विकिपीडिया mrwiki https://mr.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.15 first-letter मिडिया विशेष चर्चा सदस्य सदस्य चर्चा विकिपीडिया विकिपीडिया चर्चा चित्र चित्र चर्चा मिडियाविकी मिडियाविकी चर्चा साचा साचा चर्चा सहाय्य सहाय्य चर्चा वर्ग वर्ग चर्चा दालन दालन चर्चा मसुदा मसुदा चर्चा TimedText TimedText talk विभाग विभाग चर्चा Event Event talk जानेवारी १८ 0 1574 2703073 2503665 2026-08-17T11:02:59Z अभय नातू 206 संदर्भ 2703073 wikitext text/x-wiki {{जानेवारी दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|जानेवारी|१८|१८|१८}} == ठळक घटना == === चौथे शतक === * [[इ.स. ३३६|३३६]] - [[संत मार्क]] पोपपदी.<ref>{{cite book |last=केली |first=जे. एन. डी. |title=द ऑक्सफर्ड डिक्शनरी ऑफ पॉप्स |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८६ |isbn=978-0192139641}}</ref> * [[इ.स. ३५०|३५०]] - रोमन सेनापती [[मॅग्नॅन्टियस]]ने [[कॉन्स्टान्स (रोमन सम्राट)|सम्राट कॉन्स्टान्स]]ला पदच्युत केले व स्वतःला रोमन सम्राट घोषित केले.<ref>{{cite book |last=ग्रांट |first=मायकेल |title=द रोमन एम्परर्स: अ बायोग्राफिकल गाइड टू द रोलर्स ऑफ इम्पेरियल रोम |publisher=बारन्स अँड नोबल |year=१९९७ |isbn=978-0760700884}}</ref> === सोळावे शतक === * [[इ.स. १५३५|१५३५]] - [[फ्रांसिस्को पिझारो]]ने [[पेरू देश|पेरूची]] राजधानी [[लिमा]]ची स्थापना केली.<ref>{{cite book |last=हेमिंग |first=जॉन |title=द कॉन्क्वेस्ट ऑफ द इनकस |publisher=मॅकमिलन |year=१९७० |isbn=978-0333106839}}</ref> === सतरावे शतक === * [[इ.स. १६७०|१६७०]] - [[हेन्री मॉर्गन]]ने [[पनामा]] जिंकले.<ref>{{cite book |last=पोप |first=डडली |title=द बुकेनिअर पायरेट: सर हेन्री मॉर्गन |publisher=सायमन अँड शुस्टर |year=१९७७ |isbn=978-0671228293}}</ref> === अठरावे शतक === * [[इ.स. १७०१|१७०१]] - [[फ्रेडरिक पहिला, प्रशिया|फ्रेडरिक पहिला]] [[प्रशिया]]च्या राजेपदी.<ref>{{cite book |last=क्लार्क |first=क्रिस्टोफर |title=आयर्न किंगडम: द राइज अँड डाऊनफॉल ऑफ प्रशिया |publisher=हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००६ |isbn=978-0674023857}}</ref> * [[इ.स. १७७८|१७७८]] - कॅप्टन [[जेम्स कुक]] [[हवाई]]ला पोहोचणारा पहिला युरोपियन ठरला. त्याने या द्वीपसमूहाचे नाव 'सॅन्डविच आयलंड्स' असे ठेवले.<ref>{{cite book |last=हॉफमन |first=रिचर्ड |title=द व्हॉयेजेस ऑफ कॅप्टन जेम्स कुक |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९९}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८६१|१८६१]] - [[अमेरिकन यादवी युद्ध]] - [[जॉर्जिया (अमेरिकन राज्य)|जॉर्जिया]] [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेपासून]] विभक्त झाले.<ref>{{cite book |last=मैकफर्सन |first=जेम्स एम. |title=बॅटल क्राय ऑफ फ्रीडम |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८८ |isbn=978-0195038637}}</ref> * [[इ.स. १८७१|१८७१]] - [[विल्हेम पहिला, जर्मनी|विल्हेम पहिला]] [[जर्मनी]]चा पहिला कैसर (सम्राट) झाला.<ref name="clark"/> * [[इ.स. १८८६|१८८६]] - इंग्लंडमध्ये [[हॉकी असोसिएशन]]ची स्थापना होऊन [[हॉकी]]च्या खेळाला नियमबद्ध मान्यता मिळाली.<ref>{{cite book |last=हार्वे |first=ॲड्रियन |title=द बिगिनिंग्स ऑफ अ कमर्शियल स्पोर्ट्स कल्चर |publisher=राउटलेज |year=२००४}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९११|१९११]] - [[युजीन बी. इलाय]]ने सान फ्रान्सिस्कोच्या बंदरात उभ्या असलेल्या [[यु.एस.एस. पेनसिल्व्हेनिया (आर्मर्ड क्रूझर)|यु.एस.एस. पेनसिल्व्हेनिया]] या जहाजावर विमान उतरवले. जहाजावर विमान उतरण्याचा हा पहिलाच प्रसंग होता.<ref>{{cite book |last=पोलमार |first=नॉर्मन |title=एकॅडमिक्स ऑफ नेव्हल एव्हिएशन |publisher=नेव्हल इन्स्टिट्यूट प्रेस |year=२००८}}</ref> * [[इ.स. १९१२|१९१२]] - ब्रिटिश शोधक [[रॉबर्ट फाल्कोन स्कॉट]] [[दक्षिण ध्रुव|दक्षिण ध्रुवावर]] पोहोचला. त्याआधी [[रोआल्ड आमुंडसेन]] तेथे पोहोचला होता.<ref>{{cite book |last=हंटफोर्ड |first=रोलँड |title=द लास्ट प्लेस ऑन अर्थ |publisher=पॅन बुक्स |year=१९८५ |isbn=978-0330288163}}</ref> * [[इ.स. १९१९|१९१९]] - [[पहिले महायुद्ध]] - [[व्हर्साय]] येथे [[पॅरिस शांती परिषद (१९१९)|पहिली शांती परिषद]] सुरू झाली.<ref>{{cite book |last=मॅकमिलन |first=मार्ारेट |title=पेरिस १९१९: सिक्स मंथ्स दॅट चेंज्ड द वर्ल्ड |publisher=रँडम हाऊस |year=२००१ |isbn=978-0375508264}}</ref> * [[इ.स. १९४३|१९४३]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - सोव्हिएत सैन्याने [[लेनिनग्राडचा वेढा|लेनिनग्राडच्या वेढ्यातून]] शहराचा मार्ग मोकळा केला.<ref>{{cite book |last=ग्लांट्झ |first=डेव्हिड एम. |title=द बॅटल फॉर लेनिनग्राड |publisher=युनिव्हर्सिटी प्रेस ऑफ कॅन्सस |year=२००२ |isbn=978-0700612086}}</ref> * [[इ.स. १९५६|१९५६]] - संयुक्त महाराष्ट्र चळवळीदरम्यान [[मुंबई|मुंबईत]] ५० हून अधिक वेळा गोळीबार. पोलिसांच्या गोळीबारात आंदोलक हुतात्मा झाले आणि शहरभरात संचारबंदी लागू करण्यात आली.<ref>{{cite book |last=जोशी |first=महादेवशास्त्री |title=भारतीय संस्कृतीकोश (खंड ९) |publisher=भारतीय संस्कृतीकोश मंडळ |year=१९७६}}</ref> * [[इ.स. १९६४|१९६४]] - [[न्यू यॉर्क]]मध्ये [[वर्ल्ड ट्रेड सेंटर]]च्या मूळ इमारतींचे भूमिपूजन.<ref>{{cite book |last=ग्लॅन्झ |first=जेम्स |title=सिटी इन द स्काय: द राइज अँड फॉल ऑफ द वर्ल्ड ट्रेड सेंटर |publisher=टाइम्स बुक्स |year=२००३ |isbn=978-0805074284}}</ref> * [[इ.स. १९६९|१९६९]] - [[युनायटेड एरलाइन्स फ्लाइट २६६]] हे [[बोईंग ७२७]] जातीचे विमान [[सांता मॉनिका बे]]मध्ये कोसळले; ३८ जण ठार झाले.<ref>{{cite web |title=United Airlines Flight 266 Crash Report |url=https://aviation-safety.net/ |publisher=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[सिडनी]]जवळील [[ग्रॅनव्हिल रेल्वे दुर्घटना|ग्रॅनव्हिल]] स्थानकात रेल्वे घसरून झालेल्या अपघातात ८३ जण ठार झाले.<ref>{{cite news |title=Granville Rail Disaster Report |url=https://www.smh.com.au/ |work=[[द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड]] |date=१९ जानेवारी १९७७ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९७|१९९७]] - [[नॉर्वे]]च्या [[बोर्ग औसलॅंड]]ने एकाकी आणि विनासाहाय्य अंतार्टिका खंडाची मोहीम पूर्ण केली.<ref>{{cite news |title=Borge Ousland Antarctic Solo Crossing |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१९ जानेवारी १९९७ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९९|१९९९]] - नोबेल पारितोषिक विजेते अर्थशास्त्रज्ञ [[अमर्त्य सेन]] यांना [[भारतरत्न]] हा भारताचा सर्वोच्च नागरी सन्मान जाहीर करण्यात आला.<ref>{{cite news |title=अमर्त्य सेन यांना भारतरत्न |url=https://www.thehindu.com/ |work=[[द हिंदू]] |date=१९ जानेवारी १९९९ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००५|२००५]] - एअरबस ए-३८० या जगातील सर्वात मोठ्या प्रवासी विमानाचे अधिकृत अनावरण करण्यात आले.<ref>{{cite news |title=Airbus A380 Unveiling |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१८ जानेवारी २००५ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. ८८५|८८५]] - [[सम्राट दैगो]], [[जपान]]चे सम्राट.<ref>{{cite book |last=व्हार्ली |first=एच. पॉल |title=अ क्रॉनिकल ऑफ गॉड्स अँड सोव्हरेन्स |publisher=कोलंबिया युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८०}}</ref> * [[इ.स. १८४२|१८४२]] - न्यायमूर्ती [[महादेव गोविंद रानडे]], भारतीय अर्थशास्त्रज्ञ, समाजसुधारक व राजकारणी.<ref name="ranade">{{cite book |last=फाटक |first=नरहर रघुनाथ |title=न्यायमूर्ती महादेव गोविंद रानडे यांचे चरित्र |publisher=चित्रशाळा वृत्त |year=१९२४}}</ref> * [[इ.स. १८४९|१८४९]] - सर [[एडमंड बार्टन]], [[ऑस्ट्रेलिया]]चे पहिले पंतप्रधान.<ref>{{cite book |last=बोल्टन |first=जिओफ्रे |title=एडमंड बार्टन: द प्राइम मिनिस्टर |publisher=ॲलन अँड अनविन |year=२००० |isbn=978-1865083582}}</ref> * [[इ.स. १८५४|१८५४]] - [[थॉमस वॉटसन]], [[अलेक्झांडर ग्रॅहॅम बेल]] यांचे सहाय्यक.<ref>{{cite book |last=वॉटसन |first=थॉमस ए. |title=एक्सप्लोरिंग लाइफ: द ऑटोबायोग्राफी ऑफ थॉमस ए. वॉटसन |publisher=ॲपलटन |year=१९२६}}</ref> * [[इ.स. १८८९|१८८९]] - [[डी. व्ही. गुंडप्पा|देवनहळ्ळी वेंकटरामनय्या गुंडप्पा]] (डी.व्ही.जी.), कन्नड कवी आणि विचारवंत.<ref>{{cite book |last=रामास्वामी |first=एस. आर. |title=डी. व्ही. गुंडप्पा जीवन आणि कार्य |publisher=साहित्य अकादमी |year=१९९८}}</ref> * [[इ.स. १८८९|१८८९]] - [[दिवाकर|शंकर काशिनाथ गर्गे (नाट्यछटाकार दिवाकर)]], मराठी लेखक.<ref>{{cite book |last=कुलकर्णी |first=व. दि. |title=मराठी नाट्यछटाकार दिवाकर |publisher=पॉप्युलर प्रकाशन |year=१९६५}}</ref> * [[इ.स. १८९२|१८९२]] - [[ऑलिव्हर हार्डी]], अमेरिकन अभिनेता ([[लॉरेल आणि हार्डी]] जोडीतील सदस्य).<ref>{{cite book |last=लाउव्हिश |first=सायमन |title=स्टॅन अँड ऑली: द गॉल्डन एज ऑफ कॉमेडी |publisher=फॅबर अँड फॅबर |year=२००१ |isbn=978-0571203482}}</ref> * [[इ.स. १८९४|१८९४]] - [[लेस्ली वॉलकॉट]], [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट संघ|वेस्ट इंडीजचे]] क्रिकेट खेळाडू.<ref name="cricinfo">{{cite web |title=Player Profile: Leslie Walcott |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १८८८|१८८८]] - सर [[थॉमस सॉपविथ]], ब्रिटिश विमान उद्योजक आणि व्यावसायिक.<ref>{{cite book |last=ब्रॅम्ब्रुक |first=मायकेल |title=सॉपविथ: द मॅन अँड हिज एअरक्राफ्ट |publisher=ओस्प्रे |year=१९८९}}</ref> * [[इ.स. १८९५|१८९५]] - [[वि.द. घाटे|विठ्ठल दत्तात्रय घाटे]], प्रसिद्ध मराठी लेखक व निबंधकार.<ref>{{cite book |last=घाटे |first=वि. द. |title=दिवस असे होते |publisher=मौज प्रकाशन गृह |year=१९६१}}</ref> * [[इ.स. १९०४|१९०४]] - [[कॅरी ग्रँट]], ब्रिटिश-अमेरिकन अभिनेता.<ref>{{cite book |last=मैककॅन |first=ग्रॅहॅम |title=कैरी ग्रँट: अ क्लास अपार्ट |publisher=फोर्थ इस्टेट |year=१९९६ |isbn=978-1857025743}}</ref> * [[इ.स. १९१६|१९१६]] - [[अलेक कॉक्सॉन]], [[इंग्लंड क्रिकेट संघ|इंग्लिश]] क्रिकेट खेळाडू.<ref name="cricinfo"/> * [[इ.स. १९३१|१९३१]] - [[चुन दू-ह्वान]], [[दक्षिण कोरिया]]चे ५वे राष्ट्राध्यक्ष.<ref>{{cite book |last=ओबरडोर्फर |first=डॉन |title=द टू कोरियाज: अ कंटेंपररी हिस्टरी |publisher=बेसिक बुक्स |year=२००१ |isbn=978-0465051625}}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[रे डॉल्बी]], ध्वनीतज्ज्ञ आणि डॉल्बी लॅबोरेटरीजचे संस्थापक.<ref>{{cite news |title=Ray Dolby Obituary |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१३ सप्टेंबर २०१३ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[पॉल कीटिंग]], ऑस्ट्रेलियाचे २४वे पंतप्रधान.<ref>{{cite book |last=व्हॉटली |first=मायकेल |title=कीटिंग: द बायो ग्राफी |publisher=विकिंग |year=१९९७}}</ref> * [[इ.स. १९५२|१९५२]] - [[वीरप्पन]], भारतातील कुख्यात चंदन व हस्तिदंत तस्कर.<ref>{{cite book |last=जॉर्ज |first=के. एम. |title=वीरप्पन: अनमास्किंग द डाकू |publisher=अमॅझॉन पब्लिशिंग |year=२००५}}</ref> * [[इ.स. १९७२|१९७२]] - [[विनोद कांबळी]], भारतीय क्रिकेट खेळाडू.<ref name="cricinfo"/> == मृत्यू == * [[इ.स. ३५०|३५०]] - [[कॉन्स्टान्स (रोमन सम्राट)|कॉन्स्टान्स]], रोमन सम्राट.<ref name="grant"/> * [[इ.स. ४७४|४७४]] - [[लिओ पहिला, बायझेंटाईन सम्राट|लिओ पहिला]], बायझेंटाईन सम्राट.<ref>{{cite book |last=ट्रेडगोल्ड |first=वॉरेन |title=अ हिस्टरी ऑफ द बायझेंटाईन स्टेट अँड सोसायटी |publisher=स्टॅनफोर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९७ |isbn=978-0804726306}}</ref> * [[इ.स. १३६७|१३६७]] - [[पेद्रो पहिला, पोर्तुगाल|पेद्रो पहिला]], पोर्तुगालचा राजा.<ref>{{cite book |last=लिव्हरमोअर |first=एच. व्ही. |title=अ न्यू हिस्टरी ऑफ पोर्तुगाल |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९६६}}</ref> * [[इ.स. १४७१|१४७१]] - [[सम्राट गो-हानाझोनो]], जपानचे १०२वे सम्राट.<ref name="varley"/> * [[इ.स. १८६२|१८६२]] - [[जॉन टायलर]], अमेरिकेचे १०वे अध्यक्ष.<ref>{{cite book |last=चितवूड |first=ऑलिव्हर पेरी |title=जॉन टायलर: चॅम्पियन ऑफ द ओल्ड साउथ |publisher=ॲपल्टन-सेन्चुरी |year=१९३९}}</ref> * [[इ.स. १९२७|१९२७]] - [[कार्लोटा, मेक्सिको|कार्लोटा]], मेक्सिकोची सम्राज्ञी.<ref>{{cite book |last=हॅसलिप |first=जोन |title=द क्राउन ऑफ मेक्सिको |publisher=होल्ट, राइनहार्ट अँड विन्स्टन |year=१९७१ |isbn=978-0030865725}}</ref> * [[इ.स. १९३६|१९३६]] - [[रुड्यार्ड किपलिंग]], नोबेल विजेते ब्रिटिश लेखक.<ref>{{cite book |last=रिडिंग |first=चार्ल्स |title=रुड्यार्ड किपलिंग: हिज लाइफ अँड वर्क |publisher=मॅकमिलन |year=१९५५}}</ref> * [[इ.स. १९४७|१९४७]] - [[कुंदनलाल सैगल]], भारतीय गायक आणि अभिनेता.<ref>{{cite book |last=मजमुदार |first=गंगाधर |title=के. एल. सैगल: संगीत साधना |publisher=राजकमल प्रकाशन |year=१९९०}}</ref> * [[इ.स. १९६७|१९६७]] - डॉ. [[पांडुरंग सदाशिव खानखोजे]], भारतीय कृषितज्ज्ञ आणि क्रांतिकारक.<ref>{{cite book |last=खानखोजे |first=सावित्री |title=क्रांतिकारक डॉ. पांडुरंग खानखोजे |publisher=साधना प्रकाशन |year=१९७५}}</ref> * [[इ.स. १९७१|१९७१]] - [[नाथ पै]], भारतीय स्वातंत्र्यसैनिक व संसद सदस्य.<ref>{{cite book |last=प्रधान |first=ग. प्र. |title=बॅरिस्टर नाथ पै: जीवन आणि कार्य |publisher=साधना प्रकाशन |year=१९७२}}</ref> * [[इ.स. १९८६|१९८६]] - प्राचार्य [[नारायण गोपाळ तवकर]], शिक्षणतज्ज्ञ आणि इतिहासकार.<ref>{{cite news |title=प्राचार्य तवकर स्मृती |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |date=१९ जानेवारी १९८६ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९३|१९९३]] - [[आत्माराम रावजी भट]], [[मराठा चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज अँड ॲग्रीकल्चर|मराठा चेंबर ऑफ कॉमर्सचे]] संस्थापक.<ref>{{cite news |title=आत्मारामरावजी भट स्मृती लेख |url=https://www.sakal.com/ |work=[[सकाळ]] |date=१९ जानेवारी १९९३ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९६|१९९६]] - [[नंदमुरी तारक रामाराव|एन. टी. रामाराव]], तेलगू चित्रपट अभिनेते आणि [[आंध्र प्रदेश]]चे १०वे मुख्यमंत्री.<ref>{{cite news |title=N. T. Rama Rao Dies at 72 |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१९ जानेवारी १९९६ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००३|२००३]] - [[हरिवंशराय बच्चन]], प्रसिद्ध हिंदी साहित्यिक.<ref>{{cite news |title=हरिवंशराय बच्चन यांचे निधन |url=https://www.timesofindia.com/ |work=[[द टाइम्स ऑफ इंडिया]] |date=१९ जानेवारी २००३ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * [[रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेव्ही]] दिन - [[ऑस्ट्रेलिया]].<ref>{{cite web |title=Royal Australian Navy History |url=https://www.navy.gov.au/ |publisher=रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेव्ही |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||january/18}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ---- {{ग्रेगरियन महिने}} [[वर्ग:दिवस]] [[वर्ग:ग्रेगरी दिनदर्शिका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय दिनदर्शिका]] rjooa07fwyfku8xkbm1rgotmey7m3p9 जिजाबाई शहाजी भोसले 0 8549 2702877 2692400 2026-08-16T12:00:23Z Aryan Bagkar 152513 /* */ 2702877 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = जिजाबाई शहाजीराजे भोसले | पदवी = राजमाता | चित्र = Shivaji jijamata.JPG | चित्र_शीर्षक = शिवरायांसमवेत जिजाबाईंचा पुतळा | राजध्वज_चित्र = | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = | राज्यारोहण = | राज्याभिषेक = | राज्यव्याप्ती = | राजधानी = | पूर्ण_नाव = जिजाबाई शहाजीराजे भोसले | इतर_पदव्या = [[राजमाता]], [[कुलमुखत्यार]] | जन्म_दिनांक = [[१२ जानेवारी]] [[इ.स. १५९८|१५९८]] | जन्म_स्थान = [[सिंदखेडराजा]], [[बुलढाणा जिल्हा]], [[महाराष्ट्र]] | मृत्यू_दिनांक = [[१७ जून]] [[इ.स. १६७४|१६७४]] (वय ७६) | मृत्यू_स्थान = [[पाचाड]], [[रायगड जिल्हा]], [[महाराष्ट्र]] | पूर्वाधिकारी = पद निर्माण | राजपद_वारस = | राजपद_वारस_प्रकार = | उत्तराधिकारी = [[सोयराबाई]] | वडील = [[लखुजीराव जाधव]] | आई = म्हाळसाबाई उर्फ गिरिजाबाई | पत्नी = | पती = {{लग्न|[[शहाजीराजे भोसले]]|1605}} | संतती = [[छत्रपती शिवाजीराजे भोसले]]<br>[[संभाजी शहाजी भोसले]] | राजवंश = [[जाधव]] (जन्माने)<br>[[भोसले]] (लग्नाने) | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = | राजचलन = [[होन]] | तळटिपा = |}} '''राजमाता जिजाबाई शहाजी भोसले''' ([[१२ जानेवारी]] [[इ.स. १५९८]] - [[१७ जून]] , [[इ.स. १६७४]])<ref>GHUGARE, GANESH JANARDAN (2017). ''IMPORTANCE OF MANAGEMENT TECHNIQUES OF CHHATRAPATI SHIVAJI ON THE BATTLE GROUND A STUDY''. Chapter 3. Shri Jagdishprasad Jhabarmal Tibarewala University. p. 47. hdl:10603/193985.</ref> ह्या [[मराठा साम्राज्य|मराठा साम्राज्याचे]] संस्थापक [[छत्रपती]] [[शिवाजी महाराज|शिवाजी महाराजांच्या]] आई होत्या. त्यांना राजमाता, राष्ट्रमाता, जिजाबाई किंवा जिजाऊ म्हणून संबोधले जाते. [[सिंदखेड]]चे [[लखुजी जाधव]] हे जिजाबाईंचे वडील व आईचे नाव म्हाळसाबाई होते.<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=lsHLDAAAQBAJ&q=She+was+a+daughter+of+Lakhujirao+Jadhav+of+Sindkhed+Raja.&pg=PT550|title=50 Great Military Leaders of All Time|last=Tibbetts|first=Jann|date=2016-07-30|publisher=Vij Books India Pvt Ltd|isbn=978-93-85505-66-9|language=en}}</ref> जाधव हे [[देवगिरी]]च्या यादव घराण्याचे वंशज होते. डिसेंबर [[इ.स. १६०५]] मध्ये जिजाबाईंचा [[शहाजीराजे भोसले|शहाजीराजांशी]] [[दौलताबाद]] येथे विवाह झाला.{{संदर्भ हवा}} जिजाबाई त्यांच्या सद्गुण, शौर्य आणि दूरदृष्टीसाठी ओळखल्या जात होत्या. त्या एक कुशल घोडेस्वार देखील होत्या. त्या अत्यंत कुशलतेने तलवार चालवू शकत होत्या. [[भारत सरकार|भारत सरकारने]] ७ जुलै १९९९ रोजी जिजाबाईंच्या सन्मानार्थ डाक तिकीट प्रकाशित केले.<ref>Jain, Manik (2017). ''Phila India Stamp Guide Book (1800-2017)'' (19th ed.). Kolkata: Philatelia. pp. 129–171</ref><ref>{{जर्नल स्रोत|date=2021-08-08|title=List of postage stamps of India (1991–2000)|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=List_of_postage_stamps_of_India_(1991–2000)&oldid=1037793199|journal=Wikipedia|language=en}}</ref> जिजाबाई या अनेक चित्रपट आणि पुस्तकांच्या प्रेरणा आहेत. == इतिहास == जिजाबाईंचा जन्म १२ जानेवारी १५९८ रोजी महाराष्ट्रातील सध्याच्या [[बुलढाणा]] जिल्ह्यातील [[सिंदखेडराजा|सिंदखेडराजा]] येथे म्हाळसाबाई आणि [[लखुजी जाधव]] यांच्या पोटी झाला. लखोजीराजे जाधव हे [[मराठा]] कुलीन होते. जिजाबाईंचा विवाह लहान वयातच वेरूळ गावातील मालोजी भोसले यांचा मुलगा [[शहाजीराजे भोसले|शहाजी भोसले]] यांच्याशी झाला. त्यांनी शिवरायांना स्वराज्याची शिकवण दिली आणि एक महान योद्धा म्हणून उभे केले.<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=0QjwENC2V_IC&newbks=0&printsec=frontcover&pg=PA79&dq=jijabai+shivaji&hl=en|title=Shivaji, the Great Maratha|last=Sardesai|first=H. S.|date=2002|publisher=Cosmo Publications|isbn=978-81-7755-285-0|language=en}}</ref> १७ जून १६७४ रोजी जिजाबाईंचा मृत्यू झाला. सी.व्ही. वैद्य यांनी त्यांच्या ''मध्ययुगीन भारत'' या पुस्तकात असे म्हणले आहे की, यादव "निश्चितपणे शुद्ध मराठा क्षत्रिय" आहेत. [जिजाबाई (शिवाजी महाराजांच्या, ज्यांनी मराठा साम्राज्याची स्थापना केली, त्यांच्या आई) या मराठा/ देवगिरि जाधव/यादव साम्राज्याचे महाराज लखोजीराजे जाधवांच्या पुत्री होत्या,<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.harekrsna.com/sun/features/09-15/features3510.htm|title=The Sampradaya Sun - Independent Vaisnava News - Feature Stories - September 2015|website=www.harekrsna.com|access-date=2022-01-12|archive-date=2021-05-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20210517124507/https://www.harekrsna.com/sun/features/09-15/features3510.htm|url-status=dead}}</ref><ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=SQIzAAAAIAAJ&q=ahirs+yadavs+jadhavs|title=Population Geography: A Journal of the Association of Population Geographers of India|date=1988|publisher=The Association|language=en}}</ref> == भोसले व जाधवांचे वैर == लखुजीराव जाधव हे निजामशाही दरबारातील बलाढ्य, मातब्बर मंडळी पैकी एक होते. एक दिवशी सर्व सरदार, जहागिरदार, मनसबदार आणि वतनदार शाही कदम पोशी करून आपापल्या घरी जावयास निघाले असता. महाद्वार सामोरी भयंकर गर्दी झाली. या गर्दीत खंडागळ नावाच्या सरदाराचा हत्ती अनियंत्रित झाला. आणि लोकांना पायाखाली तुडवू लागला. अशावेळी लखुजीराव जाधव यांचा मुलगा दत्ताजीने आपल्या सैन्यासह हत्तीला रोखण्यासाठी त्यावर बाणांचा,भाल्यांचा आणि तलवारीचा वार करू लागले. हा सर्व प्रकरण रोखण्यासाठी विठोजी राजे भोसले यांचे दोन्ही मुले संभाजी आणि खेलोजी ( शहाजीराजे यांचे चुलतभाऊ ) दत्ताजी वर तुटून पडले. आणि भोसले - जाधव यांच्यात युद्ध पेटले. आणि संभाजी ने दत्ताजीला ठार केले. ही बातमी पुढे पोहचलेल्या लखुजीराव जाधव यांना कळताच ते सूड घेण्यासाठी भोसल्यांवर चालून आले. आणि संभाजी वर प्रहार केला. आपल्या चुलतभावावर वार केला म्हणून शहाजीराजे भोसले देखील या लढाईत उतरले परंतु लखुजीराव जाधवांचा आक्रोश सामोरी त्यांचा टिकाव लागला नाही. लखुजीराव यांच्या तलवारीच्या प्रहाराने शहाजी महाराज गंभीर जखमी झाले. आणि त्यांनी अखेरीस संभाजीला ठार केला.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|दुवा=https://www.hindujagruti.org/hinduism-for-kids-marathi/227.html|title=राजमाता जिजाबाई|दिनांक=2010-07-04|संकेतस्थळ=बालसंस्कार|भाषा=en-US|ॲक्सेसदिनांक=2019-01-12}}</ref> या प्रसंगानंतर जिजाबाईंनी आपल्या पतीशी एकनिष्ठ राहत आपल्या माहेराशी संबंध तोडले.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=१०१ कर्तुत्ववान स्त्रिया|last=कर्वे|first=स्वाती|publisher=उत्कर्ष प्रकाशन|year=२०१४|isbn=978-81-7425-310-1|location=पुणे|pages=२९}}</ref> नात्यांना, भावनांना बाजूला सारून आपल्या कर्तव्यात कसल्याही प्रकारचा कसूर न होऊ देता धैर्याने आणि खंबीरपणे आल्या प्रसंगाला सामोरे जाण्याचा जिजाबाईंचा हा गुण [[छत्रपती शिवाजी महाराज|शिवाजी राजांत]] पुरेपूर उतरला होता. == अपत्ये== जिजाबाईंना एकूण सहा (६) अपत्ये होती. त्यापैकी ४ दगावली (मतभेद आहेत) व दोन मुलगे होते. त्यांचा थोरला मुलगा संभाजी हा शहाजी राजांजवळ वाढला तर [[शिवाजी]] राजांची संपूर्ण जबाबदारी जिजाबाईंवर होती. जिजाबाईंना पहिले अपत्य झाले त्याचे नाव तो सहा महिन्याचा झाल्यानंतर आपल्या मृत दीराच्या नावाप्रमाणे संभाजी ठेवले. त्‍यानंतर त्यांना ४ मुले झाली; चारही दगावली. ७ वर्षाचा काळ निघून गेला. १९ फेब्रुवारी १६३०, फाल्गुन वद्य तृतीया, शके १५५१ या दिवशी सूर्यास्ताच्या वेळी [[शिवनेरी]] येथे जिजाबाई यांना मुलगा झाला. मुलाचे नाव [[शिवाजी]] ठेवले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|दुवा=http://vishvamarathi.blogspot.com/2013/09/blog-post_24.html|title=जिजाऊ चरित्रातून काय शिकावे|भाषा=en-US|ॲक्सेसदिनांक=2019-01-12}}</ref> ==मुलाचे संगोपन व राजकारभार== शिवाजी महाराज १४ वर्षांचे असताना शहाजीराजांनी त्यांच्या हाती [[पुणे|पुण्याची]] जहागीर सुपूर्त केली. अर्थातच जहागीरीची वहिवाट लावण्याची जबाबदारी जिजाबाईंवर येऊन पडली. कुशल अधिकाऱ्यांसमवेत जिजाबाई आणि शिवाजी पुण्यात येऊन दाखल झाले. [[निजामशाही]], [[आदिलशाही]] आणि मुघलांच्या सततच्या स्वाऱ्यांमुळे पुण्याची अवस्था अतिशय भीषण होती. अशा प्रतिकूल परिस्थितीत त्यांनी जिजाऊ यांच्या सोबत नेटाने [[पुणे]] शहराचा पुनर्विकास केला. सोन्याचा नांगर घडवून त्यांनी शेतजमीन नांगरली, स्थानिक लोकांना अभय दिले. शिवाजीच्या राजांच्या शिक्षणाची जबाबदारी पेलली. जिजाबाईंनी शिवरायांना तत्कालीन वारकरी पंथाच्या, परिसरातील वेगवेगळ्या ऐतिहासिक आणि सामाजिक परंपरांचा अभ्यास करविला. वारकरी संतांच्या प्रबोधनाची छाप शिवरायांवर पडली. त्यांचा समतेचा, बंधुभावआणि न्यायाचा उपदेश शिवाजी महाराजांच्या पुढील काळात झालेल्या वाटचालीत आपल्याला दिसून येतो. ज<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=राजमाता जिजाऊ|last=Pawar|first=Prakash|publisher=Sakal prakashan|year=2023|isbn=9788119311491|location=Pune|pages=68-86}}</ref>िजाऊ देखिल अत्यंत समता आणि न्यायाच्या पुरस्करत्या होत्या. संत तुकाराम महाराज हे तत्कालीन वारकरी संत. तुकोबांच्या विवेकी आणि विद्रोही शिकवणुकीचा आणि जिजाबाईंनी दिलेल्या संस्कारांचा शिवाजी राज्यांवर मोठा प्रभाव राहिला. जिजाबाईंनी नुसत्या गोष्टीच सांगितल्या नाहीत तर सदरेवर शेजारी बसवून राजकारणाचे पहिले धडेही दिले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|दुवा=http://zeemarathijagruti.com/stories-from-past/rajmata-jijau-information-in-marathi|title=Rajmata Jijau, आदर्श राजमाता जिजाऊ|दिनांक=2017-01-11|संकेतस्थळ=Zee Marathi Jagruti|भाषा=en-US|ॲक्सेसदिनांक=2019-01-12}}</ref> शिवरायांच्या मनात कर्तृत्वाची ठिणगी टाकतानाच जिजाबाईंनी त्यांना राजनीतीही शिकविली. समान न्याय देण्याची वृत्ती आणि अन्याय करणाऱ्याला कठोरात कठोर शिक्षा देण्याचे धाडस दिले . शस्त्रास्त्रांच्या प्रशिक्षणावर स्वतः बारकाईने लक्ष ठेवले . शहाजीराजांची कैद व सुटका, [[अफजलखान|अफजलखानाचे]] संकट, आग्रा येथून सुटका अशा अनेक प्रसंगांत शिवरायांना जिजाबाईंचे मार्गदर्शन लाभले. शिवराय मोठ्या मोहिमांवर असताना, खुद्द जिजाबाई राज्यकारभारावर बारीक लक्ष ठेवत असत. आपल्या जहागिरीत त्या जातीने लक्ष घालत. सदरेवर बसून स्वतः तंटे सोडवत. == मृत्यू == १७ जून १६७४ रोजी किल्ले रायगडाजवळील पाचाड गावात त्यांचे निधन झाले. तेव्हा शिवाजी महाराजांच्या राज्याभिषेकाला अवघे बारा दिवस झाले होते.<ref name=":0">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.news18.com/news/india/jijabai-shahaji-bhosale-birth-anniversary-interesting-facts-about-chhatrapati-shivaji-maharajs-mother-3274880.html|title=Jijabai Shahaji Bhosale Birth Anniversary: Interesting Facts about Chhatrapati Shivaji Maharaj’s Mother|date=2021-01-12|website=News18|language=en|access-date=2022-01-12}}</ref> ==जीवन व कार्य== जिजाबाई त्यांच्या सद्गुण, शौर्य आणि दूरदृष्टीसाठी ओळखल्या जात होत्या. हे सर्व गुण त्यांनी त्यांचा शिवरायांना दिले. त्या एक कुशल घोडेस्वार देखील होत्या. त्या अत्यंत कुशलतेने तलवार चालवू शकत होत्या.<ref name=":0" /> त्यांचा मोठा मुलगा संभाजीचा मृत्यू अफझलखानाने केला होता. त्याचा सूड घेण्यासाठी त्यांनी शिवरायांना प्रोत्साहन दिले, जे त्यांनी पूर्ण केले. पुणे येथील आपल्या पतीची जहागीर त्यांनी समर्थपणे चालवून त्याचा विकास केला. त्यांनी कसबापेठ गणपती मंदिराची स्थापना केली. तसेच केवरेश्वर मंदिर आणि तांबडी जोगेश्वरी मंदिराचा जीर्णोद्धार केला.<ref name=":0" /> [[शहाजी राजे]] [[बंगळूर|बंगळूरात]] वास्तव्यास असतांना शिवाजीराजांच्या आई व वडिलांची चोख जबाबदारी जिजाबाईंनी मोठया कौशल्याने पार पाडली. [[सईबाई|सईबाईंच्या]] पश्चात संभाजी राजांचीही संपूर्ण जबाबदारी त्यांनी उचलली. शिवरायांच्या पहिल्या पत्‍नी, सईबाईंचे भाऊ [[बजाजी निंबाळकर]] यांचे जुलमाने धर्मपरिवर्तन झाले होते. त्यांची [[हिंदू]] धर्मात परत येण्याची इच्छा होती, राजांचाही त्याला पाठिंबा होता. या धर्मराजकारणात जिजाबाई राजांच्या पाठीशी ठाम उभ्या राहिल्या. राजांची कन्या सखुबाईंना, [[बजाजी निंबाळकर|बजाजी निंबाळकरांच्या]] मुलाला देऊन त्यांनी राज-सोयरीक साधली आणि बजाजींना पूर्णपणे धर्मात परत घेतले. या संपूर्ण प्रकरणात त्यांचा द्रष्टेपणा व सहिष्णूता दिसून येते. राजांच्या सर्व स्वाऱ्यांचा, लढायांचा तपशील त्या ठेवत. त्यांच्या खलबतांत, सल्ला मसलतीत भाग घेत. राजांच्या गैरहजेरीत स्वतः राज्याची धुरा वहात. शिवाजी राजे आग्र्याच्या कैदेत असताना स्वराज्याच्या सीमा वाढवत रांगणा किल्ला जिंकून घेतला. जिजाबाईंनी पूर्णतः जबाबदारी उतारवयातही कौशल्याने निभावून नेली. ==पुस्तके== राजमाता जिजाबाईंचे गुणवर्णन करणारी अनेक पुस्तके आहेत, त्यांपैकी काही ही- * जिजाऊंची निष्ठा (काव्यसंग्रह, कवयित्री - मेधा टिळेकर * जेधे शकावली * शिवभारत * जिजाऊ (डॉ प्रतिमा इंगोले ) * जिजाई : मंदा खापरे ट * गाऊ जिजाऊस आम्ही : इंद्रजीत भालेराव * अग्निरेखा ==चित्रपट== जिजाबाईंची भूमिका असणारे अनेक मराठी चित्रपट व मराठी नाटके आहेत. शिवाजी महाराजांवरील चित्रपट-नाटकांत जिजाबाईंचे पात्र बहुधा असते. परंतु जिजाबाईंवर स्वतंत्र असे फारच थोडे चित्रपट निघाले, त्यांपैकी काही हे :- * राजमाता जिजाऊ (दिग्दर्शक - [[यशवंत भालकर]]) * स्वराज्यजननी जिजामाता (दूरचित्रवाणी मालिका, निर्माते : अमोल कोल्हे) ==जगाला दिशा देणारी जगत्जननी राष्ट्रमाता जिजाऊ माँसाहेब== राष्ट्रमाता जिजाऊ माँसाहेबांच्याच प्रेरणेने [[कानंद मावळ|कानंद]], [[गुंजन मावळ|गुंजन]], [[वेळगंड|वेळवंड]] मोसे खोऱ्यातील वीर [[बाजी पासलकर]], [[झुंजारराव मारळ]], [[तानाजी मालुसरे]] आदी 600 तरुण संवगड्यांना सोबत रायरेश्वर पठारावरील रायरेश्वराच्या मंदिरात स्वराज्य स्थापनेची शपथ घेतली. मोठ्या युक्तीने जिजाऊंच्या मार्गदर्शनामध्ये अत्यंत मुत्सद्देगिरीने बिना लढाई किल्लेदार पळून गेला असे आदिलशाहीला कळवून पहिला [[तोरणा किल्ला|किल्ला तोरणा]] ताब्यात घेतला‌.पुढे [[निजामशाही|निजामशाहीचा]] किल्लेदार [[फिरंगोजी नरसाळा]] ह्याच्याशी स्वराज्य उभारणीबाबत चर्चा करून [[नरनाळा किल्ला|नरसाळा किल्ला]] मिळविला. [[चाकण|चाकणचा]] किल्लेदार सुद्धा स्वराज्याच्याच विचाराने प्रेरित होऊन स्वराज्यात दाखल झाला. रक्ताचा थेंबही न सांडता तीन किल्ले लोकांच्या उस्फुर्त पाठींब्यातुन मिळाले. लोकांना स्वराज्य पाहिजे आहे हे स्पष्ट झाले, पुढे [[सिंहगड|कोंढाण्याच्या]] मुसलमान किल्लेदाराला भरपूर पैसे देऊन गड ताब्यात घेतला. [[शहाजीराजे भोसले|शहाजीराजांची]] परंपरागत जहाँगिरी होती [[पुणे]], [[सुपे]], [[बारामती]], [[इंदापूर (पुणे)|इंदापूर]] आणि [[शिरोळ]] या जहाँगिरीच्या सुरक्षिततेसाठी [[पुरंदर किल्ला]] स्वराज्यात असणे किती गरजेचे आहे, हे माँसाहेब जिजाऊंनी पटवून दिले. ऐन दिवाळीच्या दिवशीच पुरंदरचा किल्ला स्वराज्यात आला. व जिजाऊ माँसाहेबांच्या उपस्थितीत शिवरायांनी खरीखुरी दिवाळी साजरी केली. त्यामुळे शहाजीराजे शिवरायांना मदत करीत असल्याचा संशय आला [[जिंजी|जिंजीच्या]] मोहिमेवर गेलेल्या शहाजीराजांना वेल्लोर येथे अचानक झडप घालून आदिलशाहाने कैद करविले. आदिलशहाने दोन्ही पुत्रांचा बंदोबस्त करण्यासाठी मुर्रादखान व फतेहखान यांना पाठविले. फतेह खानाने अगदी सहज [[सुभानमंगळ किल्ला]] जिंकला म्हणून मोठ्या आनंदाने विजयोत्सव साजरा करून झोपले अश्या वेळी [[मल्हार कावजी|मल्हार कावजीच्या]] नेतृत्वात मावळ्यांनी अर्ध्या तासात फौज कापून काढली.उरलेले खानाचे सैन्य पळु लागले जे जीवंत सापडले ते शरण आले व स्वराज्यात मावळे म्हणून दाखल झाले. खानाचा खजिना, नव्या दमाचे 500 घोडे मिळाले व हीच रसद पुढे खानाच्या पराभवासाठी वापरली. महाराजांनी खानाच्या [[बोलसद]], [[शिरवळ]] छावणीवर हल्ले करून खानाला डिवचले. खानाने पुरंदरवर चाल केली, खानाचे सैन्य पुरंदरवर अर्ध्यापर्यंत चढल्यावर अचानक दरवाजा उघडून खानाच्या सैन्यावर हल्ला चढविला आणि खानाचे सैन्य कापून काढले. खानाचा [[सासवड|सासवडपर्यंत]] पाठलाग केला,  तिकडे संभाजी राजांनी सुद्धा हिंदू राजांना एकत्रित करून फर्राबखानाची धुळधाण उडविली, अश्याप्रकारे आदिलशहाला जिजाऊ माँसाहेबांच्या दोन्ही पुत्रांनी तडाखेबंद उत्तर दिले. जिजाऊंच्या सल्ल्यानुसार शिवाजी महाराजांनी [[मोगल|मोगलांचा]] दक्षिणेतील सुभेदार मुराद बक्ष यांच्याशी संधान साधले व आदिलशाहीला मोगलांकडून फर्मान आले “ शहाजीराजे भोसले आमचा माणूस आहे, शिवाजी भोसले आमच्या सेवेत आहे, त्याचे वडील शहाजीराजे यांना तातडीने मुक्त करावे” त्यामुळे शहाजीराजेंची सन्मानपूर्वक सुटका करण्यात आली, आदिलशहाला मोठी चूक झाल्याचे कळून चुकले आणि त्याने शहाजीराजेंना दरबारात बढती देऊन फर्जंद पदावर घेतले, या संपूर्ण प्रकरणामागे माँसाहेब जिजाऊंची मुत्सद्दीगिरी कारणीभूत ठरली. 25 जुलै 1629ला निजामाने विश्वासघाताने भर दरबारात वडील [[लखुजीराव जाधव|राजे लखुजीराव]], भाऊ अचलोजी व राघोजी आणि भाचा यशवंतराव या चौघा कुटुंबियांना एकाच वेळी खून केला. तेव्हापासून जिजाऊ माँसाहेबांनी स्वराज्य निर्मितीचा ध्यास घेऊन अखंड सावधानता बाळगली. निजामाच्या दरबाराची पुन्हा पुनरावृत्ती होऊ नये म्हणून एकाच वेळी चार ठिकाणी स्वराज्याचे चारधाम चार शक्तिस्थळे निर्माण केली. 1) शहाजीराजेंना [[कर्नाटक]] प्रांतात छोटे छोटे हिंदू राजे एकत्र करून कर्नाटकात त्या राजांना सहकार्य करण्याची भूमिका, 2) मोठ्या मुलगा संभाजी राजांना [[बंगळूर|बंंगलूर]] या शहरात 15,000 फौजेनिशी कारभार सोपविला. 3) सावत्र मुलगा [[व्यंकोजी भोसले|व्यंकोजीराजे]] ( तुकाईचा मुलगा ) ला‌ तंजावर येथे शहाजीराजे व संभाजीच्या आश्रयाखाली सुरक्षित वातावरणात ठेवले. इकडे मावळ्यांसह जिजाऊ  व शिवाजी महाराजांनी अभेद्य राजगडाला राजधानी बनवून महाराजांना सुरक्षित केले. यामुळे जिजाऊ माँसाहेब जिवंत असेपर्यंत कधीही [[शहाजीराजे भोसले|शहाजीराजे]], [[संभाजीराजे भोसले (थोरले)|संभाजीराजे]], [[व्यंकोजी भोसले|व्यंकोजीराजे]], शिवाजी महाराजांवर प्राणघातक हल्ला परतवून लावण्यामध्ये मावळ्यांच्या सहकार्यांने यश मिळत गेले. == हे सुद्धा वाचा == * [[शहाजीराजे भोसले]] * [[शिवाजी महाराज]] * [[संभाजी महाराज]] ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} {{मराठा साम्राज्य}} {{DEFAULTSORT: भोसले, जिजाबाई शहाजी}} [[वर्ग: स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:भारतीय राजघराण्यातील स्त्रिया]] [[वर्ग:भोसले घराणे]] [[वर्ग:मराठी महिला]] [[वर्ग:महाराष्ट्राचा इतिहास]] [[वर्ग:इ.स. १५९८ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. १६७४ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:ऐतिहासिक व्यक्ती]] [[वर्ग:मराठा साम्राज्यातील स्त्रिया]] ezvnysmdy1h220mdh6dj5r6dorh38vm ऑगस्ट १७ 0 11696 2703065 2049872 2026-08-17T10:50:44Z अभय नातू 206 संदर्भ 2703065 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|१७|२२९|२३०}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === चौथे शतक === * ३०९ / ३१० - [[पोप]] [[पोप युसेबियस|युसेबियसला]] [[रोमन सम्राट|सम्राट]] [[मॅक्सेंटियस]] याने [[सिसिली]]ला पाठवले, जिथे त्याचा मृत्यू झाला.<ref>{{cite book |last=शॉफ |first=फिलिप |title=हिस्ट्री ऑफ द ख्रिश्चन चर्च |publisher=चार्लस स्क्रिबनर्स सन्स |year=१८८२}}</ref> === सातवे शतक === * ६८२ - [[पोप लिओ दुसरा|पोप लिओ II]] पोपपदी विराजमान झाले.<ref>{{cite book |last=मॅकमॅनस |first=ॲड्रियन |title=द पॉप्स ऑफ द अर्ली मिडल एजेस |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००४}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८६२|१८६२]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेत]] आपल्याच जमिनींवरून हुसकून लावलेल्या [[लकोटा जमात|लकोटा जमातीच्या]] लोकांनी [[मिनेसोटा नदी]]च्या किनारी असलेल्या श्वेतवर्णीय वसाहतींवर हल्ला केला.<ref>{{cite book |last=कार्ले |first=केनेथ |title=द डकोटा वॉर ऑफ १८६२ |publisher=मिनेसोटा हिस्टोरिकल सोसायटी प्रेस |year=२००१ |isbn=978-0873513982}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९१४|१९१४]] - [[पहिले महायुद्ध]]-[[स्टालुपॉनेनची लढाई]] - [[जर्मनी|जर्मनीचा]] [[रशियन साम्राज्य|रशियन]] सैन्यावर विजय.<ref>{{cite book |last=शो वॉल्टर |first=डेनिस |title=टॅनेनबर्ग: क्लॅश ऑफ एम्पायर्स |publisher=प्रॅगर |year=१९९१ |isbn=978-0275932022}}</ref> * [[इ.स. १९४३|१९४३]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - [[जर्मनी|जर्मनीने]] [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेची]] ६० लढाऊ विमाने पाडली.<ref>{{cite book |last=मिशेल |first=विल्यम |title=द एर वॉर इन युरोप |publisher=टाइम-लाइफ बुक्स |year=१९८२}}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[इंडोनेशिया|इंडोनेशियाला]] [[नेदरलँड्स|नेदरलँड्सकडून]] स्वातंत्र्य मिळाले.<ref>{{cite book |last=रिकलेफ्स |first=एम. सी. |title=अ हिस्टरी ऑफ मॉडर्न इंडोनेशिया सिन्स सी. १८०० |publisher=पालग्रेव्ह मॅकमिलन |year=२००१ |isbn=978-0333801000}}</ref> * [[इ.स. १९६०|१९६०]] - [[गॅबन|गॅबनला]] [[फ्रान्स|फ्रांसपासून]] स्वातंत्र्य मिळाले.<ref>{{cite book |last=गार्डीनियर |first=डेव्हिड |title=हिस्टोरिकल डिक्शनरी ऑफ गॅबन |publisher=स्कॅरक्रो प्रेस |year=१९९४ |isbn=978-0810827639}}</ref> * [[इ.स. १९६३|१९६३]] - [[जपान]]मध्ये [[फेरीबोट]] बुडून ११२ जणांचा मृत्यू झाला.<ref>{{cite news |title=जपान फेरी अपघाताची बातमी |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१८ ऑगस्ट १९६३ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९६९|१९६९]] - [[वादळ|कॅटेगरी ५]] [[हरिकेन कॅमिल]] [[मिसिसिपी]]च्या किनाऱ्यावर आले. २४८ जण मृत, १.५ अब्ज [[अमेरिकन डॉलर|डॉलरचे]] नुकसान झाले.<ref>{{cite web |title=Hurricane Camille Report |url=https://www.nhc.noaa.gov/ |publisher=नॅशनल हरिकेन सेंटर |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९७९|१९७९]] - [[एरोफ्लोत]] विमान-वाहतूक कंपनीच्या दोन विमानांची [[युक्रेन]]मध्ये टक्कर होऊन १५६ जण ठार झाले.<ref>{{cite web |title=Dniprodzerzhynsk Mid-Air Collision |url=https://aviation-safety.net/ |publisher=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[विमान अपघात|विमान अपघातात]] [[:वर्ग:पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष|पाकिस्तानी राष्ट्राध्यक्ष]] [[मोहम्मद झिया उल-हक]] व [[अमेरिका|अमेरिकन]] राजदूत [[आर्नोल्ड रफेल]] ठार झाले.<ref>{{cite news |title=झिया उल-हक यांच्या विमान अपघाती निधनाची बातमी |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१८ ऑगस्ट १९८८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९९|१९९९]] - [[तुर्कस्तान]]च्या [[इझ्मित]] शहराजवळ [[रिश्टर मापनपद्धती]]नुसार ७.४ तीव्रतेचा [[भूकंप]] होऊन १७,००० लोक ठार व ४४,००० जखमी झाले.<ref>{{cite web |title=Izmit Earthquake Report |url=https://earthquake.usgs.gov/ |publisher=युनायटेड स्टेट्स जिओलॉजिकल सर्व्हे |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००५|२००५]] - [[बांगलादेश]]च्या ६४ पैकी ६३ जिल्ह्यांमध्ये [[बॉम्बस्फोट|मालिका बॉम्बस्फोट]] होऊन दोन जण ठार झाले.<ref>{{cite news |title=बांगलादेश मालिका बॉम्बस्फोट प्रकरण |url=https://www.theguardian.com/ |work=[[द गार्डियन]] |date=१८ ऑगस्ट २००५ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[मायकेल फेल्प्स]]ने [[२००८ उन्हाळी ऑलिंपिक|२००८ उन्हाळी ऑलिंपिकमध्ये]] आठवे [[सुवर्णपदक]] जिंकून उच्चांक प्रस्थापित केला.<ref>{{cite news |title=मायकेल फेल्प्सचा आठव्या सुवर्णपदकाचा विक्रम |url=https://www.reuters.com/ |publisher=[[रॉयटर्स]] |date=१७ ऑगस्ट २००८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १६२९|१६२९]] - [[जॉन तिसरा सोबिएस्की|जॉन तिसरा]], [[पोलंड]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=पावलोव्स्की |first=अँटनी |title=किंग जॉन तिसरा सोबिएस्की |publisher=वॉर्सा प्रेस |year=१९९०}}</ref> * [[इ.स. १८४४|१८४४]] - [[मेनेलेक दुसरा, इथियोपिया|मेनेलेक दुसरा]], [[इथियोपिया]]चा सम्राट.<ref>{{cite book |last=मार्कस |first=हॅरोल्ड |title=द लाइफ अँड टाइम्स ऑफ मेनेलेक दुसरा |publisher=क्लॅरेंडन प्रेस |year=१९७५ |isbn=978-0198216742}}</ref> * [[इ.स. १८७८|१८७८]] - [[रेजी डफ]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo">{{cite web |title=Reggie Duff Profile |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १८८७|१८८७]] - [[चार्ल्स पहिला, ऑस्ट्रिया|चार्ल्स पहिला]], [[ऑस्ट्रिया]]चा सम्राट.<ref>{{cite book |last=ब्रुक-शेफर्ड |first=गोर्डन |title=द लास्ट हॅप्सबर्ग |publisher=वाइडेनफेल्ड अँड निकोलसन |year=१९६८}}</ref> * [[इ.स. १९१३|१९१३]] - [[डब्ल्यु. मार्क फेल्ट]], [[फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्व्हेस्टिगेशन|एफ.बी.आय.]]चे उपसंचालक व [[वॉटरगेट कुभांड|वॉटरगेट कुभांडातील]] खबऱ्या (डीप थ्रोट).<ref>{{cite news |title=डब्ल्यु. मार्क फेल्ट परिचय |url=https://www.washingtonpost.com/ |work=[[द वॉशिंग्टन पोस्ट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९२६|१९२६]] - [[च्यांग झेमिन|ज्यॉंग झमिन]], [[:वर्ग:चीनचे राष्ट्राध्यक्ष|चीनचे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=कुह्न |first=रॉबर्ट लॉरेन्स |title=द मॅन हू चेंज्ड चायना: द लाइफ अँड लेगसी ऑफ च्यांग झेमिन |publisher=क्रॉउन |year=२००४ |isbn=978-1400054749}}</ref> * [[इ.स. १९३२|१९३२]] - [[व्ही.एस. नायपॉल]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेते [[:वर्ग:इंग्लिश लेखक|इंग्लिश लेखक]].<ref>{{cite news |title=व्ही. एस. नायपॉल जीवनपरिचय |url=https://www.nobelprize.org/ |publisher=नोबेल फाउंडेशन |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[जीन क्रांट्झ]], [[नासा]]चे उड्डाण संचालक.<ref>{{cite book |last=क्रांट्झ |first=जीन |title=फेल्युअर इज नॉट ॲन ऑप्शन |publisher=सायमन अँड शुस्टर |year=२००० |isbn=978-0743200790}}</ref> * [[इ.स. १९७२|१९७२]] - [[हबीबुल बशर]], [[:वर्ग:बांगलादेशचे क्रिकेट खेळाडू|बांगलादेशचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[थिएरी ऑन्री]], [[:वर्ग:फ्रांसचे फुटबॉल खेळाडू|फ्रेंच फुटबॉल खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Thierry Henry Profile |url=https://www.premierleague.com/ |publisher=प्रीमियर लीग |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. १३०४|१३०४]] - [[गो-फुकाकुसा]], [[:वर्ग:जपानी सम्राट|जपानी सम्राट]].<ref>{{cite book |last=व्हार्ली |first=एच. पॉल |title=अ क्रॉनिकल ऑफ गॉड्स अँड सोव्हरेन्स |publisher=कोलंबिया युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८० |isbn=978-0231049405}}</ref> * [[इ.स. १७८६|१७८६]] - [[फ्रेडरिक दुसरा, प्रशिया|फ्रेडरिक दुसरा (महान)]], [[प्रशिया]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=ॲटवुड |first=क्रिस्टोफर |title=फ्रेडरिक द ग्रेट: अ लाइफ इन डिड |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२०१५}}</ref> * [[इ.स. १९२४|१९२४]] - [[टॉम केन्डॉल]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[मोहम्मद झिया उल-हक]], [[:वर्ग:पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष|पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite news |title=जनरल झिया उल-हक यांच्या निधनाची बातमी |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१८ ऑगस्ट १९८८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * [[स्वातंत्र्य दिन]] - [[इंडोनेशिया]].<ref>{{cite web |title=Indonesia Independence Day |url=https://www.indonesia.travel/ |publisher=इंडोनेशिया पर्यटन मंत्रालय |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||august/17}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ----- [[ऑगस्ट १५]] - [[ऑगस्ट १६]] - '''ऑगस्ट १७''' - [[ऑगस्ट १८]] - [[ऑगस्ट १९]] - [[ऑगस्ट महिना]] {{ग्रेगरियन महिने}} n4jfu9rmaf6n46fu7rz8b3hem26vpgy 2703069 2703065 2026-08-17T10:55:48Z अभय नातू 206 /* सातवे शतक */ 2703069 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|१७|२२९|२३०}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === चौथे शतक === * ३०९ / ३१० - [[पोप]] [[पोप युसेबियस|युसेबियसला]] [[रोमन सम्राट|सम्राट]] [[मॅक्सेंटियस]] याने [[सिसिली]]ला पाठवले, जिथे त्याचा मृत्यू झाला.<ref>{{cite book |last=शॉफ |first=फिलिप |title=हिस्ट्री ऑफ द ख्रिश्चन चर्च |publisher=चार्लस स्क्रिबनर्स सन्स |year=१८८२}}</ref> === सातवे शतक === * ६८२ - [[पोप लिओ दुसरा]] पोपपदी.<ref>{{cite book |last=मॅकमॅनस |first=ॲड्रियन |title=द पॉप्स ऑफ द अर्ली मिडल एजेस |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००४}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८६२|१८६२]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेत]] आपल्याच जमिनींवरून हुसकून लावलेल्या [[लकोटा जमात|लकोटा जमातीच्या]] लोकांनी [[मिनेसोटा नदी]]च्या किनारी असलेल्या श्वेतवर्णीय वसाहतींवर हल्ला केला.<ref>{{cite book |last=कार्ले |first=केनेथ |title=द डकोटा वॉर ऑफ १८६२ |publisher=मिनेसोटा हिस्टोरिकल सोसायटी प्रेस |year=२००१ |isbn=978-0873513982}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९१४|१९१४]] - [[पहिले महायुद्ध]]-[[स्टालुपॉनेनची लढाई]] - [[जर्मनी|जर्मनीचा]] [[रशियन साम्राज्य|रशियन]] सैन्यावर विजय.<ref>{{cite book |last=शो वॉल्टर |first=डेनिस |title=टॅनेनबर्ग: क्लॅश ऑफ एम्पायर्स |publisher=प्रॅगर |year=१९९१ |isbn=978-0275932022}}</ref> * [[इ.स. १९४३|१९४३]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - [[जर्मनी|जर्मनीने]] [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेची]] ६० लढाऊ विमाने पाडली.<ref>{{cite book |last=मिशेल |first=विल्यम |title=द एर वॉर इन युरोप |publisher=टाइम-लाइफ बुक्स |year=१९८२}}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[इंडोनेशिया|इंडोनेशियाला]] [[नेदरलँड्स|नेदरलँड्सकडून]] स्वातंत्र्य मिळाले.<ref>{{cite book |last=रिकलेफ्स |first=एम. सी. |title=अ हिस्टरी ऑफ मॉडर्न इंडोनेशिया सिन्स सी. १८०० |publisher=पालग्रेव्ह मॅकमिलन |year=२००१ |isbn=978-0333801000}}</ref> * [[इ.स. १९६०|१९६०]] - [[गॅबन|गॅबनला]] [[फ्रान्स|फ्रांसपासून]] स्वातंत्र्य मिळाले.<ref>{{cite book |last=गार्डीनियर |first=डेव्हिड |title=हिस्टोरिकल डिक्शनरी ऑफ गॅबन |publisher=स्कॅरक्रो प्रेस |year=१९९४ |isbn=978-0810827639}}</ref> * [[इ.स. १९६३|१९६३]] - [[जपान]]मध्ये [[फेरीबोट]] बुडून ११२ जणांचा मृत्यू झाला.<ref>{{cite news |title=जपान फेरी अपघाताची बातमी |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१८ ऑगस्ट १९६३ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९६९|१९६९]] - [[वादळ|कॅटेगरी ५]] [[हरिकेन कॅमिल]] [[मिसिसिपी]]च्या किनाऱ्यावर आले. २४८ जण मृत, १.५ अब्ज [[अमेरिकन डॉलर|डॉलरचे]] नुकसान झाले.<ref>{{cite web |title=Hurricane Camille Report |url=https://www.nhc.noaa.gov/ |publisher=नॅशनल हरिकेन सेंटर |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९७९|१९७९]] - [[एरोफ्लोत]] विमान-वाहतूक कंपनीच्या दोन विमानांची [[युक्रेन]]मध्ये टक्कर होऊन १५६ जण ठार झाले.<ref>{{cite web |title=Dniprodzerzhynsk Mid-Air Collision |url=https://aviation-safety.net/ |publisher=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[विमान अपघात|विमान अपघातात]] [[:वर्ग:पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष|पाकिस्तानी राष्ट्राध्यक्ष]] [[मोहम्मद झिया उल-हक]] व [[अमेरिका|अमेरिकन]] राजदूत [[आर्नोल्ड रफेल]] ठार झाले.<ref>{{cite news |title=झिया उल-हक यांच्या विमान अपघाती निधनाची बातमी |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१८ ऑगस्ट १९८८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९९|१९९९]] - [[तुर्कस्तान]]च्या [[इझ्मित]] शहराजवळ [[रिश्टर मापनपद्धती]]नुसार ७.४ तीव्रतेचा [[भूकंप]] होऊन १७,००० लोक ठार व ४४,००० जखमी झाले.<ref>{{cite web |title=Izmit Earthquake Report |url=https://earthquake.usgs.gov/ |publisher=युनायटेड स्टेट्स जिओलॉजिकल सर्व्हे |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००५|२००५]] - [[बांगलादेश]]च्या ६४ पैकी ६३ जिल्ह्यांमध्ये [[बॉम्बस्फोट|मालिका बॉम्बस्फोट]] होऊन दोन जण ठार झाले.<ref>{{cite news |title=बांगलादेश मालिका बॉम्बस्फोट प्रकरण |url=https://www.theguardian.com/ |work=[[द गार्डियन]] |date=१८ ऑगस्ट २००५ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[मायकेल फेल्प्स]]ने [[२००८ उन्हाळी ऑलिंपिक|२००८ उन्हाळी ऑलिंपिकमध्ये]] आठवे [[सुवर्णपदक]] जिंकून उच्चांक प्रस्थापित केला.<ref>{{cite news |title=मायकेल फेल्प्सचा आठव्या सुवर्णपदकाचा विक्रम |url=https://www.reuters.com/ |publisher=[[रॉयटर्स]] |date=१७ ऑगस्ट २००८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १६२९|१६२९]] - [[जॉन तिसरा सोबिएस्की|जॉन तिसरा]], [[पोलंड]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=पावलोव्स्की |first=अँटनी |title=किंग जॉन तिसरा सोबिएस्की |publisher=वॉर्सा प्रेस |year=१९९०}}</ref> * [[इ.स. १८४४|१८४४]] - [[मेनेलेक दुसरा, इथियोपिया|मेनेलेक दुसरा]], [[इथियोपिया]]चा सम्राट.<ref>{{cite book |last=मार्कस |first=हॅरोल्ड |title=द लाइफ अँड टाइम्स ऑफ मेनेलेक दुसरा |publisher=क्लॅरेंडन प्रेस |year=१९७५ |isbn=978-0198216742}}</ref> * [[इ.स. १८७८|१८७८]] - [[रेजी डफ]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo">{{cite web |title=Reggie Duff Profile |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १८८७|१८८७]] - [[चार्ल्स पहिला, ऑस्ट्रिया|चार्ल्स पहिला]], [[ऑस्ट्रिया]]चा सम्राट.<ref>{{cite book |last=ब्रुक-शेफर्ड |first=गोर्डन |title=द लास्ट हॅप्सबर्ग |publisher=वाइडेनफेल्ड अँड निकोलसन |year=१९६८}}</ref> * [[इ.स. १९१३|१९१३]] - [[डब्ल्यु. मार्क फेल्ट]], [[फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्व्हेस्टिगेशन|एफ.बी.आय.]]चे उपसंचालक व [[वॉटरगेट कुभांड|वॉटरगेट कुभांडातील]] खबऱ्या (डीप थ्रोट).<ref>{{cite news |title=डब्ल्यु. मार्क फेल्ट परिचय |url=https://www.washingtonpost.com/ |work=[[द वॉशिंग्टन पोस्ट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९२६|१९२६]] - [[च्यांग झेमिन|ज्यॉंग झमिन]], [[:वर्ग:चीनचे राष्ट्राध्यक्ष|चीनचे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=कुह्न |first=रॉबर्ट लॉरेन्स |title=द मॅन हू चेंज्ड चायना: द लाइफ अँड लेगसी ऑफ च्यांग झेमिन |publisher=क्रॉउन |year=२००४ |isbn=978-1400054749}}</ref> * [[इ.स. १९३२|१९३२]] - [[व्ही.एस. नायपॉल]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेते [[:वर्ग:इंग्लिश लेखक|इंग्लिश लेखक]].<ref>{{cite news |title=व्ही. एस. नायपॉल जीवनपरिचय |url=https://www.nobelprize.org/ |publisher=नोबेल फाउंडेशन |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[जीन क्रांट्झ]], [[नासा]]चे उड्डाण संचालक.<ref>{{cite book |last=क्रांट्झ |first=जीन |title=फेल्युअर इज नॉट ॲन ऑप्शन |publisher=सायमन अँड शुस्टर |year=२००० |isbn=978-0743200790}}</ref> * [[इ.स. १९७२|१९७२]] - [[हबीबुल बशर]], [[:वर्ग:बांगलादेशचे क्रिकेट खेळाडू|बांगलादेशचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[थिएरी ऑन्री]], [[:वर्ग:फ्रांसचे फुटबॉल खेळाडू|फ्रेंच फुटबॉल खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Thierry Henry Profile |url=https://www.premierleague.com/ |publisher=प्रीमियर लीग |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. १३०४|१३०४]] - [[गो-फुकाकुसा]], [[:वर्ग:जपानी सम्राट|जपानी सम्राट]].<ref>{{cite book |last=व्हार्ली |first=एच. पॉल |title=अ क्रॉनिकल ऑफ गॉड्स अँड सोव्हरेन्स |publisher=कोलंबिया युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८० |isbn=978-0231049405}}</ref> * [[इ.स. १७८६|१७८६]] - [[फ्रेडरिक दुसरा, प्रशिया|फ्रेडरिक दुसरा (महान)]], [[प्रशिया]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=ॲटवुड |first=क्रिस्टोफर |title=फ्रेडरिक द ग्रेट: अ लाइफ इन डिड |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२०१५}}</ref> * [[इ.स. १९२४|१९२४]] - [[टॉम केन्डॉल]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[मोहम्मद झिया उल-हक]], [[:वर्ग:पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष|पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite news |title=जनरल झिया उल-हक यांच्या निधनाची बातमी |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१८ ऑगस्ट १९८८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * [[स्वातंत्र्य दिन]] - [[इंडोनेशिया]].<ref>{{cite web |title=Indonesia Independence Day |url=https://www.indonesia.travel/ |publisher=इंडोनेशिया पर्यटन मंत्रालय |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||august/17}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ----- [[ऑगस्ट १५]] - [[ऑगस्ट १६]] - '''ऑगस्ट १७''' - [[ऑगस्ट १८]] - [[ऑगस्ट १९]] - [[ऑगस्ट महिना]] {{ग्रेगरियन महिने}} izl7wqcwk2w96o4kfc14yfd2rw0olz2 दूरदर्शन 0 18339 2703072 2463081 2026-08-17T11:01:04Z अभय नातू 206 दुवे 2703072 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Doordarshan Logo (1).png|इवलेसे|दूरदर्शनचा लोगो]] {{माहितीचौकट दूरचित्रवाहिनी |नाव = दूरदर्शन |चित्र = |चित्रसाईज = |चित्र_माहिती = |चित्र२ = |सुरुवात = [[१५ सप्टेंबर]] [[इ.स. १९५९|१९५९]] |शेवटचे_प्रसारण = |चित्र_प्रकार = |प्रेक्षक_संख्या = |प्रेक्षक_संख्या_सध्या = |प्रेक्षक_संख्या_माहिती = |नेटवर्क = [[प्रसार भारती]] |मालक = [[भारत सरकार]] |ब्रीदवाक्य = सत्यम शिवम सुंदरम् |देश = [[भारत]] |प्रसारण क्षेत्र = [[भारत]] |मुख्यालय = [[नवी दिल्ली]], [[भारत]]. |जुने नाव = |बदललेले नाव = |भगिनी वाहिनी = [[डीडी नॅशनल]], [[डीडी न्यूझ]], [[डीडी भारती]], डीडी रेट्रो ई. |प्रसारण वेळ = २४ तास प्रक्षेपण |संकेतस्थळ = }} '''दूरदर्शन''' हे [[भारत|भारताचे]] प्रथम टीव्ही चॅनल आहे. दूरदर्शन मनोरंजनपर कार्यक्रम प्रसारित करते. ही भारताची राष्ट्रीय प्रसारण सेवा आहे, जी देशातील दूरचित्रवाणी सेवा प्रदान करणारी सर्वात मोठी आणि प्रमुख संस्था आहे. दूरदर्शनची स्थापना [[१५ सप्टेंबर]] [[इ.स. १९५९|१९५९]] रोजी झाली. सुरुवातीला [[नवी दिल्ली|दिल्लीतील]] एका साध्या प्रयोगात्मक प्रसारणाने सुरुवात करून, दूरदर्शनने पुढे जाऊन भारतातील प्रत्येक घरात आपल्या सेवा पोहोचवल्या आहेत. आज, दूरदर्शन विविध भाषांमध्ये असंख्य चॅनेल्सच्या माध्यमातून आपले कार्यक्रम प्रसारित करते. दूरदर्शन हे [[प्रसार भारती]] या [[भारत सरकार|भारत सरकारच्या]] संस्थेद्वारे चालवले जाते.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|title=दुरदर्शन...!|last=कदम|archive-url=|archive-date=|दुवा=https://www.marathisrushti.com/articles/doordarshan/|पहिले नाव=गणेश|दिनांक=15 September 2017|संकेतस्थळ=मराठी सृष्ठी|dead-url=|अॅक्सेसदिनांक=१५ एप्रिल २०१५}}</ref> == इतिहास == दूरदर्शन भारतातील पहिले चॅनल आहे. दूरदर्शन मोफत आहे. [[आकाशवाणी|ऑल इंडिया रेडिओ]]चा एक भाग म्हणून दूरदर्शनवर नियमित दैनिक प्रसारणांची सुरुवात [[इ.स. १९६५|१९६५]] मध्ये करण्यात आली. [[इ.स. १९७५|१९७५]] पर्यंत भारतातील फक्त ७ शहरांमध्ये टीव्ही सेवा होती आणि दूरदर्शन ही भारतातील टीव्ही सेवा देणारी एकमेव कंपनी होती. जी आज देशाच्या कानाकोपऱ्यापर्यंत पोहोचली. [[इ.स. १९८५|१९८५]] नंतर घरोघरी दूरचित्रवाणी संच दिसू लागले आणि मालिकांविषयीच्या चर्चा रंगू लागल्या. [[चिमणराव आणि गुंड्याभाऊ]], चाळ नावाची वाचाळ वस्ती, [[गोट्या (मालिका)|गोट्या]], बंदिनी, [[एक शून्य शून्य]], सर्जा राजा, प्रतिभा आणि प्रतिमा, [[ज्ञानदीप]], [[आमची माती आमची माणसं]] या मालिका ज्ञान, माहिती आणि निखळ मनोरंजन देण्याचं काम करीत होत्या. व्यत्यय नावाची पाटीही चांगलाच भाव खाऊन जायची. हिंदीतल्या [[बुनियाद]], [[हम लोग]], [[ये जो है जिंदगी]], [[रजनी (मालिका)|रजनी]], [[तमस]], [[रामायण (मालिका)|रामायण]], [[महाभारत (मालिका)|महाभारत]], [[द वर्ल्ड धिस वीक]], दर्पण या मालिकांनी तर मनोरंजनाच्या विश्वात अफाट प्रेक्षक वर्ग मिळवला. अनंत भावे, प्रदीप भिडे, शम्मी नारंग, अविनाश कौर सरीन यांचे आत्मविश्वासाने परिपूर्ण असलेले वृत्तनिवेदन दर्शकांना भारावणारे असेच होते. दूरदर्शन, भारतीय राष्ट्रीय दूरदर्शन हे जगातील सर्वात मोठे प्रादेशिक (नेटवर्क) जाळे आहे. [[डीडी नॅशनल|डीडी-१]] ही वाहिनी १०४२ प्रादेशिक ट्रान्समिटर्स पर्यंत याचे जाळे पसरले आहे. देशात ८५ टक्के लोकसंख्येपर्यंत डीडी-१ चे कार्यक्रम पोहोचतात. या व्यतिरिक्त ६५ अतिरिक्त ट्रान्समिटर्स जोडलेले आहेत. [[इन्सॅट|भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह (इन्सॅट)]] वर अनेक ट्रान्सपाँडर्स जोडून प्रसारण क्षेत्र वाढविण्यात आले आहे. देशात ४९ शहरांमध्ये दूरदर्शनचे कार्यक्रम निर्मिती केंद्र कार्यरत आहेत. दूरदर्शनवरून पहिले प्रसारण [[१५ सप्टेंबर]] [[इ.स. १९५९|१९५९]] रोजी [[आकाशवाणी भवन]] नवी दिल्ली, या तात्पुरत्या उभारलेल्या स्टुडिओतून करण्यात आले. आज "[[प्रसार भारती]]" या संस्थेच्या अखत्यारीत असलेले दूरदर्शन त्यावेळी [[आकाशवाणी|ऑल इंडिया रेडिओ]]चाच एक भाग होते. [[इ.स. १९७२|१९७२]] साली दूरदर्शनचे [[मुंबई]] केंद्र सुरू झाले. पहिली काही वर्षे [[महाराष्ट्र|महाराष्ट्रात]] मुंबई-[[पुणे|पुण्यातच]] कार्यक्रम दिसत. त्याचा पसारा खऱ्या अर्थाने वाढला तो [[इ.स. १९८२|१९८२]] साली देशात झालेल्या [[१९८२ आशियाई खेळ|एशियाड क्रीडा स्पर्धांमुळे]]! तेव्हा दूरदर्शन खेड्यापाड्यात पोहोचले. सुरुवातीला या माध्यमाला अनेकांनी विरोध केला. लोकांना टीव्हीची नाही तर भाकरीची गरज आहे, असे म्हणणारे पुष्कळ होते. पण गंमतीची गोष्ट अशी की लोकांनीच हे म्हणणे खोटे पाडले. ज्या खेड्यांत वीज नव्हती तिथे ती आल्यावर अनेकांनी पहिल्यांदा दूरदर्शन संच विकत घेतले. दूरदर्शनवरून बातमीपत्राची नियमित सेवा [[इ.स. १९६५|१९६५]] पासून सुरू झाली. [[इ.स. १९७२|१९७२]] मध्ये दूरदर्शन सेवा मुंबईत आली. [[इ.स. १९७५|१९७५]] मध्ये [[चेन्नई]], [[श्रीनगर]], [[अमृतसर]] व [[लखनौ]] या शहरांमध्ये दूरदर्शनचे प्रसारण सुरू झाले. उपग्रहाद्वारे सामाजिक शिक्षण अथवा अत्याधुनिक तंत्रज्ञानातून सामाजिक शिक्षण देण्याचा पहिला प्रयोग भारतात केला. [[सॅटेलाइट प्लॅटफॉर्म फॉर इन्स्ट्रक्शनल टेलिव्हिजन एक्सपेरिमेंट|सॅटेलाईट इंस्ट्रक्शनल टेलेव्हिजन एक्सपरीमेंट]] (SITE) ची चाचणी [[इ.स. १९७५|१९७५]]-[[इ.स. १९७६|७६]] या वर्षी घेण्यात आली. याद्वारेच जगात प्रथमच सामाजिक शिक्षणाचा प्रचार घरोघरी करण्यात आला. [[इ.स. १९८२|१९८२]] मध्ये दिल्ली आणि अन्य ट्रान्समिटर्स दरम्यान उपग्रहांमार्फत प्रसारण सुरू करण्यात आले. या बरोबरच राष्ट्रीय प्रसारणास सुरुवात झाली. रंगीत दूरदर्शनचे युगही याचवेळी सुरू झाले. दूरदर्शनने भारतीय समाजावर एक सकारात्मक सामाजिक आणि सांस्कृतिक प्रभाव टाकला आहे. ग्रामीण भागात माहितीचा प्रसार, शैक्षणिक कार्यक्रम, आणि राष्ट्रीय एकात्मतेचे संदेश यांद्वारे दूरदर्शनने भारतीय समाजात एक महत्त्वाची भूमिका बजावली आहे. अनेक महत्त्वपूर्ण सामाजिक विषयांवर आधारित कार्यक्रमांनी जनजागृती केली आहे, जसे की स्वच्छता, शिक्षण, लसीकरण, आणि महिला सशक्तीकरण. [[इ.स. १९८२|१९८२]] मध्ये दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक म्हणून अस्तित्वात आले.<ref>{{स्रोत बातमी|last=ऑनलाईन|first=लोकमत|title=दूरदर्शन दीन : घरावर बसवलेला टीव्ही एनटीना बनला प्रतिष्ठेचे प्रतीक.|date=१५ सप्टेंबर २०१९|work=लोकमत|access-date=१५ एप्रिल २०२०|archive-url=|archive-date=|दुवा=https://www.lokmat.com/national/today-september-15-doordarshan-celebrates-60-years-bringing-television-india/amp/|dead-url=}}</ref> पूर्वी खाजगी टीव्ही वाहिन्या नव्हत्या त्यामुळे दूरदर्शन ही एकमेव वाहिनी होती. दूरदर्शनवरील कार्यक्रम खूप लोकप्रिय झाले, जसे की [[रामायण (मालिका)|रामायण]] ([[इ.स. १९८७|१९८७]]), [[महाभारत (मालिका)|महाभारत]], [[शक्तिमान]], [[श्रीमान श्रीमती (मालिका)|श्रीमान श्रीमती]] इत्यादी. == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:भारत]] [[वर्ग:दूरदर्शन]] [[वर्ग:प्रसार भारती]] [[वर्ग:भारत सरकार]] 0jzm5gbh811x773s543g596hrd1m1f9 कोंकणी भाषा 0 20029 2702895 2637225 2026-08-16T16:28:43Z TheonlyPuneriintown 157039 इंग्रजी मजकूरला मराठीत भाषांतर केले, अंक जोडले 2702895 wikitext text/x-wiki {{विक्शनरीसूचीविहार}} {{माहितीचौकट भाषा |नाव = कोकणी |स्थानिक नाव = कोंकणी |भाषिक_देश = [[भारत]] |राष्ट्रभाषा_देश = भारत |भाषिक_प्रदेश = [[गोवा]], [[महाराष्ट्र]], [[कर्नाटक]], [[गुजरात]], [[केरळ]] |बोलीभाषा = [[मालवणी बोलीभाषा|मालवणी]], बारदेशी, [[आंतरूजी]], [[शास्तिकार]], कॅनरा क्रीस्तांव, [[कॅनरा]] [[सारस्वत]], [[सिद्दी]], [[कोच्ची]]. |लिपी = [[देवनागरी लिपी|देवनागरी]], [[रोमन लिपी]], [[कन्नड भाषा|कानडी लिपी]], [[मल्याळम भाषा|मल्याळी लिपी]], [[अरबी लिपी]]. |भाषिक_लोकसंख्या = ९८ लाख |भाषिक_लोकसंख्येनुसार_क्रमांक = १२३ |भाषाकुल_वर्गीकरण = [[इंडो-युरोपीय भाषासमूह|इंडो-युरोपीय]] |वर्ग२ = [[इंडो-इराणी भाषासमूह|इंडो-इराणी]] |वर्ग३ = [[हिंद-आर्य भाषासमूह|हिंद-आर्य]] |वर्ग४ = दक्षिण विभाग |भाषासंकेत_ISO_639_1_वर्गवारी = |भाषासंकेत_ISO_639_2_वर्गवारी = kok |भाषासंकेत_ISO_639_3_वर्गवारी = [http://www.sil.org/iso639-3/documentation.asp?id=kok kok]{{मृत दुवा}} }} {{गल्लत|कोकणा बोलीभाषा}} '''कोंकणी''' ही [[भारत|भारताच्या]] पश्चिम किनाऱ्यावरील [[कोकण]] पट्ट्यात बोलली जाणारी एक [[इंडो-युरोपीय भाषासमूह|इंडो-युरोपीय]] भाषा आहे. गोवा राज्याची ही राजभाषा आहे. त्याचप्रमाणे [[महाराष्ट्र]], [[कर्नाटक|कर्नाटकाचा]] किनारपट्टीचा भाग येथे ती प्रामुख्याने बोलली जाते. * पूर्वी कोकणी लिहिण्यासाठी कर्नाटकात [[कन्नड भाषा|कानडी]], तर [[केरळ|केरळीय]] कोकणी लोक [[मल्याळम भाषा|मल्याळी लिपी]] वापरत असत. आतामात्र सर्वत्र देवनागरी लिपीतून कोंकणी लिहिली जाते. कोकणी मुसलमान [[अरबी लिपी]] वापरतात, [[गोवा]] आणि [[महाराष्ट्र|महाराष्ट्रात]] [[देवनागरी लिपी|देवनागरी लिपीचा]] वापर होतो. गोव्यात [[रोमन लिपी|रोमन लिपीसुद्धा]] वापरतात. कोंकणी ही गोव्याची राजभाषा असून मराठीला गोव्यात समकक्ष दर्जा आहे. अनुस्वार हा कोंकणी भाषेचा श्वास आहे. कोंकणी ही (macrolanguage) एकसंध बोलीभाषा नसून तिच्यात एकूण आठ प्रकार (individual languages) गणले जातात. गोव्यात बोलली जाणारी '''गोव्याची कोंकणी''' ही त्यांपैकी एक असून तिच्यात ख्रिश्चनांची कोंकणी व हिंदूंची कोंकणी असे दोन प्रकार आहेत. ख्रिश्चनांच्या कोंकणीवर पोर्तुगीज भाषेचा प्रभाव आहे.महाराष्ट्राच्या कोकण क्षेत्रात बोलली जाणारी '''कोंकणी'''ही वेगळी आहे. शिवाय मालवणी, चित्तपावनी, वारली, काणकोणी, डांगी वगैरे अन्य बोलीभाषा कोंकणीच्या उपभाषा आहेत. या सर्व बोलीभाषा बोलणाऱ्यांची एकूण लोकसंख्या सुमारे ९८ लाखांहून अधिक आहे. इंडो-आर्यन भाषांत ही सर्वांत दक्षिण टोकाकडील भाषा आहे. तिचे नाते मराठी आणि गुजरातीशी आहे. केरळमध्ये आणि कर्नाटकात बोलल्या जाणाऱ्या कोंकणी भाषेत द्रविड भाषांतले अनेक मूळ शब्द आहेत.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत |दुवा=http://ccat.sas.upenn.edu/~fsouth/DravidianElement.pdf |title=Prehistoric Implications of the Dravidian element in the NIA lexicon, with special attention to Marathi |लेखक=F.C. Southwort |प्रकाशक=University of Pennsylvania, USA}}</ref> गोव्यामध्ये​ सुनापरांत हे कोंकणी दैनिक दीर्घकाळ प्रकाशित होत होते. १ आगस्ट २०१७ साली ते ​बंद झाले. त्यानंतर आता भांगरभूंय हे देवनागरी कोंकणी दैनिक प्रकाशित होते. त्याचप्रमाणे ४ फेब्रुवारी २०१८ पासून [https://goenkaar.com/ गोंयकार] हे कोंकणी भाषेतील [https://goenkaar.com/ पहिली आणि एकमेव न्यूजसाईट] तसेच [https://www.youtube.com/@goenkaar युट्युब चॅनेल] सुरू करण्यात आले. गोव्याच्या ओपिनियन पोल काळात कोंकणी भाषेचा लढा 'राष्ट्रमत' या दैनिकाने लढवला होता. मराठी भाषेतून कोंकणीची बाजू मांडणारे हे दैनिक कालौघात बंद झाले. मात्र ४ फेब्रुवारी २०१८ ​पासून पत्रकार, लेखक किशोर अर्जुन यांनी [https://rashtramat.com/ राष्ट्रमत] नावाने हे दैनिक ऑनलाईन प्रकाशित करू लागले. त्याचप्रमाणे राष्ट्रमतचे [https://www.youtube.com/@rashtramat युट्युब चॅनलदेखील] आहे. या व्यतिरिक्त गोव्यामध्ये रोमन कोंकणीमध्ये आमचो आवाज, वावरड्यांचो इष्ट ही साप्ताहिके प्रकाशित होतात. तर बिंब आणि गोंयकाराक जाग हे देवनागरी कोंकणीमध्ये साहित्यिक मासिके प्रकाशित होतात.   == वैशिष्ट्ये == कोंकणी भाषेचे व्याकरण मराठी भाषेच्या जवळ जाणारे असले तरी, ते तंतोतंत मराठी भाषेचे व्याकरण नाही. कोंकणीमध्ये (दीर्घ स्वर सोडून) १६ स्वर आणि ३६ व्यंजने आहेत. प्रत्येक स्वर नाकात उच्चारला जातो. === स्वर === {{अनुवाद|en}} कोंकणी भाषेचे एक वैशिष्ट्य असे आहे की कोंकणीतला '''अ'''चा उच्चार मराठीतल्या अच्या उच्चारापेक्षा वेगळा आहे. मराठीत वापरतात त्या ’अ’साठी IPA चिन्ह आहे '''{{IPA|ə}}''' (unrounded mid vowel), तर कोंकणीतला ’अ’ '''{{IPA|ɵ}}'''(rounded Close-mid central vowel) ने दाखवतात. कोंकणीत ’ए’ या स्वराचे तीन उच्चार आहेत. :'''{{IPA|e}}''', '''{{IPA|ɛ}}''' आणि '''{{IPA|æ}}.''' कोंकणीत वापरला जाणारा '''{{IPA|æ}}''' स्वर IPAच्या {{IPA|æ}} (Near-open front unrounded vowel) या प्रमाण स्वरापासून वेगळा आहे. कोंकणीत वापरतात तो स्वर {{IPA|ɛ}} आणि {{IPA|æ}} यांच्या मधला आहे, आणि प्रमाण {{IPA|æ}} पेक्षा लांब आहे. प्रमाण {{IPA|æ}} फक्त युरोपियन भाषांतून आलेल्या तत्सम शब्दांसाठी वापरला जातो. <div style="background:transparent"> {| class="IPA" cellspacing="0px" cellpadding=0 style="text-align:center; background:transparent;" |- style="text-align:center; font-size:smaller;" | style="width:60px;" | '''[[Front vowel|Front]]''' | style="width:60px;" | '''[[Near-front vowel|Near-front]]''' | style="width:60px;" | '''[[Central vowel|Central]]''' | style="width:60px;" | '''[[Near-back vowel|Near-back]]''' | style="width:60px;" | '''[[Back vowel|Back]]''' |- | style="height:30px; font-size:smaller; text-align:right;" | '''[[Close vowel|Close]]''' | style="height:210px;" colspan=5 rowspan=7 | <div style="position:relative;width:300px;height:210px">[[चित्र:Blank vowel trapezoid.png|300px]]<div style="background:transparent; position:absolute; top:0px; left:0px"> {| style="position:relative; width:300px; height:210px; text-align:center; background:transparent;" |- | style="width:300px; height:210px; text-align:center; background:transparent;" | <!-- CLOSE VOWELS --> <div style="position:absolute; left:5%; width:2.33em; top:2%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> [[Close front unrounded vowel|i]]&nbsp;•</div> <div style="position:absolute; left:82%; width:3em; top:2%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> •&nbsp;[[Close back rounded vowel|u]]</div> <!-- NEAR-CLOSE VOWELS --> <div style="position:absolute; left:29%; width:2.33em; top:16%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> [[Near-close near-front unrounded vowel|ɪ]]&nbsp;•</div> <div style="position: absolute; left: 69%; width: 1.5em; top: 16%; height: 1.33em; font-size: 120%; background: white">•&nbsp;[[Near-close near-back vowel|ʊ]]</div> <!-- CLOSE-MID VOWELS --> <div style="position:absolute; left:16%; width:2.66em; top:30%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> [[Close-mid front unrounded vowel|e]]&nbsp;•</div> <div style="position:absolute; left:50%; width:2.66em; top:30%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> •&nbsp;[[Close-mid central rounded vowel|ɵ]]</div> <div style="position:absolute; left:83%; width:2.66em; top:30%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> •&nbsp;[[Close-mid back rounded vowel|o]]</div> <!-- OPEN-MID VOWELS --> <div style="position:absolute; left:31%; width:2.66em; top:58%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> [[Open-mid front unrounded vowel|ɛ]]&nbsp;•</div> <div style="position:absolute; left:84%; width:2.33em; top:58%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> [[Open-mid back unrounded vowel|ʌ]]&nbsp;•&nbsp;[[Open-mid back rounded vowel|ɔ]]</div> <!-- NEAR-OPEN VOWELS --> <div style="position:absolute; left:37%; width:1.33em; top:73%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> [[Near-open front unrounded vowel|æ]]</div> <div style="position:absolute; left:64%; width:1em; top:73%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> [[Near-open central vowel|ɐ]]</div> <!-- OPEN VOWELS --> <div style="position:absolute; left:44%; width:2.66em; top:86%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> [[Open front unrounded vowel|a]]&nbsp;•</div> <!-- <div style="position:absolute; left:67%; width:1.33em; top:86%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> (a)</div> --> <div style="position:absolute; left:83%; width:2.66em; top:86%; height:1.33em; font-size:120%; background:white"> •&nbsp;[[Open back rounded vowel|ɒ]]</div> |} </div></div> |- | style="height:30px; font-size:smaller; text-align:right;" | '''[[Near-close vowel|Near‑close]]''' |- | style="height:30px; font-size:smaller; text-align:right;" | '''[[Close-mid vowel|Close‑mid]]''' |- | style="height:30px; font-size:smaller; text-align:right;" | '''[[Mid vowel|Mid]]''' |- | style="height:30px; font-size:smaller; text-align:right;" | '''[[Open-mid vowel|Open‑mid]]''' |- | style="height:30px; font-size:smaller; text-align:right;" | '''[[Near-open vowel|Near‑open]]''' |- | style="height:30px; font-size:smaller; text-align:right;" | '''[[Open vowel|Open]]''' |} </div> === व्यंजन === {|class="wikitable" |+'''व्यंजन''' !&nbsp;||ओष्ठ्य||दन्त्य||दन्तमूलीय||मूर्धन्य||दन्तमूलतालव्य||कण्ठ्य||कण्ठ्यद्वारीय |-style="text-align:center" !अघोष<br />स्पर्श |{{IPA|p}}<br />{{IPA|pʰ}}||{{IPA|t̪}}<br />{{IPA|t̪ʰ}}||&nbsp;||{{IPA|ʈ}}<br />{{IPA|ʈʰ}}||{{IPA|cɕ}}<br />{{IPA|cɕʰ}}|| {{IPA|k}}<br />{{IPA|kʰ}}||&nbsp; |-style="text-align:center" !घोष<br />स्पर्श |{{IPA|b}}<br />{{IPA|bʰ}}||{{IPA|d̪}}<br />{{IPA|d̪ʰ}}||&nbsp;||{{IPA|ɖ}}<br />{{IPA|ɖʰ}}||{{IPA|ɟʝ}}<br />{{IPA|ɟʝʰ}}||{{IPA|ɡ}}<br />{{IPA|ɡʰ}}||&nbsp; |-style="text-align:center" ! अघोष <br /> ऊष्मन |&nbsp;||&nbsp;||{{IPA|s}}||&nbsp;||{{IPA|ɕ}}||&nbsp;||{{IPA|h}} |-style="text-align:center" ! अनुनासिक |{{IPA|m}}<br />{{IPA|mʰ}}||{{IPA|n̪}}<br />{{IPA|n̪ʰ}}||&nbsp;||{{IPA|ɳ}}<br />{{IPA|ɳʰ}}||{{IPA|ɲ}}||{{IPA|ŋ}}||&nbsp; |-style="text-align:center" ! द्रव व्यंजन |{{IPA|ʋ}}<br />{{IPA|ʋʰ}}||&nbsp;||{{IPA|l}} {{IPA|ɾ}}<br />{{IPA|lʰ}} {{IPA|ɾʰ}}|||{{IPA|ɭ}} {{IPA|ɽ}}||{{IPA|j}}||&nbsp;||&nbsp; |} कोंकणीतील व्यंजने मराठीच्या व्यंजनांसारखीच आहेत. == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{कॉमन्स वर्ग|Konkani|कोकणी}} {{मराठीतील बोलीभाषा}} {{भारत भाषा}} [[वर्ग:कोंकणी भाषा| ]] [[वर्ग:हिंद-आर्य भाषासमूह]] [[वर्ग:भारतामधील भाषा]] jw8moge89ny36hi02ofa6r856vq87yk क्रिकेट विश्वचषक संघ कामगिरी 0 40665 2703079 2449684 2026-08-17T11:10:40Z अभय नातू 206 /* संघांची कामगिरी */ 2703079 wikitext text/x-wiki [[Image:ICC CWC 2007 team captains.jpg|thumb|२००७ क्रिकेट विश्वचषक मधील संघ नायक.]] '''[[क्रिकेट विश्वचषक]]'''स्पर्धेत भाग घेणाऱ्या संघाची कामगिरी येथे आहे. ==कामगिरी== [[Image:Cricket World Cup best results.png|thumb|left|[[क्रिकेट विश्वचषक, २००७|२००७]]पर्यंत देशांची कामगिरीचा नकाशा]] आतापर्यंत १७ संघ किमान एकदा [[क्रिकेट विश्वचषक|क्रिकेट विश्वचषकाचे]] सामने (qualifying tournaments वगळता) खेळले आहेत. त्या पैकी ७ संघांनी प्रत्येक प्रतीयोगीतेत भाग घेतला आहे आणि फक्त ५ संघ जिंकले आहेत. [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट संघ|वेस्ट इंडीज]] प्रथम दोन वेळा (१९ जून १९७५, २३ जून १९७९), [[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट संघ|ऑस्ट्रेलिया]] चार वेळा (०७ नोव्हेंबर १९८७, २० जून १९९९, २३ मार्च २००३ आणि १६, एप्रिल २००७) तर [[दक्षिण आशिया]]तील देशांनी ([[भारतीय क्रिकेट संघ|भारत]]: २५ जून १९८३, ०२ एप्रिल २०११, [[पाकिस्तान क्रिकेट संघ|पाकिस्तान]]: २५ मार्च १९९२, [[श्रीलंका क्रिकेट संघ|श्रीलंका]]: १७ मार्च १९९६) चार वेळा क्रिकेट विश्वचषक स्पर्धा जिंकली आहे. [[वेस्ट इंडीज]] (१९७५, १९७९) व [[ऑस्ट्रेलिया]] (१९९९, २००३ व २००७) या दोनच देशांनी ही स्पर्धा लागोपाठ जिंकली आहे. ऑस्ट्रेलिया आत्तापर्यंतच्या विश्वचषकांतील पाच अंतिम स्पर्धांमध्ये खेळला आहे. [[इंग्लंड]] तीनदा अंतिम फेरीत पोचून एकदाही चिंकलेला नाही. कसोटी सामने न खेळणाऱ्या संघांपैकी केन्या उपांत्य फेरीत पोचला. == संघांची कामगिरी == {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |+ एकदिवसीय विश्वचषक क्रिकेट स्पर्धेतील संघांची कामगिरी<ref>{{cite web |title=ICC Cricket World Cup Overall Team Records |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ! rowspan="2" | संघ ! rowspan="2" | सहभाग ! rowspan="2" | सलग सहभाग ! rowspan="2" | पदार्पण ! rowspan="2" | शेवटचा सहभाग ! rowspan="2" | सर्वोत्तम कामगिरी ! colspan="5" | माहिती |- ! सामने !! विजय !! हार !! टाय !! अनिर्णित |- | style="text-align:left;" | {{AUSc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (१९८७, १९९९, २००३, २००७, २०१५, २०२३) || ९४ || ६९ || २५ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{INDc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (१९८३, २०११) || ९५ || ६३ || ३१ || १ || ० |- | style="text-align:left;" | {{NZLc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || उपविजेता (२०१५, २०१९) || ९-९ || ५९ || ३८ || १ || १ |- | style="text-align:left;" | {{ENGc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (२०१९) || ९२ || ४९ || ४१ || १ || १ |- | style="text-align:left;" | {{PAKc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (१९९२) || ८९ || ४९ || ३८ || ० || २ |- | style="text-align:left;" | {{SRIc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (१९९६) || ८९ || ४० || ४६ || १ || २ |- | style="text-align:left;" | {{WINc}} || १२ || १२ || १९७५ || २०१९ || विजेता (१९७५, १९७९) || ८० || ४३ || ३५ || ० || २ |- | style="text-align:left;" | {{RSAc}} || ९ || ९ || १९९२ || २०२३ || उपांत्य फेरी (१९९२, १९९९, २००७, २०१५, २०२३) || ६४ ||३८ || २४ || २ || ० |- | style="text-align:left;" | {{ZIMc}} || ९ || ९ || १९८३ || २०१५ || सुपर सिक्स (१९९९, २००३) || ५७ || १३ || ४२ || १ || १ |- | style="text-align:left;" | {{BANc}} || ७ || ७ || १९९९ || २०२३ || उपांत्यपूर्व फेरी (२०१५) || ४-९ || १५ || ३२ || ० || २ |- | style="text-align:left;" | {{KENc}} || ५ || ५ || १९९६ || २०११ || उपांत्य फेरी (२००३) || २९ || ६ || २२ || ० || १ |- | style="text-align:left;" | {{IRLc}} || ३ || ३ || २००७ || २०१५ || सुपर आठ (२००७) || २१ || ७ || १३ || १ || ० |- | style="text-align:left;" | {{CANc}} || ४ || ३ || १९७९ || २०११ || प्रथम फेरी || १८ || २ || १६ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{NEDc}} || ५ || २ || १९९६ || २०२३ || प्रथम फेरी || २५ || ४ || २१ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{AFGc}} || ३ || ३ || २०१५ || २०२३ || प्रथम फेरी (२०२३ मध्ये ६वे स्थान) || २५ || ५ || २० || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{SCOc}} || ३ || २ || १९९९ || २०१५ || प्रथम फेरी || १४ || ० || १४ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{UAEc}} || २ || १ || १९९६ || २०१५ || प्रथम फेरी || ११ || १ || १० || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{NAMc}} || १ || १ || २००३ || २००३ || प्रथम फेरी || ६ || ० || ६ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{BERc}} || १ || १ || २००७ || २००७ || प्रथम फेरी || ३ || ० || ३ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | [[पूर्व आफ्रिका क्रिकेट संघ|पूर्व आफ्रिका]] || १ || १ || १९७५ || १९७५ || प्रथम फेरी || ३ || ० || ३ || ० || ० |} ==स्पर्धेगणिक कामगिरी== प्रत्येक '''[[क्रिकेट विश्वचषक]]''' स्पर्धेतील संघनिहाय कामिगरी. {| border="0" cellpadding="0" cellspacing="0" width="100%" |- style="background:#cccccc;" !Team ![[१९७५ क्रिकेट विश्वचषक|१९७५]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९७९|१९७९]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९८३|१९८३]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९८७|१९८७]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९९२|१९९२]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९९६|१९९६]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९९९|१९९९]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, २००३|२००३]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, २००७|२००७]] |- |{{cr|AUS}}||२nd||R१||R१||'''१st'''||R१||२nd||'''१st'''||'''१st'''||'''१st''' |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|BAN}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||R१||S८ |- |{{cr|BER}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|CAN}}||&nbsp;||R१||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||R१ |- |<!--[[Image:Flag of East and Central Africa Cricket Conference.png|22px|border]]--> [[East Africa cricket team|पूर्व आफ्रिका]]||R१||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp; |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|ENG}}||SF||२nd||SF||२nd||२nd||QF||R१||R१||S८ |- |{{cr|IND}}||R१||R१||'''१st'''||SF||R१||SF||S६||२nd||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|IRL}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||S८ |- |{{cr|KEN}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||R१||SF||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|NAM}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||&nbsp; |- |{{cr|NED}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||&nbsp;||R१||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|NZL}}||SF||SF||R१||R१||SF||QF||SF||S६||SF |- |{{cr|PAK}}||R१||SF||SF||SF||'''१st'''||QF||२nd||R१||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|SCO}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||&nbsp;||R१ |- |{{cr|RSA}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||SF||QF||SF||R१||SF |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|SRI}}||R१||R१||R१||R१||R१||'''१st'''||R१||SF||२nd |- |{{cr|UAE}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp; |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|West Indies}}||'''१st'''||'''१st'''||२nd||R१||R१||SF||R१||R१||S८ |- |{{cr|ZIM}}||&nbsp;||&nbsp;||R१||R१||R१||R१||S६||S६||R१ |- style="background:#cccccc;" !Team !१९७५ !१९७९ !१९८३ !१९८७ !१९९२ !१९९६ !१९९९ !२००३ !२००७ |} ===नोंद=== *१st - विजेता *२nd - उपविजेता *SF - उपांत्पफेरी *S८ - शेवटचे आठ *S६ - शेवटचे सहा (१९९९-२००३) *QF - उपउपांत्य फेरी (१९९६) *R१ - पहिली फेरी *Q - पुढील स्पर्धेसाठी पात्र ==संघ== {| class="toccolours collapsible" width=100% |- ! colspan="2" | '''संघ''' |- | colspan="2" | {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''ऑस्ट्रेलिया''' |- | colspan="2" |{{ऑस्ट्रेलिया संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''भारत''' |- | colspan="2" |{{भारतीय संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''इंग्लंड''' |- | colspan="2" |{{इंग्लंड संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''पाकिस्तान''' |- | colspan="2" |{{पाकिस्तान संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''वेस्ट इंडीज''' |- | colspan="2" |{{वेस्ट इंडिज संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''श्रीलंका''' |- | colspan="2" |{{श्रीलंका संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''न्यू झीलँड''' |- | colspan="2" |{{न्यू झीलँड संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''दक्षिण आफ्रिका''' |- | colspan="2" |{{दक्षिण आफ्रिका संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} |} {{क्रिकेट विश्वचषक माहिती}} [[वर्ग:क्रिकेट विश्वचषक]] bvilqlczufa61cggg65agagpe5tiw74 2703081 2703079 2026-08-17T11:10:59Z अभय नातू 206 /* संघ */ 2703081 wikitext text/x-wiki [[Image:ICC CWC 2007 team captains.jpg|thumb|२००७ क्रिकेट विश्वचषक मधील संघ नायक.]] '''[[क्रिकेट विश्वचषक]]'''स्पर्धेत भाग घेणाऱ्या संघाची कामगिरी येथे आहे. ==कामगिरी== [[Image:Cricket World Cup best results.png|thumb|left|[[क्रिकेट विश्वचषक, २००७|२००७]]पर्यंत देशांची कामगिरीचा नकाशा]] आतापर्यंत १७ संघ किमान एकदा [[क्रिकेट विश्वचषक|क्रिकेट विश्वचषकाचे]] सामने (qualifying tournaments वगळता) खेळले आहेत. त्या पैकी ७ संघांनी प्रत्येक प्रतीयोगीतेत भाग घेतला आहे आणि फक्त ५ संघ जिंकले आहेत. [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट संघ|वेस्ट इंडीज]] प्रथम दोन वेळा (१९ जून १९७५, २३ जून १९७९), [[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट संघ|ऑस्ट्रेलिया]] चार वेळा (०७ नोव्हेंबर १९८७, २० जून १९९९, २३ मार्च २००३ आणि १६, एप्रिल २००७) तर [[दक्षिण आशिया]]तील देशांनी ([[भारतीय क्रिकेट संघ|भारत]]: २५ जून १९८३, ०२ एप्रिल २०११, [[पाकिस्तान क्रिकेट संघ|पाकिस्तान]]: २५ मार्च १९९२, [[श्रीलंका क्रिकेट संघ|श्रीलंका]]: १७ मार्च १९९६) चार वेळा क्रिकेट विश्वचषक स्पर्धा जिंकली आहे. [[वेस्ट इंडीज]] (१९७५, १९७९) व [[ऑस्ट्रेलिया]] (१९९९, २००३ व २००७) या दोनच देशांनी ही स्पर्धा लागोपाठ जिंकली आहे. ऑस्ट्रेलिया आत्तापर्यंतच्या विश्वचषकांतील पाच अंतिम स्पर्धांमध्ये खेळला आहे. [[इंग्लंड]] तीनदा अंतिम फेरीत पोचून एकदाही चिंकलेला नाही. कसोटी सामने न खेळणाऱ्या संघांपैकी केन्या उपांत्य फेरीत पोचला. == संघांची कामगिरी == {| class="wikitable sortable" style="text-align:center;" |+ एकदिवसीय विश्वचषक क्रिकेट स्पर्धेतील संघांची कामगिरी<ref>{{cite web |title=ICC Cricket World Cup Overall Team Records |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ! rowspan="2" | संघ ! rowspan="2" | सहभाग ! rowspan="2" | सलग सहभाग ! rowspan="2" | पदार्पण ! rowspan="2" | शेवटचा सहभाग ! rowspan="2" | सर्वोत्तम कामगिरी ! colspan="5" | माहिती |- ! सामने !! विजय !! हार !! टाय !! अनिर्णित |- | style="text-align:left;" | {{AUSc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (१९८७, १९९९, २००३, २००७, २०१५, २०२३) || ९४ || ६९ || २५ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{INDc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (१९८३, २०११) || ९५ || ६३ || ३१ || १ || ० |- | style="text-align:left;" | {{NZLc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || उपविजेता (२०१५, २०१९) || ९-९ || ५९ || ३८ || १ || १ |- | style="text-align:left;" | {{ENGc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (२०१९) || ९२ || ४९ || ४१ || १ || १ |- | style="text-align:left;" | {{PAKc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (१९९२) || ८९ || ४९ || ३८ || ० || २ |- | style="text-align:left;" | {{SRIc}} || १३ || १३ || १९७५ || २०२३ || विजेता (१९९६) || ८९ || ४० || ४६ || १ || २ |- | style="text-align:left;" | {{WINc}} || १२ || १२ || १९७५ || २०१९ || विजेता (१९७५, १९७९) || ८० || ४३ || ३५ || ० || २ |- | style="text-align:left;" | {{RSAc}} || ९ || ९ || १९९२ || २०२३ || उपांत्य फेरी (१९९२, १९९९, २००७, २०१५, २०२३) || ६४ ||३८ || २४ || २ || ० |- | style="text-align:left;" | {{ZIMc}} || ९ || ९ || १९८३ || २०१५ || सुपर सिक्स (१९९९, २००३) || ५७ || १३ || ४२ || १ || १ |- | style="text-align:left;" | {{BANc}} || ७ || ७ || १९९९ || २०२३ || उपांत्यपूर्व फेरी (२०१५) || ४-९ || १५ || ३२ || ० || २ |- | style="text-align:left;" | {{KENc}} || ५ || ५ || १९९६ || २०११ || उपांत्य फेरी (२००३) || २९ || ६ || २२ || ० || १ |- | style="text-align:left;" | {{IRLc}} || ३ || ३ || २००७ || २०१५ || सुपर आठ (२००७) || २१ || ७ || १३ || १ || ० |- | style="text-align:left;" | {{CANc}} || ४ || ३ || १९७९ || २०११ || प्रथम फेरी || १८ || २ || १६ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{NEDc}} || ५ || २ || १९९६ || २०२३ || प्रथम फेरी || २५ || ४ || २१ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{AFGc}} || ३ || ३ || २०१५ || २०२३ || प्रथम फेरी (२०२३ मध्ये ६वे स्थान) || २५ || ५ || २० || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{SCOc}} || ३ || २ || १९९९ || २०१५ || प्रथम फेरी || १४ || ० || १४ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{UAEc}} || २ || १ || १९९६ || २०१५ || प्रथम फेरी || ११ || १ || १० || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{NAMc}} || १ || १ || २००३ || २००३ || प्रथम फेरी || ६ || ० || ६ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | {{BERc}} || १ || १ || २००७ || २००७ || प्रथम फेरी || ३ || ० || ३ || ० || ० |- | style="text-align:left;" | [[पूर्व आफ्रिका क्रिकेट संघ|पूर्व आफ्रिका]] || १ || १ || १९७५ || १९७५ || प्रथम फेरी || ३ || ० || ३ || ० || ० |} ==स्पर्धेगणिक कामगिरी== प्रत्येक '''[[क्रिकेट विश्वचषक]]''' स्पर्धेतील संघनिहाय कामिगरी. {| border="0" cellpadding="0" cellspacing="0" width="100%" |- style="background:#cccccc;" !Team ![[१९७५ क्रिकेट विश्वचषक|१९७५]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९७९|१९७९]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९८३|१९८३]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९८७|१९८७]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९९२|१९९२]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९९६|१९९६]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, १९९९|१९९९]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, २००३|२००३]] ![[क्रिकेट विश्वचषक, २००७|२००७]] |- |{{cr|AUS}}||२nd||R१||R१||'''१st'''||R१||२nd||'''१st'''||'''१st'''||'''१st''' |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|BAN}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||R१||S८ |- |{{cr|BER}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|CAN}}||&nbsp;||R१||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||R१ |- |<!--[[Image:Flag of East and Central Africa Cricket Conference.png|22px|border]]--> [[East Africa cricket team|पूर्व आफ्रिका]]||R१||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp; |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|ENG}}||SF||२nd||SF||२nd||२nd||QF||R१||R१||S८ |- |{{cr|IND}}||R१||R१||'''१st'''||SF||R१||SF||S६||२nd||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|IRL}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||S८ |- |{{cr|KEN}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||R१||SF||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|NAM}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||&nbsp; |- |{{cr|NED}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||&nbsp;||R१||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|NZL}}||SF||SF||R१||R१||SF||QF||SF||S६||SF |- |{{cr|PAK}}||R१||SF||SF||SF||'''१st'''||QF||२nd||R१||R१ |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|SCO}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||&nbsp;||R१ |- |{{cr|RSA}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||SF||QF||SF||R१||SF |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|SRI}}||R१||R१||R१||R१||R१||'''१st'''||R१||SF||२nd |- |{{cr|UAE}}||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp;||R१||&nbsp;||&nbsp;||&nbsp; |- style="background:#f४f४f४;" |{{cr|West Indies}}||'''१st'''||'''१st'''||२nd||R१||R१||SF||R१||R१||S८ |- |{{cr|ZIM}}||&nbsp;||&nbsp;||R१||R१||R१||R१||S६||S६||R१ |- style="background:#cccccc;" !Team !१९७५ !१९७९ !१९८३ !१९८७ !१९९२ !१९९६ !१९९९ !२००३ !२००७ |} ===नोंद=== *१st - विजेता *२nd - उपविजेता *SF - उपांत्पफेरी *S८ - शेवटचे आठ *S६ - शेवटचे सहा (१९९९-२००३) *QF - उपउपांत्य फेरी (१९९६) *R१ - पहिली फेरी *Q - पुढील स्पर्धेसाठी पात्र ==संघ== {| class="toccolours collapsible" width=100% |- ! colspan="2" | '''संघ''' |- | colspan="2" | {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''ऑस्ट्रेलिया''' |- | colspan="2" |{{ऑस्ट्रेलिया संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''भारत''' |- | colspan="2" |{{भारतीय संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''इंग्लंड''' |- | colspan="2" |{{इंग्लंड संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''पाकिस्तान''' |- | colspan="2" |{{पाकिस्तान संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''वेस्ट इंडीज''' |- | colspan="2" |{{वेस्ट इंडिज संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''श्रीलंका''' |- | colspan="2" |{{श्रीलंका संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''न्यू झीलँड''' |- | colspan="2" |{{न्यू झीलँड संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} {| class="toccolours collapsible collapsed" width=100% |- ! colspan="2" | '''दक्षिण आफ्रिका''' |- | colspan="2" |{{दक्षिण आफ्रिका संघ - क्रिकेट विश्वचषक}} |} |} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{क्रिकेट विश्वचषक माहिती}} [[वर्ग:क्रिकेट विश्वचषक]] tj7k0quhkl7qao5l92u09t7qj3tjdjz २००८ उन्हाळी ऑलिंपिकमधील हॉकी, पात्रता सामने १ 0 43705 2703096 1764004 2026-08-17T11:23:47Z अभय नातू 206 भाषांतर 2703096 wikitext text/x-wiki {{मुख्य|२००८ उन्हाळी ऑलिंपिकमधील हॉकी, पात्रता सामने}} == पात्रता १ == पात्रता १ चे आयोजन [[२ फेब्रुवारी]] ते [[१० फेब्रुवारी]], [[२००८]] दरम्यान [[नॉर्थ शुअर सिटी]], [[ऑकलंड]], [[न्यू झीलंड]] येथे करण्यात आले होते.<ref>[http://worldhockey.org/vsite/vcontent/content/transnews/0,10869,1181-18543-19728-28355-280317-9199-5039-layout169-19693-news-item,00.html न्यू झीलंडमधील पुरुषांच्या वर्ल्डहॉकी ऑलिंपिक पात्रतेचे वेळापत्रक एफआयएचने प्रसिद्ध केले]</ref> === मैदान === * क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम, [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]] === गट === {{hockey-table-std}} |- |style="text-align:left"|{{fh|New Zealand}} |'''१२'''||५||४||०||१||२२||४||+१८ |- |style="text-align:left"|{{fh|Argentina}} |'''१२'''||५||४||०||१||२३||६||+१७ |- |style="text-align:left"|{{fh|Republic of Ireland}} |'''१२'''||५||४||०||१||२१||५||+१६ |- |style="text-align:left"|{{fh|France}} |'''६'''||५||२||०||३||१४||१६||&minus;२ |- |style="text-align:left"|{{fh|USA}} |'''३'''||५||१||०||४||९||३०||&minus;२१ |- |style="text-align:left"|{{fh|Trinidad and Tobago}} |'''०'''||५||०||०||५||७||३५||&minus;२८ |} <small>सर्व वेळा [[न्यू झीलंड उन्हाळी वेळ|न्यू झीलंडच्या उन्हाळी वेळेनुसार]] ([[युटीसी+१३]]) आहेत</small> {{हॉकी सामना|तारीख=[[२ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १२:०० |संघ१={{fh-rt|France}} |गोल=० – ४ |संघ२={{fh|Republic of Ireland}} |गोल१= |गोल२=[[मार्क ग्लेघॉर्न|ग्लेघॉर्न]] ७' <br /> [[जॉन जरमिन|जरमिन]] ४०' <br /> [[मायकेल वॉट (मैदानी हॉकी)|वॉट]] ५५', ६९' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=रॉब टेन काते (नेदरलँड्स) <br /> डेव्हिड लेपर (ब्रिटेन)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[२ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १४:०० |संघ१={{fh-rt|New Zealand}} |गोल=१२ – ० |संघ२={{fh|Trinidad and Tobago}} |गोल१=[[हेडन शॉ|एच. शॉ]] ९' <br /> [[डेव्हिड कुसूफ|कुसूफ]] ११', २२', ३२', ४९' <br /> [[सायमन चाइल्ड|चाइल्ड]] १४', ३४', ६१', ६४' <br /> [[फिलिप बरोज|बरोज]] २८', ६९' <br /> [[रायन आर्किबाल्ड|आर्किबाल्ड]] ५७' |गोल२= |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=झेव्हियर अडेल (स्पेन) <br /> डॅनिएल लोपेझ (उरुग्वे)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[२ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १६:०० |संघ१={{fh-rt|Argentina}} |गोल=९ – १ |संघ२={{fh|USA}} |गोल१=[[लुकास व्हिला|एल. व्हिला]] १', २५', ३९' <br /> [[हुआन गॅरेटा|गॅरेटा]] १६' <br /> [[मारिओ अल्माडा (मैदानी हॉकी)|अल्माडा]] ३३', ६४' <br /> [[मटियास व्हिला|एम. व्हिला]] ३५' <br /> [[लुकास रोसी|रोसी]] ४०' <br /> [[फेर्नांदो झिल्बरबर्ग|झिल्बरबर्ग]] ७०' |गोल२=[[नेट कुलिज|कुलिज]] ७०' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=टिम पुलमन (ऑस्ट्रेलिया) <br /> नायजेल इग्गो (न्यू झीलंड)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[३ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १३:१५ |संघ१={{fh-rt|New Zealand}} |गोल=३ – १ |संघ२={{fh|Republic of Ireland}} |गोल१=[[डेव्हिड कुसूफ|कुसूफ]] २५' <br /> [[बेंजामिन कॉलियर|कॉलियर]] २६', ४५' |गोल२=[[मार्क ग्लेघॉर्न|ग्लेघॉर्न]] १६' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=टिम पुलमन (ऑस्ट्रेलिया) <br /> रॉब टेन काते (नेदरलँड्स)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[३ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १५:१५ |संघ१={{fh-rt|USA}} |गोल=४ – ७ |संघ२={{fh|France}} |गोल१=[[जॅरेड मार्टिन|मार्टिन]] १' <br /> [[पॅट्रिक हॅरिस|हॅरिस]] ६' <br /> [[नेट कुलिज|कुलिज]] ३७' <br /> [[अँडी शेरिडन|शेरिडन]] ४३' |गोल२=[[फ्रेडेरिक सोयेझ|सोयेझ]] २४', २६', ४१', ४८', ५२' <br /> [[जेरोम ब्रँकार्ड|ब्रँकार्ड]] ५१' <br /> [[अँटोइन गुएदार्ड कॉम्ते|गुएदार्ड कॉम्ते]] ७०' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=क्रिस विल्सन (कॅनडा) <br /> झेव्हियर अडेल (स्पेन)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[३ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १७:१५ |संघ१={{fh-rt|Argentina}} |गोल=७ – १ |संघ२={{fh|Trinidad and Tobago}} |गोल१=[[रोड्रिगो व्हिला|आर. व्हिला]] ३' <br /> [[मटियास व्हिला|एम. व्हिला]] २१', ६८' <br /> [[लुकास रोसी|रोसी]] २७' <br /> [[लुकास व्हिला|एल. व्हिला]] ३१', ४३' <br /> [[फेर्नांदो झिल्बरबर्ग|झिल्बरबर्ग]] ५९' |गोल२=[[अकीम तुसाँ|तुसाँ]] ६२' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=डेव्हिड लेपर (ब्रिटेन) <br /> झुल्फिकार हैदर (पाकिस्तान)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[५ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १४:०० |संघ१={{fh-rt|Republic of Ireland}} |गोल=७ – २ |संघ२={{fh|Trinidad and Tobago}} |गोल१=[[फेलिम मॅगुायर|मॅगुायर]] ८' <br /> [[मार्क ग्लेघॉर्न|ग्लेघॉर्न]] १४', ३७' <br /> [[युजीन मॅगी|मॅगी]] १८' <br /> [[जॉन जरमिन|जरमिन]] ४८' <br /> [[डेव्हिड हॉब्स (मैदानी हॉकी)|हॉब्स]] ६५' <br /> [[रोनान गॉर्मली|गॉर्मली]] ६८' |गोल२=[[मार्कस जेम्स (मैदानी हॉकी)|जेम्स]] ३५' <br /> [[निकोलस रेन|रेन]] ३६' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=रॉब टेन काते (नेदरलँड्स) <br /> झेव्हियर अडेल (स्पेन)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[५ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १६:०० |संघ१={{fh-rt|France}} |गोल=२ – ४ |संघ२={{fh|Argentina}} |गोल१=[[निकोलस गेलार्ड|गेलार्ड]] ४' <br /> [[फ्रेडेरिक सोयेझ|सोयेझ]] ५८' |गोल२=[[लुकास व्हिला|एल. व्हिला]] १४' <br /> [[रोड्रिगो व्हिला|आर. व्हिला]] १८' <br /> [[हुआन गॅरेटा|गॅरेटा]] ३२' <br /> [[लुकास कॅमारेरी|कॅमारेरी]] ५९' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=नायजेल इग्गो (न्यू झीलंड) <br /> क्रिस विल्सन (कॅनडा)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[५ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १८:०० |संघ१={{fh-rt|USA}} |गोल=० – ४ |संघ२={{fh|New Zealand}} |गोल१= |गोल२=[[फिलिप बरोज|बरोज]] ९', ५१' <br /> [[सायमन चाइल्ड|चाइल्ड]] ३५' <br /> [[हेडन शॉ|एच. शॉ]] ४७' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=डॅनिएल लोपेझ (उरुग्वे) <br /> टिम पुलमन (ऑस्ट्रेलिया)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[६ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १४:०० |संघ१={{fh-rt|Trinidad and Tobago}} |गोल=२ – ५ |संघ२={{fh|France}} |गोल१=[[वेन लेजर्टन|लेजर्टन]] ९' (पे.स्ट्रॉ.) <br /> [[निकोलस रेन|रेन]] ५७' |गोल२=[[मार्टिन जेनेस्टेट|जेनेस्टेट]] २' <br /> [[फ्रेडेरिक सोयेझ|सोयेझ]] २८' <br /> [[मॅथ्यू डुर्शॉन|डुर्शॉन]] ३४', ४०' <br /> [[जेरोम ब्रँकार्ड|ब्रँकार्ड]] ६९' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=डॅनिएल लोपेझ (उरुग्वे) <br /> क्रिस विल्सन (कॅनडा)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[६ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १६:०० |संघ१={{fh-rt|New Zealand}} |गोल=१ – ३ |संघ२={{fh|Argentina}} |गोल१=[[बेंजामिन कॉलियर|कॉलियर]] ६३' |गोल२=[[लुकास कॅमारेरी|कॅमारेरी]] १६' <br /> [[रोड्रिगो व्हिला|आर. व्हिला]] २३', ५८' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=डेव्हिड लेपर (ब्रिटेन) <br /> झेव्हियर अडेल (स्पेन)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[६ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १८:०० |संघ१={{fh-rt|Republic of Ireland}} |गोल=८ – ० |संघ२={{fh|USA}} |गोल१=[[युजीन मॅगी|मॅगी]] ८' <br /> [[मार्क ग्लेघॉर्न|ग्लेघॉर्न]] १५', २८', ४०', ४३', ७०' <br /> [[अँडी बारबर|बारबर]] ३७' <br /> [[रोनान गॉर्मली|गॉर्मली]] ४६' |गोल२= |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=झुल्फिकार हैदर (पाकिस्तान) <br /> टिम पुलमन (ऑस्ट्रेलिया)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[९ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १०:१५ |संघ१={{fh-rt|Trinidad and Tobago}} |गोल=२ – ४ |संघ२={{fh|USA}} |गोल१=[[अकीम तुसाँ|तुसाँ]] १४' <br /> [[क्वांडवाने ब्राऊन|ब्राऊन]] १९' |गोल२=[[पॅट्रिक हॅरिस|हॅरिस]] २९' <br /> [[अँडी शेरिडन|शेरिडन]] ४२', ४८' <br /> [[जॅरेड मार्टिन|मार्टिन]] ६६' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=नायजेल इग्गो (न्यू झीलंड) <br /> झुल्फिकार हैदर (पाकिस्तान)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[९ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १२:१५ |संघ१={{fh-rt|Argentina}} |गोल=० – १ |संघ२={{fh|Republic of Ireland}} |गोल१= |गोल२=[[रोनान गॉर्मली|गॉर्मली]] ५५' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=टिम पुलमन (ऑस्ट्रेलिया) <br /> डेव्हिड लेपर (ब्रिटेन)}} ---- {{हॉकी सामना|तारीख=[[९ फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १४:१५ |संघ१={{fh-rt|France}} |गोल=० – २ |संघ२={{fh|New Zealand}} |गोल१= |गोल२=[[रायन आर्किबाल्ड|आर्किबाल्ड]] १३' (पे.स्ट्रॉ.) <br /> [[फिलिप बरोज|बरोज]] १४' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=डॅनिएल लोपेझ (उरुग्वे) <br /> रॉब टेन काते (नेदरलँड्स)}} === वर्गवारी सामने === ==== पाचव्या आणि सहाव्या स्थानासाठी सामना ==== {{हॉकी सामना|तारीख=[[१० फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> ०९:४५ |संघ१={{fh-rt|United States}} |गोल=२ – ३ |संघ२={{fh|Trinidad and Tobago}} |गोल१=[[पॅट्रिक हॅरिस|हॅरिस]] २९' <br /> [[जॅरेड मार्टिन|मार्टिन]] ३२' |गोल२=[[वेन लेजर्टन|लेजर्टन]] २१' (पे.स्ट्रॉ.) <br /> [[अतिबा व्हिटिंग्टन|व्हिटिंग्टन]] ४१' <br /> [[द्वेन क्वान चॅन|क्वान चॅन]] ६८' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=डॅनिएल लोपेझ (उरुग्वे) <br /> टिम पुलमन (ऑस्ट्रेलिया)}} ==== तिसऱ्या आणि चौथ्या स्थानासाठी सामना ==== {{हॉकी सामना|तारीख=[[१० फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १२:१५ |संघ१={{fh-rt|Republic of Ireland}} |गोल=१ – २ |संघ२={{fh|France}} |गोल१=[[अँडी बारबर|बारबर]] ४३' |गोल२=[[मॅथ्यू डुर्शॉन|डुर्शॉन]] ६४' <br /> [[फ्रेडेरिक सोयेझ|सोयेझ]] ६९' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=क्रिस विल्सन (कॅनडा) <br /> रॉब टेन काते (नेदरलँड्स)}} ==== अंतिम सामना ==== {{हॉकी सामना|तारीख=[[१० फेब्रुवारी]], [[इ.स. २००८]] <br /> १४:४५ |संघ१={{fh-rt|New Zealand}} |गोल=३ – २ <br /> ([[अतिरिक्त वेळ (खेळ)|अ.वे.]]) |संघ२={{fh|Argentina}} |गोल१=[[डेव्हिड कुसूफ|कुसूफ]] ४९' <br /> [[हेडन शॉ|एच. शॉ]] ६५' <br /> [[ब्रॅडली शॉ|बी. शॉ]] ८५' ([[सुवर्ण गोल|सु.गो.]]) |गोल२=[[लुकास व्हिला|एल. व्हिला]] २४' <br /> [[मटियास व्हिला|एम. व्हिला]] ६५' |मैदान=[[क्राउन रिलोकेशन्स स्टेडियम]], [[अल्बानी, न्यू झीलंड|अल्बानी]]|पंच=डेव्हिड लेपर (ब्रिटेन) <br /> झेव्हियर अडेल (स्पेन)}} === पुरस्कार === {| class=wikitable style="text-align:center; margin:auto" !फेर प्ले ट्रॉफी !सर्वोत्कृष्ट गोलरक्षक !सर्वोच्च गोलंदाज !सर्वोत्कृष्ट खेळाडू |- |{{fh|France}} |{{flagicon|Argentina}} [[हुआन माॅन्युएल व्हिव्हाल्डी]] |{{flagicon|Republic of Ireland}} [[मार्क ग्लेघॉर्न]] |{{flagicon|New Zealand}} [[ब्लेअर हॉप्पिंग]] |} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:२००८ उन्हाळी ऑलिंपिकमधील हॉकी]] ax0lg7t3gpbrk7bkdjnvcslbdyuys6r फॉर्म्युला वन सर्किटांची यादी 0 45092 2702912 2494832 2026-08-17T02:41:09Z CommonsDelinker 685 Circuit_Hokenheimring.png या चित्राऐवजी Circuit_Hockenheimring.png चित्र वापरले. 2702912 wikitext text/x-wiki [[File:Formula 1 all over the world.svg|thumb|upright=1.7| फॉर्म्युला वन ग्रांप्रीचे यजमान देश व सर्किट.<br/>'''हिरवा''' - यजमान देश.<br/>'''काळा ठिपका''' - यजमान शहर.<br/>'''गडद राखाडी''' - माजी यजमान देश,<br/>'''सफेद ठिपका''' - माजी यजमान सर्किट.]] {{फॉर्म्युला वन}} [[फॉर्म्युला वन]], अथवा '''एफ.१''' म्हणुन संबोधित करण्यात येणारी ही एक उच्चस्तरीय मोटार स्पर्धा आहे, जी [[आंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल महासंघ]] ([[एफ.आय.ए]]) या संस्थे मार्फत चालवण्यात येते.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.fia.com/en-GB/the-fia/about-fia/Pages/AboutFIA.aspx |title=एफ.आय.ए बद्द्ल माहिती. |प्रकाशक=[[आंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल महासंघ]] |दिनांक=३१ [[ऑक्टोबर]] २००८ |accessdate=2017-07-05 |archive-date=2012-11-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121115160106/http://www.fia.com/en-GB/the-fia/about-fia/Pages/AboutFIA.aspx |url-status=dead }}</ref> '''फॉर्म्युला''' हा शब्द म्ह्णजे काही ठराविक नियम असलेला खेळ, जे सर्व खेळाडू, चालक व कारनिर्माते पालण करतात. कुठल्याही [[फॉर्म्युला वन]] हंगामात काही शर्यती घडवल्या जातात, ज्यांना '''ग्रांपी''' म्हणले जाते. ह्या ग्रांपी शर्यती सानुकूलित रस्त्यांवर चालवल्या जातात, ज्यांना '''सर्किट''' म्हणले जाते. चालकांना शर्यतीच्या निकालावरून गुण मिळतात, व जो चालक एखाद्या हंगामात सर्वात जास्त गुण जमवतो, तो त्या हंगामाचा [[चालक अजिंक्यपद यादी|अजिंक्यपदाचा]] मानकरी ठरतो. == सर्किटांची यादी == {|class="wikitable" |width=40px align=center style="background-color:#FBCEB1"|{{dagger}} |२०१९ फॉर्म्युला वन हंगामातील सर्किट |} {| class="wikitable sortable" width="100%" !width="22%"| सर्किट !width="10%"| नकाशा !width="10%"| प्रकार !width="10%"| दिशा !width="10%"| स्थळ !width="3%" | एकूण लांबी !width="22%"| ग्रांप्री !width="25%"| हंगाम !width="2%"| एकूण ग्रांप्री |- |- |[[ॲडलेड स्ट्रीट सर्किट]] |[[File:Adelaide (long route).svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[ॲडलेड]], [[ऑस्ट्रेलिया]] |{{sort|०३.७८०|{{convert|३.७८०|km|mi|abbr=on}}}} |[[ऑस्ट्रेलियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८५}}-{{एफ.१|१९९५}} |align=center|११ |- |[[एैन-डियाब सर्किट]] |[[File:Ain-Diab.svg|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[कासाब्लांका]], [[मोरोक्को]] |{{sort|०७.६१८|{{convert|७.६१८|km|mi|abbr=on}}}} |[[मोरोक्कन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५८}} |align=center|१ |- |[[इनट्री मोटर रेसिंग सर्किट]] |[[File:Circuit Aintree.svg|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[इनट्री]], [[युनायटेड किंग्डम]] |{{sort|०४.८२८|{{convert|४.८२८|km|mi|abbr=on}}}} |[[ब्रिटिश ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५५}}, {{एफ.१|१९५७}}, {{एफ.१|१९५९}}, {{एफ.१|१९६१}}-{{एफ.१|१९६२}} |align=center|५ |- |[[ऑटोड्रोम डो एस्टोरील]] |[[File:Estoril track map.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |कासकैस, [[पोर्तुगाल]] |{{sort|०४.३६०|{{convert|४.३६०|km|mi|abbr=on}}}} |[[पोर्तुगीज ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८४}}-{{एफ.१|१९९६}} |align=center|१३ |- |[[अटोड्रोमो एन्झो ए डिनो फेरारी]] |[[File:Imola 2009.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[इमोला]], [[इटली]] |{{sort|०४.९३३|{{convert|४.९३३|km|mi|abbr=on}}}} |[[इटालियन ग्रांप्री]], [[सान मरिनो ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८०}}-{{एफ.१|२००६}} |align=center|२७ |- |style=background:#FBCEB1|[[अटोड्रोमो हर्मानोस रॉड्रिगेझ]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Autódromo Hermanos Rodríguez 2015.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[मेक्सिको सिटी]], [[मेक्सिको]] |{{sort|०४.३०४|{{convert|४.३०४|km|mi|abbr=on}}}} |[[मेक्सिकन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६३}}-{{एफ.१|१९७०}}, {{एफ.१|१९८६}}-{{एफ.१|१९९२}}, {{एफ.१|२०१५}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|२० |- |[[अटोड्रोमो इंटरनॅसिओनल नेल्सन पिके]] |[[File:सर्किट Jacarepagua.png|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[रियो दि जानेरो]], [[ब्राझिल]] |{{sort|०५.०३१|{{convert|५.०३१|km|mi|abbr=on}}}} |[[ब्राझिलियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७८}}, {{एफ.१|१९८१}}-{{एफ.१|१९८९}} |align=center|१० |- |style=background:#FBCEB1|[[अटोड्रोम जोस कार्लोस पेस]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:2014 Interlagos circuit map.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[साओ पाउलो]], [[ब्राझिल]] |{{sort|०४.३०९|{{convert|४.३०९|km|mi|abbr=on}}}} |[[ब्राझिलियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७३}}-{{एफ.१|१९७७}}, {{एफ.१|१९७९}}-{{एफ.१|१९८०}},<br>{{एफ.१|१९९०}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|३७ |- |[[ऑटोड्रोम उवान वाय ऑस्कर गालेवेझ]] |[[File:Autódromo Oscar y Juan Gálvez Circuito N° 6.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[बुएनोस आइरेस]], [[आर्जेन्टिना]] |{{sort|०४.२५९|{{convert|४.२५९|km|mi|abbr=on}}}} |[[आर्जेन्टाइन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५३}}-{{एफ.१|१९५८}}, {{एफ.१|१९६०}}, {{एफ.१|१९७२}}-{{एफ.१|१९७५}}, {{एफ.१|१९७७}}-{{एफ.१|१९८१}}, {{एफ.१|१९९५}}-{{एफ.१|१९९८}} |align=center|२० |- |style=background:#FBCEB1|[[अटोड्रोमो नझिओनल डी मोंझा]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Monza track map.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[मोंझा]], [[इटली]] |{{sort|०५.७९३|{{convert|५.७९३|km|mi|abbr=on}}}} |[[इटालियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५०}}-{{एफ.१|१९७९}}, {{एफ.१|१९८१}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|६९ |- |[[ए.व्ही.यु.एस]] |[[File:Circuit AVUS.svg|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[बर्लिन]], [[जर्मनी]] |{{sort|०८.३००|{{convert|८.३००|km|mi|abbr=on}}}} |[[जर्मन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५९}} |align=center|१ |- |style=background:#FBCEB1|[[बहरैन आंतरराष्ट्रीय सर्किट]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Bahrain International Circuit--Grand Prix Layout.svg|150px|बहरैन]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[साखिर]], [[बहरैन]] |{{sort|०५.४१२|{{convert|५.४१२|km|mi|abbr=on}}}} |[[बहरैन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२००४}}-{{एफ.१|२०१०}}, {{एफ.१|२०१२}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|१५ |- |style=background:#FBCEB1|[[बाकु सिटी सर्किट]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Formula1 Circuit Baku.svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[बाकु]], [[अझरबैजान]] |{{sort|०६.००३|{{convert|६.००३|km|mi|abbr=on}}}} |[[युरोपियन ग्रांप्री]], [[अझरबैजान ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२०१६}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|४ |- |[[ब्रॅन्डस हॅच]] |[[File:Brands Hatch.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |पश्चिम किंग्सडाउन, [[युनायटेड किंग्डम]] |{{sort|०३.७०३|{{convert|३.७०३|km|mi|abbr=on}}}} |[[ब्रिटिश ग्रांप्री]], [[युरोपियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६४}}, {{एफ.१|१९६६}}, {{एफ.१|१९६८}}, {{एफ.१|१९७०}}, {{एफ.१|१९७२}}, {{एफ.१|१९७४}}, {{एफ.१|१९७६}}, {{एफ.१|१९७८}}, {{एफ.१|१९८०}}, {{एफ.१|१९८२}}-{{एफ.१|१९८६}} |align=center|१४ |- |[[बुद्ध आंतरराष्ट्रीय सर्किट]] |[[File:Jaypee Group Circuit.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[नोएडा]], [[भारत]] |{{sort|०५.१४१|{{convert|५.१४१|km|mi|abbr=on}}}} |[[भारतीय ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२०११}}-{{एफ.१|२०१३}} |align=center|३ |- |[[बुगाटी सर्किट]] |[[File:Circuit Le Mans Buggati.png|150px|बुगाटी]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[ले मॅन्स]], [[फ्रांस]] |{{sort|०४.४३०|{{convert|४.४३०|km|mi|abbr=on}}}} |[[फ्रेंच ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६७}} |align=center|१ |- |[[सीझरस पॅलेस ग्रांप्री|सीझरस पॅलेस ग्रांप्री सर्किट]] |[[File:Circuit Caesars Palace.png|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[लास व्हेगस]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०३.६५०|{{convert|३.६५०|km|mi|abbr=on}}}} |[[सीझरस पॅलेस ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८१}}-{{एफ.१|१९८२}} |align=center|२ |- |[[शारेड सर्किट]] |[[File:Circuit Charade 1958 1988.png|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Saint-Genès-Champanelle]], [[फ्रांस]] |{{sort|०८.०५५|{{convert|८.०५५|km|mi|abbr=on}}}} |[[फ्रेंच ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६५}}, {{एफ.१|१९६९}}-{{एफ.१|१९७०}}, {{एफ.१|१९७२}} |align=center|४ |- |[[सर्किट ब्रेमगारटेन]] |[[File:Circuit Bremgarten.png|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Bern]], [[स्वित्झर्लंड]] |{{sort|०७.२०८|{{convert|७.२०८|km|mi|abbr=on}}}} |[[स्विस ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५०}}-{{एफ.१|१९५४}} |align=center|५ |- |style=background:#FBCEB1|[[सर्किट डी बार्सिलोना-काटलुन्या]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Formula१ सर्किट Catalunya.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[मॉन्टमेलो]], [[स्पेन]] |{{sort|०४.६५५|{{convert|४.६५५|km|mi|abbr=on}}}} |[[स्पॅनिश ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९९१}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|२९ |- |style=background:#FBCEB1|[[सर्किट डी मोनॅको]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Monte Carlo Formula 1 track map.svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[मॉन्टे कार्लो]], [[मोनॅको]] |{{sort|०३.३३७|{{convert|३.३३७|km|mi|abbr=on}}}} |[[मोनॅको ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५०}}, {{एफ.१|१९५५}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|६६ |- |style=background:#FBCEB1|[[सर्किट डी स्पा-फ्रांसोरचॅम्पस]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Spa-Francorchamps of Belgium.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[बेल्जियम]], [[बेल्जियम]] |{{sort|०७.००४|{{convert|७.००४|km|mi|abbr=on}}}} |[[बेल्जियम ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५०}}-{{एफ.१|१९५६}}, {{एफ.१|१९५८}}, {{एफ.१|१९६०}}-{{एफ.१|१९६८}}, {{एफ.१|१९७०}}, {{एफ.१|१९८३}}, {{एफ.१|१९८५}}-{{एफ.१|२००२}}, {{एफ.१|२००४}}-{{एफ.१|२००५}}, {{एफ.१|२००७}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|५२ |- |[[सर्किटो डी मोन्सांटो]] |[[File:Circuit Monsanto.png|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[लिस्बन]], [[पोर्तुगाल]] |{{sort|०५.४४०|{{convert|५.४४०|km|mi|abbr=on}}}} |[[पोर्तुगीज ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५९}} |align=center|१ |- |[[सर्किट डी नेवेर्स मॅग्नी-कौर्स]] |[[File:सर्किट डी नेवेर्स मॅग्नी-कौर्स.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[नेवेर्स]], [[फ्रांस]] |{{sort|०४.४११|{{convert|४.४११|km|mi|abbr=on}}}} |[[फ्रेंच ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९९१}}-{{एफ.१|२००८}} |align=center|१८ |- |style=background:#FBCEB1|[[सर्किट गिलेस व्हिलनव्ह]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Circuit Gilles Villeneuve.svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[मॉंत्रियाल]], [[कॅनडा]] |{{sort|०४.३६१|{{convert|४.३६१|km|mi|abbr=on}}}} |[[कॅनेडियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७८}}-{{एफ.१|१९८६}}, {{एफ.१|१९८८}}-{{एफ.१|२००८}}, {{एफ.१|२०१०}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|४० |- |[[सर्किट मॉन्ट-ट्रेम्बलान्ट]] |[[File:सर्किट Mont Tremblant.png|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[मॉन्ट-ट्रेम्बलान्ट, क्वेबेक|मॉन्ट-ट्रेम्बलान्ट]], [[कॅनडा]] |{{sort|०४.२६५|{{convert|४.२६५|km|mi|abbr=on}}}} |[[कॅनेडियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६८}}, {{एफ.१|१९७०}} |align=center|२ |- |style=background:#FBCEB1|[[सर्किट ऑफ द अमेरीकाज]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Austin circuit.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[ऑस्टिन]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०५.५१३|{{convert|५.५१३|km|mi|abbr=on}}}} |[[युनायटेड स्टेट्स ग्रांप्री‎]] |{{एफ.१|२०१२}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|८ |- |[[सर्किट पार्क झॉन्डवुर्ट]] |[[File:Circuit Park Zandvoort-1980.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[झॉन्डवुर्ट]], [[नेदरलँड्स]] |{{sort|०४.२५२|{{convert|४.२५२|km|mi|abbr=on}}}} |[[डच ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५२}}-{{एफ.१|१९५३}}, {{एफ.१|१९५५}}, {{एफ.१|१९५८}}-{{एफ.१|१९७१}}, {{एफ.१|१९७३}}-{{एफ.१|१९८५}} |align=center|३० |- |style=background:#FBCEB1|[[सर्किट पॉल रिकार्ड]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Circut Paul Ricard २०१८ layout map.png|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Le कास्टेललेट, Var|Le कास्टेललेट]], [[फ्रांस]] |{{sort|०५.८४२|{{convert|५.८४२|km|mi|abbr=on}}}} |[[फ्रेंच ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७१}}, {{एफ.१|१९७३}}, {{एफ.१|१९७५}}-{{एफ.१|१९७६}}, {{एफ.१|१९७८}}, {{एफ.१|१९८०}}, {{एफ.१|१९८२}}-{{एफ.१|१९८३}}, {{एफ.१|१९८५}}-{{एफ.१|१९९०}}, {{एफ.१|२०१८}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|१६ |- |[[सर्किट झोल्डर]] |[[File:Circuit Zolder-1975-1985.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Heusden-Zolder]], [[बेल्जियम]] |{{sort|०४.२६२|{{convert|४.२६२|km|mi|abbr=on}}}} |[[बेल्जियम ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७३}}, {{एफ.१|१९७५}}-{{एफ.१|१९८२}}, {{एफ.१|१९८४}} |align=center|१० |- |[[सर्किटो डा बोआव्हिस्टा]] |[[File:Boavista (Oporto).svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[पोर्तो]], [[पोर्तुगाल]] |{{sort|०७.७७५|{{convert|७.७७५|km|mi|abbr=on}}}} |[[पोर्तुगीज ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५८}}, {{एफ.१|१९६०}} |align=center|२ |- |[[सर्किटो डी जेरेझ]] |[[File:Jerez.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Jerez de la Frontera]], [[स्पेन]] |{{sort|०४.४२८|{{convert|४.४२८|km|mi|abbr=on}}}} |[[स्पॅनिश ग्रांप्री]], [[युरोपियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८६}}-{{एफ.१|१९९०}}, {{एफ.१|१९९४}}, {{एफ.१|१९९७}} |align=center|७ |- |[[सर्किटो डेल जारामा"]] |[[File:Circuito Permanente del Jarama.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[San Sebastián de los Reyes]], [[स्पेन]] |{{sort|०३.४०४|{{convert|३.४०४|km|mi|abbr=on}}}} |[[स्पॅनिश ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६८}}, {{एफ.१|१९७०}}, {{एफ.१|१९७२}}, {{एफ.१|१९७४}},<br>{{एफ.१|१९७६}}-{{एफ.१|१९७९}}, {{एफ.१|१९८१}} |align=center|९ |- |[[फेयर पार्क|डॅलस ग्रांप्री सर्किट]] |[[File:Circuit Fair Park.svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[डॅलस (Texas)|डॅलस]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०३.९०१|{{convert|३.९०१|km|mi|abbr=on}}}} |[[डॅलस ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८४}} |align=center|१ |- |[[डेट्रोईट स्ट्रीट सर्किट]] |[[File:Downtown Detroit Street Circuit.svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[डेट्रॉईट]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०४.१६८|{{convert|४.१६८|km|mi|abbr=on}}}} |[[डेट्रॉईट ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८२}}-{{एफ.१|१९८८}} |align=center|७ |- |[[डिजॉन-प्रेनॉइस]] |[[File:Dijon-Prenois Circuit.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Prenois]], [[फ्रांस]] |{{sort|०३.८८६|{{convert|३.८८६|km|mi|abbr=on}}}} |[[फ्रेंच ग्रांप्री]]<br />[[स्विस ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७४}}, {{एफ.१|१९७७}}, {{एफ.१|१९७९}}, {{एफ.१|१९८१}}-{{एफ.१|१९८२}}, {{एफ.१|१९८४}} |align=center|६ |- |[[डॉनिंग्टन पार्क]] |[[File:Donington as of 2006.svg|150px|डॉनिंग्टन पार्क]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Castle Donington]], [[युनायटेड किंग्डम]] |{{sort|०४.०२०|{{convert|४.०२०|km|mi|abbr=on}}}} |[[युरोपियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९९३}} |align=center|१ |- |[[फुजी स्पीडवे]] |[[File:Fuji.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Oyama, शिझुओका|Oyama]], [[जपान]] |{{sort|०४.५६३|{{convert|४.५६३|km|mi|abbr=on}}}} |[[जपानी ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७६}}-{{एफ.१|१९७७}}, {{एफ.१|२००७}}-{{एफ.१|२००८}} |align=center|४ |- |[[लॉंग बीच Street सर्किट]] |[[File:Long Beach 1983.jpg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[लॉंग बीच, कॅलिफोर्निया]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०३.२७५|{{convert|३.२७५|km|mi|abbr=on}}}} |[[युनायटेड स्टेट्स ग्रांप्री‎ पश्चिम]] |{{एफ.१|१९७६}}-{{एफ.१|१९८३}} |align=center|८ |- |style=background:#FBCEB1|[[हॉकेंहिम्रिंग]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Circuit Hockenheimring.png |150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[हॉकेनहाईम]], [[जर्मनी]] |{{sort|०४.५७४|{{convert|४.५७४|km|mi|abbr=on}}}} |[[जर्मन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७०}}, {{एफ.१|१९७७}}-{{एफ.१|१९८४}}, {{एफ.१|१९८६}}-{{एफ.१|२००६}},<br>{{एफ.१|२००८}}, {{एफ.१|२०१०}}, {{एफ.१|२०१२}}, {{एफ.१|२०१४}}, {{एफ.१|२०१६}}, {{एफ.१|२०१८}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|३७ |- |style=background:#FBCEB1|[[हंगरोरिंग]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Hungaroring.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[मोग्योरोद]], [[हंगेरी]] |{{sort|०४.३८१|{{convert|४.३८१|km|mi|abbr=on}}}} |[[हंगेरियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८६}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|३४ |- | [[इंडियानापोलिस मोटर स्पीडवे]] | [[File:Indianapolis Motor Speedway - road course.svg|150px]] | रेस सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने (१९५०-६०)<br>घड्याळाच्या दिशेने (२०००-०७) | [[स्पीडवे, भारतीयa|स्पीडवे]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०४.१९२|{{convert|४.१९२|km|mi|abbr=on}}}} |[[इंडियानापोलिस ५००]]{{ref label|Indy|A|^}}, [[युनायटेड स्टेट्स ग्रांप्री‎]] |{{एफ.१|१९५०}}-{{एफ.१|१९६०}}, {{एफ.१|२०००}}-{{एफ.१|२००७}} |align=center|१९ |- |[[इस्तंबूल पार्क]] |[[File:Istanbul park.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[Istanbul]], [[तुर्की]] |{{sort|०५.३३८|{{convert|५.३३८|km|mi|abbr=on}}}} |[[तुर्की ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२००५}}-{{एफ.१|२०११}} |align=center|७ |- |[[कोरिया आंतरराष्ट्रीय सर्किट]] |[[File:Korea international circuit v3.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[योनगाम]], [[दक्षिण कोरिया]] |{{sort|०५.६१५|{{convert|५.६१५|km|mi|abbr=on}}}} |[[कोरियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२०१०}}-{{एफ.१|२०१३}} |align=center|४ |- |[[कायालामी Racing सर्किट]] |[[File:Kyalami.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने (१९६७-८५)<br>घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने (१९९२-९३) |[[मिडरॅन्ड]], [[दक्षिण आफ्रिका]] |{{sort|०४.२००|{{convert|४.२००|km|mi|abbr=on}}}} |[[दक्षिण आफ्रिका ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६७}}-{{एफ.१|१९८०}}, {{एफ.१|१९८२}}-{{एफ.१|१९८५}}, {{एफ.१|१९९२}}-{{एफ.१|१९९३}} |align=center|२० |- |style=background:#FBCEB1|[[मरीना बे स्ट्रीट सर्किट]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Singapore Street Circuit 2015.svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[सिंगापूर]] |{{sort|०५.०६३|{{convert|५.०६३|km|mi|abbr=on}}}} |[[सिंगापूर ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२००८}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|१२ |- |style=background:#FBCEB1|[[मेलबर्न ग्रांप्री सर्किट]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Albert Lake Park Street सर्किट in मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया.svg|150px|आल्बर्ट पार्क]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[मेलबर्न]], [[ऑस्ट्रेलिया]] |{{sort|०५.३०३|{{convert|५.३०३|km|mi|abbr=on}}}} |[[ऑस्ट्रेलियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९९६}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|२४ |- |[[मॉन्टजुक सर्किट]] |[[File:Montjuïc circuit.svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[बार्सिलोना]], [[स्पेन]] |{{sort|०३.७९१|{{convert|३.७९१|km|mi|abbr=on}}}} |[[स्पॅनिश ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६९}}, {{एफ.१|१९७१}}, {{एफ.१|१९७३}}, {{एफ.१|१९७५}} |align=center|४ |- |[[कॅनेडियन टायर मोटरस्पोर्ट पार्क|मोसपोर्ट आंतरराष्ट्रीय रेसवे]] |[[File:Mosport.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[बोमनविले]], [[कॅनडा]] |{{sort|०३.९५७|{{convert|३.९५७|km|mi|abbr=on}}}} |[[कॅनेडियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६७}}, {{एफ.१|१९६९}}, {{एफ.१|१९७१}}-{{एफ.१|१९७४}}, {{एफ.१|१९७६}}-{{एफ.१|१९७७}} |align=center|८ |- |[[निवेल्लेस-बॉलर्स]] |[[File:Circuit Nivelles-Baulers.png|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[निवेलेस]], [[बेल्जियम]] |{{sort|०३.७२४|{{convert|३.७२४|km|mi|abbr=on}}}} |[[बेल्जियम ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७२}}, {{एफ.१|१९७४}} |align=center|२ |- |[[नुर्बुर्गरिंग]] |[[File:Circuit Nürburgring-2002-GP.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[नुर्बुर्ग]], [[जर्मनी]] |{{sort|०५.१४८|{{convert|५.१४८|km|mi|abbr=on}}}} |[[जर्मन ग्रांप्री]], [[युरोपियन ग्रांप्री]], [[लक्झेंबर्ग ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५१}}-{{एफ.१|१९५४}}, {{एफ.१|१९५६}}-{{एफ.१|१९५८}}, {{एफ.१|१९६१}}-{{एफ.१|१९६९}}, {{एफ.१|१९७१}}-{{एफ.१|१९७६}}, {{एफ.१|१९८४}}-{{एफ.१|१९८५}}, {{एफ.१|१९९५}}-{{एफ.१|२००७}}, {{एफ.१|२००९}}, {{एफ.१|२०११}}, {{एफ.१|२०१३}} |align=center|४० |- |[[पेड्रालबेस सर्किट]] |[[File:Circuit Pedralbes.png|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[बार्सिलोना]], [[स्पेन]] |{{sort|०६.३१६|{{convert|६.३१६|km|mi|abbr=on}}}} |[[स्पॅनिश ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५१}}, {{एफ.१|१९५४}} |align=center|२ |- |[[पेस्कारा सर्किट]] |[[File:Circuit Pescara.svg|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[पेस्कारा]], [[इटली]] ||{{sort|२५.८००|{{convert|२५.८००|km|mi|abbr=on}}}} |[[पेस्कारा ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५७}} |align=center|१ |- |[[फीनिक्स स्ट्रीट सर्किट]] |[[File:Phoenix Grand Prix Route - 1991.svg|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[फीनिक्स, Arizona]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०३.७२०|{{convert|३.७२०|km|mi|abbr=on}}}} |[[युनायटेड स्टेट्स ग्रांप्री‎]] |{{एफ.१|१९८९}}-{{एफ.१|१९९१}} |align=center|३ |- |[[प्रिन्स जॉर्ज सर्किट]] |[[File:Prince George Circuit.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[East London, Eastern Cape]], [[दक्षिण आफ्रिका]] |{{sort|०३.९२०|{{convert|३.९२०|km|mi|abbr=on}}}} |[[दक्षिण आफ्रिका ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६२}}-{{एफ.१|१९६३}}, {{एफ.१|१९६५}} |align=center|३ |- |style=background:#FBCEB1|[[ए१-रिंग]]<sup>{{dagger}}</sup> (formerly ए१-रिंग and ऑस्टेरीचरिंग) |[[File:Circuit Red Bull Ring.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[स्पीलबर्ग, श्टायरमार्क|स्पीलबर्ग bei Knittelfeld]], [[ऑस्ट्रिया]] |{{sort|०४.३१८|{{convert|४.३१८|km|mi|abbr=on}}}} |[[ऑस्ट्रियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७०}}-{{एफ.१|१९८७}}, {{एफ.१|१९९७}}-{{एफ.१|२००३}}, {{एफ.१|२०१४}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|३१ |- |[[रिम्स-गेक्स]] |[[File:Circuit Reims-Gueux.png|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Gueux, Marne|Gueux]], [[फ्रांस]] |{{sort|०८.३०२|{{convert|८.३०२|km|mi|abbr=on}}}} |[[फ्रेंच ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५०}}-{{एफ.१|१९५१}}, {{एफ.१|१९५३}}-{{एफ.१|१९५४}}, {{एफ.१|१९५६}},<br>{{एफ.१|१९५८}}-{{एफ.१|१९६१}}, {{एफ.१|१९६३}}, {{एफ.१|१९६६}} |align=center|११ |- |[[रिव्हरसाईड आंतरराष्ट्रीय रेसवे]] |[[File:Circuit Riverside.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Moreno Valley, कॅलिफोर्निया|Moreno Valley]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०५.२७१|{{convert|५.२७१|km|mi|abbr=on}}}} |[[युनायटेड स्टेट्स ग्रांप्री‎]] |{{एफ.१|१९६०}} |align=center|१ |- |[[रोएन-लेस-एसार्टस]] |[[File:रोएन track layout १९५५-१९७१.gif|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Orival, Seine-Maritime|Orival]], [[फ्रांस]] |{{sort|०६.५४२|{{convert|६.५४२|km|mi|abbr=on}}}} |[[फ्रेंच ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५२}}, {{एफ.१|१९५७}}, {{एफ.१|१९६२}}, {{एफ.१|१९६४}}, {{एफ.१|१९६८}} |align=center|५ |- |[[एन्डरस्ट्रोप रेसवे|स्कॅंडिनेव्हियन रेसव्हे]] |[[File:Scandinavian Raceway_1978.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[एन्डरस्ट्रोप]], [[स्वीडन]] |{{sort|०४.०३१|{{convert|४.०३१|km|mi|abbr=on}}}} |[[स्वीडिश ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९७३}}-{{एफ.१|१९७८}} |align=center|६ |- |[[सेब्रिंग आंतरराष्ट्रीय रेसवे]] |[[File:Sebring International Raceway - Historical (1952).svg|150px|सेब्रिंग आंतरराष्ट्रीय रेसवे]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Sebring, फ्लोरिडा]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०८.३५६|{{convert|८.३५६|km|mi|abbr=on}}}} |[[युनायटेड स्टेट्स ग्रांप्री‎]] |{{एफ.१|१९५९}} |align=center|१ |- |[[सेपांग आंतरराष्ट्रीय सर्किट]] |[[File:Sepang.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[सेपांग]], [[मलेशिया]] |{{sort|०५.५४३|{{convert|५.५४३|km|mi|abbr=on}}}} |[[मलेशियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९९९}}-{{एफ.१|२०१७}} |align=center|१९ |- |style=background:#FBCEB1|[[शांघाय आंतरराष्ट्रीय सर्किट]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Shanghai International Racing Circuit track map.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[शांघाय]], [[चीन]] |{{sort|०५.४५१|{{convert|५.४५१|km|mi|abbr=on}}}} |[[चिनी ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२००४}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|१६ |- |style=background:#FBCEB1|[[सिल्वेरस्टोन सर्किट]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Circuit Silverstone 2011.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[सिल्वेरस्टोन]], [[युनायटेड किंग्डम]] |{{sort|०५.८९१|{{convert|५.८९१|km|mi|abbr=on}}}} |[[ब्रिटिश ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९५०}}-{{एफ.१|१९५४}}, {{एफ.१|१९५६}}, {{एफ.१|१९५८}}, {{एफ.१|१९६०}}, {{एफ.१|१९६३}}, {{एफ.१|१९६५}}, {{एफ.१|१९६७}}, {{एफ.१|१९६९}}, {{एफ.१|१९७१}}, {{एफ.१|१९७३}}, {{एफ.१|१९७५}}, {{एफ.१|१९७७}}, {{एफ.१|१९७९}}, {{एफ.१|१९८१}}, {{एफ.१|१९८३}}, {{एफ.१|१९८५}}, {{एफ.१|१९८७}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|५३ |- |style=background:#FBCEB1|[[सोची ऑतोद्रोम]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Circuit Sochi.svg|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[सोत्शी]], [[रशिया]] |{{sort|०५.८४८|{{convert|५.८४८|km|mi|abbr=on}}}} |[[रशियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२०१४}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|६ |- |style=background:#FBCEB1|[[सुझुका सर्किट]] <sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Circuit Suzuka.png|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने and घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने ([[इन्फिनिटी symbol|figure eight]]) |[[सुझुका, सुझुका]], [[जपान]] |{{sort|०५.८०७|{{convert|५.८०७|km|mi|abbr=on}}}} |[[जपानी ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९८७}}-{{एफ.१|२००६}}, {{एफ.१|२००९}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|३१ |- |[[ओकायामा अंतरराष्ट्रीय सर्किट]] |[[File:Circuit TI (Aida).png|Tanaka International सर्किट|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[Mimasaka, Okayama|Mimasaka]], [[जपान]] |{{sort|०३.७०३|{{convert|३.७०३|km|mi|abbr=on}}}} |[[पॅसिफिक ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९९४}}-{{एफ.१|१९९५}} |align=center|२ |- |[[वेलेंशिया स्ट्रीट सर्किट]] |[[File:Circuit Valensia street.png|150px]] |स्ट्रीट सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[वेलेंशिया]], [[स्पेन]] |{{sort|०५.४१९|{{convert|५.४१९|km|mi|abbr=on}}}} |[[युरोपियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२००८}}-{{एफ.१|२०१२}} |align=center|५ |- |[[वाटकिन्स ग्लेन आंतरराष्ट्रीय]] |[[File:Watkins Glen International Track Map.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[वाटकिन्स ग्लेन, New York]], [[युनायटेड स्टेट्स]] |{{sort|०५.४३०|{{convert|५.४३०|km|mi|abbr=on}}}} |[[युनायटेड स्टेट्स ग्रांप्री‎]] |{{एफ.१|१९६१}}-{{एफ.१|१९८०}} |align=center|२० |- |style=background:#FBCEB1|[[यास मरिना सर्किट]]<sup>{{dagger}}</sup> |[[File:Circuit Yas-Island.svg|150px]] |रेस सर्किट |घड्याळाच्या विरुद्ध दिशेने |[[अबु धाबी]], [[संयुक्त अरब अमिराती]] |{{sort|०५.५५४|{{convert|५.५५४|km|mi|abbr=on}}}} |[[अबु धाबी ग्रांप्री]] |{{एफ.१|२००९}}-{{एफ.१|२०१९}} |align=center|११ |- |[[झेल्टवेग विमानतळ]] |[[File:Circuit Zeltweg.png|150px]] |रोड सर्किट |घड्याळाच्या दिशेने |[[झेल्टवेग]], [[ऑस्ट्रिया]] |{{sort|०३.१८६|{{convert|३.१८६|km|mi|abbr=on}}}} |[[ऑस्ट्रियन ग्रांप्री]] |{{एफ.१|१९६४}} |align=center|१ |} == हे सुद्धा पहा == # [[फॉर्म्युला वन]] # {{फॉर्म्युला वन सद्य हंगाम (शिर्षक)}} # [[फॉर्म्युला वन ग्रांप्री यादी]] # [[फॉर्म्युला वन चालक यादी]] # [[फॉर्म्युला वन चालक अजिंक्यपद यादी]] # [[फॉर्म्युला वन कारनिर्माते अजिंक्यपद यादी]] ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== {{फॉर्म्युला वन सद्य हंगाम}} {{फॉर्म्युला वन अजिंक्यपद}} [[वर्ग:फॉर्म्युला वन शर्यतींसंबंधित याद्या]] 45adinq4m6rmgpzrwwherz7dcjhbvrq चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ 0 51173 2702939 2352807 2026-08-17T05:22:35Z Abhijitsathe 4193 2702939 wikitext text/x-wiki '''चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[भारत]] देशाच्या ५४३ [[लोकसभा]] [[लोकसभा मतदारसंघांची यादी|मतदारसंघांपैकी]] एक आहे. हा मतदारसंघ [[राजस्थान]] राज्याच्या [[चित्तोडगढ]] ह्या नगरात स्थित असून येथील सहा [[राजस्थान विधानसभा|विधानसभा]] मतदारसंघ [[चित्तोडगढ जिल्हा|चित्तोडगढ जिल्ह्यात]] तर दोन [[उदयपूर जिल्हा|उदयपूर जिल्ह्यात]] आहेत. == विधानसभा मतदासंघ == लोकसभा मतदारसंघ चित्तोडगढ मध्ये खालील ८ विधानसभा मतदारसंघ समाविष्ट करण्यात आले आहेत. {| class="wikitable" ! # ! नाव ! जिल्हा |- |१ | [[चित्तोडगढ विधानसभा मतदारसंघ|चित्तोडगढ]] | rowspan=6 | [[चित्तोडगढ जिल्हा|चित्तोडगढ]] |- |२ | [[कपासन विधानसभा मतदारसंघ|कपासन]] |- |३ | [[निंबाहेरा विधानसभा मतदारसंघ|निंबाहेरा]] |- |४ | [[प्रतापगढ (राजस्थान) विधानसभा मतदारसंघ|प्रतापगढ]] |- |५ | [[बडी सादडी विधानसभा मतदारसंघ|बडी सादडी]] |- |६ | [[बेगुन विधानसभा मतदारसंघ|बेगुन]] |- |७ | [[मावली विधानसभा मतदारसंघ|मावली]] | rowspan=2 | [[उदयपूर जिल्हा|उदयपूर]] |- |८ | [[वल्लभनगर विधानसभा मतदारसंघ|वल्लभनगर]] |} == खासदार == {| class="wikitable" !वर्ष !लोकसभा<br>सत्र ![[खासदार]] ! colspan="2" |पक्ष |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणुका|१९८९]] | [[नववी लोकसभा|नववी]] | [[महेंद्र सिंह मेवाड]] | rowspan=3 bgcolor=#FF9900| | rowspan=3 | [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणुका|१९९१]] | [[दहावी लोकसभा|दहावी]] | rowspan=2 | [[जसवंतसिंग]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणुका|१९९६]] | [[अकरावी लोकसभा|अकरावी]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणुका|१९९८]] | [[बारावी लोकसभा|बारावी]] | [[उदयलाल आंजना]] | bgcolor=#00CCFF| | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणुका|१९९९]] | [[तेरावी लोकसभा|तेरावी]] | rowspan=2 | [[श्रीचंद कृपलानी]] | rowspan=2 bgcolor=#FF9900| | rowspan=2 | [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणुका|२००४]] | [[चौदावी लोकसभा|चौदावी]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणुका|२००९]] | [[पंधरावी लोकसभा|पंधरावी]] | [[गिरीजा व्यास]] | bgcolor=#00CCFF| | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणुका|२०१४]] | [[सोळावी लोकसभा|सोळावी]] | rowspan=3 | [[चंद्र प्रकाश जोशी]] | rowspan=3 bgcolor=#FF9900| | rowspan=3 | [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणुका|२०१९]] | [[सतरावी लोकसभा|सतरावी]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणुका|२०२४]] | [[अठरावी लोकसभा|अठरावी]] |} ==हे सुद्धा पहा== *[[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] {{राजस्थानमधील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:राजस्थानमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ|*]] [[वर्ग:चित्तोडगढ जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:उदयपूर जिल्हा]] mn9haqyj6ac56ele4inkisr8tud0j1o सहारनपूर लोकसभा मतदारसंघ 0 51355 2702997 2623352 2026-08-17T06:58:41Z Abhijitsathe 4193 2702997 wikitext text/x-wiki '''सहारनपूर लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[भारत|भारताच्या]] ५४३ [[लोकसभा]] [[लोकसभा मतदारसंघांची यादी|मतदारसंघांपैकी]] एक मतदारसंघ आहे. हा मतदारसंघ [[उत्तर प्रदेश]] राज्याच्या पश्चिम भागातील [[सहारनपूर]] ह्या नगरात स्थित असून येथील सर्व पाच [[उत्तर प्रदेश विधानसभा|विधानसभा]] मतदारसंघ [[सहारनपूर जिल्हा|सहारनपूर जिल्ह्यात]] आहेत. == विधानसभा मतदासंघ == लोकसभा मतदारसंघ सहारनपूरमध्ये २००९ पासून खालील ५ विधानसभा मतदारसंघ समाविष्ट करण्यात आले आहेत. {| class="wikitable" ! # ! नाव ! जिल्हा |- |१ | बेहात | rowspan=5 | [[सहारनपूर जिल्हा|सहारनपूर]] |- |२ | देवबंद |- |३ | सहारनपूर देहात |- |४ | सहारनपूर नगर |- |५ | रामपूर मनिहरन |} == खासदार == {| class="wikitable" !वर्ष !लोकसभा<br>सत्र ![[खासदार]] ! colspan="2" |पक्ष |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणुका|१९७७]] | [[सहावी लोकसभा|सहावी]] | rowspan=2 | [[रशीद मसूद]] | bgcolor=#0066CC| | [[जनता पक्ष]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणुका|१९८०]] | [[सातवी लोकसभा|सातवी]] | bgcolor=#0033CC| | [[जनता पक्ष (धर्मनिरपेक्ष)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणुका|१९८४]] | [[आठवी लोकसभा|आठवी]] | यशपाल सिंह | bgcolor=#00CCFF| | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणुका|१९८९]] | [[नववी लोकसभा|नववी]] | rowspan=2 | [[रशीद मसूद]] | rowspan=2 bgcolor=#008000| | rowspan=2 | [[जनता दल]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणुका|१९९१]] | [[दहावी लोकसभा|दहावी]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणुका|१९९६]] | [[अकरावी लोकसभा|अकरावी]] | rowspan=2 | [[नाकली सिंह]] | rowspan=2 bgcolor=#FF9900| | rowspan=2 | [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणुका|१९९८]] | [[बारावी लोकसभा|बारावी]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणुका|१९९९]] | [[तेरावी लोकसभा|तेरावी]] | मन्सूर अली खान | bgcolor=#0033CC| | [[बहुजन समाज पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणुका|२००४]] | [[चौदावी लोकसभा|चौदावी]] | [[रशीद मसूद]] | bgcolor=#FF3300| | [[समाजवादी पक्ष]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणुका|२००९]] | [[पंधरावी लोकसभा|पंधरावी ]] | [[जगदीश सिंह राणा]] | bgcolor=#0033CC| | [[बहुजन समाज पक्ष]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणुका|२०१४]] | [[सोळावी लोकसभा|सोळावी]] | [[राघव लखनपाल]] | bgcolor=#FF9900| | [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणुका|२०१९]] | [[सतरावी लोकसभा|सतरावी]] | [[हाजी फझलुर रेहमान]] | bgcolor=#0033CC| | [[बहुजन समाज पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणुका|२०२४]] | [[अठरावी लोकसभा|अठरावी]] | [[इमरान मसूद]] | bgcolor=#00CCFF| | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |} ==हे सुद्धा पहा== *[[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] {{उत्तर प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:सहारनपूर जिल्हा]] [[वर्ग:उत्तर प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] t84xmmv26fc2844yhinn3vefebwk1qz स्टार प्रवाह 0 59039 2702903 2701077 2026-08-16T22:01:11Z ~2026-44852-63 186335 /* नव्या मालिका */ 2702903 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट दूरचित्रवाहिनी |नाव = स्टार प्रवाह |चित्र = Star Pravah 2023.png |चित्रसाईज = |चित्र_माहिती = |चित्र२ = |सुरुवात = २४ नोव्हेंबर २००८ |चित्र स्वरूप = |शेवटचे_प्रसारण = |चित्र_प्रकार = |प्रेक्षक_संख्या = |प्रेक्षक_संख्या_सध्या = |प्रेक्षक_संख्या_माहिती = |नेटवर्क = स्टार इंडिया |मालक = [[डिझ्नी स्टार]] |ब्रीदवाक्य = मराठी परंपरा, मराठी प्रवाह |देश = [[भारत]] |प्रसारण क्षेत्र = |मुख्यालय = [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] |जुने नाव = |बदललेले नाव = |भगिनी वाहिनी = [[प्रवाह पिक्चर]] |प्रसारण वेळ = दुपारी १ ते ३ आणि संध्या. ६.३० ते रात्री ११.३० (प्राइम टाइम) |संकेतस्थळ ={{URL|https://www.hotstar.com/channels/star-pravah|स्टार प्रवाह}} [[डिझ्नी+ हॉटस्टार]]वर }} '''स्टार प्रवाह''' ही एक [[मराठी]] दूरचित्रवाणी वाहिनी आहे, जी मराठी मनोरंजनात्मक मालिका व वास्तविक कार्यक्रम दाखवते. स्टार प्रवाह हे [[वॉल्ट डिझ्नी कंपनी इंडिया]] च्या उपकंपनी असलेल्या [[डिझ्नी स्टार]]च्या (माजी नाव ''स्टार इंडिया''), मालकीचे असून स्टार प्रवाहची सुरुवात २४ नोव्हेंबर २००८ रोजी झाली. स्टार प्रवाह एचडी १ मे २०१६ रोजी सुरू झाले. दर रविवारी [[स्टार प्रवाह महाएपिसोड]] प्रसारित केले जातात. ==इतिहास== स्टार प्रवाह ही स्टार इंडियाची मराठी वाहिनी आहे, स्टार जलशा या बंगाली वाहिनी नंतर २४ नोव्हेंबर २००८ रोजी लाँच केले गेले आणि त्याच लोगोची कॉपी केली गेली, फक्त रंग लाल ऐवजी निळा होता. नवीन लोगो आणि ग्राफिक्स असलेली वाहिनी (बंगाली चॅनेल स्टार जलशाद्वारे १७ जून २०१२ ते १७ फेब्रुवारी २०१९ या कालावधीत वापरलेला लोगो आणि ग्राफिक्स). ३ फेब्रुवारी २०१४ रोजी वाहिनीला "स्वप्नांना पंख नवे" या टॅगलाइनसह रिब्रँड केले गेले. वाहिनीला परत १० ऑक्टोबर २०१६ रोजी "आता थांबायचं नाय" या टॅगलाइनसह रिब्रँड केले गेले. त्यानंतर परत एकदा २ डिसेंबर २०१९ रोजी "मराठी परंपरा, मराठी प्रवाह!" या नवीन टॅगलाइनसह, नवीन लोगो आणि ग्राफिक्ससह वाहिनीने स्वतःला रिब्रँड केले. १ मे २०१६ रोजी, स्टार प्रवाह एचडी नावाच्या वाहिनीची हाय-डेफिनिशन फीड लाँच करण्यात आले. ==पुरस्कार व सोहळे== {| class="wikitable sortable" ! सुरू झाल्याचे वर्ष || कार्यक्रमाचे नाव |- |२०१४-२०१८ |''येरे येरे'' |- |२०१६ |''स्टार प्रवाह रत्न'' |- |२०२१-चालू |''[[स्टार प्रवाह परिवार पुरस्कार]]'' |- |२०२१-चालू |''स्टार प्रवाह गणेशोत्सव'' |- |२०२२ |''स्टार प्रवाह धुमधडाका'' |- |२०२३-चालू |''स्टार प्रवाह ढिंचॅक दिवाळी'' |} ==प्रसारित कार्यक्रम== {| class="wikitable sortable" ! प्रसारित दिनांक ! मालिका ! वेळ ! रूपांतरण |- | १५ डिसेंबर २०२५ | [[वचन दिले तू मला]] | दुपारी १ वाजता | बंगाली मालिका गीता एल.एल.बी. |- | १६ डिसेंबर २०२४ | [[लग्नानंतर होईलच प्रेम]] | दुपारी १.३० वाजता | तमिळ मालिका इरामना रोजावे २ |- | १५ सप्टेंबर २०२५ | लपंडाव | दुपारी २ वाजता | |- | १९ जानेवारी २०२६ | तुझ्या सोबतीने | दुपारी २.३० वाजता | |- | १० ऑगस्ट २०२६ | आमच्या लाडक्या नाईक बाई | संध्या. ६.३० वाजता | मल्याळम मालिका टीचरम्मा |- | २९ जून २०२६ | विसरु नको तू मला | संध्या. ७ वाजता | |- | १५ जून २०२६ | [[सुना येती घरा]] | संध्या. ७.३० वाजता | तमिळ मालिका पांडेयन स्टोर २ |- | २३ डिसेंबर २०२४ | [[तू ही रे माझा मितवा]] | रात्री ८ वाजता | हिंदी मालिका [[इस प्यार को क्या नाम दूँ]] |- | ५ डिसेंबर २०२२ | [[ठरलं तर मग!]] | रात्री ८.३० वाजता | तमिळ मालिका रोजा |- | १ जून २०२६ | पाठराखीण | रात्री ९ वाजता | हिंदी मालिका सपना बाबुल का... बिदाई |- | ३० मार्च २०२६ | आनंदी | रात्री ९.३० वाजता | हिंदी मालिका बंदिनी |- | २७ एप्रिल २०२६ | [[बाई तुझा आशीर्वाद]] | रात्री १० वाजता | तमिळ मालिका अय्यानार थुनाई |- | १८ मार्च २०२४ | [[घरोघरी मातीच्या चुली (मालिका)|घरोघरी मातीच्या चुली]] | रात्री १०.३० वाजता | हिंदी मालिका कहानी घर घर की |} ===कथाबाह्य कार्यक्रम=== {| class="wikitable sortable" ! प्रसारित दिनांक ! मालिका ! वेळ ! रूपांतरण |- | २९ ऑगस्ट २०२६ | [[आता होऊ दे धिंगाणा]] ५ | शनि-रवि रात्री ९ वाजता | तमिळ कार्यक्रम एन्किट्टा मोधाडे |} ===नव्या मालिका=== {| class="wikitable sortable" ! प्रसारित दिनांक ! मालिका ! रुपांतरण ! वेळ |- | rowspan="2"| टीबीए | मराठी मीडियम | बंगाली मालिका बांग्ला मीडियम |रात्री 8.00 वाजता |- | मी कात टाकली | |रात्री ११.०० वाजता |} ==जुन्या मालिका== # [[अग्निहोत्र (मालिका)|अग्निहोत्र]] # [[अग्निहोत्र २]] # [[अबोली (मालिका)|अबोली]] # [[आई कुठे काय करते!]] # [[कुन्या राजाची गं तू राणी]] # [[छत्रीवाली]] # [[डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर: महामानवाची गौरवगाथा]] # [[ठिपक्यांची रांगोळी (मालिका)|ठिपक्यांची रांगोळी]] # [[तुझं नि माझं घर श्रीमंताचं]] # [[तुझेच मी गीत गात आहे]] # [[थोडं तुझं आणि थोडं माझं]] # [[दुर्वा (मालिका)|दुर्वा]] # [[देवयानी (मालिका)|देवयानी]] # [[नकळत सारे घडले]] # [[पिंकीचा विजय असो!]] # [[पुढचं पाऊल (मालिका)|पुढचं पाऊल]] # [[प्रेमाचा गेम सेम टू सेम]] # [[प्रेमाची गोष्ट (मालिका)|प्रेमाची गोष्ट]] # [[फुलाला सुगंध मातीचा]] # [[मन उधाण वाऱ्याचे]] # [[मी सावित्रीबाई जोतीराव फुले]] # [[मुरांबा (मालिका)|मुरांबा]] # [[मुलगी झाली हो]] # [[मोलकरीण बाई - मोठी तिची सावली]] # [[रंग माझा वेगळा]] # [[राजा शिवछत्रपती (मालिका)|राजा शिवछत्रपती]] # [[लग्नाची बेडी (मालिका)|लग्नाची बेडी]] # [[लक्ष्मीच्या पाऊलांनी]] # [[लक्ष्य (मालिका)|लक्ष्य]] # [[लेक माझी लाडकी]] # [[शुभविवाह (मालिका)|शुभविवाह]] # [[स्वप्नांच्या पलिकडले]] # [[सहकुटुंब सहपरिवार]] # [[साधी माणसं (मालिका)|साधी माणसं]] # [[स्वाभिमान - शोध अस्तित्वाचा]] # [[सांग तू आहेस का?]] # [[सुख म्हणजे नक्की काय असतं!]] # [[हळद रुसली कुंकू हसलं (मालिका)|हळद रुसली कुंकू हसलं]] # येड लागलं प्रेमाचं # आई आणि बाबा रिटायर होत आहेत! # कोण होतीस तू, काय झालीस तू! # काजळमाया # उदे गं अंबे # जे३ जंक्शन # गोष्ट एका लग्नाची # गोष्ट एका कॉलेजची # गोष्ट एका आनंदीची # गोष्ट एका जप्तीची # कुकुचकू # असे का घडले? # जिवलगा # जीवलगा # चारचौघी # कुलस्वामिनी # कुळ स्वामिनी # दार उघडा ना गडे # अंतरपाट # कशाला उद्याची बात # ओळख - ध्यास स्वप्नांचा # झुंज # बंध रेशमाचे # दोन किनारे दोघी आपण # तुजवीण सख्या रे # धर्मकन्या # सुवासिनी # अनोळखी दिशा # मांडला दोन घडीचा डाव # लक्ष्मी वर्सेस सरस्वती # पंचनामा # माधुरी मिडलक्लास # मानसीचा चित्रकार तो # मन धागा धागा जोडते नवा # आम्ही दोघे राजा राणी # आराधना # आंबट गोड # अरे वेड्या मना # बे दुणे दहा # प्रीती परी तुजवरी # रुंजी # लगोरी - मैत्री रिटर्न्स # जयोस्तुते # येक नंबर # तू जिवाला गुंतवावे # तुमचं आमचं सेम असतं # छोटी मालकीण # दुहेरी # नकुशी तरीही हवीहवीशी # नशीबवान # गं सहाजणी # गोठ # ललित २०५ # साथ दे तू मला # साता जल्माच्या गाठी # शतदा प्रेम करावे # तुझ्या इश्काचा नादखुळा # वैजू नंबर १ # नवे लक्ष्य # प्रेमा तुझा रंग कसा # प्रेमा तुझा रंग कसा २ # स्पेशल ५ # जय देवा श्री गणेशा # दख्खनचा राजा जोतिबा # श्री गुरुदेव दत्त # विठू माऊली # जय भवानी जय शिवाजी ===अनुवादित मालिका=== # ५ स्टार किचन # देवांचे देव महादेव # महाभारत # श्री गणेश # [[रामायण (मालिका)|रामायण]] # [[सत्यमेव जयते (दूरचित्रवाणी मालिका)|सत्यमेव जयते]] ==कथाबाह्य कार्यक्रम== # [[भांडा सौख्य भरे]] # [[मी होणार सुपरस्टार]] # [[मी होणार सुपरस्टार छोटे उस्ताद]] # शिट्टी वाजली रे # आता होऊन जाऊ द्या # आम्ही ट्रॅव्हलकर # कॉमेडी बिमेडी # ढाबळ एक तास टाइमपास # ढिंका चिका - कॉमेडीचा नवा फॉर्म्युला # एक टप्पा आऊट # जोडी जमली रे # जस्ट डान्स # किचनची सुपरस्टार # महाराष्ट्राचा डान्सिंग सुपरस्टार # महाराष्ट्राचा नच बलिये # मंडळ भारी आहे # नांदा सौख्य भरे # पोटोबा प्रसन्न # स्टार दरबार # सून सासू सून # सुप्रिया सचिन शो - जोडी तुझी माझी # विकता का उत्तर? # विसावा - एक घर मनासारखं # झेप ==टीआरपी== २०२१ च्या १४ व्या आठवड्यात, स्टार प्रवाह दहा सर्वाधिक पाहिल्या गेलेल्या भारतीय पे प्लॅटफॉर्म दूरचित्रवाणी चॅनेलमध्ये 1341.11 AMAs सह दहाव्या स्थानावर सामील झाले. {|class="wikitable sortable" style="text-align:center" !rowspan="2" | आठवडा आणि वर्ष !colspan="6" | BARC AMAs |- !मेगा सिटी !क्रमांक !हिंदी भाषिक मार्केट !क्रमांक !भारत !क्रमांक |- |आठवडा ३७, २०२१ |rowspan="23" colspan="2" {{N/A}} |1539.19 |5 |1556.26 |10 |- |आठवडा ३८, २०२१ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1551.06 |9 |- |आठवडा ४५, २०२१ |1517.06 |10 |- |आठवडा ४६, २०२१ |1576.53 |5 |1601.66 |8 |- |आठवडा ४७, २०२१ |1546.27 |5 |1568.70 |8 |- |आठवडा ४८, २०२१ |rowspan="5" colspan="2" {{N/A}} |1544.46 |10 |- |आठवडा ४९, २०२१ |1552.12 |10 |- |आठवडा १, २०२२ |1617.21 |10 |- |आठवडा २, २०२२ |1534.71 |10 |- |आठवडा ३, २०२२ |1513 |10 |- |आठवडा ९, २०२२ |1471.21 |5 |1495.43 |8 |- |आठवडा १०, २०२२ |1471.95 |5 |1497.25 |8 |- |आठवडा ११, २०२२ |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1482.54 |9 |- |आठवडा १२, २०२२ |1492.23 |10 |- |आठवडा १३, २०२२ |1442.28 |10 |- |आठवडा १४, २०२२ |1487.64 |5 |1517.08 |8 |- |आठवडा १५, २०२२ |1341.36 |5 |1363.42 |8 |- |आठवडा १६, २०२२ |1406.77 |5 |1424.58 |9 |- |आठवडा १७, २०२२ |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1416.39 |9 |- |आठवडा १९, २०२२ |1350.4 |10 |- |आठवडा २१, २०२२ |1381.04 |10 |- |आठवडा २२, २०२२ |1480.72 |5 |1507.05 |8 |- |आठवडा २३, २०२२ |1381.56 |5 |1405.59 |9 |- |आठवडा २४, २०२२ |291.28 |5 |1474.45 |5 |1504.76 |9 |- |आठवडा २५, २०२२ |287.99 |5 |rowspan="5" colspan="2" {{N/A}} |colspan="2" {{N/A}} |- |आठवडा २८, २०२२ |rowspan="9" colspan="2" {{N/A}} |1532.94 |9 |- |आठवडा २९, २०२२ |1504.15 |8 |- |आठवडा ३०, २०२२ |1440.66 |10 |- |आठवडा ३१, २०२२ |1514.69 |9 |- |आठवडा ३२, २०२२ |1500.53 |5 |1523.61 |9 |- |आठवडा ३३, २०२२ |1565.54 |5 |1593.55 |8 |- |आठवडा ३४, २०२२ |1584.93 |5 |1609.75 |7 |- |आठवडा ३५, २०२२ |colspan="2" {{N/A}} |1429.83 |10 |- |आठवडा ३७, २०२२ |1626.5 |4 |1649.99 |6 |- |आठवडा ३८, २०२२ |280.84 |5 |1565.88 |4 |1587.26 |6 |- |आठवडा ३९, २०२२ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1487.64 |5 |1509.02 |7 |- |आठवडा ४०, २०२२ |1550.58 |5 |1575.49 |7 |- |आठवडा ४१, २०२२ |281.01 |5 |1572.55 |5 |1599.75 |8 |- |आठवडा ४२, २०२२ |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |1595.63 |5 |1616.71 |7 |- |आठवडा ४३, २०२२ |1562.95 |5 |1585.67 |7 |- |आठवडा ४४, २०२२ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1667.66 |8 |- |आठवडा ४५, २०२२ |1669.9 |8 |- |आठवडा ४६, २०२२ |293.21 |5 |1639.66 |5 |1660.83 |7 |- |आठवडा ४७, २०२२ |288.15 |5 |1640.03 |5 |1662.68 |7 |- |आठवडा ४८, २०२२ |286.02 |5 |1651.62 |5 |1675.98 |7 |- |आठवडा ४९, २०२२ |284.08 |5 |1616.36 |5 |1643.6 |7 |- |आठवडा ५०, २०२२ |298.07 |5 |1602 |5 |1627.25 |7 |- |आठवडा ५१, २०२२ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1534.69 |5 |1559 |8 |- |आठवडा ५२, २०२२ |1585.68 |5 |1610.02 |8 |- |आठवडा १, २०२३ |276.4 |5 |1596.73 |5 |1619.82 |7 |- |आठवडा २, २०२३ |292.83 |4 |1624.55 |5 |1644.4 |7 |- |आठवडा ३, २०२३ |314.32 |4 |1711.93 |5 |1732.54 |7 |- |आठवडा ४, २०२३ |307.1 |4 |1630.69 |5 |1648.57 |7 |- |आठवडा ५, २०२३ |303.49 |4 |1627.73 |5 |1646.8 |7 |- |आठवडा ६, २०२३ |292.82 |4 |1603.74 |5 |1625.13 |7 |- |आठवडा ७, २०२३ |298.62 |4 |1646.78 |5 |1672.17 |7 |- |आठवडा ८, २०२३ |colspan="2" {{N/A}} |1222.15 |5 |1246.77 |8 |- |आठवडा ९, २०२३ |290.3 |4 |1617.14 |4 |1638.73 |7 |- |आठवडा १०, २०२३ |284.31 |5 |1583.58 |5 |1602.8 |8 |- |आठवडा ११, २०२३ |rowspan="7" colspan="2" {{N/A}} |1568.32 |5 |1583.43 |8 |- |आठवडा १२, २०२३ |1586.79 |4 |1601.86 |7 |- |आठवडा १३, २०२३ |1511.79 |4 |1526.8 |7 |- |आठवडा १४, २०२३ |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1404.25 |9 |- |आठवडा २०, २०२३ |1379.8 |10 |- |आठवडा २१, २०२३ |1336.04 |10 |- |आठवडा २२, २०२३ |1432.9 |5 |1455.53 |9 |- |आठवडा २३, २०२३ |286.07 |5 |1450.61 |5 |1475.28 |9 |- |आठवडा २४, २०२३ |colspan="2" {{N/A}} |1391.97 |5 |1413.13 |9 |- |आठवडा २५, २०२३ |297.47 |5 |1508.04 |5 |1529.61 |8 |- |आठवडा २६, २०२३ |colspan="2" {{N/A}} |rowspan="7" colspan="2" {{N/A}} |1508.18 |10 |- |आठवडा २७, २०२३ |311.63 |5 |1586.14 |9 |- |आठवडा २८, २०२३ |305.63 |5 |1576.27 |9 |- |आठवडा २९, २०२३ |305.11 |4 |1604.36 |9 |- |आठवडा ३०, २०२३ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1538.86 |10 |- |आठवडा ३१, २०२३ |1590.24 |10 |- |आठवडा ३२, २०२३ |300.09 |4 |1560.37 |10 |- |आठवडा ३३, २०२३ |312.78 |4 |1645.59 |5 |1666.5 |8 |- |आठवडा ३४, २०२३ |359.56 |2 |1773.39 |3 |1793.95 |5 |- |आठवडा ३५, २०२३ |319.48 |3 |1637.29 |5 |1656.78 |8 |- |आठवडा ३६, २०२३ |342.24 |2 |1726.76 |4 |1749.07 |7 |- |आठवडा ३७, २०२३ |326.07 |5 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1643.41 |9 |- |आठवडा ३८, २०२३ |colspan="2" {{N/A}} |1493.7 |10 |- |आठवडा ३९, २०२३ |315.15 |5 |1606.96 |5 |1628.03 |8 |- |आठवडा ४०, २०२३ |371.71 |4 |1845.97 |3 |1868.71 |5 |- |आठवडा ४१, २०२३ |354.49 |5 |1746.04 |4 |1765.6 |7 |- |आठवडा ४२, २०२३ |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |1728.18 |4 |1748.5 |7 |- |आठवडा ४३, २०२३ |1688.71 |5 |1709.19 |8 |- |आठवडा ४४, २०२३ |1688.53 |5 |1709 |8 |- |आठवडा ४५, २०२३ |1688.86 |5 |1709.35 |8 |- |आठवडा ४६, २०२३ |314.47 |5 |colspan="2" {{N/A}} |1602.99 |9 |- |आठवडा ४७, २०२३ |334.4 |5 |1761.59 |4 |1782.84 |6 |- |आठवडा ४८, २०२३ |340.02 |5 |1774.83 |3 |1797.74 |5 |- |आठवडा ४९, २०२३ |330.75 |3 |1733.14 |4 |1753.03 |6 |- |आठवडा ५०, २०२३ |345.59 |4 |1748.28 |4 |1773.41 |6 |- |आठवडा ५१, २०२३ |350.51 |4 |1787.22 |4 |1812.24 |6 |- |आठवडा ५२, २०२३ |334.81 |4 |1720.19 |5 |1743.27 |7 |- |आठवडा १, २०२४ |331.16 |4 |colspan="2" {{N/A}} |1752.61 |8 |- |आठवडा २, २०२४ |328.3 |4 |1692.61 |5 |1717.1 |8 |- |आठवडा ३, २०२४ |335.95 |4 |1701.59 |4 |1727.75 |7 |- |आठवडा ४, २०२४ |313.03 |4 |1595.58 |5 |1619.65 |7 |- |आठवडा ५, २०२४ |324.83 |4 |1639.19 |4 |1663.48 |7 |- |आठवडा ६, २०२४ |340.76 |4 |1699.56 |3 |1729.21 |5 |- |आठवडा ७, २०२४ |335.94 |4 |1669.05 |3 |1697.39 |5 |- |आठवडा ८, २०२४ |330.64 |4 |colspan="2" {{N/A}} |1616.1 |7 |- |आठवडा ९, २०२४ |328.81 |4 |1588.34 |5 |1609.17 |8 |- |आठवडा १०, २०२४ |340.62 |4 |1674.46 |3 |1700.32 |5 |- |आठवडा ११, २०२४ |362.68 |3 |1764.45 |3 |1793.48 |5 |- |आठवडा १२, २०२४ |'''391.66''' |1 |'''1917.04''' |3 |'''1944.9''' |5 |- |आठवडा १३, २०२४ |343.27 |4 |1720.83 |5 |1745.54 |7 |- |आठवडा १४, २०२४ |333.75 |4 |1678.56 |5 |1701.37 |7 |- |आठवडा १५, २०२४ |324.31 |4 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1661.26 |8 |- |आठवडा १६, २०२४ |300.91 |4 |1466.09 |9 |- |आठवडा १७, २०२४ |329.14 |4 |1473.76 |5 |1497.09 |8 |- |आठवडा १८, २०२४ |313.84 |4 |1475.98 |5 |1503.38 |8 |- |आठवडा १९, २०२४ |308.96 |4 |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1480.3 |8 |- |आठवडा २०, २०२४ |290.19 |4 |1355.01 |10 |- |आठवडा २१, २०२४ |303.99 |4 |1445.34 |9 |- |आठवडा २२, २०२४ |310.75 |3 |1571.52 |5 |1599.8 |7 |- |आठवडा २३, २०२४ |313.07 |3 |1467.74 |5 |1491.59 |7 |- |आठवडा २४, २०२४ |331.61 |3 |colspan="2" {{N/A}} |1518.06 |9 |- |आठवडा २५, २०२४ |318.92 |4 |1513.29 |5 |1534.75 |8 |- |आठवडा २६, २०२४ |319.09 |5 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1524.55 |10 |- |आठवडा २७, २०२४ |313.37 |3 |1514.53 |9 |- |आठवडा २८, २०२४ |318.09 |3 |1491.43 |5 |1518.17 |8 |- |आठवडा २९, २०२४ |325 |4 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1577.98 |9 |- |आठवडा ३०, २०२४ |335.81 |4 |1602.54 |9 |- |आठवडा ३१, २०२४ |343.55 |3 |1689.2 |5 |1711.82 |7 |- |आठवडा ३२, २०२४ |329.03 |4 |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |1621.83 |9 |- |आठवडा ३३, २०२४ |310.4 |4 |1549.35 |9 |- |आठवडा ३४, २०२४ |296.72 |5 |1498.66 |9 |- |आठवडा ३५, २०२४ |307.97 |5 |1681.19 |8 |- |आठवडा ३६, २०२४ |356.7 |3 |1797.18 |4 |1838.66 |6 |- |आठवडा ३७, २०२४ |310 |5 |1611.89 |5 |1651.56 |8 |- |आठवडा ३८, २०२४ |318.17 |4 |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1715.5 |8 |- |आठवडा ३९, २०२४ |313.2 |5 |1661.08 |8 |- |आठवडा ४०, २०२४ |307.53 |5 |1604.69 |8 |- |आठवडा ४१, २०२४ |305.13 |5 |1589.28 |5 |1628.91 |8 |- |आठवडा ४२, २०२४ |colspan="2" {{N/A}} |1568.83 |5 |1595.94 |8 |- |आठवडा ४३, २०२४ |326.61 |4 |1675.11 |4 |1710.53 |6 |- |आठवडा ४४, २०२४ |302.04 |4 |1605.42 |5 |1640.45 |7 |- |आठवडा ४५, २०२४ |313.14 |4 |1632.44 |5 |1673.37 |7 |- |आठवडा ४६, २०२४ |307.54 |4 |colspan="2" {{N/A}} |1660.51 |6 |- |आठवडा ४७, २०२४ |329.8 |5 |1646.53 |4 |1679.54 |7 |- |आठवडा ४८, २०२४ |325.14 |5 |1615.88 |4 |1661.67 |7 |- |आठवडा ४९, २०२४ |339.07 |4 |1642.63 |5 |1686.13 |8 |- |आठवडा ५०, २०२४ |320.93 |4 |1587.81 |5 |1634.79 |7 |- |आठवडा ५१, २०२४ |326 |5 |1628.15 |5 |1672.89 |7 |- |आठवडा ५२, २०२४ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1572 |5 |1610.61 |7 |- |आठवडा ५३, २०२४ |colspan="2" {{N/A}} |1626.97 |8 |- |आठवडा १, २०२५ |317.92 |5 |1550.38 |5 |1600.06 |7 |- |आठवडा २, २०२५ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |1594.55 |9 |- |आठवडा ३, २०२५ |1577.74 |8 |- |आठवडा ४, २०२५ |307.77 |4 |1537.47 |9 |- |आठवडा ५, २०२५ |292.2 |5 |1496.48 |9 |- |आठवडा ६, २०२५ |328.06 |2 |1708.35 |4 |1757.59 |6 |- |आठवडा ७, २०२५ |318.97 |5 |1629.34 |5 |1665.16 |7 |- |आठवडा ८, २०२५ |293.83 |5 |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1579.06 |8 |- |आठवडा ९, २०२५ |305.16 |5 |1661.1 |9 |- |आठवडा १०, २०२५ |colspan="2" {{N/A}} |1578.58 |9 |- |आठवडा ११, २०२५ |334.98 |4 |1678.36 |5 |1717.9 |7 |- |आठवडा १२, २०२५ |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |rowspan="12" colspan="2" {{N/A}} |1544.6 |9 |- |आठवडा १३, २०२५ |1557.77 |9 |- |आठवडा १४, २०२५ |1566.95 |9 |- |आठवडा १६, २०२५ |1414.68 |10 |- |आठवडा १९, २०२५ |259.48 |5 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |- |आठवडा २२, २०२५ |287.04 |5 |- |आठवडा २३, २०२५ |317.38 |5 |1535.46 |10 |- |आठवडा २४, २०२५ |296.19 |5 |1506.47 |10 |- |आठवडा २५, २०२५ |295.05 |5 |colspan="2" {{N/A}} |- |आठवडा २७, २०२५ |310.54 |5 |1512.98 |10 |- |आठवडा २८, २०२५ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1509.22 |10 |- |आठवडा २९, २०२५ |1522.89 |10 |- |आठवडा ३०, २०२५ |320.26 |5 |1590.29 |5 |1646.37 |8 |- |आठवडा ३१, २०२५ |307.31 |5 |colspan="2" {{N/A}} |1586.19 |8 |- |आठवडा ३२, २०२५ |329.73 |3 |1591.22 |5 |1658.19 |8 |- |आठवडा ३३, २०२५ |292.68 |5 |rowspan="5" colspan="2" {{N/A}} |1602.1 |8 |- |आठवडा ३४, २०२५ |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1551.73 |9 |- |आठवडा ३५, २०२५ |1543.83 |8 |- |आठवडा ३६, २०२५ |1633.16 |7 |- |आठवडा ३७, २०२५ |291.62 |5 |1606.41 |9 |- |आठवडा ३८, २०२५ |rowspan="16" colspan="2" {{N/A}} |1571.52 |5 |1627.19 |8 |- |आठवडा ३९, २०२५ |1561.74 |5 |1624.6 |7 |- |आठवडा ४०, २०२५ |1630.86 |4 |1693.01 |6 |- |आठवडा ४१, २०२५ |1613.67 |4 |1670.28 |6 |- |आठवडा ४२, २०२५ |colspan="2" {{N/A}} |1534.91 |8 |- |आठवडा ४३, २०२५ |1521.48 |5 |1576.6 |8 |- |आठवडा ४४, २०२५ |rowspan="10" colspan="2" {{N/A}} |1503.83 |9 |- |आठवडा ४५, २०२५ |1486.77 |8 |- |आठवडा ४६, २०२५ |1487.1 |9 |- |आठवडा ४७, २०२५ |1494.08 |9 |- |आठवडा ४८, २०२५ |1455.08 |9 |- |आठवडा ४९, २०२५ |1419.06 |9 |- |आठवडा ५०, २०२५ |1408.11 |8 |- |आठवडा ५१, २०२५ |1456.51 |9 |- |आठवडा ३, २०२६ |1352.26 |10 |- |आठवडा ५, २०२६ |1283.81 |10 |} [[वर्ग:मराठी दूरचित्रवाहिन्या]] [[वर्ग:स्टार प्रवाह]] bdjs8vybrmguvzjds8k4pgxwqwxv6i6 तात्विकभाषाशास्त्र 0 66896 2702889 422217 2026-08-16T15:46:19Z EmausBot 9929 Bot: Fixing double redirect from [[तात्त्विक भाषाशास्त्र]] to [[सैद्धांतिक भाषाशास्त्र]] 2702889 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[सैद्धांतिक भाषाशास्त्र]] 312e0gullt9uw4aollff646a7a0xo6g काशीबाई भोसले 0 68775 2702876 2676906 2026-08-16T11:59:37Z Aryan Bagkar 152513 /* */ 2702876 wikitext text/x-wiki {{इतिहासलेखन}} {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = महाराणी काशीबाई भोसले | पदवी = महाराणी | चित्र = | चित्र_शीर्षक = | राजध्वज_चित्र = Flag_of_the_Maratha_Empire.svg| | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = मराठा साम्राज्य | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = | राज्यारोहण = | राज्याभिषेक = | राज्यव्याप्ती = | राजधानी = [[रायगड]] | पूर्ण_नाव = काशीबाई शिवाजीराजे भोसले | इतर_पदव्या = [[महाराणी]] | जन्म_दिनांक = | जन्म_स्थान = | मृत्यू_दिनांक = [[१६ मार्च]] [[इ.स. १६७४|१६७४]] | मृत्यू_स्थान = [[रायगड|रायगड किल्ला]], [[महाराष्ट्र]] | पूर्वाधिकारी = [[सईबाई|महाराणी सईबाई]] | राजपद_वारस = शंभूसिंह जाधव | राजपद_वारस_प्रकार = भाऊ | उत्तराधिकारी = [[सोयराबाई|महाराणी सोयराबाई]] | वडील = | आई = | पत्नी = | पती = [[छत्रपती शिवाजी महाराज]] | संतती = | राजवंश = [[जाधव]] (जन्माने)<br>[[भोसले]] (लग्नाने) | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = | राजचलन = [[होन]] | तळटिपा = |}} '''काशीबाईसाहेब भोसले''' (?? - [[इ.स. १६७४]]) ह्या [[शिवाजी|छत्रपती शिवाजी महाराज]] ह्यांच्या [[पत्नी]] होत्या. त्यांचा शिवाजी महाराजांशी विवाह ८ एप्रिल १६५७ रोजी झाला . काशीबाई या [[जिजाबाई|राजमाता जिजाऊंच्या]] जाधव कुटुंबातील होत्या आणि त्या शंभूसिंह जाधवराव (बांदल सेना) यांच्या बहिण होत्या. त्यांचा मृत्यू १६ मार्च १६७४ रोजी रायगडावर झाला. त्यांची समाधी [[रायगड]] येथे आहे. {{DEFAULTSORT:भोसले, काशीबाई}} [[वर्ग:महाराष्ट्राचा इतिहास]] [[वर्ग:इ.स. १६७४ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:मराठा साम्राज्यातील स्त्रिया]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] tvl5qeogbmn4o00w5wh0sr9r4ifa04w येसूबाई भोसले 0 77140 2702880 2697025 2026-08-16T12:06:33Z Aryan Bagkar 152513 /* */ 2702880 wikitext text/x-wiki {{इतिहासलेखन}} {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = महाराणी येसूबाई भोसले | पदवी = कुलमुखत्यार<br>महाराणी<br> श्रीसखी राज्ञी जयति | चित्र = | चित्र_शीर्षक = | राजध्वज_चित्र = Flag_of_the_Maratha_Empire.svg | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = मराठा साम्राज्य | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = [[इ.स. १६८१|१६८१]] - [[इ.स. १६८९|१६८९]] | राज्यारोहण = पट्टराणी पदाभिषेक | राज्याभिषेक = [[१६ जानेवारी]] [[इ.स. १६८१|१६८१]] | राज्यव्याप्ती = [[पश्चिम महाराष्ट्र]], [[कोकण]],<br /> [[सह्याद्री]] डॊंगररांगांपासून [[नागपूर]]पर्यंत <br />आणि<br /> [[उत्तर महाराष्ट्र]], [[खानदेश]]ापासून ते <br />[[दक्षिण भारत]]ात [[तंजावर]] पर्यंत | राजधानी = [[रायगड]] | पूर्ण_नाव = येसूबाई संभाजीराजे भोसले | इतर_पदव्या = [[महाराणी]], [[कुलमुखत्यार]] | जन्म_दिनांक = [[इ.स. १६५८|१६५८]] | जन्म_स्थान = [[शृंगारपूर]], [[महाराष्ट्र]] | मृत्यू_दिनांक = [[इ.स. १७३०|१७३०]] | मृत्यू_स्थान = [[सातारा]], [[महाराष्ट्र]] | पूर्वाधिकारी = [[सोयराबाई|महाराणी सोयराबाई]] | राजपद_वारस = | राजपद_वारस_प्रकार = | उत्तराधिकारी = [[ताराबाई|महाराणी ताराबाई]] | वडील = [[पिलाजीराव शिर्के]] | आई = | पत्नी = | पती = [[छत्रपती संभाजी महाराज]] | संतती = [[भवानीबाई भोसले महाडीक|भवानीबाई]]<br>[[शाहू पहिले]] | राजवंश = [[शिर्के]] (जन्माने)<br>[[भोसले]] (लग्नाने) | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = श्री सखी राज्ञी जयति | राजचलन = [[होन]] | तळटिपा = |}} '''महाराणी येसूबाई''' ह्या [[छत्रपती संभाजी महाराज]] यांच्या [[पत्नी]] होत्या. त्या [[मराठा साम्राज्य|मराठा साम्राज्याच्या]] द्वितीय अभिषिक्त महाराणी होत्या. या [[मराठा साम्राज्य|मराठा साम्राज्याचे]](स्वराज्याचे) संस्थापक [[छत्रपती शिवाजी महाराज]] यांच्या सूनबाई होत्या. त्यांचे माहेर [[शृंगारपूर]] हे होते. त्यांचे माहेरचे आडनांव शिर्के होते. त्यांचे लग्नापूर्वीचे नाव राजाऊ होते. महाराणी येसूबाई साहेब या [[मराठा साम्राज्य|मराठा साम्राज्याचे]] पाचवे [[शाहू पहिले|छत्रपती सम्राट शाहू महाराज]] यांच्या मातोश्री होत्या. त्यांना [[छत्रपती शिवाजी महाराज|छत्रपती शिवाजी महाराजांनी]] स्वराज्याच्या कुलमुखत्यार पदाची शिक्के कट्यार प्रधान केले होते. त्या स्वराज्याच्या पहिल्या कुलमुखत्यार होत्या. [[शिवाजी महाराज|छत्रपती शिवाजी महाराजांची]] ज्येष्ठ सूनबाई, [[संभाजी महाराज|छत्रपती संभाजी महाराजांची]] महाराणी आणि प्रजाजनांचे आदरस्थान, अशा महाराणी येसूबाईसाहेबांच्या जीवनात जेवढी संकटे आली तेवढी राजघराण्यातील कोणत्याही स्त्रीवर आली नसावीत. एवढे सर्व राजवैभव असूनही आयुष्यात दुर्दैव त्यांच्या पाठीशी लागले आणि सुमारे तीस वर्षे मराठयांच्या या महाराणीला शत्रूच्या बंदिवासात जीवन कंठावे लागले. पण महाराणी येसूबाईसाहेबांनी ज्या धैर्याने आणि कणखर वृत्तीने त्या खडतर जीवनाला तोंड दिले, त्याला इतिहासात तोड नाही. राजेभोसले घराण्यात सून शोभेल असेच त्या शेवटपर्यंत वागल्या. महाराणी येसूबाईसाहेबांची मान्यता मोठी होती या थोर स्त्रीबाबत मराठेमंडळींत मोठा पूज्यभाव होता. [[४ जुलै]] [[इ.स. १७१९|१७१९]] ला राजमाता येसूबाईसाहेब मोगलांच्या कैदेतून [[दिल्ली|दिल्लीहून]] दक्षिणेत परत आल्या. त्यांचा मृत्यू सुमारे १७३१ च्या सुमारास झाला असावा. राजमाता येसूबाईंच्या निधनानंतर त्यांचे प्रतिनिधी हे पद मराठा राजमंडळात पंतप्रतिनिधी या नावाने कायम झाले. == कुटुंब == पिलाजीराव शिर्के हे महाराणी येसूबाई यांचे वडील होते. ते मराठा साम्राज्याचे सेनानी होते. ==चरित्रे== * जिद्दीने राज्य राखिले (संभाजीची पत्नी महाराणी येसूबाई हिच्या आयु़्ष्यावरील कादंबरी, लेखिका - [[नयनतारा देसाई]]) * महाराणी येसूबाई (डॉ. मीना मिराशी) * महाराज्ञी येसूबाई (डॉ. सदाशिव शिवदे) *महाराणी येसूबाई (सुवर्णा नाईक निंबाळकर) ==चित्रपट== * महाराणी येसूबाई (१९५४). प्रमुख भूमिका : [[सुलोचना]], [[रमेश देव]]; दिग्दर्शक : [[भालजी पेंढारकर]] {{मराठा साम्राज्य}} {{DEFAULTSORT:भोसले, येसूबाई}} [[वर्ग:भोसले घराणे]] [[वर्ग:संभाजी महाराज]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:मराठा साम्राज्यातील स्त्रिया]] 9yfqnhpgrh7vpr0hatucohrbgey5bkx रघुनाथ पुरुषोत्तम परांजपे 0 87443 2703001 2611391 2026-08-17T07:40:55Z Salil Kumar Mukherjee 132223 चित्र 2703001 wikitext text/x-wiki [[File:Raghunath Purushottam Paranjpye.png|thumb|रघुनाथ पुरुषोत्तम परांजपे]] '''रघुनाथ पुरुषोत्तम परांजपे''' ऊर्फ '''रॅंग्लर परांजपे''' ([[फेब्रुवारी १६]], [[इ.स. १८७६]]: मुर्डी, [[महाराष्ट्र]] - [[मे ६]], [[इ.स. १९६६]]; [[पुणे]], [[महाराष्ट्र]]) हे [[केंब्रिज विद्यापीठ|केंब्रिज विद्यापीठाचा]] [[वरिष्ठ रॅग्लर]] हा किताब पटकावणारे पहिले भारतीय. हे पेशाने [[गणित|गणिताचे]] प्राध्यापक होते. आपल्या यशस्वी कारकिर्दीत त्यांनी काही विद्यापीठांचे कुलगुरुपद, तसेच [[ऑस्ट्रेलिया]]त [[ब्रिटिश भारत|ब्रिटिश भारताच्या]] [[वकिलात|वकिलातीतील]] [[उच्चायुक्त|उच्चायुक्तपदही]] भूषवले. == जीवन == रघुनाथ परांजप्यांचा जन्म [[फेब्रुवारी १६]], [[इ.स. १८७६]] रोजी [[महाराष्ट्र|महाराष्ट्रातील]] [[रत्‍नागिरी जिल्हा|रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील]] [[मुर्डी]] या गावी झाला. ते पुरुषोत्तम आणि गोपिका याचे पुत्र होय. ते [[गोपाळ कृष्ण गोखले]] यांचे शिष्य होते. इ.स. १८९४ साली [[पुणे]] येथील फर्ग्युसन महाविद्यालयातून परांजपे यांनी बी.एससी. पदवी प्राप्त केली. तत्कालीन हिंदुस्थान सरकारची शिष्यवृत्ती घेऊन परांजपे [[इंग्लंड]]च्या केंब्रिज विद्यापीठ क्षेत्रातील सेंट जॉन्स महाविद्यालयात दाखल झाले. तेथे त्यांनी गणित विषयातील सगळ्यात कठीण 'ट्रायपॉस' परीक्षा दिली आणि ते त्या परीक्षेत प्रथम आले. यात प्रथम क्रमांक पटकावणाऱ्याला सीनियर रॅंग्लर असे म्हणतात. इ.स. १९०२ ते इ.स. १९२७ या काळात रॅंग्लर परांजपे पुणे येथील फर्ग्युसन महाविद्यालयाचे प्राचार्य होते. तसेच ते [[मुंबई]] विद्यापीठाचे सदस्य, पुणे नगर प्रशासनाचे सदस्यही होते. इ.स. १९२१ साली तत्कालीन मुंबई सरकारने रॅंग्लर परांजपे यांची '''दिवाण''' म्हणून नियुक्ती केली. पुढे सरकारने त्यांना शिक्षण आणि आरोग्य खात्याचे मंत्री केले. इ.स. १९२७ साली लंडनच्या इंडिया हाऊसचे कामकाज रॅंग्लर परांजपे यांच्याकडे सोपविण्यात आले. [[लखनौ]] विद्यापीठाचे कुलगुरू पद रॅंग्लर परांजपे यांनी ६ वर्षे भूषविले. त्यानंतर [[ऑस्ट्रेलिया]]तल्या भारतीय वकिलातीत उच्चायुक्त म्हणून इ.स. १९४४ साली त्यांची नियुक्ती करण्यात आली. इ.स. १९५६ साली रॅंग्लर परांजपे पुणे विद्यापीठाचे कुलगुरू होते. रॅंग्लर परांजपे अंधश्रद्धेचे विरोधक म्हणून ओळखले जातात. देवावर त्यांची श्रद्धा नव्हती, ते स्वतःला नास्तिक म्हणवून घेत. इ.स. १९६५ साली ''एटीफोर नॉट आऊट'' नावाचे त्यांचे आत्मचरित्र प्रसिद्ध झाले. वयाच्या ९१ व्या वर्षी [[मे ६]], [[इ.स. १९६६]] रोजी वृद्धापकाळाने रॅंग्लर परांजपे यांचे पुण्यात निधन झाले. गणितातील प्रगल्भ बुद्धिमत्तेचा आदर्श म्हणून रॅंग्लर परांजपे यांचे तैलचित्र, फर्ग्युसन कॉलेजच्या गणित विभागात अजूनही ठेवलेले आढळते. == बाह्य दुवे == * {{संकेतस्थळ|http://worldcat.org/identities/lccn-no97-48794|वर्ल्डकॅट.ऑर्ग कॅटलॉगातील नोंदी - {{लेखनाव}} यांनी लिहिलेली व जगभरातील ग्रंथालयांमध्ये आढळणाऱ्या ग्रंथांची सूची|इंग्लिश}} * {{आय.एम.डी.बी. नाव|1532630|{{लेखनाव}}}} {{DEFAULTSORT:परांजपे,रघुनाथ पुरुषोत्तम}} [[वर्ग:भारतीय मुत्सद्दी]] [[वर्ग:मराठी गणितज्ञ]] [[वर्ग:मराठी मुत्सद्दी]] [[वर्ग:मराठी व्यक्ती]] [[वर्ग:इ.स. १८७६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. १९६६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:पुणे विद्यापीठाचे कुलगुरू]] [[वर्ग:मुंबई विद्यापीठ]] [[वर्ग:भारतीय नास्तिक]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] lkmn64ocgz34tlnzaxxp51vl8xapipb विंडोज लाइव्ह संघ 0 88186 2702904 2188298 2026-08-17T00:00:17Z Xqbot 6858 Bot: Fixing double redirect from [[वनड्राइव्ह गट]] to [[वनड्राइव्ह ग्रुप्स]] 2702904 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[वनड्राइव्ह ग्रुप्स]] ocexd9yh77flclgg7yrh1hjoz5kgce6 हरिहर किल्ला 0 94555 2702901 2454565 2026-08-16T18:14:44Z Veritasphere 75587 [[Special:Contributions/2409:4042:269B:2A7C:5039:7B12:B835:6806|2409:4042:269B:2A7C:5039:7B12:B835:6806]] ([[User talk:2409:4042:269B:2A7C:5039:7B12:B835:6806|चर्चा]])यांची आवृत्ती [[Special:Diff/2454565|2454565]] परतवली. 2702901 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट किल्ला | नाव = हरिहर किल्ला |चित्र = Hariharfort.jpg |चित्रशीर्षक = |चित्ररुंदी = | उंची = ३६७६ फूट | प्रकार = गिरिदुर्ग | श्रेणी = अवघड | ठिकाण = [[नाशिक]],[[महाराष्ट्र]] | डोंगररांग = [[सह्याद्री]] | अवस्था = उत्तम | गाव = [[हर्षवाडी]] , [[निर्गुडपाडा]] }} '''हरिहर किल्ला''' किंवा हर्षगड किल्ला हा [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र]] राज्यातील एक किल्ला आहे. [[सह्याद्री]]च्या रांगांमध्ये हरिहर किल्ला आपले वेगळेपण जपतो. ह्या किल्ल्यावर वेताळ मंदिर आहे. मे महिना असेल तर करवंदांचा रानमेवा हमखास खायला मिळतो. हरिहरचे एक खास वैशिष्ट्य म्हणजे तेथे चढायला कातळपायऱ्या आहेत. चढाईनंतर पूर्वेकडे लहानसा तलाव लागतो. काठावर [[हनुमान]]चे मंदिर व बाजूला चौथऱ्यावर [[महादेव]]ची पिंड व नंदी आहेत. आजूबाजूला ४ ते ५ पाण्याने भरलेल्या कातळटाक्या दिसतात. डावीकडे खाली उतरून तटापर्यंत जाता येते. या किल्ल्याला चौफर बेलाग कातळकडा आहे. पूर्वेला कापड्या डोंगर व ब्रम्हगिरी दिसतात. दक्षिणेकडे वैतरणा खोरे आहे. येथील ८०° असलेल्या कातळ पायऱ्या चित्तथरारक आहेत. हा गड ३६७६ फूट आहे.गिर्यारोहणप्रेमींकरता हा एक पर्याय आहे.<ref name="m.maharashtratimes.com">http://m.maharashtratimes.com/others/tourism/fort/articleshow/47544643.cms</ref> इतिहास : हरिहर उर्फ हर्षगड हा प्राचीन काळात बांधलेला असून तो अहमदनगरच्या निजामशहाच्या ताब्यात होता. शहाजीराजांनी १६३६ साली निजामशाहीची पुनःस्थापना करतेवेळी त्र्यंबकगडासोबत हा किल्लासुद्धा जिकला. ==गडाकडे जाण्याचे मार्ग== पहिला मार्ग:- [[नाशिक]]-[[त्र्यंबकेश्वर]] रस्त्यावर त्र्यंबकेश्वरच्या ३ किमी अलीकडे डाव्या बाजूला असलेल्या गावाकडून मोखाड्याकडील रस्त्याने गेल्यास निरगुडपाडा हे किल्ल्याच्या पायथ्याचे गाव लागते. दुसरा मार्ग:- नाशिक-त्र्यंबकेश्वरकडून जव्हारकडे जाणाऱ्या रस्त्याने सापगावकडे जाताना त्र्यंबकपासून १५ किमीवरच्या लागणाऱ्या हर्षवाडीकडे पोचल्यावर किल्ल्याला जाता येते.<ref name="m.maharashtratimes.com"/> तिसरा मार्ग :- [[कसारा]] - [[खोडाळा]] मार्गावरून जाताना देवगावपासून १ किमी अलीकडेच डाव्या बाजूस असलेल्या खोडाळा - टाके हर्ष मार्गाने गेल्यास निरगुडपाडा हे किल्ल्याच्या पायथ्याचे गाव लागते. ==संदर्भ== * [[इतिहास दुर्गांचा]] - निनाद बेडेकर * [[दुर्ग|किल्ले]] - गो. नी. दांडेकर * [[ट्रेक द सह्याद्रीज]] (इंग्लिश) - [[हरीश कापडिया]] * [[डोंगरयात्रा]] - [[आनंद पाळंदे]] * [[दुर्गकथा]] - [[निनाद बेडेकर]] * [[दुर्गदर्शन]] - [[गो. नी. दांडेकर]] * [[दुर्गभ्रमणगाथा]] - गो. नी. दांडेकर * [[दुर्गवैभव]] - निनाद बेडेकर * [[महाराष्ट्रातील दुर्ग]] - निनाद बेडेकर * [[सह्याद्री पुस्तक|सह्याद्री]] - [[स. आ. जोगळेकर]] * [[सांगाती सह्याद्रीचा]] - यंग झिंगारो == हे सुद्धा पहा== * [[भारतातील किल्ले]] == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{विस्तार-किल्ला}} {{महाराष्ट्रातील किल्ले (विभागवार)}} {{महाराष्ट्रातील किल्ले}} [[वर्ग:महाराष्ट्रातील किल्ले]] [[वर्ग:नाशिक जिल्हा]] sabliasjpgh8ufxglyt40c3c6xfnz57 पंचप्रयाग 0 101992 2702918 2052501 2026-08-17T04:25:48Z Kumarram87 186342 2702918 wikitext text/x-wiki 'पंचप्रयाग' हे हिंदू धार्मिक श्रद्धांचे प्रतीक असून, ते उत्तराखंडमधील गढवाल हिमालयीन क्षेत्रातील पाच पवित्र नद्यांच्या संगमांचे प्रतिनिधित्व करते. 'पंचप्रयाग' हा संस्कृत शब्द आहे; यात 'पंच' म्हणजे पाच आणि 'प्रयाग' म्हणजे नद्यांचा संगम.[https://www.manchalamushafir.com/panch-prayag-in-uttarakhand/ उत्तराखंडमधील पंचप्रयाग] नद्यांच्या प्रवाहाच्या क्रमानुसार (उगमस्थानाकडून खालील दिशेने येताना) हे पाच पवित्र संगम खालीलप्रमाणे आहेत: विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग आणि देवप्रयाग. अलकनंदा + धौलीगंगा = विष्णुप्रयाग संगम अलकनंदा + नंदाकिनी = नंदप्रयाग संगम अलकनंदा + पिंडर = कर्णप्रयाग संगम अलकनंदा + मंदाकिनी = रुद्रप्रयाग संगम अलकनंदा + भागीरथी = देवप्रयाग संगम अलकनंदा ही मुख्य नदी हिमालयातील 'सतोपंथ हिमनदी'तून (ग्लेशियर) मैदानी प्रदेशाकडे खाली येते आणि गढवाल क्षेत्रातील पाच ठिकाणी इतर नद्यांना मिळून हे पवित्र संगम निर्माण करते. देवप्रयाग येथील शेवटच्या संगमातून 'गंगा' या पवित्र नदीची निर्मिती होते आणि तीथूनच ती मैदानी प्रदेशात वाहू लागते. देवप्रयाग हे गंगा नदीचे उगमस्थान म्हणूनही ओळखले जाते.[https://musafirresort.in/panch-prayag/ उत्तराखंडचे पंचप्रयाग] उत्तर प्रदेशातल्या अलाहाबाद येथे गंगा यमुना आणि गुप्त रूपात असलेली सरस्वती यांचा त्रिवेणी संगम होतो, म्हणून अलाहाबादलाच प्रयाग म्हणून ओळखले जाते. पंचप्रयागात या प्रगागचा समावेश होत नाही. ==बाह्य दुवे== * www.hisalu.com/258 9ps546pa4x1ajv4mg7ccbye2rypdls6 भारतीय संविधान दिन 0 103370 2702985 2631294 2026-08-17T06:16:56Z ~2026-44972-36 186351 B.R. ambedkar born 1991, so in 2015 celebrated 125th birth anniversary. 2702985 wikitext text/x-wiki [[File:Dr. Babasaheb Ambedkar, chairman of the Drafting Committee, presenting the final draft of the Indian Constitution to Dr Rajendra Prasad on 25 November, 1949.jpg|thumb|right|300px|घटनाकार [[डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर]] [[भारताचे संविधान]] संविधान सभेचे अध्यक्ष डॉ. [[राजेंद्र प्रसाद]] यांना सूपुर्द करतांना, [[२६ नोव्हेंबर]], [[इ.स. १९४९|१९४९]].]] '''संविधान दिन''' किंवा '''राष्ट्रीय विधी दिन''' हा [[२६ नोव्हेंबर]] रोजी भारतभर साजरा केला जातो. [[२९ ऑगस्ट]] [[इ.स. १९४७|१९४७]] रोजी [[डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर]] यांच्या नेतृत्वाखाली भारतीय संविधानाच्या निर्मितीसाठी मसूदा समिती स्थापन झाली. अनेक बैठका व चर्चासत्रांनंतर या समितीने सादर केलेला अंतिम मसुदा [[२६ नोव्हेंबर]] [[इ.स. १९४९|१९४९]] रोजी संविधान सभेने स्वीकारला.<ref>{{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.mahadiscom.com/AdministrativeCircular-hr/Adm_Cir_287.pdf | title = संविधान दिन शासनादेश २४ नोव्हेंबर २००८ | भाषा = मराठी | access-date = 2011-11-29 | archive-date = 2011-12-12 | archive-url = https://web.archive.org/web/20111212152938/http://mahadiscom.com/AdministrativeCircular-hr/Adm_Cir_287.pdf | url-status = dead }}</ref> त्यामुळे २६ नोव्हेंबर हा दिवस संविधान दिन म्हणून साजरा केला जातो. भारतीय संविधानाचे शिल्पकार आणि घटनाकार डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या सन्मानार्थ भारतीय संविधान दिन साजरा केला जातो.<ref>{{cite web|title=Govt. to observe November 26 as Constitution Day|url=http://www.thehindu.com/news/cities/mumbai/live-pm-modi-at-mumbai-lays-foundation-for-fourth-terminal-at-jnpt/article7749798.ece|publisher=द हिन्दू|accessdate=20 November 2015|date=11 October 2015}}</ref> भारत सरकारने आंबेडकरांचे १२५ वे जयंती वर्ष साजरे केले जात असताना त्यांना एक प्रकारची श्रद्धांजली वाहण्यासाठी २६ नोव्हेंबर २०१५ रोजी पहिला अधिकृत संविधान दिन साजरा केला.<ref>{{Cite web|url=https://aajtak.intoday.in/education/story/constitution-day-samvidhan-divas-26-november-dr-bhim-rao-ambedkar-tedu-1-1140319.html|title=Constitution Day: ऐसे बना था भारत का संविधान, डॉ. अंबेडकर ने निभाया अहम रोल|website=aajtak.intoday.in}}</ref> संविधानाबाबत जनजगृती करण्यासाठी आणि आंबेडकरांच्या विचारांचा प्रसार करण्याच्या उद्देशाने देशभरात २६ नोव्हेंबर हा दिवस 'संविधान दिन' म्हणून साजरा केला जातो.<ref name=IT>{{cite news|title=November 26 to be observed as Constitution Day: Facts on the Constitution of India|url=http://indiatoday.intoday.in/education/story/constitution-of-india/1/496659.html|accessdate=20 November 2015|work=इंडिया टुडे|date=12 October 2015|archive-date=2015-11-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20151114203645/http://indiatoday.intoday.in/education/story/constitution-of-india/1/496659.html|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|title=Law Day Speech|url=http://supremecourtofindia.nic.in/speeches/lawdayspeech.pdf|publisher=Supreme Court of India|accessdate=20 November 2015}}</ref> महाराष्ट्र शासनाच्या सामान्य प्रशासन विभागाने २४ नोव्हेंबर २००८ला आदेश काढून '२६ नोव्हेंबर' हा दिवस संविधान दिन म्हणून साजरा करण्याचे घोषित केले होते.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|दुवा=https://www.lokmat.com/nagpur/constitution-day-special-craftsman-e-z-khobragade/|title=संविधान दिन विशेष : शिल्पकार ठरले ई. झेड. खोब्रागडे |दिनांक=2019-11-26|संकेतस्थळ=Lokmat|ॲक्सेसदिनांक=2020-04-09|last3=2019 10:34am}}</ref> == हे सुद्धा पहा == * [[डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या नावावर असलेल्या गोष्टींची यादी]] * [[डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संबंधित लेखांची सूची]] * [[आंबेडकर जयंती]] * [[विद्यार्थी दिवस (महाराष्ट्र)]] * [[ज्ञान दिवस (महाराष्ट्र)]] == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर}} [[वर्ग:भारतीय सण आणि उत्सव]] [[वर्ग:भारतीय संविधान]] [[वर्ग:भारत]] [[वर्ग:डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर]] [[वर्ग:भारतीय प्रतिवार्षिक दिनपालन]] 8uexq384y8sznverb160vv830mtixdm वर्ग:चित्तोडगढचे खासदार 14 126669 2702950 2462959 2026-08-17T05:24:53Z Abhijitsathe 4193 removed [[Category:चित्तोडगड]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702950 wikitext text/x-wiki [[वर्ग:चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ|खा]] [[वर्ग:राजस्थानचे खासदार]] [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघानुसार खासदार]] ej5fs64x49ia74l1ewv9r9k6cppyjvw वर्ग:मराठी अभियंते 14 142309 2703021 1488317 2026-08-17T09:24:38Z संतोष गोरे 135680 removed [[Category:अभियंते]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703021 wikitext text/x-wiki [[वर्ग:पेशानुसार मराठी व्यक्ती|अ]] [[वर्ग:भारतीय अभियंते]] tbq7u1amzjh5g9ztw422yegd4ow1tlk आलिया भट्ट 0 150992 2703100 2686610 2026-08-17T11:27:11Z अभय नातू 206 /* जीवन */ 2703100 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट अभिनेत्री | पार्श्वभूमी_रंग = | नाव = आलिया भट्ट | चित्र = Alia Bhatt attends at the 2026 Cannes Film Festival (cropped) (cropped).jpg | चित्र_रुंदी = 220px | चित्र_शीर्षक = | पूर्ण_नाव = आलिया महेश भट्ट | जन्म_दिनांक = {{जन्म दिनांक आणि वय|1993|3|15}} | जन्म_स्थान = [[मुंबई]] | मृत्यू_दिनांक = | मृत्यू_स्थान = | इतर_नावे = | कार्यक्षेत्र = अभिनेत्री, मॉडेल | राष्ट्रीयत्व = [[ब्रिटिश]] | भाषा = हिंदी | कारकीर्द_काळ = इ.स. २०१२ - चालू | प्रमुख_नाटके = | प्रमुख_चित्रपट = | प्रमुख_दूरचित्रवाणी_कार्यक्रम = | पुरस्कार = फिल्मफेअर सर्वोत्तम महिला पदार्पण पुरस्कार | वडील_नाव = [[महेश भट्ट]] | आई_नाव = [[सोनी राजदान]] | नातेवाईक = [[पूजा भट्ट]] (सावत्र बहीण) | पती_नाव = {{लग्न|[[रणबीर कपूर]]|2022}} | पत्नी_नाव = | अपत्ये = | संकेतस्थळ = | तळटिपा = }} '''आलिया भट्ट''' (जन्म:१५ मार्च, १९९३) ही एक भारतीय वंशाची, ब्रिटिश नागरिकत्व स्वीकारलेली [[बॉलीवूड|हिदी चित्रपट]] अभिनेत्री आहे. आलियाने २०१२ साली प्रदर्शित झालेल्या [[करण जोहर]]च्या [[स्टुडन्ट ऑफ द इयर]] ह्या चित्रपटामध्ये नायिकेची भूमिका करून [[बॉलिवूड]]मध्ये पदार्पण केले. ह्या भूमिकेसाठी तिला [[फिल्मफेअर सर्वोत्तम महिला पदार्पण पुरस्कार|सर्वोत्तम पदार्पणासाठीच्या]] [[फिल्मफेअर पुरस्कार]]ासाठी नामांकन मिळाले होते. तिने टू स्टेट, शानदार, हायवे, हम्पटी शर्मा कि दुल्हनिया, कपुर ॲंन्ड सन्स, ह्या चित्रपटात उल्लेखनीय काम केल आहे. २०१६ साली प्रदर्शित झालेल्या [[उडता पंजाब]] ह्या चित्रपटामधील भूमिकेसाठी आलियाला [[फिल्मफेअर सर्वोत्तम अभिनेत्री पुरस्कार]] मिळाला. == जीवन == [[चित्र:Alia Bhatt Starbucks opening.jpg|thumb|right|180px]] आलिया भट्टचा जन्म १५ मार्च १९९३ रोजी [[मुंबई]]मध्ये भारतीय चित्रपट दिग्दर्शक [[महेश भट्ट]] आणि अभिनेत्री [[सोनी राजदान]] यांच्या भट्ट कुटुंबात झाला होता. तिचे वडील गुजराती वंशाचे आहेत आणि तिची आई काश्मिरी पंडित आणि जर्मन वंशाची आहे.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/i-have-great-reverence-for-women-mahesh-bhatt/articleshow/18006519.cms|title=I have great reverence for women: Mahesh Bhatt - टाइम्स ऑफ इंडिया|website=द टाइम्स ऑफ इंडिया|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref> तिच्याकडे ब्रिटिश नागरिकत्व आहे. तिला एक मोठी बहीण, शाहीन, [[पूजा भट्ट]] आणि राहुल भट्ट अशी दोन सावत्र भावंडे आहेत. अभिनेता [[इमरान हाश्मी]] आणि दिग्दर्शक मोहित सूरी हे तिचे माहेरचे चुलत भाऊ अथवा बहीण असून निर्माता मुकेश भट्ट तिचे काका आहेत. आलियाचे शिक्षण जमनाबाई नरसी शाळेत झाले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.rediff.कॉम/movies/slide-show/slide-show-1-interview-with-alia-bhatt/20120917.htm|title=Meet Karan Johar's Student of the Year: Alia Bhatt|website=Rediff|language=en|access-date=2022-05-04}}{{मृत दुवा|date=July 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> ==वैयक्तिक माहिती== २०१८ मध्ये, आलियाने ब्रह्मास्त्र (२०२२) मधील तिचा सहकलाकार अभिनेता [[रणबीर कपूर]] ला डेट करण्यास सुरुवात केली. तिने १४ एप्रिल २०२२ रोजी [[मुंबई]]त पारंपारिक समारंभात त्याच्याशी लग्न केले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.ndtv.com/entertainment/ranbir-kapoor-alia-bhatt-wedding-live-updates-wedding-this-afternoon-neetu-riddhima-soni-shaheen-at-vastu-2887054|title=Ranbir Kapoor, Alia Bhatt Wedding Live Updates: Ranbir And Alia Forever - Best Pics And Run-Through Of Their Wedding Day|website=NDTV.com|access-date=2022-05-04}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ranbir-kapoor-alia-bhatt-wedding-live-updates-neetu-kapoor-ayan-mukerji-brahmastra-karan-johar-pre-wedding-festivities/liveblog/90815206.cms|title=Alia Bhatt - Ranbir Kapoor Wedding Photos, Marriage Images, Latest Videos, Pictures & News Updates: Alia-Ranbir pose for a perfect family picture|website=द टाइम्स ऑफ इंडिया|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/alia-bhatt-ranbir-kapoor-get-married-in-mumbai-live-updates-7868137/|title=Ranbir Kapoor-Alia Bhatt wedding HIGHLIGHTS: Gal Gadot congratulates the newlyweds|date=2022-04-19|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref> == चित्रपट कारकीर्द == {| class="wikitable sortable plainrowheaders" style="background-color: #f9f9f9;" |- ! वर्ष ! width=150 px| चित्रपट ! रोल ! हिरो ! पुरस्कार / उल्लेखनीय तथ्य |- | १९९९ | ''संघर्ष'' | रीत | बालकलाकार | बालकलाकार म्हणून पदार्पण |- | २०१२ | ''[[स्टुडन्ट ऑफ द इयर]]'' | शनाया | [[वरुण धवन]] | मुख्य अभिनेत्री म्हणून पदार्पण |- | २०१४ | ''हायवे'' | वीरा | [[रणदीप हूडा]] | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री (समीक्षक) पुरस्कार |- | २०१४ | ''[[टू स्टेट्स (चित्रपट)|टू स्टेट्स]]'' | अनन्या | [[अर्जुन कपूर]] | व्यावसायिक यश |- | २०१५ | ''शानदार'' | आलिया | [[शाहिद कपूर]] | |- | २०१५ | ''हम्पटी शर्मा की दुल्हनीया'' | काव्या | [[वरुण धवन]] | |- | २०१६ | ''[[कपूर अँड सन्स]]'' | टिया | [[सिद्धार्थ मल्होत्रा]] | |- | २०१६ | ''[[उडता पंजाब]]'' | बौरिया/मेरी | [[शाहिद कपूर]] | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार |- | २०१६ | ''[[ऐ दिल है मुश्किल]]'' | डीजे | कोणीही नाही | विशेष उपस्थिती |- | २०१६ | ''[[डियर जिंदगी]]'' | कायरा | [[शाहरुख खान]] | |- | २०१७ | ''[[बद्रिनाथ की दुल्हनिया]]'' | वैदेही | [[वरुण धवन]] | |- | २०१८ | ''[[राझी (चित्रपट)|राझी]]'' | सहमत | विकी कौशल | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार |- | २०१९ | ''[[गली बॉय]]'' | सफिना | [[रणवीर सिंग]] | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार |- | २०१९ | ''[[कलंक (२०१९ चित्रपट)|कलंक]]'' | रूप | [[वरुण धवन]] | |- | २०१९ | ''[[स्टुडंट ऑफ द इयर २]]'' | आलिया भट | कोणीही नाही | 'द हुक अप' गाण्यात विशेष उपस्थिती |- | २०२० | ''सडक २'' | आर्या | [[आदित्य रॉय कपूर]] | |- | २०२२ | ''[[गंगूबाई काठियावाडी]]'' | गंगूबाई | शंतनू महेश्वरी | राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार (सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री) आणि फिल्मफेअर पुरस्कार |- | २०२२ | ''[[आरआरआर (चित्रपट)|आरआरआर]]'' | सीता | [[राम चरण]] | दक्षिण भारतीय चित्रपटात (तेलुगू) पदार्पण |- | २०२२ | ''[[ब्रह्मास्त्र: भाग एक – शिवा]]'' | ईशा | [[रणबीर कपूर]] | सर्वाधिक कमाई करणाऱ्या चित्रपटांपैकी एक |- | २०२२ | ''डार्लिंग्स'' | बद्रूनिसा | विजय वर्मा | निर्माती म्हणून पदार्पण; फिल्मफेअर ओटीटी पुरस्कार |- | २०२३ | ''रॉकी और रानी की प्रेम कहानी'' | राणी चॅटर्जी | [[रणवीर सिंग]] | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार |- | २०२३ | ''हार्ट ऑफ स्टोन'' | केया धवन | गॅल गडोट | हॉलिवूड (आंतरराष्ट्रीय) चित्रपटात पदार्पण |- | २०२४ | ''जिगरा'' | सत्याभामा | वेदांग रैना | निर्माती आणि अभिनेत्री |} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{आय.एम.डी.बी. नाव|1017633|{{लेखनाव}}}} {{कॉमन्स वर्ग|Alia Bhatt|{{लेखनाव}}}} {{फिल्मफेअर सर्वोत्तम अभिनेत्री पुरस्कार}} {{राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार, सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री}} {{DEFAULTSORT:भट्ट, आलिया}} [[वर्ग:हिंदी चित्रपट अभिनेत्री]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] 0w6b6jjxxpyami6rackfrzj99m3hke3 2703101 2703100 2026-08-17T11:27:41Z अभय नातू 206 /* जीवन */ 2703101 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट अभिनेत्री | पार्श्वभूमी_रंग = | नाव = आलिया भट्ट | चित्र = Alia Bhatt attends at the 2026 Cannes Film Festival (cropped) (cropped).jpg | चित्र_रुंदी = 220px | चित्र_शीर्षक = | पूर्ण_नाव = आलिया महेश भट्ट | जन्म_दिनांक = {{जन्म दिनांक आणि वय|1993|3|15}} | जन्म_स्थान = [[मुंबई]] | मृत्यू_दिनांक = | मृत्यू_स्थान = | इतर_नावे = | कार्यक्षेत्र = अभिनेत्री, मॉडेल | राष्ट्रीयत्व = [[ब्रिटिश]] | भाषा = हिंदी | कारकीर्द_काळ = इ.स. २०१२ - चालू | प्रमुख_नाटके = | प्रमुख_चित्रपट = | प्रमुख_दूरचित्रवाणी_कार्यक्रम = | पुरस्कार = फिल्मफेअर सर्वोत्तम महिला पदार्पण पुरस्कार | वडील_नाव = [[महेश भट्ट]] | आई_नाव = [[सोनी राजदान]] | नातेवाईक = [[पूजा भट्ट]] (सावत्र बहीण) | पती_नाव = {{लग्न|[[रणबीर कपूर]]|2022}} | पत्नी_नाव = | अपत्ये = | संकेतस्थळ = | तळटिपा = }} '''आलिया भट्ट''' (जन्म:१५ मार्च, १९९३) ही एक भारतीय वंशाची, ब्रिटिश नागरिकत्व स्वीकारलेली [[बॉलीवूड|हिदी चित्रपट]] अभिनेत्री आहे. आलियाने २०१२ साली प्रदर्शित झालेल्या [[करण जोहर]]च्या [[स्टुडन्ट ऑफ द इयर]] ह्या चित्रपटामध्ये नायिकेची भूमिका करून [[बॉलिवूड]]मध्ये पदार्पण केले. ह्या भूमिकेसाठी तिला [[फिल्मफेअर सर्वोत्तम महिला पदार्पण पुरस्कार|सर्वोत्तम पदार्पणासाठीच्या]] [[फिल्मफेअर पुरस्कार]]ासाठी नामांकन मिळाले होते. तिने टू स्टेट, शानदार, हायवे, हम्पटी शर्मा कि दुल्हनिया, कपुर ॲंन्ड सन्स, ह्या चित्रपटात उल्लेखनीय काम केल आहे. २०१६ साली प्रदर्शित झालेल्या [[उडता पंजाब]] ह्या चित्रपटामधील भूमिकेसाठी आलियाला [[फिल्मफेअर सर्वोत्तम अभिनेत्री पुरस्कार]] मिळाला. == जीवन == [[चित्र:Alia Bhatt Starbucks opening.jpg|thumb|right|180px]] आलिया भट्टचा जन्म १५ मार्च १९९३ रोजी [[मुंबई]]मध्ये भारतीय चित्रपट दिग्दर्शक [[महेश भट्ट]] आणि अभिनेत्री [[सोनी राजदान]] यांच्या भट्ट कुटुंबात झाला होता. तिचे वडील गुजराती वंशाचे आहेत आणि तिची आई काश्मिरी पंडित आणि जर्मन वंशाची आहे.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/i-have-great-reverence-for-women-mahesh-bhatt/articleshow/18006519.cms|title=I have great reverence for women: Mahesh Bhatt - टाइम्स ऑफ इंडिया|website=द टाइम्स ऑफ इंडिया|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref> तिच्याकडे ब्रिटिश नागरिकत्व आहे. तिला एक मोठी बहीण, शाहीन, [[पूजा भट्ट]] आणि राहुल भट्ट अशी दोन सावत्र भावंडे आहेत. अभिनेता [[इमरान हाश्मी]] आणि दिग्दर्शक मोहित सूरी हे तिचे माहेरचे चुलत भाऊ अथवा बहीण असून निर्माता मुकेश भट्ट तिचे काका आहेत. आलियाचे शिक्षण जमनाबाई नरसी शाळेत झाले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.rediff.com/movies/slide-show/slide-show-1-interview-with-alia-bhatt/20120917.htm|title=Meet Karan Johar's Student of the Year: Alia Bhatt|website=Rediff|language=en|access-date=2022-05-04}}{{मृत दुवा|date=July 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> ==वैयक्तिक माहिती== २०१८ मध्ये, आलियाने ब्रह्मास्त्र (२०२२) मधील तिचा सहकलाकार अभिनेता [[रणबीर कपूर]] ला डेट करण्यास सुरुवात केली. तिने १४ एप्रिल २०२२ रोजी [[मुंबई]]त पारंपारिक समारंभात त्याच्याशी लग्न केले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.ndtv.com/entertainment/ranbir-kapoor-alia-bhatt-wedding-live-updates-wedding-this-afternoon-neetu-riddhima-soni-shaheen-at-vastu-2887054|title=Ranbir Kapoor, Alia Bhatt Wedding Live Updates: Ranbir And Alia Forever - Best Pics And Run-Through Of Their Wedding Day|website=NDTV.com|access-date=2022-05-04}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ranbir-kapoor-alia-bhatt-wedding-live-updates-neetu-kapoor-ayan-mukerji-brahmastra-karan-johar-pre-wedding-festivities/liveblog/90815206.cms|title=Alia Bhatt - Ranbir Kapoor Wedding Photos, Marriage Images, Latest Videos, Pictures & News Updates: Alia-Ranbir pose for a perfect family picture|website=द टाइम्स ऑफ इंडिया|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/alia-bhatt-ranbir-kapoor-get-married-in-mumbai-live-updates-7868137/|title=Ranbir Kapoor-Alia Bhatt wedding HIGHLIGHTS: Gal Gadot congratulates the newlyweds|date=2022-04-19|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref> == चित्रपट कारकीर्द == {| class="wikitable sortable plainrowheaders" style="background-color: #f9f9f9;" |- ! वर्ष ! width=150 px| चित्रपट ! रोल ! हिरो ! पुरस्कार / उल्लेखनीय तथ्य |- | १९९९ | ''संघर्ष'' | रीत | बालकलाकार | बालकलाकार म्हणून पदार्पण |- | २०१२ | ''[[स्टुडन्ट ऑफ द इयर]]'' | शनाया | [[वरुण धवन]] | मुख्य अभिनेत्री म्हणून पदार्पण |- | २०१४ | ''हायवे'' | वीरा | [[रणदीप हूडा]] | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री (समीक्षक) पुरस्कार |- | २०१४ | ''[[टू स्टेट्स (चित्रपट)|टू स्टेट्स]]'' | अनन्या | [[अर्जुन कपूर]] | व्यावसायिक यश |- | २०१५ | ''शानदार'' | आलिया | [[शाहिद कपूर]] | |- | २०१५ | ''हम्पटी शर्मा की दुल्हनीया'' | काव्या | [[वरुण धवन]] | |- | २०१६ | ''[[कपूर अँड सन्स]]'' | टिया | [[सिद्धार्थ मल्होत्रा]] | |- | २०१६ | ''[[उडता पंजाब]]'' | बौरिया/मेरी | [[शाहिद कपूर]] | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार |- | २०१६ | ''[[ऐ दिल है मुश्किल]]'' | डीजे | कोणीही नाही | विशेष उपस्थिती |- | २०१६ | ''[[डियर जिंदगी]]'' | कायरा | [[शाहरुख खान]] | |- | २०१७ | ''[[बद्रिनाथ की दुल्हनिया]]'' | वैदेही | [[वरुण धवन]] | |- | २०१८ | ''[[राझी (चित्रपट)|राझी]]'' | सहमत | विकी कौशल | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार |- | २०१९ | ''[[गली बॉय]]'' | सफिना | [[रणवीर सिंग]] | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार |- | २०१९ | ''[[कलंक (२०१९ चित्रपट)|कलंक]]'' | रूप | [[वरुण धवन]] | |- | २०१९ | ''[[स्टुडंट ऑफ द इयर २]]'' | आलिया भट | कोणीही नाही | 'द हुक अप' गाण्यात विशेष उपस्थिती |- | २०२० | ''सडक २'' | आर्या | [[आदित्य रॉय कपूर]] | |- | २०२२ | ''[[गंगूबाई काठियावाडी]]'' | गंगूबाई | शंतनू महेश्वरी | राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार (सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री) आणि फिल्मफेअर पुरस्कार |- | २०२२ | ''[[आरआरआर (चित्रपट)|आरआरआर]]'' | सीता | [[राम चरण]] | दक्षिण भारतीय चित्रपटात (तेलुगू) पदार्पण |- | २०२२ | ''[[ब्रह्मास्त्र: भाग एक – शिवा]]'' | ईशा | [[रणबीर कपूर]] | सर्वाधिक कमाई करणाऱ्या चित्रपटांपैकी एक |- | २०२२ | ''डार्लिंग्स'' | बद्रूनिसा | विजय वर्मा | निर्माती म्हणून पदार्पण; फिल्मफेअर ओटीटी पुरस्कार |- | २०२३ | ''रॉकी और रानी की प्रेम कहानी'' | राणी चॅटर्जी | [[रणवीर सिंग]] | फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार |- | २०२३ | ''हार्ट ऑफ स्टोन'' | केया धवन | गॅल गडोट | हॉलिवूड (आंतरराष्ट्रीय) चित्रपटात पदार्पण |- | २०२४ | ''जिगरा'' | सत्याभामा | वेदांग रैना | निर्माती आणि अभिनेत्री |} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{आय.एम.डी.बी. नाव|1017633|{{लेखनाव}}}} {{कॉमन्स वर्ग|Alia Bhatt|{{लेखनाव}}}} {{फिल्मफेअर सर्वोत्तम अभिनेत्री पुरस्कार}} {{राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार, सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री}} {{DEFAULTSORT:भट्ट, आलिया}} [[वर्ग:हिंदी चित्रपट अभिनेत्री]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] 3k1e5th640sj7zcvze91r07aogqe87n 2703105 2703101 2026-08-17T11:30:48Z अभय नातू 206 /* चित्रपट कारकीर्द */ 2703105 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट अभिनेत्री | पार्श्वभूमी_रंग = | नाव = आलिया भट्ट | चित्र = Alia Bhatt attends at the 2026 Cannes Film Festival (cropped) (cropped).jpg | चित्र_रुंदी = 220px | चित्र_शीर्षक = | पूर्ण_नाव = आलिया महेश भट्ट | जन्म_दिनांक = {{जन्म दिनांक आणि वय|1993|3|15}} | जन्म_स्थान = [[मुंबई]] | मृत्यू_दिनांक = | मृत्यू_स्थान = | इतर_नावे = | कार्यक्षेत्र = अभिनेत्री, मॉडेल | राष्ट्रीयत्व = [[ब्रिटिश]] | भाषा = हिंदी | कारकीर्द_काळ = इ.स. २०१२ - चालू | प्रमुख_नाटके = | प्रमुख_चित्रपट = | प्रमुख_दूरचित्रवाणी_कार्यक्रम = | पुरस्कार = फिल्मफेअर सर्वोत्तम महिला पदार्पण पुरस्कार | वडील_नाव = [[महेश भट्ट]] | आई_नाव = [[सोनी राजदान]] | नातेवाईक = [[पूजा भट्ट]] (सावत्र बहीण) | पती_नाव = {{लग्न|[[रणबीर कपूर]]|2022}} | पत्नी_नाव = | अपत्ये = | संकेतस्थळ = | तळटिपा = }} '''आलिया भट्ट''' (जन्म:१५ मार्च, १९९३) ही एक भारतीय वंशाची, ब्रिटिश नागरिकत्व स्वीकारलेली [[बॉलीवूड|हिदी चित्रपट]] अभिनेत्री आहे. आलियाने २०१२ साली प्रदर्शित झालेल्या [[करण जोहर]]च्या [[स्टुडन्ट ऑफ द इयर]] ह्या चित्रपटामध्ये नायिकेची भूमिका करून [[बॉलिवूड]]मध्ये पदार्पण केले. ह्या भूमिकेसाठी तिला [[फिल्मफेअर सर्वोत्तम महिला पदार्पण पुरस्कार|सर्वोत्तम पदार्पणासाठीच्या]] [[फिल्मफेअर पुरस्कार]]ासाठी नामांकन मिळाले होते. तिने टू स्टेट, शानदार, हायवे, हम्पटी शर्मा कि दुल्हनिया, कपुर ॲंन्ड सन्स, ह्या चित्रपटात उल्लेखनीय काम केल आहे. २०१६ साली प्रदर्शित झालेल्या [[उडता पंजाब]] ह्या चित्रपटामधील भूमिकेसाठी आलियाला [[फिल्मफेअर सर्वोत्तम अभिनेत्री पुरस्कार]] मिळाला. == जीवन == [[चित्र:Alia Bhatt Starbucks opening.jpg|thumb|right|180px]] आलिया भट्टचा जन्म १५ मार्च १९९३ रोजी [[मुंबई]]मध्ये भारतीय चित्रपट दिग्दर्शक [[महेश भट्ट]] आणि अभिनेत्री [[सोनी राजदान]] यांच्या भट्ट कुटुंबात झाला होता. तिचे वडील गुजराती वंशाचे आहेत आणि तिची आई काश्मिरी पंडित आणि जर्मन वंशाची आहे.