR-S?CCDM%20J05163%2b3419A |date=25 दिसंबर 2021 }} दो और कई तारा प्रवेश के घटकों की विज़ीर सूची
[[श्रेणी:ब्रह्मा तारामंडल]]
[[श्रेणी:ओ-प्रकार मुख्य अनुक्रम तारे]]
[[श्रेणी:विकिपरियोजना खगोलशास्त्र लेख]]
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ऋत्विक बेहरा
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}}
'''ऋत्विक रसानंद बेहरा''' (जन्म 29 नवंबर 1988) एक अमेरिकी क्रिकेटर हैं, जो संयुक्त राज्य की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए ऑलराउंडर के रूप में खेलते हैं।<ref>{{Cite web|title=Ritwik Behera Profile - Cricket Player, Usa {{!}} News, Photos, Stats, Ranking, Records - NDTV Sports|url=https://sports.ndtv.com/cricket/players/114829-ritwik-behera-playerprofile|access-date=2021-12-29|website=NDTVSports.com|language=en}}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web|title=Ritwik Behera|url=https://wisden.com/players/ritwik-behera-2|access-date=2021-12-29|website=Wisden|language=en-GB|archive-date=16 दिसंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221216100418/https://wisden.com/players/ritwik-behera-2|url-status=dead}}</ref><ref name=":0">{{Cite web|title=Ritwik Behera profile and biography, stats, records, averages, photos and videos|url=https://www.espncricinfo.com/player/ritwik-behera-1294030|access-date=2021-12-29|website=ESPNcricinfo|language=en}}</ref>
==सन्दर्भ==
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एडिनबर्ग हवाई अड्डा
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| footnotes = स्रोत: [[राष्ट्रीय वायु यातायात सेवाएँ|नैट्स]] पर यूके का [[वैमानिकी सूचना प्रकाशन|वैसूप्र]] <ref name="aip">{{cite web|url=http://www.nats-uk.ead-it.com/public/index.php%3Foption%3Dcom_content%26task%3Dblogcategory%26id%3D62%26Itemid%3D111.html|title=NATS – AIS – Home|website=Ead-it.com|access-date=10 अप्रैल 2019|archive-date=11 नवंबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201111191211/http://www.nats-uk.ead-it.com/public/index.php%3Foption%3Dcom_content%26task%3Dblogcategory%26id%3D62%26Itemid%3D111.html|url-status=dead}}</ref><br />सांख्यिकी [[नागरिक उड्डयन प्राधिकरण, यूनाइटेड किंगडम|यूके नागरिक उड्डयन प्राधिकरण]] से<ref name="stats">{{cite web |url=http://www.caa.co.uk/Data-and-analysis/UK-aviation-market/Airports/Datasets/ |title=Aircraft and passenger traffic data from UK airports |publisher=[[नागरिक उड्डयन प्राधिकरण, यूनाइटेड किंगडम|यूके नागरिक उड्डयन प्राधिकरण]] |date=3 मार्च 2017 |access-date=18 मार्च 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170211070518/http://www.caa.co.uk/Data-and-analysis/UK-aviation-market/Airports/Datasets/ |archive-date=11 फरवरी 2017 |url-status=live }}</ref>
}}
'''एडिनबर्ग हवाई अड्डा''' {{हवाई अड्डा कोड|EDI|EGPH}} [[एडिनबर्ग]], स्कॉटलैंड के क्षेत्र [[इंग्लिस्टन]] में स्थित एक हवाई अड्डा है। यह 2019 में स्कॉटलैंड का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा था, जिसने 147 लाख यात्रियों से अधिक को सेवा दी थी। यह 2019 में कुल यात्री संख्या की श्रेणी में [[यूनाईटेड किंगडम के व्यस्ततम हवाई अड्डों की सूची|यूनाइटेड किंगडम का छठा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा]] भी था। <ref name="edinburghairport.com">{{Cite web|url=http://www.edinburghairport.com/about-us/media-centre/press-releases/a-record-year/|title=A record year|website=एडिनबर्ग एयरपोर्ट|access-date=5 जनवरी 2022|archive-date=5 अगस्त 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200805072703/https://www.edinburghairport.com/about-us/media-centre/press-releases/a-record-year/|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.caa.co.uk/Data-and-analysis/UK-aviation-market/Airports/Datasets/UK-Airport-data/Airport-data-2018/|title=Airport data 2018 - UK Civil Aviation Authority|website=www.caa.co.uk|archive-url=https://web.archive.org/web/20190329195127/https://www.caa.co.uk/Data-and-analysis/UK-aviation-market/Airports/Datasets/UK-Airport-data/Airport-data-2018/|archive-date=29 मार्च 2019|access-date=20 मार्च 2019}}</ref> यह शहर के केंद्र के पश्चिम में {{Convert|5|NM|abbr=on|lk=in}} पर [[एम8 मोटरमार्ग (स्कॉटलैंड)|एम8]] और [[एम9 मोटरमार्ग स्कॉटलैंड|एम9]] मोटरमार्ग से कुछ ही दूर स्थित है। इसका स्वामित्व और संचालन ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स द्वारा किया जाता है, जो [[गैटविक हवाईअड्डा|गैटविक हवाई अड्डे]] के अल्पसंख्यक शेयरधारक भी हैं। <ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/business/2018/dec/27/gatwick-airport-sold-to-french-group|title=Gatwick airport: majority stake sold to French group|last=Kollewe|first=Julia|date=27 December 2018|work=[[The Guardian]]|access-date=27 December 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181227115925/https://www.theguardian.com/business/2018/dec/27/gatwick-airport-sold-to-french-group|archive-date=27 December 2018|language=en-GB|issn=0261-3077}}</ref> हवाई अड्डे के पास एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल है, जहाँ लगभग 2,500 लोग कार्यरत हैं।
== इतिहास ==
[[चित्र:Aerial_travel_for_Business_or_Pleasure_-_Thos_Cook_&_Son_-_1919_-_pp_16+_(map).jpg|बाएँ|अंगूठाकार| 1919 में प्रकाशित "सैन्य और नागरिक स्टेशन" के रूप में टर्नहाउस को दिखाते हुए, "ग्रेट ब्रिटेन में हवाई मार्गों और लैंडिंग स्थानों का मानचित्र, जैसा कि नागरिक उड़ान के लिए वायु मंत्रालय द्वारा अस्थायी रूप से व्यवस्थित किया गया है"।]]
'''टर्नहाउस हवाई अड्डा''' [[पहला विश्व युद्ध|प्रथम विश्व युद्ध]] में रॉयल फ्लाइंग कोर द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे उत्तरी ब्रिटिश वायु रक्षा अड्डा था। छोटा बेस 1916 में खोला गया <ref>{{Cite web|url=http://www.edinburghairport.com/about-us/facts-and-figures|title=EDI Facts and figures|website=एडिनबर्ग एयरपोर्ट|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20160601155621/http://www.edinburghairport.com/about-us/facts-and-figures|archive-date=1 जून 2016|access-date=1 जून 2016}}</ref> और इसका उपयोग 1925 से 603 (एडिनबर्ग शहर) स्क्वाड्रन को रखने के लिए किया गया था, जिसमें डीएच 9ए, [[वेस्टलैंड वैपिटि|वेस्टलैंड वैपिटिस]], [[हॉकर हार्ट्|हॉकर हर्ट्स]] और [[हॉकर हिंद]] हल्के बमवर्षक शामिल थे। सभी विमानों ने घास की हवाई पट्टी का इस्तेमाल किया।
1918 में रॉयल एयर फ़ोर्स का गठन किया गया और एयरफ़ील्ड का नाम ''आरएएफ टर्नहाउस'' रखा गया और स्वामित्व [[वायु मंत्रालय]] को हस्तांतरित कर दिया गया।
जब [[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध]] छिड़ गया, तो RAF फाइटर कमांड ने {{Convert|3900|ft|0|abbr=on}} रनवे पर नियंत्रण कर लिया जिसे [[सुपरमरीन स्पिटफायर]] को संभालने के लिए पक्का किया गया था। [[ब्रिटेन की लड़ाई]] के दौरान एयरबेस पर 3, 65 और 141 स्क्वाड्रन मौजूद थे।
=== द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ===
जब युद्ध समाप्त हुआ तो हवाई क्षेत्र सैन्य नियंत्रण में रहा, लेकिन 1940 के दशक के अंत तक पहली वाणिज्यिक सेवाएं शुरू की गईं। 1947 में, [[ब्रिटिश यूरोपीय एयरवेज]] ने एडिनबर्ग और लंदन के बीच [[विकर्स विस्काउंट|विस्काउंट]] और [[विकर्स वैनगॉर्ड|वैनगॉर्ड]] श्रृंखला के बाद आए [[विकर्स वीसी१ वाइकिंग|विकर्स वाइकिंग्स]] का उपयोग करते हुए एक सेवा शुरू की।{{उद्धरण आवश्यक|date=December 2016}}
1952 में वहाँ स्थित 603 स्क्वाड्रन द्वारा संचालित वैम्पायर FB5s को संभालने के लिए रनवे को 6000 फीट तक बढ़ा दिया गया था और आसन्न ए9 सडक पर यातायात की सुरक्षा के लिए एक विमान रोकने वाला बैरियर नेट लगाया गया था। जाल 1970 के दशक की शुरुआत तक बना रहा और इसका इस्तेमाल फेरांति उडान ईकाई बुकेनियर्स में से एक को रोकने के लिए किया गया था, जिसने रनवे को पार कर लिया था। एक और उपयोग 1970 में हुआ जब आरएन फ्लीट रिक्वायरमेंट यूनिट द्वारा संचालित एक उल्का टीटी 20, रनवे से आगे निकल गया और रोकने के लिए लगे इस जाल तक पहुंच गया। 1956 में एक बेहतर वाणिज्यिक सेवा प्रदान करने के लिए एक नया यात्री टर्मिनल बनाया गया था; पांच साल बाद इसे बढ़ा दिया गया। मार्च 1957 में 603 स्क्वाड्रन के विघटन के बाद, हवाई मंत्रालय ने हवाई अड्डे को बेहतर वाणिज्यिक सेवा प्रदान करने के लिए 1960 में विमानन मंत्रालय को स्वामित्व हस्तांतरित कर दिया। उडानों को अस्थायी रूप से ईस्ट फॉर्च्यून की ओर मोड़ दिया गया था, जिसके रनवे का विस्तार इस अवधि में विमानों को समायोजित करने के लिए किया गया था।
=== बीएए स्वामित्व 1971 से 2012 ===
[[चित्र:EDI_AIRPORT_FROM_FLIGHT_ORY-KEF_757_ICELANDAIR_TF-FIK_(35461420664).jpg|अंगूठाकार| एडिनबर्ग हवाई अड्डे का हवाई दृश्य]]
[[चित्र:Edinburgh_Airport_gate_lounge.jpg|अंगूठाकार| प्रस्थान द्वार क्षेत्र]]
[[हीथ्रो एयरपोर्ट होल्डिंग्स|ब्रिटिश हवाईअड्डा प्राधिकरण]] (बीएए) ने 1 अप्रैल 1971 को हवाईअड्डे का स्वामित्व उस समय संभाला था जब मूल टर्मिनल भवन इसकी डिजाइन क्षमता के लगभग आठ गुना पर चल रहा था। टर्मिनल में तत्काल सुधार सुंदरता बढ़ाने वाले ही थे, जैसे उड़ान की जानकारी के लिए अतिरिक्त बैठने और टीवी मॉनीटर, और पूरी तरह से नए टर्मिनल और रनवे के पुनर्संरचना के लिए प्रस्तावित योजनाओं के लिए दो साल लग गए। योजना पर एक सार्वजनिक परामर्श नवंबर 1971 में शुरू हुआ और फरवरी 1972 में समाप्त हुआ। पुनर्विकास के प्रारंभिक चरण जून 1973 में शुरू हुए; उन्होंने इसमें आलमन्ड नदी का एक मोड़ शामिल किया। सर रॉबर्ट मैथ्यू द्वारा डिजाइन किए गए नए टर्मिनल भवन पर काम मार्च 1975 में शुरू हुआ, और दो दिन बाद इमारत को आधिकारिक तौर पर महारानी [[एलिजाबेथ द्वितीय]] द्वारा 27 मई 1977 को <ref>{{Cite news|url=https://news.google.com/newspapers?id=QpZAAAAAIBAJ&pg=5046%2C5816343|title=Queen will be first to use air terminal|date=27 मई 1977|work=द ग्लासगो हेराल्ड|access-date=26 नवम्बर 2017}}</ref> जनता के लिए खोल दिया गया।
एडिनबर्ग से अंतर्राष्ट्रीय सेवा 1962 में [[डबलिन]] के लिए सीधी सेवा के साथ शुरू हुई, लेकिन कई वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें केवल चार्टर और निजी थीं। यह सिलसिला 1970 के दशक के अंत के दौरान महाद्वीपीय यूरोप ( [[ऐम्स्टर्डैम|एम्स्टर्डम]], 1975) के लिए सीधी सेवाओं के साथ बदलना शुरू हुआ। 1980 के दशक के मध्य तक प्रत्यक्ष मार्गों में [[पेरिस]], [[डसेलडॉर्फ़|डसेलडोर्फ]], [[ब्रुसेल्स]], [[फ़्रैंकफ़र्ट|फ्रैंकफर्ट]] और [[कोपेनहेगन]] शामिल थे, लेकिन सीधी अटलांटिकपार उड़ानें अभी तक संभव नहीं थीं क्योंकि यूएस-यूके बरमूडा II समझौते के तहत [[ग्लासगो प्रेस्टविक हवाई अड्डा|प्रेस्टविक]] स्कॉटलैंड में एकमात्र आधिकारिक "नामित प्रवेश द्वार" था। <ref>{{Cite web|url=http://www.airspacelaw.org/wp-content/uploads/2009/09/bermudaII.pdf|title=Agreement Between the Government of the United Kingdom of Great Britain and Northern Ireland and the Government of the United States of America Concerning Air Services|date=24 जुलाई 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110724230916/http://www.airspacelaw.org/wp-content/uploads/2009/09/bermudaII.pdf|archive-date=24 July 2011}}</ref> 1987 में जब बीएए का निजीकरण किया गया, तब तक एडिनबर्ग हवाई अड्डे ने हर साल 1.8 मिलियन से अधिक यात्रियों को संभाला; 1971 में संभाले गए 681,000 यात्रियों की तुलना में, जब बीएए ने पहली बार हवाई अड्डे पर नियंत्रण किया था। <ref>एडिनबर्ग एयरपोर्ट: एक इतिहास; मैक्क्लॉस्की, कीथ; 2006 {{en}}</ref>
युद्ध के बाद की अवधि के लिए हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल के पास आरएएफ टर्नहाउस प्रचालित था, लेकिन अंततः 1997 में इसे बंद कर दिया गया। <ref>{{Cite web|url=http://canmore.rcahms.gov.uk/en/site/70030/details/edinburgh+raf+turnhouse+airfield/|title=Site Record for Edinburgh, RAF Turnhouse|website=कैनमोर|publisher=आरसीएएचएमएस|archive-url=https://web.archive.org/web/20131002051925/http://canmore.rcahms.gov.uk/en/site/70030/details/edinburgh+raf+turnhouse+airfield/|archive-date=2 अक्टूबर 2013|access-date=8 जनवरी 2013}}</ref>
19 अक्टूबर 2011 को, बीएए लिमिटेड ने ब्रिटेन के [[प्रतिस्पर्धा आयोग, यूनाइटेड किंगडम|प्रतिस्पर्धा आयोग]] के फैसले के बाद हवाई अड्डे को बेचने की अपनी मंशा की घोषणा की, जिसमें बीएए को [[ग्लासगो हवाई अड्डा|ग्लासगो हवाई अड्डे]] या एडिनबर्ग हवाई अड्डे को बेचने की बाध्यता थी। <ref>{{Cite web|url=http://www.baa.com/portal/page/BAA%20Airports%5EMedia%20centre%5ENews%20releases%5EResults/88e1489a94913310VgnVCM10000036821c0a____/a22889d8759a0010VgnVCM200000357e120a____/|title=Heathrow: About us – Heathrow|website=Baa.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20120204080626/http://www.baa.com/portal/page/BAA%20Airports%5EMedia%20centre%5ENews%20releases%5EResults/88e1489a94913310VgnVCM10000036821c0a____/a22889d8759a0010VgnVCM200000357e120a____/|archive-date=4 February 2012|access-date=20 October 2011}}</ref> बीएए ने 23 अप्रैल 2012 को घोषणा की कि उसने एडिनबर्ग हवाई अड्डे को ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स को £ 807.2 मिलियन की कीमत पर बेच दिया था जो 2020 में £ 975 मिलियन के बराबर है। <ref>{{Cite web|url=http://www.baa.com/media-centre/press-releases/baa-announces-sale-of-edinburgh-airport|title=Press Releases|last=Heathrow|website=Baa.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20120511171410/http://www.baa.com/media-centre/press-releases/baa-announces-sale-of-edinburgh-airport|archive-date=11 मई 2012|access-date=23 अप्रैल 2012}}</ref>
== विमान सेवाएँ और गंतव्य ==
निम्नलिखित विमान सेवाएँ एडिनबर्ग से और उसके लिए नियमित अनुसूचित और चार्टर उड़ानें संचालित करती हैं: <ref>{{Cite web|url=https://www.edinburghairport.com/flights/flight-timetables|title=Flight timetables - Edinburgh Airport|website=www.edinburghairport.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20180311111137/http://www.edinburghairport.com/flights/flight-timetables|archive-date=11 March 2018|access-date=9 April 2019}}</ref>{{Airport destination list|[[Aegean Airlines]]|49=[[Transavia]]|36=[[Bergen Airport|Bergen]], [[Cardiff Airport|Cardiff]], [[City of Derry Airport|Derry]] (begins 17 May 2022),<ref>https://www.derryjournal.com/lifestyle/staycation/loganair-announced-new-flight-from-derry-to-edinburgh-3435857</ref> [[Exeter Airport|Exeter]], [[Isle of Man Airport|Isle of Man]], [[Kirkwall Airport|Kirkwall]], [[Newquay Airport|Newquay]], [[Norwich Airport|Norwich]], [[साउथैम्पटन हवाईअड्डा|साउथैम्पटन]], [[Stavanger Airport|Stavanger]], [[Stornoway Airport|Stornoway]], [[Sumburgh Airport|Sumburgh]]
<!-- -->|37=[[Lufthansa]]|38=[[Frankfurt Airport|Frankfurt]], [[Munich Airport|Munich]]
<!-- -->|39={{nowrap|[[Norwegian Air Shuttle]]}}|40=[[Copenhagen Airport|Copenhagen]], [[Oslo Airport, Gardermoen|Oslo]], [[Stockholm–Arlanda Airport|Stockholm–Arlanda]]
<!-- -->|41=[[Qatar Airways]]|42=[[Hamad International Airport|Doha]]
<!-- -->|43=[[Ryanair]]|44=[[Alicante–Elche Miguel Hernández Airport|Alicante]], [[Josep Tarradellas Barcelona–El Prat Airport|Barcelona]], [[Bari Airport|Bari]] (begins 27 March 2022),<ref>https://italiavola.com/2021/12/14/ryanair-dalla-prossima-primavera-al-via-il-collegamento-bari-edimburgo/</ref> [[Beauvais Airport|Beauvais]], [[Orio al Serio International Airport|Bergamo]], [[Berlin Brandenburg Airport|Berlin]], [[Billund Airport|Billund]], [[Bologna Guglielmo Marconi Airport|Bologna]], [[Bratislava Airport|Bratislava]], [[Henri Coandă International Airport|Bucharest]],<ref>{{Cite web |url=https://www.businesstraveller.com/business-travel/2019/08/08/ryanair-to-launch-edinburgh-bucharest-service/ |title=Archived copy |access-date=14 August 2019}}</ref> [[Budapest Ferenc Liszt International Airport|Budapest]], [[Brussels South Charleroi Airport|Charleroi]], [[Copenhagen Airport|Copenhagen]], [[Cork Airport|Cork]],<ref>https://www.irishpost.com/news/welcome-home-to-cork-this-christmas-ryanair-to-restore-cork-airport-base-and-twenty-routes-220967 {{Bare URL inline|date=December 2021}}</ref> [[Dublin Airport|Dublin]], [[Eindhoven Airport|Eindhoven]], [[Faro Airport|Faro]], [[Fuerteventura Airport|Fuerteventura]], [[Gdańsk Lech Wałęsa Airport|Gdańsk]], [[Göteborg Landvetter Airport|Gothenburg]], [[Gran Canaria Airport|Gran Canaria]], [[Hamburg Airport|Hamburg]], [[Katowice International Airport|Katowice]], [[Kaunas Airport|Kaunas]], [[Knock Airport|Knock]],<ref>{{Cite web|url=https://www.con-telegraph.ie/2021/03/24/ryanair-launches-two-new-routes-from-knock-to-the-uk/|title=Ryanair launches two new routes from Knock to the UK|website=Connaught Telegraph}}</ref> [[John Paul II International Airport Kraków–Balice|Kraków]], [[Lanzarote Airport|Lanzarote]], [[Lisbon Airport|Lisbon]], [[Madrid Airport|Madrid]],<ref>https://travelweekly.co.uk/news/air/ryanair-attacks-apd-while-expanding-winter-edinburgh-network</ref> [[Málaga Airport|Málaga]], [[Malta International Airport|Malta]], [[Marrakesh Airport|Marrakesh]] (begins 2 February 2022),<ref>https://travelweekly.co.uk/articles/431056/ryanair-to-serve-marrakech-from-edinburgh-by-christmas</ref> [[Marseille Provence Airport|Marseille]], [[Nantes Atlantique Airport|Nantes]], [[Naples International Airport|Naples]], [[Palermo Airport|Palermo]], [[Pisa International Airport|Pisa]], [[Poitiers Airport|Poitiers]], [[Porto Airport|Porto]], [[Poznań–Ławica Airport|Poznań]], [[Václav Havel Airport Prague|Prague]], [[Riga International Airport|Riga]], [[Ciampino–G. B. Pastine International Airport|Rome–Ciampino]], [[Santander Airport|Santander]], [[Santiago de Compostela Airport|Santiago de Compostela]] (begins 28 March 2022),<ref>https://www.ryanair.com/gb/en</ref> [[Seville Airport|Seville]], [[Shannon Airport|Shannon]], [[Sofia Airport|Sofia]], [[Tallinn Airport|Tallinn]], [[Tenerife–South Airport|Tenerife–South]], [[Toulouse–Blagnac Airport|Toulouse]], [[Treviso Airport|Treviso]], [[Turin Airport|Turin]],<ref>https://www.businesstraveller.com/business-travel/2021/06/17/ryanair-launches-flights-from-turin-to-edinburgh-luton-and-shannon/</ref> [[Valencia Airport|Valencia]], [[Vienna International Airport|Vienna]],<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/news/uk-scotland-scotland-business-47692568|title=New Edinburgh to Vienna air link announced|date=25 March 2019|access-date=25 March 2019|via=www.bbc.co.uk}}</ref><ref>{{cite web |last1=Liu |first1=Jim |title=Ryanair / Laudamotion S20 network consolidation as of 18JUN20 |url=https://www.routesonline.com/news/38/airlineroute/291926/ryanair-laudamotion-s20-network-consolidation-as-of-18jun20/ |website=Routesonline |access-date=19 June 2020}}</ref> [[Warsaw Modlin Airport|Warsaw–Modlin]], [[Copernicus Airport Wrocław|Wroclaw]] <br />'''Seasonal:''' [[Béziers Cap d'Agde Airport|Béziers]], [[Bordeaux–Mérignac Airport|Bordeaux]], [[Carcassonne Airport|Carcassonne]], [[Corfu International Airport|Corfu]], [[Ibiza Airport|Ibiza]], [[Palma de Mallorca Airport|Palma de Mallorca]], [[Weeze Airport|Weeze]] (resumes 29 March 2022),<ref>https://www.scotsman.com/news/transport/edinburgh-airport-ryanair-adds-new-paris-madrid-palermo-and-cork-routes-3403971 {{Bare URL inline|date=December 2021}}</ref> [[Zadar Airport|Zadar]]<ref>{{Cite web|url=https://www.edinburghnews.scotsman.com/news/transport/ryanair-to-announce-croatian-air-route-from-edinburgh-to-zadar-3183275|title=Ryanair to announce Croatian flights from Edinburgh to Zadar from July|website=www.edinburghnews.scotsman.com}}</ref>
<!-- -->|45=[[Scandinavian Airlines]]|46=[[Stockholm–Arlanda Airport|Stockholm–Arlanda]] <br />'''Seasonal:''' [[Copenhagen Airport|Copenhagen]], [[Oslo Airport, Gardermoen|Oslo]]
<!-- -->|47=[[SunExpress]]|48='''Seasonal:''' [[Antalya Airport|Antalya]] (begins 2 April 2022)<ref name="Edinburgh Airport website">{{cite web|url=https://corporate.edinburghairport.com/media-centre/news-releases/sunexpress-lands-at-edinburgh-airport | title=SunExpress lands at Edinburgh Airport | website=Edinburgh Airport}}</ref>
<!-- -->|50=[[Rotterdam The Hague Airport|Rotterdam/The Hague]] <br />'''Seasonal:''' [[Paris–Orly Airport|Paris–Orly]]
<!-- -->|34=[[Amsterdam Airport Schiphol|Amsterdam]]
<!-- -->|51=[[TUI Airways]]<ref name="TUI.uk">{{cite web|url=https://www.tui.co.uk/flight/timetable|title=Flight Timetable|publisher=tui.com}}</ref>|52='''Seasonal:''' [[Cancún International Airport|Cancún]], [[Chambéry Airport|Chambéry]], [[Corfu International Airport|Corfu]], [[Dalaman Airport|Dalaman]], [[Innsbruck Airport|Innsbruck]], [[Kittilä Airport|Kittilä]],<ref name="auto1">{{Cite web|url=https://www.edinburghlive.co.uk/news/edinburgh-news/tui-reveals-new-holiday-trips-19188100|title=TUI reveals new holiday trips from Edinburgh - with free flights for kids|first=Dayna|last=McAlpine|date=29 October 2020|website=edinburghlive}}</ref> [[Melbourne Orlando International Airport|Melbourne/Orlando]] (begins 15 June 2022),<ref name="TUI.uk"/> [[Menorca Airport|Menorca]], [[Palma de Mallorca Airport|Palma de Mallorca]], [[Tenerife–South Airport|Tenerife–South]]
<!-- -->|53=[[Turkish Airlines]]|54=[[Istanbul Airport|Istanbul]] <br />'''Seasonal:''' [[अन्ताल्या हवाई अड्डा|अन्ताल्या]]<ref>{{Cite web|url=https://centreforaviation.com/news/turkish-airlines-to-resume-antalya-edinburgh-seasonal-service-in-summer-2021-1054302|title=News for Airlines, Airports and the Aviation Industry | CAPA|website=centreforaviation.com}}</ref>
<!-- -->|55=[[United Airlines]]|56=[[Newark Liberty International Airport|Newark]] (resumes 6 March 2022)<ref name=UAresumption>{{cite web|title=United Airlines Set To Relaunch Direct Flights To Scotland|url=https://simpleflying.com/united-airlines-scotland-relaunch/|author=Luke Bodell|access-date=1 December 2021}}</ref><br />'''Seasonal:''' [[O'Hare International Airport|Chicago–O'Hare]], [[Washington Dulles International Airport|Washington–Dulles]] (both resume 8 May 2022)<ref name=UAresumption/>
<!-- -->|57=[[Vueling]]|58=[[Josep Tarradellas Barcelona–El Prat Airport|Barcelona]]<ref>https://www.vueling.com/en/book-your-flight/where-we-fly</ref> <br />'''Seasonal:''' [[Paris–Orly Airport|Paris–Orly]]<ref>https://www.aviacionline.com/2021/11/vueling-inaugurates-30-new-routes-from-paris-orly/ {{Bare URL inline|date=December 2021}}</ref>
<!-- -->|59=[[Virgin Atlantic]]|60='''Seasonal:''' [[Grantley Adams International Airport|Barbados]],<ref>{{cite web |last1=Karp |first1=Aaron |title=Virgin Atlantic Launches Edinburgh-Barbados Route |url=https://www.routesonline.com/news/29/breaking-news/297253/virgin-atlantic-launches-edinburgh-barbados-route/ |website=Routesonline |access-date=9 December 2021}}</ref> [[Orlando International Airport|Orlando]] (begins 30 March 2022)<ref>{{cite web |last1=Clarkson |first1=Natalie |title=Virgin Atlantic to launch flights from Edinburgh
|url=https://www.virgin.com/about-virgin/latest/virgin-atlantic-to-launch-flights-from-edinburgh}}</ref>
<!-- -->|61=[[WestJet]]|62='''Seasonal:''' [[Toronto Pearson International Airport|Toronto–Pearson]] (begins 3 June 2022)<ref>https://www.newswire.ca/news-releases/-it-s-pure-barry-westjet-introduces-new-flights-to-scotland-from-toronto-826701689.html</ref>
<!-- -->|63=[[Wizz Air]]|35=[[Loganair]]|33=[[केएलएम]]|'''Seasonal:''' [[Athens International Airport|Athens]]
<!-- -->|16='''Seasonal:''' [[Burgas Airport|Burgas]]
<!-- -->|[[Aer Lingus]]|[[George Best Belfast City Airport|Belfast–City]], [[Dublin Airport|Dublin]] (ends 26 March 2022)<ref name="ittn.ie">https://ittn.ie/news/aer-lingus-and-emerald-airlines-to-start-regional-routes-from-st-patricks-day-2022/</ref>
<!-- -->|[[Aer Lingus Regional]]|[[Dublin Airport|Dublin]] (begins 27 March 2022)<ref name="ittn.ie"/>
<!-- -->|[[Air Canada]]|'''Seasonal:''' [[Toronto Pearson International Airport|Toronto–Pearson]]<ref name="rouge_replacement">{{cite web|url=https://www.routesonline.com/news/38/airlineroute/292635/air-canada-rouge-767-service-replacement-as-of-1800gmt-22jul20/|title=Air Canada rouge 767 service replacement as of 1800GMT 22JUL20|website=routesonline.com|date=July 22, 2020}}</ref>
<!-- -->|[[Air France]]|[[Charles de Gaulle Airport|Paris–Charles de Gaulle]]
<!-- -->|[[airBaltic]]|'''Seasonal:''' [[Riga International Airport|Riga]]<ref>{{Cite web |url=https://theedinburghreporter.co.uk/2021/04/airbaltic-to-make-edinburgh-debut-this-summer/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=5 जनवरी 2022 |archive-date=6 दिसंबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211206205244/https://theedinburghreporter.co.uk/2021/04/airbaltic-to-make-edinburgh-debut-this-summer/ |url-status=dead }}</ref>
<!-- -->|[[Atlantic Airways]]|'''Seasonal:''' [[Vágar Airport|Vágar]]
<!-- -->|[[BH Air]]|17=[[British Airways]]|32=[[Alicante–Elche Miguel Hernández Airport|Alicante]], [[Antalya Airport|Antalya]], [[Fuerteventura Airport|Fuerteventura]], [[Cristiano Ronaldo International Airport|Funchal]], [[Gran Canaria Airport|Gran Canaria]], [[Lanzarote Airport|Lanzarote]], [[Málaga Airport|Málaga]], [[Tenerife South Airport|Tenerife–South]] <br />'''Seasonal:''' [[Milas–Bodrum Airport|Bodrum]], [[Burgas Airport|Burgas]], [[Corfu International Airport|Corfu]], [[Dalaman Airport|Dalaman]], [[Dubrovnik Airport|Dubrovnik]], [[Faro Airport|Faro]], [[Geneva Airport|Geneva]], [[Heraklion International Airport|Heraklion]], [[Ibiza Airport|Ibiza]], [[Innsbruck Airport|Innsbruck]],<ref>{{Cite web|url=http://travelweekly.co.uk/news/air/jet2-ramps-up-ski-capacity-for-next-winter|title=Jet2 ramps up ski capacity for next winter|first=Travel|last=Weekly|website=Travel Weekly}}</ref> [[İzmir Adnan Menderes Airport|İzmir]] (resumes 28 May 2022),<ref name=LSS21>{{cite web|url=https://www.anna.aero/2021/01/08/jet2-reveals-four-new-routes-from-edinburgh-its-eighth-largest-base/|title=Jet2 reveals four new routes from Edinburgh, its eighth-largest base|website=anna.aero|date=8 January 2021|access-date=5 जनवरी 2022|archive-date=6 फ़रवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230206185953/https://www.anna.aero/2021/01/08/jet2-reveals-four-new-routes-from-edinburgh-its-eighth-largest-base/|url-status=dead}}</ref> [[Kos International Airport|Kos]], [[Larnaca International Airport|Larnaca]], [[Menorca Airport|Menorca]], [[Naples International Airport|Naples]], [[Palma de Mallorca Airport|Palma de Mallorca]], [[Paphos International Airport|Paphos]], [[Aktion National Airport|Preveza/Lefkada]] (begins 29 May 2022),<ref name=LSS21/> [[Reus Airport|Reus]], [[Rhodes International Airport|Rhodes]], [[Salzburg Airport|Salzburg]], [[Santorini (Thira) International Airport|Santorini]] (begins 26 May 2022),<ref name=LSS21/> [[Skiathos International Airport|Skiathos]] (begins 27 May 2022),<ref name=LSS21/> [[Split Airport|Split]], [[Thessaloniki Airport|Thessaloniki]], [[Turin Airport|Turin]], [[Verona Villafranca Airport|Verona]], [[Zakynthos International Airport|Zakynthos]]
<!-- -->|18=[[London City Airport|London–City]], [[Heathrow Airport|London–Heathrow]]<br />'''Seasonal:''' [[Florence Airport|Florence]], [[Palma de Mallorca Airport|Palma de Mallorca]], [[Southampton Airport|Southampton]]<ref>{{Cite web|url=https://mediacentre.britishairways.com/news/09122020/fly-to-europe-from-southampton-with-british-airways|title=FLY TO EUROPE FROM SOUTHAMPTON WITH BRITISH AIRWAYS|first=British|last=Airways|website=mediacentre.britishairways.com}}</ref>
<!-- -->|19=[[Brussels Airlines]]|20=[[Brussels Airport|Brussels]]
<!-- -->|21=[[Delta Air Lines]]|22=[[John F. Kennedy International Airport|New York–JFK]] (resumes 2 May 2022)<ref name=delta2022>{{Cite web|url=https://news.delta.com/delta-delivers-more-destinations-and-premium-flight-experiences-europe-next-summer|title=Delta delivers more destinations and premium in-flight experiences to Europe next summer}}</ref> <br />'''Seasonal:''' [[Boston Logan Airport|Boston]] (resumes 28 May 2022)<ref name=delta2022 />
<!-- -->|23=[[easyJet]]|24=[[Alicante–Elche Miguel Hernández Airport|Alicante]], [[Amsterdam Airport Schiphol|Amsterdam]], [[EuroAirport Basel–Mulhouse–Freiburg|Basel/Mulhouse]], [[Belfast International Airport|Belfast–International]], [[Berlin Brandenburg Airport|Berlin]], [[Birmingham Airport|Birmingham]],<ref>{{Cite web|url=https://www.insider.co.uk/news/easyjet-launch-edinburgh-birmingham-service-20087241|title=New flight to launch from Edinburgh to English city|first=Ken|last=Symon|date=18 September 2019|website=businessInsider}}</ref> [[Bristol Airport|Bristol]], [[Copenhagen Airport|Copenhagen]], [[Geneva Airport|Geneva]], [[Gibraltar International Airport|Gibraltar]],<ref>{{Cite web|url=https://www.chronicle.gi/easyjet-to-launch-direct-flights-between-gibraltar-and-edinburgh/|title=easyJet to launch direct flights between Gibraltar and Edinburgh}}</ref> [[Hamburg Airport|Hamburg]], [[Kraków John Paul II International Airport|Kraków]], [[Lanzarote Airport|Lanzarote]], [[Lisbon Airport|Lisbon]], [[गैटविक हवाईअड्डा|लंदन-गैटविक]], [[लूटन हवाई अड्डा|लंदन-लूटन]], [[लंदन स्टैनस्टेड हवाई अड्डा|लंदन-स्टैनस्टेड]], [[ल्यों संत एक्स्युपेरी हवाई अड्डा|ल्यों]], [[Adolfo Suárez Madrid–Barajas Airport|Madrid]], [[Milan Malpensa Airport|Milan–Malpensa]], [[Munich Airport|Munich]], [[Paphos International Airport|Paphos]], [[Charles de Gaulle Airport|Paris–Charles de Gaulle]], [[Václav Havel Airport Prague|Prague]], [[Keflavík International Airport|Reykjavik–Keflavik]], [[Tenerife–South Airport|Tenerife–South]], [[Venice Marco Polo Airport|Venice]]<br /> '''Seasonal:''' [[Athens International Airport|Athens]], [[Milas–Bodrum Airport|Bodrum]], [[Dalaman Airport|Dalaman]], [[Dubrovnik Airport|Dubrovnik]], [[Fuerteventura Airport|Fuerteventura]], [[Grenoble–Isère Airport|Grenoble]], [[Heraklion International Airport|Heraklion]], [[Málaga Airport|Málaga]] (begins 2 May 2022),<ref>https://www.europapress.es/turismo/transportes/noticia-easyjet-refuerza-conexiones-espana-aeropuertos-reino-unido-escocia-irlanda-norte-alemania-20211217142123.html</ref> [[Naples Airport|Naples]], [[Nice Côte d'Azur Airport|Nice]], [[Palma de Mallorca Airport|Palma de Mallorca]], [[Rhodes International Airport|Rhodes]] (begins 2 May 2022)<ref>https://www.routesonline.com/news/29/breaking-news/297215/routes-in-brief-decembers-rolling-daily-updates/?highlight=GLA</ref>
<!-- -->|25=[[Edelweiss Air]]|26=[[ज्यूरिख हवाई अड्डा|ज्यूरिख]]
<!-- -->|27=[[Eurowings]]|28=[[Cologne Bonn Airport|Cologne/Bonn]], [[Düsseldorf Airport|Düsseldorf]]
<!-- -->|29=[[Finnair]]|30=[[Helsinki Airport|Helsinki]]
<!-- -->|31=[[Jet2.com]]<ref name=Jet2>{{cite web|url=https://www.jet2.com/timetable|title=Flight Timetable|website=jet2.com}}</ref>|64=[[Henri Coandă International Airport|Bucharest]], [[Budapest Ferenc Liszt International Airport|Budapest]], [[Gdańsk Lech Wałęsa Airport|Gdańsk]], [[Warsaw Chopin Airport|Warsaw–Chopin]]
<!-- -->}}
== आंकड़े ==
=== यात्री संख्या ===
{{हवाईअड्डा सांख्यिकी|iata=EDI|titre=Edinburgh Airport Passenger Totals}}
{| class="wikitable"
|+
!
! style="width:100px" | यात्रियों की संख्या <ref group="nb">Number of Passengers, Freight and Mail include both domestic and international counterparts.</ref>
! style="width:125px" | विमान आवागमनों की संख्या <ref group="nb">Number of Movements represents total aircraft takeoffs and landings during that year.</ref>
|-
! 1985
| 1,578,000
| 36,926
|-
! 1986
| 1,651,000
| 36,596
|-
! 1987
| 1,852,000
| 39,603
|-
! 1988
| 2,080,000
| 40,664
|-
! 1989
| 2,369,000
| 47,100
|-
! 1990
| 2,495,000
| 47,900
|-
! 1991
| 2,343,000
| 49,700
|-
! 1992
| 2,539,000
| 56,400
|-
! 1993
| 2,721,000
| 58,800
|-
! 1994
| 3,001,000
| 61,100
|-
! 1995
| 3,280,000
| 64,000
|-
! 1996
| 3,810,000
| 68,800
|-
! 1997
| 4,214,919
| 99,352
|-
! 1998
| 4,588,507
| 100,134
|-
! 1999
| 5,119,258
| 101,226
|-
! 2000
| 5,519,372
| 102,393
|-
! 2001
| 6,067,333
| 112,361
|-
! 2002
| 6,930,649
| 118,416
|-
! 2003
| 7,481,454
| 118,943
|-
! 2004
| 8,017,547
| 125,317
|-
! 2005
| 8,456,739
| 127,122
|-
! 2006
| 8,611,345
| 126,914
|-
! 2007
| 9,047,558
| 128,172
|-
! 2008
| 9,006,702
| 125,550
|-
! 2009
| 9,049,355
| 115,969
|-
! 2010
| 8,596,715
| 108,997
|-
! 2011
| 9,385,245
| 113,357
|-
! 2012
| 9,195,061
| 110,288
|-
! 2013
| 9,775,443
| 111,736
|-
! 2014
| 10,160,004
| 109,545
|-
! 2015
| 11,114,587
| 115,286
|-
! 2016
| 12,348,425
| 122,220
|-
! 2017
| 13,410,256
| 128,675
|-
! 2018
| 14,310,403
| 130,016
|-
! 2019
| 14,747,830
| 131,617
|-
| colspan="5" align="right" | <small>''स्रोत: यूनाइटेड किंगडम नागरिक उड्डयन प्राधिकरण''</small> <ref name="edinburghairport.com"/>
|}
=== व्यस्ततम मार्ग ===
{| class="wikitable sortable"
|+'''एडिनबर्ग से व्यस्ततम वायु मार्ग (2019)''' <ref>{{Cite web|url=https://www.caa.co.uk/Data-and-analysis/UK-aviation-market/Airports/Datasets/UK-Airport-data/Airport-data-2019/|title=Airport data 2019 | UK Civil Aviation Authority|website=www.caa.co.uk|access-date=5 जनवरी 2022|archive-date=27 मार्च 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200327235532/https://www.caa.co.uk/Data-and-analysis/UK-aviation-market/Airports/Datasets/UK-Airport-data/Airport-data-2019/|url-status=dead}}</ref>
!वरीयता
!हवाई अड्डा
!यात्री संख्या
! % बदलाव<br /><br /> 2018/19
|-
|1
|[[लंदन हीथ्रो विमानक्षेत्र|लंदन-हीथ्रो]]
|1,196,921
|{{decrease}} 0.1
|-
|2
|[[गैटविक हवाईअड्डा|लंदन-गैटविक]]
|731,793
|{{decrease}} 1.2
|-
|3
|[[एम्सटर्डम श्किफोल हवाईअड्डा|एम्सटर्डम]]
|680,388
|{{increase}} 0.2
|-
|4
|[[डबलिन हवाई अड्डा|डबलिन]]
|655,294
|{{increase}} 4.4
|-
|5
|[[लंदन स्टैनस्टेड हवाई अड्डा|लंदन स्टैनस्टेड]]
|618,628
|{{decrease}} 15.5
|-
|6
|[[लंदन सिटी हवाई अड्डा|लंदन सिटी]]
|513,360
|{{increase}} 3.3
|-
|7
|[[ब्रिस्टल हवाई अड्डा|ब्रिस्टल]]
|396,961
|{{decrease}} 0.8
|-
|8
|[[चार्ल्स डि गॉल विमानक्षेत्र|पेरिस-चार्ल्स डी गॉल]]
|364,306
|{{decrease}} 8.2
|-
|9
|[[बेलफास्ट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा|बेलफास्ट-अंतर्राष्ट्रीय]]
|330,759
|{{increase}} 0.7
|-
|10
|[[लूटन हवाई अड्डा|लंदन-लूटन]]
|312,737
|{{decrease}} 0.7
|}
== पहुंच और जमीनी परिवहन ==
[[चित्र:New_Airlink_Bus.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| वेवर्ली ब्रिज पर एयरलिंक 100 बस]]
[[चित्र:Edinburgh_Gateway_Tram_Stop_from_the_station,.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| एडिनबर्ग गेटवे स्टेशन इंटरचेंज स्टॉप]]
[[चित्र:Edinburgh_Airport_tram_terminus_-_looking_north.JPG|दाएँ|अंगूठाकार| एडिनबर्ग एयरपोर्ट ट्राम टर्मिनस]]
=== बस ===
कई कम्पनियाँ हवाई अड्डे से बस सेवाएं प्रदान करती हैं:
* <nowiki>लोथियन बसें</nowiki> हवाई अड्डे और एडिनबर्ग के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रदान करती हैं। <ref>{{Cite web|url=https://lothianbuses.co.uk/airport|title=Airport Services - Lothian Buses|website=Lothian Buses|archive-url=https://web.archive.org/web/20171026002759/https://lothianbuses.co.uk/airport|archive-date=26 October 2017|access-date=25 October 2017}}</ref>
* [[फर्स्ट स्कॉटलैंड ईस्ट]] एक सेवा से हवाई अड्डे और वेस्ट लोथियन के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रदान करता है। <ref>{{Cite web|url=https://www.firstgroup.com/south-east-and-central-scotland/routes-and-maps/21a-edinburgh-airport|title=21A - Edinburgh Airport - South East and Central Scotland - First UK Bus|website=First UK Bus}}{{Dead link|date=जनवरी 2022 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
* <nowiki><i>स्टेजकोच</i></nowiki> एक सेवा से हवाई अड्डे और फिफे के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रदान करता है। <ref>{{Cite web|url=https://www.stagecoachbus.com/promos-and-offers/east-scotland/jet-747-edinburgh-airport-bus|title=JET 747 Edinburgh Airport Bus - Stagecoach|website=Stagecoachbus.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20171212084159/https://www.stagecoachbus.com/promos-and-offers/east-scotland/jet-747-edinburgh-airport-bus|archive-date=12 December 2017|access-date=11 December 2017}}</ref>
* ''एक्सप्लोर डंडी'', डंडी से हवाई अड्डे के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रदान करता है। <ref>{{Cite web|url=https://nxbus.co.uk/dundee/xplore-more/x90-to-edinburgh-airport|title=X90 to Edinburgh Airport | Xplore Dundee|website=nxbus.co.uk|access-date=5 जनवरी 2022|archive-date=5 मार्च 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210305042108/https://nxbus.co.uk/dundee/xplore-more/x90-to-edinburgh-airport|url-status=dead}}</ref>
* <nowiki><i>सिटीलिंक</i></nowiki> ग्लासगो और स्टर्लिंग से हवाई अड्डे के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रदान करती है। <ref>{{Cite web|url=http://www.citylink.co.uk/citylinkair.php|title=Citylink :: Connecting Scotland|website=Citylink.co.uk|archive-url=https://web.archive.org/web/20171212032128/http://www.citylink.co.uk/citylinkair.php|archive-date=12 December 2017|access-date=11 December 2017}}</ref>
=== रेल गाडी ===
हवाई अड्डे के पास कोई समर्पित रेलवे स्टेशन नहीं है। हालांकि, यह पास के एडिनबर्ग गेटवे स्टेशन द्वारा पहुंचा जा सकता है, जो हवाई अड्डे के लिए एडिनबर्ग ट्राम सेवाओं के साथ एक अंतरबद्लाव के रूप में कार्य करता है। <ref name="opened">{{Cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-edinburgh-east-fife-38265174|title=New Edinburgh Gateway interchange opens in capital|access-date=17 December 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161213141941/http://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-edinburgh-east-fife-38265174|archive-date=13 December 2016}}</ref> ट्राम लाइन हवाई अड्डे को पास के एडिनबर्ग पार्क रेलवे स्टेशन से भी जोड़ती है। <ref>{{Cite web|url=http://www.edinburghairport.com/transport-links/trains|title=Trains|website=Edinburgh Airport|archive-url=https://web.archive.org/web/20170810014827/http://www.edinburghairport.com/transport-links/trains|archive-date=10 August 2017|access-date=9 August 2017}}</ref>
=== ट्राम ===
हवाई अड्डे को एडिनबर्ग ट्राम, एक लाइट रेल लिंक द्वारा सेवा दी जाती है। यह ट्राम हवाई अड्डे से चलती है और एडिनबर्ग के पश्चिमी उपनगरों में यात्रा करते हुए शहर के केंद्र में समाप्त होती है। <ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-27602618|title=Edinburgh's trams roll into action|work=BBC News|access-date=21 June 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181019131938/https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-27602618|archive-date=19 October 2018}}</ref> <ref name="trams-map">{{Cite web|url=http://www.edinburghtrams.com/index.php/route_map/|title=Route map|year=2009|publisher=एडिनबर्ग ट्राम्स|archive-url=https://web.archive.org/web/20090918085516/http://www.edinburghtrams.com/index.php/route_map|archive-date=18 September 2009|access-date=20 January 2010}}</ref>
== दुर्घटनाएं और घटनाएं ==
20 जुलाई 1970 को इंपीरियल टोबैको कंपनी द्वारा संचालित एक हॉकर सिडली HS-125 -3B (G-AXPS) टर्नहाउस से न्यूकैसल के लिए एक खाली स्थिति वाली उड़ान पर टेकऑफ़ करते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था और हालांकि पायलट घायल नहीं हुआ था, अस्पताल पहुंचने पर कोपाइलट को मृत घोषित कर दिया गया था। दुर्घटना का संभावित कारण टेक-ऑफ पर इंजन की विफलता के बाद गलत पतवार का अनुप्रयोग माना गया था। गलत रडर के इस उपयोग का कारण निर्धारित नहीं किया जा सका। <ref>{{Cite web|url=https://aviation-safety.net/database/record.php?id=19700720-1|title=ASN Aircraft accident Hawker Siddeley HS-125-3B G-AXPS Edinburgh-Turnhouse Airport (EDI)|last=रैन्टर|first=हारो|website=aviation-safety.net}}</ref>
3 मई 1975 को नीचे उड़ते हुए एक प्रदर्शनी के दौरान टर्नहाउस में एक डी हैविलैंड मोथ माइनर (जी-एएफओजेड) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अगले दिन अस्पताल में रहने वाले दो लोगों में से एक की मौत हो गई। <ref>{{Cite web|url=https://aviation-safety.net/wikibase/wiki.php?id=18787|title=Accident de Havilland DH.94 Moth Minor G-AFOZ, 03 May 1975|last=रैन्टर|first=हारो|website=aviation-safety.net}}</ref>
== टिप्पणियाँ ==
{{Reflist|group=nb}}
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|2}}
== बाहरी संबंध ==
{{Commons category-inline|EDINBURGH AIRPORT|एडिनबर्ग हवाई अड्डा}}
* {{Official website|https://www.edinburghairport.com}}
* [https://movingimage.nls.uk/film/T0005 EDINBURGH AIRPORT, TURNHOUSE (1971)] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220105150225/https://movingimage.nls.uk/film/T0005 |date=5 जनवरी 2022 }} (स्कॉटलैंड के राष्ट्रीय पुस्तकालय से पुरालेख: SCOTTISH SCREEN ARCHIVE)
* {{NWS-current|EGPH}}
* {{ASN|EDI}}
{{विश्व के प्रमुख हवाई अड्डे}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:सभी लेख जिनके संदर्भों में सिर्फ़ यूआरएल हैं]]
[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
[[श्रेणी:विकिपरियोजना हवाई अड्डा]]
[[श्रेणी:यूनाइटेड किंगडम के हवाईअड्डे]]
[[श्रेणी:स्कॉटलैंड के हवाई अड्डे]]
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सदस्य:चाहर धर्मेंद्र
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चाहर धर्मेंद्र
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| valign="center" style="padding: 0; margin:0;" | <div align=center> <font face="Baskerville Old Face" color="maroon" size="2"><small>मेरी हार्दिक इच्छा है कि [[हिन्दी विकिपीडिया]] से विविध क्षेत्रों में काम करने वाले लोग जुडें और इसको विश्व की अग्रणी भाषाओं की विकिपेडियाओं के स्तर तक ले जाएँ । मेरा विश्वास है कि हिन्दी विकिपीडिया हिन्दी को और गौरवमयी बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</small><br />जय श्री राम</font></div><div align="center">
</font><font face="Baskerville Old Face" color="#CD00CC" size="6">'''{{PAGENAME}}'''</font>
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{{भारतीय संपादक}}
<span style="color:green;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Magenta;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>''''''[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:#6F00FF">--ॐ जय श्री राम--यहाँ पर मेरे से बातचीत करे--</small>]]''''''</sup><sup>[[विशेष:योगदान/चाहर_धर्मेंद्र|यहाँ पर मेरे किये हुए सम्पादन की जांच करे।]]</sup>
'''<span style="color:orange;">☆★<span style="color:Magenta;">सरलता कोई साधारण बात नहीं है।</span>''''''<span style="color:orange;">☆★<span style="color:Magenta;">"तुम्हारे अंतरमन की काम-चेतना ही वास्तविकता में तुम हो।</span>''''''<span style="color:orange;">☆★<span style="color:Magenta;">"जैसी तुम्हारी काम-चेतना, वैसी तुम्हारी अभिलाषाएँ।</span>''''''<span style="color:orange;">☆★<span style="color:Magenta;">"जैसी अभिलाषाएँ, वैसे तुम्हारे कर्म।</span>''''''<span style="color:orange;">☆★<span style="color:Magenta;">"जैसे तुम्हारे कर्म, वैसी तुम्हारी नियति॥"</span>'''
{{user info
| full name ='''<br><font style = "color:orange">धर्मेंद्र<font style = "color:green"> चाहर'''</font></br>
| image name = Dharmendra_chahar.jpg
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| job title = हिंदी विकिमीडियन्स सदस्यदल
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| short quote =
| about me =<br><font style = "color:orange">मैं '''धर्मेंद्र चाहर,''' [[राजस्थान]] के [[सीकर ]] ज़िले का निवासी हूँ। मुझे '''हिन्दी भाषा''' और '''हिन्दी साहित्य''' से अत्यधिक लगाव</font> <font style = "color:रेद">❤</font><font style = "color:orange"> है।</font><br>मेरा जन्म और मेरी परवरिश राजस्थान में हुई। <font style = "color:orange">इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियर हूँ</font> और खुद को एक मुसाफ़िर मानता हूँ। गाने सुनना, चित्रकारी और घूमना मेरे दिल के क़रीब वाले शौक हैं। पुरे ❤ से...सन २०२२ से विकिमीडियन भी हूँ।
{{User Wikipedian For|year=2022|month=4|day=18}}
{{Template:User oops}}
{{User India}}
{{साँचा:सदस्य_विकिपीडिया/स्वतः_स्थापित_सदस्य}}
| about my work = <br><font style = "color:green">मैंने 18 अप्रैल 2022 से '''विकिपीडिया''' का अपना सफ़र शुरू किया। मै एक '''अनुभवी विषय/सामग्री लेखक''' हु। मैंने विभिन्न वेबसाइटों पर कई लेख प्रकाशित किए हैं।[https://www.axiswebart.com/author/seo-expert-dharmendra-chahar/][https://readwrite.com/author/dharmendra-chahar/][https://htoindia.com/author/dharmendra-chahar/][https://www.agilitypr.com/pr-news/author/dharmendrarchahar/][https://tweakyourbiz.com/posts/author/chahardharma][https://iisc.academia.edu/ChaharDharma][https://hubpages.com/@dharmendra-chahar][https://www.tripoto.com/profile/dharmendrachahar][https://yourstory.com/author/chahardharma][https://www.buzzfeed.com/dharmendrachahar][https://dharmendrachahar.medium.com/][https://www.apsense.com/user/chahardharma]</font><br><br><font style = "color:orange">कुछ महत्वपूर्ण बातें</font><br> <br><font style = "color:green">* दुःख मन की स्थिति है जो तब उत्पन्न होती है जब हम खुद को किसी बुरी परिस्थिति से अलग करके वास्तविक और बुनियादी कारणों को जानने और समझने का प्रयास नहीं करते या समझना ही नहीं चाहते। हम उन बुरी परिस्थितियों को इतना कसकर पकड़ लेते हैं कि ऐसा लगता है कि दु:ख का सारा पहाड़ हम पर ही पड़ा हो।</font><br><font style = "color:orange">* गलत आपके अपने सही वक्त पे वार करते है । कही पढ़ा था, अपनी मन कि बात अपने प्रिय से प्रिये जन को भी नही बताना चाहिए ,वक्त आने पे वो आपको समाज मे हंसी का पात्र बनाते है।
| contact me = [https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%88%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B2_%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82/%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%B0_%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0 मुझे ई मेल करें]
}}
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ऐलेना गोरोलोवा
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{{प्रतिलिपि संपादन|for=अनुवाद के बाद छूटी कुछ व्याकरण गलतियों एवं लहजे|date=मई 2022}}
[[चित्र:Elena_Gorolová_SJK_2019_0-50.png|अंगूठाकार| ऐलेना गोरोलोवा, 2019]]
'''ऐलेना गोरोलोवा''' (2 जनवरी 1969) एक चेक [[मानवाधिकार कार्यकर्ता|मानवाधिकार रक्षक है]]। वह ओस्ट्रावा में एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करती है और [[रोमा (लोग)|रोमा]] मूल की है।<ref>{{Cite journal|last=Amnesty International|date=April 2018|title=Challenging power|url=https://www.amnesty.org/download/Documents/NWS2181472018ENGLISH.PDF|journal=The Wire|volume=April - June 2018}}</ref>
21 साल की उम्र में दूसरे बेटे को जन्म देने के बाद अस्पताल में उनकी जबरन नसबंदी कर दी गई थी। उनको एक और बच्चे की उम्मीद थी इसीलिए उन्होंने रोमा महिलाओं के खिलाफ जबरन नसबंदी और भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया और जबरन नसबंदी के निवारण और जागरूकता की वकालत की। वह जबरन नसबंदी द्वारा महिलाओं को नुकसान पहुंचाने वाले समूह की प्रवक्ता हैं और [[चेक गणराज्य|चेक]] संगठन वज़ाजेमने सौसिटिक (लाइफ टुगेदर) की सदस्य हैं। <ref>{{Cite web|url=http://www.un.org/en/letsfightracism/gorolova.shtml|title=Elena Gorolová, a Roma in the Czech Republic|publisher=[[United Nations]]|access-date=20 May 2018}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.romea.cz/en/news/czech/elena-gorolova-on-forced-sterilizations-we-seek-compensation-nobody-will-ever-restore-our-motherhood-2|title=Elena Gorolová on forced sterilizations: We seek compensation, nobody will ever restore our motherhood|date=8 June 2016|publisher=Romea|access-date=20 May 2018|archive-date=20 मई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180520124424/http://www.romea.cz/en/news/czech/elena-gorolova-on-forced-sterilizations-we-seek-compensation-nobody-will-ever-restore-our-motherhood-2|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://romove.radio.cz/en/clanek/22348/limit|title=Spokesperson for the Group of Women Harmed by Forced Sterilization travels to Geneva|website=romove.radio.cz|access-date=2018-05-21}}</ref>
नवंबर 2018 में, उन्हें बीबीसी द्वारा प्रकाशित, 2018 के लिए दुनिया भर की 100 प्रेरक और प्रभावशाली महिलाओं में से एक, के रूप में मान्यता दी गई थी। <ref>[http://www.romea.cz/en/news/world/romani-activist-elena-gorolova-is-one-of-100-inspiring-women-on-the-bbc-apos-s-list-for-2018 Romani activist Elena Gorolová is one of 100 Inspiring Women on the BBC's list for 2018]</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1969 में जन्मे लोग]]
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एक अनोखी रक्षक - नागकन्या
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text/x-wiki
एक अनोखी रक्षक – नागकन्या एक भारतीय हिंदी काल्पनिक नाटक है। शक्तिमान की कहानी को नवीनतम रूप में प्रस्तुत किया गया था।[[दंगल टीवी]] पर 20 जनवरी से 2020 से शाम 6 <ref>{{Citation|title=Ek Anokhi Rakshak #Naagkanya {{!}}{{!}} New TV Show {{!}}{{!}} From 20 Jan Monday - Friday @6 PM on Dangal TV|url=https://www.youtube.com/watch?v=E19eIxFy_bU|language=hi-IN|access-date=2022-08-01}}</ref> प्रसारण हुआ।ये [[फिर लौट आई नागिन|फिर लौट आई नागिन]] के दूसरा सीजन है। इस [[दंगल टीवी]] के धरावाहिक [[फिर लौट आई नागिन|फिर लौट आई नागिन]] के सफलता के बाद इसे [[ट्रायंगल फ़िल्म कंपनी|ट्रायंगल फिल्म कंपनी]] द्वारा निर्मित किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.tellyupdates.com/dangal-tvs-naag-kanya-to-go-off-air-within-a-month/|title=Dangal TV's Naag Kanya to go OFF-AIR within a month|date=2020-02-22|website=Telly Updates|language=en-US|access-date=2022-07-18|archive-date=8 अक्तूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211008142109/https://www.tellyupdates.com/dangal-tvs-naag-kanya-to-go-off-air-within-a-month/|url-status=dead}}</ref>कम टी आर पी के कारण इसे जल्दी बंद कर दिया गया।
{{Infobox television
| image = चित्र:एक अनोखी रक्षक - नागकन्या.png
| image_alt =
| caption =
| genre = [[काल्पनिक]]
| creator =
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| writer =
| director = जे. पी शर्मा
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| starring =[[ हिना परमार]]<br> [[अंकित नरंत]]
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| language = [[हिंदी]]
| num_seasons = 2
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| producer = निखिल सिन्हा <br/> सुहाना सिन्हा
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| runtime = 23 मिनिट
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| network = [[दंगल टीवी]]
| picture_format = [[576 आई]]
| first_aired = 20 जनवरी 2020
| last_aired = 21 फरवरी 2020
| show_name = एक अनोखी रक्षक – नागकान्या
| opentheme =
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}}
[[श्रेणी:भारतीय टेलीविजन धारावाहिक]]
[[श्रेणी:दंगल टीवी के धारावाहिक]]
[[श्रेणी: दंगल टीवी मूल धारावाहिक]]
==कलाकार==
*[[हिना परमार]]
*[[अंकित नारंग]]
*सिंड्रेला डी क्रूज
*वी एस प्रिन्स रतन
*पराग त्याग
{|Class=all milkyway technology connection and all milkyway offline videos satellite TV and all milky way tv internet all videos suggested good categories"
== सन्दर्भ ==
b4vbvdxvvbsd4ua7uby19gugjn1ahud
शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां
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text/x-wiki
'''''शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां''''' (Shivarjun Ek Icchadhari Dastaan) सुमीत आर्ट्स द्वारा निर्मित एक भारतीय हिंदी [[अलौकिक]] और [[काल्पनिक]] भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है, जिसका प्रीमियर 1 दिसंबर 2018 से, सोम से रविवार शाम 7 बजे को [[दंगल टीवी]] पर हुआ था<ref>{{Cite web|url=https://www.iwmbuzz.com/television/news/prithvi-zutshi-dinesh-kaushik-dangal-tvs-ek-ichadhari-naagin-ka-inteqam/2018/07/25|title=Prithvi Zutshi and Dinesh Kaushik in Dangal TV's Ek Ichadhari Naagin Ka Inteqam|date=2018-07-25|website=IWMBuzz|language=en|access-date=2022-07-31}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.iwmbuzz.com/television/news/prithvi-zutshi-dinesh-kaushik-dangal-tvs-ek-ichadhari-naagin-ka-inteqam/2018/07/25|title=Prithvi Zutshi and Dinesh Kaushik in Dangal TV's Ek Ichadhari Naagin Ka Inteqam|date=2018-07-25|website=IWMBuzz|language=en|access-date=2022-07-31}}</ref><ref>{{Citation|title=Ichhadhaari Nagin II Show Promo II Watch Everyday @ 7pm only on #Dangal TV|url=https://www.youtube.com/watch?v=q_nqACORbOk|language=hi-IN|access-date=2022-07-31}}</ref>।
{{Infobox television|starring=[[मोनिका शर्मा ]]<br/>|opentheme=" शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां "|company=सुमीत आर्ट्स|channel=[[दंगल टीवी]]|first_aired=1 दिसंबर 2018|show_name=शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां|country=भारत|runtime=22 मिनट|num_episodes=28 प्रकरण|language=हिन्दी|location=मुंबई, भारत|image=चित्र:शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां.jpg|genre=[[काल्पनिक]]|presenter=|last_aired=28 दिसंबर 2018|num_seasons=1|camera=बहु - कैमरा|distributor=एंटर 10 टेलिविजन नेटवर्क|network=दंगल टीवी|imdb_id=|producer=• सुमीत सैगल|director=|theme_music_composer=परेश शाई|editor=रवि भूषण|writer=गौरव मिश्र(कहानी)}}
== कलाकार ==
* मोनिका शर्मा – शिविका
* पृथ्वी जुत्शी
* कुशाग्रे दुआ
* राम यशवर्धन
== ध्वनि अंतरण==
धारावाहिक को [[बंगाली]] में डबिंग किया गया है और इसे [[एंटर10 बांग्ला|एंटर10 बंगला]] में प्रसारित किया गया है
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!style=front=stylish design and writing color lime and touch screen= purple touches feeling
!style euueuhe=uusyowjhwhhsbhsbbbjisjjwjhhwbbwhhwhwjunijwnwjnwn
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
==बहरी कड़ियां==
[https://sumeetarts.com/library/produced-televisions/ सुमीत आर्ट्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220928135548/https://sumeetarts.com/library/produced-televisions/ |date=28 सितंबर 2022 }}
[[श्रेणी:भारतीय टेलीविजन धारावाहिक]]
[[श्रेणी:दंगल टीवी के धारावाहिक]]
[[श्रेणी: दंगल टीवी मूल धारावाहिक]]
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text/x-wiki
'''''शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां''''' (Shivarjun Ek Icchadhari Dastaan) सुमीत आर्ट्स द्वारा निर्मित एक भारतीय हिंदी [[अलौकिक]] और [[काल्पनिक]] भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है, जिसका प्रीमियर 1 दिसंबर 2018 से, सोम से रविवार शाम 7 बजे को [[दंगल टीवी]] पर हुआ था<ref>{{Cite web|url=https://www.iwmbuzz.com/television/news/prithvi-zutshi-dinesh-kaushik-dangal-tvs-ek-ichadhari-naagin-ka-inteqam/2018/07/25|title=Prithvi Zutshi and Dinesh Kaushik in Dangal TV's Ek Ichadhari Naagin Ka Inteqam|date=2018-07-25|website=IWMBuzz|language=en|access-date=2022-07-31}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.iwmbuzz.com/television/news/prithvi-zutshi-dinesh-kaushik-dangal-tvs-ek-ichadhari-naagin-ka-inteqam/2018/07/25|title=Prithvi Zutshi and Dinesh Kaushik in Dangal TV's Ek Ichadhari Naagin Ka Inteqam|date=2018-07-25|website=IWMBuzz|language=en|access-date=2022-07-31}}</ref><ref>{{Citation|title=Ichhadhaari Nagin II Show Promo II Watch Everyday @ 7pm only on #Dangal TV|url=https://www.youtube.com/watch?v=q_nqACORbOk|language=hi-IN|access-date=2022-07-31}}</ref>।
{{Infobox television|starring=[[मोनिका शर्मा ]]<br/>|opentheme=" शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां "|company=सुमीत आर्ट्स|channel=[[दंगल टीवी]]|first_aired=1 दिसंबर 2018|show_name=शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां|country=भारत|runtime=22 मिनट|num_episodes=28 प्रकरण|language=हिन्दी|location=मुंबई, भारत|image=चित्र:शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां.jpg|genre=[[काल्पनिक]]|presenter=|last_aired=28 दिसंबर 2018|num_seasons=1|camera=बहु - कैमरा|distributor=एंटर 10 टेलिविजन नेटवर्क|network=दंगल टीवी|imdb_id=|producer=• सुमीत सैगल|director=|theme_music_composer=परेश शाई|editor=रवि भूषण|writer=गौरव मिश्र(कहानी)}}
== कलाकार ==
* मोनिका शर्मा – शिविका
* पृथ्वी जुत्शी
* कुशाग्रे दुआ
* राम यशवर्धन
== ध्वनि अंतरण==
धारावाहिक को [[बंगाली]] में डबिंग किया गया है और इसे [[एंटर10 बांग्ला|एंटर10 बंगला]] में प्रसारित किया गया है
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== संदर्भ ==
{{Reflist}}
==बहरी कड़ियां==
[https://sumeetarts.com/library/produced-televisions/ सुमीत आर्ट्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220928135548/https://sumeetarts.com/library/produced-televisions/ |date=28 सितंबर 2022 }}
[[श्रेणी:भारतीय टेलीविजन धारावाहिक]]
[[श्रेणी:दंगल टीवी के धारावाहिक]]
[[श्रेणी: दंगल टीवी मूल धारावाहिक]]
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AMAN KUMAR
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'''''शिवार्जुन एक इच्छाधारी की दास्तां''''' (Shivarjun Ek Icchadhari Dastaan) सुमीत आर्ट्स द्वारा निर्मित एक भारतीय हिंदी [[अलौकिक]] और [[काल्पनिक]] भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है, जिसका प्रीमियर 1 दिसंबर 2018 से, सोम से रविवार शाम 7 बजे को [[दंगल टीवी]] पर हुआ था<ref>{{Cite web|url=https://www.iwmbuzz.com/television/news/prithvi-zutshi-dinesh-kaushik-dangal-tvs-ek-ichadhari-naagin-ka-inteqam/2018/07/25|title=Prithvi Zutshi and Dinesh Kaushik in Dangal TV's Ek Ichadhari Naagin Ka Inteqam|date=2018-07-25|website=IWMBuzz|language=en|access-date=2022-07-31}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.iwmbuzz.com/television/news/prithvi-zutshi-dinesh-kaushik-dangal-tvs-ek-ichadhari-naagin-ka-inteqam/2018/07/25|title=Prithvi Zutshi and Dinesh Kaushik in Dangal TV's Ek Ichadhari Naagin Ka Inteqam|date=2018-07-25|website=IWMBuzz|language=en|access-date=2022-07-31}}</ref><ref>{{Citation|title=Ichhadhaari Nagin II Show Promo II Watch Everyday @ 7pm only on #Dangal TV|url=https://www.youtube.com/watch?v=q_nqACORbOk|language=hi-IN|access-date=2022-07-31}}</ref>।
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== कलाकार ==
* मोनिका शर्मा – शिविका
* पृथ्वी जुत्शी
* कुशाग्रे दुआ
* राम यशवर्धन
== ध्वनि अंतरण==
धारावाहिक को [[बंगाली]] में डबिंग किया गया है और इसे [[एंटर10 बांग्ला|एंटर10 बंगला]] में प्रसारित किया गया है
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== संदर्भ ==
{{Reflist}}
==बहरी कड़ियां==
[https://sumeetarts.com/library/produced-televisions/ सुमीत आर्ट्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220928135548/https://sumeetarts.com/library/produced-televisions/ |date=28 सितंबर 2022 }}
[[श्रेणी:भारतीय टेलीविजन धारावाहिक]]
[[श्रेणी:दंगल टीवी के धारावाहिक]]
[[श्रेणी: दंगल टीवी मूल धारावाहिक]]
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एसएम सादिक
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[[चित्र:S_M_Saddiq.jpg|कड़ी=//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/b/b7/S_M_Saddiq.jpg/220px-S_M_Saddiq.jpg|पाठ=S M Sadiq in Chandigarh|दाएँ|अंगूठाकार| 2002 में [[चण्डीगढ़|चंडीगढ़]], पंजाब, भारत में एसएम सादिक]]
'''शेख मुहम्मद सादिक''' ( {{भाषा-उर्दू|شیخ محمد صادق}} ) ) या '''एसएम सादिक''' एक [[पाकिस्तानी]] [[गीतकार]] और एक [[कवि]] हैं, जिनके लिखित गीत अक्सर उस्ताद [[नुसरत फ़तेह अली ख़ान|नुसरत फतेह अली खान]], और अन्य गायकों जैसे अताउल्लाह खान एसाखेलवी, अजीज मियां, शबनम मजीद और आरिफ लोहार द्वारा गाए गए हैं।<ref name="gomolo">[http://www.gomolo.com/s-m-sadiq-biography/32676/1030312 Profile of S M Sadiq on gomolo.com website] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190913010050/http://www.gomolo.com/s-m-sadiq-biography/32676/1030312 |date=13 सितंबर 2019 }} Retrieved 13 June 2018</ref>
उन्होंने [[पंजाबी भाषा|पंजाबी]], [[उर्दू भाषा|उर्दू]] और [[हिन्दी|हिंदी]] भाषाओं में हजारों गीत लिखे हैं। वह न केवल [[पाकिस्तान]] में बल्कि [[भारत]] में भी जाना जाता है।<ref name="gomolo"/>
== शुरुआती ज़िंदगी और पेशा ==
शेख मुहम्मद सादिक (एसएम सादिक) का जन्म फैसलाबाद, पंजाब, पाकिस्तान में हुआ था। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में केवल चौथी कक्षा तक की शिक्षा पूरी की।<ref name="YouTube1interview">[https://www.youtube.com/watch?v=_qveAeK2WN8 2012 interview of S M Sadiq on YouTube in the Punjabi language on 'Punjab Radio USA.com' website] Uploaded 20 April 2012, Retrieved 13 June 2018</ref> पीटीवी मॉर्निंग शो में डॉ फराह के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने [[नुसरत फ़तेह अली ख़ान|नुसरत फतेह अली खान]] के साथ अपनी पहली मुलाकात का वर्णन किया। वह बताता है कि वह केवल 14 वर्ष का था जब वह एक कविता (एक कहानी 'दास्तान' सुनाते हुए) के साथ झांग मुख्य बाजार गया था। जब वे उस स्थान पर पहुँचे जहाँ उस्ताद अपने संगीत का अभ्यास करते थे, तो उनके सचिव ने उन्हें [[नुसरत फ़तेह अली ख़ान|नुसरत फतेह अली खान]] से मिलवाया। उस्ताद ने उनसे मुलाकात की, उनकी शायरी पढ़ी और कहा कि आपके पास एक दुर्लभ प्रतिभा है लेकिन मैं कहानियां नहीं गाता, मुझे पंजाबी में कुछ लिखो, अधिमानतः एक आध्यात्मिक कव्वाली। सादिक बताते हैं कि उन्होंने [[नुसरत फ़तेह अली ख़ान|नुसरत फतेह अली खान]][https://www.youtube.com/watch?v=KMES2RwFIsU&t=95s&ab_channel=AmanDeep] के दो सबसे प्रसिद्ध कव्वालों में से दो ओठे आंवला दे होने ने नबेदे[https://www.youtube.com/watch?v=RyJJs4zmv38&ab_channel=MusicaholicSoul] और ऐनवेन बोल ना बनेरे उत्ते कंवान[https://www.youtube.com/watch?v=bWo7Ue4mCOM&t=125s&ab_channel=OrientalStarAgenciesLtd] लिखीं।
== इन हिट गानों का श्रेय ==
* ओथे अमलां दे होने ने नवेडे, किसे नहीं तेरी जात पूछनी, [[नुसरत फ़तेह अली ख़ान|नुसरत फतेह अली खान]] का एक [[क़व्वाली|कव्वाली]] गीत<ref>[https://www.youtube.com/watch?v=C7FrHM9JUYg A Qawwali song by Nusrat Fateh Ali Khan on YouTube] Retrieved 13 June 2018</ref>
* अच्छा सिला दिया तू ने मेरे प्यार का, फिल्म [[बेवफ़ा सनम|बेवफा सनम]] में [[सोनू निगम]] द्वारा साउंडट्रैक (1995)<ref>[https://www.imdb.com/title/tt0439464/soundtrack?ref_=tt_trv_snd Soundtrack by Sonu Nigam in film Sanam Bewafa (1995) on IMDb website] Retrieved 13 June 2018</ref>
* मेल कराडे रब्बा, पंजाबी फिल्म मेल करादे रब्बा (2010) के लिए जसबीर जस्सी द्वारा गाया गया<ref>[https://www.youtube.com/watch?v=A97iboZ_ES4 Film 'Mel Karade Rabba' (2010) on YouTube] Retrieved 13 June 2018</ref>
== प्रकाशनों ==
* {{Cite book|url=https://www.worldcat.org/title/apna-khayal-rakhna/oclc/473670024|title=Apnā k̲h̲ayāl rakhnā|last=Sadiq|first=S.M.|publisher=al-Ḥamd Pablīkeshanz|year=2009|location=Lāhaur|oclc=473670024}} OCLC number: 473670024<ref name="gomolo"/>
== फिल्में ==
* एसएम सादिक ने भारतीय हिंदी भाषा की फिल्म, शहीद-ए-आज़म (2002) के फिल्म गीत के बोल लिखे। यह फिल्म भारतीय राजनीतिक शहीद शहीद [[भगत सिंह]] की वास्तविक जीवन की कहानी पर आधारित थी।<ref>[http://www.gomolo.com/about-s-m-sadiq/32676 S M Sadiq as a film song lyricist on gomolo.com website] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180613235413/http://www.gomolo.com/about-s-m-sadiq/32676 |date=13 जून 2018 }} Retrieved 13 June 2018</ref><ref>[http://www.tribuneindia.com/2002/20020602/cth2.htm#8 S M Sadiq as a film song lyricist on Chandigarh Tribune newspaper] Published 2 June 2002, Retrieved 13 June 2018</ref>
* मेल करादे रब्बा (2010)
* [[बेवफ़ा सनम|बेवफा सनम]] (1995)
== संदर्भ ==
{{Reflist}}7. https://www.youtube.com/watch?v=KMES2RwFIsU&t=95s&ab_channel=AmanDeep
== बाहरी संबंध ==
{{Externalimage|align=right|width=200}}
* [https://search.yahoo.com/search;_ylc=X3oDMTFiaHBhMnJmBF9TAzIwMjM1MzgwNzUEaXRjAzEEc2VjA3NyY2hfcWEEc2xrA3NyY2hhc3Q-?p=s+m+sadiq+songs&fr=yfp-t-s&fp=1&toggle=1&cop=mss&ei=UTF-8 याहू म्यूजिक पर एसएम सादिक गाने] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20241228040853/https://search.yahoo.com/search;_ylc=X3oDMTFiaHBhMnJmBF9TAzIwMjM1MzgwNzUEaXRjAzEEc2VjA3NyY2hfcWEEc2xrA3NyY2hhc3Q-?p=s+m+sadiq+songs&fr=yfp-t-s&fp=1&toggle=1&cop=mss&ei=UTF-8 |date=28 दिसंबर 2024 }}
* [http://www.hindigeetmala.net/lyricist/s_m_sadiq.php एसएम सादिक लिखित गीत, दलेर मेहंदी द्वारा गाया गया]
[[श्रेणी:पंजाबी भाषा के कवि]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:जन्म वर्ष अज्ञात (जीवित लोग)]]
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एक थी रानी एक था रावण
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text/x-wiki
{{Infobox television
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| caption =
| native_name =
| genre = [[नाटक]]
| creator =
| based_on =
| director = फहीम इनामदार सईद
| starring = {{ubl|राम यशवर्धन|[[मानुल चुडासमा]]|[[शीजान मोहम्मद खान|शीजान मोहम्मद]]}}
| open_theme = एक थी रानी एक था रावण
| end_theme =
| composer = [[इला अरुण]]<ref>{{Cite web|title=Ila Arun shares her stalking experience|url=https://www.business-standard.com/article/news-ians/ila-arun-shares-her-stalking-experience-118121100704_1.html|date=December 18, 2018|website=[[बिजनेस स्टैंडर्ड]]}}</ref>
| country = भारत
| language = हिन्दी
| num_seasons = 1
| num_episodes = 208
| list_episodes =
| executive_producer =
| producer = सुजाना घई
| runtime = 20-24 मिनट
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| first_aired = {{Start date|df=yes|2019|1|21}}
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}}
'''''एक थी रानी एक था रावण''''' एक भारतीय [[हिन्दी|हिंदी]] भाषा की ड्रामा टेलीविज़न सीरीज़ है, जिसका प्रीमियर 21 जनवरी 2019 से 21 सितंबर 2019 तक [[स्टार भारत]] पर हुआ और यह [[हॉटस्टार|डिज़्नी+ हॉटस्टार]] पर डिजिटल रूप से उपलब्ध है।<ref name="on-air">{{Cite web|url=https://www.lokmat.com/television/ek-thi-rani-ek-tha-raavan-serial-very-soon-meet-audience/|title='एक थी रानी, एक था रावण' लवकरच प्रेक्षकांच्या भेटीला|date=January 15, 2019|website=Lokmat}}</ref><ref name="end">{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/hindi/ek-thi-rani-ek-tha-ravan-to-wrap-up-on-sept-28/articleshow/71064488.cms|title='Ek Thi Rani, Ek Tha Ravan' to wrap up on Sept 28 - Times of India|website=The Times of India}}</ref> ''[[डर (फ़िल्म)|डर]]'' का एक रूपांतर,<ref>{{Cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/archive/lifestyle/inspired-by-srk-s-darr-700988|title=Inspired by SRK's Darr|last=Service|first=Tribune News|website=Tribuneindia News Service}}</ref> इसमें राम यशवर्धन,[[मनुल चुडासमा]] और [[शीज़ान मोहम्मद खान|शीज़ान मोहम्मद]] ने अभिनय किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/reviews/story/ram-yashvardhan-to-play-bhaironath-66847|title=Ram Yashvardhan to play Bhaironath|last=Service|first=Tribune News|website=Tribuneindia News Service}}</ref><ref name="Manul">{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/events/bhopal/debutant-actress-manul-chudasma-visits-the-city-of-lakes/articleshow/67689480.cms|title=Debutant actress Manul Chudasma visits the city of lakes - Times of India|website=The Times of India}}</ref><ref name="Sheezan">{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/tv/hindi/sheezan-mohammad-on-all-his-firsts-exclusive-nazar-2/videoshow/75162759.cms|title=Sheezan Mohammad on all his firsts |Exclusive| |Nazar 2| | TV - Times of India Videos|website=timesofindia.indiatimes.com}}</ref>
== कथानक ==
== कलाकर ==
* रिवाज के रूप में राम यशवर्धन <ref>{{Cite web|url=https://mayapurimagazine.com/hi/television/manul-and-ram-bond-over-keto-diet-on-the-sets-of-ek-thi-rani-ek-tha-raavan|title='एक थी रानी एक था रावण' शो के दुश्मन ऑफस्क्रीन पर हैं अच्छे दोस्त|access-date=26 नवंबर 2022|archive-date=23 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221123022021/https://mayapurimagazine.com/hi/television/manul-and-ram-bond-over-keto-diet-on-the-sets-of-ek-thi-rani-ek-tha-raavan|url-status=dead}}</ref>
* रानी के रूप में [[मनुल चुडासमा]] <ref>{{Cite web|url=https://mayapuri.com/hi/television/star-bharat-launches-prime-time-show-that-reiterates-the-strengths-of-todays-women|title=एक थी रानी एक था रावण जब बात इज़्ज़त पर आती है, तो हर नारी बन सकती है झाँसी की रानी}}</ref>
* सृष्टि जैन रानी/मयूरा के रूप में
* राघव के रूप में [[शीज़ान मोहम्मद खान|शीजान मोहम्मद]]
* केशा के रूप में नताशा सिंह
* डांसर के रूप में [[सारा खान]] (रिंगा रिंगा)
== उत्पादन ==
श्रृंखला की घोषणा 2019 में [[स्टार भारत]] द्वारा की गई थी, <ref>{{Cite web|url=https://www.medianews4u.com/star-bharat-launches-prime-time-show-ek-thi-rani-ek-tha-raavan-on-21st-jan-that-reiterates-strengths-of-todays-women/|title=Star Bharat launches prime time show 'Ek Thi Rani Ek Tha Raavan' on 21st Jan that reiterates strengths of today's|date=January 11, 2019}}</ref> जो 1993 की [[हिन्दी सिनेमा|हिंदी]] फिल्म ''[[डर (फ़िल्म)|डर]]'' का एक आधिकारिक टेलीविजन रूपांतरण था। <ref>{{Cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/archive/lifestyle/inspired-by-srk%E2%80%99s-darr-700988|title=Inspired by SRK's Darr|last=Service|first=Tribune News|website=Tribuneindia News Service}}</ref> प्रोमो दिसंबर 2018 में जारी किए गए थे। <ref>{{Cite web|url=https://mayapurimagazine.com/hi/television/what-brings-rivaaj-back-to-sisodiya-residence|title='एक थी रानी एक था रावण' शो में रानी करेंगी रिवाज का पर्दाफाश|access-date=26 नवंबर 2022|archive-date=23 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221123030414/https://mayapurimagazine.com/hi/television/what-brings-rivaaj-back-to-sisodiya-residence|url-status=dead}}</ref> ''राम यशवर्धन को टाइटिलर'' की भूमिका में लिया गया था, और मनुल चुडासमा और [[शीज़ान मोहम्मद खान|शीज़ान मोहम्मद]] ने लीड के रूप में शामिल किया था। <ref>{{Cite web|url=https://thelivenagpur.com/2019/07/29/ek-thi-rani-ek-tha-raavan-rivaaj-to-be-seen-in-double-role/|title=Ek Thi Rani Ek Tha Raavan Rivaaj to be Seen in Double Role|last=Team|first=T. L. N.|date=July 29, 2019}}</ref> <ref name="Manul"/> <ref name="Sheezan"/> रचनात्मक मतभेदों के कारण मनुल चुडासमा <ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/entertainment/tv-tv-actress-changed-from-show-for-not-being-stylish-enough-ek-thi-rani-ek-tha-raavan-ssm-2145121.html|title=छोटे कपड़ों और ग्लैमरस दिखने का काम तो मैं भी कर सकती थी | tv actress changed from show for not being stylish enough ek thi rani ek tha raavan ssm|date=June 27, 2019|website=News18 हिंदी|access-date=26 नवंबर 2022|archive-date=26 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221126034620/https://hindi.news18.com/news/entertainment/tv-tv-actress-changed-from-show-for-not-being-stylish-enough-ek-thi-rani-ek-tha-raavan-ssm-2145121.html|url-status=dead}}</ref> को रातों-रात सृष्टि जैन से बदल दिया गया। <ref>{{Cite web|url=https://news.abplive.com/entertainment/television/ek-thi-rani-ek-tha-raavan-lead-actress-manul-chudasma-ousted-overnight-srishti-jain-to-replace-her-1020429|title='Star Bharat' lead actress Manul Chudasma ousted overnight; Srishti Jain to replace her!|last=Team|first=Filmymonkey|date=June 26, 2019|website=news.abplive.com}}</ref> नताशा सिंह को नकारात्मक भूमिका निभाने के लिए कास्ट किया गया था। <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/tv/hindi/natasha-singh-on-her-plans-to-do-interesting-roles/videoshow/78296153.cms|title=Natasha Singh on her plans to do interesting roles | TV - Times of India Videos|website=timesofindia.indiatimes.com}}</ref> [[महक चहल]] <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/television/soaps/story/former-bigg-boss-contestants-mahek-chahal-to-feature-in-show-on-stalking-1412976-2018-12-19|title=Former Bigg Boss contestants Mahek Chahal to feature in show on stalking|website=India Today}}</ref> ने शो में कैमियो किया था, लेकिन बाद में उनकी जगह [[सारा खान]] ने ले ली। <ref>{{Cite web|url=https://www.lokmat.com/television/sara-khan-steps-shoes-mahek-chahal/|title=महक चहलच्या जागी सारा खानची वर्णी|date=January 4, 2019|website=Lokmat}}</ref> यह 21 जनवरी 2019 <ref name="on-air"/> से [[स्टार भारत]] पर प्रसारित हुआ और कम दर्शकों की संख्या के कारण 9 महीने के भीतर 21 सितंबर 2019 को ऑफ-एयर हो गया। <ref name="end"/>
== यह भी देखें ==
* [[स्टार भारत द्वारा प्रसारित कार्यक्रमों की सूची]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी संबंध ==
* {{आईएमडीबी शीर्षक|9553284}}
* [https://www.hotstar.com/in/tv/ek-thi-rani/1260003260 ''Ek Thi Rani Ek Tha Raavan''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221113155020/https://www.hotstar.com/in/tv/ek-thi-rani/1260003260 |date=13 नवंबर 2022 }} on [[हॉटस्टार|Disney+ Hotstar]]
[[श्रेणी:स्टार भारत के धारावाहिक]]
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उन्नी मुकुंदन
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text/x-wiki
{{Infobox person|name=उन्नीकृष्णन मुकुंदन|image=उन्नीकृष्णन मुकुंदन
जन्म उन्नीकृष्णन मुकुंदन
22 सितम्बर 1987 (आयु 37)
त्रिशूर, केरल, भारत
पेशा
अभिनेतागायकनिर्माता
कार्यकाल 2011 – वर्तमान
माता-पिता
मुकुंदन नायर
रोजी मुकु|caption=|other_names=|birth_name=उन्नीकृष्णन मुकुंदन|birth_date={{birth date and age|df=yes|1987|09|22}}|birth_place=[[त्रिशूर]], [[केरल]], भारत<ref>{{Cite web|url=https://www.timesofindia.com/topic/Unni-Mukundan |title=Unni Mukundan|website=Times of India|access-date=2019-06-19}}</ref>|nationality=|occupation={{hlist|अभिनेता|गायक|निर्माता}}|years_active=2011 {{ndash}} वर्तमान|parents={{ubl|मुकुंदन नायर|रोजी मुकुंदन}}|website={{url|https://unnimukundan.com}}}}'''उन्नीकृष्णन मुकुंदन नायर''' (जन्म 22 सितंबर 1987), जिन्हें आमतौर पर '''उन्नी मुकुंदन''' के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय अभिनेता हैं जो मुख्य रूप से [[मलयाली सिनेमा|मलयालम सिनेमा]] में काम करते हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.khaleejtimes.com/wknd/entertainment/unni-mukundan-talent-luck-and-destiny-go-hand-in-han|title=Unni Mukundan: Talent, luck and destiny go hand in hand|last=Nair|first=Deepthi|website=Khaleej Times|access-date=22 November 2022|archive-date=4 फ़रवरी 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240204054445/https://www.khaleejtimes.com/city-times/unni-mukundan-talent-luck-and-destiny-go-hand-in-hand|url-status=dead}}</ref> उन्होंने कुछ [[तेलुगू सिनेमा|तेलुगु]] और [[कॉलीवुड|तमिल]] फिल्मों में भी काम किया है।
उन्नी मुकुंदन ने अपने अभिनय की शुरुआत [[कॉलीवुड|तमिल फिल्म]] ''[[सीडन]]'' (2011) से की, जो ''[[नंदनम (फिल्म)|नंदनम]]'' (2002) की रीमेक थी। <ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/happy-birthday-unni-mukundan-12-fun-facts-about-mallu-sallu-regional-cinema-latest-news-1474525661.html|title=Happy Birthday Unni Mukundan : 12 fun facts about 'Mallu Sallu'|last=Nair|first=Sree Prasad|date=22 September 2016|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623082116/http://www.catchnews.com/regional-cinema/happy-birthday-unni-mukundan-12-fun-facts-about-mallu-sallu-regional-cinema-latest-news-1474525661.html|archive-date=23 June 2019|access-date=23 June 2019}}</ref> 23 साल की उम्र में, कई छोटी भूमिकाएँ निभाने के बाद, उन्नी को [[विइसाख|वैसाख]] की एक्शन कॉमेडी ''[[मल्लू सिंह]]'' (2012) में मुख्य भूमिका के साथ [[निर्णायक भूमिका|सफलता मिली]] । <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/I-dont-mind-being-a-replacement-actor-Unni-Mukundan/articleshow/38614267.cms|title=I don't mind being a 'replacement' actor: Unni Mukundan – Times of India|last=Karthikeyan|first=Shruti|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=22 November 2022}}</ref> बाद में, उन्होंने ''[[विक्रमादित्यन]]'' (2014), ''[[केएल 10 पथु]]'' (2015), ''[[शैली (2016 फिल्म)|स्टाइल]]'' (2016), ''[[ओरु मुराई वंथु पार्थया (फिल्म)|ओरु मुराई वंथु पार्थया]]'' (2016) और ''[[आचार्यों|अचयन]]'' (2017) जैसी व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों सहित कई मलयालम फिल्मों में प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं। <ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/with-oru-murai-vanthu-parthaya-unni-mukundan-delivers-hat-trick-after-kl-10-and-style-unni-mukundan-success-news-1468569501.html|title=With Oru Murai Vanthu Parthaya, Unni Mukundan delivers hat-trick after KL 10 and Style|last=Nair|first=Sree Prasad|date=15 July 2016|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022212032/http://www.catchnews.com/regional-cinema/with-oru-murai-vanthu-parthaya-unni-mukundan-delivers-hat-trick-after-kl-10-and-style-unni-mukundan-success-news-1468569501.html|archive-date=22 October 2016|access-date=30 April 2020}}</ref> उन्होंने 2016 की फिल्म ''[[जनता गैराज|जनता गैरेज]]'' के साथ अपनी [[तेलुगू सिनेमा|तेलुगु फिल्म]] की शुरुआत की। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/Mohanlal-suggested-Unni-Mukundan/articleshow/50772637.cms|title='Mohanlal suggested Unni Mukundan'|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
उन्नी मुकुंदन ने ''[[आचार्यों]]'' के साथ गीतकार और गायक के रूप में अपनी शुरुआत की। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/unni-mukundan-turns-lyricist-and-singer-for-achayans/articleshow/56872497.cms|title=Unni Mukundan turns lyricist and singer for Achayans|last=George|first=Anjana|work=The Times of India|access-date=22 November 2022|language=en}}</ref> उन्होंने मोटर वाहन विभाग के विज्ञापनों में आकर सड़क सुरक्षा उपायों को भी प्रायोजित किया है। <ref>{{Citation|last=ssgcell|title=ROAD SAFETY {{!}} AWARENESS FILM {{!}} USE DIM LIGHT AT NIGHT|date=29 June 2017|url=https://www.youtube.com/watch?v=Px8TccZmhIA&app=desktop|access-date=22 November 2022}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
उन्नी मुकुंदन का जन्म 22 सितंबर 1987 को [[मलयाली]] माता-पिता मुकुंदन नायर और रोजी मुकुंदन के घर हुआ था। उन्होंने अपना स्कूल अहमदाबाद के प्रगति हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरा किया। उन्होंने प्रज्योति निकेतन कॉलेज, पुदुकाड ( [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] ) से अंग्रेजी साहित्य और पत्रकारिता में स्नातक किया है। <ref>{{Cite web|url=https://topmovierankings.com/malayalam-actor/unni-mukundan|title=Unni Mukundan malayalam actor Profile, Films, News, Vide|website=www.topmovierankings.com|access-date=22 November 2022|archive-date=22 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221122165129/https://topmovierankings.com/malayalam-actor/unni-mukundan|url-status=dead}}</ref> उनका पालन-पोषण [[अहमदाबाद]], [[गुजरात]] में हुआ। <ref>{{Cite web|url=https://www.filmfare.com//interviews/filmfare-exclusive-muscle-aliyan-unni-mukundan-talks-about-films-family-and-fitness-27617.html|title=Filmfare Exclusive! Muscle Aliyan, Unni Mukundan, talks about films, family and fitness|last=Deshmukh|first=Ashwini|date=2 April 2018|website=filmfare.com|access-date=22 November 2022}}</ref> अपने शुरुआती दिनों में, वह मोटिफ के साथ काम करते थे, जिसे अब [[Ttec|टीटीईसी]] के नाम से जाना जाता है। <ref>{{Cite web|url=https://www.manoramaonline.com/homestyle/spot-light/2017/06/10/unni-mukundan-house.html|title=Unni Mukundan House|date=12 June 2017|access-date=22 November 2022}}</ref>
== आजीविका ==
'''<big>शुरुआत और प्रारंभिक सफलता (2011-2013)</big>'''
2011 में, उन्नी ने [[तमिल भाषा|तमिल]] फिल्म ''[[सीडन]]'' से अपनी फिल्म की शुरुआत की, जो मलयालम फिल्म ''[[नंदनम (फिल्म)|नंदनम]]'' की रीमेक थी। <ref>{{Cite web|url=https://archives.mathrubhumi.com/news/india/17yearold-was-stalked-and-murdered-in-up-1.2157626|title=കൊതിച്ചതും വിധിച്ചതും, Interview – Mathrubhumi Movies|date=11 August 2017|website=mathrubhumi.com|language=ta|access-date=22 November 2022}}</ref> उन्नी ने [[बाबू जनार्दन]] द्वारा निर्देशित [[मामूट्टी|ममूटी]] के साथ 12 मार्च <ref>{{Cite web|url=https://www.rediff.com/movies/report/review-bombay-march/20110701.htm|title=Review: Bombay March 12 is hard-hitting|last=Palicha|first=Paresh C|date=1 July 2011|website=[[रीडिफ.कॉम]]|access-date=22 November 2022}}</ref> को ''[[बंबई 12 मार्च|बॉम्बे]]'' के माध्यम से मलयालम फिल्म उद्योग में प्रवेश किया। ''[[बंबई 12 मार्च|बॉम्बे 12 मार्च]]'' में उनके प्रदर्शन के लिए, उन्हें [[साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवार्ड्स|SIIMA]], [[एशियानेट फिल्म अवार्ड्स]], [[एशियाविजन पुरस्कार|एशियाविज़न]], [[जयहिंद टीवी]], [[अमृता टीवी]] और [[वनिता फिल्म पुरस्कार|वनिता फिल्म अवार्ड्स]] द्वारा सर्वश्रेष्ठ नवागंतुक घोषित किया गया। उन्होंने [[टी॰ के॰ राजीव कुमार|टीके राजीव कुमार]] द्वारा निर्देशित ''[[थलसमायम ओरु पेनकुट्टी|थलसामयम ओरु पेनकुट्टी]]'' में सहायक भूमिका निभाई। <ref>{{Cite news|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-11-01/news-interviews/30345297_1_risks-great-expectations-film|title=Unni Mukundan is determined to make it big|last=Sidhardhan|first=Sanjith|date=1 November 2011|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=8 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20130827022154/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-11-01/news-interviews/30345297_1_risks-great-expectations-film|archive-date=27 August 2013}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2011/oct/12/game-to-fame-unni-mukundan-299339.html|title=Game to fame: Unni Mukundan|last=Sudhish|first=Navamy|date=13 October 2011|work=[[द न्यू इंडियन एक्सप्रेस]]|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite news|url=http://www.cityjournal.in/Newspaper/20111001/Cinema/Cinema_2.html|title=Unni Mukundan in Talsamayam Oru Pattikutti|date=1 October 2011|work=[[City Journal (Thrissur)|City Journal]]|access-date=8 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20120609081800/http://www.cityjournal.in/Newspaper/20111001/Cinema/Cinema_2.html|archive-date=9 June 2012}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://quintdaily.com/2017/08/clint-malayalam-movie-review-clint-movie-rating-3-out-of-5-news-public-talk/|title=Clint Malayalam movie Review, Clint Movie Rating (3/5) News – Public Talk – QuintDaily|last=Gomez|first=Selena|date=11 August 2017|access-date=22 November 2022}}</ref>
उन्नी को अपना टर्निंग पॉइंट [[वैशाख]] द्वारा निर्देशित फिल्म ''[[मल्लू सिंह]]'' (2012) से मिला। फिल्म बहुत हिट हुई और 100 दिनों से अधिक चली। <ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-cinemaplus/on-cloud-nine/article3822501.ece|title=On cloud nine|date=26 August 2012|work=The Hindu|access-date=6 June 2019|issn=0971-751X}}</ref> उन्होंने ''[[Theevram|थेवराम]]'' और ''[[मुख्य सूची|द हिटलिस्ट]]'' फिल्मों में कैमियो प्रदर्शन किया। उसी वर्ष, वह [[बी. उन्नीकृष्णन|बी उन्नीकृष्णन]] द्वारा निर्देशित ''एज़म'' ''सूर्यन'' और [[मैं मुझे प्यार करता हूँ (फिल्म)|''आई लव मी'']] में दिखाई दिए। <ref>{{Cite web|url=https://www.cinebee.in/ezham-suryan-movie-rating-critics-review/score/5903430568640512|title=Ezham Suryan Malayalam Movie Review {{!}} Critics Review {{!}} CineBee App|website=CineBee|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623084357/https://www.cinebee.in/ezham-suryan-movie-rating-critics-review/score/5903430568640512|archive-date=23 June 2019|access-date=23 June 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/i-love-me-imagegallery-malayalam-mmsleRbhhejsi.html|title=I Love Me|website=Sify|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623114423/http://www.sify.com/movies/i-love-me-imagegallery-malayalam-mmsleRbhhejsi.html|archive-date=23 June 2019|access-date=23 June 2019}}</ref> उनके एक्शन दृश्यों को दर्शकों ने खूब सराहा।
2013 में वे [[एम. पद्मकुमार]] द्वारा निर्देशित [[इथु पथिरामनल|''इथू'' ''पथिरमनल'']] और ''[[उड़ीसा (फिल्म)|उड़ीसा]]'' में दिखाई दिए। <ref>{{Cite news|url=https://www.dailypioneer.com/2013/state-editions/malayalam-film-orissa-to-be-released-in-raja-festival.html|title=Malayalam film 'Orissa' to be released in Raja festival|date=28 May 2013|work=The Pioneer|access-date=22 November 2022|archive-date=7 जून 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190607091409/https://www.dailypioneer.com/2013/state-editions/malayalam-film-orissa-to-be-released-in-raja-festival.html|url-status=dead}}</ref> इसके अलावा उन्हें ''[[डी कंपनी (फिल्म)|डी कंपनी]]'' में तीन स्वतंत्र रूप से शूट की गई [[एक्शन फिल्म|एक्शन फिल्मों]] के एंथोलॉजी में देखा गया था। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiaglitz.com/d-company-review-malayalam-movie-17945|title=D Company review. D Company Malayalam movie review, story, rating|website=IndiaGlitz|access-date=22 November 2022|archive-date=23 जून 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623084356/https://www.indiaglitz.com/d-company-review-malayalam-movie-17945|url-status=dead}}</ref>
== ब्रेकथ्रू (2014-वर्तमान) ==
2014 में, वे विनिल द्वारा निर्देशित ''[[द लास्ट सपर (2014 फिल्म)|द लास्ट सपर]]'' में दिखाई दिए, जो फ्लॉप रही। लेकिन उसी वर्ष, उन्होंने [[लाल जोस]] द्वारा निर्देशित सुपरहिट फिल्म ''[[विक्रमादित्यन]]'' में [[दुलकर सलमान|दुलारे सलमान]] के साथ एक मुख्य भूमिका निभाकर वापसी की। <ref>{{Cite news|url=https://www.ibtimes.co.in/vikramadithyan-box-office-earns-3-10-crore-3-days-kerala-all-set-make-it-big-this-festive-605523|title='Vikramadithyan' Box Office: Earns ₹3.10 Crore in 3 Days in Kerala, All Set to Make it Big this Festive Season|last=V.P.|first=Nicy|date=28 July 2014|work=International Business Times, India Edition|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.filmibeat.com/malayalam/news/2015/lal-jose-saved-my-career-unni-mukundan-190889.html|title=Lal Jose Saved My Career: Unni Mukundan|last=Menon|first=Akhila|date=2015-07-16|website=FilmiBeat|access-date=22 November 2022}}</ref> इबटाइम्स के एक आलोचक ने लिखा, "उन्नी मुकुंदन ने इस लाल जोस निर्देशन के साथ भारी वापसी की है। उन्होंने अपने चरित्र को विक्रमण के रूप में अच्छी तरह से नियंत्रित भावनाओं और यथार्थवादी दृष्टिकोण वाले एक युवा व्यक्ति के रूप में चित्रित किया। <ref>{{Cite news|url=https://www.ibtimes.co.in/vikramadithyan-review-well-crafted-entertainer-lal-jose-605340|title='Vikramadithyan' Review: Well Crafted Entertainer from Lal Jose|last=V.P.|first=Nicy|date=25 July 2014|work=International Business Times, India Edition|access-date=22 November 2022|language=en}}</ref>
2015 में, उन्हें [[दीपू करुणाकरन]] द्वारा निर्देशित [[मामूट्टी|मम्मूटी]] स्टारर ''[[फायरमैन (फिल्म)|फायरमैन]]'' में सहायक भूमिका में देखा गया था। <ref>{{Cite news|url=https://www.news18.com/news/movies/fireman-trailer-mammootty-and-unni-mukundan-play-the-two-conscientious-men-in-red-hats-964439.html|title='Fireman' trailer: Mammootty and Unni Mukundan play the two conscientious men in red hats|date=29 January 2015|work=News18|access-date=22 November 2022}}</ref> उसी वर्ष, उन्होंने फिल्म ''[[साम्राज्यम II: सिकंदर का बेटा|सम्राज्यम II: सन ऑफ़ अलेक्जेंडर]]'' में जॉर्डन के रूप में मुख्य भूमिका निभाई, सिकंदर का बेटा जो प्रीक्वल में नायक था। <ref>{{Cite web|url=https://www.nowrunning.com/movie/11043/malayalam/samrajyam-2-son-of-alexander/index.htm|title=Samrajyam 2 – Son of Alexander (2015) – Samrajyam 2 – Son of Alexander Malayalam Movie|website=NOWRUNNING|access-date=22 November 2022}}</ref> उनकी अगली रिलीज़ ''[[केएल 10 पथु|केएल 10 पट्टू]]'' थी, जिसे नवोदित [[मुहसिन परारी|मुहसिन]] परारी ने लिखा और निर्देशित किया था। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movie-reviews/kl-10-pathu/movie-review/48145433.cms|title=KL 10 Pathu Movie Review {3/5}: Critic Review of KL 10 Pathu by Times of India|work=Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
2016 में, उन्होंने एक्शन थ्रिलर मूवी ''[[शैली (2016 फिल्म)|स्टाइल]]'' की, जो एक अच्छी कमर्शियल एंटरटेनर साबित हुई। <ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/entertainment/movie-reviews/style-review-unni-mukundan-tovino-priyanka-kandwal-malayalam-movie-by-binu.html|title='Style' review: Determination drives|website=OnManorama|access-date=22 November 2022}}</ref> उसके बाद उन्हें समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्म ''[[कट्टुम मझायुम|काट्टम मझायुम]]'' और फंतासी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ''[[ओरु मुराई वंथु पार्थया (फिल्म)|ओरु मुराई वंथु पार्थया]] में देखा गया।'' <ref>{{Cite web|url=http://onlookersmedia.in/reviews/oru-murai-vanthu-parthaya-review/|title=Oru Murai Vanthu Parthaya Review-Rating-Report|date=27 May 2016|website=onlookersmedia|access-date=22 November 2022}}</ref> उन्होंने सत्यम ( [[मोहनलाल (अभिनेता)|मोहनलाल]] ) के बेटे राघव के रूप में एक विरोधी भूमिका में फिल्म ''[[जनता गैराज|जनता गैरेज]]'' के साथ टॉलीवुड की शुरुआत की। <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/regional/actor-unni-mukundan-to-play-the-baddie-in-jr-ntr-starrer-janatha-garage/|title=Actor Unni Mukundan to play the baddie in Jr. NTR-starrer 'Janatha Garage'|date=29 January 2016|work=The Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref> फिल्म व्यावसायिक सफलता और समीक्षकों द्वारा प्रशंसित दोनों थी। यह साल की [[सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्में|सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगू फिल्म]] थी। <ref>{{Cite magazine}}</ref>
2017 की फिल्म ''[[आचार्यों|अचयन्स]]'' में, उन्होंने एक गीतकार और गायक के रूप में अपनी शुरुआत की। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/music/unni-mukundans-song-from-achayans-to-be-out-on-march-25/articleshow/57805810.cms|title=Unni Mukundan's song from 'Achayans' to be out on March 25 – Times of India|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/entertainment/interview/2017/05/14/unni-mukundan-movies-fitness-chat.html|title=When Unni Mukundan worked hard to drop his six-pack look|date=15 May 2017|website=OnManorama|access-date=22 November 2022}}</ref> उन्होंने फिल्म में [[जयराम]] और [[आदिल इब्राहिम]] के साथ मुख्य भूमिका निभाई और यह व्यावसायिक रूप से सफल रही। <ref>{{Cite web|url=https://www.filmibeat.com/malayalam/news/2017/achayans-box-office-12-days-kerala-collections-262225.html|title=Achayans Box Office: 12 Days Kerala Collections!|date=1 June 2017|website=filmibeat|language=en|access-date=22 November 2022}}</ref> उसी वर्ष, उन्हें [[आसिफ़ अली|आसिफ अली]] के साथ एक और मल्टी हीरो फिल्म [[अवारुदे रावुकल|''अवरुदे'' ''रावुकल'']] में देखा गया, जिसे मिश्रित समीक्षाएं मिलीं। <ref>{{Citation|title=Avarude Ravukal Movie Review {2.5/5}: Critic Review of Avarude Ravukal by Times of India|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movie-reviews/avarude-ravukal/movie-review/59298777.cms|access-date=22 November 2022}}</ref> उसी वर्ष अगस्त में निर्देशक [[हरिकुमार (निदेशक)|हरिकुमार]] के साथ ''[[क्लिंट (फिल्म)|क्लिंट]]'' को रिलीज़ किया गया था, जिसमें उन्होंने [[एडमंड थॉमस क्लिंट]] के पिता जोसेफ की भूमिका निभाई थी, जो एक [[असाधारण-प्रतिभाशाली शिशु|विलक्षण बालक था]], जिसे सात साल के अपने छोटे से जीवन के दौरान 25,000 से अधिक पेंटिंग बनाने के लिए जाना जाता था। उन्हें फिल्म में 35 वर्षीय और 73 वर्षीय व्यक्ति के रूप में दो अलग-अलग रूपों में देखा गया था। <ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2017/jul/28/unnis-makeover-for-clint-1634539.html|title=Unni's makeover for Clint|date=28 July 2017|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref> इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का रामू करियात मूवी अवार्ड मिला। <ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/ramu-kariat-movie-awards-unni-mukundan-bags-his-first-best-actor-award-for-clint-93446.html|title=Ramu Kariat Movie Awards: Unni Mukundan bags his first best actor award for Clint|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190607172901/http://www.catchnews.com/regional-cinema/ramu-kariat-movie-awards-unni-mukundan-bags-his-first-best-actor-award-for-clint-93446.html|archive-date=7 June 2019|access-date=7 June 2019}}</ref> 2017 की उनकी आखिरी रिलीज़ [[मामूट्टी|मम्मूटी]] स्टारर ''[[कृति (2017 फिल्म)|मास्टरपीस]]'' थी जिसमें उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई थी और [[थारंगम (2017 फिल्म)|''थारंगम'']] जिसमें उन्होंने एक विस्तारित कैमियो निभाया था। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/unni-mukundans-look-in-masterpiece-says-a-lot-more-about-john-thekkan/articleshow/61604182.cms|title=Unni Mukundan's look in 'Masterpiece' says a lot more about John Thekkan|last=Soman|first=Deepa|date=11 November 2017|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
2018 में, उन्होंने [[अनुष्का शेट्टी]] के साथ तमिल-तेलुगु द्विभाषी फिल्म ''[[भैगमाती|भागमथी]]'' की, जो व्यावसायिक रूप से सफल रही और समीक्षकों द्वारा प्रशंसित रही। <ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/bhaagamathie-anushka-shetty-unni-mukundan-starrer-emerges-the-first-super-hit-of-2018-97609.html|title=Bhaagamathie: Anushka Shetty, Unni Mukundan starrer emerges the first super hit of 2018|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190607174132/http://www.catchnews.com/regional-cinema/bhaagamathie-anushka-shetty-unni-mukundan-starrer-emerges-the-first-super-hit-of-2018-97609.html|archive-date=7 June 2019|access-date=7 June 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.thehansindia.com/posts/index/Cinema/2017-01-30/Unni-Mukundan-is-a-big-fan-of-Anushka/276816|title=Unni Mukundan is a big fan of Anushka|last=Adivi|first=Sashidhar|date=30 January 2017|website=www.thehansindia.com|access-date=22 November 2022}}</ref> उनकी अगली रिलीज़ दो थ्रिलर फिल्में [[इरा (फिल्म)|''इरा'']] और [[चाणक्य थंथराम|''चाणक्यनाथम'']] थीं। <ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/entertainment/entertainment-news/2018/04/19/cross-dressed-unni-mukundan-meets-parents-at-chanakyathanthram-s.html|title=Cross-dressed Unni Mukundan meets parents at 'Chanakyathanthram' site|website=OnManorama|access-date=22 November 2022}}</ref> दोनों फिल्मों को सकारात्मक समीक्षा मिली और व्यावसायिक रूप से सफल रही। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movie-reviews/chanakyathantram/movie-review/64014697.cms|title=Chanakya Thanthram Review {3/5}: A suspense thriller, which is also a leisurely watch. If you are an Unni Mukundan fan, this film is for you.|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
2019 की उनकी पहली रिलीज़ [[हनीफ अदेनी|हनीफ अदनी]] ''[[माइकल (फिल्म)|की]]'' माइकल <ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/grand-sets-erected-final-schedule-mammootty-s-maamaankam-101989|title=Grand sets erected final schedule of Mammoottys maamaankam|date=18 May 2019|website=thenewsminute|access-date=22 November 2022}}</ref>, जिसमें उन्होंने [[मेप्पडियान|प्रतिपक्षी]] मार्को जूनियर की भूमिका निभाई <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/unni-mukundan-is-thrilled-to-play-the-villain-in-mikhael-news-malayalam-tbmnB2jcjfidi.html|title=Unni Mukundan is thrilled to play the villain in 'Mikhael'|website=Sify|archive-url=https://web.archive.org/web/20190608032545/http://www.sify.com/movies/unni-mukundan-is-thrilled-to-play-the-villain-in-mikhael-news-malayalam-tbmnB2jcjfidi.html|archive-date=8 June 2019|access-date=8 June 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/use-social-media-to-inspire-society-unni-mukundan/articleshow/70057903.cms|title=Use social media to inspire society: Unni Mukundan – Times of India|website=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/review/2022/jan/15/meppadiyan-unni-mukundan-impresses-with-an-earnest-turn-2406924.html|title='Meppadiyan': Unni Mukundan impresses with an earnest turn|date=15 January 2022|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref> वह एक तेलुगु फिल्म [[खिलाड़ी (२०२२ फिल्म)|''खिलाड़ी'']] में भी नज़र आएंगे। <ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/motion-poster-unni-mukundan-s-meppadiyan-released-96594|title=Motion poster Unni Mukundans meppadiyan released|date=12 February 2019|website=thenewsminute|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/unni-mukundan-i-dont-want-to-stay-inside-my-comfort-zone/articleshow/69925954.cms|title=Unni Mukundan: I don't want to stay inside my comfort zone|last=Sidhardhan|first=Sanjith|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
== उत्पादन ==
उन्नी मुकुंदन ने 17 अगस्त 2020 को अपनी नई फिल्म निर्माण कंपनी <ref>{{Cite news|url=https://www.filmibeat.com/malayalam/news/2020/unni-mukundan-announces-his-production-company-unni-mukundan-films-pens-an-inspiring-note-302823.html|title=Unni Mukundan Announces His Production Company Unni Mukundan Films; Pens An Inspiring Note!|last=Hemachandran|first=Sruthi|date=19 August 2020|access-date=22 November 2022}}</ref> [[उन्नी मुकुंदन फिल्म्स]] (UMF) <ref>{{Cite news|url=https://malayalam.news18.com/news/film/movies-unni-mukundan-launches-production-company-mm-275019.html|title=Unni Mukundan {{!}} നടൻ ഉണ്ണി മുകുന്ദൻ ഇനി നിർമ്മാതാവ്; ചിങ്ങം ഒന്നിന് പുതിയ സംരംഭത്തിന് ആരംഭം|date=17 August 2020|work=News18 Malayalam|access-date=22 November 2022|language=ml}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/unni-mukundan-launches-production-company-unni-mukundan-films/articleshow/77618241.cms|title=Unni Mukundan launches film production company|last=Mathews|first=Anna|date=18 August 2020|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2020/aug/19/unni-mukundan-launches-own-production-house-2185192.html|title=Unni Mukundan launches own production house|date=19 August 2020|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref> लॉन्च की।
== फिल्मोग्राफी ==
<big>'''अन्य भाषा की फिल्में'''</big>
{| class="wikitable"
!साल
!शीर्षक
!भूमिका
!भाषा
! class="unsortable" |टिप्पणियाँ
|-
|2011
|''[[सीडन]]''
|मनो रामलिंगम
|[[तमिल भाषा|तामिल]]
|जय कृष्ण के रूप में श्रेय दिया गया
|-
|2016
|''[[जनता गैराज|जनता गैरेज]]''
|राघव सत्यम
|[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]]
|<ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/actor-unni-mukundan-says-he-is-grateful-to-mohanlal-for-janatha-george-movie-catch-exclusive-interview-with-sree-prasad-nair-1459684476.html|title=#CatchChitChat: Grateful to Mohanlal for Janatha Garage, says Unni Mukundan|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190712121857/http://www.catchnews.com/regional-cinema/actor-unni-mukundan-says-he-is-grateful-to-mohanlal-for-janatha-george-movie-catch-exclusive-interview-with-sree-prasad-nair-1459684476.html|archive-date=12 July 2019|access-date=12 July 2019}}</ref>
|-
|2018
|''[[भैगमाती|भागमथी]]''
|शक्ति
|[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]]<nowiki></br></nowiki> [[तमिल भाषा|तामिल]]
|<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/Unni-Mukundan-is-a-social-activist-in-Bhagmati/articleshow/55811562.cms|title=Unni Mukundan is a social activist in Bhagmati – Times of India|last=Soman|first=Deepa|date=27 January 2017|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2022
|''[[खिलाड़ी (२०२२ फिल्म)|खिलाड़ी]]''
|राम कृष्ण
|[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]]
|<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/unni-mukundan-roped-in-for-ravi-teja-ramesh-varmas-khiladi/articleshow/80624852.cms|title=Unni Mukundan roped in for Ravi Teja, Ramesh Varma's ''Khiladi''|date=1 February 2021|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|''[[यशोदा (फिल्म)|यशोदा]]''
|डॉ गौतम
|[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]]
|
|-
|}
== <big>टेलीविजन</big> ==
{| class="wikitable"
!साल
!पतली परत
!भूमिका
!टिप्पणियाँ
|-
|2020
|''एंटे नारायणिक्कू''
|अरविंद उर्फ बशीर
|लघु फिल्म (वॉयस ओवर)
|-
|2022
|''यूरेका 21''
|विलियम्स
|
|}
== <big>डिस्कोग्राफी</big> ==
{| class="wikitable plainrowheaders" width="100%"
! width="10%" scope="col" |साल
! width="21%" scope="col" |पतली परत
! width="23%" scope="col" |गीत
! width="19%" scope="col" |संगीतकार
! width="17%" scope="col" |टिप्पणियाँ
! width="10%" scope="col" |
|-
|2017
!''[[आचार्यों]]''
|''अनुरागम पुथुमाझा पोल''
|[[रतीश वेगा]]
|गीतकार भी
|<ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2017/jan/30/unni-mukundan-turns-singer-for-achayans-1565036.html|title=Unni Mukundan turns singer for 'Achayans'|date=30 January 2017|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2018
!''[[चाणक्य थंथराम]]''
|''एथो वज़ीथारायिल''
|[[शान रहमान]]
|
|<ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2018/feb/12/unni-mukundan-turns-singer-again-1772331.html|title=Unni Mukundan turns singer again|date=12 February 2018|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
![[ओरु कुट्टानदान ब्लॉग|''ओरु'' ''कुट्टानदान'' ''ब्लॉग'']]
|''चराथु नी''
|श्रीनाथ शिवशंकरन
|
|<ref>{{Cite web|url=https://silverscreen.in/news/unni-mukundan-turns-singer-for-mammoottys-oru-kuttanadan-blog/|title=Unni Mukundan Turns Singer For Mammootty's 'Oru Kuttanadan Blog'|last=Narayan|first=Adithya|date=6 August 2018|website=Silverscreen.in|access-date=22 November 2022|archive-date=8 जून 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190608094808/https://silverscreen.in/news/unni-mukundan-turns-singer-for-mammoottys-oru-kuttanadan-blog/|url-status=dead}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2020
!''[[शाइलॉक (2020 फिल्म)|शाइलॉक]]''
|''एकता बॉस''
|प्रकाश एलेक्स
|
|
|-
!''एंटे नारायणिक्कू''
|''थोडाथे''
|[[अरुण मुरलीधरन]]
|लघु फिल्म
|
|-
|2022
!''शेफीकिंते संतोषम''
|''खलबिले हुरी''
|[[शान रहमान]]
|
|
|}
== पुरस्कार ==
{| class="wikitable"
!साल
!पुरस्कार
!वर्ग
!पतली परत
!स्रोत
|-
| rowspan="6" |2011
|[[एशियानेट फिल्म अवार्ड्स]]
|वर्ष का सर्वश्रेष्ठ नया चेहरा
| rowspan="6" |[[बंबई 12 मार्च|''बंबई'' ''12'' ''मार्च'']]
|<ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/unni-mukundan-mammootty-fan-64341|title=Unni Mukundan is a Mammootty fan|date=28 June 2017|website=www.thenewsminute.com|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|[[एशियाविजन पुरस्कार|एशियाविजन मूवी अवार्ड्स]]
|बेस्ट प्रॉमिसिंग न्यूकमर
|<ref>{{Cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=603sj3dPuIs|title=Unnimukundan – New Face in Acting @ Asiavision Movie Awards '11|last=Vyas|date=27 November 2011|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|[[वनिता फिल्म पुरस्कार]]
|बेस्ट न्यू फेस
|<ref>{{Cite web|url=http://www.malayalamcinema.com/interviews/view/unni-mukundan|title=malayalamcinema.com, Official website of AMMA, Malayalam Film news, Malayalam Movie Actors & Actress, Upcoming Malayalam movies|website=www.malayalamcinema.com|access-date=22 November 2022|archive-date=12 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190712113118/http://www.malayalamcinema.com/interviews/view/unni-mukundan|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[जयहिंद टीवी]] फिल्म पुरस्कार
|वर्ष का सर्वश्रेष्ठ नवागंतुक
|<ref>{{Cite web|url=http://www.unnimukundan.com/award/jaihind-tv-film-awards|title=Unni Mukundan {{!}} Awards {{!}} JAIHIND TV FILM AWARDS|website=www.unnimukundan.com|access-date=22 November 2022|archive-date=12 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190712121037/http://www.unnimukundan.com/award/jaihind-tv-film-awards|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[अमृता टीवी]] फिल्म अवार्ड्स
|सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता
|<ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/amrita-film-awards-2012-1063.html?amp=1|title=Amrita Film Awards 2012|website=www.adgully.com|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|[[पहला दक्षिण भारतीय अंतर्राष्ट्रीय मूवी पुरस्कार|साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवार्ड्स]]
|सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता (मलयालम)
|<ref>{{Cite web|url=http://siima.in/2012/winners.html|title=SIIMA AWARDS {{!}} 2012 {{!}} winners {{!}} {{!}}|website=siima.in|access-date=22 November 2022|archive-date=6 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190706025553/http://siima.in/2012/winners.html|url-status=dead}}</ref>
|-
|2013
|[[प्रवासी एक्सप्रेस पुरस्कार]]
|यूथ आइकन
|''[[मल्लू सिंह]]''
|<ref>{{Cite web|url=https://www.pravasiexpress.com/special/pe-awards2013/|title=PravasiExpress Awards 2013 {{!}} PravasiExpress|website=www.pravasiexpress.com|access-date=22 November 2022|archive-date=25 जुलाई 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140725060642/http://pravasiexpress.com/special/pe-awards2013/|url-status=dead}}</ref>
|-
| rowspan="3" |2017
|आनंद टीवी अवार्ड्स 2017 [[यूनाइटेड किंगडम|यूके]]
|यूथ आइकन
| rowspan="2" |''[[आचार्यों]]''
|<ref>{{Cite web|url=https://www.vinodadarshan.com/2017/08/watch-2nd-anand-tv-awards-2017-Asianet-winners.html|title=2nd Anand TV Awards 2017-Winners List {{!}} Watch show on Asianet on 13th August 2017|website=Vinodadarshan|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|[[रेड एफ़एम ९३.५|रेड एफएम]] मलयालम म्यूजिक अवार्ड्स 2017
|सर्वश्रेष्ठ स्टार गायक
|<ref>{{Cite web|url=https://www.indiancinemagallery.net/events/red-fm-malayalam-music-awards-2017-photos/|title=Red FM Malayalam Music Awards 2017 Photos|date=12 August 2017|website=indiancinemagallery.net|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|रामू करियात मूवी अवार्ड्स
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
|''[[क्लिंट (फिल्म)]]''
|<ref>{{Cite web|url=http://unnimukundan.com/awards|title=Unni Mukundan {{!}} Awards|website=unnimukundan.com|access-date=22 November 2022|archive-date=12 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190712114959/http://unnimukundan.com/awards|url-status=dead}}</ref>
|-
|2019
|रचनात्मक फिल्म पुरस्कार
|नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
|''[[माइकल (फिल्म)|मिखाइल]]''
|<ref>{{Cite web|url=https://pycker.com/news/creative-film-awards-2019-kayamkulam-kochunni-and-june-win-big/164311802789180|title=Creative Film Awards 2019: Kayamkulam Kochunni and June Win Big|website=pyckers|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623162451/https://pycker.com/news/creative-film-awards-2019-kayamkulam-kochunni-and-june-win-big/164311802789180|archive-date=23 June 2019|access-date=23 June 2019}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2020
|रामू करयात पुरस्कार
|सर्वश्रेष्ठ दूसरा अभिनेता
|मामनकम धार्मिक
|
|-
|एशियानेट फिल्म अवार्ड्स
|यूथ आइकन
|ममंकम, माइकल
|
|-
|2022
|13वां जेसी डेनियल फाउंडेशन पुरस्कार
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (जूरी पुरस्कार)
|मेप्पड़ियान
|<ref>{{Cite web|url=https://www.mixindia.com/unni-mukundan-and-vishnu-mohan-win-prestigious-j-c-daniel-award-for-meppadiyan/|title=Unni Mukundan and Vishnu Mohan win prestigious J.C. Daniel Award for Meppadiyan|last=Nair|first=Aishwarya|date=19 July 2022|website=MixIndia|access-date=22 November 2022|archive-date=10 दिसंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221210124810/https://www.mixindia.com/unni-mukundan-and-vishnu-mohan-win-prestigious-j-c-daniel-award-for-meppadiyan/|url-status=dead}}</ref>
|-
|-
|2022
|अडूर एनआरआई फोरम कुवैत चैप्टर - अदूर भासी पुरस्कारम
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
|मेप्पड़ियान
|-
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== सन्दर्भ ==
<references />
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ए के हंगल अभिनीत फ़िल्में
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|}
==सन्दर्भ==
* http://www.bengalnewz.com/entertainment/film_star/082728488.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230201154347/http://www.bengalnewz.com/entertainment/film_star/082728488.html |date=1 फ़रवरी 2023 }}
* http://daily.bhaskar.com/article/ENT-ak-hangal-desired-to-bake-his-last-cake-before-death-3699132-NOR.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140728013236/http://daily.bhaskar.com/article/ENT-ak-hangal-desired-to-bake-his-last-cake-before-death-3699132-NOR.html |date=28 जुलाई 2014 }}
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* http://post.jagran.com/unknown-facts-about-veteran-actor-ak-hangal-who-dies-at-98-in-mumbai-1345963702 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120829000645/http://post.jagran.com/unknown-facts-about-veteran-actor-ak-hangal-who-dies-at-98-in-mumbai-1345963702 |date=29 अगस्त 2012 }}
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* https://news.biharprabha.com/2012/08/the-biography-of-a-k-hangal-legendary-actor-and-freedom-fighter/
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ऑपरेशन दोस्त
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'''ऑपरेशन दोस्त''' [[2023 तुर्की-सीरिया भूकंप|2023 में तुर्की-सीरिया भूकंप]] के बाद 6 फरवरी 2023 को दोनों देशों को तबाह करने के बाद [[सीरिया]] और [[तुर्की]] की सहायता के लिए [[भारत सरकार]] द्वारा शुरू किया गया एक निरंतर [[बचाव अभियान|खोज और बचाव अभियान]] है <ref>{{Cite web|url=https://www.dnaindia.com/explainer/report-dna-explainer-what-is-operation-dost-india-s-massive-humanitarian-aid-for-turkey-turkiye-syria-earthquake-3022281|title=DNA Explainer: What is Operation Dost, India's massive humanitarian aid for Turkey-Syria earthquake?|website=DNA India|language=en|access-date=2023-02-09}}</ref> [[उपरिकेंद्र|भूकंप का केंद्र]] [[गाज़ीअंटेप|गाजियांटेप]], तुर्की से 34 किमी पश्चिम में था। <ref name="VD">{{Cite web|url=https://www.volcanodiscovery.com/earthquakes/7365973/2023-02-06/01h17/magnitude7-Cyprus.html|title=Major magnitude 7.8 earthquake – 48 km east of Kahramanmaraş, Turkey, on Monday, Feb 6, 2023, at 3:17 am (GMT +2)|date=6 February 2023|publisher=Volcanodiscovery.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20230206051158/https://www.volcanodiscovery.com/earthquakes/7365973/2023-02-06/01h17/magnitude7-Cyprus.html|archive-date=6 February 2023|access-date=6 February 2023}}</ref>
== शब्द उत्पत्ति ==
'दोस्त' का अर्थ [[हिन्दी|हिंदी]] <ref>{{Cite web|url=https://www.hindi2dictionary.com/%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-meaning-hindi.html|title=(Dost) दोस्त meaning in hindi {{!}} Matlab {{!}} Definition|website=www.hindi2dictionary.com|access-date=2023-02-09|archive-date=8 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160308171733/https://www.hindi2dictionary.com/%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-meaning-hindi.html|url-status=dead}}</ref> और [[तुर्कीयाई भाषा|तुर्की]] दोनों में ' [[मित्रता|मित्र]] ' होता है। <ref>{{Cite web|url=https://www.wordhippo.com/what-is/the-meaning-of/turkish-word-b76cd76604683692bf49a2f003167e03679276e1.html|title=What does dost mean in Turkish?|website=WordHippo|language=en|access-date=2023-02-09}}</ref>
== प्रतिक्रिया ==
[[चित्र:Turkey_Earthquake_IAF_airlift_National_Disaster_Response_Force.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल| एनडीआरएफ कर्मियों, आवश्यक उपकरणों और राहत सामग्री को ले जाने वाली उड़ान]]
भूकंप की सुबह, भारत के प्रधान मंत्री [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्र मोदी ने]] तुर्की के साथ अपना दुख और एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा:
{{Quote|तुर्की में आए भूकंप से जनहानि और संपत्ति के नुकसान से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायल जल्द स्वस्थ हों। भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।}}
कुछ घंटों बाद, मोदी ने सीरिया को अतिरिक्त सहायता की पेशकश भेजी:
{{Quote|यह जानकर गहरा दुख हुआ कि विनाशकारी भूकंप ने सीरिया को भी प्रभावित किया है। पीड़ितों के परिवारों के प्रति मेरी सच्ची संवेदना। हम सीरियाई लोगों के दुख को साझा करते हैं और इस कठिन समय में सहायता और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.<ref>{{Cite web |date=2023-02-07 |title=India extends a hand: We share your grief, says PM Modi |url=https://indianexpress.com/article/india/pm-narendra-modi-turkey-syria-earthquake-deaths-injured-8426556/ |access-date=2023-02-10 |website=The Indian Express |language=en}}</ref>}}
प्रधानमंत्री मोदी के [[भारत के प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव|प्रधान सचिव]] [[प्रमोद कुमार मिश्रा|पी.{{Nbsp}}के. मिश्रा ने]] सचिवालय भवन के साउथ ब्लॉक में यह निर्धारित करने के लिए एक बैठक की कि तुर्की को तत्काल राहत के कौन से उपाय पेश किए जाएंगे। उपस्थित लोगों में कैबिनेट सचिव, [[राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण|राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण]], [[राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल|राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल]] (एनडीआरएफ), और [[गृह मंत्रालय, भारत सरकार|गृह मामलों]], [[रक्षा मंत्रालय (भारत)|रक्षा]], [[विदेश मंत्रालय (भारत)|विदेश मामलों]], [[नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार|नागरिक उड्डयन]], और [[स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय, भारत सरकार|स्वास्थ्य और परिवार कल्याण]] मंत्रालयों के प्रतिनिधि थे। <ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/pm-narendra-modi-turkey-syria-earthquake-deaths-injured-8426556/|title=India extends a hand: We share your grief, says PM Modi|date=2023-02-07|website=The Indian Express|language=en|access-date=2023-02-10}}</ref>
भारत के विदेश मंत्री [[सुब्रह्मण्यम जयशंकर|एस जयशंकर ने]] तुर्की और सीरिया के प्रति संवेदना साझा की। उन्होंने तुर्की के दूत फिरत सुनेल के साथ बैठक के बाद तुर्की और सीरिया में मौजूदा मानवीय प्रयासों के बारे में बताया। <ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/turkey-syria-earthquake-india-sending-search-rescue-teams-field-hospital-medicines-under-operation-dost-s-jaishankar-3763747|title='Operation Dost': India Goes All Out To Help Quake-Hit Turkey, Syria|website=NDTV.com|access-date=2023-02-09}}</ref>
भारत में तुर्की के राजदूत [[फिरत सुनेल|फ़िरात सुनेल ने]] नई दिल्ली को उनकी सहायता और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, " ''Dost kara günde belli olur'' " (ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही दोस्त होता है)। भारत का बहुत-बहुत धन्यवाद। <ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/turkey-syria-earthquake-india-sending-search-rescue-teams-field-hospital-medicines-under-operation-dost-s-jaishankar-3763747|title='Operation Dost': India Goes All Out To Help Quake-Hit Turkey, Syria|website=NDTV.com|access-date=2023-02-09}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/news/world/operation-dost-shows-friendship-between-india-and-turkey-turkish-envoy-11675900307451.html|title='Operation Dost shows friendship between India and Turkey': Turkish Envoy|last=Livemint|date=2023-02-09|website=mint|language=en|access-date=2023-02-09}}</ref>
तुर्की समर्थक सरकार दैनिक समाचार पत्र [[दैनिक सबा|डेली सबा ने]] तुर्किये को भारत के प्रयासों और मदद की प्रशंसा की। <ref>{{Cite web|url=https://www.dailysabah.com/politics/diplomacy/operation-dost-manifestation-of-indias-solidarity-with-turkiye|title='Operation Dost, manifestation of India's solidarity with Türkiye'|last=Özer|first=Dilara Aslan|date=2023-02-15|website=Daily Sabah|language=en-US|access-date=2023-02-15}}</ref>
== ऑपरेशन्स ==
भारत ने सीरिया और तुर्की दोनों को लगभग ₹7 करोड़ मूल्य (700,00,000 रुपये; 845,590 USD) की राहत सामग्री भेजी है। आपदा आने के 12 घंटे के भीतर भारतीय सेना ने राहत सामग्री के साथ अपने बचाव दलों को तैयार किया। <ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/indian-army-team-in-syria-distributes-relief-aid-to-quake-hit-region-101676446131235.html|title=Indian Army team in Syria distributes relief aid to quake-hit region|date=2023-02-15|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2023-02-15}}</ref>
=== तुर्की ===
[[चित्र:Indian_NDRF_team_making_way_for_rescue_by_cutting_through_concrete.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| गाजियांटेप, तुर्की में खोज और बचाव कार्य करते एनडीआरएफ के जवान]]
तुर्की के दूत फ़िरात सुनेल के अनुसार, भारत भूकंप प्रभावित तुर्की की मदद करने वाले पहले देशों में से एक था। <ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/world-news/turkey-thanks-india-for-sending-assistance-after-earthquake-friend-in-need-101675766400213.html|title=Turkey thanks India for sending assistance after earthquake: 'Friend in need…'|date=2023-02-07|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2023-02-09}}</ref> भारत ने 6 फरवरी 2023 की शाम तुर्की के प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों के लिए तुरंत एनडीआरएफ के दस्ते भेजे <ref>{{Cite web|url=https://khabarsatta.com/india/operation-dost-ndrf-rescues-six-year-old-girl-trapped-under-debris-in-earthquake-hit-turkey/|title=Operation Dost: एनडीआरएफ ने भूकंप प्रभावित तुर्की में मलबे में फंसी छह साल की बच्ची को बचाया|last=Sharma|first=Shubham|date=2023-02-09|website=Khabar Satta|language=en-US|access-date=2023-02-09}}</ref> [[भारतीय वायुसेना|भारतीय वायु सेना ने]] एनडीआरएफ के 47 कर्मियों, 3 वरिष्ठ अधिकारियों और एक विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड के साथ [[अदाना]] को एक [[बोइंग c-17 ग्लोबमास्टर|सी-17]] भेजा। जिसमें सहायक कर्मचारी आवश्यक उपकरण, चिकित्सा आपूर्ति, ड्रिलिंग मशीन और सहायता प्रयासों के लिए आवश्यक अन्य उपकरण शामिल थे। <ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/article/international/turkey-earthquake-1st-indian-iaf-plane-reaches-adana-with-relief-material-123020700520_1.html|title=Turkey earthquake: 1st Indian IAF plane reaches Adana with relief material|last=ANI|date=2023-02-07|website=www.business-standard.com|language=en|access-date=2023-02-09}}</ref>
[[चित्र:Turkey_Earthquake_Indian_Army_medical_team_airlifted_by_IAF.jpg|अंगूठाकार|275x275पिक्सेल| 7 फरवरी 2023 को भारतीय वायुसेना द्वारा तुर्की में एयरलिफ्ट किए जाने से पहले भारतीय सेना की मेडिकल टीम।]]
भारत ने मलबे के नीचे फंसे लोगों की पहचान करने के लिए सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में गरुड़ एयरोस्पेस के द्रोणी [[मानव रहित विमान|ड्रोन]] प्रदान किए, साथ ही दवा, भोजन और आपूर्ति ले जाने वाले संशोधित किसान ड्रोन भी प्रदान किए। <ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/tamil-nadu/drones-from-tamil-nadu-head-to-turkey-for-rescue-operations/article66484987.ece|title=Drones from Tamil Nadu head to Turkey for rescue efforts, medicine supply|last=Kandavel|first=Sangeetha|date=2023-02-08|work=The Hindu|access-date=2023-02-09|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
एनडीआरएफ की टीमों के पास चिप और पत्थर काटने के उपकरण हैं, जो पीड़ितों को मुक्त करने के लिए कंक्रीट स्लैब और अन्य निर्माण सामग्री के साथ-साथ दिल की धड़कन का पता लगाने के लिए रडार भी हैं। <ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/what-is/operation-dost-turkey-syria-earthquake-india-aid-8437223/|title=What is Operation Dost, India's humanitarian aid to quake-hit Turkey?|date=2023-02-10|website=The Indian Express|language=en|access-date=2023-02-10}}</ref>
7 फरवरी 2023 को भारतीय वायुसेना ने तुर्की को दो और सी-17 विमान भेजे। इन दो उड़ानों में राहत सामग्री, एक मोबाइल अस्पताल और अतिरिक्त विशेष खोज और बचाव दल शामिल थे। <ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/2-indian-air-force-planes-land-in-earthquake-hit-turkey-with-medical-teams-3761849|title=2 Indian Air Force Planes Land In Earthquake-Hit Turkey With Medical Teams|website=NDTV.com|access-date=2023-02-09}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.aninews.in/news/world/asia/india-to-send-two-more-iaf-planes-with-rescue-personnel-relief-materials-to-quake-hit-turkey20230207125331/|title=India to send two more IAF planes with rescue personnel, relief materials to quake-hit Turkey|website=ANI News|language=en|access-date=2023-02-09|archive-date=7 फ़रवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230207103900/https://www.aninews.in/news/world/asia/india-to-send-two-more-iaf-planes-with-rescue-personnel-relief-materials-to-quake-hit-turkey20230207125331/|url-status=dead}}</ref> एनडीआरएफ कर्मियों के साथ, आगरा स्थित आर्मी फील्ड अस्पताल ने 89 चिकित्सा कर्मचारियों को भेजा। मेडिकल टीम में 30 बिस्तरों वाली चिकित्सा सुविधा स्थापित करने के लिए एक्स-रे मशीन, वेंटिलेटर, एक ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, कार्डियक मॉनिटर और संबंधित उपकरणों तक पहुंच के साथ क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सक दोनों शामिल हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/news/india/turkey-earthquake-indian-army-dispatches-89-member-medical-team-11675755012174.html|title=Turkey earthquake: Indian Army dispatches 89-member medical team|last=Livemint|date=2023-02-07|website=mint|language=en|access-date=2023-02-09}}</ref>
9 फरवरी 2023 तक भारत ने कुल छह सी-17 विमान भेजे हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/world-news/4th-indian-air-force-plane-lands-in-earthquake-hit-turkey-with-medical-team-3763607|title=4th Indian Air Force Plane Lands In Earthquake-Hit Turkey With Medical Team|website=NDTV.com|access-date=2023-02-09}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/operation-dost-india-sends-6-plane-loads-of-relief-material-rescue-personnel-to-turkey-syria-following-earthquakes/articleshow/97745735.cms?from=mdr|title=Operation Dost: India sends 6 plane loads of relief material, rescue personnel to Turkey, Syria following earthquakes|date=2023-02-09|work=The Times of India|access-date=2023-02-09|issn=0971-8257}}</ref>
भारतीय वायुसेना की 7वीं उड़ान 12 फरवरी 2023 को तुर्की के अदाना हवाई अड्डे पर पहुंची। इस उड़ान में रोगी मॉनिटर और ईसीजी मशीन जैसे चिकित्सा उपकरण थे। इसने जमीन पर आपदा राहत सामग्री और बचाव दलों के लिए आपूर्ति भी की।
विमान द्वारा वितरित आपूर्ति के अलावा, भारत "संचार" नामक एक प्रणाली का उपयोग कर रहा है। भारतीय सेना के कैप्टन करण सिंह और सब पीजी सप्रे द्वारा विकसित, यह नेटवर्क-स्वतंत्र ट्रैकिंग और मैसेजिंग सिस्टम टीम के सदस्यों और संपत्ति दोनों को ट्रैक करने में मदद कर सकता है जब वे भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में काम करते हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.cnbctv18.com/world/turkey-syria-earthquake-latest-news-indian-army-sanchar-tracking-system-relief-aid-15942661.htm|title=India deploys Army tracking system, convoy of ration to earthquake-hit Turkey and Syria|date=2023-02-15|website=cnbctv18.com|language=en|access-date=2023-02-16}}</ref>
इस्केंदेरुन में सफलतापूर्वक निर्मित फील्ड अस्पताल चलाने के बाद भारतीय चिकित्सा कर्मियों की टीम 20 फरवरी 2023 को भारत लौट आई। <ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/pm-modi-interacts-with-relief-teams-involved-in-operation-dost-in-turkey-syria-3798856|title=Watch: "Our Duty To Help...," PM Modi Tells Rescue Teams Back From Turkey|website=NDTV.com|access-date=2023-02-23}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/news/operation-dost-indian-army-chief-very-proud-of-60-para-field-hospital-for-saving-lives-in-turkey/videoshow/98126341.cms|title=Operation Dost: Indian Army Chief "very proud" of 60 Para Field Hospital for saving lives in Turkey {{!}} News - Times of India Videos|website=The Times of India|language=en|access-date=2023-02-23}}</ref>
=== सीरिया ===
[[चित्र:IAF_flight_carrying_6_tons_of_Emergency_Relief_Assistance_received_by_Syria.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| सीरिया में भारत के प्रभारी श्री एस.के. यादव (बाएं) स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण उप मंत्री मुताज़ डौजी (दाएं) से हाथ मिलाते हुए]]
[[सीरियाई गृहयुद्ध|मौजूदा संकट]] और उसके बाद के प्रतिबंधों के कारण सहायता सीरिया नहीं पहुंचने की चिंताओं के बावजूद, भारत उन लोगों की सहायता के लिए अपने रुख पर अड़ा हुआ है जिन्हें सहायता की आवश्यकता है। [[विदेश मंत्रालय (भारत)|विदेश मंत्रालय]] में सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा ने कहा, "मुझे लगता है कि मन में जो सबसे ऊपर होना चाहिए वह जी20 मंत्र है, 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' और इस सब में, वर्तमान, इंसान के रूप में हम एक साथ कैसे आते हैं, इस पर एक परीक्षण का आधार बन जाता है... प्रतिबंध ऐसी मानवीय चुनौतियों में सहायता को नहीं रोक सकते हैं"। <ref>{{Cite web|url=https://theprint.in/world/sanctions-dont-cover-humanitarian-challenges-mea-on-assistance-to-quake-hit-syria/1362510/|title=Sanctions don't cover humanitarian challenges: MEA on assistance to quake-hit Syria|last=ANI|date=2023-02-08|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2023-02-10}}</ref>
8 फरवरी 2023 को [[दमिश्क अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा|दमिश्क हवाई अड्डे]] पर स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण के उप मंत्री मुताज़ डौजी द्वारा 6 टन से अधिक आपातकालीन राहत सहायता प्राप्त की गई थी - इसमें सुरक्षात्मक गियर, आपातकालीन दवाओं, ईसीजी मशीनों और अन्य चिकित्सा आपूर्ति के 3 ट्रक लोड शामिल थे। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/operation-dost-india-sends-6-plane-loads-of-relief-material-rescue-personnel-to-turkey-syria-following-earthquakes/articleshow/97745735.cms|title=Operation Dost: India sends 6 plane loads of relief material, rescue personnel to Turkey, Syria following earthquakes|date=2023-02-09|work=The Times of India|access-date=2023-02-09|issn=0971-8257}}</ref>
12 फरवरी 2023 को, आइएएफ की 7वीं उड़ान सीरिया के दमिश्क हवाई अड्डे पर उतरी और उसका स्वागत मुताज़ डौजी ने किया। इसमें 23 टन से अधिक राहत सामग्री थी, जिसमें जेनसेट, सोलर लैंप, आपातकालीन और महत्वपूर्ण देखभाल दवाएं, और आपदा राहत सामग्री शामिल थी।
== इन्हें भी देखें ==
* [[2023 तुर्की-सीरिया भूकंप के लिए मानवीय प्रतिक्रिया]]
* [[ऑपरेशन मैत्री]] - [[अप्रैल 2015 नेपाल भूकम्प|अप्रैल 2015 में नेपाल में आए भूकंप]] के दौरान नेपाल में भारत सरकार द्वारा इसी तरह का मिशन
* [[भारत-तुर्की संबंध]]
* [[भारत-सीरिया संबंध]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}{{2023 Turkey–Syria earthquake}}
[[श्रेणी:बचाव]]
[[श्रेणी:भारत-सीरिया संबंध]]
[[श्रेणी:भारत-तुर्की संबंध]]
[[श्रेणी:2023 तुर्की-सीरिया भूकंप]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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एरिक मुर्शिद
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'''एरिक मुर्शिद''' ([[अंग्रेजी]]: Arik Morshed) [[बांग्लादेश]] के एक व्यापारी और राजनयिक हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.kalerkantho.com/online/nrb/2017/02/24/467444|title=আমিরাতে পুরস্কৃত হলেন দুই বাংলাদেশি-467444 {{!}} পরবাস {{!}} কালের কণ্ঠ {{!}} kalerkantho|date=2017-02-27|website=web.archive.org|access-date=2023-03-14|archive-date=27 फ़रवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170227004231/https://www.kalerkantho.com/online/nrb/2017/02/24/467444|url-status=bot: unknown}}</ref> वह बांग्लादेश में लाओस के मानद कौंसल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://cccl.com.bd/notable/|title=Members, Notable – CCCL|language=en-US|access-date=2023-03-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.consulate-info.com/consulate/27022/Laos-in-Dhaka|title=Laos Consulate in Dhaka|website=www.consulate-info.com|access-date=2023-03-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://visacent.com/consulate-general/laotian-honorary-in-dhaka-bangladesh/|title=Laotian Honorary Consulate in Dhaka, Bangladesh {{!}} Laos Consulates General in Bangladesh.|website=visacent.com|access-date=2023-03-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.embassypages.com/laos-consulate-dhaka-bangladesh|title=CONSULATE OF LAOS IN DHAKA, BANGLADESH|website=www.embassypages.com|access-date=}}</ref> मुर्शिद का जन्म 22 सितंबर, 1970 को ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त एसके अबुबकर के घर हुआ था।<ref>{{Cite web|url=http://www.raowa.org/Members_Directory_2020_2021.pdf|title=ROWA Members Directory|website=www.raowa.org|access-date=|archive-date=16 फ़रवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230216185157/http://www.raowa.org/Members_Directory_2020_2021.pdf|url-status=dead}}</ref> मुर्शिद ने 2019 में सार्वजनिक नीति में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।<ref>{{Cite web|url=http://ius.edu.bd/|title=The International University of Scholars|website=ius.edu.bd|language=en|access-date=2023-03-14}}</ref> वह एयरोविजन बांग्लादेश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.newagebd.net/article/99223/dse-sends-bsec-18-names-for-6-independent-directors|title=DSE sends BSEC 18 names for 6 independent directors|website=New Age {{!}} The Most Popular Outspoken English Daily in Bangladesh|language=en|access-date=2023-03-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://theaerovision.com/management/|title=Management {{!}} The Aero Vision|language=en-US|access-date=2023-03-14|archive-date=21 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230321132048/https://theaerovision.com/management/|url-status=dead}}</ref> मुर्शिद ने कई पुरस्कार भी जीते।<ref>{{Cite web|url=http://www.dubaiprnetwork.com/pr.asp?pr=119263|title=WLF Honours Over 150 Middle East Leaders from Academic and Corporate Sectors|website=www.dubaiprnetwork.com|access-date=2023-03-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.5dariyanews.com/news/276495-Sharing-of-Success-stories-ideas-experience-and-leadership-at-Asia-Leadership-awards|title=Sharing of Success stories, ideas, experience and leadership at Asia Leadership awards|website=5 Dariya News|access-date=2023-03-14}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist|2}}
[[श्रेणी:1970 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:राजनयिक]]
{{जीवनचरित-आधार}}
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उपेन्द्रनाथ ब्रह्म
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{{Infobox writer
| name = उपेन्द्रनाथ ब्रह्म
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'''उपेन्द्रनाथ ब्रह्म''' (31 मार्च 1956 - 1 मई 1990) एक भारतीय [[बोड़ो लोग|बड़ो]] सामाजिक कार्यकर्ता और [[अखिल बड़ो छात्र संघ ]] के पूर्व अध्यक्ष थे। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=ngtgH9RYB0EC|title=Lost opportunities: 50 years of insurgency in the North-east and India's response|last=Sinha|first=S. P.|publisher=Lancer Publishers|year=2008|isbn=978-81-7062-162-1|page=181|access-date=2012-01-02}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
उपेन्द्रनाथ ब्रह्म का जन्म भारत के [[असम]] के [[कोकराझार जिला|कोकराझार जिले]] के एक छोटे से शहर डोटमा के बोरागारी गाँव में हुआ था। वह श्री मंगलाराम ब्रह्म और सुश्री लेफश्री ब्रह्म के पुत्र थे। वे अपने माता-पिता की पाँचवीं सन्तान थे। बचपन में उन्हें "थोपेन" कहा जाता था। वह गरीबी में पले-बढ़े।
उपेन्द्रनाथ ब्रह्म की शिक्षा डोटमा हाई स्कूल में, कोकराझार हाई स्कूल में और 1973 में स्वामी जि के मार्गदर्शन में शक्ति आश्रम हाई और वोकेशनल स्कूल सहित विभिन्न स्कूलों में हुई। 1975 में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से गणित में अक्षरांक से उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने [[कॉटन विश्वविद्यालय, गुवाहाटी|कॉटन कॉलेज]] से भौतिकी में ऑनर्स की डिग्री के साथ बीएससी की। तत्पश्चात 1981 में एमएससी के लिये [[गुवाहाटी विश्वविद्यालय|गौहाटी विश्वविद्यालय]] में प्रवेश लिया। ब्रह्मा ने गोसाईनीचिना में नेहरू वोकेशनल हाई स्कूल में स्नातक विज्ञान शिक्षक के रूप में भी काम किया, और उसी अवधि में कोकराझार कॉलेज में बीए के लिए अध्ययन भी किया। सन 1985 में उन्होंने बीए तथा 1986 में एमएससी किया।
सन् 1978-79 में [[गोवालपारा जिला|गोलपारा जिला]] छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में वे निर्वाचित हुए। सन् 1981 से 1983 के बीच वे ऑल बड़ो स्टूडेन्ट्स यूनियन के उपाध्यक्ष और 1986 तक अध्यक्ष रहे। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने बड़ो लोगों की शिक्षा और कल्याण के लिए काम किया। उनका मानना था कि बोड़ो लोग अपनी संस्कृति खोते जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में इस बात पर सहमति हुई कि अखिल बड़ो छात्र संघ से जुड़े छात्रों को राजनीतिक परिपक्वता देने के लिए राजनीतिक मुद्दों को संघ के कार्यवृत्त (एजेन्डा) में सम्मिलित किया जाना चाहिये।
== मृत्यु ==
[[चित्र:Mani_Shankar_Aiyar_paying_homage_to_Bodofa_(Father_of_Bodo_Nation)_Upendra_Nath_Brahma_at_his_memorial_before_attending_the_47th_Annual_session_of_the_Bodo_Sahitya_Sabha,_at_Dotama_in_Kokrajhar_district_of_Assam.jpg|अंगूठाकार| बड़ोडफा को श्रद्धांजलि देते हुए मणिशंकर अय्यर]]
रक्त कैंसर के कारण 1 मई 1990 को उपेन्द्रनाथ ब्रह्म की [[मुम्बई|मुंबई]] के टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल में मृत्यु हो गई। उनके शव को [[कोकराझार]] ले जाया गया और फिर 4 मई को डोटोमा में दफनाया गया। जिस भूमि में उनको को दफनाया गया था उसे अब " थुलुंगपुरी " के नाम से जाना जाता है।
== सम्मान ==
मरणोपरान्त ८ मई १९९० को उन्हें बोडोफा (बोडो के संरक्षक) की उपाधि से सम्मानित किया गया जो उनकी दृष्टि और नेतृत्व क्षमता को मान्यता प्रदान करती है। उनकी पुण्यतिथि पर उनको याद किया जाता है। इस तिथि को अब 'बड़ोफा दिवस''' कहा जाता है।<ref>{{Cite web |url=https://www.hindusthansamachar.in/Encyc/2023/3/31/birth-anniversary-of-Bodofa-Upendranath-Brahma.php |title=बड़ोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्म की जयन्ती को छात्र-दिवस के रूप में मनाया गया |access-date=1 अप्रैल 2023 |archive-date=1 अप्रैल 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230401020334/https://www.hindusthansamachar.in/Encyc/2023/3/31/birth-anniversary-of-Bodofa-Upendranath-Brahma.php |url-status=dead }}</ref>
उनकी मृत्यु की दसवीं वर्षगांठ पर कोकराझार में उनकी २१ फुट ऊँची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया।
== इन्हें भी देखें ==
* [[बिनेश्वर ब्रह्म]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:बोडो लोग]]
[[श्रेणी:1956 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:१९९० में निधन]]
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उपसंस्कृति
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एक '''उपसंस्कृति''' एक [[संस्कृति]] के भीतर लोगों के एक समूह को कहते हैं जो स्वयं को उस मूलसंस्कृति से अलग बताते हैं जिससे वे संबंधित हैं, जो अक्सर उनके कुछ संस्थापक सिद्धांतों को बनाए रखता है। उपसंस्कृति [[सांस्कृतिक]], [[राजनीतिक]] और [[यौन]] मामलों के संबंध में अपने स्वयं के मानदंड और मूल्य विकसित करती है। उपसंस्कृतियाँ अपनी विशिष्ट विशेषताओं को बरकरार रखते हुए समाज का हिस्सा बनी रहती हैं। उपसंस्कृति के उदाहरणों में बीडीएसएम, [[हिप्पी]], गोथ, बाइकर्स, स्किनहेड, हिप-हॉपर, मेटलहेड और [[कॉस्प्ले|कॉसप्लेयर]] शामिल हैं। उपसंस्कृति की [[अवधारणा]] [[समाजशास्त्र]] और सांस्कृतिक अध्ययन में विकसित की गई थी।<ref>{{Cite web|url=http://study.com/academy/lesson/what-is-subculture-theories-definition-examples.html|title=What Is Subculture? - Theories, Definition & Examples - Video & Lesson Transcript|publisher=Study.com|language=en|access-date=2017-09-08}}</ref> उपसंस्कृति संस्कृतिरोध से भिन्न होती है।
== परिभाषाएँ ==
[[ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी]] उपसंस्कृति को समाजशास्त्रीय और सांस्कृतिक नृविज्ञान के संबंध में परिभाषित करती है, जो "एक समाज या लोगों के समूह के भीतर एक पहचान योग्य उपसमूह, विशेष रूप से बड़े समूह के लोगों के साथ भिन्नता पर विश्वास या रुचियों की विशेषता; विशिष्ट विचार, प्रथाएँ, या ऐसे उपसमूह के जीवन का तरीका" है।<ref name="OED">{{OED|subculture}}</ref>
१९५० की शुरुआत में डेविड रीज़मैन ने बहुमत के बीच अंतर किया, "जो [[वाणिज्य|व्यावसायिक रूप से]] प्रदान की गई शैलियों और अर्थों को निष्क्रिय रूप से स्वीकार करता है, और एक 'उपसंस्कृति' जो सक्रिय रूप से अल्पसंख्यक शैली की मांग करता है...और विध्वंसक मूल्यों के अनुसार इसकी व्याख्या करता है"। <ref>Middleton 1990</ref> अपनी 1979 की पुस्तक ''सबकल्चर: द मीनिंग ऑफ स्टाइल'' में, डिक हेब्डिगे ने तर्क दिया कि एक उपसंस्कृति सामान्य स्थिति के लिए एक विनाश है। उन्होंने लिखा है कि उपसंस्कृति को प्रमुख सामाजिक मानक की आलोचना की प्रकृति के कारण नकारात्मक माना जा सकता है। हेबडिगे ने तर्क दिया कि उपसंस्कृति समान विचारधारा वाले व्यक्तियों को एक साथ लाती है जो सामाजिक मानकों से उपेक्षित महसूस करते हैं और उन्हें पहचान की भावना विकसित करने की अनुमति देते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.erikclabaugh.com/wp-content/uploads/2014/08/181899847-Subculture.pdf|title=Subculture: the meaning of style|last=Hebdige|first=Dick|date=1979}}</ref>
१९९५ में सारा थॉर्नटन, पियर बॉर्डियू पर चित्रण करते हुए, "उपसांस्कृतिक पूंजी" को एक उपसंस्कृति के सदस्यों द्वारा अर्जित सांस्कृतिक ज्ञान और वस्तुओं के रूप में वर्णित किया, उनकी स्थिति को बढ़ाने और अन्य समूहों के सदस्यों से खुद को अलग करने में मदद की।<ref>Thornton 1995</ref> २००७ में केन गेल्डर ने समाज में विसर्जन के स्तर के आधार पर उप-संस्कृतियों को काउंटरकल्चर से अलग करने का प्रस्ताव दिया।<ref name="Gelder 2007">Gelder 2007</ref> गेल्डर ने आगे छह प्रमुख तरीके प्रस्तावित किए जिनमें उपसंस्कृति को उनके माध्यम से पहचाना जा सकता है:
# अक्सर काम के लिए नकारात्मक संबंध (जैसे 'निष्क्रिय', 'परजीवी', खेल में या आराम से, आदि। );
# वर्ग के साथ नकारात्मक या द्विपक्षीय संबंध (चूंकि उपसंस्कृति 'वर्ग-सचेत' नहीं हैं और पारंपरिक वर्ग परिभाषाओं के अनुरूप नहीं हैं);
# संपत्ति के बजाय क्षेत्र ('सड़क', 'हुड', क्लब, आदि) के साथ संबंध;
# घर से बाहर और अपनेपन के गैर-घरेलू रूपों में (अर्थात [[परिवार]] के अलावा अन्य सामाजिक समूह);
# अधिकता और अतिशयोक्ति के लिए शैलीगत संबंध (कुछ अपवादों के साथ);
# सामान्य जीवन और सामूहिकता के प्रतिबंध से इनकार। <ref name="Gelder 2007" />
समाजशास्त्री गैरी एलन फाइन और शेरिल क्लाइमान ने तर्क दिया कि उनके १९७९ के [[शोध]] से पता चला, एक उपसंस्कृति एक ऐसा समूह है जो एक संभावित सदस्य को समूह की [[कलाकृति|कलाकृतियों]], [[व्यवहार|व्यवहारों]], [[मानदण्डक|मानदंडों]] और मूल्यों की विशेषता को स्वीकारने में प्रेरित करे।<ref>{{Cite journal|last=Fine|first=Gary Alan|last2=Kleinman|first2=Sherryl|date=1979|title=Rethinking Subculture: An Interactionist Analysis|url=https://www.jstor.org/stable/2778065|journal=American Journal of Sociology|volume=85|issue=1|pages=1–20|doi=10.1086/226971|issn=0002-9602|jstor=2778065}}</ref>
== अध्ययन का इतिहास ==
उपसांस्कृतिक अध्ययन के विकास के तीन मुख्य चरण हैं:<ref>Berzano L., Genova C., Lifestyles and Subcultures. History and a New Perspective, Routledge, London, 2015 (part II)</ref>
=== उपसंस्कृति और विचलन ===
उपसंस्कृति पर सबसे पहला समाजशास्त्रीय अध्ययन तथाकथित शिकागो स्कूल से हुआ, जिसने उन्हें विचलन और अपराध के रूपों के रूप में व्याख्यायित किया। [[सामाजिक विघटन का सिद्धान्त|सामाजिक अव्यवस्था के सिद्धांत]] के साथ शुरू करते हुए उन्होंने दावा किया कि उपसंस्कृति एक तरफ कुछ जनसंख्या क्षेत्रों की [[चलित संस्कृति|मुख्यधारा की संस्कृति]] के साथ समाजीकरण की कमी, और दूसरी ओर वैकल्पिक [[मूल्यमीमांसा|स्वयंसिद्ध]] और मानक मॉडल को अपनाने के कारण उभरी। जैसा कि रॉबर्ट ई. पार्क, अर्नेस्ट बर्गेस और लुई विर्थ ने सुझाव दिया, चयन और अलगाव प्रक्रियाओं के माध्यम से, इस प्रकार समाज में "प्राकृतिक क्षेत्र" या "नैतिक क्षेत्र" दिखाई देते हैं जहां विचलित मॉडल ध्यान केंद्रित करते हैं और फिर से लागू होते हैं; वे मुख्यधारा की संस्कृति द्वारा पेश किए गए उद्देश्यों या कार्यवाही के साधनों को स्वीकार नहीं करते हैं, उनके स्थान पर अलग-अलग प्रस्ताव देते हैं- जिससे परिस्थितियों के आधार पर, नवप्रवर्तनकर्ता, विद्रोही, या पीछे हटने वाले (रिचर्ड क्लॉवर्ड और लॉयड ओहलिन) बन जाते हैं।
हालांकि उपसंस्कृति न केवल वैकल्पिक कार्यवाही रणनीतियों का परिणाम है बल्कि लेबलिंग प्रक्रियाओं का भी परिणाम है, जिसके आधार पर [[हावर्ड रों बेकर|हावर्ड एस बेकर]] बताते हैं कि समाज उन्हें बाहरी लोगों के रूप में परिभाषित करता है। जैसा कि कोहेन स्पष्ट करते हैं, प्रत्येक उपसंस्कृति की शैली, जिसमें छवि, आचरण और भाषा शामिल है, इसकी पहचान विशेषता बन जाती है। और एक व्यक्ति द्वारा एक उप-सांस्कृतिक मॉडल को अपनाने से उसे इस सन्दर्भ में बढ़ती स्थिति के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, लेकिन यह अक्सर एक अलग मॉडल के प्रचलित होने के बाहर व्यापक सामाजिक सन्दर्भ में उसे स्थिति से वंचित कर देगा।<ref>{{Cite web|url=http://www.jtpcrim.org/January-2015/Rethinking-subculture.pdf|title=Rethinking Subcultures and Subculture Theory in the Study of Youth Crime _ A theoretical Discourse|last=Nwalozie|first=Chijioke J.|date=2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20181223012009/http://www.jtpcrim.org/January-2015/Rethinking-subculture.pdf|archive-date=23 दिसंबर 2018|access-date=2 अगस्त 2022|url-status=dead}}</ref> कोहेन ने 'कॉर्नर बॉयज़' शब्द का इस्तेमाल किया जो अपने बेहतर सुरक्षित और तैयार साथियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ थे। इन [[सामाजिक वर्ग|निम्न-वर्ग]] के युवाओं के पास संसाधनों तक समान पहुंच नहीं थी, जिसके परिणामस्वरूप [[हताशा]], [[सामाजिक अपवर्जन|हाशिए]] पर जाने और समाधान की तलाश की स्थिति पैदा हो गई थी।<ref>Newburn, T. & Proquest, 2017. Criminology Third., Ann Arbor, Mich.]: ProQuest. pp. 210</ref>
=== उपसंस्कृति और प्रतिरोध ===
[[चित्र:Goth_weekends_Portraits_(63613710).jpg|बाएँ|अंगूठाकार|346x346पिक्सेल|व्हिटबी गोथ वीकेंड उत्सव में भाग लेने वाला एक जाहिल युगल, ठेठ गोथिक विक्टोरियन और अलिज़बेटन शैलियों में तैयार।]]
जॉन क्लार्क, स्टुअर्ट हॉल, टोनी जेफरसन और बर्मिंघम सेंटर फॉर कंटेम्पररी कल्चरल स्टडीज के ब्रायन रॉबर्ट्स के काम में उपसंस्कृति को प्रतिरोध के रूपों के रूप में व्याख्यायित किया जाता है। समाज को दो मूलभूत वर्गों में विभाजित होने के रूप में देखा जाता है, [[मजदूरी|मजदूर]] वर्ग और [[मध्यम वर्ग]], जिनमें से प्रत्येक की अपनी वर्ग संस्कृति है, और मध्यवर्गीय संस्कृति प्रमुख है। विशेष रूप से श्रमिक वर्ग में, उपसंस्कृति विशिष्ट हितों और संबद्धताओं की उपस्थिति से विकसित होती है, जिसके चारों ओर सांस्कृतिक मॉडल अपने माता-पिता की संस्कृति और [[चलित संस्कृति|मुख्यधारा की संस्कृति]] दोनों के विरोध में पनपते हैं। वर्ग पहचान के कमजोर होने का सामना करते हुए, उपसंस्कृति सामूहिक पहचान के नए रूप हैं, जो कोहेन ने मुख्यधारा की संस्कृति के खिलाफ "प्रतीकात्मक प्रतिरोध" को परिभाषित किया और संरचनात्मक समस्याओं के लिए काल्पनिक समाधान विकसित किया।
जैसा कि पॉल विलिस और डिक हेबडिज रेखांकित करते हैं, उपसंस्कृति में पहचान और प्रतिरोध एक विशिष्ट शैली के विकास के माध्यम से व्यक्त किया जाता है, जो एक पुन: संकेत और "ब्रिकोलेज" ऑपरेशन द्वारा सांस्कृतिक [[माल और सेवाएँ|वस्तुओं और सेवाओं]] का उपयोग मानकीकृत उत्पादों के रूप में खरीदने और [[उपभोक्तावाद|उपभोग]] करने के लिए करता है। अपने स्वयं के संघर्ष को संप्रेषित करने और व्यक्त करने के लिए। फिर भी संस्कृति उद्योग अक्सर इस तरह की शैली के घटकों को फिर से अवशोषित करने और एक बार फिर उन्हें जन समाज के लिए [[अन्तिम वस्तु|उपभोक्ता वस्तुओं]] में बदलने में सक्षम होता है। साथ ही [[संचार माध्यम|मास मीडिया]] जब वे अपनी छवियों को प्रसारित करके उपसंस्कृतियों के निर्माण में भाग लेते हैं, तो उपसंस्कृतियों को उनकी विध्वंसक सामग्री से वंचित करके या उनकी और उनके सदस्यों की सामाजिक रूप से कलंकित छवि को फैलाकर कमजोर करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=uwhHBQAAQBAJ&q=Subculture+and+Deviance+_+Post+War+Consumerism+and+Resistance&pg=PA115|title=The Death and Resurrection of Deviance: Current Ideas and Research|last=Dellwing|first=M.|last2=Kotarba|first2=J.|last3=Pino|first3=N.|date=2014-10-22|publisher=Springer|isbn=9781137303806|language=en}}</ref>
=== उपसंस्कृति और भेद ===
सबसे हाल की [[व्याख्या|व्याख्याएँ]] उपसंस्कृतियों को भेद के रूपों में देखती हैं। उपसांस्कृतिक विचार को विचलन या प्रतिरोध के रूप में दूर करने के प्रयास में वे उपसंस्कृति को [[सामूहिक कार्य|सामूहिकता]] के रूप में वर्णित करते हैं जो सांस्कृतिक स्तर पर बाहरी दुनिया के संबंध में पर्याप्त रूप से सजातीय और विषम हैं और विशिष्टता, पहचान, प्रतिबद्धता और स्वायत्तता विकसित होने में सक्षम हैं जैसा कि पॉल होडकिंसन बताते हैं। सारा थॉर्नटन ने इसे स्वाद संस्कृतियों के रूप में वर्णित किया है और कहा कि उपसंस्कृति लोचदार, झरझरा सीमाओं के साथ संपन्न होती है, और सांस्कृतिक उद्योग और जन मीडिया के साथ स्वतंत्रता और संघर्ष के बजाय बातचीत और मिलन के संबंधों में डाली जाती है, जैसा कि स्टीव रेडहेड और डेविड मगलटन जोर देते हैं। एक अद्वितीय, आंतरिक रूप से सजातीय प्रमुख संस्कृति के विचार की स्पष्ट रूप से आलोचना की जाती है। इस प्रकार उपसंस्कृति में व्यक्तिगत भागीदारी के रूप स्पष्ट द्विभाजन के बाहर तरल और क्रमिक होते हुए प्रत्येक अभिनेता के निवेश के अनुसार विभेदित होते हैं। विभिन्न उपसांस्कृतिक राजधानियों के स्तर जो हर व्यक्ति के पास हैं शैली की माँग एवं लचीलेपन में निर्भर करते हैं, उपसंस्कृती के अंदर और बाहर के लोगों में बदलाव लाती है - जिसका उद्देश्य उपसंस्कृति आपूर्ति संसाधनों के परिप्रेक्ष्य के साथ मजबूत स्थायी पहचान से परे जाकर एक नई पहचान के निर्माण करना होता है।
== पहचान करना ==
[[चित्र:Ramones_30081980_10_800.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|230x230पिक्सेल|सेमिनल पंक रॉक बैंड रेमोन्स के सदस्य शुरुआती पंक फैशन आइटम जैसे कन्वर्स स्नीकर्स, ब्लैक लेदर जैकेट और ब्लू [[जीन्स|जींस]] पहने हुए हैं।]]
उपसंस्कृतियों के [[अध्ययन]] में अक्सर उपसंस्कृति के सदस्यों द्वारा [[परिधान|कपड़ों]], [[संगीत]], [[बाल|केशविन्यास]], [[आभूषण]], और अन्य दृश्य प्रभावों से जुड़े प्रतीकवाद का अध्ययन होता है, और उन तरीकों का भी जिसमें प्रमुख संस्कृति के सदस्यों द्वारा इन समान प्रतीकों की व्याख्या की जाती है। डिक हेबडिज लिखते हैं कि किसी उपसंस्कृति के सदस्य अक्सर शैली के विशिष्ट और प्रतीकात्मक उपयोग के माध्यम से अपनी सदस्यता का संकेत देते हैं, जिनमें [[फैशन]], तौर-तरीके और [[तर्क]] शामिल हैं।<ref>Hebdige 1981</ref>
[[चित्र:Star_Trek_uniforms.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|273x273px|''ट्रेकीज़'' [[स्टार ट्रेक]] प्रशंसकों की उपसंस्कृति हैं]]
उपसंस्कृति हर प्रकार संगठन के सभी स्तरों पर उपलब्ध हो सकती है, जिससे यह तथ्य उजागृत होता है कि कई संस्कृतियाँ या मूल्य संयोजन आमतौर पर किसी एक संगठन में स्पष्ट होते हैं जो पूरक हो सकते हैं लेकिन समग्र संगठनात्मक संस्कृति के साथ प्रतिस्पर्धा भी कर सकते हैं।<ref>Anheier, Helmut K., Stefan Toepler and Regina List, eds., ''International Encyclopedia of Civil Society'', (Springer, 2010)</ref> कुछ उदाहरणों में उपसंस्कृतियों के खिलाफ कानून बनाए गए हैं और उनकी गतिविधियों को विनियमित या कम किया गया है।<ref name="HallStuart">Hall, Stuart, Tony Jefferson, Resistance Through Rituals: Youth Subcultures in Post-War Britain (Routledge, 1993).</ref> ब्रिटिश युवा उपसंस्कृतियों को एक नैतिक समस्या के रूप में वर्णित किया गया था जिसे दूसरे विश्वयुद्ध के बाद की आम सहमति के भीतर प्रमुख संस्कृति के अभिभावकों द्वारा नियंत्रित किया जाना चाहिए।<ref name="HallStuart" />
== मुख्यधारा की संस्कृति के साथ संबंध ==
[[चित्र:Bar-b-quin'_with_my_HONEY.jpg|अंगूठाकार|247x247पिक्सेल|मुख्यधारा के वाणिज्यिक सांस्कृतिक विलय के मामले में हिप हॉप उप -सांस्कृतिक डिजाइनों की विशेषता वाले [[आलू के चिप्स|आलू चिप्स]] पैकेट]]
कुछ उपसंस्कृतियों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि उनकी शैली (विशेषकर कपड़े और संगीत) को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए जन संस्कृति द्वारा अपनाया जा सकता है। व्यवसाय अक्सर ''कूल'' की तलाश में उपसंस्कृतियों के विध्वंसक आकर्षण को भुनाने की कोशिश करते हैं, जो किसी भी उत्पाद की बिक्री में मूल्यवान रहता है।<ref>Howes, David. ''Cross-cultural consumption: global markets, local realities.'' New York: Routledge, 1996. Print.</ref> सांस्कृतिक विनियोग की यह प्रक्रिया अक्सर उपसंस्कृति की मृत्यु या विकास में परिणत हो सकती है, क्योंकि इसके सदस्य नई शैली अपनाते हैं जो मुख्यधारा के समाज के लिए विदेशी प्रतीत होती हैं।<ref>Goldstein-Gidoni, Ofra. "Producers of 'Japan' in Israel: ''Cultural appropriation'' in a non-colonial context." ''Ethnos:Journal of Anthropology'' 68.3 (2003): 365. Print.</ref>
संगीत-आधारित उपसंस्कृति इस प्रक्रिया के लिए विशेष रूप से कमजोर हैं; उनके इतिहास में एक चरण में उपसंस्कृति को क्या माना जा सकता है{{Snd}}जैसे [[जैज़ संगीत|जैज़]], [[गोथ]], [[पंक]], [[हिप हॉप संगीत|हिप हॉप]], और [[रेब|रेब कल्चर्स]]{{Snd}}थोड़े समय के भीतर मुख्यधारा के स्वाद का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।<ref>Blair, M. Elizabeth, "Commercialization of Rap Music Youth ''Subculture''." Journal of Popular Culture 27.3 (1993): 21-33. Print.</ref> कुछ उपसंस्कृति शैली के महत्त्व को अस्वीकार या संशोधित करते हैं, एक [[विचारधारा]] को अपनाने के माध्यम से सदस्यता पर जोर देते हैं जो वाणिज्यिक शोषण के लिए अधिक प्रतिरोधी हो सकती है।<ref>Lewin, Phillip, J. Patrick Williams. "Reconceptualizing Punk through ''Ideology'' and Authenticity". ''Conference Papers--American Sociological Association''. 2007 Annual Meeting, 2007.</ref> एक बार उपसंस्कृति मीडिया की रुचि बन जाने के बाद, गुंडा उपसंस्कृति की कपड़ों की विशिष्ट (और शुरू में चौंकाने वाली) शैली को मास-मार्केट फ़ैशन कंपनियों द्वारा अपनाया गया था। डिक हेबडिज का तर्क है कि पंक उपसंस्कृति [[डाडावाद|दादावादी]] और [[अतियथार्थवाद|अतियथार्थवादी]] कला आंदोलनों के समान "कट्टरपंथी सौंदर्य प्रथाओं" को साझा करती है:<blockquote>ड्यूचैम्प के ''रेडीमेड'' चीज़ों की तरह निर्मित वस्तुएँ जो कला के रूप में योग्य थीं क्योंकि उन्होंने उन्हें इस प्रकार बुलाए जाने के लिए चुना था, सबसे निंदनीय और अनुपयुक्त वस्तुएँ - एक सूई, एक प्लास्टिक के कपड़े की खूंटी, एक टीवी का पुर्जा, एक रेजर ब्लेड, एक टैम्पोन - लाया जा सकता था। पंक फैशन (या उसकी कमी) के प्रांत के भीतर...सबसे घिनौने संदर्भों से उधार ली गई वस्तुओं को पंक के पहनावे में जगह मिली; फ्लश खींचने की जंजीरों को प्लास्टिक के कूड़ेदान की लाइनरों में छाती के आरपार सुंदर चापों में लपेटा गया था। सेफ्टीपिन को उनके घरेलू ''उपयोगिता'' सन्दर्भ से बाहर ले जाया गया और गाल, कान या होंठ के माध्यम से भीषण आभूषण के रूप में पहना गया...स्कूल वर्दी के टुकड़े (सफेद ब्रि-नायलॉन शर्ट, स्कूल टाई) प्रतीकात्मक रूप से अशुद्ध थे (भित्तिचित्रों में ढकी शर्ट), या नकली खून; संबंधों को पूर्ववत छोड़ दिया) और चमड़े की नालियों या चौंकाने वाले गुलाबी मोहायर टॉप के साथ पहना गया।<ref>Dick Hebdige p.106-12</ref></blockquote>
== शहरी जनजातियाँ ==
१९८५ में फ्रांसीसी समाजशास्त्री मिशेल माफ़ेसोली ने ''शहरी जनजाति'' शब्द गढ़ा। ''द टाइम ऑफ द ट्राइब्स'' (१९८८) के प्रकाशन के बाद इसका व्यापक उपयोग हुआ।<ref>{{Cite journal|last=Frehse|first=Fraya|date=February 2006|title=As realidades que as 'tribos urbanas' criam|trans-title=The realities that 'urban tribes' create|journal=Revista Brasileira de Ciências Sociais|language=pt|volume=21|issue=60|doi=10.1590/S0102-69092006000100012|doi-access=free}}</ref> १९९६ में यह पुस्तक अंग्रेजी में प्रकाशित हुई थी।<ref>{{Cite book|title=The Time of the Tribes: The Decline of Individualism in Mass Society|last=Maffesoli, Michel|date=1996-02-27|isbn=080398474X}}</ref>
माफ़ेसोली के अनुसार शहरी जनजाति उन लोगों के सूक्ष्म समूह हैं जो शहरी क्षेत्रों में समान हितों को साझा करते हैं। इन अपेक्षाकृत छोटे समूहों के सदस्यों में समान विश्वदृष्टि, पोशाक शैली और व्यवहार पैटर्न होते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.expatica.com/fr/news/Urban-tribes-thriving-in-modern-society_434885.html|title='Urban tribes' thriving in modern society|access-date=2017-09-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20170908154605/https://www.expatica.com/fr/news/Urban-tribes-thriving-in-modern-society_434885.html|archive-date=8 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref> उनकी [[सामाजिक सम्बन्ध|सामाजिक बातचीत]] काफी हद तक अनौपचारिक और भावनात्मक रूप से लदी हुई है जो देर से पूंजीवाद की [[निगम|कॉर्पोरेट]] - [[बूर्जुआ|बुर्जुआ]] संस्कृतियों से अलग है, जो निष्पक्ष तर्क पर आधारित है। माफ़ेसोली का दावा है कि गुंडा "शहरी जनजाति" का एक विशिष्ट उदाहरण है।<ref>Maffesoli 1996</ref>
''ल तम्प्स दे तृबु'' (फ्रांसीसी: ''Les temps des tribus'', अर्थात् जनजातियों के समय) के पहले अंग्रेजी अनुवाद के पांच साल बाद लेखक एथन वॉटर्स ने ''[[न्यूयॉर्क टाइम्स]] मैगज़ीन'' के एक लेख में उसी [[नवनिर्मित प्रयोग|नवविज्ञान]] को गढ़ने का दावा किया है। इसे बाद में उनकी पुस्तक ''अर्बन ट्राइब्स: ए जेनरेशन रिडिफाइन्स फ्रेंडशिप, फैमिली एंड कमिटमेंट'' में इस विचार पर विस्तारित किया गया। वाटर्स के अनुसार शहरी जनजातियां २५ से ४५ वर्ष की आयु के बीच [[विवाह|अविवाहित]] समूहों के समूह हैं जो सामान्य हित समूहों में इकट्ठा होते हैं और शहरी [[जीवनशैली (समाजविज्ञान)|जीवन शैली]] का आनंद लेते हैं, जो पारंपरिक [[परिवार|पारिवारिक]] संरचनाओं का विकल्प प्रदान करता है।<ref>Watters 2003</ref>
