विकिसूक्ति hiwikiquote https://hi.wikiquote.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.2 first-letter मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विकिसूक्ति विकिसूक्ति वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk राजनीतिक इस्लाम 0 9015 32856 31913 2026-05-13T03:09:23Z अनुनाद सिंह 658 /* उद्धरण */ 32856 wikitext text/x-wiki '''[[:w:राजनीतिक इस्लाम|राजनीतिक इस्लाम]]''' अर्थात् [[इस्लाम]] के अनुसार चलने वाली [[राजनीति]]। == उद्धरण == * मुस्लिम राजनीति अनिवार्यतः मुल्लाओं की राजनीति है और वह मात्र एक अंतर को मान्यता देती है – हिंदू और मुसलमानों के बीच मौजूद अंतर। जीवन के किसी भी [[पंथनिरपेक्षता|पंथनिरपेक्ष]] तत्व का मुस्लिम समुदाय की राजनीति में कोई स्थान नहीं है और वे मुस्लिम राजनीतिक जमात के केवल एक ही निर्देशक सिद्धांत के सामने नतमस्तक होते हैं, जिसे मजहब कहा जाता है। -- [[भीमराव आम्बेडकर]], अपनी पुस्तक ‘पाकिस्तान या भारत का विभाजन’ में * देश में अंग्रेजों के वर्षों तक किए गए उपनिवेशवादी शासन की चर्चा होती है, पर राजनीतिक इस्लाम की कहीं चर्चा नहीं होती, जो आज भी राष्ट्र माता के टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा के साथ कार्य कर रहा है। -- [[योगी आदित्यनाथ]] (२०२५ में)<ref>[https://hindi.theprint.in/india/political-islam-which-has-been-the-biggest-attack-on-sanatan-dharma-is-rarely-mentioned-yogi/884416/ सनातन धर्म पर सबसे बड़ा प्रहार करने वाले ‘राजनीतिक इस्लाम’ का जिक्र कम ही किया जाता है : योगी]</ref> * हिंदू और मुसलमान दो भिन्न सभ्यताओं से जुड़े हैं, जिनके विचार और धारणाएं एक-दूसरे से विपरीत हैं। वे भिन्न-भिन्न स्रोतों से अपनी प्रेरणाएं लेते हैं। उनकी प्रेरक कथाएं, नायक और प्रसंग बिल्कुल अलग-अलग हैं। प्रायः एक के लिए जो नायक है, वह दूसरे लिए खलनायक। -- [[मोहम्मद अली जिन्ना]] (22 मार्च, 1940) * राजनीतिक इस्लाम की कोई अलग किताब नहीं है। मूल इस्लामी पुस्तकों में ही विविध स्थितियों में राजनीतिक रणनीति, कार्यनीति और कूटनीति बताई गई है। काफिर, जिहाद, शरीयत, जिम्मी, जजिया, हराम आदि तमाम मूल धारणाओं का अर्थ केवल कुरान और मोहम्मद साहब की जीवनी से ही समझा जा सकता है। जहां गैर-मुस्लिमों की बड़ी संख्या हो, वहां इसमें छल और दिखावे का प्रयोग मुख्य तत्व होता है। इस्लामी राजनीति में मुख्य रणनीति शिकायतें करके सत्ता हथियाना होता है। -- [[शंकर शरण]]<ref>[https://hindimedia.in/the-dangers-of-political-islam-and-islamic-politics/ राजनीतिक इस्लाम और इस्लाम की राजनीति कितनी खतरनाक]</ref> * गैर मुसलमानों के प्रति इस्लाम का व्यवहार ही राजनीतिक इस्लाम है।-- [[शंकर शरण]] * इस्लाम, गैर-मुसलमानों के साथ किसी भी स्थायी सहअस्तित्व या बराबरी को सिद्धांततः खारिज करता है। यही राजनीतिक इस्लाम है।