विक्षनरी hiwiktionary https://hi.wiktionary.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.46.0-wmf.26 case-sensitive मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विक्षनरी विक्षनरी वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk क्ष 0 862 487212 486372 2026-05-03T19:53:21Z ~2026-26584-90 21146 /* */ 487212 wikitext text/x-wiki {{हिन्दी वर्णमाला क्श}} {{देवनागरी वर्ण सूचना|hex=0905|name=देवनागरी अक्षर '''क्ष'''|image=[[चित्र:Deva-kṣa.png |100px]]}} {{-hi-}} [[हिन्दी]] [[वर्णमाला]] का [[छियालीस]] [[अक्षर]] {{stub}} ==उच्चारण== {{audio|hi|LL-Q1571 (mar)-नंदिनी रानडे-क्ष.wav }} === प्रकाशितकोशों से अर्थ === ==== शब्दसागर ==== क्ष संज्ञा पुं॰ [सं॰] <br><br>१. विध्वंस । विनाश । <br><br>२. हानि । अंतर्धान । लोप । <br><br>३. खेत । <br><br>४. कृषक । किसान । <br><br>५. विष्णु का चौथा अवतार । <br><br>६. विद्युत । बिजली । <br><br>७. एक राक्षस [को॰] । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] 1y2b6zy9x37k37w5rrp9njgdi5bsfl1 487213 487212 2026-05-03T19:54:04Z ~2026-26584-90 21146 /* */ 487213 wikitext text/x-wiki {{हिन्दी वर्णमाला}} {{देवनागरी वर्ण सूचना|hex=0905|name=देवनागरी अक्षर '''क्ष'''|image=[[चित्र:Deva-kṣa.png |100px]]}} {{-hi-}} [[हिन्दी]] [[वर्णमाला]] का [[छियालीस]] [[अक्षर]] {{stub}} ==उच्चारण== {{audio|hi|LL-Q1571 (mar)-नंदिनी रानडे-क्ष.wav }} === प्रकाशितकोशों से अर्थ === ==== शब्दसागर ==== क्ष संज्ञा पुं॰ [सं॰] <br><br>१. विध्वंस । विनाश । <br><br>२. हानि । अंतर्धान । लोप । <br><br>३. खेत । <br><br>४. कृषक । किसान । <br><br>५. विष्णु का चौथा अवतार । <br><br>६. विद्युत । बिजली । <br><br>७. एक राक्षस [को॰] । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] 35kk27i8j67ib7897065wlhg3fx6qqx परीक्षा 0 124496 487216 485002 2026-05-04T02:04:05Z क्शत्रिय 21151 /* */ सही उच्चारण 487216 wikitext text/x-wiki {{-hi-}} '''परीक्शा''' # ज्ञान, योग्यता, या क्षमता को परखने के लिए आयोजित किया जाने वाला मूल्यांकन। # किसी वस्तु, व्यक्ति या प्रक्रिया का परीक्षण। === क्रिया === हमें क्या पता है, कितना कुछ सीखा इसे ज्ञात करने के लिए परीक्षा होती है। === उच्चारण === IPA: /pə.ɾiː.kʂɑː/ === प्रकाशितकोशों से अर्थ === ==== शब्दसागर ==== परीक्षा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] <br><br>१. किसी के गुण दोष आदि जानने के लिये उसे अच्छी तरह से देखने भालने का कार्य । निरीक्षा । समीक्षा । समालोचना । <br><br>२. वह कार्य जिससे किसी की योग्यता, सामर्थ्य आदि जाने जायँ । इम्तहान । क्रि॰ प्र॰—करना ।—देना ।