== यौन और लिंग पहचान-आधारित उपसंस्कृति ==
[[चित्र:Stonewall_Inn_5_pride_weekend_2016.jpg|अंगूठाकार|ग्रीनविच विलेज, [[मैनहटन]] के गे गाँव में स्टोनवेल इन, जून १९८९ के स्टोनवॉल दंगों का स्थल, इंद्रधनुषी गौरव झंडों से सजाया गया है।<ref name="GayGreenwichVillage1">{{Cite web|url=https://theculturetrip.com/north-america/usa/new-york/articles/why-new-york-city-is-a-major-destination-for-lgbt-travelers/|title=Why New York City Is a Major Destination for LGBT Travelers|last=Goicichea|first=Julia|date=August 16, 2017|publisher=The Culture Trip|access-date=February 2, 2019}}</ref><ref name="GayGreenwichVillage2">{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2016/06/25/nyregion/stonewall-inn-named-national-monument-a-first-for-gay-rights-movement.html|title=Stonewall Inn Named National Monument, a First for the Gay Rights Movement|last=Rosenberg|first=Eli|date=June 24, 2016|work=The New York Times|access-date=June 25, 2016}}</ref><ref name="GayGreenwichVillage3">{{Cite web|url=http://www.nps.gov/diversity/stonewall.htm|title=Workforce Diversity The Stonewall Inn, National Historic Landmark National Register Number: 99000562|publisher=National Park Service, U.S. Department of the Interior|access-date=April 21, 2016}}</ref>]]
१९६० के दशक की यौन क्रांति ने [[पश्चिमी विश्व|पश्चिमी दुनिया]], विशेष रूप से यूरोप, उत्तरी और दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और श्वेत दक्षिण अफ्रीका के शहरी क्षेत्रों में स्थापित यौन और लिंग मानदंडों की प्रति-सांस्कृतिक अस्वीकृति का नेतृत्व किया। इन क्षेत्रों में एक अधिक अनुमेय सामाजिक वातावरण ने गैरमानक [[कामुकता]] की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियाँ जैसी ''यौन उपसंस्कृतियों'' के प्रसार को जन्म दिया। अन्य उपसंस्कृतियों की तरह यौन उपसंस्कृतियों ने खुद को [[मुख्यधारा]] की पश्चिमी संस्कृति से अलग करने के लिए फैशन और इशारों की कुछ शैलियों को अपनाया।<ref name="Hovey 2007">{{Cite book|title=Encyclopedia of Sex and Gender|last=Hovey|first=Jaime|publisher=[[Gale (publisher)|Macmillan Reference USA]]|year=2007|isbn=9780028661155|editor-last=Malti-Douglas|editor-first=Fedwa|series=Macmillan Social Science Library|volume=4|location=[[Farmington Hills, Michigan]]|pages=1372–1374|chapter=Sexual subcultures|oclc=922889305}}</ref>
[[समलैंगिकता|समलैंगिक]], [[उभयलैंगिकता|उभयलिंगी]] और [[ट्रांसजेंडर|परलैंगिकता]] के लोग [[एलजीबीटी]] संस्कृति के माध्यम से खुद को व्यक्त करते हैं, जिसे २०वीं और २१वीं सदी का सबसे बड़ा यौन उपसंस्कृति माना जाता है। २१वीं सदी की शुरुआत में समलैंगिकता की बढ़ती स्वीकृति के साथ [[फैशन]], [[संगीत]] और [[डिज़ाइन|डिजाइन]] में इसकी अभिव्यक्ति सहित [[गे (समलैंगिक पुरुष)|समलैंगिक संस्कृति]] को अब दुनिया के कई हिस्सों में उपसंस्कृति नहीं माना जा सकता है, हालांकि समलैंगिक संस्कृति के कुछ पहलू जैसे लेदरमेन, भालू और चब को समलैंगिक आंदोलन के भीतर ही उपसंस्कृति माना जाता है।<ref name="Hovey 2007" /> कुछ समलैंगिकों के बीच बुच और फ़ेम की पहचान या भूमिकाएँ भी रूढ़िवादी पोशाक के साथ अपनी उपसंस्कृति को जन्म देती हैं, उदाहरण के लिए ड्रैग किंग।<ref name="Hovey 2007" /> १९८० के दशक के उत्तरार्ध में क्वीर आंदोलन को एक उपसंस्कृति माना जा सकता है जिसमें व्यापक रूप से वे शामिल हैं जो यौन व्यवहार में आदर्शता को अस्वीकार करते हैं, और जो दृश्यता और सक्रियता का जश्न मनाते हैं। व्यापक आंदोलन क्वीर स्टडीज और क्वीर थ्योरी में बढ़ते अकादमिक हितों के साथ मेल खाता था।
यौन उपसंस्कृति के पहलू अन्य सांस्कृतिक रेखाओं के साथ भिन्न हो सकते हैं। उदाहरण के लिए [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में ''डाउन-लो'' विशेष रूप से [[अफ़्रीकी अमेरिकी|अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय]] के भीतर काले पुरुषों को संदर्भित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक [[अपभाषा|अपशब्द]] है जो आमतौर पर [[विषमलैंगिकता|विषमलैंगिक]] के रूप में पहचान करते हैं, लेकिन सक्रिय रूप से अन्य पुरुषों के साथ यौन मुठभेड़ों और संबंधों की तलाश करते हैं, समलैंगिक परिभ्रमण का अभ्यास करते हैं, और अक्सर इन गतिविधियों के दौरान एक विशिष्ट हिप-हॉप पोशाक अपनाते हैं।<ref name="Hovey 2007" /><ref name="Am. J. Public Health">{{Cite journal|last=Bond|first=Lisa|last2=Wheeler|first2=Darrell P.|last3=Millett|first3=Gregorio A.|last4=LaPollo|first4=Archana B.|last5=Carson|first5=Lee F.|last6=Liau|first6=Adrian|date=April 2009|editor-last=Morabia|editor-first=Alfredo|editor-link=Alfredo Morabia|title=Black Men Who Have Sex With Men and the Association of Down-Low Identity With HIV Risk Behavior|journal=[[American Journal of Public Health]]|publisher=[[American Public Health Association]]|volume=99|issue=Suppl 1|pages=S92–S95|doi=10.2105/AJPH.2007.127217|issn=0090-0036|eissn=1541-0048|pmc=2724949|pmid=19218177}}</ref> वे इस जानकारी को साझा करने से बचते हैं, भले ही उनके पास महिला यौन साथी हों, वे किसी महिला से विवाहित हों, या वे अविवाहित हों।<ref name="Coming Up from the Down Low">{{Cite web|url=http://www.enotalone.com/article/4411.html|title=Coming Up from the Down Low: The Journey to Acceptance, Healing and Honest Love|last=King|first=J.L.|last2=Courtney Carreras|date=April 25, 2006|publisher=Three Rivers Press|page=36|archive-url=https://web.archive.org/web/20100818015102/http://www.enotalone.com/article/4411.html|archive-date=August 18, 2010|access-date=2009-12-18}}</ref><ref name="Secret Gay">{{Cite news|url=http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?file=/c/a/2005/05/01/MNG4TCID0F1.DTL&type=health|title=Secret gay encounters of black men could be raising women's infection rate|last=Johnson|first=Jason|date=1 May 2005|work=San Francisco Chronicle|access-date=2009-12-18|archive-date=31 जनवरी 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120131080800/http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?file=%2Fc%2Fa%2F2005%2F05%2F01%2FMNG4TCID0F1.DTL&type=health|url-status=dead}}</ref><ref name="Black masculinities">{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=GAzEzR3dap4C&q=%22down%20low%22%2C%20adapted%20by%20a%20subculture%20of%20black%20men&pg=PT197|title=Progressive Black Masculinities|last=Mutua|first=Athena|date=September 28, 2006|publisher=[[Routledge]]|isbn=978-0-415-97687-9|location=[[New York City|New York]] and [[London]]|page=169|access-date=2009-12-18}}</ref>
== सामाजिक मीडिया ==
२०११ के एक अध्ययन में ब्रैडी रॉबर्ड्स और एंडी बेनेट ने कहा कि ऑनलाइन पहचान अभिव्यक्ति की व्याख्या उपसांस्कृतिक गुणों को प्रदर्शित करने के रूप में की गई है। हालांकि उनका तर्क है कि यह अक्सर उपसंस्कृति के रूप में वर्गीकृत किए जाने की तुलना में नव-आदिवासीवाद के अनुरूप है। [[सामाजिक नेटवर्किंग सेवाएं|सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटें]] तेजी से संचार का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला रूप बन रही हैं और सूचना और समाचार वितरित करने का माध्यम बन रही हैं। वे समान पृष्ठभूमि, जीवन शैली, पेशे या शौक वाले लोगों को जुड़ने का एक तरीका प्रदान करते हैं। री-अप के सह-संस्थापक और कार्यकारी रचनात्मक रणनीतिकार के अनुसार जैसे-जैसे तकनीक "जीवन शक्ति" बन जाती है, उपसंस्कृति ब्रांडों के लिए विवाद की मुख्य हड्डी बन जाती है क्योंकि नेटवर्क सांस्कृतिक मैश-अप और घटनाओं के माध्यम से बढ़ता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.socialmediatoday.com/content/subcultures-big-opportunity-social-brands-generate-value|title=Subcultures: Big Opportunity for Social Brands to Generate Value|last=Laurent Francois @lilzeon|date=2013-05-25|publisher=Social Media Today|access-date=2017-10-19}}</ref> जहाँ तक [[सामाजिक मीडिया|सोशल मीडिया]] का संबंध है, वहाँ मीडिया उत्पादकों के बीच ब्रांडिंग के लिए उपसंस्कृति का उपयोग करने की रुचि बढ़ रही है। यह [[यूट्यूब]] जैसे सामाजिक नेटवर्क साइटों पर सबसे अधिक सक्रिय रूप से देखा जाता है, जिसमें उपयोगकर्ता-जनित सामग्री होती है।
सोशल मीडिया विशेषज्ञ स्कॉट हंटिंगटन उन तरीकों में से एक का हवाला देते हैं जिसमें उपसंस्कृति राजस्व उत्पन्न करने के लिए सफलतापूर्वक लक्षित की जा सकती है: "यह मानना आम है कि अधिकांश कंपनियों के लिए उपसंस्कृति एक प्रमुख बाजार नहीं है। हालाँकि खरीदारी के लिए ऑनलाइन ऐप्स ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। एट्सी को उदाहरण के लिया जा सकता है। यह केवल विक्रेताओं को हस्तनिर्मित या पुरानी वस्तुओं को बेचने की अनुमति देता है, दोनों को एक 'हिपस्टर' उपसंस्कृति माना जा सकता है। हालांकि साइट पर खुदरा विक्रेताओं ने लगभग $९० करोड़ डॉलर की बिक्री की।"<ref>[http://socialmediadata.com/subcultures-and-social-media-mass-differentiation/ Subcultures and Social Media: Mass Differentiation]</ref>
== भेदभाव ==
[[भेदभाव]]<nowiki/>-आधारित उत्पीड़न और हिंसा कभी-कभी किसी व्यक्ति या समूह की ओर उनकी संस्कृति या उपसंस्कृति के आधार पर निर्देशित होती है।<ref name="iraq-emo-killings">{{Cite news|url=https://www.reuters.com/article/us-iraq-emo-killings-idUSBRE8290CY20120310|title=Iraq militia stone youths to death for "emo" style|last=Rasheed|first=Ahmed|date=10 March 2012|access-date=1 July 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220423113031/http://www.reuters.com/article/us-iraq-emo-killings-idUSBRE8290CY20120310|archive-date=23 April 2022|publisher=Reuters|last2=Ameer|first2=Mohammed}}</ref><ref name="bbc-17333275">{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-middle-east-17333275|title=Iraqi 'emo' youths reportedly killed by conservative militias|last=<!--Staff writer(s); no by-line.-->|date=11 March 2012|access-date=1 July 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220618083508/https://www.bbc.com/news/world-middle-east-17333275|archive-date=18 June 2022|publisher=BBC News}}</ref><ref name="Sedgwick 2013">{{Cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/magazine-22026044|title=How are goths and emos defined?|last=Sedgwick|first=Mark|date=4 April 2013|access-date=1 July 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220425025550/https://www.bbc.com/news/magazine-22026044|archive-date=20 June 2022|publisher=BBC News}}</ref><ref name="www.channel4.com">{{Cite news|url=https://www.channel4.com/news/goth-hate-crime-emo-punk-metal-police-gmp|title=Attacks on goths, punks, and emos are 'hate crimes'|last=<!--Staff writer(s); no by-line.-->|date=4 April 2013|access-date=1 July 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20211019015118/https://www.channel4.com/news/goth-hate-crime-emo-punk-metal-police-gmp|archive-date=19 October 2021|publisher=Channel 4 News}}</ref> २०१३ में यूनाइटेड किंगडम में ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने गोथ, ईमो, पंक और मेटलहेड जैसे उपसंस्कृतियों पर हमलों को घृणा अपराधों के रूप में वर्गीकृत करना शुरू किया, उसी तरह वे अपने धर्म, जाति, विकलांगता, यौन के कारण लोगों के खिलाफ दुर्व्यवहार दर्ज करते हैं। अभिविन्यास या ट्रांसजेंडर पहचान।<ref name="www.channel4.com" /> २००७ में सोफी लैंकेस्टर की हत्या और उसके प्रेमी की पिटाई के बाद निर्णय लिया गया, जिन पर हमला किया गया क्योंकि वे गोथ थे। <ref name="Sedgwick 2013" /> २०१२ में [[मानवाधिकार]] [[सक्रियतावाद|कार्यकर्ताओं]] ने [[इराक़|इराक]] में ईमो हत्याओं की घटना की निंदा की जिसमें लक्षित होने के कारण [[बग़दाद|बगदाद]] और [[इराक़|इराक]] में कहीं और अपहरण, प्रताड़ित और हत्या किए गए कम से कम ६ से ७० किशोर लड़के शामिल थे, क्योंकि उन्होंने "पश्चिमी" इमो स्टाइल में कपड़े पहने थे।<ref name="iraq-emo-killings" /><ref name="bbc-17333275" />
== यह सभी देखें ==
{{Portal|समाज}}
* [[इंसेल]]
* [[जैज़ संगीत|जैज़]]
* [[हिप्पी]]
* [[रेब]]
== सन्दर्भ ==
=== उद्धरण ===
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== बाहरी संबंध ==
{{Wikiquote}}{{कॉमन्स श्रेणी|Subcultures}}
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* [http://rbth.ru/articles/2010/11/25/key_youth_subcultures_from_lenin_to_our_day05146.html लेनिन से लेकर आज तक की प्रमुख युवा उपसंस्कृति] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110501042319/http://rbth.ru/articles/2010/11/25/key_youth_subcultures_from_lenin_to_our_day05146.html|date=1 मई 2011}}
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* [http://www.slate.com/blogs/xx_factor/2013/11/08/etsy_economic_impact_report_etsy_crafters_generate_895_million_in_annual.html Etsy ने अपने छोटे व्यवसाय के स्वामी की आर्थिक शक्ति को टाल दिया - भले ही वे $ 100 प्रति वर्ष कमाएँ]
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उपशीर्षक
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{{विलय|बंद अनुशीर्षक}}
[[चित्र:Example_of_subtitles_(Charade,_1963).jpg|अंगूठाकार| अंग्रेजी में उपशीर्षक के साथ फिल्म। वक्ताओं को अलग करने के लिए कोटेशन डैश का उपयोग किया जाता है।]]
'''उपशीर्षक''' एक [[फ़िल्म|फिल्म]], [[टेलीविजन कार्यक्रम|टेलीविजन शो]], [[ओपेरा (गीतिनाटक)|ओपेरा]] या अन्य दृश्य-श्रव्य मीडिया में ऑडियो की सामग्री का प्रतिनिधित्व करने वाला [[लेखन|पाठ]] है। उपशीर्षक बोले गए [[संवाद]] का लिप्यंतरण या [[अनुवाद]] प्रदान कर सकते हैं। हालांकि नामकरण परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं, '''अनुशीर्षक''' उपशीर्षक होते हैं जिनमें ऑडियो के अन्य तत्वों जैसे [[संगीत]] या ध्वनि प्रभाव के लिखित विवरण शामिल होते हैं। इस प्रकार शीर्षक उन लोगों के लिए विशेष रूप से सहायक होते हैं जो [[बधिरता|बहरे]] या [[बहरापन|कम सुनने वाले]] होते हैं। दूसरी बार, उपशीर्षक ऐसी जानकारी जोड़ते हैं जो ऑडियो में मौजूद नहीं है। उपशीर्षक का स्थानीयकरण दर्शकों को सांस्कृतिक संदर्भ प्रदान करता है, उदाहरण के लिए एक अपरिचित अमेरिकी दर्शकों को यह समझाकर कि [[साके|खातिर]] एक प्रकार की जापानी शराब है। अंत में कभी-कभी उपशीर्षक का उपयोग हास्य के लिए किया जाता है जैसे ''एनी हॉल'' में जहाँ उपशीर्षक पात्रों के आंतरिक विचारों को दिखाते हैं जो वास्तव में ऑडियो में जो कह रहे थे उसका खंडन करते हैं।
उपशीर्षक बनाना, वितरित करना और प्रदर्शित करना एक जटिल और बहु-चरणीय प्रयास है। सबसे पहले, उपशीर्षक का पाठ लिखा जाना चाहिए। जब तैयारी के लिए काफी समय हो, तो यह प्रक्रिया हाथ से की जा सकती है। हालांकि, वास्तविक समय में निर्मित मीडिया के लिए जैसे लाइव टेलीविज़न, यह [[आशुलिपि|आशुलिपिकों]] द्वारा या स्वचालित [[श्रुतलेखन सॉफ्टवेयर|वाक् पहचान का]] उपयोग करके किया जा सकता है। अधिक आधिकारिक स्रोतों के बजाय प्रशंसकों द्वारा लिखे गए उपशीर्षक को '''फैनसब''' कहा जाता है। इस बात पर ध्यान दिए बिना कि लेखन कौन करता है, उन्हें इस बात की जानकारी अवश्य शामिल करनी चाहिए कि पाठ की प्रत्येक पंक्ति कब प्रदर्शित की जानी चाहिए।
दूसरा, उपशीर्षक को दर्शकों को वितरित करने की आवश्यकता है। '''खुले''' उपशीर्षक सीधे रिकॉर्ड किए गए वीडियो [[फिल्म फ्रेम|फ़्रेम]] में जोड़े जाते हैं और इस प्रकार एक बार जोड़े जाने के बाद उन्हें हटाया नहीं जा सकता। दूसरी ओर, '''बंद''' उपशीर्षक अलग-अलग संग्रहीत किए जाते हैं जो उपशीर्षक को वीडियो को बदले बिना विभिन्न भाषाओं में उपशीर्षक का उपयोग करने की अनुमति दे सकते हैं। किसी भी मामले में उपशीर्षक को एन्कोड करने के लिए उपयोग किए जाने वाले तकनीकी दृष्टिकोण और प्रारूपों की एक विस्तृत विविधता है।
तीसरा, उपशीर्षक को दर्शकों को प्रदर्शित करने की आवश्यकता है। जब भी वीडियो चलाया जाता है तो खुले उपशीर्षक हमेशा दिखाए जाते हैं क्योंकि वे स्वयं वीडियो का हिस्सा होते हैं। हालाँकि, बंद उपशीर्षक प्रदर्शित करना वैकल्पिक है क्योंकि जो कुछ भी इसे चला रहा है, वे वीडियो पर आच्छादित हैं। उदाहरण के लिए [[मीडिया प्लेयर (अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर)|मीडिया प्लेयर सॉफ़्टवेयर का]] उपयोग बंद उपशीर्षक को वीडियो के साथ संयोजित करने के लिए किया जा सकता है। कुछ थिएटर या स्थानों में उपशीर्षक प्रदर्शित करने के लिए एक समर्पित स्क्रीन या स्क्रीन का उपयोग किया जाता है।
== तरीके ==
कभी-कभी, मुख्य रूप से [[फिल्म फेस्टिवल|फिल्म समारोहों]] में उपशीर्षक स्क्रीन के नीचे एक अलग डिस्प्ले पर दिखाए जा सकते हैं, इस प्रकार फिल्म-निर्माता को शायद केवल एक शो के लिए सबटाइटल कॉपी बनाने से बचाते हैं।
== उपशीर्षकों का निर्माण, वितरण और प्रदर्शन ==
पेशेवर उपशीर्षक आमतौर पर विशेष कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के साथ काम करते हैं जहाँ वीडियो को हार्ड डिस्क पर डिजिटल रूप से संग्रहीत किया जाता है जिससे प्रत्येक व्यक्ति का फ्रेम तुरंत सुलभ हो जाता है। उपशीर्षक बनाने के अलावा, उपशीर्षक आमतौर पर कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर को सटीक स्थिति भी बताता है जहाँ प्रत्येक उपशीर्षक दिखाई देना चाहिए और गायब हो जाना चाहिए। सिनेमा फिल्म के लिए यह कार्य परंपरागत रूप से अलग-अलग तकनीशियनों द्वारा किया जाता है। परिणाम एक उपशीर्षक फ़ाइल है जिसमें वास्तविक उपशीर्षक के साथ-साथ स्थिति मार्कर भी होते हैं जो इंगित करते हैं कि प्रत्येक उपशीर्षक कहाँ दिखाई देना चाहिए और गायब हो जाना चाहिए। ये मार्कर आमतौर पर टाइमकोड पर आधारित होते हैं यदि यह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (जैसे टीवी, वीडियो, डीवीडी), या फिल्म की लंबाई (पैरों और फ़्रेमों में मापा जाता है) के लिए होता है, यदि उपशीर्षक का उपयोग पारंपरिक सिनेमा फिल्म के लिए किया जाना है।
चित्र में उपशीर्षक जोड़ने के लिए समाप्त उपशीर्षक फ़ाइल का उपयोग किया जाता है, या तो:
* सीधे तस्वीर में (खुले उपशीर्षक);
* ऊर्ध्वाधर अंतराल में एम्बेड किया गया और बाद में अंतिम उपयोगकर्ता द्वारा बाहरी डिकोडर या टीवी में निर्मित डिकोडर (टीवी या वीडियो पर बंद उपशीर्षक) की मदद से चित्र पर आरोपित किया गया;
* या टिफ या बीएमपी ग्राफिक्स में परिवर्तित (रेंडर) किया जाता है जो बाद में अंतिम उपयोगकर्ता के उपकरण (डीवीडी पर बंद उपशीर्षक या डीवीबी प्रसारण के हिस्से के रूप में) द्वारा चित्र पर लगाया जाता है।
उपशीर्षक भी स्वतंत्र रूप से उपलब्ध उपशीर्षक-निर्माण सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके बनाए जा सकते हैं जैसे कि विंडोज के लिए सबटाइटल वर्कशॉप, मैक / विंडोज के लिए मूवीकैप्शनर, और लिनक्स के लिए उपशीर्षक संगीतकार, और फिर उन्हें एक वीडियो फ़ाइल पर हार्डकोड किया जा सकता है जैसे वीएसएफल्टर के संयोजन में वर्चुअल डब जैसे प्रोग्राम के साथ। कई [[मीडिया प्लेयर (अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर)|सॉफ्टवेयर वीडियो प्लेयर]] में उपशीर्षक को सॉफ्टसब के रूप में दिखाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मल्टीमीडिया-शैली वेबकास्टिंग के लिए जांचें:
* [[स्माइल|सिंक्रोनाइज़्ड मल्टीमीडिया इंटीग्रेशन लैंग्वेज]];
* समयबद्ध पाठ डीएक्सएफपी।
=== स्वचालित कैप्शनिंग ===
कुछ प्रोग्राम और ऑनलाइन सॉफ़्टवेयर स्वचालित अनुशीर्षक की अनुमति देते हैं, मुख्य रूप से [[श्रुतलेखन सॉफ्टवेयर|श्रुतलेखन]] सुविधाओं का उपयोग करते हुए।
उदाहरण के लिए [[यूट्यूब]] पर स्वचालित अनुशीर्षक [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]], [[डच भाषा|डच]], [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ़्रेंच]] ज[[जर्मन भाषा|र्मन]], [[इतालवी भाषा|इतालवी]] ज[[जापानी भाषा|ापानी]], [[कोरियाई भाषा|कोरियाई]], [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तगाली]], [[रूसी भाषा|रूसी]], [[इंडोनेशियाई भाषा|इंडोनेशियाई]], और [[स्पेनी भाषा|स्पैनिश]] में उपलब्ध हैं। अगर भाषा के लिए स्वचालित अनुशीर्षक उपलब्ध हैं, तो वे स्वचालित रूप से वीडियो पर प्रकाशित हो जाएंगे।<ref>[https://support.google.com/youtube/answer/6373554 Use automatic captioning], [[YouTube]].</ref><ref>{{Cite news|url=https://subtitles.love/blog/add-subtitles-to-video-automatically/|title=How to Add Subtitles to Video Automatically|last=Forster|first=Peter|date=2018-01-18|work=Subtitles|access-date=2019-11-10}}{{Dead link|date=जुलाई 2025 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== समान भाषा वाले अनुशीर्षक ==
बिना अनुवाद के समान भाषा के अनुशीर्षक मुख्य रूप से उन लोगों के लिए सहायता के रूप में अभिप्रेत थे जो बहरे या कम सुनने वाले हैं।
=== सीमित अनुशीर्षक ===
{{मुख्य|बंद अनुशीर्षक}}
[[चित्र:Closed_captioning_symbol.svg|दाएँ|अंगूठाकार| "टीवी में सीसी" प्रतीक जैक फोले ने बनाया जबकि [[बोस्टन]] पब्लिक ब्रॉडकास्टर डब्ल्यूजीबीएच के वरिष्ठ ग्राफिक डिजाइनर ने टेलीविजन के लिए कैप्शनिंग का आविष्कार किया, यह [[सार्वजनिक डोमेन]] है ताकि टीवी कार्यक्रमों को अनुशीर्षक देने वाला कोई भी व्यक्ति इसका उपयोग कर सके।]]
क्लोज्ड कैप्शनिंग बंद उपशीर्षक के लिए अमेरिकी शब्द है जो विशेष रूप से उन लोगों के लिए अभिप्रेत है जो बहरे या कम सुनने वाले हैं। ये एक अनुवाद के बजाय एक प्रतिलेखन हैं, और आमतौर पर महत्वपूर्ण गैर-संवाद ऑडियो के बोल और विवरण भी होते हैं जैसे ''(हाफ़ता है)'', ''(हवा चलती है)'', ''(<गाने का शीर्षक> बजता है)'', ''(चूमते हैं)'', ''(बिजली कड़कती है)'' और ''(दरवाजा चरमराता है)''। अभिव्यक्ति "बंद अनुशीर्षक" से "अनुशीर्षक" शब्द हाल के वर्षों में बधिर या कड़ी सुनवाई के लिए एक उपशीर्षक का मतलब बन गया है, चाहे वह "खुला" या "बंद" हो। ब्रिटिश अंग्रेजी में "उपशीर्षक" आमतौर पर बहरे या कम सुनने वाले के लिए उपशीर्षक को संदर्भित करता है; हालाँकि, "कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक" शब्दावली का प्रयोग कभी-कभी तब किया जाता है जब दोनों के बीच अंतर करने की आवश्यकता होती है।
==== रियल टाइम ====
समाचार बुलेटिन, करंट अफेयर्स प्रोग्राम, खेल, कुछ टॉक शो और राजनीतिक और विशेष कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम वास्तविक समय या ऑनलाइन कैप्शनिंग का उपयोग करते हैं।<ref name="dcita"/> लाइव कैप्शनिंग तेजी से आम है, विशेष रूप से [[यूनाइटेड किंगडम]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में उन नियमों के परिणामस्वरूप जो यह निर्धारित करते हैं कि अंततः सभी टीवी उन लोगों के लिए सुलभ होने चाहिए जो बहरे और कम सुनने वाले हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.ncicap.org/caphist.asp|title=National Captioning Institute|archive-url=https://web.archive.org/web/20110719060406/http://www.ncicap.org/caphist.asp|archive-date=2011-07-19|access-date=2011-04-28}}</ref> व्यवहार में हालांकि, ये "वास्तविक समय" उपशीर्षक आमतौर पर उपशीर्षक को लिप्यंतरण, एन्कोडिंग और ट्रांसमिट करने में अंतर्निहित देरी के कारण ऑडियो को कई सेकंड पीछे कर देते हैं। टाइपोग्राफिक त्रुटियों या बोले गए शब्दों के गलत उच्चारण से वास्तविक समय उपशीर्षक भी चुनौती देते हैं, प्रसारण से पहले सही करने के लिए कोई समय उपलब्ध नहीं है।
===== पूर्व तैयार =====
कुछ कार्यक्रम प्रसारण से कई घंटे पहले अपनी संपूर्णता में तैयार हो सकते हैं, लेकिन स्वचालित प्ले-आउट के लिए टाइमकोडेड अनुशीर्षक फ़ाइल तैयार करने के लिए अपर्याप्त समय के साथ। पूर्व-तैयार अनुशीर्षक ऑफ़लाइन अनुशीर्षक के समान दिखते हैं, हालांकि क्यूइंग की सटीकता से थोड़ा समझौता किया जा सकता है क्योंकि अनुशीर्षक प्रोग्राम टाइमकोड पर लॉक नहीं होते हैं।<ref name="dcita"/>
न्यूज़रूम कैप्शनिंग में न्यूज़रूम कंप्यूटर सिस्टम से एक डिवाइस में टेक्स्ट का स्वत: स्थानांतरण शामिल है जो इसे अनुशीर्षक के रूप में आउटपुट करता है। यह काम करता है, लेकिन एक विशिष्ट प्रणाली के रूप में इसकी उपयुक्तता केवल उन कार्यक्रमों पर लागू होगी जिन्हें न्यूज़रूम कंप्यूटर सिस्टम पर पूरी तरह से स्क्रिप्ट किया गया था जैसे कि लघु अंतरालीय अपडेट।<ref name="dcita"/>
संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में कुछ प्रसारकों ने इसका विशेष रूप से उपयोग किया है और बुलेटिन के अनकैप्ड अनुभागों को छोड़ दिया है जिसके लिए एक स्क्रिप्ट उपलब्ध नहीं थी।<ref name="dcita"/> न्यूज़रूम कैप्शनिंग प्री-स्क्रिप्टेड सामग्रियों तक अनुशीर्षक को सीमित करता है और इसलिए एक सामान्य स्थानीय समाचार प्रसारण के १००% समाचार, मौसम और खेल खंड को कवर नहीं करता है जो आमतौर पर प्री-स्क्रिप्टेड नहीं होते हैं। इसमें अंतिम-द्वितीय ब्रेकिंग न्यूज या स्क्रिप्ट में परिवर्तन, ब्रॉडकास्टरों के विज्ञापन-कार्य वार्तालाप, और क्षेत्र में पत्रकारों द्वारा आपातकालीन या अन्य लाइव दूरस्थ प्रसारण शामिल हैं। इस तरह के आइटम को कवर करने में विफल रहने से न्यूज़रूम शैली कैप्शनिंग (या कैप्शनिंग के लिए टेलीप्रॉम्प्टर का उपयोग) आमतौर पर स्थानीय समाचार प्रसारण के ३०% से कम कवरेज में परिणाम देता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.captioncolorado.com/about/index.html|title=Caption Colorado|year=2002|archive-url=https://web.archive.org/web/20070823115204/http://www.captioncolorado.com/about/index.html <!-- Bot retrieved archive -->|archive-date=2007-08-23|access-date=2007-10-24|quote="Real-time" vs. Newsroom Captioning<br> Caption Colorado offers "real-time" closed captioning that utilizes unique technologies coupled with the talents of highly skilled captioners who use stenographic court reporting machines to transcribe the audio on the fly, as the words are spoken by the broadcasters. real-time captioning is not limited to pre-scripted materials and, therefore, covers 100% of the news, weather and sports segments of a typical local news broadcast. It will cover such things as the weather and sports segments which are typically not pre-scripted, last second breaking news or changes to the scripts, ad lib conversations of the broadcasters, emergency or other live remote broadcasts by reporters in the field. By failing to cover items such as these, newsroom style captioning (or use of the TelePrompTer for captioning) typically results in coverage of less than 30% of a local news broadcast. … 2002}}</ref>
===== लाइव =====
कम्युनिकेशन एक्सेस रियल-टाइम ट्रांसलेशन [[आशुलिपि|स्टेनोग्राफर]] जो कंप्यूटर का उपयोग स्टेनोटाइप या वेलोटाइप कीबोर्ड का उपयोग करके प्रस्तुतीकरण के लिए स्टेनोग्राफिक इनपुट को ट्रांसक्राइब करने के लिए ऑडियो के दो या तीन सेकंड के भीतर अनुशीर्षक के रूप में करते हैं, उन्हें कुछ भी अनुशीर्षक देना चाहिए जो पूरी तरह से लाइव और अनस्क्रिप्टेड है;<ref name="dcita"/> हालांकि, हाल के घटनाक्रमों में ऑपरेटरों द्वारा [[श्रुतलेखन सॉफ्टवेयर|वाक् पहचान]] सॉफ्टवेयर का उपयोग करना और संवाद को फिर से आवाज देना शामिल है। भाषण मान्यता प्रौद्योगिकी संयुक्त राज्य अमेरिका में इतनी तेजी से उन्नत हुई है कि २००५ तक सभी लाइव कैप्शनिंग का लगभग ५०% वाक् पहचान के माध्यम से था। रीयल-टाइम अनुशीर्षक ऑफ़लाइन अनुशीर्षक से अलग दिखते हैं, क्योंकि उन्हें लोगों के बोलने पर पाठ के निरंतर प्रवाह के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।<ref name="dcita" />
आशुलिपि ध्वन्यात्मक रूप से शब्दों को प्रतिपादित करने की एक प्रणाली है, और अंग्रेजी, इसके कई होमोफ़ोन के साथ (उदाहरण के लिए वहाँ, उनके, वे हैं), विशेष रूप से आसान प्रतिलेखन के लिए अनुपयुक्त है। अदालतों और पूछताछ में काम करने वाले आशुलिपिकों के पास आमतौर पर २४ घंटे होते हैं जिसमें उन्हें अपनी प्रतिलिपि देनी होती है। नतीजतन, वे विभिन्न प्रकार के होमोफ़ोन के लिए एक ही ध्वन्यात्मक आशुलिपिक कोड दर्ज कर सकते हैं, और बाद में वर्तनी को ठीक कर सकते हैं। वास्तविक समय के आशुलिपिकों को अपना प्रतिलेखन सटीक और तुरंत देना चाहिए। इसलिए उन्हें होमोफ़ोन को अलग तरीके से कुंजीयन करने की तकनीक विकसित करनी चाहिए, और तत्काल मांग पर सटीक उत्पाद देने के दबाव से प्रभावित नहीं होना चाहिए।<ref name="dcita"/>
हाल ही में कैप्शनिंग से संबंधित पूछताछ के लिए सबमिशन ने ब्रॉडकास्टर्स से कैप्शनिंग स्पोर्ट्स के बारे में चिंताओं को प्रकट किया है। कैप्शनिंग स्पोर्ट्स इसके बाहर के मौसम के कारण कई अलग-अलग लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। बहुत सारे स्पोर्ट कैप्शनिंग की अनुपस्थिति में ऑस्ट्रेलियन अनुशीर्षक सेंटर ने नेशनल वर्किंग पार्टी ऑन कैप्शनिंग को नवंबर १९९८ में स्पोर्ट कैप्शनिंग के तीन उदाहरण प्रस्तुत किए जिनमें से प्रत्येक ने टेनिस, रग्बी लीग और तैराकी कार्यक्रमों पर प्रदर्शन किया:
* भारी कमी: कैप्शनर कमेंट्री को अनदेखा करते हैं और केवल स्कोर और आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं जैसे "कोशिश करें" या "आउट करें"।
* महत्वपूर्ण रूप से कम किया गया: कैप्शनर [[क्वर्टी]] इनपुट का उपयोग सारांश अनुशीर्षक टाइप करने के लिए करते हैं जो कमेंटेटर कह रहे हैं, क्वर्टी इनपुट की सीमाओं के कारण विलंबित है।
* व्यापक रीयलटाइम: कैप्शनर पूरी तरह से कमेंट्री को अनुशीर्षक देने के लिए स्टेनोग्राफी का उपयोग करते हैं।<ref name="dcita">{{Cite web|url=http://www.dcita.gov.au/media_broadcasting/consultation_and_submissions/captioning_standards_review/submissions_to_the_captioning_standards_review|title=Submissions to the captioning standards review | Department of Communications, Information Technology and the Arts|last=Department of Communications, Information Technology and the Arts|authorlink=Department of Communications, Information Technology and the Arts (Australia)|last2=Australian Caption Centre|date=1999-02-26|format=[[Microsoft Word]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20070908193257/http://www.dcita.gov.au/media_broadcasting/consultation_and_submissions/captioning_standards_review/submissions_to_the_captioning_standards_review|archive-date=2007-09-08|access-date=2007-04-04}}
[http://www.auscap.com.au/ AUSCAP Website] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/19981202075231/http://www.auscap.com.au/|date=1998-12-02}}. [http://www.dcita.gov.au/__data/assets/word_doc/10835/Australian_Caption_Centre.doc Document] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20041225210420/http://www.dcita.gov.au/__data/assets/word_doc/10835/Australian_Caption_Centre.doc|date=2004-12-25}}
</ref>
नेशनल वर्किंग पार्टी ऑन कैप्शनिंग ने निष्कर्ष निकाला कि वे जो मानक स्वीकार करते हैं वह व्यापक रीयल-टाइम विधि है जो उन्हें पूरी तरह से कमेंटरी तक पहुंच प्रदान करती है। साथ ही, सभी खेल लाइव नहीं होते हैं। कई घटनाओं को प्रसारित होने से कुछ घंटे पहले ही रिकॉर्ड कर लिया जाता है जिससे कैप्शनर को ऑफ़लाइन तरीकों का उपयोग करके उन्हें अनुशीर्षक देने की अनुमति मिलती है।<ref name="dcita"/>
===== हाइब्रिड =====
क्योंकि अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-अलग कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं, इसलिए केस-दर-मामला आधार पर कैप्शनिंग पद्धति का निर्धारण करना चाहिए। कुछ बुलेटिनों में वास्तव में लाइव सामग्री की एक उच्च घटना हो सकती है, या वीडियो फ़ीड्स तक अपर्याप्त पहुंच हो सकती है और कैप्शनिंग सुविधा के लिए स्क्रिप्ट प्रदान की जा सकती है जिससे स्टेनोग्राफी अपरिहार्य हो जाती है। अन्य बुलेटिनों को प्रसारित होने से ठीक पहले पूर्व-रिकॉर्ड किया जा सकता है जिससे पूर्व-तैयार पाठ को बेहतर बनाया जा सकता है।<ref name="dcita"/>
वर्तमान में उपलब्ध समाचार अनुशीर्षक अनुप्रयोगों को विभिन्न प्रकार के इनपुट से पाठ स्वीकार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है: आशुलिपि, वेलोटाइप, क्वर्टी, [[आस्की]] आयात और न्यूज़रूम कंप्यूटर। यह एक सुविधा को विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन कैप्शनिंग आवश्यकताओं को संभालने की अनुमति देता है और यह सुनिश्चित करता है कि कैप्शनर सभी कार्यक्रमों को ठीक से अनुशीर्षक दें।<ref name="dcita"/>
करंट अफेयर्स प्रोग्राम में आमतौर पर स्टेनोग्राफिक सहायता की आवश्यकता होती है। भले ही करंट अफेयर्स प्रोग्राम वाले सेगमेंट पहले से तैयार किए जा सकते हैं, वे आमतौर पर ऑन-एयर समय से ठीक पहले किए जाते हैं और उनकी अवधि पाठ के क्वर्टी इनपुट को अक्षम्य बना देती है।<ref name="dcita"/>
दूसरी ओर, समाचार बुलेटिनों को अक्सर स्टेनोग्राफिक इनपुट के बिना शीर्षक दिया जा सकता है (जब तक कि प्रस्तुतकर्ताओं द्वारा लाइव क्रॉस या विज्ञापन-लिबिंग न हो)। यह है क्योंकि:
* अधिकांश आइटम न्यूज़रूम कंप्यूटर सिस्टम पर लिखे गए हैं और यह टेक्स्ट कैप्शनिंग सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक रूप से आयात किया जा सकता है।
* व्यक्तिगत समाचार छोटी अवधि के होते हैं, इसलिए भले ही उन्हें प्रसारण से ठीक पहले उपलब्ध कराया गया हो, पाठ में क्वर्टी का उपयोग करने के लिए अभी भी समय है।<ref name="dcita"/>
==== ऑफलाइन ====
गैर-लाइव, या पहले से रिकॉर्ड किए गए कार्यक्रमों के लिए टेलीविजन कार्यक्रम प्रदाता ऑफ़लाइन कैप्शनिंग चुन सकते हैं। कैप्शनर हाई-एंड टेलीविजन उद्योग की ओर ऑफ़लाइन कैप्शनिंग को गियर करते हैं, अत्यधिक अनुकूलित कैप्शनिंग सुविधाएँ प्रदान करते हैं जैसे कि पॉप-ऑन स्टाइल अनुशीर्षक, विशेष स्क्रीन प्लेसमेंट, स्पीकर पहचान, इटैलिक, विशेष वर्ण और ध्वनि प्रभाव।<ref name="Offline">{{Cite web|url=http://www.captioncolorado.com/products/offline.html|title=Caption Colorado|year=2002|archive-url=https://web.archive.org/web/20070729005348/http://www.captioncolorado.com/products/offline.html <!-- Bot retrieved archive -->|archive-date=2007-07-29|access-date=2007-10-24|quote=Offline Captioning<br> For non-live, or pre-recorded programs, you can choose from two presentation styles models for offline captioning or transcription needs in English or Spanish.<br /> <br /> Premiere Offline Captioning<br /> Premiere Offline Captioning is geared toward the high-end television industry, providing highly customized captioning features, such as pop-on style captions, specialized screen placement, speaker identifications, italics, special characters, and sound effects.<br /> <br /> Premiere Offline involves a five-step design and editing process, and does much more than simply display the text of a program. Premiere Offline helps the viewer follow a story line, become aware of mood and feeling, and allows them to fully enjoy the entire viewing experience. Premiere Offline is the preferred presentation style for entertainment-type programming. … 2002}}</ref>
ऑफ़लाइन कैप्शनिंग में पाँच-चरणीय डिज़ाइन और संपादन प्रक्रिया शामिल होती है, और यह किसी प्रोग्राम के टेक्स्ट को प्रदर्शित करने के अलावा और भी बहुत कुछ करता है। ऑफ़लाइन कैप्शनिंग से दर्शकों को एक कहानी का पालन करने में मदद मिलती है, मनोदशा और भावना के बारे में पता चलता है, और उन्हें देखने के पूरे अनुभव का पूरी तरह से आनंद लेने की अनुमति मिलती है। मनोरंजन-प्रकार की प्रोग्रामिंग के लिए ऑफ़लाइन अनुशीर्षक देना पसंदीदा प्रस्तुति शैली है।<ref name="Offline"/>
=== बधिरों या कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक ===
उपशीर्षक बधिर या कम सुनने वाले के लिए डीवीडी उद्योग द्वारा शुरू किया गया एक अमेरिकी शब्द है।<ref name="3playmedia">{{Cite web|url=https://www.3playmedia.com/2017/06/19/whats-the-difference-subtitles-for-the-deaf-and-hard-of-hearing-sdh-v-closed-captions/|title=Closed Captions v. Subtitles for the Deaf and Hard of Hearing (SDH)|last=Edelberg|first=Elisa|date=2017-06-19|website=3Play Media|language=en|access-date=2020-04-10|archive-date=19 अक्तूबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201019155858/https://www.3playmedia.com/2017/06/19/whats-the-difference-subtitles-for-the-deaf-and-hard-of-hearing-sdh-v-closed-captions/|url-status=dead}}</ref> यह मूल भाषा में नियमित उपशीर्षक को संदर्भित करता है जहाँ महत्वपूर्ण गैर-संवाद जानकारी जोड़ी गई है, साथ ही वक्ता की पहचान जो तब उपयोगी हो सकती है जब दर्शक अन्यथा यह नहीं बता सकता कि कौन क्या कह रहा है।
कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक और बंद अनुशीर्षक के बीच उपयोगकर्ता के लिए एकमात्र महत्वपूर्ण अंतर उनकी उपस्थिति है: कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक आमतौर पर डीवीडी पर अनुवाद उपशीर्षक के लिए उपयोग किए जाने वाले समान आनुपातिक फ़ॉन्ट के साथ प्रदर्शित होते हैं; हालाँकि, बंद अनुशीर्षक एक काली पट्टी पर सफेद पाठ के रूप में प्रदर्शित होते हैं जो दृश्य के एक बड़े हिस्से को अवरुद्ध करता है। क्लोज्ड कैप्शनिंग लोकप्रिय नहीं हो रही है क्योंकि कई उपयोगकर्ताओं को कम सुनने वाले उपशीर्षक पढ़ने में कोई कठिनाई नहीं होती है जो कंट्रास्ट आउटलाइन के साथ टेक्स्ट होते हैं। इसके अलावा, डीवीडी उपशीर्षक एक ही वर्ण पर कई रंग निर्दिष्ट कर सकते हैं: प्राथमिक, रूपरेखा, छाया और पृष्ठभूमि। यह उपशीर्षक को आसान पढ़ने के लिए आमतौर पर पारभासी बैंड पर उपशीर्षक प्रदर्शित करने की अनुमति देता है; हालाँकि, यह दुर्लभ है, क्योंकि अधिकांश उपशीर्षक चित्र के एक छोटे हिस्से को अवरुद्ध करने के लिए इसके बजाय एक रूपरेखा और छाया का उपयोग करते हैं। क्लोज्ड अनुशीर्षक अभी भी डीवीडी उपशीर्षक का स्थान ले सकता है, क्योंकि कई कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक सभी पाठ केंद्रित प्रस्तुत करते हैं (इसका एक उदाहरण [[वॉर्नर ब्रॉस.|वार्नर ब्रदर्स]] द्वारा निर्मित डीवीडी और ब्लू-रे डिस्क है) जबकि बंद अनुशीर्षक आमतौर पर स्क्रीन पर स्थिति निर्दिष्ट करते हैं: केंद्रित, बाएं संरेखित करें, सही संरेखित करें, शीर्ष, आदि। यह वक्ता की पहचान और ओवरलैपिंग वार्तालाप के लिए सहायक है। कुछ कम सुनने वाले उपशीर्षक (जैसे कि नए [[युनिवर्सल स्टूडियोज़|यूनिवर्सल स्टूडियोज]] डीवीडी/ब्लू-रे डिस्क के उपशीर्षक और अधिकांश [[ट्वेंटिएथ सेंचुरी फ़ॉक्स|ट्वेंटिएथ सेंचुरी फॉक्स]] ब्लू-रे डिस्क, और कुछ कोलंबिया पिक्चर्स डीवीडी) में स्थिति निर्धारण होता है, लेकिन यह उतना सामान्य नहीं है।
अमेरिकी बाजार के लिए डीवीडी में अब कभी-कभी अंग्रेजी उपशीर्षक के तीन रूप होते हैं: कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक; अंग्रेजी उपशीर्षक, उन दर्शकों के लिए मददगार है जो श्रवण बाधित नहीं हो सकते हैं लेकिन जिनकी पहली भाषा अंग्रेजी नहीं हो सकती है (हालांकि वे आमतौर पर एक सटीक प्रतिलेख हैं और सरलीकृत नहीं हैं); और बंद अनुशीर्षक डेटा जिसे एंड-यूज़र के बंद अनुशीर्षक डिकोडर द्वारा डिकोड किया जाता है। यूएस में अधिकांश एनीमे रिलीज़ में उपशीर्षक के रूप में केवल मूल सामग्री के अनुवाद शामिल हैं; इसलिए अंग्रेजी डब ("डबटाइटल") के कम सुनने वाले उपशीर्षक असामान्य हैं।<ref>{{Cite AV media|url=http://www.dtv.gov/video/DTV_ASL-Part3.html|title=Closed Captioning and the DTV Transition|date=2008-05-01|last=[[U.S. Federal Communications Commission]] (FCC)|place=[[Washington, D.C.]]|time=1m58s|format=[[SWF|swf]]|quote=In addition to passing through closed caption signals, many converter boxes also include the ability to take over the captioning role that the tuner plays in your analog TV set. To determine whether your converter box is equipped to generate captions in this way, you should refer to the user manual that came with the converter box. If your converter box. If your converter box is equipped to generate captions in this way, then follow the instructions that came with the converter box to turn the captioning feature on/off via your converter box or converter box remote control. When you access the closed captions in the way, you also will be able to change the way your digital captions look. The converter box will come with instructions on how to change the caption size, font, caption color, background color, and opacity. This ability to adjust your captions is something you cannot do now with an analog television and analog captions.|access-date=2 मई 2023|archive-date=8 फ़रवरी 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120208111030/http://www.dtv.gov/video/DTV_ASL-Part3.html|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.dtv.gov/video/DTV_ASL-Part3.html|title=What you need to know about the DTV Transition in American Sign Language: Part 3 – Closed Captioning – Flash Video|last=The Digital TV Transition – Audio and Video|date=2008-05-01|website=The Digital TV Transition: What You Need to Know About DTV|publisher=[[U.S. Federal Communications Commission]] (FCC)|archive-url=https://web.archive.org/web/20080528131248/http://www.dtv.gov/video/DTV_ASL-Part3.swf|archive-date=2008-05-28|access-date=2008-05-01}}
[http://www.dtv.gov/video_audio.html Details] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080502085539/http://www.dtv.gov/video_audio.html|date=2008-05-02}}</ref>
हाई-डेफिनिशन डिस्क मीडिया (एचडी डीवीडी, [[ब्लू-रे डिस्क]]) एकमात्र विधि के रूप में कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक का उपयोग करता है क्योंकि तकनीकी विशिष्टताओं को लाइन २१ बंद अनुशीर्षक का समर्थन करने के लिए एचडी की आवश्यकता नहीं होती है। हालाँकि, कुछ ब्लू-रे डिस्क के बारे में कहा जाता है कि वह एक बंद अनुशीर्षक स्ट्रीम को ले जाती है जो केवल मानक-परिभाषा कनेक्शन के माध्यम से प्रदर्शित होती है। कई [[हाई डेफिनेशन टेलीविजन|एचडीटीवी]] एंड-यूज़र को अनुशीर्षक को कस्टमाइज़ करने की अनुमति देते हैं जिसमें ब्लैक बैंड को हटाने की क्षमता भी शामिल है।
<gallery>
File:Example of SDH - speaker ID (Charade 1963).jpg| कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक में स्पीकर आईडी का उदाहरण (आवाजें ऑफ-स्क्रीन हैं)
File:Example of SDH - non-speech information 2 (Charade 1963).jpg|कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक में गैर-भाषण जानकारी का उदाहरण (स्रोत ऑफ-स्क्रीन है)
File:Example of SDH - non-speech information 1 (Charade 1963).jpg| कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक में गैर-भाषण जानकारी का उदाहरण (दो स्रोत: ऑफ-स्क्रीन और ऑन-स्क्रीन)
File:Example of SDH - music description (Charade 1963).jpg| कम सुनने वालों के लिए उपशीर्षक में संगीत विवरण का उदाहरण
File:Example of SDH - lyrics (Charade 1963).jpg| कम सुनने वाले में लिरिक्स ट्रांसक्रिप्शन का उदाहरण
</gallery>गाने के बोल हमेशा अनुशीर्षक नहीं होते हैं, क्योंकि उपशीर्षक ट्रैक के हिस्से के रूप में गीत को ऑन-स्क्रीन पुन: पेश करने के लिए अतिरिक्त कॉपीराइट अनुमतियों की आवश्यकता हो सकती है। अक्टूबर २०१५ में प्रमुख स्टूडियो और [[नेटफ्लिक्स]] पर झूठे विज्ञापन के दावों का हवाला देते हुए इस अभ्यास पर मुकदमा दायर किया गया था (क्योंकि काम अब पूरी तरह से उपशीर्षक नहीं है) और नागरिक अधिकारों के उल्लंघन (कैलिफ़ोर्निया के अनरुह नागरिक अधिकार अधिनियम के तहत, विकलांग लोगों के लिए समान अधिकारों की गारंटी)। न्यायाधीश स्टीफन विक्टर विल्सन ने सितंबर २०१६ में मुकदमे को खारिज कर दिया, यह फैसला करते हुए कि नागरिक अधिकारों के उल्लंघन के आरोपों ने विकलांग दर्शकों के खिलाफ जानबूझकर भेदभाव का सबूत पेश नहीं किया, और उपशीर्षक की सीमा को गलत तरीके से पेश करने के आरोप "यह प्रदर्शित करने से बहुत कम हैं कि उचित उपभोक्ता वास्तव में प्रदान की गई उपशीर्षक सामग्री की मात्रा के रूप में धोखा दिया जा सकता है, क्योंकि ऐसा कोई प्रतिनिधित्व नहीं है कि सभी गीतों के बोल अनुशीर्षित होंगे, या यहाँ तक कि सामग्री 'पूरी तरह से' अनुशीर्षित होगी।"<ref>{{Cite web|url=https://deadline.com/2015/10/hollywood-studios-netflix-class-action-lawsuit-hearing-impaired-civil-right-violations-1201588229/|title=Hollywood Studios & Netflix Blasted For Civil Rights Violations In Song-Captioning Class Action|last=Patten|first=Dominic|date=2015-10-20|website=Deadline|language=en|access-date=2019-07-08}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/film/2015/oct/20/netflix-film-studios-lawsuit-song-captioning-deaf-skyfall|title=Netflix and film studios face lawsuit over song captioning for deaf|date=2015-10-20|work=The Guardian|access-date=2019-07-08|language=en-GB|issn=0261-3077}}</ref>
=== सुविधा के लिए लोगों को सुनकर प्रयोग करें ===
हालांकि एक ही भाषा के उपशीर्षक मुख्य रूप से बहरे और कम सुनने वालों को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं, कई अन्य लोग सुविधा के लिए उनका उपयोग करते हैं। बेहतर समझ और तेज समझ के लिए उपशीर्षक युवा दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उपशीर्षक दर्शकों को संवाद समझने की अनुमति देते हैं जो खराब तरीके से अभिव्यक्त किए गए हैं, चुपचाप वितरित किए गए हैं, अपरिचित बोलियों में हैं, या पृष्ठभूमि पात्रों द्वारा बोली जाती हैं। २०२१ के यूके के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि १८ और २५ के बीच के ८०% दर्शकों ने नियमित रूप से उपशीर्षक का उपयोग किया जबकि ५६ और ७५ के बीच के एक चौथाई से भी कम ने किया।<ref>{{Cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/tv/0/how-generation-z-became-obsessed-subtitles/|title=How Generation Z became obsessed with subtitles|last=Kelly|first=Guy|date=2022-07-24|work=The Telegraph|access-date=2022-08-03|language=en-GB|issn=0307-1235}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.wired.com/story/closed-captions-everywhere/|title=The Real Reason You Use Closed Captions for Everything Now|last=Kehe|first=Jason|date=2018-06-26|work=Wired|access-date=2019-07-08|issn=1059-1028}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.refinery29.com/en-us/tv-closed-captions-movie-subtitles-benefits|title=Get Over Your Fear Of Subtitles, Please|last=Farley|first=Rebecca|website=Refinery29|language=en|access-date=2019-07-08}}</ref>
=== समान-भाषा उपशीर्षक ===
समान भाषा उपशीर्षण बार-बार पढ़ने की गतिविधि के रूप में संगीत के बोल (या ऑडियो/वीडियो स्रोत के साथ कोई भी पाठ) के सिंक्रोनाइज़्ड कैप्शनिंग का उपयोग है। बुनियादी पठन गतिविधि में छात्रों को एक प्रतिक्रिया वर्कशीट को पूरा करते समय स्क्रीन पर पेश की गई एक छोटी उपशीर्षक प्रस्तुति को देखना शामिल है। वास्तव में प्रभावी होने के लिए सबटाइटलिंग में ऑडियो और टेक्स्ट का उच्च गुणवत्ता वाला सिंक्रोनाइज़ेशन होना चाहिए, और इससे भी बेहतर, सबटाइटलिंग को सिलेबिक सिंक्रोनाइज़ेशन में रंग को ऑडियो मॉडल में बदलना चाहिए, और टेक्स्ट छात्रों की भाषा क्षमताओं को चुनौती देने के स्तर पर होना चाहिए।<ref>{{Cite web|url=http://go.editlib.org/p/27350|title=McCall, W. (2008). Same-Language-Subtitling and Karaoke: The Use of Subtitled Music as a Reading Activity in a High School Special Education Classroom. In K. McFerrin et al. (Eds.), Proceedings of Society for Information Technology and Teacher Education International Conference 2008 (pp. 1190–1195). Chesapeake, VA: AACE|archive-url=https://archive.today/20120709105516/http://go.editlib.org/p/27350|archive-date=2012-07-09}}</ref><ref>Gannon, Jack. 1981. ''Deaf Heritage–A Narrative History of Deaf America'', Silver Spring, MD: National Association of the Deaf, p. 266-270</ref> अध्ययन (नॉटिंघम विश्वविद्यालय और संयुक्त राज्य अमेरिका के शिक्षा विभाग के व्हाट वर्क्स क्लियरिंगहाउस सहित) ने पाया है कि उपशीर्षक का उपयोग स्कूल-आयु वर्ग के बच्चों में पढ़ने की समझ को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.edweek.org/ew/articles/2015/07/21/closed-captioning-gives-literacy-a-boost.html|title=Closed Captioning Gives Literacy a Boost|date=2015-07-21|work=Education Week|access-date=2019-07-08}}</ref> एक ही भाषा में अनुशीर्षक देने से साक्षरता में सुधार हो सकता है और पठन क्षमताओं की एक विस्तृत श्रृंखला में पठन वृद्धि हो सकती है।<ref name="AshokaBrij">''[http://www.ashoka.org/fellow/3557 Brij Kothari] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080828182628/http://www.ashoka.org/fellow/3557|date=2008-08-28}}'' from [http://www.ashoka.org/ Ashoka.org]. Accessed on February 10, 2009</ref><ref name="AFF1">Biswas, Ranjita (2005). ''[http://www.asianfilm.org/modules.php?name=News&file=article&sid=98 Hindi film songs can boost literacy rates in India] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090820005707/http://www.asianfilm.org/modules.php?name=News&file=article&sid=98|date=2009-08-20}}''</ref> इसका उपयोग इस उद्देश्य के लिए [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]] और [[भारत]] में [[दूरदर्शन (चैनल)|दूरदर्शन]] जैसे राष्ट्रीय टेलीविजन प्रसारकों द्वारा किया जाता है।<ref name="AshokaBrij" /><ref name="autogenerated1">Biswas, Ranjita (2005). ''[http://www.asianfilm.org/modules.php?name=News&file=article&sid=98 Hindi film songs can boost literacy rates in India] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090820005707/http://www.asianfilm.org/modules.php?name=News&file=article&sid=98 |date=2009-08-20 }}'' from the [http://www.asianfilm.org/index.php Asian Film Foundation website] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150315130639/http://www.asianfilm.org/index.php |date=15 मार्च 2015 }}. Accessed on February 10, 2009</ref>
==== एशिया ====
कुछ एशियाई टेलीविज़न प्रोग्रामिंग में कैप्शनिंग को शैली का एक हिस्सा माना जाता है, और जो कहा जा रहा है उसे कैप्चर करने से परे विकसित किया गया है। अनुशीर्षक कलात्मक रूप से उपयोग किए जाते हैं; शब्दों को एक-एक करके प्रकट होते देखना आम है जैसे कि वे बोले जाते हैं, बहुत सारे फोंट, रंगों और आकारों में जो कहा जा रहा है की भावना को पकड़ते हैं। जापानी जैसी भाषाओं में भी ओनोमेटोपोइया की एक समृद्ध शब्दावली है जिसका उपयोग कैप्शनिंग में किया जाता है।
===== पूर्व एशिया =====
कुछ पूर्वी एशियाई देशों में विशेष रूप से चीनी भाषी देशों में सभी टेप किए गए टेलीविजन कार्यक्रमों में सबटाइटलिंग आम है। इन देशों में लिखित पाठ अधिकतर एक समान रहता है जबकि बोली जाने वाली क्षेत्रीय बोलियाँ परस्पर अस्पष्ट हो सकती हैं। इसलिए उपशीर्षक समझने में सहायता के लिए एक विशिष्ट लाभ प्रदान करता है। उपशीर्षक के साथ, मानक मंदारिन या किसी भी बोली में कार्यक्रम अपरिचित दर्शकों द्वारा समझा जा सकता है।
ऑन-स्क्रीन उपशीर्षक जैसा कि जापानी किस्म के टेलीविजन शो में देखा जाता है, सजावटी उद्देश्य के लिए अधिक होता है, कुछ ऐसा जो यूरोप और अमेरिका में टेलीविजन में नहीं देखा जाता है। कुछ शो उन उपशीर्षकों पर ध्वनि प्रभाव भी डालते हैं। उपशीर्षक का यह अभ्यास दक्षिण कोरिया और ताइवान सहित पड़ोसी देशों में फैल गया है। हाँगकांग में एटीवी ने एक बार अपने विविध शो में सजावटी उपशीर्षक की इस शैली का अभ्यास किया था जब ताइवान में वांट वांट होल्डिंग्स (जो सीटीवी और सीटीआई का भी मालिक है) के स्वामित्व में था।
== अनुवाद ==
मूल रूप से अनुवाद का अर्थ है एक भाषा का लिखित या मौखिक रूप में दूसरी भाषा में रूपांतरण। उपशीर्षक का उपयोग किसी विदेशी भाषा के संवाद को दर्शकों की मूल भाषा में अनुवाद करने के लिए किया जा सकता है। यह न केवल सामग्री का अनुवाद करने का सबसे तेज़ और सस्ता तरीका है, बल्कि आमतौर पर इसे पसंद भी किया जाता है क्योंकि दर्शकों के लिए अभिनेताओं के मूल संवाद और आवाज़ें सुनना संभव है।
उपशीर्षक अनुवाद लिखित पाठ के [[अनुवाद]] से भिन्न हो सकता है। आमतौर पर एक फिल्म या टेलीविजन कार्यक्रम के लिए उपशीर्षक बनाने की प्रक्रिया के दौरान, उपशीर्षक अनुवादक द्वारा चित्र और ऑडियो के प्रत्येक वाक्य का विश्लेषण किया जाता है; इसके अलावा, उपशीर्षक अनुवादक के पास संवाद के लिखित प्रतिलेख तक पहुंच हो भी सकती है और नहीं भी। विशेष रूप से वाणिज्यिक उपशीर्षक के क्षेत्र में उपशीर्षक अनुवादक अक्सर व्याख्या करता है कि संवाद के तरीके का अनुवाद करने के बजाय क्या मतलब है; अर्थात्, रूप की तुलना में अर्थ अधिक महत्वपूर्ण है—दर्शक हमेशा इसकी सराहना नहीं करते हैं, क्योंकि यह उन लोगों के लिए निराशाजनक हो सकता है जो कुछ बोली जाने वाली भाषा से परिचित हैं; बोली जाने वाली भाषा में मौखिक गद्दी या सांस्कृतिक रूप से निहित अर्थ हो सकते हैं जिन्हें लिखित उपशीर्षक में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। साथ ही, उपशीर्षक अनुवादक एक स्वीकार्य पठन गति प्राप्त करने के लिए संवाद को संक्षिप्त भी कर सकता है जिससे प्रपत्र की तुलना में उद्देश्य अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
विशेष रूप से fanसबs में उपशीर्षक अनुवादक रूप और अर्थ दोनों का अनुवाद कर सकता है। उपशीर्षक अनुवादक आमतौर पर [[कोष्ठक]] ("(" और ")") में उपशीर्षक में एक नोट प्रदर्शित करना चुन सकता है, या ऑन-स्क्रीन टेक्स्ट के एक अलग ब्लॉक के रूप में - यह उपशीर्षक अनुवादक को फॉर्म को संरक्षित करने और स्वीकार्य प्राप्त करने की अनुमति देता है। पढ़ने की गति; अर्थात्, उपशीर्षक अनुवादक स्क्रीन पर एक नोट छोड़ सकता है, चरित्र के बोलने के बाद भी, रूप को संरक्षित करने और समझने की सुविधा के लिए। उदाहरण के लिए जापानी में कई प्रथम-व्यक्ति सर्वनाम हैं (जापानी सर्वनाम देखें) और प्रत्येक सर्वनाम एक अलग डिग्री की विनम्रता के साथ जुड़ा हुआ है। अंग्रेजी अनुवाद प्रक्रिया के दौरान क्षतिपूर्ति करने के लिए उपशीर्षक अनुवादक वाक्य को सुधार सकता है, उपयुक्त शब्द जोड़ सकता है और/या नोट्स का उपयोग कर सकता है।
=== उपशीर्षक ===
==== रियल टाइम ====
रीयल-टाइम अनुवाद उपशीर्षक में आमतौर पर एक दुभाषिया और एक आशुलिपिक एक साथ काम करते हैं जिससे पूर्व जल्दी से संवाद का अनुवाद करता है जबकि बाद वाला टाइप करता है; उपशीर्षक का यह रूप दुर्लभ है। अपरिहार्य देरी, टंकण त्रुटियां, संपादन की कमी, और उच्च लागत का अर्थ है कि वास्तविक समय अनुवाद उपशीर्षक की मांग कम है। दुभाषिया को सीधे दर्शकों से बात करने की अनुमति देना आमतौर पर सस्ता और तेज दोनों होता है; हालाँकि, अनुवाद उन लोगों के लिए सुलभ नहीं है जो बहरे हैं और सुनने में मुश्किल हैं।
==== ऑफलाइन ====
कुछ उपशीर्षक जानबूझकर अपने दर्शकों की जरूरतों से मेल खाने के लिए संपादित उपशीर्षक या अनुशीर्षक प्रदान करते हैं, दूसरी या विदेशी भाषा के रूप में बोले जाने वाले संवाद सीखने वालों के लिए दृश्य सीखने वाले, शुरुआती पाठक जो बहरे हैं या सुनने में कठिन हैं और सीखने और/या मानसिक रूप से कमजोर लोगों के लिए विकलांग। उदाहरण के लिए अपनी कई फिल्मों और टेलीविजन कार्यक्रमों के लिए पीबीएस प्रोग्राम ऑडियो, शब्द-दर-शब्द से भाषण का प्रतिनिधित्व करने वाले मानक अनुशीर्षक प्रदर्शित करता है, यदि दर्शक टेलीविजन रिमोट कंट्रोल या ऑन-स्क्रीन मेनू का उपयोग करके "सीसी१" का चयन करता है; हालाँकि, यदि दर्शक "सीसी२" का चयन करता है, तो वे धीमी गति से सरलीकृत वाक्यों को प्रस्तुत करने के लिए संपादित अनुशीर्षक भी प्रदान करते हैं। विविध दर्शकों वाले कार्यक्रमों में भी अक्सर दूसरी भाषा में अनुशीर्षक होते हैं। यह स्पेनिश में लोकप्रिय लैटिन अमेरिकी [[सोप ओपेरा]] के साथ आम है। चूंकि सीसी१ और सीसी२ [[बैंडविथ|बैंडविड्थ]] साझा करते हैं, यूएस फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (एफसीसी) अनुवाद उपशीर्षक को सीसी३ में रखने की अनुशंसा करता है। सीसी४ जो सीसी३ के साथ बैंडविड्थ साझा करता है, भी उपलब्ध है, लेकिन प्रोग्राम शायद ही कभी इसका इस्तेमाल करते हैं।
=== उपशीर्षक बनाम डबिंग और व्याख्यान ===
किसी विदेशी भाषा में फ़िल्मों का 'अनुवाद' करने के दो वैकल्पिक तरीके [[डबिंग]] हैं जिसमें अन्य अभिनेता मूल अभिनेताओं की आवाज़ों को एक अलग भाषा में रिकॉर्ड करते हैं, और लेक्टरिंग, काल्पनिक सामग्री के लिए वॉइस-ओवर का एक रूप है जहाँ एक कथावाचक बताता है दर्शक अभिनेता क्या कह रहे हैं जबकि पृष्ठभूमि में उनकी आवाजें सुनी जा सकती हैं। रूस, पोलैंड और कुछ अन्य पूर्वी यूरोपीय देशों में टेलीविजन के लिए व्याख्यान देना आम है जबकि इन देशों के सिनेमा आमतौर पर डब या उपशीर्षक वाली फिल्में दिखाते हैं।
विभिन्न देशों में डबिंग या उपशीर्षक के लिए वरीयता काफी हद तक १९२० के दशक के अंत और १९३० के दशक के प्रारंभ में लिए गए निर्णयों पर आधारित है। ध्वनि फिल्म के आगमन के साथ ज[[जर्मनी|र्मनी]], [[इटली]], [[फ़्रान्स|फ्रांस]], [[स्विट्ज़रलैण्ड|स्विट्जरलैंड]], [[लक्ज़मबर्ग|लक्समबर्ग]], [[ऑस्ट्रिया]], [[सान मारिनो|सैन मैरिनो]] [[रूस|,]] [[लिख्टेंश्टाइन|लिकटेंस्टीन]], [[मोनाको]], [[चेक गणराज्य]], [[स्लोवाकिया]], हंगरी, [[हंगरी|बेलारूस]], [[बेलारूस|यूक्रेन]], [[युक्रेन|रूस]], [[अण्डोरा|अंडोरा]], [[स्पेन]] और [[यूनाइटेड किंगडम]] में फिल्म आयातकों ने फैसला किया विदेशी आवाज़ों को डब करने के लिए जबकि शेष यूरोप ने संवाद को अनुवादित उपशीर्षक के रूप में प्रदर्शित करने के लिए चुना। चुनाव काफी हद तक वित्तीय कारणों से था (उपशीर्षक डबिंग की तुलना में अधिक किफायती और तेज है), लेकिन १९३० के दशक के दौरान यह जर्मनी, इटली और स्पेन में भी एक राजनीतिक प्राथमिकता बन गया; [[अभिवेचन|सेंसरशिप]] का एक समीचीन रूप जिसने यह सुनिश्चित किया कि विदेशी विचारों और विचारों को स्थानीय दर्शकों तक पहुंचने से रोका जा सके, क्योंकि डबिंग से एक संवाद बनाना संभव हो जाता है जो मूल से बिल्कुल अलग है। बड़े जर्मन शहरों में कुछ "विशेष सिनेमा" डबिंग के बजाय उपशीर्षक का उपयोग करते हैं।
डबिंग अभी भी इन चार देशों में आदर्श और पसंदीदा रूप है, लेकिन उपशीर्षक का अनुपात धीरे-धीरे बढ़ रहा है, मुख्य रूप से लागत और टर्नअराउंड-समय बचाने के लिए लेकिन युवा पीढ़ी के बीच बढ़ती स्वीकृति के कारण भी जो बेहतर पाठक हैं और तेजी से एक हैं अंग्रेजी का बुनियादी ज्ञान (फिल्म और टीवी में प्रमुख भाषा) और इस प्रकार मूल संवाद सुनना पसंद करते हैं।
फिर भी, स्पेन में उदाहरण के लिए केवल सार्वजनिक टीवी चैनल उपशीर्षक वाली विदेशी फिल्में दिखाते हैं, आमतौर पर देर रात में। यह अत्यंत दुर्लभ है कि कोई स्पैनिश टीवी चैनल टीवी कार्यक्रमों, श्रृंखलाओं या वृत्तचित्रों के उपशीर्षक संस्करण दिखाता है। डिजिटल भूमि प्रसारण टीवी के आगमन के साथ, स्पेन में वैकल्पिक ऑडियो और उपशीर्षक स्ट्रीम प्रदान करना आम बात हो गई है जो मूल ऑडियो और उपशीर्षक के साथ डब किए गए कार्यक्रमों को देखने की अनुमति देता है। इसके अलावा, सिनेमाघरों का केवल एक छोटा हिस्सा उपशीर्षक वाली फिल्में दिखाता है। [[गैलिशियन भाषा|गैलिशियन]], [[कातालान भाषा|कैटलन]] या [[बास्क भाषा|बास्क]] में संवाद वाली फिल्में हमेशा डब की जाती हैं, उपशीर्षक नहीं जब वे देश के बाकी हिस्सों में दिखाई जाती हैं। कुछ गैर-स्पेनिश-भाषी टीवी स्टेशन स्पैनिश में साक्षात्कार उपशीर्षक देते हैं; दूसरे नहीं।
कई [[लातिनी अमरीका|लैटिन अमेरिकी]] देशों में स्थानीय नेटवर्क टेलीविजन अंग्रेजी भाषा के कार्यक्रमों और फिल्मों के डब किए गए संस्करण दिखाएगा जबकि केबल स्टेशन (अक्सर अंतरराष्ट्रीय) अधिक सामान्य रूप से सबटाइटल सामग्री प्रसारित करते हैं। उपशीर्षक या डबिंग के लिए वरीयता व्यक्तिगत स्वाद और पढ़ने की क्षमता के अनुसार भिन्न होती है, और थिएटर सबसे लोकप्रिय फिल्मों के दो प्रिंट ऑर्डर कर सकते हैं जिससे फिल्म देखने वालों को डबिंग या उपशीर्षक के बीच चयन करने की अनुमति मिलती है। एनिमेशन और बच्चों की प्रोग्रामिंग, हालांकि, अन्य क्षेत्रों की तरह लगभग सार्वभौमिक रूप से डब की जाती है।
डीवीडी और बाद में ब्लू-रे डिस्क की शुरुआत के बाद से कुछ उच्च बजट फिल्मों में उपशीर्षक और/या डबिंग ''दोनों'' का एक साथ विकल्प शामिल है। अक्सर ऐसे मामलों में अनुवाद अलग से किए जाते हैं, न कि उपशीर्षक फिल्म के डब किए गए दृश्यों की शब्दशः प्रतिलेख होते हैं। हालांकि यह उपशीर्षक के सबसे सहज संभव प्रवाह की अनुमति देता है, यह किसी विदेशी भाषा को सीखने का प्रयास करने वाले व्यक्ति के लिए निराशाजनक हो सकता है।
पारंपरिक उपशीर्षक देशों में डबिंग को आम तौर पर कुछ अजीब और अप्राकृतिक माना जाता है और इसका उपयोग केवल पूर्व-विद्यालय के बच्चों के लिए बनाई गई एनिमेटेड फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। जैसा कि एनिमेटेड फिल्मों को उनकी मूल भाषा में भी "डब" किया जाता है और परिवेशी शोर और प्रभाव आमतौर पर एक अलग साउंड ट्रैक पर रिकॉर्ड किए जाते हैं, कम गुणवत्ता वाले उत्पादन को दूसरी भाषा में डब करने से देखने के अनुभव पर बहुत कम या कोई ध्यान देने योग्य प्रभाव नहीं पड़ता है। डब लाइव-एक्शन टेलीविजन या फिल्म में हालांकि, दर्शक अक्सर इस तथ्य से विचलित हो जाते हैं कि ऑडियो अभिनेता के होंठ की गति से मेल नहीं खाता है। इसके अलावा, डब की गई आवाजें अलग-थलग, चरित्र के लिए अनुपयुक्त, या अत्यधिक अभिव्यंजक लग सकती हैं, और कुछ परिवेशी ध्वनियाँ डब किए गए ट्रैक में स्थानांतरित नहीं हो सकती हैं जिससे देखने का अनुभव कम सुखद हो जाता है।
=== एक अभ्यास के रूप में उपशीर्षक ===
[[चित्र:Dubbing_films_in_Europe.png|अंगूठाकार|[[यूरोप]] का मानचित्र दिखाता है कि प्रत्येक देश में कौन-सी दृश्य-श्रव्य अनुवाद विधियाँ पसंद की जाती हैं।]]
कई देशों या क्षेत्रों में लगभग सभी विदेशी भाषा के टीवी कार्यक्रमों को डब करने के बजाय उपशीर्षक दिया जाता है जैसे:{{Columns-list|* [[अल्बानिया]] (अधिकांश विदेशी भाषा के शो [[अल्बानियाई भाषा|अल्बानियाई]] में सबटाइटल किए जाते हैं, बच्चों की फिल्में और टीवी शो डब किए जाते हैं, ज्यादातर एनिमेटेड होते हैं)
* [[अर्जेंटीना]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[आर्मेनिया]] ([[अर्मेनियाई भाषा|अर्मेनियाई]] में उपशीर्षक, मुख्य रूप से बच्चों के कार्यक्रम डब किए जाते हैं)
* [[अरब दुनिया|अरब मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका]] - [[आधुनिक मानक अरबी]]-भाषा उपशीर्षक, विदेशी प्रोग्रामिंग/सिनेमा के लिए उपयोग किया जाता है और अक्सर तब उपयोग किया जाता है जब अरबी बोलियां फिल्म/टीवी कार्यक्रम का प्राथमिक माध्यम होती हैं। लेबनान, अल्जीरिया और मोरक्को जैसे देशों में भी अक्सर फ्रेंच उपशीर्षक एक साथ शामिल होते हैं।
* [[ऑस्ट्रेलिया]] (विशेष रूप से [[विशेष प्रसारण सेवा|एसबीएस]] द्वारा)
* [[अजरबैजान]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[बांग्लादेश]] (उपशीर्षक [[बंगाली भाषा|बंगाली]])
* [[बेल्जियम]] (उपशीर्षक [[डच भाषा|डच]] में [[फ्लैंडर्स]] में, [[फ्रेंच भाषा|फ्रेंच]] में डब करके [[वालोनिया]] में, फ्लेमिश और ब्रुसेल्स में द्विभाषी डच/फ्रेंच उपशीर्षक वालोनिया में मूवी थिएटर, डब संस्करण। बच्चों के शो और [[शॉपिंग चैनल|टेलीशॉपिंग]] डब किए गए हैं)
* [[बेलीज]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा)
* [[भूटान]] (जोंगखा में उपशीर्षक)
* [[बोलीविया]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[बॉस्निया और हर्ज़ेगोविना]] (बच्चों के शो सर्बियाई, क्रोएशियाई या बोस्नियाई में डब किए जाते हैं, बाकी सब कुछ बोस्नियाई में सबटाइटल किया जाता है)
* [[ब्राज़ील]] (सिनेमाघर और केबल चैनल [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तगाली]] उपशीर्षक का उपयोग करते हैं)
* [[ब्रुनेई]] (अंग्रेजी और स्थानीय भाषा जैसे चीनी में प्रोग्रामिंग और फिल्मों के लिए मलय में उपशीर्षक)
* [[बुल्गारिया]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[कंबोडिया]] (खमेर में उपशीर्षक)
* [[चिली]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[चीन]] (अधिकांश चीनी भाषा प्रोग्रामिंग में चीनी में उपशीर्षक शामिल हैं, क्योंकि कई भाषाएं और बोलियां आबादी द्वारा बोली जाती हैं, लेकिन लेखन प्रणाली बोलियों से स्वतंत्र है)
* [[कोलंबिया]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[क्यूबा]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[कोस्टा रिका]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[क्रोएशिया]] (बच्चों के शो [[क्रोएशियाई भाषा|क्रोएशियाई]] में डब किए जाते हैं, बाकी सब कुछ क्रोएशियाई में सबटाइटल किया जाता है। सबटाइटलिंग परस्पर सुगम [[सर्बियाई भाषा|सर्बियाई]], [[बोस्नियाई भाषा|बोस्नियाई]]<nowiki> और [ [मोंटेनेग्रिन भाषा|मोंटेनेग्रिन]]-भाषा की सामग्री को क्रोएशियाई सरकारी निकायों द्वारा आम तौर पर अस्वीकृत किया जाता है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए स्वतंत्र नियामक परिषद ऐसे कानूनों का उपयोग करती है जो मीडिया सेवाओं को क्रोएशियाई में अनुवाद के साथ विदेशी भाषा के कार्यक्रमों को प्रसारित करने के लिए चेतावनी देते हैं और ऑपरेटिंग लाइसेंस को रद्द करने की धमकी देते हैं। टेलीविजन ऑपरेटरों के लिए जो इसका पालन करने से इनकार करते हैं; ऐसे उपशीर्षक के दुर्लभ उदाहरण आमतौर पर जनता द्वारा उपहास उड़ाए जाते हैं</nowiki><ref>{{cite web |url=https://balkaninsight.com/2012/01/27/croatian-tv -may-soon-translate-serbian-films/ |title=क्रोएशियन टीवी रिस्क रो ओवर सर्बियाई फिल्म |publisher=[[बाल्कन इनसाइट]] |first=Boris |last=Pavelic |location=[[Zagreb]] |date=27 जनवरी 2012 |एक्सेस-डेट=6 मार्च 2023}}</ref>)
* [[साइप्रस]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा)
* [[डेनमार्क]] (उपशीर्षक [[डेनिश भाषा|डेनिश]] में। बच्चों और परिवार के अनुकूल फिल्मों के लिए निर्देशित टेलीविजन प्रोग्रामिंग को डब किया जाता है, हालांकि सिनेमा अक्सर बाद के देर-शाम स्क्रीनिंग की पेशकश करते हैं। ऑफ-स्क्रीन कथन में वृत्तचित्रों को डब किया जा सकता है, हालांकि ऑन-स्क्रीन संवाद हमेशा उपशीर्षक होता है)
* [[डोमिनिकन गणराज्य]] (उपग्रह टीवी/केबल और सिनेमा)
* [[इक्वाडोर]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा)
* [[अल साल्वाडोर]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[एस्टोनिया]] ([[एस्टोनियाई भाषा]] उपशीर्षक बच्चों के मीडिया को छोड़कर विदेशी फिल्मों और टेलीविजन कार्यक्रमों में उपयोग किए जाते हैं)
* [[फिनलैंड]] ([[फिनिश भाषा|फिनिश]] या [[स्वीडिश भाषा|स्वीडिश]] में उपशीर्षक, फिनलैंड [[फिनलैंड की भाषाएं|द्विभाषी]] है; टीवी में बच्चों के कार्यक्रम डब किए जाते हैं और ऑफ-स्क्रीन कथन वृत्तचित्रों में अक्सर डब किया जाता है)
* [[जॉर्जिया (देश)|जॉर्जिया]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा)
* [[ग्रीस]] (केवल बच्चों के शो डब किए जाते हैं और फिल्मों को उपशीर्षक दिया जाता है)
* [[ग्वाटेमाला]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[हांगकांग]] ([[कैंटोनीज़]] में डबिंग अक्सर होती है, लेकिन सबटाइटलिंग भी आम है, क्योंकि ये विदेशी कार्यक्रम अक्सर कई भाषाओं में प्रसारित होते हैं)
* [[होंडुरास]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[आइसलैंड]] (उपशीर्षक [[आइसलैंडिक भाषा|आइसलैंडिक]] में। बच्चों और परिवार के अनुकूल फिल्मों के लिए निर्देशित टेलीविजन प्रोग्रामिंग को डब किया जाता है, हालांकि सिनेमा अक्सर बाद के देर शाम के उपशीर्षक की स्क्रीनिंग की पेशकश करते हैं। ऑफ-स्क्रीन कथन में वृत्तचित्रों को डब किया जा सकता है, हालांकि ऑन-स्क्रीन संवाद हमेशा उपशीर्षक होता है)
* [[भारत]] (ज्यादातर अंग्रेजी चैनल अब अंग्रेजी में अपने कार्यक्रमों के उपशीर्षक देते हैं)
* [[इंडोनेशिया]] (उपशीर्षक [[इंडोनेशियाई भाषा|इंडोनेशियाई]] में, कुछ विदेशी फिल्मों के उपशीर्षक एक से अधिक भाषाओं में हैं)
* [[ईरान]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा, एमबीसी फारस सहित)
* [[आयरलैंड]] (गैर-अंग्रेजी कार्यक्रमों के लिए अंग्रेजी में उपशीर्षक, [[आयरिश भाषा|आयरिश]] सहित। आयरिश भाषा चैनल पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों के लिए [[आयरिश भाषा|आयरिश]] में समसामयिक उपशीर्षक: [[ टीजी४]])
* [[इज़राइल]] (गैर-हिब्रू टेलीविजन कार्यक्रमों और फिल्मों का हमेशा उपशीर्षक के साथ हिब्रू में अनुवाद किया जाता है। द्विभाषी हिब्रू/अरबी या हिब्रू/रूसी उपशीर्षक, दोनों भाषाओं में एक साथ अनुवाद दिखाते हुए, सार्वजनिक टीवी चैनलों पर आम है। डबिंग तक सीमित है। स्कूली उम्र से कम उम्र के बच्चों के उद्देश्य से कार्यक्रम और फिल्में। 2008 तक इज़राइल में बंद कैप्शनिंग उद्योग बढ़ रहा है क्योंकि एक कानून को मंजूरी दी गई है, जिसमें कहा गया है कि [[इज़राइल में टेलीविजन | इज़राइली चैनल]] में सभी हिब्रू कार्यक्रमों के लिए सबटाइटल होना चाहिए श्रवण बाधित। इसके अलावा, हाल के वर्षों में यह इज़राइल में अन्य चैनलों और प्रसारण निकायों में एक आदर्श बन गया है)
* [[जापान]] (उपशीर्षक [[जापानी भाषा|जापानी]] में, श्रृंखला डब के साथ-साथ)
* [[कजाखस्तान]] (उपग्रह टीवी/केबल 'कजाख उपशीर्षक हैं' 'रूसी डब हैं')
* [[केन्या]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा)
* [[किर्गिस्तान]] (उपग्रह टीवी/केबल 'किर्गिज़ उपशीर्षक हैं' 'रूसी डब किए गए हैं')
* [[लातविया]] (उपशीर्षक [[लातवियाई भाषा|लातवियाई]] में, कभी-कभी लातवियाई भाषा के शो में या केवल [[रूसी भाषा|रूसी]]-रूसी भाषा के चैनलों में)
* [[लाओस]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[लिथुआनिया]] (सभी चैनल उपशीर्षक और सिनेमा हैं, बच्चों के कार्यक्रम डब किए जाते हैं)
* [[मलेशिया]] (अंग्रेजी में प्रोग्रामिंग के लिए मलय में उपशीर्षक और चीनी और तमिल जैसी विदेशी भाषाओं और हिंदी और कोरियाई जैसी विदेशी भाषाओं में मलय में डब किए गए कुछ कार्यक्रमों को छोड़कर जैसे कि एनीमे, संबंधित स्थानीय भाषाओं में समाचार कार्यक्रम (समाचार रिपोर्ट में) बोलने वाले विदेशी लोगों के साथ स्थानीय भाषा के समाचार कार्यक्रम उपशीर्षक में अनुवादित हैं) और कुछ मलय-भाषा लाइव एक्शन प्रोग्राम अंग्रेजी में उपशीर्षक। मलय समाचार कार्यक्रमों में समाचार रिपोर्टों को छोड़कर 2006 से इंडोनेशियाई में प्रोग्रामिंग के लिए भी दिखाई दे रहे हैं, जिसमें इंडोनेशियाई लोग बोल रहे हैं जहां वे नहीं हैं उपशीर्षक। 35 मिमी फिल्म पर सभी फिल्में मलय और सरलीकृत चीनी में उपशीर्षक। आमतौर पर, एनीमेशन और 3डी फिल्मों को उपशीर्षक से छूट दी जाती है (हालांकि स्टूडियो अपने विवेक पर उपशीर्षक जोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं)। भारतीय और चीनी फिल्मों में आमतौर पर एक से अधिक के उपशीर्षक होते हैं। भाषाएं)
* [[मालदीव]] (धीवेही में उपशीर्षक)
* [[माल्टा]] (माल्टीज़ में उपशीर्षक)
* [[मेक्सिको]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[मंगोलिया]] (मंगोलियाई में उपशीर्षक)
* [[मॉन्टेनीग्रो]] (मोंटेनिग्रिन में उपशीर्षक, सर्बियाई में डब किए गए बच्चों के शो; सर्बियाई उपशीर्षक अक्सर आयात किए जाते हैं)
* [[मोल्दोवा]] (सभी रोमानियाई उपशीर्षक और बच्चों को डब किया गया है)
* [[म्यांमार]] (बर्मी में उपशीर्षक, आमतौर पर गैर-बर्मी बच्चों की प्रोग्रामिंग और एनीमे में, डबिंग का शायद ही कभी इस्तेमाल किया जाता है)
* [[नेपाल]] (नेपाली में उपशीर्षक)
* [[नीदरलैंड]] (डच में उपशीर्षक, बच्चों के शो डब किए जाते हैं)
* [[निकारागुआ]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[नाइजीरिया]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[उत्तर मैसिडोनिया]] (मैसेडोनियन या सर्बियाई में डब किए गए बच्चों के कार्यक्रम, बाकी सब मैसेडोनियन में सबटाइटल)
* [[नॉर्वे]] (उपशीर्षक [[नॉर्वेजियन भाषा|नॉर्वेजियन]] में। बच्चों और परिवार के अनुकूल फिल्मों के लिए निर्देशित टेलीविजन प्रोग्रामिंग को डब किया जाता है, हालांकि सिनेमा अक्सर बाद की देर-शाम स्क्रीनिंग की पेशकश करते हैं। ऑफ-स्क्रीन कथन में वृत्तचित्रों को डब किया जा सकता है, हालांकि ऑन-स्क्रीन संवाद हमेशा उपशीर्षक होता है)
* [[पाकिस्तान]] (उर्दू में उपशीर्षक)
* [[पनामा]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[पराग्वे]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[पेरू]] ([[आयमारा भाषा|आयमारा]] और [[क्वेशुआ भाषाएं|क्वेशुआ]] में)
* [[फिलीपींस]] (कुछ फिलिपिनो फिल्मों के सबटाइटल अंग्रेजी में थे, लेकिन सभी विदेशी टेलीविजन कार्यक्रमों को फिलिपिनो में डब किया गया था।)
* [[पोलैंड]] (सिनेमाघरों में लगभग सभी लाइव-एक्शन फिल्में सबटाइटल होती हैं; कुछ फिल्में दो संस्करणों में मिल सकती हैं, सबटाइटल और डबिंग के साथ)
* [[पुर्तगाल]] (अधिकांश शो [[पुर्तगाली भाषा|पुर्तगाली]] में उपशीर्षक हैं, लेकिन बच्चों के शो और वृत्तचित्र आमतौर पर डब किए जाते हैं)
* [[पोर्टो रीको]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[रोमानिया]] (उपशीर्षक [[रोमानियाई भाषा|रोमानियाई]] में अधिकांश शो के लिए, बच्चों के कार्यक्रमों को छोड़कर, जिसे डब किया जाने लगा)
* [[सर्बिया]] (बच्चों के सभी शो और टेलिशॉपिंग डब किए जाते हैं, बाकी सब कुछ सर्बियाई में सबटाइटल होता है)
* [[स्लोवेनिया]] (बच्चों के शो डब किए जाते हैं, बाकी सब स्लोवेनियाई में सबटाइटल होता है)
* [[सिंगापुर]] अंग्रेजी, चीनी और मलय में, चीनी और अंग्रेजी या चीनी और मलय में कुछ उपशीर्षक द्विभाषी के साथ
* [[दक्षिण अफ्रीका]] ([[अफ्रीकी भाषा|अफ्रीकांस]], [[सेसोथो भाषा|सेसोथो]], [[षोसा भाषा|षोसा]] और [[जुलु भाषा|जुलू]] से [[अंग्रेजी भाषा| अंग्रेज़ी]])
* [[दक्षिण कोरिया]] (उपशीर्षक [[कोरियाई भाषा|कोरियाई]] में, कोई श्रृंखला डब नहीं की गई, लेकिन केवल बच्चों को डब किया गया)
* [[श्रीलंका]] (सिंहल और तमिल में उपशीर्षक)
* [[सूरीनाम]] (डच में उपशीर्षक)
* [[स्वीडन]] (उपशीर्षक [[स्वीडिश भाषा|स्वीडिश]] में। बच्चों और परिवार के अनुकूल फिल्मों के लिए निर्देशित टेलीविजन प्रोग्रामिंग को डब किया जाता है, हालांकि सिनेमा अक्सर बाद की देर-शाम स्क्रीनिंग की पेशकश करते हैं। ऑफ-स्क्रीन विवरण में वृत्तचित्रों को डब किया जा सकता है, हालांकि ऑन-स्क्रीन संवाद हमेशा उपशीर्षक होता है)
* [[ताजिकिस्तान]] (ताजिक उपशीर्षक हैं, रूसी डब हैं)
* [[थाईलैंड]] (थाई में उपशीर्षक)
* [[ताइवान]] (अधिकांश शो और सभी समाचारों या लाइव एक्शन प्रसारणों पर मंदारिन उपशीर्षक दिखाई देते हैं)
* [[त्रिनिदाद और टोबैगो]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा)
* [[तुर्की]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[तुर्कमेनिस्तान]] (तुर्कमेन उपशीर्षक हैं, रूसी डब हैं)
* [[उरुग्वे]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमाघर)
* [[उज़्बेकिस्तान]] (उज़्बेक उपशीर्षक हैं, रूसी डब हैं)
* [[वेनेजुएला]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा)
* [[वियतनाम]] (केबल/सैटेलाइट टीवी और सिनेमा)}}यह भी सामान्य है कि अल्पसंख्यक भाषाओं में टेलीविजन सेवाएं अपने कार्यक्रमों को प्रमुख भाषा में भी उपशीर्षक देती हैं। उदाहरणों में [[वेल्श भाषा|वेल्श]] एस४सी और [[आयरिश भाषा|आयरिश]] टीजी४ शामिल हैं जो [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] में सबटाइटल करते हैं और फ़िनलैंड में [[स्वीडिश भाषा|स्वीडिश]] येल फ़ेम जो [[फ़िनिश भाषा|फ़िनलैंड]] की बहुसंख्यक भाषा में सबटाइटल करते हैं।
वालोनिया (बेल्जियम) में फिल्मों को आमतौर पर डब किया जाता है, लेकिन कभी-कभी उन्हें एक ही समय में दो चैनलों पर दिखाया जाता है: एक डब (ला उने पर) और दूसरा उपशीर्षक (ला ड्यूक्स पर), लेकिन यह अब बार-बार नहीं किया जाता है कम रेटिंग।
ऑस्ट्रेलिया में एक एफटीए नेटवर्क, एसबीएस अपने विदेशी भाषा के शो को अंग्रेजी में उपशीर्षक के साथ प्रसारित करता है।
== श्रेणियाँ ==
एक ही प्रोडक्शन पर एक ही भाषा में सबटाइटल विभिन्न श्रेणियों में हो सकते हैं:
* '''श्रवणबाधित''' उपशीर्षक (कभी-कभी HI या कम सुनने वाले के रूप में संक्षिप्त) उन लोगों के लिए अभिप्रेत है जो श्रवण बाधित हैं, संगीत, पर्यावरणीय ध्वनियों और ऑफ-स्क्रीन स्पीकर के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं (उदाहरण के लिए जब दरवाजे की घंटी बजती है या बंदूक की आवाज सुनाई देती है)। दूसरे शब्दों में वे फिल्म से आने वाली ध्वनियों के प्रकारों और स्रोतों को इंगित करते हैं, और आम तौर पर इस जानकारी को अभिनेताओं के संवादों से सीमांकित करने के लिए कोष्ठक के अंदर रखते हैं। उदाहरण के लिए: [कीबोर्ड पर टाइप करने की आवाज़], [रहस्यमय संगीत], [ग्लास टूटता है], [महिला का चीखना]।
* '''नैरेटिव''' सबसे सामान्य प्रकार का उपशीर्षक है जिसमें बोले गए संवाद प्रदर्शित होते हैं। एक बोली जाने वाली भाषा और दूसरी भाषा के पाठ के साथ फिल्म का अनुवाद करने के लिए इनका सबसे अधिक उपयोग किया जाता है।
* '''जबरन''' उपशीर्षक फिल्मों में आम हैं और केवल तभी उपशीर्षक प्रदान करते हैं जब पात्र एक विदेशी या विदेशी भाषा बोलते हैं, या एक संकेत, झंडा, या किसी दृश्य में अन्य पाठ का स्थानीयकरण और डबिंग प्रक्रिया में अनुवाद नहीं किया जाता है। कुछ मामलों में विदेशी संवाद को अनुदित नहीं छोड़ा जा सकता है यदि फिल्म को किसी विशेष चरित्र के दृष्टिकोण से देखा जाना है जो प्रश्न में भाषा नहीं बोलता है। उदाहरण के लिए [[स्टीवन स्पिलबर्ग|स्टीवन स्पीलबर्ग]] के ''अमिस्ताद'' में स्पेनिश दास व्यापारियों के संवाद को उपशीर्षक दिया गया है जबकि अफ्रीकी भाषाओं को अनूदित छोड़ दिया गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.washingtonexaminer.com/weekly-standard/missing-heaven-making-hell|title=MISSING HEAVEN, MAKING HELL|date=1998-01-05|website=Washington Examiner|language=en|access-date=2019-11-24}}</ref>
* '''सामग्री''' उपशीर्षक एक उत्तर अमेरिकी माध्यमिक उद्योग (गैर-हॉलीवुड, अक्सर कम बजट) प्रधान हैं। वे सामग्री श्रुतलेख जोड़ते हैं जो फिल्माई गई कार्रवाई या संवाद से गायब है। ऐसी फिल्मों में सामान्य कम बजट भत्ते के कारण जानकारी भरने के लिए ओवरले उपशीर्षक जोड़ना अक्सर अधिक संभव होता है। वे आमतौर पर अमेरिका की मेवरिक फिल्मों पर जबरन उपशीर्षक के रूप में और कनाडा की मेपल लीफ फिल्मों पर वैकल्पिक उपशीर्षक के रूप में देखे जाते हैं। सामग्री उपशीर्षक कुछ उच्च-बजट फिल्मों (जैसे [[स्टार वॉर्स|स्टार वार्स]]) की शुरुआत में या फिल्म के अंत में (जैसे गॉड्स एंड जनरल्स) भी दिखाई देते हैं।
* आमतौर पर '''केवल शीर्षक ही''' डब किए गए प्रोग्राम द्वारा उपयोग किए जाते हैं और किसी भी अनूदित ऑन-स्क्रीन टेक्स्ट के लिए केवल टेक्स्ट प्रदान करते हैं। वे सबसे अधिक मजबूर हैं (ऊपर देखें)।
* '''बोनस''' उपशीर्षक टेक्स्ट ब्लर्ब्स का एक अतिरिक्त सेट है जिसे डीवीडी में जोड़ा जाता है। वे [[ब्लू-रे डिस्क|ब्लू-रे डिस्क की]] इन-मूवी सामग्री या VH१ पॉप-अप वीडियो में "जानकारी नगेट्स" के समान हैं। अक्सर पॉपअप या गुब्बारे के रूप में दिखाए जाते हैं, वे स्क्रीन पर दिखाई देने वाली चीज़ों के सापेक्ष पृष्ठभूमि, पर्दे के पीछे की जानकारी को इंगित करते हैं जो अक्सर निरंतरता या निरंतरता में फिल्मांकन और प्रदर्शन की गलतियों का संकेत देते हैं।
* '''स्थानीयकृत''' उपशीर्षक एक अलग उपशीर्षक ट्रैक है जो विस्तारित संदर्भों का उपयोग करता है (यानी, "खातिर [एक जापानी शराब] वसाबी की तरह उत्कृष्ट था") या मानकीकृत उपशीर्षक ट्रैक को स्थानीय रीति के संदर्भों की जगह एक स्थानीयकृत रूप से बदल सकता है (यानी, से ऊपर "मसालेदार डुबकी के रूप में शराब उत्कृष्ट थी")।
* '''विस्तारित/विस्तृत''' उपशीर्षक स्थानीयकरण उपशीर्षक ट्रैक के साथ मानक उपशीर्षक ट्रैक को जोड़ते हैं। मूल रूप से केवल २००० के दशक की शुरुआत में सेलेस्टियल डीवीडी पर पाया गया, प्रारूप चीन जापान, भारत और ताइवान से कई निर्यात-इच्छित रिलीज़ तक विस्तारित हो गया है। "विस्तारित उपशीर्षक" शब्द का स्वामित्व सेलेस्टियल के पास है जिसमें "विस्तारित उपशीर्षक" अन्य कंपनियों द्वारा उपयोग किया जा रहा है।
== प्रकार ==
उपशीर्षक दो रूपों में मौजूद हैं; '''खुले''' उपशीर्षक 'सभी के लिए खुले' हैं और दर्शक द्वारा बंद नहीं किए जा सकते; '''बंद''' उपशीर्षक दर्शकों के एक निश्चित समूह के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, और आमतौर पर दर्शक द्वारा चालू / बंद या चुने जा सकते हैं - उदाहरण टेलीटेक्स्ट पेज, यूएस क्लोज्ड अनुशीर्षक (६०८/७०८), डीवीबी बिटमैप उपशीर्षक, डीवीडी / ब्लू-रे उपशीर्षक हैं।
सामग्री वितरित करते समय, उपशीर्षक ३ प्रकारों में से एक में प्रकट हो सकते हैं:
* '''हार्ड''' ('''हार्डसब''' या '''ओपन''' सबटाइटल के रूप में भी जाना जाता है)। उपशीर्षक पाठ अपरिवर्तनीय रूप से मूल वीडियो फ्रेम में विलय कर दिया जाता है, और इसलिए प्लेबैक के लिए किसी विशेष उपकरण या सॉफ़्टवेयर की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए जटिल संक्रमण प्रभाव और एनीमेशन को लागू किया जा सकता है जैसे कराओके गाने के बोल के बोल का पालन करने के लिए विभिन्न रंगों, फोंट, आकार, एनीमेशन (जैसे उछलती गेंद) आदि का उपयोग करना। हालाँकि, इन उपशीर्षकों को तब तक बंद नहीं किया जा सकता जब तक कि मूल वीडियो को भी वितरण में शामिल नहीं किया जाता है क्योंकि वे अब मूल फ्रेम का हिस्सा हैं, और इस प्रकार उपशीर्षक के कई रूपों का होना असंभव है जैसे कि कई भाषाओं में।
* '''पहले से रेंडर किए गए''' (जिन्हें '''बंद''' के रूप में भी जाना जाता है) उपशीर्षक अलग-अलग वीडियो फ़्रेम होते हैं जो चलते समय मूल वीडियो स्ट्रीम पर आच्छादित होते हैं। पहले से रेंडर किए गए उपशीर्षक [[डीवीडी]] और [[ब्लू-रे डिस्क|ब्लू-रे]] पर उपयोग किए जाते हैं (हालांकि वे उसी फ़ाइल में होते हैं जिसमें वीडियो स्ट्रीम होती है)। उन्हें बंद करना संभव है या कई भाषा उपशीर्षक हैं और उनके बीच स्विच करना संभव है, लेकिन उन्हें प्रदर्शित करने के लिए खिलाड़ी को ऐसे उपशीर्षक का समर्थन करना होगा। इसके अलावा, उपशीर्षक आमतौर पर न्यूनतम बिटरेट और रंगों की संख्या वाली छवियों के रूप में एन्कोड किए जाते हैं; उनमें आमतौर पर एंटी-अलियास फ़ॉन्ट रेखांकन की कमी होती है। साथ ही, ऐसे उपशीर्षकों को बदलना कठिन है, लेकिन विशेष [[ओसीआर]] सॉफ़्टवेयर जैसे सबRip ऐसे उपशीर्षकों को "सॉफ्ट" वाले में बदलने के लिए मौजूद है।
* '''सॉफ़्ट''' (जिसे '''सॉफ़्टसब''' या '''बंद''' उपशीर्षक के रूप में भी जाना जाता है) ''बंद अनुशीर्षक'' की तरह, अलग-अलग निर्देश होते हैं, आमतौर पर प्लेबैक के दौरान वैकल्पिक रूप से प्रदर्शित होने के लिए टाइम स्टैम्प के साथ एक विशेष रूप से चिह्नित पाठ। इसके लिए खिलाड़ी के समर्थन की आवश्यकता होती है और, इसके अलावा, कई असंगत (लेकिन आमतौर पर पारस्परिक रूप से परिवर्तनीय) उपशीर्षक फ़ाइल प्रारूप होते हैं, लेकिन पोस्ट प्रोडक्शन में अधिक बहुमुखी प्रतिभा को सक्षम बनाता है। सोफ्टसब बनाने और बदलने में अपेक्षाकृत आसान हैं, और इस प्रकार अक्सर प्रशंसकों के लिए उपयोग किया जाता है। टेक्स्ट रेंडरिंग गुणवत्ता प्लेयर के आधार पर भिन्न हो सकती है, लेकिन आमतौर पर पहले से रेंडर किए गए उपशीर्षक से अधिक होती है। साथ ही, कुछ प्रारूप अंतिम-उपयोगकर्ता के लिए [[अक्षर कोडन|टेक्स्ट एन्कोडिंग की]] समस्या पेश करते हैं, खासकर यदि विभिन्न भाषाओं का एक साथ उपयोग किया जाता है (उदाहरण के लिए लैटिन और एशियाई स्क्रिप्ट)। टाइम स्टैम्प के साथ एक उपशीर्षक ट्रैक भी वीडियो रिकॉर्डिंग को रोकने के बाद सटीक समय रखने की अनुमति देता है जो अन्यथा वीडियो रिकॉर्डिंग की अवधि के बीच विसंगति का कारण बनता है क्योंकि आम तौर पर प्रारंभ और वास्तविक घड़ी के समय को याद किया जाता है। [[कैमकॉर्डर|कैमकोर्डर]] अतिरिक्त मेटाडेटा रिकॉर्ड कर सकते हैं जैसे तकनीकी पैरामीटर (एपर्चर, एक्सपोजर वैल्यू, एक्सपोजर अवधि, प्रकाश संवेदनशीलता इत्यादि)।<ref>{{Cite web|url=https://c.searspartsdirect.com/mmh/lis_pdf/OWNM/L0802253.pdf|title=Sony Digital Video Recorder Handycam Operating Guide – DCR-HC52/HC54 (MiniDV)|date=2008|publisher=Sony|pages=34|language=en|access-date=2022-01-17}}</ref>
अन्य वर्गीकरण में डिजिटल वीडियो उपशीर्षक को कभी-कभी '''आंतरिक''' कहा जाता है, अगर वे वीडियो और ऑडियो स्ट्रीम के साथ एक वीडियो फ़ाइल कंटेनर में एम्बेड किए जाते हैं, और '''बाहरी''' अगर उन्हें अलग फ़ाइल के रूप में वितरित किया जाता है (जो कम सुविधाजनक है, लेकिन संपादित करना आसान है) / ऐसी फ़ाइल बदलें)।
उपशीर्षक के कई असामान्य प्रारूप हैं। उनमें से अधिकांश टेक्स्ट-आधारित हैं और उनका एक्सटेंशन .टीएक्सटी है।
थिएटर में दिखाई जाने वाली सिनेमा फिल्मों के लिए:
* [[फ़िल्म|सिनेमा]]
* डी-सिनेमा : डीसीपी प्रारूप में फिल्म का डिजिटल प्रक्षेपण
डीवीडी वीडियो पर फिल्मों के लिए:
* डीवीडी-वीडियो उपशीर्षक (Vobसब से संबंधित)
* [[ब्लू-रे डिस्क]] उपशीर्षक (PGS से संबंधित)
टीवी प्रसारण के लिए:
* टेलीटेक्स्ट
* डीवीबी सबटाइटल (डीवीबी-सब)
* फिलिप्स ओवरले ग्राफिक्स टेक्स्ट
* इमिटेक्स्ट
टीवी प्रसारण के लिए बनाए गए उपशीर्षक विभिन्न प्रकार के फ़ाइल स्वरूपों में संग्रहीत किए जाते हैं। इनमें से अधिकांश प्रारूप उपशीर्षक प्रविष्टि प्रणाली के विक्रेताओं के स्वामित्व में हैं।
प्रसारण उपशीर्षक प्रारूपों में .ईएसवाई, .एक्सआईएफ, .एक्स३२, .पीएसी, .आरएसी, .सीएचके, .अया, .८९०, .सीआईपी, .कैप, .यूएलटी, .यूएसएफ, .सीआईएन, .एल३२, .एसटी४, .एसटी७, .टीआईटी, .एसटीएल शामिल हैं।
तकनीकी संदर्भ ३२६४-ई<ref>{{Cite web|url=http://tech.ebu.ch/docs/tech/tech3264.pdf|title=Specification of the EBU Subtitling data exchange format|date=February 1991|publisher=European Broadcasting Union|access-date=10 March 2013}}</ref> द्वारा परिभाषित [[यूरोपीय ब्रॉडकास्टिंग यूनियन|ईबीयू]] प्रारूप प्रसारकों के बीच उपशीर्षक विनिमय के लिए एक 'खुला' प्रारूप है। इस प्रारूप में फ़ाइलों का विस्तार .stl है (उपर्युक्त "स्प्रूस उपशीर्षक प्रारूप" पाठ के साथ मिश्रित नहीं किया जाना चाहिए जिसमें एक्सटेंशन .stl भी है)।
इंटरनेट डिलीवरी के लिए:
* [[स्माइल|स्मिल]]
* टीटीएमएल / डीएफएक्सपी
** एसएमपीटीई-टीटी/सीएफएफ-टीटी (पराबैंगनी-संगत खिलाड़ियों के लिए)
** ईबीयू-टीटी-डी
समयबद्ध पाठ प्रारूप वर्तमान में [[विश्व व्यापी वेब संघ]] की एक "उम्मीदवार सिफारिश" (जिसे डीएक्सएफपी<ref>{{Cite web|url=http://www.w3.org/AudioVideo/TT/|title=Mission|last=Philippe Le Hégaret|last2=Sean Hayes|date=6 September 2012|website=Timed Text Working Group|access-date=10 March 2013}}</ref> कहा जाता है) भी उपशीर्षक के आदान-प्रदान और माइक्रोसॉफ्ट सिल्वरलाइट जैसे मीडिया खिलाड़ियों को वितरण के लिए एक 'खुले' प्रारूप के रूप में प्रस्तावित है।
== किसी विदेशी भाषा को उपशीर्षक न देने के कारण ==
ज्यादातर बार फिल्म में एक विदेशी भाषा बोली जाती है, दर्शकों के लिए संवाद का अनुवाद करने के लिए उपशीर्षक का उपयोग किया जाता है। हालाँकि, ऐसे मौके आते हैं जब विदेशी संवाद को बिना शीर्षक के छोड़ दिया जाता है (और इस तरह अधिकांश लक्षित दर्शकों के लिए समझ से बाहर)। यह अक्सर तब किया जाता है जब फिल्म को मुख्य रूप से एक विशेष चरित्र के दृष्टिकोण से देखा जाता है जो भाषा नहीं बोलता है। उपशीर्षक की ऐसी अनुपस्थिति दर्शकों को उसी तरह की समझ और अलगाव की भावना महसूस करने की अनुमति देती है जो चरित्र महसूस करता है। इसका उदाहरण ''नॉट विदाउट माई डॉटर'' में देखा जा सकता है। ईरानी पात्रों द्वारा बोले गए [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] संवाद को उपशीर्षक नहीं दिया गया है क्योंकि मुख्य पात्र बेट्टी महमूदी फ़ारसी नहीं बोलती हैं और दर्शक फिल्म को उनके दृष्टिकोण से देख रहे हैं।
इसका एक रूपांतर वीडियो गेम ''मैक्स पायने ३'' में इस्तेमाल किया गया था। अंग्रेजी और पुर्तगाली दोनों संवादों में उपशीर्षकों का उपयोग किया जाता है, लेकिन बाद वाले का अनुवाद नहीं किया जाता<ref name="maxpayne3subtitles">{{Cite web|url=http://www.entdepot.com/2012/06/01/xbox-360-review-max-payne-3/|title=(Xbox 360 Review) Max Payne 3|publisher=The Entertainment Depot|access-date=7 May 2013|archive-date=25 दिसंबर 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20121225193126/http://www.entdepot.com/2012/06/01/xbox-360-review-max-payne-3/|url-status=dead}}</ref> क्योंकि मुख्य पात्र भाषा को नहीं समझता है।
== हास्य के स्रोत के रूप में उपशीर्षक ==
कभी-कभी फिल्में उपशीर्षक का उपयोग हास्य, नकल और व्यंग्य के स्रोत के रूप में करती हैं।
* एनी हॉल में [[वुडी एलन|वुडी एलेन]] और [[डाएन कीटन]] के पात्र बातचीत कर रहे हैं; उनके वास्तविक विचार उपशीर्षक में दिखाए गए हैं।
* गोल्डमेम्बर में ऑस्टिन पॉवर्स में [[जापानी भाषा|जापानी]] संवाद को सफेद प्रकार का उपयोग करके उपशीर्षक दिया जाता है जो पृष्ठभूमि में सफेद वस्तुओं के साथ मिश्रित होता है। एक उदाहरण है जब सफ़ेद बाइंडर्स सबटाइटल "मुझे एक विशाल कृंतक समस्या है" को "मेरे पास एक विशाल रॉड है" में बदल देता है। इसके कई मामलों के बाद मिस्टर रोबोटो अंग्रेजी में कहते हैं, "मैं सिर्फ अंग्रेजी क्यों नहीं बोलता?"। उसी फिल्म में ऑस्टिन और निगेल पॉवर्स अपनी बातचीत की सामग्री को समझने योग्य बनाने के लिए सीधे कॉकनी अंग्रेजी में बोलते हैं; उपशीर्षक बातचीत के पहले भाग के लिए दिखाई देते हैं, लेकिन फिर बंद हो जाते हैं और प्रश्न चिह्नों की एक श्रृंखला के साथ बदल दिए जाते हैं।
* येलो सबमरीन में बीटल्स एक विशाल दस्ताने को हराने के लिए उपशीर्षक "ऑल यू नीड इज लव" का उपयोग करते हैं।
* द इम्पोस्टर्स में एक पात्र एक विदेशी भाषा में बोलता है जबकि दूसरा पात्र बिस्तर के नीचे छिप जाता है। हालांकि छिपा हुआ पात्र यह नहीं समझ सकता कि क्या बोला जा रहा है, वह उपशीर्षक पढ़ सकता है। चूँकि उपशीर्षक फिल्म पर आच्छादित हैं, वे उसके दृष्टिकोण से उलटे प्रतीत होते हैं। इन उपशीर्षकों को पहेली बनाने का उनका प्रयास दृश्य के हास्य को बढ़ाता है।
* फिल्म ''हवाई जहाज!'' और इसके सीक्वल में दो आंतरिक-शहर [[अफ्रीकी अमेरिकी|अफ्रीकी अमेरिकियों]] को भारी उच्चारण वाली कठबोली में बोलते हुए दिखाया गया है जिसे एक अन्य चरित्र संदर्भित करता है जैसे कि यह एक विदेशी भाषा थी: "जाइव"। उपशीर्षक उनके भाषण का अनुवाद करते हैं जो रंगीन भावों और हल्की गाली-गलौज से भरा है, नरम मानक अंग्रेजी में लेकिन विशिष्ट दर्शक असंगतता को पहचानने के लिए जो कुछ कह रहे हैं उसे पर्याप्त रूप से समझ सकते हैं। [https://web.archive.org/web/20040528112358/http://larry.teamoverkill.com/jive/ संवाद का प्रतिलेख]
* [[कार्स 2|कार्स २]] में सूसी शेफ और मेटर अंग्रेजी उपशीर्षक के साथ चीनी बोलते हैं और लुइगी, मामा लोपोलिनो और अंकल टोपोलिनो अंग्रेजी उपशीर्षक के साथ इतालवी बोलते हैं।
* जर्मन फिल्म डेर उन्टरगांग की पैरोडी में गलत उपशीर्षक जानबूझकर उपयोग किए जाते हैं, अक्सर आक्रामक और विनोदी परिणामों के साथ।
* कार्ल रेनर की कॉमेडी द मैन विद टू ब्रेन्स में डॉ. माइकल हफुहरुहर (स्टीव मार्टिन) को तेज गति के लिए रोकने के बाद एक जर्मन पुलिस अधिकारी को पता चलता है कि हफुहुर अंग्रेजी बोल सकता है। वह अपनी स्क्वाड कार में अपने सहयोगी से उपशीर्षक बंद करने के लिए कहता है, और यह टिप्पणी करते हुए स्क्रीन के नीचे की ओर इंगित करता है कि "यह बेहतर है — हमारे पास अब वहाँ और जगह है"।
* मोंटी पाइथन एंड द होली ग्रेल के शुरुआती क्रेडिट में स्वीडिश सबटाइटलर अंग्रेजी में स्विच करता है और अपने देश को बढ़ावा देता है जब तक कि परिचय काट नहीं दिया जाता है और सबटाइटलर को "बर्खास्त" कर दिया जाता है। उसी फिल्म के डीवीडी संस्करण में दर्शक हियरिंग एड और स्थानीय भाषाओं के बजाय, [[विलियम शेक्सपीयर|शेक्सपियर]] के हेनरी चतुर, भाग २ की पंक्तियों को चुन सकते हैं जो वास्तव में फिल्म में बोली जाने वाली पंक्तियों से मिलती-जुलती हैं, अगर वे "फिल्म से घृणा करने वाले लोग" हैं।
* स्केरी मूवी ४ में एक दृश्य है जहाँ अभिनेता अशुद्ध [[जापानी भाषा|जापानी]] में बोलते हैं (बेतुके शब्द जिनमें ज्यादातर जापानी कंपनी के नाम होते हैं), लेकिन उपशीर्षक की सामग्री "वास्तविक" बातचीत है।
* नॉट अदर टीन मूवी में नग्न विदेशी मुद्रा छात्र चरित्र अरोला हल्की उच्चारण वाली अंग्रेजी बोलती है, लेकिन फिर भी उसके संवाद को सबटाइटल कर दिया जाता है। इसके अलावा, पाठ को इस तरह से स्थान दिया गया है कि उसके नंगे स्तनों का एक दृश्य अबाधित है।
* ट्रेनस्पॉटिंग में प्रमुख पात्रों की एक भीड़ भरे क्लब में बातचीत होती है। जो कहा जा रहा है उसे समझने के लिए पूरे डायलॉग को सबटाइटल दिया गया है।
* साइमन एलिस'ट्वो० लघु फिल्म टेलिंग लाइज़ उपशीर्षक के साथ टेलीफोन पर झूठ बोलने वाले एक व्यक्ति के साउंडट्रैक को साथ में प्रस्तुत करती है जो सच्चाई को उजागर करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.co.uk/dna/filmnetwork/A7079510|title=BBC – Film Network<!-- Bot generated title -->|archive-url=https://web.archive.org/web/20060831221429/http://www.bbc.co.uk/dna/filmnetwork/A7079510|archive-date=August 31, 2006}}</ref>
* एनिमेशन आमतौर पर उपशीर्षक का उपयोग हास्यपूर्ण "नकली गीत" प्रस्तुत करने के लिए करते हैं (अंग्रेजी शब्द जो वास्तव में गैर-अंग्रेजी भाषा में गीत में गाए जाने के करीब ध्वनि करते हैं)। ये नकली बोल एनिमेशन शैली के प्रमुख स्टेपल हैं।
* लॉक, स्टॉक और टू स्मोकिंग बैरल्स में एक दृश्य होता है जो पूरी तरह से कॉकनी राइमिंग स्लैंग में बोला जाता है जिसे मानक अंग्रेजी में उपशीर्षक दिया जाता है।
* एंग्री बीवर्स के एक एपिसोड में एक बिंदु पर नॉर्बर्ट इतने भारी यूरोपीय लहजे के साथ बोलना शुरू करते हैं कि उनके शब्दों को स्क्रीन के नीचे सबटाइटल कर दिया जाता है। डगेट वास्तव में उपशीर्षक को छूता है, उन्हें रास्ते से हटा देता है।
* नाइट वॉच और डे वॉच के अमेरिकी नाट्य संस्करणों में रूसी संवादों को उपशीर्षक द्वारा अनुवादित किया जाता है जो चित्रित घटनाओं के अनुसार डिज़ाइन किए गए हैं। उदाहरण के लिए उपशीर्षक खून की तरह पानी में घुल जाते हैं, हिलते हुए फर्श के साथ कांपते हैं या तलवार से कट जाते हैं।
* फिल्म [[क्रैंक (फ़िल्म)|क्रैंक]] में एक दृश्य है जहाँ [[जेसन स्टेथम|जेसन स्टैथम]] का चरित्र ऑन-स्क्रीन सबटाइटल पढ़ने से एक एशियाई चरित्र की संवाद रेखा को समझता है। सबटाइटल तब भी उलटा होता है जब उसका चरित्र लाइन पढ़ता है। बाद में एक अन्य एशियाई चरित्र द्वारा किए गए विस्मयादिबोधक को उपशीर्षक दिया जाता है, लेकिन बोले गए शब्द और उपशीर्षक दोनों चीनी में हैं।
* फेटल इंस्टिंक्ट में जिसे कार्ल रेनर ने भी निर्देशित किया है, एक दृश्य में दो पात्र शामिल हैं जो यिडिश में अपनी हत्या की योजना के बारे में बात कर रहे हैं ताकि किसी को भी इसके बारे में जानने से रोका जा सके, केवल ऑन-स्क्रीन उपशीर्षक पढ़ने वाले बेंच पर एक व्यक्ति द्वारा नाकाम कर दिया जाए।
* केन लोच ने फिल्म रिफ़-रफ़ को उपशीर्षक के साथ अमेरिकी सिनेमाघरों में रिलीज़ किया, न केवल इसलिए कि लोग मोटे स्कॉटिश लहजे को समझ सकें, बल्कि यह भी कि वह कई अमेरिकियों की ज़रूरतों का मज़ाक उड़ाते हैं (नाट्य ट्रेलर में उल्लेख किया गया है)। लोआच की कई फिल्मों में पारंपरिक बोली होती है, कुछ के साथ (जैसे कोयले की कीमत) इंग्लैंड में टेलीविजन पर दिखाए जाने पर भी उपशीर्षक की आवश्यकता होती है।
* मैड टीवी एपिसोड में कोरियाई नाटकों की [[व्यंग्य]] बॉबी ली की "ताई डू" में उपशीर्षक कोरियाई भाषा बोली जाने की तुलना में कहानी की अधिक समझ रखते हैं। उपशीर्षकों को ऐसा दिखाया जाता है जैसे कि व्याकरण की कम समझ वाले किसी व्यक्ति द्वारा लिखा गया हो और अक्सर नाटक में वास्तव में जो कहा जाता है उससे अधिक लंबा बनाया जाता है। उदाहरण के लिए एक अभिनेता "सारंग" ("आई लव यू") कहता है, लेकिन सबटाइटल इतना लंबा है कि यह पूरी स्क्रीन को कवर करता है।
* टेलीविजन श्रृंखला स्किथहाउस में एक पत्रकार अंग्रेजी में अफगान आतंकवादियों के एक समूह का साक्षात्कार करता है, लेकिन उनमें से एक को सबटाइटल मिल जाता है और वह उसे देख लेता है। वह पागल हो जाता है क्योंकि वह अपमान के रूप में लेता है कि सबटाइटल पाने वाला वह अकेला है।<ref>{{Cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=cFPm2fhB2pI|title=Skithouse: News report from Iraq|date=5 August 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20191113225715/https://www.youtube.com/watch?v=cFPm2fhB2pI&gl=US&hl=en|archive-date=13 नवंबर 2019|access-date=2 मई 2023|url-status=bot: unknown}}</ref>
* मेल ब्रूक्स की फिल्म रॉबिन हुड: मेन इन टाइट्स में अधिक वजन वाले ब्रूमहिल्डे (मेगन कैवानुआघ) के घोड़े फारफेलकुगेल के विचारों को उपशीर्षक के रूप में दिखाया गया है जब ब्रूमहिल्डे बालकनी से काठी पर कूदने का प्रयास करती है, जैसा कि नौकरानी मैरियन ने कुछ क्षण पहले शानदार ढंग से किया था। जैसा कि फारफेलकुगेल कंपकंपी करता है, उपशीर्षक दिखाता है "वह मजाक कर रही होगी!"
* टेलीविजन श्रृंखला ड्रॉन टुगेदर में चरित्र लिंग-लिंग को केवल अंग्रेजी उपशीर्षक के माध्यम से समझा जा सकता है, क्योंकि उसका संवाद चरित्र के लिए आवाज अभिनेत्री एबे डिग्रेगोरियो द्वारा "जापोरियन" के रूप में संदर्भित गैर-मौजूद भाषा में दिया गया है।
* टेलीविजन श्रृंखला ग्रीन एकर्स एपिसोड "लिसा मर्डर कम्स फॉर अ विजिट" (सीजन ५ एपिसोड १) में लिसा और उसकी मां अंग्रेजी उपशीर्षक के साथ हंगरी में बातचीत करती हैं। सबसे पहले, लिसा नीचे देखती है और उपशीर्षक को ठीक करती है, "नहीं नहीं नहीं, मैंने कहा कि आप थोड़ा नहीं बदले हैं! हमें उपशीर्षक के साथ यहाँ बहुत परेशानी है", और वे बदल जाते हैं। माँ का जापानी ड्राइवर पूछता है "मैं भीख माँगता हूँ - मैं घर में बैग लाता हूँ?" यह एक गोंग ध्वनि और जापानी उपशीर्षक प्राप्त करता है। इसके बाद मदर का [[ग्रेट डेन]] भौंकने के साथ "मैंने इससे बेहतर डॉगहाउस देखे हैं" उपशीर्षक के साथ लिसा ने जवाब दिया "कुत्ते जो कहते हैं उसमें हमें कोई दिलचस्पी नहीं है", और उपशीर्षक गायब हो जाते हैं। बाद में उपशीर्षक फार्महैंड ईबी से पूछते हैं कि क्या उन्हें प्रकरण के लिए किसी और उपशीर्षक की आवश्यकता होगी।
* यूके टेलीविजन श्रृंखला टॉप गियर में श्रृंखला १३ के एपिसोड ६ में वे [[कार्ला ब्रूनी]] द्वारा गाए गए गीत का जानबूझकर गलत अनुवाद करते हैं, जिसमें कथित तौर पर प्रस्तुतकर्ताओं की तिकड़ी ("लेकिन मुख्य रूप से जेम्स मे") के प्रति घृणा की निंदा की जाती है, जिसे नष्ट करने का दावा किया जाता है। उसका अपना मॉरिस मरीना।
* वेंस जॉय के संगीत वीडियो "रिप्टाइड" में यह एक महिला को गाने के बोल गाते हुए दिखाता है। कई बिंदुओं पर गीत गाए जाते हैं "मेरे गले में एक गांठ है क्योंकि आप गलत शब्द गा रहे हैं"<ref>{{Cite web|url=http://www.metrolyrics.com/riptide-lyrics-vance-joy.html|title=Vance Joy – Riptide Lyrics – MetroLyrics|website=metrolyrics.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20191020132819/http://www.metrolyrics.com/riptide-lyrics-vance-joy.html|archive-date=2019-10-20}}</ref> को जानबूझकर गलत उपशीर्षक "मेरे गले में एक गांठ है क्योंकि तुम चले गए और दुनिया के भेड़िये को डुबो दिया" दिया गया है।<ref>{{Cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=uJ_1HMAGb4k|title=Vance Joy – 'Riptide' Official Video|date=2 April 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20230430023045/https://www.youtube.com/watch?v=uJ_1HMAGb4k|archive-date=30 अप्रैल 2023|access-date=2 मई 2023|url-status=bot: unknown}}</ref>
* "वीयर्ड अल" यांकोविच के संगीत वीडियो में "स्मेल्स लाइक निर्वाण" के लिए दूसरी कविता को गाने की कथित अचिंतनीयता का उपहास करने के तरीके के रूप में उपशीर्षक दिया गया है। इन पंक्तियों में से एक है "इट्स हार्ड टू बार्गल नौड़ल ज़ूस???" (तीन प्रश्न चिह्नों के साथ), जिसका कोई अर्थ नहीं है, लेकिन निम्नलिखित पंक्ति द्वारा समझाया गया है, "इन सभी मार्बल्स इन माई माउथ" के साथ। बाद वाले को गाते हुए, यनकोविक वास्तव में एक-दो कंचे उगलते हैं।
उपशीर्षक में हास्य का एक अनजाने स्रोत गैर-अंग्रेजी भाषी देशों (विशेष रूप से चीन) में निर्मित अवैध डीवीडी से आता है। इन डीवीडी में अक्सर खराब शब्द वाले उपशीर्षक ट्रैक होते हैं, संभवतः [[यान्त्रिक अनुवाद|मशीनी अनुवाद]] द्वारा निर्मित, विनोदी परिणामों के साथ। बेहतर ज्ञात उदाहरणों में से एक ''[[स्टार वॉर्स एपिसोड III: रिवेंज ऑफ़ द सिथ|स्टार वार्स: एपिसोड ३ - रिवेंज ऑफ द सिथ]]'' की एक प्रति है जिसका उद्घाटन शीर्षक उपशीर्षक था, "स्टार वॉर: द बैकस्ट्रोक ऑफ द वेस्ट"।<ref>{{Cite web|url=http://winterson.com/2005/06/episode-iii-backstroke-of-west.html|title=episode iii, the backstroke of the west|last=jeremy|date=6 July 2005|website=winterson.com|publisher=Google, Inc|archive-url=https://web.archive.org/web/20080516224348/http://www.winterson.com/2005/06/episode-iii-backstroke-of-west.html|archive-date=16 May 2008|access-date=10 March 2013}}</ref>
== यह भी देखें ==
{{div col|colwidth=22em}}
* [[देखो सो पाओ]]
* [[बंद अनुशीर्षक]]{{div col end}}
== संदर्भ ==
<references group="" responsive="1"></references>
== बाहरी संबंध ==
* [https://web.archive.org/web/20120413022337/http://www.esist.org/ESIST%20Subtitling%20code_files/Code%20of%20Good%20Subtitling%20Practice_en.pdf अच्छे सबटाइटलिंग अभ्यास का ईएसआईएसटी कोड]
* [https://web.archive.org/web/20070927173418/http://www.accurapid.com/journal/04stndrd.htm यूरोप में सबटाइटलिंग मानकों का प्रस्तावित सेट]
* [https://funtitles.com/ SRT उपशीर्षक प्राप्त करने का आसान तरीका] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230502174119/https://funtitles.com/ |date=2 मई 2023 }}
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[[श्रेणी:अनुवाद]]
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एल्विश यादव
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'''सिद्धार्थ यादव''' ( जन्म 14 सितंबर 1997), जिन्हें '''एल्विश यादव''' के नाम से जाना जाता है। भारत के [[गुरुग्राम]] से एक भारतीय एक्टर ,यूट्यूबर, स्ट्रीमर और गायक हैं। वह अपने यूट्यूब वीडियो और [[बिग बॉस ओटीटी (हिंदी सीजन 2)|''बिग बॉस ओटीटी'' का दूसरा सीजन]] और 3-4 रियलिटी शो जीतने के लिए जाने जाते हैं।
== प्रारंभिक जीवन ==
यादव का जन्म 14 सितंबर 1997 को सिद्धार्थ यादव के रूप में पिता राम अवतार यादव और माता सुषमा यादव के घर एक [[हिन्दू|हिंदू]] [[अहीर]] परिवार में हुआ था। <ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.financialexpress.com/lifestyle/meet-elvish-yadav-the-winner-of-bigg-boss-season-15-who-shook-the-system-a-look-at-his-friendship-with-bigg-boss-runner-up-abhishek-malhan-his-net-worth-and-more/3210803/|title=Meet Elvish Yadav, the winner of Bigg Boss Season 15, who shook the 'System'; A look at his friendship with runner-up Abhishek Malhan, his net worth, and more…|date=2023-08-16|website=The Financial Express|language=en|access-date=2023-08-19}}</ref> उनकी एक बड़ी बहन कोमल यादव हैं। यादव बचपन में हरियाणा के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल गए थे। अपनी आगे की शिक्षा पूरी करने के लिए उन्होंने [[हंसराज कॉलेज|दिल्ली के हंसराज कॉलेज में]] दाखिला लिया। उनके भाई, जिनका निधन हो गया, ने जीवन के पहले कुछ वर्षों के दौरान सिद्धार्थ का नाम बदलकर एल्विश यादव रख दिया। <ref>{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/web-stories/entertainment/elvish-yadav-real-name-is-sidharth-yadav-his-brother-named-him-when-he-was-in-school/photoshow/101775612.cms|title=अच्छा! तो ये है एल्विश यादव का असली नाम|website=Navbharat Times|language=hi|access-date=2023-10-09}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://english.jagran.com/entertainment/bigg-boss-ott-2-winner-who-is-elvish-yadav-here-are-5-things-to-know-about-the-wildcard-entrant-creating-history-10093785|title=Bigg Boss OTT 2 Winner: Who Is Elvish Yadav? Here Are 5 Things To Know About The Wildcard Entrant Creating History|date=2023-08-14|website=English Jagran|language=en|access-date=2023-10-09}}</ref>
== आजीविका ==
यादव ने अपना यूट्यूब करियर 29 अप्रैल 2016 को शुरू किया और अगस्त 2023 तक, उनके प्राथमिक यूट्यूब चैनल पर 13.2 मिलियन सब्सक्राइबर और 1.16 बिलियन व्यूज हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.lifestyleasia.com/ind/entertainment/celebrities/elvish-yadav-most-viewed-funny-youtube-videos/|title=Check out 10 most-viewed YouTube videos of Bigg Boss OTT 2 winner Elvish Yadav|date=2023-09-14|website=Lifestyle Asia India|language=en-US|access-date=2023-09-16}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://socialblade.com/youtube/channel/UCbmu9wfzxKls40WkCzvqtRA|title=Elvish Yadav Social Blade profile|website=[[Social Blade]]}}</ref> उन्होंने शुरुआत में अपने चैनल का नाम 'द सोशल फैक्ट्री' रखा था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर एल्विश यादव रख दिया। उनकी सामग्री मुख्य रूप से फ्लैश फिक्शन और वैचारिक लघु फिल्मों के आसपास घूमती है। <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/viral/meet-elvish-yadav-desi-creator-whose-youtube-antics-have-entered-bigg-boss-house-8530585.html|title=Meet Elvish Yadav, Desi Creator Whose YouTube Antics Have Entered 'Bigg Boss' House|date=2023-08-10|website=News18|language=en|access-date=2023-10-09}}</ref>
उन्होंने 23 नवंबर, 2019 को 'एलविश यादव व्लॉग्स' नाम से एक नया [[यूट्यूब]] चैनल लॉन्च किया। फरवरी 2023 तक यादव के चैनल पर 3.47 मिलियन सब्सक्राइबर और 95 मिलियन व्यूज थे। उन्होंने इस चैनल पर अपने दोस्तों और परिवार के साथ दैनिक व्लॉग बनाए और फिल्मों की आलोचना की। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/binge-watch/story/who-is-elvish-yadav-popular-youtuber-turned-bigg-boss-ott-2-contestant-2408730-2023-07-19|title=Who is Elvish Yadav? Popular YouTuber turned 'Bigg Boss OTT 2' contestant|website=India Today|language=en|access-date=2023-08-18}}</ref> उन्होंने मई 2023 में एक नया गेमिंग चैनल 'एलविश यादव गेमिंग' भी शुरू किया <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatvnews.com/entertainment/ott/who-is-elvish-yadav-youtuber-creates-history-as-he-becomes-first-wild-card-contestant-to-win-bigg-boss-ott-2-2023-08-15-886763|title=Who is Elvish Yadav? YouTuber creates history as he becomes FIRST wild card contestant to win Bigg Boss|last=Suri|first=Ridhi|date=2023-08-15|website=indiatvnews.com|language=en|access-date=2023-10-09}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.rediff.com/movies/report/why-is-elvish-yadav-trending/20230718.htm|title=Why Is Elvish Yadav Trending?|last=THAKKER|first=NAMRATA|website=Rediff|language=en|access-date=2023-10-23}}</ref>
2023 में, उन्होंने कैप्टिव रियलिटी शो [[बिग बॉस ओटीटी (हिंदी सीजन 2)|''बिग बॉस ओटीटी'' (हिंदी सीज़न)]] में वाइल्डकार्ड-प्रवेशी के रूप में भाग लिया और विजेता के रूप में उभरे। <ref>{{Cite web|url=https://www.timesnownews.com/entertainment-news/bigg-boss-ott-2-elvish-yadav-aashika-bhatia-to-enter-as-wild-card-contestants-what-we-know-article-101693109|title=Bigg Boss OTT 2: Elvish Yadav, Aashika Bhatia To Enter As Wild Card Contestants? What We Know|date=2023-07-12|website=TimesNow|language=en|access-date=2023-08-18}}</ref>
वह कपड़ों के ब्रांड 'सिस्टम क्लोदिंग' और 'एल्ग्रो वुमेन' के भी मालिक हैं। <ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.thestatesman.com/entertainment/elvish-yadavs-journey-from-a-social-media-influencer-to-bigg-boss-ott-2-winner-1503211923.html|title=Elvish Yadav's journey from a social media influencer to Bigg Boss OTT 2 winner|date=15 August 2023|website=The Statesman (India)}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://fbscoach.com/elvish-yadav-business/|title=Elvish Yadav Business -|date=2023-08-18|language=en-US|access-date=2023-08-18}}</ref> वह एक [[अशासकीय संस्था|एनजीओ]] 'एलविश यादव फाउंडेशन' के भी मालिक हैं, जो वंचित बच्चों को शिक्षा और जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन प्रदान करने में मदद करता है। <ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.dnaindia.com/television/photo-gallery-meet-bigg-boss-ott-2-contestant-elvish-yadav-25-year-old-youtuber-who-owns-rs-15-crore-sportscar-multiple-houses-3051565|title=Meet Bigg Boss OTT 2 contestant Elvish Yadav, 25-year-old YouTuber who owns Rs 1.5 crore sportscar, multiple houses|website=DNA India|language=en|access-date=2023-08-18}}</ref>
== व्यक्तिगत जीवन ==
2016 में, उन्होंने आशीष चंचलानी और अमित भड़ाना से प्रेरित होकर अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। <ref name=":32">{{Cite web|url=https://www.dnaindia.com/television/photo-gallery-meet-bigg-boss-ott-2-contestant-elvish-yadav-25-year-old-youtuber-who-owns-rs-15-crore-sportscar-multiple-houses-3051565|title=Meet Bigg Boss OTT 2 contestant Elvish Yadav, 25-year-old YouTuber who owns Rs 1.5 crore sportscar, multiple houses|website=DNA India|language=en|access-date=2023-08-18}}</ref>
== विवाद ==
यादव ने अपने यूट्यूब प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग आमतौर पर "रोस्टिंग" नामक एक प्रथा में संलग्न होने के लिए किया, विशेष रूप से [[टिकटॉक]] वीडियो को लक्षित करने के लिए। अपनी सामग्री में, उन्होंने टिकटॉक वीडियो में दिखाए गए युवा व्यक्तियों और फेंकी गई वस्तुओं को साफ करने में लगे व्यक्तियों, जिन्हें आम बोलचाल की भाषा में "कूड़ा बीनने वाले" के रूप में जाना जाता है, के बीच तुलना की। <ref>{{Cite journal|last=Verma|first=Tarishi|date=2020-12-21|title=Cultural cringe: how caste and class affect the idea of culture in social media|url=http://dx.doi.org/10.1080/14680777.2021.1864879|journal=Feminist Media Studies|volume=21|issue=1|pages=159–161|doi=10.1080/14680777.2021.1864879|issn=1468-0777}}</ref>
=== कुशा कपिला पर लिंगभेदी और अपमानजनक टिप्पणी ===
महिला हास्य कलाकार [[कुशा कपिला]] के प्रति उनकी आलोचनात्मक टिप्पणी के लिए उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उनकी टिप्पणियों को व्यापक रूप से ऑनलाइन दुरुपयोग का एक उदाहरण माना गया, और उन्होंने ऑनलाइन समुदाय से पर्याप्त विवाद और अस्वीकृति को जन्म दिया। <ref>{{Cite journal|last=Sharma|first=Mridula|year=2021|title=Indian Women in Comedy: An Inquiry into the Perpetuation of Rape Culture on Social Media|url=https://sanglap-journal.in/index.php/sanglap/article/view/4|journal=Sanglap: Journal of Literary and Cultural Inquiry|volume=07|issue=02|pages=26–47|doi=10.35684/jlci.2021.7202|issn=2349-8064|access-date=6 नवंबर 2023|archive-date=2 नवंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231102092404/https://sanglap-journal.in/index.php/sanglap/article/view/4|url-status=dead}}</ref>
=== गमला चोरी मामला ===
मार्च 2023 में एल्विश यादव का नाम सरकारी गमले चोरी मामले में ट्रेंड कर रहा था। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि गमले चोरी वाले वीडियो में दिख रही गाड़ी उनकी नहीं है। उन्होंने अनुरोध किया कि उनके बारे में कोई गलत जानकारी न फैलाई जाए।<ref name="auto2">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/new-updates/why-youtuber-elvish-yadavs-name-is-trending-in-flower-pots-theft-case-read-here/articleshow/98359933.cms?from=mdr|title=Why Youtuber Elvish Yadav's name is trending in flower pots' theft case? Read here|date=2023-03-02|work=The Economic Times|access-date=2023-07-14|issn=0013-0389}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/elvish-yadav-gurugram-flower-pots-video-elvish-yadav-trends-after-flower-pots-theft-video-goes-viral-who-is-he-3824214|title=#ElvishYadav Trends After Flower Pots' Theft Video Goes Viral. Who Is He|website=NDTV.com|access-date=2023-07-14}}</ref>
=== अर्जुन बिजलानी पर अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और लिंगभेदी टिप्पणी ===
सितंबर 2023 में, यादव ने अतिरिक्त विवाद उत्पन्न किया जब उन्होंने [[अर्जुन बिज्लानी|अर्जुन बिजलानी]] को "एक महिला" कहा। आक्रामक और अनुचित समझे गए इस विशेष बयान की विभिन्न हलकों से व्यापक आलोचना और निंदा हुई। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/binge-watch/story/elvish-yadav-calls-arjun-bijlani-woman-after-actor-takes-indirect-dig-at-him-2437051-2023-09-18|title=Elvish Yadav calls Arjun Bijlani 'woman' after actor takes indirect dig at him|website=India Today|language=en|access-date=2023-10-23}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.shethepeople.tv/opinion/elvish-yadav-comments-on-woman-1349535|title=Is Calling A Man 'Woman' An Insult? Why Elvish's Humour Needs To Evolve|last=Prakash|first=Priya|website=shethepeople.tv|language=en|access-date=2023-10-23}}</ref>
=== जंगली साँपो के ज़हर की तस्करी ===
3 नवंबर 2023 को, [[नोएडा]] पुलिस ने [[कोबरा इफ़ेक्ट|कोबरा]] सहित नौ जहरीले सांप पाए जाने के बाद एल्विश और पांच अन्य के खिलाफ [[प्राथमिकी|एफआईआर]] दर्ज की। इन सांपों और सांप के जहर का इस्तेमाल कथित अवैध [[रेब|रेव]] पार्टियों में किया जाता था। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/cities/noida/story/noida-police-bust-rave-party-5-arrested-fir-names-big-boss-winner-elvish-yadav-2457462-2023-11-03|title=Snakes, snake venom at Noida rave, case against Bigg Boss OTT's Elvish Yadav|website=India Today|language=en|access-date=2023-11-03}}</ref> मामला भाजपा सांसद [[मेनका गांधी]] के एनजीओ की शिकायत के आधार पर शुरू किया गया था, जिसमें एल्विश पर सांपों के साथ वीडियो शूट करने और सांप के जहर और दवाओं के साथ अनधिकृत पार्टियों की मेजबानी करने का आरोप लगाया गया था। एक गुप्त ऑपरेशन में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने एल्विश यादव को मास्टरमाइंड बताया। <ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/fir-against-influencer-elvish-yadav-5-aides-for-rave-parties-with-snake-venom-101698990718567.html|title=YouTuber Elvish Yadav, 5 aides booked in Noida for rave parties with snake venom|date=2023-11-03|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2023-11-03}}</ref>
17 मार्च 2024 को यादव को नोएडा पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम 1985 और [[वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972]] के तहत गिरफ़्तार कर के न्यायालय में पेश किया जहां से अदालत ने एल्विश यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मीडिया के अनुसार पूछताछ की दौरान एल्विश यादव ने आरोपों को अस्वीकार किया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/entertainment/television/story/elvish-yadav-arrested-by-noida-police-action-taken-in-cobra-incident-bigg-boss-ott-tmovb-1900459-2024-03-17|title=यूट्यूबर Elvish Yadav पर लगा NDPS एक्ट, सांपों के जहर की तस्करी से जुड़ा है मामला|date=2024-03-17|website=आज तक|language=hi|access-date=2024-03-17}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/uttar-pradesh/noida-ncr-youtuber-elvish-yadav-sent-to-14-days-judicial-custody-in-snake-venom-smuggling-case-23676931.html|title=YouTuber Elvish Yadav को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा, वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई - YouTuber Elvish Yadav sent to 14 days judicial custody in snake venom smuggling case|website=Jagran|language=hi|access-date=2024-03-17}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/delhi-ncr/noida/elvish-confessed-to-supplying-snake-poison-and-petition-was-not-heard-today-2024-03-18|title=Elvish Yadav: एल्विश का चौंकाने वाला कबूलनामा, बोला-हां मैं पार्टियों में सांपों और उनके जहर की करता था सप्लाई|website=Amar Ujala|language=hi|access-date=2024-03-18}}</ref>
=== यूट्यूबर मैक्स्टर्न के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी ===
8 मार्च 2024 को, यादव का अपने कई साथियों के साथ [[गुरुग्राम जिला|गुड़गांव]] की एक कपड़ा दुकान में साथी कंटेंट क्रिएटर सागर ठाकुर (जिसे ऑनलाइन मैक्सटर्न के नाम से जाना जाता है) के साथ मारपीट, शारीरिक शोषण और जान से मारने की धमकी देने का फुटेज ऑनलाइन वायरल हो गया। [[इण्डिया टुडे|इंडिया टुडे]] के मुताबिक उनके खिलाफ [[एफआईआर]] दर्ज की गई है. माना जाता है कि यह विवाद एक सोशल मीडिया झड़प के बाद हुआ, जिसमें ठाकुर ने कॉमेडियन [[मुनव्वर फारूकी|मुनव्वर फारुकी]] के साथ मेलजोल बढ़ाने के लिए यादव की आलोचना की थी। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/cities/gurugram/story/video-bigg-boss-fame-elvish-yadav-beats-youtuber-maxtern-after-social-media-clash-2512471-2024-03-08|title=Video: Bigg Boss fame Elvish Yadav beats YouTuber after social media clash|website=India Today|language=en|access-date=2024-03-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.indiatv.in/viral/news/elvish-yadav-beat-youtuber-maxtern-threatened-him-cctv-footage-viral-on-social-media-netizens-angry-demand-action-2024-03-08-1029529|title=एल्विश यादव ने 8-10 लड़कों के साथ मिलकर की youtuber की पिटाई, वायरल हो रहे कलेश के ये Videos|last=Yadav|first=Pankaj|last2=Hindi|first2=India TV|date=2024-03-08|website=India TV Hindi|language=hi|access-date=2024-03-11}}</ref> हालाँकि, यादव ने [[द इंडियन एक्सप्रेस]] को बताया कि ठाकुर ने उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी, और यह घटना आवेश में हुई, और कथित तौर पर ठाकुर ने विवाद स्थल पर कैमरे लगाए थे, ताकि घटना कैद हो जाए।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/delhi/elvish-yadav-booked-for-beating-up-fellow-youtuber-gurgaon-cops-9203810/|title=Elvish Yadav booked for beating up fellow YouTuber over social media rivalry: Gurgaon cops|date=2024-03-08|website=The Indian Express|language=en|access-date=2024-03-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/police-notice-to-elvish-yadav-to-join-probe-over-youtuber-assault-case-2512861-2024-03-10|title=Police notice to Elvish Yadav to join probe in YouTuber assault case|website=India Today|language=en|access-date=2024-03-11}}</ref>
== फिल्मोग्राफी ==
=== टेलीविजन ===
{| class="wikitable"
!वर्ष
!शीर्षक
!भूमिका
!संदर्भ।
|-
|2021
|एल्विश यादव
|
|<ref>{{Cite web|url=https://www.hotstar.com/in/tv/elvish-yadav/1260072635|title=Elvish Yadav|website=Disney+ Hotstar|language=en|access-date=2023-08-18|archive-date=12 अक्तूबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231012225302/https://www.hotstar.com/in/tv/elvish-yadav/1260072635|url-status=dead}}</ref>
|-
|2022
|हंगामा
|
|<ref>{{Cite web|url=https://techcrunch.com/2021/05/15/amazon-minitv-free-streaming-service-india/|title=Amazon miniTV, a free streaming service, launched in India|last=Singh|first=Manish|date=2021-05-15|website=TechCrunch|language=en-US|access-date=2023-08-19}}</ref>
|-
| rowspan="3" |2023
|[[बिग बॉस ओटीटी (हिंदी सीजन 2)|''बिग बॉस ओटीटी'' (हिंदी सीजन 2)]]
|विजेता
|<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/entertainment/bigg-boss-ott-season-2-finale-elvish-yadav-lifts-trophy-beats-abhishek-malhan-4298456|title=Bigg Boss OTT 2 : Elvish Yadav Becomes The First Wild Card To Win The Trophy|website=NDTV.com|access-date=2023-08-16}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.jiocinema.com/tv-shows/bigg-boss-ott/3499624|title=Bigg Boss OTT Season 2 : Watch Bigg Boss OTT All Seasons, Episodes and Videos Online|website=jiocinema.com|language=en|access-date=2023-08-16}}</ref>
|-
|हंसी का हाहाकार
|
|<ref>{{Cite news|url=https://www.bloomberg.com/press-releases/2022-01-19/q-india-launches-influencer-led-comedy-series-hasi-ka-hahakaar|title=Q India Launches Influencer Led Comedy Series 'Hasi Ka HAHAkaar'|date=2022-01-19|work=Bloomberg.com|access-date=2023-08-18|language=en}}</ref>
|-
|''टेम्पटेशन द्वीप भारत''
|
|<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/web-series/elvish-yadav-to-be-part-of-temptation-island-india-will-try-to-instigate-partners-against-each-other-9005857/|title=Elvish Yadav to be part of Temptation Island India: ‘Will try to instigate partners against each other’|date=2023-10-30|website=The Indian Express|language=en|access-date=2023-10-31}}</ref>
|}
=== वीडियो संगीत ===
{| class="wikitable sortable"
!वर्ष
!शीर्षक
!भूमिका
!कलाकार की)
!टिप्पणियाँ
!संदर्भ।
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|2022
|बुरा आदमी (डीजी)
|अभिनेता
|डीजी अमर
|
|<ref>{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/video/movie-masti/haryanvi-songs/bigg-boss-ott-2-elvish-yadav-new-song-bad-guy-dg-new-hariyanvi-song/videoshow/102189343.cms|title=Elvish Yadav Song: 'बिग बॉस' ही नहीं हरियाणवी गानों के भी किंग हैं एल्विश यादव, 'बैड गाय' में दिखाया है तगड़ा स्वैग|website=Navbharat Times|language=hi|access-date=2023-08-18}}</ref>
|-
| rowspan="7" |2023
|''सिस्टम''
|अभिनेता
|डीजी अमर
|
|<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatv.in/video/entertainment/elvish-yadav-systumm-elvishyadav-biggbossott2-2023-08-16-981776|title=Elvish Yadav क्यों कहते है बार-बार Systumm, जानिए इसके पीछे की वजह {{!}}Elvishyadav {{!}} Biggbossott2|date=2023-08-16|website=India TV Hindi|language=hi|access-date=2023-08-18}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/haryana/ambala-haryanvi-trending-songs-world-wide-pranjal-dahiya-kalesh-chori-and-elvish-yadav-systumm-featured-on-times-square-23493341.html|title=Haryanvi Hit Songs हरियाणवी गानों की विदेशों में धूम टाइम्स स्क्वायर पर फीचर हुआ Kalesh Chori और SYSTUMM - Haryanvi Trending Songs world wide pranjal Dahiya Kalesh Chori and elvish yadav SYSTUMM featured on Times Square|website=Jagran|language=hi|access-date=2023-08-18}}</ref>
|-
|पुंजा दाब
|अभिनेता
|परमीश वर्मा
|
|<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/entertainment/music/haryanvi/watch-the-latest-punjabi-video-song-punja-daab-sung-by-parmish-verma-x-dg-immortals/videoshow/98963017.cms|title=Watch The Latest Haryanvi Video Song 'Punja Daab' Sung By Parmish Verma X DG Immortals {{!}} Haryanvi Video Songs - Times of India|website=The Times of India|language=en|access-date=2023-08-18}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.ptcpunjabi.co.in/pollywood/parmish-verma-shares-a-roamntic-video-with-wife-geet-grewal-414117|title=ਪਰਮੀਸ਼ ਵਰਮਾ ਨੇ ਪਤਨੀ ਗੀਤ ਗਰੇਵਾਲ ਦੇ ਨਾਲ ਸਾਂਝਾ ਕੀਤਾ ਵੀਡੀਓ, ਜੋੜੀ ਦਾ ਰੋਮਾਂਟਿਕ ਅੰਦਾਜ਼ ਹਰ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਆ ਰਿਹਾ ਪਸੰਦ|date=2023-04-18|website=PTC Punjabi|language=en|access-date=2023-08-18}}</ref>
|-
|राव साहब
|अभिनेता
|अमर खरकिया
|
|<ref>{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/video/movie-masti/haryanvi-songs/elvish-yadav-songs-amar-kharkiya-rao-sahab-song-new-hariyanvi-song/videoshow/102466980.cms|title=Elvish Yadav Rao Sahab Song: 'राव साहब' बने एल्विश यादव का स्वैग देख दिल बिछने को तैयार हो जाएंगी लड़कियां, 'बिग बॉस' में अलग ही गर्दा उड़ा रहे|website=Navbharat Times|language=hi|access-date=2023-08-18}}</ref>
|-
|हम तो दीवाने
|अभिनेता
|यासिर देसाई
|
|<ref>{{Cite web|url=https://theprint.in/feature/urvashi-rautela-elvish-yadavs-romantic-song-hum-toh-deewane-poster-release-date-out/1753844/|title=Urvashi Rautela, Elvish Yadav’s romantic song ‘Hum toh Deewane’ poster, release date out|last=ANI|date=2023-09-09|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2023-10-23}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/hindi/elvish-yadavs-romantic-music-video-teaser-with-urvashi-rautela-sets-a-record-of-2-million-views-in-10-5-hours-pooja-bhatt-writes-oh-ho-star/articleshow/103620679.cms|title=Elvish Yadav’s romantic music video teaser with Urvashi Rautela sets a record of 2 million views in 10.5 hours; Pooja Bhatt writes 'Oh Ho Star'|date=2023-09-13|work=The Times of India|access-date=2023-09-16|issn=0971-8257}}</ref>
|-
|मीटर खेंच के
|अभिनेता
|आर क्रूज़, वर्चुअल_एएफ, लव कटारिया
|
|<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/entertainment/music/haryanvi/enjoy-the-new-haryanvi-music-video-for-meter-khench-ke-by-r-cruze-x-virtual-af-featuring-elvish-yadav/videoshow/102941266.cms|title=Enjoy The New Haryanvi Music Video For Meter Khench Ke By R Cruze x Virtual AF Featuring Elvish Yadav {{!}} Haryanvi Video Songs - Times of India|website=The Times of India|language=en|access-date=2023-09-30}}</ref>
|-
|बोलेरो
|अभिनेता
|[[असीस कौर]], प्रीतिंदर
|
|<ref>{{Cite web|url=https://gossiptalkie.com/elvish-yadav-biography/|title=Elvish Manisha Bolero Song: रिलीज हुआ मनीषा रानी और एल्विश यादव का गाना 'बोलेरो', दिखी खट्टी-मीठी केमिस्ट्री - Elvish Yadav and Manisha Rani Bolero Song Release fans loved their chemistry in music video|website=Jagran|language=hi|access-date=2023-10-23|archive-date=3 नवंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231103112001/https://gossiptalkie.com/elvish-yadav-biography/|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.pinkvilla.com/tv/news/bolero-is-out-after-bigg-boss-ott-2-elvish-yadav-and-manisha-rani-steal-hearts-in-collaboration-1252921|title=Bolero is OUT: After Bigg Boss OTT 2, Elvish Yadav and Manisha Rani steal hearts in collaboration|date=2023-10-21|website=PINKVILLA|language=en|access-date=2023-10-23|archive-date=22 अक्तूबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231022124656/https://www.pinkvilla.com/tv/news/bolero-is-out-after-bigg-boss-ott-2-elvish-yadav-and-manisha-rani-steal-hearts-in-collaboration-1252921|url-status=dead}}</ref>
|-
|सूरज हुआ मद्धम
|अभिनेता
|[[अलका याज्ञिक|अलका याग्निक]], [[संदेश शांडिल्य]], [[सोनू निगम]]
|पुनर्निर्माण
|<ref>{{Cite web|url=https://www.pinkvilla.com/tv/news/surprise-soon-bigg-boss-ott-2-fame-elvish-yadav-shares-glimpse-of-his-new-project-watch-1240908|title='Surprise Soon' Bigg Boss OTT 2 fame Elvish Yadav shares glimpse of his new project; Watch|date=2023-09-04|website=PINKVILLA|language=en|access-date=2023-09-30|archive-date=2 नवंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231102161927/https://www.pinkvilla.com/tv/news/surprise-soon-bigg-boss-ott-2-fame-elvish-yadav-shares-glimpse-of-his-new-project-watch-1240908|url-status=dead}}</ref>
|}
== डिस्कोग्राफी ==
=== '''एकल और सहयोग''' <ref>{{Cite web|url=https://www.jiosaavn.com/artist/elvish-yadav-songs/FY9QlMQ1WZ0_|title=Elvish Yadav - Top Songs - Listen on JioSaavn|website=JioSaavn|language=en-US|access-date=2023-08-16}}</ref> ===
{| class="wikitable sortable"
!वर्ष
!शीर्षक
!भूमिका
!कलाकार की)
!टिप्पणियाँ
!संदर्भ।
|-
|2021
|अपना गाव
|गायक
|वह स्वयं
|
|<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/videos/entertainment/music/haryanvi/check-out-new-haryanvi-trending-song-music-video-apna-gaav-audio-sung-by-elvish-yadav/videoshow/79714915.cms|title=Check Out New Haryanvi Trending Song Music Video - 'Apna Gaav' (Audio) Sung By Elvish Yadav {{!}} Haryanvi Video Songs - Times of India|website=The Times of India|language=en|access-date=2023-08-18}}</ref>
|-
|2023
|बावली
|गायक
|वह स्वयं
|
|<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/hindi/elvish-yadav-dg-immortals-collaborates-once-again-for-song-bawli/articleshow/103930424.cms|title=Elvish Yadav, DG Immortals collaborates once again for song ‘Bawli’|date=2023-09-25|work=The Times of India|access-date=2023-09-30|issn=0971-8257}}</ref>
|}
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारतीय हास्य अभिनेताओं की सूची|भारतीय हास्य कलाकारों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
<references responsive="1"></references>
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{YouTube|channel=UCbmu9wfzxKls40WkCzvqtRA}}
* {{IMDb name|nm12842508}}
* {{Twitter|id=ElvishYadav}}
{{Subject bar|commons=No|commons-search=|d=yes|d-search=Q120828598|portal1=Biography|portal2=India}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:हरियाणा के लोग]]
[[श्रेणी:1998 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय युट्यूबर]]
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100 ईसा पूर्व (दशक)
0
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2026-04-22T19:24:22Z
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लेख का विस्तार; दशक संबंधी संरचना और सामग्री जोड़ी गई
6543184
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text/x-wiki
{{Short description|109 ईसा पूर्व से 100 ईसा पूर्व तक का दशक}}
[[चित्र:World_in_100_BCE.PNG|अंगूठाकार|550x550पिक्सेल|१०० ईसा पूर्व में विश्व का मानचित्र]]
'''१०९ ईसा पूर्व से १०० ईसा पूर्व तक का दशक''' (109 BCE – 100 BCE) प्राचीन इतिहास का एक महत्वपूर्ण कालखंड था, जिसमें विभिन्न सभ्यताओं और साम्राज्यों में राजनीतिक, सैन्य और सांस्कृतिक परिवर्तन हुए।
== घटनाएँ ==
* इस काल में [[रोमन गणराज्य]] का विस्तार जारी रहा और उसने यूरोप तथा भूमध्यसागर क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की।
* [[चीन]] में [[हान राजवंश]] के शासन के दौरान प्रशासनिक और सैन्य संरचनाओं का विकास हुआ।
* मध्य एशिया और अन्य क्षेत्रों में भी विभिन्न जनजातीय और साम्राज्यिक गतिविधियाँ जारी रहीं।
== प्रमुख व्यक्तित्व ==
* [[जूलियस सीज़र]] (जन्म 100 ईसा पूर्व) – रोमन राजनेता और सैन्य नेता
* अन्य समकालीन ऐतिहासिक व्यक्तित्व
== जन्म ==
* 100 ईसा पूर्व – [[जूलियस सीज़र]], रोमन शासक
== मृत्यु ==
* (इस दशक में महत्वपूर्ण मृत्यु के विवरण)
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
{{Births and deaths by year for decade|-10}}
[[श्रेणी:दशक]]
[[श्रेणी:ईसा पूर्व के दशक]]
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सदस्य वार्ता:Adarsh Rajput Ji
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Adarsh Rajput Ji
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[[File:Adarsh Rajput Ji.png|thumb|Adarsh Rajput Ji]]
== Adarsh Rajput ==
[[File:Adarsh Rajput.jpg|thumb|आदर्श राजपूत]]
----Adarsh Rajput
== [[:सदस्य:आदर्श कुमार राजपूत|सदस्य:आदर्श कुमार राजपूत]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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सदस्य:Adarsh Rajput Ji/प्रयोगपृष्ठ
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2026-04-22T17:16:12Z
Adarsh Rajput Ji
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text/x-wiki
== Adarsh Rajput ==
[[File:Adarsh Rajput Ji.png|thumb|Adarsh Rajput Ji]]
'''Adarsh Rajput''' एक भारतीय संगीत कलाकार (Artist) और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो हिंदी और भावनात्मक (romantic/sad) गीतों के लिए जाने जाते हैं। उनका गीत ''Tujh Sang Preet Lagai Sajna'' डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया।
== करियर ==
Adarsh Rajput ने स्वतंत्र कलाकार के रूप में अपना संगीत करियर शुरू किया। उन्होंने अपना पहला प्रमुख गीत ''Tujh Sang Preet Lagai Sajna'' रिलीज किया, जिसे YouTube और अन्य म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित किया गया। उनके गीतों में भावनात्मक और लो-फाई शैली का प्रभाव देखा जाता है।
== डिस्कोग्राफी ==
=== सिंगल ===
* ''Tujh Sang Preet Lagai Sajna''
== शैली ==
Adarsh Rajput मुख्य रूप से हिंदी रोमांटिक, सैड और लो-फाई शैली के गीतों पर काम करते हैं।
== बाहरी लिंक ==
* YouTube चैनल (http://www.youtube.com/@adarsh_rajput_8400)
* Spotify कलाकार प्रोफ़ाइल (https://open.spotify.com/artist/79TkAuQO8c7ShGKEdqIJ0r?si=75R_oS6ISseK76JK5aH8iQ)
== संदर्भ ==
(यहाँ विश्वसनीय स्रोत जोड़े जाने आवश्यक हैं जैसे म्यूजिक प्लेटफॉर्म लिंक, न्यूज़ वेबसाइट आदि)
[[आदर्श राजपूत]] उर्फ शेखर का जन्म सौरंगपुर गांव, (जनपद हरदोई) (उत्तरप्रदेश) में [[27 सितंबर, 2006]] को हुआ थाप। इनके पिता का नाम [[अरविंद राजपूत]] एवं माता का नाम [[उमा देवी]] है। इनके पिता एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापक थे। वे एक नेक और ईमानदार स्वभाव के हैं। बाद में इन्होंने स्कूल का माहौल अच्छा नहीं देखा तो स्कूल छोड़ दिया। इनकी माता भी स्वामित्व, नेक एक ग्रहणी हैं। आदर्श राजपूत बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के हैं। इन्हें स्कूल में कई बार सम्मानित किया गया। हाईस्कूल की परीक्षा में ये प्रथम श्रेणी में पास हुए। हाईस्कूल में इन्होंने 84.67% अंक प्राप्त किए। इंटरमीडिएट में ये स्कूल में पढ़ाई न होने से 74.33% ही अंक प्राप्त कर पाए। <ref>{{Cite web|url=https://m.instagram.com/adarsh_rajput_8400/|title=Instagram|last=Rajput|first=Adarsh|date=17/08/2025}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय अभिनेता]]
[[श्रेणी:तेलुगू अभिनेता]]
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एयू लघु वित्त बैंक
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*[[वित्तीय सेवाएँ]]}}|foundation={{start date and age|1996}}|founder=|location={{ubl|[[जयपुर]], [[राजस्थान]], भारत (पंजीकृत कार्यालय)|[[बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स|बी.के.सी.]], [[मुंबई]], भारत (मुख्य व्यवसायिक कार्यालय)}}|area_served=भारत|key_people={{ubl|राज विकाश वर्मा (अध्यक्ष))|संजय अग्रवाल (एमडी एवं सीईओ)}}|revenue={{increase}} {{INRconvert|9293|c}} (FY23)|equity={{increase}} {{INRconvert|6275|c}} (2021)|num_employees=43,500 (2024)|homepage={{official URL}}|logo=AU-Bank-new-logo-for-GBM 1024X1024.png}}'''एयू लघु वित्त बैंक लिमिटेड (''एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक'')''' एक भारतीय [[अनुसूचित बैंक|अनुसूचित]] लघु वित्त बैंक<ref>{{Cite web|url=https://www.aubank.in/sites/default/files/investor-presentation-Q3FY19.pdf|title=AU Bank Investor Presentation Q3FY19|access-date=23 जून 2024|archive-date=28 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190328113019/https://www.aubank.in/sites/default/files/investor-presentation-Q3FY19.pdf|url-status=dead}}</ref> और [[जयपुर]] में स्थित [[भारत]] का सबसे बड़ा<ref>https://www.business-standard.com/companies/news/fincare-sfb-to-merge-with-au-small-finance-bank-in-all-share-deal-123102900985_1.html</ref> तकनीक-आधारित<ref>{{Cite web|url=https://theprint.in/ani-press-releases/au-small-finance-bank-pioneers-customer-convenience-with-24x7-video-banking/1718594/|title=AU Small Finance Bank Pioneers Customer Convenience with 24x7 Video Banking|last=PR|first=ANI|date=2023-08-17|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2024-04-19}}</ref> लघु वित्त बैंक है। इसकी स्थापना 1996 में एक वाहन वित्त कंपनी और एनबीएफसी, एयू फाइनेंसियर्स (इंडिया) लिमिटेड के रूप में की गई थी और 19 अप्रैल 2017 को इसे एक पूर्ण लघु वित्त बैंक में बदल दिया गया।<ref name="economictimes">{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/au-small-finance-bank-ipo-heres-what-8-brokerages-say/articleshow/59339126.cms|title=AU Small Finance Bank IPO; here's what 8 brokerages say|last1=Mudgill|first1=Amit|date=28 June 2017|website=The Economic Times|access-date=15 March 2018}}</ref>
उसी वर्ष, ''एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक'' '''''फॉर्च्यून इंडिया 500''''' कंपनी बन गई और [[नेशनल स्टॉक एक्सचेंज]] (एनएसई) और [[बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज]] (बीएसई) में सूचीबद्ध हुई। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक 2019 में फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों की सूची में 355वें स्थान पर था, जिसकी कुल संपत्ति ₹31,198.68 करोड़ (US$3.7 बिलियन) थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.fortuneindia.com/fortune-500/company/au-small-finance-bank?year=%20%202019|title=AU Small Finance Bank – Fortune 500 List 2019 – Fortune India|website=[[Fortune India]]|access-date=23 जून 2024|archive-date=30 नवंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241130080855/https://www.fortuneindia.com/fortune-500/company/au-small-finance-bank?year=%20%202019|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.aubank.in/sites/default/files/investor-presentation-Q3FY19.pdf|title=AU Bank Investor Presentation Q3FY19|access-date=23 जून 2024|archive-date=28 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190328113019/https://www.aubank.in/sites/default/files/investor-presentation-Q3FY19.pdf|url-status=dead}}</ref> बैंक के पास CRISIL रेटिंग्स,<ref>{{Cite web|url=https://www.crisil.com/en/home/our-businesses/ratings/company-factsheet.html|title=Company Factsheet|website=CRISIL|access-date=2019-03-28}}</ref> ICRA रेटिंग्स,<ref>{{Cite web|url=https://www.icra.in/Rationale/ShowRationaleReport/?Id=71264|title=ICRA Report}}</ref> इंडिया रेटिंग्स<ref>{{Cite web|url=https://www.indiaratings.co.in/Issuers?issuerID=159&issuerName=AU-Small-Finance-Bank-Limited|title=India Ratings and Research Private Limited : India's Most Respected Credit Rating and Research Agency|work=indiaratings.co.in|language=en|access-date=2019-03-28}}</ref> और CARE रेटिंग्स से "AA-/स्टेबल" की दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग है।<ref>{{Cite web|url=http://www.careratings.com/upload/CompanyFiles/PR/AU%20Small%20Finance%20Bank-11-09-2018.pdf|title=Care Ratings for AU Bank|access-date=23 जून 2024|archive-date=3 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241203183039/https://www.careratings.com/upload/CompanyFiles/PR/AU%20Small%20Finance%20Bank-11-09-2018.pdf|url-status=dead}}</ref>
एक छोटे वित्त बैंक के रूप में, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक निम्न और मध्यम आय वाले व्यक्तियों और सूक्ष्म और छोटे व्यवसायों को सेवा प्रदान करता है जिनकी औपचारिक बैंकिंग और वित्त चैनलों तक सीमित या कोई पहुंच नहीं है। बैंक ऋण, जमा और भुगतान उत्पाद और सेवाएँ प्रदान करता है।<ref>{{Cite web|url=https://twitter.com/aubankindia/status/1774728557824241894?t=yZS_LSI6y_mbWbOyKKSX4w&s=19|title=AU SFB merger with Fincare SFB}}</ref>
1 अप्रैल तक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जो छोटे वित्त बैंकों से जुड़े अपनी तरह का पहला विलय है।<ref>{{Cite web|url=https://twitter.com/aubankindia/status/1774728557824241894?t=yZS_LSI6y_mbWbOyKKSX4w&s=19|title=AU SFB merger with Fincare SFB}}</ref>
31 दिसंबर, 2023 तक बैंक की कुल संपत्ति ₹12,167 करोड़ है, जमा आधार ₹80,120 करोड़, सकल अग्रिम ₹67,624 करोड़ और बैलेंस शीट का आकार ₹1,01,176 करोड़ है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bseindia.com/stock-share-price/au-small-finance-bank-ltd/aubank/540611/financials-results/|title=Stock Share Price {{!}} Get Quote {{!}} BSE|website=www.bseindia.com|access-date=2024-04-19}}</ref>
== इतिहास ==
कंपनी की स्थापना 1996 में संजय अग्रवाल (एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ) द्वारा एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में की गई थी, और 29 जून 2017 को सार्वजनिक रूप से आईपीओ में सूचीबद्ध की गई थी।<ref name="economictimes2">{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/au-small-finance-bank-ipo-heres-what-8-brokerages-say/articleshow/59339126.cms|title=AU Small Finance Bank IPO; here's what 8 brokerages say|last1=Mudgill|first1=Amit|date=28 June 2017|website=The Economic Times|access-date=15 March 2018}}</ref>
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लगभग 47,987 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ एनएसई और बीएसई पर सूचीबद्ध है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bseindia.com/stock-share-price/au-small-finance-bank-ltd/aubank/540611/|title=Stock Share Price | Get Quote | BSE}}</ref> कारोबार के पहले दिन, स्टॉक 51% बढ़कर प्राइस-टू-बुक के आधार पर भारत का सबसे महंगा बैंक बन गया।<ref>{{cite web|url=https://www.bloombergquint.com/markets/2017/07/11/after-51-listing-gains-au-small-finance-bank-indias-most-expensive-bank|title=After 51% Listing Gains, AU Small Finance Bank India's Most Expensive|last1=Babla|first1=Shraddha|date=11 July 2017|website=Bloomberg Quint|language=en|access-date=15 March 2018|archive-date=16 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180316023154/https://www.bloombergquint.com/markets/2017/07/11/after-51-listing-gains-au-small-finance-bank-indias-most-expensive-bank|url-status=dead}}</ref>
== पुरस्कार ==
# एफई इंडिया के सर्वश्रेष्ठ बैंक पुरस्कार में दो वर्षों के लिए '''सर्वश्रेष्ठ लघु वित्त बैंक''<nowiki/>' पुरस्कार <ref>https://twitter.com/FinancialXpress/status/1712836935809646760</ref>
# इंडिया रिस्क मैनेजमेंट अवार्ड्स 2023 में मास्टर ऑफ रिस्क <ref>{{Cite web|url=https://www.cnbctv18.com/ms/IRMA/winners-22-23|title=Risk Management Awards {{!}} IRMA Awards {{!}} CNBC-TV18|website=cnbctv18.com|language=en|access-date=2024-04-19}}</ref>
# लगातार तीन वर्षों तक ग्रेट प्लेस टू वर्क प्रमाणन <ref>{{Cite web|url=https://www.greatplacetowork.com/|title=AU SMALL FINANCE BANK LIMITED|website=www.greatplacetowork.com|access-date=2024-04-19}}</ref>
# भारतीय सीएसआर पुरस्कार 2023 में वर्ष की सबसे प्रभावशाली महिला रोजगार पहल का पुरस्कार
# 'सर्वश्रेष्ठ ब्रांडेड अभियान: टीवी' afaqs पर! ब्रांड स्टोरीज़ अवार्ड्स 2023 <ref>{{Cite web|url=https://events.afaqs.com/brandstoryz/Awards/winners|title=BrandStoryz|website=events.afaqs.com|language=en|access-date=2024-04-19}}</ref>
# पीपलफर्स्ट एचआर एक्सीलेंस अवार्ड 2023 (कई श्रेणियां) <ref>{{Cite web|url=https://www.peoplefirstltd.org/hrexcellenceawards/award-winners-album.php|title=Award Winners 2023 :: PeopleFirst HR Excellence Awards 2023 ::|website=www.peoplefirstltd.org|access-date=2024-04-19}}</ref>
# '''विश्वास और उच्च प्रदर्शन की संस्कृति विकसित करने में उत्कृष्टता''<nowiki/>' श्रेणी में ईटी ह्यूमन कैपिटल अवार्ड्स 2024 <ref>{{Cite web|url=https://hr.economictimes.indiatimes.com/human-capital-awards/winners-list|title=Human Capital Awards 2024|last=www.ETHRWorld.com|website=ETHRWorld.com|language=en|access-date=2024-04-19}}</ref>
# डन एंड ब्रैडस्ट्रीट द्वारा बीएफएसआई और फिनटेक शिखर सम्मेलन 2024 में '''भारत का अग्रणी लघु वित्त बैंक''<nowiki/>' <ref>{{Cite web|url=https://www.prnewswire.com/in/news-releases/indias-leading-bfsi--fintech-companies-recognised-by-dun--bradstreet-302091211.html|title=India's leading BFSI & FinTech companies recognised by Dun & Bradstreet|last=India|first=Dun & Bradstreet|website=www.prnewswire.com|language=en|access-date=2024-04-19}}</ref>
== यह भी देखें ==
* [[भारत में बैंकिंग]]
* [[भारत में कार्यरत बैंकों की सूची|भारत में बैंकों की सूची]]
* [[भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}{{भारत के बैंक}}
[[श्रेणी:बंबई स्टॉक एक्स्चेंज में सूचित कंपनियां]]
[[श्रेणी:भारत में निजी क्षेत्र के बैंक]]
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एंडोर्फिन
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text/x-wiki
'''एंडोर्फिन''' ('''एंडोजेनस मॉर्फिन''' से संश्लेषित)<ref name="Endogenous steroids in humans">{{cite journal | vauthors = Stefano GB, Ptáček R, Kuželová H, Kream RM | title = Endogenous morphine: up-to-date review 2011 | journal = Folia Biologica | volume = 58 | issue = 2 | pages = 49–56 | date = 1515 | pmid = 22578954 | url = http://fb.cuni.cz/file/5635/FB2012A0008.pdf | quote = Positive evolutionary pressure has apparently preserved the ability to synthesize chemically authentic morphine, albeit in homeopathic concentrations, throughout animal phyla. ... The apparently serendipitous finding of an opiate alkaloid-sensitive, opioid peptide-insensitive, µ3 opiate receptor subtype expressed by invertebrate immunocytes, human blood monocytes, macrophage cell lines, and human blood granulocytes provided compelling validating evidence for an autonomous role of endogenous morphine as a biologically important cellular signalling molecule (Stefano et al., 1993; Cruciani et al., 1994; Stefano and Scharrer, 1994; Makman et al., 1995). ... Human white blood cells have the ability to make and release morphine | access-date = 17 जुलाई 2024 | archive-date = 24 अगस्त 2016 | archive-url = https://web.archive.org/web/20160824130751/http://fb.cuni.cz/file/5635/FB2012A0008.pdf | url-status = dead }}</ref><ref name="IUPHAR">{{cite web|date=15 March 2017|title=μ receptor|url=http://www.guidetopharmacology.org/GRAC/ObjectDisplayForward?objectId=319|access-date=28 December 2017|work=IUPHAR/BPS Guide to PHARMACOLOGY|publisher=International Union of Basic and Clinical Pharmacology|quote=Comments: β-Endorphin is the highest potency endogenous ligand ... Morphine occurs endogenously.}}</ref><ref name"Chotima2004">{{cite journal | vauthors = Poeaknapo C, Schmidt J, Brandsch M, Dräger B, Zenk MH | title = Endogenous formation of morphine in human cells | journal = Proceedings of the National Academy of Sciences of the United States of America | volume = 101 | issue = 39 | pages = 14091–14096 | date = September 2004 | pmid = 15383669 | pmc = 521124 | doi = 10.1073/pnas.0405430101 | doi-access = free | bibcode = 2004PNAS..10114091P }}</ref> मस्तिष्क में उत्पादित [[पेप्टाइड]] हैं जो दर्द की धारणा को अवरुद्ध करते हैं और भलाई की भावनाओं को बढ़ाते हैं। वे मस्तिष्क की [[पिट्यूटरी ग्रंथि]] में उत्पादित और संग्रहीत होते हैं। एंडोर्फिन [[अंतर्जात]] [[दर्द निवारक]] हैं जो अक्सर [[शारीरिक व्यायाम]] या [[संभोग]] के दौरान मस्तिष्क और [[अधिवृक्क मज्जा]] में उत्पादित होते हैं और दर्द, [[मांसपेशियों में ऐंठन]] को रोकते हैं और तनाव से राहत देते हैं।<ref>{{cite journal | vauthors = Pilozzi A, Carro C, Huang X | title = Roles of β-Endorphin in Stress, Behavior, Neuroinflammation, and Brain Energy Metabolism | journal = International Journal of Molecular Sciences | volume = 22 | issue = 1 | pages = 338 | date = December 2020 | pmid = 33396962 | pmc = 7796446 | doi = 10.3390/ijms22010338 | doi-access = free }}</ref><ref>{{cite journal | vauthors = Howlett TA, Tomlin S, Ngahfoong L, Rees LH, Bullen BA, Skrinar GS, McArthur JW | title = Release of beta endorphin and met-enkephalin during exercise in normal women: response to training | journal = British Medical Journal | volume = 288 | issue = 6435 | pages = 1950–1952 | date = June 1984 | pmid = 6329401 | pmc = 1442192 | doi = 10.1136/bmj.288.6435.1950 }}</ref><ref>{{cite journal | vauthors = Goldfarb AH, Jamurtas AZ | title = Beta-endorphin response to exercise. An update | journal = Sports Medicine | volume = 24 | issue = 1 | pages = 8–16 | date = July 1997 | pmid = 9257407 | doi = 10.2165/00007256-199724010-00002 | s2cid = 72824962 }}</ref><ref>{{Cite web |title=Endorphins: What They Are and How to Boost Them |url=https://my.clevelandclinic.org/health/body/23040-endorphins |access-date=2023-03-25 |website=Cleveland Clinic |language=en}}</ref>
==यह सभी देखें==
* [[शारीरिक व्यायाम के न्यूरोबायोलॉजिकल प्रभाव]]
* [[एनकेफैलिन]]
== संदर्भ ==
{{reflist|30em}}
== बाहरी संबंध ==
* {{MeshName|Endorphins}}
{{Opioid peptides}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:ओपिओइड पेप्टाइड्स]]
[[श्रेणी:एनाल्जेसिक]]
[[श्रेणी:न्यूरोपेप्टाइड्स]]
[[श्रेणी:तनाव (जैविक और मनोवैज्ञानिक)]]
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[[श्रेणी:प्रेरणा]]
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[[File:State Magazine screenshot.jpg|thumb|''स्टेट मैगज़ीन'' (अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा प्रकाशित) का स्क्रीनशॉट जो 2015 में केवल ऑनलाइन प्रकाशन बन गया]]
एक '''ऑनलाइन समाचारपत्र''' (या '''इलेक्ट्रॉनिक समाचार''' या '''इलेक्ट्रॉनिक समाचार प्रकाशन''' या '''डिजिटल समाचार पत्र''' या '''वेब समाचार पत्र''' या '''ई-न्यूजपेपर''' या '''इंटरनेट समाचार पत्र''') एक समाचार पत्र का ऑनलाइन संस्करण है, जो एक स्वतंत्र प्रकाशन के रूप में या एक मुद्रित पत्रिका के ऑनलाइन संस्करण के रूप में हो सकता है।
[[ऑनलाइन]] जाने से [[समाचारपत्रों]] के लिए अधिक अवसर पैदा हुए हैं, जैसे कि ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता के साथ प्रतिस्पर्धा करना और ब्रेकिंग न्यूज को अधिक समय पर प्रस्तुत करना। स्थापित समाचार पत्रों की विश्वसनीयता और मजबूत ब्रांड पहचान, और विज्ञापनदाताओं के साथ उनके करीबी संबंध, समाचार पत्र उद्योग में कई लोगों द्वारा उनकी जीवित रहने की संभावनाओं को मजबूत करने के रूप में देखा जाता है।<ref>{{Cite web |last=Steffens |first=Brian L. |date=March 2006 |title=Newspapers Recreate Their Medium |url=http://usinfo.state.gov/journals/itgic/0306/ijge/steffens.htm |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070314225912/http://usinfo.state.gov/journals/itgic/0306/ijge/steffens.htm |archive-date=Mar 14, 2007 |website=eJournal USA |publisher=U.S. Department of State's Bureau of International Information Programs}}</ref> प्रिंटिंग प्रक्रिया से हटने से लागत में भी कमी आ सकती है।
ऑनलाइन समाचार पत्रों में, मुद्रित समाचार पत्रों की तरह, मानहानि, [[गोपनीयता]] और [[कॉपीराइट]] के संबंध में कानूनी प्रतिबंध होते हैं,<ref>{{cite web|date = 6 July 2020 |url = http://www.copyrightservice.co.uk/copyright/p01_uk_copyright_law |title = P-01: UK Copyright Law fact sheet |website = The UK Copyright Service |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240211010048/https://copyrightservice.co.uk/copyright/p01_uk_copyright_law |archive-date= Feb 11, 2024 }}</ref> जो अधिकांश देशों में ऑनलाइन प्रकाशनों पर भी लागू होते हैं, जैसे कि [[यूके]] में। इसके अलावा, यूके डेटा प्रोटेक्शन एक्ट ऑनलाइन समाचार पत्रों और समाचार पृष्ठों पर लागू होता है।<ref>{{cite web|url = http://www.legislation.gov.uk/ukpga/1998/29 |title = Data Protection Act 1998 |website = legislation.gov.uk |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240213132434/https://www.legislation.gov.uk/ukpga/1998/29 |archive-date= Feb 13, 2024 }}</ref> 2014 तक, यूके में पीसीसी का शासन था, लेकिन वास्तविक ऑनलाइन समाचार पत्रों और फोरम या ब्लॉग के बीच कोई स्पष्ट अंतर नहीं था। 2007 में, यूके आधारित ऑनलाइन समाचार पत्रों, समाचार ऑडियो और समाचार वीडियो वेबसाइटों को औपचारिक रूप से विनियमित करने के लिए एक निर्णय पारित किया गया, जो उनसे अपेक्षित जिम्मेदारियों को कवर करता है और यह स्पष्ट करता है कि क्या है और क्या नहीं है एक ऑनलाइन समाचार प्रकाशन।<ref>{{Cite web |date=2007-01-19 |title=PCC to regulate newspaper audio and video |url=http://www.journalism.co.uk/news/story3152.shtml |website= journalism.co.uk |first1=Oliver |last1=Luft |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20070301213756/http://www.journalism.co.uk/news/story3152.shtml |archive-date= Mar 1, 2007 }}</ref><ref>{{Cite web |title=Guidance Note on the extension of the PCC’s remit to include editorial audio-visual material on newspaper and magazine websites. |url=http://www.pcc.org.uk/news/index.html?article=NDMyMQ== |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070928014608/http://www.pcc.org.uk/news/index.html?article=NDMyMQ== |archive-date=Sep 28, 2007 |website=Press Complaints Commission}}</ref>
समाचार रिपोर्टरों को वीडियो शूट करने<ref>{{cite web|url=https://nymag.com/news/imperialcity/28152/index.html|title=You Must Be Streaming |website=NYMag |first = Kurt |last = Andersen|date =15 February 2007 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20231129233217/https://nymag.com/news/imperialcity/28152/index.html |archive-date= Nov 29, 2023 }}</ref> और इंटरनेट समाचार पृष्ठों के लिए आवश्यक संक्षिप्त तरीके से लिखने की शिक्षा दी जा रही है। कुछ समाचार पत्रों ने अपने संचालन के हर पहलू में इंटरनेट को एकीकृत करने का प्रयास किया है, जैसे कि प्रिंट और ऑनलाइन दोनों के लिए कहानियों का लेखन, और दोनों मीडिया में दिखाई देने वाले वर्गीकृत विज्ञापन, जबकि अन्य समाचार पत्रों की वेबसाइटें मुद्रित समाचार पत्र से काफी भिन्न हो सकती हैं।
==इतिहास==
"ऑनलाइन-केवल" समाचार पत्र या पत्रिका का एक प्रारंभिक उदाहरण (PLATO) न्यूज़ रिपोर्ट था, जिसे 1974 में ब्रूस पेरैलो द्वारा इलिनॉय विश्वविद्यालय के प्लेटो सिस्टम पर बनाया गया था।<ref>{{cite web|date =17 March 1997|url = https://www.wired.com/1997/03/plato-people-reunite-honor-founder/ |title = 'PLATO People' reunite, honor founder|work= Wired |first =Steve|last = Silberman |url-access=limited |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20230429133432/https://www.wired.com/1997/03/plato-people-reunite-honor-founder/ |archive-date= Apr 29, 2023 }}</ref> ऑनलाइन जाने वाला पहला समाचार पत्र द कोलंबस डिस्पैच था, जो 1 जुलाई, 1980 को लॉन्च हुआ।<ref>{{Cite web |last=Shedden |first=David |date=2004-12-16 |title=New Media Timeline (1980) |url=https://www.poynter.org/archive/2004/new-media-timeline-1980/ |website=Poynter |language=en-US |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240203200450/https://www.poynter.org/archive/2004/new-media-timeline-1980/ |archive-date= Feb 3, 2024 }}</ref> 1987 में, ब्राज़ील का समाचार पत्र जॉर्नालडोडिया राज्य-स्वामित्व वाले एम्ब्राटेल नेटवर्क पर चला, और 1990 के दशक में इंटरनेट पर चला गया। 1990 के दशक के अंत तक, सैकड़ों अमेरिकी समाचार पत्र ऑनलाइन संस्करण प्रकाशित कर रहे थे, लेकिन उस समय बहुत अधिक इंटरएक्टिविटी नहीं थी।<ref>{{cite journal|last=Schultz |first= Tanjev|title=Interactive Options in Online Journalism: A Content Analysis of 100 U.S. Newspapers|journal=Journal of Computer-Mediated Communication|year=1999|volume=5|issue=1|page=1 |doi-access=free |doi=10.1111/j.1083-6101.1999.tb00331.x}}</ref> एक उदाहरण है [[ब्रिटेन]] का वीकेंड सिटी प्रेस रिव्यू, जिसने 1995 में ऑनलाइन साप्ताहिक समाचार सारांश प्रदान किया। आज, ऑनलाइन समाचार समाज का एक बड़ा हिस्सा बन गया है, जिससे लोग यह तर्क करते हैं कि क्या यह समाज के लिए अच्छा है या नहीं। ऑस्ट्रा टेलर, जो लोकप्रिय पुस्तक द पीपल्स प्लेटफॉर्म की लेखिका हैं, का तर्क है कि ऑनलाइन समाचार उस विवरण को प्रदान नहीं करता है जो यह समझने के लिए आवश्यक है कि वास्तव में क्या हुआ। यह बस एक त्वरित सारांश है जो लोगों को सूचित करता है कि क्या हुआ, लेकिन समस्या का समाधान या उपचार नहीं देता है।
==उदाहरण==
2006 में बहुत ही कम समाचार पत्रों ने दावा किया था कि उन्होंने अपनी वेबसाइटों से लाभ कमाया है, जो ज्यादातर सभी दर्शकों के लिए मुफ्त थीं। दैनिक समाचार पत्रों में घटते मुनाफे और कम होती प्रसार संख्या ने अधिकारियों को वेबसाइटों से राजस्व प्राप्त करने के नए तरीकों पर विचार करने के लिए मजबूर किया, बिना सब्सक्रिप्शन शुल्क लगाए। यह काम मुश्किल रहा है। विशेष दर्शकों वाले समाचार पत्र, जैसे [[वाल स्ट्रीट जर्नल]] और द क्रॉनिकल ऑफ हायर एजुकेशन, सफलतापूर्वक सब्सक्रिप्शन शुल्क लेते हैं। अधिकांश समाचार पत्रों की एक ऑनलाइन संस्करण भी है, जिनमें द [[लॉस एंजिल्स टाइम्स]], [[द वॉशिंगटन पोस्ट]], यूएसए टुडे, [[मिड-डे]], और [[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] शामिल हैं। कई [[यूरोपीय]] देशों के पास भी अपनी [[अंग्रेज़ी भाषा]] की ऑनलाइन खबरें हैं, जैसे द डेली स्लोवाक न्यूज ([[स्लोवाकिया]]), हेलसिंकी टाइम्स ([[फिनलैंड]]), और द मॉस्को टाइम्स ([[रूस]])।
[[द गार्डियन]] ने 2005 में नए मीडिया के साथ प्रयोग किया, जिसमें उन्होंने रिकी गेरवाइस द्वारा एक मुफ्त बारह-भाग वाली साप्ताहिक पॉडकास्ट श्रृंखला की पेशकश की।<ref>Jason Deans, Dec 8, 2005. "[http://media.guardian.co.uk/broadcast/story/0,,1662771,00.html Gervais to host Radio 2 Christmas show]", ''The Guardian''. {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221129164740/https://www.theguardian.com/media/2005/dec/08/radio.broadcasting1 |date=2022-11-29 }}.</ref> एक और यूके दैनिक जो ऑनलाइन हो गया वह [[द डेली टेलीग्राफ]] है।
[[ऑस्ट्रेलिया]] में, अधिकांश प्रमुख समाचार पत्र ऑनलाइन संस्करण की पेशकश करते हैं, जिनमें पेवॉल्ड सब्सक्रिप्शन विकल्प के साथ या बिना विकल्प होता है। अल्जीरिया में, 2016 के अंत से समाचार वेबसाइटों और समाचार पत्रों के ऑनलाइन संस्करणों के दैनिक आगंतुकों की संख्या प्रिंट समाचार पत्रों के दैनिक पाठकों से अधिक हो गई है।<ref>{{cite web|url=http://www.algerie-focus.com/2017/11/projet-pacte-davenir-medias-electroniques-plus-fort-potentiel-developper-contenus-algeriens-internet/|title=Projet pour un pacte d'avenir/ Les médias électroniques plus fort potential pour développer des contenus algériens Sur Internet|website=Algérie Focus|date=November 12, 2017|access-date=November 12, 2017 |language=fr |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20171112171846/http://www.algerie-focus.com/2017/11/projet-pacte-davenir-medias-electroniques-plus-fort-potentiel-developper-contenus-algeriens-internet/ |archive-date= November 12, 2017 }}</ref>
==केवल ऑनलाइन समाचार पत्र==
एक ऑनलाइन-केवल समाचार पत्र का प्रिंट मीडिया से कोई संबंध नहीं होता। इसका उदाहरण है [[यूके]] का साउथपोर्ट रिपोर्टर, जिसे 2000 में पेश किया गया था—यह एक साप्ताहिक क्षेत्रीय समाचार पत्र है जिसे केवल इंटरनेट पर 'सॉफ्ट-कॉपी' के रूप में प्रकाशित किया जाता है और इसके प्रकाशक पीसीबीटी फोटोग्राफी हैं। एक और शुरुआती उदाहरण है बांग्ला2000, जिसे 2000 में [[बांग्लादेश]] से दो बार दैनिक रूप से अपलोड किया जाता था और इसका संपादन तुकुन महमूद नुरुल मोमेन द्वारा किया गया था। साउथपोर्ट रिपोर्टर के विपरीत, यह एक क्षेत्रीय समाचार पत्र नहीं था। Bangla2000.com पर अंतर्राष्ट्रीय, आर्थिक और खेल समाचार भी चलते थे और इसे दुनिया के सबसे बड़े पुस्तकालय लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस ने संग्रहित किया था। ब्लॉग साइटों और अन्य समाचार वेबसाइटों के विपरीत, इसे एक समाचार पत्र के रूप में चलाया जाता था और इसे मीडिया समूहों जैसे एनयूजे और/या आईएफजे द्वारा मान्यता प्राप्त थी। ये संबंधित प्रेस विनियमों के अधीन होते हैं और यूके के आधिकारिक प्रेस नियामक छाप के साथ पंजीकृत होते हैं। ऑलनोवास्कोटिया [[कनाडा]] के [[हैलिफ़ैक्स]], [[नोवा स्कॉटिया]] में स्थित एक ऑनलाइन समाचार पत्र है जो सप्ताह में छह दिन व्यापार और राजनीतिक समाचार प्रकाशित करता है। यह वेबसाइट अटलांटिक कनाडा की पहली ऑनलाइन-केवल समाचार पत्र थी और 2001 में शुरू होने के बाद से पेवॉल के पीछे है।<ref>{{cite web|last1=Alzner|first1=Belina|title=A paywall success story: AllNovaScotia.com|url=http://www.j-source.ca/article/paywall-success-story-allnovascotiacom|website=J-Source: The Canadian Journalism Project|publisher=J-Source|access-date=13 April 2016|archive-date=24 अप्रैल 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160424190310/http://www.j-source.ca/article/paywall-success-story-allnovascotiacom|url-status=dead}}</ref>
यहां तक कि प्रिंट मीडिया भी ऑनलाइन-केवल प्रकाशन की ओर बढ़ रहा है। 2009 तक, प्रिंट समाचार पत्रों के पारंपरिक व्यावसायिक मॉडल में गिरावट ने स्थानीय, क्षेत्रीय या राष्ट्रीय ऑनलाइन-केवल समाचार पत्र स्थापित करने के कई प्रयासों को जन्म दिया—ऐसे प्रकाशन जो मूल रिपोर्टिंग करते हैं, न कि केवल अन्य प्रकाशनों की रिपोर्टिंग की टिप्पणी या सारांश। अमेरिका में इसका एक शुरुआती प्रमुख उदाहरण है सिएटल पोस्ट-इंटेलिजेंसर, जिसने मार्च 2009 में 149 वर्षों के बाद छपाई बंद कर दी और ऑनलाइन-केवल हो गया। स्कॉटलैंड में, 2010 में कैलिडोनियन मर्करी स्कॉटलैंड का पहला ऑनलाइन-केवल समाचार पत्र बना, जिसमें यूके के साउथपोर्ट रिपोर्टर जैसे ही उद्देश्य थे, और इसके बाद यॉर्कशायर टाइम्स 2011 में यॉर्कशायर का पहला ऑनलाइन-केवल समाचार पत्र बन गया। [[द इंडिपेंडेंट]] ने 2016 में प्रिंट प्रकाशन बंद कर दिया, जिससे यह ऑनलाइन-केवल प्रारूप में जाने वाला पहला ब्रिटिश राष्ट्रीय समाचार पत्र बन गया।<ref>{{Cite news |date=2016-02-12 |title=Independent to cease as print edition |language=en-GB |work=BBC News |url=https://www.bbc.com/news/uk-35561145 |access-date=2023-11-17}}</ref>
अमेरिका में, CNET, [[टेकक्रंच]], और ZDNet जैसी प्रौद्योगिकी समाचार वेबसाइटें वेब प्रकाशनों के रूप में शुरू हुईं और पारंपरिक समाचार पत्रों के समान पाठक संख्या का आनंद लेती हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन मीडिया की बढ़ती लोकप्रियता के साथ, यू.एस. न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट जैसी पुरानी प्रकाशन संस्थाएं प्रिंट को छोड़कर ऑनलाइन-केवल हो रही हैं।
अक्टूबर 2020 में, 11 ऑनलाइन-केवल समाचार पोर्टलों ने एकजुट होकर डिजीपब न्यूज़ इंडिया फाउंडेशन का गठन किया ताकि डिजिटल-केवल प्रेस के लिए एक अनुकूल वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके।<ref>{{Cite web|title=Eleven Indian Digital Media Publications Come Together to 'Build a Digital News Ecology'|url=https://thewire.in/media/digipub-digital-media-publications|access-date=2020-10-29|website=The Wire}}</ref>
==रुझान==
2015 में, 65% लोगों ने बताया कि समाचार पत्र पढ़ने के लिए उनकी पसंदीदा विधि प्रिंट थी, जो 2014 से 4% कम थी।<ref name=":0">{{Cite web|url=http://www.journalism.org/2016/06/15/newspapers-fact-sheet/|title=Newspapers: Fact Sheet|last=Barthel|first=Michael|date=2016-06-15|website=Pew Research Center's Journalism Project|access-date=2016-10-10}}</ref> डिजिटल माध्यमों से समाचार प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या 28% थी, जबकि प्रिंट समाचार पत्रों से समाचार प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या 20% थी।<ref name=":0"/> ये रुझान बताते हैं कि प्रिंट की तुलना में डिजिटल समाचार पत्रों का उपभोग बढ़ रहा है।<ref name=":12">{{Cite news|url=https://www.cjr.org/cover_story/the_race.php?page=1|title=The Race|newspaper=Columbia Journalism Review|access-date=2016-10-10}}</ref> आज, डिजिटल समाचार पत्रों के विज्ञापन राजस्व का हिस्सा लगभग 25% है, जबकि प्रिंट का हिस्सा शेष 75% है।<ref name=":0"/> इसके विपरीत, 2006 में डिजिटल विधियों से विज्ञापन राजस्व केवल 5% था।<ref name=":0"/>