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/i-have-great-reverence-for-women-mahesh-bhatt/articleshow/18006519.cms|title=I have great reverence for women: Mahesh Bhatt - टाइम्स ऑफ इंडिया|website=द टाइम्स ऑफ इंडिया|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref> तिच्याकडे ब्रिटिश नागरिकत्व आहे. तिला एक मोठी बहीण, शाहीन, [[पूजा भट्ट]] आणि राहुल भट्ट अशी दोन सावत्र भावंडे आहेत. अभिनेता [[इमरान हाश्मी]] आणि दिग्दर्शक मोहित सूरी हे तिचे माहेरचे चुलत भाऊ अथवा बहीण असून निर्माता मुकेश भट्ट तिचे काका आहेत. आलियाचे शिक्षण जमनाबाई नरसी शाळेत झाले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.rediff.com/movies/slide-show/slide-show-1-interview-with-alia-bhatt/20120917.htm|title=Meet Karan Johar's Student of the Year: Alia Bhatt|website=Rediff|language=en|access-date=2022-05-04}}{{मृत दुवा|date=July 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> ==वैयक्तिक माहिती== २०१८ मध्ये, आलियाने ब्रह्मास्त्र (२०२२) मधील तिचा सहकलाकार अभिनेता [[रणबीर कपूर]] ला डेट करण्यास सुरुवात केली. तिने १४ एप्रिल २०२२ रोजी [[मुंबई]]त पारंपारिक समारंभात त्याच्याशी लग्न केले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.ndtv.com/entertainment/ranbir-kapoor-alia-bhatt-wedding-live-updates-wedding-this-afternoon-neetu-riddhima-soni-shaheen-at-vastu-2887054|title=Ranbir Kapoor, Alia Bhatt Wedding Live Updates: Ranbir And Alia Forever - Best Pics And Run-Through Of Their Wedding Day|website=NDTV.com|access-date=2022-05-04}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/ranbir-kapoor-alia-bhatt-wedding-live-updates-neetu-kapoor-ayan-mukerji-brahmastra-karan-johar-pre-wedding-festivities/liveblog/90815206.cms|title=Alia Bhatt - Ranbir Kapoor Wedding Photos, Marriage Images, Latest Videos, Pictures & News Updates: Alia-Ranbir pose for a perfect family picture|website=द टाइम्स ऑफ इंडिया|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/alia-bhatt-ranbir-kapoor-get-married-in-mumbai-live-updates-7868137/|title=Ranbir Kapoor-Alia Bhatt wedding HIGHLIGHTS: Gal Gadot congratulates the newlyweds|date=2022-04-19|website=द इंडियन एक्सप्रेस|language=en|access-date=2022-05-04}}</ref> == चित्रपट कारकीर्द == {| class="wikitable sortable plainrowheaders" style="background-color: #f9f9f9;" |- ! वर्ष ! width=150 px| चित्रपट ! रोल ! हिरो ! पुरस्कार / उल्लेखनीय तथ्य |- | १९९९ | [[संघर्ष (१९९९ चित्रपट)|संघर्ष]] | रीत | बालकलाकार | बालकलाकार म्हणून पदार्पण |- | २०१२ | [[स्टुडन्ट ऑफ द इयर]] | शनाया | [[वरुण धवन]] | मुख्य अभिनेत्री म्हणून पदार्पण |- | २०१४ | [[हायवे (२०१४ चित्रपट)|हायवे]] | वीरा | [[रणदीप हूडा]] | [[फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री समीक्षक पुरस्कार|फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री (समीक्षक) पुरस्कार]] |- | २०१४ | [[टू स्टेट्स (चित्रपट)|टू स्टेट्स]] | अनन्या | [[अर्जुन कपूर]] | व्यावसायिक यश |- | २०१५ | [[शानदार (२०१५ चित्रपट)|शानदार]] | आलिया | [[शाहिद कपूर]] | |- | २०१५ | [[हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया]] | काव्या | [[वरुण धवन]] | |- | २०१६ | [[कपूर अँड सन्स]] | टिया | [[सिद्धार्थ मल्होत्रा]] | |- | २०१६ | [[उडता पंजाब]] | बौरिया/मेरी | [[शाहिद कपूर]] | [[फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार]] |- | २०१६ | [[ऐ दिल है मुश्किल]] | डीजे | कोणीही नाही | विशेष उपस्थिती |- | २०१६ | [[डियर जिंदगी]] | कायरा | [[शाहरुख खान]] | |- | २०१७ | [[बद्रिनाथ की दुल्हनिया]] | वैदेही | [[वरुण धवन]] | |- | २०१८ | [[राझी (चित्रपट)|राझी]] | सहमत | [[विकी कौशल]] | [[फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार]] |- | २०१९ | [[गली बॉय]] | सफिना | [[रणवीर सिंग]] | [[फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार]] |- | २०१९ | [[कलंक (२०१९ चित्रपट)|कलंक]] | रूप | [[वरुण धवन]] | |- | २०१९ | [[स्टुडंट ऑफ द इयर २]] | [[आलिया भट]] | कोणीही नाही | 'द हुक अप' गाण्यात विशेष उपस्थिती |- | २०२० | [[सडक २]] | आर्या | [[आदित्य रॉय कपूर]] | |- | २०२२ | [[गंगूबाई काठियावाडी]] | गंगूबाई | [[शंतनू महेश्वरी]] | [[राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार, सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री|राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार (सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री)]] आणि [[फिल्मफेअर पुरस्कार]] |- | २०२२ | [[आरआरआर (चित्रपट)|आरआरआर]] | सीता | [[राम चरण]] | दक्षिण भारतीय चित्रपटात (तेलुगू) पदार्पण |- | २०२२ | [[ब्रह्मास्त्र: भाग एक – शिवा]] | ईशा | [[रणबीर कपूर]] | सर्वाधिक कमाई करणाऱ्या चित्रपटांपैकी एक |- | २०२२ | [[डार्लिंग्स (२०२२ चित्रपट)|डार्लिंग्स]] | बद्रूनिसा | [[विजय वर्मा]] | निर्माती म्हणून पदार्पण; फिल्मफेअर ओटीटी पुरस्कार |- | २०२३ | [[रॉकी और रानी की प्रेम कहानी]] | राणी चॅटर्जी | [[रणवीर सिंग]] | [[फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार]] |- | २०२३ | [[हार्ट ऑफ स्टोन (चित्रपट)|हार्ट ऑफ स्टोन]] | केया धवन | [[गॅल गॅडोट]] | [[हॉलीवूड|हॉलिवूड]] (आंतरराष्ट्रीय) चित्रपटात पदार्पण |- | २०२४ | [[जिगरा]] | सत्याभामा | [[वेदांग रैना]] | निर्माती आणि अभिनेत्री |- | २०२६ | [[आल्फा (हिंदी चित्रपट)|आल्फा]] | सीता | | |} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{आय.एम.डी.बी. नाव|1017633|{{लेखनाव}}}} {{कॉमन्स वर्ग|Alia Bhatt|{{लेखनाव}}}} {{फिल्मफेअर सर्वोत्तम अभिनेत्री पुरस्कार}} {{राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार, सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री}} {{DEFAULTSORT:भट्ट, आलिया}} [[वर्ग:हिंदी चित्रपट अभिनेत्री]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] o92nojzxzj12nlb4ji6osxgk5uetvt7 तात्व‍िक भाषाशास्त्र 0 160599 2702890 1257200 2026-08-16T15:46:31Z EmausBot 9929 Bot: Fixing double redirect from [[तात्त्विक भाषाशास्त्र]] to [[सैद्धांतिक भाषाशास्त्र]] 2702890 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[सैद्धांतिक भाषाशास्त्र]] 312e0gullt9uw4aollff646a7a0xo6g विकिपीडिया:मुखपृष्ठ अलीकडील मृत्यू 4 179533 2703000 2701573 2026-08-17T07:01:44Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2703000 wikitext text/x-wiki '''[[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ अलीकडील मृत्यू|अलीकडील मृत्यू]]''' : {{*}} [[ग्रेगरी कॅरोटेम्प्रेल]] (१९ जुलै, २०२६), {{*}} [[आलमबदी आझमी]] (२२ जुलै, २०२६), {{*}} [[सुनील आनंद]] (२८ जुलै, २०२६), {{*}} [[कैलाश चंद्र पंत]] (३१ जुलै, २०२६), {{*}} [[मनमोहन सिंग लिबरहान]] (२ ऑगस्ट, २०२६), {{*}} [[पारस चंद्र जैन]] (३ ऑगस्ट, २०२६), {{*}} [[ज्ञानदेव यशवंतराव पाटील|डी.वाय. पाटील]] (४ ऑगस्ट, २०२६), {{*}} [[प्रदीप रावत (अभिनेता)]] (४ ऑगस्ट, २०२६),{{*}} [[एम.पी. परमेश्वरन]] (११ ऑगस्ट, २०२६), {{*}} [[चू रोंग्जी ]] (१२ ऑगस्ट, २०२६) <noinclude> [[वर्ग:विकिपीडिया निर्वाह]] [[वर्ग:मुखपृष्ठ]] </noinclude> dg6hlq2v4bgqtexilgdx1pa0cfkqpf5 हुमायून अब्दुलअली 0 187929 2703140 2701111 2026-08-17T11:40:59Z Rohini 14253 2703140 wikitext text/x-wiki <!-- वापरासाठी सूचना: * हा ८ ऑगस्ट २०२६ रोजी मिळवलेल्या इंग्रजी विकिपीडिया लेखाचा वाक्यानुसार मराठी अनुवाद आहे. * संदर्भांची शीर्षके, नियतकालिकांची नावे आणि bibliographic metadata मूळ भाषेत ठेवली आहेत. --> {{माहितीचौकट शास्त्रज्ञ | नाव = हुमायून अब्दुलअली | चित्र = Portrait of Humayun Abdulali.jpg | चित्र_रुंदी = | चित्र_शीर्षक = हुमायून अब्दुलअली यांचे चित्र | पूर्ण_नाव = | जन्म_दिनांक = मे १९, १९१४ | जन्म_स्थान = [[कोबे]], [[जपान]] | मृत्यू_दिनांक = जून ३, २००१ | मृत्यू_स्थान = [[मुंबई]], [[भारत]] | निवास_स्थान = | नागरिकत्व = [[भारत]] | राष्ट्रीयत्व = | वांशिकत्व = | धर्म = [[इस्लाम]] (सुलेमानी बोहरा) | कार्यक्षेत्र = [[निसर्गवादी]], [[पक्षिविद्यातज्‍ज्ञ]], [[वन्यजीव संवर्धनकर्ता]], [[वर्गीकरणशास्त्रज्ञ]] | कार्यसंस्था = [[बॉम्बे नॅचरल हिस्ट्री सोसायटी]] | प्रशिक्षण_संस्था = [[सेंट झेवियर्स कॉलेज]] | डॉक्टरेट_मार्गदर्शक = | डॉक्टोरल_विद्यार्थी = | ख्याती = | संशोधक_लघुरूप_वनस्पतिशास्त्र = | संशोधक_लघुरूप_प्राणिशास्त्र = | पुरस्कार = महाराष्ट्र फाऊंडेशन समाजकार्य गौरव पुरस्कार (१९९८) | वडील_नाव = नजमुद्दीन फैझलहुसेन अब्दुलअली | आई_नाव = लुलू | पती_नाव = | पत्नी_नाव = रफिया तय्यअजी | अपत्ये = अकबर अब्दुलअली, सलमान अब्दुलअली | तळटिपा = }} '''हुमायून अब्दुलअली''' (मे १९, १९१४, [[कोबे]], [[जपान]] - जून ३, २००१, [[मुंबई]], [[भारत]])<ref>{{cite journal|last=Daniel|first=J.C.|title=Obituary Humayun Abdulali|journal=Journal of the Bombay Natural History Society|year=2003|volume=100|issue=2 & 3|page=614|url=https://www.biodiversitylibrary.org/page/48603196#page/632/mode/1up}}(इंग्लिश मजकूर)(मृत्युलेख, जे. सी. डॅनियल, (2003), जर्नल ऑफ द बॉम्बे नॅचरल हिस्ट्री सोसायटी, 100 (2 & 3): 614 १०० (२ आणि ३): ६१४)</ref> हे भारतीय [[निसर्गवादी]], [[पक्षिविद्यातज्‍ज्ञ]], वन्यजीव संवर्धनकर्ते आणि [[वर्गीकरणशास्त्रज्ञ]] होते. भारताचे "पक्षिपुरुष" म्हणून ओळखले जाणारे पक्षिविद्यातज्ज्ञ [[सलीम अली]] यांचे ते चुलत भाऊ होते. त्या काळच्या इतर निसर्गतज्ज्ञांप्रमाणे त्यांनाही सुरुवातीला [[शिकार|शिकारीत]] रस होता. त्यांचे मुख्य योगदान पक्षी संग्रहांवर आधारित होते, विशेषतः [[बॉम्बे नॅचरल हिस्ट्री सोसायटी|बॉम्बे नॅचरल हिस्ट्री सोसायटीच्या]] संग्रहाशी जिथे त्यांच्या आयुष्यातील बहुतांश काम केले. ==प्रारंभिक वर्षे आणि शिक्षण== हुमायून अब्दुलअली यांचा जन्म १९१४ मध्ये कोबे येथील एका [[सुलेमानी बोहरा]] इस्माइली कुटुंबात झाला. त्यांची आई लुलू आणि वडील नजमुद्दीन फैझलहुसेन अब्दुलअली होते. त्यांचे वडील भारतातून कच्चा कापूस आणि काडेपेट्या आयात करणारे व्यापारी होते.{{sfn|Reuben|2003|p=25}} त्यांनी आपल्या अपूर्ण आत्मचरित्रात—जे त्यांच्या मृत्यूनंतर ''हुमायन अब्दुलअली - नॅचरलिस्ट पोर्ट्रेट अँड ट्रिब्यूट'' या पुस्तकात प्रकाशित झाले—लिहिले की, कोबे येथील इंग्लिश मिशन स्कूलमध्ये काऊबॉय आणि अमेरिकेच्या पश्चिम सरहद्दीवरील कथा वाचताना लहान वयातच त्यांची नैसर्गिक इतिहासातील आवड घडली असावी. अब्दुलअली कुटुंब १९२४ मध्ये भारतातील [[मुंबई]] (तेव्हाचे बॉम्बे) येथे स्थायिक झाले.{{sfn|Reuben|2003|pp=3–4}} हुमायून यांनी [[सेंट झेवियर्स हाय स्कूल]]मध्ये प्राथमिक शिक्षण घेतले आणि पुढे १९३६ मध्ये [[सेंट झेवियर्स महाविद्यालय (मुंबई)|सेंट झेवियर्स महाविद्यालय]], मुंबई येथून कला शाखेची सन्मान पदवी मिळवताना नारायण वासुदेव पारितोषिकही प्राप्त केले. १९३२ मध्ये [[प्राणिशास्त्र]] शिकत असतानाच त्यांनी पक्ष्यांचे नमुने गोळा करण्यास सुरुवात केली.{{sfn|Reuben|2003|p=5}} पदवी घेतल्यानंतर त्यांनी जपानला भंगार लोखंड निर्यात करणाऱ्या आपल्या वडिलांच्या व्यवसायात (फैझ अँड कंपनी) एक वर्ष काम केले.{{sfn|Reuben|2003|p=6}} बॉम्बे आणि आसपासच्या भागात मोठ्या प्रमाणात प्रवास करण्यासाठी त्यांनी १०/१२ अश्वशक्तीची जुनी [[हार्ले-डेव्हिडसन]] मोटरसायकल विकत घेतली. त्यांनी एक जुनी लॅन्सिया टूरर मोटारही विकत घेतली आणि काही महिने ती वापरली. १९३८ मध्ये हुमायून आणि त्यांचे मित्र बोमन पटुक यांच्या मोटरसायकलला अपघात झाला व दोघेही गंभीर जखमी झाले. त्यांच्यासोबत प्रवासासाठी बसलेल्या एका पोलिसाचा त्या अपघातात मृत्यू झाला. हुमायून यांच्यावर बेदरकार व निष्काळजी वाहनचालनाचा आरोप ठेवण्यात आला; मात्र नंतर बॉम्बेतील न्यायालयाने त्यांची निर्दोष मुक्तता केली.{{sfn|Reuben|2003|pp=6–8}} १९३९ मध्ये त्यांनी मोटरसायकलऐवजी मॉरिस मायनर घेतली आणि मृत्यूपर्यंत तीच वापरली. प्राण्यांचे निरीक्षण आणि शिकार यांसाठी त्यांनी आपल्या निसर्गतज्ज्ञ मित्रांसह आणि चुलत भाऊ सलीम अली यांच्यासह अनेक मोहिमा केल्या. या प्रवासांत ते [[तळेगाव]], [[नाशिक]], [[उत्तर कन्नड जिल्हा|उत्तर कन्नड]], [[त्रावणकोर]], [[भरतपूर]], [[आसाम]]मधील [[मानस राष्ट्रीय उद्यान|मानस]] व [[काझीरंगा राष्ट्रीय उद्यान|काझीरंगा]], [[छत्रपती संभाजीनगर|औरंगाबाद]], [[पश्चिम घाट]] आणि [[कान्हेरी लेणी]] येथे गेले. आपल्या अपूर्ण आत्मचरित्रात त्यांनी बॉम्बे आणि आसपासच्या भागातील साहसांचे वर्णन केले आहे—बदके, तितर आणि वाघांची शिकार, तसेच विविध पक्षी, प्राणी, सरपटणारे प्राणी आणि उभयचरांचे निरीक्षण. == कारकीर्द == ==संदर्भ आणि नोंदी== <references/> {{Authority control}} [[वर्ग:इ.स. १९१४ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २००१ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:लाल दुवे असणारे लेख]] noe6jjq013md670qu0l7mprp13ivvr0 2703141 2703140 2026-08-17T11:42:01Z Rohini 14253 /* संदर्भ आणि नोंदी */ 2703141 wikitext text/x-wiki <!-- वापरासाठी सूचना: * हा ८ ऑगस्ट २०२६ रोजी मिळवलेल्या इंग्रजी विकिपीडिया लेखाचा वाक्यानुसार मराठी अनुवाद आहे. * संदर्भांची शीर्षके, नियतकालिकांची नावे आणि bibliographic metadata मूळ भाषेत ठेवली आहेत. --> {{माहितीचौकट शास्त्रज्ञ | नाव = हुमायून अब्दुलअली | चित्र = Portrait of Humayun Abdulali.jpg | चित्र_रुंदी = | चित्र_शीर्षक = हुमायून अब्दुलअली यांचे चित्र | पूर्ण_नाव = | जन्म_दिनांक = मे १९, १९१४ | जन्म_स्थान = [[कोबे]], [[जपान]] | मृत्यू_दिनांक = जून ३, २००१ | मृत्यू_स्थान = [[मुंबई]], [[भारत]] | निवास_स्थान = | नागरिकत्व = [[भारत]] | राष्ट्रीयत्व = | वांशिकत्व = | धर्म = [[इस्लाम]] (सुलेमानी बोहरा) | कार्यक्षेत्र = [[निसर्गवादी]], [[पक्षिविद्यातज्‍ज्ञ]], [[वन्यजीव संवर्धनकर्ता]], [[वर्गीकरणशास्त्रज्ञ]] | कार्यसंस्था = [[बॉम्बे नॅचरल हिस्ट्री सोसायटी]] | प्रशिक्षण_संस्था = [[सेंट झेवियर्स कॉलेज]] | डॉक्टरेट_मार्गदर्शक = | डॉक्टोरल_विद्यार्थी = | ख्याती = | संशोधक_लघुरूप_वनस्पतिशास्त्र = | संशोधक_लघुरूप_प्राणिशास्त्र = | पुरस्कार = महाराष्ट्र फाऊंडेशन समाजकार्य गौरव पुरस्कार (१९९८) | वडील_नाव = नजमुद्दीन फैझलहुसेन अब्दुलअली | आई_नाव = लुलू | पती_नाव = | पत्नी_नाव = रफिया तय्यअजी | अपत्ये = अकबर अब्दुलअली, सलमान अब्दुलअली | तळटिपा = }} '''हुमायून अब्दुलअली''' (मे १९, १९१४, [[कोबे]], [[जपान]] - जून ३, २००१, [[मुंबई]], [[भारत]])<ref>{{cite journal|last=Daniel|first=J.C.|title=Obituary Humayun Abdulali|journal=Journal of the Bombay Natural History Society|year=2003|volume=100|issue=2 & 3|page=614|url=https://www.biodiversitylibrary.org/page/48603196#page/632/mode/1up}}(इंग्लिश मजकूर)(मृत्युलेख, जे. सी. डॅनियल, (2003), जर्नल ऑफ द बॉम्बे नॅचरल हिस्ट्री सोसायटी, 100 (2 & 3): 614 १०० (२ आणि ३): ६१४)</ref> हे भारतीय [[निसर्गवादी]], [[पक्षिविद्यातज्‍ज्ञ]], वन्यजीव संवर्धनकर्ते आणि [[वर्गीकरणशास्त्रज्ञ]] होते. भारताचे "पक्षिपुरुष" म्हणून ओळखले जाणारे पक्षिविद्यातज्ज्ञ [[सलीम अली]] यांचे ते चुलत भाऊ होते. त्या काळच्या इतर निसर्गतज्ज्ञांप्रमाणे त्यांनाही सुरुवातीला [[शिकार|शिकारीत]] रस होता. त्यांचे मुख्य योगदान पक्षी संग्रहांवर आधारित होते, विशेषतः [[बॉम्बे नॅचरल हिस्ट्री सोसायटी|बॉम्बे नॅचरल हिस्ट्री सोसायटीच्या]] संग्रहाशी जिथे त्यांच्या आयुष्यातील बहुतांश काम केले. ==प्रारंभिक वर्षे आणि शिक्षण== हुमायून अब्दुलअली यांचा जन्म १९१४ मध्ये कोबे येथील एका [[सुलेमानी बोहरा]] इस्माइली कुटुंबात झाला. त्यांची आई लुलू आणि वडील नजमुद्दीन फैझलहुसेन अब्दुलअली होते. त्यांचे वडील भारतातून कच्चा कापूस आणि काडेपेट्या आयात करणारे व्यापारी होते.{{sfn|Reuben|2003|p=25}} त्यांनी आपल्या अपूर्ण आत्मचरित्रात—जे त्यांच्या मृत्यूनंतर ''हुमायन अब्दुलअली - नॅचरलिस्ट पोर्ट्रेट अँड ट्रिब्यूट'' या पुस्तकात प्रकाशित झाले—लिहिले की, कोबे येथील इंग्लिश मिशन स्कूलमध्ये काऊबॉय आणि अमेरिकेच्या पश्चिम सरहद्दीवरील कथा वाचताना लहान वयातच त्यांची नैसर्गिक इतिहासातील आवड घडली असावी. अब्दुलअली कुटुंब १९२४ मध्ये भारतातील [[मुंबई]] (तेव्हाचे बॉम्बे) येथे स्थायिक झाले.{{sfn|Reuben|2003|pp=3–4}} हुमायून यांनी [[सेंट झेवियर्स हाय स्कूल]]मध्ये प्राथमिक शिक्षण घेतले आणि पुढे १९३६ मध्ये [[सेंट झेवियर्स महाविद्यालय (मुंबई)|सेंट झेवियर्स महाविद्यालय]], मुंबई येथून कला शाखेची सन्मान पदवी मिळवताना नारायण वासुदेव पारितोषिकही प्राप्त केले. १९३२ मध्ये [[प्राणिशास्त्र]] शिकत असतानाच त्यांनी पक्ष्यांचे नमुने गोळा करण्यास सुरुवात केली.{{sfn|Reuben|2003|p=5}} पदवी घेतल्यानंतर त्यांनी जपानला भंगार लोखंड निर्यात करणाऱ्या आपल्या वडिलांच्या व्यवसायात (फैझ अँड कंपनी) एक वर्ष काम केले.{{sfn|Reuben|2003|p=6}} बॉम्बे आणि आसपासच्या भागात मोठ्या प्रमाणात प्रवास करण्यासाठी त्यांनी १०/१२ अश्वशक्तीची जुनी [[हार्ले-डेव्हिडसन]] मोटरसायकल विकत घेतली. त्यांनी एक जुनी लॅन्सिया टूरर मोटारही विकत घेतली आणि काही महिने ती वापरली. १९३८ मध्ये हुमायून आणि त्यांचे मित्र बोमन पटुक यांच्या मोटरसायकलला अपघात झाला व दोघेही गंभीर जखमी झाले. त्यांच्यासोबत प्रवासासाठी बसलेल्या एका पोलिसाचा त्या अपघातात मृत्यू झाला. हुमायून यांच्यावर बेदरकार व निष्काळजी वाहनचालनाचा आरोप ठेवण्यात आला; मात्र नंतर बॉम्बेतील न्यायालयाने त्यांची निर्दोष मुक्तता केली.{{sfn|Reuben|2003|pp=6–8}} १९३९ मध्ये त्यांनी मोटरसायकलऐवजी मॉरिस मायनर घेतली आणि मृत्यूपर्यंत तीच वापरली. प्राण्यांचे निरीक्षण आणि शिकार यांसाठी त्यांनी आपल्या निसर्गतज्ज्ञ मित्रांसह आणि चुलत भाऊ सलीम अली यांच्यासह अनेक मोहिमा केल्या. या प्रवासांत ते [[तळेगाव]], [[नाशिक]], [[उत्तर कन्नड जिल्हा|उत्तर कन्नड]], [[त्रावणकोर]], [[भरतपूर]], [[आसाम]]मधील [[मानस राष्ट्रीय उद्यान|मानस]] व [[काझीरंगा राष्ट्रीय उद्यान|काझीरंगा]], [[छत्रपती संभाजीनगर|औरंगाबाद]], [[पश्चिम घाट]] आणि [[कान्हेरी लेणी]] येथे गेले. आपल्या अपूर्ण आत्मचरित्रात त्यांनी बॉम्बे आणि आसपासच्या भागातील साहसांचे वर्णन केले आहे—बदके, तितर आणि वाघांची शिकार, तसेच विविध पक्षी, प्राणी, सरपटणारे प्राणी आणि उभयचरांचे निरीक्षण. == कारकीर्द == ==संदर्भ आणि नोंदी== <references/> {{DEFAULTSORT:अब्दुलअली, हुमायून}} {{Authority control}} [[वर्ग:इ.स. १९१४ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २००१ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:लाल दुवे असणारे लेख]] iymymg4684oahb5taf7rdpx97nnfhep दीडघर 0 208485 2703067 2579825 2026-08-17T10:54:16Z अभय नातू 206 दुवे 2703067 wikitext text/x-wiki == भोगोलिक स्थान आणि लोकसंख्या == दिडघर हे [[पुणे जिल्हा|पुणे]] जिल्ह्यातल्या [[भोर | भोर तालुक्यातील]] ७३.०३ हेक्टर क्षेत्राचे गाव असून २०११ च्या जनगणनेनुसार ह्या गावात ५३ कुटुंबे व एकूण २२८ लोकसंख्या आहे. ह्याच्या सर्वात जवळचे शहर [[भोर]] २३ किलोमीटर अंतरावर आहे. यामध्ये ११६ पुरुष आणि ११२ स्त्रिया आहेत.ह्या गावाचा जनगणना स्थल निर्देशांक ५५६७०४ <ref>http://www.censusindia.gov.in/2011census/dchb/DCHB.html</ref> आहे. == साक्षरता == * एकूण साक्षर लोकसंख्या: १८४ (८०.७%) * साक्षर पुरुष लोकसंख्या: ९९ (८५.३४%) * साक्षर स्त्री लोकसंख्या: ८५ (७५.८९%) == शैक्षणिक सुविधा == गावात १ शासकीय [[पूर्व प्राथमिक शिक्षण|पूर्व-प्राथमिक]] [[शाळा]] आहे. गावात १ शासकीय [[प्राथमिक शाळा]] आहे. सर्वात जवळील कनिष्ठ माध्यमिक शाळा ([[मालेगांव (भोर)|मालेगांव]]) ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. सर्वात जवळील [[माध्यमिक शाळा]] ([[मालेगांव (भोर)|मालेगांव]]) ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. सर्वात जवळील [[उच्च माध्यमिक शिक्षण|उच्च माध्यमिक शाळा]] (Cheladi) ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. सर्वात जवळील [[महाविद्यालय|पदवी महाविद्यालय]] (Cheladi) ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. सर्वात जवळील [[अभियांत्रिकी|अभियांत्रिकी महाविद्यालय]] (Vasarpa) १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील वैद्यकीय महाविद्यालय (पुणे) १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील व्यवस्थापन संस्था (पुणे) १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील पॉलिटेक्निक (Sarola) १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील व्यावसायिक प्रशिक्षण शाळा (भोर) १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील अनौपचारिक प्रशिक्षणकेंद्र (पुणे) १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील अपंगांसाठी खास शाळा (भोर) १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. गावात १ इतर खाजगी शैक्षणिक सुविधा आहे. == वैद्यकीय सुविधा (शासकीय) == सर्वात जवळील सामूहिक आरोग्य केंद्र १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील [[प्राथमिक आरोग्य केंद्र]] १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील प्राथमिक आरोग्य उपकेंद्र ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. सर्वात जवळील [[प्रसूती|प्रसूति व बालकल्याण केंद्र]] १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळचे क्षयरोग उपचार केंद्र १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील [[ॲलोपॅथी]] रुग्णालय १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील पर्यायी औषधोपचार रुग्णालय ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. सर्वात जवळील दवाखाना १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील पशुवैद्यकीय रुग्णालय १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील फिरता दवाखाना १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील कुटुंबकल्याण केंद्र १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. == पिण्याचे पाणी == गावात शुद्धीकरण केलेल्या नळाच्या पाण्याचा पुरवठा आहे गावात हॅन्डपंपच्या पाण्याचा पुरवठा आहे. गावात ट्यूबवेलच्या/बोअरवेलच्या पाण्याचा पुरवठा आहे. गावात झऱ्याच्या पाण्याचा पुरवठा आहे. गावात नदी / कालव्याच्या पाण्याचा पुरवठा आहे. गावात तलाव /तळे/सरोवर यातील पाण्याचा पुरवठा नाही. == स्वच्छता == गावात गटारव्यवस्था नाही.सांडपाणी थेट जलनिस्सारण केंद्रात सोडले जाते.या क्षेत्राचा संपूर्ण स्वच्छता अभियानात समावेश आहे. गावात सार्वजनिक स्वच्छता गृह उपलब्ध नाही. == संपर्क व दळणवळण == गावात पोस्ट ऑफिस उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील पोस्ट ऑफिस ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. गावाचा [४१२२१३] गावात [[दूरध्वनी]] उपलब्ध आहे. गावात सार्वजनिक दूरध्वनी केंद्र उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील सार्वजनिक दूरध्वनी केंद्र ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. गावात मोबाईल फोन सुविधा उपलब्ध आहे. गावात खाजगी कूरियर उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील खाजगी कूरियर ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. गावात शासकीय [[बस]] सेवा उपलब्ध आहे. गावात खाजगी [[बस]] सेवा उपलब्ध आहे. जिल्ह्यातील दुय्यम रस्ता गावाला जोडलेला आहे. == बाजार व पतव्यवस्था == गावात एटीएम नाही. सर्वात जवळील एटीएम ५ ते १० किलोमीटर अंतरावर आहे. गावात व्यापारी बँक नाही.सर्वात जवळील व्यापारी बँक ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. गावात [[सहकारी संस्था|सहकारी बँक]] उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील [[सहकारी संस्था|सहकारी बँक]] ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. गावात शेतकी कर्ज संस्था उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील शेतकी कर्ज संस्था ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. गावात स्वयंसहाय्य गट उपलब्ध आहे. गावात रेशन दुकान उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील रेशन दुकान १ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. गावात आठवड्याचा बाजार भरत नाही.सर्वात जवळील आठवड्याचा बाजार ४ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. गावात कृषी उत्पन्न बाजार समिती नाही.सर्वात जवळील कृषी उत्पन्न बाजार समिती ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. == आरोग्य == गावात एकात्मिक बाल विकास योजना (पोषण आहार केंद्र) उपलब्ध आहे.गावात अंगणवाडी (पोषण आहार केंद्र) उपलब्ध आहे. गावात [[आरोग्य|आशा]] स्वयंसेविका उपलब्ध आहे. गावात [[चित्रपटगृह]] / व्हिडिओ केंद्र उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील [[चित्रपटगृह]] / व्हिडिओ केंद्र ३० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. गावात [[सार्वजनिक ग्रंथालय]] उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील [[सार्वजनिक ग्रंथालय]] १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे गावात वृत्तपत्र पुरवठा उपलब्ध आहे. गावात [[विधानसभा मतदारसंघ|विधानसभा]] मतदान केंद्र उपलब्ध आहे. गावात [[जन्म, मृत्यू, विवाह नोंदणी कायदा|जन्म व मृत्यु नोंदणी]] केंद्र उपलब्ध आहे. == वीज == प्रतिदिवस १५ तासांचा वीजपुरवठा सर्व प्रकारच्या वापरासाठी उपलब्ध आहे. == जमिनीचा वापर == दिडघर ह्या गावात जमिनीचा वापर खालीलप्रमाणे होतो (हेक्टरमध्ये क्षेत्रफळ): * बिगरशेती वापरात असलेली जमीन: २ * ओसाड व लागवडीला अयोग्य जमीन: १२.३९ * पिकांखालची जमीन: ५८.६४ * एकूण कोरडवाहू जमीन: ५० * एकूण बागायती जमीन: ८.६४ == [[सिंचन]] सुविधा == सिंचनाचे स्रोत खालीलप्रमाणे आहेत (हेक्टरमध्ये क्षेत्रफळ): * विहिरी / कूप नलिका: ५० == उत्पादन == या गावात उत्पादित होणाऱ्या वस्तू तांदूळ, ज्वारी, गहू, == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:पुणे]] [[वर्ग:भोर तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:पुणे जिल्ह्यातील गावे]] 9n6upz2xr7s80a8wvo5yxq2554637f9 रितु मेनन 0 215649 2703002 2533235 2026-08-17T07:49:05Z Rohini 14253 Rohini ने लेख [[रितू मेनन]] वरुन [[रितु मेनन]] ला हलविला: अचूक नाव 2533235 wikitext text/x-wiki {{संदर्भहीन लेख}} '''रितू मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितू}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] 0ex6f55ods9ryffnz29p86skgg27zp4 2703004 2703002 2026-08-17T07:49:59Z Rohini 14253 चुकिचे नाव 2703004 wikitext text/x-wiki {{संदर्भहीन लेख}} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितू}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] edlngrxdyiawafjy06st0y4w1u694qt 2703074 2703004 2026-08-17T11:07:00Z Rohini 14253 2703074 wikitext text/x-wiki {{संदर्भहीन लेख}} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] 5ffe5bctmhhsohkofksiv9y5vkahi5s 2703076 2703074 2026-08-17T11:09:00Z Rohini 14253 2703076 wikitext text/x-wiki {{संदर्भहीन लेख}} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] rj1imjsqvgxkwui0ysqbeua1z0mf6zn 2703077 2703076 2026-08-17T11:09:51Z Rohini 14253 2703077 wikitext text/x-wiki {{संदर्भहीन लेख}} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] 2f7b2z2hg23c9i83e92jikmkk4t0oey 2703078 2703077 2026-08-17T11:10:31Z Rohini 14253 2703078 wikitext text/x-wiki {{संदर्भहीन लेख}} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] jhdq6vemkh6p7ycxwkjjpnk3lrymhs5 2703080 2703078 2026-08-17T11:10:43Z Rohini 14253 2703080 wikitext text/x-wiki {{संदर्भहीन लेख}} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] omowegm4sc5txfnvocm8i29wxamrj77 2703082 2703080 2026-08-17T11:11:19Z Rohini 14253 2703082 wikitext text/x-wiki '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] qt3zp9507n24io0o22dnjk1to8k9oip 2703083 2703082 2026-08-17T11:11:40Z Rohini 14253 2703083 wikitext text/x-wiki '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] kr2art8d8a0k0ni95kkky08f2x4oar9 2703085 2703083 2026-08-17T11:12:03Z Rohini 14253 2703085 wikitext text/x-wiki '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] p7qhwn64ibqdpvwg11nzq9460cgdmfp 2703087 2703085 2026-08-17T11:16:00Z Rohini 14253 +माहितीचौकट 2703087 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] 2vopo12dyibe2ykukxof8ofpucs9dc8 2703088 2703087 2026-08-17T11:16:20Z Rohini 14253 2703088 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] nmxjf5qtpdx7956k42ulunk3edz3rnj 2703089 2703088 2026-08-17T11:16:45Z Rohini 14253 2703089 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] qym50563o03ty0cjz6yb7y553dgponn 2703090 2703089 2026-08-17T11:17:01Z Rohini 14253 2703090 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = स्त्रीवादी प्रकाशन }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] c1hejrlmvb2id32tjbyt9l4oky39chd 2703091 2703090 2026-08-17T11:17:20Z Rohini 14253 2703091 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = स्त्रीवादी प्रकाशन | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] 15l8ud7dfvavehgxtej0jcal086rnvr 2703098 2703091 2026-08-17T11:26:42Z Rohini 14253 2703098 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = स्त्रीवादी प्रकाशन | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] j3irpz37pxr28s7s7ynrpt5dnp5rekv 2703099 2703098 2026-08-17T11:27:05Z Rohini 14253 2703099 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = स्त्रीवादी प्रकाशन | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] c5epu4mgz4ef3c5v17fnys4enknxna3 2703102 2703099 2026-08-17T11:28:45Z Rohini 14253 2703102 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] fub2encnqsgl12k18u8lsty6bpr0009 2703104 2703102 2026-08-17T11:29:04Z Rohini 14253 2703104 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद)<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले.<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] 5un6zi3fdqtzk73awevhhe1uanaq7rk 2703107 2703104 2026-08-17T11:32:06Z Rohini 14253 2703107 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] oxk20961tsdoqty2k061llys75tnkqx 2703110 2703107 2026-08-17T11:33:04Z Rohini 14253 2703110 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. == संदर्भ == <references /> {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] otz3hrrzx295tl0v37myslwsd0n73ba 2703112 2703110 2026-08-17T11:33:33Z Rohini 14253 2703112 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. == संदर्भ == <references /> == बाह्य दुवे == {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] dckxjqca1e6wr1quyv3gvwli4rpcvmo 2703113 2703112 2026-08-17T11:33:55Z Rohini 14253 /* बाह्य दुवे */ 2703113 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. == संदर्भ == <references /> == बाह्य दुवे == * [https://womenunlimited.in/author/ritu-menon-68a853e68ba96 विमेन अनलिमिटेडवरील रितु मेनन यांचे परिचयपृष्ठ] {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] fu6w8bbqn803gkk71a0r674la7r6t4p 2703118 2703113 2026-08-17T11:34:52Z Rohini 14253 /* बाह्य दुवे */ 2703118 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. == संदर्भ == <references /> == बाह्य दुवे == * [https://womenunlimited.in/author/ritu-menon-68a853e68ba96 विमेन अनलिमिटेडवरील रितु मेनन यांचे परिचयपृष्ठ] {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} {{Authority control}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] 1gf7x6kagim0s9tckhecuj51tugtcmp 2703122 2703118 2026-08-17T11:35:38Z Rohini 14253 2703122 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. == शिक्षण आणि वैयक्तिक जीवन == == संदर्भ == <references /> == बाह्य दुवे == * [https://womenunlimited.in/author/ritu-menon-68a853e68ba96 विमेन अनलिमिटेडवरील रितु मेनन यांचे परिचयपृष्ठ] {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} {{Authority control}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] reqgtknz4alj8kkgx51ehxc3saudugo 2703123 2703122 2026-08-17T11:36:03Z Rohini 14253 /* शिक्षण आणि वैयक्तिक जीवन */ 2703123 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. == शिक्षण आणि वैयक्तिक जीवन == मेनन यांनी १९७१ मध्ये [[मिरांडा हाऊस]]मधून इंग्रजी साहित्याची पदवी प्राप्त केली. == संदर्भ == <references /> == बाह्य दुवे == * [https://womenunlimited.in/author/ritu-menon-68a853e68ba96 विमेन अनलिमिटेडवरील रितु मेनन यांचे परिचयपृष्ठ] {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} {{Authority control}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] gzskr7i8dqajv6pluv9h2ca3u8wevi0 2703135 2703123 2026-08-17T11:39:14Z Rohini 14253 /* शिक्षण आणि वैयक्तिक जीवन */ 2703135 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. == शिक्षण आणि वैयक्तिक जीवन == मेनन यांनी १९७१ मध्ये [[मिरांडा हाऊस]]मधून इंग्रजी साहित्याची पदवी प्राप्त केली. {{संकेतस्थळ स्रोत |url=https://www.mirandahouse.ac.in/alumnae/distinguishedalumnae.php |title=Distinguished Alumnae |website=Miranda House |publisher=University of Delhi |access-date=17 August 2026 |language=en}}</ref> == संदर्भ == <references /> == बाह्य दुवे == * [https://womenunlimited.in/author/ritu-menon-68a853e68ba96 विमेन अनलिमिटेडवरील रितु मेनन यांचे परिचयपृष्ठ] {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} {{Authority control}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] q3ilewjf0hqoks37gb7eyuc7b5apvzf 2703138 2703135 2026-08-17T11:40:02Z Rohini 14253 /* शिक्षण आणि वैयक्तिक जीवन */ 2703138 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट व्यक्ती | नाव = रितु मेनन | राष्ट्रीयत्व = भारतीय | शिक्षण = इंग्रजी साहित्याची पदवी (१९७१) | प्रशिक्षणसंस्था = [[मिरांडा हाऊस]], [[दिल्ली विद्यापीठ]] | पेशा = प्रकाशिका, लेखिका | ख्याती = [[काली फॉर विमेन]]ची सहसंस्थापिका; [[विमेन अनलिमिटेड]]ची संस्थापिका | जोडीदार = ए. जी. कृष्ण मेनन (वास्तुविशारद) | पुरस्कार = [[पद्मश्री]] (२०११) }} '''रितु मेनन''' या भारतीय [[स्त्रीवाद|स्त्रीवादी]] कार्यकर्त्या आणि प्रकाशिका आहेत. त्यांनी १९८४मध्ये [[उर्वशी बुटालिया]] यांसह [[काली फॉर विमेन]] ही स्त्रीवादी प्रकाशन संस्था काढली. २००३ मध्ये ही संस्था बंद पडल्यावर त्यांनी [[विमेन अनलिमिटेड]] ही प्रकाशन संस्था काढली. त्यांनी अनेक वृत्तपत्रीय लेख आणि मतलेख लिहिले असून त्यांच्या लेखनात स्त्रियांवरील हिंसा, धर्मातील स्त्रियांचे स्थान आणि समाजातील लिंगभेद यांसारख्या विषयांचा स्त्रीवादी दृष्टिकोनातून विचार केला आहे. मेनन यांनी कमला भसीन यांच्यासह ''Borders & Boundaries: Women in India's Partition'' हे पुस्तक १९९८ मध्ये लिहिले. झोया हसन यांच्यासह त्यांनी ''Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India'' हे पुस्तक २००६ मध्ये लिहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक |title=Unequal Citizens: A Study of Muslim Women in India |first1=Zoya |last1=Hasan |first2=Ritu |last2=Menon |publisher=Oxford University Press |year=2006 |isbn=9780195684599 |url=https://books.google.com/books?id=3tAfPQAACAAJ |language=en}}</ref> कल्पना कन्नबिरन यांच्यासह त्यांनी ''From Mathura to Manorama: Resisting Violence Against Women in India'' हे स्त्रियांवरील हिंसेविरुद्धच्या भारतीय स्त्रीवादी चळवळीचा आढावा घेणारे पुस्तक २००७ मध्ये लिहिले. कोविड-१९ महामारीच्या काळात त्यांनी ''Address Book: A Publishing Memoir in the Time of COVID'' हे प्रकाशनक्षेत्रातील अनुभवांवर आधारित आत्मकथनात्मक पुस्तक लिहिले. == शिक्षण आणि वैयक्तिक जीवन == मेनन यांनी १९७१ मध्ये [[मिरांडा हाऊस]]मधून इंग्रजी साहित्याची पदवी प्राप्त केली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत |url=https://www.mirandahouse.ac.in/alumnae/distinguishedalumnae.php |title=Distinguished Alumnae |website=Miranda House |publisher=University of Delhi |access-date=17 August 2026 |language=en}}</ref> == संदर्भ == <references /> == बाह्य दुवे == * [https://womenunlimited.in/author/ritu-menon-68a853e68ba96 विमेन अनलिमिटेडवरील रितु मेनन यांचे परिचयपृष्ठ] {{DEFAULTSORT:मेनन, रितु}} {{Authority control}} [[वर्ग:स्त्रीवाद]] [[वर्ग:पद्मश्री पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:स्त्रीवादी अभ्यासक आणि साहित्यिक]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] 0evbnpsv9w6lmp65tlnuox80a5i1pcn स्वर 0 221605 2702907 2321124 2026-08-17T00:39:18Z संतोष गोरे 135680 /* हे सुद्धा पहा */ 2702907 wikitext text/x-wiki {{nobots}} {{संदर्भहीन लेख}} '''स्वर''' (Vowel) स्वृ - म्हणजे उच्चार करणे, ध्वनी करणे. ओठांचा एकमेकांशी किंवा जिभेचा मुखातील कोणत्याही भागाशी स्पर्श न होता तोंडावाटे जे ध्वनी बाहेर पडतात, त्यांना ‘'''स्वर'''’ असे म्हणतात. स्वर हे स्वतंत्र उच्चारायचे असतात. स्वरोच्चाराच्यावेळी हवेचा मार्ग अडवलेला नसतो. ज्या वर्णाचा उच्चार कंठातील कोणत्याही अवयवाचे सहाय्य न घेता होतो, त्या वर्णांना स्वर असे म्हणतात. [[अ]], [[आ]], [[इ]], [[ई]], [[उ]], [[ऊ]], [[ऋ]], [[ऌ]], [[ए]], [[ॲ]], [[ऐ]], [[ओ]], [[ऑ]], [[औ]] मराठी भाषेच्या शास्त्रीय वर्णमालेत वरील १२ स्वर तसेच इंग्रजीच्या संपर्कामुळे आलेले ‘[[ॲ]]’, ‘[[ऑ]]’ हे दोन स्वर मिळून १४ स्वर आहेत. आता त्यांना आपण "बाराखडी" न म्हणता "चौदाखडी" म्हणू शकतो (शासन निर्णय २००९ नुसार वरील दोन इंग्रजीचे स्वर वर्णमालेत समाविष्ट करण्यात आले आहेत म्हणून एकूण स्वर १४ ) वरील स्वरांचे एकूण तीन प्रकार पडतात. ऱ्हस्व स्वर, दीर्घ स्वर, संयुक्त स्वर ==मुख्य प्रकार== स्वरांचे व्युत्पत्ती नुसार प्रकार: ===ऱ्हस्व स्वर=== ज्या स्वरांचा उच्चार आखूड होतो, म्हणजे उच्चार करावयास कमी कालावधी लागतो, त्यांना ऱ्हस्व स्वर असे म्हणतात. हे स्वर उच्च्यारण्यास लागणारी हवा कमी सोडावी लागते.<br> '''उदा.''' [[अ]], [[इ]], [[उ]], [[ऋ]], [[लृ]] ===दीर्घ स्वर=== ज्या स्वरांचा उच्चार लांबट होतो, म्हणजे उच्चार करावयास जास्त कालावधी लागतो, त्यांना दीर्घ स्वर म्हणतात. हे स्वर उच्च्यारण्यास लागणारी हवा जास्त सोडावी लागते.<br> '''उदा॰''' [[आ]], [[ई]], [[ऊ]], [[ए]], [[ऐ]], [[ओ]], [[औ]], ===संयुक्त स्वर=== दोन स्वर एकत्र येऊन बनवलेल्या स्वरांना संयुक्त स्वर म्हणतात. सगळे संयुक्त स्वर हे दीर्घ उच्चाराचे असतात. <br> '''उदा॰''' <br> १. ए = अ + इ/ई <br> २. ऐ = आ + इ/ई <br> ३. ओ = अ + उ/ऊ <br> ४. औ = आ + उ/ऊ <br> ===स्वरादी=== ज्याचा उच्चार करण्याआधी स्वर येतो त्यांना "स्वरादी" असे म्हणतात.<br> स्वर + आदी – स्वरादी स्वरादीचे एकूण चार भाग पडतात. अनुस्वार, अनुनासिक, विसर्ग, आधुनिक स्वरादी अ. अनुस्वार – स्वरावर किंवा अक्षरावर मागाहून स्वार होणारा वर्ण किंवा स्वरानंतर होणारा उच्चार म्हणजे अनुस्वार होय. जेव्हा हा उच्चार स्पष्ट व खणखणीत होतो तेव्हा त्याला अनुस्वार असे म्हणतात. ं (अं) उदा. गंगा, चंचल इत्यादी. आ. अनुनासिक ं(अं) इ. विसर्ग ः (अः) ई. आधुनिक स्वरादी: ॲ, ऑ हे नवे स्वरादी इंग्लिश भाषेतून आलेले आहेत. उदा. बॅट, बॉल, इ. ==इतर प्रकार== ===सजातीय स्वर=== एकाच उच्चारस्थानातून उच्चारल्या जाणाऱ्या स्वरांना सजातीय स्वर म्हणतात.<br> '''उदा.''' अ – आ, इ – ई, उ – ऊ ===विजातीय स्वर=== भिन्न उच्चारस्थानातून उच्चारल्या जाणाऱ्या स्वरांना विजातीय स्वर म्हणतात.<br> '''उदा.''' अ – इ, अ – उ, इ – ए, अ – ऋ ==मात्रा== ऱ्हस्व व दीर्घ स्वरांना उच्चारावयास लागणाऱ्या कालावधीवरून त्यांच्या '''मात्रा''' ठरतात. १. ऱ्हस्व स्वर उच्चारावयास लागणाऱ्या कालावधीची '''एक''' मात्रा असते. २. दीर्घ स्वर उच्चारावयास लागणाऱ्या कालावधीची '''दोन''' मात्रा असते. ==हे सुद्धा पहा== * [[मराठी व्याकरण विषयक लेख]] * [[अर्धस्वर]] * [[स्वरादी]] * [[व्यंजन]] * [[उच्चार]] * [[वर्ण]] * [[मुळाक्षर]] * [[बाराखडी]] [[वर्ग:स्वर| ]] [[वर्ग:ध्वनी]] g5icxonqvoi76sfcxkifgpmaty3gzox स्वरादी 0 221833 2702908 2125005 2026-08-17T00:39:47Z संतोष गोरे 135680 2702908 wikitext text/x-wiki {{nobots}} '''स्वरादी''' म्हणजे आधी [[स्वर]] आहे असा [[वर्ण]]. ‘'''[[अं]]''' व '''[[अ:]]'''’ [[अनुस्वार]] व [[विसर्ग]] या दोन [[वर्ण|वर्णांना]] 'स्वरादी' म्हणतात, कारण यांचा उच्चार करण्यापूर्वी एखाद्या स्वराचा उच्चार करावा लागतो. उदा. # '''शं'''कर = [[श्]] + [[अ]] + अनुस्वार = '''शं''' # '''किं'''कर = [[क्]] + [[इ]] + अनुस्वार = '''किं''' # म'''न:'''स्थिती = [[न्]] + [[अ]] + विसर्ग = '''न:''' # '''दुः'''ख = [[द्]] + [[उ]] + विसर्ग = '''न:''' ==हे सुद्धा पहा== * [[स्वर]] * [[मराठी व्याकरण विषयक लेख]] [[वर्ग:स्वरादी]] [[वर्ग:मराठी व्याकरण]] bqb0ntl16q3zy4lja1vorvodyuxxnls बापू वाटेगावकर 0 223918 2702984 2609040 2026-08-17T06:15:32Z ~2026-44900-80 186350 /* बापू बिरू वाटेगावकर यांचा सन्मान */ 2702984 wikitext text/x-wiki {{संदर्भहीन लेख}} '''बापू बिरू वाटेगांवकर''' ([[इ.स. १९२२|१९२२]]: मु.पो.बोरगांव ता.वाळवा जि.सांगली [[मृत्यू:१६ जानेवारी]], [[इ.स. २०१८|२०१८ ,आधार हास्पिटल इस्लामपूर]]). हे अन्यायाविरोधात गुन्हेगारी क्षेत्राकडे वळले होते.{{संदर्भ हवा}} त्यांचा जन्म एका गरीब कुटुंबात झाला होता. बोरगांवातील रंगा शिंदे हा गोर-गरिबांना त्रास देत असे. गावातील स्त्रियांची छेड काढत असे. बापू बिरू वाटेगावकरांनी त्याची हत्या केली. रंगाच्या भावानेही (आनंदा शिंदे) असाच उच्छाद मांडला, तेंव्हा बापू बिरु वाटेगावकरांनी त्याचीही हत्या केली.बापूंना अटक करण्यासाठी अनेक प्रयत्न करूनही ते पकडले न गेल्याने पोलिसांनी बापू बिरु वाटेगावकरांच्या कुटुंबाला त्रास देण्यास सुरुवात केली. == बापू बिरू वाटेगावकर यांचे समाजकार्य == २५ वर्षे सह्याद्रीच्या डोंगर रांगामंध्ये राहून बापू बिरु वाटेगावकरांनी गरीबांना मदत केली. अन्यायाविरुद्ध लढताना बापू बिरु वाटेगावकर पोलिसांपासून पळतच राहिले आणि कृष्णा-खोरे दहशतीच्या विळख्यातून मुक्त केल्यावर एके दिवशी आपल्या लढयाला पूर्णविराम देऊन त्यांनी पोलिसांसमोर बिनशर्त शरणागती पत्करली. भारतीय घटनेनुसार बापू बिरू वाटेगावकर वर कित्येक खुनांच्या मालिकेचे गुन्हे दाखल झाले आणि त्यांना 'जन्मठेपेची' शिक्षा सुनावली. शिक्षा भोगून ते गावी परतले आणि त्यांनी उर्वरित आयुष्य भजन, कीर्तन आणि प्रवचनात व्यतीत केले. तंबाखू, सिगारेट व दारू अशा व्यसनांच्या आहारी जाऊन भरकटणारी तरुण पिढी वाचविण्यासाठी ते गावोगावी प्रवचने करत. बापू बिरु वाटेगावकरांनी हुंडा पद्धतीला विरोध करत कित्येक लेकी-सुनांचे नांदणे बसवले, कित्येकांची कर्जे मुक्त केली, कित्येकांच्या जमिनी सोडवून दिल्या यासाठी वेळप्रसंगी त्यांनी बंदूकही चालविली. अगदी त्यांच्या स्वतःच्या मुलाने (तानाजी वाटेगावकर) पर-स्त्रीचे अपहरण केल्यावर त्यालासुद्धा त्यांनी गोळी घालून ठार केले. असे म्हणतात की बापू बिरू वाटेगावकर फरारी असताना कुख्यात चंदनतस्कर "वीरप्पन" ने त्यांना बोलावून घेतले आणि त्याच्या टोळीत सामील होण्यास सांगितले, यावर बापू बिरू वाटेगावकर गरजले.. "तू एक तस्कर आहेस पैशासाठी तू जनावरे मारून तस्करी करतोस आणि मी सर्व-सामान्यांसाठी हाती शस्त्र घेतले आहे. आपले मार्ग वेगवेगळे आहेत." == बापू बिरू वाटेगावकर यांचे निधन == दिनांक १६ जानेवारी 2018 रोजी इस्लामपुरातल्या 'आधार हास्पिटल' येथे वयाच्या 96 व्या वर्षी बापू बिरू वाटेगावकरांचे निधन झाले. == बापू बिरू वाटेगावकर यांचा सन्मान == * "बोरगांवचा ढाण्या वाघ" हा किताब * त्यांच्या जीवानावर आधारित "बोरगावचा ढाण्या वाघ" नावाने सिनेमा निघाला आहे. त्यात [[मिलिंद गुणाजी]]ने बापूंची भूमिका केली आहे. * त्यांच्या जीवनावर ’कळंबा जेलचा कैदी अर्थात बापू बिरू वाटेगावकर’ नावाचे नाटक आहे. नाटकाची निर्माती [[विठाबाई नारायणगावकर]] यांची मुलगी--मंगला बनसोडे हिने केली होती. * बापू बिरु वाटेगावकरांच्या पावलावर पाऊल टाकत एका गुन्हेगाराने तुरुंगातून पलायन केले होते, ही कथा एका बातमीचा विषय होती. *[[हैदराबाद]] येथील बलात्कार झाला होता तेव्हा बापूची सर्वात जास्त आठवण काढली गेली. {{DEFAULTSORT:बापू बिरू वाटेगावकर}} [[वर्ग:मराठी व्यक्ती]] [[वर्ग:इ.स. १९२२ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०१८ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] [[वर्ग:मराठी समाजसेवक]] 19kvcxckxah3f39f7fl820nq3ou9jrf भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१८-१९ 0 232796 2702947 2603317 2026-08-17T05:24:10Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702947 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१८-१९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag of India.svg | team2_name = भारत महिला | from_date = ११ | to_date = २५ सप्टेंबर २०१८ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[मिताली राज]] <small>(म.ए.दि.)</small><br>[[हरमनप्रीत कौर]]<small>(मटी२०)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (२०५) | team2_ODIs_most_runs = [[मिताली राज]] (१७७) | team1_ODIs_most_wickets = [[चामरी अटापट्टू]] (४) | team2_ODIs_most_wickets = [[मानसी जोशी]] (७) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 4 | team1_twenty20s_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (१०७) | team2_twenty20s_most_runs = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] (१९१) | team1_twenty20s_most_wickets = [[शशिकला सिरिवर्दने]] (५)<br>[[चामरी अटापट्टू]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[पूनम यादव]] (८) | player_of_twenty20_series = }} [[भारत राष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघ]] ११-२५ सप्टेंबर दरम्यान ३ महिला एकदिवसीय सामने व ५ महिला टी२० सामने खेळण्यासाठी ११ ते २५ सप्टेंबर २०१८ [[श्रीलंका|श्रीलंकेच्या]] दौऱ्यावर जाणार आहे. एकदिवसीय मालिका [[२०१७-२० महिला चॅंम्पियनशीप]]साठी खेळवली जाईल. == संघ == {| class="wikitable" style="text-align:center; margin:auto" |- !colspan=2|म.ए.दि. !colspan=2|मटी२० |- !{{crw|SL}} !{{crw|IND}} !{{crw|SL}} !{{crw|IND}} |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[कविशा दिलहारी]] * [[निपुनी हंसिका]] * [[अमा कंचना]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[दिलानी मांदोरा]] * [[इमलका मेंडिस]] * [[हसिनी परेरा]] * [[उदेशिका प्रबोधनी]] * [[इनोका रणवीरा]] * [[अनुष्का संजीवनी]] * [[निलाक्षी डि सिल्वा]] * [[शशिकला सिरिवर्दने]] * [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] * [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] | * [[मिताली राज]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[हरमनप्रीत कौर]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|उप.क.]]) * [[तानिया भाटिया]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[एकता बिष्ट]] * [[राजेश्वरी गायकवाड]] * [[झुलन गोस्वामी]] * [[दयालन हेमलता]] * [[मानसी जोशी]] * [[वेदा कृष्णमुर्ती]] * [[स्म्रिती मंधाना]] * [[शिखा पांडे]] * [[पुनम राउत]] * [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] * [[दिप्ती शर्मा]] * [[पूनम यादव]] | | * [[हरमनप्रीत कौर]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[स्म्रिती मंधाना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|उप.क.]]) * [[तानिया भाटिया]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[एकता बिष्ट]] * [[दयालन हेमलता]] * [[मानसी जोशी]] * [[वेदा कृष्णमुर्ती]] * [[शिखा पांडे]] * [[अनुजा पाटिल]] * [[मिताली राज]] * [[अरुंधती रेड्डी]] * [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] * [[दिप्ती शर्मा]] * [[पूनम यादव]] * [[राधा यादव]] |} == महिला एकदिवसीय मालिका == === १ला म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ११ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | round = महिला अजिंक्यपद स्पर्धा | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = ९८ (३५.१ षटके) | धावसंख्या२ = १००/१ (१९.५ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[चामरी अटापट्टू]] ३३ (९३) | बळी१ = [[मानसी जोशी]] ३/१६ (६.१ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ७३[[नाबाद|*]] (७६) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] १/५ (२ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ९ गडी आणि १८१ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157706.html धावफलक] | स्थळ = [[गाली आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[गाली, श्रीलंका|गाली]] | पंच = दीपल गुणावरद्ने (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी | टीपा = आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय पदार्पण : [[दयालन हेमलता]] आणि [[तानिया भाटिया]] (भा) *''[[मिताली राज]]चे (भा) आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय सामन्यात एक कर्णधार म्हणून सर्वाधीक सामने. *''[[झुलन गोस्वामी]]चे (भा) ३०० आंतरराष्ट्रीय बळी. *''[[पूनम यादव]] (भा) भारताकडून आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय सामन्यात ५० बळी घेणारी दुसरी सर्वात वेगवान गोलंदाज ठरली. *''गुण : भारत महिला - '''२''', श्रीलंका महिला - '''०''' }} === २रा म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १३ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = २१९ (५० षटके) | धावसंख्या२ = २१३ (४८.१ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[तानिया भाटिया]] ६८ (६६) | बळी१ = [[चामरी अटापट्टू]] ३/४२ (८ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ५७ (९५) | बळी२ = [[मानसी जोशी]] ३/५१ (९ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ७ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157707.html धावफलक] | स्थळ = [[गाली आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[गाली, श्रीलंका|गाली]] | पंच = प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) आणि रविंद्र विमलासीरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = भारत महिला, फलंदाजी | टीपा = गुण : भारत महिला - '''२''', श्रीलंका महिला - '''०''' }} === ३रा म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १६ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = २५३/५ (५० षटके) | धावसंख्या२ = २५७/७ (४९.५ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[मिताली राज]] १२५[[नाबाद|*]] (१४३) | बळी१ = [[उदेशिका प्रबोधनी]] १/२० (४ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ११५ (१३३) | बळी२ = [[झुलन गोस्वामी]] २/३९ (१० षटके) | निकाल = {{crw|SL}} ३ गडी आणि १ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157708.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन कॉमप्लेक्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = हेमंता बोटेजु (श्री) आणि लायडन हानीबल (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = श्रीलंका महिलांचा महिला एकदिवसीय सामन्यातील सर्वोच्च धावसंख्येचा पाठलाग. *''गुण : श्रीलंका महिला - '''२''', भारत महिला - '''०''' }} == महिला टी२० मालिका == === १ली मटी२० === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १९ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = १६८/८ (२० षटके) | धावसंख्या२ = १५५ (१९.३ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[तानिया भाटिया]] ४६ (३५) | बळी१ = [[उदेशिका प्रबोधनी]] २/१८ (४ षटके) | धावा२ = [[इशानी कौशल्या]] ४५ (३१) | बळी२ = [[पूनम यादव]] ४/२६ (४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} १३ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157709.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन कॉमप्लेक्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) आणि प्रदिप उदावट्टा (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = आंतरराष्ट्रीय महिला टी२० पदार्पण : [[कविशा दिलहारी]] (श्री) आणि [[अरूंधती रेड्डी]] (भा) }} === २री मटी२० === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २१ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = ४९/३ (७.५ षटके) | धावसंख्या२ = | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[चामरी अटापट्टू]] २१ (१६) | बळी१ = [[पूनम यादव]] १/२ (१ षटके) | धावा२ = | बळी२ = | निकाल = सामन्याचा निकाल लागला नाही. | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157710.html धावफलक] | स्थळ = कोल्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान, [[कोलंबो]] | पंच = प्रदीप उदावत्ता (श्री) आणि रविंद्र विमलासिरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = श्रीलंकेच्या डावादरम्यान आलेल्या पावसामुळे पुढील खेळ होऊ शकला नाही. | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ३री मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २२ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = १३१/८ (२० षटके) | धावसंख्या२ = १३२/५ (१८.२ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ३५ (३२) | बळी१ = [[हरमनप्रीत कौर]] २/३ (१ षटके) | धावा२ = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] ५७ (४० षटके) | बळी२ = [[चामरी अटापट्टू]] २/२९ (४ षटके‌) | निकाल = {{crw|IND}} ५ गडी आणि १० चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157711.html धावफलक] | स्थळ = [[कोलंबो क्रिकेट क्लब मैदान]], [[कोलंबो]] | पंच = लायडन हानीबल (श्री) आणि प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ४थी मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २४ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = १३४/५ (१७ षटके) | धावसंख्या२ = १३७/३ (१५.४ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ४० (३२) | बळी१ = [[अनुजा पाटिल]] ३/३६ (४ षटके) | धावा२ = [[अनुजा पाटिल]] ५४[[नाबाद|*]] (४२) | बळी२ = [[ओशादि रणसिंघे]] ३/३३ (३.४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ७ गडी आणि ८ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157712.html धावफलक] | स्थळ = [[कोलंबो क्रिकेट क्लब मैदान]], [[कोलंबो]] | पंच = हेमंत बोटेजु (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = पावसामुळे सामना प्रत्येकी १७ षटकांचा करण्यात आला. | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ५वी मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २५ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = १५६ (१८.३ षटके) | धावसंख्या२ = १०५ (१७.४ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ६३ (३८) | बळी१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ३/१९ (३.३ षटके) | धावा२ = [[अनुष्का संजीवनी]] २९ (३७) | बळी२ = [[पूनम यादव]] ३/१८ (४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ५१ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157713.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन स्पोर्ट्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०१८-१९}} [[वर्ग:इ.स. २०१८ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:श्रीलंका महिला क्रिकेट]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०१८]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] givtvb9jg5dojakfpcxeev5bb7tw7o5 2702948 2702947 2026-08-17T05:24:35Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702948 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१८-१९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag of India.svg | team2_name = भारत महिला | from_date = ११ | to_date = २५ सप्टेंबर २०१८ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[मिताली राज]] <small>(म.ए.दि.)</small><br>[[हरमनप्रीत कौर]]<small>(मटी२०)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (२०५) | team2_ODIs_most_runs = [[मिताली राज]] (१७७) | team1_ODIs_most_wickets = [[चामरी अटापट्टू]] (४) | team2_ODIs_most_wickets = [[मानसी जोशी]] (७) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 4 | team1_twenty20s_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (१०७) | team2_twenty20s_most_runs = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] (१९१) | team1_twenty20s_most_wickets = [[शशिकला सिरिवर्दने]] (५)<br>[[चामरी अटापट्टू]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[पूनम यादव]] (८) | player_of_twenty20_series = }} [[भारत राष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघ]] ११-२५ सप्टेंबर दरम्यान ३ महिला एकदिवसीय सामने व ५ महिला टी२० सामने खेळण्यासाठी ११ ते २५ सप्टेंबर २०१८ [[श्रीलंका|श्रीलंकेच्या]] दौऱ्यावर जाणार आहे. एकदिवसीय मालिका [[२०१७-२० महिला चॅंम्पियनशीप]]साठी खेळवली जाईल. == संघ == {| class="wikitable" style="text-align:center; margin:auto" |- !colspan=2|म.ए.दि. !colspan=2|मटी२० |- !{{crw|SL}} !{{crw|IND}} !{{crw|SL}} !{{crw|IND}} |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[कविशा दिलहारी]] * [[निपुनी हंसिका]] * [[अमा कंचना]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[दिलानी मांदोरा]] * [[इमलका मेंडिस]] * [[हसिनी परेरा]] * [[उदेशिका प्रबोधनी]] * [[इनोका रणवीरा]] * [[अनुष्का संजीवनी]] * [[निलाक्षी डि सिल्वा]] * [[शशिकला सिरिवर्दने]] * [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] * [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] | * [[मिताली राज]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[हरमनप्रीत कौर]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|उप.क.]]) * [[तानिया भाटिया]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[एकता बिष्ट]] * [[राजेश्वरी गायकवाड]] * [[झुलन गोस्वामी]] * [[दयालन हेमलता]] * [[मानसी जोशी]] * [[वेदा कृष्णमुर्ती]] * [[स्म्रिती मंधाना]] * [[शिखा पांडे]] * [[पुनम राउत]] * [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] * [[दिप्ती शर्मा]] * [[पूनम यादव]] | | * [[हरमनप्रीत कौर]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[स्म्रिती मंधाना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|उप.क.]]) * [[तानिया भाटिया]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[एकता बिष्ट]] * [[दयालन हेमलता]] * [[मानसी जोशी]] * [[वेदा कृष्णमुर्ती]] * [[शिखा पांडे]] * [[अनुजा पाटिल]] * [[मिताली राज]] * [[अरुंधती रेड्डी]] * [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] * [[दिप्ती शर्मा]] * [[पूनम यादव]] * [[राधा यादव]] |} == महिला एकदिवसीय मालिका == === १ला म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ११ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | round = महिला अजिंक्यपद स्पर्धा | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = ९८ (३५.१ षटके) | धावसंख्या२ = १००/१ (१९.५ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[चामरी अटापट्टू]] ३३ (९३) | बळी१ = [[मानसी जोशी]] ३/१६ (६.१ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ७३[[नाबाद|*]] (७६) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] १/५ (२ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ९ गडी आणि १८१ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157706.html धावफलक] | स्थळ = [[गाली आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[गाली, श्रीलंका|गाली]] | पंच = दीपल गुणावरद्ने (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी | टीपा = आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय पदार्पण : [[दयालन हेमलता]] आणि [[तानिया भाटिया]] (भा) *''[[मिताली राज]]चे (भा) आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय सामन्यात एक कर्णधार म्हणून सर्वाधीक सामने. *''[[झुलन गोस्वामी]]चे (भा) ३०० आंतरराष्ट्रीय बळी. *''[[पूनम यादव]] (भा) भारताकडून आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय सामन्यात ५० बळी घेणारी दुसरी सर्वात वेगवान गोलंदाज ठरली. *''गुण : भारत महिला - '''२''', श्रीलंका महिला - '''०''' }} === २रा म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १३ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = २१९ (५० षटके) | धावसंख्या२ = २१३ (४८.१ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[तानिया भाटिया]] ६८ (६६) | बळी१ = [[चामरी अटापट्टू]] ३/४२ (८ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ५७ (९५) | बळी२ = [[मानसी जोशी]] ३/५१ (९ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ७ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157707.html धावफलक] | स्थळ = [[गाली आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[गाली, श्रीलंका|गाली]] | पंच = प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) आणि रविंद्र विमलासीरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = भारत महिला, फलंदाजी | टीपा = गुण : भारत महिला - '''२''', श्रीलंका महिला - '''०''' }} === ३रा म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १६ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = २५३/५ (५० षटके) | धावसंख्या२ = २५७/७ (४९.५ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[मिताली राज]] १२५[[नाबाद|*]] (१४३) | बळी१ = [[उदेशिका प्रबोधनी]] १/२० (४ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ११५ (१३३) | बळी२ = [[झुलन गोस्वामी]] २/३९ (१० षटके) | निकाल = {{crw|SL}} ३ गडी आणि १ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157708.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन कॉमप्लेक्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = हेमंता बोटेजु (श्री) आणि लायडन हानीबल (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = श्रीलंका महिलांचा महिला एकदिवसीय सामन्यातील सर्वोच्च धावसंख्येचा पाठलाग. *''गुण : श्रीलंका महिला - '''२''', भारत महिला - '''०''' }} == महिला टी२० मालिका == === १ली मटी२० === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १९ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = १६८/८ (२० षटके) | धावसंख्या२ = १५५ (१९.३ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[तानिया भाटिया]] ४६ (३५) | बळी१ = [[उदेशिका प्रबोधनी]] २/१८ (४ षटके) | धावा२ = [[इशानी कौशल्या]] ४५ (३१) | बळी२ = [[पूनम यादव]] ४/२६ (४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} १३ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157709.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन कॉमप्लेक्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) आणि प्रदिप उदावट्टा (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = आंतरराष्ट्रीय महिला टी२० पदार्पण : [[कविशा दिलहारी]] (श्री) आणि [[अरूंधती रेड्डी]] (भा) }} === २री मटी२० === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २१ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = ४९/३ (७.५ षटके) | धावसंख्या२ = | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[चामरी अटापट्टू]] २१ (१६) | बळी१ = [[पूनम यादव]] १/२ (१ षटके) | धावा२ = | बळी२ = | निकाल = सामन्याचा निकाल लागला नाही. | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157710.html धावफलक] | स्थळ = कोल्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान, [[कोलंबो]] | पंच = प्रदीप उदावत्ता (श्री) आणि रविंद्र विमलासिरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = श्रीलंकेच्या डावादरम्यान आलेल्या पावसामुळे पुढील खेळ होऊ शकला नाही. | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ३री मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २२ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = १३१/८ (२० षटके) | धावसंख्या२ = १३२/५ (१८.२ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ३५ (३२) | बळी१ = [[हरमनप्रीत कौर]] २/३ (१ षटके) | धावा२ = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] ५७ (४० षटके) | बळी२ = [[चामरी अटापट्टू]] २/२९ (४ षटके‌) | निकाल = {{crw|IND}} ५ गडी आणि १० चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157711.html धावफलक] | स्थळ = [[कोलंबो क्रिकेट क्लब मैदान]], [[कोलंबो]] | पंच = लायडन हानीबल (श्री) आणि प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ४थी मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २४ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = १३४/५ (१७ षटके) | धावसंख्या२ = १३७/३ (१५.४ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ४० (३२) | बळी१ = [[अनुजा पाटिल]] ३/३६ (४ षटके) | धावा२ = [[अनुजा पाटिल]] ५४[[नाबाद|*]] (४२) | बळी२ = [[ओशादि रणसिंघे]] ३/३३ (३.४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ७ गडी आणि ८ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157712.html धावफलक] | स्थळ = [[कोलंबो क्रिकेट क्लब मैदान]], [[कोलंबो]] | पंच = हेमंत बोटेजु (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = पावसामुळे सामना प्रत्येकी १७ षटकांचा करण्यात आला. | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ५वी मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २५ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = १५६ (१८.३ षटके) | धावसंख्या२ = १०५ (१७.४ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ६३ (३८) | बळी१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ३/१९ (३.३ षटके) | धावा२ = [[अनुष्का संजीवनी]] २९ (३७) | बळी२ = [[पूनम यादव]] ३/१८ (४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ५१ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157713.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन स्पोर्ट्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०१८-१९}} [[वर्ग:इ.स. २०१८ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:श्रीलंका महिला क्रिकेट]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०१८]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] kq5cduex9k9b7xi9rso2gpsmlfps660 2702968 2702948 2026-08-17T05:33:55Z Nitin.kunjir 4684 /* ५वी मटी२० */ 2702968 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१८-१९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag of India.svg | team2_name = भारत महिला | from_date = ११ | to_date = २५ सप्टेंबर २०१८ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[मिताली राज]] <small>(म.ए.दि.)</small><br>[[हरमनप्रीत कौर]]<small>(मटी२०)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (२०५) | team2_ODIs_most_runs = [[मिताली राज]] (१७७) | team1_ODIs_most_wickets = [[चामरी अटापट्टू]] (४) | team2_ODIs_most_wickets = [[मानसी जोशी]] (७) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 4 | team1_twenty20s_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (१०७) | team2_twenty20s_most_runs = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] (१९१) | team1_twenty20s_most_wickets = [[शशिकला सिरिवर्दने]] (५)<br>[[चामरी अटापट्टू]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[पूनम यादव]] (८) | player_of_twenty20_series = }} [[भारत राष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघ]] ११-२५ सप्टेंबर दरम्यान ३ महिला एकदिवसीय सामने व ५ महिला टी२० सामने खेळण्यासाठी ११ ते २५ सप्टेंबर २०१८ [[श्रीलंका|श्रीलंकेच्या]] दौऱ्यावर जाणार आहे. एकदिवसीय मालिका [[२०१७-२० महिला चॅंम्पियनशीप]]साठी खेळवली जाईल. == संघ == {| class="wikitable" style="text-align:center; margin:auto" |- !colspan=2|म.ए.दि. !colspan=2|मटी२० |- !{{crw|SL}} !{{crw|IND}} !{{crw|SL}} !{{crw|IND}} |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[कविशा दिलहारी]] * [[निपुनी हंसिका]] * [[अमा कंचना]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[दिलानी मांदोरा]] * [[इमलका मेंडिस]] * [[हसिनी परेरा]] * [[उदेशिका प्रबोधनी]] * [[इनोका रणवीरा]] * [[अनुष्का संजीवनी]] * [[निलाक्षी डि सिल्वा]] * [[शशिकला सिरिवर्दने]] * [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] * [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] | * [[मिताली राज]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[हरमनप्रीत कौर]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|उप.क.]]) * [[तानिया भाटिया]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[एकता बिष्ट]] * [[राजेश्वरी गायकवाड]] * [[झुलन गोस्वामी]] * [[दयालन हेमलता]] * [[मानसी जोशी]] * [[वेदा कृष्णमुर्ती]] * [[स्म्रिती मंधाना]] * [[शिखा पांडे]] * [[पुनम राउत]] * [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] * [[दिप्ती शर्मा]] * [[पूनम यादव]] | | * [[हरमनप्रीत कौर]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[स्म्रिती मंधाना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|उप.क.]]) * [[तानिया भाटिया]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[एकता बिष्ट]] * [[दयालन हेमलता]] * [[मानसी जोशी]] * [[वेदा कृष्णमुर्ती]] * [[शिखा पांडे]] * [[अनुजा पाटिल]] * [[मिताली राज]] * [[अरुंधती रेड्डी]] * [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] * [[दिप्ती शर्मा]] * [[पूनम यादव]] * [[राधा यादव]] |} == महिला एकदिवसीय मालिका == === १ला म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ११ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | round = महिला अजिंक्यपद स्पर्धा | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = ९८ (३५.१ षटके) | धावसंख्या२ = १००/१ (१९.५ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[चामरी अटापट्टू]] ३३ (९३) | बळी१ = [[मानसी जोशी]] ३/१६ (६.१ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ७३[[नाबाद|*]] (७६) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] १/५ (२ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ९ गडी आणि १८१ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157706.html धावफलक] | स्थळ = [[गाली आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[गाली, श्रीलंका|गाली]] | पंच = दीपल गुणावरद्ने (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी | टीपा = आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय पदार्पण : [[दयालन हेमलता]] आणि [[तानिया भाटिया]] (भा) *''[[मिताली राज]]चे (भा) आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय सामन्यात एक कर्णधार म्हणून सर्वाधीक सामने. *''[[झुलन गोस्वामी]]चे (भा) ३०० आंतरराष्ट्रीय बळी. *''[[पूनम यादव]] (भा) भारताकडून आंतरराष्ट्रीय महिला एकदिवसीय सामन्यात ५० बळी घेणारी दुसरी सर्वात वेगवान गोलंदाज ठरली. *''गुण : भारत महिला - '''२''', श्रीलंका महिला - '''०''' }} === २रा म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १३ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = २१९ (५० षटके) | धावसंख्या२ = २१३ (४८.१ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[तानिया भाटिया]] ६८ (६६) | बळी१ = [[चामरी अटापट्टू]] ३/४२ (८ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ५७ (९५) | बळी२ = [[मानसी जोशी]] ३/५१ (९ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ७ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157707.html धावफलक] | स्थळ = [[गाली आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[गाली, श्रीलंका|गाली]] | पंच = प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) आणि रविंद्र विमलासीरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = भारत महिला, फलंदाजी | टीपा = गुण : भारत महिला - '''२''', श्रीलंका महिला - '''०''' }} === ३रा म.ए.दि. === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १६ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = २५३/५ (५० षटके) | धावसंख्या२ = २५७/७ (४९.५ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[मिताली राज]] १२५[[नाबाद|*]] (१४३) | बळी१ = [[उदेशिका प्रबोधनी]] १/२० (४ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ११५ (१३३) | बळी२ = [[झुलन गोस्वामी]] २/३९ (१० षटके) | निकाल = {{crw|SL}} ३ गडी आणि १ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157708.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन कॉमप्लेक्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = हेमंता बोटेजु (श्री) आणि लायडन हानीबल (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = श्रीलंका महिलांचा महिला एकदिवसीय सामन्यातील सर्वोच्च धावसंख्येचा पाठलाग. *''गुण : श्रीलंका महिला - '''२''', भारत महिला - '''०''' }} == महिला टी२० मालिका == === १ली मटी२० === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १९ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = १६८/८ (२० षटके) | धावसंख्या२ = १५५ (१९.३ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[तानिया भाटिया]] ४६ (३५) | बळी१ = [[उदेशिका प्रबोधनी]] २/१८ (४ षटके) | धावा२ = [[इशानी कौशल्या]] ४५ (३१) | बळी२ = [[पूनम यादव]] ४/२६ (४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} १३ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157709.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन कॉमप्लेक्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) आणि प्रदिप उदावट्टा (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = आंतरराष्ट्रीय महिला टी२० पदार्पण : [[कविशा दिलहारी]] (श्री) आणि [[अरूंधती रेड्डी]] (भा) }} === २री मटी२० === {{ माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २१ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = ४९/३ (७.५ षटके) | धावसंख्या२ = | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[चामरी अटापट्टू]] २१ (१६) | बळी१ = [[पूनम यादव]] १/२ (१ षटके) | धावा२ = | बळी२ = | निकाल = सामन्याचा निकाल लागला नाही. | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157710.html धावफलक] | स्थळ = कोल्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान, [[कोलंबो]] | पंच = प्रदीप उदावत्ता (श्री) आणि रविंद्र विमलासिरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = श्रीलंकेच्या डावादरम्यान आलेल्या पावसामुळे पुढील खेळ होऊ शकला नाही. | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ३री मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २२ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = १३१/८ (२० षटके) | धावसंख्या२ = १३२/५ (१८.२ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ३५ (३२) | बळी१ = [[हरमनप्रीत कौर]] २/३ (१ षटके) | धावा२ = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] ५७ (४० षटके) | बळी२ = [[चामरी अटापट्टू]] २/२९ (४ षटके‌) | निकाल = {{crw|IND}} ५ गडी आणि १० चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157711.html धावफलक] | स्थळ = [[कोलंबो क्रिकेट क्लब मैदान]], [[कोलंबो]] | पंच = लायडन हानीबल (श्री) आणि प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ४थी मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २४ सप्टेंबर २०१८ | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | धावसंख्या१ = १३४/५ (१७ षटके) | धावसंख्या२ = १३७/३ (१५.४ षटके) | संघ२ = {{crw|IND}} | धावा१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ४० (३२) | बळी१ = [[अनुजा पाटिल]] ३/३६ (४ षटके) | धावा२ = [[अनुजा पाटिल]] ५४[[नाबाद|*]] (४२) | बळी२ = [[ओशादि रणसिंघे]] ३/३३ (३.४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ७ गडी आणि ८ चेंडू राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157712.html धावफलक] | स्थळ = [[कोलंबो क्रिकेट क्लब मैदान]], [[कोलंबो]] | पंच = हेमंत बोटेजु (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = पावसामुळे सामना प्रत्येकी १७ षटकांचा करण्यात आला. | toss = भारत महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} === ५वी मटी२० === {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २५ सप्टेंबर २०१८ | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | धावसंख्या१ = १५६ (१८.३ षटके) | धावसंख्या२ = १०५ (१७.४ षटके) | संघ२ = {{crw|SL}} | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ६३ (३८) | बळी१ = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ३/१९ (३.३ षटके) | धावा२ = [[अनुष्का संजीवनी]] २९ (३७) | बळी२ = [[पूनम यादव]] ३/१८ (४ षटके) | निकाल = {{crw|IND}} ५१ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1157713.html धावफलक] | स्थळ = फ्री ट्रेड झोन स्पोर्ट्स मैदान, [[पश्चिम प्रांत, श्रीलंका|कटुनायके]] | पंच = प्रगीथ राम्बुकवेल्ला (श्री) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्री) | सामनावीर = | पाऊस = | toss = श्रीलंका महिला, गोलंदाजी | टीपा = }} ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०१८-१९}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २०१८ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:श्रीलंका महिला क्रिकेट]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०१८]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] bz8hmcxgayy8kwsiy04cjo1u2s1alni भगीरथ चौधरी 0 246458 2702924 2699570 2026-08-17T04:40:15Z Abhijitsathe 4193 2702924 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट पदाधिकारी | नाव = भगीरथ चौधरी | चित्र = Ministers_of_State_for_Agriculture_and_farmers_Welfare_Shri_Bhagirath_Choudhary.jpg | चित्र आकारमान= 250 px | क्रम = | पद = [[कृषी व शेतकरी कल्याण मंत्रालय (भारत)|कृषी व शेतकरी कल्याण मंत्रालय]] राज्यमंत्री | पंतप्रधान = [[नरेंद्र मोदी]] | मंत्री = [[शिवराजसिंह चौहान]] | कार्यकाळ_आरंभ = जून २०२४ | कार्यकाळ_समाप्ती = | मागील = [[कैलाश चौधरी]] | पुढील = | पद1 = [[लोकसभा]] सदस्य | मतदारसंघ1 = [[अजमेर लोकसभा मतदारसंघ|अजमेर]] | कार्यकाळ_आरंभ1 = २३ मे २०१९ | कार्यकाळ_समाप्ती1 = | मागील1 = [[रघू शर्मा]] | पुढील1 = | पद2 = [[राजस्थान विधानसभा]] सदस्य | मतदारसंघ2 = [[किशनगढ विधानसभा मतदारसंघ|किशनगढ विधानसभा]] | कार्यकाळ_आरंभ2 = २०१३ | कार्यकाळ_समाप्ती2 = २०१८ | जन्मदिनांक = {{जन्म दिनांक आणि वय|1954|6|16}} | जन्मस्थान = [[अजमेर जिल्हा]], [[उत्तर प्रदेश]] | मृत्युदिनांक = | मृत्युस्थान = | राष्ट्रीयत्व = | पक्ष = [[भारतीय जनता पक्ष]] | इतरपक्ष = | धर्म = }} '''भगीरथ चौधरी''' हे भारतीय राजकारणी व विद्यमान [[भारताचे केंद्रीय मंत्रीमंडळ|केंद्रीय राज्यमंत्री]] व [[लोकसभा]] सदस्य आहेत. ते [[२०१९ लोकसभा निवडणुका]]ंमध्ये [[राजस्थान]]मधील [[अजमेर लोकसभा मतदारसंघ|अजमेर मतदारसंघातून]] [[भारतीय जनता पक्ष]]ातर्फे १७व्या व १८व्या लोकसभेवर निवडून गेले. त्या पूर्वी ते [[राजस्थान विधानसभा]] सदस्य राहिले होते. [[वर्ग:१७ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:१८ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:अजमेरचे खासदार]] r7yz91kx1zo4jzz43maa0epj7vlojgi चंद्र प्रकाश जोशी 0 246536 2702925 2430955 2026-08-17T04:45:14Z Abhijitsathe 4193 2702925 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट पदाधिकारी | नाव = चंद्रप्रकाश जोशी | चित्र = Mp cp joshi bjp chittorgarh.jpg | चित्र आकारमान= 250 px | क्रम = | पद1 = [[लोकसभा]] सदस्य | मतदारसंघ1 = [[चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ|चित्तोडगढ]] | कार्यकाळ_आरंभ1 = मे २०१४ | कार्यकाळ_समाप्ती1 = | मागील1 = [[गिरीजा व्यास]] | पुढील1 = | जन्मदिनांक = {{जन्म दिनांक आणि वय|1975|11|4}} | जन्मस्थान = [[चित्तोडगढ]], [[राजस्थान]] | मृत्युदिनांक = | मृत्युस्थान = | राष्ट्रीयत्व = | पक्ष = [[भारतीय जनता पक्ष]] | इतरपक्ष = | धर्म = }} '''चंद्रप्रकाश जोशी''' हे भारतीय राजकारणी व [[लोकसभा]] सदस्य आहेत. ते [[२०१४ लोकसभा निवडणुका]]ंपासून [[राजस्थान]]मधील [[चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ|चित्तोडगढ मतदारसंघातून]] [[भारतीय जनता पक्ष]]ातर्फे लोकसभेवर निवडून येत आहेत. [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]]ाचे कार्यकर्ते असलेले जोशी [[भारतीय जनता युवा मोर्चा]]चे राजस्थान अध्यक्ष राहिले होते. [[वर्ग:१६ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:१७ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:१८ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:चित्तोडगढचे खासदार]] id7zm4w5x0gx542yt61vu9uy3xfck4g डोंगरगाव (मंगळवेढा) 0 274888 2702885 2684368 2026-08-16T14:29:57Z ~2026-44748-15 186315 /* */ 2702885 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=गाव |इतर_नाव= | स्थानिक_नाव ='''डोंगरगाव''' | आकाशदेखावा = | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = महाराष्ट्र |जवळचे_शहर= मंगळवेढा | जिल्हा = [[सोलापूर जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद =[[सरपंच]] | नेता_नाव = सारिका खिलारे |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = | पिन कोड = | आरटीओ_कोड = एमएच/१३ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = | तळटिपा = }} '''डोंगरगाव''' हे भारतातील [[महाराष्ट्र राज्य |महाराष्ट्र राज्यातील]] [[सोलापूर जिल्हा|सोलापूर जिल्ह्यातील]] [[मंगळवेढा|मंगळवेढा तालुक्यातील]] एक गाव आहे. जिल्हा परिषद प्राथमिक शाळा डोंगरगाव शाळा व्यवस्थापन समितीचे अध्यक्ष पंकज धोंडाप्पा मस्के ==भौगोलिक स्थान== ==हवामान== येथे मध्यम आणि चांगले हवामान असते. हे कोरड्या हवामान श्रेणीत येते. उन्हाळा, पावसाळा आणि हिवाळा हे ऋतू असतात. मार्च ते मे हे महिने उन्हाळ्याच्या काळात येतात आणि या काळात कमाल तापमान ३० ते ४० अंश सेल्सियस पर्यंत असते. एप्रिल आणि मे महिन्याचा कालावधी सर्वात उष्ण असतो. येथे पाऊस अल्प आणि अनिश्चित प्रमाणात पडतो. जूनच्या दुसऱ्या पंधरवड्यापासून ते सप्टेंबर अखेरपर्यंत मान्सूनचा कालावधी असतो. सरासरी ५४५ मिमी पाऊस पडतो. येथे हिवाळा नोव्हेंबरमध्ये सुरू होतो आणि फेब्रुवारी महिन्यात तापमान कधीकधी १० अंश सेल्सियसपेक्षा कमी होते. हिवाळ्यातील किमान तापमान जानेवारीत सुमारे ९ अंश सेल्सियस असते. ==लोकजीवन== ==प्रेक्षणीय स्थळे== पंचबेबी देवस्थान ==नागरी सुविधा== ==जवळपासची गावे== हाजापूर पाटखळ कचरेवाडी खोमनाळ ==संदर्भ== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:मंगळवेढा तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:सोलापूर जिल्ह्यातील गावे]] fbrpk75qzpz2y4nrnzjzkuxdogli31u 2702886 2702885 2026-08-16T14:57:41Z संतोष गोरे 135680 [[Special:Contributions/~2026-44748-15|~2026-44748-15]] ([[User talk:~2026-44748-15|चर्चा]]) यांनी केलेले बदल [[User:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] यांच्या आवृत्तीकडे पूर्वपदास नेले. 2660000 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=गाव |इतर_नाव= | स्थानिक_नाव ='''डोंगरगाव''' | आकाशदेखावा = | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = महाराष्ट्र |जवळचे_शहर= मंगळवेढा | जिल्हा = [[सोलापूर जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद =[[सरपंच]] | नेता_नाव = सारिका खिलारे |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = | पिन कोड = | आरटीओ_कोड = एमएच/१३ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = | तळटिपा = }} '''डोंगरगाव''' हे भारतातील [[महाराष्ट्र राज्य |महाराष्ट्र राज्यातील]] [[सोलापूर जिल्हा|सोलापूर जिल्ह्यातील]] [[मंगळवेढा|मंगळवेढा तालुक्यातील]] एक गाव आहे. ==भौगोलिक स्थान== ==हवामान== येथे मध्यम आणि चांगले हवामान असते. हे कोरड्या हवामान श्रेणीत येते. उन्हाळा, पावसाळा आणि हिवाळा हे ऋतू असतात. मार्च ते मे हे महिने उन्हाळ्याच्या काळात येतात आणि या काळात कमाल तापमान ३० ते ४० अंश सेल्सियस पर्यंत असते. एप्रिल आणि मे महिन्याचा कालावधी सर्वात उष्ण असतो. येथे पाऊस अल्प आणि अनिश्चित प्रमाणात पडतो. जूनच्या दुसऱ्या पंधरवड्यापासून ते सप्टेंबर अखेरपर्यंत मान्सूनचा कालावधी असतो. सरासरी ५४५ मिमी पाऊस पडतो. येथे हिवाळा नोव्हेंबरमध्ये सुरू होतो आणि फेब्रुवारी महिन्यात तापमान कधीकधी १० अंश सेल्सियसपेक्षा कमी होते. हिवाळ्यातील किमान तापमान जानेवारीत सुमारे ९ अंश सेल्सियस असते. ==लोकजीवन== ==प्रेक्षणीय स्थळे== पंचबेबी देवस्थान ==नागरी सुविधा== ==जवळपासची गावे== हाजापूर पाटखळ कचरेवाडी खोमनाळ ==संदर्भ== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:मंगळवेढा तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:सोलापूर जिल्ह्यातील गावे]] rcrdo3ri0h49075dtdebefv5w494uus शिंद 0 282092 2702887 2702873 2026-08-16T14:59:22Z संतोष गोरे 135680 2702887 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=गाव |इतर_नाव= | स्थानिक_नाव ='''शिंद''' | आकाशदेखावा = | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = महाराष्ट्र |जवळचे_शहर= भोर | जिल्हा = [[पुणे जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद =[[सरपंच]] | नेता_नाव = |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = | पिन कोड = | आरटीओ_कोड = एमएच/ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = | तळटिपा =}} '''शिंद''' हे [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र राज्य |महाराष्ट्र राज्यातील]] [[पुणे जिल्हा|पुणे जिल्ह्यातील]] [[भोर तालुका|भोर तालुक्यातील]] एक गाव आहे. ==भौगोलिक स्थान== ==हवामान== येथील सर्वसाधारण हवामान उष्ण व कोरडे आहे. हवामानातील बदलानुसार प्रत्येक वर्षात मुख्यतः तीन ऋतू असतात.मार्च ते मे पर्यंत उन्हाळा, जून ते ऑक्टोबर पर्यंत पावसाळा आणि नोव्हेंबर ते फेब्रुवारी पर्यंत हिवाळा असतो. हिवाळ्यात शीतल वातावरण असते. तालुक्यातील वार्षिक सरासरी पर्जन्यमान १,००० मिमी पर्यंत असते. ==लोकजीवन== भोर पासून साधारण ५ किलोमीटर अंतरावर शिंद लागते.गावात प्रवेश केल्यावर वेशीवर उजवीकडे शिवमंदिर असून समोरच बाजी प्रभू देशपांडे यांचे स्मारक आहे, जवळच गावच्या मध्यवर्ती भैरवनाथ मंदिर, गावाच्या उत्तरेकडे डोंगरावर खिलोबा मंदिर, वाघजाई मंदिर, जानुबाई हेळजाई मंदिर नानांचीवाडी. सुभेदारवाडी. चव्हाणवस्ती येथील खंडोबा मंदिर ही स्थळे पाहण्यासारखी आहेत. ==नागरी सुविधा== ==जवळपासची गावे== ==संदर्भ== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:भोर तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:पुणे जिल्ह्यातील गावे]] k172yhbsqi6uvky7xp3321oofen6aq6 2702888 2702887 2026-08-16T15:00:07Z संतोष गोरे 135680 /* लोकजीवन */ 2702888 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=गाव |इतर_नाव= | स्थानिक_नाव ='''शिंद''' | आकाशदेखावा = | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = महाराष्ट्र |जवळचे_शहर= भोर | जिल्हा = [[पुणे जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद =[[सरपंच]] | नेता_नाव = |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = | पिन कोड = | आरटीओ_कोड = एमएच/ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = | तळटिपा =}} '''शिंद''' हे [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र राज्य |महाराष्ट्र राज्यातील]] [[पुणे जिल्हा|पुणे जिल्ह्यातील]] [[भोर तालुका|भोर तालुक्यातील]] एक गाव आहे. ==भौगोलिक स्थान== ==हवामान== येथील सर्वसाधारण हवामान उष्ण व कोरडे आहे. हवामानातील बदलानुसार प्रत्येक वर्षात मुख्यतः तीन ऋतू असतात.मार्च ते मे पर्यंत उन्हाळा, जून ते ऑक्टोबर पर्यंत पावसाळा आणि नोव्हेंबर ते फेब्रुवारी पर्यंत हिवाळा असतो. हिवाळ्यात शीतल वातावरण असते. तालुक्यातील वार्षिक सरासरी पर्जन्यमान १,००० मिमी पर्यंत असते. ==लोकजीवन== ==प्रेक्षणीय स्थळे== भोर पासून साधारण ५ किलोमीटर अंतरावर शिंद लागते.गावात प्रवेश केल्यावर वेशीवर उजवीकडे शिवमंदिर असून समोरच बाजी प्रभू देशपांडे यांचे स्मारक आहे, जवळच गावच्या मध्यवर्ती भैरवनाथ मंदिर, गावाच्या उत्तरेकडे डोंगरावर खिलोबा मंदिर, वाघजाई मंदिर, जानुबाई हेळजाई मंदिर नानांचीवाडी. सुभेदारवाडी. चव्हाणवस्ती येथील खंडोबा मंदिर ही स्थळे पाहण्यासारखी आहेत. ==नागरी सुविधा== ==जवळपासची गावे== ==संदर्भ== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:भोर तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:पुणे जिल्ह्यातील 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==भौगोलिक स्थान== ==हवामान== येथील हवामान उष्ण व कोरडे आहे.येथे नोव्हेंबर ते फेब्रुवारी हा हिवाळा हंगाम असतो. हिवाळ्यात दिवसा तापमान २९ सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान १४ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते.जून ते ऑक्टोबर हा पावसाळ्याचा मोसम असतो. पावसाळ्यात दिवसा तापमान ३० अंश सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान २२ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते. पावसाळ्यात मध्यम प्रमाणात पाऊस पडतो. वार्षिक पर्जन्यमान ५६० मिमी असते.मार्च ते मे हा उन्हाळा मोसम असतो. उन्हाळ्यात दिवसा तापमान ४० अंश सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान २४ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते. ==लोकजीवन== ==प्रेक्षणीय स्थळे== ==नागरी सुविधा== ==जवळपासची गावे-- थार , वांगी , रमेताकली , कुम्भरि , लशिना , हम्दपुर .== ==संदर्भ== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:मानवत तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:परभणी जिल्ह्यातील गावे]] pag3jyzf50vmi4wqdsylhkxspyoud9m 2703044 2703042 2026-08-17T10:12:32Z ~2026-45125-22 186356 2703044 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=गाव |इतर_नाव=वझुर ( बु ) | स्थानिक_नाव ='''वझुरबुद्रुक''' | आकाशदेखावा =वझुर ( बु ) | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = महाराष्ट्र |जवळचे_शहर= मानवत व पथरी . | जिल्हा = [[परभणी जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद = | नेता_नाव = |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = | पिन कोड = | आरटीओ_कोड = एमएच/ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = | तळटिपा =|विधानसभा_प्रकार=पथरी विधान 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#https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:मानवत तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:परभणी जिल्ह्यातील गावे]] cfvxv1ajlq4tnqe0eg328rq0kdnzyba 2703045 2703044 2026-08-17T10:15:22Z ~2026-45125-22 186356 /* प्रेक्षणीय स्थळे‌--मरोति मन्दीर , नदी मधिल आई ( देवी ) */ 2703045 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=गाव |इतर_नाव=वझुर ( बु ) | स्थानिक_नाव ='''वझुरबुद्रुक''' | आकाशदेखावा =वझुर ( बु ) | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = महाराष्ट्र |जवळचे_शहर= मानवत व पथरी . | जिल्हा = [[परभणी जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद = | नेता_नाव = |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = | पिन कोड = | आरटीओ_कोड = एमएच/ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = | तळटिपा =|विधानसभा_प्रकार=पथरी विधान सभा|विधानसभा_मतदारसंघ=पथरी विधनसभा}} '''वझुरबुद्रुक''' हे [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र राज्य |महाराष्ट्र राज्यातील]] [[परभणी जिल्हा|परभणी जिल्ह्यातील]] [[मानवत|मानवत तालुक्यातील]] एक गाव आहे. ==भौगोलिक स्थान== ==हवामान== येथील हवामान उष्ण व कोरडे आहे.येथे नोव्हेंबर ते फेब्रुवारी हा हिवाळा हंगाम असतो. हिवाळ्यात दिवसा तापमान २९ सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान १४ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते.जून ते ऑक्टोबर हा पावसाळ्याचा मोसम असतो. पावसाळ्यात दिवसा तापमान ३० अंश सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान २२ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते. पावसाळ्यात मध्यम प्रमाणात पाऊस पडतो. वार्षिक पर्जन्यमान ५६० मिमी असते.मार्च ते मे हा उन्हाळा मोसम असतो. उन्हाळ्यात दिवसा तापमान ४० अंश सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान २४ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते. ==लोकजीवन--हिन्दु ( मराठा )== ==प्रेक्षणीय स्थळे‌--मरोति मन्दीर , नदी मधिल आई ( देवी ) == ==नागरी सुविधा --ग्रामीन सुविधा== ==जवळपासची गावे-- थार , वांगी , रमेटाकळी , कुंभारी, लाशीना , हंम्दपुर .== ==संदर्भ== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:मानवत तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:परभणी जिल्ह्यातील गावे]] 7dse1l29hyn7269ig311smciwxzxrux 2703046 2703045 2026-08-17T10:15:52Z ~2026-45125-22 186356 /* जवळपासची गावे-- थार , वांगी , रमेटाकळी , कुंभारी, लाशीना , हंम्दपुर . */ 2703046 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=गाव |इतर_नाव=वझुर ( बु ) | स्थानिक_नाव ='''वझुरबुद्रुक''' | आकाशदेखावा =वझुर ( बु ) | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = महाराष्ट्र |जवळचे_शहर= मानवत व पथरी . | जिल्हा = [[परभणी जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद = | नेता_नाव = |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = | पिन कोड = | आरटीओ_कोड = एमएच/ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = | तळटिपा =|विधानसभा_प्रकार=पथरी विधान सभा|विधानसभा_मतदारसंघ=पथरी विधनसभा}} '''वझुरबुद्रुक''' हे [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र राज्य |महाराष्ट्र राज्यातील]] [[परभणी जिल्हा|परभणी जिल्ह्यातील]] [[मानवत|मानवत तालुक्यातील]] एक गाव आहे. ==भौगोलिक स्थान== ==हवामान== येथील हवामान उष्ण व कोरडे आहे.येथे नोव्हेंबर ते फेब्रुवारी हा हिवाळा हंगाम असतो. हिवाळ्यात दिवसा तापमान २९ सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान १४ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते.जून ते ऑक्टोबर हा पावसाळ्याचा मोसम असतो. पावसाळ्यात दिवसा तापमान ३० अंश सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान २२ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते. पावसाळ्यात मध्यम प्रमाणात पाऊस पडतो. वार्षिक पर्जन्यमान ५६० मिमी असते.मार्च ते मे हा उन्हाळा मोसम असतो. उन्हाळ्यात दिवसा तापमान ४० अंश सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान २४ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते. ==लोकजीवन--हिन्दु ( मराठा )== ==प्रेक्षणीय स्थळे‌--मरोति मन्दीर , नदी मधिल आई ( देवी ) == ==नागरी सुविधा --ग्रामीन सुविधा== ==जवळपासची गावे-- थार , वांगी , रमेटाकळी , कुंभारी, लाशीना , हंमदापुर== ==.== ==संदर्भ== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:मानवत तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:परभणी जिल्ह्यातील गावे]] fxmesac0y0t8bv498svrrqdxus80qc7 2703047 2703046 2026-08-17T10:20:21Z ~2026-45125-22 186356 /* संदर्भ */ 2703047 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=गाव |इतर_नाव=वझुर ( बु ) | स्थानिक_नाव ='''वझुरबुद्रुक''' | आकाशदेखावा =वझुर ( बु ) | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = महाराष्ट्र |जवळचे_शहर= मानवत व पथरी . | जिल्हा = [[परभणी जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद = | नेता_नाव = |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = | पिन कोड = | आरटीओ_कोड = एमएच/ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = | तळटिपा =|विधानसभा_प्रकार=पथरी विधान सभा|विधानसभा_मतदारसंघ=पथरी विधनसभा}} '''वझुरबुद्रुक''' हे [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र राज्य |महाराष्ट्र राज्यातील]] [[परभणी जिल्हा|परभणी जिल्ह्यातील]] [[मानवत|मानवत तालुक्यातील]] एक गाव आहे. ==भौगोलिक स्थान== ==हवामान== येथील हवामान उष्ण व कोरडे आहे.येथे नोव्हेंबर ते फेब्रुवारी हा हिवाळा हंगाम असतो. हिवाळ्यात दिवसा तापमान २९ सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान १४ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते.जून ते ऑक्टोबर हा पावसाळ्याचा मोसम असतो. पावसाळ्यात दिवसा तापमान ३० अंश सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान २२ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते. पावसाळ्यात मध्यम प्रमाणात पाऊस पडतो. वार्षिक पर्जन्यमान ५६० मिमी असते.मार्च ते मे हा उन्हाळा मोसम असतो. उन्हाळ्यात दिवसा तापमान ४० अंश सेल्सियस पर्यंत वाढते आणि रात्री तापमान २४ अंश सेल्सियस पर्यंत खाली जाते. ==लोकजीवन--हिन्दु ( मराठा )== ==प्रेक्षणीय स्थळे‌--मरोति मन्दीर , नदी मधिल आई ( देवी ) == ==नागरी सुविधा --ग्रामीन सुविधा== ==जवळपासची गावे-- थार , वांगी , रमेटाकळी , कुंभारी, लाशीना , हंमदापुर== ==.== ==संदर्भ -- गवात मुख्यत्ः ( चव्हान ) आडनावाची लोक आहेत हे मरठी ( पटील ) आहेत ..== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:मानवत तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:परभणी जिल्ह्यातील गावे]] 0yowxlcykekcqpe6jlf4g4o18st9jvu सदस्य चर्चा:संतोष गोरे 3 286003 2702913 2698347 2026-08-17T03:30:33Z ~2026-44928-80 186340 /* Velhe taluka English विकिपीडिया title name Rajgad taluka करण्या बाबत */ नवीन विभाग 2702913 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=संतोष गोरे}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) १२:३५, ७ जुलै २०२१ (IST) == जुन्या चर्चा == {| class="wikitable" style="text-align: center" |- ! चर्चा क्रमांक ! पासून ! पर्यंत |- |[[सदस्य:संतोष गोरे/जुनी चर्चा१|जुनी चर्चा१]] | २०१५ | ३१ डिसेंबर २०२१ |- |[[सदस्य:संतोष गोरे/जुनी चर्चा२|जुनी चर्चा२]] | १ जानेवारी २०२२ | ३१ डिसेंबर २०२२ |} == विष्णुसहस्रनाम == हजारो पुनर्नावासह विष्णुसहस्रनाम भगवान विष्णूचे हे एक महत्त्वाचे स्थान आहे. हे हिंदू धर्मातील सर्वात पवित्र आणि लोकप्रिय स्तोत्र आहे. विष्णू सहस्रनाम ही महाभारतात उपलब्ध असलेली सर्वात लोकप्रिय आवृत्ती आहे. पद्म पुराण किंवा मत्स्य पुराणात आणखी एक आवृत्ती उपलब्ध आहे. प्रत्येक नाव विष्णूचे असंख्य गुण दर्शवितो. अनेक हिंदू कुटुंबे पूजेच्या वेळी ते पाठ करतात. असे मानले जाते की ते ऐकणे किंवा वाचणे मानवी इच्छा पूर्ण करते. अनुशासनपर्व (महाभारत) धडा 9 ते 14, आजोबा कुरुक्षेत्र भीष्म युधिष्ठिर शिकवण देण्यात आली होती. [[सदस्य:Goresm|'''<span style="text-shadow:grey 3px 3px 2px;color: blue"> संतोष</span><span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: blue"> गोरे 💬</span>''']] ०९:५४, ९ फेब्रुवारी २०२१ (IST) == भाषांतर == नमस्कार, तुमची मदत हवी आहे. Section translation टूल वापरून नवीन पाने तयार करताना मला अडचण येत आहे. मागील अनेक पानांना Rahul Gandhi असे नाव येत आहे. कृपया मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद. [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १४:२४, १६ जानेवारी २०२३ (IST) :कृपया [https://en.m.wikipedia.org/w/index.php?campaign=specialcx&title=Special:ContentTranslation#suggestions हा दुवा] वापरा तसेच पुढील भाषांतरा करिता बुक मार्क मध्ये जतन करून ठेवा. ::याशिवाय जर शक्य असेल तर नवीन tab उघडून त्याला ऑप्शन मध्ये जाऊन desktop site ला टिचकी देऊन [https://mr.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:ContentTranslation#suggestions हा दुवा] वापरा. फक्त हे थोडे नाजूक काम असेल. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १४:३७, १६ जानेवारी २०२३ (IST) ::आपण दिलेला दुवा वापरून [[८०वे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]] हा लेख तयार केला. तरीही तीच समस्या येत आहे. (तत्पूर्वी cache देखील clear केली होती.) [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १९:३७, १६ जानेवारी २०२३ (IST) : माझ्या बाबतीत पण समान समस्या आली होती. मी वेड चित्रपटाचे मराठीमध्ये भाषांतर केले असता शीर्षक नाव Prajakta Koli असे अचानक झाले. यामागचे कारण काय? [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:४४, १६ जानेवारी २०२३ (IST) ::आपल्या मोबाईलच्या सईमध्ये (cache मध्ये) जो जुना दुवा असतो, तो चुकून वापरल्या गेला की असे होते. असे होत असेल तरीही तुम्ही भाषांतर चालू असताना ते दुरुस्त करून योग्य ते मराठी शीर्षक देऊ शकता.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) :::{{साद|अमर राऊत}} तुमच्या दोघांची अडचण लक्षात घेऊन मी एक भाषांतर केले, जे की योग्य झाले. मी वरती दोन दुवे दिलेत. तर दुसरा दुवा वापरून भाषांतर करून पहा. फक्त एकच की तत्पूर्वी 'ब्राऊसर च्या पर्यायात' जाऊन desktop site वर टिचकी द्या आणि मग वरील दुव्यावर जा. तसेच भाषांतर करत असताना सर्वप्रथम वरती जे लेखनाव येते ते देखील एडिट करून घ्या. यामुळे नक्कीच तुमची समस्या दूर होईल. कृपया एक लेख अजून निर्माण करा.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:१०, १६ जानेवारी २०२३ (IST) :::{{ping| संतोष गोरे}} दुसरा दुवा वापरून [[हजारों ख्वाइशें ऐसी|एक लेख]] तयार केला आहे. आता ती समस्या नाही, पण अडचण अशी आहे की यावेळी मोबाईल फारच लोड घेतो. संकेतस्थळ उघडेपर्यंत फार वेळ वाट पहावी लागते. Section translation जसं सोईस्करपणे आणि वेगात होतं, तसं इथं आशय भाषांतर वापरताना होत नाही. असो. :::तुमच्या सहकार्यासाठी खूप आभार. :::~ [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १४:१९, १७ जानेवारी २०२३ (IST) :: आज पुन्हा तीच समस्या, [[पश्चिम दिल्ली जिल्हा]] पान‌ तयार करताना मराठीमध्ये शीर्षक नाव दिले होते आणि पब्लिश केल्यावर अचानक शीर्षक West Delhi झाले, मी तपासून घेतले असूनही पुन्हा तीच समस्या आली. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ००:००, २९ जानेवारी २०२३ (IST) :::{{साद|Tiven2240|label=टायविन}} यात आपली मदत हवी आहे. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:५५, २९ जानेवारी २०२३ (IST) == 2022 Wikipedia Asian Month Organizer Update == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> Dear all WAM organizers, Happy 2023! Thank you for updating the Ambassador list. We will '''start issuing the Barnstar''' to all eligible participants by late January. All ambassadors will received an additional special Barnstar. Please be sure to update '''[[:m:Wikipedia_Asian_Month_2022/Ambassadors|the list]]''' if you haven't done so. We also provide a '''[https://docs.google.com/document/d/1t1UEXwVkTsP5oP0sQmE74302M1SUDrlFW-kz2uTT5X0/edit?usp=sharing certificate template]''' for you to edit and print out to your participants. Once again, thank you for organizing and participating the 2022WAM, we like to hear your comment. Much appreciate for filling, and spreading out this [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSd8Jo4ixbwKS1rC6KmfC1q6wW53nmoCQATbmsMatbZ4A1RCwA/viewform?usp=sf_link '''feedback survey''']. Look forward to seeing you again in 2023 WAM! best, Wikipedia Asian Month International Team </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/WAM2022_Post_Campaign_Mass_Message_receiver&oldid=24259258 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पाने वगळणे == [[Main other/doc]], [[साचा:Noping/doc]], [[चर्चा:Machindra Jayappa Galande]], [[“मोठी चोच असणारा कावळा"]], [[:वर्ग:Emoji असलेले लेख]], [[:वर्ग:इ.स. 2019 मधील मृत्यू]], [[:वर्ग:इ.स.ची वर्षे]], [[:वर्ग:सदस्य माहिती]], [[:वर्ग:मुक्तछंद]] कृपया ही पाने वगळावीत. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:२१, २० जानेवारी २०२३ (IST) :{{साद|Tiven2240}}, [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] यांनी सुचवलेली काही अनावश्यक पाने काढून टाकली आहेत. पैकी सुरुवातीची दोन पाने काढून टाकायची आहेत का राहू द्यावी, कृपया खुलासा करावा. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३१, २० जानेवारी २०२३ (IST) :{{Done}} [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १७:३६, २० जानेवारी २०२३ (IST) [[Meena]], [[:वर्ग:वापरकर्ता भारत]], [[:वर्ग:महाराष्ट्रातील शुद्धिकरण न केलेल्या पाण्याचा पुरवठा होणारी गावे]], [[साचा:भारताच्या शासकीय योजना]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ११:१९, २१ जानेवारी २०२३ (IST) :{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:३८, २१ जानेवारी २०२३ (IST) [[:वर्ग:इ.स. १९६६ मधील स्थापना]], [[:वर्ग:इ.स. १९६७ मधील स्थापना]], [[:वर्ग:प्राप्तिकरातुन बचत मिळ्णाऱ्या योजना]], [[चर्चा:विकिपीडिया प्रचालकांचा मनमानीपणा]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४९, ४ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:५५, ४ फेब्रुवारी २०२३ (IST) [[:वर्ग:इ. स. १९०१]], [[सदस्य:Kishor salvi 9]], [[सदस्य:किशोर साळवी]], [[साचा:Infobox sports competition event]], [[विकिपीडिया चर्चा:Lakhan Kumare]], [[सदस्य चर्चा:चतुर]], [[सदस्य:चतुर]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २०:३६, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{झाले}}-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३२, २२ फेब्रुवारी २०२३ (IST) [[२०२२-२३ स्पेन महिला तिरंगी मालिका]], [[साउथ एशिया वर्ल्ड]], [[सदस्य:मांडव्य ऋषी]], [[सदस्य चर्चा:मांडव्य ऋषी]], [[प्रा डॉ दिलीप चव्हाण]], [[नाथ (गोरक्षनाथ मंदिर)]], [[सदस्य:तुषार भांबरे]], [[सदस्य चर्चा:तुषार भांबरे]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १९:११, १७ मार्च २०२३ (IST) [[विकिपीडिया:धूळपाटी/केवळ मराठी]], [[2015-17 आयसीसी विश्व क्रिकेट लीग स्पर्धा]], [[2023 मणिपूर हिंसाचार]], [[सदस्य चर्चा:کوروش میهن بان]], [[कानडगाव]], [[कॉलेज ऑफ कॉम्प्युटर सायन्स, लातूर]], [[हा खेळ सावल्यांचा]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:२४, २७ जून २०२३ (IST) :यातील दोन लेख वगळले असून, तीन लेखात भर घातली आहे. तर इंग्रजी आकडे असलेले पुनर्निर्देशित लेख नाव तसेच ठेवावेत असे मला वाटते.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:१९, २८ जून २०२३ (IST) [[:वर्ग:भाषाविषयक नियतकालिके]], [[गॅव्हिन मॅकेना]], [[गेविन मॅकेना]], [[गेविन मॅकेन्ना]], [[मधुराणी गोखले प्रभुलक]], [[हिंदवी]], [[बीड जिल्ह्यात क्षेत्रफळानुसार सर्वात मोठा तालुका कोणता]], [[पुरंदर जिल्हा]], [[पद्दे ब्राह्मणाची आडनावे]], [[:वर्ग:तारखेनुसार वगळावयाचे लेख]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:३८, १३ ऑगस्ट २०२३ (IST) == Request for filling up Google Form for Feminism and Folklore 2023 == [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg | logo.svg|right|frameless|300px]] Greetings Organisers, We appreciate your enthusiasm for '''Feminism and Folklore''' and your initiative in setting up the competition on your local wikipedia. We would want to learn more about the needs of your community and for that please fill out the google form ([https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLScusayFXTzNWV-QgIiT3bRHQbAs_pVczvput2jehOcahnCdMg/viewform here]) as soon as possible so that we can plan and adapt the demands according to your specifications. By February 8, 2023, all entries for this form will be closed. Do share about the contest on your local Wikipedia. Ask your local administrator to add Feminism and Folklore to [[Mediawiki:Sitenotice]]. Create your own or see an example [[:m:User:Tiven2240/sn-fnf|on meta]] Also a reminder regarding the prior Google form sent for Internet and Childcare Support Financial Aid ([https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSea81OO0lVgUBd551iIiENXht7BRCISYZlKyBQlemZu_j2OHQ/viewform this]). Anyone who hasn't already filled it out has until February 5, 2023 to do so. Feel free to contact us via talkpage if you have any questions or concerns. Thanks and Regards, Feminism and Folklore 2023 International Team [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:११, ३० जानेवारी २०२३ (IST) <!-- सदस्य:Rockpeterson@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24455456 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == संदेश मिळाला == एकगठ्ठा पाठविलेला संदेश माझ्या चर्चा पानावर दिसत आहे. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) १०:२६, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) : धन्यवाद. मी प्रथमच एकगठ्ठा संदेश प्रणाली वापरली आहे. कृपया सदरील संदेश मध्ये काही बदल/सुधारणा करावयास हवी होती किंवा पुढील काळात काय अपेक्षित आहे हे सुचवावे. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:२७, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) == स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३ == [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३]] या साठी पेज कसे सबमिट करायचं याचं मार्गदर्शन करा :कृपया [https://fountain.toolforge.org/editathons/fnf2023-mr येथे जाणे] आणि submit वर टिचकी देणे. तेथे तुमचा लेखनाव टाकून सबमिट करणे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:३६, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) धन्यवाद [[सदस्य:AShiv1212|AShiv1212]] ([[सदस्य चर्चा:AShiv1212|चर्चा]]) ०७:२६, ८ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :या स्पर्धेत फक्त महिला चरित्रे (त्यापैकी १/२ महिला) या विषयावर लेख लिहिला तर सहभागी होता येईल का? किमान किती लेख लिहिले पाहिजेत?@[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २१:०५, २० फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{साद|Ketaki Modak}} नमस्कार, आपण कमीत कमी एक नवीन लेख निर्माण केला किंवा असलेल्या लेखात ३,००० बाईटस पेक्षा जास्तीची भर घातली तरी चालेल. कृपया [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३]] या प्रकल्प पानावर जाऊन इतर माहिती व्यवस्थित समजून घेणे. येथे आपण पुरस्कार देखील प्राप्त करू शकता.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०१, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::माहितीसाठी धन्यवाद.!! प्रयत्न करते. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १५:१६, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::नमस्कार, ::०१) मी नावनोंदणी करून As a trial 'अतिथी भगवान शंकर' नावाची लोककथा submit केली होती. पण मला ती माझ्या account वरून delete करायची आहे, ती कशी करता येईल? ::०२) मी माझ्या अन्य चालू असलेल्या पानांमध्ये भर घालून स्पर्धेत भाग घेऊ इच्छिते, म्हणजे असलेल्या पानात भर घातल्यावर त्याची लिंक शेवटी एकदाच पाठवायची, ना? मार्गदर्शन कराल काय? [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) ०८:५५, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#नमस्कार, आपला लेख सदरील यादीतून हटवला आहे. ::#आपण जो नवीन लेख लिहिणार आहात किंवा लेखात भर घालणार आहात, तो ३१ मार्च पूर्वी कधीही सबमिट करू शकता. त्याला काही बंधन नाही. शक्यतो आपले लिखाण पूर्ण झाले की सबमिट करावे, जेणे करून परीक्षकांना तो तपासणे सोपे जाईल.-:[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५४, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#:मनापासून धन्यवाद. आपण सांगितले तसे करते. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १४:४८, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#::स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामधील सहभाग आणि महिला संपादनेथॉन- २०२३ यातील सहभाग यामध्ये काही फरक आहे का? असेल तर काय, ते कळेल का? ::#::स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामधील सहभाग - यामध्ये स्त्रियांवरील लेखन ::#::आणि ::#::महिला संपादनेथॉन- २०२३ यामध्ये स्त्रियांनी केलेले लेखन असे अपेक्षित आहे का? ::#::कृपया मार्गदर्शन हवे आहे. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १२:०१, ४ मार्च २०२३ (IST) ::#:::दोन्ही प्रकल्प हे वेगवेगळे असून, [[विकिपीडिया:महिला संपादनेथॉन- २०२३|महिला संपादनेथॉन- २०२३]] येथील नियम तसेच परीक्षक देखील वेगवेगळे आहेत. अधिक माहितीसाठी वरील दुव्यावर टिचकी देऊन तेथील नियम समजून घेणे.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:५०, ४ मार्च २०२३ (IST) ::#::::धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २२:४३, ४ मार्च २०२३ (IST) == Wikipedia Asian Month 2022 Campaign Survey - We'd like to hear from you! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> '''Dear WAM2022 organizors and participants,''' Once again, the WAM international team would like to hear your feedback by filling out the survey below. === [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSd8Jo4ixbwKS1rC6KmfC1q6wW53nmoCQATbmsMatbZ4A1RCwA/viewform?usp=sf_link Wikipedia Asian Month 2022 Survey] === We apologize for the permission setting that was blocking many of you from open the survey, this problem have been fixed. Please share this survey with your community. We hope to see you again with a better version in the 2023 campaign. all the best, The WAM International Team </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/WAM2022_Post_Campaign_Mass_Message_receiver&oldid=24259258 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == कृपया माझी माहिती डिलीट करू नये पद्माकर कुलकर्णी == माझे विकिपीडिया वरील माहिती कृपया डिलीट करू नये ही आपणास विनंती आहे [[सदस्य:पद्माकर कुलकर्णी|पद्माकर कुलकर्णी]] ([[सदस्य चर्चा:पद्माकर कुलकर्णी|चर्चा]]) ००:०२, १८ मार्च २०२३ (IST) :नमस्कार, विकिपीडिया हा एक मुक्त ज्ञानकोश असून ३२५+ भाषांत याचे लिखाण होते. सर्वत्र लिखाणाचे सारखे नियम असून त्यासाठी [[विकिपीडिया:परिचय]] आणि [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे]] किमान हे दोन लेख व्यवस्थित वाचावेत. तूर्तास इतकेच सांगू इच्छितो की विकिपीडियाचा वापर हा 'सोशल मीडिया' जसेकी फेसबुक, 'वैयक्तिक ब्लॉग', '' किंवा 'आत्मचरित्र लिखाण' यासाठी करता येत नाही. :न [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:५१, १८ मार्च २०२३ (IST) ::{{साद|पद्माकर कुलकर्णी}}, कृपया लक्षात घ्यावे की आपली संपादने, आपण निर्मिलेली चुकीची पाने वारंवार हटवल्या गेली आहेत. आपल्या चर्चा पानावर तसेच येथे माझ्या चर्चा पानावर देखील आपणास सूचना देण्यात आल्या आहेत. परत एकदा सांगत आहोत की विकिपीडिया हा एक जागतिक विश्वकोश असून याचे काही नियम आहेत. विकिपीडिया चा वापर वैयक्तिक ब्लॉग अथवा सोशल मीडिया प्रमाणे करता येत नाही. कृपया आपण येथे पूर्वीच्याच अस्तित्वात असलेल्या पानांवर छोटी छोटी संपादने करत आपला सहभाग वाढवावा.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:५७, ११ एप्रिल २०२३ (IST) == विकिडाटा दुरुस्ती == [[राजेश शृंगारपुरे]], [[नालासोपारा]], [[दुष्यंत वाघ]], [[बबन (चित्रपट)]], [[नाळ (चित्रपट)]], [[भारती आचरेकर]], [[आलोक राजवाडे]], [[रवी किशन]], [[गोंदिया जंक्शन रेल्वे स्थानक]], [[समीर आठल्ये]], [[चोरीचा मामला]] या पानांची विकिडेटा कलमे दुरुस्त करावीत. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०८, २६ मार्च २०२३ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:२६, २७ मार्च २०२३ (IST) [[रेवती लेले]], [[पक पक पकाऽऽऽक]], [[धुरळा (चित्रपट)]], [[मोगरा फुलला]], [[लग्न पहावे करून]], [[असेही एकदा व्हावे]], [[धुमधडाका]], [[तू तिथं मी (चित्रपट)]], [[पछाडलेला]], [[नायका]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:१२, ४ एप्रिल २०२३ (IST) [[सुजय डहाके]], [[देविका दफ्तरदार]], [[खडवली रेल्वे स्थानक]], [[खर्डी रेल्वे स्थानक]], [[गार्गी बॅनर्जी]], [[बाळकृष्ण शिंदे]], [[पिस्तुल्या]], [[बेफाम (चित्रपट)]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २१:१९, ५ एप्रिल २०२३ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३३, १२ एप्रिल २०२३ (IST) [[तुषार दळवी]], [[सक्षम कुलकर्णी]], [[कुंभ रास]], [[धनु रास]], [[मकर रास]], [[सिंह रास]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २०:४६, ५ मे २०२३ (IST) [[मच्छिंद्र कांबळी]], [[निपुण धर्माधिकारी]], [[पुष्कर जोग]], [[स्वप्नील बांदोडकर]], [[त्यागराज खाडिलकर]], [[अंशू गुप्ता]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०८, २७ जून २०२३ (IST) [[नितीश चव्हाण]], [[प्रदीप शर्मा]], [[अर्नाळा किल्ला]], [[चतुरंग दंडासन]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४७, २७ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[आमच्यासारखे आम्हीच]], [[सरीवर सरी (चित्रपट)]], [[साडे माडे तीन (चित्रपट)]], [[अग्निहोत्र (मालिका)]], [[शेम टू शेम]], [[नवरी मिळे नवऱ्याला (चित्रपट)]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १५:०७, २२ नोव्हेंबर २०२३ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०२, २३ नोव्हेंबर २०२३ (IST) == कार्यशाळा == श्री. संतोष गोरे सर नमस्कार, मराठवाडा मुक्तीसंग्रामाच्या अमृतमहोत्सवी वर्षानिमित्त पीपल्स महाविद्यालय, नांदेड येथे दिय ३.४.२०२३ रोजी विकिपीडिया कार्यशाळेचे आयोजन करण्यात आले. त्यानिमित्त पान तयार करण्यात येत असताना ते आपल्याद्वारे नष्ट करण्यात येत आहे. तरी तसे करू नये ही विनंती. [[सदस्य:विकास कांबळे|विकास कांबळे]] ([[सदस्य चर्चा:विकास कांबळे|चर्चा]]) :{{साद|विकास कांबळे}} नमस्कार, कृपया कार्यशाळा घेतल्या नंतर पान बनवावे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:०६, २७ मार्च २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 has been extended == [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg | logo.svg|right|frameless|300px]] Greetings Organizers, Greetings from Feminism and Folklore International Team, We are pleased to inform you that [[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore]] an international writing contest on your local Wikipedia has been extended till the '''15th of April 2023'''. This is the last chance of the year to write about feminism, women biographies and gender-focused topics such as folk festivals, folk dances, folk music, folk activities, folk games, folk cuisine, folk wear, fairy tales, folk plays, folk arts, folk religion, mythology, folk artists, folk dancers, folk singers, folk musicians, folk game athletes, women in mythology, women warriors in folklore, witches and witch hunting, fairy tales and more We would like to have your immense participation in the writing contest to document your local Folk culture on Wikipedia. You can also help with the translation of [[m:Feminism and Folklore 2023|project pages]] and share a word in your local language. Organizers have been notified some instructions on mail. Please get in touch via email if you need any assistance. Best wishes, International Team Feminism and Folklore. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ०९:५८, ३० मार्च २०२३ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24803574 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == घोडसगाव == [[घोडसगाव]] चे आचुक अक्षांश आणि रेखांश - 21°01'21"N 76°08'49"E हे आहेत, कृपया मराठी आणि ईंग्रजी विकी वर आपण हे अचूक पणे नोद्वावे.[[सदस्य:Rock Stone Gold Castle|Rock Stone Gold Castle]] ([[सदस्य चर्चा:Rock Stone Gold Castle|चर्चा]]) १५:५१, २१ एप्रिल २०२३ (IST) :[[घोडसगाव]] लेखावरील संपादनाच्या माहितीस्तव कृपया मराठी लेख [[वानर]] तसेच इंग्रजी लेख [[:en:Gray langur|Gray langur]] हे लेख पहावेत. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५३, २२ एप्रिल २०२३ (IST) == मराठी विकी == या विकीवर लेखकांची संख्या इतकी कमी का ? मराठी विकी लेखकानं लेखनासाठी हिंदी विकी वणी लॅपटॉप दान करते का ? [[सदस्य:Rock Stone Gold Castle|Rock Stone Gold Castle]] ([[सदस्य चर्चा:Rock Stone Gold Castle|चर्चा]]) १०:३३, २२ एप्रिल २०२३ (IST) :{{साद|Rock Stone Gold Castle}} :#नमस्कार, ढोबळ मानाने हिंदी भाषा ही भारत भर बोलली आणि लिहिली जाते तर मराठी भाषा ही महाराष्ट्र आणि गोवा येथे. सबब हिंदी विकिपीडियावर सदस्य संख्या मराठी पेक्षा जास्त आहे. परंतु आपणास माहीत आहे का, की मराठी विकिपीडिया हा लेख संख्येच्या हिशोबाने इतर विविध प्रांतीय विकिपीडियांना मागे टाकत एक एक पाऊल पुढे जात आहे. :#हिंदी किंवा इतर विकिपीडियावर मोफत लॅपटॉप पुरवल्या जातो का नाही हे मला माहीत नाही. जर तसे काही असेल तर तुम्ही तो मिळवण्यास स्वतंत्र आहात.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:४५, २२ एप्रिल २०२३ (IST) == मराठी गझलसंग्रह == :आपण मराठी गझलसंग्रह येथून काही एन्ट्री काढून टाकल्या आहेत. त्या का काढून टाकल्या ते कळेल का? माझी सोनचाफा ( इंदुजी) हि ७९ व्या ओळीतील एन्ट्री आपण का काढून टाकली? [[सदस्य:Induji.in|Induji.in]] ([[सदस्य चर्चा:Induji.in|चर्चा]]) १७:३३, २७ एप्रिल २०२३ (IST) :{{साद|Induji.in}}, नमस्कार आपण नक्की कोणत्या लेखाबद्दल बोलत आहात.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १९:३६, २७ एप्रिल २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 has ended, What's Next? == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">{{int:please-translate}} [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, '''[[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore 2023]]''' writing competition has ended. We thank you for organizing it on your local Wikipedia and help in document folk cultures and women in folklore in different regions of the world on Wikipedia. What's next? # Please complete the jury on or before 15th of May 2023. # Email us on [mailto:support@wikilovesfolklore.org support@wikilovesfolklore.org] the Wiki usernames of top three users with most accepted articles in local contest. # Write the information about the winners on the projects Meta Wiki '''[[:m:Feminism and Folklore 2023/Results|Results page]]''' # You can also put the names of the winners on your local project page. # We will be contacting the winners in phased manner for distribution of prizes. Feel free to contact us via mail or [[:m:Talk:Feminism and Folklore 2023|talkpage]] if you need any help, clarification or assistance. Thanks and regards, '''International Team'''<br /> '''Feminism and Folklore''' </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24803574 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == चुकीचे पुनरनिर्देशित असलेली पान == [[:en:Five_Pillars_of_Islam|Five Pillars of Islam]] या लेखाचे मराठी पुनरनिर्देशन [[इस्लाम]] या वर होत आहे, परंतु , [[इस्लाम]] हे इंग्रजी पुष्ट [[:en:Islam|Islam]] वरून पुनरनिर्देशित होत असल्याने गोंधळ निर्माण होत आहे, [[इस्लामचे पाच आधारस्तंभ]] नवीन पुष्ट तयार करून त्यास [[:en:Five_Pillars_of_Islam|Five Pillars of Islam]] ला पुनरनिर्देशित करण्याची गरज आहे. @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] अशा प्रकारच्या लेखांना दुरुस्त करण्यासाठी, तुम्हाला काळवण्या वैतीरिक्त अजून काय करता येईल? [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २२:०२, २८ मे २०२३ (IST) :होय, तुम्ही 'इस्लामचे पाच आधारस्तंभ' असा नवीन लेख लिहू शकता. इतर भाषेतील लेख मराठी लेखास जोडण्याच्या पद्धतीला आंतरविकीदुवा म्हणतात. ते तुम्हाला अनुभवाने जोडता येईल. तूर्तास कोणाही जाणकारास संदेश देऊन तुम्ही काम करून घेऊ शकता.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:४७, २९ मे २०२३ (IST) ::धन्यवाद! [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:२६, १ जून २०२३ (IST) == सफर (इस्लामीक दुसरा महिना) == [[सफर (इस्लामी दुसरा महिना)]] या पानावरील आपण केलेल्या बदल बद्दल येथे सांगाल? [[सफर (इस्लामीक दुसरा महिना)]] या नावाने मी पुष्ट तयार केले होते तुम्ही ते का हटवला व तसेच वर्ग देखील हटवले [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:३३, १ जून २०२३ (IST) :पान हटवले नाही, अभय नातू यांनी स्थानांतरित केले. तुम्ही निर्माण केले वर्ग हे अनावश्यक असून इंग्रजी वर्गाची नक्कल होती. तसेच अजून काही वर्गात दुरुस्ती करणे आवश्यक आहे. तूर्तास तुम्ही लिखाण करावे. वर्ग दुरुस्ती परत करता येईल. आणि हो, बरेच लेख हे भाषांतरित करताना अशुद्ध मराठीत लिहिले जात आहेत. अपेक्षा आहे तुमचे लेख आरामात वाचून, पुनर्लिखाण. कराल. [[मोहम्मद पैगंबर यांच्या बायका ]] मधील प्रस्तावना/ पाहिला परिच्छेद पहावा, तो मी दुरुस्त करण्याचा प्रयत्न केला आहे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३३, २ जून २०२३ (IST)का ::होय, [[मोहम्मद पैगंबर यांच्या बायका]] हा लेख सध्या अपूर्ण आहे... अमराठी तर ठीक आहे परंतु वर्ग अनावश्यक आहे हे आपण कोणत्या आधारावर ठरवतात? [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) ०८:३९, ३ जून २०२३ (IST) :::अनेक कारणे आहेत. :::उदाहरणार्थ: वर्ग:अरबी भाषेतील मजकूर असलेले लेख - हा वर्ग त्याच लेखात जोडता येतो ज्यात अरबी भाषेतील विविध आयात, मोठा परिच्छेद लिहिलेला आहे. एक दोन शब्द अरबी भाषेत असतील तर त्याची गरज नाही. तसेच अनेक लेखात जर अरबी भाषेतील उतारे असतील तरच वर्ग बनवायचा असतो. त्या व्यतिरिक्त लेख नाव कसे ठेवायचे यासाठी इतर नावे तपासावित, जसे की हिंदी भाषेतील मजकूर / हिंदीतील मजकूर / हिंदी भाषेमधील मजकूर वगैरे वगैरे. हे वेगवेगळे अस्तित्वात असलेले वर्ग पाहून त्याला मिळता जुळता वर्ग बनवावा. याही पेक्षा महत्वाचे म्हणजे असा कोणता इतर वर्ग आहे का हे देखील पाहावे लागते. असे अनेक मुद्दे असतात. या करिता आपण केवळ लेख लिहावा आणि उपलब्ध असलेला वर्ग जोडावा. जर नवीन वर्गाची गरज असेल तर @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] जोडतील.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५३, ३ जून २०२३ (IST) ::::[[सदस्य:संतोष गोरे|@संतोष गोरे]] सांगितल्या बद्दल ध्यवाद, वर्ग जोडण्या बाबत मी @अभय नातू यांना कळवीन, परंतु एक वर्ग जोडणे आवश्क आहे "इस्लामी दिनदर्शिकेचे महिने " [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:१५, ३ जून २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 - A Heartfelt Appreciation for Your Impactful Contribution! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg|center|500px]] {{int:please-translate}} Dear Wikimedian, We extend our sincerest gratitude to you for making an extraordinary impact in the '''[[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore 2023]]''' writing competition. Your remarkable dedication and efforts have been instrumental in bridging cultural and gender gaps on Wikipedia. We are truly grateful for the time and energy you've invested in this endeavor. As a token of our deep appreciation, we'd love to send you a special postcard. It serves as a small gesture to convey our immense thanks for your involvement in the competition. To ensure you receive this token of appreciation, kindly fill out [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeXZaej264LOTM0WQBq9QiGGAC1SWg_pbPByD7gp3sC4j7VKQ/viewform this form] by August 15th, 2023. Looking ahead, we are thrilled to announce that we'll be hosting Feminism and Folklore in 2024. We eagerly await your presence in the upcoming year as we continue our journey to empower and foster inclusivity. Once again, thank you for being an essential part of our mission to promote feminism and preserve folklore on Wikipedia. With warm regards, '''Feminism and Folklore International Team'''. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ००:०७, २६ जुलै २०२३ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf2023p&oldid=25345565 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == लेख नाव बदल == कृपया [[उस्मानाबाद]] आणि [[जेसलमेर]] ही पाने [[धाराशिव]] आणि [[जैसलमेर]] या नावांकडे स्थानांतरित करावी. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:५७, ७ ऑगस्ट २०२३ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:११, ७ ऑगस्ट २०२३ (IST) ::जसे संदेश यांनी औरंगाबाद लेखाचे छत्रपती संभाजीनगर नावास स्थानांतरण केले, तसे वरील दोन्ही लेख अजून योग्य नावास स्थानांतिरत झाले नाहीत. कृपया ते करावे, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १३:५६, ८ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[अ‍ॅन फ्रँक]] हा लेख सुद्धा [[ॲन फ्रँक]] या अचूक व योग्य नावाकडे स्थानांतरित करावा. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:१०, ११ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[अंदमान आणि निकोबार]] या लेखाचे [[अंदमान आणि निकोबार द्वीपसमूह]] या बरोबर नावाकडे स्थानांतरण करावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ११:५९, २६ ऑगस्ट २०२३ (IST) :का, अंदमान आणि निकोबार बेटे ? अचूक नाव कोणते आहे?- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:५७, २६ ऑगस्ट २०२३ (IST) ::दोन्ही नावे योग्य आहेत, कोणत्याही एका नावाकडे स्थानांतरित करावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४१, २७ ऑगस्ट २०२३ (IST) == Invitation to Rejoin the [https://mdwiki.org/wiki/WikiProjectMed:Translation_task_force Healthcare Translation Task Force] == [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|right|frameless|125px]] You have been a [https://mdwiki.toolforge.org/prior/index.php medical translators within Wikipedia]. We have recently relaunched our efforts and invite you to [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php join the new process]. Let me know if you have questions. Best [[User:Doc James|<span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>]] ([[User talk:Doc James|talk]] · [[Special:Contributions/Doc James|contribs]] · [[Special:EmailUser/Doc James|email]]) 12:34, 13 August 2023 (UTC) <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_translators/10&oldid=25451576 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == परतावा == आपण हे पृष्ठ परत करू शकता [[सुशोभन सोनू रॉय]] किंवा मी हे पृष्ठ पुन्हा तयार करू शकतो ? मराठी वृत्तपत्रांमध्येही त्यांच्या बातम्या आहेत। [[विशेष:योगदान/110.224.16.31|110.224.16.31]] १६:५४, १ सप्टेंबर २०२३ (IST) :क्षमा असावी, सदरील व्यक्ती ही अजून लेख लिहिण्या इतपत उल्लेखनीय नाही. सबब सध्या तरी यावर लेख लिहिला जाऊ शकत नाही.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:२१, १ सप्टेंबर २०२३ (IST) == नमस्कार... == नमस्कार [[सदस्य:Fulabai chavan|Fulabai chavan]] ([[सदस्य चर्चा:Fulabai chavan|चर्चा]]) १४:४८, २९ सप्टेंबर २०२३ (IST) :नमस्कार :- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३५, २९ सप्टेंबर २०२३ (IST) ::दादोजी खोमणे हे मराठी पेज मी तयार केले आहे तर त्यात लोकं सारखे बदल करत आहेत....तर..ते पृष्ठ लॉक की करावे...ते मला कळेल का.. [[सदस्य:Fulabai chavan|Fulabai chavan]] ([[सदस्य चर्चा:Fulabai chavan|चर्चा]]) १६:२८, २ नोव्हेंबर २०२३ (IST) :::नमस्कार, विकिपीडिया वरील कोणताही लेख, कोणीही संपादित करू शकतो. अशाच प्रकारे त्यात अतिरिक्त माहितीची भर टाकली जाते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:०३, २ नोव्हेंबर २०२३ (IST) == बॉटफ्लॅग == [[सदस्य:CommonsDelinker]] यांस इंग्लिश विकिपीडियावर बॉटफ्लॅग दिलेला आहे, त्यानुसार मराठी विकिपीडियावर सुद्धा त्यांना बॉटफ्लॅग देण्यात यावा म्हणजे त्यांची संपादने 'अलीकडील बदल' येथे दिसणार नाहीत, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १८:४३, २० जून २०२३ (IST) :करायला काही हरकत नाही. परंतु खरे तर याची संपादने अत्यल्प असून, याद्वारे एखाद्या लेखातून चित्र हटवल्याचे निदर्शनास येताच तिथे नवीन चित्र जोडता येते. सबब या दृष्टिकोनातून याला बॉट फ्लॅग नाही दिला तरी चालेल असे मला वाटते. तसेच @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]], कडे बॉट फ्लॅग चा अधिकार आहे. तेव्हा त्यांनी यावर आपले मत व्यक्त करावे असे मला वाटते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:४७, ९ ऑक्टोबर २०२३ (IST) ::संतोष गोरे यांच्याशी सहमत. अद्याप या बॉटच्या कामाचा उपद्रव वाटत नाही. अधिक बदल होउन त्यामुळे इतरांचे बदल सारखे झाकले जाऊ लागले तर बॉटफ्लॅग देउयात. ::[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) २२:०६, ९ ऑक्टोबर २०२३ (IST) == Invite to Join Wikipedia Asian Month 2023 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''You are receiving this message because you participated in the [[:m:Wikipedia Asian Month 2022|Wikipedia Asian Month 2022]] as an organizer or editor.'' [[File:Wikipedia Asian Month Logo.svg|thumb|Join the Wikipedia Asian Month 2023 ]] <big>Dear all,</big> <big>The '''[[:m:Wikipedia Asian Month Home|Wikipedia Asian Month 2023]]'''[1] is coming !</big> <big>The campaign start within a flexible 30 days from November to December. Following with the changes of the rules made by last year, the wish to have more people get to know Asia and Asian related topic is the same! </big>'''<big>Click [[:m:Wikipedia Asian Month 2023/Join an Event|"Here"]] to Organize/Join a WAM Event.</big>''' '''1. Propose "Focus Theme" related to Asia !''' If you are based somewhere in Asia, or have specific passion on an Asian topic, please propose your "Focus Theme" by October 25th. The WAM international team will select 5 themes. Please propose your focus theme through [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfPLz8kvSP_0LlI4vGRHAP2ydJPnLY__1hb9-p8AsRcS2R2NQ/viewform?usp=sf_link this link][2]. '''2. Enhancing existing articles can also count as part of campaign contribution.''' Any edits, including creating new articles or adding new content to existing articles, over 3000 bytes in total would be able to get a reward. Last year, due to this change of rules, the Programs & Events Dashboard was suggested. However, according to community survey of 2022, Fountain Tool is still the best platform for tracking edit and points. You don’t need to create any Dashboard. For the tracking of editing existing article, the international team is currently designing a form. Will soon publish to the main page of WAM 2023. '''3. More flexible campaign time''' The contribution duration would remain 30days, but we extended the overall campaign timeline to 2 months. All organizers can decide when to start their WAM as long as the whole duration is within November 1st to December 31th. It means that you can participate in WAM based on the needs of your local community. '''Timetable''' * October 1st, 2023 : Publish International Campaign Page of the Year * October 5th to 25th, 2023 : Call for focus themes of WAM 2023. * Before 29 October, 2023: Complete '''[[:m:Wikipedia Asian Month 2023/Join an Event|Registration]]''' [3] of Each language Wikipedia. * November 1st, UTC 00:00 to December 31th, UTC 00:00, 2023: Running the Campaign. (Find your local campaign for the actual event date.) * January 1st to March 15th, 2024: Auditing of each language Wikipedia. * March 30th, 2024: Deadline of reporting statistics and eligible editors to the International Team * April 1st to May 15th, 2024: The international team distributes Barnstars and Certificates to eligible editors of each event. For your information, the main page of Wikipedia Asian Month is currently undertaking a reconstruction for archiving purpose. For the 2023 event please bookmarked this page. We hope you will enjoy Wikipedia Asian Month! If you have any inquiry, feel free to contact us by info@asianmonth.wiki [4]. <big> We look forward to your participation. Cheers!!! WAM 2023 International Team</big> [1] https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikipedia_Asian_Month_2023 [2] https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfPLz8kvSP_0LlI4vGRHAP2ydJPnLY__1hb9-p8AsRcS2R2NQ/viewform?usp=sf_link [3] https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikipedia_Asian_Month_2023/Join_an_Event [4] info@asianmonth.wiki </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/Wikipedia_Asian_Month_2023_Message_receiver_main&oldid=25753309 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> What are your plans to arrange Asian Month 2023 Marathi? I am interested to participate. [[सदस्य:Vikrantkorde|विक्रांत कोरडे]] ([[सदस्य चर्चा:Vikrantkorde|चर्चा]]) १७:२९, २१ ऑक्टोबर २०२३ (IST) :@[[सदस्य:Vikrantkorde|विक्रांत कोरडे]], नमस्कार, आपल्या सहभाग आणि उत्कंठेबद्दल धन्यवाद. लवकरच या प्रकल्पाबद्दल मराठी विपी वर सूचना देण्यात येईल. :cc:@[[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] आणि @[[सदस्य:Sandesh9822|संदेश हिवाळे]] :- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १०:०३, २२ ऑक्टोबर २०२३ (IST) == नोव्हेंबर मुखपृष्ठ सदर == नमस्कार, नोव्हेंबर महिन्यात बदलून [[हंपी]] हा लेख सदर करावा असे सुचवत आहे. कृपया या लेखावर एकदा नजर घालावी व उचित बदल करावेत ही विनंती. [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ_सदर_लेख_नामनिर्देशन#हंपी]] धन्यवाद. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ०६:१६, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) :नमस्कार, लेख विस्तृत आणि सुंदर आहे, परंतु यात लाल दुवे तसेच भाषांतरामुळे काही व्याकरणाच्या चुका देखील झाल्या आहेत. तसे प्रमाण कमीच आहे. लेख बऱ्यापैकी व्यवस्थित झाला असे वाटले की मी आपल्याला तसे कळवतो. सध्या मी थोडा व्यस्त असल्याने, काम थोडे हळू हळू होईल असे वाटते.:- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०९:३५, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) ::@[[सदस्य:Nitin.kunjir|Nitin.kunjir]] नमस्कार, यात आपले योगदान पण दिसून येत आहे. कृपया सदरील लेखावर एक नजर फिरवावी आणि काय कमी जास्त आहे ते सुचवावे.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०९:४२, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) == विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३ == [[चित्र:Wikipedia Asian Month Logo Mr.svg|right|400px|frameless]] प्रिय विकिसदस्य, '''[[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३|विकिपीडिया आशियाई महिना ]]''' हे विकीमेडियन्स द्वारा स्थापन केलेले एक वार्षिक अभियान आहे. हे अभियान मुख्यत्वे आशिया खंडातील देश आणि तेथील संस्कृती संबंधित विषयांवरील लेखांवर लक्ष केंद्रित करते. अनेक आशियाई व भारतीय विकिपीडिया समुदायांनी यात भाग घेतलेला आहे. आणि आमची अशी इच्छा आहे की आपण मराठी विकिपीडियावर आपले अमूल्य योगदान द्यावे. प्रकल्प पृष्ठ [[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३|येथे]] उपलब्ध आहे. आपण ही स्पर्धा जिंकल्यास आपण '''विकिपीडिया आशियाई दूत घोषित होऊन तुम्हाला सही केलेले प्रमाणपत्र मिळेल व एक अधिक पोस्टकार्ड मिळेल''' तसेच '''डिजीटल बार्नस्टार''' देखील प्राप्त करू शकता. अधिक माहितीसाठी प्रकल्प पृष्ठ तपासा. [[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३/सहभागी|येथे]] आपली नोंदणी करा आणि [https://fountain.toolforge.org/editathons/wam-mr-2023 हा दुवा] वापरून आपला लेख सादर करा. जर तुम्हाला कोणत्या मदतीची आवश्यकता असेल तर स्थानिक आयोजक [[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे ]], [[सदस्य:Sandesh9822|संदेश हिवाळे]] किंवा [[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] यांना संपर्क करावा. धन्यवाद. :'''आयोजक विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३''' :<small>हा संदेश [[विकिपीडिया:स्वागत आणि साहाय्य चमू|विकिपीडिया मदत चमू]] करिता [[विकिपीडिया:एकगठ्ठा संदेश प्रणाली]] सुविधा वापरून [[विपी:प्रचालक|मराठी विकिपीडिया प्रचालकांमार्फत]] पाठविला गेला असण्याची संभावना आहे.</small> <!-- सदस्य:संतोष गोरे@mrwiki ने https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%B7_%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87/test&oldid=2341857 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == आकाराम दादा पवार यांच्या विकिपीडिया पानाच्या पुनर्स्थापनेची विनंती == नमस्कर, काहि दिवसा अघोधर "[[आकाराम दादा पवार]]" या बद्दलच्या विकिपीडिया पानाला संदर्भांच्या अभावी हटवले आहे. मात्र, माझ्या मते, लिहिलेल्या माहितीची अचूकता सिद्ध करू शकणारे पुरेसे संदर्भ आहेत. [[आकाराम दादा पवार]] यांनी लोकांसाठी आणि देशासाठीही मोलाचे योगदान दिले आहे आणि त्यांच्या कार्याबद्दल लोकांना माहिती असणे महत्त्वाचे आहे. मी विनंती करते की तुम्ही विकिपीडिया वर पान पुनर्स्थापीत करा . जर आवश्यक असेल तर, माहितीला आधार देणारे अतिरिक्त संदर्भ देण्यासाठी मी तयार आहे.[[आकाराम दादा पवार]] सारख्या व्यक्तींचे सकारात्मक योगदान ओळखणे आणि त्यावर प्रकाश टाकणे महतवाचे आहे . या विषयाकडे तुमचे लक्ष दिल्याबद्दल धन्यवाद. [[सदस्य:Manasi.M.Pawar|Manasi.M.Pawar]] ([[सदस्य चर्चा:Manasi.M.Pawar|चर्चा]]) १३:५०, १५ डिसेंबर २०२३ (IST) :{{साद|Manasi.M.Pawar}}, नमस्कार, आपल्या सदरील लेखावर संदेश हिवाळे यांनी [https://mr.m.wikipedia.org/wiki/सदस्य_चर्चा:Sandesh9822 त्यांच्या चर्चा पानावर] उत्तर दिले आहे. काही शंका असतील तर तेथे पुढील चर्चा करू शकता. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:५९, १८ डिसेंबर २०२३ (IST) == Invitation to Organize Feminism and Folklore 2024 Writing Competition == <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;> [[File:Feminism and Folklore 2024 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <center>''{{int:please-translate}}''</center> Dear {{PAGENAME}}, Hope you are doing well, Wishing you a Happy New Year!. We extend a heartfelt invitation to you to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2024|Feminism and Folklore 2024]]''' writing competition, which is scheduled to take place from February 1, 2024, to March 31, 2024. This year's edition of Feminism and Folklore will concentrate on feminism, women's issues, and gender-focused topics, aligning with a Wiki Loves Folklore gender gap focus and featuring a folk culture theme on Wikipedia. This year we have created two new Tools for the Feminism and Folklore project. The tool is called '''Campwiz'''. This tool is created by the international Tech team of Wiki Loves Folkore especially crafted for Feminism and Folklore project. The tool works as same as fountain or dashboard but has extra abilities required for jury and submission of articles. To create a new campaign on Campwiz, organizers to follow these steps: # Go to the tool link: <nowiki>https://tools.wikilovesfolklore.org/</nowiki> # Select your wiki on which you want to organize the campaign (enter the name or short code, such as "{{CONTENTLANG}}" for {{#language:{{PAGELANGUAGE}}}} {{SITENAME}}). # Give your campaign a name example "Feminism and Folklore 2024 on {{#language:{{PAGELANGUAGE}}}} {{SITENAME}})". # Select the start and end dates (note: keep your start date as Feb 1 and end date as March 31). # Provide a description for your campaign (you can briefly describe the campaign in this section). # Make sure to keep the checkboxes ticked for "Allow users to submit articles that were not created but expanded." if you want to use the campaign for expanded articles also. # Keep minimum added bytes as 4000 and minimum added words as 400 and click next. # In the jury section, keep the checkboxes ticked for "Allow jury members to participate in the campaign" and "Prevent jury members from seeing each other's votes." As per your preference. # Under the jury search box, type the username of your jury and click on the "+" button to add; you can add multiple jury members. # Click next to review and then click on save. With this we have also created a '''Missing article tool'''. This tool identifies articles in the English Wikipedia that are absent from your native language Wikipedia. You can customize your selection criteria, and our tool will provide you with a table displaying the missing articles along with suggested titles. You also have the option to download the list in both CSV and wikitable formats. Both tools, the Missing Article Tool and the Campwiz Tool, are now available for public use during the Feminism and Folklore campaign. You can find more information about these tools here: <nowiki>https://tools.wikilovesfolklore.org/</nowiki> There are also some changes in the rules and criteria's. Please go through the rules below. # '''Minimum Length:''' The expanded or new article should have a minimum of '''''4000 bytes or 400 words''''', ensuring sufficient depth and coverage of the chosen topic. The local organizers are free to choose the minimum length criteria as per needs of their local Wikipedia and must be clearly mention on local project page. # '''Language Quality:''' Articles should not be poorly machine-translated, ensuring that language quality and readability are maintained at a high standard. # '''Timeline of Creation or Expansion:''' The article should be created or expanded between 1 February and 31 March, aligning with the specified contest timeline. # '''Theme Relevance''': Articles should directly address the theme of feminism and folklore, exploring connections between gender, cultural traditions, and intangible heritage. # '''No Orphaned Articles:''' Articles must not be orphaned, meaning they should be linked from at least one other article to ensure visibility within the Wikipedia ecosystem. # '''No Copyright violations:''' There should be no copyright violations, and articles should adhere to local Wikipedia policies on notability, ensuring that the content meets the standards for notability. # '''Adequate references and Citations:''' Each article should include proper references and citations following local Wikipedia policies, ensuring the reliability and credibility of the information presented. Learn more about the contest details and prizes on our project page [[:m:Feminism and Folklore 2024|here]]. Should you require any assistance, please feel free to contact us on our meta talk page or via email. We eagerly anticipate your enthusiastic coordination and participation in Feminism and Folklore 2024. Thank you and Best wishes, '''Feminism and Folklore 2024 International Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १२:२१, १८ जानेवारी २०२४ (IST) </div></div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf&oldid=26088038 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a medical contributors! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> {| style="background-color: #fdffe7; border: 1px solid #fceb92;" |rowspan="2" style="vertical-align: middle; padding: 5px;" | [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|130px]] |style="font-size: x-large; padding: 3px 3px 0 3px; height: 1.5em;" |'''The 2023 Cure Award''' |- | style="vertical-align: middle; padding: 3px;" |In 2023 you '''[https://mdwiki.org/wiki/WikiProjectMed:WikiProject_Medicine/Stats/Top_medical_editors_2023_(all) were one of the top medical editors in your language]'''. Thank you from [[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med]] for helping bring free, complete, accurate, up-to-date health information to the public. We really appreciate you and the vital work you do! Wiki Project Med Foundation is a [[meta:Wikimedia_thematic_organizations|thematic organization]] whose mission is to improve our health content. '''[https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdWfjVFbDO4ji-_qn2SsAgdCflhcOZychLnr1JUacsPaBr1eA/viewform Consider joining for 2024]''', there are no associated costs. Additionally one of our primary efforts revolves around translation of health content. We invite you to '''[https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php try our new workflow]''' if you have not already. Our dashboard automatically [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/leaderboard.php collects statistics] of your efforts and we are working on [https://mdwiki.toolforge.org/fixwikirefs.php tools to automatically improve formating]. |} Thanks again :-) -- [https://mdwiki.org/wiki/User:Doc_James <span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>] along with the rest of the team at '''[[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med Foundation]]''' ०३:५५, ४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) </div> <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_Other_Language_Editors_2023&oldid=26173705 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == एक लेख जोडा == [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ अलीकडील मृत्यू]] या लेखात मला एक नाव जोडायचे आहे– 👉🏻[[हेगे गींगोब]]👈🏻, धन्यवाद! --[[सदस्य:Ayesha46|Ayesha46]] ([[सदस्य चर्चा:Ayesha46|चर्चा]]) ०८:१६, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :ठीक आहे जोडूया. याच सोबत [[फेब्रुवारी ४]] मध्ये मृत्यू या मथळ्या खाली आपण सदरील लेखनाव जोडू शकता.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:०८, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) ::सल्ल्याबद्दल धन्यवाद, तुम्ही सांगितल्याप्रमाणे मी ते संपादन केले -- [[सदस्य:Ayesha46|Ayesha46]] ([[सदस्य चर्चा:Ayesha46|चर्चा]]) २३:००, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == कृपया इतर संपादकांना मदत करा == आपण अलीकडे [[सदस्य:Sohan wankhade]] यांचे सदस्य पान (Userpage) [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%3ASohan_wankhade&diff=2326837&oldid=2326800 पूर्णपणे रिक्त केले] होते [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%3ASohan_wankhade&diff=2327312&oldid=2327310 ते ही अनेक वेळा]. आपले कारण "विकिपीडिया चा वैयक्तिक वापर" होते. मी तुमचे लक्ष [[:en:WP:UPYES|WP:UPYES]] वर आणू इच्छितो, हे धोरण प्रत्येक विकिपीडियाच्या सदस्य पानांवर लागू होते (दुर्दैवाने ते मराठी विकिपीडियावर अस्तित्वात नाही, पण तरीही मराठी विकिपीडियावर लागू होते.) त्यात स्पष्टपणे "Non-article Wikipedia material such as reasonable Wikipedia humor, essays and perspectives, personal philosophy, comments on Wikipedia matters allowed" लिहिले आहे. त्यामुळे तुम्ही जे केले त्याऐवजी काही मजकूर तिथेच राहू द्यायला हवे होते आणि त्याला समजावून सांगायला हवे होते. तसे, मी ते केले आहे. धन्यवाद. (You recently had completely blanked User:Sohan wankhade's userpage multiple times. Your reason was "विकिपीडिया चा वैयक्तिक वापर". I would like to bring your notice to [[:en:WP:UPYES|WP:UPYES]], a policy applicable to all wikipedias' userpages (unfortunately it doesn't exist in marathi wikipedia, but is still applicable). It clearly says "Non-article Wikipedia material such as reasonable Wikipedia humor, essays and perspectives, personal philosophy, comments on Wikipedia matters allowed'. So you should rather have let some content stay there and explain him why you reduced it. By the way, I have did it. Thank you.) [[सदस्य:ExclusiveEditor|<span style="background:Orange;color:White;padding:2px;">Exclusive</span><span style="background:black; color:White; padding:2px;">Editor</span>]] [[सदस्य चर्चा:ExclusiveEditor|<sub>Notify Me!</sub>]] [[सदस्य:ExclusiveEditor|ExclusiveEditor]] १९:४३, १२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :{{साद|ExclusiveEditor}}नमस्कार, कृपया काही अतिरिक्त खुलासे कराल तर फार बरे होईल. :# ''कृपया इतर संपादकांना मदत करा'' - आजपर्यंत मी कुणाकुणाला मदत केली नाही त्यांची नावे येथे नमूद करावीत. :# ''Redundancy'' - आपण येथील संपादन सारांश मध्ये Redundancy (म्हणजे अतिरेक) असे नमूद केले आहे. मी नक्की कशाचा अतिरेक केला आहे? :# ''ते ही अनेक वेळा'' - मी नक्की सदरील सदस्याचे सदस्य पान कितीवेळा रिकामे केले याची निश्चित संख्या येथे नमूद केल्यास अजून बरे होईल. :# ''आणि त्याला समजावून सांगायला हवे होते. तसे, मी ते केले आहे'' - आपण Sohan wankhade यांचे चर्चा पान तपासले आहे का? उलट मी तरी त्यांना एकवेळा सूचना दिली आहे; आपण कधी आणि कुठे दिलीय? :::: अपेक्षा आहे की योग्य आणि मुद्देसूद उत्तरे द्याल.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:१८, १२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) तुमच्या प्रश्नाची उत्तरे: # मी सहमत आहे की तुम्ही इतरांना मदत करण्यासाठी खरोखरच एक प्रशंसनीय काम केले आहे आणि "'''कृपया इतर संपादकांना मदत करा'''" हे शीर्षक अंशतः चुकीचे असू शकते, परंतु मला असे म्हणायचे आहे की फक्त या एका प्रकरणात तुम्ही User:Sohan wankhade यांशी बोलायला हवे होते. # तुमच्या चर्चा पानावरील माझे दुसरे संपादन तांत्रिक(Technical) होते, ज्यात मी माझी 'डिझाइनशिवाय डुप्लिकेट स्वाक्षरी' काढून टाकली. त्यामुळे माझे संपादन सारांश 'Redundancy' होते आणि तुमच्याशी संबंधित नव्हते. # मी तुमचे पहिले संपादन "'''पूर्णपणे रिक्त केले'''" या शब्दासह ''विकिलंक'' केले आहे आणि सोबतच '''"ते ही अनेक वेळा'''" तुमच्या पुन्हा रिक्त केलेल्या संपादन सोबत ''wikilink'' केले होते. अशा प्रकारे मी तुमच्या दोन्ही संपादनांचा अप्रत्यक्षपणे उल्लेख केलेले आहे. # तुम्ही त्याला (UserːSohan Wankhade) सांगायला हवे होते की वापरकर्ता पानावर फक्त '''काही''' विकिपीडिया संबंधित नसलेल्या सामग्रीला '''परवानगी आहे'''. तुम्ही त्याच्यासाठी [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे|चुकीचा धोरणात्मक लेख]] देखील जोडले आहे, कारण त्यात त्याच्या प्रकरणाचा (कविता) कुठेही उल्लेख केलेला नाही, पण स्वत: लिहिलेल्या कवितांना परवानगी नाही या निष्कर्षावर तुम्ही कसे पोहोचलात हे देखील त्याला सांगितले नाही. # ''आपण कधी आणि कुठे दिलीय (सूचना)?''- कृपया माझे संपादन सारांश पहा: [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Sohan_wankhade&action=history UserːSohan wankhade's history] आणखी दोन गोष्टीː * मी मान्य करतो की मी लिहिण्यासाठी मशिन ट्रान्सलेशन वापरतो कारण मराठीत टाईप करण्यास खूप वेळ लागतो, तथापि मला मराठी माहित आहे, आणि माझे लेखन पुरेसे वाचनीय आहे. *मला तुमच्याशी वाद घालायचे नाही आणि तूम्ही माझे शत्रूही नाही आहात. मला फक्त तूम्च्याकडे या घटनेची नोंद करायची होती, आणि नवीन वापरकर्त्यांना ते स्वतः समस्याग्रस्त आहेत असे वाटणार नाही याची खात्री करून घ्यायची आहे कारण त्यांना असे वाटल्यास ते मदत करणार नाहीत. (कोणतेही शब्दलेखन चुकीचे असल्यास क्षमस्व.) [[सदस्य:ExclusiveEditor|<span style="background:Orange;color:White;padding:2px;">Exclusive</span><span style="background:black; color:White; padding:2px;">Editor</span>]] [[सदस्य चर्चा:ExclusiveEditor|<sub>Notify Me!</sub>]] [[सदस्य:ExclusiveEditor|ExclusiveEditor]] १५:५७, १३ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :* ३. ''पूर्णपणे रिक्त केले'' आणि ''ते ही अनेक वेळा'' - माफ करा, दोन वेळा (twice) आणि अनेकवेळा (multiple times) यात फरक आहे. मी सदरील सदस्याचे सप्टेंबर २०२३ मध्ये सदस्य पान केवळ दोन वेळा रिक्त केले आणि त्याच सोबत त्यांच्या चर्चा पानावर एक सूचना टाकली होती. त्यानंतर देखील सदरील सदस्य स्वतःचे सदस्य पान पुन्हा पुन्हा संपादत होते. जास्त गंभीर सूचना दिल्यास सदस्य विकिपीडियावर येणे कमी करू शकतो, म्हणून मी त्यांच्या कडे थोडे दुर्लक्ष केले. माझ्या मते असे करणे योग्य होते. :* ४. ''वापरकर्ता पानावर फक्त काही विकिपीडिया संबंधित नसलेल्या सामग्रीला परवानगी आहे. तुम्ही त्याच्यासाठी चुकीचा धोरणात्मक लेख देखील जोडले आहे'' - कृपया बारकाईने निरीक्षण करावे, सदरील सदस्य सात वर्षांपासून विकिपीडियावर असून या पूर्ण कार्यकाळात त्यांनी मराठी विपी वर आजपावेतो तब्बल २० संपादने केली असून ती सर्व केवळ स्वतःच्या सदस्य पानावरील आहेत. त्यांनी अजून एकही उपयुक्त संपादन केलेले नाही. याचा अर्थ सदरील सदस्य विकिपीडियाचा वापर [[अनुदिनी]] (personal blog) प्रमाणे करत आहे. यासाठी आपण त्यांच्या विकिमिडिया वरील संपादनाचा [https://commons.m.wikimedia.org/wiki/Commons:Deletion_requests/Files_uploaded_by_Sohan_wankhade हा इतिहास] पहावा. येथे त्या ठिकाणच्या प्रचालकानी Out of Scope, personal photo असा शेरा दिला आहे. हेच माझे म्हणणे मराठी विपी वरील संपदानाबाबत आहे. यासाठी मी तुम्हाला दोन दुवे देतो, इंग्रजी [[en:Wikipedia:User pages#What may I not have in my user pages?|What may I not have in my user pages?]] (तुम्हाला इंग्रजीचा सराव जास्त आहे म्हणून) आणि मराठी [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे#विकिपीडिया म्हणजे ब्लॉग, वेबस्पेस पुरवठादार कंपनी, सोशल नेटवर्क संकेतस्थळ अथवा कुणाचे स्मारक संकेतस्थळ नव्हे|विकिपीडिया म्हणजे ब्लॉग, वेबस्पेस पुरवठादार कंपनी, सोशल नेटवर्क संकेतस्थळ अथवा कुणाचे स्मारक संकेतस्थळ नव्हे]]. सदरील नियम मला जास्त महत्वाचा वाटतो. माझा सारांश - सदस्य विपिवर योगदान देत असल्यास त्याचा हेतू शुद्ध मानल्या जाऊ शकतो. अशा वेळी त्याने सदस्य पानावर माहिती चौकट साचा जोडणे, सुविचार, आपला विपत्र पत्ता देणे, फेसबुक सहित इतर समाज माध्यमांचे दुवे देणे चालू शकते (जसे की तुम्ही म्हणत आहात). परंतु जर तो केवळ सदस्य पानावर वारंवार संपादन करत असेल तर तो हेतू पूर्वक ब्लॉग प्रमाणे विपीचा दुरुपयोग करत असतो. :: ''वि. सु. - सप्टेंबर २०२३ पासून मी सदरील सदस्यांकडे ([[सदस्य:Sohan wankhade]]) दुर्लक्ष केले होते. परंतु तुम्ही आज तब्बल सहा महिन्यांनी अनाकलनीय रित्या त्यांची बाजू मांडत आहात म्हणून आता त्यांच्यावर जास्त लक्ष दिल्या जाईल. कदाचित ते प्रतिबंधित देखील होऊ शकतील. -:[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:३८, १४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०१:०४, १४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == Translation help == Hi, can you please translate (localize per your wiki) [[सदस्य:CampWiz Bot/wlf.json|these summaries]] in Marathi for the bot? [[सदस्य:Nokib Sarkar|Nokib Sarkar]] ([[सदस्य चर्चा:Nokib Sarkar|चर्चा]]) १२:५४, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :Hi, as per my opinion, most of the part is already translated in Marathi. Translation of the table isn't necessary. @[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] , am I right? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:१९, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) ::Just to confirm, are you talking about the edit summaries listed in [[सदस्य:CampWiz Bot/wlf.json]]? [[सदस्य:Nokib Sarkar|Nokib Sarkar]] ([[सदस्य चर्चा:Nokib Sarkar|चर्चा]]) १८:१८, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :::Yes. I am talking about the same. Which part do you want to translate in Marathi? As per my knowledge the table is a software programming language, about which I have no idea. For more kindly get the help from @[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] or @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]], they may help you. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:३७, २३ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०२:०५, ३० मार्च २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुहानी भटनागर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १६:३०, २ जून २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २०:३०, २ जून २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुहानी भटनागर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = 91 words) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २३:३०, ८ जून २०२४ (IST) == राजगड तालुका मॅप Add करा == https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/9/94/Velhe_tehsil_in_Pune_district.png [[विशेष:योगदान/2401:4900:550F:B8F7:75A6:5EFE:80ED:A4BA|2401:4900:550F:B8F7:75A6:5EFE:80ED:A4BA]] ०९:५१, १७ ऑगस्ट २०२४ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५४, १७ ऑगस्ट २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. [[विशेष:योगदान/2401:4900:5195:ABC6:CC09:F959:C113:F5B9|2401:4900:5195:ABC6:CC09:F959:C113:F5B9]] १४:१९, ३१ ऑगस्ट २०२४ (IST) :प्रिय अनामिक सदस्य, प्रथम आपण सनोंद प्रवेश करून येथे चर्चा करावी. आपला ip अंकपत्ता नियमित बदलतो, तसेच सनोंद प्रवेश नसल्यास तुमच्याशी चर्चा करता येत नाही. सबब येथे सनोंद प्रवेश करून चर्चा करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १३:२८, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == [[अनंतराव थोपटे]] [[विशेष:योगदान/2401:4900:36C4:605A:DD7E:3A78:DE79:8176|2401:4900:36C4:605A:DD7E:3A78:DE79:8176]] १३:१६, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) :प्रिय अनामिक सदस्य, प्रथम आपण सनोंद प्रवेश करून येथे चर्चा करावी. आपला ip अंकपत्ता नियमित बदलतो, तसेच सनोंद प्रवेश नसल्यास तुमच्याशी चर्चा करता येत नाही. सबब येथे सनोंद प्रवेश करून चर्चा करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १३:२८, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == विनाकारण माहिती आणि संदर्भ खोडल्याबद्दल == हुंडा या लेखात मी काही माहिती जोडली होती. ती माहिती खोडण्याचे काहीही सबब किंवा कारण दिलेले नाही. माहिती चुकीची होती का? याचा खुलासा आपण करावा [[सदस्य:Ranjeetrao.Deshmukh|Ranjeetrao.Deshmukh]] ([[सदस्य चर्चा:Ranjeetrao.Deshmukh|चर्चा]]) २०:५२, १३ सप्टेंबर २०२४ (IST) :# नमस्कार, काहीतरी कारण असेल म्हणून माहिती उडवली असेल ना, मग तिथे विनाकारण हा शब्द योग्य आहे का? असो, विषय बदलायला नको. :#आपण अनेक लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडली आहे. मुळात बशीर मोमीन कवठेकर या एकाच लेखात ती माहिती जोडणे अपेक्षित आहे. वेडात मराठे वीर दौडले सात हा चित्रपट बशीर मोमीन कवठेकर यांच्या कादंबरीवर आधारित आहे सबब, तिथे माहिती जोडणे ठिक आहे. परंतु आपण [[हुंडा]] आणि [[भारतातील हुंडा प्रथा]] या दोन लेखात समान मजकूर जोडलात, हे अयोग्य आहे. हुंडा हा शब्द जिथे जिथे आला तिथे लगेच एकसमान माहिती जोडणे हे अपेक्षित नाही. :#आपण [[भारतातील हुंडा प्रथा]], [[हुंडा]], [[मराठी रंगभूमी]], [[आणीबाणी (भारत)]], [[वेडात मराठे वीर दौडले सात (चित्रपट)]], [[नाटक]], [[बशीर मोमीन (कवठेकर)]], [[इ.स. २०२१]] तसेच [[इ.स. १९४७]] या लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडली आहे. या पैकी [[वेडात मराठे वीर दौडले सात (चित्रपट)]], [[बशीर मोमीन (कवठेकर)]], [[इ.स. २०२१]] तसेच [[इ.स. १९४७]] या लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडणे हे योग्य आहे. परंतु बशीर मोमीन कवठेकर यांनी केलेले विविध कार्य प्रत्येक वेगवेगळ्या लेखात जोडण्या ऐवजी बशीर मोमीन कवठेकर या एकाच जोडणे अपेक्षित आहे. तरीही मी केवळ हुंडा आणि भारतातील हुंडा प्रथा या दोन लेखातील माहिती तितकी उडवली आहे. कृपया कवठेकर यांची योग्य ती विश्वकोशीय माहिती आपण त्यांच्या नावातील लेखात जोडताल असे अपेक्षित आहे. :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:५०, १३ सप्टेंबर २०२४ (IST) ::नमस्कार, ::आधी माहिती खोडताना त्याचे कारण दिले नव्हते म्हणूनच विनाकारण म्हटले. एखाद्याला व्याकरण आवडणार नाही, एखाद्याला भाषातले शब्द प्रयोग आवडणार नाहीत ..असं बरच काही असू शकते. त्यामुळे, विशेषता, दुसऱ्याची माहिती जेव्हा आपण खोडतो तेव्हा थोडेसे स्पष्टीकरण देणे उचितच ठरेल. ::वाचक जेव्हा विकिपीडियावर कोणताही विषय वाचतो तर तेव्हा एकसंध आणि परिपूर्ण माहिती तेथे उपलब्ध असेल तर ते वाचकास निश्चितच फायद्याचे ठरते. त्यामुळे असे माहिती किंवा संदर्भ जोडणे यात गैर काही नाही. [[सदस्य:Ranjeetrao.Deshmukh|Ranjeetrao.Deshmukh]] ([[सदस्य चर्चा:Ranjeetrao.Deshmukh|चर्चा]]) २१:१५, १७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == [[अनंतराव थोपटे]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १४:२३, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) [[अनंतराव थोपटे]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १४:२७, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) :@[[सदस्य:राहुलया|राहुलया]], नमस्कार, अनंतराव थोपटे या लेखात माहिती चौकट जोडली आहे. आपण ती व्यवस्थित भरावी. काही शंका निर्माण झाल्या तर त्या येथे विचाराव्यात. कोणतीही घाई करू नये. तसेच सदरील लेख हा भाषण किंवा व्यक्ती चरित्र लिहल्या सारखा झाला आहे. जमल्यास [[विलासराव देशमुख]] या लेखाचा अभ्यास करून त्या प्रमाणे अनंतराव थोपटे हा लेख लिहावा. भाषा शैली विश्वकोशीय असावी, ललित लिखाण किंवा भाषणा प्रमाणे नसावी. योग्य ते संदर्भ जोडावेत. विशेषणे तसेच स्तुतीसुमने टाळावीत. आणि हो चुका होऊ द्या आपण त्या हळू हळू दुरुस्त करूया.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:१०, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे image upload करणे == <nowiki>https://atcbhor.com/img/founder.jpg</nowiki> [[विशेष:योगदान/2401:4900:5030:448E:4CF9:B046:7915:EB80|2401:4900:5030:448E:4CF9:B046:7915:EB80]] १६:१०, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर image upload करणे == <nowiki>https:[[//atcbhor.com/img/founder.jpg</nowiki>]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १६:२६, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) :@[[सदस्य:राहुलया|राहुलया]], आपण सनोंद (म्हणजे लाँग इन) करून येथे संपादने करावीत. अन्यथा ना लेख व्यवस्थित होईल ना तुम्हाला मार्गदर्शन करता येईल. यापुढे दक्षता घेणे. आणि हो अकारण चुकीची संपादने चालूच ठेवल्यास कोणताही प्रचालक सदरील लेख कायम उडवेल, सबब सूचनांकडे दुर्लक्ष करू नये. याच बरोबर कोणत्याही संकेतस्थळावरील चित्र येथे जोडता येत नाही. यासाठी विकिमिडियावर ते उपलब्ध असावे लागते, आणि तेही स्वतः काढलेले प्रताधिकार मुक्त (म्हणजे कॉपी राईट फ्री) असावे लागते.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:२६, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) == Join the Wikipedia Asian Month Campaign 2024 == <div lang="en" dir="ltr"> Dear 2022 & 2023 WAM Organizers, Greetings from Wikipedia Asian Month User Group! The [[m:Wikipedia_Asian_Month_2024|Wikipedia Asian Month Campaign 2024]] is just around the corner. We invite you to register your language for the event on the "[[m:Wikipedia_Asian_Month_2024/Join_an_Event|Join an event]]" page and once again become an organizer for your language's Wikipedia. Additionally, this year we have selected [[m:Wikipedia_Asian_Month_User_Group/Ambassadors|ambassadors]] for various regions in Asia. If you encounter any issues and need support, feel free to reach out to the ambassador responsible for your area or contact me for further communication. We look forward to seeing you again this year. Thank you! [[File:Wikipedia Asian Month Logo.svg|thumb|100px|right]] [[m:User:Betty2407|Betty2407]] ([[m:User talk:Betty2407|talk]]) 11:00, 20 October 2024 (UTC) on behalf of [[m:Wikipedia_Asian_Month_2024/Team|Wikipedia Asian Month 2024 Team]] <small>You received this message because you was an organizer in the previous campaigns. - [[m:User:Betty2407/WAMMassMessagelist|Unsubscribe]]</small> </div> <!-- सदस्य:Betty2407@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Betty2407/WAMMassMessagelist&oldid=27632678 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Invitation to Participate in the Wikimedia SAARC Conference Community Engagement Survey == Dear Community Members, I hope this message finds you well. Please excuse the use of English; we encourage translations into your local languages to ensure inclusivity. We are conducting a Community Engagement Survey to assess the sentiments, needs, and interests of South Asian Wikimedia communities in organizing the inaugural Wikimedia SAARC Regional Conference, proposed to be held in Kathmandu, Nepal. This initiative aims to bring together participants from eight nations to collaborate towards shared goals. Your insights will play a vital role in shaping the event's focus, identifying priorities, and guiding the strategic planning for this landmark conference. Survey Link: https://forms.gle/en8qSuCvaSxQVD7K6 We kindly request you to dedicate a few moments to complete the survey. Your feedback will significantly contribute to ensuring this conference addresses the community's needs and aspirations. Deadline to Submit the Survey: 20 January 2025 Your participation is crucial in shaping the future of the Wikimedia SAARC community and fostering regional collaboration. Thank you for your time and valuable input. Warm regards,<br> [[:m:User:Biplab Anand|Biplab Anand]] <!-- सदस्य:Biplab Anand@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Biplab_Anand/lists&oldid=28078122 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a medical contributors! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> {| style="background-color: #fdffe7; border: 1px solid #fceb92;" |rowspan="2" style="vertical-align: middle; padding: 5px;" | [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|130px]] |style="font-size: x-large; padding: 3px 3px 0 3px; height: 1.5em;" |'''The 2024 Cure Award''' |- | style="vertical-align: middle; padding: 3px;" |In 2024 you '''[[mdwiki:WikiProjectMed:WikiProject_Medicine/Stats/Top_medical_editors_2024_(all)|were one of the top medical editors in your language]]'''. Thank you from [[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med]] for helping bring free, complete, accurate, up-to-date health information to the public. We really appreciate you and the vital work you do! Wiki Project Med Foundation is a [[meta:Wikimedia_thematic_organizations|thematic organization]] whose mission is to improve our health content. '''[[meta:Wiki_Project_Med#People_interested|Consider joining for 2025]]''', there are no associated costs. Additionally one of our primary efforts revolves around translating health content. We invite you to '''[https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php try our new workflow]''' if you have not already. Our dashboard automatically [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/leaderboard.php collects statistics] of your efforts and we are working on [https://mdwiki.toolforge.org/fixwikirefs.php tools to automatically improve formating]. |} Thanks again :-) -- [[mdwiki:User:Doc_James|<span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>]] along with the rest of the team at '''[[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med Foundation]]''' ११:५४, २६ जानेवारी २०२५ (IST) </div> <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_Other_Language_Editors_2024&oldid=28172893 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == मार्गदर्शन हवे == ०१) मजकूर लिहून तो publish करत असताना, मराठी अनिवार्यता असा संदेश येत आहे. तो का? ते कळत नाहीये. कारण मजकूर मराठीमध्येच लिहीत आहे. तसा संदेश आल्यावर काय करावे? ०२) एखादा ब्लॉग official असेल तरीही त्याचा संदर्भ दिलेला चालत नाही का? (तेव्हाही 'मराठी अनिवार्यता' असा संदेश येत आहे. आणि मग dismiss करावे लागत आहे.) तुमच्या admin ला कळवा असे त्यात नमूद केले आहे. ते कोणाला व कसे कळवायचे हे कळत नाहीये. कृपया मार्गदर्शन करावे, ही विनंती. धन्यवाद! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १५:२५, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) :सदरील अडचण [[ज्युडिथ टायबर्ग]] साठीची आहे का? मजकूर जोडताना त्यात संदर्भ नीट जोडला होता का? कदाचित त्यात काही गल्लत झाली असेल. मराठी विकिवर ब्लॉग आणि यूट्यूब वरील विशिष्ट लिंक पोस्ट होत नाहीत. जर ब्लॉग जोडायचा असेल तर माहिती चौकट किंवा बाह्य दुवे मध्ये जोडला जाऊ शकतो, इतरत्र नाही.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:००, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::ता.क. तुम्ही संपादन करत असताना जुडिथ, थिओसिफिकल तसेच असे काही शब्द संपादन गाळणीने नेपाळी किंवा इतर भाषिक म्हणून ओळखल्या. याच सोबत वर्डप्रेसचा दुवा स्व प्रकाशित ब्लॉग म्हणून ओळखला. यावर उपाय म्हणजे इंग्रजी शब्द मराठी अक्षरात लिहिताना थोडे बहुत बदल करून लिहिणे. तसेच वर्डप्रेस किंवा इतर तत्सम दुवे जोडणे टाळावेत. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:१०, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::०१) हो, त्याच लेखाबाबत ही अडचण येत आहे. संदर्भ म्हणून ब्लॉग जोडायचा असेल तर कसे करावे? ::०२) <u>काही शब्द संपादन गाळणीने नेपाळी किंवा इतर भाषिक म्हणून ओळखल्या.</u> - मी काम तसेच पुढे चालू ठेवू ना? काही अडचण नाही ना? ::०३) <u>तसेच वर्डप्रेस किंवा इतर तत्सम दुवे जोडणे टाळावेत....</u> ते संदर्भ वगळता येण्यासारखे नाहीयेत. कारण त्यावरच अधिक authentic data उपलब्ध आहे. काय करावे? ::धन्यवाद! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २०:५८, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) :::इतर भाषिक शब्द म्हणून जरी सूचना आली तरीही आपण काम चालू ठेवावे. काही हरकत नाही. वर्डप्रेस, समाज माध्यमे (सोशल मीडिया) आणि इतर सर्व अनुदिनी (ब्लॉग) संदर्भ म्हणून अजिबात जोडू नका. संदर्भ लगेच नाही मिळाला तरी चालेल.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:१५, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::::ठीक. धन्यवाद!! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १०:३९, ७ फेब्रुवारी २०२५ (IST) == Khadaan (Marathi translation) == @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]], I was editing the Marathi version of the article Khadaan [https://mr.wikipedia.org/wiki/Special:ContentTranslation?title=Special:ContentTranslation&campaign=contributions-page&from=en&to=mr&page=Khadaan&targettitle=%E0%A4%96%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8&revision=1275487694 <nowiki>[1]</nowiki>]. I shall be greatly obliged if you see the technical faults here and publish it. Thank you [[सदस्य:Chachajaan|Chachajaan]] ([[सदस्य चर्चा:Chachajaan|चर्चा]]) १९:०५, १३ फेब्रुवारी २०२५ (IST) == टूल == कॉपी आहे कि नाही चेक करण्यासाठी Tool असेल तर लिंक द्या सर [[सदस्य:AShiv1212|AShiv1212]] ([[सदस्य चर्चा:AShiv1212|चर्चा]]) १७:१४, ४ मार्च २०२५ (IST) :https://copyvios.toolforge.org/?lang=mr :फक्त एवढी काळजी घेणे की विकिपीडियावरून इतरत्र देखील मजकूर कॉपी पेस्ट केलेला असू शकतो. त्यामुळे इतर संकेतस्थळावरून विपी वर आलाय का विपी वरून इतरत्र गेलाय, याचा निर्णय विचार करून घ्यावा.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:५३, ४ मार्च २०२५ (IST) == नारी शक्ती पुरस्कार विजेते == नमस्कार, तुम्ही नारी शक्ती पुरस्कार विजेत्यांवरील लेख तयार करीत असलेले पाहून आनंद झाला. या प्रत्येक विजेत्या आपल्या समाजासाठी उदाहरण आहेत. त्यांच्यावर लेखांद्वारे प्रकाशझोत घातल्याबद्दल धन्यवाद. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ००:०१, १५ मार्च २०२५ (IST) :धन्यवाद सर.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:५५, १५ मार्च २०२५ (IST) == Files without a license == Hi! It seems that you are the only one that is deleting files without a license. You may have told me earlier but what is the reason that you (or someone else) does not delete all of the files in one massdelete? If it is because of the flooding of recent changes then [[:m:Meta:Flood flag]] could be a solution. Or is the reason that you are doing some checks of the files before you delete them? [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:१५, १६ मार्च २०२५ (IST) :Hi, my english is not so fair. So kindly ignore my mistakes. :# I have no bot as well don't know how to use it. :# there may be flooding of in recent changes. :# And yes I check properly every file before deleting it. ::That's why it takes more time. :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:५४, १६ मार्च २०२५ (IST) :: Thank you! Your English is good enough for me. I'm not a native English speaker either :-) And even if I was I would not care about any errors. :: You do not need a bot to delete files faster. You can use a script (see tip at [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]). But you would still flood recent changes unless you get flood flags implemented here. :: Checking files manually takes a lot of time. Too bad the other admins does not help you. Have you found any errors so far? If there are any known types of errors I might be able to have my bot remove the deletion template from similar files. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ००:१२, १७ मार्च २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:MGA73|MGA73]] thanks for your valuable suggestion. Still now there are two problems. :::# it's flooding in recent changes. :::# as an admin, I am checking each and every file before deleting. ::::So, still it will take some time from my side. Once again thanks for your support.- :::[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १४:०३, १७ मार्च २०२५ (IST) ::::As long as more files are fixed/deleted than new files are uploaded it is good :-) I will try to move more files to Commons ([[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons ]] / [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]). --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १५:१५, १७ मार्च २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[शकुंतला मजुमदार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १४:३४, २६ मार्च २०२५ (IST) == विकीडाटा कलम दुरुस्ती == कृपया, खालील पानांची विकीडाटा कलमे दुरुस्त करावीत. # [[:वर्ग:गुजरात विधानसभा]] # [[:वर्ग:महाराष्ट्र विधानसभा]] # [[:वर्ग:महाराष्ट्र विधानसभा निवडणुका]] # [[:वर्ग:दिल्ली विधानसभा निवडणुका]] # [[:वर्ग:बिहार विधानसभा निवडणुका]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:१७, २६ एप्रिल २०२५ (IST) :{{Done}} --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १३:२४, २६ एप्रिल २०२५ (IST) ::# [[:वर्ग:२००२ राष्ट्रकुल खेळ]] ::# [[:वर्ग:२०१० राष्ट्रकुल खेळ]] ::# [[:वर्ग:उल्हासनगर]] ::# [[:वर्ग:कंदहार]] ::# [[:वर्ग:बीजिंग]] ::# [[:वर्ग:क्वांगचौ]] ::# [[:वर्ग:मस्कत]] ::# [[:वर्ग:जेरुसलेम]] ::# [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:इराणमधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:झांबियामधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:सीरियामधील शहरे]] ::[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १०:००, २ मे २०२५ (IST) :::{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:४१, ३ मे २०२५ (IST) ::::फक्त [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] साठी अचूक वर्ग सापडला नाही. कदाचित [[:en:category:Municipalities of Iceland|Municipalities of Iceland]] असावा. @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] नक्की सांगाल का. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:४६, ३ मे २०२५ (IST) ::::: [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] मी दुरुस्त केले आहे, फक्त [[:वर्ग:इराणमधील शहरे]] चुकीच्या पानाशी जोडले आहे. [[:en:category:Cities in Iran]] हे योग्य पान आहे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:१०, ३ मे २०२५ (IST) {{साद|संतोष गोरे}} # [[:वर्ग:सुदानमधील शहरे]] # [[:वर्ग:कोसोव्होमधील शहरे]] # [[:वर्ग:कँडी]] # [[:वर्ग:मेरठ]] # [[:वर्ग:हंपी]] # [[:वर्ग:आग्रा]] # [[:वर्ग:जोरहाट]] # [[:वर्ग:बंगळूर]] # [[:वर्ग:जाफना]] # [[:वर्ग:गुवाहाटी]] # [[:वर्ग:प्रयागराज]] # [[:वर्ग:विजयवाडा]] # [[:वर्ग:बेळगांव]] # [[:वर्ग:गुलबर्गा]] # [[:वर्ग:अलीगढ]] # [[:वर्ग:फैजाबाद]] # [[:वर्ग:तुलूझ]] # [[:वर्ग:नीस]] # [[:वर्ग:बोर्दू]] # [[:वर्ग:लेंस]] # [[:वर्ग:कराची]] # [[:वर्ग:नेपियर]] # [[:वर्ग:वेलिंग्टन]] # [[:वर्ग:विशाखापट्टणम]] # [[:वर्ग:मोरोक्कोमधील शहरे]] # [[:वर्ग:पनामामधील शहरे]] # [[:वर्ग:गोवा राज्यातील शहरे व गावे]] # [[:वर्ग:अरुणाचल प्रदेशमधील शहरे]] # [[शहाड]] # [[टिटवाळा]] # [[आसनगाव बुद्रुक]] # [[आसनगाव (डहाणू)]] # [[पळसदरी]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०६, ४ मे २०२५ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:०९, ११ मे २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[शकुंतला मजुमदार]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुकरी बोम्मागौडा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०६:३१, २९ एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुकरी बोम्मागौडा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[बीना शेठ लष्करी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वर्तिका नंदा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सीमा साखरे]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नसीरा अख्तर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुमिता घोष]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनुराधा नाईक]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अमृता पाटील]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १३:३०, २९ एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[लॉरेन पॉवेल जॉब्स]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[ए. सीमा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कलावती देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[दर्शना गुप्ता]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सोनिया जब्बार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुनीता देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिझो हमेईछे इन्सुइहखावम पॉल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अंबिका बेरी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ११:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[मिनी वासुदेवन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[दिदी कॉन्ट्रॅक्टर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मुमताज काझी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[नंदिता शाह]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सुभा वारियर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मोनिका]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[निकिता ठुकराल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्नेहलता नाथ]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[बीना देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[चामी मुर्मू]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[लतिका ठुकराल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[प्रियंवदा सिंग]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[पुष्पा गिरिमाजी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[निल्झा वांगमो]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[कमल कुंभार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मीरा ठाकूर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मधु जैन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सीमा मेहता]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[बानो हरालू]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[दीपिका कुंडजी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[वनस्त्री]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[लक्ष्मी गौतम]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सुपर्णा बक्षी गांगुली]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[नंदिता कृष्णा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[रेवण्णा उमादेवी नागराज]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्मिता तंडी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मालविका अय्यर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[साईलक्ष्मी बालीजेपल्ली]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्वराज विद्वान]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनोयारा खातून]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[पी. कौसल्या]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नेहा किरपाल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १६:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) :@[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]] नमस्कार, [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५ |स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] प्रकल्पात मी जे लेख लिहिलेत ते [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५#नियम|नियमांना]] अनुसरून आहेत असे मला वाटते. कृपया पहिला नियम पाहावा, त्यानुसार 'लेख विस्तारित किंवा नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द असणे आवश्यक आहे.' यानुसार माझे सर्व लेख आहेत. परंतु आपण काही लेख रिजेक्ट केले आहेत अशी सूचना दिसून येत आहे. खुलासा कराल का..? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:०१, ३० एप्रिल २०२५ (IST) ::नमस्कार, मी वापरत असलेल्या [https://tools.wikilovesfolklore.org/campwiz/campaign/110 या] टूलमध्ये लेखात नव्याने जोडलेली शब्दसंख्या ३०० पेक्षा कमी दाखवत आहे (नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द). या कारणाने काही लेख नामंजूर केले आहेत, तथापि हा निकाल अंतिम समजू नये. टूल मधील त्रुटी शोधून लेखांना पुन्हा तपासले जाईल. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १८:२७, ३० एप्रिल २०२५ (IST) सादर केलेल्या काही लेखांची एकूण शब्दसंख्या (संदर्भातील शब्द वगळून) 300 पेक्षा कमी आढळून येत आहे. आणि असे लेख नामंजूर करण्यात आले आहेत. तथापि, माझ्याकडून मोबाईलवर संपादन करताना काही लेखांवर "300 पेक्षा कमी शब्द असल्याची टीप" टाकली गेली, प्रत्यक्षात ते 300 पेक्षा जास्त शब्दांचे व '''मंजूरही''' झालेले लेख आहेत. अनावश्यक ठिकाणी असलेली ती टीप काढून टाकली जाईल. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> २१:११, ३० एप्रिल २०२५ (IST) :'नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द असणे आवश्यक आहे.' या नियमानुसार शब्द संख्या जरी ३०० भरली नाही तरी बाईट्स च्या नियमात सर्व लेख बसतात असे मला वाटते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:५२, ३० एप्रिल २०२५ (IST) ::ठीक. मी लवकरच सर्व लेखांची पुनर्तपासनी करेन. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> ११:०७, ३ मे २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] Don't worry where the स्थिती = approved and note = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली. That is a system bug I feel because I am also facing the same. I will ask developer to fix it soon. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १९:०९, ३ मे २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सौरभ सुमन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = लेखाची शब्दसंख्या २६८ आहे) * [[बसंती देवी (पर्यावरणतज्ज्ञ)]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[उत्तरा पडवार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मीना शर्मा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वासु प्रिमलानी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कृष्णा यादव]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[छांव फाउंडेशन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[साधना महिला संघ]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २१:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[बीना शेठ लष्करी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वर्तिका नंदा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सीमा साखरे]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नसीरा अख्तर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुमिता घोष]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनुराधा नाईक]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अमृता पाटील]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[लॉरेन पॉवेल जॉब्स]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[ए. सीमा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कलावती देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[दर्शना गुप्ता]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सोनिया जब्बार]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुनीता देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिझो हमेईछे इन्सुइहखावम पॉल]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अंबिका बेरी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिनी वासुदेवन]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[दिदी कॉन्ट्रॅक्टर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[मुमताज काझी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[नंदिता शाह]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[सुभा वारियर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[मोनिका]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[निकिता ठुकराल]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[स्नेहलता नाथ]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[बीना देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १९:३०, ३ मे २०२५ (IST) == [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote]] == I see that you use the script to mass delete. That makes things easier :-) One of the users with many uploads is [[User:Archanapote]]. I have asked user to add a license because user was active. But I asked in English. If Archanapote confirm to be the photographer and confirm a license I can fix the files with my bot. Same if any other users are active. If you ask any users in local language and get a reply just let me know. [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १९:४२, ८ मे २०२५ (IST) :{{झाले}}- sent her a message. Let's see what happens.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:५६, ८ मे २०२५ (IST) And now that you use "Files uploaded by ..." to delete files I have started removing those categories from all files with a license template. That should make it easier. I can also add a non-free template to logos. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:४५, १० मे २०२५ (IST) Removed... * Except [[:वर्ग:Files uploaded by Rahuldeshmukh101]] that seems to be active. So Rahuldeshmukh101 should be able to add a license. * Except [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote - cc]] that are all licensed Creative Commons but Archanapote could perhaps check the files. Perhaps you can leave a note to Rahuldeshmukh101 and skip those categories for now. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:०३, १० मे २०२५ (IST) :Thanks for your help. I need ''category:Files uploaded by...'' so that I can check and delete those files using the script to mass delete. And yes, it will be better if you make 50 to 100 files in each category.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:२२, १० मे २०२५ (IST) :: Okay. I will add a license to a number of logos first and then I can split up the files in smaller categories. Perhaps you can start with [[:वर्ग:Files uploaded by Kaustubh]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:३३, १० मे २०२५ (IST) Hi! Do you mean like with [[:वर्ग:Files uploaded by Bantee]] where I put files in smaller sub categories? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ००:१८, १४ मे २०२५ (IST) :Thanks, it will save my time and speed up the deletion.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०८, १४ मे २०२५ (IST) ::Okay I will make more categories like this soon. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १२:१७, १४ मे २०२५ (IST) The files I nominated for deletion are in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]] and I have only marked files that was unused when I marked them. The Files in "Files uploaded by..." also included files with a license but I removed them from the categories as written above. But I came to think that some files in "Files uploaded by..." may be in use. So my question is if you would like only to delete unused files or if you delete all unlicensed files? Since uploaders had months and years to add a license I doubt they will add one so the files should in my opinion be deleted even if in use. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:३०, १६ मे २०२५ (IST) :At presentI am deleting unused files, that's why I am spending more time to check every nominated file. I have no idea what to do with unlicensed used files. We will discuss it later after the deletion of unlicensed unused files. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १९:५३, १६ मे २०२५ (IST) :: In that case I will move all the unused files in subcategories of "Files uploaded by..." and leave the files in use in the top category. Then it will be easier for you to see which files are in use. :: Unlicensed files is a violation of [[:wmf:Resolution:Licensing_policy]] so they should be deleted too even if they are in use. So they have to be deleted at some point too. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:०६, १६ मे २०२५ (IST) Perhaps you could have a look at the files in [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १८:४६, २२ मे २०२५ (IST) :Those files are may be moved on commons. What to do? Do we have to delete them from mrwiki..? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:४३, २२ मे २०२५ (IST) :Just finished deleting category :Files uploaded by Maihudon. I think that this category includes files use on are.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:४४, २२ मे २०२५ (IST) ::It is much easier to clean up if we delete files locally that are also on Commons. About the files in use they should be in the top category and the unused in the sub categories. The category you mention is empty? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २२:५९, २२ मे २०२५ (IST) :::Emptied [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:०९, २४ मे २०२५ (IST) ::::Even [[:वर्ग:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] too cleared.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:२४, २४ मे २०२५ (IST) :::::Great! I added some more photos to the two categories. And I noticed that some photos were uploaded by Archanapote here and a few days later by Cherishsantosh. I do not know if it is the same user or what happend. I left a message at [[सदस्य_चर्चा:Archanapote#License,_source_and_author_on_your_uploads]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:५२, २४ मे २०२५ (IST) ::::::I marked the rest of the files to day and replaced the usage. So [[:वर्ग:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] should be ready to empty one last time. After that I will wait for the deletion of the files allready marked for deletion. When they are done we can figure out what to check next. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २३:२८, २५ मे २०२५ (IST) Hello! Great work deleting files!!! I have now marked more unused and unlicensed files for deletion. I stopped again because I noticed that the bot flag seems to be expired. The files are in sub categories of [[:वर्ग:Files not in use]] and [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:२६, २६ जून २०२५ (IST) :I think [[:वर्ग:Files not in use - delete]] is having movie poster with valid license, like [[:चित्र:Adgul Madgul 01.jpeg]]. Is it so?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:४२, १४ जुलै २०२५ (IST) :: Yes the license seems valid enough. But the file is not in use. And non-free files are only allowed if they are in use. If the file was removed from an article by a mistake it can be added again. But if it file is no longer needed it should be deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:१७, १४ जुलै २०२५ (IST) :::Recently I have removed ''Category:Files not in use - delete'' from three files, as those are in use, please check. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:१८, १५ जुलै २०२५ (IST) :::: It is good that you check. I had a look at the three files and the files were added to an article after I nominated them for deletion. For example [[Special:Diff/2589153]]. So someone is checking the files that I nominate for deletion. If we could get that user to check the files before they are nominated for deletion it would be good. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:२८, १५ जुलै २०२५ (IST) ::::: I am now adding the files to [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]]. Maybe that will make our secret helper work on the files. I suggest not to delete the files now but wait a few weeks. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:३३, १६ जुलै २०२५ (IST) ::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] could you help to add files in respective pages please? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३८, १६ जुलै २०२५ (IST) :::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] मधील चित्रे योग्य त्या चित्रपटाच्या लेखात जोडता का, जेणेकरून ही चित्रे मराठी विकिपीडियावर तशीच ठेवता येतील.--[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:५९, १९ जुलै २०२५ (IST) ::::::::{{साद|संतोष गोरे}} हो जमेल तेवढे करतो नक्की. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १६:२४, १९ जुलै २०२५ (IST) :::::::::सौम्य स्मरण. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ११:०७, २२ जुलै २०२५ (IST) ::::::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]], केले का काम? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०६:२४, २८ जुलै २०२५ (IST) :::::::::::{{साद|संतोष गोरे}} बहुतांशी सर्व छायाचित्रे योग्य त्या पानांवर जोडली आहेत, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १३:२८, २ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::::::::::::@[[सदस्य:MGA73|MGA73]] kindly check [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] as now most of the files are added in respective pages. Remaining should be now deleted. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १४:४३, २ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::::::::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] and [[User:संतोष गोरे]]. I have now removed the files that are in use. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २३:५६, ३ ऑगस्ट २०२५ (IST) I have added f:iles to [[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]]. Mane are taken from the Internet. They are all unused so I suggest to delete them. Should I add the same deletion tag as on the other files? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ०१:५७, १६ जुलै २०२५ (IST) :[[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]] isn't available. Kindly add [[: वर्ग:files not in use - delete]]. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०८:०६, ४ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::Tiven2240 deleted the files so nothing left to do with those files :-) --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ११:१५, ४ ऑगस्ट २०२५ (IST) == 1,000 == I noticed we are getting closed to 1,000 in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]. Next time you delete the number should get below that number! I hope you have a beer ready or maybe Solkadhi? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:१९, ३० मे २०२५ (IST) == Feminism and Folklore 2025 - Local prize winners == [[File:Feminism and Folklore 2025 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''{{int:please-translate}}'' Dear Wikimedian, Congratulations on your outstanding achievement in winning a local prize in the '''Feminism and Folklore 2025''' writing competition! We truly appreciate your dedication and the valuable contribution you’ve made in documenting local folk culture and highlighting women’s representation on your local Wikipedia. To claim your prize, please complete the [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdONlpmv1iTrvXnXbHPlfFzUcuF71obJKtPGkycgjGObQ4ShA/viewform?usp=dialog prize form] by July 5th, 2025. Kindly note that after this date, the form will be closed and submissions will no longer be accepted. Please also note that all prizes will be awarded in the form of [https://www.tremendous.com/ Tremendous Vouchers] only. If you have any questions or need assistance, feel free to contact us via your talk page or email. We're happy to help. Warm regards, [[:m:Feminism and Folklore 2025|FNF 2025 International Team]] ::::Stay connected [[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]&nbsp; [[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]] </div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १५:५०, २१ जून २०२५ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf25&oldid=28891702 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पारितोषिक क्रमांकाबाबत == नमस्कार, मला स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामध्ये पारितोषिक मिळाले असून त्यासाठी फॉर्म भरण्यास सांगण्यात आले आहे. त्यामध्ये एक प्रश्न - तुम्हाला कितव्या क्रमांकाचे पारितोषिक आहे असा आहे. पण मला अजून तशी कोणतीही मेल किंवा संदेश मिळालेला नाही. त्यामुळे फॉर्म भरण्यात अडचण आहे. मला ते कसे कळेल, कृपया सांगू शकाल का? धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २२:२१, २१ जून २०२५ (IST) :@[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] तसेच @[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]], नमस्कार, अजून विजेत्यांना कोणत्याही प्रकारचा संदेश देण्यात आलेला नाही. सबब वरील प्रश्न अनुत्तरित राहतोय. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:००, २१ जून २०२५ (IST) ::Please check [https://meta.wikimedia.org/wiki/Feminism_and_Folklore_2025/Results#Marathi_Wikipedia] [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) ०८:१५, २२ जून २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:Dharmadhyaksha|Dharmadhyaksha]], @[[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] आणि @[[सदस्य:Vikrantkorde|Vikrantkorde]], [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] प्रकल्पाचा वरील प्रमाणे निकाल जाहीर करण्यात आला आहे. कृपया नोंद घ्यावी.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:३१, २२ जून २०२५ (IST) ::::[[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] या पानावर देखील सदस्यांची नावे नमूद केली आहेत.--[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १२:०१, २२ जून २०२५ (IST) ::::माहितीसाठी धन्यवाद. फॉर्ममध्ये तृतीय क्रमांकाच्या पारितोषिकाचा पर्याय दिलेला नाही. काय करावे? कृपया मार्गदर्शन कराल का? [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १८:३२, २२ जून २०२५ (IST) :::::@[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]], @[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]] यांचे तिसरे बक्षीस आहे की उत्तेजनार्थ? कारण तिसऱ्या बक्षिसाचा पर्याय येत नाहीये. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:३१, २२ जून २०२५ (IST) ::::::Third prize (best article) is given to @[[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]]. Sorry to type in english. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) ०९:१२, २३ जून २०२५ (IST) :::::::धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) ११:५२, २३ जून २०२५ (IST) :::::::नमस्कार, आपले उत्तर मिळाल्यानंतर विकिपीडियाकडून आलेला फॉर्म लगेच भरून पाठविला होता. पण त्यांच्याकडून अद्यापि काहीही उत्तर आलेले नाही. उत्तर अजून येणे अपेक्षित आहे की माझ्याकडून काही राहून गेले ते समजले नाही, म्हणून येथे विचारत आहे. तसदीबद्दल दिलगीर आहे. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १२:३५, १३ जुलै २०२५ (IST) ::::::::वेळ लागतो, बहुतेक एक भेट कार्ड (गिफ्ट व्हाउचर) येते. ज्याद्वारे आपण ऑनलाईन वस्तू खरेदी करणे किंवा बिल भरणा इत्यादी करू शकतो. ईमेल आल्यावर नक्की कळेल.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:४०, १३ जुलै २०२५ (IST) :::::::::ठीक. धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १८:३२, १३ जुलै २०२५ (IST) == Update on files == Hi! I think it might be easier with a new section with status on the cleanup. Files in the categories can be deleted because they are moved to Commons: # [[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons ]] # [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] I have added files from two users to categorie: # [[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]] # [[:वर्ग:Files uploaded by Shreemarkal]] Many are taken from the Internet. They are all unused so I suggest to delete them. Should I add the same deletion tag as on the other files (so they end up in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]])? The unused non-free files have all been added to: # [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] Hopefully someone will help check and add to articles. If not they should be deleted later. These files have no license: # [[:वर्ग:Files with no license]] There are only three options: 1) Add a free license (PD-old for example or if uploader is active and respond), 2) Add a non-free rationale/license or 3) Delete the files. The free files can be moved to Commons if the license claim seems legit and the file seems usable. I have added them to: # [[:वर्ग:Unidentified subjects in India]] That will make sure the files end in a category related to India if moved to Commons. I have some scripts in [[सदस्य:MGA73/common.js]] that might be useful. [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:५२, १७ जुलै २०२५ (IST) :Put your queries about files which are seemed to be downloaded from internet or having some issues on [[विकिपीडिया:चावडी/इतर चर्चा]]. Lets etsuggestions from other admins. Tagg other admins from the list [[विकिपीडिया:प्रचालकांची यादी#विद्यमान प्रचालक|विद्यमान प्रचालक]]. This will be better.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:१६, १७ जुलै २०२५ (IST) :Files in the categories has be deleted. :# [[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] :# [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:२१, १७ जुलै २०२५ (IST) :: Thank you. I moved more files to Commons so there are more to delete :-) --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:१०, १८ जुलै २०२५ (IST) Hello again! I moved a few more to Commons (mostly different name). Perhaps you can delete them? Most of the remaining free files have no description and I think the best is to add a description before files are moved to Commons. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १४:२७, २० जुलै २०२५ (IST) :I just found out that some files were never updated correctly by the wiki-software when I nominated them for deletion so they did not show up in the deletion category. I forced an update of the pages so now they show up. I also found a number of file pages with test but without a file or the file was on Commons. So there are a number of files/pages in [[:वर्ग:लवकर वगळावे विनंत्या]]. Also there are a few NowCommons again. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:३८, २५ जुलै २०२५ (IST) ::I think that you have aaded Delete template, due to which it was not showing delete request in [[:वर्ग: उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]. Most of delete template include [[:वर्ग:लवकर वगळावे विनंत्या]]. So the files nominated for deletion could be seen here. Also you should have to add [[: वर्ग:Files not in use - delete]] for my convenience. Let it, I will definitely delete the nominated files as per my convenience. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १६:०३, २५ जुलै २०२५ (IST) :::I have added [[:वर्ग:Files not in use - delete]] on most of the files. The files that are on Commons but have a local description page are in use but should be deleted because the file is on Commons. I think it will be easier for you if we do not put them in the same category. We can add the other file pages to a category later. I could also add the NowCommons template instead if that makes it easier. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:४३, २५ जुलै २०२५ (IST) ::::LOL you are fast! --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:४४, २५ जुलै २०२५ (IST) :::::I added the remaining files / file pages to [[:वर्ग:Files to delete]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:५२, २५ जुलै २०२५ (IST) :::::thanks, but actually I am just helping you, while you are doing hard work.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १७:०३, २५ जुलै २०२५ (IST) Also perhaps you can add a license to: * [[:File:Wiki.png]] * [[:File:WikiLogo.PNG]] The files are protected so I can't add a license. For example {{tl|Cc-by-sa-3.0}}. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:०२, २५ जुलै २०२५ (IST) :Should I have to add template {{t|Cc-by-sa-3.0}} to above two files? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०६:२२, २८ जुलै २०२५ (IST) ::Yes please. The second file is also on Commons as [[:c:File:Wikipedia-logo-mr.png]] so it could also be replaced and deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १२:२९, २८ जुलै २०२५ (IST) :::It means there is no of [[:चित्र:WikiLogo.PNG]], which is already available on commons. Should I delete it?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १३:१४, २८ जुलै २०२५ (IST) ::::Yes you can delete it. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:३२, २८ जुलै २०२५ (IST) :::::{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १६:१३, २८ जुलै २०२५ (IST) Hello! I added one file to [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]. If there are no response to [[विकिपीडिया:आंतरविकि_दूतावास#Status_in_cleanup_of_files_per_August_2025]] next step could perhaps be that I oprhan files from [[:वर्ग:Files with no license]] so they can be deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:१७, २१ ऑगस्ट २०२५ (IST) == स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६ == [[File:FNF 2026 Mr logo.png|right|400px|frameless]] प्रिय विकिसदस्य, '''[[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]]''' ही विकीमेडियन्स द्वारा स्थापन केलेली एक वार्षिक स्पर्धा आहे. [[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|विकी लव्हस फॉल्कलोर]]ची थीम लिंगभेद कमी करणे आणि लोकांवर लक्ष केंद्रित करणे यावर आधारित आहे. अनेक आशियाई व भारतीय विकिपीडिया समुदायांनी यात भाग घेतला आहे आणि आमची अशी इच्छा आहे की आपण मराठी विकिपीडियावर आपले योगदान द्यावे. योगदानाचा मुख्य हेतू लिंग अंतर कमी करण्यात थेट प्रभाव पाडेल. ही स्पर्धा १ फेब्रुवारी २०२६ रोजी सुरू होऊन ३१ मार्च २०२६ रोजी समाप्त होईल. स्पर्धेतील विजेत्याला तयार केलेल्या पृष्ठांच्या संख्येच्या आधारे घोषित केले जाईल. पहिले स्थानिक बक्षीस - २५ अमेरिकन डॉलर्स, दुसरे स्थानिक बक्षीस - २० अमेरिकन डॉलर्स, तर सर्वोत्कृष्ट निर्णायक लेखासाठी - १५ अमेरिकन डॉलर्स दिले जातील. सहभाग किंवा योगदान करताना येणाऱ्या कोणत्याही समस्यांबाबत अथवा कोणत्याही मदतीसाठी ज्युरी सदस्यांच्या ([[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] किंवा [[सदस्य: संतोष गोरे|संतोष गोरे]]) चर्चा पानावर संदेश लिहा. कृपया [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]] या पृष्ठावरील सर्व सूचना आणि नियम वाचा. तसेच [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६/नोंदणी|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६/नोंदणी]] या पानावर आपली नाव नोंदणी करून स्पर्धेत सहभागी व्हावे. तसेच [https://tools.wikilovesfolklore.org/campwiz/campaign/224/submission/new हा दुवा] वापरून तुम्ही तयार केलेला लेख सादर करावा. :धन्यवाद. :[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] आणि [[सदस्य: संतोष गोरे|संतोष गोरे]] :आयोजक :'''स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:४१, ५ फेब्रुवारी २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf2026&oldid=30030409 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Feminism and Folklore 2026 – Community Organisers & Jury == Hello {{PAGENAME}}!, Thank you for taking the lead in organising '''Feminism and Folklore 2026''' in your community. We truly appreciate your efforts! To ensure a smooth and successful campaign, please make sure you have: * Fully completed all details on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Feminism and Folklore 2026 Project Page]]: * Started promoting the campaign within your community. * Requested a local administrator to place a '''sitenotice''' about the campaign so users are notified. * Used the '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/fnf/ Article List Generator Tool]''' and shared the generated article lists with your community. === Internet & Childcare Support === Community organisers and jury members who require '''internet and childcare support''' (non-mandatory, opt-in, request-only support) should fill the support request form '''by 22 February 2026'''. '''[https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeutXEF1yTnJfExWUYPIf6SkhcnTgul07BeI-biqT4RE_vsrA/viewform Link to the form]''' Requests submitted after this date will not be entertained. === Important Participation Guidelines === * Minimum article size: '''3000 bytes and 300 words''' (final decision may be set by local organisers). * If your country is not listed on the Article list generator tool, please contact us. === Community Engagement === * Keep your community active and motivated throughout the campaign. * Share your achievements and notable articles with us so we can highlight them globally. * In the support form, please indicate if you would like a '''quick coordination call after the campaign'''. Let’s make '''Feminism and Folklore''', under the banner of '''#WeTogether''', help bridge the '''gender gap''' and '''folklore gap''' on Wikipedia worldwide. 🌍✊ Thank you for your collaboration! ''If someone from your community organisers or jury has missed this message feel free to share this message with them.'' Feminism and Folklore International Team. –[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १०:४७, १६ फेब्रुवारी २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf26&oldid=30083330 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == अलीकडील लेख == नमस्कार, आपण स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६ या कार्यशाळेत भाग घेतलेला दिसले. त्यानंतर येथे अनेक लेख तयार झालेले आहेत, ते बहुधा या कार्यशाळेच्या प्रभावाने असावेत. या लेखांमध्ये मोठे बदल पाहिजेत. अशा सत्रांतून विकिपीडियावरील संकेतांचा उल्लेख आवर्जून केला जावा ही विनंती. याजोगे नंतर त्यात बदल करीत बसण्यात वेळ जात नाही. आपण या लेखांमध्ये (नेहमीप्रमाणे) लक्ष घालून योग्य ते बदल कराल ही खात्री आहे. असे असताही १. ''नवीन संपादकांचे योगदान नक्कीच स्वागतार्ह आहे!'' हे घडवून आणल्याबद्दल धन्यवाद. २. इतर कार्यशाळांपेक्षा गेल्या २४-३६ तासांतील योगदान लक्षणीयतेने चांगले आहे. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ०७:५४, ८ मार्च २०२६ (IST) :नमस्कार, कौतुकाची थाप दिल्या बद्दल धन्यवाद. परंतु आपणास एक सांगू इच्छितो की, मी व @[[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] यांनी [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]] यावर कार्यशाळा घेतली आहे. याच काळात दुसरा प्रकल्प [[विकिपीडिया:महिला संपादनेथॉन- २०२६|महिला संपादनेथॉन- २०२६]] हा देखील नेहमी प्रमाणे चालू असून, त्यात मोठ्या प्रमाणावर लेख निर्मिती सुरू आहे. असो. लेख कोणतेही असोत माझे काम चालू राहील. केवळ वैयक्तिक कारणाने, सध्या मला येथे जास्त वेळ देता येत नाहीय. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०९:१५, ९ मार्च २०२६ (IST) ::@[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ते आमच्या प्रकल्पातले नाहीत. धन्यवाद. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १६:४८, ९ मार्च २०२६ (IST) == Next Steps and Feedback meeting for Feminism and Folklore Organizers == <div style="border:8px maroon ridge; padding:6px;"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|center|550px|frameless]] <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr" style="padding: 1em 2em;"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> Dear Organizer, I hope this message finds you well. First and foremost, on behalf of the International Team I want to extend my gratitude to you for your efforts in organizing the '''Feminism and Folklore 2026''' campaign on your local Wikipedia. Your contribution has been instrumental in bridging the gender and folk gap on Wikipedia, and we truly appreciate your dedication to this important cause. As the campaign has ended I wanted to inform you about the next steps. It's time to commence the jury process using the CampWiz or Fountain tool where your campaign was hosted. Please ensure that you update the details of the jury, campaign links and the names of organizers accurately on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|sign-up page]]. Once the jury process is completed, kindly update only the top 3 winners details on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Results|results page]] accordingly. The deadline for jury submission of results is '''April 30, 2026'''. However, if you find that the number of articles is high and you require more time, please don't hesitate to inform us via email or on campaign Meta Wiki talk page. We are more than willing to approve an extension if needed. Should you encounter any issues with the tools, please feel free to reach out to us on Telegram for assistance. Your feedback and progress updates are crucial for us to improve the campaign and better understand your community's insights. Therefore, we kindly ask you to spare just an hour to collectively share your progress and achievements with us during our '''[[:m:Event:Feminism and Folklore 2026 Post-Campaign Office Hour|community feedback session]]'''. Your input will greatly assist us in making the campaign more meaningful and impactful. Thank you once again for your hard work and dedication to the Feminism and Folklore campaign. Your efforts are deeply appreciated, and we look forward to hearing from you soon. Warm regards, [[User:Tiven2240|Tiven2240]] on behalf of Feminism and Folklore International Team <nowiki>#WeTogether</nowiki> </div></div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १७:२७, ११ एप्रिल २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf26&oldid=30391231 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Last Few Days: WikiConference India 2026 Scholarship Applications == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''{{int:please-translate}}'' Dear Wikimedian, We're happy to share that scholarship applications for '''WikiConference India 2026''' are currently open and the deadline is just around the corner. [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|WikiConference India 2026]] is the fourth edition of the national-level conference that brings together Wikimedians and stakeholders engaged in Indic-language Wikimedia projects and the broader open knowledge movement across India and South Asia. The conference will take place in Kochi, Kerala, from 4–6 September 2026. * You can find the more information and the application form at the [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|Scholarship page here at Meta wiki]] * '''Scholarship deadline: 15 April 2026, 11:59 PM IST''' With only a few days left, we warmly encourage you to apply if you haven’t already and kindly request you to share this with your community and encourage others to apply. For more information and regular updates, we encourage you to visit the conference Meta page. Warm regards, <br> on behalf of the WikiConference India 2026 Organising Team ''This message was sent with [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) on ००:००, १२ एप्रिल २०२६ (IST)'' </div> <!-- सदस्य:Gnoeee@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/WCI_2026_active_users&oldid=30389801 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == You may be an eligible candidate for the U4C election == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> Greetings, The [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee|Universal Code of Conduct Coordinating Committee (U4C)]] seeks candidates for the 2026 election. The U4C is the global committee responsible for overseeing enforcement of the [[foundation:Special:MyLanguage/Policy:Universal Code of Conduct|Universal Code of Conduct]]. Elections are held annually, if elected a committee member serves for two years. This year the U4C requires candidates to hold administrator rights on at least one wiki, which is why you are being contacted as you appear to hold this right. There are other requirements, such as candidates must be at least 18 years old and may not be employed by the Wikimedia Foundation or other related chapters and affiliates. You can find more information in the [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026#Call_for_Candidates|call for candidates on Meta-wiki]]. Additionally, the committee's working language is English; some ability to communicate in English is required. The election opens on 18 May, if you are eligible and interested you have until 10 May to submit your candidacy. There will be a week in between for candidates to answer questions from the community. Voting takes place privately in [[m:Special:MyLanguage/SecurePoll|SecurePoll]], successful candidates must receive at least 60% support. More information is available on [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026|the 2026 Elections page]], including timelines and other candidacy information. If you read over the material and consider yourself qualified, please consider submitting your name to run for the committee. If you think someone else in your community might be interested and qualified, please encourage them to run. In partnership with the U4C -- [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User_talk:Keegan (WMF)|talk]]) ०१:३६, २९ एप्रिल २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Keegan (WMF)@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Keegan_(WMF)/test&oldid=30472432 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> ==बार्नस्टार== {| class="barnstar" style="border:1px solid gray; background:#fdffe7;" |- |rowspan="2" style="padding-right:5px;" | {{#ifeq:{{{3}}}|alt|[[file:Working Wikimedian's Barnstar Hires.png|100px]]|[[Image:Working Wikimedian's Barnstar.png|100px]]}} |style="font-size:1.65em; padding:0; height: 1.1em;" | '''{{GENDER:{{PAGENAME}}|कष्टकर्‍या पुरुषाचा|कष्टकर्‍या स्त्रीचा|कष्टकर्‍या सदस्याचा}} बार्नस्टार''' |- |style="border-top: 1px solid gray;" | नियमीतपणे आपण [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ अलीकडील मृत्यू]] याचे संपादन करत आहात व त्या संदर्भातील लेख निर्माण/अद्ययावत करत आहात; त्यासाठी धन्यवाद!! |} - [[सदस्य:Dharmadhyaksha|धर्माध्यक्ष]] ([[सदस्य चर्चा:Dharmadhyaksha|चर्चा]]) १६:५६, ४ मे २०२६ (IST) :[[चित्र:Beating Heart.gif|50px]]<b>धन्यवाद</b> - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १९:३७, ५ मे २०२६ (IST) == Final Reminder: Submission of Local Winners for Feminism and Folklore 2026 == Dear Feminism and Folklore organiser, This is a friendly reminder that the deadline for submitting the names and details of your local winners for '''Feminism and Folklore 2026''' is '''5 June 2026'''. Please ensure that your community's [[:m:Feminism and Folklore 2026/Results|winner information]] is submitted before this date. Communities that do not provide their winner data by the deadline will unfortunately not be eligible for prize distribution, and the international organizing team will not be able to accommodate late submissions received after 5 June 2026. Thank you for your prompt attention to this matter and for your participation in the campaign. Best regards, '''Feminism and Folklore International Organizing Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ०७:३९, ३ जून २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30627457 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Congratulations to the Local Winners of Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, The Feminism and Folklore International Organizing Team is pleased to congratulate the Local Winners of '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]'''. Local Winners are participants who achieved top rankings within their respective language communities through their valuable contributions to documenting folklore, women's history, culture, traditions, and related knowledge on Wikimedia projects in their local languages. Your efforts have helped enrich Wikimedia content, preserve cultural heritage, and improve the representation of diverse communities and knowledge systems across the movement. We sincerely appreciate your dedication and contribution to the success of the campaign. === Appreciation Form === As a token of appreciation to receive prizes, all Local Winners are requested to complete the following form by '''22 June 2026'''. '''Form link''' - [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdGU7vkzANkB8P1k2X-NPwOwqBoTZafzgUZ-23wnVCeW2cj3g/viewform here] ; Deadline : 22 June 2026 Please ensure that all information provided in the form is accurate and complete. This information will be used for the appreciation process. === Thank you === We extend our heartfelt thanks to all Local Winners for their outstanding contributions and continued support of free knowledge. Your work has strengthened local-language content and helped make knowledge about folklore and women more accessible to communities around the world. Congratulations once again on your achievement. —''Feminism and Folklore International Organizing Team'' </div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २२:५५, ७ जून २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30649454 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for organising Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, Your dedication, coordination, and hard work played a vital role in making this year's [[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore]] campaign successful. We truly appreciate the time and effort you invested in engaging your community and supporting participants. As we have completed the jury phase and begin planning for next year's campaign, we would like to learn from your experiences. Please complete the organisers' feedback form and share your insights, challenges, and suggestions on how we can improve the campaign. '''This feedback form is mandatory for all organisers''', as it helps us evaluate the campaign and make meaningful improvements for future editions. '''Form link [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSf6IsGAsxkTEWTwueyLg-gBjRVlY3g2kTNj3xRhDiILiQnQwQ/viewform?usp=dialog here]''' Please submit your response by '''25 June 2026'''. Thank you once again for your invaluable contributions and for helping make Feminism and Folklore a global success. We look forward to working with you again in the future! Regards, '''Feminism and Folklore Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १७:३५, १८ जून २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30704175 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a part of Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, Your contributions helped make this year's [[:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore]] campaign a great success, and we are truly grateful for your time, knowledge, and dedication to documenting women's stories and folklore on Wikimedia projects. As we reflect on this year's campaign and prepare for the next edition, we'd love to hear about your experience. Please take a few minutes to fill out our feedback form and share your thoughts and suggestions. As a token of our appreciation, everyone who completes the form will receive a '''special digital postcard'''! in their email. This year marks '''''25 years of Wikipedia''''', and the postcard has been created to celebrate this milestone and to recognize the incredible efforts of participants like you who continue to enrich free knowledge for the world. '''Form Link - [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdqFZN9IdWbAnZ_7DyG5bIsuq7KAkdsIxweC_TdPH9In-tthQ/viewform?usp=dialog here]''' Please complete the feedback form by '''25 June 2026'''. Thank you once again for making Feminism and Folklore 2026 a success. We hope to see you again in future campaigns! Best regards, Feminism and Folklore international Team. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:०१, १८ जून २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30704478 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पद काढणे == {{सदस्य|V.narsikar}}, {{सदस्य|सुभाष राऊत}} यांचे प्रचालकपद आणि {{सदस्य|Omega45}} यांचे द्रुतमाघारकार पद तसेच अनेक अकार्यरत सांगकाम्यांचे पद काढून टाकण्याबाबत काही विचार करण्यात यावा, असे मला वाटते. {{साद|संतोष गोरे}}, {{साद|अभय नातू}} कृपया, उत्तर कळवावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:३७, ३१ जुलै २०२६ (IST) :अशी महत्वाची चर्चा [[विकिपीडिया:चावडी|चावडीवर]] सुरू करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १४:४९, ३१ जुलै २०२६ (IST) ::अधूनमधून साफसफाई नक्कीच पाहिजे परंतु नेमके निकष लावून करावी. @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] यांनी म्हणल्याप्रमाणे चावडीवर ही चर्चा करणे अधिक श्रेयस्कर आहे. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) २१:४४, ३१ जुलै २०२६ (IST) == त्याचे नाव अयन मुखर्जी आहे. अयान मुखर्जी नाही. == आपण माझा पेज मूभ केला आणि बोलले की मी अचूक नाव दिलं होतं जेव्हा की या दिग्दर्शकाचे नाव बंगाली भाषेत "अयन मुखर्जी" आहे! अयन एक संस्कृत नाव आहे ज्याचे अर्थ असतात "मार्ग" किंवा "पथ". त्यांचं नाव "अयान" नाही. [[सदस्य:AlphaVictorDelta0107|AlphaVictorDelta0107]] ([[सदस्य चर्चा:AlphaVictorDelta0107|चर्चा]]) १८:५०, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) :@[[सदस्य:AlphaVictorDelta0107|AlphaVictorDelta0107]], प्रतिसादाबद्दल धन्यवाद, लेख नाव लिहिताना अनेक गोष्टींचा विचार केला जातो. यात निश्चितच मतभिन्नता आढळते. बहुतांश लेख नाव हे मराठीत प्रचलित असलेले निवडले जातात. सबब मी मराठी संकेतस्थळावर; जसे की वर्तमानपत्रे आणि बातम्यांचे चॅनेल वर जे वापरले जाते, ते निवडले. :@[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] आपले काय मत आहे, लेखनाव काय असावे?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १८:५८, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) ::बंगाली भाषेत অয়ন মুখার্জি असे नाव असून तुम्ही म्हणता त्यानुसार त्याचा उच्चार "अयन मुखर्जी" असाच होतो. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १९:०४, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) :::शक्यतो मूळ नावावुसार लेख करावा आणि इतर उच्चार किंवा शुद्धलेखनांपासून पुनर्निर्देशने असावीत. याला अपवाद नक्कीच आहेत. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) १९:४९, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) == Velhe taluka English विकिपीडिया title name Rajgad taluka करण्या बाबत == [[विशेष:योगदान/&#126;2026-44928-80|&#126;2026-44928-80]] ([[सदस्य चर्चा:&#126;2026-44928-80|talk]]) ०९:००, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) 5ev0sb88pf10n3c9u8032vfbb6d7dd9 2702914 2702913 2026-08-17T03:46:30Z ~2026-44960-06 186341 /* Velhe taluka official renamed as rajgad taluka */ नवीन विभाग 2702914 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=संतोष गोरे}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) १२:३५, ७ जुलै २०२१ (IST) == जुन्या चर्चा == {| class="wikitable" style="text-align: center" |- ! चर्चा क्रमांक ! पासून ! पर्यंत |- |[[सदस्य:संतोष गोरे/जुनी चर्चा१|जुनी चर्चा१]] | २०१५ | ३१ डिसेंबर २०२१ |- |[[सदस्य:संतोष गोरे/जुनी चर्चा२|जुनी चर्चा२]] | १ जानेवारी २०२२ | ३१ डिसेंबर २०२२ |} == विष्णुसहस्रनाम == हजारो पुनर्नावासह विष्णुसहस्रनाम भगवान विष्णूचे हे एक महत्त्वाचे स्थान आहे. हे हिंदू धर्मातील सर्वात पवित्र आणि लोकप्रिय स्तोत्र आहे. विष्णू सहस्रनाम ही महाभारतात उपलब्ध असलेली सर्वात लोकप्रिय आवृत्ती आहे. पद्म पुराण किंवा मत्स्य पुराणात आणखी एक आवृत्ती उपलब्ध आहे. प्रत्येक नाव विष्णूचे असंख्य गुण दर्शवितो. अनेक हिंदू कुटुंबे पूजेच्या वेळी ते पाठ करतात. असे मानले जाते की ते ऐकणे किंवा वाचणे मानवी इच्छा पूर्ण करते. अनुशासनपर्व (महाभारत) धडा 9 ते 14, आजोबा कुरुक्षेत्र भीष्म युधिष्ठिर शिकवण देण्यात आली होती. [[सदस्य:Goresm|'''<span style="text-shadow:grey 3px 3px 2px;color: blue"> संतोष</span><span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: blue"> गोरे 💬</span>''']] ०९:५४, ९ फेब्रुवारी २०२१ (IST) == भाषांतर == नमस्कार, तुमची मदत हवी आहे. Section translation टूल वापरून नवीन पाने तयार करताना मला अडचण येत आहे. मागील अनेक पानांना Rahul Gandhi असे नाव येत आहे. कृपया मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद. [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १४:२४, १६ जानेवारी २०२३ (IST) :कृपया [https://en.m.wikipedia.org/w/index.php?campaign=specialcx&title=Special:ContentTranslation#suggestions हा दुवा] वापरा तसेच पुढील भाषांतरा करिता बुक मार्क मध्ये जतन करून ठेवा. ::याशिवाय जर शक्य असेल तर नवीन tab उघडून त्याला ऑप्शन मध्ये जाऊन desktop site ला टिचकी देऊन [https://mr.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:ContentTranslation#suggestions हा दुवा] वापरा. फक्त हे थोडे नाजूक काम असेल. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १४:३७, १६ जानेवारी २०२३ (IST) ::आपण दिलेला दुवा वापरून [[८०वे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]] हा लेख तयार केला. तरीही तीच समस्या येत आहे. (तत्पूर्वी cache देखील clear केली होती.) [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १९:३७, १६ जानेवारी २०२३ (IST) : माझ्या बाबतीत पण समान समस्या आली होती. मी वेड चित्रपटाचे मराठीमध्ये भाषांतर केले असता शीर्षक नाव Prajakta Koli असे अचानक झाले. यामागचे कारण काय? [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:४४, १६ जानेवारी २०२३ (IST) ::आपल्या मोबाईलच्या सईमध्ये (cache मध्ये) जो जुना दुवा असतो, तो चुकून वापरल्या गेला की असे होते. असे होत असेल तरीही तुम्ही भाषांतर चालू असताना ते दुरुस्त करून योग्य ते मराठी शीर्षक देऊ शकता.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) :::{{साद|अमर राऊत}} तुमच्या दोघांची अडचण लक्षात घेऊन मी एक भाषांतर केले, जे की योग्य झाले. मी वरती दोन दुवे दिलेत. तर दुसरा दुवा वापरून भाषांतर करून पहा. फक्त एकच की तत्पूर्वी 'ब्राऊसर च्या पर्यायात' जाऊन desktop site वर टिचकी द्या आणि मग वरील दुव्यावर जा. तसेच भाषांतर करत असताना सर्वप्रथम वरती जे लेखनाव येते ते देखील एडिट करून घ्या. यामुळे नक्कीच तुमची समस्या दूर होईल. कृपया एक लेख अजून निर्माण करा.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:१०, १६ जानेवारी २०२३ (IST) :::{{ping| संतोष गोरे}} दुसरा दुवा वापरून [[हजारों ख्वाइशें ऐसी|एक लेख]] तयार केला आहे. आता ती समस्या नाही, पण अडचण अशी आहे की यावेळी मोबाईल फारच लोड घेतो. संकेतस्थळ उघडेपर्यंत फार वेळ वाट पहावी लागते. Section translation जसं सोईस्करपणे आणि वेगात होतं, तसं इथं आशय भाषांतर वापरताना होत नाही. असो. :::तुमच्या सहकार्यासाठी खूप आभार. :::~ [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १४:१९, १७ जानेवारी २०२३ (IST) :: आज पुन्हा तीच समस्या, [[पश्चिम दिल्ली जिल्हा]] पान‌ तयार करताना मराठीमध्ये शीर्षक नाव दिले होते आणि पब्लिश केल्यावर अचानक शीर्षक West Delhi झाले, मी तपासून घेतले असूनही पुन्हा तीच समस्या आली. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ००:००, २९ जानेवारी २०२३ (IST) :::{{साद|Tiven2240|label=टायविन}} यात आपली मदत हवी आहे. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:५५, २९ जानेवारी २०२३ (IST) == 2022 Wikipedia Asian Month Organizer Update == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> Dear all WAM organizers, Happy 2023! Thank you for updating the Ambassador list. We will '''start issuing the Barnstar''' to all eligible participants by late January. All ambassadors will received an additional special Barnstar. Please be sure to update '''[[:m:Wikipedia_Asian_Month_2022/Ambassadors|the list]]''' if you haven't done so. We also provide a '''[https://docs.google.com/document/d/1t1UEXwVkTsP5oP0sQmE74302M1SUDrlFW-kz2uTT5X0/edit?usp=sharing certificate template]''' for you to edit and print out to your participants. Once again, thank you for organizing and participating the 2022WAM, we like to hear your comment. Much appreciate for filling, and spreading out this [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSd8Jo4ixbwKS1rC6KmfC1q6wW53nmoCQATbmsMatbZ4A1RCwA/viewform?usp=sf_link '''feedback survey''']. Look forward to seeing you again in 2023 WAM! best, Wikipedia Asian Month International Team </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/WAM2022_Post_Campaign_Mass_Message_receiver&oldid=24259258 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पाने वगळणे == [[Main other/doc]], [[साचा:Noping/doc]], [[चर्चा:Machindra Jayappa Galande]], [[“मोठी चोच असणारा कावळा"]], [[:वर्ग:Emoji असलेले लेख]], [[:वर्ग:इ.स. 2019 मधील मृत्यू]], [[:वर्ग:इ.स.ची वर्षे]], [[:वर्ग:सदस्य माहिती]], [[:वर्ग:मुक्तछंद]] कृपया ही पाने वगळावीत. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:२१, २० जानेवारी २०२३ (IST) :{{साद|Tiven2240}}, [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] यांनी सुचवलेली काही अनावश्यक पाने काढून टाकली आहेत. पैकी सुरुवातीची दोन पाने काढून टाकायची आहेत का राहू द्यावी, कृपया खुलासा करावा. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३१, २० जानेवारी २०२३ (IST) :{{Done}} [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १७:३६, २० जानेवारी २०२३ (IST) [[Meena]], [[:वर्ग:वापरकर्ता भारत]], [[:वर्ग:महाराष्ट्रातील शुद्धिकरण न केलेल्या पाण्याचा पुरवठा होणारी गावे]], [[साचा:भारताच्या शासकीय योजना]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ११:१९, २१ जानेवारी २०२३ (IST) :{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:३८, २१ जानेवारी २०२३ (IST) [[:वर्ग:इ.स. १९६६ मधील स्थापना]], [[:वर्ग:इ.स. १९६७ मधील स्थापना]], [[:वर्ग:प्राप्तिकरातुन बचत मिळ्णाऱ्या योजना]], [[चर्चा:विकिपीडिया प्रचालकांचा मनमानीपणा]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४९, ४ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:५५, ४ फेब्रुवारी २०२३ (IST) [[:वर्ग:इ. स. १९०१]], [[सदस्य:Kishor salvi 9]], [[सदस्य:किशोर साळवी]], [[साचा:Infobox sports competition event]], [[विकिपीडिया चर्चा:Lakhan Kumare]], [[सदस्य चर्चा:चतुर]], [[सदस्य:चतुर]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २०:३६, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{झाले}}-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३२, २२ फेब्रुवारी २०२३ (IST) [[२०२२-२३ स्पेन महिला तिरंगी मालिका]], [[साउथ एशिया वर्ल्ड]], [[सदस्य:मांडव्य ऋषी]], [[सदस्य चर्चा:मांडव्य ऋषी]], [[प्रा डॉ दिलीप चव्हाण]], [[नाथ (गोरक्षनाथ मंदिर)]], [[सदस्य:तुषार भांबरे]], [[सदस्य चर्चा:तुषार भांबरे]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १९:११, १७ मार्च २०२३ (IST) [[विकिपीडिया:धूळपाटी/केवळ मराठी]], [[2015-17 आयसीसी विश्व क्रिकेट लीग स्पर्धा]], [[2023 मणिपूर हिंसाचार]], [[सदस्य चर्चा:کوروش میهن بان]], [[कानडगाव]], [[कॉलेज ऑफ कॉम्प्युटर सायन्स, लातूर]], [[हा खेळ सावल्यांचा]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:२४, २७ जून २०२३ (IST) :यातील दोन लेख वगळले असून, तीन लेखात भर घातली आहे. तर इंग्रजी आकडे असलेले पुनर्निर्देशित लेख नाव तसेच ठेवावेत असे मला वाटते.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:१९, २८ जून २०२३ (IST) [[:वर्ग:भाषाविषयक नियतकालिके]], [[गॅव्हिन मॅकेना]], [[गेविन मॅकेना]], [[गेविन मॅकेन्ना]], [[मधुराणी गोखले प्रभुलक]], [[हिंदवी]], [[बीड जिल्ह्यात क्षेत्रफळानुसार सर्वात मोठा तालुका कोणता]], [[पुरंदर जिल्हा]], [[पद्दे ब्राह्मणाची आडनावे]], [[:वर्ग:तारखेनुसार वगळावयाचे लेख]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:३८, १३ ऑगस्ट २०२३ (IST) == Request for filling up Google Form for Feminism and Folklore 2023 == [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg | logo.svg|right|frameless|300px]] Greetings Organisers, We appreciate your enthusiasm for '''Feminism and Folklore''' and your initiative in setting up the competition on your local wikipedia. We would want to learn more about the needs of your community and for that please fill out the google form ([https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLScusayFXTzNWV-QgIiT3bRHQbAs_pVczvput2jehOcahnCdMg/viewform here]) as soon as possible so that we can plan and adapt the demands according to your specifications. By February 8, 2023, all entries for this form will be closed. Do share about the contest on your local Wikipedia. Ask your local administrator to add Feminism and Folklore to [[Mediawiki:Sitenotice]]. Create your own or see an example [[:m:User:Tiven2240/sn-fnf|on meta]] Also a reminder regarding the prior Google form sent for Internet and Childcare Support Financial Aid ([https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSea81OO0lVgUBd551iIiENXht7BRCISYZlKyBQlemZu_j2OHQ/viewform this]). Anyone who hasn't already filled it out has until February 5, 2023 to do so. Feel free to contact us via talkpage if you have any questions or concerns. Thanks and Regards, Feminism and Folklore 2023 International Team [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:११, ३० जानेवारी २०२३ (IST) <!-- सदस्य:Rockpeterson@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24455456 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == संदेश मिळाला == एकगठ्ठा पाठविलेला संदेश माझ्या चर्चा पानावर दिसत आहे. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) १०:२६, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) : धन्यवाद. मी प्रथमच एकगठ्ठा संदेश प्रणाली वापरली आहे. कृपया सदरील संदेश मध्ये काही बदल/सुधारणा करावयास हवी होती किंवा पुढील काळात काय अपेक्षित आहे हे सुचवावे. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:२७, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) == स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३ == [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३]] या साठी पेज कसे सबमिट करायचं याचं मार्गदर्शन करा :कृपया [https://fountain.toolforge.org/editathons/fnf2023-mr येथे जाणे] आणि submit वर टिचकी देणे. तेथे तुमचा लेखनाव टाकून सबमिट करणे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:३६, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) धन्यवाद [[सदस्य:AShiv1212|AShiv1212]] ([[सदस्य चर्चा:AShiv1212|चर्चा]]) ०७:२६, ८ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :या स्पर्धेत फक्त महिला चरित्रे (त्यापैकी १/२ महिला) या विषयावर लेख लिहिला तर सहभागी होता येईल का? किमान किती लेख लिहिले पाहिजेत?@[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २१:०५, २० फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{साद|Ketaki Modak}} नमस्कार, आपण कमीत कमी एक नवीन लेख निर्माण केला किंवा असलेल्या लेखात ३,००० बाईटस पेक्षा जास्तीची भर घातली तरी चालेल. कृपया [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३]] या प्रकल्प पानावर जाऊन इतर माहिती व्यवस्थित समजून घेणे. येथे आपण पुरस्कार देखील प्राप्त करू शकता.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०१, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::माहितीसाठी धन्यवाद.!! प्रयत्न करते. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १५:१६, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::नमस्कार, ::०१) मी नावनोंदणी करून As a trial 'अतिथी भगवान शंकर' नावाची लोककथा submit केली होती. पण मला ती माझ्या account वरून delete करायची आहे, ती कशी करता येईल? ::०२) मी माझ्या अन्य चालू असलेल्या पानांमध्ये भर घालून स्पर्धेत भाग घेऊ इच्छिते, म्हणजे असलेल्या पानात भर घातल्यावर त्याची लिंक शेवटी एकदाच पाठवायची, ना? मार्गदर्शन कराल काय? [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) ०८:५५, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#नमस्कार, आपला लेख सदरील यादीतून हटवला आहे. ::#आपण जो नवीन लेख लिहिणार आहात किंवा लेखात भर घालणार आहात, तो ३१ मार्च पूर्वी कधीही सबमिट करू शकता. त्याला काही बंधन नाही. शक्यतो आपले लिखाण पूर्ण झाले की सबमिट करावे, जेणे करून परीक्षकांना तो तपासणे सोपे जाईल.-:[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५४, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#:मनापासून धन्यवाद. आपण सांगितले तसे करते. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १४:४८, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#::स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामधील सहभाग आणि महिला संपादनेथॉन- २०२३ यातील सहभाग यामध्ये काही फरक आहे का? असेल तर काय, ते कळेल का? ::#::स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामधील सहभाग - यामध्ये स्त्रियांवरील लेखन ::#::आणि ::#::महिला संपादनेथॉन- २०२३ यामध्ये स्त्रियांनी केलेले लेखन असे अपेक्षित आहे का? ::#::कृपया मार्गदर्शन हवे आहे. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १२:०१, ४ मार्च २०२३ (IST) ::#:::दोन्ही प्रकल्प हे वेगवेगळे असून, [[विकिपीडिया:महिला संपादनेथॉन- २०२३|महिला संपादनेथॉन- २०२३]] येथील नियम तसेच परीक्षक देखील वेगवेगळे आहेत. अधिक माहितीसाठी वरील दुव्यावर टिचकी देऊन तेथील नियम समजून घेणे.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:५०, ४ मार्च २०२३ (IST) ::#::::धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २२:४३, ४ मार्च २०२३ (IST) == Wikipedia Asian Month 2022 Campaign Survey - We'd like to hear from you! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> '''Dear WAM2022 organizors and participants,''' Once again, the WAM international team would like to hear your feedback by filling out the survey below. === [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSd8Jo4ixbwKS1rC6KmfC1q6wW53nmoCQATbmsMatbZ4A1RCwA/viewform?usp=sf_link Wikipedia Asian Month 2022 Survey] === We apologize for the permission setting that was blocking many of you from open the survey, this problem have been fixed. Please share this survey with your community. We hope to see you again with a better version in the 2023 campaign. all the best, The WAM International Team </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/WAM2022_Post_Campaign_Mass_Message_receiver&oldid=24259258 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == कृपया माझी माहिती डिलीट करू नये पद्माकर कुलकर्णी == माझे विकिपीडिया वरील माहिती कृपया डिलीट करू नये ही आपणास विनंती आहे [[सदस्य:पद्माकर कुलकर्णी|पद्माकर कुलकर्णी]] ([[सदस्य चर्चा:पद्माकर कुलकर्णी|चर्चा]]) ००:०२, १८ मार्च २०२३ (IST) :नमस्कार, विकिपीडिया हा एक मुक्त ज्ञानकोश असून ३२५+ भाषांत याचे लिखाण होते. सर्वत्र लिखाणाचे सारखे नियम असून त्यासाठी [[विकिपीडिया:परिचय]] आणि [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे]] किमान हे दोन लेख व्यवस्थित वाचावेत. तूर्तास इतकेच सांगू इच्छितो की विकिपीडियाचा वापर हा 'सोशल मीडिया' जसेकी फेसबुक, 'वैयक्तिक ब्लॉग', '' किंवा 'आत्मचरित्र लिखाण' यासाठी करता येत नाही. :न [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:५१, १८ मार्च २०२३ (IST) ::{{साद|पद्माकर कुलकर्णी}}, कृपया लक्षात घ्यावे की आपली संपादने, आपण निर्मिलेली चुकीची पाने वारंवार हटवल्या गेली आहेत. आपल्या चर्चा पानावर तसेच येथे माझ्या चर्चा पानावर देखील आपणास सूचना देण्यात आल्या आहेत. परत एकदा सांगत आहोत की विकिपीडिया हा एक जागतिक विश्वकोश असून याचे काही नियम आहेत. विकिपीडिया चा वापर वैयक्तिक ब्लॉग अथवा सोशल मीडिया प्रमाणे करता येत नाही. कृपया आपण येथे पूर्वीच्याच अस्तित्वात असलेल्या पानांवर छोटी छोटी संपादने करत आपला सहभाग वाढवावा.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:५७, ११ एप्रिल २०२३ (IST) == विकिडाटा दुरुस्ती == [[राजेश शृंगारपुरे]], [[नालासोपारा]], [[दुष्यंत वाघ]], [[बबन (चित्रपट)]], [[नाळ (चित्रपट)]], [[भारती आचरेकर]], [[आलोक राजवाडे]], [[रवी किशन]], [[गोंदिया जंक्शन रेल्वे स्थानक]], [[समीर आठल्ये]], [[चोरीचा मामला]] या पानांची विकिडेटा कलमे दुरुस्त करावीत. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०८, २६ मार्च २०२३ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:२६, २७ मार्च २०२३ (IST) [[रेवती लेले]], [[पक पक पकाऽऽऽक]], [[धुरळा (चित्रपट)]], [[मोगरा फुलला]], [[लग्न पहावे करून]], [[असेही एकदा व्हावे]], [[धुमधडाका]], [[तू तिथं मी (चित्रपट)]], [[पछाडलेला]], [[नायका]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:१२, ४ एप्रिल २०२३ (IST) [[सुजय डहाके]], [[देविका दफ्तरदार]], [[खडवली रेल्वे स्थानक]], [[खर्डी रेल्वे स्थानक]], [[गार्गी बॅनर्जी]], [[बाळकृष्ण शिंदे]], [[पिस्तुल्या]], [[बेफाम (चित्रपट)]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २१:१९, ५ एप्रिल २०२३ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३३, १२ एप्रिल २०२३ (IST) [[तुषार दळवी]], [[सक्षम कुलकर्णी]], [[कुंभ रास]], [[धनु रास]], [[मकर रास]], [[सिंह रास]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २०:४६, ५ मे २०२३ (IST) [[मच्छिंद्र कांबळी]], [[निपुण धर्माधिकारी]], [[पुष्कर जोग]], [[स्वप्नील बांदोडकर]], [[त्यागराज खाडिलकर]], [[अंशू गुप्ता]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०८, २७ जून २०२३ (IST) [[नितीश चव्हाण]], [[प्रदीप शर्मा]], [[अर्नाळा किल्ला]], [[चतुरंग दंडासन]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४७, २७ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[आमच्यासारखे आम्हीच]], [[सरीवर सरी (चित्रपट)]], [[साडे माडे तीन (चित्रपट)]], [[अग्निहोत्र (मालिका)]], [[शेम टू शेम]], [[नवरी मिळे नवऱ्याला (चित्रपट)]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १५:०७, २२ नोव्हेंबर २०२३ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०२, २३ नोव्हेंबर २०२३ (IST) == कार्यशाळा == श्री. संतोष गोरे सर नमस्कार, मराठवाडा मुक्तीसंग्रामाच्या अमृतमहोत्सवी वर्षानिमित्त पीपल्स महाविद्यालय, नांदेड येथे दिय ३.४.२०२३ रोजी विकिपीडिया कार्यशाळेचे आयोजन करण्यात आले. त्यानिमित्त पान तयार करण्यात येत असताना ते आपल्याद्वारे नष्ट करण्यात येत आहे. तरी तसे करू नये ही विनंती. [[सदस्य:विकास कांबळे|विकास कांबळे]] ([[सदस्य चर्चा:विकास कांबळे|चर्चा]]) :{{साद|विकास कांबळे}} नमस्कार, कृपया कार्यशाळा घेतल्या नंतर पान बनवावे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:०६, २७ मार्च २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 has been extended == [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg | logo.svg|right|frameless|300px]] Greetings Organizers, Greetings from Feminism and Folklore International Team, We are pleased to inform you that [[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore]] an international writing contest on your local Wikipedia has been extended till the '''15th of April 2023'''. This is the last chance of the year to write about feminism, women biographies and gender-focused topics such as folk festivals, folk dances, folk music, folk activities, folk games, folk cuisine, folk wear, fairy tales, folk plays, folk arts, folk religion, mythology, folk artists, folk dancers, folk singers, folk musicians, folk game athletes, women in mythology, women warriors in folklore, witches and witch hunting, fairy tales and more We would like to have your immense participation in the writing contest to document your local Folk culture on Wikipedia. You can also help with the translation of [[m:Feminism and Folklore 2023|project pages]] and share a word in your local language. Organizers have been notified some instructions on mail. Please get in touch via email if you need any assistance. Best wishes, International Team Feminism and Folklore. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ०९:५८, ३० मार्च २०२३ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24803574 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == घोडसगाव == [[घोडसगाव]] चे आचुक अक्षांश आणि रेखांश - 21°01'21"N 76°08'49"E हे आहेत, कृपया मराठी आणि ईंग्रजी विकी वर आपण हे अचूक पणे नोद्वावे.[[सदस्य:Rock Stone Gold Castle|Rock Stone Gold Castle]] ([[सदस्य चर्चा:Rock Stone Gold Castle|चर्चा]]) १५:५१, २१ एप्रिल २०२३ (IST) :[[घोडसगाव]] लेखावरील संपादनाच्या माहितीस्तव कृपया मराठी लेख [[वानर]] तसेच इंग्रजी लेख [[:en:Gray langur|Gray langur]] हे लेख पहावेत. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५३, २२ एप्रिल २०२३ (IST) == मराठी विकी == या विकीवर लेखकांची संख्या इतकी कमी का ? मराठी विकी लेखकानं लेखनासाठी हिंदी विकी वणी लॅपटॉप दान करते का ? [[सदस्य:Rock Stone Gold Castle|Rock Stone Gold Castle]] ([[सदस्य चर्चा:Rock Stone Gold Castle|चर्चा]]) १०:३३, २२ एप्रिल २०२३ (IST) :{{साद|Rock Stone Gold Castle}} :#नमस्कार, ढोबळ मानाने हिंदी भाषा ही भारत भर बोलली आणि लिहिली जाते तर मराठी भाषा ही महाराष्ट्र आणि गोवा येथे. सबब हिंदी विकिपीडियावर सदस्य संख्या मराठी पेक्षा जास्त आहे. परंतु आपणास माहीत आहे का, की मराठी विकिपीडिया हा लेख संख्येच्या हिशोबाने इतर विविध प्रांतीय विकिपीडियांना मागे टाकत एक एक पाऊल पुढे जात आहे. :#हिंदी किंवा इतर विकिपीडियावर मोफत लॅपटॉप पुरवल्या जातो का नाही हे मला माहीत नाही. जर तसे काही असेल तर तुम्ही तो मिळवण्यास स्वतंत्र आहात.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:४५, २२ एप्रिल २०२३ (IST) == मराठी गझलसंग्रह == :आपण मराठी गझलसंग्रह येथून काही एन्ट्री काढून टाकल्या आहेत. त्या का काढून टाकल्या ते कळेल का? माझी सोनचाफा ( इंदुजी) हि ७९ व्या ओळीतील एन्ट्री आपण का काढून टाकली? [[सदस्य:Induji.in|Induji.in]] ([[सदस्य चर्चा:Induji.in|चर्चा]]) १७:३३, २७ एप्रिल २०२३ (IST) :{{साद|Induji.in}}, नमस्कार आपण नक्की कोणत्या लेखाबद्दल बोलत आहात.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १९:३६, २७ एप्रिल २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 has ended, What's Next? == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">{{int:please-translate}} [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, '''[[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore 2023]]''' writing competition has ended. We thank you for organizing it on your local Wikipedia and help in document folk cultures and women in folklore in different regions of the world on Wikipedia. What's next? # Please complete the jury on or before 15th of May 2023. # Email us on [mailto:support@wikilovesfolklore.org support@wikilovesfolklore.org] the Wiki usernames of top three users with most accepted articles in local contest. # Write the information about the winners on the projects Meta Wiki '''[[:m:Feminism and Folklore 2023/Results|Results page]]''' # You can also put the names of the winners on your local project page. # We will be contacting the winners in phased manner for distribution of prizes. Feel free to contact us via mail or [[:m:Talk:Feminism and Folklore 2023|talkpage]] if you need any help, clarification or assistance. Thanks and regards, '''International Team'''<br /> '''Feminism and Folklore''' </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24803574 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == चुकीचे पुनरनिर्देशित असलेली पान == [[:en:Five_Pillars_of_Islam|Five Pillars of Islam]] या लेखाचे मराठी पुनरनिर्देशन [[इस्लाम]] या वर होत आहे, परंतु , [[इस्लाम]] हे इंग्रजी पुष्ट [[:en:Islam|Islam]] वरून पुनरनिर्देशित होत असल्याने गोंधळ निर्माण होत आहे, [[इस्लामचे पाच आधारस्तंभ]] नवीन पुष्ट तयार करून त्यास [[:en:Five_Pillars_of_Islam|Five Pillars of Islam]] ला पुनरनिर्देशित करण्याची गरज आहे. @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] अशा प्रकारच्या लेखांना दुरुस्त करण्यासाठी, तुम्हाला काळवण्या वैतीरिक्त अजून काय करता येईल? [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २२:०२, २८ मे २०२३ (IST) :होय, तुम्ही 'इस्लामचे पाच आधारस्तंभ' असा नवीन लेख लिहू शकता. इतर भाषेतील लेख मराठी लेखास जोडण्याच्या पद्धतीला आंतरविकीदुवा म्हणतात. ते तुम्हाला अनुभवाने जोडता येईल. तूर्तास कोणाही जाणकारास संदेश देऊन तुम्ही काम करून घेऊ शकता.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:४७, २९ मे २०२३ (IST) ::धन्यवाद! [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:२६, १ जून २०२३ (IST) == सफर (इस्लामीक दुसरा महिना) == [[सफर (इस्लामी दुसरा महिना)]] या पानावरील आपण केलेल्या बदल बद्दल येथे सांगाल? [[सफर (इस्लामीक दुसरा महिना)]] या नावाने मी पुष्ट तयार केले होते तुम्ही ते का हटवला व तसेच वर्ग देखील हटवले [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:३३, १ जून २०२३ (IST) :पान हटवले नाही, अभय नातू यांनी स्थानांतरित केले. तुम्ही निर्माण केले वर्ग हे अनावश्यक असून इंग्रजी वर्गाची नक्कल होती. तसेच अजून काही वर्गात दुरुस्ती करणे आवश्यक आहे. तूर्तास तुम्ही लिखाण करावे. वर्ग दुरुस्ती परत करता येईल. आणि हो, बरेच लेख हे भाषांतरित करताना अशुद्ध मराठीत लिहिले जात आहेत. अपेक्षा आहे तुमचे लेख आरामात वाचून, पुनर्लिखाण. कराल. [[मोहम्मद पैगंबर यांच्या बायका ]] मधील प्रस्तावना/ पाहिला परिच्छेद पहावा, तो मी दुरुस्त करण्याचा प्रयत्न केला आहे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३३, २ जून २०२३ (IST)का ::होय, [[मोहम्मद पैगंबर यांच्या बायका]] हा लेख सध्या अपूर्ण आहे... अमराठी तर ठीक आहे परंतु वर्ग अनावश्यक आहे हे आपण कोणत्या आधारावर ठरवतात? [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) ०८:३९, ३ जून २०२३ (IST) :::अनेक कारणे आहेत. :::उदाहरणार्थ: वर्ग:अरबी भाषेतील मजकूर असलेले लेख - हा वर्ग त्याच लेखात जोडता येतो ज्यात अरबी भाषेतील विविध आयात, मोठा परिच्छेद लिहिलेला आहे. एक दोन शब्द अरबी भाषेत असतील तर त्याची गरज नाही. तसेच अनेक लेखात जर अरबी भाषेतील उतारे असतील तरच वर्ग बनवायचा असतो. त्या व्यतिरिक्त लेख नाव कसे ठेवायचे यासाठी इतर नावे तपासावित, जसे की हिंदी भाषेतील मजकूर / हिंदीतील मजकूर / हिंदी भाषेमधील मजकूर वगैरे वगैरे. हे वेगवेगळे अस्तित्वात असलेले वर्ग पाहून त्याला मिळता जुळता वर्ग बनवावा. याही पेक्षा महत्वाचे म्हणजे असा कोणता इतर वर्ग आहे का हे देखील पाहावे लागते. असे अनेक मुद्दे असतात. या करिता आपण केवळ लेख लिहावा आणि उपलब्ध असलेला वर्ग जोडावा. जर नवीन वर्गाची गरज असेल तर @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] जोडतील.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५३, ३ जून २०२३ (IST) ::::[[सदस्य:संतोष गोरे|@संतोष गोरे]] सांगितल्या बद्दल ध्यवाद, वर्ग जोडण्या बाबत मी @अभय नातू यांना कळवीन, परंतु एक वर्ग जोडणे आवश्क आहे "इस्लामी दिनदर्शिकेचे महिने " [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:१५, ३ जून २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 - A Heartfelt Appreciation for Your Impactful Contribution! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg|center|500px]] {{int:please-translate}} Dear Wikimedian, We extend our sincerest gratitude to you for making an extraordinary impact in the '''[[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore 2023]]''' writing competition. Your remarkable dedication and efforts have been instrumental in bridging cultural and gender gaps on Wikipedia. We are truly grateful for the time and energy you've invested in this endeavor. As a token of our deep appreciation, we'd love to send you a special postcard. It serves as a small gesture to convey our immense thanks for your involvement in the competition. To ensure you receive this token of appreciation, kindly fill out [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeXZaej264LOTM0WQBq9QiGGAC1SWg_pbPByD7gp3sC4j7VKQ/viewform this form] by August 15th, 2023. Looking ahead, we are thrilled to announce that we'll be hosting Feminism and Folklore in 2024. We eagerly await your presence in the upcoming year as we continue our journey to empower and foster inclusivity. Once again, thank you for being an essential part of our mission to promote feminism and preserve folklore on Wikipedia. With warm regards, '''Feminism and Folklore International Team'''. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ००:०७, २६ जुलै २०२३ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf2023p&oldid=25345565 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == लेख नाव बदल == कृपया [[उस्मानाबाद]] आणि [[जेसलमेर]] ही पाने [[धाराशिव]] आणि [[जैसलमेर]] या नावांकडे स्थानांतरित करावी. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:५७, ७ ऑगस्ट २०२३ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:११, ७ ऑगस्ट २०२३ (IST) ::जसे संदेश यांनी औरंगाबाद लेखाचे छत्रपती संभाजीनगर नावास स्थानांतरण केले, तसे वरील दोन्ही लेख अजून योग्य नावास स्थानांतिरत झाले नाहीत. कृपया ते करावे, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १३:५६, ८ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[अ‍ॅन फ्रँक]] हा लेख सुद्धा [[ॲन फ्रँक]] या अचूक व योग्य नावाकडे स्थानांतरित करावा. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:१०, ११ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[अंदमान आणि निकोबार]] या लेखाचे [[अंदमान आणि निकोबार द्वीपसमूह]] या बरोबर नावाकडे स्थानांतरण करावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ११:५९, २६ ऑगस्ट २०२३ (IST) :का, अंदमान आणि निकोबार बेटे ? अचूक नाव कोणते आहे?- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:५७, २६ ऑगस्ट २०२३ (IST) ::दोन्ही नावे योग्य आहेत, कोणत्याही एका नावाकडे स्थानांतरित करावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४१, २७ ऑगस्ट २०२३ (IST) == Invitation to Rejoin the [https://mdwiki.org/wiki/WikiProjectMed:Translation_task_force Healthcare Translation Task Force] == [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|right|frameless|125px]] You have been a [https://mdwiki.toolforge.org/prior/index.php medical translators within Wikipedia]. We have recently relaunched our efforts and invite you to [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php join the new process]. Let me know if you have questions. Best [[User:Doc James|<span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>]] ([[User talk:Doc James|talk]] · [[Special:Contributions/Doc James|contribs]] · [[Special:EmailUser/Doc James|email]]) 12:34, 13 August 2023 (UTC) <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_translators/10&oldid=25451576 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == परतावा == आपण हे पृष्ठ परत करू शकता [[सुशोभन सोनू रॉय]] किंवा मी हे पृष्ठ पुन्हा तयार करू शकतो ? मराठी वृत्तपत्रांमध्येही त्यांच्या बातम्या आहेत। [[विशेष:योगदान/110.224.16.31|110.224.16.31]] १६:५४, १ सप्टेंबर २०२३ (IST) :क्षमा असावी, सदरील व्यक्ती ही अजून लेख लिहिण्या इतपत उल्लेखनीय नाही. सबब सध्या तरी यावर लेख लिहिला जाऊ शकत नाही.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:२१, १ सप्टेंबर २०२३ (IST) == नमस्कार... == नमस्कार [[सदस्य:Fulabai chavan|Fulabai chavan]] ([[सदस्य चर्चा:Fulabai chavan|चर्चा]]) १४:४८, २९ सप्टेंबर २०२३ (IST) :नमस्कार :- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३५, २९ सप्टेंबर २०२३ (IST) ::दादोजी खोमणे हे मराठी पेज मी तयार केले आहे तर त्यात लोकं सारखे बदल करत आहेत....तर..ते पृष्ठ लॉक की करावे...ते मला कळेल का.. [[सदस्य:Fulabai chavan|Fulabai chavan]] ([[सदस्य चर्चा:Fulabai chavan|चर्चा]]) १६:२८, २ नोव्हेंबर २०२३ (IST) :::नमस्कार, विकिपीडिया वरील कोणताही लेख, कोणीही संपादित करू शकतो. अशाच प्रकारे त्यात अतिरिक्त माहितीची भर टाकली जाते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:०३, २ नोव्हेंबर २०२३ (IST) == बॉटफ्लॅग == [[सदस्य:CommonsDelinker]] यांस इंग्लिश विकिपीडियावर बॉटफ्लॅग दिलेला आहे, त्यानुसार मराठी विकिपीडियावर सुद्धा त्यांना बॉटफ्लॅग देण्यात यावा म्हणजे त्यांची संपादने 'अलीकडील बदल' येथे दिसणार नाहीत, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १८:४३, २० जून २०२३ (IST) :करायला काही हरकत नाही. परंतु खरे तर याची संपादने अत्यल्प असून, याद्वारे एखाद्या लेखातून चित्र हटवल्याचे निदर्शनास येताच तिथे नवीन चित्र जोडता येते. सबब या दृष्टिकोनातून याला बॉट फ्लॅग नाही दिला तरी चालेल असे मला वाटते. तसेच @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]], कडे बॉट फ्लॅग चा अधिकार आहे. तेव्हा त्यांनी यावर आपले मत व्यक्त करावे असे मला वाटते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:४७, ९ ऑक्टोबर २०२३ (IST) ::संतोष गोरे यांच्याशी सहमत. अद्याप या बॉटच्या कामाचा उपद्रव वाटत नाही. अधिक बदल होउन त्यामुळे इतरांचे बदल सारखे झाकले जाऊ लागले तर बॉटफ्लॅग देउयात. ::[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) २२:०६, ९ ऑक्टोबर २०२३ (IST) == Invite to Join Wikipedia Asian Month 2023 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''You are receiving this message because you participated in the [[:m:Wikipedia Asian Month 2022|Wikipedia Asian Month 2022]] as an organizer or editor.'' [[File:Wikipedia Asian Month Logo.svg|thumb|Join the Wikipedia Asian Month 2023 ]] <big>Dear all,</big> <big>The '''[[:m:Wikipedia Asian Month Home|Wikipedia Asian Month 2023]]'''[1] is coming !</big> <big>The campaign start within a flexible 30 days from November to December. Following with the changes of the rules made by last year, the wish to have more people get to know Asia and Asian related topic is the same! </big>'''<big>Click [[:m:Wikipedia Asian Month 2023/Join an Event|"Here"]] to Organize/Join a WAM Event.</big>''' '''1. Propose "Focus Theme" related to Asia !''' If you are based somewhere in Asia, or have specific passion on an Asian topic, please propose your "Focus Theme" by October 25th. The WAM international team will select 5 themes. Please propose your focus theme through [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfPLz8kvSP_0LlI4vGRHAP2ydJPnLY__1hb9-p8AsRcS2R2NQ/viewform?usp=sf_link this link][2]. '''2. Enhancing existing articles can also count as part of campaign contribution.''' Any edits, including creating new articles or adding new content to existing articles, over 3000 bytes in total would be able to get a reward. Last year, due to this change of rules, the Programs & Events Dashboard was suggested. However, according to community survey of 2022, Fountain Tool is still the best platform for tracking edit and points. You don’t need to create any Dashboard. For the tracking of editing existing article, the international team is currently designing a form. Will soon publish to the main page of WAM 2023. '''3. More flexible campaign time''' The contribution duration would remain 30days, but we extended the overall campaign timeline to 2 months. All organizers can decide when to start their WAM as long as the whole duration is within November 1st to December 31th. It means that you can participate in WAM based on the needs of your local community. '''Timetable''' * October 1st, 2023 : Publish International Campaign Page of the Year * October 5th to 25th, 2023 : Call for focus themes of WAM 2023. * Before 29 October, 2023: Complete '''[[:m:Wikipedia Asian Month 2023/Join an Event|Registration]]''' [3] of Each language Wikipedia. * November 1st, UTC 00:00 to December 31th, UTC 00:00, 2023: Running the Campaign. (Find your local campaign for the actual event date.) * January 1st to March 15th, 2024: Auditing of each language Wikipedia. * March 30th, 2024: Deadline of reporting statistics and eligible editors to the International Team * April 1st to May 15th, 2024: The international team distributes Barnstars and Certificates to eligible editors of each event. For your information, the main page of Wikipedia Asian Month is currently undertaking a reconstruction for archiving purpose. For the 2023 event please bookmarked this page. We hope you will enjoy Wikipedia Asian Month! If you have any inquiry, feel free to contact us by info@asianmonth.wiki [4]. <big> We look forward to your participation. Cheers!!! WAM 2023 International Team</big> [1] https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikipedia_Asian_Month_2023 [2] https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfPLz8kvSP_0LlI4vGRHAP2ydJPnLY__1hb9-p8AsRcS2R2NQ/viewform?usp=sf_link [3] https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikipedia_Asian_Month_2023/Join_an_Event [4] info@asianmonth.wiki </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/Wikipedia_Asian_Month_2023_Message_receiver_main&oldid=25753309 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> What are your plans to arrange Asian Month 2023 Marathi? I am interested to participate. [[सदस्य:Vikrantkorde|विक्रांत कोरडे]] ([[सदस्य चर्चा:Vikrantkorde|चर्चा]]) १७:२९, २१ ऑक्टोबर २०२३ (IST) :@[[सदस्य:Vikrantkorde|विक्रांत कोरडे]], नमस्कार, आपल्या सहभाग आणि उत्कंठेबद्दल धन्यवाद. लवकरच या प्रकल्पाबद्दल मराठी विपी वर सूचना देण्यात येईल. :cc:@[[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] आणि @[[सदस्य:Sandesh9822|संदेश हिवाळे]] :- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १०:०३, २२ ऑक्टोबर २०२३ (IST) == नोव्हेंबर मुखपृष्ठ सदर == नमस्कार, नोव्हेंबर महिन्यात बदलून [[हंपी]] हा लेख सदर करावा असे सुचवत आहे. कृपया या लेखावर एकदा नजर घालावी व उचित बदल करावेत ही विनंती. [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ_सदर_लेख_नामनिर्देशन#हंपी]] धन्यवाद. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ०६:१६, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) :नमस्कार, लेख विस्तृत आणि सुंदर आहे, परंतु यात लाल दुवे तसेच भाषांतरामुळे काही व्याकरणाच्या चुका देखील झाल्या आहेत. तसे प्रमाण कमीच आहे. लेख बऱ्यापैकी व्यवस्थित झाला असे वाटले की मी आपल्याला तसे कळवतो. सध्या मी थोडा व्यस्त असल्याने, काम थोडे हळू हळू होईल असे वाटते.:- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०९:३५, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) ::@[[सदस्य:Nitin.kunjir|Nitin.kunjir]] नमस्कार, यात आपले योगदान पण दिसून येत आहे. कृपया सदरील लेखावर एक नजर फिरवावी आणि काय कमी जास्त आहे ते सुचवावे.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०९:४२, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) == विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३ == [[चित्र:Wikipedia Asian Month Logo Mr.svg|right|400px|frameless]] प्रिय विकिसदस्य, '''[[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३|विकिपीडिया आशियाई महिना ]]''' हे विकीमेडियन्स द्वारा स्थापन केलेले एक वार्षिक अभियान आहे. हे अभियान मुख्यत्वे आशिया खंडातील देश आणि तेथील संस्कृती संबंधित विषयांवरील लेखांवर लक्ष केंद्रित करते. अनेक आशियाई व भारतीय विकिपीडिया समुदायांनी यात भाग घेतलेला आहे. आणि आमची अशी इच्छा आहे की आपण मराठी विकिपीडियावर आपले अमूल्य योगदान द्यावे. प्रकल्प पृष्ठ [[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३|येथे]] उपलब्ध आहे. आपण ही स्पर्धा जिंकल्यास आपण '''विकिपीडिया आशियाई दूत घोषित होऊन तुम्हाला सही केलेले प्रमाणपत्र मिळेल व एक अधिक पोस्टकार्ड मिळेल''' तसेच '''डिजीटल बार्नस्टार''' देखील प्राप्त करू शकता. अधिक माहितीसाठी प्रकल्प पृष्ठ तपासा. [[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३/सहभागी|येथे]] आपली नोंदणी करा आणि [https://fountain.toolforge.org/editathons/wam-mr-2023 हा दुवा] वापरून आपला लेख सादर करा. जर तुम्हाला कोणत्या मदतीची आवश्यकता असेल तर स्थानिक आयोजक [[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे ]], [[सदस्य:Sandesh9822|संदेश हिवाळे]] किंवा [[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] यांना संपर्क करावा. धन्यवाद. :'''आयोजक विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३''' :<small>हा संदेश [[विकिपीडिया:स्वागत आणि साहाय्य चमू|विकिपीडिया मदत चमू]] करिता [[विकिपीडिया:एकगठ्ठा संदेश प्रणाली]] सुविधा वापरून [[विपी:प्रचालक|मराठी विकिपीडिया प्रचालकांमार्फत]] पाठविला गेला असण्याची संभावना आहे.</small> <!-- सदस्य:संतोष गोरे@mrwiki ने https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%B7_%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87/test&oldid=2341857 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == आकाराम दादा पवार यांच्या विकिपीडिया पानाच्या पुनर्स्थापनेची विनंती == नमस्कर, काहि दिवसा अघोधर "[[आकाराम दादा पवार]]" या बद्दलच्या विकिपीडिया पानाला संदर्भांच्या अभावी हटवले आहे. मात्र, माझ्या मते, लिहिलेल्या माहितीची अचूकता सिद्ध करू शकणारे पुरेसे संदर्भ आहेत. [[आकाराम दादा पवार]] यांनी लोकांसाठी आणि देशासाठीही मोलाचे योगदान दिले आहे आणि त्यांच्या कार्याबद्दल लोकांना माहिती असणे महत्त्वाचे आहे. मी विनंती करते की तुम्ही विकिपीडिया वर पान पुनर्स्थापीत करा . जर आवश्यक असेल तर, माहितीला आधार देणारे अतिरिक्त संदर्भ देण्यासाठी मी तयार आहे.[[आकाराम दादा पवार]] सारख्या व्यक्तींचे सकारात्मक योगदान ओळखणे आणि त्यावर प्रकाश टाकणे महतवाचे आहे . या विषयाकडे तुमचे लक्ष दिल्याबद्दल धन्यवाद. [[सदस्य:Manasi.M.Pawar|Manasi.M.Pawar]] ([[सदस्य चर्चा:Manasi.M.Pawar|चर्चा]]) १३:५०, १५ डिसेंबर २०२३ (IST) :{{साद|Manasi.M.Pawar}}, नमस्कार, आपल्या सदरील लेखावर संदेश हिवाळे यांनी [https://mr.m.wikipedia.org/wiki/सदस्य_चर्चा:Sandesh9822 त्यांच्या चर्चा पानावर] उत्तर दिले आहे. काही शंका असतील तर तेथे पुढील चर्चा करू शकता. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:५९, १८ डिसेंबर २०२३ (IST) == Invitation to Organize Feminism and Folklore 2024 Writing Competition == <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;> [[File:Feminism and Folklore 2024 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <center>''{{int:please-translate}}''</center> Dear {{PAGENAME}}, Hope you are doing well, Wishing you a Happy New Year!. We extend a heartfelt invitation to you to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2024|Feminism and Folklore 2024]]''' writing competition, which is scheduled to take place from February 1, 2024, to March 31, 2024. This year's edition of Feminism and Folklore will concentrate on feminism, women's issues, and gender-focused topics, aligning with a Wiki Loves Folklore gender gap focus and featuring a folk culture theme on Wikipedia. This year we have created two new Tools for the Feminism and Folklore project. The tool is called '''Campwiz'''. This tool is created by the international Tech team of Wiki Loves Folkore especially crafted for Feminism and Folklore project. The tool works as same as fountain or dashboard but has extra abilities required for jury and submission of articles. To create a new campaign on Campwiz, organizers to follow these steps: # Go to the tool link: <nowiki>https://tools.wikilovesfolklore.org/</nowiki> # Select your wiki on which you want to organize the campaign (enter the name or short code, such as "{{CONTENTLANG}}" for {{#language:{{PAGELANGUAGE}}}} {{SITENAME}}). # Give your campaign a name example "Feminism and Folklore 2024 on {{#language:{{PAGELANGUAGE}}}} {{SITENAME}})". # Select the start and end dates (note: keep your start date as Feb 1 and end date as March 31). # Provide a description for your campaign (you can briefly describe the campaign in this section). # Make sure to keep the checkboxes ticked for "Allow users to submit articles that were not created but expanded." if you want to use the campaign for expanded articles also. # Keep minimum added bytes as 4000 and minimum added words as 400 and click next. # In the jury section, keep the checkboxes ticked for "Allow jury members to participate in the campaign" and "Prevent jury members from seeing each other's votes." As per your preference. # Under the jury search box, type the username of your jury and click on the "+" button to add; you can add multiple jury members. # Click next to review and then click on save. With this we have also created a '''Missing article tool'''. This tool identifies articles in the English Wikipedia that are absent from your native language Wikipedia. You can customize your selection criteria, and our tool will provide you with a table displaying the missing articles along with suggested titles. You also have the option to download the list in both CSV and wikitable formats. Both tools, the Missing Article Tool and the Campwiz Tool, are now available for public use during the Feminism and Folklore campaign. You can find more information about these tools here: <nowiki>https://tools.wikilovesfolklore.org/</nowiki> There are also some changes in the rules and criteria's. Please go through the rules below. # '''Minimum Length:''' The expanded or new article should have a minimum of '''''4000 bytes or 400 words''''', ensuring sufficient depth and coverage of the chosen topic. The local organizers are free to choose the minimum length criteria as per needs of their local Wikipedia and must be clearly mention on local project page. # '''Language Quality:''' Articles should not be poorly machine-translated, ensuring that language quality and readability are maintained at a high standard. # '''Timeline of Creation or Expansion:''' The article should be created or expanded between 1 February and 31 March, aligning with the specified contest timeline. # '''Theme Relevance''': Articles should directly address the theme of feminism and folklore, exploring connections between gender, cultural traditions, and intangible heritage. # '''No Orphaned Articles:''' Articles must not be orphaned, meaning they should be linked from at least one other article to ensure visibility within the Wikipedia ecosystem. # '''No Copyright violations:''' There should be no copyright violations, and articles should adhere to local Wikipedia policies on notability, ensuring that the content meets the standards for notability. # '''Adequate references and Citations:''' Each article should include proper references and citations following local Wikipedia policies, ensuring the reliability and credibility of the information presented. Learn more about the contest details and prizes on our project page [[:m:Feminism and Folklore 2024|here]]. Should you require any assistance, please feel free to contact us on our meta talk page or via email. We eagerly anticipate your enthusiastic coordination and participation in Feminism and Folklore 2024. Thank you and Best wishes, '''Feminism and Folklore 2024 International Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १२:२१, १८ जानेवारी २०२४ (IST) </div></div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf&oldid=26088038 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a medical contributors! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> {| style="background-color: #fdffe7; border: 1px solid #fceb92;" |rowspan="2" style="vertical-align: middle; padding: 5px;" | [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|130px]] |style="font-size: x-large; padding: 3px 3px 0 3px; height: 1.5em;" |'''The 2023 Cure Award''' |- | style="vertical-align: middle; padding: 3px;" |In 2023 you '''[https://mdwiki.org/wiki/WikiProjectMed:WikiProject_Medicine/Stats/Top_medical_editors_2023_(all) were one of the top medical editors in your language]'''. Thank you from [[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med]] for helping bring free, complete, accurate, up-to-date health information to the public. We really appreciate you and the vital work you do! Wiki Project Med Foundation is a [[meta:Wikimedia_thematic_organizations|thematic organization]] whose mission is to improve our health content. '''[https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdWfjVFbDO4ji-_qn2SsAgdCflhcOZychLnr1JUacsPaBr1eA/viewform Consider joining for 2024]''', there are no associated costs. Additionally one of our primary efforts revolves around translation of health content. We invite you to '''[https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php try our new workflow]''' if you have not already. Our dashboard automatically [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/leaderboard.php collects statistics] of your efforts and we are working on [https://mdwiki.toolforge.org/fixwikirefs.php tools to automatically improve formating]. |} Thanks again :-) -- [https://mdwiki.org/wiki/User:Doc_James <span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>] along with the rest of the team at '''[[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med Foundation]]''' ०३:५५, ४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) </div> <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_Other_Language_Editors_2023&oldid=26173705 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == एक लेख जोडा == [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ अलीकडील मृत्यू]] या लेखात मला एक नाव जोडायचे आहे– 👉🏻[[हेगे गींगोब]]👈🏻, धन्यवाद! --[[सदस्य:Ayesha46|Ayesha46]] ([[सदस्य चर्चा:Ayesha46|चर्चा]]) ०८:१६, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :ठीक आहे जोडूया. याच सोबत [[फेब्रुवारी ४]] मध्ये मृत्यू या मथळ्या खाली आपण सदरील लेखनाव जोडू शकता.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:०८, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) ::सल्ल्याबद्दल धन्यवाद, तुम्ही सांगितल्याप्रमाणे मी ते संपादन केले -- [[सदस्य:Ayesha46|Ayesha46]] ([[सदस्य चर्चा:Ayesha46|चर्चा]]) २३:००, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == कृपया इतर संपादकांना मदत करा == आपण अलीकडे [[सदस्य:Sohan wankhade]] यांचे सदस्य पान (Userpage) [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%3ASohan_wankhade&diff=2326837&oldid=2326800 पूर्णपणे रिक्त केले] होते [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%3ASohan_wankhade&diff=2327312&oldid=2327310 ते ही अनेक वेळा]. आपले कारण "विकिपीडिया चा वैयक्तिक वापर" होते. मी तुमचे लक्ष [[:en:WP:UPYES|WP:UPYES]] वर आणू इच्छितो, हे धोरण प्रत्येक विकिपीडियाच्या सदस्य पानांवर लागू होते (दुर्दैवाने ते मराठी विकिपीडियावर अस्तित्वात नाही, पण तरीही मराठी विकिपीडियावर लागू होते.) त्यात स्पष्टपणे "Non-article Wikipedia material such as reasonable Wikipedia humor, essays and perspectives, personal philosophy, comments on Wikipedia matters allowed" लिहिले आहे. त्यामुळे तुम्ही जे केले त्याऐवजी काही मजकूर तिथेच राहू द्यायला हवे होते आणि त्याला समजावून सांगायला हवे होते. तसे, मी ते केले आहे. धन्यवाद. (You recently had completely blanked User:Sohan wankhade's userpage multiple times. Your reason was "विकिपीडिया चा वैयक्तिक वापर". I would like to bring your notice to [[:en:WP:UPYES|WP:UPYES]], a policy applicable to all wikipedias' userpages (unfortunately it doesn't exist in marathi wikipedia, but is still applicable). It clearly says "Non-article Wikipedia material such as reasonable Wikipedia humor, essays and perspectives, personal philosophy, comments on Wikipedia matters allowed'. So you should rather have let some content stay there and explain him why you reduced it. By the way, I have did it. Thank you.) [[सदस्य:ExclusiveEditor|<span style="background:Orange;color:White;padding:2px;">Exclusive</span><span style="background:black; color:White; padding:2px;">Editor</span>]] [[सदस्य चर्चा:ExclusiveEditor|<sub>Notify Me!</sub>]] [[सदस्य:ExclusiveEditor|ExclusiveEditor]] १९:४३, १२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :{{साद|ExclusiveEditor}}नमस्कार, कृपया काही अतिरिक्त खुलासे कराल तर फार बरे होईल. :# ''कृपया इतर संपादकांना मदत करा'' - आजपर्यंत मी कुणाकुणाला मदत केली नाही त्यांची नावे येथे नमूद करावीत. :# ''Redundancy'' - आपण येथील संपादन सारांश मध्ये Redundancy (म्हणजे अतिरेक) असे नमूद केले आहे. मी नक्की कशाचा अतिरेक केला आहे? :# ''ते ही अनेक वेळा'' - मी नक्की सदरील सदस्याचे सदस्य पान कितीवेळा रिकामे केले याची निश्चित संख्या येथे नमूद केल्यास अजून बरे होईल. :# ''आणि त्याला समजावून सांगायला हवे होते. तसे, मी ते केले आहे'' - आपण Sohan wankhade यांचे चर्चा पान तपासले आहे का? उलट मी तरी त्यांना एकवेळा सूचना दिली आहे; आपण कधी आणि कुठे दिलीय? :::: अपेक्षा आहे की योग्य आणि मुद्देसूद उत्तरे द्याल.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:१८, १२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) तुमच्या प्रश्नाची उत्तरे: # मी सहमत आहे की तुम्ही इतरांना मदत करण्यासाठी खरोखरच एक प्रशंसनीय काम केले आहे आणि "'''कृपया इतर संपादकांना मदत करा'''" हे शीर्षक अंशतः चुकीचे असू शकते, परंतु मला असे म्हणायचे आहे की फक्त या एका प्रकरणात तुम्ही User:Sohan wankhade यांशी बोलायला हवे होते. # तुमच्या चर्चा पानावरील माझे दुसरे संपादन तांत्रिक(Technical) होते, ज्यात मी माझी 'डिझाइनशिवाय डुप्लिकेट स्वाक्षरी' काढून टाकली. त्यामुळे माझे संपादन सारांश 'Redundancy' होते आणि तुमच्याशी संबंधित नव्हते. # मी तुमचे पहिले संपादन "'''पूर्णपणे रिक्त केले'''" या शब्दासह ''विकिलंक'' केले आहे आणि सोबतच '''"ते ही अनेक वेळा'''" तुमच्या पुन्हा रिक्त केलेल्या संपादन सोबत ''wikilink'' केले होते. अशा प्रकारे मी तुमच्या दोन्ही संपादनांचा अप्रत्यक्षपणे उल्लेख केलेले आहे. # तुम्ही त्याला (UserːSohan Wankhade) सांगायला हवे होते की वापरकर्ता पानावर फक्त '''काही''' विकिपीडिया संबंधित नसलेल्या सामग्रीला '''परवानगी आहे'''. तुम्ही त्याच्यासाठी [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे|चुकीचा धोरणात्मक लेख]] देखील जोडले आहे, कारण त्यात त्याच्या प्रकरणाचा (कविता) कुठेही उल्लेख केलेला नाही, पण स्वत: लिहिलेल्या कवितांना परवानगी नाही या निष्कर्षावर तुम्ही कसे पोहोचलात हे देखील त्याला सांगितले नाही. # ''आपण कधी आणि कुठे दिलीय (सूचना)?''- कृपया माझे संपादन सारांश पहा: [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Sohan_wankhade&action=history UserːSohan wankhade's history] आणखी दोन गोष्टीː * मी मान्य करतो की मी लिहिण्यासाठी मशिन ट्रान्सलेशन वापरतो कारण मराठीत टाईप करण्यास खूप वेळ लागतो, तथापि मला मराठी माहित आहे, आणि माझे लेखन पुरेसे वाचनीय आहे. *मला तुमच्याशी वाद घालायचे नाही आणि तूम्ही माझे शत्रूही नाही आहात. मला फक्त तूम्च्याकडे या घटनेची नोंद करायची होती, आणि नवीन वापरकर्त्यांना ते स्वतः समस्याग्रस्त आहेत असे वाटणार नाही याची खात्री करून घ्यायची आहे कारण त्यांना असे वाटल्यास ते मदत करणार नाहीत. (कोणतेही शब्दलेखन चुकीचे असल्यास क्षमस्व.) [[सदस्य:ExclusiveEditor|<span style="background:Orange;color:White;padding:2px;">Exclusive</span><span style="background:black; color:White; padding:2px;">Editor</span>]] [[सदस्य चर्चा:ExclusiveEditor|<sub>Notify Me!</sub>]] [[सदस्य:ExclusiveEditor|ExclusiveEditor]] १५:५७, १३ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :* ३. ''पूर्णपणे रिक्त केले'' आणि ''ते ही अनेक वेळा'' - माफ करा, दोन वेळा (twice) आणि अनेकवेळा (multiple times) यात फरक आहे. मी सदरील सदस्याचे सप्टेंबर २०२३ मध्ये सदस्य पान केवळ दोन वेळा रिक्त केले आणि त्याच सोबत त्यांच्या चर्चा पानावर एक सूचना टाकली होती. त्यानंतर देखील सदरील सदस्य स्वतःचे सदस्य पान पुन्हा पुन्हा संपादत होते. जास्त गंभीर सूचना दिल्यास सदस्य विकिपीडियावर येणे कमी करू शकतो, म्हणून मी त्यांच्या कडे थोडे दुर्लक्ष केले. माझ्या मते असे करणे योग्य होते. :* ४. ''वापरकर्ता पानावर फक्त काही विकिपीडिया संबंधित नसलेल्या सामग्रीला परवानगी आहे. तुम्ही त्याच्यासाठी चुकीचा धोरणात्मक लेख देखील जोडले आहे'' - कृपया बारकाईने निरीक्षण करावे, सदरील सदस्य सात वर्षांपासून विकिपीडियावर असून या पूर्ण कार्यकाळात त्यांनी मराठी विपी वर आजपावेतो तब्बल २० संपादने केली असून ती सर्व केवळ स्वतःच्या सदस्य पानावरील आहेत. त्यांनी अजून एकही उपयुक्त संपादन केलेले नाही. याचा अर्थ सदरील सदस्य विकिपीडियाचा वापर [[अनुदिनी]] (personal blog) प्रमाणे करत आहे. यासाठी आपण त्यांच्या विकिमिडिया वरील संपादनाचा [https://commons.m.wikimedia.org/wiki/Commons:Deletion_requests/Files_uploaded_by_Sohan_wankhade हा इतिहास] पहावा. येथे त्या ठिकाणच्या प्रचालकानी Out of Scope, personal photo असा शेरा दिला आहे. हेच माझे म्हणणे मराठी विपी वरील संपदानाबाबत आहे. यासाठी मी तुम्हाला दोन दुवे देतो, इंग्रजी [[en:Wikipedia:User pages#What may I not have in my user pages?|What may I not have in my user pages?]] (तुम्हाला इंग्रजीचा सराव जास्त आहे म्हणून) आणि मराठी [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे#विकिपीडिया म्हणजे ब्लॉग, वेबस्पेस पुरवठादार कंपनी, सोशल नेटवर्क संकेतस्थळ अथवा कुणाचे स्मारक संकेतस्थळ नव्हे|विकिपीडिया म्हणजे ब्लॉग, वेबस्पेस पुरवठादार कंपनी, सोशल नेटवर्क संकेतस्थळ अथवा कुणाचे स्मारक संकेतस्थळ नव्हे]]. सदरील नियम मला जास्त महत्वाचा वाटतो. माझा सारांश - सदस्य विपिवर योगदान देत असल्यास त्याचा हेतू शुद्ध मानल्या जाऊ शकतो. अशा वेळी त्याने सदस्य पानावर माहिती चौकट साचा जोडणे, सुविचार, आपला विपत्र पत्ता देणे, फेसबुक सहित इतर समाज माध्यमांचे दुवे देणे चालू शकते (जसे की तुम्ही म्हणत आहात). परंतु जर तो केवळ सदस्य पानावर वारंवार संपादन करत असेल तर तो हेतू पूर्वक ब्लॉग प्रमाणे विपीचा दुरुपयोग करत असतो. :: ''वि. सु. - सप्टेंबर २०२३ पासून मी सदरील सदस्यांकडे ([[सदस्य:Sohan wankhade]]) दुर्लक्ष केले होते. परंतु तुम्ही आज तब्बल सहा महिन्यांनी अनाकलनीय रित्या त्यांची बाजू मांडत आहात म्हणून आता त्यांच्यावर जास्त लक्ष दिल्या जाईल. कदाचित ते प्रतिबंधित देखील होऊ शकतील. -:[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:३८, १४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०१:०४, १४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == Translation help == Hi, can you please translate (localize per your wiki) [[सदस्य:CampWiz Bot/wlf.json|these summaries]] in Marathi for the bot? [[सदस्य:Nokib Sarkar|Nokib Sarkar]] ([[सदस्य चर्चा:Nokib Sarkar|चर्चा]]) १२:५४, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :Hi, as per my opinion, most of the part is already translated in Marathi. Translation of the table isn't necessary. @[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] , am I right? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:१९, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) ::Just to confirm, are you talking about the edit summaries listed in [[सदस्य:CampWiz Bot/wlf.json]]? [[सदस्य:Nokib Sarkar|Nokib Sarkar]] ([[सदस्य चर्चा:Nokib Sarkar|चर्चा]]) १८:१८, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :::Yes. I am talking about the same. Which part do you want to translate in Marathi? As per my knowledge the table is a software programming language, about which I have no idea. For more kindly get the help from @[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] or @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]], they may help you. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:३७, २३ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०२:०५, ३० मार्च २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुहानी भटनागर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १६:३०, २ जून २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २०:३०, २ जून २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुहानी भटनागर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = 91 words) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २३:३०, ८ जून २०२४ (IST) == राजगड तालुका मॅप Add करा == https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/9/94/Velhe_tehsil_in_Pune_district.png [[विशेष:योगदान/2401:4900:550F:B8F7:75A6:5EFE:80ED:A4BA|2401:4900:550F:B8F7:75A6:5EFE:80ED:A4BA]] ०९:५१, १७ ऑगस्ट २०२४ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५४, १७ ऑगस्ट २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. [[विशेष:योगदान/2401:4900:5195:ABC6:CC09:F959:C113:F5B9|2401:4900:5195:ABC6:CC09:F959:C113:F5B9]] १४:१९, ३१ ऑगस्ट २०२४ (IST) :प्रिय अनामिक सदस्य, प्रथम आपण सनोंद प्रवेश करून येथे चर्चा करावी. आपला ip अंकपत्ता नियमित बदलतो, तसेच सनोंद प्रवेश नसल्यास तुमच्याशी चर्चा करता येत नाही. सबब येथे सनोंद प्रवेश करून चर्चा करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १३:२८, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == [[अनंतराव थोपटे]] [[विशेष:योगदान/2401:4900:36C4:605A:DD7E:3A78:DE79:8176|2401:4900:36C4:605A:DD7E:3A78:DE79:8176]] १३:१६, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) :प्रिय अनामिक सदस्य, प्रथम आपण सनोंद प्रवेश करून येथे चर्चा करावी. आपला ip अंकपत्ता नियमित बदलतो, तसेच सनोंद प्रवेश नसल्यास तुमच्याशी चर्चा करता येत नाही. सबब येथे सनोंद प्रवेश करून चर्चा करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १३:२८, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == विनाकारण माहिती आणि संदर्भ खोडल्याबद्दल == हुंडा या लेखात मी काही माहिती जोडली होती. ती माहिती खोडण्याचे काहीही सबब किंवा कारण दिलेले नाही. माहिती चुकीची होती का? याचा खुलासा आपण करावा [[सदस्य:Ranjeetrao.Deshmukh|Ranjeetrao.Deshmukh]] ([[सदस्य चर्चा:Ranjeetrao.Deshmukh|चर्चा]]) २०:५२, १३ सप्टेंबर २०२४ (IST) :# नमस्कार, काहीतरी कारण असेल म्हणून माहिती उडवली असेल ना, मग तिथे विनाकारण हा शब्द योग्य आहे का? असो, विषय बदलायला नको. :#आपण अनेक लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडली आहे. मुळात बशीर मोमीन कवठेकर या एकाच लेखात ती माहिती जोडणे अपेक्षित आहे. वेडात मराठे वीर दौडले सात हा चित्रपट बशीर मोमीन कवठेकर यांच्या कादंबरीवर आधारित आहे सबब, तिथे माहिती जोडणे ठिक आहे. परंतु आपण [[हुंडा]] आणि [[भारतातील हुंडा प्रथा]] या दोन लेखात समान मजकूर जोडलात, हे अयोग्य आहे. हुंडा हा शब्द जिथे जिथे आला तिथे लगेच एकसमान माहिती जोडणे हे अपेक्षित नाही. :#आपण [[भारतातील हुंडा प्रथा]], [[हुंडा]], [[मराठी रंगभूमी]], [[आणीबाणी (भारत)]], [[वेडात मराठे वीर दौडले सात (चित्रपट)]], [[नाटक]], [[बशीर मोमीन (कवठेकर)]], [[इ.स. २०२१]] तसेच [[इ.स. १९४७]] या लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडली आहे. या पैकी [[वेडात मराठे वीर दौडले सात (चित्रपट)]], [[बशीर मोमीन (कवठेकर)]], [[इ.स. २०२१]] तसेच [[इ.स. १९४७]] या लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडणे हे योग्य आहे. परंतु बशीर मोमीन कवठेकर यांनी केलेले विविध कार्य प्रत्येक वेगवेगळ्या लेखात जोडण्या ऐवजी बशीर मोमीन कवठेकर या एकाच जोडणे अपेक्षित आहे. तरीही मी केवळ हुंडा आणि भारतातील हुंडा प्रथा या दोन लेखातील माहिती तितकी उडवली आहे. कृपया कवठेकर यांची योग्य ती विश्वकोशीय माहिती आपण त्यांच्या नावातील लेखात जोडताल असे अपेक्षित आहे. :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:५०, १३ सप्टेंबर २०२४ (IST) ::नमस्कार, ::आधी माहिती खोडताना त्याचे कारण दिले नव्हते म्हणूनच विनाकारण म्हटले. एखाद्याला व्याकरण आवडणार नाही, एखाद्याला भाषातले शब्द प्रयोग आवडणार नाहीत ..असं बरच काही असू शकते. त्यामुळे, विशेषता, दुसऱ्याची माहिती जेव्हा आपण खोडतो तेव्हा थोडेसे स्पष्टीकरण देणे उचितच ठरेल. ::वाचक जेव्हा विकिपीडियावर कोणताही विषय वाचतो तर तेव्हा एकसंध आणि परिपूर्ण माहिती तेथे उपलब्ध असेल तर ते वाचकास निश्चितच फायद्याचे ठरते. त्यामुळे असे माहिती किंवा संदर्भ जोडणे यात गैर काही नाही. [[सदस्य:Ranjeetrao.Deshmukh|Ranjeetrao.Deshmukh]] ([[सदस्य चर्चा:Ranjeetrao.Deshmukh|चर्चा]]) २१:१५, १७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == [[अनंतराव थोपटे]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १४:२३, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) [[अनंतराव थोपटे]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १४:२७, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) :@[[सदस्य:राहुलया|राहुलया]], नमस्कार, अनंतराव थोपटे या लेखात माहिती चौकट जोडली आहे. आपण ती व्यवस्थित भरावी. काही शंका निर्माण झाल्या तर त्या येथे विचाराव्यात. कोणतीही घाई करू नये. तसेच सदरील लेख हा भाषण किंवा व्यक्ती चरित्र लिहल्या सारखा झाला आहे. जमल्यास [[विलासराव देशमुख]] या लेखाचा अभ्यास करून त्या प्रमाणे अनंतराव थोपटे हा लेख लिहावा. भाषा शैली विश्वकोशीय असावी, ललित लिखाण किंवा भाषणा प्रमाणे नसावी. योग्य ते संदर्भ जोडावेत. विशेषणे तसेच स्तुतीसुमने टाळावीत. आणि हो चुका होऊ द्या आपण त्या हळू हळू दुरुस्त करूया.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:१०, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे image upload करणे == <nowiki>https://atcbhor.com/img/founder.jpg</nowiki> [[विशेष:योगदान/2401:4900:5030:448E:4CF9:B046:7915:EB80|2401:4900:5030:448E:4CF9:B046:7915:EB80]] १६:१०, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर image upload करणे == <nowiki>https:[[//atcbhor.com/img/founder.jpg</nowiki>]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १६:२६, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) :@[[सदस्य:राहुलया|राहुलया]], आपण सनोंद (म्हणजे लाँग इन) करून येथे संपादने करावीत. अन्यथा ना लेख व्यवस्थित होईल ना तुम्हाला मार्गदर्शन करता येईल. यापुढे दक्षता घेणे. आणि हो अकारण चुकीची संपादने चालूच ठेवल्यास कोणताही प्रचालक सदरील लेख कायम उडवेल, सबब सूचनांकडे दुर्लक्ष करू नये. याच बरोबर कोणत्याही संकेतस्थळावरील चित्र येथे जोडता येत नाही. यासाठी विकिमिडियावर ते उपलब्ध असावे लागते, आणि तेही स्वतः काढलेले प्रताधिकार मुक्त (म्हणजे कॉपी राईट फ्री) असावे लागते.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:२६, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) == Join the Wikipedia Asian Month Campaign 2024 == <div lang="en" dir="ltr"> Dear 2022 & 2023 WAM Organizers, Greetings from Wikipedia Asian Month User Group! The [[m:Wikipedia_Asian_Month_2024|Wikipedia Asian Month Campaign 2024]] is just around the corner. We invite you to register your language for the event on the "[[m:Wikipedia_Asian_Month_2024/Join_an_Event|Join an event]]" page and once again become an organizer for your language's Wikipedia. Additionally, this year we have selected [[m:Wikipedia_Asian_Month_User_Group/Ambassadors|ambassadors]] for various regions in Asia. If you encounter any issues and need support, feel free to reach out to the ambassador responsible for your area or contact me for further communication. We look forward to seeing you again this year. Thank you! [[File:Wikipedia Asian Month Logo.svg|thumb|100px|right]] [[m:User:Betty2407|Betty2407]] ([[m:User talk:Betty2407|talk]]) 11:00, 20 October 2024 (UTC) on behalf of [[m:Wikipedia_Asian_Month_2024/Team|Wikipedia Asian Month 2024 Team]] <small>You received this message because you was an organizer in the previous campaigns. - [[m:User:Betty2407/WAMMassMessagelist|Unsubscribe]]</small> </div> <!-- सदस्य:Betty2407@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Betty2407/WAMMassMessagelist&oldid=27632678 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Invitation to Participate in the Wikimedia SAARC Conference Community Engagement Survey == Dear Community Members, I hope this message finds you well. Please excuse the use of English; we encourage translations into your local languages to ensure inclusivity. We are conducting a Community Engagement Survey to assess the sentiments, needs, and interests of South Asian Wikimedia communities in organizing the inaugural Wikimedia SAARC Regional Conference, proposed to be held in Kathmandu, Nepal. This initiative aims to bring together participants from eight nations to collaborate towards shared goals. Your insights will play a vital role in shaping the event's focus, identifying priorities, and guiding the strategic planning for this landmark conference. Survey Link: https://forms.gle/en8qSuCvaSxQVD7K6 We kindly request you to dedicate a few moments to complete the survey. Your feedback will significantly contribute to ensuring this conference addresses the community's needs and aspirations. Deadline to Submit the Survey: 20 January 2025 Your participation is crucial in shaping the future of the Wikimedia SAARC community and fostering regional collaboration. Thank you for your time and valuable input. Warm regards,<br> [[:m:User:Biplab Anand|Biplab Anand]] <!-- सदस्य:Biplab Anand@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Biplab_Anand/lists&oldid=28078122 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a medical contributors! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> {| style="background-color: #fdffe7; border: 1px solid #fceb92;" |rowspan="2" style="vertical-align: middle; padding: 5px;" | [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|130px]] |style="font-size: x-large; padding: 3px 3px 0 3px; height: 1.5em;" |'''The 2024 Cure Award''' |- | style="vertical-align: middle; padding: 3px;" |In 2024 you '''[[mdwiki:WikiProjectMed:WikiProject_Medicine/Stats/Top_medical_editors_2024_(all)|were one of the top medical editors in your language]]'''. Thank you from [[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med]] for helping bring free, complete, accurate, up-to-date health information to the public. We really appreciate you and the vital work you do! Wiki Project Med Foundation is a [[meta:Wikimedia_thematic_organizations|thematic organization]] whose mission is to improve our health content. '''[[meta:Wiki_Project_Med#People_interested|Consider joining for 2025]]''', there are no associated costs. Additionally one of our primary efforts revolves around translating health content. We invite you to '''[https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php try our new workflow]''' if you have not already. Our dashboard automatically [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/leaderboard.php collects statistics] of your efforts and we are working on [https://mdwiki.toolforge.org/fixwikirefs.php tools to automatically improve formating]. |} Thanks again :-) -- [[mdwiki:User:Doc_James|<span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>]] along with the rest of the team at '''[[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med Foundation]]''' ११:५४, २६ जानेवारी २०२५ (IST) </div> <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_Other_Language_Editors_2024&oldid=28172893 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == मार्गदर्शन हवे == ०१) मजकूर लिहून तो publish करत असताना, मराठी अनिवार्यता असा संदेश येत आहे. तो का? ते कळत नाहीये. कारण मजकूर मराठीमध्येच लिहीत आहे. तसा संदेश आल्यावर काय करावे? ०२) एखादा ब्लॉग official असेल तरीही त्याचा संदर्भ दिलेला चालत नाही का? (तेव्हाही 'मराठी अनिवार्यता' असा संदेश येत आहे. आणि मग dismiss करावे लागत आहे.) तुमच्या admin ला कळवा असे त्यात नमूद केले आहे. ते कोणाला व कसे कळवायचे हे कळत नाहीये. कृपया मार्गदर्शन करावे, ही विनंती. धन्यवाद! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १५:२५, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) :सदरील अडचण [[ज्युडिथ टायबर्ग]] साठीची आहे का? मजकूर जोडताना त्यात संदर्भ नीट जोडला होता का? कदाचित त्यात काही गल्लत झाली असेल. मराठी विकिवर ब्लॉग आणि यूट्यूब वरील विशिष्ट लिंक पोस्ट होत नाहीत. जर ब्लॉग जोडायचा असेल तर माहिती चौकट किंवा बाह्य दुवे मध्ये जोडला जाऊ शकतो, इतरत्र नाही.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:००, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::ता.क. तुम्ही संपादन करत असताना जुडिथ, थिओसिफिकल तसेच असे काही शब्द संपादन गाळणीने नेपाळी किंवा इतर भाषिक म्हणून ओळखल्या. याच सोबत वर्डप्रेसचा दुवा स्व प्रकाशित ब्लॉग म्हणून ओळखला. यावर उपाय म्हणजे इंग्रजी शब्द मराठी अक्षरात लिहिताना थोडे बहुत बदल करून लिहिणे. तसेच वर्डप्रेस किंवा इतर तत्सम दुवे जोडणे टाळावेत. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:१०, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::०१) हो, त्याच लेखाबाबत ही अडचण येत आहे. संदर्भ म्हणून ब्लॉग जोडायचा असेल तर कसे करावे? ::०२) <u>काही शब्द संपादन गाळणीने नेपाळी किंवा इतर भाषिक म्हणून ओळखल्या.</u> - मी काम तसेच पुढे चालू ठेवू ना? काही अडचण नाही ना? ::०३) <u>तसेच वर्डप्रेस किंवा इतर तत्सम दुवे जोडणे टाळावेत....</u> ते संदर्भ वगळता येण्यासारखे नाहीयेत. कारण त्यावरच अधिक authentic data उपलब्ध आहे. काय करावे? ::धन्यवाद! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २०:५८, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) :::इतर भाषिक शब्द म्हणून जरी सूचना आली तरीही आपण काम चालू ठेवावे. काही हरकत नाही. वर्डप्रेस, समाज माध्यमे (सोशल मीडिया) आणि इतर सर्व अनुदिनी (ब्लॉग) संदर्भ म्हणून अजिबात जोडू नका. संदर्भ लगेच नाही मिळाला तरी चालेल.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:१५, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::::ठीक. धन्यवाद!! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १०:३९, ७ फेब्रुवारी २०२५ (IST) == Khadaan (Marathi translation) == @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]], I was editing the Marathi version of the article Khadaan [https://mr.wikipedia.org/wiki/Special:ContentTranslation?title=Special:ContentTranslation&campaign=contributions-page&from=en&to=mr&page=Khadaan&targettitle=%E0%A4%96%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8&revision=1275487694 <nowiki>[1]</nowiki>]. I shall be greatly obliged if you see the technical faults here and publish it. Thank you [[सदस्य:Chachajaan|Chachajaan]] ([[सदस्य चर्चा:Chachajaan|चर्चा]]) १९:०५, १३ फेब्रुवारी २०२५ (IST) == टूल == कॉपी आहे कि नाही चेक करण्यासाठी Tool असेल तर लिंक द्या सर [[सदस्य:AShiv1212|AShiv1212]] ([[सदस्य चर्चा:AShiv1212|चर्चा]]) १७:१४, ४ मार्च २०२५ (IST) :https://copyvios.toolforge.org/?lang=mr :फक्त एवढी काळजी घेणे की विकिपीडियावरून इतरत्र देखील मजकूर कॉपी पेस्ट केलेला असू शकतो. त्यामुळे इतर संकेतस्थळावरून विपी वर आलाय का विपी वरून इतरत्र गेलाय, याचा निर्णय विचार करून घ्यावा.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:५३, ४ मार्च २०२५ (IST) == नारी शक्ती पुरस्कार विजेते == नमस्कार, तुम्ही नारी शक्ती पुरस्कार विजेत्यांवरील लेख तयार करीत असलेले पाहून आनंद झाला. या प्रत्येक विजेत्या आपल्या समाजासाठी उदाहरण आहेत. त्यांच्यावर लेखांद्वारे प्रकाशझोत घातल्याबद्दल धन्यवाद. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ००:०१, १५ मार्च २०२५ (IST) :धन्यवाद सर.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:५५, १५ मार्च २०२५ (IST) == Files without a license == Hi! It seems that you are the only one that is deleting files without a license. You may have told me earlier but what is the reason that you (or someone else) does not delete all of the files in one massdelete? If it is because of the flooding of recent changes then [[:m:Meta:Flood flag]] could be a solution. Or is the reason that you are doing some checks of the files before you delete them? [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:१५, १६ मार्च २०२५ (IST) :Hi, my english is not so fair. So kindly ignore my mistakes. :# I have no bot as well don't know how to use it. :# there may be flooding of in recent changes. :# And yes I check properly every file before deleting it. ::That's why it takes more time. :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:५४, १६ मार्च २०२५ (IST) :: Thank you! Your English is good enough for me. I'm not a native English speaker either :-) And even if I was I would not care about any errors. :: You do not need a bot to delete files faster. You can use a script (see tip at [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]). But you would still flood recent changes unless you get flood flags implemented here. :: Checking files manually takes a lot of time. Too bad the other admins does not help you. Have you found any errors so far? If there are any known types of errors I might be able to have my bot remove the deletion template from similar files. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ००:१२, १७ मार्च २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:MGA73|MGA73]] thanks for your valuable suggestion. Still now there are two problems. :::# it's flooding in recent changes. :::# as an admin, I am checking each and every file before deleting. ::::So, still it will take some time from my side. Once again thanks for your support.- :::[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १४:०३, १७ मार्च २०२५ (IST) ::::As long as more files are fixed/deleted than new files are uploaded it is good :-) I will try to move more files to Commons ([[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons ]] / [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]). --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १५:१५, १७ मार्च २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[शकुंतला मजुमदार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १४:३४, २६ मार्च २०२५ (IST) == विकीडाटा कलम दुरुस्ती == कृपया, खालील पानांची विकीडाटा कलमे दुरुस्त करावीत. # [[:वर्ग:गुजरात विधानसभा]] # [[:वर्ग:महाराष्ट्र विधानसभा]] # [[:वर्ग:महाराष्ट्र विधानसभा निवडणुका]] # [[:वर्ग:दिल्ली विधानसभा निवडणुका]] # [[:वर्ग:बिहार विधानसभा निवडणुका]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:१७, २६ एप्रिल २०२५ (IST) :{{Done}} --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १३:२४, २६ एप्रिल २०२५ (IST) ::# [[:वर्ग:२००२ राष्ट्रकुल खेळ]] ::# [[:वर्ग:२०१० राष्ट्रकुल खेळ]] ::# [[:वर्ग:उल्हासनगर]] ::# [[:वर्ग:कंदहार]] ::# [[:वर्ग:बीजिंग]] ::# [[:वर्ग:क्वांगचौ]] ::# [[:वर्ग:मस्कत]] ::# [[:वर्ग:जेरुसलेम]] ::# [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:इराणमधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:झांबियामधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:सीरियामधील शहरे]] ::[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १०:००, २ मे २०२५ (IST) :::{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:४१, ३ मे २०२५ (IST) ::::फक्त [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] साठी अचूक वर्ग सापडला नाही. कदाचित [[:en:category:Municipalities of Iceland|Municipalities of Iceland]] असावा. @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] नक्की सांगाल का. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:४६, ३ मे २०२५ (IST) ::::: [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] मी दुरुस्त केले आहे, फक्त [[:वर्ग:इराणमधील शहरे]] चुकीच्या पानाशी जोडले आहे. [[:en:category:Cities in Iran]] हे योग्य पान आहे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:१०, ३ मे २०२५ (IST) {{साद|संतोष गोरे}} # [[:वर्ग:सुदानमधील शहरे]] # [[:वर्ग:कोसोव्होमधील शहरे]] # [[:वर्ग:कँडी]] # [[:वर्ग:मेरठ]] # [[:वर्ग:हंपी]] # [[:वर्ग:आग्रा]] # [[:वर्ग:जोरहाट]] # [[:वर्ग:बंगळूर]] # [[:वर्ग:जाफना]] # [[:वर्ग:गुवाहाटी]] # [[:वर्ग:प्रयागराज]] # [[:वर्ग:विजयवाडा]] # [[:वर्ग:बेळगांव]] # [[:वर्ग:गुलबर्गा]] # [[:वर्ग:अलीगढ]] # [[:वर्ग:फैजाबाद]] # [[:वर्ग:तुलूझ]] # [[:वर्ग:नीस]] # [[:वर्ग:बोर्दू]] # [[:वर्ग:लेंस]] # [[:वर्ग:कराची]] # [[:वर्ग:नेपियर]] # [[:वर्ग:वेलिंग्टन]] # [[:वर्ग:विशाखापट्टणम]] # [[:वर्ग:मोरोक्कोमधील शहरे]] # [[:वर्ग:पनामामधील शहरे]] # [[:वर्ग:गोवा राज्यातील शहरे व गावे]] # [[:वर्ग:अरुणाचल प्रदेशमधील शहरे]] # [[शहाड]] # [[टिटवाळा]] # [[आसनगाव बुद्रुक]] # [[आसनगाव (डहाणू)]] # [[पळसदरी]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०६, ४ मे २०२५ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:०९, ११ मे २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[शकुंतला मजुमदार]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुकरी बोम्मागौडा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०६:३१, २९ एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुकरी बोम्मागौडा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[बीना शेठ लष्करी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वर्तिका नंदा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सीमा साखरे]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नसीरा अख्तर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुमिता घोष]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनुराधा नाईक]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अमृता पाटील]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १३:३०, २९ एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[लॉरेन पॉवेल जॉब्स]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[ए. सीमा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कलावती देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[दर्शना गुप्ता]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सोनिया जब्बार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुनीता देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिझो हमेईछे इन्सुइहखावम पॉल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अंबिका बेरी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ११:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[मिनी वासुदेवन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[दिदी कॉन्ट्रॅक्टर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मुमताज काझी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[नंदिता शाह]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सुभा वारियर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मोनिका]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[निकिता ठुकराल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्नेहलता नाथ]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[बीना देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[चामी मुर्मू]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[लतिका ठुकराल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[प्रियंवदा सिंग]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[पुष्पा गिरिमाजी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[निल्झा वांगमो]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[कमल कुंभार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मीरा ठाकूर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मधु जैन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सीमा मेहता]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[बानो हरालू]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[दीपिका कुंडजी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[वनस्त्री]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[लक्ष्मी गौतम]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सुपर्णा बक्षी गांगुली]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[नंदिता कृष्णा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[रेवण्णा उमादेवी नागराज]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्मिता तंडी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मालविका अय्यर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[साईलक्ष्मी बालीजेपल्ली]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्वराज विद्वान]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनोयारा खातून]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[पी. कौसल्या]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नेहा किरपाल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १६:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) :@[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]] नमस्कार, [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५ |स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] प्रकल्पात मी जे लेख लिहिलेत ते [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५#नियम|नियमांना]] अनुसरून आहेत असे मला वाटते. कृपया पहिला नियम पाहावा, त्यानुसार 'लेख विस्तारित किंवा नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द असणे आवश्यक आहे.' यानुसार माझे सर्व लेख आहेत. परंतु आपण काही लेख रिजेक्ट केले आहेत अशी सूचना दिसून येत आहे. खुलासा कराल का..? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:०१, ३० एप्रिल २०२५ (IST) ::नमस्कार, मी वापरत असलेल्या [https://tools.wikilovesfolklore.org/campwiz/campaign/110 या] टूलमध्ये लेखात नव्याने जोडलेली शब्दसंख्या ३०० पेक्षा कमी दाखवत आहे (नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द). या कारणाने काही लेख नामंजूर केले आहेत, तथापि हा निकाल अंतिम समजू नये. टूल मधील त्रुटी शोधून लेखांना पुन्हा तपासले जाईल. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १८:२७, ३० एप्रिल २०२५ (IST) सादर केलेल्या काही लेखांची एकूण शब्दसंख्या (संदर्भातील शब्द वगळून) 300 पेक्षा कमी आढळून येत आहे. आणि असे लेख नामंजूर करण्यात आले आहेत. तथापि, माझ्याकडून मोबाईलवर संपादन करताना काही लेखांवर "300 पेक्षा कमी शब्द असल्याची टीप" टाकली गेली, प्रत्यक्षात ते 300 पेक्षा जास्त शब्दांचे व '''मंजूरही''' झालेले लेख आहेत. अनावश्यक ठिकाणी असलेली ती टीप काढून टाकली जाईल. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> २१:११, ३० एप्रिल २०२५ (IST) :'नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द असणे आवश्यक आहे.' या नियमानुसार शब्द संख्या जरी ३०० भरली नाही तरी बाईट्स च्या नियमात सर्व लेख बसतात असे मला वाटते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:५२, ३० एप्रिल २०२५ (IST) ::ठीक. मी लवकरच सर्व लेखांची पुनर्तपासनी करेन. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> ११:०७, ३ मे २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] Don't worry where the स्थिती = approved and note = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली. That is a system bug I feel because I am also facing the same. I will ask developer to fix it soon. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १९:०९, ३ मे २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सौरभ सुमन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = लेखाची शब्दसंख्या २६८ आहे) * [[बसंती देवी (पर्यावरणतज्ज्ञ)]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[उत्तरा पडवार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मीना शर्मा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वासु प्रिमलानी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कृष्णा यादव]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[छांव फाउंडेशन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[साधना महिला संघ]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २१:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[बीना शेठ लष्करी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वर्तिका नंदा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सीमा साखरे]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नसीरा अख्तर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुमिता घोष]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनुराधा नाईक]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अमृता पाटील]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[लॉरेन पॉवेल जॉब्स]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[ए. सीमा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कलावती देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[दर्शना गुप्ता]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सोनिया जब्बार]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुनीता देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिझो हमेईछे इन्सुइहखावम पॉल]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अंबिका बेरी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिनी वासुदेवन]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[दिदी कॉन्ट्रॅक्टर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[मुमताज काझी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[नंदिता शाह]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[सुभा वारियर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[मोनिका]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[निकिता ठुकराल]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[स्नेहलता नाथ]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[बीना देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १९:३०, ३ मे २०२५ (IST) == [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote]] == I see that you use the script to mass delete. That makes things easier :-) One of the users with many uploads is [[User:Archanapote]]. I have asked user to add a license because user was active. But I asked in English. If Archanapote confirm to be the photographer and confirm a license I can fix the files with my bot. Same if any other users are active. If you ask any users in local language and get a reply just let me know. [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १९:४२, ८ मे २०२५ (IST) :{{झाले}}- sent her a message. Let's see what happens.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:५६, ८ मे २०२५ (IST) And now that you use "Files uploaded by ..." to delete files I have started removing those categories from all files with a license template. That should make it easier. I can also add a non-free template to logos. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:४५, १० मे २०२५ (IST) Removed... * Except [[:वर्ग:Files uploaded by Rahuldeshmukh101]] that seems to be active. So Rahuldeshmukh101 should be able to add a license. * Except [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote - cc]] that are all licensed Creative Commons but Archanapote could perhaps check the files. Perhaps you can leave a note to Rahuldeshmukh101 and skip those categories for now. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:०३, १० मे २०२५ (IST) :Thanks for your help. I need ''category:Files uploaded by...'' so that I can check and delete those files using the script to mass delete. And yes, it will be better if you make 50 to 100 files in each category.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:२२, १० मे २०२५ (IST) :: Okay. I will add a license to a number of logos first and then I can split up the files in smaller categories. Perhaps you can start with [[:वर्ग:Files uploaded by Kaustubh]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:३३, १० मे २०२५ (IST) Hi! Do you mean like with [[:वर्ग:Files uploaded by Bantee]] where I put files in smaller sub categories? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ००:१८, १४ मे २०२५ (IST) :Thanks, it will save my time and speed up the deletion.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०८, १४ मे २०२५ (IST) ::Okay I will make more categories like this soon. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १२:१७, १४ मे २०२५ (IST) The files I nominated for deletion are in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]] and I have only marked files that was unused when I marked them. The Files in "Files uploaded by..." also included files with a license but I removed them from the categories as written above. But I came to think that some files in "Files uploaded by..." may be in use. So my question is if you would like only to delete unused files or if you delete all unlicensed files? Since uploaders had months and years to add a license I doubt they will add one so the files should in my opinion be deleted even if in use. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:३०, १६ मे २०२५ (IST) :At presentI am deleting unused files, that's why I am spending more time to check every nominated file. I have no idea what to do with unlicensed used files. We will discuss it later after the deletion of unlicensed unused files. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १९:५३, १६ मे २०२५ (IST) :: In that case I will move all the unused files in subcategories of "Files uploaded by..." and leave the files in use in the top category. Then it will be easier for you to see which files are in use. :: Unlicensed files is a violation of [[:wmf:Resolution:Licensing_policy]] so they should be deleted too even if they are in use. So they have to be deleted at some point too. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:०६, १६ मे २०२५ (IST) Perhaps you could have a look at the files in [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १८:४६, २२ मे २०२५ (IST) :Those files are may be moved on commons. What to do? Do we have to delete them from mrwiki..? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:४३, २२ मे २०२५ (IST) :Just finished deleting category :Files uploaded by Maihudon. I think that this category includes files use on are.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:४४, २२ मे २०२५ (IST) ::It is much easier to clean up if we delete files locally that are also on Commons. About the files in use they should be in the top category and the unused in the sub categories. The category you mention is empty? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २२:५९, २२ मे २०२५ (IST) :::Emptied [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:०९, २४ मे २०२५ (IST) ::::Even [[:वर्ग:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] too cleared.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:२४, २४ मे २०२५ (IST) :::::Great! I added some more photos to the two categories. And I noticed that some photos were uploaded by Archanapote here and a few days later by Cherishsantosh. I do not know if it is the same user or what happend. I left a message at [[सदस्य_चर्चा:Archanapote#License,_source_and_author_on_your_uploads]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:५२, २४ मे २०२५ (IST) ::::::I marked the rest of the files to day and replaced the usage. So [[:वर्ग:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] should be ready to empty one last time. After that I will wait for the deletion of the files allready marked for deletion. When they are done we can figure out what to check next. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २३:२८, २५ मे २०२५ (IST) Hello! Great work deleting files!!! I have now marked more unused and unlicensed files for deletion. I stopped again because I noticed that the bot flag seems to be expired. The files are in sub categories of [[:वर्ग:Files not in use]] and [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:२६, २६ जून २०२५ (IST) :I think [[:वर्ग:Files not in use - delete]] is having movie poster with valid license, like [[:चित्र:Adgul Madgul 01.jpeg]]. Is it so?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:४२, १४ जुलै २०२५ (IST) :: Yes the license seems valid enough. But the file is not in use. And non-free files are only allowed if they are in use. If the file was removed from an article by a mistake it can be added again. But if it file is no longer needed it should be deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:१७, १४ जुलै २०२५ (IST) :::Recently I have removed ''Category:Files not in use - delete'' from three files, as those are in use, please check. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:१८, १५ जुलै २०२५ (IST) :::: It is good that you check. I had a look at the three files and the files were added to an article after I nominated them for deletion. For example [[Special:Diff/2589153]]. So someone is checking the files that I nominate for deletion. If we could get that user to check the files before they are nominated for deletion it would be good. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:२८, १५ जुलै २०२५ (IST) ::::: I am now adding the files to [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]]. Maybe that will make our secret helper work on the files. I suggest not to delete the files now but wait a few weeks. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:३३, १६ जुलै २०२५ (IST) ::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] could you help to add files in respective pages please? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३८, १६ जुलै २०२५ (IST) :::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] मधील चित्रे योग्य त्या चित्रपटाच्या लेखात जोडता का, जेणेकरून ही चित्रे मराठी विकिपीडियावर तशीच ठेवता येतील.--[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:५९, १९ जुलै २०२५ (IST) ::::::::{{साद|संतोष गोरे}} हो जमेल तेवढे करतो नक्की. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १६:२४, १९ जुलै २०२५ (IST) :::::::::सौम्य स्मरण. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ११:०७, २२ जुलै २०२५ (IST) ::::::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]], केले का काम? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०६:२४, २८ जुलै २०२५ (IST) :::::::::::{{साद|संतोष गोरे}} बहुतांशी सर्व छायाचित्रे योग्य त्या पानांवर जोडली आहेत, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १३:२८, २ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::::::::::::@[[सदस्य:MGA73|MGA73]] kindly check [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] as now most of the files are added in respective pages. Remaining should be now deleted. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १४:४३, २ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::::::::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] and [[User:संतोष गोरे]]. I have now removed the files that are in use. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २३:५६, ३ ऑगस्ट २०२५ (IST) I have added f:iles to [[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]]. Mane are taken from the Internet. They are all unused so I suggest to delete them. Should I add the same deletion tag as on the other files? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ०१:५७, १६ जुलै २०२५ (IST) :[[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]] isn't available. Kindly add [[: वर्ग:files not in use - delete]]. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०८:०६, ४ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::Tiven2240 deleted the files so nothing left to do with those files :-) --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ११:१५, ४ ऑगस्ट २०२५ (IST) == 1,000 == I noticed we are getting closed to 1,000 in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]. Next time you delete the number should get below that number! I hope you have a beer ready or maybe Solkadhi? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:१९, ३० मे २०२५ (IST) == Feminism and Folklore 2025 - Local prize winners == [[File:Feminism and Folklore 2025 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''{{int:please-translate}}'' Dear Wikimedian, Congratulations on your outstanding achievement in winning a local prize in the '''Feminism and Folklore 2025''' writing competition! We truly appreciate your dedication and the valuable contribution you’ve made in documenting local folk culture and highlighting women’s representation on your local Wikipedia. To claim your prize, please complete the [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdONlpmv1iTrvXnXbHPlfFzUcuF71obJKtPGkycgjGObQ4ShA/viewform?usp=dialog prize form] by July 5th, 2025. Kindly note that after this date, the form will be closed and submissions will no longer be accepted. Please also note that all prizes will be awarded in the form of [https://www.tremendous.com/ Tremendous Vouchers] only. If you have any questions or need assistance, feel free to contact us via your talk page or email. We're happy to help. Warm regards, [[:m:Feminism and Folklore 2025|FNF 2025 International Team]] ::::Stay connected [[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]&nbsp; [[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]] </div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १५:५०, २१ जून २०२५ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf25&oldid=28891702 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पारितोषिक क्रमांकाबाबत == नमस्कार, मला स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामध्ये पारितोषिक मिळाले असून त्यासाठी फॉर्म भरण्यास सांगण्यात आले आहे. त्यामध्ये एक प्रश्न - तुम्हाला कितव्या क्रमांकाचे पारितोषिक आहे असा आहे. पण मला अजून तशी कोणतीही मेल किंवा संदेश मिळालेला नाही. त्यामुळे फॉर्म भरण्यात अडचण आहे. मला ते कसे कळेल, कृपया सांगू शकाल का? धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २२:२१, २१ जून २०२५ (IST) :@[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] तसेच @[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]], नमस्कार, अजून विजेत्यांना कोणत्याही प्रकारचा संदेश देण्यात आलेला नाही. सबब वरील प्रश्न अनुत्तरित राहतोय. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:००, २१ जून २०२५ (IST) ::Please check [https://meta.wikimedia.org/wiki/Feminism_and_Folklore_2025/Results#Marathi_Wikipedia] [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) ०८:१५, २२ जून २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:Dharmadhyaksha|Dharmadhyaksha]], @[[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] आणि @[[सदस्य:Vikrantkorde|Vikrantkorde]], [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] प्रकल्पाचा वरील प्रमाणे निकाल जाहीर करण्यात आला आहे. कृपया नोंद घ्यावी.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:३१, २२ जून २०२५ (IST) ::::[[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] या पानावर देखील सदस्यांची नावे नमूद केली आहेत.--[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १२:०१, २२ जून २०२५ (IST) ::::माहितीसाठी धन्यवाद. फॉर्ममध्ये तृतीय क्रमांकाच्या पारितोषिकाचा पर्याय दिलेला नाही. काय करावे? कृपया मार्गदर्शन कराल का? [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १८:३२, २२ जून २०२५ (IST) :::::@[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]], @[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]] यांचे तिसरे बक्षीस आहे की उत्तेजनार्थ? कारण तिसऱ्या बक्षिसाचा पर्याय येत नाहीये. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:३१, २२ जून २०२५ (IST) ::::::Third prize (best article) is given to @[[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]]. Sorry to type in english. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) ०९:१२, २३ जून २०२५ (IST) :::::::धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) ११:५२, २३ जून २०२५ (IST) :::::::नमस्कार, आपले उत्तर मिळाल्यानंतर विकिपीडियाकडून आलेला फॉर्म लगेच भरून पाठविला होता. पण त्यांच्याकडून अद्यापि काहीही उत्तर आलेले नाही. उत्तर अजून येणे अपेक्षित आहे की माझ्याकडून काही राहून गेले ते समजले नाही, म्हणून येथे विचारत आहे. तसदीबद्दल दिलगीर आहे. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १२:३५, १३ जुलै २०२५ (IST) ::::::::वेळ लागतो, बहुतेक एक भेट कार्ड (गिफ्ट व्हाउचर) येते. ज्याद्वारे आपण ऑनलाईन वस्तू खरेदी करणे किंवा बिल भरणा इत्यादी करू शकतो. ईमेल आल्यावर नक्की कळेल.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:४०, १३ जुलै २०२५ (IST) :::::::::ठीक. धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १८:३२, १३ जुलै २०२५ (IST) == Update on files == Hi! I think it might be easier with a new section with status on the cleanup. Files in the categories can be deleted because they are moved to Commons: # [[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons ]] # [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] I have added files from two users to categorie: # [[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]] # [[:वर्ग:Files uploaded by Shreemarkal]] Many are taken from the Internet. They are all unused so I suggest to delete them. Should I add the same deletion tag as on the other files (so they end up in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]])? The unused non-free files have all been added to: # [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] Hopefully someone will help check and add to articles. If not they should be deleted later. These files have no license: # [[:वर्ग:Files with no license]] There are only three options: 1) Add a free license (PD-old for example or if uploader is active and respond), 2) Add a non-free rationale/license or 3) Delete the files. The free files can be moved to Commons if the license claim seems legit and the file seems usable. I have added them to: # [[:वर्ग:Unidentified subjects in India]] That will make sure the files end in a category related to India if moved to Commons. I have some scripts in [[सदस्य:MGA73/common.js]] that might be useful. [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:५२, १७ जुलै २०२५ (IST) :Put your queries about files which are seemed to be downloaded from internet or having some issues on [[विकिपीडिया:चावडी/इतर चर्चा]]. Lets etsuggestions from other admins. Tagg other admins from the list [[विकिपीडिया:प्रचालकांची यादी#विद्यमान प्रचालक|विद्यमान प्रचालक]]. This will be better.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:१६, १७ जुलै २०२५ (IST) :Files in the categories has be deleted. :# [[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] :# [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:२१, १७ जुलै २०२५ (IST) :: Thank you. I moved more files to Commons so there are more to delete :-) --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:१०, १८ जुलै २०२५ (IST) Hello again! I moved a few more to Commons (mostly different name). Perhaps you can delete them? Most of the remaining free files have no description and I think the best is to add a description before files are moved to Commons. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १४:२७, २० जुलै २०२५ (IST) :I just found out that some files were never updated correctly by the wiki-software when I nominated them for deletion so they did not show up in the deletion category. I forced an update of the pages so now they show up. I also found a number of file pages with test but without a file or the file was on Commons. So there are a number of files/pages in [[:वर्ग:लवकर वगळावे विनंत्या]]. Also there are a few NowCommons again. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:३८, २५ जुलै २०२५ (IST) ::I think that you have aaded Delete template, due to which it was not showing delete request in [[:वर्ग: उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]. Most of delete template include [[:वर्ग:लवकर वगळावे विनंत्या]]. So the files nominated for deletion could be seen here. Also you should have to add [[: वर्ग:Files not in use - delete]] for my convenience. Let it, I will definitely delete the nominated files as per my convenience. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १६:०३, २५ जुलै २०२५ (IST) :::I have added [[:वर्ग:Files not in use - delete]] on most of the files. The files that are on Commons but have a local description page are in use but should be deleted because the file is on Commons. I think it will be easier for you if we do not put them in the same category. We can add the other file pages to a category later. I could also add the NowCommons template instead if that makes it easier. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:४३, २५ जुलै २०२५ (IST) ::::LOL you are fast! --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:४४, २५ जुलै २०२५ (IST) :::::I added the remaining files / file pages to [[:वर्ग:Files to delete]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:५२, २५ जुलै २०२५ (IST) :::::thanks, but actually I am just helping you, while you are doing hard work.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १७:०३, २५ जुलै २०२५ (IST) Also perhaps you can add a license to: * [[:File:Wiki.png]] * [[:File:WikiLogo.PNG]] The files are protected so I can't add a license. For example {{tl|Cc-by-sa-3.0}}. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:०२, २५ जुलै २०२५ (IST) :Should I have to add template {{t|Cc-by-sa-3.0}} to above two files? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०६:२२, २८ जुलै २०२५ (IST) ::Yes please. The second file is also on Commons as [[:c:File:Wikipedia-logo-mr.png]] so it could also be replaced and deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १२:२९, २८ जुलै २०२५ (IST) :::It means there is no of [[:चित्र:WikiLogo.PNG]], which is already available on commons. Should I delete it?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १३:१४, २८ जुलै २०२५ (IST) ::::Yes you can delete it. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:३२, २८ जुलै २०२५ (IST) :::::{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १६:१३, २८ जुलै २०२५ (IST) Hello! I added one file to [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]. If there are no response to [[विकिपीडिया:आंतरविकि_दूतावास#Status_in_cleanup_of_files_per_August_2025]] next step could perhaps be that I oprhan files from [[:वर्ग:Files with no license]] so they can be deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:१७, २१ ऑगस्ट २०२५ (IST) == स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६ == [[File:FNF 2026 Mr logo.png|right|400px|frameless]] प्रिय विकिसदस्य, '''[[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]]''' ही विकीमेडियन्स द्वारा स्थापन केलेली एक वार्षिक स्पर्धा आहे. [[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|विकी लव्हस फॉल्कलोर]]ची थीम लिंगभेद कमी करणे आणि लोकांवर लक्ष केंद्रित करणे यावर आधारित आहे. अनेक आशियाई व भारतीय विकिपीडिया समुदायांनी यात भाग घेतला आहे आणि आमची अशी इच्छा आहे की आपण मराठी विकिपीडियावर आपले योगदान द्यावे. योगदानाचा मुख्य हेतू लिंग अंतर कमी करण्यात थेट प्रभाव पाडेल. ही स्पर्धा १ फेब्रुवारी २०२६ रोजी सुरू होऊन ३१ मार्च २०२६ रोजी समाप्त होईल. स्पर्धेतील विजेत्याला तयार केलेल्या पृष्ठांच्या संख्येच्या आधारे घोषित केले जाईल. पहिले स्थानिक बक्षीस - २५ अमेरिकन डॉलर्स, दुसरे स्थानिक बक्षीस - २० अमेरिकन डॉलर्स, तर सर्वोत्कृष्ट निर्णायक लेखासाठी - १५ अमेरिकन डॉलर्स दिले जातील. सहभाग किंवा योगदान करताना येणाऱ्या कोणत्याही समस्यांबाबत अथवा कोणत्याही मदतीसाठी ज्युरी सदस्यांच्या ([[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] किंवा [[सदस्य: संतोष गोरे|संतोष गोरे]]) चर्चा पानावर संदेश लिहा. कृपया [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]] या पृष्ठावरील सर्व सूचना आणि नियम वाचा. तसेच [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६/नोंदणी|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६/नोंदणी]] या पानावर आपली नाव नोंदणी करून स्पर्धेत सहभागी व्हावे. तसेच [https://tools.wikilovesfolklore.org/campwiz/campaign/224/submission/new हा दुवा] वापरून तुम्ही तयार केलेला लेख सादर करावा. :धन्यवाद. :[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] आणि [[सदस्य: संतोष गोरे|संतोष गोरे]] :आयोजक :'''स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:४१, ५ फेब्रुवारी २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf2026&oldid=30030409 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Feminism and Folklore 2026 – Community Organisers & Jury == Hello {{PAGENAME}}!, Thank you for taking the lead in organising '''Feminism and Folklore 2026''' in your community. We truly appreciate your efforts! To ensure a smooth and successful campaign, please make sure you have: * Fully completed all details on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Feminism and Folklore 2026 Project Page]]: * Started promoting the campaign within your community. * Requested a local administrator to place a '''sitenotice''' about the campaign so users are notified. * Used the '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/fnf/ Article List Generator Tool]''' and shared the generated article lists with your community. === Internet & Childcare Support === Community organisers and jury members who require '''internet and childcare support''' (non-mandatory, opt-in, request-only support) should fill the support request form '''by 22 February 2026'''. '''[https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeutXEF1yTnJfExWUYPIf6SkhcnTgul07BeI-biqT4RE_vsrA/viewform Link to the form]''' Requests submitted after this date will not be entertained. === Important Participation Guidelines === * Minimum article size: '''3000 bytes and 300 words''' (final decision may be set by local organisers). * If your country is not listed on the Article list generator tool, please contact us. === Community Engagement === * Keep your community active and motivated throughout the campaign. * Share your achievements and notable articles with us so we can highlight them globally. * In the support form, please indicate if you would like a '''quick coordination call after the campaign'''. Let’s make '''Feminism and Folklore''', under the banner of '''#WeTogether''', help bridge the '''gender gap''' and '''folklore gap''' on Wikipedia worldwide. 🌍✊ Thank you for your collaboration! ''If someone from your community organisers or jury has missed this message feel free to share this message with them.'' Feminism and Folklore International Team. –[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १०:४७, १६ फेब्रुवारी २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf26&oldid=30083330 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == अलीकडील लेख == नमस्कार, आपण स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६ या कार्यशाळेत भाग घेतलेला दिसले. त्यानंतर येथे अनेक लेख तयार झालेले आहेत, ते बहुधा या कार्यशाळेच्या प्रभावाने असावेत. या लेखांमध्ये मोठे बदल पाहिजेत. अशा सत्रांतून विकिपीडियावरील संकेतांचा उल्लेख आवर्जून केला जावा ही विनंती. याजोगे नंतर त्यात बदल करीत बसण्यात वेळ जात नाही. आपण या लेखांमध्ये (नेहमीप्रमाणे) लक्ष घालून योग्य ते बदल कराल ही खात्री आहे. असे असताही १. ''नवीन संपादकांचे योगदान नक्कीच स्वागतार्ह आहे!'' हे घडवून आणल्याबद्दल धन्यवाद. २. इतर कार्यशाळांपेक्षा गेल्या २४-३६ तासांतील योगदान लक्षणीयतेने चांगले आहे. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ०७:५४, ८ मार्च २०२६ (IST) :नमस्कार, कौतुकाची थाप दिल्या बद्दल धन्यवाद. परंतु आपणास एक सांगू इच्छितो की, मी व @[[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] यांनी [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]] यावर कार्यशाळा घेतली आहे. याच काळात दुसरा प्रकल्प [[विकिपीडिया:महिला संपादनेथॉन- २०२६|महिला संपादनेथॉन- २०२६]] हा देखील नेहमी प्रमाणे चालू असून, त्यात मोठ्या प्रमाणावर लेख निर्मिती सुरू आहे. असो. लेख कोणतेही असोत माझे काम चालू राहील. केवळ वैयक्तिक कारणाने, सध्या मला येथे जास्त वेळ देता येत नाहीय. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०९:१५, ९ मार्च २०२६ (IST) ::@[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ते आमच्या प्रकल्पातले नाहीत. धन्यवाद. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १६:४८, ९ मार्च २०२६ (IST) == Next Steps and Feedback meeting for Feminism and Folklore Organizers == <div style="border:8px maroon ridge; padding:6px;"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|center|550px|frameless]] <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr" style="padding: 1em 2em;"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> Dear Organizer, I hope this message finds you well. First and foremost, on behalf of the International Team I want to extend my gratitude to you for your efforts in organizing the '''Feminism and Folklore 2026''' campaign on your local Wikipedia. Your contribution has been instrumental in bridging the gender and folk gap on Wikipedia, and we truly appreciate your dedication to this important cause. As the campaign has ended I wanted to inform you about the next steps. It's time to commence the jury process using the CampWiz or Fountain tool where your campaign was hosted. Please ensure that you update the details of the jury, campaign links and the names of organizers accurately on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|sign-up page]]. Once the jury process is completed, kindly update only the top 3 winners details on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Results|results page]] accordingly. The deadline for jury submission of results is '''April 30, 2026'''. However, if you find that the number of articles is high and you require more time, please don't hesitate to inform us via email or on campaign Meta Wiki talk page. We are more than willing to approve an extension if needed. Should you encounter any issues with the tools, please feel free to reach out to us on Telegram for assistance. Your feedback and progress updates are crucial for us to improve the campaign and better understand your community's insights. Therefore, we kindly ask you to spare just an hour to collectively share your progress and achievements with us during our '''[[:m:Event:Feminism and Folklore 2026 Post-Campaign Office Hour|community feedback session]]'''. Your input will greatly assist us in making the campaign more meaningful and impactful. Thank you once again for your hard work and dedication to the Feminism and Folklore campaign. Your efforts are deeply appreciated, and we look forward to hearing from you soon. Warm regards, [[User:Tiven2240|Tiven2240]] on behalf of Feminism and Folklore International Team <nowiki>#WeTogether</nowiki> </div></div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १७:२७, ११ एप्रिल २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf26&oldid=30391231 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Last Few Days: WikiConference India 2026 Scholarship Applications == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''{{int:please-translate}}'' Dear Wikimedian, We're happy to share that scholarship applications for '''WikiConference India 2026''' are currently open and the deadline is just around the corner. [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|WikiConference India 2026]] is the fourth edition of the national-level conference that brings together Wikimedians and stakeholders engaged in Indic-language Wikimedia projects and the broader open knowledge movement across India and South Asia. The conference will take place in Kochi, Kerala, from 4–6 September 2026. * You can find the more information and the application form at the [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|Scholarship page here at Meta wiki]] * '''Scholarship deadline: 15 April 2026, 11:59 PM IST''' With only a few days left, we warmly encourage you to apply if you haven’t already and kindly request you to share this with your community and encourage others to apply. For more information and regular updates, we encourage you to visit the conference Meta page. Warm regards, <br> on behalf of the WikiConference India 2026 Organising Team ''This message was sent with [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) on ००:००, १२ एप्रिल २०२६ (IST)'' </div> <!-- सदस्य:Gnoeee@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/WCI_2026_active_users&oldid=30389801 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == You may be an eligible candidate for the U4C election == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> Greetings, The [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee|Universal Code of Conduct Coordinating Committee (U4C)]] seeks candidates for the 2026 election. The U4C is the global committee responsible for overseeing enforcement of the [[foundation:Special:MyLanguage/Policy:Universal Code of Conduct|Universal Code of Conduct]]. Elections are held annually, if elected a committee member serves for two years. This year the U4C requires candidates to hold administrator rights on at least one wiki, which is why you are being contacted as you appear to hold this right. There are other requirements, such as candidates must be at least 18 years old and may not be employed by the Wikimedia Foundation or other related chapters and affiliates. You can find more information in the [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026#Call_for_Candidates|call for candidates on Meta-wiki]]. Additionally, the committee's working language is English; some ability to communicate in English is required. The election opens on 18 May, if you are eligible and interested you have until 10 May to submit your candidacy. There will be a week in between for candidates to answer questions from the community. Voting takes place privately in [[m:Special:MyLanguage/SecurePoll|SecurePoll]], successful candidates must receive at least 60% support. More information is available on [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026|the 2026 Elections page]], including timelines and other candidacy information. If you read over the material and consider yourself qualified, please consider submitting your name to run for the committee. If you think someone else in your community might be interested and qualified, please encourage them to run. In partnership with the U4C -- [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User_talk:Keegan (WMF)|talk]]) ०१:३६, २९ एप्रिल २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Keegan (WMF)@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Keegan_(WMF)/test&oldid=30472432 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> ==बार्नस्टार== {| class="barnstar" style="border:1px solid gray; background:#fdffe7;" |- |rowspan="2" style="padding-right:5px;" | {{#ifeq:{{{3}}}|alt|[[file:Working Wikimedian's Barnstar Hires.png|100px]]|[[Image:Working Wikimedian's Barnstar.png|100px]]}} |style="font-size:1.65em; padding:0; height: 1.1em;" | '''{{GENDER:{{PAGENAME}}|कष्टकर्‍या पुरुषाचा|कष्टकर्‍या स्त्रीचा|कष्टकर्‍या सदस्याचा}} बार्नस्टार''' |- |style="border-top: 1px solid gray;" | नियमीतपणे आपण [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ अलीकडील मृत्यू]] याचे संपादन करत आहात व त्या संदर्भातील लेख निर्माण/अद्ययावत करत आहात; त्यासाठी धन्यवाद!! |} - [[सदस्य:Dharmadhyaksha|धर्माध्यक्ष]] ([[सदस्य चर्चा:Dharmadhyaksha|चर्चा]]) १६:५६, ४ मे २०२६ (IST) :[[चित्र:Beating Heart.gif|50px]]<b>धन्यवाद</b> - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १९:३७, ५ मे २०२६ (IST) == Final Reminder: Submission of Local Winners for Feminism and Folklore 2026 == Dear Feminism and Folklore organiser, This is a friendly reminder that the deadline for submitting the names and details of your local winners for '''Feminism and Folklore 2026''' is '''5 June 2026'''. Please ensure that your community's [[:m:Feminism and Folklore 2026/Results|winner information]] is submitted before this date. Communities that do not provide their winner data by the deadline will unfortunately not be eligible for prize distribution, and the international organizing team will not be able to accommodate late submissions received after 5 June 2026. Thank you for your prompt attention to this matter and for your participation in the campaign. Best regards, '''Feminism and Folklore International Organizing Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ०७:३९, ३ जून २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30627457 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Congratulations to the Local Winners of Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, The Feminism and Folklore International Organizing Team is pleased to congratulate the Local Winners of '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]'''. Local Winners are participants who achieved top rankings within their respective language communities through their valuable contributions to documenting folklore, women's history, culture, traditions, and related knowledge on Wikimedia projects in their local languages. Your efforts have helped enrich Wikimedia content, preserve cultural heritage, and improve the representation of diverse communities and knowledge systems across the movement. We sincerely appreciate your dedication and contribution to the success of the campaign. === Appreciation Form === As a token of appreciation to receive prizes, all Local Winners are requested to complete the following form by '''22 June 2026'''. '''Form link''' - [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdGU7vkzANkB8P1k2X-NPwOwqBoTZafzgUZ-23wnVCeW2cj3g/viewform here] ; Deadline : 22 June 2026 Please ensure that all information provided in the form is accurate and complete. This information will be used for the appreciation process. === Thank you === We extend our heartfelt thanks to all Local Winners for their outstanding contributions and continued support of free knowledge. Your work has strengthened local-language content and helped make knowledge about folklore and women more accessible to communities around the world. Congratulations once again on your achievement. —''Feminism and Folklore International Organizing Team'' </div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २२:५५, ७ जून २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30649454 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for organising Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, Your dedication, coordination, and hard work played a vital role in making this year's [[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore]] campaign successful. We truly appreciate the time and effort you invested in engaging your community and supporting participants. As we have completed the jury phase and begin planning for next year's campaign, we would like to learn from your experiences. Please complete the organisers' feedback form and share your insights, challenges, and suggestions on how we can improve the campaign. '''This feedback form is mandatory for all organisers''', as it helps us evaluate the campaign and make meaningful improvements for future editions. '''Form link [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSf6IsGAsxkTEWTwueyLg-gBjRVlY3g2kTNj3xRhDiILiQnQwQ/viewform?usp=dialog here]''' Please submit your response by '''25 June 2026'''. Thank you once again for your invaluable contributions and for helping make Feminism and Folklore a global success. We look forward to working with you again in the future! Regards, '''Feminism and Folklore Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १७:३५, १८ जून २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30704175 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a part of Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, Your contributions helped make this year's [[:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore]] campaign a great success, and we are truly grateful for your time, knowledge, and dedication to documenting women's stories and folklore on Wikimedia projects. As we reflect on this year's campaign and prepare for the next edition, we'd love to hear about your experience. Please take a few minutes to fill out our feedback form and share your thoughts and suggestions. As a token of our appreciation, everyone who completes the form will receive a '''special digital postcard'''! in their email. This year marks '''''25 years of Wikipedia''''', and the postcard has been created to celebrate this milestone and to recognize the incredible efforts of participants like you who continue to enrich free knowledge for the world. '''Form Link - [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdqFZN9IdWbAnZ_7DyG5bIsuq7KAkdsIxweC_TdPH9In-tthQ/viewform?usp=dialog here]''' Please complete the feedback form by '''25 June 2026'''. Thank you once again for making Feminism and Folklore 2026 a success. We hope to see you again in future campaigns! Best regards, Feminism and Folklore international Team. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:०१, १८ जून २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30704478 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पद काढणे == {{सदस्य|V.narsikar}}, {{सदस्य|सुभाष राऊत}} यांचे प्रचालकपद आणि {{सदस्य|Omega45}} यांचे द्रुतमाघारकार पद तसेच अनेक अकार्यरत सांगकाम्यांचे पद काढून टाकण्याबाबत काही विचार करण्यात यावा, असे मला वाटते. {{साद|संतोष गोरे}}, {{साद|अभय नातू}} कृपया, उत्तर कळवावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:३७, ३१ जुलै २०२६ (IST) :अशी महत्वाची चर्चा [[विकिपीडिया:चावडी|चावडीवर]] सुरू करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १४:४९, ३१ जुलै २०२६ (IST) ::अधूनमधून साफसफाई नक्कीच पाहिजे परंतु नेमके निकष लावून करावी. @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] यांनी म्हणल्याप्रमाणे चावडीवर ही चर्चा करणे अधिक श्रेयस्कर आहे. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) २१:४४, ३१ जुलै २०२६ (IST) == त्याचे नाव अयन मुखर्जी आहे. अयान मुखर्जी नाही. == आपण माझा पेज मूभ केला आणि बोलले की मी अचूक नाव दिलं होतं जेव्हा की या दिग्दर्शकाचे नाव बंगाली भाषेत "अयन मुखर्जी" आहे! अयन एक संस्कृत नाव आहे ज्याचे अर्थ असतात "मार्ग" किंवा "पथ". त्यांचं नाव "अयान" नाही. [[सदस्य:AlphaVictorDelta0107|AlphaVictorDelta0107]] ([[सदस्य चर्चा:AlphaVictorDelta0107|चर्चा]]) १८:५०, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) :@[[सदस्य:AlphaVictorDelta0107|AlphaVictorDelta0107]], प्रतिसादाबद्दल धन्यवाद, लेख नाव लिहिताना अनेक गोष्टींचा विचार केला जातो. यात निश्चितच मतभिन्नता आढळते. बहुतांश लेख नाव हे मराठीत प्रचलित असलेले निवडले जातात. सबब मी मराठी संकेतस्थळावर; जसे की वर्तमानपत्रे आणि बातम्यांचे चॅनेल वर जे वापरले जाते, ते निवडले. :@[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] आपले काय मत आहे, लेखनाव काय असावे?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १८:५८, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) ::बंगाली भाषेत অয়ন মুখার্জি असे नाव असून तुम्ही म्हणता त्यानुसार त्याचा उच्चार "अयन मुखर्जी" असाच होतो. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १९:०४, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) :::शक्यतो मूळ नावावुसार लेख करावा आणि इतर उच्चार किंवा शुद्धलेखनांपासून पुनर्निर्देशने असावीत. याला अपवाद नक्कीच आहेत. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) १९:४९, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) == Velhe taluka English विकिपीडिया title name Rajgad taluka करण्या बाबत == [[विशेष:योगदान/&#126;2026-44928-80|&#126;2026-44928-80]] ([[सदस्य चर्चा:&#126;2026-44928-80|talk]]) ०९:००, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) == Velhe taluka official renamed as rajgad taluka == krupya nodh gya sir official name rajgad aahe pan title name velhe aahe please change velhe taluka विकिपीडिया English [[विशेष:योगदान/&#126;2026-44960-06|&#126;2026-44960-06]] ([[सदस्य चर्चा:&#126;2026-44960-06|talk]]) ०९:१६, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) qmzbsvo9msq716fljbpifycf9tf9ghr 2702921 2702914 2026-08-17T04:30:53Z संतोष गोरे 135680 /* Velhe taluka official renamed as rajgad taluka */ Reply 2702921 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=संतोष गोरे}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) १२:३५, ७ जुलै २०२१ (IST) == जुन्या चर्चा == {| class="wikitable" style="text-align: center" |- ! चर्चा क्रमांक ! पासून ! पर्यंत |- |[[सदस्य:संतोष गोरे/जुनी चर्चा१|जुनी चर्चा१]] | २०१५ | ३१ डिसेंबर २०२१ |- |[[सदस्य:संतोष गोरे/जुनी चर्चा२|जुनी चर्चा२]] | १ जानेवारी २०२२ | ३१ डिसेंबर २०२२ |} == विष्णुसहस्रनाम == हजारो पुनर्नावासह विष्णुसहस्रनाम भगवान विष्णूचे हे एक महत्त्वाचे स्थान आहे. हे हिंदू धर्मातील सर्वात पवित्र आणि लोकप्रिय स्तोत्र आहे. विष्णू सहस्रनाम ही महाभारतात उपलब्ध असलेली सर्वात लोकप्रिय आवृत्ती आहे. पद्म पुराण किंवा मत्स्य पुराणात आणखी एक आवृत्ती उपलब्ध आहे. प्रत्येक नाव विष्णूचे असंख्य गुण दर्शवितो. अनेक हिंदू कुटुंबे पूजेच्या वेळी ते पाठ करतात. असे मानले जाते की ते ऐकणे किंवा वाचणे मानवी इच्छा पूर्ण करते. अनुशासनपर्व (महाभारत) धडा 9 ते 14, आजोबा कुरुक्षेत्र भीष्म युधिष्ठिर शिकवण देण्यात आली होती. [[सदस्य:Goresm|'''<span style="text-shadow:grey 3px 3px 2px;color: blue"> संतोष</span><span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color: blue"> गोरे 💬</span>''']] ०९:५४, ९ फेब्रुवारी २०२१ (IST) == भाषांतर == नमस्कार, तुमची मदत हवी आहे. Section translation टूल वापरून नवीन पाने तयार करताना मला अडचण येत आहे. मागील अनेक पानांना Rahul Gandhi असे नाव येत आहे. कृपया मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद. [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १४:२४, १६ जानेवारी २०२३ (IST) :कृपया [https://en.m.wikipedia.org/w/index.php?campaign=specialcx&title=Special:ContentTranslation#suggestions हा दुवा] वापरा तसेच पुढील भाषांतरा करिता बुक मार्क मध्ये जतन करून ठेवा. ::याशिवाय जर शक्य असेल तर नवीन tab उघडून त्याला ऑप्शन मध्ये जाऊन desktop site ला टिचकी देऊन [https://mr.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:ContentTranslation#suggestions हा दुवा] वापरा. फक्त हे थोडे नाजूक काम असेल. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १४:३७, १६ जानेवारी २०२३ (IST) ::आपण दिलेला दुवा वापरून [[८०वे गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]] हा लेख तयार केला. तरीही तीच समस्या येत आहे. (तत्पूर्वी cache देखील clear केली होती.) [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १९:३७, १६ जानेवारी २०२३ (IST) : माझ्या बाबतीत पण समान समस्या आली होती. मी वेड चित्रपटाचे मराठीमध्ये भाषांतर केले असता शीर्षक नाव Prajakta Koli असे अचानक झाले. यामागचे कारण काय? [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:४४, १६ जानेवारी २०२३ (IST) ::आपल्या मोबाईलच्या सईमध्ये (cache मध्ये) जो जुना दुवा असतो, तो चुकून वापरल्या गेला की असे होते. असे होत असेल तरीही तुम्ही भाषांतर चालू असताना ते दुरुस्त करून योग्य ते मराठी शीर्षक देऊ शकता.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) :::{{साद|अमर राऊत}} तुमच्या दोघांची अडचण लक्षात घेऊन मी एक भाषांतर केले, जे की योग्य झाले. मी वरती दोन दुवे दिलेत. तर दुसरा दुवा वापरून भाषांतर करून पहा. फक्त एकच की तत्पूर्वी 'ब्राऊसर च्या पर्यायात' जाऊन desktop site वर टिचकी द्या आणि मग वरील दुव्यावर जा. तसेच भाषांतर करत असताना सर्वप्रथम वरती जे लेखनाव येते ते देखील एडिट करून घ्या. यामुळे नक्कीच तुमची समस्या दूर होईल. कृपया एक लेख अजून निर्माण करा.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:१०, १६ जानेवारी २०२३ (IST) :::{{ping| संतोष गोरे}} दुसरा दुवा वापरून [[हजारों ख्वाइशें ऐसी|एक लेख]] तयार केला आहे. आता ती समस्या नाही, पण अडचण अशी आहे की यावेळी मोबाईल फारच लोड घेतो. संकेतस्थळ उघडेपर्यंत फार वेळ वाट पहावी लागते. Section translation जसं सोईस्करपणे आणि वेगात होतं, तसं इथं आशय भाषांतर वापरताना होत नाही. असो. :::तुमच्या सहकार्यासाठी खूप आभार. :::~ [[सदस्य:अमर राऊत|अमर राऊत]] ([[सदस्य चर्चा:अमर राऊत|चर्चा]]) १४:१९, १७ जानेवारी २०२३ (IST) :: आज पुन्हा तीच समस्या, [[पश्चिम दिल्ली जिल्हा]] पान‌ तयार करताना मराठीमध्ये शीर्षक नाव दिले होते आणि पब्लिश केल्यावर अचानक शीर्षक West Delhi झाले, मी तपासून घेतले असूनही पुन्हा तीच समस्या आली. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ००:००, २९ जानेवारी २०२३ (IST) :::{{साद|Tiven2240|label=टायविन}} यात आपली मदत हवी आहे. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:५५, २९ जानेवारी २०२३ (IST) == 2022 Wikipedia Asian Month Organizer Update == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> Dear all WAM organizers, Happy 2023! Thank you for updating the Ambassador list. We will '''start issuing the Barnstar''' to all eligible participants by late January. All ambassadors will received an additional special Barnstar. Please be sure to update '''[[:m:Wikipedia_Asian_Month_2022/Ambassadors|the list]]''' if you haven't done so. We also provide a '''[https://docs.google.com/document/d/1t1UEXwVkTsP5oP0sQmE74302M1SUDrlFW-kz2uTT5X0/edit?usp=sharing certificate template]''' for you to edit and print out to your participants. Once again, thank you for organizing and participating the 2022WAM, we like to hear your comment. Much appreciate for filling, and spreading out this [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSd8Jo4ixbwKS1rC6KmfC1q6wW53nmoCQATbmsMatbZ4A1RCwA/viewform?usp=sf_link '''feedback survey''']. Look forward to seeing you again in 2023 WAM! best, Wikipedia Asian Month International Team </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/WAM2022_Post_Campaign_Mass_Message_receiver&oldid=24259258 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पाने वगळणे == [[Main other/doc]], [[साचा:Noping/doc]], [[चर्चा:Machindra Jayappa Galande]], [[“मोठी चोच असणारा कावळा"]], [[:वर्ग:Emoji असलेले लेख]], [[:वर्ग:इ.स. 2019 मधील मृत्यू]], [[:वर्ग:इ.स.ची वर्षे]], [[:वर्ग:सदस्य माहिती]], [[:वर्ग:मुक्तछंद]] कृपया ही पाने वगळावीत. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:२१, २० जानेवारी २०२३ (IST) :{{साद|Tiven2240}}, [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] यांनी सुचवलेली काही अनावश्यक पाने काढून टाकली आहेत. पैकी सुरुवातीची दोन पाने काढून टाकायची आहेत का राहू द्यावी, कृपया खुलासा करावा. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३१, २० जानेवारी २०२३ (IST) :{{Done}} [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १७:३६, २० जानेवारी २०२३ (IST) [[Meena]], [[:वर्ग:वापरकर्ता भारत]], [[:वर्ग:महाराष्ट्रातील शुद्धिकरण न केलेल्या पाण्याचा पुरवठा होणारी गावे]], [[साचा:भारताच्या शासकीय योजना]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ११:१९, २१ जानेवारी २०२३ (IST) :{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:३८, २१ जानेवारी २०२३ (IST) [[:वर्ग:इ.स. १९६६ मधील स्थापना]], [[:वर्ग:इ.स. १९६७ मधील स्थापना]], [[:वर्ग:प्राप्तिकरातुन बचत मिळ्णाऱ्या योजना]], [[चर्चा:विकिपीडिया प्रचालकांचा मनमानीपणा]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४९, ४ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:५५, ४ फेब्रुवारी २०२३ (IST) [[:वर्ग:इ. स. १९०१]], [[सदस्य:Kishor salvi 9]], [[सदस्य:किशोर साळवी]], [[साचा:Infobox sports competition event]], [[विकिपीडिया चर्चा:Lakhan Kumare]], [[सदस्य चर्चा:चतुर]], [[सदस्य:चतुर]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २०:३६, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{झाले}}-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३२, २२ फेब्रुवारी २०२३ (IST) [[२०२२-२३ स्पेन महिला तिरंगी मालिका]], [[साउथ एशिया वर्ल्ड]], [[सदस्य:मांडव्य ऋषी]], [[सदस्य चर्चा:मांडव्य ऋषी]], [[प्रा डॉ दिलीप चव्हाण]], [[नाथ (गोरक्षनाथ मंदिर)]], [[सदस्य:तुषार भांबरे]], [[सदस्य चर्चा:तुषार भांबरे]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १९:११, १७ मार्च २०२३ (IST) [[विकिपीडिया:धूळपाटी/केवळ मराठी]], [[2015-17 आयसीसी विश्व क्रिकेट लीग स्पर्धा]], [[2023 मणिपूर हिंसाचार]], [[सदस्य चर्चा:کوروش میهن بان]], [[कानडगाव]], [[कॉलेज ऑफ कॉम्प्युटर सायन्स, लातूर]], [[हा खेळ सावल्यांचा]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:२४, २७ जून २०२३ (IST) :यातील दोन लेख वगळले असून, तीन लेखात भर घातली आहे. तर इंग्रजी आकडे असलेले पुनर्निर्देशित लेख नाव तसेच ठेवावेत असे मला वाटते.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:१९, २८ जून २०२३ (IST) [[:वर्ग:भाषाविषयक नियतकालिके]], [[गॅव्हिन मॅकेना]], [[गेविन मॅकेना]], [[गेविन मॅकेन्ना]], [[मधुराणी गोखले प्रभुलक]], [[हिंदवी]], [[बीड जिल्ह्यात क्षेत्रफळानुसार सर्वात मोठा तालुका कोणता]], [[पुरंदर जिल्हा]], [[पद्दे ब्राह्मणाची आडनावे]], [[:वर्ग:तारखेनुसार वगळावयाचे लेख]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:३८, १३ ऑगस्ट २०२३ (IST) == Request for filling up Google Form for Feminism and Folklore 2023 == [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg | logo.svg|right|frameless|300px]] Greetings Organisers, We appreciate your enthusiasm for '''Feminism and Folklore''' and your initiative in setting up the competition on your local wikipedia. We would want to learn more about the needs of your community and for that please fill out the google form ([https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLScusayFXTzNWV-QgIiT3bRHQbAs_pVczvput2jehOcahnCdMg/viewform here]) as soon as possible so that we can plan and adapt the demands according to your specifications. By February 8, 2023, all entries for this form will be closed. Do share about the contest on your local Wikipedia. Ask your local administrator to add Feminism and Folklore to [[Mediawiki:Sitenotice]]. Create your own or see an example [[:m:User:Tiven2240/sn-fnf|on meta]] Also a reminder regarding the prior Google form sent for Internet and Childcare Support Financial Aid ([https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSea81OO0lVgUBd551iIiENXht7BRCISYZlKyBQlemZu_j2OHQ/viewform this]). Anyone who hasn't already filled it out has until February 5, 2023 to do so. Feel free to contact us via talkpage if you have any questions or concerns. Thanks and Regards, Feminism and Folklore 2023 International Team [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:११, ३० जानेवारी २०२३ (IST) <!-- सदस्य:Rockpeterson@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24455456 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == संदेश मिळाला == एकगठ्ठा पाठविलेला संदेश माझ्या चर्चा पानावर दिसत आहे. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) १०:२६, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) : धन्यवाद. मी प्रथमच एकगठ्ठा संदेश प्रणाली वापरली आहे. कृपया सदरील संदेश मध्ये काही बदल/सुधारणा करावयास हवी होती किंवा पुढील काळात काय अपेक्षित आहे हे सुचवावे. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:२७, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) == स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३ == [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३]] या साठी पेज कसे सबमिट करायचं याचं मार्गदर्शन करा :कृपया [https://fountain.toolforge.org/editathons/fnf2023-mr येथे जाणे] आणि submit वर टिचकी देणे. तेथे तुमचा लेखनाव टाकून सबमिट करणे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:३६, ७ फेब्रुवारी २०२३ (IST) धन्यवाद [[सदस्य:AShiv1212|AShiv1212]] ([[सदस्य चर्चा:AShiv1212|चर्चा]]) ०७:२६, ८ फेब्रुवारी २०२३ (IST) :या स्पर्धेत फक्त महिला चरित्रे (त्यापैकी १/२ महिला) या विषयावर लेख लिहिला तर सहभागी होता येईल का? किमान किती लेख लिहिले पाहिजेत?@[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २१:०५, २० फेब्रुवारी २०२३ (IST) :{{साद|Ketaki Modak}} नमस्कार, आपण कमीत कमी एक नवीन लेख निर्माण केला किंवा असलेल्या लेखात ३,००० बाईटस पेक्षा जास्तीची भर घातली तरी चालेल. कृपया [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२३]] या प्रकल्प पानावर जाऊन इतर माहिती व्यवस्थित समजून घेणे. येथे आपण पुरस्कार देखील प्राप्त करू शकता.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०१, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::माहितीसाठी धन्यवाद.!! प्रयत्न करते. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १५:१६, २१ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::नमस्कार, ::०१) मी नावनोंदणी करून As a trial 'अतिथी भगवान शंकर' नावाची लोककथा submit केली होती. पण मला ती माझ्या account वरून delete करायची आहे, ती कशी करता येईल? ::०२) मी माझ्या अन्य चालू असलेल्या पानांमध्ये भर घालून स्पर्धेत भाग घेऊ इच्छिते, म्हणजे असलेल्या पानात भर घातल्यावर त्याची लिंक शेवटी एकदाच पाठवायची, ना? मार्गदर्शन कराल काय? [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) ०८:५५, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#नमस्कार, आपला लेख सदरील यादीतून हटवला आहे. ::#आपण जो नवीन लेख लिहिणार आहात किंवा लेखात भर घालणार आहात, तो ३१ मार्च पूर्वी कधीही सबमिट करू शकता. त्याला काही बंधन नाही. शक्यतो आपले लिखाण पूर्ण झाले की सबमिट करावे, जेणे करून परीक्षकांना तो तपासणे सोपे जाईल.-:[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५४, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#:मनापासून धन्यवाद. आपण सांगितले तसे करते. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १४:४८, २३ फेब्रुवारी २०२३ (IST) ::#::स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामधील सहभाग आणि महिला संपादनेथॉन- २०२३ यातील सहभाग यामध्ये काही फरक आहे का? असेल तर काय, ते कळेल का? ::#::स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामधील सहभाग - यामध्ये स्त्रियांवरील लेखन ::#::आणि ::#::महिला संपादनेथॉन- २०२३ यामध्ये स्त्रियांनी केलेले लेखन असे अपेक्षित आहे का? ::#::कृपया मार्गदर्शन हवे आहे. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १२:०१, ४ मार्च २०२३ (IST) ::#:::दोन्ही प्रकल्प हे वेगवेगळे असून, [[विकिपीडिया:महिला संपादनेथॉन- २०२३|महिला संपादनेथॉन- २०२३]] येथील नियम तसेच परीक्षक देखील वेगवेगळे आहेत. अधिक माहितीसाठी वरील दुव्यावर टिचकी देऊन तेथील नियम समजून घेणे.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:५०, ४ मार्च २०२३ (IST) ::#::::धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २२:४३, ४ मार्च २०२३ (IST) == Wikipedia Asian Month 2022 Campaign Survey - We'd like to hear from you! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> '''Dear WAM2022 organizors and participants,''' Once again, the WAM international team would like to hear your feedback by filling out the survey below. === [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSd8Jo4ixbwKS1rC6KmfC1q6wW53nmoCQATbmsMatbZ4A1RCwA/viewform?usp=sf_link Wikipedia Asian Month 2022 Survey] === We apologize for the permission setting that was blocking many of you from open the survey, this problem have been fixed. Please share this survey with your community. We hope to see you again with a better version in the 2023 campaign. all the best, The WAM International Team </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/WAM2022_Post_Campaign_Mass_Message_receiver&oldid=24259258 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == कृपया माझी माहिती डिलीट करू नये पद्माकर कुलकर्णी == माझे विकिपीडिया वरील माहिती कृपया डिलीट करू नये ही आपणास विनंती आहे [[सदस्य:पद्माकर कुलकर्णी|पद्माकर कुलकर्णी]] ([[सदस्य चर्चा:पद्माकर कुलकर्णी|चर्चा]]) ००:०२, १८ मार्च २०२३ (IST) :नमस्कार, विकिपीडिया हा एक मुक्त ज्ञानकोश असून ३२५+ भाषांत याचे लिखाण होते. सर्वत्र लिखाणाचे सारखे नियम असून त्यासाठी [[विकिपीडिया:परिचय]] आणि [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे]] किमान हे दोन लेख व्यवस्थित वाचावेत. तूर्तास इतकेच सांगू इच्छितो की विकिपीडियाचा वापर हा 'सोशल मीडिया' जसेकी फेसबुक, 'वैयक्तिक ब्लॉग', '' किंवा 'आत्मचरित्र लिखाण' यासाठी करता येत नाही. :न [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:५१, १८ मार्च २०२३ (IST) ::{{साद|पद्माकर कुलकर्णी}}, कृपया लक्षात घ्यावे की आपली संपादने, आपण निर्मिलेली चुकीची पाने वारंवार हटवल्या गेली आहेत. आपल्या चर्चा पानावर तसेच येथे माझ्या चर्चा पानावर देखील आपणास सूचना देण्यात आल्या आहेत. परत एकदा सांगत आहोत की विकिपीडिया हा एक जागतिक विश्वकोश असून याचे काही नियम आहेत. विकिपीडिया चा वापर वैयक्तिक ब्लॉग अथवा सोशल मीडिया प्रमाणे करता येत नाही. कृपया आपण येथे पूर्वीच्याच अस्तित्वात असलेल्या पानांवर छोटी छोटी संपादने करत आपला सहभाग वाढवावा.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:५७, ११ एप्रिल २०२३ (IST) == विकिडाटा दुरुस्ती == [[राजेश शृंगारपुरे]], [[नालासोपारा]], [[दुष्यंत वाघ]], [[बबन (चित्रपट)]], [[नाळ (चित्रपट)]], [[भारती आचरेकर]], [[आलोक राजवाडे]], [[रवी किशन]], [[गोंदिया जंक्शन रेल्वे स्थानक]], [[समीर आठल्ये]], [[चोरीचा मामला]] या पानांची विकिडेटा कलमे दुरुस्त करावीत. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०८, २६ मार्च २०२३ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:२६, २७ मार्च २०२३ (IST) [[रेवती लेले]], [[पक पक पकाऽऽऽक]], [[धुरळा (चित्रपट)]], [[मोगरा फुलला]], [[लग्न पहावे करून]], [[असेही एकदा व्हावे]], [[धुमधडाका]], [[तू तिथं मी (चित्रपट)]], [[पछाडलेला]], [[नायका]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:१२, ४ एप्रिल २०२३ (IST) [[सुजय डहाके]], [[देविका दफ्तरदार]], [[खडवली रेल्वे स्थानक]], [[खर्डी रेल्वे स्थानक]], [[गार्गी बॅनर्जी]], [[बाळकृष्ण शिंदे]], [[पिस्तुल्या]], [[बेफाम (चित्रपट)]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २१:१९, ५ एप्रिल २०२३ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३३, १२ एप्रिल २०२३ (IST) [[तुषार दळवी]], [[सक्षम कुलकर्णी]], [[कुंभ रास]], [[धनु रास]], [[मकर रास]], [[सिंह रास]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २०:४६, ५ मे २०२३ (IST) [[मच्छिंद्र कांबळी]], [[निपुण धर्माधिकारी]], [[पुष्कर जोग]], [[स्वप्नील बांदोडकर]], [[त्यागराज खाडिलकर]], [[अंशू गुप्ता]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०८, २७ जून २०२३ (IST) [[नितीश चव्हाण]], [[प्रदीप शर्मा]], [[अर्नाळा किल्ला]], [[चतुरंग दंडासन]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४७, २७ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[आमच्यासारखे आम्हीच]], [[सरीवर सरी (चित्रपट)]], [[साडे माडे तीन (चित्रपट)]], [[अग्निहोत्र (मालिका)]], [[शेम टू शेम]], [[नवरी मिळे नवऱ्याला (चित्रपट)]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १५:०७, २२ नोव्हेंबर २०२३ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०२, २३ नोव्हेंबर २०२३ (IST) == कार्यशाळा == श्री. संतोष गोरे सर नमस्कार, मराठवाडा मुक्तीसंग्रामाच्या अमृतमहोत्सवी वर्षानिमित्त पीपल्स महाविद्यालय, नांदेड येथे दिय ३.४.२०२३ रोजी विकिपीडिया कार्यशाळेचे आयोजन करण्यात आले. त्यानिमित्त पान तयार करण्यात येत असताना ते आपल्याद्वारे नष्ट करण्यात येत आहे. तरी तसे करू नये ही विनंती. [[सदस्य:विकास कांबळे|विकास कांबळे]] ([[सदस्य चर्चा:विकास कांबळे|चर्चा]]) :{{साद|विकास कांबळे}} नमस्कार, कृपया कार्यशाळा घेतल्या नंतर पान बनवावे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:०६, २७ मार्च २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 has been extended == [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg | logo.svg|right|frameless|300px]] Greetings Organizers, Greetings from Feminism and Folklore International Team, We are pleased to inform you that [[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore]] an international writing contest on your local Wikipedia has been extended till the '''15th of April 2023'''. This is the last chance of the year to write about feminism, women biographies and gender-focused topics such as folk festivals, folk dances, folk music, folk activities, folk games, folk cuisine, folk wear, fairy tales, folk plays, folk arts, folk religion, mythology, folk artists, folk dancers, folk singers, folk musicians, folk game athletes, women in mythology, women warriors in folklore, witches and witch hunting, fairy tales and more We would like to have your immense participation in the writing contest to document your local Folk culture on Wikipedia. You can also help with the translation of [[m:Feminism and Folklore 2023|project pages]] and share a word in your local language. Organizers have been notified some instructions on mail. Please get in touch via email if you need any assistance. Best wishes, International Team Feminism and Folklore. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ०९:५८, ३० मार्च २०२३ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24803574 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == घोडसगाव == [[घोडसगाव]] चे आचुक अक्षांश आणि रेखांश - 21°01'21"N 76°08'49"E हे आहेत, कृपया मराठी आणि ईंग्रजी विकी वर आपण हे अचूक पणे नोद्वावे.[[सदस्य:Rock Stone Gold Castle|Rock Stone Gold Castle]] ([[सदस्य चर्चा:Rock Stone Gold Castle|चर्चा]]) १५:५१, २१ एप्रिल २०२३ (IST) :[[घोडसगाव]] लेखावरील संपादनाच्या माहितीस्तव कृपया मराठी लेख [[वानर]] तसेच इंग्रजी लेख [[:en:Gray langur|Gray langur]] हे लेख पहावेत. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५३, २२ एप्रिल २०२३ (IST) == मराठी विकी == या विकीवर लेखकांची संख्या इतकी कमी का ? मराठी विकी लेखकानं लेखनासाठी हिंदी विकी वणी लॅपटॉप दान करते का ? [[सदस्य:Rock Stone Gold Castle|Rock Stone Gold Castle]] ([[सदस्य चर्चा:Rock Stone Gold Castle|चर्चा]]) १०:३३, २२ एप्रिल २०२३ (IST) :{{साद|Rock Stone Gold Castle}} :#नमस्कार, ढोबळ मानाने हिंदी भाषा ही भारत भर बोलली आणि लिहिली जाते तर मराठी भाषा ही महाराष्ट्र आणि गोवा येथे. सबब हिंदी विकिपीडियावर सदस्य संख्या मराठी पेक्षा जास्त आहे. परंतु आपणास माहीत आहे का, की मराठी विकिपीडिया हा लेख संख्येच्या हिशोबाने इतर विविध प्रांतीय विकिपीडियांना मागे टाकत एक एक पाऊल पुढे जात आहे. :#हिंदी किंवा इतर विकिपीडियावर मोफत लॅपटॉप पुरवल्या जातो का नाही हे मला माहीत नाही. जर तसे काही असेल तर तुम्ही तो मिळवण्यास स्वतंत्र आहात.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:४५, २२ एप्रिल २०२३ (IST) == मराठी गझलसंग्रह == :आपण मराठी गझलसंग्रह येथून काही एन्ट्री काढून टाकल्या आहेत. त्या का काढून टाकल्या ते कळेल का? माझी सोनचाफा ( इंदुजी) हि ७९ व्या ओळीतील एन्ट्री आपण का काढून टाकली? [[सदस्य:Induji.in|Induji.in]] ([[सदस्य चर्चा:Induji.in|चर्चा]]) १७:३३, २७ एप्रिल २०२३ (IST) :{{साद|Induji.in}}, नमस्कार आपण नक्की कोणत्या लेखाबद्दल बोलत आहात.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १९:३६, २७ एप्रिल २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 has ended, What's Next? == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">{{int:please-translate}} [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, '''[[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore 2023]]''' writing competition has ended. We thank you for organizing it on your local Wikipedia and help in document folk cultures and women in folklore in different regions of the world on Wikipedia. What's next? # Please complete the jury on or before 15th of May 2023. # Email us on [mailto:support@wikilovesfolklore.org support@wikilovesfolklore.org] the Wiki usernames of top three users with most accepted articles in local contest. # Write the information about the winners on the projects Meta Wiki '''[[:m:Feminism and Folklore 2023/Results|Results page]]''' # You can also put the names of the winners on your local project page. # We will be contacting the winners in phased manner for distribution of prizes. Feel free to contact us via mail or [[:m:Talk:Feminism and Folklore 2023|talkpage]] if you need any help, clarification or assistance. Thanks and regards, '''International Team'''<br /> '''Feminism and Folklore''' </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Rockpeterson/wlf2023&oldid=24803574 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == चुकीचे पुनरनिर्देशित असलेली पान == [[:en:Five_Pillars_of_Islam|Five Pillars of Islam]] या लेखाचे मराठी पुनरनिर्देशन [[इस्लाम]] या वर होत आहे, परंतु , [[इस्लाम]] हे इंग्रजी पुष्ट [[:en:Islam|Islam]] वरून पुनरनिर्देशित होत असल्याने गोंधळ निर्माण होत आहे, [[इस्लामचे पाच आधारस्तंभ]] नवीन पुष्ट तयार करून त्यास [[:en:Five_Pillars_of_Islam|Five Pillars of Islam]] ला पुनरनिर्देशित करण्याची गरज आहे. @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] अशा प्रकारच्या लेखांना दुरुस्त करण्यासाठी, तुम्हाला काळवण्या वैतीरिक्त अजून काय करता येईल? [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २२:०२, २८ मे २०२३ (IST) :होय, तुम्ही 'इस्लामचे पाच आधारस्तंभ' असा नवीन लेख लिहू शकता. इतर भाषेतील लेख मराठी लेखास जोडण्याच्या पद्धतीला आंतरविकीदुवा म्हणतात. ते तुम्हाला अनुभवाने जोडता येईल. तूर्तास कोणाही जाणकारास संदेश देऊन तुम्ही काम करून घेऊ शकता.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:४७, २९ मे २०२३ (IST) ::धन्यवाद! [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:२६, १ जून २०२३ (IST) == सफर (इस्लामीक दुसरा महिना) == [[सफर (इस्लामी दुसरा महिना)]] या पानावरील आपण केलेल्या बदल बद्दल येथे सांगाल? [[सफर (इस्लामीक दुसरा महिना)]] या नावाने मी पुष्ट तयार केले होते तुम्ही ते का हटवला व तसेच वर्ग देखील हटवले [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:३३, १ जून २०२३ (IST) :पान हटवले नाही, अभय नातू यांनी स्थानांतरित केले. तुम्ही निर्माण केले वर्ग हे अनावश्यक असून इंग्रजी वर्गाची नक्कल होती. तसेच अजून काही वर्गात दुरुस्ती करणे आवश्यक आहे. तूर्तास तुम्ही लिखाण करावे. वर्ग दुरुस्ती परत करता येईल. आणि हो, बरेच लेख हे भाषांतरित करताना अशुद्ध मराठीत लिहिले जात आहेत. अपेक्षा आहे तुमचे लेख आरामात वाचून, पुनर्लिखाण. कराल. [[मोहम्मद पैगंबर यांच्या बायका ]] मधील प्रस्तावना/ पाहिला परिच्छेद पहावा, तो मी दुरुस्त करण्याचा प्रयत्न केला आहे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:३३, २ जून २०२३ (IST)का ::होय, [[मोहम्मद पैगंबर यांच्या बायका]] हा लेख सध्या अपूर्ण आहे... अमराठी तर ठीक आहे परंतु वर्ग अनावश्यक आहे हे आपण कोणत्या आधारावर ठरवतात? [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) ०८:३९, ३ जून २०२३ (IST) :::अनेक कारणे आहेत. :::उदाहरणार्थ: वर्ग:अरबी भाषेतील मजकूर असलेले लेख - हा वर्ग त्याच लेखात जोडता येतो ज्यात अरबी भाषेतील विविध आयात, मोठा परिच्छेद लिहिलेला आहे. एक दोन शब्द अरबी भाषेत असतील तर त्याची गरज नाही. तसेच अनेक लेखात जर अरबी भाषेतील उतारे असतील तरच वर्ग बनवायचा असतो. त्या व्यतिरिक्त लेख नाव कसे ठेवायचे यासाठी इतर नावे तपासावित, जसे की हिंदी भाषेतील मजकूर / हिंदीतील मजकूर / हिंदी भाषेमधील मजकूर वगैरे वगैरे. हे वेगवेगळे अस्तित्वात असलेले वर्ग पाहून त्याला मिळता जुळता वर्ग बनवावा. याही पेक्षा महत्वाचे म्हणजे असा कोणता इतर वर्ग आहे का हे देखील पाहावे लागते. असे अनेक मुद्दे असतात. या करिता आपण केवळ लेख लिहावा आणि उपलब्ध असलेला वर्ग जोडावा. जर नवीन वर्गाची गरज असेल तर @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] जोडतील.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५३, ३ जून २०२३ (IST) ::::[[सदस्य:संतोष गोरे|@संतोष गोरे]] सांगितल्या बद्दल ध्यवाद, वर्ग जोडण्या बाबत मी @अभय नातू यांना कळवीन, परंतु एक वर्ग जोडणे आवश्क आहे "इस्लामी दिनदर्शिकेचे महिने " [[सदस्य:Mh21production|Mh21production]] ([[सदस्य चर्चा:Mh21production|चर्चा]]) २३:१५, ३ जून २०२३ (IST) == Feminism and Folklore 2023 - A Heartfelt Appreciation for Your Impactful Contribution! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2023 logo.svg|center|500px]] {{int:please-translate}} Dear Wikimedian, We extend our sincerest gratitude to you for making an extraordinary impact in the '''[[m:Feminism and Folklore 2023|Feminism and Folklore 2023]]''' writing competition. Your remarkable dedication and efforts have been instrumental in bridging cultural and gender gaps on Wikipedia. We are truly grateful for the time and energy you've invested in this endeavor. As a token of our deep appreciation, we'd love to send you a special postcard. It serves as a small gesture to convey our immense thanks for your involvement in the competition. To ensure you receive this token of appreciation, kindly fill out [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeXZaej264LOTM0WQBq9QiGGAC1SWg_pbPByD7gp3sC4j7VKQ/viewform this form] by August 15th, 2023. Looking ahead, we are thrilled to announce that we'll be hosting Feminism and Folklore in 2024. We eagerly await your presence in the upcoming year as we continue our journey to empower and foster inclusivity. Once again, thank you for being an essential part of our mission to promote feminism and preserve folklore on Wikipedia. With warm regards, '''Feminism and Folklore International Team'''. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ००:०७, २६ जुलै २०२३ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf2023p&oldid=25345565 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == लेख नाव बदल == कृपया [[उस्मानाबाद]] आणि [[जेसलमेर]] ही पाने [[धाराशिव]] आणि [[जैसलमेर]] या नावांकडे स्थानांतरित करावी. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:५७, ७ ऑगस्ट २०२३ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:११, ७ ऑगस्ट २०२३ (IST) ::जसे संदेश यांनी औरंगाबाद लेखाचे छत्रपती संभाजीनगर नावास स्थानांतरण केले, तसे वरील दोन्ही लेख अजून योग्य नावास स्थानांतिरत झाले नाहीत. कृपया ते करावे, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १३:५६, ८ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[अ‍ॅन फ्रँक]] हा लेख सुद्धा [[ॲन फ्रँक]] या अचूक व योग्य नावाकडे स्थानांतरित करावा. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १७:१०, ११ ऑगस्ट २०२३ (IST) [[अंदमान आणि निकोबार]] या लेखाचे [[अंदमान आणि निकोबार द्वीपसमूह]] या बरोबर नावाकडे स्थानांतरण करावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) ११:५९, २६ ऑगस्ट २०२३ (IST) :का, अंदमान आणि निकोबार बेटे ? अचूक नाव कोणते आहे?- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:५७, २६ ऑगस्ट २०२३ (IST) ::दोन्ही नावे योग्य आहेत, कोणत्याही एका नावाकडे स्थानांतरित करावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:४१, २७ ऑगस्ट २०२३ (IST) == Invitation to Rejoin the [https://mdwiki.org/wiki/WikiProjectMed:Translation_task_force Healthcare Translation Task Force] == [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|right|frameless|125px]] You have been a [https://mdwiki.toolforge.org/prior/index.php medical translators within Wikipedia]. We have recently relaunched our efforts and invite you to [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php join the new process]. Let me know if you have questions. Best [[User:Doc James|<span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>]] ([[User talk:Doc James|talk]] · [[Special:Contributions/Doc James|contribs]] · [[Special:EmailUser/Doc James|email]]) 12:34, 13 August 2023 (UTC) <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_translators/10&oldid=25451576 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == परतावा == आपण हे पृष्ठ परत करू शकता [[सुशोभन सोनू रॉय]] किंवा मी हे पृष्ठ पुन्हा तयार करू शकतो ? मराठी वृत्तपत्रांमध्येही त्यांच्या बातम्या आहेत। [[विशेष:योगदान/110.224.16.31|110.224.16.31]] १६:५४, १ सप्टेंबर २०२३ (IST) :क्षमा असावी, सदरील व्यक्ती ही अजून लेख लिहिण्या इतपत उल्लेखनीय नाही. सबब सध्या तरी यावर लेख लिहिला जाऊ शकत नाही.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:२१, १ सप्टेंबर २०२३ (IST) == नमस्कार... == नमस्कार [[सदस्य:Fulabai chavan|Fulabai chavan]] ([[सदस्य चर्चा:Fulabai chavan|चर्चा]]) १४:४८, २९ सप्टेंबर २०२३ (IST) :नमस्कार :- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३५, २९ सप्टेंबर २०२३ (IST) ::दादोजी खोमणे हे मराठी पेज मी तयार केले आहे तर त्यात लोकं सारखे बदल करत आहेत....तर..ते पृष्ठ लॉक की करावे...ते मला कळेल का.. [[सदस्य:Fulabai chavan|Fulabai chavan]] ([[सदस्य चर्चा:Fulabai chavan|चर्चा]]) १६:२८, २ नोव्हेंबर २०२३ (IST) :::नमस्कार, विकिपीडिया वरील कोणताही लेख, कोणीही संपादित करू शकतो. अशाच प्रकारे त्यात अतिरिक्त माहितीची भर टाकली जाते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:०३, २ नोव्हेंबर २०२३ (IST) == बॉटफ्लॅग == [[सदस्य:CommonsDelinker]] यांस इंग्लिश विकिपीडियावर बॉटफ्लॅग दिलेला आहे, त्यानुसार मराठी विकिपीडियावर सुद्धा त्यांना बॉटफ्लॅग देण्यात यावा म्हणजे त्यांची संपादने 'अलीकडील बदल' येथे दिसणार नाहीत, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १८:४३, २० जून २०२३ (IST) :करायला काही हरकत नाही. परंतु खरे तर याची संपादने अत्यल्प असून, याद्वारे एखाद्या लेखातून चित्र हटवल्याचे निदर्शनास येताच तिथे नवीन चित्र जोडता येते. सबब या दृष्टिकोनातून याला बॉट फ्लॅग नाही दिला तरी चालेल असे मला वाटते. तसेच @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]], कडे बॉट फ्लॅग चा अधिकार आहे. तेव्हा त्यांनी यावर आपले मत व्यक्त करावे असे मला वाटते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:४७, ९ ऑक्टोबर २०२३ (IST) ::संतोष गोरे यांच्याशी सहमत. अद्याप या बॉटच्या कामाचा उपद्रव वाटत नाही. अधिक बदल होउन त्यामुळे इतरांचे बदल सारखे झाकले जाऊ लागले तर बॉटफ्लॅग देउयात. ::[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) २२:०६, ९ ऑक्टोबर २०२३ (IST) == Invite to Join Wikipedia Asian Month 2023 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''You are receiving this message because you participated in the [[:m:Wikipedia Asian Month 2022|Wikipedia Asian Month 2022]] as an organizer or editor.'' [[File:Wikipedia Asian Month Logo.svg|thumb|Join the Wikipedia Asian Month 2023 ]] <big>Dear all,</big> <big>The '''[[:m:Wikipedia Asian Month Home|Wikipedia Asian Month 2023]]'''[1] is coming !</big> <big>The campaign start within a flexible 30 days from November to December. Following with the changes of the rules made by last year, the wish to have more people get to know Asia and Asian related topic is the same! </big>'''<big>Click [[:m:Wikipedia Asian Month 2023/Join an Event|"Here"]] to Organize/Join a WAM Event.</big>''' '''1. Propose "Focus Theme" related to Asia !''' If you are based somewhere in Asia, or have specific passion on an Asian topic, please propose your "Focus Theme" by October 25th. The WAM international team will select 5 themes. Please propose your focus theme through [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfPLz8kvSP_0LlI4vGRHAP2ydJPnLY__1hb9-p8AsRcS2R2NQ/viewform?usp=sf_link this link][2]. '''2. Enhancing existing articles can also count as part of campaign contribution.''' Any edits, including creating new articles or adding new content to existing articles, over 3000 bytes in total would be able to get a reward. Last year, due to this change of rules, the Programs & Events Dashboard was suggested. However, according to community survey of 2022, Fountain Tool is still the best platform for tracking edit and points. You don’t need to create any Dashboard. For the tracking of editing existing article, the international team is currently designing a form. Will soon publish to the main page of WAM 2023. '''3. More flexible campaign time''' The contribution duration would remain 30days, but we extended the overall campaign timeline to 2 months. All organizers can decide when to start their WAM as long as the whole duration is within November 1st to December 31th. It means that you can participate in WAM based on the needs of your local community. '''Timetable''' * October 1st, 2023 : Publish International Campaign Page of the Year * October 5th to 25th, 2023 : Call for focus themes of WAM 2023. * Before 29 October, 2023: Complete '''[[:m:Wikipedia Asian Month 2023/Join an Event|Registration]]''' [3] of Each language Wikipedia. * November 1st, UTC 00:00 to December 31th, UTC 00:00, 2023: Running the Campaign. (Find your local campaign for the actual event date.) * January 1st to March 15th, 2024: Auditing of each language Wikipedia. * March 30th, 2024: Deadline of reporting statistics and eligible editors to the International Team * April 1st to May 15th, 2024: The international team distributes Barnstars and Certificates to eligible editors of each event. For your information, the main page of Wikipedia Asian Month is currently undertaking a reconstruction for archiving purpose. For the 2023 event please bookmarked this page. We hope you will enjoy Wikipedia Asian Month! If you have any inquiry, feel free to contact us by info@asianmonth.wiki [4]. <big> We look forward to your participation. Cheers!!! WAM 2023 International Team</big> [1] https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikipedia_Asian_Month_2023 [2] https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfPLz8kvSP_0LlI4vGRHAP2ydJPnLY__1hb9-p8AsRcS2R2NQ/viewform?usp=sf_link [3] https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikipedia_Asian_Month_2023/Join_an_Event [4] info@asianmonth.wiki </div> <!-- सदस्य:Joycewikiwiki@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Joycewikiwiki/Wikipedia_Asian_Month_2023_Message_receiver_main&oldid=25753309 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> What are your plans to arrange Asian Month 2023 Marathi? I am interested to participate. [[सदस्य:Vikrantkorde|विक्रांत कोरडे]] ([[सदस्य चर्चा:Vikrantkorde|चर्चा]]) १७:२९, २१ ऑक्टोबर २०२३ (IST) :@[[सदस्य:Vikrantkorde|विक्रांत कोरडे]], नमस्कार, आपल्या सहभाग आणि उत्कंठेबद्दल धन्यवाद. लवकरच या प्रकल्पाबद्दल मराठी विपी वर सूचना देण्यात येईल. :cc:@[[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] आणि @[[सदस्य:Sandesh9822|संदेश हिवाळे]] :- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १०:०३, २२ ऑक्टोबर २०२३ (IST) == नोव्हेंबर मुखपृष्ठ सदर == नमस्कार, नोव्हेंबर महिन्यात बदलून [[हंपी]] हा लेख सदर करावा असे सुचवत आहे. कृपया या लेखावर एकदा नजर घालावी व उचित बदल करावेत ही विनंती. [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ_सदर_लेख_नामनिर्देशन#हंपी]] धन्यवाद. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ०६:१६, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) :नमस्कार, लेख विस्तृत आणि सुंदर आहे, परंतु यात लाल दुवे तसेच भाषांतरामुळे काही व्याकरणाच्या चुका देखील झाल्या आहेत. तसे प्रमाण कमीच आहे. लेख बऱ्यापैकी व्यवस्थित झाला असे वाटले की मी आपल्याला तसे कळवतो. सध्या मी थोडा व्यस्त असल्याने, काम थोडे हळू हळू होईल असे वाटते.:- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०९:३५, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) ::@[[सदस्य:Nitin.kunjir|Nitin.kunjir]] नमस्कार, यात आपले योगदान पण दिसून येत आहे. कृपया सदरील लेखावर एक नजर फिरवावी आणि काय कमी जास्त आहे ते सुचवावे.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०९:४२, ३० ऑक्टोबर २०२३ (IST) == विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३ == [[चित्र:Wikipedia Asian Month Logo Mr.svg|right|400px|frameless]] प्रिय विकिसदस्य, '''[[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३|विकिपीडिया आशियाई महिना ]]''' हे विकीमेडियन्स द्वारा स्थापन केलेले एक वार्षिक अभियान आहे. हे अभियान मुख्यत्वे आशिया खंडातील देश आणि तेथील संस्कृती संबंधित विषयांवरील लेखांवर लक्ष केंद्रित करते. अनेक आशियाई व भारतीय विकिपीडिया समुदायांनी यात भाग घेतलेला आहे. आणि आमची अशी इच्छा आहे की आपण मराठी विकिपीडियावर आपले अमूल्य योगदान द्यावे. प्रकल्प पृष्ठ [[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३|येथे]] उपलब्ध आहे. आपण ही स्पर्धा जिंकल्यास आपण '''विकिपीडिया आशियाई दूत घोषित होऊन तुम्हाला सही केलेले प्रमाणपत्र मिळेल व एक अधिक पोस्टकार्ड मिळेल''' तसेच '''डिजीटल बार्नस्टार''' देखील प्राप्त करू शकता. अधिक माहितीसाठी प्रकल्प पृष्ठ तपासा. [[विकिपीडिया:विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३/सहभागी|येथे]] आपली नोंदणी करा आणि [https://fountain.toolforge.org/editathons/wam-mr-2023 हा दुवा] वापरून आपला लेख सादर करा. जर तुम्हाला कोणत्या मदतीची आवश्यकता असेल तर स्थानिक आयोजक [[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे ]], [[सदस्य:Sandesh9822|संदेश हिवाळे]] किंवा [[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] यांना संपर्क करावा. धन्यवाद. :'''आयोजक विकिपीडिया आशियाई महिना २०२३''' :<small>हा संदेश [[विकिपीडिया:स्वागत आणि साहाय्य चमू|विकिपीडिया मदत चमू]] करिता [[विकिपीडिया:एकगठ्ठा संदेश प्रणाली]] सुविधा वापरून [[विपी:प्रचालक|मराठी विकिपीडिया प्रचालकांमार्फत]] पाठविला गेला असण्याची संभावना आहे.</small> <!-- सदस्य:संतोष गोरे@mrwiki ने https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%B7_%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87/test&oldid=2341857 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == आकाराम दादा पवार यांच्या विकिपीडिया पानाच्या पुनर्स्थापनेची विनंती == नमस्कर, काहि दिवसा अघोधर "[[आकाराम दादा पवार]]" या बद्दलच्या विकिपीडिया पानाला संदर्भांच्या अभावी हटवले आहे. मात्र, माझ्या मते, लिहिलेल्या माहितीची अचूकता सिद्ध करू शकणारे पुरेसे संदर्भ आहेत. [[आकाराम दादा पवार]] यांनी लोकांसाठी आणि देशासाठीही मोलाचे योगदान दिले आहे आणि त्यांच्या कार्याबद्दल लोकांना माहिती असणे महत्त्वाचे आहे. मी विनंती करते की तुम्ही विकिपीडिया वर पान पुनर्स्थापीत करा . जर आवश्यक असेल तर, माहितीला आधार देणारे अतिरिक्त संदर्भ देण्यासाठी मी तयार आहे.[[आकाराम दादा पवार]] सारख्या व्यक्तींचे सकारात्मक योगदान ओळखणे आणि त्यावर प्रकाश टाकणे महतवाचे आहे . या विषयाकडे तुमचे लक्ष दिल्याबद्दल धन्यवाद. [[सदस्य:Manasi.M.Pawar|Manasi.M.Pawar]] ([[सदस्य चर्चा:Manasi.M.Pawar|चर्चा]]) १३:५०, १५ डिसेंबर २०२३ (IST) :{{साद|Manasi.M.Pawar}}, नमस्कार, आपल्या सदरील लेखावर संदेश हिवाळे यांनी [https://mr.m.wikipedia.org/wiki/सदस्य_चर्चा:Sandesh9822 त्यांच्या चर्चा पानावर] उत्तर दिले आहे. काही शंका असतील तर तेथे पुढील चर्चा करू शकता. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:५९, १८ डिसेंबर २०२३ (IST) == Invitation to Organize Feminism and Folklore 2024 Writing Competition == <div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;> [[File:Feminism and Folklore 2024 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> <center>''{{int:please-translate}}''</center> Dear {{PAGENAME}}, Hope you are doing well, Wishing you a Happy New Year!. We extend a heartfelt invitation to you to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2024|Feminism and Folklore 2024]]''' writing competition, which is scheduled to take place from February 1, 2024, to March 31, 2024. This year's edition of Feminism and Folklore will concentrate on feminism, women's issues, and gender-focused topics, aligning with a Wiki Loves Folklore gender gap focus and featuring a folk culture theme on Wikipedia. This year we have created two new Tools for the Feminism and Folklore project. The tool is called '''Campwiz'''. This tool is created by the international Tech team of Wiki Loves Folkore especially crafted for Feminism and Folklore project. The tool works as same as fountain or dashboard but has extra abilities required for jury and submission of articles. To create a new campaign on Campwiz, organizers to follow these steps: # Go to the tool link: <nowiki>https://tools.wikilovesfolklore.org/</nowiki> # Select your wiki on which you want to organize the campaign (enter the name or short code, such as "{{CONTENTLANG}}" for {{#language:{{PAGELANGUAGE}}}} {{SITENAME}}). # Give your campaign a name example "Feminism and Folklore 2024 on {{#language:{{PAGELANGUAGE}}}} {{SITENAME}})". # Select the start and end dates (note: keep your start date as Feb 1 and end date as March 31). # Provide a description for your campaign (you can briefly describe the campaign in this section). # Make sure to keep the checkboxes ticked for "Allow users to submit articles that were not created but expanded." if you want to use the campaign for expanded articles also. # Keep minimum added bytes as 4000 and minimum added words as 400 and click next. # In the jury section, keep the checkboxes ticked for "Allow jury members to participate in the campaign" and "Prevent jury members from seeing each other's votes." As per your preference. # Under the jury search box, type the username of your jury and click on the "+" button to add; you can add multiple jury members. # Click next to review and then click on save. With this we have also created a '''Missing article tool'''. This tool identifies articles in the English Wikipedia that are absent from your native language Wikipedia. You can customize your selection criteria, and our tool will provide you with a table displaying the missing articles along with suggested titles. You also have the option to download the list in both CSV and wikitable formats. Both tools, the Missing Article Tool and the Campwiz Tool, are now available for public use during the Feminism and Folklore campaign. You can find more information about these tools here: <nowiki>https://tools.wikilovesfolklore.org/</nowiki> There are also some changes in the rules and criteria's. Please go through the rules below. # '''Minimum Length:''' The expanded or new article should have a minimum of '''''4000 bytes or 400 words''''', ensuring sufficient depth and coverage of the chosen topic. The local organizers are free to choose the minimum length criteria as per needs of their local Wikipedia and must be clearly mention on local project page. # '''Language Quality:''' Articles should not be poorly machine-translated, ensuring that language quality and readability are maintained at a high standard. # '''Timeline of Creation or Expansion:''' The article should be created or expanded between 1 February and 31 March, aligning with the specified contest timeline. # '''Theme Relevance''': Articles should directly address the theme of feminism and folklore, exploring connections between gender, cultural traditions, and intangible heritage. # '''No Orphaned Articles:''' Articles must not be orphaned, meaning they should be linked from at least one other article to ensure visibility within the Wikipedia ecosystem. # '''No Copyright violations:''' There should be no copyright violations, and articles should adhere to local Wikipedia policies on notability, ensuring that the content meets the standards for notability. # '''Adequate references and Citations:''' Each article should include proper references and citations following local Wikipedia policies, ensuring the reliability and credibility of the information presented. Learn more about the contest details and prizes on our project page [[:m:Feminism and Folklore 2024|here]]. Should you require any assistance, please feel free to contact us on our meta talk page or via email. We eagerly anticipate your enthusiastic coordination and participation in Feminism and Folklore 2024. Thank you and Best wishes, '''Feminism and Folklore 2024 International Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १२:२१, १८ जानेवारी २०२४ (IST) </div></div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf&oldid=26088038 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a medical contributors! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> {| style="background-color: #fdffe7; border: 1px solid #fceb92;" |rowspan="2" style="vertical-align: middle; padding: 5px;" | [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|130px]] |style="font-size: x-large; padding: 3px 3px 0 3px; height: 1.5em;" |'''The 2023 Cure Award''' |- | style="vertical-align: middle; padding: 3px;" |In 2023 you '''[https://mdwiki.org/wiki/WikiProjectMed:WikiProject_Medicine/Stats/Top_medical_editors_2023_(all) were one of the top medical editors in your language]'''. Thank you from [[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med]] for helping bring free, complete, accurate, up-to-date health information to the public. We really appreciate you and the vital work you do! Wiki Project Med Foundation is a [[meta:Wikimedia_thematic_organizations|thematic organization]] whose mission is to improve our health content. '''[https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdWfjVFbDO4ji-_qn2SsAgdCflhcOZychLnr1JUacsPaBr1eA/viewform Consider joining for 2024]''', there are no associated costs. Additionally one of our primary efforts revolves around translation of health content. We invite you to '''[https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php try our new workflow]''' if you have not already. Our dashboard automatically [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/leaderboard.php collects statistics] of your efforts and we are working on [https://mdwiki.toolforge.org/fixwikirefs.php tools to automatically improve formating]. |} Thanks again :-) -- [https://mdwiki.org/wiki/User:Doc_James <span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>] along with the rest of the team at '''[[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med Foundation]]''' ०३:५५, ४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) </div> <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_Other_Language_Editors_2023&oldid=26173705 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == एक लेख जोडा == [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ अलीकडील मृत्यू]] या लेखात मला एक नाव जोडायचे आहे– 👉🏻[[हेगे गींगोब]]👈🏻, धन्यवाद! --[[सदस्य:Ayesha46|Ayesha46]] ([[सदस्य चर्चा:Ayesha46|चर्चा]]) ०८:१६, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :ठीक आहे जोडूया. याच सोबत [[फेब्रुवारी ४]] मध्ये मृत्यू या मथळ्या खाली आपण सदरील लेखनाव जोडू शकता.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:०८, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) ::सल्ल्याबद्दल धन्यवाद, तुम्ही सांगितल्याप्रमाणे मी ते संपादन केले -- [[सदस्य:Ayesha46|Ayesha46]] ([[सदस्य चर्चा:Ayesha46|चर्चा]]) २३:००, ५ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == कृपया इतर संपादकांना मदत करा == आपण अलीकडे [[सदस्य:Sohan wankhade]] यांचे सदस्य पान (Userpage) [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%3ASohan_wankhade&diff=2326837&oldid=2326800 पूर्णपणे रिक्त केले] होते [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%3ASohan_wankhade&diff=2327312&oldid=2327310 ते ही अनेक वेळा]. आपले कारण "विकिपीडिया चा वैयक्तिक वापर" होते. मी तुमचे लक्ष [[:en:WP:UPYES|WP:UPYES]] वर आणू इच्छितो, हे धोरण प्रत्येक विकिपीडियाच्या सदस्य पानांवर लागू होते (दुर्दैवाने ते मराठी विकिपीडियावर अस्तित्वात नाही, पण तरीही मराठी विकिपीडियावर लागू होते.) त्यात स्पष्टपणे "Non-article Wikipedia material such as reasonable Wikipedia humor, essays and perspectives, personal philosophy, comments on Wikipedia matters allowed" लिहिले आहे. त्यामुळे तुम्ही जे केले त्याऐवजी काही मजकूर तिथेच राहू द्यायला हवे होते आणि त्याला समजावून सांगायला हवे होते. तसे, मी ते केले आहे. धन्यवाद. (You recently had completely blanked User:Sohan wankhade's userpage multiple times. Your reason was "विकिपीडिया चा वैयक्तिक वापर". I would like to bring your notice to [[:en:WP:UPYES|WP:UPYES]], a policy applicable to all wikipedias' userpages (unfortunately it doesn't exist in marathi wikipedia, but is still applicable). It clearly says "Non-article Wikipedia material such as reasonable Wikipedia humor, essays and perspectives, personal philosophy, comments on Wikipedia matters allowed'. So you should rather have let some content stay there and explain him why you reduced it. By the way, I have did it. Thank you.) [[सदस्य:ExclusiveEditor|<span style="background:Orange;color:White;padding:2px;">Exclusive</span><span style="background:black; color:White; padding:2px;">Editor</span>]] [[सदस्य चर्चा:ExclusiveEditor|<sub>Notify Me!</sub>]] [[सदस्य:ExclusiveEditor|ExclusiveEditor]] १९:४३, १२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :{{साद|ExclusiveEditor}}नमस्कार, कृपया काही अतिरिक्त खुलासे कराल तर फार बरे होईल. :# ''कृपया इतर संपादकांना मदत करा'' - आजपर्यंत मी कुणाकुणाला मदत केली नाही त्यांची नावे येथे नमूद करावीत. :# ''Redundancy'' - आपण येथील संपादन सारांश मध्ये Redundancy (म्हणजे अतिरेक) असे नमूद केले आहे. मी नक्की कशाचा अतिरेक केला आहे? :# ''ते ही अनेक वेळा'' - मी नक्की सदरील सदस्याचे सदस्य पान कितीवेळा रिकामे केले याची निश्चित संख्या येथे नमूद केल्यास अजून बरे होईल. :# ''आणि त्याला समजावून सांगायला हवे होते. तसे, मी ते केले आहे'' - आपण Sohan wankhade यांचे चर्चा पान तपासले आहे का? उलट मी तरी त्यांना एकवेळा सूचना दिली आहे; आपण कधी आणि कुठे दिलीय? :::: अपेक्षा आहे की योग्य आणि मुद्देसूद उत्तरे द्याल.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:१८, १२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) तुमच्या प्रश्नाची उत्तरे: # मी सहमत आहे की तुम्ही इतरांना मदत करण्यासाठी खरोखरच एक प्रशंसनीय काम केले आहे आणि "'''कृपया इतर संपादकांना मदत करा'''" हे शीर्षक अंशतः चुकीचे असू शकते, परंतु मला असे म्हणायचे आहे की फक्त या एका प्रकरणात तुम्ही User:Sohan wankhade यांशी बोलायला हवे होते. # तुमच्या चर्चा पानावरील माझे दुसरे संपादन तांत्रिक(Technical) होते, ज्यात मी माझी 'डिझाइनशिवाय डुप्लिकेट स्वाक्षरी' काढून टाकली. त्यामुळे माझे संपादन सारांश 'Redundancy' होते आणि तुमच्याशी संबंधित नव्हते. # मी तुमचे पहिले संपादन "'''पूर्णपणे रिक्त केले'''" या शब्दासह ''विकिलंक'' केले आहे आणि सोबतच '''"ते ही अनेक वेळा'''" तुमच्या पुन्हा रिक्त केलेल्या संपादन सोबत ''wikilink'' केले होते. अशा प्रकारे मी तुमच्या दोन्ही संपादनांचा अप्रत्यक्षपणे उल्लेख केलेले आहे. # तुम्ही त्याला (UserːSohan Wankhade) सांगायला हवे होते की वापरकर्ता पानावर फक्त '''काही''' विकिपीडिया संबंधित नसलेल्या सामग्रीला '''परवानगी आहे'''. तुम्ही त्याच्यासाठी [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे|चुकीचा धोरणात्मक लेख]] देखील जोडले आहे, कारण त्यात त्याच्या प्रकरणाचा (कविता) कुठेही उल्लेख केलेला नाही, पण स्वत: लिहिलेल्या कवितांना परवानगी नाही या निष्कर्षावर तुम्ही कसे पोहोचलात हे देखील त्याला सांगितले नाही. # ''आपण कधी आणि कुठे दिलीय (सूचना)?''- कृपया माझे संपादन सारांश पहा: [https://mr.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF:Sohan_wankhade&action=history UserːSohan wankhade's history] आणखी दोन गोष्टीː * मी मान्य करतो की मी लिहिण्यासाठी मशिन ट्रान्सलेशन वापरतो कारण मराठीत टाईप करण्यास खूप वेळ लागतो, तथापि मला मराठी माहित आहे, आणि माझे लेखन पुरेसे वाचनीय आहे. *मला तुमच्याशी वाद घालायचे नाही आणि तूम्ही माझे शत्रूही नाही आहात. मला फक्त तूम्च्याकडे या घटनेची नोंद करायची होती, आणि नवीन वापरकर्त्यांना ते स्वतः समस्याग्रस्त आहेत असे वाटणार नाही याची खात्री करून घ्यायची आहे कारण त्यांना असे वाटल्यास ते मदत करणार नाहीत. (कोणतेही शब्दलेखन चुकीचे असल्यास क्षमस्व.) [[सदस्य:ExclusiveEditor|<span style="background:Orange;color:White;padding:2px;">Exclusive</span><span style="background:black; color:White; padding:2px;">Editor</span>]] [[सदस्य चर्चा:ExclusiveEditor|<sub>Notify Me!</sub>]] [[सदस्य:ExclusiveEditor|ExclusiveEditor]] १५:५७, १३ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :* ३. ''पूर्णपणे रिक्त केले'' आणि ''ते ही अनेक वेळा'' - माफ करा, दोन वेळा (twice) आणि अनेकवेळा (multiple times) यात फरक आहे. मी सदरील सदस्याचे सप्टेंबर २०२३ मध्ये सदस्य पान केवळ दोन वेळा रिक्त केले आणि त्याच सोबत त्यांच्या चर्चा पानावर एक सूचना टाकली होती. त्यानंतर देखील सदरील सदस्य स्वतःचे सदस्य पान पुन्हा पुन्हा संपादत होते. जास्त गंभीर सूचना दिल्यास सदस्य विकिपीडियावर येणे कमी करू शकतो, म्हणून मी त्यांच्या कडे थोडे दुर्लक्ष केले. माझ्या मते असे करणे योग्य होते. :* ४. ''वापरकर्ता पानावर फक्त काही विकिपीडिया संबंधित नसलेल्या सामग्रीला परवानगी आहे. तुम्ही त्याच्यासाठी चुकीचा धोरणात्मक लेख देखील जोडले आहे'' - कृपया बारकाईने निरीक्षण करावे, सदरील सदस्य सात वर्षांपासून विकिपीडियावर असून या पूर्ण कार्यकाळात त्यांनी मराठी विपी वर आजपावेतो तब्बल २० संपादने केली असून ती सर्व केवळ स्वतःच्या सदस्य पानावरील आहेत. त्यांनी अजून एकही उपयुक्त संपादन केलेले नाही. याचा अर्थ सदरील सदस्य विकिपीडियाचा वापर [[अनुदिनी]] (personal blog) प्रमाणे करत आहे. यासाठी आपण त्यांच्या विकिमिडिया वरील संपादनाचा [https://commons.m.wikimedia.org/wiki/Commons:Deletion_requests/Files_uploaded_by_Sohan_wankhade हा इतिहास] पहावा. येथे त्या ठिकाणच्या प्रचालकानी Out of Scope, personal photo असा शेरा दिला आहे. हेच माझे म्हणणे मराठी विपी वरील संपदानाबाबत आहे. यासाठी मी तुम्हाला दोन दुवे देतो, इंग्रजी [[en:Wikipedia:User pages#What may I not have in my user pages?|What may I not have in my user pages?]] (तुम्हाला इंग्रजीचा सराव जास्त आहे म्हणून) आणि मराठी [[विकिपीडिया:विकिपीडिया काय नव्हे#विकिपीडिया म्हणजे ब्लॉग, वेबस्पेस पुरवठादार कंपनी, सोशल नेटवर्क संकेतस्थळ अथवा कुणाचे स्मारक संकेतस्थळ नव्हे|विकिपीडिया म्हणजे ब्लॉग, वेबस्पेस पुरवठादार कंपनी, सोशल नेटवर्क संकेतस्थळ अथवा कुणाचे स्मारक संकेतस्थळ नव्हे]]. सदरील नियम मला जास्त महत्वाचा वाटतो. माझा सारांश - सदस्य विपिवर योगदान देत असल्यास त्याचा हेतू शुद्ध मानल्या जाऊ शकतो. अशा वेळी त्याने सदस्य पानावर माहिती चौकट साचा जोडणे, सुविचार, आपला विपत्र पत्ता देणे, फेसबुक सहित इतर समाज माध्यमांचे दुवे देणे चालू शकते (जसे की तुम्ही म्हणत आहात). परंतु जर तो केवळ सदस्य पानावर वारंवार संपादन करत असेल तर तो हेतू पूर्वक ब्लॉग प्रमाणे विपीचा दुरुपयोग करत असतो. :: ''वि. सु. - सप्टेंबर २०२३ पासून मी सदरील सदस्यांकडे ([[सदस्य:Sohan wankhade]]) दुर्लक्ष केले होते. परंतु तुम्ही आज तब्बल सहा महिन्यांनी अनाकलनीय रित्या त्यांची बाजू मांडत आहात म्हणून आता त्यांच्यावर जास्त लक्ष दिल्या जाईल. कदाचित ते प्रतिबंधित देखील होऊ शकतील. -:[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:३८, १४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०१:०४, १४ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == Translation help == Hi, can you please translate (localize per your wiki) [[सदस्य:CampWiz Bot/wlf.json|these summaries]] in Marathi for the bot? [[सदस्य:Nokib Sarkar|Nokib Sarkar]] ([[सदस्य चर्चा:Nokib Sarkar|चर्चा]]) १२:५४, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :Hi, as per my opinion, most of the part is already translated in Marathi. Translation of the table isn't necessary. @[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] , am I right? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:१९, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) ::Just to confirm, are you talking about the edit summaries listed in [[सदस्य:CampWiz Bot/wlf.json]]? [[सदस्य:Nokib Sarkar|Nokib Sarkar]] ([[सदस्य चर्चा:Nokib Sarkar|चर्चा]]) १८:१८, २२ फेब्रुवारी २०२४ (IST) :::Yes. I am talking about the same. Which part do you want to translate in Marathi? As per my knowledge the table is a software programming language, about which I have no idea. For more kindly get the help from @[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] or @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]], they may help you. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:३७, २३ फेब्रुवारी २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०२:०५, ३० मार्च २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुहानी भटनागर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १६:३०, २ जून २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[पूनम पांडे]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २०:३०, २ जून २०२४ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुहानी भटनागर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = 91 words) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २३:३०, ८ जून २०२४ (IST) == राजगड तालुका मॅप Add करा == https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/9/94/Velhe_tehsil_in_Pune_district.png [[विशेष:योगदान/2401:4900:550F:B8F7:75A6:5EFE:80ED:A4BA|2401:4900:550F:B8F7:75A6:5EFE:80ED:A4BA]] ०९:५१, १७ ऑगस्ट २०२४ (IST) :{{झाले}} - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:५४, १७ ऑगस्ट २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. [[विशेष:योगदान/2401:4900:5195:ABC6:CC09:F959:C113:F5B9|2401:4900:5195:ABC6:CC09:F959:C113:F5B9]] १४:१९, ३१ ऑगस्ट २०२४ (IST) :प्रिय अनामिक सदस्य, प्रथम आपण सनोंद प्रवेश करून येथे चर्चा करावी. आपला ip अंकपत्ता नियमित बदलतो, तसेच सनोंद प्रवेश नसल्यास तुमच्याशी चर्चा करता येत नाही. सबब येथे सनोंद प्रवेश करून चर्चा करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १३:२८, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == [[अनंतराव थोपटे]] [[विशेष:योगदान/2401:4900:36C4:605A:DD7E:3A78:DE79:8176|2401:4900:36C4:605A:DD7E:3A78:DE79:8176]] १३:१६, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) :प्रिय अनामिक सदस्य, प्रथम आपण सनोंद प्रवेश करून येथे चर्चा करावी. आपला ip अंकपत्ता नियमित बदलतो, तसेच सनोंद प्रवेश नसल्यास तुमच्याशी चर्चा करता येत नाही. सबब येथे सनोंद प्रवेश करून चर्चा करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १३:२८, ७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == विनाकारण माहिती आणि संदर्भ खोडल्याबद्दल == हुंडा या लेखात मी काही माहिती जोडली होती. ती माहिती खोडण्याचे काहीही सबब किंवा कारण दिलेले नाही. माहिती चुकीची होती का? याचा खुलासा आपण करावा [[सदस्य:Ranjeetrao.Deshmukh|Ranjeetrao.Deshmukh]] ([[सदस्य चर्चा:Ranjeetrao.Deshmukh|चर्चा]]) २०:५२, १३ सप्टेंबर २०२४ (IST) :# नमस्कार, काहीतरी कारण असेल म्हणून माहिती उडवली असेल ना, मग तिथे विनाकारण हा शब्द योग्य आहे का? असो, विषय बदलायला नको. :#आपण अनेक लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडली आहे. मुळात बशीर मोमीन कवठेकर या एकाच लेखात ती माहिती जोडणे अपेक्षित आहे. वेडात मराठे वीर दौडले सात हा चित्रपट बशीर मोमीन कवठेकर यांच्या कादंबरीवर आधारित आहे सबब, तिथे माहिती जोडणे ठिक आहे. परंतु आपण [[हुंडा]] आणि [[भारतातील हुंडा प्रथा]] या दोन लेखात समान मजकूर जोडलात, हे अयोग्य आहे. हुंडा हा शब्द जिथे जिथे आला तिथे लगेच एकसमान माहिती जोडणे हे अपेक्षित नाही. :#आपण [[भारतातील हुंडा प्रथा]], [[हुंडा]], [[मराठी रंगभूमी]], [[आणीबाणी (भारत)]], [[वेडात मराठे वीर दौडले सात (चित्रपट)]], [[नाटक]], [[बशीर मोमीन (कवठेकर)]], [[इ.स. २०२१]] तसेच [[इ.स. १९४७]] या लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडली आहे. या पैकी [[वेडात मराठे वीर दौडले सात (चित्रपट)]], [[बशीर मोमीन (कवठेकर)]], [[इ.स. २०२१]] तसेच [[इ.स. १९४७]] या लेखात बशीर मोमीन कवठेकर यांची माहिती जोडणे हे योग्य आहे. परंतु बशीर मोमीन कवठेकर यांनी केलेले विविध कार्य प्रत्येक वेगवेगळ्या लेखात जोडण्या ऐवजी बशीर मोमीन कवठेकर या एकाच जोडणे अपेक्षित आहे. तरीही मी केवळ हुंडा आणि भारतातील हुंडा प्रथा या दोन लेखातील माहिती तितकी उडवली आहे. कृपया कवठेकर यांची योग्य ती विश्वकोशीय माहिती आपण त्यांच्या नावातील लेखात जोडताल असे अपेक्षित आहे. :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:५०, १३ सप्टेंबर २०२४ (IST) ::नमस्कार, ::आधी माहिती खोडताना त्याचे कारण दिले नव्हते म्हणूनच विनाकारण म्हटले. एखाद्याला व्याकरण आवडणार नाही, एखाद्याला भाषातले शब्द प्रयोग आवडणार नाहीत ..असं बरच काही असू शकते. त्यामुळे, विशेषता, दुसऱ्याची माहिती जेव्हा आपण खोडतो तेव्हा थोडेसे स्पष्टीकरण देणे उचितच ठरेल. ::वाचक जेव्हा विकिपीडियावर कोणताही विषय वाचतो तर तेव्हा एकसंध आणि परिपूर्ण माहिती तेथे उपलब्ध असेल तर ते वाचकास निश्चितच फायद्याचे ठरते. त्यामुळे असे माहिती किंवा संदर्भ जोडणे यात गैर काही नाही. [[सदस्य:Ranjeetrao.Deshmukh|Ranjeetrao.Deshmukh]] ([[सदस्य चर्चा:Ranjeetrao.Deshmukh|चर्चा]]) २१:१५, १७ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर विधानसभा सदस्य माहितीचौकट add करा. == [[अनंतराव थोपटे]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १४:२३, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) [[अनंतराव थोपटे]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १४:२७, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) :@[[सदस्य:राहुलया|राहुलया]], नमस्कार, अनंतराव थोपटे या लेखात माहिती चौकट जोडली आहे. आपण ती व्यवस्थित भरावी. काही शंका निर्माण झाल्या तर त्या येथे विचाराव्यात. कोणतीही घाई करू नये. तसेच सदरील लेख हा भाषण किंवा व्यक्ती चरित्र लिहल्या सारखा झाला आहे. जमल्यास [[विलासराव देशमुख]] या लेखाचा अभ्यास करून त्या प्रमाणे अनंतराव थोपटे हा लेख लिहावा. भाषा शैली विश्वकोशीय असावी, ललित लिखाण किंवा भाषणा प्रमाणे नसावी. योग्य ते संदर्भ जोडावेत. विशेषणे तसेच स्तुतीसुमने टाळावीत. आणि हो चुका होऊ द्या आपण त्या हळू हळू दुरुस्त करूया.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:१०, १४ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे image upload करणे == <nowiki>https://atcbhor.com/img/founder.jpg</nowiki> [[विशेष:योगदान/2401:4900:5030:448E:4CF9:B046:7915:EB80|2401:4900:5030:448E:4CF9:B046:7915:EB80]] १६:१०, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) == अनंतराव थोपटे विकिपीडियावर image upload करणे == <nowiki>https:[[//atcbhor.com/img/founder.jpg</nowiki>]] [[सदस्य:राहुलया|राहुलया]] ([[सदस्य चर्चा:राहुलया|चर्चा]]) १६:२६, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) :@[[सदस्य:राहुलया|राहुलया]], आपण सनोंद (म्हणजे लाँग इन) करून येथे संपादने करावीत. अन्यथा ना लेख व्यवस्थित होईल ना तुम्हाला मार्गदर्शन करता येईल. यापुढे दक्षता घेणे. आणि हो अकारण चुकीची संपादने चालूच ठेवल्यास कोणताही प्रचालक सदरील लेख कायम उडवेल, सबब सूचनांकडे दुर्लक्ष करू नये. याच बरोबर कोणत्याही संकेतस्थळावरील चित्र येथे जोडता येत नाही. यासाठी विकिमिडियावर ते उपलब्ध असावे लागते, आणि तेही स्वतः काढलेले प्रताधिकार मुक्त (म्हणजे कॉपी राईट फ्री) असावे लागते.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:२६, १५ सप्टेंबर २०२४ (IST) == Join the Wikipedia Asian Month Campaign 2024 == <div lang="en" dir="ltr"> Dear 2022 & 2023 WAM Organizers, Greetings from Wikipedia Asian Month User Group! The [[m:Wikipedia_Asian_Month_2024|Wikipedia Asian Month Campaign 2024]] is just around the corner. We invite you to register your language for the event on the "[[m:Wikipedia_Asian_Month_2024/Join_an_Event|Join an event]]" page and once again become an organizer for your language's Wikipedia. Additionally, this year we have selected [[m:Wikipedia_Asian_Month_User_Group/Ambassadors|ambassadors]] for various regions in Asia. If you encounter any issues and need support, feel free to reach out to the ambassador responsible for your area or contact me for further communication. We look forward to seeing you again this year. Thank you! [[File:Wikipedia Asian Month Logo.svg|thumb|100px|right]] [[m:User:Betty2407|Betty2407]] ([[m:User talk:Betty2407|talk]]) 11:00, 20 October 2024 (UTC) on behalf of [[m:Wikipedia_Asian_Month_2024/Team|Wikipedia Asian Month 2024 Team]] <small>You received this message because you was an organizer in the previous campaigns. - [[m:User:Betty2407/WAMMassMessagelist|Unsubscribe]]</small> </div> <!-- सदस्य:Betty2407@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Betty2407/WAMMassMessagelist&oldid=27632678 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Invitation to Participate in the Wikimedia SAARC Conference Community Engagement Survey == Dear Community Members, I hope this message finds you well. Please excuse the use of English; we encourage translations into your local languages to ensure inclusivity. We are conducting a Community Engagement Survey to assess the sentiments, needs, and interests of South Asian Wikimedia communities in organizing the inaugural Wikimedia SAARC Regional Conference, proposed to be held in Kathmandu, Nepal. This initiative aims to bring together participants from eight nations to collaborate towards shared goals. Your insights will play a vital role in shaping the event's focus, identifying priorities, and guiding the strategic planning for this landmark conference. Survey Link: https://forms.gle/en8qSuCvaSxQVD7K6 We kindly request you to dedicate a few moments to complete the survey. Your feedback will significantly contribute to ensuring this conference addresses the community's needs and aspirations. Deadline to Submit the Survey: 20 January 2025 Your participation is crucial in shaping the future of the Wikimedia SAARC community and fostering regional collaboration. Thank you for your time and valuable input. Warm regards,<br> [[:m:User:Biplab Anand|Biplab Anand]] <!-- सदस्य:Biplab Anand@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Biplab_Anand/lists&oldid=28078122 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a medical contributors! == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> {| style="background-color: #fdffe7; border: 1px solid #fceb92;" |rowspan="2" style="vertical-align: middle; padding: 5px;" | [[File:Wiki Project Med Foundation logo.svg|130px]] |style="font-size: x-large; padding: 3px 3px 0 3px; height: 1.5em;" |'''The 2024 Cure Award''' |- | style="vertical-align: middle; padding: 3px;" |In 2024 you '''[[mdwiki:WikiProjectMed:WikiProject_Medicine/Stats/Top_medical_editors_2024_(all)|were one of the top medical editors in your language]]'''. Thank you from [[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med]] for helping bring free, complete, accurate, up-to-date health information to the public. We really appreciate you and the vital work you do! Wiki Project Med Foundation is a [[meta:Wikimedia_thematic_organizations|thematic organization]] whose mission is to improve our health content. '''[[meta:Wiki_Project_Med#People_interested|Consider joining for 2025]]''', there are no associated costs. Additionally one of our primary efforts revolves around translating health content. We invite you to '''[https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/index.php try our new workflow]''' if you have not already. Our dashboard automatically [https://mdwiki.toolforge.org/Translation_Dashboard/leaderboard.php collects statistics] of your efforts and we are working on [https://mdwiki.toolforge.org/fixwikirefs.php tools to automatically improve formating]. |} Thanks again :-) -- [[mdwiki:User:Doc_James|<span style="color:#0000f1">'''Doc James'''</span>]] along with the rest of the team at '''[[m:WikiProject_Med|Wiki Project Med Foundation]]''' ११:५४, २६ जानेवारी २०२५ (IST) </div> <!-- सदस्य:Doc James@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/Top_Other_Language_Editors_2024&oldid=28172893 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == मार्गदर्शन हवे == ०१) मजकूर लिहून तो publish करत असताना, मराठी अनिवार्यता असा संदेश येत आहे. तो का? ते कळत नाहीये. कारण मजकूर मराठीमध्येच लिहीत आहे. तसा संदेश आल्यावर काय करावे? ०२) एखादा ब्लॉग official असेल तरीही त्याचा संदर्भ दिलेला चालत नाही का? (तेव्हाही 'मराठी अनिवार्यता' असा संदेश येत आहे. आणि मग dismiss करावे लागत आहे.) तुमच्या admin ला कळवा असे त्यात नमूद केले आहे. ते कोणाला व कसे कळवायचे हे कळत नाहीये. कृपया मार्गदर्शन करावे, ही विनंती. धन्यवाद! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १५:२५, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) :सदरील अडचण [[ज्युडिथ टायबर्ग]] साठीची आहे का? मजकूर जोडताना त्यात संदर्भ नीट जोडला होता का? कदाचित त्यात काही गल्लत झाली असेल. मराठी विकिवर ब्लॉग आणि यूट्यूब वरील विशिष्ट लिंक पोस्ट होत नाहीत. जर ब्लॉग जोडायचा असेल तर माहिती चौकट किंवा बाह्य दुवे मध्ये जोडला जाऊ शकतो, इतरत्र नाही.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:००, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::ता.क. तुम्ही संपादन करत असताना जुडिथ, थिओसिफिकल तसेच असे काही शब्द संपादन गाळणीने नेपाळी किंवा इतर भाषिक म्हणून ओळखल्या. याच सोबत वर्डप्रेसचा दुवा स्व प्रकाशित ब्लॉग म्हणून ओळखला. यावर उपाय म्हणजे इंग्रजी शब्द मराठी अक्षरात लिहिताना थोडे बहुत बदल करून लिहिणे. तसेच वर्डप्रेस किंवा इतर तत्सम दुवे जोडणे टाळावेत. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १६:१०, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::०१) हो, त्याच लेखाबाबत ही अडचण येत आहे. संदर्भ म्हणून ब्लॉग जोडायचा असेल तर कसे करावे? ::०२) <u>काही शब्द संपादन गाळणीने नेपाळी किंवा इतर भाषिक म्हणून ओळखल्या.</u> - मी काम तसेच पुढे चालू ठेवू ना? काही अडचण नाही ना? ::०३) <u>तसेच वर्डप्रेस किंवा इतर तत्सम दुवे जोडणे टाळावेत....</u> ते संदर्भ वगळता येण्यासारखे नाहीयेत. कारण त्यावरच अधिक authentic data उपलब्ध आहे. काय करावे? ::धन्यवाद! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २०:५८, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) :::इतर भाषिक शब्द म्हणून जरी सूचना आली तरीही आपण काम चालू ठेवावे. काही हरकत नाही. वर्डप्रेस, समाज माध्यमे (सोशल मीडिया) आणि इतर सर्व अनुदिनी (ब्लॉग) संदर्भ म्हणून अजिबात जोडू नका. संदर्भ लगेच नाही मिळाला तरी चालेल.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:१५, ६ फेब्रुवारी २०२५ (IST) ::::ठीक. धन्यवाद!! [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १०:३९, ७ फेब्रुवारी २०२५ (IST) == Khadaan (Marathi translation) == @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]], I was editing the Marathi version of the article Khadaan [https://mr.wikipedia.org/wiki/Special:ContentTranslation?title=Special:ContentTranslation&campaign=contributions-page&from=en&to=mr&page=Khadaan&targettitle=%E0%A4%96%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8&revision=1275487694 <nowiki>[1]</nowiki>]. I shall be greatly obliged if you see the technical faults here and publish it. Thank you [[सदस्य:Chachajaan|Chachajaan]] ([[सदस्य चर्चा:Chachajaan|चर्चा]]) १९:०५, १३ फेब्रुवारी २०२५ (IST) == टूल == कॉपी आहे कि नाही चेक करण्यासाठी Tool असेल तर लिंक द्या सर [[सदस्य:AShiv1212|AShiv1212]] ([[सदस्य चर्चा:AShiv1212|चर्चा]]) १७:१४, ४ मार्च २०२५ (IST) :https://copyvios.toolforge.org/?lang=mr :फक्त एवढी काळजी घेणे की विकिपीडियावरून इतरत्र देखील मजकूर कॉपी पेस्ट केलेला असू शकतो. त्यामुळे इतर संकेतस्थळावरून विपी वर आलाय का विपी वरून इतरत्र गेलाय, याचा निर्णय विचार करून घ्यावा.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:५३, ४ मार्च २०२५ (IST) == नारी शक्ती पुरस्कार विजेते == नमस्कार, तुम्ही नारी शक्ती पुरस्कार विजेत्यांवरील लेख तयार करीत असलेले पाहून आनंद झाला. या प्रत्येक विजेत्या आपल्या समाजासाठी उदाहरण आहेत. त्यांच्यावर लेखांद्वारे प्रकाशझोत घातल्याबद्दल धन्यवाद. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ००:०१, १५ मार्च २०२५ (IST) :धन्यवाद सर.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:५५, १५ मार्च २०२५ (IST) == Files without a license == Hi! It seems that you are the only one that is deleting files without a license. You may have told me earlier but what is the reason that you (or someone else) does not delete all of the files in one massdelete? If it is because of the flooding of recent changes then [[:m:Meta:Flood flag]] could be a solution. Or is the reason that you are doing some checks of the files before you delete them? [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:१५, १६ मार्च २०२५ (IST) :Hi, my english is not so fair. So kindly ignore my mistakes. :# I have no bot as well don't know how to use it. :# there may be flooding of in recent changes. :# And yes I check properly every file before deleting it. ::That's why it takes more time. :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:५४, १६ मार्च २०२५ (IST) :: Thank you! Your English is good enough for me. I'm not a native English speaker either :-) And even if I was I would not care about any errors. :: You do not need a bot to delete files faster. You can use a script (see tip at [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]). But you would still flood recent changes unless you get flood flags implemented here. :: Checking files manually takes a lot of time. Too bad the other admins does not help you. Have you found any errors so far? If there are any known types of errors I might be able to have my bot remove the deletion template from similar files. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ००:१२, १७ मार्च २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:MGA73|MGA73]] thanks for your valuable suggestion. Still now there are two problems. :::# it's flooding in recent changes. :::# as an admin, I am checking each and every file before deleting. ::::So, still it will take some time from my side. Once again thanks for your support.- :::[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १४:०३, १७ मार्च २०२५ (IST) ::::As long as more files are fixed/deleted than new files are uploaded it is good :-) I will try to move more files to Commons ([[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons ]] / [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]). --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १५:१५, १७ मार्च २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[शकुंतला मजुमदार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १४:३४, २६ मार्च २०२५ (IST) == विकीडाटा कलम दुरुस्ती == कृपया, खालील पानांची विकीडाटा कलमे दुरुस्त करावीत. # [[:वर्ग:गुजरात विधानसभा]] # [[:वर्ग:महाराष्ट्र विधानसभा]] # [[:वर्ग:महाराष्ट्र विधानसभा निवडणुका]] # [[:वर्ग:दिल्ली विधानसभा निवडणुका]] # [[:वर्ग:बिहार विधानसभा निवडणुका]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:१७, २६ एप्रिल २०२५ (IST) :{{Done}} --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १३:२४, २६ एप्रिल २०२५ (IST) ::# [[:वर्ग:२००२ राष्ट्रकुल खेळ]] ::# [[:वर्ग:२०१० राष्ट्रकुल खेळ]] ::# [[:वर्ग:उल्हासनगर]] ::# [[:वर्ग:कंदहार]] ::# [[:वर्ग:बीजिंग]] ::# [[:वर्ग:क्वांगचौ]] ::# [[:वर्ग:मस्कत]] ::# [[:वर्ग:जेरुसलेम]] ::# [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:इराणमधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:झांबियामधील शहरे]] ::# [[:वर्ग:सीरियामधील शहरे]] ::[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १०:००, २ मे २०२५ (IST) :::{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:४१, ३ मे २०२५ (IST) ::::फक्त [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] साठी अचूक वर्ग सापडला नाही. कदाचित [[:en:category:Municipalities of Iceland|Municipalities of Iceland]] असावा. @[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] नक्की सांगाल का. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ११:४६, ३ मे २०२५ (IST) ::::: [[:वर्ग:आइसलँडमधील शहरे]] मी दुरुस्त केले आहे, फक्त [[:वर्ग:इराणमधील शहरे]] चुकीच्या पानाशी जोडले आहे. [[:en:category:Cities in Iran]] हे योग्य पान आहे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १२:१०, ३ मे २०२५ (IST) {{साद|संतोष गोरे}} # [[:वर्ग:सुदानमधील शहरे]] # [[:वर्ग:कोसोव्होमधील शहरे]] # [[:वर्ग:कँडी]] # [[:वर्ग:मेरठ]] # [[:वर्ग:हंपी]] # [[:वर्ग:आग्रा]] # [[:वर्ग:जोरहाट]] # [[:वर्ग:बंगळूर]] # [[:वर्ग:जाफना]] # [[:वर्ग:गुवाहाटी]] # [[:वर्ग:प्रयागराज]] # [[:वर्ग:विजयवाडा]] # [[:वर्ग:बेळगांव]] # [[:वर्ग:गुलबर्गा]] # [[:वर्ग:अलीगढ]] # [[:वर्ग:फैजाबाद]] # [[:वर्ग:तुलूझ]] # [[:वर्ग:नीस]] # [[:वर्ग:बोर्दू]] # [[:वर्ग:लेंस]] # [[:वर्ग:कराची]] # [[:वर्ग:नेपियर]] # [[:वर्ग:वेलिंग्टन]] # [[:वर्ग:विशाखापट्टणम]] # [[:वर्ग:मोरोक्कोमधील शहरे]] # [[:वर्ग:पनामामधील शहरे]] # [[:वर्ग:गोवा राज्यातील शहरे व गावे]] # [[:वर्ग:अरुणाचल प्रदेशमधील शहरे]] # [[शहाड]] # [[टिटवाळा]] # [[आसनगाव बुद्रुक]] # [[आसनगाव (डहाणू)]] # [[पळसदरी]] [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) २३:०६, ४ मे २०२५ (IST) :{{झाले}}- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:०९, ११ मे २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[शकुंतला मजुमदार]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुकरी बोम्मागौडा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ०६:३१, २९ एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सुकरी बोम्मागौडा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[बीना शेठ लष्करी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वर्तिका नंदा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सीमा साखरे]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नसीरा अख्तर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुमिता घोष]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनुराधा नाईक]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अमृता पाटील]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १३:३०, २९ एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[लॉरेन पॉवेल जॉब्स]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[ए. सीमा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कलावती देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[दर्शना गुप्ता]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सोनिया जब्बार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुनीता देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिझो हमेईछे इन्सुइहखावम पॉल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अंबिका बेरी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) ११:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[मिनी वासुदेवन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[दिदी कॉन्ट्रॅक्टर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मुमताज काझी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[नंदिता शाह]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सुभा वारियर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मोनिका]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[निकिता ठुकराल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्नेहलता नाथ]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[बीना देवी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[चामी मुर्मू]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[लतिका ठुकराल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[प्रियंवदा सिंग]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[पुष्पा गिरिमाजी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[निल्झा वांगमो]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[कमल कुंभार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मीरा ठाकूर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मधु जैन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सीमा मेहता]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[बानो हरालू]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[दीपिका कुंडजी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[वनस्त्री]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[लक्ष्मी गौतम]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[सुपर्णा बक्षी गांगुली]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[नंदिता कृष्णा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[रेवण्णा उमादेवी नागराज]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्मिता तंडी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[मालविका अय्यर]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[साईलक्ष्मी बालीजेपल्ली]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली) * [[स्वराज विद्वान]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनोयारा खातून]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[पी. कौसल्या]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नेहा किरपाल]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १६:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) :@[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]] नमस्कार, [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५ |स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] प्रकल्पात मी जे लेख लिहिलेत ते [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५#नियम|नियमांना]] अनुसरून आहेत असे मला वाटते. कृपया पहिला नियम पाहावा, त्यानुसार 'लेख विस्तारित किंवा नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द असणे आवश्यक आहे.' यानुसार माझे सर्व लेख आहेत. परंतु आपण काही लेख रिजेक्ट केले आहेत अशी सूचना दिसून येत आहे. खुलासा कराल का..? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १८:०१, ३० एप्रिल २०२५ (IST) ::नमस्कार, मी वापरत असलेल्या [https://tools.wikilovesfolklore.org/campwiz/campaign/110 या] टूलमध्ये लेखात नव्याने जोडलेली शब्दसंख्या ३०० पेक्षा कमी दाखवत आहे (नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द). या कारणाने काही लेख नामंजूर केले आहेत, तथापि हा निकाल अंतिम समजू नये. टूल मधील त्रुटी शोधून लेखांना पुन्हा तपासले जाईल. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १८:२७, ३० एप्रिल २०२५ (IST) सादर केलेल्या काही लेखांची एकूण शब्दसंख्या (संदर्भातील शब्द वगळून) 300 पेक्षा कमी आढळून येत आहे. आणि असे लेख नामंजूर करण्यात आले आहेत. तथापि, माझ्याकडून मोबाईलवर संपादन करताना काही लेखांवर "300 पेक्षा कमी शब्द असल्याची टीप" टाकली गेली, प्रत्यक्षात ते 300 पेक्षा जास्त शब्दांचे व '''मंजूरही''' झालेले लेख आहेत. अनावश्यक ठिकाणी असलेली ती टीप काढून टाकली जाईल. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> २१:११, ३० एप्रिल २०२५ (IST) :'नवीन लेखात किमान ३,००० बाइट्स किंवा ३०० शब्द असणे आवश्यक आहे.' या नियमानुसार शब्द संख्या जरी ३०० भरली नाही तरी बाईट्स च्या नियमात सर्व लेख बसतात असे मला वाटते.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:५२, ३० एप्रिल २०२५ (IST) ::ठीक. मी लवकरच सर्व लेखांची पुनर्तपासनी करेन. --[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> ११:०७, ३ मे २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] Don't worry where the स्थिती = approved and note = ३०० पेक्षा कमी शब्दांची भर घातली. That is a system bug I feel because I am also facing the same. I will ask developer to fix it soon. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १९:०९, ३ मे २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[सौरभ सुमन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = rejected; नोट = लेखाची शब्दसंख्या २६८ आहे) * [[बसंती देवी (पर्यावरणतज्ज्ञ)]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[उत्तरा पडवार]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मीना शर्मा]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वासु प्रिमलानी]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कृष्णा यादव]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[छांव फाउंडेशन]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[साधना महिला संघ]] → (Sandesh9822 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) २१:३०, ३० एप्रिल २०२५ (IST) == तुमच्या काही लेखांचे मूल्यमापन झाले == शेवटच्या अपडेटपासून काही नवीन सबमिशनचे मूल्यांकन केले गेले: * [[बीना शेठ लष्करी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[वर्तिका नंदा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सीमा साखरे]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[नसीरा अख्तर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुमिता घोष]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अनुराधा नाईक]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अमृता पाटील]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[लॉरेन पॉवेल जॉब्स]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[ए. सीमा]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[कलावती देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[दर्शना गुप्ता]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सोनिया जब्बार]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[सुनीता देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिझो हमेईछे इन्सुइहखावम पॉल]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[अंबिका बेरी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = ) * [[मिनी वासुदेवन]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[दिदी कॉन्ट्रॅक्टर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[मुमताज काझी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[नंदिता शाह]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[सुभा वारियर]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[मोनिका]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[निकिता ठुकराल]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[स्नेहलता नाथ]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) * [[बीना देवी]] → (Tiven2240 द्वारे मूल्यमापन; स्थिती = approved; नोट = मोहिमेच्या व्याप्तीत नाही.) कृपया लक्षात घ्या की, हे कॅम्पविझ बॉट कडून निवडलेले वैशिष्ट्य होते. - [[सदस्य:CampWiz Bot|CampWiz Bot]] ([[सदस्य चर्चा:CampWiz Bot|चर्चा]]) १९:३०, ३ मे २०२५ (IST) == [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote]] == I see that you use the script to mass delete. That makes things easier :-) One of the users with many uploads is [[User:Archanapote]]. I have asked user to add a license because user was active. But I asked in English. If Archanapote confirm to be the photographer and confirm a license I can fix the files with my bot. Same if any other users are active. If you ask any users in local language and get a reply just let me know. [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १९:४२, ८ मे २०२५ (IST) :{{झाले}}- sent her a message. Let's see what happens.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:५६, ८ मे २०२५ (IST) And now that you use "Files uploaded by ..." to delete files I have started removing those categories from all files with a license template. That should make it easier. I can also add a non-free template to logos. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:४५, १० मे २०२५ (IST) Removed... * Except [[:वर्ग:Files uploaded by Rahuldeshmukh101]] that seems to be active. So Rahuldeshmukh101 should be able to add a license. * Except [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote - cc]] that are all licensed Creative Commons but Archanapote could perhaps check the files. Perhaps you can leave a note to Rahuldeshmukh101 and skip those categories for now. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:०३, १० मे २०२५ (IST) :Thanks for your help. I need ''category:Files uploaded by...'' so that I can check and delete those files using the script to mass delete. And yes, it will be better if you make 50 to 100 files in each category.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:२२, १० मे २०२५ (IST) :: Okay. I will add a license to a number of logos first and then I can split up the files in smaller categories. Perhaps you can start with [[:वर्ग:Files uploaded by Kaustubh]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:३३, १० मे २०२५ (IST) Hi! Do you mean like with [[:वर्ग:Files uploaded by Bantee]] where I put files in smaller sub categories? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ००:१८, १४ मे २०२५ (IST) :Thanks, it will save my time and speed up the deletion.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०७:०८, १४ मे २०२५ (IST) ::Okay I will make more categories like this soon. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १२:१७, १४ मे २०२५ (IST) The files I nominated for deletion are in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]] and I have only marked files that was unused when I marked them. The Files in "Files uploaded by..." also included files with a license but I removed them from the categories as written above. But I came to think that some files in "Files uploaded by..." may be in use. So my question is if you would like only to delete unused files or if you delete all unlicensed files? Since uploaders had months and years to add a license I doubt they will add one so the files should in my opinion be deleted even if in use. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:३०, १६ मे २०२५ (IST) :At presentI am deleting unused files, that's why I am spending more time to check every nominated file. I have no idea what to do with unlicensed used files. We will discuss it later after the deletion of unlicensed unused files. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १९:५३, १६ मे २०२५ (IST) :: In that case I will move all the unused files in subcategories of "Files uploaded by..." and leave the files in use in the top category. Then it will be easier for you to see which files are in use. :: Unlicensed files is a violation of [[:wmf:Resolution:Licensing_policy]] so they should be deleted too even if they are in use. So they have to be deleted at some point too. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:०६, १६ मे २०२५ (IST) Perhaps you could have a look at the files in [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १८:४६, २२ मे २०२५ (IST) :Those files are may be moved on commons. What to do? Do we have to delete them from mrwiki..? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:४३, २२ मे २०२५ (IST) :Just finished deleting category :Files uploaded by Maihudon. I think that this category includes files use on are.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:४४, २२ मे २०२५ (IST) ::It is much easier to clean up if we delete files locally that are also on Commons. About the files in use they should be in the top category and the unused in the sub categories. The category you mention is empty? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २२:५९, २२ मे २०२५ (IST) :::Emptied [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:०९, २४ मे २०२५ (IST) ::::Even [[:वर्ग:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] too cleared.- [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:२४, २४ मे २०२५ (IST) :::::Great! I added some more photos to the two categories. And I noticed that some photos were uploaded by Archanapote here and a few days later by Cherishsantosh. I do not know if it is the same user or what happend. I left a message at [[सदस्य_चर्चा:Archanapote#License,_source_and_author_on_your_uploads]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:५२, २४ मे २०२५ (IST) ::::::I marked the rest of the files to day and replaced the usage. So [[:वर्ग:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] should be ready to empty one last time. After that I will wait for the deletion of the files allready marked for deletion. When they are done we can figure out what to check next. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २३:२८, २५ मे २०२५ (IST) Hello! Great work deleting files!!! I have now marked more unused and unlicensed files for deletion. I stopped again because I noticed that the bot flag seems to be expired. The files are in sub categories of [[:वर्ग:Files not in use]] and [[:वर्ग:Files uploaded by Archanapote]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:२६, २६ जून २०२५ (IST) :I think [[:वर्ग:Files not in use - delete]] is having movie poster with valid license, like [[:चित्र:Adgul Madgul 01.jpeg]]. Is it so?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०६:४२, १४ जुलै २०२५ (IST) :: Yes the license seems valid enough. But the file is not in use. And non-free files are only allowed if they are in use. If the file was removed from an article by a mistake it can be added again. But if it file is no longer needed it should be deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:१७, १४ जुलै २०२५ (IST) :::Recently I have removed ''Category:Files not in use - delete'' from three files, as those are in use, please check. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २१:१८, १५ जुलै २०२५ (IST) :::: It is good that you check. I had a look at the three files and the files were added to an article after I nominated them for deletion. For example [[Special:Diff/2589153]]. So someone is checking the files that I nominate for deletion. If we could get that user to check the files before they are nominated for deletion it would be good. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २१:२८, १५ जुलै २०२५ (IST) ::::: I am now adding the files to [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]]. Maybe that will make our secret helper work on the files. I suggest not to delete the files now but wait a few weeks. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:३३, १६ जुलै २०२५ (IST) ::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] could you help to add files in respective pages please? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १७:३८, १६ जुलै २०२५ (IST) :::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] मधील चित्रे योग्य त्या चित्रपटाच्या लेखात जोडता का, जेणेकरून ही चित्रे मराठी विकिपीडियावर तशीच ठेवता येतील.--[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १५:५९, १९ जुलै २०२५ (IST) ::::::::{{साद|संतोष गोरे}} हो जमेल तेवढे करतो नक्की. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १६:२४, १९ जुलै २०२५ (IST) :::::::::सौम्य स्मरण. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ११:०७, २२ जुलै २०२५ (IST) ::::::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]], केले का काम? - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०६:२४, २८ जुलै २०२५ (IST) :::::::::::{{साद|संतोष गोरे}} बहुतांशी सर्व छायाचित्रे योग्य त्या पानांवर जोडली आहेत, धन्यवाद. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १३:२८, २ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::::::::::::@[[सदस्य:MGA73|MGA73]] kindly check [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] as now most of the files are added in respective pages. Remaining should be now deleted. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १४:४३, २ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::::::::::::@[[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] and [[User:संतोष गोरे]]. I have now removed the files that are in use. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २३:५६, ३ ऑगस्ट २०२५ (IST) I have added f:iles to [[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]]. Mane are taken from the Internet. They are all unused so I suggest to delete them. Should I add the same deletion tag as on the other files? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ०१:५७, १६ जुलै २०२५ (IST) :[[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]] isn't available. Kindly add [[: वर्ग:files not in use - delete]]. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०८:०६, ४ ऑगस्ट २०२५ (IST) ::Tiven2240 deleted the files so nothing left to do with those files :-) --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) ११:१५, ४ ऑगस्ट २०२५ (IST) == 1,000 == I noticed we are getting closed to 1,000 in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]. Next time you delete the number should get below that number! I hope you have a beer ready or maybe Solkadhi? --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:१९, ३० मे २०२५ (IST) == Feminism and Folklore 2025 - Local prize winners == [[File:Feminism and Folklore 2025 logo.svg|centre|550px|frameless]] ::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''{{int:please-translate}}'' Dear Wikimedian, Congratulations on your outstanding achievement in winning a local prize in the '''Feminism and Folklore 2025''' writing competition! We truly appreciate your dedication and the valuable contribution you’ve made in documenting local folk culture and highlighting women’s representation on your local Wikipedia. To claim your prize, please complete the [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdONlpmv1iTrvXnXbHPlfFzUcuF71obJKtPGkycgjGObQ4ShA/viewform?usp=dialog prize form] by July 5th, 2025. Kindly note that after this date, the form will be closed and submissions will no longer be accepted. Please also note that all prizes will be awarded in the form of [https://www.tremendous.com/ Tremendous Vouchers] only. If you have any questions or need assistance, feel free to contact us via your talk page or email. We're happy to help. Warm regards, [[:m:Feminism and Folklore 2025|FNF 2025 International Team]] ::::Stay connected [[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]&nbsp; [[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]] </div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १५:५०, २१ जून २०२५ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf25&oldid=28891702 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पारितोषिक क्रमांकाबाबत == नमस्कार, मला स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य यामध्ये पारितोषिक मिळाले असून त्यासाठी फॉर्म भरण्यास सांगण्यात आले आहे. त्यामध्ये एक प्रश्न - तुम्हाला कितव्या क्रमांकाचे पारितोषिक आहे असा आहे. पण मला अजून तशी कोणतीही मेल किंवा संदेश मिळालेला नाही. त्यामुळे फॉर्म भरण्यात अडचण आहे. मला ते कसे कळेल, कृपया सांगू शकाल का? धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) २२:२१, २१ जून २०२५ (IST) :@[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] तसेच @[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]], नमस्कार, अजून विजेत्यांना कोणत्याही प्रकारचा संदेश देण्यात आलेला नाही. सबब वरील प्रश्न अनुत्तरित राहतोय. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २३:००, २१ जून २०२५ (IST) ::Please check [https://meta.wikimedia.org/wiki/Feminism_and_Folklore_2025/Results#Marathi_Wikipedia] [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) ०८:१५, २२ जून २०२५ (IST) :::@[[सदस्य:Dharmadhyaksha|Dharmadhyaksha]], @[[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] आणि @[[सदस्य:Vikrantkorde|Vikrantkorde]], [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] प्रकल्पाचा वरील प्रमाणे निकाल जाहीर करण्यात आला आहे. कृपया नोंद घ्यावी.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) ०८:३१, २२ जून २०२५ (IST) ::::[[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२५]] या पानावर देखील सदस्यांची नावे नमूद केली आहेत.--[[User:Sandesh9822|'''<span style="background color: black; color: orange">संदेश</span><span style="color: blue"> हिवाळे</span>'''<span style="color: green"></span>]]<sup>[[User talk:Sandesh9822|<span style="color: maroon">चर्चा</span>]]</sup> १२:०१, २२ जून २०२५ (IST) ::::माहितीसाठी धन्यवाद. फॉर्ममध्ये तृतीय क्रमांकाच्या पारितोषिकाचा पर्याय दिलेला नाही. काय करावे? कृपया मार्गदर्शन कराल का? [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १८:३२, २२ जून २०२५ (IST) :::::@[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]], @[[सदस्य:Sandesh9822|Sandesh9822]] यांचे तिसरे बक्षीस आहे की उत्तेजनार्थ? कारण तिसऱ्या बक्षिसाचा पर्याय येत नाहीये. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २०:३१, २२ जून २०२५ (IST) ::::::Third prize (best article) is given to @[[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]]. Sorry to type in english. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) ०९:१२, २३ जून २०२५ (IST) :::::::धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) ११:५२, २३ जून २०२५ (IST) :::::::नमस्कार, आपले उत्तर मिळाल्यानंतर विकिपीडियाकडून आलेला फॉर्म लगेच भरून पाठविला होता. पण त्यांच्याकडून अद्यापि काहीही उत्तर आलेले नाही. उत्तर अजून येणे अपेक्षित आहे की माझ्याकडून काही राहून गेले ते समजले नाही, म्हणून येथे विचारत आहे. तसदीबद्दल दिलगीर आहे. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १२:३५, १३ जुलै २०२५ (IST) ::::::::वेळ लागतो, बहुतेक एक भेट कार्ड (गिफ्ट व्हाउचर) येते. ज्याद्वारे आपण ऑनलाईन वस्तू खरेदी करणे किंवा बिल भरणा इत्यादी करू शकतो. ईमेल आल्यावर नक्की कळेल.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) १२:४०, १३ जुलै २०२५ (IST) :::::::::ठीक. धन्यवाद. [[सदस्य:Ketaki Modak|Ketaki Modak]] ([[सदस्य चर्चा:Ketaki Modak|चर्चा]]) १८:३२, १३ जुलै २०२५ (IST) == Update on files == Hi! I think it might be easier with a new section with status on the cleanup. Files in the categories can be deleted because they are moved to Commons: # [[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons ]] # [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] I have added files from two users to categorie: # [[:वर्ग:Files uploaded by Anna4u]] # [[:वर्ग:Files uploaded by Shreemarkal]] Many are taken from the Internet. They are all unused so I suggest to delete them. Should I add the same deletion tag as on the other files (so they end up in [[:वर्ग:उल्लेखनीयता रद्दीकरण]])? The unused non-free files have all been added to: # [[:वर्ग:All orphaned non-free use Wikipedia files]] Hopefully someone will help check and add to articles. If not they should be deleted later. These files have no license: # [[:वर्ग:Files with no license]] There are only three options: 1) Add a free license (PD-old for example or if uploader is active and respond), 2) Add a non-free rationale/license or 3) Delete the files. The free files can be moved to Commons if the license claim seems legit and the file seems usable. I have added them to: # [[:वर्ग:Unidentified subjects in India]] That will make sure the files end in a category related to India if moved to Commons. I have some scripts in [[सदस्य:MGA73/common.js]] that might be useful. [[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:५२, १७ जुलै २०२५ (IST) :Put your queries about files which are seemed to be downloaded from internet or having some issues on [[विकिपीडिया:चावडी/इतर चर्चा]]. Lets etsuggestions from other admins. Tagg other admins from the list [[विकिपीडिया:प्रचालकांची यादी#विद्यमान प्रचालक|विद्यमान प्रचालक]]. This will be better.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:१६, १७ जुलै २०२५ (IST) :Files in the categories has be deleted. :# [[:Category:All Wikipedia files with a different name on Wikimedia Commons]] :# [[:Category:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]] :[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> 💬</span>]] ) २२:२१, १७ जुलै २०२५ (IST) :: Thank you. I moved more files to Commons so there are more to delete :-) --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:१०, १८ जुलै २०२५ (IST) Hello again! I moved a few more to Commons (mostly different name). Perhaps you can delete them? Most of the remaining free files have no description and I think the best is to add a description before files are moved to Commons. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १४:२७, २० जुलै २०२५ (IST) :I just found out that some files were never updated correctly by the wiki-software when I nominated them for deletion so they did not show up in the deletion category. I forced an update of the pages so now they show up. I also found a number of file pages with test but without a file or the file was on Commons. So there are a number of files/pages in [[:वर्ग:लवकर वगळावे विनंत्या]]. Also there are a few NowCommons again. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:३८, २५ जुलै २०२५ (IST) ::I think that you have aaded Delete template, due to which it was not showing delete request in [[:वर्ग: उल्लेखनीयता रद्दीकरण]]. Most of delete template include [[:वर्ग:लवकर वगळावे विनंत्या]]. So the files nominated for deletion could be seen here. Also you should have to add [[: वर्ग:Files not in use - delete]] for my convenience. Let it, I will definitely delete the nominated files as per my convenience. -[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १६:०३, २५ जुलै २०२५ (IST) :::I have added [[:वर्ग:Files not in use - delete]] on most of the files. The files that are on Commons but have a local description page are in use but should be deleted because the file is on Commons. I think it will be easier for you if we do not put them in the same category. We can add the other file pages to a category later. I could also add the NowCommons template instead if that makes it easier. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:४३, २५ जुलै २०२५ (IST) ::::LOL you are fast! --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:४४, २५ जुलै २०२५ (IST) :::::I added the remaining files / file pages to [[:वर्ग:Files to delete]]. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १६:५२, २५ जुलै २०२५ (IST) :::::thanks, but actually I am just helping you, while you are doing hard work.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १७:०३, २५ जुलै २०२५ (IST) Also perhaps you can add a license to: * [[:File:Wiki.png]] * [[:File:WikiLogo.PNG]] The files are protected so I can't add a license. For example {{tl|Cc-by-sa-3.0}}. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १७:०२, २५ जुलै २०२५ (IST) :Should I have to add template {{t|Cc-by-sa-3.0}} to above two files? [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०६:२२, २८ जुलै २०२५ (IST) ::Yes please. The second file is also on Commons as [[:c:File:Wikipedia-logo-mr.png]] so it could also be replaced and deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १२:२९, २८ जुलै २०२५ (IST) :::It means there is no of [[:चित्र:WikiLogo.PNG]], which is already available on commons. Should I delete it?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १३:१४, २८ जुलै २०२५ (IST) ::::Yes you can delete it. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) १३:३२, २८ जुलै २०२५ (IST) :::::{{झाले}} [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">संतोष गोरे</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १६:१३, २८ जुलै २०२५ (IST) Hello! I added one file to [[:वर्ग:All Wikipedia files with the same name on Wikimedia Commons]]. If there are no response to [[विकिपीडिया:आंतरविकि_दूतावास#Status_in_cleanup_of_files_per_August_2025]] next step could perhaps be that I oprhan files from [[:वर्ग:Files with no license]] so they can be deleted. --[[सदस्य:MGA73|MGA73]] ([[सदस्य चर्चा:MGA73|चर्चा]]) २०:१७, २१ ऑगस्ट २०२५ (IST) == स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६ == [[File:FNF 2026 Mr logo.png|right|400px|frameless]] प्रिय विकिसदस्य, '''[[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]]''' ही विकीमेडियन्स द्वारा स्थापन केलेली एक वार्षिक स्पर्धा आहे. [[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|विकी लव्हस फॉल्कलोर]]ची थीम लिंगभेद कमी करणे आणि लोकांवर लक्ष केंद्रित करणे यावर आधारित आहे. अनेक आशियाई व भारतीय विकिपीडिया समुदायांनी यात भाग घेतला आहे आणि आमची अशी इच्छा आहे की आपण मराठी विकिपीडियावर आपले योगदान द्यावे. योगदानाचा मुख्य हेतू लिंग अंतर कमी करण्यात थेट प्रभाव पाडेल. ही स्पर्धा १ फेब्रुवारी २०२६ रोजी सुरू होऊन ३१ मार्च २०२६ रोजी समाप्त होईल. स्पर्धेतील विजेत्याला तयार केलेल्या पृष्ठांच्या संख्येच्या आधारे घोषित केले जाईल. पहिले स्थानिक बक्षीस - २५ अमेरिकन डॉलर्स, दुसरे स्थानिक बक्षीस - २० अमेरिकन डॉलर्स, तर सर्वोत्कृष्ट निर्णायक लेखासाठी - १५ अमेरिकन डॉलर्स दिले जातील. सहभाग किंवा योगदान करताना येणाऱ्या कोणत्याही समस्यांबाबत अथवा कोणत्याही मदतीसाठी ज्युरी सदस्यांच्या ([[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] किंवा [[सदस्य: संतोष गोरे|संतोष गोरे]]) चर्चा पानावर संदेश लिहा. कृपया [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]] या पृष्ठावरील सर्व सूचना आणि नियम वाचा. तसेच [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६/नोंदणी|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६/नोंदणी]] या पानावर आपली नाव नोंदणी करून स्पर्धेत सहभागी व्हावे. तसेच [https://tools.wikilovesfolklore.org/campwiz/campaign/224/submission/new हा दुवा] वापरून तुम्ही तयार केलेला लेख सादर करावा. :धन्यवाद. :[[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] आणि [[सदस्य: संतोष गोरे|संतोष गोरे]] :आयोजक :'''स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:४१, ५ फेब्रुवारी २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf2026&oldid=30030409 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Feminism and Folklore 2026 – Community Organisers & Jury == Hello {{PAGENAME}}!, Thank you for taking the lead in organising '''Feminism and Folklore 2026''' in your community. We truly appreciate your efforts! To ensure a smooth and successful campaign, please make sure you have: * Fully completed all details on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Feminism and Folklore 2026 Project Page]]: * Started promoting the campaign within your community. * Requested a local administrator to place a '''sitenotice''' about the campaign so users are notified. * Used the '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/fnf/ Article List Generator Tool]''' and shared the generated article lists with your community. === Internet & Childcare Support === Community organisers and jury members who require '''internet and childcare support''' (non-mandatory, opt-in, request-only support) should fill the support request form '''by 22 February 2026'''. '''[https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeutXEF1yTnJfExWUYPIf6SkhcnTgul07BeI-biqT4RE_vsrA/viewform Link to the form]''' Requests submitted after this date will not be entertained. === Important Participation Guidelines === * Minimum article size: '''3000 bytes and 300 words''' (final decision may be set by local organisers). * If your country is not listed on the Article list generator tool, please contact us. === Community Engagement === * Keep your community active and motivated throughout the campaign. * Share your achievements and notable articles with us so we can highlight them globally. * In the support form, please indicate if you would like a '''quick coordination call after the campaign'''. Let’s make '''Feminism and Folklore''', under the banner of '''#WeTogether''', help bridge the '''gender gap''' and '''folklore gap''' on Wikipedia worldwide. 🌍✊ Thank you for your collaboration! ''If someone from your community organisers or jury has missed this message feel free to share this message with them.'' Feminism and Folklore International Team. –[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १०:४७, १६ फेब्रुवारी २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf26&oldid=30083330 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == अलीकडील लेख == नमस्कार, आपण स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६ या कार्यशाळेत भाग घेतलेला दिसले. त्यानंतर येथे अनेक लेख तयार झालेले आहेत, ते बहुधा या कार्यशाळेच्या प्रभावाने असावेत. या लेखांमध्ये मोठे बदल पाहिजेत. अशा सत्रांतून विकिपीडियावरील संकेतांचा उल्लेख आवर्जून केला जावा ही विनंती. याजोगे नंतर त्यात बदल करीत बसण्यात वेळ जात नाही. आपण या लेखांमध्ये (नेहमीप्रमाणे) लक्ष घालून योग्य ते बदल कराल ही खात्री आहे. असे असताही १. ''नवीन संपादकांचे योगदान नक्कीच स्वागतार्ह आहे!'' हे घडवून आणल्याबद्दल धन्यवाद. २. इतर कार्यशाळांपेक्षा गेल्या २४-३६ तासांतील योगदान लक्षणीयतेने चांगले आहे. [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) ०७:५४, ८ मार्च २०२६ (IST) :नमस्कार, कौतुकाची थाप दिल्या बद्दल धन्यवाद. परंतु आपणास एक सांगू इच्छितो की, मी व @[[सदस्य:Tiven2240|टायविन]] यांनी [[विकिपीडिया:स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६|स्त्रीवाद आणि लोकसाहित्य २०२६]] यावर कार्यशाळा घेतली आहे. याच काळात दुसरा प्रकल्प [[विकिपीडिया:महिला संपादनेथॉन- २०२६|महिला संपादनेथॉन- २०२६]] हा देखील नेहमी प्रमाणे चालू असून, त्यात मोठ्या प्रमाणावर लेख निर्मिती सुरू आहे. असो. लेख कोणतेही असोत माझे काम चालू राहील. केवळ वैयक्तिक कारणाने, सध्या मला येथे जास्त वेळ देता येत नाहीय. - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) ०९:१५, ९ मार्च २०२६ (IST) ::@[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ते आमच्या प्रकल्पातले नाहीत. धन्यवाद. [[सदस्य:Tiven2240|Tiven2240]] ([[सदस्य चर्चा:Tiven2240|चर्चा]]) १६:४८, ९ मार्च २०२६ (IST) == Next Steps and Feedback meeting for Feminism and Folklore Organizers == <div style="border:8px maroon ridge; padding:6px;"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|center|550px|frameless]] <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr" style="padding: 1em 2em;"> <div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div> Dear Organizer, I hope this message finds you well. First and foremost, on behalf of the International Team I want to extend my gratitude to you for your efforts in organizing the '''Feminism and Folklore 2026''' campaign on your local Wikipedia. Your contribution has been instrumental in bridging the gender and folk gap on Wikipedia, and we truly appreciate your dedication to this important cause. As the campaign has ended I wanted to inform you about the next steps. It's time to commence the jury process using the CampWiz or Fountain tool where your campaign was hosted. Please ensure that you update the details of the jury, campaign links and the names of organizers accurately on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|sign-up page]]. Once the jury process is completed, kindly update only the top 3 winners details on the [[:m:Feminism and Folklore 2026/Results|results page]] accordingly. The deadline for jury submission of results is '''April 30, 2026'''. However, if you find that the number of articles is high and you require more time, please don't hesitate to inform us via email or on campaign Meta Wiki talk page. We are more than willing to approve an extension if needed. Should you encounter any issues with the tools, please feel free to reach out to us on Telegram for assistance. Your feedback and progress updates are crucial for us to improve the campaign and better understand your community's insights. Therefore, we kindly ask you to spare just an hour to collectively share your progress and achievements with us during our '''[[:m:Event:Feminism and Folklore 2026 Post-Campaign Office Hour|community feedback session]]'''. Your input will greatly assist us in making the campaign more meaningful and impactful. Thank you once again for your hard work and dedication to the Feminism and Folklore campaign. Your efforts are deeply appreciated, and we look forward to hearing from you soon. Warm regards, [[User:Tiven2240|Tiven2240]] on behalf of Feminism and Folklore International Team <nowiki>#WeTogether</nowiki> </div></div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १७:२७, ११ एप्रिल २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/fnf26&oldid=30391231 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Last Few Days: WikiConference India 2026 Scholarship Applications == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> ''{{int:please-translate}}'' Dear Wikimedian, We're happy to share that scholarship applications for '''WikiConference India 2026''' are currently open and the deadline is just around the corner. [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|WikiConference India 2026]] is the fourth edition of the national-level conference that brings together Wikimedians and stakeholders engaged in Indic-language Wikimedia projects and the broader open knowledge movement across India and South Asia. The conference will take place in Kochi, Kerala, from 4–6 September 2026. * You can find the more information and the application form at the [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|Scholarship page here at Meta wiki]] * '''Scholarship deadline: 15 April 2026, 11:59 PM IST''' With only a few days left, we warmly encourage you to apply if you haven’t already and kindly request you to share this with your community and encourage others to apply. For more information and regular updates, we encourage you to visit the conference Meta page. Warm regards, <br> on behalf of the WikiConference India 2026 Organising Team ''This message was sent with [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) on ००:००, १२ एप्रिल २०२६ (IST)'' </div> <!-- सदस्य:Gnoeee@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/WCI_2026_active_users&oldid=30389801 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == You may be an eligible candidate for the U4C election == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> Greetings, The [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee|Universal Code of Conduct Coordinating Committee (U4C)]] seeks candidates for the 2026 election. The U4C is the global committee responsible for overseeing enforcement of the [[foundation:Special:MyLanguage/Policy:Universal Code of Conduct|Universal Code of Conduct]]. Elections are held annually, if elected a committee member serves for two years. This year the U4C requires candidates to hold administrator rights on at least one wiki, which is why you are being contacted as you appear to hold this right. There are other requirements, such as candidates must be at least 18 years old and may not be employed by the Wikimedia Foundation or other related chapters and affiliates. You can find more information in the [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026#Call_for_Candidates|call for candidates on Meta-wiki]]. Additionally, the committee's working language is English; some ability to communicate in English is required. The election opens on 18 May, if you are eligible and interested you have until 10 May to submit your candidacy. There will be a week in between for candidates to answer questions from the community. Voting takes place privately in [[m:Special:MyLanguage/SecurePoll|SecurePoll]], successful candidates must receive at least 60% support. More information is available on [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026|the 2026 Elections page]], including timelines and other candidacy information. If you read over the material and consider yourself qualified, please consider submitting your name to run for the committee. If you think someone else in your community might be interested and qualified, please encourage them to run. In partnership with the U4C -- [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User_talk:Keegan (WMF)|talk]]) ०१:३६, २९ एप्रिल २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Keegan (WMF)@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Keegan_(WMF)/test&oldid=30472432 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> ==बार्नस्टार== {| class="barnstar" style="border:1px solid gray; background:#fdffe7;" |- |rowspan="2" style="padding-right:5px;" | {{#ifeq:{{{3}}}|alt|[[file:Working Wikimedian's Barnstar Hires.png|100px]]|[[Image:Working Wikimedian's Barnstar.png|100px]]}} |style="font-size:1.65em; padding:0; height: 1.1em;" | '''{{GENDER:{{PAGENAME}}|कष्टकर्‍या पुरुषाचा|कष्टकर्‍या स्त्रीचा|कष्टकर्‍या सदस्याचा}} बार्नस्टार''' |- |style="border-top: 1px solid gray;" | नियमीतपणे आपण [[विकिपीडिया:मुखपृष्ठ अलीकडील मृत्यू]] याचे संपादन करत आहात व त्या संदर्भातील लेख निर्माण/अद्ययावत करत आहात; त्यासाठी धन्यवाद!! |} - [[सदस्य:Dharmadhyaksha|धर्माध्यक्ष]] ([[सदस्य चर्चा:Dharmadhyaksha|चर्चा]]) १६:५६, ४ मे २०२६ (IST) :[[चित्र:Beating Heart.gif|50px]]<b>धन्यवाद</b> - [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १९:३७, ५ मे २०२६ (IST) == Final Reminder: Submission of Local Winners for Feminism and Folklore 2026 == Dear Feminism and Folklore organiser, This is a friendly reminder that the deadline for submitting the names and details of your local winners for '''Feminism and Folklore 2026''' is '''5 June 2026'''. Please ensure that your community's [[:m:Feminism and Folklore 2026/Results|winner information]] is submitted before this date. Communities that do not provide their winner data by the deadline will unfortunately not be eligible for prize distribution, and the international organizing team will not be able to accommodate late submissions received after 5 June 2026. Thank you for your prompt attention to this matter and for your participation in the campaign. Best regards, '''Feminism and Folklore International Organizing Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) ०७:३९, ३ जून २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30627457 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Congratulations to the Local Winners of Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, The Feminism and Folklore International Organizing Team is pleased to congratulate the Local Winners of '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]'''. Local Winners are participants who achieved top rankings within their respective language communities through their valuable contributions to documenting folklore, women's history, culture, traditions, and related knowledge on Wikimedia projects in their local languages. Your efforts have helped enrich Wikimedia content, preserve cultural heritage, and improve the representation of diverse communities and knowledge systems across the movement. We sincerely appreciate your dedication and contribution to the success of the campaign. === Appreciation Form === As a token of appreciation to receive prizes, all Local Winners are requested to complete the following form by '''22 June 2026'''. '''Form link''' - [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdGU7vkzANkB8P1k2X-NPwOwqBoTZafzgUZ-23wnVCeW2cj3g/viewform here] ; Deadline : 22 June 2026 Please ensure that all information provided in the form is accurate and complete. This information will be used for the appreciation process. === Thank you === We extend our heartfelt thanks to all Local Winners for their outstanding contributions and continued support of free knowledge. Your work has strengthened local-language content and helped make knowledge about folklore and women more accessible to communities around the world. Congratulations once again on your achievement. —''Feminism and Folklore International Organizing Team'' </div> --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २२:५५, ७ जून २०२६ (IST) <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30649454 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for organising Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, Your dedication, coordination, and hard work played a vital role in making this year's [[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore]] campaign successful. We truly appreciate the time and effort you invested in engaging your community and supporting participants. As we have completed the jury phase and begin planning for next year's campaign, we would like to learn from your experiences. Please complete the organisers' feedback form and share your insights, challenges, and suggestions on how we can improve the campaign. '''This feedback form is mandatory for all organisers''', as it helps us evaluate the campaign and make meaningful improvements for future editions. '''Form link [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSf6IsGAsxkTEWTwueyLg-gBjRVlY3g2kTNj3xRhDiILiQnQwQ/viewform?usp=dialog here]''' Please submit your response by '''25 June 2026'''. Thank you once again for your invaluable contributions and for helping make Feminism and Folklore a global success. We look forward to working with you again in the future! Regards, '''Feminism and Folklore Team''' --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) १७:३५, १८ जून २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30704175 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == Thank you for being a part of Feminism and Folklore 2026 == <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> [[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|right|350px]] Dear {{PAGENAME}}, Your contributions helped make this year's [[:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore]] campaign a great success, and we are truly grateful for your time, knowledge, and dedication to documenting women's stories and folklore on Wikimedia projects. As we reflect on this year's campaign and prepare for the next edition, we'd love to hear about your experience. Please take a few minutes to fill out our feedback form and share your thoughts and suggestions. As a token of our appreciation, everyone who completes the form will receive a '''special digital postcard'''! in their email. This year marks '''''25 years of Wikipedia''''', and the postcard has been created to celebrate this milestone and to recognize the incredible efforts of participants like you who continue to enrich free knowledge for the world. '''Form Link - [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdqFZN9IdWbAnZ_7DyG5bIsuq7KAkdsIxweC_TdPH9In-tthQ/viewform?usp=dialog here]''' Please complete the feedback form by '''25 June 2026'''. Thank you once again for making Feminism and Folklore 2026 a success. We hope to see you again in future campaigns! Best regards, Feminism and Folklore international Team. --[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य चर्चा:MediaWiki message delivery|चर्चा]]) २०:०१, १८ जून २०२६ (IST) </div> <!-- सदस्य:Tiven2240@metawiki ने https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Tiven2240/wlf2026&oldid=30704478 वरील यादी वापरुन संदेश पाठविला. --> == पद काढणे == {{सदस्य|V.narsikar}}, {{सदस्य|सुभाष राऊत}} यांचे प्रचालकपद आणि {{सदस्य|Omega45}} यांचे द्रुतमाघारकार पद तसेच अनेक अकार्यरत सांगकाम्यांचे पद काढून टाकण्याबाबत काही विचार करण्यात यावा, असे मला वाटते. {{साद|संतोष गोरे}}, {{साद|अभय नातू}} कृपया, उत्तर कळवावे. [[सदस्य:Khirid Harshad|Khirid Harshad]] ([[सदस्य चर्चा:Khirid Harshad|चर्चा]]) १४:३७, ३१ जुलै २०२६ (IST) :अशी महत्वाची चर्चा [[विकिपीडिया:चावडी|चावडीवर]] सुरू करावी. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १४:४९, ३१ जुलै २०२६ (IST) ::अधूनमधून साफसफाई नक्कीच पाहिजे परंतु नेमके निकष लावून करावी. @[[सदस्य:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] यांनी म्हणल्याप्रमाणे चावडीवर ही चर्चा करणे अधिक श्रेयस्कर आहे. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) २१:४४, ३१ जुलै २०२६ (IST) == त्याचे नाव अयन मुखर्जी आहे. अयान मुखर्जी नाही. == आपण माझा पेज मूभ केला आणि बोलले की मी अचूक नाव दिलं होतं जेव्हा की या दिग्दर्शकाचे नाव बंगाली भाषेत "अयन मुखर्जी" आहे! अयन एक संस्कृत नाव आहे ज्याचे अर्थ असतात "मार्ग" किंवा "पथ". त्यांचं नाव "अयान" नाही. [[सदस्य:AlphaVictorDelta0107|AlphaVictorDelta0107]] ([[सदस्य चर्चा:AlphaVictorDelta0107|चर्चा]]) १८:५०, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) :@[[सदस्य:AlphaVictorDelta0107|AlphaVictorDelta0107]], प्रतिसादाबद्दल धन्यवाद, लेख नाव लिहिताना अनेक गोष्टींचा विचार केला जातो. यात निश्चितच मतभिन्नता आढळते. बहुतांश लेख नाव हे मराठीत प्रचलित असलेले निवडले जातात. सबब मी मराठी संकेतस्थळावर; जसे की वर्तमानपत्रे आणि बातम्यांचे चॅनेल वर जे वापरले जाते, ते निवडले. :@[[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] आपले काय मत आहे, लेखनाव काय असावे?-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १८:५८, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) ::बंगाली भाषेत অয়ন মুখার্জি असे नाव असून तुम्ही म्हणता त्यानुसार त्याचा उच्चार "अयन मुखर्जी" असाच होतो. [[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १९:०४, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) :::शक्यतो मूळ नावावुसार लेख करावा आणि इतर उच्चार किंवा शुद्धलेखनांपासून पुनर्निर्देशने असावीत. याला अपवाद नक्कीच आहेत. -- [[सदस्य:अभय नातू|अभय नातू]] ([[सदस्य चर्चा:अभय नातू|चर्चा]]) १९:४९, १ ऑगस्ट २०२६ (IST) == Velhe taluka English विकिपीडिया title name Rajgad taluka करण्या बाबत == [[विशेष:योगदान/&#126;2026-44928-80|&#126;2026-44928-80]] ([[सदस्य चर्चा:&#126;2026-44928-80|talk]]) ०९:००, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) == Velhe taluka official renamed as rajgad taluka == krupya nodh gya sir official name rajgad aahe pan title name velhe aahe please change velhe taluka विकिपीडिया English [[विशेष:योगदान/&#126;2026-44960-06|&#126;2026-44960-06]] ([[सदस्य चर्चा:&#126;2026-44960-06|talk]]) ०९:१६, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) :१६ मार्च २०२४ रोजी मी स्वतः वेल्हे तालुका वरून [[राजगड तालुका]] वर लेख स्थानांतरित केला आहे.-[[User:संतोष गोरे|<span style="color: blue; font-weight: bold; background: linear-gradient( orange, white, green)">. संतोष गोरे .</span>]] ([[सदस्य चर्चा:संतोष गोरे|<span style="text-shadow:grey 3px 3px 1px;"> ✉️</span>]] ) १०:००, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) 0jgx37ea0dwdy0pyxo37m3178wk00gn बल्लाळ (भोकर) 0 291315 2702915 2686878 2026-08-17T03:56:45Z ~2026-44908-44 186344 /* लोकजीवन */ 2702915 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र |प्रकार=महसुली गांव/ गट ग्रामपंचायत |इतर_नाव= बल्हाळ | स्थानिक_नाव ='''बल्लाळ''' | आकाशदेखावा = | आकाशदेखावा_शीर्षक = | शोधक_स्थान= right | अक्षांश = | रेखांश = | उंची = | राज्य_नाव = [[महाराष्ट्र]] |जवळचे_शहर= [[भोकर]], [[म्हैसा]] व [[उमरी]] | जिल्हा = [[नांदेड जिल्हा]] |अधिकृत_भाषा=मराठी | नेता_पद =[[सभापती]] | नेता_नाव = मारोतराव‌ बल्लाळकर |लोकसंख्या_एकूण_संदर्भ=|लोकसंख्या_क्रमांक=| लोकसंख्या_वर्ष = २०११ | लोकसंख्या_एकूण = २५२३ | लोकसंख्या_घनता = |लिंग_गुणोत्तर=|लोकसंख्या_मेट्रो=|लोकसंख्या_शहरी=| क्षेत्रफळ_आकारमान = | क्षेत्रफळ_एकूण = |पिन_कोड=| एसटीडी_कोड = ०२४६२ | पिन कोड = ४३१८०१ | आरटीओ_कोड = MH २६ |संकेतस्थळ= |कोरे_शीर्षक_१ =[[बोलीभाषा]] |कोरे_उत्तर_१ = मराठी, [[तेलुगु]], गोरमाटी | तळटिपा =}} '''बल्लाळ''' हे [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र राज्य |महाराष्ट्र राज्यातील]] [[नांदेड जिल्हा|नांदेड जिल्ह्यातील]] [[भोकर (गाव)|भोकर तालुक्यातील]] एक गाव आहे. ==भौगोलिक स्थान== महाराष्ट्र-तेलंगणा सीमारेषेपासुन १३ का.मी. अंतरावर ==ईतिहास== महाराष्ट्रभर केवळ नव्हे तर त्या बाहेरच्या विस्तृत प्रदेशावर राज्य करणारे हे यादवांचे घराणे, महाराष्ट्र महोदयाच्या इतिहासाच्या उषःकाली सातवाहनांचे साम्राज्य जेवढ्या मह्त्वाचे होते तेवढेच प्रचीन काळच्या शेवटी या यादव घराण्याचे महत्त्व होते. सहाजिकच संपूर्ण नांदेड परिसर त्यांच्या अधिपत्याखाली होता. पाचव्या भिल्लमने देवगिरी हे नगर वसलिले आणि तेथे आपली राजधानी हलविली. तेव्हापासून मराठवाडा महत्वाचा ठरला. कृष्णेच्या उत्तरेकडील सारे राज्य, याच्या ताब्यात होते. रट्ट घराण्याच्या बल्लाळाची अमर्दकपूर (औंढा जि.हिंगोली) येथे राजधानी होती आणि उपराजधानी होती अराध्यपूर (अर्धापूर जि.नांदेड) येथे, या ठिकाणी बल्लाळाचा सेनापती [[चालुक्य]] याचा निवास असे. ==हवामान== नैऋत्य मान्सूनमुळे पडणाऱ्या पावसाळ्याचा ऋतू वगळता येथील हवामान सर्वसाधारणपणे कोरडेच असते. येथे वर्षात चार ऋतू असतात. हिवाळा हा नोव्हेंबर ते फेब्रुवारी अखेरपर्यंत असतो. त्यानंतर येणारा उन्हाळा मात्र जूनच्या पहिल्या आठवड्यापर्यंत खेचला जातो. नैऋत्य मान्सूनचा पाऊस त्याच्या पाठोपाठ येतो आणि ऑक्टोबरच्या पहिल्या आठवड्यापर्यंत टिकतो. शेष ऑक्टोबर आणि नोव्हेंबरचा पूर्वार्ध हा मान्सूनोत्तर गरमीचा काळ असतो. सरासरी वार्षिक पर्जन्यमान ९८० मि.मी.आहे. नैऋत्य मोसमी वाऱ्यापासून पडणाऱ्या पावसाचे प्रमाण एकूण वार्षिक पर्जन्याच्या ८५ टक्के आहे. जुलै आणि ऑगस्ट हे वर्षातील सर्वाधिक पर्जन्याचे महिने आहेत. ==लोकजीवन== बंजारा ([[लमाणी]]),कोळी,मराठा,भिल्ल-नायकपोडू, लिंगायत वाणी,गोलावार, ब्राह्मण, बौद्ध, कुंभार, मुस्लिम, सुतार, लोहार, कोमटी, मातंग इत्यादी.. ==प्रेक्षणीय स्थळे== * इच्छापूर्ती मंदिर ==नागरी सुविधा== * सभामंडप ==जवळपासची गावे== * पिंपळडोह * मातुळ * पोमनाळा * म्हैसूर नगर * मोखांडी * मोघाळी * धारजनी ==संदर्भ== #https://villageinfo.in/ #https://www.census2011.co.in/ #http://tourism.gov.in/ #https://www.incredibleindia.org/ #https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism #https://www.mapsofindia.com/ #https://www.weather.gov/dvn/climategraphics?n=climategraphics #https://www.weather-atlas.com/en/india-climate {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210123203511/https://www.weather-atlas.com/en/india-climate |date=2021-01-23 }} [[वर्ग:भोकर तालुक्यातील गावे]] [[वर्ग:नांदेड जिल्ह्यातील गावे]] fbjhweq28vakqmaw035fevv5kffyue9 साचा:आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२२ 10 303957 2702974 2495678 2026-08-17T05:36:53Z Nitin.kunjir 4684 2702974 wikitext text/x-wiki {{Navbox |bodystyle = background:#fdfdfd; width:100%; vertical-align:middle; |titlestyle = background:#ccccff; |abovestyle = background:#ddddff; padding-left:1em; padding-right:1em; text-align:center; |belowstyle = background:#ddddff; padding-left:1em; padding-right:1em; 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इंटर-इन्सुलर मालिका|पुरुष इंटर-इन्सुलर मालिका]] * [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा पाकिस्तान दौरा, २०२२|पाकिस्तान महिला वि श्रीलंका महिला]] * [[२०२२ महिला ट्वेंटी२० नॉर्डिक चषक|महिला नॉर्डिक चषक]] * [[२०२२ अमेरिका तिरंगी मालिका (बारावी फेरी)|अमेरिका तिरंगी मालिका (१२वी फेरी)]] * [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट संघाचा नेदरलँड्स दौरा, २०२२|नेदरलँड्स वि वेस्ट इंडीज]] |group2 = जून २०२२ |list2 = * [[न्यू झीलंड क्रिकेट संघाचा इंग्लंड दौरा, २०२२|इंग्लंड वि न्यू झीलंड]] * [[दक्षिण आफ्रिका महिला क्रिकेट संघाचा आयर्लंड दौरा, २०२२|आयर्लंड महिला वि दक्षिण आफ्रिका महिला]] * [[अफगाणिस्तान क्रिकेट संघाचा झिम्बाब्वे दौरा, २०२२|झिम्बाब्वे वि अफगाणिस्तान]] * [[हंगेरी क्रिकेट संघाचा ऑस्ट्रिया दौरा, २०२२|ऑस्ट्रिया वि हंगेरी]] * [[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२|श्रीलंका वि ऑस्ट्रेलिया]] * [[ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२#सराव सामने|श्रीलंका अ वि ऑस्ट्रेलिया अ]] * [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट संघाचा पाकिस्तान दौरा, २०२२|पाकिस्तान वि वेस्ट इंडीज]] * [[२०२२ अमेरिका तिरंगी मालिका (तेरावी फेरी)|अमेरिका तिरंगी मालिका (१३वी फेरी)]] * [[दक्षिण आफ्रिका क्रिकेट संघाचा भारत दौरा, २०२२|भारत वि दक्षिण आफ्रिका]] * [[२०२२ क्विबुका महिला ट्वेंटी२० स्पर्धा|क्विबुका चषक]] * [[२०२२ जर्मनी तिरंगी मालिका|जर्मनी तिरंगी मालिका]] * [[माल्टा क्रिकेट संघाचा बेल्जियम दौरा, २०२२|बेल्जियम वि माल्टा]] * [[स्वित्झर्लंड क्रिकेट संघाचा लक्झेंबर्ग दौरा, २०२२|लक्झेंबर्ग वि स्वित्झर्लंड]] * [[बांगलादेश क्रिकेट संघाचा वेस्ट इंडीज दौरा, २०२२|वेस्ट इंडीज वि बांगलादेश]] * [[२०२२ एसीसी महिला ट्वेंटी२० अजिंक्यपद स्पर्धा|एसीसी महिला चषक]] * [[२०२२ युगांडा क्रिकेट विश्वचषक चॅलेंज लीग ब|युगांडा चॅलेंज लीग ब]] * [[इंग्लंड क्रिकेट संघाचा नेदरलँड्स दौरा, २०२२|नेदरलँड्स वि इंग्लंड]] * [[एस्टोनिया क्रिकेट संघाचा फिनलंड दौरा, २०२२|फिनलंड वि एस्टोनिया]] * [[भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२|श्रीलंका महिला वि भारत महिला]] * [[२०२२ सोफिया ट्वेंटी२० चषक|सोफिया ट्वेंटी२०]] * [[२०२२ महिला ट्वेंटी२० इंटर-इन्सुलर मालिका|महिला इंटर-इन्सुलर मालिका]] * [[भारतीय क्रिकेट संघाचा आयर्लंड दौरा, २०२२|आयर्लंड वि भारत]] * [[दक्षिण आफ्रिका महिला क्रिकेट संघाचा इंग्लंड दौरा, २०२२|इंग्लंड महिला वि दक्षिण आफ्रिका महिला]] * [[नामिबिया महिला क्रिकेट संघाचा नेदरलँड्स आणि जर्मनी दौरा, २०२२|नेदरलँड्स महिला वि नामिबिया महिला]] * [[२०२२-२३ आय.सी.सी. पुरुष ट्वेंटी२० क्रिकेट विश्वचषक युरोप पात्रता#गट क|ट्वेंटी२० क्रिकेट विश्वचषक युरोप क पात्रता]] * [[२०२२ स्टॅन नागय्या चषक|स्टॅन नागय्या चषक]] |group3 = जुलै २०२२ |list3 = * [[२०२२ मलेशिया चौरंगी मालिका|मलेशिया चौरंगी मालिका]] * [[२०२२ सिंगा अजिंक्यपद चषक|सिंगा अजिंक्यपद चषक]] * [[नामिबिया महिला क्रिकेट संघाचा नेदरलँड्स आणि जर्मनी दौरा, २०२२|जर्मनी महिला वि नामिबिया महिला]] * [[भारतीय क्रिकेट संघाचा इंग्लंड दौरा, २०२२|इंग्लंड वि भारत]] * [[२०२२ मध्य युरोप चषक|मध्य युरोप चषक]] * [[२०२२ सौदारी चषक|सौदारी चषक]] * [[बल्गेरिया क्रिकेट संघाचा सर्बिया दौरा, २०२२|सर्बिया वि बल्गेरिया]] * [[न्यू झीलंड क्रिकेट संघाचा आयर्लंड दौरा, २०२२|आयर्लंड वि न्यू झीलंड]] * [[२०२२ आय.सी.सी. पुरुष ट्वेंटी२० क्रिकेट विश्वचषक जागतिक पात्रता गट ब|ट्वेंटी२० क्रिकेट विश्वचषक पात्रता ब]] * [[२०२२-२३ आय.सी.सी. पुरुष ट्वेंटी२० क्रिकेट विश्वचषक युरोप पात्रता#गट अ|ट्वेंटी२० क्रिकेट विश्वचषक युरोप अ पात्रता]] * [[पाकिस्तान क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२|श्रीलंका वि पाकिस्तान]] * [[२०२२ आयर्लंड महिला तिरंगी मालिका|आयर्लंड महिला तिरंगी मालिका]] * [[दक्षिण आफ्रिका क्रिकेट संघाचा इंग्लंड दौरा, २०२२|इंग्लंड वि दक्षिण आफ्रिका]] * [[भारतीय क्रिकेट संघाचा वेस्ट इंडीज आणि अमेरिका दौरा, २०२२|वेस्ट इंडीज वि भारत]] |group9 = चालु स्पर्धा |list9 = * [[२०२०-२२ आयसीसी क्रिकेट विश्वचषक सुपर लीग|विश्वचषक सुपर लीग]] * [[२०१९-२२ आयसीसी क्रिकेट विश्वचषक लीग दोन|विश्वचषक लीग दोन]] * [[२०१९-२१ आयसीसी क्रिकेट विश्वचषक चॅलेंज लीग|विश्वचषक चॅलेंज लीग]] * [[२०२१-२३ विश्व कसोटी अजिंक्यपद स्पर्धा|२०२१-२३ कसोटी विश्वचषक]] * [[२०२२-२५ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा]] |below = नंतरचा मोसम: [[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२२-२३|आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२२-२३]] }} pzb4jkhrk6dzgxonwybe6xtxi1cwxw2 भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२ 0 306881 2702949 2603316 2026-08-17T05:24:40Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702949 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag of India.svg | team2_name = भारत महिला | from_date = २३ जून | to_date = ७ जुलै २०२२ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[हरमनप्रीत कौर]] | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 3 | team1_ODIs_most_runs = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] (१२३) | team2_ODIs_most_runs = [[शफाली वर्मा]] (१५५) | team1_ODIs_most_wickets = [[इनोका रणवीरा]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[रेणुका सिंग]] (७) | player_of_ODI_series = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 1 | team2_twenty20s_won = 2 | team1_twenty20s_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (१३९) | team2_twenty20s_most_runs = [[हरमनप्रीत कौर]] (९२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[इनोका रणवीरा]] (६) | team2_twenty20s_most_wickets = [[राधा यादव]] (४) | player_of_twenty20_series = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) }} [[भारत राष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघ]]ाने जून-जुलै २०२२ दरम्यान तीन [[२०-२० सामने|महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० सामने]] आणि तीन [[आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामने|महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामने]] खेळण्यासाठी [[श्रीलंका|श्रीलंके]]चा दौरा केला. महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा]] अंतर्गत खेळवली गेली. [[मिताली राज]] हिने घेतलेल्या निवृत्तीमुळे [[हरमनप्रीत कौर]]ला भारताच्या कर्णधारपदी नेमण्यात आले. भारताने पहिला ट्वेंटी२० सामना जिंकत मालिकेत आघाडी घेतली. दुसरा सामन्यात देखील विजय मिळवत भारताने श्रीलंकेविरुद्ध सलग बारावा ट्वेंटी२० विजय नोंदवला. तिसऱ्या आणि अंतिम सामन्यात कर्णधार [[चामरी अटापट्टू]]च्या नाबाद अर्धशतकाच्या जोरावर श्रीलंकेने भारताचा ७ गडी राखून पराभव केला, हा श्रीलंकेचा मायदेशातील भारताविरुद्धचा पहिला ट्वेंटी२० विजय होता. भारतीय महिलांनी महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० मालिका २-१ ने जिंकली. भारताने पहिला महिला वनडे सामना जिंकत मालिकेत आघाडी घेतली. दुसऱ्या सामन्यात भारताने १७४ धावांचे लक्ष्य एकही गडी बाद न होता पार केले. महिला वनडे सामन्यांमध्ये एकही गडी बाद न होता पाठलाग केलेली ही सर्वोच्च धावसंख्या होती. तिसऱ्याही सामन्यामध्ये विजय मिळवत भारताने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका ३-० ने जिंकली. ==महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० मालिका== ===१ला सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २३ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = १३८/६ (२० षटके) | धावा१ = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] ३६[[नाबाद|*]] (२७) | बळी१ = [[इनोका रणवीरा]] ३/३० (४ षटके) | धावसंख्या२ = १०४/५ (२० षटके) | धावा२ = [[कविशा दिलहारी]] ४७[[नाबाद|*]] (४९) | बळी२ = [[राधा यादव]] २/२२ (४ षटके) | निकाल = भारत महिला ३४ धावांनी विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319709.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = सुसंता दिस्सनायके (श्री) आणि दीपल गुणवर्दने (श्री‌) | toss = भारत महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] (भारत) | टिपा = }} ===२रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २५ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १२५/७ (२० षटके) | धावा१ = [[विश्मी गुणरत्ने]] ४५ (५०) | बळी१ = [[दीप्ती शर्मा]] २/३४ (४ षटके) | धावसंख्या२ = १२७/५ (१९.१ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ३९ (३४) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] २/१८ (४ षटके) | निकाल = भारत महिला ५ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319710.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = दीपल गुणवर्दने (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री‌) | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | टिपा = }} ===३रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २७ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = १३८/५ (२० षटके) | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ३९[[नाबाद|*]] (३३) | बळी१ = [[ओशादि रणसिंघे]] १/१३ (३ षटके) | धावसंख्या२ = १४१/३ (१७ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ८०[[नाबाद|*]] (४८) | बळी२ = [[रेणुका सिंग]] १/२७ (४ षटके) | निकाल = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319711.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = सुसंता दिस्सनायके (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | toss = भारत महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[चामरी अटापट्टू]] (श्रीलंका) | टिपा = }} ==[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा]] - महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका== ===१ला सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १७१ (४८.२ षटके) | धावा१ = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४३ (६३) | बळी१ = [[दीप्ती शर्मा]] ३/२५ (८.२ षटके) | धावसंख्या२ = १७६/६ (३८ षटके) | धावा२ = [[हरमनप्रीत कौर]] ४४ (६३) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] ४/३९ (१० षटके) | निकाल = भारत महिला ४ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319712.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) आणि [[प्रगीथ राम्बुकवेल्ला]] (श्री) | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[दीप्ती शर्मा]] (भारत) | टिपा = [[रश्मी डि सिल्व्हा]] (श्री) हिने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. *''[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} ===२रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ४ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १७३ (५० षटके‌) | धावा१ = [[अमा कंचना]] ४७[[नाबाद|*]] (८३) | बळी१ = [[रेणुका सिंग]] ४/२८ (१० षटके) | धावसंख्या२ = १७४/० (२५.४ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ९४[[नाबाद|*]] (८३) | बळी२ = | निकाल = भारत महिला १० गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319713.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = [[लायडन हानीबल]] (श्री)‌ आणि [[प्रगीथ राम्बुकवेल्ला]] (श्री) | toss = भारत महिला, क्षेत्ररक्षण. | पाऊस = | सामनावीर = [[रेणुका सिंग]] (भारत) | टिपा = [[विश्मी गुणरत्ने]] (श्री) हिने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. *''[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} ===३रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ७ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = २५५/९ (५० षटके) | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ७५ (८८) | बळी१ = [[इनोका रणवीरा]] २/२२ (१० षटके) | धावसंख्या२ = २१६ (४७.३ षटके) | धावा२ = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४८[[नाबाद|*]] (५९) | बळी२ = [[राजेश्वरी गायकवाड]] ३/३६ (१० षटके) | निकाल = भारत महिला ३९ धावांनी विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319714.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = [[रुचिरा पल्लियागुरुगे]] (श्री) आणि [[रविंद्र विमलासीरी]] (श्री) | toss = श्रीलंका महिला, क्षेत्ररक्षण. | पाऊस = | सामनावीर = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | टिपा = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२२}} {{आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २०२२ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] a79xxu6atey1z7enouvumdk8cdhtapx 2702951 2702949 2026-08-17T05:25:01Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702951 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag of India.svg | team2_name = भारत महिला | from_date = २३ जून | to_date = ७ जुलै २०२२ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[हरमनप्रीत कौर]] | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 3 | team1_ODIs_most_runs = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] (१२३) | team2_ODIs_most_runs = [[शफाली वर्मा]] (१५५) | team1_ODIs_most_wickets = [[इनोका रणवीरा]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[रेणुका सिंग]] (७) | player_of_ODI_series = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 1 | team2_twenty20s_won = 2 | team1_twenty20s_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (१३९) | team2_twenty20s_most_runs = [[हरमनप्रीत कौर]] (९२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[इनोका रणवीरा]] (६) | team2_twenty20s_most_wickets = [[राधा यादव]] (४) | player_of_twenty20_series = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) }} [[भारत राष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघ]]ाने जून-जुलै २०२२ दरम्यान तीन [[२०-२० सामने|महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० सामने]] आणि तीन [[आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामने|महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामने]] खेळण्यासाठी [[श्रीलंका|श्रीलंके]]चा दौरा केला. महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा]] अंतर्गत खेळवली गेली. [[मिताली राज]] हिने घेतलेल्या निवृत्तीमुळे [[हरमनप्रीत कौर]]ला भारताच्या कर्णधारपदी नेमण्यात आले. भारताने पहिला ट्वेंटी२० सामना जिंकत मालिकेत आघाडी घेतली. दुसरा सामन्यात देखील विजय मिळवत भारताने श्रीलंकेविरुद्ध सलग बारावा ट्वेंटी२० विजय नोंदवला. तिसऱ्या आणि अंतिम सामन्यात कर्णधार [[चामरी अटापट्टू]]च्या नाबाद अर्धशतकाच्या जोरावर श्रीलंकेने भारताचा ७ गडी राखून पराभव केला, हा श्रीलंकेचा मायदेशातील भारताविरुद्धचा पहिला ट्वेंटी२० विजय होता. भारतीय महिलांनी महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० मालिका २-१ ने जिंकली. भारताने पहिला महिला वनडे सामना जिंकत मालिकेत आघाडी घेतली. दुसऱ्या सामन्यात भारताने १७४ धावांचे लक्ष्य एकही गडी बाद न होता पार केले. महिला वनडे सामन्यांमध्ये एकही गडी बाद न होता पाठलाग केलेली ही सर्वोच्च धावसंख्या होती. तिसऱ्याही सामन्यामध्ये विजय मिळवत भारताने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका ३-० ने जिंकली. ==महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० मालिका== ===१ला सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २३ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = १३८/६ (२० षटके) | धावा१ = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] ३६[[नाबाद|*]] (२७) | बळी१ = [[इनोका रणवीरा]] ३/३० (४ षटके) | धावसंख्या२ = १०४/५ (२० षटके) | धावा२ = [[कविशा दिलहारी]] ४७[[नाबाद|*]] (४९) | बळी२ = [[राधा यादव]] २/२२ (४ षटके) | निकाल = भारत महिला ३४ धावांनी विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319709.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = सुसंता दिस्सनायके (श्री) आणि दीपल गुणवर्दने (श्री‌) | toss = भारत महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] (भारत) | टिपा = }} ===२रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २५ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १२५/७ (२० षटके) | धावा१ = [[विश्मी गुणरत्ने]] ४५ (५०) | बळी१ = [[दीप्ती शर्मा]] २/३४ (४ षटके) | धावसंख्या२ = १२७/५ (१९.१ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ३९ (३४) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] २/१८ (४ षटके) | निकाल = भारत महिला ५ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319710.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = दीपल गुणवर्दने (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री‌) | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | टिपा = }} ===३रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २७ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = १३८/५ (२० षटके) | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ३९[[नाबाद|*]] (३३) | बळी१ = [[ओशादि रणसिंघे]] १/१३ (३ षटके) | धावसंख्या२ = १४१/३ (१७ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ८०[[नाबाद|*]] (४८) | बळी२ = [[रेणुका सिंग]] १/२७ (४ षटके) | निकाल = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319711.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = सुसंता दिस्सनायके (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | toss = भारत महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[चामरी अटापट्टू]] (श्रीलंका) | टिपा = }} ==[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा]] - महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका== ===१ला सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १७१ (४८.२ षटके) | धावा१ = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४३ (६३) | बळी१ = [[दीप्ती शर्मा]] ३/२५ (८.२ षटके) | धावसंख्या२ = १७६/६ (३८ षटके) | धावा२ = [[हरमनप्रीत कौर]] ४४ (६३) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] ४/३९ (१० षटके) | निकाल = भारत महिला ४ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319712.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) आणि [[प्रगीथ राम्बुकवेल्ला]] (श्री) | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[दीप्ती शर्मा]] (भारत) | टिपा = [[रश्मी डि सिल्व्हा]] (श्री) हिने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. *''[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} ===२रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ४ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १७३ (५० षटके‌) | धावा१ = [[अमा कंचना]] ४७[[नाबाद|*]] (८३) | बळी१ = [[रेणुका सिंग]] ४/२८ (१० षटके) | धावसंख्या२ = १७४/० (२५.४ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ९४[[नाबाद|*]] (८३) | बळी२ = | निकाल = भारत महिला १० गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319713.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = [[लायडन हानीबल]] (श्री)‌ आणि [[प्रगीथ राम्बुकवेल्ला]] (श्री) | toss = भारत महिला, क्षेत्ररक्षण. | पाऊस = | सामनावीर = [[रेणुका सिंग]] (भारत) | टिपा = [[विश्मी गुणरत्ने]] (श्री) हिने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. *''[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} ===३रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ७ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = २५५/९ (५० षटके) | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ७५ (८८) | बळी१ = [[इनोका रणवीरा]] २/२२ (१० षटके) | धावसंख्या२ = २१६ (४७.३ षटके) | धावा२ = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४८[[नाबाद|*]] (५९) | बळी२ = [[राजेश्वरी गायकवाड]] ३/३६ (१० षटके) | निकाल = भारत महिला ३९ धावांनी विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319714.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = [[रुचिरा पल्लियागुरुगे]] (श्री) आणि [[रविंद्र विमलासीरी]] (श्री) | toss = श्रीलंका महिला, क्षेत्ररक्षण. | पाऊस = | सामनावीर = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | टिपा = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२२}} {{आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २०२२ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] f35c79bpuxv0utl9t6fe8qk9o1fjrvd 2702975 2702951 2026-08-17T05:37:11Z Nitin.kunjir 4684 /* ३रा सामना */ 2702975 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag of India.svg | team2_name = भारत महिला | from_date = २३ जून | to_date = ७ जुलै २०२२ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[हरमनप्रीत कौर]] | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 3 | team1_ODIs_most_runs = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] (१२३) | team2_ODIs_most_runs = [[शफाली वर्मा]] (१५५) | team1_ODIs_most_wickets = [[इनोका रणवीरा]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[रेणुका सिंग]] (७) | player_of_ODI_series = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 1 | team2_twenty20s_won = 2 | team1_twenty20s_most_runs = [[चामरी अटापट्टू]] (१३९) | team2_twenty20s_most_runs = [[हरमनप्रीत कौर]] (९२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[इनोका रणवीरा]] (६) | team2_twenty20s_most_wickets = [[राधा यादव]] (४) | player_of_twenty20_series = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) }} [[भारत राष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघ]]ाने जून-जुलै २०२२ दरम्यान तीन [[२०-२० सामने|महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० सामने]] आणि तीन [[आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामने|महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामने]] खेळण्यासाठी [[श्रीलंका|श्रीलंके]]चा दौरा केला. महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा]] अंतर्गत खेळवली गेली. [[मिताली राज]] हिने घेतलेल्या निवृत्तीमुळे [[हरमनप्रीत कौर]]ला भारताच्या कर्णधारपदी नेमण्यात आले. भारताने पहिला ट्वेंटी२० सामना जिंकत मालिकेत आघाडी घेतली. दुसरा सामन्यात देखील विजय मिळवत भारताने श्रीलंकेविरुद्ध सलग बारावा ट्वेंटी२० विजय नोंदवला. तिसऱ्या आणि अंतिम सामन्यात कर्णधार [[चामरी अटापट्टू]]च्या नाबाद अर्धशतकाच्या जोरावर श्रीलंकेने भारताचा ७ गडी राखून पराभव केला, हा श्रीलंकेचा मायदेशातील भारताविरुद्धचा पहिला ट्वेंटी२० विजय होता. भारतीय महिलांनी महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० मालिका २-१ ने जिंकली. भारताने पहिला महिला वनडे सामना जिंकत मालिकेत आघाडी घेतली. दुसऱ्या सामन्यात भारताने १७४ धावांचे लक्ष्य एकही गडी बाद न होता पार केले. महिला वनडे सामन्यांमध्ये एकही गडी बाद न होता पाठलाग केलेली ही सर्वोच्च धावसंख्या होती. तिसऱ्याही सामन्यामध्ये विजय मिळवत भारताने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका ३-० ने जिंकली. ==महिला आंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी२० मालिका== ===१ला सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २३ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = १३८/६ (२० षटके) | धावा१ = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] ३६[[नाबाद|*]] (२७) | बळी१ = [[इनोका रणवीरा]] ३/३० (४ षटके) | धावसंख्या२ = १०४/५ (२० षटके) | धावा२ = [[कविशा दिलहारी]] ४७[[नाबाद|*]] (४९) | बळी२ = [[राधा यादव]] २/२२ (४ षटके) | निकाल = भारत महिला ३४ धावांनी विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319709.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = सुसंता दिस्सनायके (श्री) आणि दीपल गुणवर्दने (श्री‌) | toss = भारत महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[जेमिमाह रॉड्रिगेस]] (भारत) | टिपा = }} ===२रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २५ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १२५/७ (२० षटके) | धावा१ = [[विश्मी गुणरत्ने]] ४५ (५०) | बळी१ = [[दीप्ती शर्मा]] २/३४ (४ षटके) | धावसंख्या२ = १२७/५ (१९.१ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ३९ (३४) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] २/१८ (४ षटके) | निकाल = भारत महिला ५ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319710.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = दीपल गुणवर्दने (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री‌) | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | टिपा = }} ===३रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = २७ जून २०२२ | round = | time = १४:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = १३८/५ (२० षटके) | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ३९[[नाबाद|*]] (३३) | बळी१ = [[ओशादि रणसिंघे]] १/१३ (३ षटके) | धावसंख्या२ = १४१/३ (१७ षटके) | धावा२ = [[चामरी अटापट्टू]] ८०[[नाबाद|*]] (४८) | बळी२ = [[रेणुका सिंग]] १/२७ (४ षटके) | निकाल = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319711.html धावफलक] | स्थळ = [[रणगिरी दाम्बुला आंतरराष्ट्रीय मैदान]], [[डंबुला]] | पंच = सुसंता दिस्सनायके (श्री) आणि रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) | toss = भारत महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[चामरी अटापट्टू]] (श्रीलंका) | टिपा = }} ==[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा]] - महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका== ===१ला सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = १ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १७१ (४८.२ षटके) | धावा१ = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४३ (६३) | बळी१ = [[दीप्ती शर्मा]] ३/२५ (८.२ षटके) | धावसंख्या२ = १७६/६ (३८ षटके) | धावा२ = [[हरमनप्रीत कौर]] ४४ (६३) | बळी२ = [[इनोका रणवीरा]] ४/३९ (१० षटके) | निकाल = भारत महिला ४ गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319712.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = रनमोरे मार्टिनेझ (श्री) आणि [[प्रगीथ राम्बुकवेल्ला]] (श्री) | toss = श्रीलंका महिला, फलंदाजी. | पाऊस = | सामनावीर = [[दीप्ती शर्मा]] (भारत) | टिपा = [[रश्मी डि सिल्व्हा]] (श्री) हिने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. *''[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} ===२रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ४ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|SL}} | संघ२ = {{crw|IND}} | धावसंख्या१ = १७३ (५० षटके‌) | धावा१ = [[अमा कंचना]] ४७[[नाबाद|*]] (८३) | बळी१ = [[रेणुका सिंग]] ४/२८ (१० षटके) | धावसंख्या२ = १७४/० (२५.४ षटके) | धावा२ = [[स्म्रिती मंधाना]] ९४[[नाबाद|*]] (८३) | बळी२ = | निकाल = भारत महिला १० गडी राखून विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319713.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = [[लायडन हानीबल]] (श्री)‌ आणि [[प्रगीथ राम्बुकवेल्ला]] (श्री) | toss = भारत महिला, क्षेत्ररक्षण. | पाऊस = | सामनावीर = [[रेणुका सिंग]] (भारत) | टिपा = [[विश्मी गुणरत्ने]] (श्री) हिने महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. *''[[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} ===३रा सामना=== {{माहितीचौकट मर्यादित षटकांचे सामने | तारीख = ७ जुलै २०२२ | round = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला स्पर्धा]] | time = १०:०० | daynight = | संघ१ = {{crw-rt|IND}} | संघ२ = {{crw|SL}} | धावसंख्या१ = २५५/९ (५० षटके) | धावा१ = [[हरमनप्रीत कौर]] ७५ (८८) | बळी१ = [[इनोका रणवीरा]] २/२२ (१० षटके) | धावसंख्या२ = २१६ (४७.३ षटके) | धावा२ = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४८[[नाबाद|*]] (५९) | बळी२ = [[राजेश्वरी गायकवाड]] ३/३६ (१० षटके) | निकाल = भारत महिला ३९ धावांनी विजयी. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1319714.html धावफलक] | स्थळ = [[पलेकेले आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान]], [[कँडी]] | पंच = [[रुचिरा पल्लियागुरुगे]] (श्री) आणि [[रविंद्र विमलासीरी]] (श्री) | toss = श्रीलंका महिला, क्षेत्ररक्षण. | पाऊस = | सामनावीर = [[हरमनप्रीत कौर]] (भारत) | टिपा = [[२०२२-२५ आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा|आयसीसी महिला अजिंक्यपद स्पर्धा गुण]] : भारत महिला - २, श्रीलंका महिला - ०. }} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२२}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २०२२ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] 5v4zdoa6snf1ykbvsymdyo23h4xfz4i वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे 14 306882 2702938 2603315 2026-08-17T05:22:34Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702938 wikitext text/x-wiki भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] sg623l6meclgtevhgu7pwaolvqdr2h0 विंडोज लाइव्ह गट 0 315598 2702905 2186826 2026-08-17T00:00:22Z Xqbot 6858 Bot: Fixing double redirect from [[वनड्राइव्ह गट]] to [[वनड्राइव्ह ग्रुप्स]] 2702905 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[वनड्राइव्ह ग्रुप्स]] ocexd9yh77flclgg7yrh1hjoz5kgce6 चर्चा:विंडोज लाइव्ह गट 1 315599 2702891 2186828 2026-08-16T15:46:42Z EmausBot 9929 Bot: Fixing double redirect from [[चर्चा:वनड्राइव्ह गट]] to [[चर्चा:वनड्राइव्ह ग्रूप्स]] 2702891 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[चर्चा:वनड्राइव्ह ग्रूप्स]] 9kq1yscpb5u4k764moud7zkwopv4rzc वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१२-१३ 0 323644 2702953 2603325 2026-08-17T05:25:13Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702953 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१२-१३ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = WestIndiesCricketFlagPre1999.svg | team2_name = वेस्ट इंडीज | from_date = २२ फेब्रुवारी | to_date = ८ मार्च २०१३ | team1_captain = शशिकला सिरिवर्धने | team2_captain = मेरिसा अगुइलेरा | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = दीपिका रासंगिका (८९) | team2_ODIs_most_runs = [[शेमेन कॅम्पबेल]] (१४३) | team1_ODIs_most_wickets = चमणी सेनेविरत्न (७) | team2_ODIs_most_wickets = स्टेफानी टेलर (४) <br> [[शेमेन कॅम्पबेल]] (४) <br> ट्रेमेने स्मार्ट (४) | player_of_ODI_series = [[शेमेन कॅम्पबेल]] (वेस्ट इंडीज) | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 4 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = एशानी लोकसूर्यागे (९५) | team2_twenty20s_most_runs = स्टेफानी टेलर (१४०) | team1_twenty20s_most_wickets = एशानी लोकसूर्यागे (९) | team2_twenty20s_most_wickets = शानेल डेले (१०) | player_of_twenty20_series = स्टेफानी टेलर (वेस्ट इंडीज) }} वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाने फेब्रुवारी आणि मार्च २०१३ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. ते श्रीलंकेविरुद्ध तीन एकदिवसीय आणि पाच ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय सामने खेळले, एकदिवसीय मालिका २-१ ने जिंकली आणि टी२०आ मालिका ४-१ ने जिंकली. २०१२ आयसीसी महिला विश्व ट्वेंटी-२० मध्ये दोन्ही बाजूंच्या सहभागानंतर हा दौरा झाला.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236 |title=West Indies Women tour of Sri Lanka 2012/13 |access-date=14 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/19/West_Indies_Women_in_Sri_Lanka_2012-13.html |title=West Indies Women in Sri Lanka 2012/13 |access-date=14 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २२ फेब्रुवारी २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = १६४/९ (५० षटके) | runs1 = दीपिका रासंगिका २८ (३८) | wickets1 = शकेरा सेलमन २/८ (१० षटके) | score2 = १६५/६ (३८ षटके) | runs2 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ४३ (३९) | wickets2 = चमणी सेनेविरत्न २/२३ (१० षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ४ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-1st-odi-603239/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि रवींद्र कोट्टाहाची (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २४ फेब्रुवारी २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १८०/८ (५० षटके) | runs1 = [[शेमेन कॅम्पबेल]] १०५ (१३८) | wickets1 = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] ३/१९ (६ षटके) | score2 = १८४/६ (४५.३ षटके) | runs2 = दीपिका रासंगिका ५५ (९१) | wickets2 = स्टेफानी टेलर २/३१ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ४ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2nd-odi-603240/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = रवींद्र कोठाहाची (श्रीलंका) आणि सेना नदीवीरा (श्रीलंका) | motm = | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = निपुनी हंसिका (श्रीलंका) ने महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २४ फेब्रुवारी २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १९१/९ (५० षटके) | runs1 = मेरिसा अगुइलेरा २९ (६३) | wickets1 = चमणी सेनेविरत्न ४/३३ (१० षटके) | score2 = १५८/९ (५० षटके) | runs2 = शशिकला सिरिवर्धने २९ (७८) | wickets2 = ट्रेमेने स्मार्ट २/२६ (१० षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ३३ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-odi-603241/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि सेना नंदीवीरा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ==महिला टी२०आ मालिका== ===पहिली टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = ८७/७ (२० षटके) | runs1 = एशानी लोकसूर्यागे २५ (२२) | wickets1 = शकेरा सेलमन २/१४ (४ षटके) | score2 = ९०/८ (२० षटके) | runs2 = मेरिसा अगुइलेरा ३४[[नाबाद|*]] (३९) | wickets2 = एशानी लोकसूर्यागे ३/१८ (४ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला २ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-1st-t20i-603242/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि निशान धनसिंघे (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = ओशादी रणसिंघे (श्रीलंका) यांनी तिचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. }} ===दुसरी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ३ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = ७३/८ (२० षटके) | runs1 = चमणी सेनेविरत्न १२[[नाबाद|*]] (१२) | wickets1 = सुब्रिना मुनरो २/१० (४ षटके) | score2 = ७४/४ (१५.४ षटके) | runs2 = [[किशोना नाइट]] २४[[नाबाद|*]] (३१) | wickets2 = एशानी लोकसूर्यागे २/१३ (३ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिलांनी ६ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2nd-t20i-603243/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = दीपालू गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि रोहिथा कोथाच्ची (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = अमा कांचना (श्रीलंका) यांनी तिचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. }} ===तिसरी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ५ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १४५/६ (२० षटके) | runs1 = स्टेफानी टेलर ७५ (४६) | wickets1 = शशिकला सिरिवर्धने २/१८ (४ षटके) | score2 = १११ (१९.२ षटके) | runs2 = शशिकला सिरिवर्धने ४६ (३८) | wickets2 = शानेल डेले ५/१५ (४ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ३४ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-t20i-603244/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = मिशन धनसिंगे (श्रीलंका) आणि रोहिथा कोठाची (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===चौथी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ७ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १०१ (१९.४ षटके) | runs1 = स्टेफानी टेलर ४० (३३) | wickets1 = शशिकला सिरिवर्धने ३/१९ (४ षटके) | score2 = १०२/६ (१९.३ षटके) | runs2 = दीपिका रासंगिका १९[[नाबाद|*]] (२४) | wickets2 = स्टेफानी टेलर २/२२ (४ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ४ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-4th-t20i-603245/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि रोहिथा कोथाच्ची (श्रीलंका) | motm = | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = निलाक्षी डी सिल्वा, निपुनी हंसिका (श्रीलंका) आणि जून ओगले (वेस्ट इंडीज) यांनी त्यांचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. }} ===पाचवी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ८ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १२२/५ (२० षटके) | runs1 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ४३ (३३) | wickets1 = [[उदेशिका प्रबोधनी]] २/८ (४ षटके) | score2 = ११५ (२० षटके) | runs2 = एशानी लोकसूर्यागे ४४ (२६) | wickets2 = शानेल डेले ४/३३ (४ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ७ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-5th-t20i-603246/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = लँडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि निशान धनसिंघे (श्रीलंका) | motm = | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २०१३ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] jsw9nwp3d504qv1al6afgsp0uul77bw 2702972 2702953 2026-08-17T05:36:35Z Nitin.kunjir 4684 /* संदर्भ */ 2702972 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१२-१३ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = WestIndiesCricketFlagPre1999.svg | team2_name = वेस्ट इंडीज | from_date = २२ फेब्रुवारी | to_date = ८ मार्च २०१३ | team1_captain = शशिकला सिरिवर्धने | team2_captain = मेरिसा अगुइलेरा | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = दीपिका रासंगिका (८९) | team2_ODIs_most_runs = [[शेमेन कॅम्पबेल]] (१४३) | team1_ODIs_most_wickets = चमणी सेनेविरत्न (७) | team2_ODIs_most_wickets = स्टेफानी टेलर (४) <br> [[शेमेन कॅम्पबेल]] (४) <br> ट्रेमेने स्मार्ट (४) | player_of_ODI_series = [[शेमेन कॅम्पबेल]] (वेस्ट इंडीज) | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 4 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = एशानी लोकसूर्यागे (९५) | team2_twenty20s_most_runs = स्टेफानी टेलर (१४०) | team1_twenty20s_most_wickets = एशानी लोकसूर्यागे (९) | team2_twenty20s_most_wickets = शानेल डेले (१०) | player_of_twenty20_series = स्टेफानी टेलर (वेस्ट इंडीज) }} वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाने फेब्रुवारी आणि मार्च २०१३ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. ते श्रीलंकेविरुद्ध तीन एकदिवसीय आणि पाच ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय सामने खेळले, एकदिवसीय मालिका २-१ ने जिंकली आणि टी२०आ मालिका ४-१ ने जिंकली. २०१२ आयसीसी महिला विश्व ट्वेंटी-२० मध्ये दोन्ही बाजूंच्या सहभागानंतर हा दौरा झाला.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236 |title=West Indies Women tour of Sri Lanka 2012/13 |access-date=14 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/19/West_Indies_Women_in_Sri_Lanka_2012-13.html |title=West Indies Women in Sri Lanka 2012/13 |access-date=14 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २२ फेब्रुवारी २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = १६४/९ (५० षटके) | runs1 = दीपिका रासंगिका २८ (३८) | wickets1 = शकेरा सेलमन २/८ (१० षटके) | score2 = १६५/६ (३८ षटके) | runs2 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ४३ (३९) | wickets2 = चमणी सेनेविरत्न २/२३ (१० षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ४ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-1st-odi-603239/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि रवींद्र कोट्टाहाची (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २४ फेब्रुवारी २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १८०/८ (५० षटके) | runs1 = [[शेमेन कॅम्पबेल]] १०५ (१३८) | wickets1 = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] ३/१९ (६ षटके) | score2 = १८४/६ (४५.३ षटके) | runs2 = दीपिका रासंगिका ५५ (९१) | wickets2 = स्टेफानी टेलर २/३१ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ४ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2nd-odi-603240/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = रवींद्र कोठाहाची (श्रीलंका) आणि सेना नदीवीरा (श्रीलंका) | motm = | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = निपुनी हंसिका (श्रीलंका) ने महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २४ फेब्रुवारी २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १९१/९ (५० षटके) | runs1 = मेरिसा अगुइलेरा २९ (६३) | wickets1 = चमणी सेनेविरत्न ४/३३ (१० षटके) | score2 = १५८/९ (५० षटके) | runs2 = शशिकला सिरिवर्धने २९ (७८) | wickets2 = ट्रेमेने स्मार्ट २/२६ (१० षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ३३ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-odi-603241/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि सेना नंदीवीरा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ==महिला टी२०आ मालिका== ===पहिली टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = ८७/७ (२० षटके) | runs1 = एशानी लोकसूर्यागे २५ (२२) | wickets1 = शकेरा सेलमन २/१४ (४ षटके) | score2 = ९०/८ (२० षटके) | runs2 = मेरिसा अगुइलेरा ३४[[नाबाद|*]] (३९) | wickets2 = एशानी लोकसूर्यागे ३/१८ (४ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला २ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-1st-t20i-603242/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि निशान धनसिंघे (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = ओशादी रणसिंघे (श्रीलंका) यांनी तिचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. }} ===दुसरी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ३ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = ७३/८ (२० षटके) | runs1 = चमणी सेनेविरत्न १२[[नाबाद|*]] (१२) | wickets1 = सुब्रिना मुनरो २/१० (४ षटके) | score2 = ७४/४ (१५.४ षटके) | runs2 = [[किशोना नाइट]] २४[[नाबाद|*]] (३१) | wickets2 = एशानी लोकसूर्यागे २/१३ (३ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिलांनी ६ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2nd-t20i-603243/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = दीपालू गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि रोहिथा कोथाच्ची (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = अमा कांचना (श्रीलंका) यांनी तिचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. }} ===तिसरी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ५ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १४५/६ (२० षटके) | runs1 = स्टेफानी टेलर ७५ (४६) | wickets1 = शशिकला सिरिवर्धने २/१८ (४ षटके) | score2 = १११ (१९.२ षटके) | runs2 = शशिकला सिरिवर्धने ४६ (३८) | wickets2 = शानेल डेले ५/१५ (४ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ३४ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-t20i-603244/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = मिशन धनसिंगे (श्रीलंका) आणि रोहिथा कोठाची (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===चौथी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ७ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १०१ (१९.४ षटके) | runs1 = स्टेफानी टेलर ४० (३३) | wickets1 = शशिकला सिरिवर्धने ३/१९ (४ षटके) | score2 = १०२/६ (१९.३ षटके) | runs2 = दीपिका रासंगिका १९[[नाबाद|*]] (२४) | wickets2 = स्टेफानी टेलर २/२२ (४ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ४ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-4th-t20i-603245/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि रोहिथा कोथाच्ची (श्रीलंका) | motm = | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = निलाक्षी डी सिल्वा, निपुनी हंसिका (श्रीलंका) आणि जून ओगले (वेस्ट इंडीज) यांनी त्यांचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. }} ===पाचवी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ८ मार्च २०१३ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १२२/५ (२० षटके) | runs1 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ४३ (३३) | wickets1 = [[उदेशिका प्रबोधनी]] २/८ (४ षटके) | score2 = ११५ (२० षटके) | runs2 = एशानी लोकसूर्यागे ४४ (२६) | wickets2 = शानेल डेले ४/३३ (४ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ७ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2012-13-603236/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-5th-t20i-603246/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = लँडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि निशान धनसिंघे (श्रीलंका) | motm = | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २०१३ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] 7jmz6gssqtsk389nzvdotkpo635woxg वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१५ 0 324187 2702954 2603329 2026-08-17T05:25:17Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702954 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१५ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name= श्रीलंका | team1_captain = प्रसादानी वीराक्कोडी - पहिले दोन वनडे. <br /> [[चामरी अटपट्टू]] - पुढील दोन वनडे आणि टी२०आ सामने | team2_image = WestIndiesCricketFlagPre1999.svg | team2_name = वेस्ट इंडीज | team2_captain = मेरिसा अगुइलेरा - वनडे आणि टी२०आ | from_date = १३ मे | to_date = २६ मे २०१५ | no_of_ODIs = 4 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 3 | team1_ODIs_most_runs = शशिकला सिरिवर्धने (८८) | team2_ODIs_most_runs = [[डिआंड्रा डॉटिन]] (१७५) | team1_ODIs_most_wickets = [[इनोका रणवीरा]] (५) | team2_ODIs_most_wickets = हेली मॅथ्यूज (८) | player_of_ODI_series = [[डिआंड्रा डॉटिन]] (वेस्ट इंडीज महिला) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 1 | team2_twenty20s_won = 2 | team1_twenty20s_most_runs = [[चामरी अटपट्टू]] (८७) | team2_twenty20s_most_runs = स्टेफनी टेलर (१८७) | team1_twenty20s_most_wickets = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] (२) | team2_twenty20s_most_wickets = हेली मॅथ्यूज (५) | player_of_twenty20_series =हेली मॅथ्यूज (वेस्ट इंडीज महिला) }} वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाने १३ ते २६ मे २०१५ दरम्यान श्रीलंकेचा दौरा केला होता. या दौऱ्यात चार एकदिवसीय आंतरराष्ट्रीय (वनडे) आणि तीन ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय (टी२०आ) सामील होते. एकदिवसीय मालिकेतील नंतरचे तीन सामने आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग होते. वेस्ट इंडीजने दोन्ही मालिका, एकदिवसीय सामने ३-१ ने आणि टी२०आ २-१ ने जिंकले. <ref name="ESPN Cricinfo">{{cite web |url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/856105.html?template=fixtures |title=Women's Cricket 2015: Sri Lanka v West Indies ODI schedule|access-date= 16 May 2015 |website=Espncricinfo.com}}</ref> ==एकदिवसीय मालिका== {{main|२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप}} ===पहिला सामना=== {{Limited overs matches | date = १३ मे २०१५ | time = ०९:५० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team1 = {{crw-rt|SRI}} | score1 = १४९ (४९.५ षटके) | score2 = १५३/५ (४०.१ षटके) | team2 = {{crw|WIN}} | runs1 = [[प्रसादानी वीराक्कोडी]] ४२ (७०) | wickets1 = [[हेली मॅथ्यूज]] ३/१९ (७ षटके) | runs2 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ८४* (११३) | wickets2 = [[एशानी कौशल्या]] २/४ (३ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ५ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/current/match/856109.html?version=iframe धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = [[डिआंड्रा डॉटिन]] (वेस्ट इंडीज महिला) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी हा पराभव जिंकला आणि फलंदाजीचा निर्णय घेतला | rain = | notes = चथुरानी गुणवर्धने (श्रीलंका) हिने महिला वनडे पदार्पण केले }} ===दुसरा सामना=== {{Limited overs matches | date = १५ मे २०१५ | time = ०९:५० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team2 = {{crw|SRI}} | score2 = १२७/४ (३९.२ षटके) | score1 = १२४ (४२.३ षटके) | team1 = {{crw-rt|WIN}} | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ४२* (७२) | wickets2 = [[अनिसा मोहम्मद]] १/२२ (१० षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ४३ (७०) | wickets1 = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ४/३० (९.३ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ६ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/856111.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[रुचिरा पल्लियागुरुगे]] (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = शशिकला सिरिवर्धने (श्रीलंका महिला) | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला २, वेस्ट इंडीज महिला ० }} ===तिसरा सामना=== {{Limited overs matches | date = १८ मे २०१५ | time = ०९:५० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team2 = {{crw|SRI}} | score2 = १७०/८ (४०.२ षटके) | score1 = २१५/३ (५० षटके) | team1 = {{crw-rt|WIN}} | runs2 = [[निपुनी हंसिका]] ५०* (७१) | wickets2 = [[अफि फ्लेचर]] २/२५ (९ षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ८६* (११२) | wickets1 = [[सुगंधिका कुमारी]] ३/४८ (१० षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला १८ धावांनी विजयी ([[डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धत]]) | report = [http://www.espncricinfo.com/icc-womens-championship-2014-16/engine/current/match/856113.html?version=iframe धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[रणमोर मार्टिनेझ]] (श्रीलंका) आणि [[रुचिरा पल्लियागुरूगे]] (श्रीलंका) | motm = [[स्टेफानी टेलर]] (वेस्ट इंडीज) | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = श्रीलंकेच्या महिलांच्या २४.४ षटकात ९९/४ असताना पावसाने खेळ थांबवला | notes = श्रीलंका महिलांचे सुधारित लक्ष्य ४६ षटकांत २०९ धावांचे होते *''आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, वेस्ट इंडीज महिला २ }} ===चौथा सामना=== {{Limited overs matches | date = २० मे २०१५ | time = ०९:५० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team2 = {{crw|SRI}} | score2 = १२५ (४५.२ षटके) | score1 = १५६ (४७.३ षटके) | team1 = {{crw-rt|WIN}} | runs2 = [[एशानी कौशल्या]] ३० (५०) | wickets2 = [[हेली मॅथ्यूज]] ३/७ (३.२ षटके) | runs1 = [[ब्रिटनी कूपर]] ४६ (६५) | wickets1 = [[इनोका रणवीरा]] ३/१७ (१० षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ३१ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/icc-womens-championship-2014-16/engine/current/match/856115.html?version=iframe धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = रणमोर मार्टिनेझ (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = [[ब्रिटनी कूपर]] (वेस्ट इंडीज महिला) | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, वेस्ट इंडीज महिला २ }} ==टी२०आ मालिका== ===पहिली टी२०आ=== {{Limited overs matches | date = २३ मे २०१५ | time = १०:०० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team2 = {{crw|SRI}} | score2 = ८८/६ (१५.२ षटके) | score1 = १०९/६ (२० षटके) | team1 = {{crw-rt|WIN}} | runs2 = [[दिलानी मनोदरा]] २८ (२१) | wickets2 = [[अनिसा मोहम्मद]] २/१५ (३.२ षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ४० (४१) | wickets1 = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] २/१३ (३ षटके) | result = श्रीलंका महिला ५ धावांनी विजयी ([[डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धत]]) | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/856117.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = प्रदीप उदावत्ता (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला | rain = श्रीलंकेच्या महिलांची धावसंख्या ८८/६ असताना पावसाने खेळ थांबवला. | notes = }} ===दुसरी टी२०आ=== {{Limited overs matches | date = २५ मे २०१५ | time = १०:०० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team1 = {{crw-rt|SRI}} | score1 = १२४/५ (२० षटके) | score2 = १२५/२ (१८.५ षटके) | team2 = {{crw|WIN}} | runs1 = [[दिलानी मनोदरा]] ३० (३४) | wickets1 = स्टेफनी टेलर २/२० (३.५ षटके) | runs2 = स्टेफनी टेलर ५९* (४९) | wickets2 = [[उदेशिका प्रबोधनी]] १/२५ (३.५ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/current/match/856119.html?version=iframe धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = रोहिथा कोथाच्ची (श्रीलंका) आणि राममोर मार्टिनेझ (श्रीलंका) | motm = स्टेफानी टेलर (वेस्ट इंडीज) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला | rain = | notes = }} ===तिसरी टी२०आ=== {{Limited overs matches | date = २६ मे २०१५ | time = १४:०० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team1 = {{crw-rt|SRI}} | score1 = ७४/९ (२० षटके) | score2 = ७५/१ (११.२ षटके) | team2 = {{crw|WIN}} | runs1 = [[चामरी अटपट्टू]] ४३ (४८) | wickets1 = हेली मॅथ्यूज ४/१० (४ षटके) | runs2 = स्टेफनी टेलर ३८ (३५) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] १/७ (१.२ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ९ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/856121.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = रोहिता कोठाहाची (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = हेली मॅथ्यूज (वेस्ट इंडीज) | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २०१५ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] m3pi2ob4vl8gxkcq5jo3vrw4hyhf7x4 2702971 2702954 2026-08-17T05:36:27Z Nitin.kunjir 4684 /* संदर्भ */ 2702971 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१५ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name= श्रीलंका | team1_captain = प्रसादानी वीराक्कोडी - पहिले दोन वनडे. <br /> [[चामरी अटपट्टू]] - पुढील दोन वनडे आणि टी२०आ सामने | team2_image = WestIndiesCricketFlagPre1999.svg | team2_name = वेस्ट इंडीज | team2_captain = मेरिसा अगुइलेरा - वनडे आणि टी२०आ | from_date = १३ मे | to_date = २६ मे २०१५ | no_of_ODIs = 4 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 3 | team1_ODIs_most_runs = शशिकला सिरिवर्धने (८८) | team2_ODIs_most_runs = [[डिआंड्रा डॉटिन]] (१७५) | team1_ODIs_most_wickets = [[इनोका रणवीरा]] (५) | team2_ODIs_most_wickets = हेली मॅथ्यूज (८) | player_of_ODI_series = [[डिआंड्रा डॉटिन]] (वेस्ट इंडीज महिला) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 1 | team2_twenty20s_won = 2 | team1_twenty20s_most_runs = [[चामरी अटपट्टू]] (८७) | team2_twenty20s_most_runs = स्टेफनी टेलर (१८७) | team1_twenty20s_most_wickets = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] (२) | team2_twenty20s_most_wickets = हेली मॅथ्यूज (५) | player_of_twenty20_series =हेली मॅथ्यूज (वेस्ट इंडीज महिला) }} वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाने १३ ते २६ मे २०१५ दरम्यान श्रीलंकेचा दौरा केला होता. या दौऱ्यात चार एकदिवसीय आंतरराष्ट्रीय (वनडे) आणि तीन ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय (टी२०आ) सामील होते. एकदिवसीय मालिकेतील नंतरचे तीन सामने आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग होते. वेस्ट इंडीजने दोन्ही मालिका, एकदिवसीय सामने ३-१ ने आणि टी२०आ २-१ ने जिंकले. <ref name="ESPN Cricinfo">{{cite web |url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/856105.html?template=fixtures |title=Women's Cricket 2015: Sri Lanka v West Indies ODI schedule|access-date= 16 May 2015 |website=Espncricinfo.com}}</ref> ==एकदिवसीय मालिका== {{main|२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप}} ===पहिला सामना=== {{Limited overs matches | date = १३ मे २०१५ | time = ०९:५० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team1 = {{crw-rt|SRI}} | score1 = १४९ (४९.५ षटके) | score2 = १५३/५ (४०.१ षटके) | team2 = {{crw|WIN}} | runs1 = [[प्रसादानी वीराक्कोडी]] ४२ (७०) | wickets1 = [[हेली मॅथ्यूज]] ३/१९ (७ षटके) | runs2 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ८४* (११३) | wickets2 = [[एशानी कौशल्या]] २/४ (३ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ५ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/current/match/856109.html?version=iframe धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = [[डिआंड्रा डॉटिन]] (वेस्ट इंडीज महिला) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी हा पराभव जिंकला आणि फलंदाजीचा निर्णय घेतला | rain = | notes = चथुरानी गुणवर्धने (श्रीलंका) हिने महिला वनडे पदार्पण केले }} ===दुसरा सामना=== {{Limited overs matches | date = १५ मे २०१५ | time = ०९:५० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team2 = {{crw|SRI}} | score2 = १२७/४ (३९.२ षटके) | score1 = १२४ (४२.३ षटके) | team1 = {{crw-rt|WIN}} | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ४२* (७२) | wickets2 = [[अनिसा मोहम्मद]] १/२२ (१० षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ४३ (७०) | wickets1 = [[शशिकला सिरिवर्दने]] ४/३० (९.३ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ६ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/856111.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[रुचिरा पल्लियागुरुगे]] (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = शशिकला सिरिवर्धने (श्रीलंका महिला) | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला २, वेस्ट इंडीज महिला ० }} ===तिसरा सामना=== {{Limited overs matches | date = १८ मे २०१५ | time = ०९:५० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team2 = {{crw|SRI}} | score2 = १७०/८ (४०.२ षटके) | score1 = २१५/३ (५० षटके) | team1 = {{crw-rt|WIN}} | runs2 = [[निपुनी हंसिका]] ५०* (७१) | wickets2 = [[अफि फ्लेचर]] २/२५ (९ षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ८६* (११२) | wickets1 = [[सुगंधिका कुमारी]] ३/४८ (१० षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला १८ धावांनी विजयी ([[डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धत]]) | report = [http://www.espncricinfo.com/icc-womens-championship-2014-16/engine/current/match/856113.html?version=iframe धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[रणमोर मार्टिनेझ]] (श्रीलंका) आणि [[रुचिरा पल्लियागुरूगे]] (श्रीलंका) | motm = [[स्टेफानी टेलर]] (वेस्ट इंडीज) | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = श्रीलंकेच्या महिलांच्या २४.४ षटकात ९९/४ असताना पावसाने खेळ थांबवला | notes = श्रीलंका महिलांचे सुधारित लक्ष्य ४६ षटकांत २०९ धावांचे होते *''आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, वेस्ट इंडीज महिला २ }} ===चौथा सामना=== {{Limited overs matches | date = २० मे २०१५ | time = ०९:५० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team2 = {{crw|SRI}} | score2 = १२५ (४५.२ षटके) | score1 = १५६ (४७.३ षटके) | team1 = {{crw-rt|WIN}} | runs2 = [[एशानी कौशल्या]] ३० (५०) | wickets2 = [[हेली मॅथ्यूज]] ३/७ (३.२ षटके) | runs1 = [[ब्रिटनी कूपर]] ४६ (६५) | wickets1 = [[इनोका रणवीरा]] ३/१७ (१० षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ३१ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/icc-womens-championship-2014-16/engine/current/match/856115.html?version=iframe धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = रणमोर मार्टिनेझ (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = [[ब्रिटनी कूपर]] (वेस्ट इंडीज महिला) | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, वेस्ट इंडीज महिला २ }} ==टी२०आ मालिका== ===पहिली टी२०आ=== {{Limited overs matches | date = २३ मे २०१५ | time = १०:०० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team2 = {{crw|SRI}} | score2 = ८८/६ (१५.२ षटके) | score1 = १०९/६ (२० षटके) | team1 = {{crw-rt|WIN}} | runs2 = [[दिलानी मनोदरा]] २८ (२१) | wickets2 = [[अनिसा मोहम्मद]] २/१५ (३.२ षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ४० (४१) | wickets1 = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] २/१३ (३ षटके) | result = श्रीलंका महिला ५ धावांनी विजयी ([[डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धत]]) | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/856117.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = प्रदीप उदावत्ता (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला | rain = श्रीलंकेच्या महिलांची धावसंख्या ८८/६ असताना पावसाने खेळ थांबवला. | notes = }} ===दुसरी टी२०आ=== {{Limited overs matches | date = २५ मे २०१५ | time = १०:०० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team1 = {{crw-rt|SRI}} | score1 = १२४/५ (२० षटके) | score2 = १२५/२ (१८.५ षटके) | team2 = {{crw|WIN}} | runs1 = [[दिलानी मनोदरा]] ३० (३४) | wickets1 = स्टेफनी टेलर २/२० (३.५ षटके) | runs2 = स्टेफनी टेलर ५९* (४९) | wickets2 = [[उदेशिका प्रबोधनी]] १/२५ (३.५ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/current/match/856119.html?version=iframe धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = रोहिथा कोथाच्ची (श्रीलंका) आणि राममोर मार्टिनेझ (श्रीलंका) | motm = स्टेफानी टेलर (वेस्ट इंडीज) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला | rain = | notes = }} ===तिसरी टी२०आ=== {{Limited overs matches | date = २६ मे २०१५ | time = १४:०० [[श्रीलंका प्रमाण वेळ|एसएलएसटी]]<br />(युटीसी+०५:३०) | daynight = | team1 = {{crw-rt|SRI}} | score1 = ७४/९ (२० षटके) | score2 = ७५/१ (११.२ षटके) | team2 = {{crw|WIN}} | runs1 = [[चामरी अटपट्टू]] ४३ (४८) | wickets1 = हेली मॅथ्यूज ४/१० (४ षटके) | runs2 = स्टेफनी टेलर ३८ (३५) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] १/७ (१.२ षटके) | result = वेस्ट इंडीज महिला ९ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/856121.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = रोहिता कोठाहाची (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = हेली मॅथ्यूज (वेस्ट इंडीज) | toss = वेस्ट इंडीजच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २०१५ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] pt1134w8um2o3mdbm9ha485jxaold4r ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१६ 0 324412 2702943 2603320 2026-08-17T05:23:49Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702943 wikitext text/x-wiki {{Infobox women's cricket tour | series_name = २०१६-१७ मध्ये ऑस्ट्रेलिया महिलांचा श्रीलंका दौरा | team1_image = Flag_of_Sri_Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag_of_Australia.svg | team2_name = ऑस्ट्रेलिया महिला | from_date = १५ | to_date = २७ सप्टेंबर २०१६ | team1_captain = चामरी अथपथु | team2_captain = [[मेग लॅनिंग]] | no_of_ODIs = 4 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 4 | team1_ODIs_most_runs = चामरी पोलगांपोला (९१) | team2_ODIs_most_runs = [[निकोल बोल्टन]] (२३१) | team1_ODIs_most_wickets = चामरी अथपथु (६) | team2_ODIs_most_wickets = क्रिस्टन बीम्स (१३) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 1 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = लसंती मदशानी (१७) | team2_twenty20s_most_runs = [[एलिस व्हिलानी]] (३४) | team1_twenty20s_most_wickets = | team2_twenty20s_most_wickets = क्रिस्टन बीम्स (३) | player_of_twenty20_series = }} ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाने सप्टेंबर २०१६ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. या दौऱ्यात चार एकदिवसीय आंतरराष्ट्रीय (वनडे) आणि एक ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय (टी२०आ) मालिका होती. चार पैकी तीन महिला एकदिवसीय सामने चालू २०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग होते.<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/1044195.html|title=Australia Women tour of Sri Lanka|work=Cricinfo}}</ref> ऑस्ट्रेलियाने एकदिवसीय मालिका ४-० ने जिंकली आणि एकमेव टी२०आ सामना १० गडी राखून जिंकला. महिलांच्या सामन्यात, चेंडू शिल्लक असताना ऑस्ट्रेलियाचा टी२०आ मधील विजयाचा सर्वात मोठा फरक होता.<ref name=T20I>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/women/content/story/1059354.html|title=Australia Women thump Sri Lanka by record margin|work=Cricinfo}}</ref> == एकदिवसीय मालिका == === पहिला सामना === {{Single-innings cricket match | date =१८ सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = ७६ (२४.५ षटके) | runs1 = [[इनोका रणवीरा]] ३२[[नाबाद|*]] (४३) | wickets1 = होली फेर्लिंग ३/४ (४ षटके) | score2 = ७९/६ (१५.४ षटके) | runs2 = [[मेग लॅनिंग]] २७ (२१) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] ३/२० (४ षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला ४ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044203.html धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = रवींद्र कोट्टाहाची (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = इनोशी प्रियदर्शनी आणि इमाल्का मेंडिस (श्रीलंका महिला) या दोघांनीही वनडे पदार्पण केले. *''आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २'' *''हा सामना जिंकून, ऑस्ट्रेलिया महिला २०१७ महिला क्रिकेट विश्वचषकासाठी पात्र ठरणारा पहिला संघ ठरला.'' }} === दुसरा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२० सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|AUS}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २५४/८ (५० षटके) | runs1 = [[निकोल बोल्टन]] ६४ (८८) | wickets1 = चामरी अथपथु ३/३१ (१० षटके) | score2 = १७६/९ (५० षटके) | runs2 = चामरी पोलगांपोला ६८ (१३६) | wickets2 = क्रिस्टन बीम्स ४/१५ (१० षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला ७८ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044205.html धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = निलन डी सिल्वा (श्रीलंका) आणि दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = हर्षिता समरविक्रमा (श्रीलंका महिला) यांनी वनडे पदार्पण केले. *''आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २ }} === तिसरा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२३ सप्टेंबर २०१६ | time = ९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = १०२ (३६.५ षटके) | runs1 = [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] ३१ (३७) | wickets1 = [[जेस जोनासेन]] ३/१ (४ षटके) | score2 = १०४/१ (२७.३ षटके) | runs2 = [[एलिस व्हिलानी]] ४८[[नाबाद|*]] (८५) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] १/२७ (६ षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया ९ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044207.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[रुचिरा पल्लियागुरुगे]] (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २ }} === चौथा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२५ सप्टेंबर २०१६ | time = ९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|AUS}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २६८/३ (५० षटके) | runs1 = [[निकोल बोल्टन]] ११३ (१४६) | wickets1 = चामरी अथपथु २/४८ (१० षटके) | score2 = १३१ (४५.४ षटके) | runs2 = [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] ३३ (५७) | wickets2 = क्रिस्टन बीम्स ४/२६ (१० षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला १३७ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044209.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = हेमंथा बोटेजू (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = | rain = | notes = }} ==टी२०आ मालिका== === एकमेव टी२०आ === {{Single-innings cricket match | date =२७ सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = ५९/८ (२० षटके) | runs1 = लसंती मधुशनी १७ (२५) | wickets1 = क्रिस्टन बीम्स ३/११ (४ षटके) | score2 = ६३/० (८.१ षटके) | runs2 = [[एलिस व्हिलानी]] ३४[[नाबाद|*]] (२५) | wickets2 = | result = ऑस्ट्रेलिया महिला १० गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044211.html धावफलक] | venue = सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = हेमंथा बोटेजू (श्रीलंका) आणि दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) | motm = क्रिस्टन बीम्स (ऑस्ट्रेलिया) | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | round = | rain = | notes = महिलांच्या टी२०आ क्रिकेटमधील चेंडू शिल्लक (७१) हा सर्वात मोठा विजय ठरला.<ref name=T20I /> }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २०१६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] siuzhfc3ekig60wvfdgi7t6n3988qfs 2702958 2702943 2026-08-17T05:29:34Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702958 wikitext text/x-wiki {{Infobox women's cricket tour | series_name = २०१६-१७ मध्ये ऑस्ट्रेलिया महिलांचा श्रीलंका दौरा | team1_image = Flag_of_Sri_Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag_of_Australia.svg | team2_name = ऑस्ट्रेलिया महिला | from_date = १५ | to_date = २७ सप्टेंबर २०१६ | team1_captain = चामरी अथपथु | team2_captain = [[मेग लॅनिंग]] | no_of_ODIs = 4 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 4 | team1_ODIs_most_runs = चामरी पोलगांपोला (९१) | team2_ODIs_most_runs = [[निकोल बोल्टन]] (२३१) | team1_ODIs_most_wickets = चामरी अथपथु (६) | team2_ODIs_most_wickets = क्रिस्टन बीम्स (१३) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 1 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = लसंती मदशानी (१७) | team2_twenty20s_most_runs = [[एलिस व्हिलानी]] (३४) | team1_twenty20s_most_wickets = | team2_twenty20s_most_wickets = क्रिस्टन बीम्स (३) | player_of_twenty20_series = }} ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाने सप्टेंबर २०१६ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. या दौऱ्यात चार एकदिवसीय आंतरराष्ट्रीय (वनडे) आणि एक ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय (टी२०आ) मालिका होती. चार पैकी तीन महिला एकदिवसीय सामने चालू २०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग होते.<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/1044195.html|title=Australia Women tour of Sri Lanka|work=Cricinfo}}</ref> ऑस्ट्रेलियाने एकदिवसीय मालिका ४-० ने जिंकली आणि एकमेव टी२०आ सामना १० गडी राखून जिंकला. महिलांच्या सामन्यात, चेंडू शिल्लक असताना ऑस्ट्रेलियाचा टी२०आ मधील विजयाचा सर्वात मोठा फरक होता.<ref name=T20I>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/women/content/story/1059354.html|title=Australia Women thump Sri Lanka by record margin|work=Cricinfo}}</ref> == एकदिवसीय मालिका == === पहिला सामना === {{Single-innings cricket match | date =१८ सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = ७६ (२४.५ षटके) | runs1 = [[इनोका रणवीरा]] ३२[[नाबाद|*]] (४३) | wickets1 = होली फेर्लिंग ३/४ (४ षटके) | score2 = ७९/६ (१५.