-- शंकर शरण * पाकिस्तान तथा बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति का कारण राजनीतिक इस्लाम ही रहा है। यदि राजनीतिक इस्लाम के प्रति स्पष्टता रहती तो अधिकांश विभीषिकाएं घटित न होतीं। जैसे सावधानी बरतने से बहुत सी व्याधियों से बचा जाता है, वैसे ही राजनीतिक इस्लाम के प्रति सही जानकारी किसी भी समाज को उसका प्रतिकार करने में समर्थ बनाती है। राजनीतिक इस्लाम के विरुद्ध लड़ाई मुख्यतः वैचारिक-शैक्षिक है, पर काफिर जगत इससे कतराता है। -- शंकर शरण * राजनीतिक इस्लाम के प्रति गफलत के कारण ही [[महात्मा गांधी|गांधीजी]] और कांग्रेस ने 1919 में खलीफत आंदोलन को समर्थन देकर अनजाने में इस्लामी अलगाव और दबदबे की मानसिकता को हवा दी। -- शंकर शरण<ref>[https://hindimedia.in/the-dangers-of-political-islam-and-islamic-politics/ राजनीतिक इस्लाम और इस्लाम की राजनीति कितनी खतरनाक]</ref> * काफिरों के प्रति इस्लाम का व्यवहार ही राजनीतिक इस्लाम है। मुहम्मद की जीवनी, कुरान, और हदीस यह तीनों मिलाकर इस्लामी सिद्धांत और व्यवहार बनता है। इस की आधी से अधिक सामग्री काफिरों (गैर-मुस्लिमों) पर केंद्रित है। काफिर के विरुद्ध व्यवहार व जिहाद के बारे में हर तरह के निर्देश, उपाय, और उदाहरण। मुहम्मद की जीवनी में तीन चौथाई से अधिक सामग्री काफिरों/जिहाद के बारे में हैं। कुरान में लगभग दो तिहाई और हदीस में एक तिहाई, लगभग दो हजार हदीसें, केवल काफिरों के बारे में हैं। : वह सब काफिरों को जानना ही चाहिए। वरना वे गफलत में अनिवार्यत: मारे जाते रहेंगे, जो गत सौ सालों से पंजाब, बंगाल, कश्मीर, आदि अनेक बड़े-बड़े क्षेत्रों में हुआ। और शेष दुनिया के कई देशों में भी सदियों से होता रहा है। उस की पूरी व्याख्या राजनीतिक इस्लाम को जानकर ही हो सकती है। अन्यथा नहीं। : यह साफ समझ लेना चाहिए कि इस्लाम की असली ताकत गैर-मुस्लिमों में उस के प्रति गफलत है। वरना, भौतिक, आर्थिक, तकनीकी, शैक्षिक, सांस्कृतिक, आदि सभी क्षेत्र में पूरे विश्व में मुस्लिम समाज प्राय: शून्य रहा है। आरंभ से ही। किन्तु उस की राजनीति के बारे में दूसरों के अज्ञान के बल पर अपनी दृढ़ता, शिकायत, कपट, और हिंसा धमकी से उस का जिहाद हर कहीं सफल होता बढ़‌ता रहा है। यही सौ साल से भारत में और पचास सालों से यूरोप में हो रहा है। -- शंकर शरण<ref>[https://www.nayaindia.com/opinion/columnist/important-to-know-about-political-islam-2/506824.html योगी ने सही कहा, विचारें!]</ref> * यहाँ (भारत में) ब्रिटिश उपनिवेशवाद की चर्चा खूब की जाती है, जबकि उस से पहले के इस्लामी राज और हमलों द्वारा किए गये आमूल विध्वंस और पूर्ण संहार पर चुप्पी रखी जाती है। इस्लामी शासन के कारण भारतीय सभ्यता १८वीं सदी के मध्य तक लगभग मृतप्राय हो चुकी थी। इस्लामी हमलों और संहारों में सब से पहले, और निश्चित रूप से, समाज के विचारवान लोगों का, समाज के 'माथे' — ब्राह्मणों, भिक्षुओं, शिक्षकों, और वीरों का — ही खात्मा किया जाता था। -- [[विद्याधर सूरजप्रसाद नैपाल]], अपनी पुस्तक ‘भारत-एक घायल सभ्यता’ (1977) में * [[भारत]] के सिवा कोई सभ्यता ऐसी नहीं जिसने अपनी बर्बादियों से इतना कम सबक सीखा। -- [[विद्याधर सूरजप्रसाद नैपाल]], अपनी पुस्तक ‘भारत-एक घायल सभ्यता’ (1977) में * पूरा इस्लाम राजनीति है। -- खुमैनी ==इन्हें भी देखें== *[[इस्लाम]] *[[इस्लामवाद]] *[[इस्लाम की आलोचना]] *[[इस्लामी आतंकवाद]] ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} f2z81m3ok2vctuee9c0bo50qggt1g8o सदस्य वार्ता:Shanvr 3 9252 32857 2026-05-13T10:34:05Z New user message 2225 स्वागत 32857 wikitext text/x-wiki {{साँचा:स्वागत|realName=|name=Shanvr}} -- [[सदस्य:New user message|New user message]] ([[सदस्य वार्ता:New user message|वार्ता]]) १६:०४, १३ मई २०२६ (IST) ceaulxi8d1k6lnutp0v68r3sxamy0kf