==हाइब्रिड समाचार पत्र==
हाइब्रिड समाचार पत्र मुख्य रूप से ऑनलाइन सामग्री पर केंद्रित होते हैं, लेकिन वे एक मुद्रित रूप भी उत्पन्न करते हैं।<ref>{{Cite web|url=http://annarbor.com/|title=Page Redirection|website=annarbor.com|access-date=2016-10-10|archive-date=10 अक्तूबर 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161010135251/http://www.annarbor.com/|url-status=dead}}</ref> ऑनलाइन समाचार पत्रों में प्रवृत्तियों से संकेत मिलता है कि प्रकाशन भविष्य में डिजिटल विधियों की ओर मुड़ सकते हैं, विशेष रूप से ऑनलाइन समाचार पत्रों में।<ref name=":12"/> द न्यू यॉर्क टाइम्स इस समाचार पत्र के मॉडल का एक उदाहरण है क्योंकि यह घरेलू डिलीवरी मुद्रित सदस्यता और एक डिजिटल सदस्यता दोनों प्रदान करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nytimes.com/|title=Breaking News, World News & Multimedia|access-date=2016-10-10}}</ref> कुछ समाचार पत्र हैं जो मुख्य रूप से ऑनलाइन होते हैं, लेकिन सीमित हार्ड कॉपी प्रकाशन भी प्रदान करते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.algerie-focus.com/2017/11/projet-pacte-davenir-medias-electroniques-plus-fort-potentiel-developper-contenus-algeriens-internet/|title=Projet pour un pacte d'avenir/ Les médias électroniques plus fort potential pour développer des contenus algériens Sur Internet|website=Algérie Focus|date=November 12, 2017|access-date=November 12, 2017 |language=fr |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20171112171846/http://www.algerie-focus.com/2017/11/projet-pacte-davenir-medias-electroniques-plus-fort-potentiel-developper-contenus-algeriens-internet/ |archive-date= November 12, 2017 }}</ref> एक उदाहरण है annarbor.com, जिसने गर्मियों में 2009 में द एन आर्बर न्यूज को प्रतिस्थापित किया।<ref>{{cite web|last1=Alzner|first1=Belina|title=A paywall success story: AllNovaScotia.com|url=http://www.j-source.ca/article/paywall-success-story-allnovascotiacom|website=J-Source: The Canadian Journalism Project|publisher=J-Source|access-date=13 April 2016|archive-date=24 अप्रैल 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160424190310/http://www.j-source.ca/article/paywall-success-story-allnovascotiacom|url-status=dead}}</ref> यह मुख्य रूप से एक ऑनलाइन समाचार पत्र है, लेकिन सप्ताह में दो बार हार्ड कॉपी प्रकाशित करता है। अन्य प्रवृत्तियाँ इस बात का संकेत देती हैं कि डिजिटल मीडिया की वृद्धि के साथ कई समाचार पत्र इस व्यावसायिक मॉडल को अपनाने लगे हैं।<ref name=":12"/>
हाइब्रिड प्रकाशन मॉडलों की ओर मुड़ना, समाचार को प्रसारित करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की बढ़ती महत्वता के साथ संगत रहा है, विशेष रूप से 18-24 आयु वर्ग के बीच।<ref>{{cite web|url=https://reutersinstitute.politics.ox.ac.uk/sites/default/files/2021-06/Digital_News_Report_2021_FINAL.pdf |archive-url=https://web.archive.org/web/20210626232722/https://reutersinstitute.politics.ox.ac.uk/sites/default/files/2021-06/Digital_News_Report_2021_FINAL.pdf |archive-date=2021-06-26 |url-status=live|title=Reuters Institute Digital News Report 2021 }}</ref>
==उपयोग==
2013 में, रॉयटर्स इंस्टीट्यूट<ref>{{cite web|url=http://reutersinstitute.politics.ox.ac.uk/|title=Reuters Institute for the study of Journalism|website=Reuters Institute for the study of Journalism}}</ref> ने समाचार खपत पर एक क्रॉस-कंट्री सर्वेक्षण कराया और ऑनलाइन समाचार पत्र उपयोग से संबंधित डेटा एकत्र किया, जो कि भुगतान किए गए ऑनलाइन समाचार पत्र सेवाओं के उपयोग की कमी पर जोर देता है।<ref>Newman, N., & Levy, D.A.L. (2013). Reuters Institute Digital News Report 2013. Reuters Institute for the Study of Journalism, University of Oxford.</ref> सर्वेक्षण किए गए देशों में फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क, स्पेन, इटली, जापान, ब्राजील, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम शामिल थे। प्रत्येक देश के भीतर सभी नमूने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधि थे। रिपोर्ट के अनुसार, आधे नमूने ने पिछले 7 दिनों में एक मुद्रित समाचार पत्र के लिए भुगतान किया, और केवल एक-बीसवें नमूने ने पिछले 7 दिनों में ऑनलाइन समाचार के लिए भुगतान किया। केवल 5% नमूने ने हाल ही में ऑनलाइन समाचार पत्र की पहुंच के लिए भुगतान किया, इसका कारण यह हो सकता है कि अधिकांश लोग मुफ्त समाचार तक पहुंचते हैं। पोर्टेबल उपकरणों, जैसे टैबलेट या स्मार्टफोन वाले लोग डिजिटल समाचार सामग्री की सदस्यता लेने की संभावना में काफी अधिक होते हैं। इसके अलावा, 25 से 34 वर्ष की आयु के लोग सभी देशों में बड़े लोगों की तुलना में डिजिटल समाचार के लिए भुगतान करने के लिए अधिक इच्छुक होते हैं। यह पीयू रिसर्च सेंटर की उस खोज के साथ मेल खाता है,<ref>{{cite web|url=http://www.pewresearch.org/|title=Pew Research Center - Nonpartisan, non-advocacy public opinion polling, and demographic research|website=www.pewresearch.org}}</ref> जिसमें अमेरिका के नागरिकों के सर्वेक्षण में पाया गया कि इंटरनेट 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए समाचार का एक प्रमुख स्रोत है।<ref>Dimock, M., Doherty, C., Nagina.net & Tyson, A. (2013). Report: Amid Criticism, Support for Media's 'Watchdog' Role Stands Out. Pew Research Center.</ref>
==ऑनलाइन लेखों की लोकप्रियता==
सभी ऑनलाइन प्रकाशित लेखों को समान मात्रा में ध्यान नहीं मिलता; उनके लोकप्रियता को निर्धारित करने वाले कारक होते हैं। जब लेख को [[सोशल मीडिया]] पर कितनी बार साझा किया जाता है, यह सक्रियकर्ताओं, राजनेताओं, लेखकों, ऑनलाइन प्रकाशकों और विज्ञापनदाताओं के लिए महत्वपूर्ण होता है।<ref>Bandari, R., Azur, S., & Huberman, B. (2012). {{cite web|url=https://www.hpl.hp.com/research/scl/papers/newsprediction/pulse.pdf|title=The Pulse of News in Social Media: Forecasting Popularity|access-date=4 अक्तूबर 2024|archive-date=4 फ़रवरी 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240204063519/https://www.hpl.hp.com/research/scl/papers/newsprediction/pulse.pdf|url-status=dead}}</ref> इसलिए, उन्हें साझा किए जाने की संख्या जानने में रुचि होती है, और बेहतर यह है कि लेख प्रकाशित होने से पहले इसकी भविष्यवाणी भी की जाए। नए [[प्राकृतिक भाषा संसाधन]] के तरीकों जैसे लेटेंट डिर्चलेट आवंटन के माध्यम से लेख की मूल विशेषताओं की जानकारी प्राप्त करना संभव है।
पुर्तगाली वैज्ञानिकों की एक टीम<ref>Fernandes, K. , Vinagre, P. & Cortez, P. (2015).{{cite web|url=http://repositorium.sdum.uminho.pt/bitstream/1822/39169/1/main.pdf|title= A Proactive Intelligent Decision Support System for Predicting the Popularity of Online News.}}</ref> ने मासेबल वेबसाइट से डेटा प्राप्त किया और इस डेटासेट को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया। {{cite web|url=https://archive.ics.uci.edu/ml/datasets/online+news+popularity|title= ''ऑनलाइन समाचार लोकप्रियता''}} के बारे में कहा गया डेटासेट 39,644 अवलोकनों और 60 संभावित विशेषताओं का निर्माण करता है, जिसे 2013 से 2015 तक दो वर्षों में एकत्रित किया गया है। इन विशेषताओं में शब्दों, लिंक, डिजिटल मीडिया, समय, कीवर्ड, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण से अंतर्दृष्टि और लेख के साझा किए जाने की संख्या का वर्णन करने वाले चर शामिल हैं। चूंकि डेटासेट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, इसलिए डेटा विश्लेषण की एक उचित मात्रा की गई है। कुछ {{cite web|url=https://www.kaggle.com/thehapyone/uci-online-news-popularity-data-set|title=कागले}} वेबसाइट पर मिल सकते हैं। एक {{cite web|url= https://github.com/ablackwidow/OnlineNewsPopularity.git |title= ''वर्गीकरण विश्लेषण''|website= [[गिटहब]]|date= 30 नवंबर 2020}} को किया गया था, जिसमें मशीन लर्निंग के तरीकों का उपयोग किया गया, विशेष रूप से लॉजिस्टिक रिग्रेशन, रैखिक विवेक विश्लेषण, [[कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क]] और यादृच्छिक वन का उपयोग किया गया ताकि सबसे अधिक बार साझा किए गए लेखों के शीर्ष दस प्रतिशत की भविष्यवाणी की जा सके। निष्कर्ष यह है कि लेख के भीतर औसत कीवर्ड और उन कीवर्ड की औसत लोकप्रियता लेख को मिलने वाले साझा की संख्या पर सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं। इसके अलावा, अन्य लेखों के लिए लिंक की मात्रा और सबसे प्रासंगिक वर्तमान विषयों के करीब होने से लेख की लोकप्रियता पर भारी प्रभाव पड़ता है। दूसरी ओर, लेख की लोकप्रियता की भविष्यवाणी के मामले में प्रकाशन का दिन कम महत्वपूर्ण होता है।
==इन्हें भी देखें==
*[https://en.wikipedia.org/wiki/Computer_magazine कंप्यूटर पत्रिका]
*[[डिजिटल मीडिया]]
*[https://en.wikipedia.org/wiki/Electronic_journalism इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता]
*[https://en.wikipedia.org/wiki/History_of_French_journalism फ्रांसीसी पत्रकारिता का इतिहास]
*[[इंटरनेट]]
*[[इंटरनेट रेडियो]]
*[[इंटरनेट टेलीविजन]]
*[[डिजिटल पत्रिका]]
*[[वर्ल्ड वाइड वेब]]
*[https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_newspaper_archives ऑनलाइन समाचार पत्र अभिलेखों की सूची]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|3}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{commons category-inline}}
* [https://news.google.com/newspapers ऑनलाइन संग्रह] गूगल समाचार संग्रह पर समाचार पत्रों की सूची
* [http://ldsgenealogy.com/newspapers-obituaries/ अमेरिकी समाचार पत्र और मृत्युलेख निर्देशिका] एलडीएस वंशावली पर
{{Authority control}}
[[श्रेणी:इलैक्ट्रॉनिक प्रकाशन]]
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एंगलवुड क्लिफ्स, न्यू जर्सी
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|leader_name = मार्क के. पार्क (आर, कार्यकाल 31 दिसंबर 2027 को समाप्त होगा)<ref name=MayorCouncil>[http://englewoodcliffsnj.org/content/307/470/default.aspx Mayor & Council] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240615105515/http://www.englewoodcliffsnj.org/content/307/470/default.aspx |date=15 जून 2024 }}, Englewood Cliffs Borough. Accessed March 13, 2023.</ref><ref>[https://www.state.nj.us/dca/home/2023mayors.pdf 2023 न्यू जर्सी मेयर निर्देशिका], न्यू जर्सी सामुदायिक मामलों का विभाग, 8 फ़रवरी, 2023 को अद्यतन किया गया। 10 फ़रवरी, 2023 को एक्सेस किया गया।</ref>
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|area_rank = राज्य में 565 में से 318वां<br />काउंटी में 70 में से 23वां<ref name=CensusArea>[https://www2.census.gov/geo/docs/maps-data/data/gazetteer/2019_Gazetteer/2019_gaz_cousubs_34.txt 2019 जनगणना गजेटियर फ़ाइलें: न्यू जर्सी स्थान], [[संयुक्त राज्य अमेरिका जनगणना ब्यूरो]] 1 जुलाई 2020 को एक्सेस किया गया</ref>
<!-- Population -->
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|population_footnotes = <ref name=Census2020>[https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/englewoodcliffsboroughnewjersey/ QuickFacts Englewood Cliffs borough, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed January 24, 2023.</ref><ref name=LWD2020>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2020/2020%20pl94%20Tables/2020_Mun/MCD%200_All.pdf Total Population: Census 2010 - Census 2020 New Jersey Municipalities], [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed December 1, 2022.</ref>
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|postal_code = 07632<ref>[http://tools.usps.com/go/ZipLookupResultsAction!input.action?resultMode=0&city=englewood%20cliffs&state=NJ एंगलवुड क्लिफ्स, न्यू जर्सी के लिए ज़िप कोड देखें], [[संयुक्त राज्य डाक सेवा]]। 12 सितंबर 2011 को अभिगमित।</ref><ref>[http://www.state.nj.us/info/njzips.htm ज़िप कोड], [[न्यू जर्सी]] राज्य। 28 अगस्त 2013 को अभिगमित।</ref>
|area_code = 201<ref>[http://www.area-codes.com/search.asp?frmNPA=&frmNXX=&frmState=NJ&frmCity=Englewood+Cliffs Area Code Lookup - NPA NXX for Englewood Cliffs, NJ], Area-Codes.com. Accessed September 11, 2013.</ref>
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|blank_info = 3400321510<ref name=CensusArea/><ref name="GR2">[https://www.census.gov U.S. Census website], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed September 4, 2014.</ref><ref>[https://mcdc.missouri.edu/applications/geocodes/?state=34 Geographic Codes Lookup for New Jersey], Missouri Census Data Center. Accessed April 1, 2022.</ref>
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}}
'''एंगलवुड क्लिफ्स''' बर्गन काउंटी, [[न्यू जर्सी]] राज्य, [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में स्थित एक नगर है। [[2020 संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना|2020 की जनगणना]] के अनुसार, इस नगर की [[जनसंख्या]] 5,342 थी, जो 2010 की जनगणना में दर्ज 5,281 से 61 (1.2%) की वृद्धि है। वहीं, 2010 की जनसंख्या में 2000 की जनगणना में दर्ज 5,322 से 41 (0.8%) की गिरावट दर्ज की गई थी।
इस नगर में [[सीएनबीसी]](एनबीसीयूनिवर्सल) का मुख्यालय, [[दक्षिण कोरिया]]ई समूह एलजी कॉर्प का [[उत्तरी अमेरिका]] मुख्यालय, और वैश्विक सीपीजी समूह [[यूनीलीवर]] का अमेरिकी मुख्यालय स्थित है। इसके अलावा, यहां पहले [[फरारी]] और मासेराती का [[उत्तरी अमेरिका]] मुख्यालय भी था।
यह नगर 1895 में एंगलवुड टाउनशिप से अलग होकर गठित हुआ था, जिसमें विलियम आउटिस एलीसन नए नगरपालिका के पहले [[महापौर]] बने थे। यह गठन बर्गन काउंटी में उस समय की "बोरोइटिस" की लहर का हिस्सा था, जिसमें 1894 में अकेले 26 नगरों का गठन हुआ था।
==भूगोल==
अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के अनुसार, इस नगर का कुल क्षेत्रफल 3.37 वर्ग मील (8.73 वर्ग किमी) है, जिसमें 2.13 वर्ग मील (5.51 वर्ग किमी) भूमि और 1.24 वर्ग मील (3.22 वर्ग किमी) जल शामिल है, जो कुल क्षेत्रफल का 36.91% है।<ref name=CensusArea/><ref name=GR1 />
यह नगर बर्गन काउंटी में एंगलवुड, फोर्ट ली, और टेनेफ्लाई के साथ, और [[हडसन नदी]] के पार न्यूयॉर्क शहर के ब्रोंक्स और मैनहट्टन नगरों की सीमा से लगा हुआ है।<ref>[https://global.mapit.mysociety.org/area/837960/touches.html Areas touching Englewood Cliffs] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240922070933/https://global.mapit.mysociety.org/area/837960/touches.html |date=22 सितंबर 2024 }}, MapIt. Accessed March 25, 2020.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/visitors-guide/county-maps Bergen County Map of Municipalities], [[Bergen County, New Jersey]]. Accessed March 25, 2020.</ref><ref>[https://www.state.nj.us/transportation/gis/maps/polnoroads.pdf New Jersey Municipal Boundaries], [[New Jersey Department of Transportation]]. Accessed November 15, 2019.</ref>
==जनसांख्यिकी==
{{US Census population
|1900= 218
|1910= 410
|1920= 534
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|1940= 888
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| estref=<ref name=Census2020/><ref name=PopEst>[https://www2.census.gov/programs-surveys/popest/tables/2020-2023/mcds/totals/SUB-MCD-EST2023-POP-34.xlsx Annual Estimates of the Resident Population for Minor Civil Divisions in New Jersey: April 1, 2020 to July 1, 2023], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], released May 2024. Accessed May 16, 2024.</ref>
|footnote=जनसंख्या स्रोत:<small><br />1900–1920<ref>[https://dspace.njstatelib.org/xmlui/handle/10929/25218?show=full ''Compendium of censuses 1726-1905: together with the tabulated returns of 1905''], [[New Jersey Department of State]], 1906. Accessed July 30, 2013.</ref> 1900–1910<ref>[https://archive.org/details/cu31924070698331/page/n416 <!-- pg=335 --> ''Thirteenth Census of the United States, 1910: Population by Counties and Minor Civil Divisions, 1910, 1900, 1890''], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], p. 335. Accessed August 29, 2012.</ref><br />1910–1930<ref>[https://books.google.com/books?id=kifRAAAAMAAJ&pg=PA714 ''Fifteenth Census of the United States : 1930 - Population Volume I''], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], p. 714. Accessed March 1, 2012.</ref> 1900–2020<ref>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2kpub/njsdcp3.pdf#page=27 Table 6: New Jersey Resident Population by Municipality: 1940 - 2000], Workforce New Jersey Public Information Network, August 2001. Accessed May 1, 2023.</ref><ref name=BergenCensus>[https://www.co.bergen.nj.us/images/Departments__Services/Planning__Engineering/Census_Data/Table00_HistPopTo2020.pdf Historical Population Trends in Bergen County 1900-2020], [[Bergen County, New Jersey]] Department of Planning and Engineering, 2022. Accessed May 1, 2023.</ref><br />2000<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/> 2010<ref name=Census2010>[https://archive.today/20200212102841/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/DEC/10_DP/DPDP1/0600000US3400321510 DP-1 - Profile of General Population and Housing Characteristics: 2010 for Englewood Cliffs borough, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed March 1, 2012.</ref><ref name=LWD2010>[http://lwd.dol.state.nj.us/labor/lpa/census/2010/dp/dp1_ber/englewoodcliffs1.pdf Profile of General Demographic Characteristics: 2010 for Englewood Cliffs borough] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111222092411/http://lwd.dol.state.nj.us/labor/lpa/census/2010/dp/dp1_ber/englewoodcliffs1.pdf |date=2011-12-22 }}, [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed March 1, 2012.</ref> 2020<ref name=Census2020>[https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/englewoodcliffsboroughnewjersey/ QuickFacts Englewood Cliffs borough, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed January 24, 2023.</ref><ref name=LWD2020>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2020/2020%20pl94%20Tables/2020_Mun/MCD%200_All.pdf Total Population: Census 2010 - Census 2020 New Jersey Municipalities], [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed December 1, 2022.</ref></small>
}}
2012 में, एंगलेवुड क्लिफ्स को फोर्ब्स पत्रिका द्वारा संयुक्त राज्य में सबसे महंगे ज़िप कोड की सूची में राष्ट्रीय स्तर पर 129वां और न्यू जर्सी में पांचवां स्थान मिला, जिसमें औसत घर की कीमत $1,439,115 थी।<ref>Brennan, Morgan. [https://www.forbes.com/special-report/2012/1016_zip-codes.html "America's Most Expensive ZIP Codes"], ''[[Forbes]]'', October 16, 2012. Accessed November 14, 2013.</ref> 2006 में, बरो को न्यू जर्सी में छठा और राष्ट्रीय स्तर पर 78वां स्थान मिला था, जिसमें औसत घर की कीमत $1,112,500 थी।<ref>[https://web.archive.org/web/20060516055601/http://www.forbes.com/lists/2006/7/NJ_Rank_1.html Most Expensive ZIP Codes 2006: New Jersey], ''[[Forbes]]'' magazine, July 2006, backed up by the [[Internet Archive]] as of May 16, 2006. Accessed September 15, 2017.</ref>
===2010 जनगणना===
2010 की संयुक्त राज्य जनगणना में बरो में 5,281 लोग, 1,824 परिवार, और 1,527 परिवार दर्ज किए गए। जनसंख्या घनत्व 2,528.1 प्रति वर्ग मील (976.1/किमी²) था। औसत घनत्व के साथ 1,924 आवास इकाइयाँ प्रति वर्ग मील 921.0 (355.6/किमी²) थीं। नस्लीय संरचना 56.35% (2,976) श्वेत, 2.08% (110) अश्वेत या अफ्रीकी अमेरिकी, 0.08% (4) नेटिव अमेरिकी, 38.52% (2,034) एशियाई, 0.00% (0) प्रशांत द्वीपवासी, 0.78% (41) अन्य जातियों से, और 2.20% (116) दो या अधिक जातियों से थी। किसी भी जाति के हिस्पैनिक या लैटिनो निवासियों की जनसंख्या का 5.98% (316) था।<ref name=Census2010/>
1,824 परिवारों में से 30.7% के साथ 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे रहते थे; 73.1% विवाहित जोड़े एक साथ रहते थे; 8.2% में महिला गृहस्थी थी जिनके पास पति नहीं था और 16.3% गैर-परिवार थे। सभी परिवारों में से, 14.3% व्यक्ति से बने थे और 10.0% में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई अकेला व्यक्ति रहता था। औसत परिवार का आकार 2.87 और औसत परिवार का आकार 3.17 था।<ref name=Census2010/>
जनसंख्या का 21.5% 18 वर्ष से कम आयु के थे, 4.6% 18 से 24 वर्ष के, 20.0% 25 से 44 वर्ष के, 29.7% 45 से 64 वर्ष के, और 24.1% 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे। औसत आयु 47.2 वर्ष थी। प्रत्येक 100 महिलाओं के लिए, जनसंख्या में 93.7 पुरुष थे। 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की प्रत्येक 100 महिलाओं के लिए, 86.7 पुरुष थे।<ref name=Census2010/>
कोरियाई-अमेरिकी बरो की जनसंख्या का 20.3% हिस्सा थे।<ref name=Census2010/> एंगलेवुड क्लिफ्स ने इस जनसांख्यिकी का विस्तार निकटवर्ती फोर्ट ली कोरियाटाउन से देखा है, साथ ही बरो की स्थिति एलजी कॉर्पोरेशन के उत्तरी अमेरिकी मुख्यालय के रूप में भी है, जो सियोल में स्थित है।<ref>Quartuccio, Alana. [https://patch.com/new-jersey/englewood/study-predicts-englewood-cliffs-lg-project-will-bring-huge-revenue-boost "Study Predicts Englewood Cliffs LG Project Will Bring Huge Revenue Boost"], Englewood-EnglewoodCliffs Patch, September 3, 2013. Accessed September 15, 2017. "Both near and long-term benefits are expected said County Executive Kathleen Donovan in a statement Tuesday which reports that the study shows more than $500 million in direct, indirect and induced revenues will come to the state, region and county and borough over the next 20-years."</ref> यूएस जनगणना ब्यूरो द्वारा 2017 में जारी आंकड़ों के अनुसार, एंगलेवुड क्लिफ्स के निवासियों में से आधे से अधिक घर में कोरियाई भाषा बोलते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.nj.com/data/2017/12/the_41_nj_towns_where_english_is_not_the_dominant.html#incart_m-rpt-2|title=The 41 N.J. towns where English is not the dominant language|author=Carla Astudillo|publisher=New Jersey On-Line LLC|date=December 10, 2017|access-date=December 11, 2017}}</ref>
2010 में 10 घर समलैंगिक जोड़ों द्वारा संचालित थे, जो 2000 में गिने गए तीन से अधिक थे।<ref>Lipman, Harvy; and Sheingold, Dave. [https://web.archive.org/web/20130203212228/http://www.northjersey.com/news/127675238_NORTH_JERSEY_SEES_30__GROWTH_IN_SAME-SEX_COUPLES___Census_shows_shift_in_suburbs.html "North Jersey sees 30% growth in same-sex couples"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', August 14, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of February 3, 2013. Accessed September 15, 2014.</ref>
जनगणना ब्यूरो के 2006-2010 अमेरिकी सामुदायिक सर्वेक्षण के अनुसार (2010 में मुद्रास्फीति-समायोजित डॉलर में), औसत घरेलू आय $101,964 (± $32,516) थी और औसत पारिवारिक आय $126,985 (± $37,177) थी। पुरुषों की औसत आय $88,438 (± $9,456) थी, जबकि महिलाओं की $52,950 (± $7,757) थी। बरो के लिए प्रति व्यक्ति आय $53,260 (± $12,101) थी। लगभग 8.0% परिवार और 16.1% जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे थे, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु के 10.9% और 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के 32.7% शामिल थे।<ref>[https://archive.today/20200212085019/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/ACS/10_5YR/DP03/0600000US3400321510 DP03: Selected Economic Characteristics from the 2006-2010 American Community Survey 5-Year Estimates for Englewood Cliffs borough, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed March 1, 2012.</ref>
===2000 जनगणना===
2000 की संयुक्त राज्य जनगणना के अनुसार,<ref name="GR2" /> बरो में 5,322 लोग, 1,818 परिवार, और 1,559 परिवार रहते थे। जनसंख्या घनत्व 2,544.3 निवासी प्रति वर्ग मील (982.4/किमी²) था। वहां 1,889 आवास इकाइयां थीं, जिनका औसत घनत्व 903.1 प्रति वर्ग मील (348.7/किमी²) था। बरो की नस्लीय संरचना इस प्रकार थी: 66.84% श्वेत, 1.37% अफ्रीकी अमेरिकी, 0.04% नेटिव अमेरिकी, 29.69% एशियाई, 0.71% अन्य जातियों से और 1.35% दो या अधिक जातियों से थे। किसी भी नस्ल के हिस्पैनिक या लैटिनो जनसंख्या का 4.89% थे।<ref name=Census2000>[http://censtats.census.gov/data/NJ/1603421510.pdf Census 2000 Profiles of Demographic / Social / Economic / Housing Characteristics for Englewood Cliffs borough, New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130602182411/http://censtats.census.gov/data/NJ/1603421510.pdf |date=2013-06-02 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed August 29, 2012.</ref><ref name=Census2000SF1>[https://archive.today/20200212085111/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/DEC/00_SF1/DP1/0600000US3400321510 DP-1: Profile of General Demographic Characteristics: 2000 - Census 2000 Summary File 1 (SF 1) 100-Percent Data for Englewood Cliffs borough, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed August 29, 2012.</ref>
1,818 परिवारों में से, 31.4% के साथ 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे रहते थे, 76.0% विवाहित जोड़े एक साथ रहते थे, 7.0% में कोई पति नहीं था और वे महिला गृहस्थ थे, और 14.2% गैर-परिवार थे। 12.5% सभी परिवार अकेले व्यक्तियों से बने थे, और 8.3% में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई अकेला व्यक्ति रहता था। औसत परिवार का आकार 2.90 और औसत परिवार का आकार 3.16 था।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
बरो में आयु वितरण इस प्रकार था: 20.7% 18 वर्ष से कम आयु के, 5.7% 18 से 24 वर्ष के, 23.9% 25 से 44 वर्ष के, 27.7% 45 से 64 वर्ष के, और 22.0% 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे। औसत आयु 45 वर्ष थी। प्रत्येक 100 महिलाओं के लिए, 89.1 पुरुष थे। 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र की प्रत्येक 100 महिलाओं के लिए, 84.8 पुरुष थे।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
बरो में औसत घरेलू आय $106,478 थी, और औसत पारिवारिक आय $113,187 थी। 2008 में, अनुमानित औसत आय $134,419 हो गई थी। पुरुषों की औसत आय $79,501 थी जबकि महिलाओं की $42,019 थी। बरो के लिए प्रति व्यक्ति आय $57,399 थी। लगभग 1.4% परिवार और 2.6% जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे थे, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु के 1.9% और 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के 5.3% शामिल थे।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
2000 की जनगणना के अनुसार, एंगलेवुड क्लिफ्स के 11.76% निवासियों ने स्वयं को कोरियाई वंश का बताया, जो संयुक्त राज्य में दसवां सबसे अधिक और न्यू जर्सी के किसी भी नगरपालिका में आठवां सबसे अधिक था, जहां 1,000 या उससे अधिक निवासी अपनी वंशावली की पहचान करते हैं।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Korean.html Korean Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071206002820/http://www.epodunk.com/ancestry/Korean.html |date=December 6, 2007 }}, [[EPodunk]]. Accessed December 10, 2007.</ref> 2000 की जनगणना में पाया गया कि एंगलेवुड क्लिफ्स के 3.4% निवासियों ने स्वयं को आर्मेनियाई-अमेरिकी वंश का बताया, जो संयुक्त राज्य में किसी भी स्थान पर आर्मेनियाई-अमेरिकी लोगों का आठवां सबसे उच्च प्रतिशत था।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Armenian.html Armenian Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120410055250/http://www.epodunk.com/ancestry/Armenian.html |date=April 10, 2012 }}, [[EPodunk]]. Accessed June 28, 2006.</ref> 2000 की जनगणना में, एंगलेवुड क्लिफ्स के 8.42% निवासियों ने स्वयं को चीनी वंश का बताया। यह न्यू जर्सी में किसी भी स्थान पर चीनी वंश के लोगों का तीसरा सबसे उच्च प्रतिशत था, जहां 1,000 या उससे अधिक निवासी अपनी वंशावली की पहचान करते हैं।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Chinese.html Chinese Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20061110232258/http://www.epodunk.com/ancestry/Chinese.html |date=November 10, 2006 }}, [[EPodunk]]. Accessed August 23, 2006.</ref> इसी जनगणना में, एंगलेवुड क्लिफ्स के 2.91% निवासियों ने स्वयं को जापानी वंश का बताया, जो न्यू जर्सी के किसी भी नगरपालिका में पांचवां सबसे अधिक था—फोर्ट ली (6.09%), डेमेरेस्ट (3.72%), एजवाटर (3.22%) और लियोनिया (3.07%) के पीछे—जहां 1,000 या उससे अधिक निवासी अपनी वंशावली की पहचान करते हैं।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Japanese.html Japanese Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20061110232413/http://www.epodunk.com/ancestry/Japanese.html |date=November 10, 2006 }}, [[EPodunk]]. Accessed June 28, 2006.</ref> 2010 की जनगणना के अनुसार, जनसंख्या का 20.3% (1,072) कोरियाई वंश का, 8.9% (472) चीनी और 5.7% (300) एशियाई भारतीय वंश का बताया गया।<ref name=Census2010/>
==अर्थव्यवस्था==
[[File:Unilever EC jeh.jpg|thumb|[[यूनीलीवर]] [[उत्तर अमेरिका|उत्तर अमेरिकी]] मुख्यालय]]
[[सीएनबीसी]],<ref>[https://www.cnbc.com/about/ About CNBC U.S.], [[CNBC]]. Accessed December 24, 2016. "The network's 15 live hours a day of business programming in North America (weekdays from 4:00 a.m. - 7:00 p.m. ET) is produced at CNBC's global headquarters in Englewood Cliffs, N.J., and includes reports from CNBC News bureaus worldwide."</ref> एलजी नॉर्थ अमेरिकन मुख्यालय,<ref name="hok.com">[https://web.archive.org/web/20121017094306/http://hok.com/design/type/corporate/lg-electronics-north-american-headquarters/ LG's Sustainable Flagship], [[HOK (firm)|HOK]], backed up by the [[Internet Archive]] as of October 17, 2012. Accessed June 16, 2015. "LG Electronics North American Headquarters; Englewood Cliffs, New Jersey, USA"</ref><ref>[http://www.lg.com/us/business/commercial-display/about/corporate-profile Corporate Profile], [[LG Electronics]]. Accessed September 15, 2017. "Based in Englewood Cliffs, N.J., LG Electronics USA, Inc., (LGEUS) is the North American subsidiary of LG Electronics, Inc., a $48.5-billion global force in consumer electronics, home appliances and mobile communications. "</ref> और यूनिलीवर नॉर्थ अमेरिका का मुख्यालय एंगलेवुड क्लिफ्स में स्थित है।<ref>[https://web.archive.org/web/20100716130533/http://www.unileverusa.com/mediacenter/pressreleases/2009/Unilever-to-Move-Chicago-Office-To-North-America-Headquarters-in-New-Jersey.aspx "Unilever to Move Chicago Office To North America Headquarters in New Jersey"], [[Unilever]] press release dated November 10, 2009, backed up by the [[Internet Archive]] as of July 16, 2010. Accessed September 15, 2017. "Unilever, one of the world's largest consumer goods companies, [NYSE: UN, UL] announced today that it is combining its Chicago-based antiperspirants, deodorant and hair care group with its skin care business, to create a Personal Care (PC) business unit based at the company's North America headquarters in Englewood Cliffs, New Jersey. As a result of the integration, Unilever will close the Chicago offices by July 2010."</ref>
[[ऍलजी इलैक्ट्रॉनिक्स|एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स]] ने 14 नवंबर, 2013 को एंगलेवुड क्लिफ्स में एक पर्यावरण-अनुकूल नॉर्थ अमेरिकन मुख्यालय बनाने के लिए एक समारोह आयोजित किया था। इस परियोजना के लिए कानूनी मंजूरी मिली, लेकिन इमारत की ऊंचाई को लेकर इसे अपील में चुनौती दी गई। विरोधियों ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है, उनका कहना है कि इमारत की 143 फीट (44 मीटर) ऊंचाई नगर के 35 फीट (11 मीटर) की सीमा से अधिक है और इमारत की ऊंचाई वृक्ष-रेखा से ऊपर होने के कारण पलिसेड्स के दृश्य को बाधित करेगी।<ref>Baker, Rebecca. [https://web.archive.org/web/20160919010904/http://www.northjersey.com/news/dozens-of-protesters-show-up-at-lg-groundbreaking-in-englewood-cliffs-video-1.574445 "Dozens of protestors show up at LG groundbreaking in Englewood Cliffs"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', November 14, 2013, backed up by the [[Internet Archive]] as of September 19, 2016. Accessed September 15, 2017. "LG Electronics broke ground Thursday on its $300 million North American headquarters in grand style, with a string quartet, catered food and congratulatory speeches, all under a sprawling heated outdoor tent in Englewood Cliffs.... The protest was organized by Protect the Palisades, a coalition of preservation and cultural groups, some of which are suing Englewood Cliffs for allowing LG to exceed the borough's 35-foot height limit on buildings. The 143-foot-high headquarters the company is building would be visible above the tree line along the Hudson River cliffs and the first high-rise north of Fort Lee."</ref>
2017 में, मासेराती ने घोषणा की कि वह अपने अमेरिकी मुख्यालय को एंगलेवुड क्लिफ्स से ऑबर्न हिल्स, मिशिगन में पूर्व वाल्टर पी. क्रिसलर संग्रहालय में स्थानांतरित करेगा।<ref>Snavely, Brent. [http://www.freep.com/story/money/cars/chrysler/2017/04/12/maserati-moving-north-american-headquarters-auburn-hills/100388244/ "Maserati is headed to Auburn Hills offices"], ''[[Detroit Free Press]]'', April 12, 2017. Accessed September 15, 2017. "Maserati is planning to move its North American headquarters from New Jersey to the former Walter P. Chrysler Museum in Auburn Hills this year so it can be closer to its parent company, Fiat Chrysler Automobiles.... Shanley declined to say how many people will be making the move but made it clear that only a few positions would remain in Englewood Cliffs, N.J."</ref>
==सरकार==
[[File:Englewood Cliffs admin jeh.JPG|thumb|एंगलवुड क्लिफ्स बरो प्रशासन कार्यालय भवन]]
===स्थानीय सरकार===
एंगलेवुड क्लिफ्स का शासन न्यू जर्सी म्युनिसिपल सरकार के बरो फॉर्म के तहत होता है, जो पूरे राज्य में 564 नगरपालिकाओं में से 218 में उपयोग की जाती है, जिससे यह न्यू जर्सी में सबसे सामान्य शासन प्रणाली बनती है।<ref>[https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/inventory_of_municipal_forms_of_government_in_new_jersey.pdf ''Inventory of Municipal Forms of Government in New Jersey''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230601184216/https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/inventory_of_municipal_forms_of_government_in_new_jersey.pdf |date=1 जून 2023 }}, [[Rutgers University]] Center for Government Studies, July 1, 2011. Accessed June 1, 2023.</ref> शासकीय निकाय एक मेयर और एक बरो काउंसिल से मिलकर बना होता है, जिनमें सभी पद नवंबर के आम चुनाव के हिस्से के रूप में व्यापक रूप से निर्वाचित होते हैं। मेयर सीधे मतदाताओं द्वारा चार-वर्षीय कार्यकाल के लिए चुना जाता है। बरो काउंसिल में छह सदस्य होते हैं, जिन्हें तीन-वर्षीय चक्रीय क्रम पर चुना जाता है, जिसमें प्रत्येक वर्ष दो सीटों पर चुनाव होते हैं।<ref name=DataBook>''2012 New Jersey Legislative District Data Book'', [[Rutgers University]] [[Edward J. Bloustein School of Planning and Public Policy]], March 2013, p. 160.</ref><ref>[http://www.englewoodcliffsnj.org/content/307/338.aspx Form of Government] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240413045908/http://englewoodcliffsnj.org/content/307/338.aspx |date=13 अप्रैल 2024 }}, Borough of Englewood Cliffs. Accessed September 15, 2017.</ref> एंगलेवुड क्लिफ्स द्वारा अपनाया गया बरो फॉर्म एक "कमजोर मेयर / मजबूत काउंसिल" सरकार है, जिसमें काउंसिल के सदस्य विधायी निकाय के रूप में कार्य करते हैं, जबकि मेयर बैठकों की अध्यक्षता करते हैं और केवल टाई की स्थिति में मतदान करते हैं। मेयर के पास अध्यादेशों पर वीटो करने का अधिकार होता है, जिसे काउंसिल के दो-तिहाई बहुमत से ओवरराइड किया जा सकता है। मेयर काउंसिल सदस्यों के लिए समिति और संपर्क असाइनमेंट करते हैं, और अधिकतर नियुक्तियाँ मेयर द्वारा काउंसिल की सलाह और सहमति से की जाती हैं।<ref>Cerra, Michael F. [http://www.njslom.org/magart0307_p14.html "Forms of Government: Everything You've Always Wanted to Know, But Were Afraid to Ask"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140924045019/http://www.njslom.org/magart0307_p14.html |date=2014-09-24 }}, [[New Jersey State League of Municipalities]]. Accessed November 30, 2014.</ref><ref>[https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/forms_of_municipal_government_in_new_jersey_9220.pdf#page=6 "Forms of Municipal Government in New Jersey"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230604040836/https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/forms_of_municipal_government_in_new_jersey_9220.pdf#page=6 |date=4 जून 2023 }}, p. 6. [[Rutgers University]] Center for Government Studies. Accessed June 1, 2023.</ref><ref>[http://www.englewoodcliffsnj.org/content/307/default.aspx Government] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130905201259/http://englewoodcliffsnj.org/content/307/default.aspx |date=5 सितंबर 2013 }}, Borough of Englewood Cliffs. Accessed May 27, 2022. "Since it became a Borough, Englewood Cliffs has been governed by a Mayor and Council who are chosen through partisan elections held in November annually. The Mayor, elected for a 4 year term, is the chief executive officer and the six Council members, elected for a 3 year term, handle legislative functions. ... The Reorganization Meeting of the governing body is held during the first week in January. At this meeting, the newly-elected Council members take the oath of office, and a Council President, who serves as Acting Mayor when the Mayor is absent, is elected by the Council."</ref>
2024 तक, रिपब्लिकन मार्क के. पार्क मेयर हैं, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2027 को समाप्त होगा। एंगलेवुड क्लिफ्स बरो काउंसिल के सदस्य हैं रिवका बिएगाज (आर, 2026), डेविड डी ग्रेगोरियो (डी, 2024), क्रिस किम (डी, 2025), झी लियांग (आर, 2026), ग्लेन लूसियानो (डी, 2024) और मेलानी साइमन (डी, 2025)।<ref name=MayorCouncil>[http://englewoodcliffsnj.org/content/307/470/default.aspx Mayor & Council] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240615105515/http://www.englewoodcliffsnj.org/content/307/470/default.aspx |date=15 जून 2024 }}, Englewood Cliffs Borough. Accessed March 13, 2023.</ref><ref>[http://www.englewoodcliffsnj.org/filestorage/307/339/2022_Adopted_Budget..pdf#page=21 2022 Municipal Data Sheet] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240304041949/http://www.englewoodcliffsnj.org/filestorage/307/339/2022_Adopted_Budget..pdf#page=21 |date=4 मार्च 2024 }}, Englewood Cliffs Borough. Accessed November 21, 2022.</ref><ref name=BergenCountyDirectory>[https://www.co.bergen.nj.us/images/About_Bergen_County/2024-county-directory.pdf#page=41 ''2024 County and Municipal Directory''], [[Bergen County, New Jersey]], April 2024. Accessed April 15, 2024.</ref><ref name=Bergen2023>[https://www.bergencountyclerk.gov/_Content/pdf/ElectionResult/District%20Canvass%20NEW.pdf Official Statement of Vote 2023 General Election - November 7, 2023 Official Results], [[Bergen County, New Jersey]], November 27, 2023. Accessed January 1, 2024.</ref><ref name=Bergen2022>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf Bergen County November 8, 2022 General Election Statement of Vote], [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated November 21, 2022. Accessed January 1, 2023.</ref><ref name=Bergen2021>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf Bergen County Statement of Vote November 2, 2021 Official results], [[Bergen County, New Jersey]], updated November 17, 2021. Accessed January 1, 2022.</ref>
====महापौर====
*मार्क के. पार्क (2024 से वर्तमान तक)
*मारियो एम. क्रांजैक (2016 से 2024); क्रांजैक 2015 में चुने जाने पर 40 वर्षों में बरो के पहले रिपब्लिकन मेयर बने।<ref name=Record2015>Lueddeke, Kim. [https://web.archive.org/web/20160701092137/http://www.northjersey.com/news/englewood-cliffs-to-be-governed-by-republican-mayor-for-first-time-in-40-years-1.1449644 "Englewood Cliffs to be governed by Republican mayor for first time in 40 years"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', November 5, 2015, backed up by the [[Internet Archive]] as of July 1, 2016. Accessed September 15, 2017. "For the first time in 40 years, the borough will be governed by a Republican mayor. Mario Kranjac defeated Democrat Joseph Favaro on Tuesday by a vote of 989 to 804, according to unofficial results.... Kranjac's ticket mates, Carrol McMorrow and Mark Park, won election to the Borough Council."</ref>
*जोसेफ पारीसी जूनियर (2008 से 2015)<ref name=NVS2011>Baskind, Amanda. [https://web.archive.org/web/20160917214407/http://www.northjersey.com/news/parisi-and-running-mates-win-shifts-council-majority-to-democrats-1.877027 "Parisi and running mates win; shifts council majority to Democrats"], ''Northern Valley Suburbanite'', November 8, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of September 17, 2016. Accessed September 15, 2017. "Parisi has been mayor for six years and will continue serving for the next four. Edward Aversa and Gloria Oh each won three-year terms and Joseph Favaro was elected to a one-year unexpired term."</ref>
*जोसेफ पारीसी सीनियर (1976 से 2005)<ref name=NVS2011/>
*थॉमस ई. स्टैगनिट्टी (1923–2006) – 1964 से 1976<ref>Lamb, William. [https://web.archive.org/web/20160911082048/https://www.highbeam.com/doc/1P1-128594359.html "Thomas E. Stagnitti, 3-term Englewood Cliffs mayor"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', September 9, 2006, backed up by the [[Internet Archive]] as of September 11, 2016. Accessed September 15, 2017. "Thomas E. Stagnitti, a former bank president who served three terms as the Republican mayor of Englewood Cliffs, died Aug. 23 in Palm Beach Gardens, Florida, where he had lived for 14 years.... Mr. Stagnitti was elected mayor in 1963 and served until 1976."</ref>
*विलियम आउटिस एलिसन (1849–1924) – एंगलेवुड क्लिफ्स के पहले मेयर थे और 1895 से 1911 (?) तक चार कार्यकाल के लिए पद पर रहे।<ref>Staff. [https://timesmachine.nytimes.com/timesmachine/1924/12/19/101628478.pdf "William O. Allison Dies"], ''[[The New York Times]]'', December 19, 1924. Accessed December 5, 2013.</ref>
===संघीय, राज्य और काउंटी प्रतिनिधित्व===
एंगलेवुड क्लिफ्स 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में स्थित है<ref name=PCR2022>[https://www.njredistrictingcommission.org/documents/2021/Data2021/Plan%20Components.pdf 2022 Redistricting Plan], [[New Jersey Redistricting Commission]], December 8, 2022.</ref> और न्यू जर्सी के 37वें राज्य विधानमंडलीय जिले का हिस्सा है।<ref name=Districts2011>[https://www.nj.gov/state/elections/assets/pdf/2011-legislative-districts/towns-districts.pdf Municipalities Sorted by 2011-2020 Legislative District], [[New Jersey Department of State]]. Accessed February 1, 2020.</ref><ref name=LWV2019>[https://uploads-ssl.webflow.com/5bae63366fd2b2e5b9f87e5e/5d30f0a94a82c66427e564d2_2019_CitizensGuide.pdf ''2019 New Jersey Citizen's Guide to Government''], New Jersey [[League of Women Voters]]. Accessed October 30, 2019.</ref><ref>[https://www.njleg.state.nj.us/districts/districtnumbers.asp#37 Districts by Number for 2011-2020], [[New Jersey Legislature]]. Accessed January 6, 2013.</ref>
118वीं संयुक्त राज्य कांग्रेस के लिए, न्यू जर्सी के 5वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व जोश गोटहाइमर (डेमोक्रेट, वायकोफ) द्वारा किया जाता है।<ref>{{cite web |title=Representatives {{!}} house.gov |url=https://www.house.gov/representatives#state-new-jersey |website=www.house.gov |accessdate=4 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{cite web |url=https://gottheimer.house.gov/biography/ |accessdate=4 नवम्बर 2024 |title=संग्रहीत प्रति |archive-date=21 अक्तूबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211021193224/https://gottheimer.house.gov/biography/ |url-status=dead }}</ref> न्यू जर्सी का प्रतिनिधित्व संयुक्त राज्य सीनेट में डेमोक्रेट्स कोरी बुकर (नेवार्क, कार्यकाल समाप्ति 2027)<ref>{{cite web |title=U.S. Sen. Cory Booker cruises past Republican challenger Rik Mehta in New Jersey |url=https://www.phillyvoice.com/2020-election-results-cory-booker-rik-mehta-us-senate/ |website=PhillyVoice |accessdate=4 नवम्बर 2024 |language=english |date=3 नवम्बर 2020}}</ref> और जॉर्ज हेल्मी (माउंटेन लेक्स, कार्यकाल समाप्ति 2024) द्वारा किया जाता है।<ref>{{cite web |url=https://www.njleg.state.nj.us/legislative-roster?district=37 |accessdate=4 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.nytimes.com/2024/08/23/nyregion/george-helmy-bob-menendez-murphy.html |accessdate=4 नवम्बर 2024}}</ref>
2024-2025 सत्र के लिए, न्यू जर्सी विधानमंडल के 37वें विधानमंडलीय जिले का प्रतिनिधित्व न्यू जर्सी सीनेट में गॉर्डन एम. जॉनसन (डेमोक्रेट, एंगलेवुड) द्वारा किया जाता है, और जनरल असेंबली में शमा हैदर (डेमोक्रेट, टेनेफ्लाई) और एलेन पार्क (डेमोक्रेट, एंगलेवुड क्लिफ्स) द्वारा किया जाता है।<ref>{{cite web |url=https://www.njleg.state.nj.us/legislative-roster?district=37 |accessdate=4 नवम्बर 2024}}</ref>
बर्गन काउंटी का प्रशासन सीधे निर्वाचित काउंटी एक्जीक्यूटिव द्वारा किया जाता है, और इसके विधायी कार्य एक बोर्ड ऑफ काउंटी कमिश्नर्स द्वारा निभाए जाते हैं, जिसमें सात सदस्य होते हैं, जो तीन साल की अवधि के लिए चुने जाते हैं। प्रत्येक जनवरी में एक पुनर्गठन बैठक में इसके सात सदस्यों में से एक चेयरमैन और एक वाइस चेयरमैन का चयन किया जाता है। 2024 तक, काउंटी एक्जीक्यूटिव जेम्स जे. टेडेस्को III (डेमोक्रेट, पैरामस) हैं, जिनका चार साल का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होगा।<ref>{{cite web |title=Bergen County Executive |url=https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/bergen-county-executive?nid=461 |website=Bergen County New Jersey |accessdate=4 नवम्बर 2024 |language=en-us}}</ref>
बर्गन काउंटी के कमिश्नर्स हैं: थॉमस जे. सुलिवन जूनियर (डेमोक्रेट, मोंटवेल, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/thomas-j-sullivan Vice Chairman Commissioner Chairman Thomas J. Sullivan], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> चेयरमैन जर्मेन एम. ओर्टिज (डेमोक्रेट, एमर्सन, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/germaine-m-ortiz Commissioner Vice Chairwoman Germaine M. Ortiz], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> जोआन वॉस (डेमोक्रेट, फोर्ट ली, 2026),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/dr-joan-m-voss Commissioner Chair Pro Tempore Dr. Joan M. Voss], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> वाइस चेयरमैन मैरी जे. अमोरोसो (डेमोक्रेट, महवाह, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/mary-j-amoroso Commissioner Mary J. Amoroso], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> राफेल मार्टे (डेमोक्रेट, बर्गनफील्ड, 2026),<ref>Cattafi, Kristie. [https://www.northjersey.com/story/news/bergen/2023/03/13/bergen-county-commissioners-rafael-marte-of-bergenfield-fills-vacancy/69999499007/ "Democrats pick Bergenfield councilman to fill vacancy on Bergen County commissioners board"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', March 13, 2023. Accessed March 16, 2023. "A Democratic councilman from Bergenfield will be sworn in as a Bergen County commissioner Wednesday night, filling a vacancy on the governing body for almost 1 million residents. Rafael Marte will serve until Dec. 31, taking on the unexpired term left by former Commissioner Ramon Hache, a Democrat who resigned last week to lead the Ridgewood YMCA as its chief executive officer."</ref> स्टीवन ए. तनेली (डेमोक्रेट, नॉर्थ अर्लिंगटन, 2024)<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/steven-a-tanelli Commissioner Steven A. Tanelli], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> और ट्रेसी सिलना जूर (डेमोक्रेट, फ्रैंकलिन लेक्स, 2024)।<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/tracy-silna-zur Commissioner Tracy Silna Zur], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/commissioners Board of County Commissioners], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/budget-and-capital-planning/county-budgets?download=1199:2021-budget#page=8 2022 County Data Sheet], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref name=TemplateDirectory_Bergen_County>[https://www.co.bergen.nj.us/images/About_Bergen_County/Important%20Links/BC_2022_Directory_Online.pdf#page=5 ''2022 County and Municipal Directory''], [[Bergen County, New Jersey]], March 2022. Accessed January 30, 2023.</ref><ref name=Template2022>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf Bergen County November 8, 2022 General Election Statement of Vote], [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated November 21, 2022. Accessed January 1, 2023.</ref><ref name=Template2021>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf Bergen County Statement of Vote November 2, 2021 Official results], [[Bergen County, New Jersey]], updated November 17, 2021. Accessed January 1, 2022.</ref><ref name=Template2020>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/NOV_2020_General_Precinct_Summary.pdf Precinct Summary Results Report - Combined 2020 Bergen County General Election - November 3, 2020 Official Results], [[Bergen County, New Jersey]], December 3, 2020. Accessed January 1, 2021.</ref><ref name=Template2019>[http://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/SOV%20Book%20Report%20as%20of%2012-10-2019.pdf Bergen County November 5, 2019 General Election Statement of Vote], [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated December 10, 2019. Accessed January 1, 2020.</ref>
बर्गन काउंटी के संवैधानिक अधिकारी हैं: क्लर्क जॉन एस. होगन (डेमोक्रेट, नॉर्थवेल, 2026),<ref>[https://www.bergencountyclerk.org/About About the Clerk], Bergen County Clerk. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/clerks/ Clerks], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> शेरिफ एंथनी क्यूरटन (डेमोक्रेट, एंगलेवुड, 2024)<ref>[https://www.bcsd.us/sheriff-anthony-cureton Sheriff Anthony Cureton], Bergen County Sheriff's Office. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/sheriffs/ Sheriffs], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> और सुरोगेट माइकल आर. ड्रेसलर (डेमोक्रेट, क्रेसकिल, 2026)।<ref>[http://www.bergencountysurrogate.com/michaeldressler.html Michael R. Dressler], Bergen County Surrogate's Court. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/surrogates/ Surrogates], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref name=TemplateDirectory_Bergen_County/><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/constitutional-officers Constitutional Officers], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref>
===राजनीति===
{| border = “2”
|+ एंगलवुड क्लिफ्स में राष्ट्रपति चुनाव में<br/>पार्टी के आधार पर मतदान
|- style="background:lightgrey;"
! वर्ष
! [[डेमोक्रैटिक पार्टी (संयुक्त राज्य)|डेमोक्रेटिक]]
! [[रिपब्लिकन पार्टी|रिपब्लिकन]]
! लिबर्टेरियन
! अन्य
|-
|align="center" |2020<ref>{{Cite web|url=https://uselectionatlas.org/RESULTS/index.html|title = Dave Leip's Atlas of U.S. Presidential Elections}}</ref>
|align="center" |'''54.05%''' ''1,794''
|align="center" |44.89% ''1,490''
|align="center" |0.39% ''13''
|align="center" |0.66% ''22''
|-
|align="center" |2016<ref>http://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/elections/BC-Statement-of-Vote-Book-11-08-2016.pdf {{Bare URL PDF|date=March 2022}}</ref>
|align="center" |'''53.30%''' ''1,414''
|align="center" |43.72% ''1,160''
|align="center" |1.62% ''43''
|align="center" |1.36% ''36''
|-
|align="center" |2012<ref>http://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/elections/o/2012-General-Election.pdf {{Bare URL PDF|date=March 2022}}</ref>
|align="center" |43.84% ''1,086''
|align="center" |'''55.27%''' ''1,369''
|align="center" |0.40% ''10''
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ऐतिहासिक रूप से, एंगलेवुड क्लिफ्स ने आमतौर पर राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया है, हालांकि हाल के दशकों में यह बरो काफी बंटा हुआ रहा है। 1992 के बाद से, किसी भी राजनीतिक दल के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को बरो में 60% से अधिक मत नहीं मिले हैं।
मार्च 2011 में, एंगलेवुड क्लिफ्स में कुल 3,505 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 1,069 (30.5% बनाम 31.7% काउंटीवाइड) डेमोक्रेट्स के रूप में पंजीकृत थे, 761 (21.7% बनाम 21.1%) रिपब्लिकन के रूप में पंजीकृत थे और 1,675 (47.8% बनाम 47.1%) ने किसी भी पार्टी में पंजीकरण नहीं किया था। अन्य पार्टियों में कोई भी पंजीकृत मतदाता नहीं थे।<ref name=VoterRegistration>[http://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2011-bergen-co-summary-report.pdf Voter Registration Summary - Bergen], [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, March 23, 2011. Accessed December 5, 2013.</ref> बरो की 2010 की जनगणना के अनुसार, 66.4% (बर्गन काउंटी में 57.1% की तुलना में) पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 84.6% (काउंटीवाइड 73.7% की तुलना में) शामिल थे।<ref name=VoterRegistration/><ref>[https://www.census.gov GCT-P7: Selected Age Groups: 2010 - State -- County Subdivision; 2010 Census Summary File 1 for New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed December 5, 2013.</ref>
2013 के गवर्नर चुनाव में, रिपब्लिकन क्रिस क्रिस्टी ने 74.2% वोट (1,182 मत) प्राप्त किए, जबकि डेमोक्रेट बारबरा बुओनो को 24.9% (397 मत) और अन्य उम्मीदवारों को 0.9% (14 मत) प्राप्त हुए। बरो के 3,528 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,669 मतपत्र डाले गए (76 मतपत्र अवैध पाए गए), जिससे मतदान प्रतिशत 47.3% रहा।<ref name=2013Elections>{{cite web |url=http://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-results-governor-bergen.pdf |title=Governor - Bergen County |date=January 29, 2014 |publisher=New Jersey Department of Elections |access-date=December 24, 2014}}</ref><ref name=2013VoterReg>{{cite web |url=http://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-ballotscast-bergen.pdf |title=Number of Registered Voters and Ballots Cast - November 5, 2013 - General Election Results - Bergen County|date=January 29, 2014 |publisher=New Jersey Department of Elections |access-date=December 24, 2014}}</ref> 2009 के गवर्नर चुनाव में, रिपब्लिकन क्रिस क्रिस्टी ने 1,059 वोट (51.5% बनाम 45.8% काउंटीवाइड) प्राप्त किए, जबकि डेमोक्रेट जॉन कॉरज़ाइन को 879 वोट (42.7% बनाम 48.0%), इंडिपेंडेंट क्रिस डैगेट को 54 वोट (2.6% बनाम 4.7%) और अन्य उम्मीदवारों को 12 वोट (0.6% बनाम 0.5%) प्राप्त हुए। बरो के 3,588 पंजीकृत मतदाताओं में से 2,057 मतपत्र डाले गए, जिससे मतदान प्रतिशत 57.3% रहा (काउंटी में 50.0% की तुलना में)।<ref>[http://www.njelections.org/election-results/2009-governor_results-bergen.pdf 2009 Governor: Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181128164457/https://www.njelections.org/election-results/2009-governor_results-bergen.pdf |date=2018-11-28 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, December 31, 2009. Accessed December 5, 2013.</ref>
==इन्हें भी देखें==
* [https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_U.S._cities_with_significant_Korean_American_populations महत्वपूर्ण कोरियाई-अमेरिकी आबादी वाले अमेरिकी शहरों की सूची]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Van_Gelder_Studio वैन गेल्डर स्टूडियो]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|3}}
==बाहरी कड़ियाँ==
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* [https://englewoodcliffsnj.org/ एंगलवुड क्लिफ्स आधिकारिक वेबसाइट]
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एंगलवुड, न्यू जर्सी
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|postal_code = 07631<ref>[http://tools.usps.com/go/ZipLookupResultsAction!input.action?resultMode=0&city=englewood&state=NJ Look Up a ZIP Code] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200930001926/https://tools.usps.com/go/ZipLookupResultsAction!input.action?resultMode=0&city=englewood&state=NJ |date=September 30, 2020 }}, [[United States Postal Service]]. Accessed September 15, 2011.</ref><ref>[http://www.state.nj.us/infobank/njzips.htm ZIP Codes] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190617122541/http://www.state.nj.us/infobank/njzips.htm |date=June 17, 2019 }}, State of [[New Jersey]]. Accessed December 5, 2013.</ref>
|area_code = 201<ref>[http://www.area-codes.com/search.asp?frmNPA=&frmNXX=&frmState=NJ&frmCounty=Bergen&frmCity=Englewood Area Code Lookup - NPA NXX for Englewood, NJ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131211145837/http://www.area-codes.com/search.asp?frmNPA=&frmNXX=&frmState=NJ&frmCounty=Bergen&frmCity=Englewood |date=December 11, 2013 }}, Area-Codes.com. Accessed December 5, 2013.</ref>
|blank_name = [[संघीय सूचना प्रक्रमण मानक|एफआईपीएस कोड]]
|blank_info = 3400321480<ref name=CensusArea/><ref name="GR2">[https://www.census.gov U.S. Census website] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210709054630/https://www.census.gov/ |date=July 9, 2021 }} , [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed September 4, 2014.</ref><ref>[https://mcdc.missouri.edu/applications/geocodes/?state=34 Geographic Codes Lookup for New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181119221733/https://census.missouri.edu/geocodes/?state=34 |date=November 19, 2018 }}, Missouri Census Data Center. Accessed April 1, 2022.</ref>
|blank1_name = [[भौगोलिक नाम सूचना प्रणाली|जीएनआईएस]] फ़ीचर आईडी
|blank1_info = 0885209<ref name=CensusArea/><ref name="GR3">[http://geonames.usgs.gov US Board on Geographic Names] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120212191832/http://geonames.usgs.gov/ |date=February 12, 2012 }}, [[संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण]]. Accessed September 4, 2014.</ref>
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}}
'''एंगलवुड''', बर्गन काउंटी में स्थित एक शहर है, जो [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] के [[न्यू जर्सी]] राज्य में है। एंगलवुड को न्यू जर्सी विधानमंडल के एक अधिनियम द्वारा 17 मार्च, 1899 को एक शहर के रूप में शामिल किया गया था, जो रिजफील्ड टाउनशिप के कुछ हिस्सों और एंगलवुड टाउनशिप के शेष हिस्सों से बना था। [[2020 संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना|2020 की संयुक्त राज्य जनगणना]] के अनुसार, शहर की [[जनसंख्या]] 29,308 थी, जो कि अब तक की सबसे अधिक जनसंख्या है और 2010 की जनगणना में दर्ज 27,147 से 2,161 (+8.0%) की वृद्धि है। इससे पहले, 2000 की जनगणना में 26,203 की गणना की गई थी, जिसमें 944 (+3.6%) की वृद्धि हुई थी।
==इतिहास==
===शब्द-साधन===
एंगलवुड टाउनशिप, जो इस शहर का पूर्ववर्ती था, का नाम 1859 में एंगल परिवार के नाम पर रखा गया माना जाता है। इस समुदाय को पहले "इंग्लिश नेबरहुड" कहा जाता था, क्योंकि न्यू नीदरलैंड के [[इंग्लैंड]] द्वारा 1664 में अधिग्रहण के बाद, हडसन नदी के न्यू जर्सी हिस्से पर यह पहला मुख्यतः [[अंग्रेजी]] बोलने वाला बसाव था। अन्य स्रोत भी एंगले परिवार और समुदाय के घने जंगलों को इस नाम का मूल कारण मानते हैं।<ref>Staff. [https://www.nytimes.com/1930/01/02/archives/morrow-reception-attended-by-5000-new-jersey-republican-leaders.html "Morrow Reception Attended By 5,000; New Jersey Republican Leaders Flock to Englewood for New Year's Greeting. HIS TALK IS BROADCAST Well Wishers File Past Envoy for Three Hours in His Debut in Senatorial Race. Prominent Politicians Attend. Morrow's Speech Brief."] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190929212851/https://www.nytimes.com/1930/01/02/archives/morrow-reception-attended-by-5000-new-jersey-republican-leaders.html |date=September 29, 2019 }}, ''[[The New York Times]]'', January 2, 1930. Accessed September 29, 2019. "In this little town of ours we are proud to call ourselves a neighborhood. The oldest maps show it as 'English neighborhood,' but this was later changed to Englewood."</ref><ref name=History/> कुछ अन्य स्रोतों के अनुसार, यह नाम "वुड इंगल" से लिया गया है, जिसका अर्थ "जंगल से घिरी जगह" होता है,<ref>[[Henry Gannett|Gannett, Henry]]. [https://books.google.com/books?id=9V1IAAAAMAAJ&pg=PA119 ''The Origin of Certain Place Names in the United States''], p. 119. [[United States Government Printing Office]], 1905. Accessed August 30, 2015.</ref> या इसे नया नाम भी माना गया है।<ref>Hutchinson, Viola L. [http://mapmaker.rutgers.edu/356/nj_place_names_origin.pdf#page=12 ''The Origin of New Jersey Place Names''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151115082401/http://mapmaker.rutgers.edu/356/nj_place_names_origin.pdf#page=12 |date=November 15, 2015 }}, New Jersey Public Library Commission, May 1945. Accessed August 30, 2015.</ref>
जैसे-जैसे [[उत्तरी अमेरिका]] में पश्चिम की ओर बसाव बढ़ा, संयुक्त राज्य अमेरिका में कई अन्य स्थानों का नाम एंगलवुड के नाम पर रखा गया। जे. वायमैन जोन्स का श्रेय इस बात के लिए दिया जाता है कि उन्होंने निवासियों को शहर के नाम के लिए "एंगलेवुड" चुनने के लिए राजी किया, जब इसे "ब्रेटन" और "पैलिसेना" जैसे विकल्पों के मुकाबले शामिल किया गया था।<ref name=History/><ref>Clayton, W. Woodford; and Nelson, William. [https://books.google.com/books?id=zDEUAAAAYAAJ&pg=PA260 ''History of Bergen and Passaic counties, New Jersey: with biographical sketches of many of its pioneers and prominent men''], p. 260. Everts & Peck, 1882. Accessed August 25, 2011.</ref><ref>Horner, Shirley. [https://www.nytimes.com/1991/05/26/nyregion/about-books.html "About Books"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170920100108/http://www.nytimes.com/1991/05/26/nyregion/about-books.html |date=September 20, 2017 }}, ''[[The New York Times]]'', May 26, 1991. Accessed August 25, 2011. "One landowner, J. Wyman Jones, known as the "father" of Englewood because he swung the vote to the name Englewood (presumably from "English neighborhood") over such names as Liberty Pole or Palisades, built a stone Victorian mansion on his 20-acre estate."</ref>
===पूर्व-औपनिवेशिक और औपनिवेशिक युग===
एंगलवुड, और बाकी न्यू जर्सी की तरह, यूरोपीय उपनिवेश से पहले लेनपे मूल अमेरिकियों द्वारा आबाद था। एंगलेवुड क्षेत्र में रहने वाले लेनपे "टर्टल क्लैन" (कछुआ कबीले) से संबंधित थे, जो एक विशेष शैली में बनाए गए कछुए को अपने प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करते थे। मूल रूप से एंगलेवुड में लगभग 2,000 लेनपे रहते थे, लेकिन यूरोपीय लोगों के साथ संघर्ष के कारण उनकी जनसंख्या घटकर 1832 तक केवल 50 रह गई थी।<ref name=History>[http://www.cityofenglewood.org/content/9262/11544/default.aspx Historic Englewood] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161225145904/http://www.cityofenglewood.org/content/9262/11544/default.aspx |date=December 25, 2016 }}, City of Englewood. Accessed December 24, 2016.</ref>
जब 1607 में हेनरी हडसन ने उस नदी पर नौकायन किया जो बाद में [[हडसन नदी]] के रूप में जानी गई, तो उन्होंने इस नदी के समूचे जलक्षेत्र को, जिसमें एंगलेवुड भी शामिल था, नीदरलैंड के लिए दावा किया, जिससे एंगलवुड का भविष्य क्षेत्र न्यू नीदरलैंड का हिस्सा बन गया। हालांकि, डच शासन के तहत यह क्षेत्र बहुत कम बसा हुआ रहा, क्योंकि डचों ने आधुनिक हडसन काउंटी के उत्तर में बसावट को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत कम प्रयास किए। इसके साथ ही हडसन के पश्चिमी किनारे पर स्थित न्यू जर्सी पैलिसेड्स के पहाड़ों ने इस दिशा में विस्तार को रोका।<ref name=History/>
[[File:GarretLydeckerHouse.jpg|thumb|गैरेट लिडेकर हाउस का निर्माण 1808 में हुआ था।]]
1664 में, डचों ने न्यू नीदरलैंड का पूरा क्षेत्र इंग्लैंड को सौंप दिया, जिसके बाद बसावट की गति बढ़ गई। अंग्रेजों ने उदारता से भूमि अनुदान दिए, और कई परिवार, न केवल अंग्रेज बल्कि डच और ह्यूगेनॉट भी, इस क्षेत्र में बस गए, जिसे औपनिवेशिक युग के दौरान अंग्रेजी पड़ोस के रूप में जाना जाता था। एंगलवुड में आज भी कुछ सड़क के नाम इसके सबसे पहले बसे हुए विविध समुदाय की याद दिलाते हैं; ब्रिंकरहॉफ, वैन ब्रंट, लीडेकर, वैन नोस्टरैंड और ड्यूरी (ड्यूरीआ), ये सभी डच नाम हैं; डेमरेस्ट (डी मरे), डीमॉट और लोज़ियर (ले सुएर), फ्रांसीसी ह्यूगेनॉट नाम हैं; और मूर, लॉरेंस, कोल और डे, ये अंग्रेजी नाम हैं।
===ऐतिहासिक नोट्स===
1906 से लेकर 16 मार्च, 1907 तक, जब आग में जलकर नष्ट हो गया, एंगलेवुड में अप्टन सिंक्लेयर की समाजवादी प्रवृत्तियों वाली एक इरादतन सामुदायिक परियोजना "हेलीकॉन होम कॉलोनी" स्थापित थी। इस परियोजना में शार्लोट पर्किन्स गिलमैन और सिंक्लेयर लुईस भी जुड़े हुए थे।<ref name=Helicon>Brown, Peggy Ann. [https://web.archive.org/web/20161202225502/http://www.peggyannbrown.net/HeliconHomeColony.html "Not Your Usual Boardinghouse Types: Upton Sinclair's Helicon Home Colony, 1906-1907"], Department of American Studies, [[George Washington University]], May 1993, backed up by the [[Internet Archive]] as of December 2, 2016. Accessed September 16, 2017. "For five months more than seventy-five men, women, and children made Helicon their home for varying lengths of time. Their efforts received wide press coverage and attracted the attention of William James and John Dewey in addition to numerous curiosity-seekers. On March 16, 1907 a fire destroyed the main building, and the colony disbanded."</ref>
डायरेक्ट डिस्टेंस डायलिंग, जिससे कॉलर्स अपने स्थानीय क्षेत्र के बाहर अन्य उपयोगकर्ताओं से ऑपरेटर की सहायता के बिना संपर्क कर सकते थे, एंगलेवुड में जनता के लिए पेश की गई। 10 नवंबर, 1951 को, एंगलेवुड के मेयर एम. लेस्ली डेनिंग ने पहली ग्राहक-डायल की गई लंबी दूरी की कॉल की, जो कैलिफोर्निया के अलमेडा के मेयर फ्रैंक ओसबोर्न को की गई थी। उस तारीख से, एंगलेवुड 3, एंगलेवुड 4 और टीनेक 7 एक्सचेंज के ग्राहक, जो पहले से न्यूयॉर्क सिटी क्षेत्र के कुछ एक्सचेंजों को डायल कर सकते थे, 11 शहरों में तीन-अंकीय एरिया कोड डायल करके कॉल कर सकते थे।<ref>[https://web.archive.org/web/20070107101205/http://www.corp.att.com/attlabs/reputation/timeline/51trans.html 1951: First Direct-Dial Transcontinental Telephone Call], [[AT&T Corporation]], backed up by the [[Internet Archive]] as of January 7, 2007. Accessed September 16, 2017. "Nov. 10, 1951: Mayor M. Leslie Downing of Englewood, N.J., picked up a telephone and dialed 10 digits. Eighteen seconds later, he reached Mayor Frank Osborne in Alameda, Calif. The mayors made history as they chatted in the first customer-dialed long-distance call, one that introduced area codes."</ref><ref>Staff. [https://www.nytimes.com/1979/07/22/archives/new-jersey-weekly-whos-on-first-why-new-jersey-of-course.html?_r=0 "Who's on First? Why, New Jersey, of Course"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917171805/http://www.nytimes.com/1979/07/22/archives/new-jersey-weekly-whos-on-first-why-new-jersey-of-course.html?_r=0 |date=September 17, 2017 }}, ''[[The New York Times]]'', July 22, 1979. Accessed May 28, 2017. "More recently, on Nov. 10, 1951, Mayor Leslie Denning of Englewood telephoned Mayor Frank Osborne of Alameda, Calif., without the help of an operator and Englewood became the first city in the nation whose residents had direct‐dial coast‐to‐coast service."</ref>
फोर्डहम विश्वविद्यालय से स्नातक करने के दो साल बाद, विंस लोम्बार्डी ने एंगलेवुड के सेंट सेसिलिया हाई स्कूल में अपनी फुटबॉल कोचिंग करियर की शुरुआत की, जो 1986 में बंद हो गया।<ref>Fabiano, Giovanna. [https://web.archive.org/web/20160121030843/http://www.northjersey.com/news/englewood-s-st-cecilia-school-to-close-1.1171068 "Englewood's St. Cecilia school to close"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', March 1, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of January 21, 2016. Accessed September 10, 2017. "St. Cecilia's students went on to St. Cecilia High School - where legendary Green Bay Packers Coach Vince Lombardi got his coaching start - before it closed its doors in 1986."</ref>
1979 में, शुगरहिल गैंग ने "रैपर्स डिलाइट" रिकॉर्ड किया, जो टॉप 40 हिट में शामिल होने वाला पहला हिप हॉप सिंगल बना।<ref>Staff. [https://nypost.com/2014/01/26/writing-cred-for-rappers-delight-sparks-grudge/ "Writing cred for 'Rapper's Delight' sparks grudge"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190402204244/https://nypost.com/2014/01/26/writing-cred-for-rappers-delight-sparks-grudge/ |date=April 2, 2019 }}, ''[[New York Post]]'', January 26, 2014. Accessed December 9, 2016. "Thirty-five years ago, the Sugar Hill Gang from Englewood, NJ, burst onto the scene with 'Rapper's Delight' and introduced the world to the Bronx-born music known as hip-hop. It was the first of its kind to break the Billboard Top 40 and sold more than 5 million copies."</ref>
===ऐतिहासिक स्थल===
इस शहर में नेशनल रजिस्टर ऑफ़ हिस्टोरिक प्लेसेस में शामिल स्थलों में शामिल हैं:<ref>[http://www.nj.gov/dep/hpo/1identify/nrsr_lists/Bergen.pdf New Jersey and National Registers of Historic Places - Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130516164840/http://www.nj.gov/dep/hpo/1identify/nrsr_lists/bergen.pdf |date=May 16, 2013 }}, [[New Jersey Department of Environmental Protection]] Historic Preservation Office, last updated November 28, 2016. Accessed December 22, 2016.</ref>
*जॉन जी. बेंसन हाउस (60 ग्रैंड एवेन्यू पर; जोड़ा गया 9 जनवरी, 1983)<ref>[https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001465 John G. Benson House] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917123615/https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001465 |date=September 17, 2017 }}, [[National Park Service]]. Accessed September 16, 2017.</ref>
*थॉमस डेमरेस्ट हाउस (370 ग्रैंड एवेन्यू पर; जोड़ा गया 9 जनवरी, 1983)<ref>[https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001498 Thomas Demarest House] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917124237/https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001498 |date=September 17, 2017 }}, [[National Park Service]]. Accessed September 16, 2017.</ref>
*गैरेट लाइडेकर हाउस (228 ग्रैंड एवेन्यू पर; जोड़ा गया 9 जनवरी, 1983)<ref>[https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001530 Garret Lydecker House] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917124107/https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001530 |date=September 17, 2017 }}, [[National Park Service]]. Accessed September 16, 2017.</ref>
*सेंट पॉल्स एपिस्कोपल चर्च (113 एंगल स्ट्रीट पर; जोड़ा गया 5 मई, 2014)
*डेमोट–वेस्टरवेल्ट हाउस (285 ग्रैंड एवेन्यू पर; जोड़ा गया 9 जनवरी, 1983)<ref>[https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001500 Demott–Westervelt House], [[National Park Service]].</ref>
==भूगोल==
संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना ब्यूरो के अनुसार, एंग्लेवुड का कुल क्षेत्रफल 4.95 वर्ग मील (12.82 किमी²) है, जिसमें 4.93 वर्ग मील (12.76 किमी²) भूमि और 0.02 वर्ग मील (0.06 किमी²) जल (0.46%) शामिल है।<ref name=CensusArea/><ref name=GR1 />
शहर के भीतर स्थित अनिगमित समुदायों, स्थानीयताओं और स्थानों में हाइवूड भी शामिल है।<ref>[http://www.state.nj.us/infobank/localnames.txt Locality Search] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160709092825/http://www.state.nj.us/infobank/localnames.txt |date=July 9, 2016 }}, State of [[New Jersey]]. Accessed May 21, 2015.</ref>
यह शहर बर्गन काउंटी की नगरपालिकाओं से घिरा हुआ है, जिनमें बर्गनफील्ड, एंग्लेवुड क्लिफ्स, फोर्ट ली, लियोनिया, टीनेक और टेनेफ्लाई शामिल हैं।<ref>[https://global.mapit.mysociety.org/area/837959/touches.html Areas touching Englewood] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200325033801/https://global.mapit.mysociety.org/area/837959/touches.html |date=March 25, 2020 }}, MapIt. Accessed March 24, 2020.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/visitors-guide/county-maps Bergen County Map of Municipalities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201202102250/https://www.co.bergen.nj.us/visitors-guide/county-maps |date=December 2, 2020 }}, [[Bergen County, New Jersey]]. Accessed March 24, 2020.</ref><ref>[https://www.state.nj.us/transportation/gis/maps/polnoroads.pdf New Jersey Municipal Boundaries] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20031204213712/https://www.state.nj.us/transportation/gis/maps/polnoroads.pdf |date=December 4, 2003 }}, [[New Jersey Department of Transportation]]. Accessed November 15, 2019.</ref>
==जनसांख्यिकी==
{{US Census population
|align=right
|1900= 6253
|1910= 9924
|1920= 11627
|1930= 17805
|1940= 18966
|1950= 23145
|1960= 26057
|1970= 24985
|1980= 23701
|1990= 24850
|2000= 26203
|2010= 27147
|2020= 29308
| estimate=29624
| estyear=2023
| estref=<ref name=Census2020/><ref name=PopEst>[https://www2.census.gov/programs-surveys/popest/tables/2020-2023/mcds/totals/SUB-MCD-EST2023-POP-34.xlsx Annual Estimates of the Resident Population for Minor Civil Divisions in New Jersey: April 1, 2020 to July 1, 2023], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], released May 2024. Accessed May 16, 2024.</ref>
|footnote=जनसंख्या स्रोत:<small><br>1900–1920<ref>[https://dspace.njstatelib.org/xmlui/handle/10929/25218?show=full ''Compendium of censuses 1726-1905: together with the tabulated returns of 1905''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210226125132/https://dspace.njstatelib.org/xmlui/handle/10929/25218?show=full |date=February 26, 2021 }}, [[New Jersey Department of State]], 1906. Accessed August 12, 2013.</ref> 1900–1910<ref>[https://books.google.com/books?id=T9HrAAAAMAAJ&pg=PA335 ''Thirteenth Census of the United States, 1910: Population by Counties and Minor Civil Divisions, 1910, 1900, 1890''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230727063519/https://books.google.com/books?id=T9HrAAAAMAAJ&pg=PA335 |date=July 27, 2023 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], p. 335. Accessed December 5, 2013.</ref><br>1900–1930<ref>[https://books.google.com/books?id=kifRAAAAMAAJ&pg=PA710 ''Fifteenth Census of the United States : 1930 - Population Volume I''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230930095817/https://books.google.com/books?id=kifRAAAAMAAJ&pg=PA710#v=onepage&q&f=false |date=September 30, 2023 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], p. 710. Accessed February 14, 2012.</ref> 1900–2020<ref>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2kpub/njsdcp3.pdf#page=27 Table 6: New Jersey Resident Population by Municipality: 1940 - 2000] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221005222054/https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2kpub/njsdcp3.pdf#page=27 |date=October 5, 2022 }}, Workforce New Jersey Public Information Network, August 2001. Accessed May 1, 2023.</ref><ref name=BergenCensus>[https://www.co.bergen.nj.us/images/Departments__Services/Planning__Engineering/Census_Data/Table00_HistPopTo2020.pdf Historical Population Trends in Bergen County 1900-2020] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230528015505/https://www.co.bergen.nj.us/images/Departments__Services/Planning__Engineering/Census_Data/Table00_HistPopTo2020.pdf |date=May 28, 2023 }}, [[Bergen County, New Jersey]] Department of Planning and Engineering, 2022. Accessed May 1, 2023.</ref><br>2000<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/> 2010<ref name=Census2010>[https://archive.today/20200212112701/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/DEC/10_DP/DPDP1/0600000US3400321480 DP-1 - Profile of General Population and Housing Characteristics: 2010 for Englewood city, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed February 13, 2012.</ref><ref name=LWD2010>[http://lwd.dol.state.nj.us/labor/lpa/census/2010/dp/dp1_ber/englewood1.pdf Table DP-1. Profile of General Demographic Characteristics: 2010 for Englewood city] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140908064113/http://lwd.dol.state.nj.us/labor/lpa/census/2010/dp/dp1_ber/englewood1.pdf|date=2014-09-08 }}, [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed February 13, 2012.</ref> 2020<ref name=Census2020>[https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/englewoodcitynewjersey/ QuickFacts Englewood city, New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230930095829/https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/englewoodcitynewjersey/ |date=September 30, 2023 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed January 15, 2023.</ref><ref name=LWD2020>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2020/2020%20pl94%20Tables/2020_Mun/MCD%200_All.pdf Total Population: Census 2010 - Census 2020 New Jersey Municipalities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230213084623/https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2020/2020%20pl94%20Tables/2020_Mun/MCD%200_All.pdf |date=February 13, 2023 }}, [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed December 1, 2022.</ref></small>
}}
===2010 की जनगणना===
2010 की संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना में, एंग्लेवुड में 27,147 लोग, 10,057 घर, और 6,788 परिवार थे। जनसंख्या घनत्व 5,524.6 व्यक्ति प्रति वर्ग मील (2,133.1/किमी2) था। 10,695 आवास इकाइयों का औसत घनत्व 2,176.5 प्रति वर्ग मील (840.4/किमी2) था। नस्लीय संरचना में 45.28% (12,292) श्वेत, 32.58% (8,845) अश्वेत या अफ्रीकी अमेरिकी, 0.54% (147) मूल अमेरिकी, 8.10% (2,199) एशियाई, 0.04% (12) प्रशांत द्वीपवासी, 9.73% (2,641) अन्य जातियों से और 3.72% (1,011) दो या अधिक जातियों से थे। जनसंख्या में से 27.48% (7,460) लोग किसी भी जाति के हिस्पैनिक या लैटिनो थे।<ref name=Census2010/>
10,057 घरों में से 28.7% में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे; 45.1% विवाहित जोड़े एक साथ रह रहे थे; 17.1% में कोई महिला घर प्रमुख थी जिसके साथ पति उपस्थित नहीं था और 32.5% गैर-पारिवारिक थे। सभी घरों में से 27.3% में अकेले व्यक्ति थे और 9.6% में कोई अकेला व्यक्ति 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र का था। औसत घर का आकार 2.68 और औसत परिवार का आकार 3.24 था।<ref name=Census2010/>
जनसंख्या का 22.2% 18 वर्ष से कम उम्र के थे, 7.7% 18 से 24 वर्ष के थे, 28.9% 25 से 44 वर्ष के थे, 27.0% 45 से 64 वर्ष के थे और 14.2% 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। औसत आयु 38.9 वर्ष थी। हर 100 महिलाओं पर 90.0 पुरुष थे। 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं पर हर 100 महिलाओं पर 86.3 पुरुष थे।<ref name=Census2010/>
जनगणना ब्यूरो के 2006–2010 अमेरिकी सामुदायिक सर्वेक्षण ने दिखाया कि (2010 में मुद्रास्फीति-समायोजित डॉलर में) औसत घर की आय $69,915 (+/− $7,291) और औसत पारिवारिक आय $87,361 (+/− $9,616) थी। पुरुषों की औसत आय $58,776 (+/− $7,972) थी, जबकि महिलाओं की $48,571 (+/− $3,984) थी। नगर के लिए प्रति व्यक्ति आय $41,533 (+/− $2,981) थी। लगभग 6.9% परिवार और 10.0% जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे थे, जिसमें 10.7% 18 वर्ष से कम उम्र के और 15.8% 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग शामिल थे।<ref>[https://archive.today/20200212084550/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/ACS/10_5YR/DP03/0600000US3400321480 DP03: Selected Economic Characteristics from the 2006-2010 American Community Survey 5-Year Estimates for Englewood city, Bergen county, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed February 14, 2012.</ref>
2010 में, समलैंगिक जोड़े 73 घरों के प्रमुख थे, जो 2000 में गिने गए 63 घरों से अधिक था।<ref>Lipman, Harvy; and Sheingold, Dave. [https://web.archive.org/web/20130203212228/http://www.northjersey.com/news/127675238_NORTH_JERSEY_SEES_30__GROWTH_IN_SAME-SEX_COUPLES___Census_shows_shift_in_suburbs.html "North Jersey sees 30% growth in same-sex couples"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', August 14, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of February 3, 2013. Accessed December 1, 2014.</ref>
===2000 की जनगणना===
[[File:Jackson Hole Diner, Englewood, New Jersey.jpg|thumb|right|जैक्सन होल डायनर, एंगलवुड, न्यू जर्सी]]
2000 की संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना के अनुसार,<ref name="GR2" /> शहर में 26,203 लोग, 9,273 घर, और 6,481 परिवार निवास कर रहे थे। जनसंख्या घनत्व 5,322.0 व्यक्ति प्रति वर्ग मील (2,054.8/किमी2) था। 9,614 आवास इकाइयाँ थीं जिनका औसत घनत्व 1,952.7 प्रति वर्ग मील (753.9/किमी2) था। शहर की नस्लीय संरचना में 42.49% श्वेत, 38.98% अफ्रीकी अमेरिकी, 0.27% मूल अमेरिकी, 5.21% एशियाई, 0.05% प्रशांत द्वीपवासी, 8.50% अन्य जातियों से, और 4.50% दो या अधिक जातियों से थे। जनसंख्या में से 21.76% लोग किसी भी जाति के हिस्पैनिक या लैटिनो थे।<ref name=Census2000>[http://censtats.census.gov/data/NJ/1603421480.pdf Census 2000 Profiles of Demographic / Social / Economic / Housing Characteristics for Englewood city, New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160113033752/http://censtats.census.gov/data/NJ/1603421480.pdf |date=2016-01-13 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed March 5, 2013.</ref><ref name=Census2000SF1>[https://archive.today/20200210211020/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/DEC/00_SF1/DP1/0600000US3400321480 DP-1: Profile of General Demographic Characteristics: 2000 - Census 2000 Summary File 1 (SF 1) 100-Percent Data for Englewood city, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed March 5, 2013.</ref>
2000 की जनगणना में, लगभग 7.17% एंग्लेवुड निवासियों ने खुद को कोलंबियाई अमेरिकी वंश का बताया, जो अमेरिका में किसी भी नगर पालिका में नौवां उच्चतम प्रतिशत था।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Colombian.html Colombian Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071011163422/http://epodunk.com/ancestry/Colombian.html |date=October 11, 2007 }}, [[EPodunk]]. Accessed August 23, 2006.</ref>
9,273 घरों में से, 31.0% घरों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे उनके साथ रह रहे थे, 47.9% विवाहित जोड़े एक साथ रह रहे थे, 17.4% महिलाओं द्वारा घर चलाए जा रहे थे जिनके पति उपस्थित नहीं थे, और 30.1% गैर-पारिवारिक थे। 24.8% सभी घरों में व्यक्ति अकेले रह रहे थे और 9.0% में कोई अकेला व्यक्ति 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र का था। औसत घर का आकार 2.79 और औसत परिवार का आकार 3.29 था।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
शहर में जनसंख्या विभिन्न आयु समूहों में वितरित थी, जिनमें 23.9% 18 वर्ष से कम आयु के थे, 7.4% 18 से 24 वर्ष के थे, 30.5% 25 से 44 वर्ष के थे, 24.9% 45 से 64 वर्ष के थे और 13.3% 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे। औसत आयु 37 वर्ष थी। हर 100 महिलाओं पर 88.7 पुरुष थे। हर 100 महिलाओं (18 वर्ष और उससे अधिक) पर 84.2 पुरुष थे।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
शहर में एक घर की औसत आय $58,379 थी और एक परिवार की औसत आय $67,194 थी। पुरुषों की औसत आय $41,909 थी, जबकि महिलाओं की $34,358 थी। शहर के लिए प्रति व्यक्ति आय $35,275 थी। 8.9% जनसंख्या और 6.6% परिवार गरीबी रेखा के नीचे थे। 18 वर्ष से कम उम्र के 10.2% और 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 8.6% लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे थे।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
==खेल==
एंग्लेवुड गोल्फ क्लब, एंग्लेवुड और लियोनिया के बीच स्थित एक पूर्व गोल्फ क्लब था। इसने 1909 में यू.एस. ओपन टूर्नामेंट की मेजबानी की थी।<ref>[https://www.njsga.org/communications/news-archive/njsgalostlinks/ "Gone But Not Forgotten: A Look At NJSGA's Lost Founding Clubs"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141207111956/https://www.njsga.org/communications/news-archive/njsgalostlinks/ |date=December 7, 2014 }} New Jersey State Golf Association. Accessed December 4, 2014. 'The Englewood Golf Club, located in Englewood and Leonia in Bergen County, had the distinct honor of hosting both a U.S. Amateur and a U.S. Open.... Just three years after the success of the Amateur, Englewood became the only New Jersey club other than Baltusrol to host the U.S. Open when it did so in 1909."</ref>
एंग्लेवुड फील्ड क्लब<ref>[http://www.englewoodfieldclub.org Englewood Field Club] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140522194740/http://www.englewoodfieldclub.org/ |date=May 22, 2014 }}. Accessed May 25, 2014.</ref> एक खेल क्लब है जिसमें टेनिस कोर्ट, एक स्विमिंग पूल और एक आउटडोर हॉकी रिंक शामिल है।<ref>[https://rinkatlas.com/rinks/26 RinkAtlas entry for Englewood Field Club]{{Dead link|date=March 2020 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}. Accessed January 29, 2018.</ref>
==पार्क और मनोरंजन==
[[File:Flat Rock Brook dam jeh.jpg|thumb|150 एकड़ का फ्लैट रॉक ब्रूक प्रकृति संरक्षित क्षेत्र एंगलवुड में स्थित है।]]
मैकके पार्क, नॉर्थ वैन ब्रंट स्ट्रीट पर स्थित है, जिसमें एक आइस हॉकी रिंक, एक स्विमिंग पूल, एक वॉकिंग पथ और एथलेटिक फील्ड शामिल हैं।<ref>[http://www.cityofenglewood.org/content/9262/11564/11620/default.aspx MacKay Park] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917170706/http://www.cityofenglewood.org/content/9262/11564/11620/default.aspx |date=September 17, 2017 }}, City of Englewood. Accessed September 16, 2017.</ref>
फ्लैट रॉक ब्रुक नेचर सेंटर, 433 वैन नोस्ट्रैंड एवेन्यू पर स्थित है और यह पालिसैड्स वन के अवशेषों से बना हुआ है। यह केंद्र 1973 में स्थापित किया गया था और यह 150 एकड़ (61 हेक्टेयर) का एक संरक्षित क्षेत्र और शिक्षा केंद्र है, जिसमें 3.6 मील (5.8 किमी) की पैदल यात्रा पथ और कई उद्यान शामिल हैं, जिनमें हाल ही में नवीनीकृत तितली उद्यान भी शामिल है। फ्लैट रॉक आगंतुकों को इस पार्क में संरक्षित प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में प्रदर्शनियों और वर्ष भर उपलब्ध टूर के माध्यम से जानने का अवसर देता है।<ref>[http://www.flatrockbrook.org/about-us/history History] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170730082505/http://www.flatrockbrook.org/about-us/history |date=July 30, 2017 }}, Flat Rock Nature Center. Accessed September 16, 2017.</ref>
==सरकार==
===स्थानीय सरकार===
{{Further|एंगलवुड, न्यू जर्सी के महापौर}}
1980 में, एंगलवुड ने मेयर-काउंसिल प्रणाली से हटकर न्यू जर्सी विधानमंडल द्वारा विशेष रूप से प्रदान किए गए चार्टर के अनुसार एक संशोधित काउंसिल-मैनेजर सरकार की योजना अपनाई।<ref name=DataBook>''2012 New Jersey Legislative District Data Book'', [[Rutgers University]] [[Edward J. Bloustein School of Planning and Public Policy]], March 2013, p. 157.</ref><ref>[https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/forms_of_municipal_government_in_new_jersey_9220.pdf#page=15 "Forms of Municipal Government in New Jersey"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230604040836/https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/forms_of_municipal_government_in_new_jersey_9220.pdf#page=15 |date=June 4, 2023 }}, p. 15. [[Rutgers University]] Center for Government Studies. Accessed June 1, 2023.</ref> एंगलवुड न्यू जर्सी के उन 11 नगर पालिकाओं में से एक है (कुल 564 में से) जिन्होंने विशेष चार्टर प्राप्त किया है।<ref>[https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/inventory_of_municipal_forms_of_government_in_new_jersey.pdf ''Inventory of Municipal Forms of Government in New Jersey''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230601184216/https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/inventory_of_municipal_forms_of_government_in_new_jersey.pdf |date=June 1, 2023 }}, [[Rutgers University]] Center for Government Studies, July 1, 2011. Accessed June 1, 2023.</ref> यहां की प्रशासनिक इकाई में मेयर और सिटी काउंसिल शामिल हैं। इस चार्टर के तहत, मेयर को नियुक्ति और वीटो करने का अधिकार है, जबकि काउंसिल एक विधायी निकाय के रूप में कार्य करती है, जिसमें कुछ नियुक्तियों की पुष्टि करने का भी अधिकार है। शहर को जनसंख्या के आधार पर चार वार्डों में विभाजित किया गया है। सिटी काउंसिल में पांच सदस्य होते हैं, जो तीन साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं। इनमें से चार सदस्य अपने संबंधित वार्ड से चुने जाते हैं, और एक सदस्य पूरे शहर के लिए चुना जाता है। प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी सिटी मैनेजर की होती है। सिटी काउंसिल के छह सीटों का चुनाव तीन-वर्षीय चक्र में नवंबर के आम चुनाव में किया जाता है। वार्ड दो और चार एक साथ चुने जाते हैं, इसके बाद एक साल बाद वार्ड एक और तीन का चुनाव होता है, और फिर पूरे शहर के प्रतिनिधि और मेयर का चुनाव होता है।<ref>[http://www.cityofenglewood.org/filestorage/9306/11306/ENGLEWOOD_CITY_CHARTER.pdf City Charter] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190303191737/http://cityofenglewood.org/filestorage/9306/11306/ENGLEWOOD_CITY_CHARTER.pdf |date=March 3, 2019 }}, City of Englewood. Accessed September 29, 2019.</ref>
मेयर, योजना बोर्ड, पुस्तकालय ट्रस्टी बोर्ड और परिषद की पुष्टि के साथ बोर्ड ऑफ एडजस्टमेंट के सदस्यों की नियुक्ति करते हैं। मेयर योजना बोर्ड में सेवा देते हैं और परिषद की बैठकों में भाग लेते हैं। मेयर का वोट केवल उस स्थिति में होता है जब किसी प्रस्ताव या अध्यादेश के पारित होने में बराबरी की स्थिति हो। मेयर के पास अध्यादेशों पर वीटो शक्ति होती है, लेकिन इसे चार परिषद सदस्यों के वोट से रोका जा सकता है। सिटी काउंसिल सार्वजनिक नीतियों का निर्धारण करती है, नगर के अध्यादेशों और प्रस्तावों का निर्माण करती है, बजट पारित करती है, और सिटी मैनेजर की नियुक्ति करती है। सिटी काउंसिल आम तौर पर महीने में चार बार मिलती है, ग्रीष्मकाल के महीनों को छोड़कर।
2024 के अनुसार, एंगलवुड के मेयर डेमोक्रेट माइकल वाइल्ड्स हैं, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त हो रहा है।<ref name=Mayor>[https://www.cityofenglewood.org/1295/Mayors-Office Mayor's Office], City of Englewood. Accessed April 26, 2024.</ref> सिटी काउंसिल के सदस्य हैं: चार्ल्स कॉब (डी, 2024; एट-लार्ज), एंजेला डेविड (डी, 2026; वार्ड 3), केनेथ रोसेन्सवेग (डी, 2026; वार्ड 1), केविन ए. विल्सन (डी, 2025; वार्ड 4) और लिसा विसॉट्स्की (डी, 2025; वार्ड 2)।<ref>[https://www.cityofenglewood.org/1282/City-Council City Council], City of Englewood. Accessed April 26, 2024. "The City Council consists of five members, each elected for a three-year term. Four are elected by the individual wards in which they live and the other is elected by a city-wide vote as an at-large member. The city is divided into four wards which are approximately equal in population."</ref><ref>[https://www.cityofenglewood.org/ArchiveCenter/ViewFile/Item/219#page=11 2023 Municipal Data Sheet], City of Englewood. Accessed April 26, 2024.</ref><ref name=BergenCountyDirectory>[https://www.co.bergen.nj.us/images/About_Bergen_County/2024-county-directory.pdf#page=41 ''2024 County and Municipal Directory''], [[Bergen County, New Jersey]], April 2024. Accessed April 15, 2024.</ref><ref name=Bergen2023>[https://www.bergencountyclerk.gov/_Content/pdf/ElectionResult/District%20Canvass%20NEW.pdf Official Statement of Vote 2023 General Election - November 7, 2023 Official Results], [[Bergen County, New Jersey]], November 27, 2023. Accessed January 1, 2024.</ref><ref name=Bergen2022>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf Bergen County November 8, 2022 General Election Statement of Vote], [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated November 21, 2022. Accessed January 1, 2023.</ref><ref name=Bergen2021>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf Bergen County Statement of Vote November 2, 2021 Official results], [[Bergen County, New Jersey]], updated November 17, 2021. Accessed January 1, 2022.</ref>
====आग बुझाने का डिपो====
{{Infobox fire department
| name = एंगलवुड अग्निशमन विभाग (ईएफडी)
| native_name =
| logo =
| logo_alt =
| logo_size =
| motto =
<!-- Operational Area -->
| country =
| subdivision_type1 = राज्य
| subdivision_type2 = शहर
| subdivision_name1 = न्यू जर्सी
| subdivision_name2 = एंगलवुड
<!-- Agency Overview -->
| address = 81 साउथ वैन ब्रंट स्ट्रीट
| established = 1887
| annual calls = ~2,200
| employees = ~60
| annual budget =
| staffing =
| chief =
| FirstResponderBLSorALS = बीएलएस प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता
| iaff = एल3260/3263
| reference1 =
| commissioner =
| divisions =
| battalions =
| stations = 1
| engines = 3 (अतिरिक्त सहित)
| trucks = 2 (अतिरिक्त सहित)
| ladders =
| quints =
| squads =
| rescues = 1 (क्रॉस-स्टाफ़्ड)
| ambulances =
| tenders =
| hazmat = 1
| usar =
| crash =
| wildfire engines =
| bulldozers =
| airplanes =
<!-- Footer -->
| helicopters =
| fireboats =
| reference2 =
| website =
| iaffweb = http://www.englewoodfirefighters.com
<!-- Facilities & Equipment history -->
}}
[[File:Englewood FHQ.jpg|left|thumb|275x275px|एंगलवुड फायर स्टेशन]]
एंगलवुड फायर एसोसिएशन, एक स्वयंसेवी कंपनी थी, जिसकी स्थापना 1887 में शहर की पहली संगठित अग्नि सुरक्षा सेवा के रूप में की गई थी। इसने नॉर्थ वैन ब्रंट स्ट्रीट पर एक फायरहाउस का निर्माण किया, जो एंगलवुड के वर्तमान सिटी हॉल के पास था। 1912 में फायर एग्ज़ामिनर्स बोर्ड की स्थापना के साथ एक पेशेवर भुगतान वाला अग्निशमन विभाग बनाया गया। विलियम स्ट्रीट पर 1926 में बनाए गए फायर मुख्यालय का उपयोग 90 वर्षों तक किया गया, जब तक कि इसका स्थान दक्षिण वैन ब्रंट स्ट्रीट पर जैक ड्रेकफोर्ड एंगलवुड फायरहाउस द्वारा प्रतिस्थापित नहीं कर दिया गया, जिसका उद्घाटन 14 मई, 2016 को हुआ। इस विभाग में 57 वर्दीधारी सदस्य हैं, जिनमें एक मुख्य अधिकारी, एक उप मुख्य अधिकारी, 4 कैप्टन, 9 लेफ्टिनेंट और 42 फायरफाइटर शामिल हैं।<ref>[http://www.cityofenglewood.org/content/9264/9272/9288/default.aspx Englewood Fire Department] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917124158/http://www.cityofenglewood.org/content/9264/9272/9288/default.aspx |date=September 17, 2017 }}, City of Englewood. Accessed September 16, 2017.</ref>
====पुलिस विभाग====
शहर के पुलिस विभाग में कुल 85 कर्मचारी हैं, जिनमें से 79 शपथ ग्रहण किए हुए अधिकारी हैं और अतिरिक्त छह डिस्पैचर्स हैं।<ref>[http://www.cityofenglewood.org/content/9264/9272/9298/default.aspx Police Department] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220811172526/http://cityofenglewood.org/content/9264/9272/9298/default.aspx |date=August 11, 2022 }}, City of Englewood. Accessed August 19, 2022. "Englewood is served by a full-time professionally trained police department consisting of 79 sworn Police Officers, 6 civilian dispatchers."</ref> दिसंबर 2020 में विभाग के नेतृत्व के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद, पुलिस यूनियन ने आठ अधिकारियों के एक समूह को निलंबित कर दिया, जिनमें से सात अफ्रीकी-अमेरिकी थे, जिन्होंने मुख्य और उप मुख्य का समर्थन किया था।<ref>Tully, Tracey. [https://www.nytimes.com/2020/12/31/nyregion/englewood-nj-pba-police.html "This Police Union Suspended 8 Members. Seven Are Black."] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210103032152/https://www.nytimes.com/2020/12/31/nyregion/englewood-nj-pba-police.html |date=January 3, 2021 }}, ''[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]]'', 31 दिसंबर, 2020. 19 अगस्त, 2022 को अभिगमित। "नवंबर में, संघ ने आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया, जिन्होंने प्रमुखों के प्रति समर्थन व्यक्त किया था। एक वर्ष तक चलने वाले इस निलंबन का अर्थ था कि यदि इस दौरान अधिकारियों को काम में कोई परेशानी हुई तो यूनियन उन्हें कानूनी प्रतिनिधित्व उपलब्ध नहीं कराएगी। प्रमुख और उप प्रमुख की तरह, निलंबित किए गए आठ अधिकारियों में से सात अश्वेत हैं.... मेयर वाइल्ड्स, एक पूर्व संघीय अभियोजक जिन्होंने एंगलवुड में एक दर्जन से अधिक ब्लैक लाइव्स मैटर मार्च में भाग लिया है, उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि शहर के 72 पुलिस अधिकारियों में से प्रत्येक व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।"</ref>
===संघीय, राज्य और काउंटी प्रतिनिधित्व===
एंग्लेवुड, न्यू जर्सी के 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट<ref name=PCR2022>[https://www.njredistrictingcommission.org/documents/2021/Data2021/Plan%20Components.pdf 2022 Redistricting Plan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221028193337/https://www.njredistrictingcommission.org/documents/2021/Data2021/Plan%20Components.pdf |date=October 28, 2022 }}, [[New Jersey Redistricting Commission]], December 8, 2022.</ref> और 37वें राज्य विधानमंडल जिले का हिस्सा है।<ref name=Districts2011>[https://www.nj.gov/state/elections/assets/pdf/2011-legislative-districts/towns-districts.pdf Municipalities Sorted by 2011-2020 Legislative District] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211120165412/https://www.nj.gov/state/elections/assets/pdf/2011-legislative-districts/towns-districts.pdf |date=November 20, 2021 }}, [[New Jersey Department of State]]. Accessed February 1, 2020.</ref><ref name=LWV2019>[https://uploads-ssl.webflow.com/5bae63366fd2b2e5b9f87e5e/5d30f0a94a82c66427e564d2_2019_CitizensGuide.pdf ''2019 New Jersey Citizen's Guide to Government''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20191105221009/https://uploads-ssl.webflow.com/5bae63366fd2b2e5b9f87e5e/5d30f0a94a82c66427e564d2_2019_CitizensGuide.pdf |date=November 5, 2019 }}, New Jersey [[League of Women Voters]]. Accessed October 30, 2019.</ref><ref>[https://www.njleg.state.nj.us/districts/districtnumbers.asp#37 Districts by Number for 2011-2020] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190714024328/https://www.njleg.state.nj.us/districts/districtnumbers.asp#37 |date=July 14, 2019 }}, [[New Jersey Legislature]]. Accessed January 6, 2013.</ref>
118वीं संयुक्त राज्य कांग्रेस के लिए, न्यू जर्सी के 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व जोश गॉटहाइमर (डेमोक्रेट, वायकोफ) द्वारा किया जाता है।<ref>[https://www.house.gov/representatives#state-new-jersey Directory of Representatives: New Jersey], [[United States House of Representatives]]. Accessed January 3, 2019.</ref><ref>[https://gottheimer.house.gov/biography/ Biography] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211021193224/https://gottheimer.house.gov/biography/ |date=21 अक्तूबर 2021 }}, Congressman Josh Gottheimer. Accessed January 3, 2019. "Josh now lives in Wyckoff, New Jersey with Marla, his wife who was a federal prosecutor, and their two young children, Ellie and Ben."</ref> संयुक्त राज्य सीनेट में न्यू जर्सी का प्रतिनिधित्व डेमोक्रेट्स कोरी बुकर (न्यूर्क, कार्यकाल समाप्त 2027)<ref>[https://www.phillyvoice.com/2020-election-results-cory-booker-rik-mehta-us-senate/ U.S. Sen. Cory Booker cruises past Republican challenger Rik Mehta in New Jersey], PhillyVoice. Accessed April 30, 2021. "He now owns a home and lives in Newark's Central Ward community."</ref> और जॉर्ज हेल्मी (माउंटेन लेक्स, कार्यकाल समाप्त 2024) द्वारा किया जाता है।<ref>https://www.nytimes.com/2024/08/23/nyregion/george-helmy-bob-menendez-murphy.html</ref><ref>{{cite news |last1=Tully |first1=Tracey |title=Menendez's Senate Replacement Has Been a Democrat for Just 5 Months |url=https://www.nytimes.com/2024/08/23/nyregion/george-helmy-bob-menendez-murphy.html |access-date=August 23, 2024 |work=[[The New York Times]] |date=August 23, 2024}}</ref>
2024-2025 सत्र के लिए, न्यू जर्सी विधानमंडल के 37वें जिला का न्यू जर्सी सीनेट में प्रतिनिधित्व गॉर्डन एम. जॉनसन (डेमोक्रेट, एंग्लेवुड) द्वारा किया जाता है, और जनरल असेंबली में शमा हैदर (डेमोक्रेट, टेनाफ्लाई) और एलेन पार्क (डेमोक्रेट, एंग्लेवुड क्लिफ्स) द्वारा।<ref>[https://www.njleg.state.nj.us/legislative-roster?district=37 Legislative Roster for District 37], [[New Jersey Legislature]]. Accessed January 20, 2024.</ref>
बर्गन काउंटी का शासन एक प्रत्यक्ष निर्वाचित काउंटी कार्यकारी द्वारा किया जाता है, और विधायी कार्य सात सदस्यों के काउंटी कमिश्नर्स बोर्ड द्वारा किए जाते हैं। ये सदस्य तीन साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं, जिनमें से हर नवंबर में दो या तीन सीटों का चुनाव होता है। जनवरी में पुनर्गठन बैठक के दौरान इनमें से एक चेयरमैन और एक वाइस चेयरमैन का चयन किया जाता है। 2024 तक, काउंटी कार्यकारी जेम्स जे. टेडेस्को तृतीय (डेमोक्रेट, पैरामस) हैं, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा।<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/bergen-county-executive?nid=461 County Executive], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref>
बर्गन काउंटी के कमिश्नर्स हैं: थॉमस जे. सुलिवन जूनियर (डेमोक्रेट, मोंटवेल, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/thomas-j-sullivan Vice Chairman Commissioner Chairman Thomas J. Sullivan], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> चेयरमैन जर्मेन एम. ऑर्टिज (डेमोक्रेट, एमर्सन, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/germaine-m-ortiz Commissioner Vice Chairwoman Germaine M. Ortiz], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> जोन वॉस (डेमोक्रेट, फोर्ट ली, 2026),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/dr-joan-m-voss Commissioner Chair Pro Tempore Dr. Joan M. Voss], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> वाइस चेयरमैन मैरी जे. अमोरोसो (डेमोक्रेट, महवाह, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/mary-j-amoroso Commissioner Mary J. Amoroso], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> राफेल मार्टे (डेमोक्रेट, बर्गनफील्ड, 2026),<ref>Cattafi, Kristie. [https://www.northjersey.com/story/news/bergen/2023/03/13/bergen-county-commissioners-rafael-marte-of-bergenfield-fills-vacancy/69999499007/ "Democrats pick Bergenfield councilman to fill vacancy on Bergen County commissioners board"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', March 13, 2023. Accessed March 16, 2023. "A Democratic councilman from Bergenfield will be sworn in as a Bergen County commissioner Wednesday night, filling a vacancy on the governing body for almost 1 million residents. Rafael Marte will serve until Dec. 31, taking on the unexpired term left by former Commissioner Ramon Hache, a Democrat who resigned last week to lead the Ridgewood YMCA as its chief executive officer."</ref> स्टीवन ए. टनेली (डेमोक्रेट, नॉर्थ अर्लिंगटन, 2024)<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/steven-a-tanelli Commissioner Steven A. Tanelli], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> और ट्रेसी सिल्ना ज़ुर (डेमोक्रेट, फ्रैंकलिन लेक्स, 2024)।<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/tracy-silna-zur Commissioner Tracy Silna Zur], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/commissioners Board of County Commissioners], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/budget-and-capital-planning/county-budgets?download=1199:2021-budget#page=8 2022 County Data Sheet], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref name=TemplateDirectory_Bergen_County>[https://www.co.bergen.nj.us/images/About_Bergen_County/Important%20Links/BC_2022_Directory_Online.pdf#page=5 ''2022 County and Municipal Directory''], [[Bergen County, New Jersey]], March 2022. Accessed January 30, 2023.</ref><ref name=Template2022>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf Bergen County November 8, 2022 General Election Statement of Vote], [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated November 21, 2022. Accessed January 1, 2023.</ref><ref name=Template2021>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf Bergen County Statement of Vote November 2, 2021 Official results], [[Bergen County, New Jersey]], updated November 17, 2021. Accessed January 1, 2022.</ref><ref name=Template2020>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/NOV_2020_General_Precinct_Summary.pdf Precinct Summary Results Report - Combined 2020 Bergen County General Election - November 3, 2020 Official Results], [[Bergen County, New Jersey]], December 3, 2020. Accessed January 1, 2021.</ref><ref name=Template2019>[http://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/SOV%20Book%20Report%20as%20of%2012-10-2019.pdf Bergen County November 5, 2019 General Election Statement of Vote], [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated December 10, 2019. Accessed January 1, 2020.</ref>
बर्गन काउंटी के संवैधानिक अधिकारी हैं: क्लर्क जॉन एस. होगन (डेमोक्रेट, नॉर्थवेल, 2026),<ref>[https://www.bergencountyclerk.org/About About the Clerk], Bergen County Clerk. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/clerks/ Clerks], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> शेरिफ एंथनी क्यूरटन (डेमोक्रेट, एंग्लेवुड, 2024)<ref>[https://www.bcsd.us/sheriff-anthony-cureton Sheriff Anthony Cureton], Bergen County Sheriff's Office. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/sheriffs/ Sheriffs], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> और सरोगेट माइकल आर. ड्रेसलर (डेमोक्रेट, क्रेस्किल, 2026)।<ref>[http://www.bergencountysurrogate.com/michaeldressler.html Michael R. Dressler], Bergen County Surrogate's Court. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/surrogates/ Surrogates], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref name=TemplateDirectory_Bergen_County/><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/constitutional-officers Constitutional Officers], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref>
===राजनीति===
मार्च 2011 तक, एंग्लेवुड में कुल 15,033 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 8,571 (57.0% बनाम 31.7% बर्गन काउंटी में) डेमोक्रेट के रूप में पंजीकृत थे, 1,215 (8.1% बनाम 21.1%) रिपब्लिकन के रूप में और 5,240 (34.9% बनाम 47.1%) असंबद्ध के रूप में पंजीकृत थे। लिबर्टेरियन या ग्रीन के रूप में पंजीकृत 7 मतदाता थे।<ref name=VoterRegistration>[http://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2011-bergen-co-summary-report.pdf Voter Registration Summary - Bergen] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180925142003/https://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2011-bergen-co-summary-report.pdf |date=September 25, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, March 23, 2011. Accessed December 5, 2013.</ref> 2010 की जनगणना के अनुसार, शहर की जनसंख्या में से 55.4% (बर्गन काउंटी में 57.1%) मतदाता के रूप में पंजीकृत थे, जिनमें से 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के 71.2% (बर्गन काउंटी में 73.7%) पंजीकृत थे।<ref name=VoterRegistration/><ref>[https://www.census.gov GCT-P7: Selected Age Groups: 2010 - State -- County Subdivision; 2010 Census Summary File 1 for New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210709054630/https://www.census.gov/ |date=July 9, 2021 }} , [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed December 5, 2013.</ref>
2012 के राष्ट्रपति चुनाव में, डेमोक्रेट बराक ओबामा को 8,855 वोट (76.8% बनाम 54.8% काउंटी में) मिले, रिपब्लिकन मिट रोमनी को 2,502 वोट (21.7% बनाम 43.5%) मिले, और अन्य उम्मीदवारों को 71 वोट (0.6% बनाम 0.9%) मिले। शहर के 16,586 पंजीकृत मतदाताओं में से 11,533 ने मतदान किया, जिसमें 69.5% मतदान हुआ (बर्गन काउंटी में 70.4%)।<ref>[http://njelections.org/2012-results/2012-presidential-bergen.pdf Presidential November 6, 2012 General Election Results - Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180926204006/http://njelections.org/2012-results/2012-presidential-bergen.pdf |date=September 26, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, March 15, 2013. Accessed December 5, 2013.</ref><ref>[http://njelections.org/2012-results/2012-ballotscast-bergen.pdf Number of Registered Voters and Ballots Cast November 6, 2012 General Election Results - Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180926203505/http://njelections.org/2012-results/2012-ballotscast-bergen.pdf |date=September 26, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, March 15, 2013. Accessed December 5, 2013.</ref> 2008 के राष्ट्रपति चुनाव में, ओबामा को 9,412 वोट (77.0% बनाम 53.9%) मिले, जॉन मैक्केन को 2,625 वोट (21.5% बनाम 44.5%) मिले, और अन्य उम्मीदवारों को 58 वोट (0.5% बनाम 0.8%) मिले। उस वर्ष, 16,065 पंजीकृत मतदाताओं में से 12,221 ने मतदान किया, जिसमें 76.1% मतदान हुआ (बर्गन काउंटी में 76.8%)।<ref>[http://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2008-gen-elect-presidential-results-bergen.pdf 2008 Presidential General Election Results: Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180927042803/https://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2008-gen-elect-presidential-results-bergen.pdf |date=September 27, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, December 23, 2008. Accessed December 5, 2013.</ref><ref name=Results2008>[http://dng.northjersey.com/media_server/tr/smaps/2008/electionresults2008/att/North_Jersey_election_results_36.html "2008 General Election Results for Englewood"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110714195351/http://dng.northjersey.com/media_server/tr/smaps/2008/electionresults2008/att/North_Jersey_election_results_36.html |date=July 14, 2011 }}, ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]''. Accessed September 15, 2011.</ref> 2004 के राष्ट्रपति चुनाव में, एंगलवुड में डेमोक्रेट जॉन केरी को 8,087 वोट (73.6% बनाम काउंटी स्तर पर 51.7%) प्राप्त हुए, जो रिपब्लिकन जॉर्ज डब्ल्यू. बुश से आगे रहे, जिन्हें 2,798 वोट (25.5% बनाम 47.2%) मिले, और अन्य उम्मीदवारों को 65 वोट (0.6% बनाम 0.7%) प्राप्त हुए। शहर के 14,702 पंजीकृत मतदाताओं में से कुल 10,990 मतपत्र डाले गए, जिससे मतदान दर 74.8% रही, जबकि पूरे काउंटी में यह दर 76.9% थी।<ref>[http://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2004-presidential_bergen_co_2004.pdf 2004 Presidential Election: Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180927043212/https://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2004-presidential_bergen_co_2004.pdf |date=September 27, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, December 13, 2004. Accessed December 5, 2013.</ref>
2013 के गवर्नर चुनाव में, एंगलवुड में डेमोक्रेट बारबरा बुओनो को 62.5% वोट (3,367 मत) मिले, जो रिपब्लिकन क्रिस क्रिस्टी से आगे रहीं, जिन्हें 36.6% (1,972 वोट) प्राप्त हुए, और अन्य उम्मीदवारों को 0.9% (49 वोट) मिले। शहर के 15,615 पंजीकृत मतदाताओं में से 5,557 मतपत्र डाले गए (जिसमें से 169 मतपत्र अमान्य पाए गए), जिससे मतदान दर 35.6% रही।<ref name=2013Elections>{{cite web |url=http://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-results-governor-bergen.pdf |title=Governor - Bergen County |date=January 29, 2014 |publisher=New Jersey Department of Elections |access-date=December 24, 2014 |archive-date=November 28, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181128123050/https://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-results-governor-bergen.pdf |url-status=live }}</ref><ref name=2013VoterReg>{{cite web |url=http://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-ballotscast-bergen.pdf |title=Number of Registered Voters and Ballots Cast - November 5, 2013 - General Election Results - Bergen County |date=January 29, 2014 |publisher=New Jersey Department of Elections |access-date=December 24, 2014 |archive-date=November 28, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181128123019/https://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-ballotscast-bergen.pdf |url-status=live }}</ref>
2009 के गवर्नर चुनाव में, डेमोक्रेट जॉन कोरजाइन को 5,304 मत मिले (73.8% बनाम काउंटी में 48.0%), जबकि रिपब्लिकन क्रिस क्रिस्टी को 1,613 वोट (22.5% बनाम 45.8%), स्वतंत्र उम्मीदवार क्रिस डैगेट को 170 वोट (2.4% बनाम 4.7%) और अन्य उम्मीदवारों को 20 वोट (0.3% बनाम 0.5%) मिले। शहर के 15,534 पंजीकृत मतदाताओं में से कुल 7,184 मतपत्र डाले गए, जिससे मतदान दर 46.2% रही, जबकि काउंटी में यह दर 50.0% थी।<ref>[http://www.njelections.org/election-results/2009-governor_results-bergen.pdf 2009 Governor: Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181128164457/https://www.njelections.org/election-results/2009-governor_results-bergen.pdf |date=2018-11-28 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, December 31, 2009. Accessed December 5, 2013.</ref>
==शिक्षा==
===पब्लिक स्कूल===
एंगलवुड पब्लिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट प्री-के से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है और ड्वाइट मोरो हाई स्कूल का संचालन करता है।<ref>[https://www.straussesmay.com/seportal/Public/DistrictPolicy.aspx?policyid=0110&id=1ff00acbe1d24fbb83f1b21f48bd1384 Englewood Board of Education District Policy 0110 - Identification] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230903113234/https://www.straussesmay.com/seportal/Public/DistrictPolicy.aspx?policyid=0110&id=1ff00acbe1d24fbb83f1b21f48bd1384 |date=September 3, 2023 }}, Englewood Public School District. Accessed May 27, 2020. "Purpose: The Englewood Board of Education exists for the purpose of providing a thorough and efficient system of free public education in grades Pre-K through 12 for students of the City of Englewood Public Schools. Classification: The City of Englewood Public School District shall be classified as a Type II district. Composition: The City of Englewood Public School District is comprised of all of the area within the municipal boundaries of the City of Englewood."</ref> एंगलवुड क्लिफ्स के छात्र एंगलवुड क्लिफ्स पब्लिक स्कूलों के साथ एक सेंडिंग/रिसीविंग संबंध के हिस्से के रूप में ड्वाइट मोरो हाई स्कूल में पढ़ते हैं।<ref name=NJSRC>[https://www.nj.gov/education/pr/1415/narrative/03/1370/040.html Dwight Morrow High School/Academies@Englewood 2015 Report Card Narrative] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160624160616/http://www.nj.gov/education/pr/1415/narrative/03/1370/040.html |date=June 24, 2016 }}, [[New Jersey Department of Education]]. Accessed May 27, 2020. "Dwight Morrow High School is a community of learners and teachers consisting of approximately 1055 students and 125 faculty members. Our school serves Englewood and Englewood Cliffs, and our campus is the home of the largest Interdistrict Public School Choice program in New Jersey, the Academies@Englewood."</ref><ref>Capuzzo, Jill P. [https://www.nytimes.com/2013/06/09/realestate/the-little-land-of-big-houses.html "The Little Land of Big Houses"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161225150012/http://www.nytimes.com/2013/06/09/realestate/the-little-land-of-big-houses.html |date=December 25, 2016 }}, ''[[The New York Times]]'', June 4, 2013. Accessed December 24, 2016. "Dwight Morrow is also home to the Academies@Englewood, the state's largest interdistrict public school, which is by application only."</ref>
2021-22 शैक्षिक वर्ष के अनुसार, पांच स्कूलों वाले इस जिले में 2,923 छात्रों का नामांकन था और 247.0 क्लासरूम टीचर (पूर्णकालिक समकक्ष आधार पर) थे, जो छात्र-शिक्षक अनुपात 11.8:1 प्रदान करते हैं।<ref name=NCES>[https://nces.ed.gov/ccd/districtsearch/district_detail.asp?Search=2&details=1&ID2=3404740&DistrictID=3404740 District information for Englewood Public School District], [[National Center for Education Statistics]]. Accessed December 1, 2022.</ref> जिले के स्कूलों में (2021-22 एनरोलमेंट डेटा नेशनल सेंटर फॉर एजुकेशन स्टैटिस्टिक्स से)<ref>[https://nces.ed.gov/ccd/schoolsearch/school_list.asp?Search=1&DistrictID=3404740 School Data for the Englewood Public School District], [[National Center for Education Statistics]]. Accessed December 1, 2022.</ref> डी. ए. क्वार्ल्स अर्ली चाइल्डहुड सेंटर<ref>[https://www.epsd.org/o/quarles D. A. Quarles Early Childhood Center], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> में प्रीके-के के लिए 430 छात्र, डॉ. जॉन ग्रिको एलिमेंटरी स्कूल<ref>[https://www.epsd.org/o/grieco Dr. John Grieco Elementary School], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> में कक्षा 1-2 के लिए 348 छात्र, डॉ. लीरॉय मैकक्लाउड स्कूल<ref>[https://www.epsd.org/o/mccloud Dr. Leroy McCloud School], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> में कक्षा 3-5 के लिए 490 छात्र, जानिस ई. डिसमस मिडिल स्कूल<ref>[https://www.epsd.org/o/jdms Janis E. Dismus Middle School], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> में कक्षा 6-8 के लिए 547 छात्र और ड्वाइट मोरो हाई स्कूल<ref>[https://www.epsd.org/o/dmhs Dwight Morrow High School], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> / अकैडमीज @ एंगलवुड<ref>[https://www.epsd.org/o/academies Academies @ Englewood], Englewood Public School District. Accessed Accessed December 22, 2023.</ref> में कक्षा 9-12 के लिए 1,003 छात्र नामांकित हैं।<ref>[https://homeroom6.doe.state.nj.us/directory/school/districtid/1370 New Jersey School Directory for the Englewood Public School District], [[New Jersey Department of Education]]. Accessed February 1, 2024.</ref> 2009 में, क्लिवलैंड स्कूल का नाम बदलकर डॉ. लीरॉय मैकक्लाउड के सम्मान में रखा गया, जो जिले के पहले अफ्रीकी-अमेरिकी प्रधानाध्यापक थे और उनका जिले में 50 वर्षों का करियर था।<ref>Fabiano, Giovanna. [http://www.northjersey.com/news/englewood-school-gets-new-addition-and-a-new-name-1.181870 "Englewood school gets new addition, and a new name"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304082137/http://www.northjersey.com/news/englewood-school-gets-new-addition-and-a-new-name-1.181870 |date=March 4, 2016 }}, ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', October 21, 2009. Accessed December 3, 2014. "Englewood's Cleveland Elementary School has been renamed the Dr. Leroy McCloud Elementary School in honor of the district's first African-American principal."</ref>
एंगलवुड और बर्गन काउंटी के सभी सार्वजनिक स्कूलों के छात्र बर्गन काउंटी टेक्निकल स्कूलों द्वारा हेकेंसेक, टीटरबोरो और पारामस में दी जाने वाली माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रमों में भाग लेने के पात्र हैं। यह कार्यक्रम साझा-समय या पूर्ण-समय के आधार पर उपलब्ध हैं, जिसमें चयनात्मक आवेदन प्रक्रिया और ट्यूशन छात्र के गृह स्कूल जिले द्वारा कवर किया जाता है।<ref>[http://bcts.bergen.org/index.php/about-us About Us] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131014000910/http://bcts.bergen.org/index.php/about-us |date=October 14, 2013 }}, [[Bergen County Technical Schools]]. Accessed December 5, 2013.</ref><ref>[https://bcts.bergen.org/index.php/admissions Admissions] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170305034226/https://bcts.bergen.org/index.php/admissions |date=March 5, 2017 }}, [[Bergen County Technical Schools]]. Accessed December 29, 2016.</ref>
सामान्य सार्वजनिक शिक्षा के विकल्प के रूप में, एंगलवुड में एंगलवुड ऑन द पालिसेड्स चार्टर स्कूल भी है,<ref>[http://englewoodcharterschool.com/ Home Page] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917170549/http://englewoodcharterschool.com/ |date=September 17, 2017 }}, Englewood on the Palisades Charter School. Accessed May 27, 2020.</ref> जिसमें 2018-2019 शैक्षिक वर्ष में किंडरगार्टन से पाँचवीं कक्षा के लिए 317 छात्रों का नामांकन था।<ref>[https://nces.ed.gov/ccd/schoolsearch/school_detail.asp?Search=1&SchoolID=340001400258&ID=340001400258 Data for Englewood on the Palisades Charter School] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917124336/https://nces.ed.gov/ccd/schoolsearch/school_detail.asp?Search=1&SchoolID=340001400258&ID=340001400258 |date=September 17, 2017 }}, [[National Center for Education Statistics]]. Accessed April 1, 2020.</ref> शालोम अकादमी, जो हिब्रू भाषा सीखने पर केंद्रित एक चार्टर स्कूल था, ने सितंबर 2011 में कक्षा के-5 के लिए एंगलवुड और टीनैक के छात्रों की सेवा करने की योजना बनाई थी, लेकिन न्यू जर्सी शिक्षा विभाग से अंतिम मंजूरी प्राप्त करने में असफल रहा।<ref>Friedman, Jeanette. [https://www.jewishlinknj.com/schools/478-shalom-academy-tied-up-in-red-tape "Shalom Academy: Tied Up in Red Tape"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230930095821/https://jewishlink.news/shalom-academy-tied-up-in-red-tape/ |date=September 30, 2023 }}, The Jewish Link of Bergen County, March 25, 2013. Accessed September 16, 2017.</ref>
===निजी स्कूल===
एंगलवुड में कई निजी स्कूल हैं। ड्वाइट-एंगलवुड स्कूल में प्री-के से बारहवीं कक्षा तक के 900 छात्र पढ़ते हैं, जो तीन अलग-अलग विभागों में विभाजित हैं।<ref>[https://www.d-e.org/page/about-d-e We are D-E] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161204214651/http://www.d-e.org/page/about-d-e |date=December 4, 2016 }}, [[Dwight-Englewood School]]. Accessed July 2, 2018.</ref> 1930 में स्थापित, एलिजाबेथ मोरो स्कूल प्रीस्कूल से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है।<ref>[http://www.elisabethmorrow.org/about-us/2017-2018-year-at-a-glance 2017-18 At-A-Glance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917170446/http://www.elisabethmorrow.org/about-us/2017-2018-year-at-a-glance |date=September 17, 2017 }}, [[Elisabeth Morrow School]]. Accessed September 16, 2017.</ref> मोरियाह स्कूल ऑफ एंगलवुड, जो कि काउंटी के सबसे बड़े यहूदी डे स्कूलों में से एक है, में प्रीस्कूल से आठवीं कक्षा तक के लगभग 1,000 छात्रों का नामांकन होता था।<ref>Wiener, Julie. [http://jewishweek.timesofisrael.com/increased-competition-shakes-up-n-j-schools/ "Increased Competition Shakes Up N.J. Schools"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917125635/http://jewishweek.timesofisrael.com/increased-competition-shakes-up-n-j-schools/ |date=September 17, 2017 }}, ''[[The Jewish Week]]'', April 10, 2013. Accessed September 16, 2017. "While sources close to the school told The Jewish Week that enrollment there has dropped from approximately 1,000 a few years ago to 780 this year to about 700 projected for next year, Sohn, in an e-mail to The Jewish Week, said that enrollment is currently over 800, and that the early childhood program is increasing 15 percent for next year."</ref> येशिवा ओहर सिमचा नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है और एक स्नातकोत्तर येशिवा कार्यक्रम भी प्रदान करता है।<ref>Lipowsky, Josh. [http://www.jstandard.com/articles/2902/1/%91We-try-to-give-them-the-feeling-this-is-all-part-of-one-family%92 "We try to give them the feeling this is all part of one family"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120329054522/http://www.jstandard.com/articles/2902/1/%91We-try-to-give-them-the-feeling-this-is-all-part-of-one-family%92 |date=March 29, 2012 }}, ''[[Jewish Standard]]'', July 4, 2007.</ref>
छात्र नामांकन में कमी का सामना करते हुए, सेंट सेसिलिया इंटरपेरोचियल स्कूल को न्यूयॉर्क के रोमन कैथोलिक आर्चडायसिस ने 2010–2011 के स्कूल वर्ष के अंत में बंद कर दिया, जिसमें अगले वर्ष के लिए के-8 के 85 छात्रों का अनुमानित नामांकन था, जो आर्थिक रूप से स्कूल को बनाए रखने के लिए आवश्यक संख्या का आधा भी नहीं था। सेंट सेसिलिया हाई स्कूल, जहां विन्स लोम्बार्डी ने 1939–1947 के बीच फुटबॉल कोचिंग की थी, को 1986 में बंद कर दिया गया था।<ref>Fabiano, Giovanna. [https://web.archive.org/web/20160121030843/http://www.northjersey.com/news/englewood-s-st-cecilia-school-to-close-1.1171068 "Englewood's St. Cecilia school to close"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', March 1, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of January 21, 2016. Accessed September 16, 2017. "St. Cecilia Interparochial School is closing its doors for good at the end of the school year. The landmark K-8 school on West Demarest Avenue has suffered from low enrollment over the last decade, Jim Goodness, a spokesman for the Archdiocese of Newark, said Tuesday. He added that the decision to close was no surprise to parents and staff."</ref>
==स्वास्थ्य देखभाल==
*एंगलवुड अस्पताल और मेडिकल सेंटर, जो एंगल स्ट्रीट पर स्थित है, अपने हृदय रोग, बिना रक्त सर्जरी, और स्तन देखभाल कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है।
*लिलियन बूथ एक्टर्स होम एक सहायक-जीवन सुविधा है जो मनोरंजन और प्रदर्शन कला क्षेत्र के पेशेवरों की सहायता करता है।
==परिवहन==
===सड़कें और राजमार्ग===
[[File:2020-07-07 17 43 59 View north along the local lanes of Interstate 95 (Bergen-Passaic Expressway) at Exit 71 (Englewood) on the border of Englewood and Leonia in Bergen County, New Jersey.jpg|thumb|right|अंतरराज्यीय 95 उत्तर की ओर एंगलवुड के निकास पर]]
मई 2010 तक, एंगलवुड शहर में कुल 75.06 मील (120.80 किमी) सड़कें थीं, जिनमें से 64.30 मील (103.48 किमी) नगरपालिका द्वारा, 8.39 मील (13.50 किमी) बर्गन काउंटी द्वारा, 1.94 मील (3.12 किमी) न्यू जर्सी परिवहन विभाग द्वारा और 0.43 मील (0.69 किमी) न्यू जर्सी टर्नपाइक अथॉरिटी द्वारा बनाए रखी जाती थीं।<ref>[http://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/mileage_Bergen.pdf Bergen County Mileage by Municipality and Jurisdiction] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180717070714/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/mileage_Bergen.pdf |date=July 17, 2018 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], May 2010. Accessed December 5, 2013.</ref>
इंटरस्टेट 95 एंगलवुड को सेवा देने वाला सबसे प्रमुख राजमार्ग है। यह शहर की दक्षिणी सीमा के पास लियोनिया के साथ 0.43 मील (0.69 किमी) तक एंगलवुड से होकर गुजरता है।<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000095__-.pdf#page=37 Interstate 95 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221103071536/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000095__-.pdf#page=37 |date=November 3, 2022 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], August 2014. Accessed January 28, 2023.</ref> इसे मूल रूप से न्यू जर्सी परिवहन विभाग द्वारा बनाया गया था, और अब यह न्यू जर्सी टर्नपाइक का हिस्सा है, हालांकि इस पर टोल नहीं है।
शहर में रूट 4,<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000004__-.pdf#page=4 Route 4 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221028041629/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000004__-.pdf#page=4 |date=October 28, 2022 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], updated May 2017. Accessed January 28, 2023.</ref> रूट 93,<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000093__-.pdf#page=2 Route 93 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230415043511/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000093__-.pdf#page=2 |date=April 15, 2023 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], updated March 2017. Accessed January 28, 2023.</ref> काउंटी रूट 501<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000501__-.pdf#page=11 County Route 501 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230129040411/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000501__-.pdf#page=11 |date=January 29, 2023 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], updated November 2012. Accessed January 28, 2023.</ref> और काउंटी रूट 505 द्वारा भी सेवा दी जाती है।<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000505__-.pdf#page=4 County Route 505 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221022215454/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000505__-.pdf#page=4 |date=October 22, 2022 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], updated November 2012. Accessed January 28, 2023.</ref> रूट 93 का उत्तरी छोर रूट 4 के साथ एक चौराहे पर है, लेकिन यह सड़क उत्तर में सीआर 501 के रूप में जारी रहती है।<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/gis/maps/Bergen.pdf Bergen County Road Map] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221229005443/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/gis/maps/Bergen.pdf |date=December 29, 2022 }}, [[New Jersey Department of Transportation]]. Accessed January 28, 2023.</ref>
[[File:Aerial view above Englewood, New Jersey.jpg|thumb|right|एंगलवुड, न्यू जर्सी से जॉर्ज वॉशिंगटन ब्रिज और मैनहट्टन का हवाई दृश्य]]
===सार्वजनिक परिवहन===
एनजे ट्रांज़िट की कई बस लाइनें एंगलवुड को सेवा प्रदान करती हैं। बस संख्या 166 पोर्ट अथॉरिटी बस टर्मिनल (मिडटाउन मैनहट्टन) तक स्थानीय और एक्सप्रेस सेवा उपलब्ध कराती है; 171, 175, 178 और 186 जॉर्ज वॉशिंगटन ब्रिज बस स्टेशन (अपटाउन मैनहट्टन) तक सेवा प्रदान करती हैं; और 756 तथा 780 स्थानीय सेवा प्रदान करती हैं।<ref>[https://web.archive.org/web/20090522212317/http://www.njtransit.com/sf/sf_servlet.srv?hdnPageAction=BusRoutesBergenCountyTo Routes by County: Bergen County], [[NJ Transit]], backed up by the [[Internet Archive]] as of May 22, 2009. Accessed September 14, 2016.</ref><ref>[http://www.njtransit.com/pdf/bus/Bergen_County_Map.pdf Bergen County System Map] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190806135221/https://www.njtransit.com/pdf/bus/Bergen_County_Map.pdf |date=August 6, 2019 }}, [[NJ Transit]]. Accessed September 14, 2016.</ref> रॉकलैंड कोचेस रूट 11, 20, और 20टी पर पोर्ट अथॉरिटी बस टर्मिनल से नियमित सेवा प्रदान करती है।<ref>[https://web.coachusa.com/rockland/ss.commuter.asp Rockland Coaches: Commuter Routes] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181027143208/https://web.coachusa.com/rockland/ss.commuter.asp |date=October 27, 2018 }}, [[Rockland Coaches]]. Accessed September 16, 2017.</ref>
एरी रेलवे की उपनगरीय नॉर्दर्न ब्रांच (एनआरआरएनजे) ने 1859 में एंगलवुड में यात्री सेवा शुरू की, जिसमें विभिन्न स्टेशन शामिल थे, जिनमें से एक अभी भी डिपो स्क्वायर में मौजूद है। यह सेवा जर्सी सिटी के हडसन नदी पर स्थित पावोनिया टर्मिनल से शुरू होकर वहां समाप्त होती थी और सितंबर 1966 में बंद कर दी गई, जिसके बाद ट्रेनें होबोकन टर्मिनल की ओर मोड़ दी गईं।<ref>[http://www.northernbranchcorridor.com/docs/Northern%20Branch%20DOCS/Northern%20Branch%20DEIS%20Appendices/Appendix%20H%20-%20Historic.pdf#page=3 Historic Background: History of the Northern Branch] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190620084023/http://northernbranchcorridor.com/docs/Northern%20Branch%20DOCS/Northern%20Branch%20DEIS%20Appendices/Appendix%20H%20-%20Historic.pdf#page=3 |date=June 20, 2019 }}, Northern Branch DEIS, December 2011. Accessed September 29, 2019. "The rail line now known as the Northern Branch was originally the Northern Railroad of New Jersey and was built in the period from 1854-1859 as the six-foot gauge Northern Railroad of New Jersey (Refer to Figure H-1).... Passenger service on the Northern Branch was terminated on September 30, 1966."</ref>
नॉर्दर्न ब्रांच कॉरिडोर प्रोजेक्ट एनजे ट्रांज़िट का प्रस्तावित प्रोजेक्ट है, जिसके तहत हडसन-बर्गन लाइट रेल को इस लाइन पर विस्तारित कर नए स्टेशनों पर सेवा प्रदान की जाएगी।<ref>[http://www.northernbranchcorridor.com/ Home Page] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100418145544/http://www.northernbranchcorridor.com/ |date=April 18, 2010 }}, Northern Branch Corridor Project. Accessed December 24, 2016.</ref> इस लाइन का रूट 4 और एंगलवुड टाउन सेंटर में स्टॉप होगा और इसका अंतिम स्टॉप एंगलवुड अस्पताल और मेडिकल सेंटर पर होगा। डिपो स्क्वायर में एक स्टेशन का स्टॉप शहर की एनजे ट्रांज़िट के प्रस्तावित नए एंगलवुड टाउन सेंटर स्टेशन के बजाय ज्यादा पसंदीदा विकल्प है।<ref>[http://englewoodone.com/wp-content/uploads/2014/09/Adopted_2014_Master_Plan.pdf#page=97 '' Municipal Master Plan 2014''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170112080716/http://englewoodone.com/wp-content/uploads/2014/09/Adopted_2014_Master_Plan.pdf#page=97 |date=January 12, 2017 }}, p. 97, City of Englewood. Accessed December 24, 2016. "Locate Station at Depot Square, convenient to BergenPAC. NJ Transit should improve passenger convenience and station visibility by relocating the proposed new Englewood Town Center Station to the northern side of Palisade Avenue along Depot Square, between Bergen Performing Arts (PAC) and the former rail station. This is the commercial and cultural heart of Englewood as well as the historic location of the passenger rail service. This station stop is the commercial and cultural heart of Englewood as well as the historic location of the passenger rail service. This station stop is the City's much-preferred alternative to the W. Englewood Avenue station assumed in the DEIS."</ref> एंगलवुड के मेयर फ्रैंक हटल तृतीय ने इस प्रोजेक्ट का समर्थन करने और योजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक राज्य और संघीय धन प्राप्त करने के लिए जर्सी सिटी के मेयर स्टीवन फुलोप के साथ मिलकर काम किया। हटल ने प्रोजेक्ट के आर्थिक लाभों पर जोर दिया और कहा कि शहर इस परियोजना के अंत-स्टॉप की मेज़बानी करना चाहता है, जिसमें एंगलवुड अस्पताल के पास एक पार्किंग गैराज और शहर के व्यावसायिक केंद्र में पलिसेड एवेन्यू के पास अतिरिक्त पार्किंग शामिल होगी।<ref>Rouse, Karen. [https://web.archive.org/web/20160921023643/http://www.northjersey.com/news/englewood-mayor-hopes-to-jump-start-bergen-county-light-rail-plan-1.1000203 "Englewood mayor hopes to jump-start Bergen County light rail plan"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', April 21, 2014, backed up by the [[Internet Archive]] as of September 21, 2016. Accessed September 16, 2017.</ref>
==धर्म==
कांग्रेसन अहवाथ तोराह एक आधुनिक ऑर्थोडॉक्स सिनेगॉग है, जिसे 1895 में स्थापित किया गया था और 1958 में वर्तमान स्थल पर स्थानांतरित किया गया था।<ref>Friedman, Jeanette. [https://jewishstandard.timesofisrael.com/ahavath-torah-expands/ "Ahavath Torah expands"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230313223150/https://jewishstandard.timesofisrael.com/ahavath-torah-expands/ |date=March 13, 2023 }} ,''[[The Jewish Standard]]'', July 6, 2006. Accessed March 13, 2023. "In 1895, Ahavath Torah consisted of eight families with a single Torah scroll. Services rotated among members' homes.... By 1958, the Ahavath Torah membership had grown to 300 families and they desperately needed space, so for $55,000, the congregation bought a huge estate on Broad Avenue from Baroness Cassel Van Dorn."</ref>
सेंट पॉल्स एपिस्कोपल चर्च एक एपिस्कोपल चर्च है जो शहर में स्थित है।
==उल्लेखनीय लोग==
{{Main|एंगलवुड, न्यू जर्सी के लोगों की सूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[https://en.wikipedia.org/wiki/Palisades_Mountain_House पैलिसेड्स माउंटेन हाउस]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|3}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी}}
* [http://www.cityofenglewood.org/ एंगलवुड आधिकारिक वेबसाइट]
* [http://www.theenglewoodreport.com/ एंगलवुड रिपोर्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20241110035929/http://www.theenglewoodreport.com/ |date=10 नवंबर 2024 }}
{{Authority control}}
54j2met4mf4j1utwtzc9lfhmijuqwyj
राजकीय डुंगर महाविद्यालय बीकानेर
0
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Arjun Kannaujiya
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text/x-wiki
'''राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर''' का नाम [[डूंगर सिंह|महाराजा श्री डूंगर सिंह]] जी के नाम पर रखा गया है तथा प्रारम्भिक अवस्था में इसे दरबार स्कूल कहा जाता था। श्री डूंगर सिंह जी तत्कालीन '''बीकानेर राज्य के 20वें शासक''' थे तथा उन्होंने वर्ष 1873 में दरबार स्कूल की स्थापना की थी। उनके निधन के पश्चात् उनके भाई गंगा सिंह जी ने 25 सितम्बर, 1912 को दरबार स्कूल को डूंगर मेमोरियल कॉलेज में परिवर्तित कर दिया। वर्ष 1928 में [[महाविद्यालय]] स्तर पर अध्यापन आरम्भ हुआ। वर्ष 1937 में महाविद्यालय में डिग्री कक्षाएं आरम्भ हुईं तथा उसी वर्ष विद्यालय को सरदूल स्कूल के नाम से महाविद्यालय से अलग कर दिया गया। जुलाई 1940 में भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विषयों के साथ इंटरमीडिएट विज्ञान संकाय आरम्भ हुआ। वर्ष 1942 में डिग्री स्तर की विज्ञान, विधि कक्षाएं तथा हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी, इतिहास एवं अर्थशास्त्र के स्नातकोत्तर विभाग खोले गए। वर्ष 1951 में [[राजस्थान]] में केवल पांच स्नातकोत्तर महाविद्यालय थे तथा डूंगर महाविद्यालय उनमें से एक था।
वर्ष 1962 में महाविद्यालय सार्दुल स्कूल परिसर से वर्तमान भवन में स्थानांतरित हुआ। उसी वर्ष भौतिकी और रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर शिक्षण प्रारंभ हुआ। वर्ष 1970 में प्राणि विज्ञान, [[वनस्पति विज्ञान]] में एमएससी और एलएलएम शुरू किए गए। महाविद्यालय ने भूगोल, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, भूविज्ञान और उर्दू विभागों में स्नातकोत्तर शिक्षण के साथ अपने शैक्षणिक विकास को आगे बढ़ाया। वर्ष 1988-1995 तक महाविद्यालय को स्वायत्त महाविद्यालय का दर्जा दिया गया। सत्र 1996-97 में महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय प्रारंभ किया गया। आज यह महाविद्यालय राजस्थान के प्रमुख संस्थानों में से एक है, जहां स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 22 विषय और एम.फिल स्तर पर 10 विषय पढ़ाए जा रहे हैं। कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकायों में पीएचडी डिग्री के लिए शोध कार्य भी किया जा रहा है। वर्ष 1972 से पूर्व स्थापित महाविद्यालयों के लिए अपनी नीति के अनुसार डूंगर महाविद्यालय को वर्ष 1972 में यूजीसी द्वारा धारा 2एफ और 12बी के तहत मान्यता दी गई थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/education-career/govt-dungar-college-bikaner-extends-application-deadline-for-bba-bca-to-aug-31-9030954.html|title=Govt Dungar College Bikaner Extends Application Deadline For BBA, BCA To Aug 31|website=News18|language=en|access-date=2024-12-04}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{आधिकारिक|}}
{{टिप्पणी सूची}}
[[श्रेणी:राजस्थान के महाविद्यालय]]
== बाहरी लिंक ==
{{Link|https://www.dungarcollege.ac.in/|आधिकारिक पोर्टल}}
{{श्रेणी:राजस्थान के महाविद्यालय}}
{{Link|https://hte.rajasthan.gov.in/college/gcbikaner|राजस्थान सरकार आधिकारिक वेबसाइट}}
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एक्विनास कॉलेज एडाकोचिन
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text/x-wiki
'''एक्विनास कॉलेज''' एक धर्मनिरपेक्ष कला और विज्ञान महाविद्यालय है, जो केरल के कोच्चि के एक उप शहरी क्षेत्र एडाकोची में स्थित है। वर्ष 1981 में कोचीन के दिवंगत बिशप बिशप जोसेफ कुरीथारा द्वारा स्थापित, कॉलेज का प्रबंधन कोचीन के रोमन कैथोलिक सूबा द्वारा किया जाता है।
<ref>{{Cite web|url=https://www.aquinascollege.co.in/|title=AQUINAS COLLEGE - UG & PG Courses, Edakochi, Ernakulam, Kerala, India|website=www.aquinascollege.co.in|access-date=2024-12-16}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://collegedunia.com/college/56451-aquinas-college-kochi/admission|title=Aquinas College Cochin Admission 2024: UG & PG Admissions, Reservation|website=collegedunia.com|language=en|access-date=2024-12-16}}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.shiksha.com/college/aquinas-college-kochi-113641 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=16 दिसंबर 2024 |archive-date=19 दिसंबर 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241219145229/https://www.shiksha.com/college/aquinas-college-kochi-113641 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web|url=https://village.kerala.gov.in/Office_websites/about_village.php?nm=1207Edakochivillageoffice|title=Revenue Portal|website=village.kerala.gov.in|access-date=2024-12-16|archive-date=28 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241228160012/https://village.kerala.gov.in/Office_websites/about_village.php?nm=1207Edakochivillageoffice|url-status=dead}}</ref>
<references />
<ref>{{Cite web|url=https://www.newindianexpress.com/cities/kochi/2018/Sep/12/college-elections-sfi-paints-it-red-1870780.html|title=College elections: SFI paints it red|last=archive|first=From our online|date=2018-09-12|website=The New Indian Express|language=en|access-date=2024-12-16}}</ref><ref>https://document.kerala.gov.in/documents/governmentorders//govtorder1604202313:38:16.pdf</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/in-other-news/090916/sfi-bags-most-college-unions-in-mahatma-gandhi-university-polls.html|title=SFI bags most college unions in Mahatma Gandhi University polls|last=Correspondent|first=D. C.|date=2016-09-09|website=www.deccanchronicle.com|language=en|access-date=2024-12-16}}</ref><ref>https://ecounselling.utl.gov.in/seats/view/95</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.aquinascollege.co.in/aquinas-college-naac-accreditation-status.html|title=Accreditation|website=www.aquinascollege.co.in|access-date=2024-12-16}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Kochi/aquinas-college-kochi-kerala-40-year-anniversary/article36770175.ece|title=At 40, here’s how Kochi’s much-loved Aquinas College is faring|last=S|first=Priyadershini|date=2021-10-01|work=The Hindu|access-date=2024-12-16|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
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ऑपरेशन कोंडर
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text/x-wiki
{{संक्षिप्त विवरण|दक्षिण अमेरिका में अमेरिका समर्थित दमन अभियान}}
{{Infobox operational plan
| name = {{big|ऑपरेशन कोंडर}}<br>{{lang-en|Operation Condor}}<br>{{lang-es|Operación Cóndor}}<br>{{lang-pt|Operação Condor}}<br>{{lang-fr|Opération Condor}}
| partof = [[शीत युद्ध]]
| image = Operation Condor participants.svg
| caption = {{leftlegend|#008100|मुख्य सक्रिय सदस्य ([[अर्जेण्टीना]], [[बोलीविया]], [[ब्राज़ील]], [[चिली]], [[पैराग्वे]], एवं [[उरुग्वे]])}}
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| date = 1975–1983
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| type = [[गुप्त ऑपरेशन]]
| location = [[दक्षिण अमेरिका]]
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* '''सदस्य:'''
* {{flagdeco|Argentina}} [[नेशनल रि-ऑर्गनाइजेशन प्रोसेस|अर्जेण्टीना]]
* {{flagdeco|Bolivia}} [[बोलिविया का इतिहास (1964–1982)|बोलिविया]]
* {{flagdeco|Brazil|1968}} [[ब्राज़ील में सैन्य तानाशाही|ब्राज़ील]]
* {{flagdeco|Chile}} [[चिली की सैन्य तानाशाही (1973–1990)|चिली]]
* {{flagdeco|Ecuador}} [[इक्वाडोर का इतिहास (1960–1979)|इक्वाडोर]]
* {{flagdeco|Paraguay|1954}} [[एल स्ट्रोनातो|पैराग्वे]]
* {{flagdeco|Peru}} [[पेरू की सशस्त्र सेनाओं की क्रांतिकारी सरकार|पेरू]]
* {{flagdeco|Uruguay}} [[उरुग्वे की नागरिक-सैन्य तानाशाही|उरुग्वे]]
*'''समर्थित:'''
* {{flagdeco|United States}}{{sfn|McSherry|2010|p=107}}{{sfn|McSherry|2010|p=111}}<ref name="GregGrandin2011">[[Greg Grandin]] (2011). ''[http://www.press.uchicago.edu/ucp/books/book/chicago/L/bo11643711.html The Last Colonial Massacre: Latin America in the Cold War] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190729004206/http://www.press.uchicago.edu/ucp/books/book/chicago/L/bo11643711.html |date=29 July 2019 }}''. [[University of Chicago Press]]. [https://books.google.com/books?id=6FivSpNY2fkC&pg=PA75 p. 75] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230122160245/https://books.google.com/books?id=6FivSpNY2fkC&pg=PA75 |date=22 January 2023 }}. {{ISBN|9780226306902}}.</ref><ref name="p. 223">Walter L. Hixson (2009). ''[http://yalepress.yale.edu/book.asp?isbn=9780300119121 The Myth of American Diplomacy: National Identity and U.S. Foreign Policy] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160124224407/http://yalepress.yale.edu/book.asp?isbn=9780300119121 |date=24 January 2016 }}''. [[Yale University Press]]. [https://books.google.com/books?id=DNId6HxkzQwC&pg=PA223 p. 223]. {{ISBN|0300151314}}.</ref>
* {{flagdeco|France|1974}} (अलम्बित, इनकार किया गया)
* {{flagdeco|Colombia}} (अलम्बित)
* {{flagdeco|Venezuela}} (अलम्बित)
}}
| commanded_by = {{plainlist|
* {{flagicon|Argentina}} [[जॉर्ज राफेल विदेला]]
* {{flagicon|Argentina}} [[रोबर्टो एडुआर्डो वियोला]]
* {{flagicon|Argentina}} [[लेपोल्डो गाल्तियरी]]
* {{flagicon|Argentina}} [[रेनाल्डो बिगनोने]]
* {{flagicon|Bolivia}} [[ह्यूगो बनज़ेर]]
* {{flagicon|Brazil|1968}} [[एर्नेस्टो गैजल]]
* {{flagicon|Brazil|1968}} [[जोआओ फिगुएरेडो]]
* {{flagicon|Chile}} [[ऑगस्टो पिनोचेट]]
* {{flagicon|Ecuador}} [[आल्फ्रेडो पोवेडा]]
* {{flagicon|Paraguay|1954}} [[आल्फ्रेडो स्ट्रोएस्नर]]
* {{flagicon|Peru}} [[फ्रांसिस्को मोरेलस बर्मुडेज]]
* {{flagicon|Uruguay}} [[जुआन मारिया बोर्डाबेरी]]
* {{flagicon|Uruguay}} [[अपारीसियो मेंडेज]]
* {{flagicon|Uruguay}} [[ग्रेगोरियो कॉनराडो अल्वारेज़]]
* {{flagicon|United States}} [[हेनरी किसिंजर]]<ref>{{Cite book|last=Maxwell|first=Kenneth|url=https://books.google.com/books?id=EOgLAAAAYAAJ|title="The Case of the Missing Letter in Foreign Affairs: Kissinger, Pinochet and Operation Condor"|date=2004|publisher=David Rockefeller Center for Latin American Studies (DRCLAS), Harvard University|language=en}}</ref><ref>{{Cite thesis|last=Dalenogare Neto|first=Waldemar|date=2020-03-30|title=Os Estados Unidos e a Operação Condor|url=http://tede2.pucrs.br/tede2/handle/tede/9169|type=Doctoral thesis|access-date=3 February 2021|archive-date=5 May 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220505193032/https://tede2.pucrs.br/tede2/handle/tede/9169|url-status=live}}</ref><ref name=McSherry1999SJ>{{Cite journal|last=McSherry|first=J. Patrice|date=1999|title=Operation Condor: Clandestine Inter-American System|url=https://www.jstor.org/stable/29767180|journal=Social Justice|volume=26|issue=4 (78)|pages=144–174|jstor=29767180|issn=1043-1578|access-date=3 February 2021|archive-date=5 May 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220505192919/https://www.jstor.org/stable/29767180|url-status=live}}</ref>
}}
| target =
| executed_by = सम्बन्धित भागीदार देशों की ख़ुफ़िया एजेंसियाँ
| outcome = अर्जेण्टीना की सैन्य जुंटा के पतन के बाद समाप्त
| casualties = 60,000–80,000 सन्दिग्ध वामपन्थी समर्थकों का वध<ref name="Bevins2020">{{cite book |last1=Bevins |first1=Vincent|author-link=Vincent Bevins |title= [[The Jakarta Method]]: Washington's Anticommunist Crusade and the Mass Murder Program that Shaped Our World|pages=266–267 |date=2020 |publisher= [[PublicAffairs]] |isbn= 978-1-5417-4240-6}}</ref><br />400–500 सीमापार ऑपरेशनों में मारे गए<ref name="Bevins2020" /><br />4,00,000+ राजनीतिक बन्दी
| fatalities =
| injuries =
}}
'''ऑपरेशन कोंडर''' ({{lang-en|Operation Condor}}, {{lang-es|Operación Cóndor}}, {{lang-pt|Operação Condor}}, {{lang-fr|Opération Condor}}) 1970 और 1980 के दशक के बीच [[दक्षिण अमेरिका]] में, मुख्य रूप से [[दक्षिणी शंकु]] के देशों में दायें उग्रवादियों द्वारा आयोजित एक राजनीतिक दमन अभियान था। इसमें ख़ुफ़िया कार्य, तख़्तापलट और [[दक्षिण अमेरिका|दक्षिणी अमेरिकी]] देशों में [[वामपन्थी राजनीति|वामपन्थी]] समर्थकों के वध शामिल थीं। यह अभियान आधिकारिक रूप से 1975 से 1983 तक चला और इसमें [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] का समर्थन था, जिसने गुप्त अभियानों के लिए वित्तीय सहायता और सहयोग प्रदान किया था। इसके अलावा, [[फ़्रान्स]] (जिसने अपनी संलिप्तता से इनकार किया), [[वेनेज़ुएला]] और [[कोलम्बिया]] के भी इसमें शामिल होने के आरोप लगे थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.cels.org.ar/especiales/plancondor/en/|title=Operation Condor|website=www.cels.org.ar|access-date=2025-01-27}}</ref>
ऑपरेशन कोंडर की शुरुआत नवंबर 1975 में हुई जब चिली के तानाशाह ऑगस्टो पिनोशे के ख़ुफ़िया प्रमुख मैनुएल कॉन्ट्रेरेस ने [[चिली]], [[उरुग्वे]], [[अर्जेण्टीना]], [[पैराग्वे]], [[बोलीविया]] और [[ब्राज़ील]] के 50 खुफिया अधिकारियों को सैन्य अकादमी में आमंत्रित किया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य दक्षिणी अमेरिका में वामपन्थी विचारधारा और क्रांतिकारी आंदोलनों को दबाना था। यह अभियान अर्जेण्टीना के "गन्दे युद्ध" ({{lang-en|Dirty War}}) के दौरान अपनी चरम सीमा पर था, जिसमें अनुमानित 30,000 लोग मारे गए या गुम हो गए।<ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/news/2020/sep/03/operation-condor-the-illegal-state-network-that-terrorised-south-america|title=Operation Condor: the cold war conspiracy that terrorised South America|last=Tremlett|first=Giles|date=2020-09-03|work=The Guardian|access-date=2025-01-27|language=en-GB|issn=0261-3077}}</ref>
ऑपरेशन कोंडर के दौरान खुफिया अधिकारियों ने तख्तापलट किए, प्रतिरोधी कार्यकर्ताओं को अपहृत किया, उन्हें यातनाएं दीं और कई लोगों को हत्या कर दी। इसके तहत लाखों लोग प्रताड़ित हुए और उनकी जीवन कुप्रभावित हुईं। विभिन्न आँकड़ों के अनुसार, ऑपरेशन कोंडर में 60,000 लोगों के वध का अनुमान है, जिनमें से लगभग 30,000 अर्जेण्टीना में मारे गए थे। इस ऑपरेशन के तहत 50,000 लोग मारे गए, 30,000 लोग गुम हो गए और 4,00,000 से अधिक लोग जेल में डाल दिए गए थे।
ऑपरेशन कोंडर की समाप्ति अर्जेण्टीना की जुंटा के पतन के साथ 1983 में हुई, जिसके बाद दक्षिण अमेरिकी देशों में तानाशाही की शाही सरकारों का अंत हुआ। यह अभियान एक गुप्त युद्ध के रूप में रहा और इसकी संख्या और उसका दायरा स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं किया जा सका। हालाँकि, एक ऐतिहासिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से ऑपरेशन कोंडर को राज्य आतंकवाद के रूप में माना गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.ox.ac.uk/research/research-impact/operation-condor|title=Operation Condor {{!}} University of Oxford|website=www.ox.ac.uk|access-date=2025-01-27}}</ref>
== पीड़ित ==
ऑपरेशन कोंडर के मुख्य पीड़ित वामपंथी विचारधारा के समर्थक, श्रमिक संघ के नेता, किसान, छात्र, बौद्धिक वर्ग और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता थे। इसके अतिरिक्त, पत्रकार, पादरी, भिक्षु, और कुख्यात गुरिल्ला संघर्ष करने वाले व्यक्तियों को भी निशाना बनाया गया। ऑपरेशन के तहत किए गए हमलों में "मौत की उड़ानें" ({{lang-en|Death Flights}}) जैसी हिंसक रणनीतियां भी शामिल थीं।
== संयुक्त राज्य अमेरिका का समर्थन ==
ऑपरेशन कोंडर को शुरू करने के बाद, इसे अमेरिकी प्रशासन से भारी समर्थन प्राप्त था, विशेष रूप से [[सीआईए]] के माध्यम से। अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक जे. पैट्रिस मॅकशेरी ने कहा कि ऑपरेशन कोंडर का उद्देश्य राज्य विरोधी तत्वों और वामपंथी विचारधारा के आंदोलन को निर्बल करना था, जो अमेरिकी हितों के लिए ख़तरे के रूप में देखे जाते थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Operation-Condor|title=Operation Condor {{!}} international campaign {{!}} Britannica|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2025-01-27}}</ref>
== निष्कर्ष ==
ऑपरेशन कोंडर दक्षिणी अमेरिका में राजनीतिक हिंसा और दमन का एक काले अध्याय था, जो कई सालों तक ख़ुफ़िया युद्ध और सरकारी दमन के रूप में चला। इसने इन देशों के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों को स्थायी रूप से प्रभावित किया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:इतिहास]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.derechos.org/nizkor/doc/condor/ ऑपरेशन कंडोर] Nizkor की वेबसाइट पर (स्पैनिश में)
* [http://www.memoriaviva.com/ मेमोरियाविवा], पीड़ितों, यातना केंद्रों और अपराधियों की पूरी सूची (स्पैनिश में)
* [https://archive.org/details/OperationCondorFBI एफबीआई फाइल] Internet Archive पर
* [http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?file=/chronicle/archive/2004/03/14/RVGVQ5DN7N1.DTL कंडोर वर्ष - पिनोचेट और उनके सहयोगियों ने तीन महाद्वीपों में आतंकवाद कैसे फैलाया] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120513105213/http://www.sfgate.com/cgi-bin/article.cgi?file=/chronicle/archive/2004/03/14/RVGVQ5DN7N1.DTL |date=13 मई 2012 }}
* [http://www.gwu.edu/~nsarchiv/NSAEBB/NSAEBB112/ एड कोच को 1976 में हत्या की धमकी दी गई]
* [https://www.bbc.com/news/magazine-20774985 कैसे पराग्वे का 'आर्काइव ऑफ टेरर' ऑपरेशन कंडोर को ध्यान में लाया]. ''BBC'', 27 जनवरी 2025।
* [http://www.democracynow.org/2013/3/7/operation_condor_trial_tackles_coordinated_campaign ऑपरेशन कंडोर परीक्षण: लैटिन अमेरिकी सैन्य सरकारों द्वारा वामपंथियों को मारने के लिए समन्वित अभियान],27 जनवरी 2025 वीडियो रिपोर्ट ''डेमोक्रेसी नाउ!''