४ षटके) | runs2 = [[मेग लॅनिंग]] २७ (२१) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] ३/२० (४ षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला ४ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044203.html धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = रवींद्र कोट्टाहाची (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = इनोशी प्रियदर्शनी आणि इमाल्का मेंडिस (श्रीलंका महिला) या दोघांनीही वनडे पदार्पण केले. *''आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २'' *''हा सामना जिंकून, ऑस्ट्रेलिया महिला २०१७ महिला क्रिकेट विश्वचषकासाठी पात्र ठरणारा पहिला संघ ठरला.'' }} === दुसरा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२० सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|AUS}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २५४/८ (५० षटके) | runs1 = [[निकोल बोल्टन]] ६४ (८८) | wickets1 = चामरी अथपथु ३/३१ (१० षटके) | score2 = १७६/९ (५० षटके) | runs2 = चामरी पोलगांपोला ६८ (१३६) | wickets2 = क्रिस्टन बीम्स ४/१५ (१० षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला ७८ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044205.html धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = निलन डी सिल्वा (श्रीलंका) आणि दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = हर्षिता समरविक्रमा (श्रीलंका महिला) यांनी वनडे पदार्पण केले. *''आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २ }} === तिसरा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२३ सप्टेंबर २०१६ | time = ९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = १०२ (३६.५ षटके) | runs1 = [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] ३१ (३७) | wickets1 = [[जेस जोनासेन]] ३/१ (४ षटके) | score2 = १०४/१ (२७.३ षटके) | runs2 = [[एलिस व्हिलानी]] ४८[[नाबाद|*]] (८५) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] १/२७ (६ षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया ९ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044207.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[रुचिरा पल्लियागुरुगे]] (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २ }} === चौथा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२५ सप्टेंबर २०१६ | time = ९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|AUS}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २६८/३ (५० षटके) | runs1 = [[निकोल बोल्टन]] ११३ (१४६) | wickets1 = चामरी अथपथु २/४८ (१० षटके) | score2 = १३१ (४५.४ षटके) | runs2 = [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] ३३ (५७) | wickets2 = क्रिस्टन बीम्स ४/२६ (१० षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला १३७ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044209.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = हेमंथा बोटेजू (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = | rain = | notes = }} ==टी२०आ मालिका== === एकमेव टी२०आ === {{Single-innings cricket match | date =२७ सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = ५९/८ (२० षटके) | runs1 = लसंती मधुशनी १७ (२५) | wickets1 = क्रिस्टन बीम्स ३/११ (४ षटके) | score2 = ६३/० (८.१ षटके) | runs2 = [[एलिस व्हिलानी]] ३४[[नाबाद|*]] (२५) | wickets2 = | result = ऑस्ट्रेलिया महिला १० गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044211.html धावफलक] | venue = सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = हेमंथा बोटेजू (श्रीलंका) आणि दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) | motm = क्रिस्टन बीम्स (ऑस्ट्रेलिया) | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | round = | rain = | notes = महिलांच्या टी२०आ क्रिकेटमधील चेंडू शिल्लक (७१) हा सर्वात मोठा विजय ठरला.<ref name=T20I /> }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २०१६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] 95wdsfet3o41afn0g7pvly5u61z2kt5 2702964 2702958 2026-08-17T05:33:07Z Nitin.kunjir 4684 /* संदर्भ */ 2702964 wikitext text/x-wiki {{Infobox women's cricket tour | series_name = २०१६-१७ मध्ये ऑस्ट्रेलिया महिलांचा श्रीलंका दौरा | team1_image = Flag_of_Sri_Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag_of_Australia.svg | team2_name = ऑस्ट्रेलिया महिला | from_date = १५ | to_date = २७ सप्टेंबर २०१६ | team1_captain = चामरी अथपथु | team2_captain = [[मेग लॅनिंग]] | no_of_ODIs = 4 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 4 | team1_ODIs_most_runs = चामरी पोलगांपोला (९१) | team2_ODIs_most_runs = [[निकोल बोल्टन]] (२३१) | team1_ODIs_most_wickets = चामरी अथपथु (६) | team2_ODIs_most_wickets = क्रिस्टन बीम्स (१३) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 1 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = लसंती मदशानी (१७) | team2_twenty20s_most_runs = [[एलिस व्हिलानी]] (३४) | team1_twenty20s_most_wickets = | team2_twenty20s_most_wickets = क्रिस्टन बीम्स (३) | player_of_twenty20_series = }} ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाने सप्टेंबर २०१६ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. या दौऱ्यात चार एकदिवसीय आंतरराष्ट्रीय (वनडे) आणि एक ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय (टी२०आ) मालिका होती. चार पैकी तीन महिला एकदिवसीय सामने चालू २०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग होते.<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/1044195.html|title=Australia Women tour of Sri Lanka|work=Cricinfo}}</ref> ऑस्ट्रेलियाने एकदिवसीय मालिका ४-० ने जिंकली आणि एकमेव टी२०आ सामना १० गडी राखून जिंकला. महिलांच्या सामन्यात, चेंडू शिल्लक असताना ऑस्ट्रेलियाचा टी२०आ मधील विजयाचा सर्वात मोठा फरक होता.<ref name=T20I>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/women/content/story/1059354.html|title=Australia Women thump Sri Lanka by record margin|work=Cricinfo}}</ref> == एकदिवसीय मालिका == === पहिला सामना === {{Single-innings cricket match | date =१८ सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = ७६ (२४.५ षटके) | runs1 = [[इनोका रणवीरा]] ३२[[नाबाद|*]] (४३) | wickets1 = होली फेर्लिंग ३/४ (४ षटके) | score2 = ७९/६ (१५.४ षटके) | runs2 = [[मेग लॅनिंग]] २७ (२१) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] ३/२० (४ षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला ४ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044203.html धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = रवींद्र कोट्टाहाची (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = इनोशी प्रियदर्शनी आणि इमाल्का मेंडिस (श्रीलंका महिला) या दोघांनीही वनडे पदार्पण केले. *''आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २'' *''हा सामना जिंकून, ऑस्ट्रेलिया महिला २०१७ महिला क्रिकेट विश्वचषकासाठी पात्र ठरणारा पहिला संघ ठरला.'' }} === दुसरा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२० सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|AUS}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २५४/८ (५० षटके) | runs1 = [[निकोल बोल्टन]] ६४ (८८) | wickets1 = चामरी अथपथु ३/३१ (१० षटके) | score2 = १७६/९ (५० षटके) | runs2 = चामरी पोलगांपोला ६८ (१३६) | wickets2 = क्रिस्टन बीम्स ४/१५ (१० षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला ७८ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044205.html धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = निलन डी सिल्वा (श्रीलंका) आणि दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = हर्षिता समरविक्रमा (श्रीलंका महिला) यांनी वनडे पदार्पण केले. *''आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २ }} === तिसरा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२३ सप्टेंबर २०१६ | time = ९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = १०२ (३६.५ षटके) | runs1 = [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] ३१ (३७) | wickets1 = [[जेस जोनासेन]] ३/१ (४ षटके) | score2 = १०४/१ (२७.३ षटके) | runs2 = [[एलिस व्हिलानी]] ४८[[नाबाद|*]] (८५) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] १/२७ (६ षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया ९ गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044207.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[रुचिरा पल्लियागुरुगे]] (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | round = [[२०१४-१६ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | rain = | notes = आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका महिला ०, ऑस्ट्रेलिया महिला २ }} === चौथा सामना === {{Single-innings cricket match | date =२५ सप्टेंबर २०१६ | time = ९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|AUS}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २६८/३ (५० षटके) | runs1 = [[निकोल बोल्टन]] ११३ (१४६) | wickets1 = चामरी अथपथु २/४८ (१० षटके) | score2 = १३१ (४५.४ षटके) | runs2 = [[प्रसादनी वीराक्कोडी]] ३३ (५७) | wickets2 = क्रिस्टन बीम्स ४/२६ (१० षटके) | result = ऑस्ट्रेलिया महिला १३७ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044209.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = हेमंथा बोटेजू (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | round = | rain = | notes = }} ==टी२०आ मालिका== === एकमेव टी२०आ === {{Single-innings cricket match | date =२७ सप्टेंबर २०१६ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|AUS}} | score1 = ५९/८ (२० षटके) | runs1 = लसंती मधुशनी १७ (२५) | wickets1 = क्रिस्टन बीम्स ३/११ (४ षटके) | score2 = ६३/० (८.१ षटके) | runs2 = [[एलिस व्हिलानी]] ३४[[नाबाद|*]] (२५) | wickets2 = | result = ऑस्ट्रेलिया महिला १० गडी राखून विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1044211.html धावफलक] | venue = सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = हेमंथा बोटेजू (श्रीलंका) आणि दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) | motm = क्रिस्टन बीम्स (ऑस्ट्रेलिया) | toss = ऑस्ट्रेलिया महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | round = | rain = | notes = महिलांच्या टी२०आ क्रिकेटमधील चेंडू शिल्लक (७१) हा सर्वात मोठा विजय ठरला.<ref name=T20I /> }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २०१६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] 5pp1mm88jva02ful5w04nth8w0cxssy इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१८-१९ 0 324636 2702942 2603342 2026-08-17T05:23:44Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702942 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = | team1_image = Flag_of_Sri_Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag_of_England.svg | team2_name = इंग्लंड महिला | from_date = १३ | to_date = २८ मार्च २०१९ | team1_captain = चमारी अथापथु | team2_captain = [[हेदर नाइट]] | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 3 | team1_ODIs_most_runs = [[ओशाडी रणसिंगे]] (९०) | team2_ODIs_most_runs = [[एमी जोन्स]] (२०९) | team1_ODIs_most_wickets = [[इनोशी प्रियदर्शनी]] (३)<br>[[ओशाडी रणसिंगे]] (३) | team2_ODIs_most_wickets = आन्या श्रुबसोल (५)<br>[[अॅलेक्स हार्टले]] (५)<br>[[केट क्रॉस]] (५) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 3 | team1_twenty20s_most_runs = [[हंसिमा करुणारत्ने]] (७३) | team2_twenty20s_most_runs = [[एमी जोन्स]] (१११) | team1_twenty20s_most_wickets = [[ओशाडी रणसिंगे]] (२)<br>शशिकला सिरिवर्धने (२) | team2_twenty20s_most_wickets = [[लिन्से स्मिथ]] (४) | player_of_twenty20_series = }} मार्च २०१९ मध्ये इंग्लंडच्या महिला क्रिकेट संघाने श्रीलंकेचा महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाबरोबर खेळण्यासाठी श्रीलंकेचा दौरा केला.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1049230 |title=Brunt and Taylor return as England announce squads for India, Sri Lanka tours |work=International Cricket Council |access-date=7 February 2019}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/1173925.html |title=Sarah Taylor to make limited return for India tour |work=ESPN Cricinfo |access-date=7 February 2019}}</ref> या दौऱ्यात तीन महिला एकदिवसीय आंतरराष्ट्रीय सामने (मवनडे), जे २०१७-२० आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग बनले होते<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/1177336.html |title=SL women pick Sugandika Kumari, Hansima Karunaratne for England ODIs |work=ESPN Cricinfo |access-date=8 March 2019}}</ref> आणि तीन महिला ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय (मटी२०आ) सामने होते.<ref>{{cite web|url=https://www.theguardian.com/sport/2019/feb/07/sarah-taylor-will-make-a-limited-return-for-england-women-on-india-tour-cricket |title=Sarah Taylor to make limited England return on upcoming tour |work=The Guardian |access-date=7 February 2019}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/fixtures-announced-for-englands-tour-of-sri-lanka/ |title=Fixtures announced for England’s tour of Sri Lanka |work=Women's CricZone |access-date=1 March 2019 |archive-date=2019-03-01 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190301140238/https://www.womenscriczone.com/fixtures-announced-for-englands-tour-of-sri-lanka/ |url-status=dead }}</ref> इंग्लंड महिलांनी महिला वनडे मालिका ३-० ने जिंकली.<ref>{{cite web|url=https://www.skysports.com/live-scores/cricket/sri-lanka-women-v-england-women/33551/11671522/report |title=England Women seal 3–0 series sweep with eight-wicket win over Sri Lanka |work=Sky Sports |access-date=21 March 2019}}</ref> मालिका पराभवाचा अर्थ असा होतो की श्रीलंकेच्या महिला यापुढे २०२१ च्या महिला क्रिकेट विश्वचषकासाठी थेट पात्र ठरू शकत नाहीत, त्याऐवजी २०२० महिला क्रिकेट विश्वचषक पात्रता स्पर्धेसाठी पुढे जातील.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1110757 |title=All-round England secure clean-sweep |work=International Cricket Council |access-date=21 March 2019}}</ref> इंग्लंडच्या महिलांनी महिला टी२०आ मालिकाही ३-० ने जिंकली.<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/47730665 |title=England beat Sri Lanka in final T20 to win series 3-0 |work=BBC Sport |access-date=28 March 2019}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिली महिला वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = १६ मार्च २०१९ | round = [[२०१७-२० आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | time = ०९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ३३१/७ (५० षटके) | runs1 = [[नॅट सायव्हर]] ९३ (७३) | wickets1 = [[ओशाडी रणसिंगे]] २/७१ (१० षटके) | score2 = १५९/८ (४० षटके) | runs2 = [[ओशाडी रणसिंगे]] ५१[[नाबाद|*]] (७२) | wickets2 = कॅथरीन ब्रंट ३/२४ (७ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी १५४ धावांनी विजय मिळवला ([[डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धत]]) | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176432.html धावफलक] | venue = महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हंबनटोटा | umpires = दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे श्रीलंका महिलांना ४० षटकांत ३१४ धावांचे सुधारित लक्ष्य ठेवण्यात आले होते. | notes = गुण: इंग्लंड महिला २, श्रीलंका महिला ०. }} ===दुसरी महिला वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = १८ मार्च २०१९ | round = [[२०१७-२० आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | time = ०९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = १८७/९ (५० षटके) | runs1 = [[हर्षिता समरविक्रमा]] ४२ (४६) | wickets1 = [[अॅलेक्स हार्टले]] ३/३६ (१० षटके) | score2 = १८८/४ (३३.३ षटके) | runs2 = [[एमी जोन्स]] ५४ (३९) | wickets2 = [[इनोशी प्रियदर्शनी]] ३/४५ (९ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी ६ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176433.html धावफलक] | venue = महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हंबनटोटा | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = गुण: इंग्लंड महिला २, श्रीलंका महिला ०. }} ===तिसरी महिला वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = २१ मार्च २०१९ | round = [[२०१७-२० आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | time = ०९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = १७४ (५० षटके) | runs1 = [[हर्षिता समरविक्रमा]] ४२ (७२) | wickets1 = [[केट क्रॉस]] २/२५ (१० षटके) | score2 = १७७/२ (२६.१ षटके) | runs2 = [[एमी जोन्स]] ७६ (५८) | wickets2 = शशिकला सिरिवर्धने २/५६ (७.१ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176434.html धावफलक] | venue = एफटीझेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कटुनायके | umpires = प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) और प्रदीप उडावट्टा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = गुण: इंग्लंड महिला २, श्रीलंका महिला ०. }} ==महिला टी२०आ मालिका== ===पहिली महिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २४ मार्च २०१९ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = ९४ (१९ षटके) | runs1 = [[ओशाडी रणसिंगे]] २० (२४) | wickets1 = [[लिन्से स्मिथ]] ३/१८ (४ षटके) | score2 = ९५/२ (१४.२ षटके) | runs2 = टॅमी ब्यूमॉन्ट ५०[[नाबाद|*]] (४३) | wickets2 = चामरी अथपथु १/१४ (३ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176435.html धावफलक] | venue = [[पी. सारा ओव्हल]], [[कोलंबो]] | umpires = असांगा जयसूरिया (श्रीलंका) आणि निलन डी सिल्वा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = फ्रेया डेव्हिस (इंग्लंड) ने तिचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. *''टॅमी ब्यूमॉन्ट (इंग्लंड) ने महिला टी२०आ मध्ये १,०००वी धाव केली.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1112883 |title=Beaumont happy to see Davies’ sacrifices paying off |work=International Cricket Council |access-date=24 March 2019}}</ref> }} ===दुसरी महिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २६ मार्च २०१९ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = १०८/६ (२० षटके) | runs1 = चामरी अथपथु २४ (३०) | wickets1 = कॅथरीन ब्रंट २/३१ (४ षटके) | score2 = १०९/२ (१३.५ षटके) | runs2 = डॅनी व्याट ३७ (२५) | wickets2 = शशिकला सिरिवर्धने २/२६ (४ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176436.html धावफलक] | venue = [[पी. सारा ओव्हल]], [[कोलंबो]] | umpires = हेमंथा बोटेजू (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===तिसरी महिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २८ मार्च २०१९ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २०४/२ (२० षटके) | runs1 = [[एमी जोन्स]] ५७ (३८) | wickets1 = [[ओशाडी रणसिंगे]] २/२८ (४ षटके) | score2 = १०८/६ (२० षटके) | runs2 = [[हंसिमा करुणारत्ने]] ४४[[नाबाद|*]] (५३) | wickets2 = [[केट क्रॉस]] २/२० (४ षटके) | result = इंग्लंड महिला ९६ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176437.html धावफलक] | venue = [[पी. सारा ओव्हल]], [[कोलंबो]] | umpires = दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = मधुशिका मेथतानंद (श्रीलंका) यांनी तिचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. *''नॅट सायव्हर (इंग्लंड) ने महिला टी२०आ मध्ये १,०००वी धाव केली.<ref name="report">{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1131573 |title=England Women break records for 3-0 series sweep |work=International Cricket Council |access-date=28 March 2019}}</ref> *''इंग्लंडच्या महिलांनी टी२०आ मध्ये श्रीलंकेत सर्वाधिक धावा केल्या आहेत.<ref name="report"/> }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २०१९ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] abyi8hd0w9prs48xwfrbw6cnmjc7xjg 2702957 2702942 2026-08-17T05:29:13Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702957 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = | team1_image = Flag_of_Sri_Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका महिला | team2_image = Flag_of_England.svg | team2_name = इंग्लंड महिला | from_date = १३ | to_date = २८ मार्च २०१९ | team1_captain = चमारी अथापथु | team2_captain = [[हेदर नाइट]] | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 3 | team1_ODIs_most_runs = [[ओशाडी रणसिंगे]] (९०) | team2_ODIs_most_runs = [[एमी जोन्स]] (२०९) | team1_ODIs_most_wickets = [[इनोशी प्रियदर्शनी]] (३)<br>[[ओशाडी रणसिंगे]] (३) | team2_ODIs_most_wickets = आन्या श्रुबसोल (५)<br>[[अॅलेक्स हार्टले]] (५)<br>[[केट क्रॉस]] (५) | player_of_ODI_series = | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 0 | team2_twenty20s_won = 3 | team1_twenty20s_most_runs = [[हंसिमा करुणारत्ने]] (७३) | team2_twenty20s_most_runs = [[एमी जोन्स]] (१११) | team1_twenty20s_most_wickets = [[ओशाडी रणसिंगे]] (२)<br>शशिकला सिरिवर्धने (२) | team2_twenty20s_most_wickets = [[लिन्से स्मिथ]] (४) | player_of_twenty20_series = }} मार्च २०१९ मध्ये इंग्लंडच्या महिला क्रिकेट संघाने श्रीलंकेचा महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाबरोबर खेळण्यासाठी श्रीलंकेचा दौरा केला.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1049230 |title=Brunt and Taylor return as England announce squads for India, Sri Lanka tours |work=International Cricket Council |access-date=7 February 2019}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/1173925.html |title=Sarah Taylor to make limited return for India tour |work=ESPN Cricinfo |access-date=7 February 2019}}</ref> या दौऱ्यात तीन महिला एकदिवसीय आंतरराष्ट्रीय सामने (मवनडे), जे २०१७-२० आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग बनले होते<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/1177336.html |title=SL women pick Sugandika Kumari, Hansima Karunaratne for England ODIs |work=ESPN Cricinfo |access-date=8 March 2019}}</ref> आणि तीन महिला ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय (मटी२०आ) सामने होते.<ref>{{cite web|url=https://www.theguardian.com/sport/2019/feb/07/sarah-taylor-will-make-a-limited-return-for-england-women-on-india-tour-cricket |title=Sarah Taylor to make limited England return on upcoming tour |work=The Guardian |access-date=7 February 2019}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/fixtures-announced-for-englands-tour-of-sri-lanka/ |title=Fixtures announced for England’s tour of Sri Lanka |work=Women's CricZone |access-date=1 March 2019 |archive-date=2019-03-01 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190301140238/https://www.womenscriczone.com/fixtures-announced-for-englands-tour-of-sri-lanka/ |url-status=dead }}</ref> इंग्लंड महिलांनी महिला वनडे मालिका ३-० ने जिंकली.<ref>{{cite web|url=https://www.skysports.com/live-scores/cricket/sri-lanka-women-v-england-women/33551/11671522/report |title=England Women seal 3–0 series sweep with eight-wicket win over Sri Lanka |work=Sky Sports |access-date=21 March 2019}}</ref> मालिका पराभवाचा अर्थ असा होतो की श्रीलंकेच्या महिला यापुढे २०२१ च्या महिला क्रिकेट विश्वचषकासाठी थेट पात्र ठरू शकत नाहीत, त्याऐवजी २०२० महिला क्रिकेट विश्वचषक पात्रता स्पर्धेसाठी पुढे जातील.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1110757 |title=All-round England secure clean-sweep |work=International Cricket Council |access-date=21 March 2019}}</ref> इंग्लंडच्या महिलांनी महिला टी२०आ मालिकाही ३-० ने जिंकली.<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/47730665 |title=England beat Sri Lanka in final T20 to win series 3-0 |work=BBC Sport |access-date=28 March 2019}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिली महिला वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = १६ मार्च २०१९ | round = [[२०१७-२० आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | time = ०९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ३३१/७ (५० षटके) | runs1 = [[नॅट सायव्हर]] ९३ (७३) | wickets1 = [[ओशाडी रणसिंगे]] २/७१ (१० षटके) | score2 = १५९/८ (४० षटके) | runs2 = [[ओशाडी रणसिंगे]] ५१[[नाबाद|*]] (७२) | wickets2 = कॅथरीन ब्रंट ३/२४ (७ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी १५४ धावांनी विजय मिळवला ([[डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धत]]) | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176432.html धावफलक] | venue = महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हंबनटोटा | umpires = दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे श्रीलंका महिलांना ४० षटकांत ३१४ धावांचे सुधारित लक्ष्य ठेवण्यात आले होते. | notes = गुण: इंग्लंड महिला २, श्रीलंका महिला ०. }} ===दुसरी महिला वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = १८ मार्च २०१९ | round = [[२०१७-२० आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | time = ०९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = १८७/९ (५० षटके) | runs1 = [[हर्षिता समरविक्रमा]] ४२ (४६) | wickets1 = [[अॅलेक्स हार्टले]] ३/३६ (१० षटके) | score2 = १८८/४ (३३.३ षटके) | runs2 = [[एमी जोन्स]] ५४ (३९) | wickets2 = [[इनोशी प्रियदर्शनी]] ३/४५ (९ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी ६ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176433.html धावफलक] | venue = महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हंबनटोटा | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = गुण: इंग्लंड महिला २, श्रीलंका महिला ०. }} ===तिसरी महिला वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = २१ मार्च २०१९ | round = [[२०१७-२० आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप|आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]] | time = ०९:५० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = १७४ (५० षटके) | runs1 = [[हर्षिता समरविक्रमा]] ४२ (७२) | wickets1 = [[केट क्रॉस]] २/२५ (१० षटके) | score2 = १७७/२ (२६.१ षटके) | runs2 = [[एमी जोन्स]] ७६ (५८) | wickets2 = शशिकला सिरिवर्धने २/५६ (७.१ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176434.html धावफलक] | venue = एफटीझेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कटुनायके | umpires = प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) और प्रदीप उडावट्टा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = गुण: इंग्लंड महिला २, श्रीलंका महिला ०. }} ==महिला टी२०आ मालिका== ===पहिली महिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २४ मार्च २०१९ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = ९४ (१९ षटके) | runs1 = [[ओशाडी रणसिंगे]] २० (२४) | wickets1 = [[लिन्से स्मिथ]] ३/१८ (४ षटके) | score2 = ९५/२ (१४.२ षटके) | runs2 = टॅमी ब्यूमॉन्ट ५०[[नाबाद|*]] (४३) | wickets2 = चामरी अथपथु १/१४ (३ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176435.html धावफलक] | venue = [[पी. सारा ओव्हल]], [[कोलंबो]] | umpires = असांगा जयसूरिया (श्रीलंका) आणि निलन डी सिल्वा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = फ्रेया डेव्हिस (इंग्लंड) ने तिचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. *''टॅमी ब्यूमॉन्ट (इंग्लंड) ने महिला टी२०आ मध्ये १,०००वी धाव केली.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1112883 |title=Beaumont happy to see Davies’ sacrifices paying off |work=International Cricket Council |access-date=24 March 2019}}</ref> }} ===दुसरी महिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २६ मार्च २०१९ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = १०८/६ (२० षटके) | runs1 = चामरी अथपथु २४ (३०) | wickets1 = कॅथरीन ब्रंट २/३१ (४ षटके) | score2 = १०९/२ (१३.५ षटके) | runs2 = डॅनी व्याट ३७ (२५) | wickets2 = शशिकला सिरिवर्धने २/२६ (४ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176436.html धावफलक] | venue = [[पी. सारा ओव्हल]], [[कोलंबो]] | umpires = हेमंथा बोटेजू (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===तिसरी महिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २८ मार्च २०१९ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २०४/२ (२० षटके) | runs1 = [[एमी जोन्स]] ५७ (३८) | wickets1 = [[ओशाडी रणसिंगे]] २/२८ (४ षटके) | score2 = १०८/६ (२० षटके) | runs2 = [[हंसिमा करुणारत्ने]] ४४[[नाबाद|*]] (५३) | wickets2 = [[केट क्रॉस]] २/२० (४ षटके) | result = इंग्लंड महिला ९६ धावांनी विजयी | report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1176437.html धावफलक] | venue = [[पी. सारा ओव्हल]], [[कोलंबो]] | umpires = दीपल गुणवर्धने (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = मधुशिका मेथतानंद (श्रीलंका) यांनी तिचे महिला टी२०आ पदार्पण केले. *''नॅट सायव्हर (इंग्लंड) ने महिला टी२०आ मध्ये १,०००वी धाव केली.<ref name="report">{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1131573 |title=England Women break records for 3-0 series sweep |work=International Cricket Council |access-date=28 March 2019}}</ref> *''इंग्लंडच्या महिलांनी टी२०आ मध्ये श्रीलंकेत सर्वाधिक धावा केल्या आहेत.<ref name="report"/> }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २०१९ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] 6ja1qs9840gev0r89z6asf1w49y2n6a नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९७-९८ 0 325211 2702944 2603324 2026-08-17T05:23:54Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702944 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९७-९८ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Netherlands.svg | team2_name = नेदरलँड्स | from_date = २५ नोव्हेंबर | to_date = ३० नोव्हेंबर १९९७ | team1_captain = व्हेनेसा बोवेन | team2_captain = पॉलिन ते बीस्ट | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = व्हेनेसा बोवेन (५४) | team2_ODIs_most_runs = निकोला पायने (६९) | team1_ODIs_most_wickets = रसांजली सिल्वा (६) | team2_ODIs_most_wickets = चेराल्डिन ऑडॉल्फ (५) | player_of_ODI_series = }} नेदरलँड्सच्या महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने नोव्हेंबर १९९७ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला. त्यांनी श्रीलंकेविरुद्ध ३ एकदिवसीय सामने खेळून मालिका २-१ ने जिंकली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170 |title=Netherlands Women tour of Sri Lanka 1997/98 |access-date=6 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Netherlands_Women_in_Sri_Lanka_1997-98.html |title=Netherlands Women in Sri Lanka 1997/98 |access-date=6 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट संघाने खेळलेले हे पहिले सामने होते.<ref>{{Cite web|title=Records/Sri Lanka Women/Women's ODI Matches/Results Summary|url=https://stats.espncricinfo.com/ci/engine/records/team/results_summary.html?class=9&id=3672&type=team|url-status=live|access-date=6 July 2021|publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १३२/९ (४५ षटके) | runs1 = एरिएट व्हॅन नूर्डविज्क २३ (–) | wickets1 = चमणी सेनेविरत्न २/२३ (८ षटके) | score2 = ११३ (४० षटके) | runs2 = व्हेनेसा बोवेन २७ (–) | wickets2 = कॅरोलिन डी फॉउ ३/२५ (९ षटके) | result = नेदरलँड्स महिला १९ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-1st-odi-67167/full-scorecard धावफलक] | venue = सिंहलीझ क्रीडा क्लब क्रिकेट मैदान, [[कोलंबो]] | umpires = सोमासिरी दिसानायके (श्रीलंका) आणि टिसा कुदाहेट्टी (श्रीलंका) | motm = | toss = नेदरलँड्स महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४५ षटकांचा करण्यात आला. | notes = माईके श्रोडर (नेदरलँड्स), व्हेनेसा बोवेन, थानुगा एकनायके, हिरुका फर्नांडो, थालिका गुणरत्ने, डोना इंद्रलथा, गायत्री करियावासम, रमानी परेरा, वासंती रत्नायके, चमानी सेनेविरत्न, रसांजली सिल्वा आणि सुदरशिनी शिवनंतम (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८७ (३८.१ षटके) | runs1 = निकोला पायने ११ (–) | wickets1 = रसांजली सिल्वा ४/१६ (८ षटके) | score2 = ८८/५ (४२.५ षटके) | runs2 = चमणी सेनेविरत्न 30[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = [[सँड्रा कोटमन]] २/८ (५ षटके) | result = श्रीलंका महिला ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-2nd-odi-67174/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = कल्पना लियानाराची (श्रीलंका) यांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३० नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = ६५ (४३.५ षटके) | runs1 = दोना इंद्रलथा १० (–) | wickets1 = चेराल्डिन ऑडॉल्फ ५/२० (८ षटके) | score2 = ६६/० (२१.५ षटके) | runs2 = निकोला पायने ४५[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = | result = नेदरलँड्स महिला १० गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-3rd-odi-67175/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = | motm = | toss = नेदरलँड्सच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = कर्स्टन झोराब (नेदरलँड्स्स), गंगा डी सिल्वा आणि रोझ फर्नांडो (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. १९९७ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] thpd86nwponevocy477ta6zjx71t04q 2702959 2702944 2026-08-17T05:29:46Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702959 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९७-९८ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Netherlands.svg | team2_name = नेदरलँड्स | from_date = २५ नोव्हेंबर | to_date = ३० नोव्हेंबर १९९७ | team1_captain = व्हेनेसा बोवेन | team2_captain = पॉलिन ते बीस्ट | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = व्हेनेसा बोवेन (५४) | team2_ODIs_most_runs = निकोला पायने (६९) | team1_ODIs_most_wickets = रसांजली सिल्वा (६) | team2_ODIs_most_wickets = चेराल्डिन ऑडॉल्फ (५) | player_of_ODI_series = }} नेदरलँड्सच्या महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने नोव्हेंबर १९९७ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला. त्यांनी श्रीलंकेविरुद्ध ३ एकदिवसीय सामने खेळून मालिका २-१ ने जिंकली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170 |title=Netherlands Women tour of Sri Lanka 1997/98 |access-date=6 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Netherlands_Women_in_Sri_Lanka_1997-98.html |title=Netherlands Women in Sri Lanka 1997/98 |access-date=6 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट संघाने खेळलेले हे पहिले सामने होते.<ref>{{Cite web|title=Records/Sri Lanka Women/Women's ODI Matches/Results Summary|url=https://stats.espncricinfo.com/ci/engine/records/team/results_summary.html?class=9&id=3672&type=team|url-status=live|access-date=6 July 2021|publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १३२/९ (४५ षटके) | runs1 = एरिएट व्हॅन नूर्डविज्क २३ (–) | wickets1 = चमणी सेनेविरत्न २/२३ (८ षटके) | score2 = ११३ (४० षटके) | runs2 = व्हेनेसा बोवेन २७ (–) | wickets2 = कॅरोलिन डी फॉउ ३/२५ (९ षटके) | result = नेदरलँड्स महिला १९ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-1st-odi-67167/full-scorecard धावफलक] | venue = सिंहलीझ क्रीडा क्लब क्रिकेट मैदान, [[कोलंबो]] | umpires = सोमासिरी दिसानायके (श्रीलंका) आणि टिसा कुदाहेट्टी (श्रीलंका) | motm = | toss = नेदरलँड्स महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४५ षटकांचा करण्यात आला. | notes = माईके श्रोडर (नेदरलँड्स), व्हेनेसा बोवेन, थानुगा एकनायके, हिरुका फर्नांडो, थालिका गुणरत्ने, डोना इंद्रलथा, गायत्री करियावासम, रमानी परेरा, वासंती रत्नायके, चमानी सेनेविरत्न, रसांजली सिल्वा आणि सुदरशिनी शिवनंतम (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८७ (३८.१ षटके) | runs1 = निकोला पायने ११ (–) | wickets1 = रसांजली सिल्वा ४/१६ (८ षटके) | score2 = ८८/५ (४२.५ षटके) | runs2 = चमणी सेनेविरत्न 30[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = [[सँड्रा कोटमन]] २/८ (५ षटके) | result = श्रीलंका महिला ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-2nd-odi-67174/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = कल्पना लियानाराची (श्रीलंका) यांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३० नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = ६५ (४३.५ षटके) | runs1 = दोना इंद्रलथा १० (–) | wickets1 = चेराल्डिन ऑडॉल्फ ५/२० (८ षटके) | score2 = ६६/० (२१.५ षटके) | runs2 = निकोला पायने ४५[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = | result = नेदरलँड्स महिला १० गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-3rd-odi-67175/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = | motm = | toss = नेदरलँड्सच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = कर्स्टन झोराब (नेदरलँड्स्स), गंगा डी सिल्वा आणि रोझ फर्नांडो (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. १९९७ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] 7dsl6z90jrjeur11v4dacdqbxborhzi 2702965 2702959 2026-08-17T05:33:15Z Nitin.kunjir 4684 /* संदर्भ */ 2702965 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९७-९८ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Netherlands.svg | team2_name = नेदरलँड्स | from_date = २५ नोव्हेंबर | to_date = ३० नोव्हेंबर १९९७ | team1_captain = व्हेनेसा बोवेन | team2_captain = पॉलिन ते बीस्ट | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 1 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = व्हेनेसा बोवेन (५४) | team2_ODIs_most_runs = निकोला पायने (६९) | team1_ODIs_most_wickets = रसांजली सिल्वा (६) | team2_ODIs_most_wickets = चेराल्डिन ऑडॉल्फ (५) | player_of_ODI_series = }} नेदरलँड्सच्या महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने नोव्हेंबर १९९७ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला. त्यांनी श्रीलंकेविरुद्ध ३ एकदिवसीय सामने खेळून मालिका २-१ ने जिंकली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170 |title=Netherlands Women tour of Sri Lanka 1997/98 |access-date=6 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Netherlands_Women_in_Sri_Lanka_1997-98.html |title=Netherlands Women in Sri Lanka 1997/98 |access-date=6 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट संघाने खेळलेले हे पहिले सामने होते.<ref>{{Cite web|title=Records/Sri Lanka Women/Women's ODI Matches/Results Summary|url=https://stats.espncricinfo.com/ci/engine/records/team/results_summary.html?class=9&id=3672&type=team|url-status=live|access-date=6 July 2021|publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १३२/९ (४५ षटके) | runs1 = एरिएट व्हॅन नूर्डविज्क २३ (–) | wickets1 = चमणी सेनेविरत्न २/२३ (८ षटके) | score2 = ११३ (४० षटके) | runs2 = व्हेनेसा बोवेन २७ (–) | wickets2 = कॅरोलिन डी फॉउ ३/२५ (९ षटके) | result = नेदरलँड्स महिला १९ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-1st-odi-67167/full-scorecard धावफलक] | venue = सिंहलीझ क्रीडा क्लब क्रिकेट मैदान, [[कोलंबो]] | umpires = सोमासिरी दिसानायके (श्रीलंका) आणि टिसा कुदाहेट्टी (श्रीलंका) | motm = | toss = नेदरलँड्स महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४५ षटकांचा करण्यात आला. | notes = माईके श्रोडर (नेदरलँड्स), व्हेनेसा बोवेन, थानुगा एकनायके, हिरुका फर्नांडो, थालिका गुणरत्ने, डोना इंद्रलथा, गायत्री करियावासम, रमानी परेरा, वासंती रत्नायके, चमानी सेनेविरत्न, रसांजली सिल्वा आणि सुदरशिनी शिवनंतम (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८७ (३८.१ षटके) | runs1 = निकोला पायने ११ (–) | wickets1 = रसांजली सिल्वा ४/१६ (८ षटके) | score2 = ८८/५ (४२.५ षटके) | runs2 = चमणी सेनेविरत्न 30[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = [[सँड्रा कोटमन]] २/८ (५ षटके) | result = श्रीलंका महिला ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-2nd-odi-67174/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = कल्पना लियानाराची (श्रीलंका) यांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३० नोव्हेंबर १९९७ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = ६५ (४३.५ षटके) | runs1 = दोना इंद्रलथा १० (–) | wickets1 = चेराल्डिन ऑडॉल्फ ५/२० (८ षटके) | score2 = ६६/० (२१.५ षटके) | runs2 = निकोला पायने ४५[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = | result = नेदरलँड्स महिला १० गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1997-98-62170/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-3rd-odi-67175/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = | motm = | toss = नेदरलँड्सच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = कर्स्टन झोराब (नेदरलँड्स्स), गंगा डी सिल्वा आणि रोझ फर्नांडो (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. १९९७ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] a9a2oen45y6uxjzrnyufvqr8msbcxnf नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९८-९९ 0 325229 2702945 2603334 2026-08-17T05:23:57Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702945 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९८-९९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Netherlands.svg | team2_name = नेदरलँड | from_date = २१ | to_date = ३० मार्च १९९९ | team1_captain = रसांजली सिल्वा | team2_captain = पॉलिन ते बीस्ट | no_of_ODIs = 5 | team1_ODIs_won = 5 | team2_ODIs_won = 0 | team1_ODIs_most_runs = हिरुका फर्नांडो (१६१) | team2_ODIs_most_runs = [[जिस्का हॉवर्ड]] (१०२) | team1_ODIs_most_wickets = रमणी परेरा (१२) | team2_ODIs_most_wickets = कॅरोलिन सोलोमन्स (४) <br> कॅरोलिन रामबाल्डो (४) | player_of_ODI_series = }} नेदरलँड्सच्या महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने मार्च १९९९ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. त्यांनी श्रीलंकेशी ५ एकदिवसीय सामने खेळून मालिका ५-० ने गमावली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171 |title=Netherlands Women tour of Sri Lanka 1998/99 |access-date=7 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Netherlands_Women_in_Sri_Lanka_1998-99.html |title=Netherlands Women in Sri Lanka 1998/99 |access-date=7 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २१ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८४ (४६.४ षटके) | runs1 = [[जिस्का हॉवर्ड]] १८ (–) | wickets1 = रसांजली सिल्वा ३/१३ (९ षटके) | score2 = ८८/३ (२१.५ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो २३ (–) | wickets2 = कॅरोलिन रामबाल्डो २/२४ (५.५ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-1st-odi-67224/full-scorecard धावफलक] | venue = सेंट थॉमस कॉलेज ग्राउंड, मोरातुवा | umpires = नंदसेना पाथिराना (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = तेउंटजे डी बोअर, मार्टिका फ्लेरिंगा, लिओनी हॉइटिंक (नेदरलँड्स) आणि चंपा सुगाथादासा (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = २२९/५ (४६ षटके) | runs1 = व्हेनेसा बोवेन ४५ (–) | wickets1 = मार्टजे कोस्टर १/१६ (४ षटके) | score2 = १५२/८ (४६ षटके) | runs2 = [[जिस्का हॉवर्ड]] ६६ (–) | wickets2 = रमणी परेरा २/४२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ७७ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-2nd-odi-67169/full-scorecard धावफलक] | venue = सिंहलीझ क्रीडा क्लब क्रिकेट मैदान, [[कोलंबो]] | umpires = गामिनी दिसानायके (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४६ षटकांचा करण्यात आला. | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ९३/७ (५० षटके) | runs1 = लिओनी हॉइटिंक १६ (–) | wickets1 = चमणी सेनेविरत्न २/११ (८ षटके) | score2 = ९५/१ (२८.१ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो ४१[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = कॅरोलिन रामबाल्डो १/१९ (७.१ षटके) | result = श्रीलंका महिला ९ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-3rd-odi-67225/full-scorecard धावफलक] | venue = डी सोयसा स्टेडियम, मोरातुवा | umpires = रणमोर मार्टिनेझ (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = आयरीस झारप आणि कार्ली व्हेर्यूल (नेदरलँड) या दोघींनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = २४०/८ (५० षटके) | runs1 = चतुरी थळालागे ६८ (–) | wickets1 = कॅरोलियन सॅलोमन्स ३/२७ (१० षटके) | score2 = १४५/८ (५० षटके) | runs2 = पॉलिन ते बीस्ट ५७ (–) | wickets2 = रमणी परेरा ४/३२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ९५ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-4th-odi-67227/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = पीयू आर्यवंशा (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = युजेनी व्हॅन लीउवेन (नेदरलँड) हिने महिला एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले. }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३० मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६२/६ (५० षटके) | runs1 = मार्टजे कोस्टर ५८[[नाबाद|*]] (–) | wickets1 = रमणी परेरा ३/३९ (१० षटके) | score2 = १६३/३ (४१.५ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो ६५[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = आयरीस झाराप १/२० (४ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-5th-odi-67228/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = गामिनी दिसानायके (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = नेदरलँड्स महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. १९९९ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] nkw42ejm3c7pml57xabi5r3aua5a785 2702961 2702945 2026-08-17T05:30:17Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702961 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९८-९९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Netherlands.svg | team2_name = नेदरलँड | from_date = २१ | to_date = ३० मार्च १९९९ | team1_captain = रसांजली सिल्वा | team2_captain = पॉलिन ते बीस्ट | no_of_ODIs = 5 | team1_ODIs_won = 5 | team2_ODIs_won = 0 | team1_ODIs_most_runs = हिरुका फर्नांडो (१६१) | team2_ODIs_most_runs = [[जिस्का हॉवर्ड]] (१०२) | team1_ODIs_most_wickets = रमणी परेरा (१२) | team2_ODIs_most_wickets = कॅरोलिन सोलोमन्स (४) <br> कॅरोलिन रामबाल्डो (४) | player_of_ODI_series = }} नेदरलँड्सच्या महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने मार्च १९९९ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. त्यांनी श्रीलंकेशी ५ एकदिवसीय सामने खेळून मालिका ५-० ने गमावली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171 |title=Netherlands Women tour of Sri Lanka 1998/99 |access-date=7 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Netherlands_Women_in_Sri_Lanka_1998-99.html |title=Netherlands Women in Sri Lanka 1998/99 |access-date=7 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २१ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८४ (४६.४ षटके) | runs1 = [[जिस्का हॉवर्ड]] १८ (–) | wickets1 = रसांजली सिल्वा ३/१३ (९ षटके) | score2 = ८८/३ (२१.५ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो २३ (–) | wickets2 = कॅरोलिन रामबाल्डो २/२४ (५.५ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-1st-odi-67224/full-scorecard धावफलक] | venue = सेंट थॉमस कॉलेज ग्राउंड, मोरातुवा | umpires = नंदसेना पाथिराना (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = तेउंटजे डी बोअर, मार्टिका फ्लेरिंगा, लिओनी हॉइटिंक (नेदरलँड्स) आणि चंपा सुगाथादासा (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = २२९/५ (४६ षटके) | runs1 = व्हेनेसा बोवेन ४५ (–) | wickets1 = मार्टजे कोस्टर १/१६ (४ षटके) | score2 = १५२/८ (४६ षटके) | runs2 = [[जिस्का हॉवर्ड]] ६६ (–) | wickets2 = रमणी परेरा २/४२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ७७ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-2nd-odi-67169/full-scorecard धावफलक] | venue = सिंहलीझ क्रीडा क्लब क्रिकेट मैदान, [[कोलंबो]] | umpires = गामिनी दिसानायके (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४६ षटकांचा करण्यात आला. | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ९३/७ (५० षटके) | runs1 = लिओनी हॉइटिंक १६ (–) | wickets1 = चमणी सेनेविरत्न २/११ (८ षटके) | score2 = ९५/१ (२८.१ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो ४१[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = कॅरोलिन रामबाल्डो १/१९ (७.१ षटके) | result = श्रीलंका महिला ९ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-3rd-odi-67225/full-scorecard धावफलक] | venue = डी सोयसा स्टेडियम, मोरातुवा | umpires = रणमोर मार्टिनेझ (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = आयरीस झारप आणि कार्ली व्हेर्यूल (नेदरलँड) या दोघींनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = २४०/८ (५० षटके) | runs1 = चतुरी थळालागे ६८ (–) | wickets1 = कॅरोलियन सॅलोमन्स ३/२७ (१० षटके) | score2 = १४५/८ (५० षटके) | runs2 = पॉलिन ते बीस्ट ५७ (–) | wickets2 = रमणी परेरा ४/३२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ९५ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-4th-odi-67227/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = पीयू आर्यवंशा (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = युजेनी व्हॅन लीउवेन (नेदरलँड) हिने महिला एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले. }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३० मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६२/६ (५० षटके) | runs1 = मार्टजे कोस्टर ५८[[नाबाद|*]] (–) | wickets1 = रमणी परेरा ३/३९ (१० षटके) | score2 = १६३/३ (४१.५ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो ६५[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = आयरीस झाराप १/२० (४ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-5th-odi-67228/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = गामिनी दिसानायके (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = नेदरलँड्स महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. १९९९ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] nbp9w1a0mf6vzy6qt7x8nlhi756xgzb 2702966 2702961 2026-08-17T05:33:24Z Nitin.kunjir 4684 /* संदर्भ */ 2702966 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९८-९९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Netherlands.svg | team2_name = नेदरलँड | from_date = २१ | to_date = ३० मार्च १९९९ | team1_captain = रसांजली सिल्वा | team2_captain = पॉलिन ते बीस्ट | no_of_ODIs = 5 | team1_ODIs_won = 5 | team2_ODIs_won = 0 | team1_ODIs_most_runs = हिरुका फर्नांडो (१६१) | team2_ODIs_most_runs = [[जिस्का हॉवर्ड]] (१०२) | team1_ODIs_most_wickets = रमणी परेरा (१२) | team2_ODIs_most_wickets = कॅरोलिन सोलोमन्स (४) <br> कॅरोलिन रामबाल्डो (४) | player_of_ODI_series = }} नेदरलँड्सच्या महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने मार्च १९९९ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. त्यांनी श्रीलंकेशी ५ एकदिवसीय सामने खेळून मालिका ५-० ने गमावली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171 |title=Netherlands Women tour of Sri Lanka 1998/99 |access-date=7 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Netherlands_Women_in_Sri_Lanka_1998-99.html |title=Netherlands Women in Sri Lanka 1998/99 |access-date=7 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २१ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८४ (४६.४ षटके) | runs1 = [[जिस्का हॉवर्ड]] १८ (–) | wickets1 = रसांजली सिल्वा ३/१३ (९ षटके) | score2 = ८८/३ (२१.५ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो २३ (–) | wickets2 = कॅरोलिन रामबाल्डो २/२४ (५.५ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-1st-odi-67224/full-scorecard धावफलक] | venue = सेंट थॉमस कॉलेज ग्राउंड, मोरातुवा | umpires = नंदसेना पाथिराना (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = तेउंटजे डी बोअर, मार्टिका फ्लेरिंगा, लिओनी हॉइटिंक (नेदरलँड्स) आणि चंपा सुगाथादासा (श्रीलंका) या सर्वांनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = २२९/५ (४६ षटके) | runs1 = व्हेनेसा बोवेन ४५ (–) | wickets1 = मार्टजे कोस्टर १/१६ (४ षटके) | score2 = १५२/८ (४६ षटके) | runs2 = [[जिस्का हॉवर्ड]] ६६ (–) | wickets2 = रमणी परेरा २/४२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ७७ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-2nd-odi-67169/full-scorecard धावफलक] | venue = सिंहलीझ क्रीडा क्लब क्रिकेट मैदान, [[कोलंबो]] | umpires = गामिनी दिसानायके (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४६ षटकांचा करण्यात आला. | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ९३/७ (५० षटके) | runs1 = लिओनी हॉइटिंक १६ (–) | wickets1 = चमणी सेनेविरत्न २/११ (८ षटके) | score2 = ९५/१ (२८.१ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो ४१[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = कॅरोलिन रामबाल्डो १/१९ (७.१ षटके) | result = श्रीलंका महिला ९ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-3rd-odi-67225/full-scorecard धावफलक] | venue = डी सोयसा स्टेडियम, मोरातुवा | umpires = रणमोर मार्टिनेझ (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = आयरीस झारप आणि कार्ली व्हेर्यूल (नेदरलँड) या दोघींनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|Netherlands}} | score1 = २४०/८ (५० षटके) | runs1 = चतुरी थळालागे ६८ (–) | wickets1 = कॅरोलियन सॅलोमन्स ३/२७ (१० षटके) | score2 = १४५/८ (५० षटके) | runs2 = पॉलिन ते बीस्ट ५७ (–) | wickets2 = रमणी परेरा ४/३२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ९५ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-4th-odi-67227/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = पीयू आर्यवंशा (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = युजेनी व्हॅन लीउवेन (नेदरलँड) हिने महिला एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले. }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३० मार्च १९९९ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|Netherlands}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६२/६ (५० षटके) | runs1 = मार्टजे कोस्टर ५८[[नाबाद|*]] (–) | wickets1 = रमणी परेरा ३/३९ (१० षटके) | score2 = १६३/३ (४१.५ षटके) | runs2 = हिरुका फर्नांडो ६५[[नाबाद|*]] (–) | wickets2 = आयरीस झाराप १/२० (४ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/netherlands-women-tour-of-sri-lanka-1998-99-62171/sri-lanka-women-vs-netherlands-women-5th-odi-67228/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = गामिनी दिसानायके (श्रीलंका) आणि रॉन डी बुटर (नेदरलँड) | motm = | toss = नेदरलँड्स महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. १९९९ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] 1v9uq3hljp0piy9en0l0rrgaqu3hfyo पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००१-०२ 0 325311 2702946 2603337 2026-08-17T05:24:01Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702946 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००१-०२ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २० | to_date = ३० जानेवारी २००२ | team1_captain = सुदरशिनी शिवनंतम | team2_captain = शैजा खान | no_of_ODIs = 6 | team1_ODIs_won = 6 | team2_ODIs_won = 0 | team1_ODIs_most_runs = वासंती रत्नायके (२३९) | team2_ODIs_most_runs = साजिदा शहा (९१) | team1_ODIs_most_wickets = रोझ फर्नांडो (१३) | team2_ODIs_most_wickets = शर्मीन खान (८) | player_of_ODI_series = }} पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने जानेवारी २००२ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. त्यांनी श्रीलंकेशी सहा एकदिवसीय सामने खेळले आणि श्रीलंकेने मालिका ६-० ने जिंकली.<ref name="CA">{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Pakistan_Women_in_Sri_Lanka_2001-02.html |title=Pakistan Women in Sri Lanka 2001/02 |access-date=12 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269 |title= Pakistan Women tour of Sri Lanka 2001/02 |access-date=12 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २० जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = १९२/५ (४५ षटके) | runs1 = हिरोशी अबेसिंघे ५७ (६५) | wickets1 = शर्मीन खान ३/४२ (९ षटके) | score2 = ६९ (३८.४ षटके) | runs2 = किरण बलुच १४ (५६) | wickets2 = रोझ फर्नांडो ४/३ (८.४ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १२३ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-1st-odi-67307/full-scorecard धावफलक] | venue = पैकियासोथी सरवणमुट्टू स्टेडियम, [[कोलंबो]] | umpires = सोमासिरी दिसानायके (श्रीलंका) आणि थसीम जंकीर (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४५ षटकांचा करण्यात आला. | notes = सबीन रेझवी (पाकिस्तान) आणि संदमली डोलावत्ते (श्रीलंका) या दोघांनीही महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २२ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = १८२/८ (५० षटके) | runs1 = सुदरशिनी शिवनंतम ३६ (५१) | wickets1 = शैजा खान ३/४२ (१० षटके) | score2 = ७८ (४३.३ षटके) | runs2 = राबिया खान १६ (३२) | wickets2 = सुदरशिनी शिवनंतम ५/२ (९.३ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १०४ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-2nd-odi-67208/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = एमसीएस सालगाडो (श्रीलंका) आणि एस हेवाविथराना (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१७/३ (५० षटके) | runs1 = वासंती रत्नायके ८८ (१३०) | wickets1 = नाझिया नाझीर १/२० (५ षटके) | score2 = ८८ (४६ षटके) | runs2 = किरण बलुच २२ (५७) | wickets2 = रोझ फर्नांडो ४/१५ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १२९ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-3rd-odi-67209/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = जे जी पुष्पराजह (श्रीलंका) आणि करुणारत्ने बोटेजू (श्रीलंका) | motm = | toss = पाकिस्तान महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = रंडिका गाल्हेनागे आणि ललना प्रियदर्शनी (श्रीलंका) या दोघींनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २७ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१६/५ (५० षटके) | runs1 = हिरोशी अबेसिंघे ७१[[नाबाद|*]] (१०३) | wickets1 = राबिया खान १/८ (२ षटके) | score2 = ६१ (३५.४ षटके) | runs2 = साजिदा शहा २९[[नाबाद|*]] (८०) | wickets2 = रमणी परेरा ४/१८ (७.४ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १५५ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-4th-odi-67176/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = के ललिथ (श्रीलंका) आणि एनबी एरियागामा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = ११९ (३९.२ षटके) | runs1 = वासंती रत्नायके २७ (४२) | wickets1 = राबिया खान ३/१३ (८ षटके) | score2 = ७७ (३२.४ षटके) | runs2 = नाझिया नाझीर ३० (५५) | wickets2 = जनकांती माला ४/३ (३ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ४२ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-5th-odi-67210/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = फिलिप मेंडिस (श्रीलंका) आणि थसीम जंकीर (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४० षटकांचा करण्यात आला. | notes = इनोका गालागेदरा (श्रीलंका) ने तिचे महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===सहावी वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = ३० जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८६/७ (४० षटके) | runs1 = साजिदा शहा ३६ (१२१) | wickets1 = इंडिका कांकणंगे २/१५ (६ षटके) | score2 = ८७/३ (२२.१ षटके) | runs2 = वासंती रत्नायके ५१ (५९) | wickets2 = नाझिया नाझीर १/२ (२.१ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-6th-odi-67226/full-scorecard धावफलक] | venue = डी सोयसा स्टेडियम, मोरातुवा | umpires = दिलशान डी सिल्वा (श्रीलंका) आणि एसएच सरथकुमारा (श्रीलंका) | motm = | toss = पाकिस्तान महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४० षटकांचा करण्यात आला. | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २००२ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] 6czpr1pz78cte73jktnvptv8onmvru4 2702962 2702946 2026-08-17T05:30:38Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702962 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००१-०२ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २० | to_date = ३० जानेवारी २००२ | team1_captain = सुदरशिनी शिवनंतम | team2_captain = शैजा खान | no_of_ODIs = 6 | team1_ODIs_won = 6 | team2_ODIs_won = 0 | team1_ODIs_most_runs = वासंती रत्नायके (२३९) | team2_ODIs_most_runs = साजिदा शहा (९१) | team1_ODIs_most_wickets = रोझ फर्नांडो (१३) | team2_ODIs_most_wickets = शर्मीन खान (८) | player_of_ODI_series = }} पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने जानेवारी २००२ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. त्यांनी श्रीलंकेशी सहा एकदिवसीय सामने खेळले आणि श्रीलंकेने मालिका ६-० ने जिंकली.<ref name="CA">{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Pakistan_Women_in_Sri_Lanka_2001-02.html |title=Pakistan Women in Sri Lanka 2001/02 |access-date=12 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269 |title= Pakistan Women tour of Sri Lanka 2001/02 |access-date=12 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २० जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = १९२/५ (४५ षटके) | runs1 = हिरोशी अबेसिंघे ५७ (६५) | wickets1 = शर्मीन खान ३/४२ (९ षटके) | score2 = ६९ (३८.४ षटके) | runs2 = किरण बलुच १४ (५६) | wickets2 = रोझ फर्नांडो ४/३ (८.४ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १२३ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-1st-odi-67307/full-scorecard धावफलक] | venue = पैकियासोथी सरवणमुट्टू स्टेडियम, [[कोलंबो]] | umpires = सोमासिरी दिसानायके (श्रीलंका) आणि थसीम जंकीर (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४५ षटकांचा करण्यात आला. | notes = सबीन रेझवी (पाकिस्तान) आणि संदमली डोलावत्ते (श्रीलंका) या दोघांनीही महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २२ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = १८२/८ (५० षटके) | runs1 = सुदरशिनी शिवनंतम ३६ (५१) | wickets1 = शैजा खान ३/४२ (१० षटके) | score2 = ७८ (४३.३ षटके) | runs2 = राबिया खान १६ (३२) | wickets2 = सुदरशिनी शिवनंतम ५/२ (९.३ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १०४ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-2nd-odi-67208/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = एमसीएस सालगाडो (श्रीलंका) आणि एस हेवाविथराना (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१७/३ (५० षटके) | runs1 = वासंती रत्नायके ८८ (१३०) | wickets1 = नाझिया नाझीर १/२० (५ षटके) | score2 = ८८ (४६ षटके) | runs2 = किरण बलुच २२ (५७) | wickets2 = रोझ फर्नांडो ४/१५ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १२९ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-3rd-odi-67209/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = जे जी पुष्पराजह (श्रीलंका) आणि करुणारत्ने बोटेजू (श्रीलंका) | motm = | toss = पाकिस्तान महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = रंडिका गाल्हेनागे आणि ललना प्रियदर्शनी (श्रीलंका) या दोघींनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २७ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१६/५ (५० षटके) | runs1 = हिरोशी अबेसिंघे ७१[[नाबाद|*]] (१०३) | wickets1 = राबिया खान १/८ (२ षटके) | score2 = ६१ (३५.४ षटके) | runs2 = साजिदा शहा २९[[नाबाद|*]] (८०) | wickets2 = रमणी परेरा ४/१८ (७.४ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १५५ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-4th-odi-67176/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = के ललिथ (श्रीलंका) आणि एनबी एरियागामा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = ११९ (३९.२ षटके) | runs1 = वासंती रत्नायके २७ (४२) | wickets1 = राबिया खान ३/१३ (८ षटके) | score2 = ७७ (३२.४ षटके) | runs2 = नाझिया नाझीर ३० (५५) | wickets2 = जनकांती माला ४/३ (३ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ४२ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-5th-odi-67210/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = फिलिप मेंडिस (श्रीलंका) आणि थसीम जंकीर (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४० षटकांचा करण्यात आला. | notes = इनोका गालागेदरा (श्रीलंका) ने तिचे महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===सहावी वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = ३० जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८६/७ (४० षटके) | runs1 = साजिदा शहा ३६ (१२१) | wickets1 = इंडिका कांकणंगे २/१५ (६ षटके) | score2 = ८७/३ (२२.१ षटके) | runs2 = वासंती रत्नायके ५१ (५९) | wickets2 = नाझिया नाझीर १/२ (२.१ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-6th-odi-67226/full-scorecard धावफलक] | venue = डी सोयसा स्टेडियम, मोरातुवा | umpires = दिलशान डी सिल्वा (श्रीलंका) आणि एसएच सरथकुमारा (श्रीलंका) | motm = | toss = पाकिस्तान महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४० षटकांचा करण्यात आला. | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २००२ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] 2d4ogs1rbixz6phzh6c8ugh1vxicsm1 2702967 2702962 2026-08-17T05:33:32Z Nitin.kunjir 4684 /* संदर्भ */ 2702967 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००१-०२ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २० | to_date = ३० जानेवारी २००२ | team1_captain = सुदरशिनी शिवनंतम | team2_captain = शैजा खान | no_of_ODIs = 6 | team1_ODIs_won = 6 | team2_ODIs_won = 0 | team1_ODIs_most_runs = वासंती रत्नायके (२३९) | team2_ODIs_most_runs = साजिदा शहा (९१) | team1_ODIs_most_wickets = रोझ फर्नांडो (१३) | team2_ODIs_most_wickets = शर्मीन खान (८) | player_of_ODI_series = }} पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघाने जानेवारी २००२ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. त्यांनी श्रीलंकेशी सहा एकदिवसीय सामने खेळले आणि श्रीलंकेने मालिका ६-० ने जिंकली.<ref name="CA">{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/2/Pakistan_Women_in_Sri_Lanka_2001-02.html |title=Pakistan Women in Sri Lanka 2001/02 |access-date=12 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269 |title= Pakistan Women tour of Sri Lanka 2001/02 |access-date=12 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २० जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = १९२/५ (४५ षटके) | runs1 = हिरोशी अबेसिंघे ५७ (६५) | wickets1 = शर्मीन खान ३/४२ (९ षटके) | score2 = ६९ (३८.४ षटके) | runs2 = किरण बलुच १४ (५६) | wickets2 = रोझ फर्नांडो ४/३ (८.४ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १२३ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-1st-odi-67307/full-scorecard धावफलक] | venue = पैकियासोथी सरवणमुट्टू स्टेडियम, [[कोलंबो]] | umpires = सोमासिरी दिसानायके (श्रीलंका) आणि थसीम जंकीर (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४५ षटकांचा करण्यात आला. | notes = सबीन रेझवी (पाकिस्तान) आणि संदमली डोलावत्ते (श्रीलंका) या दोघांनीही महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २२ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = १८२/८ (५० षटके) | runs1 = सुदरशिनी शिवनंतम ३६ (५१) | wickets1 = शैजा खान ३/४२ (१० षटके) | score2 = ७८ (४३.३ षटके) | runs2 = राबिया खान १६ (३२) | wickets2 = सुदरशिनी शिवनंतम ५/२ (९.३ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १०४ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-2nd-odi-67208/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = एमसीएस सालगाडो (श्रीलंका) आणि एस हेवाविथराना (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१७/३ (५० षटके) | runs1 = वासंती रत्नायके ८८ (१३०) | wickets1 = नाझिया नाझीर १/२० (५ षटके) | score2 = ८८ (४६ षटके) | runs2 = किरण बलुच २२ (५७) | wickets2 = रोझ फर्नांडो ४/१५ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १२९ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-3rd-odi-67209/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = जे जी पुष्पराजह (श्रीलंका) आणि करुणारत्ने बोटेजू (श्रीलंका) | motm = | toss = पाकिस्तान महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = रंडिका गाल्हेनागे आणि ललना प्रियदर्शनी (श्रीलंका) या दोघींनी महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २७ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१६/५ (५० षटके) | runs1 = हिरोशी अबेसिंघे ७१[[नाबाद|*]] (१०३) | wickets1 = राबिया खान १/८ (२ षटके) | score2 = ६१ (३५.४ षटके) | runs2 = साजिदा शहा २९[[नाबाद|*]] (८०) | wickets2 = रमणी परेरा ४/१८ (७.४ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी १५५ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-4th-odi-67176/full-scorecard धावफलक] | venue = [[असगिरिया स्टेडियम]], [[कॅंडी]] | umpires = के ललिथ (श्रीलंका) आणि एनबी एरियागामा (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = ११९ (३९.२ षटके) | runs1 = वासंती रत्नायके २७ (४२) | wickets1 = राबिया खान ३/१३ (८ षटके) | score2 = ७७ (३२.४ षटके) | runs2 = नाझिया नाझीर ३० (५५) | wickets2 = जनकांती माला ४/३ (३ षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ४२ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-5th-odi-67210/full-scorecard धावफलक] | venue = मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = फिलिप मेंडिस (श्रीलंका) आणि थसीम जंकीर (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४० षटकांचा करण्यात आला. | notes = इनोका गालागेदरा (श्रीलंका) ने तिचे महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===सहावी वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = ३० जानेवारी २००२ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ८६/७ (४० षटके) | runs1 = साजिदा शहा ३६ (१२१) | wickets1 = इंडिका कांकणंगे २/१५ (६ षटके) | score2 = ८७/३ (२२.१ षटके) | runs2 = वासंती रत्नायके ५१ (५९) | wickets2 = नाझिया नाझीर १/२ (२.१ षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-tour-of-sri-lanka-2001-02-62269/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-6th-odi-67226/full-scorecard धावफलक] | venue = डी सोयसा स्टेडियम, मोरातुवा | umpires = दिलशान डी सिल्वा (श्रीलंका) आणि एसएच सरथकुमारा (श्रीलंका) | motm = | toss = पाकिस्तान महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे सामना ४० षटकांचा करण्यात आला. | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २००२ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] b68uq9xkvcw1axl9ktc3w60tmpdgqyu इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचा भारत आणि श्रीलंका दौरा, २००५-०६ 0 325591 2702941 2603381 2026-08-17T05:23:37Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702941 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = इंग्लिश महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००५-०६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of England.svg | team2_name = इंग्लंड | from_date = १० | to_date = १२ नोव्हेंबर २००५ | team1_captain = संदमाली डोलावत्ते | team2_captain = [[शार्लोट एडवर्ड्स]] | no_of_ODIs = 2 | team1_ODIs_won = 0 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = सुविनी डी अल्विस (३३) | team2_ODIs_most_runs = लॉरा न्यूटन (११९) | team1_ODIs_most_wickets = प्रबा उदावत्ते (४) | team2_ODIs_most_wickets = रोझली बर्च (८) | player_of_ODI_series = }} इंग्लिश महिला क्रिकेट संघाने नोव्हेंबर आणि डिसेंबर २००५ मध्ये श्रीलंका आणि भारताचा दौरा केला. श्रीलंकेविरुद्ध, त्यांनी दोन एकदिवसीय सामने खेळून मालिका २-० ने जिंकली. भारताविरुद्ध त्यांनी एक कसोटी सामना आणि ५ एकदिवसीय सामने खेळले. कसोटी सामना अनिर्णित राहिला, तर भारताने एकदिवसीय मालिका ४-१ ने जिंकली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/match-results |title=England Women tour of Sri Lanka and India 2005/06|access-date=13 June 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==श्रीलंकेचा दौरा== ===महिला एकदिवसीय मालिका=== ====पहिला सामना==== {{Single-innings cricket match | date = १० नोव्हेंबर २००५ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २२४/४ (५० षटके) | runs1 = अरन ब्रिंडल ६४[[नाबाद|*]] (५७) | wickets1 = प्रबा उदावत्ते २/२७ (१० षटके) | score2 = ६१ (२९.४ षटके) | runs2 = हिरोशी अबेसिंघे १९[[नाबाद|*]] (६८) | wickets2 = रोझली बर्च ४/१४ (९ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी १६३ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/sri-lanka-women-vs-england-women-1st-odi-224793/full-scorecard धावफलक] | venue = कोल्ट्स क्रिकेट क्लब ग्राउंड, [[कोलंबो]] | umpires = सीबीसी रॉड्रिगो (श्रीलंका) आणि फिलिप मेंडिस (श्रीलंका) | motm = | toss = इंग्लंड महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = सुमुदु फर्नांडो (श्रीलंका) यांनी तिचे महिला वनडे पदार्पण केले. }} ====दुसरा सामना==== {{Single-innings cricket match | date = १२ नोव्हेंबर २००५ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २०६/९ (५० षटके) | runs1 = लॉरा न्यूटन ६० (८०) | wickets1 = सुविनी डी अल्विस ३/३८ (१० षटके) | score2 = १०७ (४१ षटके) | runs2 = सुविनी डी अल्विस २९ (६५) | wickets2 = रोझली बर्च ४/२२ (७ षटके) | result = इंग्लंड महिला ९९ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/sri-lanka-women-vs-england-women-2nd-odi-225536/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = जे जी पुष्पराजह (श्रीलंका) आणि पी अथुकोराले (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = दुमिला देदुनू आणि विक्रमसिंघे अर्चिलगे चंद्रावती (श्रीलंका) या दोघांनीही महिला वनडे पदार्पण केले. }} ==भारत दौरा== {{Infobox cricket tour | series_name = इंग्लिश महिला क्रिकेट संघाचा भारत दौरा, २००५-०६ | team1_image = Flag of India.svg | team1_name = भारत | team2_image = Flag of England.svg | team2_name = इंग्लंड | from_date = १७ नोव्हेंबर | to_date = ९ डिसेंबर २००५ | team1_captain = [[मिताली राज]] | team2_captain = [[शार्लोट एडवर्ड्स]] | no_of_tests = 1 | team1_tests_won = 0 | team2_tests_won = 0 | team1_tests_most_runs = [[मिताली राज]] (१३०) | team2_tests_most_runs = अरन ब्रिंडल (८३) | team1_tests_most_wickets = [[झुलन गोस्वामी]] (६) | team2_tests_most_wickets = लॉरा हार्पर (६) | player_of_test_series = | no_of_ODIs = 5 | team1_ODIs_won = 4 | team2_ODIs_won = 1 | team1_ODIs_most_runs = करू जैन (१८०) | team2_ODIs_most_runs = [[शार्लोट एडवर्ड्स]] (१६४) | team1_ODIs_most_wickets = [[झुलन गोस्वामी]] (१०) | team2_ODIs_most_wickets = लॉरा हार्पर (४) | player_of_ODI_series = [[झुलन गोस्वामी]] (भारत) }} ===एकमेव महिला कसोटी=== {{Test match |date = २१ - २४ नोव्हेंबर २००५ |team1 = {{crw-rt|IND}} |team2 = {{crw|ENG}} |score-team1-inns1 = २८९ (१२६.५ षटके) |runs-team1-inns1 = [[मिताली राज]] ७८ (१६०) |wickets-team1-inns1 = लॉरा हार्पर ५/६६ (४० षटके) |score-team2-inns1 = १५४ (९७.४ षटके) |runs-team2-inns1 = अरन ब्रिंडल ३७ (१३९) |wickets-team2-inns1 = [[झुलन गोस्वामी]] ५/२५ (२० षटके) |score-team1-inns2 = १७५/४[[घोषणा आणि जप्ती|घोषित]] (६१ षटके) |runs-team1-inns2 = करू जैन ३५ (८३) |wickets-team1-inns2 = रोझली बर्च २/१४ (६ षटके) |score-team2-inns2 = २१०/६ (११३ षटके) |runs-team2-inns2 = [[शार्लोट एडवर्ड्स]] ४६ (९४) |wickets-team2-inns2 = नूशीन अल खदीर ३/३० (३२ षटके) |result = सामना अनिर्णित |venue = जामिया मिलिया क्रिकेट मैदान, [[दिल्ली]] |umpires = देस राज (भारत) आणि रामेश्वर सिंग (भारत) |motm = |report = [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/india-women-vs-england-women-only-test-226656/full-scorecard धावफलक] |toss = भारतीय महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. |rain = |notes = रुमेली धर, कारू जैन, स्रावंती नायडू, आशा रावत आणि मोनिका सुमरा (भारत) या सर्वांनी महिला कसोटी पदार्पण केले. }} ===महिला एकदिवसीय मालिका=== ====पहिला सामना==== {{Single-innings cricket match | date = २७ नोव्हेंबर २००५ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|IND}} | score1 = १८८/७ (५० षटके) | runs1 = [[शार्लोट एडवर्ड्स]] ६८ (१२२) | wickets1 = नीतू डेव्हिड ४/४८ (१० षटके) | score2 = १६८/९ (५० षटके) | runs2 = मोनिका सुमरा ५९ (११४) | wickets2 = लॉरा हार्पर ४/३३ (८ षटके) | result = इंग्लंड महिलांनी २० धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/india-women-vs-england-women-1st-odi-227420/full-scorecard धावफलक] | venue = [[नाहर सिंग स्टेडियम]], [[फरिदाबाद]] | umpires = देविंदर शर्मा (भारत) आणि धर्मेश भारद्वाज (भारत) | motm = [[शार्लोट एडवर्ड्स]] (इंग्लंड) | toss = भारतीय महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ====दुसरा सामना==== {{Single-innings cricket match | date = १ डिसेंबर २००५ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|IND}} | score1 = १६२/८ (५० षटके) | runs1 = कॅरोलिन ऍटकिन्स ३४ (६१) | wickets1 = [[अमिता शर्मा]] ३/२७ (९ षटके) | score2 = १६३/६ (४९.२ षटके) | runs2 = [[अंजुम चोप्रा]] ७१ (१३२) | wickets2 = [[बेथ मॉर्गन]] २/२७ (७.२ षटके) | result = भारतीय महिलांनी ४ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/india-women-vs-england-women-2nd-odi-227955/full-scorecard धावफलक] | venue = के. डी. सिंग बाबू स्टेडियम, [[लखनौ]] | umpires = अरुण भारद्वाज (भारत) आणि सतीश गुप्ता (भारत) | motm = [[अंजुम चोप्रा]] (भारत) | toss = भारतीय महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ====तिसरा सामना==== {{Single-innings cricket match | date = ४ डिसेंबर २००५ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|IND}} | score1 = २१५/७ (५० षटके) | runs1 = [[शार्लोट एडवर्ड्स]] ६६ (११२) | wickets1 = नूशिन अल खदीर ३/४६ (१० षटके) | score2 = २१६/२ (४०.४ षटके) | runs2 = [[मिताली राज]] ६५[[नाबाद|*]] (८१) | wickets2 = अरन ब्रिंडल १/१८ (३ षटके) | result = भारतीय महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/india-women-vs-england-women-3rd-odi-228386/full-scorecard धावफलक] | venue = [[नेहरू स्टेडियम, गुवाहाटी|नेहरू स्टेडियम]], [[गुवाहाटी]] | umpires = देविंदर शर्मा (भारत) आणि धर्मेश भारद्वाज (भारत) | motm = करू जैन (भारत) | toss = इंग्लंड महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ====चौथा सामना==== {{Single-innings cricket match | date = ४ डिसेंबर २००५ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|ENG}} | team2 = {{crw|IND}} | score1 = ५० (३०.४ षटके) | runs1 = [[जेनी गन]] १३ (५३) | wickets1 = [[झुलन गोस्वामी]] ५/१६ (१० षटके) | score2 = ५१/० (१४.५ षटके) | runs2 = जया शर्मा २९[[नाबाद|*]] (४९) | wickets2 = | result = भारतीय महिलांनी १० गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/india-women-vs-england-women-4th-odi-228838/full-scorecard धावफलक] | venue = एसएम देव स्टेडियम, [[सिलचर]] | umpires = देविंदर शर्मा (भारत) आणि धर्मेश भारद्वाज (भारत) | motm = [[झुलन गोस्वामी]] (भारत) | toss = भारतीय महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ====पाचवा सामना==== {{Single-innings cricket match | date = ९ डिसेंबर २००५ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|IND}} | team2 = {{crw|ENG}} | score1 = २४३/४ (५० षटके) | runs1 = करू जैन १०३ (१४७) | wickets1 = अरन ब्रिंडल १/४९ (९ षटके) | score2 = २०५ (४६.५ षटके) | runs2 = अरन ब्रिंडल ५२ (६६) | wickets2 = [[अमिता शर्मा]] २/३१ (८.५ षटके) | result = भारतीय महिलांनी ३८ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/england-women-tour-of-sri-lanka-and-india-2005-06-221698/india-women-vs-england-women-5th-odi-229039/full-scorecard धावफलक] | venue = [[ईडन गार्डन्स]], [[कोलकाता]] | umpires = ए दास (भारत) आणि प्रेमदीप चॅटर्जी (भारत) | motm = करू जैन (भारत) | toss = इंग्लंड महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = स्रावंती नायडू (भारत) हिने महिला एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले. }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{भारताचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २००५ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचे भारत दौरे]] [[वर्ग:इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे भारत दौरे]] 25px3004sqmxjfxs4ind9qf54a2p4gg वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००८-०९ 0 325613 2702952 2603326 2026-08-17T05:25:06Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702952 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = वेस्ट इंडीझ महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००८-०९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = WestIndiesCricketFlagPre1999.svg | team2_name = वेस्ट इंडीझ | from_date = ३ | to_date = १२ नोव्हेंबर २००८ | team1_captain = [[शशिकला सिरिवर्धने]] | team2_captain = नादिन जॉर्ज | no_of_ODIs = 5 | team1_ODIs_won = 3 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = डेडुनु सिल्वा (१६२) | team2_ODIs_most_runs = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (१२४) | team1_ODIs_most_wickets = सुविनी डी अल्विस (११) | team2_ODIs_most_wickets = [[अनिसा मोहम्मद]] (७) <br> [[स्टेफानी टेलर]] (७) | player_of_ODI_series = [[शशिकला सिरिवर्धने]] (श्रीलंका) }} वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाने नोव्हेंबर २००८ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. ते श्रीलंकेविरुद्ध ५ एकदिवसीय सामने खेळले आणि मालिका ३-२ ने गमावली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711 |title=West Indies Women tour of Sri Lanka 2008/09 |access-date=14 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/11/West_Indies_Women_in_Pakistan_and_Sri_Lanka_2008-09.html |title=West Indies Women in Pakistan and Sri Lanka 2008/09 |access-date=14 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> हा दौरा सुरुवातीला श्रीलंका आणि पाकिस्तान या दोन्ही देशांच्या दौऱ्यासाठी नियोजित होता, परंतु सुरक्षेच्या कारणास्तव संघाने पाकिस्तान दौरा रद्द केला.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/west-indies-women-s-tour-of-pakistan-called-off-372348 |title=West Indies women's tour of Pakistan called off |access-date=14 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ५ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६७ (४९.५ षटके) | runs1 = [[स्टेसी-अॅन किंग]] ७० (१००) | wickets1 = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] ३/२६ (१० षटके) | score2 = १२७ (४२.४ षटके) | runs2 = [[चामरी पोलगांपोला]] २९ (७०) | wickets2 = [[स्टेफानी टेलर]] ३/१० (८ षटके) | result = वेस्ट इंडीझ महिला ४० धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-1st-women-s-odi-368716/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (वेस्ट इंडीज) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = चमिका बंदारा, चंडी विक्रमसिंघे (श्रीलंका) आणि शानेल डेली (वेस्ट इंडीझ) या तिघांनीही महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ७ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६९/९ (५० षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ३३ (३९) | wickets1 = सुविनी डी अल्विस २/२० (७ षटके) | score2 = १७०/८ (४९.२ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ४३ (६९) | wickets2 = अफय फ्लेचर २/३० (८ षटके) | result = श्रीलंका महिला २ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2nd-women-s-odi-368717/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = दुशांत एकनायके (श्रीलंका) आणि कृष्णा रॉड्रिगो (श्रीलंका) | motm = [[शशिकला सिरिवर्धने]] (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ९ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १२५ (४४.३ षटके) | runs1 = डॅनियल स्मॉल ३७[[नाबाद|*]] (७२) | wickets1 = रोझ फर्नांडो ३/२२ (१० षटके) | score2 = १२७/२ (३६.३ षटके) | runs2 = डेडुनु सिल्वा ५८ (९४) | wickets2 = [[स्टेफानी टेलर]] १/२२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-women-s-odi-368718/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = प्रदीप उदावत्ता (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = डेडुनु सिल्वा (श्रीलंका) | toss = वेस्ट इंडीझच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ११ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १७० (४९.२ षटके) | runs1 = [[स्टेसी-अॅन किंग]] ३९ (४३) | wickets1 = [[चामरी पोलगांपोला]] ३/२३ (१० षटके) | score2 = १५७ (४६.२ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ४६ (६३) | wickets2 = किर्बिना अलेक्झांडर २/१५ (३ षटके) | result = वेस्ट इंडीझ महिला १३ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-4th-women-s-odi-368719/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = निशान धनसिंगे (श्रीलंका) आणि फिलिप मेंडिस (श्रीलंका) | motm = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (वेस्ट इंडीज) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = १२ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १२० (४४.४ षटके) | runs1 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ३१ (६३) | wickets1 = सुविनी डी अल्विस ४/२५ (९.४ षटके) | score2 = १२१/३ (३७.१ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ३२ (६०) | wickets2 = [[अनिसा मोहम्मद]] २/१४ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-5th-women-s-odi-368720/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = चामली फर्नांडो (श्रीलंका) आणि रवींद्र कोट्टाहाची (श्रीलंका) | motm = सुविनी डी अल्विस (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २००८ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] bzucimmm1cuvyut9lpg5wixf0b40i1v 2702969 2702952 2026-08-17T05:35:30Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702969 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = वेस्ट इंडीझ महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००८-०९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = WestIndiesCricketFlagPre1999.svg | team2_name = वेस्ट इंडीझ | from_date = ३ | to_date = १२ नोव्हेंबर २००८ | team1_captain = [[शशिकला सिरिवर्धने]] | team2_captain = नादिन जॉर्ज | no_of_ODIs = 5 | team1_ODIs_won = 3 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = डेडुनु सिल्वा (१६२) | team2_ODIs_most_runs = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (१२४) | team1_ODIs_most_wickets = सुविनी डी अल्विस (११) | team2_ODIs_most_wickets = [[अनिसा मोहम्मद]] (७) <br> [[स्टेफानी टेलर]] (७) | player_of_ODI_series = [[शशिकला सिरिवर्धने]] (श्रीलंका) }} वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाने नोव्हेंबर २००८ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. ते श्रीलंकेविरुद्ध ५ एकदिवसीय सामने खेळले आणि मालिका ३-२ ने गमावली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711 |title=West Indies Women tour of Sri Lanka 2008/09 |access-date=14 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/11/West_Indies_Women_in_Pakistan_and_Sri_Lanka_2008-09.html |title=West Indies Women in Pakistan and Sri Lanka 2008/09 |access-date=14 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> हा दौरा सुरुवातीला श्रीलंका आणि पाकिस्तान या दोन्ही देशांच्या दौऱ्यासाठी नियोजित होता, परंतु सुरक्षेच्या कारणास्तव संघाने पाकिस्तान दौरा रद्द केला.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/west-indies-women-s-tour-of-pakistan-called-off-372348 |title=West Indies women's tour of Pakistan called off |access-date=14 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ५ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६७ (४९.५ षटके) | runs1 = [[स्टेसी-अॅन किंग]] ७० (१००) | wickets1 = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] ३/२६ (१० षटके) | score2 = १२७ (४२.४ षटके) | runs2 = [[चामरी पोलगांपोला]] २९ (७०) | wickets2 = [[स्टेफानी टेलर]] ३/१० (८ षटके) | result = वेस्ट इंडीझ महिला ४० धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-1st-women-s-odi-368716/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (वेस्ट इंडीज) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = चमिका बंदारा, चंडी विक्रमसिंघे (श्रीलंका) आणि शानेल डेली (वेस्ट इंडीझ) या तिघांनीही महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ७ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६९/९ (५० षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ३३ (३९) | wickets1 = सुविनी डी अल्विस २/२० (७ षटके) | score2 = १७०/८ (४९.२ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ४३ (६९) | wickets2 = अफय फ्लेचर २/३० (८ षटके) | result = श्रीलंका महिला २ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2nd-women-s-odi-368717/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = दुशांत एकनायके (श्रीलंका) आणि कृष्णा रॉड्रिगो (श्रीलंका) | motm = [[शशिकला सिरिवर्धने]] (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ९ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १२५ (४४.३ षटके) | runs1 = डॅनियल स्मॉल ३७[[नाबाद|*]] (७२) | wickets1 = रोझ फर्नांडो ३/२२ (१० षटके) | score2 = १२७/२ (३६.३ षटके) | runs2 = डेडुनु सिल्वा ५८ (९४) | wickets2 = [[स्टेफानी टेलर]] १/२२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-women-s-odi-368718/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = प्रदीप उदावत्ता (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = डेडुनु सिल्वा (श्रीलंका) | toss = वेस्ट इंडीझच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ११ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १७० (४९.२ षटके) | runs1 = [[स्टेसी-अॅन किंग]] ३९ (४३) | wickets1 = [[चामरी पोलगांपोला]] ३/२३ (१० षटके) | score2 = १५७ (४६.२ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ४६ (६३) | wickets2 = किर्बिना अलेक्झांडर २/१५ (३ षटके) | result = वेस्ट इंडीझ महिला १३ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-4th-women-s-odi-368719/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = निशान धनसिंगे (श्रीलंका) आणि फिलिप मेंडिस (श्रीलंका) | motm = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (वेस्ट इंडीज) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = १२ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १२० (४४.४ षटके) | runs1 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ३१ (६३) | wickets1 = सुविनी डी अल्विस ४/२५ (९.४ षटके) | score2 = १२१/३ (३७.१ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ३२ (६०) | wickets2 = [[अनिसा मोहम्मद]] २/१४ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-5th-women-s-odi-368720/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = चामली फर्नांडो (श्रीलंका) आणि रवींद्र कोट्टाहाची (श्रीलंका) | motm = सुविनी डी अल्विस (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २००८ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] ej7w4djixkz8rccv9bfrraztq660daj 2702973 2702969 2026-08-17T05:36:42Z Nitin.kunjir 4684 /* संदर्भ */ 2702973 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = वेस्ट इंडीझ महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००८-०९ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = WestIndiesCricketFlagPre1999.svg | team2_name = वेस्ट इंडीझ | from_date = ३ | to_date = १२ नोव्हेंबर २००८ | team1_captain = [[शशिकला सिरिवर्धने]] | team2_captain = नादिन जॉर्ज | no_of_ODIs = 5 | team1_ODIs_won = 3 | team2_ODIs_won = 2 | team1_ODIs_most_runs = डेडुनु सिल्वा (१६२) | team2_ODIs_most_runs = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (१२४) | team1_ODIs_most_wickets = सुविनी डी अल्विस (११) | team2_ODIs_most_wickets = [[अनिसा मोहम्मद]] (७) <br> [[स्टेफानी टेलर]] (७) | player_of_ODI_series = [[शशिकला सिरिवर्धने]] (श्रीलंका) }} वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाने नोव्हेंबर २००८ मध्ये श्रीलंकेचा दौरा केला होता. ते श्रीलंकेविरुद्ध ५ एकदिवसीय सामने खेळले आणि मालिका ३-२ ने गमावली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711 |title=West Indies Women tour of Sri Lanka 2008/09 |access-date=14 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref><ref>{{cite web |url=https://cricketarchive.com/Archive/Events/11/West_Indies_Women_in_Pakistan_and_Sri_Lanka_2008-09.html |title=West Indies Women in Pakistan and Sri Lanka 2008/09 |access-date=14 July 2021 |publisher=CricketArchive}}</ref> हा दौरा सुरुवातीला श्रीलंका आणि पाकिस्तान या दोन्ही देशांच्या दौऱ्यासाठी नियोजित होता, परंतु सुरक्षेच्या कारणास्तव संघाने पाकिस्तान दौरा रद्द केला.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/west-indies-women-s-tour-of-pakistan-called-off-372348 |title=West Indies women's tour of Pakistan called off |access-date=14 July 2021 |publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> ==महिला एकदिवसीय मालिका== ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ५ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६७ (४९.५ षटके) | runs1 = [[स्टेसी-अॅन किंग]] ७० (१००) | wickets1 = [[श्रीपाली वीराक्कोडी]] ३/२६ (१० षटके) | score2 = १२७ (४२.४ षटके) | runs2 = [[चामरी पोलगांपोला]] २९ (७०) | wickets2 = [[स्टेफानी टेलर]] ३/१० (८ षटके) | result = वेस्ट इंडीझ महिला ४० धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-1st-women-s-odi-368716/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = लिंडन हॅनिबल (श्रीलंका) आणि प्रगीथ रामबुकवेला (श्रीलंका) | motm = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (वेस्ट इंडीज) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = चमिका बंदारा, चंडी विक्रमसिंघे (श्रीलंका) आणि शानेल डेली (वेस्ट इंडीझ) या तिघांनीही महिला वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ७ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १६९/९ (५० षटके) | runs1 = [[स्टेफानी टेलर]] ३३ (३९) | wickets1 = सुविनी डी अल्विस २/२० (७ षटके) | score2 = १७०/८ (४९.२ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ४३ (६९) | wickets2 = अफय फ्लेचर २/३० (८ षटके) | result = श्रीलंका महिला २ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2nd-women-s-odi-368717/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = दुशांत एकनायके (श्रीलंका) आणि कृष्णा रॉड्रिगो (श्रीलंका) | motm = [[शशिकला सिरिवर्धने]] (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ९ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १२५ (४४.३ षटके) | runs1 = डॅनियल स्मॉल ३७[[नाबाद|*]] (७२) | wickets1 = रोझ फर्नांडो ३/२२ (१० षटके) | score2 = १२७/२ (३६.३ षटके) | runs2 = डेडुनु सिल्वा ५८ (९४) | wickets2 = [[स्टेफानी टेलर]] १/२२ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिलांनी ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-women-s-odi-368718/full-scorecard धावफलक] | venue = रंगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, [[दांबुला]] | umpires = प्रदीप उदावत्ता (श्रीलंका) आणि रवींद्र विमलासिरी (श्रीलंका) | motm = डेडुनु सिल्वा (श्रीलंका) | toss = वेस्ट इंडीझच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ११ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १७० (४९.२ षटके) | runs1 = [[स्टेसी-अॅन किंग]] ३९ (४३) | wickets1 = [[चामरी पोलगांपोला]] ३/२३ (१० षटके) | score2 = १५७ (४६.२ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ४६ (६३) | wickets2 = किर्बिना अलेक्झांडर २/१५ (३ षटके) | result = वेस्ट इंडीझ महिला १३ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-4th-women-s-odi-368719/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = निशान धनसिंगे (श्रीलंका) आणि फिलिप मेंडिस (श्रीलंका) | motm = [[स्टेसी-अॅन किंग]] (वेस्ट इंडीज) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = १२ नोव्हेंबर २००८ | time = | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १२० (४४.४ षटके) | runs1 = [[डिआंड्रा डॉटिन]] ३१ (६३) | wickets1 = सुविनी डी अल्विस ४/२५ (९.४ षटके) | score2 = १२१/३ (३७.१ षटके) | runs2 = [[शशिकला सिरिवर्धने]] ३२ (६०) | wickets2 = [[अनिसा मोहम्मद]] २/१४ (१० षटके) | result = श्रीलंका महिला ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/west-indies-women-tour-of-sri-lanka-2008-09-368711/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-5th-women-s-odi-368720/full-scorecard धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = चामली फर्नांडो (श्रीलंका) आणि रवींद्र कोट्टाहाची (श्रीलंका) | motm = सुविनी डी अल्विस (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेच्या महिलांनी नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:इ.स. २००८ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] msw1nwnswz4hhvvms80wdl3zzhmpio5 सकवारबाई भोसले द्वितीय 0 340844 2702881 2677819 2026-08-16T12:07:32Z Aryan Bagkar 152513 /* */ 2702881 wikitext text/x-wiki {{इतिहासलेखन}} {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = महाराणी सकवारबाई द्वितीय | पदवी = सम्राज्ञी<br>महाराणी | राजध्वज_चित्र = Flag_of_the_Maratha_Empire.svg| | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = मराठा साम्राज्य | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = [[इ.स. १७०८|१७०८]] - [[इ.स. १७४९|१७४९]] | राज्यारोहण = सम्राज्ञी पदाभिषेक | राज्याभिषेक = [[१२ जानेवारी]] [[इ.स. १७०८|१७०८]] | राज्यव्याप्ती = | राजधानी = [[अजिंक्यतारा|किल्ले अजिंक्यतारा]] (१७०८-१७२०),<br> [[सातारा]] (१७२१-१७४९) | पूर्ण_नाव = सकवारबाई शाहूराजे भोसले | इतर_पदव्या = [[सम्राज्ञी]], [[महाराणी]] | जन्म_दिनांक = | जन्म_स्थान = | मृत्यू_दिनांक = [[इ.स. १७४९|१७४९]] | मृत्यू_स्थान = [[सातारा]], [[महाराष्ट्र]] | पूर्वाधिकारी = [[महाराणी ताराबाई]] | राजपद_वारस = | राजपद_वारस_प्रकार = | उत्तराधिकारी = | वडील = राणोजी शिर्के | आई = | पत्नी = | पती = [[शाहू पहिले|छत्रपती सम्राट शाहू महाराज]] | संतती = [[गजराबाई कदमबांडे|गजराबाई]] | राजवंश = [[शिर्के]] (जन्माने)<br>[[भोसले]] (लग्नाने) | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = | राजचलन = [[होन]] | तळटिपा = |}} '''महाराणी सकवारबाई भोसले''' ह्या [[छत्रपती शाहू|छत्रपती शाहू महाराज (थोरले)]] यांच्या पट्टराणी होत्या. महाराणी सकवारबाई साहेब या शिर्के घराण्यातील होत्या. त्यांच्या वडिलांचे नांव राणोजी राजेशिर्के असे होते. सकवारबाईना [[गजराबाई कदमबांडे|गजराबाई]] या नावाची एक कन्या होती. ती कदमबांडे यांना दिलेली होती.[[भोसले]] घराण्याचे विवाह संबंध जास्तीत जास्त [[शिर्के]] व [[मोहिते]] घराण्याशीच झालेले आहेत. अखंड हिंदुस्थानाच्या साम्राज्ञी व श्री शाहू छत्रपतींच्या अभिषिक्त पट्टराणी !! तसेच सतीच्या प्रथेच्या नावाखाली दुर्दैवी अंत झालेल्या एक दुर्दैवी महाराणी !! [[सातारा|राजधानी सातारा]] येथे [[शाहू पहिले|छत्रपती शाहू महाराज]] यांच्या उत्तरकाळांत जेंव्हा दत्तक प्रकरण उद्मले तेव्हा राजवाड्यांत कट-कारस्थानाला उत आला. आपल्या मर्जीचा दत्तक यावा म्हणून जो तो धडपड करू लागला.हे नेहमीच सगळीकडे घडत असते. छत्रपती शाहू महाराजांच्या धाकट्या राणीसाहेब [[सगुणाबाई भोसले द्वितीय|सगुणाबाई]] या मोहिते घराण्यातील होत्या. दत्तक प्रकरणातील धुसफूस चालू असतानाच [[२५ ऑगस्ट]] [[इ.स. १७४८|१७४८]] रोजी [[सगुणाबाई भोसले द्वितीय|महाराणी सगुणाबाई]] यांचे निधन झाले. [[शाहू पहिले|छत्रपती शाहू महाराजांच्या]] अंत्यसमयी सकवारबाई साहेबांनी आपल्या देखरेखेखाली ठेवले होते. कोल्हापूरचे [[संभाजी द्वितीय|छत्रपती संभाजी महाराज(द्वितीय)]] यांनाच शाहू महाराजांनी दत्तक घ्यावे अशी सकवारबाई साहेबांची आग्रही भूमिका होती. ती चुकीची मुळीच वाटत नाही कारण [[संभाजी द्वितीय|छत्रपती संभाजी महाराज(द्वितीय)]] यांना या वेळेपर्यंत पस्तीस वर्ष राज्यकारभाराचा अनुभव प्राप्त झालेला होता. राज्याचा अधिपती होण्याची पात्रता आणि योग्यता त्यांनी निश्चितपणे संपादन केलेली होती. वारसाच्या दृष्टीनेही [[राजाराम दुसरे|रामराजापेक्षा]] ते अधिक जवळचे होते.सकवारबाईसाहेबांची निवड [[नानासाहेब पेशवे]] यांना पटणे शक्यच नव्हते. कारण अशा अनुभवी छत्रपतीस निष्प्रभ केल्याशिवाय संपूर्ण मराठेशाही घशांत घालणे शक्यच झाले नसते. छत्रपतीच्या गादीवर नामधारी बसवायचा होता या दृष्टीकोनातून [[महाराणी ताराबाई]] साहेबांनी सुचविलेल्या [[राजाराम दुसरे|रामराजे छत्रपती]] यांना गादीवर बसविणेच पेशव्याच्या पुढील चालीच्या दृष्टिने योग्य होते. त्यामुळे [[नानासाहेब पेशवा|नानासाहेब पेशवेही]] आपले डाव धुर्तपणे खेळत होते. शेवटी कपट नितीने आपला डाव साधून महाराणी सकवारबाई साहेबावर विजय मिळवला. सकवारबाई यासारखी महत्वाकांक्षी बाई जिवंत राहिली तर आपले मनसुभे उधळून लावेल हे ओळखून तिला ठार मारण्याचा कट केला. [[शाहू पहिले|छत्रपती शाहू महाराज]] अत्यवस्थ असताना महाराणी सकवारबाई अखंड त्यांच्या उशाशी बसून होत्या. पण शरीर धर्मासाठी त्यांना उठून जावे लागत होते या संधीचा फायदा घेऊन बेशुद्धावस्थेतील छत्रपती शाहू महाराजांची सही दोन फर्मानावर घेण्यात आली. यामुळे छत्रपती शाहू महाराजांची सत्ता संपुष्ठात येऊन मराठेशाहीची सारी सत्ता पेशव्यांच्या हातात गेली. या दोन बनावट फर्मानावर पुढील पेशवाई साम्राज्य उभे राहिलेले आहे. ही गोष्ट इतिहास प्रमाणित आहे. कारण फर्मानावर मृत्युची वाट पहाणाऱ्या अस्वस्थ आणि बेशुद्ध छत्रपतीची मंजूरी घेण्यांत आली होती. [[१५ डिसेंबर]] [[इ.स. १७४९|१७४९]] रोजी [[शाहू पहिले|छत्रपती शाहू महाराज]] यांचे बेशुद्धावस्थेतच निधन झाले.सर्व कारभारी मंडळी ने बेसणीसदीय एकविचाराने ठरविले की, सकवारबाई साहेबास सती घालवावी.न जातील तर बढ़े न्यावी. आताच शेवट केला पाहिजेत. (संदर्भ: करवीर रियासत पृ. क्र. १६५ लेखक- स.मा.गर्गे) पेशव्यांचा हस्तक गोविंदराव चिटणीस याने छ. शाहू महाराजांचे निधन होताच त्याने सकवारबाई साहेबांच्या सर्व माणसांना कैद केले. त्यात दादोबा प्रतिनिधी उर्फ जगजीवनराव, त्यांचा मुतालिक यमाजी शिवदेव इ.मंडळी होती.छत्रपती शाहू महाराजांच्या मृत्युनंतर तत्कालिन मराठा मंडळीने, सतिच्या गोंडस नावाखाली संगमताने केलेला हा एक भीषण खून! महाराणी सकवारबाई साहेब सती जायला सयार होईनांत म्हणून त्यांच्या माहेरच्या मंडळीना व विशेषतः वडिलांना आणून धमक्या देण्यांत आल्या. सदाशिव चिमणाजी याने सकवारबाई साहेबापुढे कुंकवाचा करंडा ठेवून कृष्णातिरी माहुली संगमावर सती जाण्याची तयारी करण्याची सूचना दिली. पेशवाईच्या उदद्यकाळी मराठेशाहीत सतीच्या गोंडस नावाखाली घडलेल्या या अमानुष सती प्रकरणाची कथा वाचताना अंगावर शहारे येतात. महाराणी सकवारबाई साहेब ख-या अर्थाने सती होत्याच, अशी ग्वाही इतिहासांत मिळते, त्या छत्रपती शाहू महाराजांना ईश्वररूप मानत होत्या. त्याशिवाय त्यांच्या मनांत दुसरा भाव नव्हता. छत्रपतीच्या घराण्यांत दुर्देवी ठरलेली आणि भयानक शेवट झालेली राजेशिर्के घराण्यातील ही कन्या! मतलबी इतिहासकारांकडे त्यांविषयी सहानभुतीचे दोन शब्द नसावेत याची खंत वाटते! == संदर्भ == (करवीर रियासत पृ.क्र.१७३ लेखक- स.मा. गर्गे) [[वर्ग:मराठा साम्राज्यातील स्त्रिया]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] fc62m6oy9vjwt1yoqfqw9wxa2duhg0n अंबिकाबाई भोसले द्वितीय 0 341558 2702883 2653664 2026-08-16T12:09:11Z Aryan Bagkar 152513 /* */ 2702883 wikitext text/x-wiki {{इतिहासलेखन}} {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = महाराणी अंबिकाबाई शाहूराजे भोसले | पदवी = महाराणी | राजध्वज_चित्र = Flag_of_the_Maratha_Empire.svg| | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = मराठा साम्राज्य | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = | राज्यारोहण = | राज्याभिषेक = | राज्यव्याप्ती = | राजधानी = [[सातारा]] | पूर्ण_नाव = अंबिकाबाई शाहूराजे भोसले | इतर_पदव्या = [[महाराणी]] | जन्म_दिनांक = | जन्म_स्थान = | मृत्यू_दिनांक = | मृत्यू_स्थान = | पूर्वाधिकारी = [[सकवारबाई भोसले द्वितीय|महाराणी सकवारबाई (द्वितीय)]] | राजपद_वारस = | राजपद_वारस_प्रकार = | उत्तराधिकारी = | वडील = | आई = | पत्नी = | पती = [[शाहू पहिले|छत्रपती सम्राट शाहू महाराज]] | संतती = | राजवंश = [[जाधव]] (जन्माने)<br>[[भोसले]] (लग्नाने) | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = | राजचलन = [[होन]] | तळटिपा = |}} '''महाराणी अंबिकाबाई द्वितीय''' ह्या [[शाहू पहिले|छत्रपती शाहू महाराजांच्या]] पत्नी होत्या. त्या जाधव घराण्यातील होत्या. त्या निपुत्रीक होत्या. महाराणी येसूबाई यांच्या ह्या सून होत्या. शाहू महाराज [[मुघल साम्राज्य|मुघलांच्या]] कैदेत असताना अंबिकाबाई आणि [[शाहू पहिले|शाहूराजे]] यांचा विवाह झाला होता. [[वर्ग:मराठा साम्राज्यातील स्त्रिया]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] qpwu16oj3kh1zce06c33krhd7bj8985 सावित्रीबाई भोसले 0 341559 2702882 2536542 2026-08-16T12:08:51Z Aryan Bagkar 152513 /* */ 2702882 wikitext text/x-wiki {{इतिहासलेखन}} {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = महाराणी सावित्रीबाई शाहूराजे भोसले | पदवी = महाराणी | राजध्वज_चित्र = Flag_of_the_Maratha_Empire.svg| | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = मराठा साम्राज्य | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = | राज्यारोहण = | राज्याभिषेक = | राज्यव्याप्ती = | राजधानी = [[सातारा]] | पूर्ण_नाव = सावित्रीबाई शाहूराजे भोसले | इतर_पदव्या = [[महाराणी]] | जन्म_दिनांक = | जन्म_स्थान = | मृत्यू_दिनांक = | मृत्यू_स्थान = | पूर्वाधिकारी = [[सकवारबाई भोसले द्वितीय|महाराणी सकवारबाई (द्वितीय)]] | राजपद_वारस = | राजपद_वारस_प्रकार = | उत्तराधिकारी = | वडील = | आई = | पत्नी = | पती = [[शाहू पहिले|छत्रपती सम्राट शाहू महाराज]] | संतती = | राजवंश = [[शिंदे]] (जन्माने)<br>[[भोसले]] (लग्नाने) | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = | राजचलन = [[होन]] | तळटिपा = |}} '''महाराणी सावित्रीबाई''' ह्या [[शाहू पहिले|छत्रपती शाहू महाराजांच्या]] पत्नी होत्या. त्या शिंदे घराण्यातील होत्या. त्या निपुत्रीक होत्या. शाहू महाराज [[मुघल साम्राज्य|मुघलांच्या]] कैदेत असताना सावित्रीबाई आणि [[शाहू पहिले|शाहूराजे]] यांचा विवाह झाला होता. [[वर्ग:मराठा साम्राज्यातील स्त्रिया]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] 7uvn0x98pl6iiq7lrsh0mf8zvjdqfgd सगुणाबाई भोसले 0 341900 2702879 2676903 2026-08-16T12:04:35Z Aryan Bagkar 152513 /* */ 2702879 wikitext text/x-wiki {{इतिहासलेखन}} {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = महाराणी सगुणाबाई | पदवी = महाराणी | चित्र = | चित्र_शीर्षक = | राजध्वज_चित्र = Flag_of_the_Maratha_Empire.svg| | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = मराठा साम्राज्य | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = | राज्यारोहण = | राज्याभिषेक = | राज्यव्याप्ती = | राजधानी = [[राजगड]] | पूर्ण_नाव = सगुणाबाई शिवाजीराजे भोसले | इतर_पदव्या = [[महाराणी]] | जन्म_दिनांक = | जन्म_स्थान = | मृत्यू_दिनांक = | मृत्यू_स्थान = | पूर्वाधिकारी = [[सोयराबाई|महाराणी सोयराबाई]] | राजपद_वारस = | राजपद_वारस_प्रकार = | उत्तराधिकारी = [[महाराणी येसूबाई]] | वडील = | आई = | पत्नी = | पती = [[छत्रपती शिवाजी महाराज]] | संतती = [[राजकुवरबाई शिर्के|राजकुवरबाई]] | राजवंश = [[शिर्के]] (जन्माने)<br>[[भोसले]] (लग्नाने) | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = | राजचलन = [[होन]] | तळटिपा = |}} '''महाराणी सगुणाबाई भोसले''' या [[छत्रपती शिवाजी महाराज]] यांच्या पत्नी होत्या. या शिर्के घराण्यातील होत्या. बृहदेश्वर मंदिरातील शिलालेखात शिवरायांच्या अष्टराज्ञीमध्ये सगुणाबाईंचा छत्रपती शिवाजी महाराजांची पत्नी म्हणून उल्लेख आहे. सगुणाबाई आणि शिवाजी महाराज यांचा विवाह इ.स.१६४०/१६४१ दरम्यान झाला. त्यांना [[राजकुवरबाई शिर्के|राजकुवरबाई]] नावाची कन्या होती. तिचा विवाह [[महाराणी येसूबाई]] यांचे बंधू [[गणोजी शिर्के]] यांच्याशी झाला होता. [[वर्ग:मराठा साम्राज्यातील स्त्रिया]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] gs0kgpkcceg1t7ungw6045v6bm7jcni गुणवंताबाई भोसले 0 341905 2702878 2676902 2026-08-16T12:02:03Z Aryan Bagkar 152513 /* */ 2702878 wikitext text/x-wiki {{इतिहासलेखन}} {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = महाराणी गुणवंताबाई भोसले | पदवी = महाराणी | चित्र = | चित्र_शीर्षक = | राजध्वज_चित्र = Flag_of_the_Maratha_Empire.svg| | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = मराठा साम्राज्य | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = | राज्यारोहण = | राज्याभिषेक = | राज्यव्याप्ती = | राजधानी = [[राजगड]] | पूर्ण_नाव = गुणवंताबाई शिवाजीराजे भोसले | इतर_पदव्या = [[महाराणी]] | जन्म_दिनांक = [[करवंड]], [[बुलढाणा]] | जन्म_स्थान = | मृत्यू_दिनांक = [[राजगड]], [[महाराष्ट्र]] | मृत्यू_स्थान = | पूर्वाधिकारी = [[सोयराबाई|महाराणी सोयराबाई]] | राजपद_वारस = | राजपद_वारस_प्रकार = | उत्तराधिकारी = [[महाराणी येसूबाई]] | वडील = शिवाजी इंगळे | आई = | पत्नी = | पती = [[छत्रपती शिवाजी महाराज]] | संतती = | राजवंश = [[इंगळे]] (जन्माने)<br>[[भोसले]] (लग्नाने) | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = | राजचलन = [[होन]] | तळटिपा = |}} '''महाराणी गुणवंताबाई भोसले''' या [[छत्रपती शिवाजी महाराज]] यांच्या [[पत्नी]] आणि शिवाजी इंगळे यांच्या कन्या होत्या. या इंगळे घराण्यातील होत्या. त्यांचा छत्रपती शिवाजी महाराजांशी [[इ.स. १६५७|इ.स. १५ एप्रिल १६५७]] मध्ये विवाह झाला होता. तसेच त्यांचे माहेर बुलढाणा जिल्ह्यात करवंड हे आहे. [[वर्ग:मराठा साम्राज्यातील स्त्रिया]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] dn0d6kjukvyu7isempfa1cgewcyqgpl निंबाहेरा विधानसभा मतदारसंघ 0 342085 2702929 2501715 2026-08-17T05:11:33Z Abhijitsathe 4193 /* आमदार */ 2702929 wikitext text/x-wiki '''निंबाहेरा विधानसभा मतदारसंघ''' [[भारत|भारताच्या]] [[राजस्थान]] राज्यातील विधानसभा मतदारसंघ आहे. यातून एक प्रतिनिधी [[राजस्थान विधानसभा|राजस्थान विधानसभेवर]] निवडला जातो. हा मतदारसंघ [[चित्तोडगढ जिल्हा|चित्तोडगढ जिल्ह्यात]] असून [[चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ|चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघाचा]] भाग आहे. == आमदार == {| class="wikitable" |+ निंंबाहेराचे आमदार |- ! निवडणूक !! आमदार !! पक्ष |- | [[२००८ राजस्थान विधानसभा निवडणूक|२००८]] || [[उदयलाल आंजना]]<ref name=election2008>{{cite web |url=https://eci.gov.in/files/file/3407-rajasthan-2008/|title=Statistical Data of Rajasthan Legislative Assembly election 2008 |publisher=[[भारतीय निवडणूक आयोग]] |access-date=22 December 2021}}</ref> || [[भाजप]] |- | [[२०१३ राजस्थान विधानसभा निवडणूक|२०१३]] || [[श्रीचंद कृपलानी]]<ref name=election2013>{{cite web |url=https://eci.gov.in/files/file/3411-rajasthan-2013/ |title=Statistical Data of Rajasthan Legislative Assembly election 2013 |publisher=[[भारतीय निवडणूक आयोग]] |access-date=30 September 2021}}</ref> || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] |- | [[२०१८ राजस्थान विधानसभा निवडणूक|२०१८]] || [[उदयलाल आंजना]] || [[भाजप]] |- | [[२०२३ राजस्थान विधानसभा निवडणूक|२०२३]] || [[श्रीचंद कृपलानी]] || [[भाजप]] |} == निवडणूक निकाल == == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील विधानसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:चित्तोडगढ जिल्हा]] ly2s3zhvi2ytzxtl8wufu2gd27usgnt विंडोज लाइव्ह वनकेअर 0 344494 2702893 2374356 2026-08-16T15:47:05Z EmausBot 9929 Bot: Fixing double redirect from [[विंडोज लाइव्ह वनकेर]] to [[विंडोज लाइव वनकेर]] 2702893 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[विंडोज लाइव वनकेर]] rhoktq1fs63grxgv4ym53gv3yci8msb चर्चा:विंडोज लाइव्ह वनकेअर 1 344495 2702892 2374358 2026-08-16T15:46:54Z EmausBot 9929 Bot: Fixing double redirect from [[चर्चा:विंडोज लाइव्ह वनकेर]] to [[चर्चा:विंडोज लाइव वनकेर]] 2702892 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[चर्चा:विंडोज लाइव वनकेर]] dwjjajxyl71pnpiwuok3jcagtod2o8i वर्ग:पश्चिम बंगालमधील अभियंते 14 348095 2703022 2682278 2026-08-17T09:24:46Z संतोष गोरे 135680 removed [[Category:अभियंते]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703022 wikitext text/x-wiki [[वर्ग:भारतीय अभियंते]] 80e4gclbuahidtcg0yz70ch6vw426ua वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४ 0 350424 2702955 2603336 2026-08-17T05:25:22Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702955 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = WestIndiesCricketFlagPre1999.svg | team2_name = वेस्ट इंडीज | from_date = १५ | to_date = २८ जून २०२४ | team1_captain = [[चामरी अटपट्टू]] | team2_captain = [[हेली मॅथ्यूज]]<ref name="HM" group="n">दुसऱ्या आणि तिसऱ्या एकदिवसीय सामन्यात [[शेमेन कॅम्पबेल]]ने वेस्ट इंडीजचे नेतृत्व केले.</ref> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 3 | team2_ODIs_won = 0 | team1_ODIs_most_runs = [[विश्मी गुणरत्ने]] (१३४) | team2_ODIs_most_runs = [[चेडियन नेशन]] (६४) | team1_ODIs_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (७) | team2_ODIs_most_wickets = [[करिष्मा रामहॅराक]] (४) | player_of_ODI_series = [[विश्मी गुणरत्ने]] (श्रीलंका) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 1 | team2_twenty20s_won = 2 | team1_twenty20s_most_runs = [[हर्षिता मादवी|हर्षिता समरविक्रम]] (७७) | team2_twenty20s_most_runs = [[हेली मॅथ्यूज]] (१०८) | team1_twenty20s_most_wickets = [[चामरी अटपट्टू]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[अफय फ्लेचर]] (८) | player_of_twenty20_series = [[हेली मॅथ्यूज]] (वेस्ट इंडीज) }} [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघ|वेस्ट इंडीजच्या महिला क्रिकेट संघा]]ने जून २०२४ मध्ये [[श्रीलंका महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|श्रीलंकेविरुद्ध]] तीन [[महिला एक दिवसीय आंतरराष्ट्रीय|एक दिवसीय आंतरराष्ट्रीय]] (वनडे) आणि तीन [[महिला ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय|ट्वेंटी-२० आंतरराष्ट्रीय]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी श्रीलंकेचा दौरा केला.<ref>{{cite web|url=https://www.thepapare.com/schedule-announced-for-west-indies-womens-tour-of-sri-lanka-2024/ |title=Schedule announced for West Indies Women’s tour of Sri Lanka 2024 |work=ThePapare |access-date=18 May 2024 |date=16 May 2024}}</ref><ref>{{cite web|url=https://womencricket.com/2024/05/17/sri-lanka-to-host-west-indies-for-the-womens-white-ball-series-in-june/ |title=Sri Lanka to host West Indies for the Women’s white-ball series in June |work=Women Cricket |access-date=18 May 2024 |date=17 May 2024}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/sri-lanka-women-to-host-west-indies-for-three-odis-and-three-t20is-in-june-1433995 |title=Sri Lanka Women to host West Indies for three ODIs and three T20Is in June |work=ESPNcricinfo |access-date=18 May 2024 |date=16 May 2024}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.kaieteurnewsonline.com/2024/05/18/sri-lanka-women-to-host-west-indies-for-three-odis-and-three-t20is-next-month/ |title=Sri Lanka Women to host West Indies for three ODIs and three T20Is next month |work=Kaieteur News |access-date=18 May 2024 |date=18 May 2024 }}{{मृत दुवा|date=July 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> वनडे मालिका [[२०२२-२०२५ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप]]चा भाग बनली.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/sri-lanka-to-host-west-indies-for-white-ball-series-in-june |title=Sri Lanka to host West Indies for white-ball series in June |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद]] |access-date=18 May 2024 |date=17 May 2024}}</ref> [[२०२४ आयसीसी महिला टी-२० विश्वचषक]] स्पर्धा आणि<ref>{{cite web|url=https://newsday.co.tt/2024/05/18/west-indies-women-to-tour-sri-lanka-from-june-15-28/ |title=West Indies women to tour Sri Lanka from June 15-28 |work=Trinidad and Tobago Newsday |access-date=18 May 2024 |date=18 May 2024}}</ref> [[२०२४ महिला ट्वेंटी-२० आशिया चषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या तयारीपूर्वी टी२०आ मालिका दोन्ही संघांच्या तयारीचा भाग बनली.<ref>{{cite web|url=https://cricketaddictor.com/cricket-news/sri-lanka-women-to-host-west-indies-women-for-white-ball-series-as-preparation-for-asia-cup-2024/ |title=Sri Lanka women to host West Indies women for white-ball series as preparation for Asia Cup 2024 |work=Cricket Addictor |access-date=18 May 2024 |date=17 May 2024}}</ref> मे २०२४ मध्ये, [[श्रीलंका क्रिकेट]] (एसएलसी) ने या दौऱ्यासाठीचे सामने निश्चित केले.<ref>{{cite web|url=https://srilankacricket.lk/2024/05/west-indies-womens-tour-of-sri-lanka-2024/ |title=West Indies Women’s Tour of Sri Lanka 2024 |work=Sri Lanka Cricket |access-date=18 May 2024 |date=16 May 2024}}</ref> मूलतः एकदिवसीय मालिका [[गॅले]] येथील [[गॅले आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]]वर खेळली जाणार होती.<ref>{{cite web|url=https://femalecricket.com/women-cricket-news/41952-west-indies-to-tour-sri-lanka-from-15-june-for-3-odi-and-3-t20i.html |title=West Indies to tour Sri Lanka from 15 June for 3 ODI and 3 T20I |work=Female Cricket |access-date=23 June 2024}}</ref> तथापि, नंतर ते [[हंबनटोटा]] येथील [[महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]]ध्ये हलवण्यात आले.<ref>{{cite web|url=https://srilankacricket.lk/2024/06/west-indies-womens-tour-of-sri-lanka-2024-match-schedule/ |title=West Indies Women’s Tour of Sri Lanka 2024 {{!}} Match Schedule |work=Sri Lanka Cricket |access-date=23 June 2024 |date=7 June 2024}}</ref><ref>{{cite web|url=https://srilankacricket.lk/2024/06/west-indies-womens-tour-of-sri-lanka-2024-2/ |title=West Indies Women’s Tour of Sri Lanka 2024 |work=Sri Lanka Cricket |access-date=11 June 2024}}</ref> श्रीलंकेने एकदिवसीय मालिका ३-० ने जिंकून व्हाईटवॉश मिळवला.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2024-1436883/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-odi-1436888/match-report |title=Athapaththu 91, Nisansala five-for help Sri Lanka seal 3-0 win |work=ESPNcricinfo |access-date=21 June 2024}}</ref> [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००८-०९|२००८ मधील त्यांच्या मालिकेनंतरच्या]] फॉरमॅटमध्ये श्रीलंकेचा वेस्ट इंडीजवर पहिला मालिका विजय होता.<ref>{{cite web |url=https://femalecricket.com/women-cricket-news/44483-chamari-athapaththu-and-co-end-16-years-wait-to-claim-an-odi-series-win-over-west-indies.html |title=Chamari Athapaththu and co. end 16 years wait to claim an ODI series win over West Indies |work=Female Cricket |access-date=18 June 2024}}</ref> पहिल्या टी२०आ मध्ये, [[चामरी अटपट्टू]]च्या कारकिर्दीतील सर्वोत्तम गोलंदाजीमुळे श्रीलंकेने ४ गडी राखून विजय मिळवला.<ref>{{cite web |url=https://www.thepapare.com/west-indies-womens-tour-of-sri-lanka-2024-1st-t20i-match-report/ |title=Athapaththu’s career-best figures help Sri Lanka go 1-0 up in T20I series |work=ThePapare |access-date=24 June 2024}}</ref> [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१५|२०१५ मध्ये वेस्ट इंडीजच्या दौऱ्यानंतरचा]] वेस्ट इंडीजवरचा हा पहिलाच विजय होता.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2024-1436883/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-1st-t20i-1436889/match-report |title=Athapaththu, Priyadharshani set up Sri Lanka's first T20I win over West Indies since 2015 |work=ESPNcricinfo |access-date=24 June 2024}}</ref> [[अफय फ्लेचर]]ने घेतलेल्या चार विकेट्समुळे पावसाने प्रभावित झालेली दुसरी टी२०आ जिंकून वेस्ट इंडीजला मालिका बरोबरीत आणण्यास मदत केली.<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2024-1436883/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2nd-t20i-1436890/match-report |title=Afy Fletcher, Stafanie Taylor help West Indies draw level in rain-affected game |work=ESPNcricinfo |access-date=26 June 2024}}</ref> [[शेमेन कॅम्पबेल]] नाबाद ४१ धावा [[हेली मॅथ्यूज]] ४९ धावांच्या जोरावर वेस्ट इंडीजने तिसरा टी२०आ ६ गडी राखून जिंकून टी२०आ मालिका २-१ ने जिंकली.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2024-1436883/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-3rd-t20i-1436891/match-report |title=Campbelle, Taylor, Matthews give West Indies 2-1 series win over Sri Lanka |work=ESPNcricinfo |access-date=28 June 2024}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/130892/matthews-campbelle-guide-west-indies-to-series-clinching-win |title=Matthews, Campbelle guide West Indies to series-clinching win |work=Cricbuzz |access-date=28 June 2024}}</ref> ==खेळाडू== {| class="wikitable" style="text-align:center; margin:auto" |- ! colspan="2" |{{crw|SL}} ! {{crw|WIN}} |- !वनडे<ref>{{cite web|url=https://www.thepapare.com/sri-lanka-womens-odi-squad-announced-for-west-indies-series/ |title=Sri Lanka Women’s ODI squad announced for West Indies series |work=The Papare |access-date=12 June 2024 |date=11 June 2024}}</ref> !टी२०आ<ref>{{cite web|url=https://www.thepapare.com/sri-lanka-womens-t20i-squad-announced-for-west-indies-series/ |title=Sri Lanka Women’s T20I squad announced for West Indies series |work=The Papare |access-date=23 June 2024 }}</ref> !वनडे आणि टी२०आ<ref>{{cite web|url=https://www.windiescricket.com/news/squad-announced-for-west-indies-womens-tour-to-sri-lanka/ |title=Squad announced for West Indies women's tour to Sri Lanka |work=[[Cricket West Indies]] |access-date=7 June 2024 |date=31 May 2024}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटपट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|कर्णधार]]) * [[निलाक्षी डी सिल्वा]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[हंसिमा करुणारत्ने]] * [[काव्या कविंदी]] * [[अचिनी कुलसूर्या]] * [[सुगंधिका कुमारी]] * [[सचिनी निसनसला]] * [[हसिनी परेरा]] * [[उदेशिका प्रबोधनी]] * [[इनोशी प्रियदर्शनी]] * [[ओशाडी रणसिंगे]] * [[इनोका रणवीरा]] * [[हर्षिता मादवी|हर्षिता समरविक्रम]] * [[अनुष्का संजीवनी]] ([[यष्टिरक्षक]]) | * [[चामरी अटपट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|कर्णधार]]) * [[निलाक्षी डी सिल्वा]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[इमेशा दुलानी]] * [[शशिनी गिम्हणी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[अमा कांचना]] * [[काव्या कविंदी]] * [[सुगंधिका कुमारी]] * [[सचिनी निसनसला]] * [[कौशिनी नुत्यंगना]] ([[यष्टिरक्षक]]) * [[हसिनी परेरा]] * [[इनोशी प्रियदर्शनी]] * [[ओशाडी रणसिंगे]] * [[हर्षिता मादवी|हर्षिता समरविक्रम]] * रश्मिका शिववंडी | * [[हेली मॅथ्यूज]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|कर्णधार]]) * [[शेमेन कॅम्पबेल]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)#उपकर्णधार|उपकर्णधार]], [[यष्टिरक्षक]]) * [[आलिया ॲलेने]] * [[शमिलिया कोनेल]] * [[अफय फ्लेचर]] * [[चेरी-ॲन फ्रेझर]] * [[शबिका गजनबी]] * [[शिनेल हेन्री]] * [[झैदा जेम्स]] * [[कियाना जोसेफ]] * [[चेडियन नेशन]] * [[करिष्मा रामहॅराक]] * [[स्टॅफनी टेलर]] * [[रशादा विल्यम्स]] ([[यष्टिरक्षक]]) * [[केट विल्मोट]] |} ==एकदिवसीय मालिका== ===पहिली वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = १५ जून २०२४ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १९५ (४७.१ षटके) | runs1 = [[हेली मॅथ्यूज]] ३८ (५३) | wickets1 = [[सुगंधिका कुमारी]] ३/३० (९ षटके) | score2 = १९८/४ (३४.१ षटके) | runs2 = [[हर्षिता मादवी|हर्षिता समरविक्रम]] ४४[[नाबाद|*]] (५३) | wickets2 = [[आलिया ॲलेने]] २/२२ (६ षटके) | result = श्रीलंका ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1436886.html धावफलक] | venue = [[महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबनटोटा]] | umpires = [[लॉरेन अगेनबॅग]] (दक्षिण आफ्रिका) आणि [[डेदुनु सिल्वा]] (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका २, वेस्ट इंडीज ०. }} ===दुसरी वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = १८ जून २०२४ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ९२ (३१ षटके) | runs1 = [[रशादा विल्यम्स]] २४ (६२) | wickets1 = [[कविशा दिलहारी]] ४/२० (६ षटके) | score2 = ९३/५ (२१.२ षटके) | runs2 = [[विश्मी गुणरत्ने]] ५० (५०) | wickets2 = [[करिष्मा रामहॅराक]] २/२९ (५.२ षटके) | result = श्रीलंका ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1436887.html धावफलक] | venue = [[महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबनटोटा]] | umpires = [[लॉरेन अगेनबॅग]] (दक्षिण आफ्रिका) आणि [[लायडन हानीबल]] (श्रीलंका) | motm = | toss = वेस्ट इंडीजने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका २, वेस्ट इंडीज ०. * [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००८-०९|२००८]] नंतर श्रीलंकन ​​महिलांचा वेस्ट इंडीज महिलांविरुद्धचा हा पहिला एकदिवसीय मालिका विजय होता. }} ===तिसरी वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = २१ जून २०२४ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = २७५/६ (५० षटके) | runs1 = [[चामरी अटपट्टू]] ९१ (१०६) | wickets1 = [[करिष्मा रामहॅराक]] २/४६ (१० षटके) | score2 = ११५ (३४.५ षटके) | runs2 = [[चेडियन नेशन]] ४६ (५७) | wickets2 = [[सचिनी निसनसला]] ५/२८ (५.५ षटके) | result = श्रीलंकेचा १६० धावांनी विजय झाला | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1436888.html धावफलक] | venue = [[महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबनटोटा]] | umpires = [[लॉरेन अगेनबॅग]] (दक्षिण आफ्रिका) आणि [[डेदुनु सिल्वा]] (श्रीलंका) | motm = [[सचिनी निसनसला]] (श्रीलंका) | toss = वेस्ट इंडीजने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = महिला चॅम्पियनशिप गुण: श्रीलंका २, वेस्ट इंडीज ०. }} ==टी२०आ मालिका== ===पहिली टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २४ जून २०२४ | time = १०:०० | night = | team1 = {{crw-rt|WIN}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १३४/८ (२० षटके) | runs1 = [[हेली मॅथ्यूज]] ३० (३०) | wickets1 = [[चामरी अटपट्टू]] ४/२९ (४ षटके) | score2 = १३७/६ (१८.४ षटके) | runs2 = [[विश्मी गुणरत्ने]] ३५ (२५) | wickets2 = [[अफय फ्लेचर]] २/२९ (४ षटके) | result = श्रीलंका ४ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1436889.html धावफलक] | venue = [[महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबनटोटा]] | umpires = [[लॉरेन अगेनबॅग]] (दक्षिण आफ्रिका) आणि [[प्रगीथ राम्बुकवेल्ला]] (श्रीलंका) | motm = | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===दुसरा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २६ जून २०२४ | time = १०:०० | night = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = ८९/४ (१५.२ षटके) | runs1 = [[चामरी अटपट्टू]] २६ (२५) | wickets1 = [[अफय फ्लेचर]] ४/२३ (३.२ षटके) | score2 = ९९/४ (१४.१ षटके) | runs2 = [[हेली मॅथ्यूज]] २९ (२९) | wickets2 = [[चामरी अटपट्टू]] १/१८ (२.१ षटके) | result = वेस्ट इंडीज ६ गडी राखून विजयी ([[डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धत|डीएलएस पद्धत]]) | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1436890.html धावफलक] | venue = [[महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबनटोटा]] | umpires = [[लॉरेन अगेनबॅग]] (दक्षिण आफ्रिका) आणि [[निमाली परेरा]] (श्रीलंका) | motm = | toss = वेस्ट इंडीजने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे वेस्ट इंडीजला १५ षटकांत ९९ धावांचे सुधारित लक्ष्य ठेवण्यात आले होते. | notes = }} ===तिसरी टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = २८ जून २०२४ | time = १०:०० | night = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|WIN}} | score1 = १४१/७ (२० षटके) | runs1 = [[चामरी अटपट्टू]] ३८ (३८) | wickets1 = [[आलिया ॲलेने]] २/२५ (४ षटके)<br />[[अफय फ्लेचर]] २/२५ (४ षटके) | score2 = १४२/४ (१९.५ षटके) | runs2 = [[हेली मॅथ्यूज]] ४९ (४०) | wickets2 = [[काव्या कविंदी]] २/२७ (३.५ षटके) | result = वेस्ट इंडीज ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1436891.html धावफलक] | venue = [[महिंदा राजपक्षे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबनटोटा]] | umpires = [[लॉरेन अगेनबॅग]] (दक्षिण आफ्रिका) आणि [[डेदुनु सिल्वा]] (श्रीलंका) | motm = [[शेमेन कॅम्पबेल]] (वेस्ट इंडीज) | toss = वेस्ट इंडीजने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ==नोंदी== {{reflist|group=n}} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/sri-lanka-women-vs-west-indies-women-2024-1436883 ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर मालिका मुख्यपृष्ठ] {{श्रीलंका महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ}} {{वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघ}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२४}} {{२०२२-२०२५ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिप}} {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} {{DEFAULTSORT:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४}} [[वर्ग:इ.स. २०२४ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग: वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] 7afi1p79ghe9oeutnd163hxzthay2sr साचा:श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे 10 350425 2702963 2432513 2026-08-17T05:32:43Z Nitin.kunjir 4684 2702963 wikitext text/x-wiki {{Navbox | name = श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे | title = श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे | state = {{{state|autocollapse}}} |listclass = hlist | list1 = {{navbox|subgroup|above='''महिला कसोटी आणि महिला मर्यादित आंतरराष्ट्रीय दौरे''' | group2 = [[ऑस्ट्रेलिया महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|ऑस्ट्रेलिया महिला]] | list2 = * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१६-१७|२०१६-१७]] | group3 = [[बांगलादेश महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|बांगलादेश महिला]] | list3 = * [[बांगलादेश महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२३|२०२३]] | group4 = [[इंग्लंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|इंग्लंड महिला]] | list4 = * [[इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचा भारत आणि श्रीलंका दौरा, २००५-०६|२००५-०६]] * [[इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१०-११|२०१०-११]] * [[इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१६-१७|२०१६-१७]] * [[इंग्लंड महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१८-१९|२०१८-१९]] | group5 = [[भारतीय महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|भारतीय महिला]] | list5 = * [[भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१८-१९|२०१८-१९]] * [[भारतीय महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२२|२०२२]] | group6 = [[नेदरलँड्स महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|नेदरलँड महिला]] | list6 = * [[नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९७-९८|१९९७-९८]] * [[नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९८-९९|१९९८-९९]] | group7 = [[न्यू झीलंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|न्यू झीलंड महिला]] | list7 = * [[न्यू झीलंड महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२३|२०२३]] | group8 = [[पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|पाकिस्तान महिला]] | list8 = * [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, १९९७-९८|१९९७-९८]] * [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००१-०२|२००१-०२]] * [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१७-१८|२०१७-१८]] * [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|२०२६]] | group9 = [[दक्षिण आफ्रिका महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|दक्षिण आफ्रिका महिला]] | list9 = * [[दक्षिण आफ्रिका महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१४-१५|२०१४-१५]] | group10 = [[वेस्ट इंडीज महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|वेस्ट इंडीज महिला]] | list10 = * [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २००८-०९|२००८-०९]] * [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१२-१३|२०१२-१३]] * [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१५|२०१५]] * [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४|२०२४]] }} | list2 = {{navbox|subgroup|above='''स्पर्धा आयोजित केल्या''' | group1 = अनेक संघ | list1 = * [[२००४ महिला आशिया कप|२००४]] * [[२००८ महिला आशिया कप|२००८]] * [[२०११ महिला चौरंगी मालिका|२०११]] * [[२०१२ आयसीसी महिला विश्व ट्वेंटी-२०|२०१२]] * [[२०१७ महिला क्रिकेट विश्वचषक पात्रता|२०१७]] }} }}<noinclude> {{collapsible option}} [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर नेव्हिगेशनल बॉक्स]]</noinclude> mxxtpgne8e8vzr0ocms0illu6eoo0wj 2702970 2702963 2026-08-17T05:36:01Z Nitin.kunjir 4684 2702970 wikitext text/x-wiki {{Navbox | name = श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे | title = श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे | state = collapsed |listclass = hlist | list1 = {{navbox|subgroup|above='''महिला कसोटी आणि महिला मर्यादित आंतरराष्ट्रीय दौरे''' | group2 = [[ऑस्ट्रेलिया महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|ऑस्ट्रेलिया महिला]] | list2 = * [[ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०१६-१७|२०१६-१७]] | group3 = [[बांगलादेश महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|बांगलादेश महिला]] | list3 = * [[बांगलादेश महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२३|२०२३]] | group4 = [[इंग्लंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|इंग्लंड महिला]] | list4 = * [[इंग्लंड महिला 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समरविक्रमा]] (२०३) |runs2 = [[स्मृती मंधाना]] (२६४) |runs3 = [[ॲनेरी डेर्कसेन]] (२७६) |wickets1 = [[देवमी विहंग]] (११) |wickets2 = [[स्नेह राणा]] (१५) |wickets3 = [[नॉनकुलुलेको म्लाबा]] (६)<br>[[क्लोई ट्रायॉन]] (६) }} '''२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका''' ही एप्रिल आणि मे २०२५ मध्ये श्रीलंकेत खेळवण्यात आलेली एक क्रिकेट मालिका होती.<ref>{{cite web |trans-title=एप्रिल-मे मध्ये श्रीलंका भारत आणि दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध तिरंगी एकदिवसीय मालिकेचे आयोजन करणार आहे.|title=Sri Lanka to host India, South Africa for ODI tri-series in April-May |url=https://cricbuzz.com/cricket-news/133682/sri-lanka-to-host-india-south-africa-for-odi-tri-series-in-april-may |access-date=३१ जुलै २०२५ |work=[[क्रिकबझ्झ]]}}</ref> सादर मालिका ही भारत, दक्षिण आफ्रिका आणि श्रीलंका महिला क्रिकेट संघांचा समावेश असलेली तिरंगी मालिका होती, ज्यामध्ये सामने आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय स्वरूपात खेळवले गेले. <ref>{{cite web |trans-title=भारत, श्रीलंका आणि दक्षिण आफ्रिका एप्रिल-मे मध्ये महिला एकदिवसीय तिरंगी मालिका खेळणार आहेत.|title=India, Sri Lanka, South Africa to play women's ODI tri-series in April-May |url=https://www.espncricinfo.com/story/india-sri-lanka-south-africa-to-play-women-s-odi-tri-series-in-april-may-1476178 |access-date=३१ जुलै २०२५ |work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]}}</ref> ही श्रीलंकेने आयोजित केलेली महिलांची पहिलीच आंतरराष्ट्रीय तिरंगी मालिका होती.<ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/sri-lanka-to-host-india-and-south-africa-in-a-tri-nation-series |trans-title=श्रीलंका भारत आणि दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध तिरंगी मालिकेचे आयोजन करणार.|title=Sri Lanka to host India and South Africa in a tri-nation series |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> ह्या मालिकेने २०२५ महिला क्रिकेट विश्वचषक चषक स्पर्धेच्या पूर्वतयारीचे काम केले.<ref>{{cite web |url=https://economictimes.com/news/sports/india-to-play-odi-tri-series-in-sri-lanka-ahead-of-womens-world-cup/articleshow/118764307.cms |trans-title=महिला विश्वचषकापूर्वी भारत श्रीलंकेत एकदिवसीय तिरंगी मालिका खेळणार.|title=India to play ODI tri-series in Sri Lanka ahead of Women's World Cup |work=[[द इकॉनॉमिक टाइम्स]] |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> सर्व सामने कोलंबोमधील [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]]वर दुहेरी साखळी स्वरूपात खेळवण्यात आले.<ref>{{cite web|url=https://srilankacricket.lk/2025/03/womens-cricket-tri-nation-series/ |access-date=३१ जुलै २०२५ |trans-title=महिला क्रिकेट, तिरंगी मालिका |title=Women’s Cricket, Tri-Nation Series |work=[[श्रीलंका क्रिकेट]]}}</ref>अंतिम सामन्यात, भारताने श्रीलंकेचा ९७ धावांनी पराभव करून मालिका जिंकली.<ref>{{cite web |access-date=३१ जुलै २०२५ |trans-title=मंधानाच्या शतकामुळे भारताने विश्वचषक जवळ येताच तिरंगी मालिका जिंकली|title=Mandhana ton helps India seal tri-series with World Cup on horizon |url=https://www.icc-cricket.com/news/mandhana-ton-helps-india-seal-tri-series-with-world-cup-on-horizon |work=आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती}}</ref><ref>{{cite web |access-date=३१ जुलै २०२५ |trans-title=स्नेह राणाच्या 'सोप्या योजने'मुळे भारताने महिला तिरंगी मालिका जिंकली|title=Sneh Rana's 'simple plan' delivers big as India win Women's Tri-Nation Series |url=https://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/sneh-ranas-simple-plan-delivers-big-as-india-win-womens-tri-nation-series/articleshow/121083795.cms |work=Times of India}}</ref> ==संघ== {| class="wikitable" style="text-align:left; margin:auto" |- ! {{crw|SL}}<ref>{{cite web |trans-title=भारत-दक्षिण आफ्रिका तिरंगी मालिकेसाठी श्रीलंकेचा मजबूत संघ जाहीर|title=Sri Lanka name strong squad for India, South Africa tri-nation series |url=https://www.icc-cricket.com/news/sri-lanka-name-strong-squad-for-india-south-africa-tri-nation-series |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> ! {{crw|IND}}<ref>{{cite web |url=https://www.bcci.tv/bccilink/articles/a03kMsII |trans-title= |title=श्रीलंका आणि दक्षिण आफ्रिका विरुद्ध महिला तिरंगी मालिकेसाठी भारतीय (वरिष्ठ महिला) संघ |work=[[भारतीय क्रिकेट नियामक मंडळ]] |access-date=३१ जुलै २०२५ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> ! {{crw|SA}}<ref>{{cite web |url=https://cricket.co.za/meso-naidu-and-smit-receive-maiden-call-ups-for-proteas-womens-odi-tri-series-squad/ |trans-title=मेसो, नायडू आणि स्मित यांना दक्षिण आफ्रिकेतील महिला एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी संघात पहिल्यांदाच स्थान देण्यात आले आहे. |title=Meso, Naidu and Smit receive maiden call-ups for Proteas Women's ODI Tri-Series squad |work=[[क्रिकेट दक्षिण आफ्रिका]] |access-date=३१ जुलै २०२५ |archive-date=2025-04-28 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250428014042/https://cricket.co.za/meso-naidu-and-smit-receive-maiden-call-ups-for-proteas-womens-odi-tri-series-squad/ |url-status=dead }}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अचिनी कुलसूर्या]] * [[अनुष्का संजीवनी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[इनोका रणवीरा]] * [[इनोशी प्रियदर्शनी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[देवमी विहंग]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[पिऊमी वत्सला]] * मनुदी नानयक्कर * [[मल्की मदारा]] * [[रश्मीका सेव्वन्दी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[हंसिमा करुणरत्ने]] * [[हर्षिता समरविक्रमा]] * [[हसिनी परेरा]] | * [[हरमनप्रीत कौर]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[स्मृती मंधाना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)#उपकर्णधार|उक]]) * [[अमनजोत कौर]] * [[अरुंधती रेड्डी]] * [[काशवी गौतम]] * [[क्रांती गौड]] * [[जेमायमाह रॉड्रिगेस]] * [[तेजल हसबनीस]] * [[दीप्ती शर्मा]] * [[प्रतिका रावळ]] * [[यस्तिका भाटिया]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[रिचा घोष]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[शुची उपाध्याय]] * [[श्री चरनी]] * [[स्नेह राणा]] * [[हर्लीन देओल]] | * [[लॉरा वॉल्व्हार्ड]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अयाबाँगा खाका]] * <s>[[ॲनेके बॉश]]</s> * [[ॲनेरी डेर्कसेन]] * [[कराबो मेसो]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[क्लोई ट्रायॉन]] * [[तझमिन ब्रिट्स]] * [[नेडीन डि क्लर्क]] * [[नॉनकुलुलेको म्लाबा]] * [[नॉनदुमिसू शंगासे]] * [[मासाबाटा क्लास]] * [[मिआने स्मित]] * [[लारा गूडॉल]] * [[शेषनी नायडू]] * [[सिनालो जाफ्ता]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[सुने लूस]] |} १७ एप्रिल रोजी, आजारपणामुळे [[ॲनेके बॉश]] मालिकेतून बाहेर पडली आणि तिची जागा [[[[लारा गूडॉल]]ने]] घेतली.<ref>{{cite web |url=https://cricket.co.za/goodall-replaces-bosch-in-proteas-women-tri-series-squad-due-to-illness/ |trans-title=आजारपणामुळे प्रोटीस महिला तिरंगी मालिकेच्या संघात बॉशची जागा गुडऑलने घेतली |title=Goodall replaces Bosch in Proteas Women tri-series squad due to illness |work=[[क्रिकेट दक्षिण आफ्रिका]] |access-date=३१ जुलै २०२५ |archive-date=2025-05-19 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250519235332/https://cricket.co.za/goodall-replaces-bosch-in-proteas-women-tri-series-squad-due-to-illness/ |url-status=dead }}</ref> ६ मे रोजी, [[काशवी गौतम]] दुखापतीमुळे स्पर्धेतून बाहेर पडली, तिच्या जागी [[क्रांती गौड]]ची निवड करण्यात आली.<ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/cricket/kranti-goud-added-to-indias-tri-series-squad-kashvee-ruled-out-injured-ws-l-9326190.html |trans-title=क्रांती गौडचा भारताच्या तिरंगी मालिका संघात समावेश, दुखापतग्रस्त काशवी बाहेर|title= Kranti Goud Added To India’s Tri-Series Squad, Kashvee Ruled Out Injured |work=न्यूज१८|access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> ==गुणफलक== {{२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका गुणफलक}} ==सामने== ===१ला आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २७ एप्रिल २०२५ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|IND}} | score1 = १४७ (३८.१ षटके) | runs1 = [[हसिनी परेरा]] ३० (४६) | wickets1 = [[स्नेह राणा]] ३/३१ (८ षटके) | score2 = १४९/१ (२९.४ षटके) | runs2 = [[प्रतिका रावळ]] ५०[[नाबाद|*]] (६२) | wickets2 = [[इनोका रणवीरा]] १/३२ (७.४ षटके) | result = भारत ९ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476980.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[ॲना हॅरिस]] (इं) आणि [[निमाली परेरा]] (श्री) | motm = [[प्रतिका रावळ]] (भा) | toss = भारताने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = पाऊस आणि ओल्या मैदानामुळे सामना प्रत्येकी ३९ षटकांचा खेळविण्यात आला. | notes = [[मल्की मदारा]], [[पिऊमी वत्सला]] (श्री), [[श्री चरणी]] आणि [[काशवी गौतम]] (भा) या सर्वांनी आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. }} ===२रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २९ एप्रिल २०२५ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|IND}} | team2 = {{crw|SA}} | score1 = २७६/६ (५० षटके) | runs1 = [[प्रतिका रावळ]] 78 (91) | wickets1 = [[नॉनकुलुलेको म्लाबा]] 2/55 (१० षटके) | score2 = २६१ (४९.२ षटके) | runs2 = [[तझमिन ब्रिट्स]] १०९ (१०७) | wickets2 = [[स्नेह राणा]] ५/४३ (१० षटके) | result = भारत १५ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476981.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[ॲना हॅरिस]] (इं) आणि [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) | motm = [[स्नेह राणा]] (भा) | toss = भारताने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = [[कराबो मेसो]]ने (दआ) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. * [[स्नेह राणा]]ने (भा) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यात पहिल्यांदाच [[पंचबळी|पाच गडी बाद]] केले.<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/sports/cricket/story/sneh-rana-pratika-rawal-india-women-beat-south-africa-women-2716970-2025-04-29 |trans-title=महिला तिरंगी मालिकेत स्नेह राणा आणि रावल यांच्या चमकदार कामगिरीमुळे भारताचा दक्षिण आफ्रिकेवर १५ धावांनी विजय.|title=Sneh Rana, Rawal star as India thump South Africa by 15 runs in Women's Tri series |work=[[इंडिया टुडे]] |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.hindustantimes.com/cricket/sneha-rana-s-maiden-five-for-rawal-s-excellent-fifty-power-india-to-15-run-win-over-south-africa-101745929393804.html |trans-title=स्नेहा राणाचे पहिले पाच बळी आणि रावलच्या उत्कृष्ट अर्धशतकामुळे भारताचा दक्षिण आफ्रिकेवर १५ धावांनी विजय. |title=Sneha Rana's maiden five-for, Rawal's excellent fifty power India to 15 run-win over South Africa |work=[[हिंदुस्थान टाइम्स]] |access-date=३१ जुलै २०२५ |archive-date=2025-05-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250525013356/https://www.hindustantimes.com/cricket/sneha-rana-s-maiden-five-for-rawal-s-excellent-fifty-power-india-to-15-run-win-over-south-africa-101745929393804.html |url-status=dead }}</ref> }} ===३रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २ मे २०२५ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SA}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २३५/९ (५० षटके) | runs1 = [[ॲनेरी डेर्कसेन]] ६१[[नाबाद|*]] (६०) | wickets1 = [[मल्की मदारा]] ५/५० (१० षटके) | score2 = २३७/५ (४६.३ षटके) | runs2 = [[हर्षिता समरविक्रमा]] ७७ (८३) | wickets2 = [[नॉनकुलुलेको म्लाबा]] २/४४ (१० षटके) | result = श्रीलंका ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476982.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[ॲना हॅरिस]] (इं) आणि [[निमाली परेरा]] (श्री) | motm = [[हर्षिता समरविक्रमा]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = [[देवमी विहंग]]ने (श्री) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. * [[हर्षिता समरविक्रमा]] आणि [[कविशा दिलहारी]] यांची १२८ धावांची भागीदारी ही महिला एकदिवसीय सामन्यांमध्ये श्रीलंकेकडून चौथ्या विकेटसाठीची सर्वोच्च भागीदारी ठरली, त्यांनी २००२ मधील [[चमनी सेनेविरत्ने]] आणि [[हिरोशी अबेसिंघे]] यांच्यातील ११८ धावांचा विक्रम मोडला.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-1476972/sri-lanka-women-vs-south-africa-women-3rd-match-1476982/match-report |trans-title=मदारा, समरविक्रमा आणि दिलहारी यांच्या नेतृत्वाखाली श्रीलंकेने केला दक्षिण आफ्रिकेचा पराभव.|title=Madara, Samarawickrama and Dilhari lead Sri Lanka's rout of South Africa |work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> }} ===४था आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ४ मे २०२५ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|IND}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २७५/९ (५० षटके) | runs1 = [[रिचा घोष]] ५८ (४८) | wickets1 = [[चामरी अटापट्टू]] ३/४३ (१० षटके) | score2 = २७८/७ (४९.१ षटके) | runs2 = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ५६ (३३) | wickets2 = [[स्नेह राणा]] ३/४५ (१० षटके) | result = श्रीलंका ३ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476983.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[ॲना हॅरिस]] (इं) आणि [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) | motm = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = [[स्मृती मंधाना]]चा (भा) हा १००वा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना होता.<ref>{{cite web|url=https://femalecricket.com/women-cricket-news/66566-smriti-mandhana-becomes-7th-indian-to-complete-100-womens-odis.html|trans-title=स्मृती मंधाना १०० महिला एकदिवसीय सामने पूर्ण करणारी ७वी भारतीय खेळाडू ठरली|title=Smriti Mandhana becomes 7th Indian to complete 100 Women’s ODIs |work=फिमेल क्रिकेट |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> * भारत आणि श्रीलंके दरम्यानच्या महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यांपैकी, ह्या सामन्यात आजपर्यंतच्या सर्वाधिक एकूण (५५३) धावा केल्या गेल्या.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/records/headtohead/team-highest-match-aggregates/india-women-sri-lanka-women-1863vs3672/women-s-one-day-internationals-9 |trans-title=महिला आंतरराष्ट्रीय क्रिकेटमध्ये भारत महिला विरुद्ध श्रीलंका महिला संघांसाठी सर्वाधिक एकत्रित धावा|title=Highest match aggregates for India Women vs Sri Lanka Women in WODIs |work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> }} ===५वा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ७ मे २०२५ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|IND}} | team2 = {{crw|SA}} | score1 = ३३७/९ (५० षटके) | runs1 = [[जेमायमाह रॉड्रिगेस]] १२३ (१०१) | wickets1 = [[नेडीन डि क्लर्क]] २/५४ (९ षटके) | score2 = ३१४/७ (५० षटके) | runs2 = [[ॲनेरी डेर्कसेन]] ८१ (८०) | wickets2 = [[अमनजोत कौर]] ३/५९ (९ षटके) | result = भारत २३ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476984.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[ॲना हॅरिस]] (इं) आणि [[निमाली परेरा]] (श्री) | motm = [[जेमायमाह रॉड्रिगेस]] (भा) | toss = दक्षिण आफ्रिकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = [[शुची उपाध्याय]] (भा) आणि [[मिआने स्मित]] (द) ह्या दोघीनी आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. * [[दीप्ती शर्मा]] आणि [[जेमायमाह रॉड्रिगेस]]ची १२२ धावांची भागीदारी ही महिला एकदिवसीय सामन्यात भारताची ५ व्या विकेटसाठीची सर्वोच्च भागीदारी ठरली, त्यांनी २०१७ मधील [[मिताली राज]] आणि [[वेदा कृष्णमूर्ती]] यांनी केलेला १०८ धावांचा विक्रम मोडला.<ref>{{cite web|url=https://www.timesnownews.com/sports/cricket/jemimah-rodrigues-deepti-sharma-create-history-becomes-first-player-in-the-world-to-compete-unique-feat-article-151583296 |trans-title=जेमिमा रॉड्रिग्ज दीप्ती शर्माने इतिहास रचला; अनोखी कामगिरी करणाऱ्या जगातील पहिल्या खेळाडू ठरल्या.|title=Jemimah Rodrigues Deepti Sharma Create History; Becomes First Player In The World to Compete Unique feat |work=टाइम्स नाऊ |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.timesnownews.com/sports/cricket/ton-up-jemimah-rodrigues-all-round-deepti-sharma-shine-as-ind-w-seal-spot-in-final-with-23-run-win-vs-sa-w-article-151586610 |trans-title=जेमिमा रॉड्रिग्ज आणि अष्टपैलू दीप्ती शर्मा यांच्या चमकदार कामगिरीमुळे भारतीय महिलांनी दक्षिण आफ्रिका महिलांविरुद्ध २३ धावांनी विजय मिळवत अंतिम फेरीत स्थान निश्चित केले.|title=Ton-Up Jemimah Rodrigues, All-Round Deepti Sharma Shine As Ind-W Seal Spot In Final With 23-Run Win VS SA-W |work=टाइम्स नाऊ |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> * भारत आणि दक्षिण आफ्रिकेदरम्यानच्या महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यांपैकी, ह्या सामन्यात आजपर्यंतच्या सर्वाधिक एकूण (६५१) धावा केल्या गेल्या.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/records/headtohead/team-highest-match-aggregates/india-women-south-africa-women-1863vs3379/women-s-one-day-internationals-9 |trans-title=महिला आंतरराष्ट्रीय क्रिकेटमध्ये भारत महिला विरुद्ध दक्षिण आफ्रिका महिला संघांसाठी सर्वाधिक एकत्रित धावा|title=Highest match aggregates for India Women vs South Africa Women in WODIs |work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> }} ===६वा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ९ मे २०२५ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|SA}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ३१५/९ (५० षटके) | runs1 = [[ॲनेरी डेर्कसेन]] १०४ (८४) | wickets1 = [[देवमी विहंग]] ५/४३ (९ षटके) | score2 = २३९ (४२.५ षटके) | runs2 = [[चामरी अटापट्टू]] ५२ (५७) | wickets2 = [[क्लोई ट्रायॉन]] ५/३४ (८ षटके) | result = दक्षिण आफ्रिका ७६ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476985.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[ॲना हॅरिस]] (इं) आणि [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) | motm = [[क्लोई ट्रायॉन]] (द) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = [[शेषनी नायडू]]ने (दआ) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. * [[देवमी विहंग]]ने (श्री) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यात पहिल्यांदाच [[पंचबळी|पाच गडी बाद]] केले.<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/sports/cricket/annerie-dercksen-dewmi-vihanga-achieve-records-as-sa-eye-consolation-win-in-tri-series-clash-against-sl-2025-05-09-989492 |trans-title=ॲनेरी डेर्कसेन, देवमी विहंगने गाठला विक्रम दक्षिण आफ्रिकेचा तिरंगी मालिकेत श्रीलंकेविरुद्ध दक्षिण आफ्रिकेचे सांत्वनपर विजयावर लक्ष |title=Annerie Dercksen Dewmi Vihanga achieve records as SA eye consolation win in tri-series clash against SL |work=India TV |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> * [[ॲनेरी डेर्कसेन]] (द) हिने एकदिवसीय सामन्यात तिचे पहिले शतक झळकावले.<ref>{{cite web |trans-title=अष्टपैलू ट्रायॉनने दक्षिण आफ्रिकेला विजय मिळवून दिला |title=All-round Tryon clinches victory for South Africa |url=https://supersport.com/cricket/sri-lanka-womens-tri-series-202425/news/7981ddaf-15fa-4525-a93b-2ea06f4274e6/all-round-tryon-clinches-victory-for-south-africa |work=[[सुपरस्पोर्ट]] |access-date=३१ जुलै २०२५ |archive-date=2025-07-08 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250708172109/https://supersport.com/cricket/sri-lanka-womens-tri-series-202425/news/7981ddaf-15fa-4525-a93b-2ea06f4274e6/all-round-tryon-clinches-victory-for-south-africa |url-status=dead }}</ref> * ॲनेरी डेर्कसेन आणि [[क्लोई ट्रायॉन]] यांची ११२ धावांची भागीदारी ही दक्षिण आफ्रिकेची महिला एकदिवसीय सामन्यात ७ व्या गड्यासाठीची सर्वोच्च भागीदारी ठरली, त्यांनी २००० मधील सिंडी एक्स्टिन आणि अ‍ॅली कुयलार्स यांच्यातील ९४ धावांचा विक्रम मोडला.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-1476972/sri-lanka-women-vs-south-africa-women-6th-match-1476985/match-report |trans-title=डर्कसेन १०४, ट्रायॉन ७४ आणि हॅटट्रिकमुळे दक्षिण आफ्रिकेचा सांत्वनदायी विजय|title=Dercksen 104, Tryon 74 and hat-trick hand South Africa consolation win |work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> * क्लोई ट्रायॉनने (द) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यात पहिल्यांदाच [[पंचबळी|पाच गडी बाद]] केले आणि पहिली [[हॅटट्रिक (क्रिकेट)|हॅटट्रिक]] घेतली<ref>{{cite web |trans-title=महिला एकदिवसीय तिरंगी मालिका: दक्षिण आफ्रिकेच्या क्लोई ट्रायॉनने घेतली हॅटट्रिक, श्रीलंकेला ७६ धावांनी हरवले|title=Women’s ODI Tri-Series: South Africa’s Chloe Tryon takes hat-trick, helps beat Sri Lanka by 76 runs |url=https://sportstar.thehindu.com/cricket/womens-cricket/south-africa-vs-sri-lanka-women-score-result-highlights-chloe-tryon-hattrick-odi-tri-series/article69557078.ece |work=[[स्पोर्टस्टार]] |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> }} ==अंतिम सामना== {{Single-innings cricket match | date = ११ मे २०२५ | time = १०:०० | daynight = | team1 = {{crw-rt|IND}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = ३४२/७ (५० षटके) | runs1 = [[स्मृती मंधाना]] ११६ (१०१) | wickets1 = [[सुगंदिका कुमारी]] २/५९ (१० षटके) | score2 = २४५ (४८.२ षटके) | runs2 = [[चामरी अटापट्टू]] ५१ (६६) | wickets2 = [[स्नेह राणा]] ४/३८ (९.२ षटके) | result = भारत ९७ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476986.html धावफलक] | venue = [[आर. प्रेमदासा स्टेडियम]], [[कोलंबो]] | umpires = [[ॲना हॅरिस]] (इं) आणि [[निमाली परेरा]] (श्री) | motm = [[स्मृती मंधाना]] (भा) | toss = भारताने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = [[क्रांती गौड]]ने (भा) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले. }} == आकडेवारी== {| class="wikitable" |+सर्वाधिक धावा करणारे फलंदाज<ref>{{cite news |url=https://www.espncricinfo.com/records/tournament/batting-most-runs-career/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-17032 |trans-title=श्रीलंका महिला एकदिवसीय तिरंगी मालिका, २०२५ मध्ये सर्वाधिक धावा|title=Most runs in Sri Lanka Women's ODI Tri-Series, 2025 |access-date=३१ जुलै २०२५ |work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|lang=en}}</ref> ! नाव !! संघ !! '''धावा'''!! [[डाव]] |- | [[ॲनेरी डेर्कसेन]] || {{crw|SA}} ! २७६ | ४ |- | [[स्मृती मंधाना]] || {{crw|IND}} ! २६४ | ५ |- | [[जेमायमाह रॉड्रिगेस]] || {{crw|IND}} ! २४५ | ४ |- | [[हर्षिता समरविक्रमा]] || {{crw|SL}} ! २०३ | ५ |- | [[क्लोई ट्रायॉन]] || {{crw|SA}} ! rowspan="2" | १९४ | ४ |- | [[प्रतिका रावळ]] || {{crw|IND}} | ५ |} {| class="wikitable" |+सर्वाधिक बळी मिळविणारे गोलंदाज<ref>{{cite news |url=https://www.espncricinfo.com/records/tournament/bowling-most-wickets-career/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-17032 |trans-title=श्रीलंका महिला एकदिवसीय तिरंगी मालिका, २०२५ मध्ये सर्वाधिक बळी |title=Most wickets For Sri Lanka Women's ODI Tri-Series, 2025 |access-date=३१ जुलै २०२५ |work=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]]|lang=en}}</ref> ! नाव !! संघ !! बळी !! सामने |- | [[स्नेह राणा]] || {{crw|IND}} ! १५ | ५ |- | [[देवमी विहंग]] || {{crw|SL}} ! ११ | ४ |- | [[अमनजोत कौर]] || {{crw|IND}} ! rowspan="6" | ६ | २ |- | [[नॉनकुलुलेको म्लाबा]] || {{crw|SA}} || ३ |- | [[क्लोई ट्रायॉन]] || {{crw|SA}}|| ४ |- | [[सुगंदिका कुमारी]] || {{crw|SL}}|| ४ |- | [[श्री चरनी]] || {{crw|IND}} || ५ |- | मल्की मदारा || {{crw|SL}} || ५ |} ==प्रसारण== ही श्रीलंका आणि जगभरातील प्रसारण चॅनेलची यादी आहे.<ref>{{cite web|url=https://srilankacricket.lk/2025/04/womens-tri-nation-odi-series-2025/ |trans-title=महिला तिरंगी आं.ए.दि. मालिका २०२५ {{!}} प्रसारण|title=Women’s Tri-Nation ODI series 2025 {{!}} Broadcast Platforms |work=श्रीलंका क्रिकेट |access-date=३१ जुलै २०२५}}</ref> {| class=wikitable !प्रदेश !हक्कधारक |- |श्रीलंका |डायलॉग टेलिव्हिजनवर द पापारे २<br>द पापारे.कॉम (वेबसाइट आणि फेसबुक), डायलॉग VIU ॲप<br>श्रीलंका क्रिकेट (यूट्यूब) |- |भारत |[[फॅनकोड]] |- |जागतिक |[[श्रीलंका क्रिकेट]] (यूट्यूब) |} ==नोंदी== {{Notelist}} ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-1476972 मालिका मुख्यपान ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५}} [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५]] [[वर्ग:दक्षिण आफ्रिका महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:भारतीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] lwv7hnoz6ex88lxf3t3xbkj5525uke3 वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे 14 368854 2702934 2603313 2026-08-17T05:21:34Z Nitin.kunjir 4684 [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] कडे पुनर्निर्देशित 2702934 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] qb96gcn7s6rbwkn1nthgpoiprdptaqo वर्ग:ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे 14 368855 2702935 2603323 2026-08-17T05:22:22Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702935 wikitext text/x-wiki * [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] imipd8qwdhs6p9t172vw66rz67qsl80 वर्ग:वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे 14 368856 2702940 2603328 2026-08-17T05:22:38Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702940 wikitext text/x-wiki * [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] imipd8qwdhs6p9t172vw66rz67qsl80 वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे 14 368859 2702937 2603341 2026-08-17T05:22:30Z Nitin.kunjir 4684 removed [[Category:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702937 wikitext text/x-wiki * [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] imipd8qwdhs6p9t172vw66rz67qsl80 लोकशाही उत्सव 0 375489 2703008 2702371 2026-08-17T08:27:49Z QueerEcofeminist 12675 मजकूरात भर घातली + संदर्भ दिले 2703008 wikitext text/x-wiki लोकशाही उत्सव हा पुणे शहरातील पुरोगामी संघटनांनी एकत्र येऊन सुरू केलेला एक वार्षिक उत्सव आहे. २००३ साली पहिला लोकशाही उत्सव मासूम, पुणे या मनीषा गुप्ते आणि रमेश अवस्थि यांनी स्थापन केलेल्या संघटनेच्या पुढाकाराने झाला आणि इतर अनेक सामाजिक संस्था, संघटना त्यात सामील झाल्या. २०२५ साली लोकशाही उत्सवाच्या आयोजनात २० पेक्षा जास्त संस्था, संघटना आयोजनात सहभागी झाल्या होत्या. यामध्ये लोकशाहीची मूलभूत तत्वांच्या प्रसारासाठी, सांजरीकरणांसाठी, वेगवेगळ्या कार्यक्रमांचे, चर्चासतरांचे आयोजन केले जाते. या उत्सवात २६ जानेवारी प्रजासत्ताक दिन ते ३० जानेवारी हुतात्मा दिवस(गांधी हत्या दिवस‌) हे पाच दिवस सलग वेगवेगळे कार्यक्रम आयोजित केले जातात. या उत्सवात नाटक, सिनेमा, पर्यावरण पूरक वस्तूंचे आणि सेवांचे प्रदर्शन, चर्चा सत्रे तसेच बालमेळावा, प्रेम उत्सव, असे अनेक कार्यक्रम होतात.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://indianexpress.com/article/cities/pune/in-pune-today-activists-to-hold-meet-on-fearless-step-against-undeclared-emergency-5573182/|title=In Pune today, activists to hold meet on ‘fearless step against undeclared Emergency’|date=2019-02-07|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.indiejournal.in/article/pune-civil-society-organisations-protest-attacks|title=Indie Journal {{!}} Pune Civil Society organisations protest attacks on FTII & Lalit Kala Kendra|date=2024-02-05|website=IndieJournal|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/editorial-article-seema-kakde-352900|title=लहू का रंग....|last=काकडे|first=सीमा|date=2020-10-01|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == उत्सवाची स्थळे == २००३ साली सुरुवातीला फक्त पुणे शहरात सुरू झालेला लोकशाही उत्सव आता महाराष्ट्रातील २१ शहरांमध्ये होतो. २०२५ साली [[नवी मुंबई]], [[केज तालुका|केज]], [[अंबाजोगाई]], [[अहिल्यानगर]] (अहमदनगर), [[लातूर]], [[इचलकरंजी]], [[शहादा तालुका|शहादा]], [[सांगोला]], [[नांदेड]], [[अकोला]], [[नागपूर]], [[सांगली]], [[जळगाव]], [[सातारा]], [[माजलगाव]], [[वर्धा]], [[धाराशिव|उस्मानाबाद]], [[धुळे]], [[पुरंदर]], हडपसर, पुणे या ठिकाणी लोकशाही उत्सव झाला. == उत्सवाचे स्वरूप == === झेंडा वंदन ‌=== लोकशाही उत्सवाची सुरुवात २६ जानेवारीच्या सकाळी ८.३० वाजता एस एम जोशी फाऊंडेशन पुणे, येथे संविधान कट्टा येथे झेंडा वंदनाने होते. लोकशाही उत्सवात झेंडा वंदना हे दर वर्षी सामाजिक परिघावरच्या समुदयातून आलेल्या व्यक्तीकडून केले जाते. त्यामुळे सामान्य आयुष्य जगणाऱ्या व्यक्तींच्या हातूनच ते होते. === जीवन उत्सव === ह्या विभागातून पर्यावरण विषयक जनजागृती करनारया संस्था संघटना आणि व्यक्ति एकत्र येऊन, पर्यावरण पूरक साहित्याची प्रचार, प्रसार आणि विक्री करतात. तसेच अनेक सामाजिक संघटना ज्या पर्यावरण पूरक उत्पादने तयार करतात त्यांची विक्री येथे केली जाते. वेगवगेळ्या सामाजिक चळवळी आणि त्यांची पुस्तके ह्या निमित्ताने विक्रिस उपलब्ध असतात. तसेच सेंद्रिय अन्नधान्य, खाद्य पदार्थ, अनेक दुर्मिळ वृक्ष यांचीही माहिती आणि विक्री या निमित्ताने केली जाते. दर वर्षी ३५ पेक्षा जास्त संस्था, संघटना आणि व्यक्ति जीवन उत्सवात सहभागी होण्या पासून झालेली सुरुवात आता जवळपास ६५ स्टॉल पर्यन्त पोहोचलेली आहे. === बालमेळावा === वय वर्षे ८ ते १८ या लहान मुलांमध्ये , लोकशाही मूल्यांची ओळख आणि प्रचार प्रसार व्हावा या साथी बालमेळावा साजरा केला जातो. दर वर्षी शालेय मुलांबरोबर सुतारकाम, कागद काम, नाटक, गाणी आणि खेळ या माध्यमातून शालेय मुलांना संविधानाची ओळख करून दिली जाते. दर वर्षी साधारणपणे ३०० ते ४०० विद्यार्थी बालमेळाव्यात सहभागी होतात. === प्रेमोत्सव === वय वर्षे १८ वरील सर्व लैंगिकता आणि लिंगाभाव असणाऱ्या सर्व व्यक्तीसाठी जोडीदाराची विवेकी निवड या विषयावर २०२५ च्या लोकशाही उत्सवात प्रेमो उत्सवाची सुरुवात झाली. २०२५ साली प्रेम उत्सव - ब्लाइंड डेटिंग ते ओपन आईज या कार्यक्रमाचे स्वरूप विवाह इच्छुक आणि जोडीदार शोधत असलेल्या तरुण मुला-मुलींसाठी नातेसंबंध आणि विवाह कुटुंब याविषयीची चर्चा घडवून आणणे आणि त्यांना वेगवेगळ्या लैंगिकता लिंगभाव तसेच मुळात नातेसंबंध विषयी लक्ष देण्याजोगे मुद्दे खास करून परस्पर पूरक आणि समतावादी सहजीवनाची कल्पना एकत्रित रित्या सर्वांनी समजून घेणे होते. या कार्यक्रमासाठी युतक एल जी बी टी ट्रस्ट, पुणे यांनी सहकार्य केले होते. २०२५ सालच्या कार्यक्रमात ११० विभिन्न लैंगिकतेचे आणि लिंगभाव असलेले तरुण तरुणी सहभागी झाले होते. === नाटक, चित्रपट आणि संगीत === लोकशाही उत्सवाच्या माध्यमातून अनेक प्रायोगिक आणि लोकशाही मूल्यांना रुजवणारी तसेच परिघावरच्या समुदायाचे विश्व मांडणारी, अनेक नाटके आणि सिनेमे पहिल्यांदा पुण्यात दाखविण्यात आली. त्यात जमीर कांबळे आणि सागर लोधी दिग्दर्शित हिजडा नाटक. तिचे शहर होणे हा सिनेमा, यांचा समावेश आहे. == लोकशाही उत्सव पुणे २००३ == <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://timesofindia.indiatimes.com/democracy-festival-from-january-26/articleshow/35405728.cms|title='Democracy festival' from January 26|date=2003-01-25|issn=0971-8257}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २००४ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००५ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००६ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००७ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००८ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००९ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१० == सहावे गाव या नाटकाचा पहिला प्रयोग 26 जानेवारी 2010 रोजी लोकशाही उत्सवात पुणे येथील भरत नाट्य मंदिरात झाला<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.weeklysadhana.in/view_article/atul-pethe-on-dalapatsing-yeti-gava|title=सहाव्या गावची गोष्ट|date=01-05-2010|url-status=live}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०११ == 26 जानेवारीला सकाळी मोसे खोरे बचाव आंदोलनाचे ज्ञानेश्वर शेडगे यांच्या हस्ते ध्वज रोहण झाले. परोमितर एक दिन हा चित्रपट दाखविण्यात आला. माजी सनदी अधिकारी एस पी शुकला यांनी भारता समोरील आव्हाने आणि सद्य स्थिति ह्यावर व्याख्यान दिले. सामाजिक कार्यकर्ते सिंपरित सिंग, अमित नारकर आणि सुनीती सू र यांनी लावांसा, जैतयापुर आणि आदर्श घोटाळा या विषयावर चर्चासत्र घेतले. प्रे द डेव्हिल बॅक तो हेल आणि स्टोनईनग द सोराय ह्या अमेरिकेतील वंशवाद आणि इराणमधील संप्रदाय वाद यावरील माहितीपाटांचे सादरीकरण करण्यात आले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.dnaindia.com/mumbai/report-seminars-debates-to-mark-democracy-festival-in-pune-1499294|title=Seminars, debates to mark Democracy Festival in Pune|last=Thite|first=Dinesh|website=DNA India|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०१२ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१३ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१४ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१५ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१६ == सुलेचना कांबळे यांच्या हस्ते ध्वजारोहण करण्यात आले. त्यांनंतर मुशायरा आयोजित करण्यात आला होता. तुह्या धर्म कोंचा? हा चित्रपट दाखवण्यात आला. टेंगशेच्या स्वप्नात ट्रेन हे नाटक सादर करण्यात आले. ‘शाश्वत विकासाचे वाटाडे’ ह्या पुस्तकाचे प्रकाशन करण्यात आले. आणीबाणी-राजकीय, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक ह्या विषयावर चर्चासत्र घेण्यात आले ज्यात, प्रा श्रुती तांबे, सुहास पळशिकर आणि किरण मोघे सहभागी झाले होते. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://maharashtratimes.com/maharashtra/pune-news/llokshahi-utsav-pune-cultural-festival/articleshow/50710201.cms|title=‘लोकशाही उत्सवा’चे मंगळवारपासून आयोजन|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०१७ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१८ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१९ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२० == एनआरसी, सीएए, एनपीआरला विरोध का? ह्या विषयावर कन्नन गोपीनाथन, तीएसता सेलवाताड आणि सुनीती सु. र. यांनी चर्चासत्रात सहभाग घेतला. मनरेगा योजनेच्या अमलबजावणी बाबत सीमा कांकडे यांनी सादरीकरण केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://maharashtratimes.com/maharashtra/pune-news/insert-on-the-existence-of-citizens/articleshow/73705444.cms|title=नागरिकांच्या अस्तित्वावर घाला|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.co.in/books?id=VqFQEAAAQBAJ&pg=PA74&dq=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80+%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5+%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%87&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjs35fXnImSAxWPiK8BHauDKFAQ6AF6BAgNEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80%20%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5%20%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%87&f=false|title=Life under Lockdown: Lived Experiences and Lesson Learnt|last=Bhatt|first=Sanjai|date=2021-11-11|publisher=Papyrus Scrolls Publications|isbn=978-81-953851-0-2|pages=74|language=en}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२१ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२२ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२३ == मिरज येथील लोकशाही उत्सवाचे उद्घाटन एका तृतीय पंथी व्यक्तीने केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.loksatta.com/maharashtra/hoisting-of-the-flag-by-transgender-in-miraj-dpj-91-3424985/|title=Hoisting of the flag by transgender in Miraj|date=2023-01-26|website=Loksatta|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> 28 जानेवारी रोजी लव आझाद है हा प्रेमाच्या मोकाळेपणा विषयीचा एक कार्यक्रम घेण्यात आला त्या मध्ये अंतर जातीय, धर्मीय आणि ट्रान्सजेंडर समुदायातील प्रेमाविषयी सुनीती सू र यांनी चर्चा घेतली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://frontline.thehindu.com/politics/maharashtra-takes-toxic-turn-as-bjp-conducts-polarising-love-jehad-rallies/article66732444.ece|title=Maharashtra takes toxic turn as BJP conducts polarising ‘love jehad’ rallies|last=Tirodkar|first=Amey|date=2023-04-20|website=Frontline|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> पुण्यात तसेच महाराष्ट्रातील आंबेजोगाई, सांगोला, शहादा, नाशिक, भिवंडी, नवी मुंबई, सासवड अशा विविध ठिकाणी लोकशाही उत्सव साजरा झाला. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/seema-kakade-writes-awaken-to-democratic-values-pjp78|title=जागर लोकशाही मूल्यांचा|last=काकडे|first=सीमा|date=2023-01-25|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२४ == डाउन सिनड्रोम सह जगणाऱ्या दोन युवतींच्या हस्ते ध्वजारोहण करण्यात आले. त्या नंतर कागद कांच पत्रा पंचायत मधील महिलानी जगदीश भोसले ह्यांच्या मार्गदर्शनाखाली बसवलेले महिला हिंसेविरोधात नृत्य नाटक सादर केले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/pune/todays-latest-marathi-news-pne24h78235-txt-pune-today-20240124032405|title=२६ ते ३० जानेवारी रंगणार लोकशाही उत्सव|last=CD|date=2024-01-24|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२५ == == रंग अमन के हा संगीताचा कार्यक्रम झाला. प्रेम उत्सव हा सर्व लैंगिकता आणि लिंगभाव असलेल्या व्यक्तींचा नाते संबंधा साठीची कार्यशाळा झाली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://theprint.in/india/democracy-festival-to-be-celebrated-in-latur-from-jan-26-to-30/2459274/|title=Democracy Festival’ to be celebrated in Latur from Jan 26 to 30|date=23-01-2025|url-status=live}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.freepressjournal.in/pune/latur-to-celebrate-democracy-with-flag-hoisting-film-screenings-and-cultural-events-during-democracy-festival|title=Latur To Celebrate Democracy With Flag Hoisting, Film Screenings, And Cultural Events During ‘Democracy Festival|website=Free Press Journal|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२६ == २०२६ सालच्या ध्वजा रोहणासाठी ८ विविध धर्माच्या महिला, ज्यात हिंदू, मुस्लिम, पारशी, लिंगायत, ख्रिश्चन, बौद्ध, निधर्मी, एक पारलिंगी सहभागी होत्या. दोन पुरुषांच्या प्रेमाबद्दल असलेला चित्रपट साबार बोंडा हा दाखविण्यात आला. कबीर आणि पर्यावरण यावर एक संगीत आणि चर्चायात्मक कार्यक्रम झाला. तसेच प्रेमो उत्सव हा तरुण मूल मुलींसाठी एक नात्या बद्दल संगीत आणि चर्चायात्मक कार्यक्रम झाला. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/lokshahi-utsav-2025-pune-democracy-festival-planning-meeting-maharashtra-vsb99|title=लोकशाही उत्सवाची तयारी|last=चव्हाण|first=मिलिंद|date=2025-10-30|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == संदर्भ == ivsenlp0n11ok402z6l89prwxprof2b 2703009 2703008 2026-08-17T08:28:14Z QueerEcofeminist 12675 /* रंग अमन के हा संगीताचा कार्यक्रम झाला. प्रेम उत्सव हा सर्व लैंगिकता आणि लिंगभाव असलेल्या व्यक्तींचा नाते संबंधा साठीची कार्यशाळा झाली. {{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://theprint.in/india/democracy-festival-to-be-celebrated-in-latur-from-jan-26-to-30/2459274/|title=Democracy Festival’ to be celebrated in Latur from Jan 26 to 30|date=23-01-2025|url-status=live}} {{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.freepressjournal.in/pune/latur-to-celebrate-democracy-with-flag-hoisting-film-screenings-and-cultural... 2703009 wikitext text/x-wiki लोकशाही उत्सव हा पुणे शहरातील पुरोगामी संघटनांनी एकत्र येऊन सुरू केलेला एक वार्षिक उत्सव आहे. २००३ साली पहिला लोकशाही उत्सव मासूम, पुणे या मनीषा गुप्ते आणि रमेश अवस्थि यांनी स्थापन केलेल्या संघटनेच्या पुढाकाराने झाला आणि इतर अनेक सामाजिक संस्था, संघटना त्यात सामील झाल्या. २०२५ साली लोकशाही उत्सवाच्या आयोजनात २० पेक्षा जास्त संस्था, संघटना आयोजनात सहभागी झाल्या होत्या. यामध्ये लोकशाहीची मूलभूत तत्वांच्या प्रसारासाठी, सांजरीकरणांसाठी, वेगवेगळ्या कार्यक्रमांचे, चर्चासतरांचे आयोजन केले जाते. या उत्सवात २६ जानेवारी प्रजासत्ताक दिन ते ३० जानेवारी हुतात्मा दिवस(गांधी हत्या दिवस‌) हे पाच दिवस सलग वेगवेगळे कार्यक्रम आयोजित केले जातात. या उत्सवात नाटक, सिनेमा, पर्यावरण पूरक वस्तूंचे आणि सेवांचे प्रदर्शन, चर्चा सत्रे तसेच बालमेळावा, प्रेम उत्सव, असे अनेक कार्यक्रम होतात.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://indianexpress.com/article/cities/pune/in-pune-today-activists-to-hold-meet-on-fearless-step-against-undeclared-emergency-5573182/|title=In Pune today, activists to hold meet on ‘fearless step against undeclared Emergency’|date=2019-02-07|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.indiejournal.in/article/pune-civil-society-organisations-protest-attacks|title=Indie Journal {{!}} Pune Civil Society organisations protest attacks on FTII & Lalit Kala Kendra|date=2024-02-05|website=IndieJournal|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/editorial-article-seema-kakde-352900|title=लहू का रंग....|last=काकडे|first=सीमा|date=2020-10-01|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == उत्सवाची स्थळे == २००३ साली सुरुवातीला फक्त पुणे शहरात सुरू झालेला लोकशाही उत्सव आता महाराष्ट्रातील २१ शहरांमध्ये होतो. २०२५ साली [[नवी मुंबई]], [[केज तालुका|केज]], [[अंबाजोगाई]], [[अहिल्यानगर]] (अहमदनगर), [[लातूर]], [[इचलकरंजी]], [[शहादा तालुका|शहादा]], [[सांगोला]], [[नांदेड]], [[अकोला]], [[नागपूर]], [[सांगली]], [[जळगाव]], [[सातारा]], [[माजलगाव]], [[वर्धा]], [[धाराशिव|उस्मानाबाद]], [[धुळे]], [[पुरंदर]], हडपसर, पुणे या ठिकाणी लोकशाही उत्सव झाला. == उत्सवाचे स्वरूप == === झेंडा वंदन ‌=== लोकशाही उत्सवाची सुरुवात २६ जानेवारीच्या सकाळी ८.३० वाजता एस एम जोशी फाऊंडेशन पुणे, येथे संविधान कट्टा येथे झेंडा वंदनाने होते. लोकशाही उत्सवात झेंडा वंदना हे दर वर्षी सामाजिक परिघावरच्या समुदयातून आलेल्या व्यक्तीकडून केले जाते. त्यामुळे सामान्य आयुष्य जगणाऱ्या व्यक्तींच्या हातूनच ते होते. === जीवन उत्सव === ह्या विभागातून पर्यावरण विषयक जनजागृती करनारया संस्था संघटना आणि व्यक्ति एकत्र येऊन, पर्यावरण पूरक साहित्याची प्रचार, प्रसार आणि विक्री करतात. तसेच अनेक सामाजिक संघटना ज्या पर्यावरण पूरक उत्पादने तयार करतात त्यांची विक्री येथे केली जाते. वेगवगेळ्या सामाजिक चळवळी आणि त्यांची पुस्तके ह्या निमित्ताने विक्रिस उपलब्ध असतात. तसेच सेंद्रिय अन्नधान्य, खाद्य पदार्थ, अनेक दुर्मिळ वृक्ष यांचीही माहिती आणि विक्री या निमित्ताने केली जाते. दर वर्षी ३५ पेक्षा जास्त संस्था, संघटना आणि व्यक्ति जीवन उत्सवात सहभागी होण्या पासून झालेली सुरुवात आता जवळपास ६५ स्टॉल पर्यन्त पोहोचलेली आहे. === बालमेळावा === वय वर्षे ८ ते १८ या लहान मुलांमध्ये , लोकशाही मूल्यांची ओळख आणि प्रचार प्रसार व्हावा या साथी बालमेळावा साजरा केला जातो. दर वर्षी शालेय मुलांबरोबर सुतारकाम, कागद काम, नाटक, गाणी आणि खेळ या माध्यमातून शालेय मुलांना संविधानाची ओळख करून दिली जाते. दर वर्षी साधारणपणे ३०० ते ४०० विद्यार्थी बालमेळाव्यात सहभागी होतात. === प्रेमोत्सव === वय वर्षे १८ वरील सर्व लैंगिकता आणि लिंगाभाव असणाऱ्या सर्व व्यक्तीसाठी जोडीदाराची विवेकी निवड या विषयावर २०२५ च्या लोकशाही उत्सवात प्रेमो उत्सवाची सुरुवात झाली. २०२५ साली प्रेम उत्सव - ब्लाइंड डेटिंग ते ओपन आईज या कार्यक्रमाचे स्वरूप विवाह इच्छुक आणि जोडीदार शोधत असलेल्या तरुण मुला-मुलींसाठी नातेसंबंध आणि विवाह कुटुंब याविषयीची चर्चा घडवून आणणे आणि त्यांना वेगवेगळ्या लैंगिकता लिंगभाव तसेच मुळात नातेसंबंध विषयी लक्ष देण्याजोगे मुद्दे खास करून परस्पर पूरक आणि समतावादी सहजीवनाची कल्पना एकत्रित रित्या सर्वांनी समजून घेणे होते. या कार्यक्रमासाठी युतक एल जी बी टी ट्रस्ट, पुणे यांनी सहकार्य केले होते. २०२५ सालच्या कार्यक्रमात ११० विभिन्न लैंगिकतेचे आणि लिंगभाव असलेले तरुण तरुणी सहभागी झाले होते. === नाटक, चित्रपट आणि संगीत === लोकशाही उत्सवाच्या माध्यमातून अनेक प्रायोगिक आणि लोकशाही मूल्यांना रुजवणारी तसेच परिघावरच्या समुदायाचे विश्व मांडणारी, अनेक नाटके आणि सिनेमे पहिल्यांदा पुण्यात दाखविण्यात आली. त्यात जमीर कांबळे आणि सागर लोधी दिग्दर्शित हिजडा नाटक. तिचे शहर होणे हा सिनेमा, यांचा समावेश आहे. == लोकशाही उत्सव पुणे २००३ == <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://timesofindia.indiatimes.com/democracy-festival-from-january-26/articleshow/35405728.cms|title='Democracy festival' from January 26|date=2003-01-25|issn=0971-8257}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २००४ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००५ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००६ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००७ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००८ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००९ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१० == सहावे गाव या नाटकाचा पहिला प्रयोग 26 जानेवारी 2010 रोजी लोकशाही उत्सवात पुणे येथील भरत नाट्य मंदिरात झाला<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.weeklysadhana.in/view_article/atul-pethe-on-dalapatsing-yeti-gava|title=सहाव्या गावची गोष्ट|date=01-05-2010|url-status=live}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०११ == 26 जानेवारीला सकाळी मोसे खोरे बचाव आंदोलनाचे ज्ञानेश्वर शेडगे यांच्या हस्ते ध्वज रोहण झाले. परोमितर एक दिन हा चित्रपट दाखविण्यात आला. माजी सनदी अधिकारी एस पी शुकला यांनी भारता समोरील आव्हाने आणि सद्य स्थिति ह्यावर व्याख्यान दिले. सामाजिक कार्यकर्ते सिंपरित सिंग, अमित नारकर आणि सुनीती सू र यांनी लावांसा, जैतयापुर आणि आदर्श घोटाळा या विषयावर चर्चासत्र घेतले. प्रे द डेव्हिल बॅक तो हेल आणि स्टोनईनग द सोराय ह्या अमेरिकेतील वंशवाद आणि इराणमधील संप्रदाय वाद यावरील माहितीपाटांचे सादरीकरण करण्यात आले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.dnaindia.com/mumbai/report-seminars-debates-to-mark-democracy-festival-in-pune-1499294|title=Seminars, debates to mark Democracy Festival in Pune|last=Thite|first=Dinesh|website=DNA India|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०१२ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१३ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१४ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१५ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१६ == सुलेचना कांबळे यांच्या हस्ते ध्वजारोहण करण्यात आले. त्यांनंतर मुशायरा आयोजित करण्यात आला होता. तुह्या धर्म कोंचा? हा चित्रपट दाखवण्यात आला. टेंगशेच्या स्वप्नात ट्रेन हे नाटक सादर करण्यात आले. ‘शाश्वत विकासाचे वाटाडे’ ह्या पुस्तकाचे प्रकाशन करण्यात आले. आणीबाणी-राजकीय, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक ह्या विषयावर चर्चासत्र घेण्यात आले ज्यात, प्रा श्रुती तांबे, सुहास पळशिकर आणि किरण मोघे सहभागी झाले होते. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://maharashtratimes.com/maharashtra/pune-news/llokshahi-utsav-pune-cultural-festival/articleshow/50710201.cms|title=‘लोकशाही उत्सवा’चे मंगळवारपासून आयोजन|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०१७ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१८ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१९ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२० == एनआरसी, सीएए, एनपीआरला विरोध का? ह्या विषयावर कन्नन गोपीनाथन, तीएसता सेलवाताड आणि सुनीती सु. र. यांनी चर्चासत्रात सहभाग घेतला. मनरेगा योजनेच्या अमलबजावणी बाबत सीमा कांकडे यांनी सादरीकरण केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://maharashtratimes.com/maharashtra/pune-news/insert-on-the-existence-of-citizens/articleshow/73705444.cms|title=नागरिकांच्या अस्तित्वावर घाला|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.co.in/books?id=VqFQEAAAQBAJ&pg=PA74&dq=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80+%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5+%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%87&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjs35fXnImSAxWPiK8BHauDKFAQ6AF6BAgNEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80%20%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5%20%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%87&f=false|title=Life under Lockdown: Lived Experiences and Lesson Learnt|last=Bhatt|first=Sanjai|date=2021-11-11|publisher=Papyrus Scrolls Publications|isbn=978-81-953851-0-2|pages=74|language=en}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२१ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२२ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२३ == मिरज येथील लोकशाही उत्सवाचे उद्घाटन एका तृतीय पंथी व्यक्तीने केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.loksatta.com/maharashtra/hoisting-of-the-flag-by-transgender-in-miraj-dpj-91-3424985/|title=Hoisting of the flag by transgender in Miraj|date=2023-01-26|website=Loksatta|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> 28 जानेवारी रोजी लव आझाद है हा प्रेमाच्या मोकाळेपणा विषयीचा एक कार्यक्रम घेण्यात आला त्या मध्ये अंतर जातीय, धर्मीय आणि ट्रान्सजेंडर समुदायातील प्रेमाविषयी सुनीती सू र यांनी चर्चा घेतली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://frontline.thehindu.com/politics/maharashtra-takes-toxic-turn-as-bjp-conducts-polarising-love-jehad-rallies/article66732444.ece|title=Maharashtra takes toxic turn as BJP conducts polarising ‘love jehad’ rallies|last=Tirodkar|first=Amey|date=2023-04-20|website=Frontline|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> पुण्यात तसेच महाराष्ट्रातील आंबेजोगाई, सांगोला, शहादा, नाशिक, भिवंडी, नवी मुंबई, सासवड अशा विविध ठिकाणी लोकशाही उत्सव साजरा झाला. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/seema-kakade-writes-awaken-to-democratic-values-pjp78|title=जागर लोकशाही मूल्यांचा|last=काकडे|first=सीमा|date=2023-01-25|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२४ == डाउन सिनड्रोम सह जगणाऱ्या दोन युवतींच्या हस्ते ध्वजारोहण करण्यात आले. त्या नंतर कागद कांच पत्रा पंचायत मधील महिलानी जगदीश भोसले ह्यांच्या मार्गदर्शनाखाली बसवलेले महिला हिंसेविरोधात नृत्य नाटक सादर केले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/pune/todays-latest-marathi-news-pne24h78235-txt-pune-today-20240124032405|title=२६ ते ३० जानेवारी रंगणार लोकशाही उत्सव|last=CD|date=2024-01-24|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२५ == रंग अमन के हा संगीताचा कार्यक्रम झाला. प्रेम उत्सव हा सर्व लैंगिकता आणि लिंगभाव असलेल्या व्यक्तींचा नाते संबंधा साठीची कार्यशाळा झाली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://theprint.in/india/democracy-festival-to-be-celebrated-in-latur-from-jan-26-to-30/2459274/|title=Democracy Festival’ to be celebrated in Latur from Jan 26 to 30|date=23-01-2025|url-status=live}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.freepressjournal.in/pune/latur-to-celebrate-democracy-with-flag-hoisting-film-screenings-and-cultural-events-during-democracy-festival|title=Latur To Celebrate Democracy With Flag Hoisting, Film Screenings, And Cultural Events During ‘Democracy Festival|website=Free Press Journal|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२६ == २०२६ सालच्या ध्वजा रोहणासाठी ८ विविध धर्माच्या महिला, ज्यात हिंदू, मुस्लिम, पारशी, लिंगायत, ख्रिश्चन, बौद्ध, निधर्मी, एक पारलिंगी सहभागी होत्या. दोन पुरुषांच्या प्रेमाबद्दल असलेला चित्रपट साबार बोंडा हा दाखविण्यात आला. कबीर आणि पर्यावरण यावर एक संगीत आणि चर्चायात्मक कार्यक्रम झाला. तसेच प्रेमो उत्सव हा तरुण मूल मुलींसाठी एक नात्या बद्दल संगीत आणि चर्चायात्मक कार्यक्रम झाला. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/lokshahi-utsav-2025-pune-democracy-festival-planning-meeting-maharashtra-vsb99|title=लोकशाही उत्सवाची तयारी|last=चव्हाण|first=मिलिंद|date=2025-10-30|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == संदर्भ == dt5w95neln9r8vc19d6ucwdbvp4v07e 2703010 2703009 2026-08-17T08:29:42Z QueerEcofeminist 12675 QueerEcofeminist ने लेख [[सदस्य:QueerEcofeminist/लोकशाही उत्सव]] वरुन [[QueerEcofeminist/लोकशाही उत्सव]] ला हलविला: प्रारंभीक मसुदा तयार झाला आता मुख्य नामविश्वात घेत येईल. 2703009 wikitext text/x-wiki लोकशाही उत्सव हा पुणे शहरातील पुरोगामी संघटनांनी एकत्र येऊन सुरू केलेला एक वार्षिक उत्सव आहे. २००३ साली पहिला लोकशाही उत्सव मासूम, पुणे या मनीषा गुप्ते आणि रमेश अवस्थि यांनी स्थापन केलेल्या संघटनेच्या पुढाकाराने झाला आणि इतर अनेक सामाजिक संस्था, संघटना त्यात सामील झाल्या. २०२५ साली लोकशाही उत्सवाच्या आयोजनात २० पेक्षा जास्त संस्था, संघटना आयोजनात सहभागी झाल्या होत्या. यामध्ये लोकशाहीची मूलभूत तत्वांच्या प्रसारासाठी, सांजरीकरणांसाठी, वेगवेगळ्या कार्यक्रमांचे, चर्चासतरांचे आयोजन केले जाते. या उत्सवात २६ जानेवारी प्रजासत्ताक दिन ते ३० जानेवारी हुतात्मा दिवस(गांधी हत्या दिवस‌) हे पाच दिवस सलग वेगवेगळे कार्यक्रम आयोजित केले जातात. या उत्सवात नाटक, सिनेमा, पर्यावरण पूरक वस्तूंचे आणि सेवांचे प्रदर्शन, चर्चा सत्रे तसेच बालमेळावा, प्रेम उत्सव, असे अनेक कार्यक्रम होतात.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://indianexpress.com/article/cities/pune/in-pune-today-activists-to-hold-meet-on-fearless-step-against-undeclared-emergency-5573182/|title=In Pune today, activists to hold meet on ‘fearless step against undeclared Emergency’|date=2019-02-07|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.indiejournal.in/article/pune-civil-society-organisations-protest-attacks|title=Indie Journal {{!}} Pune Civil Society organisations protest attacks on FTII & Lalit Kala Kendra|date=2024-02-05|website=IndieJournal|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/editorial-article-seema-kakde-352900|title=लहू का रंग....|last=काकडे|first=सीमा|date=2020-10-01|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == उत्सवाची स्थळे == २००३ साली सुरुवातीला फक्त पुणे शहरात सुरू झालेला लोकशाही उत्सव आता महाराष्ट्रातील २१ शहरांमध्ये होतो. २०२५ साली [[नवी मुंबई]], [[केज तालुका|केज]], [[अंबाजोगाई]], [[अहिल्यानगर]] (अहमदनगर), [[लातूर]], [[इचलकरंजी]], [[शहादा तालुका|शहादा]], [[सांगोला]], [[नांदेड]], [[अकोला]], [[नागपूर]], [[सांगली]], [[जळगाव]], [[सातारा]], [[माजलगाव]], [[वर्धा]], [[धाराशिव|उस्मानाबाद]], [[धुळे]], [[पुरंदर]], हडपसर, पुणे या ठिकाणी लोकशाही उत्सव झाला. == उत्सवाचे स्वरूप == === झेंडा वंदन ‌=== लोकशाही उत्सवाची सुरुवात २६ जानेवारीच्या सकाळी ८.३० वाजता एस एम जोशी फाऊंडेशन पुणे, येथे संविधान कट्टा येथे झेंडा वंदनाने होते. लोकशाही उत्सवात झेंडा वंदना हे दर वर्षी सामाजिक परिघावरच्या समुदयातून आलेल्या व्यक्तीकडून केले जाते. त्यामुळे सामान्य आयुष्य जगणाऱ्या व्यक्तींच्या हातूनच ते होते. === जीवन उत्सव === ह्या विभागातून पर्यावरण विषयक जनजागृती करनारया संस्था संघटना आणि व्यक्ति एकत्र येऊन, पर्यावरण पूरक साहित्याची प्रचार, प्रसार आणि विक्री करतात. तसेच अनेक सामाजिक संघटना ज्या पर्यावरण पूरक उत्पादने तयार करतात त्यांची विक्री येथे केली जाते. वेगवगेळ्या सामाजिक चळवळी आणि त्यांची पुस्तके ह्या निमित्ताने विक्रिस उपलब्ध असतात. तसेच सेंद्रिय अन्नधान्य, खाद्य पदार्थ, अनेक दुर्मिळ वृक्ष यांचीही माहिती आणि विक्री या निमित्ताने केली जाते. दर वर्षी ३५ पेक्षा जास्त संस्था, संघटना आणि व्यक्ति जीवन उत्सवात सहभागी होण्या पासून झालेली सुरुवात आता जवळपास ६५ स्टॉल पर्यन्त पोहोचलेली आहे. === बालमेळावा === वय वर्षे ८ ते १८ या लहान मुलांमध्ये , लोकशाही मूल्यांची ओळख आणि प्रचार प्रसार व्हावा या साथी बालमेळावा साजरा केला जातो. दर वर्षी शालेय मुलांबरोबर सुतारकाम, कागद काम, नाटक, गाणी आणि खेळ या माध्यमातून शालेय मुलांना संविधानाची ओळख करून दिली जाते. दर वर्षी साधारणपणे ३०० ते ४०० विद्यार्थी बालमेळाव्यात सहभागी होतात. === प्रेमोत्सव === वय वर्षे १८ वरील सर्व लैंगिकता आणि लिंगाभाव असणाऱ्या सर्व व्यक्तीसाठी जोडीदाराची विवेकी निवड या विषयावर २०२५ च्या लोकशाही उत्सवात प्रेमो उत्सवाची सुरुवात झाली. २०२५ साली प्रेम उत्सव - ब्लाइंड डेटिंग ते ओपन आईज या कार्यक्रमाचे स्वरूप विवाह इच्छुक आणि जोडीदार शोधत असलेल्या तरुण मुला-मुलींसाठी नातेसंबंध आणि विवाह कुटुंब याविषयीची चर्चा घडवून आणणे आणि त्यांना वेगवेगळ्या लैंगिकता लिंगभाव तसेच मुळात नातेसंबंध विषयी लक्ष देण्याजोगे मुद्दे खास करून परस्पर पूरक आणि समतावादी सहजीवनाची कल्पना एकत्रित रित्या सर्वांनी समजून घेणे होते. या कार्यक्रमासाठी युतक एल जी बी टी ट्रस्ट, पुणे यांनी सहकार्य केले होते. २०२५ सालच्या कार्यक्रमात ११० विभिन्न लैंगिकतेचे आणि लिंगभाव असलेले तरुण तरुणी सहभागी झाले होते. === नाटक, चित्रपट आणि संगीत === लोकशाही उत्सवाच्या माध्यमातून अनेक प्रायोगिक आणि लोकशाही मूल्यांना रुजवणारी तसेच परिघावरच्या समुदायाचे विश्व मांडणारी, अनेक नाटके आणि सिनेमे पहिल्यांदा पुण्यात दाखविण्यात आली. त्यात जमीर कांबळे आणि सागर लोधी दिग्दर्शित हिजडा नाटक. तिचे शहर होणे हा सिनेमा, यांचा समावेश आहे. == लोकशाही उत्सव पुणे २००३ == <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://timesofindia.indiatimes.com/democracy-festival-from-january-26/articleshow/35405728.cms|title='Democracy festival' from January 26|date=2003-01-25|issn=0971-8257}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २००४ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००५ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००६ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००७ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००८ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००९ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१० == सहावे गाव या नाटकाचा पहिला प्रयोग 26 जानेवारी 2010 रोजी लोकशाही उत्सवात पुणे येथील भरत नाट्य मंदिरात झाला<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.weeklysadhana.in/view_article/atul-pethe-on-dalapatsing-yeti-gava|title=सहाव्या गावची गोष्ट|date=01-05-2010|url-status=live}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०११ == 26 जानेवारीला सकाळी मोसे खोरे बचाव आंदोलनाचे ज्ञानेश्वर शेडगे यांच्या हस्ते ध्वज रोहण झाले. परोमितर एक दिन हा चित्रपट दाखविण्यात आला. माजी सनदी अधिकारी एस पी शुकला यांनी भारता समोरील आव्हाने आणि सद्य स्थिति ह्यावर व्याख्यान दिले. सामाजिक कार्यकर्ते सिंपरित सिंग, अमित नारकर आणि सुनीती सू र यांनी लावांसा, जैतयापुर आणि आदर्श घोटाळा या विषयावर चर्चासत्र घेतले. प्रे द डेव्हिल बॅक तो हेल आणि स्टोनईनग द सोराय ह्या अमेरिकेतील वंशवाद आणि इराणमधील संप्रदाय वाद यावरील माहितीपाटांचे सादरीकरण करण्यात आले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.dnaindia.com/mumbai/report-seminars-debates-to-mark-democracy-festival-in-pune-1499294|title=Seminars, debates to mark Democracy Festival in Pune|last=Thite|first=Dinesh|website=DNA India|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०१२ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१३ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१४ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१५ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१६ == सुलेचना कांबळे यांच्या हस्ते ध्वजारोहण करण्यात आले. त्यांनंतर मुशायरा आयोजित करण्यात आला होता. तुह्या धर्म कोंचा? हा चित्रपट दाखवण्यात आला. टेंगशेच्या स्वप्नात ट्रेन हे नाटक सादर करण्यात आले. ‘शाश्वत विकासाचे वाटाडे’ ह्या पुस्तकाचे प्रकाशन करण्यात आले. आणीबाणी-राजकीय, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक ह्या विषयावर चर्चासत्र घेण्यात आले ज्यात, प्रा श्रुती तांबे, सुहास पळशिकर आणि किरण मोघे सहभागी झाले होते. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://maharashtratimes.com/maharashtra/pune-news/llokshahi-utsav-pune-cultural-festival/articleshow/50710201.cms|title=‘लोकशाही उत्सवा’चे मंगळवारपासून आयोजन|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०१७ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१८ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१९ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२० == एनआरसी, सीएए, एनपीआरला विरोध का? ह्या विषयावर कन्नन गोपीनाथन, तीएसता सेलवाताड आणि सुनीती सु. र. यांनी चर्चासत्रात सहभाग घेतला. मनरेगा योजनेच्या अमलबजावणी बाबत सीमा कांकडे यांनी सादरीकरण केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://maharashtratimes.com/maharashtra/pune-news/insert-on-the-existence-of-citizens/articleshow/73705444.cms|title=नागरिकांच्या अस्तित्वावर घाला|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.co.in/books?id=VqFQEAAAQBAJ&pg=PA74&dq=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80+%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5+%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%87&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjs35fXnImSAxWPiK8BHauDKFAQ6AF6BAgNEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80%20%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5%20%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%87&f=false|title=Life under Lockdown: Lived Experiences and Lesson Learnt|last=Bhatt|first=Sanjai|date=2021-11-11|publisher=Papyrus Scrolls Publications|isbn=978-81-953851-0-2|pages=74|language=en}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२१ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२२ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२३ == मिरज येथील लोकशाही उत्सवाचे उद्घाटन एका तृतीय पंथी व्यक्तीने केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.loksatta.com/maharashtra/hoisting-of-the-flag-by-transgender-in-miraj-dpj-91-3424985/|title=Hoisting of the flag by transgender in Miraj|date=2023-01-26|website=Loksatta|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> 28 जानेवारी रोजी लव आझाद है हा प्रेमाच्या मोकाळेपणा विषयीचा एक कार्यक्रम घेण्यात आला त्या मध्ये अंतर जातीय, धर्मीय आणि ट्रान्सजेंडर समुदायातील प्रेमाविषयी सुनीती सू र यांनी चर्चा घेतली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://frontline.thehindu.com/politics/maharashtra-takes-toxic-turn-as-bjp-conducts-polarising-love-jehad-rallies/article66732444.ece|title=Maharashtra takes toxic turn as BJP conducts polarising ‘love jehad’ rallies|last=Tirodkar|first=Amey|date=2023-04-20|website=Frontline|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> पुण्यात तसेच महाराष्ट्रातील आंबेजोगाई, सांगोला, शहादा, नाशिक, भिवंडी, नवी मुंबई, सासवड अशा विविध ठिकाणी लोकशाही उत्सव साजरा झाला. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/seema-kakade-writes-awaken-to-democratic-values-pjp78|title=जागर लोकशाही मूल्यांचा|last=काकडे|first=सीमा|date=2023-01-25|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२४ == डाउन सिनड्रोम सह जगणाऱ्या दोन युवतींच्या हस्ते ध्वजारोहण करण्यात आले. त्या नंतर कागद कांच पत्रा पंचायत मधील महिलानी जगदीश भोसले ह्यांच्या मार्गदर्शनाखाली बसवलेले महिला हिंसेविरोधात नृत्य नाटक सादर केले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/pune/todays-latest-marathi-news-pne24h78235-txt-pune-today-20240124032405|title=२६ ते ३० जानेवारी रंगणार लोकशाही उत्सव|last=CD|date=2024-01-24|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२५ == रंग अमन के हा संगीताचा कार्यक्रम झाला. प्रेम उत्सव हा सर्व लैंगिकता आणि लिंगभाव असलेल्या व्यक्तींचा नाते संबंधा साठीची कार्यशाळा झाली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://theprint.in/india/democracy-festival-to-be-celebrated-in-latur-from-jan-26-to-30/2459274/|title=Democracy Festival’ to be celebrated in Latur from Jan 26 to 30|date=23-01-2025|url-status=live}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.freepressjournal.in/pune/latur-to-celebrate-democracy-with-flag-hoisting-film-screenings-and-cultural-events-during-democracy-festival|title=Latur To Celebrate Democracy With Flag Hoisting, Film Screenings, And Cultural Events During ‘Democracy Festival|website=Free Press Journal|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२६ == २०२६ सालच्या ध्वजा रोहणासाठी ८ विविध धर्माच्या महिला, ज्यात हिंदू, मुस्लिम, पारशी, लिंगायत, ख्रिश्चन, बौद्ध, निधर्मी, एक पारलिंगी सहभागी होत्या. दोन पुरुषांच्या प्रेमाबद्दल असलेला चित्रपट साबार बोंडा हा दाखविण्यात आला. कबीर आणि पर्यावरण यावर एक संगीत आणि चर्चायात्मक कार्यक्रम झाला. तसेच प्रेमो उत्सव हा तरुण मूल मुलींसाठी एक नात्या बद्दल संगीत आणि चर्चायात्मक कार्यक्रम झाला. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/lokshahi-utsav-2025-pune-democracy-festival-planning-meeting-maharashtra-vsb99|title=लोकशाही उत्सवाची तयारी|last=चव्हाण|first=मिलिंद|date=2025-10-30|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == संदर्भ == dt5w95neln9r8vc19d6ucwdbvp4v07e 2703012 2703010 2026-08-17T08:30:14Z QueerEcofeminist 12675 QueerEcofeminist ने मागे पुनर्निर्देशन न ठेवता लेख [[QueerEcofeminist/लोकशाही उत्सव]] वरुन [[लोकशाही उत्सव]] ला हलविला: Misspelled title 2703009 wikitext text/x-wiki लोकशाही उत्सव हा पुणे शहरातील पुरोगामी संघटनांनी एकत्र येऊन सुरू केलेला एक वार्षिक उत्सव आहे. २००३ साली पहिला लोकशाही उत्सव मासूम, पुणे या मनीषा गुप्ते आणि रमेश अवस्थि यांनी स्थापन केलेल्या संघटनेच्या पुढाकाराने झाला आणि इतर अनेक सामाजिक संस्था, संघटना त्यात सामील झाल्या. २०२५ साली लोकशाही उत्सवाच्या आयोजनात २० पेक्षा जास्त संस्था, संघटना आयोजनात सहभागी झाल्या होत्या. यामध्ये लोकशाहीची मूलभूत तत्वांच्या प्रसारासाठी, सांजरीकरणांसाठी, वेगवेगळ्या कार्यक्रमांचे, चर्चासतरांचे आयोजन केले जाते. या उत्सवात २६ जानेवारी प्रजासत्ताक दिन ते ३० जानेवारी हुतात्मा दिवस(गांधी हत्या दिवस‌) हे पाच दिवस सलग वेगवेगळे कार्यक्रम आयोजित केले जातात. या उत्सवात नाटक, सिनेमा, पर्यावरण पूरक वस्तूंचे आणि सेवांचे प्रदर्शन, चर्चा सत्रे तसेच बालमेळावा, प्रेम उत्सव, असे अनेक कार्यक्रम होतात.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://indianexpress.com/article/cities/pune/in-pune-today-activists-to-hold-meet-on-fearless-step-against-undeclared-emergency-5573182/|title=In Pune today, activists to hold meet on ‘fearless step against undeclared Emergency’|date=2019-02-07|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.indiejournal.in/article/pune-civil-society-organisations-protest-attacks|title=Indie Journal {{!}} Pune Civil Society organisations protest attacks on FTII & Lalit Kala Kendra|date=2024-02-05|website=IndieJournal|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/editorial-article-seema-kakde-352900|title=लहू का रंग....|last=काकडे|first=सीमा|date=2020-10-01|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == उत्सवाची स्थळे == २००३ साली सुरुवातीला फक्त पुणे शहरात सुरू झालेला लोकशाही उत्सव आता महाराष्ट्रातील २१ शहरांमध्ये होतो. २०२५ साली [[नवी मुंबई]], [[केज तालुका|केज]], [[अंबाजोगाई]], [[अहिल्यानगर]] (अहमदनगर), [[लातूर]], [[इचलकरंजी]], [[शहादा तालुका|शहादा]], [[सांगोला]], [[नांदेड]], [[अकोला]], [[नागपूर]], [[सांगली]], [[जळगाव]], [[सातारा]], [[माजलगाव]], [[वर्धा]], [[धाराशिव|उस्मानाबाद]], [[धुळे]], [[पुरंदर]], हडपसर, पुणे या ठिकाणी लोकशाही उत्सव झाला. == उत्सवाचे स्वरूप == === झेंडा वंदन ‌=== लोकशाही उत्सवाची सुरुवात २६ जानेवारीच्या सकाळी ८.३० वाजता एस एम जोशी फाऊंडेशन पुणे, येथे संविधान कट्टा येथे झेंडा वंदनाने होते. लोकशाही उत्सवात झेंडा वंदना हे दर वर्षी सामाजिक परिघावरच्या समुदयातून आलेल्या व्यक्तीकडून केले जाते. त्यामुळे सामान्य आयुष्य जगणाऱ्या व्यक्तींच्या हातूनच ते होते. === जीवन उत्सव === ह्या विभागातून पर्यावरण विषयक जनजागृती करनारया संस्था संघटना आणि व्यक्ति एकत्र येऊन, पर्यावरण पूरक साहित्याची प्रचार, प्रसार आणि विक्री करतात. तसेच अनेक सामाजिक संघटना ज्या पर्यावरण पूरक उत्पादने तयार करतात त्यांची विक्री येथे केली जाते. वेगवगेळ्या सामाजिक चळवळी आणि त्यांची पुस्तके ह्या निमित्ताने विक्रिस उपलब्ध असतात. तसेच सेंद्रिय अन्नधान्य, खाद्य पदार्थ, अनेक दुर्मिळ वृक्ष यांचीही माहिती आणि विक्री या निमित्ताने केली जाते. दर वर्षी ३५ पेक्षा जास्त संस्था, संघटना आणि व्यक्ति जीवन उत्सवात सहभागी होण्या पासून झालेली सुरुवात आता जवळपास ६५ स्टॉल पर्यन्त पोहोचलेली आहे. === बालमेळावा === वय वर्षे ८ ते १८ या लहान मुलांमध्ये , लोकशाही मूल्यांची ओळख आणि प्रचार प्रसार व्हावा या साथी बालमेळावा साजरा केला जातो. दर वर्षी शालेय मुलांबरोबर सुतारकाम, कागद काम, नाटक, गाणी आणि खेळ या माध्यमातून शालेय मुलांना संविधानाची ओळख करून दिली जाते. दर वर्षी साधारणपणे ३०० ते ४०० विद्यार्थी बालमेळाव्यात सहभागी होतात. === प्रेमोत्सव === वय वर्षे १८ वरील सर्व लैंगिकता आणि लिंगाभाव असणाऱ्या सर्व व्यक्तीसाठी जोडीदाराची विवेकी निवड या विषयावर २०२५ च्या लोकशाही उत्सवात प्रेमो उत्सवाची सुरुवात झाली. २०२५ साली प्रेम उत्सव - ब्लाइंड डेटिंग ते ओपन आईज या कार्यक्रमाचे स्वरूप विवाह इच्छुक आणि जोडीदार शोधत असलेल्या तरुण मुला-मुलींसाठी नातेसंबंध आणि विवाह कुटुंब याविषयीची चर्चा घडवून आणणे आणि त्यांना वेगवेगळ्या लैंगिकता लिंगभाव तसेच मुळात नातेसंबंध विषयी लक्ष देण्याजोगे मुद्दे खास करून परस्पर पूरक आणि समतावादी सहजीवनाची कल्पना एकत्रित रित्या सर्वांनी समजून घेणे होते. या कार्यक्रमासाठी युतक एल जी बी टी ट्रस्ट, पुणे यांनी सहकार्य केले होते. २०२५ सालच्या कार्यक्रमात ११० विभिन्न लैंगिकतेचे आणि लिंगभाव असलेले तरुण तरुणी सहभागी झाले होते. === नाटक, चित्रपट आणि संगीत === लोकशाही उत्सवाच्या माध्यमातून अनेक प्रायोगिक आणि लोकशाही मूल्यांना रुजवणारी तसेच परिघावरच्या समुदायाचे विश्व मांडणारी, अनेक नाटके आणि सिनेमे पहिल्यांदा पुण्यात दाखविण्यात आली. त्यात जमीर कांबळे आणि सागर लोधी दिग्दर्शित हिजडा नाटक. तिचे शहर होणे हा सिनेमा, यांचा समावेश आहे. == लोकशाही उत्सव पुणे २००३ == <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://timesofindia.indiatimes.com/democracy-festival-from-january-26/articleshow/35405728.cms|title='Democracy festival' from January 26|date=2003-01-25|issn=0971-8257}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २००४ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००५ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००६ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००७ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००८ == == लोकशाही उत्सव पुणे २००९ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१० == सहावे गाव या नाटकाचा पहिला प्रयोग 26 जानेवारी 2010 रोजी लोकशाही उत्सवात पुणे येथील भरत नाट्य मंदिरात झाला<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.weeklysadhana.in/view_article/atul-pethe-on-dalapatsing-yeti-gava|title=सहाव्या गावची गोष्ट|date=01-05-2010|url-status=live}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०११ == 26 जानेवारीला सकाळी मोसे खोरे बचाव आंदोलनाचे ज्ञानेश्वर शेडगे यांच्या हस्ते ध्वज रोहण झाले. परोमितर एक दिन हा चित्रपट दाखविण्यात आला. माजी सनदी अधिकारी एस पी शुकला यांनी भारता समोरील आव्हाने आणि सद्य स्थिति ह्यावर व्याख्यान दिले. सामाजिक कार्यकर्ते सिंपरित सिंग, अमित नारकर आणि सुनीती सू र यांनी लावांसा, जैतयापुर आणि आदर्श घोटाळा या विषयावर चर्चासत्र घेतले. प्रे द डेव्हिल बॅक तो हेल आणि स्टोनईनग द सोराय ह्या अमेरिकेतील वंशवाद आणि इराणमधील संप्रदाय वाद यावरील माहितीपाटांचे सादरीकरण करण्यात आले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.dnaindia.com/mumbai/report-seminars-debates-to-mark-democracy-festival-in-pune-1499294|title=Seminars, debates to mark Democracy Festival in Pune|last=Thite|first=Dinesh|website=DNA India|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०१२ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१३ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१४ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१५ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१६ == सुलेचना कांबळे यांच्या हस्ते ध्वजारोहण करण्यात आले. त्यांनंतर मुशायरा आयोजित करण्यात आला होता. तुह्या धर्म कोंचा? हा चित्रपट दाखवण्यात आला. टेंगशेच्या स्वप्नात ट्रेन हे नाटक सादर करण्यात आले. ‘शाश्वत विकासाचे वाटाडे’ ह्या पुस्तकाचे प्रकाशन करण्यात आले. आणीबाणी-राजकीय, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक ह्या विषयावर चर्चासत्र घेण्यात आले ज्यात, प्रा श्रुती तांबे, सुहास पळशिकर आणि किरण मोघे सहभागी झाले होते. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://maharashtratimes.com/maharashtra/pune-news/llokshahi-utsav-pune-cultural-festival/articleshow/50710201.cms|title=‘लोकशाही उत्सवा’चे मंगळवारपासून आयोजन|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०१७ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१८ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०१९ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२० == एनआरसी, सीएए, एनपीआरला विरोध का? ह्या विषयावर कन्नन गोपीनाथन, तीएसता सेलवाताड आणि सुनीती सु. र. यांनी चर्चासत्रात सहभाग घेतला. मनरेगा योजनेच्या अमलबजावणी बाबत सीमा कांकडे यांनी सादरीकरण केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://maharashtratimes.com/maharashtra/pune-news/insert-on-the-existence-of-citizens/articleshow/73705444.cms|title=नागरिकांच्या अस्तित्वावर घाला|website=Maharashtra Times|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.co.in/books?id=VqFQEAAAQBAJ&pg=PA74&dq=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80+%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5+%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%87&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwjs35fXnImSAxWPiK8BHauDKFAQ6AF6BAgNEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80%20%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5%20%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%87&f=false|title=Life under Lockdown: Lived Experiences and Lesson Learnt|last=Bhatt|first=Sanjai|date=2021-11-11|publisher=Papyrus Scrolls Publications|isbn=978-81-953851-0-2|pages=74|language=en}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२१ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२२ == == लोकशाही उत्सव पुणे २०२३ == मिरज येथील लोकशाही उत्सवाचे उद्घाटन एका तृतीय पंथी व्यक्तीने केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.loksatta.com/maharashtra/hoisting-of-the-flag-by-transgender-in-miraj-dpj-91-3424985/|title=Hoisting of the flag by transgender in Miraj|date=2023-01-26|website=Loksatta|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> 28 जानेवारी रोजी लव आझाद है हा प्रेमाच्या मोकाळेपणा विषयीचा एक कार्यक्रम घेण्यात आला त्या मध्ये अंतर जातीय, धर्मीय आणि ट्रान्सजेंडर समुदायातील प्रेमाविषयी सुनीती सू र यांनी चर्चा घेतली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://frontline.thehindu.com/politics/maharashtra-takes-toxic-turn-as-bjp-conducts-polarising-love-jehad-rallies/article66732444.ece|title=Maharashtra takes toxic turn as BJP conducts polarising ‘love jehad’ rallies|last=Tirodkar|first=Amey|date=2023-04-20|website=Frontline|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> पुण्यात तसेच महाराष्ट्रातील आंबेजोगाई, सांगोला, शहादा, नाशिक, भिवंडी, नवी मुंबई, सासवड अशा विविध ठिकाणी लोकशाही उत्सव साजरा झाला. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/seema-kakade-writes-awaken-to-democratic-values-pjp78|title=जागर लोकशाही मूल्यांचा|last=काकडे|first=सीमा|date=2023-01-25|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२४ == डाउन सिनड्रोम सह जगणाऱ्या दोन युवतींच्या हस्ते ध्वजारोहण करण्यात आले. त्या नंतर कागद कांच पत्रा पंचायत मधील महिलानी जगदीश भोसले ह्यांच्या मार्गदर्शनाखाली बसवलेले महिला हिंसेविरोधात नृत्य नाटक सादर केले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/pune/todays-latest-marathi-news-pne24h78235-txt-pune-today-20240124032405|title=२६ ते ३० जानेवारी रंगणार लोकशाही उत्सव|last=CD|date=2024-01-24|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२५ == रंग अमन के हा संगीताचा कार्यक्रम झाला. प्रेम उत्सव हा सर्व लैंगिकता आणि लिंगभाव असलेल्या व्यक्तींचा नाते संबंधा साठीची कार्यशाळा झाली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://theprint.in/india/democracy-festival-to-be-celebrated-in-latur-from-jan-26-to-30/2459274/|title=Democracy Festival’ to be celebrated in Latur from Jan 26 to 30|date=23-01-2025|url-status=live}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.freepressjournal.in/pune/latur-to-celebrate-democracy-with-flag-hoisting-film-screenings-and-cultural-events-during-democracy-festival|title=Latur To Celebrate Democracy With Flag Hoisting, Film Screenings, And Cultural Events During ‘Democracy Festival|website=Free Press Journal|language=en|access-date=2026-01-10}}</ref> == लोकशाही उत्सव पुणे २०२६ == २०२६ सालच्या ध्वजा रोहणासाठी ८ विविध धर्माच्या महिला, ज्यात हिंदू, मुस्लिम, पारशी, लिंगायत, ख्रिश्चन, बौद्ध, निधर्मी, एक पारलिंगी सहभागी होत्या. दोन पुरुषांच्या प्रेमाबद्दल असलेला चित्रपट साबार बोंडा हा दाखविण्यात आला. कबीर आणि पर्यावरण यावर एक संगीत आणि चर्चायात्मक कार्यक्रम झाला. तसेच प्रेमो उत्सव हा तरुण मूल मुलींसाठी एक नात्या बद्दल संगीत आणि चर्चायात्मक कार्यक्रम झाला. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.esakal.com/sampadakiya/lokshahi-utsav-2025-pune-democracy-festival-planning-meeting-maharashtra-vsb99|title=लोकशाही उत्सवाची तयारी|last=चव्हाण|first=मिलिंद|date=2025-10-30|website=Marathi News Esakal|language=mr|access-date=2026-01-10}}</ref> == संदर्भ == dt5w95neln9r8vc19d6ucwdbvp4v07e विजय भागवत 0 378729 2703049 2701590 2026-08-17T10:40:12Z Ketaki Modak 21590 2703049 wikitext text/x-wiki '''विजय भागवत''' (जन्म - ५ सप्टेंबर, १९३१, मृत्यू - १२ ऑगस्ट २०२६<ref>दै.सकाळ, १७.०८.२०२६ निधनवार्ता</ref>) हे अनुवादक म्हणून प्रसिद्ध आहेत. त्यांचे साहित्य वि.गो.भागवत या नावाने प्रकाशित झालेले आहे. आजवर विविध वृत्तपत्रे, नियतकालिके यामधून सुमारे साडेतीन हजार अनुवादित लेख प्रकाशित झाले आहेत. त्यांच्या अनुवादित लेखांचे संकलन करून एकूण २५ पुस्तके प्रकाशित करण्यात आलेली आहेत. <ref name=":0">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.mahamtb.com/Encyc/2023/5/11/article-on-vijay-bhagwat.amp.html|title=अनुभवसंपन्न लेखनसमृद्ध जीवन|website=www.mahamtb.com|language=en|access-date=2026-04-05}}</ref> == जीवन == भागवत यांनी १९५० ते १९५४ जिल्हा न्यायालयामध्ये (दिवाणी व फौजदारी) नोकरी केली आणि त्यानंतर १९५४ ते १९६१ महाराष्ट्र शासन प्रसिद्ध विभागात त्यांनी नोकरी केली. लघुलेखन व टंकलेखन यामध्ये प्रावीण्य मिळवून ते [[सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ|पुणे विद्यापीठा]]<nowiki/>मध्ये मराठी भाषेचे पहिले लघुलेखक म्हणून रूजू झाले.<ref name=":2">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.bookganga.com/Preview/BookPreview.aspx?BookId=201212055633&PreviewType=ebooks|title=Nave Shodh Nave Tantradnyan Bhag 4|website=www.bookganga.com|access-date=2026-04-05}}</ref> पुणे विद्यापीठाच्या कुलगुरू कार्यालयात त्यांनी २७ वर्षे नोकरी केली. ते १९८९ मध्ये सेवानिवृत्त झाले. <ref name=":1">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.bookganga.com/Preview/BookPreview.aspx?BookId=281112064410&PreviewType=ebooks%20%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%95%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%AF|title=Ase Udyog Ase Marg|website=www.bookganga.com|access-date=2026-04-05}}</ref> महामहोपाध्याय [[दत्तो वामन पोतदार]], डॉ. [[धनंजय रामचंद्र गाडगीळ|धनंजयराव गाडगीळ]], रँग्लर ग. स. महाजनी, डॉ. [[हरिभाऊ पाटसकर]], आंतरराष्ट्रीय कीर्तीचे शास्त्रज्ञ वि. ग. भिडे, डॉ. [[देवदत्त दाभोळकर]], डॉ. बा. पां. आपटे, डॉ. [[राम ताकवले]] आणि डॉ. श्रीधर गुप्ते यांचे व्यक्तिगत लघुलेखक म्हणून त्यांना काम करण्याची संधी उपलब्ध झाली. [[चित्र:Sahitya sanskruti mandal citation.jpg|इवलेसे|महाराष्ट्र राज्य साहित्य व संस्कृती मंडळाचा पुरस्कार माजी मुख्यमंत्री वसंतराव नाईक यांच्याकडून स्वीकारताना]] [[चित्र:Shri kakodkar honouring v g bhagwat.jpg|इवलेसे|सुप्रसिद्ध अणुशास्त्रज्ञ डॉ. अनिल काकोडकर यांच्याकडून सन्मान स्वीकारताना]] == लेखन व अनुवाद == दि. १६ ऑगस्ट १९७० मध्ये दैनिक केसरीमध्ये पहिला लेख प्रकाशित झाला.<ref name=":2" /> पासून आजपर्यंत गेली ४० वर्षे ते अखंडपणे बालसाहित्य विषयक, सामान्य ज्ञान व कथांचे लेखन करत आहेत. विज्ञान हा त्यांचा आवडीचा विषय आहे. पाश्चात्य देशांमधील विज्ञानाची व तंत्रज्ञानाची अद्ययावत माहिती मराठी माणसापर्यंत पोहोचवायची हा त्या पाठीमागचा उद्देश होता. फक्त ‘एसएससी’ मॅट्रिकपर्यंत शिक्षण घेतलेले असतानाही, त्यांनी शासकीय मुद्रणालयातर्फे प्रकाशित झालेल्या शब्दकोशांचा आधार घेत आणि संदर्भ ग्रंथांचा अभ्यास करत, विज्ञानातील जटील संज्ञा सामान्य वाचकाला समजतील इतक्या सुलभ भाषेत मांडल्या. <ref name=":0" /> त्यांनी विज्ञान व तंत्रज्ञानाप्रमाणे वनस्पती, आरोग्य विषयक नव्या सेवा,सौरशक्ती, संगणक, पर्यावरण, प्रदूषण, यंत्रमानव, उद्योग-व्यापार, पक्षी-प्राणी-कीटक, सागरी प्राणी, संगणक, पर्यटन यांसारख्या अनेक विषयांवर लेखन केले. <ref name=":0" /> त्यांचे आजवर प्रकाशित झालेले साहित्य पुढीलप्रमाणे - {| class="wikitable" |+ !क्र. !पुस्तकाचे नाव !प्रकार !प्रकाशन संस्था !प्रकाशन वर्ष |- | align="right" |१ |अनमोल कथा (भाग ०१) |बाल वाङ्मय | |१९८१-८२ |- | align="right" |२ |अनमोल कथा (भाग ०२) |बाल वाङ्मय |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |३ |अनमोल कथा (भाग ०३) |बाल वाङ्मय |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |४ |ज्ञानरंजन (भाग ०१) |बालसाहित्य, माहितीपर |सुयोग प्रकाशन |१९८८ |- | align="right" |५ |ज्ञानरंजन (भाग ०२) |बालसाहित्य, माहितीपर |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |६ |ज्ञानरंजन (भाग ०३) |बालसाहित्य, माहितीपर |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |७ |आई |बाल कथा |मधुश्री प्रकाशन |१९९५ |- | align="right" |८ |असे उद्योग असे मार्ग |मार्गदर्शनपर, सेल्फ हेल्प |सुयोग प्रकाशन |१९९७ |- | align="right" |९ |पक्षी आणि प्राणी |प्राणीविषयक, माहितीपर, पक्षी विषयक |सुयोग प्रकाशन |१९९७ |- | align="right" |१० |फळातील आरोग्य |आरोग्यविषयक, माहितीपर |सुयोग प्रकाशन |१९९७ |- | align="right" |११ |नवे शोध - नवे तंत्रज्ञान | |सुयोग प्रकाशन |१९९७ |- | align="right" |१२ |शिक्षकांसाठी अवांतर माहिती <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.bookganga.com/Preview/BookPreview.aspx?BookId=061212054410&PreviewType=ebooks|title=Shikshakansathi Avantar Mahiti|website=www.bookganga.com|access-date=2026-04-05}}</ref> |शैक्षणिक |सुयोग प्रकाशन |१९९७ |- | align="right" |१३ |पक्षी विश्व |पक्षी विषयक |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |१४ |वैद्यकीय विश्वातील शोध |आरोग्यविषयक, माहितीपर |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |१५ |मुलांसाठी वेचक - वेधक कथा |कथासंग्रह, बालसाहित्य |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |१६ |सागरी प्राण्यांच्या जगात |प्राणीविषयक, माहितीपर |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |१७ |नवे शोध नवे तंत्रज्ञान (भाग ०१) |विज्ञानविषयक |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |१८ |प्राणी विश्व |प्राणीविषयक, माहितीपर |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |१९ |पर्यावरण प्रदूषण आणि आपले जीवन | माहितीपर, विज्ञानविषयक |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |२० |नवे शोध नवे तंत्रज्ञान (भाग ०२) |विज्ञानविषयक |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |२१ |नवे शोध नवे तंत्रज्ञान (भाग ०३) |विज्ञानविषयक |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |२२ |नवे शोध नवे तंत्रज्ञान (भाग ०४) |विज्ञानविषयक |सुयोग प्रकाशन | |- | align="right" |२३ |जेष्ठ नागरिकांचा 'सुखसोबती' <ref name=":3" /> |माहितीपर |सुयोग प्रकाशन | |- |२४ |किटकांच्या जगात |माहितीपर |सुयोग प्रकाशन | |- |२५ |सामान्य ज्ञानासाठी विश्वसंचार |अनुभव कथन |सुयोग प्रकाशन | |} == पुरस्कार == * [[महाराष्ट्र राज्य साहित्य आणि संस्कृती मंडळ|महाराष्ट्र राज्य साहित्य संस्कृती मंडळा]]<nowiki/>च्या नवलेखक साहित्यिक अनुदानातून 'अनमोल कथा' या पहिल्याच पुस्तकास) अनुदान प्राप्त. * सन १९८१-८२ मध्ये अनमोल कथा या पुस्तकास बाल वाङ्मय विभागामध्ये महाराष्ट्र राज्य शासनाचा साहित्यिक पुरस्कार प्राप्त ([[पांडुरंग सदाशिव साने|साने गुरुजी]] पुरस्कार) * शैक्षणिक संस्थांच्या ग्रंथालयाकरिता उपयुक्त पुस्तक म्हणून १९८६ मध्ये 'अनमोल कथा' या पुस्तकाची महाराष्ट्र राज्याचे माननीय शिक्षण संचालक यांचेकडून शिफारस. <ref name=":1" /> == अन्य == त्यांनी १९९० ते २००३ या कालावधीत ज्येष्ठ नागरिक संघ, दक्षिण विभाग या माध्यमातून समाजसेवेचे काम केले.<ref name=":3">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.bookganga.com/Preview/BookPreview.aspx?BookId=060612085751&PreviewType=ebooks|title=Jeshth Nagarikancha 'Sukhasobati'|website=www.bookganga.com|access-date=2026-04-05}}</ref> [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ|राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघा]]<nowiki/>च्या माध्यमातून सामाजिक कार्य करण्यामध्ये त्यांचा सहभाग होता. <ref name=":0" /> == संदर्भ == [[वर्ग:भाषांतरकार]] [[वर्ग:इ.स. १९३१ मधील जन्म]] [[वर्ग:भाषांतरकार en-mr]] 6isuls457ue4lwdx1p4x8u8nhxibub9 देशभक्त ना.ग. आचार्य उद्यान मेट्रो स्थानक 0 382115 2702906 2698024 2026-08-17T00:00:27Z Xqbot 6858 Bot: Fixing double redirect from [[डायमंड गार्डन मेट्रो स्थानक]] to [[देशभक्त ना.ग. आचार्य उद्यान - डायमंड गार्डन मेट्रो स्थानक]] 2702906 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[देशभक्त ना.ग. आचार्य उद्यान - डायमंड गार्डन मेट्रो स्थानक]] 6l20hvlmagatwcw0p7v7961dw4kc5az देवेंद्र दर्डा 0 382586 2702976 2700754 2026-08-17T05:37:25Z Amit Gajanan 185232 2702976 wikitext text/x-wiki {{बदल}} '''देवेंद्र दर्डा''' (जन्म २३ नोव्हेंबर १९७४) हे महाराष्ट्र या भारतस्थित लोकमत मीडिया ग्रुपचे व्यवस्थापकीय संचालक आहेत. त्यांची २०२०-२०२१ या वर्षासाठी ऑडिट ब्युरो ऑफ सर्क्युलेशन्स (एबीसी) च्या अध्यक्षपदी निवड झाली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://indianexpress.com/article/business/economy/devendra-darda-elected-abc-chairman-for-year-2020-21-6593729/|title=Devendra Darda elected ABC chairman for year 2020-21|date=2020-09-13|website=The Indian Express|language=en|access-date=2026-05-06}}</ref> <ref name=":0">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.exchange4media.com/announcements-news/lokmats-devendra-darda-elected-chairman-of-audit-bureau-of-circulations-107519.html|title=Lokmat’s Devendra Darda elected Chairman of Audit Bureau of Circulations - Exchange4media|last=|first=|date=2020-09-11|website=Indian Advertising Media & Marketing News – exchange4media|language=en|access-date=2026-05-06}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.thehindubusinessline.com/companies/devendra-darda-elected-chairman-of-abc-for-2020-21/article32593574.ece|title=Devendra Darda elected chairman of ABC for 2020-21|last=|first=|date=2020-09-13|website=BusinessLine|language=en|access-date=2026-05-06}}</ref> ते महाराष्ट्रातील यवतमाळ येथील अनेक शैक्षणिक संस्थांचे अध्यक्ष असून वेस्टर्न इंडिया फुटबॉल असोसिएशनच्या व्यवस्थापन समितीवर आहेत. <ref name=":0" /> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.exchange4media.com/media-print-news/impact-annv-splmaintain-transparency-while-chasing-financial-goals-44713.html|title=IMPACT Annv Spl: ‘Maintain transparency while chasing financial goals’ - Exchange4media|last=Darda|first=Devendra|date=2011-12-27|website=Indian Advertising Media & Marketing News – exchange4media|language=en|access-date=2026-06-09}}</ref> कोळसा खाण वाटप प्रकरणात फसवणूक, गुन्हेगारी कट किंवा गैरवर्तणुकीचे आरोप सिद्ध करण्यासाठी कोणताही पुरावा नसल्यामुळे सीबीआय न्यायालयाने दर्डा यांची निर्दोष मुक्तता केली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.lokmat.com/national/coal-mine-allocation-case-vijay-darda-devendra-darda-former-coal-secretary-gupta-acquitted-a-a719/|title=कोळसा खाणवाटप प्रकरण; विजय दर्डा, देवेंद्र दर्डा, माजी कोळसा सचिव गुप्ता निर्दोष|last=|date=2026-03-28|website=Lokmat|language=mr|access-date=2026-05-06}}</ref> <ref>{{स्रोत बातमी|last=PTI|url=https://www.thehindu.com/news/national/coal-scam-delhi-court-acquits-ex-mp-vijay-darda-his-son-and-former-coal-secretary-hc-gupta/article70791932.ece|title=Coal scam: Delhi court acquits ex-MP Vijay Darda, his son and former coal secretary H.C. Gupta|date=2026-03-27|work=The Hindu|language=en-IN|issn=0971-751X|access-date=2026-05-06}}</ref> <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/evidence-insufficient-spl-delhi-court-clears-ex-mp-darda-son-others-in-coal-scam-case/articleshow/129856029.cms|title=‘Evidence insufficient’: Spl Delhi court clears ex-MP Darda, son & others in coal ‘scam’ case|date=2026-03-28|work=The Times of India|issn=0971-8257|access-date=2026-05-06}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://theprint.in/india/coal-scam-delhi-court-acquits-ex-mp-vijay-darda-his-son-and-former-coal-secretary-hc-gupta/2890117/|title=Coal scam: Delhi court acquits ex-MP Vijay Darda, his son and former coal secretary HC Gupta|last=PTI|date=2026-03-27|website=ThePrint|language=en-US|access-date=2026-05-06}}</ref> == वैयक्तिक जीवन == दर्डाचे पत्नीचे नाव रचना. त्यांना आर्यमन आणि शिवाण नावाचे दोन मुल आहेत. दर्डा यांचे वडील, [[विजय दर्डा|विजय जवाहरलाल दर्डा]], हे [[लोकमत]] मीडिया ग्रुपचे अध्यक्ष असून त्यांनी तीन वेळा राज्यसभेत खासदार म्हणून काम केले आहे. दर्डाचे काका, [[राजेंद्र जवाहरलाल दर्डा|राजेंद्र दर्डा]], हे देखील औरंगाबाद पूर्व विधानसभा मतदारसंघातून तीन वेळा निवडून आले होते आणि महाराष्ट्र सरकारमध्ये शिक्षण आणि उद्योग मंत्री होते. दर्डांचे आजोबा, [[जवाहरलाल दर्डा]], हे यवतमाळ जिल्ह्यातील स्वातंत्र्यसैनिक होते आणि एमपीसीसीचे राज्य कोषाध्यक्षही होते. ते [[महाराष्ट्र]] राज्याच्या उद्योग आणि ऊर्जा मंत्री म्हणून मंत्रिमंडळाचा भाग होते.<ref>{{स्रोत बातमी|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/coal-scam-cbi-questions-devendra-darda-again/articleshow/17294775.cms?from=mdr|title=Coal scam: CBI questions Devendra Darda again|date=2012-11-20|work=The Economic Times|issn=0013-0389|access-date=2026-05-06}}</ref> == संदर्भ == <templatestyles src="Reflist/styles.css" />{{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:दर्डा, देवेंद्र}} [[वर्ग:मराठी उद्योजक]] [[वर्ग:इ.स. १९७४ मधील जन्म]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] oel07lca6sn2g37h7xoj15azv3uzaie २०२६ नेदरलँड्स तिरंगी मालिका 0 382713 2702978 2701599 2026-08-17T05:39:20Z Nitin.kunjir 4684 /* बाह्यदुवे */ 2702978 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket series | series = २०२६ नेदरलँड्स तिरंगी मालिका | image = ICC Men's CWC League 2 logo (Round-20).svg | image_size = 250px | caption = '''२०वी फेरी''' | partof = [[२०२४-२०२६ आयसीसी क्रिकेट विश्वचषक लीग २]] | date = २१ – ३१ जुलै २०२६ | place = नेदरलँड्स | team1 = {{cr|NAM}} | team2 = {{cr|NEP}} | team3 = {{cr|NED}} | captain1 = [[गेरहार्ड इरास्मुस]] | captain2 = [[रोहित कुमार]] | captain3 = [[स्कॉट एडवर्ड्स]] | runs1 = [[यान फ्रायलिंक]] (२४६) | runs2 = [[आसिफ शेख]] (११३) | runs3 = [[स्कॉट एडवर्ड्स]] (२२५) | wickets1 = [[जॅक ब्रासेल]] (८)<br>[[जेजे स्मिट]] (८) | wickets2 = [[करण के.सी.]] (९) | wickets3 = [[लोगन व्हान बीक]] (८) | previous = [[२०२६ कॅनडा तिरंगी मालिका | कॅनडा २०२६]] | next = [[२०२६ स्कॉटलंड तिरंगी मालिका| स्कॉटलंड २०२६]] }} '''२०२६ नेदरलँड्स तिरंगी मालिका''' ही [[२०२४-२०२६ क्रिकेट विश्वचषक लीग २]] स्पर्धेची विसावी फेरी होती, जी २१ जुलै २०२६ पासून [[नेदरलँड्स]]<nowiki/>मध्ये खेळवली गेली.<ref>{{cite web |date=१६ जून २०२६ |url=https://www.kncb.nl/en/news-icc-cricket-world-cup-league-2-cwcl2--utrecht-kampong-cricket |trans-title=आयसीसी क्रिकेट विश्वचषक चॅलेंज लीग २ – उट्रेख्त, कॅम्पॉन्ग क्रिकेट |title=ICC Cricket World Cup Challenge League 2 (CWCL2) – Utrecht, Kampong Cricket |work=[[रॉयल डच क्रिकेट असोसिएशन]] |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ही [[नामिबिया क्रिकेट संघ|नामिबिया]], [[नेपाळ राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|नेपाळ]] आणि [[नेदरलँड्स राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|नेदरलँड्सच्या]] पुरुष राष्ट्रीय संघांमधील तिरंगी मालिका होती.<ref>{{cite web |date=8 June 2026 |url=https://czarsportzauto.com/netherlands-nepal-namibia-cwc-league-2-odi-tri-series-2026/ |trans-title= नेदरलँड्स क्रिकेट जुलै २०२६ मध्ये नेपाळ आणि नामिबिया यांच्यासह एकदिवसीय तिरंगी मालिकेचे यजमानपद भूषवणार.|title=Netherlands Cricket to host Nepal and Namibia for ODI Tri-series in July 2026 |work=Czarsports |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> या मालिकेमधील सामने [[आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय ]] स्वरूपात खेळले गेले.<ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/eight-team-cwc-league-2-begins-in-nepal-on-the-road-to-2027 |trans-title= २०२७ च्या दिशेने वाटचाल: नेपाळमध्ये आठ संघांच्या 'क्रिकेट विश्वचषक लीग २' स्पर्धेला सुरुवात|title=Eight-team CWC League 2 begins in Nepal on the road to 2027 |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==नेपाळ जर्सीमध्ये == 'लीग २' मालिका सुरू होण्यापूर्वी, [[नेपाळ क्रिकेट संघ]]ाने १३ आणि १५ जुलै २०२६ रोजी [[जर्सी क्रिकेट संघ]]ाविरुद्ध ५० षटकांचे दोन एकदिवसीय सामने खेळण्यासाठी जर्सीचा दौरा केला.<ref>{{cite web |last=निश्चल तिवारी|date=३ जून २०२६|trans-title= क्रिकेट विश्वचषक लीग २ च्या तयारीसाठी नेपाळचा जर्सीशी सामना |title=Nepal to play Jersey in CWCL2 build-up |url=https://www.cricnepal.com/nepal-jersey-cwcl2-preparation |work=क्रिकनेपाळ|access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref><ref>{{cite news |date=३ जून २०२६|trans-title= जर्सीचे नेपाळ आणि संयुक्त अरब अमिराती (UAE) विरुद्ध ५० षटकांचे सामने होणार. |title=Jersey to face Nepal and UAE in 50-over matches |url=https://www.bbc.com/sport/cricket/articles/cm2p5m2emxyo |work=[[बीबीसी स्पोर्ट]] |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> {{Infobox cricket tour | series_name = नेपाळ क्रिकेट संघाचा जर्सी दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Jersey.svg | team1_name = जर्सी | team2_image = Flag of Nepal.svg | team2_name = नेपाळ | from_date = १३ | to_date = १५ जुलै २०२६ | team1_captain = [[चार्ल्स पारचर्ड]] | team2_captain = [[रोहित कुमार]] | no_of_LAs = 2 | team1_LAs_won = 0 | team2_LAs_won = 2 | team1_LAs_most_runs = [[चार्ली ब्रेनन]] (८९) | team2_LAs_most_runs = [[कुशल भुर्टेल]] (१५६) | team1_LAs_most_wickets = [[चार्ल्स पारचर्ड]] (३) | team2_LAs_most_wickets = [[हेमंत धामी]] (४)<br>[[करण के.सी.]] (४) }} ===संघ=== {| class="wikitable" style="text-align:left; margin:auto" |- !{{cr|JER}}<ref>{{cite news |date=१० जुलै २०२६|trans-title=जर्सीच्या पुरुष संघासमोर नेपाळी आव्हान|title=Nepalese challenge looms for Jersey Men |first=Elliot |last=Corbel |url=https://jerseyeveningpost.com/sport/2026/07/10/nepalese-challenge-looms-for-jersey-men/ |work=जर्सी इव्हनिंग पोस्ट|access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !{{cr|NEP}}<ref name="nepal"/> |- |valign="top"| * [[चार्ल्स पारचर्ड]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[चार्ली ब्रेनन]] * [[जेक डनफोर्ड]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[जॉन्टी जेनर]] * [[जॉर्ज रिचर्डसन]] * [[ज्युलियस सुमेरॉर]] * [[झॅक ट्राईब]] * [[टोबी ब्रिटॉन]] * [[डॅनियेल बिरेल]] * [[डोमिनिक ब्लॅम्पीड]] * [[निक ग्रीनवूड]] * [[पॅट्रिक गौज]] * [[बेंजामिन वॉर्ड (क्रिकेट खेळाडू)|बेंजामिन वॉर्ड]] * [[स्कॉट व्हॅन ब्रेडा]] * [[स्टॅनली नॉर्मन]] * [[हॅरिसन कार्लिऑन]] |valign="top"| * [[रोहित कुमार]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[दीपेंद्र सिंह ऐरी]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)#उपकर्णधार|उक]]) * [[अर्जुन कुमल]] * [[आरिफ शेख]] * [[आसिफ शेख]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[ईशान पांडे]] * [[करण के.सी.]] * [[कुशल भुर्टेल]] * [[गुलशन झा]] * [[नंदन यादव]] * [[भीम शर्की]] * [[ललित राजबंशी]] * [[विनोद भंडारी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[संदीप लामिछाने]] * [[सोमपाल कामी]] |} नेपाळने [[शहाब आलम]], [[आकाश चांद]], [[हेमंत धामी]], [[संदीप जोरा]] आणि युवराज खत्री ह्यांना राखीव खेळाडू म्हणून नियुक्त केले.<ref name="reserves"/> ===सामने=== {{hatnote|सर्व वेळा ह्या [[ब्रिटिश उन्हाळी प्रमाणवेळ]]ा ([[यूटीसी+०१:००]]) आहेत}} {{Single-innings cricket match | date = {{Start date|2026|07|13|df=y}} | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NEP}} | team2 = {{cr|JER}} | score1 = २५०/८ (५० षटके) | runs1 = [[कुशल भुर्टेल]] १०५ (११७) | wickets1 = [[डॅनियेल बिरेल]] २/३८ (७ षटके) | score2 = १६९ (४१ षटके) | runs2 = [[चार्ली ब्रेनन]] ८२[[नाबाद|*]] (१११) | wickets2 = [[हेमंत धामी]] ४/३७ (७ षटके) | result = नेपाळ ८१ धावांनी विजयी | report = [https://www.cricnepal.com/match/nepal-vs-jersey-1st-od-nepal-tour-of-jersey-2026 धावफलक] | venue = [[ग्रेनव्हिल क्रिकेट मैदान|एनसीसी ग्रेनव्हिल]], [[सेंट सेव्हियर (जर्सी)|सेंट सेव्हियर]] | motm = [[कुशल भुर्टेल]] (ने) | toss = जर्सीने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. }} ---- {{Single-innings cricket match | date = {{Start date|2026|07|15|df=y}} | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|JER}} | team2 = {{cr|NEP}} | score1 = २८२/६ (५० षटके) | runs1 = [[पॅट्रिक गौज]] ९५ (११०) | wickets1 = [[करण के.सी.]] २/३९ (५ षटके) | score2 = २५१/५ (४६ षटके) | runs2 = [[ईशान पांडे]] ९० (११५) | wickets2 = [[चार्ल्स पारचर्ड]] 2/42 (१० षटके) | result = नेपाळ ७ धावांनी विजयी ([[डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धत|डीएलएस पद्धत]]) | report = [https://www.cricnepal.com/match/nepal-vs-jersey-2nd-od-nepal-tour-of-jersey-2026 धावफलक] | venue = [[ग्रेनव्हिल क्रिकेट मैदान|एनसीसी ग्रेनव्हिल]], [[सेंट सेव्हियर (जर्सी)|सेंट सेव्हियर]] | motm = [[पॅट्रिक गौज]] (जर्सी) | toss = नेपाळने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = पावसामुळे पुढील खेळ होऊ शकला नाही }} ==नेदरलँड्स अ वि नामिबिया XI== लीग २ मालिका सुरू होण्यापूर्वी, [[नामिबिया क्रिकेट संघ|नामिबियाने]] १५ आणि १७ जुलै २०२६ रोजी नेदरलँड्स अ विरुद्ध सामने खेळले.<ref>{{cite web |date=२४ एप्रिल २०२६|trans-title= डच उन्हाळी वेळापत्रक |title=Dutch summer schedule |url=https://www.facebook.com/share/1Cp7PM287c/ |work=[[रॉयल डच क्रिकेट असोसिएशन]] |via=[[फेसबुक]] |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> {{Infobox cricket tour | series_name = नेदरलँड्स अ विरुद्ध नामिबिया क्रिकेट संघ, २०२६ | team1_image = Flag of Netherlands.svg | team1_name = नेदरलँड्स अ | team2_image = Flag of Namibia.svg | team2_name = नामिबिया XI | from_date = १५ | to_date = १७ जुलै २०२६ | team1_captain = [[रायन क्लाइन]] | team2_captain = [[गेरहार्ड इरास्मुस]] | no_of_LAs = 2 | team1_LAs_won = 0 | team2_LAs_won = 2 | team1_LAs_most_runs = [[तेजा निदामनुरु]] (४९) | team2_LAs_most_runs = [[मायकेल व्हान लिंगेन]] (१४१) | team1_LAs_most_wickets = कोल रशफोर्थ (३) | team2_LAs_most_wickets = [[रुबेन ट्रम्पलमान]] (५) }} ===संघ=== {| class="wikitable" style="text-align:left; margin:auto" |- !{{cr|NAM|name=नामिबिया XI}}<ref name="namibia"/> !{{cr|NED|name=नेदरलँड्स अ}}<ref>{{cite web |date=१४ जुलै २०२६|trans-title=खोलीचे दर्शन|title=Depth on display |url=https://www.facebook.com/share/1E6mMwZ4SL/ |work=[[रॉयल डच क्रिकेट असोसिएशन]] |via=[[फेसबुक]] |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- |valign="top"| * [[गेरहार्ड इरास्मुस]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * अलेक्झांडर व्होलशेंक * [[जॅक ब्रासेल]] * [[जेजे स्मिट]] * [[झेन ग्रीन]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[बर्नार्ड शोल्ट्झ]] * [[मायकेल व्हान लिंगेन]] * [[मालन क्रुगर]] * [[मॅक्स हेन्गो]] * [[यान निकोल लोफ्टी-ईटन]] * [[यान फ्रायलिंक]] * [[यान बाल्ट]] * [[रुबेन ट्रम्पलमान]] * [[लॉरेन स्टीनकॅम्प]] * वाल्डो स्मिथ |valign="top"| * [[रायन क्लाइन]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[शारिझ अहमद]] * [[मुसा अहमद]] * [[सेबास्टियन ब्राट]] * लुकास डेल बियान्को * ऑलिव्हियर एलेनबास * [[क्लेटन फ्लॉयड]] * पिएर जॅकोड * आदित जैन * [[मायकेल लेविट]] * [[तेजा निदामनुरु]] * [[टिम प्रिंगल]] * [[मायकेल रिप्पन]] * कोल रशफोर्थ * [[डेव्हिड रशमियर]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[विक्रमजीत सिंग (क्रिकेट खेळाडू)|विक्रमजीत सिंग]] * जोहान स्मल * [[सिकंदर झुल्फिकार]] |} नामिबियाने डिलन लीचर, विलेम मायबर्ग, [[बेन शिकोंगो]], टिम शॉर्ट, झाचियो व्हॅन वुरेन आणि ज्युनियर तान्यांदा यांची राखीव खेळाडू म्हणून निवड केली. ===सामने=== {{hatnote|सर्व वेळा ह्या [[मध्य युरोपीय उन्हाळी प्रमाणवेळ]] ([[यूटीसी+०२:००]]) आहेत.}} {{Single-innings cricket match | round = | date = १५ जुलै २०२६ | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NED|name=नेदरलँड्स अ}} | team2 = {{cr|NAM|name=नामिबिया XI}} | score1 = १५९/९ (५० षटके) | runs1 = [[तेजा निदामनुरु]] ३६ (६७) | wickets1 = [[रुबेन ट्रम्पलमान]] ३/३१ (१० षटके) | score2 = १९६/५ (४२.१ षटके) | runs2 = [[मायकेल व्हान लिंगेन]] ८३ (९५) | wickets2 = [[तेजा निदामनुरु]] १/११ (२ षटके) | result = नामिबिया XI ५ गडी राखून विजयी | report = [https://matchcentre.kncb.nl/match/134453-7718944/scorecard धावफलक] | venue = [[व्ही.आर.ए. क्रिकेट मैदान]], [[ॲमस्टेलवीन]] | toss = नामिबिया XI नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. }} ---- {{Single-innings cricket match | round = | date = १७ जुलै २०२६ | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NAM|name= नामिबिया XI}} | team2 = {{cr|NED|name=नेदरलँड्स अ}} | score1 = २६६ (५० षटके) | runs1 = [[मायकेल व्हान लिंगेन]] ५८ (५३) | wickets1 = [[क्लेटन फ्लॉयड]] २/३२ (१० षटके) | score2 = १८२ (३७ षटके) | runs2 = [[मायकेल लेविट]] ३७ (४१) | wickets2 = [[जॅक ब्रासेल]] ३/४२ (७ षटके) | result = नामिबिया XI ८४ धावांनी विजयी | report = [https://matchcentre.kncb.nl/match/134453-7718945/scorecard धावफलक] | venue = [[व्ही.आर.ए. क्रिकेट मैदान]], [[ॲमस्टेलवीन]] | toss = नामिबिया XI नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. }} ==लीग २ मालिका== ===संघ=== {| class="wikitable" style="text-align:left; margin:auto;white-space:nowrap" |- !{{cr|NAM}}<ref name="namibia">{{cite web |first=हेलगे |last=शूट्स|date=८ जुलै २०२६ |url=https://www.namibian.com.na/eagles-in-fine-form-ahead-of-netherlands-tour/ |trans-title= नेदरलँड्स दौऱ्यापूर्वी 'ईगल्स' उत्कृष्ट लयीत |title=Eagles in fine form ahead of Netherlands tour |work=द नामिबियन |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !{{cr|NEP}}<ref name="nepal">{{cite web |first=Nayak |last=Paudel |date=२७ जून २०२६ |url=https://kathmandupost.com/sports/2026/06/27/nepal-squad-announced-for-league-2-tri-series-in-the-netherlands |trans-title=नेदरलँड्समधील लीग २ तिरंगी मालिकेसाठी नेपाळचा संघ जाहीर |title=Nepal squad announced for League 2 tri-series in the Netherlands |work=द काठमांडू पोस्ट |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !{{cr|NED}}<ref>{{cite web |date=१३ जुलै २०२६|url=https://kncb.nl/en/news-netherlands-takes-on-namibia-and-nepal-at-kampong-utrecht-21--31-july |trans-title=|title= नेदरलँड्सचा सामना २१ ते ३१ जुलै दरम्यान कॅम्पोंग उट्रेख्त येथे नामिबिया आणि नेपाळविरुद्ध होणार. |work=[[रॉयल डच क्रिकेट असोसिएशन]] |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[गेरहार्ड इरास्मुस]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अलेक्झांडर बुसिंग-वोल्शेंक]] * [[जॅक ब्रासेल]] * [[जेजे स्मिट]] * [[झेन ग्रीन]] * [[बर्नार्ड शोल्ट्झ]] * [[मायकेल व्हान लिंगेन]] * [[मालन क्रुगर]] * [[मॅक्स हेन्गो]] * [[यान निकोल लोफ्टी-ईटन]] * [[यान फ्रायलिंक]] * [[यान बाल्ट]] * [[रुबेन ट्रम्पलमान]] * [[लॉरेन स्टीनकॅम्प]] * वाल्डो स्मिथ | * [[रोहित कुमार]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[दीपेंद्र सिंह ऐरी]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)#उपकर्णधार|उक]]) * [[अर्जुन कुमल]] * [[आरिफ शेख]] * [[आसिफ शेख]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[ईशान पांडे]] * [[करण के.सी.]] * [[कुशल भुर्टेल]] * [[गुलशन झा]] * <s>[[नंदन यादव]]</s>{{efn|name=Nandan|[[नंदन यादव]] हॅमस्ट्रिंगच्या दुखापतीमुळे मालिकेतील उर्वरित सामन्यांतून बाहेर पडला आणि त्याच्या जागी [[हेमंत धामी]] ची निवड करण्यात आली..}} * [[ललित राजबंशी]] * [[विनोद भंडारी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[संदीप लामिछाने]] * [[सोमपाल कामी]] * [[हेमंत धामी]]{{efn|name=Nandan}} | * [[स्कॉट एडवर्ड्स]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]], [[यष्टीरक्षक|य]]) * [[आर्यन दत्त]] * [[ॲलेक्स रॉय]] * [[काइल क्लाइन]] * [[झॅक लायन-कशेट]] * [[टिम प्रिंगल]] * [[नोहा क्रोस]] * [[बास डी लिड]] * [[मॅक्स ओ’दाउद]] * [[रायन क्लाइन]] * [[रोलॉफ व्हान देर मर्व]] * [[लोगन व्हान बीक]] * [[विक्रमजीत सिंग (क्रिकेट खेळाडू)|विक्रमजीत सिंग]] * [[साकिब झुल्फिकार]] * सेड्रिक डी लँगे |} नेपाळने [[शहाब आलम]], [[आकाश चांद]], [[हेमंत धामी]], [[संदीप जोरा]] आणि युवराज खत्री ह्यांची राखीव खेळाडू म्हणून निवड केली.<ref name="reserves">{{cite web |url=https://risingnepaldaily.com/news/82513 |trans-title= आयसीसी क्रिकेट विश्वचषक लीग-२ साठी नेपाळ क्रिकेट संघाची घोषणा|title=Nepal cricket team announced for ICC Cricket World Cup League-2 |work=द रायजिंग नेपाळ |date=२६ जून २०२६ |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> नामिबियाने [[डिलन लीचर]], [[विलेम मायबर्ग]], [[बेन शिकोंगो]], टिम शॉर्ट, झाचियो व्हॅन वुरेन आणि ज्युनियर तान्यांदा यांना राखीव म्हणून नावे दिली.<ref name="nam-reserves">{{cite web |date=१० जुलै २०२६|url=https://www.facebook.com/share/p/184GDfyR9k/ |trans-title= संघ घोषणा |title=Squad Announcement |work=[[क्रिकेट नामिबिया]] |via=[[फेसबुक]] |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ===सामने=== {{hatnote|सर्व वेळा ह्या [[मध्य युरोपीय उन्हाळी प्रमाणवेळ]] ([[यूटीसी+०२:००]])}} ====१ला आं.ए.दि. सामना==== {{Single-innings cricket match | date = २१ जुलै २०२६ | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NEP}} | team2 = {{cr|NAM}} | score1 = १५७ (४६.५ षटके) | runs1 = [[रोहित कुमार]] ३१ (६०) | wickets1 = [[जेजे स्मिट]] ६/२७ (९.५ षटके) | score2 = १५९/२ (३७.४ षटके) | runs2 = [[यान फ्रायलिंक]] ७७[[नाबाद|*]] (८९) | wickets2 = [[नंदन यादव]] १/१७ (३ षटके) | result = नामिबिया ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1544124.html धावफलक] | venue = [[स्पोर्टपार्क मार्शलचलकरवीर्ड]], [[उट्रेख्त (शहर)|उट्रेख्त]] | umpires = [[रिझवान अक्रम]] (ने) आणि [[नितीन बाठी]] (ने) | motm = [[जेजे स्मिट]] (ना) | toss = नामिबियाने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[अलेक्झांडर बुसिंग-वोल्शेंक]]ने (ना) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदार्पण केले.<ref>{{cite web |date=२१ जुलै २०२६|url=https://www.facebook.com/share/p/1EDDVn8dop/ |trans-title= नेपाळविरुद्ध एकदिवसीय सामन्यात पदार्पण केल्याबद्दल ॲलेक्सचे अभिनंदन!|title=Congratulations to Alex for making his ODI debut against Nepal! |work=[[क्रिकेट नामिबिया]] |via=[[फेसबुक]] |access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> }} ====२रा आं.ए.दि. सामना==== {{Single-innings cricket match | date = २३ जुलै २०२६ | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NEP}} | team2 = {{cr|NED}} | score1 = १५७ (४४.४ षटके) | runs1 = [[आरिफ शेख]] ४१ (९०) | wickets1 = [[रोलॉफ व्हान देर मर्व]] ३/१५ (६/४ षटके) | score2 = १५८/४ (४४.१ षटके) | runs2 = [[स्कॉट एडवर्ड्स]] ६१[[नाबाद|*]] (८९) | wickets2 = [[दीपेंद्र सिंह ऐरी]] १/८ (४ षटके) | result = नेदरलँड्स ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1544125.html धावफलक] | venue = [[स्पोर्टपार्क मार्शलचलकरवीर्ड]], [[उट्रेख्त (शहर)|उट्रेख्त]] | umpires = [[रिझवान अक्रम]] (ने) आणि [[रोलंड ब्लॅक]] (आ) | motm = [[स्कॉट एडवर्ड्स]] (ने) | toss = नेदरलँड्सने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. }} ====३रा आं.ए.दि. सामना==== {{Single-innings cricket match | date = २५ जुलै २०२६ | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NED}} | team2 = {{cr|NAM}} | score1 = २५१/६ (५० षटके) | runs1 = [[बास डी लिड]] ९७ (९२) | wickets1 = [[यान निकोल लोफ्टी-ईटन]] २/५० (६ षटके) | score2 = १९३ (४७.५ षटके) | runs2 = [[लॉरेन स्टीनकॅम्प]] ६८ (८७) | wickets2 = [[लोगन व्हान बीक]] ४/२९ (९ षटके) | result = नेदरलँड्स ५८ धावांनी विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1544126.html धावफलक] | venue = [[स्पोर्टपार्क मार्शलचलकरवीर्ड]], [[उट्रेख्त (शहर)|उट्रेख्त]] | umpires = [[नितीन बाठी]] (ने) आणि [[रोलंड ब्लॅक]] (आ) | motm = [[बास डी लिड]] (ने) | toss = नामिबियाने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. }} ====४था आं.ए.दि. सामना==== {{Single-innings cricket match | date = २७ जुलै २०२६ | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NAM}} | team2 = {{cr|NEP}} | score1 = २११/७ (५० षटके) | runs1 = [[यान फ्रायलिंक]] १०० (१४९) | wickets1 = [[करण के.सी.]] ५/२९ (१० षटके) | score2 = २०८/६ (५० षटके) | runs2 = [[आसिफ शेख]] ४५ (८९) | wickets2 = [[जॅक ब्रासेल]] ३/४६ (१० षटके) | result = नामिबिया ३ धावांनी विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1544127.html धावफलक] | venue = [[स्पोर्टपार्क मार्शलचलकरवीर्ड]], [[उट्रेख्त (शहर)|उट्रेख्त]] | umpires = [[रिझवान अक्रम]] (ने) आणि [[नितीन बाठी]] (ने) | motm = [[यान फ्रायलिंक]] (ना) | toss = नेपाळने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[करण के.सी.]] (ने) हा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय कारकिर्दीत १०० बळी घेणारा पहिला नेपाळी जलदगती गोलंदाज ठरला.<ref>{{cite web |last=निश्चल तिवारी |date=२७ जुलै २०२६ |trans-title= करण के.सी. १०० एकदिवसीय बळी घेणारा पहिला नेपाळी वेगवान गोलंदाज ठरला |title=Karan K C becomes first Nepal pacer to 100 ODI wickets |url=https://www.cricnepal.com/karan-kc-100-odi-wickets-nepal |work=क्रिकनेपाळ|access-date=१३ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[आसिफ शेख]] (ने) याने आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय कारकिर्दीतील २००० धावा पूर्ण केल्या.{{cn|date=जुलै २०२६}} }} ====५वा आं.ए.दि. सामना==== {{Single-innings cricket match | date = २९ जुलै २०२६ | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NED}} | team2 = {{cr|NEP}} | score1 = २२५/९ (५० षटके) | runs1 = [[नोहा क्रोस]] ७० (९३) | wickets1 = [[करण के.सी.]] ४/३० (१० षटके) | score2 = १६८ (४८ षटके) | runs2 = [[आसिफ शेख]] ३८ (७८) | wickets2 = [[काइल क्लाइन]] ३/२६ (८ षटके) | result = नेदरलँड्स ५७ धावांनी विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1544128.html धावफलक] | venue = [[स्पोर्टपार्क मार्शलचलकरवीर्ड]], [[उट्रेख्त (शहर)|उट्रेख्त]] | umpires = [[नितीन बाठी]] (ने) आणि [[रोलंड ब्लॅक]] (आ) | motm = [[नोहा क्रोस]] (ने) | toss = नेपाळने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ====६वा आं.ए.दि. सामना ==== {{Single-innings cricket match | date = ३१ जुलै २०२६ | time = ११:०० | team1 = {{cr-rt|NED}} | team2 = {{cr|NAM}} | score1 = १८३ (४८.५ षटके) | runs1 = [[स्कॉट एडवर्ड्स]] ६७[[नाबाद|*]] (८५) | wickets1 = [[रुबेन ट्रम्पलमान]] ३/३९ (१० षटके) | score2 = १८६/४ (४१ षटके) | runs2 = [[यान फ्रायलिंक]] ६८ (७५) | wickets2 = [[ॲलेक्स रॉय]] १/८ (४ षटके) | result = नामिबिया ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1544129.html धावफलक] | venue = [[स्पोर्टपार्क मार्शलचलकरवीर्ड]], [[उट्रेख्त (शहर)|उट्रेख्त]] | umpires = [[रिझवान अक्रम]] (ने) आणि [[रोलंड ब्लॅक]] (आ) | motm = [[यान फ्रायलिंक]] (ना) | toss = नेदरलँड्सने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ==नोंदी== {{notelist}} ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.cricinfo.com/series/icc-men-s-cricket-world-cup-league-2-2023-24-2027-1420525 क्रिकेट विश्वचषक लीग२ मुख्यपान क्रिकइन्फोवर] {{२०२७ क्रिकेट विश्वचषक}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२६}} {{नेदरलँड्सचे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दौरे}} [[वर्ग:नामिबिया क्रिकेट संघाचे नेदरलँड्स दौरे|२०२६]] [[वर्ग:नेपाळ क्रिकेट संघाचे नेदरलँड्स दौरे|२०२६]] [[वर्ग:नामिबिया क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|नेदरलँड्स]] [[वर्ग:नेपाळ क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|नेदरलँड्स]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघांचे नेदरलँड्स दौरे]] [[वर्ग:२०२७ क्रिकेट विश्वचषक]] da4743pcyugc5wlpfp2j1et7ba4b8op आशियाई खेळांमधील भारताच्या पदकविजेत्यांची यादी 0 382772 2702894 2702470 2026-08-16T16:20:37Z Aditya tamhankar 80177 /* रजत पदक */ 2702894 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] 8e31oxqu3u3n3nwlt6kaj133astu2ta 2702896 2702894 2026-08-16T16:43:02Z Aditya tamhankar 80177 /* रजत पदक */ 2702896 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] 9jkxawbu2w1lv9wkhi1fao60k1t2c7u 2702897 2702896 2026-08-16T16:48:33Z Aditya tamhankar 80177 /* सुवर्ण पदक */ 2702897 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] mky5446xk8ejv8uyxlqlxtjsoji99xu 2702982 2702897 2026-08-17T06:10:58Z Aditya tamhankar 80177 2702982 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |- | {{gold medal}} || ४ मे १९५४ || [[सर्वण सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ११० मीटर अडथळा|पुरुष ११० मीटर अडथळा]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३ मे १९५४ || [[बी.जी. काशिद]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ४ मे १९५४ || [[जोगिंदर सिंह धानोर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || [[सोहन सिंह धानोआ]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोगिंदर सिंह धानोर]]{{spaces|10|type}}}}|[[इव्हॅन जॅकब]]|[[हरजीत सिंह]]|[[जे.बी. जोसेफ]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[सोहन सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ किलो]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[रॉनी ओ'ब्रायन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[क्रिस्टिन ब्राऊन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[ईशर सिंह देओल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] o1n0lglxkjnhw9zhl8vupl37p4p2y4b 2702983 2702982 2026-08-17T06:15:14Z Aditya tamhankar 80177 2702983 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |- | {{gold medal}} || ४ मे १९५४ || [[सर्वण सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ११० मीटर अडथळा|पुरुष ११० मीटर अडथळा]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३ मे १९५४ || [[बी.जी. काशिद]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ४ मे १९५४ || [[जोगिंदर सिंह धानोर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || [[सोहन सिंह धानोआ]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोगिंदर सिंह धानोर]]{{spaces|10|type}}}}|[[इव्हॅन जॅकब]]|[[हरजीत सिंह]]|[[जे.बी. जोसेफ]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[सोहन सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ किलो]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[रॉनी ओ'ब्रायन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[क्रिस्टिन ब्राऊन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[ईशर सिंह देओल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] o2i9a3aei2cuqxwk33x165tn43zqzdk 2702986 2702983 2026-08-17T06:18:12Z Aditya tamhankar 80177 /* सुवर्ण पदक */ 2702986 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |- | {{gold medal}} || ४ मे १९५४ || [[सर्वण सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ११० मीटर अडथळा|पुरुष ११० मीटर अडथळा]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय तिहेरी उडीपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष तिहेरी उडी|पुरुष तिहेरी उडी]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[बलकर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३ मे १९५४ || [[बी.जी. काशिद]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ४ मे १९५४ || [[जोगिंदर सिंह धानोर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || [[सोहन सिंह धानोआ]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोगिंदर सिंह धानोर]]{{spaces|10|type}}}}|[[इव्हॅन जॅकब]]|[[हरजीत सिंह]]|[[जे.बी. जोसेफ]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[सोहन सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ किलो]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[रॉनी ओ'ब्रायन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[क्रिस्टिन ब्राऊन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[ईशर सिंह देओल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] qkhlai07y7ej5w3pclsdiwi9v2r4197 2702988 2702986 2026-08-17T06:36:14Z Aditya tamhankar 80177 2702988 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |- | {{gold medal}} || ४ मे १९५४ || [[सर्वण सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ११० मीटर अडथळा|पुरुष ११० मीटर अडथळा]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय तिहेरी उडीपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष तिहेरी उडी|पुरुष तिहेरी उडी]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[बलकर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३ मे १९५४ || [[बी.जी. काशिद]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ४ मे १९५४ || [[जोगिंदर सिंह धानोर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || [[सोहन सिंह धानोआ]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोगिंदर सिंह धानोर]]{{spaces|10|type}}}}|[[इव्हॅन जॅकब]]|[[हरजीत सिंह]]|[[जे.बी. जोसेफ]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[हरी सिंह थापा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ७५ कि.ग्रा.|पुरुष ७५ कि.ग्रा.]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[स्टेफनी डि'सुजा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[एलिझाबेथ डेव्हनपोर्ट]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत हॉकी संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष हॉकी संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[ए.डब्ल्यू. चॅलेब]]{{spaces|10|type}}}}|[[एन.आर. चव्हाण]]|[[लेस्ली क्लॉडियस]]|[[चिनदोराई देशमुतू]]|[[बलबीर सिंह दोसांज]]|[[गुरजीत सिंह कुल्लर]]|[[शंकर लक्ष्मण]]|[[मोहम्मद याकूब कुरेशी]]|[[डी.पी. राठी]]|[[बक्षीस सिंह]]|[[बलबीर सिंह कुलर]]|[[बालकृष्ण सिंह]]|[[गुरुदेव सिंह कुलर]]|[[गुरसेवक सिंह]]|[[जगजीतसिंह (भारतीय हॉकी खेळाडू)|जगजीत सिंह]]|[[उधम सिंह कुलर]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Hockey pictogram.svg|20px|हॉकी]][[हॉकी]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील हॉकी — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[सोहन सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ किलो]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[रॉनी ओ'ब्रायन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[क्रिस्टिन ब्राऊन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[ईशर सिंह देओल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी लीला राव]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[सुंदर राव]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ६० कि.ग्रा.|पुरुष ६० कि.ग्रा.]] |- | {{bronze medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष व्हॉलीबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[टी.आर. अरुणचलम]]{{spaces|10|type}}}}|[[एस.एल. गुप्ता]]|[[पी. भरतन नायर]]|[[टी.पी. पद्मनाभन नायर]]|[[अब्दुर रहमान]]|[[रमन (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|रमन]]|[[एस.के. शेकुचन]]|[[गुरुदेव सिंह (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|गुरुदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Volleyball pictogram.svg|20px|व्हॉलीबॉल]][[व्हॉलीबॉल]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील व्हॉलीबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] l0pz87smajp68ri0jg3zg6dkmey3g2g 2702989 2702988 2026-08-17T06:36:55Z Aditya tamhankar 80177 /* कांस्य पदक */ 2702989 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |- | {{gold medal}} || ४ मे १९५४ || [[सर्वण सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ११० मीटर अडथळा|पुरुष ११० मीटर अडथळा]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय तिहेरी उडीपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष तिहेरी उडी|पुरुष तिहेरी उडी]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[बलकर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३ मे १९५४ || [[बी.जी. काशिद]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ४ मे १९५४ || [[जोगिंदर सिंह धानोर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || [[सोहन सिंह धानोआ]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोगिंदर सिंह धानोर]]{{spaces|10|type}}}}|[[इव्हॅन जॅकब]]|[[हरजीत सिंह]]|[[जे.बी. जोसेफ]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[हरी सिंह थापा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ७५ कि.ग्रा.|पुरुष ७५ कि.ग्रा.]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[स्टेफनी डि'सुजा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[एलिझाबेथ डेव्हनपोर्ट]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत हॉकी संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष हॉकी संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[ए.डब्ल्यू. चॅलेब]]{{spaces|10|type}}}}|[[एन.आर. चव्हाण]]|[[लेस्ली क्लॉडियस]]|[[चिनदोराई देशमुतू]]|[[बलबीर सिंह दोसांज]]|[[गुरजीत सिंह कुल्लर]]|[[शंकर लक्ष्मण]]|[[मोहम्मद याकूब कुरेशी]]|[[डी.पी. राठी]]|[[बक्षीस सिंह]]|[[बलबीर सिंह कुलर]]|[[बालकृष्ण सिंह]]|[[गुरुदेव सिंह कुलर]]|[[गुरसेवक सिंह]]|[[जगजीतसिंह (भारतीय हॉकी खेळाडू)|जगजीत सिंह]]|[[उधम सिंह कुलर]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Hockey pictogram.svg|20px|हॉकी]][[हॉकी]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील हॉकी — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[सोहन सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ किलो]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[रॉनी ओ'ब्रायन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[क्रिस्टिन ब्राऊन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[ईशर सिंह देओल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी लीला राव]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[सुंदर राव]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ६० कि.ग्रा.|पुरुष ६० कि.ग्रा.]] |- | {{bronze medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष व्हॉलीबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[टी.आर. अरुणचलम]]{{spaces|10|type}}}}|[[एस.एल. गुप्ता]]|[[पी. भरतन नायर]]|[[टी.पी. पद्मनाभन नायर]]|[[अब्दुर रहमान (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|अब्दुर रहमान]]|[[रमन (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|रमन]]|[[एस.के. शेकुचन]]|[[गुरुदेव सिंह (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|गुरुदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Volleyball pictogram.svg|20px|व्हॉलीबॉल]][[व्हॉलीबॉल]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील व्हॉलीबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] t499snxuh4h7szonvtstcn9p9vt53jl 2703005 2702989 2026-08-17T07:57:50Z Aditya tamhankar 80177 2703005 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |- | {{gold medal}} || ४ मे १९५४ || [[सर्वण सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ११० मीटर अडथळा|पुरुष ११० मीटर अडथळा]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय तिहेरी उडीपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष तिहेरी उडी|पुरुष तिहेरी उडी]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[बलकर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय धावपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १,५०० मीटर|पुरुष १,५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[तरलोक सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || [[गुरबचन सिंह रंधावा]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{gold medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[दलजीत सिंह (भारतीय धावपटू)|दलजीत सिंह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जगदीश सिंह (भारतीय धावपटू)|जगदीश सिंह]]|[[माखन सिंह]]|[[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]]}}}} || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २७ ऑगस्ट १९६२ || [[मालवा सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन ५२ कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन ५२ किलो]] |- | {{gold medal}} || २७ ऑगस्ट १९६२ || [[गणपत अंदालकर]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन +९७ कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन +९७ किलो]] |- | {{gold medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[मारुती माने]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ९७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ९७ किलो]] |- | {{gold medal}} || ३१ ऑगस्ट १९६२ || [[पद्म बहादूर मल]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ६० कि.ग्रा.|पुरुष ६० कि.ग्रा.]] |- | {{gold medal}} || ४ सप्टेंबर १९६२ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[डी.एम.के. अफझल]]{{spaces|10|type}}}}|[[तुलसीदास बलराम]]|[[प्रदीप कुमार बॅनर्जी]]|[[प्रद्युत बर्मन]]|[[ओ. चंद्रशेखर मेनन]]|[[राम बहादूर छेत्री]]|[[धर्मलिंगम एथीराज]]|[[फोर्टुनाटो फ्रांको]]|[[अरुण घोष]]|[[चुनी गोस्वामी]]|[[युसूफ खान (भारतीय फुटबॉल खेळाडू)|युसूफ खान]]|[[अरुमैनायगम]]|[[जर्नेल सिंह धिल्लों]]|[[त्रिलोक सिंह (भारतीय फुटबॉल खेळाडू)|त्रिलोक सिंह]]|[[प्रसंता सिंह]]|[[पीटर थंगराज]]]]}}}} || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३ मे १९५४ || [[बी.जी. काशिद]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ४ मे १९५४ || [[जोगिंदर सिंह धानोर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || [[सोहन सिंह धानोआ]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोगिंदर सिंह धानोर]]{{spaces|10|type}}}}|[[इव्हॅन जॅकब]]|[[हरजीत सिंह]]|[[जे.बी. जोसेफ]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[हरी सिंह थापा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ७५ कि.ग्रा.|पुरुष ७५ कि.ग्रा.]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[स्टेफनी डि'सुजा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[एलिझाबेथ डेव्हनपोर्ट]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत हॉकी संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष हॉकी संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[ए.डब्ल्यू. चॅलेब]]{{spaces|10|type}}}}|[[एन.आर. चव्हाण]]|[[लेस्ली क्लॉडियस]]|[[चिनदोराई देशमुतू]]|[[बलबीर सिंह दोसांज]]|[[गुरजीत सिंह कुल्लर]]|[[शंकर लक्ष्मण]]|[[मोहम्मद याकूब कुरेशी]]|[[डी.पी. राठी]]|[[बक्षीस सिंह]]|[[बलबीर सिंह कुलर]]|[[बालकृष्ण सिंह]]|[[गुरुदेव सिंह कुलर]]|[[गुरसेवक सिंह]]|[[जगजीतसिंह (भारतीय हॉकी खेळाडू)|जगजीत सिंह]]|[[उधम सिंह कुलर]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Hockey pictogram.svg|20px|हॉकी]][[हॉकी]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील हॉकी — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[सोहन सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ किलो]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[रॉनी ओ'ब्रायन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[क्रिस्टिन ब्राऊन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[ईशर सिंह देओल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी लीला राव]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[सुंदर राव]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ६० कि.ग्रा.|पुरुष ६० कि.ग्रा.]] |- | {{bronze medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष व्हॉलीबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[टी.आर. अरुणचलम]]{{spaces|10|type}}}}|[[एस.एल. गुप्ता]]|[[पी. भरतन नायर]]|[[टी.पी. पद्मनाभन नायर]]|[[अब्दुर रहमान (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|अब्दुर रहमान]]|[[रमन (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|रमन]]|[[एस.के. शेकुचन]]|[[गुरुदेव सिंह (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|गुरुदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Volleyball pictogram.svg|20px|व्हॉलीबॉल]][[व्हॉलीबॉल]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील व्हॉलीबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] dtww42fb2n62brswfcmyqmg94833w1i 2703006 2703005 2026-08-17T07:58:39Z Aditya tamhankar 80177 /* सुवर्ण पदक */ 2703006 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |- | {{gold medal}} || ४ मे १९५४ || [[सर्वण सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ११० मीटर अडथळा|पुरुष ११० मीटर अडथळा]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय तिहेरी उडीपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष तिहेरी उडी|पुरुष तिहेरी उडी]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[बलकर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय धावपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १,५०० मीटर|पुरुष १,५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[तरलोक सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || [[गुरबचन सिंह रंधावा]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{gold medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[दलजीत सिंह (भारतीय धावपटू)|दलजीत सिंह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जगदीश सिंह (भारतीय धावपटू)|जगदीश सिंह]]|[[माखन सिंह]]|[[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]]}}}} || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २७ ऑगस्ट १९६२ || [[मालवा सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन ५२ कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन ५२ किलो]] |- | {{gold medal}} || २७ ऑगस्ट १९६२ || [[गणपत अंदालकर]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन +९७ कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन +९७ किलो]] |- | {{gold medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[मारुती माने]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ९७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ९७ किलो]] |- | {{gold medal}} || ३१ ऑगस्ट १९६२ || [[पद्म बहादूर मल]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ६० कि.ग्रा.|पुरुष ६० कि.ग्रा.]] |- | {{gold medal}} || ४ सप्टेंबर १९६२ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[डी.एम.के. अफझल]]{{spaces|10|type}}}}|[[तुलसीदास बलराम]]|[[प्रदीप कुमार बॅनर्जी]]|[[प्रद्युत बर्मन]]|[[ओ. चंद्रशेखर मेनन]]|[[राम बहादूर छेत्री]]|[[धर्मलिंगम एथीराज]]|[[फोर्टुनाटो फ्रांको]]|[[अरुण घोष]]|[[चुनी गोस्वामी]]|[[युसूफ खान (भारतीय फुटबॉल खेळाडू)|युसूफ खान]]|[[अरुमैनायगम]]|[[जर्नेल सिंह धिल्लों]]|[[त्रिलोक सिंह (भारतीय फुटबॉल खेळाडू)|त्रिलोक सिंह]]|[[प्रसंता सिंह]]|[[पीटर थंगराज]]}}}} || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३ मे १९५४ || [[बी.जी. काशिद]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ४ मे १९५४ || [[जोगिंदर सिंह धानोर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || [[सोहन सिंह धानोआ]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोगिंदर सिंह धानोर]]{{spaces|10|type}}}}|[[इव्हॅन जॅकब]]|[[हरजीत सिंह]]|[[जे.बी. जोसेफ]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[हरी सिंह थापा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ७५ कि.ग्रा.|पुरुष ७५ कि.ग्रा.]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[स्टेफनी डि'सुजा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[एलिझाबेथ डेव्हनपोर्ट]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत हॉकी संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष हॉकी संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[ए.डब्ल्यू. चॅलेब]]{{spaces|10|type}}}}|[[एन.आर. चव्हाण]]|[[लेस्ली क्लॉडियस]]|[[चिनदोराई देशमुतू]]|[[बलबीर सिंह दोसांज]]|[[गुरजीत सिंह कुल्लर]]|[[शंकर लक्ष्मण]]|[[मोहम्मद याकूब कुरेशी]]|[[डी.पी. राठी]]|[[बक्षीस सिंह]]|[[बलबीर सिंह कुलर]]|[[बालकृष्ण सिंह]]|[[गुरुदेव सिंह कुलर]]|[[गुरसेवक सिंह]]|[[जगजीतसिंह (भारतीय हॉकी खेळाडू)|जगजीत सिंह]]|[[उधम सिंह कुलर]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Hockey pictogram.svg|20px|हॉकी]][[हॉकी]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील हॉकी — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[सोहन सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ किलो]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[रॉनी ओ'ब्रायन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[क्रिस्टिन ब्राऊन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[ईशर सिंह देओल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी लीला राव]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[सुंदर राव]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ६० कि.ग्रा.|पुरुष ६० कि.ग्रा.]] |- | {{bronze medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष व्हॉलीबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[टी.आर. अरुणचलम]]{{spaces|10|type}}}}|[[एस.एल. गुप्ता]]|[[पी. भरतन नायर]]|[[टी.पी. पद्मनाभन नायर]]|[[अब्दुर रहमान (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|अब्दुर रहमान]]|[[रमन (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|रमन]]|[[एस.के. शेकुचन]]|[[गुरुदेव सिंह (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|गुरुदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Volleyball pictogram.svg|20px|व्हॉलीबॉल]][[व्हॉलीबॉल]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील व्हॉलीबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] 86lm72wapgf3ndynm4f687a5dmy0ive 2703007 2703006 2026-08-17T08:11:28Z Aditya tamhankar 80177 2703007 wikitext text/x-wiki खालील यादी भारताने आतापर्यंत [[आशियाई खेळ]] या खेळांमध्ये मिळवलेल्या सर्व पदकांची आहे. ==सहभाग सारांश== {{col-begin}} {{col-2}} === स्पर्धेनुसार सहभाग व पदकसंख्या=== {{col-2}} === खेळांप्रमाणे पदकसंख्या === {{col-end}} ==सुवर्ण पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{gold medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[सचिन नाग]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष १०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{gold medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[महाबीर प्रसाद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[निक्का सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १५०० मीटर|पुरुष १५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रणजित सिंह (भारतीय धावपटू)|रणजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बख्तवार सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मदनलाल (भारतीय गोळाफेक खेळाडू)|मदनलाल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[अमित सिंह बक्षी]]{{spaces|10|type}}}}|[[गोविंद सिंह]]|[[बलवंत सिंह]]|[[कर्नान सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || १० मार्च १९५१ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[बेरलँड अँथनी]]{{spaces|10|type}}}}|[[सयद ख्वाजा अझीझ-उद-दीन]]|[[अब्दुल माजिद बचन]]|[[सुनील चॅटर्जी]]|[[अभय घोष]]|[[डेसमंड नेव्हिल डिव्हाइन-जोन्स]]|[[अहमद मोहम्मद खान]]|[[जी.वाय.एस. लैक]]|[[शेख अब्दुल लतीफ]]|[[लोगनाथन]]|[[शैलेंद्रनाथ मन्ना]]|[[शिव मेवालाल]]|[[संतोष नंदी]]|[[मुहम्मद नूर]]|[[चंदन सिंह रावत]]|[[पी.बी.ए. सालेह]]|[[मोहम्मद अब्दुस सत्तार]]|[[टी. षण्मुगम]]|[[ऋणू गुहा ठाकुर्ता]]|[[के.व्ही. वरदराज]]|[[थेनमडोम व्हर्गीस]]|[[|[[टी. षण्मुगम]]]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[लव्हिनो थॉमस पिंटो]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[छोटा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मखन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{gold medal}} || ११ मार्च १९५१ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष वॉटर पोलो संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जहान अहीर]]{{spaces|10|type}}}}|[[गणेश दास]]|[[डी. दवेर]]|[[आर. डीन]]|[[आयझॅक मन्सूर]]|[[जी. रत्तनसे]]|[[कांती शाह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Water polo pictogram.svg|20px|वॉटर पोलो]][[वॉटर पोलो]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील वॉटर पोलो — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २ मे १९५४ || [[अजित सिंह बल्ला]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष उंच उडी|पुरुष उंच उडी]] |- | {{gold medal}} || ४ मे १९५४ || [[सर्वण सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ११० मीटर अडथळा|पुरुष ११० मीटर अडथळा]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय तिहेरी उडीपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष तिहेरी उडी|पुरुष तिहेरी उडी]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{gold medal}} || २९ मे १९५८ || [[बलकर सिंह]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[मोहिंदर सिंह (भारतीय धावपटू)|मोहिंदर सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १,५०० मीटर|पुरुष १,५०० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २५ ऑगस्ट १९६२ || [[तरलोक सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{gold medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || [[गुरबचन सिंह रंधावा]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{gold medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[दलजीत सिंह (भारतीय धावपटू)|दलजीत सिंह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जगदीश सिंह (भारतीय धावपटू)|जगदीश सिंह]]|[[माखन सिंह]]|[[मिल्खा सिंग|मिल्खा सिंह]]}}}} || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{gold medal}} || २७ ऑगस्ट १९६२ || [[मालवा सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन ५२ कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन ५२ किलो]] |- | {{gold medal}} || २७ ऑगस्ट १९६२ || [[गणपत अंदालकर]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन +९७ कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन +९७ किलो]] |- | {{gold medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[मारुती माने]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ९७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ९७ किलो]] |- | {{gold medal}} || ३१ ऑगस्ट १९६२ || [[पद्म बहादूर मल]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ६० कि.ग्रा.|पुरुष ६० कि.ग्रा.]] |- | {{gold medal}} || ४ सप्टेंबर १९६२ || '''[[भारत फुटबॉल संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[डी.एम.के. अफझल]]{{spaces|10|type}}}}|[[तुलसीदास बलराम]]|[[प्रदीप कुमार बॅनर्जी]]|[[प्रद्युत बर्मन]]|[[ओ. चंद्रशेखर मेनन]]|[[राम बहादूर छेत्री]]|[[धर्मलिंगम एथीराज]]|[[फोर्टुनाटो फ्रांको]]|[[अरुण घोष]]|[[चुनी गोस्वामी]]|[[युसूफ खान (भारतीय फुटबॉल खेळाडू)|युसूफ खान]]|[[अरुमैनायगम]]|[[जर्नेल सिंह धिल्लों]]|[[त्रिलोक सिंह (भारतीय फुटबॉल खेळाडू)|त्रिलोक सिंह]]|[[प्रसंता सिंह]]|[[पीटर थंगराज]]}}}} || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Football pictogram.svg|20px|फुटबॉल]][[फुटबॉल]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील फुटबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==रजत पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{silver medal}} || ५ मार्च १९५१ || [[कांती शाह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक|पुरुष १०० मीटर बॅकस्ट्रोक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[सोमनाथ चोप्रा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{silver medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[कमीनेणी ईश्वर राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष ९० कि.ग्रा.|पुरुष ९० किलो]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष २०० मीटर|पुरुष २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[कुलवंत सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[प्रितम सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[तेजा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर अडथळा|पुरुष ४०० मीटर अडथळा]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बी. दास]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५० किलोमीटर चालणे|पुरुष ५० किलोमीटर चालणे]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बलदेव सिंह (धावपटू)|बलदेव सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष लांब उडी|पुरुष लांब उडी]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[परसा सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष भालाफेक|पुरुष भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[रोशन मिस्त्री]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || [[आशु दत्त]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड|पुरुष ३ मीटर स्प्रिंगब्रोर्ड]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[मेरी डि'सुजा सिकेरा]]{{spaces|10|type}}}}|[[रोशन मिस्त्री]]|[[बानू गुलझार]]|[[पॅट मेन्डोंका]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || १० मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[धनगर ल्हानगार्ड]]{{spaces|10|type}}}}|[[राजकुमार मेहरा]]|[[मदन मोहन (सायकलपटू)|मदन मोहन]]|[[गुरदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत|पुरुष ४,००० मीटर सांघिक पाठलाग शर्यत]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अमित सिंह बक्षी]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ११ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[लव्हिनो थॉमस पिंटो]]{{spaces|10|type}}}}|[[मारियन गॅब्रिएल]]|[[राम स्वरुप]]|[[अल्फ्रेड शमीन]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x १०० मीटर रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३ मे १९५४ || [[बी.जी. काशिद]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ६७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ४ मे १९५४ || [[जोगिंदर सिंह धानोर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || [[सोहन सिंह धानोआ]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ५ मे १९५४ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोगिंदर सिंह धानोर]]{{spaces|10|type}}}}|[[इव्हॅन जॅकब]]|[[हरजीत सिंह]]|[[जे.बी. जोसेफ]]}}}} || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले|पुरुष ४ x ४०० मीटर रिले]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[हरी सिंह थापा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ७५ कि.ग्रा.|पुरुष ७५ कि.ग्रा.]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[स्टेफनी डि'सुजा]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || ३० मे १९५८ || [[एलिझाबेथ डेव्हनपोर्ट]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{silver medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत हॉकी संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष हॉकी संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[ए.डब्ल्यू. चॅलेब]]{{spaces|10|type}}}}|[[एन.आर. चव्हाण]]|[[लेस्ली क्लॉडियस]]|[[चिनदोराई देशमुतू]]|[[बलबीर सिंह दोसांज]]|[[गुरजीत सिंह कुल्लर]]|[[शंकर लक्ष्मण]]|[[मोहम्मद याकूब कुरेशी]]|[[डी.पी. राठी]]|[[बक्षीस सिंह]]|[[बलबीर सिंह कुलर]]|[[बालकृष्ण सिंह]]|[[गुरुदेव सिंह कुलर]]|[[गुरसेवक सिंह]]|[[जगजीतसिंह (भारतीय हॉकी खेळाडू)|जगजीत सिंह]]|[[उधम सिंह कुलर]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Hockey pictogram.svg|20px|हॉकी]][[हॉकी]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील हॉकी — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |- | {{silver medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || [[माखन सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || [[दलजीत सिंह (भारतीय धावपटू)|दलजीत सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ८०० मीटर|पुरुष ८०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || २६ ऑगस्ट १९६२ || [[अमृतपाल (भारतीय धावपटू)|अमृतपाल]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १,५०० मीटर|पुरुष १,५०० मीटर]] |- | {{silver medal}} || २७ ऑगस्ट १९६२ || [[दिनशॉ इराणी]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{silver medal}} || २७ ऑगस्ट १९६२ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{silver medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[उदे चंद]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७० कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७० किलो]] |- | {{silver medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[सज्जन सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ८७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ८७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[गणपत अंदालकर]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल +९७ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल +९७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[उदे चंद]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन ७० कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन ७० किलो]] |- | {{silver medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[सज्जन सिंह]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन ८७ कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन ८७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ३० ऑगस्ट १९६२ || [[मारुती माने]] || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष ग्रेको-रोमन ९७ कि.ग्रा.|पुरुष ग्रेको-रोमन ९७ किलो]] |- | {{silver medal}} || ३ सप्टेंबर १९६२ || '''[[भारत हॉकी संघ|भारत राष्ट्रीय पुरुष हॉकी संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[जोसेफ अँटीक]]{{spaces|10|type}}}}|[[एर्मन बॅस्टियन]]|[[राजेंद्रन क्रिस्टी]]|[[व्ही. देशमुख]]|[[अब्दुल हमीद (भारतीय हॉकी खेळाडू)|अब्दुल हमीद]]|[[शंकर लक्ष्मण]]|[[हिरण्णा निमल]]|[[बंडू पाटील]]|[[जमनलाल शर्मा]]|[[चरणजीत सिंह (भारतीय हॉकी खेळाडू)|चरणजीत सिंह]]|[[दर्शन सिंह]]|[[गुरमीत सिंह]]|[[गुरुदेव सिंह कुलर]]|[[जोगिंदर सिंह (भारतीय हॉकी खेळाडू)|जोगिंदर सिंह]]|[[मदन मोहन सिंह]]|[[पियारा सिंह]]|[[पृथीपाल सिंह]]}}}} || {{flagicon|IDN}} [[१९६२ आशियाई खेळ|१९६२ जाकार्ता]] || [[File:Hockey pictogram.svg|20px|हॉकी]][[हॉकी]] || [[१९६२ आशियाई खेळांमधील हॉकी — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} ==कांस्य पदक== {| class="wikitable sortable" |- !style="width:6em"| पदक !style="width:10em"| दिनांक !style="width:10em"| नाव !style="width:10em"| स्पर्धा !style="width:8em"| खेळ !style="width:20em"| प्रकार |- | align="center" colspan="6" |''{{flagicon|IND}} [[भारत गणराज्य]] म्हणून'' |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[नेताई चंद बायसॅक]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल|पुरुष १,००० मीटर टाईम ट्रायल]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[जहांगीर नेगमवाला]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक|पुरुष २०० मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || [[दंडमुडी राजगोपाळ राव]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Weightlifting pictogram.svg|20px|भारोत्तोलन]][[भारोत्तोलन]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील भारोत्तोलन — पुरुष +९० कि.ग्रा.|पुरुष +९० किलो]] |- | {{bronze medal}} || ६ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[आयझॅक मन्सूर]]{{spaces|10|type}}}}|[[बिमल चंद्र]]|[[शंभू साहा]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले|पुरुष ४ x १०० मीटर फ्रीस्टाइल रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[कांती शाह]]{{spaces|10|type}}}}|[[जहांगीर नेगमवाला]]|[[सचिन नाग]]}}}} || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले|पुरुष ३ x १०० मीटर मेडले रिले]] |- | {{bronze medal}} || ७ मार्च १९५१ || [[बिमल चंद्र]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Swimming pictogram.svg|20px|जलतरण]][[जलतरण]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील जलतरण — पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल|पुरुष ४०० मीटर फ्रीस्टाइल]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[गुरबचन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०,००० मीटर|पुरुष १०,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[केसर सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १० किलोमीटर चालणे|पुरुष १० किलोमीटर चालणे]] |- | {{bronze medal}} || ८ मार्च १९५१ || [[किशन सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष हातोडाफेक|पुरुष हातोडाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[खुर्शिद अहमद]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ९ मार्च १९५१ || [[रोहिंटन रुस्तमजी नोबल]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Cycling pictogram.svg|20px|सायकलिंग]][[सायकलिंग|सायकलस्वारी]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील सायकलस्वारी — पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट|पुरुष १,००० मीटर स्प्रिंट]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[मेरी सेमोएस]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला उंच उडी|महिला उंच उडी]] |- | {{bronze medal}} || १० मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला गोळाफेक|महिला गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[गोविंद सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ४०० मीटर|पुरुष ४०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[अजित सिंह]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सुरत सिंह माथूर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष मॅरेथॉन|पुरुष मॅरेथॉन]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[मेरी डि'सुजा सिकेरा]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला २०० मीटर|महिला २०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[सिल्व्हिया गॉटलेट]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला लांब उडी|महिला लांब उडी]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[बार्बरा वेबस्टर]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला भालाफेक|महिला भालाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ११ मार्च १९५१ || [[टी.टी. दंड]] || {{flagicon|IND}} [[१९५१ आशियाई खेळ|१९५१ नवी दिल्ली]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५१ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ५,००० मीटर|पुरुष ५,००० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ३ मे १९५४ || [[सोहन सिंह]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Wrestling pictogram.svg|20px|कुस्ती]][[कुस्ती]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील कुस्ती – पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ कि.ग्रा.|पुरुष फ्रीस्टाइल ७९ किलो]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[मारियन गॅब्रिएल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष १०० मीटर|पुरुष १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[दालु राम]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस|पुरुष ३,००० मीटर स्टीपलचेस]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[रॉनी ओ'ब्रायन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष डिकॅथ्लॉन|पुरुष डिकॅथ्लॉन]] |- | {{bronze medal}} || ४ मे १९५४ || [[क्रिस्टिन ब्राऊन]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला १०० मीटर|महिला १०० मीटर]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[ईशर सिंह देओल]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष गोळाफेक|पुरुष गोळाफेक]] |- | {{bronze medal}} || ५ मे १९५४ || [[के.पी. ठक्कर]] || {{flagicon|PHI|1936}} [[१९५४ आशियाई खेळ|१९५४ मनिला]] || [[File:Diving pictogram.svg|20px|डायव्हिंग]][[ऑलिंपिक स्पर्धेतील खेळ|डायव्हिंग]] || [[१९५४ आशियाई खेळांमधील डायव्हिंग — पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म|पुरुष १० मीटर प्लॅटफॉर्म]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[परदुमन सिंह ब्रार]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — पुरुष थाळीफेक|पुरुष थाळीफेक]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[क्रिस्टिन ब्राऊन]]{{spaces|10|type}}}}|[[स्टेफनी डि'सुजा]]|[[व्हॉयलेट पीटर्स]]|[[मेरी लीला राव]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Athletics pictogram.svg|20px|ॲथलेटिक्स]][[ॲथलेटिक्स]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील ॲथलेटिक्स — महिला ४ x १०० मीटर रिले|महिला ४ x १०० मीटर रिले]] |- | {{bronze medal}} || ३० मे १९५८ || [[सुंदर राव]] || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Boxing pictogram.svg|20px|मुष्टीयुद्ध]][[मुष्टियुद्ध]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील मुष्टीयुद्ध — पुरुष ६० कि.ग्रा.|पुरुष ६० कि.ग्रा.]] |- | {{bronze medal}} || ३१ मे १९५८ || '''[[भारत|भारत राष्ट्रीय पुरुष व्हॉलीबॉल संघ]]''' {{columns-list|colwidth=10em|small=yes|style=width:22em|{{ubl|{{nowrap|[[टी.आर. अरुणचलम]]{{spaces|10|type}}}}|[[एस.एल. गुप्ता]]|[[पी. भरतन नायर]]|[[टी.पी. पद्मनाभन नायर]]|[[अब्दुर रहमान (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|अब्दुर रहमान]]|[[रमन (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|रमन]]|[[एस.के. शेकुचन]]|[[गुरुदेव सिंह (भारतीय व्हॉलीबॉल खेळाडू)|गुरुदेव सिंह]]}}}} || {{flagicon|JPN|1947}} [[१९५८ आशियाई खेळ|१९५८ टोक्यो]] || [[File:Volleyball pictogram.svg|20px|व्हॉलीबॉल]][[व्हॉलीबॉल]] || [[१९५८ आशियाई खेळांमधील व्हॉलीबॉल — पुरुष स्पर्धा|पुरुष संघ]] |} [[वर्ग:आशियाई खेळ|भारतीय पदकविजेते]] [[वर्ग:आशियाई खेळांमध्ये भारत]] mywdw414k2yzw3gthni98ogh6mqrkms कोकणातील भातशेती 0 382804 2703036 2702518 2026-08-17T09:40:25Z AdvAnantGholam 172574 2703036 wikitext text/x-wiki [[File:Paddy field in Maharashtra 6.jpg|thumb|right|upright=1.2|महाराष्ट्रातील भातशेतीचे दृश्य]] '''कोकणातील भातशेती''' ही कोकण प्रदेशातील पर्जन्यमान, भौगोलिक रचना, मातीचे प्रकार आणि पारंपरिक कृषिपद्धती यांच्याशी निगडित शेतीपद्धती आहे. कोकणातील विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख खरीप पीक राहिले आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये जिल्ह्यातील अन्नपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ९० टक्के क्षेत्र धान्यपिकांखाली होते आणि त्यामध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. त्या काळात भाताखालील क्षेत्र धान्यपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Cereals |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_cereals.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील नैसर्गिक परिस्थितीशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतीवर दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा मोठा प्रभाव असून, पावसाळी हंगामातील बहुतांश पिके पावसावर अवलंबून असतात. गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस ऑक्टोबरपर्यंत राहतो आणि त्याच्या आधारे खरीप पिकांची वाढ पूर्ण होते. भाताची रोपवाटिका तयार करण्यासाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Seasons |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_seasons.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीमध्ये जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि भूभाग यांनुसार लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक आढळतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील तसेच सखल जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे कोकणातील कृषिपद्धतींना विशिष्ट स्वरूप प्राप्त झाले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> == भौगोलिक आणि हवामानविषयक पार्श्वभूमी == कोकणातील भातशेतीवर प्रदेशाच्या भौगोलिक रचनेचा आणि पर्जन्यमानाचा मोठा प्रभाव आहे. सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारापासून अरबी समुद्राच्या किनाऱ्यापर्यंत पसरलेल्या या प्रदेशात पावसाचे प्रमाण तुलनेने अधिक असून, अनेक भागांतील शेती मोसमी पावसावर अवलंबून आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जिल्ह्यातील खरीप पिकांचा मोठा भाग दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख धान्यपीक असल्याची नोंद महाराष्ट्र शासनाच्या गॅझेटियरमध्ये आहे. १९५५–५६ च्या आकडेवारीनुसार जिल्ह्यातील धान्यपिकांमध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. कुडाळ, सावंतवाडी, खेड आणि चिपळूण या तालुक्यांमध्ये जिल्ह्यातील भाताखालील क्षेत्राचा मोठा हिस्सा असल्याचे त्या काळातील नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या लागवडीसाठी उंचावरील आणि सखल अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरमध्ये उंचावरील जमिनींसाठी ''कुर्यात'' आणि सखल जमिनींसाठी ''माळ'' या प्रकारांचा उल्लेख आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमतेतील आणि भौगोलिक स्थितीतील फरकांचा भातशेतीच्या पद्धतीवर परिणाम होत असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातशेतीचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे शेतीची कामे मोसमी पावसाच्या वेळापत्रकाशी जुळवून घेणे. जूनमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर जमिनीची मशागत केली जाते आणि भाताच्या रोपांची पुनर्लागवड करण्यासाठी जमीन तयार केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीपासून सुरू होऊन नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील भातशेतीचा अभ्यास करताना केवळ पर्जन्यमानाचा विचार न करता भूभाग, माती, पाण्याची उपलब्धता आणि पारंपरिक कृषितंत्र यांचा परस्परसंबंध विचारात घेणे आवश्यक आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे रत्‍नागिरीतील कृषी कामकाजाला इतर प्रदेशांपेक्षा वेगळे स्वरूप प्राप्त झाल्याचे जिल्हा गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व === कोकणातील भातशेतीला प्रदेशाच्या कृषी अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान आहे. कोकणातील मोठ्या क्षेत्रावर भाताची लागवड केली जाते आणि खरीप हंगामातील शेतीमध्ये भात हे प्रमुख पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या अभ्यासानुसार कोकण प्रदेशात सुमारे ४.०१ लाख हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असून, सुमारे ११.२८ लाख टन उत्पादन आणि सरासरी २.८१ टन प्रति हेक्टर उत्पादकता नोंदविण्यात आली होती.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan">{{cite web |title=Rice Production in Konkan |url=https://archive.dbskkv.org/collection/420/document/2304 |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |access-date=14 August 2026 }}</ref> महाराष्ट्रातील प्रमुख भात उत्पादक जिल्ह्यांमध्ये कोकणातील रायगड, पालघर, ठाणे, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार महाराष्ट्रातील भात उत्पादनात कोकण प्रदेशाचा महत्त्वाचा वाटा आहे. रायगड जिल्ह्यात भाताखालील क्षेत्र आणि उत्पादनाचे प्रमाण कोकणातील इतर जिल्ह्यांच्या तुलनेत मोठे असल्याचेही या नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेतीचे महत्त्व केवळ उत्पादनाच्या प्रमाणापुरते मर्यादित नाही. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासातून भात हे विविध शेतीपद्धतींचे प्रमुख घटक असलेले पीक असल्याचे दिसून येते. भातासोबत कडधान्ये, भाजीपाला, फळबागा, दुग्धव्यवसाय आणि कुक्कुटपालन यांसारख्या उपक्रमांचे संयोजन करून विविध शेतीपद्धती विकसित झाल्याचे या अभ्यासात आढळले आहे.<ref name="ToraneEtAl2011">{{cite journal |last=Torane |first=S. R. |last2=Naik |first2=B. K. |last3=Kulkarni |first3=V. S. |last4=Talathi |first4=J. M. |title=Farming Systems Diversification in North Konkan Region of Maharashtra — An Economic Analysis |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=1 |year=2011 |pages=91–98 |url=https://ageconsearch.umn.edu/record/109422/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती ग्रामीण कुटुंबांच्या अन्नपुरवठ्याशी आणि कृषी उत्पन्नाशीही संबंधित आहे. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थांच्या अभ्यासानुसार भाताचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेतीपद्धतींमध्ये आर्थिक परताव्यात फरक आढळतो आणि शेतीतील विविध उपक्रमांचे संयोजन हे काही परिस्थितींमध्ये अधिक नफाक्षम ठरू शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व रोजगाराच्या दृष्टीनेही दिसून येते. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका तयार करणे, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी आणि काढणीनंतरची कामे यांसाठी हंगामी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या अभ्यासात या कामांमध्ये मनुष्यबळाची आवश्यकता तसेच मजुरीच्या वाढत्या खर्चामुळे यांत्रिकीकरणाची गरज अधोरेखित करण्यात आली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Mechanization"> {{cite journal |last=Bhanage |first=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 }}</ref> कोकणातील भातशेतीला कृषी संशोधनाच्या दृष्टीनेही विशेष महत्त्व प्राप्त झाले आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीला अनुरूप भाताच्या सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्र विकसित केले आहेत. विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या सुधारित जातींमध्ये रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या पर्जन्यमान, भूभाग, कृषी परंपरा, ग्रामीण श्रम आणि स्थानिक अर्थव्यवस्थेशी परस्परांशी जोडलेली आहे. त्यामुळे भात हे कोकणातील केवळ एक प्रमुख पीक नसून प्रदेशाच्या कृषी व्यवस्थेतील महत्त्वाचा घटक म्हणून पाहता येते.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == इतिहास आणि पारंपरिक भातशेती == कोकणातील भातशेतीचा इतिहास प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मोसमी पाऊस, जमिनीचे प्रकार आणि ग्रामीण कृषीव्यवस्थेशी जोडलेला आहे. उपलब्ध ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील नोंदींवरून किमान अठराव्या आणि एकोणिसाव्या शतकात कोकणातील अनेक भागांत भात हे महत्त्वाचे अन्नपीक आणि कृषी उत्पादनाचे साधन होते. ब्रिटिश सत्तेपूर्वी आणि ब्रिटिश काळाच्या प्रारंभी कोकणातील काही भागांतून दख्खन प्रदेशाकडे तांदळाचा पुरवठा होत असल्याची नोंद बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या गॅझेटियरमध्ये आढळते.<ref name="HistoryOfKonkanRiceTrade">{{cite web |title=History of the Konkan — General Chapters |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Gazetteer%20of%20Bombay%20Presidency/history_of_the_konkan/section_12.pdf |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> एकोणिसाव्या शतकातील रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या गॅझेटियरमध्ये भाताला शेतीतील प्रमुख पिकांपैकी एक म्हणून स्थान दिले आहे. सावंतवाडी संस्थानातील नोंदीनुसार त्या काळात भाताने एकूण लागवडीखालील क्षेत्रापैकी सुमारे निम्मे क्षेत्र व्यापले होते. पावसाळ्यातील भातशेतीसाठी जून-जुलैमध्ये लागवड सुरू करून ऑक्टोबर-नोव्हेंबरमध्ये कापणी केली जात असल्याचे वर्णन त्यात आढळते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Agriculture, Savantvadi |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/savantvadi/agriculture2.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील जुन्या कृषी व्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये भातशेतीसाठी उंचावरील आणि सखल जमिनींचे वेगवेगळे प्रकार ओळखले जात असल्याचे दिसते. ''कुर्यात'' जमिनी आणि ''माळ'' जमिनी यांसारख्या स्थानिक वर्गीकरणांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमता आणि भौगोलिक स्थितीनुसार भात लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === कोकणातील भातशेतीची परंपरा === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही मोसमी पावसाच्या कालचक्राशी जुळवून घेतलेली कृषिपद्धती होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर भाताच्या शेताची मशागत, पाणी साठवणे, चिखलणी आणि पुनर्लागवड यांसारख्या प्रक्रिया टप्प्याटप्प्याने केल्या जात असल्याचे वर्णन आहे. पावसाचे प्रमाण आणि जमिनीची स्थिती यांनुसार या कामांची वेळ बदलत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतीत भातासाठी जमीन तयार करताना लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पहिली नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर केली जाई आणि त्यानंतर पाण्याखाली चिखलणी करून जमीन पुनर्लागवडीसाठी योग्य केली जात असे. चिखलणीचा उद्देश मातीची रचना भाताच्या लागवडीस योग्य करणे आणि पाण्याचा निचरा कमी करणे हा होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची रोपे तयार करण्यासाठी स्वतंत्र रोपवाटिका तयार करण्याची पद्धत प्रचलित होती. काही प्रकारच्या जमिनीत उगवलेले रोप थेट लागवडीसाठी वापरले जात, तर सखल जमिनीत रोपवाटिकेत रोपे वाढवून नंतर मुख्य शेतात पुनर्लागवड केली जात असे. पारंपरिक पद्धतीत उगवलेली रोपे उपटून ती शेतात ठरावीक अंतरावर लावली जात असत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक कृषी ज्ञानाला महत्त्व होते. जमिनीचा प्रकार, पाण्याची पातळी, पावसाची सुरुवात, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांचे निरीक्षण करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि कापणी यांसाठी स्थानिक पद्धती आणि साधनांचा तपशील नोंदविला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> एकोणिसाव्या शतकातील सावंतवाडीच्या नोंदींमध्ये भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची नावेही आढळतात. त्यामध्ये ''कोथिंबिरी'', ''खिरसाळ'', ''गजवेल'', ''तावसाळ'', ''पाटणी'', ''वत्सल'' आणि ''साळ'' यांसारख्या प्रकारांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. त्याच नोंदीत इतर अनेक स्थानिक भातप्रकारांचीही नावे दिली आहेत. यावरून त्या काळात भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची लागवड केली जात असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> === पारंपरिक कृषिपद्धती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये जमिनीची मशागत, चिखलणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण अशा सलग प्रक्रियांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये या कृषी प्रक्रियांचे स्थानिक स्वरूप आणि त्यासाठी वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचे वर्णन केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> शेत तयार करण्यासाठी लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पावसाच्या सुरुवातीला नांगरणी करून त्यानंतर शेतात पाणी साठवून चिखलणी केली जात असे. चिखलणी पूर्ण झाल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची पृष्ठभाग समतल केली जाई. समतल पृष्ठभागामुळे रोपांची पुनर्लागवड करणे सुलभ होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची पुनर्लागवड प्रामुख्याने मजुरांच्या साहाय्याने केली जात असे. पुनर्लागवडीनंतर तण काढणे आणि आवश्यकतेनुसार आंतरमशागत केली जाई. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींनुसार भाताच्या ओळींमध्ये तण काढण्यासाठी हाताने वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचाही उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कापणीच्या वेळी भात जमिनीजवळून विळ्याने कापला जाई. कापलेले पीक काही दिवस शेतात वाळवून भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. भाताचे भारे कठीण पृष्ठभागावर आपटून मळणी केली जाई आणि त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पेंढा व इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीनंतर धान्य उन्हात वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी पुढील हंगामासाठी स्वतःचे बियाणे राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर होत असे. कणग्यांना शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === पारंपरिक कृषी ज्ञान आणि अनुभव === पारंपरिक भातशेतीमध्ये कृषी ज्ञान हे स्थानिक पर्यावरणाच्या निरीक्षणावर आणि दीर्घकालीन अनुभवावर आधारित होते. पावसाची सुरुवात, जमिनीतील ओलावा, पाण्याची पातळी, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांसारख्या घटकांचा विचार करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. उपलब्ध गॅझेटियर नोंदींमध्ये या प्रक्रियांशी संबंधित स्थानिक संज्ञा, पद्धती आणि कृषी साधनांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> जमिनीच्या प्रकारानुसार लागवडपद्धती निवडणे हे पारंपरिक ज्ञानाचे महत्त्वाचे अंग होते. उंचावरील जमिनी आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम जमिनी यांच्यातील फरक लक्षात घेऊन भाताची लागवड आणि पाण्याचे व्यवस्थापन केले जात असे. सखल भागातील शेतांमध्ये पाणी धरून ठेवण्यासाठी बांध आणि पाण्याचा निचरा करण्यासाठी नियंत्रित मार्गांचा वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक कृषिपद्धतीमध्ये उपलब्ध स्थानिक साधनांचा वापर केला जात असे. लाकडी नांगर, लाकडी समतलीकरणाची फळी, विळा आणि हाताने वापरली जाणारी तण काढण्याची साधने यांचा उपयोग भातशेतीतील विविध टप्प्यांवर केला जात असे. या साधनांचा वापर स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती आणि शेतीच्या पद्धतीशी जुळवून घेतलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतींमध्ये धान्य आणि बियाण्याचे स्वतंत्र व्यवस्थापनही महत्त्वाचे होते. स्वतःच्या शेतातील धान्यातून पुढील हंगामासाठी बियाणे राखून ठेवणे ही पद्धत होती. यामुळे शेतकऱ्यांना पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा उपलब्ध होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही केवळ पीक उत्पादनाची पद्धत नव्हती, तर पर्जन्यमान, जमीन, पाणी, स्थानिक वाण, कृषी साधने आणि शेतकऱ्यांच्या अनुभवाधारित ज्ञान यांचा परस्परसंबंध असलेली कृषीव्यवस्था होती. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमधून या व्यवस्थेची विविध रूपे आणि तिचे स्थानिक स्वरूप स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> == पारंपरिक रोपवाटिका आणि ‘रोबिंग’ पद्धत == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये रोपवाटिका तयार करण्याला महत्त्वाचे स्थान आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी ''रोबिंग'' (Robbing) ही पद्धत मोठ्या प्रमाणावर प्रचलित असल्याची नोंद आहे. या पद्धतीत भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि पुढे ती मुख्य शेतात पुनर्लागवडीसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपवाटिका तयार करण्यासाठी पावसाळ्याच्या सुरुवातीच्या काळातील ओलाव्याचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरनुसार मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाच्या सरींमुळे भाताची रोपे तयार करण्याची प्रक्रिया सुरू करता येत असे आणि जूनमध्ये मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर मुख्य शेताच्या मशागतीची कामे पुढे चालत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रोपवाटिका आणि मुख्य शेतातील कामांचा हा क्रम कोकणातील पर्जन्यमान आणि शेतीच्या हंगामी चक्राशी संबंधित होता. त्यामुळे पारंपरिक रोपवाटिका पद्धतीचा अभ्यास हा केवळ कृषितंत्राचा विषय नसून स्थानिक हवामानाशी शेतकऱ्यांनी जुळवून घेतलेल्या कृषिपद्धतीचा भाग म्हणूनही करता येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> उत्तर कोकणातील पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापनाचा स्वतंत्र अभ्यासही करण्यात आला आहे. पालघर जिल्ह्यातील आदिवासी भागात ''Rabing'' ही पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापन कौशल्याशी संबंधित पद्धत नोंदवण्यात आली आहे. या अभ्यासातून उत्तर कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान आणि कौशल्याचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="DahiphaleEtAl2020">{{cite journal |last=Dahiphale |first=A. V. |last2=Bhagat |first2=S. B. |last3=Mhaskar |first3=N. V. |last4=Jondhale |first4=D. G. |last5=Bedse |first5=T. J. |last6=Vanve |first6=P. B. |title=Rabing: A traditional skill of rice nursery management in tribal area of North Konkan coastal zone of Maharashtra |journal=Journal of Pharmacognosy and Phytochemistry |volume=9 |issue=5S |year=2020 |pages=435–437 |url=https://www.phytojournal.com/special-issue/2020.v9.i5S.12965/rabing-a-traditional-skill-of-rice-nursery-management-in-tribal-area-of-north-konkan-coastal-zone-of-maharashtra }}</ref> == भाताच्या जाती आणि स्थानिक वाण == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक परिस्थितीशी जुळवून घेतलेल्या विविध भातवाणांना महत्त्वाचे स्थान आहे. पर्जन्यमान, जमिनीचा प्रकार, लागवडीचा कालावधी आणि उत्पादनाची गरज यांनुसार भाताच्या विविध जातींची निवड केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही भाताच्या विविध प्रकारांचा आणि त्यांच्या लागवडीचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातवाणांच्या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेशीही जोडला जातो. कोकण प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा अभ्यास करताना स्थानिक पिकांच्या जाती, त्यांचे पारंपरिक उपयोग आणि स्थानिक कृषीपरिस्थितीशी त्यांचे असलेले संबंध यांचा विचार करण्यात आला आहे.<ref name="Singh2014Konkan">{{cite journal |last=Singh |first=Anurudh K. |title=Probable Agricultural Biodiversity Heritage Sites in India: XX. The Konkan Region |journal=Asian Agri-History |volume=18 |issue=3 |year=2014 |pages=257–282 |url=https://www.asianagrihistory.org/pdf/volume18/ak-singhs-paper-18-3.pdf }}</ref> कोकणासाठी काही सुधारित भातवाणांची निर्मिती आणि निवड करण्यात आली आहे. त्यापैकी ‘रत्‍नागिरी-७’ ही कोकण प्रदेशासाठी विकसित करण्यात आलेली लाल तांदळाची, अर्धबुटकी आणि अधिक उत्पादनक्षम जात म्हणून अभ्यासात नोंदविण्यात आली आहे. या वाणाच्या वैशिष्ट्यांचा आणि कोकणातील लागवडीसाठी त्याच्या उपयुक्ततेचा स्वतंत्र अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="WaghmodeEtAl2018">{{cite journal |last=Waghmode |first=B. D. |last2=Sonone |first2=N. G. |last3=Navhale |first3=V. C. |last4=Kadam |first4=S. R. |last5=Bhave |first5=S. G. |title=Ratnagiri 7 - Red Kernel, Semi Dwarf and High Yielding Rice Variety for Konkan Region of Maharashtra State in India |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=7 |issue=4 |year=2018 |pages=3442–3453 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=7655&SNo=389&vol=7-4-2018 }}</ref> भाताच्या जातींची निवड करताना पेरणीची किंवा लागवडीची वेळ हा देखील महत्त्वाचा घटक ठरतो. कोकणातील परिस्थितीत वेगवेगळ्या पेरणीच्या कालावधीनुसार भाताच्या जातींच्या प्रतिसादाचा अभ्यास करण्यात आला असून, पेरणीची वेळ आणि वाण यांचा वाढ व उत्पादनावर परिणाम होऊ शकतो असे संशोधनातून दिसून येते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017">{{cite journal |last=Jagtap |first=D. N. |last2=Mahadkar |first2=U. V. |last3=Chavan |first3=S. A. |title=Response of rice varieties to different sowing windows under Konkan conditions |journal=Agricultural Science Digest |volume=37 |issue=1 |year=2017 |pages=78–80 }}</ref> स्थानिक भातवाणांचे महत्त्व केवळ उत्पादनक्षमतेपुरते मर्यादित नसून कृषी जैवविविधता आणि स्थानिक कृषिज्ञानाच्या जतनाशीही संबंधित आहे. कोकणातील देशी भातवाणांचे संवर्धन करण्यासाठी शेतकरी आणि स्थानिक संस्थांकडून प्रयत्न केले जात असल्याचे वृत्तांकन झाले आहे.<ref name="AgrowonIndigenousRice">{{cite web |title=देशी वाणांचे संवर्धन करणारी कोकणातील शेतकरी कंपनी |url=https://agrowon.esakal.com/agro-special/farmers-company-in-konkan-for-conservation-of-indigenous-species |website=ॲग्रोवन |access-date=14 August 2026 }}</ref> स्थानिक वाणांच्या जतनामुळे भातशेतीतील आनुवंशिक विविधता टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते. त्याचबरोबर स्थानिक हवामान, माती आणि पारंपरिक कृषिपद्धतीशी जुळवून घेतलेल्या वाणांचे ज्ञान पुढील पिढ्यांपर्यंत पोहोचण्यासही त्याचा उपयोग होतो. त्यामुळे कोकणातील भातवाणांचा अभ्यास हा उत्पादनाच्या दृष्टीने तसेच कृषी वारसा आणि जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचा आहे.<ref name="Singh2014Konkan"/><ref name="AgrowonIndigenousRice"/> == भातशेतीची पारंपरिक प्रक्रिया == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही मोसमी पाऊस, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार टप्प्याटप्प्याने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताच्या शेतीमध्ये जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, रोपांची पुनर्लागवड किंवा थेट पेरणी, आंतरमशागत, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्याची साठवण अशा परस्परांशी संबंधित प्रक्रियांचा समावेश होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीची सुरुवात मोसमी पावसाच्या आगमनाशी जोडलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस साधारणपणे जूनमध्ये सुरू होत असे. मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग भाताच्या रोपवाटिकेसाठी केला जात असे, तर जूनच्या उत्तरार्धात किंवा जुलैच्या सुरुवातीला पुनर्लागवडीसाठी जमीन तयार करण्याची कामे केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> === शेतजमिनीची तयारी === भातशेतीसाठी जमीन तयार करण्याचे पहिले महत्त्वाचे काम नांगरणी होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातासाठी ''उखळणी'' म्हणून ओळखली जाणारी नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर जूनच्या पहिल्या आठवड्यात केली जात असे. यासाठी प्रामुख्याने लाकडी नांगराचा वापर केला जाई. भातासाठी वापरल्या जाणाऱ्या हलक्या जमिनीत खोल नांगरणीची आवश्यकता नसून साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> नांगरणीची वेळ स्थानिक जमिनीच्या स्वरूपाशी संबंधित होती. भातशेतीच्या प्रक्रियेत चिखलणीमुळे जमीन कोरडी झाल्यानंतर कठीण होत असल्याने कापणीनंतर लगेच नांगरणी करणे अवघड ठरत असे. त्यामुळे मोसमी पावसाच्या सुरुवातीला योग्य वेळी नांगरणी करणे महत्त्वाचे मानले जात होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === राब पद्धत === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये ''राब'' ही रोपवाटिका आणि जमिनीच्या पूर्वतयारीशी संबंधित पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये राब प्रक्रियेतून तयार होणाऱ्या राखेचा जमिनीला काही पोषक घटक मिळण्याशी संबंध नमूद केला आहे. मात्र, मोठ्या प्रमाणात सेंद्रिय खताचा वापर न झाल्यास जमिनीची भौतिक रचना कठीण होऊन पिकाच्या वाढीवर परिणाम होऊ शकतो, अशी निरीक्षणात्मक नोंदही करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कृषी विभागाने पुढील काळात राबसाहित्यातील जैविक पदार्थांचा कंपोस्ट तयार करण्यासाठी वापर करण्याची तसेच हिरवळीची खते आणि शेणखत यांचा वापर वाढविण्याची शिफारस केली होती. त्यामुळे पारंपरिक राब पद्धतीकडे केवळ रोपवाटिकेची पद्धत म्हणून न पाहता तिच्या कृषी-पर्यावरणीय परिणामांच्या संदर्भातही पाहता येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === रोपवाटिका === सखल आणि अधिक पाणीधारणक्षम जमिनींमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी रोपवाटिका केली जात असे. भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि योग्य वाढ झाल्यानंतर ती उपटून मुख्य भातखाचरात पुनर्लागवड केली जात. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदीनुसार रोपवाटिकेतील बियाणे पसरून किंवा ओळींमध्ये पेरले जाऊ शकत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> उंचावरील जमिनींमध्ये मात्र रोपवाटिकेतील पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेले बी थेट चिखललेल्या शेतात पेरण्याची पद्धत वापरली जात असे. या पद्धतीला स्थानिक पातळीवर ''राहू'' पद्धत म्हटले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === चिखलणी === नांगरणीनंतर शेतात पाणी साठवून जमीन चिखलयुक्त करण्याची प्रक्रिया केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पहिल्या नांगरणीनंतर काही काळ शेतात पाणी साठवले जाई आणि जूनच्या अखेरीस किंवा जुलैच्या सुरुवातीला उभ्या पाण्यात पुन्हा नांगरणी करून चिखलणी केली जाई. आवश्यक त्या भौतिक स्थितीपर्यंत माती मऊ आणि चिकट होईपर्यंत ही प्रक्रिया केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> चिखलणीचा एक उद्देश जमिनीच्या पृष्ठभागातून पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करून भातासाठी पाणी अधिक काळ धरून ठेवण्यास अनुकूल परिस्थिती निर्माण करणे हा होता. चिखलणी झाल्यानंतर शेताची जमीन समतल करण्यासाठी बैलांच्या साहाय्याने लाकडी फळी ओढली जात असे. या फळीला स्थानिक पातळीवर ''गुतेफळी'' किंवा ''अलवत'' अशी नावे असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची लावणी === चिखलणी आणि समतलीकरण पूर्ण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील भाताची रोपे मुख्य शेतात लावली जात. रोपे उपटून लहान भाऱ्यांमध्ये बांधली जात आणि भातखाचरात नेऊन हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार एका एकरासाठी साधारणपणे आठ ते दहा व्यक्तींची आवश्यकता भासत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपांची पुनर्लागवड करताना साधारणपणे दहा ते पंधरा रोपे एका समूहात घेऊन चिखलात दाबून लावली जात आणि रोपांमध्ये अंदाजे नऊ ते बारा इंच अंतर ठेवले जात असे. उंचावरील काही जमिनींमध्ये पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेल्या बियांचे थेट प्रसारण केले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === पिकाची निगा आणि पाणीव्यवस्थापन === पुनर्लागवडीनंतर पिकाची निगा राखण्यासाठी आंतरमशागत आणि तण काढण्याची कामे केली जात. ''कोळपी'' या तीन दातांच्या हातसाधनाचा वापर माती हलकी करण्यासाठी, मुळांना हवा मिळण्यासाठी आणि खत मातीमध्ये मिसळण्यासाठी केला जात असे. ओळीतील भातामध्ये साधारणपणे दोन ते तीन वेळा आंतरमशागत केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आंतरमशागतीनंतरही उरलेली तणे हाताने किंवा ''खुरपी''च्या साहाय्याने काढली जात. पसरवून पेरलेल्या किंवा ओळीत पुनर्लागवड न केलेल्या शेतांमध्ये अशा प्रकारची आंतरमशागत करणे तुलनेने मर्यादित असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीमध्ये पाण्याचे व्यवस्थापन प्रामुख्याने पावसावर आधारित होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील बहुसंख्य पिके मोसमी पावसावर अवलंबून असल्याची नोंद आहे. सखल जमिनींमध्ये अतिरिक्त पाणी बाहेर काढण्यासाठी शेतबांधांमध्ये आवश्यक ठिकाणी तात्पुरते मार्ग ठेवले जात असत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची कापणी आणि मळणी === भाताच्या वाणानुसार कापणीचा कालावधी बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार लवकर तयार होणाऱ्या भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीस सुरू होत असे, तर मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांची कापणी नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताची कापणी विळ्याने जमिनीजवळून केली जात असे. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. मळणीसाठी भाताची भारे लाकडी फळी किंवा कठीण पृष्ठभागावर आपटून दाणे वेगळे केले जात. त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पाने, पेंढा आणि इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === धान्याची साठवणूक === मळणीनंतर धान्य उन्हात व्यवस्थित वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी स्वतःच्या वापरासाठी तसेच पुढील हंगामातील पेरणीसाठी काही धान्य राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. कणग्यांना कीटकांचा प्रवेश कमी करण्यासाठी शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक प्रक्रियेत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत असताना दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांनी साली काढली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही पावसाच्या आगमनापासून सुरू होऊन जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, चिखलणी, पुनर्लागवड, पिकाची निगा, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण या सलग टप्प्यांतून पूर्ण होत असे. या प्रक्रियेत स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती, पाण्याचे नियमन, मानवी श्रम आणि पारंपरिक कृषिसाधने यांचा परस्परसंबंध दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भाताचे उत्पादन, उपयोग आणि उपउत्पादने == कोकणातील भातशेतीमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून त्याचे उत्पादन प्रामुख्याने खरीप हंगामात घेतले जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्या काळात रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताचे उत्पादन साधारण एक लाख टनांपेक्षा अधिक होते आणि भात हे जिल्ह्यातील सर्वांत महत्त्वाचे पीक होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerProduction">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Production |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_production.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भाताचे उत्पादन वाण, जमिनीचा प्रकार, पावसाचे प्रमाण आणि लागवडीची पद्धत यांनुसार बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील ''कुर्यात'' जमिनी तसेच सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद आहे. लवकर, मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांनुसार उत्पादनाचा कालावधीही वेगवेगळा असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या उत्पादनाचे स्थानिक वापराशी असलेले नातेही स्पष्ट होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उत्पादित होणारे धान्य मोठ्या प्रमाणावर शेतकऱ्यांच्या स्वतःच्या उपभोगासाठी वापरले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. जिल्ह्यातील भाताचे उत्पादन स्थानिक गरजेच्या तुलनेत अपुरे असल्याने मोठ्या प्रमाणावर धान्यसाठा बाजारपेठेसाठी न ठेवता घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताचा प्रमुख उपयोग तांदूळ या स्वरूपात अन्न म्हणून केला जातो. पारंपरिक पद्धतीत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढल्या जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत होता, तर दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांचा वापर करून साली काढण्याची पद्धत अस्तित्वात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील काही भागांत भातावर उकडभात किंवा ''उकडे'' तांदूळ तयार करण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक नोंदींनुसार जाड दाण्याच्या काही भातप्रकारांपासून उकडे तांदूळ तयार केला जात असे. या प्रक्रियेत साळीसह धान्य काही काळ उकळून नंतर वाळवले जाई आणि त्यानंतर साली काढल्या जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> तांदळापासून विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार केले जातात. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये तांदळापासून ''पोहे'' आणि ''मुरमुरे'' तयार करण्याचा उल्लेख आहे. काही भागांत भात शिजवून ''भात'', तसेच पातळ किंवा घट्ट स्वरूपातील ''आंबील'' आणि ''पेज'' यांसारख्या पदार्थांच्या रूपातही वापरला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या प्रक्रियेत तांदळाबरोबर इतर पदार्थही मिळतात. साळी काढताना ''तूस'' किंवा भाताची साल हा अवशेष निर्माण होतो. धान्याची मळणी झाल्यानंतर उरलेला ''पेंढा'' हा आणखी एक महत्त्वाचा उपउत्पादन आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भाताची मळणी झाल्यानंतर मिळणारा पेंढा साठवून ठेवून त्याचा चाऱ्यासाठी वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या काढणीनंतर मिळणाऱ्या पेंढ्याचा वापर केवळ पशुखाद्यापुरता मर्यादित नव्हता. स्थानिक परिस्थितीनुसार त्याचा उपयोग छप्पर बांधण्यासाठी आणि इतर ग्रामीण कामांसाठी केला जात असल्याचे कृषी नोंदींमध्ये आढळते. त्यामुळे भातशेतीतून मिळणारे उपउत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील विविध गरजांसाठी वापरले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची प्रतवारी आणि प्रक्रियेदरम्यान ''कणी'' किंवा तुटलेला तांदूळही मिळतो. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार तांदूळ गिरण्यांमध्ये साली काढण्याच्या प्रक्रियेत काही दाणे तुटतात आणि हा तुटलेला तांदूळ स्वतंत्रपणे वेगळा करून तुलनेने कमी किमतीत विकला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनात बियाण्याची भूमिकाही महत्त्वाची आहे. पारंपरिक पद्धतीत शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा प्रकारे भाताचे उत्पादन हे केवळ त्या हंगामातील अन्नपुरवठ्याशी संबंधित नसून पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी आवश्यक बियाण्याच्या उपलब्धतेशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात कोकणातील भाताचे उत्पादन वाढविण्यासाठी सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्रांचा विकास करण्यात आला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीसाठी विविध सुधारित भातजाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३ तसेच सह्याद्री मालिकेतील विविध संकरित वाण विकसित करण्यात आले आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties">{{cite web |title=Crop varieties developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Varieties.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> या सुधारित वाणांमध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी आणि काही प्रमुख रोग किंवा किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार करण्यात आला आहे. उदाहरणार्थ, विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-६ आणि रत्‍नागिरी-७ या वाणांची उत्पादनक्षमता अनुक्रमे सुमारे ४.५ टन प्रति हेक्टर आणि ४.५ ते ५.० टन प्रति हेक्टर इतकी नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceResearch2017">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://www.dbskkv.org/assets/pdf/recommendations/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भाताचे उत्पादन हे स्थानिक अन्नपुरवठा, पारंपरिक खाद्यसंस्कृती, बियाण्याची उपलब्धता आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांच्याशी संबंधित आहे. तांदळाबरोबर पेंढा, कणी आणि भाताची साल यांसारखी उपउत्पादनेही विविध उपयोगांत येतात. पारंपरिक उत्पादनपद्धतींबरोबर सुधारित वाण आणि आधुनिक कृषितंत्रांचा वापर वाढल्यामुळे कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप कालानुसार बदलत आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == कोकणातील भाताच्या जाती == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक पारंपरिक वाणांपासून सुधारित आणि संकरित वाणांपर्यंत विविध प्रकार आढळतात. या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील जमिनीचे प्रकार, पर्जन्यमान, पाण्याची उपलब्धता, पक्वतेचा कालावधी आणि स्थानिक कृषिपद्धतीशी आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडी परिसरातील भाताच्या अनेक स्थानिक प्रकारांची नोंद आढळते, तर आधुनिक काळात डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप सुधारित आणि संकरित भातवाण विकसित केले आहेत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === पारंपरिक स्थानिक जाती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये स्थानिक वाणांची लक्षणीय विविधता होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या एकूण तीस जातींची नोंद करण्यात आली आहे. त्यापैकी कोथिंबिरी, खिरसाळ, गजवेल, तावसाळ, पाटणी, वत्सल आणि साळ या सात जाती तुलनेने चांगल्या प्रकारच्या म्हणून नमूद करण्यात आल्या आहेत. अवचिटे, काळीनावन, काळी कडया, केडाळ, खोचरी, चिमसाळ, टायकाळा, डामगा, डोंगरे, तांबिकुडया, नवान, बिलावल, बेला, मुडगे, वरंगळ, वाकसाळ, वाळ्या, शिराई, सेमणे, सुकाळ, सोरटी आणि सोनफळ या इतर स्थानिक प्रकारांचीही नोंद त्याच गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> या स्थानिक वाणांची लागवड प्रदेशातील विविध प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची लागवड प्रामुख्याने उंचावरील ''कुर्यात'' जमीन आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम ''माळ'' जमीन अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे स्थानिक वाणांची निवड ही स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित असण्याची शक्यता होती; मात्र प्रत्येक वाणाची विशिष्ट पर्यावरणीय अनुकूलता स्वतंत्रपणे सिद्ध करण्यासाठी त्या वाणासंबंधी स्वतंत्र पुरावे आवश्यक आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या दाण्याच्या स्वरूपानुसार ''उकडे'' आणि ''सुरई'' असे दोन व्यापक प्रकारही नमूद केले आहेत. जाड दाण्याच्या भातापासून उकडे तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर बारीक प्रकारासाठी ही प्रक्रिया आवश्यक नसल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> स्थानिक वाणांची विविधता ही केवळ कृषी उत्पादनाशी संबंधित नव्हती. रत्‍नागिरी परिसरातील अन्नविषयक ऐतिहासिक नोंदींमध्ये तांदूळ हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याचे नमूद केले आहे. तांदळापासून उकडा आणि सुरई यांसारखे प्रकार तयार केले जात आणि भाताचा दैनंदिन आहारात मोठ्या प्रमाणावर वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_food.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भाताच्या जातींची जैवविविधता === कोकणातील पारंपरिक भातवाणांची संख्या आणि त्यांच्यातील विविधता या प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा ऐतिहासिक भाग दर्शवतात. एकाच प्रदेशात विविध नावांचे आणि वैशिष्ट्यांचे वाण लागवडीखाली असल्याची नोंद जुन्या गॅझेटियरमध्ये आढळते. या वाणांची नावे, दाण्यांचे प्रकार आणि पक्वतेच्या कालावधीतील फरक यांमधून त्या काळातील भात लागवडीतील विविधता दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या वाणांची विविधता जमिनीच्या आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित कृषिपद्धतींसोबत विकसित झाली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उंचावरील ''कुर्यात'' आणि सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये भाताची लागवड केली जात असे. काही ठिकाणी पुनर्लागवड केली जात असे, तर काही उंचावरील जमिनींमध्ये मोड आलेल्या बियांची थेट पेरणी केली जात असे. त्यामुळे भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक पर्यावरणानुसार पद्धतींची विविधता होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक वाणांच्या विविधतेचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे पिकाच्या पक्वतेच्या कालावधीतील फरक. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये लवकर तयार होणाऱ्या तसेच मध्यम आणि उशिरा तयार होणाऱ्या भाताच्या प्रकारांचा उल्लेख आढळतो. पिकाच्या पक्वतेनुसार कापणीचा कालावधी बदलत असल्यामुळे विविध वाणांचा वापर शेतीच्या हंगामी नियोजनाशी संबंधित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> स्थानिक भातवाणांची जैवविविधता ही बियाणे जतन करण्याच्या पारंपरिक पद्धतीशीही संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा पद्धतीमुळे स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा आणि लागवडीची सातत्यता राखली जात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> तथापि, ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये नोंदलेल्या सर्व पारंपरिक वाणांची लागवड आजही मोठ्या प्रमाणावर सुरू आहे, असा निष्कर्ष केवळ या ऐतिहासिक नोंदींवरून काढता येत नाही. पारंपरिक वाणांचे वर्तमान अस्तित्व, लागवडीचे क्षेत्र आणि संवर्धनाची स्थिती निश्चित करण्यासाठी अद्ययावत कृषी संशोधन किंवा अधिकृत बियाणे-संवर्धन नोंदी आवश्यक आहेत. === सुधारित आणि आधुनिक जाती === कोकणातील भात उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी विसाव्या शतकापासून सुधारित बियाण्यांचा प्रसार करण्यात आला. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये सुधारित भातबियाण्यांच्या प्रसारासाठी शासकीय योजना राबविण्यात आल्याची नोंद आहे. १९५६–५७ आणि १९५७–५८ या कालावधीतील नोंदींमध्ये पाटणी-६, वारंगळ-४८७, वाकसाळ-२८७, पनवेल-६१, भाडस-७९, ई.के.-७०, कोलंबा-१८४ आणि के-४२ या सुधारित भातवाणांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerIrrigation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Irrigation |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_irrigation.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील कृषी परिस्थिती लक्षात घेऊन भाताच्या सुधारित जाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या जातींपैकी रत्‍नागिरी-१ ही लवकर तयार होणारी जात असून तिचा पक्वता कालावधी सुमारे ११५–१२० दिवस आणि नोंदविलेली उत्पादनक्षमता ३५–४० क्विंटल प्रति हेक्टर आहे. रत्‍नागिरी-२ ही उशिरा तयार होणारी जात असून तिचा कालावधी सुमारे १४५–१५० दिवस आहे. रत्‍नागिरी-३ ही सुमारे १४०–१४५ दिवसांत तयार होणारी जात असून ती उथळ सखल भातक्षेत्रासाठी योग्य असल्याचे विद्यापीठाच्या नोंदीत नमूद केले आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> कोकणातील आधुनिक भात संशोधनात संकरित वाणांचाही विकास झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीमध्ये सह्याद्री मालिकेतील भात संकरित वाणांचा उल्लेख आहे. उदाहरणार्थ, सह्याद्री-५ या संकरित वाणाचा पक्वता कालावधी सुमारे १४०–१४५ दिवस असून, कोकणातील चाचण्यांमध्ये त्याची उत्पादनक्षमता आणि काही प्रमुख कीड व रोगांविरुद्धची सहनशीलता नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010">{{cite report |title=Research Recommendations of 2010 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2010 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2010%20English%20Recommendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित वाणांच्या विकासामध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे गुणधर्म आणि स्थानिक रोग-किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार केला जातो. त्यामुळे पारंपरिक स्थानिक वाणांबरोबर सुधारित आणि संकरित वाणांचा वापर हा कोकणातील भातशेतीच्या बदलत्या कृषितंत्राचा एक भाग बनला आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010"/> अशा प्रकारे कोकणातील भाताच्या जातींचा इतिहास पारंपरिक स्थानिक वाणांच्या विविधतेपासून सुधारित आणि संकरित वाणांच्या विकासापर्यंत विस्तारलेला आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील स्थानिक वाणांची नोंद आणि आधुनिक कृषी संशोधनातून विकसित झालेल्या जाती यांमुळे कोकणातील भाताच्या आनुवंशिक आणि कृषी विविधतेचे वेगवेगळे कालखंड स्पष्ट होतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == भातशेती आणि कोकणचे पर्यावरण == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील पर्जन्यमान, भूभाग, मातीचे प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि समुद्रकिनाऱ्याशी असलेले भौगोलिक संबंध यांच्याशी जवळून संबंधित आहे. कोकण हा अरबी समुद्र आणि सह्याद्री यांच्या दरम्यानचा अरुंद किनारी प्रदेश असून, येथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा प्रभाव मोठा आहे. त्यामुळे भात हे या प्रदेशातील प्रमुख खरीप पीक बनले आहे. कोकणातील कृषी व्यवस्थेत भाताचे महत्त्व आणि त्याच्याशी संबंधित पर्यावरणीय परिस्थिती यांचा परस्परसंबंध कृषी संशोधन आणि ऐतिहासिक नोंदींमधून दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils">{{cite journal |last1=Verma |first1=Ram Ratan |last2=Srivastava |first2=Tapendra Kumar |last3=Singh |first3=Pushpa |last4=Manjunath |first4=B. L. |last5=Kumar |first5=Anil |title=Spatial mapping of soil properties in Konkan region of India experiencing anthropogenic onslaught |journal=PLOS ONE |volume=16 |issue=2 |pages=e0247177 |year=2021 |url=https://journals.plos.org/plosone/article?id=10.1371/journal.pone.0247177 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === पर्जन्यमान आणि भातशेती === कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा मोसमी पाऊस खरीप पिकांच्या वाढीसाठी महत्त्वाचा असून, भाताच्या रोपवाटिकेच्या तयारीसाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचाही उपयोग केला जात असे. पावसाच्या आगमनाची वेळ आणि त्यानंतर उपलब्ध होणारी जमिनीतील ओलावा यांनुसार मशागत, रोपवाटिका आणि पुनर्लागवडीची कामे नियोजित केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील पावसाचे प्रमाण प्रदेशाच्या विविध भागांत सारखे नसले तरी भातशेतीसाठी मोसमी पावसाचे महत्त्व सर्वसाधारणपणे मोठे आहे. दक्षिण गोवा या कोकणातील भागावरील एका अभ्यासानुसार तेथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसामुळे जूनपासून सप्टेंबरपर्यंत, काही वेळा ऑक्टोबरच्या मध्यापर्यंत, पाऊस पडतो आणि वार्षिक पर्जन्यमान सुमारे २,९०० मिलिमीटर नोंदविण्यात आले आहे. त्या अभ्यासात भात हे सपाट तसेच उताराच्या भागांतील प्रमुख पीक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> मात्र अतिवृष्टीचा परिणाम शेतीवर होऊ शकतो. पावसाचे अल्प कालावधीत अधिक प्रमाण, पाण्याचा निचरा आणि पावसातील खंड यांनुसार भाताच्या वाढीवर परिणाम होतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीमध्ये पावसाचे पाणी धरून ठेवणे आणि अतिरिक्त पाण्याचा नियंत्रित निचरा करणे या दोन्ही बाबींना महत्त्व प्राप्त होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातखाचरे आणि जलव्यवस्था === कोकणातील भातखाचरे ही पावसावर आधारित भातशेतीसाठी विकसित झालेली स्थानिक कृषी व्यवस्था आहे. भातासाठी जमीन तयार करताना नांगरणी, चिखलणी आणि समतलीकरण करून शेतात पाणी धरून ठेवण्यासाठी अनुकूल परिस्थिती निर्माण केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये चिखलणी केल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची जमीन समतल करण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातखाचरातील पाण्याचे व्यवस्थापन केवळ पाणी साठवण्यापुरते मर्यादित नसते. मुसळधार पावसाच्या काळात अतिरिक्त पाणी नियंत्रितपणे बाहेर काढणे आवश्यक असते. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये शेतबांधांमध्ये आवश्यकतेनुसार पाण्याच्या निचऱ्यासाठी मार्ग ठेवण्याच्या पद्धतीचा उल्लेख आहे. त्यामुळे भातखाचरांची रचना पाणी साठवण आणि निचरा या दोन्ही गरजांशी संबंधित होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक कृषी संशोधनातही कोकणातील भातशेतीसाठी पाणीव्यवस्थापनाला महत्त्व दिले जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात कोकणातील भातासाठी स्थानिक परिस्थितीनुसार उत्पादनतंत्र, सिंचन आणि जलसंधारणाशी संबंधित पद्धती विकसित करण्यावर भर देण्यात आला आहे.<ref name="DBSKKVResearch">{{cite web |title=Research |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === उताराची जमीन आणि बांधबंदिस्ती === कोकणाचा बराचसा भूभाग उताराचा आणि डोंगराळ असल्यामुळे भातशेतीसाठी सपाट किंवा तुलनेने समतल खाचरे तयार करण्याची पद्धत विकसित झाली. कोकणातील भातशेतीवरील डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या तांत्रिक नोंदीनुसार या प्रदेशात भातासाठी टेरेस किंवा पायरीसदृश शेतीचा वापर केला जातो आणि शेतांचे आकारमान तुलनेने लहान असते.<ref name="DBSKKVKonkanRiceMechanization">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |publisher=Indian Society of Coastal Agricultural Research |url=https://epubs.icar.org.in/ejournal/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उताराच्या जमिनीमध्ये बांधबंदिस्तीमुळे पावसाचे पाणी शेतात काही काळ धरून ठेवण्यास मदत होते. त्यामुळे मातीची धूप कमी करणे, पाण्याचा प्रवाह नियंत्रित करणे आणि भातासाठी आवश्यक ओलावा टिकवून ठेवणे शक्य होते. पारंपरिक पद्धतीत शेतबांधांची देखभाल ही भातशेतीच्या नियमित कामांपैकी एक होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील मातीच्या प्रकारांतही प्रादेशिक फरक आढळतो. दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांमध्ये प्रामुख्याने जांभा व जांभ्यापासून विकसित झालेल्या माती आढळतात, तर उत्तर कोकणातील काही भागांत मध्यम काळ्या मातीचा विस्तार आहे. किनारी भागांत गाळाची तसेच क्षारयुक्त माती आढळते. या मातींच्या गुणधर्मांनुसार भातशेतीची पद्धत आणि पाण्याचे व्यवस्थापन बदलते.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> === खारभूमीतील भातशेती === समुद्रकिनारा आणि खाड्यांच्या परिसरातील सखल जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्याचा प्रभाव असल्यामुळे क्षारयुक्त जमिनी निर्माण होतात. महाराष्ट्रातील खार जमिनींच्या अधिकृत नोंदीनुसार समुद्र आणि नदीखाड्यांच्या परिसरातील सपाट जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्यामुळे क्षारसंचय झालेला आढळतो. अशा जमिनींच्या विकासासाठी आणि पुनर्वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाने खारभूमी विकासाची स्वतंत्र व्यवस्था निर्माण केली आहे.<ref name="KolabaGazetteerKharSoils">{{cite web |title=Kolaba District Gazetteer — Soils |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/agri_soils.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील खार जमिनींमध्ये भात हे महत्त्वाचे पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार खारभूमी संशोधन केंद्र, गिरणे, पनवेल येथे भात, खारभूमी सुधारणा आणि संबंधित कृषी संशोधनावर काम केले जाते. विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये खार जमिनींसाठी भाताच्या उत्पादनतंत्राचा आणि जमिनीच्या व्यवस्थापनाचा अभ्यास समाविष्ट आहे.<ref name="DBSKKVKharlandResearchStation">{{cite web |title=Khar Land Research Station |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Research_Stations_%26_Organogram.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसमोर मुख्य अडचण म्हणजे समुद्राच्या पाण्याचा शिरकाव आणि जमिनीतील क्षारता. भारत सरकारच्या कृषी व शेतकरी कल्याण मंत्रालयाने २०२४ मध्ये राज्यसभेत दिलेल्या माहितीनुसार कोकणातील किनारी आणि खाडीच्या लगतच्या सखल भागांमध्ये समुद्राचे पाणी शिरल्यामुळे कृषी जमिनींवर क्षारयुक्त पाण्याचा परिणाम होतो. अशा जमिनींच्या कृषी वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाकडून विविध उपाययोजना करण्यात येत असल्याचे त्या उत्तरात नमूद केले आहे.<ref name="GovtIndiaKharLand2024">{{cite report |title=Agricultural Use of Khar Lands in Konkan Region |publisher=Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, Government of India |year=2024 |date=20 December 2024 |url=https://sansad.in/getFile/annex/266/AU2898_Es7ESh.pdf?source=pqars |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसाठी क्षारता नियंत्रण, पाण्याचा निचरा आणि बांधांची देखभाल यांना विशेष महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात खार जमिनींसाठी भातासह विविध एकात्मिक शेती पद्धतींचा अभ्यास करण्यात आला आहे. काही शिफारशींमध्ये भात, भाजीपाला, नारळ, मत्स्यपालन आणि इतर घटकांचे एकत्रित व्यवस्थापन सुचविण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKharlandIFS">{{cite web |title=AICRP (SWS) — Khar Land Research Station, Panvel |website=ICAR–Central Soil Salinity Research Institute |publisher=Indian Council of Agricultural Research |url=https://cssri.res.in/aicrp-sws/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भातशेती आणि कृषी जैवविविधता === कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या कृषी जैवविविधतेचा एक भाग आहे. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या अनेक स्थानिक वाणांची नावे आढळतात. या वाणांची विविधता, त्यांचे पक्वतेचे कालावधी आणि स्थानिक लागवडपद्धती यांमुळे पारंपरिक भातशेतीमध्ये आनुवंशिक आणि कृषी विविधता निर्माण झाली होती.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> कोकणातील कृषी जैवविविधतेचा संबंध केवळ भाताच्या वाणांपुरता मर्यादित नाही. भातासोबत विविध कडधान्ये, तेलबिया, भाजीपाला, फळपिके आणि इतर कृषी घटकांचा समावेश असलेल्या शेतीपद्धती या प्रदेशात विकसित झाल्या आहेत. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार कोकणातील भाताधारित शेतीव्यवस्थेत पावसावर आधारित तसेच सिंचनाधारित विविध पीकपद्धती विकसित करण्यात आल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceBasedFarming">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील पर्यावरणीय परिस्थितीचा कृषी जैवविविधतेवरही परिणाम होतो. दक्षिण गोव्यावरील मातीच्या अभ्यासात कोकण प्रदेशातील मातीचे गुणधर्म स्थानिक भूआकार, पर्जन्यमान आणि मानवी हस्तक्षेपामुळे बदलत असल्याचे आढळले. मातीच्या गुणधर्मांमध्ये आढळणारी स्थानिक विविधता ही शेतीच्या व्यवस्थापनासाठी महत्त्वाची असल्याचे त्या अभ्यासात नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> पारंपरिक भातवाणांचे जतन, स्थानिक बियाण्यांचे दस्तऐवजीकरण आणि प्रदेशानुरूप कृषिपद्धतींचे संवर्धन हे कृषी जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये कोकणातील शेतकरी वाणांचे संकलन, त्यांचे वर्णन आणि संवर्धन यांसंबंधी प्रकल्प राबविण्यात आल्याची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVFarmersVarietiesKonkan">{{cite journal |last1=Zagade |first1=P. M. |last2=Bhairamkar |first2=M. S. |last3=Murai |first3=A. M. |last4=Sawant |first4=P. A. |title=Awareness and adoption of paddy growers about rice varieties developed by DBSKKV, Dapoli |journal=International Journal of Chemical Studies |volume=6 |issue=3 |pages=3492–3494 |year=2018 |url=https://www.chemijournal.com/archives/?ArticleId=2931&issue=3&si=&vol=6&year=2018 |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती आणि पर्यावरण यांचे नाते पाऊस, माती, पाण्याचे नियमन, उताराचा भूभाग, किनारी क्षारता आणि कृषी जैवविविधता या घटकांच्या परस्परसंबंधातून स्पष्ट होते. भातखाचरे आणि बांधबंदिस्तीपासून खारभूमी व्यवस्थापनापर्यंत विविध कृषिपद्धती या स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेत विकसित झाल्या आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> == पारंपरिक कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये वापरली जाणारी कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान ही प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन, लहान शेतक्षेत्रे आणि भातशेतीच्या पद्धतींशी जुळवून घेतलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार या प्रदेशातील शेतीची कामे इतर भागांपेक्षा भिन्न स्वरूपाची होती. भातशेतीच्या प्राबल्यामुळे स्थानिक शेतकऱ्यांकडील अवजारे मुख्यतः जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, आंतरमशागत आणि कापणी यांसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Implements |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_implements.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === नांगर आणि शेतीची अवजारे === कोकणातील पारंपरिक शेतीमध्ये ''नांगर'' हे प्रमुख अवजार होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातशेतीसाठी वापरला जाणारा नांगर प्रामुख्याने लाकडाचा बनविला जात असे आणि तो बैलांच्या जोडीने ओढला जात असे. नांगराचे शरीर, फाळ, दांडा, मूठ आणि इतर भाग स्थानिक उपलब्ध लाकडापासून तयार केले जात. कोकणातील लहान आणि उताराच्या शेतजमिनींसाठी हा तुलनेने हलका नांगर उपयुक्त ठरत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीमध्ये नांगराचा उपयोग केवळ जमीन उलटण्यासाठी न करता चिखलणीच्या प्रक्रियेतही केला जात असे. मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर जमीन नांगरली जाई आणि त्यानंतर पाणी साठवून पुन्हा नांगरणी करून जमीन भाताच्या पुनर्लागवडीस योग्य केली जात असे. रत्‍नागिरी गॅझेटियरनुसार भातासाठी साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> ''गुतेफळी'' किंवा ''गुतेफळी''सदृश दातेरी अवजाराचा उपयोग चिखलणी झालेल्या शेताची जमीन समतल करण्यासाठी केला जात असे. या अवजाराच्या साहाय्याने शेतातील मातीचे ढेकळे कमी करून जमीन सपाट केली जात असे आणि पुनर्लागवडीसाठी योग्य पृष्ठभाग तयार केला जात असे. काही ठिकाणी या अवजाराचा उपयोग पेरणीनंतर उगवलेल्या रोपांची गर्दी कमी करण्यासाठी आणि तण किंवा वनस्पती अवशेष गोळा करण्यासाठीही केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> ''मईंद'' किंवा लाकडी ढेकळफोड्या, ''कोळपी'', ''खुरपी'', फावडे, कुदळ, टिकाव आणि कुऱ्हाड यांसारखी विविध हातसाधनेही शेतीच्या वेगवेगळ्या कामांसाठी वापरली जात. ''कोळपी''चा उपयोग आंतरमशागतीसाठी करून माती हलकी करणे, मुळांना हवा मिळवून देणे आणि खत मातीमध्ये मिसळणे अशी कामे केली जात. ''खुरपी''चा वापर पिकातील तणे काढण्यासाठी केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> या अवजारांची रचना स्थानिक गरजांशी संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील १९५६ च्या नोंदींमध्ये मोठ्या संख्येने लाकडी नांगर अस्तित्वात असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. यावरून त्या काळातील शेतीत स्थानिक आणि बैलचलित अवजारांचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> === पारंपरिक लावणीची साधने === कोकणातील भाताची लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित होती. चिखलणी आणि समतलीकरण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील रोपे उपटून भातखाचरात नेली जात आणि हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. त्यामुळे लावणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यांत्रिक साधनांपेक्षा रोपे वाहून नेणे, भारे बांधणे आणि हाताने रोपे लावणे यांना महत्त्व होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> रोपवाटिकेतून काढलेली रोपे लहान भाऱ्यांमध्ये बांधून मुख्य शेतात नेली जात. चिखललेल्या शेतात शेतकरी किंवा मजूर हाताने रोपांचे पुंजके लावत. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक लावणीच्या प्रक्रियेत शेताची समतलता आणि चिखलाची योग्य अवस्था महत्त्वाची होती. त्यासाठी नांगरणी, चिखलणी आणि लाकडी फळी किंवा गुतेफळीच्या साहाय्याने समतलीकरण केले जात असे. त्यामुळे लावणीचे तंत्र हे स्वतंत्र साधनापेक्षा जमीन तयार करण्याच्या पारंपरिक तंत्राशी अधिक निगडित होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात मानवी श्रमाची गरज कमी करण्यासाठी भातलावणी आणि इतर कृषी कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याचे प्रयत्न झाले आहेत. मात्र, कोकणातील लहान, तुकड्यात विभागलेली आणि उताराची शेतजमीन तसेच अतिपर्जन्यमान यांमुळे मोठ्या यंत्रांचा वापर अनेक ठिकाणी मर्यादित राहतो. कोकणातील भातशेतीच्या यांत्रिकीकरणावरील अभ्यासांमध्ये या भौगोलिक मर्यादांचा विशेष विचार करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |pages=43–49 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कापणी आणि मळणीची अवजारे === पारंपरिक पद्धतीत भाताची कापणी ''विळ्या''ने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पिकाची कणसे पक्व झाल्यानंतर भात जमिनीजवळून कापला जाई. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि ते मळणीच्या जागी नेले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यंत्रांऐवजी कापलेल्या भाताच्या भाऱ्यांचा कठीण पृष्ठभागावर किंवा लाकडी फळीवर आपटून दाणे वेगळे करण्याची पद्धत वापरली जात असे. उरलेले दाणे मिळविण्यासाठी काही ठिकाणी पेंढा जनावरांच्या पायांनी तुडविला जात असे. त्यानंतर धान्य आणि पेंढा वेगळे करण्यासाठी उफणणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> विळा, सुप, टोपली आणि इतर साधी हातसाधने ही कापणी, मळणी आणि धान्य हाताळणीतील प्रमुख साधने होती. रत्‍नागिरीच्या कृषी-अवजारांच्या नोंदीमध्ये कापणीसाठी विळा आणि धान्य हाताळण्यासाठी विविध पारंपरिक साधनांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> कोकणातील पारंपरिक कापणी-मळणी प्रक्रियेत मानवी श्रमाचे प्रमाण मोठे होते. आधुनिक काळात मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज वाढली. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, उफणणी यंत्र, रीपर, रीपर-बाइंडर आणि विविध प्रकारच्या मळणी यंत्रांच्या संयोजनांचा आर्थिक अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील अनेक शेतकऱ्यांकडे लहान आकाराची जमीन असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या सामायिक वापराच्या पद्धती यांत्रिकीकरणासाठी उपयुक्त ठरू शकतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === पारंपरिक कृषितंत्रातील स्थानिक ज्ञान === कोकणातील पारंपरिक कृषितंत्र हे स्थानिक भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थितीच्या दीर्घ अनुभवातून विकसित झाले होते. मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन आणि भातासाठी पाणी धरून ठेवण्याची आवश्यकता यांनुसार शेतकरी जमीन तयार करण्याची वेळ, नांगरणीची पद्धत, चिखलणीची अवस्था आणि समतलीकरण यांचा निर्णय घेत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> स्थानिक ज्ञानाचा एक महत्त्वाचा भाग म्हणजे योग्य वेळी योग्य अवजाराचा वापर करणे. लाकडी नांगराचा वापर जमीन उघडण्यासाठी आणि चिखलणीसाठी, गुतेफळीचा वापर समतलीकरणासाठी, कोळपीचा वापर आंतरमशागतीसाठी आणि खुरपीचा वापर तण काढण्यासाठी केला जात असे. अशा प्रकारे प्रत्येक अवजाराचे कार्य भातशेतीच्या विशिष्ट टप्प्याशी जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान पाण्याच्या व्यवस्थापनाशीही संबंधित होते. चिखलणी करून जमिनीतील पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करणे, शेत समतल ठेवणे आणि शेतबांधांच्या साहाय्याने पाणी नियंत्रित करणे या पद्धतींमधून स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेतलेले तंत्रज्ञान दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील शेतजमिनींच्या आकारमानामुळे आणि भौगोलिक रचनेमुळे मोठ्या कृषियंत्रांच्या वापराला काही मर्यादा आहेत. आधुनिक संशोधनातही कोकणातील लहान आणि तुकड्यात विभागलेली जमीन, उताराची शेती आणि उच्च पर्जन्यमान या बाबी यंत्रांच्या निवडीसाठी महत्त्वाच्या असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="DevelopmentPaddyStripperKonkan">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=Girishkumar Balasaheb |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Aware |first3=V. V. |last4=Dhande |first4=K. G. |last5=Deshmukh |first5=P. S. |title=Development of stripper harvester for paddy |journal=Journal of Applied and Natural Science |volume=9 |issue=4 |pages=1943–1948 |year=2017 |url=https://journals.ansfoundation.org/index.php/jans/article/view/1469 |access-date=14 August 2026 }}</ref> पारंपरिक साधनांपासून आधुनिक कृषियंत्रांपर्यंतचा हा बदल टप्प्याटप्प्याने झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप विविध कृषी अवजारे विकसित केली आहेत. त्यामध्ये भात कापणीसाठी ''वैभव विळा'' तसेच भात कापणीसाठी स्वयंप्रचलित रीपर यांचा समावेश आहे. अशा तंत्रज्ञानाचा उद्देश मानवी श्रम कमी करणे आणि कोकणातील परिस्थितीत कृषी कामांची कार्यक्षमता वाढविणे हा आहे.<ref name="DBSKKVImplements">{{cite report |title=Annual Report 2016–17 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/2023-24/Research/PDF%20Annual%20Report%20All/Annual%20Report%202016-17...DBSKKV%20English.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञानाचा विकास हा स्थानिक पर्यावरण, लहान शेतक्षेत्रे, बैलचलित शेती आणि उपलब्ध मानवी श्रम यांच्या गरजांशी संबंधित राहिला आहे. पारंपरिक लाकडी अवजारांपासून आधुनिक रीपर, मळणी यंत्रे आणि इतर यांत्रिक साधनांपर्यंतचा बदल हा कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक परिवर्तनाचा एक भाग आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> == भातशेती आणि ग्रामीण जीवन == कोकणातील भातशेतीचा संबंध केवळ अन्नधान्याच्या उत्पादनाशी नसून ग्रामीण कुटुंबव्यवस्था, कृषी श्रम, स्थानिक अर्थव्यवस्था आणि दैनंदिन जीवनाशीही आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरनुसार विसाव्या शतकाच्या मध्यकाळात शेती हा जिल्ह्यातील लोकांच्या उपजीविकेचा प्रमुख आधार होता. १९५१ च्या जनगणनेच्या आधारे जिल्ह्यातील सुमारे ६९ टक्के लोक शेती हा मुख्य व्यवसाय म्हणून करीत असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture: Census |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_census.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भात हे रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील प्रमुख पीक होते. १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्यामुळे भातशेतीचा ग्रामीण जीवनातील स्थानिक अन्नपुरवठा आणि कृषी अर्थव्यवस्थेशी घनिष्ठ संबंध होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === शेतकरी कुटुंब आणि भातशेती === पारंपरिक कोकणातील शेतीव्यवस्थेत शेतकरी कुटुंब हे उत्पादनाचे महत्त्वाचे एकक होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये शेतजमिनीची मालकी, भाडेपट्ट्यावरील शेती आणि प्रत्यक्ष शेती करणारे शेतकरी यांची स्वतंत्र नोंद आढळते. १९५१ च्या आकडेवारीत स्वतःच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे तसेच मुख्यतः इतरांच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे शेतकरी आणि त्यांचे आश्रित यांचा समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> लहान शेतजमिनी आणि मर्यादित कृषी उत्पन्नामुळे कुटुंबातील सदस्यांचा शेतीच्या कामात सहभाग महत्त्वाचा ठरत असे. ग्रामीण जीवनाच्या सर्वेक्षणात शेतीवर अवलंबून असलेल्या कुटुंबांना उत्पन्नाच्या पूरक साधनांची आवश्यकता भासत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. काही कुटुंबे शेतीबरोबर संबंधित व्यवसाय करीत असत, तर काहींना शहरांमध्ये काम करणाऱ्या कुटुंबीयांकडून आर्थिक मदत मिळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Standard of Living: Rural Areas |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/std_rural.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीतील कामांचे स्वरूप हंगामानुसार बदलत असे. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, लावणी, तण काढणे, कापणी आणि मळणी या कामांमध्ये कुटुंबातील सदस्यांचा प्रत्यक्ष सहभाग असे. तथापि, सर्व कामे केवळ कुटुंबीयांच्या श्रमातूनच पूर्ण होत असत, असा सार्वत्रिक निष्कर्ष काढता येत नाही. विशेषतः लावणी आणि कापणीसारख्या श्रमप्रधान काळात बाहेरील मजुरांची आवश्यकता भासत असल्याची नोंद रत्‍नागिरी गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Wages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> शेतीतून मिळणारे धान्य हे कुटुंबाच्या अन्नपुरवठ्याचा महत्त्वाचा आधार होते. ऐतिहासिक नोंदींनुसार अनेक शेतकऱ्यांना स्वतःच्या गरजा भागविण्यासाठी पुरेसे उत्पादन मिळणेही आव्हानात्मक होते. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध अन्नसुरक्षेबरोबरच कुटुंबाच्या आर्थिक स्थैर्याशीही जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerBorrowers">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Borrowers |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === सामुदायिक श्रम आणि लावणीची परंपरा === कोकणातील भातशेतीतील लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर श्रमप्रधान प्रक्रिया होती. रोपवाटिकेतून रोपे काढणे, त्यांची भारे बांधणे, ती शेतात नेणे आणि चिखललेल्या शेतात पुनर्लागवड करणे या कामांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळ आवश्यक असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मजुरांची आवश्यकता असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> लावणीच्या हंगामात स्थानिक मजुरांची मागणी वाढत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण मजुरीविषयक नोंदीनुसार पुनर्लागवड सुरू झाल्यानंतर मजुरांची कमतरता जाणवत असे आणि शेतकरी आपल्या गावातून किंवा जवळच्या गावांतून मजूर नियुक्त करीत असत. यावरून भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे गावपातळीवर कृषी श्रमाची मागणी वाढत असल्याचे दिसते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी मजुरी रोख रक्कम किंवा धान्याच्या स्वरूपात देण्याच्या पद्धतींचाही उल्लेख आढळतो. काही तालुक्यांमध्ये कापणी आणि मळणीसारख्या कामांसाठी रोख मजुरी दिली जात असे, तर काही ठिकाणी धान्य किंवा भोजनाच्या स्वरूपात मोबदला देण्याची प्रथा आढळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> लावणी आणि कापणीच्या काळात गावातील उपलब्ध मनुष्यबळाचे महत्त्व त्यामुळे वाढत असे. तथापि, आधुनिक अर्थाने प्रत्येक गावात एकसमान ''सामुदायिक श्रम'' व्यवस्था अस्तित्वात होती, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढणे योग्य ठरणार नाही. उपलब्ध नोंदी मुख्यतः कुटुंबीय श्रम, स्थानिक मजूर आणि हंगामी मजुरीच्या व्यवस्थेचे दस्तऐवजीकरण करतात.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> === भातशेती आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था === भातशेतीचा रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर मोठा प्रभाव होता. १९५१ च्या नोंदीनुसार जिल्ह्यातील मोठ्या प्रमाणातील लोकसंख्या शेतीवर मुख्य किंवा पूरक उपजीविकेसाठी अवलंबून होती. शेतीबरोबर पशुपालन, वनीकरण, लागवड आणि इतर संबंधित व्यवसाय हेही उत्पन्नाचे स्रोत होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> भातशेतीमधील उत्पादनाचा काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे, तर उर्वरित धान्याची विक्री किंवा देवाणघेवाण केली जाऊ शकत असे. ग्रामीण जीवनावरील गॅझेटियरच्या नोंदींमध्ये रोख व्यवहारांबरोबर वस्तुविनिमयही अस्तित्वात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत धान्याचे आर्थिक महत्त्व केवळ बाजारातील विक्रीपुरते मर्यादित नव्हते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> भातशेतीशी संबंधित कृषी मजुरीलाही ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान होते. नांगरणी, पेरणी, कापणी आणि मळणी यांसारख्या विशिष्ट कामांसाठी मजूर नियुक्त केले जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी रोख तसेच वस्तुरूप मजुरीच्या पद्धतींचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे ग्रामीण रोजगारामध्येही चढ-उतार होत असत. भाताची पेरणी आणि कापणी यांसारख्या काळात कृषी श्रमाची मागणी वाढत असे, तर शेतीची कामे कमी असलेल्या काळात काही ग्रामीण कामगारांना पर्यायी रोजगार शोधावा लागत असे. रत्‍नागिरीच्या ऐतिहासिक नोंदींमध्ये हंगामानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर रोजगारासाठी मुंबईकडे स्थलांतर करीत असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Movements of the People |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> आधुनिक काळातही कोकणातील भातशेतीमध्ये मजूर हा महत्त्वाचा उत्पादनघटक आहे. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार पारंपरिक पद्धतीतील विविध कृषी कामे मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित असून ती श्रमप्रधान आहेत. मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांच्या यांत्रिकीकरणाची गरज वाढल्याचे संशोधनात नमूद केले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === भातशेती आणि लोकजीवन === भात हा कोकणातील ग्रामीण आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताचे स्थानिक अन्नव्यवस्थेतील महत्त्व आणि त्यापासून तयार होणाऱ्या विविध खाद्यपदार्थांचा उल्लेख आढळतो. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध केवळ कृषी उत्पादनाशी नसून स्थानिक आहारपद्धतीशीही जोडलेला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनाशी संबंधित कापणी, मळणी, धान्य वाळवणे आणि साठवण या प्रक्रिया ग्रामीण जीवनातील नियमित हंगामी कामांचा भाग होत्या. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूच्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीशी संबंधित हंगामी कामांमुळे गावातील श्रमव्यवस्था आणि सामाजिक व्यवहारांनाही चालना मिळत असे. लावणी आणि कापणीच्या काळात शेतमजुरांची मागणी वाढत असे आणि जवळच्या गावांमधूनही मजूर कामासाठी येत असत. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध स्थानिक रोजगार आणि गावांमधील आर्थिक देवाणघेवाणीशी जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीचा ग्रामीण जीवनाशी असलेला संबंध ऐतिहासिक स्थलांतराच्या पद्धतीतही दिसतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी झाल्यानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे शेती आणि शहरातील रोजगार यांच्यात हंगामी आर्थिक संबंध निर्माण झाले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारे ग्रामीण जीवन हे एकसंध किंवा सर्व गावांमध्ये समान स्वरूपाचे नव्हते. जमीनधारणा, शेतीचा प्रकार, कुटुंबाची आर्थिक स्थिती, मजुरीची उपलब्धता आणि इतर व्यवसाय यांनुसार शेतकरी व ग्रामीण कुटुंबांचे जीवनमान वेगवेगळे होते. रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण जीवनावरील सर्वेक्षणात मोठे शेतकरी, मध्यम शेतकरी, भाडेकरू शेतकरी, भूमिहीन मजूर आणि इतर ग्रामीण समूह यांचे वेगवेगळे आर्थिक स्तर नोंदविण्यात आले आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती ही शेतकरी कुटुंब, हंगामी कृषी श्रम, स्थानिक रोजगार, अन्नव्यवस्था आणि ग्रामीण अर्थकारण यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था होती. पारंपरिक काळातील या संबंधांमध्ये कालानुसार बदल झाले असले तरी भातशेतीचे कोकणातील ग्रामीण जीवनाशी असलेले ऐतिहासिक नाते विविध कृषी आणि सामाजिक नोंदींतून स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/><ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा == कोकणातील भातशेतीचा संबंध स्थानिक अन्नव्यवस्था, सण-उत्सव, धार्मिक आचार, लोकपरंपरा आणि ग्रामीण जीवनाशी ऐतिहासिकदृष्ट्या जोडलेला आहे. भात हे कोकणातील प्रमुख अन्नधान्य असल्यामुळे त्याचे स्थान केवळ कृषी उत्पादनापुरते मर्यादित राहिले नाही. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भात हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याची आणि विविध धार्मिक व सामाजिक प्रसंगी स्थानिक खाद्यपरंपरांचा वापर होत असल्याची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriSawantwadiFood">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कृषीविधी आणि धार्मिक परंपरा === कोकणातील ग्रामीण जीवनात कृषी आणि धार्मिक परंपरा परस्परांशी संबंधित होत्या. गावातील सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांमध्ये गावप्रमुख, देवस्थानातील सेवक, पुरोहित आणि इतर ग्रामघटकांची भूमिका निश्चित असल्याचे रत्‍नागिरी-सावंतवाडी गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे. सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांच्या वेळी गावदेवतेची पालखी मिरवणुकीने नेण्याची प्रथा तसेच विविध धार्मिक समारंभांचे सामुदायिक स्वरूप यांची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Villages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> धान्य आणि तांदूळ यांचा धार्मिक व्यवहारातील उपयोगही ऐतिहासिक नोंदींतून दिसतो. सावंतवाडी परिसरातील काही धार्मिक आणि सामाजिक विधींमध्ये तांदूळ अर्पण करण्याची प्रथा नोंदविण्यात आली आहे. त्यामुळे तांदूळ हा केवळ अन्नधान्य नसून काही धार्मिक व्यवहारांमध्ये वापरला जाणारा कृषीउत्पादनाचा घटकही होता.<ref name="RatnagiriGazetteerReligiousCustoms">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील धार्मिक जीवनामध्ये ग्रामदैवतांच्या उत्सवांना महत्त्व होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये ग्रामदेवतांच्या उत्सवांमध्ये कीर्तन, धार्मिक प्रवचन आणि इतर धार्मिक कार्यक्रम होत असल्याची नोंद आहे. अशा प्रसंगी स्थानिक समुदायाचा सहभाग असे आणि धार्मिक कार्यक्रम हे गावाच्या सामाजिक जीवनाचा एक भाग बनत.<ref name="RatnagiriGazetteerEntertainment">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Entertainments |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_entertainments.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> तथापि, भाताच्या पेरणी, लावणी किंवा कापणीशी संबंधित प्रत्येक धार्मिक विधी संपूर्ण कोकणात समान पद्धतीने प्रचलित होता, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढता येत नाही. विविध गाव, समाजसमूह आणि स्थानिक देवपरंपरांनुसार कृषीविषयक आचारांमध्ये फरक असण्याची शक्यता होती. === भातशेती आणि लोकपरंपरा === भातशेतीभोवती विकसित झालेल्या लोकपरंपरांचा संबंध शेतीच्या हंगामी चक्राशी होता. पावसाळ्याच्या सुरुवातीपासून भाताची पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि त्यानंतर कापणीपर्यंतची कामे ग्रामीण जीवनाचा महत्त्वाचा भाग होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांसाठी स्थानिक संज्ञा नोंदविण्यात आल्या आहेत—''बी'', ''रोव'', ''तरवा'', ''पोसावळे'', ''दुधगिले'' आणि ''भात''. या संज्ञा पिकाच्या वाढीचे स्थानिक निरीक्षण आणि त्यानुसार विकसित झालेले कृषी ज्ञान दर्शवतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या कापणीनंतर ग्रामीण जीवनात आणखी एक महत्त्वाचा हंगामी टप्पा सुरू होत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी पूर्ण झाल्यानंतर मोठ्या संख्येने शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे भातशेतीचे हंगामी चक्र ग्रामीण स्थलांतराच्या पद्धतीशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीशी संबंधित लोकपरंपरा केवळ धार्मिक स्वरूपाच्या नव्हत्या. लावणी आणि कापणीच्या काळातील सामूहिक कामे, हंगामानुसार रोजगाराची उपलब्धता, धान्याची साठवण आणि स्थानिक खाद्यपद्धती यांमधूनही भातशेतीचे ग्रामीण सांस्कृतिक जीवनाशी असलेले नाते दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === भात आणि कोकणातील खाद्यसंस्कृती === भात हा रत्‍नागिरी आणि कोकणातील पारंपरिक आहाराचा प्रमुख घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भात हा प्रमुख अन्नधान्य असून तो डाळी, आमटी, भाज्या, ताक, नारळ आणि स्थानिक मसाल्यांसह खाल्ला जात असे. शेतकरी कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भाताबरोबर भाजी, डाळ किंवा माशांचे पदार्थ यांचा समावेश होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> तांदळाचे ''उकडा'' आणि ''सुरई'' असे प्रकारही वापरात होते. उकडा तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर सुरई प्रकारासाठी धान्य उकळण्याची प्रक्रिया केली जात नसे. या दोन प्रकारांचा वापर स्थानिक खाद्यपद्धतीत केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> शिजवलेल्या तांदळाचेही विविध प्रकार आहारात होते. गॅझेटियरमध्ये पाण्याच्या प्रमाणानुसार तयार होणाऱ्या ''भात''ाच्या पद्धतींचा तसेच उरलेल्या तांदळाच्या पाण्याचा ''पेज'' म्हणून वापर होत असल्याचा उल्लेख आहे. ''पेज'' हे विशेषतः सकाळच्या आहाराचा भाग असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> भातापासून तयार होणाऱ्या इतर पदार्थांमध्ये पोहे आणि मुरमुरे यांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार धान्य भाजून किंवा फुलवून त्यापासून विविध खाद्यपदार्थ तयार केले जात आणि पोहे व मुरमुरे यांचा स्थानिक वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> सावंतवाडी परिसरातील खाद्यपरंपरेतही भाताचे महत्त्व दिसते. ऐतिहासिक नोंदीनुसार श्रीमंत आणि मध्यमवर्गीय कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भात, डाळी आणि भाज्या यांचा समावेश होता; विशेष प्रसंगी तांदूळ आणि उडीद डाळीपासून तयार केलेले वडे यांसारखे पदार्थ केले जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiFood"/> यामुळे कोकणातील भातशेती आणि खाद्यसंस्कृती यांचा परस्परसंबंध स्पष्ट होतो. भात हा केवळ शेतातील उत्पादन नसून दैनंदिन भोजन, पारंपरिक खाद्यपदार्थ आणि विशेष प्रसंगांच्या भोजनव्यवस्थेचा महत्त्वाचा घटक होता.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> === धान्याशी संबंधित पारंपरिक साठवण आणि उपयोग === भाताचे धान्य कापणी व मळणीनंतर व्यवस्थित वाळवून पुढील वापरासाठी साठवले जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी धान्य स्वतःच्या वापरासाठी साठवत आणि पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक साठवणुकीसाठी लाकडी कोठारे किंवा ''कोठार'' आणि बांबूपासून तयार केलेल्या ''कणग्या'' वापरल्या जात. कणगीच्या आतील भागात धान्य भरल्यानंतर तिचे तोंड बंद केले जात असे. काही ठिकाणी कणगीच्या बाहेरील बाजूस शेणाचा लेप देण्याची आणि तिचा तळ जमिनीत काही प्रमाणात रोवण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची साठवण ही पुढील हंगामातील शेतीशीही संबंधित होती. मळणीनंतर निवडलेले बियाणे वाळवून सुरक्षित ठेवले जाई आणि पुढील पेरणीसाठी त्याचा उपयोग केला जात असे. अशा प्रकारे साठवणुकीची प्रक्रिया एका हंगामातील उत्पादनाला पुढील हंगामाच्या कृषी चक्राशी जोडत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याचा उपयोग अन्नाव्यतिरिक्त विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार करण्यासाठी केला जात असे. भातापासून पोहे, मुरमुरे आणि पेज यांसारखे पदार्थ तयार होत; तर भाताच्या प्रक्रियेतून मिळणाऱ्या पेंढ्याचा ग्रामीण जीवनात विविध उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्यसाठा हा ग्रामीण कुटुंबाच्या अन्नव्यवस्थेचा महत्त्वाचा आधार होता. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार त्या काळातील उत्पादन तुलनेने कमी असल्यामुळे शेतकऱ्यांकडे साठवलेले धान्य प्रामुख्याने घरगुती वापरासाठी ठेवले जात असे; बाजारपेठेत मोठ्या प्रमाणावर विक्री करण्यासाठी अतिरिक्त साठा उपलब्ध असेलच असे नाही.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा या कृषी उत्पादन, धार्मिक आचार, हंगामी लोकजीवन, खाद्यसंस्कृती आणि धान्यसाठवण या परस्परांशी संबंधित घटकांतून विकसित झाल्या. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमध्ये या परंपरांचे विविध प्रादेशिक आणि सामाजिक स्वरूप दिसते; त्यामुळे संपूर्ण कोकणात एकसारखी सांस्कृतिक पद्धत होती, असा निष्कर्ष काढण्याऐवजी स्थानिक विविधता लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife"/> == आधुनिक काळातील कोकणातील भातशेती == आधुनिक काळात कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक पद्धतींसोबत सुधारित वाण, शास्त्रीय पीक व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण, सुधारित खत व्यवस्थापन आणि कृषी संशोधनावर आधारित तंत्रज्ञानाचा वापर वाढला आहे. कोकणातील भौगोलिक परिस्थिती, उच्च पर्जन्यमान, लहान शेतक्षेत्रे आणि मनुष्यबळाची उपलब्धता या घटकांमुळे आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार या प्रदेशात विशिष्ट स्वरूपाचा राहिला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === यांत्रिकीकरण === कोकणातील भातशेतीतील अनेक कामे पारंपरिक पद्धतीने मानवी श्रमावर आधारित होती. जमीन तयार करणे, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसारख्या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता भासत असे. मात्र, कृषी मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यांमुळे भातशेतीतील विविध कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज निर्माण झाली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या यांत्रिकीकरणाचा अभ्यास करताना विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, हातचलित किंवा शक्तिचलित उफणणी यंत्र, स्वयंप्रचलित रीपर, रीपर-बाइंडर, विविध प्रकारची मळणी यंत्रे आणि कंबाईन हार्वेस्टर अशा पर्यायांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील मोठ्या प्रमाणातील शेतकरी अल्पभूधारक असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे यंत्रसामग्रीचा सामायिक वापर, कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या व्यवस्थांना महत्त्व प्राप्त झाले आहे. अभ्यासात रीपर आणि रीपर-बाइंडर यांसारखी यंत्रे सीमांत आणि मध्यम शेतकऱ्यांसाठी उपयुक्त ठरू शकतात, असे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भाताच्या कापणीसाठी स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप यंत्रे विकसित करण्याचेही प्रयत्न झाले आहेत. कोकणातील कृषी अभियांत्रिकी संशोधनात भातासाठी स्ट्रिपर हार्वेस्टरसारख्या यंत्रांच्या विकासाचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा यंत्रांचा उद्देश कापणीतील श्रम आणि वेळ कमी करणे तसेच कोकणातील लहान शेतक्षेत्रांना अनुरूप तंत्रज्ञान विकसित करणे हा आहे.<ref name="DevelopmentPaddyStripperKonkan"/> यांत्रिकीकरणाचा विस्तार मात्र केवळ यंत्रांच्या उपलब्धतेवर अवलंबून नसून शेताचे आकारमान, भूभाग, पाण्याची स्थिती, यंत्राचा वापरकालावधी आणि त्याचा आर्थिक खर्च यांवरही अवलंबून असतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक परिस्थितीशी सुसंगत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य यंत्रांचा वापर महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === सुधारित लागवड तंत्र === आधुनिक भातशेतीमध्ये सुधारित वाणांची निवड, योग्य पेरणीची वेळ, रोपांची योग्य अवस्था, खत व्यवस्थापन आणि तण नियंत्रण यांना महत्त्व दिले जाते. कोकणातील भातवाणांच्या पेरणीच्या वेळेचा उत्पादनावर होणारा परिणाम तपासण्यासाठी डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधकांनी क्षेत्रीय प्रयोग केले आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> २०१५–१६ च्या खरीप हंगामात डापोली येथे करण्यात आलेल्या प्रयोगात २३वा, २४वा आणि २५वा हवामानशास्त्रीय आठवडा अशा तीन पेरणी कालावधींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात २३व्या हवामानशास्त्रीय आठवड्यात पेरलेल्या पिकाला तुलनेने अधिक धान्य व पेंढीचे उत्पादन मिळाले. या प्रयोगात कर्जत-५, पालघर-१, जया, स्वर्ण आणि कर्जत-२ या वाणांचा समावेश करण्यात आला होता.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> कोकणातील थेट पेरणीच्या भातासाठी तण व्यवस्थापनावरही संशोधन करण्यात आले आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील कृषी संशोधन केंद्र, रिपोली येथे २०१९, २०२० आणि २०२१ या खरीप हंगामांत करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय प्रयोगात विविध तणनियंत्रण पद्धतींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात तणमुक्त स्थिती तसेच काही निवडक पूर्वउगवणी आणि पश्चातउगवणी तणनियंत्रण पद्धतींमुळे उत्पादन घटकांवर आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले.<ref name="DademalEtAl2025WeedManagement">{{cite journal |last1=Dademal |first1=A. A. |last2=Jagtap |first2=D. N. |last3=More |first3=V. G. |last4=Bodake |first4=P. S. |last5=Mhaskar |first5=N. V. |last6=Pinjari |first6=S. S. |last7=Dahiphale |first7=A. V. |title=Integrated Weed Management in Kharif Direct Seeded Rice (Oryza sativa L.) in Medium Black Soil of Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Bio-resource and Stress Management |volume=16 |issue=11 |pages=1–8 |year=2025 |url=https://ojs.pphouse.org/index.php/IJBSM/article/view/6859 |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित लागवड तंत्रामध्ये स्थानिक परिस्थितीनुसार योग्य वाणाची निवडही महत्त्वाची आहे. कोकणातील कृषी संशोधनात विविध वाणांची पक्वता, उत्पादनक्षमता आणि स्थानिक हवामानाशी जुळवून घेण्याची क्षमता तपासण्यात आली आहे. त्यामुळे आधुनिक भातशेतीमध्ये एकच पद्धत संपूर्ण कोकणासाठी समान न मानता स्थानिक परिस्थितीनुसार लागवड तंत्र निवडण्यावर भर दिला जातो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === सेंद्रिय आणि शाश्वत शेती === कोकणातील भातशेतीमध्ये जमिनीची सुपीकता टिकवणे, पीक अवशेषांचा योग्य वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन आणि उपलब्ध संसाधनांचा कार्यक्षम वापर या बाबींना शाश्वत शेतीच्या दृष्टीने महत्त्व आहे. किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवर करण्यात आलेल्या अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढीवर, उत्पादनावर आणि आर्थिक परिणामांवर अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन हे जमिनीतील सेंद्रिय पदार्थ आणि पोषकद्रव्यांच्या पुनर्वापराशी संबंधित आहे. भाताच्या पेंढीचे योग्य व्यवस्थापन करून ती शेतातच वापरणे किंवा इतर कृषी उपयोगात आणणे ही संसाधनांचा पुनर्वापर करणारी पद्धत ठरू शकते. किनारी महाराष्ट्रातील प्रयोगांमध्ये पीक अवशेष व्यवस्थापन आणि खत व्यवस्थापन यांच्या विविध संयोजनांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील भातासाठी सेंद्रिय आणि अजैविक खतांच्या वापराच्या तुलनात्मक परिणामांचाही अभ्यास झाला आहे. डापोली येथील क्षेत्रीय प्रयोगात नत्राच्या विविध मात्रा आणि शेणखताच्या विविध मात्रांचा वापर करून भाताच्या वाढी, उत्पादन घटक आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम तपासण्यात आला. या संशोधनातून पोषण व्यवस्थापनामध्ये सेंद्रिय आणि अजैविक स्रोतांचा योग्य वापर हा उत्पादनक्षमता आणि आर्थिक परताव्याशी संबंधित असल्याचे दिसून आले.<ref name="WarankarEtAl2020NutrientManagement">{{cite journal |last1=Warankar |first1=V. V. |last2=Chavan |first2=Y. S. |last3=Jadhav |first3=A. N. |last4=Bahiram |first4=M. E. |last5=Gaikwad |first5=A. M. |last6=Chavan |first6=V. G. |last7=Rajemahadik |first7=V. A. |last8=Sagavekar |first8=V. V. |last9=Chavan |first9=S. A. |title=Nutrient Management in kharif Rice (Oryza sativa L.) through Inorganic and Organic Sources for Enhancing Productivity and Profitability in Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=9 |issue=12 |pages=355–364 |year=2020 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=20440&SNo=45&vol=9-12-2020 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत डाळी, भाजीपाला, दुग्धव्यवसाय, कुक्कुटपालन, फळबागा आणि इतर कृषी उपक्रम यांचे संयोजन आढळले आहे. या अभ्यासात विविध कृषी उपक्रमांचे एकत्रीकरण आणि विविधीकरण यांचा शेतीच्या नफाक्षमतेशी सकारात्मक संबंध आढळला. त्यामुळे भातशेतीला इतर कृषी उपक्रमांशी जोडणे ही कोकणातील शाश्वत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य शेती व्यवस्थेची एक दिशा मानता येते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> मात्र ''सेंद्रिय शेती'' आणि ''शाश्वत शेती'' हे समानार्थी संकल्पना नाहीत. उपलब्ध संशोधनाच्या आधारे कोकणातील सर्व भातशेती सेंद्रिय पद्धतीने केली जाते, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. आधुनिक कोकणातील शाश्वत भातशेतीचा विचार करताना मातीचे आरोग्य, पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन, संतुलित खत वापर, पाणी व्यवस्थापन, पीक विविधीकरण आणि उत्पादन खर्च यांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="PalkarEtAl2023">{{cite journal |last1=Palkar |first1=K. P. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Pinjari |first3=S. S. |last4=Kasture |first4=M. C. |last5=Dodake |first5=S. B. |title=Effect of Crop Residue and Fertilizer Management on Growth, Yield and Economics of Rice in the Coastal Region of Maharashtra |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=41 |issue=2 |pages=128–133 |year=2023 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/126544 |access-date=14 August 2026 }}</ref><ref name="ToraneEtAl2011"/> === कृषी संशोधन आणि कोकण कृषी विद्यापीठाची भूमिका === कोकणातील आधुनिक भातशेतीच्या विकासामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली आणि त्याच्या विविध संशोधन केंद्रांची महत्त्वाची भूमिका आहे. विद्यापीठाने कोकणातील भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थिती लक्षात घेऊन भातासह विविध पिकांच्या सुधारित जाती विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे. रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांसारख्या सुधारित जाती तसेच सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाणांचा विकास विद्यापीठाच्या भात संशोधनाचा भाग आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या संशोधनात केवळ वाणनिर्मितीवर भर नसून पेरणीची योग्य वेळ, उत्पादनक्षमता, खत व्यवस्थापन, तण व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण आणि स्थानिक परिस्थितीशी अनुरूप पीक व्यवस्थापन यांचाही अभ्यास केला जातो. कोकणातील पेरणीच्या वेळेवरील क्षेत्रीय प्रयोग आणि तण व्यवस्थापनावरील अलीकडील संशोधन याचे उदाहरण आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="DademalEtAl2025WeedManagement"/> कृषी अभियांत्रिकीच्या क्षेत्रातही विद्यापीठाशी संबंधित संशोधन संस्थांनी भातशेतीतील श्रम कमी करण्यासाठी विविध यंत्रे आणि तंत्रे विकसित करण्याचा प्रयत्न केला आहे. भात कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेसाठी विविध यंत्रसामग्रीच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा संशोधनामुळे कोकणातील लहान शेतकऱ्यांसाठी योग्य यांत्रिकीकरणाच्या पर्यायांचा शोध घेता आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भातशेतीसमोरील बदलत्या हवामान, मजूरटंचाई, वाढता उत्पादनखर्च आणि संसाधनांच्या कार्यक्षम वापराच्या प्रश्नांच्या पार्श्वभूमीवर कृषी संशोधनाचे महत्त्व वाढले आहे. स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाण, योग्य लागवड कालावधी, तण आणि पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा वापर आणि यांत्रिकीकरण यांचा एकत्रित अभ्यास आधुनिक भातशेतीच्या विकासासाठी महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे आधुनिक कोकणातील भातशेती ही पारंपरिक कृषिज्ञान आणि आधुनिक कृषी संशोधन यांच्या संयोगातून विकसित होत आहे. सुधारित वाण आणि लागवड तंत्रांबरोबर यांत्रिकीकरण, पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा पुनर्वापर आणि कृषी विविधीकरण यांचा वापर वाढविण्याचे प्रयत्न सुरू आहेत. या प्रक्रियेत कोकणाच्या विशिष्ट भौगोलिक आणि सामाजिक-आर्थिक परिस्थितीशी सुसंगत तंत्रज्ञानाला विशेष महत्त्व आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == भातशेतीसमोरील आव्हाने == कोकणातील भातशेतीसमोर नैसर्गिक, आर्थिक, सामाजिक आणि तांत्रिक स्वरूपाची अनेक आव्हाने आहेत. प्रदेशातील मुसळधार मोसमी पाऊस, पावसातील असमानता, लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन, कृषी मजुरांची कमतरता, वाढता उत्पादनखर्च आणि कृषी जमिनीच्या बिगरशेती वापराकडे होणारा कल यांचा भातशेतीवर परिणाम होतो. कोकणातील भात उत्पादनाच्या दीर्घकालीन अभ्यासात क्षेत्रफळात घट होत असल्याचे, तर उत्पादन आणि उत्पादकतेत तांत्रिक प्रगतीमुळे काही प्रमाणात वाढ झाल्याचे आढळले आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan">{{cite thesis |last=Shinde |first=Archana Amrut |title=Rice Production in Konkan Region—An Economic Analysis |type=M.Sc. (Agri.) thesis |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |date=June 2017 |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/items/4c28503c-4c72-4d41-a115-b9660f7ce90f |access-date=14 August 2026 }}</ref> === बदलते हवामान आणि पर्जन्यमान === कोकणातील भातशेती मोठ्या प्रमाणावर मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पर्जन्यमानातील बदलांचा पिकावर थेट परिणाम होऊ शकतो. भारतीय हवामान विभागाच्या दीर्घकालीन अभ्यासानुसार १९०१ ते २०२० या कालावधीत कोकण व गोवा विभागातील वार्षिक पर्जन्यमानात सांख्यिकीयदृष्ट्या लक्षणीय वाढीचा कल आढळला असून, दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसातही वाढीचा कल नोंदविण्यात आला आहे. त्याच अभ्यासात विविध दशकांमध्ये अतिरिक्त तसेच तुटीची पर्जन्यमानाची वर्षे आढळल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall">{{cite journal |last1=Singh |first1=Neeti |last2=Tomar |first2=C. S. |last3=Kumar |first3=Gajendra |last4=Arun |first4=S. H. |last5=Sankhala |first5=Dinesh |title=Temporal variations of rainfall over Konkan & Goa during 1901-2020 |journal=MAUSAM |volume=75 |issue=1 |pages=101–108 |year=2024 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/803 |access-date=14 August 2026 }}</ref> पर्जन्यमानाचे एकूण प्रमाण पुरेसे असले तरी त्याचे हंगामातील वितरण भातशेतीसाठी महत्त्वाचे असते. कोकण किनाऱ्यावरील दीर्घकालीन पर्जन्य अभ्यासात मोसमी पाऊस सलग पडत नसून पावसामध्ये काही कालावधीचे खंड पडू शकतात, असे आढळले आहे. त्यामुळे पावसाचे आगमन, पावसातील खंड आणि अतिवृष्टीचे कालखंड यांचा भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="Singh1973DrySpellsKonkan"> {{cite journal |last=Singh |first=Gurbachan |title=Long dry spells of short return periods during southwest monsoon along the Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=24 |issue=1 |pages=69–74 |year=1973 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/5103 }} </ref> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील आकडेवारीवर आधारित अभ्यासात भाताच्या उत्पादनाचा पर्जन्यमानाशी संबंध तपासण्यात आला. पिकाच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पाऊस आणि भाताच्या उत्पादनामध्ये महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे त्या अभ्यासात आढळले. त्यामुळे भातशेतीसाठी केवळ वार्षिक पर्जन्यमान नव्हे तर पिकाच्या वाढीच्या महत्त्वाच्या अवस्थांमध्ये पडणाऱ्या पावसाचे प्रमाणही महत्त्वाचे ठरते.