—लेना । <br><br>३. वह कार्य जो किसी वस्तु के संबंध में कोई विशेष निश्चित करने के लिये किया जाय । आजमाइश । अनुभावार्थ प्रयोग । <br><br>४. मुआयना । निरीक्षण । जाँच पड़ताल । <br><br>५. किसी वस्तु के जो लक्षण माने या जो गुण कहे गए हों उनके ठीक होने न होने का प्रमाण द्वारा निश्चय करने का कार्य । <br><br>६. वह विधान जिससे प्राचीन न्यायालय किसी विशेष अभियुक्त के अपराधी या निरपराध अथवा विशेष साक्षी के सच्चे या झूठे होने का निश्चय करते थे । विशेष—अभियुक्त की परीक्षा को दिव्य और साक्षी की परीक्षा को लौकिक परीक्षा कहते थे । दिव्य परीक्षाएँ कुल नौ प्रकार की होती थीं । दे॰ 'दिव्य' । इनमें से अभियुक्त को उसकी अवस्था, ऋतु आदि के अनुसार कोई एक देनी होती थी । लौकिक परीक्षा में गवाह से कई प्रकार के प्रश्न किए जाते थे । === उदाहरण वाक्य === * मेरी गणित की परीक्षा कल है। * किसी भी योजना को लागू करने से पहले उसकी परीक्षा की जाती है। [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] surp3rtuv280a2t7s5taih2ewi5vd2p 487217 487216 2026-05-04T02:05:27Z क्शत्रिय 21151 सही उच्चारण 487217 wikitext text/x-wiki {{-hi-}} '''परीक्षा''' # ज्ञान, योग्यता, या क्षमता को परखने के लिए आयोजित किया जाने वाला मूल्यांकन। # किसी वस्तु, व्यक्ति या प्रक्रिया का परीक्षण। === क्रिया === हमें क्या पता है, कितना कुछ सीखा इसे ज्ञात करने के लिए परीक्षा होती है। === उच्चारण === परीक्शा === प्रकाशितकोशों से अर्थ === ==== शब्दसागर ==== परीक्षा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] <br><br>१. किसी के गुण दोष आदि जानने के लिये उसे अच्छी तरह से देखने भालने का कार्य । निरीक्षा । समीक्षा । समालोचना । <br><br>२. वह कार्य जिससे किसी की योग्यता, सामर्थ्य आदि जाने जायँ । इम्तहान । क्रि॰ प्र॰—करना ।—देना ।—लेना । <br><br>३. वह कार्य जो किसी वस्तु के संबंध में कोई विशेष निश्चित करने के लिये किया जाय । आजमाइश । अनुभावार्थ प्रयोग । <br><br>४. मुआयना । निरीक्षण । जाँच पड़ताल । <br><br>५. किसी वस्तु के जो लक्षण माने या जो गुण कहे गए हों उनके ठीक होने न होने का प्रमाण द्वारा निश्चय करने का कार्य । <br><br>६. वह विधान जिससे प्राचीन न्यायालय किसी विशेष अभियुक्त के अपराधी या निरपराध अथवा विशेष साक्षी के सच्चे या झूठे होने का निश्चय करते थे । विशेष—अभियुक्त की परीक्षा को दिव्य और साक्षी की परीक्षा को लौकिक परीक्षा कहते थे । दिव्य परीक्षाएँ कुल नौ प्रकार की होती थीं । दे॰ 'दिव्य' । इनमें से अभियुक्त को उसकी अवस्था, ऋतु आदि के अनुसार कोई एक देनी होती थी । लौकिक परीक्षा में गवाह से कई प्रकार के प्रश्न किए जाते थे । === उदाहरण वाक्य === * मेरी गणित की परीक्षा कल है। * किसी भी योजना को लागू करने से पहले उसकी परीक्षा की जाती है। [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] 1tl6g44oti2pf85n1upnc1h9ilpawog action 0 125070 487222 487209 2026-05-04T05:01:27Z क्शत्रिय 21151 सही उच्चारण यही है। 487222 wikitext text/x-wiki “एक्शन” (Action) का हिंदी में अर्थ होता है: कार्य, क्रिया, कार्रवाई यानी जब कोई व्यक्ति कुछ करता है या कोई काम करता है, उसे “एक्शन” कहते हैं। उदाहरण: उसे कुछ भी खराब लगे वह तुरंत एक्शन लेता है। ===अर्थ=== एक प्रकार की प्रतिक्रिया है। ===शब्द=== * [[अनुयोजन]] aedkrbmxh7hr2rpusdk5c9659wke1v0 परीक्षण 0 219608 487214 277658 2026-05-04T01:59:41Z क्शत्रिय 21151 /* */ सही उच्चारण है 487214 wikitext text/x-wiki ===उच्चारण=== '''क्शत्रिय''' = {{हिन्दी}} = == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर === परीक्षण संज्ञा पुं॰ [सं॰] [वि॰ परीक्षित, परीक्ष्य] परीक्षा की क्रिया या कार्य । देख भाल, जाँच, पड़ताल आजमाइश या इम्तहान लेने की क्रिया या कार्य । निरीक्षण, समीक्षण अथवा आलोचना । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] t82xudmh76ilkg761cjwwkgl99dk45o 487215 487214 2026-05-04T02:02:15Z क्शत्रिय 21151 /* उच्चारण */ 487215 wikitext text/x-wiki उच्चारण = क्शत्रिय = {{हिन्दी}} = == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर === परीक्षण संज्ञा पुं॰ [सं॰] [वि॰ परीक्षित, परीक्ष्य] परीक्षा की क्रिया या कार्य । देख भाल, जाँच, पड़ताल आजमाइश या इम्तहान लेने की क्रिया या कार्य । निरीक्षण, समीक्षण अथवा आलोचना । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] 20a4muklvy357j8dxuozbjs207gkzqy 487219 487215 2026-05-04T04:28:42Z क्शत्रिय 21151 सही उच्चारण है 487219 wikitext text/x-wiki उच्चारण = परिक्शन = {{हिन्दी}} = == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर === परीक्षण संज्ञा पुं॰ [सं॰] [वि॰ परीक्षित, परीक्ष्य] परीक्षा की क्रिया या कार्य । देख भाल, जाँच, पड़ताल आजमाइश या इम्तहान लेने की क्रिया या कार्य । निरीक्षण, समीक्षण अथवा आलोचना । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] c4f9hvs9ui6wfldeb9o2ar6rd0dxyi5 487223 487219 2026-05-04T05:28:12Z क्शत्रिय 21151 ठीक उच्चारण 487223 wikitext text/x-wiki उच्चारण = परिक्शण = {{हिन्दी}} = == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर === परीक्षण संज्ञा पुं॰ [सं॰] [वि॰ परीक्षित, परीक्ष्य] परीक्षा की क्रिया या कार्य । देख भाल, जाँच, पड़ताल आजमाइश या इम्तहान लेने की क्रिया या कार्य । निरीक्षण, समीक्षण अथवा आलोचना । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] ek3ffogyliln1i00h4uhhoqcbocq269 पावती 0 222142 487225 487196 2026-05-04T05:45:32Z ~2026-23770-79 21104 487225 wikitext text/x-wiki = {{हिन्दी}} = == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर === पावती संज्ञा स्त्री॰ [हि॰ पावना पाना] <br><br>१. प्राप्तिस्वीकार । किसी वस्तु के प्राप्त होने की रसीद । <br><br>२. वह रसीद जो किसी से रूपया लेते समय रुपया लेनेवाला देता है । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] 5gxmink2p4khssxw1zkeld38idqithi लक्षण 0 255939 487220 480766 2026-05-04T04:35:23Z क्शत्रिय 21151 सही उच्चारण है 487220 wikitext text/x-wiki = {{हिन्दी}} = == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर === === लक्षण संज्ञा पुं॰ [सं॰] === <br><br>१. किसी पदार्थ की वह विशेषता जिसके द्वारा वह पहचाना जाय । वे गुण आदि जो किसी पदार्थ में विशिष्ट रूप से हों और जिनके द्वारा सहज में उसका ज्ञान हो सके । चिह्न । निशान । आसार । जैसे,—आकाश के लक्षण से जान पड़ता है कि आज पानी बरसेगा । <br><br>२. नाम । <br><br>३. परिभाषा । <br><br>४. शरीर में दिखाई