* [http://www.csmonitor.com/World/Americas/2013/0305/Argentina-begins-prosecution-of-military-era-human-rights-abuses अर्जेंटीना ने सैन्य युग के मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ अभियोजन शुरू किया]. ''क्रिश्चियन साइंस मॉनिटर''. 27 जनवरी 2025।
* [https://www.theguardian.com/artanddesign/gallery/2016/jul/07/operation-condor-south-america-joao-pina-photographer-in-pictures कंडोर की लड़ाई: दक्षिण अमेरिका का शर्मनाक इतिहास – तस्वीरों में]. ''द गार्जियन''. 27 जनवरी 2025।
* [https://www.intel.gov/index.php/argentina-declassification-project संयुक्त राज्य अमेरिका का अर्जेंटीना डीक्लासिफिकेशन प्रोजेक्ट]
* [https://www.jacobinmag.com/2020/11/operation-condor-cia-latin-america-repression-torture सीआईए का गुप्त वैश्विक युद्ध वामपंथियों के खिलाफ]. ''जकोबिन (पत्रिका)''. 27 जनवरी 2025।
* [https://www.youtube.com/watch?v=PFl0qie_1go ऑपरेशन कंडोर: प्रमुख मिशन और घटनाएँ [1968–1989]]
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{{Infobox beauty pageant
| photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg
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| next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]]
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'''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref>
इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref>
इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Evo 2017 at Mandalay Bay Events Center.jpg|thumb|250x250px|मंडले बे इवेंट्स सेंटर, मिस यूनिवर्स 2010 का आयोजन स्थल]]
===स्थान और तिथि===
दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी।
क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी।<ref>{{Cite web |date=30 November 2009 |title=Izbor za Miss Universe: Trump se nećka između Splita i Zagreba |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=462733 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref>
31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss Universo se quedara en Bolivia el lapso de cuatro semanas para concluir su evalución |url=http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100211153309/http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |archive-date=11 February 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Razón (La Paz)|La Razón]]}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=4 February 2010 |title=Sede del Miss Universo ¿En Bolivia? |url=https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)|La Prensa]] |language=es-HN |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072236/https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |url-status=live }}</ref>
हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया।
मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं।<ref>{{Cite web |date=13 March 2010 |title=La comisión de negociación estuvo reunida dos días en La Paz |url=https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316075611/https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |archive-date=16 March 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Los Tiempos]]}}</ref>
कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी।<ref name=":1">{{Cite web |last= |first= |date=25 May 2010 |title=The 2010 Miss Universe® Pageant to Air Live on NBC From Las Vegas on Monday, August 23 |url=https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |access-date=22 June 2022 |website=[[PR Newswire]] |language=en |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622021952/https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
८३ देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से दो प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रनर-अप रहने या कास्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से चुने जाने के बाद नियुक्त किया गया, तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेता के स्थान पर चुना गया, और एक अन्य को तब विजेता घोषित किया गया जब संगठन को पता चला कि फाइनलिस्टों की रैंकिंग में त्रुटि थी।
जेसिका शेल, जो मिस ग्वाटेमाला 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं, को अलेजांद्रा बारिलास के पैर में चोट लगने के बाद ग्वाटेमाला का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया। बारिलास ने अगले वर्ष प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universo 2010: Jessica Scheel y Guatemala se sumaron a la fiesta |url=http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120301112627/http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |archive-date=1 March 2012 |access-date=23 June 2022 |website=Voz Libre}}</ref>
अलेक्जेंड्रा कैटालिना फिलिप, मिस यूनिवर्स रोमानिया 2010, को उनकी प्रथम रनर-अप ओआना पावेलुक से बदल दिया गया, क्योंकि उन्होंने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जो उन्हें दक्षिण कोरिया में एक बड़े नृत्य प्रतियोगिता में रोमानिया का प्रतिनिधित्व करने से रोकता था।<ref>{{Cite web |date=10 July 2010 |title=Alexandra Cătălina Filip a câştigat concursul Miss Univers România |url=https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |access-date=23 June 2022 |website=[[Ziarul Financiar]] |language=ro |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623021455/https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |url-status=live }}</ref><ref name=":2">{{Cite web |last=Navadaru |first=Cosmin |date=14 July 2010 |title=Catalina Filip a renuntat la titlul de Miss Universe Romania 2010 |url=https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |access-date=23 June 2022 |website=[[HotNews]] |language=ro |archive-date=15 August 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220815103657/https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |url-status=live }}</ref>
सेरेनाय सारीकाया, मिस टर्की यूनिवर्स 2010, को गिज़ेम मेमिच, मिस टर्की 2010, से बदल दिया गया, क्योंकि वह अपने अभिनय करियर को जारी रखना चाहती थीं।<ref>{{Cite web |date=14 August 2010 |title=Serenay yerine Las Vegas'a Gizem gitti |url=http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100817022719/http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |archive-date=17 August 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Hürriyet]]}}</ref>
सैंड्रा मारिनोविच को मूल रूप से मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, जजों के अंकों को लिखने में गणना संबंधी त्रुटि पाए जाने के बाद, तीन दिनों के भीतर उनसे ताज वापस ले लिया गया।
आधिकारिक विजेता मारिका सावशेक थीं, जिन्हें पहले द्वितीय रनर-अप स्थान दिया गया था।<ref name=":3">{{Cite web |date=17 May 2010 |title=Škandal: Mis ni Sandra, mis je Marika! |url=https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |access-date=23 June 2022 |website=[[Radiotelevizija Slovenija]] |language=sl |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623072352/https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |url-status=live }}</ref>
वीनस राज को मूल रूप से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, उनके जन्म प्रमाण पत्र में असंगतियों के कारण उनसे यह खिताब वापस ले लिया गया।<ref>{{Cite web |date=31 March 2010 |title=2010 Bb. Pilipinas Universe dethroned |url=https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |access-date=23 June 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015080743/https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |url-status=live }}</ref>
यह खिताब हेलेन निकोलेट हेंसन को दिया गया, जो बिनिबिनिंग पिलिपिनास 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं।
हालांकि, अपने पदच्युत (डिथ्रोन) होने के दो महीने बाद, राज ने कानूनी फिलीपीन पासपोर्ट प्राप्त करने के बाद फिर से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का अपना खिताब वापस हासिल कर लिया।<ref name=":4">{{Cite web |date=10 April 2010 |title=(UPDATE) Venus Raj given chance to reclaim Bb Pilipinas-Universe title |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |access-date=23 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=25 October 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211025130248/https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |url-status=dead }}</ref>
2010 संस्करण में बोत्सवाना, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, डेनमार्क, हैती, कज़ाख़स्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स की वापसी हुई।
हैती ने आखिरी बार 1989 में भाग लिया था, जिससे यह दो दशकों के बाद देश की पहली भागीदारी बनी। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स ने आखिरी बार 2002 में, बोत्सवाना ने 2004 में, संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स ने 2007 में भाग लिया था, जबकि अन्य देशों ने आखिरी बार 2008 में भाग लिया था।
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया, आइसलैंड, मोंटेनेग्रो, नामीबिया और वियतनाम ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
निकोलिना लोंचार, मिस मोंटेनेग्रो 2010, को कम उम्र होने के कारण [[मॉन्टेनीग्रो]] की प्रतिनिधि के रूप में मारिजाना पोक्राजाक से बदल दिया गया। हालांकि, पोक्राजाक ने अज्ञात कारणों से नाम वापस ले लिया। लोंचार ने [[मिस यूनीवर्स 2011|अगले वर्ष]] प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |last=Jovanović |first=Filip |date=31 May 2011 |title=Nikolina Lončar iz Pljevalja predstavlja Crnu Goru na izboru za Mis univerzuma |url=http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111004235532/http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |archive-date=4 October 2011 |access-date=26 June 2022 |website=[[Vijesti]]}}</ref>
ओडिल गर्ट्ज़े, मिस नामीबिया 2010, ने इसलिए नाम वापस लिया क्योंकि उन्हें मिस यूनिवर्स 2010 की आधिकारिक शुरुआत से केवल एक सप्ताह पहले ताज पहनाया गया था।
फाम थी थान हैंग ने तैयारी की कमी के कारण नाम वापस ले लिया।<ref>{{Cite web |last= |date=7 February 2021 |title=5 mỹ nhân khước từ cơ hội thi Miss Universe: Thanh Hằng gây tiếc nuối, Diễm Trang sợ thiếu thời gian |url=https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |access-date=23 June 2022 |website=Saostar.vn |language=vi |archive-date=11 May 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210511141331/https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |url-status=live }}</ref>
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया और आइसलैंड ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{cite news |last=Levy |first=Jewel |date=7 September 2009 |title=Miss Cayman pageant cancelled |work=Caymanian Compass |url=http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110728062540/http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |archive-date=28 July 2011}}</ref>
==परिणाम==
[[Image:Miss Universe 2010 Map.png|thumb|250x250px|मिस यूनिवर्स 2010 में भाग लेने वाले देश और क्षेत्र।|alt=]]
===प्लेसमेंट===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! प्लेसमेंट !! प्रतियोगी
|-
| मिस यूनिवर्स 2010
|
* {{flagu|मेक्सिको}} – [[ज़िमेना नवारेटे]]<ref name=":9">{{Cite web |last=Santiago |first=Erwin |date=24 August 2010 |title=Maria Venus Raj is fourth runner-up in Miss Universe 2010; Mexico takes the crown |url=https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |access-date=9 October 2023 |website=PEP.ph |language=en |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072235/https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |url-status=live }}</ref>
|-
| प्रथम उपविजेता
|
* {{flagu|जमैका}} – येंडी फिलिप्स<ref name=":9" />
|-
| द्वितीय उपविजेता
|
* {{flagu|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिन्टा कैंपबेल<ref name=":9" />
|-
| तीसरा उपविजेता
|
* {{flagu|यूक्रेन}} – अन्ना पोस्लावस्का<ref name=":9" />
|-
| चौथा उपविजेता
|
* {{flagu|फिलिपींस}} – वीनस राज<ref name=":9" />
|-
| शीर्ष 10<ref name=":9" />
|
* {{flagu|अल्बानिया}} – एंजेला मार्टिनी
* {{flagu|ग्वाटेमाला}} – जेसिका शील
* {{flagu|आयरलैंड}} – रोजाना पर्सेल
* [[पोर्टो रीको]] – मारियाना विसेंट
* {{flagu|दक्षिण अफ्रीका}} – निकोल फ्लिंट
|-
| शीर्ष 15<ref name=":9" />
|
* {{flagu|बेल्जियम}} – सिलौ एनीस
* {{flagu|कोलंबिया}} – नतालिया नवारो
* {{flagu|चेक रिपब्लिक}} – जित्का बोहो
* {{flagu|फ्रांस}} – मलिका मेनार्ड
* {{flagu|रूस}} – इरिना एंटोनेंको
|}
==== अंतिम स्कोर ====
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
!देश/क्षेत्र
!स्विमसूट
!शाम का गाउन
|-
| style="background-color:#FADADD;" |'''{{flag|मेक्सिको}}<ref name=":9" />'''
| style="background-color:#FADADD;" |9.265 (2)
| style="background-color:#FADADD;" |8.913 (1)
|-
| style="background-color:#eadafd;" |{{flag|जमैका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#eadafd;" |9.426 (1)
| style="background-color:#eadafd;" |8.884 (2)
|-
| style="background-color:#ccff99;" |{{flag|ऑस्ट्रेलिया}}<ref name=":9" />
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|-
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| style="background-color:#ffdf9b;" |8.229 (8)
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==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी|मिस यूनिवर्स}}
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}}
{{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
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[[श्रेणी:सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:वर्षानुसार मिस यूनिवर्स]]
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2026-04-23T03:28:07Z
खास विशेष
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/* परिणाम */ उपशीर्षक बनाकर जानकारी डाली
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg
| caption = ज़िमेना नवारेटे
| winner = [[ज़िमेना नवारेटे]]
| congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया
| photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| date = 23 अगस्त 2010
| venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}}
| acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}}
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| before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]]
|represented=मेक्सिको}}
'''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref>
इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref>
इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Evo 2017 at Mandalay Bay Events Center.jpg|thumb|250x250px|मंडले बे इवेंट्स सेंटर, मिस यूनिवर्स 2010 का आयोजन स्थल]]
===स्थान और तिथि===
दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी।
क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी।<ref>{{Cite web |date=30 November 2009 |title=Izbor za Miss Universe: Trump se nećka između Splita i Zagreba |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=462733 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref>
31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss Universo se quedara en Bolivia el lapso de cuatro semanas para concluir su evalución |url=http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100211153309/http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |archive-date=11 February 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Razón (La Paz)|La Razón]]}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=4 February 2010 |title=Sede del Miss Universo ¿En Bolivia? |url=https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)|La Prensa]] |language=es-HN |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072236/https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |url-status=live }}</ref>
हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया।
मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं।<ref>{{Cite web |date=13 March 2010 |title=La comisión de negociación estuvo reunida dos días en La Paz |url=https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316075611/https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |archive-date=16 March 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Los Tiempos]]}}</ref>
कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी।<ref name=":1">{{Cite web |last= |first= |date=25 May 2010 |title=The 2010 Miss Universe® Pageant to Air Live on NBC From Las Vegas on Monday, August 23 |url=https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |access-date=22 June 2022 |website=[[PR Newswire]] |language=en |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622021952/https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
८३ देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से दो प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रनर-अप रहने या कास्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से चुने जाने के बाद नियुक्त किया गया, तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेता के स्थान पर चुना गया, और एक अन्य को तब विजेता घोषित किया गया जब संगठन को पता चला कि फाइनलिस्टों की रैंकिंग में त्रुटि थी।
जेसिका शेल, जो मिस ग्वाटेमाला 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं, को अलेजांद्रा बारिलास के पैर में चोट लगने के बाद ग्वाटेमाला का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया। बारिलास ने अगले वर्ष प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universo 2010: Jessica Scheel y Guatemala se sumaron a la fiesta |url=http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120301112627/http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |archive-date=1 March 2012 |access-date=23 June 2022 |website=Voz Libre}}</ref>
अलेक्जेंड्रा कैटालिना फिलिप, मिस यूनिवर्स रोमानिया 2010, को उनकी प्रथम रनर-अप ओआना पावेलुक से बदल दिया गया, क्योंकि उन्होंने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जो उन्हें दक्षिण कोरिया में एक बड़े नृत्य प्रतियोगिता में रोमानिया का प्रतिनिधित्व करने से रोकता था।<ref>{{Cite web |date=10 July 2010 |title=Alexandra Cătălina Filip a câştigat concursul Miss Univers România |url=https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |access-date=23 June 2022 |website=[[Ziarul Financiar]] |language=ro |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623021455/https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |url-status=live }}</ref><ref name=":2">{{Cite web |last=Navadaru |first=Cosmin |date=14 July 2010 |title=Catalina Filip a renuntat la titlul de Miss Universe Romania 2010 |url=https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |access-date=23 June 2022 |website=[[HotNews]] |language=ro |archive-date=15 August 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220815103657/https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |url-status=live }}</ref>
सेरेनाय सारीकाया, मिस टर्की यूनिवर्स 2010, को गिज़ेम मेमिच, मिस टर्की 2010, से बदल दिया गया, क्योंकि वह अपने अभिनय करियर को जारी रखना चाहती थीं।<ref>{{Cite web |date=14 August 2010 |title=Serenay yerine Las Vegas'a Gizem gitti |url=http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100817022719/http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |archive-date=17 August 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Hürriyet]]}}</ref>
सैंड्रा मारिनोविच को मूल रूप से मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, जजों के अंकों को लिखने में गणना संबंधी त्रुटि पाए जाने के बाद, तीन दिनों के भीतर उनसे ताज वापस ले लिया गया।
आधिकारिक विजेता मारिका सावशेक थीं, जिन्हें पहले द्वितीय रनर-अप स्थान दिया गया था।<ref name=":3">{{Cite web |date=17 May 2010 |title=Škandal: Mis ni Sandra, mis je Marika! |url=https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |access-date=23 June 2022 |website=[[Radiotelevizija Slovenija]] |language=sl |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623072352/https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |url-status=live }}</ref>
वीनस राज को मूल रूप से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, उनके जन्म प्रमाण पत्र में असंगतियों के कारण उनसे यह खिताब वापस ले लिया गया।<ref>{{Cite web |date=31 March 2010 |title=2010 Bb. Pilipinas Universe dethroned |url=https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |access-date=23 June 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015080743/https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |url-status=live }}</ref>
यह खिताब हेलेन निकोलेट हेंसन को दिया गया, जो बिनिबिनिंग पिलिपिनास 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं।
हालांकि, अपने पदच्युत (डिथ्रोन) होने के दो महीने बाद, राज ने कानूनी फिलीपीन पासपोर्ट प्राप्त करने के बाद फिर से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का अपना खिताब वापस हासिल कर लिया।<ref name=":4">{{Cite web |date=10 April 2010 |title=(UPDATE) Venus Raj given chance to reclaim Bb Pilipinas-Universe title |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |access-date=23 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=25 October 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211025130248/https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |url-status=dead }}</ref>
2010 संस्करण में बोत्सवाना, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, डेनमार्क, हैती, कज़ाख़स्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स की वापसी हुई।
हैती ने आखिरी बार 1989 में भाग लिया था, जिससे यह दो दशकों के बाद देश की पहली भागीदारी बनी। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स ने आखिरी बार 2002 में, बोत्सवाना ने 2004 में, संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स ने 2007 में भाग लिया था, जबकि अन्य देशों ने आखिरी बार 2008 में भाग लिया था।
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया, आइसलैंड, मोंटेनेग्रो, नामीबिया और वियतनाम ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
निकोलिना लोंचार, मिस मोंटेनेग्रो 2010, को कम उम्र होने के कारण [[मॉन्टेनीग्रो]] की प्रतिनिधि के रूप में मारिजाना पोक्राजाक से बदल दिया गया। हालांकि, पोक्राजाक ने अज्ञात कारणों से नाम वापस ले लिया। लोंचार ने [[मिस यूनीवर्स 2011|अगले वर्ष]] प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |last=Jovanović |first=Filip |date=31 May 2011 |title=Nikolina Lončar iz Pljevalja predstavlja Crnu Goru na izboru za Mis univerzuma |url=http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111004235532/http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |archive-date=4 October 2011 |access-date=26 June 2022 |website=[[Vijesti]]}}</ref>
ओडिल गर्ट्ज़े, मिस नामीबिया 2010, ने इसलिए नाम वापस लिया क्योंकि उन्हें मिस यूनिवर्स 2010 की आधिकारिक शुरुआत से केवल एक सप्ताह पहले ताज पहनाया गया था।
फाम थी थान हैंग ने तैयारी की कमी के कारण नाम वापस ले लिया।<ref>{{Cite web |last= |date=7 February 2021 |title=5 mỹ nhân khước từ cơ hội thi Miss Universe: Thanh Hằng gây tiếc nuối, Diễm Trang sợ thiếu thời gian |url=https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |access-date=23 June 2022 |website=Saostar.vn |language=vi |archive-date=11 May 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210511141331/https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |url-status=live }}</ref>
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया और आइसलैंड ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{cite news |last=Levy |first=Jewel |date=7 September 2009 |title=Miss Cayman pageant cancelled |work=Caymanian Compass |url=http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110728062540/http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |archive-date=28 July 2011}}</ref>
==परिणाम==
[[Image:Miss Universe 2010 Map.png|thumb|250x250px|मिस यूनिवर्स 2010 में भाग लेने वाले देश और क्षेत्र।|alt=]]
===प्लेसमेंट===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! प्लेसमेंट !! प्रतियोगी
|-
| मिस यूनिवर्स 2010
|
* {{flagu|मेक्सिको}} – [[ज़िमेना नवारेटे]]<ref name=":9">{{Cite web |last=Santiago |first=Erwin |date=24 August 2010 |title=Maria Venus Raj is fourth runner-up in Miss Universe 2010; Mexico takes the crown |url=https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |access-date=9 October 2023 |website=PEP.ph |language=en |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072235/https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |url-status=live }}</ref>
|-
| प्रथम उपविजेता
|
* {{flagu|जमैका}} – येंडी फिलिप्स<ref name=":9" />
|-
| द्वितीय उपविजेता
|
* {{flagu|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिन्टा कैंपबेल<ref name=":9" />
|-
| तीसरा उपविजेता
|
* {{flagu|यूक्रेन}} – अन्ना पोस्लावस्का<ref name=":9" />
|-
| चौथा उपविजेता
|
* {{flagu|फिलिपींस}} – वीनस राज<ref name=":9" />
|-
| शीर्ष 10<ref name=":9" />
|
* {{flagu|अल्बानिया}} – एंजेला मार्टिनी
* {{flagu|ग्वाटेमाला}} – जेसिका शील
* {{flagu|आयरलैंड}} – रोजाना पर्सेल
* [[पोर्टो रीको]] – मारियाना विसेंट
* {{flagu|दक्षिण अफ्रीका}} – निकोल फ्लिंट
|-
| शीर्ष 15<ref name=":9" />
|
* {{flagu|बेल्जियम}} – सिलौ एनीस
* {{flagu|कोलंबिया}} – नतालिया नवारो
* {{flagu|चेक रिपब्लिक}} – जित्का बोहो
* {{flagu|फ्रांस}} – मलिका मेनार्ड
* {{flagu|रूस}} – इरिना एंटोनेंको
|}
==== अंतिम स्कोर ====
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
!देश/क्षेत्र
!स्विमसूट
!शाम का गाउन
|-
| style="background-color:#FADADD;" |'''{{flag|मेक्सिको}}<ref name=":9" />'''
| style="background-color:#FADADD;" |9.265 (2)
| style="background-color:#FADADD;" |8.913 (1)
|-
| style="background-color:#eadafd;" |{{flag|जमैका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#eadafd;" |9.426 (1)
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|-
| style="background-color:#ccff99;" |{{flag|ऑस्ट्रेलिया}}<ref name=":9" />
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| style="background-color:#ccff99;" |8.841 (3)
|-
| style="background-color:#ffff99;" |{{flag|यूक्रेन}}<ref name=":9" />
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|-
| style="background-color:#d9eefb;" |{{flag|फिलिपींस}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#d9eefb;" |8.957 (3)
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|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|अल्बानिया}}<ref name=":9" />
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| style="background-color:#ffdf9b;" |8.693 (6)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|आयरलैंड}}<ref name=":9" />
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|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|दक्षिण अफ्रीका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.229 (8)
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|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|ग्वाटेमाला}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.071 (10)
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|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |[[पोर्टो रीको]]<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.443 (6)
| style="background-color:#ffdf9b;" |7.971 (10)
|-
|{{flag|रूस}}<ref name=":9" />
|7.843 (11)
| rowspan="6" |
|-
|{{flag|कोलंबिया}}<ref name=":9" />
|7.643 (12)
|-
|{{flag|फ्रांस}}<ref name=":9" />
|7.586 (13)
|-
|{{flag|बेल्जियम}}<ref name=":9" />
|7.571 (14)
|-
|{{flag|चेक रिपब्लिक}}<ref name=":9" />
|7.429 (15)
|}
===विशेष पुरस्कार ===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! पुरस्कार
! प्रतियोगी
|-
| मिस कोंगेनीयलिटी
|
* {{flag|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिंटा कैंपबेल<ref name=":8">{{Cite web |last= |date=23 August 2010 |title=22-year-old Mexico woman crowned Miss Universe |url=http://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |access-date=23 June 2022 |website=[[Nevada Appeal]] |archive-date=8 January 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230108055241/https://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |url-status=live }}</ref>
|-
| मिस फोटोजेनिक
| rowspan="2" |
* {{flag|थाईलैंड}} – फोंथिप वाचरात्राकुल<ref name=":8" />
|-
| सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पोशाक
|}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी|मिस यूनिवर्स}}
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}}
{{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी:मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी:सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:वर्षानुसार मिस यूनिवर्स]]
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6543237
6543236
2026-04-23T03:31:19Z
खास विशेष
810972
शीर्षक और उपशीर्षक बनाकर जानकारी जोड़ा
6543237
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg
| caption = ज़िमेना नवारेटे
| winner = [[ज़िमेना नवारेटे]]
| congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया
| photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| date = 23 अगस्त 2010
| venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}}
| acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}}
| broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}}
| entrants = 83
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| returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और टोबैगो | संयुक्त राज्य वर्जिन द्वीप समूह}}
| before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]]
|represented=मेक्सिको}}
'''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref>
इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref>
इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Evo 2017 at Mandalay Bay Events Center.jpg|thumb|250x250px|मंडले बे इवेंट्स सेंटर, मिस यूनिवर्स 2010 का आयोजन स्थल]]
===स्थान और तिथि===
दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी।
क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी।<ref>{{Cite web |date=30 November 2009 |title=Izbor za Miss Universe: Trump se nećka između Splita i Zagreba |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=462733 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref>
31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss Universo se quedara en Bolivia el lapso de cuatro semanas para concluir su evalución |url=http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100211153309/http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |archive-date=11 February 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Razón (La Paz)|La Razón]]}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=4 February 2010 |title=Sede del Miss Universo ¿En Bolivia? |url=https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)|La Prensa]] |language=es-HN |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072236/https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |url-status=live }}</ref>
हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया।
मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं।<ref>{{Cite web |date=13 March 2010 |title=La comisión de negociación estuvo reunida dos días en La Paz |url=https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316075611/https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |archive-date=16 March 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Los Tiempos]]}}</ref>
कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी।<ref name=":1">{{Cite web |last= |first= |date=25 May 2010 |title=The 2010 Miss Universe® Pageant to Air Live on NBC From Las Vegas on Monday, August 23 |url=https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |access-date=22 June 2022 |website=[[PR Newswire]] |language=en |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622021952/https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
८३ देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से दो प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रनर-अप रहने या कास्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से चुने जाने के बाद नियुक्त किया गया, तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेता के स्थान पर चुना गया, और एक अन्य को तब विजेता घोषित किया गया जब संगठन को पता चला कि फाइनलिस्टों की रैंकिंग में त्रुटि थी।
जेसिका शेल, जो मिस ग्वाटेमाला 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं, को अलेजांद्रा बारिलास के पैर में चोट लगने के बाद ग्वाटेमाला का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया। बारिलास ने अगले वर्ष प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universo 2010: Jessica Scheel y Guatemala se sumaron a la fiesta |url=http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120301112627/http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |archive-date=1 March 2012 |access-date=23 June 2022 |website=Voz Libre}}</ref>
अलेक्जेंड्रा कैटालिना फिलिप, मिस यूनिवर्स रोमानिया 2010, को उनकी प्रथम रनर-अप ओआना पावेलुक से बदल दिया गया, क्योंकि उन्होंने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जो उन्हें दक्षिण कोरिया में एक बड़े नृत्य प्रतियोगिता में रोमानिया का प्रतिनिधित्व करने से रोकता था।<ref>{{Cite web |date=10 July 2010 |title=Alexandra Cătălina Filip a câştigat concursul Miss Univers România |url=https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |access-date=23 June 2022 |website=[[Ziarul Financiar]] |language=ro |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623021455/https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |url-status=live }}</ref><ref name=":2">{{Cite web |last=Navadaru |first=Cosmin |date=14 July 2010 |title=Catalina Filip a renuntat la titlul de Miss Universe Romania 2010 |url=https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |access-date=23 June 2022 |website=[[HotNews]] |language=ro |archive-date=15 August 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220815103657/https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |url-status=live }}</ref>
सेरेनाय सारीकाया, मिस टर्की यूनिवर्स 2010, को गिज़ेम मेमिच, मिस टर्की 2010, से बदल दिया गया, क्योंकि वह अपने अभिनय करियर को जारी रखना चाहती थीं।<ref>{{Cite web |date=14 August 2010 |title=Serenay yerine Las Vegas'a Gizem gitti |url=http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100817022719/http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |archive-date=17 August 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Hürriyet]]}}</ref>
सैंड्रा मारिनोविच को मूल रूप से मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, जजों के अंकों को लिखने में गणना संबंधी त्रुटि पाए जाने के बाद, तीन दिनों के भीतर उनसे ताज वापस ले लिया गया।
आधिकारिक विजेता मारिका सावशेक थीं, जिन्हें पहले द्वितीय रनर-अप स्थान दिया गया था।<ref name=":3">{{Cite web |date=17 May 2010 |title=Škandal: Mis ni Sandra, mis je Marika! |url=https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |access-date=23 June 2022 |website=[[Radiotelevizija Slovenija]] |language=sl |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623072352/https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |url-status=live }}</ref>
वीनस राज को मूल रूप से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, उनके जन्म प्रमाण पत्र में असंगतियों के कारण उनसे यह खिताब वापस ले लिया गया।<ref>{{Cite web |date=31 March 2010 |title=2010 Bb. Pilipinas Universe dethroned |url=https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |access-date=23 June 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015080743/https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |url-status=live }}</ref>
यह खिताब हेलेन निकोलेट हेंसन को दिया गया, जो बिनिबिनिंग पिलिपिनास 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं।
हालांकि, अपने पदच्युत (डिथ्रोन) होने के दो महीने बाद, राज ने कानूनी फिलीपीन पासपोर्ट प्राप्त करने के बाद फिर से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का अपना खिताब वापस हासिल कर लिया।<ref name=":4">{{Cite web |date=10 April 2010 |title=(UPDATE) Venus Raj given chance to reclaim Bb Pilipinas-Universe title |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |access-date=23 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=25 October 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211025130248/https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |url-status=dead }}</ref>
2010 संस्करण में बोत्सवाना, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, डेनमार्क, हैती, कज़ाख़स्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स की वापसी हुई।
हैती ने आखिरी बार 1989 में भाग लिया था, जिससे यह दो दशकों के बाद देश की पहली भागीदारी बनी। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स ने आखिरी बार 2002 में, बोत्सवाना ने 2004 में, संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स ने 2007 में भाग लिया था, जबकि अन्य देशों ने आखिरी बार 2008 में भाग लिया था।
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया, आइसलैंड, मोंटेनेग्रो, नामीबिया और वियतनाम ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
निकोलिना लोंचार, मिस मोंटेनेग्रो 2010, को कम उम्र होने के कारण [[मॉन्टेनीग्रो]] की प्रतिनिधि के रूप में मारिजाना पोक्राजाक से बदल दिया गया। हालांकि, पोक्राजाक ने अज्ञात कारणों से नाम वापस ले लिया। लोंचार ने [[मिस यूनीवर्स 2011|अगले वर्ष]] प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |last=Jovanović |first=Filip |date=31 May 2011 |title=Nikolina Lončar iz Pljevalja predstavlja Crnu Goru na izboru za Mis univerzuma |url=http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111004235532/http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |archive-date=4 October 2011 |access-date=26 June 2022 |website=[[Vijesti]]}}</ref>
ओडिल गर्ट्ज़े, मिस नामीबिया 2010, ने इसलिए नाम वापस लिया क्योंकि उन्हें मिस यूनिवर्स 2010 की आधिकारिक शुरुआत से केवल एक सप्ताह पहले ताज पहनाया गया था।
फाम थी थान हैंग ने तैयारी की कमी के कारण नाम वापस ले लिया।<ref>{{Cite web |last= |date=7 February 2021 |title=5 mỹ nhân khước từ cơ hội thi Miss Universe: Thanh Hằng gây tiếc nuối, Diễm Trang sợ thiếu thời gian |url=https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |access-date=23 June 2022 |website=Saostar.vn |language=vi |archive-date=11 May 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210511141331/https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |url-status=live }}</ref>
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया और आइसलैंड ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{cite news |last=Levy |first=Jewel |date=7 September 2009 |title=Miss Cayman pageant cancelled |work=Caymanian Compass |url=http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110728062540/http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |archive-date=28 July 2011}}</ref>
==परिणाम==
[[Image:Miss Universe 2010 Map.png|thumb|250x250px|मिस यूनिवर्स 2010 में भाग लेने वाले देश और क्षेत्र।|alt=]]
===प्लेसमेंट===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! प्लेसमेंट !! प्रतियोगी
|-
| मिस यूनिवर्स 2010
|
* {{flagu|मेक्सिको}} – [[ज़िमेना नवारेटे]]<ref name=":9">{{Cite web |last=Santiago |first=Erwin |date=24 August 2010 |title=Maria Venus Raj is fourth runner-up in Miss Universe 2010; Mexico takes the crown |url=https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |access-date=9 October 2023 |website=PEP.ph |language=en |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072235/https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |url-status=live }}</ref>
|-
| प्रथम उपविजेता
|
* {{flagu|जमैका}} – येंडी फिलिप्स<ref name=":9" />
|-
| द्वितीय उपविजेता
|
* {{flagu|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिन्टा कैंपबेल<ref name=":9" />
|-
| तीसरा उपविजेता
|
* {{flagu|यूक्रेन}} – अन्ना पोस्लावस्का<ref name=":9" />
|-
| चौथा उपविजेता
|
* {{flagu|फिलिपींस}} – वीनस राज<ref name=":9" />
|-
| शीर्ष 10<ref name=":9" />
|
* {{flagu|अल्बानिया}} – एंजेला मार्टिनी
* {{flagu|ग्वाटेमाला}} – जेसिका शील
* {{flagu|आयरलैंड}} – रोजाना पर्सेल
* [[पोर्टो रीको]] – मारियाना विसेंट
* {{flagu|दक्षिण अफ्रीका}} – निकोल फ्लिंट
|-
| शीर्ष 15<ref name=":9" />
|
* {{flagu|बेल्जियम}} – सिलौ एनीस
* {{flagu|कोलंबिया}} – नतालिया नवारो
* {{flagu|चेक रिपब्लिक}} – जित्का बोहो
* {{flagu|फ्रांस}} – मलिका मेनार्ड
* {{flagu|रूस}} – इरिना एंटोनेंको
|}
==== अंतिम स्कोर ====
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
!देश/क्षेत्र
!स्विमसूट
!शाम का गाउन
|-
| style="background-color:#FADADD;" |'''{{flag|मेक्सिको}}<ref name=":9" />'''
| style="background-color:#FADADD;" |9.265 (2)
| style="background-color:#FADADD;" |8.913 (1)
|-
| style="background-color:#eadafd;" |{{flag|जमैका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#eadafd;" |9.426 (1)
| style="background-color:#eadafd;" |8.884 (2)
|-
| style="background-color:#ccff99;" |{{flag|ऑस्ट्रेलिया}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ccff99;" |8.543 (5)
| style="background-color:#ccff99;" |8.841 (3)
|-
| style="background-color:#ffff99;" |{{flag|यूक्रेन}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffff99;" |8.333 (7)
| style="background-color:#ffff99;" |8.743 (4)
|-
| style="background-color:#d9eefb;" |{{flag|फिलिपींस}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#d9eefb;" |8.957 (3)
| style="background-color:#d9eefb;" |8.714 (5)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|अल्बानिया}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.229 (8)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.693 (6)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|आयरलैंड}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.784 (4)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.548 (7)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|दक्षिण अफ्रीका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.229 (8)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.420 (8)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|ग्वाटेमाला}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.071 (10)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.286 (9)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |[[पोर्टो रीको]]<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.443 (6)
| style="background-color:#ffdf9b;" |7.971 (10)
|-
|{{flag|रूस}}<ref name=":9" />
|7.843 (11)
| rowspan="6" |
|-
|{{flag|कोलंबिया}}<ref name=":9" />
|7.643 (12)
|-
|{{flag|फ्रांस}}<ref name=":9" />
|7.586 (13)
|-
|{{flag|बेल्जियम}}<ref name=":9" />
|7.571 (14)
|-
|{{flag|चेक रिपब्लिक}}<ref name=":9" />
|7.429 (15)
|}
===विशेष पुरस्कार ===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! पुरस्कार
! प्रतियोगी
|-
| मिस कोंगेनीयलिटी
|
* {{flag|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिंटा कैंपबेल<ref name=":8">{{Cite web |last= |date=23 August 2010 |title=22-year-old Mexico woman crowned Miss Universe |url=http://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |access-date=23 June 2022 |website=[[Nevada Appeal]] |archive-date=8 January 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230108055241/https://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |url-status=live }}</ref>
|-
| मिस फोटोजेनिक
| rowspan="2" |
* {{flag|थाईलैंड}} – फोंथिप वाचरात्राकुल<ref name=":8" />
|-
| सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पोशाक
|}
==प्रतियोगिता==
===प्रारूप===
2007 की तरह ही, पंद्रह सेमीफाइनलिस्ट प्रारंभिक प्रतियोगिता के माध्यम से चुने गए— जिसमें स्विमसूट और ईवनिंग गाउन प्रतियोगिताएँ तथा बंद कमरे में साक्षात्कार शामिल थे।
पंद्रह सेमीफाइनलिस्टों ने स्विमसूट प्रतियोगिता में भाग लिया और इसके बाद उनकी संख्या घटाकर दस कर दी गई।
दस सेमीफाइनलिस्टों ने ईवनिंग गाउन प्रतियोगिता में भाग लिया और इसके बाद उनकी संख्या घटाकर पाँच कर दी गई।
पाँच फाइनलिस्टों ने प्रश्न-उत्तर चरण और अंतिम प्रस्तुति (फाइनल लुक) में भाग लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी|मिस यूनिवर्स}}
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}}
{{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी:मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी:सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:वर्षानुसार मिस यूनिवर्स]]
dxmbk1wpuf597c52ul0nnes9fn8zwzv
6543238
6543237
2026-04-23T03:33:12Z
खास विशेष
810972
/* प्रारूप */ सन्दर्भ जोड़ा
6543238
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg
| caption = ज़िमेना नवारेटे
| winner = [[ज़िमेना नवारेटे]]
| congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया
| photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| date = 23 अगस्त 2010
| venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}}
| acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}}
| broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}}
| entrants = 83
| placements = 15
| withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}}
| returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और टोबैगो | संयुक्त राज्य वर्जिन द्वीप समूह}}
| before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]]
|represented=मेक्सिको}}
'''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref>
इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref>
इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Evo 2017 at Mandalay Bay Events Center.jpg|thumb|250x250px|मंडले बे इवेंट्स सेंटर, मिस यूनिवर्स 2010 का आयोजन स्थल]]
===स्थान और तिथि===
दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी।
क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी।<ref>{{Cite web |date=30 November 2009 |title=Izbor za Miss Universe: Trump se nećka između Splita i Zagreba |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=462733 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref>
31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss Universo se quedara en Bolivia el lapso de cuatro semanas para concluir su evalución |url=http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100211153309/http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |archive-date=11 February 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Razón (La Paz)|La Razón]]}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=4 February 2010 |title=Sede del Miss Universo ¿En Bolivia? |url=https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)|La Prensa]] |language=es-HN |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072236/https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |url-status=live }}</ref>
हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया।
मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं।<ref>{{Cite web |date=13 March 2010 |title=La comisión de negociación estuvo reunida dos días en La Paz |url=https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316075611/https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |archive-date=16 March 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Los Tiempos]]}}</ref>
कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी।<ref name=":1">{{Cite web |last= |first= |date=25 May 2010 |title=The 2010 Miss Universe® Pageant to Air Live on NBC From Las Vegas on Monday, August 23 |url=https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |access-date=22 June 2022 |website=[[PR Newswire]] |language=en |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622021952/https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
८३ देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से दो प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रनर-अप रहने या कास्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से चुने जाने के बाद नियुक्त किया गया, तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेता के स्थान पर चुना गया, और एक अन्य को तब विजेता घोषित किया गया जब संगठन को पता चला कि फाइनलिस्टों की रैंकिंग में त्रुटि थी।
जेसिका शेल, जो मिस ग्वाटेमाला 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं, को अलेजांद्रा बारिलास के पैर में चोट लगने के बाद ग्वाटेमाला का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया। बारिलास ने अगले वर्ष प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universo 2010: Jessica Scheel y Guatemala se sumaron a la fiesta |url=http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120301112627/http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |archive-date=1 March 2012 |access-date=23 June 2022 |website=Voz Libre}}</ref>
अलेक्जेंड्रा कैटालिना फिलिप, मिस यूनिवर्स रोमानिया 2010, को उनकी प्रथम रनर-अप ओआना पावेलुक से बदल दिया गया, क्योंकि उन्होंने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जो उन्हें दक्षिण कोरिया में एक बड़े नृत्य प्रतियोगिता में रोमानिया का प्रतिनिधित्व करने से रोकता था।<ref>{{Cite web |date=10 July 2010 |title=Alexandra Cătălina Filip a câştigat concursul Miss Univers România |url=https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |access-date=23 June 2022 |website=[[Ziarul Financiar]] |language=ro |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623021455/https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |url-status=live }}</ref><ref name=":2">{{Cite web |last=Navadaru |first=Cosmin |date=14 July 2010 |title=Catalina Filip a renuntat la titlul de Miss Universe Romania 2010 |url=https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |access-date=23 June 2022 |website=[[HotNews]] |language=ro |archive-date=15 August 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220815103657/https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |url-status=live }}</ref>
सेरेनाय सारीकाया, मिस टर्की यूनिवर्स 2010, को गिज़ेम मेमिच, मिस टर्की 2010, से बदल दिया गया, क्योंकि वह अपने अभिनय करियर को जारी रखना चाहती थीं।<ref>{{Cite web |date=14 August 2010 |title=Serenay yerine Las Vegas'a Gizem gitti |url=http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100817022719/http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |archive-date=17 August 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Hürriyet]]}}</ref>
सैंड्रा मारिनोविच को मूल रूप से मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, जजों के अंकों को लिखने में गणना संबंधी त्रुटि पाए जाने के बाद, तीन दिनों के भीतर उनसे ताज वापस ले लिया गया।
आधिकारिक विजेता मारिका सावशेक थीं, जिन्हें पहले द्वितीय रनर-अप स्थान दिया गया था।<ref name=":3">{{Cite web |date=17 May 2010 |title=Škandal: Mis ni Sandra, mis je Marika! |url=https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |access-date=23 June 2022 |website=[[Radiotelevizija Slovenija]] |language=sl |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623072352/https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |url-status=live }}</ref>
वीनस राज को मूल रूप से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, उनके जन्म प्रमाण पत्र में असंगतियों के कारण उनसे यह खिताब वापस ले लिया गया।<ref>{{Cite web |date=31 March 2010 |title=2010 Bb. Pilipinas Universe dethroned |url=https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |access-date=23 June 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015080743/https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |url-status=live }}</ref>
यह खिताब हेलेन निकोलेट हेंसन को दिया गया, जो बिनिबिनिंग पिलिपिनास 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं।
हालांकि, अपने पदच्युत (डिथ्रोन) होने के दो महीने बाद, राज ने कानूनी फिलीपीन पासपोर्ट प्राप्त करने के बाद फिर से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का अपना खिताब वापस हासिल कर लिया।<ref name=":4">{{Cite web |date=10 April 2010 |title=(UPDATE) Venus Raj given chance to reclaim Bb Pilipinas-Universe title |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |access-date=23 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=25 October 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211025130248/https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |url-status=dead }}</ref>
2010 संस्करण में बोत्सवाना, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, डेनमार्क, हैती, कज़ाख़स्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स की वापसी हुई।
हैती ने आखिरी बार 1989 में भाग लिया था, जिससे यह दो दशकों के बाद देश की पहली भागीदारी बनी। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स ने आखिरी बार 2002 में, बोत्सवाना ने 2004 में, संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स ने 2007 में भाग लिया था, जबकि अन्य देशों ने आखिरी बार 2008 में भाग लिया था।
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया, आइसलैंड, मोंटेनेग्रो, नामीबिया और वियतनाम ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
निकोलिना लोंचार, मिस मोंटेनेग्रो 2010, को कम उम्र होने के कारण [[मॉन्टेनीग्रो]] की प्रतिनिधि के रूप में मारिजाना पोक्राजाक से बदल दिया गया। हालांकि, पोक्राजाक ने अज्ञात कारणों से नाम वापस ले लिया। लोंचार ने [[मिस यूनीवर्स 2011|अगले वर्ष]] प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |last=Jovanović |first=Filip |date=31 May 2011 |title=Nikolina Lončar iz Pljevalja predstavlja Crnu Goru na izboru za Mis univerzuma |url=http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111004235532/http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |archive-date=4 October 2011 |access-date=26 June 2022 |website=[[Vijesti]]}}</ref>
ओडिल गर्ट्ज़े, मिस नामीबिया 2010, ने इसलिए नाम वापस लिया क्योंकि उन्हें मिस यूनिवर्स 2010 की आधिकारिक शुरुआत से केवल एक सप्ताह पहले ताज पहनाया गया था।
फाम थी थान हैंग ने तैयारी की कमी के कारण नाम वापस ले लिया।<ref>{{Cite web |last= |date=7 February 2021 |title=5 mỹ nhân khước từ cơ hội thi Miss Universe: Thanh Hằng gây tiếc nuối, Diễm Trang sợ thiếu thời gian |url=https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |access-date=23 June 2022 |website=Saostar.vn |language=vi |archive-date=11 May 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210511141331/https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |url-status=live }}</ref>
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया और आइसलैंड ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{cite news |last=Levy |first=Jewel |date=7 September 2009 |title=Miss Cayman pageant cancelled |work=Caymanian Compass |url=http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110728062540/http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |archive-date=28 July 2011}}</ref>
==परिणाम==
[[Image:Miss Universe 2010 Map.png|thumb|250x250px|मिस यूनिवर्स 2010 में भाग लेने वाले देश और क्षेत्र।|alt=]]
===प्लेसमेंट===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! प्लेसमेंट !! प्रतियोगी
|-
| मिस यूनिवर्स 2010
|
* {{flagu|मेक्सिको}} – [[ज़िमेना नवारेटे]]<ref name=":9">{{Cite web |last=Santiago |first=Erwin |date=24 August 2010 |title=Maria Venus Raj is fourth runner-up in Miss Universe 2010; Mexico takes the crown |url=https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |access-date=9 October 2023 |website=PEP.ph |language=en |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072235/https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |url-status=live }}</ref>
|-
| प्रथम उपविजेता
|
* {{flagu|जमैका}} – येंडी फिलिप्स<ref name=":9" />
|-
| द्वितीय उपविजेता
|
* {{flagu|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिन्टा कैंपबेल<ref name=":9" />
|-
| तीसरा उपविजेता
|
* {{flagu|यूक्रेन}} – अन्ना पोस्लावस्का<ref name=":9" />
|-
| चौथा उपविजेता
|
* {{flagu|फिलिपींस}} – वीनस राज<ref name=":9" />
|-
| शीर्ष 10<ref name=":9" />
|
* {{flagu|अल्बानिया}} – एंजेला मार्टिनी
* {{flagu|ग्वाटेमाला}} – जेसिका शील
* {{flagu|आयरलैंड}} – रोजाना पर्सेल
* [[पोर्टो रीको]] – मारियाना विसेंट
* {{flagu|दक्षिण अफ्रीका}} – निकोल फ्लिंट
|-
| शीर्ष 15<ref name=":9" />
|
* {{flagu|बेल्जियम}} – सिलौ एनीस
* {{flagu|कोलंबिया}} – नतालिया नवारो
* {{flagu|चेक रिपब्लिक}} – जित्का बोहो
* {{flagu|फ्रांस}} – मलिका मेनार्ड
* {{flagu|रूस}} – इरिना एंटोनेंको
|}
==== अंतिम स्कोर ====
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
!देश/क्षेत्र
!स्विमसूट
!शाम का गाउन
|-
| style="background-color:#FADADD;" |'''{{flag|मेक्सिको}}<ref name=":9" />'''
| style="background-color:#FADADD;" |9.265 (2)
| style="background-color:#FADADD;" |8.913 (1)
|-
| style="background-color:#eadafd;" |{{flag|जमैका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#eadafd;" |9.426 (1)
| style="background-color:#eadafd;" |8.884 (2)
|-
| style="background-color:#ccff99;" |{{flag|ऑस्ट्रेलिया}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ccff99;" |8.543 (5)
| style="background-color:#ccff99;" |8.841 (3)
|-
| style="background-color:#ffff99;" |{{flag|यूक्रेन}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffff99;" |8.333 (7)
| style="background-color:#ffff99;" |8.743 (4)
|-
| style="background-color:#d9eefb;" |{{flag|फिलिपींस}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#d9eefb;" |8.957 (3)
| style="background-color:#d9eefb;" |8.714 (5)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|अल्बानिया}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.229 (8)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.693 (6)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|आयरलैंड}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.784 (4)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.548 (7)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|दक्षिण अफ्रीका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.229 (8)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.420 (8)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|ग्वाटेमाला}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.071 (10)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.286 (9)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |[[पोर्टो रीको]]<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.443 (6)
| style="background-color:#ffdf9b;" |7.971 (10)
|-
|{{flag|रूस}}<ref name=":9" />
|7.843 (11)
| rowspan="6" |
|-
|{{flag|कोलंबिया}}<ref name=":9" />
|7.643 (12)
|-
|{{flag|फ्रांस}}<ref name=":9" />
|7.586 (13)
|-
|{{flag|बेल्जियम}}<ref name=":9" />
|7.571 (14)
|-
|{{flag|चेक रिपब्लिक}}<ref name=":9" />
|7.429 (15)
|}
===विशेष पुरस्कार ===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! पुरस्कार
! प्रतियोगी
|-
| मिस कोंगेनीयलिटी
|
* {{flag|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिंटा कैंपबेल<ref name=":8">{{Cite web |last= |date=23 August 2010 |title=22-year-old Mexico woman crowned Miss Universe |url=http://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |access-date=23 June 2022 |website=[[Nevada Appeal]] |archive-date=8 January 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230108055241/https://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |url-status=live }}</ref>
|-
| मिस फोटोजेनिक
| rowspan="2" |
* {{flag|थाईलैंड}} – फोंथिप वाचरात्राकुल<ref name=":8" />
|-
| सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पोशाक
|}
==प्रतियोगिता==
===प्रारूप===
[[मिस यूनीवर्स 2007|2007]] की तरह ही, पंद्रह सेमीफाइनलिस्ट प्रारंभिक प्रतियोगिता के माध्यम से चुने गए— जिसमें स्विमसूट और ईवनिंग गाउन प्रतियोगिताएँ तथा बंद कमरे में साक्षात्कार शामिल थे।
पंद्रह सेमीफाइनलिस्टों ने स्विमसूट प्रतियोगिता में भाग लिया और इसके बाद उनकी संख्या घटाकर दस कर दी गई।
दस सेमीफाइनलिस्टों ने ईवनिंग गाउन प्रतियोगिता में भाग लिया और इसके बाद उनकी संख्या घटाकर पाँच कर दी गई।
पाँच फाइनलिस्टों ने प्रश्न-उत्तर चरण और अंतिम प्रस्तुति (फाइनल लुक) में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=23 August 2010 |title=Miss Mexico crowned Miss Universe 2010 |url=https://www.newsday.com/entertainment/celebrities/miss-mexico-jimena-navarrete-wins-miss-universe-2010-w62668 |access-date=26 June 2022 |website=[[Newsday]] |language=en |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626130424/https://www.newsday.com/entertainment/celebrities/miss-mexico-jimena-navarrete-wins-miss-universe-2010-w62668 |url-status=live }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी|मिस यूनिवर्स}}
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}}
{{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी:मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी:सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:वर्षानुसार मिस यूनिवर्स]]
fdjynsatvng774rawrrfdowmg7ccegd
6543239
6543238
2026-04-23T03:37:39Z
खास विशेष
810972
ऊपशीर्षक बनाकर जानकारी और संदर्भ जोड़ा
6543239
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg
| caption = ज़िमेना नवारेटे
| winner = [[ज़िमेना नवारेटे]]
| congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया
| photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| date = 23 अगस्त 2010
| venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}}
| acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}}
| broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}}
| entrants = 83
| placements = 15
| withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}}
| returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और टोबैगो | संयुक्त राज्य वर्जिन द्वीप समूह}}
| before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]]
|represented=मेक्सिको}}
'''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref>
इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref>
इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Evo 2017 at Mandalay Bay Events Center.jpg|thumb|250x250px|मंडले बे इवेंट्स सेंटर, मिस यूनिवर्स 2010 का आयोजन स्थल]]
===स्थान और तिथि===
दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी।
क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी।<ref>{{Cite web |date=30 November 2009 |title=Izbor za Miss Universe: Trump se nećka između Splita i Zagreba |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=462733 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref>
31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss Universo se quedara en Bolivia el lapso de cuatro semanas para concluir su evalución |url=http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100211153309/http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |archive-date=11 February 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Razón (La Paz)|La Razón]]}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=4 February 2010 |title=Sede del Miss Universo ¿En Bolivia? |url=https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)|La Prensa]] |language=es-HN |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072236/https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |url-status=live }}</ref>
हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया।
मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं।<ref>{{Cite web |date=13 March 2010 |title=La comisión de negociación estuvo reunida dos días en La Paz |url=https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316075611/https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |archive-date=16 March 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Los Tiempos]]}}</ref>
कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी।<ref name=":1">{{Cite web |last= |first= |date=25 May 2010 |title=The 2010 Miss Universe® Pageant to Air Live on NBC From Las Vegas on Monday, August 23 |url=https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |access-date=22 June 2022 |website=[[PR Newswire]] |language=en |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622021952/https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
८३ देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से दो प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रनर-अप रहने या कास्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से चुने जाने के बाद नियुक्त किया गया, तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेता के स्थान पर चुना गया, और एक अन्य को तब विजेता घोषित किया गया जब संगठन को पता चला कि फाइनलिस्टों की रैंकिंग में त्रुटि थी।
जेसिका शेल, जो मिस ग्वाटेमाला 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं, को अलेजांद्रा बारिलास के पैर में चोट लगने के बाद ग्वाटेमाला का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया। बारिलास ने अगले वर्ष प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universo 2010: Jessica Scheel y Guatemala se sumaron a la fiesta |url=http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120301112627/http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |archive-date=1 March 2012 |access-date=23 June 2022 |website=Voz Libre}}</ref>
अलेक्जेंड्रा कैटालिना फिलिप, मिस यूनिवर्स रोमानिया 2010, को उनकी प्रथम रनर-अप ओआना पावेलुक से बदल दिया गया, क्योंकि उन्होंने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जो उन्हें दक्षिण कोरिया में एक बड़े नृत्य प्रतियोगिता में रोमानिया का प्रतिनिधित्व करने से रोकता था।<ref>{{Cite web |date=10 July 2010 |title=Alexandra Cătălina Filip a câştigat concursul Miss Univers România |url=https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |access-date=23 June 2022 |website=[[Ziarul Financiar]] |language=ro |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623021455/https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |url-status=live }}</ref><ref name=":2">{{Cite web |last=Navadaru |first=Cosmin |date=14 July 2010 |title=Catalina Filip a renuntat la titlul de Miss Universe Romania 2010 |url=https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |access-date=23 June 2022 |website=[[HotNews]] |language=ro |archive-date=15 August 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220815103657/https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |url-status=live }}</ref>
सेरेनाय सारीकाया, मिस टर्की यूनिवर्स 2010, को गिज़ेम मेमिच, मिस टर्की 2010, से बदल दिया गया, क्योंकि वह अपने अभिनय करियर को जारी रखना चाहती थीं।<ref>{{Cite web |date=14 August 2010 |title=Serenay yerine Las Vegas'a Gizem gitti |url=http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100817022719/http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |archive-date=17 August 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Hürriyet]]}}</ref>
सैंड्रा मारिनोविच को मूल रूप से मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, जजों के अंकों को लिखने में गणना संबंधी त्रुटि पाए जाने के बाद, तीन दिनों के भीतर उनसे ताज वापस ले लिया गया।
आधिकारिक विजेता मारिका सावशेक थीं, जिन्हें पहले द्वितीय रनर-अप स्थान दिया गया था।<ref name=":3">{{Cite web |date=17 May 2010 |title=Škandal: Mis ni Sandra, mis je Marika! |url=https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |access-date=23 June 2022 |website=[[Radiotelevizija Slovenija]] |language=sl |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623072352/https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |url-status=live }}</ref>
वीनस राज को मूल रूप से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, उनके जन्म प्रमाण पत्र में असंगतियों के कारण उनसे यह खिताब वापस ले लिया गया।<ref>{{Cite web |date=31 March 2010 |title=2010 Bb. Pilipinas Universe dethroned |url=https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |access-date=23 June 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015080743/https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |url-status=live }}</ref>
यह खिताब हेलेन निकोलेट हेंसन को दिया गया, जो बिनिबिनिंग पिलिपिनास 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं।
हालांकि, अपने पदच्युत (डिथ्रोन) होने के दो महीने बाद, राज ने कानूनी फिलीपीन पासपोर्ट प्राप्त करने के बाद फिर से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का अपना खिताब वापस हासिल कर लिया।<ref name=":4">{{Cite web |date=10 April 2010 |title=(UPDATE) Venus Raj given chance to reclaim Bb Pilipinas-Universe title |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |access-date=23 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=25 October 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211025130248/https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |url-status=dead }}</ref>
2010 संस्करण में बोत्सवाना, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, डेनमार्क, हैती, कज़ाख़स्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स की वापसी हुई।
हैती ने आखिरी बार 1989 में भाग लिया था, जिससे यह दो दशकों के बाद देश की पहली भागीदारी बनी। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स ने आखिरी बार 2002 में, बोत्सवाना ने 2004 में, संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स ने 2007 में भाग लिया था, जबकि अन्य देशों ने आखिरी बार 2008 में भाग लिया था।
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया, आइसलैंड, मोंटेनेग्रो, नामीबिया और वियतनाम ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
निकोलिना लोंचार, मिस मोंटेनेग्रो 2010, को कम उम्र होने के कारण [[मॉन्टेनीग्रो]] की प्रतिनिधि के रूप में मारिजाना पोक्राजाक से बदल दिया गया। हालांकि, पोक्राजाक ने अज्ञात कारणों से नाम वापस ले लिया। लोंचार ने [[मिस यूनीवर्स 2011|अगले वर्ष]] प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |last=Jovanović |first=Filip |date=31 May 2011 |title=Nikolina Lončar iz Pljevalja predstavlja Crnu Goru na izboru za Mis univerzuma |url=http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111004235532/http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |archive-date=4 October 2011 |access-date=26 June 2022 |website=[[Vijesti]]}}</ref>
ओडिल गर्ट्ज़े, मिस नामीबिया 2010, ने इसलिए नाम वापस लिया क्योंकि उन्हें मिस यूनिवर्स 2010 की आधिकारिक शुरुआत से केवल एक सप्ताह पहले ताज पहनाया गया था।
फाम थी थान हैंग ने तैयारी की कमी के कारण नाम वापस ले लिया।<ref>{{Cite web |last= |date=7 February 2021 |title=5 mỹ nhân khước từ cơ hội thi Miss Universe: Thanh Hằng gây tiếc nuối, Diễm Trang sợ thiếu thời gian |url=https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |access-date=23 June 2022 |website=Saostar.vn |language=vi |archive-date=11 May 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210511141331/https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |url-status=live }}</ref>
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया और आइसलैंड ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{cite news |last=Levy |first=Jewel |date=7 September 2009 |title=Miss Cayman pageant cancelled |work=Caymanian Compass |url=http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110728062540/http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |archive-date=28 July 2011}}</ref>
==परिणाम==
[[Image:Miss Universe 2010 Map.png|thumb|250x250px|मिस यूनिवर्स 2010 में भाग लेने वाले देश और क्षेत्र।|alt=]]
===प्लेसमेंट===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! प्लेसमेंट !! प्रतियोगी
|-
| मिस यूनिवर्स 2010
|
* {{flagu|मेक्सिको}} – [[ज़िमेना नवारेटे]]<ref name=":9">{{Cite web |last=Santiago |first=Erwin |date=24 August 2010 |title=Maria Venus Raj is fourth runner-up in Miss Universe 2010; Mexico takes the crown |url=https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |access-date=9 October 2023 |website=PEP.ph |language=en |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072235/https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |url-status=live }}</ref>
|-
| प्रथम उपविजेता
|
* {{flagu|जमैका}} – येंडी फिलिप्स<ref name=":9" />
|-
| द्वितीय उपविजेता
|
* {{flagu|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिन्टा कैंपबेल<ref name=":9" />
|-
| तीसरा उपविजेता
|
* {{flagu|यूक्रेन}} – अन्ना पोस्लावस्का<ref name=":9" />
|-
| चौथा उपविजेता
|
* {{flagu|फिलिपींस}} – वीनस राज<ref name=":9" />
|-
| शीर्ष 10<ref name=":9" />
|
* {{flagu|अल्बानिया}} – एंजेला मार्टिनी
* {{flagu|ग्वाटेमाला}} – जेसिका शील
* {{flagu|आयरलैंड}} – रोजाना पर्सेल
* [[पोर्टो रीको]] – मारियाना विसेंट
* {{flagu|दक्षिण अफ्रीका}} – निकोल फ्लिंट
|-
| शीर्ष 15<ref name=":9" />
|
* {{flagu|बेल्जियम}} – सिलौ एनीस
* {{flagu|कोलंबिया}} – नतालिया नवारो
* {{flagu|चेक रिपब्लिक}} – जित्का बोहो
* {{flagu|फ्रांस}} – मलिका मेनार्ड
* {{flagu|रूस}} – इरिना एंटोनेंको
|}
==== अंतिम स्कोर ====
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
!देश/क्षेत्र
!स्विमसूट
!शाम का गाउन
|-
| style="background-color:#FADADD;" |'''{{flag|मेक्सिको}}<ref name=":9" />'''
| style="background-color:#FADADD;" |9.265 (2)
| style="background-color:#FADADD;" |8.913 (1)
|-
| style="background-color:#eadafd;" |{{flag|जमैका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#eadafd;" |9.426 (1)
| style="background-color:#eadafd;" |8.884 (2)
|-
| style="background-color:#ccff99;" |{{flag|ऑस्ट्रेलिया}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ccff99;" |8.543 (5)
| style="background-color:#ccff99;" |8.841 (3)
|-
| style="background-color:#ffff99;" |{{flag|यूक्रेन}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffff99;" |8.333 (7)
| style="background-color:#ffff99;" |8.743 (4)
|-
| style="background-color:#d9eefb;" |{{flag|फिलिपींस}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#d9eefb;" |8.957 (3)
| style="background-color:#d9eefb;" |8.714 (5)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|अल्बानिया}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.229 (8)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.693 (6)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|आयरलैंड}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.784 (4)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.548 (7)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|दक्षिण अफ्रीका}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.229 (8)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.420 (8)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|ग्वाटेमाला}}<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.071 (10)
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.286 (9)
|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |[[पोर्टो रीको]]<ref name=":9" />
| style="background-color:#ffdf9b;" |8.443 (6)
| style="background-color:#ffdf9b;" |7.971 (10)
|-
|{{flag|रूस}}<ref name=":9" />
|7.843 (11)
| rowspan="6" |
|-
|{{flag|कोलंबिया}}<ref name=":9" />
|7.643 (12)
|-
|{{flag|फ्रांस}}<ref name=":9" />
|7.586 (13)
|-
|{{flag|बेल्जियम}}<ref name=":9" />
|7.571 (14)
|-
|{{flag|चेक रिपब्लिक}}<ref name=":9" />
|7.429 (15)
|}
===विशेष पुरस्कार ===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! पुरस्कार
! प्रतियोगी
|-
| मिस कोंगेनीयलिटी
|
* {{flag|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिंटा कैंपबेल<ref name=":8">{{Cite web |last= |date=23 August 2010 |title=22-year-old Mexico woman crowned Miss Universe |url=http://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |access-date=23 June 2022 |website=[[Nevada Appeal]] |archive-date=8 January 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230108055241/https://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |url-status=live }}</ref>
|-
| मिस फोटोजेनिक
| rowspan="2" |
* {{flag|थाईलैंड}} – फोंथिप वाचरात्राकुल<ref name=":8" />
|-
| सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पोशाक
|}
==प्रतियोगिता==
===प्रारूप===
[[मिस यूनीवर्स 2007|2007]] की तरह ही, पंद्रह सेमीफाइनलिस्ट प्रारंभिक प्रतियोगिता के माध्यम से चुने गए— जिसमें स्विमसूट और ईवनिंग गाउन प्रतियोगिताएँ तथा बंद कमरे में साक्षात्कार शामिल थे।
पंद्रह सेमीफाइनलिस्टों ने स्विमसूट प्रतियोगिता में भाग लिया और इसके बाद उनकी संख्या घटाकर दस कर दी गई।
दस सेमीफाइनलिस्टों ने ईवनिंग गाउन प्रतियोगिता में भाग लिया और इसके बाद उनकी संख्या घटाकर पाँच कर दी गई।
पाँच फाइनलिस्टों ने प्रश्न-उत्तर चरण और अंतिम प्रस्तुति (फाइनल लुक) में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=23 August 2010 |title=Miss Mexico crowned Miss Universe 2010 |url=https://www.newsday.com/entertainment/celebrities/miss-mexico-jimena-navarrete-wins-miss-universe-2010-w62668 |access-date=26 June 2022 |website=[[Newsday]] |language=en |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626130424/https://www.newsday.com/entertainment/celebrities/miss-mexico-jimena-navarrete-wins-miss-universe-2010-w62668 |url-status=live }}</ref>
=== चयन समिति ===
==== प्रारंभिक प्रतियोगिता ====
* बासिम शमी – फारूक सिस्टम्स के अध्यक्ष<ref name=":5" />
* बीजे कोलमैन – प्रचारक, पत्रकार और टेलीविजन व्यक्तित्व<ref name=":5" />
* कार्लोस ब्रेमर - वैल्यू ग्रुपो फाइनेंसिएरो के सीईओ और जनरल डायरेक्टर<ref name=":5" />
* कोरिन निकोलस - ट्रम्प मॉडल मैनेजमेंट की अध्यक्ष<ref name=":5" />
* लुई बर्गडॉर्फ - एमएसएनबीसी के जो स्कारबोरो और मीका ब्रेज़िंस्की के लिए टैलेंट प्रोड्यूसर<ref name=":5" />
* नताली रोटमैन - टेलीविजन होस्ट और फैशन विशेषज्ञ<ref name=":5" />
* सैडॉक्स किम - टेलीविजन निर्माता<ref name=":5" />
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी|मिस यूनिवर्स}}
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}}
{{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी:मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी:सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:वर्षानुसार मिस यूनिवर्स]]
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2026-04-23T03:43:06Z
खास विशेष
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/* चयन समिति */ उपशीर्षक बनाकर जानकारी और संदर्भ जोड़ा
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| photo = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg
| caption = ज़िमेना नवारेटे
| winner = [[ज़िमेना नवारेटे]]
| congeniality = जेसिंटा कैम्पबेल, ऑस्ट्रेलिया
| photogenic = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| best national costume = फोंथिप वाचरात्रकुल, थाईलैंड
| date = 23 अगस्त 2010
| venue = मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| presenters = {{Hlist|ब्रेट माइकल्स | नताली मोरालेस}}
| acts = {{Hlist|जॉन लीजेंड|द रूट्स|सर्क डू सोलेल}}
| broadcaster = {{Hlist|[[एनबीसी]] <small>(केवीबीसी-डीटी)</small>|[[टेलीमंडो]] <small>(केबीएलआर)</small>}}
| entrants = 83
| placements = 15
| withdrawals ={{Hlist|बुल्गारिया | केमैन द्वीप समूह | एस्टोनिया | इथियोपिया | आइसलैंड | मोंटेनेग्रो | नामीबिया | वियतनाम}}
| returns = {{Hlist|बोत्सवाना | ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह | डेनमार्क | हैती | कजाकिस्तान | श्रीलंका | त्रिनिदाद और टोबैगो | संयुक्त राज्य वर्जिन द्वीप समूह}}
| before = [[मिस यूनीवर्स 2009|2009]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2011|2011]]
|represented=मेक्सिको}}
'''ब्रह्माण्ड सुन्दरी 2010''' या '''मिस यूनीवर्स 2010''' प्रतियोगिता का 59वां संस्करण था, जो 23 अगस्त 2010 को मंडले बे इवेंट्स सेंटर, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में आयोजित हुआ।<ref name=":0">{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 coronation night starts; airs live on ABS-CBN |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |access-date=22 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://news.abs-cbn.com/entertainment/08/24/10/miss-universe-2010-coronation-night-starts-airs-live-abs-cbn |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite news |date=24 August 2010 |title=Mexico's Jimena Navarrete wins Miss Universe contest |language=en |work=[[Reuters]] |url=https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |access-date=26 June 2022 |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626131228/https://www.reuters.com/article/idINIndia-51020720100824 |url-status=live }}</ref>
इस आयोजन के अंत में, [[वेनेजुएला]] की [[स्टीफेनिया फर्नांडीज]] ने [[मेक्सिको]] की ज़िमेना नवारेटे को मिस यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया। यह मेक्सिको की दूसरी जीत थी, पहली जीत 1991 में हुई थी।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universe 2010 |url=https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |access-date=22 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.cbsnews.com/pictures/miss-universe-2010/ |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010? |url=https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |access-date=22 June 2022 |website=Quién |language=es |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 |url-status=live }}</ref>
इस वर्ष की प्रतियोगिता में 83 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसे ब्रेट माइकल्स और नैटली मोरालेस ने होस्ट किया।<ref>{{Cite magazine |date=3 August 2010 |title=Bret Michaels To Co-Host 'Miss Universe' Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014951/https://www.billboard.com/music/music-news/bret-michaels-to-co-host-miss-universe-pageant-957066/ |url-status=live }}</ref> इस प्रतियोगिता में जॉन लीजेंड, द रूट्स और सर्क डू सोलेय ने प्रस्तुति दी।<ref name=":0" /><ref>{{Cite magazine |last=Vick |first=Megan |date=24 August 2010 |title=John Legend And The Roots Perform At Miss Universe Pageant |url=https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |access-date=22 June 2022 |magazine=[[Billboard (magazine)|Billboard]] |language=en-US |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622014950/https://www.billboard.com/music/music-news/john-legend-and-the-roots-perform-at-miss-universe-pageant-956698/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Evo 2017 at Mandalay Bay Events Center.jpg|thumb|250x250px|मंडले बे इवेंट्स सेंटर, मिस यूनिवर्स 2010 का आयोजन स्थल]]
===स्थान और तिथि===
दुनिया भर के कई शहरों ने इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने में रुचि व्यक्त की थी। इन शहरों में से एक ज़ाग्रेब, क्रोएशिया भी था, जिसने पहले 2009 में प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली थी।
क्रोएशियाई सरकार और स्थानीय निवेशकों ने प्रतियोगिता के लिए अपना प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत किया, जो एरीना ज़ाग्रेब में आयोजित होने वाली थी।<ref>{{Cite web |date=30 November 2009 |title=Izbor za Miss Universe: Trump se nećka između Splita i Zagreba |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=462733 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090055/https://www.index.hr/magazin/clanak/izbor-za-miss-universe-trump-se-necka-izmedju-splita-i-zagreba/462733.aspx |url-status=live }}</ref> हालांकि, 20 फरवरी 2010 को मिस यूनिवर्स क्रोएशिया के राष्ट्रीय निदेशक व्लादिमीर क्राजेलविक ने घोषणा की कि 2008 के वित्तीय संकट के कारण क्रोएशिया पर पड़े प्रभावों की वजह से देश ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite web |date=20 February 2010 |title=Miss Universe: Recesija pomutila planove direkciji izbora ljepote |url=https://www.index.hr/clanak.aspx?id=476874 |access-date=22 June 2022 |website=[[Index.hr]] |language=hr |archive-date=20 November 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231120090952/https://ow.pubmatic.com/setuid?bidder=amx&uid=499c3f5c-d1aa-42ef-82e2-92fd1db5e7d7&do=www.index.hr |url-status=live }}</ref>
31 जनवरी 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन 2010 की प्रतियोगिता को सांता क्रूज़ डे ला सिएरा, बोलीविया में आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा था, जब मिस यूनिवर्स आयोग ने यह आकलन करने के लिए बोलीविया का दौरा किया कि क्या यह शहर प्रतियोगिता की मेजबानी करने में सक्षम है।<ref>{{Cite web |date=1 February 2010 |title=Comisión del Miss Universo se quedara en Bolivia el lapso de cuatro semanas para concluir su evalución |url=http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100211153309/http://www.la-razon.com/ultima.asp?id=946988 |archive-date=11 February 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Razón (La Paz)|La Razón]]}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=4 February 2010 |title=Sede del Miss Universo ¿En Bolivia? |url=https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |access-date=22 June 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)|La Prensa]] |language=es-HN |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072236/https://www.laprensa.hn/espectaculos/sede-del-miss-universo-en-bolivia-NALP504339 |url-status=live }}</ref>
हालांकि, आयोग के बोलीविया दौरे के दौरान, संस्कृति मंत्री जुल्मा यूगार ने सार्वजनिक रूप से संगठन की मांगों के अनुसार प्रतियोगिता की मेजबानी करने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार किया।
मार्च 2010 में ला पाज़ में आयोजित एक बैठक के बाद, यूगार ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि सांता क्रूज़ ने प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली, यह आरोप लगाते हुए कि संगठन ने "बोलीविया के संविधान का अनादर किया" और संगठन की मांगें आर्थिक रूप से पूरी करना असंभव हैं।<ref>{{Cite web |date=13 March 2010 |title=La comisión de negociación estuvo reunida dos días en La Paz |url=https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316075611/https://www.lostiempos.com/click/farandula/farandula/20100313/la-comision-de-negociacion-estuvo-reunida-dos-dias-en-la_61389_111021.html |archive-date=16 March 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Los Tiempos]]}}</ref>
कई शहरों द्वारा प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस लेने के बाद, 25 मई 2010 को मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने पुष्टि की कि यह प्रतियोगिता 23 अगस्त 2010 को मंडाले बे इवेंट्स सेंटर, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगी।<ref name=":1">{{Cite web |last= |first= |date=25 May 2010 |title=The 2010 Miss Universe® Pageant to Air Live on NBC From Las Vegas on Monday, August 23 |url=https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |access-date=22 June 2022 |website=[[PR Newswire]] |language=en |archive-date=22 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220622021952/https://www.prnewswire.com/news-releases/the-2010-miss-universe-pageant-to-air-live-on-nbc-from-las-vegas-on-monday-august-23-94822699.html |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
८३ देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से दो प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रनर-अप रहने या कास्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से चुने जाने के बाद नियुक्त किया गया, तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेता के स्थान पर चुना गया, और एक अन्य को तब विजेता घोषित किया गया जब संगठन को पता चला कि फाइनलिस्टों की रैंकिंग में त्रुटि थी।
जेसिका शेल, जो मिस ग्वाटेमाला 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं, को अलेजांद्रा बारिलास के पैर में चोट लगने के बाद ग्वाटेमाला का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया। बारिलास ने अगले वर्ष प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=24 August 2010 |title=Miss Universo 2010: Jessica Scheel y Guatemala se sumaron a la fiesta |url=http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120301112627/http://www.lavozlibre.com/noticias/ampliar/97713/miss-universo-2010-jessica-scheel-y-guatemala-se-sumaron-a-la-fiesta |archive-date=1 March 2012 |access-date=23 June 2022 |website=Voz Libre}}</ref>
अलेक्जेंड्रा कैटालिना फिलिप, मिस यूनिवर्स रोमानिया 2010, को उनकी प्रथम रनर-अप ओआना पावेलुक से बदल दिया गया, क्योंकि उन्होंने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जो उन्हें दक्षिण कोरिया में एक बड़े नृत्य प्रतियोगिता में रोमानिया का प्रतिनिधित्व करने से रोकता था।<ref>{{Cite web |date=10 July 2010 |title=Alexandra Cătălina Filip a câştigat concursul Miss Univers România |url=https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |access-date=23 June 2022 |website=[[Ziarul Financiar]] |language=ro |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623021455/https://www.zf.ro/zf-24/alexandra-catalina-filip-a-castigat-concursul-miss-univers-romania-galerie-foto-6534936 |url-status=live }}</ref><ref name=":2">{{Cite web |last=Navadaru |first=Cosmin |date=14 July 2010 |title=Catalina Filip a renuntat la titlul de Miss Universe Romania 2010 |url=https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |access-date=23 June 2022 |website=[[HotNews]] |language=ro |archive-date=15 August 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220815103657/https://life.hotnews.ro/stiri-showbiz-7582839-catalina-filip-renuntat-titlul-miss-universe-romania-2010.htm |url-status=live }}</ref>
सेरेनाय सारीकाया, मिस टर्की यूनिवर्स 2010, को गिज़ेम मेमिच, मिस टर्की 2010, से बदल दिया गया, क्योंकि वह अपने अभिनय करियर को जारी रखना चाहती थीं।<ref>{{Cite web |date=14 August 2010 |title=Serenay yerine Las Vegas'a Gizem gitti |url=http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100817022719/http://www.hurriyet.com.tr/magazin/magazinhatti/15547564.asp |archive-date=17 August 2010 |access-date=22 June 2022 |website=[[Hürriyet]]}}</ref>
सैंड्रा मारिनोविच को मूल रूप से मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, जजों के अंकों को लिखने में गणना संबंधी त्रुटि पाए जाने के बाद, तीन दिनों के भीतर उनसे ताज वापस ले लिया गया।
आधिकारिक विजेता मारिका सावशेक थीं, जिन्हें पहले द्वितीय रनर-अप स्थान दिया गया था।<ref name=":3">{{Cite web |date=17 May 2010 |title=Škandal: Mis ni Sandra, mis je Marika! |url=https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |access-date=23 June 2022 |website=[[Radiotelevizija Slovenija]] |language=sl |archive-date=23 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220623072352/https://www.rtvslo.si/zabava-in-slog/popkultura/druzabno/skandal-mis-ni-sandra-mis-je-marika/230382 |url-status=live }}</ref>
वीनस राज को मूल रूप से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का ताज पहनाया गया था। हालांकि, उनके जन्म प्रमाण पत्र में असंगतियों के कारण उनसे यह खिताब वापस ले लिया गया।<ref>{{Cite web |date=31 March 2010 |title=2010 Bb. Pilipinas Universe dethroned |url=https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |access-date=23 June 2022 |website=[[Philippine Star]] |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015080743/https://www.philstar.com/news-commentary/2010/03/31/562512/2010-bb-pilipinas-universe-dethroned |url-status=live }}</ref>
यह खिताब हेलेन निकोलेट हेंसन को दिया गया, जो बिनिबिनिंग पिलिपिनास 2010 की द्वितीय रनर-अप थीं।
हालांकि, अपने पदच्युत (डिथ्रोन) होने के दो महीने बाद, राज ने कानूनी फिलीपीन पासपोर्ट प्राप्त करने के बाद फिर से बिनिबिनिंग पिलिपिनास यूनिवर्स 2010 का अपना खिताब वापस हासिल कर लिया।<ref name=":4">{{Cite web |date=10 April 2010 |title=(UPDATE) Venus Raj given chance to reclaim Bb Pilipinas-Universe title |url=https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |access-date=23 June 2022 |website=[[ABS-CBN News]] |archive-date=25 October 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211025130248/https://news.abs-cbn.com/entertainment/04/10/10/venus-raj-given-chance-reclaim-bb-pilipinas-universe-title |url-status=dead }}</ref>
2010 संस्करण में बोत्सवाना, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, डेनमार्क, हैती, कज़ाख़स्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स की वापसी हुई।
हैती ने आखिरी बार 1989 में भाग लिया था, जिससे यह दो दशकों के बाद देश की पहली भागीदारी बनी। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स ने आखिरी बार 2002 में, बोत्सवाना ने 2004 में, संयुक्त राज्य वर्जिन आइलैंड्स ने 2007 में भाग लिया था, जबकि अन्य देशों ने आखिरी बार 2008 में भाग लिया था।
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया, आइसलैंड, मोंटेनेग्रो, नामीबिया और वियतनाम ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
निकोलिना लोंचार, मिस मोंटेनेग्रो 2010, को कम उम्र होने के कारण [[मॉन्टेनीग्रो]] की प्रतिनिधि के रूप में मारिजाना पोक्राजाक से बदल दिया गया। हालांकि, पोक्राजाक ने अज्ञात कारणों से नाम वापस ले लिया। लोंचार ने [[मिस यूनीवर्स 2011|अगले वर्ष]] प्रतियोगिता में भाग लिया।<ref>{{Cite web |last=Jovanović |first=Filip |date=31 May 2011 |title=Nikolina Lončar iz Pljevalja predstavlja Crnu Goru na izboru za Mis univerzuma |url=http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111004235532/http://www.vijesti.me/zivot/nikolina-loncar-pljevalja-predstavlja-crnu-goru-izboru-mis-univerzuma-clanak-22270 |archive-date=4 October 2011 |access-date=26 June 2022 |website=[[Vijesti]]}}</ref>
ओडिल गर्ट्ज़े, मिस नामीबिया 2010, ने इसलिए नाम वापस लिया क्योंकि उन्हें मिस यूनिवर्स 2010 की आधिकारिक शुरुआत से केवल एक सप्ताह पहले ताज पहनाया गया था।
फाम थी थान हैंग ने तैयारी की कमी के कारण नाम वापस ले लिया।<ref>{{Cite web |last= |date=7 February 2021 |title=5 mỹ nhân khước từ cơ hội thi Miss Universe: Thanh Hằng gây tiếc nuối, Diễm Trang sợ thiếu thời gian |url=https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |access-date=23 June 2022 |website=Saostar.vn |language=vi |archive-date=11 May 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210511141331/https://saostar.vn/giai-tri/5-nguoi-dep-viet-nhat-dinh-tu-choi-thi-miss-universe-20210119163600394.html |url-status=live }}</ref>
बुल्गारिया, केमैन आइलैंड्स, एस्टोनिया, इथियोपिया और आइसलैंड ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{cite news |last=Levy |first=Jewel |date=7 September 2009 |title=Miss Cayman pageant cancelled |work=Caymanian Compass |url=http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110728062540/http://www.caycompass.com/cgi-bin/CFPnews.cgi?ID=10385279 |archive-date=28 July 2011}}</ref>
==परिणाम==
[[Image:Miss Universe 2010 Map.png|thumb|250x250px|मिस यूनिवर्स 2010 में भाग लेने वाले देश और क्षेत्र।|alt=]]
===प्लेसमेंट===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! प्लेसमेंट !! प्रतियोगी
|-
| मिस यूनिवर्स 2010
|
* {{flagu|मेक्सिको}} – [[ज़िमेना नवारेटे]]<ref name=":9">{{Cite web |last=Santiago |first=Erwin |date=24 August 2010 |title=Maria Venus Raj is fourth runner-up in Miss Universe 2010; Mexico takes the crown |url=https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |access-date=9 October 2023 |website=PEP.ph |language=en |archive-date=15 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231015072235/https://www.pep.ph/lifestyle/23013/maria-venus-raj-is-fourth-runner-up-in-miss-universe-2010-mexico-takes-the-crown |url-status=live }}</ref>
|-
| प्रथम उपविजेता
|
* {{flagu|जमैका}} – येंडी फिलिप्स<ref name=":9" />
|-
| द्वितीय उपविजेता
|
* {{flagu|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिन्टा कैंपबेल<ref name=":9" />
|-
| तीसरा उपविजेता
|
* {{flagu|यूक्रेन}} – अन्ना पोस्लावस्का<ref name=":9" />
|-
| चौथा उपविजेता
|
* {{flagu|फिलिपींस}} – वीनस राज<ref name=":9" />
|-
| शीर्ष 10<ref name=":9" />
|
* {{flagu|अल्बानिया}} – एंजेला मार्टिनी
* {{flagu|ग्वाटेमाला}} – जेसिका शील
* {{flagu|आयरलैंड}} – रोजाना पर्सेल
* [[पोर्टो रीको]] – मारियाना विसेंट
* {{flagu|दक्षिण अफ्रीका}} – निकोल फ्लिंट
|-
| शीर्ष 15<ref name=":9" />
|
* {{flagu|बेल्जियम}} – सिलौ एनीस
* {{flagu|कोलंबिया}} – नतालिया नवारो
* {{flagu|चेक रिपब्लिक}} – जित्का बोहो
* {{flagu|फ्रांस}} – मलिका मेनार्ड
* {{flagu|रूस}} – इरिना एंटोनेंको
|}
==== अंतिम स्कोर ====
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
!देश/क्षेत्र
!स्विमसूट
!शाम का गाउन
|-
| style="background-color:#FADADD;" |'''{{flag|मेक्सिको}}<ref name=":9" />'''
| style="background-color:#FADADD;" |9.265 (2)
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|-
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|-
| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|दक्षिण अफ्रीका}}<ref name=":9" />
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| style="background-color:#ffdf9b;" |{{flag|ग्वाटेमाला}}<ref name=":9" />
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| style="background-color:#ffdf9b;" |[[पोर्टो रीको]]<ref name=":9" />
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|-
|{{flag|रूस}}<ref name=":9" />
|7.843 (11)
| rowspan="6" |
|-
|{{flag|कोलंबिया}}<ref name=":9" />
|7.643 (12)
|-
|{{flag|फ्रांस}}<ref name=":9" />
|7.586 (13)
|-
|{{flag|बेल्जियम}}<ref name=":9" />
|7.571 (14)
|-
|{{flag|चेक रिपब्लिक}}<ref name=":9" />
|7.429 (15)
|}
===विशेष पुरस्कार ===
{| class="wikitable sortable" style="font-size:95%;"
|-
! पुरस्कार
! प्रतियोगी
|-
| मिस कोंगेनीयलिटी
|
* {{flag|ऑस्ट्रेलिया}} – जेसिंटा कैंपबेल<ref name=":8">{{Cite web |last= |date=23 August 2010 |title=22-year-old Mexico woman crowned Miss Universe |url=http://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |access-date=23 June 2022 |website=[[Nevada Appeal]] |archive-date=8 January 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230108055241/https://www.nevadaappeal.com/news/2010/aug/23/22-year-old-mexico-woman-crowned-miss-universe/ |url-status=live }}</ref>
|-
| मिस फोटोजेनिक
| rowspan="2" |
* {{flag|थाईलैंड}} – फोंथिप वाचरात्राकुल<ref name=":8" />
|-
| सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पोशाक
|}
==प्रतियोगिता==
===प्रारूप===
[[मिस यूनीवर्स 2007|2007]] की तरह ही, पंद्रह सेमीफाइनलिस्ट प्रारंभिक प्रतियोगिता के माध्यम से चुने गए— जिसमें स्विमसूट और ईवनिंग गाउन प्रतियोगिताएँ तथा बंद कमरे में साक्षात्कार शामिल थे।
पंद्रह सेमीफाइनलिस्टों ने स्विमसूट प्रतियोगिता में भाग लिया और इसके बाद उनकी संख्या घटाकर दस कर दी गई।
दस सेमीफाइनलिस्टों ने ईवनिंग गाउन प्रतियोगिता में भाग लिया और इसके बाद उनकी संख्या घटाकर पाँच कर दी गई।
पाँच फाइनलिस्टों ने प्रश्न-उत्तर चरण और अंतिम प्रस्तुति (फाइनल लुक) में भाग लिया।<ref>{{Cite web |date=23 August 2010 |title=Miss Mexico crowned Miss Universe 2010 |url=https://www.newsday.com/entertainment/celebrities/miss-mexico-jimena-navarrete-wins-miss-universe-2010-w62668 |access-date=26 June 2022 |website=[[Newsday]] |language=en |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626130424/https://www.newsday.com/entertainment/celebrities/miss-mexico-jimena-navarrete-wins-miss-universe-2010-w62668 |url-status=live }}</ref>
=== चयन समिति ===
==== प्रारंभिक प्रतियोगिता ====
* बासिम शमी – फारूक सिस्टम्स के अध्यक्ष<ref name=":5" />
* बीजे कोलमैन – प्रचारक, पत्रकार और टेलीविजन व्यक्तित्व<ref name=":5" />
* कार्लोस ब्रेमर - वैल्यू ग्रुपो फाइनेंसिएरो के सीईओ और जनरल डायरेक्टर<ref name=":5" />
* कोरिन निकोलस - ट्रम्प मॉडल मैनेजमेंट की अध्यक्ष<ref name=":5" />
* लुई बर्गडॉर्फ - एमएसएनबीसी के जो स्कारबोरो और मीका ब्रेज़िंस्की के लिए टैलेंट प्रोड्यूसर<ref name=":5" />
* नताली रोटमैन - टेलीविजन होस्ट और फैशन विशेषज्ञ<ref name=":5" />
* सैडॉक्स किम - टेलीविजन निर्माता<ref name=":5" />
==== अंतिम प्रसारण ====
*निकी टेलर – मॉडल<ref name=":6">{{Cite web |date=18 August 2010 |title=Baldwin, Phillips to judge Miss Universe |url=https://www.upi.com/Entertainment_News/Movies/2010/08/18/Baldwin-Phillips-to-judge-Miss-Universe/90841282150742/ |access-date=26 June 2022 |website=[[United Press International]] |language=en |archive-date=2 July 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220702084550/https://www.upi.com/Entertainment_News/Movies/2010/08/18/Baldwin-Phillips-to-judge-Miss-Universe/90841282150742/ |url-status=live }}</ref>
*विलियम बाल्डविन – अभिनेता, निर्माता और लेखक<ref name=":6" /><ref name=":7">{{Cite web |last=McKay |first=Mary-Jayne |date=20 August 2010 |title=Miss Universe 2010: Costume Controversies Amid Final Preparations for Pageant |url=https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2010-costume-controversies-amid-final-preparations-for-pageant/ |access-date=26 June 2022 |website=[[CBS News]] |language=en-US |archive-date=26 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220626130424/https://www.cbsnews.com/news/miss-universe-2010-costume-controversies-amid-final-preparations-for-pageant/ |url-status=live }}</ref>
*चिनना फिलिप्स - गायिका और अभिनेत्री<ref name=":6" /><ref name=":7" />
*इवान लिसासेक - ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता फिगर स्केटर और ''डांसिंग विद द स्टार्स'' के फाइनलिस्ट<ref name=":6" /><ref name=":7" />
*टैमरोन हॉल – [[एमएसएनबीसी]] की एंकर<ref name=":6" /><ref name=":7" />
*चैज़ पाल्मिंटेरी – अभिनेता और लेखक<ref name=":6" /><ref name=":7" />
*जेन सीमोर - अभिनेत्री और ''डांसिंग विद द स्टार्स'' की प्रतिभागी<ref name=":6" /><ref name=":7" />
*क्रिस एंजेल – जादूगर और संगीतकार<ref name=":6" /><ref name=":7" />
*शीला ई. – संगीतकार<ref name=":6" /><ref name=":7" />
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी|मिस यूनिवर्स}}
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}}
{{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी:मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी:सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी:वर्षानुसार मिस यूनिवर्स]]
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उमर ली
0
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2026-04-22T13:23:50Z
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Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5
6543135
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति}}
'''उमर ली:''' (जन्म: '''ब्रेट डैरेन ली'''; 18 सितंबर 1974) अमेरिकी लेखक, मीडिया व्यक्तित्व और राजनीतिक [[सक्रियतावाद|कार्यकर्ता]] हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.thenation.com/authors/umar-lee/|title=Umar Lee - The Nation|date=12 March 2016|publisher=}}</ref>
श्वेत प्रोटेस्टेंट पृष्ठभूमि से आने वाले ली ने 1990 के दशक में [[सुन्नी इस्लाम]] अपना लिया था।ली के ब्लॉग ने ब्रास क्रिसेंट अवार्ड्स में "सर्वश्रेष्ठ श्रृंखला" का पुरस्कार जीता। <ref>{{Cite web|url=http://theamericanmuslim.org/tam.php/features/articles/fourth_annual_brass_crescent_award_winners_announced|title=The Thirteenth Annual Brass Crescent Awards|publisher=|access-date=14 मई 2025|archive-date=17 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160317063640/http://theamericanmuslim.org/tam.php/features/articles/fourth_annual_brass_crescent_award_winners_announced/|url-status=dead}}</ref> 2017 में ली ने जॉर्जटाउन इस्लामिक स्टडीज के प्रोफेसर [[जोनाथन ए. सी. ब्राउन|जोनाथन ब्राउन की]] आलोचना की थी जब उन्होंने गुलामी पर उनके व्याख्यान में भाग लिया था। <ref>{{Cite web|url=http://www.nationalreview.com/corner/444936/jonathan-brown-slavery-lecture-islamic-sharia-protects-slaves|title=Professor Uses Lecture to Defend Islamic Slavery|date=15 February 2017|website=[[National Review]]|publisher=}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
[[इस्लाम में धर्मान्तरित लोगों की सूची जो इस्लामी विद्वान हैं|'''इस्लाम''' में धर्मान्तरित लोगों की सूची जो '''इस्लामी''' '''विद्वान''' '''हैं''']]
[[गुलामी पर इस्लाम के विचार]]
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1974 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:इस्लाम में परिवर्तित लोगों की सूची]]
[[श्रेणी:अमेरिका के मुसलमान]]
ef68ubn1kasxdn4ihqxrgjkaduxonym
इतिहास (ग्रन्थ)
0
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अनुनाद सिंह
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text/x-wiki
[[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] में, [[महाभारत]] और [[रामायण]] को '''इतिहास''' कहा जाता है। 'इतिहास' का शाब्दिक अर्थ है 'ऐसा ही हुआ था' ([[संस्कृत]]: ''इति ह आस'')।{{sfnp|Klostermaier|2007}} {{sfnp|Flood|1996}} {{sfnp|Debroy|2014}} [[भारतीय संस्कृति]] में इतिहास का अत्यन्त महत्व है तथा प्राचीन एवं मध्यकाल के कवियों ने अपनी कविता और नाटक के कथानक इतिहास से ही लिये हैं।{{sfnp|Pargiter|1922}} ''इतिहास-पुराण'' से व्युत्पन्न [[पौराणिक कालक्रम|कालक्रम]] पारंपरिक भारतीय विचार में संदर्भ का एक प्रभावशाली ढांचा है।
==फिल्म उल्लेख==
[[महावतार नरसिंह]] फिल्म के निर्माताओं ने कथानक को आकार देने हेतु विभिन्न ऐतिहासिक और शास्त्रीय सन्दर्भों को सम्मिलित किया है—विशेषतः [[प्रह्लादपुरी मंदिर]] के खंडहर, [[हम्पी]] में स्थित पुनःस्थापित जली हुई धर्मस्थली, और [[अहोलिबं|अहोबिला नव नरसिंह स्वामी मंदिरों]]<ref>https://www.youtube.com/shorts/Q83ZSgrPktM</ref> जैसे पुरातात्विक स्थलों के अतिरिक्त [[विष्णु पुराण]], [[नरसिंह पुराण]], [[वराह पुराण]] तथा [[श्रीमद्भागवत पुराण]] जैसे पवित्र ग्रंथों से प्रेरणा ली गई है।
फिल्म की सफलता और दर्शकों से इसका गहरा जुड़ाव लेखक की पवित्र ग्रंथों के प्रति उसकी अटूट निष्ठा का प्रतिफल है।
==इन्हें भी देखें==
* [[श्रुति]]
* [[स्मृति]]
* [[संहिता]]
* [[ब्राह्मण-ग्रन्थ|ब्राह्मण]]
* [[आरण्यक]]
* [[उपनिषद]]
* [[पुराण]]
* [[आगम]]
* [[आख्यान]]
* [[गाथा]]
* [[महाकाव्य]]
* [[इतिहास]] (history)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==ग्रन्थ सूची==
* {{Cite book |last=Klostermaier |first=Klaus K. |date=2007 |title=A Survey of Hinduism |edition=3rd |publisher=State University of New York Press |isbn=978-0-7914-7082-4 |url=https://archive.org/details/surveyofhinduism0003klos}}
* {{Cite book |last=Flood |first=Gavin D. |date=1996 |title=An Introduction to Hinduism |publisher=Cambridge University Press |isbn=978-0-521-43878-0 |url=https://archive.org/details/introductiontohi0000floo_n5j0}}
* {{Cite book |last=Debroy |first=Bibek |date=2014 |title=The Mahabharata (10 Volumes) |publisher=Penguin Books India |isbn=978-0143424789 |url=https://archive.org/details/the-mahabharata-set-of-10-volumes}}
* {{Cite book |last=Pargiter |first=F. E. (Frederick Eden) |date=1922 |title=Ancient Indian Historical Tradition |publisher=Oxford University Press, H. Milford |url=http://archive.org/details/cu31924024065504 |others=Cornell University Library}}
[[श्रेणी:भारतीय काव्य]]
[[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]]
[[श्रेणी:भारतीय काव्यशास्त्र]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
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अनुनाद सिंह
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text/x-wiki
[[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] में, [[महाभारत]] और [[रामायण]] को '''इतिहास''' कहा जाता है। 'इतिहास' का शाब्दिक अर्थ है 'ऐसा ही हुआ था' ([[संस्कृत]]: ''इति ह आस'')।{{sfnp|Klostermaier|2007}} {{sfnp|Flood|1996}} {{sfnp|Debroy|2014}} [[भारतीय संस्कृति]] में इतिहास का अत्यन्त महत्व है तथा प्राचीन एवं मध्यकाल के कवियों ने अपनी [[काव्य]] और [[नाटक]] के कथानक इतिहास से ही लिये हैं।{{sfnp|Pargiter|1922}} ''इतिहास-पुराण'' से व्युत्पन्न [[पौराणिक कालक्रम|कालक्रम]] पारंपरिक भारतीय विचार में संदर्भ का एक प्रभावशाली ढांचा है।
==इन्हें भी देखें==
* [[श्रुति]]
* [[स्मृति]]
* [[संहिता]]
* [[ब्राह्मण-ग्रन्थ|ब्राह्मण]]
* [[आरण्यक]]
* [[उपनिषद]]
* [[पुराण]]
* [[आगम]]
* [[आख्यान]]
* [[गाथा]]
* [[महाकाव्य]]
* [[इतिहास]] (history)
* [[इतिहास (फिल्म)]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==ग्रन्थ सूची==
* {{Cite book |last=Klostermaier |first=Klaus K. |date=2007 |title=A Survey of Hinduism |edition=3rd |publisher=State University of New York Press |isbn=978-0-7914-7082-4 |url=https://archive.org/details/surveyofhinduism0003klos}}
* {{Cite book |last=Flood |first=Gavin D. |date=1996 |title=An Introduction to Hinduism |publisher=Cambridge University Press |isbn=978-0-521-43878-0 |url=https://archive.org/details/introductiontohi0000floo_n5j0}}
* {{Cite book |last=Debroy |first=Bibek |date=2014 |title=The Mahabharata (10 Volumes) |publisher=Penguin Books India |isbn=978-0143424789 |url=https://archive.org/details/the-mahabharata-set-of-10-volumes}}
* {{Cite book |last=Pargiter |first=F. E. (Frederick Eden) |date=1922 |title=Ancient Indian Historical Tradition |publisher=Oxford University Press, H. Milford |url=http://archive.org/details/cu31924024065504 |others=Cornell University Library}}
[[श्रेणी:भारतीय काव्य]]
[[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]]
[[श्रेणी:भारतीय काव्यशास्त्र]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
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सदस्य वार्ता:Raziul Haque Romy
3
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6543167
6417344
2026-04-22T17:14:00Z
Raziul Haque Romy
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Author and philosopher
6543167
wikitext
text/x-wiki
Author and philosopher
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रामायणम् (2026 फिल्म)
0
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2026-04-22T13:31:55Z
~2026-24636-34
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक फ़िल्म
| name = रामायणम्<br>{{small|Ramayana}}
| image = Ramayana (2026 film).jpeg
| caption = आधिकारिक टीज़र पोस्टर
| director = [[नितेश तिवारी]]
| writer = [[:en:Shridhar Raghavan & Kumar Vishwas|श्रीधर राघवन तथा कुमार विश्वास]]<!--यहाँ 'लेखक' शब्द का तात्पर्य फ़िल्म के कहानी-लेखक से है, न कि उस मूल स्रोत सामग्री के वास्तविक लेखक से जिस पर फ़िल्म की कहानी आधारित है।-->
| based_on = {{Based on|[[रामायण]]|ऋषि [[वाल्मीकि]]}}
| producer = {{plainlist|
* [[नमित मल्होत्रा]] <!--यहां केवल निर्माताओं के नाम होने चाहिए, सह-निर्माताओं के नाम नहीं।-->
}}
| starring = {{plainlist|<!-- आधिकारिक टीज़र पोस्टर पर उल्लिखित क्रेडिट क्रम के अनुसार व्यवस्थित -->
* [[रणबीर कपूर]]
* [[रवि दुबे]]
* [[साई पल्लवी]]
* [[सनी देओल]]
* [[यश]]
* [[अरुण गोविल]]
}}
| narrator = [[अमिताभ बच्चन]]{{उद्धरण आवश्यक}}
| cinematography = {{plainlist|
* पंकज कुमार
* महेश लिमये
}}
| editing =
| music = '''पृष्ठभूमि''':<br />{{ill|हाँस ज़िमर|en|Hans Zimmer}}<br />'''गीत''':<br />[[ए. आर. रहमान]]
| studio = {{plainlist|
* प्राइम फोकस स्टूडियोज़
* मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स
* [[डीएनईजी]]
}}
| distributor =
| released = {{film date|2026|11|6|df=y}}
| country = भारत (India)
| language = [[हिंदी]]<br />[[:en:English language|अंग्रेज़ी]]
| budget = ₹2600 -₹4000{{small|करोड़}} (US$280-$420 {{small|मिलियन}}) दोनो फिल्म <ref>{{cite web |title=रणबीर कपूर–यश की 'रामायण' बनी भारत की सबसे महंगी फ़िल्म – बजट ₹1600 करोड़ |publisher=News18 |date=15 जुलाई 2025 |url=https://www.news18.com/movies/bollywood/ranbir-kapoor-yashs-ramayana-becomes-indias-costliest-film-at-rs-4000-crore-ws-l-9440783.html |access-date=15 जुलाई 2025}}</ref>
}}'''''रामायण''''' एक आगामी भारतीय महाकाव्य फिल्म है, जिसके निर्माता नमित मलहोत्रा हैं और जिसका निर्देशन [[नितेश तिवारी]] ने किया है और जिसका पटकथा लेखन [[:en:Shridhar Raghavan|श्रीधर राघवन]] ने किया है। यह फिल्म [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] के सबसे महत्वपूर्ण महाकाव्यों में से एक [[प्राचीन भारत|प्राचीन भारतीय]] [[हिन्दू धर्मग्रन्थ|ग्रंथ]] ''[[रामायण]]'' पर आधारित है। यह फिल्म एक नियोजित दो-भागीय श्रृंखला की पहली किस्त है।<ref>{{Cite web|url=https://www.forbes.com/sites/sindhyavalloppillil/2025/06/17/ai-content-creation-is-the-foundation-of-dneg-ceo-namit-malhotras-disruption/|title=How Namit Malhotra Is Building the Future of AI Content Creation|last=वल्लोप्पिलिल|first=सिंध्या|website=फोर्ब्स|language=en|access-date=2025-06-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://variety.com/2024/film/news/yash-kgf-ramayana-prime-focus-nitesh-tiwari-dangal-1235967679/|title='K.G.F.' Star Yash's Monster Mind, Namit Malhotra's Prime Focus Team on 'Dangal' Filmmaker Nitesh Tiwari's Epic 'Ramayana' (EXCLUSIVE)|last=नमन रामचन्द्रन|date=2024-04-11|website=वैराइटी|access-date=2024-11-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.awn.com/news/prime-focus-studios-announces-ramayana-co-production|title=Prime Focus Studios Announces 'Ramayana' Co-Production|date=30 अप्रैल 2024|website=एनिमेशन वर्ल्ड नेटवर्क|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref>
इसमें <!-- आधिकारिक टीज़र पोस्टर पर उल्लिखित क्रेडिट क्रम के अनुसार व्यवस्थित -->[[रणबीर कपूर]] (राम {{small|के रूप में}}), [[रवि दुबे]] (लक्ष्मण {{small|के रूप में}}), [[साई पल्लवी]] (सीता {{small|के रूप में}}), [[सनी देओल]] (हनुमान {{small|के रूप में}}) और [[यश (अभिनेता)|यश]] (रावण {{small|के रूप में}}) मुख्य भूमिकाएँ निभा रहे हैं। अन्य कलाकारों में [[अमिताभ बच्चन]], [[अरुण गोविल]], [[लारा दत्ता]], [[विवेक ओबेरॉय]], [[काजल अग्रवाल]], [[रकुल प्रीत सिंह]], [[कुणाल कपूर]], [[शीबा चड्ढा]], [[:en:Indira Krishnan|इंदिरा कृष्णन]] और [[शोभना]] शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/ranbir-kapoor-sai-pallavi-ramayana-officially-announced-release-in-2-parts-2628896-2024-11-06|title=Ranbir, Sai Pallavi and Yash's Ramayana officially announced, to release in 2 parts|date=2024-11-06|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ranbir-kapoors-ramayana-to-be-backed-by-namit-malhotra/articleshow/108459580.cms|title=Ranbir Kapoor's Ramayana rights acquired by Namit Malhotra|date=2024-03-13|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2025-02-18|issn=0971-8257}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hollyreview.com/2026/02/ramayana-part-1-2026.html|title=Ramayana: Part 1 (2026)|date=2026-02-05|website=Holly Review|language=en|access-date=2026-02-07}}</ref>
यह फिल्म ₹2600-4000 करोड़ के अब तक के सबसे बड़े भारतीय फिल्म बजट पर बनी है। इसका निर्माण [[नमित मल्होत्रा]] के प्राइम फोकस स्टूडियो, यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स और [[चार्ल्स रोवन|चार्ल्स रोवन]] के अमेरिकी स्टूडियो [[एटलस एंटरटेनमेंट]] ने किया है, लेकिन इसकी पूरी शूटिंग और संपादन भारत में हुआ है। इसके विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) का काम ब्रिटिश-भारतीय स्टूडियो [[डीएनईजी]] ने संभाला है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-sai-pallavi-ramayana-most-expensive-indian-film-rs-835-crore-budget-report-9327597/|title=Ranbir Kapoor, Sai Pallavi's Ramayana to be the most expensive Indian film with Rs 835 crore budget: report|date=2024-05-14|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.gqindia.com/content/ramayana-part-1-this-veteran-actor-with-a-net-worth-of-rs-1600-crore-is-likely-to-join-ranbir-kapoor-and-sam-pallavis-historical-drama-thats-been-made-on-a-staggering-budget-of-rs-835-crore|title=Ramayana Part 1: This veteran actor, with a net worth of Rs 1,600 Crore, is likely to join Ranbir Kapoor and Sai Pallavi's historical drama that's been made on a staggering budget of Rs 835 Crore|last=Shetty|first=Karishma|date=2024-11-06|website=GQ India|language=en-IN|access-date=2025-03-14}}</ref> यह फिल्म 6 नवंबर 2026 में [[दीपावली]] के अवसर पर भारत में रिलीज़ होने वाली है।<ref name="SIA">{{Cite web|url=https://www.siasat.com/oscar-winner-hans-zimmer-joins-for-ramayana-with-a-r-rahman-3004241/|title=Oscar winner Hans Zimmer joins for Ramayana with A.R. Rahman|last=Mouli|first=Chandra|date=2024-04-05|website=द सियासत डैली|language=en|access-date=2025-03-18}}</ref>
फिल्म का संगीत [[:en:List_of_awards_and_nominations_received_by_Hans_Zimmer|विश्व-प्रसिद्ध]] [[:en:Germans|जर्मन]] संगीतकार, [[:en:Hans Zimmer|हाँस ज़िमर]] ({{small|जो अपनी पहली भारतीय परियोजना में काम कर रहे हैं}}), और [[ए. आर. रहमान]] ने मिलकर तैयार किया है।
== कलाकार ==
<!-- मुख्य कलाकार - आधिकारिक टीज़र पोस्टर पर उल्लिखित क्रेडिट क्रम के अनुसार व्यवस्थित -->
{| class="wikitable"
! कलाकार !! भूमिका !! सन्दर्भ
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| [[रणबीर कपूर]] || [[राम]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/ranbir-kapoor-is-best-choice-for-lord-ram-mukesh-chhabra-breaks-silence-on-casting-for-nitesh-tiwari-ramayana-2585545-2024-08-21|title=Ranbir Kapoor is best choice for Lord Ram: Mukesh Chhabra on Nitesh Tiwari's 'Ramayana'|date=21 अगस्त 2024|website=इंडिया टुडे|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/htcity/cinema/ramayana-ranbir-kapoor-to-portray-two-avatars-of-lord-vishnu-amitabh-bachchan-roped-in-for-this-role-101725884855689.html|title=Ramayana: Ranbir Kapoor to portray two avatars of Lord Vishnu; Amitabh Bachchan roped in for THIS role|last=महिमा पाण्डेय|date=9 सितम्बर 2024|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=28 नवम्बर 2024}}</ref>
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| [[रवि दुबे]] || [[लक्ष्मण]] || <ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-is-the-only-commercially-viable-artist-of-this-generation-ravi-dubey-confirms-hes-playing-lakshman-in-nitesh-tiwaris-ramayana-9707324/|title='Ranbir Kapoor is the only commercially viable artiste of this generation': Ravi Dubey confirms he's playing Lakshman in Nitesh Tiwari's Ramayana|date=2024-12-05|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref>
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| [[साई पल्लवी]] || [[सीता]] || <ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ramayana-ranbir-kapoor-yash-sai-pallavi-films-release-date-out-makers-of-nitesh-tiwaris-epic-confirm-two-parts-9655800/|title=Ramayana: Ranbir Kapoor-Yash-Sai Pallavi film's release date out, makers of Nitesh Tiwari's epic confirm two parts|date=2024-11-06|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.gqindia.com/content/heres-how-many-crores-south-superstar-yash-will-earn-for-his-role-as-ravana-in-the-ramayana-starring-ranbir-kapoor-and-sai-pallavi-thats-made-on-a-massive-rs-800-crore-budget|title=Here's how many Crores South superstar Yash will earn for his role as Ravana in Ramayana, starring Ranbir Kapoor and Sai Pallavi, that's made on a massive Rs 800 Crore budget|last=Sonavane|first=Gaurav|date=2024-10-23|website=GQ India|language=en-IN|access-date=2025-03-14}}</ref>
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| [[सनी देओल]] || [[हनुमान]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/sunny-deol-confirmed-as-hanuman-in-ranbir-kapoor-starrer-ramayana-details-about-role-revealed-8756715.html|title=Sunny Deol CONFIRMED As Hanuman In Ranbir Kapoor Starrer Ramayana; Details About Role Revealed|date=27 जनवरी 2024|website=न्यूज़18|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/sunny-deol-hanuman-standalone-film-in-nitesh-tiwari-ramayan-trilogy-2613915-2024-10-09|title=Sunny Deol's Hanuman to get standalone film in Ramayan trilogy - Exclusive|date=2024-10-09|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2024-10-09}}</ref>
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| [[यश (अभिनेता)|यश]] || [[रावण|रावण]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/yash-confirms-he-is-playing-ravan-in-ranbir-kapoor-starrer-ramayana-toxic-set-to-get-new-release-date/article68785635.ece#:~:text=The%20magnum%20opus%20is%20directed%20by%20Nitesh%20Tiwari&text=Kannada%20superstar%20Yash%20has%20confirmed,and%20Sai%20Pallavi%20as%20Sita.|title=Yash confirms he is playing Ravan in Ranbir Kapoor starrer 'Ramayana'; 'Toxic' set to get new release date|date=23 अक्टूबर 2024|website=द हिन्दू|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref>
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| [[अमिताभ बच्चन]] || [[जटायु]] || {{उद्धरण आवश्यक}}
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| [[लारा दत्ता]] || [[कैकेयी]] || <ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.zoomtventertainment.com/bollywood/arun-govil-as-dashrath-lara-dutta-as-kaikeyi-and-more-spotted-on-ranbir-kapoors-ramayana-sets-exclusive-pics-article-109041503|title=Arun Govil As Dashrath, Lara Dutta As Kaikeyi And More SPOTTED On Ranbir Kapoor's Ramayana Sets - Exclusive PICS|website=Zoom TV|language=en|access-date=2024-11-27}}</ref>
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| [[अरुण गोविल]] || [[दशरथ]] || <ref name=":1" />
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| [[:en:Indira Krishnan|इंदिरा कृष्णन]] || [[कौशल्या]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/indira-krishnan-showers-praise-on-ramayan-co-star-ranbir-kapoor-i-cant-see-another-actor-playing-ram/articleshow/114736761.cms|title=Indira Krishnan showers praise on 'Ramayan' co-star Ranbir Kapoor: 'I can't see another actor playing Ram'|date=अक्टूबर 29, 2024|website=टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=नवम्बर 26, 2024}}</ref>
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| [[कुणाल कपूर]] || [[इन्द्र|इंद्र]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/kunal-kapoor-to-play-indra-dev-in-nitesh-tiwaris-ramayana/articleshow/112230254.cms|title=Kunal Kapoor to play Indra Dev in Nitesh Tiwari's 'Ramayana'|date=अगस्त 2, 2024|website=टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=नवम्बर 27, 2024}}</ref>
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| [[काजल अग्रवाल]] || [[:en:Mandodari|मंदोदरी]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/kajal-aggarwal-cast-as-mandodari-in-yashs-upcoming-ramayana-adaptation/articleshow/121192838.cms|title=Yash's Ravana finds his Mandodari in Kajal Aggarwal|date=2025-05-16|website=टाइम्स ऑफ़ इंडिया|language=en}}</ref>
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| [[रकुल प्रीत सिंह]] || [[शूर्पणखा|शूर्पनखा]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.pinkvilla.com/entertainment/exclusives/exclusive-rakul-preet-singh-in-talks-to-come-on-board-nitesh-tiwaris-ramayana-to-play-shurpanakha-1277611|title=EXCLUSIVE: Rakul Preet Singh in talks to come on board Nitesh Tiwari's Ramayana; To play Shurpanakha|date=2024-02-10|website=पिंकविला|language=en|access-date=2024-11-27}}</ref>
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| [[विवेक ओबेरॉय]] || [[शूर्पणखा#विद्युतजिह्वा से विवाह|विद्युत्जिवा]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/bollywood/vivek-oberoi-joins-nitesh-tiwaris-ramayana-take-a-look-at-full-cast-ws-l-9373870.html|title=Vivek Oberoi Joins Nitesh Tiwari’s Ramayana: Take A Look At Full Cast|website=न्यूज़18|access-date=7 जून 2025}}</ref>
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| [[:en:Adinath Kothare|आदिनाथ कोठारे]] || [[भरत (रामायण)|भरत]] || <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/etimes-exclusive-this-actor-comes-on-board-for-nitesh-tiwari-ranbir-kapoors-ramayana-to-play-rams-beloved-brother-bharat/articleshow/108842263.cms|title=ETimes Exclusive! THIS actor comes on board for Nitesh Tiwari-Ranbir Kapoor's Ramayana; to play Ram's beloved brother Bharat|date=2024-03-28|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2024-11-27|issn=0971-8257}}</ref>
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| [[शीबा चड्ढा]] || [[मंथरा]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/sheeba-chadha-to-play-the-role-of-manthara-in-nitesh-tiwaris-ramayana/articleshow/108950314.cms|title=Sheeba Chadha to play the role of Manthara in Nitesh Tiwari's Ramayana|date=2024-04-01|website=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2024-11-25}}</ref>
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| [[शिशिर शर्मा]] || [[वसिष्ठ]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ranbir-kapoors-ramayana-co-star-shishir-sharma-calls-the-film-huge-and-larger-than-life-spills-the-beans-on-his-character-vasishtha/articleshow/111384095.cms|title=Ranbir Kapoor's 'Ramayana' co-star Shishir Sharma calls the film 'huge and larger-than-life'; spills the beans on his character Vasishtha|date=जून 30, 2024|website=टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=नवम्बर 26, 2024}}</ref>
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| [[:en:Ajinkya Deo|अजिंक्या देओ]] || [[विश्वामित्र]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/ranbir-kapoor-smiles-in-new-photo-from-ramayana-sets-poses-with-vishwamitra-check-here-8875502.html|title=Ranbir Kapoor Smiles In New Photo From Ramayana Sets, Poses With 'Vishwamitra' {{!}} Check Here|website=न्यूज़18|language=en|access-date=2024-11-27}}</ref>
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| [[:en:Sonia Balani|सोनिया बलानी]] || [[उर्मिला (रामायण)|उर्मिला]] || <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/the-kerala-story-actress-sonia-balani-will-play-urmilas-character-in-nitesh-tiwaris-ramayana-exclusive/articleshow/110181471.cms|title='The Kerala Story' actress Sonia Balani will play Urmila's character in Nitesh Tiwari's Ramayana- Exclusive!|date=2024-05-16|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2024-11-27|issn=0971-8257}}</ref>
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| [[मोहित रैना]] || [[शिव]] जी || <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/bollywood/mohit-raina-to-return-as-mahadev-lord-shiva-in-ranbir-kapoors-ramayana-ws-l-9361070.html|title=Mohit Raina To Return As 'Mahadev' Lord Shiva In Ranbir Kapoor's Ramayana?|date=2025-05-31|website= बॉलीवुड न्यूज़|language=en|access-date=2025-05-31}}</ref>
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| कियारा सध || बालिका सीता || <ref>{{Cite web|url=https://www.pinkvilla.com/tv/news/ramayana-exclusive-pandya-stores-kiara-sadh-to-essay-young-sita-aka-sai-pallavis-role-in-nitesh-tiwaris-directorial-1298369|title=EXCLUSIVE: THIS Pandya Store child actor to play young Sita in Nitesh Tiwari's Ramayana|date=2024-04-23|website=पिंकविला|language=en|access-date=2024-11-28}}</ref>
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{{Multiple image|image1=Nitesh Tiwari at the ‘Khidkiyaan’ movie festival launch (cropped).jpg|image2=Namit Malhotra.jpg|total_width=300|footer=''रामायण'' नमित मल्होत्रा के साथ [[नितेश तिवारी]] की पहली सहयोगात्मक फिल्म है।}}
== उत्पादन ==
=== उत्पत्ति ===
मई 2017 में, निर्माता अल्लू अरविंद, नमित मल्होत्रा और मधु मंतेना ने हिंदू संस्कृत महाकाव्य रामायण को एक लाइव-एक्शन फीचर फिल्म त्रयी के रूप में ढालने के लिए सहयोग की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पटकथा का विकास लगभग एक साल से चल रहा था। इस परियोजना को हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, मराठी, पंजाबी, उड़िया, सिंहली और अंग्रेजी भाषाओं में एक बहुभाषी प्रस्तुति के रूप में देखा गया, और इसे 3डी में शूट करने की योजना बनाई गई थी।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/ramayana-to-be-made-into-a-movie-of-rs-500-crore-budget/articleshow/58611990.cms|title='Ramayana' to be made into a movie of Rs 500 crore budget|date=2017-05-10|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2025-02-17|issn=0971-8257}}</ref>अल्लू अरविंद ने अपनी महत्वाकांक्षा व्यक्त की कि वह रामायण को "सबसे शानदार तरीके से" बड़े पर्दे पर लाना चाहते हैं, जबकि उन्होंने इस महाकाव्य को त्रयी में ढालने की जिम्मेदारी को भी स्वीकार किया। नमित मल्होत्रा, जिनकी कंपनी प्राइम फोकस ने हॉलीवुड फिल्मों जैसे 'स्टार वार्स', 'ट्रांसफॉर्मर', 'एक्स-मेन: एपोकैलिप्स' और 'द मार्टियन' में विजुअल इफेक्ट्स का योगदान दिया था, उन्होंने इस त्रयी में भारतीय सिनेमा के लिए नए वैश्विक मानक स्थापित करने की क्षमता देखी।फरवरी 2018 में, मधु मंतेना ने बताया कि फिल्म श्रृंखला बनाने की प्रेरणा उन्हें प्रसिद्ध भारतीय कॉमिक बुक लेखक अनंत पई के जीवन और कार्य से मिली, जिन्होंने अमर चित्र कथा कॉमिक्स बनाई थी। उन्होंने कहा कि यह फिल्म श्रृंखला नई पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति को नवीनतम तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स की मदद से "सभी संभावित ऑडियो विजुअल महिमा" में फिर से बताने का उनका सामूहिक प्रयास है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ramayana-500-crore-film-mou-up-govt-5075106/|title=Makers of Rs 500 crore Ramayana film sign MoU with UP government|date=2018-02-23|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/lucknow/up-investors-summit-in-inaugural-session-industry-leaders-pledge-over-rs-88-000-cr-investment/story-LQE3NDTWVnFRyI2PRlmIgK.html|title=MoUs worth Rs 4.28 lakh-crore signed on first day of UP Investors Summit 2018|date=2018-02-21|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20230330010105/https://www.hindustantimes.com/lucknow/up-investors-summit-in-inaugural-session-industry-leaders-pledge-over-rs-88-000-cr-investment/story-LQE3NDTWVnFRyI2PRlmIgK.html|archive-date=30 मार्च 2023|language=en-us|url-status=live}}</ref> पिछली व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त रामायण की रूपांतरण टेलीविजन श्रृंखलाओं, विशेष रूप से रामानंद सागर की 'रामायण' (1987-88) के रूप में थे, लेकिन इस बार निर्माता रामायण को बड़े पर्दे के लिए एक सिनेमाई तमाशे के रूप में लाना चाहते थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/baahubali-2-the-conclusion-ramayana-film-500-crore-976236-2017-05-10|title=Baahubali 2's success makes way for Rs 500-crore Ramayana film|date=2017-05-10|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.thequint.com/entertainment/cinema/500-crore-ramayana-film-in-3-languages#read-more|title=Now Gear up for a Rs 500-Crore 3D 'Ramayana' on the Big Screen|last=Hingorani|first=Karishma|date=2017-05-10|website=द क्विंट|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref>
=== विकास ===
जुलाई 2019 में, नीतेश तिवारी और रवि उद्यावर ने त्रयी के सह-निर्देशन के लिए हाथ मिलाया, जबकि श्रीधर राघवन को पटकथा लिखने के लिए नियुक्त किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.firstpost.com/entertainment/ramayanas-trilingual-live-action-trilogy-to-be-helmed-by-dangal-director-nitesh-tiwari-ravi-udyawar-6953121.html|title=Ramayana's trilingual live-action trilogy to be helmed by Dangal director Nitesh Tiwari, Ravi Udyawar|date=2019-07-08|website=फर्स्टपोस्ट|language=en-us|access-date=2025-02-17}}</ref> नीतेश तिवारी ने 1987-88 की रामायण टेलीविजन श्रृंखला के बाद से विजुअल इफेक्ट्स में हुए महत्वपूर्ण उन्नयन को इस परियोजना को हाथ में लेने का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि "हमारी सबसे पुरानी, या शुरुआती यादें (महाकाव्य की), अभी भी 30 साल पुरानी हैं। हमने वास्तव में रामायण को उस रूप में नहीं देखा है जिस रूप में इसे बताया जाना चाहिए।" तकनीकी संभावनाओं के अलावा, उन्हें टीम में शामिल होने के लिए कहानी ने भी प्रेरित किया, जिसमें उनके अनुसार भारतीय संस्कृति में "शानदार विश्वास" था, और यह तथ्य कि उनके निर्माता इसे "बहुत दिलचस्प तरीके से" निष्पादित करने के लिए पूरी तरह से तैयार थे।
उद्यावर ने भी बताया कि इस परियोजना में शामिल होने का उनका निर्णय अपने बच्चों के प्रति उसी जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित था। उन्होंने याद किया कि जब उन्होंने अपने बेटे को बताया कि वह और उनकी टीम क्या कर रहे हैं, तो उनका बेटा यह सोचकर "पूरा दिन कूदता रहा" कि रावण और कुंभकर्ण कैसे दिखेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा रोमांच तब था जब उनके बेटे ने उनसे कहा कि "हनुमान सुपरमैन से ज्यादा कूल हैं।"
तिवारी ने कहा कि महाकाव्य का आकर्षण उसके पात्रों के समूह में निहित है, विशेष रूप से राम के चरित्र में, "एक आदर्श नेता, पति, पिता और पुत्र"। वहीं, उद्यावर को लगा कि महाकाव्य का जादू उसके आकार बदलने वाले राक्षसों में है, जो उनके विचार में एक छोटे बच्चे को भी पसंद आएगा। तिवारी ने पुष्टि की कि फिल्मों में जो कुछ भी कहा और दिखाया जाएगा, उसमें प्रामाणिकता की मुहर होगी। उन्होंने कहा कि राम और रावण से परे, हर चरित्र—चाहे वह सीता, लक्ष्मण, या हनुमान हो—का कुछ न कुछ सार्थक संदेश है, जिससे रामायण को त्रयी में ढालना आवश्यक हो जाता है।
निर्माण टीम ने फिल्मों के सेटिंग, वेशभूषा, कलाकारों और एक्शन के लिए संदर्भ के रूप में पूरे भारत के कलाकारों से जटिल चित्र बनवाए। इस परियोजना का उद्देश्य हिंदी, कन्नड, तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती और पंजाबी सिनेमा के अभिनेताओं को शामिल करना था, जो एक व्यापक रणनीति का हिस्सा था ताकि अखिल भारतीय और वैश्विक दर्शकों दोनों को आकर्षित किया जा सके।<ref>{{Cite news|url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/entertainment/bollywood/nitesh-tiwari-ravi-udyawar-reviving-ramayana-with-a-live-action-multilingual-trilogy/articleshow/70119460.cms|title=Nitesh Tiwari, Ravi Udyawar reviving Ramayana with a live-action, multilingual trilogy|author=Roshmila Bhattacharya|date=जुलाई 8, 2019|newspaper=Mumbai Mirror|access-date=2025-02-17|language=en}}</ref> फिल्म श्रृंखला को शुरू में 500 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट पर बनाने की बात थी। निर्माण टीम ने 2020 तक फिल्मांकन शुरू करने की योजना बनाई थी, जिसमें पहली किस्त 2021 में रिलीज होने वाली थी। फिल्म निर्माताओं का इरादा कहानी की निरंतरता बनाए रखने के लिए त्रयी के प्रत्येक भाग के बीच अपेक्षाकृत कम अंतर रखने का था।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ramayana-live-action-nitesh-tiwari-ravi-udyawar-to-direct-5820177/|title=Nitesh Tiwari, Ravi Udyawar to helm multilingual live-action version of Ramayana|date=2019-07-08|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/nitesh-tiwari-ravi-udyawar-to-bring-ramayana-to-life-at-a-rs-500-crore-budget/articleshow/70126241.cms?from=mdr|title=Nitesh Tiwari, Ravi Udyawar to bring 'Ramayana' to life at a Rs 500 crore budget|date=2019-07-08|work=द इकोनोमिक टाइम्स|access-date=2025-02-17|issn=0013-0389}}</ref>
=== पूर्व-निर्माण (प्री-प्रोडक्शन) ===
==== लेखन और दृश्य विकास ====
नवंबर 2019 में, तिवारी ने कहा कि राघवन पिछले तीन सालों से पटकथा लिख रहे थे, जिसमें कई विद्वानों और पंडितों का मार्गदर्शन था, जिन्हें शास्त्र का व्यापक ज्ञान था, ताकि महाकाव्य को समकालीन दर्शकों के लिए प्रासंगिक बनाया जा सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/bollywood/i-m-happy-not-following-the-formula-of-making-a-hit-film-nitesh-tiwari/story-X7ojYtj4L7MBKe5PMoMleP.html|title=I'm happy not following the formula of making a hit film: Nitesh Tiwari|date=2019-11-20|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20240725202209/https://www.hindustantimes.com/bollywood/i-m-happy-not-following-the-formula-of-making-a-hit-film-nitesh-tiwari/story-X7ojYtj4L7MBKe5PMoMleP.html|archive-date=25 जुलाई 2024|language=en-us|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2020 में, उन्होंने कहा कि वे कहानी के संवेदनशील पहलुओं की सावधानीपूर्वक पहचान कर रहे थे, जिन्हें अछूता रहना चाहिए, ताकि उनसे जुड़ी संभावित सार्वजनिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, जबकि उन क्षेत्रों का निर्धारण भी किया जा रहा था जहां वे फिल्म के समग्र देखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सीमित सिनेमाई स्वतंत्रता ले सकते थे।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/massive-responsibility-to-do-a-project-like-ramayana-nitesh-tiwari-6066033/|title=Massive responsibility to do a project like Ramayana: Nitesh Tiwari|date=2019-10-12|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref>तिवारी ने समझाया कि वह और उनकी टीम कहानी को इस तरह से प्रस्तुत करना चाहते थे ताकि उनके बच्चों जैसे युवा दर्शकों को, जो "एवेंजर्स के प्रशंसक" हैं, यह रोमांचक लगे, जबकि साथ ही उनकी सास जैसे पुराने दर्शकों का विश्वास भी बनाए रखा जा सके, ताकि उन्हें यह "इतना आकर्षक लगे कि वे कहें कि मैंने रामायण को इस रूप में नहीं देखा है"।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/challenging-to-make-ramayana-appealing-for-all-generations-nitesh-tiwari-6300240/|title=Challenging to make Ramayana appealing for all generations: Nitesh Tiwari|date=2020-03-05|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref> उन्होंने फिल्म को तकनीकी रूप से भारी तैयारी वाली बताया, क्योंकि महाकाव्य के जादुई गुण, जैसे उसमें वर्णित बात करने वाले जानवर या मंत्रमुग्ध वन, उन्हें स्क्रीन पर एक ऐसी दुनिया को खूबसूरती से प्रस्तुत करने का अवसर देते थे,<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/nitesh-tiwari-on-ramayana-making-it-exciting-for-both-children-and-old-people-is-challenging-1652718-2020-03-05|title=Nitesh Tiwari on Ramayana: Making it exciting for both children and old people is challenging|date=2020-03-05|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref> जो उनके विचार में पहले कभी नहीं देखी गई थी।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/amid-the-lockdown-nitesh-tiwari-works-on-ramayanas-script-over-group-calls/articleshow/74919720.cms|title=Amid the lockdown, Nitesh Tiwari works on Ramayana's script over group calls|date=2020-03-31|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2025-02-17|issn=0971-8257}}</ref>
जून 2021 में, मंतेना ने बताया कि वह और उनकी टीम रामायण को एक परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि "एक उद्देश्य, दुनिया को उसकी पूरी महिमा में रामायण बताने का उद्देश्य" के रूप में देख रहे थे। उन्होंने जोर दिया कि वह त्रयी को "दुनिया में किसी भी अन्य चीज़ की तरह अच्छी तरह से" बनाना चाहते थे, और बताया कि उनकी टीम "हर चीज़ के छोटे से छोटे विवरण" पर ध्यान दे रही थी। उन्होंने खुलासा किया कि वे वही प्रक्रिया अपना रहे थे जो जेम्स कैमरून ने अवतार के लिए इस्तेमाल की थी, और दुनिया भर के 200 से अधिक कलाकार दो साल से फिल्म पर काम कर रहे थे, जिनमें कुछ अकादमी पुरस्कार विजेता भी शामिल थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehansindia.com/cinema/bollywood/madhu-mantena-opens-up-on-ramayana-and-says-expect-the-biggest-cast-in-history-of-indian-cinema-693416|title=Madhu Mantena Opens Up On Ramayana And Says, 'Expect The Biggest Cast In History Of Indian Cinema'|last=Hymavati|first=Ravali|date=2021-06-30|website=द हंस इंडिया|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref> जुलाई में, मंतेना ने त्रयी के लिए अपनी दृष्टि पर विस्तार से बताया, इसे वाल्मीकि के दृष्टिकोण से रामायण का एक रेखीय पुनर्कथन बताया, जिसमें महाकाव्य की उप-कहानियां भी शामिल थीं, जबकि "राक्षसों, असुरों, गरुड़ आदि जैसे शानदार प्राणियों से भरी एक गहन और सुंदर दुनिया" का वादा किया। सितंबर 2021 में, मंतेना ने कहा कि वे राजा रवि वर्मा जैसे कलाकारों के कार्यों पर विचार कर रहे थे, जिन्होंने उनके अनुसार महाकाव्य को "अपने सुंदर तरीकों से" व्याख्या किया था। उन्होंने कहा कि वे वाल्मीकि की रामायण और उसके वर्णनों का पालन कर रहे थे ताकि एक सटीक प्रस्तुति सुनिश्चित हो सके।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatvnews.com/entertainment/celebrities/ramayana-trilogy-for-a-global-audience-but-rooted-in-india-says-producer-madhu-mantena-716208|title='Ramayana' trilogy for a global audience but rooted in India, says producer Madhu Mantena|last1=भसीन|first1=श्रिया|last2=|first2=|date=2021-07-02|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-03-15}}</ref>
=== कलाकार चयन ===
{{Multiple image|image1=Ranbir at Besharam launch.jpg|image2=Ravi Dubey.jpg|image3=Sai Pallavi at Mca-pre-release-event.jpg|image4=Sunny Deol at Dev's Anand's autobiography release.jpg|image5=Yash at the ‘KGF’ Press Meet In Chennai (cropped).jpg|total_width=500|direction=horizontal|align=right|footer=[[रणबीर कपूर]], [[रवि दुबे]], [[साई पल्लवी]], [[सनी देओल]] और [[यश (अभिनेता)|यश]], क्रमशः राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण के रूप में}}
जुलाई 2021 में, मधु ने कहा कि वह उस साल दिवाली तक कलाकारों की घोषणा करने वाले थे, जिसमें उन्होंने "भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी कास्ट" का वादा किया, जिसमें प्रदर्शन के मामले में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता शामिल होंगे। उन्होंने राम, हनुमान, रावण, सीता और लक्ष्मण के पात्रों को "जीवन से बड़ा" बताते हुए जोर दिया कि वह देश भर के कलाकारों को कास्ट करेंगे। इस निर्णय का कारण बताते हुए, उन्होंने विस्तार से कहा कि "यह (रामायण) उत्तर और दक्षिण के बारे में नहीं है, यह देश को एकजुट करने के बारे में है। हम इसे भारत के रूप में कर रहे हैं।"<ref>{{Cite web|url=https://www.pinkvilla.com/entertainment/exclusives/exclusive-madhu-mantena-ramayana-nitesh-tiwari-expect-biggest-cast-history-indian-cinema-795001|title=EXCLUSIVE: Madhu Mantena on Ramayana with Nitesh Tiwari: Expect the biggest cast in history of Indian cinema|date=2021-06-30|website=पिंकविला|language=en|access-date=2025-04-27}}</ref>
रणबीर कपूर, रवि दुबे, साई पल्लवी, सनी देओल और यश को क्रमशः राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण के रूप में चुना गया है।
=== चलचित्रण ===
फिल्म की मुख्य फोटोग्राफी अप्रैल 2024 में शुरू हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/ranbir-kapoor-ramayana-shoot-begins-first-video-of-grand-ayodhya-set-goes-viral-8840316.html|title=Ranbir Kapoor's Ramayana Shoot Begins, FIRST Video of Grand Ayodhya Set Goes Viral|date=5 अप्रैल 2024|website=न्यूज़18|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref> 5 अप्रैल को, फिल्म के सेट से तस्वीरें लीक हो गईं, जिसमें अरुण गोविल, लारा दत्ता और शीबा चड्ढा अपनी-अपनी भूमिकाओं में और नीतेश तिवारी फिल्म का निर्देशन करते हुए दिखाई दिए।<ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/ranbir-kapoor-fans-angry-lara-dutta-arun-govil-photos-from-ramayana-sets-leaked-8840620.html|title=Ranbir Kapoor Fans ANGRY As Lara Dutta, Arun Govil's Photos From Ramayana Sets LEAKED|website=न्यूज़18|language=en|access-date=2025-02-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/entertainment/crazy-viral-pics-of-lara-dutta-and-arjun-govil-from-the-sets-of-nitesh-tiwaris-ramayana-5379317|title=Crazy Viral Pics Of Lara Dutta And Arun Govil From The Sets Of Nitesh Tiwari's Ramayana|website=एनडीटीवी|language=en|access-date=2025-02-19}}</ref> इसके बाद, निर्माताओं ने फिल्म के सेट पर एक सख्त नो-फोन पॉलिसी लागू की।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/nitesh-tiwari-no-phone-policy-ramayana-set-ranbir-kapoor-look-ram-2523698-2024-04-05|title=Exclusive: 'Ramayana' director Nitesh Tiwari imposes no-phone policy on set|date=2024-04-05|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-02-19}}</ref> 27 अप्रैल को, फिल्म के सेट से फिर से तस्वीरें लीक हो गईं, इस बार रणबीर कपूर और साई पल्लवी अपनी-अपनी भूमिकाओं में दिखाई दिए, जिससे सोशल मीडिया पर यह अनुमान लगाया जाने लगा कि क्या तस्वीरें खुद निर्माताओं द्वारा प्रचार उत्पन्न करने और वेशभूषा पर सार्वजनिक राय जानने के लिए लीक की जा रही थीं।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/entertainment/crazy-viral-pics-of-ranbir-kapoor-and-sai-pallavi-from-the-sets-of-nitesh-tiwaris-ramayana-5535127|title=Crazy Viral Pics Of Ranbir Kapoor And Sai Pallavi From The Sets Of Nitesh Tiwari's Ramayana|website=एनडीटीवी|language=en|access-date=2025-03-16}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/ramayana-ranbir-kapoor-sai-pallavis-looks-get-leaked-fans-gush-about-regal-appearance/articleshow/109644786.cms?from=mdr&from=mdr|title='Ramayana': Ranbir Kapoor- Sai Pallavi's looks get leaked, fans gush about regal appearance|date=2024-04-27|work=द इकोनोमिक टाइम्स|access-date=2025-03-16|issn=0013-0389}}</ref> मई में, फिल्म का कार्य शीर्षक "गॉड पावर" बताया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/entertainment/ramayana-s-working-title-revealed-ranbir-to-also-shoot-for-love-and-war-124051700626_1.html|title=Ramayana's working title revealed, Ranbir to also shoot for 'Love And War'|last=Singh Rawat|first=Sudeep|website=बिजनेस स्टैण्डर्ड|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20241109080145/https://www.business-standard.com/entertainment/ramayana-s-working-title-revealed-ranbir-to-also-shoot-for-love-and-war-124051700626_1.html|archive-date=9 नवंबर 2024|access-date=2025-03-16|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-ramayana-title-revealed-leaked-pics-avoid-makers-tightens-surveillance-on-set-101715910807771.html|title=Ranbir Kapoor-starrer Ramayana's working title revealed; makers tightens surveillance on set to avoid leaked pics|date=2024-05-17|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20240526194229/https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-ramayana-title-revealed-leaked-pics-avoid-makers-tightens-surveillance-on-set-101715910807771.html|archive-date=26 मई 2024|language=en-us|url-status=live}}</ref> अगस्त में, एक सोशल मीडिया वीडियो वायरल हुआ जिसमें प्रशंसित अमेरिकी आंदोलन कोच टेरी नोटरी थे, जिन्होंने पुष्टि की कि वह फिल्म श्रृंखला में एक्शन निर्देशक के रूप में काम कर रहे थे। फिल्मांकन नवंबर 2024 में पूरा होने की घोषणा की गई थी।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/avatar-avengers-endgame-veteran-terry-notary-working-on-ranbir-kapoors-ramayana-as-action-director-9528803/|title=Avatar, Avengers Endgame veteran Terry Notary working on Ranbir Kapoor's Ramayana as action director|date=2024-08-23|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-03-16}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ramayana-avengers-endgame-stunt-coordinator-terry-notary-confirms-working-on-the-ranbir-kapoor-starrer-watch-video/articleshow/112740067.cms|title='Ramayana': Avengers Endgame stunt coordinator Terry Notary CONFIRMS working on the Ranbir Kapoor starrer - WATCH video|date=2024-08-23|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2025-03-16|issn=0971-8257}}</ref> पार्ट 2 का फिल्मांकन 19 जनवरी 2025 को शुरू हुआ।
मई 2025 में, यह बताया गया कि प्रशंसित हॉलीवुड स्टंट निर्देशक गाय नॉरिस, जिन्होंने पहले 'फ्यूरियोसा: ए मैड मैक्स सागा', 'मैड मैक्स: फ्यूरी रोड' और 'द सुसाइड स्क्वाड' जैसी फिल्मों पर काम किया था, को फिल्म के लिए एक्शन दृश्यों को कोरियोग्राफ करने के लिए जोड़ा गया था और वह यश के साथ मिलकर काम कर रहे थे।<ref>{{Cite web|url=https://variety.com/2025/film/news/yash-mad-max-guy-norris-ramayana-1236411803/|title=Yash Teams With ‘Mad Max’ Stunt Maestro Guy Norris for Epic ‘Ramayana’ Action Sequences (EXCLUSIVE)|last=Ramachandran|first=Naman|date=2025-05-29|website=Variety|language=en-US|access-date=2025-06-19}}</ref> जून 2025 में, यह बताया गया कि अकादमी पुरस्कार विजेता हॉलीवुड निर्माता चार्ल्स रोवेन, जो एटलस एंटरटेनमेंट के संस्थापक भी हैं, मल्होत्रा और यश के साथ फिल्म में निर्माता के रूप में भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.forbes.com/sites/sindhyavalloppillil/2025/06/17/ai-content-creation-is-the-foundation-of-dneg-ceo-namit-malhotras-disruption/|title=How Namit Malhotra Is Building the Future of AI Content Creation|last=Valloppillil|first=Sindhya|website=फोर्ब्स|language=en|access-date=2025-06-19}}</ref>
=== पश्च-निर्माण (पोस्ट-प्रोडक्शन) ===
बताया गया है कि फिल्म 600 दिनों तक पोस्ट-प्रोडक्शन में रहेगी, जिससे यह इतनी व्यापक पोस्ट-प्रोडक्शन समय-सीमा की आवश्यकता वाली कुछ वैश्विक फिल्मों में से एक बन जाएगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/sai-pallavi-ranbirs-ramayana-release-date-budget-more-3073419/|title=Sai Pallavi, Ranbir's Ramayana: Release date, budget & more|last=Mouli|first=Chandra|date=2024-08-04|website=द सियासत डैली|language=en|access-date=2025-03-14}}</ref>
== संगीत ==
फिल्म के [[:en:Film score|पृष्ठभूमि]] [[:en:Soundtrack|साउंडट्रैक]] को [[:en:Hans Zimmer|हाँस ज़िमर]] द्वारा [[:en:Musical composition|संगीतबद्ध]] किया जा रहा है। कई [[:en:Hans Zimmer discography|प्रसिद्ध हॉलीवुड फिल्मों]] का संगीत तैयार करने के बाद, संगीतकार ज़िमर इस फिल्म से भारतीय सिनेमा में मूल स्कोर संगीतकार के रूप में पदार्पण कर रहे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-ramayana-hans-zimmer-india-debut-ar-rahman-report-sai-pallavi-yash-101712296514599.html|title=Ranbir Kapoor-starrer Ramayana to mark Hans Zimmer's debut in Bollywood with AR Rahman: Report|date=5 अप्रैल 2024|website=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref> फिल्म के [[:en:Songs|गानो]] की धुने [[ए. आर. रहमान]] द्वारा संगीतबद्ध की जा रही है और गानो के बोल [[कुमार विश्वास]] ने लिखे हैं।
== विपणन (मार्केटिंग) ==
6 नवंबर 2024 को, मल्होत्रा ने आधिकारिक तौर पर 'रामायण' की घोषणा एक पोस्टर के माध्यम से की, साथ ही दोनों फिल्मों की रिलीज की तारीखें भी बताईं।<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoors-ramayana-part-1-and-2-officially-announced-see-first-poster-check-release-date-details-101730869129007.html|title=Ranbir Kapoor's Ramayana Part 1 and 2 officially announced: See first poster, check release date details|date=2024-11-06|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20250312170029/https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoors-ramayana-part-1-and-2-officially-announced-see-first-poster-check-release-date-details-101730869129007.html|archive-date=12 मार्च 2025|language=en-us|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/ranbir-kapoor-yash-and-sai-pallavis-ramayana-part-1-and-2-officially-announced-first-poster-out/article68835920.ece|title=Ranbir Kapoor, Yash and Sai Pallavi's 'Ramayana Part 1 and 2' officially announced; first poster out|last=|first=|date=2024-11-06|work=द हिन्दू|access-date=2025-03-16|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> मल्होत्रा ने बार-बार फिल्म को एक वैश्विक फिल्म के रूप में प्रचारित किया है, जिसमें एक भारतीय विषय को दुनिया के लिए प्रस्तुत किया गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/ramayanas-producer-namit-malhotra-says-its-massive-responsibility-to-present-the-film-at-global-stage-aa-9245773.html|title=Ramayana's Producer Namit Malhotra Says Its 'Massive Responsibility' To Present The Film At Global Stage|website=न्यूज़18|language=en|access-date=2025-03-16}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ramayana-producer-namit-malhotra-wants-ranbir-kapoor-film-to-be-celebrated-like-oppenheimer-forrest-gump-sai-pallavi-101740730843828.html#:~:text=Namit%20says%20that%20the%20effort,don't%20like%20Hollywood%20films.|title=Ramayana producer Namit Malhotra wants Ranbir Kapoor film to be celebrated globally like Oppenheimer, Forrest Gump|date=2025-03-01|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20250302085950/https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ramayana-producer-namit-malhotra-wants-ranbir-kapoor-film-to-be-celebrated-like-oppenheimer-forrest-gump-sai-pallavi-101740730843828.html#:~:text=Namit%20says%20that%20the%20effort,don't%20like%20Hollywood%20films.|archive-date=2 मार्च 2025|language=en-us|url-status=live}}</ref> उन्होंने कई मौकों पर फिल्म के लिए अपनी दृष्टि व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने इसे 'ड्यून्स' या 'अवतार' जैसी दुनिया की सबसे बड़ी प्रस्तुतियों के "कंधे से कंधा मिलाकर" खड़े होने की अपनी महत्वाकांक्षा व्यक्त की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/companies/interviews/i-tell-filmmakers-that-if-you-can-dream-it-storytelling-we-can-do-it-124072100468_1.html|title='I tell filmmakers that if you can dream it (storytelling), we can do it'|last=Kohli-Khandeka|first=Vanita|website=बिजनेस स्टैण्डर्ड|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20241202132258/https://www.business-standard.com/companies/interviews/i-tell-filmmakers-that-if-you-can-dream-it-storytelling-we-can-do-it-124072100468_1.html|archive-date=2 दिसंबर 2024|access-date=2025-03-16|url-status=live}}</ref> उन्होंने यह भी दावा किया है कि वह बजट या तकनीकी विशेषज्ञता में सीमाओं के बारे में कोई बहाना नहीं बनाएंगे—जो कारक ऐतिहासिक रूप से बड़े पैमाने पर भारतीय प्रस्तुतियों को दृश्य रूप से ऊपर उठने से रोकते रहे हैं—जबकि आत्मविश्वास से कुछ "पहले कभी न देखे गए" दृश्यों का वादा किया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.hollywoodreporterindia.com/features/interviews/namit-malhotra-the-ramayana-belongs-to-the-worldno-one-person-or-entity-owns-it|title=Namit Malhotra: 'The Ramayana' Belongs to The World—No One Person or Entity Owns It|website=द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया|language=en|access-date=2025-03-16}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ramayana-first-glimpse-ranbir-kapoor-yash-explode-on-screen-as-lord-ram-ravana-hollywood-level-vfx-wows-fans-101751526412324.html|title=Ramayana first glimpse: Ranbir Kapoor, Yash explode on screen as Lord Ram, Ravana; 'Hollywood-level' VFX wows fans|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=3 जुलाई 2025}}</ref>
== प्रदर्शन ==
फिल्म को 2026 में दिवाली पर सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/entertainment/ramayana-ranbir-kapoor-sai-pallavi-s-film-gets-release-date-bonus-new-poster-6955155|title=Ranbir Kapoor And Sai Pallavi's Ramayana Part 1 and 2 Get Official Release Dates|date=6 नवम्बर 2024|website=एनडीटीवी|access-date=30 अक्टूबर 2024}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:2026 की फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में]]
[[श्रेणी:हिंदी भाषा की फिल्में]]
[[श्रेणी:हिंदी-भाषा फिल्म]]
[[श्रेणी:रामायण]]
[[श्रेणी:राम]]
[[श्रेणी:हनुमान]]
[[श्रेणी:रावण]]
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन एडवेंचर फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय एक्शन ड्रामा फ़िल्में]]
[[श्रेणी:आगामी भारतीय फिल्में]]
[[श्रेणी:दीपावली]]
[[श्रेणी:परशुराम]]
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[[श्रेणी:३डी फ़िल्म]]
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक फ़िल्म
| name = रामायणम्<br>{{small|Ramayana}}
| image = Ramayana (2026 film).jpeg
| caption = आधिकारिक टीज़र पोस्टर
| director = [[नितेश तिवारी]]
| writer = [[:en:Shridhar Raghavan & Kumar Vishwas|श्रीधर राघवन तथा कुमार विश्वास]]<!--यहाँ 'लेखक' शब्द का तात्पर्य फ़िल्म के कहानी-लेखक से है, न कि उस मूल स्रोत सामग्री के वास्तविक लेखक से जिस पर फ़िल्म की कहानी आधारित है।-->
| based_on = {{Based on|[[रामायण]]|ऋषि [[वाल्मीकि]]}}
| producer = {{plainlist|
* [[नमित मल्होत्रा]] <!--यहां केवल निर्माताओं के नाम होने चाहिए, सह-निर्माताओं के नाम नहीं।-->
}}
| starring = {{plainlist|<!-- आधिकारिक टीज़र पोस्टर पर उल्लिखित क्रेडिट क्रम के अनुसार व्यवस्थित -->
* [[रणबीर कपूर]]
* [[रवि दुबे]]
* [[साई पल्लवी]]
* [[सनी देओल]]
* [[यश]]
* [[अरुण गोविल]]
}}
| narrator = [[अमिताभ बच्चन]]{{उद्धरण आवश्यक}}
| cinematography = {{plainlist|
* पंकज कुमार
* महेश लिमये
}}
| editing =
| music = '''पृष्ठभूमि''':<br />{{ill|हाँस ज़िमर|en|Hans Zimmer}}<br />'''गीत''':<br />[[ए. आर. रहमान]]
| studio = {{plainlist|
* प्राइम फोकस स्टूडियोज़
* मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स
* [[डीएनईजी]]
}}
| distributor =
| released = {{film date|2026|11|6|df=y}}
| country = भारत (India)
| language = [[हिंदी]]<br />[[:en:English language|अंग्रेज़ी]]
| budget = ₹600 -₹1000{{small|करोड़}} (US$280-$420 {{small|मिलियन}}) दोनो फिल्म <ref>{{cite web |title=रणबीर कपूर–यश की 'रामायण' बनी भारत की सबसे महंगी फ़िल्म – बजट ₹1600 करोड़ |publisher=News18 |date=15 जुलाई 2025 |url=https://www.news18.com/movies/bollywood/ranbir-kapoor-yashs-ramayana-becomes-indias-costliest-film-at-rs-4000-crore-ws-l-9440783.html |access-date=15 जुलाई 2025}}</ref>
}}'''''रामायण''''' एक आगामी भारतीय महाकाव्य फिल्म है, जिसके निर्माता नमित मलहोत्रा हैं और जिसका निर्देशन [[नितेश तिवारी]] ने किया है और जिसका पटकथा लेखन [[:en:Shridhar Raghavan|श्रीधर राघवन]] ने किया है। यह फिल्म [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] के सबसे महत्वपूर्ण महाकाव्यों में से एक [[प्राचीन भारत|प्राचीन भारतीय]] [[हिन्दू धर्मग्रन्थ|ग्रंथ]] ''[[रामायण]]'' पर आधारित है। यह फिल्म एक नियोजित दो-भागीय श्रृंखला की पहली किस्त है।<ref>{{Cite web|url=https://www.forbes.com/sites/sindhyavalloppillil/2025/06/17/ai-content-creation-is-the-foundation-of-dneg-ceo-namit-malhotras-disruption/|title=How Namit Malhotra Is Building the Future of AI Content Creation|last=वल्लोप्पिलिल|first=सिंध्या|website=फोर्ब्स|language=en|access-date=2025-06-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://variety.com/2024/film/news/yash-kgf-ramayana-prime-focus-nitesh-tiwari-dangal-1235967679/|title='K.G.F.' Star Yash's Monster Mind, Namit Malhotra's Prime Focus Team on 'Dangal' Filmmaker Nitesh Tiwari's Epic 'Ramayana' (EXCLUSIVE)|last=नमन रामचन्द्रन|date=2024-04-11|website=वैराइटी|access-date=2024-11-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.awn.com/news/prime-focus-studios-announces-ramayana-co-production|title=Prime Focus Studios Announces 'Ramayana' Co-Production|date=30 अप्रैल 2024|website=एनिमेशन वर्ल्ड नेटवर्क|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref>
इसमें <!-- आधिकारिक टीज़र पोस्टर पर उल्लिखित क्रेडिट क्रम के अनुसार व्यवस्थित -->[[रणबीर कपूर]] (राम {{small|के रूप में}}), [[रवि दुबे]] (लक्ष्मण {{small|के रूप में}}), [[साई पल्लवी]] (सीता {{small|के रूप में}}), [[सनी देओल]] (हनुमान {{small|के रूप में}}) और [[यश (अभिनेता)|यश]] (रावण {{small|के रूप में}}) मुख्य भूमिकाएँ निभा रहे हैं। अन्य कलाकारों में [[अमिताभ बच्चन]], [[अरुण गोविल]], [[लारा दत्ता]], [[विवेक ओबेरॉय]], [[काजल अग्रवाल]], [[रकुल प्रीत सिंह]], [[कुणाल कपूर]], [[शीबा चड्ढा]], [[:en:Indira Krishnan|इंदिरा कृष्णन]] और [[शोभना]] शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/ranbir-kapoor-sai-pallavi-ramayana-officially-announced-release-in-2-parts-2628896-2024-11-06|title=Ranbir, Sai Pallavi and Yash's Ramayana officially announced, to release in 2 parts|date=2024-11-06|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ranbir-kapoors-ramayana-to-be-backed-by-namit-malhotra/articleshow/108459580.cms|title=Ranbir Kapoor's Ramayana rights acquired by Namit Malhotra|date=2024-03-13|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2025-02-18|issn=0971-8257}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hollyreview.com/2026/02/ramayana-part-1-2026.html|title=Ramayana: Part 1 (2026)|date=2026-02-05|website=Holly Review|language=en|access-date=2026-02-07}}</ref>
यह फिल्म ₹2600-4000 करोड़ के अब तक के सबसे बड़े भारतीय फिल्म बजट पर बनी है। इसका निर्माण [[नमित मल्होत्रा]] के प्राइम फोकस स्टूडियो, यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स और [[चार्ल्स रोवन|चार्ल्स रोवन]] के अमेरिकी स्टूडियो [[एटलस एंटरटेनमेंट]] ने किया है, लेकिन इसकी पूरी शूटिंग और संपादन भारत में हुआ है। इसके विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) का काम ब्रिटिश-भारतीय स्टूडियो [[डीएनईजी]] ने संभाला है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-sai-pallavi-ramayana-most-expensive-indian-film-rs-835-crore-budget-report-9327597/|title=Ranbir Kapoor, Sai Pallavi's Ramayana to be the most expensive Indian film with Rs 835 crore budget: report|date=2024-05-14|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.gqindia.com/content/ramayana-part-1-this-veteran-actor-with-a-net-worth-of-rs-1600-crore-is-likely-to-join-ranbir-kapoor-and-sam-pallavis-historical-drama-thats-been-made-on-a-staggering-budget-of-rs-835-crore|title=Ramayana Part 1: This veteran actor, with a net worth of Rs 1,600 Crore, is likely to join Ranbir Kapoor and Sai Pallavi's historical drama that's been made on a staggering budget of Rs 835 Crore|last=Shetty|first=Karishma|date=2024-11-06|website=GQ India|language=en-IN|access-date=2025-03-14}}</ref> यह फिल्म 6 नवंबर 2026 में [[दीपावली]] के अवसर पर भारत में रिलीज़ होने वाली है।<ref name="SIA">{{Cite web|url=https://www.siasat.com/oscar-winner-hans-zimmer-joins-for-ramayana-with-a-r-rahman-3004241/|title=Oscar winner Hans Zimmer joins for Ramayana with A.R. Rahman|last=Mouli|first=Chandra|date=2024-04-05|website=द सियासत डैली|language=en|access-date=2025-03-18}}</ref>
फिल्म का संगीत [[:en:List_of_awards_and_nominations_received_by_Hans_Zimmer|विश्व-प्रसिद्ध]] [[:en:Germans|जर्मन]] संगीतकार, [[:en:Hans Zimmer|हाँस ज़िमर]] ({{small|जो अपनी पहली भारतीय परियोजना में काम कर रहे हैं}}), और [[ए. आर. रहमान]] ने मिलकर तैयार किया है।
== कलाकार ==
<!-- मुख्य कलाकार - आधिकारिक टीज़र पोस्टर पर उल्लिखित क्रेडिट क्रम के अनुसार व्यवस्थित -->
{| class="wikitable"
! कलाकार !! भूमिका !! सन्दर्भ
|-
| [[रणबीर कपूर]] || [[राम]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/ranbir-kapoor-is-best-choice-for-lord-ram-mukesh-chhabra-breaks-silence-on-casting-for-nitesh-tiwari-ramayana-2585545-2024-08-21|title=Ranbir Kapoor is best choice for Lord Ram: Mukesh Chhabra on Nitesh Tiwari's 'Ramayana'|date=21 अगस्त 2024|website=इंडिया टुडे|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/htcity/cinema/ramayana-ranbir-kapoor-to-portray-two-avatars-of-lord-vishnu-amitabh-bachchan-roped-in-for-this-role-101725884855689.html|title=Ramayana: Ranbir Kapoor to portray two avatars of Lord Vishnu; Amitabh Bachchan roped in for THIS role|last=महिमा पाण्डेय|date=9 सितम्बर 2024|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=28 नवम्बर 2024}}</ref>
|-
| [[रवि दुबे]] || [[लक्ष्मण]] || <ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-is-the-only-commercially-viable-artist-of-this-generation-ravi-dubey-confirms-hes-playing-lakshman-in-nitesh-tiwaris-ramayana-9707324/|title='Ranbir Kapoor is the only commercially viable artiste of this generation': Ravi Dubey confirms he's playing Lakshman in Nitesh Tiwari's Ramayana|date=2024-12-05|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref>
|-
| [[साई पल्लवी]] || [[सीता]] || <ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ramayana-ranbir-kapoor-yash-sai-pallavi-films-release-date-out-makers-of-nitesh-tiwaris-epic-confirm-two-parts-9655800/|title=Ramayana: Ranbir Kapoor-Yash-Sai Pallavi film's release date out, makers of Nitesh Tiwari's epic confirm two parts|date=2024-11-06|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.gqindia.com/content/heres-how-many-crores-south-superstar-yash-will-earn-for-his-role-as-ravana-in-the-ramayana-starring-ranbir-kapoor-and-sai-pallavi-thats-made-on-a-massive-rs-800-crore-budget|title=Here's how many Crores South superstar Yash will earn for his role as Ravana in Ramayana, starring Ranbir Kapoor and Sai Pallavi, that's made on a massive Rs 800 Crore budget|last=Sonavane|first=Gaurav|date=2024-10-23|website=GQ India|language=en-IN|access-date=2025-03-14}}</ref>
|-
| [[सनी देओल]] || [[हनुमान]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/sunny-deol-confirmed-as-hanuman-in-ranbir-kapoor-starrer-ramayana-details-about-role-revealed-8756715.html|title=Sunny Deol CONFIRMED As Hanuman In Ranbir Kapoor Starrer Ramayana; Details About Role Revealed|date=27 जनवरी 2024|website=न्यूज़18|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/sunny-deol-hanuman-standalone-film-in-nitesh-tiwari-ramayan-trilogy-2613915-2024-10-09|title=Sunny Deol's Hanuman to get standalone film in Ramayan trilogy - Exclusive|date=2024-10-09|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2024-10-09}}</ref>
|-
| [[यश (अभिनेता)|यश]] || [[रावण|रावण]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/yash-confirms-he-is-playing-ravan-in-ranbir-kapoor-starrer-ramayana-toxic-set-to-get-new-release-date/article68785635.ece#:~:text=The%20magnum%20opus%20is%20directed%20by%20Nitesh%20Tiwari&text=Kannada%20superstar%20Yash%20has%20confirmed,and%20Sai%20Pallavi%20as%20Sita.|title=Yash confirms he is playing Ravan in Ranbir Kapoor starrer 'Ramayana'; 'Toxic' set to get new release date|date=23 अक्टूबर 2024|website=द हिन्दू|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref>
|-
| [[अमिताभ बच्चन]] || [[जटायु]] || {{उद्धरण आवश्यक}}
|-
| [[लारा दत्ता]] || [[कैकेयी]] || <ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.zoomtventertainment.com/bollywood/arun-govil-as-dashrath-lara-dutta-as-kaikeyi-and-more-spotted-on-ranbir-kapoors-ramayana-sets-exclusive-pics-article-109041503|title=Arun Govil As Dashrath, Lara Dutta As Kaikeyi And More SPOTTED On Ranbir Kapoor's Ramayana Sets - Exclusive PICS|website=Zoom TV|language=en|access-date=2024-11-27}}</ref>
|-
| [[अरुण गोविल]] || [[दशरथ]] || <ref name=":1" />
|-
| [[:en:Indira Krishnan|इंदिरा कृष्णन]] || [[कौशल्या]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/indira-krishnan-showers-praise-on-ramayan-co-star-ranbir-kapoor-i-cant-see-another-actor-playing-ram/articleshow/114736761.cms|title=Indira Krishnan showers praise on 'Ramayan' co-star Ranbir Kapoor: 'I can't see another actor playing Ram'|date=अक्टूबर 29, 2024|website=टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=नवम्बर 26, 2024}}</ref>
|-
| [[कुणाल कपूर]] || [[इन्द्र|इंद्र]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/kunal-kapoor-to-play-indra-dev-in-nitesh-tiwaris-ramayana/articleshow/112230254.cms|title=Kunal Kapoor to play Indra Dev in Nitesh Tiwari's 'Ramayana'|date=अगस्त 2, 2024|website=टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=नवम्बर 27, 2024}}</ref>
|-
| [[काजल अग्रवाल]] || [[:en:Mandodari|मंदोदरी]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/kajal-aggarwal-cast-as-mandodari-in-yashs-upcoming-ramayana-adaptation/articleshow/121192838.cms|title=Yash's Ravana finds his Mandodari in Kajal Aggarwal|date=2025-05-16|website=टाइम्स ऑफ़ इंडिया|language=en}}</ref>
|-
| [[रकुल प्रीत सिंह]] || [[शूर्पणखा|शूर्पनखा]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.pinkvilla.com/entertainment/exclusives/exclusive-rakul-preet-singh-in-talks-to-come-on-board-nitesh-tiwaris-ramayana-to-play-shurpanakha-1277611|title=EXCLUSIVE: Rakul Preet Singh in talks to come on board Nitesh Tiwari's Ramayana; To play Shurpanakha|date=2024-02-10|website=पिंकविला|language=en|access-date=2024-11-27}}</ref>
|-
| [[विवेक ओबेरॉय]] || [[शूर्पणखा#विद्युतजिह्वा से विवाह|विद्युत्जिवा]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/bollywood/vivek-oberoi-joins-nitesh-tiwaris-ramayana-take-a-look-at-full-cast-ws-l-9373870.html|title=Vivek Oberoi Joins Nitesh Tiwari’s Ramayana: Take A Look At Full Cast|website=न्यूज़18|access-date=7 जून 2025}}</ref>
|-
| [[:en:Adinath Kothare|आदिनाथ कोठारे]] || [[भरत (रामायण)|भरत]] || <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/etimes-exclusive-this-actor-comes-on-board-for-nitesh-tiwari-ranbir-kapoors-ramayana-to-play-rams-beloved-brother-bharat/articleshow/108842263.cms|title=ETimes Exclusive! THIS actor comes on board for Nitesh Tiwari-Ranbir Kapoor's Ramayana; to play Ram's beloved brother Bharat|date=2024-03-28|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2024-11-27|issn=0971-8257}}</ref>
|-
| [[शीबा चड्ढा]] || [[मंथरा]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/sheeba-chadha-to-play-the-role-of-manthara-in-nitesh-tiwaris-ramayana/articleshow/108950314.cms|title=Sheeba Chadha to play the role of Manthara in Nitesh Tiwari's Ramayana|date=2024-04-01|website=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2024-11-25}}</ref>
|-
| [[शिशिर शर्मा]] || [[वसिष्ठ]] || <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ranbir-kapoors-ramayana-co-star-shishir-sharma-calls-the-film-huge-and-larger-than-life-spills-the-beans-on-his-character-vasishtha/articleshow/111384095.cms|title=Ranbir Kapoor's 'Ramayana' co-star Shishir Sharma calls the film 'huge and larger-than-life'; spills the beans on his character Vasishtha|date=जून 30, 2024|website=टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=नवम्बर 26, 2024}}</ref>
|-
| [[:en:Ajinkya Deo|अजिंक्या देओ]] || [[विश्वामित्र]] || <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/ranbir-kapoor-smiles-in-new-photo-from-ramayana-sets-poses-with-vishwamitra-check-here-8875502.html|title=Ranbir Kapoor Smiles In New Photo From Ramayana Sets, Poses With 'Vishwamitra' {{!}} Check Here|website=न्यूज़18|language=en|access-date=2024-11-27}}</ref>
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| [[:en:Sonia Balani|सोनिया बलानी]] || [[उर्मिला (रामायण)|उर्मिला]] || <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/the-kerala-story-actress-sonia-balani-will-play-urmilas-character-in-nitesh-tiwaris-ramayana-exclusive/articleshow/110181471.cms|title='The Kerala Story' actress Sonia Balani will play Urmila's character in Nitesh Tiwari's Ramayana- Exclusive!|date=2024-05-16|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2024-11-27|issn=0971-8257}}</ref>
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| [[मोहित रैना]] || [[शिव]] जी || <ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/bollywood/mohit-raina-to-return-as-mahadev-lord-shiva-in-ranbir-kapoors-ramayana-ws-l-9361070.html|title=Mohit Raina To Return As 'Mahadev' Lord Shiva In Ranbir Kapoor's Ramayana?|date=2025-05-31|website= बॉलीवुड न्यूज़|language=en|access-date=2025-05-31}}</ref>
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| कियारा सध || बालिका सीता || <ref>{{Cite web|url=https://www.pinkvilla.com/tv/news/ramayana-exclusive-pandya-stores-kiara-sadh-to-essay-young-sita-aka-sai-pallavis-role-in-nitesh-tiwaris-directorial-1298369|title=EXCLUSIVE: THIS Pandya Store child actor to play young Sita in Nitesh Tiwari's Ramayana|date=2024-04-23|website=पिंकविला|language=en|access-date=2024-11-28}}</ref>
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{{Multiple image|image1=Nitesh Tiwari at the ‘Khidkiyaan’ movie festival launch (cropped).jpg|image2=Namit Malhotra.jpg|total_width=300|footer=''रामायण'' नमित मल्होत्रा के साथ [[नितेश तिवारी]] की पहली सहयोगात्मक फिल्म है।}}
== उत्पादन ==
=== उत्पत्ति ===
मई 2017 में, निर्माता अल्लू अरविंद, नमित मल्होत्रा और मधु मंतेना ने हिंदू संस्कृत महाकाव्य रामायण को एक लाइव-एक्शन फीचर फिल्म त्रयी के रूप में ढालने के लिए सहयोग की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पटकथा का विकास लगभग एक साल से चल रहा था। इस परियोजना को हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, मराठी, पंजाबी, उड़िया, सिंहली और अंग्रेजी भाषाओं में एक बहुभाषी प्रस्तुति के रूप में देखा गया, और इसे 3डी में शूट करने की योजना बनाई गई थी।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/ramayana-to-be-made-into-a-movie-of-rs-500-crore-budget/articleshow/58611990.cms|title='Ramayana' to be made into a movie of Rs 500 crore budget|date=2017-05-10|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2025-02-17|issn=0971-8257}}</ref>अल्लू अरविंद ने अपनी महत्वाकांक्षा व्यक्त की कि वह रामायण को "सबसे शानदार तरीके से" बड़े पर्दे पर लाना चाहते हैं, जबकि उन्होंने इस महाकाव्य को त्रयी में ढालने की जिम्मेदारी को भी स्वीकार किया। नमित मल्होत्रा, जिनकी कंपनी प्राइम फोकस ने हॉलीवुड फिल्मों जैसे 'स्टार वार्स', 'ट्रांसफॉर्मर', 'एक्स-मेन: एपोकैलिप्स' और 'द मार्टियन' में विजुअल इफेक्ट्स का योगदान दिया था, उन्होंने इस त्रयी में भारतीय सिनेमा के लिए नए वैश्विक मानक स्थापित करने की क्षमता देखी।फरवरी 2018 में, मधु मंतेना ने बताया कि फिल्म श्रृंखला बनाने की प्रेरणा उन्हें प्रसिद्ध भारतीय कॉमिक बुक लेखक अनंत पई के जीवन और कार्य से मिली, जिन्होंने अमर चित्र कथा कॉमिक्स बनाई थी। उन्होंने कहा कि यह फिल्म श्रृंखला नई पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति को नवीनतम तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स की मदद से "सभी संभावित ऑडियो विजुअल महिमा" में फिर से बताने का उनका सामूहिक प्रयास है।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ramayana-500-crore-film-mou-up-govt-5075106/|title=Makers of Rs 500 crore Ramayana film sign MoU with UP government|date=2018-02-23|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/lucknow/up-investors-summit-in-inaugural-session-industry-leaders-pledge-over-rs-88-000-cr-investment/story-LQE3NDTWVnFRyI2PRlmIgK.html|title=MoUs worth Rs 4.28 lakh-crore signed on first day of UP Investors Summit 2018|date=2018-02-21|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20230330010105/https://www.hindustantimes.com/lucknow/up-investors-summit-in-inaugural-session-industry-leaders-pledge-over-rs-88-000-cr-investment/story-LQE3NDTWVnFRyI2PRlmIgK.html|archive-date=30 मार्च 2023|language=en-us|url-status=live}}</ref> पिछली व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त रामायण की रूपांतरण टेलीविजन श्रृंखलाओं, विशेष रूप से रामानंद सागर की 'रामायण' (1987-88) के रूप में थे, लेकिन इस बार निर्माता रामायण को बड़े पर्दे के लिए एक सिनेमाई तमाशे के रूप में लाना चाहते थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/regional-cinema/story/baahubali-2-the-conclusion-ramayana-film-500-crore-976236-2017-05-10|title=Baahubali 2's success makes way for Rs 500-crore Ramayana film|date=2017-05-10|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.thequint.com/entertainment/cinema/500-crore-ramayana-film-in-3-languages#read-more|title=Now Gear up for a Rs 500-Crore 3D 'Ramayana' on the Big Screen|last=Hingorani|first=Karishma|date=2017-05-10|website=द क्विंट|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref>
=== विकास ===
जुलाई 2019 में, नीतेश तिवारी और रवि उद्यावर ने त्रयी के सह-निर्देशन के लिए हाथ मिलाया, जबकि श्रीधर राघवन को पटकथा लिखने के लिए नियुक्त किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.firstpost.com/entertainment/ramayanas-trilingual-live-action-trilogy-to-be-helmed-by-dangal-director-nitesh-tiwari-ravi-udyawar-6953121.html|title=Ramayana's trilingual live-action trilogy to be helmed by Dangal director Nitesh Tiwari, Ravi Udyawar|date=2019-07-08|website=फर्स्टपोस्ट|language=en-us|access-date=2025-02-17}}</ref> नीतेश तिवारी ने 1987-88 की रामायण टेलीविजन श्रृंखला के बाद से विजुअल इफेक्ट्स में हुए महत्वपूर्ण उन्नयन को इस परियोजना को हाथ में लेने का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि "हमारी सबसे पुरानी, या शुरुआती यादें (महाकाव्य की), अभी भी 30 साल पुरानी हैं। हमने वास्तव में रामायण को उस रूप में नहीं देखा है जिस रूप में इसे बताया जाना चाहिए।" तकनीकी संभावनाओं के अलावा, उन्हें टीम में शामिल होने के लिए कहानी ने भी प्रेरित किया, जिसमें उनके अनुसार भारतीय संस्कृति में "शानदार विश्वास" था, और यह तथ्य कि उनके निर्माता इसे "बहुत दिलचस्प तरीके से" निष्पादित करने के लिए पूरी तरह से तैयार थे।
उद्यावर ने भी बताया कि इस परियोजना में शामिल होने का उनका निर्णय अपने बच्चों के प्रति उसी जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित था। उन्होंने याद किया कि जब उन्होंने अपने बेटे को बताया कि वह और उनकी टीम क्या कर रहे हैं, तो उनका बेटा यह सोचकर "पूरा दिन कूदता रहा" कि रावण और कुंभकर्ण कैसे दिखेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा रोमांच तब था जब उनके बेटे ने उनसे कहा कि "हनुमान सुपरमैन से ज्यादा कूल हैं।"
तिवारी ने कहा कि महाकाव्य का आकर्षण उसके पात्रों के समूह में निहित है, विशेष रूप से राम के चरित्र में, "एक आदर्श नेता, पति, पिता और पुत्र"। वहीं, उद्यावर को लगा कि महाकाव्य का जादू उसके आकार बदलने वाले राक्षसों में है, जो उनके विचार में एक छोटे बच्चे को भी पसंद आएगा। तिवारी ने पुष्टि की कि फिल्मों में जो कुछ भी कहा और दिखाया जाएगा, उसमें प्रामाणिकता की मुहर होगी। उन्होंने कहा कि राम और रावण से परे, हर चरित्र—चाहे वह सीता, लक्ष्मण, या हनुमान हो—का कुछ न कुछ सार्थक संदेश है, जिससे रामायण को त्रयी में ढालना आवश्यक हो जाता है।
निर्माण टीम ने फिल्मों के सेटिंग, वेशभूषा, कलाकारों और एक्शन के लिए संदर्भ के रूप में पूरे भारत के कलाकारों से जटिल चित्र बनवाए। इस परियोजना का उद्देश्य हिंदी, कन्नड, तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती और पंजाबी सिनेमा के अभिनेताओं को शामिल करना था, जो एक व्यापक रणनीति का हिस्सा था ताकि अखिल भारतीय और वैश्विक दर्शकों दोनों को आकर्षित किया जा सके।<ref>{{Cite news|url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/entertainment/bollywood/nitesh-tiwari-ravi-udyawar-reviving-ramayana-with-a-live-action-multilingual-trilogy/articleshow/70119460.cms|title=Nitesh Tiwari, Ravi Udyawar reviving Ramayana with a live-action, multilingual trilogy|author=Roshmila Bhattacharya|date=जुलाई 8, 2019|newspaper=Mumbai Mirror|access-date=2025-02-17|language=en}}</ref> फिल्म श्रृंखला को शुरू में 500 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट पर बनाने की बात थी। निर्माण टीम ने 2020 तक फिल्मांकन शुरू करने की योजना बनाई थी, जिसमें पहली किस्त 2021 में रिलीज होने वाली थी। फिल्म निर्माताओं का इरादा कहानी की निरंतरता बनाए रखने के लिए त्रयी के प्रत्येक भाग के बीच अपेक्षाकृत कम अंतर रखने का था।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/ramayana-live-action-nitesh-tiwari-ravi-udyawar-to-direct-5820177/|title=Nitesh Tiwari, Ravi Udyawar to helm multilingual live-action version of Ramayana|date=2019-07-08|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/nitesh-tiwari-ravi-udyawar-to-bring-ramayana-to-life-at-a-rs-500-crore-budget/articleshow/70126241.cms?from=mdr|title=Nitesh Tiwari, Ravi Udyawar to bring 'Ramayana' to life at a Rs 500 crore budget|date=2019-07-08|work=द इकोनोमिक टाइम्स|access-date=2025-02-17|issn=0013-0389}}</ref>
=== पूर्व-निर्माण (प्री-प्रोडक्शन) ===
==== लेखन और दृश्य विकास ====
नवंबर 2019 में, तिवारी ने कहा कि राघवन पिछले तीन सालों से पटकथा लिख रहे थे, जिसमें कई विद्वानों और पंडितों का मार्गदर्शन था, जिन्हें शास्त्र का व्यापक ज्ञान था, ताकि महाकाव्य को समकालीन दर्शकों के लिए प्रासंगिक बनाया जा सके।<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/bollywood/i-m-happy-not-following-the-formula-of-making-a-hit-film-nitesh-tiwari/story-X7ojYtj4L7MBKe5PMoMleP.html|title=I'm happy not following the formula of making a hit film: Nitesh Tiwari|date=2019-11-20|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20240725202209/https://www.hindustantimes.com/bollywood/i-m-happy-not-following-the-formula-of-making-a-hit-film-nitesh-tiwari/story-X7ojYtj4L7MBKe5PMoMleP.html|archive-date=25 जुलाई 2024|language=en-us|url-status=live}}</ref> अप्रैल 2020 में, उन्होंने कहा कि वे कहानी के संवेदनशील पहलुओं की सावधानीपूर्वक पहचान कर रहे थे, जिन्हें अछूता रहना चाहिए, ताकि उनसे जुड़ी संभावित सार्वजनिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, जबकि उन क्षेत्रों का निर्धारण भी किया जा रहा था जहां वे फिल्म के समग्र देखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सीमित सिनेमाई स्वतंत्रता ले सकते थे।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/massive-responsibility-to-do-a-project-like-ramayana-nitesh-tiwari-6066033/|title=Massive responsibility to do a project like Ramayana: Nitesh Tiwari|date=2019-10-12|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-18}}</ref>तिवारी ने समझाया कि वह और उनकी टीम कहानी को इस तरह से प्रस्तुत करना चाहते थे ताकि उनके बच्चों जैसे युवा दर्शकों को, जो "एवेंजर्स के प्रशंसक" हैं, यह रोमांचक लगे, जबकि साथ ही उनकी सास जैसे पुराने दर्शकों का विश्वास भी बनाए रखा जा सके, ताकि उन्हें यह "इतना आकर्षक लगे कि वे कहें कि मैंने रामायण को इस रूप में नहीं देखा है"।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/challenging-to-make-ramayana-appealing-for-all-generations-nitesh-tiwari-6300240/|title=Challenging to make Ramayana appealing for all generations: Nitesh Tiwari|date=2020-03-05|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref> उन्होंने फिल्म को तकनीकी रूप से भारी तैयारी वाली बताया, क्योंकि महाकाव्य के जादुई गुण, जैसे उसमें वर्णित बात करने वाले जानवर या मंत्रमुग्ध वन, उन्हें स्क्रीन पर एक ऐसी दुनिया को खूबसूरती से प्रस्तुत करने का अवसर देते थे,<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/nitesh-tiwari-on-ramayana-making-it-exciting-for-both-children-and-old-people-is-challenging-1652718-2020-03-05|title=Nitesh Tiwari on Ramayana: Making it exciting for both children and old people is challenging|date=2020-03-05|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref> जो उनके विचार में पहले कभी नहीं देखी गई थी।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/amid-the-lockdown-nitesh-tiwari-works-on-ramayanas-script-over-group-calls/articleshow/74919720.cms|title=Amid the lockdown, Nitesh Tiwari works on Ramayana's script over group calls|date=2020-03-31|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2025-02-17|issn=0971-8257}}</ref>
जून 2021 में, मंतेना ने बताया कि वह और उनकी टीम रामायण को एक परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि "एक उद्देश्य, दुनिया को उसकी पूरी महिमा में रामायण बताने का उद्देश्य" के रूप में देख रहे थे। उन्होंने जोर दिया कि वह त्रयी को "दुनिया में किसी भी अन्य चीज़ की तरह अच्छी तरह से" बनाना चाहते थे, और बताया कि उनकी टीम "हर चीज़ के छोटे से छोटे विवरण" पर ध्यान दे रही थी। उन्होंने खुलासा किया कि वे वही प्रक्रिया अपना रहे थे जो जेम्स कैमरून ने अवतार के लिए इस्तेमाल की थी, और दुनिया भर के 200 से अधिक कलाकार दो साल से फिल्म पर काम कर रहे थे, जिनमें कुछ अकादमी पुरस्कार विजेता भी शामिल थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehansindia.com/cinema/bollywood/madhu-mantena-opens-up-on-ramayana-and-says-expect-the-biggest-cast-in-history-of-indian-cinema-693416|title=Madhu Mantena Opens Up On Ramayana And Says, 'Expect The Biggest Cast In History Of Indian Cinema'|last=Hymavati|first=Ravali|date=2021-06-30|website=द हंस इंडिया|language=en|access-date=2025-02-17}}</ref> जुलाई में, मंतेना ने त्रयी के लिए अपनी दृष्टि पर विस्तार से बताया, इसे वाल्मीकि के दृष्टिकोण से रामायण का एक रेखीय पुनर्कथन बताया, जिसमें महाकाव्य की उप-कहानियां भी शामिल थीं, जबकि "राक्षसों, असुरों, गरुड़ आदि जैसे शानदार प्राणियों से भरी एक गहन और सुंदर दुनिया" का वादा किया। सितंबर 2021 में, मंतेना ने कहा कि वे राजा रवि वर्मा जैसे कलाकारों के कार्यों पर विचार कर रहे थे, जिन्होंने उनके अनुसार महाकाव्य को "अपने सुंदर तरीकों से" व्याख्या किया था। उन्होंने कहा कि वे वाल्मीकि की रामायण और उसके वर्णनों का पालन कर रहे थे ताकि एक सटीक प्रस्तुति सुनिश्चित हो सके।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatvnews.com/entertainment/celebrities/ramayana-trilogy-for-a-global-audience-but-rooted-in-india-says-producer-madhu-mantena-716208|title='Ramayana' trilogy for a global audience but rooted in India, says producer Madhu Mantena|last1=भसीन|first1=श्रिया|last2=|first2=|date=2021-07-02|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-03-15}}</ref>
=== कलाकार चयन ===
{{Multiple image|image1=Ranbir at Besharam launch.jpg|image2=Ravi Dubey.jpg|image3=Sai Pallavi at Mca-pre-release-event.jpg|image4=Sunny Deol at Dev's Anand's autobiography release.jpg|image5=Yash at the ‘KGF’ Press Meet In Chennai (cropped).jpg|total_width=500|direction=horizontal|align=right|footer=[[रणबीर कपूर]], [[रवि दुबे]], [[साई पल्लवी]], [[सनी देओल]] और [[यश (अभिनेता)|यश]], क्रमशः राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण के रूप में}}
जुलाई 2021 में, मधु ने कहा कि वह उस साल दिवाली तक कलाकारों की घोषणा करने वाले थे, जिसमें उन्होंने "भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी कास्ट" का वादा किया, जिसमें प्रदर्शन के मामले में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता शामिल होंगे। उन्होंने राम, हनुमान, रावण, सीता और लक्ष्मण के पात्रों को "जीवन से बड़ा" बताते हुए जोर दिया कि वह देश भर के कलाकारों को कास्ट करेंगे। इस निर्णय का कारण बताते हुए, उन्होंने विस्तार से कहा कि "यह (रामायण) उत्तर और दक्षिण के बारे में नहीं है, यह देश को एकजुट करने के बारे में है। हम इसे भारत के रूप में कर रहे हैं।"<ref>{{Cite web|url=https://www.pinkvilla.com/entertainment/exclusives/exclusive-madhu-mantena-ramayana-nitesh-tiwari-expect-biggest-cast-history-indian-cinema-795001|title=EXCLUSIVE: Madhu Mantena on Ramayana with Nitesh Tiwari: Expect the biggest cast in history of Indian cinema|date=2021-06-30|website=पिंकविला|language=en|access-date=2025-04-27}}</ref>
रणबीर कपूर, रवि दुबे, साई पल्लवी, सनी देओल और यश को क्रमशः राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण के रूप में चुना गया है।
=== चलचित्रण ===
फिल्म की मुख्य फोटोग्राफी अप्रैल 2024 में शुरू हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/ranbir-kapoor-ramayana-shoot-begins-first-video-of-grand-ayodhya-set-goes-viral-8840316.html|title=Ranbir Kapoor's Ramayana Shoot Begins, FIRST Video of Grand Ayodhya Set Goes Viral|date=5 अप्रैल 2024|website=न्यूज़18|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref> 5 अप्रैल को, फिल्म के सेट से तस्वीरें लीक हो गईं, जिसमें अरुण गोविल, लारा दत्ता और शीबा चड्ढा अपनी-अपनी भूमिकाओं में और नीतेश तिवारी फिल्म का निर्देशन करते हुए दिखाई दिए।<ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/ranbir-kapoor-fans-angry-lara-dutta-arun-govil-photos-from-ramayana-sets-leaked-8840620.html|title=Ranbir Kapoor Fans ANGRY As Lara Dutta, Arun Govil's Photos From Ramayana Sets LEAKED|website=न्यूज़18|language=en|access-date=2025-02-19}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/entertainment/crazy-viral-pics-of-lara-dutta-and-arjun-govil-from-the-sets-of-nitesh-tiwaris-ramayana-5379317|title=Crazy Viral Pics Of Lara Dutta And Arun Govil From The Sets Of Nitesh Tiwari's Ramayana|website=एनडीटीवी|language=en|access-date=2025-02-19}}</ref> इसके बाद, निर्माताओं ने फिल्म के सेट पर एक सख्त नो-फोन पॉलिसी लागू की।<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/nitesh-tiwari-no-phone-policy-ramayana-set-ranbir-kapoor-look-ram-2523698-2024-04-05|title=Exclusive: 'Ramayana' director Nitesh Tiwari imposes no-phone policy on set|date=2024-04-05|website=इंडिया टुडे|language=en|access-date=2025-02-19}}</ref> 27 अप्रैल को, फिल्म के सेट से फिर से तस्वीरें लीक हो गईं, इस बार रणबीर कपूर और साई पल्लवी अपनी-अपनी भूमिकाओं में दिखाई दिए, जिससे सोशल मीडिया पर यह अनुमान लगाया जाने लगा कि क्या तस्वीरें खुद निर्माताओं द्वारा प्रचार उत्पन्न करने और वेशभूषा पर सार्वजनिक राय जानने के लिए लीक की जा रही थीं।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/entertainment/crazy-viral-pics-of-ranbir-kapoor-and-sai-pallavi-from-the-sets-of-nitesh-tiwaris-ramayana-5535127|title=Crazy Viral Pics Of Ranbir Kapoor And Sai Pallavi From The Sets Of Nitesh Tiwari's Ramayana|website=एनडीटीवी|language=en|access-date=2025-03-16}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/ramayana-ranbir-kapoor-sai-pallavis-looks-get-leaked-fans-gush-about-regal-appearance/articleshow/109644786.cms?from=mdr&from=mdr|title='Ramayana': Ranbir Kapoor- Sai Pallavi's looks get leaked, fans gush about regal appearance|date=2024-04-27|work=द इकोनोमिक टाइम्स|access-date=2025-03-16|issn=0013-0389}}</ref> मई में, फिल्म का कार्य शीर्षक "गॉड पावर" बताया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/entertainment/ramayana-s-working-title-revealed-ranbir-to-also-shoot-for-love-and-war-124051700626_1.html|title=Ramayana's working title revealed, Ranbir to also shoot for 'Love And War'|last=Singh Rawat|first=Sudeep|website=बिजनेस स्टैण्डर्ड|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20241109080145/https://www.business-standard.com/entertainment/ramayana-s-working-title-revealed-ranbir-to-also-shoot-for-love-and-war-124051700626_1.html|archive-date=9 नवंबर 2024|access-date=2025-03-16|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-ramayana-title-revealed-leaked-pics-avoid-makers-tightens-surveillance-on-set-101715910807771.html|title=Ranbir Kapoor-starrer Ramayana's working title revealed; makers tightens surveillance on set to avoid leaked pics|date=2024-05-17|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20240526194229/https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-ramayana-title-revealed-leaked-pics-avoid-makers-tightens-surveillance-on-set-101715910807771.html|archive-date=26 मई 2024|language=en-us|url-status=live}}</ref> अगस्त में, एक सोशल मीडिया वीडियो वायरल हुआ जिसमें प्रशंसित अमेरिकी आंदोलन कोच टेरी नोटरी थे, जिन्होंने पुष्टि की कि वह फिल्म श्रृंखला में एक्शन निर्देशक के रूप में काम कर रहे थे। फिल्मांकन नवंबर 2024 में पूरा होने की घोषणा की गई थी।<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/avatar-avengers-endgame-veteran-terry-notary-working-on-ranbir-kapoors-ramayana-as-action-director-9528803/|title=Avatar, Avengers Endgame veteran Terry Notary working on Ranbir Kapoor's Ramayana as action director|date=2024-08-23|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2025-03-16}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ramayana-avengers-endgame-stunt-coordinator-terry-notary-confirms-working-on-the-ranbir-kapoor-starrer-watch-video/articleshow/112740067.cms|title='Ramayana': Avengers Endgame stunt coordinator Terry Notary CONFIRMS working on the Ranbir Kapoor starrer - WATCH video|date=2024-08-23|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2025-03-16|issn=0971-8257}}</ref> पार्ट 2 का फिल्मांकन 19 जनवरी 2025 को शुरू हुआ।
मई 2025 में, यह बताया गया कि प्रशंसित हॉलीवुड स्टंट निर्देशक गाय नॉरिस, जिन्होंने पहले 'फ्यूरियोसा: ए मैड मैक्स सागा', 'मैड मैक्स: फ्यूरी रोड' और 'द सुसाइड स्क्वाड' जैसी फिल्मों पर काम किया था, को फिल्म के लिए एक्शन दृश्यों को कोरियोग्राफ करने के लिए जोड़ा गया था और वह यश के साथ मिलकर काम कर रहे थे।<ref>{{Cite web|url=https://variety.com/2025/film/news/yash-mad-max-guy-norris-ramayana-1236411803/|title=Yash Teams With ‘Mad Max’ Stunt Maestro Guy Norris for Epic ‘Ramayana’ Action Sequences (EXCLUSIVE)|last=Ramachandran|first=Naman|date=2025-05-29|website=Variety|language=en-US|access-date=2025-06-19}}</ref> जून 2025 में, यह बताया गया कि अकादमी पुरस्कार विजेता हॉलीवुड निर्माता चार्ल्स रोवेन, जो एटलस एंटरटेनमेंट के संस्थापक भी हैं, मल्होत्रा और यश के साथ फिल्म में निर्माता के रूप में भी शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.forbes.com/sites/sindhyavalloppillil/2025/06/17/ai-content-creation-is-the-foundation-of-dneg-ceo-namit-malhotras-disruption/|title=How Namit Malhotra Is Building the Future of AI Content Creation|last=Valloppillil|first=Sindhya|website=फोर्ब्स|language=en|access-date=2025-06-19}}</ref>
=== पश्च-निर्माण (पोस्ट-प्रोडक्शन) ===
बताया गया है कि फिल्म 600 दिनों तक पोस्ट-प्रोडक्शन में रहेगी, जिससे यह इतनी व्यापक पोस्ट-प्रोडक्शन समय-सीमा की आवश्यकता वाली कुछ वैश्विक फिल्मों में से एक बन जाएगी।<ref>{{Cite web|url=https://www.siasat.com/sai-pallavi-ranbirs-ramayana-release-date-budget-more-3073419/|title=Sai Pallavi, Ranbir's Ramayana: Release date, budget & more|last=Mouli|first=Chandra|date=2024-08-04|website=द सियासत डैली|language=en|access-date=2025-03-14}}</ref>
== संगीत ==
फिल्म के [[:en:Film score|पृष्ठभूमि]] [[:en:Soundtrack|साउंडट्रैक]] को [[:en:Hans Zimmer|हाँस ज़िमर]] द्वारा [[:en:Musical composition|संगीतबद्ध]] किया जा रहा है। कई [[:en:Hans Zimmer discography|प्रसिद्ध हॉलीवुड फिल्मों]] का संगीत तैयार करने के बाद, संगीतकार ज़िमर इस फिल्म से भारतीय सिनेमा में मूल स्कोर संगीतकार के रूप में पदार्पण कर रहे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoor-ramayana-hans-zimmer-india-debut-ar-rahman-report-sai-pallavi-yash-101712296514599.html|title=Ranbir Kapoor-starrer Ramayana to mark Hans Zimmer's debut in Bollywood with AR Rahman: Report|date=5 अप्रैल 2024|website=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=7 नवम्बर 2024}}</ref> फिल्म के [[:en:Songs|गानो]] की धुने [[ए. आर. रहमान]] द्वारा संगीतबद्ध की जा रही है और गानो के बोल [[कुमार विश्वास]] ने लिखे हैं।
== विपणन (मार्केटिंग) ==
6 नवंबर 2024 को, मल्होत्रा ने आधिकारिक तौर पर 'रामायण' की घोषणा एक पोस्टर के माध्यम से की, साथ ही दोनों फिल्मों की रिलीज की तारीखें भी बताईं।<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoors-ramayana-part-1-and-2-officially-announced-see-first-poster-check-release-date-details-101730869129007.html|title=Ranbir Kapoor's Ramayana Part 1 and 2 officially announced: See first poster, check release date details|date=2024-11-06|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20250312170029/https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ranbir-kapoors-ramayana-part-1-and-2-officially-announced-see-first-poster-check-release-date-details-101730869129007.html|archive-date=12 मार्च 2025|language=en-us|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/ranbir-kapoor-yash-and-sai-pallavis-ramayana-part-1-and-2-officially-announced-first-poster-out/article68835920.ece|title=Ranbir Kapoor, Yash and Sai Pallavi's 'Ramayana Part 1 and 2' officially announced; first poster out|last=|first=|date=2024-11-06|work=द हिन्दू|access-date=2025-03-16|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref> मल्होत्रा ने बार-बार फिल्म को एक वैश्विक फिल्म के रूप में प्रचारित किया है, जिसमें एक भारतीय विषय को दुनिया के लिए प्रस्तुत किया गया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/movies/ramayanas-producer-namit-malhotra-says-its-massive-responsibility-to-present-the-film-at-global-stage-aa-9245773.html|title=Ramayana's Producer Namit Malhotra Says Its 'Massive Responsibility' To Present The Film At Global Stage|website=न्यूज़18|language=en|access-date=2025-03-16}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ramayana-producer-namit-malhotra-wants-ranbir-kapoor-film-to-be-celebrated-like-oppenheimer-forrest-gump-sai-pallavi-101740730843828.html#:~:text=Namit%20says%20that%20the%20effort,don't%20like%20Hollywood%20films.|title=Ramayana producer Namit Malhotra wants Ranbir Kapoor film to be celebrated globally like Oppenheimer, Forrest Gump|date=2025-03-01|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=2025-03-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20250302085950/https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ramayana-producer-namit-malhotra-wants-ranbir-kapoor-film-to-be-celebrated-like-oppenheimer-forrest-gump-sai-pallavi-101740730843828.html#:~:text=Namit%20says%20that%20the%20effort,don't%20like%20Hollywood%20films.|archive-date=2 मार्च 2025|language=en-us|url-status=live}}</ref> उन्होंने कई मौकों पर फिल्म के लिए अपनी दृष्टि व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने इसे 'ड्यून्स' या 'अवतार' जैसी दुनिया की सबसे बड़ी प्रस्तुतियों के "कंधे से कंधा मिलाकर" खड़े होने की अपनी महत्वाकांक्षा व्यक्त की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/companies/interviews/i-tell-filmmakers-that-if-you-can-dream-it-storytelling-we-can-do-it-124072100468_1.html|title='I tell filmmakers that if you can dream it (storytelling), we can do it'|last=Kohli-Khandeka|first=Vanita|website=बिजनेस स्टैण्डर्ड|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20241202132258/https://www.business-standard.com/companies/interviews/i-tell-filmmakers-that-if-you-can-dream-it-storytelling-we-can-do-it-124072100468_1.html|archive-date=2 दिसंबर 2024|access-date=2025-03-16|url-status=live}}</ref> उन्होंने यह भी दावा किया है कि वह बजट या तकनीकी विशेषज्ञता में सीमाओं के बारे में कोई बहाना नहीं बनाएंगे—जो कारक ऐतिहासिक रूप से बड़े पैमाने पर भारतीय प्रस्तुतियों को दृश्य रूप से ऊपर उठने से रोकते रहे हैं—जबकि आत्मविश्वास से कुछ "पहले कभी न देखे गए" दृश्यों का वादा किया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.hollywoodreporterindia.com/features/interviews/namit-malhotra-the-ramayana-belongs-to-the-worldno-one-person-or-entity-owns-it|title=Namit Malhotra: 'The Ramayana' Belongs to The World—No One Person or Entity Owns It|website=द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया|language=en|access-date=2025-03-16}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/ramayana-first-glimpse-ranbir-kapoor-yash-explode-on-screen-as-lord-ram-ravana-hollywood-level-vfx-wows-fans-101751526412324.html|title=Ramayana first glimpse: Ranbir Kapoor, Yash explode on screen as Lord Ram, Ravana; 'Hollywood-level' VFX wows fans|work=हिन्दुस्तान टाइम्स|access-date=3 जुलाई 2025}}</ref>
== प्रदर्शन ==
फिल्म को 2026 में दिवाली पर सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/entertainment/ramayana-ranbir-kapoor-sai-pallavi-s-film-gets-release-date-bonus-new-poster-6955155|title=Ranbir Kapoor And Sai Pallavi's Ramayana Part 1 and 2 Get Official Release Dates|date=6 नवम्बर 2024|website=एनडीटीवी|access-date=30 अक्टूबर 2024}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:2026 की फ़िल्में]]
[[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में]]
[[श्रेणी:हिंदी भाषा की फिल्में]]
[[श्रेणी:हिंदी-भाषा फिल्म]]
[[श्रेणी:रामायण]]
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तुम्म से तुम्म तक
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text/x-wiki
{{Short description|हिंदी भाषा का भारतीय टेलीविजन धारावाहिक}}
{{Use dmy dates|date=April 2026}}
{{Infobox television
| name = तुम से तुम तक
| genre = रोमांटिक ड्रामा
| country = भारत
| language = हिंदी
| network = [[ज़ी टीवी]]
| first_aired = 7 जुलाई 2025
| starring = निहारिका चौकसे, [[शरद केलकर]]
}}
'''तुम से तुम तक''' एक हिंदी भाषा का भारतीय रोमांटिक ड्रामा टेलीविजन धारावाहिक है, जिसका प्रीमियर 7 जुलाई 2025 को [[ज़ी टीवी]] पर हुआ। इसमें निहारिका चौकसे और [[शरद केलकर]] मुख्य भूमिकाओं में हैं।
== कलाकार ==
* निहारिका चौकसे — अनु शर्मा
* [[शरद केलकर]] — आर्यवर्धन
== कथानक ==
यह धारावाहिक दिल्ली के [[चांदनी चौक]] की एक मध्यमवर्गीय लड़की अनु शर्मा और एक सफल उद्योगपति आर्यवर्धन के जीवन के इर्द-गिर्द घूमता है। दोनों की मुलाकात एक संयोगवश यात्रा के दौरान होती है, जिसके बाद उनके बीच एक भावनात्मक संबंध विकसित होता है।
कहानी में सामाजिक वर्ग का अंतर, पारिवारिक दबाव और व्यक्तिगत संघर्ष जैसे विषयों को दर्शाया गया है। अनु और आर्यवर्धन के रिश्ते को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें पारिवारिक निर्णय और सामाजिक परिस्थितियाँ शामिल हैं।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[Category:ज़ी टीवी के कार्यक्रम]]
[[Category:भारतीय टेलीविजन धारावाहिक]]
[[Category:2025 में शुरू हुए टीवी कार्यक्रम]]
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एस्प्रेसो
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{{Infobox Prepared Food|name=एस्प्रेसो|country={{ITA}}|veg=veg|image=Tazzina di caffè a Ventimiglia.jpg|image_size=250px|caption=[[इटली]] के [[वेंतिमीलिया]] शहर में एक कप एस्प्रेसो}}
'''एस्प्रेसो''' ({{Langx|it|Espresso|italic=no}}) [[कॉफ़ी]] का एक सांद्रित रूप है जो बारीक़ पिसी हुई कॉफ़ी की बीन्स के माध्यम से उच्च दबाव पर गर्म पानी को डालकर तैयार किया जाता है। इटली में उत्पन्न होने वाली एस्प्रेसो, दुनिया भर में कॉफ़ी बनाने की सबसे लोकप्रिय विधियों में से एक बन गई है। इसकी विशेषता इसकी छोटी सर्विंग आकार है, जो आमतौर पर २५–३० मिलीलीटर होती है, और इसकी विशिष्ट परतें हैं: एक गहरे रंग का बॉडी जिसके ऊपर हल्के रंग का झाग होता है, जिसे "क्रीमा" कहा जाता है।
[[एस्प्रेसो मशीन|एस्प्रेसो मशीनें]] कम समय में, आमतौर पर २५–३० सेकंड में, एक जटिल स्वाद प्रोफ़ाइल वाली अत्यधिक केंद्रित कॉफ़ी निकालने के लिए दबाव का उपयोग करती हैं। इसका परिणाम एक ऐसा पेय होता है जिसमें सामान्य [[फ़िल्टर कॉफी]] की तुलना में निलंबित और घुले हुए ठोस पदार्थों की अधिक सांद्रता होती है, जो एस्प्रेसो को उसकी विशेषता बॉडी और तीव्रता प्रदान करती है।<ref>{{cite news|url=https://esquirescoffee.co.uk/news/history-espresso/|title=The History of the Espresso|date=12 February 2020|work=Esquires Coffee}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://espressocoffeebrewers.com/espresso-coffee-history/|title=Espresso Coffee Maker Through History|date=2017-12-13|website=EspressoCoffeeBrewers.com|language=en-US|access-date=2021-04-08}}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> हालाँकि एस्प्रेसो में अधिकांश कॉफ़ी पेय पदार्थों की तुलना में प्रति इकाई आयतन में अधिक कैफीन होता है, लेकिन इसके सामान्य सर्विंग साइज़ के कारण ड्रिप कॉफ़ी जैसे बड़े पेय की तुलना में प्रति सर्विंग कैफीन की मात्रा कम होती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.compasscoffee.com/blogs/the-daily-grind/coffee-vs-espresso-unraveling-the-caffeine-mystery?srsltid=AfmBOopvzlFTF3LBKHCVAQCGRELCgl6DDXSFPC5f4kY7snBmEuggzV3K|title=Coffee versus Espresso: Unraveling the Caffeine Mystery|website=Compass Coffee|language=en|access-date=2024-11-02}}</ref>
एस्प्रेसो अन्य कॉफ़ी पेय पदार्थों जैसे [[कापुचीनो|कपूचीनो]], कैफ़े लाटे और अमेरिकानो का आधार है। इसे विभिन्न प्रकार की कॉफ़ी बीन्स और भूनने के स्तरों के साथ बनाया जा सकता है, जिससे स्वाद और मजबूती की एक विस्तृत शृंखला संभव होती है, भले ही यह व्यापक भ्रांति है कि इसे डार्क-रोस्ट कॉफ़ी बीन्स से बनाया जाता है। एस्प्रेसो की गुणवत्ता कई कारकों से प्रभावित होती है, जैसे कि पिसाई का आकार, पानी का तापमान, दबाव और कॉफ़ी के पाउडर को दबाने (टैम्पिंग) में [[बरिस्ता|बैरिस्टा]] के कौशल का होना।<ref>{{Cite web|url=https://us.ecscoffee.com/blogs/ecs/debunking-5-common-espresso-myths|title=Debunking 5 Common Espresso Myths|website=ECS Coffee|language=en|access-date=2025-05-19}}</ref>
एस्प्रेसो का सांस्कृतिक महत्व इसके सेवन से परे है, यह [[कॉफ़ीख़ाना]] संस्कृति और तीसरी लहर वाली कॉफ़ी आंदोलन में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है, जो दस्तकारी उत्पादन और उच्च गुणवत्ता वाली बीन्स पर जोर देता है।
== एस्प्रेसो-आधारित पेय ==
<gallery perrow="4">
चित्र:Ristretto_-_by_Charles_Haynes.jpg|रिस्त्रेत्तो
चित्र:Macchiato_(7199366530).jpg|मच्चिअतो
चित्र:Carajillo_en_Duralex_Cigogne.jpg|लुंगो
चित्र:Espresso_Americano.jpeg|अमेरिकानो
चित्र:Nero_Espresso_long_black_(3168418775).jpg|लोंग ब्लैक
चित्र:Cappuccino_at_Sightglass_Coffee.jpg|कापूचीनो
चित्र:Coffee_with_milk_(563800).jpg|कैफ़े लाटे की तैयारी
चित्र:Latte_macchiato_with_coffee_beans.jpg|लाटे मच्चिअतो
</gallery>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Commons category inline}}
* {{Wiktionary inline|espresso}}
[[श्रेणी:एस्प्रेसो]]
[[श्रेणी:कॉफ़ी संस्कृति]]
[[श्रेणी:कॉफ़ी पेय]]
[[श्रेणी:इटली में कॉफ़ी]]
[[श्रेणी:गर्म पेय]]
[[श्रेणी:इतालवी खाना]]
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उल्लाडाबरी
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2026-04-22T14:39:58Z
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{{Infobox settlement
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| footnotes =
}}
'''उल्लाडाबरी''' [[भारत]] के [[पश्चिम बंगाल]] राज्य के [[जलपाईगुड़ी ज़िला|जलपाईगुड़ी जिले]] के [[मयनागुड़ी]] ब्लॉक में एक गाँव है।<ref>{{Cite web|title= जिला जनगणना पुस्तिका जलपाईगुड़ी|work= [[भारत की जनगणना २०११]], जनगणना संचालन निदेशालय पश्चिम बंगाल|url= https://westbengal.census.gov.in/DCHB_2011_WB_Part_A/1902_PART_A_DCHB_JALPAIGURI.pdf|access-date= 15 सितम्बर 2025}}{{Dead link|date=सितंबर 2025 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web|title=गाँव:उल्लाडाबरी|url=https://civicatlas.in/village-Ulladabri-307541|website=civicatlas.in|access-date=15 सितम्बर 2025}}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:जलपाईगुड़ी ज़िला]]
8z4ckoacbrzkoxnvmo8fzexni84wj4s
एलबासान
0
1603867
6543255
6488504
2026-04-23T05:24:15Z
InternetArchiveBot
500600
Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.9.5
6543255
wikitext
text/x-wiki
{{संक्षिप्त विवरण|अल्बानिया का चौथा सबसे बड़ा शहर}}
{{Infobox Albanian settlement|name=एलबासान|type=m|flag=Flag of Elbasan.gif|emblem=Stema e Bashkisë Elbasan.svg|image_skyline={{multiple image
| border = infobox
| perrow = 1/2
|total_width = 300
|caption_align = center
|image1 = Elbasan 1.jpg
|caption1 =शहर का दृश्य
|image2 = Elbasan, Albania, St Mary's Church 2018 07.jpg
|caption2 = [[संत मरियम गिरजाघर, एलबासान|संत मरियम गिरजाघर]]
|image3 = Elbasan - Xhamia Masjid Hafiz Patel (2018).jpg
|caption3 = हाफ़िज़ पटेल मस्जिद
|image4 = Часовая башня в Эльбасане.jpg
|caption4 = एलबासान घंटाघर
|image5 = Elbasan Castle 1.JPG
|caption5 =[[एलबासान गढ़]]
}}|image_caption=|map=|county=Elbasan|parts=|settled=|incorporated=|dissolved=|party=[[अल्बानिया समाजवादी पार्टी|PS]]|mayor=ग्लेदियान लात्या|council chairman=|administrator=|coordinates={{coord|41|06|40|N|20|04|50|E|type:adm1st_region:AL_dim:100000|display=inline}}|elevation=133|area munic=845.1|area rank=|population as of=2023<ref name="2023pop">{{cite web|title=Census of Population and Housing|url=https://www.instat.gov.al/en/themes/censuses/census-of-population-and-housing/|publisher=Institute of Statistics Albania|access-date=17 अक्तूबर 2025|archive-date=30 अप्रैल 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250430151629/https://www.instat.gov.al/en/themes/censuses/census-of-population-and-housing/|url-status=dead}}</ref>|area_unit=17.4|population munic=115101|population unit=66834|population rank=|postal code=3001-3006|area code=(0)54|website={{URL|https://elbasani.gov.al/}}|native_name=Elbasan}}'''एलबासान''' ({{Langx|sq|Elbasan|italic=no}}) [[अल्बानिया]] का [[अल्बानिया के शहरों की सूची|चौथा सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर]] है और [[एलबसन प्रांत|एलबासान प्रांत]]<nowiki/> की राजधानी है। यह मध्य अल्बानिया में [[स्कंदरबेग पर्वतमाला]] और [[मुज़ेचे]] मैदान के बीच [[श्कुंबिन नदी]] के उत्तर में स्थित है।
== नाम ==
''एलबासान'' नाम [[उस्मानी तुर्की भाषा|उस्मानी तुर्की]] शब्द {{Lang|ota|{{unq|ايلبصان}}}} ("क़िला") से व्युत्पन्न है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=haFlGXIg8uoC&q=Neokastron+elbasan&pg=PA126|title=Robert Elsie: Historical dictionary of Albania|last=Elsie|first=Robert|date=2010-03-19|publisher=Scarecrow Press|isbn=9780810873803|access-date=2013-08-10}}</ref>
[[श्रेणी:अल्बानिया के शहर]]
[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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2025 की हिंदी फिल्मों की सूची
0
1604960
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2026-04-23T07:30:32Z
~2026-24665-90
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wikitext
text/x-wiki
{{ख़राब अनुवाद|date=फ़रवरी 2026}}
यह 2025 में रिलीज़ हो चुकी या होने वाली [[हिंदी फ़िल्मों|हिंदी फिल्मों]] की सूची है !
== २०२५ हिन्दी फिल्मो का बॉक्स ऑफिस संकलन ==
{| class="wikitable sortable"
|+२०२५ की अधिकतम कमी करनेवाली फिल्मे
!Rank
!Title
!Production company
!Worldwide gross
!<abbr>Ref.</abbr>
|-
!1
|[[छावा]]
|मेडोक फिल्म्स
|₹797.34 crore
|<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/chhaava/box-office/|title=Chhaava Box Office Collection {{!}} India {{!}} Day Wise {{!}} Box Office - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|date=2025-02-14|language=en|access-date=2025-11-21}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/box-office-collections/worldwide/|title=Worldwide Highest Grossing Bollywood Movies on 2025 - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|language=en|access-date=2025-11-21}}</ref>
|-
!2
|[[सैयारा]]
|यश राज फिल्म्स
|₹579.23 crore
|<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/saiyaara/box-office/|title=Saiyaara Box Office Collection {{!}} India {{!}} Day Wise {{!}} Box Office - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|date=2025-07-18|language=en|access-date=2025-11-21}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/box-office-collections/worldwide/|title=Worldwide Highest Grossing Bollywood Movies on 2025 - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|language=en|access-date=2025-11-21}}</ref>
|-
!3
|[[वॉर 2|वॉर २]]
|यश राज फिल्म्स
|₹351 crore
|<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/war-2/box-office/|title=War 2 Box Office Collection {{!}} India {{!}} Day Wise {{!}} Box Office - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|date=2025-08-14|language=en|access-date=2025-11-21}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood/war-2-worldwide-box-office-collection-day-14-hrithik-roshan-jr-ntr-film-reaches-350-cr-beats-adipurush-drishyam-2-101756352481335.html|title=War 2 worldwide box office collection day 14: Hrithik Roshan, Jr NTR film reaches ₹350 cr; beats Adipurush, Drishyam 2|date=2025-08-28|website=Hindustan Times|language=en|access-date=2025-11-21}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/box-office-collections/worldwide/|title=Worldwide Highest Grossing Bollywood Movies on 2025 - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|language=en|access-date=2025-11-21}}</ref>
|-
!4
|''[[महा अवतार नरसिंह|महाव्तार नरसिम्हा]]''
|क्लिम प्रोडक्शन
|₹300 - 325 crore
|
|-
!5
|[[सितारे ज़मीन पर|सितारे जमीन पर]]
|आमिर खान प्रोडक्शन
|₹266.49 crore
|<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/sitaare-zameen-par/box-office/|title=Sitaare Zameen Par Box Office Collection {{!}} India {{!}} Day Wise {{!}} Box Office - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|date=2025-06-20|language=en|access-date=2026-01-02}}</ref>
|-
!6
|[[रेड 2 (फिल्म)|रेड २]]
|टी - सीरीज फिल्म्स
|₹243.06 crore
|<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/raid-2/box-office/|title=Raid 2 Box Office Collection {{!}} India {{!}} Day Wise {{!}} Box Office - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|date=2025-05-01|language=en|access-date=2026-01-17}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/box-office-collections/worldwide/|title=Worldwide Highest Grossing Bollywood Movies on 2025 - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|language=en|access-date=2026-01-17}}</ref>
|-
!7
|हाउसफूल ५
|नडियादवाला ग्रेंडसन एंटरटेनमेंट
|₹242.80 - 248.80 crore
|
|}
== जनवरी–मार्च ==
{| class="wikitable"
|-
| rowspan="13" style="text-align:center; background:plum; textcolor:#000;" |'''जनवरी'''
| style="text-align:center;background:#f1daf1;" |'''3'''
| style="text-align:center;" | ''[[द रैबिट हाउस]]'' || वैभव कुलकर्णी || {{hlist|अमित रियान|करिश्मा|पद्मनाभ|गगन प्रदीप|प्रीति शर्मा|सुरेश कुंभार}}
| गीताई प्रोदुयसन || <ref>{{cite web |date=3 January 2025 |title=The Rabbit House |url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/the-rabbit-house/critic-review/the-rabbit-house-movie-review/ |website=[[Bollywood Hungama]] |access-date=4 February 2025}}</ref>
|- style="background:#b0e0e6; text-align:center;"
|
! style="width:18%;" | शीर्षक
! style="width:10.5%;" | निर्देशक
! style="width:30%;" | कलाकार
!'''स्टूडियो (टी - सीरीज फिल्म्स)'''
! {{refh}}
|-
| rowspan="2" style="text-align:center;background:#f1daf1;" |'''10'''
| style="text-align:center;"| ''फतेह'' || सोनू सूद|| {{hlist|[[सोनू सूद]]|[[नसीरुद्दीन शाह]]|[[जैकलिन फर्नांडीस]]}}
| जी स्टुडियोस, शक्ति सागर प्रोडयुसन || <ref>{{Cite news |url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/sonu-sood-announces-release-date-directorial-fateh-arrive-cinemas-january-10-2025/ |title=Sonu Sood announces the release date of his directorial Fateh; to arrive in cinemas on January 10, 2025 |work=[[Bollywood Hungama]] |date=30 July 2024}}</ref>
|-
| style="text-align:center;"| ''मैच फिक्सिंग'' || केदार गायकवाड || {{hlist|[[विनीत कुमार सिंह]]|[[राज अर्जुन]]|[[शताफ़ फ़िगार]]|[[अनुजा साठे]]}}
| अर्टरेन क्रेयटीन्स || <ref>{{cite news |title=Vineet Kumar Singh-starrer Match Fixing gets new release date |url=https://www.cinemaexpress.com/hindi/news/2024/Dec/27/vineet-kumar-singh-starrer-match-fixing-gets-new-release-date |work=[[Cinema Express]] |date=1 December 2024}}</ref>
|-
| rowspan="4" style="text-align:center;background:#f1daf1;" |'''17'''
| style="text-align:center;"| ''इमरजेंसी'' || [[कंगना रनौत]]|| {{hlist|[[कंगना रनौत]]|[[अनुपम खेर]]|[[श्रेयस तलपड़े]]|[[महिमा चौधरी]]|[[मिलिंद सोमन]]|[[सतीश कौशिक]]}}
| जी स्टूडियो, मणिकमिक फिल्म्स || <ref>{{Cite news |url=https://www.indiatvnews.com/entertainment/bollywood/kangana-ranaut-s-emergency-finally-gets-its-release-date-indira-gandhi-s-biopic-to-release-next-year-2024-11-18-962127 |title=Kangana Ranaut's 'Emergency' finally gets its release date |work=India TV |date=18 November 2024}}</ref>
|-
| style="text-align:center;"| ''आज़ाद'' || [[अभिषेक कपूर]]|| {{hlist|[[अजय देवगन]]|[[डायना पेंटी]]|आमान देवगन|राशा थडानी|[[मोहित मलिक]]|[[पियूष मिश्रा]]}}
| आर एस वीपी मूवीज || <ref>{{Cite news |url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/ajay-devgn-aaman-devgan-rasha-thadani-starrer-azaad-release-january-17-deets-inside/ |title=Azaad to release on January 17 |work=Bollywood Hungama |date=30 November 2024}}</ref>
|-
| style="text-align:center;"| ''मिशन ग्रे हाउस'' || नौशाद सिद्दीकी || {{hlist|अबीयर ख़ान|पूजा शर्मा|[[राजेश शर्मा]]|[[किरण कुमार]]|[[निकहत ख़ान]]|[[कमलेश सावंत]]|[[रज़ा मुराद]]}}
| रिलायंस एंटेरटैनमेंट || <ref>{{cite web |url=https://news.abplive.com/entertainment/movies/mission-grey-house-first-look-out-a-gripping-suspense-thriller-releasing-in-january-1735209 |title=Mission Grey House First Look Out |date=30 November 2024}}</ref>
|-
| style="text-align:center;"| ''संगी'' || सुमित कुलकर्नी || {{hlist|[[शरीब हाशमी]]|संजय बिश्नोई|[[गौरव मोरे]]|[[विद्या मालवड़े]]|श्यामराज पाटिल|मार्टिन जिशिल}}
| यंत्रणा फिल्म्स, आर्मोकस फिलम्स || <ref>{{cite news |title=Sangee Movie Review |url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/movie-reviews/sangee/amp_movie_review/117332496.cms |work=Times of India |date=17 January 2025}}</ref>
|-
| rowspan="3" style="text-align:center;background:#f1daf1;" |'''24'''
| style="text-align:center;"| ''हिसाब बराबर'' || अश्विनी धीर || {{hlist|[[आर. माधवन]]|[[नील नितिन मुकेश]]|[[कीर्ति कुल्हारी]]|[[रश्मि देसाई]]}}
| जिओ स्टुडियोस, एस पी साइन कॉर्प || <ref>{{Cite web |url=https://www.ottplay.com/news/hisaab-barabar-trailer-out-r-madhavan-looks-promising-as-he-unravels-banking-scam-in-upcoming-satirical-thriller/b44a969d6e857 |title=Hisaab Barabar Trailer Out}}</ref>
|-
| style="text-align: center;" |स्काइ फोर्स
|संदीप केवलानी अभिषेक अनिल कपूर
|[[अक्षय कुमार]], वीर पहारिया, [[सारा अली ख़ान|सारा अली खान]], निमरत कौर
|जिओ स्टूडियो, मदड़ोकक फिल्म्स
|<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/akshay-kumar-starrer-sky-force-release-january-24-2025-makers-drop-trailer-christmas-report/|title=Akshay Kumar starrer Sky Force to release on January 24, 2025, makers to drop trailer on Christmas: Report : Bollywood News - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|date=2024-10-19|language=en|access-date=2026-01-17}}</ref>
|-
| style="text-align: center;" |स्वीट ड्रीम्स
|विक्टर मुखर्जी
|अमोल पराशर, मिथिला पलकर
|जिओ स्टूडियो, मोनगो पीपल मेडिया
|<ref>{{Cite web|url=https://www.ottplay.com/news/sweet-dreams-mithila-palkar-amol-parashar-tease-surreal-love-story-ott-release-date-out/f151e614e4554|title=Sweet Dreams announcement: Mithila Palkar and Amol Parashar tease a surreal love story; OTT release date out|website=OTTPlay|language=en|access-date=2026-01-17}}</ref>
|-
| style="text-align: center;" |28
|ध स्टोरीटेलर
|अनंत महादेवा
|[[परेश रावल]], आदिल हुसैन, रेवती, तननिष्ठा चैटर्जी
|जिओ स्टूडियो, क्वेस्ट फिल्म्स
|<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/amp/entertainment/disney-hotstar-to-stream-paresh-rawal-starrer-the-storyteller-from-january-28/cid/2077842|title=Paresh Rawal-starrer ‘The Storyteller' to premiere on Disney+ Hotstar on January 28}}</ref>
|-
| style="text-align: center;" |31
|देवा
|रोशन एंड्रू
|[[शाहिद कपूर]], [[पूजा हेगड़े]]
|जी स्टुडियोस, रॉय कपूर फिल्म्स
|<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/shahid-kapoor-pooja-hegde-starrer-deva-gets-preponed-release-january/|title=Shahid Kapoor – Pooja Hegde starrer Deva gets preponed; to release in January : Bollywood News - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|date=2024-11-27|language=en|access-date=2026-01-17}}</ref>
|-
| rowspan="13" style="text-align: center;" |फेब्रुअरी
| rowspan="4" style="text-align: center;" |7
|लवयापा
|अदवैत चन्दन
|ख़ुशी कपूर, जुनैद खान
|जी स्टूडियो, फाण्टों स्टूडियो
|<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/bollywood/story/junaid-khan-khushi-kapoor-new-film-loveyapa-release-2025-2655780-2024-12-26|title=Junaid Khan and Khushi Kapoor's next titled Loveyapa, to release in 2025|last=Desk|first=India Today Entertainment|date=2024-12-26|website=India Today|language=en|access-date=2026-01-17}}</ref>
|-
|बेडएस रवि कुमार
|कैथ गोम्स
|[[हिमेश रेशमिया]], [[प्रभु देवा]]
|हिमेश रेशममिया मेलोड़िएस
|<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodhungama.com/news/bollywood/badass-ravikumar-trailer-unveiled-january-5-himesh-reshammiya-starrer-release-february-7-2025/|title=Badass Ravikumar trailer to be unveiled on January 5; Himesh Reshammiya starrer to release on February 7, 2025 : Bollywood News - Bollywood Hungama|last=Hungama|first=Bollywood|date=2025-01-03|language=en|access-date=2026-01-17}}</ref>
|-
|मिसिस
|आरती कदव
|सैन्य मल्होत्रा, निशांत दहिया
|जिओ स्टूडियो, बावेज स्टूडियो
|<ref>{{Cite web|url=https://theprint.in/feature/mrs-starring-sanya-malhotra-to-release-on-zee5-on-february-7/2463109/|title=‘Mrs’ starring Sanya Malhotra to release on ZEE5 on February 7}}</ref>
|-
|ध मेहता बॉयज
|बोमन ईरानी
|बोमन ईरानी, अविनाश तिवारी
|ईरानी मॉवईएटोने
|
|-
| style="text-align: center;" |11
|बॉबी और ऋषि की लवस्टोरी
|कुणाल कोहली
|वर्धन पूरी, कावेरी कपूर
|जिओ स्टूडियो, डिज़्नी +हॉट स्टार
|-
| rowspan="2" style="text-align: center;" |14
|छावा
|लक्समी उठकर
|
|मदड़ोकक फिल्म्स
|-
|धूम धाम
|रिषभ सेठ
|प्रतिक गाँधी, यामी गौतम
|जिओ स्टुडियोस, बी 62 स्टूडियो
|-
| rowspan="2" style="text-align: center;" |21
|मेरे हस्बैंड की बीवी
|मुदस्सर अज़ीज़
|अर्जुन कपूर, रकुल प्रीत सिंघ
|पूजा एंटेरटैनमेंट
|-
|कौशलजीस वर्सेस कौशल
|सीमा देसाई
|आशुतोष राणा, शीबा चढ़ा
|जिओ स्टूडियो, मेरी गो रौंद स्टूडियो
|-
| rowspan="4" style="text-align: center;" |28
|शैला
|सकी शाह
|रोहित चौधरी, सारा खान
|रिलायंस एंटेरटैनमेंट, रियोंन फिल्म्स
|-
|क्रेजी
|गिरीश कोहली
|सोहम शाह
|सोहम शाह फिल्म्स
|-
|सुपरबॉयस ऑफ़ मालेगाव
|रीमा कागती
|आदर्श गौरव, विनीत कुमार सिंघ
|एमोज़ोन एम जी एम स्टुडियोस
|-
|दिल दोस्ती और डॉगस
|वाइराल शाह
|नीना गुप्ता,शरद केलकर
|जिओ स्टोडियो, ध क्रिएटिव ट्राइब
|-
| rowspan="11" style="text-align: center;" |मार्च
| rowspan="2" style="text-align: center;" |7
|नादाननीया
|सुना गोतम
|एबराइम अली खान,खुसी कपूर
|धर्मातीक एंटेरटैनमेंट
|-
|रीवाज़
|मनोज साटी
|अनीता राज, जाया प्रदा
|कशिश खान, पर्डक्शन
|-
| rowspan="5" style="text-align: center;" |14
|द डिपलोमेट
|शिवम नायर
|जॉन इब्राहीम, सादीया खातीब
|टी सीरीज फिल्म्स
|-
|माय मेलबन
|कबीर खान, रीमा दास ,ओनिर , इंमतीयाज अली
|जेक रीयन, अरका दास
|स्क्रीन ऑस्ट्रेलिया, वीक स्क्रीन
|-
|बी हैप्पी
|रेमो डी सौजा
|नोरा फतेही, नसर
|एंजॉनन प्राइम वीडियो
|-
|इन गलियो मे
|अविनाश दास
|विवान शाह, जावेद जाफरी
|यदुनाथ फिल्म्स
|-
|आचारी बा
|हार्दिक गुज्जर
|नीना गुप्ता, कबीर बेदी
|जिओ स्टूडियो, हार्दिक गज्जर फिल्म्स
|
|-
| rowspan="3" style="text-align: center;" |21
|बाईदा
|पुनीत शर्मा
|मनीषा राय,शोबित सूजय
|एम एन एम एंटेरटैनमेंट
|-
|तुम को मेरी कसम
|विक्रम भट्ट
|अनुपम खेर, अदाह शर्मा
|इंदिरा एंटेरटैनमेंट
|-
|पिन्टू की पप्पी
|शिव हरे
|शुशान्त, जानया जोशी
|मीथ्री मूवी मकर्स
|-
| style="text-align: center;" |30
|सिकन्दर
|ऐ आर मुरगूँदाश
|सलमान खान, काजल अगरवाल
|नादियादवाला ग्रैन्सन एंटेरटैनमेंट
|}
== अप्रैल-जून ==
{| class="wikitable"
! colspan="2" style="width:6%;" |'''प्रारंभिक'''
! style="width:18%;" |'''शीर्षक'''
! style="width:10.5%;" |'''निर्देशक'''
! style="width:30%;" |'''कलाकार'''
!स्टूडियो (प्रोडक्शन हाउस)
!संदर्भ।
|-
| style="text-align:center; background:plum;" |<big>अप्रैल</big>
| style="text-align:center;background:#f1daf1;" |10
| style="text-align:center;" |जात
|गोपीचन्द मलिनेनी
|सनी देओल, रणदीप हूदा
|मीथ्री मूवी मकर्स, पीपल मीडिया फैक्ट्री
|
|-
| style="text-align:center; background:#7FFFD4; textcolor:#000;" |
| style="text-align:center;background:#dbfff8;" |11
| style="text-align:center;" |छोरी 2
|विशाल फुरिया
|सोह अली खान, कुलदीप सरीन
|टी सीरीज फिल्म्स एमोज़ोन प्राइम वीडियो
|
|-
| style="text-align:center; background:#93CCEA; textcolor:#000;" |
| style="text-align:center;background:#B0E0E6;" |
| style="text-align:center;" |केसरी चैप्टर 2
|करन सिंघ त्यागी
|अक्षय कुमार, अनन्या पंड्या
|धर्मा प्रोडक्शन, केप ऑफ गुड फिल्म्स
|
|-
| style="text-align: center;" |
| rowspan="3" style="text-align: center;" |18
| style="text-align: center;" |लोगोउट
|अमित गोलानी
|बबली खान, निमिषा नायर
|वियकों 18 स्टूडियो
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |ध सीक्रिट ऑफ देवकाली
|नीरज चौहान
|भूमिका गुरुङ, महेश मांजरेकर
|चौहान प्रोडक्शन
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |ग्राउन्ड ज़ीरो
|तेजस प्रभा विजय देओसकर
|एमरान हास्मी, जोया हुसैन
|इक्सेल एंटेरटैनमेंट
|
|-
| style="text-align: center;" |
| rowspan="4" style="text-align: center;" |25
| style="text-align: center;" |जेवल थीफ
|कूकले गुलाटी रोबबले गरेवल
|सैफ अली खान, निकिता दुत्ता
|मरफिक्स पिक्चर्स, नेटफिक्स
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |फुले
|अनंत महादेवन
|प्रतीक गांधी, पत्रलेखा
|जी स्टुडियोस, डैन्सिंग शिवा फिल्म्स
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |ओए भूतनी के
|अजय कैलाश यादव
|अशोक ठाकुर, निकिता शर्मा
|सहत्याम फिल्म्स, विज़न मोटिन फिल्म
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |रैड 2
|राज कुमार
|अजय देवगन, वाणी कपूर
|टी - सीरीज फिल्म्स, पनोरमा स्टूडियो
|
|-
| style="text-align: center;" |मई
| rowspan="3" style="text-align: center;" |1
| style="text-align: center;" |ध भूतनी
|सिद्धांत सचदेव
|संजय दुतत, मौनी रॉय
|सोहम रॉक स्टार एंटेरटैनमेंट
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |कोसतों
|सेजल शाह
|प्रिया बापट, किशोर कुमार जी
|भानुशाली स्टूडियो, बॉम्बे फैबल
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |ध नेट वर्कर
|विकास कुमार
|ऋषभ पाठक, निखट खान
|गतरगू एंटेरटैनमेंट
|
|-
| style="text-align: center;" |
| rowspan="2" style="text-align: center;" |16
| style="text-align: center;" |रोमियो एस 3
|गुड्डू धनाओ
|ठाकुर अनूपसीग, पलक तिवारी
|पेन स्टूडियो,वाइल्ड रिवर पिक्चर्स
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |भूल चूख माफ
|करन शर्मा
|राजकुमार राव, वामिक गबबी
|अमोज़ोन एम जी एम स्टूडियो, मदड़ोकक फिल्म्स
|
|-
| style="text-align: center;" |
| rowspan="3" style="text-align: center;" |25
| style="text-align: center;" |कपकपी
|संगीथ सीवन
|तुषार कपूर, जय ठक्कर
|जी स्टूडियो, ब्रावो एंटेरटैनमेंट
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |पुणे हाइवै
|राहुल डा कुनहा -बुगस भार्गव
|जिम सरभ, अमित साध
|ड्रॉप दी फिल्म्स, टेन यर्स यौनगेर (प्रोडक्शन
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |केसरी वीर
|प्रिंस धीमान
|सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय
|चौहान स्टूडियोस
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |30
| style="text-align: center;" |चिड़िया
|मेहरण अमरोही
|विनय पाठक, अमृता सुभास
|स्माइली फिल्म्स, के मीडिया वर्क्स
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |इंटेरोगटीऑन
|अजय वर्मा राजा
|मनु सिंघ, राजपाल यादव
|आर्यन बरथर्स एंटेरटैनमेंट फिल्म
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |स्टॉलें
|करन तेजपाल
|हरीश खन्ना, शुभम वर्धन
|जंगल बुक स्टूडियो
|
|-
| style="text-align: center;" |जुन
| style="text-align: center;" |6
| style="text-align: center;" |हाउस फूल 5
|तरुण मंसूखानी
|अक्षय कुमार, संजय दुत्ता
|नादियादवाला ग्रैन्सन एंटेरटैनमेंट
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |20
| style="text-align: center;" |सितारे जमीन पर
|आर । एस प्रसंना
|आमिर खान, गेनएलिया देशमुख
|आमीन खान प्रोडक्शन
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |25
| style="text-align: center;" |डाटेकतिवे शेरडी
|रवि छबरिया
|डायना पेन्टी, बोमन ईरानी
|ए ए जेड फिल्म्स
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |मा
|विशाल फुरिया
|काजोल, रोहित रॉय
|
|
|-
| style="text-align: center;" |
| style="text-align: center;" |27
| style="text-align: center;" |वेल डन सी ए साहब
|सर्वेश कुमार सिंग
|ज्योति कपूर, निशमा सोनी
|फिगर्स एण्ड फरमेस
|
|}
== जुलाई-सितम्बर ==
{| class="wikitable"
! colspan="2" |'''प्रारंभिक'''
!'''शीर्षक'''
!'''निर्देशक'''
!कलाकार
!स्टूडियो (प्रोडक्शन हाउस)
!संदर्भ
|-
|July
|4
|मेट्रो.. इन दिनों
|अनुराग बासु
|पंकज त्रिपाठी, फातिमा शेख
|
|
|}
== अक्टूबर-दिसंबर ==
{| class="wikitable"
! colspan="2" |'''प्रारंभिक'''
!'''शीर्षक'''
!'''निर्देशक'''
!'''ढालना'''
!स्टूडियो (प्रोडक्शन हाउस)
!संदर्भ।
|-
|ऑक्टोबर
|2
|सनी संस्कारी कि तुलसी कुमारी
|शशांक खैतन
|वरुण धवन, जानवी कपूर
|धर्म प्रोडक्शन
|
|-
|
| rowspan="3" |10
|लॉर्ड कुरजों कि हवेली
|अंशुमान जहा
|अर्जुन माथुर, जोहा रहमान
|गोल्डन रैशीओ फिल्म्स
|
|-
|
|कोन्टरल
|सफ़दर अब्बास
|ठाकुर अनूप सिंघ, आयेश कड़ुकर
|पेन स्टूडियो
|
|-
|
|भागवत : चैप्टर वन राक्षस
|अक्षय शेरे
|अरशद वर्सी, जितेन्द्र कुमार
|जिओ स्टूडियो
|
|-
|
| rowspan="2" |17
|गरीयतेर कलेश
|आदित्य चंडीओक
|एहसास छानना,सुप्रिया शुक्ला
|टेरबल तिन्नी तलेस
|
|-
|
|विंग मन (ध यूनवर्सल आइरनी ऑफ लव)
|अनुज गुलाटी
|शशांक अरोरा, त्रिमला अधिकारी
|लीओन गेट प्ले
|
|-
|
|21
|ठमम
|आदित्य सर्पोटदार
|परेश रावल, आयुष्मान खुर्राना
|मदड़ोकक फिल्म्स
|
|-
|
|
|एक दीवाने कि दीवनीयत
|मिलाप जवेरी
|हर्षवर्धन राणे, सोनम बाजवा
|देसी मूवीज
|
|-
|
|31
|ध ताज स्टोरी
|तुषार आमिश गोयल
|परेश रावल, जाकिर हूससड़ीं
|स्वर्णिम ग्लोबल सेरवीस
|
|-
|
|
|सिंगगल सलमा
|नचिकेत सामंत
|हुमा कुरेशी,सनी सिंघ
|स्टार स्टूडियो 18
|
|-
|
| rowspan="5" |7
|हक
|सुपां वर्मा
|एमरान हास्मी, यमी गौतम
|जंगली पिक्चर्स
|
|-
|
|जस्सी वेड्स जस्सी
|परन बावा
|रहमत रैटैन, रणवीर शोरए
|डिविनिटी स्टूडियो
|
|-
|
|बारामुला
|आदित्य सुहास
|मानव कुल, भाषा सुंबाली
|जिओ स्टूडियो
|
|-
|
|दे दे प्यार दे 2
|अंशुल शर्मा
|राकुल प्रीत, अजय देवगन
|टी - सीरीज फिल्म्स
|
|-
|
|आग्रा
|कनू बही
|मोहित अगर्वल, रूहानी शर्मा
|सारेगामा उफओ मूवीज
|
|-
|नवम्बर
|14
|दिल्ली
|देवेन्द्र मालवीय
|बृजेन्द्र कला, समर जय सिंघ
|मिडस टच फिल्म्स
|
|-
|
|
|काल ट्रिगहोरी
|नितिन वैद्य
|अरबाज़ खान, राजेश शर्मा
|पेन स्टूडियो
|
|-
|
|
|निशानची 2
|अनुराग कश्यप
|मोनिका पनवार, वेदिका पिन्टो
|जर पिक्चर्स
|
|-
|
|21
|120 बानदुर
|राजनीस राज़ी घई
|फरहान अख्तर, राशी खंना
|
|
|-
|
|
|मस्ती 4
|मिलाप जवेरी
|विवेक ओबेरॉय, तुषार कपूर
|
|
|-
|
|
|तेरे इश्क में
|आनंद ऐल राय
|धनु, कृति
|
|
|-
|
|28
|गुस्ताख इश्क
|विभु पूरी
|फातिमा सान शैकह, विजय वर्मा
|
|
|-
|
|
|मे नो पाऊस मे प्ले
|समर के मुखर्जी
|काम्य पंजाबी, यमन वर्मा
|
|
|-
|
|
|कैसी ये पहेली
|अनन्या बरत चक्रवर्ती
|राजित कपूर, सुकंट गोयल
|
|
|-
|दिसम्बर
|5
|धुरंधर
|आदित्य धार
|रणवीर सिंग, संजय दुतत
|
|
|-
|
|
|किस किसको प्यार करून 2
|अनुकल्प गोस्वामी
|कपिल शर्मा, मनोज सिंघ
|
|
|-
|
|12
|साली मोहबत
|तिसका चोपड़ा
|राधिका आपटे, अनुराग कश्यप
|
|
|-
|
|
|ध ग्रेट शमसुद्दीन फॅमिली
|अनुषा रिजवी
|कृतिका कमरा, फरीदा जलाल
|
|
|-
|
|19
|रात अकेली है : ध बंसल मुरदर्स
|हनी तरहन
|रजत कपूर, संजय कपूर
|
|
|-
|
|
|दुर्लभ प्रसाद कि दूसरी शादी
|सिद्धांत राज सिंघ
|संजय मिश्रा, महिमा चौधरी
|
|
|-
|
|25
|तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी
|समीर विद्वयंस
|कार्तिक आर्यन, नीना गुप्ता
|
|
|}
== सन्दर्भ ==
<references />
[[श्रेणी:हिन्दी फ़िल्में वर्षानुसार]]
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एलिसिया नाइटेकी
0
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{{Infobox academic
| name = एलिसिया नाइटेकी
| image = Nitecki09.jpg
| image_size = 200px
| caption = 2009 में एलिसिया नाइटेकी
| birth_date = {{Birth date|1942|1|2}}
| birth_place = वारसॉ, पोलैंड
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| discipline = अंग्रेज़ी साहित्य
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| doctoral_advisor = जे. एल. बेयर्ड
| known_for = पोलिश लेखकों और होलोकॉस्ट साहित्य पर शोध, मध्ययुगीन साहित्य पर लेख, पोलिश भाषा से अनुवाद
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}}
'''एलिसिया नाइटेकी''' /नीʼटेत्स्की<ref>उनका जन्म एलिसिया वाइशोत्स्का के रूप में हुआ था। बाद में उन्होंने अपने सौतेले पिता का उपनाम कोरज़ेनियोव्स्की अपनाया और ज़्बिग्न्येव नाइटेकी से विवाह के बाद नाइटेकी उपनाम ग्रहण किया।</ref>
(2 जनवरी 1942 – 5 सितंबर 2021) एक अमेरिकी लेखिका और मैसाचुसेट्स के वाल्थम स्थित ब्रेंटली विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी साहित्य की प्रोफ़ेसर थीं।
== यूरोप में प्रारंभिक जीवन ==
1942 से 1944 तक एलिसिया नाइटेकी अपने उच्चवर्गीय परिवार (कुर्नातोव्स्की परिवार) के साथ नाज़ी-अधिकृत वारसॉ में रहीं। अगस्त 1944 में वारसॉ विद्रोह के दमन के बाद नाज़ियों ने उन्हें पश्चिमी जर्मनी में निर्वासित कर दिया और 1945 तक बाडेन-वुर्टेमबर्ग के लॉटरबाख स्थित एक श्रम शिविर में रखा।<ref>लॉटरबाख में बिताए गए समय और 1990 के दशक में वहाँ की गई पुनः यात्राओं का वर्णन उनकी पुस्तक ''Recovered Land'' के अध्याय ''Lauterbach-im-Schwarzwald'' में मिलता है।</ref>
युद्ध के बाद उन्हें फ्रांस के ला कूर्तीन कैंटन स्थित पोलिश शरणार्थी शिविर में भेजा गया, जो नांत नगर के निकट था। इसके बाद परिवार दक्षिणी फ्रांस के कार्केयिरान में बस गया, जहाँ एलिसिया ने 1947 तक फ्रांसीसी प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन किया।
अप्रैल 1948 में परिवार इंग्लैंड चला गया। बार-बार निवास स्थान बदलने के कारण उन्हें कई विद्यालय बदलने पड़े। उन्होंने स्कालफोर्ड के चर्च ऑफ़ इंग्लैंड स्कूल में इलेवन-प्लस परीक्षा दी और बाद में इंग्लैंड के मध्य भाग के डर्बी नगर में एक ग्रामर स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने एक कैथोलिक विद्यालय में शिक्षा ग्रहण की और 1960 में शेफ़ील्ड विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी साहित्य के अध्ययन के लिए प्रवेश लिया। उस समय अंग्रेज़ी विभाग के प्रमुख प्रसिद्ध आलोचक विलियम एम्पसन थे।
शेफ़ील्ड विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद उन्होंने सिटी ऑफ़ लंदन कॉलेज में सचिवीय पाठ्यक्रम पूरा किया और कुछ समय तक सचिव तथा आया के रूप में कार्य किया। इसी दौरान उन्होंने अमेरिकी साहित्य विद्वान रिचर्ड एलमैन के परिवार के साथ काम किया। एलमैन ने उन्हें अमेरिका में स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया और सिफ़ारिश पत्र लिखा, जिसके परिणामस्वरूप 1966 में उन्होंने स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क, बफ़ेलो में प्रवेश लिया।
== अमेरिका में अकादमिक जीवन ==
एलिसिया नाइटेकी ने बफ़ेलो विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने ओहायो के केंट स्टेट विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट अध्ययन किया और 1976 में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।<ref>शोध प्रबंध: ''The Presence of the Past: the Sense of Time in the York Cycle of Mystery Plays'' (1976); मार्गदर्शक: जे. एल. बेयर्ड।</ref>
1980 से वे ब्रेंटली विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी साहित्य की प्रोफ़ेसर रहीं। प्रारंभ में उनका शोध क्षेत्र मध्ययुगीन अंग्रेज़ी साहित्य था, किंतु जर्मनी यात्रा के दौरान फ़्लोसेनबुर्ग एकाग्रता शिविर के दर्शन के बाद उनका झुकाव होलोकॉस्ट साहित्य की ओर हुआ। इसी शिविर में उनके दादा बंदी रहे थे।
होलोकॉस्ट साहित्य के क्षेत्र में उन्होंने विशेष रूप से पोलिश लेखक तादेउश बोरोव्स्की और अन्य जीवित बचे लेखकों पर कार्य किया। 2000 में उन्होंने बोरोव्स्की की पुस्तक ''We Were in Auschwitz'' का अनुवाद किया और 2002 में हेनरिक ग्रिनबर्ग की ''Drohobycz, Drohobycz'' का अंग्रेज़ी अनुवाद प्रकाशित किया।
== अनुवाद ==
* हालिना नेल्केन: ''And Yet, I Am Here'', अनुवाद: नेल्केन और नाइटेकी, यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैसाचुसेट्स प्रेस, 1999
* तादेउश द्रेव्नोव्स्की: ''Postal Indiscretions: The Correspondence of Tadeusz Borowski'', अनुवाद: ए. नाइटेकी, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी प्रेस, 2007
* मिएचिस्लाव लुर्चिन्स्की: ''The Old Guard'', अनुवाद: ए. नाइटेकी, SUNY प्रेस, 2009
== प्रमुख कृतियाँ ==
* ''Figures of Old Age in Fourteenth Century English Literature'', ग्रंथ: ''Aging and the Aged in Medieval Europe'', संपादक: माइकल एम. शीहान, 1990
* ''Recovered Land'', यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैसाचुसेट्स प्रेस, 1995 {{ISBN|0-87023-976-7}}
* ''Jakub's World: A Boy's Story of Loss and Survival in the Holocaust'' (जैक टेरी के साथ), SUNY प्रेस, 2005 {{ISBN|0-7914-6407-5}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.bentley.edu/academics_research/faculty_research/faculty_database/faculty_detail.cfm?id=2604 एलिसिया नाइटेकी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100730095145/http://www.bentley.edu/academics_research/faculty_research/faculty_database/faculty_detail.cfm?id=2604 |date=30 जुलाई 2010 }} — ब्रेंटली विश्वविद्यालय प्रोफ़ाइल
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:अमेरिका के लोग]]
[[श्रेणी:लेखिका]]
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उर्दू विज्ञान बोर्ड
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{{Infobox organization|name=उर्दू विज्ञान बोर्ड|native_name=اردو سائنس بورڈ|abbreviation=यू॰एस॰बी॰|logo_size=150px|formation={{Start date and age|df=y|24|05|1962}}|founder=[[पाकिस्तान सरकार]]|type=शासकीय संस्थान|purpose=उर्दू में वैज्ञानिक एवं प्राविधिक साहित्य का प्रकाशन|headquarters=[[लाहौर]], {{PAK}}|language=[[उर्दू]]|leader_title=निदेशक|leader_name=ज़ियाउल्लाह ख़ान तोरू|parent_organization=राष्ट्रीय धरोहर एवं संस्कृति प्रभाग|website=<!-- उपलब्ध होने पर संकेतस्थल जोड़ें -->}}'''उर्दू विज्ञान बोर्ड''' अथवा '''उर्दू साइन्स''' '''बोर्ड''' ({{Langx|ur|اردو سائنس بورڈ}}; संक्षेप: '''यू॰एस॰बी॰''') [[पाकिस्तान]] का एक शैक्षिक तथा साहित्यिक संस्थान है, जो पाकिस्तान सरकार के राष्ट्रीय धरोहर एवं संस्कृति प्रभाग के अधीन कार्यरत है। इसका उद्देश्य उर्दू भाषा में वैज्ञानिक एवं प्राविधिक ज्ञान का प्रसार करना है, जिसके लिए यह ग्रन्थों तथा सामयिक पत्रिकाओं का प्रकाशन करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1854609|title=COLUMN: RETHINKING LEARNED BODIES|last=Farooqi|first=Musharraf Ali|date=2024-08-25|website=DAWN.COM|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
== इतिहास ==
उर्दू विज्ञान बोर्ड की स्थापना प्रारम्भ में २४ मई १९६२ को केन्द्रीय उर्दू बोर्ड के रूप में हुई थी। यह स्थापना शरीफ़ आयोग (१९५९) की अनुशंसाओं के आधार पर की गई थी। वर्ष १९८२ में इस संस्था का नाम परिवर्तित कर उर्दू विज्ञान बोर्ड रखा गया, जिससे इसके विज्ञान तथा समाज‑विज्ञान सम्बन्धी प्रकाशनों पर केन्द्रित कार्य को स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त किया जा सके।<ref name="Dawn1">{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1470072|title=Urdu Science Board in peril|last=Aslam|first=Irfan|date=2019-03-17|website=[[Dawn (newspaper)|Dawn]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dailypakistan.com.pk/16-Feb-2017/527367|title=اہلِ پاکستان کو قریب لانے اور باہمی یگانگت پیدا کرنے کے لئے کوشاں ہیں|date=2017-02-15|website=[[Daily Pakistan]]|language=en|trans-title=They are striving to bring the people of Pakistan closer and create mutual unity.|archive-url=https://web.archive.org/web/20210622234323/https://dailypakistan.com.pk/16-Feb-2017/527367|archive-date=22 June 2021|access-date=2025-01-12|url-status=live}}</ref>
इसके पूर्व महानिदेशकों में अशफ़ाक़ अहमद, अमजद इस्लाम अमजद, ख़ालिद इक़बाल यासिर तथा नासिर अब्बास नैयर सम्मिलित रहे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.brecorder.com/news/253692|title=Legendary writer Ashfaq Ahmad remembered|last=Jabri|first=Parvez|date=2015-09-07|website=[[Brecorder]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dunyanews.tv/en/Entertainment/753186-Ashfaq-Ahmad-remembered-|title=Literary icon Ashfaq Ahmad's death anniversary today|date=2023-09-07|website=[[Dunya News]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.karachiliteraturefestival.org/amjad-islam-amjad|title=Amjad Islam Amjad|publisher=Karachi Literature Festival.Org|archive-url=https://web.archive.org/web/20120426081109/http://www.karachiliteraturefestival.org/amjad-islam-amjad|archive-date=26 April 2012|access-date=11 January 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://archive.pakistantoday.com.pk/2011/08/11/candid-chat-with-amjad-islam-amjad/|title=Candid chat with Amjad Islam Amjad|last=|date=2011-08-11|website=[[Pakistan Today]]|language=en-GB|access-date=2025-01-11|archive-date=23 जनवरी 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250123191946/https://archive.pakistantoday.com.pk/2011/08/11/candid-chat-with-amjad-islam-amjad/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.nation.com.pk/27-Aug-2011/khalid-iqbal-new-dg-of-urdu-science-board|title=Khalid Iqbal new DG of Urdu Science Board|date=2011-08-27|website=The Nation|language=en-US|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="Dawn1"/><ref>{{Cite web|url=https://www.karachiliteraturefestival.com/speakers/nasir-abbas-nayyar-2/|title=Nasir Abbas Nayyar|website=[[Karachi Literature Festival]]|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20231205123029/https://www.karachiliteraturefestival.com/speakers/nasir-abbas-nayyar-2/|archive-date=5 December 2023|access-date=2025-01-11}}</ref>
पूर्व निदेशकों में इकराम चुग़ताई तथा अब्दुल ग़फ़ूर राशिद का नाम उल्लेखनीय है, जबकि वर्तमान निदेशक ज़ियाउल्लाह ख़ान तोरू हैं।<ref name="Fauzia">{{Cite web|url=https://www.worldurdurnp.com/%D9%85%D8%AD%D9%85%D8%AF-%D8%A7%DA%A9%D8%B1%D8%A7%D9%85-%DA%86%D8%BA%D8%AA%D8%A7%D8%A6%DB%8C/|title=Muhammad Ikram Chughtai|last=Mughal|first=Fauzia|date=27 January 2023|website=Tarjeehat: Online Research Journal|language=ur|archive-url=https://web.archive.org/web/20240615081857/https://www.worldurdurnp.com/%D9%85%D8%AD%D9%85%D8%AF-%D8%A7%DA%A9%D8%B1%D8%A7%D9%85-%DA%86%D8%BA%D8%AA%D8%A7%D8%A6%DB%8C/|archive-date=15 June 2024|access-date=11 January 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.nawaiwaqt.com.pk/31-Jul-2010/115235|title=اردو سائنس بورڈ لاہور میں ترقیاتی و تعارفی تقریب|date=2010-07-31|website=[[Nawa-i-waqt]]|language=ur|trans-title=Development and introductory ceremony at Urdu Science Board Lahore|archive-url=https://web.archive.org/web/20250111220746/https://www.nawaiwaqt.com.pk/31-Jul-2010/115235|archive-date=11 January 2025|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="TNI">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1213795-public-libraries-to-be-equipped-with-modern-facilities|title=‘Public libraries to be equipped with modern facilities’|date=27 July 2024|website=The News International|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.app.com.pk/photos-section/director-urdu-science-board-lahore-ziaullah-khan-giving-a-briefing-to-caretaker-federal-minister-for-national-heritage-and-culture-jamal-shah/|title=Director Urdu Science Board Lahore Ziaullah Khan giving a briefing to caretaker Federal Minister for National Heritage and Culture Jamal Shah|date=2024-02-28|website=[[Associated Press of Pakistan]]|language=en-US|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="USB1">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1241937-usb-to-offer-translation-research-internships|title=USB to offer translation, research internships|date=20 October 2024|website=[[The News International]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
== उद्देश्य ==
उर्दू विज्ञान बोर्ड के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
* उर्दू भाषा में विज्ञान तथा प्राविधिक विषयों के ग्रन्थों का प्रकाशन कर शिक्षा‑क्षेत्र में उर्दू के उपयोग को प्रोत्साहित करना।<ref name="USB12">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1241937-usb-to-offer-translation-research-internships|title=USB to offer translation, research internships|date=20 October 2024|website=[[The News International]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* वैज्ञानिक एवं प्राविधिक विषयों के लिए उर्दू में पारिभाषिक शब्दावली का विकास कर भाषा का विस्तार करना।<ref name="Dawn2">{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1184011|title=Literary notes: should we forget the Constitution’s Article 251?|last=Parekh|first=Rauf|date=2015-05-25|website=DAWN.COM|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* राष्ट्र के विकास में सहयोग हेतु जनसामान्य को उनकी राष्ट्रीय भाषा में सुगम वैज्ञानिक ज्ञान उपलब्ध कराना।<ref>{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1783038|title=literary notes: Poet Zafar Iqbal and his well-deserved Kamal-i-Fun Award|last=Parekh|first=Rauf|date=2023-10-23|website=DAWN.COM|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
== प्रकाशन ==
बोर्ड अब तक ७०० से अधिक ग्रन्थ प्रकाशित कर चुका है। इन ग्रन्थों में विज्ञान, समाज‑विज्ञान, इतिहास, बाल‑साहित्य तथा प्राविधिक शिक्षा जैसे विविध विषय सम्मिलित हैं। इसके प्रमुख प्रकाशनों में—
* उर्दू विज्ञान विश्वकोश<ref>{{Cite web|url=https://www.faz.net/aktuell/politik/ausland/pakistan-hausbesuch-beim-hassprediger-11029382.html|title=Pakistan: Hausbesuch beim Hassprediger|date=2010-08-21|website=[[Frankfurter Allgemeine Zeitung]]|language=de|trans-title=Pakistan: Home visit to the hate preacher|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="TNI2">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1213795-public-libraries-to-be-equipped-with-modern-facilities|title=‘Public libraries to be equipped with modern facilities’|date=27 July 2024|website=The News International|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* वैज्ञानिक एवं प्राविधिक पारिभाषिक शब्दकोश तथा कोश<ref>{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1173723-moot-highlights-role-of-urdu-language-in-pakistan-movement|title=Moot highlights role of Urdu language in Pakistan movement|date=30 March 2024|website=The News International|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* उर्दू विज्ञान पत्रिका, जिसका त्रैमासिक प्रकाशन वर्ष २००२ से निरन्तर हो रहा है<ref>{{cite web|url=http://nationalheritage.gov.pk/urduscienceboard.html|title=Urdu Science Board :: Ministry of Information, Broadcasting & National Heritage (National Heritage & Integration Wing) :: Government of Pakistan|archive-url=https://web.archive.org/web/20140628134243/http://nationalheritage.gov.pk/urduscienceboard.html|archive-date=2014-06-28|access-date=2025-01-11|url-status=dead}}</ref>
== पहलें ==
बोर्ड द्वारा समय‑समय पर अनेक पहलें की गई हैं—
* उर्दू विज्ञान किताब घर की स्थापना, जो इसके प्रकाशनों का प्रदर्शनी‑केन्द्र है।<ref name="USB13">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1241937-usb-to-offer-translation-research-internships|title=USB to offer translation, research internships|date=20 October 2024|website=[[The News International]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="TNI3">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1213795-public-libraries-to-be-equipped-with-modern-facilities|title=‘Public libraries to be equipped with modern facilities’|date=27 July 2024|website=The News International|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dailypakistan.com.pk/23-Oct-2017/664516|title=اُردُو سائنس کتاب گھر|date=2017-10-23|website=Daily Pakistan|language=en|trans-title=Urdu Science Bookstore|archive-url=https://web.archive.org/web/20250111221618/https://dailypakistan.com.pk/23-Oct-2017/664516|archive-date=11 January 2025|access-date=2025-01-11|url-status=live}}</ref>
* शैक्षिक संस्थानों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में पुस्तकों के प्रसार हेतु चलित पुस्तकालय/मोबाइल पुस्तक‑दुकानें प्रारम्भ करना।<ref name="Dawn12">{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1470072|title=Urdu Science Board in peril|last=Aslam|first=Irfan|date=2019-03-17|website=[[Dawn (newspaper)|Dawn]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* उत्कृष्ट वैज्ञानिक पाण्डुलिपियों हेतु वार्षिक उर्दू विज्ञान पुरस्कार का प्रारम्भ।<ref name="Dawn13">{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1470072|title=Urdu Science Board in peril|last=Aslam|first=Irfan|date=2019-03-17|website=[[Dawn (newspaper)|Dawn]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.express.pk/story/1647786/ardw-sans-bwrd-ke-tht-bhtryn-sansy-ktb-w-trajm-kelye-anaamat-ky-tqryb-1647786|title=اردو سائنس بورڈ کے تحت بہترین سائنسی کتب و تراجم کےلیے انعامات کی تقریب|last=|first=|date=2019-04-27|website=[[Daily Express]]|language=en|trans-title=Awards ceremony for the best scientific books and translations under the Urdu Science Board|access-date=2025-01-12}}</ref>
== चुनौतियाँ ==
बोर्ड को वित्तीय सीमाओं का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण कुछ ग्रन्थ पुनर्मुद्रण के अभाव में उपलब्ध नहीं रह सके। तथापि, इन चुनौतियों के बावजूद यह संस्था उर्दू में वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार के प्रति प्रतिबद्ध बनी हुई है।<ref name="Dawn2"/>
== महत्त्व ==
उर्दू विज्ञान बोर्ड ने विज्ञान को जनसामान्य के लिए सुगम बनाने तथा उर्दू भाषा को शैक्षणिक एवं प्राविधिक क्षेत्रों में प्रतिष्ठित करने में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।<ref name="USB1"/>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:उर्दू साहित्य]]
[[श्रेणी:भाषा नियामक]]
[[श्रेणी:पाकिस्तान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी]]
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ऐक्कुआवीवा
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[[चित्र:RSM-Acquaviva13.jpg|अंगूठाकार|ऐक्कुआवीवा दूर से]]
'''ऐक्कुआवीवा''' (रोमागनोल: ''Aquaviva'') [[सान मारिनो|सैन मैरिनो]] के नौ कैस्टेली में से एक है।
== इतिहास ==
इस नगरपालिका का नाम एक झरने के नाम पर पड़ा है, जो मोंटे सेरेटो पहाड़ी के तल से निकलता है (यह पहाड़ी चीड़ के पेड़ों से ढकी हुई है) और परंपरा के अनुसार, इसी झरने के पानी से संत मारिनस ने ईसाई धर्म के नए अनुयायियों को बपतिस्मा दिया था। किंवदंती के अनुसार, चौथी शताब्दी की शुरुआत में, मारिनस ने वर्तमान ऐक्कुआवीवा क्षेत्र में स्थित 'रूपे देला बाल्डासेरोना' की एक गुफा में शरण ली थी। चीएसा दी सान्तनद्रीया (<span lang="eml" dir="ltr">Chiesa di Sant'Andrea</span>), जिसे मध्य युग में बनाया गया था और तब से कई बार इसका नवीनीकरण किया गया है, तीसरी शताब्दी की एक इमारत के अवशेषों पर स्थित है। कहा जाता है कि यह एक ऐसा चर्च था जिसे स्वयं मारिनस ने एक ऐसे स्थान पर बनवाया था, जहाँ पहले रोमन देवता मैरक्यूरिस को समर्पित एक मूर्तिपूजक पूजा स्थल हुआ करता था। ला सेर्रा ज़िले में, एक पत्थर पर बैठे हुए मैरक्यूरिस की एक कांस्य प्रतिमा मिली थी। ऐक्कुआवीवा नाम का उल्लेख सबसे पहले १२५३ में किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.sanmarinoweb.it/castelli-di-san-marino/acquaviva/|title=Acquaviva {{!}} I Castelli di San Marino|website=San Marino Web|language=it-IT|access-date=2026-04-01}}</ref>
८८५ में, मोंटे सेरेटो पर स्थित कोर्टे डि स्टिरवानो में 'प्लासिटो फेरेट्रानो' नामक दस्तावेज़ जारी किया गया था; यह सैन मारिनो की स्वतंत्रता की पुष्टि करने वाला सबसे पुराना ज्ञात दस्तावेज़ है।
१९ दिसंबर १२४३ को, गुइदो दि सेरेटो ने सैन मारिनो गणराज्य को कई अधिकार प्रदान किए, जैसे कि कर वसूलने का अधिकार। इस निर्णय में सेरेटो और वेंटोसो के ''[[सैन मरीनो के उपखंड|कास्टेली]]'' भी शामिल थे, जिसके परिणामस्वरूप बाद में उन्हें गणराज्य में मिला लिया गया।
== अंतरराष्ट्रीय संबंध ==
एक्वाविवा के साथ जुड़वां है <ref>{{Cite web|url=https://villedefroges.fr/fr/rb/1656033/jumelage-43|title=Jumelage Froges - Acquaviva|language=fr|access-date=2024-01-13|archive-date=26 दिसंबर 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20241226015654/https://www.villedefroges.fr/fr/rb/1656033/jumelage-43|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sanmarinofixing.com/2011/06/30/san-marino-si-rinnova-il-gemellaggio-tra-acquaviva-e-froges/|title=San Marino, si rinnova il gemellaggio tra Acquaviva e Froges - San Marino Fixing|date=17 October 2023|language=it|access-date=2024-01-13}}</ref>
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* {{flagicon|FRA}}फ्रोगेस, फ़्रांस (१९८४)
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== सन्दर्भ ==
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सदस्य:AMAN KUMAR/शीह लॉग
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AMAN KUMAR
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शीह नामांकन का लॉग बनाया जा रहा of [[:सदस्य:आदर्श कुमार राजपूत]].