<ref name="ChowdhuryDas1993RiceRainfallKonkan"> {{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 }} </ref> हवामानातील बदलांशी जुळवून घेण्याच्या प्रक्रियेत शेतकऱ्यांना हवामानाचा अचूक अंदाज, योग्य वेळी उपलब्ध होणारी माहिती आणि स्थानिक पातळीवरील कृषी मार्गदर्शन यांची आवश्यकता असते. पालघर जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासात बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेताना अचूक हवामान अंदाजाची कमतरता ही प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे.<ref name="ShelarSinghMaji2022ClimateKonkan"> {{cite journal |last1=Shelar |first1=Rohit |last2=Singh |first2=A. K. |last3=Maji |first3=Saikat |title=Constraints in Adapting the Climate change in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Extension Education |volume=58 |issue=1 |pages=169–171 |year=2022 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/IJEE/article/view/119187 }} </ref> === मजूर उपलब्धतेची समस्या === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील अनेक कामे श्रमप्रधान आहेत. लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असून, मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे भात उत्पादन आर्थिकदृष्ट्या अधिक खर्चिक होत आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> विशेषतः लावणी आणि कापणीच्या काळात मजुरांची मागणी वाढते. कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक अभ्यासांमध्ये शेतकऱ्यांना पिकाच्या महत्त्वाच्या कालखंडात आवश्यक मनुष्यबळ उपलब्ध करून देणे हे एक आव्हान असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागातील स्थलांतराच्या अभ्यासात स्थानिक रोजगाराच्या मर्यादांमुळे ग्रामीण लोकसंख्येतील काही घटक इतर भागांकडे स्थलांतर करीत असल्याचे आढळले आहे. कोकणातील स्थलांतराचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम करणाऱ्या अभ्यासात स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये श्रमशक्तीचे प्रमाण आणि शेतीबाहेरील उत्पन्नाचे महत्त्व अधिक असल्याचे दिसून आले.<ref name="ThoratEtAl2011Migration">{{cite journal |last1=Thorat |first1=V. A. |last2=Dhekale |first2=J. S. |last3=Patil |first3=H. K. |last4=Bagde |first4=S. R. |title=Impact of Migration on Rural Economy of Konkan Region |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=Conference Number |pages=556 |year=2011 |url=https://agris.fao.org/search/en/providers/122535/records/65df913a63b8185d9cad503e |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांची कमतरता कमी करण्यासाठी कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियांचे यांत्रिकीकरण हा एक पर्याय मानला जातो. कोकणातील संशोधनात रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रे यांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. मात्र लहान शेतक्षेत्रे आणि यंत्रांच्या खर्चामुळे सामायिक वापर किंवा कस्टम हायरिंगसारख्या व्यवस्थांची आवश्यकता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === शेतीखर्च आणि आर्थिक आव्हाने === भातशेतीतील उत्पादनखर्च हा कोकणातील शेतकऱ्यांसमोरील महत्त्वाचा आर्थिक प्रश्न आहे. बियाणे, खते, कीटकनाशके, मजुरी, मशागत, कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील खर्च यांचा एकत्रित परिणाम भातशेतीच्या नफाक्षमतेवर होतो. कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासात बियाणे, खते आणि मजुरीचा वाढता खर्च तसेच उत्पादनाला मिळणारी तुलनेने कमी किंमत या प्रमुख अडचणी असल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"> {{cite journal |last1=Hile |first1=R. B. |last2=Darekar |first2=A. S. |last3=Datrkar |first3=S. B. |title=Adoption assessment of production technology for paddy cultivation in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Economics and Development |volume=11 |issue=1 |pages=217–225 |year=2015 |url=https://indianjournals.com/article/ijed1-11-1-023 }} </ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांच्या वाढत्या किमती, योग्य वेळी कृषी निविष्ठा उपलब्ध न होणे, मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="WarwadekarEtAl2022Constraints"> {{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 }} </ref> कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक अभ्यासात हवामान, उत्पादनक्षमता आणि क्षेत्रफळातील बदल यांचा उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले आहे. उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी आधुनिक कृषितंत्रज्ञानाचा स्वीकार महत्त्वाचा ठरला असला तरी उत्पादनातील अस्थिरता आणि उत्पादनखर्च यांचा शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नावर परिणाम होतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेवरील आर्थिक अभ्यासात पीक विविधीकरण आणि विविध कृषी व्यवसायांचे एकत्रीकरण यांचा विचार करण्यात आला आहे. भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश केल्यास शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत विविध होऊ शकतात. त्यामुळे केवळ भातावर अवलंबून न राहता स्थानिक परिस्थितीनुसार विविधीकृत कृषी व्यवस्था हा आर्थिक जोखीम कमी करण्याचा एक पर्याय ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/> === शेतीजमिनीतील बदल === कोकणातील भातशेतीसमोरील आणखी एक महत्त्वाचे आव्हान म्हणजे कृषी जमिनीच्या वापरातील बदल. कोकणातील भात उत्पादनावरील दीर्घकालीन आर्थिक अभ्यासात १९८९–९० ते २०१४–१५ या कालावधीत भाताखालील क्षेत्रात घट झाल्याचे आढळले आहे. ही घट विशेषतः तत्कालीन ठाणे आणि रायगड जिल्ह्यांत अधिक होती. अभ्यासात जलद नागरीकरण, औद्योगिकीकरण आणि कृषी जमिनीचा बिगरशेती वापराकडे होणारा बदल ही त्यामागील कारणे म्हणून नमूद केली आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> भाताखालील क्षेत्रातील घट ही सर्व कोकण जिल्ह्यांमध्ये समान प्रमाणात झालेली नाही. भौगोलिक परिस्थिती, शहरीकरणाची तीव्रता, औद्योगिक विकास, जमिनीची किंमत आणि स्थानिक रोजगाराच्या संधी यांनुसार जमिनीच्या वापरातील बदलाचे स्वरूप वेगवेगळे असू शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कृषी जमिनीचे तुकडीकरण हेही कोकणातील शेतीसमोरील संरचनात्मक आव्हान आहे. लहान आणि तुकड्यात विभागलेल्या शेतजमिनीमुळे मोठ्या कृषियंत्रांचा वापर करणे, यंत्रसामग्रीचा पूर्ण क्षमतेने उपयोग करणे आणि यांत्रिकीकरणातून होणारा खर्च कमी करणे कठीण होऊ शकते. कोकणातील कृषी यांत्रिकीकरणाच्या अभ्यासात लहान शेतक्षेत्रे ही यंत्रसामग्रीच्या वापरातील महत्त्वाची मर्यादा असल्याचे दिसून येते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> जमिनीच्या वापरातील बदलांमुळे भातशेतीचे पारंपरिक कृषी क्षेत्र कमी होण्याबरोबरच ग्रामीण उत्पादनव्यवस्थेवरही परिणाम होऊ शकतो. त्यामुळे उपलब्ध कृषी जमीन टिकवून ठेवणे, पाण्याची व्यवस्था सुधारणे आणि स्थानिक परिस्थितीनुसार शेती अधिक आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य करणे ही भातशेतीच्या भविष्यासाठी महत्त्वाची आव्हाने आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> === तरुण पिढी आणि शेतीपासून दुरावणे === कोकणातील ग्रामीण समाजामध्ये शेतीबाहेरील रोजगाराच्या संधी वाढल्यामुळे तरुण पिढीच्या उपजीविकेच्या निवडींमध्ये बदल झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाशी संबंधित कृषी संशोधनाच्या नोंदींमध्ये कोकणातील सक्षम आणि तरुण पुरुष रोजगाराच्या शोधात मुंबई व पुण्यासारख्या शहरांकडे स्थलांतर करीत असल्यामुळे गावातील शेतीची जबाबदारी मागे राहिलेल्या कुटुंबीयांवर येत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKonkanMigration"> {{cite web |title=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=ICAR–Krishikosh |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/communities/67de6ba0-83e3-4e02-a1c0-35f76c98c742 }} </ref> कोकणातील स्थलांतराच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवरील अभ्यासात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांतील स्थलांतरित व स्थलांतर न केलेल्या कुटुंबांची तुलना करण्यात आली. स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये स्थलांतरित सदस्यांकडून मिळणारे उत्पन्न आणि इतर उत्पन्नस्रोत हे कुटुंबाच्या उपभोगाच्या पातळीशी संबंधित असल्याचे आढळले. स्थलांतरामुळे शेतीमध्ये आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार वाढल्याचेही त्या अभ्यासात नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> तरुण पिढी शेतीपासून दूर जाण्याचा संबंध केवळ शेतीविषयीच्या अनास्थेशी जोडणे योग्य ठरणार नाही. ग्रामीण भागातील रोजगाराच्या संधी, शेतीतील उत्पन्नाची अनिश्चितता, वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता आणि शहरांतील रोजगाराच्या तुलनेने अधिक आकर्षक संधी या सर्व घटकांचा उपजीविकेच्या निवडीवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/><ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> शेतीतील मनुष्यबळाच्या उपलब्धतेवर या बदलांचा परिणाम होऊ शकतो. पारंपरिक भातशेतीतील लावणी, कापणी आणि मळणी यांसारखी कामे श्रमप्रधान असल्यामुळे कुटुंबातील तरुण सदस्य शेतीत सक्रियपणे सहभागी न झाल्यास बाहेरील मजुरांवरील अवलंबित्व वाढू शकते. मजुरांच्या कमतरतेमुळे यांत्रिकीकरणाची गरजही वाढते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> त्यामुळे कोकणातील भातशेती टिकवण्यासाठी तरुणांना केवळ पारंपरिक शेतीकडे परत आणण्यापेक्षा शेतीला तांत्रिकदृष्ट्या आधुनिक, आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य आणि रोजगारनिर्मितीक्षम बनविणे महत्त्वाचे ठरते. सुधारित वाण, यांत्रिकीकरण, प्रक्रिया व मूल्यवर्धन, पीक विविधीकरण आणि आधुनिक कृषी तंत्रज्ञान यांचा वापर ग्रामीण तरुणांसाठी शेतीतील नव्या संधी निर्माण करण्यास सहाय्यक ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीसमोरील आव्हाने एकमेकांशी संबंधित आहेत. पर्जन्यमानातील बदल आणि हवामानातील अनिश्चितता उत्पादनावर परिणाम करू शकते; मजुरांची कमतरता उत्पादनखर्च वाढवते; वाढता खर्च आणि बाजारातील मर्यादा नफाक्षमता कमी करू शकतात; तर नागरीकरण आणि बिगरशेती वापरामुळे भाताखालील क्षेत्र कमी होऊ शकते. या सर्व घटकांच्या पार्श्वभूमीवर स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप तंत्रज्ञान, कृषी संशोधन, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण आणि शेतकऱ्यांना आर्थिकदृष्ट्या सक्षम करणाऱ्या उपाययोजना महत्त्वाच्या ठरतात.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall"/> == संवर्धन आणि भविष्यातील दिशा == कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य पारंपरिक भातवाणांचे संवर्धन, कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण, स्थानिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि पर्यावरणीयदृष्ट्या शाश्वत उत्पादनपद्धती यांच्याशी संबंधित आहे. कोकणासाठी विकसित केलेल्या सुधारित भातवाणांबरोबरच स्थानिक वाण आणि शेतकरी-आधारित बियाणेपरंपरा जतन करणे महत्त्वाचे मानले जाते. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेकडूनही स्थानिक वाणांचे संवर्धन, आनुवंशिक संसाधनांचा शाश्वत वापर आणि शेतकरी वाणांचे संरक्षण यांना महत्त्व दिले जाते.<ref name="ICARCropScience"> {{cite web |title=Crop Science |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/crop-science/crop-science |access-date=14 August 2026 }} </ref><ref name="ICARSeedConservation"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक भाताच्या जातींचे संवर्धन === कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक स्थानिक वाणांना ऐतिहासिक आणि कृषी महत्त्व आहे. विविध स्थानिक परिस्थितींशी जुळवून घेतलेले वाण त्यांच्या पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे स्वरूप, चव, उत्पादनक्षमता आणि काही जैविक ताणांना सहन करण्याची क्षमता यांमध्ये परस्परांपेक्षा भिन्न असू शकतात. त्यामुळे स्थानिक वाणांचे जतन हे केवळ सांस्कृतिक वारशाचे संरक्षण नसून भविष्यातील पीक सुधारणा आणि बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेण्यासाठी उपलब्ध आनुवंशिक विविधतेचे संरक्षणही आहे.<ref name="ICARCropScience"/> स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी शेतकरी पातळीवरील बियाणे जतन, परस्पर बियाणे देवाणघेवाण, समुदाय-आधारित बियाणे बँका आणि संस्थात्मक जनुकसंग्रह यांचा उपयोग करता येतो. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेने स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी समुदायस्तरीय बियाणे बँकांना प्रोत्साहन दिले असून, अशा व्यवस्थांमधून स्थानिक वाणांचे संकलन, साठवण आणि पुनर्वापर करता येतो.<ref name="ICARCommunitySeedBanks"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणाच्या परिस्थितीस अनुरूप अनेक सुधारित भातवाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने रत्‍नागिरी, कर्जत, पालघर, पनवेल आणि फोंडाघाट या नावांनी ओळखल्या जाणाऱ्या विविध भातवाणांसह सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाण विकसित केले आहेत. या वाणांमध्ये पक्वतेचा कालावधी, उत्पादनक्षमता आणि रोग-किडींविषयीची प्रतिक्रिया यांमध्ये विविधता आढळते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करताना त्यांची वैज्ञानिक नोंद, बियाण्याची शुद्धता, स्थानिक नाव, लागवड क्षेत्र, कृषी गुणधर्म आणि पारंपरिक उपयोग यांचे दस्तऐवजीकरण करणे आवश्यक ठरते. अशा प्रकारे शेतकरी पातळीवरील संवर्धन आणि संस्थात्मक आनुवंशिक संसाधनांचे संरक्षण यांची सांगड घालणे भविष्यातील भातशेतीसाठी उपयुक्त ठरू शकते.<ref name="ICARSeedConservation"/> === कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण === भाताच्या विविध स्थानिक वाणांचे अस्तित्व हे कृषी जैवविविधतेचा महत्त्वाचा भाग आहे. एका वाणावर मोठ्या प्रमाणात अवलंबून राहण्याऐवजी विविध आनुवंशिक वैशिष्ट्ये असलेल्या वाणांचे संवर्धन केल्यास भविष्यातील पीक सुधारणा कार्यक्रमांसाठी आनुवंशिक संसाधनांची उपलब्धता टिकवून ठेवता येते. ICARच्या पीकविज्ञान कार्यक्रमात वनस्पतींच्या आनुवंशिक संसाधनांचे संवर्धन आणि त्यांचा शाश्वत वापर हा संस्थेच्या प्रमुख उद्दिष्टांपैकी एक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ICARCropScience"/> कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण हे केवळ जनुक बँकांमध्ये बियाणे साठवण्यापुरते मर्यादित नसून शेतकरी पातळीवर स्थानिक वाणांची प्रत्यक्ष लागवड सुरू ठेवण्याशीही संबंधित आहे. अशा ''in situ'' किंवा शेतकरी-आधारित संवर्धनामुळे स्थानिक वाण त्यांच्याशी संबंधित कृषिपद्धती आणि पारंपरिक ज्ञानासह जतन होऊ शकतात.<ref name="ICARGenomeSaviour"> {{cite web |title=Plant Genome Saviour Awards to the conservers of plant diversity |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/node/6197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> ICARच्या विविध उपक्रमांमध्ये पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करणाऱ्या शेतकरी आणि समुदायांना प्रोत्साहन देण्यात आले आहे. काही समुदायांनी स्थानिक तांदळाच्या अनेक वाणांचे जतन करून त्यांची बियाणे इतर शेतकऱ्यांमध्ये वितरित केली आहेत. या अनुभवातून समुदाय-आधारित संवर्धन, बियाणे देवाणघेवाण आणि शेतकरी सहभाग यांना कृषी जैवविविधतेच्या संरक्षणात महत्त्व असल्याचे दिसते.<ref name="ICARGenomeSaviour"/> कोकणातील भातशेतीच्या संदर्भात जैवविविधतेचे संरक्षण करताना स्थानिक भातवाणांसोबत पारंपरिक पीकपद्धती, शेतबांध, भातखाचरे आणि भाताशी संबंधित इतर कृषी घटकांचेही संरक्षण महत्त्वाचे ठरते. अशा एकात्मिक दृष्टिकोनामुळे कृषी उत्पादन आणि स्थानिक पर्यावरण यांच्यातील संबंध टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="DBSKKVRiceBasedSystems"> {{cite web |title=Rice based cropping systems and technologies for Konkan region |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://archive.dbskkv.org/collection/410/document/2197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक ज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये पावसाचा अंदाज, जमिनीची अवस्था, रोपवाटिकेची वेळ, लावणीची योग्य अवस्था, स्थानिक वाणांची निवड, तण नियंत्रण, पाण्याचे नियमन, कापणी आणि बियाणे साठवण यांसंबंधी अनुभवाधारित ज्ञान विकसित झाले आहे. या ज्ञानाचा मोठा भाग शेतकरी आणि ग्रामीण समुदायांच्या प्रत्यक्ष अनुभवातून पिढ्यान्‌पिढ्या हस्तांतरित झाला आहे. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण करताना केवळ मौखिक माहिती नोंदविण्याऐवजी तिचे स्थानिक नाव, वापराची पद्धत, कालावधी, भौगोलिक संदर्भ आणि उपलब्ध वैज्ञानिक पुरावे यांसह नोंद करणे आवश्यक आहे. स्थानिक वाणांचे वैज्ञानिक वर्णन आणि शेतकरी वाणांची नोंद यामुळे भविष्यातील कृषी संशोधनासाठी उपयुक्त माहिती उपलब्ध होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/> भारतीय कृषी संशोधन परिषद आणि तिच्या संस्थांनी पारंपरिक पीकवाणांच्या संवर्धनासाठी समुदाय-आधारित बियाणे बँका, शेतकरी सहभाग आणि स्थानिक वाणांच्या नोंदणीला प्रोत्साहन दिले आहे. शेतकरी वाणांचे कायदेशीर संरक्षण आणि त्यांची नोंदणी यासाठी वनस्पती वाण आणि शेतकरी हक्क संरक्षण प्राधिकरणाशी संबंधित उपक्रमही राबविले जातात.<ref name="ICARPPVFRA"> {{cite web |title=Training-cum-awareness programme on the Protection of Plant Varieties and Farmer’s Rights |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=28 February 2025 |url=https://www.icar.gov.in/en/training-cum-awareness-programme-protection-plant-varieties-and-farmers-rights-ppvfr |access-date=14 August 2026 }} </ref> कोकणातील पारंपरिक भातशेतीच्या दस्तऐवजीकरणासाठी स्थानिक शेतकरी, कृषी विद्यापीठ, कृषी संशोधन केंद्रे, स्थानिक इतिहासाचे अभ्यासक आणि समुदाय संस्था यांचा सहभाग उपयुक्त ठरू शकतो. स्थानिक वाणांचे नाव, बियाणे जतन करण्याची पद्धत, लागवड तंत्र, कृषी अवजारे, हंगामी कामांचे वेळापत्रक आणि स्थानिक खाद्यपरंपरा यांची स्वतंत्र नोंद केल्यास या ज्ञानाचा अधिक शिस्तबद्ध संग्रह तयार होऊ शकतो. === शाश्वत भातशेती === कोकणातील शाश्वत भातशेतीमध्ये उत्पादनक्षमता आणि पर्यावरणीय संसाधनांचे संरक्षण यांचा समतोल साधणे महत्त्वाचे आहे. मातीचे आरोग्य, पाण्याचा कार्यक्षम वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा योग्य उपयोग, तण व कीड व्यवस्थापन आणि स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाणांची निवड या बाबी शाश्वत उत्पादन व्यवस्थेचा भाग ठरू शकतात.<ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology"/> किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढी, उत्पादन आणि आर्थिक परिणामांवर होणारा परिणाम तपासण्यात आला आहे. त्यामुळे पीक अवशेषांचा योग्य वापर आणि संतुलित पोषण व्यवस्थापन हे उत्पादनासोबत संसाधनांचा कार्यक्षम वापर करण्याच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील शाश्वत शेतीसाठी पीक विविधीकरणालाही महत्त्व आहे. उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत विविध पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची शक्यता निर्माण होते आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी होऊ शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> स्थानिक परिस्थितीशी जुळणाऱ्या सुधारित वाणांचा वापर, योग्य लागवड कालावधी आणि वैज्ञानिक पीक व्यवस्थापन यांनाही शाश्वत भातशेतीत महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणासाठी विविध कालावधींच्या आणि विविध कृषी परिस्थितींना अनुरूप भातवाण विकसित केल्या आहेत. त्यामुळे स्थानिक हवामान आणि जमिनीच्या परिस्थितीनुसार वाण निवडणे ही आधुनिक शाश्वत भातशेतीतील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> शाश्वत भातशेतीमध्ये पारंपरिक ज्ञान आणि आधुनिक विज्ञान यांचा समन्वय महत्त्वाचा ठरू शकतो. पारंपरिक भातखाचरे, स्थानिक वाण, पाणी व्यवस्थापन आणि स्थानिक कृषिअवजारांच्या अनुभवाचा उपयोग आधुनिक मृदा, जल, पोषण आणि पीक व्यवस्थापन तंत्रांसोबत केला जाऊ शकतो. अशा समन्वित दृष्टिकोनामुळे उत्पादनक्षमता टिकवून ठेवतानाच कृषी जैवविविधता आणि नैसर्गिक संसाधनांचे संरक्षण करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भविष्यात कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक वाणांचे संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण बियाण्यांची उपलब्धता, हवामानाशी जुळणारे उत्पादनतंत्र, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण, शेतकरी-आधारित बियाणे व्यवस्था आणि कृषी संशोधन यांचा परस्पर समन्वय आवश्यक ठरेल. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि त्याचे वैज्ञानिक मूल्यमापन केल्यास स्थानिक ज्ञान पुढील पिढ्यांसाठी अधिक व्यवस्थित स्वरूपात जतन करता येईल.<ref name="ICARSeedConservation"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य केवळ उत्पादन वाढविण्यावर अवलंबून नसून स्थानिक आनुवंशिक संसाधने, कृषी जैवविविधता, शेतकरी ज्ञान, माती आणि पाणी यांचे दीर्घकालीन संवर्धन यांच्याशी संबंधित आहे. पारंपरिक अनुभव आणि आधुनिक कृषी विज्ञान यांची सांगड घालणारी शाश्वत आणि स्थानिक परिस्थितीनुरूप शेतीव्यवस्था ही या प्रदेशासाठी पुढील दिशेचा महत्त्वाचा आधार ठरू शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="PalkarEtAl2023"/> == प्रादेशिक विविधता == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप संपूर्ण प्रदेशात एकसारखे नाही. पर्जन्यमान, भूआकार, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार भातशेतीमध्ये प्रादेशिक फरक आढळतात. ICAR–भारतीय भात संशोधन संस्थेच्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे, पालघर, रायगड, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा कोकणातील प्रमुख भात उत्पादक प्रदेश म्हणून समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="IIRR2019POS">{{cite report |title=Production Oriented Survey 2019 |publisher=ICAR–Indian Institute of Rice Research |year=2019 |url=https://www.icar-iirr.org/AICRIP/Final%20POS%202019-2020.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> २०१९ च्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणानुसार या पाचही जिल्ह्यांमध्ये भातशेतीचे मोठे क्षेत्र पावसावर आधारित सखल भातक्षेत्रांमध्ये येते. या जिल्ह्यांमध्ये स्थानिक वाणांसोबत सुधारित आणि संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> === उत्तर कोकण === उत्तर कोकणात ठाणे, पालघर आणि रायगड या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या प्रदेशात भात हे प्रमुख खरीप पीक असून २०१९ च्या ICAR–IIRR उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे जिल्ह्यात ५७,२०० हेक्टर, पालघरमध्ये ७५,५८० हेक्टर आणि रायगडमध्ये १,१७,१७३ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> उत्तर कोकणातील भातवाणांमध्ये स्थानिक तसेच सुधारित वाणांची विविधता आढळते. ठाणे जिल्ह्यात कोलम, झिनिया आणि महाडी यांसारख्या स्थानिक वाणांची, तर पालघर आणि रायगडमध्ये कर्जत, रत्‍नागिरी आणि इतर सुधारित वाणांची लागवड नोंदविण्यात आली आहे. रायगडमध्ये सह्याद्री-२ आणि सह्याद्री-३ यांसारख्या संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने उत्तर कोकणातील परिस्थितीसाठी पालघर-१, पालघर-२, कर्जत मालिकेतील विविध वाण आणि पनवेल मालिकेतील वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार पालघर-१ आणि पालघर-२ या मध्यम-उशिरा पक्व होणाऱ्या वाण आहेत, तर कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी शिफारस केलेली वाण आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> उत्तर कोकणातील भातशेतीमध्ये भातानंतर उपलब्ध ओलाव्याचा उपयोग करून कडधान्ये आणि इतर पिके घेण्याच्या पीकपद्धतीही आढळतात. त्यामुळे काही भागांत भातशेती ही विविधीकृत पीकपद्धतीचा भाग आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> === मध्य कोकण === ‘मध्य कोकण’ ही महाराष्ट्राच्या अधिकृत कृषी-हवामान विभागणीतील स्वतंत्र संज्ञा नसल्यामुळे या लेखात ती उत्तर आणि दक्षिण कोकणादरम्यानच्या मध्यवर्ती भौगोलिक पट्ट्याच्या संदर्भात वापरली आहे. या पट्ट्यात भातशेतीचे स्वरूप स्थानिक पर्जन्यमान, जमिनीची रचना, पाण्याची उपलब्धता आणि लागवडीच्या वेळेनुसार बदलते. कोकणातील भाताच्या पेरणीच्या कालावधीवर करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय अभ्यासात वेगवेगळ्या पेरणीच्या वेळांनुसार भाताच्या वाणांच्या वाढीमध्ये आणि उत्पादनामध्ये फरक आढळल्याचे नोंदविण्यात आले आहे. त्यामुळे स्थानिक हवामानाशी सुसंगत पेरणीची वेळ आणि योग्य वाणांची निवड ही भात उत्पादनातील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील पर्जन्य आणि भात उत्पादनाच्या अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे आढळले. या अभ्यासात तंत्रज्ञानाचा भाताच्या उत्पादनावर महत्त्वपूर्ण प्रभाव असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993">{{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 |access-date=14 August 2026 }}</ref> मध्य कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक वाणांसोबत सुधारित वाणांचा वापर झालेला दिसतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने रत्‍नागिरी परिसरासह संपूर्ण कोकणासाठी विविध कालावधी, जमिनीचे प्रकार आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार भातवाण विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === दक्षिण कोकण === दक्षिण कोकणात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या दोन्ही जिल्ह्यांमध्ये भात हे प्रमुख खरीप पीक असून ICAR–IIRRच्या २०१९ च्या सर्वेक्षणानुसार रत्‍नागिरीमध्ये ७२,९३२ हेक्टर आणि सिंधुदुर्गमध्ये ६८,५८७ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली होते.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातवाणांमध्ये जया, सुवर्णा, कर्जत-२, सोनम, पूजा, कोमल-१०१, ग्रीन गोल्ड मोहिनी, श्रीराम आणि तृप्ती यांचा वापर नोंदविण्यात आला आहे. सिंधुदुर्गमध्ये जया, मसुरी, सुवर्णा, कर्जत-३, कर्जत-५, सोनम, रुपाली, कोमल-१०१, सिल्की-२७७, सुप्रीम सोना आणि इतर सुधारित वाणांसोबत बेला, वळई, सोमासळ, डोंगरा, सोर्टी, कोल्ह्याची शेपटी, कोथिंबिरा/घनसाळ, तुर्या आणि येलकर यांसारख्या स्थानिक वाणांचीही नोंद आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी परिसरातील भात संशोधनामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाची महत्त्वाची भूमिका राहिली आहे. विद्यापीठाने रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३, रत्‍नागिरी-४, रत्‍नागिरी-५ आणि रत्‍नागिरी-६ यांसारख्या सुधारित वाण विकसित केल्या आहेत. रत्‍नागिरी-७ ही लाल तांदळाची मध्यम-उशिरा पक्व होणारी वाण असून २०१७ च्या विद्यापीठीय संशोधन शिफारसीत तिची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKV2017Recommendations">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> दक्षिण कोकणातील भातशेती पर्जन्यमानाशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील दीर्घकालीन अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमान आणि उत्पादन यांच्यात महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> === घाटमाथ्यालगतची भातशेती === कोकणाच्या पूर्वेकडील भागात सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारांशी संबंधित भातशेती आढळते. या भागातील भूआकार, पर्जन्यमान आणि पाण्याचा निचरा यांमुळे भातशेतीची पद्धत किनारी सखल प्रदेशापेक्षा काही प्रमाणात वेगळी असते. उताराच्या शेतांमध्ये पावसाचे पाणी अडवणे आणि मातीची धूप कमी करणे यासाठी बांधबंदिस्तीला महत्त्व असते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> घाटमाथ्यालगतच्या भागासाठी योग्य वाणांची निवड स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार केली जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या शिफारसीनुसार फोंडाघाट-१ ही उंचावरील क्षेत्रासाठी योग्य वाण आहे. कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी, तर रत्‍नागिरी-२ ही खात्रीशीर पर्जन्यमान असलेल्या सखल भातक्षेत्रांसाठी शिफारस करण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> सह्याद्रीलगतच्या भागात पर्जन्यमान तुलनेने अधिक असल्यामुळे भातशेतीसाठी पावसाचे पाणी महत्त्वाचे ठरते. मात्र पावसाचे प्रमाण आणि त्याचे वितरण पिकाच्या वाढीवर परिणाम करू शकते. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> घाटमाथ्यालगतच्या भातशेतीत स्थानिक भूआकारानुसार जलव्यवस्थापन आणि जमिनीची बांधबंदिस्ती महत्त्वाची ठरते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही स्थानिक भूभाग, पर्जन्यमान आणि कृषी कामकाज यांच्यातील संबंधांची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीच्या प्रादेशिक विविधतेत उत्तर कोकणातील ठाणे, पालघर आणि रायगडचा प्रदेश, मध्यवर्ती भौगोलिक पट्टा, दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी व सिंधुदुर्ग आणि सह्याद्रीलगतचा उताराचा प्रदेश यांचे स्वतंत्र वैशिष्ट्य दिसून येते. या विविधतेमुळे भाताच्या वाणांची निवड, लागवडीची वेळ, पाणी व्यवस्थापन आणि पीकपद्धती स्थानिक परिस्थितीनुसार बदलतात.<ref name="IIRR2019POS"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> == आर्थिक आणि सामाजिक महत्त्व == कोकणातील भातशेतीला केवळ कृषी उत्पादनाच्या दृष्टीने नव्हे, तर स्थानिक अन्नव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार आणि शेतकरी कुटुंबांच्या अर्थकारणाच्या दृष्टीनेही महत्त्व आहे. कोकणातील अनेक कृषिपद्धतींमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील मोठ्या लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेशी त्याचा थेट संबंध आहे. कोकणातील पावसावर आधारित भातशेतीवरील अभ्यासात भात हे या प्रदेशातील प्रमुख अन्नपीक असून, अनेक शेतकरी कुटुंबांच्या उपजीविकेत त्याचे महत्त्व असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019">{{cite journal |last1=Shigwan |first1=A. S. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Dalvi |first3=V. V. |title=Constraints Faced By The Tribal Farmers In Rainfed Rice Production In Konkan Region—A Village Level Study |journal=Bulletin of Environment, Pharmacology and Life Sciences |volume=8 |issue=4 |pages=49–51 |year=2019 }}</ref> भातशेतीचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेशी संबंध उत्पादनापुरता मर्यादित नसून मशागत, रोपवाटिका, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी, मळणी, वाहतूक, साठवण आणि विक्री अशा विविध टप्प्यांशी संबंधित आहे. त्यामुळे भाताचे पीक ग्रामीण भागात प्रत्यक्ष आणि अप्रत्यक्ष रोजगाराच्या संधी निर्माण करते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक अन्नसुरक्षा === कोकणातील अनेक ग्रामीण भागांत भात हा दैनंदिन आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. पावसावर आधारित भातशेतीच्या अभ्यासात कोकणातील भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेत त्याला महत्त्वाचे स्थान असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019"/> स्थानिक पातळीवर उत्पादित भातामुळे शेतकरी कुटुंबांना वर्षातील काही कालावधीसाठी स्वतःच्या अन्नाची गरज भागविण्यास मदत होते. कापणीनंतर धान्य वाळवून त्यातील काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवण्याची पद्धत कोकणातील पारंपरिक कृषिजीवनात आढळते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या उत्पादनानंतर धान्य साठविणे आणि त्याचा घरगुती वापर यासंबंधीच्या पद्धतींची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerStorage">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पावसाचे प्रमाण, त्याचे वितरण आणि पिकाच्या वाढीच्या अवस्थांशी त्याचा संबंध अन्नधान्याच्या उत्पादनासाठी महत्त्वाचा ठरतो. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमानाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> स्थानिक अन्नसुरक्षेच्या दृष्टीने पारंपरिक आणि स्थानिक भातवाणांचे जतनही महत्त्वाचे आहे. विविध वाणांचे अस्तित्व स्थानिक कृषी जैवविविधता टिकवून ठेवते आणि बदलत्या हवामान व कृषी परिस्थितींमध्ये शेतकऱ्यांना पर्यायी वाण उपलब्ध करून देते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === ग्रामीण रोजगार === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही श्रमप्रधान कृषिपद्धती आहे. शेतजमिनीची मशागत, रोपवाटिका, चिखलणी, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरची कामे या विविध टप्प्यांमध्ये मानवी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असल्याचे आढळते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारा रोजगार हा केवळ शेतकरी कुटुंबापुरता मर्यादित नसतो. हंगामी स्वरूपात शेतमजूर, यंत्रचालक, वाहतूकदार, मळणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेशी संबंधित कामगार आणि कृषी निविष्ठा पुरवठादार यांनाही या कृषी व्यवस्थेत रोजगाराच्या संधी मिळतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> मात्र कोकणातील भातशेतीमध्ये हंगामी मजुरांची उपलब्धता ही महत्त्वाची समस्या बनली आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक उत्पादनाच्या महत्त्वाच्या काळात मजुरांची कमतरता ही शेतकऱ्यांनी व्यक्त केलेल्या प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे. त्याच अभ्यासात वाढती मजुरी आणि इतर निविष्ठांचा खर्च यांचाही उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011">{{cite journal |last1=Deorukhakar |first1=A. C. |last2=Karale |first2=P. D. |last3=Nikam |first3=M. B. |title=Constraints in Adoption of Modern Technologies in Rice Production in Ratnagiri District of Maharashtra |journal=Journal of Agricultural Research and Technology |volume=36 |issue=3 |pages=460–463 |year=2011 |url=https://www.jart.co.in/uploads/168/6343_pdf.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांच्या उपलब्धतेतील बदलामुळे भातशेतीच्या काही कामांमध्ये यांत्रिकीकरणाला चालना मिळाली आहे. कोकणातील कापणी आणि काढणीनंतरच्या कामांसाठी रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रांचा अभ्यास करण्यात आला असून, अशा तंत्रज्ञानामुळे श्रमाची गरज आणि कामाचा कालावधी कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक बाजारपेठ आणि भाताचे अर्थकारण === भातशेतीचे अर्थकारण उत्पादनक्षमता, उत्पादनखर्च, मजुरी, कृषी निविष्ठा, काढणीनंतरची प्रक्रिया आणि उत्पादनाला मिळणारा बाजारभाव या घटकांवर अवलंबून असते. कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक विश्लेषणात क्षेत्रफळ, उत्पादन आणि उत्पादकतेतील बदलांसोबत भात उत्पादनाच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचाही अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासानुसार प्रति हेक्टर उत्पादनखर्चामध्ये बियाणे, खते आणि मजुरी यांचा महत्त्वाचा वाटा आहे. या अभ्यासात उत्पादनाला मिळणारा कमी दर, वाढता निविष्ठा खर्च आणि लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन या बाबी भात उत्पादनाच्या आर्थिक परिणामांवर प्रभाव टाकणाऱ्या अडचणी म्हणून नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता, प्रमुख कृषी निविष्ठांचा वाढता खर्च आणि उत्पादनाला मिळणारा तुलनेने कमी भाव या बाबी शेतकऱ्यांसमोरील प्रमुख आर्थिक अडचणी असल्याचे आढळले आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011"/> दापोली, मंडणगड आणि खेड तालुक्यांतील भात उत्पादक शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांचा वाढता खर्च, हंगामातील मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="WarwadekarEtAl2022"> {{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 |access-date=14 August 2026 }} </ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भाताच्या स्थानिक अर्थकारणात उत्पादनाबरोबरच काढणीनंतरची प्रक्रिया, साठवण, वाहतूक आणि बाजारपेठेपर्यंत पोहोच यांनाही महत्त्व आहे. त्यामुळे शेतकऱ्यांना मिळणारा निव्वळ आर्थिक लाभ हा केवळ प्रति हेक्टर उत्पादनावर अवलंबून नसून उत्पादनखर्च आणि विक्रीतून मिळणारे उत्पन्न यांच्यातील संबंधावरही अवलंबून असतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="HileDarekarDatrkar2015"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती स्थानिक अन्नसुरक्षा, ग्रामीण रोजगार आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था आहे. मात्र वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची उपलब्धता, बाजारभाव आणि बदलती कृषी परिस्थिती यांमुळे तिची आर्थिक व्यवहार्यता टिकविणे हे महत्त्वाचे आव्हान आहे. उत्पादनक्षमता वाढविणारे तंत्रज्ञान, योग्य वाणांची निवड, काढणीनंतरच्या प्रक्रियेचे यांत्रिकीकरण आणि पीक विविधीकरण यांमुळे भातशेती अधिक व्यवहार्य करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == चित्रदालन == <gallery mode="packed" heights="180"> File:Newcomers.jpg|कोकणातील भातशेतीचे दृश्य File:Rice Plantation.jpg|भाताची लागवड File:Konkan - Songiri Village - Ratnagiri District - Part 1 20151218 (23369027944).jpg|सोंगिरी गाव, रत्‍नागिरी जिल्हा येथील भातशेती File:Abandoned paddy field on Low-elevation Lateritic Plateau IMG 20220817 115924 06.jpg|लेटराइट पठारावरील भाताचे शेत File:Waiting for drop.jpg|पावसाची प्रतीक्षा करणारे भातशेत File:Otvane Wildlife 007.JPG|ओटवणे परिसरातील भातशेती व नैसर्गिक परिसर File:Nerur - panoramio.jpg|नेरूर परिसरातील भातशेती File:Paddy field in Maharashtra 8.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर File:Paddy field in Maharashtra 9.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर </gallery> == हेही पहा == * [[कोकण]] * [[भात]] * [[डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ]] == संदर्भ == {{reflist|2}} == बाह्य दुवे == * महाराष्ट्र शासन — गॅझेटियर विभाग * डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली * भारतीय हवामान विभाग — MAUSAM * भारतीय कृषी संशोधन परिषद (ICAR) {{कोकण लोकजीवन}} [[वर्ग:कोकण]] htm1600p6gwb85tsip8yjgrhlvazupw 2703039 2703036 2026-08-17T09:46:51Z AdvAnantGholam 172574 2703039 wikitext text/x-wiki [[File:Paddy field in Maharashtra 6.jpg|thumb|right|upright=1.2|महाराष्ट्रातील भातशेतीचे दृश्य]] '''कोकणातील भातशेती''' ही कोकण प्रदेशातील पर्जन्यमान, भौगोलिक रचना, मातीचे प्रकार आणि पारंपरिक कृषिपद्धती यांच्याशी निगडित शेतीपद्धती आहे. कोकणातील विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख खरीप पीक राहिले आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये जिल्ह्यातील अन्नपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ९० टक्के क्षेत्र धान्यपिकांखाली होते आणि त्यामध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. त्या काळात भाताखालील क्षेत्र धान्यपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Cereals |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_cereals.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील नैसर्गिक परिस्थितीशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतीवर दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा मोठा प्रभाव असून, पावसाळी हंगामातील बहुतांश पिके पावसावर अवलंबून असतात. गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस ऑक्टोबरपर्यंत राहतो आणि त्याच्या आधारे खरीप पिकांची वाढ पूर्ण होते. भाताची रोपवाटिका तयार करण्यासाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Seasons |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_seasons.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीमध्ये जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि भूभाग यांनुसार लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक आढळतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील तसेच सखल जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे कोकणातील कृषिपद्धतींना विशिष्ट स्वरूप प्राप्त झाले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> == भौगोलिक आणि हवामानविषयक पार्श्वभूमी == कोकणातील भातशेतीवर प्रदेशाच्या भौगोलिक रचनेचा आणि पर्जन्यमानाचा मोठा प्रभाव आहे. सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारापासून अरबी समुद्राच्या किनाऱ्यापर्यंत पसरलेल्या या प्रदेशात पावसाचे प्रमाण तुलनेने अधिक असून, अनेक भागांतील शेती मोसमी पावसावर अवलंबून आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जिल्ह्यातील खरीप पिकांचा मोठा भाग दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख धान्यपीक असल्याची नोंद महाराष्ट्र शासनाच्या गॅझेटियरमध्ये आहे. १९५५–५६ च्या आकडेवारीनुसार जिल्ह्यातील धान्यपिकांमध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. कुडाळ, सावंतवाडी, खेड आणि चिपळूण या तालुक्यांमध्ये जिल्ह्यातील भाताखालील क्षेत्राचा मोठा हिस्सा असल्याचे त्या काळातील नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या लागवडीसाठी उंचावरील आणि सखल अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरमध्ये उंचावरील जमिनींसाठी ''कुर्यात'' आणि सखल जमिनींसाठी ''माळ'' या प्रकारांचा उल्लेख आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमतेतील आणि भौगोलिक स्थितीतील फरकांचा भातशेतीच्या पद्धतीवर परिणाम होत असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातशेतीचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे शेतीची कामे मोसमी पावसाच्या वेळापत्रकाशी जुळवून घेणे. जूनमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर जमिनीची मशागत केली जाते आणि भाताच्या रोपांची पुनर्लागवड करण्यासाठी जमीन तयार केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीपासून सुरू होऊन नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील भातशेतीचा अभ्यास करताना केवळ पर्जन्यमानाचा विचार न करता भूभाग, माती, पाण्याची उपलब्धता आणि पारंपरिक कृषितंत्र यांचा परस्परसंबंध विचारात घेणे आवश्यक आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे रत्‍नागिरीतील कृषी कामकाजाला इतर प्रदेशांपेक्षा वेगळे स्वरूप प्राप्त झाल्याचे जिल्हा गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व === कोकणातील भातशेतीला प्रदेशाच्या कृषी अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान आहे. कोकणातील मोठ्या क्षेत्रावर भाताची लागवड केली जाते आणि खरीप हंगामातील शेतीमध्ये भात हे प्रमुख पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या अभ्यासानुसार कोकण प्रदेशात सुमारे ४.०१ लाख हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असून, सुमारे ११.२८ लाख टन उत्पादन आणि सरासरी २.८१ टन प्रति हेक्टर उत्पादकता नोंदविण्यात आली होती.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan">{{cite web |title=Rice Production in Konkan |url=https://archive.dbskkv.org/collection/420/document/2304 |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |access-date=14 August 2026 }}</ref> महाराष्ट्रातील प्रमुख भात उत्पादक जिल्ह्यांमध्ये कोकणातील रायगड, पालघर, ठाणे, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार महाराष्ट्रातील भात उत्पादनात कोकण प्रदेशाचा महत्त्वाचा वाटा आहे. रायगड जिल्ह्यात भाताखालील क्षेत्र आणि उत्पादनाचे प्रमाण कोकणातील इतर जिल्ह्यांच्या तुलनेत मोठे असल्याचेही या नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेतीचे महत्त्व केवळ उत्पादनाच्या प्रमाणापुरते मर्यादित नाही. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासातून भात हे विविध शेतीपद्धतींचे प्रमुख घटक असलेले पीक असल्याचे दिसून येते. भातासोबत कडधान्ये, भाजीपाला, फळबागा, दुग्धव्यवसाय आणि कुक्कुटपालन यांसारख्या उपक्रमांचे संयोजन करून विविध शेतीपद्धती विकसित झाल्याचे या अभ्यासात आढळले आहे.<ref name="ToraneEtAl2011">{{cite journal |last=Torane |first=S. R. |last2=Naik |first2=B. K. |last3=Kulkarni |first3=V. S. |last4=Talathi |first4=J. M. |title=Farming Systems Diversification in North Konkan Region of Maharashtra — An Economic Analysis |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=1 |year=2011 |pages=91–98 |url=https://ageconsearch.umn.edu/record/109422/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती ग्रामीण कुटुंबांच्या अन्नपुरवठ्याशी आणि कृषी उत्पन्नाशीही संबंधित आहे. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थांच्या अभ्यासानुसार भाताचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेतीपद्धतींमध्ये आर्थिक परताव्यात फरक आढळतो आणि शेतीतील विविध उपक्रमांचे संयोजन हे काही परिस्थितींमध्ये अधिक नफाक्षम ठरू शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व रोजगाराच्या दृष्टीनेही दिसून येते. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका तयार करणे, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी आणि काढणीनंतरची कामे यांसाठी हंगामी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या अभ्यासात या कामांमध्ये मनुष्यबळाची आवश्यकता तसेच मजुरीच्या वाढत्या खर्चामुळे यांत्रिकीकरणाची गरज अधोरेखित करण्यात आली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Mechanization"> {{cite journal |last=Bhanage |first=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 }}</ref> कोकणातील भातशेतीला कृषी संशोधनाच्या दृष्टीनेही विशेष महत्त्व प्राप्त झाले आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीला अनुरूप भाताच्या सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्र विकसित केले आहेत. विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या सुधारित जातींमध्ये रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या पर्जन्यमान, भूभाग, कृषी परंपरा, ग्रामीण श्रम आणि स्थानिक अर्थव्यवस्थेशी परस्परांशी जोडलेली आहे. त्यामुळे भात हे कोकणातील केवळ एक प्रमुख पीक नसून प्रदेशाच्या कृषी व्यवस्थेतील महत्त्वाचा घटक म्हणून पाहता येते.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == इतिहास आणि पारंपरिक भातशेती == कोकणातील भातशेतीचा इतिहास प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मोसमी पाऊस, जमिनीचे प्रकार आणि ग्रामीण कृषीव्यवस्थेशी जोडलेला आहे. उपलब्ध ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील नोंदींवरून किमान अठराव्या आणि एकोणिसाव्या शतकात कोकणातील अनेक भागांत भात हे महत्त्वाचे अन्नपीक आणि कृषी उत्पादनाचे साधन होते. ब्रिटिश सत्तेपूर्वी आणि ब्रिटिश काळाच्या प्रारंभी कोकणातील काही भागांतून दख्खन प्रदेशाकडे तांदळाचा पुरवठा होत असल्याची नोंद बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या गॅझेटियरमध्ये आढळते.<ref name="HistoryOfKonkanRiceTrade">{{cite web |title=History of the Konkan — General Chapters |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Gazetteer%20of%20Bombay%20Presidency/history_of_the_konkan/section_12.pdf |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> एकोणिसाव्या शतकातील रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या गॅझेटियरमध्ये भाताला शेतीतील प्रमुख पिकांपैकी एक म्हणून स्थान दिले आहे. सावंतवाडी संस्थानातील नोंदीनुसार त्या काळात भाताने एकूण लागवडीखालील क्षेत्रापैकी सुमारे निम्मे क्षेत्र व्यापले होते. पावसाळ्यातील भातशेतीसाठी जून-जुलैमध्ये लागवड सुरू करून ऑक्टोबर-नोव्हेंबरमध्ये कापणी केली जात असल्याचे वर्णन त्यात आढळते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Agriculture, Savantvadi |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/savantvadi/agriculture2.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील जुन्या कृषी व्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये भातशेतीसाठी उंचावरील आणि सखल जमिनींचे वेगवेगळे प्रकार ओळखले जात असल्याचे दिसते. ''कुर्यात'' जमिनी आणि ''माळ'' जमिनी यांसारख्या स्थानिक वर्गीकरणांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमता आणि भौगोलिक स्थितीनुसार भात लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === कोकणातील भातशेतीची परंपरा === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही मोसमी पावसाच्या कालचक्राशी जुळवून घेतलेली कृषिपद्धती होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर भाताच्या शेताची मशागत, पाणी साठवणे, चिखलणी आणि पुनर्लागवड यांसारख्या प्रक्रिया टप्प्याटप्प्याने केल्या जात असल्याचे वर्णन आहे. पावसाचे प्रमाण आणि जमिनीची स्थिती यांनुसार या कामांची वेळ बदलत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतीत भातासाठी जमीन तयार करताना लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पहिली नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर केली जाई आणि त्यानंतर पाण्याखाली चिखलणी करून जमीन पुनर्लागवडीसाठी योग्य केली जात असे. चिखलणीचा उद्देश मातीची रचना भाताच्या लागवडीस योग्य करणे आणि पाण्याचा निचरा कमी करणे हा होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची रोपे तयार करण्यासाठी स्वतंत्र रोपवाटिका तयार करण्याची पद्धत प्रचलित होती. काही प्रकारच्या जमिनीत उगवलेले रोप थेट लागवडीसाठी वापरले जात, तर सखल जमिनीत रोपवाटिकेत रोपे वाढवून नंतर मुख्य शेतात पुनर्लागवड केली जात असे. पारंपरिक पद्धतीत उगवलेली रोपे उपटून ती शेतात ठरावीक अंतरावर लावली जात असत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक कृषी ज्ञानाला महत्त्व होते. जमिनीचा प्रकार, पाण्याची पातळी, पावसाची सुरुवात, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांचे निरीक्षण करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि कापणी यांसाठी स्थानिक पद्धती आणि साधनांचा तपशील नोंदविला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> एकोणिसाव्या शतकातील सावंतवाडीच्या नोंदींमध्ये भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची नावेही आढळतात. त्यामध्ये ''कोथिंबिरी'', ''खिरसाळ'', ''गजवेल'', ''तावसाळ'', ''पाटणी'', ''वत्सल'' आणि ''साळ'' यांसारख्या प्रकारांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. त्याच नोंदीत इतर अनेक स्थानिक भातप्रकारांचीही नावे दिली आहेत. यावरून त्या काळात भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची लागवड केली जात असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> === पारंपरिक कृषिपद्धती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये जमिनीची मशागत, चिखलणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण अशा सलग प्रक्रियांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये या कृषी प्रक्रियांचे स्थानिक स्वरूप आणि त्यासाठी वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचे वर्णन केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> शेत तयार करण्यासाठी लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पावसाच्या सुरुवातीला नांगरणी करून त्यानंतर शेतात पाणी साठवून चिखलणी केली जात असे. चिखलणी पूर्ण झाल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची पृष्ठभाग समतल केली जाई. समतल पृष्ठभागामुळे रोपांची पुनर्लागवड करणे सुलभ होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची पुनर्लागवड प्रामुख्याने मजुरांच्या साहाय्याने केली जात असे. पुनर्लागवडीनंतर तण काढणे आणि आवश्यकतेनुसार आंतरमशागत केली जाई. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींनुसार भाताच्या ओळींमध्ये तण काढण्यासाठी हाताने वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचाही उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कापणीच्या वेळी भात जमिनीजवळून विळ्याने कापला जाई. कापलेले पीक काही दिवस शेतात वाळवून भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. भाताचे भारे कठीण पृष्ठभागावर आपटून मळणी केली जाई आणि त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पेंढा व इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीनंतर धान्य उन्हात वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी पुढील हंगामासाठी स्वतःचे बियाणे राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर होत असे. कणग्यांना शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === पारंपरिक कृषी ज्ञान आणि अनुभव === पारंपरिक भातशेतीमध्ये कृषी ज्ञान हे स्थानिक पर्यावरणाच्या निरीक्षणावर आणि दीर्घकालीन अनुभवावर आधारित होते. पावसाची सुरुवात, जमिनीतील ओलावा, पाण्याची पातळी, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांसारख्या घटकांचा विचार करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. उपलब्ध गॅझेटियर नोंदींमध्ये या प्रक्रियांशी संबंधित स्थानिक संज्ञा, पद्धती आणि कृषी साधनांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> जमिनीच्या प्रकारानुसार लागवडपद्धती निवडणे हे पारंपरिक ज्ञानाचे महत्त्वाचे अंग होते. उंचावरील जमिनी आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम जमिनी यांच्यातील फरक लक्षात घेऊन भाताची लागवड आणि पाण्याचे व्यवस्थापन केले जात असे. सखल भागातील शेतांमध्ये पाणी धरून ठेवण्यासाठी बांध आणि पाण्याचा निचरा करण्यासाठी नियंत्रित मार्गांचा वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक कृषिपद्धतीमध्ये उपलब्ध स्थानिक साधनांचा वापर केला जात असे. लाकडी नांगर, लाकडी समतलीकरणाची फळी, विळा आणि हाताने वापरली जाणारी तण काढण्याची साधने यांचा उपयोग भातशेतीतील विविध टप्प्यांवर केला जात असे. या साधनांचा वापर स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती आणि शेतीच्या पद्धतीशी जुळवून घेतलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतींमध्ये धान्य आणि बियाण्याचे स्वतंत्र व्यवस्थापनही महत्त्वाचे होते. स्वतःच्या शेतातील धान्यातून पुढील हंगामासाठी बियाणे राखून ठेवणे ही पद्धत होती. यामुळे शेतकऱ्यांना पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा उपलब्ध होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही केवळ पीक उत्पादनाची पद्धत नव्हती, तर पर्जन्यमान, जमीन, पाणी, स्थानिक वाण, कृषी साधने आणि शेतकऱ्यांच्या अनुभवाधारित ज्ञान यांचा परस्परसंबंध असलेली कृषीव्यवस्था होती. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमधून या व्यवस्थेची विविध रूपे आणि तिचे स्थानिक स्वरूप स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> == पारंपरिक रोपवाटिका आणि ‘रोबिंग’ पद्धत == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये रोपवाटिका तयार करण्याला महत्त्वाचे स्थान आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी ''रोबिंग'' (Robbing) ही पद्धत मोठ्या प्रमाणावर प्रचलित असल्याची नोंद आहे. या पद्धतीत भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि पुढे ती मुख्य शेतात पुनर्लागवडीसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपवाटिका तयार करण्यासाठी पावसाळ्याच्या सुरुवातीच्या काळातील ओलाव्याचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरनुसार मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाच्या सरींमुळे भाताची रोपे तयार करण्याची प्रक्रिया सुरू करता येत असे आणि जूनमध्ये मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर मुख्य शेताच्या मशागतीची कामे पुढे चालत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रोपवाटिका आणि मुख्य शेतातील कामांचा हा क्रम कोकणातील पर्जन्यमान आणि शेतीच्या हंगामी चक्राशी संबंधित होता. त्यामुळे पारंपरिक रोपवाटिका पद्धतीचा अभ्यास हा केवळ कृषितंत्राचा विषय नसून स्थानिक हवामानाशी शेतकऱ्यांनी जुळवून घेतलेल्या कृषिपद्धतीचा भाग म्हणूनही करता येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> उत्तर कोकणातील पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापनाचा स्वतंत्र अभ्यासही करण्यात आला आहे. पालघर जिल्ह्यातील आदिवासी भागात ''Rabing'' ही पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापन कौशल्याशी संबंधित पद्धत नोंदवण्यात आली आहे. या अभ्यासातून उत्तर कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान आणि कौशल्याचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="DahiphaleEtAl2020">{{cite journal |last=Dahiphale |first=A. V. |last2=Bhagat |first2=S. B. |last3=Mhaskar |first3=N. V. |last4=Jondhale |first4=D. G. |last5=Bedse |first5=T. J. |last6=Vanve |first6=P. B. |title=Rabing: A traditional skill of rice nursery management in tribal area of North Konkan coastal zone of Maharashtra |journal=Journal of Pharmacognosy and Phytochemistry |volume=9 |issue=5S |year=2020 |pages=435–437 |url=https://www.phytojournal.com/special-issue/2020.v9.i5S.12965/rabing-a-traditional-skill-of-rice-nursery-management-in-tribal-area-of-north-konkan-coastal-zone-of-maharashtra }}</ref> == भाताच्या जाती आणि स्थानिक वाण == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक परिस्थितीशी जुळवून घेतलेल्या विविध भातवाणांना महत्त्वाचे स्थान आहे. पर्जन्यमान, जमिनीचा प्रकार, लागवडीचा कालावधी आणि उत्पादनाची गरज यांनुसार भाताच्या विविध जातींची निवड केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही भाताच्या विविध प्रकारांचा आणि त्यांच्या लागवडीचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातवाणांच्या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेशीही जोडला जातो. कोकण प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा अभ्यास करताना स्थानिक पिकांच्या जाती, त्यांचे पारंपरिक उपयोग आणि स्थानिक कृषीपरिस्थितीशी त्यांचे असलेले संबंध यांचा विचार करण्यात आला आहे.<ref name="Singh2014Konkan">{{cite journal |last=Singh |first=Anurudh K. |title=Probable Agricultural Biodiversity Heritage Sites in India: XX. The Konkan Region |journal=Asian Agri-History |volume=18 |issue=3 |year=2014 |pages=257–282 |url=https://www.asianagrihistory.org/pdf/volume18/ak-singhs-paper-18-3.pdf }}</ref> कोकणासाठी काही सुधारित भातवाणांची निर्मिती आणि निवड करण्यात आली आहे. त्यापैकी ‘रत्‍नागिरी-७’ ही कोकण प्रदेशासाठी विकसित करण्यात आलेली लाल तांदळाची, अर्धबुटकी आणि अधिक उत्पादनक्षम जात म्हणून अभ्यासात नोंदविण्यात आली आहे. या वाणाच्या वैशिष्ट्यांचा आणि कोकणातील लागवडीसाठी त्याच्या उपयुक्ततेचा स्वतंत्र अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="WaghmodeEtAl2018">{{cite journal |last=Waghmode |first=B. D. |last2=Sonone |first2=N. G. |last3=Navhale |first3=V. C. |last4=Kadam |first4=S. R. |last5=Bhave |first5=S. G. |title=Ratnagiri 7 - Red Kernel, Semi Dwarf and High Yielding Rice Variety for Konkan Region of Maharashtra State in India |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=7 |issue=4 |year=2018 |pages=3442–3453 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=7655&SNo=389&vol=7-4-2018 }}</ref> भाताच्या जातींची निवड करताना पेरणीची किंवा लागवडीची वेळ हा देखील महत्त्वाचा घटक ठरतो. कोकणातील परिस्थितीत वेगवेगळ्या पेरणीच्या कालावधीनुसार भाताच्या जातींच्या प्रतिसादाचा अभ्यास करण्यात आला असून, पेरणीची वेळ आणि वाण यांचा वाढ व उत्पादनावर परिणाम होऊ शकतो असे संशोधनातून दिसून येते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017">{{cite journal |last=Jagtap |first=D. N. |last2=Mahadkar |first2=U. V. |last3=Chavan |first3=S. A. |title=Response of rice varieties to different sowing windows under Konkan conditions |journal=Agricultural Science Digest |volume=37 |issue=1 |year=2017 |pages=78–80 }}</ref> स्थानिक भातवाणांचे महत्त्व केवळ उत्पादनक्षमतेपुरते मर्यादित नसून कृषी जैवविविधता आणि स्थानिक कृषिज्ञानाच्या जतनाशीही संबंधित आहे. कोकणातील देशी भातवाणांचे संवर्धन करण्यासाठी शेतकरी आणि स्थानिक संस्थांकडून प्रयत्न केले जात असल्याचे वृत्तांकन झाले आहे.<ref name="AgrowonIndigenousRice">{{cite web |title=देशी वाणांचे संवर्धन करणारी कोकणातील शेतकरी कंपनी |url=https://agrowon.esakal.com/agro-special/farmers-company-in-konkan-for-conservation-of-indigenous-species |website=ॲग्रोवन |access-date=14 August 2026 }}</ref> स्थानिक वाणांच्या जतनामुळे भातशेतीतील आनुवंशिक विविधता टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते. त्याचबरोबर स्थानिक हवामान, माती आणि पारंपरिक कृषिपद्धतीशी जुळवून घेतलेल्या वाणांचे ज्ञान पुढील पिढ्यांपर्यंत पोहोचण्यासही त्याचा उपयोग होतो. त्यामुळे कोकणातील भातवाणांचा अभ्यास हा उत्पादनाच्या दृष्टीने तसेच कृषी वारसा आणि जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचा आहे.<ref name="Singh2014Konkan"/><ref name="AgrowonIndigenousRice"/> == भातशेतीची पारंपरिक प्रक्रिया == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही मोसमी पाऊस, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार टप्प्याटप्प्याने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताच्या शेतीमध्ये जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, रोपांची पुनर्लागवड किंवा थेट पेरणी, आंतरमशागत, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्याची साठवण अशा परस्परांशी संबंधित प्रक्रियांचा समावेश होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीची सुरुवात मोसमी पावसाच्या आगमनाशी जोडलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस साधारणपणे जूनमध्ये सुरू होत असे. मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग भाताच्या रोपवाटिकेसाठी केला जात असे, तर जूनच्या उत्तरार्धात किंवा जुलैच्या सुरुवातीला पुनर्लागवडीसाठी जमीन तयार करण्याची कामे केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> === शेतजमिनीची तयारी === भातशेतीसाठी जमीन तयार करण्याचे पहिले महत्त्वाचे काम नांगरणी होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातासाठी ''उखळणी'' म्हणून ओळखली जाणारी नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर जूनच्या पहिल्या आठवड्यात केली जात असे. यासाठी प्रामुख्याने लाकडी नांगराचा वापर केला जाई. भातासाठी वापरल्या जाणाऱ्या हलक्या जमिनीत खोल नांगरणीची आवश्यकता नसून साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> नांगरणीची वेळ स्थानिक जमिनीच्या स्वरूपाशी संबंधित होती. भातशेतीच्या प्रक्रियेत चिखलणीमुळे जमीन कोरडी झाल्यानंतर कठीण होत असल्याने कापणीनंतर लगेच नांगरणी करणे अवघड ठरत असे. त्यामुळे मोसमी पावसाच्या सुरुवातीला योग्य वेळी नांगरणी करणे महत्त्वाचे मानले जात होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === राब पद्धत === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये ''राब'' ही रोपवाटिका आणि जमिनीच्या पूर्वतयारीशी संबंधित पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये राब प्रक्रियेतून तयार होणाऱ्या राखेचा जमिनीला काही पोषक घटक मिळण्याशी संबंध नमूद केला आहे. मात्र, मोठ्या प्रमाणात सेंद्रिय खताचा वापर न झाल्यास जमिनीची भौतिक रचना कठीण होऊन पिकाच्या वाढीवर परिणाम होऊ शकतो, अशी निरीक्षणात्मक नोंदही करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कृषी विभागाने पुढील काळात राबसाहित्यातील जैविक पदार्थांचा कंपोस्ट तयार करण्यासाठी वापर करण्याची तसेच हिरवळीची खते आणि शेणखत यांचा वापर वाढविण्याची शिफारस केली होती. त्यामुळे पारंपरिक राब पद्धतीकडे केवळ रोपवाटिकेची पद्धत म्हणून न पाहता तिच्या कृषी-पर्यावरणीय परिणामांच्या संदर्भातही पाहता येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === रोपवाटिका === सखल आणि अधिक पाणीधारणक्षम जमिनींमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी रोपवाटिका केली जात असे. भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि योग्य वाढ झाल्यानंतर ती उपटून मुख्य भातखाचरात पुनर्लागवड केली जात. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदीनुसार रोपवाटिकेतील बियाणे पसरून किंवा ओळींमध्ये पेरले जाऊ शकत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> उंचावरील जमिनींमध्ये मात्र रोपवाटिकेतील पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेले बी थेट चिखललेल्या शेतात पेरण्याची पद्धत वापरली जात असे. या पद्धतीला स्थानिक पातळीवर ''राहू'' पद्धत म्हटले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === चिखलणी === नांगरणीनंतर शेतात पाणी साठवून जमीन चिखलयुक्त करण्याची प्रक्रिया केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पहिल्या नांगरणीनंतर काही काळ शेतात पाणी साठवले जाई आणि जूनच्या अखेरीस किंवा जुलैच्या सुरुवातीला उभ्या पाण्यात पुन्हा नांगरणी करून चिखलणी केली जाई. आवश्यक त्या भौतिक स्थितीपर्यंत माती मऊ आणि चिकट होईपर्यंत ही प्रक्रिया केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> चिखलणीचा एक उद्देश जमिनीच्या पृष्ठभागातून पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करून भातासाठी पाणी अधिक काळ धरून ठेवण्यास अनुकूल परिस्थिती निर्माण करणे हा होता. चिखलणी झाल्यानंतर शेताची जमीन समतल करण्यासाठी बैलांच्या साहाय्याने लाकडी फळी ओढली जात असे. या फळीला स्थानिक पातळीवर ''गुतेफळी'' किंवा ''अलवत'' अशी नावे असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची लावणी === चिखलणी आणि समतलीकरण पूर्ण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील भाताची रोपे मुख्य शेतात लावली जात. रोपे उपटून लहान भाऱ्यांमध्ये बांधली जात आणि भातखाचरात नेऊन हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार एका एकरासाठी साधारणपणे आठ ते दहा व्यक्तींची आवश्यकता भासत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपांची पुनर्लागवड करताना साधारणपणे दहा ते पंधरा रोपे एका समूहात घेऊन चिखलात दाबून लावली जात आणि रोपांमध्ये अंदाजे नऊ ते बारा इंच अंतर ठेवले जात असे. उंचावरील काही जमिनींमध्ये पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेल्या बियांचे थेट प्रसारण केले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === पिकाची निगा आणि पाणीव्यवस्थापन === पुनर्लागवडीनंतर पिकाची निगा राखण्यासाठी आंतरमशागत आणि तण काढण्याची कामे केली जात. ''कोळपी'' या तीन दातांच्या हातसाधनाचा वापर माती हलकी करण्यासाठी, मुळांना हवा मिळण्यासाठी आणि खत मातीमध्ये मिसळण्यासाठी केला जात असे. ओळीतील भातामध्ये साधारणपणे दोन ते तीन वेळा आंतरमशागत केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आंतरमशागतीनंतरही उरलेली तणे हाताने किंवा ''खुरपी''च्या साहाय्याने काढली जात. पसरवून पेरलेल्या किंवा ओळीत पुनर्लागवड न केलेल्या शेतांमध्ये अशा प्रकारची आंतरमशागत करणे तुलनेने मर्यादित असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीमध्ये पाण्याचे व्यवस्थापन प्रामुख्याने पावसावर आधारित होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील बहुसंख्य पिके मोसमी पावसावर अवलंबून असल्याची नोंद आहे. सखल जमिनींमध्ये अतिरिक्त पाणी बाहेर काढण्यासाठी शेतबांधांमध्ये आवश्यक ठिकाणी तात्पुरते मार्ग ठेवले जात असत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची कापणी आणि मळणी === भाताच्या वाणानुसार कापणीचा कालावधी बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार लवकर तयार होणाऱ्या भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीस सुरू होत असे, तर मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांची कापणी नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताची कापणी विळ्याने जमिनीजवळून केली जात असे. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. मळणीसाठी भाताची भारे लाकडी फळी किंवा कठीण पृष्ठभागावर आपटून दाणे वेगळे केले जात. त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पाने, पेंढा आणि इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === धान्याची साठवणूक === मळणीनंतर धान्य उन्हात व्यवस्थित वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी स्वतःच्या वापरासाठी तसेच पुढील हंगामातील पेरणीसाठी काही धान्य राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. कणग्यांना कीटकांचा प्रवेश कमी करण्यासाठी शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक प्रक्रियेत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत असताना दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांनी साली काढली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही पावसाच्या आगमनापासून सुरू होऊन जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, चिखलणी, पुनर्लागवड, पिकाची निगा, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण या सलग टप्प्यांतून पूर्ण होत असे. या प्रक्रियेत स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती, पाण्याचे नियमन, मानवी श्रम आणि पारंपरिक कृषिसाधने यांचा परस्परसंबंध दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भाताचे उत्पादन, उपयोग आणि उपउत्पादने == कोकणातील भातशेतीमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून त्याचे उत्पादन प्रामुख्याने खरीप हंगामात घेतले जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्या काळात रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताचे उत्पादन साधारण एक लाख टनांपेक्षा अधिक होते आणि भात हे जिल्ह्यातील सर्वांत महत्त्वाचे पीक होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerProduction">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Production |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_production.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भाताचे उत्पादन वाण, जमिनीचा प्रकार, पावसाचे प्रमाण आणि लागवडीची पद्धत यांनुसार बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील ''कुर्यात'' जमिनी तसेच सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद आहे. लवकर, मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांनुसार उत्पादनाचा कालावधीही वेगवेगळा असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या उत्पादनाचे स्थानिक वापराशी असलेले नातेही स्पष्ट होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उत्पादित होणारे धान्य मोठ्या प्रमाणावर शेतकऱ्यांच्या स्वतःच्या उपभोगासाठी वापरले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. जिल्ह्यातील भाताचे उत्पादन स्थानिक गरजेच्या तुलनेत अपुरे असल्याने मोठ्या प्रमाणावर धान्यसाठा बाजारपेठेसाठी न ठेवता घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताचा प्रमुख उपयोग तांदूळ या स्वरूपात अन्न म्हणून केला जातो. पारंपरिक पद्धतीत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढल्या जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत होता, तर दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांचा वापर करून साली काढण्याची पद्धत अस्तित्वात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील काही भागांत भातावर उकडभात किंवा ''उकडे'' तांदूळ तयार करण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक नोंदींनुसार जाड दाण्याच्या काही भातप्रकारांपासून उकडे तांदूळ तयार केला जात असे. या प्रक्रियेत साळीसह धान्य काही काळ उकळून नंतर वाळवले जाई आणि त्यानंतर साली काढल्या जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> तांदळापासून विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार केले जातात. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये तांदळापासून ''पोहे'' आणि ''मुरमुरे'' तयार करण्याचा उल्लेख आहे. काही भागांत भात शिजवून ''भात'', तसेच पातळ किंवा घट्ट स्वरूपातील ''आंबील'' आणि ''पेज'' यांसारख्या पदार्थांच्या रूपातही वापरला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या प्रक्रियेत तांदळाबरोबर इतर पदार्थही मिळतात. साळी काढताना ''तूस'' किंवा भाताची साल हा अवशेष निर्माण होतो. धान्याची मळणी झाल्यानंतर उरलेला ''पेंढा'' हा आणखी एक महत्त्वाचा उपउत्पादन आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भाताची मळणी झाल्यानंतर मिळणारा पेंढा साठवून ठेवून त्याचा चाऱ्यासाठी वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या काढणीनंतर मिळणाऱ्या पेंढ्याचा वापर केवळ पशुखाद्यापुरता मर्यादित नव्हता. स्थानिक परिस्थितीनुसार त्याचा उपयोग छप्पर बांधण्यासाठी आणि इतर ग्रामीण कामांसाठी केला जात असल्याचे कृषी नोंदींमध्ये आढळते. त्यामुळे भातशेतीतून मिळणारे उपउत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील विविध गरजांसाठी वापरले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची प्रतवारी आणि प्रक्रियेदरम्यान ''कणी'' किंवा तुटलेला तांदूळही मिळतो. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार तांदूळ गिरण्यांमध्ये साली काढण्याच्या प्रक्रियेत काही दाणे तुटतात आणि हा तुटलेला तांदूळ स्वतंत्रपणे वेगळा करून तुलनेने कमी किमतीत विकला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनात बियाण्याची भूमिकाही महत्त्वाची आहे. पारंपरिक पद्धतीत शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा प्रकारे भाताचे उत्पादन हे केवळ त्या हंगामातील अन्नपुरवठ्याशी संबंधित नसून पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी आवश्यक बियाण्याच्या उपलब्धतेशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात कोकणातील भाताचे उत्पादन वाढविण्यासाठी सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्रांचा विकास करण्यात आला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीसाठी विविध सुधारित भातजाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३ तसेच सह्याद्री मालिकेतील विविध संकरित वाण विकसित करण्यात आले आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties">{{cite web |title=Crop varieties developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Varieties.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> या सुधारित वाणांमध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी आणि काही प्रमुख रोग किंवा किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार करण्यात आला आहे. उदाहरणार्थ, विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-६ आणि रत्‍नागिरी-७ या वाणांची उत्पादनक्षमता अनुक्रमे सुमारे ४.५ टन प्रति हेक्टर आणि ४.५ ते ५.० टन प्रति हेक्टर इतकी नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceResearch2017">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://www.dbskkv.org/assets/pdf/recommendations/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भाताचे उत्पादन हे स्थानिक अन्नपुरवठा, पारंपरिक खाद्यसंस्कृती, बियाण्याची उपलब्धता आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांच्याशी संबंधित आहे. तांदळाबरोबर पेंढा, कणी आणि भाताची साल यांसारखी उपउत्पादनेही विविध उपयोगांत येतात. पारंपरिक उत्पादनपद्धतींबरोबर सुधारित वाण आणि आधुनिक कृषितंत्रांचा वापर वाढल्यामुळे कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप कालानुसार बदलत आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == कोकणातील भाताच्या जाती == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक पारंपरिक वाणांपासून सुधारित आणि संकरित वाणांपर्यंत विविध प्रकार आढळतात. या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील जमिनीचे प्रकार, पर्जन्यमान, पाण्याची उपलब्धता, पक्वतेचा कालावधी आणि स्थानिक कृषिपद्धतीशी आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडी परिसरातील भाताच्या अनेक स्थानिक प्रकारांची नोंद आढळते, तर आधुनिक काळात डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप सुधारित आणि संकरित भातवाण विकसित केले आहेत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === पारंपरिक स्थानिक जाती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये स्थानिक वाणांची लक्षणीय विविधता होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या एकूण तीस जातींची नोंद करण्यात आली आहे. त्यापैकी कोथिंबिरी, खिरसाळ, गजवेल, तावसाळ, पाटणी, वत्सल आणि साळ या सात जाती तुलनेने चांगल्या प्रकारच्या म्हणून नमूद करण्यात आल्या आहेत. अवचिटे, काळीनावन, काळी कडया, केडाळ, खोचरी, चिमसाळ, टायकाळा, डामगा, डोंगरे, तांबिकुडया, नवान, बिलावल, बेला, मुडगे, वरंगळ, वाकसाळ, वाळ्या, शिराई, सेमणे, सुकाळ, सोरटी आणि सोनफळ या इतर स्थानिक प्रकारांचीही नोंद त्याच गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> या स्थानिक वाणांची लागवड प्रदेशातील विविध प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची लागवड प्रामुख्याने उंचावरील ''कुर्यात'' जमीन आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम ''माळ'' जमीन अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे स्थानिक वाणांची निवड ही स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित असण्याची शक्यता होती; मात्र प्रत्येक वाणाची विशिष्ट पर्यावरणीय अनुकूलता स्वतंत्रपणे सिद्ध करण्यासाठी त्या वाणासंबंधी स्वतंत्र पुरावे आवश्यक आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या दाण्याच्या स्वरूपानुसार ''उकडे'' आणि ''सुरई'' असे दोन व्यापक प्रकारही नमूद केले आहेत. जाड दाण्याच्या भातापासून उकडे तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर बारीक प्रकारासाठी ही प्रक्रिया आवश्यक नसल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> स्थानिक वाणांची विविधता ही केवळ कृषी उत्पादनाशी संबंधित नव्हती. रत्‍नागिरी परिसरातील अन्नविषयक ऐतिहासिक नोंदींमध्ये तांदूळ हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याचे नमूद केले आहे. तांदळापासून उकडा आणि सुरई यांसारखे प्रकार तयार केले जात आणि भाताचा दैनंदिन आहारात मोठ्या प्रमाणावर वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_food.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भाताच्या जातींची जैवविविधता === कोकणातील पारंपरिक भातवाणांची संख्या आणि त्यांच्यातील विविधता या प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा ऐतिहासिक भाग दर्शवतात. एकाच प्रदेशात विविध नावांचे आणि वैशिष्ट्यांचे वाण लागवडीखाली असल्याची नोंद जुन्या गॅझेटियरमध्ये आढळते. या वाणांची नावे, दाण्यांचे प्रकार आणि पक्वतेच्या कालावधीतील फरक यांमधून त्या काळातील भात लागवडीतील विविधता दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या वाणांची विविधता जमिनीच्या आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित कृषिपद्धतींसोबत विकसित झाली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उंचावरील ''कुर्यात'' आणि सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये भाताची लागवड केली जात असे. काही ठिकाणी पुनर्लागवड केली जात असे, तर काही उंचावरील जमिनींमध्ये मोड आलेल्या बियांची थेट पेरणी केली जात असे. त्यामुळे भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक पर्यावरणानुसार पद्धतींची विविधता होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक वाणांच्या विविधतेचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे पिकाच्या पक्वतेच्या कालावधीतील फरक. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये लवकर तयार होणाऱ्या तसेच मध्यम आणि उशिरा तयार होणाऱ्या भाताच्या प्रकारांचा उल्लेख आढळतो. पिकाच्या पक्वतेनुसार कापणीचा कालावधी बदलत असल्यामुळे विविध वाणांचा वापर शेतीच्या हंगामी नियोजनाशी संबंधित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> स्थानिक भातवाणांची जैवविविधता ही बियाणे जतन करण्याच्या पारंपरिक पद्धतीशीही संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा पद्धतीमुळे स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा आणि लागवडीची सातत्यता राखली जात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> तथापि, ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये नोंदलेल्या सर्व पारंपरिक वाणांची लागवड आजही मोठ्या प्रमाणावर सुरू आहे, असा निष्कर्ष केवळ या ऐतिहासिक नोंदींवरून काढता येत नाही. पारंपरिक वाणांचे वर्तमान अस्तित्व, लागवडीचे क्षेत्र आणि संवर्धनाची स्थिती निश्चित करण्यासाठी अद्ययावत कृषी संशोधन किंवा अधिकृत बियाणे-संवर्धन नोंदी आवश्यक आहेत. === सुधारित आणि आधुनिक जाती === कोकणातील भात उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी विसाव्या शतकापासून सुधारित बियाण्यांचा प्रसार करण्यात आला. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये सुधारित भातबियाण्यांच्या प्रसारासाठी शासकीय योजना राबविण्यात आल्याची नोंद आहे. १९५६–५७ आणि १९५७–५८ या कालावधीतील नोंदींमध्ये पाटणी-६, वारंगळ-४८७, वाकसाळ-२८७, पनवेल-६१, भाडस-७९, ई.के.-७०, कोलंबा-१८४ आणि के-४२ या सुधारित भातवाणांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerIrrigation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Irrigation |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_irrigation.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील कृषी परिस्थिती लक्षात घेऊन भाताच्या सुधारित जाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या जातींपैकी रत्‍नागिरी-१ ही लवकर तयार होणारी जात असून तिचा पक्वता कालावधी सुमारे ११५–१२० दिवस आणि नोंदविलेली उत्पादनक्षमता ३५–४० क्विंटल प्रति हेक्टर आहे. रत्‍नागिरी-२ ही उशिरा तयार होणारी जात असून तिचा कालावधी सुमारे १४५–१५० दिवस आहे. रत्‍नागिरी-३ ही सुमारे १४०–१४५ दिवसांत तयार होणारी जात असून ती उथळ सखल भातक्षेत्रासाठी योग्य असल्याचे विद्यापीठाच्या नोंदीत नमूद केले आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> कोकणातील आधुनिक भात संशोधनात संकरित वाणांचाही विकास झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीमध्ये सह्याद्री मालिकेतील भात संकरित वाणांचा उल्लेख आहे. उदाहरणार्थ, सह्याद्री-५ या संकरित वाणाचा पक्वता कालावधी सुमारे १४०–१४५ दिवस असून, कोकणातील चाचण्यांमध्ये त्याची उत्पादनक्षमता आणि काही प्रमुख कीड व रोगांविरुद्धची सहनशीलता नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010">{{cite report |title=Research Recommendations of 2010 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2010 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2010%20English%20Recommendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित वाणांच्या विकासामध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे गुणधर्म आणि स्थानिक रोग-किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार केला जातो. त्यामुळे पारंपरिक स्थानिक वाणांबरोबर सुधारित आणि संकरित वाणांचा वापर हा कोकणातील भातशेतीच्या बदलत्या कृषितंत्राचा एक भाग बनला आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010"/> अशा प्रकारे कोकणातील भाताच्या जातींचा इतिहास पारंपरिक स्थानिक वाणांच्या विविधतेपासून सुधारित आणि संकरित वाणांच्या विकासापर्यंत विस्तारलेला आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील स्थानिक वाणांची नोंद आणि आधुनिक कृषी संशोधनातून विकसित झालेल्या जाती यांमुळे कोकणातील भाताच्या आनुवंशिक आणि कृषी विविधतेचे वेगवेगळे कालखंड स्पष्ट होतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == भातशेती आणि कोकणचे पर्यावरण == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील पर्जन्यमान, भूभाग, मातीचे प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि समुद्रकिनाऱ्याशी असलेले भौगोलिक संबंध यांच्याशी जवळून संबंधित आहे. कोकण हा अरबी समुद्र आणि सह्याद्री यांच्या दरम्यानचा अरुंद किनारी प्रदेश असून, येथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा प्रभाव मोठा आहे. त्यामुळे भात हे या प्रदेशातील प्रमुख खरीप पीक बनले आहे. कोकणातील कृषी व्यवस्थेत भाताचे महत्त्व आणि त्याच्याशी संबंधित पर्यावरणीय परिस्थिती यांचा परस्परसंबंध कृषी संशोधन आणि ऐतिहासिक नोंदींमधून दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils">{{cite journal |last1=Verma |first1=Ram Ratan |last2=Srivastava |first2=Tapendra Kumar |last3=Singh |first3=Pushpa |last4=Manjunath |first4=B. L. |last5=Kumar |first5=Anil |title=Spatial mapping of soil properties in Konkan region of India experiencing anthropogenic onslaught |journal=PLOS ONE |volume=16 |issue=2 |pages=e0247177 |year=2021 |url=https://journals.plos.org/plosone/article?id=10.1371/journal.pone.0247177 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === पर्जन्यमान आणि भातशेती === कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा मोसमी पाऊस खरीप पिकांच्या वाढीसाठी महत्त्वाचा असून, भाताच्या रोपवाटिकेच्या तयारीसाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचाही उपयोग केला जात असे. पावसाच्या आगमनाची वेळ आणि त्यानंतर उपलब्ध होणारी जमिनीतील ओलावा यांनुसार मशागत, रोपवाटिका आणि पुनर्लागवडीची कामे नियोजित केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील पावसाचे प्रमाण प्रदेशाच्या विविध भागांत सारखे नसले तरी भातशेतीसाठी मोसमी पावसाचे महत्त्व सर्वसाधारणपणे मोठे आहे. दक्षिण गोवा या कोकणातील भागावरील एका अभ्यासानुसार तेथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसामुळे जूनपासून सप्टेंबरपर्यंत, काही वेळा ऑक्टोबरच्या मध्यापर्यंत, पाऊस पडतो आणि वार्षिक पर्जन्यमान सुमारे २,९०० मिलिमीटर नोंदविण्यात आले आहे. त्या अभ्यासात भात हे सपाट तसेच उताराच्या भागांतील प्रमुख पीक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> मात्र अतिवृष्टीचा परिणाम शेतीवर होऊ शकतो. पावसाचे अल्प कालावधीत अधिक प्रमाण, पाण्याचा निचरा आणि पावसातील खंड यांनुसार भाताच्या वाढीवर परिणाम होतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीमध्ये पावसाचे पाणी धरून ठेवणे आणि अतिरिक्त पाण्याचा नियंत्रित निचरा करणे या दोन्ही बाबींना महत्त्व प्राप्त होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातखाचरे आणि जलव्यवस्था === कोकणातील भातखाचरे ही पावसावर आधारित भातशेतीसाठी विकसित झालेली स्थानिक कृषी व्यवस्था आहे. भातासाठी जमीन तयार करताना नांगरणी, चिखलणी आणि समतलीकरण करून शेतात पाणी धरून ठेवण्यासाठी अनुकूल परिस्थिती निर्माण केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये चिखलणी केल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची जमीन समतल करण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातखाचरातील पाण्याचे व्यवस्थापन केवळ पाणी साठवण्यापुरते मर्यादित नसते. मुसळधार पावसाच्या काळात अतिरिक्त पाणी नियंत्रितपणे बाहेर काढणे आवश्यक असते. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये शेतबांधांमध्ये आवश्यकतेनुसार पाण्याच्या निचऱ्यासाठी मार्ग ठेवण्याच्या पद्धतीचा उल्लेख आहे. त्यामुळे भातखाचरांची रचना पाणी साठवण आणि निचरा या दोन्ही गरजांशी संबंधित होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक कृषी संशोधनातही कोकणातील भातशेतीसाठी पाणीव्यवस्थापनाला महत्त्व दिले जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात कोकणातील भातासाठी स्थानिक परिस्थितीनुसार उत्पादनतंत्र, सिंचन आणि जलसंधारणाशी संबंधित पद्धती विकसित करण्यावर भर देण्यात आला आहे.<ref name="DBSKKVResearch">{{cite web |title=Research |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === उताराची जमीन आणि बांधबंदिस्ती === कोकणाचा बराचसा भूभाग उताराचा आणि डोंगराळ असल्यामुळे भातशेतीसाठी सपाट किंवा तुलनेने समतल खाचरे तयार करण्याची पद्धत विकसित झाली. कोकणातील भातशेतीवरील डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या तांत्रिक नोंदीनुसार या प्रदेशात भातासाठी टेरेस किंवा पायरीसदृश शेतीचा वापर केला जातो आणि शेतांचे आकारमान तुलनेने लहान असते.<ref name="DBSKKVKonkanRiceMechanization">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |publisher=Indian Society of Coastal Agricultural Research |url=https://epubs.icar.org.in/ejournal/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उताराच्या जमिनीमध्ये बांधबंदिस्तीमुळे पावसाचे पाणी शेतात काही काळ धरून ठेवण्यास मदत होते. त्यामुळे मातीची धूप कमी करणे, पाण्याचा प्रवाह नियंत्रित करणे आणि भातासाठी आवश्यक ओलावा टिकवून ठेवणे शक्य होते. पारंपरिक पद्धतीत शेतबांधांची देखभाल ही भातशेतीच्या नियमित कामांपैकी एक होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील मातीच्या प्रकारांतही प्रादेशिक फरक आढळतो. दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांमध्ये प्रामुख्याने जांभा व जांभ्यापासून विकसित झालेल्या माती आढळतात, तर उत्तर कोकणातील काही भागांत मध्यम काळ्या मातीचा विस्तार आहे. किनारी भागांत गाळाची तसेच क्षारयुक्त माती आढळते. या मातींच्या गुणधर्मांनुसार भातशेतीची पद्धत आणि पाण्याचे व्यवस्थापन बदलते.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> === खारभूमीतील भातशेती === समुद्रकिनारा आणि खाड्यांच्या परिसरातील सखल जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्याचा प्रभाव असल्यामुळे क्षारयुक्त जमिनी निर्माण होतात. महाराष्ट्रातील खार जमिनींच्या अधिकृत नोंदीनुसार समुद्र आणि नदीखाड्यांच्या परिसरातील सपाट जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्यामुळे क्षारसंचय झालेला आढळतो. अशा जमिनींच्या विकासासाठी आणि पुनर्वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाने खारभूमी विकासाची स्वतंत्र व्यवस्था निर्माण केली आहे.<ref name="KolabaGazetteerKharSoils">{{cite web |title=Kolaba District Gazetteer — Soils |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/agri_soils.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील खार जमिनींमध्ये भात हे महत्त्वाचे पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार खारभूमी संशोधन केंद्र, गिरणे, पनवेल येथे भात, खारभूमी सुधारणा आणि संबंधित कृषी संशोधनावर काम केले जाते. विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये खार जमिनींसाठी भाताच्या उत्पादनतंत्राचा आणि जमिनीच्या व्यवस्थापनाचा अभ्यास समाविष्ट आहे.<ref name="DBSKKVKharlandResearchStation">{{cite web |title=Khar Land Research Station |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Research_Stations_%26_Organogram.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसमोर मुख्य अडचण म्हणजे समुद्राच्या पाण्याचा शिरकाव आणि जमिनीतील क्षारता. भारत सरकारच्या कृषी व शेतकरी कल्याण मंत्रालयाने २०२४ मध्ये राज्यसभेत दिलेल्या माहितीनुसार कोकणातील किनारी आणि खाडीच्या लगतच्या सखल भागांमध्ये समुद्राचे पाणी शिरल्यामुळे कृषी जमिनींवर क्षारयुक्त पाण्याचा परिणाम होतो. अशा जमिनींच्या कृषी वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाकडून विविध उपाययोजना करण्यात येत असल्याचे त्या उत्तरात नमूद केले आहे.<ref name="GovtIndiaKharLand2024">{{cite report |title=Agricultural Use of Khar Lands in Konkan Region |publisher=Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, Government of India |year=2024 |date=20 December 2024 |url=https://sansad.in/getFile/annex/266/AU2898_Es7ESh.pdf?source=pqars |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसाठी क्षारता नियंत्रण, पाण्याचा निचरा आणि बांधांची देखभाल यांना विशेष महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात खार जमिनींसाठी भातासह विविध एकात्मिक शेती पद्धतींचा अभ्यास करण्यात आला आहे. काही शिफारशींमध्ये भात, भाजीपाला, नारळ, मत्स्यपालन आणि इतर घटकांचे एकत्रित व्यवस्थापन सुचविण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKharlandIFS">{{cite web |title=AICRP (SWS) — Khar Land Research Station, Panvel |website=ICAR–Central Soil Salinity Research Institute |publisher=Indian Council of Agricultural Research |url=https://cssri.res.in/aicrp-sws/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भातशेती आणि कृषी जैवविविधता === कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या कृषी जैवविविधतेचा एक भाग आहे. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या अनेक स्थानिक वाणांची नावे आढळतात. या वाणांची विविधता, त्यांचे पक्वतेचे कालावधी आणि स्थानिक लागवडपद्धती यांमुळे पारंपरिक भातशेतीमध्ये आनुवंशिक आणि कृषी विविधता निर्माण झाली होती.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> कोकणातील कृषी जैवविविधतेचा संबंध केवळ भाताच्या वाणांपुरता मर्यादित नाही. भातासोबत विविध कडधान्ये, तेलबिया, भाजीपाला, फळपिके आणि इतर कृषी घटकांचा समावेश असलेल्या शेतीपद्धती या प्रदेशात विकसित झाल्या आहेत. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार कोकणातील भाताधारित शेतीव्यवस्थेत पावसावर आधारित तसेच सिंचनाधारित विविध पीकपद्धती विकसित करण्यात आल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceBasedFarming">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील पर्यावरणीय परिस्थितीचा कृषी जैवविविधतेवरही परिणाम होतो. दक्षिण गोव्यावरील मातीच्या अभ्यासात कोकण प्रदेशातील मातीचे गुणधर्म स्थानिक भूआकार, पर्जन्यमान आणि मानवी हस्तक्षेपामुळे बदलत असल्याचे आढळले. मातीच्या गुणधर्मांमध्ये आढळणारी स्थानिक विविधता ही शेतीच्या व्यवस्थापनासाठी महत्त्वाची असल्याचे त्या अभ्यासात नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> पारंपरिक भातवाणांचे जतन, स्थानिक बियाण्यांचे दस्तऐवजीकरण आणि प्रदेशानुरूप कृषिपद्धतींचे संवर्धन हे कृषी जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये कोकणातील शेतकरी वाणांचे संकलन, त्यांचे वर्णन आणि संवर्धन यांसंबंधी प्रकल्प राबविण्यात आल्याची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVFarmersVarietiesKonkan">{{cite journal |last1=Zagade |first1=P. M. |last2=Bhairamkar |first2=M. S. |last3=Murai |first3=A. M. |last4=Sawant |first4=P. A. |title=Awareness and adoption of paddy growers about rice varieties developed by DBSKKV, Dapoli |journal=International Journal of Chemical Studies |volume=6 |issue=3 |pages=3492–3494 |year=2018 |url=https://www.chemijournal.com/archives/?ArticleId=2931&issue=3&si=&vol=6&year=2018 |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती आणि पर्यावरण यांचे नाते पाऊस, माती, पाण्याचे नियमन, उताराचा भूभाग, किनारी क्षारता आणि कृषी जैवविविधता या घटकांच्या परस्परसंबंधातून स्पष्ट होते. भातखाचरे आणि बांधबंदिस्तीपासून खारभूमी व्यवस्थापनापर्यंत विविध कृषिपद्धती या स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेत विकसित झाल्या आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> == पारंपरिक कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये वापरली जाणारी कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान ही प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन, लहान शेतक्षेत्रे आणि भातशेतीच्या पद्धतींशी जुळवून घेतलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार या प्रदेशातील शेतीची कामे इतर भागांपेक्षा भिन्न स्वरूपाची होती. भातशेतीच्या प्राबल्यामुळे स्थानिक शेतकऱ्यांकडील अवजारे मुख्यतः जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, आंतरमशागत आणि कापणी यांसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Implements |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_implements.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === नांगर आणि शेतीची अवजारे === कोकणातील पारंपरिक शेतीमध्ये ''नांगर'' हे प्रमुख अवजार होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातशेतीसाठी वापरला जाणारा नांगर प्रामुख्याने लाकडाचा बनविला जात असे आणि तो बैलांच्या जोडीने ओढला जात असे. नांगराचे शरीर, फाळ, दांडा, मूठ आणि इतर भाग स्थानिक उपलब्ध लाकडापासून तयार केले जात. कोकणातील लहान आणि उताराच्या शेतजमिनींसाठी हा तुलनेने हलका नांगर उपयुक्त ठरत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीमध्ये नांगराचा उपयोग केवळ जमीन उलटण्यासाठी न करता चिखलणीच्या प्रक्रियेतही केला जात असे. मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर जमीन नांगरली जाई आणि त्यानंतर पाणी साठवून पुन्हा नांगरणी करून जमीन भाताच्या पुनर्लागवडीस योग्य केली जात असे. रत्‍नागिरी गॅझेटियरनुसार भातासाठी साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> ''गुतेफळी'' किंवा ''गुतेफळी''सदृश दातेरी अवजाराचा उपयोग चिखलणी झालेल्या शेताची जमीन समतल करण्यासाठी केला जात असे. या अवजाराच्या साहाय्याने शेतातील मातीचे ढेकळे कमी करून जमीन सपाट केली जात असे आणि पुनर्लागवडीसाठी योग्य पृष्ठभाग तयार केला जात असे. काही ठिकाणी या अवजाराचा उपयोग पेरणीनंतर उगवलेल्या रोपांची गर्दी कमी करण्यासाठी आणि तण किंवा वनस्पती अवशेष गोळा करण्यासाठीही केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> ''मईंद'' किंवा लाकडी ढेकळफोड्या, ''कोळपी'', ''खुरपी'', फावडे, कुदळ, टिकाव आणि कुऱ्हाड यांसारखी विविध हातसाधनेही शेतीच्या वेगवेगळ्या कामांसाठी वापरली जात. ''कोळपी''चा उपयोग आंतरमशागतीसाठी करून माती हलकी करणे, मुळांना हवा मिळवून देणे आणि खत मातीमध्ये मिसळणे अशी कामे केली जात. ''खुरपी''चा वापर पिकातील तणे काढण्यासाठी केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> या अवजारांची रचना स्थानिक गरजांशी संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील १९५६ च्या नोंदींमध्ये मोठ्या संख्येने लाकडी नांगर अस्तित्वात असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. यावरून त्या काळातील शेतीत स्थानिक आणि बैलचलित अवजारांचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> === पारंपरिक लावणीची साधने === कोकणातील भाताची लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित होती. चिखलणी आणि समतलीकरण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील रोपे उपटून भातखाचरात नेली जात आणि हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. त्यामुळे लावणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यांत्रिक साधनांपेक्षा रोपे वाहून नेणे, भारे बांधणे आणि हाताने रोपे लावणे यांना महत्त्व होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> रोपवाटिकेतून काढलेली रोपे लहान भाऱ्यांमध्ये बांधून मुख्य शेतात नेली जात. चिखललेल्या शेतात शेतकरी किंवा मजूर हाताने रोपांचे पुंजके लावत. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक लावणीच्या प्रक्रियेत शेताची समतलता आणि चिखलाची योग्य अवस्था महत्त्वाची होती. त्यासाठी नांगरणी, चिखलणी आणि लाकडी फळी किंवा गुतेफळीच्या साहाय्याने समतलीकरण केले जात असे. त्यामुळे लावणीचे तंत्र हे स्वतंत्र साधनापेक्षा जमीन तयार करण्याच्या पारंपरिक तंत्राशी अधिक निगडित होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात मानवी श्रमाची गरज कमी करण्यासाठी भातलावणी आणि इतर कृषी कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याचे प्रयत्न झाले आहेत. मात्र, कोकणातील लहान, तुकड्यात विभागलेली आणि उताराची शेतजमीन तसेच अतिपर्जन्यमान यांमुळे मोठ्या यंत्रांचा वापर अनेक ठिकाणी मर्यादित राहतो. कोकणातील भातशेतीच्या यांत्रिकीकरणावरील अभ्यासांमध्ये या भौगोलिक मर्यादांचा विशेष विचार करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |pages=43–49 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कापणी आणि मळणीची अवजारे === पारंपरिक पद्धतीत भाताची कापणी ''विळ्या''ने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पिकाची कणसे पक्व झाल्यानंतर भात जमिनीजवळून कापला जाई. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि ते मळणीच्या जागी नेले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यंत्रांऐवजी कापलेल्या भाताच्या भाऱ्यांचा कठीण पृष्ठभागावर किंवा लाकडी फळीवर आपटून दाणे वेगळे करण्याची पद्धत वापरली जात असे. उरलेले दाणे मिळविण्यासाठी काही ठिकाणी पेंढा जनावरांच्या पायांनी तुडविला जात असे. त्यानंतर धान्य आणि पेंढा वेगळे करण्यासाठी उफणणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> विळा, सुप, टोपली आणि इतर साधी हातसाधने ही कापणी, मळणी आणि धान्य हाताळणीतील प्रमुख साधने होती. रत्‍नागिरीच्या कृषी-अवजारांच्या नोंदीमध्ये कापणीसाठी विळा आणि धान्य हाताळण्यासाठी विविध पारंपरिक साधनांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> कोकणातील पारंपरिक कापणी-मळणी प्रक्रियेत मानवी श्रमाचे प्रमाण मोठे होते. आधुनिक काळात मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज वाढली. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, उफणणी यंत्र, रीपर, रीपर-बाइंडर आणि विविध प्रकारच्या मळणी यंत्रांच्या संयोजनांचा आर्थिक अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील अनेक शेतकऱ्यांकडे लहान आकाराची जमीन असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या सामायिक वापराच्या पद्धती यांत्रिकीकरणासाठी उपयुक्त ठरू शकतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === पारंपरिक कृषितंत्रातील स्थानिक ज्ञान === कोकणातील पारंपरिक कृषितंत्र हे स्थानिक भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थितीच्या दीर्घ अनुभवातून विकसित झाले होते. मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन आणि भातासाठी पाणी धरून ठेवण्याची आवश्यकता यांनुसार शेतकरी जमीन तयार करण्याची वेळ, नांगरणीची पद्धत, चिखलणीची अवस्था आणि समतलीकरण यांचा निर्णय घेत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> स्थानिक ज्ञानाचा एक महत्त्वाचा भाग म्हणजे योग्य वेळी योग्य अवजाराचा वापर करणे. लाकडी नांगराचा वापर जमीन उघडण्यासाठी आणि चिखलणीसाठी, गुतेफळीचा वापर समतलीकरणासाठी, कोळपीचा वापर आंतरमशागतीसाठी आणि खुरपीचा वापर तण काढण्यासाठी केला जात असे. अशा प्रकारे प्रत्येक अवजाराचे कार्य भातशेतीच्या विशिष्ट टप्प्याशी जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान पाण्याच्या व्यवस्थापनाशीही संबंधित होते. चिखलणी करून जमिनीतील पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करणे, शेत समतल ठेवणे आणि शेतबांधांच्या साहाय्याने पाणी नियंत्रित करणे या पद्धतींमधून स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेतलेले तंत्रज्ञान दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील शेतजमिनींच्या आकारमानामुळे आणि भौगोलिक रचनेमुळे मोठ्या कृषियंत्रांच्या वापराला काही मर्यादा आहेत. आधुनिक संशोधनातही कोकणातील लहान आणि तुकड्यात विभागलेली जमीन, उताराची शेती आणि उच्च पर्जन्यमान या बाबी यंत्रांच्या निवडीसाठी महत्त्वाच्या असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="DevelopmentPaddyStripperKonkan">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=Girishkumar Balasaheb |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Aware |first3=V. V. |last4=Dhande |first4=K. G. |last5=Deshmukh |first5=P. S. |title=Development of stripper harvester for paddy |journal=Journal of Applied and Natural Science |volume=9 |issue=4 |pages=1943–1948 |year=2017 |url=https://journals.ansfoundation.org/index.php/jans/article/view/1469 |access-date=14 August 2026 }}</ref> पारंपरिक साधनांपासून आधुनिक कृषियंत्रांपर्यंतचा हा बदल टप्प्याटप्प्याने झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप विविध कृषी अवजारे विकसित केली आहेत. त्यामध्ये भात कापणीसाठी ''वैभव विळा'' तसेच भात कापणीसाठी स्वयंप्रचलित रीपर यांचा समावेश आहे. अशा तंत्रज्ञानाचा उद्देश मानवी श्रम कमी करणे आणि कोकणातील परिस्थितीत कृषी कामांची कार्यक्षमता वाढविणे हा आहे.<ref name="DBSKKVImplements">{{cite report |title=Annual Report 2016–17 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/2023-24/Research/PDF%20Annual%20Report%20All/Annual%20Report%202016-17...DBSKKV%20English.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञानाचा विकास हा स्थानिक पर्यावरण, लहान शेतक्षेत्रे, बैलचलित शेती आणि उपलब्ध मानवी श्रम यांच्या गरजांशी संबंधित राहिला आहे. पारंपरिक लाकडी अवजारांपासून आधुनिक रीपर, मळणी यंत्रे आणि इतर यांत्रिक साधनांपर्यंतचा बदल हा कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक परिवर्तनाचा एक भाग आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> == भातशेती आणि ग्रामीण जीवन == कोकणातील भातशेतीचा संबंध केवळ अन्नधान्याच्या उत्पादनाशी नसून ग्रामीण कुटुंबव्यवस्था, कृषी श्रम, स्थानिक अर्थव्यवस्था आणि दैनंदिन जीवनाशीही आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरनुसार विसाव्या शतकाच्या मध्यकाळात शेती हा जिल्ह्यातील लोकांच्या उपजीविकेचा प्रमुख आधार होता. १९५१ च्या जनगणनेच्या आधारे जिल्ह्यातील सुमारे ६९ टक्के लोक शेती हा मुख्य व्यवसाय म्हणून करीत असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture: Census |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_census.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भात हे रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील प्रमुख पीक होते. १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्यामुळे भातशेतीचा ग्रामीण जीवनातील स्थानिक अन्नपुरवठा आणि कृषी अर्थव्यवस्थेशी घनिष्ठ संबंध होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === शेतकरी कुटुंब आणि भातशेती === पारंपरिक कोकणातील शेतीव्यवस्थेत शेतकरी कुटुंब हे उत्पादनाचे महत्त्वाचे एकक होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये शेतजमिनीची मालकी, भाडेपट्ट्यावरील शेती आणि प्रत्यक्ष शेती करणारे शेतकरी यांची स्वतंत्र नोंद आढळते. १९५१ च्या आकडेवारीत स्वतःच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे तसेच मुख्यतः इतरांच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे शेतकरी आणि त्यांचे आश्रित यांचा समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> लहान शेतजमिनी आणि मर्यादित कृषी उत्पन्नामुळे कुटुंबातील सदस्यांचा शेतीच्या कामात सहभाग महत्त्वाचा ठरत असे. ग्रामीण जीवनाच्या सर्वेक्षणात शेतीवर अवलंबून असलेल्या कुटुंबांना उत्पन्नाच्या पूरक साधनांची आवश्यकता भासत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. काही कुटुंबे शेतीबरोबर संबंधित व्यवसाय करीत असत, तर काहींना शहरांमध्ये काम करणाऱ्या कुटुंबीयांकडून आर्थिक मदत मिळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Standard of Living: Rural Areas |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/std_rural.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीतील कामांचे स्वरूप हंगामानुसार बदलत असे. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, लावणी, तण काढणे, कापणी आणि मळणी या कामांमध्ये कुटुंबातील सदस्यांचा प्रत्यक्ष सहभाग असे. तथापि, सर्व कामे केवळ कुटुंबीयांच्या श्रमातूनच पूर्ण होत असत, असा सार्वत्रिक निष्कर्ष काढता येत नाही. विशेषतः लावणी आणि कापणीसारख्या श्रमप्रधान काळात बाहेरील मजुरांची आवश्यकता भासत असल्याची नोंद रत्‍नागिरी गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Wages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> शेतीतून मिळणारे धान्य हे कुटुंबाच्या अन्नपुरवठ्याचा महत्त्वाचा आधार होते. ऐतिहासिक नोंदींनुसार अनेक शेतकऱ्यांना स्वतःच्या गरजा भागविण्यासाठी पुरेसे उत्पादन मिळणेही आव्हानात्मक होते. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध अन्नसुरक्षेबरोबरच कुटुंबाच्या आर्थिक स्थैर्याशीही जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerBorrowers">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Borrowers |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === सामुदायिक श्रम आणि लावणीची परंपरा === कोकणातील भातशेतीतील लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर श्रमप्रधान प्रक्रिया होती. रोपवाटिकेतून रोपे काढणे, त्यांची भारे बांधणे, ती शेतात नेणे आणि चिखललेल्या शेतात पुनर्लागवड करणे या कामांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळ आवश्यक असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मजुरांची आवश्यकता असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> लावणीच्या हंगामात स्थानिक मजुरांची मागणी वाढत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण मजुरीविषयक नोंदीनुसार पुनर्लागवड सुरू झाल्यानंतर मजुरांची कमतरता जाणवत असे आणि शेतकरी आपल्या गावातून किंवा जवळच्या गावांतून मजूर नियुक्त करीत असत. यावरून भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे गावपातळीवर कृषी श्रमाची मागणी वाढत असल्याचे दिसते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी मजुरी रोख रक्कम किंवा धान्याच्या स्वरूपात देण्याच्या पद्धतींचाही उल्लेख आढळतो. काही तालुक्यांमध्ये कापणी आणि मळणीसारख्या कामांसाठी रोख मजुरी दिली जात असे, तर काही ठिकाणी धान्य किंवा भोजनाच्या स्वरूपात मोबदला देण्याची प्रथा आढळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> लावणी आणि कापणीच्या काळात गावातील उपलब्ध मनुष्यबळाचे महत्त्व त्यामुळे वाढत असे. तथापि, आधुनिक अर्थाने प्रत्येक गावात एकसमान ''सामुदायिक श्रम'' व्यवस्था अस्तित्वात होती, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढणे योग्य ठरणार नाही. उपलब्ध नोंदी मुख्यतः कुटुंबीय श्रम, स्थानिक मजूर आणि हंगामी मजुरीच्या व्यवस्थेचे दस्तऐवजीकरण करतात.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> === भातशेती आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था === भातशेतीचा रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर मोठा प्रभाव होता. १९५१ च्या नोंदीनुसार जिल्ह्यातील मोठ्या प्रमाणातील लोकसंख्या शेतीवर मुख्य किंवा पूरक उपजीविकेसाठी अवलंबून होती. शेतीबरोबर पशुपालन, वनीकरण, लागवड आणि इतर संबंधित व्यवसाय हेही उत्पन्नाचे स्रोत होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> भातशेतीमधील उत्पादनाचा काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे, तर उर्वरित धान्याची विक्री किंवा देवाणघेवाण केली जाऊ शकत असे. ग्रामीण जीवनावरील गॅझेटियरच्या नोंदींमध्ये रोख व्यवहारांबरोबर वस्तुविनिमयही अस्तित्वात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत धान्याचे आर्थिक महत्त्व केवळ बाजारातील विक्रीपुरते मर्यादित नव्हते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> भातशेतीशी संबंधित कृषी मजुरीलाही ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान होते. नांगरणी, पेरणी, कापणी आणि मळणी यांसारख्या विशिष्ट कामांसाठी मजूर नियुक्त केले जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी रोख तसेच वस्तुरूप मजुरीच्या पद्धतींचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे ग्रामीण रोजगारामध्येही चढ-उतार होत असत. भाताची पेरणी आणि कापणी यांसारख्या काळात कृषी श्रमाची मागणी वाढत असे, तर शेतीची कामे कमी असलेल्या काळात काही ग्रामीण कामगारांना पर्यायी रोजगार शोधावा लागत असे. रत्‍नागिरीच्या ऐतिहासिक नोंदींमध्ये हंगामानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर रोजगारासाठी मुंबईकडे स्थलांतर करीत असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Movements of the People |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> आधुनिक काळातही कोकणातील भातशेतीमध्ये मजूर हा महत्त्वाचा उत्पादनघटक आहे. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार पारंपरिक पद्धतीतील विविध कृषी कामे मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित असून ती श्रमप्रधान आहेत. मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांच्या यांत्रिकीकरणाची गरज वाढल्याचे संशोधनात नमूद केले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === भातशेती आणि लोकजीवन === भात हा कोकणातील ग्रामीण आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताचे स्थानिक अन्नव्यवस्थेतील महत्त्व आणि त्यापासून तयार होणाऱ्या विविध खाद्यपदार्थांचा उल्लेख आढळतो. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध केवळ कृषी उत्पादनाशी नसून स्थानिक आहारपद्धतीशीही जोडलेला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनाशी संबंधित कापणी, मळणी, धान्य वाळवणे आणि साठवण या प्रक्रिया ग्रामीण जीवनातील नियमित हंगामी कामांचा भाग होत्या. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूच्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीशी संबंधित हंगामी कामांमुळे गावातील श्रमव्यवस्था आणि सामाजिक व्यवहारांनाही चालना मिळत असे. लावणी आणि कापणीच्या काळात शेतमजुरांची मागणी वाढत असे आणि जवळच्या गावांमधूनही मजूर कामासाठी येत असत. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध स्थानिक रोजगार आणि गावांमधील आर्थिक देवाणघेवाणीशी जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीचा ग्रामीण जीवनाशी असलेला संबंध ऐतिहासिक स्थलांतराच्या पद्धतीतही दिसतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी झाल्यानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे शेती आणि शहरातील रोजगार यांच्यात हंगामी आर्थिक संबंध निर्माण झाले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारे ग्रामीण जीवन हे एकसंध किंवा सर्व गावांमध्ये समान स्वरूपाचे नव्हते. जमीनधारणा, शेतीचा प्रकार, कुटुंबाची आर्थिक स्थिती, मजुरीची उपलब्धता आणि इतर व्यवसाय यांनुसार शेतकरी व ग्रामीण कुटुंबांचे जीवनमान वेगवेगळे होते. रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण जीवनावरील सर्वेक्षणात मोठे शेतकरी, मध्यम शेतकरी, भाडेकरू शेतकरी, भूमिहीन मजूर आणि इतर ग्रामीण समूह यांचे वेगवेगळे आर्थिक स्तर नोंदविण्यात आले आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती ही शेतकरी कुटुंब, हंगामी कृषी श्रम, स्थानिक रोजगार, अन्नव्यवस्था आणि ग्रामीण अर्थकारण यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था होती. पारंपरिक काळातील या संबंधांमध्ये कालानुसार बदल झाले असले तरी भातशेतीचे कोकणातील ग्रामीण जीवनाशी असलेले ऐतिहासिक नाते विविध कृषी आणि सामाजिक नोंदींतून स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/><ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा == कोकणातील भातशेतीचा संबंध स्थानिक अन्नव्यवस्था, सण-उत्सव, धार्मिक आचार, लोकपरंपरा आणि ग्रामीण जीवनाशी ऐतिहासिकदृष्ट्या जोडलेला आहे. भात हे कोकणातील प्रमुख अन्नधान्य असल्यामुळे त्याचे स्थान केवळ कृषी उत्पादनापुरते मर्यादित राहिले नाही. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भात हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याची आणि विविध धार्मिक व सामाजिक प्रसंगी स्थानिक खाद्यपरंपरांचा वापर होत असल्याची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriSawantwadiFood">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कृषीविधी आणि धार्मिक परंपरा === कोकणातील ग्रामीण जीवनात कृषी आणि धार्मिक परंपरा परस्परांशी संबंधित होत्या. गावातील सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांमध्ये गावप्रमुख, देवस्थानातील सेवक, पुरोहित आणि इतर ग्रामघटकांची भूमिका निश्चित असल्याचे रत्‍नागिरी-सावंतवाडी गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे. सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांच्या वेळी गावदेवतेची पालखी मिरवणुकीने नेण्याची प्रथा तसेच विविध धार्मिक समारंभांचे सामुदायिक स्वरूप यांची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Villages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> धान्य आणि तांदूळ यांचा धार्मिक व्यवहारातील उपयोगही ऐतिहासिक नोंदींतून दिसतो. सावंतवाडी परिसरातील काही धार्मिक आणि सामाजिक विधींमध्ये तांदूळ अर्पण करण्याची प्रथा नोंदविण्यात आली आहे. त्यामुळे तांदूळ हा केवळ अन्नधान्य नसून काही धार्मिक व्यवहारांमध्ये वापरला जाणारा कृषीउत्पादनाचा घटकही होता.<ref name="RatnagiriGazetteerReligiousCustoms">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील धार्मिक जीवनामध्ये ग्रामदैवतांच्या उत्सवांना महत्त्व होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये ग्रामदेवतांच्या उत्सवांमध्ये कीर्तन, धार्मिक प्रवचन आणि इतर धार्मिक कार्यक्रम होत असल्याची नोंद आहे. अशा प्रसंगी स्थानिक समुदायाचा सहभाग असे आणि धार्मिक कार्यक्रम हे गावाच्या सामाजिक जीवनाचा एक भाग बनत.<ref name="RatnagiriGazetteerEntertainment">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Entertainments |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_entertainments.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> तथापि, भाताच्या पेरणी, लावणी किंवा कापणीशी संबंधित प्रत्येक धार्मिक विधी संपूर्ण कोकणात समान पद्धतीने प्रचलित होता, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढता येत नाही. विविध गाव, समाजसमूह आणि स्थानिक देवपरंपरांनुसार कृषीविषयक आचारांमध्ये फरक असण्याची शक्यता होती. === भातशेती आणि लोकपरंपरा === भातशेतीभोवती विकसित झालेल्या लोकपरंपरांचा संबंध शेतीच्या हंगामी चक्राशी होता. पावसाळ्याच्या सुरुवातीपासून भाताची पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि त्यानंतर कापणीपर्यंतची कामे ग्रामीण जीवनाचा महत्त्वाचा भाग होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांसाठी स्थानिक संज्ञा नोंदविण्यात आल्या आहेत—''बी'', ''रोव'', ''तरवा'', ''पोसावळे'', ''दुधगिले'' आणि ''भात''. या संज्ञा पिकाच्या वाढीचे स्थानिक निरीक्षण आणि त्यानुसार विकसित झालेले कृषी ज्ञान दर्शवतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या कापणीनंतर ग्रामीण जीवनात आणखी एक महत्त्वाचा हंगामी टप्पा सुरू होत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी पूर्ण झाल्यानंतर मोठ्या संख्येने शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे भातशेतीचे हंगामी चक्र ग्रामीण स्थलांतराच्या पद्धतीशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीशी संबंधित लोकपरंपरा केवळ धार्मिक स्वरूपाच्या नव्हत्या. लावणी आणि कापणीच्या काळातील सामूहिक कामे, हंगामानुसार रोजगाराची उपलब्धता, धान्याची साठवण आणि स्थानिक खाद्यपद्धती यांमधूनही भातशेतीचे ग्रामीण सांस्कृतिक जीवनाशी असलेले नाते दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === भात आणि कोकणातील खाद्यसंस्कृती === भात हा रत्‍नागिरी आणि कोकणातील पारंपरिक आहाराचा प्रमुख घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भात हा प्रमुख अन्नधान्य असून तो डाळी, आमटी, भाज्या, ताक, नारळ आणि स्थानिक मसाल्यांसह खाल्ला जात असे. शेतकरी कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भाताबरोबर भाजी, डाळ किंवा माशांचे पदार्थ यांचा समावेश होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> तांदळाचे ''उकडा'' आणि ''सुरई'' असे प्रकारही वापरात होते. उकडा तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर सुरई प्रकारासाठी धान्य उकळण्याची प्रक्रिया केली जात नसे. या दोन प्रकारांचा वापर स्थानिक खाद्यपद्धतीत केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> शिजवलेल्या तांदळाचेही विविध प्रकार आहारात होते. गॅझेटियरमध्ये पाण्याच्या प्रमाणानुसार तयार होणाऱ्या ''भात''ाच्या पद्धतींचा तसेच उरलेल्या तांदळाच्या पाण्याचा ''पेज'' म्हणून वापर होत असल्याचा उल्लेख आहे. ''पेज'' हे विशेषतः सकाळच्या आहाराचा भाग असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> भातापासून तयार होणाऱ्या इतर पदार्थांमध्ये पोहे आणि मुरमुरे यांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार धान्य भाजून किंवा फुलवून त्यापासून विविध खाद्यपदार्थ तयार केले जात आणि पोहे व मुरमुरे यांचा स्थानिक वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> सावंतवाडी परिसरातील खाद्यपरंपरेतही भाताचे महत्त्व दिसते. ऐतिहासिक नोंदीनुसार श्रीमंत आणि मध्यमवर्गीय कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भात, डाळी आणि भाज्या यांचा समावेश होता; विशेष प्रसंगी तांदूळ आणि उडीद डाळीपासून तयार केलेले वडे यांसारखे पदार्थ केले जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiFood"/> यामुळे कोकणातील भातशेती आणि खाद्यसंस्कृती यांचा परस्परसंबंध स्पष्ट होतो. भात हा केवळ शेतातील उत्पादन नसून दैनंदिन भोजन, पारंपरिक खाद्यपदार्थ आणि विशेष प्रसंगांच्या भोजनव्यवस्थेचा महत्त्वाचा घटक होता.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> === धान्याशी संबंधित पारंपरिक साठवण आणि उपयोग === भाताचे धान्य कापणी व मळणीनंतर व्यवस्थित वाळवून पुढील वापरासाठी साठवले जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी धान्य स्वतःच्या वापरासाठी साठवत आणि पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक साठवणुकीसाठी लाकडी कोठारे किंवा ''कोठार'' आणि बांबूपासून तयार केलेल्या ''कणग्या'' वापरल्या जात. कणगीच्या आतील भागात धान्य भरल्यानंतर तिचे तोंड बंद केले जात असे. काही ठिकाणी कणगीच्या बाहेरील बाजूस शेणाचा लेप देण्याची आणि तिचा तळ जमिनीत काही प्रमाणात रोवण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची साठवण ही पुढील हंगामातील शेतीशीही संबंधित होती. मळणीनंतर निवडलेले बियाणे वाळवून सुरक्षित ठेवले जाई आणि पुढील पेरणीसाठी त्याचा उपयोग केला जात असे. अशा प्रकारे साठवणुकीची प्रक्रिया एका हंगामातील उत्पादनाला पुढील हंगामाच्या कृषी चक्राशी जोडत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याचा उपयोग अन्नाव्यतिरिक्त विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार करण्यासाठी केला जात असे. भातापासून पोहे, मुरमुरे आणि पेज यांसारखे पदार्थ तयार होत; तर भाताच्या प्रक्रियेतून मिळणाऱ्या पेंढ्याचा ग्रामीण जीवनात विविध उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्यसाठा हा ग्रामीण कुटुंबाच्या अन्नव्यवस्थेचा महत्त्वाचा आधार होता. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार त्या काळातील उत्पादन तुलनेने कमी असल्यामुळे शेतकऱ्यांकडे साठवलेले धान्य प्रामुख्याने घरगुती वापरासाठी ठेवले जात असे; बाजारपेठेत मोठ्या प्रमाणावर विक्री करण्यासाठी अतिरिक्त साठा उपलब्ध असेलच असे नाही.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा या कृषी उत्पादन, धार्मिक आचार, हंगामी लोकजीवन, खाद्यसंस्कृती आणि धान्यसाठवण या परस्परांशी संबंधित घटकांतून विकसित झाल्या. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमध्ये या परंपरांचे विविध प्रादेशिक आणि सामाजिक स्वरूप दिसते; त्यामुळे संपूर्ण कोकणात एकसारखी सांस्कृतिक पद्धत होती, असा निष्कर्ष काढण्याऐवजी स्थानिक विविधता लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife"/> == आधुनिक काळातील कोकणातील भातशेती == आधुनिक काळात कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक पद्धतींसोबत सुधारित वाण, शास्त्रीय पीक व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण, सुधारित खत व्यवस्थापन आणि कृषी संशोधनावर आधारित तंत्रज्ञानाचा वापर वाढला आहे. कोकणातील भौगोलिक परिस्थिती, उच्च पर्जन्यमान, लहान शेतक्षेत्रे आणि मनुष्यबळाची उपलब्धता या घटकांमुळे आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार या प्रदेशात विशिष्ट स्वरूपाचा राहिला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === यांत्रिकीकरण === कोकणातील भातशेतीतील अनेक कामे पारंपरिक पद्धतीने मानवी श्रमावर आधारित होती. जमीन तयार करणे, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसारख्या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता भासत असे. मात्र, कृषी मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यांमुळे भातशेतीतील विविध कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज निर्माण झाली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या यांत्रिकीकरणाचा अभ्यास करताना विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, हातचलित किंवा शक्तिचलित उफणणी यंत्र, स्वयंप्रचलित रीपर, रीपर-बाइंडर, विविध प्रकारची मळणी यंत्रे आणि कंबाईन हार्वेस्टर अशा पर्यायांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील मोठ्या प्रमाणातील शेतकरी अल्पभूधारक असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे यंत्रसामग्रीचा सामायिक वापर, कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या व्यवस्थांना महत्त्व प्राप्त झाले आहे. अभ्यासात रीपर आणि रीपर-बाइंडर यांसारखी यंत्रे सीमांत आणि मध्यम शेतकऱ्यांसाठी उपयुक्त ठरू शकतात, असे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भाताच्या कापणीसाठी स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप यंत्रे विकसित करण्याचेही प्रयत्न झाले आहेत. कोकणातील कृषी अभियांत्रिकी संशोधनात भातासाठी स्ट्रिपर हार्वेस्टरसारख्या यंत्रांच्या विकासाचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा यंत्रांचा उद्देश कापणीतील श्रम आणि वेळ कमी करणे तसेच कोकणातील लहान शेतक्षेत्रांना अनुरूप तंत्रज्ञान विकसित करणे हा आहे.<ref name="DevelopmentPaddyStripperKonkan"/> यांत्रिकीकरणाचा विस्तार मात्र केवळ यंत्रांच्या उपलब्धतेवर अवलंबून नसून शेताचे आकारमान, भूभाग, पाण्याची स्थिती, यंत्राचा वापरकालावधी आणि त्याचा आर्थिक खर्च यांवरही अवलंबून असतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक परिस्थितीशी सुसंगत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य यंत्रांचा वापर महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === सुधारित लागवड तंत्र === आधुनिक भातशेतीमध्ये सुधारित वाणांची निवड, योग्य पेरणीची वेळ, रोपांची योग्य अवस्था, खत व्यवस्थापन आणि तण नियंत्रण यांना महत्त्व दिले जाते. कोकणातील भातवाणांच्या पेरणीच्या वेळेचा उत्पादनावर होणारा परिणाम तपासण्यासाठी डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधकांनी क्षेत्रीय प्रयोग केले आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> २०१५–१६ च्या खरीप हंगामात डापोली येथे करण्यात आलेल्या प्रयोगात २३वा, २४वा आणि २५वा हवामानशास्त्रीय आठवडा अशा तीन पेरणी कालावधींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात २३व्या हवामानशास्त्रीय आठवड्यात पेरलेल्या पिकाला तुलनेने अधिक धान्य व पेंढीचे उत्पादन मिळाले. या प्रयोगात कर्जत-५, पालघर-१, जया, स्वर्ण आणि कर्जत-२ या वाणांचा समावेश करण्यात आला होता.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> कोकणातील थेट पेरणीच्या भातासाठी तण व्यवस्थापनावरही संशोधन करण्यात आले आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील कृषी संशोधन केंद्र, रिपोली येथे २०१९, २०२० आणि २०२१ या खरीप हंगामांत करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय प्रयोगात विविध तणनियंत्रण पद्धतींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात तणमुक्त स्थिती तसेच काही निवडक पूर्वउगवणी आणि पश्चातउगवणी तणनियंत्रण पद्धतींमुळे उत्पादन घटकांवर आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले.<ref name="DademalEtAl2025WeedManagement">{{cite journal |last1=Dademal |first1=A. A. |last2=Jagtap |first2=D. N. |last3=More |first3=V. G. |last4=Bodake |first4=P. S. |last5=Mhaskar |first5=N. V. |last6=Pinjari |first6=S. S. |last7=Dahiphale |first7=A. V. |title=Integrated Weed Management in Kharif Direct Seeded Rice (Oryza sativa L.) in Medium Black Soil of Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Bio-resource and Stress Management |volume=16 |issue=11 |pages=1–8 |year=2025 |url=https://ojs.pphouse.org/index.php/IJBSM/article/view/6859 |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित लागवड तंत्रामध्ये स्थानिक परिस्थितीनुसार योग्य वाणाची निवडही महत्त्वाची आहे. कोकणातील कृषी संशोधनात विविध वाणांची पक्वता, उत्पादनक्षमता आणि स्थानिक हवामानाशी जुळवून घेण्याची क्षमता तपासण्यात आली आहे. त्यामुळे आधुनिक भातशेतीमध्ये एकच पद्धत संपूर्ण कोकणासाठी समान न मानता स्थानिक परिस्थितीनुसार लागवड तंत्र निवडण्यावर भर दिला जातो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === सेंद्रिय आणि शाश्वत शेती === कोकणातील भातशेतीमध्ये जमिनीची सुपीकता टिकवणे, पीक अवशेषांचा योग्य वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन आणि उपलब्ध संसाधनांचा कार्यक्षम वापर या बाबींना शाश्वत शेतीच्या दृष्टीने महत्त्व आहे. किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवर करण्यात आलेल्या अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढीवर, उत्पादनावर आणि आर्थिक परिणामांवर अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन हे जमिनीतील सेंद्रिय पदार्थ आणि पोषकद्रव्यांच्या पुनर्वापराशी संबंधित आहे. भाताच्या पेंढीचे योग्य व्यवस्थापन करून ती शेतातच वापरणे किंवा इतर कृषी उपयोगात आणणे ही संसाधनांचा पुनर्वापर करणारी पद्धत ठरू शकते. किनारी महाराष्ट्रातील प्रयोगांमध्ये पीक अवशेष व्यवस्थापन आणि खत व्यवस्थापन यांच्या विविध संयोजनांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील भातासाठी सेंद्रिय आणि अजैविक खतांच्या वापराच्या तुलनात्मक परिणामांचाही अभ्यास झाला आहे. डापोली येथील क्षेत्रीय प्रयोगात नत्राच्या विविध मात्रा आणि शेणखताच्या विविध मात्रांचा वापर करून भाताच्या वाढी, उत्पादन घटक आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम तपासण्यात आला. या संशोधनातून पोषण व्यवस्थापनामध्ये सेंद्रिय आणि अजैविक स्रोतांचा योग्य वापर हा उत्पादनक्षमता आणि आर्थिक परताव्याशी संबंधित असल्याचे दिसून आले.<ref name="WarankarEtAl2020NutrientManagement">{{cite journal |last1=Warankar |first1=V. V. |last2=Chavan |first2=Y. S. |last3=Jadhav |first3=A. N. |last4=Bahiram |first4=M. E. |last5=Gaikwad |first5=A. M. |last6=Chavan |first6=V. G. |last7=Rajemahadik |first7=V. A. |last8=Sagavekar |first8=V. V. |last9=Chavan |first9=S. A. |title=Nutrient Management in kharif Rice (Oryza sativa L.) through Inorganic and Organic Sources for Enhancing Productivity and Profitability in Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=9 |issue=12 |pages=355–364 |year=2020 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=20440&SNo=45&vol=9-12-2020 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत डाळी, भाजीपाला, दुग्धव्यवसाय, कुक्कुटपालन, फळबागा आणि इतर कृषी उपक्रम यांचे संयोजन आढळले आहे. या अभ्यासात विविध कृषी उपक्रमांचे एकत्रीकरण आणि विविधीकरण यांचा शेतीच्या नफाक्षमतेशी सकारात्मक संबंध आढळला. त्यामुळे भातशेतीला इतर कृषी उपक्रमांशी जोडणे ही कोकणातील शाश्वत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य शेती व्यवस्थेची एक दिशा मानता येते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> मात्र ''सेंद्रिय शेती'' आणि ''शाश्वत शेती'' हे समानार्थी संकल्पना नाहीत. उपलब्ध संशोधनाच्या आधारे कोकणातील सर्व भातशेती सेंद्रिय पद्धतीने केली जाते, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. आधुनिक कोकणातील शाश्वत भातशेतीचा विचार करताना मातीचे आरोग्य, पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन, संतुलित खत वापर, पाणी व्यवस्थापन, पीक विविधीकरण आणि उत्पादन खर्च यांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="PalkarEtAl2023">{{cite journal |last1=Palkar |first1=K. P. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Pinjari |first3=S. S. |last4=Kasture |first4=M. C. |last5=Dodake |first5=S. B. |title=Effect of Crop Residue and Fertilizer Management on Growth, Yield and Economics of Rice in the Coastal Region of Maharashtra |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=41 |issue=2 |pages=128–133 |year=2023 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/126544 |access-date=14 August 2026 }}</ref><ref name="ToraneEtAl2011"/> === कृषी संशोधन आणि कोकण कृषी विद्यापीठाची भूमिका === कोकणातील आधुनिक भातशेतीच्या विकासामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली आणि त्याच्या विविध संशोधन केंद्रांची महत्त्वाची भूमिका आहे. विद्यापीठाने कोकणातील भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थिती लक्षात घेऊन भातासह विविध पिकांच्या सुधारित जाती विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे. रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांसारख्या सुधारित जाती तसेच सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाणांचा विकास विद्यापीठाच्या भात संशोधनाचा भाग आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या संशोधनात केवळ वाणनिर्मितीवर भर नसून पेरणीची योग्य वेळ, उत्पादनक्षमता, खत व्यवस्थापन, तण व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण आणि स्थानिक परिस्थितीशी अनुरूप पीक व्यवस्थापन यांचाही अभ्यास केला जातो. कोकणातील पेरणीच्या वेळेवरील क्षेत्रीय प्रयोग आणि तण व्यवस्थापनावरील अलीकडील संशोधन याचे उदाहरण आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="DademalEtAl2025WeedManagement"/> कृषी अभियांत्रिकीच्या क्षेत्रातही विद्यापीठाशी संबंधित संशोधन संस्थांनी भातशेतीतील श्रम कमी करण्यासाठी विविध यंत्रे आणि तंत्रे विकसित करण्याचा प्रयत्न केला आहे. भात कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेसाठी विविध यंत्रसामग्रीच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा संशोधनामुळे कोकणातील लहान शेतकऱ्यांसाठी योग्य यांत्रिकीकरणाच्या पर्यायांचा शोध घेता आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भातशेतीसमोरील बदलत्या हवामान, मजूरटंचाई, वाढता उत्पादनखर्च आणि संसाधनांच्या कार्यक्षम वापराच्या प्रश्नांच्या पार्श्वभूमीवर कृषी संशोधनाचे महत्त्व वाढले आहे. स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाण, योग्य लागवड कालावधी, तण आणि पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा वापर आणि यांत्रिकीकरण यांचा एकत्रित अभ्यास आधुनिक भातशेतीच्या विकासासाठी महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे आधुनिक कोकणातील भातशेती ही पारंपरिक कृषिज्ञान आणि आधुनिक कृषी संशोधन यांच्या संयोगातून विकसित होत आहे. सुधारित वाण आणि लागवड तंत्रांबरोबर यांत्रिकीकरण, पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा पुनर्वापर आणि कृषी विविधीकरण यांचा वापर वाढविण्याचे प्रयत्न सुरू आहेत. या प्रक्रियेत कोकणाच्या विशिष्ट भौगोलिक आणि सामाजिक-आर्थिक परिस्थितीशी सुसंगत तंत्रज्ञानाला विशेष महत्त्व आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == भातशेतीसमोरील आव्हाने == कोकणातील भातशेतीसमोर नैसर्गिक, आर्थिक, सामाजिक आणि तांत्रिक स्वरूपाची अनेक आव्हाने आहेत. प्रदेशातील मुसळधार मोसमी पाऊस, पावसातील असमानता, लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन, कृषी मजुरांची कमतरता, वाढता उत्पादनखर्च आणि कृषी जमिनीच्या बिगरशेती वापराकडे होणारा कल यांचा भातशेतीवर परिणाम होतो. कोकणातील भात उत्पादनाच्या दीर्घकालीन अभ्यासात क्षेत्रफळात घट होत असल्याचे, तर उत्पादन आणि उत्पादकतेत तांत्रिक प्रगतीमुळे काही प्रमाणात वाढ झाल्याचे आढळले आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan">{{cite thesis |last=Shinde |first=Archana Amrut |title=Rice Production in Konkan Region—An Economic Analysis |type=M.Sc. (Agri.) thesis |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |date=June 2017 |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/items/4c28503c-4c72-4d41-a115-b9660f7ce90f |access-date=14 August 2026 }}</ref> === बदलते हवामान आणि पर्जन्यमान === कोकणातील भातशेती मोठ्या प्रमाणावर मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पर्जन्यमानातील बदलांचा पिकावर थेट परिणाम होऊ शकतो. भारतीय हवामान विभागाच्या दीर्घकालीन अभ्यासानुसार १९०१ ते २०२० या कालावधीत कोकण व गोवा विभागातील वार्षिक पर्जन्यमानात सांख्यिकीयदृष्ट्या लक्षणीय वाढीचा कल आढळला असून, दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसातही वाढीचा कल नोंदविण्यात आला आहे. त्याच अभ्यासात विविध दशकांमध्ये अतिरिक्त तसेच तुटीची पर्जन्यमानाची वर्षे आढळल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall">{{cite journal |last1=Singh |first1=Neeti |last2=Tomar |first2=C. S. |last3=Kumar |first3=Gajendra |last4=Arun |first4=S. H. |last5=Sankhala |first5=Dinesh |title=Temporal variations of rainfall over Konkan & Goa during 1901-2020 |journal=MAUSAM |volume=75 |issue=1 |pages=101–108 |year=2024 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/803 |access-date=14 August 2026 }}</ref> पर्जन्यमानाचे एकूण प्रमाण पुरेसे असले तरी त्याचे हंगामातील वितरण भातशेतीसाठी महत्त्वाचे असते. कोकण किनाऱ्यावरील दीर्घकालीन पर्जन्य अभ्यासात मोसमी पाऊस सलग पडत नसून पावसामध्ये काही कालावधीचे खंड पडू शकतात, असे आढळले आहे. त्यामुळे पावसाचे आगमन, पावसातील खंड आणि अतिवृष्टीचे कालखंड यांचा भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="Singh1973DrySpellsKonkan"> {{cite journal |last=Singh |first=Gurbachan |title=Long dry spells of short return periods during southwest monsoon along the Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=24 |issue=1 |pages=69–74 |year=1973 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/5103 }} </ref> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील आकडेवारीवर आधारित अभ्यासात भाताच्या उत्पादनाचा पर्जन्यमानाशी संबंध तपासण्यात आला. पिकाच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पाऊस आणि भाताच्या उत्पादनामध्ये महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे त्या अभ्यासात आढळले. त्यामुळे भातशेतीसाठी केवळ वार्षिक पर्जन्यमान नव्हे तर पिकाच्या वाढीच्या महत्त्वाच्या अवस्थांमध्ये पडणाऱ्या पावसाचे प्रमाणही महत्त्वाचे ठरते.<ref name="ChowdhuryDas1993RiceRainfallKonkan"> {{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 }} </ref> हवामानातील बदलांशी जुळवून घेण्याच्या प्रक्रियेत शेतकऱ्यांना हवामानाचा अचूक अंदाज, योग्य वेळी उपलब्ध होणारी माहिती आणि स्थानिक पातळीवरील कृषी मार्गदर्शन यांची आवश्यकता असते. पालघर जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासात बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेताना अचूक हवामान अंदाजाची कमतरता ही प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे.<ref name="ShelarSinghMaji2022ClimateKonkan"> {{cite journal |last1=Shelar |first1=Rohit |last2=Singh |first2=A. K. |last3=Maji |first3=Saikat |title=Constraints in Adapting the Climate change in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Extension Education |volume=58 |issue=1 |pages=169–171 |year=2022 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/IJEE/article/view/119187 }} </ref> === मजूर उपलब्धतेची समस्या === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील अनेक कामे श्रमप्रधान आहेत. लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असून, मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे भात उत्पादन आर्थिकदृष्ट्या अधिक खर्चिक होत आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> विशेषतः लावणी आणि कापणीच्या काळात मजुरांची मागणी वाढते. कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक अभ्यासांमध्ये शेतकऱ्यांना पिकाच्या महत्त्वाच्या कालखंडात आवश्यक मनुष्यबळ उपलब्ध करून देणे हे एक आव्हान असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागातील स्थलांतराच्या अभ्यासात स्थानिक रोजगाराच्या मर्यादांमुळे ग्रामीण लोकसंख्येतील काही घटक इतर भागांकडे स्थलांतर करीत असल्याचे आढळले आहे. कोकणातील स्थलांतराचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम करणाऱ्या अभ्यासात स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये श्रमशक्तीचे प्रमाण आणि शेतीबाहेरील उत्पन्नाचे महत्त्व अधिक असल्याचे दिसून आले.<ref name="ThoratEtAl2011Migration">{{cite journal |last1=Thorat |first1=V. A. |last2=Dhekale |first2=J. S. |last3=Patil |first3=H. K. |last4=Bagde |first4=S. R. |title=Impact of Migration on Rural Economy of Konkan Region |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=Conference Number |pages=556 |year=2011 |url=https://agris.fao.org/search/en/providers/122535/records/65df913a63b8185d9cad503e |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांची कमतरता कमी करण्यासाठी कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियांचे यांत्रिकीकरण हा एक पर्याय मानला जातो. कोकणातील संशोधनात रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रे यांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. मात्र लहान शेतक्षेत्रे आणि यंत्रांच्या खर्चामुळे सामायिक वापर किंवा कस्टम हायरिंगसारख्या व्यवस्थांची आवश्यकता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === शेतीखर्च आणि आर्थिक आव्हाने === भातशेतीतील उत्पादनखर्च हा कोकणातील शेतकऱ्यांसमोरील महत्त्वाचा आर्थिक प्रश्न आहे. बियाणे, खते, कीटकनाशके, मजुरी, मशागत, कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील खर्च यांचा एकत्रित परिणाम भातशेतीच्या नफाक्षमतेवर होतो. कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासात बियाणे, खते आणि मजुरीचा वाढता खर्च तसेच उत्पादनाला मिळणारी तुलनेने कमी किंमत या प्रमुख अडचणी असल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology">{{cite journal |last1=Hile |first1=R. B. |last2=Darekar |first2=A. S. |last3=Datrkar |first3=S. B. |title=Adoption assessment of production technology for paddy cultivation in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Economics and Development |volume=11 |issue=1 |pages=217–225 |year=2015 |doi=10.5958/2322-0430.2015.00023.2 |url=https://indianjournals.com/article/ijed1-11-1-023 |access-date=17 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांच्या वाढत्या किमती, योग्य वेळी कृषी निविष्ठा उपलब्ध न होणे, मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="WarwadekarEtAl2022Constraints"> {{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 }} </ref> कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक अभ्यासात हवामान, उत्पादनक्षमता आणि क्षेत्रफळातील बदल यांचा उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले आहे. उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी आधुनिक कृषितंत्रज्ञानाचा स्वीकार महत्त्वाचा ठरला असला तरी उत्पादनातील अस्थिरता आणि उत्पादनखर्च यांचा शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नावर परिणाम होतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेवरील आर्थिक अभ्यासात पीक विविधीकरण आणि विविध कृषी व्यवसायांचे एकत्रीकरण यांचा विचार करण्यात आला आहे. भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश केल्यास शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत विविध होऊ शकतात. त्यामुळे केवळ भातावर अवलंबून न राहता स्थानिक परिस्थितीनुसार विविधीकृत कृषी व्यवस्था हा आर्थिक जोखीम कमी करण्याचा एक पर्याय ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/> === शेतीजमिनीतील बदल === कोकणातील भातशेतीसमोरील आणखी एक महत्त्वाचे आव्हान म्हणजे कृषी जमिनीच्या वापरातील बदल. कोकणातील भात उत्पादनावरील दीर्घकालीन आर्थिक अभ्यासात १९८९–९० ते २०१४–१५ या कालावधीत भाताखालील क्षेत्रात घट झाल्याचे आढळले आहे. ही घट विशेषतः तत्कालीन ठाणे आणि रायगड जिल्ह्यांत अधिक होती. अभ्यासात जलद नागरीकरण, औद्योगिकीकरण आणि कृषी जमिनीचा बिगरशेती वापराकडे होणारा बदल ही त्यामागील कारणे म्हणून नमूद केली आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> भाताखालील क्षेत्रातील घट ही सर्व कोकण जिल्ह्यांमध्ये समान प्रमाणात झालेली नाही. भौगोलिक परिस्थिती, शहरीकरणाची तीव्रता, औद्योगिक विकास, जमिनीची किंमत आणि स्थानिक रोजगाराच्या संधी यांनुसार जमिनीच्या वापरातील बदलाचे स्वरूप वेगवेगळे असू शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कृषी जमिनीचे तुकडीकरण हेही कोकणातील शेतीसमोरील संरचनात्मक आव्हान आहे. लहान आणि तुकड्यात विभागलेल्या शेतजमिनीमुळे मोठ्या कृषियंत्रांचा वापर करणे, यंत्रसामग्रीचा पूर्ण क्षमतेने उपयोग करणे आणि यांत्रिकीकरणातून होणारा खर्च कमी करणे कठीण होऊ शकते. कोकणातील कृषी यांत्रिकीकरणाच्या अभ्यासात लहान शेतक्षेत्रे ही यंत्रसामग्रीच्या वापरातील महत्त्वाची मर्यादा असल्याचे दिसून येते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> जमिनीच्या वापरातील बदलांमुळे भातशेतीचे पारंपरिक कृषी क्षेत्र कमी होण्याबरोबरच ग्रामीण उत्पादनव्यवस्थेवरही परिणाम होऊ शकतो. त्यामुळे उपलब्ध कृषी जमीन टिकवून ठेवणे, पाण्याची व्यवस्था सुधारणे आणि स्थानिक परिस्थितीनुसार शेती अधिक आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य करणे ही भातशेतीच्या भविष्यासाठी महत्त्वाची आव्हाने आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> === तरुण पिढी आणि शेतीपासून दुरावणे === कोकणातील ग्रामीण समाजामध्ये शेतीबाहेरील रोजगाराच्या संधी वाढल्यामुळे तरुण पिढीच्या उपजीविकेच्या निवडींमध्ये बदल झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाशी संबंधित कृषी संशोधनाच्या नोंदींमध्ये कोकणातील सक्षम आणि तरुण पुरुष रोजगाराच्या शोधात मुंबई व पुण्यासारख्या शहरांकडे स्थलांतर करीत असल्यामुळे गावातील शेतीची जबाबदारी मागे राहिलेल्या कुटुंबीयांवर येत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKonkanMigration"> {{cite web |title=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=ICAR–Krishikosh |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/communities/67de6ba0-83e3-4e02-a1c0-35f76c98c742 }} </ref> कोकणातील स्थलांतराच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवरील अभ्यासात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांतील स्थलांतरित व स्थलांतर न केलेल्या कुटुंबांची तुलना करण्यात आली. स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये स्थलांतरित सदस्यांकडून मिळणारे उत्पन्न आणि इतर उत्पन्नस्रोत हे कुटुंबाच्या उपभोगाच्या पातळीशी संबंधित असल्याचे आढळले. स्थलांतरामुळे शेतीमध्ये आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार वाढल्याचेही त्या अभ्यासात नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> तरुण पिढी शेतीपासून दूर जाण्याचा संबंध केवळ शेतीविषयीच्या अनास्थेशी जोडणे योग्य ठरणार नाही. ग्रामीण भागातील रोजगाराच्या संधी, शेतीतील उत्पन्नाची अनिश्चितता, वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता आणि शहरांतील रोजगाराच्या तुलनेने अधिक आकर्षक संधी या सर्व घटकांचा उपजीविकेच्या निवडीवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/><ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> शेतीतील मनुष्यबळाच्या उपलब्धतेवर या बदलांचा परिणाम होऊ शकतो. पारंपरिक भातशेतीतील लावणी, कापणी आणि मळणी यांसारखी कामे श्रमप्रधान असल्यामुळे कुटुंबातील तरुण सदस्य शेतीत सक्रियपणे सहभागी न झाल्यास बाहेरील मजुरांवरील अवलंबित्व वाढू शकते. मजुरांच्या कमतरतेमुळे यांत्रिकीकरणाची गरजही वाढते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> त्यामुळे कोकणातील भातशेती टिकवण्यासाठी तरुणांना केवळ पारंपरिक शेतीकडे परत आणण्यापेक्षा शेतीला तांत्रिकदृष्ट्या आधुनिक, आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य आणि रोजगारनिर्मितीक्षम बनविणे महत्त्वाचे ठरते. सुधारित वाण, यांत्रिकीकरण, प्रक्रिया व मूल्यवर्धन, पीक विविधीकरण आणि आधुनिक कृषी तंत्रज्ञान यांचा वापर ग्रामीण तरुणांसाठी शेतीतील नव्या संधी निर्माण करण्यास सहाय्यक ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीसमोरील आव्हाने एकमेकांशी संबंधित आहेत. पर्जन्यमानातील बदल आणि हवामानातील अनिश्चितता उत्पादनावर परिणाम करू शकते; मजुरांची कमतरता उत्पादनखर्च वाढवते; वाढता खर्च आणि बाजारातील मर्यादा नफाक्षमता कमी करू शकतात; तर नागरीकरण आणि बिगरशेती वापरामुळे भाताखालील क्षेत्र कमी होऊ शकते. या सर्व घटकांच्या पार्श्वभूमीवर स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप तंत्रज्ञान, कृषी संशोधन, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण आणि शेतकऱ्यांना आर्थिकदृष्ट्या सक्षम करणाऱ्या उपाययोजना महत्त्वाच्या ठरतात.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall"/> == संवर्धन आणि भविष्यातील दिशा == कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य पारंपरिक भातवाणांचे संवर्धन, कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण, स्थानिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि पर्यावरणीयदृष्ट्या शाश्वत उत्पादनपद्धती यांच्याशी संबंधित आहे. कोकणासाठी विकसित केलेल्या सुधारित भातवाणांबरोबरच स्थानिक वाण आणि शेतकरी-आधारित बियाणेपरंपरा जतन करणे महत्त्वाचे मानले जाते. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेकडूनही स्थानिक वाणांचे संवर्धन, आनुवंशिक संसाधनांचा शाश्वत वापर आणि शेतकरी वाणांचे संरक्षण यांना महत्त्व दिले जाते.<ref name="ICARCropScience"> {{cite web |title=Crop Science |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/crop-science/crop-science |access-date=14 August 2026 }} </ref><ref name="ICARSeedConservation"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक भाताच्या जातींचे संवर्धन === कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक स्थानिक वाणांना ऐतिहासिक आणि कृषी महत्त्व आहे. विविध स्थानिक परिस्थितींशी जुळवून घेतलेले वाण त्यांच्या पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे स्वरूप, चव, उत्पादनक्षमता आणि काही जैविक ताणांना सहन करण्याची क्षमता यांमध्ये परस्परांपेक्षा भिन्न असू शकतात. त्यामुळे स्थानिक वाणांचे जतन हे केवळ सांस्कृतिक वारशाचे संरक्षण नसून भविष्यातील पीक सुधारणा आणि बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेण्यासाठी उपलब्ध आनुवंशिक विविधतेचे संरक्षणही आहे.<ref name="ICARCropScience"/> स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी शेतकरी पातळीवरील बियाणे जतन, परस्पर बियाणे देवाणघेवाण, समुदाय-आधारित बियाणे बँका आणि संस्थात्मक जनुकसंग्रह यांचा उपयोग करता येतो. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेने स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी समुदायस्तरीय बियाणे बँकांना प्रोत्साहन दिले असून, अशा व्यवस्थांमधून स्थानिक वाणांचे संकलन, साठवण आणि पुनर्वापर करता येतो.<ref name="ICARCommunitySeedBanks"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणाच्या परिस्थितीस अनुरूप अनेक सुधारित भातवाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने रत्‍नागिरी, कर्जत, पालघर, पनवेल आणि फोंडाघाट या नावांनी ओळखल्या जाणाऱ्या विविध भातवाणांसह सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाण विकसित केले आहेत. या वाणांमध्ये पक्वतेचा कालावधी, उत्पादनक्षमता आणि रोग-किडींविषयीची प्रतिक्रिया यांमध्ये विविधता आढळते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करताना त्यांची वैज्ञानिक नोंद, बियाण्याची शुद्धता, स्थानिक नाव, लागवड क्षेत्र, कृषी गुणधर्म आणि पारंपरिक उपयोग यांचे दस्तऐवजीकरण करणे आवश्यक ठरते. अशा प्रकारे शेतकरी पातळीवरील संवर्धन आणि संस्थात्मक आनुवंशिक संसाधनांचे संरक्षण यांची सांगड घालणे भविष्यातील भातशेतीसाठी उपयुक्त ठरू शकते.<ref name="ICARSeedConservation"/> === कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण === भाताच्या विविध स्थानिक वाणांचे अस्तित्व हे कृषी जैवविविधतेचा महत्त्वाचा भाग आहे. एका वाणावर मोठ्या प्रमाणात अवलंबून राहण्याऐवजी विविध आनुवंशिक वैशिष्ट्ये असलेल्या वाणांचे संवर्धन केल्यास भविष्यातील पीक सुधारणा कार्यक्रमांसाठी आनुवंशिक संसाधनांची उपलब्धता टिकवून ठेवता येते. ICARच्या पीकविज्ञान कार्यक्रमात वनस्पतींच्या आनुवंशिक संसाधनांचे संवर्धन आणि त्यांचा शाश्वत वापर हा संस्थेच्या प्रमुख उद्दिष्टांपैकी एक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ICARCropScience"/> कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण हे केवळ जनुक बँकांमध्ये बियाणे साठवण्यापुरते मर्यादित नसून शेतकरी पातळीवर स्थानिक वाणांची प्रत्यक्ष लागवड सुरू ठेवण्याशीही संबंधित आहे. अशा ''in situ'' किंवा शेतकरी-आधारित संवर्धनामुळे स्थानिक वाण त्यांच्याशी संबंधित कृषिपद्धती आणि पारंपरिक ज्ञानासह जतन होऊ शकतात.<ref name="ICARGenomeSaviour"> {{cite web |title=Plant Genome Saviour Awards to the conservers of plant diversity |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/node/6197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> ICARच्या विविध उपक्रमांमध्ये पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करणाऱ्या शेतकरी आणि समुदायांना प्रोत्साहन देण्यात आले आहे. काही समुदायांनी स्थानिक तांदळाच्या अनेक वाणांचे जतन करून त्यांची बियाणे इतर शेतकऱ्यांमध्ये वितरित केली आहेत. या अनुभवातून समुदाय-आधारित संवर्धन, बियाणे देवाणघेवाण आणि शेतकरी सहभाग यांना कृषी जैवविविधतेच्या संरक्षणात महत्त्व असल्याचे दिसते.<ref name="ICARGenomeSaviour"/> कोकणातील भातशेतीच्या संदर्भात जैवविविधतेचे संरक्षण करताना स्थानिक भातवाणांसोबत पारंपरिक पीकपद्धती, शेतबांध, भातखाचरे आणि भाताशी संबंधित इतर कृषी घटकांचेही संरक्षण महत्त्वाचे ठरते. अशा एकात्मिक दृष्टिकोनामुळे कृषी उत्पादन आणि स्थानिक पर्यावरण यांच्यातील संबंध टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="DBSKKVRiceBasedSystems"> {{cite web |title=Rice based cropping systems and technologies for Konkan region |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://archive.dbskkv.org/collection/410/document/2197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक ज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये पावसाचा अंदाज, जमिनीची अवस्था, रोपवाटिकेची वेळ, लावणीची योग्य अवस्था, स्थानिक वाणांची निवड, तण नियंत्रण, पाण्याचे नियमन, कापणी आणि बियाणे साठवण यांसंबंधी अनुभवाधारित ज्ञान विकसित झाले आहे. या ज्ञानाचा मोठा भाग शेतकरी आणि ग्रामीण समुदायांच्या प्रत्यक्ष अनुभवातून पिढ्यान्‌पिढ्या हस्तांतरित झाला आहे. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण करताना केवळ मौखिक माहिती नोंदविण्याऐवजी तिचे स्थानिक नाव, वापराची पद्धत, कालावधी, भौगोलिक संदर्भ आणि उपलब्ध वैज्ञानिक पुरावे यांसह नोंद करणे आवश्यक आहे. स्थानिक वाणांचे वैज्ञानिक वर्णन आणि शेतकरी वाणांची नोंद यामुळे भविष्यातील कृषी संशोधनासाठी उपयुक्त माहिती उपलब्ध होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/> भारतीय कृषी संशोधन परिषद आणि तिच्या संस्थांनी पारंपरिक पीकवाणांच्या संवर्धनासाठी समुदाय-आधारित बियाणे बँका, शेतकरी सहभाग आणि स्थानिक वाणांच्या नोंदणीला प्रोत्साहन दिले आहे. शेतकरी वाणांचे कायदेशीर संरक्षण आणि त्यांची नोंदणी यासाठी वनस्पती वाण आणि शेतकरी हक्क संरक्षण प्राधिकरणाशी संबंधित उपक्रमही राबविले जातात.<ref name="ICARPPVFRA"> {{cite web |title=Training-cum-awareness programme on the Protection of Plant Varieties and Farmer’s Rights |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=28 February 2025 |url=https://www.icar.gov.in/en/training-cum-awareness-programme-protection-plant-varieties-and-farmers-rights-ppvfr |access-date=14 August 2026 }} </ref> कोकणातील पारंपरिक भातशेतीच्या दस्तऐवजीकरणासाठी स्थानिक शेतकरी, कृषी विद्यापीठ, कृषी संशोधन केंद्रे, स्थानिक इतिहासाचे अभ्यासक आणि समुदाय संस्था यांचा सहभाग उपयुक्त ठरू शकतो. स्थानिक वाणांचे नाव, बियाणे जतन करण्याची पद्धत, लागवड तंत्र, कृषी अवजारे, हंगामी कामांचे वेळापत्रक आणि स्थानिक खाद्यपरंपरा यांची स्वतंत्र नोंद केल्यास या ज्ञानाचा अधिक शिस्तबद्ध संग्रह तयार होऊ शकतो. === शाश्वत भातशेती === कोकणातील शाश्वत भातशेतीमध्ये उत्पादनक्षमता आणि पर्यावरणीय संसाधनांचे संरक्षण यांचा समतोल साधणे महत्त्वाचे आहे. मातीचे आरोग्य, पाण्याचा कार्यक्षम वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा योग्य उपयोग, तण व कीड व्यवस्थापन आणि स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाणांची निवड या बाबी शाश्वत उत्पादन व्यवस्थेचा भाग ठरू शकतात.<ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology"/> किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढी, उत्पादन आणि आर्थिक परिणामांवर होणारा परिणाम तपासण्यात आला आहे. त्यामुळे पीक अवशेषांचा योग्य वापर आणि संतुलित पोषण व्यवस्थापन हे उत्पादनासोबत संसाधनांचा कार्यक्षम वापर करण्याच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील शाश्वत शेतीसाठी पीक विविधीकरणालाही महत्त्व आहे. उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत विविध पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची शक्यता निर्माण होते आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी होऊ शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> स्थानिक परिस्थितीशी जुळणाऱ्या सुधारित वाणांचा वापर, योग्य लागवड कालावधी आणि वैज्ञानिक पीक व्यवस्थापन यांनाही शाश्वत भातशेतीत महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणासाठी विविध कालावधींच्या आणि विविध कृषी परिस्थितींना अनुरूप भातवाण विकसित केल्या आहेत. त्यामुळे स्थानिक हवामान आणि जमिनीच्या परिस्थितीनुसार वाण निवडणे ही आधुनिक शाश्वत भातशेतीतील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> शाश्वत भातशेतीमध्ये पारंपरिक ज्ञान आणि आधुनिक विज्ञान यांचा समन्वय महत्त्वाचा ठरू शकतो. पारंपरिक भातखाचरे, स्थानिक वाण, पाणी व्यवस्थापन आणि स्थानिक कृषिअवजारांच्या अनुभवाचा उपयोग आधुनिक मृदा, जल, पोषण आणि पीक व्यवस्थापन तंत्रांसोबत केला जाऊ शकतो. अशा समन्वित दृष्टिकोनामुळे उत्पादनक्षमता टिकवून ठेवतानाच कृषी जैवविविधता आणि नैसर्गिक संसाधनांचे संरक्षण करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भविष्यात कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक वाणांचे संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण बियाण्यांची उपलब्धता, हवामानाशी जुळणारे उत्पादनतंत्र, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण, शेतकरी-आधारित बियाणे व्यवस्था आणि कृषी संशोधन यांचा परस्पर समन्वय आवश्यक ठरेल. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि त्याचे वैज्ञानिक मूल्यमापन केल्यास स्थानिक ज्ञान पुढील पिढ्यांसाठी अधिक व्यवस्थित स्वरूपात जतन करता येईल.<ref name="ICARSeedConservation"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य केवळ उत्पादन वाढविण्यावर अवलंबून नसून स्थानिक आनुवंशिक संसाधने, कृषी जैवविविधता, शेतकरी ज्ञान, माती आणि पाणी यांचे दीर्घकालीन संवर्धन यांच्याशी संबंधित आहे. पारंपरिक अनुभव आणि आधुनिक कृषी विज्ञान यांची सांगड घालणारी शाश्वत आणि स्थानिक परिस्थितीनुरूप शेतीव्यवस्था ही या प्रदेशासाठी पुढील दिशेचा महत्त्वाचा आधार ठरू शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="PalkarEtAl2023"/> == प्रादेशिक विविधता == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप संपूर्ण प्रदेशात एकसारखे नाही. पर्जन्यमान, भूआकार, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार भातशेतीमध्ये प्रादेशिक फरक आढळतात. ICAR–भारतीय भात संशोधन संस्थेच्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे, पालघर, रायगड, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा कोकणातील प्रमुख भात उत्पादक प्रदेश म्हणून समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="IIRR2019POS">{{cite report |title=Production Oriented Survey 2019 |publisher=ICAR–Indian Institute of Rice Research |year=2019 |url=https://www.icar-iirr.org/AICRIP/Final%20POS%202019-2020.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> २०१९ च्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणानुसार या पाचही जिल्ह्यांमध्ये भातशेतीचे मोठे क्षेत्र पावसावर आधारित सखल भातक्षेत्रांमध्ये येते. या जिल्ह्यांमध्ये स्थानिक वाणांसोबत सुधारित आणि संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> === उत्तर कोकण === उत्तर कोकणात ठाणे, पालघर आणि रायगड या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या प्रदेशात भात हे प्रमुख खरीप पीक असून २०१९ च्या ICAR–IIRR उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे जिल्ह्यात ५७,२०० हेक्टर, पालघरमध्ये ७५,५८० हेक्टर आणि रायगडमध्ये १,१७,१७३ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> उत्तर कोकणातील भातवाणांमध्ये स्थानिक तसेच सुधारित वाणांची विविधता आढळते. ठाणे जिल्ह्यात कोलम, झिनिया आणि महाडी यांसारख्या स्थानिक वाणांची, तर पालघर आणि रायगडमध्ये कर्जत, रत्‍नागिरी आणि इतर सुधारित वाणांची लागवड नोंदविण्यात आली आहे. रायगडमध्ये सह्याद्री-२ आणि सह्याद्री-३ यांसारख्या संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने उत्तर कोकणातील परिस्थितीसाठी पालघर-१, पालघर-२, कर्जत मालिकेतील विविध वाण आणि पनवेल मालिकेतील वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार पालघर-१ आणि पालघर-२ या मध्यम-उशिरा पक्व होणाऱ्या वाण आहेत, तर कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी शिफारस केलेली वाण आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> उत्तर कोकणातील भातशेतीमध्ये भातानंतर उपलब्ध ओलाव्याचा उपयोग करून कडधान्ये आणि इतर पिके घेण्याच्या पीकपद्धतीही आढळतात. त्यामुळे काही भागांत भातशेती ही विविधीकृत पीकपद्धतीचा भाग आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> === मध्य कोकण === ‘मध्य कोकण’ ही महाराष्ट्राच्या अधिकृत कृषी-हवामान विभागणीतील स्वतंत्र संज्ञा नसल्यामुळे या लेखात ती उत्तर आणि दक्षिण कोकणादरम्यानच्या मध्यवर्ती भौगोलिक पट्ट्याच्या संदर्भात वापरली आहे. या पट्ट्यात भातशेतीचे स्वरूप स्थानिक पर्जन्यमान, जमिनीची रचना, पाण्याची उपलब्धता आणि लागवडीच्या वेळेनुसार बदलते. कोकणातील भाताच्या पेरणीच्या कालावधीवर करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय अभ्यासात वेगवेगळ्या पेरणीच्या वेळांनुसार भाताच्या वाणांच्या वाढीमध्ये आणि उत्पादनामध्ये फरक आढळल्याचे नोंदविण्यात आले आहे. त्यामुळे स्थानिक हवामानाशी सुसंगत पेरणीची वेळ आणि योग्य वाणांची निवड ही भात उत्पादनातील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील पर्जन्य आणि भात उत्पादनाच्या अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे आढळले. या अभ्यासात तंत्रज्ञानाचा भाताच्या उत्पादनावर महत्त्वपूर्ण प्रभाव असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993">{{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 |access-date=14 August 2026 }}</ref> मध्य कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक वाणांसोबत सुधारित वाणांचा वापर झालेला दिसतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने रत्‍नागिरी परिसरासह संपूर्ण कोकणासाठी विविध कालावधी, जमिनीचे प्रकार आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार भातवाण विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === दक्षिण कोकण === दक्षिण कोकणात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या दोन्ही जिल्ह्यांमध्ये भात हे प्रमुख खरीप पीक असून ICAR–IIRRच्या २०१९ च्या सर्वेक्षणानुसार रत्‍नागिरीमध्ये ७२,९३२ हेक्टर आणि सिंधुदुर्गमध्ये ६८,५८७ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली होते.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातवाणांमध्ये जया, सुवर्णा, कर्जत-२, सोनम, पूजा, कोमल-१०१, ग्रीन गोल्ड मोहिनी, श्रीराम आणि तृप्ती यांचा वापर नोंदविण्यात आला आहे. सिंधुदुर्गमध्ये जया, मसुरी, सुवर्णा, कर्जत-३, कर्जत-५, सोनम, रुपाली, कोमल-१०१, सिल्की-२७७, सुप्रीम सोना आणि इतर सुधारित वाणांसोबत बेला, वळई, सोमासळ, डोंगरा, सोर्टी, कोल्ह्याची शेपटी, कोथिंबिरा/घनसाळ, तुर्या आणि येलकर यांसारख्या स्थानिक वाणांचीही नोंद आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी परिसरातील भात संशोधनामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाची महत्त्वाची भूमिका राहिली आहे. विद्यापीठाने रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३, रत्‍नागिरी-४, रत्‍नागिरी-५ आणि रत्‍नागिरी-६ यांसारख्या सुधारित वाण विकसित केल्या आहेत. रत्‍नागिरी-७ ही लाल तांदळाची मध्यम-उशिरा पक्व होणारी वाण असून २०१७ च्या विद्यापीठीय संशोधन शिफारसीत तिची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKV2017Recommendations">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> दक्षिण कोकणातील भातशेती पर्जन्यमानाशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील दीर्घकालीन अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमान आणि उत्पादन यांच्यात महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> === घाटमाथ्यालगतची भातशेती === कोकणाच्या पूर्वेकडील भागात सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारांशी संबंधित भातशेती आढळते. या भागातील भूआकार, पर्जन्यमान आणि पाण्याचा निचरा यांमुळे भातशेतीची पद्धत किनारी सखल प्रदेशापेक्षा काही प्रमाणात वेगळी असते. उताराच्या शेतांमध्ये पावसाचे पाणी अडवणे आणि मातीची धूप कमी करणे यासाठी बांधबंदिस्तीला महत्त्व असते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> घाटमाथ्यालगतच्या भागासाठी योग्य वाणांची निवड स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार केली जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या शिफारसीनुसार फोंडाघाट-१ ही उंचावरील क्षेत्रासाठी योग्य वाण आहे. कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी, तर रत्‍नागिरी-२ ही खात्रीशीर पर्जन्यमान असलेल्या सखल भातक्षेत्रांसाठी शिफारस करण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> सह्याद्रीलगतच्या भागात पर्जन्यमान तुलनेने अधिक असल्यामुळे भातशेतीसाठी पावसाचे पाणी महत्त्वाचे ठरते. मात्र पावसाचे प्रमाण आणि त्याचे वितरण पिकाच्या वाढीवर परिणाम करू शकते. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> घाटमाथ्यालगतच्या भातशेतीत स्थानिक भूआकारानुसार जलव्यवस्थापन आणि जमिनीची बांधबंदिस्ती महत्त्वाची ठरते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही स्थानिक भूभाग, पर्जन्यमान आणि कृषी कामकाज यांच्यातील संबंधांची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीच्या प्रादेशिक विविधतेत उत्तर कोकणातील ठाणे, पालघर आणि रायगडचा प्रदेश, मध्यवर्ती भौगोलिक पट्टा, दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी व सिंधुदुर्ग आणि सह्याद्रीलगतचा उताराचा प्रदेश यांचे स्वतंत्र वैशिष्ट्य दिसून येते. या विविधतेमुळे भाताच्या वाणांची निवड, लागवडीची वेळ, पाणी व्यवस्थापन आणि पीकपद्धती स्थानिक परिस्थितीनुसार बदलतात.<ref name="IIRR2019POS"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> == आर्थिक आणि सामाजिक महत्त्व == कोकणातील भातशेतीला केवळ कृषी उत्पादनाच्या दृष्टीने नव्हे, तर स्थानिक अन्नव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार आणि शेतकरी कुटुंबांच्या अर्थकारणाच्या दृष्टीनेही महत्त्व आहे. कोकणातील अनेक कृषिपद्धतींमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील मोठ्या लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेशी त्याचा थेट संबंध आहे. कोकणातील पावसावर आधारित भातशेतीवरील अभ्यासात भात हे या प्रदेशातील प्रमुख अन्नपीक असून, अनेक शेतकरी कुटुंबांच्या उपजीविकेत त्याचे महत्त्व असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019">{{cite journal |last1=Shigwan |first1=A. S. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Dalvi |first3=V. V. |title=Constraints Faced By The Tribal Farmers In Rainfed Rice Production In Konkan Region—A Village Level Study |journal=Bulletin of Environment, Pharmacology and Life Sciences |volume=8 |issue=4 |pages=49–51 |year=2019 }}</ref> भातशेतीचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेशी संबंध उत्पादनापुरता मर्यादित नसून मशागत, रोपवाटिका, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी, मळणी, वाहतूक, साठवण आणि विक्री अशा विविध टप्प्यांशी संबंधित आहे. त्यामुळे भाताचे पीक ग्रामीण भागात प्रत्यक्ष आणि अप्रत्यक्ष रोजगाराच्या संधी निर्माण करते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक अन्नसुरक्षा === कोकणातील अनेक ग्रामीण भागांत भात हा दैनंदिन आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. पावसावर आधारित भातशेतीच्या अभ्यासात कोकणातील भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेत त्याला महत्त्वाचे स्थान असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019"/> स्थानिक पातळीवर उत्पादित भातामुळे शेतकरी कुटुंबांना वर्षातील काही कालावधीसाठी स्वतःच्या अन्नाची गरज भागविण्यास मदत होते. कापणीनंतर धान्य वाळवून त्यातील काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवण्याची पद्धत कोकणातील पारंपरिक कृषिजीवनात आढळते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या उत्पादनानंतर धान्य साठविणे आणि त्याचा घरगुती वापर यासंबंधीच्या पद्धतींची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerStorage">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पावसाचे प्रमाण, त्याचे वितरण आणि पिकाच्या वाढीच्या अवस्थांशी त्याचा संबंध अन्नधान्याच्या उत्पादनासाठी महत्त्वाचा ठरतो. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमानाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> स्थानिक अन्नसुरक्षेच्या दृष्टीने पारंपरिक आणि स्थानिक भातवाणांचे जतनही महत्त्वाचे आहे. विविध वाणांचे अस्तित्व स्थानिक कृषी जैवविविधता टिकवून ठेवते आणि बदलत्या हवामान व कृषी परिस्थितींमध्ये शेतकऱ्यांना पर्यायी वाण उपलब्ध करून देते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === ग्रामीण रोजगार === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही श्रमप्रधान कृषिपद्धती आहे. शेतजमिनीची मशागत, रोपवाटिका, चिखलणी, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरची कामे या विविध टप्प्यांमध्ये मानवी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असल्याचे आढळते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारा रोजगार हा केवळ शेतकरी कुटुंबापुरता मर्यादित नसतो. हंगामी स्वरूपात शेतमजूर, यंत्रचालक, वाहतूकदार, मळणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेशी संबंधित कामगार आणि कृषी निविष्ठा पुरवठादार यांनाही या कृषी व्यवस्थेत रोजगाराच्या संधी मिळतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> मात्र कोकणातील भातशेतीमध्ये हंगामी मजुरांची उपलब्धता ही महत्त्वाची समस्या बनली आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक उत्पादनाच्या महत्त्वाच्या काळात मजुरांची कमतरता ही शेतकऱ्यांनी व्यक्त केलेल्या प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे. त्याच अभ्यासात वाढती मजुरी आणि इतर निविष्ठांचा खर्च यांचाही उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011">{{cite journal |last1=Deorukhakar |first1=A. C. |last2=Karale |first2=P. D. |last3=Nikam |first3=M. B. |title=Constraints in Adoption of Modern Technologies in Rice Production in Ratnagiri District of Maharashtra |journal=Journal of Agricultural Research and Technology |volume=36 |issue=3 |pages=460–463 |year=2011 |url=https://www.jart.co.in/uploads/168/6343_pdf.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांच्या उपलब्धतेतील बदलामुळे भातशेतीच्या काही कामांमध्ये यांत्रिकीकरणाला चालना मिळाली आहे. कोकणातील कापणी आणि काढणीनंतरच्या कामांसाठी रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रांचा अभ्यास करण्यात आला असून, अशा तंत्रज्ञानामुळे श्रमाची गरज आणि कामाचा कालावधी कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक बाजारपेठ आणि भाताचे अर्थकारण === भातशेतीचे अर्थकारण उत्पादनक्षमता, उत्पादनखर्च, मजुरी, कृषी निविष्ठा, काढणीनंतरची प्रक्रिया आणि उत्पादनाला मिळणारा बाजारभाव या घटकांवर अवलंबून असते. कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक विश्लेषणात क्षेत्रफळ, उत्पादन आणि उत्पादकतेतील बदलांसोबत भात उत्पादनाच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचाही अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासानुसार प्रति हेक्टर उत्पादनखर्चामध्ये बियाणे, खते आणि मजुरी यांचा महत्त्वाचा वाटा आहे. या अभ्यासात उत्पादनाला मिळणारा कमी दर, वाढता निविष्ठा खर्च आणि लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन या बाबी भात उत्पादनाच्या आर्थिक परिणामांवर प्रभाव टाकणाऱ्या अडचणी म्हणून नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता, प्रमुख कृषी निविष्ठांचा वाढता खर्च आणि उत्पादनाला मिळणारा तुलनेने कमी भाव या बाबी शेतकऱ्यांसमोरील प्रमुख आर्थिक अडचणी असल्याचे आढळले आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011"/> दापोली, मंडणगड आणि खेड तालुक्यांतील भात उत्पादक शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांचा वाढता खर्च, हंगामातील मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.{{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 |access-date=14 August 2026 }} </ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भाताच्या स्थानिक अर्थकारणात उत्पादनाबरोबरच काढणीनंतरची प्रक्रिया, साठवण, वाहतूक आणि बाजारपेठेपर्यंत पोहोच यांनाही महत्त्व आहे. त्यामुळे शेतकऱ्यांना मिळणारा निव्वळ आर्थिक लाभ हा केवळ प्रति हेक्टर उत्पादनावर अवलंबून नसून उत्पादनखर्च आणि विक्रीतून मिळणारे उत्पन्न यांच्यातील संबंधावरही अवलंबून असतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="HileDarekarDatrkar2015"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती स्थानिक अन्नसुरक्षा, ग्रामीण रोजगार आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था आहे. मात्र वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची उपलब्धता, बाजारभाव आणि बदलती कृषी परिस्थिती यांमुळे तिची आर्थिक व्यवहार्यता टिकविणे हे महत्त्वाचे आव्हान आहे. उत्पादनक्षमता वाढविणारे तंत्रज्ञान, योग्य वाणांची निवड, काढणीनंतरच्या प्रक्रियेचे यांत्रिकीकरण आणि पीक विविधीकरण यांमुळे भातशेती अधिक व्यवहार्य करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == चित्रदालन == <gallery mode="packed" heights="180"> File:Newcomers.jpg|कोकणातील भातशेतीचे दृश्य File:Rice Plantation.jpg|भाताची लागवड File:Konkan - Songiri Village - Ratnagiri District - Part 1 20151218 (23369027944).jpg|सोंगिरी गाव, रत्‍नागिरी जिल्हा येथील भातशेती File:Abandoned paddy field on Low-elevation Lateritic Plateau IMG 20220817 115924 06.jpg|लेटराइट पठारावरील भाताचे शेत File:Waiting for drop.jpg|पावसाची प्रतीक्षा करणारे भातशेत File:Otvane Wildlife 007.JPG|ओटवणे परिसरातील भातशेती व नैसर्गिक परिसर File:Nerur - panoramio.jpg|नेरूर परिसरातील भातशेती File:Paddy field in Maharashtra 8.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर File:Paddy field in Maharashtra 9.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर </gallery> == हेही पहा == * [[कोकण]] * [[भात]] * [[डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ]] == संदर्भ == {{reflist|2}} == बाह्य दुवे == * महाराष्ट्र शासन — गॅझेटियर विभाग * डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली * भारतीय हवामान विभाग — MAUSAM * भारतीय कृषी संशोधन परिषद (ICAR) {{कोकण लोकजीवन}} [[वर्ग:कोकण]] 0km6kknfei5vbqrr2bgzkcjap6m4azf 2703040 2703039 2026-08-17T09:50:07Z AdvAnantGholam 172574 2703040 wikitext text/x-wiki [[File:Paddy field in Maharashtra 6.jpg|thumb|right|upright=1.2|महाराष्ट्रातील भातशेतीचे दृश्य]] '''कोकणातील भातशेती''' ही कोकण प्रदेशातील पर्जन्यमान, भौगोलिक रचना, मातीचे प्रकार आणि पारंपरिक कृषिपद्धती यांच्याशी निगडित शेतीपद्धती आहे. कोकणातील विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख खरीप पीक राहिले आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये जिल्ह्यातील अन्नपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ९० टक्के क्षेत्र धान्यपिकांखाली होते आणि त्यामध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. त्या काळात भाताखालील क्षेत्र धान्यपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Cereals |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_cereals.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील नैसर्गिक परिस्थितीशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतीवर दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा मोठा प्रभाव असून, पावसाळी हंगामातील बहुतांश पिके पावसावर अवलंबून असतात. गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस ऑक्टोबरपर्यंत राहतो आणि त्याच्या आधारे खरीप पिकांची वाढ पूर्ण होते. भाताची रोपवाटिका तयार करण्यासाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Seasons |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_seasons.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीमध्ये जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि भूभाग यांनुसार लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक आढळतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील तसेच सखल जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे कोकणातील कृषिपद्धतींना विशिष्ट स्वरूप प्राप्त झाले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> == भौगोलिक आणि हवामानविषयक पार्श्वभूमी == कोकणातील भातशेतीवर प्रदेशाच्या भौगोलिक रचनेचा आणि पर्जन्यमानाचा मोठा प्रभाव आहे. सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारापासून अरबी समुद्राच्या किनाऱ्यापर्यंत पसरलेल्या या प्रदेशात पावसाचे प्रमाण तुलनेने अधिक असून, अनेक भागांतील शेती मोसमी पावसावर अवलंबून आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जिल्ह्यातील खरीप पिकांचा मोठा भाग दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख धान्यपीक असल्याची नोंद महाराष्ट्र शासनाच्या गॅझेटियरमध्ये आहे. १९५५–५६ च्या आकडेवारीनुसार जिल्ह्यातील धान्यपिकांमध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. कुडाळ, सावंतवाडी, खेड आणि चिपळूण या तालुक्यांमध्ये जिल्ह्यातील भाताखालील क्षेत्राचा मोठा हिस्सा असल्याचे त्या काळातील नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या लागवडीसाठी उंचावरील आणि सखल अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरमध्ये उंचावरील जमिनींसाठी ''कुर्यात'' आणि सखल जमिनींसाठी ''माळ'' या प्रकारांचा उल्लेख आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमतेतील आणि भौगोलिक स्थितीतील फरकांचा भातशेतीच्या पद्धतीवर परिणाम होत असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातशेतीचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे शेतीची कामे मोसमी पावसाच्या वेळापत्रकाशी जुळवून घेणे. जूनमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर जमिनीची मशागत केली जाते आणि भाताच्या रोपांची पुनर्लागवड करण्यासाठी जमीन तयार केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीपासून सुरू होऊन नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील भातशेतीचा अभ्यास करताना केवळ पर्जन्यमानाचा विचार न करता भूभाग, माती, पाण्याची उपलब्धता आणि पारंपरिक कृषितंत्र यांचा परस्परसंबंध विचारात घेणे आवश्यक आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे रत्‍नागिरीतील कृषी कामकाजाला इतर प्रदेशांपेक्षा वेगळे स्वरूप प्राप्त झाल्याचे जिल्हा गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व === कोकणातील भातशेतीला प्रदेशाच्या कृषी अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान आहे. कोकणातील मोठ्या क्षेत्रावर भाताची लागवड केली जाते आणि खरीप हंगामातील शेतीमध्ये भात हे प्रमुख पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या अभ्यासानुसार कोकण प्रदेशात सुमारे ४.०१ लाख हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असून, सुमारे ११.२८ लाख टन उत्पादन आणि सरासरी २.८१ टन प्रति हेक्टर उत्पादकता नोंदविण्यात आली होती.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan">{{cite web |title=Rice Production in Konkan |url=https://archive.dbskkv.org/collection/420/document/2304 |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |access-date=14 August 2026 }}</ref> महाराष्ट्रातील प्रमुख भात उत्पादक जिल्ह्यांमध्ये कोकणातील रायगड, पालघर, ठाणे, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार महाराष्ट्रातील भात उत्पादनात कोकण प्रदेशाचा महत्त्वाचा वाटा आहे. रायगड जिल्ह्यात भाताखालील क्षेत्र आणि उत्पादनाचे प्रमाण कोकणातील इतर जिल्ह्यांच्या तुलनेत मोठे असल्याचेही या नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेतीचे महत्त्व केवळ उत्पादनाच्या प्रमाणापुरते मर्यादित नाही. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासातून भात हे विविध शेतीपद्धतींचे प्रमुख घटक असलेले पीक असल्याचे दिसून येते. भातासोबत कडधान्ये, भाजीपाला, फळबागा, दुग्धव्यवसाय आणि कुक्कुटपालन यांसारख्या उपक्रमांचे संयोजन करून विविध शेतीपद्धती विकसित झाल्याचे या अभ्यासात आढळले आहे.<ref name="ToraneEtAl2011">{{cite journal |last=Torane |first=S. R. |last2=Naik |first2=B. K. |last3=Kulkarni |first3=V. S. |last4=Talathi |first4=J. M. |title=Farming Systems Diversification in North Konkan Region of Maharashtra — An Economic Analysis |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=1 |year=2011 |pages=91–98 |url=https://ageconsearch.umn.edu/record/109422/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती ग्रामीण कुटुंबांच्या अन्नपुरवठ्याशी आणि कृषी उत्पन्नाशीही संबंधित आहे. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थांच्या अभ्यासानुसार भाताचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेतीपद्धतींमध्ये आर्थिक परताव्यात फरक आढळतो आणि शेतीतील विविध उपक्रमांचे संयोजन हे काही परिस्थितींमध्ये अधिक नफाक्षम ठरू शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व रोजगाराच्या दृष्टीनेही दिसून येते. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका तयार करणे, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी आणि काढणीनंतरची कामे यांसाठी हंगामी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या अभ्यासात या कामांमध्ये मनुष्यबळाची आवश्यकता तसेच मजुरीच्या वाढत्या खर्चामुळे यांत्रिकीकरणाची गरज अधोरेखित करण्यात आली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Mechanization"> {{cite journal |last=Bhanage |first=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 }}</ref> कोकणातील भातशेतीला कृषी संशोधनाच्या दृष्टीनेही विशेष महत्त्व प्राप्त झाले आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीला अनुरूप भाताच्या सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्र विकसित केले आहेत. विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या सुधारित जातींमध्ये रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या पर्जन्यमान, भूभाग, कृषी परंपरा, ग्रामीण श्रम आणि स्थानिक अर्थव्यवस्थेशी परस्परांशी जोडलेली आहे. त्यामुळे भात हे कोकणातील केवळ एक प्रमुख पीक नसून प्रदेशाच्या कृषी व्यवस्थेतील महत्त्वाचा घटक म्हणून पाहता येते.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == इतिहास आणि पारंपरिक भातशेती == कोकणातील भातशेतीचा इतिहास प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मोसमी पाऊस, जमिनीचे प्रकार आणि ग्रामीण कृषीव्यवस्थेशी जोडलेला आहे. उपलब्ध ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील नोंदींवरून किमान अठराव्या आणि एकोणिसाव्या शतकात कोकणातील अनेक भागांत भात हे महत्त्वाचे अन्नपीक आणि कृषी उत्पादनाचे साधन होते. ब्रिटिश सत्तेपूर्वी आणि ब्रिटिश काळाच्या प्रारंभी कोकणातील काही भागांतून दख्खन प्रदेशाकडे तांदळाचा पुरवठा होत असल्याची नोंद बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या गॅझेटियरमध्ये आढळते.<ref name="HistoryOfKonkanRiceTrade">{{cite web |title=History of the Konkan — General Chapters |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Gazetteer%20of%20Bombay%20Presidency/history_of_the_konkan/section_12.pdf |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> एकोणिसाव्या शतकातील रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या गॅझेटियरमध्ये भाताला शेतीतील प्रमुख पिकांपैकी एक म्हणून स्थान दिले आहे. सावंतवाडी संस्थानातील नोंदीनुसार त्या काळात भाताने एकूण लागवडीखालील क्षेत्रापैकी सुमारे निम्मे क्षेत्र व्यापले होते. पावसाळ्यातील भातशेतीसाठी जून-जुलैमध्ये लागवड सुरू करून ऑक्टोबर-नोव्हेंबरमध्ये कापणी केली जात असल्याचे वर्णन त्यात आढळते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Agriculture, Savantvadi |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/savantvadi/agriculture2.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील जुन्या कृषी व्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये भातशेतीसाठी उंचावरील आणि सखल जमिनींचे वेगवेगळे प्रकार ओळखले जात असल्याचे दिसते. ''कुर्यात'' जमिनी आणि ''माळ'' जमिनी यांसारख्या स्थानिक वर्गीकरणांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमता आणि भौगोलिक स्थितीनुसार भात लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === कोकणातील भातशेतीची परंपरा === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही मोसमी पावसाच्या कालचक्राशी जुळवून घेतलेली कृषिपद्धती होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर भाताच्या शेताची मशागत, पाणी साठवणे, चिखलणी आणि पुनर्लागवड यांसारख्या प्रक्रिया टप्प्याटप्प्याने केल्या जात असल्याचे वर्णन आहे. पावसाचे प्रमाण आणि जमिनीची स्थिती यांनुसार या कामांची वेळ बदलत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतीत भातासाठी जमीन तयार करताना लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पहिली नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर केली जाई आणि त्यानंतर पाण्याखाली चिखलणी करून जमीन पुनर्लागवडीसाठी योग्य केली जात असे. चिखलणीचा उद्देश मातीची रचना भाताच्या लागवडीस योग्य करणे आणि पाण्याचा निचरा कमी करणे हा होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची रोपे तयार करण्यासाठी स्वतंत्र रोपवाटिका तयार करण्याची पद्धत प्रचलित होती. काही प्रकारच्या जमिनीत उगवलेले रोप थेट लागवडीसाठी वापरले जात, तर सखल जमिनीत रोपवाटिकेत रोपे वाढवून नंतर मुख्य शेतात पुनर्लागवड केली जात असे. पारंपरिक पद्धतीत उगवलेली रोपे उपटून ती शेतात ठरावीक अंतरावर लावली जात असत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक कृषी ज्ञानाला महत्त्व होते. जमिनीचा प्रकार, पाण्याची पातळी, पावसाची सुरुवात, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांचे निरीक्षण करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि कापणी यांसाठी स्थानिक पद्धती आणि साधनांचा तपशील नोंदविला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> एकोणिसाव्या शतकातील सावंतवाडीच्या नोंदींमध्ये भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची नावेही आढळतात. त्यामध्ये ''कोथिंबिरी'', ''खिरसाळ'', ''गजवेल'', ''तावसाळ'', ''पाटणी'', ''वत्सल'' आणि ''साळ'' यांसारख्या प्रकारांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. त्याच नोंदीत इतर अनेक स्थानिक भातप्रकारांचीही नावे दिली आहेत. यावरून त्या काळात भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची लागवड केली जात असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> === पारंपरिक कृषिपद्धती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये जमिनीची मशागत, चिखलणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण अशा सलग प्रक्रियांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये या कृषी प्रक्रियांचे स्थानिक स्वरूप आणि त्यासाठी वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचे वर्णन केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> शेत तयार करण्यासाठी लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पावसाच्या सुरुवातीला नांगरणी करून त्यानंतर शेतात पाणी साठवून चिखलणी केली जात असे. चिखलणी पूर्ण झाल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची पृष्ठभाग समतल केली जाई. समतल पृष्ठभागामुळे रोपांची पुनर्लागवड करणे सुलभ होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची पुनर्लागवड प्रामुख्याने मजुरांच्या साहाय्याने केली जात असे. पुनर्लागवडीनंतर तण काढणे आणि आवश्यकतेनुसार आंतरमशागत केली जाई. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींनुसार भाताच्या ओळींमध्ये तण काढण्यासाठी हाताने वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचाही उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कापणीच्या वेळी भात जमिनीजवळून विळ्याने कापला जाई. कापलेले पीक काही दिवस शेतात वाळवून भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. भाताचे भारे कठीण पृष्ठभागावर आपटून मळणी केली जाई आणि त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पेंढा व इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीनंतर धान्य उन्हात वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी पुढील हंगामासाठी स्वतःचे बियाणे राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर होत असे. कणग्यांना शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === पारंपरिक कृषी ज्ञान आणि अनुभव === पारंपरिक भातशेतीमध्ये कृषी ज्ञान हे स्थानिक पर्यावरणाच्या निरीक्षणावर आणि दीर्घकालीन अनुभवावर आधारित होते. पावसाची सुरुवात, जमिनीतील ओलावा, पाण्याची पातळी, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांसारख्या घटकांचा विचार करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. उपलब्ध गॅझेटियर नोंदींमध्ये या प्रक्रियांशी संबंधित स्थानिक संज्ञा, पद्धती आणि कृषी साधनांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> जमिनीच्या प्रकारानुसार लागवडपद्धती निवडणे हे पारंपरिक ज्ञानाचे महत्त्वाचे अंग होते. उंचावरील जमिनी आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम जमिनी यांच्यातील फरक लक्षात घेऊन भाताची लागवड आणि पाण्याचे व्यवस्थापन केले जात असे. सखल भागातील शेतांमध्ये पाणी धरून ठेवण्यासाठी बांध आणि पाण्याचा निचरा करण्यासाठी नियंत्रित मार्गांचा वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक कृषिपद्धतीमध्ये उपलब्ध स्थानिक साधनांचा वापर केला जात असे. लाकडी नांगर, लाकडी समतलीकरणाची फळी, विळा आणि हाताने वापरली जाणारी तण काढण्याची साधने यांचा उपयोग भातशेतीतील विविध टप्प्यांवर केला जात असे. या साधनांचा वापर स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती आणि शेतीच्या पद्धतीशी जुळवून घेतलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतींमध्ये धान्य आणि बियाण्याचे स्वतंत्र व्यवस्थापनही महत्त्वाचे होते. स्वतःच्या शेतातील धान्यातून पुढील हंगामासाठी बियाणे राखून ठेवणे ही पद्धत होती. यामुळे शेतकऱ्यांना पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा उपलब्ध होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही केवळ पीक उत्पादनाची पद्धत नव्हती, तर पर्जन्यमान, जमीन, पाणी, स्थानिक वाण, कृषी साधने आणि शेतकऱ्यांच्या अनुभवाधारित ज्ञान यांचा परस्परसंबंध असलेली कृषीव्यवस्था होती. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमधून या व्यवस्थेची विविध रूपे आणि तिचे स्थानिक स्वरूप स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> == पारंपरिक रोपवाटिका आणि ‘रोबिंग’ पद्धत == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये रोपवाटिका तयार करण्याला महत्त्वाचे स्थान आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी ''रोबिंग'' (Robbing) ही पद्धत मोठ्या प्रमाणावर प्रचलित असल्याची नोंद आहे. या पद्धतीत भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि पुढे ती मुख्य शेतात पुनर्लागवडीसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपवाटिका तयार करण्यासाठी पावसाळ्याच्या सुरुवातीच्या काळातील ओलाव्याचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरनुसार मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाच्या सरींमुळे भाताची रोपे तयार करण्याची प्रक्रिया सुरू करता येत असे आणि जूनमध्ये मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर मुख्य शेताच्या मशागतीची कामे पुढे चालत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रोपवाटिका आणि मुख्य शेतातील कामांचा हा क्रम कोकणातील पर्जन्यमान आणि शेतीच्या हंगामी चक्राशी संबंधित होता. त्यामुळे पारंपरिक रोपवाटिका पद्धतीचा अभ्यास हा केवळ कृषितंत्राचा विषय नसून स्थानिक हवामानाशी शेतकऱ्यांनी जुळवून घेतलेल्या कृषिपद्धतीचा भाग म्हणूनही करता येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> उत्तर कोकणातील पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापनाचा स्वतंत्र अभ्यासही करण्यात आला आहे. पालघर जिल्ह्यातील आदिवासी भागात ''Rabing'' ही पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापन कौशल्याशी संबंधित पद्धत नोंदवण्यात आली आहे. या अभ्यासातून उत्तर कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान आणि कौशल्याचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="DahiphaleEtAl2020">{{cite journal |last=Dahiphale |first=A. V. |last2=Bhagat |first2=S. B. |last3=Mhaskar |first3=N. V. |last4=Jondhale |first4=D. G. |last5=Bedse |first5=T. J. |last6=Vanve |first6=P. B. |title=Rabing: A traditional skill of rice nursery management in tribal area of North Konkan coastal zone of Maharashtra |journal=Journal of Pharmacognosy and Phytochemistry |volume=9 |issue=5S |year=2020 |pages=435–437 |url=https://www.phytojournal.com/special-issue/2020.v9.i5S.12965/rabing-a-traditional-skill-of-rice-nursery-management-in-tribal-area-of-north-konkan-coastal-zone-of-maharashtra }}</ref> == भाताच्या जाती आणि स्थानिक वाण == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक परिस्थितीशी जुळवून घेतलेल्या विविध भातवाणांना महत्त्वाचे स्थान आहे. पर्जन्यमान, जमिनीचा प्रकार, लागवडीचा कालावधी आणि उत्पादनाची गरज यांनुसार भाताच्या विविध जातींची निवड केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही भाताच्या विविध प्रकारांचा आणि त्यांच्या लागवडीचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातवाणांच्या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेशीही जोडला जातो. कोकण प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा अभ्यास करताना स्थानिक पिकांच्या जाती, त्यांचे पारंपरिक उपयोग आणि स्थानिक कृषीपरिस्थितीशी त्यांचे असलेले संबंध यांचा विचार करण्यात आला आहे.<ref name="Singh2014Konkan">{{cite journal |last=Singh |first=Anurudh K. |title=Probable Agricultural Biodiversity Heritage Sites in India: XX. The Konkan Region |journal=Asian Agri-History |volume=18 |issue=3 |year=2014 |pages=257–282 |url=https://www.asianagrihistory.org/pdf/volume18/ak-singhs-paper-18-3.pdf }}</ref> कोकणासाठी काही सुधारित भातवाणांची निर्मिती आणि निवड करण्यात आली आहे. त्यापैकी ‘रत्‍नागिरी-७’ ही कोकण प्रदेशासाठी विकसित करण्यात आलेली लाल तांदळाची, अर्धबुटकी आणि अधिक उत्पादनक्षम जात म्हणून अभ्यासात नोंदविण्यात आली आहे. या वाणाच्या वैशिष्ट्यांचा आणि कोकणातील लागवडीसाठी त्याच्या उपयुक्ततेचा स्वतंत्र अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="WaghmodeEtAl2018">{{cite journal |last=Waghmode |first=B. D. |last2=Sonone |first2=N. G. |last3=Navhale |first3=V. C. |last4=Kadam |first4=S. R. |last5=Bhave |first5=S. G. |title=Ratnagiri 7 - Red Kernel, Semi Dwarf and High Yielding Rice Variety for Konkan Region of Maharashtra State in India |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=7 |issue=4 |year=2018 |pages=3442–3453 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=7655&SNo=389&vol=7-4-2018 }}</ref> भाताच्या जातींची निवड करताना पेरणीची किंवा लागवडीची वेळ हा देखील महत्त्वाचा घटक ठरतो. कोकणातील परिस्थितीत वेगवेगळ्या पेरणीच्या कालावधीनुसार भाताच्या जातींच्या प्रतिसादाचा अभ्यास करण्यात आला असून, पेरणीची वेळ आणि वाण यांचा वाढ व उत्पादनावर परिणाम होऊ शकतो असे संशोधनातून दिसून येते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017">{{cite journal |last=Jagtap |first=D. N. |last2=Mahadkar |first2=U. V. |last3=Chavan |first3=S. A. |title=Response of rice varieties to different sowing windows under Konkan conditions |journal=Agricultural Science Digest |volume=37 |issue=1 |year=2017 |pages=78–80 }}</ref> स्थानिक भातवाणांचे महत्त्व केवळ उत्पादनक्षमतेपुरते मर्यादित नसून कृषी जैवविविधता आणि स्थानिक कृषिज्ञानाच्या जतनाशीही संबंधित आहे. कोकणातील देशी भातवाणांचे संवर्धन करण्यासाठी शेतकरी आणि स्थानिक संस्थांकडून प्रयत्न केले जात असल्याचे वृत्तांकन झाले आहे.<ref name="AgrowonIndigenousRice">{{cite web |title=देशी वाणांचे संवर्धन करणारी कोकणातील शेतकरी कंपनी |url=https://agrowon.esakal.com/agro-special/farmers-company-in-konkan-for-conservation-of-indigenous-species |website=ॲग्रोवन |access-date=14 August 2026 }}</ref> स्थानिक वाणांच्या जतनामुळे भातशेतीतील आनुवंशिक विविधता टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते. त्याचबरोबर स्थानिक हवामान, माती आणि पारंपरिक कृषिपद्धतीशी जुळवून घेतलेल्या वाणांचे ज्ञान पुढील पिढ्यांपर्यंत पोहोचण्यासही त्याचा उपयोग होतो. त्यामुळे कोकणातील भातवाणांचा अभ्यास हा उत्पादनाच्या दृष्टीने तसेच कृषी वारसा आणि जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचा आहे.