पड़नेवाला वे चिह्न आदि जो किसी रोग के सूचक हों । जैसे,—इस रोगी में क्षय के सभी लक्षण दिखाई देते हैं । <br><br>५. दर्शन । <br><br>६. सारस पक्षी । <br><br>७. सामु- द्रिक के अनुसार शरीर के अँगों में होनेवाले कुछ विशेष चिह्न । जो शुभ या अशुभ माने जाते हैं । जैसे,—चक्रवर्ती और बुद्ध के लक्षण एक से होते हैं । <br><br>८. शरीर में होनेवाला एक विशेष प्रकार का काला दाग जो बालक के गर्भ में रहने के समय सूर्य या चंद्रग्रहण लगने के कारण पड़ जाता है । लच्छन । <br><br>९. चाल- ढाल । तौर तरीका । रंग ढंग । जैसे,—आजकल तुम्हारे लक्षण अच्छे नहीं जान पड़ते । <br><br>१०. दे॰ 'लक्ष्मण' । <br><br>११. पुरुषेद्रिय । शिश्न [को॰] । <br><br>१२. योनि । भग (को॰) । <br><br>१३. अध्याय । परिच्छेद । स्कंध (को॰) । <br><br>१४. व्याज । छल छद्म (को॰) । <br><br>१५. लक्ष्य । उद्देश्य (को॰) । <br><br>१६. बँधी हुई सीमा । दर (को॰) । <br><br>१७. प्रस्तुत प्रसंग । उपस्थित विषय (को॰) । <br><br>१८. कारण (को॰) । <br><br>१९. नतीजा । परिणाम । असर (को॰) । लक्षण ग्रंथ संज्ञा पुं॰ [सं॰ लक्षण + ग्रंथ] काव्य या साहित्य के लक्षणों का विवेचन करनेवाला ग्रंथ । साहित्यिक समीक्षा की पुस्तक । समालोचना शास्त्र । उ॰—पहली बात तो ध्यान देने की यह है कि लक्षण ग्रंथों के बनने के बहुत पहले से कविता होती आ रही थी । चिंतामणि, भा॰ २, पु॰ ९२ । लक्षण लक्षणा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार की लक्षणा जिसे जहल्लक्षणा भी कहते हैं । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] 8vdk2ofsqurzdu6yyl6brjgwe3c91og 487221 487220 2026-05-04T04:40:22Z क्शत्रिय 21151 सही उच्चारण है 487221 wikitext text/x-wiki = {{हिन्दी}} = == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर [ <big>लक्शन ]</big> === <big>लक्षण</big> संज्ञा पुं॰ [सं॰]<br>१. किसी पदार्थ की वह विशेषता जिसके द्वारा वह पहचाना जाय । वे गुण आदि जो किसी पदार्थ में विशिष्ट रूप से हों और जिनके द्वारा सहज में उसका ज्ञान हो सके । चिह्न । निशान । आसार । जैसे,—आकाश के लक्षण से जान पड़ता है कि आज पानी बरसेगा । <br><br>२. नाम । <br><br>३. परिभाषा । <br><br>४. शरीर में दिखाई पड़नेवाला वे चिह्न आदि जो किसी रोग के सूचक हों । जैसे,—इस रोगी में क्षय के सभी लक्षण दिखाई देते हैं । <br><br>५. दर्शन । <br><br>६. सारस पक्षी । <br><br>७. सामु- द्रिक के अनुसार शरीर के अँगों में होनेवाले कुछ विशेष चिह्न । जो शुभ या अशुभ माने जाते हैं । जैसे,—चक्रवर्ती और बुद्ध के लक्षण एक से होते हैं । <br><br>८. शरीर में होनेवाला एक विशेष प्रकार का काला दाग जो बालक के गर्भ में रहने के समय सूर्य या चंद्रग्रहण लगने के कारण पड़ जाता है । लच्छन । <br><br>९. चाल- ढाल । तौर तरीका । रंग ढंग । जैसे,—आजकल तुम्हारे लक्षण अच्छे नहीं जान पड़ते । <br><br>१०. दे॰ 'लक्ष्मण' । <br><br>११. पुरुषेद्रिय । शिश्न [को॰] । <br><br>१२. योनि । भग (को॰) । <br><br>१३. अध्याय । परिच्छेद । स्कंध (को॰) । <br><br>१४. व्याज । छल छद्म (को॰) । <br><br>१५. लक्ष्य । उद्देश्य (को॰) । <br><br>१६. बँधी हुई