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# [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
=== अप्रैल 2026 ===
# [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:महकाल अवतार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 19:14, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Ayushguptha]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 03:01, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:जियोक्स एआई]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 06:27, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:श्रवण राम पंवार]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 13:11, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Shrawanrampanwar]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 13:12, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
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ऐन ब्रॉली
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text/x-wiki
{{Infobox person
| name = ऐन ब्रॉली
| native_name = Anne Brolly
| image =
| caption =
| birth_date = अज्ञात
| birth_place = [[उत्तरी आयरलैंड]]
| nationality = आयरिश
| occupation = [[राजनीतिज्ञ]], [[गायिका]]
| spouse = [[फ्रांसी ब्रॉली]] (Francie Brolly)
| party = [[सिन फेन]] (Sinn Féin) (2016 ई॰ तक)<br />आओंटू (Aontú) (2019 ई॰–वर्तमान)
| offices = लीमावडी की मेयर (2003–2004)
}}
'''ऐन ब्रॉली''' (अंग्रेज़ी: Anne Brolly) [[उत्तरी आयरलैंड]] से संबद्ध एक आयरिश रिपब्लिकन [[राजनीतिज्ञ]] और पारंपरिक [[गायिका]] हैं। वे मुख्य रूप से लीमावडी बोरो काउंसिल (Limavady Borough Council) में अपने राजनीतिक कार्यकाल और वर्ष 2003 ई॰ से 2004 ई॰ तक 'लीमावडी की मेयर' (Mayor of Limavady) के पद पर अपनी सेवा के लिए जानी जाती हैं। लीमावडी, जो उत्तरी आयरलैंड के काउंटी लंदनडेरी में स्थित है, की स्थानीय राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा [[सिन फेन]] (Sinn Féin) पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में व्यतीत किया। बाद में नीतिगत मतभेदों के कारण उन्होंने इस दल से त्यागपत्र दे दिया। वर्तमान में वे आओंटू (Aontú) नामक राजनीतिक दल से जुड़ी हुई हैं। राजनीति के अतिरिक्त, वे आयरिश पारंपरिक संगीत के क्षेत्र में भी अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए पहचानी जाती हैं।
== राजनीतिक करियर और मेयर का पद ==
ऐन ब्रॉली ने अपने राजनीतिक सफर का आरंभ सिन फेन पार्टी के एक सदस्य के रूप में किया था। वे लीमावडी बोरो काउंसिल के स्थानीय चुनावों में एक काउंसिलर (Councillor) के रूप में निर्वाचित हुईं और स्थानीय प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभाई।<ref>{{Cite web|url=https://www.ark.ac.uk/elections/lglimavady.htm|title=Limavady Council Elections 1993-2011|website=www.ark.ac.uk|access-date=2026-03-21}}</ref> स्थानीय राजनीति में उनके अनुभवों और काउंसिल में उनकी उपस्थिति को देखते हुए, वर्ष 2003 ई॰ में उन्हें लीमावडी की मेयर के पद पर नियुक्त किया गया।<ref>{{Cite web|url=http://www.limavady.gov.uk/filestore/documents/minutes/1406041.pdf|title=Annual Meeting|website=www.limavady.gov.uk|access-date=2026-03-21|archive-date=5 जनवरी 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090105235122/http://www.limavady.gov.uk/filestore/documents/minutes/1406041.pdf|url-status=dead}}</ref>
उत्तरी आयरलैंड की तत्कालीन राजनीतिक पृष्ठभूमि और तनावपूर्ण सामाजिक माहौल के बीच उनका यह कार्यकाल विभिन्न प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों से भरा रहा। एक रिपब्लिकन पार्टी की मेयर होने के कारण, उन्हें कई बार स्थानीय काउंसिल में यूनियनवादी (Unionist) राजनीतिज्ञों तथा अन्य विरोधी गुटों के वैचारिक और राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा था।<ref>{{Cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/northern_ireland/7203882.stm|title=Police intervene in council row|date=2008-01-23|access-date=2026-03-21|language=en-GB}}</ref> कई अवसरों पर यह तनाव इतना अधिक बढ़ गया था कि सुरक्षा चिंताओं के कारण उन्हें न्यायालय में अपील भी करनी पड़ी थी।<ref>{{Cite news|url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/northern_ireland/3958149.stm|title=Protection move after court plea|date=2004-10-27|access-date=2026-03-21|language=en-GB}}</ref> इन विवादों और कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने स्थानीय समुदाय के प्रशासनिक कार्यों, बुनियादी ढांचे के विकास और नागरिक मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित रखा।
== सिन फेन से इस्तीफा ==
वर्ष 2016 ई॰ में ऐन ब्रॉली के राजनीतिक जीवन में एक बड़ा नीतिगत बदलाव आया। उस समय उनकी तत्कालीन पार्टी, सिन फेन ने गर्भपात (Abortion) से संबंधित कानूनों पर अपने पुराने रुख में परिवर्तन किया और इसके समर्थन में नई नीतियां अपनाईं। ऐन ब्रॉली ने पार्टी की इस नई नीति का सार्वजनिक रूप से कड़ा विरोध किया। अपनी व्यक्तिगत और धार्मिक मान्यताओं (Pro-life beliefs) के आधार पर, उन्होंने पार्टी की इस गर्भपात-समर्थक नीति को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने सिन फेन की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.irishnews.com/news/2016/10/27/news/anne-brolly-says-she-left-sinn-fein-over-stance-on-abortion-757701/|title=Anne Brolly says she left Sinn Fein over party's stance on abortion|date=2016-10-27|website=The Irish News|language=en|access-date=2026-03-21}}</ref> उनके इस निर्णय ने उत्तरी आयरलैंड के राजनीतिक मीडिया में काफी चर्चा बटोरी थी, क्योंकि वे लंबे समय से पार्टी का एक जाना-माना चेहरा थीं।
== आओंटू में प्रवेश और हालिया गतिविधियाँ ==
सिन फेन छोड़ने के बाद कुछ वर्षों तक राजनीतिक रूप से स्वतंत्र कार्य करने के पश्चात्, वर्ष 2019 ई॰ में ऐन ब्रॉली और उनके पति [[फ्रांसी ब्रॉली]] (Francie Brolly) ने 'आओंटू' (Aontú) नामक एक नए आयरिश रिपब्लिकन राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण कर ली। आओंटू एक ऐसा राजनीतिक दल है जो पारंपरिक आयरिश रिपब्लिकन विचारधारा के साथ-साथ गर्भपात के विरोध (अर्थात जीवन के अधिकार) का समर्थन करता है। ऐन ब्रॉली ने आओंटू के टिकट पर स्थानीय चुनावों में भी अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की।<ref>{{Cite web|url=https://www.irishnews.com/news/northernirelandnews/2019/03/18/news/anne-and-francie-brolly-to-stand-for-aontu-in-local-elections-1574617/|title=Anne and Francie Brolly to stand for Aontú in local elections|last=Young|first=Connla|last2=|date=2019-03-18|website=The Irish News|language=en|access-date=2026-03-21|last3=|first3=}}</ref> उनका यह कदम उनके उन राजनीतिक और नैतिक विश्वासों को स्पष्ट करता है, जिनके लिए उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी छोड़ी थी।
== संगीत और व्यक्तिगत जीवन ==
राजनीति से इतर, ऐन ब्रॉली एक पारंपरिक आयरिश गायिका भी हैं। आयरिश पारंपरिक संगीत आयरलैंड की सांस्कृतिक पहचान का एक प्रमुख हिस्सा है, और ऐन ब्रॉली ने गायन के माध्यम से इसमें अपना योगदान दिया है। उन्होंने आयरिश लोक संगीत और पारंपरिक गानों (Pub songs) की रिकॉर्डिंग में हिस्सा लिया है। विशेष रूप से 'आयरिश पब सॉन्ग्स' (Irish Pub Songs) नामक एक संकलित एल्बम में उनका गायन शामिल है।<ref>{{Cite web|url=http://www.discovery-records.com/product-ST56801/VARIOUS/Irish-Pub-Songs.htm|title=VARIOUS, Irish Pub Songs CD, Label Metro|last=Order|first=Advanced Mail|website=www.discovery-records.com|access-date=2026-03-21}}</ref>
उनका विवाह फ्रांसी ब्रॉली के साथ हुआ है। फ्रांसी ब्रॉली भी उत्तरी आयरलैंड के एक राजनेता, संगीतकार और पूर्व विधायक (MLA) रहे हैं। यह दंपती उत्तरी आयरलैंड की रिपब्लिकन राजनीति, स्थानीय प्रशासन और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में कई दशकों से सक्रिय रूप से शामिल रहा है।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://www.wikidata.org/wiki/Q4768185 विकिडाटा पर ऐन ब्रॉली]
{{Authority control}}
{{DEFAULTSORT:ब्रॉली, ऐन}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:आयरिश महिला राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:आयरिश गायिकाएँ]]
[[श्रेणी:उत्तरी आयरलैंड के राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:सिन फेन के पूर्व राजनेता]]
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एम. अब्दुल लतीफ़
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text/x-wiki
[[चित्र:அப்துல்_லத்தீப்.jpg|अंगूठाकार|एम. अब्दुल लतीफ़]]
'''एम. अब्दुल लतीफ़''' (जन्म 1 जुलाई 1936 – मृत्यु 17 दिसंबर 2001) एक भारतीय थे जो तमिलनाडु [[वक्फ़]] बोर्ड के अध्यक्ष और [[तमिलनाडु]] की विधान सभा के सदस्य (विधायक) रहे थे। वे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पूर्व नेता थे और बाद में उन्होंने इससे इस्तीफा दे दिया था।
लतीफ़ 1971 और 1977 में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में वानियमबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र से [[तमिलनाडु विधान सभा]] के लिए चुने गए थे।<ref>{{cite web|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1971/StatReport_TN_71.pdf|title=तमिलनाडु की विधान सभा के लिए सामान्य चुनाव 1971 पर सांख्यिकीय रिपोर्ट|publisher=भारत निर्वाचन आयोग|page=4|accessdate=2017-05-18}}</ref><ref>{{cite web|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1977/StatisticalReportTamil%20Nadu77.pdf|title=तमिलनाडु की विधान सभा के लिए सामान्य चुनाव 1977 पर सांख्यिकीय रिपोर्ट|publisher=भारत निर्वाचन आयोग|page=4|accessdate=2017-05-18}}</ref> 1980 के चुनाव में वानियमबाड़ी से पुनः स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में खड़े होकर वे अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अद्रमुक) के उम्मीदवार के बाद दूसरे स्थान पर रहे थे।<ref>{{cite web|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1980/StatisticalReportTamil%20Nadu%201980.pdf|title=तमिलनाडु की विधान सभा के लिए सामान्य चुनाव 1980 पर सांख्यिकीय रिपोर्ट|publisher=भारत निर्वाचन आयोग|page=253|accessdate=2017-05-18}}</ref>
लतीफ़ ने 1989 में [[द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] (द्रमुक) के उम्मीदवार के रूप में चेपॉक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की।<ref>{{cite web|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1989/StatisticalReportTamilNadu89.pdf|title=तमिलनाडु की विधान सभा के लिए सामान्य चुनाव 1989 पर सांख्यिकीय रिपोर्ट|publisher=भारत निर्वाचन आयोग|page=4|accessdate=2017-05-18}}</ref> 1991 के चुनावों के लिए, लतीफ़ द्रमुक की ओर से रानीपेट निर्वाचन क्षेत्र में खड़े हुए और अद्रमुक के बाद दूसरे स्थान पर रहे।<ref>{{cite web|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1991/StatisticalReport-Tamil%20Nadu91.pdf|title=तमिलनाडु की विधान सभा के लिए सामान्य चुनाव 1991 पर सांख्यिकीय रिपोर्ट|publisher=भारत निर्वाचन आयोग|page=266|accessdate=2017-05-18}}</ref>
1996 के विधानसभा चुनावों में लतीफ़ ने फिर से वानियमबाड़ी सीट जीती। इस अवसर पर उन्हें द्रमुक के उम्मीदवार के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।<ref>{{cite web|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1996/StatisticalReport-TN96.pdf|title=तमिलनाडु की विधान सभा के लिए सामान्य चुनाव 1996 पर सांख्यिकीय रिपोर्ट|publisher=भारत निर्वाचन आयोग|page=5|accessdate=2017-05-06}}</ref> इसके बाद उन्होंने 2001 के चुनावों में इसे एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीता,<ref>{{cite web|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_2001/Stat_Rep_TN_2001.pdf|title=तमिलनाडु की विधान सभा के लिए सामान्य चुनाव 2001 पर सांख्यिकीय रिपोर्ट|publisher=भारत निर्वाचन आयोग|page=5|accessdate=2017-05-18}}</ref> जिसके बाद वे 'सामयिक' (प्रोटेम) अध्यक्ष बने। वे उस समय इंडियन नेशनल लीग के महासचिव भी थे।<ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/2001/05/24/stories/04242235.htm|title=करुणानिधि ने शपथ ली|date=24 मई 2001|work=[[द हिंदू]]|accessdate=2017-05-19}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.tribuneindia.com/2001/20010520/nation.htm|title=लतीफ़ तमिलनाडु के सामयिक अध्यक्ष बने|date=20 मई 2001|work=द ट्रिब्यून|accessdate=2017-05-19}}</ref>
लतीफ़ दो अवसरों पर, मई 1989 से मार्च 1992 तक और जून 1997 से जुलाई 1999 तक, तमिलनाडु वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष रहे।<ref>{{cite web|url=http://www.tnwakfboard.org/chairman.htm|title=बोर्ड|publisher=तमिलनाडु वक्फ़ बोर्ड|archiveurl=https://web.archive.org/web/20160303170218/http://www.tnwakfboard.org/chairman.htm|archivedate=2016-03-03}}</ref>
लतीफ़ का 17 दिसंबर 2001 को [[चेन्नई]] के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया।<ref>{{cite news|url=http://www.rediff.com/news/2001/dec/17tn.htm|title=आईएनल नेता अब्दुल लतीफ़ का निधन|date=17 दिसंबर 2001|work=रेडिफ|accessdate=2017-05-18|agency=पीटीआई}}</ref> उनके निधन की घोषणा करते हुए, ''[[द हिंदू]]'' ने उन्हें "एक कानून स्नातक, एक अदम्य वक्ता और एक बहुभाषी" के रूप में वर्णित किया।<ref>{{cite news|url=http://www.thehindu.com/2001/12/18/stories/2001121801860400.htm|title=लतीफ़ का निधन|date=18 दिसंबर 2001|work=[[द हिंदू]]|accessdate=2017-05-18}}</ref> उन्होंने 2001 में तमिलनाडु विधानसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया था।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== और पढ़ें ==
* {{cite news|url=http://www.thehindu.com/2001/05/05/stories/1505223f.htm|title=वेल्लोर: लतीफ़ के लिए कठिन लड़ाई|last=मूर्ति|first=पी. वी. वी.|date=5 मई 2001|work=[[द हिंदू]]|accessdate=2017-05-18}}
* {{cite news|url=http://epaperbeta.timesofindia.com/Article.aspx?eid=31807&articlexml=Where-have-all-the-independent-candidates-in-TN-07042016005027|title=तमिलनाडु में सभी स्वतंत्र उम्मीदवार कहाँ गायब हो गए?|last=शिवकुमार|first=बी.|date=7 अप्रैल 2016|work=द टाइम्स ऑफ इंडिया|accessdate=2017-05-19}}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}
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नमस्ते! मैं '''<span style="color:#2C3E50;">Citexji</span>''' हूँ और हिन्दी विकिपीडिया पर एक सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में कार्य कर रहा हूँ।
मैं विकिपीडिया की प्रमुख नीतियों जैसे [[विकिपीडिया:तटस्थ दृष्टिकोण|तटस्थ दृष्टिकोण]], सत्यापनयोग्यता तथा [[विकिपीडिया:विश्वसनीय स्रोत|विश्वसनीय स्रोतों]] के उपयोग को ध्यान में रखते हुए संपादन करता हूँ।
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✦ सतत सीखना ही प्रगति है ✦
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एम. एम. परीद पिल्लै
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{{Infobox officeholder
| name = एम. एम. परीद पिल्लै
| honorific-prefix = न्यायमूर्ति
| image = M.M._Pareed_Pillay.png
| caption = न्यायमूर्ति परीद पिल्लै
| office = [[केरल उच्च न्यायालय]] के 15वें [[मुख्य न्यायाधीश]]
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| birth_place = [[अलुवा]], [[केरल]], [[भारत]]
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| relatives = [[एम. एम. अब्दुल खादर]] (भाई)<br>[[एम. के. मक्कर पिल्लै]] (चाचा)
}}
'''मनदथ मोहम्मद परीद पिल्लै''' एक सेवानिवृत्त भारतीय न्यायाधीश, न्यायविद और वकील हैं, जिन्होंने [[केरल उच्च न्यायालय|केरल के 15वें मुख्य न्यायाधीश]] के रूप में कार्य किया।<ref>{{Cite web|title=केरल उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश|url=http://highcourtofkerala.nic.in/frmrjudges.html|access-date=2020-07-13|website=highcourtofkerala.nic.in}}</ref> उन्हें 2009 में तीसरे केरल लोकायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था और 1998 में [[केरल के राज्यपाल]] द्वारा [[केरल राज्य मानवाधिकार आयोग]] के पहले अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया था।<ref>{{Cite web|title=आयोग के बारे में|url=http://www.kshrc.kerala.gov.in/index.php/about-us/about-comission|access-date=2020-07-13|website=केरल राज्य मानवाधिकार आयोग}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
परीद पिल्लै का जन्म अलुवा में एम. के. मोहम्मद पिल्लै के घर हुआ था, जो प्रमुख उद्योगपति और परोपकारी [[एम. के. मक्कर पिल्लै]] के छोटे भाई थे।
पिल्लै के भाई, [[एम. एम. अब्दुल खादर]] [[भारत के उच्चतम न्यायालय]] के एक वरिष्ठ अधिवक्ता थे, जिन्होंने 1969 से 1979 तक [[केरल]] के [[महाधिवक्ता (भारत)|महाधिवक्ता]] के रूप में भी कार्य किया था।<ref>{{Cite web|title=इतिहास {{!}} केरल लॉ अकादमी|url=https://www.keralalawacademy.org/history.html|access-date=2020-07-13|website=www.keralalawacademy.org|archive-date=21 जून 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200621234131/http://www.keralalawacademy.org/history.html|url-status=dead}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
[[श्रेणी:केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश]]
[[श्रेणी:20वीं सदी के भारतीय न्यायाधीश]]
[[श्रेणी:20वीं सदी के भारतीय वकील]]
[[श्रेणी:अलुवा के लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय मुस्लिम]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
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उमरु पुलवर
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| birth_date = {{Birth date|1642|12|04|df=y}}
| birth_place = नागलपुरम, [[एट्टयपुरम्]],<br/>[[मदुरै नायक राजवंश|मदुरै नायक साम्राज्य]] (अब [[थूथुकुडी जिला]], [[तमिलनाडु]], भारत)
| death_date = {{Death date and age|1703|07|28|1642|12|04|df=y}}
| death_place = [[एट्टयपुरम्]], [[कर्नाटक सल्तनत]] (अब [[थूथुकुडी जिला]],<br/>[[तमिलनाडु]], भारत)
| known_for = कविता
}}
'''उमरु पुलवर''' (4 दिसंबर 1642 – 28 जुलाई 1703) [[तमिलनाडु]], [[भारत]] के एक [[रावत (मुस्लिम)|तमिल मुस्लिम रावत]] कवि थे। उमरु पुलवर का जन्म 1642 में [[थूथुकुडी जिला|थूथुकुडी जिले]] के [[एट्टयपुरम्]] शहर में हुआ था। उन्हें भारत के महानतम इस्लामी कवियों में से एक माना जाता है।<ref name="autogenerated1">{{cite web |url=http://www.thoothukudi.tn.nic.in/umaru.html |title=उमरु पुलवर |publisher=Thoothukudi.tn.nic.in |access-date=2012-11-16 |archive-date=2 जून 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180602123220/http://www.thoothukudi.tn.nic.in/umaru.html |url-status=dead }}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और परिवार ==
उमरु पुलवर के पूर्वज नागलपुरम के रहने वाले थे, जिसके बाद वे एट्टयपुरम् चले गए जहाँ कवि का जन्म हुआ। उमरु पुलवर की साहित्यिक प्रतिभा एट्टयपुरम् ज़मीन के दरबारी कवि, कडिकाई मुथु पुलवर ({{langx|ta|கடிகை முத்து புலவர்}}) के मार्गदर्शन में विकसित हुई। मात्र 16 वर्ष की आयु में, उमरु पुलवर ने उत्तर भारत के एक प्रसिद्ध कवि वल्लै वरुन्धी के साथ साहित्यिक बहस जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की। इसके बाद उन्हें एट्टयपुरम् ज़मीन का दरबारी कवि बनाया गया। हालांकि, वे अरबी व्याकरण सीखने में सक्षम नहीं थे क्योंकि अरबी भाषा सीखने के दौरान उनके गुरु जीविकोपार्जन के आवश्यक कार्यों के लिए चले गए थे। उनके परिवार और उत्तराधिकारियों को तमिलनाडु सरकार द्वारा 'पुलवर' की उपाधि से सम्मानित किया गया था। पुलवर का निधन 28 जुलाई 1703 को हुआ।<ref name=":0">{{Cite book|last=Narayanan|first=Vasudha|title=India's Islamic Traditions, 711-1750|publisher=Oxford University Press|year=2003|isbn=0-19-568334-X|editor-last=Eaton|editor-first=Richard M.|location=New Delhi|pages=393–408|chapter=Religious Vocabulary and Regional Identity: A Study of the Tamil Cirappuranam ('Life of the Prophet')}}</ref> उनके अंतिम उत्तराधिकारियों में से एक, पीएफ नज़ीर का हाल ही में कैंसर से निधन हो गया। उनके परिवार ने उनकी पुण्यतिथि पर गरीबों के लिए शिक्षा और सामाजिक सुधार हेतु एक ट्रस्ट की स्थापना की है।
== साहित्यिक रचनाएँ ==
सीताकाथी के अनुरोध पर उन्होंने 'सीरापुराणम्' की रचना की, जिसे आज तक [[तमिल मुस्लिम#साहित्य|तमिल मुस्लिम साहित्य]] की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में से एक माना जाता है। यह कृति [[मुहम्मद|नबी]] की जीवनी का वर्णन करती है। इसमें तीन 'काण्डों' (हिस्सों) में 5,027 कविताएँ शामिल हैं, जो विलाथथु काण्डम्, नूबुवथु काण्डम् और हिजुरथु काण्डम् हैं। प्रत्येक 'काण्ड' नबी के जीवन के विभिन्न चरणों का वर्णन करता है।<ref name="autogenerated1"/>
'मुथु मोझिल मालई' और 'सीताकाथी विवाह कविताएँ' उनकी अन्य साहित्यिक कृतियों में शामिल हैं।
== विरासत ==
थूथुकुडी जिले के एट्टयपुरम् में उनके स्मारक का तमिलनाडु सरकार द्वारा नवीनीकरण किया गया था और विधानसभा अध्यक्ष तथा मंत्रियों द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। [[सिंगापुर]] में उनके नाम पर स्थित [[उमर पुलवर तमिल भाषा केंद्र]] सिंगापुर में तमिल भाषा की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। एट्टयपुरम् के दोनों महान कवियों के सम्मान में प्रोफेसर मोहम्मद सथिक राजा द्वारा 14 अगस्त 2014 को तिरुपुवनम पुदुर में "उमर - भारती शैक्षिक ट्रस्ट" नामक एक सामाजिक कल्याण ट्रस्ट का गठन किया गया है। इस्लामिया इलक्किया कज़गम हर साल उमरु पुलवर के नाम पर प्रतिष्ठित तमिल विद्वानों को पुरस्कार प्रदान करता है।<ref>{{cite web |url=http://www.oneindia.com/2007/05/23/umaru-pulavar-award-for-karunanidhi-1179929762.html |title=करुणानिधि के लिए 'उमरु पुलवर' पुरस्कार |publisher=Oneindia |date=2007-05-23}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
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[[श्रेणी:तमिल भाषा के लेखक]]
[[श्रेणी:थूथुकुडी]]
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* '''हटाए''' नामांकन अनुसार [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:26, 30 मार्च 2026 (UTC)
* नामांकन अनुसार '''हटाया जाए'''। [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] साबित नहीं हो रही। खोजने पर उल्लेखनीय जानकारी नहीं मिली। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 06:10, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
* '''हटायें''' – इस विषय के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद जानकारी नहीं मिलती, इसलिए इसकी उल्लेखनीयता साबित नहीं होती। इसलिए लेख हटाना सही है। [[User:Citexji|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''Citexji'''</span>]]<sup>[[User talk:Citexji|<span style="color:green">बातचीत</span>]]</sup> 07:08, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
::यदि विषय पर पर्याप्त स्वतंत्र एवं विश्वसनीय स्रोत उपलब्ध नहीं हैं और उल्लेखनीयता स्थापित नहीं हो पा रही है, तो वर्तमान स्थिति में लेख को बनाए रखना कठिन प्रतीत होता है। [[सदस्य:Khushi200|Khushi200]] ([[सदस्य वार्ता:Khushi200|वार्ता]]) 08:21, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
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:sir udhar 7 april date diya hua hai, 7 april se aapko sabhi dikhayi denge tabtak aap chaahe to ise draft kar de. [[सदस्य:Neeelzzz20|Neeelzzz20]] ([[सदस्य वार्ता:Neeelzzz20|वार्ता]]) 15:12, 27 मार्च 2026 (UTC)
::[[2025 तीरंदाजी विश्व कप में भारत]] लेख के परिप्रेक्ष्य में यह तर्क दिया जा सकता है कि वर्तमान लेख को भी रखा जा सकता है। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:59, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
*'''समर्थन''' [[2025 तीरंदाजी विश्व कप में भारत]] जैसे समान लेख पहले से उपलब्ध हैं। प्रतियोगिता जारी होने के कारण सामग्री सीमित होना स्वाभाविक है; समय के साथ लेख का विस्तार किया जा सकता है। अतः हटाने के बजाय सुधार/विस्तार उचित होगा। [[सदस्य:Khushi200|Khushi200]] ([[सदस्य वार्ता:Khushi200|वार्ता]]) 08:20, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
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सूचना: [[:पार्वती कुराकुला]] को शीघ्र हटाने का नामांकन
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नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:यूथ की आवाज़|यूथ की आवाज़]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 04:30, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्कार
:मैंने लेख में किसी भी प्रकार का प्रचार करने का उद्देश्य नहीं रखा है। “यूथ की आवाज़” एक स्वतंत्र डिजिटल मीडिया मंच है, जिसके बारे में कई विश्वसनीय और स्वतंत्र स्रोतों जैसे NDTV, The Quint, TechCircle, Forbes तथा World Summit Awards में उल्लेख किया गया है।
:मैंने अब लेख को विकिपीडिया की नीतियों के अनुरूप संशोधित कर दिया है, जिसमें:
:तटस्थ (neutral) भाषा का उपयोग किया गया है
:प्रचारात्मक सामग्री को हटाया गया है
:स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों को जोड़ा गया है
:विषय की उल्लेखनीयता (notability) को स्पष्ट किया गया
:इस आधार पर मेरा मानना है कि यह लेख [[वि:उल्लेखनीयता]] के मानकों को पूरा करता है और इसे शीघ्र हटाने के बजाय सुधार के लिए रखा जाना चाहिए।
:यदि लेख में और सुधार की आवश्यकता हो तो कृपया मार्गदर्शन प्रदान करें, मैं उसे सुधारने के लिए तैयार हूँ।
:धन्यवाद [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 04:56, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
::नमस्ते! आपके हाल ही के लेखों में Encyclopaedia Britannica से लिए गए अनेक संदर्भ प्रयुक्त किए गए हैं। किंतु उन संदर्भों के लिंक खोलने पर “पृष्ठ नहीं मिला” का संदेश प्राप्त हो रहा है।
::अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया इन सभी संदर्भों की जाँच कर उन्हें अद्यतन करें, ताकि वे सही रूप से कार्य करें। साथ ही, यदि संभव हो तो स्थायी एवं विश्वसनीय संदर्भ प्रदान करने का कष्ट करें, जिससे भविष्य में इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। कृपया इस विषय पर आवश्यक सुधार करने का कष्ट करें। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 06:05, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
:::नमस्ते
:::आपके सुझाव के लिए धन्यवाद।
:::मैंने लेख में प्रयुक्त सभी संदर्भों की जाँच की है और जिन लिंक में समस्या थी, उन्हें अद्यतन/सुधार दिया है। अब केवल वही संदर्भ रखे गए हैं जो सही रूप से कार्य कर रहे हैं और विश्वसनीय स्रोतों से हैं।
:::आगे से मैं यह सुनिश्चित करूँगा कि सभी संदर्भ सटीक और सक्रिय (working) हों।
:::धन्यवाद [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 06:11, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
==इस विषय पर ध्यान दे==
नमस्ते! हाल ही में आपने “[[समाचार एजेंसी]]” शीर्षक से एक लेख बनाया है, जबकि “[[समाचार संस्था]]” नाम से इसी विषय पर लेख पहले से ही उपलब्ध है। अतः आपसे अनुरोध है कि जब भी आप किसी नए विषय पर लेख बनाना प्रारंभ करें, उससे पूर्व यह अवश्य जाँच लें कि उस विषय से संबंधित कोई लेख पहले से मौजूद तो नहीं है। इससे सामग्री की गुणवत्ता और एकरूपता बनी रहेगी। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:24, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
:* ऐसा आपने [[फोटो पत्रकारिता]] शीर्षक लेख में भी किया है, जबकि [[फोटो जर्नलिज़्म]] शीर्षक से लेख पहले से ही उपलब्ध है और उस पर आपने स्वयं भी सम्पादन किया है। इसके बावजूद उसी विषय पर अलग शीर्षक से नया लेख बनाना उचित प्रतीत नहीं होता, क्योंकि इससे अनावश्यक दोहराव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे मामलों में नया लेख बनाने के बजाय, पूर्व में उपलब्ध लेख के नाम परिवर्तन हेतु उसे नामांकित करना अधिक उपयुक्त रहता।
:<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:32, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
::इस विषय की ओर ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद।
::मुझे अब ज्ञात हुआ कि "[[समाचार संस्था]]" शीर्षक से इस विषय पर पहले से लेख उपलब्ध है। भविष्य में नया लेख बनाने से पहले मैं संबंधित विषयों की उपलब्धता की जाँच अवश्य करूँगा।
::साथ ही, जहाँ आवश्यक होगा, मैं नए लेख बनाने के बजाय मौजूदा लेखों में ही सुधार और विस्तार करने का प्रयास करूँगा, ताकि सामग्री की गुणवत्ता और एकरूपता बनी रहे।
::मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 16:24, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
== [[:द ट्रेंडिंग पीपल|द ट्रेंडिंग पीपल]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:द ट्रेंडिंग पीपल|द ट्रेंडिंग पीपल]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:40, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
:पृष्ठ के संबंध में आपके द्वारा दिए गए सुझाव और नामांकन के लिए धन्यवाद।
:मैं समझता हूँ कि लेख वर्तमान रूप में विकिपीडिया की तटस्थता और शैली दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं था, जिसके कारण इसे "साफ़ प्रचार" की श्रेणी में रखा गया। मैं इस पर कार्य कर रहा हूँ ताकि लेख को पूर्णतः ज्ञानकोशीय शैली में, बिना किसी प्रचारात्मक भाषा के, पुनः तैयार किया जा सके।
:साथ ही, मैं लेख में स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर विषय की उल्लेखनीयता को और स्पष्ट करने का प्रयास करूँगा।
:यदि संभव हो तो कृपया मार्गदर्शन दें कि किन सुधारों से लेख को विकिपीडिया की नीतियों के अनुरूप बेहतर बनाया जा सकता है।
:धन्यवाद। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 16:05, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
==फिर से वही गलती ==
नमस्ते! आपके द्वारा तैयार किए गए “[[से चीज़]]” लेख में दिए गए सन्दर्भों में त्रुटियाँ पाई गई हैं। लेख में कुल चार सन्दर्भ दिए गए हैं, जिनमें से दूसरा और चौथा सन्दर्भ खोलने पर “503 सेवा अस्थायी रूप से अनुपलब्ध” का संदेश प्रदर्शित हो रहा है। इसके अतिरिक्त, दूसरे सन्दर्भ में संबंधित विषय के बारे में अपेक्षित जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।
* इस संबंध में पूर्व में भी आपको सूचित किया जा चुका है, फिर भी सन्दर्भों की उचित जाँच के बिना लेख तैयार किया गया है, जो कि उचित नहीं है। साथ ही, आपको [[विकिपीडिया:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] के बारे में भी अवश्य जानकारी लेनी चाहिए और उसी के अनुसार लेख का निर्माण करना चाहिए।
* अतः आपसे अनुरोध है कि भविष्य में किसी भी लेख का निर्माण करते समय सन्दर्भों की सत्यता, उपलब्धता तथा प्रासंगिकता की पूर्ण जाँच करें तथा उल्लेखनीयता के मानकों का भी ध्यान रखें, ताकि पाठकों को सही और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हो सके। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 04:53, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी,
:आपके द्वारा दिए गए सुझाव के लिए धन्यवाद। आपने जिन संदर्भों में समस्या बताई थी, उनमें से कुछ लिंक उस समय वेबसाइट के सर्वर इश्यू (503 error) के कारण अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे।
:अब मैंने संबंधित संदर्भों को Internet Archive (वेब आर्काइव) से जोड़ दिया है, ताकि वे स्थायी रूप से उपलब्ध रहें और खुलने में कोई समस्या न हो। साथ ही, संदर्भों की प्रासंगिकता और सत्यता की भी पुनः जाँच कर ली गई है।
:यदि फिर भी किसी विशेष संदर्भ में सुधार की आवश्यकता हो तो कृपया मार्गदर्शन दें।
:धन्यवाद। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 07:34, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
== से चीज़ के संदर्भ ==
@[[सदस्य:Citexji|Citexji]] महोदय, इसके संदर्भ को सुधारें तथा लेख की भाषा को भी सही करें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 07:34, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी,
:आपके सुझाव के लिए धन्यवाद। मैंने लेख के संदर्भों की जाँच कर ली है तथा जिन लिंक में समस्या थी उन्हें ठीक करने का प्रयास किया है। साथ ही लेख की भाषा को भी अधिक स्पष्ट और विश्वसनीय बनाने के लिए सुधार किया जा रहा है। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 07:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
== [[:से चीज़|से चीज़]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन ==
नमस्कार, [[:से चीज़|से चीज़]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/से चीज़|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/से चीज़]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।
नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:
<center>उल्लेखनीय नहीं।</center>
कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।
चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:22, 14 अप्रैल 2026 (UTC)
== अप्रैल 2026 ==
[[Image:Information.svg|25px|alt=|link=]] कृपया लेखों से [[साँचा:हहेच लेख|हटाने हेतु नामांकन की सूचना]] व [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा पृष्ठ]] से अन्य सदस्यों की टिप्पणियाँ न हटायें, जैसा कि आपने [[:से चीज़]] पर किया। ऐसा करने से चर्चा बंद नहीं होगी। आपका चर्चा पृष्ठ पर प्रस्तावित विलोपन के बारे में टिप्पणी करने के लिए स्वागत है। धन्यवाद।<!-- Template:uw-afd2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:01, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
:धन्यवाद। मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मैंने किसी भी अन्य सदस्य की टिप्पणियाँ नहीं हटाई हैं। यदि किसी प्रकार से कोई टिप्पणी हट गई हो तो वह अनजाने में हुआ होगा, इसके लिए खेद है।
:मेरा उद्देश्य केवल लेख में सुधार करना और विश्वसनीय स्रोत जोड़ना है। मैं चर्चा में भाग लेने और आवश्यकतानुसार लेख को बेहतर बनाने के लिए तैयार हूँ। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 05:08, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
[[File:Nuvola apps important.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:विघटनकारी सम्पादन|विघटनकारी संपादन]] करना बंद करें। अगर आप विकिपीडिया पृष्ठों से पाठ, साँचे अथवा अन्य सामग्री हटाना अथवा पृष्ठों को रिक्त करना जारी रखते हैं, जैसा कि आपने [[:प्राकृतिक स्वास्थ्य]] पर किया है, तो आपको [[विकिपीडिया:निषेध नियमावली|संपादन करने से अवरोधित]] किया जा सकता है। <!-- Template:uw-delete3 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 10:00, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
== [[:पार्वती कुराकुला|पार्वती कुराकुला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:पार्वती कुराकुला|पार्वती कुराकुला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:01, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
:मैंने लेख को तटस्थ शैली में संशोधित किया है और प्रचारात्मक सामग्री हटा दी है। साथ ही विश्वसनीय स्रोत जोड़कर उल्लेखनीयता स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। कृपया पुनः समीक्षा करें। धन्यवाद। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 05:32, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
== [[:पार्वती कुराकुला|पार्वती कुराकुला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:पार्वती कुराकुला|पार्वती कुराकुला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 03:53, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
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2026-04-23T07:26:30Z
Citexji
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/* पार्वती कुराकुला पृष्ठ को शीघ्र हटाने का नामांकन 2 */ उत्तर
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wikitext
text/x-wiki
== [[:यूथ की आवाज़|यूथ की आवाज़]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:यूथ की आवाज़|यूथ की आवाज़]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 04:30, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्कार
:मैंने लेख में किसी भी प्रकार का प्रचार करने का उद्देश्य नहीं रखा है। “यूथ की आवाज़” एक स्वतंत्र डिजिटल मीडिया मंच है, जिसके बारे में कई विश्वसनीय और स्वतंत्र स्रोतों जैसे NDTV, The Quint, TechCircle, Forbes तथा World Summit Awards में उल्लेख किया गया है।
:मैंने अब लेख को विकिपीडिया की नीतियों के अनुरूप संशोधित कर दिया है, जिसमें:
:तटस्थ (neutral) भाषा का उपयोग किया गया है
:प्रचारात्मक सामग्री को हटाया गया है
:स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों को जोड़ा गया है
:विषय की उल्लेखनीयता (notability) को स्पष्ट किया गया
:इस आधार पर मेरा मानना है कि यह लेख [[वि:उल्लेखनीयता]] के मानकों को पूरा करता है और इसे शीघ्र हटाने के बजाय सुधार के लिए रखा जाना चाहिए।
:यदि लेख में और सुधार की आवश्यकता हो तो कृपया मार्गदर्शन प्रदान करें, मैं उसे सुधारने के लिए तैयार हूँ।
:धन्यवाद [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 04:56, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
::नमस्ते! आपके हाल ही के लेखों में Encyclopaedia Britannica से लिए गए अनेक संदर्भ प्रयुक्त किए गए हैं। किंतु उन संदर्भों के लिंक खोलने पर “पृष्ठ नहीं मिला” का संदेश प्राप्त हो रहा है।
::अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया इन सभी संदर्भों की जाँच कर उन्हें अद्यतन करें, ताकि वे सही रूप से कार्य करें। साथ ही, यदि संभव हो तो स्थायी एवं विश्वसनीय संदर्भ प्रदान करने का कष्ट करें, जिससे भविष्य में इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। कृपया इस विषय पर आवश्यक सुधार करने का कष्ट करें। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 06:05, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
:::नमस्ते
:::आपके सुझाव के लिए धन्यवाद।
:::मैंने लेख में प्रयुक्त सभी संदर्भों की जाँच की है और जिन लिंक में समस्या थी, उन्हें अद्यतन/सुधार दिया है। अब केवल वही संदर्भ रखे गए हैं जो सही रूप से कार्य कर रहे हैं और विश्वसनीय स्रोतों से हैं।
:::आगे से मैं यह सुनिश्चित करूँगा कि सभी संदर्भ सटीक और सक्रिय (working) हों।
:::धन्यवाद [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 06:11, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
==इस विषय पर ध्यान दे==
नमस्ते! हाल ही में आपने “[[समाचार एजेंसी]]” शीर्षक से एक लेख बनाया है, जबकि “[[समाचार संस्था]]” नाम से इसी विषय पर लेख पहले से ही उपलब्ध है। अतः आपसे अनुरोध है कि जब भी आप किसी नए विषय पर लेख बनाना प्रारंभ करें, उससे पूर्व यह अवश्य जाँच लें कि उस विषय से संबंधित कोई लेख पहले से मौजूद तो नहीं है। इससे सामग्री की गुणवत्ता और एकरूपता बनी रहेगी। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:24, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
:* ऐसा आपने [[फोटो पत्रकारिता]] शीर्षक लेख में भी किया है, जबकि [[फोटो जर्नलिज़्म]] शीर्षक से लेख पहले से ही उपलब्ध है और उस पर आपने स्वयं भी सम्पादन किया है। इसके बावजूद उसी विषय पर अलग शीर्षक से नया लेख बनाना उचित प्रतीत नहीं होता, क्योंकि इससे अनावश्यक दोहराव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे मामलों में नया लेख बनाने के बजाय, पूर्व में उपलब्ध लेख के नाम परिवर्तन हेतु उसे नामांकित करना अधिक उपयुक्त रहता।
:<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:32, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
::इस विषय की ओर ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद।
::मुझे अब ज्ञात हुआ कि "[[समाचार संस्था]]" शीर्षक से इस विषय पर पहले से लेख उपलब्ध है। भविष्य में नया लेख बनाने से पहले मैं संबंधित विषयों की उपलब्धता की जाँच अवश्य करूँगा।
::साथ ही, जहाँ आवश्यक होगा, मैं नए लेख बनाने के बजाय मौजूदा लेखों में ही सुधार और विस्तार करने का प्रयास करूँगा, ताकि सामग्री की गुणवत्ता और एकरूपता बनी रहे।
::मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 16:24, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
== [[:द ट्रेंडिंग पीपल|द ट्रेंडिंग पीपल]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:द ट्रेंडिंग पीपल|द ट्रेंडिंग पीपल]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 13:40, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
:पृष्ठ के संबंध में आपके द्वारा दिए गए सुझाव और नामांकन के लिए धन्यवाद।
:मैं समझता हूँ कि लेख वर्तमान रूप में विकिपीडिया की तटस्थता और शैली दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं था, जिसके कारण इसे "साफ़ प्रचार" की श्रेणी में रखा गया। मैं इस पर कार्य कर रहा हूँ ताकि लेख को पूर्णतः ज्ञानकोशीय शैली में, बिना किसी प्रचारात्मक भाषा के, पुनः तैयार किया जा सके।
:साथ ही, मैं लेख में स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर विषय की उल्लेखनीयता को और स्पष्ट करने का प्रयास करूँगा।
:यदि संभव हो तो कृपया मार्गदर्शन दें कि किन सुधारों से लेख को विकिपीडिया की नीतियों के अनुरूप बेहतर बनाया जा सकता है।
:धन्यवाद। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 16:05, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
==फिर से वही गलती ==
नमस्ते! आपके द्वारा तैयार किए गए “[[से चीज़]]” लेख में दिए गए सन्दर्भों में त्रुटियाँ पाई गई हैं। लेख में कुल चार सन्दर्भ दिए गए हैं, जिनमें से दूसरा और चौथा सन्दर्भ खोलने पर “503 सेवा अस्थायी रूप से अनुपलब्ध” का संदेश प्रदर्शित हो रहा है। इसके अतिरिक्त, दूसरे सन्दर्भ में संबंधित विषय के बारे में अपेक्षित जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।
* इस संबंध में पूर्व में भी आपको सूचित किया जा चुका है, फिर भी सन्दर्भों की उचित जाँच के बिना लेख तैयार किया गया है, जो कि उचित नहीं है। साथ ही, आपको [[विकिपीडिया:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीयता]] के बारे में भी अवश्य जानकारी लेनी चाहिए और उसी के अनुसार लेख का निर्माण करना चाहिए।
* अतः आपसे अनुरोध है कि भविष्य में किसी भी लेख का निर्माण करते समय सन्दर्भों की सत्यता, उपलब्धता तथा प्रासंगिकता की पूर्ण जाँच करें तथा उल्लेखनीयता के मानकों का भी ध्यान रखें, ताकि पाठकों को सही और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हो सके। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 04:53, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी,
:आपके द्वारा दिए गए सुझाव के लिए धन्यवाद। आपने जिन संदर्भों में समस्या बताई थी, उनमें से कुछ लिंक उस समय वेबसाइट के सर्वर इश्यू (503 error) के कारण अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे।
:अब मैंने संबंधित संदर्भों को Internet Archive (वेब आर्काइव) से जोड़ दिया है, ताकि वे स्थायी रूप से उपलब्ध रहें और खुलने में कोई समस्या न हो। साथ ही, संदर्भों की प्रासंगिकता और सत्यता की भी पुनः जाँच कर ली गई है।
:यदि फिर भी किसी विशेष संदर्भ में सुधार की आवश्यकता हो तो कृपया मार्गदर्शन दें।
:धन्यवाद। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 07:34, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
== से चीज़ के संदर्भ ==
@[[सदस्य:Citexji|Citexji]] महोदय, इसके संदर्भ को सुधारें तथा लेख की भाषा को भी सही करें [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 07:34, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते @[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी,
:आपके सुझाव के लिए धन्यवाद। मैंने लेख के संदर्भों की जाँच कर ली है तथा जिन लिंक में समस्या थी उन्हें ठीक करने का प्रयास किया है। साथ ही लेख की भाषा को भी अधिक स्पष्ट और विश्वसनीय बनाने के लिए सुधार किया जा रहा है। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 07:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
== [[:से चीज़|से चीज़]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन ==
नमस्कार, [[:से चीज़|से चीज़]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/से चीज़|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/से चीज़]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।
नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:
<center>उल्लेखनीय नहीं।</center>
कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।
चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:22, 14 अप्रैल 2026 (UTC)
== अप्रैल 2026 ==
[[Image:Information.svg|25px|alt=|link=]] कृपया लेखों से [[साँचा:हहेच लेख|हटाने हेतु नामांकन की सूचना]] व [[वि:हहेच|हटाने हेतु चर्चा पृष्ठ]] से अन्य सदस्यों की टिप्पणियाँ न हटायें, जैसा कि आपने [[:से चीज़]] पर किया। ऐसा करने से चर्चा बंद नहीं होगी। आपका चर्चा पृष्ठ पर प्रस्तावित विलोपन के बारे में टिप्पणी करने के लिए स्वागत है। धन्यवाद।<!-- Template:uw-afd2 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 05:01, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
:धन्यवाद। मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मैंने किसी भी अन्य सदस्य की टिप्पणियाँ नहीं हटाई हैं। यदि किसी प्रकार से कोई टिप्पणी हट गई हो तो वह अनजाने में हुआ होगा, इसके लिए खेद है।
:मेरा उद्देश्य केवल लेख में सुधार करना और विश्वसनीय स्रोत जोड़ना है। मैं चर्चा में भाग लेने और आवश्यकतानुसार लेख को बेहतर बनाने के लिए तैयार हूँ। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 05:08, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
[[File:Nuvola apps important.svg|25px|alt=|link=]] कृपया [[विकिपीडिया:विघटनकारी सम्पादन|विघटनकारी संपादन]] करना बंद करें। अगर आप विकिपीडिया पृष्ठों से पाठ, साँचे अथवा अन्य सामग्री हटाना अथवा पृष्ठों को रिक्त करना जारी रखते हैं, जैसा कि आपने [[:प्राकृतिक स्वास्थ्य]] पर किया है, तो आपको [[विकिपीडिया:निषेध नियमावली|संपादन करने से अवरोधित]] किया जा सकता है। <!-- Template:uw-delete3 --> [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 10:00, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
== [[:पार्वती कुराकुला|पार्वती कुराकुला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:पार्वती कुराकुला|पार्वती कुराकुला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:01, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
:मैंने लेख को तटस्थ शैली में संशोधित किया है और प्रचारात्मक सामग्री हटा दी है। साथ ही विश्वसनीय स्रोत जोड़कर उल्लेखनीयता स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। कृपया पुनः समीक्षा करें। धन्यवाद। [[सदस्य:Citexji|Citexji]] ([[सदस्य वार्ता:Citexji|वार्ता]]) 05:32, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
== [[:पार्वती कुराकुला|पार्वती कुराकुला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:पार्वती कुराकुला|पार्वती कुराकुला]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 03:53, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
:नमस्ते महोदय! @[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]]
:लेख में प्रचारात्मक भाषा हटाकर इसे तटस्थ शैली में पुनर्लेखित किया गया है। वर्तमान सामग्री प्रकाशित स्रोतों पर आधारित है और लेख में किसी प्रकार की विज्ञापनात्मक भाषा का प्रयोग नहीं किया गया है।
:यदि समुदाय को किसी विशेष स्रोत या सामग्री पर आपत्ति हो तो उस पर चर्चा की जा सकती है तथा आवश्यकतानुसार और सुधार किए जा सकते हैं। अतः लेख को शीघ्र हटाने के बजाय सुधार हेतु रखा जाना अधिक उपयुक्त होगा।
:धन्यवाद। [[User:Citexji|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''Citexji'''</span>]]<sup>[[User talk:Citexji|<span style="color:green">बातचीत</span>]]</sup> 07:26, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
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द ट्रेंडिंग पीपल
0
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6543207
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2026-04-22T20:43:02Z
Citexji
915668
बाहरी कड़ियाँ
6543207
wikitext
text/x-wiki
{{Short description|भारतीय डिजिटल समाचार मंच}}
{{Infobox website
| name = द ट्रेंडिंग पीपल
| type = डिजिटल मीडिया मंच
| language = हिन्दी, अंग्रेज़ी
| founded = 2021
| headquarters = [[नई दिल्ली]], भारत
}}
'''द ट्रेंडिंग पीपल''' ([[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: ''The Trending People'') एक भारतीय डिजिटल मीडिया मंच है, जिसका उल्लेख समाचार स्रोतों में डिजिटल प्रकाशन मंच के रूप में किया गया है।<ref name="ips">{{cite web |url=https://ipsnews.net/business/2026/03/16/independent-digital-platforms-expand-space-for-grassroots-storytelling-in-india/ |title=Independent digital platforms expand space for grassroots storytelling in India |website=IPS News |access-date=2026-04-12}}</ref><ref name="hans">{{cite web |url=https://www.thehansindia.com/life-style/the-trending-people-a-growing-force-in-indias-digital-news-media-931154 |title=The Trending People: A Growing Force in India's Digital News Media |website=The Hans India |access-date=2026-04-12}}</ref>
== परिचय ==
यह मंच डिजिटल पत्रकारिता से संबंधित सामग्री प्रकाशित करता है, जिसमें सामाजिक, सांस्कृतिक तथा समसामयिक विषय शामिल होते हैं। स्रोतों में इसे स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उल्लेखित किया गया है, जो जमीनी स्तर की कहानियों और सामाजिक मुद्दों को प्रकाशित करता है।<ref name="ips" />
== इतिहास ==
उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, इस मंच की स्थापना 2021 में हुई। प्रारंभिक चरण में इसने समसामयिक घटनाओं और [[सामाजिक|सामाजिक विषयों]] से संबंधित सामग्री प्रकाशित की।<ref name="hans" /> अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में भारत में उभरते स्वतंत्र [[डिजिटल मीडिया]] मंचों के संदर्भ में इसका उल्लेख किया गया है।<ref name="ips" />
== मीडिया में उल्लेख ==
समाचार स्रोतों में इस मंच का उल्लेख भारत में उभरते [[डिजिटल मीडिया]] प्लेटफॉर्म के संदर्भ में किया गया है।<ref name="pk">{{cite web
|url=https://m.haryana.punjabkesari.in/gurgaon/news/thetrendingpeople-a-digital-platform-voice-of-society-2053753
|title=The Trending People: A digital platform voice of society
|website=Punjab Kesari
|access-date=2026-04-12}}</ref><ref name="jagran">{{cite web
|url=https://web.archive.org/web/20260317055630/https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69b7d9af1e5ec/article-48262
|title=The Trending People पर रिपोर्ट
|website=दैनिक जागरण
|access-date=2026-04-12}}</ref>
== सामग्री ==
मंच पर [[राजनीति]], समाज, [[संस्कृति]] और अन्य सार्वजनिक महत्व के विषयों पर लेख प्रकाशित किए जाते हैं। इसमें विभिन्न लेखकों द्वारा लिखित सामग्री शामिल होती है।<ref name="jagran" />
== यह भी देखें ==
* [[डिजिटल पत्रकारिता]]
* भारत में मीडिया
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://www.thetrendingpeople.com.com}}
[[श्रेणी:वेबसाइटें]]
[[श्रेणी:भारत में मीडिया]]
[[श्रेणी:डिजिटल मीडिया]]
[[श्रेणी:2021 में स्थापित संगठन]]
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6543207
2026-04-22T20:48:47Z
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/* बाहरी कड़ियाँ */
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wikitext
text/x-wiki
{{Short description|भारतीय डिजिटल समाचार मंच}}
{{Infobox website
| name = द ट्रेंडिंग पीपल
| type = डिजिटल मीडिया मंच
| language = हिन्दी, अंग्रेज़ी
| founded = 2021
| headquarters = [[नई दिल्ली]], भारत
}}
'''द ट्रेंडिंग पीपल''' ([[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]]: ''The Trending People'') एक भारतीय डिजिटल मीडिया मंच है, जिसका उल्लेख समाचार स्रोतों में डिजिटल प्रकाशन मंच के रूप में किया गया है।<ref name="ips">{{cite web |url=https://ipsnews.net/business/2026/03/16/independent-digital-platforms-expand-space-for-grassroots-storytelling-in-india/ |title=Independent digital platforms expand space for grassroots storytelling in India |website=IPS News |access-date=2026-04-12}}</ref><ref name="hans">{{cite web |url=https://www.thehansindia.com/life-style/the-trending-people-a-growing-force-in-indias-digital-news-media-931154 |title=The Trending People: A Growing Force in India's Digital News Media |website=The Hans India |access-date=2026-04-12}}</ref>
== परिचय ==
यह मंच डिजिटल पत्रकारिता से संबंधित सामग्री प्रकाशित करता है, जिसमें सामाजिक, सांस्कृतिक तथा समसामयिक विषय शामिल होते हैं। स्रोतों में इसे स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उल्लेखित किया गया है, जो जमीनी स्तर की कहानियों और सामाजिक मुद्दों को प्रकाशित करता है।<ref name="ips" />
== इतिहास ==
उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, इस मंच की स्थापना 2021 में हुई। प्रारंभिक चरण में इसने समसामयिक घटनाओं और [[सामाजिक|सामाजिक विषयों]] से संबंधित सामग्री प्रकाशित की।<ref name="hans" /> अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में भारत में उभरते स्वतंत्र [[डिजिटल मीडिया]] मंचों के संदर्भ में इसका उल्लेख किया गया है।<ref name="ips" />
== मीडिया में उल्लेख ==
समाचार स्रोतों में इस मंच का उल्लेख भारत में उभरते [[डिजिटल मीडिया]] प्लेटफॉर्म के संदर्भ में किया गया है।<ref name="pk">{{cite web
|url=https://m.haryana.punjabkesari.in/gurgaon/news/thetrendingpeople-a-digital-platform-voice-of-society-2053753
|title=The Trending People: A digital platform voice of society
|website=Punjab Kesari
|access-date=2026-04-12}}</ref><ref name="jagran">{{cite web
|url=https://web.archive.org/web/20260317055630/https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69b7d9af1e5ec/article-48262
|title=The Trending People पर रिपोर्ट
|website=दैनिक जागरण
|access-date=2026-04-12}}</ref>
== सामग्री ==
मंच पर [[राजनीति]], समाज, [[संस्कृति]] और अन्य सार्वजनिक महत्व के विषयों पर लेख प्रकाशित किए जाते हैं। इसमें विभिन्न लेखकों द्वारा लिखित सामग्री शामिल होती है।<ref name="jagran" />
== यह भी देखें ==
* [[डिजिटल पत्रकारिता]]
* भारत में मीडिया
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://www.thetrendingpeople.com/}}
[[श्रेणी:वेबसाइटें]]
[[श्रेणी:भारत में मीडिया]]
[[श्रेणी:डिजिटल मीडिया]]
[[श्रेणी:2021 में स्थापित संगठन]]
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<div><span style="font-size:90%;"><center>'''विलुप्त'''</center><br></span>
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<div style="border-top:2px solid black; border-radius:20%;display:inline;padding-top:1em">
<div class="CR-hover tooltip" style="height:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; width:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; line-height:100%; display:inline;border:1px solid #C8CBD0; border-radius:50%;padding:0.3em;margin:0.2em;{{#ifeq:{{{1|}}}|CR|background:red}}">[[:श्रेणी:अत्यंत संकटग्रस्त भाषाएँ|'''CR''']]<span class="tooltiptext"> ''अत्यन्त सङ्कटग्रस्त'' का संक्षिप्त रूप</span></div>{{#if:{{{1|CR}}}|[[श्रेणी:अत्यंत संकटग्रस्त भाषाएँ]]}}
<div class="SE-hover tooltip" style="height:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; width:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; line-height:100%; display:inline;border:1px solid #C8CBD0; border-radius:50%;padding:0.3em;margin:0.2em;{{#ifeq:{{{1|}}}|SE|background:orange}}">[[:श्रेणी:गंभीर रूप से संकटग्रस्त भाषाएँ|'''SE''']]<span class="tooltiptext">''गम्भीर रूप से सङ्कटग्रस्त'' का संक्षिप्त रूप</span></div>{{#if:{{{1|SE}}}|[[श्रेणी:गंभीर रूप से संकटग्रस्त भाषाएँ]]}}
<div class="DE-hover tooltip" style="height:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; width:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; line-height:100%;display:inline;border:1px solid #C8CBD0; border-radius:50%;padding:0.3em;margin:0.2em;{{#ifeq:{{{1|}}}|DE|background:yellow}}">[[:श्रेणी:निश्चित रूप से संकटग्रस्त भाषाएँ|'''DE''']]<span class="tooltiptext"> 'निश्चित रूप से सङ्कटग्रस्त'' का संक्षिप्त रूप</span></div>{{#if:{{{1|DE}}}|[[श्रेणी:निश्चित रूप से संकटग्रस्त भाषाएँ]]}}
<div class="VU-hover tooltip" style="height:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; width:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; line-height:100%; display:inline;border:1px solid #C8CBD0; border-radius:50%;padding:0.3em;margin:0.2em;{{#ifeq:{{{1|}}}|VU|background:yellowgreen}}">[[:श्रेणी:असुरक्षित भाषाएँ|'''VU''']]<span class="tooltiptext"> ''असुरक्षित'' का संक्षिप्त रूप</span></div>{{#if:{{{1|VU}}}|[[श्रेणी:असुरक्षित भाषाएँ]]}}
</div></div><div><span style="font-size:90%"><center>'''सुरक्षित'''</center><br></span>
<div class="NE-hover tooltip" style="height:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; width:{{#expr: {{{size|30}}} * 3 / 4}}px; line-height:100%; display:inline;border:1px solid #C8CBD0; border-radius:50%;padding:0.3em;margin:0.2em;{{#ifeq:{{{1|}}}|NE|background:silver}}">'''NE'''<span class="tooltiptext">''लुप्तप्राय नहीं'' का संक्षिप्त रूप</span></div></div></div>
<div style="text-align:left;font-size:90%;margin-top:0.4em; line-height:1.3">{{#switch:{{{1|}}}
|NA=<!-- "उपलब्ध नहीं" प्रदर्शित करें -->
{{{name|{{PAGENAME}}}}} किसी भी स्तर पर ''[[विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस]]'' से '''अभी तक वर्गीकृत नहीं''' {{{cs_ref|{{{sk_ref|}}} }}}
|EX=<!-- "विलुप्त" दृश्य --><center>{{small|[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']]: {{लिंक जोड़ना|1=[https://www.theguardian.com/news/datablog/2011/apr/15/language-extinct-endangered Extinct]}}}}</center>[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']] ने {{{name|{{PAGENAME}}}}} को एक ऐसी भाषा के रूप में वर्गीकृत किया गया है जो '''punah''' ('''EX''') {{{cs_ref|{{{sk_ref|}}} }}}{{Main other|[[Kategori:Bahasa yang telah punah]]}}
|CR=<!-- अत्यन्त सङ्कटग्रस्त --><center>{{small|[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']]: {{लिंक जोड़ना|1=[https://www.theguardian.com/news/datablog/2011/apr/15/language-extinct-endangered अत्यन्त सङ्कटग्रस्त]}}}}</center>
[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']] ने {{{name|{{PAGENAME}}}}} को एक ऐसी भाषा के रूप में वर्गीकृत किया गया है जो '''अत्यन्त सङ्कटग्रस्त''' ('''CR''') {{{cs_ref|{{{sk_ref|}}} }}}{{Main other|[[Kategori:Bahasa-bahasa yang terancam kritis]]}}
|SE=<!-- गम्भीर रूप से सङ्कटग्रस्त --><center>{{small|[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']]: {{लिंक जोड़ना|1=[https://www.theguardian.com/news/datablog/2011/apr/15/language-extinct-endangered गम्भीर रूप से सङ्कटग्रस्त]}}}}</center>[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']] ने {{{name|{{PAGENAME}}}}} को एक ऐसी भाषा के रूप में वर्गीकृत किया गया है जो '''गम्भीर रूप से सङ्कटग्रस्त''' ('''SE''') {{{cs_ref|{{{sk_ref|}}} }}}{{Main other|[[Kategori:Bahasa-bahasa yang terancam berat]]}}
|DE=<!-- निश्चित रूप से सङ्कटग्रस्त --><center>{{small|[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']]: {{लिंक जोड़ना|1=[https://www.theguardian.com/news/datablog/2011/apr/15/language-extinct-endangered निश्चित रूप से सङ्कटग्रस्त]}}}}</center>
[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']] ने {{{name|{{PAGENAME}}}}} को एक ऐसी भाषा के रूप में वर्गीकृत किया गया है जो '''निश्चित रूप से सङ्कटग्रस्त''' ('''DE''') {{{cs_ref|{{{sk_ref|}}} }}}</div>{{Main other|[[Kategori:Bahasa-bahasa yang terancam punah]]}}
|VU=<!-- TAMPILAN "RENTAN" --><center>{{small|[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']]: {{लिंक जोड़ना|1=[https://www.theguardian.com/news/datablog/2011/apr/15/language-extinct-endangered असुरक्षित]}}}}</center>
[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']] ने {{{name|{{PAGENAME}}}}} को एक ऐसी भाषा के रूप में वर्गीकृत किया गया है जो '''असुरक्षित''' ('''VU''') {{{cs_ref|{{{sk_ref|}}} }}}{{Main other|[[Kategori:Bahasa-bahasa yang rentan punah]]}}
|NE=<!-- TAMPILAN "AMAN" --><center>{{small|[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']]: {{लिंक जोड़ना|1=[https://www.theguardian.com/news/datablog/2011/apr/15/language-extinct-endangered सुरक्षित]}}}}</center>
[[''विश्व की संकटग्रस्त भाषाओं का एटलस'']] ने {{{name|{{PAGENAME}}}}} को एक ऐसी भाषा के रूप में वर्गीकृत किया गया है जो '''सुरक्षित''' ('''NE''') {{{cs_ref|{{{sk_ref|}}} }}}
|={{#if:{{{text|}}}{{{2|}}}|{{{text|{{{2|}}}}}}|<span style="color: Maroon;">'''पैरामीटर वैल्यू {{para|1}} ज़रूरी है: पैरामीटर में ऊपर दिए गए शब्द भरें या अगर डेटा उपलब्ध नहीं है तो <code>NA</code> भरें'''</span>
}}}}
{{#ifeq:{{{child|}}}|yes|</center>|</div>}}
{{#if:{{#invoke:WikidataIB/sandbox|getValue|P1999|fetchwikidata=ALL|onlysourced=no| noicon = yes |linked=false}}|<span style="font-size:80%; line-height:0.3">{{EditOnWikidata|pid=P1999}}</span>}}</div>}}
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बिफोर त्रयी
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कमाई और समीक्षा जोड़ी
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox film
| italic_title = no
| name = द बिफोर त्रयी
| image =
| caption = क्राइटेरियन कलेक्शन की आवरण कला
| director = [[रिचर्ड लिंकलेटर]]
| screenplay = रिचर्ड लिंकलेटर<br/>[[किम क्रिज़न]] (''सनराइज'')<br/>[[ईथन हॉक]]<br/>(''सनसेट'', ''मिडनाइट'')<br/>[[जूली डेल्पी]]<br/>(''सनसेट'', ''मिडनाइट'')
| story = रिचर्ड लिंकलेटर (''सनसेट'')<br/>किम क्रिज़न (''सनसेट'')
| based_on =
| producer = ऐनी वॉकर-मैकबे (''सनराइज'', ''सनसेट'')<br/>रिचर्ड लिंकलेटर<br/>(''मिडनाइट'')<br/>क्रिस्टोस वी. कॉन्स्टैंटकोपोलोस (''मिडनाइट'')<br/>सारा वुडहैच<br/>(''मिडनाइट'')
| starring = {{Plainlist|
* ईथन हॉक
* जूली डेल्पी
}}
| studio = {{Plainlist|
* कैसल रॉक एंटरटेनमेंट
* डेटूर फ़िल्मप्रोडक्शन
* फ़िल्महाउस फ़िल्म्स (''सनराइज़'')
* फ़ालिरो हाउस प्रोडक्शंस (''मिडनाइट'')
* वेंचर फ़ोर्थ (''मिडनाइट'')
}}
| distributor = {{Plainlist|
* [[कोलम्बिया पिक्चर्स]] (''सनराइज़'')
* वार्नर इंडिपेंडेंट पिक्चर्स (''सनसेट'')
* सोनी पिक्चर्स क्लासिक्स (''मिडनाइट'')
}}
| released =
| runtime = 290 मिनट
| country = संयुक्त राज्य अमेरिका<br />ऑस्ट्रिया (''सनराइज'')<br />यूनान (''मिडनाइट'')
| language = अंग्रेज़ी
| budget = $75 लाख<ref name="numbers" />
| gross = $6.15 करोड़
}}'''द ''बिफोर त्रयी''''' (Before Trilogy) [[रिचर्ड लिंकलेटर]] निर्देशित तीन [[प्रेमकहानी फ़िल्म|प्रेमकहानी]] फ़िल्मों की त्रयी है। इनमें [[ईथन हॉक]] और [[जूली डेल्पी]] ने अभिनय किया है। इस शृंखला की शुरूआत ''[[बिफोर सनराइज]]'' (1995) से होती है और इसके बाद दो अन्य उत्तरकृतियाँ ''[[बिफोर सनसेट]]'' (2004) व ''[[बिफोर मिडनाइट]]'' (2013) प्रमोचित हुई। तीनों फ़िल्में लिंकलेटर ने लिखी जिनमें पहली फ़िल्म में [[किम क्रिज़न]] ने सहलेखन का कार्य किया और अन्य दो में हॉक व डेल्पी ने सहलेखन किया।{{Efn|लिंकलेटर और क्रिज़न को उत्तरकृति (''बिफोर सनसेट'') में लेखन का श्रेय मिला।<ref>{{Citation |title=BEFORE SUNSET Writer Kim Krizan & The Life of Anaïs Nin - The Film Scene with Illeana Douglas |url=https://www.youtube.com/watch?v=uvOSiSIQ4XM |language=en |access-date=2022-11-24}}</ref>}}
== स्वीकृति ==
=== बॉक्स ऑफ़िस ===
{| class="wikitable sortable plainrowheaders" style="text-align:center;"
!फ़िल्म
!प्रमोचन तिथि
!बजट
!बॉक्स ऑफ़िस की कमाई
|-
! scope="row" style="text-align:left" |''बिफोर सनराइज''
|जनवरी 19, 1995
|$25 लाख<ref name="numbers">{{cite web|url=https://www.the-numbers.com/movies/franchise/Before-Sunrise#tab=summary|title=Before Sunrise Franchise Box Office History|publisher=[[द नम्बर्स (वेबसाइट)|द नम्बर्स]]}}</ref>
|$2.25 करोड़<ref name="ratio">{{cite magazine|magazine=वैराइटी |title=Big clicks from little flicks|first=लियोनार्ड |last=क्लैडी |date=जनवरी 22, 1996|page=1}}</ref>
|-
! scope="row" style="text-align:left" |''बिफोर सनसेट''
|फ़रवरी 10, 2004
|$20 लाख<ref name="numbers" />
|$1.58 करोड़<ref>{{cite web|url=https://www.boxofficemojo.com/movies/?id=beforesunset.htm|title=Before Sunset (2004)|publisher=[[बॉक्स ऑफ़िस मोजो]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20091126152733/http://boxofficemojo.com/movies/?id=beforesunset.htm|archive-date=नवम्बर 26, 2009|access-date=अगस्त 19, 2022|url-status=live}}</ref>
|-
! scope="row" style="text-align:left" |''बिफोर मिडनाइट''
|जनवरी 20, 2013
|$30 लाख<ref name="numbers" />
|$2.32 करोड़<ref>{{cite web|url=https://www.the-numbers.com/movie/Before-Midnight|title=Before Midnight|publisher=द नम्बर्स |access-date=अगस्त 19, 2022}}</ref>
|}
=== समालोचनायें ===
{| class="wikitable sortable plainrowheaders" style="text-align:center;"
!फ़िल्म
![[रॉटेन टमेटोज़]]
![[मेटाक्रिटिक]]
|-
! scope="row" style="text-align:left" |''बिफोर सनराइज''
|100% (51 समीक्षायें)<ref name="tomatoes1">{{cite web|url=https://www.rottentomatoes.com/m/before_sunrise|title=Before Sunrise|website=[[रॉटेन टमेटोज़]]|access-date=जनवरी 29, 2026}}</ref>
|79 (19 समीक्षायें)<ref name="metacritic1">{{cite web|url=https://www.metacritic.com/movie/before-sunrise|title=Before Sunrise: reviews|website=[[मेटाक्रिटिक]]|access-date=जनवरी 29, 2026}}</ref>
|-
! scope="row" style="text-align:left" |''बिफोर सनसेट''
|94% (181 समीक्षायें)<ref name="tomatoes2">{{cite web|url=https://www.rottentomatoes.com/m/before_sunset|title=Before Sunset|website=रॉटेन टमेटोज़|access-date=जनवरी 29, 2026}}</ref>
|91 (39 समीक्षायें)<ref name="metacritic2">{{cite web|url=https://www.metacritic.com/movie/before-sunset|title=Before Sunset: Reviews|website=[[मेटाक्रिटिक]]|access-date=मार्च 19, 2020}}</ref>
|-
! scope="row" style="text-align:left" |''बिफोर मिडनाइट''
|98% (202 समीक्षायें)<ref name="tomatoes3">{{cite web|url=https://www.rottentomatoes.com/m/before_midnight_2013|title=Before Midnight|website=रॉटेन टमेटोज़|access-date=जनवरी 29, 2026}}</ref>
|94 (41 समीक्षायें)<ref name="metacritic3">{{cite web|url=https://www.metacritic.com/movie/before-midnight|title=Before Midnight: Reviews|website=[[मेटाक्रिटिक]]|access-date=मार्च 19, 2020}}</ref>
|}
== टिप्पणियाँ ==
{{Notelist}}
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
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यूक्रेनी साहित्य
0
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6543139
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2026-04-22T13:53:03Z
आदेश यादव
640970
[[WP:HC|HotCat]] द्वारा [[श्रेणी:भाषानुसार साहित्य]] जोड़ी
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wikitext
text/x-wiki
'''यूक्रेनी साहित्य''' सामान्यतः [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेन भाषा]] में लिखा गया साहित्य है।<ref>{{cite web |title=Ukrainian literature |url=https://web.archive.org/web/20191005014115/https://www.britannica.com/art/Ukrainian-literature |website=Encyclopedia Britannica |access-date=22 अप्रैल 2026 |language=en}}</ref> व्यापक अर्थ में यह यूक्रेन के क्षेत्र में किए गए सभी साहित्यिक कार्यों से संबंधित है।
==विकास==
यूक्रेनी साहित्य का विकास मुख्य रूप से यूक्रेन क्षेत्रों पर विदेशी प्रभुत्व के अधीन हुआ। इसके विकास में प्रमुख रूप से [[पोलिश-लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल]], [[पोलैंड]], [[रूसी साम्राज्य]], रोमानिया साम्राज्य, [[ऑस्ट्रिया-हंगरी|ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य]] और [[उस्मानी साम्राज्य]] शामिल थे।<ref>{{cite web |title=Literature |url=https://www.encyclopediaofukraine.com/display.asp?linkpath=pages%5CL%5CI%5CLiterature.htm |website=www.encyclopediaofukraine.com |access-date=22 अप्रैल 2026}}</ref> यूक्रेनी साहित्य को केवल उन साहित्यिक कृतियों तक ही सीमित रखा गया है जो स्थानीय यूक्रेन भाषा में लिखी गई। इसने 19वीं शताब्दी के दौरान लेखन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
==इतिहास==
यूक्रेनी साहित्यिक कृतियों का पहला व्यवस्थित संग्रह 1829 में गैलिशियाई ग्रीक कैथोलिक पादरी इवान मोहिलनित्स्की द्वारा प्रकाशित किया गया। यूक्रेनी साहित्य के इतिहास पर पहले अकादमिक कार्य कीव थियोलॉजिकल अकादमी के प्रोफेसर और यूक्रेनी विज्ञान अकादमी के सदस्य निकोलाई पेत्रोव द्वारा किए गए।<ref>{{cite web |title=Історія української літератури: ключові етапи та дослідники |url=https://tyzhden.ua/khto-sformuvav-nashe-znannia-pro-ukrainsku-literaturu/ |access-date=22 अप्रैल 2026 |language=uk |date=12 नवम्बर 2025}}</ref>
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:भाषानुसार साहित्य]]
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6543141
6543139
2026-04-22T13:56:19Z
आदेश यादव
640970
/* इतिहास */
6543141
wikitext
text/x-wiki
'''यूक्रेनी साहित्य''' सामान्यतः [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेन भाषा]] में लिखा गया साहित्य है।<ref>{{cite web |title=Ukrainian literature |url=https://web.archive.org/web/20191005014115/https://www.britannica.com/art/Ukrainian-literature |website=Encyclopedia Britannica |access-date=22 अप्रैल 2026 |language=en}}</ref> व्यापक अर्थ में यह यूक्रेन के क्षेत्र में किए गए सभी साहित्यिक कार्यों से संबंधित है।
==विकास==
यूक्रेनी साहित्य का विकास मुख्य रूप से यूक्रेन क्षेत्रों पर विदेशी प्रभुत्व के अधीन हुआ। इसके विकास में प्रमुख रूप से [[पोलिश-लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल]], [[पोलैंड]], [[रूसी साम्राज्य]], रोमानिया साम्राज्य, [[ऑस्ट्रिया-हंगरी|ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य]] और [[उस्मानी साम्राज्य]] शामिल थे।<ref>{{cite web |title=Literature |url=https://www.encyclopediaofukraine.com/display.asp?linkpath=pages%5CL%5CI%5CLiterature.htm |website=www.encyclopediaofukraine.com |access-date=22 अप्रैल 2026}}</ref> यूक्रेनी साहित्य को केवल उन साहित्यिक कृतियों तक ही सीमित रखा गया है जो स्थानीय यूक्रेन भाषा में लिखी गई। इसने 19वीं शताब्दी के दौरान लेखन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
==इतिहास==
यूक्रेनी साहित्यिक कृतियों का पहला व्यवस्थित संग्रह 1829 में गैलिशियाई ग्रीक कैथोलिक पादरी इवान मोहिलनित्स्की द्वारा प्रकाशित किया गया। यूक्रेनी साहित्य के इतिहास पर पहले अकादमिक कार्य कीव थियोलॉजिकल अकादमी के प्रोफेसर और यूक्रेनी विज्ञान अकादमी के सदस्य निकोलाई पेत्रोव द्वारा किए गए।<ref>{{cite web |title="Who Formed our Knowledge on Ukrainian Literature?" |url=https://tyzhden.ua/khto-sformuvav-nashe-znannia-pro-ukrainsku-literaturu/ |access-date=22 अप्रैल 2026 |language=uk |date=12 नवम्बर 2025}}</ref>
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:भाषानुसार साहित्य]]
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यूरी कोंड्रैट्युक
0
1611470
6543125
6543096
2026-04-22T12:37:26Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
प्रारंभिक जीवन
6543125
wikitext
text/x-wiki
{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
{{Infobox person
| birthname = अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शारगेई
| name = यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक
| image = Кондратюк, Юрий.jpg
| caption = 1941 में कोंड्रैट्युक
| birth_date = {{birth date|1897|6|21|df=y}}
| birth_place = पोल्टावा, पोल्टावा प्रांत, [[रूसी साम्राज्य]] (वर्तमान [[युक्रेन]])
| death_date = फरवरी 1942 (उम्र 44 वर्ष)
| death_place = कलुगा के पास, [[कालुगा ओब्लास्ट|कालुगा क्षेत्र]], [[रूसी सोवियत संघात्मक समाजवादी गणराज्य|आरएसएफएसआर]], [[सोवियत संघ]]
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|allegiance = [[रूसी साम्राज्य]] (1916–1918), [[सोवियत संघ]] (1941–1942)
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* [[प्रथम विश्व युद्ध]]
* [[द्वितीय विश्व युद्ध]]
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|awards =
}}
}}
'''यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक'''( [[रूसी भाषा|रूसी]] : Юрий Васильевич Кондратюк ; [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Юрій Васильович Кондратюк ), वास्तविक नाम: अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शारगेई ( [[रूसी भाषा|रूसी]] : Александр Игнатьевич Шаргей ; [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Олександр Гнатович Шаргей ; 21 जून 1897 – फरवरी 1942) सोवियत युग के एक प्रतिभाशाली [[अभियान्त्रिकी|अभियंता]], [[गणितज्ञ]] और [[अंतरिक्षयानिकी|अंतरिक्ष विज्ञान]] के दूरदर्शी चिंतक थे। वे उन अग्रणी मस्तिष्कों में गिने जाते हैं जिन्होंने उस समय, जब [[अंतरिक्ष उड़ान|अंतरिक्ष यात्रा]] मात्र कल्पना मानी जाती थी, [[चन्द्रमा]] तक पहुँचने और वहाँ से सुरक्षित पृथ्वी पर लौटने की वैज्ञानिक रूपरेखा प्रस्तुत की। उनके द्वारा प्रतिपादित चंद्र कक्षा मिलन की अवधारणा ने अंतरिक्ष अभियानों की दिशा ही बदल दी और आगे चलकर मानव जाति के [[अपोलो ११|चंद्र अभियान]] की आधारशिला सिद्ध हुई।<ref>
{{Cite book
|last = विल्फोर्ड
|first = जॉन
|title = We Reach the Moon: The New York Times Story of Man's Greatest Adventure
|publisher = बैंटम पेपरबैक्स
|location = न्यू यॉर्क
|year = 1969
|page = 167
|id = }}
</ref><ref>{{cite book|title=Russian Planetary Exploration: History, Development, Legacy and Prospects|first=ब्रायन |last=हार्वे|year=2007|publisher= स्प्रिंगर}}</ref>
कोंड्रैट्युक का जीवन जितना असाधारण था, उतना ही संघर्षपूर्ण भी। उन्होंने अपने अनुसंधान ऐसे दौर में किए जब विश्व निरंतर युद्धों और राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा था। प्रथम विश्व युद्ध, रूसी गृहयुद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिकाओं के बीच, सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने अपने वैज्ञानिक विचारों को आकार दिया। उनके कार्यों में न केवल चंद्र अभियान की सूक्ष्म योजना झलकती है, बल्कि [[अंतरिक्ष अन्वेषण]] के अनेक पहलुओं पर उनकी गहरी समझ और मौलिकता भी स्पष्ट होती है।
राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक उत्पीड़न के कारण उन्हें अपने वास्तविक नाम को [[पहचान की चोरी|त्यागकर]] 1921 में “यूरी कोंड्रैट्युक” नाम अपनाना पड़ा, जो उनके जीवन की एक मार्मिक और विडंबनापूर्ण सच्चाई बन गया। अनेक कठिनाइयों, बीमारियों और निरंतर असुरक्षा के बावजूद उन्होंने अपने अनुसंधान को कभी विराम नहीं दिया। उनका जीवन इस तथ्य का सशक्त प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियाँ भी उस प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं, जो अपने समय से आगे देखने और मानवता के भविष्य को आकार देने का साहस रखती है।
==जीवनी और शोध==
===प्रारंभिक जीवन===
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक का जन्म वर्ष 1897 में [[रूसी साम्राज्य]] के अंतर्गत आने वाले वर्तमान पोल्टावा में अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शार्गेई के रूप में हुआ था, यद्यपि उनका पारिवारिक निवास [[कीव]] में था। उनके पिता, इग्नाट बेनेडिक्टोविच शार्गेई, जिन्होंने [[यहूदी]] धर्म से [[कैथोलिक गिरजाघर|कैथोलिक धर्म]] स्वीकार किया था, विवाह के समय कीव के सेंट व्लादिमीर इंपीरियल विश्वविद्यालय में भौतिकी और गणित का अध्ययन कर रहे थे।<ref>{{cite web |url=https://scfh.ru/papers/zemnaya-proektsiya-zvezdnoy-sudby/ | title=Земная проекция звездной судьбы }}</ref><ref>{{cite web
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|script-title=ru:МЫ ЗДЕСЬ / Публикации / Номер # 344 / Линия жизни Александра Шаргея
|trans-title=अलेक्जेंडर शार्गेई की जीवन गाथा
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|author=ज़ेलेज़्न्याकोव, ए.
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|title=Конструкторы - А. Железняков. Энциклопедия "Космонавтика" - Космический Мир
|access-date=4 फरवरी 2016}}</ref> उनकी माता, ल्यूडमिला लवोव्ना श्लिपेनबैक, प्रतिष्ठित श्लिपेनबैक कुलीन परिवार से संबंध रखती थीं और कीव के एक विद्यालय में फ़्रांसीसी भाषा की अध्यापिका थीं। यह भी माना जाता है कि जनवरी 1897 में उनके विवाह के समय वे गर्भवती थीं।<ref name="Malinovsky1"/>
कोंड्रैट्युक की मातृ वंशावली यूरोपीय इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई थी। उनकी माता, स्वीडन के राजा [[बारहवाँ चार्ल्स|चार्ल्स द्वादश]] के [[रूसी त्सार-राज्य|रूस]] पर असफल आक्रमण में भाग लेने वाले जनरल वोल्मर एंटोन वॉन श्लिपेनबैक की प्रत्यक्ष वंशज थीं।<ref name="Malinovsky1">{{cite book
|script-title=ru:Бароны Шлиппенбах – офицеры императора Александра І
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|author=वी.के. मालिनोव्स्की
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}}
</ref> उनके नाना, एंटोन वॉन श्लिपेनबैक, इंपीरियल रूसी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर आसीन थे और [[नेपोलियन के युद्ध|नेपोलियन युद्ध]] में भी सक्रिय रूप से सहभागी रहे थे। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अलेक्जेंडर ने अपना अधिकांश बचपन पोल्टावा में अपनी दादी और उनके पति के संरक्षण में बिताया,<ref>{{cite book
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}}
</ref> जहाँ उनके व्यक्तित्व और चिंतन की प्रारंभिक नींव पड़ी।
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक ने अपने बाल्यकाल से ही [[भौतिक शास्त्र|भौतिकी]] और [[गणित]] के क्षेत्र में विलक्षण प्रतिभा का परिचय देना आरम्भ कर दिया था। उनकी बौद्धिक क्षमता इतनी प्रखर थी कि जब वे औपचारिक शिक्षा के अगले चरण में पहुँचे, तो उन्हें सामान्य क्रम का अनुसरण करने के स्थान पर सीधे एक प्रतिष्ठित उच्च विद्यालय की तृतीय कक्षा में प्रवेश प्रदान किया गया। वहाँ उन्होंने अपनी असाधारण योग्यता, परिश्रम और गहन जिज्ञासा के बल पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अंततः कुछ ही वर्षों में स्वर्ण पदक के साथ स्नातक होकर अपनी मेधा का प्रभावशाली प्रमाण प्रस्तुत किया।
== संदर्भ ==
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6543126
6543125
2026-04-22T12:39:19Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
श्रेणी
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wikitext
text/x-wiki
{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
{{Infobox person
| birthname = अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शारगेई
| name = यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक
| image = Кондратюк, Юрий.jpg
| caption = 1941 में कोंड्रैट्युक
| birth_date = {{birth date|1897|6|21|df=y}}
| birth_place = पोल्टावा, पोल्टावा प्रांत, [[रूसी साम्राज्य]] (वर्तमान [[युक्रेन]])
| death_date = फरवरी 1942 (उम्र 44 वर्ष)
| death_place = कलुगा के पास, [[कालुगा ओब्लास्ट|कालुगा क्षेत्र]], [[रूसी सोवियत संघात्मक समाजवादी गणराज्य|आरएसएफएसआर]], [[सोवियत संघ]]
| death_cause = युद्ध में शहीद
| occupation = [[वैमानिक और अन्तरिक्षीय अभियान्त्रिकी|रॉकेट वैज्ञानिक]], अभियंता
| alma_mater = कोई नहीं
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| parents = इग्नाट बेनेडिकटोविच शारगेई<br />लुडमिला लावोव्ना श्लिप्पेनबाक
| children =
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|allegiance = [[रूसी साम्राज्य]] (1916–1918), [[सोवियत संघ]] (1941–1942)
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|serviceyears = 1916–1918, 1941–1942
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|battles = {{tree list}}
* [[प्रथम विश्व युद्ध]]
* [[द्वितीय विश्व युद्ध]]
{{tree list/end}}
|awards =
}}
}}
'''यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक'''( [[रूसी भाषा|रूसी]] : Юрий Васильевич Кондратюк ; [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Юрій Васильович Кондратюк ), वास्तविक नाम: अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शारगेई ( [[रूसी भाषा|रूसी]] : Александр Игнатьевич Шаргей ; [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Олександр Гнатович Шаргей ; 21 जून 1897 – फरवरी 1942) सोवियत युग के एक प्रतिभाशाली [[अभियान्त्रिकी|अभियंता]], [[गणितज्ञ]] और [[अंतरिक्षयानिकी|अंतरिक्ष विज्ञान]] के दूरदर्शी चिंतक थे। वे उन अग्रणी मस्तिष्कों में गिने जाते हैं जिन्होंने उस समय, जब [[अंतरिक्ष उड़ान|अंतरिक्ष यात्रा]] मात्र कल्पना मानी जाती थी, [[चन्द्रमा]] तक पहुँचने और वहाँ से सुरक्षित पृथ्वी पर लौटने की वैज्ञानिक रूपरेखा प्रस्तुत की। उनके द्वारा प्रतिपादित चंद्र कक्षा मिलन की अवधारणा ने अंतरिक्ष अभियानों की दिशा ही बदल दी और आगे चलकर मानव जाति के [[अपोलो ११|चंद्र अभियान]] की आधारशिला सिद्ध हुई।<ref>
{{Cite book
|last = विल्फोर्ड
|first = जॉन
|title = We Reach the Moon: The New York Times Story of Man's Greatest Adventure
|publisher = बैंटम पेपरबैक्स
|location = न्यू यॉर्क
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|page = 167
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</ref><ref>{{cite book|title=Russian Planetary Exploration: History, Development, Legacy and Prospects|first=ब्रायन |last=हार्वे|year=2007|publisher= स्प्रिंगर}}</ref>
कोंड्रैट्युक का जीवन जितना असाधारण था, उतना ही संघर्षपूर्ण भी। उन्होंने अपने अनुसंधान ऐसे दौर में किए जब विश्व निरंतर युद्धों और राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा था। प्रथम विश्व युद्ध, रूसी गृहयुद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिकाओं के बीच, सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने अपने वैज्ञानिक विचारों को आकार दिया। उनके कार्यों में न केवल चंद्र अभियान की सूक्ष्म योजना झलकती है, बल्कि [[अंतरिक्ष अन्वेषण]] के अनेक पहलुओं पर उनकी गहरी समझ और मौलिकता भी स्पष्ट होती है।
राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक उत्पीड़न के कारण उन्हें अपने वास्तविक नाम को [[पहचान की चोरी|त्यागकर]] 1921 में “यूरी कोंड्रैट्युक” नाम अपनाना पड़ा, जो उनके जीवन की एक मार्मिक और विडंबनापूर्ण सच्चाई बन गया। अनेक कठिनाइयों, बीमारियों और निरंतर असुरक्षा के बावजूद उन्होंने अपने अनुसंधान को कभी विराम नहीं दिया। उनका जीवन इस तथ्य का सशक्त प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियाँ भी उस प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं, जो अपने समय से आगे देखने और मानवता के भविष्य को आकार देने का साहस रखती है।
==जीवनी और शोध==
===प्रारंभिक जीवन===
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक का जन्म वर्ष 1897 में [[रूसी साम्राज्य]] के अंतर्गत आने वाले वर्तमान पोल्टावा में अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शार्गेई के रूप में हुआ था, यद्यपि उनका पारिवारिक निवास [[कीव]] में था। उनके पिता, इग्नाट बेनेडिक्टोविच शार्गेई, जिन्होंने [[यहूदी]] धर्म से [[कैथोलिक गिरजाघर|कैथोलिक धर्म]] स्वीकार किया था, विवाह के समय कीव के सेंट व्लादिमीर इंपीरियल विश्वविद्यालय में भौतिकी और गणित का अध्ययन कर रहे थे।<ref>{{cite web |url=https://scfh.ru/papers/zemnaya-proektsiya-zvezdnoy-sudby/ | title=Земная проекция звездной судьбы }}</ref><ref>{{cite web
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कोंड्रैट्युक की मातृ वंशावली यूरोपीय इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई थी। उनकी माता, स्वीडन के राजा [[बारहवाँ चार्ल्स|चार्ल्स द्वादश]] के [[रूसी त्सार-राज्य|रूस]] पर असफल आक्रमण में भाग लेने वाले जनरल वोल्मर एंटोन वॉन श्लिपेनबैक की प्रत्यक्ष वंशज थीं।<ref name="Malinovsky1">{{cite book
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</ref> जहाँ उनके व्यक्तित्व और चिंतन की प्रारंभिक नींव पड़ी।
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक ने अपने बाल्यकाल से ही [[भौतिक शास्त्र|भौतिकी]] और [[गणित]] के क्षेत्र में विलक्षण प्रतिभा का परिचय देना आरम्भ कर दिया था। उनकी बौद्धिक क्षमता इतनी प्रखर थी कि जब वे औपचारिक शिक्षा के अगले चरण में पहुँचे, तो उन्हें सामान्य क्रम का अनुसरण करने के स्थान पर सीधे एक प्रतिष्ठित उच्च विद्यालय की तृतीय कक्षा में प्रवेश प्रदान किया गया। वहाँ उन्होंने अपनी असाधारण योग्यता, परिश्रम और गहन जिज्ञासा के बल पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अंततः कुछ ही वर्षों में स्वर्ण पदक के साथ स्नातक होकर अपनी मेधा का प्रभावशाली प्रमाण प्रस्तुत किया।
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:1897 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:१९४२ में निधन]]
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6543130
6543126
2026-04-22T12:50:41Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
उच्च शिक्षा और प्रथम विश्व युद्ध
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wikitext
text/x-wiki
{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
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| birthname = अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शारगेई
| name = यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक
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| caption = 1941 में कोंड्रैट्युक
| birth_date = {{birth date|1897|6|21|df=y}}
| birth_place = पोल्टावा, पोल्टावा प्रांत, [[रूसी साम्राज्य]] (वर्तमान [[युक्रेन]])
| death_date = फरवरी 1942 (उम्र 44 वर्ष)
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| death_cause = युद्ध में शहीद
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* [[प्रथम विश्व युद्ध]]
* [[द्वितीय विश्व युद्ध]]
{{tree list/end}}
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}}
}}
'''यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक'''( [[रूसी भाषा|रूसी]] : Юрий Васильевич Кондратюк ; [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Юрій Васильович Кондратюк ), वास्तविक नाम: अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शारगेई ( [[रूसी भाषा|रूसी]] : Александр Игнатьевич Шаргей ; [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Олександр Гнатович Шаргей ; 21 जून 1897 – फरवरी 1942) सोवियत युग के एक प्रतिभाशाली [[अभियान्त्रिकी|अभियंता]], [[गणितज्ञ]] और [[अंतरिक्षयानिकी|अंतरिक्ष विज्ञान]] के दूरदर्शी चिंतक थे। वे उन अग्रणी मस्तिष्कों में गिने जाते हैं जिन्होंने उस समय, जब [[अंतरिक्ष उड़ान|अंतरिक्ष यात्रा]] मात्र कल्पना मानी जाती थी, [[चन्द्रमा]] तक पहुँचने और वहाँ से सुरक्षित पृथ्वी पर लौटने की वैज्ञानिक रूपरेखा प्रस्तुत की। उनके द्वारा प्रतिपादित चंद्र कक्षा मिलन की अवधारणा ने अंतरिक्ष अभियानों की दिशा ही बदल दी और आगे चलकर मानव जाति के [[अपोलो ११|चंद्र अभियान]] की आधारशिला सिद्ध हुई।<ref>
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|title = We Reach the Moon: The New York Times Story of Man's Greatest Adventure
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</ref><ref>{{cite book|title=Russian Planetary Exploration: History, Development, Legacy and Prospects|first=ब्रायन |last=हार्वे|year=2007|publisher= स्प्रिंगर}}</ref>
कोंड्रैट्युक का जीवन जितना असाधारण था, उतना ही संघर्षपूर्ण भी। उन्होंने अपने अनुसंधान ऐसे दौर में किए जब विश्व निरंतर युद्धों और राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा था। प्रथम विश्व युद्ध, रूसी गृहयुद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिकाओं के बीच, सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने अपने वैज्ञानिक विचारों को आकार दिया। उनके कार्यों में न केवल चंद्र अभियान की सूक्ष्म योजना झलकती है, बल्कि [[अंतरिक्ष अन्वेषण]] के अनेक पहलुओं पर उनकी गहरी समझ और मौलिकता भी स्पष्ट होती है।
राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक उत्पीड़न के कारण उन्हें अपने वास्तविक नाम को [[पहचान की चोरी|त्यागकर]] 1921 में “यूरी कोंड्रैट्युक” नाम अपनाना पड़ा, जो उनके जीवन की एक मार्मिक और विडंबनापूर्ण सच्चाई बन गया। अनेक कठिनाइयों, बीमारियों और निरंतर असुरक्षा के बावजूद उन्होंने अपने अनुसंधान को कभी विराम नहीं दिया। उनका जीवन इस तथ्य का सशक्त प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियाँ भी उस प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं, जो अपने समय से आगे देखने और मानवता के भविष्य को आकार देने का साहस रखती है।
==जीवनी और शोध==
===प्रारंभिक जीवन===
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक का जन्म वर्ष 1897 में [[रूसी साम्राज्य]] के अंतर्गत आने वाले वर्तमान पोल्टावा में अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शार्गेई के रूप में हुआ था, यद्यपि उनका पारिवारिक निवास [[कीव]] में था। उनके पिता, इग्नाट बेनेडिक्टोविच शार्गेई, जिन्होंने [[यहूदी]] धर्म से [[कैथोलिक गिरजाघर|कैथोलिक धर्म]] स्वीकार किया था, विवाह के समय कीव के सेंट व्लादिमीर इंपीरियल विश्वविद्यालय में भौतिकी और गणित का अध्ययन कर रहे थे।<ref>{{cite web |url=https://scfh.ru/papers/zemnaya-proektsiya-zvezdnoy-sudby/ | title=Земная проекция звездной судьбы }}</ref><ref>{{cite web
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|trans-title=अलेक्जेंडर शार्गेई की जीवन गाथा
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|date=1999
|title=Конструкторы - А. Железняков. Энциклопедия "Космонавтика" - Космический Мир
|access-date=4 फरवरी 2016}}</ref> उनकी माता, ल्यूडमिला लवोव्ना श्लिपेनबैक, प्रतिष्ठित श्लिपेनबैक कुलीन परिवार से संबंध रखती थीं और कीव के एक विद्यालय में फ़्रांसीसी भाषा की अध्यापिका थीं। यह भी माना जाता है कि जनवरी 1897 में उनके विवाह के समय वे गर्भवती थीं।<ref name="Malinovsky1"/>
कोंड्रैट्युक की मातृ वंशावली यूरोपीय इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई थी। उनकी माता, स्वीडन के राजा [[बारहवाँ चार्ल्स|चार्ल्स द्वादश]] के [[रूसी त्सार-राज्य|रूस]] पर असफल आक्रमण में भाग लेने वाले जनरल वोल्मर एंटोन वॉन श्लिपेनबैक की प्रत्यक्ष वंशज थीं।<ref name="Malinovsky1">{{cite book
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|trans-title=श्लिपेनबाख के बैरन - सम्राट अलेक्जेंडर प्रथम के अधिकारी
|language=ru
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}}
</ref> उनके नाना, एंटोन वॉन श्लिपेनबैक, इंपीरियल रूसी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर आसीन थे और [[नेपोलियन के युद्ध|नेपोलियन युद्ध]] में भी सक्रिय रूप से सहभागी रहे थे। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अलेक्जेंडर ने अपना अधिकांश बचपन पोल्टावा में अपनी दादी और उनके पति के संरक्षण में बिताया,<ref>{{cite book
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|author=वी. के. मालिनोव्स्की
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}}
</ref> जहाँ उनके व्यक्तित्व और चिंतन की प्रारंभिक नींव पड़ी।
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक ने अपने बाल्यकाल से ही [[भौतिक शास्त्र|भौतिकी]] और [[गणित]] के क्षेत्र में विलक्षण प्रतिभा का परिचय देना आरम्भ कर दिया था। उनकी बौद्धिक क्षमता इतनी प्रखर थी कि जब वे औपचारिक शिक्षा के अगले चरण में पहुँचे, तो उन्हें सामान्य क्रम का अनुसरण करने के स्थान पर सीधे एक प्रतिष्ठित उच्च विद्यालय की तृतीय कक्षा में प्रवेश प्रदान किया गया। वहाँ उन्होंने अपनी असाधारण योग्यता, परिश्रम और गहन जिज्ञासा के बल पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अंततः कुछ ही वर्षों में स्वर्ण पदक के साथ स्नातक होकर अपनी मेधा का प्रभावशाली प्रमाण प्रस्तुत किया।
===उच्च शिक्षा और प्रथम विश्व युद्ध===
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक ने आगे चलकर अभियंत्रण शिक्षा के लिए पीटर द ग्रेट पेट्रोग्राड इंपीरियल पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट में प्रवेश लिया, जहाँ वे प्रसिद्ध वैज्ञानिक इवान मेशचेर्स्की के विचारों से गहराई से प्रभावित हुए। किंतु उनकी शैक्षिक यात्रा अधिक समय तक अविराम नहीं रह सकी, क्योंकि शीघ्र ही उन्हें [[प्रथम विश्व युद्ध|प्रथम विश्व युद्ध के लिए]] सैन्य सेवा में बुला लिया गया। उन्हें [[सेंट पीटर्सबर्ग|पेट्रोग्राड]] के एक स्थानीय जंकर विद्यालय में एनसाइन के रूप में प्रशिक्षण हेतु भेजा गया, जहाँ से उनका जीवन एक नए और कठोर मोड़ पर आ पहुँचा।
[[प्रथम विश्व युद्ध का मध्य पूर्वी रंगमंच|कोकेशियाई मोर्चे]] पर अपनी सैन्य सेवा के दौरान, विषम परिस्थितियों के बीच भी उनका वैज्ञानिक मन निरंतर सक्रिय रहा। इसी अवधि में उन्होंने अंतरग्रहीय यात्रा के अपने अभिनव विचारों को चार नोटबुकों में विस्तारपूर्वक अंकित किया। इन लेखनों में उन्होंने चंद्रमा तक पहुँचने के लिए एक ऐसे मॉड्यूलर [[अंतरिक्ष यान]] की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसमें मुख्य [[मल्टीस्टेज रॉकेट|प्रणोदन भाग]] को [[कक्षा (भौतिकी)|कक्षा]] में ही छोड़ दिया जाता है, जबकि एक छोटा अवतरण यान चंद्र सतह पर उतरकर पुनः मुख्य यान से जुड़ जाता है। यह दूरदर्शी योजना आगे चलकर [[अपोलो अभियान|अपोलो कार्यक्रम]] के अभियंताओं द्वारा अपनाई गई और मानव के चंद्र अभियान की आधारशिला सिद्ध हुई।<ref name="BBC, Rendezvous" >{{cite news
|title=Rendezvous around the Moon
|url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/sci/tech/8056443.stm
|author= डॉ. क्रिस्टोफर रिले
|date=18 मई 2009
|publisher=बीबीसी ऑनलाइन
}}</ref>
इसके अतिरिक्त, कोंड्रैट्युक ने प्रक्षेपवक्र पृथ्वी की कक्षा से चंद्र कक्षा तक और पुनः पृथ्वी की कक्षा में वापसी के लिए अंतरिक्ष यान के [[प्रक्षेपवक्र|प्रक्षेप पथों]] की अत्यंत सूक्ष्म और सटीक गणनाएँ भी प्रस्तुत कीं। यह विशिष्ट मार्ग, जिसे आज “कोंड्रैट्युक का मार्ग” या “कोंड्रैट्युक का लूप” कहा जाता है, उनके वैज्ञानिक कौशल, गणनात्मक दक्षता और अद्वितीय दूरदृष्टि का अनुपम उदाहरण है।
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:1897 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:१९४२ में निधन]]
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चाहर धर्मेंद्र
703114
सोवियत संघ के शुरुआती वर्ष
6543133
wikitext
text/x-wiki
{{काम जारी|date=अप्रैल 2026}}
{{Infobox person
| birthname = अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शारगेई
| name = यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक
| image = Кондратюк, Юрий.jpg
| caption = 1941 में कोंड्रैट्युक
| birth_date = {{birth date|1897|6|21|df=y}}
| birth_place = पोल्टावा, पोल्टावा प्रांत, [[रूसी साम्राज्य]] (वर्तमान [[युक्रेन]])
| death_date = फरवरी 1942 (उम्र 44 वर्ष)
| death_place = कलुगा के पास, [[कालुगा ओब्लास्ट|कालुगा क्षेत्र]], [[रूसी सोवियत संघात्मक समाजवादी गणराज्य|आरएसएफएसआर]], [[सोवियत संघ]]
| death_cause = युद्ध में शहीद
| occupation = [[वैमानिक और अन्तरिक्षीय अभियान्त्रिकी|रॉकेट वैज्ञानिक]], अभियंता
| alma_mater = कोई नहीं
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| parents = इग्नाट बेनेडिकटोविच शारगेई<br />लुडमिला लावोव्ना श्लिप्पेनबाक
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| module = {{Infobox military person|embed=yes
|allegiance = [[रूसी साम्राज्य]] (1916–1918), [[सोवियत संघ]] (1941–1942)
|branch = शाही रूसी सेना<br>(1916—1918)<br>[[लाल सेना]]<br>(1941–1942)
|serviceyears = 1916–1918, 1941–1942
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|battles = {{tree list}}
* [[प्रथम विश्व युद्ध]]
* [[द्वितीय विश्व युद्ध]]
{{tree list/end}}
|awards =
}}
}}
'''यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक'''( [[रूसी भाषा|रूसी]] : Юрий Васильевич Кондратюк ; [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Юрій Васильович Кондратюк ), वास्तविक नाम: अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शारगेई ( [[रूसी भाषा|रूसी]] : Александр Игнатьевич Шаргей ; [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Олександр Гнатович Шаргей ; 21 जून 1897 – फरवरी 1942) सोवियत युग के एक प्रतिभाशाली [[अभियान्त्रिकी|अभियंता]], [[गणितज्ञ]] और [[अंतरिक्षयानिकी|अंतरिक्ष विज्ञान]] के दूरदर्शी चिंतक थे। वे उन अग्रणी मस्तिष्कों में गिने जाते हैं जिन्होंने उस समय, जब [[अंतरिक्ष उड़ान|अंतरिक्ष यात्रा]] मात्र कल्पना मानी जाती थी, [[चन्द्रमा]] तक पहुँचने और वहाँ से सुरक्षित पृथ्वी पर लौटने की वैज्ञानिक रूपरेखा प्रस्तुत की। उनके द्वारा प्रतिपादित चंद्र कक्षा मिलन की अवधारणा ने अंतरिक्ष अभियानों की दिशा ही बदल दी और आगे चलकर मानव जाति के [[अपोलो ११|चंद्र अभियान]] की आधारशिला सिद्ध हुई।<ref>
{{Cite book
|last = विल्फोर्ड
|first = जॉन
|title = We Reach the Moon: The New York Times Story of Man's Greatest Adventure
|publisher = बैंटम पेपरबैक्स
|location = न्यू यॉर्क
|year = 1969
|page = 167
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</ref><ref>{{cite book|title=Russian Planetary Exploration: History, Development, Legacy and Prospects|first=ब्रायन |last=हार्वे|year=2007|publisher= स्प्रिंगर}}</ref>
कोंड्रैट्युक का जीवन जितना असाधारण था, उतना ही संघर्षपूर्ण भी। उन्होंने अपने अनुसंधान ऐसे दौर में किए जब विश्व निरंतर युद्धों और राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा था। प्रथम विश्व युद्ध, रूसी गृहयुद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिकाओं के बीच, सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने अपने वैज्ञानिक विचारों को आकार दिया। उनके कार्यों में न केवल चंद्र अभियान की सूक्ष्म योजना झलकती है, बल्कि [[अंतरिक्ष अन्वेषण]] के अनेक पहलुओं पर उनकी गहरी समझ और मौलिकता भी स्पष्ट होती है।
राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक उत्पीड़न के कारण उन्हें अपने वास्तविक नाम को [[पहचान की चोरी|त्यागकर]] 1921 में “यूरी कोंड्रैट्युक” नाम अपनाना पड़ा, जो उनके जीवन की एक मार्मिक और विडंबनापूर्ण सच्चाई बन गया। अनेक कठिनाइयों, बीमारियों और निरंतर असुरक्षा के बावजूद उन्होंने अपने अनुसंधान को कभी विराम नहीं दिया। उनका जीवन इस तथ्य का सशक्त प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियाँ भी उस प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं, जो अपने समय से आगे देखने और मानवता के भविष्य को आकार देने का साहस रखती है।
==जीवनी और शोध==
===प्रारंभिक जीवन===
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक का जन्म वर्ष 1897 में [[रूसी साम्राज्य]] के अंतर्गत आने वाले वर्तमान पोल्टावा में अलेक्जेंडर इग्नात्येविच शार्गेई के रूप में हुआ था, यद्यपि उनका पारिवारिक निवास [[कीव]] में था। उनके पिता, इग्नाट बेनेडिक्टोविच शार्गेई, जिन्होंने [[यहूदी]] धर्म से [[कैथोलिक गिरजाघर|कैथोलिक धर्म]] स्वीकार किया था, विवाह के समय कीव के सेंट व्लादिमीर इंपीरियल विश्वविद्यालय में भौतिकी और गणित का अध्ययन कर रहे थे।<ref>{{cite web |url=https://scfh.ru/papers/zemnaya-proektsiya-zvezdnoy-sudby/ | title=Земная проекция звездной судьбы }}</ref><ref>{{cite web
|url=http://newswe.com/index.php?go=pages&id=4593&in=view
|script-title=ru:МЫ ЗДЕСЬ / Публикации / Номер # 344 / Линия жизни Александра Шаргея
|trans-title=अलेक्जेंडर शार्गेई की जीवन गाथा
|language=ru
|archive-url=https://web.archive.org/web/20120224155717/http://www.newswe.com/index.php?go=Pages&in=view&id=4593
|archive-date=24 फरवरी 2012
|url-status=dead}}</ref><ref name="cosmoworld">{{cite web
|url=https://www.cosmoworld.ru/spaceencyclopedia/construction/index.shtml?kondratuk-y-v.html
|author=ज़ेलेज़्न्याकोव, ए.
|language=ru
|date=1999
|title=Конструкторы - А. Железняков. Энциклопедия "Космонавтика" - Космический Мир
|access-date=4 फरवरी 2016}}</ref> उनकी माता, ल्यूडमिला लवोव्ना श्लिपेनबैक, प्रतिष्ठित श्लिपेनबैक कुलीन परिवार से संबंध रखती थीं और कीव के एक विद्यालय में फ़्रांसीसी भाषा की अध्यापिका थीं। यह भी माना जाता है कि जनवरी 1897 में उनके विवाह के समय वे गर्भवती थीं।<ref name="Malinovsky1"/>
कोंड्रैट्युक की मातृ वंशावली यूरोपीय इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई थी। उनकी माता, स्वीडन के राजा [[बारहवाँ चार्ल्स|चार्ल्स द्वादश]] के [[रूसी त्सार-राज्य|रूस]] पर असफल आक्रमण में भाग लेने वाले जनरल वोल्मर एंटोन वॉन श्लिपेनबैक की प्रत्यक्ष वंशज थीं।<ref name="Malinovsky1">{{cite book
|script-title=ru:Бароны Шлиппенбах – офицеры императора Александра І
|trans-title=श्लिपेनबाख के बैरन - सम्राट अलेक्जेंडर प्रथम के अधिकारी
|language=ru
|author=वी.के. मालिनोव्स्की
|url=http://www.actlab.ru/text/Schlippenbach.pdf
}}
</ref> उनके नाना, एंटोन वॉन श्लिपेनबैक, इंपीरियल रूसी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर आसीन थे और [[नेपोलियन के युद्ध|नेपोलियन युद्ध]] में भी सक्रिय रूप से सहभागी रहे थे। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अलेक्जेंडर ने अपना अधिकांश बचपन पोल्टावा में अपनी दादी और उनके पति के संरक्षण में बिताया,<ref>{{cite book
|script-title=ru:Некоторые штрихи к биографии А.И. Шаргея (Ю.В. Кондратюка)
|trans-title=ए.एल. शार्गेया (यू. वी. कोंड्राट्युक) की जीवनी में कुछ सुधार
|author=वी. के. मालिनोव्स्की
|language=ru
|url=http://actlab.ru/text/N=Article.pdf
}}
</ref> जहाँ उनके व्यक्तित्व और चिंतन की प्रारंभिक नींव पड़ी।
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक ने अपने बाल्यकाल से ही [[भौतिक शास्त्र|भौतिकी]] और [[गणित]] के क्षेत्र में विलक्षण प्रतिभा का परिचय देना आरम्भ कर दिया था। उनकी बौद्धिक क्षमता इतनी प्रखर थी कि जब वे औपचारिक शिक्षा के अगले चरण में पहुँचे, तो उन्हें सामान्य क्रम का अनुसरण करने के स्थान पर सीधे एक प्रतिष्ठित उच्च विद्यालय की तृतीय कक्षा में प्रवेश प्रदान किया गया। वहाँ उन्होंने अपनी असाधारण योग्यता, परिश्रम और गहन जिज्ञासा के बल पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अंततः कुछ ही वर्षों में स्वर्ण पदक के साथ स्नातक होकर अपनी मेधा का प्रभावशाली प्रमाण प्रस्तुत किया।
===उच्च शिक्षा और प्रथम विश्व युद्ध===
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक ने आगे चलकर अभियंत्रण शिक्षा के लिए पीटर द ग्रेट पेट्रोग्राड इंपीरियल पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट में प्रवेश लिया, जहाँ वे प्रसिद्ध वैज्ञानिक इवान मेशचेर्स्की के विचारों से गहराई से प्रभावित हुए। किंतु उनकी शैक्षिक यात्रा अधिक समय तक अविराम नहीं रह सकी, क्योंकि शीघ्र ही उन्हें [[प्रथम विश्व युद्ध|प्रथम विश्व युद्ध के लिए]] सैन्य सेवा में बुला लिया गया। उन्हें [[सेंट पीटर्सबर्ग|पेट्रोग्राड]] के एक स्थानीय जंकर विद्यालय में एनसाइन के रूप में प्रशिक्षण हेतु भेजा गया, जहाँ से उनका जीवन एक नए और कठोर मोड़ पर आ पहुँचा।
[[प्रथम विश्व युद्ध का मध्य पूर्वी रंगमंच|कोकेशियाई मोर्चे]] पर अपनी सैन्य सेवा के दौरान, विषम परिस्थितियों के बीच भी उनका वैज्ञानिक मन निरंतर सक्रिय रहा। इसी अवधि में उन्होंने अंतरग्रहीय यात्रा के अपने अभिनव विचारों को चार नोटबुकों में विस्तारपूर्वक अंकित किया। इन लेखनों में उन्होंने चंद्रमा तक पहुँचने के लिए एक ऐसे मॉड्यूलर [[अंतरिक्ष यान]] की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसमें मुख्य [[मल्टीस्टेज रॉकेट|प्रणोदन भाग]] को [[कक्षा (भौतिकी)|कक्षा]] में ही छोड़ दिया जाता है, जबकि एक छोटा अवतरण यान चंद्र सतह पर उतरकर पुनः मुख्य यान से जुड़ जाता है। यह दूरदर्शी योजना आगे चलकर [[अपोलो अभियान|अपोलो कार्यक्रम]] के अभियंताओं द्वारा अपनाई गई और मानव के चंद्र अभियान की आधारशिला सिद्ध हुई।<ref name="BBC, Rendezvous" >{{cite news
|title=Rendezvous around the Moon
|url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/sci/tech/8056443.stm
|author= डॉ. क्रिस्टोफर रिले
|date=18 मई 2009
|publisher=बीबीसी ऑनलाइन
}}</ref>
इसके अतिरिक्त, कोंड्रैट्युक ने प्रक्षेपवक्र पृथ्वी की कक्षा से चंद्र कक्षा तक और पुनः पृथ्वी की कक्षा में वापसी के लिए अंतरिक्ष यान के [[प्रक्षेपवक्र|प्रक्षेप पथों]] की अत्यंत सूक्ष्म और सटीक गणनाएँ भी प्रस्तुत कीं। यह विशिष्ट मार्ग, जिसे आज “कोंड्रैट्युक का मार्ग” या “कोंड्रैट्युक का लूप” कहा जाता है, उनके वैज्ञानिक कौशल, गणनात्मक दक्षता और अद्वितीय दूरदृष्टि का अनुपम उदाहरण है।
===सोवियत संघ के शुरुआती वर्ष===
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक के जीवन में [[रूसी क्रांति]] के बाद एक गहरा और अनिश्चित मोड़ आया। वर्ष 1917 में उन्होंने सेना का परित्याग कर दिया और अपने जन्मस्थान पोल्टावा लौटकर साधारण जीवन जीने का प्रयास किया, जहाँ वे एक [[वाष्पक|बॉयलर]] प्रज्वलित कर अपनी जीविका चलाने लगे। यह वह समय था जब एक प्रतिभाशाली मस्तिष्क अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए संघर्षरत था, जबकि उसके भीतर वैज्ञानिक चिंतन की ज्वाला अब भी प्रज्वलित थी।
किन्तु परिस्थितियाँ शीघ्र ही और अधिक जटिल हो गईं। पूर्व ज़ारशाही सेना के अधिकारी होने के कारण वर्ष 1919 में उन्हें पुनः रूसी गृहयुद्ध के दौरान श्वेत सेना में सम्मिलित होने के लिए बाध्य किया गया। तथापि, युद्ध में भाग लेने की उनकी कोई इच्छा नहीं थी। इस आंतरिक द्वंद्व और जीवन के प्रति उनके भिन्न दृष्टिकोण ने उन्हें एक साहसिक निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया—उन्होंने [[कीव]] से [[ओडेसा]] की यात्रा के दौरान सेना का परित्याग कर दिया। इस आकस्मिक पलायन में उनके सभी आधिकारिक दस्तावेज़ भी खो गए, जिससे उनका जीवन और अधिक असुरक्षित हो गया।
श्वेत सेना से भगोड़ा होने के कारण, और साथ ही पूर्व ज़ारशाही अधिकारी होने की पहचान के चलते, वे [[बोलशेविक पार्टी|बोल्शेविक अधिकारियों]] की दृष्टि में संदेहास्पद बन गए। उनकी गिरफ्तारी का जोखिम हर क्षण उनके ऊपर मंडराता रहा,<ref name="cosmoworld"/> और इसी भय व अनिश्चितता के बीच उन्हें अपने अस्तित्व को बचाते हुए आगे बढ़ना पड़ा।
यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक के जीवन में वर्ष 1920 एक और निर्णायक मोड़ लेकर आया, जब उन्होंने अस्थिर और भयावह परिस्थितियों से बचने के लिए पोलैंड भागने का प्रयास किया। किंतु सीमा पर तैनात रक्षकों ने उन्हें रोक लिया और उन्हें वापस लौटा दिया गया। यह असफल प्रयास उनके लिए केवल निराशा ही नहीं, बल्कि बढ़ते हुए संकट का संकेत भी था, क्योंकि उनके ऊपर गिरफ्तारी का खतरा निरंतर मंडरा रहा था।
इसी बीच, उनके जीवन की दिशा अप्रत्याशित रूप से बदल गई। उनकी सौतेली माँ ने एक ऐसे व्यक्ति के दस्तावेज़ प्राप्त कर लिए, जिसका नाम यूरी वासिलीविच कोंड्रैट्युक था और जो 1900 में लुत्स्क में जन्मा था तथा हाल ही में तपेदिक के कारण उसका निधन हो चुका था। इन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर अलेक्जेंडर शार्गेई ने एक नई पहचान धारण कर ली<ref name="cosmoworld"/>—एक ऐसी पहचान, जो आगे चलकर इतिहास में अमर हो गई।
इस नवप्राप्त नाम के साथ, कोंड्रैट्युक ने अपने अतीत को पीछे छोड़ते हुए एक साधारण जीवन का मार्ग अपनाया। वे कुबान और उत्तरी काकेशस के विभिन्न क्षेत्रों में एक मैकेनिक और रेलवे कर्मचारी के रूप में कार्य करते रहे। यह जीवन बाहरी रूप से साधारण था, किंतु भीतर ही भीतर उनका वैज्ञानिक चिंतन निरंतर विकसित हो रहा था। अंततः वर्ष 1927 में उन्होंने [[साइबेरिया]] के नोवोसिबिर्स्क में स्थायी रूप से बसने का निर्णय लिया,<ref name="cosmoworld"/> जहाँ से उनके जीवन का एक नया अध्याय प्रारंभ हुआ।
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:1897 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:१९४२ में निधन]]
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नॉयश्वानश्टाइन क़िला
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'''नॉयश्वानश्टाइन क़िला''' ({{langx|de|Schloss Neuschwanstein|italic=no}}) [[जर्मनी]] के दक्षिण [[ऑस्ट्रिया]] की सीमा के पास [[ऐल्प्स पर्वतमाला|ऐल्प्स]] की तलहटी की ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी पर स्थित 19वीं शताब्दी का एक महल है। यह [[बवेरिया]] के [[स्वाबिया]] क्षेत्र में, [[श्वानगाउ]] नगरपालिका में, होहनश्वानगाउ गाँव के ऊपर स्थित है, जहाँ [[होहनश्वानगाउ क़िला]] भी है। इसके निकट सबसे बड़ा नगर [[फ़ुसन]] है। क़िला [[अल्पज़े झील|अल्पज़े]] और [[श्वानज़े झील|श्वानज़े]] झीलों के पूर्व में, [[फ़ॉर्गनज़े झील]] में [[लेख़]] के मुख के निकट, पोलाट नदी की तंग घाटी के ऊपर स्थित है। 2025 से, यह क़िला [[विश्व धरोहर|UNESCO विश्व धरोहर स्थल]] "बवेरिया के राजा लुडविग द्वितीय के महलः नॉयश्वानश्टाइन, [[लिंडरहॉफ़ महल|लिंडरहॉफ़]], [[शाख़न पर राजा का घर|शाख़न]] और [[हेरनख़ीमज़े]]" का भाग है। ''गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड'' के अनुसार, 65 m होने के नाते यह दुनिया का सबसे ऊँचा क़िला है।
उस समय बवेरियाई राजाओं का मुख्य निवास—[[म्यूनिख़ रेज़िडेंत्स]]<nowiki/>—दुनिया के सबसे व्यापक [[महल]] परिसरों में से एक होने के बावजूद, बवेरिया के राजा [[लुडविग द्वितीय, बवेरिया के राजा|लुडविग द्वितीय]] म्यूनिख़ की बाधाओं से बचना चाहते थे, जिस कारण उन्होंने ऐल्प्स के सुदूर उत्तरी किनारों पर नॉयश्वानश्टाइन क़िले को एक निवास के तौर से, तथा संगीतकार [[रिशार्द वाग्नर|रिशार्ड वागनर]] के सम्मान में भी नियुक्त किया, जिनकी उन्होंने बहुत प्रशंसा की। तीन पंखों वाला परिसर 1869 और 1892 के बीच की नव-रोमनेस्क शैली में [[एडवर्ड रीडल]] की योजनाओं के आधार पर निर्मित गया था। मध्यकालीन नाइटों के क़िले इसके वास्तु आधार थे। सिंहासन कक्ष, शयनकक्ष और मंत्री कक्ष विशेषतः उल्लेखनीय हैं।
लुडविग द्वितीय ने क़िले के लिए अपने व्यक्तिगत धन से महल के लिए पैसा दिया। क़िला राजा का एक निजी निवास होने वाला था, लेकिन वह 1886 में मर चुके थे, जिसके बाद इसे जनता के लिए खोला गया था।<ref name="50million">{{Harvnb|Bayerisches Staatsministerium der Finanzen|2005}}</ref> तब से, 6.1 करोड़ से अधिक लोगों ने नॉयश्वानश्टाइन क़िले का दौरा किया है।<ref name="premiummarke">{{Harvnb|Bayerisches Staatsministerium der Finanzen|2009}}</ref> ग्रीष्म में प्रतिदिन 6,000 के साथ वार्षिक 13 लाख से अधिक लोग आते हैं।<ref name="internet">{{Harvnb|Bayerisches Staatsministerium der Finanzen|2008}}</ref> क़िला निर्देशित पर्यटन के माध्यम से आम जनता के लिए खुला है।
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:Articles with hAudio microformats]]
[[श्रेणी:सीएस1 जर्मन-भाषा स्रोत (de)]]
[[श्रेणी:विकिडेटा पर उपलब्ध निर्देशांक]]
[[श्रेणी:जर्मनी में विश्व धरोहर स्थल]]
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नया पृष्ठ: केंडल (बहुवचन से जर्मनः नोडेल, शाब्दिक रूप से <nowiki>''</nowiki>) उबला हुआ गेंद-या अंडाकार आकार के पकौड़ों का एक व्यं जिसमें एक भरने के साथ।[1][2] आटा आलू-आधारित या चौक्स पेस्ट्री से बना हो सकता है...
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केंडल (बहुवचन से जर्मनः नोडेल, शाब्दिक रूप से <nowiki>''</nowiki>) उबला हुआ गेंद-या अंडाकार आकार के पकौड़ों का एक व्यं जिसमें एक भरने के साथ।[1][2] आटा आलू-आधारित या चौक्स पेस्ट्री से बना हो सकता है कभी-कभी यह दही-आधारित होता है।[1][2][3] यह फलों (पूरे स्ट्रॉबेरी, प्रून प्लम, खुबानी, सेब के टुकड़े, मशरूम, दही पनीर, मांस और अन्य अवयवों से भरा होता है।[4][1][2] मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों में केंडल लोकप्रिय हैं। फलों से भरे संस्करण को मिठाई, मुख्य व्यंजन या साइड डिश के रूप में खाया जा सकता है।
डंपलिंग की उत्पत्ति ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य में हुई थी [1][2]
'''आलूबुखारा घुटने टेकना'''
प्लम पकौड़ी को अन्य भाषाओं में इस प्रकार जाना जाता हैः ऑस्ट्रियाई जर्मनः Zwetschkenknödel जर्मनः Zweetschgenknödeal, हंगेरियनः szilvásgombóc, क्रोएशियाईः kneedle sa ष्ल्जीवामा, सर्बियाईः knedle od ष्ल्जिवा, kneedles या वैकल्पिक रूप से वोज्वोडिना में गोंबोस, स्लोवेनियाईः , स्लोवाकियाईः स्लैवकोवे kneedl, [1) चेकः ष्वेस्टकोव kneedlicy, [1; पोलिशः kneeddle ze ष्ळिवकामी, रोमानियाईः gàluşte/gombotiu prune.[1][2][3].
आटा आमतौर पर मसले हुए आलू, अंडे और आटे से बनाया जाता है। आटे को चपटा करके चौकोर टुकड़ों में काटा जाता है। आलूबुखारे को हाथ से पकौड़ी में डाला जाता है।[1]
तैयारी में पत्थर को हटाना और फल को चीनी से भरना शामिल हो सकता है।[1] फिर आलूबुखारा को पूरी तरह से आटे में लपेटकर उबलते पानी में डाल दिया जाता है। जब वे तैयार हो जाते हैं, तो उन्हें बाहर निकाला जाता है, चीनी छिड़की जाती है और परोसा जाता है। इन्हें मक्खन में तले हुए ब्रेडक्रंब और पाउडर चीनी में धूल के साथ भी परोसा जा सकता है।
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ग्रैंड थेफ्ट ऑटोः लिबर्टी सिटी स्टोरीज़
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आयुष दास
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"[[:en:Special:Redirect/revision/1345953393|Grand Theft Auto: Liberty City Stories]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया
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{{ज्ञानसन्दूक विडियो गेम
| title = ग्रैंड थेफ्ट ऑटोः लिबर्टी सिटी स्टोरीज़
| image = [[File:Grand Theft Auto Liberty City Stories logo.svg|Grand_Theft_Auto_Liberty_City_Stories_logo]]
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| publisher = [[रॉकस्टार गेम्स]]
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| released = {{Collapsible list|title={{nobold|25 अक्टूबर 2005}}|'''PlayStation Portable'''{{Video game release|NA|25 October 2005<ref>{{cite web |url=https://www.gamespot.com/articles/pvp-confirmed-for-psp-gta/1100-6134896/ |title=PvP confirmed for PSP GTA |first=Tim |last=Surette |date=3 October 2005 |website=[[GameSpot]] |access-date=15 January 2023 |archive-date=16 December 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141216110719/http://www.gamespot.com/articles/pvp-confirmed-for-psp-gta/1100-6134896/ |url-status=live}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.gamespot.com/articles/gta-now-joyriding-on-psps/1100-6136483/ |title=GTA now joyriding on PSPs |first=Tim |last=Surette |date=25 October 2005 |website=[[GameSpot]] |access-date=15 January 2023 |archive-date=15 January 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230115095656/https://www.gamespot.com/articles/gta-now-joyriding-on-psps/1100-6136483/ |url-status=live}}</ref>|PAL|4 November 2005<ref>{{cite web |url=https://www.videogamer.com/news/gta-liberty-city-stories-slips-another-week/ |title=GTA: Liberty City Stories slips another week? |date=24 October 2005 |website=VideoGamer.com |access-date=15 January 2023 |archive-date=15 January 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230115095705/https://www.videogamer.com/news/gta-liberty-city-stories-slips-another-week/ |url-status=live}}</ref>}}'''प्लेस्टेशन 2'''{{Video game release|NA|6 जून 2006|EU|23 जून 2006}}'''आइओएस'''{{Video game release|WW|17 दिसंबर 2015}}'''एंड्रॉइड'''{{Video game release|WW|11 फरवरी 2016}}'''Fire OS'''{{Video game release|WW|11 मार्च 2016}}}}
| genre = [[एक्शन-एडवेंचर]]
| modes = [[एकल-खिलाड़ी]], [[मल्टीप्लेयर]] (PSP)
| caption = गेम का आधिकारिक लोगो
}}'''''ग्रैंड थेफ्ट ऑटोः लिबर्टी सिटी स्टोरीज़''''' 2005 का एक [[एक्शन रोमांच गेम|एक्शन-एडवेंचर गेम]] है जिसे रॉकस्टार लीड्स और [[रॉकस्टार नॉर्थ]] के दरमियां सहयोग में तैयार किया गया है और [[रॉकस्टार गेम्स]] के ज़रिए जारी किया गया है। [[ग्रैण्ड थैफ्ट ऑटो (शृंखला)|''ग्रैंड थेफ्ट ऑटो'' श्रृंखला]] की नौवीं क़िस्त, इसे शुरू में अक्टूबर 2005 में एक प्लेस्टेशन पोर्टेबल एक्सक्लूसिव के तौर पर जारी किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.gamespot.com/grand-theft-auto-liberty-city-stories/|title=Grand Theft Auto: Liberty City Stories|website=[[GameSpot]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20190922215144/https://www.gamespot.com/grand-theft-auto-liberty-city-stories/|archive-date=22 September 2019|access-date=7 October 2017}}</ref> [[प्लेस्टेशन २|प्लेस्टेशन 2]] के लिए एक पोर्ट बाद में जून 2006 में जारी किया गया था।<ref name="officialps2confirm">{{Cite web|url=http://ir.take2games.com/phoenix.zhtml?c=86428&p=irol-newsArticle&ID=844255&highlight=|title=Rockstar Games Announces Release Date for Grand Theft Auto: Liberty City Stories on PlayStation(R)2|date=18 April 2006|website=Take2Games.com|publisher=[[Take-Two Interactive]]|archive-url=https://archive.today/20130203075706/http://ir.take2games.com/phoenix.zhtml?c=86428&p=irol-newsArticle&ID=844255&highlight=|archive-date=3 February 2013|access-date=7 October 2017}}</ref> रिलीज़ के वक़्त, PS2 पोर्ट की अनुशंसित ख़ुदरा क़ीमत PSP वर्ज़न की रक़्म से लगभग आधी थी, क्योंकि PS2 वर्ज़न में PSP वर्ज़न के कस्टम साउंडट्रैक रिपिंग क़ाबीलियत की सुविधा नहीं है।<ref>{{Cite magazine|accessdate=21 April 2008}}</ref> [[आईओएस]], एंड्रॉइड और फायर ओएस डिवाइस के लिए पोर्ट भी क्रमशः दिसंबर 2015, फरवरी 2016, और मार्च 2016 में जारी किए गए थे।<ref name="ios_release">{{Cite web|url=https://www.gamespot.com/articles/gta-liberty-city-stories-with-significant-enhancem/1100-6433194/|title=GTA: Liberty City Stories With "Significant Enhancements" Hits iOS|last=Makuch|first=Eddie|date=17 December 2015|website=[[GameSpot]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20171009095403/https://www.gamespot.com/articles/gta-liberty-city-stories-with-significant-enhancem/1100-6433194/|archive-date=9 October 2017|access-date=7 October 2017}}</ref><ref name="android_release">{{Cite web|url=https://www.gamespot.com/articles/get-free-gta-5-t-shirt-dlc-when-you-download-gta-l/1100-6434716/|title=Get Free GTA 5 T-Shirt DLC When You Download GTA: Liberty City Stories for iOS, Android|last=Makuch|first=Eddie|date=11 February 2016|website=[[GameSpot]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20171009100011/https://www.gamespot.com/articles/get-free-gta-5-t-shirt-dlc-when-you-download-gta-l/1100-6434716/|archive-date=9 October 2017|access-date=9 October 2017}}</ref><ref name="fire_release">{{Cite web|url=http://www.aftvnews.com/grand-theft-auto-liberty-city-stories-released-for-the-amazon-fire-tv/|title=Grand Theft Auto: Liberty City Stories released for the Amazon Fire TV|last=Saba|first=Elias|date=11 March 2016|website=AFTVnews|archive-url=https://web.archive.org/web/20171009101451/http://www.aftvnews.com/grand-theft-auto-liberty-city-stories-released-for-the-amazon-fire-tv/|archive-date=9 October 2017|access-date=9 October 2017}}</ref>
यह गेम हाथ में पकड़े जाने वाले डिवाइस के लिए रिलीज़ की जाने वाली सिलसिले का पहला 3डी टाइटल है, और लिबर्टी सिटी ([[न्यूयॉर्क नगर|न्यूयॉर्क शहर]] की एक काल्पनिक पैरोडी) की उसी सेटिंग का इस्तेमाल करते हुए, 2001 के ''[[ग्रैंड थेफ्ट ऑटो 3|ग्रैंड थेफ्ट ऑटो III]]'' के प्रीक्वल के तौर पर काम करता है। 1998 में सेट की गई एकल खिलाड़ी की कहानी, डकैत टोनी सिप्रियानी का अनुसरण करती है, जो पहली बार ''ग्रैंड थेफ्ट ऑटो III'' में पेश किया गया एक किरदार है, और लियोन जुर्म ख़ानदान के रैंकों के तहत उनके बढ़ने की कोशिश करता है, आहिस्ता-आहिस्ता शहर के विभिन्न माफिया तंज़ीमों के दरमियां एक सत्ता संघर्ष में शामिल होते हुए। गेम के PSP वर्ज़न में एक वायरलेस एड हॉक नेटवर्क के ज़रिए एक मल्टीप्लेयर मोड भी शामिल है, जो छह प्लेयर को कई अलग-अलग गेम मोड में संलग्न करने की इजाज़त देता है।
लिबर्टी सिटी स्टोरीज़ को आलोचकों से आम तौर पर सकारात्मक जायज़ा मिली, और मार्च 2008 तक 8 मिलियन से ज़्यादा प्रतियां बेचकर एक तिजारती कामयाबी मिली।<ref name="GTA sales">{{Cite web|url=http://taketwovalue.com/documents/TTWO_Value.pdf#page=12|title=Recommendation of the Board of Directors to Reject Electronic Arts Inc.'s Tender Offer|date=26 March 2008|website=TakeTwoValue|publisher=[[Take-Two Interactive]]|page=12|format=PDF|archive-url=https://web.archive.org/web/20080408234728/http://taketwovalue.com/documents/TTWO_Value.pdf#page=12|archive-date=8 April 2008|access-date=1 April 2008}}</ref> यह सबसे ज़्यादा बिकने वाले प्लेस्टेशन पोर्टेबल गेम में से एक है। इसके बाद अक्टूबर 2006 में ''[[ग्रैंड थेफ्ट ऑटो: वाइस सिटी|ग्रैंड थेफ्ट ऑटोः वाइस सिटी]]'' स्टोरीज़ आई, जो 2002 की ग्रैंड थेफ्ट ओटोः वाइस सिटी का प्रीक्वल था।
[[श्रेणी:CS1 maint: numeric names: authors list]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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पार्वती कुराकुला
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तटस्थ लेख; स्वतंत्र स्रोतों के आधार पर लिखा गया
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}}
'''पार्वती कुराकुला''' (जन्म 19 अक्टूबर 1992) एक भारतीय उद्यमी हैं, जिनका कार्य मेहंदी कला और डिजिटल मीडिया से संबंधित क्षेत्रों में उल्लेखित किया गया है।<ref name="womensweb">{{Cite web |title=How Did Parvati Kurakula's Love For Mehndi Turn Into A Business? |url=https://web.archive.org/web/20230509091919/https://www.womensweb.in/2023/04/parvati-kurakula-mehndi-business-ap23wk4ap/ |website=Women's Web}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
कुराकुला का जन्म [[खड़गपुर]], [[पश्चिम बंगाल]] में हुआ। उन्होंने [[गाँधी प्रौद्योगिकी एवं प्रबन्धन संस्थान]] से शिक्षा प्राप्त की।<ref name="womensweb" />
== कार्य ==
उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, उन्होंने मेहंदी कला से जुड़े कार्यों के माध्यम से उद्यमिता की दिशा में कार्य किया है।<ref>{{Cite web |title=Meet Parvati Kurakula, Mehendi artist who runs her own business |url=https://www.mangaloremirror.com/meet-parvati-kurakula-mehendi-artist-who-runs-her-own-business/ |website=Mangalore Mirror}}</ref>
उनके कार्य का उल्लेख कुछ डिजिटल मीडिया मंचों पर भी किया गया है।<ref>{{Cite web |title=Parvati Kurakula |url=https://yourstory.com/people/parvati-kurakula |website=YourStory}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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चाहर धर्मेंद्र
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शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#ल2|शीह ल2]])
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'''पार्वती कुराकुला''' (जन्म 19 अक्टूबर 1992) एक भारतीय उद्यमी हैं, जिनका कार्य मेहंदी कला और डिजिटल मीडिया से संबंधित क्षेत्रों में उल्लेखित किया गया है।<ref name="womensweb">{{Cite web |title=How Did Parvati Kurakula's Love For Mehndi Turn Into A Business? |url=https://web.archive.org/web/20230509091919/https://www.womensweb.in/2023/04/parvati-kurakula-mehndi-business-ap23wk4ap/ |website=Women's Web}}</ref>
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उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, उन्होंने मेहंदी कला से जुड़े कार्यों के माध्यम से उद्यमिता की दिशा में कार्य किया है।<ref>{{Cite web |title=Meet Parvati Kurakula, Mehendi artist who runs her own business |url=https://www.mangaloremirror.com/meet-parvati-kurakula-mehendi-artist-who-runs-her-own-business/ |website=Mangalore Mirror}}</ref>
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'''पार्वती कुराकुला''' (जन्म 19 अक्टूबर 1992) एक भारतीय उद्यमी हैं, जिनका उल्लेख कुछ स्वतंत्र डिजिटल मीडिया स्रोतों में मेहंदी कला और लघु उद्यमिता से जुड़े कार्यों के संदर्भ में किया गया है।<ref name="womensweb">{{Cite web
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== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
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उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, कुराकुला ने मेहंदी कला से जुड़े कार्यों के माध्यम से अपना उद्यम विकसित किया।<ref>{{Cite web
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== सन्दर्भ ==
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== प्रारंभिक जीवन ==
कुराकुला का जन्म [[खड़गपुर]], [[पश्चिम बंगाल]] में हुआ। उन्होंने [[गाँधी प्रौद्योगिकी एवं प्रबन्धन संस्थान]] से शिक्षा प्राप्त की।<ref name="womensweb" />
== कार्य ==
उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, उन्होंने मेहंदी कला से जुड़े कार्यों के माध्यम से उद्यमिता की दिशा में कार्य किया है।<ref>{{Cite web |title=Meet Parvati Kurakula, Mehendi artist who runs her own business |url=https://www.mangaloremirror.com/meet-parvati-kurakula-mehendi-artist-who-runs-her-own-business/ |website=Mangalore Mirror}}</ref>
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== सन्दर्भ ==
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'''पार्वती कुराकुला''' (जन्म 19 अक्टूबर 1992) एक भारतीय [[उद्यमी]] हैं, जिनका उल्लेख कुछ स्वतंत्र [[डिजिटल मीडिया]] स्रोतों में मेहंदी कला और लघु उद्यमिता से जुड़े कार्यों के संदर्भ में किया गया है।<ref name="womensweb">{{Cite web
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== सन्दर्भ ==
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'''पार्वती कुराकुला''' (जन्म 19 अक्टूबर 1992) एक भारतीय [[उद्यमी]] हैं, जिनका उल्लेख कुछ स्वतंत्र [[डिजिटल मीडिया]] स्रोतों में मेहंदी कला और लघु उद्यमिता से जुड़े कार्यों के संदर्भ में किया गया है।<ref name="womensweb">{{Cite web
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== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
पार्वती कुराकुला का जन्म [[खड़गपुर]], [[पश्चिम बंगाल]] में हुआ। उन्होंने [[गाँधी प्रौद्योगिकी एवं प्रबन्धन संस्थान]] से शिक्षा प्राप्त की।<ref name="womensweb" />
== कार्य ==
उपलब्ध स्रोतों के अनुसार, कुराकुला ने मेहंदी कला से जुड़े कार्यों के माध्यम से अपना उद्यम विकसित किया।<ref>{{Cite web
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उनका उल्लेख कुछ डिजिटल मीडिया मंचों और उद्यमिता-आधारित प्रकाशनों में भी किया गया है।<ref>{{Cite web
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कुछ सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजनों में भी उनके प्रस्तुतिकरण का उल्लेख किया गया है। 2011 में आयोजित कोलकाता लिटरेरी फेस्ट से संबंधित एक रिपोर्ट में उनके सूफी संगीत प्रस्तुतीकरण का उल्लेख किया गया था।<ref>{{Cite news
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== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:1992 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय उद्यमी]]
[[श्रेणी:पश्चिम बंगाल के लोग]]
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'''पार्वती कुराकुला''' (जन्म 19 अक्टूबर 1992) एक भारतीय [[उद्यमी]] हैं, जिनका उल्लेख कुछ स्वतंत्र [[डिजिटल मीडिया]] स्रोतों में मेहंदी कला और लघु उद्यमिता से जुड़े कार्यों के संदर्भ में किया गया है।<ref name="womensweb">{{Cite web
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== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
पार्वती कुराकुला का जन्म [[खड़गपुर]], [[पश्चिम बंगाल]] में हुआ। उन्होंने [[गाँधी प्रौद्योगिकी एवं प्रबन्धन संस्थान]] से शिक्षा प्राप्त की।<ref name="womensweb" />
== कार्य ==
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उनका उल्लेख कुछ डिजिटल मीडिया मंचों और उद्यमिता-आधारित प्रकाशनों में भी किया गया है।<ref>{{Cite web
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कुछ सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजनों में भी उनके प्रस्तुतिकरण का उल्लेख किया गया है। 2011 में आयोजित कोलकाता लिटरेरी फेस्ट से संबंधित एक रिपोर्ट में उनके सूफी संगीत प्रस्तुतीकरण का उल्लेख किया गया था।<ref>{{Cite news
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== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:1992 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय उद्यमी]]
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| founded = 2008
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}}
'''YourStory''' (योरस्टोरी) एक भारतीय डिजिटल मीडिया मंच है, जिसकी स्थापना 2008 में पत्रकार [[श्रद्धा शर्मा]] द्वारा की गई थी। यह मंच मुख्यतः उद्यमिता, स्टार्टअप और व्यवसाय से संबंधित समाचार एवं फीचर सामग्री प्रकाशित करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/news/variety/listen-to-the-green-shoots/article23028675.ece|title=Listen to the green shoots|date=2013-08-08|website=BusinessLine|language=en|access-date=2026-04-22}}</ref><ref name=":0">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/company/corporate-trends/et-women-ahead-rising-stars-of-india-inc-beyond/articleshow/56608685.cms?from=mdr|title=ET Women Ahead: Corporate India's fastest rising women leaders|date=2017-01-23|work=The Economic Times|access-date=2026-04-22|issn=0013-0389}}</ref>
== इतिहास ==
YourStory की शुरुआत एक ब्लॉग के रूप में हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत में उद्यमियों और स्टार्टअप से जुड़ी कहानियों को प्रकाशित करना था। समय के साथ यह एक डिजिटल मीडिया मंच के रूप में विकसित हुआ, जो स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित सामग्री प्रस्तुत करता है।<ref name="forbes">{{Cite news |title=How Shradha Sharma built YourStory |url=https://www.forbesindia.com/article/startups/how-shradha-sharma-built-yourstory/52625/1 |work=Forbes India}}</ref>
== सामग्री ==
यह मंच उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, निवेश और नवाचार से जुड़े विषयों पर लेख, साक्षात्कार और विश्लेषण प्रकाशित करता है।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://www.thetrendingpeople.com/2023/04/shradha-sharma-founder-of-yourstory.html|title=Shradha Sharma: The Founder of YourStory, India's Biggest Startup Platform|last=|first=|website=द ट्रेंडिंग पीपल|language=en|access-date=2026-04-22}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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[[Category:2008 में स्थापित कंपनियाँ]]
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'''YourStory''' (योरस्टोरी) एक भारतीय डिजिटल मीडिया मंच है, जिसकी स्थापना 2008 में [[पत्रकार]] [[श्रद्धा शर्मा]] द्वारा की गई थी। यह मंच मुख्यतः [[उद्यमिता]], स्टार्टअप और व्यवसाय से संबंधित [[समाचार]] एवं [[फीचर]] सामग्री प्रकाशित करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/news/variety/listen-to-the-green-shoots/article23028675.ece|title=Listen to the green shoots|date=2013-08-08|website=BusinessLine|language=en|access-date=2026-04-22}}</ref><ref name=":0">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/company/corporate-trends/et-women-ahead-rising-stars-of-india-inc-beyond/articleshow/56608685.cms?from=mdr|title=ET Women Ahead: Corporate India's fastest rising women leaders|date=2017-01-23|work=The Economic Times|access-date=2026-04-22|issn=0013-0389}}</ref>
== इतिहास ==
YourStory की शुरुआत एक [[ब्लॉग]] के रूप में हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत में उद्यमियों और स्टार्टअप से जुड़ी कहानियों को प्रकाशित करना था। समय के साथ यह एक डिजिटल मीडिया मंच के रूप में विकसित हुआ, जो स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित सामग्री प्रस्तुत करता है।<ref name="forbes">{{Cite news |title=How Shradha Sharma built YourStory |url=https://www.forbesindia.com/article/startups/how-shradha-sharma-built-yourstory/52625/1 |work=Forbes India}}</ref>
== सामग्री ==
यह मंच उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, निवेश और नवाचार से जुड़े विषयों पर लेख, साक्षात्कार और विश्लेषण प्रकाशित करता है।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://www.thetrendingpeople.com/2023/04/shradha-sharma-founder-of-yourstory.html|title=Shradha Sharma: The Founder of YourStory, India's Biggest Startup Platform|last=|first=|website=द ट्रेंडिंग पीपल|language=en|access-date=2026-04-22}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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[[Category:2008 में स्थापित कंपनियाँ]]
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'''YourStory''' (योरस्टोरी) एक भारतीय डिजिटल मीडिया मंच है, जिसकी स्थापना 2008 में [[पत्रकार]] [[श्रद्धा शर्मा]] द्वारा की गई थी। यह मंच मुख्यतः [[उद्यमिता]], स्टार्टअप और व्यवसाय से संबंधित [[समाचार]] एवं [[फीचर]] सामग्री प्रकाशित करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/news/variety/listen-to-the-green-shoots/article23028675.ece|title=Listen to the green shoots|date=2013-08-08|website=द हिंदू बिजनेस लाइन|language=en|access-date=2026-04-22}}</ref><ref name=":0">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/company/corporate-trends/et-women-ahead-rising-stars-of-india-inc-beyond/articleshow/56608685.cms?from=mdr|title=ET Women Ahead: Corporate India's fastest rising women leaders|date=2017-01-23|work=The Economic Times|access-date=2026-04-22|issn=0013-0389}}</ref>
== इतिहास ==
YourStory की शुरुआत एक [[ब्लॉग]] के रूप में हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत में उद्यमियों और स्टार्टअप से जुड़ी कहानियों को प्रकाशित करना था। समय के साथ यह एक डिजिटल मीडिया मंच के रूप में विकसित हुआ, जो स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित सामग्री प्रस्तुत करता है।<ref name="forbes">{{Cite news |title=How Shradha Sharma built YourStory |url=https://www.forbesindia.com/article/startups/how-shradha-sharma-built-yourstory/52625/1 |work=Forbes India}}</ref>
== सामग्री ==
यह मंच उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, निवेश और नवाचार से जुड़े विषयों पर लेख, साक्षात्कार और विश्लेषण प्रकाशित करता है।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://www.thetrendingpeople.com/2023/04/shradha-sharma-founder-of-yourstory.html|title=Shradha Sharma: The Founder of YourStory, India's Biggest Startup Platform|last=|first=|website=द ट्रेंडिंग पीपल|language=en|access-date=2026-04-22}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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[[Category:2008 में स्थापित कंपनियाँ]]
[[Category:भारत की समाचार वेबसाइटें]]
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'''शेंग लिहाओ''' ({{zh||p=Shèng Lǐháo|s=盛李豪}}; जन्म 4 दिसंबर 2004) एक चीनी [[शूटिंग स्पोर्ट|स्पोर्ट शूटर]] है।<ref name=issf>{{cite web|title=ISSF Profile – Lihao SHENG|url=https://www.issf-sports.org/athletes/athlete.ashx?personissfid=SHCHNM0412200401|publisher=[[International Shooting Sport Federation|ISSF]]|access-date=25 July 2021}}</ref> उन्होंने [[2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता।<ref>[https://olympics.com/tokyo-2020/olympic-games/en/results/shooting/athlete-profile-n1405181-sheng-lihao.htm SHENG Lihao] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210725095214/https://olympics.com/tokyo-2020/olympic-games/en/results/shooting/athlete-profile-n1405181-sheng-lihao.htm |date=2021-07-25 }} at olympics.com</ref> उन्होंने पेरिस में आयोजित [[2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] में हुआंग युटिंग के साथ युगल स्पर्धा में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल और 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम दोनों में स्वर्ण पदक जीता।<ref>{{Cite web |date=27 July 2024 |title=2024 Summer Olympics Medalists |url=https://olympics.com/en/paris-2024/medals/medallists |access-date=27 July 2024 |website=Paris 2024 Summer Olympic Games website}}</ref>
शेंग की शूटिंग की यात्रा 13 साल की उम्र में शुरू हुई, जब छुट्टियों के दौरान उनके पिता ने उन्हें इस खेल से परिचित कराया।<ref name="hk01"/> उनमें तुरंत उत्साह जागा और उन्होंने जल्द ही गंभीरता से निशानेबाजी करने की इच्छा व्यक्त की। इसे एक मूल्यवान पाठ्येतर गतिविधि मानते हुए, उनके माता-पिता ने उनकी महत्वाकांक्षा का समर्थन किया। महज एक साल बाद, शेंग की स्वाभाविक प्रतिभा तब स्पष्ट हो गई जब वे सूज़ौ स्पोर्ट्स स्कूल की निशानेबाजी टीम में शामिल हुए। उनके असाधारण प्रदर्शन के कारण उन्हें शीघ्र ही जियांग्सू प्रांतीय टीम में पदोन्नति मिल गई।<ref name="hk01">{{cite web |last1=contemporary china |title=19-year-old Sheng Lihao scored two gold medals at the Paris Olympics. Why is the "cold noodle" genius called "Gan Fan Brother"? |url=https://www.hk01.com/%E5%8D%B3%E6%99%82%E4%B8%AD%E5%9C%8B/1044172/%E5%B7%B4%E9%BB%8E%E5%A5%A7%E9%81%8B-19%E6%AD%B2%E7%9B%9B%E6%9D%8E%E8%B1%AA%E7%8B%82%E5%B0%84%E5%85%A9%E9%87%91-%E5%86%B7%E9%9D%A2%E5%A4%A9%E6%89%8D%E7%82%BA%E4%BB%80%E9%BA%BC%E6%98%AF-%E5%B9%B9%E9%A3%AF%E5%93%A5?itm_source=universal_search&itm_campaign=hk01&itm_content=all&itm_medium=web |website=hk01 |access-date=2024-08-10}}</ref>
14 साल की उम्र में, शेंग के कौशल ने उन्हें चीन की राष्ट्रीय टीम में जगह दिलाई। 15 साल की उम्र तक, उनका चयन [[2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक|टोक्यो ओलंपिक]] टीम के लिए हो गया, जहाँ उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता और शूटिंग स्पर्धा में ओलंपिक पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के एथलीट के रूप में प्रसिद्धि हासिल की।<ref name="AR60">{{cite web |last1=Leijing |first1=He |date=2024-07-30 |orig-date=2024-07-30 |title=Olympics {{!}} Feature: Young Chinese shooter Sheng fires up world at Paris 2024 |url=https://english.news.cn/20240730/be856225cce3474faea154b730959c09/c.html |access-date=2024-08-10 |website=XINHUANET |publisher=xinhua}}</ref> शेंग ने 637.9 अंकों के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर बाधाओं को तोड़ना जारी रखा, जो उनकी अद्वितीय स्थिरता और लगातार प्रदर्शन को दर्शाता है - एक ऐसा कारनामा जिसे उनके कोच को भी समझाना मुश्किल लगा।<ref name="hk01"/>
==References==
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AMAN KUMAR
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'''शेंग लिहाओ''' ({{zh||p=Shèng Lǐháo|s=盛李豪}}; जन्म 4 दिसंबर 2004) एक चीनी [[शूटिंग स्पोर्ट|स्पोर्ट शूटर]] है।<ref name=issf>{{cite web|title=ISSF Profile – Lihao SHENG|url=https://www.issf-sports.org/athletes/athlete.ashx?personissfid=SHCHNM0412200401|publisher=[[International Shooting Sport Federation|ISSF]]|access-date=25 July 2021}}</ref> उन्होंने [[2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता।<ref>[https://olympics.com/tokyo-2020/olympic-games/en/results/shooting/athlete-profile-n1405181-sheng-lihao.htm SHENG Lihao] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210725095214/https://olympics.com/tokyo-2020/olympic-games/en/results/shooting/athlete-profile-n1405181-sheng-lihao.htm |date=2021-07-25 }} at olympics.com</ref> उन्होंने पेरिस में आयोजित [[2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] में हुआंग युटिंग के साथ युगल स्पर्धा में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल और 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम दोनों में स्वर्ण पदक जीता।<ref>{{Cite web |date=27 July 2024 |title=2024 Summer Olympics Medalists |url=https://olympics.com/en/paris-2024/medals/medallists |access-date=27 July 2024 |website=Paris 2024 Summer Olympic Games website}}</ref>
शेंग की शूटिंग की यात्रा 13 साल की उम्र में शुरू हुई, जब छुट्टियों के दौरान उनके पिता ने उन्हें इस खेल से परिचित कराया।<ref name="hk01"/> उनमें तुरंत उत्साह जागा और उन्होंने जल्द ही गंभीरता से निशानेबाजी करने की इच्छा व्यक्त की। इसे एक मूल्यवान पाठ्येतर गतिविधि मानते हुए, उनके माता-पिता ने उनकी महत्वाकांक्षा का समर्थन किया। महज एक साल बाद, शेंग की स्वाभाविक प्रतिभा तब स्पष्ट हो गई जब वे सूज़ौ स्पोर्ट्स स्कूल की निशानेबाजी टीम में शामिल हुए। उनके असाधारण प्रदर्शन के कारण उन्हें शीघ्र ही जियांग्सू प्रांतीय टीम में पदोन्नति मिल गई।<ref name="hk01">{{cite web |last1=contemporary china |title=19-year-old Sheng Lihao scored two gold medals at the Paris Olympics. Why is the "cold noodle" genius called "Gan Fan Brother"? |url=https://www.hk01.com/%E5%8D%B3%E6%99%82%E4%B8%AD%E5%9C%8B/1044172/%E5%B7%B4%E9%BB%8E%E5%A5%A7%E9%81%8B-19%E6%AD%B2%E7%9B%9B%E6%9D%8E%E8%B1%AA%E7%8B%82%E5%B0%84%E5%85%A9%E9%87%91-%E5%86%B7%E9%9D%A2%E5%A4%A9%E6%89%8D%E7%82%BA%E4%BB%80%E9%BA%BC%E6%98%AF-%E5%B9%B9%E9%A3%AF%E5%93%A5?itm_source=universal_search&itm_campaign=hk01&itm_content=all&itm_medium=web |website=hk01 |access-date=2024-08-10}}</ref>
14 साल की उम्र में, शेंग के कौशल ने उन्हें चीन की राष्ट्रीय टीम में जगह दिलाई। 15 साल की उम्र तक, उनका चयन [[2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक|टोक्यो ओलंपिक]] टीम के लिए हो गया, जहाँ उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता और शूटिंग स्पर्धा में ओलंपिक पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के एथलीट के रूप में प्रसिद्धि हासिल की।<ref name="AR60">{{cite web |last1=Leijing |first1=He |date=2024-07-30 |orig-date=2024-07-30 |title=Olympics {{!}} Feature: Young Chinese shooter Sheng fires up world at Paris 2024 |url=https://english.news.cn/20240730/be856225cce3474faea154b730959c09/c.html |access-date=2024-08-10 |website=XINHUANET |publisher=xinhua}}</ref> शेंग ने 637.9 अंकों के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर बाधाओं को तोड़ना जारी रखा, जो उनकी अद्वितीय स्थिरता और लगातार प्रदर्शन को दर्शाता है - एक ऐसा कारनामा जिसे उनके कोच को भी समझाना मुश्किल लगा।<ref name="hk01"/>
==References==
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जियांग्सू
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महाराजगंज एस्टेट उत्तर प्रदेश राज्य के वर्तमान सीतापुर ज़िला के बिसवां-लहरपुर क्षेत्र में स्थित एक जमींदारी एवं तालुकदारी एस्टेट था। इस एस्टेट, रियासत को ब्रिटिश काल में वर्ष 1868 में औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त होने का उल्लेख किया जाता है।
यह क्षेत्र अवध प्रांत का हिस्सा था और मुख्यतः कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। ऐतिहासिक अभिलेखों में इस क्षेत्र की भूमि को गंगा-यमुना के दोआब की जलोढ़ मिट्टी से युक्त तथा कृषि के लिए उपयुक्त बताया गया है।
ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार इस रियासत, एस्टेट का प्रबंधन सक्सेना कायस्थ समुदाय से संबंधित रायजादा जमींदार परिवार के अधीन था।
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महाराजगंज धरमपुर एस्टेट उत्तर प्रदेश राज्य के वर्तमान सीतापुर ज़िला के बिसवां-लहरपुर क्षेत्र में स्थित एक जमींदारी एवं तालुकदारी एस्टेट था। इस एस्टेट, रियासत को ब्रिटिश काल में वर्ष 1868 में औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त होने का उल्लेख किया जाता है।
यह क्षेत्र अवध प्रांत का हिस्सा था और मुख्यतः कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। ऐतिहासिक अभिलेखों में इस क्षेत्र की भूमि को गंगा-यमुना के दोआब की जलोढ़ मिट्टी से युक्त तथा कृषि के लिए उपयुक्त बताया गया है।
ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार इस रियासत, एस्टेट का प्रबंधन सक्सेना कायस्थ समुदाय से संबंधित रायजादा जमींदार परिवार के अधीन था।
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सदस्य:Parvat Singh Buddha
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Parvat Singh Buddha
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<big>'''परिचय-पर्वत सिंह (जन्म 17 दिसंबर 1983) एक भारतीय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर, लेखक और औद्योगिक विशेषज्ञ हैं। वे मुख्य रूप से सोशल मीडिया ब्रांडिंग और रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए जाने जाते हैं।'''</big>
=== <big>'''प्रारंभिक जीवन और शिक्षा'''</big> ===
<big>'''पर्वत सिंह का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के ग्राम पंचायत भैंगना में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर हुई, जिसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनके पास कला और शिक्षा के क्षेत्र में स्नातकोत्तर (M.A., M.Ed.) की उपाधियाँ हैं।'''</big>
=== <big>'''करियर और रचनात्मक कार्य'''</big> ===
<big>'''सिंह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और "Mr. Parvat Singh" के नाम से एक लोकप्रिय फेसबुक पेज का संचालन करते हैं। वे आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके संगीत और वीडियो निर्माण में रुचि रखते हैं। इसके अतिरिक्त, वे अपनी जीवन गाथाओं को रचनात्मक लेखन के माध्यम से लिपिबद्ध करने के लिए भी जाने जाते हैं।'''</big>
<big>'''व्यावसायिक रूप से, वे औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्र (Footwear Industry) से जुड़े रहे हैं और तकनीकी मशीनरी के संचालन में विशेषज्ञता रखते हैं।'''</big>
=== <big>'''व्यक्तिगत जीवन'''</big> ===
<big>'''पर्वत सिंह ग्वालियर, मध्य प्रदेश के निवासी हैं। उनका विवाह निर्मला सिंह से हुआ है और उनके दो बच्चे (एक पुत्र और एक पुत्री) हैं। उन्हें लग्जरी घड़ियों के संग्रह और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण का विशेष शौक है।'''</big>
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Parvat Singh Buddha
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<big>'''परिचय-पर्वत सिंह (जन्म 17 दिसंबर 1983) एक भारतीय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर, एक विकीपीडियन लेखक और औद्योगिक विशेषज्ञ हैं। वे मुख्य रूप से सोशल मीडिया ब्रांडिंग और रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए जाने जाते हैं।'''</big>
=== <big>'''प्रारंभिक जीवन और शिक्षा'''</big> ===
<big>'''पर्वत सिंह का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के ग्राम पंचायत भैंगना में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर हुई, जिसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनके पास कला और शिक्षा के क्षेत्र में स्नातकोत्तर (M.A., M.Ed.) की उपाधियाँ हैं।'''</big>
=== <big>'''करियर और रचनात्मक कार्य'''</big> ===
<big>'''सिंह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और "Mr. Parvat Singh" के नाम से एक लोकप्रिय फेसबुक पेज का संचालन करते हैं। वे आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके संगीत और वीडियो निर्माण में रुचि रखते हैं। इसके अतिरिक्त, वे अपनी जीवन गाथाओं को रचनात्मक लेखन के माध्यम से लिपिबद्ध करने के लिए भी जाने जाते हैं।'''</big>
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<big>'''पर्वत सिंह ग्वालियर, मध्य प्रदेश के निवासी हैं। उनका विवाह निर्मला सिंह से हुआ है और उनके दो बच्चे (एक पुत्र और एक पुत्री) हैं। उन्हें लग्जरी घड़ियों के संग्रह और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण का विशेष शौक है।'''</big>
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{{Other uses||Two Colours (disambiguation){{!}}Two Colours}}
{{ज्ञानसन्दूक गीत
| name = Two Colours
| artist = [[Dmytro Hnatyuk]]
| released = 7 October 1964
| recorded = 1964
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"टू" (यूक्रेनीः Δva кольори, रोमनीकृतः Dva koliory) 1964 का है जिसे ओलेक्सांद्र बिलाश ने रचा है, जिसके बोल दमित्रो पावलीचको ने लिखे हैं। हालाँकि यह पहली बार अनातोली मोक्रेन्को ने प्रस्तुत किया था, लेकिन इसे न तो रिकॉर्ड किया गया था और न ही अक्टूबर 1964 में दमित्रो हनाटुक द्वारा प्रदर्शन तक प्रकाशित किया गया था।
== इतिहास ==
ओलेक्सांद्र बिलाश की बेटी के अनुसार, "टू कलर्स" यूक्रेन के कोम्सोमोल की 29 फरवरी 1964 की कांग्रेस से प्रेरित थी। डमिट्रो पावलिचको, जो बिलाश के साथ कांग्रेस में भाग ले रहे थे, ने अपने सामने बैठी एक महिला लिउडमिला मोल्दोवन के रूमाल पर ध्यान दिया। अपने पिता को रूमाल के रंगों का अर्थ समझाते हुए (जो एक काले मैदान पर लाल गुलाब का डिज़ाइन था) उन्होंने कहा, "लाल प्यार है, और काला-शोक।" (यूक्रेनीः Кервоне-to loubov, a черне-то гурба, रो चेरवोन-to liubov, a chorn-to zhurba) पावलिचको एक कविता लिखने के लिए अपनी प्रतिक्रिया से प्रेरित हुए और उन्होंने लिखा जो अंततः उनके घुटने पर पहला श्लोक बन गया, उसे बिलाश को दिखाने से पहले, जो उनके बगल में बैठा था। पावलिचको और बिलाश ने फिर कांग्रेस को वोर्जेल के लिए छोड़ दिया, जहाँ उन्होंने आधे घंटे में एक साथ गीत लिखा।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}</ref><ref name=":1">{{Cite news|url=https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/|title=Як пісня "Два кольори" стала народною|last=Mori|first=Yevhenii|date=22 November 2020|work=[[Suspilne Kultura]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=How the song "Two Colours" became popular}}</ref>
"टू कलर्स" का प्रदर्शन पहली बार अनातोली मोक्रेन्को द्वारा यूक्रेनी रेडियो की कलात्मक परिषद के दर्शकों के लिए किया गया था, जो उस समय रिकॉर्डिंग और प्रकाशन के लिए एक काम की अनुमति के लिए आवश्यक था।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFSavva2021">Savva, Yulia (8 October 2021). [https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni "Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю"] [Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday]. ''The Gard'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref> आर्टिस्टिक काउंसिल ने काम के प्रकाशन पर रोक लगा दी, इस रचना को "राष्ट्रवादी गीत" के रूप में वर्णित किया क्योंकि लाल और काला यूक्रेनी विद्रोही सेना के झंडे के रंग थे, साथ ही एक यूक्रेनी राष्ट्रवादी गीत में एक पंक्ति थी जो "टू कलर्स" के गीत के समान थी।<ref name=":1">{{Cite news|url=https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/|title=Як пісня "Два кольори" стала народною|last=Mori|first=Yevhenii|date=22 November 2020|work=[[Suspilne Kultura]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=How the song "Two Colours" became popular}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFMori2020">Mori, Yevhenii (22 November 2020). [https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/ "Як пісня "Два кольори" стала народною"] [How the song "Two Colours" became popular]. ''[[Suspilne Kultura]]'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref><ref name=":0" /> पावलिचको और बिलाश दोनों से [[केजीबी]] द्वारा पूछताछ की गई और उन पर बैंडेराइट्स होने का आरोप लगाया गया, एक आरोप जिसे पावलिच्को ने खारिज कर दिया।<ref name=":2">{{Cite news|url=https://life.nv.ua/ukr/art/dva-kolori-dmitra-pavlichka-naykrashchi-kaveri-pisni-istoriya-i-tekst-video-50300837.html|title=Її слова знає кожен українець. 10 найулюбленіших каверів на пісню Два кольори Дмитра Павличка|date=30 January 2023|work=[[The New Voice of Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Her words are known by every Ukrainian: 10 loveliest covers of Dmytro Pavlychko's song "Two Colours"}}</ref> उन्होंने नोट किया कि उनकी माँ के तौलिए और उनकी शर्ट के रंग काले और लाल थे, और यह भी कहा कि वे [[पेरिस कम्यून]] के झंडे पर रंग थे, जिसने सेंसर को आश्वस्त किया कि गीत हानिरहित था।<ref name=":0" /> पावलिचको ने बाद में एक साक्षात्कार में कहा कि वह और बिलाश पूछताछ से डर गए थे क्योंकि "यह आसानी से साबित हो सकता था कि यह एक राष्ट्रवादी गीत था, हमारी OUN पार्टी का, आदि।<ref name=":2" />
"टू कलर्स" पहली बार सार्वजनिक रूप से 7 अक्टूबर 1964 को दिमित्रो हनाटुक द्वारा अक्टूबर क्रांति दिवस समारोह से एक महीने पहले प्रदर्शन किया गया था। <ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFSavva2021">Savva, Yulia (8 October 2021). [https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni "Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю"] [Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday]. ''The Gard'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref> यह गीत हनाटुक के पसंदीदा गीतों में से एक था, और उन्होंने एक अवसर पर कहा कि यह यूक्रेन का प्रतिनिधि था।<ref>{{Cite news|url=https://vogue.ua/article/culture/muzyka/shcho-treba-znati-pro-dmitra-gnatyuka-legendarnogo-vikonavcya-pisen-kiyevi-miy-ta-dva-kolori-48088.html|title=Що треба знати про Дмитра Гнатюка – легендарного виконавця пісень "Два кольори" та "Києве мій"|date=28 March 2022|work=[[Vogue Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=What you need to know about Dmytro Hnatyuk, the legendary singer of the songs "Two Colours" and "My Kyiv"}}</ref> गीत के लिए हनाटुक के प्यार को हनाटुक की एक निजी दोस्त पावलिचको ने भी नोट किया, जिन्होंने कहा कि वह "इसे पूरे दिल से गाते हैं।"।<ref>{{Cite web|url=https://nmiu.org/tsoho-dnia/2683-shist-rokiv-tomu-pomer-dmytro-hnatiuk|title=Шість років тому помер Дмитро Гнатюк|website=[[National Museum of the History of Ukraine]]|language=uk|trans-title=Six years ago, Dmytro Hnatyuk died|access-date=27 September 2023}}</ref>
== विरासत ==
अपनी पहली रिलीज़ के बाद से, "टू कलर्स" एक लोकप्रिय यूक्रेनी लोक गीत बन गया है और विश्व स्तर पर [[यूक्रेन की संस्कृति]] के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस गीत को कम से कम पाँच अन्य यूक्रेनी गायकों द्वारा ने भी प्रस्तुत किया है, जिसमें क्विट्का सिसीक भी शामिल हैं, जिसे बाद में पावलिचको ने अपनी पसंदीदा प्रस्तुति के रूप में वर्णित किया। गीत का फ्रांसीसी और अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया है, बाद वाला अनुवाद कॉपीराइट के उल्लंघन और बिलाश के परिवार द्वारा विरोध के लिए विवादास्पद रहा है।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFSavva2021">Savva, Yulia (8 October 2021). [https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni "Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю"] [Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday]. ''The Gard'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref>
हालाँकि यूक्रेन में इस गीत को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली-एक ओर इसकी आलोचना हुई और इसके श्रोताओं को उत्पीड़न का सामना भी करना पड़ा।। बीबीसी न्यूज़ यूक्रेनी ने सुझाव दिया कि यह यूक्रेनी विद्रोही सेना के एक सैनिक के रूप में पावलिचको की संक्षिप्त अवधि का परिणाम था।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/ukrainian/news-40405564|title=Помер Дмитро Павличко: поет, у якого червоне та чорне перепліталися і у віршах, і у житті|date=29 January 2023|work=[[BBC News Ukrainian]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=The death of Dmytro Pavlychko: A poet in whom red and black were intertwined in poetry and in life}}</ref> इसके बावजूद, "टू कलर्स" बना रहा है, और पावलिचको की मृत्यु के बाद अक्सर उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में उद्धृत किया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.radiosvoboda.org/a/dmytro-pavlychko-pomer-ukrayinskyy-poet-dva-kolory/32245933.html|title=Пам'яті Дмитра Павличка: яким запам'ятають автора поезії «Два кольори»|last=Bondar|first=Yulia|date=30 January 2023|work=[[Radio Free Europe/Radio Liberty]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Dmytro Pavlychko's legacy: how the author of "Two Colours" will be remembered}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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}}
"टू" (यूक्रेनीः Δva кольори, रोमनीकृतः Dva koliory) 1964 का है जिसे ओलेक्सांद्र बिलाश ने रचा है, जिसके बोल दमित्रो पावलीचको ने लिखे हैं। हालाँकि यह पहली बार अनातोली मोक्रेन्को ने प्रस्तुत किया था, लेकिन इसे न तो रिकॉर्ड किया गया था और न ही अक्टूबर 1964 में दमित्रो हनाटुक द्वारा प्रदर्शन तक प्रकाशित किया गया था।
== इतिहास ==
ओलेक्सांद्र बिलाश की बेटी के अनुसार, "टू कलर्स" यूक्रेन के कोम्सोमोल की 29 फरवरी 1964 की कांग्रेस से प्रेरित थी। डमिट्रो पावलिचको, जो बिलाश के साथ कांग्रेस में भाग ले रहे थे, ने अपने सामने बैठी एक महिला लिउडमिला मोल्दोवन के रूमाल पर ध्यान दिया। अपने पिता को रूमाल के रंगों का अर्थ समझाते हुए (जो एक काले मैदान पर लाल गुलाब का डिज़ाइन था) उन्होंने कहा, "लाल प्यार है, और काला-शोक।" (यूक्रेनीः Кервоне-to loubov, a черне-то гурба, रो चेरवोन-to liubov, a chorn-to zhurba) पावलिचको एक कविता लिखने के लिए अपनी प्रतिक्रिया से प्रेरित हुए और उन्होंने लिखा जो अंततः उनके घुटने पर पहला श्लोक बन गया, उसे बिलाश को दिखाने से पहले, जो उनके बगल में बैठा था। पावलिचको और बिलाश ने फिर कांग्रेस को वोर्जेल के लिए छोड़ दिया, जहाँ उन्होंने आधे घंटे में एक साथ गीत लिखा।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}</ref><ref name=":1">{{Cite news|url=https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/|title=Як пісня "Два кольори" стала народною|last=Mori|first=Yevhenii|date=22 November 2020|work=[[Suspilne Kultura]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=How the song "Two Colours" became popular}}</ref>
"टू कलर्स" का प्रदर्शन पहली बार अनातोली मोक्रेन्को द्वारा यूक्रेनी रेडियो की कलात्मक परिषद के दर्शकों के लिए किया गया था, जो उस समय रिकॉर्डिंग और प्रकाशन के लिए एक काम की अनुमति के लिए आवश्यक था।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFSavva2021">Savva, Yulia (8 October 2021). [https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni "Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю"] [Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday]. ''The Gard'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref> आर्टिस्टिक काउंसिल ने काम के प्रकाशन पर रोक लगा दी, इस रचना को "राष्ट्रवादी गीत" के रूप में वर्णित किया क्योंकि लाल और काला यूक्रेनी विद्रोही सेना के झंडे के रंग थे, साथ ही एक यूक्रेनी राष्ट्रवादी गीत में एक पंक्ति थी जो "टू कलर्स" के गीत के समान थी।<ref name=":1">{{Cite news|url=https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/|title=Як пісня "Два кольори" стала народною|last=Mori|first=Yevhenii|date=22 November 2020|work=[[Suspilne Kultura]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=How the song "Two Colours" became popular}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFMori2020">Mori, Yevhenii (22 November 2020). [https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/ "Як пісня "Два кольори" стала народною"] [How the song "Two Colours" became popular]. ''[[Suspilne Kultura]]'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref><ref name=":0" /> पावलिचको और बिलाश दोनों से [[केजीबी]] द्वारा पूछताछ की गई और उन पर बैंडेराइट्स होने का आरोप लगाया गया, एक आरोप जिसे पावलिच्को ने खारिज कर दिया।<ref name=":2">{{Cite news|url=https://life.nv.ua/ukr/art/dva-kolori-dmitra-pavlichka-naykrashchi-kaveri-pisni-istoriya-i-tekst-video-50300837.html|title=Її слова знає кожен українець. 10 найулюбленіших каверів на пісню Два кольори Дмитра Павличка|date=30 January 2023|work=[[The New Voice of Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Her words are known by every Ukrainian: 10 loveliest covers of Dmytro Pavlychko's song "Two Colours"}}</ref> उन्होंने नोट किया कि उनकी माँ के तौलिए और उनकी शर्ट के रंग काले और लाल थे, और यह भी कहा कि वे [[पेरिस कम्यून]] के झंडे पर रंग थे, जिसने सेंसर को आश्वस्त किया कि गीत हानिरहित था।<ref name=":0" /> पावलिचको ने बाद में एक साक्षात्कार में कहा कि वह और बिलाश पूछताछ से डर गए थे क्योंकि "यह आसानी से साबित हो सकता था कि यह एक राष्ट्रवादी गीत था, हमारी OUN पार्टी का, आदि।<ref name=":2" />
"टू कलर्स" पहली बार सार्वजनिक रूप से 7 अक्टूबर 1964 को दिमित्रो हनाटुक द्वारा अक्टूबर क्रांति दिवस समारोह से एक महीने पहले प्रदर्शन किया गया था। <ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFSavva2021">Savva, Yulia (8 October 2021). [https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni "Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю"] [Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday]. ''The Gard'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref> यह गीत हनाटुक के पसंदीदा गीतों में से एक था, और उन्होंने एक अवसर पर कहा कि यह यूक्रेन का प्रतिनिधि था।<ref>{{Cite news|url=https://vogue.ua/article/culture/muzyka/shcho-treba-znati-pro-dmitra-gnatyuka-legendarnogo-vikonavcya-pisen-kiyevi-miy-ta-dva-kolori-48088.html|title=Що треба знати про Дмитра Гнатюка – легендарного виконавця пісень "Два кольори" та "Києве мій"|date=28 March 2022|work=[[Vogue Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=What you need to know about Dmytro Hnatyuk, the legendary singer of the songs "Two Colours" and "My Kyiv"}}</ref> गीत के लिए हनाटुक के प्यार को हनाटुक की एक निजी दोस्त पावलिचको ने भी नोट किया, जिन्होंने कहा कि वह "इसे पूरे दिल से गाते हैं।"<ref>{{Cite web|url=https://nmiu.org/tsoho-dnia/2683-shist-rokiv-tomu-pomer-dmytro-hnatiuk|title=Шість років тому помер Дмитро Гнатюк|website=[[National Museum of the History of Ukraine]]|language=uk|trans-title=Six years ago, Dmytro Hnatyuk died|access-date=27 September 2023}}</ref>
== विरासत ==
अपनी पहली रिलीज़ के बाद से, "टू कलर्स" एक लोकप्रिय यूक्रेनी लोक गीत बन गया है और विश्व स्तर पर [[यूक्रेन की संस्कृति]] के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस गीत को कम से कम पाँच अन्य यूक्रेनी गायकों द्वारा ने भी प्रस्तुत किया है, जिसमें क्विट्का सिसीक भी शामिल हैं, जिसे बाद में पावलिचको ने अपनी पसंदीदा प्रस्तुति के रूप में वर्णित किया। गीत का फ्रांसीसी और अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया है, बाद वाला अनुवाद कॉपीराइट के उल्लंघन और बिलाश के परिवार द्वारा विरोध के लिए विवादास्पद रहा है।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFSavva2021">Savva, Yulia (8 October 2021). [https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni "Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю"] [Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday]. ''The Gard'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref>
हालाँकि यूक्रेन में इस गीत को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली-एक ओर इसकी आलोचना हुई और इसके श्रोताओं को उत्पीड़न का सामना भी करना पड़ा। बीबीसी न्यूज़ यूक्रेनी ने सुझाव दिया कि यह यूक्रेनी विद्रोही सेना के एक सैनिक के रूप में पावलिचको की संक्षिप्त अवधि का परिणाम था।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/ukrainian/news-40405564|title=Помер Дмитро Павличко: поет, у якого червоне та чорне перепліталися і у віршах, і у житті|date=29 January 2023|work=[[BBC News Ukrainian]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=The death of Dmytro Pavlychko: A poet in whom red and black were intertwined in poetry and in life}}</ref> इसके बावजूद, "टू कलर्स" बना रहा है, और पावलिचको की मृत्यु के बाद अक्सर उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में उद्धृत किया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.radiosvoboda.org/a/dmytro-pavlychko-pomer-ukrayinskyy-poet-dva-kolory/32245933.html|title=Пам'яті Дмитра Павличка: яким запам'ятають автора поезії «Два кольори»|last=Bondar|first=Yulia|date=30 January 2023|work=[[Radio Free Europe/Radio Liberty]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Dmytro Pavlychko's legacy: how the author of "Two Colours" will be remembered}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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{{Other uses||Two Colours (disambiguation){{!}}Two Colours}}
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| name = Two Colours
| artist = [[Dmytro Hnatyuk]]
| released = 7 October 1964
| recorded = 1964
| genre = [[Folk music|Folk]]
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}}
"टू" (यूक्रेनीः Δva кольори, रोमनीकृतः Dva koliory) 1964 का है जिसे ओलेक्सांद्र बिलाश ने रचा है, जिसके बोल दमित्रो पावलीचको ने लिखे हैं। हालाँकि यह पहली बार अनातोली मोक्रेन्को ने प्रस्तुत किया था, लेकिन इसे न तो रिकॉर्ड किया गया था और न ही अक्टूबर 1964 में दमित्रो हनाटुक द्वारा प्रदर्शन तक प्रकाशित किया गया था।
== इतिहास ==
ओलेक्सांद्र बिलाश की बेटी के अनुसार, "टू कलर्स" यूक्रेन के कोम्सोमोल की 29 फरवरी 1964 की कांग्रेस से प्रेरित थी। डमिट्रो पावलिचको, जो बिलाश के साथ कांग्रेस में भाग ले रहे थे, ने अपने सामने बैठी एक महिला लिउडमिला मोल्दोवन के रूमाल पर ध्यान दिया। अपने पिता को रूमाल के रंगों का अर्थ समझाते हुए (जो एक काले मैदान पर लाल गुलाब का डिज़ाइन था) उन्होंने कहा, "लाल प्यार है, और काला-शोक।" (यूक्रेनीः Кервоне-to loubov, a черне-то гурба, रो चेरवोन-to liubov, a chorn-to zhurba) पावलिचको एक कविता लिखने के लिए अपनी प्रतिक्रिया से प्रेरित हुए और उन्होंने लिखा जो अंततः उनके घुटने पर पहला श्लोक बन गया, उसे बिलाश को दिखाने से पहले, जो उनके बगल में बैठा था। पावलिचको और बिलाश ने फिर कांग्रेस को वोर्जेल के लिए छोड़ दिया, जहाँ उन्होंने आधे घंटे में एक साथ गीत लिखा।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}</ref><ref name=":1">{{Cite news|url=https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/|title=Як пісня "Два кольори" стала народною|last=Mori|first=Yevhenii|date=22 November 2020|work=[[Suspilne Kultura]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=How the song "Two Colours" became popular}}</ref>
"टू कलर्स" का प्रदर्शन पहली बार अनातोली मोक्रेन्को द्वारा यूक्रेनी रेडियो की कलात्मक परिषद के दर्शकों के लिए किया गया था, जो उस समय रिकॉर्डिंग और प्रकाशन के लिए एक काम की अनुमति के लिए आवश्यक था।<ref name=":0"/> आर्टिस्टिक काउंसिल ने काम के प्रकाशन पर रोक लगा दी, इस रचना को "राष्ट्रवादी गीत" के रूप में वर्णित किया क्योंकि लाल और काला यूक्रेनी विद्रोही सेना के झंडे के रंग थे, साथ ही एक यूक्रेनी राष्ट्रवादी गीत में एक पंक्ति थी जो "टू कलर्स" के गीत के समान थी।<ref name=":1"/><ref name=":0" /> पावलिचको और बिलाश दोनों से [[केजीबी]] द्वारा पूछताछ की गई और उन पर बैंडेराइट्स होने का आरोप लगाया गया, एक आरोप जिसे पावलिच्को ने खारिज कर दिया।<ref name=":2">{{Cite news|url=https://life.nv.ua/ukr/art/dva-kolori-dmitra-pavlichka-naykrashchi-kaveri-pisni-istoriya-i-tekst-video-50300837.html|title=Її слова знає кожен українець. 10 найулюбленіших каверів на пісню Два кольори Дмитра Павличка|date=30 January 2023|work=[[The New Voice of Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Her words are known by every Ukrainian: 10 loveliest covers of Dmytro Pavlychko's song "Two Colours"}}</ref> उन्होंने नोट किया कि उनकी माँ के तौलिए और उनकी शर्ट के रंग काले और लाल थे, और यह भी कहा कि वे [[पेरिस कम्यून]] के झंडे पर रंग थे, जिसने सेंसर को आश्वस्त किया कि गीत हानिरहित था।<ref name=":0" /> पावलिचको ने बाद में एक साक्षात्कार में कहा कि वह और बिलाश पूछताछ से डर गए थे क्योंकि "यह आसानी से साबित हो सकता था कि यह एक राष्ट्रवादी गीत था, हमारी OUN पार्टी का, आदि।<ref name=":2" />
"टू कलर्स" पहली बार सार्वजनिक रूप से 7 अक्टूबर 1964 को दिमित्रो हनाटुक द्वारा अक्टूबर क्रांति दिवस समारोह से एक महीने पहले प्रदर्शन किया गया था। <ref name=":0"/> यह गीत हनाटुक के पसंदीदा गीतों में से एक था, और उन्होंने एक अवसर पर कहा कि यह यूक्रेन का प्रतिनिधि था।<ref>{{Cite news|url=https://vogue.ua/article/culture/muzyka/shcho-treba-znati-pro-dmitra-gnatyuka-legendarnogo-vikonavcya-pisen-kiyevi-miy-ta-dva-kolori-48088.html|title=Що треба знати про Дмитра Гнатюка – легендарного виконавця пісень "Два кольори" та "Києве мій"|date=28 March 2022|work=[[Vogue Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=What you need to know about Dmytro Hnatyuk, the legendary singer of the songs "Two Colours" and "My Kyiv"}}</ref> गीत के लिए हनाटुक के प्यार को हनाटुक की एक निजी दोस्त पावलिचको ने भी नोट किया, जिन्होंने कहा कि वह "इसे पूरे दिल से गाते हैं।"<ref>{{Cite web|url=https://nmiu.org/tsoho-dnia/2683-shist-rokiv-tomu-pomer-dmytro-hnatiuk|title=Шість років тому помер Дмитро Гнатюк|website=[[National Museum of the History of Ukraine]]|language=uk|trans-title=Six years ago, Dmytro Hnatyuk died|access-date=27 September 2023}}</ref>
== विरासत ==
अपनी पहली रिलीज़ के बाद से, "टू कलर्स" एक लोकप्रिय यूक्रेनी लोक गीत बन गया है और विश्व स्तर पर [[यूक्रेन की संस्कृति]] के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस गीत को कम से कम पाँच अन्य यूक्रेनी गायकों द्वारा ने भी प्रस्तुत किया है, जिसमें क्विट्का सिसीक भी शामिल हैं, जिसे बाद में पावलिचको ने अपनी पसंदीदा प्रस्तुति के रूप में वर्णित किया। गीत का फ्रांसीसी और अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया है, बाद वाला अनुवाद कॉपीराइट के उल्लंघन और बिलाश के परिवार द्वारा विरोध के लिए विवादास्पद रहा है।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFSavva2021">Savva, Yulia (8 October 2021). [https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni "Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю"] [Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday]. ''The Gard'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref>
हालाँकि यूक्रेन में इस गीत को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली-एक ओर इसकी आलोचना हुई और इसके श्रोताओं को उत्पीड़न का सामना भी करना पड़ा। बीबीसी न्यूज़ यूक्रेनी ने सुझाव दिया कि यह यूक्रेनी विद्रोही सेना के एक सैनिक के रूप में पावलिचको की संक्षिप्त अवधि का परिणाम था।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/ukrainian/news-40405564|title=Помер Дмитро Павличко: поет, у якого червоне та чорне перепліталися і у віршах, і у житті|date=29 January 2023|work=[[BBC News Ukrainian]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=The death of Dmytro Pavlychko: A poet in whom red and black were intertwined in poetry and in life}}</ref> इसके बावजूद, "टू कलर्स" बना रहा है, और पावलिचको की मृत्यु के बाद अक्सर उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में उद्धृत किया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.radiosvoboda.org/a/dmytro-pavlychko-pomer-ukrayinskyy-poet-dva-kolory/32245933.html|title=Пам'яті Дмитра Павличка: яким запам'ятають автора поезії «Два кольори»|last=Bondar|first=Yulia|date=30 January 2023|work=[[Radio Free Europe/Radio Liberty]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Dmytro Pavlychko's legacy: how the author of "Two Colours" will be remembered}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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जरूरत नहीं
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक गीत
| name = Two Colours
| artist = [[Dmytro Hnatyuk]]
| released = 7 October 1964
| recorded = 1964
| genre = [[Folk music|Folk]]
| length = 4:15
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}}
"टू" (यूक्रेनीः Δva кольори, रोमनीकृतः Dva koliory) 1964 का है जिसे ओलेक्सांद्र बिलाश ने रचा है, जिसके बोल दमित्रो पावलीचको ने लिखे हैं। हालाँकि यह पहली बार अनातोली मोक्रेन्को ने प्रस्तुत किया था, लेकिन इसे न तो रिकॉर्ड किया गया था और न ही अक्टूबर 1964 में दमित्रो हनाटुक द्वारा प्रदर्शन तक प्रकाशित किया गया था।
== इतिहास ==
ओलेक्सांद्र बिलाश की बेटी के अनुसार, "टू कलर्स" यूक्रेन के कोम्सोमोल की 29 फरवरी 1964 की कांग्रेस से प्रेरित थी। डमिट्रो पावलिचको, जो बिलाश के साथ कांग्रेस में भाग ले रहे थे, ने अपने सामने बैठी एक महिला लिउडमिला मोल्दोवन के रूमाल पर ध्यान दिया। अपने पिता को रूमाल के रंगों का अर्थ समझाते हुए (जो एक काले मैदान पर लाल गुलाब का डिज़ाइन था) उन्होंने कहा, "लाल प्यार है, और काला-शोक।" (यूक्रेनीः Кервоне-to loubov, a черне-то гурба, रो चेरवोन-to liubov, a chorn-to zhurba) पावलिचको एक कविता लिखने के लिए अपनी प्रतिक्रिया से प्रेरित हुए और उन्होंने लिखा जो अंततः उनके घुटने पर पहला श्लोक बन गया, उसे बिलाश को दिखाने से पहले, जो उनके बगल में बैठा था। पावलिचको और बिलाश ने फिर कांग्रेस को वोर्जेल के लिए छोड़ दिया, जहाँ उन्होंने आधे घंटे में एक साथ गीत लिखा।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}</ref><ref name=":1">{{Cite news|url=https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/|title=Як пісня "Два кольори" стала народною|last=Mori|first=Yevhenii|date=22 November 2020|work=[[Suspilne Kultura]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=How the song "Two Colours" became popular}}</ref>
"टू कलर्स" का प्रदर्शन पहली बार अनातोली मोक्रेन्को द्वारा यूक्रेनी रेडियो की कलात्मक परिषद के दर्शकों के लिए किया गया था, जो उस समय रिकॉर्डिंग और प्रकाशन के लिए एक काम की अनुमति के लिए आवश्यक था।<ref name=":0"/> आर्टिस्टिक काउंसिल ने काम के प्रकाशन पर रोक लगा दी, इस रचना को "राष्ट्रवादी गीत" के रूप में वर्णित किया क्योंकि लाल और काला यूक्रेनी विद्रोही सेना के झंडे के रंग थे, साथ ही एक यूक्रेनी राष्ट्रवादी गीत में एक पंक्ति थी जो "टू कलर्स" के गीत के समान थी।<ref name=":1"/><ref name=":0" /> पावलिचको और बिलाश दोनों से [[केजीबी]] द्वारा पूछताछ की गई और उन पर बैंडेराइट्स होने का आरोप लगाया गया, एक आरोप जिसे पावलिच्को ने खारिज कर दिया।<ref name=":2">{{Cite news|url=https://life.nv.ua/ukr/art/dva-kolori-dmitra-pavlichka-naykrashchi-kaveri-pisni-istoriya-i-tekst-video-50300837.html|title=Її слова знає кожен українець. 10 найулюбленіших каверів на пісню Два кольори Дмитра Павличка|date=30 January 2023|work=[[The New Voice of Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Her words are known by every Ukrainian: 10 loveliest covers of Dmytro Pavlychko's song "Two Colours"}}</ref> उन्होंने नोट किया कि उनकी माँ के तौलिए और उनकी शर्ट के रंग काले और लाल थे, और यह भी कहा कि वे [[पेरिस कम्यून]] के झंडे पर रंग थे, जिसने सेंसर को आश्वस्त किया कि गीत हानिरहित था।<ref name=":0" /> पावलिचको ने बाद में एक साक्षात्कार में कहा कि वह और बिलाश पूछताछ से डर गए थे क्योंकि "यह आसानी से साबित हो सकता था कि यह एक राष्ट्रवादी गीत था, हमारी OUN पार्टी का, आदि।<ref name=":2" />
"टू कलर्स" पहली बार सार्वजनिक रूप से 7 अक्टूबर 1964 को दिमित्रो हनाटुक द्वारा अक्टूबर क्रांति दिवस समारोह से एक महीने पहले प्रदर्शन किया गया था। <ref name=":0"/> यह गीत हनाटुक के पसंदीदा गीतों में से एक था, और उन्होंने एक अवसर पर कहा कि यह यूक्रेन का प्रतिनिधि था।<ref>{{Cite news|url=https://vogue.ua/article/culture/muzyka/shcho-treba-znati-pro-dmitra-gnatyuka-legendarnogo-vikonavcya-pisen-kiyevi-miy-ta-dva-kolori-48088.html|title=Що треба знати про Дмитра Гнатюка – легендарного виконавця пісень "Два кольори" та "Києве мій"|date=28 March 2022|work=[[Vogue Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=What you need to know about Dmytro Hnatyuk, the legendary singer of the songs "Two Colours" and "My Kyiv"}}</ref> गीत के लिए हनाटुक के प्यार को हनाटुक की एक निजी दोस्त पावलिचको ने भी नोट किया, जिन्होंने कहा कि वह "इसे पूरे दिल से गाते हैं।"<ref>{{Cite web|url=https://nmiu.org/tsoho-dnia/2683-shist-rokiv-tomu-pomer-dmytro-hnatiuk|title=Шість років тому помер Дмитро Гнатюк|website=[[National Museum of the History of Ukraine]]|language=uk|trans-title=Six years ago, Dmytro Hnatyuk died|access-date=27 September 2023}}</ref>
== विरासत ==
अपनी पहली रिलीज़ के बाद से, "टू कलर्स" एक लोकप्रिय यूक्रेनी लोक गीत बन गया है और विश्व स्तर पर [[यूक्रेन की संस्कृति]] के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस गीत को कम से कम पाँच अन्य यूक्रेनी गायकों द्वारा ने भी प्रस्तुत किया है, जिसमें क्विट्का सिसीक भी शामिल हैं, जिसे बाद में पावलिचको ने अपनी पसंदीदा प्रस्तुति के रूप में वर्णित किया। गीत का फ्रांसीसी और अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया है, बाद वाला अनुवाद कॉपीराइट के उल्लंघन और बिलाश के परिवार द्वारा विरोध के लिए विवादास्पद रहा है।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}<cite class="citation news cs1 cs1-prop-foreign-lang-source" data-ve-ignore="" id="CITEREFSavva2021">Savva, Yulia (8 October 2021). [https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni "Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю"] [Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday]. ''The Gard'' (in Ukrainian)<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">27 September</span> 2023</span>.</cite>
[[Category:CS1 Ukrainian-language sources (uk)]]</ref>
हालाँकि यूक्रेन में इस गीत को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली-एक ओर इसकी आलोचना हुई और इसके श्रोताओं को उत्पीड़न का सामना भी करना पड़ा। बीबीसी न्यूज़ यूक्रेनी ने सुझाव दिया कि यह यूक्रेनी विद्रोही सेना के एक सैनिक के रूप में पावलिचको की संक्षिप्त अवधि का परिणाम था।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/ukrainian/news-40405564|title=Помер Дмитро Павличко: поет, у якого червоне та чорне перепліталися і у віршах, і у житті|date=29 January 2023|work=[[BBC News Ukrainian]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=The death of Dmytro Pavlychko: A poet in whom red and black were intertwined in poetry and in life}}</ref> इसके बावजूद, "टू कलर्स" बना रहा है, और पावलिचको की मृत्यु के बाद अक्सर उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में उद्धृत किया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.radiosvoboda.org/a/dmytro-pavlychko-pomer-ukrayinskyy-poet-dva-kolory/32245933.html|title=Пам'яті Дмитра Павличка: яким запам'ятають автора поезії «Два кольори»|last=Bondar|first=Yulia|date=30 January 2023|work=[[Radio Free Europe/Radio Liberty]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Dmytro Pavlychko's legacy: how the author of "Two Colours" will be remembered}}</ref>
== संदर्भ ==
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{{ज्ञानसन्दूक गीत
| name = Two Colours
| artist = [[Dmytro Hnatyuk]]
| released = 7 October 1964
| recorded = 1964
| genre = [[Folk music|Folk]]
| length = 4:15
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}}
"टू" (यूक्रेनीः Δva кольори, रोमनीकृतः Dva koliory) 1964 का है जिसे ओलेक्सांद्र बिलाश ने रचा है, जिसके बोल दमित्रो पावलीचको ने लिखे हैं। हालाँकि यह पहली बार अनातोली मोक्रेन्को ने प्रस्तुत किया था, लेकिन इसे न तो रिकॉर्ड किया गया था और न ही अक्टूबर 1964 में दमित्रो हनाटुक द्वारा प्रदर्शन तक प्रकाशित किया गया था।
== इतिहास ==
ओलेक्सांद्र बिलाश की बेटी के अनुसार, "टू कलर्स" यूक्रेन के कोम्सोमोल की 29 फरवरी 1964 की कांग्रेस से प्रेरित थी। डमिट्रो पावलिचको, जो बिलाश के साथ कांग्रेस में भाग ले रहे थे, ने अपने सामने बैठी एक महिला लिउडमिला मोल्दोवन के रूमाल पर ध्यान दिया। अपने पिता को रूमाल के रंगों का अर्थ समझाते हुए (जो एक काले मैदान पर लाल गुलाब का डिज़ाइन था) उन्होंने कहा, "लाल प्यार है, और काला-शोक।" (यूक्रेनीः Кервоне-to loubov, a черне-то гурба, रो चेरवोन-to liubov, a chorn-to zhurba) पावलिचको एक कविता लिखने के लिए अपनी प्रतिक्रिया से प्रेरित हुए और उन्होंने लिखा जो अंततः उनके घुटने पर पहला श्लोक बन गया, उसे बिलाश को दिखाने से पहले, जो उनके बगल में बैठा था। पावलिचको और बिलाश ने फिर कांग्रेस को वोर्जेल के लिए छोड़ दिया, जहाँ उन्होंने आधे घंटे में एक साथ गीत लिखा।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}</ref><ref name=":1">{{Cite news|url=https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/|title=Як пісня "Два кольори" стала народною|last=Mori|first=Yevhenii|date=22 November 2020|work=[[Suspilne Kultura]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=How the song "Two Colours" became popular}}</ref>
"टू कलर्स" का प्रदर्शन पहली बार अनातोली मोक्रेन्को द्वारा यूक्रेनी रेडियो की कलात्मक परिषद के दर्शकों के लिए किया गया था, जो उस समय रिकॉर्डिंग और प्रकाशन के लिए एक काम की अनुमति के लिए आवश्यक था।<ref name=":0"/> आर्टिस्टिक काउंसिल ने काम के प्रकाशन पर रोक लगा दी, इस रचना को "राष्ट्रवादी गीत" के रूप में वर्णित किया क्योंकि लाल और काला यूक्रेनी विद्रोही सेना के झंडे के रंग थे, साथ ही एक यूक्रेनी राष्ट्रवादी गीत में एक पंक्ति थी जो "टू कलर्स" के गीत के समान थी।<ref name=":1"/><ref name=":0" /> पावलिचको और बिलाश दोनों से [[केजीबी]] द्वारा पूछताछ की गई और उन पर बैंडेराइट्स होने का आरोप लगाया गया, एक आरोप जिसे पावलिच्को ने खारिज कर दिया।<ref name=":2">{{Cite news|url=https://life.nv.ua/ukr/art/dva-kolori-dmitra-pavlichka-naykrashchi-kaveri-pisni-istoriya-i-tekst-video-50300837.html|title=Її слова знає кожен українець. 10 найулюбленіших каверів на пісню Два кольори Дмитра Павличка|date=30 January 2023|work=[[The New Voice of Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Her words are known by every Ukrainian: 10 loveliest covers of Dmytro Pavlychko's song "Two Colours"}}</ref> उन्होंने नोट किया कि उनकी माँ के तौलिए और उनकी शर्ट के रंग काले और लाल थे, और यह भी कहा कि वे [[पेरिस कम्यून]] के झंडे पर रंग थे, जिसने सेंसर को आश्वस्त किया कि गीत हानिरहित था।<ref name=":0" /> पावलिचको ने बाद में एक साक्षात्कार में कहा कि वह और बिलाश पूछताछ से डर गए थे क्योंकि "यह आसानी से साबित हो सकता था कि यह एक राष्ट्रवादी गीत था, हमारी OUN पार्टी का, आदि।<ref name=":2" />
"टू कलर्स" पहली बार सार्वजनिक रूप से 7 अक्टूबर 1964 को दिमित्रो हनाटुक द्वारा अक्टूबर क्रांति दिवस समारोह से एक महीने पहले प्रदर्शन किया गया था। <ref name=":0"/> यह गीत हनाटुक के पसंदीदा गीतों में से एक था, और उन्होंने एक अवसर पर कहा कि यह यूक्रेन का प्रतिनिधि था।<ref>{{Cite news|url=https://vogue.ua/article/culture/muzyka/shcho-treba-znati-pro-dmitra-gnatyuka-legendarnogo-vikonavcya-pisen-kiyevi-miy-ta-dva-kolori-48088.html|title=Що треба знати про Дмитра Гнатюка – легендарного виконавця пісень "Два кольори" та "Києве мій"|date=28 March 2022|work=[[Vogue Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=What you need to know about Dmytro Hnatyuk, the legendary singer of the songs "Two Colours" and "My Kyiv"}}</ref> गीत के लिए हनाटुक के प्यार को हनाटुक की एक निजी दोस्त पावलिचको ने भी नोट किया, जिन्होंने कहा कि वह "इसे पूरे दिल से गाते हैं।"<ref>{{Cite web|url=https://nmiu.org/tsoho-dnia/2683-shist-rokiv-tomu-pomer-dmytro-hnatiuk|title=Шість років тому помер Дмитро Гнатюк|website=[[National Museum of the History of Ukraine]]|language=uk|trans-title=Six years ago, Dmytro Hnatyuk died|access-date=27 September 2023}}</ref>
== विरासत ==
अपनी पहली रिलीज़ के बाद से, "टू कलर्स" एक लोकप्रिय यूक्रेनी लोक गीत बन गया है और विश्व स्तर पर [[यूक्रेन की संस्कृति]] के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस गीत को कम से कम पाँच अन्य यूक्रेनी गायकों द्वारा ने भी प्रस्तुत किया है, जिसमें क्विट्का सिसीक भी शामिल हैं, जिसे बाद में पावलिचको ने अपनी पसंदीदा प्रस्तुति के रूप में वर्णित किया। गीत का फ्रांसीसी और अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया है, बाद वाला अनुवाद कॉपीराइट के उल्लंघन और बिलाश के परिवार द्वारा विरोध के लिए विवादास्पद रहा है।<ref name=":0"/>
हालाँकि यूक्रेन में इस गीत को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली-एक ओर इसकी आलोचना हुई और इसके श्रोताओं को उत्पीड़न का सामना भी करना पड़ा। बीबीसी न्यूज़ यूक्रेनी ने सुझाव दिया कि यह यूक्रेनी विद्रोही सेना के एक सैनिक के रूप में पावलिचको की संक्षिप्त अवधि का परिणाम था।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/ukrainian/news-40405564|title=Помер Дмитро Павличко: поет, у якого червоне та чорне перепліталися і у віршах, і у житті|date=29 January 2023|work=[[BBC News Ukrainian]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=The death of Dmytro Pavlychko: A poet in whom red and black were intertwined in poetry and in life}}</ref> इसके बावजूद, "टू कलर्स" बना रहा है, और पावलिचको की मृत्यु के बाद अक्सर उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में उद्धृत किया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.radiosvoboda.org/a/dmytro-pavlychko-pomer-ukrayinskyy-poet-dva-kolory/32245933.html|title=Пам'яті Дмитра Павличка: яким запам'ятають автора поезії «Два кольори»|last=Bondar|first=Yulia|date=30 January 2023|work=[[Radio Free Europe/Radio Liberty]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Dmytro Pavlychko's legacy: how the author of "Two Colours" will be remembered}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक गीत
| name = Two Colours
| artist = [[Dmytro Hnatyuk]]
| released = 7 October 1964
| recorded = 1964
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}}
"टू कलर्स" (यूक्रेनीः Δva кольори, रोमनीकृतः Dva koliory) 1964 का है जिसे ओलेक्सांद्र बिलाश ने रचा है, जिसके बोल दमित्रो पावलीचको ने लिखे हैं। हालाँकि यह पहली बार अनातोली मोक्रेन्को ने प्रस्तुत किया था, लेकिन इसे न तो रिकॉर्ड किया गया था और न ही अक्टूबर 1964 में दमित्रो हनाटुक द्वारा प्रदर्शन तक प्रकाशित किया गया था।
== इतिहास ==
ओलेक्सांद्र बिलाश की बेटी के अनुसार, "टू कलर्स" यूक्रेन के कोम्सोमोल की 29 फरवरी 1964 की कांग्रेस से प्रेरित थी। डमिट्रो पावलिचको, जो बिलाश के साथ कांग्रेस में भाग ले रहे थे, ने अपने सामने बैठी एक महिला लिउडमिला मोल्दोवन के रूमाल पर ध्यान दिया। अपने पिता को रूमाल के रंगों का अर्थ समझाते हुए (जो एक काले मैदान पर लाल गुलाब का डिज़ाइन था) उन्होंने कहा, "लाल प्यार है, और काला-शोक।" (यूक्रेनीः Кервоне-to loubov, a черне-то гурба, रो चेरवोन-to liubov, a chorn-to zhurba) पावलिचको एक कविता लिखने के लिए अपनी प्रतिक्रिया से प्रेरित हुए और उन्होंने लिखा जो अंततः उनके घुटने पर पहला श्लोक बन गया, उसे बिलाश को दिखाने से पहले, जो उनके बगल में बैठा था। पावलिचको और बिलाश ने फिर कांग्रेस को वोर्जेल के लिए छोड़ दिया, जहाँ उन्होंने आधे घंटे में एक साथ गीत लिखा।<ref name=":0">{{Cite news|url=https://thegard.city/articles/169069/dva-kolori-istoriya-pisni|title=Два кольори: славетна українська пісня святкує 57-му річницю|last=Savva|first=Yulia|date=8 October 2021|work=The Gard|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Two Colours: famous Ukrainian song celebrates its 57th birthday}}</ref><ref name=":1">{{Cite news|url=https://suspilne.media/81977-ak-pisna-dva-kolori-stala-narodnou/|title=Як пісня "Два кольори" стала народною|last=Mori|first=Yevhenii|date=22 November 2020|work=[[Suspilne Kultura]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=How the song "Two Colours" became popular}}</ref>
"टू कलर्स" का प्रदर्शन पहली बार अनातोली मोक्रेन्को द्वारा यूक्रेनी रेडियो की कलात्मक परिषद के दर्शकों के लिए किया गया था, जो उस समय रिकॉर्डिंग और प्रकाशन के लिए एक काम की अनुमति के लिए आवश्यक था।<ref name=":0"/> आर्टिस्टिक काउंसिल ने काम के प्रकाशन पर रोक लगा दी, इस रचना को "राष्ट्रवादी गीत" के रूप में वर्णित किया क्योंकि लाल और काला यूक्रेनी विद्रोही सेना के झंडे के रंग थे, साथ ही एक यूक्रेनी राष्ट्रवादी गीत में एक पंक्ति थी जो "टू कलर्स" के गीत के समान थी।<ref name=":1"/><ref name=":0" /> पावलिचको और बिलाश दोनों से [[केजीबी]] द्वारा पूछताछ की गई और उन पर बैंडेराइट्स होने का आरोप लगाया गया, एक आरोप जिसे पावलिच्को ने खारिज कर दिया।<ref name=":2">{{Cite news|url=https://life.nv.ua/ukr/art/dva-kolori-dmitra-pavlichka-naykrashchi-kaveri-pisni-istoriya-i-tekst-video-50300837.html|title=Її слова знає кожен українець. 10 найулюбленіших каверів на пісню Два кольори Дмитра Павличка|date=30 January 2023|work=[[The New Voice of Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Her words are known by every Ukrainian: 10 loveliest covers of Dmytro Pavlychko's song "Two Colours"}}</ref> उन्होंने नोट किया कि उनकी माँ के तौलिए और उनकी शर्ट के रंग काले और लाल थे, और यह भी कहा कि वे [[पेरिस कम्यून]] के झंडे पर रंग थे, जिसने सेंसर को आश्वस्त किया कि गीत हानिरहित था।<ref name=":0" /> पावलिचको ने बाद में एक साक्षात्कार में कहा कि वह और बिलाश पूछताछ से डर गए थे क्योंकि "यह आसानी से साबित हो सकता था कि यह एक राष्ट्रवादी गीत था, हमारी OUN पार्टी का, आदि।<ref name=":2" />
"टू कलर्स" पहली बार सार्वजनिक रूप से 7 अक्टूबर 1964 को दिमित्रो हनाटुक द्वारा अक्टूबर क्रांति दिवस समारोह से एक महीने पहले प्रदर्शन किया गया था। <ref name=":0"/> यह गीत हनाटुक के पसंदीदा गीतों में से एक था, और उन्होंने एक अवसर पर कहा कि यह यूक्रेन का प्रतिनिधि था।<ref>{{Cite news|url=https://vogue.ua/article/culture/muzyka/shcho-treba-znati-pro-dmitra-gnatyuka-legendarnogo-vikonavcya-pisen-kiyevi-miy-ta-dva-kolori-48088.html|title=Що треба знати про Дмитра Гнатюка – легендарного виконавця пісень "Два кольори" та "Києве мій"|date=28 March 2022|work=[[Vogue Ukraine]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=What you need to know about Dmytro Hnatyuk, the legendary singer of the songs "Two Colours" and "My Kyiv"}}</ref> गीत के लिए हनाटुक के प्यार को हनाटुक की एक निजी दोस्त पावलिचको ने भी नोट किया, जिन्होंने कहा कि वह "इसे पूरे दिल से गाते हैं।"<ref>{{Cite web|url=https://nmiu.org/tsoho-dnia/2683-shist-rokiv-tomu-pomer-dmytro-hnatiuk|title=Шість років тому помер Дмитро Гнатюк|website=[[National Museum of the History of Ukraine]]|language=uk|trans-title=Six years ago, Dmytro Hnatyuk died|access-date=27 September 2023}}</ref>
== विरासत ==
अपनी पहली रिलीज़ के बाद से, "टू कलर्स" एक लोकप्रिय यूक्रेनी लोक गीत बन गया है और विश्व स्तर पर [[यूक्रेन की संस्कृति]] के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस गीत को कम से कम पाँच अन्य यूक्रेनी गायकों द्वारा ने भी प्रस्तुत किया है, जिसमें क्विट्का सिसीक भी शामिल हैं, जिसे बाद में पावलिचको ने अपनी पसंदीदा प्रस्तुति के रूप में वर्णित किया। गीत का फ्रांसीसी और अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया है, बाद वाला अनुवाद कॉपीराइट के उल्लंघन और बिलाश के परिवार द्वारा विरोध के लिए विवादास्पद रहा है।<ref name=":0"/>
हालाँकि यूक्रेन में इस गीत को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली-एक ओर इसकी आलोचना हुई और इसके श्रोताओं को उत्पीड़न का सामना भी करना पड़ा। बीबीसी न्यूज़ यूक्रेनी ने सुझाव दिया कि यह यूक्रेनी विद्रोही सेना के एक सैनिक के रूप में पावलिचको की संक्षिप्त अवधि का परिणाम था।<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/ukrainian/news-40405564|title=Помер Дмитро Павличко: поет, у якого червоне та чорне перепліталися і у віршах, і у житті|date=29 January 2023|work=[[BBC News Ukrainian]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=The death of Dmytro Pavlychko: A poet in whom red and black were intertwined in poetry and in life}}</ref> इसके बावजूद, "टू कलर्स" बना रहा है, और पावलिचको की मृत्यु के बाद अक्सर उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में उद्धृत किया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.radiosvoboda.org/a/dmytro-pavlychko-pomer-ukrayinskyy-poet-dva-kolory/32245933.html|title=Пам'яті Дмитра Павличка: яким запам'ятають автора поезії «Два кольори»|last=Bondar|first=Yulia|date=30 January 2023|work=[[Radio Free Europe/Radio Liberty]]|access-date=27 September 2023|language=uk|trans-title=Dmytro Pavlychko's legacy: how the author of "Two Colours" will be remembered}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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विनोद वर्मा (पत्रकार)
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[[चित्र:News_report_about_Vinod_Verma,_Founder_of_Aabhushan_World,_meeting_with_SP_Buxar_regarding_security_(April_2026)_and_his_social_work.jpg|दाएँ|अंगूठाकार|विनोद वर्मा, बक्सर एसपी के साथ सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करते हुए।]]
<nowiki>'''</nowiki>विनोद वर्मा<nowiki>'''</nowiki> (जन्म: बक्सर, बिहार) एक भारतीय पत्रकार और समाजसेवी हैं। वे रत्न एवं आभूषण उद्योग की प्रमुख पत्रिका 'आभूषण वर्ल्ड' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। इसके साथ ही वे AIMA मीडिया से जुड़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
कैरियर ==
विनोद वर्मा ने २०१७ में रत्न एवं आभूषण उद्योग पर आधारित पत्रिका 'आभूषण वर्ल्ड' की स्थापना की। इसके माध्यम से उन्होंने भारतीय शिल्पकारों को थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा। वे वर्तमान में AIMA मीडिया के लिए एक सक्रिय पत्रकार के रूप में भी कार्यरत हैं।
====== सामाजिक कार्य == ======
उन्होंने २०१३ की केदारनाथ आपदा के समय बक्सर में प्रार्थना सभाओं और राहत कार्यों का नेतृत्व किया। इसके अतिरिक्त, वे स्वर्णकार समाज के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करते रहे हैं l<ref>{{Cite web|url=https://aimamedia.org/|title=All India Media Association - India's Most Largest Social Media, Print Media, Electronic Media Association is operating by AIMAMEDIA FOUNDATION|website=AIMA Media|access-date=2026-04-23}}</ref>
*राष्ट्रीय सहारा,पटना, बक्सर संस्करण, 15 अप्रैल 2026*<ref>{{Cite web|url=https://aimamedia.org/|title=All India Media Association - India's Most Largest Social Media, Print Media, Electronic Media Association is operating by AIMAMEDIA FOUNDATION|website=AIMA Media|access-date=2026-04-23}}</ref>
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चाहर धर्मेंद्र
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शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#ल2|शीह ल2]])
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<nowiki>'''</nowiki>विनोद वर्मा<nowiki>'''</nowiki> (जन्म: बक्सर, बिहार) एक भारतीय पत्रकार और समाजसेवी हैं। वे रत्न एवं आभूषण उद्योग की प्रमुख पत्रिका 'आभूषण वर्ल्ड' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। इसके साथ ही वे AIMA मीडिया से जुड़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
कैरियर ==
विनोद वर्मा ने २०१७ में रत्न एवं आभूषण उद्योग पर आधारित पत्रिका 'आभूषण वर्ल्ड' की स्थापना की। इसके माध्यम से उन्होंने भारतीय शिल्पकारों को थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा। वे वर्तमान में AIMA मीडिया के लिए एक सक्रिय पत्रकार के रूप में भी कार्यरत हैं।
====== सामाजिक कार्य == ======
उन्होंने २०१३ की केदारनाथ आपदा के समय बक्सर में प्रार्थना सभाओं और राहत कार्यों का नेतृत्व किया। इसके अतिरिक्त, वे स्वर्णकार समाज के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करते रहे हैं l<ref>{{Cite web|url=https://aimamedia.org/|title=All India Media Association - India's Most Largest Social Media, Print Media, Electronic Media Association is operating by AIMAMEDIA FOUNDATION|website=AIMA Media|access-date=2026-04-23}}</ref>
*राष्ट्रीय सहारा,पटना, बक्सर संस्करण, 15 अप्रैल 2026*<ref>{{Cite web|url=https://aimamedia.org/|title=All India Media Association - India's Most Largest Social Media, Print Media, Electronic Media Association is operating by AIMAMEDIA FOUNDATION|website=AIMA Media|access-date=2026-04-23}}</ref>
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{{Short description|भारतीय पत्रकार}}
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| name = विनोद वर्मा
| birth_place = [[बक्सर]], [[बिहार]], भारत
| occupation = पत्रकार
| known_for = आभूषण वर्ल्ड के संस्थापक
}}
'''विनोद वर्मा''' एक भारतीय पत्रकार हैं, जो रत्न एवं आभूषण उद्योग से संबंधित पत्रिका ''आभूषण वर्ल्ड'' के संस्थापक और संपादक के रूप में जाने जाते हैं।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://cpj.org/data/people/vinod-verma/|title=Vinod Verma|website=Committee to Protect Journalists|language=en-US|access-date=2026-04-23}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/states/journalist-vinod-verma-walks-out-of-jail/article22320876.ece|title=Journalist Vinod Verma walks out of jail|date=2017-12-29|work=The Hindu|access-date=2026-04-23|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
== करियर ==
वर्मा ने वर्ष 2017 में ''आभूषण वर्ल्ड'' नामक पत्रिका की स्थापना की, जो रत्न एवं आभूषण उद्योग से संबंधित विषयों पर केंद्रित है। वे विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से आर्थिक और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।<ref name=":0" /><ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-41772886|title=Vinod Verma: Former BBC journalist arrested in India|date=2017-10-27|access-date=2026-04-23|language=en-GB}}</ref>
== सामाजिक कार्य ==
वर्मा सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। 2013 की [[केदारनाथ आपदा]] के दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर प्रार्थना सभाओं और राहत प्रयासों में भाग लिया। इसके अतिरिक्त, वे स्थानीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन के साथ संवाद करते रहे हैं।<ref name=":0" />
== सन्दर्भ ==
<ref>{{Cite news |title=समाचार रिपोर्ट |work=राष्ट्रीय सहारा |location=पटना/बक्सर |date=15 अप्रैल 2026}}</ref>
[[Category:भारतीय पत्रकार]]
[[Category:जीवित लोग]]
[[Category:बिहार के लोग]]
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{{Short description|भारतीय पत्रकार}}
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{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| name = विनोद वर्मा
| occupation = पत्रकार
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'''विनोद वर्मा''' एक भारतीय पत्रकार हैं, जो खोजी पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। वे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों के साथ कार्य कर चुके हैं।<ref name="cpj">{{Cite web |title=Vinod Verma |url=https://cpj.org/data/people/vinod-verma/ |website=Committee to Protect Journalists |access-date=2026-04-23}}</ref>
== करियर ==
वर्मा मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और समाचार रिपोर्टिंग तथा विश्लेषण से जुड़े रहे हैं। वे [[BBC]] सहित अन्य मीडिया संस्थानों से भी जुड़े रहे हैं।<ref name="bbc">{{Cite news |title=Vinod Verma: Former BBC journalist arrested in India |url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-41772886 |work=BBC News |date=2017-10-27 |access-date=2026-04-23}}</ref>
== विवाद ==
वर्ष 2017 में विनोद वर्मा को एक कथित सीडी मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया। इस घटना को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में व्यापक रूप से कवर किया गया।<ref>{{Cite news |title=Journalist Vinod Verma walks out of jail |url=https://www.thehindu.com/news/states/journalist-vinod-verma-walks-out-of-jail/article22320876.ece |work=The Hindu |date=2017-12-29 |access-date=2026-04-23}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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[[Category:भारतीय पत्रकार]]
[[Category:जीवित लोग]]
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मिकोला लुकाश
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Harvinder Chandigarh
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नया पृष्ठ: [[File:Микола Лукаш реверс.jpg|thumb|2019 के यूक्रेनी स्मारक सिक्के पर लुकाश]] '''मिकोला ओलेक्सियोविच लुकाश'''([[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]]: Микола Лукаш; 19 दिसम्बर 1919 – 29 अगस्त 1988) यूक्रेन के प्रसिद्...
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[[File:Микола Лукаш реверс.jpg|thumb|2019 के यूक्रेनी स्मारक सिक्के पर लुकाश]]
'''मिकोला ओलेक्सियोविच लुकाश'''([[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]]: Микола Лукаш; 19 दिसम्बर 1919 – 29 अगस्त 1988) यूक्रेन के प्रसिद्ध अनुवादक, साहित्यकार और भाषाविद् थे। उन्हें यूक्रेनी भाषा में विश्व साहित्य के उच्च-स्तरीय अनुवादों के लिए जाना जाता है। लुकाश को 20 से अधिक भाषाओं का ज्ञान था और उन्होंने अनेक क्लासिक कृतियों का यूक्रेनी में अनुवाद किया।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा==
मिकोला लुकाश का जन्म यूक्रेन के चेर्निहाइव क्षेत्र में एक शिक्षक परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें विदेशी भाषाओं में रुचि थी और वे उन्हें आसानी से सीख लेते थे। उन्होंने (तत्कालीन कीव स्टेट यूनिवर्सिटी) के इतिहास संकाय में अध्ययन शुरू किया, लेकिन [[विश्व युद्ध-2)के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो गई। बाद में उन्होंने 1943 से सोवियत सेना में सेवा की।
== करियर==
1947 में खार्किव के विदेशी भाषा संस्थान से स्नातक होने के बाद, लुकाश ने विदेशी भाषाओं के शिक्षक के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे यूक्रेनी साहित्यिक पत्रिका [[वसेस्विट]] में कविता विभाग के प्रमुख बने।
लुकाश असाधारण भाषाई प्रतिभा के धनी थे और विदेशी साहित्य का उनका ज्ञान अत्यंत व्यापक था। उन्हें यूक्रेन के सबसे उत्कृष्ट अनुवादकों में से एक माना जाता है। उन्होंने लगभग 20 भाषाओं से साहित्यिक कृतियों का अनुवाद किया।
== सामाजिक और राजनीतिक जीवन==
लुकाश [[यूक्रेन का राष्ट्रीय लेखक संघ]] (National Writers' Union of Ukraine ) के सदस्य थे और यूक्रेनी साहित्यिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाते थे। उन्होंने उन लेखकों का समर्थन किया जिन्हें सोवियत शासन द्वारा दमन का सामना करना पड़ रहा था।
विशेष रूप से, उन्होंने [[इवान द्ज़्यूबा]] (Ivan Dziuba) के समर्थन में आवाज उठाई, जिन्हें उनकी पुस्तक *[[अंतर्राष्ट्रीयवाद या रूसीकरण?]] (internationalism or Russification?) के कारण गिरफ्तार किया गया था। लुकाश ने इस निर्णय का विरोध किया और इसे अन्यायपूर्ण बताया।
== दमन और बाद का जीवन==
उनकी इस सक्रियता के कारण उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़े। 1973 में उन्हें राइटर्स यूनियन से निष्कासित कर दिया गया और उनकी रचनाओं का प्रकाशन रोक दिया गया। कई वर्षों तक वे निगरानी और उत्पीड़न के शिकार रहे।
1987 में [[प्रसतरोइका]] के दौरान उन्हें पुनः राइटर्स यूनियन में बहाल किया गया। 1988 में उन्हें [[मक्सिम रील्स्की]] (Maksym Rylsky ) साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
== निधन==
मिकोला लुकाश का निधन 29 अगस्त 1988 को हुआ। वे यूक्रेनी साहित्य और अनुवाद परंपरा के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में आज भी याद किए जाते हैं।
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AMAN KUMAR
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[[File:Микола Лукаш реверс.jpg|thumb|2019 के यूक्रेनी स्मारक सिक्के पर लुकाश]]
'''मिकोला ओलेक्सियोविच लुकाश'''([[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]]: Микола Лукаш; 19 दिसम्बर 1919 – 29 अगस्त 1988) यूक्रेन के प्रसिद्ध अनुवादक, साहित्यकार और भाषाविद् थे। उन्हें यूक्रेनी भाषा में विश्व साहित्य के उच्च-स्तरीय अनुवादों के लिए जाना जाता है। लुकाश को 20 से अधिक भाषाओं का ज्ञान था और उन्होंने अनेक क्लासिक कृतियों का यूक्रेनी में अनुवाद किया।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा==
मिकोला लुकाश का जन्म यूक्रेन के चेर्निहाइव क्षेत्र में एक शिक्षक परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें विदेशी भाषाओं में रुचि थी और वे उन्हें आसानी से सीख लेते थे। उन्होंने (तत्कालीन कीव स्टेट यूनिवर्सिटी) के इतिहास संकाय में अध्ययन शुरू किया, लेकिन [[विश्व युद्ध-2)के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो गई। बाद में उन्होंने 1943 से सोवियत सेना में सेवा की।
== करियर==
1947 में खार्किव के विदेशी भाषा संस्थान से स्नातक होने के बाद, लुकाश ने विदेशी भाषाओं के शिक्षक के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे यूक्रेनी साहित्यिक पत्रिका [[वसेस्विट]] में कविता विभाग के प्रमुख बने।
लुकाश असाधारण भाषाई प्रतिभा के धनी थे और विदेशी साहित्य का उनका ज्ञान अत्यंत व्यापक था। उन्हें यूक्रेन के सबसे उत्कृष्ट अनुवादकों में से एक माना जाता है। उन्होंने लगभग 20 भाषाओं से साहित्यिक कृतियों का अनुवाद किया।
== सामाजिक और राजनीतिक जीवन==
लुकाश [[यूक्रेन का राष्ट्रीय लेखक संघ]] (National Writers' Union of Ukraine ) के सदस्य थे और यूक्रेनी साहित्यिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाते थे। उन्होंने उन लेखकों का समर्थन किया जिन्हें सोवियत शासन द्वारा दमन का सामना करना पड़ रहा था।
विशेष रूप से, उन्होंने [[इवान द्ज़्यूबा]] (Ivan Dziuba) के समर्थन में आवाज उठाई, जिन्हें उनकी पुस्तक *[[अंतर्राष्ट्रीयवाद या रूसीकरण?]] (internationalism or Russification?) के कारण गिरफ्तार किया गया था। लुकाश ने इस निर्णय का विरोध किया और इसे अन्यायपूर्ण बताया।
== दमन और बाद का जीवन==
उनकी इस सक्रियता के कारण उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़े। 1973 में उन्हें राइटर्स यूनियन से निष्कासित कर दिया गया और उनकी रचनाओं का प्रकाशन रोक दिया गया। कई वर्षों तक वे निगरानी और उत्पीड़न के शिकार रहे।
1987 में [[प्रसतरोइका]] के दौरान उन्हें पुनः राइटर्स यूनियन में बहाल किया गया। 1988 में उन्हें [[मक्सिम रील्स्की]] (Maksym Rylsky ) साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
== निधन==
मिकोला लुकाश का निधन 29 अगस्त 1988 को हुआ। वे यूक्रेनी साहित्य और अनुवाद परंपरा के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में आज भी याद किए जाते हैं।
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Draft:श्रव्य-दृश्य अनुवाद
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श्रव्य-दृश्य अनुवाद (Audiovisual Translation)
== परिचय ==
श्रव्य दृश्य अनुवाद अनुवाद का एक आधुनिक और विकासशील क्षेत्र है। जिसमें ध्वनि और दृश्य दोनों माध्यमों के साथ प्रस्तुत सामग्री का एक भाषा से दूसरी भाषा में रूपांतरण किया जाता है। इसमें केवल शब्दों रूपांतरण मात्र नहीं होता बल्कि समान भाव, ध्वनि और सांस्कृतिक संदर्भों का भी ध्यान रखा जाता है।
आजकल 21 की सदी के दौर में जब डिजिटल युग का जमाना है देश विदेश की फिल्में, वेबसीरीज़, वीडियो आसानी से उपलब्ध है तब श्रव्य दृश्य अनुवाद का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
यवेस गैम्बियर के अनुसार, "वैश्वीकरण की दुनिया में श्रव्य-दृश्य अनुवाद संचार का एक प्रमुख माध्यम बन गया है।"
<ref>{{cite journal |last=Gambier |first=Yves |title=Challenges in research on audiovisual translation |year=2009 |journal=University of Turku |pages=1}}</ref>
== इतिहास और विकास ==
श्रव्य दृश्य अनुवाद का इतिहास सिनेमा के प्रारंभ से जुड़ा हुआ है। जब मूक फिल्में बनाई जाती थी तब उनमें संवाद को दिखाने के लिए लिखित कार्ड (intertitles) का प्रयोग किया जाता था।
बाद में जब ध्वनि तकनीक विकसित हुई तब फिल्मों में संवाद सुनाई देने लगे। इसके बाद डबिंग (Dubbing) और उपशीर्षक (subtitles) जैसे तरीकों का विकास हुआ।
वर्तमान समय में अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स के कारण श्रव्य दृश्य अनुवाद चर्चा का विषय बन रहा है। और इस उद्योग में हजारों की संख्या में अनुवादक काम कर रहे हैं।
== श्रव्य दृश्य अनुवाद के प्रकार ==
•उपशीर्षक (subtitles)
उपशीर्षक में फिल्म या वीडियो में दृश्य के नीचे संवादों को लिखित रूप में दर्शाया जाता है, जबकि मूल आवाज बनी रहती है।
यह सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला तरीका है क्योंकि इसमें लागत कम होती है और दर्शक मूल आवाज भी सुन सकते हैं। इसमें अनुवादक को यह ध्यान रखना पड़ता है कि टेक्स्ट छोटा, स्पष्ट और जल्दी पढ़ने लायक हो।
हेनरी गोटलीब के अनुसार "सिनेमा के शुरुआती दौर में यह एक 'आवश्यक बुराई' माना जाता था लेकिन आज यह अनुवाद अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।"
<ref>{{cite paper |last=Gottlieb |first=Henrik |title=Subtitling: A New University Discipline |year=1992 |publisher=Center for Translation Studies, University of Copenhagen |page=1}}</ref>
•डबिंग (Dubbing)
डबिंग में मूल भाषा की आवाज को हटाकर लक्ष्य भाषा की नई आवाज को जोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया तकनीकी रूप से थोड़ी जटिल है क्योंकि इसमें आवाज को पात्रों के होठों की गति (lip-sync) से मिलाना पड़ता है। इसका प्रयोग ज्यादातर फिल्म उद्योग में अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचने हेतु किया जाता है।
•वॉइस ओवर (voice-over)
इसमें मूल आवाज को पूरी तरह से हटाया नहीं जाता जबकि थोड़ा धीमा कर दिया जाता है जबकि उसके ऊपर अनुवादित आवाज सुनाई देती है। यह तकनीकी समाचार, इंटरव्यू आदि में प्रयुक्त होती है।
•क्लोज्ड कैप्शनिंग (closed-captioning)
यह तकनीक विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जिन्हें सुनने में कठिनाई होती है। इसमें सिर्फ संवाद ही नहीं बल्कि ध्वनि प्रभाव (संगीत, शोर आदि) भी लिखकर दिए जाते हैं।
== उपयोग और महत्व ==
श्रव्य दृश्य अनुवाद का प्रयोग कई क्षेत्रों में होता है।यथा:-
फिल्में और टेलीविजन,ओटीटी प्लेटफॉर्म्स,ऑनलाइन शिक्षा,वीडियोगेम आदि।
श्रव्य दृश्य अनुवाद का महत्व कई क्षेत्रों में है। इसके माध्यम से वैश्विक संचार में सहायता प्राप्त हुई है। अब किसी भी देश का निवासी अन्य देश की फिल्में, वेबसीरीज़ आदि देखकर उस देश की संस्कृति का परिचायक बन सकता है।
इसके अलावा इसके द्वारा पहले के जमाने में उसी भाषा में फिल्में वेबसीरीज़ बनने के कारण सीमित दर्शक ही उसे समझ पाते थे। अब आधुनिक ज़माने में मनोरंजन सर्वसुलभ हो गया है श्रव्य दृश्य अनुवाद के माध्यम से लोग किसी भी भाषा की सामग्री का अपनी भाषा में समझ लुत्फ उठा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से लोग नई भाषा सीख सकते हैं। नई भाषा के नए नए शब्द और उसका सही उच्चारण भी इसके माध्यम से पता चल जाता है। इस प्रकार यह शिक्षा के क्षेत्र में भी अत्यंत लाभकारी है।
== चुनौतियां ==
डियाज़ सिंटास बताते हैं "दृश्य और श्रव्य चैनलों के माध्यम से विभिन्न संकेतों (चित्र, ध्वनि, पाठ) का एक साथ होना अनुवादक के कार्य को विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बनाता है।"
<ref>{{cite book |last=Díaz Cintas |first=Jorge |title=Subtitling |year=2010 |publisher=John Benjamins |journal=Handbook of Translation Studies |volume=1 |pages=344-349}}</ref>
श्रव्य दृश्य अनुवाद की इस पूरी प्रक्रिया में अनुवादक को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जिसमें सीमित समय सीमा में सीमित शब्द चयन के कारण कुछ शब्दों को छोड़ देना, सांस्कृतिक भिन्नताओं का सही अनुवाद न कर पाना, lip-sync का मिलान सही से न हो पाना व अन्य तकनीकी सीमाएं निहित है।
== निष्कर्ष ==
श्रव्य-दृश्य अनुवाद वह माध्यम है जो अलग-अलग भाषाओं के लोगों को एक ही सामग्री से जोड़ता है और वैश्विक स्तर पर समझ बढ़ाता है। यह भाषा, दृश्य और ध्वनि के समन्वय के माध्यम से संचार को सरल बनाता है। इसकी चुनौतियों के बावजूद, यह आधुनिक डिजिटल युग की एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।
== संदर्भ ==
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श्रव्य-दृश्य अनुवाद (Audiovisual Translation)
== परिचय ==
श्रव्य दृश्य अनुवाद अनुवाद का एक आधुनिक और विकासशील क्षेत्र है। जिसमें ध्वनि और दृश्य दोनों माध्यमों के साथ प्रस्तुत सामग्री का एक भाषा से दूसरी भाषा में रूपांतरण किया जाता है। इसमें केवल शब्दों रूपांतरण मात्र नहीं होता बल्कि समान भाव, ध्वनि और सांस्कृतिक संदर्भों का भी ध्यान रखा जाता है।
आजकल 21 की सदी के दौर में जब डिजिटल युग का जमाना है देश विदेश की फिल्में, वेबसीरीज़, वीडियो आसानी से उपलब्ध है तब श्रव्य दृश्य अनुवाद का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
यवेस गैम्बियर के अनुसार, "वैश्वीकरण की दुनिया में श्रव्य-दृश्य अनुवाद संचार का एक प्रमुख माध्यम बन गया है।"<ref>{{Cite journal|last=Gambier|first=Yves|date=2009|title=Challenges in research on audiovisual translation|journal=University of Turku|pages=1}}</ref>
== इतिहास और विकास ==
श्रव्य दृश्य अनुवाद का इतिहास सिनेमा के प्रारंभ से जुड़ा हुआ है। जब मूक फिल्में बनाई जाती थी तब उनमें संवाद को दिखाने के लिए लिखित कार्ड (intertitles) का प्रयोग किया जाता था।
बाद में जब ध्वनि तकनीक विकसित हुई तब फिल्मों में संवाद सुनाई देने लगे। इसके बाद डबिंग (Dubbing) और उपशीर्षक (subtitles) जैसे तरीकों का विकास हुआ।
वर्तमान समय में अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स के कारण श्रव्य दृश्य अनुवाद चर्चा का विषय बन रहा है। और इस उद्योग में हजारों की संख्या में अनुवादक काम कर रहे हैं।
== श्रव्य दृश्य अनुवाद के प्रकार ==
•उपशीर्षक (subtitles)
उपशीर्षक में फिल्म या वीडियो में दृश्य के नीचे संवादों को लिखित रूप में दर्शाया जाता है, जबकि मूल आवाज बनी रहती है।
यह सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला तरीका है क्योंकि इसमें लागत कम होती है और दर्शक मूल आवाज भी सुन सकते हैं। इसमें अनुवादक को यह ध्यान रखना पड़ता है कि टेक्स्ट छोटा, स्पष्ट और जल्दी पढ़ने लायक हो।
हेनरी गोटलीब के अनुसार "सिनेमा के शुरुआती दौर में यह एक 'आवश्यक बुराई' माना जाता था लेकिन आज यह अनुवाद अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।"<ref>{{Cite journal|last=Gottlieb|first=Henrik|date=1992|title=Subtitling: A New University Discipline|journal=Center for Translation Studies, University of Copenhagen|pages=1}}</ref>
•डबिंग (Dubbing)
डबिंग में मूल भाषा की आवाज को हटाकर लक्ष्य भाषा की नई आवाज को जोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया तकनीकी रूप से थोड़ी जटिल है क्योंकि इसमें आवाज को पात्रों के होठों की गति (lip-sync) से मिलाना पड़ता है। इसका प्रयोग ज्यादातर फिल्म उद्योग में अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचने हेतु किया जाता है।
•वॉइस ओवर (voice-over)
इसमें मूल आवाज को पूरी तरह से हटाया नहीं जाता जबकि थोड़ा धीमा कर दिया जाता है जबकि उसके ऊपर अनुवादित आवाज सुनाई देती है। यह तकनीकी समाचार, इंटरव्यू आदि में प्रयुक्त होती है।
•क्लोज्ड कैप्शनिंग (closed-captioning)
यह तकनीक विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जिन्हें सुनने में कठिनाई होती है। इसमें सिर्फ संवाद ही नहीं बल्कि ध्वनि प्रभाव (संगीत, शोर आदि) भी लिखकर दिए जाते हैं।
== उपयोग और महत्व ==
श्रव्य दृश्य अनुवाद का प्रयोग कई क्षेत्रों में होता है।यथा:-
फिल्में और टेलीविजन,ओटीटी प्लेटफॉर्म्स,ऑनलाइन शिक्षा,वीडियोगेम आदि।
श्रव्य दृश्य अनुवाद का महत्व कई क्षेत्रों में है। इसके माध्यम से वैश्विक संचार में सहायता प्राप्त हुई है। अब किसी भी देश का निवासी अन्य देश की फिल्में, वेबसीरीज़ आदि देखकर उस देश की संस्कृति का परिचायक बन सकता है।
इसके अलावा इसके द्वारा पहले के जमाने में उसी भाषा में फिल्में वेबसीरीज़ बनने के कारण सीमित दर्शक ही उसे समझ पाते थे। अब आधुनिक ज़माने में मनोरंजन सर्वसुलभ हो गया है श्रव्य दृश्य अनुवाद के माध्यम से लोग किसी भी भाषा की सामग्री का अपनी भाषा में समझ लुत्फ उठा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से लोग नई भाषा सीख सकते हैं। नई भाषा के नए नए शब्द और उसका सही उच्चारण भी इसके माध्यम से पता चल जाता है। इस प्रकार यह शिक्षा के क्षेत्र में भी अत्यंत लाभकारी है।
== चुनौतियां ==
डियाज़ सिंटास बताते हैं "दृश्य और श्रव्य चैनलों के माध्यम से विभिन्न संकेतों (चित्र, ध्वनि, पाठ) का एक साथ होना अनुवादक के कार्य को विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बनाता है।"<ref>{{Cite book|title=Handbook of Translation Studies|last=Diaz Cintas|first=Jorge|publisher=John Benjamins|year=2010|pages=344-349}}</ref>
श्रव्य दृश्य अनुवाद की इस पूरी प्रक्रिया में अनुवादक को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जिसमें सीमित समय सीमा में सीमित शब्द चयन के कारण कुछ शब्दों को छोड़ देना, सांस्कृतिक भिन्नताओं का सही अनुवाद न कर पाना, lip-sync का मिलान सही से न हो पाना व अन्य तकनीकी सीमाएं निहित है।
== निष्कर्ष ==
श्रव्य-दृश्य अनुवाद वह माध्यम है जो अलग-अलग भाषाओं के लोगों को एक ही सामग्री से जोड़ता है और वैश्विक स्तर पर समझ बढ़ाता है। यह भाषा, दृश्य और ध्वनि के समन्वय के माध्यम से संचार को सरल बनाता है। इसकी चुनौतियों के बावजूद, यह आधुनिक डिजिटल युग की एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।
== संदर्भ ==
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श्रव्य-दृश्य अनुवाद (Audiovisual Translation)
== परिचय ==
श्रव्य-दृश्य अनुवाद अनुवाद का एक आधुनिक और विकासशील क्षेत्र है। जिसमें ध्वनि और दृश्य दोनों माध्यमों के साथ प्रस्तुत सामग्री का एक भाषा से दूसरी भाषा में रूपांतरण किया जाता है। इसमें केवल शब्दों रूपांतरण मात्र नहीं होता बल्कि समान भाव, ध्वनि और सांस्कृतिक संदर्भों का भी ध्यान रखा जाता है।
आजकल 21 की सदी के दौर में जब डिजिटल युग का जमाना है देश विदेश की फिल्में, वेबसीरीज़, वीडियो आसानी से उपलब्ध है तब श्रव्य-दृश्य अनुवाद का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
यवेस गैम्बियर के अनुसार, "वैश्वीकरण की दुनिया में श्रव्य-दृश्य अनुवाद संचार का एक प्रमुख माध्यम बन गया है।"<ref>{{Cite journal|last=Gambier|first=Yves|date=2009|title=Challenges in research on audiovisual translation|journal=University of Turku|pages=1}}</ref>
== इतिहास और विकास ==
श्रव्य-दृश्य अनुवाद का इतिहास सिनेमा के प्रारंभ से जुड़ा हुआ है। जब मूक फिल्में बनाई जाती थी तब उनमें संवाद को दिखाने के लिए लिखित कार्ड (intertitles) का प्रयोग किया जाता था।
बाद में जब ध्वनि तकनीक विकसित हुई तब फिल्मों में संवाद सुनाई देने लगे। इसके बाद डबिंग (Dubbing) और उपशीर्षक (subtitles) जैसे तरीकों का विकास हुआ।
वर्तमान समय में अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स के कारण श्रव्य दृश्य अनुवाद चर्चा का विषय बन रहा है। और इस उद्योग में हजारों की संख्या में अनुवादक काम कर रहे हैं।
== श्रव्य-दृश्य अनुवाद के प्रकार ==
•उपशीर्षक (subtitles)
उपशीर्षक में फिल्म या वीडियो में दृश्य के नीचे संवादों को लिखित रूप में दर्शाया जाता है, जबकि मूल आवाज बनी रहती है।
यह सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला तरीका है क्योंकि इसमें लागत कम होती है और दर्शक मूल आवाज भी सुन सकते हैं। इसमें अनुवादक को यह ध्यान रखना पड़ता है कि टेक्स्ट छोटा, स्पष्ट और जल्दी पढ़ने लायक हो।
हेनरी गोटलीब के अनुसार "सिनेमा के शुरुआती दौर में यह एक 'आवश्यक बुराई' माना जाता था लेकिन आज यह अनुवाद अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।"<ref>{{Cite journal|last=Gottlieb|first=Henrik|date=1992|title=Subtitling: A New University Discipline|journal=Center for Translation Studies, University of Copenhagen|pages=1}}</ref>
•डबिंग (Dubbing)
डबिंग में मूल भाषा की आवाज को हटाकर लक्ष्य भाषा की नई आवाज को जोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया तकनीकी रूप से थोड़ी जटिल है क्योंकि इसमें आवाज को पात्रों के होठों की गति (lip-sync) से मिलाना पड़ता है। इसका प्रयोग ज्यादातर फिल्म उद्योग में अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचने हेतु किया जाता है।
•वॉइस ओवर (voice-over)
इसमें मूल आवाज को पूरी तरह से हटाया नहीं जाता जबकि थोड़ा धीमा कर दिया जाता है जबकि उसके ऊपर अनुवादित आवाज सुनाई देती है। यह तकनीकी समाचार, इंटरव्यू आदि में प्रयुक्त होती है।
•क्लोज्ड कैप्शनिंग (closed-captioning)
यह तकनीक विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जिन्हें सुनने में कठिनाई होती है। इसमें सिर्फ संवाद ही नहीं बल्कि ध्वनि प्रभाव (संगीत, शोर आदि) भी लिखकर दिए जाते हैं।
== उपयोग और महत्व ==
श्रव्य-दृश्य अनुवाद का प्रयोग कई क्षेत्रों में होता है।यथा:- फिल्में और टेलीविजन,ओटीटी प्लेटफॉर्म्स,ऑनलाइन शिक्षा,वीडियोगेम आदि।
श्रव्य-दृश्य अनुवाद का महत्व कई क्षेत्रों में है। इसके माध्यम से वैश्विक संचार में सहायता प्राप्त हुई है। अब किसी भी देश का निवासी अन्य देश की फिल्में, वेबसीरीज़ आदि देखकर उस देश की संस्कृति का परिचायक बन सकता है।
इसके अलावा इसके द्वारा पहले के जमाने में उसी भाषा में फिल्में वेबसीरीज़ बनने के कारण सीमित दर्शक ही उसे समझ पाते थे। अब आधुनिक ज़माने में मनोरंजन सर्वसुलभ हो गया है श्रव्य-दृश्य अनुवाद के माध्यम से लोग किसी भी भाषा की सामग्री का अपनी भाषा में समझ लुत्फ उठा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से लोग नई भाषा सीख सकते हैं। नई भाषा के नए नए शब्द और उसका सही उच्चारण भी इसके माध्यम से पता चल जाता है। इस प्रकार यह शिक्षा के क्षेत्र में भी अत्यंत लाभकारी है।
== चुनौतियां ==
डियाज़ सिंटास बताते हैं "दृश्य और श्रव्य चैनलों के माध्यम से विभिन्न संकेतों (चित्र, ध्वनि, पाठ) का एक साथ होना अनुवादक के कार्य को विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बनाता है।"<ref>{{Cite book|title=Handbook of Translation Studies|last=Diaz Cintas|first=Jorge|publisher=John Benjamins|year=2010|pages=344-349}}</ref>
श्रव्य-दृश्य अनुवाद की इस पूरी प्रक्रिया में अनुवादक को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जिसमें सीमित समय सीमा में सीमित शब्द चयन के कारण कुछ शब्दों को छोड़ देना, सांस्कृतिक भिन्नताओं का सही अनुवाद न कर पाना, lip-sync का मिलान सही से न हो पाना व अन्य तकनीकी सीमाएं निहित है।
== निष्कर्ष ==
श्रव्य-दृश्य अनुवाद वह माध्यम है जो अलग-अलग भाषाओं के लोगों को एक ही सामग्री से जोड़ता है और वैश्विक स्तर पर समझ बढ़ाता है। यह भाषा, दृश्य और ध्वनि के समन्वय के माध्यम से संचार को सरल बनाता है। इसकी चुनौतियों के बावजूद, यह आधुनिक डिजिटल युग की एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।
== संदर्भ ==
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व्याचेस्लाव चोर्नोविल
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AMAN KUMAR
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{{Infobox officeholder
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<br/>[[यूक्रेन के हीरो]] (2000)
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}}
'''व्याचेस्लाव मक्सिमोविच चोर्नोविल''' ({{lang-uk|В'ячеслав Максимович Чорновіл}}; 24 दिसंबर 1937 – 25 मार्च 1999) एक यूक्रेनी [[सोवियत असंतुष्ट]], स्वतंत्रता कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थे। वे 1989 से लेकर 1999 में अपने निधन तक [[यूक्रेन का जन आन्दोलन]] नामक राजनीतिक दल के नेता रहे। मानवाधिकारों के क्षेत्र में अपनी सक्रियता के कारण उन्होंने सोवियत सरकार के अधीन कुल पंद्रह वर्ष कारावास या निर्वासन में बिताए।
वर्ष 1990 से 1999 तक [[यूक्रेन के जन प्रतिनिधि]] के रूप में कार्य करने वाले चोर्नोविल, यूक्रेन में सार्वजनिक पद धारण करने वाले पहले और सबसे प्रमुख कम्युनिस्ट-विरोधी नेताओं में से एक थे। उन्होंने [[यूक्रेन के राष्ट्रपति|यूक्रेन के राष्ट्रपति पद]] के लिए दो बार चुनाव लड़ा। वर्ष [[1991 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव|1991]] में अपने पहले प्रयास में वे [[लियोनिद क्रावचुक]] से हार गए थे, जबकि [[1999 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव|1999]] के चुनाव अभियान के दौरान एक कार दुर्घटना में विवादित परिस्थितियों में उनका निधन हो गया।
चोर्नोविल का जन्म तत्कालीन [[सोवियत संघ]] के अधीन मध्य यूक्रेन के [[येर्की]] गाँव में हुआ था। विश्वविद्यालय के दिनों से ही [[कोम्सोमोल]] के सदस्य रहे चोर्नोविल, प्रति-सांस्कृतिक [[सिक्सटियर्स]] आंदोलन से जुड़ गए थे। साम्यवाद के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण अंततः उन्हें कोम्सोमोल से निष्कासित कर दिया गया। 1965-1966 के सोवियत दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए बुद्धिजीवियों के प्रति हुए दुर्व्यवहार की जांच करने वाले उनके ''[[समिज्दात]]'' कार्यों ने उन्हें पश्चिमी देशों में भारी प्रशंसा दिलाई, लेकिन इसी के परिणामस्वरूप उन्हें [[याकूतिया]] में तीन साल के कारावास की सजा भी सुनाई गई। रिहाई के बाद, वे पुनः ''समिज्दात'' कार्यों में सक्रिय हो गए और उन्होंने ''[[द यूक्रेनी हेराल्ड (1970–1972, 1987–1989)|द यूक्रेनी हेराल्ड]]'' का प्रकाशन शुरू किया, जिसे आधुनिक यूक्रेनी स्वतंत्र प्रेस का अग्रदूत माना जाता है।
वर्ष 1972 में, बुद्धिजीवियों के दमन के एक अन्य चक्र में चोर्नोविल को फिर से बंदी बना लिया गया, और उन्हें 1985 तक यूक्रेन लौटने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने अपना यह अधिकांश समय कारावास में ही व्यतीत किया। जेल में रहने के दौरान, उनके साथी असंतुष्ट [[मिखाइल खेइफेट्स]] ने यूक्रेनी [[राजनीतिक कैदी|राजनीतिक कैदियों]] का नेतृत्व करने के कारण चोर्नोविल को "ज़ेकों (कैदियों) का जनरल" कहकर पुकारा था, और [[एमनेस्टी इंटरनेशनल]] ने भी उन्हें 'अंतरात्मा का बंदी' घोषित किया था।
उनकी रिहाई तब संभव हो सकी जब सोवियत सरकार ने ''[[पेरेस्त्रोइका]]'' नीति के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी। चोर्नोविल ने यूक्रेन में कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ राजनीतिक विपक्ष तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप [[यूक्रेन का जन आन्दोलन]] पार्टी की स्थापना हुई और एक ऐसी लोकप्रिय क्रांति का जन्म हुआ जिसने साम्यवाद को जड़ से उखाड़ फेंका। इस क्रांति के बीच, चोर्नोविल ने [[यूक्रेन की संसद|यूक्रेन की संसद (Verkhovna Rada)]] के सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे [[1991 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव]] में दो मुख्य उम्मीदवारों में से एक थे, यद्यपि वे पूर्व कम्युनिस्ट नेता [[लियोनिद क्रावचुक]] से पराजित हो गए थे। चोर्नोविल ने [[यूरोपीय संघ]] में यूक्रेन की सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया और [[यूक्रेनी कुलीन वर्ग|यूक्रेनी कुलीन वर्गों]] के बढ़ते प्रभुत्व का कड़ा विरोध किया।
अपने जीवनकाल में चोर्नोविल एक अत्यंत विवादास्पद व्यक्ति माने जाते थे, और उनके जीवन के अंतिम महीनों में 'रूख' पार्टी के भीतर भारी गुटबाजी हावी रही। [[1999 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव]] के दौरान एक कार दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जहाँ वे तत्कालीन राष्ट्रपति [[लियोनिद कुचमा]] के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी थे। उनकी मृत्यु ने कई षड्यंत्र के सिद्धांतों (Conspiracy theories) को जन्म दिया और वर्षों तक इसकी जांच और मुकदमे चलते रहे, जिन्होंने न तो [[हत्या]] की संभावना की पूरी तरह पुष्टि की और न ही इसे सिरे से खारिज किया। वे वर्तमान यूक्रेन में एक बेहद लोकप्रिय ऐतिहासिक व्यक्ति हैं; उन्हें दो बार यूक्रेन के शीर्ष दस सबसे लोकप्रिय व्यक्तियों की सूची में स्थान दिया गया है और उन्हें देश के लोकतंत्र, मानवाधिकार सक्रियता तथा यूरोप-समर्थक विचारधारा (Pro-Europeanism) का प्रतीक माना जाता है।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
[[File:71-212-0076 SAM 9126 Vilkhovets.jpg|alt=पेड़ों से घिरे एक सफेद और हरे रंग के घर की तस्वीर|thumb|left|[[विल्खोवेट्स, चर्कासी ओब्लास्ट|विल्खोवेट्स]] में चोर्नोविल के बचपन का घर]]
व्याचेस्लाव मक्सिमोविच चोर्नोविल का जन्म 24 दिसंबर 1937 को तत्कालीन [[यूक्रेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य]] के [[येर्की]] गाँव में शिक्षकों के एक परिवार में हुआ था।{{sfn|LIGA.net 2009}} उनके पिता, मक्सिम इओसिपोविच चोर्नोविल, [[कोसैक]] कुलीन वर्ग के वंशज थे, जबकि उनकी माता कुलीन [[तेरेशचेंको परिवार]] से संबंध रखती थीं।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} 'ग्रेट पर्ज' (Great Purge) के दौरान जन्मे और पले-बढ़े व्याचेस्लाव के बचपन पर सोवियत दमन की गहरी छाप थी; उनके चाचा, पेत्रो इओसिपोविच को मृत्युदंड दे दिया गया था, जबकि उनके पिता यूक्रेन में कानून की नजरों से छिपकर एक भगोड़े (Fugitive) का जीवन जी रहे थे।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} [[द्वितीय विश्व युद्ध]] और [[यूक्रेन पर जर्मन कब्जा|यूक्रेन पर जर्मन कब्जे]] के दौरान चोर्नोविल का परिवार [[हुसाकोव]] गाँव में रहा, जहाँ व्याचेस्लाव ने अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने बाद में अपनी आत्मकथा में यह दावा किया कि सोवियत संघ द्वारा हुसाकोव पर दोबारा कब्ज़ा किए जाने के बाद, उनके परिवार को गाँव से निकाल दिया गया था। इसके बाद वे [[विल्खोवेट्स, चर्कासी ओब्लास्ट|विल्खोवेट्स]] में रहने लगे (जहाँ वे हुसाकोव से पहले भी रहते थे), और वहीं से व्याचेस्लाव ने 1955 में स्वर्ण पदक के साथ अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की।{{sfn|Chornovil, autobiography}} उनके अशांत बचपन को देखते हुए, चोर्नोविल के माता-पिता ने उन्हें यूक्रेनी राष्ट्रवाद के बारे में बताने से परहेज किया। इसके बजाय उनका पालन-पोषण कम्युनिस्ट विचारधारा की शिक्षाओं के साथ किया गया{{sfn|Derevinskyi 2017a|p=1}} और उन्हें लोगों के बीच मित्रता तथा सर्वहारा अंतर्राष्ट्रीयवाद जैसे आदर्श सिखाए गए।{{sfn|Matiash|2017|p=6}}
उसी वर्ष चोर्नोविल ने कीव के [[तरास शेवचेंको राष्ट्रीय विश्वविद्यालय कीव|तरास शेवचेंको विश्वविद्यालय]] में दाखिला लिया, जहाँ वे पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान वे [[सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी]] (CPSU) की युवा शाखा, [[कोम्सोमोल]] में भी शामिल हो गए। कीव की रूसी-भाषी आबादी द्वारा यूक्रेनी भाषा बोलने वालों के प्रति दिखाई जाने वाली नकारात्मक प्रतिक्रिया ने उन्हें भीतर से असंतुष्ट कर दिया और एक यूक्रेनी के रूप में उनकी चेतना को जागृत किया।{{sfn|Ivanova|2024}} उस समय के अन्य युवा सोवियत कार्यकर्ताओं की भाँति, चोर्नोविल भी 1956 में सी॰पी॰एस॰यू॰ की 20वीं कांग्रेस से अत्यधिक प्रभावित हुए थे, जिसमें [[निकिता ख्रुश्चेव]] ने [[जोसेफ स्टालिन]] के शासन की कड़ी निंदा करते हुए भाषण दिया था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=50}}
1957 में उनके गैर-अनुरूपतावादी (Non-conformist) विचारों ने उन्हें संकाय के समाचार पत्र के साथ विवाद में ला खड़ा किया, जिसने "अमानक सोच" रखने के लिए उनकी निंदा की।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} नतीजतन, उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी और [[डोनबास]] शहर [[मारियुपोल|ज़दानोव]] (जिसे आज मारियुपोल के नाम से जाना जाता है) में एक ब्लास्ट फर्नेस के निर्माण कार्य में लगा दिया गया।{{sfn|Chornovil, autobiography}} वहाँ उन्होंने ''कीव कोम्सोमोलेट्स'' समाचार पत्र के लिए एक भ्रमणशील संपादक के रूप में भी काम किया। एक वर्ष पश्चात, वे अपनी पढ़ाई पर लौट आए और 1960 में सम्मान के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} उनका डिप्लोमा शोध प्रबंध 19वीं और 20वीं सदी की शुरुआत के प्रमुख यूक्रेनी लेखक और स्वतंत्रता कार्यकर्ता [[बोरिस ह्रीन्चेंको]] के कार्यों पर आधारित था।{{sfn|LB.ua 2015}} उसी वर्ष, उन्होंने अपनी पहली पत्नी, इरीना ब्रुनेवेट्स से विवाह कर लिया। 1962 में उनके तलाक से पूर्व, उनका एक बेटा हुआ, जिसका नाम [[एंड्री चोर्नोविल|एंड्री]] था।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
== पत्रकारिता और पार्टी का करियर ==
स्नातक होने के बाद, जुलाई 1960 में चोर्नोविल ल्वीव टेलीविज़न (अब [[सुस्पिल्ने ल्वीव]]) में एक संपादक बन गए (जहाँ वे पहले उसी वर्ष जनवरी से सहायक के रूप में काम कर चुके थे)। उन्होंने चैनल के युवा कार्यक्रमों के लिए पटकथाएँ लिखीं।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=106}} इस अवधि में, चोर्नोविल ने साहित्यिक आलोचना पर भी काम किया, जिसमें मुख्य रूप से ह्रीन्चेंको, [[तरास शेवचेंको]] और [[वलोडिमिर सामिलेंको]] की कृतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।{{sfn|Shvydkyi|2013}} इनमें से कुछ रचनाएँ टीवी पर भी प्रसारित हुईं; उदाहरण के लिए, 1962 में उन्होंने [[मिखाइलो स्टेल्माख]], [[वासिल चुमाक]] और 'यंग म्यूज' समूह पर विशेष फीचर प्रसारित किए।{{sfn|Seko|2020|p=135}} संभवतः इसी दौरान उनकी मुलाकात ज़ेनोविय क्रासिव्स्की से हुई, जो [[ल्वीव विश्वविद्यालय]] में टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे थे। चोर्नोविल की ही तरह, क्रासिव्स्की भी बाद में असंतुष्ट आंदोलन के एक बड़े नेता बने।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=106}}
[[File:Київська ГЕС.jpg|alt=एक बड़े जलविद्युत ऊर्जा संयंत्र की हवाई तस्वीर|thumb|[[कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट]], जहाँ चोर्नोविल ने 1963 से 1964 तक कोम्सोमोल सचिव के रूप में काम किया]]
मई 1963 में चोर्नोविल ने ल्वीव टेलीविज़न की अपनी नौकरी छोड़ दी और कीव लौट आए, ताकि वे अपना 'कैंडिडेट ऑफ साइंसेज' का शोध प्रबंध पूरा कर सकें।{{sfn|Derevinskyi 2017a|pp=1–2}} वहां, उन्होंने पास के विशहोरोद में कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट के निर्माण के लिए कोम्सोमोल सचिव के रूप में कार्य किया।{{sfn|Shvydkyi|2013}} उन्होंने कीव स्थित समाचार पत्रों ''यंग गार्ड'' और ''सेकंड रीडिंग'' के लिए एक संपादक के रूप में भी एक साथ काम किया,{{sfn|Chornovil, autobiography}} और वे 'आर्टिस्टिक यूथ्स क्लब' का हिस्सा बन गए, जो प्रति-सांस्कृतिक सिक्सटियर्स आंदोलन से जुड़े बुद्धिजीवियों का एक अनौपचारिक समूह था।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=107}} जून 1963 में, चोर्नोविल ने अपनी दूसरी पत्नी, [[ओलेना एंटोनिव]] से विवाह किया, और 1964 में उनके दूसरे बेटे, [[तरास चोर्नोविल|तरास]] का जन्म हुआ।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} चोर्नोविल ने 1964 में कीव शैक्षणिक संस्थान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। हालाँकि, उनकी राजनीतिक गतिविधियों (जिसमें आर्टिस्टिक यूथ्स क्लब में उनकी संलिप्तता भी शामिल थी) के कारण उन्हें 'डॉक्टर ऑफ साइंसेज' की डिग्री हासिल करने के अधिकार से वंचित कर दिया गया।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
9 मार्च 1964 को, सोवियत संघ ने यूक्रेन के राष्ट्रीय कवि तरास शेवचेंको की 150वीं वर्षगांठ मनाई। शेवचेंको पर सी॰पी॰एस॰यू॰ का आधिकारिक रुख, विशेष रूप से 'शेवचेंको दिवस' के दौरान, दास-प्रथा (Serfdom) विरोधी गतिविधियों में कवि की भूमिका और ज़ारिस्ट निरंकुशता (Tsarist autocracy) के प्रति उनके कड़े प्रतिरोध पर ज़ोर देता था। कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट के श्रमिकों को संबोधित करते हुए अपने भाषण में, चोर्नोविल ने निर्धारित कम्युनिस्ट व्याख्याओं से हटकर शेवचेंको को एक विशिष्ट रूप से यूक्रेनी नायक के रूप में प्रस्तुत किया। चोर्नोविल ने श्रोताओं से कवि के मुख्य कार्यों के संग्रह, ''कोबज़ार'' (Kobzar) को "अपनी अपमानित और तिरस्कृत मातृभूमि के लिए कांपते हुए प्रेम" की अभिव्यक्ति के रूप में व्याख्यायित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि शेवचेंको के कार्यों से यह सिद्ध होता है कि "मनुष्य द्वारा मनुष्य के उत्पीड़न पर, मानवीय गरिमा और अविच्छेद्य मानवाधिकारों की अवमानना पर, स्वतंत्र व मानवीय विचारों के दमन पर, और एक राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र के उत्पीड़न पर टिकी हर व्यवस्था, चाहे वह किसी भी नए आवरण में क्यों न छिप जाए [...] मानव स्वभाव के घोर विरुद्ध है, और इसे नष्ट किया जाना चाहिए।"{{sfn|Seko|2020|pp=123–125}} इतिहासकार यारोस्लाव सेको इस भाषण को सिक्सटियर्स आंदोलन के एक विशिष्ट उदाहरण के रूप में देखते हैं, यद्यपि उनका यह भी मानना है कि उस समय ''इंटरनेशनलिज्म और रसिफिकेशन?'' के लेखक इवान डज़िउबा, और साथी असंतुष्ट येवहेन स्वेर्स्टिउक का प्रभाव कहीं अधिक व्यापक था।{{sfn|Seko|2020|pp=128–129}}
8 अगस्त 1965 को, शेषोरी गाँव में शेवचेंको के एक स्मारक के उद्घाटन के अवसर पर, चोर्नोविल ने घोर कम्युनिस्ट-विरोधी स्वर के साथ एक प्रखर भाषण दिया। परिणामस्वरूप, उन्हें उनकी कोम्सोमोल की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। अपनी बर्खास्तगी के बाद, चोर्नोविल ने अपनी बेगुनाही साबित करने के एक असफल प्रयास में कोम्सोमोल के नेतृत्व को कई पत्र भी लिखे।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
== असंतुष्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता ==
=== 1965–1966 का दमन और उसके परिणाम ===
वर्ष 1965 में सिक्सटियर बुद्धिजीवियों की सामूहिक गिरफ्तारियों का एक नया सिलसिला शुरू हुआ क्योंकि अपेक्षाकृत उदार माने जाने वाले निकिता ख्रुश्चेव को हटाकर लियोनिद ब्रेझनेव को नियुक्त कर दिया गया था। इन गिरफ्तारियों के विरोध में, चोर्नोविल, डज़िउबा और छात्र वासिल स्टस ने कीव सिनेमा के भीतर एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसने सर्गेई पारजानोव की फिल्म 'शैडोज़ ऑफ़ फॉरगॉटन एंसेस्टर्स' के 4 सितंबर के प्रीमियर को बाधित कर दिया। चोर्नोविल ने जोर से चिल्लाकर कहा: "जो भी इस अत्याचार के विरुद्ध है, वह अपने स्थान पर खड़ा हो जाए!"
चोर्नोविल और डज़िउबा के इस घटना के संस्मरण काफी भिन्न रहे हैं। डज़िउबा ने बाद में यह दावा किया कि उन्हें याद नहीं कि चोर्नोविल वहाँ उपस्थित थे या उन्हें उस घटना की पूर्व जानकारी थी। दूसरी ओर, चोर्नोविल ने कहा कि वे और डज़िउबा स्वतंत्र रूप से इसी निष्कर्ष पर पहुँचे थे कि दमन के खिलाफ एक सार्वजनिक विरोध नितांत आवश्यक था, और जब डज़िउबा का भाषण दर्शकों के शोर में दब गया, तो चोर्नोविल ने वह वाक्य चिल्लाकर विरोध को जारी रखा। सेको डज़िउबा के अधिक सतर्क और सूचनात्मक भाषण की तुलना चोर्नोविल के अधिक उग्र और टकराव वाले दृष्टिकोण से करते हैं।{{sfn|Seko|2014|pp=128–130}}
उसी वर्ष 30 सितंबर को, चोर्नोविल के ल्वीव स्थित फ्लैट की सोवियत सुरक्षा एजेंसी, के॰जी॰बी॰ द्वारा तलाशी ली गई। वहाँ से साहित्य के 190 अंश जब्त किए गए, जिनमें 'गैलिसियन-वोलहिनियन क्रॉनिकल', 'बुक्स ऑफ द जेनेसिस ऑफ द यूक्रेनी पीपल', पांटेलीमोन कुलिश, वलोडिमिर एंटोनोविच, वलोडिमिर हनतियुक, दिमित्रो डोरोशेंको, इवान कृपियाकेविच और वलोडिमिर विन्नीचेंको के मोनोग्राफ व लेख, साथ ही पोलिश-लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल, प्रथम विश्व युद्ध और यूक्रेनी स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ी पुस्तकें शामिल थीं। के॰जी॰बी॰ द्वारा उनके फ्लैट पर 3 अगस्त 1967 और 12 जनवरी 1972 को की गई दो अन्य छापेमारी में भी साहित्य की जब्ती हुई, हालांकि ये दोनों सितंबर 1965 की छापेमारी की तुलना में आकार में बहुत छोटी थीं।{{sfn|Ostrovskyi 2018b|p=119}}
उसी वर्ष कुछ समय पश्चात, दमन जारी रहने के कारण, चोर्नोविल को सिक्सटियर्स मिखाइलो ओसादची, बोहदान होरिन और मिखाइलो होरिन, तथा मायरोस्लावा ज़वारीचेवस्का के मुकदमों में साक्ष्य देने के लिए बुलाया गया। चोर्नोविल ने स्पष्ट रूप से गवाही देने से इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 'सेकंड रीडिंग' में उनके संपादक पद से हटा दिया गया। उन्होंने ''[[समिज्दात]]'' की ओर रुख किया और मई 1966 में अपनी रचना 'कोर्ट ऑफ लॉ ऑर ए रिटर्न ऑफ द टेरर?' प्रकाशित की, जिसने सिक्सटियर्स को दी गई सजा की वैधता और संवैधानिकता पर गंभीर सवाल उठाए।{{sfn|Derevinskyi|2007|p=38}} 8 जुलाई को यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 179 के तहत मुकदमों में गवाही देने से इनकार करने का उन पर आरोप लगाया गया, और वेतन में 20% की कटौती के साथ उन्हें तीन महीने के कठोर श्रम (Hard labour) की सजा सुनाई गई। इस अवधि में, उन्होंने कार्पेथियन पर्वत में यूक्रेन की विज्ञान अकादमी के अभियानों में एक तकनीशियन के रूप में, 'कीवकनीहतोर्ह' के लिए एक विज्ञापनदाता के रूप में, और प्रकृति संरक्षण के लिए ल्वीव क्षेत्रीय केंद्र में एक शिक्षक के रूप में विभिन्न कार्य किए।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
1967 में चोर्नोविल ने ''समिज्दात'' की अपनी दूसरी महत्वपूर्ण कृति प्रकाशित की। 'वूम फ्रॉम विट: पोर्ट्रेट्स ऑफ ट्वेंटी "क्रिमिनल्स"' के नाम से विख्यात इस कृति में 1965–1966 के दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी और उनकी गिरफ्तारी के दौरान सोवियत अधिकारियों द्वारा किए गए घोर कानून उल्लंघनों का पूरा विवरण शामिल था। चोर्नोविल ने इस कृति की प्रतियां यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति, यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ के के॰जी॰बी॰, यूक्रेन के राइटर्स यूनियन और यूक्रेन के कलाकारों के संघ को भी भेजीं। 21 अक्टूबर 1967 को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा समर्थित 'रेडियो लिबर्टी' के एक प्रसारण के दौरान इसे पढ़ा गया, और वर्ष के अंत तक इसे व्यावसायिक रूप से मुद्रित भी कर दिया गया था।{{sfn|Shvydkyi|2013}} चोर्नोविल का यह ''समिज्दात'' 1969 में पश्चिमी देशों में 'द चोर्नोविल पेपर्स' शीर्षक के तहत प्रकाशित हुआ, जिसने ऐसे समय में इस दमन की ओर पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया जब वैश्विक जनचेतना मुख्य रूप से सिन्याव्स्की-डैनियल परीक्षण पर केंद्रित थी।{{sfn|Bociurkiw|1970|p=343}} चोर्नोविल के इस साहसिक कार्य ने उन्हें उस समय यूक्रेनी कार्यकर्ताओं के बीच अग्रणी हस्तियों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया।{{sfn|Matiash|2017|p=11}} ''वूम फ्रॉम विट'' के अतिरिक्त, चोर्नोविल ने गिरफ्तारियों के दौरान जांचकर्ताओं द्वारा किए गए कानूनी उल्लंघनों के संबंध में यूक्रेनी के॰जी॰बी॰ के प्रमुख और यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ के अभियोजक जनरल को औपचारिक शिकायतें भी लिखीं।
5 मई 1967 को, उन्हें ल्वीव ओब्लास्ट के उप अभियोजक जनरल ई॰ स्तारिकोव के कार्यालय में तलब किया गया, जिन्होंने उन्हें यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 187-1 के अस्तित्व से अवगत कराया। यह कानून, जो सोवियत व्यवस्था या सरकार की निंदा करने पर पूरी तरह रोक लगाता था, अस्तित्व में तो था लेकिन आधिकारिक पुस्तकों में दर्ज नहीं था। इसलिए केवल उस बैठक के दौरान ही चोर्नोविल को आधिकारिक तौर पर यह ज्ञात हो सका कि उन्होंने शायद कुछ अवैध कार्य किया था। उस समय तक, के॰जी॰बी॰ की नजरों में उनकी छवि एक उपद्रवी की बन चुकी थी।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
=== याकूतिया में निर्वासन ===
[[File:Якутия.png|alt=याकूत स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य का एक स्थलाकृतिक मानचित्र|thumb|अगस्त 1967 की अपनी गिरफ्तारी के बाद चोर्नोविल को [[याकूतिया|याकूत ए॰एस॰एस॰आर॰]] (चित्रित मानचित्र) भेज दिया गया था]]
''वूम फ्रॉम विट'' के प्रकाशन के प्रत्युत्तर में अगस्त 1967 में चोर्नोविल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर अनुच्छेद 187-1 के तहत आरोप तय किए गए।{{sfn|Melnykova-Kurhanova|2019|p=79}} उनके फ्लैट की एक और तलाशी ली गई जिसके परिणामस्वरूप ''वूम फ्रॉम विट'' की एक प्रति के साथ-साथ वैलेन्टिन मोरोज़ की ''समिज्दात'' पुस्तिका ''रिपोर्ट फ्रॉम द बेरिया रिज़र्व'' भी जब्त कर ली गई, जो उनके खिलाफ मानहानि के आरोपों का मुख्य आधार बनी। चोर्नोविल ने पूछताछ के दौरान मौखिक के बजाय अपनी लिखित गवाही देने का विकल्प चुना, क्योंकि उस समय मौखिक पूछताछ के दौरान तर्कों को विकृत और हेरफेर किए जाने का भारी जोखिम था। चोर्नोविल ने अपनी बेगुनाही, साथ ही दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए अन्य सभी लोगों की बेगुनाही का पुरजोर तर्क देते हुए लिखा:{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
{{उद्धरण|अगस्त और सितंबर 1965 में कीव, ल्वीव और यूक्रेन के अन्य शहरों में यूक्रेनी बुद्धिजीवियों के कई प्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया गया था। उन पर सोवियत विरोधी प्रचार का आरोप मढ़ा गया था, और उनमें से अधिकांश को 1965 में बंद अदालती प्रक्रियाओं में दोषी ठहराया गया था। मैं व्यक्तिगत रूप से गिरफ्तार और दोषी ठहराए गए ऐसे कई लोगों को जानता था; मैंने कभी उनके कार्यों और शब्दों में कुछ भी सोवियत विरोधी नहीं देखा, बल्कि इसके विपरीत, मैंने यूक्रेनी संस्कृति, यूक्रेनी भाषा की स्थिति, सामान्य समाजवादी कानून और उस समाजवादी लोकतंत्र की बहाली के लिए उनके भीतर एक सच्ची चिंता देखी, जिसे स्टालिन और बेरिया के अत्याचार के क्रूर वर्षों के दौरान रौंद दिया गया था। इनमें से कुछ भी सी॰पी॰एस॰यू॰ की 20वीं कांग्रेस से भिन्न नहीं है। बाद में, एक शिक्षक और यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी की ल्वीव केंद्रीय समिति के एक पूर्व प्रशिक्षक के मामले में गवाह के रूप में पूछताछ और तलाशी का सामना करने वाले एम॰ ओसादची इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि के॰जी॰बी॰ निकायों ने, जिन्होंने जांच की थी, प्रक्रियात्मक मानदंडों के घोर उल्लंघनों की अनुमति दी थी, और जांच को पूर्वनिर्धारित योग्यताओं के अनुरूप ढाल दिया था।}}
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया, और उनकी शिकायतों पर सोवियत अधिकारियों की ओर से किसी भी कार्रवाई की कमी ने, सोवियत प्रणाली में उनके विश्वास को काफी हद तक समाप्त कर दिया था। हालाँकि, उन्होंने इस बात पर जोर देना जारी रखा कि सोवियत सरकार के प्रति उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं थी, बल्कि उन्होंने यह आरोप लगाया कि उन्हें कुछ ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा था जो अवैध रूप से उन्हें देश की वास्तविक स्थिति के बारे में उच्च पदस्थ अधिकारियों को सूचित करने से रोकना चाहते थे।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} इन तर्कों के बावजूद 13 नवंबर 1967 को चोर्नोविल को दोषी ठहराया गया और उन्हें तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई।{{sfn|Melnykova-Kurhanova|2019|p=79}} इस अवधि के दौरान, उन्हें याकूत स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य के चप्पनदा गाँव में रखा गया था।{{sfn|Matiash|2017|p=29}}
[[File:Атена Пашко на Донбасі1.jpg|alt=कैप्शन देखें|thumb|[[एटेना पाश्को]], चोर्नोविल की तीसरी और अंतिम पत्नी]]
1969 में, चोर्नोविल ने साथी कार्यकर्ता एटेना पाश्को से विवाह किया, जिनसे वे एक अन्य असंतुष्ट इवान स्वितलीचनी के घर पर पहली बार मिले थे। उन दोनों ने याकूतिया के निउर्बा शहर में औपचारिक रूप से विवाह संपन्न किया।{{sfn|Matiash|2017|p=29}}
=== गिरफ्तारियों के बीच का जीवन (1969–1972) ===
1969 में एक [[आम माफी]] के तहत चोर्नोविल को जेल से रिहा कर दिया गया था। रिहाई के बाद उन्हें एक स्थिर नौकरी खोजने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ा; उन्होंने ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट में एक मौसम केंद्र पर, ओडेसा ओब्लास्ट के एक पुरातात्विक अभियान के दौरान एक उत्खननकर्ता के रूप में, और स्क्निलिव रेलवे स्टेशन पर एक सामान्य कर्मचारी के रूप में विभिन्न कार्य किए।{{sfn|Matiash|2017|p=13}} सितंबर 1969 में, वे वैलेन्टिन मोरोज़ से भी मिले, जो एक अन्य प्रमुख असंतुष्ट थे जिन्हें 1965-1966 के दमन के दौरान कैद किया गया था। उन दोनों ने जल्दी ही गहरी मित्रता कर ली और वे अक्सर एक-दूसरे से मिलते-जुलते रहते थे, क्योंकि वे दोनों असंतुष्ट आंदोलन को मजबूत करने और सरकारी दुर्व्यवहारों का अधिक दृढ़ता से सामना करने का प्रयास कर रहे थे। इस समयावधि के दौरान, चोर्नोविल ने, स्वितलीचनी और स्वेर्स्टिउक के साथ मिलकर, मोरोज़ (जो अपने आपराधिक रिकॉर्ड के कारण कोई भी रोजगार खोजने में असमर्थ थे) को घोर गरीबी में जाने से रोकने के लिए एक दान अभियान का भी सफल नेतृत्व किया। इस अभियान ने 3,500 सोवियत रूबल एकत्र किए।{{sfn|Paska|2018|p=135}} उन्होंने अन्य पूर्व-कैद असंतुष्टों, जैसे कि शिवतोस्लाव कारावन्स्की और नीना स्ट्रोकाटा के लिए भी ऐसे ही दान अभियान आयोजित किए थे।{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=199}}
जनवरी 1970 में चोर्नोविल ने ''[[द यूक्रेनी हेराल्ड (1970–1972, 1987–1989)|द यूक्रेनी हेराल्ड]]'' के नाम से एक नया ''समिज्दात'' अखबार शुरू किया। इस अखबार में अन्य ''समिज्दात'' प्रकाशनों के साथ-साथ उस महत्वपूर्ण जानकारी को भी शामिल किया गया जिसे वे महान रूसी अंधराष्ट्रवाद और यूक्रेन-विरोधी भावना मानते थे। इसमें सोवियत सरकार और पुलिस द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के दुरुपयोग का विस्तृत विवरण दिया गया था, जिसे चोर्नोविल सोवियत संघ के संविधान के सर्वथा विपरीत मानते थे, और इसमें यूक्रेन में असंतुष्ट आंदोलन से संबंधित अन्य जानकारी भी मौजूद थी।{{sfn|Shanovska|2019|pp=144–145}} चोर्नोविल ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' के मुख्य संपादक थे, और इसके तीन संस्थापकों व संपादकों (मायखाइलो कोसीव और यारोस्लाव केंडज़िओर के साथ) में से एक थे। ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' ने एक बड़े पेशेवर कर्मचारियों के दल को बनाए रखा था, जिसके संवाददाता पूरे यूक्रेन में मौजूद थे,{{sfn|Dubyk|Zaitsev|2019}} और जीवनी लेखक वी॰ आई॰ मत्याश द्वारा इस अखबार को यूक्रेन में स्वतंत्र प्रेस के अग्रदूत के रूप में वर्णित किया गया है।{{sfn|Matiash|2017|p=8}}
गिरफ्तारी के डर से, जुलाई 1971 में चोर्नोविल ने [[संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति]] को एक विस्तृत पत्र लिखा, इस आशा के साथ कि यदि वे फिर से कैद हो गए तो अंतर्राष्ट्रीय निकाय इसे प्रकाशित करेगा। इस पत्र में, उन्होंने सोवियत अधिकारियों द्वारा किए गए कानून के उल्लंघनों के ठोस उदाहरणों को रेखांकित किया, और यह तर्क दिया कि सोवियत [[राजनीतिक कैदी|राजनीतिक कैदियों]] के पास अपना बचाव करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था और वे निरंतर निगरानी, ब्लैकमेल और धमकियों के क्रूर अभियान के अधीन थे। उन्होंने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने की किसी भी संभावना को यह लिखते हुए सिरे से खारिज कर दिया: "मैं उपर्युक्त सिद्धांतों के आगे झुकने के बजाय सलाखों के पीछे मरना अधिक पसंद करूँगा।"{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=200}}
इस समय, चोर्नोविल ने मायखाइलो द्रागोमानोव की मान्यताओं के आधार पर उदार लोकतंत्र में भी अपना विश्वास अपनाया। अक्टूबर 1971 में मोरोज़ को लिखे एक पत्र में, चोर्नोविल ने टिप्पणी की कि अराजकतावादी क्रांतिकारियों पियरे-जोसेफ प्राउधोन और मिखाइल बाकुनिन के अपने अध्ययन में, उन्होंने द्रागोमानोव की नीतियों के लिए बिना शर्त समर्थन को तो अस्वीकार कर दिया था, लेकिन उनका यह मानना था कि स्वशासन पर इस शुरुआती बुद्धिजीवी के विचार पूर्णतः समर्थन करने योग्य थे। इसी दृष्टिकोण ने बाद में संघवाद के लिए उनके मजबूत समर्थन को आकार दिया।{{sfn|Seko|2021|pp=95–96}} इस दौरान, चोर्नोविल ने स्वयं को एक समाजवादी के रूप में वर्णित करना जारी रखा, और एक बिना तिथि वाले पत्र में उन्होंने लिखा कि उन्होंने "हमेशा समाजवाद के मूल सिद्धांतों का दृढ़ता से पालन किया है और ऐसा करना जारी रखा है", जबकि राजनीतिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों के लिए उन्होंने सोवियत सरकार की घोर आलोचना की।{{sfn|Bellezza|2019|p=119}}
कार्यकर्ता नीना स्ट्रोकाटा की गिरफ्तारी के पश्चात 21 दिसंबर 1971 को चोर्नोविल ने 'नीना स्ट्रोकाटा की रक्षा के लिए नागरिक समिति' की स्थापना की। इस समिति ने मानवाधिकार संगठनों के गठन के प्रति उनके दृष्टिकोण में एक बड़े बदलाव को चिह्नित किया; वे इससे पहले याचिका अभियानों के पक्ष में उन्हें अस्वीकार कर चुके थे, क्योंकि वे सोवियत संघ के भीतर यूक्रेन की स्थिति की कठोर परिस्थितियों के कारण एक संगठन के गठन को लगभग असंभव मानते थे। हालाँकि, उनके इस पुराने दृष्टिकोण की असंतुष्टों (विशेष रूप से मोरोज़) और यूक्रेनी जनता द्वारा बढ़ती आलोचना हुई थी, जो इन याचिका अभियानों को बहुत धीमा और महत्वपूर्ण परिणाम नहीं देने वाला मानते थे। इस नई समिति की जड़ें एंजेला डेविस की कानूनी रक्षा के लिए स्थापित सार्वजनिक समितियों में निहित थीं, जो एक अमेरिकी नागरिक अधिकार कार्यकर्ता थीं, जिनका मामला सोवियत संघ में इसलिए लोकप्रिय था क्योंकि वे एक कम्युनिस्ट थीं। चोर्नोविल का मानना था कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति को मामले की जानकारी देकर स्ट्रोकाटा को मुक्त किया जा सकता है, और इसके अतिरिक्त उन्होंने दज़िउबा, स्ट्रोकाटा के करीबी दोस्त लियोनिद तिमचुक, मॉस्को स्थित कार्यकर्ताओं प्योत्र याकिर और ल्यूडमिला अलेक्सेयेवा, और लेखक इवान फ्रांको की पोती ज़िनोविया फ्रांको के प्रत्यक्ष समर्थन का भी अनुरोध किया।{{sfn|Derevinskyi|2015|pp=21–22}}
दज़िउबा और फ्रांको सहित कई अन्य असंतुष्टों ने इस समिति में भाग लेने से इनकार कर दिया। इन इन्कारों ने चोर्नोविल को काफी प्रभावित किया, विशेष रूप से फ्रांको के इनकार ने, जिनके पारिवारिक संबंधों के बारे में उनका यह मानना था कि वे समिति को सोवियत सरकार के हमलों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते थे।{{sfn|Derevinskyi|2015|pp=21–22}} तिमचुक अंततः इसमें शामिल हो गए, और वासिल स्टस भी आ जुड़े। इस समूह ने अपने बचाव के तर्क सोवियत संविधान, [[मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा]] और [[नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय नियम]] पर आधारित किए। समिति के प्रकाशनों में, सोवियत कार्यकर्ताओं के इतिहास में पहली बार, इसके सदस्यों के पते स्पष्ट रूप से शामिल थे, जहाँ स्ट्रोकाटा की ओर से सामग्री प्रस्तुत की जानी थी। यह यूक्रेन के इतिहास में पहला मानवाधिकार संगठन था, लेकिन अगले ही वर्ष इसके एक सदस्य (तिमचुक) को छोड़कर सभी के गिरफ्तार होने के बाद इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।{{sfn|Zaitsev|2006}}
=== रूस में जीवन (1972–1985) ===
==== ''यूक्रेनी हेराल्ड'' परीक्षण ====
[[File:1 Bandery Street, Lviv (01).jpg|alt=दो कोबलस्टोन सड़कों के चौराहे पर एक इमारत|thumb|left|द [[लॉकी स्ट्रीट पर जेल]], जहाँ 1972 की गिरफ्तारी के बाद चोर्नोविल को पूर्व-परीक्षण निरोध में रखा गया था]]
यूक्रेनी बुद्धिजीवियों पर एक और अत्यंत व्यापक दमन जनवरी 1972 में शुरू हुआ, जो बेल्जियम-यूक्रेनी यारोस्लाव दोबोश की गिरफ्तारी से भड़क गया था। दोबोश [[यूक्रेनी राष्ट्रवादियों का संगठन]] के एक सक्रिय सदस्य थे, जिन्हें सोवियत संघ से ''समिज्दात'' की तस्करी करने का गुप्त काम सौंपा गया था। चोर्नोविल को ओलेना एंटोनिव के ल्वीव फ्लैट में एक उत्सव के ठीक बाद 12 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन पर यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 62 (सोवियत विरोधी आंदोलन) और 187-1 (सोवियत संघ के खिलाफ निंदा) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे।{{sfn|Tereshchuk|2022}} यह समारोह सोवियत सांस्कृतिक और धार्मिक नीति के मुखर विरोध के रूप में आयोजित किया गया था, और इसके अतिरिक्त इसने ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' और राजनीतिक कैदियों तथा उनके बेसहारा परिवारों के लिए धन उगाहने के एक प्रयास के रूप में भी काम किया था। इसने 250 रूबल जुटाए थे, जिनका उपयोग दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की आर्थिक सहायता के लिए किया गया। चोर्नोविल को इरीना कालियनेट्स, इवान गेल, स्टेफानिया शबतुरा, मिखाइलो ओसादची और यारोस्लाव दशकेविच के साथ ल्वीव के के॰जी॰बी॰ पूर्व-परीक्षण निरोध केंद्र में कैद किया गया था।{{sfn|Hrytsiv|2017}}
चोर्नोविल का यह परीक्षण बंद दरवाजों के पीछे संपन्न हुआ था।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} अभियोजकों ने तर्क दिया कि चोर्नोविल ही ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' की सामग्री के लिए पूरी तरह जिम्मेदार थे, जिस आरोप से उन्होंने स्पष्ट इनकार किया।{{sfn|Seko|2020|p=134}} जांच के दौरान, अन्य असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने समाचार पत्र में चोर्नोविल की भूमिका के सबूत देने से भी इनकार कर दिया; अंततः सरकार ने अपने तर्कों के लिए ज़िनोविया फ्रांको जैसे अन्य व्यक्तियों के अनुमानों पर भरोसा किया।{{sfn|Derevinskyi 2017b}} चोर्नोविल ने भी साथी असंतुष्टों के खिलाफ किसी भी प्रकार के सबूत देने या जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया। पूछताछ के दौरान, उन्होंने अपना यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि यह परीक्षण पूरी तरह अवैध था और अन्य असंतुष्टों से असंबंधित था{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} और उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने निपटान में उपलब्ध सभी साधनों का उपयोग करते हुए, उनके खिलाफ "एक नरसंहार" की तैयारी कर रहे थे।{{sfn|Seko|2020|p=134}} इस परीक्षण के दौरान उनसे सौ से भी अधिक बार कड़ी पूछताछ की गई।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} अभियोजकों ने ब्लैकमेल का भी सहारा लिया, उनके रिश्तेदारों को गिरफ्तारी और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी, लेकिन इस प्रयास का उल्टा ही असर हुआ और चोर्नोविल ने पूछताछ में सहयोग करने से पूरी तरह इनकार कर दिया।{{sfn|Bazhan|2018|p=35}}
चोर्नोविल द्वारा लेखन और वर्तनी के कई अलग-अलग परस्पर विरोधी रूपों के उपयोग ने उनके बचाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया, और उन्होंने यह तर्क देने के लिए इसका इस्तेमाल किया कि उन्हें पाठ के उचित भाषाई विश्लेषण के बिना ही दोषी ठहराया गया था।{{sfn|Seko|2020|p=134}} चोर्नोविल के इन तर्कों के बावजूद, के॰जी॰बी॰ ने ऐसे सबूतों को उजागर किया जो चोर्नोविल को समाचार पत्र शुरू करने और जांच को विफल करने के स्पष्ट उद्देश्य से इसकी तस्करी का समन्वय करने में पूरी तरह फंसाते थे; लेकिन वे निर्णायक रूप से यह साबित करने में विफल रहे कि चोर्नोविल ही इसके मुख्य संपादक थे। चोर्नोविल के सेल में गुप्त रूप से सुनने वाले उपकरण लगाए गए थे, इसलिए सुरक्षा सेवा को यह भी पता चल गया कि यदि उन्हें यूक्रेन के बाहर निर्वासन में भेजा जाता है तो उनका इरादा भूख हड़ताल की घोषणा करने का था, और वे सोवियत संघ छोड़कर यूगोस्लाविया जाने की अनुमति चाहते थे।{{sfn|Bazhan|2018|p=35}}
चोर्नोविल के परीक्षण के समापन पर दी गई सजा काफी विवादित रही है; [[एमनेस्टी इंटरनेशनल]] ने 1977 में कहा था कि उन्हें सात साल के कारावास और पांच साल के निर्वासन की कड़ी सजा सुनाई गई थी;{{sfn|Amnesty International 1977}} मार्च 1973 में ''[[द न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' ने दावा किया कि उन्हें दोनों के बीच अंतर किए बिना सीधे बारह साल के कारावास और निर्वासन के अधीन किया गया था;{{sfn|The New York Times 1973}} 2015 में [[एनसाइक्लोपीडिया ऑफ यूक्रेन]] ने दावा किया कि उन्हें छह साल के कारावास और तीन साल के आंतरिक निर्वासन की अवधि मिली थी,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} जिसे इतिहासकार बोहदान पास्का{{sfn|Paska|2018|p=141}} और ओलेह बाज़ान ने भी समान रूप से स्वीकार किया। बाज़ान के अनुसार, चोर्नोविल को 8 अप्रैल 1973 को ल्वीव ओब्लास्ट कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गई थी,{{sfn|Bazhan|2018|p=35}} यद्यपि चोर्नोविल ने 1974 में याद किया था कि उन्हें 12 अप्रैल को सजा सुनाई गई थी।{{sfn|Chornovil|1976|p=58}} चोर्नोविल ने अपने मामले के संबंध में उच्च न्यायालयों में तीन अपीलें दायर कीं; पहली दो को खारिज कर दिया गया, जबकि तीसरी को आंशिक रूप से औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया - हालांकि चोर्नोविल की अंतिम सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
==== मोर्दोविया में कारावास (1972-1978) ====
अपनी दोषसिद्धि के बाद, चोर्नोविल को मोर्दोवियन स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य में एक सुधारात्मक श्रम कॉलोनी में भेज दिया गया। 1973 से 1978 तक उन्हें विभिन्न रूप से दो कठोर शिविरों में कैद रखा गया था; ZhKh-385/17-A और ZhKh-385/3।{{sfn|Shvydkyi|2013}} अपने अमानवीय कारावास के बावजूद, चोर्नोविल ने सक्रिय रूप से कैदियों के विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करना जारी रखा, जिसके कारण लेखक और असंतुष्ट मिखाइल खेइफेट्स द्वारा उन्हें "ज़ेकों (कैदियों) के जनरल" का उपनाम दिया गया। उन्हें अन्य कैदियों से पूरी तरह अलग कर दिया गया और उन नियमों का पालन करने से इनकार करने के बाद उन्हें कड़ी निगरानी में रखा गया जिनका सभी कैदियों को पालन करना अनिवार्य था।{{sfn|Kheifets|2018}} बी॰ एज़र्निकोव और एल॰ कामिंस्की, दो रिफ्यूसेनिक (Refuseniks) जिन्हें चोर्नोविल के समान ही शिविर में कैद किया गया था, ने भी उन्हें "सभी राजनीतिक कैदियों के बीच महान अधिकार" रखने वाले एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में वर्णित किया, और 1975 में सोवियत संघ छोड़ने के बाद वैश्विक समाज से उनकी रिहाई का आग्रह करते हुए एक खुला पत्र भी लिखा।{{sfn|Fedunyshyn|2021|pp=119–120}}
उनके कारावास के दौरान चोर्नोविल की गतिविधियों ने अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना जारी रखा। उन्हें मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा 'अंतरात्मा का बंदी' के रूप में मान्यता दी गई थी,{{sfn|Amnesty International 1977}} और 1975 में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरे वाले लेखकों को मान्यता देने वाले निकोलस टोमालिन पत्रकारिता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।{{sfn|Chornovil|1976|p=57}} इसी समय के आसपास, चोर्नोविल ने अपने लेखन को जेल से बाहर तस्करी करना भी शुरू कर दिया था, और सोवियत मानवाधिकारों के हनन को प्रदर्शित करने के साधन के रूप में इस अवसर का भरपूर उपयोग किया।{{sfn|Fedunyshyn|2021|p=120}} उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड को एक पत्र लिखकर सोवियत संघ में मानवाधिकारों की दिशा में बढ़े हुए ध्यान के साथ 'डिटेंटे' की नीति का मिलान करने का आग्रह किया, यह आरोप लगाते हुए कि सोवियत अधिकारियों ने असंतुष्ट आवाजों को बेरहमी से दबाने के साधन के रूप में इसका इस्तेमाल किया था।{{sfn|Chornovil|1975}} उन्होंने आगे उनसे जैक्सन-वैनिक (Jackson-Vanik) संशोधन का पूर्ण समर्थन करने का आग्रह किया, जिसने देश से प्रवासन की स्वतंत्रता की अनुमति देने के प्रयास में सोवियत संघ पर प्रतिबंध लगा दिया था।{{sfn|Fedunyshyn|2018|pp=201–202}} बोरिस पेंसन के साथ मिलकर, उन्होंने ''समिज्दात'' पुस्तिका "डेली लाइफ इन द मोर्दोवियन कैंप्स" लिखी, जिसे यरूशलेम ले जाया गया और रूसी में प्रकाशित किया गया, इससे पहले कि अगले वर्ष म्यूनिख स्थित ''सुचास्निस्ट'' पत्रिका में इसका यूक्रेनी में अनुवाद किया गया।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}
[[हेलसिंकी समझौते]] 30 जुलाई और 1 अगस्त 1975 के बीच हस्ताक्षरित किए गए थे। हस्ताक्षरकर्ता देशों में संपूर्ण यूरोप, सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा शामिल थे।{{sfn|Commission on Security and Cooperation in Europe 2019}} सोवियत संघ में, इस हेलसिंकी समझौते को असंतुष्टों के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा गया, जिन्होंने पाया कि उनके पास अब सोवियत मानवाधिकारों के हनन को उजागर करने का एक साधन था।{{sfn|Marynovych|2021|p=86}} कीव में एक असंतुष्ट माइकोला रुडेंको ने उस उद्देश्य के लिए 9 नवंबर 1975 को [[यूक्रेनी हेलसिंकी समूह]] (UHG) के गठन की ऐतिहासिक घोषणा की।{{sfn|Marynovych|2021|p=90}} चोर्नोविल समूह की स्थापना के समय जेल में थे और 1979 तक वे इसमें शामिल नहीं हुए थे।{{sfn|Marynovych|2021|p=102}}
मोरोज़ और अन्य राजनीतिक कैदियों के साथ, चोर्नोविल की प्रतिरोध गतिविधियाँ UHG की स्थापना के बाद भी निर्बाध जारी रहीं। दोनों ने 12 जनवरी 1977 की भूख हड़ताल में भाग लिया, जिसमें उन्होंने अपने गैर-अनुरूपतावादी दृष्टिकोणों के आधार पर उत्पीड़न को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया। हालाँकि, इस समय, यूक्रेनी राजनीतिक कैदियों के बीच एक बड़ा विभाजन बन रहा था कि क्या सोवियत जेल प्रणाली का सक्रिय रूप से विरोध करना बेहतर था या वे जो आत्म-संरक्षण का पक्ष लेते थे। के॰जी॰बी॰ के प्रभाव से, दोनों गुट खुलकर आपस में भिड़ने लगे। मोरोज़ और शुमुक से अलग एक शिविर में कैद चोर्नोविल ने इस संघर्ष में पक्ष लेने से साफ इनकार कर दिया और एक मध्यस्थ के रूप में कार्य किया। 1977 की शुरुआत में, एक अस्पताल में शुमुक के साथ बैठक के दौरान, चोर्नोविल ने पूर्व पर मोरोज़ के साथ अपने संघर्ष को कृत्रिम रूप से तेज करने का आरोप लगाया, और कनाडाई परिवार के सदस्यों को शुमुक के पत्रों की तुलना सीधे पुलिस शिकायतों के समकक्ष की। जेल से रिहाई के बाद, चोर्नोविल ने शुमुक और मोरोज़ दोनों पर उनके अहंकारी रवैये के परिणामस्वरूप इस विवाद के लिए समान रूप से जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।{{sfn|Paska|2018|pp=141–142}}
==== याकूतिया वापसी (1978-1980) ====
चोर्नोविल को जेल से रिहा कर दिया गया और 1978 की शुरुआत में उन्हें फिर से चप्पनदा भेज दिया गया। वहाँ, उन्होंने सोवियत संघ के भीतर राजनीतिक कैदियों की स्थिति और मानवाधिकारों के बारे में अपना लेखन जारी रखा।{{sfn|Zakharov|2005}} वे मोरोज़ और शुमुक के बीच चल रहे संघर्ष में भी शामिल होते रहे; मोरोज़ की पत्नी रायसा को लिखे एक पत्र में, उन्होंने शुमुक के सार्वजनिक "बहिष्कार" का आह्वान किया, जबकि यह तर्क दिया कि मोरोज़ अब अनम्य हो रहे थे। मोरोज़ के नौ साल के लंबे कारावास ने उनकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया था; चोर्नोविल ने उन्हें आत्म-प्रशंसक और संकीर्ण बताया। अपने निर्वासन के दौरान, मोरोज़ के साथ चोर्नोविल की मित्रता भी समाप्त हो गई क्योंकि पूर्व ने शुमुक के साथ संघर्ष के कारण बाद वाले से खुद को दूर करने की कड़ी मांग की थी।{{sfn|Paska|2018|p=142}}
अपने निर्वासन के दौरान, चोर्नोविल ने सोवियत अधिकारियों को पत्र भेजना जारी रखा। सोवियत संघ के अभियोजक जनरल को लिखे 10 अप्रैल 1978 के एक पत्र में, उन्होंने इस तथ्य की घोर आलोचना की कि सोवियत संविधान द्वारा सैद्धांतिक रूप से दिए गए व्यापक अधिकार वास्तविकता में पूरी तरह अनुपस्थित थे, यह पूछते हुए कि "सोवियत कानून क्यों मौजूद हैं?"।{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=202}} उन्होंने "ओनली वन ईयर" नामक एक ''समिज्दात'' पैम्फलेट भी लिखा,{{sfn|Matiash|2017|p=13}} और उन्हें उस वर्ष पीईएन इंटरनेशनल (PEN International) में भर्ती कराया गया।{{sfn|Zakharov|2005}} उस समय, वे निउर्बा में एक खेत में एक मजदूर के रूप में काम कर रहे थे,{{sfn|Matiash|2017|p=13}} जहाँ उन्हें अक्टूबर 1979 में भेजा गया था। पहले की तरह, चोर्नोविल के ''समिज्दात'' कार्यों में से अधिकांश ने मानवाधिकारों के हनन और अंतरात्मा के बंदियों द्वारा सामना की जाने वाली स्थितियों को चित्रित करने का महत्वपूर्ण काम किया।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|pp=110–111}}
चोर्नोविल 22 मई 1979 को अपने निर्वासन से यूक्रेनी हेलसिंकी समूह (UHG) में शामिल हुए।{{sfn|Marynovych|2021|p=102}} नवंबर 1979 से मार्च 1980 तक उन्हें के॰जी॰बी॰ द्वारा निरंतर निगरानी में रखा गया था, जिसने यह दर्ज किया कि उन्होंने असंतुष्टों मिखाइलो होरिन, ओक्साना मेश्को और इवान सोकुलस्की के साथ संपर्क स्थापित किया था। उन्होंने कई अन्य व्यक्तियों से भी संपर्क किया जो यूक्रेन के ओब्लास्ट में UHG के अध्याय स्थापित करना चाहते थे। चोर्नोविल के अज्ञात, मेश्को, जो उस समय UHG के नेता थे, वे भी भारी के॰जी॰बी॰ निगरानी में आ गए थे, और उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को रोकने के लिए व्यक्तियों को प्रवेश देना बंद कर दिया था। एक प्रमुख UHG सदस्य ज़ेनोविय क्रासिव्स्की ने कैद और निर्वासित असंतुष्टों से मिलने के लिए पेट्रो रोज़ुमनी को भेजा। उनमें चोर्नोविल भी थे, जिन्हें UHG के प्रमुख के रूप में मेश्को को बदलने के लिए विशेष रूप से कहा गया था।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|pp=110–111}}
==== बलात्कार के प्रयास के लिए गलत सजा (1980-1985) ====
चोर्नोविल को 8,{{sfn|Kryzhanovska|2022}} 9,{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} या 15{{sfn|Shvydkyi|2013}} अप्रैल 1980 को बलात्कार के प्रयास के घिनौने आरोप में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। यूक्रेनी इतिहासलेखन में इन आरोपों को अक्सर मनगढ़ंत (Fabricated) के रूप में वर्णित किया जाता है,{{sfn|Shvydkyi|2013}}{{sfn|Kryzhanovska|2022}}{{sfn|Matiash|2017|p=14}} और इसी तरह अमेरिकी पत्रिका ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' द्वारा भी इसे संदर्भित किया गया था।{{sfn|Blake|1980}} मायकोला होरबल, यारोस्लाव लेसियव और योसिफ़ ज़िसेल्स सहित कई अन्य प्रमुख असंतुष्टों को उस समय इसी तरह के फर्जी आरोप मिले थे। UHG के सदस्य मायरोस्लाव मैरिनोविच ने एक के॰जी॰बी॰ अधिकारी के हवाले से कहा कि "हम विशेष रूप से राजनीतिक आरोपों पर व्यक्तियों को गिरफ्तार करके अब कोई नया शहीद नहीं बनाएंगे।"{{sfn|Marynovych|2021|p=115}} चोर्नोविल की गिरफ्तारी, साथ ही यूक्रेन और पूरे सोवियत संघ के कई अन्य असंतुष्टों की गिरफ्तारी, मैड्रिड में यूरोप में सुरक्षा और सहयोग पर सम्मेलन की एक बैठक के ठीक बीच हुई, और ''टाइम'' ने कहा कि कुछ पर्यवेक्षकों का यह मानना था कि हेलसिंकी समझौते के प्रति सोवियत नाराजगी प्रदर्शित करने के लिए ही ये गिरफ्तारियां की गई थीं।{{sfn|Blake|1980}}
अपनी गिरफ्तारी के बाद, चोर्नोविल ने भूख हड़ताल की घोषणा कर दी,{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} और अपनी तथा दूसरों की गिरफ्तारी को लेनिनवादी आदर्शों के घोर विपरीत और 1980 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की अगुवाई में असंतोष को दबाने के प्रयास के रूप में चित्रित किया।{{sfn|Chornovil|2007|p=673}} उन्हें याकूतिया के तबागा में एक जेल शिविर में ले जाया गया, जहाँ उन्हें उल्टी और मल से सने एक अत्यंत गंदे सेल में रखा गया था। एक समय पर, उन्हें एक "मनोरंजन कक्ष" में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहाँ उनकी पानी तक कोई पहुँच नहीं थी। अपनी भूख हड़ताल के परिणामस्वरूप शक्ति की भारी कमी के कारण, चोर्नोविल जेल के शौचालय तक पहुँचने के लिए चारों हाथों-पैरों के बल रेंगते थे, जो उनके सेल से एक मंजिल नीचे और जेल के यार्ड के पार स्थित था। कई बार, वे थकावट से बेहोश हो गए, और पहरेदारों द्वारा उन पर पानी डालकर जगाए गए। चोर्नोविल को अपना यह विरोध तब रोकना पड़ा जब डॉक्टरों ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि उन्होंने भोजन से इनकार करना जारी रखा तो शिविर में एक महामारी के दौरान अनुबंधित पेचिश के लिए उनका इलाज नहीं किया जाएगा। इस हड़ताल के लिए, चोर्नोविल को 5 से 21 नवंबर 1980 तक एकांतवास में रखा गया था।{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} उन्हें मिर्नी शहर में एक बंद अदालत द्वारा दोषी पाया गया और पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
चोर्नोविल ने जेल में लिखना जारी रखा, जिसमें सी॰पी॰एस॰यू॰ की 26वीं कांग्रेस को लिखा गया फरवरी 1981 का एक खुला पत्र शामिल है, जिसमें उन्होंने महासचिव लियोनिद ब्रेझनेव और के॰जी॰बी॰ अध्यक्ष यूरी एंड्रोपोव पर UHG के खिलाफ बड़े पैमाने पर दमन करने का सीधा आरोप लगाया था। उन्होंने अपनी पत्नी को भी लिखा, और कांग्रेस के प्रति असंतुष्टों की प्रतिक्रियाओं में "कोई भी समझौता नहीं" करने का आग्रह किया। उन्होंने 9 अप्रैल 1981 को एक और पत्र लिखा, इस बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति, एमनेस्टी इंटरनेशनल, कमिटी फॉर द फ्री वर्ल्ड और हेलसिंकी कमिटी फॉर ह्यूमन राइट्स को, सोवियत संघ के प्रति अपनी कूटनीतिक नीतियों को तैयार करने में UHG के सोवियत उत्पीड़न की दिशा में अधिक ध्यान बढ़ाने का आग्रह किया।{{sfn|Fedunyshyn|2018|pp=202–203}} 1983 में चोर्नोविल को रिहा कर दिया गया, लेकिन उन्हें यूक्रेन लौटने से सख्त रोक दिया गया। वे पोक्रोव्स्क शहर में ही रहे,{{sfn|Shvydkyi|2013}} एक फायर स्टोकर के रूप में काम करते हुए।{{sfn|Matiash|2017|p=14}} अंततः 15 अप्रैल 1985 को{{sfn|Shvydkyi|2013}} नए महासचिव मिखाइल गोर्बाचेव ने चोर्नोविल को ''[[पेरेस्त्रोइका]]'' के हिस्से के रूप में यूक्रेन लौटने की अनुमति प्रदान की।{{sfn|Ivanova|2024}}{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=50}} चोर्नोविल ने सोवियत सरकार द्वारा कुल 15 साल कैद में बिताए थे।{{sfn|Ivanova|2024}}
=== यूक्रेन वापसी ===
जब तक चोर्नोविल यूक्रेन लौटे, तब तक देश नाटकीय रूप से बदल चुका था। यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम सचिव पेट्रो शेलेस्ट, जो एक उदारवादी नेता थे, को हटा दिया गया और उनकी जगह कट्टरपंथी वलोडिमिर शेर्बित्स्की को नियुक्त किया गया, जो ब्रेझनेव के निप्रॉपेट्रोस माफिया के एक सदस्य थे। शेर्बित्स्की ने रूसीकरण नीतियों और यूक्रेनी संस्कृति पर नकेल कसने को नाटकीय रूप से बढ़ा दिया था। आंशिक रूप से शेर्बित्स्की की नीतियों के परिणामस्वरूप, 1982 में ब्रेझनेव की मृत्यु के समय तक, जोसेफ स्टालिन के शासन के दौरान ब्रेझनेव के नेतृत्व में यूक्रेनी में बहुत कम किताबें प्रकाशित हुई थीं।{{sfn|Kuzio|2010}} यूक्रेनी संस्कृति में इस भारी गिरावट के साथ-साथ 1986 की [[चेर्नोबिल दुर्घटना]] के प्रति सरकार की धीमी प्रतिक्रिया ने जनमत को बुरी तरह खराब कर दिया और चोर्नोविल को कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए प्रेरित किया।{{sfn|Poberezhets|2013|p=115}}
गोर्बाचेव के सुधारों के बावजूद, सोवियत सरकार ने चोर्नोविल और अन्य असंतुष्टों के खिलाफ हस्तक्षेप करना जारी रखा था। 1987 में राज्य ने चोर्नोविल के खिलाफ एक मानहानि अभियान शुरू किया, जिसका आंशिक कारण शेर्बित्स्की के रूसीकरण के प्रयासों पर आंतरिक असंतोष था{{sfn|Bilyk|2019|pp=14–15}} और आंशिक रूप से मॉस्को का भारी दबाव था।{{sfn|Danylenko|2019|pp=27-28}} ''द यूक्रेनी हेराल्ड'', जिसे अगस्त 1987 में फिर से लॉन्च किया गया था और जिसमें प्रमुख विपक्षी-दिमाग वाले बुद्धिजीवियों के निबंध प्रकाशित किए गए थे,{{sfn|Kipiani|2002}} ने "विदेशी विध्वंसक सुरक्षा एजेंसियों" द्वारा समर्थित होने के राज्य-समर्थित आरोपों को बहुत आकर्षित किया।{{sfn|Kipiani|2011}} उसी समय के आसपास, चोर्नोविल ने ''[[द यूक्रेनी वीकली]]'' को एक विस्तृत साक्षात्कार दिया, जिसमें उन्होंने धर्म और यूक्रेनी संस्कृति के प्रति असंतुष्ट आंदोलन के दृष्टिकोण को स्वतंत्र रूप से स्पष्ट किया। सरकार ने चोर्नोविल और असंतुष्ट आंदोलन की छवि को धूमिल करने के प्रयास में टेलीविजन पर बातचीत के कुछ क्लिप प्रसारित किए, लेकिन इस प्रयास का उल्टा ही असर हुआ। मार्था कोलोमियट्स, वे पत्रकार जिन्होंने चोर्नोविल से बात की थी, को बाद में एक "अमेरिकी सबोटूर" के रूप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन तब तक यह साक्षात्कार पहले ही व्यापक रूप से प्रचारित और साझा किया जा चुका था।{{sfn|Bila|2020}} दिसंबर में, शेर्बित्स्की के कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें विपक्ष की, विशेष रूप से चोर्नोविल की के॰जी॰बी॰ निगरानी बढ़ाने का वादा किया गया था, जिसने प्रिंट और प्रसारण मीडिया दोनों से हमलों की एक नई लहर देखी।{{sfn|Danylenko|2019|pp=27-28}} ल्वीव स्थित ''फ्री यूक्रेन'' समाचार पत्र में प्रकाशित एक राय-संपादकीय में, चोर्नोविल ने इन उपायों की कड़ी आलोचना की और कहा कि उनके और मिखाइलो होरिन के साथ किया गया व्यवहार 15 साल पहले अलेक्सांद्र सोल्झेनित्सिन के व्यवहार के बिल्कुल बराबर था।{{sfn|Chornovil|2011|pp=81–82}}
मानवाधिकार गतिविधियाँ उनकी रिहाई के बाद चोर्नोविल के अथक प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण फोकस बनी रहीं। चोर्नोविल और होरिन वासिल बारलादियानु, गेल, ज़ोरियन पोपादियुक, और स्टीफन खमारा के साथ आपराधिक संहिता से सोवियत विरोधी आंदोलन को पूरी तरह हटाने और सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई और पुनर्वास की वकालत करने में शामिल हुए।{{sfn|Kharkiv Human Rights Protection Group 2006}} 24 फरवरी 1987 को, उन्होंने मॉस्को के के॰जी॰बी॰ मुख्यालय, लुब्यंका भवन की यात्रा की, जहाँ उन्होंने इन मांगों को मजबूती से दोहराया और जब्त की गई संपत्ति को वापस करने का आग्रह किया। लुब्यंका में रहते हुए, उन्होंने घोषणा की कि, रूस के ईसाईकरण (1988) की 1000वीं वर्षगांठ के आधिकारिक समारोहों के जवाब में, असंतुष्ट आंदोलन 1946 के ल्वीव धर्मसभा के फैसले को उलटने के लिए एक अभियान शुरू करेगा जिसने यूक्रेनी ग्रीक कैथोलिक चर्च का रूसी रूढ़िवादी चर्च में विलय कर दिया था।{{sfn|Danylenko|2019|p=26}} हालाँकि, सरकार ने उनकी सभा की स्वतंत्रता में भारी हस्तक्षेप किया - उदाहरण के लिए, चोर्नोविल को ल्वीव में एक "निवारक" साक्षात्कार के लिए बुलाकर सोवियत संघ के भीतर गैर-रूसी देशों के अधिकारों पर एक नियोजित दिसंबर 1987 के संगोष्ठी में भाग लेने से रोक दिया गया था, जहाँ उन्हें "असामाजिक" गतिविधियों में शामिल होने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी गई थी।{{sfn|Danylenko|2019|pp=26-27}}
11 मार्च 1988 को, चोर्नोविल ने औपचारिक रूप से होरिन और क्रासिव्स्की द्वारा सह-हस्ताक्षरित एक पत्र में यूक्रेनी हेलसिंकी समूह (UHG) को फिर से स्थापित किया, हालांकि समूह ने पिछले वर्ष की गर्मियों में ही अपनी गतिविधि फिर से शुरू कर दी थी और चोर्नोविल का ''हेराल्ड'' इसका प्रेस अंग था।{{sfn|Zakharov|2005}} इस समय तक, लायंस सोसाइटी, ''स्पाद्शच्यना'', और यूक्रेनी कल्टूरोलॉजिकल क्लब जैसे कई स्वतंत्र संगठन अस्तित्व में थे। असंतुष्ट आंदोलन की खंडित प्रकृति ने चोर्नोविल को अप्रैल 1988 में एक ही संरचना में संगठनों को एक साथ लाना शुरू करने के लिए प्रेरित किया।{{sfn|Krupnyk|2019|p=45}}
[[File:Гельсінська спілка-1.jpg|alt=सूट में ग्यारह पुरुषों की एक तस्वीर|thumb|1989 में यूक्रेनी हेलसिंकी संघ की डोनेट्स्क शाखा के सदस्यों के साथ चोर्नोविल]]
चोर्नोविल ने 7 जून 1988 को [[यूक्रेनी हेलसिंकी संघ]] (UHS) की स्थापना की। यह सोवियत यूक्रेन में पहली स्वतंत्र राजनीतिक पार्टी थी।{{sfn|Krupnyk|2019|pp=45-46}} चोर्नोविल ने पार्टी के मंच के सह-लेखक बने और उसे प्रस्तुत किया,{{sfn|Kobuta|2020|pp=36–37}} जिसने सोवियत राज्यों के परिसंघीय (Confederate) ढांचे के भीतर यूक्रेनी स्वतंत्रता का आह्वान किया। घोषणापत्र में यह तर्क दिया गया कि यूक्रेनी स्वतंत्रता से यूक्रेनियन और गैर-यूक्रेनियन दोनों को समान रूप से लाभ होगा, लेकिन परिसंघ के बारे में बिंदु जोड़ा ताकि UHS को अलगाववादी के रूप में प्रतिबंधित होने से रोका जा सके।{{sfn|Krupnyk|2019|p=46}}
इस समय अवधि के दौरान चोर्नोविल की गतिविधियाँ केवल यूक्रेन तक ही सीमित नहीं थीं; उन्होंने अन्य असंतुष्टों के साथ भी व्यापक संपर्क बनाए रखा, विशेष रूप से बाल्टिक राज्यों, आर्मेनिया और जॉर्जिया के असंतुष्टों के साथ। यूक्रेनी के॰जी॰बी॰ के 8 सितंबर 1988 के एक आंतरिक नोटिस ने गुर्गों को सूचित किया कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक कैदियों के संरक्षण के लिए समिति नामक एक संगठन मौजूद है। इस समिति की स्थापना चोर्नोविल और अर्मेनियाई असंतुष्ट पिरुयर हेयरिकयान द्वारा जनवरी 1988 में की गई थी, और यह सोवियत विरोधी आंदोलन कानून को निरस्त करने, जेल शिविरों और मनोरोग अस्पतालों को बंद करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल थी, और यूक्रेन और सोवियत संघ के भीतर अन्य देशों के राष्ट्रवादी आंदोलनों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थी।{{sfn|Krupnyk|2019|pp=46-47}} 24-25 सितंबर को, चोर्नोविल ने रीगा में असंतुष्ट समूहों के एक सम्मेलन में UHS का प्रतिनिधित्व किया। चोर्नोविल ने सम्मेलन का समापन बयान लिखा, जिसमें सभी "राष्ट्रीय लोकतांत्रिक आंदोलनों" से एक संयुक्त मोर्चा बनाने और बैनर के तहत विरोध करने का पुरजोर आग्रह किया गया।{{sfn|Krupnyk|2019|p=47}}
==== क्रांति ====
[[File:В.М.Чорновіл на шахті ім. Поченкова. 2.JPG|alt=चोर्नोविल अपने आसपास हड़ताली श्रमिकों से बात कर रहे हैं|thumb|1990 के दशक में माकिव्का खदान की बैठक में हड़ताली श्रमिकों के साथ चोर्नोविल]]
पूरे 1988 और 1989 में मध्य और पूर्वी यूरोप में चल रही [[1989 की क्रांतियाँ|1989 की क्रांतियों]] ने चोर्नोविल को बहुत दिलचस्पी दी, विशेष रूप से अहिंसा के पालन में। उनकी सफलता ने चोर्नोविल को कम्युनिस्ट-विरोधी (Anti-communism) के पक्ष में मार्क्सवाद-लेनिनवाद के लिए अपने सार्वजनिक समर्थन को त्यागने के लिए प्रेरित किया, जिसका उन्होंने 1960 के दशक के मध्य से निजी तौर पर समर्थन किया था, लेकिन एक उदारवादी के रूप में प्रकट होने के प्रयास में इसे सार्वजनिक रूप से बताने से परहेज किया था।{{sfn|Seko|2019|p=124}} अन्य यूक्रेनी बुद्धिजीवियों ने भी कम्युनिस्ट-विरोधी समर्थन करना शुरू कर दिया, और राइटर्स यूनियन ऑफ यूक्रेन ने 1988 के अंत में एक लोकप्रिय मोर्चा विकसित करना शुरू किया, इसे स्थानीय सरकार में अधिक सक्रिय होने और आर्थिक चिंताओं में अधिक रुचि लेने के लिए जनता को प्रोत्साहित करने के रूप में न्यायोचित ठहराया।{{sfn|Adamovych|2020|p=8}} चोर्नोविल ने सोवियत संघ में एक मानवाधिकार आंदोलन, मेमोरियल, को यूक्रेन में फैलाने का भी समर्थन किया, और मार्च 1989 में इसकी स्थापना पर समूह के यूक्रेनी अध्याय के प्रेसिडियम को एक सकारात्मक पत्र लिखा।{{sfn|Chornovil|2009|pp=476–477}}
18 जुलाई 1989 को, पूरे संघ में खनन हड़तालों की लहर पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र के माकिव्का शहर में कोयला खनिकों तक पहुँच गई।{{sfn|Lykhobova|Kuzina|2009|pp=155–156}}{{sfn|Safire|1989}} कर्मचारियों ने पहले बेहतर काम करने की स्थिति, बेहतर मजदूरी और बढ़ी हुई सामाजिक सुरक्षा की मांग की। हालाँकि, शुरुआत से ही, कई डोनबास खनिकों ने स्व-शासन के संभावित मार्ग के रूप में सहानुभूति के साथ यूक्रेनी स्वतंत्रता आंदोलन को भी देखा था।{{sfn|Walkowitz|1991}} चोर्नोविल ने अपने शुरुआती दिनों से ही हड़तालों का समर्थन किया, एक बयान जारी करते हुए कहा, अन्य बातों के अलावा, कि हड़ताल ने "पार्टी और लोगों की एकता के बारे में पार्टी की लफ्फाजी का पर्दा फाड़ दिया", जिसका कम्युनिस्टों ने दावा किया कि वहां विभिन्न "चरमपंथियों" द्वारा हमला किया जा रहा था।{{sfn|Radio Liberty 2014}} दूसरी ओर, शेर्बित्स्की खुश नहीं थे और सरकारी नियंत्रण वाले मीडिया में हड़तालियों को बदनाम करके और हड़ताल समितियों के लिए संचार काट कर उन पर कड़ी नकेल कसी।{{sfn|Walkowitz|1991}} इसने खनिकों को कट्टरपंथी बना दिया, जिन्होंने जल्द ही शेर्बित्स्की के इस्तीफे का आह्वान करना शुरू कर दिया।{{sfn|Radio Liberty 2021}}
मार्च 1990 के लिए निर्धारित सर्वोच्च सोवियत के चुनाव करीब आने के साथ, चोर्नोविल ने अभियान मोड में स्विच किया। उनके घोषणापत्र ने "राज्य का दर्जा, लोकतंत्र और स्वशासन" और गैर-जातीय यूक्रेनियनों के साथ सहयोग का आह्वान किया। चोर्नोविल के कार्यक्रम की आधारशिला बारह "भूमि" पर आधारित एक संघीय यूक्रेन का उनका विचार था, जिसे मोटे तौर पर [[यूक्रेनी जनवादी गणराज्य]] के गवर्नरेट और डोनबास के लिए एक अलग भूमि द्वारा परिभाषित किया गया था। क्रीमिया को एक स्वतंत्र राज्य या यूक्रेन के स्वायत्त गणराज्य के रूप में मौजूद होना था। विधायिका को एक द्विसदनीय [[केंद्रीय राडा]] के रूप में फिर से स्थापित किया जाना था, निचले सदन को आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा चुना जाना था और ऊपरी सदन को भूमि से चुना जाना था।{{sfn|Chornovil|2009|pp=580–583}} चोर्नोविल का मानना था कि संघवाद यूक्रेन और उसके क्षेत्रों को सोवियत संघ से स्वतंत्र अर्थव्यवस्था, संस्कृति और राजनीति विकसित करने की अनुमति देगा और सोवियत शैली की नौकरशाही की स्थापना को रोकेगा।{{sfn|Derevinskyi|2023|pp=54–55}} चोर्नोविल इस समय UHS के भीतर स्वतंत्रता-समर्थक पदों को अपनाने पर जोर देने वाले प्राथमिक व्यक्तियों में से एक थे, यह प्रस्ताव करते हुए कि पार्टी के कार्यक्रम में स्वतंत्रता का प्रश्न प्रस्तावित किया जाए।{{sfn|Derevinskyi|2023|p=335}}
[[File:1съезд.jpg|alt=एक सम्मेलन में एकत्रित कई व्यक्ति, उनमें से कुछ यूक्रेनी झंडे लहरा रहे हैं|thumb|left|यूक्रेन के जन आन्दोलन की पहली कांग्रेस सितंबर 1989 में हुई थी]]
8 सितंबर 1989 को, [[यूक्रेन का जन आन्दोलन]] (रूख) की स्थापना यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की राज्य भाषा के रूप में यूक्रेनी की स्थापना, एक राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पुनरुद्धार, और यूक्रेनी स्वशासन के साथ-साथ यूक्रेन के भीतर अल्पसंख्यकों के लिए भाषाई अधिकारों को मजबूत करने की वकालत करने वाले एक कार्यक्रम के साथ की गई थी। ये पद राइटर्स यूनियन के लोगों पर आधारित थे, जिन्होंने उस वर्ष फरवरी में उन्हें अपनाया था।{{sfn|Adamovych|2020|pp=8–9}} पूरी तरह से "पेरेस्त्रोइका के लिए यूक्रेन का जन आन्दोलन" के रूप में नामित, इसके पहले नेता कवि इवान ड्रेच थे। इसके बावजूद, हालाँकि, चोर्नोविल पार्टी के वास्तविक नेता थे और इतिहासकार रोमन ह्रीत्स्किंव के अनुसार, इसकी स्थापना का आयोजन भी उन्हीं ने किया था।{{sfn|Popovych|2023}} चोर्नोविल ने कट्टरपंथी और स्वतंत्रता के उदारवादी समर्थकों को फिर से जोड़ते हुए, 'रूख' को यूक्रेनी राष्ट्रवादियों के जन आंदोलन में बदलने की मांग की।{{sfn|Derevinskyi|2023|p=10}}
संयोग से, खनिकों की हड़ताल{{sfn|Radio Liberty 2021}} और गोर्बाचेव के दबाव के संयोजन के कारण शेर्बित्स्की को उसी महीने इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था।{{sfn|Senkus|2007}}
चोर्नोविल ने 1919 के एकीकरण अधिनियम की वर्षगांठ मनाते हुए, 22 जनवरी 1990 को ल्वीव से कीव तक एक मानव शृंखला आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}} लगभग तीस लाख लोगों ने शृंखला में भाग लिया जो उस समय तक 'रूख' द्वारा किया गया सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था।{{sfn|Poberezhets|2011|p=288}} चोर्नोविल ने एकीकरण अधिनियम की वर्षगांठ को अवकाश के रूप में मान्यता देने की वकालत की।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}}
== चोर्नोविल सत्ता में ==
{{Multiple image
| header = चोर्नोविल के आधिकारिक चित्र, [[यूक्रेन की संसद|संसद]]
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| caption1 = पहली (1990–1994)
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सोवियत यूक्रेन के इतिहास में पहला बहुदलीय मतदान, सर्वोच्च सोवियत चुनाव, 4 मार्च 1990 को आयोजित किया गया था। यह उच्च मतदान द्वारा चिह्नित किया गया था, जिसमें 85% पंजीकृत मतदाताओं ने भाग लिया था। अधिकांश यूक्रेन में, परिणाम कम्युनिस्टों के लिए फायदेमंद था, 90% पहले चुने गए प्रतिनिधि फिर से चुने गए और 450 प्रतिनिधियों में से 373 कम्युनिस्ट पार्टी के थे। हालाँकि, सभी तीन गैलिशियन ओब्लास्ट में, डेमोक्रेटिक ब्लॉक, एक 'रूख' नेतृत्व वाले गठबंधन{{sfn|Kozhanov|2020|p=44}} ने अधिकांश सीटें जीतीं। सुप्रीम सोवियत के उपाध्यक्ष के रूप में चुने गए इवान प्लियुश्च ने 2010 में लिखा था कि कम्युनिस्ट बहुमत संसदीय स्तर पर समान प्रभाव को कमान करने में असमर्थ था जैसा कि डेमोक्रेटिक ब्लॉक था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=51–52}} चोर्नोविल को ल्वीव शहर के शेवचेंकिव्स्की जिले से डेमोक्रेटिक ब्लॉक के उप-प्रतिनिधि के रूप में पूर्ण बहुमत से चुना गया, जिन्होंने सात अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ 68.60% वोट जीते।{{sfn|1st Verkhovna Rada}} सुप्रीम सोवियत के भीतर, चोर्नोविल डेमोक्रेटिक ब्लॉक के कट्टरपंथी विंग के नेताओं में से थे।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}}
चोर्नोविल को अप्रैल 1990 में ल्वीव ओब्लास्ट परिषद का अध्यक्ष भी चुना गया, जिससे वे ल्वीव ओब्लास्ट के पहले गैर-कम्युनिस्ट प्रमुख बन गए।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}} उन्होंने जल्दी ही एक असंतुष्ट के रूप में जीवन से राजनीति में खुद को अनुकूलित कर लिया, दाईं ओर मुड़ते हुए और स्पष्ट रूप से कम्युनिस्ट-विरोधी क्रांति का समर्थन करने वाले पहले यूक्रेनी राजनेताओं में से एक बन गए।{{sfn|Seko|2018|p=174}} आर्थिक क्षेत्र में, उन्होंने आवास बाजार और प्रकाश उद्योग का निजीकरण किया, और सामूहिक खेतों को समाप्त करके और किसानों को भूमि पुनर्वितरित करके भूमि सुधार शुरू किए।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}} सामाजिक रूप से, उन्होंने यूक्रेन के सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पुनरुद्धार का सक्रिय समर्थन किया; उनकी सरकार द्वारा सोवियत के बजाय यूक्रेनी प्रतीकों का उपयोग किया गया, यूक्रेनी विद्रोही सेना के सैनिकों को दिग्गजों के रूप में मान्यता दी गई, धर्मसभा ल्वीव द्वारा लगाए गए यूक्रेनी ग्रीक कैथोलिक चर्च पर प्रतिबंध निरस्त कर दिया गया और धार्मिक छुट्टियों को सार्वजनिक छुट्टियों के रूप में मान्यता दी गई।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}} व्लादिमीर लेनिन की मूर्तियों को पहली बार चोर्नोविल की सरकार के तहत ध्वस्त किया गया था,{{sfn|Kobuta|2020|pp=37–38}} 1 जुलाई 1990 को चेर्वोनोग्राद में मूर्ति को गिरा दिया गया था। इसने 1990 और 1991 के दौरान गैलिसिया में लेनिन स्मारकों को गिराने की लहर शुरू कर दी।{{sfn|Gazeta.ua 2018}}
चोर्नोविल की नीतियां सीधे तौर पर यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ और सोवियत संघ के उस समय के कानूनों के विपरीत थीं, और यूक्रेनी और संघ-व्यापी सरकार-समर्थक मीडिया में उनकी सरकार की आलोचना की गई थी। इसके बावजूद, अन्य गैलिशियन ओब्लास्ट, जो 'रूख' के नियंत्रण में आ गए थे, ने जल्द ही सुधारों को आगे बढ़ाने में चोर्नोविल के उदाहरण का पालन किया।{{sfn|Kobuta|2020|pp=38–39}} इतिहासकार स्टीफन कोबुटा ने तर्क दिया है कि गैलिसिया द्वारा सोवियत कानूनों की अस्वीकृति चोर्नोविल के संघीय विश्वासों की अभिव्यक्ति थी।{{sfn|Kobuta|2020|p=39}} अपने लोकतांत्रिक लाभ को बनाए रखने और सोवियत राज्य संस्थानों का मुकाबला करने के लिए, गैलिशियन राष्ट्रीय डेमोक्रेट्स ने फरवरी 1991 में चोर्नोविल को इसके प्रमुख के रूप में नियुक्त करके गैलिशियन असेंबली का गठन किया।{{sfn|Muravskyi|2019|pp=139-140}}{{sfn|Semkiv|2014}}{{sfn|Adamovych|2018|p=3}}
सुप्रीम सोवियत के एक उप-प्रतिनिधि के रूप में, चोर्नोविल ने सोवियत संघ के भीतर यूक्रेन की संप्रभुता को स्वतंत्रता के अंतिम उद्देश्य के साथ-साथ भूमि सुधार, पर्यावरण संरक्षण, अल्पसंख्यक और धार्मिक अधिकारों, संघवाद और सरकार की एकमात्र भाषा के रूप में यूक्रेनी को स्थापित करने के लिए खुद को समर्पित किया।{{sfn|Kobuta|2020|p=37}} उन्हें सुप्रीम सोवियत के अध्यक्ष के लिए डेमोक्रेटिक ब्लॉक के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था, हालांकि उन्होंने नामांकन को अस्वीकार कर दिया और गठबंधन के नेता, इहोर युखनोवस्की का समर्थन किया। अंततः, दोनों में से कोई भी नहीं चुना गया, क्योंकि कम्युनिस्टों ने व्लादिमीर इवाश्को के लिए मतदान किया।{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=52}} मतदान के दौरान, चोर्नोविल ने खुले तौर पर सोवियत संघ से यूक्रेन की स्वतंत्रता का आह्वान किया, यह तर्क देते हुए कि उस समय यूक्रेन का सामना कर रहे "आर्थिक, पर्यावरणीय और आध्यात्मिक तबाही" को समाप्त करने का यह एकमात्र संभव तरीका था।{{sfn|Kobuta|2020|pp=37–38}}
चोर्नोविल ने संघवाद की वकालत करना जारी रखा, मई 1990 के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि "कीवन केंद्रवाद" डोनबास में रूसी राष्ट्रवाद और ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट में रुसिन पहचान के उद्भव को जन्म देगा।{{sfn|Riabinin|2021|p=90}} उसी महीने, जैसे ही ग्रामीण ग्रीक कैथोलिक और रूढ़िवादी ईसाइयों के बीच संघर्ष छिड़ गया, ल्वीव ओब्लास्ट की सरकार ने यह निर्धारित करने के लिए गांवों में जनमत संग्रह कराने का प्रयोग किया कि किस संप्रदाय को चर्चों का नियंत्रण दिया जाएगा। चोर्नोविल द्वारा लिखे गए इस प्रस्ताव के अनुसार, बहुसंख्यक संप्रदाय अल्पसंख्यक की आस्था से संबंधित एक चर्च के निर्माण की जिम्मेदारी वहन करेगा। इस प्रणाली ने क्षेत्र में एक धार्मिक संघर्ष को उभरने से सफलतापूर्वक रोका।{{sfn|Yurash|2021|pp=134–135}}
12 जून 1990 को, रूस ने सोवियत संघ के भीतर राज्य संप्रभुता की घोषणा की। इसने डेमोक्रेटिक ब्लॉक द्वारा यूक्रेन की राज्य संप्रभुता की घोषणा पर मतदान पर जोर देने के प्रयासों को बढ़ावा दिया, जिसे कम्युनिस्ट प्रतिनिधियों ने अवरुद्ध कर दिया था। घोषणा पर 5 जुलाई की बहस के दौरान, चोर्नोविल और साथी गठबंधन सदस्य मायखाइलो बतिह ने कम्युनिस्टों पर पार्टी द्वारा मतदान करने का तरीका बताने का आरोप लगाया। चोर्नोविल ने बाद में खुलासा किया कि कई प्रतिनिधियों को एक स्वतंत्र सेना या कानूनी प्रणाली की स्थापना जैसे उपायों को खत्म करने के लिए संप्रभुता पर मसौदा कानून में संशोधन करने के निर्देश मिले थे। इस खुलासे से कार्यवाहक सर्वोच्च सोवियत अध्यक्ष इवान प्लियुश्च ने एक जांच शुरू की, जो यह पता चलने के बाद तेज हो गई कि कई प्रतिनिधियों ने निर्देशों को शब्दशः उद्धृत किया था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=57–59}}
चोर्नोविल और एक अज्ञात कम्युनिस्ट उप-प्रतिनिधि ने तब घोषणा पर मतदान शुरू करने का प्रयास किया। प्लियुश्च ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सोवियत संघ के पीपुल्स डिपुटीज के सदस्य अभी तक वापस नहीं आए थे और इसलिए कोरम असंभव था। जवाब में, चोर्नोविल ने सोवियत पीपुल्स डिपुटीज की तत्काल वापसी की मांग करने के लिए कदम उठाया, जिसे तब संप्रभुता-समर्थक कम्युनिस्टों द्वारा समर्थन दिया गया और बड़े अंतर से पारित किया गया। चार दिन बाद, प्रतिनिधि वापस आ गए और राज्य संप्रभुता की घोषणा पर बहस फिर से शुरू हो गई। घोषणा-विरोधी समूह का नेतृत्व स्टैनिस्लाव हुरेंको और लियोनिद क्रावचुक ने किया, जिन्होंने दावा किया कि संप्रभुता का मामला कीव के बजाय मॉस्को में हल किया जाएगा।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=59–61}}
[[File:Підняття українського прапора над Києвом, подія.JPG|alt=कार्यालय भवनों के सामने मुख्य रूप से यूक्रेनी झंडों के साथ प्रदर्शन कर रहे कई लोग|thumb|left|300px|मध्य कीव में यूक्रेन की संप्रभुता की घोषणा के समर्थन में प्रदर्शन, जुलाई 1990]]
इवाश्को ने सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के उप महासचिव बनने के लिए 11 जुलाई को अपने यूक्रेनी सरकारी पदों से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। यह कदम यूक्रेनी जनता के लिए एक सदमे के रूप में आया, क्योंकि सी॰पी॰एस॰यू॰ को ढहने के रूप में माना जाता था, और पार्टी की सेवा के लिए यूक्रेनी पदों से इवाश्को के इस्तीफे ने यूक्रेनी आबादी के प्रति उदासीनता का प्रदर्शन किया। इवाश्को के इस्तीफे के बाद, कम्युनिस्ट हतोत्साहित रह गए, जिससे चोर्नोविल को कार्यालय के माध्यम से घोषणा को आगे बढ़ाने की अनुमति मिली। यह अंततः 16 जुलाई 1990 को पारित किया गया था, जो सोवियत सरकार के कानूनों पर यूक्रेनी कानूनों को प्राथमिकता देता था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=61–63}} यह चोर्नोविल के लिए एक बड़ी जीत थी, जिन्होंने जुलाई 1989 से राज्य संप्रभुता की घोषणा की निजी तौर पर मांग की थी।{{sfn|Kobuta|2020|p=37}}
1990 के शेष भाग में यूक्रेनी जनभावना सरकार के खिलाफ मुड़ना जारी रही। छात्रों के विरोध की एक शृंखला, जिसे क्रांति पर ग्रेनाइट के रूप में जाना जाता है, अक्टूबर में शुरू हुई जब छात्रों के समूहों ने दावा किया कि सरकार ने डेमोक्रेटिक ब्लॉक को बहुमत हासिल करने से रोकने के लिए परिणामों में हेरफेर किया था। छात्रों ने कीव में अक्टूबर क्रांति स्क्वायर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी, और बाद में कम्युनिस्ट प्रतिनिधियों द्वारा उनका मज़ाक उड़ाया गया। इस असंवेदनशील रवैये ने लगभग सभी नरमपंथियों और राष्ट्रीय कम्युनिस्टों को लेखक ओल्स होन्चर के नेतृत्व का पालन करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी को छोड़ने के लिए प्रेरित किया। इन व्यक्तियों ने राष्ट्रीय-डेमोक्रेट्स की ओर दलबदल कर लिया, जिससे शेष कम्युनिस्टों को और कमजोर कर दिया।{{sfn|Pipash|2021|p=82}}
जनवरी की घटनाओं, जिसमें सोवियत सरकार ने लिथुआनिया को स्वतंत्र होने से रोकने के प्रयास में 16 जनवरी 1991 को सेना तैनात की, ने चोर्नोविल को अस्थायी रूप से सोवियत सेना से अलग यूक्रेनी सेना की स्थापना की दिशा में अपनी नीतियों को फिर से उन्मुख करने के लिए प्रेरित किया। इसे प्राप्त करने के लिए, उन्होंने इहोर डेरकाच, मायकोला पोरोव्स्की, विटाली लाज़ोर्किन और विलेन मार्टिरोसियन के साथ मिलकर 'रूख' के सैन्य कॉलेजियम की सह-स्थापना की, जिसे यूक्रेन के सशस्त्र बलों का निर्माण करने और सोवियत सरकार की कार्रवाई में यूक्रेनी सैनिकों के उपयोग को रोकने का काम सौंपा गया था।{{sfn|Lazorkin|2020|p=74}} चोर्नोविल ने 16 फरवरी 1991 को गैलिशियन असेंबली की दूसरी बैठक में गैलिशियन ओब्लास्ट के एकीकरण की वकालत करना जारी रखा, विशेष रूप से शिक्षा और अंतर-ओब्लास्ट व्यापार तक पहुंच का विस्तार करने में।{{sfn|Adamovych|2018|p=4}} चोर्नोविल ने मार्च 1991 के यूक्रेनी स्वतंत्रता जनमत संग्रह का भी निरीक्षण किया, जिसमें गैलिशियन ओब्लास्ट की अधिकांश आबादी ने सोवियत संघ से अलग होने के लिए मतदान किया।{{sfn|Fedyk|2019|p=137}}
=== स्वतंत्रता की घोषणा और राष्ट्रपति चुनाव ===
[[File:Chornovil5.JPG|alt=चोर्नोविल और एक अन्य व्यक्ति यूक्रेनी पारंपरिक कपड़े पहने कई महिलाओं के सामने और कई यूक्रेनी झंडों के नीचे खड़े हैं|thumb|1990 में क्रिवी रिह में चोर्नोविल]]
सुप्रीम सोवियत ने 5 जुलाई 1991 को एक कानून पारित किया जिसमें राष्ट्रपति का कार्यालय स्थापित किया गया, जिसके धारक को चुनाव द्वारा निर्धारित किया जाएगा।{{sfn|Law on Ukrainian SSR presidential elections 1991}}
सोवियत संघ के गोर्बाचेव के नेतृत्व का विरोध करने वाले कट्टरपंथियों ने 19 अगस्त 1991 को तख्तापलट (Coup d'état) शुरू किया। तख्तापलट के समय, चोर्नोविल एक व्यापार यात्रा पर ज़ापोरिज़्ज़िया शहर में थे। यह जानकर कि पुट्स (Putsch) हुआ था, वे तुरंत कीव लौट आए और यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की सर्वोच्च सोवियत के आपातकालीन सत्र का आह्वान करना शुरू कर दिया; उन्होंने ल्वीव ओब्लास्ट में कम्युनिस्ट पार्टी की गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। सुप्रीम सोवियत में, डेमोक्रेटिक ब्लॉक के प्रतिनिधियों ने यूक्रेनी स्वतंत्रता की वकालत करना शुरू कर दिया, यह तर्क देते हुए कि यूक्रेन यूरोप का हिस्सा था न कि सोवियत संघ का।{{sfn|Bohatchuk|2020|p=225}} तख्तापलट की विफलता के बाद, सुप्रीम सोवियत ने 24 अगस्त 1991 को यूक्रेन की स्वतंत्रता की घोषणा को अपनाया।{{sfn|Adamovych|2018|p=4}}
राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभियान आधिकारिक तौर पर 1 सितंबर 1991 को शुरू हुआ।{{sfn|Zolotariova 2021a}} राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक शिविर में तीन प्रमुख उम्मीदवार (चोर्नोविल, युखनोव्स्की और लेवको लुक्यानेंको) थे, जबकि क्रावचुक राज्य के प्रमुख के रूप में एक अच्छी तरह से स्थापित व्यक्ति थे।{{sfn|Potichnyj|1991|p=135}} दौड़ जल्द ही चोर्नोविल बनाम क्रावचुक के साथ एक प्रभावी दो-व्यक्ति अभियान में संकुचित हो गई, क्योंकि वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक संगठन के साथ एकमात्र उम्मीदवार थे। डेमोक्रेटिक ब्लॉक के युखनोव्स्की के नेतृत्व के बावजूद, वे बौद्धिक शहरी केंद्रों और पश्चिमी यूक्रेन के बाहर अलोकप्रिय थे, जबकि लुक्यानेंको, एक पसंदीदा स्वतंत्रता-समर्थक व्यक्ति होने के बावजूद, एक संगठित अभियान का अभाव था और यूक्रेन के अधिकांश हिस्सों में अज्ञात थे।{{sfn|Potichnyj|1991|pp=137–138}}
चोर्नोविल ने यूक्रेनी स्वतंत्रता का संदेश फैलाने के लिए पूरे यूक्रेन की यात्रा की, जिसमें क्रीमिया जैसे कट्टर रूसी-समर्थक क्षेत्र भी शामिल थे। दोनों भाषाओं में बोलकर रूसोफोन और यूक्रेनी-भाषा के दर्शकों दोनों से अपील करते हुए, चोर्नोविल ने एक ऐसे कार्यक्रम के लिए तर्क दिया जिसमें वे एक नियोजित अर्थव्यवस्था से मुक्त-बाजार पूंजीवाद में एक वर्ष के भीतर कई आदेशों और पश्चिमी निवेशकों का ध्यान आकर्षित करके संक्रमण करेंगे,{{sfn|Dahlburg|1991}} साथ ही यूरोपीय आर्थिक समुदाय और एक काल्पनिक अखिल-यूरोपीय सामूहिक सुरक्षा संगठन में सदस्यता लेंगे।{{sfn|Derevinskyi|2016|p=34}} चोर्नोविल ने क्रावचुक को "एक धूर्त राजनीतिज्ञ" के रूप में निंदा की जो "[यूक्रेन] को वापस [सोवियत संघ] में लाने की कोशिश कर रहा था," यह चेतावनी देते हुए कि वे रूस के साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को फिर से स्थापित करेंगे।{{sfn|Dahlburg|1991}}
[[File:1991 Ukrainian presidential election.svg|alt=1991 के यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों का एक रंगीन मानचित्र|thumb|[[1991 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव]] के परिणाम।
चोर्नोविल द्वारा जीते गए ओब्लास्ट नीले रंग में दिखाए गए हैं।]]
चोर्नोविल शुरू में अपने विश्वासों के खिलाफ दशकों के सोवियत प्रचार के कारण अलोकप्रिय थे, जिसे क्रावचुक ने पहले निर्देशित किया था।{{sfn|Dahlburg|1991}} नेशनल-डेमोक्रेट्स द्वारा एकल उम्मीदवार को नामित करने में असमर्थता ने भी इस विश्वास में योगदान दिया कि असंतुष्ट जनचेतना में शासन करने के लिए अयोग्य थे।{{sfn|Kulchynskyi|2023}} इसके बावजूद, चोर्नोविल के अभियान ने जनमत सर्वेक्षण में गैलिसिया के बाहर की खाई को धीरे-धीरे बंद करना शुरू कर दिया; नवंबर 1991 के एक पोल ने ओडेसा में क्रावचुक के 28% की तुलना में चोर्नोविल को 22% वोट के साथ दिखाया, जिसमें अनिर्णीत मतदाताओं की संख्या एक चौथाई से बढ़कर स्थानीय मतदाताओं की एक तिहाई हो गई।{{sfn|Dahlburg|1991}} उत्तर पश्चिमी यूक्रेन ने अक्टूबर से एक महत्वपूर्ण युद्ध के मैदान के रूप में काम किया, क्योंकि सर्वेक्षणों ने शुरू में एक व्यावहारिक टाई का पूर्वानुमान लगाया था और बाद में चोर्नोविल को थोड़ी बढ़त दी थी।{{sfn|Potichnyj|1991|p=136}}
यूक्रेनियनों ने राष्ट्रपति चुनाव और यूक्रेन की स्वतंत्रता की पुष्टि करने वाले जनमत संग्रह दोनों में 1 दिसंबर 1991 को मतदान किया। 84.18% आबादी ने जनमत संग्रह में भाग लिया, जिसमें 90.32% ने पक्ष में मतदान किया।{{sfn|Potichnyj|1991|p=129}} क्रावचुक ने चुनाव के 61.59% के साथ राष्ट्रपति चुनाव जीता। चोर्नोविल 23.27% वोट के साथ दूर दूसरे स्थान पर रहे, एक रनऑफ (Runoff) से बचते हुए। उत्तर पश्चिमी ओब्लास्ट में चोर्नोविल की जीत की पूर्व भविष्यवाणियों के विपरीत, उन्होंने अंततः केवल गैलिसिया में जीत हासिल की, हालांकि उन्होंने चेर्निवत्सी, चर्कासी, कीव, रिव्ने, वोलिन और ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट के साथ-साथ कीव शहर में अच्छा प्रदर्शन किया। चोर्नोविल ने चुनाव के दिन हार स्वीकार कर ली, कहा "चुनाव पूर्व अभियान ने मुझे पूरे यूक्रेन की यात्रा करने, लोगों से मिलने और पूर्व का राजनीतिकरण करने का अवसर दिया।"{{sfn|Potichnyj|1991|pp=134–135}} उन्होंने बाद में कहा कि 1991 में हुए संक्षिप्त अभियान के बजाय अभियान के एक और छह महीने ने जीत की अनुमति दी होती।{{sfn|Urban|1992|p=40}}
=== स्वतंत्र यूक्रेन ===
==== पार्टी शासन ====
राष्ट्रपति चुनाव के बाद, समूह के भविष्य को लेकर 'रूख' के भीतर दरारें आ गईं। ड्रेच और मिखाइलो होरिन के नेतृत्व में एक गुट ने संगठन को भंग करने और क्रावचुक के राष्ट्र निर्माण के प्रयासों का समर्थन करने की मांग की, जबकि चोर्नोविल और उनके समर्थकों ने चोर्नोविल की भविष्य की राष्ट्रपति महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए संगठन को एक पार्टी में सुधारने की मांग की।{{sfn|Potichnyj|1991|pp=138}} कई सदस्यों ने 'रूख' के चोर्नोविल के समर्थन को मात्र एक सिफारिश मानते हुए युखनोवस्की या लुक्यानेंको के पीछे अपना समर्थन दिया, जिससे अंतर्दलीय तनाव और बढ़ गया।{{sfn|Malynovskyi|2019|p=72}}
28 फरवरी 1992 को 'रूख' की तीसरी कांग्रेस में, संगठन में विभाजन को संक्षेप में टाल दिया गया था। दोनों गुटों के बीच एक समझौते के रूप में ड्रेच, होरिन और चोर्नोविल को 'रूख' के सह-अध्यक्षों के रूप में चुना गया था।{{sfn|Kulchytskyi|2020}} बहरहाल, यूक्रेनी रिपब्लिकन पार्टी और यूक्रेन की डेमोक्रेटिक पार्टी, जो 'रूख' से बनी थीं, ने क्रावचुक के साथ सहयोग करने का फैसला किया।{{sfn|Haran|Sydorchuk|2010}} अंततः दिसंबर 1992 में चौथी कांग्रेस में चोर्नोविल के गुट की जीत हुई क्योंकि 'रूख' को उनके नेतृत्व में एक केंद्र-दक्षिणपंथी राजनीतिक दल के रूप में पुनर्गठित किया गया था।{{sfn|Kulchytskyi|2020}}
==== क्रीमियन मुद्दा ====
[[File:Black Sea with the Crimea highlighted.svg|alt=काला सागर का एक मानचित्र, जिसमें क्रीमिया को हाइलाइट किया गया है|thumb|left|काला सागर के भीतर क्रीमिया का स्थान]]
सोवियत संघ के टूटने के कुछ ही समय बाद, क्रीमिया की जातीय-रूसी आबादी ने यूक्रेन से अलग होने और रूस के साथ एकीकरण करने की मांग की। 5 मई 1992 को, क्रीमिया ने एकतरफा रूप से यूक्रेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की, जिससे तनाव फैल गया। यूक्रेन के झंडे को रूस के झंडे से बदल दिया गया, और स्वदेशी क्रीमियन तातार आबादी के खिलाफ दमन की लहर शुरू हो गई।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=50}} चोर्नोविल, जिन्होंने अपने कारावास के बाद से क्रीमियन तातारों में रुचि बनाए रखी थी,{{sfn|Finnin|2022|pp=147–148}} ने [[यूक्रेन की संसद]] से क्रीमिया की स्वतंत्रता की घोषणा को रद्द करने और उसकी संसद के लिए नए चुनावों की मांग करने का आह्वान किया। कई वर्षों तक चले इस संकट के दौरान, वे इस मुद्दे पर आक्रामक (Hawkish) राजनेताओं में से थे।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=50}}
1993 तक, रूस क्रीमिया संकट में कूद पड़ा। रूस की सर्वोच्च सोवियत के उपाध्यक्ष वैलेंटाइन अगाफोनोव ने जनमत संग्रह द्वारा क्रीमिया की स्वतंत्रता की पुष्टि होने पर उसे मान्यता देने का संकल्प लिया। जून में, सेवस्तोपोल शहर ने भी रूसी संघ में शामिल होने के लिए आवेदन किया। अग्रणी रूसी-समर्थक कार्यकर्ता यूरी मेशकोव ने सोवियत काला सागर बेड़े से बनी एक सेना की व्यवस्था की और समर्थकों के साथ पुलिस और मीडिया भवनों पर नियंत्रण कर लिया।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=51}} एक समय पर, यूक्रेनी सरकार ने आर्थिक दबावों को कम करने के लिए सोवियत संघ से विरासत में मिले परमाणु शस्त्रागार को बेचने पर विचार किया,{{sfn|Schmemann|1992|p=10}} लेकिन अलगाव के खतरे और मॉस्को के व्यवहार ने यूक्रेनी आबादी को इस लेनदेन का विरोध करने के लिए प्रेरित किया। चोर्नोविल उन राजनेताओं में से थे जिन्होंने एक स्वतंत्र परमाणु शस्त्रागार, या वैकल्पिक रूप से नाटो की सदस्यता का समर्थन किया, जिसे उन्होंने रूसी विस्तारवाद के लिए एकमात्र संभावित निवारक के रूप में देखा था यदि यूक्रेन को परमाणु हथियार छोड़ने की आवश्यकता हो।{{sfn|Blank|1994|pp=10, 15}} उन्होंने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल में यूक्रेन की भागीदारी का विरोध किया, हालांकि 1997 की रूसी-यूक्रेनी मैत्री संधि के अनुसमर्थन का समर्थन किया।{{sfn|Derevinskyi|2013|pp=358-359,493}}
चोर्नोविल ने जोर देकर कहा कि तत्काल अवधि में क्रीमिया को लेकर युद्ध नहीं होगा; उनका मानना था कि आधे साल से एक साल के भीतर, क्रीमियाई अलगाववाद लोकप्रियता खो देगा और रूसी कार्य क्रीमियाई अलगाववादियों के वित्तपोषण और यूक्रेन के खिलाफ एक सूचना युद्ध अभियान तक सीमित रहेंगे। ये दोनों भविष्यवाणियाँ अंततः सटीक साबित होंगी। हालाँकि, उनका यह भी मानना था कि अलगाववाद का खतरा अभी भी वास्तविक था। उनका मानना था कि इसका मुकाबला केवल एक ऐसी रणनीति से किया जा सकता है जो यूक्रेन के रूसीकृत क्षेत्रों को एकल अखिल-यूक्रेनी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण की ओर धकेले - जिस पर कार्रवाई नहीं की गई थी। चोर्नोविल ने क्रीमियन स्वायत्तता का विरोध किया जैसा कि यह मौजूद था, जिसे वे कृत्रिम मानते थे क्योंकि यह हाल ही में प्रत्यावर्तित क्रीमियन तातार आबादी पर आधारित नहीं था बल्कि रूसियों पर आधारित था जो बड़े पैमाने पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहुंचे थे; उन्होंने यह भी सोचा कि प्रायद्वीप की विशेष स्थिति ने केवल संघर्ष को रोक दिया है।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=51}}
==== अर्थव्यवस्था पर विचार ====
स्वतंत्रता के पहले वर्षों में तेजी से बिगड़ती अर्थव्यवस्था को ठीक करना एक अत्यंत गंभीर मुद्दा था। समस्या पूर्व सोवियत संघ के भीतर बदलती आर्थिक वास्तविकताओं के अनुकूल होने में सरकार की विफलता और आयात के प्रभुत्व वाली यूक्रेन की अर्थव्यवस्था से उपजी थी। हाइपरइन्फ्लेशन शुरू हो गया और उत्पादकता गिर गई। इन राजनीतिक और आर्थिक संकटों ने कई प्रतिनिधियों के बीच यह आशंका पैदा कर दी कि यूक्रेन जल्द ही अपनी स्वतंत्रता खो देगा;{{sfn|Schmemann|1992|p=10}} इसके विपरीत, चोर्नोविल का मानना था कि यूक्रेन की संप्रभुता सुनिश्चित करने से राजनीतिक और आर्थिक स्थितियों में सुधार होगा। उन्होंने क्रावचुक का विरोध करना जारी रखा, जिनके साथ वे तीखी प्रतिद्वंद्विता बनाए रखते थे।{{sfn|Schmemann|1992|p=19}}
स्वतंत्र व्यापार संघों ने क्रावचुक की सरकार द्वारा श्रमिकों के लाभ और मुआवजे की गारंटी देने से इनकार करने से क्षुब्ध होकर 2 सितंबर 1992 को व्यापक हड़तालें शुरू कीं। 1989-1991 की हड़तालों की तरह हड़ताल करने वाले बड़े पैमाने पर कोयला खनिक थे, लेकिन पिछली हड़तालों के विपरीत वे व्यापक समर्थन हासिल करने में विफल रहे, इस तथ्य को लाफयेत्ते कॉलेज के प्रोफेसर स्टीफन क्रॉले इस कारण बताते हैं कि इसे स्थानीय, डोनबास-आधारित हड़ताल समितियों के बजाय राष्ट्रव्यापी संघ द्वारा बुलाया गया था। फरवरी 1993 में कोयला खनिकों के साथ कीव के सार्वजनिक परिवहन कर्मचारी भी शामिल हो गए, एक ऐसा उपाय जिसने हड़ताल को जनता के बीच गहराई से अलोकप्रिय बना दिया। पिछली हड़तालों के विपरीत, 'रूख' ने हड़तालियों की निंदा की और सरकार से "हड़ताल के असली आयोजकों को दंडित करने" का आह्वान किया। चोर्नोविल ने विशेष रूप से स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक गतिविधि, विशेष रूप से हड़तालों को कम करने का तर्क दिया।{{sfn|Crowley|1995|pp=54–55}}
==== 1994 के चुनाव ====
क्रावचुक की सरकार ने खनिकों के गुस्से को रोकने के लिए 17 जून 1993 को सुप्रीम राडा को भंग कर दिया और संसदीय और राष्ट्रपति चुनावों को जल्दी बुलाया।{{sfn|Zolotariova 2021b}}{{sfn|Stoliarova|Chernova|2021}} चोर्नोविल ने शुरू में संसदीय चुनाव में कीव सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें लगा कि यह उन्हें एक राष्ट्रीय व्यक्ति के रूप में स्थापित करेगा और उन्हें अपनी वैचारिक दृष्टि को फैलाने के लिए पूरे यूक्रेन का दौरा करने का अवसर देगा। उनके करीबी सहयोगी और दोस्त मिखाइलो बॉयच्यशिन को 'रूख' द्वारा ल्वीव के शेवचेंकिव्स्की जिले के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था। उस समय बॉयच्यशिन 'रूख' के सचिवालय के अध्यक्ष थे, और अधिक आर्थिक रूप से केंद्रित नीति के लिए पार्टी के मुख्य पैरोकारों में से एक थे।{{sfn|Olenin|2021}}
14 या 15 जनवरी 1994 को बॉयच्यशिन कीव में 'रूख' के चुनाव प्रचार मुख्यालय से निकले। बाद में उसी शाम, सशस्त्र व्यक्तियों द्वारा उनका अपहरण कर लिया गया{{sfn|Zdorovylo|2025}} या दो हथियारबंद व्यक्ति अभियान मुख्यालय भवन में दाखिल हुए और बॉयच्यशिन के ठिकाने के बारे में जानना चाहा।{{sfn|Olenin|2021}} वे तब से नहीं देखे गए हैं, और माना जाता है कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। बॉयच्यशिन का जबरन गायब होना यूक्रेन में एक महत्वपूर्ण क्षण (Watershed moment) था, पत्रकार एंड्री ओलेनिन के अनुसार यह राजनीति से प्रेरित गायब होने और हत्याओं की शृंखला में पहला था। बॉयच्यशिन के गायब होने के बाद, 'रूख' सामाजिक नीति और मानवाधिकारों पर ध्यान केंद्रित करने के पक्ष में एक आर्थिक कार्यक्रम को काफी हद तक छोड़ देगा।{{sfn|Olenin|2021}} बॉयच्यशिन के अपहरण के समय, चोर्नोविल दक्षिणी मायकोलाइव ओब्लास्ट में प्रचार कर रहे थे, और बॉयच्यशिन के "गायब" होने से कुछ समय पहले दोनों ने फोन पर बात की थी। बॉयच्यशिन के गायब होने का चोर्नोविल पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। उन्होंने बाद में कीव में एक सीट के बजाय 357वें चुनावी जिले में चुनाव लड़ने का विकल्प चुना, और वे 14 विरोधियों के खिलाफ 62.5% वोट के साथ सफलतापूर्वक चुने गए{{sfn|2nd Verkhovna Rada}}।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}
संसदीय चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति चुनाव में क्रावचुक की संभावनाओं के लिए खराब संकेत दिया: 75% आबादी ने मतदान किया, जो कम मतदान और उदासीनता की उम्मीदों से कहीं अधिक था। पूर्वी यूक्रेन, जिसने नव-पुनर्स्थापित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ यूक्रेन के उम्मीदवारों को चुना, और मध्य और पश्चिमी यूक्रेन के बीच एक विभाजन विकसित हुआ, जहाँ 'रूख' ने विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन किया। चुनाव के बाद ''[[द न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' ने कहा कि पूर्व प्रधान मंत्री लियोनिद कुचमा और इवान प्लियुश्च के साथ-साथ चोर्नोविल को क्रावचुक का एक अपेक्षित प्रतियोगी माना जाता था, जिन्होंने क्रावचुक के संभावित विरोधियों के रूप में स्थापित होने के बाद महत्वपूर्ण अंतर से जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद, क्रावचुक ने 25 मार्च 1994 के संबोधन में तर्क दिया कि जून 1994 के लिए निर्धारित राष्ट्रपति चुनाव को रद्द करने की आवश्यकता होगी और आर्थिक सुधारों और संगठित अपराध से लड़ने के लिए आपातकालीन शक्तियां प्रदान करने के लिए सुप्रीम राडा में याचिका दायर की।{{sfn|Erlanger|1994}}
120 प्रतिनिधियों, जो बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक विपक्ष से संबंधित थे, ने क्रावचुक को चुनावों को रद्द करने और अधिक शक्तियां प्राप्त करने के उनके प्रयासों में अपना समर्थन दिया। 'रूख' ने इस औचित्य के तहत चुनावों को स्थगित करने के क्रावचुक के आह्वान का अनिच्छा से समर्थन किया कि चुनाव कानूनों में सुधार के बिना ऐसा नहीं करने से राजनीतिक संकट पैदा होगा, हालांकि चोर्नोविल ने उनकी शक्तियों के विस्तार का समर्थन करने से इनकार कर दिया और तर्क दिया कि वे इसका इस्तेमाल पूर्व कम्युनिस्ट अधिकारियों को सशक्त बनाने और रूस को परमाणु हथियार और काला सागर बेड़े दोनों सौंपने के लिए सहमत होने के लिए करेंगे। चोर्नोविल ने तर्क दिया कि राष्ट्रपति शक्तियों का विस्तार करने से "कुलीनतंत्र की एक मूक तानाशाही" का उदय होगा। अंततः, कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ क्योंकि चुनाव के बाद कम्युनिस्टों ने सर्वोच्च राडा के नेतृत्व पर नियंत्रण कर लिया और चुनाव स्थगित करने या रद्द करने के किसी भी प्रयास को अवरुद्ध कर दिया।{{sfn|Kuzio|1996|pp=120–121}}
संसदीय चुनाव में अपनी चुनावी सफलता के बावजूद, चोर्नोविल ने 1994 के राष्ट्रपति चुनाव में नहीं लड़ने का फैसला किया और इसके बजाय अर्थशास्त्री वलोडिमिर लानोवी का समर्थन किया,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} जिन्हें आर्थिक संकट को समाप्त करने के लिए सुधारों का प्रस्ताव देने के बाद क्रावचुक द्वारा सरकार से हटा दिया गया था।{{sfn|Erlanger|1994}} पत्रकार और 'रूख' के सहयोगी तारास ज़दोरोविलो ने दावा किया है कि यह संभव है कि यह निर्णय उनके जीवन और 'रूख' के भविष्य के डर से लिया गया हो; ज़दोरोविलो के अनुसार, चोर्नोविल ने जेल में अपने समय के संपर्कों का उपयोग यूक्रेनी माफिया के प्रमुख हस्तियों से गुप्त रूप से मिलने के लिए किया, जिन्होंने जिम्मेदारी से इनकार किया और दावा किया कि सरकार ने बॉयच्यशिन के अपहरण का आदेश दिया था।{{sfn|Zdorovylo|2025}} इस आरोप को 2013 में 'रूख' के प्रेस सचिव दिमित्रो पोनोमारचुक ने दोहराया था।{{sfn|Olenin|2021}} ज़दोरोविलो का यह भी कहना है कि क्रावचुक की सरकार ने चुनाव के दौरान 'रूख' के वित्त में राजनीति से प्रेरित जांच शुरू की और चोर्नोविल और पार्टी के उच्च-रैंकिंग सदस्य ओलेक्ज़ेंडर लवरिनोविच दोनों को एक सुरक्षा एस्कॉर्ट के तहत रखा, जिसने उनकी बातचीत की निगरानी की।{{sfn|Zdorovylo|2025}}
==== दूसरा संसदीय कार्यकाल ====
[[File:Zernovol 2.jpg|alt=चोर्नोविल और पाश्को अन्य व्यक्तियों के बीच खड़े हैं|thumb|300px|अक्टूबर 1995 में कीव हाउस ऑफ़ सिनेमा की यात्रा के दौरान चोर्नोविल और उनकी पत्नी एटेना पाश्को]]
लियोनिद कुचमा ने चुनाव में क्रावचुक को हराया, और यूक्रेन के दूसरे राष्ट्रपति बने। स्वतंत्र मीडिया पर कुचमा की बाद की कार्रवाई ने चोर्नोविल को उनकी सरकार के प्रमुख आलोचकों में से एक बना दिया।{{sfn|Marusenko|1999}} यद्यपि कुचमा की जीत के परिणामस्वरूप सत्ता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित हो गई, लेकिन राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया; देश पूर्व-कम्युनिस्ट ''नोमेनक्लातुरा'' द्वारा नियंत्रित रहा, जिसे चोर्नोविल 1996 में "सत्ता की पार्टी" के रूप में संदर्भित करेंगे, और उनसे जुड़े औद्योगिक कुलीन वर्गों का एक उभरता हुआ वर्ग। चोर्नोविल कुलीन वर्गों के आलोचक थे, सैनिकों, डॉक्टरों और शिक्षकों को वेतन का भुगतान न करने, संस्कृति और विज्ञान के लिए कम धन और टेलीविज़न प्रोग्रामिंग की खराब गुणवत्ता के लिए उन्हें दोषी ठहराते थे। उन्होंने कुलीन वर्गों पर "गैर-यूक्रेनी यूक्रेन" के भीतर एक निर्दलीय प्रणाली बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया, जिसमें सत्ता इसके बजाय एक महानगरीय वित्तीय अभिजात वर्ग में निहित होगी।{{sfn|Derevinskyi|2021|pp=20–21}}
स्वतंत्र यूक्रेन के लिए संविधान का मसौदा तैयार करने और उसका अनुसमर्थन करने की प्रक्रिया 1995 में शुरू हुई। चोर्नोविल, यूक्रेन के अधिकांश अन्य दक्षिणपंथी और मध्यमार्गी राजनेताओं की तरह, खुद को कुचमा के साथ गठबंधन में पाया क्योंकि संसदीय वामपंथियों ने भूमि की बिक्री और खरीद को रोकने और सोवियत युग के स्थानीय सरकारी निकायों के संरक्षण के लिए संवैधानिक लेखों पर जोर दिया। चोर्नोविल ने 25 मार्च 1995 को संकेत दिया कि उन्होंने कुचमा के प्रस्तावित संविधान का समर्थन किया है, हालांकि पत्रकार यूरी लुकानाव का कहना है कि उन्होंने व्यक्त किया कि इसके अंगीकरण पर 'रूख' को "ग्यारह गंभीर आपत्तियां" थीं।{{sfn|Lukanov|2023}}
कुचमा के प्रस्तावित संविधान को ओलेक्ज़ेंडर मोरोज़ द्वारा एक अत्यधिक-केंद्रीकृत राज्य बनाने के रूप में वर्णित किया गया था जिसमें कार्यपालिका के लिए मजबूत शक्तियां थीं और एक स्वतंत्र न्यायपालिका का अभाव था। उन्होंने सबसे पहले कुचमा के संविधान को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मार्च में "ऐसा अलोकतांत्रिक संविधान यूरोप में कहीं नहीं है"। हालाँकि, उस वर्ष जून में, मोरोज़ ने "संवैधानिक आयोग" के हिस्से के रूप में कुचमा और 38 अन्य व्यक्तियों के साथ दूसरा संवैधानिक मसौदा तैयार किया। इस मसौदे को बदले में दाएं और मध्य द्वारा उसी कारण से खारिज कर दिया गया था जिस कारण मोरोज़ ने पहले मसौदे को खारिज कर दिया था। 24 नवंबर को, चोर्नोविल ने ''चास-टाइम'' समाचार पत्र में लिखा कि मसौदा "संसदीय विरोधी" था और मसौदा तैयार करने वालों पर सुप्रीम राडा को बाधित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।{{sfn|Lukanov|2023}} अंततः 28 जून 1996 को एक संविधान अपनाया गया, हालांकि निजी संपत्ति के अधिकार, एक एकात्मक राज्य के रूप में यूक्रेन की पुष्टि और आत्मनिर्णय के लिए यूक्रेनी लोगों के अधिकार जैसे 'रूख' द्वारा समर्थित कई प्रावधानों को नहीं अपनाया गया।{{sfn|Lukanov|2023}}
संविधान के अलावा, चोर्नोविल ने 1994 में वासिल सिमोनेनको इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में काम करना शुरू किया। उसी वर्ष उन्हें [[यूरोप की परिषद|यूरोप की परिषद की संसदीय सभा]] में पहले यूक्रेनी प्रतिनिधियों में से एक के रूप में भी नियुक्त किया गया था,{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=138}} और यूक्रेनी रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ प्रथम चेचन युद्ध के दौरान चेचन नागरिकों को 50 टन मानवीय सहायता के दान का आयोजन किया।{{sfn|Pustovhar|2024}} समाचार पत्र ''गाज़ेटा.यूए'' ने 2017 में लिखा था कि पैट्रिआर्क वलोडिमिर के अंतिम संस्कार के दौरान चोर्नोविल यूक्रेनी रूढ़िवादी चर्च - कीव पैट्रिआर्कट के समर्थकों में से थे, जिनके साथ उन्हें कैद किया गया था, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें सेंट सोफिया कैथेड्रल में दफनाने का प्रयास किया था,{{sfn|Gazeta.ua 2017}} हालांकि यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान इंगित करता है कि इसके बजाय उन्होंने दफन जारी रखने की मांग की थी।{{sfn|Ukrainian Institute of National Memory}} चोर्नोविल ने अपने राष्ट्रपति पद के शुरुआती वर्षों में कई मौकों पर कुचमा की सरकारी पदों पर राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक नेताओं की नियुक्ति के लिए प्रशंसा की।{{sfn|Bondarenko|2002}} चोर्नोविल ने 14 से 16 सितंबर 1994 तक ओडेसा का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने 'रूख' की राजनीति और ऐतिहासिक भूमिका पर ओडेसा नेशनल पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में एक सम्मेलन की मेजबानी की। ओडेसा पॉलिटेक्निक में चोर्नोविल के भाषण ने लोकतांत्रिक मानदंडों को मजबूत करने और आर्थिक सुधारों के माध्यम से एक मध्यम वर्ग के निर्माण की वकालत की। उसी समय, उन्होंने उभरते हुए कुलीनतंत्र की अपनी आलोचना जारी रखी।{{sfn|Honcharuk|2018|p=45}}
1997 में, चोर्नोविल ने मोरोज़ के साथ अपने विवाद को बढ़ा दिया, उनके भाषणों को "आदिम लोकलुभावनवाद" के रूप में निंदा की और यूक्रेन में राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ाने के लिए उन्हें दोषी ठहराया।{{sfn|Suspilne 1997}} चोर्नोविल ने अन्य मध्य और पूर्वी यूरोपीय राज्यों के साथ यूक्रेनी एकीकरण की वकालत भी तेजी से की, बेलारूसी असंतुष्ट ज़ियानोन पज़नियाक के साथ एक "बाल्टिक-ब्लैक सी यूनियन", या मिज़्मोरिया की स्थापना का आह्वान किया। उन्होंने अतिरिक्त रूप से काला सागर के विसैन्यीकरण और नाटो में यूक्रेनी सदस्यता की वकालत की। अमेरिकी विदेश मंत्री मेडेलीन अलब्राइट, पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री मार्गरेट थैचर और चेक राष्ट्रपति वाक्लाव हावेल जैसे पश्चिमी सहयोगियों ने कई मौकों पर चोर्नोविल से मुलाकात की, और पश्चिमी नेताओं द्वारा यूक्रेन के बड़े पैमाने पर पूर्व कम्युनिस्ट नेतृत्व की तुलना में उन्हें तेजी से अधिक भरोसेमंद वार्ताकार के रूप में माना जाने लगा।{{sfn|Bila|2021}} चोर्नोविल एक समर्पित अटलांटिसवादी थे, और उन्होंने यूक्रेन के नाटो और [[यूरोपीय संघ]] दोनों का सदस्य बनने की वकालत की। उन्होंने यूक्रेन को यूरोपीय एकीकरण के लिए अभिन्न माना।{{sfn|Derevinskyi|p=118}}
मुट्ठी भर अन्य राजनेताओं के साथ, चोर्नोविल ने 1997 में चेचन गणराज्य इचकेरिया के राष्ट्रपति के रूप में असलान मस्खादोव के उद्घाटन में भाग लिया।{{sfn|Ukraina Moloda 2011}} 'रूख' ने उसी वर्ष अक्टूबर में औपचारिक रूप से कुचमा के शासन के विरोध में खुद को घोषित किया।{{sfn|Gawdiak|2003|p=7}}
==== 1998 के चुनाव ====
[[File:Вибори до ВР України 1998.svg|alt=1998 के यूक्रेनी संसदीय चुनाव के परिणामों का एक रंगीन मानचित्र|thumb|left|1998 के यूक्रेनी संसदीय चुनाव के परिणामों का मानचित्र; 'रूख' (टीयल रंग में दिखाया गया) ने पश्चिमी यूक्रेन में वोट पर हावी रहा]]
चोर्नोविल ने फिर से 1998 के संसदीय चुनाव में 'रूख' का नेतृत्व किया, इस बार पार्टी के आनुपातिक प्रतिनिधित्व सूची में पहले उम्मीदवार के रूप में चल रहे थे।{{sfn|3rd Verkhovna Rada}} चुनाव के दौरान, 'रूख' ने संघवाद पर अपना रुख बदल दिया, चोर्नोविल ने तर्क दिया कि यूक्रेन को एक संघीय गणराज्य बनने के लिए आह्वान "कबीले संघवाद" थे।{{sfn|Semkiv|2014}} चोर्नोविल के साथ वलोडिमिर चेर्नियाक, विदेश मंत्री हेनादिय उदोवेंको, ड्रेच और पर्यावरण मंत्री यूरी कोस्टेंको प्रमुख पार्टी-सूची के उम्मीदवारों के रूप में, क्रीमियन तातार कार्यकर्ता मुस्तफा दज़ेमिलेव के साथ शामिल हुए। 'रूख' ने चुनाव लड़ने के लिए किसी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं किया, हालांकि इसके उम्मीदवारों में गैर-सरकारी संगठनों जैसे 'प्रोस्विता' और 'यूक्रेनी महिला संघ' के सदस्य शामिल थे। पार्टी ने आम तौर पर वामपंथ के खिलाफ प्रचार किया।{{sfn|Gawdiak|2003|p=7}} चोर्नोविल ने वामपंथी और दक्षिणपंथी 'कांग्रेस ऑफ यूक्रेनी नेशनलिस्ट्स' के खिलाफ गठबंधन बनाने के लिए सभी राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक दलों का आह्वान किया, साथ ही कुचमा-समर्थक पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और 'सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ यूक्रेन (यूनाइटेड)' के साथ एक महागठबंधन का भी तर्क दिया।{{sfn|Ukraina Moloda 2011}} किसी भी दल ने चोर्नोविल के गठबंधन के अनुरोधों पर सहमति नहीं जताई।{{sfn|Smiian|2017}}
यद्यपि वे सुप्रीम राडा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थे, परिणाम 'रूख' के लिए सकारात्मक था, जिसने 1994 की तुलना में अपनी सीटें दोगुनी कर दीं।{{sfn|Bilyk|2019|p=39}} सामान्य रूप से दक्षिणपंथियों के लिए, हालांकि, चुनाव निराशाजनक था, क्योंकि केवल 'रूख' ने पार्टी-सूची प्रतिनिधित्व के लिए 4% की सीमा पार की और सामान्य रूप से दक्षिणपंथियों ने 20-25% सीटों के अपने पारंपरिक परिणाम से कम प्रदर्शन किया।{{sfn|Birch|Wilson|1999|p=280}} 'रूख' ने चुनाव के बाद अवैध के रूप में चुनाव परिणामों को चुनौती देने के अपने इरादे की घोषणा की। यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी फिर से सुप्रीम राडा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई, जिसमें वामपंथी दलों ने बहुमत बनाया। हालांकि उन्होंने नोट किया कि परिणाम दक्षिणपंथियों के लिए पिछले चुनाव जितने खराब नहीं थे,{{sfn|Gawdiak|2003|p=5}} चोर्नोविल अभियान से थक गए थे और लगातार थके हुए होने की सार्वजनिक छवि प्राप्त की।{{sfn|Smiian|2017}} उस समय, वे 'चास-टाइम' और राजनीति के बीच प्रतिबद्धताओं को संतुलित करने के कारण प्रतिदिन पाँच घंटे से अधिक नहीं सो रहे थे। ल्वीव ओब्लास्ट में, उनके पारंपरिक समर्थन आधार और पूरे यूक्रेन में हुए निजीकरण के खिलाफ एक होल्डआउट में, 'रूख' की सरकार को एग्रेरियन पार्टी द्वारा बदल दिया गया था, जिसके तहत किकबैक, मनी लॉन्ड्रिंग और व्यापारिक विवादों के परिणामस्वरूप हिंसा से जुड़े राजनीतिक घोटाले आम हो गए।{{sfn|Kushnir|2011}}
==== नौवीं कांग्रेस, 1999 राष्ट्रपति चुनाव, 'रूख' में विभाजन ====
12 से 13 दिसंबर 1998 तक आयोजित 'रूख' की नौवीं कांग्रेस में, चोर्नोविल ने 1999 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति की घोषणा की। "फॉरवर्ड्स, टू द ईस्ट" नामक, इसमें पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन की आबादी पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया गया था, जबकि यूक्रेनी के साथ सह-आधिकारिक भाषा के रूप में रूसी की स्थापना के लिए अपना विरोध बनाए रखा।{{sfn|Adamovych|2018|p=24}}
उसी कांग्रेस में, चोर्नोविल ने 1999 के चुनाव में दूसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के अपने इरादे की घोषणा की। चोर्नोविल और हेनादिय उदोवेंको राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित होने वाले 'रूख' के दो प्राथमिक उम्मीदवार थे; अंतिम निर्णय बाद की तारीख में लिया जाना था।{{sfn|Hai-Nyzhnyk|2012}} केंद्र-दक्षिणपंथी रिफॉर्म्स एंड ऑर्डर पार्टी के नेता विक्टर पिन्ज़ेनिक के अनुसार, उन्होंने और चोर्नोविल ने यूक्रेन के नेशनल बैंक के गवर्नर विक्टर युशचेंको को 1999 में राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ने के लिए मनाने का भी प्रयास किया।{{sfn|Espreso TV 2018}}
इस समय तक, 'रूख' के उन सदस्यों के बीच विभाजन तेजी से स्पष्ट हो रहा था जो चोर्नोविल को एक पुरानी शख्सियत मानते थे और वे जो उनका समर्थन करते थे। पार्टी के भीतर चोर्नोविल के विरोधियों ने उन्हें अति-सत्तावादी, पार्टी नियमों का अनादर करने वाला{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} और कुचमा के बहुत करीब माना;{{sfn|Ovsiienko|2022|p=146}} चोर्नोविल के समर्थकों ने भी उनके विरोधियों को कुचमा के बहुत करीब माना{{sfn|Ovsiienko|2022|p=146}} और पैसे वाले हितों द्वारा समर्थित माना।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=3}} यूक्रेनी इतिहासकार पावलो हाई-न्यज़्न्यक ने कहा है कि चोर्नोविल ने जनवरी 1999 में राष्ट्रपति पद के नामांकन से अपना नाम वापस ले लिया{{sfn|Hai-Nyzhnyk|2012}} और जेम्सटाउन फाउंडेशन के अनुसार उन्होंने उदोवेंको का समर्थन किया,{{sfn|Jamestown Foundation 1999}} हालांकि चोर्नोविल के बेटे तारास ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि वे अपनी मृत्यु तक राष्ट्रपति पद के लिए प्रचार कर रहे थे।{{sfn|Khalupa|2004}}
यह विभाजन फरवरी 1999 में अपने चरम पर पहुंच गया। यूरी कोस्टेंको ने 'रूख' के एक दल का नेतृत्व करते हुए 17{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} या 19 फरवरी{{sfn|Koshiw|1999}} की संसदीय बैठक में चोर्नोविल को नेता के पद से हटाने की घोषणा की, और 27 फरवरी को अपने समर्थकों की बैठक में खुद को पार्टी का नेता घोषित किया।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} चोर्नोविल ने 22 फरवरी के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया जहाँ उन्होंने उनकी तुलना स्टेट कमेटी ऑन द स्टेट ऑफ़ इमरजेंसी से की, जिसने 1991 के सोवियत तख्तापलट का नेतृत्व किया था और उन पर यूक्रेनी सरकार से प्रति माह $40,000 लेने, 'रूख' कार्यालय से 4,000 रिव्निया लेने और 'रूख' पीपुल्स डिप्टी ओलेह इश्चेंको से दस लाख डॉलर की रिश्वत लेने का आरोप लगाया। ''कीव पोस्ट'' के उप संपादक जारोस्लाव कोशिव ने 25 फरवरी के एक राय लेख में लिखा था कि कोस्टेंको के दलबदल के बाद केवल 17 प्रतिनिधि ही चोर्नोविल के प्रति वफादार रहे।{{sfn|Koshiw|1999}}
'रूख' से जुड़े कई समाचार पत्र इस झगड़े से विभाजित हो गए; 11 ने चोर्नोविल का समर्थन किया, जबकि पाँच ने कोस्टेंको का समर्थन किया। ''दज़ेरकालो त्ज़न्ह्या'' ने एक स्वतंत्र रुख अपनाया, लेकिन आम तौर पर कुचमा और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार येवहेन मार्चुक के साथ विभाजन के लिए चोर्नोविल को दोषी ठहराया।{{sfn|Ovsiienko|2022|p=145}} चोर्नोविल और उनके अनुयायी विभाजन के बाद कोस्टेंको के गुट के प्रति तिरस्कारपूर्ण थे; लेस् तनयुक ने कहा कि "ये वे लोग हैं जो अभी अपने मर्सिडीज पाने और अपने डाचा बनाने के लिए अधिक चिंतित हैं", जबकि चोर्नोविल ने कोस्टेंको के अधिग्रहण के प्रयास को "पार्टी का निजीकरण" बताया और कुचमा और सरकार को विभाजन को व्यवस्थित करने के लिए दोषी ठहराया।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=3}}
चोर्नोविल की मौत से जुड़ी 2012 की अदालती कार्यवाही में, उदोवेंको ने गवाही दी कि फरवरी 1999 में रूसी संघीय सुरक्षा सेवा (FSB) द्वारा नियोजित एक यूक्रेनी नागरिक व्याचेस्लाव बाबेन्को ने उनसे संपर्क किया था। उदोवेंको के अनुसार, बाबेन्को ने उन्हें चेतावनी दी थी कि रूसी खुफिया एजेंसियों को शामिल करते हुए चोर्नोविल के जीवन पर एक प्रयास होगा। चोर्नोविल ने बाबेन्को की चेतावनी को डराने-धमकाने का प्रयास बताकर खारिज कर दिया। चोर्नोविल की मौत की जांच करने का काम सौंपे गए आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक कर्मचारी मायकोला स्टेपनेन्को ने बाबेन्को को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में उल्लेख किया जिसे चोर्नोविल की दैनिक दिनचर्या और यात्रा योजनाओं का पर्याप्त ज्ञान था।{{sfn|Ukrainska Pravda 2012}}
चोर्नोविल ने 24 फरवरी को 'रूख' के संसदीय गुट का नाम बदलकर "पीपुल्स मूवमेंट ऑफ यूक्रेन - 1" कर दिया। 28 फरवरी को, कोस्टेंको के समर्थकों ने 'रूख' की दसवीं कांग्रेस के रूप में संदर्भित किया, जिसके दौरान उन्होंने घोषणा की कि चोर्नोविल को आधिकारिक तौर पर नेता के पद से हटा दिया गया है और पार्टी के विरोध की अवधि को "समान भागीदारी" में से एक द्वारा बदल दिया जाएगा। चोर्नोविल के अनुयायियों की एक कांग्रेस, जिसे चोर्नोविल द्वारा नौवीं कांग्रेस के "दूसरे चरण" के रूप में संदर्भित किया गया था, 7 मार्च को आयोजित की गई थी और इसमें 'रूख' विधानसभा के 520 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, जो पार्टी के क़ानून के तहत दो-तिहाई आवश्यकता से अधिक था।{{sfn|Ovsiienko|2022|pp=147–148}}
== मृत्यु और अंतिम संस्कार ==
24 मार्च 1999 को, चोर्नोविल किरोवोह्राद शहर में एक अभियान कार्यक्रम में थे, या तो अपने लिए या उदोवेंको के लिए।{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1}} किरोवोह्राद में रहते हुए, उन्होंने एक साक्षात्कार दिया जहाँ उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि यूक्रेन के वित्तीय और संगठित अपराध कुलों ने इसे नष्ट करने और वित्तीय पूंजी के और संचय को सुरक्षित करने के प्रयास में 'रूख' को लक्षित किया था। उन्होंने आगे दावा किया कि कुचमा केवल अपने विरोधियों की हत्या करके या उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ करके ही जीत सकते हैं। उनके आखिरी फोन कॉल का विवरण विवादित है; उनकी बहन वेलेंटीना ने कहा है कि उन्होंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और 'रूख' के विभाजन को "हमारे पीछे" बताया,{{sfn|Fedunyshyn|2019|pp=138–139}} जबकि कोस्टेंको ने आरोप लगाया कि उन्होंने संकेत दिया कि उन्होंने अपना मन बदल लिया है और राष्ट्रपति पद के लिए उदोवेंको के बजाय उनका समर्थन करना चाहते हैं।{{sfn|Perevozna|2007}}
25 मार्च 1999 की मध्यरात्रि से ठीक पहले,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} चोर्नोविल किरोवोह्राद से कीव लौट रहे थे, उनके साथ सहयोगी येवहेन पावलोव और 'रूख' के प्रेस सचिव दिमित्रो पोनोमारचुक थे। बोरिस्पिल से पांच किलोमीटर दूर, 140 किमी/घंटा की गति से यात्रा करते हुए,{{sfn|Yasynskyi|2021}} चोर्नोविल की टोयोटा कोरोला अनाज ले जाने वाली एक कामाज़ लॉरी से टकरा गई, जो राजमार्ग पर एक मोड़ पर रुक रही थी। चोर्नोविल और पावलोव दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पोनोमारचुक को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।{{sfn|Karatnycky|2024|p=45}}
[[File:Будинок учителя, Київ.jpg|alt=कांच की छत वाली एक ईंट की इमारत|thumb|कीव सिटी टीचर्स हाउस, जो कभी सेंट्रल राडा की सीट थी, जहाँ चोर्नोविल का अंतिम संस्कार हुआ था]]
चोर्नोविल का अंतिम संस्कार 29 मार्च को कीव के सिटी टीचर्स हाउस (जहाँ 1917 में यूक्रेनी जनवादी गणराज्य की घोषणा की गई थी) में आयोजित किया गया था,{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1}} जिसमें एक जुलूस बैकोव कब्रिस्तान में उनके दफनाने से पहले सेंट वलोडिमिर के कैथेड्रल की यात्रा कर रहा था।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}{{sfn|Woronowycz 1999b|p=4}} ''[[द गार्जियन]]'' ने बताया कि "दसियों हज़ार यूक्रेनियन" मौजूद थे;{{sfn|Marusenko|1999}} मिलिशिया ने 10,000 के आंकड़े का दावा किया; जबकि ''द यूक्रेनी वीकली'' ने लिखा कि लगभग 50,000 लोग "उस अंतिम संस्कार में शामिल हुए जिसे कई लोग इस शहर [कीव] में अब तक का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार मानते हैं"। उन्हें राज्य सम्मान गार्ड के साथ-साथ एक सैन्य ऑर्केस्ट्रा भी दिया गया था। यूक्रेन के अधिकांश राजनीतिक अभिजात वर्ग अंतिम संस्कार में मौजूद थे, जिनमें क्रावचुक (जो अपनी लंबी प्रतिद्वंद्विता के बावजूद चोर्नोविल के अंतिम संस्कार में रोए थे), कुचमा, प्रधान मंत्री वालेरी पुस्टोवोइटेंको, और सुप्रीम राडा के अध्यक्ष ओलेक्ज़ेंडर टकाचेंको, साथ ही कई पूर्व असंतुष्ट और कम्युनिस्ट पार्टी (पेट्रो सिमोनेन्को के नेतृत्व में) और प्रोग्रेसिव सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ यूक्रेन (नतालिया विट्रेंको के नेतृत्व में) के उल्लेखनीय अपवादों के साथ लगभग सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे।{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1, 4}}
=== षड्यंत्र के सिद्धांत और जांच ===
चोर्नोविल की मृत्यु में यूक्रेनी सरकार की भागीदारी का संदेह लगभग तुरंत उभर आया,{{sfn|archives.gov.ua}} जो चोर्नोविल की विवादास्पद प्रकृति और आगामी राष्ट्रपति चुनाव से भड़क गया था। आंतरिक मामलों के मंत्री यूरी क्रावचेंको ने चोर्नोविल की मृत्यु की शाम को एक टेलीविज़न भाषण में कहा कि चोर्नोविल की मृत्यु की जांच में हत्या पर विचार नहीं किया जाएगा। उनके दफन से पहले, टैन्युक और क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी के डिप्टी विटाली ज़ुरावस्की दोनों ने आरोप लगाया कि चोर्नोविल की हत्या कर दी गई थी, जबकि पत्रकार सेरही नाबोका ने उल्लेख किया कि उनकी मृत्यु की परिस्थितियाँ सोवियत नेताओं के राजनीतिक विरोधियों की अन्य संदिग्ध मौतों के समान थीं।{{sfn|Woronowycz 1999c|p=5}} लॉरी चालक पर शुरू में लापरवाही का आरोप लगाया गया था,{{sfn|Karatnycky|2024|p=45}} लेकिन एक महीने के भीतर उसे आम माफी दे दी गई,{{sfn|archives.gov.ua}} और लॉरी के एक यात्री की अस्पष्ट परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} करतनीकी, कुचमा के 1999 के अभियान के एक अनाम सदस्य का हवाला देते हुए, नोट करते हैं कि कुचमा के अन्य गैर-कम्युनिस्ट प्रतिद्वंद्वी उनके खिलाफ गठबंधन बनाने में विफल रहे, जिसके कारण अंततः उनकी जीत हुई;{{sfn|Karatnycky|2024|pp=46–47}} यूक्रेनी राजनीतिक वैज्ञानिक तारास कुज़ियो ने इसी तरह चोर्नोविल की मृत्यु के बाद कुचमा और येवहेन मार्चुक को राष्ट्रपति पद के लिए एकमात्र गंभीर गैर-वामपंथी दावेदारों के रूप में वर्णित किया।{{sfn|Kuzio|2007|p=34}}
चोर्नोविल की मृत्यु की जांच करने का पहला प्रयास अप्रैल 1999 में एक सुप्रीम राडा आयोग के साथ शुरू हुआ।{{sfn|BBC News 1999}} 2004-2005 की ऑरेंज क्रांति के बाद, कुचमा के उत्तराधिकारी विक्टर युशचेंको ने घोषणा की कि 23 अगस्त 2006 को चोर्नोविल की एक प्रतिमा के उद्घाटन समारोह में चोर्नोविल की मौत की परिस्थितियों की जांच फिर से शुरू की जाएगी।{{sfn|BBC News Ukrainian 2006}} 6 सितंबर 2006 को, आंतरिक मामलों के मंत्री यूरी लुट्सेंको ने घोषणा की कि चोर्नोविल की हत्या कर दी गई थी और इसे साबित करने वाले सबूत अभियोजक जनरल को सौंप दिए गए थे।{{sfn|Radio Ukraine 2006}} अभियोजक जनरल ऑलेक्ज़ेंडर मेदवेदको ने मामले के बारे में लुट्सेंको के बयानों को "हल्के ढंग से, अव्यवसायिक" बताकर आलोचना की, और आरोप लगाया कि जानकारी एक ऐसे व्यक्ति से आई है जिसे धोखाधड़ी के लिए दोषी ठहराया गया है और जिसके लिए इंटरपोल नोटिस जारी किया गया था।{{sfn|Yakhno|2006}} तब से, चोर्नोविल की मृत्यु की जांच को बार-बार बंद किया गया है और बिना यह निष्कर्ष निकाले फिर से खोला गया है कि चोर्नोविल एक हत्या की साजिश के शिकार थे या एक साधारण कार दुर्घटना के। बोरिस्पिल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने घोषणा की कि जनवरी 2014 में कोई हत्या की साजिश मौजूद नहीं थी और मामला बंद कर दिया, लेकिन मार्च 2015 तक यह फिर से अभियोजक जनरल के कार्यालय द्वारा जांच का विषय था।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} 2019 तक, मामला जांच के अधीन रहा।{{sfn|Bellezza|2019|p=104}}
== विरासत ==
[[File:Vyacheslav Chornovil money.jpg|alt=चोर्नोविल के चेहरे को दर्शाने वाला एक सिक्का|thumb|चोर्नोविल को दर्शाने वाला 2-रिव्निया का स्मारक सिक्का]]
[[File:Stamp 2008 Chornovil.jpg|alt=एक स्टैम्प पर चोर्नोविल का एक पेंसिल चित्र|thumb|चोर्नोविल के सम्मान में यूक्रेनी टिकट, 2008]]
अपने जीवनकाल में, चोर्नोविल एक अत्यंत विवादास्पद व्यक्ति रहे। 1991 के चुनाव में उनके विरोधियों में से एक, वलोडिमिर ह्रीनीव ने 1992 में कहा था कि मतदाताओं को चोर्नोविल के राष्ट्रवादी दृष्टिकोण के अविश्वास और यह विश्वास कि वे यहूदी-विरोधी और रूसी-विरोधी थे, के कारण क्रावचुक का समर्थन करने के लिए लुभाया गया था; चोर्नोविल ने इन दावों को खारिज कर दिया, दावा किया कि "रोजमर्रा की जिंदगी में कोई यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) नहीं है" और यह देखते हुए कि ल्वीव की अधिकांश जातीय-रूसी आबादी ने यूक्रेनी स्वतंत्रता का समर्थन किया था।{{sfn|Clarity|1992}} UHS के सह-नेता के रूप में, चोर्नोविल और पार्टी के अन्य नेताओं के अधिक कट्टरपंथी कम्युनिस्ट-विरोधी दृष्टिकोण ने सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी की मारियाना कोलिनचॉक के अनुसार, पार्टी में अतिवाद का लेबल ला दिया।{{sfn|Kolinchak|2007|p=5}} दाईं ओर, अधिक कट्टरपंथी राष्ट्रवादियों, जैसे कि ज़ेनोविय क्रासिव्स्की ने, राजनीतिक आदर्श के रूप में स्वतंत्रता को तुरंत अपनाने के बजाय, 1980 के दशक के अंत में सोवियत राजनीतिक संरचनाओं के भीतर काम करने के लिए चोर्नोविल और लुक्यानेंको की आलोचना की।{{sfn|Kuzio|1997|p=223}} 'रूख' के भीतर, एक सत्तावादी नेता के रूप में चोर्नोविल की धारणाओं के कारण दो विभाजन (1993 और 1999 में) हुए।{{sfn|Parfionov|1999|p=77}}
''द गार्जियन'' के एक पत्रकार पीटर मारुसेंको ने चोर्नोविल के अंतिम संस्कार की रिपोर्टिंग करते समय तर्क दिया कि यूक्रेनी इतिहास में उनके योगदान को कई यूक्रेनियन द्वारा उनकी मृत्यु के बाद तक मान्यता नहीं दी गई थी।{{sfn|Marusenko|1999}} 2017 की अपनी पुस्तक ''द नियर एब्रॉड'' में, प्रोफेसर ज़बिग्न्यू वोज्नोव्स्की ने चोर्नोविल को 20वीं सदी के शुरुआती और मध्य के राष्ट्रवादी नेता स्टीफन बांदेरा के विपरीत "यूक्रेन की अधिक समावेशी दृष्टि, स्पष्ट रूप से यूरोपीय समर्थक और कानून के शासन और संसदीय लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता से एकजुट" के रूप में वर्णित किया, और कहा कि 2013-2014 के यूरोमैडन विरोध प्रदर्शनों के दौरान चोर्नोविल का एक बड़ा पोस्टर मौजूद था।{{sfn|Wojnowski|2017|pp=207–208}} वोज्नोव्स्की ने चोर्नोविल की "सुधारवादी देशभक्ति" की विचारधारा को परिभाषित किया है, जो यूक्रेन को सुधारों का पालन करने और मध्य यूरोप के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बनाए रखने की वकालत करता है, जो कि यूरोमैडन और ऑरेंज क्रांति के बाद यूक्रेनी समाज में फैल गया।{{sfn|Wojnowski|2017|p=212}}
अधिक आलोचनात्मक रूप से, दार्शनिक और लेखक पेट्रो क्रालियुक द्वारा 2017 के 'रेडियो लिबर्टी' लेख में चोर्नोविल पर "रोमांटिसिज्म" के बदले राजनीतिक वास्तविकताओं को नज़रअंदाज़ करने और राजनीति के प्रति एक भोला रवैया रखने का आरोप लगाया गया है। विशेष रूप से, क्रालियुक 1991 के चुनाव में हार के बाद क्रावचुक के साथ काम करने से इनकार करने और संघवाद में चोर्नोविल के विश्वास को रचनात्मक नहीं मानते हैं।{{sfn|Kraliuk|2017}}
एक यूक्रेनी राज्य को फिर से स्थापित करने में उनके महत्व की मान्यता में, चोर्नोविल को 2000 में मरणोपरांत [[यूक्रेन के हीरो]] की उपाधि से सम्मानित किया गया था।{{sfn|Ukrainian Institute of National Memory 2017}} उन्हें 1996 में उनकी खोजी पत्रकारिता, विशेष रूप से उनके ''समिज्दात'' (उनमें से ''कोर्ट ऑफ लॉ या अ रिटर्न ऑफ द टेरर?'' और ''वूम फ्रॉम विट'') के लिए शेवचेंको राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था,{{sfn|Hrytsenko}} और 1997 में ऑर्डर ऑफ प्रिंस यारोस्लाव द वाइज से सम्मानित किया गया था।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} उन्हें दो बार सर्वकालिक दस सबसे लोकप्रिय यूक्रेनियनों में स्थान दिया गया है। 2008 के ''वेलीकी उक्रेन्त्सी'' पोल में, उन्हें यूक्रेन के सातवें सबसे लोकप्रिय व्यक्ति के रूप में स्थान दिया गया था, जिसमें 2.63% सर्वेक्षण वाले व्यक्तियों ने उन्हें सर्वकालिक महान यूक्रेनी के रूप में नामित किया था।{{sfn|Inter 2008}} 2022 के "पीपुल्स टॉप" पोल में, वे नौवें सबसे लोकप्रिय यूक्रेनी थे, जिसमें पिछले मतदान से संकेत मिलता था कि उनका समर्थन 2012 में 3.5% से बढ़कर 2022 में 8.7% हो गया था।{{sfn|People's Top 2022}}
2003 में, यूक्रेन के नेशनल बैंक ने चोर्नोविल को समर्पित 2 रिव्निया के नाममात्र के साथ एक स्मारक सिक्का जारी किया।{{sfn|National Bank of Ukraine}} 2009 में, चोर्नोविल को समर्पित एक यूक्रेनी स्टैम्प जारी किया गया था।{{sfn|Ukrinform 2008}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[अनसुलझी मौतों की सूची]]
* [[यूक्रेन के सर्वोच्च राडा के सदस्यों की सूची जिनकी पद पर मृत्यु हो गई]]
== नोट्स ==
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== सन्दर्भ ==
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=== पुस्तकें ===
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* {{Cite book |last=Adamovych |first=Serhii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=8–12 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Ставлення Народного Руху України до національних меншин напередодні здобуття державної незалежності |trans-chapter=Attitude of the People's Movement of Ukraine towards national minorities on the eve of the attainment of state independence|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Bazhan |first=Oleh |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=31–36 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл як об'єкт секретної справи КДБ «Блок» |trans-chapter=Viacheslav Chornovil as an object of the KGB's secret 'Bloc' case|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Bilyk |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=14–18 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Мовна політика в діяльності лідерів НРУ |trans-chapter=Language politics in the activities of the leaders of the NRU}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Вячеслав Чорновіл. Твори в десяти томах. Том 5. публіцистика, документи, матеріали «Справи No.196» (1970–1984) |publisher=Smoloskyp |year=2007 |isbn=978-966-7332-87-7 |editor-last=Chornovil |editor-first=Valentyna |location=Kyiv |page=911 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil: Works in Ten Books. Book 5: Publications, Documents, and Materials of "Case No. 196" (1970–1984)}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Вячеслав Чорновіл. Твори в десяти томах. Том 6. Документи та матеріали (листопад 1985 – квітень 1990) |publisher=Smoloskyp |year=2009 |isbn=978-966-2164-07-7 |editor-last=Chornovil |editor-first=Valentyna |location=Kyiv |pages=1051 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil: Works in Ten Books. Book 6: Documents and Materials (November 1985–April 1990)}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Шлях до незалежності: суспільні настрої в Україні кін. 80-х рр. ХХ ст. Документи і матеріали. До 20-ї річниці незалежності України |publisher=[[Institute of History of Ukraine]] |year=2011 |isbn=978-966-02-5425-1 |editor-last=Smoliy |editor-first=Valeriy |editor-link=Valeriy Smoliy |location=Kyiv |pages=81–83 |language=uk |trans-title=Path to Independence: Public attitudes in late 1980s Ukraine: Documents and Materials: to the 20th anniversary of Ukrainian independence |chapter=Лист-відповідь В. Чорновола «Ось же вона, охоронна журналістика!» Любомирі Петрівні та Миколі Яковичу (авторам статті «Під маскою борців за гласність» / Вільна Україна, 20.12.1987 р.) |trans-chapter=V. Chornovil's letter response "Here it is, secure journalism!" to Lyubomira Petrivna and Mykola Yakovych (authors of the article "Under the Mask of Fighters for Glasnost" / Free Ukraine, 20.12.1987)}}
* {{Cite book |last=Danylenko |first=Viktor |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=25–30 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Політичний нагляд за діяльністю В. Чорновола в роки «перебудови» (друга половина 1980-х рр.) |trans-chapter=Political supervision of V. Chornovil's activities in the Perestroika years (second half of the 1980s)}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |url=https://irbis-nbuv.gov.ua/ulib/item/ukr0000015008 |title=В'ячеслав Чорновіл |publisher=Family Leisure Club |year=2017 |location=Kharkiv |pages=383 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil |ref={{sfnRef|Derevinskyi 2017a}}}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=47–55 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл та кримське питання |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the Crimean question|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=17–23 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл: П'ятиріччя незалежності та неукраїнська Україна |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: Five Years of Independence and a Non-Ukrainian Ukraine}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=197–203 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Правозахисна діяльність В. Чорновола у 1960–1970-х рр. |trans-chapter=Human rights activities of V. Chornovil in the 1960s and 1970s|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=137–142 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл і Народний Рух України |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the People's Movement of Ukraine}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=117–121 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Емоційно-психологічний світ Вячеслава Чорновола |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's emotional and psychological world}}
* {{Cite book |last=Fedyk |first=Lidiia |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=132–136 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Особливості «вирішення національного питання» в УРСР крізь призму поглядів В. Чорновола |trans-chapter=Idiosyncracies of the "solution to the national question" in the Ukrainian SSR through the prism of V. Chornovil's views}}
* {{Cite book |last=Finnin |first=Rory |title=Blood of Others: Stalin's Crimean atrocity and the poetics of solidarity |publisher=[[University of Toronto Press]] |year=2022 |isbn=978-1-4875-3700-5 |location=Toronto |pages=334 |jstor=10.3138/j.ctv2p7j53j |lccn=2024391355}}
* {{Cite book |last=Hai-Nyzhnyk |first=Pavlo |author-link=Pavlo Hai-Nyzhnyk |title=Українська багатопартійність: політичні партії, виборчі блоки, лідери (кінець 1980-х – початок 2012 рр.). Енциклопедичний довідник |publisher=I. F. Kuras Institute of Political and Ethnonational Studies, National Academy of Sciences of Ukraine |year=2012 |location=Kyiv |pages=274–280 |language=uk |trans-title=Ukrainian Multi-Partisanship: Political Parties, Electoral Blocs, Leaders (Late 1980s–Early 2012): an Encyclopedic Overview |chapter=Народний Рух України |trans-chapter=People's Movement of Ukraine |chapter-url=https://hai-nyzhnyk.in.ua/doc/2012doc..n2.php}}
* {{Cite book |last=Honcharuk |first=Hryhorii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=45–46 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл в Одесі |trans-chapter=Viacheslav Chornovil in Odesa|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Karatnycky |first=Adrian |title=Battleground Ukraine: From Independence to the War with Russia |publisher=[[Yale University Press]] |year=2024 |isbn=978-0-300-26946-8 |location=New Haven and London |pages=346 |lccn=2023949848}}
* {{Cite book |last=Wojnowski |first=Zbigniew |title=The Near Abroad: Socialist Eastern Europe and Soviet Patriotism in Ukraine, 1956–1985 |publisher=[[University of Toronto Press]] |year=2017 |isbn=9781442631069 |location=Toronto, Buffalo, London |pages=317 |doi=10.3138/9781442631069}}
* {{Cite book |last=Kobuta |first=Stepan |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=36–40 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Майбутній державно-політичний устрій та система владних відносин в Україні у бачення В.Чорновола у 1988–1991 роках |trans-chapter=The future state-political organisation and system of governing relations in Ukraine in the vision of V. Chornovil, 1988–1991|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Kozhanov |first=Andrii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=41–45 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Нонконформізм і протестні настрої на Одещині (1960–1980 рр.) |trans-chapter=Non-conformism and protest moods in Odeshchyna (1960–1980)|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last1=Kozhanov |first1=Andrii |last2=Shypotilova |first2=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=32–35 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Неформальна преса як форма діяльності українських націонал-демократичних сил на завершальному етапі «перебудови» |trans-chapter=Informal press as a form of activity of Ukrainian National-Democratic forces at the final stage of perestroika}}
* {{Cite book |last=Krupnyk |first=Liuba |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=43–49 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Роль Вячеслава Чорновола в ході Української національго-демократичної революції кінця 1980-х – 1991 років |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's role during the Ukrainian National-Democratic revolution of the late 1980s–1991}}
* {{Cite book |last=Kulchytskyi |first=Stanislav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=50–63 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Діяльність Вячеслава Чорновола під час суверенізації радянської України (1990) |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's activities during the sovereigntisation of Soviet Ukraine (1990)}}
* {{Cite book |last=Lazorkin |first=Vitalii |author-link=Vitalii Lazorkin |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=63–76 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл. Деякі сторінки з історії творення збройних сил України |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: Some pages on the history of the Armed Forces of Ukraine's establishment|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Malynovskyi |first=Valentyn |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=71–77 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вплив ІІІ Всеукраїнських Зборів НРУ на подальший розвиток організації |trans-chapter=Influence of the Third All-Ukrainian Assembly of the NRU on further development of the organisation}}
* {{Cite book |last=Marples |first=David R. |url=https://link.springer.com/book/10.1007/978-1-349-10880-0 |title=Ukraine under Perestroika: Ecology, Economics and the Workers' Revolt |publisher=University of Alberta Press |year=1991 |isbn=9780888642295 |pages=243 |author-link=David R. Marples |doi=10.1007/978-1-349-10880-0 }}
* {{Cite book |last=Marynovych |first=Myroslav |author-link=Myroslav Marynovych |id={{Project MUSE|84843|type=book}} |title=The Universe behind Barbed Wire: Memoirs of a Ukrainian Soviet Dissident |publisher=University of Rochester Press |year=2021 |isbn=978-1-78744-832-2 |editor-last=Younger |editor-first=Katherine |location=Rochester |pages=453 |translator-last=Hayuk |translator-first=Zoya }}
* {{Cite book |last=Matiash |first=V. I. |title="Я вірую в свій народ!": До 80-річчя від дня народження В.М. Чорновола |publisher=Oles Honchar Poltava Regional Children's Library |year=2017 |location=Poltava |pages=41 |language=uk |trans-title="I Believe in my People!": to the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil}}
* {{Cite book |last=Melnykova-Kurhanova |first=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=78–83 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Правозахисна публіцистика та діяльність Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The human rights writing and activity of Vyacheslav Chornovil}}
* {{Cite book |last=Ostrovskyi |first=Valerii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=105–117 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл і Зіновій Красівський: переплетіння доль і звершень |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and Zinovii Krasivskyi: intertwined fates and achievements |ref={{sfnRef|Ostrovskyi 2018a}}|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Ostrovskyi |first=Valerii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=118–127 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Трактування історії України в епістолярній спадщині Вячеслава Чорновола |trans-chapter=Interpretations of the history of Ukraine in the epistolary heritage of Vyacheslav Chornovil |ref={{sfnRef|Ostrovskyi 2018b}}|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Parfionov |first=Aleksandr |url=https://books.google.com/books?id=810jAQAAIAAJ |title=Between Russia and the West: Foreign and Security Policy of Independent Ukraine |publisher=[[Peter Lang (publisher)|Peter Lang]] |year=1999 |isbn=9780820446295 |editor-last=Spillman |editor-first=Kurt R. |series=Studies in Contemporary History and Security Policy |volume=2 |pages=75–94 |chapter=Foreign and Security Policy Views of Relevant Ukrainian Political Forces |issn=1422-8327 |editor-last2=Wenger |editor-first2=Andreas |editor-last3=Müller |editor-first3=Derek}}
* {{Cite book |last=Paska |first=Bohdan |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=132–144 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Взаємини Вячеслава Чорноволо та Валентина Мороза: від співпраці до конфронтації |trans-chapter=Relations between Vyacheslav Chornovil and Valentin Moroz: from cooperation to confrontation|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Pipash |first=Volodymyr |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=79–140 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Націонал-комунізм та національно орієнтовані комуністи в Україні (60-ті – 80-ті рр. ХХ ст.) |trans-chapter=National communism and the national orientation of communists in Ukraine (1960s–1980s)}}
* {{Cite book |last=Riabinin |first=Yevhen |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=89–92 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Ідеї В.Чорновола стосовно державно-територіального устрою України |trans-chapter=V. Chornovil's ideas regarding the state and territorial structure of Ukraine}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Другі Чорновілські читання. Матеріали наукової конференції, присвяченої 75-й річниці з дня народження В'ячеслава Чорновола |year=2014 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Ternopil |pages=127–137 |language=uk |trans-title=Second Chornovil Readings: Materials of the Scientific Conference celebrating the 75th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=В'ячеслав Чорновіл: на роздоріжжі шістдесятницта |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: at the crossroads of the sixties}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=174–184 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл і криза дисидентства у період перебудови|trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the crisis of dissent in the perestroika period|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=124–131 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Концепція антикомунісичної революції Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Conception of Viacheslav Chornovil's Anticommunist Revolution}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=123–136 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Шевченкіана Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Shevchenkiana of Viacheslav Chornovil|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=93–103 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Драгоманівський контекст ідеї федералізму Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Drahomanov context of Viacheslav Chornovil's ideas of federalism}}
* {{Cite book |last=Shanovska |first=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=143–146 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Еволюція світоглядних позицій В. Чорновола: від комуністичної прихильності до категоричного неприйняття радянської ідеології |trans-chapter=Evolution of the position of V. Chornovil's worldview: from communist participation to categorical rejection of Soviet ideology}}
* {{Cite book |last=Yurash |first=Andrii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=134–140 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Релігійні та етнонаціональні політики в сучасній Україні: плюралізм чи хаос? |trans-chapter=Religious and ethno-national politics in modern Ukraine: pluralism or chaos?}}
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=== जर्नल लेख ===
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* {{Cite journal |last=Adamovych |first=Serhii |date=2018 |title=Vyacheslav Chornovil – intelektual, polityk, tvorets novitnoyi Ukrayinskoyi derzhavnosti |trans-title=Viacheslav Chornovil: an intellectual, a politician and the creator of modern Ukrainian statehood |url=http://lib.pnu.edu.ua:8080/handle/123456789/4255 |journal=Beskedy |language=uk |pages=5 |isbn=978-966-457-176-7 |via=Precarpathian National University Repository |archive-date=15 March 2022 |access-date=3 February 2025 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220315130315/http://lib.pnu.edu.ua:8080/handle/123456789/4255 |url-status=live}}
* {{Cite journal |last=Bellezza |first=Simone A. |date=Winter 2019 |title=The "Transnationalization" of Ukrainian Dissent: New York City Ukrainian Students and the Defense of Human Rights, 1968–80 |url=https://muse.jhu.edu/pub/28/article/717541/pdf |journal=[[Kritika: Explorations in Russian and Eurasian History]] |volume=20 |issue=1 |pages=99–120 |doi=10.1353/kri.2019.0005 |via=Project MUSE |url-access=subscription}}
* {{Cite journal |last1=Birch |first1=Sarah |author-link1=Sarah Birch |last2=Wilson |first2=Andrew |author-link2=Andrew Wilson (historian) |date=1999 |title=The Ukrainian parliamentary elections of 1998 |url=https://www.academia.edu/8365169 |journal=Electoral Studies |volume=18 |issue=2 |pages=276–282 |doi=10.1016/S0261-3794(98)00050-X |via=Academia.edu}}
* {{Cite book |last=Blank |first=Stephen J. |date=1 July 1994 |title=Proliferation and Nonproliferation in Ukraine: Implications for European and U.S. Security |chapter=Implications for European and U.S. Security |journal=[[Strategic Studies Institute]] |publisher=[[United States Army War College]] |pages=36 |jstor=resrep11595}}
* {{Cite journal |last=Bociurkiw |first=Bohdan R. |author-link=Bohdan Bociurkiw |date=June 1970 |title=The Chornovil Papers. by Vyacheslav Chornovil and Frederick C. Barghoorn: Dear Comrade: Pavel Litvinov and the Voices of Soviet Citizens in Dissent |journal=[[Slavic Review]] |volume=29 |issue=2 |pages=343–344 |doi=10.2307/2493419 |jstor=2493419}}
* {{Cite journal |last=Bohatchuk |first=S. S. |date=April 2020 |title=V. Chornovil. "Velykyy lider velykoyi natsiyi" |trans-title=V. Chornovil: "The great leader of a great nation" |journal=Scientific Journal Virtus |language=uk |volume=43 |pages=223–226}}
* {{Cite journal |last=Chornovil |first=Viacheslav |date=March 1976 |title=My trial |journal=[[Index on Censorship]] |volume=5 |issue=1 |pages=57–69 |doi=10.1080/03064227608532501}}
* {{Cite journal |last=Crowley |first=Stephen |date=March 1995 |title=Between Class and Nation: Worker Politics in the New Ukraine |journal=Communist and Post-Communist Studies |publisher=[[University of California Press]] |volume=28 |issue=1 |pages=43–69 |doi=10.1016/0967-067x(95)00005-f |jstor=45301918}}
* {{Cite journal |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2007 |title=Pratsi V. Chornovola - "Pravosuddya chy retsydyvy teroru?" ta "Lykho z rozumu" yak dzherelo do vyvchennya radyanskykh represiy 1965-1966 rr. |trans-title=Viacheslav Chornovil's works "Court of Law or a Return of the Terror?" and "Woe from Wit" as a source of study of the 1965–1966 Soviet repressions |url=https://ekmair.ukma.edu.ua/handle/123456789/14339 |journal=Magisterium |language=uk |publisher=[[National University of Kyiv-Mohyla Academy]] |volume=28 |pages=37–42}}
* {{Cite web |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2013 |title=Hromadsko-politychna ta derzhavotvorcha diyalnist Vyacheslava Chornovola|trans-title=Public, political and state-building activities of Vyacheslav Chornovil|language=Ukrainian|publisher=PhD diss., [[Kyiv National University of Construction and Architecture]]|url=https://enpuir.udu.edu.ua/entities/publication/6fa4d828-9786-41f8-b196-3e4e3a5389db}}
* {{Cite journal |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2015 |title=Ukrainian Human Rights Organization (1971–1972) |url=https://oaji.net/articles/2015/739-1426694509.pdf |journal=European Journal of Social and Human Sciences |volume=5 |issue=1 |pages=19–23 |issn=1339-6773 |eissn=1339-875X}}
* {{Cite journal |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2016 |title=Zovnishnopolitychni priorytety V. Chornovola |trans-title=Foreign policy priorities of V. Chornovil |url=https://www.academia.edu/106480094 |journal=Historical and Political Studies |volume=1 |issue=5 |pages=32–37 |via=Academia.edu}}
* {{Cite journal |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2023 |title=Vyacheslav Chornovil i pytannya suverenitetu: vid ideyi do deklaratsiyi pro derzhavnyy suverenitet Ukrayiny |trans-title=Viacheslav Chornovil and the issue of sovereignty: from the idea to the declaration of state sovereignty of Ukraine |url=https://www.academia.edu/108849595 |journal=History Pages |language=uk |issue=56 |pages=328–340 |doi=10.20535/2307-5244.56.2023.288789 |doi-access=free}}
* {{Cite journal |last=Gawdiak |first=Natalie |date=April 2003 |title=The 1998 Ukrainian Parliamentary Election |url=https://tile.loc.gov/storage-services/service/ll/llglrd/2019669442/2019669442.pdf |journal=The Law Library of Congress |publisher=[[Library of Congress]] |pages=10}}
* {{Cite journal |last=Kuzio |first=Taras |date=June 1996 |author-link=Taras Kuzio |title=Kravchuk to Kuchma: The Ukrainian presidential elections of 1994 |journal=The Journal of Communist Studies and Transition Politics |volume=12 |issue=2 |pages=117–144 |doi=10.1080/13523279608415306 |doi-access=free}}
* {{Cite journal |last=Kuzio |first=Taras |date=June 1997 |title=Radical Nationalist Parties and Movements in Contemporary Ukraine Before and After Independence: The Right and Its Politics, 1989–1994 |url=https://www.cambridge.org/core/journals/nationalities-papers/article/abs/radical-nationalist-parties-and-movements-in-contemporary-ukraine-before-and-after-independence-the-right-and-its-politics-19891994/11EFDD3605247437554F3417BD152EA9 |journal=Nationalities Papers |volume=25 |issue=2 |pages=211–242 |doi=10.1080/00905999708408500 |url-access=subscription}}
* {{Cite journal |last=Kuzio |first=Taras |date=2007 |title=Oligarchs, Tapes and Oranges: 'Kuchmagate' to the Orange Revolution |journal=Journal of Communist Studies and Transition Politics |volume=23 |issue=1 |pages=30–56 |doi=10.1080/13523270701194839 |issn=1352-3279 |eissn=1743-9116 |doi-access=free}}
* {{Cite journal |last1=Lykhobova |first1=Zoia |last2=Kuzina |first2=Kseniia |date=April 2009 |title=Lypnevi strayky 1989 roku v shakhtarskykh mistakh Donbasu |trans-title=The July strikes of 1989 in the mining cities of the Donbas |url=http://dspace.nbuv.gov.ua/handle/123456789/85577 |journal=Ukraine in the 20th Century: Culture, Ideology, Politics |language=uk |volume=15 |issue=1 |pages=155–170 |via=Scientific Electronic Library of Periodical Publications of the National Academy of Sciences of Ukraine |archive-date=30 August 2024 |access-date=30 August 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240830052846/http://dspace.nbuv.gov.ua/handle/123456789/85577 |url-status=dead}}
* {{Cite journal|last=Muravskyi|first=O. I.|title=Halytska asambleya (1991): vytoky, spekulyatsiyi, ukhvaly|trans-title=The Galician assembly (1991): origins, speculations, resolutions|date=2019|journal=Ukraine: Cultural Heritage, National Identity, Statehood|language=Ukrainian|issue=32|pages=139–148|url=http://jnas.nbuv.gov.ua/article/UJRN-0001098594}}
* {{Cite journal |last=Ovsiienko |first=Stanislav |date=2022 |title=«Розкол» Народного Руху України в 1999 році: ретроспективний аналіз |trans-title=The "split" of the People's Movement of Ukraine in 1999: a retrospective analysis |url=https://dspace.onu.edu.ua/server/api/core/bitstreams/69428480-e899-46ba-a907-f0b1207499d3/content |journal=Dialog: Mediastudios |language=uk |issue=28 |pages=143–159 |doi=10.18524/2308-3255.2022.28.268495 |via=Odesa University Electronic Archive Repository |doi-access=free}}
* {{Cite journal |last=Poberezhets |first=Hanna |date=2011 |title=V. M. Chornovil: zhyttya, diyalnist ta tvorchist |trans-title=V. M. Chornovil: Life, work and art |url=https://dspace.mnau.edu.ua/jspui/handle/123456789/15380 |journal=Scientific Journal of Mykolaiv National University |language=uk |volume=3 |issue=31 |pages=285–290 |via=Mykolaiv National Academy of Sciences}}
* {{Cite journal |last=Poberezhets |first=Anna |date=2013 |title=Uchast V. Chornovola ta Narodnoho Rukhu Ukrayiny v derzhavotvorchykh protsesakh 90-kh rr. XX st. |trans-title=Participation of V. Chornovil and the People's Movement of Ukraine in state-building processes in the 1990s |url=http://dspace.tnpu.edu.ua/handle/123456789/3975 |journal=Scientific Notes of Ternopil Volodymyr Hnatiuk National Pedagogical University: History Series |language=uk |volume=1 |issue=1 |pages=114–118}}
* {{Cite journal |last=Potichnyj |first=Peter J. |author-link=Peter Potichnyj |date=June 1991 |title=The Referendum and Presidential Elections in Ukraine |journal=[[Canadian Slavonic Papers]] |publisher=[[Taylor & Francis]] |volume=33 |issue=2 |pages=123–138 |doi=10.1080/00085006.1991.11091956 |jstor=40869291}}
* {{Cite journal |last=Urban |first=George |date=Spring 1992 |title=The Awakening |journal=[[The National Interest]] |issue=27 |pages=39–47 |jstor=42896806}}
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=== समाचार लेख और अन्य संसाधन ===
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* {{cite web |title=Chornovil, Viacheslav Maksymovych |url=https://static.rada.gov.ua/zakon/new/NEWSAIT/DEPUTAT1/264.htm |website=Verkhovna Rada |access-date=27 February 2025 |language=uk |ref={{sfnRef|1st Verkhovna Rada}} |archive-date=23 January 2025 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250123191847/https://static.rada.gov.ua/zakon/new/NEWSAIT/DEPUTAT1/264.htm |url-status=live}}
* {{cite web |title=Chornovil, Viacheslav Maksymovych |url=http://w1.c1.rada.gov.ua/pls/radan_gs09/d_ank_arh?kod=35102 |website=Verkhovna Rada |access-date=22 December 2014 |language=uk |archive-date=21 August 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130821122337/http://w1.c1.rada.gov.ua/pls/radan_gs09/d_ank_arh?kod=35102 |url-status=live |ref={{sfnRef|2nd Verkhovna Rada}}}}
* {{cite web |title=People's Deputy of Ukraine of the III convocation |url=http://w1.c1.rada.gov.ua/pls/radan_gs09/d_ank_arh?kod=52703 |website=Verkhovna Rada |access-date=22 December 2014 |language=uk |archive-date=4 March 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304070740/http://w1.c1.rada.gov.ua/pls/radan_gs09/d_ank_arh?kod=52703 |url-status=live |ref={{sfnRef|3rd Verkhovna Rada}}}}
* {{Cite web |title=Journalists and writers in prison |url=https://www.amnesty.org/fr/wp-content/uploads/2021/06/act730051977en.pdf |access-date=19 May 2024 |website=[[Amnesty International]] |ref={{sfnRef|Amnesty International 1977}}}}
* {{Cite web |title=V. Chornovil: Fatal Car Accident, Ugly Story |url=http://www.archives.gov.ua/Sections/Ukraineomni/prechornovil.htm |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160303233412/http://www.archives.gov.ua/Sections/Ukraineomni/prechornovil.htm |archive-date=3 March 2016 |website=Orange Revolution: Democracy Emerging in Ukraine |ref={{sfnRef|archives.gov.ua}}}}
* {{Cite news |date=9 April 1999 |title=Ukraine probes politician's death |url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/europe/315859.stm |access-date=27 April 2025 |work=[[BBC News]] |ref={{sfnRef|BBC News 1999}}}}
* {{Cite news |date=23 August 2006 |title=Yushchenko vidkryv pamyatnyk Chornovolu i vidnovyv slidstvo |trans-title=Yushchenko opens monument to Chornovil and resumes investigation |url=https://www.bbc.com/ukrainian/domestic/story/2006/08/060823_chornovil_flag_oh |access-date=27 April 2025 |work=[[BBC News Ukrainian]] |language=uk |ref={{sfnref|BBC News Ukrainian 2006}}}}
* {{Cite news |last=Bila |first=Andriana |date=24 December 2020 |title=Dokumentalne kinodoslidzhennya. Chy mozhna mizh Chornovolom i Ukrayinoyu postavyty znak dorivnyuye? |trans-title=Documentary film study: Can one place an equal sign between Chornovil and Ukraine? |url=https://www.radiosvoboda.org/a/chornovil-dokumentalny-film/31015837.html |access-date=10 July 2024 |work=Radio Free Europe/Radio Liberty |language=uk |archive-date=11 July 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240711023221/https://www.radiosvoboda.org/a/chornovil-dokumentalny-film/31015837.html |url-status=live}}
* {{Cite news |last=Bila |first=Andriana |date=22 August 2021 |title=30 rokiv Nezalezhnosti Ukrayiny: vid vidnovlennya derzhavnosti do vtilennya idey Chornovola |trans-title=30 years of Ukraine's Independence: from the restoration of statehood to the implementation of Chornovil's ideas |url=https://www.radiosvoboda.org/a/vyacheslav-chornovil-film/31420418.html |access-date=23 April 2025 |work=Radio Free Europe/Radio Liberty |language=uk}}
* {{Cite magazine |last=Blake |first=Patricia |date=1 December 1980 |title=SOVIET UNION: Killing the Spirit of Helsinki |url=https://time.com/archive/6858428/soviet-union-killing-the-spirit-of-helsinki/ |access-date=2 June 2024 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |archive-date=2 June 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240602092401/https://time.com/archive/6858428/soviet-union-killing-the-spirit-of-helsinki/ |url-status=live}}
* {{Cite news |last=Bondarenko |first=Kost |date=14 October 2002 |title=Desyatylittya pid znakom Kuchmy |trans-title=A decade under Kuchma |url=https://www.pravda.com.ua/news/2002/10/14/2991073/ |access-date=23 April 2025 |work=Ukrainska Pravda |language=uk}}
* {{Cite news |last=Chornovil |first=Viacheslav |date=8 November 1975 |title=V. Chornovil's letter to President Ford |url=https://www.ukrweekly.com/archive/1975/The_Ukrainian_Weekly_1975-43.pdf |access-date=2 June 2024 |work=[[The Ukrainian Weekly]] |pages=2 |archive-date=14 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240514061259/https://www.ukrweekly.com/archive/1975/The_Ukrainian_Weekly_1975-43.pdf |url-status=live}}
* {{Cite web |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Vyacheslav Chornovil: Avtobiohrafiya |url=https://rukhpress.com.ua/002005/index.phtml |archive-url=https://web.archive.org/web/20120102123224/http://rukhpress.com.ua/002005/print.phtml |url-status=live |archive-date=2 January 2012 |access-date=14 May 2024 |website=Rukh Press |language=uk |ref={{sfnRef|Chornovil, autobiography}}}}
* {{Cite book |url=https://chronicle-of-current-events.com/wp-content/uploads/2013/10/no-63-july-1983.pdf |title=A Chronicle of Current Events: No. 63 |publisher=Amnesty International Publications |year=1983 |isbn=0-86210-059-3 |location=London |pages=163–164 |ref={{sfnRef|A Chronicle of Current Events 1983}}}}
* {{Cite news |last=Clarity |first=James F. |date=12 February 1992 |title=Free Ukraine's Nationalism: Will Pride Become Prejudice? |url=https://www.nytimes.com/1992/02/12/world/free-ukraine-s-nationalism-will-pride-become-prejudice.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20180116033206/https://www.nytimes.com/1992/02/12/world/free-ukraine-s-nationalism-will-pride-become-prejudice.html |archive-date=16 January 2018 |access-date=3 November 2025 |work=The New York Times}}
* {{Cite web |date=June 2019 |title=The Helsinki Process: An Overview |url=https://www.csce.gov/sites/helsinkicommission.house.gov/files/The%20Helsinki%20Process%20Four%20Decade%20Overview.pdf |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20210815155808/https://www.csce.gov/sites/helsinkicommission.house.gov/files/The%20Helsinki%20Process%20Four%20Decade%20Overview.pdf |archive-date=15 August 2021 |access-date=2 June 2024 |website=[[Commission on Security and Cooperation in Europe]] |ref={{sfnRef|Commission on Security and Cooperation in Europe 2019}}}}
* {{Cite news |last=Dahlburg |first=John-Thor |date=21 November 1991 |title=After Life as Dissident, Running for President of Ukraine Is Easy |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1991-11-21-mn-397-story.html |access-date=10 February 2025 |work=[[The Los Angeles Times]] |archive-date=14 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240514061259/https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1991-11-21-mn-397-story.html |url-status=live}}
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* {{Cite web |last1=Dubyk |first1=M. H. |last2=Zaitsev |first2=Yurii |date=2019 |title=UKRAYiNSKYY VISNYK |trans-title=The Ukrainian Herald |url=http://resource.history.org.ua/cgi-bin/eiu/history.exe?Z21ID=&I21DBN=EIU&P21DBN=EIU&S21STN=1&S21REF=10&S21FMT=eiu_all&C21COM=S&S21CNR=20&S21P01=0&S21P02=0&S21P03=TRN=&S21COLORTERMS=0&S21STR=Ukrainskyj_visnyk_1970_z |access-date=17 May 2024 |website=Encyclopedia of History of Ukraine |language=uk |archive-date=18 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240518020252/http://resource.history.org.ua/cgi-bin/eiu/history.exe?Z21ID=&I21DBN=EIU&P21DBN=EIU&S21STN=1&S21REF=10&S21FMT=eiu_all&C21COM=S&S21CNR=20&S21P01=0&S21P02=0&S21P03=TRN=&S21COLORTERMS=0&S21STR=Ukrainskyj_visnyk_1970_z |url-status=live}}
* {{Cite news |last=Erlanger |first=Steven |author-link=Steven Erlanger |date=29 March 1994 |title=Economic Protest Seen in Ukrainian Election |url=https://www.nytimes.com/1994/03/29/world/economic-protest-seen-in-ukrainian-election.html |url-access=registration |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240710123220/https://www.nytimes.com/1994/03/29/world/economic-protest-seen-in-ukrainian-election.html |archive-date=10 July 2024 |access-date=27 February 2025 |work=The New York Times}}
* {{Cite news |date=31 March 2018 |title=Chornovil prosyv Yushchenka pity v prezydenty shche v 1999 rotsi, - Pynzenyk |trans-title="Chornovil asked Yushchenko to run for president in 1999" - Pynzenyk |url=https://espreso.tv/news/2018/03/31/chornovil_prosyv_yuschenka_pity_v_prezydenty_sche_1999_roku_pynzenyk |access-date=23 April 2025 |work=[[Espreso TV]] |language=uk |ref={{sfnRef|Espreso TV 2018}}}}
* {{Cite news |date=24 December 2017 |title=Lyudy zakhyshchaly Vyacheslava Chornovola vid militsiyi pislya mitynhiv |trans-title=People defended Viacheslav Chornovil from police after rallies |url=https://gazeta.ua/articles/history/_lyudi-zahischali-vyacheslava-cornovola-vid-miliciyi-pislya-mitingiv/811237 |access-date=23 April 2025 |work=Gazeta.ua |language=uk |ref={{sfnRef|Gazeta.ua 2017}}}}
* {{Cite news |date=8 December 2018 |title=Pershyy Lenin vpav 1990 roku: yak skydaly idola komunizmu |trans-title=The first Lenin fell in 1990: how communism's idol was toppled |url=https://gazeta.ua/articles/politics/_pershij-lenin-vpav-1990-roku-yak-skidali-idola-komunizmu/873618 |access-date=4 February 2025 |work=[[Gazeta.ua]] |language=uk |archive-date=15 April 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210415161321/https://gazeta.ua/articles/politics/_pershij-lenin-vpav-1990-roku-yak-skidali-idola-komunizmu/873618 |url-status=live |ref={{sfnRef|Gazeta.ua 2018}}}}
* {{Cite web |last1=Haran |first1=Oleksii |last2=Sydorchuk |first2=Oleksii |date=2010 |title=Narodnyy rukh Ukrayiny |trans-title=People's Movement of Ukraine |url=http://resource.history.org.ua/cgi-bin/eiu/history.exe?Z21ID=&I21DBN=DOP&P21DBN=EIU&S21STN=1&S21REF=10&S21FMT=eiu_all&C21COM=S&S21CNR=20&S21P01=0&S21P02=0&S21P03=TRN=&S21COLORTERMS=0&S21STR=Narodnyj_rukh |access-date=16 February 2025 |website=[[Encyclopedia of History of Ukraine]] |publisher=Institute of History of Ukraine |publication-place=Kyiv |archive-date=14 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240514061321/http://resource.history.org.ua/cgi-bin/eiu/history.exe?Z21ID=&I21DBN=DOP&P21DBN=EIU&S21STN=1&S21REF=10&S21FMT=eiu_all&C21COM=S&S21CNR=20&S21P01=0&S21P02=0&S21P03=TRN=&S21COLORTERMS=0&S21STR=Narodnyj_rukh |url-status=live}}
* {{Cite web |last1=Harasymiw |first1=Bohdan |last2=Koshelivets |first2=Ivan |last3=Senkus |first3=Roman |date=2015 |title=Chornovil, Viacheslav |url=https://www.encyclopediaofukraine.com/display.asp?linkpath=pages%5CC%5CH%5CChornovilViacheslav.htm |access-date=14 May 2024 |website=[[Encyclopedia of Ukraine]] |archive-date=10 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240510112338/https://www.encyclopediaofukraine.com/display.asp?linkpath=pages%5CC%5CH%5CChornovilViacheslav.htm |url-status=live}}
* {{Cite web |last=Hrytsenko |first=Yu. A. |title=Do 85-richchya vid dnya narodzhennya V. M. Chornovola (1937–1999), ukrayinskoho politychnoho ta derzhavnoho diyacha, zhurnalista, publitsysta, literaturnoho krytyka |trans-title=To the 85th birthday of V. M. Chornovil (1937–1999), Ukrainian political and state figure, journalist, publicist and literary critic |url=https://nlu.org.ua/vustavki.php?id=1167 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20231028000120/https://nlu.org.ua/vustavki.php?id=1167 |archive-date=28 October 2023 |access-date=6 June 2025 |website=[[Yaroslav Mudryi National Library of Ukraine]] |language=uk}}
* {{Cite news |last=Hrytsiv |first=Mariia |date=12 January 2017 |title=Areshtovana kolyada, abo Pohrom 12 sichnya 1972-ho |trans-title=The Arrested Koliada, or the 12 January 1972 pogrom |url=https://www.istpravda.com.ua/articles/2011/01/12/13866/ |access-date=19 May 2024 |work=Istorychna Pravda |language=uk |archive-date=15 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240515085629/https://www.istpravda.com.ua/articles/2011/01/12/13866/ |url-status=live}}
* {{Cite news |date=19 May 2008 |title=Yaroslav the Wise - the Greatest Ukrainian of all times |url=https://inter.ua/en/news/yaroslav-the-wise-the-greatest-ukrainian-of-all-times |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20250509171933/https://inter.ua/en/news/yaroslav-the-wise-the-greatest-ukrainian-of-all-times |archive-date=9 May 2025 |access-date=23 April 2025 |work=[[Inter (TV channel)|Inter]] |ref={{sfnRef|Inter 2008}}}}
* {{Cite news |date=24 August 2017 |title=Vyacheslav Chornovil. Neuhomonnыy u borotbi za Ukrayinu |trans-title=Viacheslav Chornovil: Restless in the fight for Ukraine |url=https://www.istpravda.com.ua/articles/2017/08/24/150177/ |access-date=17 May 2024 |work=[[Ukrainska Pravda|Istorychna Pravda]] |language=uk |ref={{sfnRef|Istorychna Pravda 2017}} |archive-date=18 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240518020252/https://www.istpravda.com.ua/articles/2017/08/24/150177/ |url-status=live}}
* {{Cite news |last=Ivanova |first=Kateryna |date=25 March 2024 |title=25 rokiv z dnya zahybeli Vyacheslava Chornovola. Shlyakh polityka ta obstavyny zahybeli |trans-title=25 years since the day of Viacheslav Chornovil's death: the politician's path and circumstances of his death |url=https://glavcom.ua/country/society/25-rokiv-z-dnja-zahibeli-vjacheslava-chornovola-shljakh-politika-ta-obstavini-zahibeli-992626.html |access-date=14 May 2024 |work=Glavcom |language=uk |archive-date=14 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240514072928/https://glavcom.ua/country/society/25-rokiv-z-dnja-zahibeli-vjacheslava-chornovola-shljakh-politika-ta-obstavini-zahibeli-992626.html |url-status=live}}
* {{Cite web |date=17 September 1999 |title=Udovenko and Kostenko: Rukh contenders |url=https://jamestown.org/program/udovenko-and-kostenko-rukh-contenders/ |access-date=23 April 2025 |website=[[Jamestown Foundation]] |ref={{sfnRef|Jamestown Foundation 1999}}}}
* {{Cite news |last=Khalupa |first=Iryna |date=24 March 2004 |title=Vyacheslav Chornovil yak symvol politychnoho lidera: do pyatoyi richnytsi zahybeli |trans-title=Viacheslav Chornovil as the symbol of a political leader: the fifth anniversary of his death |url=https://www.radiosvoboda.org/a/914027.html |access-date=23 April 2025 |work=Radio Free Europe/Radio Liberty |language=uk}}
* {{Cite web |date=3 November 2006 |title=Ukrayinska initsiatyvna hrupa za zvilnennya vyazniv sumlinnya |trans-title=Ukrainian Initiative Group for Liberation of Prisoners of Conscience |url=https://museum.khpg.org/1162536782 |access-date=10 July 2024 |website=Kharkiv Human Rights Protection Group |language=uk |ref={{sfnRef|Kharkiv Human Rights Protection Group 2006}}}}
* {{Cite news |last=Kheifets |first=Mikhail |date=9 December 2018 |title=Vyacheslav Chornovil – zekivskyy heneral. Frahment knyhy "Ukrayinski syluety" |trans-title=Viacheslav Chornovil – General of the Zeks: Fragments from the book 'Ukrainian Silhouettes' |url=https://www.istpravda.com.ua/articles/2018/12/9/153389/ |access-date=2 June 2024 |work=Istorychna Pravda |language=uk |archive-date=2 June 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240602050942/https://www.istpravda.com.ua/articles/201
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AMAN KUMAR
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wikitext
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{{निर्माणाधीन|date=अप्रैल 2026}}
{{Infobox officeholder
| honorific_prefix = [[यूक्रेन के हीरो]]
| name = व्याचेस्लाव चोर्नोविल
| native_name = {{nobold|В'ячеслав Чорновіл}}
| image = НДУ 3 Чорновіл Вячеслав Максимович.jpg
| alt = काले सूट, नीली शर्ट और हरी टाई में चोर्नोविल।
| caption = 1998 में चोर्नोविल
| office = [[यूक्रेन के जन प्रतिनिधि]]
| term_start = 29 मार्च 1998
| term_end = 25 मार्च 1999
| constituency = यूक्रेन का जन आन्दोलन, नं॰ 1
| term_start1 = 10 मई 1994
| term_end1 = 29 मार्च 1998
| predecessor1 = [[ओलेक्ज़ेंडर शेवचेंको]]
| successor1 = ''निर्वाचन क्षेत्र समाप्त''
| constituency1 = [[तेरनोपिल ओब्लास्ट]], नं॰ 357
| term_start2 = 15 मई 1990
| term_end2 = 10 मई 1994
| predecessor2 = ''पद स्थापित''
| successor2 = [[ओलेक्ज़ेंडर शैंड्रिउक]]
| constituency2 =
| office3 = [[यूक्रेन का जन आन्दोलन]] के नेता
| term_start3 = दिसंबर 1992
| term_end3 = 25 मार्च 1999{{ref label|Dispute|B}}
| predecessor3 = [[इवान ड्रेच]]
| successor3 = [[हेनादिय उदोवेंको]]
| office4 = [[ल्वीव ओब्लास्ट परिषद]] के अध्यक्ष
| term_start4 = अप्रैल 1990
| term_end4 = अप्रैल 1992
| predecessor4 = ''पद स्थापित''
| successor4 = [[मायकोला होरिन]]
| birth_date = {{जन्म तिथि|1937|12|24|df=yes}}
| birth_place = [[येर्की]], कीव ओब्लास्ट, [[यूक्रेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य]], सोवियत संघ
| death_cause = [[सड़क दुर्घटना]]{{ref label|Death|C}}
| death_date = {{मृत्यु तिथि |1999|3|25|df=yes}}
| death_place = [[बोरिस्पिल]] के पास, कीव ओब्लास्ट, यूक्रेन
| party = [[यूक्रेन का जन आन्दोलन]] (1989 से)
| other_party = [[कोम्सोमोल]] (1950 के दशक के अंत से–1966)
| spouse = {{plainlist|
<br/>{{marriage|इरीना ब्रुनेवेट्स|1960|1962|end=div}}
<br/>{{marriage|[[ओलेना एंटोनिव]]|1963||end=div}}
<br/>{{marriage|[[एटेना पाश्को]]|1969}}
}}
| children = {{hlist|[[एंड्री चोर्नोविल|एंड्री]]|[[तरास चोर्नोविल|तरास]]}}
| alma_mater = [[तरास शेवचेंको राष्ट्रीय विश्वविद्यालय कीव]]
| awards = {{plainlist|
<br/>[[यूक्रेन के हीरो]] (2000)
<br/>[[ऑर्डर ऑफ प्रिंस यारोस्लाव द वाइज]] (1997)
<br/>[[शेवचेंको राष्ट्रीय पुरस्कार]] (1996)
}}
| signature = Chornovil autograph.svg
| footnotes = A. {{note|PLPR||आनुपातिक प्रतिनिधित्व सीट।}}<br/>B. {{note|Dispute||''वास्तव में'' (De facto) 8 सितंबर 1989 से। 17 या 19 फरवरी 1999 से यूरी कोस्तेंको के साथ विवादित।}}<br/>C. {{note|Death||चोर्नोविल की मृत्यु की परिस्थितियाँ विवादित हैं; अधिक जानकारी के लिए § षड्यंत्र के सिद्धांत और जांच देखें।}}
}}
'''व्याचेस्लाव मक्सिमोविच चोर्नोविल''' ({{lang-uk|В'ячеслав Максимович Чорновіл}}; 24 दिसंबर 1937 – 25 मार्च 1999) एक यूक्रेनी [[सोवियत असंतुष्ट]], स्वतंत्रता कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थे। वे 1989 से लेकर 1999 में अपने निधन तक [[यूक्रेन का जन आन्दोलन]] नामक राजनीतिक दल के नेता रहे। मानवाधिकारों के क्षेत्र में अपनी सक्रियता के कारण उन्होंने सोवियत सरकार के अधीन कुल पंद्रह वर्ष कारावास या निर्वासन में बिताए।
वर्ष 1990 से 1999 तक [[यूक्रेन के जन प्रतिनिधि]] के रूप में कार्य करने वाले चोर्नोविल, यूक्रेन में सार्वजनिक पद धारण करने वाले पहले और सबसे प्रमुख कम्युनिस्ट-विरोधी नेताओं में से एक थे। उन्होंने [[यूक्रेन के राष्ट्रपति|यूक्रेन के राष्ट्रपति पद]] के लिए दो बार चुनाव लड़ा। वर्ष [[1991 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव|1991]] में अपने पहले प्रयास में वे [[लियोनिद क्रावचुक]] से हार गए थे, जबकि [[1999 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव|1999]] के चुनाव अभियान के दौरान एक कार दुर्घटना में विवादित परिस्थितियों में उनका निधन हो गया।
चोर्नोविल का जन्म तत्कालीन [[सोवियत संघ]] के अधीन मध्य यूक्रेन के [[येर्की]] गाँव में हुआ था। विश्वविद्यालय के दिनों से ही [[कोम्सोमोल]] के सदस्य रहे चोर्नोविल, प्रति-सांस्कृतिक [[सिक्सटियर्स]] आंदोलन से जुड़ गए थे। साम्यवाद के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण अंततः उन्हें कोम्सोमोल से निष्कासित कर दिया गया। 1965-1966 के सोवियत दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए बुद्धिजीवियों के प्रति हुए दुर्व्यवहार की जांच करने वाले उनके ''[[समिज्दात]]'' कार्यों ने उन्हें पश्चिमी देशों में भारी प्रशंसा दिलाई, लेकिन इसी के परिणामस्वरूप उन्हें [[याकूतिया]] में तीन साल के कारावास की सजा भी सुनाई गई। रिहाई के बाद, वे पुनः ''समिज्दात'' कार्यों में सक्रिय हो गए और उन्होंने ''[[द यूक्रेनी हेराल्ड (1970–1972, 1987–1989)|द यूक्रेनी हेराल्ड]]'' का प्रकाशन शुरू किया, जिसे आधुनिक यूक्रेनी स्वतंत्र प्रेस का अग्रदूत माना जाता है।
वर्ष 1972 में, बुद्धिजीवियों के दमन के एक अन्य चक्र में चोर्नोविल को फिर से बंदी बना लिया गया, और उन्हें 1985 तक यूक्रेन लौटने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने अपना यह अधिकांश समय कारावास में ही व्यतीत किया। जेल में रहने के दौरान, उनके साथी असंतुष्ट [[मिखाइल खेइफेट्स]] ने यूक्रेनी [[राजनीतिक कैदी|राजनीतिक कैदियों]] का नेतृत्व करने के कारण चोर्नोविल को "ज़ेकों (कैदियों) का जनरल" कहकर पुकारा था, और [[एमनेस्टी इंटरनेशनल]] ने भी उन्हें 'अंतरात्मा का बंदी' घोषित किया था।
उनकी रिहाई तब संभव हो सकी जब सोवियत सरकार ने ''[[पेरेस्त्रोइका]]'' नीति के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी। चोर्नोविल ने यूक्रेन में कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ राजनीतिक विपक्ष तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप [[यूक्रेन का जन आन्दोलन]] पार्टी की स्थापना हुई और एक ऐसी लोकप्रिय क्रांति का जन्म हुआ जिसने साम्यवाद को जड़ से उखाड़ फेंका। इस क्रांति के बीच, चोर्नोविल ने [[यूक्रेन की संसद|यूक्रेन की संसद (Verkhovna Rada)]] के सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे [[1991 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव]] में दो मुख्य उम्मीदवारों में से एक थे, यद्यपि वे पूर्व कम्युनिस्ट नेता [[लियोनिद क्रावचुक]] से पराजित हो गए थे। चोर्नोविल ने [[यूरोपीय संघ]] में यूक्रेन की सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया और [[यूक्रेनी कुलीन वर्ग|यूक्रेनी कुलीन वर्गों]] के बढ़ते प्रभुत्व का कड़ा विरोध किया।
अपने जीवनकाल में चोर्नोविल एक अत्यंत विवादास्पद व्यक्ति माने जाते थे, और उनके जीवन के अंतिम महीनों में 'रूख' पार्टी के भीतर भारी गुटबाजी हावी रही। [[1999 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव]] के दौरान एक कार दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जहाँ वे तत्कालीन राष्ट्रपति [[लियोनिद कुचमा]] के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी थे। उनकी मृत्यु ने कई षड्यंत्र के सिद्धांतों (Conspiracy theories) को जन्म दिया और वर्षों तक इसकी जांच और मुकदमे चलते रहे, जिन्होंने न तो [[हत्या]] की संभावना की पूरी तरह पुष्टि की और न ही इसे सिरे से खारिज किया। वे वर्तमान यूक्रेन में एक बेहद लोकप्रिय ऐतिहासिक व्यक्ति हैं; उन्हें दो बार यूक्रेन के शीर्ष दस सबसे लोकप्रिय व्यक्तियों की सूची में स्थान दिया गया है और उन्हें देश के लोकतंत्र, मानवाधिकार सक्रियता तथा यूरोप-समर्थक विचारधारा (Pro-Europeanism) का प्रतीक माना जाता है।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
[[File:71-212-0076 SAM 9126 Vilkhovets.jpg|alt=पेड़ों से घिरे एक सफेद और हरे रंग के घर की तस्वीर|thumb|left|[[विल्खोवेट्स, चर्कासी ओब्लास्ट|विल्खोवेट्स]] में चोर्नोविल के बचपन का घर]]
व्याचेस्लाव मक्सिमोविच चोर्नोविल का जन्म 24 दिसंबर 1937 को तत्कालीन [[यूक्रेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य]] के [[येर्की]] गाँव में शिक्षकों के एक परिवार में हुआ था।{{sfn|LIGA.net 2009}} उनके पिता, मक्सिम इओसिपोविच चोर्नोविल, [[कोसैक]] कुलीन वर्ग के वंशज थे, जबकि उनकी माता कुलीन [[तेरेशचेंको परिवार]] से संबंध रखती थीं।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} 'ग्रेट पर्ज' (Great Purge) के दौरान जन्मे और पले-बढ़े व्याचेस्लाव के बचपन पर सोवियत दमन की गहरी छाप थी; उनके चाचा, पेत्रो इओसिपोविच को मृत्युदंड दे दिया गया था, जबकि उनके पिता यूक्रेन में कानून की नजरों से छिपकर एक भगोड़े (Fugitive) का जीवन जी रहे थे।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} [[द्वितीय विश्व युद्ध]] और [[यूक्रेन पर जर्मन कब्जा|यूक्रेन पर जर्मन कब्जे]] के दौरान चोर्नोविल का परिवार [[हुसाकोव]] गाँव में रहा, जहाँ व्याचेस्लाव ने अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने बाद में अपनी आत्मकथा में यह दावा किया कि सोवियत संघ द्वारा हुसाकोव पर दोबारा कब्ज़ा किए जाने के बाद, उनके परिवार को गाँव से निकाल दिया गया था। इसके बाद वे [[विल्खोवेट्स, चर्कासी ओब्लास्ट|विल्खोवेट्स]] में रहने लगे (जहाँ वे हुसाकोव से पहले भी रहते थे), और वहीं से व्याचेस्लाव ने 1955 में स्वर्ण पदक के साथ अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की।{{sfn|Chornovil, autobiography}} उनके अशांत बचपन को देखते हुए, चोर्नोविल के माता-पिता ने उन्हें यूक्रेनी राष्ट्रवाद के बारे में बताने से परहेज किया। इसके बजाय उनका पालन-पोषण कम्युनिस्ट विचारधारा की शिक्षाओं के साथ किया गया{{sfn|Derevinskyi 2017a|p=1}} और उन्हें लोगों के बीच मित्रता तथा सर्वहारा अंतर्राष्ट्रीयवाद जैसे आदर्श सिखाए गए।{{sfn|Matiash|2017|p=6}}
उसी वर्ष चोर्नोविल ने कीव के [[तरास शेवचेंको राष्ट्रीय विश्वविद्यालय कीव|तरास शेवचेंको विश्वविद्यालय]] में दाखिला लिया, जहाँ वे पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान वे [[सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी]] (CPSU) की युवा शाखा, [[कोम्सोमोल]] में भी शामिल हो गए। कीव की रूसी-भाषी आबादी द्वारा यूक्रेनी भाषा बोलने वालों के प्रति दिखाई जाने वाली नकारात्मक प्रतिक्रिया ने उन्हें भीतर से असंतुष्ट कर दिया और एक यूक्रेनी के रूप में उनकी चेतना को जागृत किया।{{sfn|Ivanova|2024}} उस समय के अन्य युवा सोवियत कार्यकर्ताओं की भाँति, चोर्नोविल भी 1956 में सी॰पी॰एस॰यू॰ की 20वीं कांग्रेस से अत्यधिक प्रभावित हुए थे, जिसमें [[निकिता ख्रुश्चेव]] ने [[जोसेफ स्टालिन]] के शासन की कड़ी निंदा करते हुए भाषण दिया था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=50}}
1957 में उनके गैर-अनुरूपतावादी (Non-conformist) विचारों ने उन्हें संकाय के समाचार पत्र के साथ विवाद में ला खड़ा किया, जिसने "अमानक सोच" रखने के लिए उनकी निंदा की।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} नतीजतन, उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी और [[डोनबास]] शहर [[मारियुपोल|ज़दानोव]] (जिसे आज मारियुपोल के नाम से जाना जाता है) में एक ब्लास्ट फर्नेस के निर्माण कार्य में लगा दिया गया।{{sfn|Chornovil, autobiography}} वहाँ उन्होंने ''कीव कोम्सोमोलेट्स'' समाचार पत्र के लिए एक भ्रमणशील संपादक के रूप में भी काम किया। एक वर्ष पश्चात, वे अपनी पढ़ाई पर लौट आए और 1960 में सम्मान के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} उनका डिप्लोमा शोध प्रबंध 19वीं और 20वीं सदी की शुरुआत के प्रमुख यूक्रेनी लेखक और स्वतंत्रता कार्यकर्ता [[बोरिस ह्रीन्चेंको]] के कार्यों पर आधारित था।{{sfn|LB.ua 2015}} उसी वर्ष, उन्होंने अपनी पहली पत्नी, इरीना ब्रुनेवेट्स से विवाह कर लिया। 1962 में उनके तलाक से पूर्व, उनका एक बेटा हुआ, जिसका नाम [[एंड्री चोर्नोविल|एंड्री]] था।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
== पत्रकारिता और पार्टी का करियर ==
स्नातक होने के बाद, जुलाई 1960 में चोर्नोविल ल्वीव टेलीविज़न (अब [[सुस्पिल्ने ल्वीव]]) में एक संपादक बन गए (जहाँ वे पहले उसी वर्ष जनवरी से सहायक के रूप में काम कर चुके थे)। उन्होंने चैनल के युवा कार्यक्रमों के लिए पटकथाएँ लिखीं।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=106}} इस अवधि में, चोर्नोविल ने साहित्यिक आलोचना पर भी काम किया, जिसमें मुख्य रूप से ह्रीन्चेंको, [[तरास शेवचेंको]] और [[वलोडिमिर सामिलेंको]] की कृतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।{{sfn|Shvydkyi|2013}} इनमें से कुछ रचनाएँ टीवी पर भी प्रसारित हुईं; उदाहरण के लिए, 1962 में उन्होंने [[मिखाइलो स्टेल्माख]], [[वासिल चुमाक]] और 'यंग म्यूज' समूह पर विशेष फीचर प्रसारित किए।{{sfn|Seko|2020|p=135}} संभवतः इसी दौरान उनकी मुलाकात ज़ेनोविय क्रासिव्स्की से हुई, जो [[ल्वीव विश्वविद्यालय]] में टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे थे। चोर्नोविल की ही तरह, क्रासिव्स्की भी बाद में असंतुष्ट आंदोलन के एक बड़े नेता बने।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=106}}
[[File:Київська ГЕС.jpg|alt=एक बड़े जलविद्युत ऊर्जा संयंत्र की हवाई तस्वीर|thumb|[[कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट]], जहाँ चोर्नोविल ने 1963 से 1964 तक कोम्सोमोल सचिव के रूप में काम किया]]
मई 1963 में चोर्नोविल ने ल्वीव टेलीविज़न की अपनी नौकरी छोड़ दी और कीव लौट आए, ताकि वे अपना 'कैंडिडेट ऑफ साइंसेज' का शोध प्रबंध पूरा कर सकें।{{sfn|Derevinskyi 2017a|pp=1–2}} वहां, उन्होंने पास के विशहोरोद में कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट के निर्माण के लिए कोम्सोमोल सचिव के रूप में कार्य किया।{{sfn|Shvydkyi|2013}} उन्होंने कीव स्थित समाचार पत्रों ''यंग गार्ड'' और ''सेकंड रीडिंग'' के लिए एक संपादक के रूप में भी एक साथ काम किया,{{sfn|Chornovil, autobiography}} और वे 'आर्टिस्टिक यूथ्स क्लब' का हिस्सा बन गए, जो प्रति-सांस्कृतिक सिक्सटियर्स आंदोलन से जुड़े बुद्धिजीवियों का एक अनौपचारिक समूह था।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=107}} जून 1963 में, चोर्नोविल ने अपनी दूसरी पत्नी, [[ओलेना एंटोनिव]] से विवाह किया, और 1964 में उनके दूसरे बेटे, [[तरास चोर्नोविल|तरास]] का जन्म हुआ।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} चोर्नोविल ने 1964 में कीव शैक्षणिक संस्थान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। हालाँकि, उनकी राजनीतिक गतिविधियों (जिसमें आर्टिस्टिक यूथ्स क्लब में उनकी संलिप्तता भी शामिल थी) के कारण उन्हें 'डॉक्टर ऑफ साइंसेज' की डिग्री हासिल करने के अधिकार से वंचित कर दिया गया।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
9 मार्च 1964 को, सोवियत संघ ने यूक्रेन के राष्ट्रीय कवि तरास शेवचेंको की 150वीं वर्षगांठ मनाई। शेवचेंको पर सी॰पी॰एस॰यू॰ का आधिकारिक रुख, विशेष रूप से 'शेवचेंको दिवस' के दौरान, दास-प्रथा (Serfdom) विरोधी गतिविधियों में कवि की भूमिका और ज़ारिस्ट निरंकुशता (Tsarist autocracy) के प्रति उनके कड़े प्रतिरोध पर ज़ोर देता था। कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट के श्रमिकों को संबोधित करते हुए अपने भाषण में, चोर्नोविल ने निर्धारित कम्युनिस्ट व्याख्याओं से हटकर शेवचेंको को एक विशिष्ट रूप से यूक्रेनी नायक के रूप में प्रस्तुत किया। चोर्नोविल ने श्रोताओं से कवि के मुख्य कार्यों के संग्रह, ''कोबज़ार'' (Kobzar) को "अपनी अपमानित और तिरस्कृत मातृभूमि के लिए कांपते हुए प्रेम" की अभिव्यक्ति के रूप में व्याख्यायित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि शेवचेंको के कार्यों से यह सिद्ध होता है कि "मनुष्य द्वारा मनुष्य के उत्पीड़न पर, मानवीय गरिमा और अविच्छेद्य मानवाधिकारों की अवमानना पर, स्वतंत्र व मानवीय विचारों के दमन पर, और एक राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र के उत्पीड़न पर टिकी हर व्यवस्था, चाहे वह किसी भी नए आवरण में क्यों न छिप जाए [...] मानव स्वभाव के घोर विरुद्ध है, और इसे नष्ट किया जाना चाहिए।"{{sfn|Seko|2020|pp=123–125}} इतिहासकार यारोस्लाव सेको इस भाषण को सिक्सटियर्स आंदोलन के एक विशिष्ट उदाहरण के रूप में देखते हैं, यद्यपि उनका यह भी मानना है कि उस समय ''इंटरनेशनलिज्म और रसिफिकेशन?'' के लेखक इवान डज़िउबा, और साथी असंतुष्ट येवहेन स्वेर्स्टिउक का प्रभाव कहीं अधिक व्यापक था।{{sfn|Seko|2020|pp=128–129}}
8 अगस्त 1965 को, शेषोरी गाँव में शेवचेंको के एक स्मारक के उद्घाटन के अवसर पर, चोर्नोविल ने घोर कम्युनिस्ट-विरोधी स्वर के साथ एक प्रखर भाषण दिया। परिणामस्वरूप, उन्हें उनकी कोम्सोमोल की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। अपनी बर्खास्तगी के बाद, चोर्नोविल ने अपनी बेगुनाही साबित करने के एक असफल प्रयास में कोम्सोमोल के नेतृत्व को कई पत्र भी लिखे।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
== असंतुष्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता ==
=== 1965–1966 का दमन और उसके परिणाम ===
वर्ष 1965 में सिक्सटियर बुद्धिजीवियों की सामूहिक गिरफ्तारियों का एक नया सिलसिला शुरू हुआ क्योंकि अपेक्षाकृत उदार माने जाने वाले निकिता ख्रुश्चेव को हटाकर लियोनिद ब्रेझनेव को नियुक्त कर दिया गया था। इन गिरफ्तारियों के विरोध में, चोर्नोविल, डज़िउबा और छात्र वासिल स्टस ने कीव सिनेमा के भीतर एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसने सर्गेई पारजानोव की फिल्म 'शैडोज़ ऑफ़ फॉरगॉटन एंसेस्टर्स' के 4 सितंबर के प्रीमियर को बाधित कर दिया। चोर्नोविल ने जोर से चिल्लाकर कहा: "जो भी इस अत्याचार के विरुद्ध है, वह अपने स्थान पर खड़ा हो जाए!"