सीमा । दर (को॰) । <br><br>१७. प्रस्तुत प्रसंग । उपस्थित विषय (को॰) । <br><br>१८. कारण (को॰) । <br><br>१९. नतीजा । परिणाम । असर (को॰) । लक्षण ग्रंथ संज्ञा पुं॰ [सं॰ लक्षण + ग्रंथ] काव्य या साहित्य के लक्षणों का विवेचन करनेवाला ग्रंथ । साहित्यिक समीक्षा की पुस्तक । समालोचना शास्त्र । उ॰—पहली बात तो ध्यान देने की यह है कि लक्षण ग्रंथों के बनने के बहुत पहले से कविता होती आ रही थी । चिंतामणि, भा॰ २, पु॰ ९२ । लक्षण लक्षणा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार की लक्षणा जिसे जहल्लक्षणा भी कहते हैं । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] fbydaa7m7rp8lqwks36m8rph0bty1lb 487224 487221 2026-05-04T05:31:54Z क्शत्रिय 21151 व्याकरण में सुधार 487224 wikitext text/x-wiki = {{हिन्दी}} = == प्रकाशितकोशों से अर्थ == === शब्दसागर [ <big>लक्शण ]</big> === <big>लक्षण</big> संज्ञा पुं॰ [सं॰]<br>१. किसी पदार्थ की वह विशेषता जिसके द्वारा वह पहचाना जाय । वे गुण आदि जो किसी पदार्थ में विशिष्ट रूप से हों और जिनके द्वारा सहज में उसका ज्ञान हो सके । चिह्न । निशान । आसार । जैसे,—आकाश के लक्षण से जान पड़ता है कि आज पानी बरसेगा । <br><br>२. नाम । <br><br>३. परिभाषा । <br><br>४. शरीर में दिखाई पड़नेवाला वे चिह्न आदि जो किसी रोग के सूचक हों । जैसे,—इस रोगी में क्षय के सभी लक्षण दिखाई देते हैं । <br><br>५. दर्शन । <br><br>६. सारस पक्षी । <br><br>७. सामु- द्रिक के अनुसार शरीर के अँगों में होनेवाले कुछ विशेष चिह्न । जो शुभ या अशुभ माने जाते हैं । जैसे,—चक्रवर्ती और बुद्ध के लक्षण एक से होते हैं । <br><br>८. शरीर में होनेवाला एक विशेष प्रकार का काला दाग जो बालक के गर्भ में रहने के समय सूर्य या चंद्रग्रहण लगने के कारण पड़ जाता है । लच्छन । <br><br>९. चाल- ढाल । तौर तरीका । रंग ढंग । जैसे,—आजकल तुम्हारे लक्षण अच्छे नहीं जान पड़ते । <br><br>१०. दे॰ 'लक्ष्मण' । <br><br>११. पुरुषेद्रिय । शिश्न [को॰] । <br><br>१२. योनि । भग (को॰) । <br><br>१३. अध्याय । परिच्छेद । स्कंध (को॰) । <br><br>१४. व्याज । छल छद्म (को॰) । <br><br>१५. लक्ष्य । उद्देश्य (को॰) । <br><br>१६. बँधी हुई सीमा । दर (को॰) । <br><br>१७. प्रस्तुत प्रसंग । उपस्थित विषय (को॰) । <br><br>१८. कारण (को॰) । <br><br>१९. नतीजा । परिणाम । असर (को॰) । लक्षण ग्रंथ संज्ञा पुं॰ [सं॰ लक्षण + ग्रंथ] काव्य या साहित्य के लक्षणों का विवेचन करनेवाला ग्रंथ । साहित्यिक समीक्षा की पुस्तक । समालोचना शास्त्र । उ॰—पहली बात तो ध्यान देने की यह है कि लक्षण ग्रंथों के बनने के बहुत पहले से कविता होती आ रही थी । चिंतामणि, भा॰ २, पु॰ ९२ । लक्षण लक्षणा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार की लक्षणा जिसे जहल्लक्षणा भी कहते हैं । [[श्रेणी: हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]] mq1pfq2vh7s6ir9ikvnhwh5leo826ol सदस्य:क्शत्रिय 2 306765 487218 2026-05-04T04:24:45Z क्शत्रिय 21151 क्शन ही क्षण होता है 487218 wikitext text/x-wiki '''<big>क्शन ===क्षण===</big>''' lssx8s3xj0djehkq42rk9yd5fnd77y6