चोर्नोविल और डज़िउबा के इस घटना के संस्मरण काफी भिन्न रहे हैं। डज़िउबा ने बाद में यह दावा किया कि उन्हें याद नहीं कि चोर्नोविल वहाँ उपस्थित थे या उन्हें उस घटना की पूर्व जानकारी थी। दूसरी ओर, चोर्नोविल ने कहा कि वे और डज़िउबा स्वतंत्र रूप से इसी निष्कर्ष पर पहुँचे थे कि दमन के खिलाफ एक सार्वजनिक विरोध नितांत आवश्यक था, और जब डज़िउबा का भाषण दर्शकों के शोर में दब गया, तो चोर्नोविल ने वह वाक्य चिल्लाकर विरोध को जारी रखा। सेको डज़िउबा के अधिक सतर्क और सूचनात्मक भाषण की तुलना चोर्नोविल के अधिक उग्र और टकराव वाले दृष्टिकोण से करते हैं।{{sfn|Seko|2014|pp=128–130}}
उसी वर्ष 30 सितंबर को, चोर्नोविल के ल्वीव स्थित फ्लैट की सोवियत सुरक्षा एजेंसी, के॰जी॰बी॰ द्वारा तलाशी ली गई। वहाँ से साहित्य के 190 अंश जब्त किए गए, जिनमें 'गैलिसियन-वोलहिनियन क्रॉनिकल', 'बुक्स ऑफ द जेनेसिस ऑफ द यूक्रेनी पीपल', पांटेलीमोन कुलिश, वलोडिमिर एंटोनोविच, वलोडिमिर हनतियुक, दिमित्रो डोरोशेंको, इवान कृपियाकेविच और वलोडिमिर विन्नीचेंको के मोनोग्राफ व लेख, साथ ही पोलिश-लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल, प्रथम विश्व युद्ध और यूक्रेनी स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ी पुस्तकें शामिल थीं। के॰जी॰बी॰ द्वारा उनके फ्लैट पर 3 अगस्त 1967 और 12 जनवरी 1972 को की गई दो अन्य छापेमारी में भी साहित्य की जब्ती हुई, हालांकि ये दोनों सितंबर 1965 की छापेमारी की तुलना में आकार में बहुत छोटी थीं।{{sfn|Ostrovskyi 2018b|p=119}}
उसी वर्ष कुछ समय पश्चात, दमन जारी रहने के कारण, चोर्नोविल को सिक्सटियर्स मिखाइलो ओसादची, बोहदान होरिन और मिखाइलो होरिन, तथा मायरोस्लावा ज़वारीचेवस्का के मुकदमों में साक्ष्य देने के लिए बुलाया गया। चोर्नोविल ने स्पष्ट रूप से गवाही देने से इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 'सेकंड रीडिंग' में उनके संपादक पद से हटा दिया गया। उन्होंने ''[[समिज्दात]]'' की ओर रुख किया और मई 1966 में अपनी रचना 'कोर्ट ऑफ लॉ ऑर ए रिटर्न ऑफ द टेरर?' प्रकाशित की, जिसने सिक्सटियर्स को दी गई सजा की वैधता और संवैधानिकता पर गंभीर सवाल उठाए।{{sfn|Derevinskyi|2007|p=38}} 8 जुलाई को यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 179 के तहत मुकदमों में गवाही देने से इनकार करने का उन पर आरोप लगाया गया, और वेतन में 20% की कटौती के साथ उन्हें तीन महीने के कठोर श्रम (Hard labour) की सजा सुनाई गई। इस अवधि में, उन्होंने कार्पेथियन पर्वत में यूक्रेन की विज्ञान अकादमी के अभियानों में एक तकनीशियन के रूप में, 'कीवकनीहतोर्ह' के लिए एक विज्ञापनदाता के रूप में, और प्रकृति संरक्षण के लिए ल्वीव क्षेत्रीय केंद्र में एक शिक्षक के रूप में विभिन्न कार्य किए।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
1967 में चोर्नोविल ने ''समिज्दात'' की अपनी दूसरी महत्वपूर्ण कृति प्रकाशित की। 'वूम फ्रॉम विट: पोर्ट्रेट्स ऑफ ट्वेंटी "क्रिमिनल्स"' के नाम से विख्यात इस कृति में 1965–1966 के दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी और उनकी गिरफ्तारी के दौरान सोवियत अधिकारियों द्वारा किए गए घोर कानून उल्लंघनों का पूरा विवरण शामिल था। चोर्नोविल ने इस कृति की प्रतियां यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति, यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ के के॰जी॰बी॰, यूक्रेन के राइटर्स यूनियन और यूक्रेन के कलाकारों के संघ को भी भेजीं। 21 अक्टूबर 1967 को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा समर्थित 'रेडियो लिबर्टी' के एक प्रसारण के दौरान इसे पढ़ा गया, और वर्ष के अंत तक इसे व्यावसायिक रूप से मुद्रित भी कर दिया गया था।{{sfn|Shvydkyi|2013}} चोर्नोविल का यह ''समिज्दात'' 1969 में पश्चिमी देशों में 'द चोर्नोविल पेपर्स' शीर्षक के तहत प्रकाशित हुआ, जिसने ऐसे समय में इस दमन की ओर पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया जब वैश्विक जनचेतना मुख्य रूप से सिन्याव्स्की-डैनियल परीक्षण पर केंद्रित थी।{{sfn|Bociurkiw|1970|p=343}} चोर्नोविल के इस साहसिक कार्य ने उन्हें उस समय यूक्रेनी कार्यकर्ताओं के बीच अग्रणी हस्तियों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया।{{sfn|Matiash|2017|p=11}} ''वूम फ्रॉम विट'' के अतिरिक्त, चोर्नोविल ने गिरफ्तारियों के दौरान जांचकर्ताओं द्वारा किए गए कानूनी उल्लंघनों के संबंध में यूक्रेनी के॰जी॰बी॰ के प्रमुख और यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ के अभियोजक जनरल को औपचारिक शिकायतें भी लिखीं।
5 मई 1967 को, उन्हें ल्वीव ओब्लास्ट के उप अभियोजक जनरल ई॰ स्तारिकोव के कार्यालय में तलब किया गया, जिन्होंने उन्हें यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 187-1 के अस्तित्व से अवगत कराया। यह कानून, जो सोवियत व्यवस्था या सरकार की निंदा करने पर पूरी तरह रोक लगाता था, अस्तित्व में तो था लेकिन आधिकारिक पुस्तकों में दर्ज नहीं था। इसलिए केवल उस बैठक के दौरान ही चोर्नोविल को आधिकारिक तौर पर यह ज्ञात हो सका कि उन्होंने शायद कुछ अवैध कार्य किया था। उस समय तक, के॰जी॰बी॰ की नजरों में उनकी छवि एक उपद्रवी की बन चुकी थी।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
=== याकूतिया में निर्वासन ===
[[File:Якутия.png|alt=याकूत स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य का एक स्थलाकृतिक मानचित्र|thumb|अगस्त 1967 की अपनी गिरफ्तारी के बाद चोर्नोविल को [[याकूतिया|याकूत ए॰एस॰एस॰आर॰]] (चित्रित मानचित्र) भेज दिया गया था]]
''वूम फ्रॉम विट'' के प्रकाशन के प्रत्युत्तर में अगस्त 1967 में चोर्नोविल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर अनुच्छेद 187-1 के तहत आरोप तय किए गए।{{sfn|Melnykova-Kurhanova|2019|p=79}} उनके फ्लैट की एक और तलाशी ली गई जिसके परिणामस्वरूप ''वूम फ्रॉम विट'' की एक प्रति के साथ-साथ वैलेन्टिन मोरोज़ की ''समिज्दात'' पुस्तिका ''रिपोर्ट फ्रॉम द बेरिया रिज़र्व'' भी जब्त कर ली गई, जो उनके खिलाफ मानहानि के आरोपों का मुख्य आधार बनी। चोर्नोविल ने पूछताछ के दौरान मौखिक के बजाय अपनी लिखित गवाही देने का विकल्प चुना, क्योंकि उस समय मौखिक पूछताछ के दौरान तर्कों को विकृत और हेरफेर किए जाने का भारी जोखिम था। चोर्नोविल ने अपनी बेगुनाही, साथ ही दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए अन्य सभी लोगों की बेगुनाही का पुरजोर तर्क देते हुए लिखा:{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
{{उद्धरण|अगस्त और सितंबर 1965 में कीव, ल्वीव और यूक्रेन के अन्य शहरों में यूक्रेनी बुद्धिजीवियों के कई प्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया गया था। उन पर सोवियत विरोधी प्रचार का आरोप मढ़ा गया था, और उनमें से अधिकांश को 1965 में बंद अदालती प्रक्रियाओं में दोषी ठहराया गया था। मैं व्यक्तिगत रूप से गिरफ्तार और दोषी ठहराए गए ऐसे कई लोगों को जानता था; मैंने कभी उनके कार्यों और शब्दों में कुछ भी सोवियत विरोधी नहीं देखा, बल्कि इसके विपरीत, मैंने यूक्रेनी संस्कृति, यूक्रेनी भाषा की स्थिति, सामान्य समाजवादी कानून और उस समाजवादी लोकतंत्र की बहाली के लिए उनके भीतर एक सच्ची चिंता देखी, जिसे स्टालिन और बेरिया के अत्याचार के क्रूर वर्षों के दौरान रौंद दिया गया था। इनमें से कुछ भी सी॰पी॰एस॰यू॰ की 20वीं कांग्रेस से भिन्न नहीं है। बाद में, एक शिक्षक और यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी की ल्वीव केंद्रीय समिति के एक पूर्व प्रशिक्षक के मामले में गवाह के रूप में पूछताछ और तलाशी का सामना करने वाले एम॰ ओसादची इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि के॰जी॰बी॰ निकायों ने, जिन्होंने जांच की थी, प्रक्रियात्मक मानदंडों के घोर उल्लंघनों की अनुमति दी थी, और जांच को पूर्वनिर्धारित योग्यताओं के अनुरूप ढाल दिया था।}}
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया, और उनकी शिकायतों पर सोवियत अधिकारियों की ओर से किसी भी कार्रवाई की कमी ने, सोवियत प्रणाली में उनके विश्वास को काफी हद तक समाप्त कर दिया था। हालाँकि, उन्होंने इस बात पर जोर देना जारी रखा कि सोवियत सरकार के प्रति उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं थी, बल्कि उन्होंने यह आरोप लगाया कि उन्हें कुछ ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा था जो अवैध रूप से उन्हें देश की वास्तविक स्थिति के बारे में उच्च पदस्थ अधिकारियों को सूचित करने से रोकना चाहते थे।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} इन तर्कों के बावजूद 13 नवंबर 1967 को चोर्नोविल को दोषी ठहराया गया और उन्हें तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई।{{sfn|Melnykova-Kurhanova|2019|p=79}} इस अवधि के दौरान, उन्हें याकूत स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य के चप्पनदा गाँव में रखा गया था।{{sfn|Matiash|2017|p=29}}
[[File:Атена Пашко на Донбасі1.jpg|alt=कैप्शन देखें|thumb|[[एटेना पाश्को]], चोर्नोविल की तीसरी और अंतिम पत्नी]]
1969 में, चोर्नोविल ने साथी कार्यकर्ता एटेना पाश्को से विवाह किया, जिनसे वे एक अन्य असंतुष्ट इवान स्वितलीचनी के घर पर पहली बार मिले थे। उन दोनों ने याकूतिया के निउर्बा शहर में औपचारिक रूप से विवाह संपन्न किया।{{sfn|Matiash|2017|p=29}}
=== गिरफ्तारियों के बीच का जीवन (1969–1972) ===
1969 में एक [[आम माफी]] के तहत चोर्नोविल को जेल से रिहा कर दिया गया था। रिहाई के बाद उन्हें एक स्थिर नौकरी खोजने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ा; उन्होंने ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट में एक मौसम केंद्र पर, ओडेसा ओब्लास्ट के एक पुरातात्विक अभियान के दौरान एक उत्खननकर्ता के रूप में, और स्क्निलिव रेलवे स्टेशन पर एक सामान्य कर्मचारी के रूप में विभिन्न कार्य किए।{{sfn|Matiash|2017|p=13}} सितंबर 1969 में, वे वैलेन्टिन मोरोज़ से भी मिले, जो एक अन्य प्रमुख असंतुष्ट थे जिन्हें 1965-1966 के दमन के दौरान कैद किया गया था। उन दोनों ने जल्दी ही गहरी मित्रता कर ली और वे अक्सर एक-दूसरे से मिलते-जुलते रहते थे, क्योंकि वे दोनों असंतुष्ट आंदोलन को मजबूत करने और सरकारी दुर्व्यवहारों का अधिक दृढ़ता से सामना करने का प्रयास कर रहे थे। इस समयावधि के दौरान, चोर्नोविल ने, स्वितलीचनी और स्वेर्स्टिउक के साथ मिलकर, मोरोज़ (जो अपने आपराधिक रिकॉर्ड के कारण कोई भी रोजगार खोजने में असमर्थ थे) को घोर गरीबी में जाने से रोकने के लिए एक दान अभियान का भी सफल नेतृत्व किया। इस अभियान ने 3,500 सोवियत रूबल एकत्र किए।{{sfn|Paska|2018|p=135}} उन्होंने अन्य पूर्व-कैद असंतुष्टों, जैसे कि शिवतोस्लाव कारावन्स्की और नीना स्ट्रोकाटा के लिए भी ऐसे ही दान अभियान आयोजित किए थे।{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=199}}
जनवरी 1970 में चोर्नोविल ने ''[[द यूक्रेनी हेराल्ड (1970–1972, 1987–1989)|द यूक्रेनी हेराल्ड]]'' के नाम से एक नया ''समिज्दात'' अखबार शुरू किया। इस अखबार में अन्य ''समिज्दात'' प्रकाशनों के साथ-साथ उस महत्वपूर्ण जानकारी को भी शामिल किया गया जिसे वे महान रूसी अंधराष्ट्रवाद और यूक्रेन-विरोधी भावना मानते थे। इसमें सोवियत सरकार और पुलिस द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के दुरुपयोग का विस्तृत विवरण दिया गया था, जिसे चोर्नोविल सोवियत संघ के संविधान के सर्वथा विपरीत मानते थे, और इसमें यूक्रेन में असंतुष्ट आंदोलन से संबंधित अन्य जानकारी भी मौजूद थी।{{sfn|Shanovska|2019|pp=144–145}} चोर्नोविल ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' के मुख्य संपादक थे, और इसके तीन संस्थापकों व संपादकों (मायखाइलो कोसीव और यारोस्लाव केंडज़िओर के साथ) में से एक थे। ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' ने एक बड़े पेशेवर कर्मचारियों के दल को बनाए रखा था, जिसके संवाददाता पूरे यूक्रेन में मौजूद थे,{{sfn|Dubyk|Zaitsev|2019}} और जीवनी लेखक वी॰ आई॰ मत्याश द्वारा इस अखबार को यूक्रेन में स्वतंत्र प्रेस के अग्रदूत के रूप में वर्णित किया गया है।{{sfn|Matiash|2017|p=8}}
गिरफ्तारी के डर से, जुलाई 1971 में चोर्नोविल ने [[संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति]] को एक विस्तृत पत्र लिखा, इस आशा के साथ कि यदि वे फिर से कैद हो गए तो अंतर्राष्ट्रीय निकाय इसे प्रकाशित करेगा। इस पत्र में, उन्होंने सोवियत अधिकारियों द्वारा किए गए कानून के उल्लंघनों के ठोस उदाहरणों को रेखांकित किया, और यह तर्क दिया कि सोवियत [[राजनीतिक कैदी|राजनीतिक कैदियों]] के पास अपना बचाव करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था और वे निरंतर निगरानी, ब्लैकमेल और धमकियों के क्रूर अभियान के अधीन थे। उन्होंने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने की किसी भी संभावना को यह लिखते हुए सिरे से खारिज कर दिया: "मैं उपर्युक्त सिद्धांतों के आगे झुकने के बजाय सलाखों के पीछे मरना अधिक पसंद करूँगा।"{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=200}}
इस समय, चोर्नोविल ने मायखाइलो द्रागोमानोव की मान्यताओं के आधार पर उदार लोकतंत्र में भी अपना विश्वास अपनाया। अक्टूबर 1971 में मोरोज़ को लिखे एक पत्र में, चोर्नोविल ने टिप्पणी की कि अराजकतावादी क्रांतिकारियों पियरे-जोसेफ प्राउधोन और मिखाइल बाकुनिन के अपने अध्ययन में, उन्होंने द्रागोमानोव की नीतियों के लिए बिना शर्त समर्थन को तो अस्वीकार कर दिया था, लेकिन उनका यह मानना था कि स्वशासन पर इस शुरुआती बुद्धिजीवी के विचार पूर्णतः समर्थन करने योग्य थे। इसी दृष्टिकोण ने बाद में संघवाद के लिए उनके मजबूत समर्थन को आकार दिया।{{sfn|Seko|2021|pp=95–96}} इस दौरान, चोर्नोविल ने स्वयं को एक समाजवादी के रूप में वर्णित करना जारी रखा, और एक बिना तिथि वाले पत्र में उन्होंने लिखा कि उन्होंने "हमेशा समाजवाद के मूल सिद्धांतों का दृढ़ता से पालन किया है और ऐसा करना जारी रखा है", जबकि राजनीतिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों के लिए उन्होंने सोवियत सरकार की घोर आलोचना की।{{sfn|Bellezza|2019|p=119}}
कार्यकर्ता नीना स्ट्रोकाटा की गिरफ्तारी के पश्चात 21 दिसंबर 1971 को चोर्नोविल ने 'नीना स्ट्रोकाटा की रक्षा के लिए नागरिक समिति' की स्थापना की। इस समिति ने मानवाधिकार संगठनों के गठन के प्रति उनके दृष्टिकोण में एक बड़े बदलाव को चिह्नित किया; वे इससे पहले याचिका अभियानों के पक्ष में उन्हें अस्वीकार कर चुके थे, क्योंकि वे सोवियत संघ के भीतर यूक्रेन की स्थिति की कठोर परिस्थितियों के कारण एक संगठन के गठन को लगभग असंभव मानते थे। हालाँकि, उनके इस पुराने दृष्टिकोण की असंतुष्टों (विशेष रूप से मोरोज़) और यूक्रेनी जनता द्वारा बढ़ती आलोचना हुई थी, जो इन याचिका अभियानों को बहुत धीमा और महत्वपूर्ण परिणाम नहीं देने वाला मानते थे। इस नई समिति की जड़ें एंजेला डेविस की कानूनी रक्षा के लिए स्थापित सार्वजनिक समितियों में निहित थीं, जो एक अमेरिकी नागरिक अधिकार कार्यकर्ता थीं, जिनका मामला सोवियत संघ में इसलिए लोकप्रिय था क्योंकि वे एक कम्युनिस्ट थीं। चोर्नोविल का मानना था कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति को मामले की जानकारी देकर स्ट्रोकाटा को मुक्त किया जा सकता है, और इसके अतिरिक्त उन्होंने दज़िउबा, स्ट्रोकाटा के करीबी दोस्त लियोनिद तिमचुक, मॉस्को स्थित कार्यकर्ताओं प्योत्र याकिर और ल्यूडमिला अलेक्सेयेवा, और लेखक इवान फ्रांको की पोती ज़िनोविया फ्रांको के प्रत्यक्ष समर्थन का भी अनुरोध किया।{{sfn|Derevinskyi|2015|pp=21–22}}
दज़िउबा और फ्रांको सहित कई अन्य असंतुष्टों ने इस समिति में भाग लेने से इनकार कर दिया। इन इन्कारों ने चोर्नोविल को काफी प्रभावित किया, विशेष रूप से फ्रांको के इनकार ने, जिनके पारिवारिक संबंधों के बारे में उनका यह मानना था कि वे समिति को सोवियत सरकार के हमलों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते थे।{{sfn|Derevinskyi|2015|pp=21–22}} तिमचुक अंततः इसमें शामिल हो गए, और वासिल स्टस भी आ जुड़े। इस समूह ने अपने बचाव के तर्क सोवियत संविधान, [[मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा]] और [[नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय नियम]] पर आधारित किए। समिति के प्रकाशनों में, सोवियत कार्यकर्ताओं के इतिहास में पहली बार, इसके सदस्यों के पते स्पष्ट रूप से शामिल थे, जहाँ स्ट्रोकाटा की ओर से सामग्री प्रस्तुत की जानी थी। यह यूक्रेन के इतिहास में पहला मानवाधिकार संगठन था, लेकिन अगले ही वर्ष इसके एक सदस्य (तिमचुक) को छोड़कर सभी के गिरफ्तार होने के बाद इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।{{sfn|Zaitsev|2006}}
=== रूस में जीवन (1972–1985) ===
==== ''यूक्रेनी हेराल्ड'' परीक्षण ====
[[File:1 Bandery Street, Lviv (01).jpg|alt=दो कोबलस्टोन सड़कों के चौराहे पर एक इमारत|thumb|left|द [[लॉकी स्ट्रीट पर जेल]], जहाँ 1972 की गिरफ्तारी के बाद चोर्नोविल को पूर्व-परीक्षण निरोध में रखा गया था]]
यूक्रेनी बुद्धिजीवियों पर एक और अत्यंत व्यापक दमन जनवरी 1972 में शुरू हुआ, जो बेल्जियम-यूक्रेनी यारोस्लाव दोबोश की गिरफ्तारी से भड़क गया था। दोबोश [[यूक्रेनी राष्ट्रवादियों का संगठन]] के एक सक्रिय सदस्य थे, जिन्हें सोवियत संघ से ''समिज्दात'' की तस्करी करने का गुप्त काम सौंपा गया था। चोर्नोविल को ओलेना एंटोनिव के ल्वीव फ्लैट में एक उत्सव के ठीक बाद 12 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन पर यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 62 (सोवियत विरोधी आंदोलन) और 187-1 (सोवियत संघ के खिलाफ निंदा) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे।{{sfn|Tereshchuk|2022}} यह समारोह सोवियत सांस्कृतिक और धार्मिक नीति के मुखर विरोध के रूप में आयोजित किया गया था, और इसके अतिरिक्त इसने ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' और राजनीतिक कैदियों तथा उनके बेसहारा परिवारों के लिए धन उगाहने के एक प्रयास के रूप में भी काम किया था। इसने 250 रूबल जुटाए थे, जिनका उपयोग दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की आर्थिक सहायता के लिए किया गया। चोर्नोविल को इरीना कालियनेट्स, इवान गेल, स्टेफानिया शबतुरा, मिखाइलो ओसादची और यारोस्लाव दशकेविच के साथ ल्वीव के के॰जी॰बी॰ पूर्व-परीक्षण निरोध केंद्र में कैद किया गया था।{{sfn|Hrytsiv|2017}}
चोर्नोविल का यह परीक्षण बंद दरवाजों के पीछे संपन्न हुआ था।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} अभियोजकों ने तर्क दिया कि चोर्नोविल ही ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' की सामग्री के लिए पूरी तरह जिम्मेदार थे, जिस आरोप से उन्होंने स्पष्ट इनकार किया।{{sfn|Seko|2020|p=134}} जांच के दौरान, अन्य असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने समाचार पत्र में चोर्नोविल की भूमिका के सबूत देने से भी इनकार कर दिया; अंततः सरकार ने अपने तर्कों के लिए ज़िनोविया फ्रांको जैसे अन्य व्यक्तियों के अनुमानों पर भरोसा किया।{{sfn|Derevinskyi 2017b}} चोर्नोविल ने भी साथी असंतुष्टों के खिलाफ किसी भी प्रकार के सबूत देने या जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया। पूछताछ के दौरान, उन्होंने अपना यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि यह परीक्षण पूरी तरह अवैध था और अन्य असंतुष्टों से असंबंधित था{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} और उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने निपटान में उपलब्ध सभी साधनों का उपयोग करते हुए, उनके खिलाफ "एक नरसंहार" की तैयारी कर रहे थे।{{sfn|Seko|2020|p=134}} इस परीक्षण के दौरान उनसे सौ से भी अधिक बार कड़ी पूछताछ की गई।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} अभियोजकों ने ब्लैकमेल का भी सहारा लिया, उनके रिश्तेदारों को गिरफ्तारी और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी, लेकिन इस प्रयास का उल्टा ही असर हुआ और चोर्नोविल ने पूछताछ में सहयोग करने से पूरी तरह इनकार कर दिया।{{sfn|Bazhan|2018|p=35}}
चोर्नोविल द्वारा लेखन और वर्तनी के कई अलग-अलग परस्पर विरोधी रूपों के उपयोग ने उनके बचाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया, और उन्होंने यह तर्क देने के लिए इसका इस्तेमाल किया कि उन्हें पाठ के उचित भाषाई विश्लेषण के बिना ही दोषी ठहराया गया था।{{sfn|Seko|2020|p=134}} चोर्नोविल के इन तर्कों के बावजूद, के॰जी॰बी॰ ने ऐसे सबूतों को उजागर किया जो चोर्नोविल को समाचार पत्र शुरू करने और जांच को विफल करने के स्पष्ट उद्देश्य से इसकी तस्करी का समन्वय करने में पूरी तरह फंसाते थे; लेकिन वे निर्णायक रूप से यह साबित करने में विफल रहे कि चोर्नोविल ही इसके मुख्य संपादक थे। चोर्नोविल के सेल में गुप्त रूप से सुनने वाले उपकरण लगाए गए थे, इसलिए सुरक्षा सेवा को यह भी पता चल गया कि यदि उन्हें यूक्रेन के बाहर निर्वासन में भेजा जाता है तो उनका इरादा भूख हड़ताल की घोषणा करने का था, और वे सोवियत संघ छोड़कर यूगोस्लाविया जाने की अनुमति चाहते थे।{{sfn|Bazhan|2018|p=35}}
चोर्नोविल के परीक्षण के समापन पर दी गई सजा काफी विवादित रही है; [[एमनेस्टी इंटरनेशनल]] ने 1977 में कहा था कि उन्हें सात साल के कारावास और पांच साल के निर्वासन की कड़ी सजा सुनाई गई थी;{{sfn|Amnesty International 1977}} मार्च 1973 में ''[[द न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' ने दावा किया कि उन्हें दोनों के बीच अंतर किए बिना सीधे बारह साल के कारावास और निर्वासन के अधीन किया गया था;{{sfn|The New York Times 1973}} 2015 में [[एनसाइक्लोपीडिया ऑफ यूक्रेन]] ने दावा किया कि उन्हें छह साल के कारावास और तीन साल के आंतरिक निर्वासन की अवधि मिली थी,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} जिसे इतिहासकार बोहदान पास्का{{sfn|Paska|2018|p=141}} और ओलेह बाज़ान ने भी समान रूप से स्वीकार किया। बाज़ान के अनुसार, चोर्नोविल को 8 अप्रैल 1973 को ल्वीव ओब्लास्ट कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गई थी,{{sfn|Bazhan|2018|p=35}} यद्यपि चोर्नोविल ने 1974 में याद किया था कि उन्हें 12 अप्रैल को सजा सुनाई गई थी।{{sfn|Chornovil|1976|p=58}} चोर्नोविल ने अपने मामले के संबंध में उच्च न्यायालयों में तीन अपीलें दायर कीं; पहली दो को खारिज कर दिया गया, जबकि तीसरी को आंशिक रूप से औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया - हालांकि चोर्नोविल की अंतिम सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
==== मोर्दोविया में कारावास (1972-1978) ====
अपनी दोषसिद्धि के बाद, चोर्नोविल को मोर्दोवियन स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य में एक सुधारात्मक श्रम कॉलोनी में भेज दिया गया। 1973 से 1978 तक उन्हें विभिन्न रूप से दो कठोर शिविरों में कैद रखा गया था; ZhKh-385/17-A और ZhKh-385/3।{{sfn|Shvydkyi|2013}} अपने अमानवीय कारावास के बावजूद, चोर्नोविल ने सक्रिय रूप से कैदियों के विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करना जारी रखा, जिसके कारण लेखक और असंतुष्ट मिखाइल खेइफेट्स द्वारा उन्हें "ज़ेकों (कैदियों) के जनरल" का उपनाम दिया गया। उन्हें अन्य कैदियों से पूरी तरह अलग कर दिया गया और उन नियमों का पालन करने से इनकार करने के बाद उन्हें कड़ी निगरानी में रखा गया जिनका सभी कैदियों को पालन करना अनिवार्य था।{{sfn|Kheifets|2018}} बी॰ एज़र्निकोव और एल॰ कामिंस्की, दो रिफ्यूसेनिक (Refuseniks) जिन्हें चोर्नोविल के समान ही शिविर में कैद किया गया था, ने भी उन्हें "सभी राजनीतिक कैदियों के बीच महान अधिकार" रखने वाले एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में वर्णित किया, और 1975 में सोवियत संघ छोड़ने के बाद वैश्विक समाज से उनकी रिहाई का आग्रह करते हुए एक खुला पत्र भी लिखा।{{sfn|Fedunyshyn|2021|pp=119–120}}
उनके कारावास के दौरान चोर्नोविल की गतिविधियों ने अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना जारी रखा। उन्हें मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा 'अंतरात्मा का बंदी' के रूप में मान्यता दी गई थी,{{sfn|Amnesty International 1977}} और 1975 में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरे वाले लेखकों को मान्यता देने वाले निकोलस टोमालिन पत्रकारिता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।{{sfn|Chornovil|1976|p=57}} इसी समय के आसपास, चोर्नोविल ने अपने लेखन को जेल से बाहर तस्करी करना भी शुरू कर दिया था, और सोवियत मानवाधिकारों के हनन को प्रदर्शित करने के साधन के रूप में इस अवसर का भरपूर उपयोग किया।{{sfn|Fedunyshyn|2021|p=120}} उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड को एक पत्र लिखकर सोवियत संघ में मानवाधिकारों की दिशा में बढ़े हुए ध्यान के साथ 'डिटेंटे' की नीति का मिलान करने का आग्रह किया, यह आरोप लगाते हुए कि सोवियत अधिकारियों ने असंतुष्ट आवाजों को बेरहमी से दबाने के साधन के रूप में इसका इस्तेमाल किया था।{{sfn|Chornovil|1975}} उन्होंने आगे उनसे जैक्सन-वैनिक (Jackson-Vanik) संशोधन का पूर्ण समर्थन करने का आग्रह किया, जिसने देश से प्रवासन की स्वतंत्रता की अनुमति देने के प्रयास में सोवियत संघ पर प्रतिबंध लगा दिया था।{{sfn|Fedunyshyn|2018|pp=201–202}} बोरिस पेंसन के साथ मिलकर, उन्होंने ''समिज्दात'' पुस्तिका "डेली लाइफ इन द मोर्दोवियन कैंप्स" लिखी, जिसे यरूशलेम ले जाया गया और रूसी में प्रकाशित किया गया, इससे पहले कि अगले वर्ष म्यूनिख स्थित ''सुचास्निस्ट'' पत्रिका में इसका यूक्रेनी में अनुवाद किया गया।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}
[[हेलसिंकी समझौते]] 30 जुलाई और 1 अगस्त 1975 के बीच हस्ताक्षरित किए गए थे। हस्ताक्षरकर्ता देशों में संपूर्ण यूरोप, सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा शामिल थे।{{sfn|Commission on Security and Cooperation in Europe 2019}} सोवियत संघ में, इस हेलसिंकी समझौते को असंतुष्टों के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा गया, जिन्होंने पाया कि उनके पास अब सोवियत मानवाधिकारों के हनन को उजागर करने का एक साधन था।{{sfn|Marynovych|2021|p=86}} कीव में एक असंतुष्ट माइकोला रुडेंको ने उस उद्देश्य के लिए 9 नवंबर 1975 को [[यूक्रेनी हेलसिंकी समूह]] (UHG) के गठन की ऐतिहासिक घोषणा की।{{sfn|Marynovych|2021|p=90}} चोर्नोविल समूह की स्थापना के समय जेल में थे और 1979 तक वे इसमें शामिल नहीं हुए थे।{{sfn|Marynovych|2021|p=102}}
मोरोज़ और अन्य राजनीतिक कैदियों के साथ, चोर्नोविल की प्रतिरोध गतिविधियाँ UHG की स्थापना के बाद भी निर्बाध जारी रहीं। दोनों ने 12 जनवरी 1977 की भूख हड़ताल में भाग लिया, जिसमें उन्होंने अपने गैर-अनुरूपतावादी दृष्टिकोणों के आधार पर उत्पीड़न को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया। हालाँकि, इस समय, यूक्रेनी राजनीतिक कैदियों के बीच एक बड़ा विभाजन बन रहा था कि क्या सोवियत जेल प्रणाली का सक्रिय रूप से विरोध करना बेहतर था या वे जो आत्म-संरक्षण का पक्ष लेते थे। के॰जी॰बी॰ के प्रभाव से, दोनों गुट खुलकर आपस में भिड़ने लगे। मोरोज़ और शुमुक से अलग एक शिविर में कैद चोर्नोविल ने इस संघर्ष में पक्ष लेने से साफ इनकार कर दिया और एक मध्यस्थ के रूप में कार्य किया। 1977 की शुरुआत में, एक अस्पताल में शुमुक के साथ बैठक के दौरान, चोर्नोविल ने पूर्व पर मोरोज़ के साथ अपने संघर्ष को कृत्रिम रूप से तेज करने का आरोप लगाया, और कनाडाई परिवार के सदस्यों को शुमुक के पत्रों की तुलना सीधे पुलिस शिकायतों के समकक्ष की। जेल से रिहाई के बाद, चोर्नोविल ने शुमुक और मोरोज़ दोनों पर उनके अहंकारी रवैये के परिणामस्वरूप इस विवाद के लिए समान रूप से जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।{{sfn|Paska|2018|pp=141–142}}
==== याकूतिया वापसी (1978-1980) ====
चोर्नोविल को जेल से रिहा कर दिया गया और 1978 की शुरुआत में उन्हें फिर से चप्पनदा भेज दिया गया। वहाँ, उन्होंने सोवियत संघ के भीतर राजनीतिक कैदियों की स्थिति और मानवाधिकारों के बारे में अपना लेखन जारी रखा।{{sfn|Zakharov|2005}} वे मोरोज़ और शुमुक के बीच चल रहे संघर्ष में भी शामिल होते रहे; मोरोज़ की पत्नी रायसा को लिखे एक पत्र में, उन्होंने शुमुक के सार्वजनिक "बहिष्कार" का आह्वान किया, जबकि यह तर्क दिया कि मोरोज़ अब अनम्य हो रहे थे। मोरोज़ के नौ साल के लंबे कारावास ने उनकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया था; चोर्नोविल ने उन्हें आत्म-प्रशंसक और संकीर्ण बताया। अपने निर्वासन के दौरान, मोरोज़ के साथ चोर्नोविल की मित्रता भी समाप्त हो गई क्योंकि पूर्व ने शुमुक के साथ संघर्ष के कारण बाद वाले से खुद को दूर करने की कड़ी मांग की थी।{{sfn|Paska|2018|p=142}}
अपने निर्वासन के दौरान, चोर्नोविल ने सोवियत अधिकारियों को पत्र भेजना जारी रखा। सोवियत संघ के अभियोजक जनरल को लिखे 10 अप्रैल 1978 के एक पत्र में, उन्होंने इस तथ्य की घोर आलोचना की कि सोवियत संविधान द्वारा सैद्धांतिक रूप से दिए गए व्यापक अधिकार वास्तविकता में पूरी तरह अनुपस्थित थे, यह पूछते हुए कि "सोवियत कानून क्यों मौजूद हैं?"।{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=202}} उन्होंने "ओनली वन ईयर" नामक एक ''समिज्दात'' पैम्फलेट भी लिखा,{{sfn|Matiash|2017|p=13}} और उन्हें उस वर्ष पीईएन इंटरनेशनल (PEN International) में भर्ती कराया गया।{{sfn|Zakharov|2005}} उस समय, वे निउर्बा में एक खेत में एक मजदूर के रूप में काम कर रहे थे,{{sfn|Matiash|2017|p=13}} जहाँ उन्हें अक्टूबर 1979 में भेजा गया था। पहले की तरह, चोर्नोविल के ''समिज्दात'' कार्यों में से अधिकांश ने मानवाधिकारों के हनन और अंतरात्मा के बंदियों द्वारा सामना की जाने वाली स्थितियों को चित्रित करने का महत्वपूर्ण काम किया।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|pp=110–111}}
चोर्नोविल 22 मई 1979 को अपने निर्वासन से यूक्रेनी हेलसिंकी समूह (UHG) में शामिल हुए।{{sfn|Marynovych|2021|p=102}} नवंबर 1979 से मार्च 1980 तक उन्हें के॰जी॰बी॰ द्वारा निरंतर निगरानी में रखा गया था, जिसने यह दर्ज किया कि उन्होंने असंतुष्टों मिखाइलो होरिन, ओक्साना मेश्को और इवान सोकुलस्की के साथ संपर्क स्थापित किया था। उन्होंने कई अन्य व्यक्तियों से भी संपर्क किया जो यूक्रेन के ओब्लास्ट में UHG के अध्याय स्थापित करना चाहते थे। चोर्नोविल के अज्ञात, मेश्को, जो उस समय UHG के नेता थे, वे भी भारी के॰जी॰बी॰ निगरानी में आ गए थे, और उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को रोकने के लिए व्यक्तियों को प्रवेश देना बंद कर दिया था। एक प्रमुख UHG सदस्य ज़ेनोविय क्रासिव्स्की ने कैद और निर्वासित असंतुष्टों से मिलने के लिए पेट्रो रोज़ुमनी को भेजा। उनमें चोर्नोविल भी थे, जिन्हें UHG के प्रमुख के रूप में मेश्को को बदलने के लिए विशेष रूप से कहा गया था।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|pp=110–111}}
==== बलात्कार के प्रयास के लिए गलत सजा (1980-1985) ====
चोर्नोविल को 8,{{sfn|Kryzhanovska|2022}} 9,{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} या 15{{sfn|Shvydkyi|2013}} अप्रैल 1980 को बलात्कार के प्रयास के घिनौने आरोप में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। यूक्रेनी इतिहासलेखन में इन आरोपों को अक्सर मनगढ़ंत (Fabricated) के रूप में वर्णित किया जाता है,{{sfn|Shvydkyi|2013}}{{sfn|Kryzhanovska|2022}}{{sfn|Matiash|2017|p=14}} और इसी तरह अमेरिकी पत्रिका ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' द्वारा भी इसे संदर्भित किया गया था।{{sfn|Blake|1980}} मायकोला होरबल, यारोस्लाव लेसियव और योसिफ़ ज़िसेल्स सहित कई अन्य प्रमुख असंतुष्टों को उस समय इसी तरह के फर्जी आरोप मिले थे। UHG के सदस्य मायरोस्लाव मैरिनोविच ने एक के॰जी॰बी॰ अधिकारी के हवाले से कहा कि "हम विशेष रूप से राजनीतिक आरोपों पर व्यक्तियों को गिरफ्तार करके अब कोई नया शहीद नहीं बनाएंगे।"{{sfn|Marynovych|2021|p=115}} चोर्नोविल की गिरफ्तारी, साथ ही यूक्रेन और पूरे सोवियत संघ के कई अन्य असंतुष्टों की गिरफ्तारी, मैड्रिड में यूरोप में सुरक्षा और सहयोग पर सम्मेलन की एक बैठक के ठीक बीच हुई, और ''टाइम'' ने कहा कि कुछ पर्यवेक्षकों का यह मानना था कि हेलसिंकी समझौते के प्रति सोवियत नाराजगी प्रदर्शित करने के लिए ही ये गिरफ्तारियां की गई थीं।{{sfn|Blake|1980}}
अपनी गिरफ्तारी के बाद, चोर्नोविल ने भूख हड़ताल की घोषणा कर दी,{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} और अपनी तथा दूसरों की गिरफ्तारी को लेनिनवादी आदर्शों के घोर विपरीत और 1980 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की अगुवाई में असंतोष को दबाने के प्रयास के रूप में चित्रित किया।{{sfn|Chornovil|2007|p=673}} उन्हें याकूतिया के तबागा में एक जेल शिविर में ले जाया गया, जहाँ उन्हें उल्टी और मल से सने एक अत्यंत गंदे सेल में रखा गया था। एक समय पर, उन्हें एक "मनोरंजन कक्ष" में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहाँ उनकी पानी तक कोई पहुँच नहीं थी। अपनी भूख हड़ताल के परिणामस्वरूप शक्ति की भारी कमी के कारण, चोर्नोविल जेल के शौचालय तक पहुँचने के लिए चारों हाथों-पैरों के बल रेंगते थे, जो उनके सेल से एक मंजिल नीचे और जेल के यार्ड के पार स्थित था। कई बार, वे थकावट से बेहोश हो गए, और पहरेदारों द्वारा उन पर पानी डालकर जगाए गए। चोर्नोविल को अपना यह विरोध तब रोकना पड़ा जब डॉक्टरों ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि उन्होंने भोजन से इनकार करना जारी रखा तो शिविर में एक महामारी के दौरान अनुबंधित पेचिश के लिए उनका इलाज नहीं किया जाएगा। इस हड़ताल के लिए, चोर्नोविल को 5 से 21 नवंबर 1980 तक एकांतवास में रखा गया था।{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} उन्हें मिर्नी शहर में एक बंद अदालत द्वारा दोषी पाया गया और पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
चोर्नोविल ने जेल में लिखना जारी रखा, जिसमें सी॰पी॰एस॰यू॰ की 26वीं कांग्रेस को लिखा गया फरवरी 1981 का एक खुला पत्र शामिल है, जिसमें उन्होंने महासचिव लियोनिद ब्रेझनेव और के॰जी॰बी॰ अध्यक्ष यूरी एंड्रोपोव पर UHG के खिलाफ बड़े पैमाने पर दमन करने का सीधा आरोप लगाया था। उन्होंने अपनी पत्नी को भी लिखा, और कांग्रेस के प्रति असंतुष्टों की प्रतिक्रियाओं में "कोई भी समझौता नहीं" करने का आग्रह किया। उन्होंने 9 अप्रैल 1981 को एक और पत्र लिखा, इस बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति, एमनेस्टी इंटरनेशनल, कमिटी फॉर द फ्री वर्ल्ड और हेलसिंकी कमिटी फॉर ह्यूमन राइट्स को, सोवियत संघ के प्रति अपनी कूटनीतिक नीतियों को तैयार करने में UHG के सोवियत उत्पीड़न की दिशा में अधिक ध्यान बढ़ाने का आग्रह किया।{{sfn|Fedunyshyn|2018|pp=202–203}} 1983 में चोर्नोविल को रिहा कर दिया गया, लेकिन उन्हें यूक्रेन लौटने से सख्त रोक दिया गया। वे पोक्रोव्स्क शहर में ही रहे,{{sfn|Shvydkyi|2013}} एक फायर स्टोकर के रूप में काम करते हुए।{{sfn|Matiash|2017|p=14}} अंततः 15 अप्रैल 1985 को{{sfn|Shvydkyi|2013}} नए महासचिव मिखाइल गोर्बाचेव ने चोर्नोविल को ''[[पेरेस्त्रोइका]]'' के हिस्से के रूप में यूक्रेन लौटने की अनुमति प्रदान की।{{sfn|Ivanova|2024}}{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=50}} चोर्नोविल ने सोवियत सरकार द्वारा कुल 15 साल कैद में बिताए थे।{{sfn|Ivanova|2024}}
=== यूक्रेन वापसी ===
जब तक चोर्नोविल यूक्रेन लौटे, तब तक देश नाटकीय रूप से बदल चुका था। यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम सचिव पेट्रो शेलेस्ट, जो एक उदारवादी नेता थे, को हटा दिया गया और उनकी जगह कट्टरपंथी वलोडिमिर शेर्बित्स्की को नियुक्त किया गया, जो ब्रेझनेव के निप्रॉपेट्रोस माफिया के एक सदस्य थे। शेर्बित्स्की ने रूसीकरण नीतियों और यूक्रेनी संस्कृति पर नकेल कसने को नाटकीय रूप से बढ़ा दिया था। आंशिक रूप से शेर्बित्स्की की नीतियों के परिणामस्वरूप, 1982 में ब्रेझनेव की मृत्यु के समय तक, जोसेफ स्टालिन के शासन के दौरान ब्रेझनेव के नेतृत्व में यूक्रेनी में बहुत कम किताबें प्रकाशित हुई थीं।{{sfn|Kuzio|2010}} यूक्रेनी संस्कृति में इस भारी गिरावट के साथ-साथ 1986 की [[चेर्नोबिल दुर्घटना]] के प्रति सरकार की धीमी प्रतिक्रिया ने जनमत को बुरी तरह खराब कर दिया और चोर्नोविल को कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए प्रेरित किया।{{sfn|Poberezhets|2013|p=115}}
गोर्बाचेव के सुधारों के बावजूद, सोवियत सरकार ने चोर्नोविल और अन्य असंतुष्टों के खिलाफ हस्तक्षेप करना जारी रखा था। 1987 में राज्य ने चोर्नोविल के खिलाफ एक मानहानि अभियान शुरू किया, जिसका आंशिक कारण शेर्बित्स्की के रूसीकरण के प्रयासों पर आंतरिक असंतोष था{{sfn|Bilyk|2019|pp=14–15}} और आंशिक रूप से मॉस्को का भारी दबाव था।{{sfn|Danylenko|2019|pp=27-28}} ''द यूक्रेनी हेराल्ड'', जिसे अगस्त 1987 में फिर से लॉन्च किया गया था और जिसमें प्रमुख विपक्षी-दिमाग वाले बुद्धिजीवियों के निबंध प्रकाशित किए गए थे,{{sfn|Kipiani|2002}} ने "विदेशी विध्वंसक सुरक्षा एजेंसियों" द्वारा समर्थित होने के राज्य-समर्थित आरोपों को बहुत आकर्षित किया।{{sfn|Kipiani|2011}} उसी समय के आसपास, चोर्नोविल ने ''[[द यूक्रेनी वीकली]]'' को एक विस्तृत साक्षात्कार दिया, जिसमें उन्होंने धर्म और यूक्रेनी संस्कृति के प्रति असंतुष्ट आंदोलन के दृष्टिकोण को स्वतंत्र रूप से स्पष्ट किया। सरकार ने चोर्नोविल और असंतुष्ट आंदोलन की छवि को धूमिल करने के प्रयास में टेलीविजन पर बातचीत के कुछ क्लिप प्रसारित किए, लेकिन इस प्रयास का उल्टा ही असर हुआ। मार्था कोलोमियट्स, वे पत्रकार जिन्होंने चोर्नोविल से बात की थी, को बाद में एक "अमेरिकी सबोटूर" के रूप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन तब तक यह साक्षात्कार पहले ही व्यापक रूप से प्रचारित और साझा किया जा चुका था।{{sfn|Bila|2020}} दिसंबर में, शेर्बित्स्की के कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें विपक्ष की, विशेष रूप से चोर्नोविल की के॰जी॰बी॰ निगरानी बढ़ाने का वादा किया गया था, जिसने प्रिंट और प्रसारण मीडिया दोनों से हमलों की एक नई लहर देखी।{{sfn|Danylenko|2019|pp=27-28}} ल्वीव स्थित ''फ्री यूक्रेन'' समाचार पत्र में प्रकाशित एक राय-संपादकीय में, चोर्नोविल ने इन उपायों की कड़ी आलोचना की और कहा कि उनके और मिखाइलो होरिन के साथ किया गया व्यवहार 15 साल पहले अलेक्सांद्र सोल्झेनित्सिन के व्यवहार के बिल्कुल बराबर था।{{sfn|Chornovil|2011|pp=81–82}}
मानवाधिकार गतिविधियाँ उनकी रिहाई के बाद चोर्नोविल के अथक प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण फोकस बनी रहीं। चोर्नोविल और होरिन वासिल बारलादियानु, गेल, ज़ोरियन पोपादियुक, और स्टीफन खमारा के साथ आपराधिक संहिता से सोवियत विरोधी आंदोलन को पूरी तरह हटाने और सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई और पुनर्वास की वकालत करने में शामिल हुए।{{sfn|Kharkiv Human Rights Protection Group 2006}} 24 फरवरी 1987 को, उन्होंने मॉस्को के के॰जी॰बी॰ मुख्यालय, लुब्यंका भवन की यात्रा की, जहाँ उन्होंने इन मांगों को मजबूती से दोहराया और जब्त की गई संपत्ति को वापस करने का आग्रह किया। लुब्यंका में रहते हुए, उन्होंने घोषणा की कि, रूस के ईसाईकरण (1988) की 1000वीं वर्षगांठ के आधिकारिक समारोहों के जवाब में, असंतुष्ट आंदोलन 1946 के ल्वीव धर्मसभा के फैसले को उलटने के लिए एक अभियान शुरू करेगा जिसने यूक्रेनी ग्रीक कैथोलिक चर्च का रूसी रूढ़िवादी चर्च में विलय कर दिया था।{{sfn|Danylenko|2019|p=26}} हालाँकि, सरकार ने उनकी सभा की स्वतंत्रता में भारी हस्तक्षेप किया - उदाहरण के लिए, चोर्नोविल को ल्वीव में एक "निवारक" साक्षात्कार के लिए बुलाकर सोवियत संघ के भीतर गैर-रूसी देशों के अधिकारों पर एक नियोजित दिसंबर 1987 के संगोष्ठी में भाग लेने से रोक दिया गया था, जहाँ उन्हें "असामाजिक" गतिविधियों में शामिल होने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी गई थी।{{sfn|Danylenko|2019|pp=26-27}}
11 मार्च 1988 को, चोर्नोविल ने औपचारिक रूप से होरिन और क्रासिव्स्की द्वारा सह-हस्ताक्षरित एक पत्र में यूक्रेनी हेलसिंकी समूह (UHG) को फिर से स्थापित किया, हालांकि समूह ने पिछले वर्ष की गर्मियों में ही अपनी गतिविधि फिर से शुरू कर दी थी और चोर्नोविल का ''हेराल्ड'' इसका प्रेस अंग था।{{sfn|Zakharov|2005}} इस समय तक, लायंस सोसाइटी, ''स्पाद्शच्यना'', और यूक्रेनी कल्टूरोलॉजिकल क्लब जैसे कई स्वतंत्र संगठन अस्तित्व में थे। असंतुष्ट आंदोलन की खंडित प्रकृति ने चोर्नोविल को अप्रैल 1988 में एक ही संरचना में संगठनों को एक साथ लाना शुरू करने के लिए प्रेरित किया।{{sfn|Krupnyk|2019|p=45}}
[[File:Гельсінська спілка-1.jpg|alt=सूट में ग्यारह पुरुषों की एक तस्वीर|thumb|1989 में यूक्रेनी हेलसिंकी संघ की डोनेट्स्क शाखा के सदस्यों के साथ चोर्नोविल]]
चोर्नोविल ने 7 जून 1988 को [[यूक्रेनी हेलसिंकी संघ]] (UHS) की स्थापना की। यह सोवियत यूक्रेन में पहली स्वतंत्र राजनीतिक पार्टी थी।{{sfn|Krupnyk|2019|pp=45-46}} चोर्नोविल ने पार्टी के मंच के सह-लेखक बने और उसे प्रस्तुत किया,{{sfn|Kobuta|2020|pp=36–37}} जिसने सोवियत राज्यों के परिसंघीय (Confederate) ढांचे के भीतर यूक्रेनी स्वतंत्रता का आह्वान किया। घोषणापत्र में यह तर्क दिया गया कि यूक्रेनी स्वतंत्रता से यूक्रेनियन और गैर-यूक्रेनियन दोनों को समान रूप से लाभ होगा, लेकिन परिसंघ के बारे में बिंदु जोड़ा ताकि UHS को अलगाववादी के रूप में प्रतिबंधित होने से रोका जा सके।{{sfn|Krupnyk|2019|p=46}}
इस समय अवधि के दौरान चोर्नोविल की गतिविधियाँ केवल यूक्रेन तक ही सीमित नहीं थीं; उन्होंने अन्य असंतुष्टों के साथ भी व्यापक संपर्क बनाए रखा, विशेष रूप से बाल्टिक राज्यों, आर्मेनिया और जॉर्जिया के असंतुष्टों के साथ। यूक्रेनी के॰जी॰बी॰ के 8 सितंबर 1988 के एक आंतरिक नोटिस ने गुर्गों को सूचित किया कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक कैदियों के संरक्षण के लिए समिति नामक एक संगठन मौजूद है। इस समिति की स्थापना चोर्नोविल और अर्मेनियाई असंतुष्ट पिरुयर हेयरिकयान द्वारा जनवरी 1988 में की गई थी, और यह सोवियत विरोधी आंदोलन कानून को निरस्त करने, जेल शिविरों और मनोरोग अस्पतालों को बंद करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल थी, और यूक्रेन और सोवियत संघ के भीतर अन्य देशों के राष्ट्रवादी आंदोलनों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थी।{{sfn|Krupnyk|2019|pp=46-47}} 24-25 सितंबर को, चोर्नोविल ने रीगा में असंतुष्ट समूहों के एक सम्मेलन में UHS का प्रतिनिधित्व किया। चोर्नोविल ने सम्मेलन का समापन बयान लिखा, जिसमें सभी "राष्ट्रीय लोकतांत्रिक आंदोलनों" से एक संयुक्त मोर्चा बनाने और बैनर के तहत विरोध करने का पुरजोर आग्रह किया गया।{{sfn|Krupnyk|2019|p=47}}
==== क्रांति ====
[[File:В.М.Чорновіл на шахті ім. Поченкова. 2.JPG|alt=चोर्नोविल अपने आसपास हड़ताली श्रमिकों से बात कर रहे हैं|thumb|1990 के दशक में माकिव्का खदान की बैठक में हड़ताली श्रमिकों के साथ चोर्नोविल]]
पूरे 1988 और 1989 में मध्य और पूर्वी यूरोप में चल रही [[1989 की क्रांतियाँ|1989 की क्रांतियों]] ने चोर्नोविल को बहुत दिलचस्पी दी, विशेष रूप से अहिंसा के पालन में। उनकी सफलता ने चोर्नोविल को कम्युनिस्ट-विरोधी (Anti-communism) के पक्ष में मार्क्सवाद-लेनिनवाद के लिए अपने सार्वजनिक समर्थन को त्यागने के लिए प्रेरित किया, जिसका उन्होंने 1960 के दशक के मध्य से निजी तौर पर समर्थन किया था, लेकिन एक उदारवादी के रूप में प्रकट होने के प्रयास में इसे सार्वजनिक रूप से बताने से परहेज किया था।{{sfn|Seko|2019|p=124}} अन्य यूक्रेनी बुद्धिजीवियों ने भी कम्युनिस्ट-विरोधी समर्थन करना शुरू कर दिया, और राइटर्स यूनियन ऑफ यूक्रेन ने 1988 के अंत में एक लोकप्रिय मोर्चा विकसित करना शुरू किया, इसे स्थानीय सरकार में अधिक सक्रिय होने और आर्थिक चिंताओं में अधिक रुचि लेने के लिए जनता को प्रोत्साहित करने के रूप में न्यायोचित ठहराया।{{sfn|Adamovych|2020|p=8}} चोर्नोविल ने सोवियत संघ में एक मानवाधिकार आंदोलन, मेमोरियल, को यूक्रेन में फैलाने का भी समर्थन किया, और मार्च 1989 में इसकी स्थापना पर समूह के यूक्रेनी अध्याय के प्रेसिडियम को एक सकारात्मक पत्र लिखा।{{sfn|Chornovil|2009|pp=476–477}}
18 जुलाई 1989 को, पूरे संघ में खनन हड़तालों की लहर पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र के माकिव्का शहर में कोयला खनिकों तक पहुँच गई।{{sfn|Lykhobova|Kuzina|2009|pp=155–156}}{{sfn|Safire|1989}} कर्मचारियों ने पहले बेहतर काम करने की स्थिति, बेहतर मजदूरी और बढ़ी हुई सामाजिक सुरक्षा की मांग की। हालाँकि, शुरुआत से ही, कई डोनबास खनिकों ने स्व-शासन के संभावित मार्ग के रूप में सहानुभूति के साथ यूक्रेनी स्वतंत्रता आंदोलन को भी देखा था।{{sfn|Walkowitz|1991}} चोर्नोविल ने अपने शुरुआती दिनों से ही हड़तालों का समर्थन किया, एक बयान जारी करते हुए कहा, अन्य बातों के अलावा, कि हड़ताल ने "पार्टी और लोगों की एकता के बारे में पार्टी की लफ्फाजी का पर्दा फाड़ दिया", जिसका कम्युनिस्टों ने दावा किया कि वहां विभिन्न "चरमपंथियों" द्वारा हमला किया जा रहा था।{{sfn|Radio Liberty 2014}} दूसरी ओर, शेर्बित्स्की खुश नहीं थे और सरकारी नियंत्रण वाले मीडिया में हड़तालियों को बदनाम करके और हड़ताल समितियों के लिए संचार काट कर उन पर कड़ी नकेल कसी।{{sfn|Walkowitz|1991}} इसने खनिकों को कट्टरपंथी बना दिया, जिन्होंने जल्द ही शेर्बित्स्की के इस्तीफे का आह्वान करना शुरू कर दिया।{{sfn|Radio Liberty 2021}}
मार्च 1990 के लिए निर्धारित सर्वोच्च सोवियत के चुनाव करीब आने के साथ, चोर्नोविल ने अभियान मोड में स्विच किया। उनके घोषणापत्र ने "राज्य का दर्जा, लोकतंत्र और स्वशासन" और गैर-जातीय यूक्रेनियनों के साथ सहयोग का आह्वान किया। चोर्नोविल के कार्यक्रम की आधारशिला बारह "भूमि" पर आधारित एक संघीय यूक्रेन का उनका विचार था, जिसे मोटे तौर पर [[यूक्रेनी जनवादी गणराज्य]] के गवर्नरेट और डोनबास के लिए एक अलग भूमि द्वारा परिभाषित किया गया था। क्रीमिया को एक स्वतंत्र राज्य या यूक्रेन के स्वायत्त गणराज्य के रूप में मौजूद होना था। विधायिका को एक द्विसदनीय [[केंद्रीय राडा]] के रूप में फिर से स्थापित किया जाना था, निचले सदन को आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा चुना जाना था और ऊपरी सदन को भूमि से चुना जाना था।{{sfn|Chornovil|2009|pp=580–583}} चोर्नोविल का मानना था कि संघवाद यूक्रेन और उसके क्षेत्रों को सोवियत संघ से स्वतंत्र अर्थव्यवस्था, संस्कृति और राजनीति विकसित करने की अनुमति देगा और सोवियत शैली की नौकरशाही की स्थापना को रोकेगा।{{sfn|Derevinskyi|2023|pp=54–55}} चोर्नोविल इस समय UHS के भीतर स्वतंत्रता-समर्थक पदों को अपनाने पर जोर देने वाले प्राथमिक व्यक्तियों में से एक थे, यह प्रस्ताव करते हुए कि पार्टी के कार्यक्रम में स्वतंत्रता का प्रश्न प्रस्तावित किया जाए।{{sfn|Derevinskyi|2023|p=335}}
[[File:1съезд.jpg|alt=एक सम्मेलन में एकत्रित कई व्यक्ति, उनमें से कुछ यूक्रेनी झंडे लहरा रहे हैं|thumb|left|यूक्रेन के जन आन्दोलन की पहली कांग्रेस सितंबर 1989 में हुई थी]]
8 सितंबर 1989 को, [[यूक्रेन का जन आन्दोलन]] (रूख) की स्थापना यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की राज्य भाषा के रूप में यूक्रेनी की स्थापना, एक राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पुनरुद्धार, और यूक्रेनी स्वशासन के साथ-साथ यूक्रेन के भीतर अल्पसंख्यकों के लिए भाषाई अधिकारों को मजबूत करने की वकालत करने वाले एक कार्यक्रम के साथ की गई थी। ये पद राइटर्स यूनियन के लोगों पर आधारित थे, जिन्होंने उस वर्ष फरवरी में उन्हें अपनाया था।{{sfn|Adamovych|2020|pp=8–9}} पूरी तरह से "पेरेस्त्रोइका के लिए यूक्रेन का जन आन्दोलन" के रूप में नामित, इसके पहले नेता कवि इवान ड्रेच थे। इसके बावजूद, हालाँकि, चोर्नोविल पार्टी के वास्तविक नेता थे और इतिहासकार रोमन ह्रीत्स्किंव के अनुसार, इसकी स्थापना का आयोजन भी उन्हीं ने किया था।{{sfn|Popovych|2023}} चोर्नोविल ने कट्टरपंथी और स्वतंत्रता के उदारवादी समर्थकों को फिर से जोड़ते हुए, 'रूख' को यूक्रेनी राष्ट्रवादियों के जन आंदोलन में बदलने की मांग की।{{sfn|Derevinskyi|2023|p=10}}
संयोग से, खनिकों की हड़ताल{{sfn|Radio Liberty 2021}} और गोर्बाचेव के दबाव के संयोजन के कारण शेर्बित्स्की को उसी महीने इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था।{{sfn|Senkus|2007}}
चोर्नोविल ने 1919 के एकीकरण अधिनियम की वर्षगांठ मनाते हुए, 22 जनवरी 1990 को ल्वीव से कीव तक एक मानव शृंखला आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}} लगभग तीस लाख लोगों ने शृंखला में भाग लिया जो उस समय तक 'रूख' द्वारा किया गया सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था।{{sfn|Poberezhets|2011|p=288}} चोर्नोविल ने एकीकरण अधिनियम की वर्षगांठ को अवकाश के रूप में मान्यता देने की वकालत की।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}}
== चोर्नोविल सत्ता में ==
{{Multiple image
| header = चोर्नोविल के आधिकारिक चित्र, [[यूक्रेन की संसद|संसद]]
| width = 100
| image1 = НДУ 1 Чорновіл Вячеслав Максимович.jpg
| caption1 = पहली (1990–1994)
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| caption2 = दूसरी (1994–1998)
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| caption3 = तीसरी (1998–1999)
}}
सोवियत यूक्रेन के इतिहास में पहला बहुदलीय मतदान, सर्वोच्च सोवियत चुनाव, 4 मार्च 1990 को आयोजित किया गया था। यह उच्च मतदान द्वारा चिह्नित किया गया था, जिसमें 85% पंजीकृत मतदाताओं ने भाग लिया था। अधिकांश यूक्रेन में, परिणाम कम्युनिस्टों के लिए फायदेमंद था, 90% पहले चुने गए प्रतिनिधि फिर से चुने गए और 450 प्रतिनिधियों में से 373 कम्युनिस्ट पार्टी के थे। हालाँकि, सभी तीन गैलिशियन ओब्लास्ट में, डेमोक्रेटिक ब्लॉक, एक 'रूख' नेतृत्व वाले गठबंधन{{sfn|Kozhanov|2020|p=44}} ने अधिकांश सीटें जीतीं। सुप्रीम सोवियत के उपाध्यक्ष के रूप में चुने गए इवान प्लियुश्च ने 2010 में लिखा था कि कम्युनिस्ट बहुमत संसदीय स्तर पर समान प्रभाव को कमान करने में असमर्थ था जैसा कि डेमोक्रेटिक ब्लॉक था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=51–52}} चोर्नोविल को ल्वीव शहर के शेवचेंकिव्स्की जिले से डेमोक्रेटिक ब्लॉक के उप-प्रतिनिधि के रूप में पूर्ण बहुमत से चुना गया, जिन्होंने सात अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ 68.60% वोट जीते।{{sfn|1st Verkhovna Rada}} सुप्रीम सोवियत के भीतर, चोर्नोविल डेमोक्रेटिक ब्लॉक के कट्टरपंथी विंग के नेताओं में से थे।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}}
चोर्नोविल को अप्रैल 1990 में ल्वीव ओब्लास्ट परिषद का अध्यक्ष भी चुना गया, जिससे वे ल्वीव ओब्लास्ट के पहले गैर-कम्युनिस्ट प्रमुख बन गए।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}} उन्होंने जल्दी ही एक असंतुष्ट के रूप में जीवन से राजनीति में खुद को अनुकूलित कर लिया, दाईं ओर मुड़ते हुए और स्पष्ट रूप से कम्युनिस्ट-विरोधी क्रांति का समर्थन करने वाले पहले यूक्रेनी राजनेताओं में से एक बन गए।{{sfn|Seko|2018|p=174}} आर्थिक क्षेत्र में, उन्होंने आवास बाजार और प्रकाश उद्योग का निजीकरण किया, और सामूहिक खेतों को समाप्त करके और किसानों को भूमि पुनर्वितरित करके भूमि सुधार शुरू किए।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}} सामाजिक रूप से, उन्होंने यूक्रेन के सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पुनरुद्धार का सक्रिय समर्थन किया; उनकी सरकार द्वारा सोवियत के बजाय यूक्रेनी प्रतीकों का उपयोग किया गया, यूक्रेनी विद्रोही सेना के सैनिकों को दिग्गजों के रूप में मान्यता दी गई, धर्मसभा ल्वीव द्वारा लगाए गए यूक्रेनी ग्रीक कैथोलिक चर्च पर प्रतिबंध निरस्त कर दिया गया और धार्मिक छुट्टियों को सार्वजनिक छुट्टियों के रूप में मान्यता दी गई।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}} व्लादिमीर लेनिन की मूर्तियों को पहली बार चोर्नोविल की सरकार के तहत ध्वस्त किया गया था,{{sfn|Kobuta|2020|pp=37–38}} 1 जुलाई 1990 को चेर्वोनोग्राद में मूर्ति को गिरा दिया गया था। इसने 1990 और 1991 के दौरान गैलिसिया में लेनिन स्मारकों को गिराने की लहर शुरू कर दी।{{sfn|Gazeta.ua 2018}}
चोर्नोविल की नीतियां सीधे तौर पर यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ और सोवियत संघ के उस समय के कानूनों के विपरीत थीं, और यूक्रेनी और संघ-व्यापी सरकार-समर्थक मीडिया में उनकी सरकार की आलोचना की गई थी। इसके बावजूद, अन्य गैलिशियन ओब्लास्ट, जो 'रूख' के नियंत्रण में आ गए थे, ने जल्द ही सुधारों को आगे बढ़ाने में चोर्नोविल के उदाहरण का पालन किया।{{sfn|Kobuta|2020|pp=38–39}} इतिहासकार स्टीफन कोबुटा ने तर्क दिया है कि गैलिसिया द्वारा सोवियत कानूनों की अस्वीकृति चोर्नोविल के संघीय विश्वासों की अभिव्यक्ति थी।{{sfn|Kobuta|2020|p=39}} अपने लोकतांत्रिक लाभ को बनाए रखने और सोवियत राज्य संस्थानों का मुकाबला करने के लिए, गैलिशियन राष्ट्रीय डेमोक्रेट्स ने फरवरी 1991 में चोर्नोविल को इसके प्रमुख के रूप में नियुक्त करके गैलिशियन असेंबली का गठन किया।{{sfn|Muravskyi|2019|pp=139-140}}{{sfn|Semkiv|2014}}{{sfn|Adamovych|2018|p=3}}
सुप्रीम सोवियत के एक उप-प्रतिनिधि के रूप में, चोर्नोविल ने सोवियत संघ के भीतर यूक्रेन की संप्रभुता को स्वतंत्रता के अंतिम उद्देश्य के साथ-साथ भूमि सुधार, पर्यावरण संरक्षण, अल्पसंख्यक और धार्मिक अधिकारों, संघवाद और सरकार की एकमात्र भाषा के रूप में यूक्रेनी को स्थापित करने के लिए खुद को समर्पित किया।{{sfn|Kobuta|2020|p=37}} उन्हें सुप्रीम सोवियत के अध्यक्ष के लिए डेमोक्रेटिक ब्लॉक के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था, हालांकि उन्होंने नामांकन को अस्वीकार कर दिया और गठबंधन के नेता, इहोर युखनोवस्की का समर्थन किया। अंततः, दोनों में से कोई भी नहीं चुना गया, क्योंकि कम्युनिस्टों ने व्लादिमीर इवाश्को के लिए मतदान किया।{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=52}} मतदान के दौरान, चोर्नोविल ने खुले तौर पर सोवियत संघ से यूक्रेन की स्वतंत्रता का आह्वान किया, यह तर्क देते हुए कि उस समय यूक्रेन का सामना कर रहे "आर्थिक, पर्यावरणीय और आध्यात्मिक तबाही" को समाप्त करने का यह एकमात्र संभव तरीका था।{{sfn|Kobuta|2020|pp=37–38}}
चोर्नोविल ने संघवाद की वकालत करना जारी रखा, मई 1990 के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि "कीवन केंद्रवाद" डोनबास में रूसी राष्ट्रवाद और ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट में रुसिन पहचान के उद्भव को जन्म देगा।{{sfn|Riabinin|2021|p=90}} उसी महीने, जैसे ही ग्रामीण ग्रीक कैथोलिक और रूढ़िवादी ईसाइयों के बीच संघर्ष छिड़ गया, ल्वीव ओब्लास्ट की सरकार ने यह निर्धारित करने के लिए गांवों में जनमत संग्रह कराने का प्रयोग किया कि किस संप्रदाय को चर्चों का नियंत्रण दिया जाएगा। चोर्नोविल द्वारा लिखे गए इस प्रस्ताव के अनुसार, बहुसंख्यक संप्रदाय अल्पसंख्यक की आस्था से संबंधित एक चर्च के निर्माण की जिम्मेदारी वहन करेगा। इस प्रणाली ने क्षेत्र में एक धार्मिक संघर्ष को उभरने से सफलतापूर्वक रोका।{{sfn|Yurash|2021|pp=134–135}}
12 जून 1990 को, रूस ने सोवियत संघ के भीतर राज्य संप्रभुता की घोषणा की। इसने डेमोक्रेटिक ब्लॉक द्वारा यूक्रेन की राज्य संप्रभुता की घोषणा पर मतदान पर जोर देने के प्रयासों को बढ़ावा दिया, जिसे कम्युनिस्ट प्रतिनिधियों ने अवरुद्ध कर दिया था। घोषणा पर 5 जुलाई की बहस के दौरान, चोर्नोविल और साथी गठबंधन सदस्य मायखाइलो बतिह ने कम्युनिस्टों पर पार्टी द्वारा मतदान करने का तरीका बताने का आरोप लगाया। चोर्नोविल ने बाद में खुलासा किया कि कई प्रतिनिधियों को एक स्वतंत्र सेना या कानूनी प्रणाली की स्थापना जैसे उपायों को खत्म करने के लिए संप्रभुता पर मसौदा कानून में संशोधन करने के निर्देश मिले थे। इस खुलासे से कार्यवाहक सर्वोच्च सोवियत अध्यक्ष इवान प्लियुश्च ने एक जांच शुरू की, जो यह पता चलने के बाद तेज हो गई कि कई प्रतिनिधियों ने निर्देशों को शब्दशः उद्धृत किया था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=57–59}}
चोर्नोविल और एक अज्ञात कम्युनिस्ट उप-प्रतिनिधि ने तब घोषणा पर मतदान शुरू करने का प्रयास किया। प्लियुश्च ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सोवियत संघ के पीपुल्स डिपुटीज के सदस्य अभी तक वापस नहीं आए थे और इसलिए कोरम असंभव था। जवाब में, चोर्नोविल ने सोवियत पीपुल्स डिपुटीज की तत्काल वापसी की मांग करने के लिए कदम उठाया, जिसे तब संप्रभुता-समर्थक कम्युनिस्टों द्वारा समर्थन दिया गया और बड़े अंतर से पारित किया गया। चार दिन बाद, प्रतिनिधि वापस आ गए और राज्य संप्रभुता की घोषणा पर बहस फिर से शुरू हो गई। घोषणा-विरोधी समूह का नेतृत्व स्टैनिस्लाव हुरेंको और लियोनिद क्रावचुक ने किया, जिन्होंने दावा किया कि संप्रभुता का मामला कीव के बजाय मॉस्को में हल किया जाएगा।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=59–61}}
[[File:Підняття українського прапора над Києвом, подія.JPG|alt=कार्यालय भवनों के सामने मुख्य रूप से यूक्रेनी झंडों के साथ प्रदर्शन कर रहे कई लोग|thumb|left|300px|मध्य कीव में यूक्रेन की संप्रभुता की घोषणा के समर्थन में प्रदर्शन, जुलाई 1990]]
इवाश्को ने सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के उप महासचिव बनने के लिए 11 जुलाई को अपने यूक्रेनी सरकारी पदों से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। यह कदम यूक्रेनी जनता के लिए एक सदमे के रूप में आया, क्योंकि सी॰पी॰एस॰यू॰ को ढहने के रूप में माना जाता था, और पार्टी की सेवा के लिए यूक्रेनी पदों से इवाश्को के इस्तीफे ने यूक्रेनी आबादी के प्रति उदासीनता का प्रदर्शन किया। इवाश्को के इस्तीफे के बाद, कम्युनिस्ट हतोत्साहित रह गए, जिससे चोर्नोविल को कार्यालय के माध्यम से घोषणा को आगे बढ़ाने की अनुमति मिली। यह अंततः 16 जुलाई 1990 को पारित किया गया था, जो सोवियत सरकार के कानूनों पर यूक्रेनी कानूनों को प्राथमिकता देता था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=61–63}} यह चोर्नोविल के लिए एक बड़ी जीत थी, जिन्होंने जुलाई 1989 से राज्य संप्रभुता की घोषणा की निजी तौर पर मांग की थी।{{sfn|Kobuta|2020|p=37}}
1990 के शेष भाग में यूक्रेनी जनभावना सरकार के खिलाफ मुड़ना जारी रही। छात्रों के विरोध की एक शृंखला, जिसे क्रांति पर ग्रेनाइट के रूप में जाना जाता है, अक्टूबर में शुरू हुई जब छात्रों के समूहों ने दावा किया कि सरकार ने डेमोक्रेटिक ब्लॉक को बहुमत हासिल करने से रोकने के लिए परिणामों में हेरफेर किया था। छात्रों ने कीव में अक्टूबर क्रांति स्क्वायर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी, और बाद में कम्युनिस्ट प्रतिनिधियों द्वारा उनका मज़ाक उड़ाया गया। इस असंवेदनशील रवैये ने लगभग सभी नरमपंथियों और राष्ट्रीय कम्युनिस्टों को लेखक ओल्स होन्चर के नेतृत्व का पालन करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी को छोड़ने के लिए प्रेरित किया। इन व्यक्तियों ने राष्ट्रीय-डेमोक्रेट्स की ओर दलबदल कर लिया, जिससे शेष कम्युनिस्टों को और कमजोर कर दिया।{{sfn|Pipash|2021|p=82}}
जनवरी की घटनाओं, जिसमें सोवियत सरकार ने लिथुआनिया को स्वतंत्र होने से रोकने के प्रयास में 16 जनवरी 1991 को सेना तैनात की, ने चोर्नोविल को अस्थायी रूप से सोवियत सेना से अलग यूक्रेनी सेना की स्थापना की दिशा में अपनी नीतियों को फिर से उन्मुख करने के लिए प्रेरित किया। इसे प्राप्त करने के लिए, उन्होंने इहोर डेरकाच, मायकोला पोरोव्स्की, विटाली लाज़ोर्किन और विलेन मार्टिरोसियन के साथ मिलकर 'रूख' के सैन्य कॉलेजियम की सह-स्थापना की, जिसे यूक्रेन के सशस्त्र बलों का निर्माण करने और सोवियत सरकार की कार्रवाई में यूक्रेनी सैनिकों के उपयोग को रोकने का काम सौंपा गया था।{{sfn|Lazorkin|2020|p=74}} चोर्नोविल ने 16 फरवरी 1991 को गैलिशियन असेंबली की दूसरी बैठक में गैलिशियन ओब्लास्ट के एकीकरण की वकालत करना जारी रखा, विशेष रूप से शिक्षा और अंतर-ओब्लास्ट व्यापार तक पहुंच का विस्तार करने में।{{sfn|Adamovych|2018|p=4}} चोर्नोविल ने मार्च 1991 के यूक्रेनी स्वतंत्रता जनमत संग्रह का भी निरीक्षण किया, जिसमें गैलिशियन ओब्लास्ट की अधिकांश आबादी ने सोवियत संघ से अलग होने के लिए मतदान किया।{{sfn|Fedyk|2019|p=137}}
=== स्वतंत्रता की घोषणा और राष्ट्रपति चुनाव ===
[[File:Chornovil5.JPG|alt=चोर्नोविल और एक अन्य व्यक्ति यूक्रेनी पारंपरिक कपड़े पहने कई महिलाओं के सामने और कई यूक्रेनी झंडों के नीचे खड़े हैं|thumb|1990 में क्रिवी रिह में चोर्नोविल]]
सुप्रीम सोवियत ने 5 जुलाई 1991 को एक कानून पारित किया जिसमें राष्ट्रपति का कार्यालय स्थापित किया गया, जिसके धारक को चुनाव द्वारा निर्धारित किया जाएगा।{{sfn|Law on Ukrainian SSR presidential elections 1991}}
सोवियत संघ के गोर्बाचेव के नेतृत्व का विरोध करने वाले कट्टरपंथियों ने 19 अगस्त 1991 को तख्तापलट (Coup d'état) शुरू किया। तख्तापलट के समय, चोर्नोविल एक व्यापार यात्रा पर ज़ापोरिज़्ज़िया शहर में थे। यह जानकर कि पुट्स (Putsch) हुआ था, वे तुरंत कीव लौट आए और यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की सर्वोच्च सोवियत के आपातकालीन सत्र का आह्वान करना शुरू कर दिया; उन्होंने ल्वीव ओब्लास्ट में कम्युनिस्ट पार्टी की गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। सुप्रीम सोवियत में, डेमोक्रेटिक ब्लॉक के प्रतिनिधियों ने यूक्रेनी स्वतंत्रता की वकालत करना शुरू कर दिया, यह तर्क देते हुए कि यूक्रेन यूरोप का हिस्सा था न कि सोवियत संघ का।{{sfn|Bohatchuk|2020|p=225}} तख्तापलट की विफलता के बाद, सुप्रीम सोवियत ने 24 अगस्त 1991 को यूक्रेन की स्वतंत्रता की घोषणा को अपनाया।{{sfn|Adamovych|2018|p=4}}
राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभियान आधिकारिक तौर पर 1 सितंबर 1991 को शुरू हुआ।{{sfn|Zolotariova 2021a}} राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक शिविर में तीन प्रमुख उम्मीदवार (चोर्नोविल, युखनोव्स्की और लेवको लुक्यानेंको) थे, जबकि क्रावचुक राज्य के प्रमुख के रूप में एक अच्छी तरह से स्थापित व्यक्ति थे।{{sfn|Potichnyj|1991|p=135}} दौड़ जल्द ही चोर्नोविल बनाम क्रावचुक के साथ एक प्रभावी दो-व्यक्ति अभियान में संकुचित हो गई, क्योंकि वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक संगठन के साथ एकमात्र उम्मीदवार थे। डेमोक्रेटिक ब्लॉक के युखनोव्स्की के नेतृत्व के बावजूद, वे बौद्धिक शहरी केंद्रों और पश्चिमी यूक्रेन के बाहर अलोकप्रिय थे, जबकि लुक्यानेंको, एक पसंदीदा स्वतंत्रता-समर्थक व्यक्ति होने के बावजूद, एक संगठित अभियान का अभाव था और यूक्रेन के अधिकांश हिस्सों में अज्ञात थे।{{sfn|Potichnyj|1991|pp=137–138}}
चोर्नोविल ने यूक्रेनी स्वतंत्रता का संदेश फैलाने के लिए पूरे यूक्रेन की यात्रा की, जिसमें क्रीमिया जैसे कट्टर रूसी-समर्थक क्षेत्र भी शामिल थे। दोनों भाषाओं में बोलकर रूसोफोन और यूक्रेनी-भाषा के दर्शकों दोनों से अपील करते हुए, चोर्नोविल ने एक ऐसे कार्यक्रम के लिए तर्क दिया जिसमें वे एक नियोजित अर्थव्यवस्था से मुक्त-बाजार पूंजीवाद में एक वर्ष के भीतर कई आदेशों और पश्चिमी निवेशकों का ध्यान आकर्षित करके संक्रमण करेंगे,{{sfn|Dahlburg|1991}} साथ ही यूरोपीय आर्थिक समुदाय और एक काल्पनिक अखिल-यूरोपीय सामूहिक सुरक्षा संगठन में सदस्यता लेंगे।{{sfn|Derevinskyi|2016|p=34}} चोर्नोविल ने क्रावचुक को "एक धूर्त राजनीतिज्ञ" के रूप में निंदा की जो "[यूक्रेन] को वापस [सोवियत संघ] में लाने की कोशिश कर रहा था," यह चेतावनी देते हुए कि वे रूस के साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को फिर से स्थापित करेंगे।{{sfn|Dahlburg|1991}}
[[File:1991 Ukrainian presidential election.svg|alt=1991 के यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों का एक रंगीन मानचित्र|thumb|[[1991 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव]] के परिणाम।
चोर्नोविल द्वारा जीते गए ओब्लास्ट नीले रंग में दिखाए गए हैं।]]
चोर्नोविल शुरू में अपने विश्वासों के खिलाफ दशकों के सोवियत प्रचार के कारण अलोकप्रिय थे, जिसे क्रावचुक ने पहले निर्देशित किया था।{{sfn|Dahlburg|1991}} नेशनल-डेमोक्रेट्स द्वारा एकल उम्मीदवार को नामित करने में असमर्थता ने भी इस विश्वास में योगदान दिया कि असंतुष्ट जनचेतना में शासन करने के लिए अयोग्य थे।{{sfn|Kulchynskyi|2023}} इसके बावजूद, चोर्नोविल के अभियान ने जनमत सर्वेक्षण में गैलिसिया के बाहर की खाई को धीरे-धीरे बंद करना शुरू कर दिया; नवंबर 1991 के एक पोल ने ओडेसा में क्रावचुक के 28% की तुलना में चोर्नोविल को 22% वोट के साथ दिखाया, जिसमें अनिर्णीत मतदाताओं की संख्या एक चौथाई से बढ़कर स्थानीय मतदाताओं की एक तिहाई हो गई।{{sfn|Dahlburg|1991}} उत्तर पश्चिमी यूक्रेन ने अक्टूबर से एक महत्वपूर्ण युद्ध के मैदान के रूप में काम किया, क्योंकि सर्वेक्षणों ने शुरू में एक व्यावहारिक टाई का पूर्वानुमान लगाया था और बाद में चोर्नोविल को थोड़ी बढ़त दी थी।{{sfn|Potichnyj|1991|p=136}}
यूक्रेनियनों ने राष्ट्रपति चुनाव और यूक्रेन की स्वतंत्रता की पुष्टि करने वाले जनमत संग्रह दोनों में 1 दिसंबर 1991 को मतदान किया। 84.18% आबादी ने जनमत संग्रह में भाग लिया, जिसमें 90.32% ने पक्ष में मतदान किया।{{sfn|Potichnyj|1991|p=129}} क्रावचुक ने चुनाव के 61.59% के साथ राष्ट्रपति चुनाव जीता। चोर्नोविल 23.27% वोट के साथ दूर दूसरे स्थान पर रहे, एक रनऑफ (Runoff) से बचते हुए। उत्तर पश्चिमी ओब्लास्ट में चोर्नोविल की जीत की पूर्व भविष्यवाणियों के विपरीत, उन्होंने अंततः केवल गैलिसिया में जीत हासिल की, हालांकि उन्होंने चेर्निवत्सी, चर्कासी, कीव, रिव्ने, वोलिन और ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट के साथ-साथ कीव शहर में अच्छा प्रदर्शन किया। चोर्नोविल ने चुनाव के दिन हार स्वीकार कर ली, कहा "चुनाव पूर्व अभियान ने मुझे पूरे यूक्रेन की यात्रा करने, लोगों से मिलने और पूर्व का राजनीतिकरण करने का अवसर दिया।"{{sfn|Potichnyj|1991|pp=134–135}} उन्होंने बाद में कहा कि 1991 में हुए संक्षिप्त अभियान के बजाय अभियान के एक और छह महीने ने जीत की अनुमति दी होती।{{sfn|Urban|1992|p=40}}
=== स्वतंत्र यूक्रेन ===
==== पार्टी शासन ====
राष्ट्रपति चुनाव के बाद, समूह के भविष्य को लेकर 'रूख' के भीतर दरारें आ गईं। ड्रेच और मिखाइलो होरिन के नेतृत्व में एक गुट ने संगठन को भंग करने और क्रावचुक के राष्ट्र निर्माण के प्रयासों का समर्थन करने की मांग की, जबकि चोर्नोविल और उनके समर्थकों ने चोर्नोविल की भविष्य की राष्ट्रपति महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए संगठन को एक पार्टी में सुधारने की मांग की।{{sfn|Potichnyj|1991|pp=138}} कई सदस्यों ने 'रूख' के चोर्नोविल के समर्थन को मात्र एक सिफारिश मानते हुए युखनोवस्की या लुक्यानेंको के पीछे अपना समर्थन दिया, जिससे अंतर्दलीय तनाव और बढ़ गया।{{sfn|Malynovskyi|2019|p=72}}
28 फरवरी 1992 को 'रूख' की तीसरी कांग्रेस में, संगठन में विभाजन को संक्षेप में टाल दिया गया था। दोनों गुटों के बीच एक समझौते के रूप में ड्रेच, होरिन और चोर्नोविल को 'रूख' के सह-अध्यक्षों के रूप में चुना गया था।{{sfn|Kulchytskyi|2020}} बहरहाल, यूक्रेनी रिपब्लिकन पार्टी और यूक्रेन की डेमोक्रेटिक पार्टी, जो 'रूख' से बनी थीं, ने क्रावचुक के साथ सहयोग करने का फैसला किया।{{sfn|Haran|Sydorchuk|2010}} अंततः दिसंबर 1992 में चौथी कांग्रेस में चोर्नोविल के गुट की जीत हुई क्योंकि 'रूख' को उनके नेतृत्व में एक केंद्र-दक्षिणपंथी राजनीतिक दल के रूप में पुनर्गठित किया गया था।{{sfn|Kulchytskyi|2020}}
==== क्रीमियन मुद्दा ====
[[File:Black Sea with the Crimea highlighted.svg|alt=काला सागर का एक मानचित्र, जिसमें क्रीमिया को हाइलाइट किया गया है|thumb|left|काला सागर के भीतर क्रीमिया का स्थान]]
सोवियत संघ के टूटने के कुछ ही समय बाद, क्रीमिया की जातीय-रूसी आबादी ने यूक्रेन से अलग होने और रूस के साथ एकीकरण करने की मांग की। 5 मई 1992 को, क्रीमिया ने एकतरफा रूप से यूक्रेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की, जिससे तनाव फैल गया। यूक्रेन के झंडे को रूस के झंडे से बदल दिया गया, और स्वदेशी क्रीमियन तातार आबादी के खिलाफ दमन की लहर शुरू हो गई।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=50}} चोर्नोविल, जिन्होंने अपने कारावास के बाद से क्रीमियन तातारों में रुचि बनाए रखी थी,{{sfn|Finnin|2022|pp=147–148}} ने [[यूक्रेन की संसद]] से क्रीमिया की स्वतंत्रता की घोषणा को रद्द करने और उसकी संसद के लिए नए चुनावों की मांग करने का आह्वान किया। कई वर्षों तक चले इस संकट के दौरान, वे इस मुद्दे पर आक्रामक (Hawkish) राजनेताओं में से थे।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=50}}
1993 तक, रूस क्रीमिया संकट में कूद पड़ा। रूस की सर्वोच्च सोवियत के उपाध्यक्ष वैलेंटाइन अगाफोनोव ने जनमत संग्रह द्वारा क्रीमिया की स्वतंत्रता की पुष्टि होने पर उसे मान्यता देने का संकल्प लिया। जून में, सेवस्तोपोल शहर ने भी रूसी संघ में शामिल होने के लिए आवेदन किया। अग्रणी रूसी-समर्थक कार्यकर्ता यूरी मेशकोव ने सोवियत काला सागर बेड़े से बनी एक सेना की व्यवस्था की और समर्थकों के साथ पुलिस और मीडिया भवनों पर नियंत्रण कर लिया।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=51}} एक समय पर, यूक्रेनी सरकार ने आर्थिक दबावों को कम करने के लिए सोवियत संघ से विरासत में मिले परमाणु शस्त्रागार को बेचने पर विचार किया,{{sfn|Schmemann|1992|p=10}} लेकिन अलगाव के खतरे और मॉस्को के व्यवहार ने यूक्रेनी आबादी को इस लेनदेन का विरोध करने के लिए प्रेरित किया। चोर्नोविल उन राजनेताओं में से थे जिन्होंने एक स्वतंत्र परमाणु शस्त्रागार, या वैकल्पिक रूप से नाटो की सदस्यता का समर्थन किया, जिसे उन्होंने रूसी विस्तारवाद के लिए एकमात्र संभावित निवारक के रूप में देखा था यदि यूक्रेन को परमाणु हथियार छोड़ने की आवश्यकता हो।{{sfn|Blank|1994|pp=10, 15}} उन्होंने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल में यूक्रेन की भागीदारी का विरोध किया, हालांकि 1997 की रूसी-यूक्रेनी मैत्री संधि के अनुसमर्थन का समर्थन किया।{{sfn|Derevinskyi|2013|pp=358-359,493}}
चोर्नोविल ने जोर देकर कहा कि तत्काल अवधि में क्रीमिया को लेकर युद्ध नहीं होगा; उनका मानना था कि आधे साल से एक साल के भीतर, क्रीमियाई अलगाववाद लोकप्रियता खो देगा और रूसी कार्य क्रीमियाई अलगाववादियों के वित्तपोषण और यूक्रेन के खिलाफ एक सूचना युद्ध अभियान तक सीमित रहेंगे। ये दोनों भविष्यवाणियाँ अंततः सटीक साबित होंगी। हालाँकि, उनका यह भी मानना था कि अलगाववाद का खतरा अभी भी वास्तविक था। उनका मानना था कि इसका मुकाबला केवल एक ऐसी रणनीति से किया जा सकता है जो यूक्रेन के रूसीकृत क्षेत्रों को एकल अखिल-यूक्रेनी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण की ओर धकेले - जिस पर कार्रवाई नहीं की गई थी। चोर्नोविल ने क्रीमियन स्वायत्तता का विरोध किया जैसा कि यह मौजूद था, जिसे वे कृत्रिम मानते थे क्योंकि यह हाल ही में प्रत्यावर्तित क्रीमियन तातार आबादी पर आधारित नहीं था बल्कि रूसियों पर आधारित था जो बड़े पैमाने पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहुंचे थे; उन्होंने यह भी सोचा कि प्रायद्वीप की विशेष स्थिति ने केवल संघर्ष को रोक दिया है।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=51}}
==== अर्थव्यवस्था पर विचार ====
स्वतंत्रता के पहले वर्षों में तेजी से बिगड़ती अर्थव्यवस्था को ठीक करना एक अत्यंत गंभीर मुद्दा था। समस्या पूर्व सोवियत संघ के भीतर बदलती आर्थिक वास्तविकताओं के अनुकूल होने में सरकार की विफलता और आयात के प्रभुत्व वाली यूक्रेन की अर्थव्यवस्था से उपजी थी। हाइपरइन्फ्लेशन शुरू हो गया और उत्पादकता गिर गई। इन राजनीतिक और आर्थिक संकटों ने कई प्रतिनिधियों के बीच यह आशंका पैदा कर दी कि यूक्रेन जल्द ही अपनी स्वतंत्रता खो देगा;{{sfn|Schmemann|1992|p=10}} इसके विपरीत, चोर्नोविल का मानना था कि यूक्रेन की संप्रभुता सुनिश्चित करने से राजनीतिक और आर्थिक स्थितियों में सुधार होगा। उन्होंने क्रावचुक का विरोध करना जारी रखा, जिनके साथ वे तीखी प्रतिद्वंद्विता बनाए रखते थे।{{sfn|Schmemann|1992|p=19}}
स्वतंत्र व्यापार संघों ने क्रावचुक की सरकार द्वारा श्रमिकों के लाभ और मुआवजे की गारंटी देने से इनकार करने से क्षुब्ध होकर 2 सितंबर 1992 को व्यापक हड़तालें शुरू कीं। 1989-1991 की हड़तालों की तरह हड़ताल करने वाले बड़े पैमाने पर कोयला खनिक थे, लेकिन पिछली हड़तालों के विपरीत वे व्यापक समर्थन हासिल करने में विफल रहे, इस तथ्य को लाफयेत्ते कॉलेज के प्रोफेसर स्टीफन क्रॉले इस कारण बताते हैं कि इसे स्थानीय, डोनबास-आधारित हड़ताल समितियों के बजाय राष्ट्रव्यापी संघ द्वारा बुलाया गया था। फरवरी 1993 में कोयला खनिकों के साथ कीव के सार्वजनिक परिवहन कर्मचारी भी शामिल हो गए, एक ऐसा उपाय जिसने हड़ताल को जनता के बीच गहराई से अलोकप्रिय बना दिया। पिछली हड़तालों के विपरीत, 'रूख' ने हड़तालियों की निंदा की और सरकार से "हड़ताल के असली आयोजकों को दंडित करने" का आह्वान किया। चोर्नोविल ने विशेष रूप से स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक गतिविधि, विशेष रूप से हड़तालों को कम करने का तर्क दिया।{{sfn|Crowley|1995|pp=54–55}}
==== 1994 के चुनाव ====
क्रावचुक की सरकार ने खनिकों के गुस्से को रोकने के लिए 17 जून 1993 को सुप्रीम राडा को भंग कर दिया और संसदीय और राष्ट्रपति चुनावों को जल्दी बुलाया।{{sfn|Zolotariova 2021b}}{{sfn|Stoliarova|Chernova|2021}} चोर्नोविल ने शुरू में संसदीय चुनाव में कीव सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें लगा कि यह उन्हें एक राष्ट्रीय व्यक्ति के रूप में स्थापित करेगा और उन्हें अपनी वैचारिक दृष्टि को फैलाने के लिए पूरे यूक्रेन का दौरा करने का अवसर देगा। उनके करीबी सहयोगी और दोस्त मिखाइलो बॉयच्यशिन को 'रूख' द्वारा ल्वीव के शेवचेंकिव्स्की जिले के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था। उस समय बॉयच्यशिन 'रूख' के सचिवालय के अध्यक्ष थे, और अधिक आर्थिक रूप से केंद्रित नीति के लिए पार्टी के मुख्य पैरोकारों में से एक थे।{{sfn|Olenin|2021}}
14 या 15 जनवरी 1994 को बॉयच्यशिन कीव में 'रूख' के चुनाव प्रचार मुख्यालय से निकले। बाद में उसी शाम, सशस्त्र व्यक्तियों द्वारा उनका अपहरण कर लिया गया{{sfn|Zdorovylo|2025}} या दो हथियारबंद व्यक्ति अभियान मुख्यालय भवन में दाखिल हुए और बॉयच्यशिन के ठिकाने के बारे में जानना चाहा।{{sfn|Olenin|2021}} वे तब से नहीं देखे गए हैं, और माना जाता है कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। बॉयच्यशिन का जबरन गायब होना यूक्रेन में एक महत्वपूर्ण क्षण (Watershed moment) था, पत्रकार एंड्री ओलेनिन के अनुसार यह राजनीति से प्रेरित गायब होने और हत्याओं की शृंखला में पहला था। बॉयच्यशिन के गायब होने के बाद, 'रूख' सामाजिक नीति और मानवाधिकारों पर ध्यान केंद्रित करने के पक्ष में एक आर्थिक कार्यक्रम को काफी हद तक छोड़ देगा।{{sfn|Olenin|2021}} बॉयच्यशिन के अपहरण के समय, चोर्नोविल दक्षिणी मायकोलाइव ओब्लास्ट में प्रचार कर रहे थे, और बॉयच्यशिन के "गायब" होने से कुछ समय पहले दोनों ने फोन पर बात की थी। बॉयच्यशिन के गायब होने का चोर्नोविल पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। उन्होंने बाद में कीव में एक सीट के बजाय 357वें चुनावी जिले में चुनाव लड़ने का विकल्प चुना, और वे 14 विरोधियों के खिलाफ 62.5% वोट के साथ सफलतापूर्वक चुने गए{{sfn|2nd Verkhovna Rada}}।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}
संसदीय चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति चुनाव में क्रावचुक की संभावनाओं के लिए खराब संकेत दिया: 75% आबादी ने मतदान किया, जो कम मतदान और उदासीनता की उम्मीदों से कहीं अधिक था। पूर्वी यूक्रेन, जिसने नव-पुनर्स्थापित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ यूक्रेन के उम्मीदवारों को चुना, और मध्य और पश्चिमी यूक्रेन के बीच एक विभाजन विकसित हुआ, जहाँ 'रूख' ने विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन किया। चुनाव के बाद ''[[द न्यूयॉर्क टाइम्स]]'' ने कहा कि पूर्व प्रधान मंत्री लियोनिद कुचमा और इवान प्लियुश्च के साथ-साथ चोर्नोविल को क्रावचुक का एक अपेक्षित प्रतियोगी माना जाता था, जिन्होंने क्रावचुक के संभावित विरोधियों के रूप में स्थापित होने के बाद महत्वपूर्ण अंतर से जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद, क्रावचुक ने 25 मार्च 1994 के संबोधन में तर्क दिया कि जून 1994 के लिए निर्धारित राष्ट्रपति चुनाव को रद्द करने की आवश्यकता होगी और आर्थिक सुधारों और संगठित अपराध से लड़ने के लिए आपातकालीन शक्तियां प्रदान करने के लिए सुप्रीम राडा में याचिका दायर की।{{sfn|Erlanger|1994}}
120 प्रतिनिधियों, जो बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक विपक्ष से संबंधित थे, ने क्रावचुक को चुनावों को रद्द करने और अधिक शक्तियां प्राप्त करने के उनके प्रयासों में अपना समर्थन दिया। 'रूख' ने इस औचित्य के तहत चुनावों को स्थगित करने के क्रावचुक के आह्वान का अनिच्छा से समर्थन किया कि चुनाव कानूनों में सुधार के बिना ऐसा नहीं करने से राजनीतिक संकट पैदा होगा, हालांकि चोर्नोविल ने उनकी शक्तियों के विस्तार का समर्थन करने से इनकार कर दिया और तर्क दिया कि वे इसका इस्तेमाल पूर्व कम्युनिस्ट अधिकारियों को सशक्त बनाने और रूस को परमाणु हथियार और काला सागर बेड़े दोनों सौंपने के लिए सहमत होने के लिए करेंगे। चोर्नोविल ने तर्क दिया कि राष्ट्रपति शक्तियों का विस्तार करने से "कुलीनतंत्र की एक मूक तानाशाही" का उदय होगा। अंततः, कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ क्योंकि चुनाव के बाद कम्युनिस्टों ने सर्वोच्च राडा के नेतृत्व पर नियंत्रण कर लिया और चुनाव स्थगित करने या रद्द करने के किसी भी प्रयास को अवरुद्ध कर दिया।{{sfn|Kuzio|1996|pp=120–121}}
संसदीय चुनाव में अपनी चुनावी सफलता के बावजूद, चोर्नोविल ने 1994 के राष्ट्रपति चुनाव में नहीं लड़ने का फैसला किया और इसके बजाय अर्थशास्त्री वलोडिमिर लानोवी का समर्थन किया,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} जिन्हें आर्थिक संकट को समाप्त करने के लिए सुधारों का प्रस्ताव देने के बाद क्रावचुक द्वारा सरकार से हटा दिया गया था।{{sfn|Erlanger|1994}} पत्रकार और 'रूख' के सहयोगी तारास ज़दोरोविलो ने दावा किया है कि यह संभव है कि यह निर्णय उनके जीवन और 'रूख' के भविष्य के डर से लिया गया हो; ज़दोरोविलो के अनुसार, चोर्नोविल ने जेल में अपने समय के संपर्कों का उपयोग यूक्रेनी माफिया के प्रमुख हस्तियों से गुप्त रूप से मिलने के लिए किया, जिन्होंने जिम्मेदारी से इनकार किया और दावा किया कि सरकार ने बॉयच्यशिन के अपहरण का आदेश दिया था।{{sfn|Zdorovylo|2025}} इस आरोप को 2013 में 'रूख' के प्रेस सचिव दिमित्रो पोनोमारचुक ने दोहराया था।{{sfn|Olenin|2021}} ज़दोरोविलो का यह भी कहना है कि क्रावचुक की सरकार ने चुनाव के दौरान 'रूख' के वित्त में राजनीति से प्रेरित जांच शुरू की और चोर्नोविल और पार्टी के उच्च-रैंकिंग सदस्य ओलेक्ज़ेंडर लवरिनोविच दोनों को एक सुरक्षा एस्कॉर्ट के तहत रखा, जिसने उनकी बातचीत की निगरानी की।{{sfn|Zdorovylo|2025}}
==== दूसरा संसदीय कार्यकाल ====
[[File:Zernovol 2.jpg|alt=चोर्नोविल और पाश्को अन्य व्यक्तियों के बीच खड़े हैं|thumb|300px|अक्टूबर 1995 में कीव हाउस ऑफ़ सिनेमा की यात्रा के दौरान चोर्नोविल और उनकी पत्नी एटेना पाश्को]]
लियोनिद कुचमा ने चुनाव में क्रावचुक को हराया, और यूक्रेन के दूसरे राष्ट्रपति बने। स्वतंत्र मीडिया पर कुचमा की बाद की कार्रवाई ने चोर्नोविल को उनकी सरकार के प्रमुख आलोचकों में से एक बना दिया।{{sfn|Marusenko|1999}} यद्यपि कुचमा की जीत के परिणामस्वरूप सत्ता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित हो गई, लेकिन राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया; देश पूर्व-कम्युनिस्ट ''नोमेनक्लातुरा'' द्वारा नियंत्रित रहा, जिसे चोर्नोविल 1996 में "सत्ता की पार्टी" के रूप में संदर्भित करेंगे, और उनसे जुड़े औद्योगिक कुलीन वर्गों का एक उभरता हुआ वर्ग। चोर्नोविल कुलीन वर्गों के आलोचक थे, सैनिकों, डॉक्टरों और शिक्षकों को वेतन का भुगतान न करने, संस्कृति और विज्ञान के लिए कम धन और टेलीविज़न प्रोग्रामिंग की खराब गुणवत्ता के लिए उन्हें दोषी ठहराते थे। उन्होंने कुलीन वर्गों पर "गैर-यूक्रेनी यूक्रेन" के भीतर एक निर्दलीय प्रणाली बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया, जिसमें सत्ता इसके बजाय एक महानगरीय वित्तीय अभिजात वर्ग में निहित होगी।{{sfn|Derevinskyi|2021|pp=20–21}}
स्वतंत्र यूक्रेन के लिए संविधान का मसौदा तैयार करने और उसका अनुसमर्थन करने की प्रक्रिया 1995 में शुरू हुई। चोर्नोविल, यूक्रेन के अधिकांश अन्य दक्षिणपंथी और मध्यमार्गी राजनेताओं की तरह, खुद को कुचमा के साथ गठबंधन में पाया क्योंकि संसदीय वामपंथियों ने भूमि की बिक्री और खरीद को रोकने और सोवियत युग के स्थानीय सरकारी निकायों के संरक्षण के लिए संवैधानिक लेखों पर जोर दिया। चोर्नोविल ने 25 मार्च 1995 को संकेत दिया कि उन्होंने कुचमा के प्रस्तावित संविधान का समर्थन किया है, हालांकि पत्रकार यूरी लुकानाव का कहना है कि उन्होंने व्यक्त किया कि इसके अंगीकरण पर 'रूख' को "ग्यारह गंभीर आपत्तियां" थीं।{{sfn|Lukanov|2023}}
कुचमा के प्रस्तावित संविधान को ओलेक्ज़ेंडर मोरोज़ द्वारा एक अत्यधिक-केंद्रीकृत राज्य बनाने के रूप में वर्णित किया गया था जिसमें कार्यपालिका के लिए मजबूत शक्तियां थीं और एक स्वतंत्र न्यायपालिका का अभाव था। उन्होंने सबसे पहले कुचमा के संविधान को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मार्च में "ऐसा अलोकतांत्रिक संविधान यूरोप में कहीं नहीं है"। हालाँकि, उस वर्ष जून में, मोरोज़ ने "संवैधानिक आयोग" के हिस्से के रूप में कुचमा और 38 अन्य व्यक्तियों के साथ दूसरा संवैधानिक मसौदा तैयार किया। इस मसौदे को बदले में दाएं और मध्य द्वारा उसी कारण से खारिज कर दिया गया था जिस कारण मोरोज़ ने पहले मसौदे को खारिज कर दिया था। 24 नवंबर को, चोर्नोविल ने ''चास-टाइम'' समाचार पत्र में लिखा कि मसौदा "संसदीय विरोधी" था और मसौदा तैयार करने वालों पर सुप्रीम राडा को बाधित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।{{sfn|Lukanov|2023}} अंततः 28 जून 1996 को एक संविधान अपनाया गया, हालांकि निजी संपत्ति के अधिकार, एक एकात्मक राज्य के रूप में यूक्रेन की पुष्टि और आत्मनिर्णय के लिए यूक्रेनी लोगों के अधिकार जैसे 'रूख' द्वारा समर्थित कई प्रावधानों को नहीं अपनाया गया।{{sfn|Lukanov|2023}}
संविधान के अलावा, चोर्नोविल ने 1994 में वासिल सिमोनेनको इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में काम करना शुरू किया। उसी वर्ष उन्हें [[यूरोप की परिषद|यूरोप की परिषद की संसदीय सभा]] में पहले यूक्रेनी प्रतिनिधियों में से एक के रूप में भी नियुक्त किया गया था,{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=138}} और यूक्रेनी रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ प्रथम चेचन युद्ध के दौरान चेचन नागरिकों को 50 टन मानवीय सहायता के दान का आयोजन किया।{{sfn|Pustovhar|2024}} समाचार पत्र ''गाज़ेटा.यूए'' ने 2017 में लिखा था कि पैट्रिआर्क वलोडिमिर के अंतिम संस्कार के दौरान चोर्नोविल यूक्रेनी रूढ़िवादी चर्च - कीव पैट्रिआर्कट के समर्थकों में से थे, जिनके साथ उन्हें कैद किया गया था, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें सेंट सोफिया कैथेड्रल में दफनाने का प्रयास किया था,{{sfn|Gazeta.ua 2017}} हालांकि यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान इंगित करता है कि इसके बजाय उन्होंने दफन जारी रखने की मांग की थी।{{sfn|Ukrainian Institute of National Memory}} चोर्नोविल ने अपने राष्ट्रपति पद के शुरुआती वर्षों में कई मौकों पर कुचमा की सरकारी पदों पर राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक नेताओं की नियुक्ति के लिए प्रशंसा की।{{sfn|Bondarenko|2002}} चोर्नोविल ने 14 से 16 सितंबर 1994 तक ओडेसा का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने 'रूख' की राजनीति और ऐतिहासिक भूमिका पर ओडेसा नेशनल पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में एक सम्मेलन की मेजबानी की। ओडेसा पॉलिटेक्निक में चोर्नोविल के भाषण ने लोकतांत्रिक मानदंडों को मजबूत करने और आर्थिक सुधारों के माध्यम से एक मध्यम वर्ग के निर्माण की वकालत की। उसी समय, उन्होंने उभरते हुए कुलीनतंत्र की अपनी आलोचना जारी रखी।{{sfn|Honcharuk|2018|p=45}}
1997 में, चोर्नोविल ने मोरोज़ के साथ अपने विवाद को बढ़ा दिया, उनके भाषणों को "आदिम लोकलुभावनवाद" के रूप में निंदा की और यूक्रेन में राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ाने के लिए उन्हें दोषी ठहराया।{{sfn|Suspilne 1997}} चोर्नोविल ने अन्य मध्य और पूर्वी यूरोपीय राज्यों के साथ यूक्रेनी एकीकरण की वकालत भी तेजी से की, बेलारूसी असंतुष्ट ज़ियानोन पज़नियाक के साथ एक "बाल्टिक-ब्लैक सी यूनियन", या मिज़्मोरिया की स्थापना का आह्वान किया। उन्होंने अतिरिक्त रूप से काला सागर के विसैन्यीकरण और नाटो में यूक्रेनी सदस्यता की वकालत की। अमेरिकी विदेश मंत्री मेडेलीन अलब्राइट, पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री मार्गरेट थैचर और चेक राष्ट्रपति वाक्लाव हावेल जैसे पश्चिमी सहयोगियों ने कई मौकों पर चोर्नोविल से मुलाकात की, और पश्चिमी नेताओं द्वारा यूक्रेन के बड़े पैमाने पर पूर्व कम्युनिस्ट नेतृत्व की तुलना में उन्हें तेजी से अधिक भरोसेमंद वार्ताकार के रूप में माना जाने लगा।{{sfn|Bila|2021}} चोर्नोविल एक समर्पित अटलांटिसवादी थे, और उन्होंने यूक्रेन के नाटो और [[यूरोपीय संघ]] दोनों का सदस्य बनने की वकालत की। उन्होंने यूक्रेन को यूरोपीय एकीकरण के लिए अभिन्न माना।{{sfn|Derevinskyi|p=118}}
मुट्ठी भर अन्य राजनेताओं के साथ, चोर्नोविल ने 1997 में चेचन गणराज्य इचकेरिया के राष्ट्रपति के रूप में असलान मस्खादोव के उद्घाटन में भाग लिया।{{sfn|Ukraina Moloda 2011}} 'रूख' ने उसी वर्ष अक्टूबर में औपचारिक रूप से कुचमा के शासन के विरोध में खुद को घोषित किया।{{sfn|Gawdiak|2003|p=7}}
==== 1998 के चुनाव ====
[[File:Вибори до ВР України 1998.svg|alt=1998 के यूक्रेनी संसदीय चुनाव के परिणामों का एक रंगीन मानचित्र|thumb|left|1998 के यूक्रेनी संसदीय चुनाव के परिणामों का मानचित्र; 'रूख' (टीयल रंग में दिखाया गया) ने पश्चिमी यूक्रेन में वोट पर हावी रहा]]
चोर्नोविल ने फिर से 1998 के संसदीय चुनाव में 'रूख' का नेतृत्व किया, इस बार पार्टी के आनुपातिक प्रतिनिधित्व सूची में पहले उम्मीदवार के रूप में चल रहे थे।{{sfn|3rd Verkhovna Rada}} चुनाव के दौरान, 'रूख' ने संघवाद पर अपना रुख बदल दिया, चोर्नोविल ने तर्क दिया कि यूक्रेन को एक संघीय गणराज्य बनने के लिए आह्वान "कबीले संघवाद" थे।{{sfn|Semkiv|2014}} चोर्नोविल के साथ वलोडिमिर चेर्नियाक, विदेश मंत्री हेनादिय उदोवेंको, ड्रेच और पर्यावरण मंत्री यूरी कोस्टेंको प्रमुख पार्टी-सूची के उम्मीदवारों के रूप में, क्रीमियन तातार कार्यकर्ता मुस्तफा दज़ेमिलेव के साथ शामिल हुए। 'रूख' ने चुनाव लड़ने के लिए किसी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं किया, हालांकि इसके उम्मीदवारों में गैर-सरकारी संगठनों जैसे 'प्रोस्विता' और 'यूक्रेनी महिला संघ' के सदस्य शामिल थे। पार्टी ने आम तौर पर वामपंथ के खिलाफ प्रचार किया।{{sfn|Gawdiak|2003|p=7}} चोर्नोविल ने वामपंथी और दक्षिणपंथी 'कांग्रेस ऑफ यूक्रेनी नेशनलिस्ट्स' के खिलाफ गठबंधन बनाने के लिए सभी राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक दलों का आह्वान किया, साथ ही कुचमा-समर्थक पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और 'सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ यूक्रेन (यूनाइटेड)' के साथ एक महागठबंधन का भी तर्क दिया।{{sfn|Ukraina Moloda 2011}} किसी भी दल ने चोर्नोविल के गठबंधन के अनुरोधों पर सहमति नहीं जताई।{{sfn|Smiian|2017}}
यद्यपि वे सुप्रीम राडा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थे, परिणाम 'रूख' के लिए सकारात्मक था, जिसने 1994 की तुलना में अपनी सीटें दोगुनी कर दीं।{{sfn|Bilyk|2019|p=39}} सामान्य रूप से दक्षिणपंथियों के लिए, हालांकि, चुनाव निराशाजनक था, क्योंकि केवल 'रूख' ने पार्टी-सूची प्रतिनिधित्व के लिए 4% की सीमा पार की और सामान्य रूप से दक्षिणपंथियों ने 20-25% सीटों के अपने पारंपरिक परिणाम से कम प्रदर्शन किया।{{sfn|Birch|Wilson|1999|p=280}} 'रूख' ने चुनाव के बाद अवैध के रूप में चुनाव परिणामों को चुनौती देने के अपने इरादे की घोषणा की। यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी फिर से सुप्रीम राडा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई, जिसमें वामपंथी दलों ने बहुमत बनाया। हालांकि उन्होंने नोट किया कि परिणाम दक्षिणपंथियों के लिए पिछले चुनाव जितने खराब नहीं थे,{{sfn|Gawdiak|2003|p=5}} चोर्नोविल अभियान से थक गए थे और लगातार थके हुए होने की सार्वजनिक छवि प्राप्त की।{{sfn|Smiian|2017}} उस समय, वे 'चास-टाइम' और राजनीति के बीच प्रतिबद्धताओं को संतुलित करने के कारण प्रतिदिन पाँच घंटे से अधिक नहीं सो रहे थे। ल्वीव ओब्लास्ट में, उनके पारंपरिक समर्थन आधार और पूरे यूक्रेन में हुए निजीकरण के खिलाफ एक होल्डआउट में, 'रूख' की सरकार को एग्रेरियन पार्टी द्वारा बदल दिया गया था, जिसके तहत किकबैक, मनी लॉन्ड्रिंग और व्यापारिक विवादों के परिणामस्वरूप हिंसा से जुड़े राजनीतिक घोटाले आम हो गए।{{sfn|Kushnir|2011}}
==== नौवीं कांग्रेस, 1999 राष्ट्रपति चुनाव, 'रूख' में विभाजन ====
12 से 13 दिसंबर 1998 तक आयोजित 'रूख' की नौवीं कांग्रेस में, चोर्नोविल ने 1999 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति की घोषणा की। "फॉरवर्ड्स, टू द ईस्ट" नामक, इसमें पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन की आबादी पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया गया था, जबकि यूक्रेनी के साथ सह-आधिकारिक भाषा के रूप में रूसी की स्थापना के लिए अपना विरोध बनाए रखा।{{sfn|Adamovych|2018|p=24}}
उसी कांग्रेस में, चोर्नोविल ने 1999 के चुनाव में दूसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के अपने इरादे की घोषणा की। चोर्नोविल और हेनादिय उदोवेंको राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित होने वाले 'रूख' के दो प्राथमिक उम्मीदवार थे; अंतिम निर्णय बाद की तारीख में लिया जाना था।{{sfn|Hai-Nyzhnyk|2012}} केंद्र-दक्षिणपंथी रिफॉर्म्स एंड ऑर्डर पार्टी के नेता विक्टर पिन्ज़ेनिक के अनुसार, उन्होंने और चोर्नोविल ने यूक्रेन के नेशनल बैंक के गवर्नर विक्टर युशचेंको को 1999 में राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ने के लिए मनाने का भी प्रयास किया।{{sfn|Espreso TV 2018}}
इस समय तक, 'रूख' के उन सदस्यों के बीच विभाजन तेजी से स्पष्ट हो रहा था जो चोर्नोविल को एक पुरानी शख्सियत मानते थे और वे जो उनका समर्थन करते थे। पार्टी के भीतर चोर्नोविल के विरोधियों ने उन्हें अति-सत्तावादी, पार्टी नियमों का अनादर करने वाला{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} और कुचमा के बहुत करीब माना;{{sfn|Ovsiienko|2022|p=146}} चोर्नोविल के समर्थकों ने भी उनके विरोधियों को कुचमा के बहुत करीब माना{{sfn|Ovsiienko|2022|p=146}} और पैसे वाले हितों द्वारा समर्थित माना।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=3}} यूक्रेनी इतिहासकार पावलो हाई-न्यज़्न्यक ने कहा है कि चोर्नोविल ने जनवरी 1999 में राष्ट्रपति पद के नामांकन से अपना नाम वापस ले लिया{{sfn|Hai-Nyzhnyk|2012}} और जेम्सटाउन फाउंडेशन के अनुसार उन्होंने उदोवेंको का समर्थन किया,{{sfn|Jamestown Foundation 1999}} हालांकि चोर्नोविल के बेटे तारास ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि वे अपनी मृत्यु तक राष्ट्रपति पद के लिए प्रचार कर रहे थे।{{sfn|Khalupa|2004}}
यह विभाजन फरवरी 1999 में अपने चरम पर पहुंच गया। यूरी कोस्टेंको ने 'रूख' के एक दल का नेतृत्व करते हुए 17{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} या 19 फरवरी{{sfn|Koshiw|1999}} की संसदीय बैठक में चोर्नोविल को नेता के पद से हटाने की घोषणा की, और 27 फरवरी को अपने समर्थकों की बैठक में खुद को पार्टी का नेता घोषित किया।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} चोर्नोविल ने 22 फरवरी के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया जहाँ उन्होंने उनकी तुलना स्टेट कमेटी ऑन द स्टेट ऑफ़ इमरजेंसी से की, जिसने 1991 के सोवियत तख्तापलट का नेतृत्व किया था और उन पर यूक्रेनी सरकार से प्रति माह $40,000 लेने, 'रूख' कार्यालय से 4,000 रिव्निया लेने और 'रूख' पीपुल्स डिप्टी ओलेह इश्चेंको से दस लाख डॉलर की रिश्वत लेने का आरोप लगाया। ''कीव पोस्ट'' के उप संपादक जारोस्लाव कोशिव ने 25 फरवरी के एक राय लेख में लिखा था कि कोस्टेंको के दलबदल के बाद केवल 17 प्रतिनिधि ही चोर्नोविल के प्रति वफादार रहे।{{sfn|Koshiw|1999}}
'रूख' से जुड़े कई समाचार पत्र इस झगड़े से विभाजित हो गए; 11 ने चोर्नोविल का समर्थन किया, जबकि पाँच ने कोस्टेंको का समर्थन किया। ''दज़ेरकालो त्ज़न्ह्या'' ने एक स्वतंत्र रुख अपनाया, लेकिन आम तौर पर कुचमा और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार येवहेन मार्चुक के साथ विभाजन के लिए चोर्नोविल को दोषी ठहराया।{{sfn|Ovsiienko|2022|p=145}} चोर्नोविल और उनके अनुयायी विभाजन के बाद कोस्टेंको के गुट के प्रति तिरस्कारपूर्ण थे; लेस् तनयुक ने कहा कि "ये वे लोग हैं जो अभी अपने मर्सिडीज पाने और अपने डाचा बनाने के लिए अधिक चिंतित हैं", जबकि चोर्नोविल ने कोस्टेंको के अधिग्रहण के प्रयास को "पार्टी का निजीकरण" बताया और कुचमा और सरकार को विभाजन को व्यवस्थित करने के लिए दोषी ठहराया।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=3}}
चोर्नोविल की मौत से जुड़ी 2012 की अदालती कार्यवाही में, उदोवेंको ने गवाही दी कि फरवरी 1999 में रूसी संघीय सुरक्षा सेवा (FSB) द्वारा नियोजित एक यूक्रेनी नागरिक व्याचेस्लाव बाबेन्को ने उनसे संपर्क किया था। उदोवेंको के अनुसार, बाबेन्को ने उन्हें चेतावनी दी थी कि रूसी खुफिया एजेंसियों को शामिल करते हुए चोर्नोविल के जीवन पर एक प्रयास होगा। चोर्नोविल ने बाबेन्को की चेतावनी को डराने-धमकाने का प्रयास बताकर खारिज कर दिया। चोर्नोविल की मौत की जांच करने का काम सौंपे गए आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक कर्मचारी मायकोला स्टेपनेन्को ने बाबेन्को को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में उल्लेख किया जिसे चोर्नोविल की दैनिक दिनचर्या और यात्रा योजनाओं का पर्याप्त ज्ञान था।{{sfn|Ukrainska Pravda 2012}}
चोर्नोविल ने 24 फरवरी को 'रूख' के संसदीय गुट का नाम बदलकर "पीपुल्स मूवमेंट ऑफ यूक्रेन - 1" कर दिया। 28 फरवरी को, कोस्टेंको के समर्थकों ने 'रूख' की दसवीं कांग्रेस के रूप में संदर्भित किया, जिसके दौरान उन्होंने घोषणा की कि चोर्नोविल को आधिकारिक तौर पर नेता के पद से हटा दिया गया है और पार्टी के विरोध की अवधि को "समान भागीदारी" में से एक द्वारा बदल दिया जाएगा। चोर्नोविल के अनुयायियों की एक कांग्रेस, जिसे चोर्नोविल द्वारा नौवीं कांग्रेस के "दूसरे चरण" के रूप में संदर्भित किया गया था, 7 मार्च को आयोजित की गई थी और इसमें 'रूख' विधानसभा के 520 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, जो पार्टी के क़ानून के तहत दो-तिहाई आवश्यकता से अधिक था।{{sfn|Ovsiienko|2022|pp=147–148}}
== मृत्यु और अंतिम संस्कार ==
24 मार्च 1999 को, चोर्नोविल किरोवोह्राद शहर में एक अभियान कार्यक्रम में थे, या तो अपने लिए या उदोवेंको के लिए।{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1}} किरोवोह्राद में रहते हुए, उन्होंने एक साक्षात्कार दिया जहाँ उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि यूक्रेन के वित्तीय और संगठित अपराध कुलों ने इसे नष्ट करने और वित्तीय पूंजी के और संचय को सुरक्षित करने के प्रयास में 'रूख' को लक्षित किया था। उन्होंने आगे दावा किया कि कुचमा केवल अपने विरोधियों की हत्या करके या उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ करके ही जीत सकते हैं। उनके आखिरी फोन कॉल का विवरण विवादित है; उनकी बहन वेलेंटीना ने कहा है कि उन्होंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और 'रूख' के विभाजन को "हमारे पीछे" बताया,{{sfn|Fedunyshyn|2019|pp=138–139}} जबकि कोस्टेंको ने आरोप लगाया कि उन्होंने संकेत दिया कि उन्होंने अपना मन बदल लिया है और राष्ट्रपति पद के लिए उदोवेंको के बजाय उनका समर्थन करना चाहते हैं।{{sfn|Perevozna|2007}}
25 मार्च 1999 की मध्यरात्रि से ठीक पहले,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} चोर्नोविल किरोवोह्राद से कीव लौट रहे थे, उनके साथ सहयोगी येवहेन पावलोव और 'रूख' के प्रेस सचिव दिमित्रो पोनोमारचुक थे। बोरिस्पिल से पांच किलोमीटर दूर, 140 किमी/घंटा की गति से यात्रा करते हुए,{{sfn|Yasynskyi|2021}} चोर्नोविल की टोयोटा कोरोला अनाज ले जाने वाली एक कामाज़ लॉरी से टकरा गई, जो राजमार्ग पर एक मोड़ पर रुक रही थी। चोर्नोविल और पावलोव दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पोनोमारचुक को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।{{sfn|Karatnycky|2024|p=45}}
[[File:Будинок учителя, Київ.jpg|alt=कांच की छत वाली एक ईंट की इमारत|thumb|कीव सिटी टीचर्स हाउस, जो कभी सेंट्रल राडा की सीट थी, जहाँ चोर्नोविल का अंतिम संस्कार हुआ था]]
चोर्नोविल का अंतिम संस्कार 29 मार्च को कीव के सिटी टीचर्स हाउस (जहाँ 1917 में यूक्रेनी जनवादी गणराज्य की घोषणा की गई थी) में आयोजित किया गया था,{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1}} जिसमें एक जुलूस बैकोव कब्रिस्तान में उनके दफनाने से पहले सेंट वलोडिमिर के कैथेड्रल की यात्रा कर रहा था।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}{{sfn|Woronowycz 1999b|p=4}} ''[[द गार्जियन]]'' ने बताया कि "दसियों हज़ार यूक्रेनियन" मौजूद थे;{{sfn|Marusenko|1999}} मिलिशिया ने 10,000 के आंकड़े का दावा किया; जबकि ''द यूक्रेनी वीकली'' ने लिखा कि लगभग 50,000 लोग "उस अंतिम संस्कार में शामिल हुए जिसे कई लोग इस शहर [कीव] में अब तक का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार मानते हैं"। उन्हें राज्य सम्मान गार्ड के साथ-साथ एक सैन्य ऑर्केस्ट्रा भी दिया गया था। यूक्रेन के अधिकांश राजनीतिक अभिजात वर्ग अंतिम संस्कार में मौजूद थे, जिनमें क्रावचुक (जो अपनी लंबी प्रतिद्वंद्विता के बावजूद चोर्नोविल के अंतिम संस्कार में रोए थे), कुचमा, प्रधान मंत्री वालेरी पुस्टोवोइटेंको, और सुप्रीम राडा के अध्यक्ष ओलेक्ज़ेंडर टकाचेंको, साथ ही कई पूर्व असंतुष्ट और कम्युनिस्ट पार्टी (पेट्रो सिमोनेन्को के नेतृत्व में) और प्रोग्रेसिव सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ यूक्रेन (नतालिया विट्रेंको के नेतृत्व में) के उल्लेखनीय अपवादों के साथ लगभग सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे।{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1, 4}}
=== षड्यंत्र के सिद्धांत और जांच ===
चोर्नोविल की मृत्यु में यूक्रेनी सरकार की भागीदारी का संदेह लगभग तुरंत उभर आया,{{sfn|archives.gov.ua}} जो चोर्नोविल की विवादास्पद प्रकृति और आगामी राष्ट्रपति चुनाव से भड़क गया था। आंतरिक मामलों के मंत्री यूरी क्रावचेंको ने चोर्नोविल की मृत्यु की शाम को एक टेलीविज़न भाषण में कहा कि चोर्नोविल की मृत्यु की जांच में हत्या पर विचार नहीं किया जाएगा। उनके दफन से पहले, टैन्युक और क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी के डिप्टी विटाली ज़ुरावस्की दोनों ने आरोप लगाया कि चोर्नोविल की हत्या कर दी गई थी, जबकि पत्रकार सेरही नाबोका ने उल्लेख किया कि उनकी मृत्यु की परिस्थितियाँ सोवियत नेताओं के राजनीतिक विरोधियों की अन्य संदिग्ध मौतों के समान थीं।{{sfn|Woronowycz 1999c|p=5}} लॉरी चालक पर शुरू में लापरवाही का आरोप लगाया गया था,{{sfn|Karatnycky|2024|p=45}} लेकिन एक महीने के भीतर उसे आम माफी दे दी गई,{{sfn|archives.gov.ua}} और लॉरी के एक यात्री की अस्पष्ट परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} करतनीकी, कुचमा के 1999 के अभियान के एक अनाम सदस्य का हवाला देते हुए, नोट करते हैं कि कुचमा के अन्य गैर-कम्युनिस्ट प्रतिद्वंद्वी उनके खिलाफ गठबंधन बनाने में विफल रहे, जिसके कारण अंततः उनकी जीत हुई;{{sfn|Karatnycky|2024|pp=46–47}} यूक्रेनी राजनीतिक वैज्ञानिक तारास कुज़ियो ने इसी तरह चोर्नोविल की मृत्यु के बाद कुचमा और येवहेन मार्चुक को राष्ट्रपति पद के लिए एकमात्र गंभीर गैर-वामपंथी दावेदारों के रूप में वर्णित किया।{{sfn|Kuzio|2007|p=34}}
चोर्नोविल की मृत्यु की जांच करने का पहला प्रयास अप्रैल 1999 में एक सुप्रीम राडा आयोग के साथ शुरू हुआ।{{sfn|BBC News 1999}} 2004-2005 की ऑरेंज क्रांति के बाद, कुचमा के उत्तराधिकारी विक्टर युशचेंको ने घोषणा की कि 23 अगस्त 2006 को चोर्नोविल की एक प्रतिमा के उद्घाटन समारोह में चोर्नोविल की मौत की परिस्थितियों की जांच फिर से शुरू की जाएगी।{{sfn|BBC News Ukrainian 2006}} 6 सितंबर 2006 को, आंतरिक मामलों के मंत्री यूरी लुट्सेंको ने घोषणा की कि चोर्नोविल की हत्या कर दी गई थी और इसे साबित करने वाले सबूत अभियोजक जनरल को सौंप दिए गए थे।{{sfn|Radio Ukraine 2006}} अभियोजक जनरल ऑलेक्ज़ेंडर मेदवेदको ने मामले के बारे में लुट्सेंको के बयानों को "हल्के ढंग से, अव्यवसायिक" बताकर आलोचना की, और आरोप लगाया कि जानकारी एक ऐसे व्यक्ति से आई है जिसे धोखाधड़ी के लिए दोषी ठहराया गया है और जिसके लिए इंटरपोल नोटिस जारी किया गया था।{{sfn|Yakhno|2006}} तब से, चोर्नोविल की मृत्यु की जांच को बार-बार बंद किया गया है और बिना यह निष्कर्ष निकाले फिर से खोला गया है कि चोर्नोविल एक हत्या की साजिश के शिकार थे या एक साधारण कार दुर्घटना के। बोरिस्पिल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने घोषणा की कि जनवरी 2014 में कोई हत्या की साजिश मौजूद नहीं थी और मामला बंद कर दिया, लेकिन मार्च 2015 तक यह फिर से अभियोजक जनरल के कार्यालय द्वारा जांच का विषय था।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} 2019 तक, मामला जांच के अधीन रहा।{{sfn|Bellezza|2019|p=104}}
== विरासत ==
[[File:Vyacheslav Chornovil money.jpg|alt=चोर्नोविल के चेहरे को दर्शाने वाला एक सिक्का|thumb|चोर्नोविल को दर्शाने वाला 2-रिव्निया का स्मारक सिक्का]]
[[File:Stamp 2008 Chornovil.jpg|alt=एक स्टैम्प पर चोर्नोविल का एक पेंसिल चित्र|thumb|चोर्नोविल के सम्मान में यूक्रेनी टिकट, 2008]]
अपने जीवनकाल में, चोर्नोविल एक अत्यंत विवादास्पद व्यक्ति रहे। 1991 के चुनाव में उनके विरोधियों में से एक, वलोडिमिर ह्रीनीव ने 1992 में कहा था कि मतदाताओं को चोर्नोविल के राष्ट्रवादी दृष्टिकोण के अविश्वास और यह विश्वास कि वे यहूदी-विरोधी और रूसी-विरोधी थे, के कारण क्रावचुक का समर्थन करने के लिए लुभाया गया था; चोर्नोविल ने इन दावों को खारिज कर दिया, दावा किया कि "रोजमर्रा की जिंदगी में कोई यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) नहीं है" और यह देखते हुए कि ल्वीव की अधिकांश जातीय-रूसी आबादी ने यूक्रेनी स्वतंत्रता का समर्थन किया था।{{sfn|Clarity|1992}} UHS के सह-नेता के रूप में, चोर्नोविल और पार्टी के अन्य नेताओं के अधिक कट्टरपंथी कम्युनिस्ट-विरोधी दृष्टिकोण ने सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी की मारियाना कोलिनचॉक के अनुसार, पार्टी में अतिवाद का लेबल ला दिया।{{sfn|Kolinchak|2007|p=5}} दाईं ओर, अधिक कट्टरपंथी राष्ट्रवादियों, जैसे कि ज़ेनोविय क्रासिव्स्की ने, राजनीतिक आदर्श के रूप में स्वतंत्रता को तुरंत अपनाने के बजाय, 1980 के दशक के अंत में सोवियत राजनीतिक संरचनाओं के भीतर काम करने के लिए चोर्नोविल और लुक्यानेंको की आलोचना की।{{sfn|Kuzio|1997|p=223}} 'रूख' के भीतर, एक सत्तावादी नेता के रूप में चोर्नोविल की धारणाओं के कारण दो विभाजन (1993 और 1999 में) हुए।{{sfn|Parfionov|1999|p=77}}
''द गार्जियन'' के एक पत्रकार पीटर मारुसेंको ने चोर्नोविल के अंतिम संस्कार की रिपोर्टिंग करते समय तर्क दिया कि यूक्रेनी इतिहास में उनके योगदान को कई यूक्रेनियन द्वारा उनकी मृत्यु के बाद तक मान्यता नहीं दी गई थी।{{sfn|Marusenko|1999}} 2017 की अपनी पुस्तक ''द नियर एब्रॉड'' में, प्रोफेसर ज़बिग्न्यू वोज्नोव्स्की ने चोर्नोविल को 20वीं सदी के शुरुआती और मध्य के राष्ट्रवादी नेता स्टीफन बांदेरा के विपरीत "यूक्रेन की अधिक समावेशी दृष्टि, स्पष्ट रूप से यूरोपीय समर्थक और कानून के शासन और संसदीय लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता से एकजुट" के रूप में वर्णित किया, और कहा कि 2013-2014 के यूरोमैडन विरोध प्रदर्शनों के दौरान चोर्नोविल का एक बड़ा पोस्टर मौजूद था।{{sfn|Wojnowski|2017|pp=207–208}} वोज्नोव्स्की ने चोर्नोविल की "सुधारवादी देशभक्ति" की विचारधारा को परिभाषित किया है, जो यूक्रेन को सुधारों का पालन करने और मध्य यूरोप के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बनाए रखने की वकालत करता है, जो कि यूरोमैडन और ऑरेंज क्रांति के बाद यूक्रेनी समाज में फैल गया।{{sfn|Wojnowski|2017|p=212}}
अधिक आलोचनात्मक रूप से, दार्शनिक और लेखक पेट्रो क्रालियुक द्वारा 2017 के 'रेडियो लिबर्टी' लेख में चोर्नोविल पर "रोमांटिसिज्म" के बदले राजनीतिक वास्तविकताओं को नज़रअंदाज़ करने और राजनीति के प्रति एक भोला रवैया रखने का आरोप लगाया गया है। विशेष रूप से, क्रालियुक 1991 के चुनाव में हार के बाद क्रावचुक के साथ काम करने से इनकार करने और संघवाद में चोर्नोविल के विश्वास को रचनात्मक नहीं मानते हैं।{{sfn|Kraliuk|2017}}
एक यूक्रेनी राज्य को फिर से स्थापित करने में उनके महत्व की मान्यता में, चोर्नोविल को 2000 में मरणोपरांत [[यूक्रेन के हीरो]] की उपाधि से सम्मानित किया गया था।{{sfn|Ukrainian Institute of National Memory 2017}} उन्हें 1996 में उनकी खोजी पत्रकारिता, विशेष रूप से उनके ''समिज्दात'' (उनमें से ''कोर्ट ऑफ लॉ या अ रिटर्न ऑफ द टेरर?'' और ''वूम फ्रॉम विट'') के लिए शेवचेंको राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था,{{sfn|Hrytsenko}} और 1997 में ऑर्डर ऑफ प्रिंस यारोस्लाव द वाइज से सम्मानित किया गया था।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} उन्हें दो बार सर्वकालिक दस सबसे लोकप्रिय यूक्रेनियनों में स्थान दिया गया है। 2008 के ''वेलीकी उक्रेन्त्सी'' पोल में, उन्हें यूक्रेन के सातवें सबसे लोकप्रिय व्यक्ति के रूप में स्थान दिया गया था, जिसमें 2.63% सर्वेक्षण वाले व्यक्तियों ने उन्हें सर्वकालिक महान यूक्रेनी के रूप में नामित किया था।{{sfn|Inter 2008}} 2022 के "पीपुल्स टॉप" पोल में, वे नौवें सबसे लोकप्रिय यूक्रेनी थे, जिसमें पिछले मतदान से संकेत मिलता था कि उनका समर्थन 2012 में 3.5% से बढ़कर 2022 में 8.7% हो गया था।{{sfn|People's Top 2022}}
2003 में, यूक्रेन के नेशनल बैंक ने चोर्नोविल को समर्पित 2 रिव्निया के नाममात्र के साथ एक स्मारक सिक्का जारी किया।{{sfn|National Bank of Ukraine}} 2009 में, चोर्नोविल को समर्पित एक यूक्रेनी स्टैम्प जारी किया गया था।{{sfn|Ukrinform 2008}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[अनसुलझी मौतों की सूची]]
* [[यूक्रेन के सर्वोच्च राडा के सदस्यों की सूची जिनकी पद पर मृत्यु हो गई]]
== नोट्स ==
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== सन्दर्भ ==
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=== पुस्तकें ===
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* {{Cite book |last=Adamovych |first=Serhii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=8–12 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Ставлення Народного Руху України до національних меншин напередодні здобуття державної незалежності |trans-chapter=Attitude of the People's Movement of Ukraine towards national minorities on the eve of the attainment of state independence|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Bazhan |first=Oleh |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=31–36 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл як об'єкт секретної справи КДБ «Блок» |trans-chapter=Viacheslav Chornovil as an object of the KGB's secret 'Bloc' case|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Bilyk |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=14–18 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Мовна політика в діяльності лідерів НРУ |trans-chapter=Language politics in the activities of the leaders of the NRU}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Вячеслав Чорновіл. Твори в десяти томах. Том 5. публіцистика, документи, матеріали «Справи No.196» (1970–1984) |publisher=Smoloskyp |year=2007 |isbn=978-966-7332-87-7 |editor-last=Chornovil |editor-first=Valentyna |location=Kyiv |page=911 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil: Works in Ten Books. Book 5: Publications, Documents, and Materials of "Case No. 196" (1970–1984)}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Вячеслав Чорновіл. Твори в десяти томах. Том 6. Документи та матеріали (листопад 1985 – квітень 1990) |publisher=Smoloskyp |year=2009 |isbn=978-966-2164-07-7 |editor-last=Chornovil |editor-first=Valentyna |location=Kyiv |pages=1051 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil: Works in Ten Books. Book 6: Documents and Materials (November 1985–April 1990)}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Шлях до незалежності: суспільні настрої в Україні кін. 80-х рр. ХХ ст. Документи і матеріали. До 20-ї річниці незалежності України |publisher=[[Institute of History of Ukraine]] |year=2011 |isbn=978-966-02-5425-1 |editor-last=Smoliy |editor-first=Valeriy |editor-link=Valeriy Smoliy |location=Kyiv |pages=81–83 |language=uk |trans-title=Path to Independence: Public attitudes in late 1980s Ukraine: Documents and Materials: to the 20th anniversary of Ukrainian independence |chapter=Лист-відповідь В. Чорновола «Ось же вона, охоронна журналістика!» Любомирі Петрівні та Миколі Яковичу (авторам статті «Під маскою борців за гласність» / Вільна Україна, 20.12.1987 р.) |trans-chapter=V. Chornovil's letter response "Here it is, secure journalism!" to Lyubomira Petrivna and Mykola Yakovych (authors of the article "Under the Mask of Fighters for Glasnost" / Free Ukraine, 20.12.1987)}}
* {{Cite book |last=Danylenko |first=Viktor |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=25–30 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Політичний нагляд за діяльністю В. Чорновола в роки «перебудови» (друга половина 1980-х рр.) |trans-chapter=Political supervision of V. Chornovil's activities in the Perestroika years (second half of the 1980s)}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |url=https://irbis-nbuv.gov.ua/ulib/item/ukr0000015008 |title=В'ячеслав Чорновіл |publisher=Family Leisure Club |year=2017 |location=Kharkiv |pages=383 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil |ref={{sfnRef|Derevinskyi 2017a}}}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=47–55 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл та кримське питання |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the Crimean question|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=17–23 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл: П'ятиріччя незалежності та неукраїнська Україна |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: Five Years of Independence and a Non-Ukrainian Ukraine}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=197–203 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Правозахисна діяльність В. Чорновола у 1960–1970-х рр. |trans-chapter=Human rights activities of V. Chornovil in the 1960s and 1970s|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=137–142 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл і Народний Рух України |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the People's Movement of Ukraine}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=117–121 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Емоційно-психологічний світ Вячеслава Чорновола |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's emotional and psychological world}}
* {{Cite book |last=Fedyk |first=Lidiia |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=132–136 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Особливості «вирішення національного питання» в УРСР крізь призму поглядів В. Чорновола |trans-chapter=Idiosyncracies of the "solution to the national question" in the Ukrainian SSR through the prism of V. Chornovil's views}}
* {{Cite book |last=Finnin |first=Rory |title=Blood of Others: Stalin's Crimean atrocity and the poetics of solidarity |publisher=[[University of Toronto Press]] |year=2022 |isbn=978-1-4875-3700-5 |location=Toronto |pages=334 |jstor=10.3138/j.ctv2p7j53j |lccn=2024391355}}
* {{Cite book |last=Hai-Nyzhnyk |first=Pavlo |author-link=Pavlo Hai-Nyzhnyk |title=Українська багатопартійність: політичні партії, виборчі блоки, лідери (кінець 1980-х – початок 2012 рр.). Енциклопедичний довідник |publisher=I. F. Kuras Institute of Political and Ethnonational Studies, National Academy of Sciences of Ukraine |year=2012 |location=Kyiv |pages=274–280 |language=uk |trans-title=Ukrainian Multi-Partisanship: Political Parties, Electoral Blocs, Leaders (Late 1980s–Early 2012): an Encyclopedic Overview |chapter=Народний Рух України |trans-chapter=People's Movement of Ukraine |chapter-url=https://hai-nyzhnyk.in.ua/doc/2012doc..n2.php}}
* {{Cite book |last=Honcharuk |first=Hryhorii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=45–46 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл в Одесі |trans-chapter=Viacheslav Chornovil in Odesa|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Karatnycky |first=Adrian |title=Battleground Ukraine: From Independence to the War with Russia |publisher=[[Yale University Press]] |year=2024 |isbn=978-0-300-26946-8 |location=New Haven and London |pages=346 |lccn=2023949848}}
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* {{Cite book |last=Kobuta |first=Stepan |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=36–40 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Майбутній державно-політичний устрій та система владних відносин в Україні у бачення В.Чорновола у 1988–1991 роках |trans-chapter=The future state-political organisation and system of governing relations in Ukraine in the vision of V. Chornovil, 1988–1991|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Kozhanov |first=Andrii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=41–45 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Нонконформізм і протестні настрої на Одещині (1960–1980 рр.) |trans-chapter=Non-conformism and protest moods in Odeshchyna (1960–1980)|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last1=Kozhanov |first1=Andrii |last2=Shypotilova |first2=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=32–35 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Неформальна преса як форма діяльності українських націонал-демократичних сил на завершальному етапі «перебудови» |trans-chapter=Informal press as a form of activity of Ukrainian National-Democratic forces at the final stage of perestroika}}
* {{Cite book |last=Krupnyk |first=Liuba |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=43–49 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Роль Вячеслава Чорновола в ході Української національго-демократичної революції кінця 1980-х – 1991 років |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's role during the Ukrainian National-Democratic revolution of the late 1980s–1991}}
* {{Cite book |last=Kulchytskyi |first=Stanislav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=50–63 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Діяльність Вячеслава Чорновола під час суверенізації радянської України (1990) |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's activities during the sovereigntisation of Soviet Ukraine (1990)}}
* {{Cite book |last=Lazorkin |first=Vitalii |author-link=Vitalii Lazorkin |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=63–76 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл. Деякі сторінки з історії творення збройних сил України |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: Some pages on the history of the Armed Forces of Ukraine's establishment|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Malynovskyi |first=Valentyn |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=71–77 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вплив ІІІ Всеукраїнських Зборів НРУ на подальший розвиток організації |trans-chapter=Influence of the Third All-Ukrainian Assembly of the NRU on further development of the organisation}}
* {{Cite book |last=Marples |first=David R. |url=https://link.springer.com/book/10.1007/978-1-349-10880-0 |title=Ukraine under Perestroika: Ecology, Economics and the Workers' Revolt |publisher=University of Alberta Press |year=1991 |isbn=9780888642295 |pages=243 |author-link=David R. Marples |doi=10.1007/978-1-349-10880-0 }}
* {{Cite book |last=Marynovych |first=Myroslav |author-link=Myroslav Marynovych |id={{Project MUSE|84843|type=book}} |title=The Universe behind Barbed Wire: Memoirs of a Ukrainian Soviet Dissident |publisher=University of Rochester Press |year=2021 |isbn=978-1-78744-832-2 |editor-last=Younger |editor-first=Katherine |location=Rochester |pages=453 |translator-last=Hayuk |translator-first=Zoya }}
* {{Cite book |last=Matiash |first=V. I. |title="Я вірую в свій народ!": До 80-річчя від дня народження В.М. Чорновола |publisher=Oles Honchar Poltava Regional Children's Library |year=2017 |location=Poltava |pages=41 |language=uk |trans-title="I Believe in my People!": to the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil}}
* {{Cite book |last=Melnykova-Kurhanova |first=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=78–83 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Правозахисна публіцистика та діяльність Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The human rights writing and activity of Vyacheslav Chornovil}}
* {{Cite book |last=Ostrovskyi |first=Valerii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=105–117 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл і Зіновій Красівський: переплетіння доль і звершень |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and Zinovii Krasivskyi: intertwined fates and achievements |ref={{sfnRef|Ostrovskyi 2018a}}|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Ostrovskyi |first=Valerii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=118–127 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Трактування історії України в епістолярній спадщині Вячеслава Чорновола |trans-chapter=Interpretations of the history of Ukraine in the epistolary heritage of Vyacheslav Chornovil |ref={{sfnRef|Ostrovskyi 2018b}}|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Parfionov |first=Aleksandr |url=https://books.google.com/books?id=810jAQAAIAAJ |title=Between Russia and the West: Foreign and Security Policy of Independent Ukraine |publisher=[[Peter Lang (publisher)|Peter Lang]] |year=1999 |isbn=9780820446295 |editor-last=Spillman |editor-first=Kurt R. |series=Studies in Contemporary History and Security Policy |volume=2 |pages=75–94 |chapter=Foreign and Security Policy Views of Relevant Ukrainian Political Forces |issn=1422-8327 |editor-last2=Wenger |editor-first2=Andreas |editor-last3=Müller |editor-first3=Derek}}
* {{Cite book |last=Paska |first=Bohdan |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=132–144 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Взаємини Вячеслава Чорноволо та Валентина Мороза: від співпраці до конфронтації |trans-chapter=Relations between Vyacheslav Chornovil and Valentin Moroz: from cooperation to confrontation|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Pipash |first=Volodymyr |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=79–140 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Націонал-комунізм та національно орієнтовані комуністи в Україні (60-ті – 80-ті рр. ХХ ст.) |trans-chapter=National communism and the national orientation of communists in Ukraine (1960s–1980s)}}
* {{Cite book |last=Riabinin |first=Yevhen |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=89–92 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Ідеї В.Чорновола стосовно державно-територіального устрою України |trans-chapter=V. Chornovil's ideas regarding the state and territorial structure of Ukraine}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Другі Чорновілські читання. Матеріали наукової конференції, присвяченої 75-й річниці з дня народження В'ячеслава Чорновола |year=2014 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Ternopil |pages=127–137 |language=uk |trans-title=Second Chornovil Readings: Materials of the Scientific Conference celebrating the 75th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=В'ячеслав Чорновіл: на роздоріжжі шістдесятницта |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: at the crossroads of the sixties}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=174–184 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл і криза дисидентства у період перебудови|trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the crisis of dissent in the perestroika period|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=124–131 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Концепція антикомунісичної революції Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Conception of Viacheslav Chornovil's Anticommunist Revolution}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=123–136 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Шевченкіана Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Shevchenkiana of Viacheslav Chornovil|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=93–103 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Драгоманівський контекст ідеї федералізму Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Drahomanov context of Viacheslav Chornovil's ideas of federalism}}
* {{Cite book |last=Shanovska |first=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=143–146 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Еволюція світоглядних позицій В. Чорновола: від комуністичної прихильності до категоричного неприйняття радянської ідеології |trans-chapter=Evolution of the position of V. Chornovil's worldview: from communist participation to categorical rejection of Soviet ideology}}
* {{Cite book |last=Yurash |first=Andrii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=134–140 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Релігійні та етнонаціональні політики в сучасній Україні: плюралізм чи хаос? |trans-chapter=Religious and ethno-national politics in modern Ukraine: pluralism or chaos?}}
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=== जर्नल लेख ===
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* {{Cite journal |last=Adamovych |first=Serhii |date=2018 |title=Vyacheslav Chornovil – intelektual, polityk, tvorets novitnoyi Ukrayinskoyi derzhavnosti |trans-title=Viacheslav Chornovil: an intellectual, a politician and the creator of modern Ukrainian statehood |url=http://lib.pnu.edu.ua:8080/handle/123456789/4255 |journal=Beskedy |language=uk |pages=5 |isbn=978-966-457-176-7 |via=Precarpathian National University Repository |archive-date=15 March 2022 |access-date=3 February 2025 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220315130315/http://lib.pnu.edu.ua:8080/handle/123456789/4255 |url-status=live}}
* {{Cite journal |last=Bellezza |first=Simone A. |date=Winter 2019 |title=The "Transnationalization" of Ukrainian Dissent: New York City Ukrainian Students and the Defense of Human Rights, 1968–80 |url=https://muse.jhu.edu/pub/28/article/717541/pdf |journal=[[Kritika: Explorations in Russian and Eurasian History]] |volume=20 |issue=1 |pages=99–120 |doi=10.1353/kri.2019.0005 |via=Project MUSE |url-access=subscription}}
* {{Cite journal |last1=Birch |first1=Sarah |author-link1=Sarah Birch |last2=Wilson |first2=Andrew |author-link2=Andrew Wilson (historian) |date=1999 |title=The Ukrainian parliamentary elections of 1998 |url=https://www.academia.edu/8365169 |journal=Electoral Studies |volume=18 |issue=2 |pages=276–282 |doi=10.1016/S0261-3794(98)00050-X |via=Academia.edu}}
* {{Cite book |last=Blank |first=Stephen J. |date=1 July 1994 |title=Proliferation and Nonproliferation in Ukraine: Implications for European and U.S. Security |chapter=Implications for European and U.S. Security |journal=[[Strategic Studies Institute]] |publisher=[[United States Army War College]] |pages=36 |jstor=resrep11595}}
* {{Cite journal |last=Bociurkiw |first=Bohdan R. |author-link=Bohdan Bociurkiw |date=June 1970 |title=The Chornovil Papers. by Vyacheslav Chornovil and Frederick C. Barghoorn: Dear Comrade: Pavel Litvinov and the Voices of Soviet Citizens in Dissent |journal=[[Slavic Review]] |volume=29 |issue=2 |pages=343–344 |doi=10.2307/2493419 |jstor=2493419}}
* {{Cite journal |last=Bohatchuk |first=S. S. |date=April 2020 |title=V. Chornovil. "Velykyy lider velykoyi natsiyi" |trans-title=V. Chornovil: "The great leader of a great nation" |journal=Scientific Journal Virtus |language=uk |volume=43 |pages=223–226}}
* {{Cite journal |last=Chornovil |first=Viacheslav |date=March 1976 |title=My trial |journal=[[Index on Censorship]] |volume=5 |issue=1 |pages=57–69 |doi=10.1080/03064227608532501}}
* {{Cite journal |last=Crowley |first=Stephen |date=March 1995 |title=Between Class and Nation: Worker Politics in the New Ukraine |journal=Communist and Post-Communist Studies |publisher=[[University of California Press]] |volume=28 |issue=1 |pages=43–69 |doi=10.1016/0967-067x(95)00005-f |jstor=45301918}}
* {{Cite journal |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2007 |title=Pratsi V. Chornovola - "Pravosuddya chy retsydyvy teroru?" ta "Lykho z rozumu" yak dzherelo do vyvchennya radyanskykh represiy 1965-1966 rr. |trans-title=Viacheslav Chornovil's works "Court of Law or a Return of the Terror?" and "Woe from Wit" as a source of study of the 1965–1966 Soviet repressions |url=https://ekmair.ukma.edu.ua/handle/123456789/14339 |journal=Magisterium |language=uk |publisher=[[National University of Kyiv-Mohyla Academy]] |volume=28 |pages=37–42}}
* {{Cite web |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2013 |title=Hromadsko-politychna ta derzhavotvorcha diyalnist Vyacheslava Chornovola|trans-title=Public, political and state-building activities of Vyacheslav Chornovil|language=Ukrainian|publisher=PhD diss., [[Kyiv National University of Construction and Architecture]]|url=https://enpuir.udu.edu.ua/entities/publication/6fa4d828-9786-41f8-b196-3e4e3a5389db}}
* {{Cite journal |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2015 |title=Ukrainian Human Rights Organization (1971–1972) |url=https://oaji.net/articles/2015/739-1426694509.pdf |journal=European Journal of Social and Human Sciences |volume=5 |issue=1 |pages=19–23 |issn=1339-6773 |eissn=1339-875X}}
* {{Cite journal |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2016 |title=Zovnishnopolitychni priorytety V. Chornovola |trans-title=Foreign policy priorities of V. Chornovil |url=https://www.academia.edu/106480094 |journal=Historical and Political Studies |volume=1 |issue=5 |pages=32–37 |via=Academia.edu}}
* {{Cite journal |last=Derevinskyi |first=Vasyl |date=2023 |title=Vyacheslav Chornovil i pytannya suverenitetu: vid ideyi do deklaratsiyi pro derzhavnyy suverenitet Ukrayiny |trans-title=Viacheslav Chornovil and the issue of sovereignty: from the idea to the declaration of state sovereignty of Ukraine |url=https://www.academia.edu/108849595 |journal=History Pages |language=uk |issue=56 |pages=328–340 |doi=10.20535/2307-5244.56.2023.288789 |doi-access=free}}
* {{Cite journal |last=Gawdiak |first=Natalie |date=April 2003 |title=The 1998 Ukrainian Parliamentary Election |url=https://tile.loc.gov/storage-services/service/ll/llglrd/2019669442/2019669442.pdf |journal=The Law Library of Congress |publisher=[[Library of Congress]] |pages=10}}
* {{Cite journal |last=Kuzio |first=Taras |date=June 1996 |author-link=Taras Kuzio |title=Kravchuk to Kuchma: The Ukrainian presidential elections of 1994 |journal=The Journal of Communist Studies and Transition Politics |volume=12 |issue=2 |pages=117–144 |doi=10.1080/13523279608415306 |doi-access=free}}
* {{Cite journal |last=Kuzio |first=Taras |date=June 1997 |title=Radical Nationalist Parties and Movements in Contemporary Ukraine Before and After Independence: The Right and Its Politics, 1989–1994 |url=https://www.cambridge.org/core/journals/nationalities-papers/article/abs/radical-nationalist-parties-and-movements-in-contemporary-ukraine-before-and-after-independence-the-right-and-its-politics-19891994/11EFDD3605247437554F3417BD152EA9 |journal=Nationalities Papers |volume=25 |issue=2 |pages=211–242 |doi=10.1080/00905999708408500 |url-access=subscription}}
* {{Cite journal |last=Kuzio |first=Taras |date=2007 |title=Oligarchs, Tapes and Oranges: 'Kuchmagate' to the Orange Revolution |journal=Journal of Communist Studies and Transition Politics |volume=23 |issue=1 |pages=30–56 |doi=10.1080/13523270701194839 |issn=1352-3279 |eissn=1743-9116 |doi-access=free}}
* {{Cite journal |last1=Lykhobova |first1=Zoia |last2=Kuzina |first2=Kseniia |date=April 2009 |title=Lypnevi strayky 1989 roku v shakhtarskykh mistakh Donbasu |trans-title=The July strikes of 1989 in the mining cities of the Donbas |url=http://dspace.nbuv.gov.ua/handle/123456789/85577 |journal=Ukraine in the 20th Century: Culture, Ideology, Politics |language=uk |volume=15 |issue=1 |pages=155–170 |via=Scientific Electronic Library of Periodical Publications of the National Academy of Sciences of Ukraine |archive-date=30 August 2024 |access-date=30 August 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240830052846/http://dspace.nbuv.gov.ua/handle/123456789/85577 |url-status=dead}}
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* {{Cite journal |last=Urban |first=George |date=Spring 1992 |title=The Awakening |journal=[[The National Interest]] |issue=27 |pages=39–47 |jstor=42896806}}
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=== समाचार लेख और अन्य संसाधन ===
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* {{cite web |title=Chornovil, Viacheslav Maksymovych |url=http://w1.c1.rada.gov.ua/pls/radan_gs09/d_ank_arh?kod=35102 |website=Verkhovna Rada |access-date=22 December 2014 |language=uk |archive-date=21 August 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130821122337/http://w1.c1.rada.gov.ua/pls/radan_gs09/d_ank_arh?kod=35102 |url-status=live |ref={{sfnRef|2nd Verkhovna Rada}}}}
* {{cite web |title=People's Deputy of Ukraine of the III convocation |url=http://w1.c1.rada.gov.ua/pls/radan_gs09/d_ank_arh?kod=52703 |website=Verkhovna Rada |access-date=22 December 2014 |language=uk |archive-date=4 March 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304070740/http://w1.c1.rada.gov.ua/pls/radan_gs09/d_ank_arh?kod=52703 |url-status=live |ref={{sfnRef|3rd Verkhovna Rada}}}}
* {{Cite web |title=Journalists and writers in prison |url=https://www.amnesty.org/fr/wp-content/uploads/2021/06/act730051977en.pdf |access-date=19 May 2024 |website=[[Amnesty International]] |ref={{sfnRef|Amnesty International 1977}}}}
* {{Cite web |title=V. Chornovil: Fatal Car Accident, Ugly Story |url=http://www.archives.gov.ua/Sections/Ukraineomni/prechornovil.htm |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160303233412/http://www.archives.gov.ua/Sections/Ukraineomni/prechornovil.htm |archive-date=3 March 2016 |website=Orange Revolution: Democracy Emerging in Ukraine |ref={{sfnRef|archives.gov.ua}}}}
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* {{Cite news |last=Bila |first=Andriana |date=22 August 2021 |title=30 rokiv Nezalezhnosti Ukrayiny: vid vidnovlennya derzhavnosti do vtilennya idey Chornovola |trans-title=30 years of Ukraine's Independence: from the restoration of statehood to the implementation of Chornovil's ideas |url=https://www.radiosvoboda.org/a/vyacheslav-chornovil-film/31420418.html |access-date=23 April 2025 |work=Radio Free Europe/Radio Liberty |language=uk}}
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* {{Cite web |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Vyacheslav Chornovil: Avtobiohrafiya |url=https://rukhpress.com.ua/002005/index.phtml |archive-url=https://web.archive.org/web/20120102123224/http://rukhpress.com.ua/002005/print.phtml |url-status=live |archive-date=2 January 2012 |access-date=14 May 2024 |website=Rukh Press |language=uk |ref={{sfnRef|Chornovil, autobiography}}}}
* {{Cite book |url=https://chronicle-of-current-events.com/wp-content/uploads/2013/10/no-63-july-1983.pdf |title=A Chronicle of Current Events: No. 63 |publisher=Amnesty International Publications |year=1983 |isbn=0-86210-059-3 |location=London |pages=163–164 |ref={{sfnRef|A Chronicle of Current Events 1983}}}}
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* {{Cite news |last=Erlanger |first=Steven |author-link=Steven Erlanger |date=29 March 1994 |title=Economic Protest Seen in Ukrainian Election |url=https://www.nytimes.com/1994/03/29/world/economic-protest-seen-in-ukrainian-election.html |url-access=registration |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20240710123220/https://www.nytimes.com/1994/03/29/world/economic-protest-seen-in-ukrainian-election.html |archive-date=10 July 2024 |access-date=27 February 2025 |work=The New York Times}}
* {{Cite news |date=31 March 2018 |title=Chornovil prosyv Yushchenka pity v prezydenty shche v 1999 rotsi, - Pynzenyk |trans-title="Chornovil asked Yushchenko to run for president in 1999" - Pynzenyk |url=https://espreso.tv/news/2018/03/31/chornovil_prosyv_yuschenka_pity_v_prezydenty_sche_1999_roku_pynzenyk |access-date=23 April 2025 |work=[[Espreso TV]] |language=uk |ref={{sfnRef|Espreso TV 2018}}}}
* {{Cite news |date=24 December 2017 |title=Lyudy zakhyshchaly Vyacheslava Chornovola vid militsiyi pislya mitynhiv |trans-title=People defended Viacheslav Chornovil from police after rallies |url=https://gazeta.ua/articles/history/_lyudi-zahischali-vyacheslava-cornovola-vid-miliciyi-pislya-mitingiv/811237 |access-date=23 April 2025 |work=Gazeta.ua |language=uk |ref={{sfnRef|Gazeta.ua 2017}}}}
* {{Cite news |date=8 December 2018 |title=Pershyy Lenin vpav 1990 roku: yak skydaly idola komunizmu |trans-title=The first Lenin fell in 1990: how communism's idol was toppled |url=https://gazeta.ua/articles/politics/_pershij-lenin-vpav-1990-roku-yak-skidali-idola-komunizmu/873618 |access-date=4 February 2025 |work=[[Gazeta.ua]] |language=uk |archive-date=15 April 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210415161321/https://gazeta.ua/articles/politics/_pershij-lenin-vpav-1990-roku-yak-skidali-idola-komunizmu/873618 |url-status=live |ref={{sfnRef|Gazeta.ua 2018}}}}
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* {{Cite web |last1=Harasymiw |first1=Bohdan |last2=Koshelivets |first2=Ivan |last3=Senkus |first3=Roman |date=2015 |title=Chornovil, Viacheslav |url=https://www.encyclopediaofukraine.com/display.asp?linkpath=pages%5CC%5CH%5CChornovilViacheslav.htm |access-date=14 May 2024 |website=[[Encyclopedia of Ukraine]] |archive-date=10 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240510112338/https://www.encyclopediaofukraine.com/display.asp?linkpath=pages%5CC%5CH%5CChornovilViacheslav.htm |url-status=live}}
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* {{Cite news |date=19 May 2008 |title=Yaroslav the Wise - the Greatest Ukrainian of all times |url=https://inter.ua/en/news/yaroslav-the-wise-the-greatest-ukrainian-of-all-times |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20250509171933/https://inter.ua/en/news/yaroslav-the-wise-the-greatest-ukrainian-of-all-times |archive-date=9 May 2025 |access-date=23 April 2025 |work=[[Inter (TV channel)|Inter]] |ref={{sfnRef|Inter 2008}}}}
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* {{Cite news |last=Ivanova |first=Kateryna |date=25 March 2024 |title=25 rokiv z dnya zahybeli Vyacheslava Chornovola. Shlyakh polityka ta obstavyny zahybeli |trans-title=25 years since the day of Viacheslav Chornovil's death: the politician's path and circumstances of his death |url=https://glavcom.ua/country/society/25-rokiv-z-dnja-zahibeli-vjacheslava-chornovola-shljakh-politika-ta-obstavini-zahibeli-992626.html |access-date=14 May 2024 |work=Glavcom |language=uk |archive-date=14 May 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240514072928/https://glavcom.ua/country/society/25-rokiv-z-dnja-zahibeli-vjacheslava-chornovola-shljakh-politika-ta-obstavini-zahibeli-992626.html |url-status=live}}
* {{Cite web |date=17 September 1999 |title=Udovenko and Kostenko: Rukh contenders |url=https://jamestown.org/program/udovenko-and-kostenko-rukh-contenders/ |access-date=23 April 2025 |website=[[Jamestown Foundation]] |ref={{sfnRef|Jamestown Foundation 1999}}}}
* {{Cite news |last=Khalupa |first=Iryna |date=24 March 2004 |title=Vyacheslav Chornovil yak symvol politychnoho lidera: do pyatoyi richnytsi zahybeli |trans-title=Viacheslav Chornovil as the symbol of a political leader: the fifth anniversary of his death |url=https://www.radiosvoboda.org/a/914027.html |access-date=23 April 2025 |work=Radio Free Europe/Radio Liberty |language=uk}}
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AMAN KUMAR
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अतिरिक्त कड़ियां हटाई
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox officeholder
| honorific_prefix = यूक्रेन के हीरो
| name = व्याचेस्लाव चोर्नोविल
| native_name = {{nobold|В'ячеслав Чорновіл}}
| image = НДУ 3 Чорновіл Вячеслав Максимович.jpg
| alt = काले सूट, नीली शर्ट और हरी टाई में चोर्नोविल।
| caption = 1998 में चोर्नोविल
| office = यूक्रेन के जन प्रतिनिधि
| term_start = 29 मार्च 1998
| term_end = 25 मार्च 1999
| constituency = यूक्रेन का जन आन्दोलन, नं॰ 1
| term_start1 = 10 मई 1994
| term_end1 = 29 मार्च 1998
| predecessor1 = ओलेक्ज़ेंडर शेवचेंको
| successor1 = ''निर्वाचन क्षेत्र समाप्त''
| constituency1 = तेरनोपिल ओब्लास्ट, नं॰ 357
| term_start2 = 15 मई 1990
| term_end2 = 10 मई 1994
| predecessor2 = ''पद स्थापित''
| successor2 = ओलेक्ज़ेंडर शैंड्रिउक
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| office3 = यूक्रेन का जन आन्दोलन के नेता
| term_start3 = दिसंबर 1992
| term_end3 = 25 मार्च 1999{{ref label|Dispute|B}}
| predecessor3 = इवान ड्रेच
| successor3 = हेनादिय उदोवेंको
| office4 = ल्वीव ओब्लास्ट परिषद के अध्यक्ष
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| term_end4 = अप्रैल 1992
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| birth_date = {{जन्म तिथि|1937|12|24|df=yes}}
| birth_place = येर्की, कीव ओब्लास्ट, यूक्रेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य, सोवियत संघ
| death_cause = सड़क दुर्घटना{{ref label|Death|C}}
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| death_place = बोरिस्पिल के पास, कीव ओब्लास्ट, यूक्रेन
| party = यूक्रेन का जन आन्दोलन (1989 से)
| other_party = कोम्सोमोल (1950 के दशक के अंत से–1966)
| spouse = {{plainlist|
<br/>{{marriage|इरीना ब्रुनेवेट्स|1960|1962|end=div}}
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<br/>{{marriage|एटेना पाश्को|1969}}
}}
| children = {{hlist|एंड्री चोर्नोविल|तरास चोर्नोविल}}
| alma_mater = तरास शेवचेंको राष्ट्रीय विश्वविद्यालय कीव
| awards = {{plainlist|
<br/>यूक्रेन के हीरो (2000)
<br/>ऑर्डर ऑफ प्रिंस यारोस्लाव द वाइज (1997)
<br/>शेवचेंको राष्ट्रीय पुरस्कार (1996)
}}
| signature = Chornovil autograph.svg
| footnotes = A. {{note|PLPR||आनुपातिक प्रतिनिधित्व सीट।}}<br/>B. {{note|Dispute||''वास्तव में'' (De facto) 8 सितंबर 1989 से। 17 या 19 फरवरी 1999 से यूरी कोस्तेंको के साथ विवादित।}}<br/>C. {{note|Death||चोर्नोविल की मृत्यु की परिस्थितियाँ विवादित हैं; अधिक जानकारी के लिए § षड्यंत्र के सिद्धांत और जांच देखें।}}
}}
'''व्याचेस्लाव मक्सिमोविच चोर्नोविल''' ({{lang-uk|В'ячеслав Максимович Чорновіл}}; 24 दिसंबर 1937 – 25 मार्च 1999) एक यूक्रेनी सोवियत असंतुष्ट, स्वतंत्रता कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थे। वे 1989 से लेकर 1999 में अपने निधन तक यूक्रेन का जन आन्दोलन नामक राजनीतिक दल के नेता रहे। मानवाधिकारों के क्षेत्र में अपनी सक्रियता के कारण उन्होंने सोवियत सरकार के अधीन कुल पंद्रह वर्ष कारावास या निर्वासन में बिताए।
वर्ष 1990 से 1999 तक यूक्रेन के जन प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने वाले चोर्नोविल, यूक्रेन में सार्वजनिक पद धारण करने वाले पहले और सबसे प्रमुख कम्युनिस्ट-विरोधी नेताओं में से एक थे। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति पद के लिए दो बार चुनाव लड़ा। वर्ष 1991 में अपने पहले प्रयास में वे [[लियोनिद क्रावचुक]] से हार गए थे, जबकि 1999 के चुनाव अभियान के दौरान एक कार दुर्घटना में विवादित परिस्थितियों में उनका निधन हो गया।
चोर्नोविल का जन्म तत्कालीन [[सोवियत संघ]] के अधीन मध्य यूक्रेन के येर्की गाँव में हुआ था। विश्वविद्यालय के दिनों से ही कोम्सोमोल के सदस्य रहे चोर्नोविल, प्रति-सांस्कृतिक सिक्सटियर्स आंदोलन से जुड़ गए थे। साम्यवाद के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण अंततः उन्हें कोम्सोमोल से निष्कासित कर दिया गया। 1965-1966 के सोवियत दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए बुद्धिजीवियों के प्रति हुए दुर्व्यवहार की जांच करने वाले उनके ''समिज्दात'' कार्यों ने उन्हें पश्चिमी देशों में भारी प्रशंसा दिलाई, लेकिन इसी के परिणामस्वरूप उन्हें याकूतिया में तीन साल के कारावास की सजा भी सुनाई गई। रिहाई के बाद, वे पुनः ''समिज्दात'' कार्यों में सक्रिय हो गए और उन्होंने ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' का प्रकाशन शुरू किया, जिसे आधुनिक यूक्रेनी स्वतंत्र प्रेस का अग्रदूत माना जाता है।
वर्ष 1972 में, बुद्धिजीवियों के दमन के एक अन्य चक्र में चोर्नोविल को फिर से बंदी बना लिया गया, और उन्हें 1985 तक यूक्रेन लौटने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने अपना यह अधिकांश समय कारावास में ही व्यतीत किया। जेल में रहने के दौरान, उनके साथी असंतुष्ट मिखाइल खेइफेट्स ने यूक्रेनी राजनीतिक कैदियों का नेतृत्व करने के कारण चोर्नोविल को "ज़ेकों (कैदियों) का जनरल" कहकर पुकारा था, और [[एमनेस्टी इंटरनेशनल]] ने भी उन्हें 'अंतरात्मा का बंदी' घोषित किया था।
उनकी रिहाई तब संभव हो सकी जब सोवियत सरकार ने ''पेरेस्त्रोइका'' नीति के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी। चोर्नोविल ने यूक्रेन में कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ राजनीतिक विपक्ष तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप यूक्रेन का जन आन्दोलन पार्टी की स्थापना हुई और एक ऐसी लोकप्रिय क्रांति का जन्म हुआ जिसने साम्यवाद को जड़ से उखाड़ फेंका। इस क्रांति के बीच, चोर्नोविल ने यूक्रेन की संसद के सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे 1991 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव में दो मुख्य उम्मीदवारों में से एक थे, यद्यपि वे पूर्व कम्युनिस्ट नेता [[लियोनिद क्रावचुक]] से पराजित हो गए थे। चोर्नोविल ने [[यूरोपीय संघ]] में यूक्रेन की सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया और यूक्रेनी कुलीन वर्गों के बढ़ते प्रभुत्व का कड़ा विरोध किया।
अपने जीवनकाल में चोर्नोविल एक अत्यंत विवादास्पद व्यक्ति माने जाते थे, और उनके जीवन के अंतिम महीनों में 'रूख' पार्टी के भीतर भारी गुटबाजी हावी रही। 1999 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एक कार दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जहाँ वे तत्कालीन राष्ट्रपति [[लियोनिद कुचमा]] के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी थे। उनकी मृत्यु ने कई षड्यंत्र के सिद्धांतों को जन्म दिया और वर्षों तक इसकी जांच और मुकदमे चलते रहे, जिन्होंने न तो [[हत्या]] की संभावना की पूरी तरह पुष्टि की और न ही इसे सिरे से खारिज किया। वे वर्तमान यूक्रेन में एक बेहद लोकप्रिय ऐतिहासिक व्यक्ति हैं; उन्हें दो बार यूक्रेन के शीर्ष दस सबसे लोकप्रिय व्यक्तियों की सूची में स्थान दिया गया है और उन्हें देश के लोकतंत्र, मानवाधिकार सक्रियता तथा यूरोप-समर्थक विचारधारा का प्रतीक माना जाता है।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
[[File:71-212-0076 SAM 9126 Vilkhovets.jpg|alt=पेड़ों से घिरे एक सफेद और हरे रंग के घर की तस्वीर|thumb|left|[[विल्खोवेट्स, चर्कासी ओब्लास्ट|विल्खोवेट्स]] में चोर्नोविल के बचपन का घर]]
व्याचेस्लाव मक्सिमोविच चोर्नोविल का जन्म 24 दिसंबर 1937 को तत्कालीन यूक्रेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य के येर्की गाँव में शिक्षकों के एक परिवार में हुआ था।{{sfn|LIGA.net 2009}} उनके पिता, मक्सिम इओसिपोविच चोर्नोविल, कोसैक कुलीन वर्ग के वंशज थे, जबकि उनकी माता कुलीन तेरेशचेंको परिवार से संबंध रखती थीं।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} 'ग्रेट पर्ज' के दौरान जन्मे और पले-बढ़े व्याचेस्लाव के बचपन पर सोवियत दमन की गहरी छाप थी; उनके चाचा, पेत्रो इओसिपोविच को मृत्युदंड दे दिया गया था, जबकि उनके पिता यूक्रेन में कानून की नजरों से छिपकर एक भगोड़े का जीवन जी रहे थे।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} [[द्वितीय विश्व युद्ध]] और यूक्रेन पर जर्मन कब्जे के दौरान चोर्नोविल का परिवार हुसाकोव गाँव में रहा, जहाँ व्याचेस्लाव ने अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने बाद में अपनी आत्मकथा में यह दावा किया कि सोवियत संघ द्वारा हुसाकोव पर दोबारा कब्ज़ा किए जाने के बाद, उनके परिवार को गाँव से निकाल दिया गया था। इसके बाद वे विल्खोवेट्स में रहने लगे और वहीं से व्याचेस्लाव ने 1955 में स्वर्ण पदक के साथ अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की।{{sfn|Chornovil, autobiography}} उनके अशांत बचपन को देखते हुए, चोर्नोविल के माता-पिता ने उन्हें यूक्रेनी राष्ट्रवाद के बारे में बताने से परहेज किया। इसके बजाय उनका पालन-पोषण कम्युनिस्ट विचारधारा की शिक्षाओं के साथ किया गया{{sfn|Derevinskyi 2017a|p=1}} और उन्हें लोगों के बीच मित्रता तथा सर्वहारा अंतर्राष्ट्रीयवाद जैसे आदर्श सिखाए गए।{{sfn|Matiash|2017|p=6}}
उसी वर्ष चोर्नोविल ने कीव के तरास शेवचेंको विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, जहाँ वे पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान वे सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी (CPSU) की युवा शाखा, कोम्सोमोल में भी शामिल हो गए। कीव की रूसी-भाषी आबादी द्वारा यूक्रेनी भाषा बोलने वालों के प्रति दिखाई जाने वाली नकारात्मक प्रतिक्रिया ने उन्हें भीतर से असंतुष्ट कर दिया और एक यूक्रेनी के रूप में उनकी चेतना को जागृत किया।{{sfn|Ivanova|2024}} उस समय के अन्य युवा सोवियत कार्यकर्ताओं की भाँति, चोर्नोविल भी 1956 में सी॰पी॰एस॰यू॰ की 20वीं कांग्रेस से अत्यधिक प्रभावित हुए थे, जिसमें [[निकिता ख्रुश्चेव]] ने [[जोसेफ स्टालिन]] के शासन की कड़ी निंदा करते हुए भाषण दिया था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=50}}
1957 में उनके गैर-अनुरूपतावादी विचारों ने उन्हें संकाय के समाचार पत्र के साथ विवाद में ला खड़ा किया, जिसने "अमानक सोच" रखने के लिए उनकी निंदा की।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} नतीजतन, उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी और [[डोनबास]] शहर ज़दानोव में एक ब्लास्ट फर्नेस के निर्माण कार्य में लगा दिया गया।{{sfn|Chornovil, autobiography}} वहाँ उन्होंने ''कीव कोम्सोमोलेट्स'' समाचार पत्र के लिए एक भ्रमणशील संपादक के रूप में भी काम किया। एक वर्ष पश्चात, वे अपनी पढ़ाई पर लौट आए और 1960 में सम्मान के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} उनका डिप्लोमा शोध प्रबंध 19वीं और 20वीं सदी की शुरुआत के प्रमुख यूक्रेनी लेखक और स्वतंत्रता कार्यकर्ता बोरिस ह्रीन्चेंको के कार्यों पर आधारित था।{{sfn|LB.ua 2015}} उसी वर्ष, उन्होंने अपनी पहली पत्नी, इरीना ब्रुनेवेट्स से विवाह कर लिया। 1962 में उनके तलाक से पूर्व, उनका एक बेटा हुआ, जिसका नाम एंड्री था।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
== पत्रकारिता और पार्टी का करियर ==
स्नातक होने के बाद, जुलाई 1960 में चोर्नोविल ल्वीव टेलीविज़न (वर्तमान - सुस्पिल्ने ल्वीव) में एक संपादक बन गए । उन्होंने चैनल के युवा कार्यक्रमों के लिए पटकथाएँ लिखीं।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=106}} इस अवधि में, चोर्नोविल ने साहित्यिक आलोचना पर भी काम किया, जिसमें मुख्य रूप से ह्रीन्चेंको, तरास शेवचेंको और वलोडिमिर सामिलेंको की कृतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।{{sfn|Shvydkyi|2013}} इनमें से कुछ रचनाएँ टीवी पर भी प्रसारित हुईं; उदाहरण के लिए, 1962 में उन्होंने मिखाइलो स्टेल्माख, वासिल चुमाक और 'यंग म्यूज' समूह पर विशेष फीचर प्रसारित किए।{{sfn|Seko|2020|p=135}} संभवतः इसी दौरान उनकी मुलाकात ज़ेनोविय क्रासिव्स्की से हुई, जो ल्वीव विश्वविद्यालय में टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे थे। चोर्नोविल की ही तरह, क्रासिव्स्की भी बाद में असंतुष्ट आंदोलन के एक बड़े नेता बने।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=106}}
[[File:Київська ГЕС.jpg|alt=एक बड़े जलविद्युत ऊर्जा संयंत्र की हवाई तस्वीर|thumb|कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट, जहाँ चोर्नोविल ने 1963 से 1964 तक कोम्सोमोल सचिव के रूप में काम किया]]
मई 1963 में चोर्नोविल ने ल्वीव टेलीविज़न की अपनी नौकरी छोड़ दी और कीव लौट आए, ताकि वे अपना 'कैंडिडेट ऑफ साइंसेज' का शोध प्रबंध पूरा कर सकें।{{sfn|Derevinskyi 2017a|pp=1–2}} वहां, उन्होंने पास के विशहोरोद में कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट के निर्माण के लिए कोम्सोमोल सचिव के रूप में कार्य किया।{{sfn|Shvydkyi|2013}} उन्होंने कीव स्थित समाचार पत्रों ''यंग गार्ड'' और ''सेकंड रीडिंग'' के लिए एक संपादक के रूप में भी एक साथ काम किया,{{sfn|Chornovil, autobiography}} और वे 'आर्टिस्टिक यूथ्स क्लब' का हिस्सा बन गए, जो प्रति-सांस्कृतिक सिक्सटियर्स आंदोलन से जुड़े बुद्धिजीवियों का एक अनौपचारिक समूह था।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|p=107}} जून 1963 में, चोर्नोविल ने अपनी दूसरी पत्नी, ओलेना एंटोनिव से विवाह किया, और 1964 में उनके दूसरे बेटे, तरास का जन्म हुआ।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} चोर्नोविल ने 1964 में कीव शैक्षणिक संस्थान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। हालाँकि, उनकी राजनीतिक गतिविधियों के कारण उन्हें 'डॉक्टर ऑफ साइंसेज' की डिग्री हासिल करने के अधिकार से वंचित कर दिया गया।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
9 मार्च 1964 को, सोवियत संघ ने यूक्रेन के राष्ट्रीय कवि तरास शेवचेंको की 150वीं वर्षगांठ मनाई। शेवचेंको पर सी॰पी॰एस॰यू॰ का आधिकारिक रुख, विशेष रूप से 'शेवचेंको दिवस' के दौरान, दास-प्रथा विरोधी गतिविधियों में कवि की भूमिका और ज़ारिस्ट निरंकुशता के प्रति उनके कड़े प्रतिरोध पर ज़ोर देता था। कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट के श्रमिकों को संबोधित करते हुए अपने भाषण में, चोर्नोविल ने निर्धारित कम्युनिस्ट व्याख्याओं से हटकर शेवचेंको को एक विशिष्ट रूप से यूक्रेनी नायक के रूप में प्रस्तुत किया। चोर्नोविल ने श्रोताओं से कवि के मुख्य कार्यों के संग्रह, ''कोबज़ार'' को "अपनी अपमानित और तिरस्कृत मातृभूमि के लिए कांपते हुए प्रेम" की अभिव्यक्ति के रूप में व्याख्यायित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि शेवचेंको के कार्यों से यह सिद्ध होता है कि "मनुष्य द्वारा मनुष्य के उत्पीड़न पर, मानवीय गरिमा और अविच्छेद्य मानवाधिकारों की अवमानना पर, स्वतंत्र व मानवीय विचारों के दमन पर, और एक राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र के उत्पीड़न पर टिकी हर व्यवस्था, चाहे वह किसी भी नए आवरण में क्यों न छिप जाए [...] मानव स्वभाव के घोर विरुद्ध है, और इसे नष्ट किया जाना चाहिए।"{{sfn|Seko|2020|pp=123–125}} इतिहासकार यारोस्लाव सेको इस भाषण को सिक्सटियर्स आंदोलन के एक विशिष्ट उदाहरण के रूप में देखते हैं, यद्यपि उनका यह भी मानना है कि उस समय ''इंटरनेशनलिज्म और रसिफिकेशन?'' के लेखक इवान डज़िउबा, और साथी असंतुष्ट येवहेन स्वेर्स्टिउक का प्रभाव कहीं अधिक व्यापक था।{{sfn|Seko|2020|pp=128–129}}
8 अगस्त 1965 को, शेषोरी गाँव में शेवचेंको के एक स्मारक के उद्घाटन के अवसर पर, चोर्नोविल ने घोर कम्युनिस्ट-विरोधी स्वर के साथ एक प्रखर भाषण दिया। परिणामस्वरूप, उन्हें उनकी कोम्सोमोल की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। अपनी बर्खास्तगी के बाद, चोर्नोविल ने अपनी बेगुनाही साबित करने के एक असफल प्रयास में कोम्सोमोल के नेतृत्व को कई पत्र भी लिखे।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
== असंतुष्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता ==
=== 1965–1966 का दमन और उसके परिणाम ===
वर्ष 1965 में सिक्सटियर बुद्धिजीवियों की सामूहिक गिरफ्तारियों का एक नया सिलसिला शुरू हुआ क्योंकि अपेक्षाकृत उदार माने जाने वाले निकिता ख्रुश्चेव को हटाकर लियोनिद ब्रेझनेव को नियुक्त कर दिया गया था। इन गिरफ्तारियों के विरोध में, चोर्नोविल, डज़िउबा और छात्र वासिल स्टस ने कीव सिनेमा के भीतर एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसने सर्गेई पारजानोव की फिल्म 'शैडोज़ ऑफ़ फॉरगॉटन एंसेस्टर्स' के 4 सितंबर के प्रीमियर को बाधित कर दिया। चोर्नोविल ने जोर से चिल्लाकर कहा: "जो भी इस अत्याचार के विरुद्ध है, वह अपने स्थान पर खड़ा हो जाए!"
चोर्नोविल और डज़िउबा के इस घटना के संस्मरण काफी भिन्न रहे हैं। डज़िउबा ने बाद में यह दावा किया कि उन्हें याद नहीं कि चोर्नोविल वहाँ उपस्थित थे या उन्हें उस घटना की पूर्व जानकारी थी। दूसरी ओर, चोर्नोविल ने कहा कि वे और डज़िउबा स्वतंत्र रूप से इसी निष्कर्ष पर पहुँचे थे कि दमन के खिलाफ एक सार्वजनिक विरोध नितांत आवश्यक था, और जब डज़िउबा का भाषण दर्शकों के शोर में दब गया, तो चोर्नोविल ने वह वाक्य चिल्लाकर विरोध को जारी रखा। सेको डज़िउबा के अधिक सतर्क और सूचनात्मक भाषण की तुलना चोर्नोविल के अधिक उग्र और टकराव वाले दृष्टिकोण से करते हैं।{{sfn|Seko|2014|pp=128–130}}
उसी वर्ष 30 सितंबर को, चोर्नोविल के ल्वीव स्थित फ्लैट की सोवियत सुरक्षा एजेंसी, के॰जी॰बी॰ द्वारा तलाशी ली गई। वहाँ से साहित्य के 190 अंश जब्त किए गए, जिनमें 'गैलिसियन-वोलहिनियन क्रॉनिकल', 'बुक्स ऑफ द जेनेसिस ऑफ द यूक्रेनी पीपल', पांटेलीमोन कुलिश, वलोडिमिर एंटोनोविच, वलोडिमिर हनतियुक, दिमित्रो डोरोशेंको, इवान कृपियाकेविच और वलोडिमिर विन्नीचेंको के मोनोग्राफ व लेख, साथ ही पोलिश-लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल, प्रथम विश्व युद्ध और यूक्रेनी स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ी पुस्तकें शामिल थीं। के॰जी॰बी॰ द्वारा उनके फ्लैट पर 3 अगस्त 1967 और 12 जनवरी 1972 को की गई दो अन्य छापेमारी में भी साहित्य की जब्ती हुई, हालांकि ये दोनों सितंबर 1965 की छापेमारी की तुलना में आकार में बहुत छोटी थीं।{{sfn|Ostrovskyi 2018b|p=119}}
उसी वर्ष कुछ समय पश्चात, दमन जारी रहने के कारण, चोर्नोविल को सिक्सटियर्स मिखाइलो ओसादची, बोहदान होरिन और मिखाइलो होरिन, तथा मायरोस्लावा ज़वारीचेवस्का के मुकदमों में साक्ष्य देने के लिए बुलाया गया। चोर्नोविल ने स्पष्ट रूप से गवाही देने से इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 'सेकंड रीडिंग' में उनके संपादक पद से हटा दिया गया। उन्होंने ''समिज्दात'' की ओर रुख किया और मई 1966 में अपनी रचना 'कोर्ट ऑफ लॉ ऑर ए रिटर्न ऑफ द टेरर?' प्रकाशित की, जिसने सिक्सटियर्स को दी गई सजा की वैधता और संवैधानिकता पर गंभीर सवाल उठाए।{{sfn|Derevinskyi|2007|p=38}} 8 जुलाई को यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 179 के तहत मुकदमों में गवाही देने से इनकार करने का उन पर आरोप लगाया गया, और वेतन में 20% की कटौती के साथ उन्हें तीन महीने के कठोर श्रम की सजा सुनाई गई। इस अवधि में, उन्होंने कार्पेथियन पर्वत में यूक्रेन की विज्ञान अकादमी के अभियानों में एक तकनीशियन के रूप में, 'कीवकनीहतोर्ह' के लिए एक विज्ञापनदाता के रूप में, और प्रकृति संरक्षण के लिए ल्वीव क्षेत्रीय केंद्र में एक शिक्षक के रूप में विभिन्न कार्य किए।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
1967 में चोर्नोविल ने ''समिज्दात'' की अपनी दूसरी महत्वपूर्ण कृति प्रकाशित की। 'वूम फ्रॉम विट: पोर्ट्रेट्स ऑफ ट्वेंटी "क्रिमिनल्स"' के नाम से विख्यात इस कृति में 1965–1966 के दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी और उनकी गिरफ्तारी के दौरान सोवियत अधिकारियों द्वारा किए गए घोर कानून उल्लंघनों का पूरा विवरण शामिल था। चोर्नोविल ने इस कृति की प्रतियां यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति, यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ के के॰जी॰बी॰, यूक्रेन के राइटर्स यूनियन और यूक्रेन के कलाकारों के संघ को भी भेजीं। 21 अक्टूबर 1967 को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा समर्थित 'रेडियो लिबर्टी' के एक प्रसारण के दौरान इसे पढ़ा गया, और वर्ष के अंत तक इसे व्यावसायिक रूप से मुद्रित भी कर दिया गया था।{{sfn|Shvydkyi|2013}} चोर्नोविल का यह ''समिज्दात'' 1969 में पश्चिमी देशों में 'द चोर्नोविल पेपर्स' शीर्षक के तहत प्रकाशित हुआ, जिसने ऐसे समय में इस दमन की ओर पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया जब वैश्विक जनचेतना मुख्य रूप से सिन्याव्स्की-डैनियल परीक्षण पर केंद्रित थी।{{sfn|Bociurkiw|1970|p=343}} चोर्नोविल के इस साहसिक कार्य ने उन्हें उस समय यूक्रेनी कार्यकर्ताओं के बीच अग्रणी हस्तियों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया।{{sfn|Matiash|2017|p=11}} ''वूम फ्रॉम विट'' के अतिरिक्त, चोर्नोविल ने गिरफ्तारियों के दौरान जांचकर्ताओं द्वारा किए गए कानूनी उल्लंघनों के संबंध में यूक्रेनी के॰जी॰बी॰ के प्रमुख और यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ के अभियोजक जनरल को औपचारिक शिकायतें भी लिखीं।
5 मई 1967 को, उन्हें ल्वीव ओब्लास्ट के उप अभियोजक जनरल ई॰ स्तारिकोव के कार्यालय में तलब किया गया, जिन्होंने उन्हें यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 187-1 के अस्तित्व से अवगत कराया। यह कानून, जो सोवियत व्यवस्था या सरकार की निंदा करने पर पूरी तरह रोक लगाता था, अस्तित्व में तो था लेकिन आधिकारिक पुस्तकों में दर्ज नहीं था। इसलिए केवल उस बैठक के दौरान ही चोर्नोविल को आधिकारिक तौर पर यह ज्ञात हो सका कि उन्होंने शायद कुछ अवैध कार्य किया था। उस समय तक, के॰जी॰बी॰ की नजरों में उनकी छवि एक उपद्रवी की बन चुकी थी।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
=== याकूतिया में निर्वासन ===
[[File:Якутия.png|alt=याकूत स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य का एक स्थलाकृतिक मानचित्र|thumb|अगस्त 1967 की अपनी गिरफ्तारी के बाद चोर्नोविल को याकूत ए॰एस॰एस॰आर॰ भेज दिया गया था]]
''वूम फ्रॉम विट'' के प्रकाशन के प्रत्युत्तर में अगस्त 1967 में चोर्नोविल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर अनुच्छेद 187-1 के तहत आरोप तय किए गए।{{sfn|Melnykova-Kurhanova|2019|p=79}} उनके फ्लैट की एक और तलाशी ली गई जिसके परिणामस्वरूप ''वूम फ्रॉम विट'' की एक प्रति के साथ-साथ वैलेन्टिन मोरोज़ की ''समिज्दात'' पुस्तिका ''रिपोर्ट फ्रॉम द बेरिया रिज़र्व'' भी जब्त कर ली गई, जो उनके खिलाफ मानहानि के आरोपों का मुख्य आधार बनी। चोर्नोविल ने पूछताछ के दौरान मौखिक के बजाय अपनी लिखित गवाही देने का विकल्प चुना, क्योंकि उस समय मौखिक पूछताछ के दौरान तर्कों को विकृत और हेरफेर किए जाने का भारी जोखिम था। चोर्नोविल ने अपनी बेगुनाही, साथ ही दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए अन्य सभी लोगों की बेगुनाही का पुरजोर तर्क देते हुए लिखा:{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया, और उनकी शिकायतों पर सोवियत अधिकारियों की ओर से किसी भी कार्रवाई की कमी ने, सोवियत प्रणाली में उनके विश्वास को काफी हद तक समाप्त कर दिया था। हालाँकि, उन्होंने इस बात पर जोर देना जारी रखा कि सोवियत सरकार के प्रति उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं थी, बल्कि उन्होंने यह आरोप लगाया कि उन्हें कुछ ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा था जो अवैध रूप से उन्हें देश की वास्तविक स्थिति के बारे में उच्च पदस्थ अधिकारियों को सूचित करने से रोकना चाहते थे।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} इन तर्कों के बावजूद 13 नवंबर 1967 को चोर्नोविल को दोषी ठहराया गया और उन्हें तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई।{{sfn|Melnykova-Kurhanova|2019|p=79}} इस अवधि के दौरान, उन्हें याकूत स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य के चप्पनदा गाँव में रखा गया था।{{sfn|Matiash|2017|p=29}}
[[File:Атена Пашко на Донбасі1.jpg|alt=कैप्शन देखें|thumb|[[एटेना पाश्को]], चोर्नोविल की तीसरी और अंतिम पत्नी]]
1969 में, चोर्नोविल ने साथी कार्यकर्ता एटेना पाश्को से विवाह किया, जिनसे वे एक अन्य असंतुष्ट इवान स्वितलीचनी के घर पर पहली बार मिले थे। उन दोनों ने याकूतिया के निउर्बा शहर में औपचारिक रूप से विवाह संपन्न किया।{{sfn|Matiash|2017|p=29}}
=== गिरफ्तारियों के बीच का जीवन (1969–1972) ===
1969 में एक [[आम माफी]] के तहत चोर्नोविल को जेल से रिहा कर दिया गया था। रिहाई के बाद उन्हें एक स्थिर नौकरी खोजने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ा; उन्होंने ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट में एक मौसम केंद्र पर, ओडेसा ओब्लास्ट के एक पुरातात्विक अभियान के दौरान एक उत्खननकर्ता के रूप में, और स्क्निलिव रेलवे स्टेशन पर एक सामान्य कर्मचारी के रूप में विभिन्न कार्य किए।{{sfn|Matiash|2017|p=13}} सितंबर 1969 में, वे वैलेन्टिन मोरोज़ से भी मिले, जो एक अन्य प्रमुख असंतुष्ट थे जिन्हें 1965-1966 के दमन के दौरान कैद किया गया था। उन दोनों ने जल्दी ही गहरी मित्रता कर ली और वे अक्सर एक-दूसरे से मिलते-जुलते रहते थे, क्योंकि वे दोनों असंतुष्ट आंदोलन को मजबूत करने और सरकारी दुर्व्यवहारों का अधिक दृढ़ता से सामना करने का प्रयास कर रहे थे। इस समयावधि के दौरान, चोर्नोविल ने, स्वितलीचनी और स्वेर्स्टिउक के साथ मिलकर, मोरोज़ को घोर गरीबी में जाने से रोकने के लिए एक दान अभियान का भी सफल नेतृत्व किया। इस अभियान ने 3,500 सोवियत रूबल एकत्र किए।{{sfn|Paska|2018|p=135}} उन्होंने अन्य पूर्व-कैद असंतुष्टों, जैसे कि शिवतोस्लाव कारावन्स्की और नीना स्ट्रोकाटा के लिए भी ऐसे ही दान अभियान आयोजित किए थे।{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=199}}
जनवरी 1970 में चोर्नोविल ने ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' के नाम से एक नया ''समिज्दात'' अखबार शुरू किया। इस अखबार में अन्य ''समिज्दात'' प्रकाशनों के साथ-साथ उस महत्वपूर्ण जानकारी को भी शामिल किया गया जिसे वे महान रूसी अंधराष्ट्रवाद और यूक्रेन-विरोधी भावना मानते थे। इसमें सोवियत सरकार और पुलिस द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के दुरुपयोग का विस्तृत विवरण दिया गया था, जिसे चोर्नोविल सोवियत संघ के संविधान के सर्वथा विपरीत मानते थे, और इसमें यूक्रेन में असंतुष्ट आंदोलन से संबंधित अन्य जानकारी भी मौजूद थी।{{sfn|Shanovska|2019|pp=144–145}} चोर्नोविल ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' के मुख्य संपादक थे, और इसके तीन संस्थापकों व संपादकों में से एक थे। ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' ने एक बड़े पेशेवर कर्मचारियों के दल को बनाए रखा था, जिसके संवाददाता पूरे यूक्रेन में मौजूद थे,{{sfn|Dubyk|Zaitsev|2019}} और जीवनी लेखक वी॰ आई॰ मत्याश द्वारा इस अखबार को यूक्रेन में स्वतंत्र प्रेस के अग्रदूत के रूप में वर्णित किया गया है।{{sfn|Matiash|2017|p=8}}
गिरफ्तारी के डर से, जुलाई 1971 में चोर्नोविल ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति को एक विस्तृत पत्र लिखा, इस आशा के साथ कि यदि वे फिर से कैद हो गए तो अंतर्राष्ट्रीय निकाय इसे प्रकाशित करेगा। इस पत्र में, उन्होंने सोवियत अधिकारियों द्वारा किए गए कानून के उल्लंघनों के ठोस उदाहरणों को रेखांकित किया, और यह तर्क दिया कि सोवियत राजनीतिक कैदियों के पास अपना बचाव करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था और वे निरंतर निगरानी, ब्लैकमेल और धमकियों के क्रूर अभियान के अधीन थे। उन्होंने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने की किसी भी संभावना को यह लिखते हुए सिरे से खारिज कर दिया: "मैं उपर्युक्त सिद्धांतों के आगे झुकने के बजाय सलाखों के पीछे मरना अधिक पसंद करूँगा।"{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=200}}
इस समय, चोर्नोविल ने मायखाइलो द्रागोमानोव की मान्यताओं के आधार पर उदार लोकतंत्र में भी अपना विश्वास अपनाया। अक्टूबर 1971 में मोरोज़ को लिखे एक पत्र में, चोर्नोविल ने टिप्पणी की कि अराजकतावादी क्रांतिकारियों पियरे-जोसेफ प्राउधोन और मिखाइल बाकुनिन के अपने अध्ययन में, उन्होंने द्रागोमानोव की नीतियों के लिए बिना शर्त समर्थन को तो अस्वीकार कर दिया था, लेकिन उनका यह मानना था कि स्वशासन पर इस शुरुआती बुद्धिजीवी के विचार पूर्णतः समर्थन करने योग्य थे। इसी दृष्टिकोण ने बाद में संघवाद के लिए उनके मजबूत समर्थन को आकार दिया।{{sfn|Seko|2021|pp=95–96}} इस दौरान, चोर्नोविल ने स्वयं को एक समाजवादी के रूप में वर्णित करना जारी रखा, और एक बिना तिथि वाले पत्र में उन्होंने लिखा कि उन्होंने "हमेशा समाजवाद के मूल सिद्धांतों का दृढ़ता से पालन किया है और ऐसा करना जारी रखा है", जबकि राजनीतिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों के लिए उन्होंने सोवियत सरकार की घोर आलोचना की।{{sfn|Bellezza|2019|p=119}}
कार्यकर्ता नीना स्ट्रोकाटा की गिरफ्तारी के पश्चात 21 दिसंबर 1971 को चोर्नोविल ने 'नीना स्ट्रोकाटा की रक्षा के लिए नागरिक समिति' की स्थापना की। इस समिति ने मानवाधिकार संगठनों के गठन के प्रति उनके दृष्टिकोण में एक बड़े बदलाव को चिह्नित किया; वे इससे पहले याचिका अभियानों के पक्ष में उन्हें अस्वीकार कर चुके थे, क्योंकि वे सोवियत संघ के भीतर यूक्रेन की स्थिति की कठोर परिस्थितियों के कारण एक संगठन के गठन को लगभग असंभव मानते थे। हालाँकि, उनके इस पुराने दृष्टिकोण की असंतुष्टों और यूक्रेनी जनता द्वारा बढ़ती आलोचना हुई थी, जो इन याचिका अभियानों को बहुत धीमा और महत्वपूर्ण परिणाम नहीं देने वाला मानते थे। इस नई समिति की जड़ें एंजेला डेविस की कानूनी रक्षा के लिए स्थापित सार्वजनिक समितियों में निहित थीं, जो एक अमेरिकी नागरिक अधिकार कार्यकर्ता थीं, जिनका मामला सोवियत संघ में इसलिए लोकप्रिय था क्योंकि वे एक कम्युनिस्ट थीं। चोर्नोविल का मानना था कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति को मामले की जानकारी देकर स्ट्रोकाटा को मुक्त किया जा सकता है, और इसके अतिरिक्त उन्होंने दज़िउबा, स्ट्रोकाटा के करीबी दोस्त लियोनिद तिमचुक, मॉस्को स्थित कार्यकर्ताओं प्योत्र याकिर और ल्यूडमिला अलेक्सेयेवा, और लेखक इवान फ्रांको की पोती ज़िनोविया फ्रांको के प्रत्यक्ष समर्थन का भी अनुरोध किया।{{sfn|Derevinskyi|2015|pp=21–22}}
दज़िउबा और फ्रांको सहित कई अन्य असंतुष्टों ने इस समिति में भाग लेने से इनकार कर दिया। इन इन्कारों ने चोर्नोविल को काफी प्रभावित किया, विशेष रूप से फ्रांको के इनकार ने, जिनके पारिवारिक संबंधों के बारे में उनका यह मानना था कि वे समिति को सोवियत सरकार के हमलों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते थे।{{sfn|Derevinskyi|2015|pp=21–22}} तिमचुक अंततः इसमें शामिल हो गए, और वासिल स्टस भी आ जुड़े। इस समूह ने अपने बचाव के तर्क सोवियत संविधान, [[मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा]] और नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय नियम पर आधारित किए। समिति के प्रकाशनों में, सोवियत कार्यकर्ताओं के इतिहास में पहली बार, इसके सदस्यों के पते स्पष्ट रूप से शामिल थे, जहाँ स्ट्रोकाटा की ओर से सामग्री प्रस्तुत की जानी थी। यह यूक्रेन के इतिहास में पहला मानवाधिकार संगठन था, लेकिन अगले ही वर्ष इसके सदस्य को छोड़कर सभी के गिरफ्तार होने के बाद इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।{{sfn|Zaitsev|2006}}
=== रूस में जीवन (1972–1985) ===
==== ''यूक्रेनी हेराल्ड'' परीक्षण ====
[[File:1 Bandery Street, Lviv (01).jpg|alt=दो कोबलस्टोन सड़कों के चौराहे पर एक इमारत|thumb|left|द [[लॉकी स्ट्रीट पर जेल]], जहाँ 1972 की गिरफ्तारी के बाद चोर्नोविल को पूर्व-परीक्षण निरोध में रखा गया था]]
यूक्रेनी बुद्धिजीवियों पर एक और अत्यंत व्यापक दमन जनवरी 1972 में शुरू हुआ, जो बेल्जियम-यूक्रेनी यारोस्लाव दोबोश की गिरफ्तारी से भड़क गया था। दोबोश यूक्रेनी राष्ट्रवादियों का संगठन के एक सक्रिय सदस्य थे, जिन्हें सोवियत संघ से ''समिज्दात'' की तस्करी करने का गुप्त काम सौंपा गया था। चोर्नोविल को ओलेना एंटोनिव के ल्वीव फ्लैट में एक उत्सव के ठीक बाद 12 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन पर यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 62 (सोवियत विरोधी आंदोलन) और 187-1 (सोवियत संघ के खिलाफ निंदा) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे।{{sfn|Tereshchuk|2022}} यह समारोह सोवियत सांस्कृतिक और धार्मिक नीति के मुखर विरोध के रूप में आयोजित किया गया था, और इसके अतिरिक्त इसने ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' और राजनीतिक कैदियों तथा उनके बेसहारा परिवारों के लिए धन उगाहने के एक प्रयास के रूप में भी काम किया था। इसने 250 रूबल जुटाए थे, जिनका उपयोग दमन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की आर्थिक सहायता के लिए किया गया। चोर्नोविल को इरीना कालियनेट्स, इवान गेल, स्टेफानिया शबतुरा, मिखाइलो ओसादची और यारोस्लाव दशकेविच के साथ ल्वीव के के॰जी॰बी॰ पूर्व-परीक्षण निरोध केंद्र में कैद किया गया था।{{sfn|Hrytsiv|2017}}
चोर्नोविल का यह परीक्षण बंद दरवाजों के पीछे संपन्न हुआ था।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} अभियोजकों ने तर्क दिया कि चोर्नोविल ही ''द यूक्रेनी हेराल्ड'' की सामग्री के लिए पूरी तरह जिम्मेदार थे, जिस आरोप से उन्होंने स्पष्ट इनकार किया।{{sfn|Seko|2020|p=134}} जांच के दौरान, अन्य असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने समाचार पत्र में चोर्नोविल की भूमिका के सबूत देने से भी इनकार कर दिया; अंततः सरकार ने अपने तर्कों के लिए ज़िनोविया फ्रांको जैसे अन्य व्यक्तियों के अनुमानों पर भरोसा किया।{{sfn|Derevinskyi 2017b}} चोर्नोविल ने भी साथी असंतुष्टों के खिलाफ किसी भी प्रकार के सबूत देने या जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया। पूछताछ के दौरान, उन्होंने अपना यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि यह परीक्षण पूरी तरह अवैध था और अन्य असंतुष्टों से असंबंधित था{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} और उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने निपटान में उपलब्ध सभी साधनों का उपयोग करते हुए, उनके खिलाफ "एक नरसंहार" की तैयारी कर रहे थे।{{sfn|Seko|2020|p=134}} इस परीक्षण के दौरान उनसे सौ से भी अधिक बार कड़ी पूछताछ की गई।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} अभियोजकों ने ब्लैकमेल का भी सहारा लिया, उनके रिश्तेदारों को गिरफ्तारी और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी, लेकिन इस प्रयास का उल्टा ही असर हुआ और चोर्नोविल ने पूछताछ में सहयोग करने से पूरी तरह इनकार कर दिया।{{sfn|Bazhan|2018|p=35}}
चोर्नोविल द्वारा लेखन और वर्तनी के कई अलग-अलग परस्पर विरोधी रूपों के उपयोग ने उनके बचाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया, और उन्होंने यह तर्क देने के लिए इसका इस्तेमाल किया कि उन्हें पाठ के उचित भाषाई विश्लेषण के बिना ही दोषी ठहराया गया था।{{sfn|Seko|2020|p=134}} चोर्नोविल के इन तर्कों के बावजूद, के॰जी॰बी॰ ने ऐसे सबूतों को उजागर किया जो चोर्नोविल को समाचार पत्र शुरू करने और जांच को विफल करने के स्पष्ट उद्देश्य से इसकी तस्करी का समन्वय करने में पूरी तरह फंसाते थे; लेकिन वे निर्णायक रूप से यह साबित करने में विफल रहे कि चोर्नोविल ही इसके मुख्य संपादक थे। चोर्नोविल के सेल में गुप्त रूप से सुनने वाले उपकरण लगाए गए थे, इसलिए सुरक्षा सेवा को यह भी पता चल गया कि यदि उन्हें यूक्रेन के बाहर निर्वासन में भेजा जाता है तो उनका इरादा भूख हड़ताल की घोषणा करने का था, और वे सोवियत संघ छोड़कर यूगोस्लाविया जाने की अनुमति चाहते थे।{{sfn|Bazhan|2018|p=35}}
चोर्नोविल के परीक्षण के समापन पर दी गई सजा काफी विवादित रही है; [[एमनेस्टी इंटरनेशनल]] ने 1977 में कहा था कि उन्हें सात साल के कारावास और पांच साल के निर्वासन की कड़ी सजा सुनाई गई थी;{{sfn|Amnesty International 1977}} मार्च 1973 में ''द न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने दावा किया कि उन्हें दोनों के बीच अंतर किए बिना सीधे बारह साल के कारावास और निर्वासन के अधीन किया गया था;{{sfn|The New York Times 1973}} 2015 में एनसाइक्लोपीडिया ऑफ यूक्रेन ने दावा किया कि उन्हें छह साल के कारावास और तीन साल के आंतरिक निर्वासन की अवधि मिली थी,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} जिसे इतिहासकार बोहदान पास्का{{sfn|Paska|2018|p=141}} और ओलेह बाज़ान ने भी समान रूप से स्वीकार किया। बाज़ान के अनुसार, चोर्नोविल को 8 अप्रैल 1973 को ल्वीव ओब्लास्ट कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गई थी,{{sfn|Bazhan|2018|p=35}} यद्यपि चोर्नोविल ने 1974 में याद किया था कि उन्हें 12 अप्रैल को सजा सुनाई गई थी।{{sfn|Chornovil|1976|p=58}} चोर्नोविल ने अपने मामले के संबंध में उच्च न्यायालयों में तीन अपीलें दायर कीं; पहली दो को खारिज कर दिया गया, जबकि तीसरी को आंशिक रूप से औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया - हालांकि चोर्नोविल की अंतिम सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}}
==== मोर्दोविया में कारावास (1972-1978) ====
अपनी दोषसिद्धि के बाद, चोर्नोविल को मोर्दोवियन स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य में एक सुधारात्मक श्रम कॉलोनी में भेज दिया गया। 1973 से 1978 तक उन्हें विभिन्न रूप से दो कठोर शिविरों में कैद रखा गया था; ZhKh-385/17-अ और ZhKh-385/3।{{sfn|Shvydkyi|2013}} अपने अमानवीय कारावास के बावजूद, चोर्नोविल ने सक्रिय रूप से कैदियों के विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करना जारी रखा, जिसके कारण लेखक और असंतुष्ट मिखाइल खेइफेट्स द्वारा उन्हें "ज़ेकों (कैदियों) के जनरल" का उपनाम दिया गया। उन्हें अन्य कैदियों से पूरी तरह अलग कर दिया गया और उन नियमों का पालन करने से इनकार करने के बाद उन्हें कड़ी निगरानी में रखा गया जिनका सभी कैदियों को पालन करना अनिवार्य था।{{sfn|Kheifets|2018}} बी॰ एज़र्निकोव और एल॰ कामिंस्की, दो रिफ्यूसेनिक जिन्हें चोर्नोविल के समान ही शिविर में कैद किया गया था, ने भी उन्हें "सभी राजनीतिक कैदियों के बीच महान अधिकार" रखने वाले एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में वर्णित किया, और 1975 में सोवियत संघ छोड़ने के बाद वैश्विक समाज से उनकी रिहाई का आग्रह करते हुए एक खुला पत्र भी लिखा।{{sfn|Fedunyshyn|2021|pp=119–120}}
उनके कारावास के दौरान चोर्नोविल की गतिविधियों ने अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना जारी रखा। उन्हें मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा 'अंतरात्मा का बंदी' के रूप में मान्यता दी गई थी,{{sfn|Amnesty International 1977}} और 1975 में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरे वाले लेखकों को मान्यता देने वाले निकोलस टोमालिन पत्रकारिता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।{{sfn|Chornovil|1976|p=57}} इसी समय के आसपास, चोर्नोविल ने अपने लेखन को जेल से बाहर तस्करी करना भी शुरू कर दिया था, और सोवियत मानवाधिकारों के हनन को प्रदर्शित करने के साधन के रूप में इस अवसर का भरपूर उपयोग किया।{{sfn|Fedunyshyn|2021|p=120}} उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड को एक पत्र लिखकर सोवियत संघ में मानवाधिकारों की दिशा में बढ़े हुए ध्यान के साथ 'डिटेंटे' की नीति का मिलान करने का आग्रह किया, यह आरोप लगाते हुए कि सोवियत अधिकारियों ने असंतुष्ट आवाजों को बेरहमी से दबाने के साधन के रूप में इसका इस्तेमाल किया था।{{sfn|Chornovil|1975}} उन्होंने आगे उनसे जैक्सन-वैनिक संशोधन का पूर्ण समर्थन करने का आग्रह किया, जिसने देश से प्रवासन की स्वतंत्रता की अनुमति देने के प्रयास में सोवियत संघ पर प्रतिबंध लगा दिया था।{{sfn|Fedunyshyn|2018|pp=201–202}} बोरिस पेंसन के साथ मिलकर, उन्होंने ''समिज्दात'' पुस्तिका "डेली लाइफ इन द मोर्दोवियन कैंप्स" लिखी, जिसे यरूशलेम ले जाया गया और रूसी में प्रकाशित किया गया, इससे पहले कि अगले वर्ष म्यूनिख स्थित ''सुचास्निस्ट'' पत्रिका में इसका यूक्रेनी में अनुवाद किया गया।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}
हेलसिंकी समझौते 30 जुलाई और 1 अगस्त 1975 के बीच हस्ताक्षरित किए गए थे। हस्ताक्षरकर्ता देशों में संपूर्ण यूरोप, सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा शामिल थे।{{sfn|Commission on Security and Cooperation in Europe 2019}} सोवियत संघ में, इस हेलसिंकी समझौते को असंतुष्टों के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा गया, जिन्होंने पाया कि उनके पास अब सोवियत मानवाधिकारों के हनन को उजागर करने का एक साधन था।{{sfn|Marynovych|2021|p=86}} कीव में एक असंतुष्ट माइकोला रुडेंको ने उस उद्देश्य के लिए 9 नवंबर 1975 को यूक्रेनी हेलसिंकी समूह (UHG) के गठन की ऐतिहासिक घोषणा की।{{sfn|Marynovych|2021|p=90}} चोर्नोविल समूह की स्थापना के समय जेल में थे और 1979 तक वे इसमें शामिल नहीं हुए थे।{{sfn|Marynovych|2021|p=102}}
मोरोज़ और अन्य राजनीतिक कैदियों के साथ, चोर्नोविल की प्रतिरोध गतिविधियाँ UHG की स्थापना के बाद भी निर्बाध जारी रहीं। दोनों ने 12 जनवरी 1977 की भूख हड़ताल में भाग लिया, जिसमें उन्होंने अपने गैर-अनुरूपतावादी दृष्टिकोणों के आधार पर उत्पीड़न को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया। हालाँकि, इस समय, यूक्रेनी राजनीतिक कैदियों के बीच एक बड़ा विभाजन बन रहा था कि क्या सोवियत जेल प्रणाली का सक्रिय रूप से विरोध करना बेहतर था या वे जो आत्म-संरक्षण का पक्ष लेते थे। के॰जी॰बी॰ के प्रभाव से, दोनों गुट खुलकर आपस में भिड़ने लगे। मोरोज़ और शुमुक से अलग एक शिविर में कैद चोर्नोविल ने इस संघर्ष में पक्ष लेने से साफ इनकार कर दिया और एक मध्यस्थ के रूप में कार्य किया। 1977 की शुरुआत में, एक अस्पताल में शुमुक के साथ बैठक के दौरान, चोर्नोविल ने पूर्व पर मोरोज़ के साथ अपने संघर्ष को कृत्रिम रूप से तेज करने का आरोप लगाया, और कनाडाई परिवार के सदस्यों को शुमुक के पत्रों की तुलना सीधे पुलिस शिकायतों के समकक्ष की। जेल से रिहाई के बाद, चोर्नोविल ने शुमुक और मोरोज़ दोनों पर उनके अहंकारी रवैये के परिणामस्वरूप इस विवाद के लिए समान रूप से जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।{{sfn|Paska|2018|pp=141–142}}
==== याकूतिया वापसी (1978-1980) ====
चोर्नोविल को जेल से रिहा कर दिया गया और 1978 की शुरुआत में उन्हें फिर से चप्पनदा भेज दिया गया। वहाँ, उन्होंने सोवियत संघ के भीतर राजनीतिक कैदियों की स्थिति और मानवाधिकारों के बारे में अपना लेखन जारी रखा।{{sfn|Zakharov|2005}} वे मोरोज़ और शुमुक के बीच चल रहे संघर्ष में भी शामिल होते रहे; मोरोज़ की पत्नी रायसा को लिखे एक पत्र में, उन्होंने शुमुक के सार्वजनिक "बहिष्कार" का आह्वान किया, जबकि यह तर्क दिया कि मोरोज़ अब अनम्य हो रहे थे। मोरोज़ के नौ साल के लंबे कारावास ने उनकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया था; चोर्नोविल ने उन्हें आत्म-प्रशंसक और संकीर्ण बताया। अपने निर्वासन के दौरान, मोरोज़ के साथ चोर्नोविल की मित्रता भी समाप्त हो गई क्योंकि पूर्व ने शुमुक के साथ संघर्ष के कारण बाद वाले से खुद को दूर करने की कड़ी मांग की थी।{{sfn|Paska|2018|p=142}}
अपने निर्वासन के दौरान, चोर्नोविल ने सोवियत अधिकारियों को पत्र भेजना जारी रखा। सोवियत संघ के अभियोजक जनरल को लिखे 10 अप्रैल 1978 के एक पत्र में, उन्होंने इस तथ्य की घोर आलोचना की कि सोवियत संविधान द्वारा सैद्धांतिक रूप से दिए गए व्यापक अधिकार वास्तविकता में पूरी तरह अनुपस्थित थे, यह पूछते हुए कि "सोवियत कानून क्यों मौजूद हैं?"।{{sfn|Fedunyshyn|2018|p=202}} उन्होंने "ओनली वन ईयर" नामक एक ''समिज्दात'' पैम्फलेट भी लिखा,{{sfn|Matiash|2017|p=13}} और उन्हें उस वर्ष पीईएन इंटरनेशनल में भर्ती कराया गया।{{sfn|Zakharov|2005}} उस समय, वे निउर्बा में एक खेत में एक मजदूर के रूप में काम कर रहे थे,{{sfn|Matiash|2017|p=13}} जहाँ उन्हें अक्टूबर 1979 में भेजा गया था। पहले की तरह, चोर्नोविल के ''समिज्दात'' कार्यों में से अधिकांश ने मानवाधिकारों के हनन और अंतरात्मा के बंदियों द्वारा सामना की जाने वाली स्थितियों को चित्रित करने का महत्वपूर्ण काम किया।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|pp=110–111}}
चोर्नोविल 22 मई 1979 को अपने निर्वासन से यूक्रेनी हेलसिंकी समूह (UHG) में शामिल हुए।{{sfn|Marynovych|2021|p=102}} नवंबर 1979 से मार्च 1980 तक उन्हें के॰जी॰बी॰ द्वारा निरंतर निगरानी में रखा गया था, जिसने यह दर्ज किया कि उन्होंने असंतुष्टों मिखाइलो होरिन, ओक्साना मेश्को और इवान सोकुलस्की के साथ संपर्क स्थापित किया था। उन्होंने कई अन्य व्यक्तियों से भी संपर्क किया जो यूक्रेन के ओब्लास्ट में UHG के अध्याय स्थापित करना चाहते थे। चोर्नोविल के अज्ञात, मेश्को, जो उस समय UHG के नेता थे, वे भी भारी के॰जी॰बी॰ निगरानी में आ गए थे, और उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को रोकने के लिए व्यक्तियों को प्रवेश देना बंद कर दिया था। एक प्रमुख UHG सदस्य ज़ेनोविय क्रासिव्स्की ने कैद और निर्वासित असंतुष्टों से मिलने के लिए पेट्रो रोज़ुमनी को भेजा। उनमें चोर्नोविल भी थे, जिन्हें UHG के प्रमुख के रूप में मेश्को को बदलने के लिए विशेष रूप से कहा गया था।{{sfn|Ostrovskyi 2018a|pp=110–111}}
==== बलात्कार के प्रयास के लिए गलत सजा (1980-1985) ====
चोर्नोविल को 8,{{sfn|Kryzhanovska|2022}} 9,{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} या 15{{sfn|Shvydkyi|2013}} अप्रैल 1980 को बलात्कार के प्रयास के घिनौने आरोप में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। यूक्रेनी इतिहासलेखन में इन आरोपों को अक्सर मनगढ़ंत के रूप में वर्णित किया जाता है,{{sfn|Shvydkyi|2013}}{{sfn|Kryzhanovska|2022}}{{sfn|Matiash|2017|p=14}} और इसी तरह अमेरिकी पत्रिका ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' द्वारा भी इसे संदर्भित किया गया था।{{sfn|Blake|1980}} मायकोला होरबल, यारोस्लाव लेसियव और योसिफ़ ज़िसेल्स सहित कई अन्य प्रमुख असंतुष्टों को उस समय इसी तरह के फर्जी आरोप मिले थे। UHG के सदस्य मायरोस्लाव मैरिनोविच ने एक के॰जी॰बी॰ अधिकारी के हवाले से कहा कि "हम विशेष रूप से राजनीतिक आरोपों पर व्यक्तियों को गिरफ्तार करके अब कोई नया शहीद नहीं बनाएंगे।"{{sfn|Marynovych|2021|p=115}} चोर्नोविल की गिरफ्तारी, साथ ही यूक्रेन और पूरे सोवियत संघ के कई अन्य असंतुष्टों की गिरफ्तारी, मैड्रिड में यूरोप में सुरक्षा और सहयोग पर सम्मेलन की एक बैठक के ठीक बीच हुई, और ''टाइम'' ने कहा कि कुछ पर्यवेक्षकों का यह मानना था कि हेलसिंकी समझौते के प्रति सोवियत नाराजगी प्रदर्शित करने के लिए ही ये गिरफ्तारियां की गई थीं।{{sfn|Blake|1980}}
अपनी गिरफ्तारी के बाद, चोर्नोविल ने भूख हड़ताल की घोषणा कर दी,{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} और अपनी तथा दूसरों की गिरफ्तारी को लेनिनवादी आदर्शों के घोर विपरीत और 1980 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की अगुवाई में असंतोष को दबाने के प्रयास के रूप में चित्रित किया।{{sfn|Chornovil|2007|p=673}} उन्हें याकूतिया के तबागा में एक जेल शिविर में ले जाया गया, जहाँ उन्हें उल्टी और मल से सने एक अत्यंत गंदे सेल में रखा गया था। एक समय पर, उन्हें एक "मनोरंजन कक्ष" में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहाँ उनकी पानी तक कोई पहुँच नहीं थी। अपनी भूख हड़ताल के परिणामस्वरूप शक्ति की भारी कमी के कारण, चोर्नोविल जेल के शौचालय तक पहुँचने के लिए चारों हाथों-पैरों के बल रेंगते थे, जो उनके सेल से एक मंजिल नीचे और जेल के यार्ड के पार स्थित था। कई बार, वे थकावट से बेहोश हो गए, और पहरेदारों द्वारा उन पर पानी डालकर जगाए गए। चोर्नोविल को अपना यह विरोध तब रोकना पड़ा जब डॉक्टरों ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि उन्होंने भोजन से इनकार करना जारी रखा तो शिविर में एक महामारी के दौरान अनुबंधित पेचिश के लिए उनका इलाज नहीं किया जाएगा। इस हड़ताल के लिए, चोर्नोविल को 5 से 21 नवंबर 1980 तक एकांतवास में रखा गया था।{{sfn|A Chronicle of Current Events 1983}} उन्हें मिर्नी शहर में एक बंद अदालत द्वारा दोषी पाया गया और पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई।{{sfn|Shvydkyi|2013}}
चोर्नोविल ने जेल में लिखना जारी रखा, जिसमें सी॰पी॰एस॰यू॰ की 26वीं कांग्रेस को लिखा गया फरवरी 1981 का एक खुला पत्र शामिल है, जिसमें उन्होंने महासचिव लियोनिद ब्रेझनेव और के॰जी॰बी॰ अध्यक्ष यूरी एंड्रोपोव पर UHG के खिलाफ बड़े पैमाने पर दमन करने का सीधा आरोप लगाया था। उन्होंने अपनी पत्नी को भी लिखा, और कांग्रेस के प्रति असंतुष्टों की प्रतिक्रियाओं में "कोई भी समझौता नहीं" करने का आग्रह किया। उन्होंने 9 अप्रैल 1981 को एक और पत्र लिखा, इस बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति, एमनेस्टी इंटरनेशनल, कमिटी फॉर द फ्री वर्ल्ड और हेलसिंकी कमिटी फॉर ह्यूमन राइट्स को, सोवियत संघ के प्रति अपनी कूटनीतिक नीतियों को तैयार करने में UHG के सोवियत उत्पीड़न की दिशा में अधिक ध्यान बढ़ाने का आग्रह किया।{{sfn|Fedunyshyn|2018|pp=202–203}} 1983 में चोर्नोविल को रिहा कर दिया गया, लेकिन उन्हें यूक्रेन लौटने से सख्त रोक दिया गया। वे पोक्रोव्स्क शहर में ही रहे,{{sfn|Shvydkyi|2013}} एक फायर स्टोकर के रूप में काम करते हुए।{{sfn|Matiash|2017|p=14}} अंततः 15 अप्रैल 1985 को{{sfn|Shvydkyi|2013}} नए महासचिव मिखाइल गोर्बाचेव ने चोर्नोविल को ''पेरेस्त्रोइका'' के हिस्से के रूप में यूक्रेन लौटने की अनुमति प्रदान की।{{sfn|Ivanova|2024}}{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=50}} चोर्नोविल ने सोवियत सरकार द्वारा कुल 15 साल कैद में बिताए थे।{{sfn|Ivanova|2024}}
=== यूक्रेन वापसी ===
जब तक चोर्नोविल यूक्रेन लौटे, तब तक देश नाटकीय रूप से बदल चुका था। यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम सचिव पेट्रो शेलेस्ट, जो एक उदारवादी नेता थे, को हटा दिया गया और उनकी जगह कट्टरपंथी वलोडिमिर शेर्बित्स्की को नियुक्त किया गया, जो ब्रेझनेव के निप्रॉपेट्रोस माफिया के एक सदस्य थे। शेर्बित्स्की ने रूसीकरण नीतियों और यूक्रेनी संस्कृति पर नकेल कसने को नाटकीय रूप से बढ़ा दिया था। आंशिक रूप से शेर्बित्स्की की नीतियों के परिणामस्वरूप, 1982 में ब्रेझनेव की मृत्यु के समय तक, जोसेफ स्टालिन के शासन के दौरान ब्रेझनेव के नेतृत्व में यूक्रेनी में बहुत कम किताबें प्रकाशित हुई थीं।{{sfn|Kuzio|2010}} यूक्रेनी संस्कृति में इस भारी गिरावट के साथ-साथ 1986 की [[चेर्नोबिल दुर्घटना]] के प्रति सरकार की धीमी प्रतिक्रिया ने जनमत को बुरी तरह खराब कर दिया और चोर्नोविल को कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए प्रेरित किया।{{sfn|Poberezhets|2013|p=115}}
गोर्बाचेव के सुधारों के बावजूद, सोवियत सरकार ने चोर्नोविल और अन्य असंतुष्टों के खिलाफ हस्तक्षेप करना जारी रखा था। 1987 में राज्य ने चोर्नोविल के खिलाफ एक मानहानि अभियान शुरू किया, जिसका आंशिक कारण शेर्बित्स्की के रूसीकरण के प्रयासों पर आंतरिक असंतोष था{{sfn|Bilyk|2019|pp=14–15}} और आंशिक रूप से मॉस्को का भारी दबाव था।{{sfn|Danylenko|2019|pp=27-28}} ''द यूक्रेनी हेराल्ड'', जिसे अगस्त 1987 में फिर से लॉन्च किया गया था और जिसमें प्रमुख विपक्षी-दिमाग वाले बुद्धिजीवियों के निबंध प्रकाशित किए गए थे,{{sfn|Kipiani|2002}} ने "विदेशी विध्वंसक सुरक्षा एजेंसियों" द्वारा समर्थित होने के राज्य-समर्थित आरोपों को बहुत आकर्षित किया।{{sfn|Kipiani|2011}} उसी समय के आसपास, चोर्नोविल ने ''द यूक्रेनी वीकली'' को एक विस्तृत साक्षात्कार दिया, जिसमें उन्होंने धर्म और यूक्रेनी संस्कृति के प्रति असंतुष्ट आंदोलन के दृष्टिकोण को स्वतंत्र रूप से स्पष्ट किया। सरकार ने चोर्नोविल और असंतुष्ट आंदोलन की छवि को धूमिल करने के प्रयास में टेलीविजन पर बातचीत के कुछ क्लिप प्रसारित किए, लेकिन इस प्रयास का उल्टा ही असर हुआ। मार्था कोलोमियट्स, वे पत्रकार जिन्होंने चोर्नोविल से बात की थी, को बाद में एक "अमेरिकी सबोटूर" के रूप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन तब तक यह साक्षात्कार पहले ही व्यापक रूप से प्रचारित और साझा किया जा चुका था।{{sfn|Bila|2020}} दिसंबर में, शेर्बित्स्की के कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें विपक्ष की, विशेष रूप से चोर्नोविल की के॰जी॰बी॰ निगरानी बढ़ाने का वादा किया गया था, जिसने प्रिंट और प्रसारण मीडिया दोनों से हमलों की एक नई लहर देखी।{{sfn|Danylenko|2019|pp=27-28}} ल्वीव स्थित ''फ्री यूक्रेन'' समाचार पत्र में प्रकाशित एक राय-संपादकीय में, चोर्नोविल ने इन उपायों की कड़ी आलोचना की और कहा कि उनके और मिखाइलो होरिन के साथ किया गया व्यवहार 15 साल पहले अलेक्सांद्र सोल्झेनित्सिन के व्यवहार के बिल्कुल बराबर था।{{sfn|Chornovil|2011|pp=81–82}}
मानवाधिकार गतिविधियाँ उनकी रिहाई के बाद चोर्नोविल के अथक प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण फोकस बनी रहीं। चोर्नोविल और होरिन वासिल बारलादियानु, गेल, ज़ोरियन पोपादियुक, और स्टीफन खमारा के साथ आपराधिक संहिता से सोवियत विरोधी आंदोलन को पूरी तरह हटाने और सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई और पुनर्वास की वकालत करने में शामिल हुए।{{sfn|Kharkiv Human Rights Protection Group 2006}} 24 फरवरी 1987 को, उन्होंने मॉस्को के के॰जी॰बी॰ मुख्यालय, लुब्यंका भवन की यात्रा की, जहाँ उन्होंने इन मांगों को मजबूती से दोहराया और जब्त की गई संपत्ति को वापस करने का आग्रह किया। लुब्यंका में रहते हुए, उन्होंने घोषणा की कि, रूस के ईसाईकरण (1988) की 1000वीं वर्षगांठ के आधिकारिक समारोहों के जवाब में, असंतुष्ट आंदोलन 1946 के ल्वीव धर्मसभा के फैसले को उलटने के लिए एक अभियान शुरू करेगा जिसने यूक्रेनी ग्रीक कैथोलिक चर्च का रूसी रूढ़िवादी चर्च में विलय कर दिया था।{{sfn|Danylenko|2019|p=26}} हालाँकि, सरकार ने उनकी सभा की स्वतंत्रता में भारी हस्तक्षेप किया - उदाहरण के लिए, चोर्नोविल को ल्वीव में एक "निवारक" साक्षात्कार के लिए बुलाकर सोवियत संघ के भीतर गैर-रूसी देशों के अधिकारों पर एक नियोजित दिसंबर 1987 के संगोष्ठी में भाग लेने से रोक दिया गया था, जहाँ उन्हें "असामाजिक" गतिविधियों में शामिल होने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी गई थी।{{sfn|Danylenko|2019|pp=26-27}}
11 मार्च 1988 को, चोर्नोविल ने औपचारिक रूप से होरिन और क्रासिव्स्की द्वारा सह-हस्ताक्षरित एक पत्र में यूक्रेनी हेलसिंकी समूह (UHG) को फिर से स्थापित किया, हालांकि समूह ने पिछले वर्ष की गर्मियों में ही अपनी गतिविधि फिर से शुरू कर दी थी और चोर्नोविल का ''हेराल्ड'' इसका प्रेस अंग था।{{sfn|Zakharov|2005}} इस समय तक, लायंस सोसाइटी, ''स्पाद्शच्यना'', और यूक्रेनी कल्टूरोलॉजिकल क्लब जैसे कई स्वतंत्र संगठन अस्तित्व में थे। असंतुष्ट आंदोलन की खंडित प्रकृति ने चोर्नोविल को अप्रैल 1988 में एक ही संरचना में संगठनों को एक साथ लाना शुरू करने के लिए प्रेरित किया।{{sfn|Krupnyk|2019|p=45}}
[[File:Гельсінська спілка-1.jpg|alt=सूट में ग्यारह पुरुषों की एक तस्वीर|thumb|1989 में यूक्रेनी हेलसिंकी संघ की डोनेट्स्क शाखा के सदस्यों के साथ चोर्नोविल]]
चोर्नोविल ने 7 जून 1988 को यूक्रेनी हेलसिंकी संघ (UHS) की स्थापना की। यह सोवियत यूक्रेन में पहली स्वतंत्र राजनीतिक पार्टी थी।{{sfn|Krupnyk|2019|pp=45-46}} चोर्नोविल ने पार्टी के मंच के सह-लेखक बने और उसे प्रस्तुत किया,{{sfn|Kobuta|2020|pp=36–37}} जिसने सोवियत राज्यों के परिसंघीय ढांचे के भीतर यूक्रेनी स्वतंत्रता का आह्वान किया। घोषणापत्र में यह तर्क दिया गया कि यूक्रेनी स्वतंत्रता से यूक्रेनियन और गैर-यूक्रेनियन दोनों को समान रूप से लाभ होगा, लेकिन परिसंघ के बारे में बिंदु जोड़ा ताकि UHS को अलगाववादी के रूप में प्रतिबंधित होने से रोका जा सके।{{sfn|Krupnyk|2019|p=46}}
इस समय अवधि के दौरान चोर्नोविल की गतिविधियाँ केवल यूक्रेन तक ही सीमित नहीं थीं; उन्होंने अन्य असंतुष्टों के साथ भी व्यापक संपर्क बनाए रखा, विशेष रूप से बाल्टिक राज्यों, आर्मेनिया और जॉर्जिया के असंतुष्टों के साथ। यूक्रेनी के॰जी॰बी॰ के 8 सितंबर 1988 के एक आंतरिक नोटिस ने गुर्गों को सूचित किया कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक कैदियों के संरक्षण के लिए समिति नामक एक संगठन मौजूद है। इस समिति की स्थापना चोर्नोविल और अर्मेनियाई असंतुष्ट पिरुयर हेयरिकयान द्वारा जनवरी 1988 में की गई थी, और यह सोवियत विरोधी आंदोलन कानून को निरस्त करने, जेल शिविरों और मनोरोग अस्पतालों को बंद करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल थी, और यूक्रेन और सोवियत संघ के भीतर अन्य देशों के राष्ट्रवादी आंदोलनों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थी।{{sfn|Krupnyk|2019|pp=46-47}} 24-25 सितंबर को, चोर्नोविल ने रीगा में असंतुष्ट समूहों के एक सम्मेलन में UHS का प्रतिनिधित्व किया। चोर्नोविल ने सम्मेलन का समापन बयान लिखा, जिसमें सभी "राष्ट्रीय लोकतांत्रिक आंदोलनों" से एक संयुक्त मोर्चा बनाने और बैनर के तहत विरोध करने का पुरजोर आग्रह किया गया।{{sfn|Krupnyk|2019|p=47}}
==== क्रांति ====
[[File:В.М.Чорновіл на шахті ім. Поченкова. 2.JPG|alt=चोर्नोविल अपने आसपास हड़ताली श्रमिकों से बात कर रहे हैं|thumb|1990 के दशक में माकिव्का खदान की बैठक में हड़ताली श्रमिकों के साथ चोर्नोविल]]
पूरे 1988 और 1989 में मध्य और पूर्वी यूरोप में चल रही 1989 की क्रांतियों ने चोर्नोविल को बहुत दिलचस्पी दी, विशेष रूप से अहिंसा के पालन में। उनकी सफलता ने चोर्नोविल को कम्युनिस्ट-विरोधी के पक्ष में मार्क्सवाद-लेनिनवाद के लिए अपने सार्वजनिक समर्थन को त्यागने के लिए प्रेरित किया, जिसका उन्होंने 1960 के दशक के मध्य से निजी तौर पर समर्थन किया था, लेकिन एक उदारवादी के रूप में प्रकट होने के प्रयास में इसे सार्वजनिक रूप से बताने से परहेज किया था।{{sfn|Seko|2019|p=124}} अन्य यूक्रेनी बुद्धिजीवियों ने भी कम्युनिस्ट-विरोधी समर्थन करना शुरू कर दिया, और राइटर्स यूनियन ऑफ यूक्रेन ने 1988 के अंत में एक लोकप्रिय मोर्चा विकसित करना शुरू किया, इसे स्थानीय सरकार में अधिक सक्रिय होने और आर्थिक चिंताओं में अधिक रुचि लेने के लिए जनता को प्रोत्साहित करने के रूप में न्यायोचित ठहराया।{{sfn|Adamovych|2020|p=8}} चोर्नोविल ने सोवियत संघ में एक मानवाधिकार आंदोलन, मेमोरियल, को यूक्रेन में फैलाने का भी समर्थन किया, और मार्च 1989 में इसकी स्थापना पर समूह के यूक्रेनी अध्याय के प्रेसिडियम को एक सकारात्मक पत्र लिखा।{{sfn|Chornovil|2009|pp=476–477}}
18 जुलाई 1989 को, पूरे संघ में खनन हड़तालों की लहर पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र के माकिव्का शहर में कोयला खनिकों तक पहुँच गई।{{sfn|Lykhobova|Kuzina|2009|pp=155–156}}{{sfn|Safire|1989}} कर्मचारियों ने पहले बेहतर काम करने की स्थिति, बेहतर मजदूरी और बढ़ी हुई सामाजिक सुरक्षा की मांग की। हालाँकि, शुरुआत से ही, कई डोनबास खनिकों ने स्व-शासन के संभावित मार्ग के रूप में सहानुभूति के साथ यूक्रेनी स्वतंत्रता आंदोलन को भी देखा था।{{sfn|Walkowitz|1991}} चोर्नोविल ने अपने शुरुआती दिनों से ही हड़तालों का समर्थन किया, एक बयान जारी करते हुए कहा, अन्य बातों के अलावा, कि हड़ताल ने "पार्टी और लोगों की एकता के बारे में पार्टी की लफ्फाजी का पर्दा फाड़ दिया", जिसका कम्युनिस्टों ने दावा किया कि वहां विभिन्न "चरमपंथियों" द्वारा हमला किया जा रहा था।{{sfn|Radio Liberty 2014}} दूसरी ओर, शेर्बित्स्की खुश नहीं थे और सरकारी नियंत्रण वाले मीडिया में हड़तालियों को बदनाम करके और हड़ताल समितियों के लिए संचार काट कर उन पर कड़ी नकेल कसी।{{sfn|Walkowitz|1991}} इसने खनिकों को कट्टरपंथी बना दिया, जिन्होंने जल्द ही शेर्बित्स्की के इस्तीफे का आह्वान करना शुरू कर दिया।{{sfn|Radio Liberty 2021}}
मार्च 1990 के लिए निर्धारित सर्वोच्च सोवियत के चुनाव करीब आने के साथ, चोर्नोविल ने अभियान मोड में स्विच किया। उनके घोषणापत्र ने "राज्य का दर्जा, लोकतंत्र और स्वशासन" और गैर-जातीय यूक्रेनियनों के साथ सहयोग का आह्वान किया। चोर्नोविल के कार्यक्रम की आधारशिला बारह "भूमि" पर आधारित एक संघीय यूक्रेन का उनका विचार था, जिसे मोटे तौर पर यूक्रेनी जनवादी गणराज्य के गवर्नरेट और डोनबास के लिए एक अलग भूमि द्वारा परिभाषित किया गया था। क्रीमिया को एक स्वतंत्र राज्य या यूक्रेन के स्वायत्त गणराज्य के रूप में मौजूद होना था। विधायिका को एक द्विसदनीय केंद्रीय राडा के रूप में फिर से स्थापित किया जाना था, निचले सदन को आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा चुना जाना था और ऊपरी सदन को भूमि से चुना जाना था।{{sfn|Chornovil|2009|pp=580–583}} चोर्नोविल का मानना था कि संघवाद यूक्रेन और उसके क्षेत्रों को सोवियत संघ से स्वतंत्र अर्थव्यवस्था, संस्कृति और राजनीति विकसित करने की अनुमति देगा और सोवियत शैली की नौकरशाही की स्थापना को रोकेगा।{{sfn|Derevinskyi|2023|pp=54–55}} चोर्नोविल इस समय UHS के भीतर स्वतंत्रता-समर्थक पदों को अपनाने पर जोर देने वाले प्राथमिक व्यक्तियों में से एक थे, यह प्रस्ताव करते हुए कि पार्टी के कार्यक्रम में स्वतंत्रता का प्रश्न प्रस्तावित किया जाए।{{sfn|Derevinskyi|2023|p=335}}
[[File:1съезд.jpg|alt=एक सम्मेलन में एकत्रित कई व्यक्ति, उनमें से कुछ यूक्रेनी झंडे लहरा रहे हैं|thumb|left|यूक्रेन के जन आन्दोलन की पहली कांग्रेस सितंबर 1989 में हुई थी]]
8 सितंबर 1989 को, यूक्रेन का जन आन्दोलन (रूख) की स्थापना यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की राज्य भाषा के रूप में यूक्रेनी की स्थापना, एक राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पुनरुद्धार, और यूक्रेनी स्वशासन के साथ-साथ यूक्रेन के भीतर अल्पसंख्यकों के लिए भाषाई अधिकारों को मजबूत करने की वकालत करने वाले एक कार्यक्रम के साथ की गई थी। ये पद राइटर्स यूनियन के लोगों पर आधारित थे, जिन्होंने उस वर्ष फरवरी में उन्हें अपनाया था।{{sfn|Adamovych|2020|pp=8–9}} पूरी तरह से "पेरेस्त्रोइका के लिए यूक्रेन का जन आन्दोलन" के रूप में नामित, इसके पहले नेता कवि इवान ड्रेच थे। इसके बावजूद, हालाँकि, चोर्नोविल पार्टी के वास्तविक नेता थे और इतिहासकार रोमन ह्रीत्स्किंव के अनुसार, इसकी स्थापना का आयोजन भी उन्हीं ने किया था।{{sfn|Popovych|2023}} चोर्नोविल ने कट्टरपंथी और स्वतंत्रता के उदारवादी समर्थकों को फिर से जोड़ते हुए, 'रूख' को यूक्रेनी राष्ट्रवादियों के जन आंदोलन में बदलने की मांग की।{{sfn|Derevinskyi|2023|p=10}}
संयोग से, खनिकों की हड़ताल{{sfn|Radio Liberty 2021}} और गोर्बाचेव के दबाव के संयोजन के कारण शेर्बित्स्की को उसी महीने इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था।{{sfn|Senkus|2007}}
चोर्नोविल ने 1919 के एकीकरण अधिनियम की वर्षगांठ मनाते हुए, 22 जनवरी 1990 को ल्वीव से कीव तक एक मानव शृंखला आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}} लगभग तीस लाख लोगों ने शृंखला में भाग लिया जो उस समय तक 'रूख' द्वारा किया गया सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था।{{sfn|Poberezhets|2011|p=288}} चोर्नोविल ने एकीकरण अधिनियम की वर्षगांठ को अवकाश के रूप में मान्यता देने की वकालत की।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}}
== चोर्नोविल सत्ता में ==
{{Multiple image
| header = चोर्नोविल के आधिकारिक चित्र, [[यूक्रेन की संसद|संसद]]
| width = 100
| image1 = НДУ 1 Чорновіл Вячеслав Максимович.jpg
| caption1 = पहली (1990–1994)
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| caption2 = दूसरी (1994–1998)
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| caption3 = तीसरी (1998–1999)
}}
सोवियत यूक्रेन के इतिहास में पहला बहुदलीय मतदान, सर्वोच्च सोवियत चुनाव, 4 मार्च 1990 को आयोजित किया गया था। यह उच्च मतदान द्वारा चिह्नित किया गया था, जिसमें 85% पंजीकृत मतदाताओं ने भाग लिया था। अधिकांश यूक्रेन में, परिणाम कम्युनिस्टों के लिए फायदेमंद था, 90% पहले चुने गए प्रतिनिधि फिर से चुने गए और 450 प्रतिनिधियों में से 373 कम्युनिस्ट पार्टी के थे। हालाँकि, सभी तीन गैलिशियन ओब्लास्ट में, डेमोक्रेटिक ब्लॉक, एक 'रूख' नेतृत्व वाले गठबंधन{{sfn|Kozhanov|2020|p=44}} ने अधिकांश सीटें जीतीं। सुप्रीम सोवियत के उपाध्यक्ष के रूप में चुने गए इवान प्लियुश्च ने 2010 में लिखा था कि कम्युनिस्ट बहुमत संसदीय स्तर पर समान प्रभाव को कमान करने में असमर्थ था जैसा कि डेमोक्रेटिक ब्लॉक था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=51–52}} चोर्नोविल को ल्वीव शहर के शेवचेंकिव्स्की जिले से डेमोक्रेटिक ब्लॉक के उप-प्रतिनिधि के रूप में पूर्ण बहुमत से चुना गया, जिन्होंने सात अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ 68.60% वोट जीते।{{sfn|1st Verkhovna Rada}} सुप्रीम सोवियत के भीतर, चोर्नोविल डेमोक्रेटिक ब्लॉक के कट्टरपंथी विंग के नेताओं में से थे।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}}
चोर्नोविल को अप्रैल 1990 में ल्वीव ओब्लास्ट परिषद का अध्यक्ष भी चुना गया, जिससे वे ल्वीव ओब्लास्ट के पहले गैर-कम्युनिस्ट प्रमुख बन गए।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}} उन्होंने जल्दी ही एक असंतुष्ट के रूप में जीवन से राजनीति में खुद को अनुकूलित कर लिया, दाईं ओर मुड़ते हुए और स्पष्ट रूप से कम्युनिस्ट-विरोधी क्रांति का समर्थन करने वाले पहले यूक्रेनी राजनेताओं में से एक बन गए।{{sfn|Seko|2018|p=174}} आर्थिक क्षेत्र में, उन्होंने आवास बाजार और प्रकाश उद्योग का निजीकरण किया, और सामूहिक खेतों को समाप्त करके और किसानों को भूमि पुनर्वितरित करके भूमि सुधार शुरू किए।{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=137}} सामाजिक रूप से, उन्होंने यूक्रेन के सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पुनरुद्धार का सक्रिय समर्थन किया; उनकी सरकार द्वारा सोवियत के बजाय यूक्रेनी प्रतीकों का उपयोग किया गया, यूक्रेनी विद्रोही सेना के सैनिकों को दिग्गजों के रूप में मान्यता दी गई, धर्मसभा ल्वीव द्वारा लगाए गए यूक्रेनी ग्रीक कैथोलिक चर्च पर प्रतिबंध निरस्त कर दिया गया और धार्मिक छुट्टियों को सार्वजनिक छुट्टियों के रूप में मान्यता दी गई।{{sfn|Adamovych|2018|p=3}} व्लादिमीर लेनिन की मूर्तियों को पहली बार चोर्नोविल की सरकार के तहत ध्वस्त किया गया था,{{sfn|Kobuta|2020|pp=37–38}} 1 जुलाई 1990 को चेर्वोनोग्राद में मूर्ति को गिरा दिया गया था। इसने 1990 और 1991 के दौरान गैलिसिया में लेनिन स्मारकों को गिराने की लहर शुरू कर दी।{{sfn|Gazeta.ua 2018}}
चोर्नोविल की नीतियां सीधे तौर पर यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ और सोवियत संघ के उस समय के कानूनों के विपरीत थीं, और यूक्रेनी और संघ-व्यापी सरकार-समर्थक मीडिया में उनकी सरकार की आलोचना की गई थी। इसके बावजूद, अन्य गैलिशियन ओब्लास्ट, जो 'रूख' के नियंत्रण में आ गए थे, ने जल्द ही सुधारों को आगे बढ़ाने में चोर्नोविल के उदाहरण का पालन किया।{{sfn|Kobuta|2020|pp=38–39}} इतिहासकार स्टीफन कोबुटा ने तर्क दिया है कि गैलिसिया द्वारा सोवियत कानूनों की अस्वीकृति चोर्नोविल के संघीय विश्वासों की अभिव्यक्ति थी।{{sfn|Kobuta|2020|p=39}} अपने लोकतांत्रिक लाभ को बनाए रखने और सोवियत राज्य संस्थानों का मुकाबला करने के लिए, गैलिशियन राष्ट्रीय डेमोक्रेट्स ने फरवरी 1991 में चोर्नोविल को इसके प्रमुख के रूप में नियुक्त करके गैलिशियन असेंबली का गठन किया।{{sfn|Muravskyi|2019|pp=139-140}}{{sfn|Semkiv|2014}}{{sfn|Adamovych|2018|p=3}}
सुप्रीम सोवियत के एक उप-प्रतिनिधि के रूप में, चोर्नोविल ने सोवियत संघ के भीतर यूक्रेन की संप्रभुता को स्वतंत्रता के अंतिम उद्देश्य के साथ-साथ भूमि सुधार, पर्यावरण संरक्षण, अल्पसंख्यक और धार्मिक अधिकारों, संघवाद और सरकार की एकमात्र भाषा के रूप में यूक्रेनी को स्थापित करने के लिए खुद को समर्पित किया।{{sfn|Kobuta|2020|p=37}} उन्हें सुप्रीम सोवियत के अध्यक्ष के लिए डेमोक्रेटिक ब्लॉक के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था, हालांकि उन्होंने नामांकन को अस्वीकार कर दिया और गठबंधन के नेता, इहोर युखनोवस्की का समर्थन किया। अंततः, दोनों में से कोई भी नहीं चुना गया, क्योंकि कम्युनिस्टों ने व्लादिमीर इवाश्को के लिए मतदान किया।{{sfn|Kulchytskyi|2019|p=52}} मतदान के दौरान, चोर्नोविल ने खुले तौर पर सोवियत संघ से यूक्रेन की स्वतंत्रता का आह्वान किया, यह तर्क देते हुए कि उस समय यूक्रेन का सामना कर रहे "आर्थिक, पर्यावरणीय और आध्यात्मिक तबाही" को समाप्त करने का यह एकमात्र संभव तरीका था।{{sfn|Kobuta|2020|pp=37–38}}
चोर्नोविल ने संघवाद की वकालत करना जारी रखा, मई 1990 के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि "कीवन केंद्रवाद" डोनबास में रूसी राष्ट्रवाद और ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट में रुसिन पहचान के उद्भव को जन्म देगा।{{sfn|Riabinin|2021|p=90}} उसी महीने, जैसे ही ग्रामीण ग्रीक कैथोलिक और रूढ़िवादी ईसाइयों के बीच संघर्ष छिड़ गया, ल्वीव ओब्लास्ट की सरकार ने यह निर्धारित करने के लिए गांवों में जनमत संग्रह कराने का प्रयोग किया कि किस संप्रदाय को चर्चों का नियंत्रण दिया जाएगा। चोर्नोविल द्वारा लिखे गए इस प्रस्ताव के अनुसार, बहुसंख्यक संप्रदाय अल्पसंख्यक की आस्था से संबंधित एक चर्च के निर्माण की जिम्मेदारी वहन करेगा। इस प्रणाली ने क्षेत्र में एक धार्मिक संघर्ष को उभरने से सफलतापूर्वक रोका।{{sfn|Yurash|2021|pp=134–135}}
12 जून 1990 को, रूस ने सोवियत संघ के भीतर राज्य संप्रभुता की घोषणा की। इसने डेमोक्रेटिक ब्लॉक द्वारा यूक्रेन की राज्य संप्रभुता की घोषणा पर मतदान पर जोर देने के प्रयासों को बढ़ावा दिया, जिसे कम्युनिस्ट प्रतिनिधियों ने अवरुद्ध कर दिया था। घोषणा पर 5 जुलाई की बहस के दौरान, चोर्नोविल और साथी गठबंधन सदस्य मायखाइलो बतिह ने कम्युनिस्टों पर पार्टी द्वारा मतदान करने का तरीका बताने का आरोप लगाया। चोर्नोविल ने बाद में खुलासा किया कि कई प्रतिनिधियों को एक स्वतंत्र सेना या कानूनी प्रणाली की स्थापना जैसे उपायों को खत्म करने के लिए संप्रभुता पर मसौदा कानून में संशोधन करने के निर्देश मिले थे। इस खुलासे से कार्यवाहक सर्वोच्च सोवियत अध्यक्ष इवान प्लियुश्च ने एक जांच शुरू की, जो यह पता चलने के बाद तेज हो गई कि कई प्रतिनिधियों ने निर्देशों को शब्दशः उद्धृत किया था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=57–59}}
चोर्नोविल और एक अज्ञात कम्युनिस्ट उप-प्रतिनिधि ने तब घोषणा पर मतदान शुरू करने का प्रयास किया। प्लियुश्च ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सोवियत संघ के पीपुल्स डिपुटीज के सदस्य अभी तक वापस नहीं आए थे और इसलिए कोरम असंभव था। जवाब में, चोर्नोविल ने सोवियत पीपुल्स डिपुटीज की तत्काल वापसी की मांग करने के लिए कदम उठाया, जिसे तब संप्रभुता-समर्थक कम्युनिस्टों द्वारा समर्थन दिया गया और बड़े अंतर से पारित किया गया। चार दिन बाद, प्रतिनिधि वापस आ गए और राज्य संप्रभुता की घोषणा पर बहस फिर से शुरू हो गई। घोषणा-विरोधी समूह का नेतृत्व स्टैनिस्लाव हुरेंको और लियोनिद क्रावचुक ने किया, जिन्होंने दावा किया कि संप्रभुता का मामला कीव के बजाय मॉस्को में हल किया जाएगा।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=59–61}}
[[File:Підняття українського прапора над Києвом, подія.JPG|alt=कार्यालय भवनों के सामने मुख्य रूप से यूक्रेनी झंडों के साथ प्रदर्शन कर रहे कई लोग|thumb|left|300px|मध्य कीव में यूक्रेन की संप्रभुता की घोषणा के समर्थन में प्रदर्शन, जुलाई 1990]]
इवाश्को ने सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के उप महासचिव बनने के लिए 11 जुलाई को अपने यूक्रेनी सरकारी पदों से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। यह कदम यूक्रेनी जनता के लिए एक सदमे के रूप में आया, क्योंकि सी॰पी॰एस॰यू॰ को ढहने के रूप में माना जाता था, और पार्टी की सेवा के लिए यूक्रेनी पदों से इवाश्को के इस्तीफे ने यूक्रेनी आबादी के प्रति उदासीनता का प्रदर्शन किया। इवाश्को के इस्तीफे के बाद, कम्युनिस्ट हतोत्साहित रह गए, जिससे चोर्नोविल को कार्यालय के माध्यम से घोषणा को आगे बढ़ाने की अनुमति मिली। यह अंततः 16 जुलाई 1990 को पारित किया गया था, जो सोवियत सरकार के कानूनों पर यूक्रेनी कानूनों को प्राथमिकता देता था।{{sfn|Kulchytskyi|2019|pp=61–63}} यह चोर्नोविल के लिए एक बड़ी जीत थी, जिन्होंने जुलाई 1989 से राज्य संप्रभुता की घोषणा की निजी तौर पर मांग की थी।{{sfn|Kobuta|2020|p=37}}
1990 के शेष भाग में यूक्रेनी जनभावना सरकार के खिलाफ मुड़ना जारी रही। छात्रों के विरोध की एक शृंखला, जिसे क्रांति पर ग्रेनाइट के रूप में जाना जाता है, अक्टूबर में शुरू हुई जब छात्रों के समूहों ने दावा किया कि सरकार ने डेमोक्रेटिक ब्लॉक को बहुमत हासिल करने से रोकने के लिए परिणामों में हेरफेर किया था। छात्रों ने कीव में अक्टूबर क्रांति स्क्वायर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी, और बाद में कम्युनिस्ट प्रतिनिधियों द्वारा उनका मज़ाक उड़ाया गया। इस असंवेदनशील रवैये ने लगभग सभी नरमपंथियों और राष्ट्रीय कम्युनिस्टों को लेखक ओल्स होन्चर के नेतृत्व का पालन करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी को छोड़ने के लिए प्रेरित किया। इन व्यक्तियों ने राष्ट्रीय-डेमोक्रेट्स की ओर दलबदल कर लिया, जिससे शेष कम्युनिस्टों को और कमजोर कर दिया।{{sfn|Pipash|2021|p=82}}
जनवरी की घटनाओं, जिसमें सोवियत सरकार ने लिथुआनिया को स्वतंत्र होने से रोकने के प्रयास में 16 जनवरी 1991 को सेना तैनात की, ने चोर्नोविल को अस्थायी रूप से सोवियत सेना से अलग यूक्रेनी सेना की स्थापना की दिशा में अपनी नीतियों को फिर से उन्मुख करने के लिए प्रेरित किया। इसे प्राप्त करने के लिए, उन्होंने इहोर डेरकाच, मायकोला पोरोव्स्की, विटाली लाज़ोर्किन और विलेन मार्टिरोसियन के साथ मिलकर 'रूख' के सैन्य कॉलेजियम की सह-स्थापना की, जिसे यूक्रेन के सशस्त्र बलों का निर्माण करने और सोवियत सरकार की कार्रवाई में यूक्रेनी सैनिकों के उपयोग को रोकने का काम सौंपा गया था।{{sfn|Lazorkin|2020|p=74}} चोर्नोविल ने 16 फरवरी 1991 को गैलिशियन असेंबली की दूसरी बैठक में गैलिशियन ओब्लास्ट के एकीकरण की वकालत करना जारी रखा, विशेष रूप से शिक्षा और अंतर-ओब्लास्ट व्यापार तक पहुंच का विस्तार करने में।{{sfn|Adamovych|2018|p=4}} चोर्नोविल ने मार्च 1991 के यूक्रेनी स्वतंत्रता जनमत संग्रह का भी निरीक्षण किया, जिसमें गैलिशियन ओब्लास्ट की अधिकांश आबादी ने सोवियत संघ से अलग होने के लिए मतदान किया।{{sfn|Fedyk|2019|p=137}}
=== स्वतंत्रता की घोषणा और राष्ट्रपति चुनाव ===
[[File:Chornovil5.JPG|alt=चोर्नोविल और एक अन्य व्यक्ति यूक्रेनी पारंपरिक कपड़े पहने कई महिलाओं के सामने और कई यूक्रेनी झंडों के नीचे खड़े हैं|thumb|1990 में क्रिवी रिह में चोर्नोविल]]
सुप्रीम सोवियत ने 5 जुलाई 1991 को एक कानून पारित किया जिसमें राष्ट्रपति का कार्यालय स्थापित किया गया, जिसके धारक को चुनाव द्वारा निर्धारित किया जाएगा।{{sfn|Law on Ukrainian SSR presidential elections 1991}}
सोवियत संघ के गोर्बाचेव के नेतृत्व का विरोध करने वाले कट्टरपंथियों ने 19 अगस्त 1991 को तख्तापलट शुरू किया। तख्तापलट के समय, चोर्नोविल एक व्यापार यात्रा पर ज़ापोरिज़्ज़िया शहर में थे। यह जानकर कि पुट्स हुआ था, वे तुरंत कीव लौट आए और यूक्रेनी एस॰एस॰आर॰ की सर्वोच्च सोवियत के आपातकालीन सत्र का आह्वान करना शुरू कर दिया; उन्होंने ल्वीव ओब्लास्ट में कम्युनिस्ट पार्टी की गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। सुप्रीम सोवियत में, डेमोक्रेटिक ब्लॉक के प्रतिनिधियों ने यूक्रेनी स्वतंत्रता की वकालत करना शुरू कर दिया, यह तर्क देते हुए कि यूक्रेन यूरोप का हिस्सा था न कि सोवियत संघ का।{{sfn|Bohatchuk|2020|p=225}} तख्तापलट की विफलता के बाद, सुप्रीम सोवियत ने 24 अगस्त 1991 को यूक्रेन की स्वतंत्रता की घोषणा को अपनाया।{{sfn|Adamovych|2018|p=4}}
राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभियान आधिकारिक तौर पर 1 सितंबर 1991 को शुरू हुआ।{{sfn|Zolotariova 2021a}} राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक शिविर में तीन प्रमुख उम्मीदवार थे, जबकि क्रावचुक राज्य के प्रमुख के रूप में एक अच्छी तरह से स्थापित व्यक्ति थे।{{sfn|Potichnyj|1991|p=135}} दौड़ जल्द ही चोर्नोविल बनाम क्रावचुक के साथ एक प्रभावी दो-व्यक्ति अभियान में संकुचित हो गई, क्योंकि वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक संगठन के साथ एकमात्र उम्मीदवार थे। डेमोक्रेटिक ब्लॉक के युखनोव्स्की के नेतृत्व के बावजूद, वे बौद्धिक शहरी केंद्रों और पश्चिमी यूक्रेन के बाहर अलोकप्रिय थे, जबकि लुक्यानेंको, एक पसंदीदा स्वतंत्रता-समर्थक व्यक्ति होने के बावजूद, एक संगठित अभियान का अभाव था और यूक्रेन के अधिकांश हिस्सों में अज्ञात थे।{{sfn|Potichnyj|1991|pp=137–138}}
चोर्नोविल ने यूक्रेनी स्वतंत्रता का संदेश फैलाने के लिए पूरे यूक्रेन की यात्रा की, जिसमें क्रीमिया जैसे कट्टर रूसी-समर्थक क्षेत्र भी शामिल थे। दोनों भाषाओं में बोलकर रूसोफोन और यूक्रेनी-भाषा के दर्शकों दोनों से अपील करते हुए, चोर्नोविल ने एक ऐसे कार्यक्रम के लिए तर्क दिया जिसमें वे एक नियोजित अर्थव्यवस्था से मुक्त-बाजार पूंजीवाद में एक वर्ष के भीतर कई आदेशों और पश्चिमी निवेशकों का ध्यान आकर्षित करके संक्रमण करेंगे,{{sfn|Dahlburg|1991}} साथ ही यूरोपीय आर्थिक समुदाय और एक काल्पनिक अखिल-यूरोपीय सामूहिक सुरक्षा संगठन में सदस्यता लेंगे।{{sfn|Derevinskyi|2016|p=34}} चोर्नोविल ने क्रावचुक को "एक धूर्त राजनीतिज्ञ" के रूप में निंदा की जो "[यूक्रेन] को वापस [सोवियत संघ] में लाने की कोशिश कर रहा था," यह चेतावनी देते हुए कि वे रूस के साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को फिर से स्थापित करेंगे।{{sfn|Dahlburg|1991}}
[[File:1991 Ukrainian presidential election.svg|alt=1991 के यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों का एक रंगीन मानचित्र|thumb|[[1991 यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव]] के परिणाम।
चोर्नोविल द्वारा जीते गए ओब्लास्ट नीले रंग में दिखाए गए हैं।]]
चोर्नोविल शुरू में अपने विश्वासों के खिलाफ दशकों के सोवियत प्रचार के कारण अलोकप्रिय थे, जिसे क्रावचुक ने पहले निर्देशित किया था।{{sfn|Dahlburg|1991}} नेशनल-डेमोक्रेट्स द्वारा एकल उम्मीदवार को नामित करने में असमर्थता ने भी इस विश्वास में योगदान दिया कि असंतुष्ट जनचेतना में शासन करने के लिए अयोग्य थे।{{sfn|Kulchynskyi|2023}} इसके बावजूद, चोर्नोविल के अभियान ने जनमत सर्वेक्षण में गैलिसिया के बाहर की खाई को धीरे-धीरे बंद करना शुरू कर दिया; नवंबर 1991 के एक पोल ने ओडेसा में क्रावचुक के 28% की तुलना में चोर्नोविल को 22% वोट के साथ दिखाया, जिसमें अनिर्णीत मतदाताओं की संख्या एक चौथाई से बढ़कर स्थानीय मतदाताओं की एक तिहाई हो गई।{{sfn|Dahlburg|1991}} उत्तर पश्चिमी यूक्रेन ने अक्टूबर से एक महत्वपूर्ण युद्ध के मैदान के रूप में काम किया, क्योंकि सर्वेक्षणों ने शुरू में एक व्यावहारिक टाई का पूर्वानुमान लगाया था और बाद में चोर्नोविल को थोड़ी बढ़त दी थी।{{sfn|Potichnyj|1991|p=136}}
यूक्रेनियनों ने राष्ट्रपति चुनाव और यूक्रेन की स्वतंत्रता की पुष्टि करने वाले जनमत संग्रह दोनों में 1 दिसंबर 1991 को मतदान किया। 84.18% आबादी ने जनमत संग्रह में भाग लिया, जिसमें 90.32% ने पक्ष में मतदान किया।{{sfn|Potichnyj|1991|p=129}} क्रावचुक ने चुनाव के 61.59% के साथ राष्ट्रपति चुनाव जीता। चोर्नोविल 23.27% वोट के साथ दूर दूसरे स्थान पर रहे, एक रनऑफ से बचते हुए। उत्तर पश्चिमी ओब्लास्ट में चोर्नोविल की जीत की पूर्व भविष्यवाणियों के विपरीत, उन्होंने अंततः केवल गैलिसिया में जीत हासिल की, हालांकि उन्होंने चेर्निवत्सी, चर्कासी, कीव, रिव्ने, वोलिन और ज़कारपट्टिया ओब्लास्ट के साथ-साथ कीव शहर में अच्छा प्रदर्शन किया। चोर्नोविल ने चुनाव के दिन हार स्वीकार कर ली, कहा "चुनाव पूर्व अभियान ने मुझे पूरे यूक्रेन की यात्रा करने, लोगों से मिलने और पूर्व का राजनीतिकरण करने का अवसर दिया।"{{sfn|Potichnyj|1991|pp=134–135}} उन्होंने बाद में कहा कि 1991 में हुए संक्षिप्त अभियान के बजाय अभियान के एक और छह महीने ने जीत की अनुमति दी होती।{{sfn|Urban|1992|p=40}}
=== स्वतंत्र यूक्रेन ===
==== पार्टी शासन ====
राष्ट्रपति चुनाव के बाद, समूह के भविष्य को लेकर 'रूख' के भीतर दरारें आ गईं। ड्रेच और मिखाइलो होरिन के नेतृत्व में एक गुट ने संगठन को भंग करने और क्रावचुक के राष्ट्र निर्माण के प्रयासों का समर्थन करने की मांग की, जबकि चोर्नोविल और उनके समर्थकों ने चोर्नोविल की भविष्य की राष्ट्रपति महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए संगठन को एक पार्टी में सुधारने की मांग की।{{sfn|Potichnyj|1991|pp=138}} कई सदस्यों ने 'रूख' के चोर्नोविल के समर्थन को मात्र एक सिफारिश मानते हुए युखनोवस्की या लुक्यानेंको के पीछे अपना समर्थन दिया, जिससे अंतर्दलीय तनाव और बढ़ गया।{{sfn|Malynovskyi|2019|p=72}}
28 फरवरी 1992 को 'रूख' की तीसरी कांग्रेस में, संगठन में विभाजन को संक्षेप में टाल दिया गया था। दोनों गुटों के बीच एक समझौते के रूप में ड्रेच, होरिन और चोर्नोविल को 'रूख' के सह-अध्यक्षों के रूप में चुना गया था।{{sfn|Kulchytskyi|2020}} बहरहाल, यूक्रेनी रिपब्लिकन पार्टी और यूक्रेन की डेमोक्रेटिक पार्टी, जो 'रूख' से बनी थीं, ने क्रावचुक के साथ सहयोग करने का फैसला किया।{{sfn|Haran|Sydorchuk|2010}} अंततः दिसंबर 1992 में चौथी कांग्रेस में चोर्नोविल के गुट की जीत हुई क्योंकि 'रूख' को उनके नेतृत्व में एक केंद्र-दक्षिणपंथी राजनीतिक दल के रूप में पुनर्गठित किया गया था।{{sfn|Kulchytskyi|2020}}
==== क्रीमियन मुद्दा ====
[[File:Black Sea with the Crimea highlighted.svg|alt=काला सागर का एक मानचित्र, जिसमें क्रीमिया को हाइलाइट किया गया है|thumb|left|काला सागर के भीतर क्रीमिया का स्थान]]
सोवियत संघ के टूटने के कुछ ही समय बाद, क्रीमिया की जातीय-रूसी आबादी ने यूक्रेन से अलग होने और रूस के साथ एकीकरण करने की मांग की। 5 मई 1992 को, क्रीमिया ने एकतरफा रूप से यूक्रेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की, जिससे तनाव फैल गया। यूक्रेन के झंडे को रूस के झंडे से बदल दिया गया, और स्वदेशी क्रीमियन तातार आबादी के खिलाफ दमन की लहर शुरू हो गई।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=50}} चोर्नोविल, जिन्होंने अपने कारावास के बाद से क्रीमियन तातारों में रुचि बनाए रखी थी,{{sfn|Finnin|2022|pp=147–148}} ने यूक्रेन की संसद से क्रीमिया की स्वतंत्रता की घोषणा को रद्द करने और उसकी संसद के लिए नए चुनावों की मांग करने का आह्वान किया। कई वर्षों तक चले इस संकट के दौरान, वे इस मुद्दे पर आक्रामक राजनेताओं में से थे।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=50}}
1993 तक, रूस क्रीमिया संकट में कूद पड़ा। रूस की सर्वोच्च सोवियत के उपाध्यक्ष वैलेंटाइन अगाफोनोव ने जनमत संग्रह द्वारा क्रीमिया की स्वतंत्रता की पुष्टि होने पर उसे मान्यता देने का संकल्प लिया। जून में, सेवस्तोपोल शहर ने भी रूसी संघ में शामिल होने के लिए आवेदन किया। अग्रणी रूसी-समर्थक कार्यकर्ता यूरी मेशकोव ने सोवियत काला सागर बेड़े से बनी एक सेना की व्यवस्था की और समर्थकों के साथ पुलिस और मीडिया भवनों पर नियंत्रण कर लिया।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=51}} एक समय पर, यूक्रेनी सरकार ने आर्थिक दबावों को कम करने के लिए सोवियत संघ से विरासत में मिले परमाणु शस्त्रागार को बेचने पर विचार किया,{{sfn|Schmemann|1992|p=10}} लेकिन अलगाव के खतरे और मॉस्को के व्यवहार ने यूक्रेनी आबादी को इस लेनदेन का विरोध करने के लिए प्रेरित किया। चोर्नोविल उन राजनेताओं में से थे जिन्होंने एक स्वतंत्र परमाणु शस्त्रागार, या वैकल्पिक रूप से नाटो की सदस्यता का समर्थन किया, जिसे उन्होंने रूसी विस्तारवाद के लिए एकमात्र संभावित निवारक के रूप में देखा था यदि यूक्रेन को परमाणु हथियार छोड़ने की आवश्यकता हो।{{sfn|Blank|1994|pp=10, 15}} उन्होंने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल में यूक्रेन की भागीदारी का विरोध किया, हालांकि 1997 की रूसी-यूक्रेनी मैत्री संधि के अनुसमर्थन का समर्थन किया।{{sfn|Derevinskyi|2013|pp=358-359,493}}
चोर्नोविल ने जोर देकर कहा कि तत्काल अवधि में क्रीमिया को लेकर युद्ध नहीं होगा; उनका मानना था कि आधे साल से एक साल के भीतर, क्रीमियाई अलगाववाद लोकप्रियता खो देगा और रूसी कार्य क्रीमियाई अलगाववादियों के वित्तपोषण और यूक्रेन के खिलाफ एक सूचना युद्ध अभियान तक सीमित रहेंगे। ये दोनों भविष्यवाणियाँ अंततः सटीक साबित होंगी। हालाँकि, उनका यह भी मानना था कि अलगाववाद का खतरा अभी भी वास्तविक था। उनका मानना था कि इसका मुकाबला केवल एक ऐसी रणनीति से किया जा सकता है जो यूक्रेन के रूसीकृत क्षेत्रों को एकल अखिल-यूक्रेनी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण की ओर धकेले - जिस पर कार्रवाई नहीं की गई थी। चोर्नोविल ने क्रीमियन स्वायत्तता का विरोध किया जैसा कि यह मौजूद था, जिसे वे कृत्रिम मानते थे क्योंकि यह हाल ही में प्रत्यावर्तित क्रीमियन तातार आबादी पर आधारित नहीं था बल्कि रूसियों पर आधारित था जो बड़े पैमाने पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहुंचे थे; उन्होंने यह भी सोचा कि प्रायद्वीप की विशेष स्थिति ने केवल संघर्ष को रोक दिया है।{{sfn|Derevinskyi|2018|p=51}}
==== अर्थव्यवस्था पर विचार ====
स्वतंत्रता के पहले वर्षों में तेजी से बिगड़ती अर्थव्यवस्था को ठीक करना एक अत्यंत गंभीर मुद्दा था। समस्या पूर्व सोवियत संघ के भीतर बदलती आर्थिक वास्तविकताओं के अनुकूल होने में सरकार की विफलता और आयात के प्रभुत्व वाली यूक्रेन की अर्थव्यवस्था से उपजी थी। हाइपरइन्फ्लेशन शुरू हो गया और उत्पादकता गिर गई। इन राजनीतिक और आर्थिक संकटों ने कई प्रतिनिधियों के बीच यह आशंका पैदा कर दी कि यूक्रेन जल्द ही अपनी स्वतंत्रता खो देगा;{{sfn|Schmemann|1992|p=10}} इसके विपरीत, चोर्नोविल का मानना था कि यूक्रेन की संप्रभुता सुनिश्चित करने से राजनीतिक और आर्थिक स्थितियों में सुधार होगा। उन्होंने क्रावचुक का विरोध करना जारी रखा, जिनके साथ वे तीखी प्रतिद्वंद्विता बनाए रखते थे।{{sfn|Schmemann|1992|p=19}}
स्वतंत्र व्यापार संघों ने क्रावचुक की सरकार द्वारा श्रमिकों के लाभ और मुआवजे की गारंटी देने से इनकार करने से क्षुब्ध होकर 2 सितंबर 1992 को व्यापक हड़तालें शुरू कीं। 1989-1991 की हड़तालों की तरह हड़ताल करने वाले बड़े पैमाने पर कोयला खनिक थे, लेकिन पिछली हड़तालों के विपरीत वे व्यापक समर्थन हासिल करने में विफल रहे, इस तथ्य को लाफयेत्ते कॉलेज के प्रोफेसर स्टीफन क्रॉले इस कारण बताते हैं कि इसे स्थानीय, डोनबास-आधारित हड़ताल समितियों के बजाय राष्ट्रव्यापी संघ द्वारा बुलाया गया था। फरवरी 1993 में कोयला खनिकों के साथ कीव के सार्वजनिक परिवहन कर्मचारी भी शामिल हो गए, एक ऐसा उपाय जिसने हड़ताल को जनता के बीच गहराई से अलोकप्रिय बना दिया। पिछली हड़तालों के विपरीत, 'रूख' ने हड़तालियों की निंदा की और सरकार से "हड़ताल के असली आयोजकों को दंडित करने" का आह्वान किया। चोर्नोविल ने विशेष रूप से स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक गतिविधि, विशेष रूप से हड़तालों को कम करने का तर्क दिया।{{sfn|Crowley|1995|pp=54–55}}
==== 1994 के चुनाव ====
क्रावचुक की सरकार ने खनिकों के गुस्से को रोकने के लिए 17 जून 1993 को सुप्रीम राडा को भंग कर दिया और संसदीय और राष्ट्रपति चुनावों को जल्दी बुलाया।{{sfn|Zolotariova 2021b}}{{sfn|Stoliarova|Chernova|2021}} चोर्नोविल ने शुरू में संसदीय चुनाव में कीव सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें लगा कि यह उन्हें एक राष्ट्रीय व्यक्ति के रूप में स्थापित करेगा और उन्हें अपनी वैचारिक दृष्टि को फैलाने के लिए पूरे यूक्रेन का दौरा करने का अवसर देगा। उनके करीबी सहयोगी और दोस्त मिखाइलो बॉयच्यशिन को 'रूख' द्वारा ल्वीव के शेवचेंकिव्स्की जिले के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था। उस समय बॉयच्यशिन 'रूख' के सचिवालय के अध्यक्ष थे, और अधिक आर्थिक रूप से केंद्रित नीति के लिए पार्टी के मुख्य पैरोकारों में से एक थे।{{sfn|Olenin|2021}}
14 या 15 जनवरी 1994 को बॉयच्यशिन कीव में 'रूख' के चुनाव प्रचार मुख्यालय से निकले। बाद में उसी शाम, सशस्त्र व्यक्तियों द्वारा उनका अपहरण कर लिया गया{{sfn|Zdorovylo|2025}} या दो हथियारबंद व्यक्ति अभियान मुख्यालय भवन में दाखिल हुए और बॉयच्यशिन के ठिकाने के बारे में जानना चाहा।{{sfn|Olenin|2021}} वे तब से नहीं देखे गए हैं, और माना जाता है कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। बॉयच्यशिन का जबरन गायब होना यूक्रेन में एक महत्वपूर्ण क्षण था, पत्रकार एंड्री ओलेनिन के अनुसार यह राजनीति से प्रेरित गायब होने और हत्याओं की शृंखला में पहला था। बॉयच्यशिन के गायब होने के बाद, 'रूख' सामाजिक नीति और मानवाधिकारों पर ध्यान केंद्रित करने के पक्ष में एक आर्थिक कार्यक्रम को काफी हद तक छोड़ देगा।{{sfn|Olenin|2021}} बॉयच्यशिन के अपहरण के समय, चोर्नोविल दक्षिणी मायकोलाइव ओब्लास्ट में प्रचार कर रहे थे, और बॉयच्यशिन के "गायब" होने से कुछ समय पहले दोनों ने फोन पर बात की थी। बॉयच्यशिन के गायब होने का चोर्नोविल पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। उन्होंने बाद में कीव में एक सीट के बजाय 357वें चुनावी जिले में चुनाव लड़ने का विकल्प चुना, और वे 14 विरोधियों के खिलाफ 62.5% वोट के साथ सफलतापूर्वक चुने गए{{sfn|2nd Verkhovna Rada}}।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}
संसदीय चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति चुनाव में क्रावचुक की संभावनाओं के लिए खराब संकेत दिया: 75% आबादी ने मतदान किया, जो कम मतदान और उदासीनता की उम्मीदों से कहीं अधिक था। पूर्वी यूक्रेन, जिसने नव-पुनर्स्थापित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ यूक्रेन के उम्मीदवारों को चुना, और मध्य और पश्चिमी यूक्रेन के बीच एक विभाजन विकसित हुआ, जहाँ 'रूख' ने विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन किया। चुनाव के बाद ''द न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने कहा कि पूर्व प्रधान मंत्री लियोनिद कुचमा और इवान प्लियुश्च के साथ-साथ चोर्नोविल को क्रावचुक का एक अपेक्षित प्रतियोगी माना जाता था, जिन्होंने क्रावचुक के संभावित विरोधियों के रूप में स्थापित होने के बाद महत्वपूर्ण अंतर से जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद, क्रावचुक ने 25 मार्च 1994 के संबोधन में तर्क दिया कि जून 1994 के लिए निर्धारित राष्ट्रपति चुनाव को रद्द करने की आवश्यकता होगी और आर्थिक सुधारों और संगठित अपराध से लड़ने के लिए आपातकालीन शक्तियां प्रदान करने के लिए सुप्रीम राडा में याचिका दायर की।{{sfn|Erlanger|1994}}
120 प्रतिनिधियों, जो बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक विपक्ष से संबंधित थे, ने क्रावचुक को चुनावों को रद्द करने और अधिक शक्तियां प्राप्त करने के उनके प्रयासों में अपना समर्थन दिया। 'रूख' ने इस औचित्य के तहत चुनावों को स्थगित करने के क्रावचुक के आह्वान का अनिच्छा से समर्थन किया कि चुनाव कानूनों में सुधार के बिना ऐसा नहीं करने से राजनीतिक संकट पैदा होगा, हालांकि चोर्नोविल ने उनकी शक्तियों के विस्तार का समर्थन करने से इनकार कर दिया और तर्क दिया कि वे इसका इस्तेमाल पूर्व कम्युनिस्ट अधिकारियों को सशक्त बनाने और रूस को परमाणु हथियार और काला सागर बेड़े दोनों सौंपने के लिए सहमत होने के लिए करेंगे। चोर्नोविल ने तर्क दिया कि राष्ट्रपति शक्तियों का विस्तार करने से "कुलीनतंत्र की एक मूक तानाशाही" का उदय होगा। अंततः, कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ क्योंकि चुनाव के बाद कम्युनिस्टों ने सर्वोच्च राडा के नेतृत्व पर नियंत्रण कर लिया और चुनाव स्थगित करने या रद्द करने के किसी भी प्रयास को अवरुद्ध कर दिया।{{sfn|Kuzio|1996|pp=120–121}}
संसदीय चुनाव में अपनी चुनावी सफलता के बावजूद, चोर्नोविल ने 1994 के राष्ट्रपति चुनाव में नहीं लड़ने का फैसला किया और इसके बजाय अर्थशास्त्री वलोडिमिर लानोवी का समर्थन किया,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} जिन्हें आर्थिक संकट को समाप्त करने के लिए सुधारों का प्रस्ताव देने के बाद क्रावचुक द्वारा सरकार से हटा दिया गया था।{{sfn|Erlanger|1994}} पत्रकार और 'रूख' के सहयोगी तारास ज़दोरोविलो ने दावा किया है कि यह संभव है कि यह निर्णय उनके जीवन और 'रूख' के भविष्य के डर से लिया गया हो; ज़दोरोविलो के अनुसार, चोर्नोविल ने जेल में अपने समय के संपर्कों का उपयोग यूक्रेनी माफिया के प्रमुख हस्तियों से गुप्त रूप से मिलने के लिए किया, जिन्होंने जिम्मेदारी से इनकार किया और दावा किया कि सरकार ने बॉयच्यशिन के अपहरण का आदेश दिया था।{{sfn|Zdorovylo|2025}} इस आरोप को 2013 में 'रूख' के प्रेस सचिव दिमित्रो पोनोमारचुक ने दोहराया था।{{sfn|Olenin|2021}} ज़दोरोविलो का यह भी कहना है कि क्रावचुक की सरकार ने चुनाव के दौरान 'रूख' के वित्त में राजनीति से प्रेरित जांच शुरू की और चोर्नोविल और पार्टी के उच्च-रैंकिंग सदस्य ओलेक्ज़ेंडर लवरिनोविच दोनों को एक सुरक्षा एस्कॉर्ट के तहत रखा, जिसने उनकी बातचीत की निगरानी की।{{sfn|Zdorovylo|2025}}
==== दूसरा संसदीय कार्यकाल ====
[[File:Zernovol 2.jpg|alt=चोर्नोविल और पाश्को अन्य व्यक्तियों के बीच खड़े हैं|thumb|300px|अक्टूबर 1995 में कीव हाउस ऑफ़ सिनेमा की यात्रा के दौरान चोर्नोविल और उनकी पत्नी एटेना पाश्को]]
लियोनिद कुचमा ने चुनाव में क्रावचुक को हराया, और यूक्रेन के दूसरे राष्ट्रपति बने। स्वतंत्र मीडिया पर कुचमा की बाद की कार्रवाई ने चोर्नोविल को उनकी सरकार के प्रमुख आलोचकों में से एक बना दिया।{{sfn|Marusenko|1999}} यद्यपि कुचमा की जीत के परिणामस्वरूप सत्ता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित हो गई, लेकिन राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया; देश पूर्व-कम्युनिस्ट ''नोमेनक्लातुरा'' द्वारा नियंत्रित रहा, जिसे चोर्नोविल 1996 में "सत्ता की पार्टी" के रूप में संदर्भित करेंगे, और उनसे जुड़े औद्योगिक कुलीन वर्गों का एक उभरता हुआ वर्ग। चोर्नोविल कुलीन वर्गों के आलोचक थे, सैनिकों, डॉक्टरों और शिक्षकों को वेतन का भुगतान न करने, संस्कृति और विज्ञान के लिए कम धन और टेलीविज़न प्रोग्रामिंग की खराब गुणवत्ता के लिए उन्हें दोषी ठहराते थे। उन्होंने कुलीन वर्गों पर "गैर-यूक्रेनी यूक्रेन" के भीतर एक निर्दलीय प्रणाली बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया, जिसमें सत्ता इसके बजाय एक महानगरीय वित्तीय अभिजात वर्ग में निहित होगी।{{sfn|Derevinskyi|2021|pp=20–21}}
स्वतंत्र यूक्रेन के लिए संविधान का मसौदा तैयार करने और उसका अनुसमर्थन करने की प्रक्रिया 1995 में शुरू हुई। चोर्नोविल, यूक्रेन के अधिकांश अन्य दक्षिणपंथी और मध्यमार्गी राजनेताओं की तरह, खुद को कुचमा के साथ गठबंधन में पाया क्योंकि संसदीय वामपंथियों ने भूमि की बिक्री और खरीद को रोकने और सोवियत युग के स्थानीय सरकारी निकायों के संरक्षण के लिए संवैधानिक लेखों पर जोर दिया। चोर्नोविल ने 25 मार्च 1995 को संकेत दिया कि उन्होंने कुचमा के प्रस्तावित संविधान का समर्थन किया है, हालांकि पत्रकार यूरी लुकानाव का कहना है कि उन्होंने व्यक्त किया कि इसके अंगीकरण पर 'रूख' को "ग्यारह गंभीर आपत्तियां" थीं।{{sfn|Lukanov|2023}}
कुचमा के प्रस्तावित संविधान को ओलेक्ज़ेंडर मोरोज़ द्वारा एक अत्यधिक-केंद्रीकृत राज्य बनाने के रूप में वर्णित किया गया था जिसमें कार्यपालिका के लिए मजबूत शक्तियां थीं और एक स्वतंत्र न्यायपालिका का अभाव था। उन्होंने सबसे पहले कुचमा के संविधान को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मार्च में "ऐसा अलोकतांत्रिक संविधान यूरोप में कहीं नहीं है"। हालाँकि, उस वर्ष जून में, मोरोज़ ने "संवैधानिक आयोग" के हिस्से के रूप में कुचमा और 38 अन्य व्यक्तियों के साथ दूसरा संवैधानिक मसौदा तैयार किया। इस मसौदे को बदले में दाएं और मध्य द्वारा उसी कारण से खारिज कर दिया गया था जिस कारण मोरोज़ ने पहले मसौदे को खारिज कर दिया था। 24 नवंबर को, चोर्नोविल ने ''चास-टाइम'' समाचार पत्र में लिखा कि मसौदा "संसदीय विरोधी" था और मसौदा तैयार करने वालों पर सुप्रीम राडा को बाधित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।{{sfn|Lukanov|2023}} अंततः 28 जून 1996 को एक संविधान अपनाया गया, हालांकि निजी संपत्ति के अधिकार, एक एकात्मक राज्य के रूप में यूक्रेन की पुष्टि और आत्मनिर्णय के लिए यूक्रेनी लोगों के अधिकार जैसे 'रूख' द्वारा समर्थित कई प्रावधानों को नहीं अपनाया गया।{{sfn|Lukanov|2023}}
संविधान के अलावा, चोर्नोविल ने 1994 में वासिल सिमोनेनको इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में काम करना शुरू किया। उसी वर्ष उन्हें यूरोप की परिषद की संसदीय सभा में पहले यूक्रेनी प्रतिनिधियों में से एक के रूप में भी नियुक्त किया गया था,{{sfn|Fedunyshyn|2019|p=138}} और यूक्रेनी रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ प्रथम चेचन युद्ध के दौरान चेचन नागरिकों को 50 टन मानवीय सहायता के दान का आयोजन किया।{{sfn|Pustovhar|2024}} समाचार पत्र ''गाज़ेटा.यूए'' ने 2017 में लिखा था कि पैट्रिआर्क वलोडिमिर के अंतिम संस्कार के दौरान चोर्नोविल यूक्रेनी रूढ़िवादी चर्च - कीव पैट्रिआर्कट के समर्थकों में से थे, जिनके साथ उन्हें कैद किया गया था, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें सेंट सोफिया कैथेड्रल में दफनाने का प्रयास किया था,{{sfn|Gazeta.ua 2017}} हालांकि यूक्रेनी राष्ट्रीय स्मृति संस्थान इंगित करता है कि इसके बजाय उन्होंने दफन जारी रखने की मांग की थी।{{sfn|Ukrainian Institute of National Memory}} चोर्नोविल ने अपने राष्ट्रपति पद के शुरुआती वर्षों में कई मौकों पर कुचमा की सरकारी पदों पर राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक नेताओं की नियुक्ति के लिए प्रशंसा की।{{sfn|Bondarenko|2002}} चोर्नोविल ने 14 से 16 सितंबर 1994 तक ओडेसा का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने 'रूख' की राजनीति और ऐतिहासिक भूमिका पर ओडेसा नेशनल पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में एक सम्मेलन की मेजबानी की। ओडेसा पॉलिटेक्निक में चोर्नोविल के भाषण ने लोकतांत्रिक मानदंडों को मजबूत करने और आर्थिक सुधारों के माध्यम से एक मध्यम वर्ग के निर्माण की वकालत की। उसी समय, उन्होंने उभरते हुए कुलीनतंत्र की अपनी आलोचना जारी रखी।{{sfn|Honcharuk|2018|p=45}}
1997 में, चोर्नोविल ने मोरोज़ के साथ अपने विवाद को बढ़ा दिया, उनके भाषणों को "आदिम लोकलुभावनवाद" के रूप में निंदा की और यूक्रेन में राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ाने के लिए उन्हें दोषी ठहराया।{{sfn|Suspilne 1997}} चोर्नोविल ने अन्य मध्य और पूर्वी यूरोपीय राज्यों के साथ यूक्रेनी एकीकरण की वकालत भी तेजी से की, बेलारूसी असंतुष्ट ज़ियानोन पज़नियाक के साथ एक "बाल्टिक-ब्लैक सी यूनियन", या मिज़्मोरिया की स्थापना का आह्वान किया। उन्होंने अतिरिक्त रूप से काला सागर के विसैन्यीकरण और नाटो में यूक्रेनी सदस्यता की वकालत की। अमेरिकी विदेश मंत्री मेडेलीन अलब्राइट, पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री मार्गरेट थैचर और चेक राष्ट्रपति वाक्लाव हावेल जैसे पश्चिमी सहयोगियों ने कई मौकों पर चोर्नोविल से मुलाकात की, और पश्चिमी नेताओं द्वारा यूक्रेन के बड़े पैमाने पर पूर्व कम्युनिस्ट नेतृत्व की तुलना में उन्हें तेजी से अधिक भरोसेमंद वार्ताकार के रूप में माना जाने लगा।{{sfn|Bila|2021}} चोर्नोविल एक समर्पित अटलांटिसवादी थे, और उन्होंने यूक्रेन के नाटो और [[यूरोपीय संघ]] दोनों का सदस्य बनने की वकालत की। उन्होंने यूक्रेन को यूरोपीय एकीकरण के लिए अभिन्न माना।{{sfn|Derevinskyi|p=118}}
मुट्ठी भर अन्य राजनेताओं के साथ, चोर्नोविल ने 1997 में चेचन गणराज्य इचकेरिया के राष्ट्रपति के रूप में असलान मस्खादोव के उद्घाटन में भाग लिया।{{sfn|Ukraina Moloda 2011}} 'रूख' ने उसी वर्ष अक्टूबर में औपचारिक रूप से कुचमा के शासन के विरोध में खुद को घोषित किया।{{sfn|Gawdiak|2003|p=7}}
==== 1998 के चुनाव ====
[[File:Вибори до ВР України 1998.svg|alt=1998 के यूक्रेनी संसदीय चुनाव के परिणामों का एक रंगीन मानचित्र|thumb|left|1998 के यूक्रेनी संसदीय चुनाव के परिणामों का मानचित्र; 'रूख' ने पश्चिमी यूक्रेन में वोट पर हावी रहा]]
चोर्नोविल ने फिर से 1998 के संसदीय चुनाव में 'रूख' का नेतृत्व किया, इस बार पार्टी के आनुपातिक प्रतिनिधित्व सूची में पहले उम्मीदवार के रूप में चल रहे थे।{{sfn|3rd Verkhovna Rada}} चुनाव के दौरान, 'रूख' ने संघवाद पर अपना रुख बदल दिया, चोर्नोविल ने तर्क दिया कि यूक्रेन को एक संघीय गणराज्य बनने के लिए आह्वान "कबीले संघवाद" थे।{{sfn|Semkiv|2014}} चोर्नोविल के साथ वलोडिमिर चेर्नियाक, विदेश मंत्री हेनादिय उदोवेंको, ड्रेच और पर्यावरण मंत्री यूरी कोस्टेंको प्रमुख पार्टी-सूची के उम्मीदवारों के रूप में, क्रीमियन तातार कार्यकर्ता मुस्तफा दज़ेमिलेव के साथ शामिल हुए। 'रूख' ने चुनाव लड़ने के लिए किसी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं किया, हालांकि इसके उम्मीदवारों में गैर-सरकारी संगठनों जैसे 'प्रोस्विता' और 'यूक्रेनी महिला संघ' के सदस्य शामिल थे। पार्टी ने आम तौर पर वामपंथ के खिलाफ प्रचार किया।{{sfn|Gawdiak|2003|p=7}} चोर्नोविल ने वामपंथी और दक्षिणपंथी 'कांग्रेस ऑफ यूक्रेनी नेशनलिस्ट्स' के खिलाफ गठबंधन बनाने के लिए सभी राष्ट्रीय-लोकतांत्रिक दलों का आह्वान किया, साथ ही कुचमा-समर्थक पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और 'सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ यूक्रेन (यूनाइटेड)' के साथ एक महागठबंधन का भी तर्क दिया।{{sfn|Ukraina Moloda 2011}} किसी भी दल ने चोर्नोविल के गठबंधन के अनुरोधों पर सहमति नहीं जताई।{{sfn|Smiian|2017}}
यद्यपि वे सुप्रीम राडा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थे, परिणाम 'रूख' के लिए सकारात्मक था, जिसने 1994 की तुलना में अपनी सीटें दोगुनी कर दीं।{{sfn|Bilyk|2019|p=39}} सामान्य रूप से दक्षिणपंथियों के लिए, हालांकि, चुनाव निराशाजनक था, क्योंकि केवल 'रूख' ने पार्टी-सूची प्रतिनिधित्व के लिए 4% की सीमा पार की और सामान्य रूप से दक्षिणपंथियों ने 20-25% सीटों के अपने पारंपरिक परिणाम से कम प्रदर्शन किया।{{sfn|Birch|Wilson|1999|p=280}} 'रूख' ने चुनाव के बाद अवैध के रूप में चुनाव परिणामों को चुनौती देने के अपने इरादे की घोषणा की। यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी फिर से सुप्रीम राडा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई, जिसमें वामपंथी दलों ने बहुमत बनाया। हालांकि उन्होंने नोट किया कि परिणाम दक्षिणपंथियों के लिए पिछले चुनाव जितने खराब नहीं थे,{{sfn|Gawdiak|2003|p=5}} चोर्नोविल अभियान से थक गए थे और लगातार थके हुए होने की सार्वजनिक छवि प्राप्त की।{{sfn|Smiian|2017}} उस समय, वे 'चास-टाइम' और राजनीति के बीच प्रतिबद्धताओं को संतुलित करने के कारण प्रतिदिन पाँच घंटे से अधिक नहीं सो रहे थे। ल्वीव ओब्लास्ट में, उनके पारंपरिक समर्थन आधार और पूरे यूक्रेन में हुए निजीकरण के खिलाफ एक होल्डआउट में, 'रूख' की सरकार को एग्रेरियन पार्टी द्वारा बदल दिया गया था, जिसके तहत किकबैक, मनी लॉन्ड्रिंग और व्यापारिक विवादों के परिणामस्वरूप हिंसा से जुड़े राजनीतिक घोटाले आम हो गए।{{sfn|Kushnir|2011}}
==== नौवीं कांग्रेस, 1999 राष्ट्रपति चुनाव, 'रूख' में विभाजन ====
12 से 13 दिसंबर 1998 तक आयोजित 'रूख' की नौवीं कांग्रेस में, चोर्नोविल ने 1999 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति की घोषणा की। "फॉरवर्ड्स, टू द ईस्ट" नामक, इसमें पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन की आबादी पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया गया था, जबकि यूक्रेनी के साथ सह-आधिकारिक भाषा के रूप में रूसी की स्थापना के लिए अपना विरोध बनाए रखा।{{sfn|Adamovych|2018|p=24}}
उसी कांग्रेस में, चोर्नोविल ने 1999 के चुनाव में दूसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के अपने इरादे की घोषणा की। चोर्नोविल और हेनादिय उदोवेंको राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित होने वाले 'रूख' के दो प्राथमिक उम्मीदवार थे; अंतिम निर्णय बाद की तारीख में लिया जाना था।{{sfn|Hai-Nyzhnyk|2012}} केंद्र-दक्षिणपंथी रिफॉर्म्स एंड ऑर्डर पार्टी के नेता विक्टर पिन्ज़ेनिक के अनुसार, उन्होंने और चोर्नोविल ने यूक्रेन के नेशनल बैंक के गवर्नर विक्टर युशचेंको को 1999 में राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ने के लिए मनाने का भी प्रयास किया।{{sfn|Espreso TV 2018}}
इस समय तक, 'रूख' के उन सदस्यों के बीच विभाजन तेजी से स्पष्ट हो रहा था जो चोर्नोविल को एक पुरानी शख्सियत मानते थे और वे जो उनका समर्थन करते थे। पार्टी के भीतर चोर्नोविल के विरोधियों ने उन्हें अति-सत्तावादी, पार्टी नियमों का अनादर करने वाला{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} और कुचमा के बहुत करीब माना;{{sfn|Ovsiienko|2022|p=146}} चोर्नोविल के समर्थकों ने भी उनके विरोधियों को कुचमा के बहुत करीब माना{{sfn|Ovsiienko|2022|p=146}} और पैसे वाले हितों द्वारा समर्थित माना।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=3}} यूक्रेनी इतिहासकार पावलो हाई-न्यज़्न्यक ने कहा है कि चोर्नोविल ने जनवरी 1999 में राष्ट्रपति पद के नामांकन से अपना नाम वापस ले लिया{{sfn|Hai-Nyzhnyk|2012}} और जेम्सटाउन फाउंडेशन के अनुसार उन्होंने उदोवेंको का समर्थन किया,{{sfn|Jamestown Foundation 1999}} हालांकि चोर्नोविल के बेटे तारास ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि वे अपनी मृत्यु तक राष्ट्रपति पद के लिए प्रचार कर रहे थे।{{sfn|Khalupa|2004}}
यह विभाजन फरवरी 1999 में अपने चरम पर पहुंच गया। यूरी कोस्टेंको ने 'रूख' के एक दल का नेतृत्व करते हुए 17{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} या 19 फरवरी{{sfn|Koshiw|1999}} की संसदीय बैठक में चोर्नोविल को नेता के पद से हटाने की घोषणा की, और 27 फरवरी को अपने समर्थकों की बैठक में खुद को पार्टी का नेता घोषित किया।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=1}} चोर्नोविल ने 22 फरवरी के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया जहाँ उन्होंने उनकी तुलना स्टेट कमेटी ऑन द स्टेट ऑफ़ इमरजेंसी से की, जिसने 1991 के सोवियत तख्तापलट का नेतृत्व किया था और उन पर यूक्रेनी सरकार से प्रति माह $40,000 लेने, 'रूख' कार्यालय से 4,000 रिव्निया लेने और 'रूख' पीपुल्स डिप्टी ओलेह इश्चेंको से दस लाख डॉलर की रिश्वत लेने का आरोप लगाया। ''कीव पोस्ट'' के उप संपादक जारोस्लाव कोशिव ने 25 फरवरी के एक राय लेख में लिखा था कि कोस्टेंको के दलबदल के बाद केवल 17 प्रतिनिधि ही चोर्नोविल के प्रति वफादार रहे।{{sfn|Koshiw|1999}}
'रूख' से जुड़े कई समाचार पत्र इस झगड़े से विभाजित हो गए; 11 ने चोर्नोविल का समर्थन किया, जबकि पाँच ने कोस्टेंको का समर्थन किया। ''दज़ेरकालो त्ज़न्ह्या'' ने एक स्वतंत्र रुख अपनाया, लेकिन आम तौर पर कुचमा और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार येवहेन मार्चुक के साथ विभाजन के लिए चोर्नोविल को दोषी ठहराया।{{sfn|Ovsiienko|2022|p=145}} चोर्नोविल और उनके अनुयायी विभाजन के बाद कोस्टेंको के गुट के प्रति तिरस्कारपूर्ण थे; लेस् तनयुक ने कहा कि "ये वे लोग हैं जो अभी अपने मर्सिडीज पाने और अपने डाचा बनाने के लिए अधिक चिंतित हैं", जबकि चोर्नोविल ने कोस्टेंको के अधिग्रहण के प्रयास को "पार्टी का निजीकरण" बताया और कुचमा और सरकार को विभाजन को व्यवस्थित करने के लिए दोषी ठहराया।{{sfn|Woronowycz 1999a|p=3}}
चोर्नोविल की मौत से जुड़ी 2012 की अदालती कार्यवाही में, उदोवेंको ने गवाही दी कि फरवरी 1999 में रूसी संघीय सुरक्षा सेवा (FSB) द्वारा नियोजित एक यूक्रेनी नागरिक व्याचेस्लाव बाबेन्को ने उनसे संपर्क किया था। उदोवेंको के अनुसार, बाबेन्को ने उन्हें चेतावनी दी थी कि रूसी खुफिया एजेंसियों को शामिल करते हुए चोर्नोविल के जीवन पर एक प्रयास होगा। चोर्नोविल ने बाबेन्को की चेतावनी को डराने-धमकाने का प्रयास बताकर खारिज कर दिया। चोर्नोविल की मौत की जांच करने का काम सौंपे गए आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक कर्मचारी मायकोला स्टेपनेन्को ने बाबेन्को को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में उल्लेख किया जिसे चोर्नोविल की दैनिक दिनचर्या और यात्रा योजनाओं का पर्याप्त ज्ञान था।{{sfn|Ukrainska Pravda 2012}}
चोर्नोविल ने 24 फरवरी को 'रूख' के संसदीय गुट का नाम बदलकर "पीपुल्स मूवमेंट ऑफ यूक्रेन - 1" कर दिया। 28 फरवरी को, कोस्टेंको के समर्थकों ने 'रूख' की दसवीं कांग्रेस के रूप में संदर्भित किया, जिसके दौरान उन्होंने घोषणा की कि चोर्नोविल को आधिकारिक तौर पर नेता के पद से हटा दिया गया है और पार्टी के विरोध की अवधि को "समान भागीदारी" में से एक द्वारा बदल दिया जाएगा। चोर्नोविल के अनुयायियों की एक कांग्रेस, जिसे चोर्नोविल द्वारा नौवीं कांग्रेस के "दूसरे चरण" के रूप में संदर्भित किया गया था, 7 मार्च को आयोजित की गई थी और इसमें 'रूख' विधानसभा के 520 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, जो पार्टी के क़ानून के तहत दो-तिहाई आवश्यकता से अधिक था।{{sfn|Ovsiienko|2022|pp=147–148}}
== मृत्यु और अंतिम संस्कार ==
24 मार्च 1999 को, चोर्नोविल किरोवोह्राद शहर में एक अभियान कार्यक्रम में थे, या तो अपने लिए या उदोवेंको के लिए।{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1}} किरोवोह्राद में रहते हुए, उन्होंने एक साक्षात्कार दिया जहाँ उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि यूक्रेन के वित्तीय और संगठित अपराध कुलों ने इसे नष्ट करने और वित्तीय पूंजी के और संचय को सुरक्षित करने के प्रयास में 'रूख' को लक्षित किया था। उन्होंने आगे दावा किया कि कुचमा केवल अपने विरोधियों की हत्या करके या उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ करके ही जीत सकते हैं। उनके आखिरी फोन कॉल का विवरण विवादित है; उनकी बहन वेलेंटीना ने कहा है कि उन्होंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और 'रूख' के विभाजन को "हमारे पीछे" बताया,{{sfn|Fedunyshyn|2019|pp=138–139}} जबकि कोस्टेंको ने आरोप लगाया कि उन्होंने संकेत दिया कि उन्होंने अपना मन बदल लिया है और राष्ट्रपति पद के लिए उदोवेंको के बजाय उनका समर्थन करना चाहते हैं।{{sfn|Perevozna|2007}}
25 मार्च 1999 की मध्यरात्रि से ठीक पहले,{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} चोर्नोविल किरोवोह्राद से कीव लौट रहे थे, उनके साथ सहयोगी येवहेन पावलोव और 'रूख' के प्रेस सचिव दिमित्रो पोनोमारचुक थे। बोरिस्पिल से पांच किलोमीटर दूर, 140 किमी/घंटा की गति से यात्रा करते हुए,{{sfn|Yasynskyi|2021}} चोर्नोविल की टोयोटा कोरोला अनाज ले जाने वाली एक कामाज़ लॉरी से टकरा गई, जो राजमार्ग पर एक मोड़ पर रुक रही थी। चोर्नोविल और पावलोव दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पोनोमारचुक को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।{{sfn|Karatnycky|2024|p=45}}
[[File:Будинок учителя, Київ.jpg|alt=कांच की छत वाली एक ईंट की इमारत|thumb|कीव सिटी टीचर्स हाउस, जो कभी सेंट्रल राडा की सीट थी, जहाँ चोर्नोविल का अंतिम संस्कार हुआ था]]
चोर्नोविल का अंतिम संस्कार 29 मार्च को कीव के सिटी टीचर्स हाउस में आयोजित किया गया था,{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1}} जिसमें एक जुलूस बैकोव कब्रिस्तान में उनके दफनाने से पहले सेंट वलोडिमिर के कैथेड्रल की यात्रा कर रहा था।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}}{{sfn|Woronowycz 1999b|p=4}} ''[[द गार्जियन]]'' ने बताया कि "दसियों हज़ार यूक्रेनियन" मौजूद थे;{{sfn|Marusenko|1999}} मिलिशिया ने 10,000 के आंकड़े का दावा किया; जबकि ''द यूक्रेनी वीकली'' ने लिखा कि लगभग 50,000 लोग "उस अंतिम संस्कार में शामिल हुए जिसे कई लोग इस शहर [कीव] में अब तक का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार मानते हैं"। उन्हें राज्य सम्मान गार्ड के साथ-साथ एक सैन्य ऑर्केस्ट्रा भी दिया गया था। यूक्रेन के अधिकांश राजनीतिक अभिजात वर्ग अंतिम संस्कार में मौजूद थे, जिनमें क्रावचुक, कुचमा, प्रधान मंत्री वालेरी पुस्टोवोइटेंको, और सुप्रीम राडा के अध्यक्ष ओलेक्ज़ेंडर टकाचेंको, साथ ही कई पूर्व असंतुष्ट और कम्युनिस्ट पार्टी और प्रोग्रेसिव सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ यूक्रेन के उल्लेखनीय अपवादों के साथ लगभग सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे।{{sfn|Woronowycz 1999b|p=1, 4}}
=== षड्यंत्र के सिद्धांत और जांच ===
चोर्नोविल की मृत्यु में यूक्रेनी सरकार की भागीदारी का संदेह लगभग तुरंत उभर आया,{{sfn|archives.gov.ua}} जो चोर्नोविल की विवादास्पद प्रकृति और आगामी राष्ट्रपति चुनाव से भड़क गया था। आंतरिक मामलों के मंत्री यूरी क्रावचेंको ने चोर्नोविल की मृत्यु की शाम को एक टेलीविज़न भाषण में कहा कि चोर्नोविल की मृत्यु की जांच में हत्या पर विचार नहीं किया जाएगा। उनके दफन से पहले, टैन्युक और क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी के डिप्टी विटाली ज़ुरावस्की दोनों ने आरोप लगाया कि चोर्नोविल की हत्या कर दी गई थी, जबकि पत्रकार सेरही नाबोका ने उल्लेख किया कि उनकी मृत्यु की परिस्थितियाँ सोवियत नेताओं के राजनीतिक विरोधियों की अन्य संदिग्ध मौतों के समान थीं।{{sfn|Woronowycz 1999c|p=5}} लॉरी चालक पर शुरू में लापरवाही का आरोप लगाया गया था,{{sfn|Karatnycky|2024|p=45}} लेकिन एक महीने के भीतर उसे आम माफी दे दी गई,{{sfn|archives.gov.ua}} और लॉरी के एक यात्री की अस्पष्ट परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।{{sfn|Istorychna Pravda 2017}} करतनीकी, कुचमा के 1999 के अभियान के एक अनाम सदस्य का हवाला देते हुए, नोट करते हैं कि कुचमा के अन्य गैर-कम्युनिस्ट प्रतिद्वंद्वी उनके खिलाफ गठबंधन बनाने में विफल रहे, जिसके कारण अंततः उनकी जीत हुई;{{sfn|Karatnycky|2024|pp=46–47}} यूक्रेनी राजनीतिक वैज्ञानिक तारास कुज़ियो ने इसी तरह चोर्नोविल की मृत्यु के बाद कुचमा और येवहेन मार्चुक को राष्ट्रपति पद के लिए एकमात्र गंभीर गैर-वामपंथी दावेदारों के रूप में वर्णित किया।{{sfn|Kuzio|2007|p=34}}
चोर्नोविल की मृत्यु की जांच करने का पहला प्रयास अप्रैल 1999 में एक सुप्रीम राडा आयोग के साथ शुरू हुआ।{{sfn|BBC News 1999}} 2004-2005 की ऑरेंज क्रांति के बाद, कुचमा के उत्तराधिकारी विक्टर युशचेंको ने घोषणा की कि 23 अगस्त 2006 को चोर्नोविल की एक प्रतिमा के उद्घाटन समारोह में चोर्नोविल की मौत की परिस्थितियों की जांच फिर से शुरू की जाएगी।{{sfn|BBC News Ukrainian 2006}} 6 सितंबर 2006 को, आंतरिक मामलों के मंत्री यूरी लुट्सेंको ने घोषणा की कि चोर्नोविल की हत्या कर दी गई थी और इसे साबित करने वाले सबूत अभियोजक जनरल को सौंप दिए गए थे।{{sfn|Radio Ukraine 2006}} अभियोजक जनरल ऑलेक्ज़ेंडर मेदवेदको ने मामले के बारे में लुट्सेंको के बयानों को "हल्के ढंग से, अव्यवसायिक" बताकर आलोचना की, और आरोप लगाया कि जानकारी एक ऐसे व्यक्ति से आई है जिसे धोखाधड़ी के लिए दोषी ठहराया गया है और जिसके लिए इंटरपोल नोटिस जारी किया गया था।{{sfn|Yakhno|2006}} तब से, चोर्नोविल की मृत्यु की जांच को बार-बार बंद किया गया है और बिना यह निष्कर्ष निकाले फिर से खोला गया है कि चोर्नोविल एक हत्या की साजिश के शिकार थे या एक साधारण कार दुर्घटना के। बोरिस्पिल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने घोषणा की कि जनवरी 2014 में कोई हत्या की साजिश मौजूद नहीं थी और मामला बंद कर दिया, लेकिन मार्च 2015 तक यह फिर से अभियोजक जनरल के कार्यालय द्वारा जांच का विषय था।{{sfn|Harasymiw|Koshelivets|Senkus|2015}} 2019 तक, मामला जांच के अधीन रहा।{{sfn|Bellezza|2019|p=104}}
== विरासत ==
[[File:Vyacheslav Chornovil money.jpg|alt=चोर्नोविल के चेहरे को दर्शाने वाला एक सिक्का|thumb|चोर्नोविल को दर्शाने वाला 2-रिव्निया का स्मारक सिक्का]]
[[File:Stamp 2008 Chornovil.jpg|alt=एक स्टैम्प पर चोर्नोविल का एक पेंसिल चित्र|thumb|चोर्नोविल के सम्मान में यूक्रेनी टिकट, 2008]]
अपने जीवनकाल में, चोर्नोविल एक अत्यंत विवादास्पद व्यक्ति रहे। 1991 के चुनाव में उनके विरोधियों में से एक, वलोडिमिर ह्रीनीव ने 1992 में कहा था कि मतदाताओं को चोर्नोविल के राष्ट्रवादी दृष्टिकोण के अविश्वास और यह विश्वास कि वे यहूदी-विरोधी और रूसी-विरोधी थे, के कारण क्रावचुक का समर्थन करने के लिए लुभाया गया था; चोर्नोविल ने इन दावों को खारिज कर दिया, दावा किया कि "रोजमर्रा की जिंदगी में कोई यहूदी-विरोध नहीं है" और यह देखते हुए कि ल्वीव की अधिकांश जातीय-रूसी आबादी ने यूक्रेनी स्वतंत्रता का समर्थन किया था।{{sfn|Clarity|1992}} UHS के सह-नेता के रूप में, चोर्नोविल और पार्टी के अन्य नेताओं के अधिक कट्टरपंथी कम्युनिस्ट-विरोधी दृष्टिकोण ने सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी की मारियाना कोलिनचॉक के अनुसार, पार्टी में अतिवाद का लेबल ला दिया।{{sfn|Kolinchak|2007|p=5}} दाईं ओर, अधिक कट्टरपंथी राष्ट्रवादियों, जैसे कि ज़ेनोविय क्रासिव्स्की ने, राजनीतिक आदर्श के रूप में स्वतंत्रता को तुरंत अपनाने के बजाय, 1980 के दशक के अंत में सोवियत राजनीतिक संरचनाओं के भीतर काम करने के लिए चोर्नोविल और लुक्यानेंको की आलोचना की।{{sfn|Kuzio|1997|p=223}} 'रूख' के भीतर, एक सत्तावादी नेता के रूप में चोर्नोविल की धारणाओं के कारण दो विभाजन (1993 और 1999 में) हुए।{{sfn|Parfionov|1999|p=77}}
''द गार्जियन'' के एक पत्रकार पीटर मारुसेंको ने चोर्नोविल के अंतिम संस्कार की रिपोर्टिंग करते समय तर्क दिया कि यूक्रेनी इतिहास में उनके योगदान को कई यूक्रेनियन द्वारा उनकी मृत्यु के बाद तक मान्यता नहीं दी गई थी।{{sfn|Marusenko|1999}} 2017 की अपनी पुस्तक ''द नियर एब्रॉड'' में, प्रोफेसर ज़बिग्न्यू वोज्नोव्स्की ने चोर्नोविल को 20वीं सदी के शुरुआती और मध्य के राष्ट्रवादी नेता स्टीफन बांदेरा के विपरीत "यूक्रेन की अधिक समावेशी दृष्टि, स्पष्ट रूप से यूरोपीय समर्थक और कानून के शासन और संसदीय लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता से एकजुट" के रूप में वर्णित किया, और कहा कि 2013-2014 के यूरोमैडन विरोध प्रदर्शनों के दौरान चोर्नोविल का एक बड़ा पोस्टर मौजूद था।{{sfn|Wojnowski|2017|pp=207–208}} वोज्नोव्स्की ने चोर्नोविल की "सुधारवादी देशभक्ति" की विचारधारा को परिभाषित किया है, जो यूक्रेन को सुधारों का पालन करने और मध्य यूरोप के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बनाए रखने की वकालत करता है, जो कि यूरोमैडन और ऑरेंज क्रांति के बाद यूक्रेनी समाज में फैल गया।{{sfn|Wojnowski|2017|p=212}}
अधिक आलोचनात्मक रूप से, दार्शनिक और लेखक पेट्रो क्रालियुक द्वारा 2017 के 'रेडियो लिबर्टी' लेख में चोर्नोविल पर "रोमांटिसिज्म" के बदले राजनीतिक वास्तविकताओं को नज़रअंदाज़ करने और राजनीति के प्रति एक भोला रवैया रखने का आरोप लगाया गया है। विशेष रूप से, क्रालियुक 1991 के चुनाव में हार के बाद क्रावचुक के साथ काम करने से इनकार करने और संघवाद में चोर्नोविल के विश्वास को रचनात्मक नहीं मानते हैं।{{sfn|Kraliuk|2017}}
एक यूक्रेनी राज्य को फिर से स्थापित करने में उनके महत्व की मान्यता में, चोर्नोविल को 2000 में मरणोपरांत यूक्रेन के हीरो की उपाधि से सम्मानित किया गया था।{{sfn|Ukrainian Institute of National Memory 2017}} उन्हें 1996 में उनकी खोजी पत्रकारिता, विशेष रूप से उनके ''समिज्दात'' के लिए शेवचेंको राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था,{{sfn|Hrytsenko}} और 1997 में ऑर्डर ऑफ प्रिंस यारोस्लाव द वाइज से सम्मानित किया गया था।{{sfn|Kherson Oblast Universal Library 2024}} उन्हें दो बार सर्वकालिक दस सबसे लोकप्रिय यूक्रेनियनों में स्थान दिया गया है। 2008 के ''वेलीकी उक्रेन्त्सी'' पोल में, उन्हें यूक्रेन के सातवें सबसे लोकप्रिय व्यक्ति के रूप में स्थान दिया गया था, जिसमें 2.63% सर्वेक्षण वाले व्यक्तियों ने उन्हें सर्वकालिक महान यूक्रेनी के रूप में नामित किया था।{{sfn|Inter 2008}} 2022 के "पीपुल्स टॉप" पोल में, वे नौवें सबसे लोकप्रिय यूक्रेनी थे, जिसमें पिछले मतदान से संकेत मिलता था कि उनका समर्थन 2012 में 3.5% से बढ़कर 2022 में 8.7% हो गया था।{{sfn|People's Top 2022}}
2003 में, यूक्रेन के नेशनल बैंक ने चोर्नोविल को समर्पित 2 रिव्निया के नाममात्र के साथ एक स्मारक सिक्का जारी किया।{{sfn|National Bank of Ukraine}} 2009 में, चोर्नोविल को समर्पित एक यूक्रेनी स्टैम्प जारी किया गया था।{{sfn|Ukrinform 2008}}
== नोट्स ==
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== सन्दर्भ ==
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=== पुस्तकें ===
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* {{Cite book |last=Adamovych |first=Serhii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=8–12 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Ставлення Народного Руху України до національних меншин напередодні здобуття державної незалежності |trans-chapter=Attitude of the People's Movement of Ukraine towards national minorities on the eve of the attainment of state independence|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Bazhan |first=Oleh |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=31–36 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл як об'єкт секретної справи КДБ «Блок» |trans-chapter=Viacheslav Chornovil as an object of the KGB's secret 'Bloc' case|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Bilyk |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=14–18 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Мовна політика в діяльності лідерів НРУ |trans-chapter=Language politics in the activities of the leaders of the NRU}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Вячеслав Чорновіл. Твори в десяти томах. Том 5. публіцистика, документи, матеріали «Справи No.196» (1970–1984) |publisher=Smoloskyp |year=2007 |isbn=978-966-7332-87-7 |editor-last=Chornovil |editor-first=Valentyna |location=Kyiv |page=911 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil: Works in Ten Books. Book 5: Publications, Documents, and Materials of "Case No. 196" (1970–1984)}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Вячеслав Чорновіл. Твори в десяти томах. Том 6. Документи та матеріали (листопад 1985 – квітень 1990) |publisher=Smoloskyp |year=2009 |isbn=978-966-2164-07-7 |editor-last=Chornovil |editor-first=Valentyna |location=Kyiv |pages=1051 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil: Works in Ten Books. Book 6: Documents and Materials (November 1985–April 1990)}}
* {{Cite book |last=Chornovil |first=Viacheslav |title=Шлях до незалежності: суспільні настрої в Україні кін. 80-х рр. ХХ ст. Документи і матеріали. До 20-ї річниці незалежності України |publisher=[[Institute of History of Ukraine]] |year=2011 |isbn=978-966-02-5425-1 |editor-last=Smoliy |editor-first=Valeriy |editor-link=Valeriy Smoliy |location=Kyiv |pages=81–83 |language=uk |trans-title=Path to Independence: Public attitudes in late 1980s Ukraine: Documents and Materials: to the 20th anniversary of Ukrainian independence |chapter=Лист-відповідь В. Чорновола «Ось же вона, охоронна журналістика!» Любомирі Петрівні та Миколі Яковичу (авторам статті «Під маскою борців за гласність» / Вільна Україна, 20.12.1987 р.) |trans-chapter=V. Chornovil's letter response "Here it is, secure journalism!" to Lyubomira Petrivna and Mykola Yakovych (authors of the article "Under the Mask of Fighters for Glasnost" / Free Ukraine, 20.12.1987)}}
* {{Cite book |last=Danylenko |first=Viktor |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=25–30 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Політичний нагляд за діяльністю В. Чорновола в роки «перебудови» (друга половина 1980-х рр.) |trans-chapter=Political supervision of V. Chornovil's activities in the Perestroika years (second half of the 1980s)}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |url=https://irbis-nbuv.gov.ua/ulib/item/ukr0000015008 |title=В'ячеслав Чорновіл |publisher=Family Leisure Club |year=2017 |location=Kharkiv |pages=383 |language=uk |trans-title=Viacheslav Chornovil |ref={{sfnRef|Derevinskyi 2017a}}}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=47–55 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл та кримське питання |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the Crimean question|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Derevinskyi |first=Vasyl |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=17–23 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл: П'ятиріччя незалежності та неукраїнська Україна |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: Five Years of Independence and a Non-Ukrainian Ukraine}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=197–203 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Правозахисна діяльність В. Чорновола у 1960–1970-х рр. |trans-chapter=Human rights activities of V. Chornovil in the 1960s and 1970s|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=137–142 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл і Народний Рух України |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the People's Movement of Ukraine}}
* {{Cite book |last=Fedunyshyn |first=Liubomyra |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=117–121 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Емоційно-психологічний світ Вячеслава Чорновола |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's emotional and psychological world}}
* {{Cite book |last=Fedyk |first=Lidiia |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=132–136 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Особливості «вирішення національного питання» в УРСР крізь призму поглядів В. Чорновола |trans-chapter=Idiosyncracies of the "solution to the national question" in the Ukrainian SSR through the prism of V. Chornovil's views}}
* {{Cite book |last=Finnin |first=Rory |title=Blood of Others: Stalin's Crimean atrocity and the poetics of solidarity |publisher=[[University of Toronto Press]] |year=2022 |isbn=978-1-4875-3700-5 |location=Toronto |pages=334 |jstor=10.3138/j.ctv2p7j53j |lccn=2024391355}}
* {{Cite book |last=Hai-Nyzhnyk |first=Pavlo |author-link=Pavlo Hai-Nyzhnyk |title=Українська багатопартійність: політичні партії, виборчі блоки, лідери (кінець 1980-х – початок 2012 рр.). Енциклопедичний довідник |publisher=I. F. Kuras Institute of Political and Ethnonational Studies, National Academy of Sciences of Ukraine |year=2012 |location=Kyiv |pages=274–280 |language=uk |trans-title=Ukrainian Multi-Partisanship: Political Parties, Electoral Blocs, Leaders (Late 1980s–Early 2012): an Encyclopedic Overview |chapter=Народний Рух України |trans-chapter=People's Movement of Ukraine |chapter-url=https://hai-nyzhnyk.in.ua/doc/2012doc..n2.php}}
* {{Cite book |last=Honcharuk |first=Hryhorii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=45–46 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл в Одесі |trans-chapter=Viacheslav Chornovil in Odesa|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Karatnycky |first=Adrian |title=Battleground Ukraine: From Independence to the War with Russia |publisher=[[Yale University Press]] |year=2024 |isbn=978-0-300-26946-8 |location=New Haven and London |pages=346 |lccn=2023949848}}
* {{Cite book |last=Wojnowski |first=Zbigniew |title=The Near Abroad: Socialist Eastern Europe and Soviet Patriotism in Ukraine, 1956–1985 |publisher=[[University of Toronto Press]] |year=2017 |isbn=9781442631069 |location=Toronto, Buffalo, London |pages=317 |doi=10.3138/9781442631069}}
* {{Cite book |last=Kobuta |first=Stepan |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=36–40 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Майбутній державно-політичний устрій та система владних відносин в Україні у бачення В.Чорновола у 1988–1991 роках |trans-chapter=The future state-political organisation and system of governing relations in Ukraine in the vision of V. Chornovil, 1988–1991|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Kozhanov |first=Andrii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=41–45 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Нонконформізм і протестні настрої на Одещині (1960–1980 рр.) |trans-chapter=Non-conformism and protest moods in Odeshchyna (1960–1980)|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last1=Kozhanov |first1=Andrii |last2=Shypotilova |first2=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=32–35 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Неформальна преса як форма діяльності українських націонал-демократичних сил на завершальному етапі «перебудови» |trans-chapter=Informal press as a form of activity of Ukrainian National-Democratic forces at the final stage of perestroika}}
* {{Cite book |last=Krupnyk |first=Liuba |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=43–49 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Роль Вячеслава Чорновола в ході Української національго-демократичної революції кінця 1980-х – 1991 років |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's role during the Ukrainian National-Democratic revolution of the late 1980s–1991}}
* {{Cite book |last=Kulchytskyi |first=Stanislav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=50–63 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Діяльність Вячеслава Чорновола під час суверенізації радянської України (1990) |trans-chapter=Viacheslav Chornovil's activities during the sovereigntisation of Soviet Ukraine (1990)}}
* {{Cite book |last=Lazorkin |first=Vitalii |author-link=Vitalii Lazorkin |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=63–76 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вячеслав Чорновіл. Деякі сторінки з історії творення збройних сил України |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: Some pages on the history of the Armed Forces of Ukraine's establishment|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Malynovskyi |first=Valentyn |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=71–77 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Вплив ІІІ Всеукраїнських Зборів НРУ на подальший розвиток організації |trans-chapter=Influence of the Third All-Ukrainian Assembly of the NRU on further development of the organisation}}
* {{Cite book |last=Marples |first=David R. |url=https://link.springer.com/book/10.1007/978-1-349-10880-0 |title=Ukraine under Perestroika: Ecology, Economics and the Workers' Revolt |publisher=University of Alberta Press |year=1991 |isbn=9780888642295 |pages=243 |author-link=David R. Marples |doi=10.1007/978-1-349-10880-0 }}
* {{Cite book |last=Marynovych |first=Myroslav |author-link=Myroslav Marynovych |id={{Project MUSE|84843|type=book}} |title=The Universe behind Barbed Wire: Memoirs of a Ukrainian Soviet Dissident |publisher=University of Rochester Press |year=2021 |isbn=978-1-78744-832-2 |editor-last=Younger |editor-first=Katherine |location=Rochester |pages=453 |translator-last=Hayuk |translator-first=Zoya }}
* {{Cite book |last=Matiash |first=V. I. |title="Я вірую в свій народ!": До 80-річчя від дня народження В.М. Чорновола |publisher=Oles Honchar Poltava Regional Children's Library |year=2017 |location=Poltava |pages=41 |language=uk |trans-title="I Believe in my People!": to the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil}}
* {{Cite book |last=Melnykova-Kurhanova |first=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=78–83 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Правозахисна публіцистика та діяльність Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The human rights writing and activity of Vyacheslav Chornovil}}
* {{Cite book |last=Ostrovskyi |first=Valerii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=105–117 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл і Зіновій Красівський: переплетіння доль і звершень |trans-chapter=Viacheslav Chornovil and Zinovii Krasivskyi: intertwined fates and achievements |ref={{sfnRef|Ostrovskyi 2018a}}|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Ostrovskyi |first=Valerii |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=118–127 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Трактування історії України в епістолярній спадщині Вячеслава Чорновола |trans-chapter=Interpretations of the history of Ukraine in the epistolary heritage of Vyacheslav Chornovil |ref={{sfnRef|Ostrovskyi 2018b}}|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Parfionov |first=Aleksandr |url=https://books.google.com/books?id=810jAQAAIAAJ |title=Between Russia and the West: Foreign and Security Policy of Independent Ukraine |publisher=[[Peter Lang (publisher)|Peter Lang]] |year=1999 |isbn=9780820446295 |editor-last=Spillman |editor-first=Kurt R. |series=Studies in Contemporary History and Security Policy |volume=2 |pages=75–94 |chapter=Foreign and Security Policy Views of Relevant Ukrainian Political Forces |issn=1422-8327 |editor-last2=Wenger |editor-first2=Andreas |editor-last3=Müller |editor-first3=Derek}}
* {{Cite book |last=Paska |first=Bohdan |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=132–144 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Взаємини Вячеслава Чорноволо та Валентина Мороза: від співпраці до конфронтації |trans-chapter=Relations between Vyacheslav Chornovil and Valentin Moroz: from cooperation to confrontation|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Pipash |first=Volodymyr |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=79–140 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Націонал-комунізм та національно орієнтовані комуністи в Україні (60-ті – 80-ті рр. ХХ ст.) |trans-chapter=National communism and the national orientation of communists in Ukraine (1960s–1980s)}}
* {{Cite book |last=Riabinin |first=Yevhen |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=89–92 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Ідеї В.Чорновола стосовно державно-територіального устрою України |trans-chapter=V. Chornovil's ideas regarding the state and territorial structure of Ukraine}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Другі Чорновілські читання. Матеріали наукової конференції, присвяченої 75-й річниці з дня народження В'ячеслава Чорновола |year=2014 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Ternopil |pages=127–137 |language=uk |trans-title=Second Chornovil Readings: Materials of the Scientific Conference celebrating the 75th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=В'ячеслав Чорновіл: на роздоріжжі шістдесятницта |trans-chapter=Viacheslav Chornovil: at the crossroads of the sixties}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорновілські читання. Візія майбутнього України: Матеріали III і IV наукових конференцій, присвячених 80-й річниці з дня народження Вячеслава Чорновола |publisher=Beskydy |year=2018 |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv, Ternopil |pages=174–184 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: a Vision of Ukraine's Future: materials of the third and fourth scientific conferences celebrating the 80th birth anniversary of Viacheslav Chornovil |chapter=Вячеслав Чорновіл і криза дисидентства у період перебудови|trans-chapter=Viacheslav Chornovil and the crisis of dissent in the perestroika period|url=https://shron2.chtyvo.org.ua/Zbirnyk_statei/Chornovolivski_chytannia_Viziia_maibutnoho_Ukrainy_Materialy_III_i_IV_naukovykh_konferentsii_prysvia.pdf}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=124–131 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Концепція антикомунісичної революції Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Conception of Viacheslav Chornovil's Anticommunist Revolution}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали VI Всеукраїнської наукової конференції |date=14 March 2020 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=123–136 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 6th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Шевченкіана Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Shevchenkiana of Viacheslav Chornovil|url=https://www.academia.edu/127917089/%D0%A7%D0%BE%D1%80%D0%BD%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D0%BB%D1%96%D0%B2%D1%81%D1%8C%D0%BA%D1%96_%D1%87%D0%B8%D1%82%D0%B0%D0%BD%D0%BD%D1%8F_v%D0%B0%D1%82%D0%B5%D1%80%D1%96%D0%B0%D0%BB%D0%B8_VI_%D0%92%D1%81%D0%B5%D1%83%D0%BA%D1%80%D0%B0%D1%97%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%BE%D1%97_%D0%BD%D0%B0%D1%83%D0%BA%D0%BE%D0%B2%D0%BE%D1%97_%D0%BA%D0%BE%D0%BD%D1%84%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%BD%D1%86%D1%96%D1%97_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_14_%D0%B1%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B7%D0%BD%D1%8F_2020_%D1%83%D0%BF%D0%BE%D1%80%D1%8F%D0%B4_%D0%92_%D0%A4_%D0%94%D0%B5%D1%80%D0%B5%D0%B2%D1%96%D0%BD%D1%81%D1%8C%D0%BA%D0%B8%D0%B9_%D0%9A%D0%B8%D1%97%D0%B2_%D0%91%D0%B5%D1%81%D0%BA%D0%B8%D0%B4%D0%B8_2020_150_%D1%81}}
* {{Cite book |last=Seko |first=Yaroslav |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=93–103 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Драгоманівський контекст ідеї федералізму Вячеслава Чорновола |trans-chapter=The Drahomanov context of Viacheslav Chornovil's ideas of federalism}}
* {{Cite book |last=Shanovska |first=Olena |title=Чорноволівські читання: Матеріали V Всеукраїнської наукової конференції |date=15 March 2019 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=143–146 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 5th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Еволюція світоглядних позицій В. Чорновола: від комуністичної прихильності до категоричного неприйняття радянської ідеології |trans-chapter=Evolution of the position of V. Chornovil's worldview: from communist participation to categorical rejection of Soviet ideology}}
* {{Cite book |last=Yurash |first=Andrii |title=Чорноволівські читання: Матеріали VII Всеукраїнської наукової конференції |date=27 March 2021 |publisher=Beskydy |editor-last=Derevinskyi |editor-first=Vasyl |location=Kyiv |pages=134–140 |language=uk |trans-title=Chornovil Readings: materials of the 7th all-Ukrainian scientific conference |chapter=Релігійні та етнонаціональні політики в сучасній Україні: плюралізм чи хаос? |trans-chapter=Religious and ethno-national politics in modern Ukraine: pluralism or chaos?}}
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=== जर्नल लेख ===
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* {{Cite journal|last=Adamovych|first=Serhii|date=2018|title=Vyacheslav Chornovil – intelektual, polityk, tvorets novitnoyi Ukrayinskoyi derzhavnosti|trans-title=Viacheslav Chornovil: an intellectual, a politician and the creator of modern Ukrainian statehood|url=http://lib.pnu.edu.ua:8080/handle/123456789/4255|journal=Beskedy|language=uk|pages=5|isbn=978-966-457-176-7|via=Precarpathian National University Repository|archive-date=15 March 2022|access-date=3 February 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20220315130315/http://lib.pnu.edu.ua:8080/handle/123456789/4255|url-status=live}}
* {{Cite journal|last=Bellezza|first=Simone A.|date=Winter 2019|title=The "Transnationalization" of Ukrainian Dissent: New York City Ukrainian Students and the Defense of Human Rights, 1968–80|url=https://muse.jhu.edu/pub/28/article/717541/pdf|journal=[[Kritika: Explorations in Russian and Eurasian History]]|volume=20|issue=1|pages=99–120|doi=10.1353/kri.2019.0005|via=Project MUSE|url-access=subscription}}
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* {{Cite web|last1=Harasymiw|first1=Bohdan|last2=Koshelivets|first2=Ivan|last3=Senkus|first3=Roman|date=2015|title=Chornovil, Viacheslav|url=https://www.encyclopediaofukraine.com/display.asp?linkpath=pages%5CC%5CH%5CChornovilViacheslav.htm|access-date=14 May 2024|website=[[Encyclopedia of Ukraine]]|archive-date=10 May 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240510112338/https://www.encyclopediaofukraine.com/display.asp?linkpath=pages%5CC%5CH%5CChornovilViacheslav.htm|url-status=live}}
* {{Cite web|last=Hrytsenko|first=Yu. A.|title=Do 85-richchya vid dnya narodzhennya V. M. Chornovola (1937–1999), ukrayinskoho politychnoho ta derzhavnoho diyacha, zhurnalista, publitsysta, literaturnoho krytyka|trans-title=To the 85th birthday of V. M. Chornovil (1937–1999), Ukrainian political and state figure, journalist, publicist and literary critic|url=https://nlu.org.ua/vustavki.php?id=1167|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20231028000120/https://nlu.org.ua/vustavki.php?id=1167|archive-date=28 October 2023|access-date=6 June 2025|website=[[Yaroslav Mudryi National Library of Ukraine]]|language=uk}}
* {{Cite news|last=Hrytsiv|first=Mariia|date=12 January 2017|title=Areshtovana kolyada, abo Pohrom 12 sichnya 1972-ho|trans-title=The Arrested Koliada, or the 12 January 1972 pogrom|url=https://www.istpravda.com.ua/articles/2011/01/12/13866/|access-date=19 May 2024|work=Istorychna Pravda|language=uk|archive-date=15 May 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240515085629/https://www.istpravda.com.ua/articles/2011/01/12/13866/|url-status=live}}
* {{Cite news|date=19 May 2008|title=Yaroslav the Wise - the Greatest Ukrainian of all times|url=https://inter.ua/en/news/yaroslav-the-wise-the-greatest-ukrainian-of-all-times|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20250509171933/https://inter.ua/en/news/yaroslav-the-wise-the-greatest-ukrainian-of-all-times|archive-date=9 May 2025|access-date=23 April 2025|work=[[Inter (TV channel)|Inter]]|ref={{sfnRef|Inter 2008}}}}
* {{Cite news|date=24 August 2017|title=Vyacheslav Chornovil. Neuhomonnыy u borotbi za Ukrayinu|trans-title=Viacheslav Chornovil: Restless in the fight for Ukraine|url=https://www.istpravda.com.ua/articles/2017/08/24/150177/|access-date=17 May 2024|work=[[Ukrainska Pravda|Istorychna Pravda]]|language=uk|ref={{sfnRef|Istorychna Pravda 2017}}|archive-date=18 May 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240518020252/https://www.istpravda.com.ua/articles/2017/08/24/150177/|url-status=live}}
* {{Cite news|last=Ivanova|first=Kateryna|date=25 March 2024|title=25 rokiv z dnya zahybeli Vyacheslava Chornovola. Shlyakh polityka ta obstavyny zahybeli|trans-title=25 years since the day of Viacheslav Chornovil's death: the politician's path and circumstances of his death|url=https://glavcom.ua/country/society/25-rokiv-z-dnja-zahibeli-vjacheslava-chornovola-shljakh-politika-ta-obstavini-zahibeli-992626.html|access-date=14 May 2024|work=Glavcom|language=uk|archive-date=14 May 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240514072928/https://glavcom.ua/country/society/25-rokiv-z-dnja-zahibeli-vjacheslava-chornovola-shljakh-politika-ta-obstavini-zahibeli-992626.html|url-status=live}}
* {{Cite web|date=17 September 1999|title=Udovenko and Kostenko: Rukh contenders|url=https://jamestown.org/program/udovenko-and-kostenko-rukh-contenders/|access-date=23 April 2025|website=[[Jamestown Foundation]]|ref={{sfnRef|Jamestown Foundation 1999}}}}
* {{Cite news|last=Khalupa|first=Iryna|date=24 March 2004|title=Vyacheslav Chornovil yak symvol politychnoho lidera: do pyatoyi richnytsi zahybeli|trans-title=Viacheslav Chornovil as the symbol of a political leader: the fifth anniversary of his death|url=https://www.radiosvoboda.org/a/914027.html|access-date=23 April 2025|work=Radio Free Europe/Radio Liberty|language=uk}}
* {{Cite web|date=3 November 2006|title=Ukrayinska initsiatyvna hrupa za zvilnennya vyazniv sumlinnya|trans-title=Ukrainian Initiative Group for Liberation of Prisoners of Conscience|url=https://museum.khpg.org/1162536782|access-date=10 July 2024|website=Kharkiv Human Rights Protection Group|language=uk|ref={{sfnRef|Kharkiv Human Rights Protection Group 2006}}}}
* {{Cite news |last=Kheifets |first=Mikhail |date=9 December 2018 |title=Vyacheslav Chornovil – zekivskyy heneral. Frahment knyhy "Ukrayinski syluety" |trans-title=Viacheslav Chornovil – General of the Zeks: Fragments from the book 'Ukrainian Silhouettes' |url=https://www.istpravda.com.ua/articles/2018/12/9/153389/ |access-date=2 June 2024 |work=Istorychna Pravda |language=uk |archive-date=2 June 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240602050942/https://www.istpravda.com.ua/articles/201
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विनोद वर्मा (आभूषण वर्ल्ड)
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[[चित्र:News report about Vinod Verma, Founder of Aabhushan World, meeting with SP Buxar regarding security (April 2026) and his social work.jpg|thumb|right|विनोद वर्मा, बक्सर के पुलिस अधीक्षक (SP) के साथ सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करते हुए (२०२६)।]]
'''विनोद वर्मा''' (जन्म: बक्सर, बिहार) एक भारतीय उद्यमी, संपादक और समाजसेवी हैं। वे प्रसिद्ध रत्न एवं आभूषण पत्रिका '''[[आभूषण वर्ल्ड]]''' (Aabhushan World) के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। इसके अतिरिक्त वे '''[[AIMA मीडिया]]''' से जुड़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें मुख्य रूप से रत्न एवं आभूषण उद्योग में सुधार और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों के लिए पहचाना जाता है।
== करियर ==
विनोद वर्मा ने २०१७ में 'आभूषण वर्ल्ड' मीडिया प्लेटफॉर्म की स्थापना की। उनके नेतृत्व में इस पत्रिका का विस्तार भारत के अतिरिक्त [[थाईलैंड]] और [[संयुक्त अरब अमीरात]] तक हुआ है। उन्हें २०२५ में IIJS (इण्डिया इण्टरनेशनल ज्वैलरी शो) में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 'मीडिया फेलिसिटेशन अवार्ड' से सम्मानित किया गया।
== सामाजिक और सुरक्षा पहल ==
* **केदारनाथ आपदा (२०१३):** २०१३ में आई भीषण [[केदारनाथ]] आपदा के समय उन्होंने बक्सर के रामेश्वर नाथ मंदिर में सामूहिक प्रार्थना सभाओं और राहत कार्यों का सफल नेतृत्व किया था, ताकि मंदिर में जल्द से जल्द नियमित पूजा शुरू हो सके। इस कार्य को दैनिक जागरण और प्रभात खबर जैसे प्रमुख समाचार पत्रों ने प्रमुखता से कवर किया था।
* **स्वर्णकार सुरक्षा:** अप्रैल २०२६ में उन्होंने बक्सर के पुलिस अधीक्षक (SP) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और स्वर्णकारों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और पुलिस गश्त बढ़ाने जैसे ठोस कदम उठाए।
== सन्दर्भ ==
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<references>
* "केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना को प्रार्थना", दैनिक जागरण, बक्सर संस्करण (२०१३)।
* "उत्तराखंड त्रासदी हेतु शांति सभा", प्रभात खबर (२०१३)।
* AIMA मीडिया आधिकारिक रिपोर्ट, अप्रैल २०२६।
</references>
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:बक्सर के लोग]]
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