<ref name="Singh2014Konkan"/><ref name="AgrowonIndigenousRice"/> == भातशेतीची पारंपरिक प्रक्रिया == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही मोसमी पाऊस, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार टप्प्याटप्प्याने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताच्या शेतीमध्ये जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, रोपांची पुनर्लागवड किंवा थेट पेरणी, आंतरमशागत, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्याची साठवण अशा परस्परांशी संबंधित प्रक्रियांचा समावेश होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीची सुरुवात मोसमी पावसाच्या आगमनाशी जोडलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस साधारणपणे जूनमध्ये सुरू होत असे. मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग भाताच्या रोपवाटिकेसाठी केला जात असे, तर जूनच्या उत्तरार्धात किंवा जुलैच्या सुरुवातीला पुनर्लागवडीसाठी जमीन तयार करण्याची कामे केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> === शेतजमिनीची तयारी === भातशेतीसाठी जमीन तयार करण्याचे पहिले महत्त्वाचे काम नांगरणी होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातासाठी ''उखळणी'' म्हणून ओळखली जाणारी नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर जूनच्या पहिल्या आठवड्यात केली जात असे. यासाठी प्रामुख्याने लाकडी नांगराचा वापर केला जाई. भातासाठी वापरल्या जाणाऱ्या हलक्या जमिनीत खोल नांगरणीची आवश्यकता नसून साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> नांगरणीची वेळ स्थानिक जमिनीच्या स्वरूपाशी संबंधित होती. भातशेतीच्या प्रक्रियेत चिखलणीमुळे जमीन कोरडी झाल्यानंतर कठीण होत असल्याने कापणीनंतर लगेच नांगरणी करणे अवघड ठरत असे. त्यामुळे मोसमी पावसाच्या सुरुवातीला योग्य वेळी नांगरणी करणे महत्त्वाचे मानले जात होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === राब पद्धत === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये ''राब'' ही रोपवाटिका आणि जमिनीच्या पूर्वतयारीशी संबंधित पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये राब प्रक्रियेतून तयार होणाऱ्या राखेचा जमिनीला काही पोषक घटक मिळण्याशी संबंध नमूद केला आहे. मात्र, मोठ्या प्रमाणात सेंद्रिय खताचा वापर न झाल्यास जमिनीची भौतिक रचना कठीण होऊन पिकाच्या वाढीवर परिणाम होऊ शकतो, अशी निरीक्षणात्मक नोंदही करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कृषी विभागाने पुढील काळात राबसाहित्यातील जैविक पदार्थांचा कंपोस्ट तयार करण्यासाठी वापर करण्याची तसेच हिरवळीची खते आणि शेणखत यांचा वापर वाढविण्याची शिफारस केली होती. त्यामुळे पारंपरिक राब पद्धतीकडे केवळ रोपवाटिकेची पद्धत म्हणून न पाहता तिच्या कृषी-पर्यावरणीय परिणामांच्या संदर्भातही पाहता येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === रोपवाटिका === सखल आणि अधिक पाणीधारणक्षम जमिनींमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी रोपवाटिका केली जात असे. भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि योग्य वाढ झाल्यानंतर ती उपटून मुख्य भातखाचरात पुनर्लागवड केली जात. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदीनुसार रोपवाटिकेतील बियाणे पसरून किंवा ओळींमध्ये पेरले जाऊ शकत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> उंचावरील जमिनींमध्ये मात्र रोपवाटिकेतील पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेले बी थेट चिखललेल्या शेतात पेरण्याची पद्धत वापरली जात असे. या पद्धतीला स्थानिक पातळीवर ''राहू'' पद्धत म्हटले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === चिखलणी === नांगरणीनंतर शेतात पाणी साठवून जमीन चिखलयुक्त करण्याची प्रक्रिया केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पहिल्या नांगरणीनंतर काही काळ शेतात पाणी साठवले जाई आणि जूनच्या अखेरीस किंवा जुलैच्या सुरुवातीला उभ्या पाण्यात पुन्हा नांगरणी करून चिखलणी केली जाई. आवश्यक त्या भौतिक स्थितीपर्यंत माती मऊ आणि चिकट होईपर्यंत ही प्रक्रिया केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> चिखलणीचा एक उद्देश जमिनीच्या पृष्ठभागातून पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करून भातासाठी पाणी अधिक काळ धरून ठेवण्यास अनुकूल परिस्थिती निर्माण करणे हा होता. चिखलणी झाल्यानंतर शेताची जमीन समतल करण्यासाठी बैलांच्या साहाय्याने लाकडी फळी ओढली जात असे. या फळीला स्थानिक पातळीवर ''गुतेफळी'' किंवा ''अलवत'' अशी नावे असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची लावणी === चिखलणी आणि समतलीकरण पूर्ण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील भाताची रोपे मुख्य शेतात लावली जात. रोपे उपटून लहान भाऱ्यांमध्ये बांधली जात आणि भातखाचरात नेऊन हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार एका एकरासाठी साधारणपणे आठ ते दहा व्यक्तींची आवश्यकता भासत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपांची पुनर्लागवड करताना साधारणपणे दहा ते पंधरा रोपे एका समूहात घेऊन चिखलात दाबून लावली जात आणि रोपांमध्ये अंदाजे नऊ ते बारा इंच अंतर ठेवले जात असे. उंचावरील काही जमिनींमध्ये पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेल्या बियांचे थेट प्रसारण केले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === पिकाची निगा आणि पाणीव्यवस्थापन === पुनर्लागवडीनंतर पिकाची निगा राखण्यासाठी आंतरमशागत आणि तण काढण्याची कामे केली जात. ''कोळपी'' या तीन दातांच्या हातसाधनाचा वापर माती हलकी करण्यासाठी, मुळांना हवा मिळण्यासाठी आणि खत मातीमध्ये मिसळण्यासाठी केला जात असे. ओळीतील भातामध्ये साधारणपणे दोन ते तीन वेळा आंतरमशागत केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आंतरमशागतीनंतरही उरलेली तणे हाताने किंवा ''खुरपी''च्या साहाय्याने काढली जात. पसरवून पेरलेल्या किंवा ओळीत पुनर्लागवड न केलेल्या शेतांमध्ये अशा प्रकारची आंतरमशागत करणे तुलनेने मर्यादित असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीमध्ये पाण्याचे व्यवस्थापन प्रामुख्याने पावसावर आधारित होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील बहुसंख्य पिके मोसमी पावसावर अवलंबून असल्याची नोंद आहे. सखल जमिनींमध्ये अतिरिक्त पाणी बाहेर काढण्यासाठी शेतबांधांमध्ये आवश्यक ठिकाणी तात्पुरते मार्ग ठेवले जात असत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची कापणी आणि मळणी === भाताच्या वाणानुसार कापणीचा कालावधी बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार लवकर तयार होणाऱ्या भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीस सुरू होत असे, तर मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांची कापणी नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताची कापणी विळ्याने जमिनीजवळून केली जात असे. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. मळणीसाठी भाताची भारे लाकडी फळी किंवा कठीण पृष्ठभागावर आपटून दाणे वेगळे केले जात. त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पाने, पेंढा आणि इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === धान्याची साठवणूक === मळणीनंतर धान्य उन्हात व्यवस्थित वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी स्वतःच्या वापरासाठी तसेच पुढील हंगामातील पेरणीसाठी काही धान्य राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. कणग्यांना कीटकांचा प्रवेश कमी करण्यासाठी शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक प्रक्रियेत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत असताना दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांनी साली काढली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही पावसाच्या आगमनापासून सुरू होऊन जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, चिखलणी, पुनर्लागवड, पिकाची निगा, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण या सलग टप्प्यांतून पूर्ण होत असे. या प्रक्रियेत स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती, पाण्याचे नियमन, मानवी श्रम आणि पारंपरिक कृषिसाधने यांचा परस्परसंबंध दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भाताचे उत्पादन, उपयोग आणि उपउत्पादने == कोकणातील भातशेतीमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून त्याचे उत्पादन प्रामुख्याने खरीप हंगामात घेतले जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्या काळात रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताचे उत्पादन साधारण एक लाख टनांपेक्षा अधिक होते आणि भात हे जिल्ह्यातील सर्वांत महत्त्वाचे पीक होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerProduction">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Production |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_production.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भाताचे उत्पादन वाण, जमिनीचा प्रकार, पावसाचे प्रमाण आणि लागवडीची पद्धत यांनुसार बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील ''कुर्यात'' जमिनी तसेच सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद आहे. लवकर, मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांनुसार उत्पादनाचा कालावधीही वेगवेगळा असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या उत्पादनाचे स्थानिक वापराशी असलेले नातेही स्पष्ट होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उत्पादित होणारे धान्य मोठ्या प्रमाणावर शेतकऱ्यांच्या स्वतःच्या उपभोगासाठी वापरले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. जिल्ह्यातील भाताचे उत्पादन स्थानिक गरजेच्या तुलनेत अपुरे असल्याने मोठ्या प्रमाणावर धान्यसाठा बाजारपेठेसाठी न ठेवता घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताचा प्रमुख उपयोग तांदूळ या स्वरूपात अन्न म्हणून केला जातो. पारंपरिक पद्धतीत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढल्या जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत होता, तर दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांचा वापर करून साली काढण्याची पद्धत अस्तित्वात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील काही भागांत भातावर उकडभात किंवा ''उकडे'' तांदूळ तयार करण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक नोंदींनुसार जाड दाण्याच्या काही भातप्रकारांपासून उकडे तांदूळ तयार केला जात असे. या प्रक्रियेत साळीसह धान्य काही काळ उकळून नंतर वाळवले जाई आणि त्यानंतर साली काढल्या जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> तांदळापासून विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार केले जातात. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये तांदळापासून ''पोहे'' आणि ''मुरमुरे'' तयार करण्याचा उल्लेख आहे. काही भागांत भात शिजवून ''भात'', तसेच पातळ किंवा घट्ट स्वरूपातील ''आंबील'' आणि ''पेज'' यांसारख्या पदार्थांच्या रूपातही वापरला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या प्रक्रियेत तांदळाबरोबर इतर पदार्थही मिळतात. साळी काढताना ''तूस'' किंवा भाताची साल हा अवशेष निर्माण होतो. धान्याची मळणी झाल्यानंतर उरलेला ''पेंढा'' हा आणखी एक महत्त्वाचा उपउत्पादन आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भाताची मळणी झाल्यानंतर मिळणारा पेंढा साठवून ठेवून त्याचा चाऱ्यासाठी वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या काढणीनंतर मिळणाऱ्या पेंढ्याचा वापर केवळ पशुखाद्यापुरता मर्यादित नव्हता. स्थानिक परिस्थितीनुसार त्याचा उपयोग छप्पर बांधण्यासाठी आणि इतर ग्रामीण कामांसाठी केला जात असल्याचे कृषी नोंदींमध्ये आढळते. त्यामुळे भातशेतीतून मिळणारे उपउत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील विविध गरजांसाठी वापरले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची प्रतवारी आणि प्रक्रियेदरम्यान ''कणी'' किंवा तुटलेला तांदूळही मिळतो. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार तांदूळ गिरण्यांमध्ये साली काढण्याच्या प्रक्रियेत काही दाणे तुटतात आणि हा तुटलेला तांदूळ स्वतंत्रपणे वेगळा करून तुलनेने कमी किमतीत विकला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनात बियाण्याची भूमिकाही महत्त्वाची आहे. पारंपरिक पद्धतीत शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा प्रकारे भाताचे उत्पादन हे केवळ त्या हंगामातील अन्नपुरवठ्याशी संबंधित नसून पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी आवश्यक बियाण्याच्या उपलब्धतेशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात कोकणातील भाताचे उत्पादन वाढविण्यासाठी सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्रांचा विकास करण्यात आला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीसाठी विविध सुधारित भातजाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३ तसेच सह्याद्री मालिकेतील विविध संकरित वाण विकसित करण्यात आले आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties">{{cite web |title=Crop varieties developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Varieties.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> या सुधारित वाणांमध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी आणि काही प्रमुख रोग किंवा किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार करण्यात आला आहे. उदाहरणार्थ, विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-६ आणि रत्‍नागिरी-७ या वाणांची उत्पादनक्षमता अनुक्रमे सुमारे ४.५ टन प्रति हेक्टर आणि ४.५ ते ५.० टन प्रति हेक्टर इतकी नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceResearch2017">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://www.dbskkv.org/assets/pdf/recommendations/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भाताचे उत्पादन हे स्थानिक अन्नपुरवठा, पारंपरिक खाद्यसंस्कृती, बियाण्याची उपलब्धता आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांच्याशी संबंधित आहे. तांदळाबरोबर पेंढा, कणी आणि भाताची साल यांसारखी उपउत्पादनेही विविध उपयोगांत येतात. पारंपरिक उत्पादनपद्धतींबरोबर सुधारित वाण आणि आधुनिक कृषितंत्रांचा वापर वाढल्यामुळे कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप कालानुसार बदलत आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == कोकणातील भाताच्या जाती == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक पारंपरिक वाणांपासून सुधारित आणि संकरित वाणांपर्यंत विविध प्रकार आढळतात. या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील जमिनीचे प्रकार, पर्जन्यमान, पाण्याची उपलब्धता, पक्वतेचा कालावधी आणि स्थानिक कृषिपद्धतीशी आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडी परिसरातील भाताच्या अनेक स्थानिक प्रकारांची नोंद आढळते, तर आधुनिक काळात डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप सुधारित आणि संकरित भातवाण विकसित केले आहेत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === पारंपरिक स्थानिक जाती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये स्थानिक वाणांची लक्षणीय विविधता होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या एकूण तीस जातींची नोंद करण्यात आली आहे. त्यापैकी कोथिंबिरी, खिरसाळ, गजवेल, तावसाळ, पाटणी, वत्सल आणि साळ या सात जाती तुलनेने चांगल्या प्रकारच्या म्हणून नमूद करण्यात आल्या आहेत. अवचिटे, काळीनावन, काळी कडया, केडाळ, खोचरी, चिमसाळ, टायकाळा, डामगा, डोंगरे, तांबिकुडया, नवान, बिलावल, बेला, मुडगे, वरंगळ, वाकसाळ, वाळ्या, शिराई, सेमणे, सुकाळ, सोरटी आणि सोनफळ या इतर स्थानिक प्रकारांचीही नोंद त्याच गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> या स्थानिक वाणांची लागवड प्रदेशातील विविध प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची लागवड प्रामुख्याने उंचावरील ''कुर्यात'' जमीन आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम ''माळ'' जमीन अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे स्थानिक वाणांची निवड ही स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित असण्याची शक्यता होती; मात्र प्रत्येक वाणाची विशिष्ट पर्यावरणीय अनुकूलता स्वतंत्रपणे सिद्ध करण्यासाठी त्या वाणासंबंधी स्वतंत्र पुरावे आवश्यक आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या दाण्याच्या स्वरूपानुसार ''उकडे'' आणि ''सुरई'' असे दोन व्यापक प्रकारही नमूद केले आहेत. जाड दाण्याच्या भातापासून उकडे तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर बारीक प्रकारासाठी ही प्रक्रिया आवश्यक नसल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> स्थानिक वाणांची विविधता ही केवळ कृषी उत्पादनाशी संबंधित नव्हती. रत्‍नागिरी परिसरातील अन्नविषयक ऐतिहासिक नोंदींमध्ये तांदूळ हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याचे नमूद केले आहे. तांदळापासून उकडा आणि सुरई यांसारखे प्रकार तयार केले जात आणि भाताचा दैनंदिन आहारात मोठ्या प्रमाणावर वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_food.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भाताच्या जातींची जैवविविधता === कोकणातील पारंपरिक भातवाणांची संख्या आणि त्यांच्यातील विविधता या प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा ऐतिहासिक भाग दर्शवतात. एकाच प्रदेशात विविध नावांचे आणि वैशिष्ट्यांचे वाण लागवडीखाली असल्याची नोंद जुन्या गॅझेटियरमध्ये आढळते. या वाणांची नावे, दाण्यांचे प्रकार आणि पक्वतेच्या कालावधीतील फरक यांमधून त्या काळातील भात लागवडीतील विविधता दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या वाणांची विविधता जमिनीच्या आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित कृषिपद्धतींसोबत विकसित झाली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उंचावरील ''कुर्यात'' आणि सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये भाताची लागवड केली जात असे. काही ठिकाणी पुनर्लागवड केली जात असे, तर काही उंचावरील जमिनींमध्ये मोड आलेल्या बियांची थेट पेरणी केली जात असे. त्यामुळे भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक पर्यावरणानुसार पद्धतींची विविधता होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक वाणांच्या विविधतेचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे पिकाच्या पक्वतेच्या कालावधीतील फरक. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये लवकर तयार होणाऱ्या तसेच मध्यम आणि उशिरा तयार होणाऱ्या भाताच्या प्रकारांचा उल्लेख आढळतो. पिकाच्या पक्वतेनुसार कापणीचा कालावधी बदलत असल्यामुळे विविध वाणांचा वापर शेतीच्या हंगामी नियोजनाशी संबंधित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> स्थानिक भातवाणांची जैवविविधता ही बियाणे जतन करण्याच्या पारंपरिक पद्धतीशीही संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा पद्धतीमुळे स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा आणि लागवडीची सातत्यता राखली जात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> तथापि, ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये नोंदलेल्या सर्व पारंपरिक वाणांची लागवड आजही मोठ्या प्रमाणावर सुरू आहे, असा निष्कर्ष केवळ या ऐतिहासिक नोंदींवरून काढता येत नाही. पारंपरिक वाणांचे वर्तमान अस्तित्व, लागवडीचे क्षेत्र आणि संवर्धनाची स्थिती निश्चित करण्यासाठी अद्ययावत कृषी संशोधन किंवा अधिकृत बियाणे-संवर्धन नोंदी आवश्यक आहेत. === सुधारित आणि आधुनिक जाती === कोकणातील भात उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी विसाव्या शतकापासून सुधारित बियाण्यांचा प्रसार करण्यात आला. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये सुधारित भातबियाण्यांच्या प्रसारासाठी शासकीय योजना राबविण्यात आल्याची नोंद आहे. १९५६–५७ आणि १९५७–५८ या कालावधीतील नोंदींमध्ये पाटणी-६, वारंगळ-४८७, वाकसाळ-२८७, पनवेल-६१, भाडस-७९, ई.के.-७०, कोलंबा-१८४ आणि के-४२ या सुधारित भातवाणांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerIrrigation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Irrigation |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_irrigation.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील कृषी परिस्थिती लक्षात घेऊन भाताच्या सुधारित जाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या जातींपैकी रत्‍नागिरी-१ ही लवकर तयार होणारी जात असून तिचा पक्वता कालावधी सुमारे ११५–१२० दिवस आणि नोंदविलेली उत्पादनक्षमता ३५–४० क्विंटल प्रति हेक्टर आहे. रत्‍नागिरी-२ ही उशिरा तयार होणारी जात असून तिचा कालावधी सुमारे १४५–१५० दिवस आहे. रत्‍नागिरी-३ ही सुमारे १४०–१४५ दिवसांत तयार होणारी जात असून ती उथळ सखल भातक्षेत्रासाठी योग्य असल्याचे विद्यापीठाच्या नोंदीत नमूद केले आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> कोकणातील आधुनिक भात संशोधनात संकरित वाणांचाही विकास झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीमध्ये सह्याद्री मालिकेतील भात संकरित वाणांचा उल्लेख आहे. उदाहरणार्थ, सह्याद्री-५ या संकरित वाणाचा पक्वता कालावधी सुमारे १४०–१४५ दिवस असून, कोकणातील चाचण्यांमध्ये त्याची उत्पादनक्षमता आणि काही प्रमुख कीड व रोगांविरुद्धची सहनशीलता नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010">{{cite report |title=Research Recommendations of 2010 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2010 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2010%20English%20Recommendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित वाणांच्या विकासामध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे गुणधर्म आणि स्थानिक रोग-किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार केला जातो. त्यामुळे पारंपरिक स्थानिक वाणांबरोबर सुधारित आणि संकरित वाणांचा वापर हा कोकणातील भातशेतीच्या बदलत्या कृषितंत्राचा एक भाग बनला आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010"/> अशा प्रकारे कोकणातील भाताच्या जातींचा इतिहास पारंपरिक स्थानिक वाणांच्या विविधतेपासून सुधारित आणि संकरित वाणांच्या विकासापर्यंत विस्तारलेला आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील स्थानिक वाणांची नोंद आणि आधुनिक कृषी संशोधनातून विकसित झालेल्या जाती यांमुळे कोकणातील भाताच्या आनुवंशिक आणि कृषी विविधतेचे वेगवेगळे कालखंड स्पष्ट होतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == भातशेती आणि कोकणचे पर्यावरण == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील पर्जन्यमान, भूभाग, मातीचे प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि समुद्रकिनाऱ्याशी असलेले भौगोलिक संबंध यांच्याशी जवळून संबंधित आहे. कोकण हा अरबी समुद्र आणि सह्याद्री यांच्या दरम्यानचा अरुंद किनारी प्रदेश असून, येथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा प्रभाव मोठा आहे. त्यामुळे भात हे या प्रदेशातील प्रमुख खरीप पीक बनले आहे. कोकणातील कृषी व्यवस्थेत भाताचे महत्त्व आणि त्याच्याशी संबंधित पर्यावरणीय परिस्थिती यांचा परस्परसंबंध कृषी संशोधन आणि ऐतिहासिक नोंदींमधून दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils">{{cite journal |last1=Verma |first1=Ram Ratan |last2=Srivastava |first2=Tapendra Kumar |last3=Singh |first3=Pushpa |last4=Manjunath |first4=B. L. |last5=Kumar |first5=Anil |title=Spatial mapping of soil properties in Konkan region of India experiencing anthropogenic onslaught |journal=PLOS ONE |volume=16 |issue=2 |pages=e0247177 |year=2021 |url=https://journals.plos.org/plosone/article?id=10.1371/journal.pone.0247177 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === पर्जन्यमान आणि भातशेती === कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा मोसमी पाऊस खरीप पिकांच्या वाढीसाठी महत्त्वाचा असून, भाताच्या रोपवाटिकेच्या तयारीसाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचाही उपयोग केला जात असे. पावसाच्या आगमनाची वेळ आणि त्यानंतर उपलब्ध होणारी जमिनीतील ओलावा यांनुसार मशागत, रोपवाटिका आणि पुनर्लागवडीची कामे नियोजित केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील पावसाचे प्रमाण प्रदेशाच्या विविध भागांत सारखे नसले तरी भातशेतीसाठी मोसमी पावसाचे महत्त्व सर्वसाधारणपणे मोठे आहे. दक्षिण गोवा या कोकणातील भागावरील एका अभ्यासानुसार तेथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसामुळे जूनपासून सप्टेंबरपर्यंत, काही वेळा ऑक्टोबरच्या मध्यापर्यंत, पाऊस पडतो आणि वार्षिक पर्जन्यमान सुमारे २,९०० मिलिमीटर नोंदविण्यात आले आहे. त्या अभ्यासात भात हे सपाट तसेच उताराच्या भागांतील प्रमुख पीक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> मात्र अतिवृष्टीचा परिणाम शेतीवर होऊ शकतो. पावसाचे अल्प कालावधीत अधिक प्रमाण, पाण्याचा निचरा आणि पावसातील खंड यांनुसार भाताच्या वाढीवर परिणाम होतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीमध्ये पावसाचे पाणी धरून ठेवणे आणि अतिरिक्त पाण्याचा नियंत्रित निचरा करणे या दोन्ही बाबींना महत्त्व प्राप्त होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातखाचरे आणि जलव्यवस्था === कोकणातील भातखाचरे ही पावसावर आधारित भातशेतीसाठी विकसित झालेली स्थानिक कृषी व्यवस्था आहे. भातासाठी जमीन तयार करताना नांगरणी, चिखलणी आणि समतलीकरण करून शेतात पाणी धरून ठेवण्यासाठी अनुकूल परिस्थिती निर्माण केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये चिखलणी केल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची जमीन समतल करण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातखाचरातील पाण्याचे व्यवस्थापन केवळ पाणी साठवण्यापुरते मर्यादित नसते. मुसळधार पावसाच्या काळात अतिरिक्त पाणी नियंत्रितपणे बाहेर काढणे आवश्यक असते. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये शेतबांधांमध्ये आवश्यकतेनुसार पाण्याच्या निचऱ्यासाठी मार्ग ठेवण्याच्या पद्धतीचा उल्लेख आहे. त्यामुळे भातखाचरांची रचना पाणी साठवण आणि निचरा या दोन्ही गरजांशी संबंधित होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक कृषी संशोधनातही कोकणातील भातशेतीसाठी पाणीव्यवस्थापनाला महत्त्व दिले जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात कोकणातील भातासाठी स्थानिक परिस्थितीनुसार उत्पादनतंत्र, सिंचन आणि जलसंधारणाशी संबंधित पद्धती विकसित करण्यावर भर देण्यात आला आहे.<ref name="DBSKKVResearch">{{cite web |title=Research |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === उताराची जमीन आणि बांधबंदिस्ती === कोकणाचा बराचसा भूभाग उताराचा आणि डोंगराळ असल्यामुळे भातशेतीसाठी सपाट किंवा तुलनेने समतल खाचरे तयार करण्याची पद्धत विकसित झाली. कोकणातील भातशेतीवरील डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या तांत्रिक नोंदीनुसार या प्रदेशात भातासाठी टेरेस किंवा पायरीसदृश शेतीचा वापर केला जातो आणि शेतांचे आकारमान तुलनेने लहान असते.<ref name="DBSKKVKonkanRiceMechanization">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |publisher=Indian Society of Coastal Agricultural Research |url=https://epubs.icar.org.in/ejournal/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उताराच्या जमिनीमध्ये बांधबंदिस्तीमुळे पावसाचे पाणी शेतात काही काळ धरून ठेवण्यास मदत होते. त्यामुळे मातीची धूप कमी करणे, पाण्याचा प्रवाह नियंत्रित करणे आणि भातासाठी आवश्यक ओलावा टिकवून ठेवणे शक्य होते. पारंपरिक पद्धतीत शेतबांधांची देखभाल ही भातशेतीच्या नियमित कामांपैकी एक होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील मातीच्या प्रकारांतही प्रादेशिक फरक आढळतो. दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांमध्ये प्रामुख्याने जांभा व जांभ्यापासून विकसित झालेल्या माती आढळतात, तर उत्तर कोकणातील काही भागांत मध्यम काळ्या मातीचा विस्तार आहे. किनारी भागांत गाळाची तसेच क्षारयुक्त माती आढळते. या मातींच्या गुणधर्मांनुसार भातशेतीची पद्धत आणि पाण्याचे व्यवस्थापन बदलते.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> === खारभूमीतील भातशेती === समुद्रकिनारा आणि खाड्यांच्या परिसरातील सखल जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्याचा प्रभाव असल्यामुळे क्षारयुक्त जमिनी निर्माण होतात. महाराष्ट्रातील खार जमिनींच्या अधिकृत नोंदीनुसार समुद्र आणि नदीखाड्यांच्या परिसरातील सपाट जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्यामुळे क्षारसंचय झालेला आढळतो. अशा जमिनींच्या विकासासाठी आणि पुनर्वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाने खारभूमी विकासाची स्वतंत्र व्यवस्था निर्माण केली आहे.<ref name="KolabaGazetteerKharSoils">{{cite web |title=Kolaba District Gazetteer — Soils |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/agri_soils.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील खार जमिनींमध्ये भात हे महत्त्वाचे पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार खारभूमी संशोधन केंद्र, गिरणे, पनवेल येथे भात, खारभूमी सुधारणा आणि संबंधित कृषी संशोधनावर काम केले जाते. विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये खार जमिनींसाठी भाताच्या उत्पादनतंत्राचा आणि जमिनीच्या व्यवस्थापनाचा अभ्यास समाविष्ट आहे.<ref name="DBSKKVKharlandResearchStation">{{cite web |title=Khar Land Research Station |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Research_Stations_%26_Organogram.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसमोर मुख्य अडचण म्हणजे समुद्राच्या पाण्याचा शिरकाव आणि जमिनीतील क्षारता. भारत सरकारच्या कृषी व शेतकरी कल्याण मंत्रालयाने २०२४ मध्ये राज्यसभेत दिलेल्या माहितीनुसार कोकणातील किनारी आणि खाडीच्या लगतच्या सखल भागांमध्ये समुद्राचे पाणी शिरल्यामुळे कृषी जमिनींवर क्षारयुक्त पाण्याचा परिणाम होतो. अशा जमिनींच्या कृषी वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाकडून विविध उपाययोजना करण्यात येत असल्याचे त्या उत्तरात नमूद केले आहे.<ref name="GovtIndiaKharLand2024">{{cite report |title=Agricultural Use of Khar Lands in Konkan Region |publisher=Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, Government of India |year=2024 |date=20 December 2024 |url=https://sansad.in/getFile/annex/266/AU2898_Es7ESh.pdf?source=pqars |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसाठी क्षारता नियंत्रण, पाण्याचा निचरा आणि बांधांची देखभाल यांना विशेष महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात खार जमिनींसाठी भातासह विविध एकात्मिक शेती पद्धतींचा अभ्यास करण्यात आला आहे. काही शिफारशींमध्ये भात, भाजीपाला, नारळ, मत्स्यपालन आणि इतर घटकांचे एकत्रित व्यवस्थापन सुचविण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKharlandIFS">{{cite web |title=AICRP (SWS) — Khar Land Research Station, Panvel |website=ICAR–Central Soil Salinity Research Institute |publisher=Indian Council of Agricultural Research |url=https://cssri.res.in/aicrp-sws/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भातशेती आणि कृषी जैवविविधता === कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या कृषी जैवविविधतेचा एक भाग आहे. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या अनेक स्थानिक वाणांची नावे आढळतात. या वाणांची विविधता, त्यांचे पक्वतेचे कालावधी आणि स्थानिक लागवडपद्धती यांमुळे पारंपरिक भातशेतीमध्ये आनुवंशिक आणि कृषी विविधता निर्माण झाली होती.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> कोकणातील कृषी जैवविविधतेचा संबंध केवळ भाताच्या वाणांपुरता मर्यादित नाही. भातासोबत विविध कडधान्ये, तेलबिया, भाजीपाला, फळपिके आणि इतर कृषी घटकांचा समावेश असलेल्या शेतीपद्धती या प्रदेशात विकसित झाल्या आहेत. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार कोकणातील भाताधारित शेतीव्यवस्थेत पावसावर आधारित तसेच सिंचनाधारित विविध पीकपद्धती विकसित करण्यात आल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceBasedFarming">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील पर्यावरणीय परिस्थितीचा कृषी जैवविविधतेवरही परिणाम होतो. दक्षिण गोव्यावरील मातीच्या अभ्यासात कोकण प्रदेशातील मातीचे गुणधर्म स्थानिक भूआकार, पर्जन्यमान आणि मानवी हस्तक्षेपामुळे बदलत असल्याचे आढळले. मातीच्या गुणधर्मांमध्ये आढळणारी स्थानिक विविधता ही शेतीच्या व्यवस्थापनासाठी महत्त्वाची असल्याचे त्या अभ्यासात नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> पारंपरिक भातवाणांचे जतन, स्थानिक बियाण्यांचे दस्तऐवजीकरण आणि प्रदेशानुरूप कृषिपद्धतींचे संवर्धन हे कृषी जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये कोकणातील शेतकरी वाणांचे संकलन, त्यांचे वर्णन आणि संवर्धन यांसंबंधी प्रकल्प राबविण्यात आल्याची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVFarmersVarietiesKonkan">{{cite journal |last1=Zagade |first1=P. M. |last2=Bhairamkar |first2=M. S. |last3=Murai |first3=A. M. |last4=Sawant |first4=P. A. |title=Awareness and adoption of paddy growers about rice varieties developed by DBSKKV, Dapoli |journal=International Journal of Chemical Studies |volume=6 |issue=3 |pages=3492–3494 |year=2018 |url=https://www.chemijournal.com/archives/?ArticleId=2931&issue=3&si=&vol=6&year=2018 |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती आणि पर्यावरण यांचे नाते पाऊस, माती, पाण्याचे नियमन, उताराचा भूभाग, किनारी क्षारता आणि कृषी जैवविविधता या घटकांच्या परस्परसंबंधातून स्पष्ट होते. भातखाचरे आणि बांधबंदिस्तीपासून खारभूमी व्यवस्थापनापर्यंत विविध कृषिपद्धती या स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेत विकसित झाल्या आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> == पारंपरिक कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये वापरली जाणारी कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान ही प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन, लहान शेतक्षेत्रे आणि भातशेतीच्या पद्धतींशी जुळवून घेतलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार या प्रदेशातील शेतीची कामे इतर भागांपेक्षा भिन्न स्वरूपाची होती. भातशेतीच्या प्राबल्यामुळे स्थानिक शेतकऱ्यांकडील अवजारे मुख्यतः जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, आंतरमशागत आणि कापणी यांसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Implements |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_implements.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === नांगर आणि शेतीची अवजारे === कोकणातील पारंपरिक शेतीमध्ये ''नांगर'' हे प्रमुख अवजार होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातशेतीसाठी वापरला जाणारा नांगर प्रामुख्याने लाकडाचा बनविला जात असे आणि तो बैलांच्या जोडीने ओढला जात असे. नांगराचे शरीर, फाळ, दांडा, मूठ आणि इतर भाग स्थानिक उपलब्ध लाकडापासून तयार केले जात. कोकणातील लहान आणि उताराच्या शेतजमिनींसाठी हा तुलनेने हलका नांगर उपयुक्त ठरत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीमध्ये नांगराचा उपयोग केवळ जमीन उलटण्यासाठी न करता चिखलणीच्या प्रक्रियेतही केला जात असे. मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर जमीन नांगरली जाई आणि त्यानंतर पाणी साठवून पुन्हा नांगरणी करून जमीन भाताच्या पुनर्लागवडीस योग्य केली जात असे. रत्‍नागिरी गॅझेटियरनुसार भातासाठी साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> ''गुतेफळी'' किंवा ''गुतेफळी''सदृश दातेरी अवजाराचा उपयोग चिखलणी झालेल्या शेताची जमीन समतल करण्यासाठी केला जात असे. या अवजाराच्या साहाय्याने शेतातील मातीचे ढेकळे कमी करून जमीन सपाट केली जात असे आणि पुनर्लागवडीसाठी योग्य पृष्ठभाग तयार केला जात असे. काही ठिकाणी या अवजाराचा उपयोग पेरणीनंतर उगवलेल्या रोपांची गर्दी कमी करण्यासाठी आणि तण किंवा वनस्पती अवशेष गोळा करण्यासाठीही केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> ''मईंद'' किंवा लाकडी ढेकळफोड्या, ''कोळपी'', ''खुरपी'', फावडे, कुदळ, टिकाव आणि कुऱ्हाड यांसारखी विविध हातसाधनेही शेतीच्या वेगवेगळ्या कामांसाठी वापरली जात. ''कोळपी''चा उपयोग आंतरमशागतीसाठी करून माती हलकी करणे, मुळांना हवा मिळवून देणे आणि खत मातीमध्ये मिसळणे अशी कामे केली जात. ''खुरपी''चा वापर पिकातील तणे काढण्यासाठी केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> या अवजारांची रचना स्थानिक गरजांशी संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील १९५६ च्या नोंदींमध्ये मोठ्या संख्येने लाकडी नांगर अस्तित्वात असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. यावरून त्या काळातील शेतीत स्थानिक आणि बैलचलित अवजारांचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> === पारंपरिक लावणीची साधने === कोकणातील भाताची लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित होती. चिखलणी आणि समतलीकरण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील रोपे उपटून भातखाचरात नेली जात आणि हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. त्यामुळे लावणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यांत्रिक साधनांपेक्षा रोपे वाहून नेणे, भारे बांधणे आणि हाताने रोपे लावणे यांना महत्त्व होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> रोपवाटिकेतून काढलेली रोपे लहान भाऱ्यांमध्ये बांधून मुख्य शेतात नेली जात. चिखललेल्या शेतात शेतकरी किंवा मजूर हाताने रोपांचे पुंजके लावत. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक लावणीच्या प्रक्रियेत शेताची समतलता आणि चिखलाची योग्य अवस्था महत्त्वाची होती. त्यासाठी नांगरणी, चिखलणी आणि लाकडी फळी किंवा गुतेफळीच्या साहाय्याने समतलीकरण केले जात असे. त्यामुळे लावणीचे तंत्र हे स्वतंत्र साधनापेक्षा जमीन तयार करण्याच्या पारंपरिक तंत्राशी अधिक निगडित होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात मानवी श्रमाची गरज कमी करण्यासाठी भातलावणी आणि इतर कृषी कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याचे प्रयत्न झाले आहेत. मात्र, कोकणातील लहान, तुकड्यात विभागलेली आणि उताराची शेतजमीन तसेच अतिपर्जन्यमान यांमुळे मोठ्या यंत्रांचा वापर अनेक ठिकाणी मर्यादित राहतो. कोकणातील भातशेतीच्या यांत्रिकीकरणावरील अभ्यासांमध्ये या भौगोलिक मर्यादांचा विशेष विचार करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |pages=43–49 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कापणी आणि मळणीची अवजारे === पारंपरिक पद्धतीत भाताची कापणी ''विळ्या''ने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पिकाची कणसे पक्व झाल्यानंतर भात जमिनीजवळून कापला जाई. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि ते मळणीच्या जागी नेले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यंत्रांऐवजी कापलेल्या भाताच्या भाऱ्यांचा कठीण पृष्ठभागावर किंवा लाकडी फळीवर आपटून दाणे वेगळे करण्याची पद्धत वापरली जात असे. उरलेले दाणे मिळविण्यासाठी काही ठिकाणी पेंढा जनावरांच्या पायांनी तुडविला जात असे. त्यानंतर धान्य आणि पेंढा वेगळे करण्यासाठी उफणणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> विळा, सुप, टोपली आणि इतर साधी हातसाधने ही कापणी, मळणी आणि धान्य हाताळणीतील प्रमुख साधने होती. रत्‍नागिरीच्या कृषी-अवजारांच्या नोंदीमध्ये कापणीसाठी विळा आणि धान्य हाताळण्यासाठी विविध पारंपरिक साधनांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> कोकणातील पारंपरिक कापणी-मळणी प्रक्रियेत मानवी श्रमाचे प्रमाण मोठे होते. आधुनिक काळात मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज वाढली. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, उफणणी यंत्र, रीपर, रीपर-बाइंडर आणि विविध प्रकारच्या मळणी यंत्रांच्या संयोजनांचा आर्थिक अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील अनेक शेतकऱ्यांकडे लहान आकाराची जमीन असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या सामायिक वापराच्या पद्धती यांत्रिकीकरणासाठी उपयुक्त ठरू शकतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === पारंपरिक कृषितंत्रातील स्थानिक ज्ञान === कोकणातील पारंपरिक कृषितंत्र हे स्थानिक भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थितीच्या दीर्घ अनुभवातून विकसित झाले होते. मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन आणि भातासाठी पाणी धरून ठेवण्याची आवश्यकता यांनुसार शेतकरी जमीन तयार करण्याची वेळ, नांगरणीची पद्धत, चिखलणीची अवस्था आणि समतलीकरण यांचा निर्णय घेत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> स्थानिक ज्ञानाचा एक महत्त्वाचा भाग म्हणजे योग्य वेळी योग्य अवजाराचा वापर करणे. लाकडी नांगराचा वापर जमीन उघडण्यासाठी आणि चिखलणीसाठी, गुतेफळीचा वापर समतलीकरणासाठी, कोळपीचा वापर आंतरमशागतीसाठी आणि खुरपीचा वापर तण काढण्यासाठी केला जात असे. अशा प्रकारे प्रत्येक अवजाराचे कार्य भातशेतीच्या विशिष्ट टप्प्याशी जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान पाण्याच्या व्यवस्थापनाशीही संबंधित होते. चिखलणी करून जमिनीतील पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करणे, शेत समतल ठेवणे आणि शेतबांधांच्या साहाय्याने पाणी नियंत्रित करणे या पद्धतींमधून स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेतलेले तंत्रज्ञान दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील शेतजमिनींच्या आकारमानामुळे आणि भौगोलिक रचनेमुळे मोठ्या कृषियंत्रांच्या वापराला काही मर्यादा आहेत. आधुनिक संशोधनातही कोकणातील लहान आणि तुकड्यात विभागलेली जमीन, उताराची शेती आणि उच्च पर्जन्यमान या बाबी यंत्रांच्या निवडीसाठी महत्त्वाच्या असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="DevelopmentPaddyStripperKonkan">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=Girishkumar Balasaheb |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Aware |first3=V. V. |last4=Dhande |first4=K. G. |last5=Deshmukh |first5=P. S. |title=Development of stripper harvester for paddy |journal=Journal of Applied and Natural Science |volume=9 |issue=4 |pages=1943–1948 |year=2017 |url=https://journals.ansfoundation.org/index.php/jans/article/view/1469 |access-date=14 August 2026 }}</ref> पारंपरिक साधनांपासून आधुनिक कृषियंत्रांपर्यंतचा हा बदल टप्प्याटप्प्याने झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप विविध कृषी अवजारे विकसित केली आहेत. त्यामध्ये भात कापणीसाठी ''वैभव विळा'' तसेच भात कापणीसाठी स्वयंप्रचलित रीपर यांचा समावेश आहे. अशा तंत्रज्ञानाचा उद्देश मानवी श्रम कमी करणे आणि कोकणातील परिस्थितीत कृषी कामांची कार्यक्षमता वाढविणे हा आहे.<ref name="DBSKKVImplements">{{cite report |title=Annual Report 2016–17 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/2023-24/Research/PDF%20Annual%20Report%20All/Annual%20Report%202016-17...DBSKKV%20English.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञानाचा विकास हा स्थानिक पर्यावरण, लहान शेतक्षेत्रे, बैलचलित शेती आणि उपलब्ध मानवी श्रम यांच्या गरजांशी संबंधित राहिला आहे. पारंपरिक लाकडी अवजारांपासून आधुनिक रीपर, मळणी यंत्रे आणि इतर यांत्रिक साधनांपर्यंतचा बदल हा कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक परिवर्तनाचा एक भाग आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> == भातशेती आणि ग्रामीण जीवन == कोकणातील भातशेतीचा संबंध केवळ अन्नधान्याच्या उत्पादनाशी नसून ग्रामीण कुटुंबव्यवस्था, कृषी श्रम, स्थानिक अर्थव्यवस्था आणि दैनंदिन जीवनाशीही आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरनुसार विसाव्या शतकाच्या मध्यकाळात शेती हा जिल्ह्यातील लोकांच्या उपजीविकेचा प्रमुख आधार होता. १९५१ च्या जनगणनेच्या आधारे जिल्ह्यातील सुमारे ६९ टक्के लोक शेती हा मुख्य व्यवसाय म्हणून करीत असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture: Census |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_census.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भात हे रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील प्रमुख पीक होते. १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्यामुळे भातशेतीचा ग्रामीण जीवनातील स्थानिक अन्नपुरवठा आणि कृषी अर्थव्यवस्थेशी घनिष्ठ संबंध होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === शेतकरी कुटुंब आणि भातशेती === पारंपरिक कोकणातील शेतीव्यवस्थेत शेतकरी कुटुंब हे उत्पादनाचे महत्त्वाचे एकक होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये शेतजमिनीची मालकी, भाडेपट्ट्यावरील शेती आणि प्रत्यक्ष शेती करणारे शेतकरी यांची स्वतंत्र नोंद आढळते. १९५१ च्या आकडेवारीत स्वतःच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे तसेच मुख्यतः इतरांच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे शेतकरी आणि त्यांचे आश्रित यांचा समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> लहान शेतजमिनी आणि मर्यादित कृषी उत्पन्नामुळे कुटुंबातील सदस्यांचा शेतीच्या कामात सहभाग महत्त्वाचा ठरत असे. ग्रामीण जीवनाच्या सर्वेक्षणात शेतीवर अवलंबून असलेल्या कुटुंबांना उत्पन्नाच्या पूरक साधनांची आवश्यकता भासत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. काही कुटुंबे शेतीबरोबर संबंधित व्यवसाय करीत असत, तर काहींना शहरांमध्ये काम करणाऱ्या कुटुंबीयांकडून आर्थिक मदत मिळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Standard of Living: Rural Areas |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/std_rural.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीतील कामांचे स्वरूप हंगामानुसार बदलत असे. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, लावणी, तण काढणे, कापणी आणि मळणी या कामांमध्ये कुटुंबातील सदस्यांचा प्रत्यक्ष सहभाग असे. तथापि, सर्व कामे केवळ कुटुंबीयांच्या श्रमातूनच पूर्ण होत असत, असा सार्वत्रिक निष्कर्ष काढता येत नाही. विशेषतः लावणी आणि कापणीसारख्या श्रमप्रधान काळात बाहेरील मजुरांची आवश्यकता भासत असल्याची नोंद रत्‍नागिरी गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Wages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> शेतीतून मिळणारे धान्य हे कुटुंबाच्या अन्नपुरवठ्याचा महत्त्वाचा आधार होते. ऐतिहासिक नोंदींनुसार अनेक शेतकऱ्यांना स्वतःच्या गरजा भागविण्यासाठी पुरेसे उत्पादन मिळणेही आव्हानात्मक होते. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध अन्नसुरक्षेबरोबरच कुटुंबाच्या आर्थिक स्थैर्याशीही जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerBorrowers">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Borrowers |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === सामुदायिक श्रम आणि लावणीची परंपरा === कोकणातील भातशेतीतील लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर श्रमप्रधान प्रक्रिया होती. रोपवाटिकेतून रोपे काढणे, त्यांची भारे बांधणे, ती शेतात नेणे आणि चिखललेल्या शेतात पुनर्लागवड करणे या कामांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळ आवश्यक असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मजुरांची आवश्यकता असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> लावणीच्या हंगामात स्थानिक मजुरांची मागणी वाढत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण मजुरीविषयक नोंदीनुसार पुनर्लागवड सुरू झाल्यानंतर मजुरांची कमतरता जाणवत असे आणि शेतकरी आपल्या गावातून किंवा जवळच्या गावांतून मजूर नियुक्त करीत असत. यावरून भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे गावपातळीवर कृषी श्रमाची मागणी वाढत असल्याचे दिसते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी मजुरी रोख रक्कम किंवा धान्याच्या स्वरूपात देण्याच्या पद्धतींचाही उल्लेख आढळतो. काही तालुक्यांमध्ये कापणी आणि मळणीसारख्या कामांसाठी रोख मजुरी दिली जात असे, तर काही ठिकाणी धान्य किंवा भोजनाच्या स्वरूपात मोबदला देण्याची प्रथा आढळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> लावणी आणि कापणीच्या काळात गावातील उपलब्ध मनुष्यबळाचे महत्त्व त्यामुळे वाढत असे. तथापि, आधुनिक अर्थाने प्रत्येक गावात एकसमान ''सामुदायिक श्रम'' व्यवस्था अस्तित्वात होती, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढणे योग्य ठरणार नाही. उपलब्ध नोंदी मुख्यतः कुटुंबीय श्रम, स्थानिक मजूर आणि हंगामी मजुरीच्या व्यवस्थेचे दस्तऐवजीकरण करतात.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> === भातशेती आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था === भातशेतीचा रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर मोठा प्रभाव होता. १९५१ च्या नोंदीनुसार जिल्ह्यातील मोठ्या प्रमाणातील लोकसंख्या शेतीवर मुख्य किंवा पूरक उपजीविकेसाठी अवलंबून होती. शेतीबरोबर पशुपालन, वनीकरण, लागवड आणि इतर संबंधित व्यवसाय हेही उत्पन्नाचे स्रोत होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> भातशेतीमधील उत्पादनाचा काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे, तर उर्वरित धान्याची विक्री किंवा देवाणघेवाण केली जाऊ शकत असे. ग्रामीण जीवनावरील गॅझेटियरच्या नोंदींमध्ये रोख व्यवहारांबरोबर वस्तुविनिमयही अस्तित्वात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत धान्याचे आर्थिक महत्त्व केवळ बाजारातील विक्रीपुरते मर्यादित नव्हते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> भातशेतीशी संबंधित कृषी मजुरीलाही ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान होते. नांगरणी, पेरणी, कापणी आणि मळणी यांसारख्या विशिष्ट कामांसाठी मजूर नियुक्त केले जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी रोख तसेच वस्तुरूप मजुरीच्या पद्धतींचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे ग्रामीण रोजगारामध्येही चढ-उतार होत असत. भाताची पेरणी आणि कापणी यांसारख्या काळात कृषी श्रमाची मागणी वाढत असे, तर शेतीची कामे कमी असलेल्या काळात काही ग्रामीण कामगारांना पर्यायी रोजगार शोधावा लागत असे. रत्‍नागिरीच्या ऐतिहासिक नोंदींमध्ये हंगामानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर रोजगारासाठी मुंबईकडे स्थलांतर करीत असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Movements of the People |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> आधुनिक काळातही कोकणातील भातशेतीमध्ये मजूर हा महत्त्वाचा उत्पादनघटक आहे. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार पारंपरिक पद्धतीतील विविध कृषी कामे मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित असून ती श्रमप्रधान आहेत. मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांच्या यांत्रिकीकरणाची गरज वाढल्याचे संशोधनात नमूद केले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === भातशेती आणि लोकजीवन === भात हा कोकणातील ग्रामीण आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताचे स्थानिक अन्नव्यवस्थेतील महत्त्व आणि त्यापासून तयार होणाऱ्या विविध खाद्यपदार्थांचा उल्लेख आढळतो. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध केवळ कृषी उत्पादनाशी नसून स्थानिक आहारपद्धतीशीही जोडलेला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनाशी संबंधित कापणी, मळणी, धान्य वाळवणे आणि साठवण या प्रक्रिया ग्रामीण जीवनातील नियमित हंगामी कामांचा भाग होत्या. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूच्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीशी संबंधित हंगामी कामांमुळे गावातील श्रमव्यवस्था आणि सामाजिक व्यवहारांनाही चालना मिळत असे. लावणी आणि कापणीच्या काळात शेतमजुरांची मागणी वाढत असे आणि जवळच्या गावांमधूनही मजूर कामासाठी येत असत. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध स्थानिक रोजगार आणि गावांमधील आर्थिक देवाणघेवाणीशी जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीचा ग्रामीण जीवनाशी असलेला संबंध ऐतिहासिक स्थलांतराच्या पद्धतीतही दिसतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी झाल्यानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे शेती आणि शहरातील रोजगार यांच्यात हंगामी आर्थिक संबंध निर्माण झाले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारे ग्रामीण जीवन हे एकसंध किंवा सर्व गावांमध्ये समान स्वरूपाचे नव्हते. जमीनधारणा, शेतीचा प्रकार, कुटुंबाची आर्थिक स्थिती, मजुरीची उपलब्धता आणि इतर व्यवसाय यांनुसार शेतकरी व ग्रामीण कुटुंबांचे जीवनमान वेगवेगळे होते. रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण जीवनावरील सर्वेक्षणात मोठे शेतकरी, मध्यम शेतकरी, भाडेकरू शेतकरी, भूमिहीन मजूर आणि इतर ग्रामीण समूह यांचे वेगवेगळे आर्थिक स्तर नोंदविण्यात आले आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती ही शेतकरी कुटुंब, हंगामी कृषी श्रम, स्थानिक रोजगार, अन्नव्यवस्था आणि ग्रामीण अर्थकारण यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था होती. पारंपरिक काळातील या संबंधांमध्ये कालानुसार बदल झाले असले तरी भातशेतीचे कोकणातील ग्रामीण जीवनाशी असलेले ऐतिहासिक नाते विविध कृषी आणि सामाजिक नोंदींतून स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/><ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा == कोकणातील भातशेतीचा संबंध स्थानिक अन्नव्यवस्था, सण-उत्सव, धार्मिक आचार, लोकपरंपरा आणि ग्रामीण जीवनाशी ऐतिहासिकदृष्ट्या जोडलेला आहे. भात हे कोकणातील प्रमुख अन्नधान्य असल्यामुळे त्याचे स्थान केवळ कृषी उत्पादनापुरते मर्यादित राहिले नाही. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भात हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याची आणि विविध धार्मिक व सामाजिक प्रसंगी स्थानिक खाद्यपरंपरांचा वापर होत असल्याची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriSawantwadiFood">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कृषीविधी आणि धार्मिक परंपरा === कोकणातील ग्रामीण जीवनात कृषी आणि धार्मिक परंपरा परस्परांशी संबंधित होत्या. गावातील सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांमध्ये गावप्रमुख, देवस्थानातील सेवक, पुरोहित आणि इतर ग्रामघटकांची भूमिका निश्चित असल्याचे रत्‍नागिरी-सावंतवाडी गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे. सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांच्या वेळी गावदेवतेची पालखी मिरवणुकीने नेण्याची प्रथा तसेच विविध धार्मिक समारंभांचे सामुदायिक स्वरूप यांची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Villages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> धान्य आणि तांदूळ यांचा धार्मिक व्यवहारातील उपयोगही ऐतिहासिक नोंदींतून दिसतो. सावंतवाडी परिसरातील काही धार्मिक आणि सामाजिक विधींमध्ये तांदूळ अर्पण करण्याची प्रथा नोंदविण्यात आली आहे. त्यामुळे तांदूळ हा केवळ अन्नधान्य नसून काही धार्मिक व्यवहारांमध्ये वापरला जाणारा कृषीउत्पादनाचा घटकही होता.<ref name="RatnagiriGazetteerReligiousCustoms">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील धार्मिक जीवनामध्ये ग्रामदैवतांच्या उत्सवांना महत्त्व होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये ग्रामदेवतांच्या उत्सवांमध्ये कीर्तन, धार्मिक प्रवचन आणि इतर धार्मिक कार्यक्रम होत असल्याची नोंद आहे. अशा प्रसंगी स्थानिक समुदायाचा सहभाग असे आणि धार्मिक कार्यक्रम हे गावाच्या सामाजिक जीवनाचा एक भाग बनत.<ref name="RatnagiriGazetteerEntertainment">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Entertainments |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_entertainments.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> तथापि, भाताच्या पेरणी, लावणी किंवा कापणीशी संबंधित प्रत्येक धार्मिक विधी संपूर्ण कोकणात समान पद्धतीने प्रचलित होता, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढता येत नाही. विविध गाव, समाजसमूह आणि स्थानिक देवपरंपरांनुसार कृषीविषयक आचारांमध्ये फरक असण्याची शक्यता होती. === भातशेती आणि लोकपरंपरा === भातशेतीभोवती विकसित झालेल्या लोकपरंपरांचा संबंध शेतीच्या हंगामी चक्राशी होता. पावसाळ्याच्या सुरुवातीपासून भाताची पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि त्यानंतर कापणीपर्यंतची कामे ग्रामीण जीवनाचा महत्त्वाचा भाग होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांसाठी स्थानिक संज्ञा नोंदविण्यात आल्या आहेत—''बी'', ''रोव'', ''तरवा'', ''पोसावळे'', ''दुधगिले'' आणि ''भात''. या संज्ञा पिकाच्या वाढीचे स्थानिक निरीक्षण आणि त्यानुसार विकसित झालेले कृषी ज्ञान दर्शवतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या कापणीनंतर ग्रामीण जीवनात आणखी एक महत्त्वाचा हंगामी टप्पा सुरू होत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी पूर्ण झाल्यानंतर मोठ्या संख्येने शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे भातशेतीचे हंगामी चक्र ग्रामीण स्थलांतराच्या पद्धतीशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीशी संबंधित लोकपरंपरा केवळ धार्मिक स्वरूपाच्या नव्हत्या. लावणी आणि कापणीच्या काळातील सामूहिक कामे, हंगामानुसार रोजगाराची उपलब्धता, धान्याची साठवण आणि स्थानिक खाद्यपद्धती यांमधूनही भातशेतीचे ग्रामीण सांस्कृतिक जीवनाशी असलेले नाते दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === भात आणि कोकणातील खाद्यसंस्कृती === भात हा रत्‍नागिरी आणि कोकणातील पारंपरिक आहाराचा प्रमुख घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भात हा प्रमुख अन्नधान्य असून तो डाळी, आमटी, भाज्या, ताक, नारळ आणि स्थानिक मसाल्यांसह खाल्ला जात असे. शेतकरी कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भाताबरोबर भाजी, डाळ किंवा माशांचे पदार्थ यांचा समावेश होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> तांदळाचे ''उकडा'' आणि ''सुरई'' असे प्रकारही वापरात होते. उकडा तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर सुरई प्रकारासाठी धान्य उकळण्याची प्रक्रिया केली जात नसे. या दोन प्रकारांचा वापर स्थानिक खाद्यपद्धतीत केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> शिजवलेल्या तांदळाचेही विविध प्रकार आहारात होते. गॅझेटियरमध्ये पाण्याच्या प्रमाणानुसार तयार होणाऱ्या ''भात''ाच्या पद्धतींचा तसेच उरलेल्या तांदळाच्या पाण्याचा ''पेज'' म्हणून वापर होत असल्याचा उल्लेख आहे. ''पेज'' हे विशेषतः सकाळच्या आहाराचा भाग असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> भातापासून तयार होणाऱ्या इतर पदार्थांमध्ये पोहे आणि मुरमुरे यांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार धान्य भाजून किंवा फुलवून त्यापासून विविध खाद्यपदार्थ तयार केले जात आणि पोहे व मुरमुरे यांचा स्थानिक वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> सावंतवाडी परिसरातील खाद्यपरंपरेतही भाताचे महत्त्व दिसते. ऐतिहासिक नोंदीनुसार श्रीमंत आणि मध्यमवर्गीय कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भात, डाळी आणि भाज्या यांचा समावेश होता; विशेष प्रसंगी तांदूळ आणि उडीद डाळीपासून तयार केलेले वडे यांसारखे पदार्थ केले जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiFood"/> यामुळे कोकणातील भातशेती आणि खाद्यसंस्कृती यांचा परस्परसंबंध स्पष्ट होतो. भात हा केवळ शेतातील उत्पादन नसून दैनंदिन भोजन, पारंपरिक खाद्यपदार्थ आणि विशेष प्रसंगांच्या भोजनव्यवस्थेचा महत्त्वाचा घटक होता.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> === धान्याशी संबंधित पारंपरिक साठवण आणि उपयोग === भाताचे धान्य कापणी व मळणीनंतर व्यवस्थित वाळवून पुढील वापरासाठी साठवले जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी धान्य स्वतःच्या वापरासाठी साठवत आणि पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक साठवणुकीसाठी लाकडी कोठारे किंवा ''कोठार'' आणि बांबूपासून तयार केलेल्या ''कणग्या'' वापरल्या जात. कणगीच्या आतील भागात धान्य भरल्यानंतर तिचे तोंड बंद केले जात असे. काही ठिकाणी कणगीच्या बाहेरील बाजूस शेणाचा लेप देण्याची आणि तिचा तळ जमिनीत काही प्रमाणात रोवण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची साठवण ही पुढील हंगामातील शेतीशीही संबंधित होती. मळणीनंतर निवडलेले बियाणे वाळवून सुरक्षित ठेवले जाई आणि पुढील पेरणीसाठी त्याचा उपयोग केला जात असे. अशा प्रकारे साठवणुकीची प्रक्रिया एका हंगामातील उत्पादनाला पुढील हंगामाच्या कृषी चक्राशी जोडत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याचा उपयोग अन्नाव्यतिरिक्त विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार करण्यासाठी केला जात असे. भातापासून पोहे, मुरमुरे आणि पेज यांसारखे पदार्थ तयार होत; तर भाताच्या प्रक्रियेतून मिळणाऱ्या पेंढ्याचा ग्रामीण जीवनात विविध उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्यसाठा हा ग्रामीण कुटुंबाच्या अन्नव्यवस्थेचा महत्त्वाचा आधार होता. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार त्या काळातील उत्पादन तुलनेने कमी असल्यामुळे शेतकऱ्यांकडे साठवलेले धान्य प्रामुख्याने घरगुती वापरासाठी ठेवले जात असे; बाजारपेठेत मोठ्या प्रमाणावर विक्री करण्यासाठी अतिरिक्त साठा उपलब्ध असेलच असे नाही.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा या कृषी उत्पादन, धार्मिक आचार, हंगामी लोकजीवन, खाद्यसंस्कृती आणि धान्यसाठवण या परस्परांशी संबंधित घटकांतून विकसित झाल्या. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमध्ये या परंपरांचे विविध प्रादेशिक आणि सामाजिक स्वरूप दिसते; त्यामुळे संपूर्ण कोकणात एकसारखी सांस्कृतिक पद्धत होती, असा निष्कर्ष काढण्याऐवजी स्थानिक विविधता लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife"/> == आधुनिक काळातील कोकणातील भातशेती == आधुनिक काळात कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक पद्धतींसोबत सुधारित वाण, शास्त्रीय पीक व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण, सुधारित खत व्यवस्थापन आणि कृषी संशोधनावर आधारित तंत्रज्ञानाचा वापर वाढला आहे. कोकणातील भौगोलिक परिस्थिती, उच्च पर्जन्यमान, लहान शेतक्षेत्रे आणि मनुष्यबळाची उपलब्धता या घटकांमुळे आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार या प्रदेशात विशिष्ट स्वरूपाचा राहिला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === यांत्रिकीकरण === कोकणातील भातशेतीतील अनेक कामे पारंपरिक पद्धतीने मानवी श्रमावर आधारित होती. जमीन तयार करणे, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसारख्या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता भासत असे. मात्र, कृषी मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यांमुळे भातशेतीतील विविध कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज निर्माण झाली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या यांत्रिकीकरणाचा अभ्यास करताना विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, हातचलित किंवा शक्तिचलित उफणणी यंत्र, स्वयंप्रचलित रीपर, रीपर-बाइंडर, विविध प्रकारची मळणी यंत्रे आणि कंबाईन हार्वेस्टर अशा पर्यायांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील मोठ्या प्रमाणातील शेतकरी अल्पभूधारक असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे यंत्रसामग्रीचा सामायिक वापर, कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या व्यवस्थांना महत्त्व प्राप्त झाले आहे. अभ्यासात रीपर आणि रीपर-बाइंडर यांसारखी यंत्रे सीमांत आणि मध्यम शेतकऱ्यांसाठी उपयुक्त ठरू शकतात, असे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भाताच्या कापणीसाठी स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप यंत्रे विकसित करण्याचेही प्रयत्न झाले आहेत. कोकणातील कृषी अभियांत्रिकी संशोधनात भातासाठी स्ट्रिपर हार्वेस्टरसारख्या यंत्रांच्या विकासाचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा यंत्रांचा उद्देश कापणीतील श्रम आणि वेळ कमी करणे तसेच कोकणातील लहान शेतक्षेत्रांना अनुरूप तंत्रज्ञान विकसित करणे हा आहे.<ref name="DevelopmentPaddyStripperKonkan"/> यांत्रिकीकरणाचा विस्तार मात्र केवळ यंत्रांच्या उपलब्धतेवर अवलंबून नसून शेताचे आकारमान, भूभाग, पाण्याची स्थिती, यंत्राचा वापरकालावधी आणि त्याचा आर्थिक खर्च यांवरही अवलंबून असतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक परिस्थितीशी सुसंगत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य यंत्रांचा वापर महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === सुधारित लागवड तंत्र === आधुनिक भातशेतीमध्ये सुधारित वाणांची निवड, योग्य पेरणीची वेळ, रोपांची योग्य अवस्था, खत व्यवस्थापन आणि तण नियंत्रण यांना महत्त्व दिले जाते. कोकणातील भातवाणांच्या पेरणीच्या वेळेचा उत्पादनावर होणारा परिणाम तपासण्यासाठी डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधकांनी क्षेत्रीय प्रयोग केले आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> २०१५–१६ च्या खरीप हंगामात डापोली येथे करण्यात आलेल्या प्रयोगात २३वा, २४वा आणि २५वा हवामानशास्त्रीय आठवडा अशा तीन पेरणी कालावधींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात २३व्या हवामानशास्त्रीय आठवड्यात पेरलेल्या पिकाला तुलनेने अधिक धान्य व पेंढीचे उत्पादन मिळाले. या प्रयोगात कर्जत-५, पालघर-१, जया, स्वर्ण आणि कर्जत-२ या वाणांचा समावेश करण्यात आला होता.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> कोकणातील थेट पेरणीच्या भातासाठी तण व्यवस्थापनावरही संशोधन करण्यात आले आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील कृषी संशोधन केंद्र, रिपोली येथे २०१९, २०२० आणि २०२१ या खरीप हंगामांत करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय प्रयोगात विविध तणनियंत्रण पद्धतींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात तणमुक्त स्थिती तसेच काही निवडक पूर्वउगवणी आणि पश्चातउगवणी तणनियंत्रण पद्धतींमुळे उत्पादन घटकांवर आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले.<ref name="DademalEtAl2025WeedManagement">{{cite journal |last1=Dademal |first1=A. A. |last2=Jagtap |first2=D. N. |last3=More |first3=V. G. |last4=Bodake |first4=P. S. |last5=Mhaskar |first5=N. V. |last6=Pinjari |first6=S. S. |last7=Dahiphale |first7=A. V. |title=Integrated Weed Management in Kharif Direct Seeded Rice (Oryza sativa L.) in Medium Black Soil of Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Bio-resource and Stress Management |volume=16 |issue=11 |pages=1–8 |year=2025 |url=https://ojs.pphouse.org/index.php/IJBSM/article/view/6859 |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित लागवड तंत्रामध्ये स्थानिक परिस्थितीनुसार योग्य वाणाची निवडही महत्त्वाची आहे. कोकणातील कृषी संशोधनात विविध वाणांची पक्वता, उत्पादनक्षमता आणि स्थानिक हवामानाशी जुळवून घेण्याची क्षमता तपासण्यात आली आहे. त्यामुळे आधुनिक भातशेतीमध्ये एकच पद्धत संपूर्ण कोकणासाठी समान न मानता स्थानिक परिस्थितीनुसार लागवड तंत्र निवडण्यावर भर दिला जातो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === सेंद्रिय आणि शाश्वत शेती === कोकणातील भातशेतीमध्ये जमिनीची सुपीकता टिकवणे, पीक अवशेषांचा योग्य वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन आणि उपलब्ध संसाधनांचा कार्यक्षम वापर या बाबींना शाश्वत शेतीच्या दृष्टीने महत्त्व आहे. किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवर करण्यात आलेल्या अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढीवर, उत्पादनावर आणि आर्थिक परिणामांवर अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन हे जमिनीतील सेंद्रिय पदार्थ आणि पोषकद्रव्यांच्या पुनर्वापराशी संबंधित आहे. भाताच्या पेंढीचे योग्य व्यवस्थापन करून ती शेतातच वापरणे किंवा इतर कृषी उपयोगात आणणे ही संसाधनांचा पुनर्वापर करणारी पद्धत ठरू शकते. किनारी महाराष्ट्रातील प्रयोगांमध्ये पीक अवशेष व्यवस्थापन आणि खत व्यवस्थापन यांच्या विविध संयोजनांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील भातासाठी सेंद्रिय आणि अजैविक खतांच्या वापराच्या तुलनात्मक परिणामांचाही अभ्यास झाला आहे. डापोली येथील क्षेत्रीय प्रयोगात नत्राच्या विविध मात्रा आणि शेणखताच्या विविध मात्रांचा वापर करून भाताच्या वाढी, उत्पादन घटक आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम तपासण्यात आला. या संशोधनातून पोषण व्यवस्थापनामध्ये सेंद्रिय आणि अजैविक स्रोतांचा योग्य वापर हा उत्पादनक्षमता आणि आर्थिक परताव्याशी संबंधित असल्याचे दिसून आले.<ref name="WarankarEtAl2020NutrientManagement">{{cite journal |last1=Warankar |first1=V. V. |last2=Chavan |first2=Y. S. |last3=Jadhav |first3=A. N. |last4=Bahiram |first4=M. E. |last5=Gaikwad |first5=A. M. |last6=Chavan |first6=V. G. |last7=Rajemahadik |first7=V. A. |last8=Sagavekar |first8=V. V. |last9=Chavan |first9=S. A. |title=Nutrient Management in kharif Rice (Oryza sativa L.) through Inorganic and Organic Sources for Enhancing Productivity and Profitability in Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=9 |issue=12 |pages=355–364 |year=2020 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=20440&SNo=45&vol=9-12-2020 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत डाळी, भाजीपाला, दुग्धव्यवसाय, कुक्कुटपालन, फळबागा आणि इतर कृषी उपक्रम यांचे संयोजन आढळले आहे. या अभ्यासात विविध कृषी उपक्रमांचे एकत्रीकरण आणि विविधीकरण यांचा शेतीच्या नफाक्षमतेशी सकारात्मक संबंध आढळला. त्यामुळे भातशेतीला इतर कृषी उपक्रमांशी जोडणे ही कोकणातील शाश्वत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य शेती व्यवस्थेची एक दिशा मानता येते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> मात्र ''सेंद्रिय शेती'' आणि ''शाश्वत शेती'' हे समानार्थी संकल्पना नाहीत. उपलब्ध संशोधनाच्या आधारे कोकणातील सर्व भातशेती सेंद्रिय पद्धतीने केली जाते, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. आधुनिक कोकणातील शाश्वत भातशेतीचा विचार करताना मातीचे आरोग्य, पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन, संतुलित खत वापर, पाणी व्यवस्थापन, पीक विविधीकरण आणि उत्पादन खर्च यांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="PalkarEtAl2023">{{cite journal |last1=Palkar |first1=K. P. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Pinjari |first3=S. S. |last4=Kasture |first4=M. C. |last5=Dodake |first5=S. B. |title=Effect of Crop Residue and Fertilizer Management on Growth, Yield and Economics of Rice in the Coastal Region of Maharashtra |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=41 |issue=2 |pages=128–133 |year=2023 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/126544 |access-date=14 August 2026 }}</ref><ref name="ToraneEtAl2011"/> === कृषी संशोधन आणि कोकण कृषी विद्यापीठाची भूमिका === कोकणातील आधुनिक भातशेतीच्या विकासामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली आणि त्याच्या विविध संशोधन केंद्रांची महत्त्वाची भूमिका आहे. विद्यापीठाने कोकणातील भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थिती लक्षात घेऊन भातासह विविध पिकांच्या सुधारित जाती विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे. रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांसारख्या सुधारित जाती तसेच सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाणांचा विकास विद्यापीठाच्या भात संशोधनाचा भाग आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या संशोधनात केवळ वाणनिर्मितीवर भर नसून पेरणीची योग्य वेळ, उत्पादनक्षमता, खत व्यवस्थापन, तण व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण आणि स्थानिक परिस्थितीशी अनुरूप पीक व्यवस्थापन यांचाही अभ्यास केला जातो. कोकणातील पेरणीच्या वेळेवरील क्षेत्रीय प्रयोग आणि तण व्यवस्थापनावरील अलीकडील संशोधन याचे उदाहरण आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="DademalEtAl2025WeedManagement"/> कृषी अभियांत्रिकीच्या क्षेत्रातही विद्यापीठाशी संबंधित संशोधन संस्थांनी भातशेतीतील श्रम कमी करण्यासाठी विविध यंत्रे आणि तंत्रे विकसित करण्याचा प्रयत्न केला आहे. भात कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेसाठी विविध यंत्रसामग्रीच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा संशोधनामुळे कोकणातील लहान शेतकऱ्यांसाठी योग्य यांत्रिकीकरणाच्या पर्यायांचा शोध घेता आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भातशेतीसमोरील बदलत्या हवामान, मजूरटंचाई, वाढता उत्पादनखर्च आणि संसाधनांच्या कार्यक्षम वापराच्या प्रश्नांच्या पार्श्वभूमीवर कृषी संशोधनाचे महत्त्व वाढले आहे. स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाण, योग्य लागवड कालावधी, तण आणि पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा वापर आणि यांत्रिकीकरण यांचा एकत्रित अभ्यास आधुनिक भातशेतीच्या विकासासाठी महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे आधुनिक कोकणातील भातशेती ही पारंपरिक कृषिज्ञान आणि आधुनिक कृषी संशोधन यांच्या संयोगातून विकसित होत आहे. सुधारित वाण आणि लागवड तंत्रांबरोबर यांत्रिकीकरण, पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा पुनर्वापर आणि कृषी विविधीकरण यांचा वापर वाढविण्याचे प्रयत्न सुरू आहेत. या प्रक्रियेत कोकणाच्या विशिष्ट भौगोलिक आणि सामाजिक-आर्थिक परिस्थितीशी सुसंगत तंत्रज्ञानाला विशेष महत्त्व आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == भातशेतीसमोरील आव्हाने == कोकणातील भातशेतीसमोर नैसर्गिक, आर्थिक, सामाजिक आणि तांत्रिक स्वरूपाची अनेक आव्हाने आहेत. प्रदेशातील मुसळधार मोसमी पाऊस, पावसातील असमानता, लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन, कृषी मजुरांची कमतरता, वाढता उत्पादनखर्च आणि कृषी जमिनीच्या बिगरशेती वापराकडे होणारा कल यांचा भातशेतीवर परिणाम होतो. कोकणातील भात उत्पादनाच्या दीर्घकालीन अभ्यासात क्षेत्रफळात घट होत असल्याचे, तर उत्पादन आणि उत्पादकतेत तांत्रिक प्रगतीमुळे काही प्रमाणात वाढ झाल्याचे आढळले आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan">{{cite thesis |last=Shinde |first=Archana Amrut |title=Rice Production in Konkan Region—An Economic Analysis |type=M.Sc. (Agri.) thesis |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |date=June 2017 |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/items/4c28503c-4c72-4d41-a115-b9660f7ce90f |access-date=14 August 2026 }}</ref> === बदलते हवामान आणि पर्जन्यमान === कोकणातील भातशेती मोठ्या प्रमाणावर मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पर्जन्यमानातील बदलांचा पिकावर थेट परिणाम होऊ शकतो. भारतीय हवामान विभागाच्या दीर्घकालीन अभ्यासानुसार १९०१ ते २०२० या कालावधीत कोकण व गोवा विभागातील वार्षिक पर्जन्यमानात सांख्यिकीयदृष्ट्या लक्षणीय वाढीचा कल आढळला असून, दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसातही वाढीचा कल नोंदविण्यात आला आहे. त्याच अभ्यासात विविध दशकांमध्ये अतिरिक्त तसेच तुटीची पर्जन्यमानाची वर्षे आढळल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall">{{cite journal |last1=Singh |first1=Neeti |last2=Tomar |first2=C. S. |last3=Kumar |first3=Gajendra |last4=Arun |first4=S. H. |last5=Sankhala |first5=Dinesh |title=Temporal variations of rainfall over Konkan & Goa during 1901-2020 |journal=MAUSAM |volume=75 |issue=1 |pages=101–108 |year=2024 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/803 |access-date=14 August 2026 }}</ref> पर्जन्यमानाचे एकूण प्रमाण पुरेसे असले तरी त्याचे हंगामातील वितरण भातशेतीसाठी महत्त्वाचे असते. कोकण किनाऱ्यावरील दीर्घकालीन पर्जन्य अभ्यासात मोसमी पाऊस सलग पडत नसून पावसामध्ये काही कालावधीचे खंड पडू शकतात, असे आढळले आहे. त्यामुळे पावसाचे आगमन, पावसातील खंड आणि अतिवृष्टीचे कालखंड यांचा भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="Singh1973DrySpellsKonkan"> {{cite journal |last=Singh |first=Gurbachan |title=Long dry spells of short return periods during southwest monsoon along the Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=24 |issue=1 |pages=69–74 |year=1973 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/5103 }} </ref> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील आकडेवारीवर आधारित अभ्यासात भाताच्या उत्पादनाचा पर्जन्यमानाशी संबंध तपासण्यात आला. पिकाच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पाऊस आणि भाताच्या उत्पादनामध्ये महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे त्या अभ्यासात आढळले. त्यामुळे भातशेतीसाठी केवळ वार्षिक पर्जन्यमान नव्हे तर पिकाच्या वाढीच्या महत्त्वाच्या अवस्थांमध्ये पडणाऱ्या पावसाचे प्रमाणही महत्त्वाचे ठरते.<ref name="ChowdhuryDas1993RiceRainfallKonkan"> {{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 }} </ref> हवामानातील बदलांशी जुळवून घेण्याच्या प्रक्रियेत शेतकऱ्यांना हवामानाचा अचूक अंदाज, योग्य वेळी उपलब्ध होणारी माहिती आणि स्थानिक पातळीवरील कृषी मार्गदर्शन यांची आवश्यकता असते. पालघर जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासात बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेताना अचूक हवामान अंदाजाची कमतरता ही प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे.<ref name="ShelarSinghMaji2022ClimateKonkan"> {{cite journal |last1=Shelar |first1=Rohit |last2=Singh |first2=A. K. |last3=Maji |first3=Saikat |title=Constraints in Adapting the Climate change in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Extension Education |volume=58 |issue=1 |pages=169–171 |year=2022 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/IJEE/article/view/119187 }} </ref> === मजूर उपलब्धतेची समस्या === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील अनेक कामे श्रमप्रधान आहेत. लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असून, मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे भात उत्पादन आर्थिकदृष्ट्या अधिक खर्चिक होत आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> विशेषतः लावणी आणि कापणीच्या काळात मजुरांची मागणी वाढते. कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक अभ्यासांमध्ये शेतकऱ्यांना पिकाच्या महत्त्वाच्या कालखंडात आवश्यक मनुष्यबळ उपलब्ध करून देणे हे एक आव्हान असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागातील स्थलांतराच्या अभ्यासात स्थानिक रोजगाराच्या मर्यादांमुळे ग्रामीण लोकसंख्येतील काही घटक इतर भागांकडे स्थलांतर करीत असल्याचे आढळले आहे. कोकणातील स्थलांतराचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम करणाऱ्या अभ्यासात स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये श्रमशक्तीचे प्रमाण आणि शेतीबाहेरील उत्पन्नाचे महत्त्व अधिक असल्याचे दिसून आले.<ref name="ThoratEtAl2011Migration">{{cite journal |last1=Thorat |first1=V. A. |last2=Dhekale |first2=J. S. |last3=Patil |first3=H. K. |last4=Bagde |first4=S. R. |title=Impact of Migration on Rural Economy of Konkan Region |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=Conference Number |pages=556 |year=2011 |url=https://agris.fao.org/search/en/providers/122535/records/65df913a63b8185d9cad503e |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांची कमतरता कमी करण्यासाठी कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियांचे यांत्रिकीकरण हा एक पर्याय मानला जातो. कोकणातील संशोधनात रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रे यांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. मात्र लहान शेतक्षेत्रे आणि यंत्रांच्या खर्चामुळे सामायिक वापर किंवा कस्टम हायरिंगसारख्या व्यवस्थांची आवश्यकता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === शेतीखर्च आणि आर्थिक आव्हाने === भातशेतीतील उत्पादनखर्च हा कोकणातील शेतकऱ्यांसमोरील महत्त्वाचा आर्थिक प्रश्न आहे. बियाणे, खते, कीटकनाशके, मजुरी, मशागत, कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील खर्च यांचा एकत्रित परिणाम भातशेतीच्या नफाक्षमतेवर होतो. कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासात बियाणे, खते आणि मजुरीचा वाढता खर्च तसेच उत्पादनाला मिळणारी तुलनेने कमी किंमत या प्रमुख अडचणी असल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology">{{cite journal |last1=Hile |first1=R. B. |last2=Darekar |first2=A. S. |last3=Datrkar |first3=S. B. |title=Adoption assessment of production technology for paddy cultivation in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Economics and Development |volume=11 |issue=1 |pages=217–225 |year=2015 |doi=10.5958/2322-0430.2015.00023.2 |url=https://indianjournals.com/article/ijed1-11-1-023 |access-date=17 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांच्या वाढत्या किमती, योग्य वेळी कृषी निविष्ठा उपलब्ध न होणे, मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="WarwadekarEtAl2022Constraints"> {{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 }} </ref> कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक अभ्यासात हवामान, उत्पादनक्षमता आणि क्षेत्रफळातील बदल यांचा उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले आहे. उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी आधुनिक कृषितंत्रज्ञानाचा स्वीकार महत्त्वाचा ठरला असला तरी उत्पादनातील अस्थिरता आणि उत्पादनखर्च यांचा शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नावर परिणाम होतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेवरील आर्थिक अभ्यासात पीक विविधीकरण आणि विविध कृषी व्यवसायांचे एकत्रीकरण यांचा विचार करण्यात आला आहे. भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश केल्यास शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत विविध होऊ शकतात. त्यामुळे केवळ भातावर अवलंबून न राहता स्थानिक परिस्थितीनुसार विविधीकृत कृषी व्यवस्था हा आर्थिक जोखीम कमी करण्याचा एक पर्याय ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/> === शेतीजमिनीतील बदल === कोकणातील भातशेतीसमोरील आणखी एक महत्त्वाचे आव्हान म्हणजे कृषी जमिनीच्या वापरातील बदल. कोकणातील भात उत्पादनावरील दीर्घकालीन आर्थिक अभ्यासात १९८९–९० ते २०१४–१५ या कालावधीत भाताखालील क्षेत्रात घट झाल्याचे आढळले आहे. ही घट विशेषतः तत्कालीन ठाणे आणि रायगड जिल्ह्यांत अधिक होती. अभ्यासात जलद नागरीकरण, औद्योगिकीकरण आणि कृषी जमिनीचा बिगरशेती वापराकडे होणारा बदल ही त्यामागील कारणे म्हणून नमूद केली आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> भाताखालील क्षेत्रातील घट ही सर्व कोकण जिल्ह्यांमध्ये समान प्रमाणात झालेली नाही. भौगोलिक परिस्थिती, शहरीकरणाची तीव्रता, औद्योगिक विकास, जमिनीची किंमत आणि स्थानिक रोजगाराच्या संधी यांनुसार जमिनीच्या वापरातील बदलाचे स्वरूप वेगवेगळे असू शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कृषी जमिनीचे तुकडीकरण हेही कोकणातील शेतीसमोरील संरचनात्मक आव्हान आहे. लहान आणि तुकड्यात विभागलेल्या शेतजमिनीमुळे मोठ्या कृषियंत्रांचा वापर करणे, यंत्रसामग्रीचा पूर्ण क्षमतेने उपयोग करणे आणि यांत्रिकीकरणातून होणारा खर्च कमी करणे कठीण होऊ शकते. कोकणातील कृषी यांत्रिकीकरणाच्या अभ्यासात लहान शेतक्षेत्रे ही यंत्रसामग्रीच्या वापरातील महत्त्वाची मर्यादा असल्याचे दिसून येते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> जमिनीच्या वापरातील बदलांमुळे भातशेतीचे पारंपरिक कृषी क्षेत्र कमी होण्याबरोबरच ग्रामीण उत्पादनव्यवस्थेवरही परिणाम होऊ शकतो. त्यामुळे उपलब्ध कृषी जमीन टिकवून ठेवणे, पाण्याची व्यवस्था सुधारणे आणि स्थानिक परिस्थितीनुसार शेती अधिक आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य करणे ही भातशेतीच्या भविष्यासाठी महत्त्वाची आव्हाने आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> === तरुण पिढी आणि शेतीपासून दुरावणे === कोकणातील ग्रामीण समाजामध्ये शेतीबाहेरील रोजगाराच्या संधी वाढल्यामुळे तरुण पिढीच्या उपजीविकेच्या निवडींमध्ये बदल झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाशी संबंधित कृषी संशोधनाच्या नोंदींमध्ये कोकणातील सक्षम आणि तरुण पुरुष रोजगाराच्या शोधात मुंबई व पुण्यासारख्या शहरांकडे स्थलांतर करीत असल्यामुळे गावातील शेतीची जबाबदारी मागे राहिलेल्या कुटुंबीयांवर येत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKonkanMigration"> {{cite web |title=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=ICAR–Krishikosh |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/communities/67de6ba0-83e3-4e02-a1c0-35f76c98c742 }} </ref> कोकणातील स्थलांतराच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवरील अभ्यासात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांतील स्थलांतरित व स्थलांतर न केलेल्या कुटुंबांची तुलना करण्यात आली. स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये स्थलांतरित सदस्यांकडून मिळणारे उत्पन्न आणि इतर उत्पन्नस्रोत हे कुटुंबाच्या उपभोगाच्या पातळीशी संबंधित असल्याचे आढळले. स्थलांतरामुळे शेतीमध्ये आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार वाढल्याचेही त्या अभ्यासात नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> तरुण पिढी शेतीपासून दूर जाण्याचा संबंध केवळ शेतीविषयीच्या अनास्थेशी जोडणे योग्य ठरणार नाही. ग्रामीण भागातील रोजगाराच्या संधी, शेतीतील उत्पन्नाची अनिश्चितता, वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता आणि शहरांतील रोजगाराच्या तुलनेने अधिक आकर्षक संधी या सर्व घटकांचा उपजीविकेच्या निवडीवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/><ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> शेतीतील मनुष्यबळाच्या उपलब्धतेवर या बदलांचा परिणाम होऊ शकतो. पारंपरिक भातशेतीतील लावणी, कापणी आणि मळणी यांसारखी कामे श्रमप्रधान असल्यामुळे कुटुंबातील तरुण सदस्य शेतीत सक्रियपणे सहभागी न झाल्यास बाहेरील मजुरांवरील अवलंबित्व वाढू शकते. मजुरांच्या कमतरतेमुळे यांत्रिकीकरणाची गरजही वाढते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> त्यामुळे कोकणातील भातशेती टिकवण्यासाठी तरुणांना केवळ पारंपरिक शेतीकडे परत आणण्यापेक्षा शेतीला तांत्रिकदृष्ट्या आधुनिक, आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य आणि रोजगारनिर्मितीक्षम बनविणे महत्त्वाचे ठरते. सुधारित वाण, यांत्रिकीकरण, प्रक्रिया व मूल्यवर्धन, पीक विविधीकरण आणि आधुनिक कृषी तंत्रज्ञान यांचा वापर ग्रामीण तरुणांसाठी शेतीतील नव्या संधी निर्माण करण्यास सहाय्यक ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीसमोरील आव्हाने एकमेकांशी संबंधित आहेत. पर्जन्यमानातील बदल आणि हवामानातील अनिश्चितता उत्पादनावर परिणाम करू शकते; मजुरांची कमतरता उत्पादनखर्च वाढवते; वाढता खर्च आणि बाजारातील मर्यादा नफाक्षमता कमी करू शकतात; तर नागरीकरण आणि बिगरशेती वापरामुळे भाताखालील क्षेत्र कमी होऊ शकते. या सर्व घटकांच्या पार्श्वभूमीवर स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप तंत्रज्ञान, कृषी संशोधन, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण आणि शेतकऱ्यांना आर्थिकदृष्ट्या सक्षम करणाऱ्या उपाययोजना महत्त्वाच्या ठरतात.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall"/> == संवर्धन आणि भविष्यातील दिशा == कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य पारंपरिक भातवाणांचे संवर्धन, कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण, स्थानिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि पर्यावरणीयदृष्ट्या शाश्वत उत्पादनपद्धती यांच्याशी संबंधित आहे. कोकणासाठी विकसित केलेल्या सुधारित भातवाणांबरोबरच स्थानिक वाण आणि शेतकरी-आधारित बियाणेपरंपरा जतन करणे महत्त्वाचे मानले जाते. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेकडूनही स्थानिक वाणांचे संवर्धन, आनुवंशिक संसाधनांचा शाश्वत वापर आणि शेतकरी वाणांचे संरक्षण यांना महत्त्व दिले जाते.<ref name="ICARCropScience"> {{cite web |title=Crop Science |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/crop-science/crop-science |access-date=14 August 2026 }} </ref><ref name="ICARSeedConservation"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक भाताच्या जातींचे संवर्धन === कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक स्थानिक वाणांना ऐतिहासिक आणि कृषी महत्त्व आहे. विविध स्थानिक परिस्थितींशी जुळवून घेतलेले वाण त्यांच्या पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे स्वरूप, चव, उत्पादनक्षमता आणि काही जैविक ताणांना सहन करण्याची क्षमता यांमध्ये परस्परांपेक्षा भिन्न असू शकतात. त्यामुळे स्थानिक वाणांचे जतन हे केवळ सांस्कृतिक वारशाचे संरक्षण नसून भविष्यातील पीक सुधारणा आणि बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेण्यासाठी उपलब्ध आनुवंशिक विविधतेचे संरक्षणही आहे.<ref name="ICARCropScience"/> स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी शेतकरी पातळीवरील बियाणे जतन, परस्पर बियाणे देवाणघेवाण, समुदाय-आधारित बियाणे बँका आणि संस्थात्मक जनुकसंग्रह यांचा उपयोग करता येतो. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेने स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी समुदायस्तरीय बियाणे बँकांना प्रोत्साहन दिले असून, अशा व्यवस्थांमधून स्थानिक वाणांचे संकलन, साठवण आणि पुनर्वापर करता येतो.<ref name="ICARCommunitySeedBanks"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणाच्या परिस्थितीस अनुरूप अनेक सुधारित भातवाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने रत्‍नागिरी, कर्जत, पालघर, पनवेल आणि फोंडाघाट या नावांनी ओळखल्या जाणाऱ्या विविध भातवाणांसह सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाण विकसित केले आहेत. या वाणांमध्ये पक्वतेचा कालावधी, उत्पादनक्षमता आणि रोग-किडींविषयीची प्रतिक्रिया यांमध्ये विविधता आढळते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करताना त्यांची वैज्ञानिक नोंद, बियाण्याची शुद्धता, स्थानिक नाव, लागवड क्षेत्र, कृषी गुणधर्म आणि पारंपरिक उपयोग यांचे दस्तऐवजीकरण करणे आवश्यक ठरते. अशा प्रकारे शेतकरी पातळीवरील संवर्धन आणि संस्थात्मक आनुवंशिक संसाधनांचे संरक्षण यांची सांगड घालणे भविष्यातील भातशेतीसाठी उपयुक्त ठरू शकते.<ref name="ICARSeedConservation"/> === कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण === भाताच्या विविध स्थानिक वाणांचे अस्तित्व हे कृषी जैवविविधतेचा महत्त्वाचा भाग आहे. एका वाणावर मोठ्या प्रमाणात अवलंबून राहण्याऐवजी विविध आनुवंशिक वैशिष्ट्ये असलेल्या वाणांचे संवर्धन केल्यास भविष्यातील पीक सुधारणा कार्यक्रमांसाठी आनुवंशिक संसाधनांची उपलब्धता टिकवून ठेवता येते. ICARच्या पीकविज्ञान कार्यक्रमात वनस्पतींच्या आनुवंशिक संसाधनांचे संवर्धन आणि त्यांचा शाश्वत वापर हा संस्थेच्या प्रमुख उद्दिष्टांपैकी एक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ICARCropScience"/> कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण हे केवळ जनुक बँकांमध्ये बियाणे साठवण्यापुरते मर्यादित नसून शेतकरी पातळीवर स्थानिक वाणांची प्रत्यक्ष लागवड सुरू ठेवण्याशीही संबंधित आहे. अशा ''in situ'' किंवा शेतकरी-आधारित संवर्धनामुळे स्थानिक वाण त्यांच्याशी संबंधित कृषिपद्धती आणि पारंपरिक ज्ञानासह जतन होऊ शकतात.<ref name="ICARGenomeSaviour"> {{cite web |title=Plant Genome Saviour Awards to the conservers of plant diversity |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/node/6197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> ICARच्या विविध उपक्रमांमध्ये पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करणाऱ्या शेतकरी आणि समुदायांना प्रोत्साहन देण्यात आले आहे. काही समुदायांनी स्थानिक तांदळाच्या अनेक वाणांचे जतन करून त्यांची बियाणे इतर शेतकऱ्यांमध्ये वितरित केली आहेत. या अनुभवातून समुदाय-आधारित संवर्धन, बियाणे देवाणघेवाण आणि शेतकरी सहभाग यांना कृषी जैवविविधतेच्या संरक्षणात महत्त्व असल्याचे दिसते.<ref name="ICARGenomeSaviour"/> कोकणातील भातशेतीच्या संदर्भात जैवविविधतेचे संरक्षण करताना स्थानिक भातवाणांसोबत पारंपरिक पीकपद्धती, शेतबांध, भातखाचरे आणि भाताशी संबंधित इतर कृषी घटकांचेही संरक्षण महत्त्वाचे ठरते. अशा एकात्मिक दृष्टिकोनामुळे कृषी उत्पादन आणि स्थानिक पर्यावरण यांच्यातील संबंध टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="DBSKKVRiceBasedSystems"> {{cite web |title=Rice based cropping systems and technologies for Konkan region |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://archive.dbskkv.org/collection/410/document/2197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक ज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये पावसाचा अंदाज, जमिनीची अवस्था, रोपवाटिकेची वेळ, लावणीची योग्य अवस्था, स्थानिक वाणांची निवड, तण नियंत्रण, पाण्याचे नियमन, कापणी आणि बियाणे साठवण यांसंबंधी अनुभवाधारित ज्ञान विकसित झाले आहे. या ज्ञानाचा मोठा भाग शेतकरी आणि ग्रामीण समुदायांच्या प्रत्यक्ष अनुभवातून पिढ्यान्‌पिढ्या हस्तांतरित झाला आहे. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण करताना केवळ मौखिक माहिती नोंदविण्याऐवजी तिचे स्थानिक नाव, वापराची पद्धत, कालावधी, भौगोलिक संदर्भ आणि उपलब्ध वैज्ञानिक पुरावे यांसह नोंद करणे आवश्यक आहे. स्थानिक वाणांचे वैज्ञानिक वर्णन आणि शेतकरी वाणांची नोंद यामुळे भविष्यातील कृषी संशोधनासाठी उपयुक्त माहिती उपलब्ध होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/> भारतीय कृषी संशोधन परिषद आणि तिच्या संस्थांनी पारंपरिक पीकवाणांच्या संवर्धनासाठी समुदाय-आधारित बियाणे बँका, शेतकरी सहभाग आणि स्थानिक वाणांच्या नोंदणीला प्रोत्साहन दिले आहे. शेतकरी वाणांचे कायदेशीर संरक्षण आणि त्यांची नोंदणी यासाठी वनस्पती वाण आणि शेतकरी हक्क संरक्षण प्राधिकरणाशी संबंधित उपक्रमही राबविले जातात.<ref name="ICARPPVFRA"> {{cite web |title=Training-cum-awareness programme on the Protection of Plant Varieties and Farmer’s Rights |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=28 February 2025 |url=https://www.icar.gov.in/en/training-cum-awareness-programme-protection-plant-varieties-and-farmers-rights-ppvfr |access-date=14 August 2026 }} </ref> कोकणातील पारंपरिक भातशेतीच्या दस्तऐवजीकरणासाठी स्थानिक शेतकरी, कृषी विद्यापीठ, कृषी संशोधन केंद्रे, स्थानिक इतिहासाचे अभ्यासक आणि समुदाय संस्था यांचा सहभाग उपयुक्त ठरू शकतो. स्थानिक वाणांचे नाव, बियाणे जतन करण्याची पद्धत, लागवड तंत्र, कृषी अवजारे, हंगामी कामांचे वेळापत्रक आणि स्थानिक खाद्यपरंपरा यांची स्वतंत्र नोंद केल्यास या ज्ञानाचा अधिक शिस्तबद्ध संग्रह तयार होऊ शकतो. === शाश्वत भातशेती === कोकणातील शाश्वत भातशेतीमध्ये उत्पादनक्षमता आणि पर्यावरणीय संसाधनांचे संरक्षण यांचा समतोल साधणे महत्त्वाचे आहे. मातीचे आरोग्य, पाण्याचा कार्यक्षम वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा योग्य उपयोग, तण व कीड व्यवस्थापन आणि स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाणांची निवड या बाबी शाश्वत उत्पादन व्यवस्थेचा भाग ठरू शकतात.<ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology"/> किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढी, उत्पादन आणि आर्थिक परिणामांवर होणारा परिणाम तपासण्यात आला आहे. त्यामुळे पीक अवशेषांचा योग्य वापर आणि संतुलित पोषण व्यवस्थापन हे उत्पादनासोबत संसाधनांचा कार्यक्षम वापर करण्याच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील शाश्वत शेतीसाठी पीक विविधीकरणालाही महत्त्व आहे. उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत विविध पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची शक्यता निर्माण होते आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी होऊ शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> स्थानिक परिस्थितीशी जुळणाऱ्या सुधारित वाणांचा वापर, योग्य लागवड कालावधी आणि वैज्ञानिक पीक व्यवस्थापन यांनाही शाश्वत भातशेतीत महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणासाठी विविध कालावधींच्या आणि विविध कृषी परिस्थितींना अनुरूप भातवाण विकसित केल्या आहेत. त्यामुळे स्थानिक हवामान आणि जमिनीच्या परिस्थितीनुसार वाण निवडणे ही आधुनिक शाश्वत भातशेतीतील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> शाश्वत भातशेतीमध्ये पारंपरिक ज्ञान आणि आधुनिक विज्ञान यांचा समन्वय महत्त्वाचा ठरू शकतो. पारंपरिक भातखाचरे, स्थानिक वाण, पाणी व्यवस्थापन आणि स्थानिक कृषिअवजारांच्या अनुभवाचा उपयोग आधुनिक मृदा, जल, पोषण आणि पीक व्यवस्थापन तंत्रांसोबत केला जाऊ शकतो. अशा समन्वित दृष्टिकोनामुळे उत्पादनक्षमता टिकवून ठेवतानाच कृषी जैवविविधता आणि नैसर्गिक संसाधनांचे संरक्षण करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भविष्यात कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक वाणांचे संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण बियाण्यांची उपलब्धता, हवामानाशी जुळणारे उत्पादनतंत्र, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण, शेतकरी-आधारित बियाणे व्यवस्था आणि कृषी संशोधन यांचा परस्पर समन्वय आवश्यक ठरेल. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि त्याचे वैज्ञानिक मूल्यमापन केल्यास स्थानिक ज्ञान पुढील पिढ्यांसाठी अधिक व्यवस्थित स्वरूपात जतन करता येईल.<ref name="ICARSeedConservation"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य केवळ उत्पादन वाढविण्यावर अवलंबून नसून स्थानिक आनुवंशिक संसाधने, कृषी जैवविविधता, शेतकरी ज्ञान, माती आणि पाणी यांचे दीर्घकालीन संवर्धन यांच्याशी संबंधित आहे. पारंपरिक अनुभव आणि आधुनिक कृषी विज्ञान यांची सांगड घालणारी शाश्वत आणि स्थानिक परिस्थितीनुरूप शेतीव्यवस्था ही या प्रदेशासाठी पुढील दिशेचा महत्त्वाचा आधार ठरू शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="PalkarEtAl2023"/> == प्रादेशिक विविधता == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप संपूर्ण प्रदेशात एकसारखे नाही. पर्जन्यमान, भूआकार, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार भातशेतीमध्ये प्रादेशिक फरक आढळतात. ICAR–भारतीय भात संशोधन संस्थेच्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे, पालघर, रायगड, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा कोकणातील प्रमुख भात उत्पादक प्रदेश म्हणून समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="IIRR2019POS">{{cite report |title=Production Oriented Survey 2019 |publisher=ICAR–Indian Institute of Rice Research |year=2019 |url=https://www.icar-iirr.org/AICRIP/Final%20POS%202019-2020.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> २०१९ च्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणानुसार या पाचही जिल्ह्यांमध्ये भातशेतीचे मोठे क्षेत्र पावसावर आधारित सखल भातक्षेत्रांमध्ये येते. या जिल्ह्यांमध्ये स्थानिक वाणांसोबत सुधारित आणि संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> === उत्तर कोकण === उत्तर कोकणात ठाणे, पालघर आणि रायगड या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या प्रदेशात भात हे प्रमुख खरीप पीक असून २०१९ च्या ICAR–IIRR उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे जिल्ह्यात ५७,२०० हेक्टर, पालघरमध्ये ७५,५८० हेक्टर आणि रायगडमध्ये १,१७,१७३ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> उत्तर कोकणातील भातवाणांमध्ये स्थानिक तसेच सुधारित वाणांची विविधता आढळते. ठाणे जिल्ह्यात कोलम, झिनिया आणि महाडी यांसारख्या स्थानिक वाणांची, तर पालघर आणि रायगडमध्ये कर्जत, रत्‍नागिरी आणि इतर सुधारित वाणांची लागवड नोंदविण्यात आली आहे. रायगडमध्ये सह्याद्री-२ आणि सह्याद्री-३ यांसारख्या संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने उत्तर कोकणातील परिस्थितीसाठी पालघर-१, पालघर-२, कर्जत मालिकेतील विविध वाण आणि पनवेल मालिकेतील वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार पालघर-१ आणि पालघर-२ या मध्यम-उशिरा पक्व होणाऱ्या वाण आहेत, तर कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी शिफारस केलेली वाण आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> उत्तर कोकणातील भातशेतीमध्ये भातानंतर उपलब्ध ओलाव्याचा उपयोग करून कडधान्ये आणि इतर पिके घेण्याच्या पीकपद्धतीही आढळतात. त्यामुळे काही भागांत भातशेती ही विविधीकृत पीकपद्धतीचा भाग आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> === मध्य कोकण === ‘मध्य कोकण’ ही महाराष्ट्राच्या अधिकृत कृषी-हवामान विभागणीतील स्वतंत्र संज्ञा नसल्यामुळे या लेखात ती उत्तर आणि दक्षिण कोकणादरम्यानच्या मध्यवर्ती भौगोलिक पट्ट्याच्या संदर्भात वापरली आहे. या पट्ट्यात भातशेतीचे स्वरूप स्थानिक पर्जन्यमान, जमिनीची रचना, पाण्याची उपलब्धता आणि लागवडीच्या वेळेनुसार बदलते. कोकणातील भाताच्या पेरणीच्या कालावधीवर करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय अभ्यासात वेगवेगळ्या पेरणीच्या वेळांनुसार भाताच्या वाणांच्या वाढीमध्ये आणि उत्पादनामध्ये फरक आढळल्याचे नोंदविण्यात आले आहे. त्यामुळे स्थानिक हवामानाशी सुसंगत पेरणीची वेळ आणि योग्य वाणांची निवड ही भात उत्पादनातील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील पर्जन्य आणि भात उत्पादनाच्या अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे आढळले. या अभ्यासात तंत्रज्ञानाचा भाताच्या उत्पादनावर महत्त्वपूर्ण प्रभाव असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993">{{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 |access-date=14 August 2026 }}</ref> मध्य कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक वाणांसोबत सुधारित वाणांचा वापर झालेला दिसतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने रत्‍नागिरी परिसरासह संपूर्ण कोकणासाठी विविध कालावधी, जमिनीचे प्रकार आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार भातवाण विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === दक्षिण कोकण === दक्षिण कोकणात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या दोन्ही जिल्ह्यांमध्ये भात हे प्रमुख खरीप पीक असून ICAR–IIRRच्या २०१९ च्या सर्वेक्षणानुसार रत्‍नागिरीमध्ये ७२,९३२ हेक्टर आणि सिंधुदुर्गमध्ये ६८,५८७ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली होते.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातवाणांमध्ये जया, सुवर्णा, कर्जत-२, सोनम, पूजा, कोमल-१०१, ग्रीन गोल्ड मोहिनी, श्रीराम आणि तृप्ती यांचा वापर नोंदविण्यात आला आहे. सिंधुदुर्गमध्ये जया, मसुरी, सुवर्णा, कर्जत-३, कर्जत-५, सोनम, रुपाली, कोमल-१०१, सिल्की-२७७, सुप्रीम सोना आणि इतर सुधारित वाणांसोबत बेला, वळई, सोमासळ, डोंगरा, सोर्टी, कोल्ह्याची शेपटी, कोथिंबिरा/घनसाळ, तुर्या आणि येलकर यांसारख्या स्थानिक वाणांचीही नोंद आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी परिसरातील भात संशोधनामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाची महत्त्वाची भूमिका राहिली आहे. विद्यापीठाने रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३, रत्‍नागिरी-४, रत्‍नागिरी-५ आणि रत्‍नागिरी-६ यांसारख्या सुधारित वाण विकसित केल्या आहेत. रत्‍नागिरी-७ ही लाल तांदळाची मध्यम-उशिरा पक्व होणारी वाण असून २०१७ च्या विद्यापीठीय संशोधन शिफारसीत तिची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKV2017Recommendations">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> दक्षिण कोकणातील भातशेती पर्जन्यमानाशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील दीर्घकालीन अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमान आणि उत्पादन यांच्यात महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> === घाटमाथ्यालगतची भातशेती === कोकणाच्या पूर्वेकडील भागात सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारांशी संबंधित भातशेती आढळते. या भागातील भूआकार, पर्जन्यमान आणि पाण्याचा निचरा यांमुळे भातशेतीची पद्धत किनारी सखल प्रदेशापेक्षा काही प्रमाणात वेगळी असते. उताराच्या शेतांमध्ये पावसाचे पाणी अडवणे आणि मातीची धूप कमी करणे यासाठी बांधबंदिस्तीला महत्त्व असते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> घाटमाथ्यालगतच्या भागासाठी योग्य वाणांची निवड स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार केली जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या शिफारसीनुसार फोंडाघाट-१ ही उंचावरील क्षेत्रासाठी योग्य वाण आहे. कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी, तर रत्‍नागिरी-२ ही खात्रीशीर पर्जन्यमान असलेल्या सखल भातक्षेत्रांसाठी शिफारस करण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> सह्याद्रीलगतच्या भागात पर्जन्यमान तुलनेने अधिक असल्यामुळे भातशेतीसाठी पावसाचे पाणी महत्त्वाचे ठरते. मात्र पावसाचे प्रमाण आणि त्याचे वितरण पिकाच्या वाढीवर परिणाम करू शकते. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> घाटमाथ्यालगतच्या भातशेतीत स्थानिक भूआकारानुसार जलव्यवस्थापन आणि जमिनीची बांधबंदिस्ती महत्त्वाची ठरते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही स्थानिक भूभाग, पर्जन्यमान आणि कृषी कामकाज यांच्यातील संबंधांची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीच्या प्रादेशिक विविधतेत उत्तर कोकणातील ठाणे, पालघर आणि रायगडचा प्रदेश, मध्यवर्ती भौगोलिक पट्टा, दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी व सिंधुदुर्ग आणि सह्याद्रीलगतचा उताराचा प्रदेश यांचे स्वतंत्र वैशिष्ट्य दिसून येते. या विविधतेमुळे भाताच्या वाणांची निवड, लागवडीची वेळ, पाणी व्यवस्थापन आणि पीकपद्धती स्थानिक परिस्थितीनुसार बदलतात.<ref name="IIRR2019POS"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> == आर्थिक आणि सामाजिक महत्त्व == कोकणातील भातशेतीला केवळ कृषी उत्पादनाच्या दृष्टीने नव्हे, तर स्थानिक अन्नव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार आणि शेतकरी कुटुंबांच्या अर्थकारणाच्या दृष्टीनेही महत्त्व आहे. कोकणातील अनेक कृषिपद्धतींमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील मोठ्या लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेशी त्याचा थेट संबंध आहे. कोकणातील पावसावर आधारित भातशेतीवरील अभ्यासात भात हे या प्रदेशातील प्रमुख अन्नपीक असून, अनेक शेतकरी कुटुंबांच्या उपजीविकेत त्याचे महत्त्व असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019">{{cite journal |last1=Shigwan |first1=A. S. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Dalvi |first3=V. V. |title=Constraints Faced By The Tribal Farmers In Rainfed Rice Production In Konkan Region—A Village Level Study |journal=Bulletin of Environment, Pharmacology and Life Sciences |volume=8 |issue=4 |pages=49–51 |year=2019 }}</ref> भातशेतीचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेशी संबंध उत्पादनापुरता मर्यादित नसून मशागत, रोपवाटिका, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी, मळणी, वाहतूक, साठवण आणि विक्री अशा विविध टप्प्यांशी संबंधित आहे. त्यामुळे भाताचे पीक ग्रामीण भागात प्रत्यक्ष आणि अप्रत्यक्ष रोजगाराच्या संधी निर्माण करते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक अन्नसुरक्षा === कोकणातील अनेक ग्रामीण भागांत भात हा दैनंदिन आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. पावसावर आधारित भातशेतीच्या अभ्यासात कोकणातील भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेत त्याला महत्त्वाचे स्थान असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019"/> स्थानिक पातळीवर उत्पादित भातामुळे शेतकरी कुटुंबांना वर्षातील काही कालावधीसाठी स्वतःच्या अन्नाची गरज भागविण्यास मदत होते. कापणीनंतर धान्य वाळवून त्यातील काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवण्याची पद्धत कोकणातील पारंपरिक कृषिजीवनात आढळते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या उत्पादनानंतर धान्य साठविणे आणि त्याचा घरगुती वापर यासंबंधीच्या पद्धतींची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerStorage">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पावसाचे प्रमाण, त्याचे वितरण आणि पिकाच्या वाढीच्या अवस्थांशी त्याचा संबंध अन्नधान्याच्या उत्पादनासाठी महत्त्वाचा ठरतो. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमानाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> स्थानिक अन्नसुरक्षेच्या दृष्टीने पारंपरिक आणि स्थानिक भातवाणांचे जतनही महत्त्वाचे आहे. विविध वाणांचे अस्तित्व स्थानिक कृषी जैवविविधता टिकवून ठेवते आणि बदलत्या हवामान व कृषी परिस्थितींमध्ये शेतकऱ्यांना पर्यायी वाण उपलब्ध करून देते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === ग्रामीण रोजगार === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही श्रमप्रधान कृषिपद्धती आहे. शेतजमिनीची मशागत, रोपवाटिका, चिखलणी, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरची कामे या विविध टप्प्यांमध्ये मानवी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असल्याचे आढळते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारा रोजगार हा केवळ शेतकरी कुटुंबापुरता मर्यादित नसतो. हंगामी स्वरूपात शेतमजूर, यंत्रचालक, वाहतूकदार, मळणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेशी संबंधित कामगार आणि कृषी निविष्ठा पुरवठादार यांनाही या कृषी व्यवस्थेत रोजगाराच्या संधी मिळतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> मात्र कोकणातील भातशेतीमध्ये हंगामी मजुरांची उपलब्धता ही महत्त्वाची समस्या बनली आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक उत्पादनाच्या महत्त्वाच्या काळात मजुरांची कमतरता ही शेतकऱ्यांनी व्यक्त केलेल्या प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे. त्याच अभ्यासात वाढती मजुरी आणि इतर निविष्ठांचा खर्च यांचाही उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011">{{cite journal |last1=Deorukhakar |first1=A. C. |last2=Karale |first2=P. D. |last3=Nikam |first3=M. B. |title=Constraints in Adoption of Modern Technologies in Rice Production in Ratnagiri District of Maharashtra |journal=Journal of Agricultural Research and Technology |volume=36 |issue=3 |pages=460–463 |year=2011 |url=https://www.jart.co.in/uploads/168/6343_pdf.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांच्या उपलब्धतेतील बदलामुळे भातशेतीच्या काही कामांमध्ये यांत्रिकीकरणाला चालना मिळाली आहे. कोकणातील कापणी आणि काढणीनंतरच्या कामांसाठी रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रांचा अभ्यास करण्यात आला असून, अशा तंत्रज्ञानामुळे श्रमाची गरज आणि कामाचा कालावधी कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक बाजारपेठ आणि भाताचे अर्थकारण === भातशेतीचे अर्थकारण उत्पादनक्षमता, उत्पादनखर्च, मजुरी, कृषी निविष्ठा, काढणीनंतरची प्रक्रिया आणि उत्पादनाला मिळणारा बाजारभाव या घटकांवर अवलंबून असते. कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक विश्लेषणात क्षेत्रफळ, उत्पादन आणि उत्पादकतेतील बदलांसोबत भात उत्पादनाच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचाही अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासानुसार प्रति हेक्टर उत्पादनखर्चामध्ये बियाणे, खते आणि मजुरी यांचा महत्त्वाचा वाटा आहे. या अभ्यासात उत्पादनाला मिळणारा कमी दर, वाढता निविष्ठा खर्च आणि लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन या बाबी भात उत्पादनाच्या आर्थिक परिणामांवर प्रभाव टाकणाऱ्या अडचणी म्हणून नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता, प्रमुख कृषी निविष्ठांचा वाढता खर्च आणि उत्पादनाला मिळणारा तुलनेने कमी भाव या बाबी शेतकऱ्यांसमोरील प्रमुख आर्थिक अडचणी असल्याचे आढळले आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011"/> दापोली, मंडणगड आणि खेड तालुक्यांतील भात उत्पादक शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांचा वाढता खर्च, हंगामातील मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.{{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 |access-date=14 August 2026 }} </ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भाताच्या स्थानिक अर्थकारणात उत्पादनाबरोबरच काढणीनंतरची प्रक्रिया, साठवण, वाहतूक आणि बाजारपेठेपर्यंत पोहोच यांनाही महत्त्व आहे. त्यामुळे शेतकऱ्यांना मिळणारा निव्वळ आर्थिक लाभ हा केवळ प्रति हेक्टर उत्पादनावर अवलंबून नसून उत्पादनखर्च आणि विक्रीतून मिळणारे उत्पन्न यांच्यातील संबंधावरही अवलंबून असतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती स्थानिक अन्नसुरक्षा, ग्रामीण रोजगार आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था आहे. मात्र वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची उपलब्धता, बाजारभाव आणि बदलती कृषी परिस्थिती यांमुळे तिची आर्थिक व्यवहार्यता टिकविणे हे महत्त्वाचे आव्हान आहे. उत्पादनक्षमता वाढविणारे तंत्रज्ञान, योग्य वाणांची निवड, काढणीनंतरच्या प्रक्रियेचे यांत्रिकीकरण आणि पीक विविधीकरण यांमुळे भातशेती अधिक व्यवहार्य करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == चित्रदालन == <gallery mode="packed" heights="180"> File:Newcomers.jpg|कोकणातील भातशेतीचे दृश्य File:Rice Plantation.jpg|भाताची लागवड File:Konkan - Songiri Village - Ratnagiri District - Part 1 20151218 (23369027944).jpg|सोंगिरी गाव, रत्‍नागिरी जिल्हा येथील भातशेती File:Abandoned paddy field on Low-elevation Lateritic Plateau IMG 20220817 115924 06.jpg|लेटराइट पठारावरील भाताचे शेत File:Waiting for drop.jpg|पावसाची प्रतीक्षा करणारे भातशेत File:Otvane Wildlife 007.JPG|ओटवणे परिसरातील भातशेती व नैसर्गिक परिसर File:Nerur - panoramio.jpg|नेरूर परिसरातील भातशेती File:Paddy field in Maharashtra 8.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर File:Paddy field in Maharashtra 9.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर </gallery> == हेही पहा == * [[कोकण]] * [[भात]] * [[डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ]] == संदर्भ == {{reflist|2}} == बाह्य दुवे == * महाराष्ट्र शासन — गॅझेटियर विभाग * डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली * भारतीय हवामान विभाग — MAUSAM * भारतीय कृषी संशोधन परिषद (ICAR) {{कोकण लोकजीवन}} [[वर्ग:कोकण]] eymxkg37yfue9vvozrmp9e7qtq8thpt 2703041 2703040 2026-08-17T09:52:52Z AdvAnantGholam 172574 2703041 wikitext text/x-wiki [[File:Paddy field in Maharashtra 6.jpg|thumb|right|upright=1.2|महाराष्ट्रातील भातशेतीचे दृश्य]] '''कोकणातील भातशेती''' ही कोकण प्रदेशातील पर्जन्यमान, भौगोलिक रचना, मातीचे प्रकार आणि पारंपरिक कृषिपद्धती यांच्याशी निगडित शेतीपद्धती आहे. कोकणातील विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख खरीप पीक राहिले आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये जिल्ह्यातील अन्नपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ९० टक्के क्षेत्र धान्यपिकांखाली होते आणि त्यामध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. त्या काळात भाताखालील क्षेत्र धान्यपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Cereals |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_cereals.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील नैसर्गिक परिस्थितीशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतीवर दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा मोठा प्रभाव असून, पावसाळी हंगामातील बहुतांश पिके पावसावर अवलंबून असतात. गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस ऑक्टोबरपर्यंत राहतो आणि त्याच्या आधारे खरीप पिकांची वाढ पूर्ण होते. भाताची रोपवाटिका तयार करण्यासाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Seasons |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_seasons.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीमध्ये जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि भूभाग यांनुसार लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक आढळतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील तसेच सखल जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे कोकणातील कृषिपद्धतींना विशिष्ट स्वरूप प्राप्त झाले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> == भौगोलिक आणि हवामानविषयक पार्श्वभूमी == कोकणातील भातशेतीवर प्रदेशाच्या भौगोलिक रचनेचा आणि पर्जन्यमानाचा मोठा प्रभाव आहे. सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारापासून अरबी समुद्राच्या किनाऱ्यापर्यंत पसरलेल्या या प्रदेशात पावसाचे प्रमाण तुलनेने अधिक असून, अनेक भागांतील शेती मोसमी पावसावर अवलंबून आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जिल्ह्यातील खरीप पिकांचा मोठा भाग दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख धान्यपीक असल्याची नोंद महाराष्ट्र शासनाच्या गॅझेटियरमध्ये आहे. १९५५–५६ च्या आकडेवारीनुसार जिल्ह्यातील धान्यपिकांमध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. कुडाळ, सावंतवाडी, खेड आणि चिपळूण या तालुक्यांमध्ये जिल्ह्यातील भाताखालील क्षेत्राचा मोठा हिस्सा असल्याचे त्या काळातील नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या लागवडीसाठी उंचावरील आणि सखल अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरमध्ये उंचावरील जमिनींसाठी ''कुर्यात'' आणि सखल जमिनींसाठी ''माळ'' या प्रकारांचा उल्लेख आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमतेतील आणि भौगोलिक स्थितीतील फरकांचा भातशेतीच्या पद्धतीवर परिणाम होत असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातशेतीचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे शेतीची कामे मोसमी पावसाच्या वेळापत्रकाशी जुळवून घेणे. जूनमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर जमिनीची मशागत केली जाते आणि भाताच्या रोपांची पुनर्लागवड करण्यासाठी जमीन तयार केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीपासून सुरू होऊन नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील भातशेतीचा अभ्यास करताना केवळ पर्जन्यमानाचा विचार न करता भूभाग, माती, पाण्याची उपलब्धता आणि पारंपरिक कृषितंत्र यांचा परस्परसंबंध विचारात घेणे आवश्यक आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे रत्‍नागिरीतील कृषी कामकाजाला इतर प्रदेशांपेक्षा वेगळे स्वरूप प्राप्त झाल्याचे जिल्हा गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व === कोकणातील भातशेतीला प्रदेशाच्या कृषी अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान आहे. कोकणातील मोठ्या क्षेत्रावर भाताची लागवड केली जाते आणि खरीप हंगामातील शेतीमध्ये भात हे प्रमुख पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या अभ्यासानुसार कोकण प्रदेशात सुमारे ४.०१ लाख हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असून, सुमारे ११.२८ लाख टन उत्पादन आणि सरासरी २.८१ टन प्रति हेक्टर उत्पादकता नोंदविण्यात आली होती.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan">{{cite web |title=Rice Production in Konkan |url=https://archive.dbskkv.org/collection/420/document/2304 |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |access-date=14 August 2026 }}</ref> महाराष्ट्रातील प्रमुख भात उत्पादक जिल्ह्यांमध्ये कोकणातील रायगड, पालघर, ठाणे, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार महाराष्ट्रातील भात उत्पादनात कोकण प्रदेशाचा महत्त्वाचा वाटा आहे. रायगड जिल्ह्यात भाताखालील क्षेत्र आणि उत्पादनाचे प्रमाण कोकणातील इतर जिल्ह्यांच्या तुलनेत मोठे असल्याचेही या नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेतीचे महत्त्व केवळ उत्पादनाच्या प्रमाणापुरते मर्यादित नाही. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासातून भात हे विविध शेतीपद्धतींचे प्रमुख घटक असलेले पीक असल्याचे दिसून येते. भातासोबत कडधान्ये, भाजीपाला, फळबागा, दुग्धव्यवसाय आणि कुक्कुटपालन यांसारख्या उपक्रमांचे संयोजन करून विविध शेतीपद्धती विकसित झाल्याचे या अभ्यासात आढळले आहे.<ref name="ToraneEtAl2011">{{cite journal |last=Torane |first=S. R. |last2=Naik |first2=B. K. |last3=Kulkarni |first3=V. S. |last4=Talathi |first4=J. M. |title=Farming Systems Diversification in North Konkan Region of Maharashtra — An Economic Analysis |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=1 |year=2011 |pages=91–98 |url=https://ageconsearch.umn.edu/record/109422/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती ग्रामीण कुटुंबांच्या अन्नपुरवठ्याशी आणि कृषी उत्पन्नाशीही संबंधित आहे. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थांच्या अभ्यासानुसार भाताचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेतीपद्धतींमध्ये आर्थिक परताव्यात फरक आढळतो आणि शेतीतील विविध उपक्रमांचे संयोजन हे काही परिस्थितींमध्ये अधिक नफाक्षम ठरू शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व रोजगाराच्या दृष्टीनेही दिसून येते. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका तयार करणे, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी आणि काढणीनंतरची कामे यांसाठी हंगामी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या अभ्यासात या कामांमध्ये मनुष्यबळाची आवश्यकता तसेच मजुरीच्या वाढत्या खर्चामुळे यांत्रिकीकरणाची गरज अधोरेखित करण्यात आली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Mechanization"> {{cite journal |last=Bhanage |first=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 }}</ref> कोकणातील भातशेतीला कृषी संशोधनाच्या दृष्टीनेही विशेष महत्त्व प्राप्त झाले आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीला अनुरूप भाताच्या सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्र विकसित केले आहेत. विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या सुधारित जातींमध्ये रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या पर्जन्यमान, भूभाग, कृषी परंपरा, ग्रामीण श्रम आणि स्थानिक अर्थव्यवस्थेशी परस्परांशी जोडलेली आहे. त्यामुळे भात हे कोकणातील केवळ एक प्रमुख पीक नसून प्रदेशाच्या कृषी व्यवस्थेतील महत्त्वाचा घटक म्हणून पाहता येते.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == इतिहास आणि पारंपरिक भातशेती == कोकणातील भातशेतीचा इतिहास प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मोसमी पाऊस, जमिनीचे प्रकार आणि ग्रामीण कृषीव्यवस्थेशी जोडलेला आहे. उपलब्ध ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील नोंदींवरून किमान अठराव्या आणि एकोणिसाव्या शतकात कोकणातील अनेक भागांत भात हे महत्त्वाचे अन्नपीक आणि कृषी उत्पादनाचे साधन होते. ब्रिटिश सत्तेपूर्वी आणि ब्रिटिश काळाच्या प्रारंभी कोकणातील काही भागांतून दख्खन प्रदेशाकडे तांदळाचा पुरवठा होत असल्याची नोंद बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या गॅझेटियरमध्ये आढळते.<ref name="HistoryOfKonkanRiceTrade">{{cite web |title=History of the Konkan — General Chapters |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Gazetteer%20of%20Bombay%20Presidency/history_of_the_konkan/section_12.pdf |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> एकोणिसाव्या शतकातील रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या गॅझेटियरमध्ये भाताला शेतीतील प्रमुख पिकांपैकी एक म्हणून स्थान दिले आहे. सावंतवाडी संस्थानातील नोंदीनुसार त्या काळात भाताने एकूण लागवडीखालील क्षेत्रापैकी सुमारे निम्मे क्षेत्र व्यापले होते. पावसाळ्यातील भातशेतीसाठी जून-जुलैमध्ये लागवड सुरू करून ऑक्टोबर-नोव्हेंबरमध्ये कापणी केली जात असल्याचे वर्णन त्यात आढळते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Agriculture, Savantvadi |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/savantvadi/agriculture2.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील जुन्या कृषी व्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये भातशेतीसाठी उंचावरील आणि सखल जमिनींचे वेगवेगळे प्रकार ओळखले जात असल्याचे दिसते. ''कुर्यात'' जमिनी आणि ''माळ'' जमिनी यांसारख्या स्थानिक वर्गीकरणांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमता आणि भौगोलिक स्थितीनुसार भात लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === कोकणातील भातशेतीची परंपरा === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही मोसमी पावसाच्या कालचक्राशी जुळवून घेतलेली कृषिपद्धती होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर भाताच्या शेताची मशागत, पाणी साठवणे, चिखलणी आणि पुनर्लागवड यांसारख्या प्रक्रिया टप्प्याटप्प्याने केल्या जात असल्याचे वर्णन आहे. पावसाचे प्रमाण आणि जमिनीची स्थिती यांनुसार या कामांची वेळ बदलत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतीत भातासाठी जमीन तयार करताना लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पहिली नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर केली जाई आणि त्यानंतर पाण्याखाली चिखलणी करून जमीन पुनर्लागवडीसाठी योग्य केली जात असे. चिखलणीचा उद्देश मातीची रचना भाताच्या लागवडीस योग्य करणे आणि पाण्याचा निचरा कमी करणे हा होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची रोपे तयार करण्यासाठी स्वतंत्र रोपवाटिका तयार करण्याची पद्धत प्रचलित होती. काही प्रकारच्या जमिनीत उगवलेले रोप थेट लागवडीसाठी वापरले जात, तर सखल जमिनीत रोपवाटिकेत रोपे वाढवून नंतर मुख्य शेतात पुनर्लागवड केली जात असे. पारंपरिक पद्धतीत उगवलेली रोपे उपटून ती शेतात ठरावीक अंतरावर लावली जात असत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक कृषी ज्ञानाला महत्त्व होते. जमिनीचा प्रकार, पाण्याची पातळी, पावसाची सुरुवात, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांचे निरीक्षण करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि कापणी यांसाठी स्थानिक पद्धती आणि साधनांचा तपशील नोंदविला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> एकोणिसाव्या शतकातील सावंतवाडीच्या नोंदींमध्ये भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची नावेही आढळतात. त्यामध्ये ''कोथिंबिरी'', ''खिरसाळ'', ''गजवेल'', ''तावसाळ'', ''पाटणी'', ''वत्सल'' आणि ''साळ'' यांसारख्या प्रकारांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. त्याच नोंदीत इतर अनेक स्थानिक भातप्रकारांचीही नावे दिली आहेत. यावरून त्या काळात भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची लागवड केली जात असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> === पारंपरिक कृषिपद्धती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये जमिनीची मशागत, चिखलणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण अशा सलग प्रक्रियांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये या कृषी प्रक्रियांचे स्थानिक स्वरूप आणि त्यासाठी वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचे वर्णन केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> शेत तयार करण्यासाठी लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पावसाच्या सुरुवातीला नांगरणी करून त्यानंतर शेतात पाणी साठवून चिखलणी केली जात असे. चिखलणी पूर्ण झाल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची पृष्ठभाग समतल केली जाई. समतल पृष्ठभागामुळे रोपांची पुनर्लागवड करणे सुलभ होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची पुनर्लागवड प्रामुख्याने मजुरांच्या साहाय्याने केली जात असे. पुनर्लागवडीनंतर तण काढणे आणि आवश्यकतेनुसार आंतरमशागत केली जाई. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींनुसार भाताच्या ओळींमध्ये तण काढण्यासाठी हाताने वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचाही उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कापणीच्या वेळी भात जमिनीजवळून विळ्याने कापला जाई. कापलेले पीक काही दिवस शेतात वाळवून भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. भाताचे भारे कठीण पृष्ठभागावर आपटून मळणी केली जाई आणि त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पेंढा व इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीनंतर धान्य उन्हात वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी पुढील हंगामासाठी स्वतःचे बियाणे राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर होत असे. कणग्यांना शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === पारंपरिक कृषी ज्ञान आणि अनुभव === पारंपरिक भातशेतीमध्ये कृषी ज्ञान हे स्थानिक पर्यावरणाच्या निरीक्षणावर आणि दीर्घकालीन अनुभवावर आधारित होते. पावसाची सुरुवात, जमिनीतील ओलावा, पाण्याची पातळी, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांसारख्या घटकांचा विचार करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. उपलब्ध गॅझेटियर नोंदींमध्ये या प्रक्रियांशी संबंधित स्थानिक संज्ञा, पद्धती आणि कृषी साधनांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> जमिनीच्या प्रकारानुसार लागवडपद्धती निवडणे हे पारंपरिक ज्ञानाचे महत्त्वाचे अंग होते. उंचावरील जमिनी आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम जमिनी यांच्यातील फरक लक्षात घेऊन भाताची लागवड आणि पाण्याचे व्यवस्थापन केले जात असे. सखल भागातील शेतांमध्ये पाणी धरून ठेवण्यासाठी बांध आणि पाण्याचा निचरा करण्यासाठी नियंत्रित मार्गांचा वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक कृषिपद्धतीमध्ये उपलब्ध स्थानिक साधनांचा वापर केला जात असे. लाकडी नांगर, लाकडी समतलीकरणाची फळी, विळा आणि हाताने वापरली जाणारी तण काढण्याची साधने यांचा उपयोग भातशेतीतील विविध टप्प्यांवर केला जात असे. या साधनांचा वापर स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती आणि शेतीच्या पद्धतीशी जुळवून घेतलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतींमध्ये धान्य आणि बियाण्याचे स्वतंत्र व्यवस्थापनही महत्त्वाचे होते. स्वतःच्या शेतातील धान्यातून पुढील हंगामासाठी बियाणे राखून ठेवणे ही पद्धत होती. यामुळे शेतकऱ्यांना पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा उपलब्ध होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही केवळ पीक उत्पादनाची पद्धत नव्हती, तर पर्जन्यमान, जमीन, पाणी, स्थानिक वाण, कृषी साधने आणि शेतकऱ्यांच्या अनुभवाधारित ज्ञान यांचा परस्परसंबंध असलेली कृषीव्यवस्था होती. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमधून या व्यवस्थेची विविध रूपे आणि तिचे स्थानिक स्वरूप स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> == पारंपरिक रोपवाटिका आणि ‘रोबिंग’ पद्धत == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये रोपवाटिका तयार करण्याला महत्त्वाचे स्थान आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी ''रोबिंग'' (Robbing) ही पद्धत मोठ्या प्रमाणावर प्रचलित असल्याची नोंद आहे. या पद्धतीत भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि पुढे ती मुख्य शेतात पुनर्लागवडीसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपवाटिका तयार करण्यासाठी पावसाळ्याच्या सुरुवातीच्या काळातील ओलाव्याचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरनुसार मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाच्या सरींमुळे भाताची रोपे तयार करण्याची प्रक्रिया सुरू करता येत असे आणि जूनमध्ये मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर मुख्य शेताच्या मशागतीची कामे पुढे चालत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रोपवाटिका आणि मुख्य शेतातील कामांचा हा क्रम कोकणातील पर्जन्यमान आणि शेतीच्या हंगामी चक्राशी संबंधित होता. त्यामुळे पारंपरिक रोपवाटिका पद्धतीचा अभ्यास हा केवळ कृषितंत्राचा विषय नसून स्थानिक हवामानाशी शेतकऱ्यांनी जुळवून घेतलेल्या कृषिपद्धतीचा भाग म्हणूनही करता येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> उत्तर कोकणातील पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापनाचा स्वतंत्र अभ्यासही करण्यात आला आहे. पालघर जिल्ह्यातील आदिवासी भागात ''Rabing'' ही पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापन कौशल्याशी संबंधित पद्धत नोंदवण्यात आली आहे. या अभ्यासातून उत्तर कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान आणि कौशल्याचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="DahiphaleEtAl2020">{{cite journal |last=Dahiphale |first=A. V. |last2=Bhagat |first2=S. B. |last3=Mhaskar |first3=N. V. |last4=Jondhale |first4=D. G. |last5=Bedse |first5=T. J. |last6=Vanve |first6=P. B. |title=Rabing: A traditional skill of rice nursery management in tribal area of North Konkan coastal zone of Maharashtra |journal=Journal of Pharmacognosy and Phytochemistry |volume=9 |issue=5S |year=2020 |pages=435–437 |url=https://www.phytojournal.com/special-issue/2020.v9.i5S.12965/rabing-a-traditional-skill-of-rice-nursery-management-in-tribal-area-of-north-konkan-coastal-zone-of-maharashtra }}</ref> == भाताच्या जाती आणि स्थानिक वाण == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक परिस्थितीशी जुळवून घेतलेल्या विविध भातवाणांना महत्त्वाचे स्थान आहे. पर्जन्यमान, जमिनीचा प्रकार, लागवडीचा कालावधी आणि उत्पादनाची गरज यांनुसार भाताच्या विविध जातींची निवड केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही भाताच्या विविध प्रकारांचा आणि त्यांच्या लागवडीचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातवाणांच्या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेशीही जोडला जातो. कोकण प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा अभ्यास करताना स्थानिक पिकांच्या जाती, त्यांचे पारंपरिक उपयोग आणि स्थानिक कृषीपरिस्थितीशी त्यांचे असलेले संबंध यांचा विचार करण्यात आला आहे.<ref name="Singh2014Konkan">{{cite journal |last=Singh |first=Anurudh K. |title=Probable Agricultural Biodiversity Heritage Sites in India: XX. The Konkan Region |journal=Asian Agri-History |volume=18 |issue=3 |year=2014 |pages=257–282 |url=https://www.asianagrihistory.org/pdf/volume18/ak-singhs-paper-18-3.pdf }}</ref> कोकणासाठी काही सुधारित भातवाणांची निर्मिती आणि निवड करण्यात आली आहे. त्यापैकी ‘रत्‍नागिरी-७’ ही कोकण प्रदेशासाठी विकसित करण्यात आलेली लाल तांदळाची, अर्धबुटकी आणि अधिक उत्पादनक्षम जात म्हणून अभ्यासात नोंदविण्यात आली आहे. या वाणाच्या वैशिष्ट्यांचा आणि कोकणातील लागवडीसाठी त्याच्या उपयुक्ततेचा स्वतंत्र अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="WaghmodeEtAl2018">{{cite journal |last=Waghmode |first=B. D. |last2=Sonone |first2=N. G. |last3=Navhale |first3=V. C. |last4=Kadam |first4=S. R. |last5=Bhave |first5=S. G. |title=Ratnagiri 7 - Red Kernel, Semi Dwarf and High Yielding Rice Variety for Konkan Region of Maharashtra State in India |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=7 |issue=4 |year=2018 |pages=3442–3453 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=7655&SNo=389&vol=7-4-2018 }}</ref> भाताच्या जातींची निवड करताना पेरणीची किंवा लागवडीची वेळ हा देखील महत्त्वाचा घटक ठरतो. कोकणातील परिस्थितीत वेगवेगळ्या पेरणीच्या कालावधीनुसार भाताच्या जातींच्या प्रतिसादाचा अभ्यास करण्यात आला असून, पेरणीची वेळ आणि वाण यांचा वाढ व उत्पादनावर परिणाम होऊ शकतो असे संशोधनातून दिसून येते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017">{{cite journal |last=Jagtap |first=D. N. |last2=Mahadkar |first2=U. V. |last3=Chavan |first3=S. A. |title=Response of rice varieties to different sowing windows under Konkan conditions |journal=Agricultural Science Digest |volume=37 |issue=1 |year=2017 |pages=78–80 }}</ref> स्थानिक भातवाणांचे महत्त्व केवळ उत्पादनक्षमतेपुरते मर्यादित नसून कृषी जैवविविधता आणि स्थानिक कृषिज्ञानाच्या जतनाशीही संबंधित आहे. कोकणातील देशी भातवाणांचे संवर्धन करण्यासाठी शेतकरी आणि स्थानिक संस्थांकडून प्रयत्न केले जात असल्याचे वृत्तांकन झाले आहे.<ref name="AgrowonIndigenousRice">{{cite web |title=देशी वाणांचे संवर्धन करणारी कोकणातील शेतकरी कंपनी |url=https://agrowon.esakal.com/agro-special/farmers-company-in-konkan-for-conservation-of-indigenous-species |website=ॲग्रोवन |access-date=14 August 2026 }}</ref> स्थानिक वाणांच्या जतनामुळे भातशेतीतील आनुवंशिक विविधता टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते. त्याचबरोबर स्थानिक हवामान, माती आणि पारंपरिक कृषिपद्धतीशी जुळवून घेतलेल्या वाणांचे ज्ञान पुढील पिढ्यांपर्यंत पोहोचण्यासही त्याचा उपयोग होतो. त्यामुळे कोकणातील भातवाणांचा अभ्यास हा उत्पादनाच्या दृष्टीने तसेच कृषी वारसा आणि जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचा आहे.<ref name="Singh2014Konkan"/><ref name="AgrowonIndigenousRice"/> == भातशेतीची पारंपरिक प्रक्रिया == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही मोसमी पाऊस, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार टप्प्याटप्प्याने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताच्या शेतीमध्ये जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, रोपांची पुनर्लागवड किंवा थेट पेरणी, आंतरमशागत, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्याची साठवण अशा परस्परांशी संबंधित प्रक्रियांचा समावेश होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीची सुरुवात मोसमी पावसाच्या आगमनाशी जोडलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस साधारणपणे जूनमध्ये सुरू होत असे. मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग भाताच्या रोपवाटिकेसाठी केला जात असे, तर जूनच्या उत्तरार्धात किंवा जुलैच्या सुरुवातीला पुनर्लागवडीसाठी जमीन तयार करण्याची कामे केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> === शेतजमिनीची तयारी === भातशेतीसाठी जमीन तयार करण्याचे पहिले महत्त्वाचे काम नांगरणी होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातासाठी ''उखळणी'' म्हणून ओळखली जाणारी नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर जूनच्या पहिल्या आठवड्यात केली जात असे. यासाठी प्रामुख्याने लाकडी नांगराचा वापर केला जाई. भातासाठी वापरल्या जाणाऱ्या हलक्या जमिनीत खोल नांगरणीची आवश्यकता नसून साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> नांगरणीची वेळ स्थानिक जमिनीच्या स्वरूपाशी संबंधित होती. भातशेतीच्या प्रक्रियेत चिखलणीमुळे जमीन कोरडी झाल्यानंतर कठीण होत असल्याने कापणीनंतर लगेच नांगरणी करणे अवघड ठरत असे. त्यामुळे मोसमी पावसाच्या सुरुवातीला योग्य वेळी नांगरणी करणे महत्त्वाचे मानले जात होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === राब पद्धत === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये ''राब'' ही रोपवाटिका आणि जमिनीच्या पूर्वतयारीशी संबंधित पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये राब प्रक्रियेतून तयार होणाऱ्या राखेचा जमिनीला काही पोषक घटक मिळण्याशी संबंध नमूद केला आहे. मात्र, मोठ्या प्रमाणात सेंद्रिय खताचा वापर न झाल्यास जमिनीची भौतिक रचना कठीण होऊन पिकाच्या वाढीवर परिणाम होऊ शकतो, अशी निरीक्षणात्मक नोंदही करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कृषी विभागाने पुढील काळात राबसाहित्यातील जैविक पदार्थांचा कंपोस्ट तयार करण्यासाठी वापर करण्याची तसेच हिरवळीची खते आणि शेणखत यांचा वापर वाढविण्याची शिफारस केली होती. त्यामुळे पारंपरिक राब पद्धतीकडे केवळ रोपवाटिकेची पद्धत म्हणून न पाहता तिच्या कृषी-पर्यावरणीय परिणामांच्या संदर्भातही पाहता येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === रोपवाटिका === सखल आणि अधिक पाणीधारणक्षम जमिनींमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी रोपवाटिका केली जात असे. भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि योग्य वाढ झाल्यानंतर ती उपटून मुख्य भातखाचरात पुनर्लागवड केली जात. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदीनुसार रोपवाटिकेतील बियाणे पसरून किंवा ओळींमध्ये पेरले जाऊ शकत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> उंचावरील जमिनींमध्ये मात्र रोपवाटिकेतील पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेले बी थेट चिखललेल्या शेतात पेरण्याची पद्धत वापरली जात असे. या पद्धतीला स्थानिक पातळीवर ''राहू'' पद्धत म्हटले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === चिखलणी === नांगरणीनंतर शेतात पाणी साठवून जमीन चिखलयुक्त करण्याची प्रक्रिया केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पहिल्या नांगरणीनंतर काही काळ शेतात पाणी साठवले जाई आणि जूनच्या अखेरीस किंवा जुलैच्या सुरुवातीला उभ्या पाण्यात पुन्हा नांगरणी करून चिखलणी केली जाई. आवश्यक त्या भौतिक स्थितीपर्यंत माती मऊ आणि चिकट होईपर्यंत ही प्रक्रिया केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> चिखलणीचा एक उद्देश जमिनीच्या पृष्ठभागातून पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करून भातासाठी पाणी अधिक काळ धरून ठेवण्यास अनुकूल परिस्थिती निर्माण करणे हा होता. चिखलणी झाल्यानंतर शेताची जमीन समतल करण्यासाठी बैलांच्या साहाय्याने लाकडी फळी ओढली जात असे. या फळीला स्थानिक पातळीवर ''गुतेफळी'' किंवा ''अलवत'' अशी नावे असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची लावणी === चिखलणी आणि समतलीकरण पूर्ण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील भाताची रोपे मुख्य शेतात लावली जात. रोपे उपटून लहान भाऱ्यांमध्ये बांधली जात आणि भातखाचरात नेऊन हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार एका एकरासाठी साधारणपणे आठ ते दहा व्यक्तींची आवश्यकता भासत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपांची पुनर्लागवड करताना साधारणपणे दहा ते पंधरा रोपे एका समूहात घेऊन चिखलात दाबून लावली जात आणि रोपांमध्ये अंदाजे नऊ ते बारा इंच अंतर ठेवले जात असे. उंचावरील काही जमिनींमध्ये पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेल्या बियांचे थेट प्रसारण केले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === पिकाची निगा आणि पाणीव्यवस्थापन === पुनर्लागवडीनंतर पिकाची निगा राखण्यासाठी आंतरमशागत आणि तण काढण्याची कामे केली जात. ''कोळपी'' या तीन दातांच्या हातसाधनाचा वापर माती हलकी करण्यासाठी, मुळांना हवा मिळण्यासाठी आणि खत मातीमध्ये मिसळण्यासाठी केला जात असे. ओळीतील भातामध्ये साधारणपणे दोन ते तीन वेळा आंतरमशागत केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आंतरमशागतीनंतरही उरलेली तणे हाताने किंवा ''खुरपी''च्या साहाय्याने काढली जात. पसरवून पेरलेल्या किंवा ओळीत पुनर्लागवड न केलेल्या शेतांमध्ये अशा प्रकारची आंतरमशागत करणे तुलनेने मर्यादित असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीमध्ये पाण्याचे व्यवस्थापन प्रामुख्याने पावसावर आधारित होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील बहुसंख्य पिके मोसमी पावसावर अवलंबून असल्याची नोंद आहे. सखल जमिनींमध्ये अतिरिक्त पाणी बाहेर काढण्यासाठी शेतबांधांमध्ये आवश्यक ठिकाणी तात्पुरते मार्ग ठेवले जात असत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची कापणी आणि मळणी === भाताच्या वाणानुसार कापणीचा कालावधी बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार लवकर तयार होणाऱ्या भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीस सुरू होत असे, तर मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांची कापणी नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताची कापणी विळ्याने जमिनीजवळून केली जात असे. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. मळणीसाठी भाताची भारे लाकडी फळी किंवा कठीण पृष्ठभागावर आपटून दाणे वेगळे केले जात. त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पाने, पेंढा आणि इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === धान्याची साठवणूक === मळणीनंतर धान्य उन्हात व्यवस्थित वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी स्वतःच्या वापरासाठी तसेच पुढील हंगामातील पेरणीसाठी काही धान्य राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. कणग्यांना कीटकांचा प्रवेश कमी करण्यासाठी शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक प्रक्रियेत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत असताना दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांनी साली काढली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही पावसाच्या आगमनापासून सुरू होऊन जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, चिखलणी, पुनर्लागवड, पिकाची निगा, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण या सलग टप्प्यांतून पूर्ण होत असे. या प्रक्रियेत स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती, पाण्याचे नियमन, मानवी श्रम आणि पारंपरिक कृषिसाधने यांचा परस्परसंबंध दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भाताचे उत्पादन, उपयोग आणि उपउत्पादने == कोकणातील भातशेतीमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून त्याचे उत्पादन प्रामुख्याने खरीप हंगामात घेतले जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्या काळात रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताचे उत्पादन साधारण एक लाख टनांपेक्षा अधिक होते आणि भात हे जिल्ह्यातील सर्वांत महत्त्वाचे पीक होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerProduction">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Production |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_production.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भाताचे उत्पादन वाण, जमिनीचा प्रकार, पावसाचे प्रमाण आणि लागवडीची पद्धत यांनुसार बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील ''कुर्यात'' जमिनी तसेच सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद आहे. लवकर, मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांनुसार उत्पादनाचा कालावधीही वेगवेगळा असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या उत्पादनाचे स्थानिक वापराशी असलेले नातेही स्पष्ट होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उत्पादित होणारे धान्य मोठ्या प्रमाणावर शेतकऱ्यांच्या स्वतःच्या उपभोगासाठी वापरले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. जिल्ह्यातील भाताचे उत्पादन स्थानिक गरजेच्या तुलनेत अपुरे असल्याने मोठ्या प्रमाणावर धान्यसाठा बाजारपेठेसाठी न ठेवता घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताचा प्रमुख उपयोग तांदूळ या स्वरूपात अन्न म्हणून केला जातो. पारंपरिक पद्धतीत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढल्या जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत होता, तर दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांचा वापर करून साली काढण्याची पद्धत अस्तित्वात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील काही भागांत भातावर उकडभात किंवा ''उकडे'' तांदूळ तयार करण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक नोंदींनुसार जाड दाण्याच्या काही भातप्रकारांपासून उकडे तांदूळ तयार केला जात असे. या प्रक्रियेत साळीसह धान्य काही काळ उकळून नंतर वाळवले जाई आणि त्यानंतर साली काढल्या जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> तांदळापासून विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार केले जातात. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये तांदळापासून ''पोहे'' आणि ''मुरमुरे'' तयार करण्याचा उल्लेख आहे. काही भागांत भात शिजवून ''भात'', तसेच पातळ किंवा घट्ट स्वरूपातील ''आंबील'' आणि ''पेज'' यांसारख्या पदार्थांच्या रूपातही वापरला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या प्रक्रियेत तांदळाबरोबर इतर पदार्थही मिळतात. साळी काढताना ''तूस'' किंवा भाताची साल हा अवशेष निर्माण होतो. धान्याची मळणी झाल्यानंतर उरलेला ''पेंढा'' हा आणखी एक महत्त्वाचा उपउत्पादन आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भाताची मळणी झाल्यानंतर मिळणारा पेंढा साठवून ठेवून त्याचा चाऱ्यासाठी वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या काढणीनंतर मिळणाऱ्या पेंढ्याचा वापर केवळ पशुखाद्यापुरता मर्यादित नव्हता. स्थानिक परिस्थितीनुसार त्याचा उपयोग छप्पर बांधण्यासाठी आणि इतर ग्रामीण कामांसाठी केला जात असल्याचे कृषी नोंदींमध्ये आढळते. त्यामुळे भातशेतीतून मिळणारे उपउत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील विविध गरजांसाठी वापरले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची प्रतवारी आणि प्रक्रियेदरम्यान ''कणी'' किंवा तुटलेला तांदूळही मिळतो. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार तांदूळ गिरण्यांमध्ये साली काढण्याच्या प्रक्रियेत काही दाणे तुटतात आणि हा तुटलेला तांदूळ स्वतंत्रपणे वेगळा करून तुलनेने कमी किमतीत विकला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनात बियाण्याची भूमिकाही महत्त्वाची आहे. पारंपरिक पद्धतीत शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा प्रकारे भाताचे उत्पादन हे केवळ त्या हंगामातील अन्नपुरवठ्याशी संबंधित नसून पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी आवश्यक बियाण्याच्या उपलब्धतेशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात कोकणातील भाताचे उत्पादन वाढविण्यासाठी सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्रांचा विकास करण्यात आला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीसाठी विविध सुधारित भातजाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३ तसेच सह्याद्री मालिकेतील विविध संकरित वाण विकसित करण्यात आले आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties">{{cite web |title=Crop varieties developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Varieties.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> या सुधारित वाणांमध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी आणि काही प्रमुख रोग किंवा किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार करण्यात आला आहे. उदाहरणार्थ, विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-६ आणि रत्‍नागिरी-७ या वाणांची उत्पादनक्षमता अनुक्रमे सुमारे ४.५ टन प्रति हेक्टर आणि ४.५ ते ५.० टन प्रति हेक्टर इतकी नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceResearch2017">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://www.dbskkv.org/assets/pdf/recommendations/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भाताचे उत्पादन हे स्थानिक अन्नपुरवठा, पारंपरिक खाद्यसंस्कृती, बियाण्याची उपलब्धता आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांच्याशी संबंधित आहे. तांदळाबरोबर पेंढा, कणी आणि भाताची साल यांसारखी उपउत्पादनेही विविध उपयोगांत येतात. पारंपरिक उत्पादनपद्धतींबरोबर सुधारित वाण आणि आधुनिक कृषितंत्रांचा वापर वाढल्यामुळे कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप कालानुसार बदलत आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == कोकणातील भाताच्या जाती == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक पारंपरिक वाणांपासून सुधारित आणि संकरित वाणांपर्यंत विविध प्रकार आढळतात. या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील जमिनीचे प्रकार, पर्जन्यमान, पाण्याची उपलब्धता, पक्वतेचा कालावधी आणि स्थानिक कृषिपद्धतीशी आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडी परिसरातील भाताच्या अनेक स्थानिक प्रकारांची नोंद आढळते, तर आधुनिक काळात डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप सुधारित आणि संकरित भातवाण विकसित केले आहेत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === पारंपरिक स्थानिक जाती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये स्थानिक वाणांची लक्षणीय विविधता होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या एकूण तीस जातींची नोंद करण्यात आली आहे. त्यापैकी कोथिंबिरी, खिरसाळ, गजवेल, तावसाळ, पाटणी, वत्सल आणि साळ या सात जाती तुलनेने चांगल्या प्रकारच्या म्हणून नमूद करण्यात आल्या आहेत. अवचिटे, काळीनावन, काळी कडया, केडाळ, खोचरी, चिमसाळ, टायकाळा, डामगा, डोंगरे, तांबिकुडया, नवान, बिलावल, बेला, मुडगे, वरंगळ, वाकसाळ, वाळ्या, शिराई, सेमणे, सुकाळ, सोरटी आणि सोनफळ या इतर स्थानिक प्रकारांचीही नोंद त्याच गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> या स्थानिक वाणांची लागवड प्रदेशातील विविध प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची लागवड प्रामुख्याने उंचावरील ''कुर्यात'' जमीन आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम ''माळ'' जमीन अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे स्थानिक वाणांची निवड ही स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित असण्याची शक्यता होती; मात्र प्रत्येक वाणाची विशिष्ट पर्यावरणीय अनुकूलता स्वतंत्रपणे सिद्ध करण्यासाठी त्या वाणासंबंधी स्वतंत्र पुरावे आवश्यक आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या दाण्याच्या स्वरूपानुसार ''उकडे'' आणि ''सुरई'' असे दोन व्यापक प्रकारही नमूद केले आहेत. जाड दाण्याच्या भातापासून उकडे तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर बारीक प्रकारासाठी ही प्रक्रिया आवश्यक नसल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> स्थानिक वाणांची विविधता ही केवळ कृषी उत्पादनाशी संबंधित नव्हती. रत्‍नागिरी परिसरातील अन्नविषयक ऐतिहासिक नोंदींमध्ये तांदूळ हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याचे नमूद केले आहे. तांदळापासून उकडा आणि सुरई यांसारखे प्रकार तयार केले जात आणि भाताचा दैनंदिन आहारात मोठ्या प्रमाणावर वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_food.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भाताच्या जातींची जैवविविधता === कोकणातील पारंपरिक भातवाणांची संख्या आणि त्यांच्यातील विविधता या प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा ऐतिहासिक भाग दर्शवतात. एकाच प्रदेशात विविध नावांचे आणि वैशिष्ट्यांचे वाण लागवडीखाली असल्याची नोंद जुन्या गॅझेटियरमध्ये आढळते. या वाणांची नावे, दाण्यांचे प्रकार आणि पक्वतेच्या कालावधीतील फरक यांमधून त्या काळातील भात लागवडीतील विविधता दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या वाणांची विविधता जमिनीच्या आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित कृषिपद्धतींसोबत विकसित झाली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उंचावरील ''कुर्यात'' आणि सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये भाताची लागवड केली जात असे. काही ठिकाणी पुनर्लागवड केली जात असे, तर काही उंचावरील जमिनींमध्ये मोड आलेल्या बियांची थेट पेरणी केली जात असे. त्यामुळे भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक पर्यावरणानुसार पद्धतींची विविधता होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक वाणांच्या विविधतेचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे पिकाच्या पक्वतेच्या कालावधीतील फरक. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये लवकर तयार होणाऱ्या तसेच मध्यम आणि उशिरा तयार होणाऱ्या भाताच्या प्रकारांचा उल्लेख आढळतो. पिकाच्या पक्वतेनुसार कापणीचा कालावधी बदलत असल्यामुळे विविध वाणांचा वापर शेतीच्या हंगामी नियोजनाशी संबंधित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> स्थानिक भातवाणांची जैवविविधता ही बियाणे जतन करण्याच्या पारंपरिक पद्धतीशीही संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा पद्धतीमुळे स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा आणि लागवडीची सातत्यता राखली जात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> तथापि, ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये नोंदलेल्या सर्व पारंपरिक वाणांची लागवड आजही मोठ्या प्रमाणावर सुरू आहे, असा निष्कर्ष केवळ या ऐतिहासिक नोंदींवरून काढता येत नाही. पारंपरिक वाणांचे वर्तमान अस्तित्व, लागवडीचे क्षेत्र आणि संवर्धनाची स्थिती निश्चित करण्यासाठी अद्ययावत कृषी संशोधन किंवा अधिकृत बियाणे-संवर्धन नोंदी आवश्यक आहेत. === सुधारित आणि आधुनिक जाती === कोकणातील भात उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी विसाव्या शतकापासून सुधारित बियाण्यांचा प्रसार करण्यात आला. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये सुधारित भातबियाण्यांच्या प्रसारासाठी शासकीय योजना राबविण्यात आल्याची नोंद आहे. १९५६–५७ आणि १९५७–५८ या कालावधीतील नोंदींमध्ये पाटणी-६, वारंगळ-४८७, वाकसाळ-२८७, पनवेल-६१, भाडस-७९, ई.के.-७०, कोलंबा-१८४ आणि के-४२ या सुधारित भातवाणांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerIrrigation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Irrigation |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_irrigation.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील कृषी परिस्थिती लक्षात घेऊन भाताच्या सुधारित जाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या जातींपैकी रत्‍नागिरी-१ ही लवकर तयार होणारी जात असून तिचा पक्वता कालावधी सुमारे ११५–१२० दिवस आणि नोंदविलेली उत्पादनक्षमता ३५–४० क्विंटल प्रति हेक्टर आहे. रत्‍नागिरी-२ ही उशिरा तयार होणारी जात असून तिचा कालावधी सुमारे १४५–१५० दिवस आहे. रत्‍नागिरी-३ ही सुमारे १४०–१४५ दिवसांत तयार होणारी जात असून ती उथळ सखल भातक्षेत्रासाठी योग्य असल्याचे विद्यापीठाच्या नोंदीत नमूद केले आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> कोकणातील आधुनिक भात संशोधनात संकरित वाणांचाही विकास झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीमध्ये सह्याद्री मालिकेतील भात संकरित वाणांचा उल्लेख आहे. उदाहरणार्थ, सह्याद्री-५ या संकरित वाणाचा पक्वता कालावधी सुमारे १४०–१४५ दिवस असून, कोकणातील चाचण्यांमध्ये त्याची उत्पादनक्षमता आणि काही प्रमुख कीड व रोगांविरुद्धची सहनशीलता नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010">{{cite report |title=Research Recommendations of 2010 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2010 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2010%20English%20Recommendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित वाणांच्या विकासामध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे गुणधर्म आणि स्थानिक रोग-किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार केला जातो. त्यामुळे पारंपरिक स्थानिक वाणांबरोबर सुधारित आणि संकरित वाणांचा वापर हा कोकणातील भातशेतीच्या बदलत्या कृषितंत्राचा एक भाग बनला आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010"/> अशा प्रकारे कोकणातील भाताच्या जातींचा इतिहास पारंपरिक स्थानिक वाणांच्या विविधतेपासून सुधारित आणि संकरित वाणांच्या विकासापर्यंत विस्तारलेला आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील स्थानिक वाणांची नोंद आणि आधुनिक कृषी संशोधनातून विकसित झालेल्या जाती यांमुळे कोकणातील भाताच्या आनुवंशिक आणि कृषी विविधतेचे वेगवेगळे कालखंड स्पष्ट होतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == भातशेती आणि कोकणचे पर्यावरण == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील पर्जन्यमान, भूभाग, मातीचे प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि समुद्रकिनाऱ्याशी असलेले भौगोलिक संबंध यांच्याशी जवळून संबंधित आहे. कोकण हा अरबी समुद्र आणि सह्याद्री यांच्या दरम्यानचा अरुंद किनारी प्रदेश असून, येथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा प्रभाव मोठा आहे. त्यामुळे भात हे या प्रदेशातील प्रमुख खरीप पीक बनले आहे. कोकणातील कृषी व्यवस्थेत भाताचे महत्त्व आणि त्याच्याशी संबंधित पर्यावरणीय परिस्थिती यांचा परस्परसंबंध कृषी संशोधन आणि ऐतिहासिक नोंदींमधून दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils">{{cite journal |last1=Verma |first1=Ram Ratan |last2=Srivastava |first2=Tapendra Kumar |last3=Singh |first3=Pushpa |last4=Manjunath |first4=B. L. |last5=Kumar |first5=Anil |title=Spatial mapping of soil properties in Konkan region of India experiencing anthropogenic onslaught |journal=PLOS ONE |volume=16 |issue=2 |pages=e0247177 |year=2021 |url=https://journals.plos.org/plosone/article?id=10.1371/journal.pone.0247177 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === पर्जन्यमान आणि भातशेती === कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा मोसमी पाऊस खरीप पिकांच्या वाढीसाठी महत्त्वाचा असून, भाताच्या रोपवाटिकेच्या तयारीसाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचाही उपयोग केला जात असे. पावसाच्या आगमनाची वेळ आणि त्यानंतर उपलब्ध होणारी जमिनीतील ओलावा यांनुसार मशागत, रोपवाटिका आणि पुनर्लागवडीची कामे नियोजित केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील पावसाचे प्रमाण प्रदेशाच्या विविध भागांत सारखे नसले तरी भातशेतीसाठी मोसमी पावसाचे महत्त्व सर्वसाधारणपणे मोठे आहे. दक्षिण गोवा या कोकणातील भागावरील एका अभ्यासानुसार तेथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसामुळे जूनपासून सप्टेंबरपर्यंत, काही वेळा ऑक्टोबरच्या मध्यापर्यंत, पाऊस पडतो आणि वार्षिक पर्जन्यमान सुमारे २,९०० मिलिमीटर नोंदविण्यात आले आहे. त्या अभ्यासात भात हे सपाट तसेच उताराच्या भागांतील प्रमुख पीक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> मात्र अतिवृष्टीचा परिणाम शेतीवर होऊ शकतो. पावसाचे अल्प कालावधीत अधिक प्रमाण, पाण्याचा निचरा आणि पावसातील खंड यांनुसार भाताच्या वाढीवर परिणाम होतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीमध्ये पावसाचे पाणी धरून ठेवणे आणि अतिरिक्त पाण्याचा नियंत्रित निचरा करणे या दोन्ही बाबींना महत्त्व प्राप्त होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातखाचरे आणि जलव्यवस्था === कोकणातील भातखाचरे ही पावसावर आधारित भातशेतीसाठी विकसित झालेली स्थानिक कृषी व्यवस्था आहे. भातासाठी जमीन तयार करताना नांगरणी, चिखलणी आणि समतलीकरण करून शेतात पाणी धरून ठेवण्यासाठी अनुकूल परिस्थिती निर्माण केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये चिखलणी केल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची जमीन समतल करण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातखाचरातील पाण्याचे व्यवस्थापन केवळ पाणी साठवण्यापुरते मर्यादित नसते. मुसळधार पावसाच्या काळात अतिरिक्त पाणी नियंत्रितपणे बाहेर काढणे आवश्यक असते. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये शेतबांधांमध्ये आवश्यकतेनुसार पाण्याच्या निचऱ्यासाठी मार्ग ठेवण्याच्या पद्धतीचा उल्लेख आहे. त्यामुळे भातखाचरांची रचना पाणी साठवण आणि निचरा या दोन्ही गरजांशी संबंधित होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक कृषी संशोधनातही कोकणातील भातशेतीसाठी पाणीव्यवस्थापनाला महत्त्व दिले जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात कोकणातील भातासाठी स्थानिक परिस्थितीनुसार उत्पादनतंत्र, सिंचन आणि जलसंधारणाशी संबंधित पद्धती विकसित करण्यावर भर देण्यात आला आहे.<ref name="DBSKKVResearch">{{cite web |title=Research |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === उताराची जमीन आणि बांधबंदिस्ती === कोकणाचा बराचसा भूभाग उताराचा आणि डोंगराळ असल्यामुळे भातशेतीसाठी सपाट किंवा तुलनेने समतल खाचरे तयार करण्याची पद्धत विकसित झाली. कोकणातील भातशेतीवरील डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या तांत्रिक नोंदीनुसार या प्रदेशात भातासाठी टेरेस किंवा पायरीसदृश शेतीचा वापर केला जातो आणि शेतांचे आकारमान तुलनेने लहान असते.<ref name="DBSKKVKonkanRiceMechanization">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |publisher=Indian Society of Coastal Agricultural Research |url=https://epubs.icar.org.in/ejournal/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उताराच्या जमिनीमध्ये बांधबंदिस्तीमुळे पावसाचे पाणी शेतात काही काळ धरून ठेवण्यास मदत होते. त्यामुळे मातीची धूप कमी करणे, पाण्याचा प्रवाह नियंत्रित करणे आणि भातासाठी आवश्यक ओलावा टिकवून ठेवणे शक्य होते. पारंपरिक पद्धतीत शेतबांधांची देखभाल ही भातशेतीच्या नियमित कामांपैकी एक होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील मातीच्या प्रकारांतही प्रादेशिक फरक आढळतो. दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांमध्ये प्रामुख्याने जांभा व जांभ्यापासून विकसित झालेल्या माती आढळतात, तर उत्तर कोकणातील काही भागांत मध्यम काळ्या मातीचा विस्तार आहे. किनारी भागांत गाळाची तसेच क्षारयुक्त माती आढळते. या मातींच्या गुणधर्मांनुसार भातशेतीची पद्धत आणि पाण्याचे व्यवस्थापन बदलते.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> === खारभूमीतील भातशेती === समुद्रकिनारा आणि खाड्यांच्या परिसरातील सखल जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्याचा प्रभाव असल्यामुळे क्षारयुक्त जमिनी निर्माण होतात. महाराष्ट्रातील खार जमिनींच्या अधिकृत नोंदीनुसार समुद्र आणि नदीखाड्यांच्या परिसरातील सपाट जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्यामुळे क्षारसंचय झालेला आढळतो. अशा जमिनींच्या विकासासाठी आणि पुनर्वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाने खारभूमी विकासाची स्वतंत्र व्यवस्था निर्माण केली आहे.<ref name="KolabaGazetteerKharSoils">{{cite web |title=Kolaba District Gazetteer — Soils |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/agri_soils.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील खार जमिनींमध्ये भात हे महत्त्वाचे पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार खारभूमी संशोधन केंद्र, गिरणे, पनवेल येथे भात, खारभूमी सुधारणा आणि संबंधित कृषी संशोधनावर काम केले जाते. विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये खार जमिनींसाठी भाताच्या उत्पादनतंत्राचा आणि जमिनीच्या व्यवस्थापनाचा अभ्यास समाविष्ट आहे.<ref name="DBSKKVKharlandResearchStation">{{cite web |title=Khar Land Research Station |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Research_Stations_%26_Organogram.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसमोर मुख्य अडचण म्हणजे समुद्राच्या पाण्याचा शिरकाव आणि जमिनीतील क्षारता. भारत सरकारच्या कृषी व शेतकरी कल्याण मंत्रालयाने २०२४ मध्ये राज्यसभेत दिलेल्या माहितीनुसार कोकणातील किनारी आणि खाडीच्या लगतच्या सखल भागांमध्ये समुद्राचे पाणी शिरल्यामुळे कृषी जमिनींवर क्षारयुक्त पाण्याचा परिणाम होतो. अशा जमिनींच्या कृषी वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाकडून विविध उपाययोजना करण्यात येत असल्याचे त्या उत्तरात नमूद केले आहे.<ref name="GovtIndiaKharLand2024">{{cite report |title=Agricultural Use of Khar Lands in Konkan Region |publisher=Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, Government of India |year=2024 |date=20 December 2024 |url=https://sansad.in/getFile/annex/266/AU2898_Es7ESh.pdf?source=pqars |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसाठी क्षारता नियंत्रण, पाण्याचा निचरा आणि बांधांची देखभाल यांना विशेष महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात खार जमिनींसाठी भातासह विविध एकात्मिक शेती पद्धतींचा अभ्यास करण्यात आला आहे. काही शिफारशींमध्ये भात, भाजीपाला, नारळ, मत्स्यपालन आणि इतर घटकांचे एकत्रित व्यवस्थापन सुचविण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKharlandIFS">{{cite web |title=AICRP (SWS) — Khar Land Research Station, Panvel |website=ICAR–Central Soil Salinity Research Institute |publisher=Indian Council of Agricultural Research |url=https://cssri.res.in/aicrp-sws/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भातशेती आणि कृषी जैवविविधता === कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या कृषी जैवविविधतेचा एक भाग आहे. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या अनेक स्थानिक वाणांची नावे आढळतात. या वाणांची विविधता, त्यांचे पक्वतेचे कालावधी आणि स्थानिक लागवडपद्धती यांमुळे पारंपरिक भातशेतीमध्ये आनुवंशिक आणि कृषी विविधता निर्माण झाली होती.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> कोकणातील कृषी जैवविविधतेचा संबंध केवळ भाताच्या वाणांपुरता मर्यादित नाही. भातासोबत विविध कडधान्ये, तेलबिया, भाजीपाला, फळपिके आणि इतर कृषी घटकांचा समावेश असलेल्या शेतीपद्धती या प्रदेशात विकसित झाल्या आहेत. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार कोकणातील भाताधारित शेतीव्यवस्थेत पावसावर आधारित तसेच सिंचनाधारित विविध पीकपद्धती विकसित करण्यात आल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceBasedFarming">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील पर्यावरणीय परिस्थितीचा कृषी जैवविविधतेवरही परिणाम होतो. दक्षिण गोव्यावरील मातीच्या अभ्यासात कोकण प्रदेशातील मातीचे गुणधर्म स्थानिक भूआकार, पर्जन्यमान आणि मानवी हस्तक्षेपामुळे बदलत असल्याचे आढळले. मातीच्या गुणधर्मांमध्ये आढळणारी स्थानिक विविधता ही शेतीच्या व्यवस्थापनासाठी महत्त्वाची असल्याचे त्या अभ्यासात नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> पारंपरिक भातवाणांचे जतन, स्थानिक बियाण्यांचे दस्तऐवजीकरण आणि प्रदेशानुरूप कृषिपद्धतींचे संवर्धन हे कृषी जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये कोकणातील शेतकरी वाणांचे संकलन, त्यांचे वर्णन आणि संवर्धन यांसंबंधी प्रकल्प राबविण्यात आल्याची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVFarmersVarietiesKonkan">{{cite journal |last1=Zagade |first1=P. M. |last2=Bhairamkar |first2=M. S. |last3=Murai |first3=A. M. |last4=Sawant |first4=P. A. |title=Awareness and adoption of paddy growers about rice varieties developed by DBSKKV, Dapoli |journal=International Journal of Chemical Studies |volume=6 |issue=3 |pages=3492–3494 |year=2018 |url=https://www.chemijournal.com/archives/?ArticleId=2931&issue=3&si=&vol=6&year=2018 |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती आणि पर्यावरण यांचे नाते पाऊस, माती, पाण्याचे नियमन, उताराचा भूभाग, किनारी क्षारता आणि कृषी जैवविविधता या घटकांच्या परस्परसंबंधातून स्पष्ट होते. भातखाचरे आणि बांधबंदिस्तीपासून खारभूमी व्यवस्थापनापर्यंत विविध कृषिपद्धती या स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेत विकसित झाल्या आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> == पारंपरिक कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये वापरली जाणारी कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान ही प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन, लहान शेतक्षेत्रे आणि भातशेतीच्या पद्धतींशी जुळवून घेतलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार या प्रदेशातील शेतीची कामे इतर भागांपेक्षा भिन्न स्वरूपाची होती. भातशेतीच्या प्राबल्यामुळे स्थानिक शेतकऱ्यांकडील अवजारे मुख्यतः जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, आंतरमशागत आणि कापणी यांसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Implements |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_implements.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === नांगर आणि शेतीची अवजारे === कोकणातील पारंपरिक शेतीमध्ये ''नांगर'' हे प्रमुख अवजार होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातशेतीसाठी वापरला जाणारा नांगर प्रामुख्याने लाकडाचा बनविला जात असे आणि तो बैलांच्या जोडीने ओढला जात असे. नांगराचे शरीर, फाळ, दांडा, मूठ आणि इतर भाग स्थानिक उपलब्ध लाकडापासून तयार केले जात. कोकणातील लहान आणि उताराच्या शेतजमिनींसाठी हा तुलनेने हलका नांगर उपयुक्त ठरत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीमध्ये नांगराचा उपयोग केवळ जमीन उलटण्यासाठी न करता चिखलणीच्या प्रक्रियेतही केला जात असे. मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर जमीन नांगरली जाई आणि त्यानंतर पाणी साठवून पुन्हा नांगरणी करून जमीन भाताच्या पुनर्लागवडीस योग्य केली जात असे. रत्‍नागिरी गॅझेटियरनुसार भातासाठी साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> ''गुतेफळी'' किंवा ''गुतेफळी''सदृश दातेरी अवजाराचा उपयोग चिखलणी झालेल्या शेताची जमीन समतल करण्यासाठी केला जात असे. या अवजाराच्या साहाय्याने शेतातील मातीचे ढेकळे कमी करून जमीन सपाट केली जात असे आणि पुनर्लागवडीसाठी योग्य पृष्ठभाग तयार केला जात असे. काही ठिकाणी या अवजाराचा उपयोग पेरणीनंतर उगवलेल्या रोपांची गर्दी कमी करण्यासाठी आणि तण किंवा वनस्पती अवशेष गोळा करण्यासाठीही केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> ''मईंद'' किंवा लाकडी ढेकळफोड्या, ''कोळपी'', ''खुरपी'', फावडे, कुदळ, टिकाव आणि कुऱ्हाड यांसारखी विविध हातसाधनेही शेतीच्या वेगवेगळ्या कामांसाठी वापरली जात. ''कोळपी''चा उपयोग आंतरमशागतीसाठी करून माती हलकी करणे, मुळांना हवा मिळवून देणे आणि खत मातीमध्ये मिसळणे अशी कामे केली जात. ''खुरपी''चा वापर पिकातील तणे काढण्यासाठी केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> या अवजारांची रचना स्थानिक गरजांशी संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील १९५६ च्या नोंदींमध्ये मोठ्या संख्येने लाकडी नांगर अस्तित्वात असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. यावरून त्या काळातील शेतीत स्थानिक आणि बैलचलित अवजारांचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> === पारंपरिक लावणीची साधने === कोकणातील भाताची लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित होती. चिखलणी आणि समतलीकरण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील रोपे उपटून भातखाचरात नेली जात आणि हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. त्यामुळे लावणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यांत्रिक साधनांपेक्षा रोपे वाहून नेणे, भारे बांधणे आणि हाताने रोपे लावणे यांना महत्त्व होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> रोपवाटिकेतून काढलेली रोपे लहान भाऱ्यांमध्ये बांधून मुख्य शेतात नेली जात. चिखललेल्या शेतात शेतकरी किंवा मजूर हाताने रोपांचे पुंजके लावत. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक लावणीच्या प्रक्रियेत शेताची समतलता आणि चिखलाची योग्य अवस्था महत्त्वाची होती. त्यासाठी नांगरणी, चिखलणी आणि लाकडी फळी किंवा गुतेफळीच्या साहाय्याने समतलीकरण केले जात असे. त्यामुळे लावणीचे तंत्र हे स्वतंत्र साधनापेक्षा जमीन तयार करण्याच्या पारंपरिक तंत्राशी अधिक निगडित होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात मानवी श्रमाची गरज कमी करण्यासाठी भातलावणी आणि इतर कृषी कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याचे प्रयत्न झाले आहेत. मात्र, कोकणातील लहान, तुकड्यात विभागलेली आणि उताराची शेतजमीन तसेच अतिपर्जन्यमान यांमुळे मोठ्या यंत्रांचा वापर अनेक ठिकाणी मर्यादित राहतो. कोकणातील भातशेतीच्या यांत्रिकीकरणावरील अभ्यासांमध्ये या भौगोलिक मर्यादांचा विशेष विचार करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |pages=43–49 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कापणी आणि मळणीची अवजारे === पारंपरिक पद्धतीत भाताची कापणी ''विळ्या''ने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पिकाची कणसे पक्व झाल्यानंतर भात जमिनीजवळून कापला जाई. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि ते मळणीच्या जागी नेले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यंत्रांऐवजी कापलेल्या भाताच्या भाऱ्यांचा कठीण पृष्ठभागावर किंवा लाकडी फळीवर आपटून दाणे वेगळे करण्याची पद्धत वापरली जात असे. उरलेले दाणे मिळविण्यासाठी काही ठिकाणी पेंढा जनावरांच्या पायांनी तुडविला जात असे. त्यानंतर धान्य आणि पेंढा वेगळे करण्यासाठी उफणणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> विळा, सुप, टोपली आणि इतर साधी हातसाधने ही कापणी, मळणी आणि धान्य हाताळणीतील प्रमुख साधने होती. रत्‍नागिरीच्या कृषी-अवजारांच्या नोंदीमध्ये कापणीसाठी विळा आणि धान्य हाताळण्यासाठी विविध पारंपरिक साधनांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> कोकणातील पारंपरिक कापणी-मळणी प्रक्रियेत मानवी श्रमाचे प्रमाण मोठे होते. आधुनिक काळात मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज वाढली. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, उफणणी यंत्र, रीपर, रीपर-बाइंडर आणि विविध प्रकारच्या मळणी यंत्रांच्या संयोजनांचा आर्थिक अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील अनेक शेतकऱ्यांकडे लहान आकाराची जमीन असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या सामायिक वापराच्या पद्धती यांत्रिकीकरणासाठी उपयुक्त ठरू शकतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === पारंपरिक कृषितंत्रातील स्थानिक ज्ञान === कोकणातील पारंपरिक कृषितंत्र हे स्थानिक भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थितीच्या दीर्घ अनुभवातून विकसित झाले होते. मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन आणि भातासाठी पाणी धरून ठेवण्याची आवश्यकता यांनुसार शेतकरी जमीन तयार करण्याची वेळ, नांगरणीची पद्धत, चिखलणीची अवस्था आणि समतलीकरण यांचा निर्णय घेत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> स्थानिक ज्ञानाचा एक महत्त्वाचा भाग म्हणजे योग्य वेळी योग्य अवजाराचा वापर करणे. लाकडी नांगराचा वापर जमीन उघडण्यासाठी आणि चिखलणीसाठी, गुतेफळीचा वापर समतलीकरणासाठी, कोळपीचा वापर आंतरमशागतीसाठी आणि खुरपीचा वापर तण काढण्यासाठी केला जात असे. अशा प्रकारे प्रत्येक अवजाराचे कार्य भातशेतीच्या विशिष्ट टप्प्याशी जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान पाण्याच्या व्यवस्थापनाशीही संबंधित होते. चिखलणी करून जमिनीतील पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करणे, शेत समतल ठेवणे आणि शेतबांधांच्या साहाय्याने पाणी नियंत्रित करणे या पद्धतींमधून स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेतलेले तंत्रज्ञान दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील शेतजमिनींच्या आकारमानामुळे आणि भौगोलिक रचनेमुळे मोठ्या कृषियंत्रांच्या वापराला काही मर्यादा आहेत. आधुनिक संशोधनातही कोकणातील लहान आणि तुकड्यात विभागलेली जमीन, उताराची शेती आणि उच्च पर्जन्यमान या बाबी यंत्रांच्या निवडीसाठी महत्त्वाच्या असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> पारंपरिक साधनांपासून आधुनिक कृषियंत्रांपर्यंतचा हा बदल टप्प्याटप्प्याने झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप विविध कृषी अवजारे विकसित केली आहेत. त्यामध्ये भात कापणीसाठी ''वैभव विळा'' तसेच भात कापणीसाठी स्वयंप्रचलित रीपर यांचा समावेश आहे. अशा तंत्रज्ञानाचा उद्देश मानवी श्रम कमी करणे आणि कोकणातील परिस्थितीत कृषी कामांची कार्यक्षमता वाढविणे हा आहे.<ref name="DBSKKVImplements">{{cite report |title=Annual Report 2016–17 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/2023-24/Research/PDF%20Annual%20Report%20All/Annual%20Report%202016-17...DBSKKV%20English.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञानाचा विकास हा स्थानिक पर्यावरण, लहान शेतक्षेत्रे, बैलचलित शेती आणि उपलब्ध मानवी श्रम यांच्या गरजांशी संबंधित राहिला आहे. पारंपरिक लाकडी अवजारांपासून आधुनिक रीपर, मळणी यंत्रे आणि इतर यांत्रिक साधनांपर्यंतचा बदल हा कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक परिवर्तनाचा एक भाग आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> == भातशेती आणि ग्रामीण जीवन == कोकणातील भातशेतीचा संबंध केवळ अन्नधान्याच्या उत्पादनाशी नसून ग्रामीण कुटुंबव्यवस्था, कृषी श्रम, स्थानिक अर्थव्यवस्था आणि दैनंदिन जीवनाशीही आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरनुसार विसाव्या शतकाच्या मध्यकाळात शेती हा जिल्ह्यातील लोकांच्या उपजीविकेचा प्रमुख आधार होता. १९५१ च्या जनगणनेच्या आधारे जिल्ह्यातील सुमारे ६९ टक्के लोक शेती हा मुख्य व्यवसाय म्हणून करीत असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture: Census |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_census.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भात हे रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील प्रमुख पीक होते. १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्यामुळे भातशेतीचा ग्रामीण जीवनातील स्थानिक अन्नपुरवठा आणि कृषी अर्थव्यवस्थेशी घनिष्ठ संबंध होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === शेतकरी कुटुंब आणि भातशेती === पारंपरिक कोकणातील शेतीव्यवस्थेत शेतकरी कुटुंब हे उत्पादनाचे महत्त्वाचे एकक होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये शेतजमिनीची मालकी, भाडेपट्ट्यावरील शेती आणि प्रत्यक्ष शेती करणारे शेतकरी यांची स्वतंत्र नोंद आढळते. १९५१ च्या आकडेवारीत स्वतःच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे तसेच मुख्यतः इतरांच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे शेतकरी आणि त्यांचे आश्रित यांचा समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> लहान शेतजमिनी आणि मर्यादित कृषी उत्पन्नामुळे कुटुंबातील सदस्यांचा शेतीच्या कामात सहभाग महत्त्वाचा ठरत असे. ग्रामीण जीवनाच्या सर्वेक्षणात शेतीवर अवलंबून असलेल्या कुटुंबांना उत्पन्नाच्या पूरक साधनांची आवश्यकता भासत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. काही कुटुंबे शेतीबरोबर संबंधित व्यवसाय करीत असत, तर काहींना शहरांमध्ये काम करणाऱ्या कुटुंबीयांकडून आर्थिक मदत मिळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Standard of Living: Rural Areas |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/std_rural.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीतील कामांचे स्वरूप हंगामानुसार बदलत असे. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, लावणी, तण काढणे, कापणी आणि मळणी या कामांमध्ये कुटुंबातील सदस्यांचा प्रत्यक्ष सहभाग असे. तथापि, सर्व कामे केवळ कुटुंबीयांच्या श्रमातूनच पूर्ण होत असत, असा सार्वत्रिक निष्कर्ष काढता येत नाही. विशेषतः लावणी आणि कापणीसारख्या श्रमप्रधान काळात बाहेरील मजुरांची आवश्यकता भासत असल्याची नोंद रत्‍नागिरी गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Wages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> शेतीतून मिळणारे धान्य हे कुटुंबाच्या अन्नपुरवठ्याचा महत्त्वाचा आधार होते. ऐतिहासिक नोंदींनुसार अनेक शेतकऱ्यांना स्वतःच्या गरजा भागविण्यासाठी पुरेसे उत्पादन मिळणेही आव्हानात्मक होते. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध अन्नसुरक्षेबरोबरच कुटुंबाच्या आर्थिक स्थैर्याशीही जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerBorrowers">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Borrowers |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === सामुदायिक श्रम आणि लावणीची परंपरा === कोकणातील भातशेतीतील लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर श्रमप्रधान प्रक्रिया होती. रोपवाटिकेतून रोपे काढणे, त्यांची भारे बांधणे, ती शेतात नेणे आणि चिखललेल्या शेतात पुनर्लागवड करणे या कामांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळ आवश्यक असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मजुरांची आवश्यकता असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> लावणीच्या हंगामात स्थानिक मजुरांची मागणी वाढत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण मजुरीविषयक नोंदीनुसार पुनर्लागवड सुरू झाल्यानंतर मजुरांची कमतरता जाणवत असे आणि शेतकरी आपल्या गावातून किंवा जवळच्या गावांतून मजूर नियुक्त करीत असत. यावरून भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे गावपातळीवर कृषी श्रमाची मागणी वाढत असल्याचे दिसते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी मजुरी रोख रक्कम किंवा धान्याच्या स्वरूपात देण्याच्या पद्धतींचाही उल्लेख आढळतो. काही तालुक्यांमध्ये कापणी आणि मळणीसारख्या कामांसाठी रोख मजुरी दिली जात असे, तर काही ठिकाणी धान्य किंवा भोजनाच्या स्वरूपात मोबदला देण्याची प्रथा आढळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> लावणी आणि कापणीच्या काळात गावातील उपलब्ध मनुष्यबळाचे महत्त्व त्यामुळे वाढत असे. तथापि, आधुनिक अर्थाने प्रत्येक गावात एकसमान ''सामुदायिक श्रम'' व्यवस्था अस्तित्वात होती, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढणे योग्य ठरणार नाही. उपलब्ध नोंदी मुख्यतः कुटुंबीय श्रम, स्थानिक मजूर आणि हंगामी मजुरीच्या व्यवस्थेचे दस्तऐवजीकरण करतात.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> === भातशेती आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था === भातशेतीचा रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर मोठा प्रभाव होता. १९५१ च्या नोंदीनुसार जिल्ह्यातील मोठ्या प्रमाणातील लोकसंख्या शेतीवर मुख्य किंवा पूरक उपजीविकेसाठी अवलंबून होती. शेतीबरोबर पशुपालन, वनीकरण, लागवड आणि इतर संबंधित व्यवसाय हेही उत्पन्नाचे स्रोत होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> भातशेतीमधील उत्पादनाचा काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे, तर उर्वरित धान्याची विक्री किंवा देवाणघेवाण केली जाऊ शकत असे. ग्रामीण जीवनावरील गॅझेटियरच्या नोंदींमध्ये रोख व्यवहारांबरोबर वस्तुविनिमयही अस्तित्वात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत धान्याचे आर्थिक महत्त्व केवळ बाजारातील विक्रीपुरते मर्यादित नव्हते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> भातशेतीशी संबंधित कृषी मजुरीलाही ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान होते. नांगरणी, पेरणी, कापणी आणि मळणी यांसारख्या विशिष्ट कामांसाठी मजूर नियुक्त केले जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी रोख तसेच वस्तुरूप मजुरीच्या पद्धतींचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे ग्रामीण रोजगारामध्येही चढ-उतार होत असत. भाताची पेरणी आणि कापणी यांसारख्या काळात कृषी श्रमाची मागणी वाढत असे, तर शेतीची कामे कमी असलेल्या काळात काही ग्रामीण कामगारांना पर्यायी रोजगार शोधावा लागत असे. रत्‍नागिरीच्या ऐतिहासिक नोंदींमध्ये हंगामानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर रोजगारासाठी मुंबईकडे स्थलांतर करीत असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Movements of the People |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> आधुनिक काळातही कोकणातील भातशेतीमध्ये मजूर हा महत्त्वाचा उत्पादनघटक आहे. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार पारंपरिक पद्धतीतील विविध कृषी कामे मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित असून ती श्रमप्रधान आहेत. मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांच्या यांत्रिकीकरणाची गरज वाढल्याचे संशोधनात नमूद केले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === भातशेती आणि लोकजीवन === भात हा कोकणातील ग्रामीण आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताचे स्थानिक अन्नव्यवस्थेतील महत्त्व आणि त्यापासून तयार होणाऱ्या विविध खाद्यपदार्थांचा उल्लेख आढळतो. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध केवळ कृषी उत्पादनाशी नसून स्थानिक आहारपद्धतीशीही जोडलेला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनाशी संबंधित कापणी, मळणी, धान्य वाळवणे आणि साठवण या प्रक्रिया ग्रामीण जीवनातील नियमित हंगामी कामांचा भाग होत्या. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूच्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीशी संबंधित हंगामी कामांमुळे गावातील श्रमव्यवस्था आणि सामाजिक व्यवहारांनाही चालना मिळत असे. लावणी आणि कापणीच्या काळात शेतमजुरांची मागणी वाढत असे आणि जवळच्या गावांमधूनही मजूर कामासाठी येत असत. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध स्थानिक रोजगार आणि गावांमधील आर्थिक देवाणघेवाणीशी जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीचा ग्रामीण जीवनाशी असलेला संबंध ऐतिहासिक स्थलांतराच्या पद्धतीतही दिसतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी झाल्यानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे शेती आणि शहरातील रोजगार यांच्यात हंगामी आर्थिक संबंध निर्माण झाले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारे ग्रामीण जीवन हे एकसंध किंवा सर्व गावांमध्ये समान स्वरूपाचे नव्हते. जमीनधारणा, शेतीचा प्रकार, कुटुंबाची आर्थिक स्थिती, मजुरीची उपलब्धता आणि इतर व्यवसाय यांनुसार शेतकरी व ग्रामीण कुटुंबांचे जीवनमान वेगवेगळे होते. रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण जीवनावरील सर्वेक्षणात मोठे शेतकरी, मध्यम शेतकरी, भाडेकरू शेतकरी, भूमिहीन मजूर आणि इतर ग्रामीण समूह यांचे वेगवेगळे आर्थिक स्तर नोंदविण्यात आले आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती ही शेतकरी कुटुंब, हंगामी कृषी श्रम, स्थानिक रोजगार, अन्नव्यवस्था आणि ग्रामीण अर्थकारण यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था होती. पारंपरिक काळातील या संबंधांमध्ये कालानुसार बदल झाले असले तरी भातशेतीचे कोकणातील ग्रामीण जीवनाशी असलेले ऐतिहासिक नाते विविध कृषी आणि सामाजिक नोंदींतून स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/><ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा == कोकणातील भातशेतीचा संबंध स्थानिक अन्नव्यवस्था, सण-उत्सव, धार्मिक आचार, लोकपरंपरा आणि ग्रामीण जीवनाशी ऐतिहासिकदृष्ट्या जोडलेला आहे. भात हे कोकणातील प्रमुख अन्नधान्य असल्यामुळे त्याचे स्थान केवळ कृषी उत्पादनापुरते मर्यादित राहिले नाही. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भात हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याची आणि विविध धार्मिक व सामाजिक प्रसंगी स्थानिक खाद्यपरंपरांचा वापर होत असल्याची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriSawantwadiFood">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कृषीविधी आणि धार्मिक परंपरा === कोकणातील ग्रामीण जीवनात कृषी आणि धार्मिक परंपरा परस्परांशी संबंधित होत्या. गावातील सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांमध्ये गावप्रमुख, देवस्थानातील सेवक, पुरोहित आणि इतर ग्रामघटकांची भूमिका निश्चित असल्याचे रत्‍नागिरी-सावंतवाडी गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे. सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांच्या वेळी गावदेवतेची पालखी मिरवणुकीने नेण्याची प्रथा तसेच विविध धार्मिक समारंभांचे सामुदायिक स्वरूप यांची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Villages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> धान्य आणि तांदूळ यांचा धार्मिक व्यवहारातील उपयोगही ऐतिहासिक नोंदींतून दिसतो. सावंतवाडी परिसरातील काही धार्मिक आणि सामाजिक विधींमध्ये तांदूळ अर्पण करण्याची प्रथा नोंदविण्यात आली आहे. त्यामुळे तांदूळ हा केवळ अन्नधान्य नसून काही धार्मिक व्यवहारांमध्ये वापरला जाणारा कृषीउत्पादनाचा घटकही होता.<ref name="RatnagiriGazetteerReligiousCustoms">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील धार्मिक जीवनामध्ये ग्रामदैवतांच्या उत्सवांना महत्त्व होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये ग्रामदेवतांच्या उत्सवांमध्ये कीर्तन, धार्मिक प्रवचन आणि इतर धार्मिक कार्यक्रम होत असल्याची नोंद आहे. अशा प्रसंगी स्थानिक समुदायाचा सहभाग असे आणि धार्मिक कार्यक्रम हे गावाच्या सामाजिक जीवनाचा एक भाग बनत.<ref name="RatnagiriGazetteerEntertainment">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Entertainments |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_entertainments.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> तथापि, भाताच्या पेरणी, लावणी किंवा कापणीशी संबंधित प्रत्येक धार्मिक विधी संपूर्ण कोकणात समान पद्धतीने प्रचलित होता, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढता येत नाही. विविध गाव, समाजसमूह आणि स्थानिक देवपरंपरांनुसार कृषीविषयक आचारांमध्ये फरक असण्याची शक्यता होती. === भातशेती आणि लोकपरंपरा === भातशेतीभोवती विकसित झालेल्या लोकपरंपरांचा संबंध शेतीच्या हंगामी चक्राशी होता. पावसाळ्याच्या सुरुवातीपासून भाताची पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि त्यानंतर कापणीपर्यंतची कामे ग्रामीण जीवनाचा महत्त्वाचा भाग होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांसाठी स्थानिक संज्ञा नोंदविण्यात आल्या आहेत—''बी'', ''रोव'', ''तरवा'', ''पोसावळे'', ''दुधगिले'' आणि ''भात''. या संज्ञा पिकाच्या वाढीचे स्थानिक निरीक्षण आणि त्यानुसार विकसित झालेले कृषी ज्ञान दर्शवतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या कापणीनंतर ग्रामीण जीवनात आणखी एक महत्त्वाचा हंगामी टप्पा सुरू होत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी पूर्ण झाल्यानंतर मोठ्या संख्येने शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे भातशेतीचे हंगामी चक्र ग्रामीण स्थलांतराच्या पद्धतीशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीशी संबंधित लोकपरंपरा केवळ धार्मिक स्वरूपाच्या नव्हत्या. लावणी आणि कापणीच्या काळातील सामूहिक कामे, हंगामानुसार रोजगाराची उपलब्धता, धान्याची साठवण आणि स्थानिक खाद्यपद्धती यांमधूनही भातशेतीचे ग्रामीण सांस्कृतिक जीवनाशी असलेले नाते दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === भात आणि कोकणातील खाद्यसंस्कृती === भात हा रत्‍नागिरी आणि कोकणातील पारंपरिक आहाराचा प्रमुख घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भात हा प्रमुख अन्नधान्य असून तो डाळी, आमटी, भाज्या, ताक, नारळ आणि स्थानिक मसाल्यांसह खाल्ला जात असे. शेतकरी कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भाताबरोबर भाजी, डाळ किंवा माशांचे पदार्थ यांचा समावेश होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> तांदळाचे ''उकडा'' आणि ''सुरई'' असे प्रकारही वापरात होते. उकडा तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर सुरई प्रकारासाठी धान्य उकळण्याची प्रक्रिया केली जात नसे. या दोन प्रकारांचा वापर स्थानिक खाद्यपद्धतीत केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> शिजवलेल्या तांदळाचेही विविध प्रकार आहारात होते. गॅझेटियरमध्ये पाण्याच्या प्रमाणानुसार तयार होणाऱ्या ''भात''ाच्या पद्धतींचा तसेच उरलेल्या तांदळाच्या पाण्याचा ''पेज'' म्हणून वापर होत असल्याचा उल्लेख आहे. ''पेज'' हे विशेषतः सकाळच्या आहाराचा भाग असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> भातापासून तयार होणाऱ्या इतर पदार्थांमध्ये पोहे आणि मुरमुरे यांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार धान्य भाजून किंवा फुलवून त्यापासून विविध खाद्यपदार्थ तयार केले जात आणि पोहे व मुरमुरे यांचा स्थानिक वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> सावंतवाडी परिसरातील खाद्यपरंपरेतही भाताचे महत्त्व दिसते. ऐतिहासिक नोंदीनुसार श्रीमंत आणि मध्यमवर्गीय कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भात, डाळी आणि भाज्या यांचा समावेश होता; विशेष प्रसंगी तांदूळ आणि उडीद डाळीपासून तयार केलेले वडे यांसारखे पदार्थ केले जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiFood"/> यामुळे कोकणातील भातशेती आणि खाद्यसंस्कृती यांचा परस्परसंबंध स्पष्ट होतो. भात हा केवळ शेतातील उत्पादन नसून दैनंदिन भोजन, पारंपरिक खाद्यपदार्थ आणि विशेष प्रसंगांच्या भोजनव्यवस्थेचा महत्त्वाचा घटक होता.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> === धान्याशी संबंधित पारंपरिक साठवण आणि उपयोग === भाताचे धान्य कापणी व मळणीनंतर व्यवस्थित वाळवून पुढील वापरासाठी साठवले जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी धान्य स्वतःच्या वापरासाठी साठवत आणि पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक साठवणुकीसाठी लाकडी कोठारे किंवा ''कोठार'' आणि बांबूपासून तयार केलेल्या ''कणग्या'' वापरल्या जात. कणगीच्या आतील भागात धान्य भरल्यानंतर तिचे तोंड बंद केले जात असे. काही ठिकाणी कणगीच्या बाहेरील बाजूस शेणाचा लेप देण्याची आणि तिचा तळ जमिनीत काही प्रमाणात रोवण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची साठवण ही पुढील हंगामातील शेतीशीही संबंधित होती. मळणीनंतर निवडलेले बियाणे वाळवून सुरक्षित ठेवले जाई आणि पुढील पेरणीसाठी त्याचा उपयोग केला जात असे. अशा प्रकारे साठवणुकीची प्रक्रिया एका हंगामातील उत्पादनाला पुढील हंगामाच्या कृषी चक्राशी जोडत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याचा उपयोग अन्नाव्यतिरिक्त विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार करण्यासाठी केला जात असे. भातापासून पोहे, मुरमुरे आणि पेज यांसारखे पदार्थ तयार होत; तर भाताच्या प्रक्रियेतून मिळणाऱ्या पेंढ्याचा ग्रामीण जीवनात विविध उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्यसाठा हा ग्रामीण कुटुंबाच्या अन्नव्यवस्थेचा महत्त्वाचा आधार होता. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार त्या काळातील उत्पादन तुलनेने कमी असल्यामुळे शेतकऱ्यांकडे साठवलेले धान्य प्रामुख्याने घरगुती वापरासाठी ठेवले जात असे; बाजारपेठेत मोठ्या प्रमाणावर विक्री करण्यासाठी अतिरिक्त साठा उपलब्ध असेलच असे नाही.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा या कृषी उत्पादन, धार्मिक आचार, हंगामी लोकजीवन, खाद्यसंस्कृती आणि धान्यसाठवण या परस्परांशी संबंधित घटकांतून विकसित झाल्या. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमध्ये या परंपरांचे विविध प्रादेशिक आणि सामाजिक स्वरूप दिसते; त्यामुळे संपूर्ण कोकणात एकसारखी सांस्कृतिक पद्धत होती, असा निष्कर्ष काढण्याऐवजी स्थानिक विविधता लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife"/> == आधुनिक काळातील कोकणातील भातशेती == आधुनिक काळात कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक पद्धतींसोबत सुधारित वाण, शास्त्रीय पीक व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण, सुधारित खत व्यवस्थापन आणि कृषी संशोधनावर आधारित तंत्रज्ञानाचा वापर वाढला आहे. कोकणातील भौगोलिक परिस्थिती, उच्च पर्जन्यमान, लहान शेतक्षेत्रे आणि मनुष्यबळाची उपलब्धता या घटकांमुळे आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार या प्रदेशात विशिष्ट स्वरूपाचा राहिला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === यांत्रिकीकरण === कोकणातील भातशेतीतील अनेक कामे पारंपरिक पद्धतीने मानवी श्रमावर आधारित होती. जमीन तयार करणे, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसारख्या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता भासत असे. मात्र, कृषी मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यांमुळे भातशेतीतील विविध कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज निर्माण झाली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या यांत्रिकीकरणाचा अभ्यास करताना विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, हातचलित किंवा शक्तिचलित उफणणी यंत्र, स्वयंप्रचलित रीपर, रीपर-बाइंडर, विविध प्रकारची मळणी यंत्रे आणि कंबाईन हार्वेस्टर अशा पर्यायांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील मोठ्या प्रमाणातील शेतकरी अल्पभूधारक असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे यंत्रसामग्रीचा सामायिक वापर, कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या व्यवस्थांना महत्त्व प्राप्त झाले आहे. अभ्यासात रीपर आणि रीपर-बाइंडर यांसारखी यंत्रे सीमांत आणि मध्यम शेतकऱ्यांसाठी उपयुक्त ठरू शकतात, असे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भाताच्या कापणीसाठी स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप यंत्रे विकसित करण्याचेही प्रयत्न झाले आहेत. कोकणातील कृषी अभियांत्रिकी संशोधनात भातासाठी स्ट्रिपर हार्वेस्टरसारख्या यंत्रांच्या विकासाचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा यंत्रांचा उद्देश कापणीतील श्रम आणि वेळ कमी करणे तसेच कोकणातील लहान शेतक्षेत्रांना अनुरूप तंत्रज्ञान विकसित करणे हा आहे.<ref name="DevelopmentPaddyStripperKonkan"/> यांत्रिकीकरणाचा विस्तार मात्र केवळ यंत्रांच्या उपलब्धतेवर अवलंबून नसून शेताचे आकारमान, भूभाग, पाण्याची स्थिती, यंत्राचा वापरकालावधी आणि त्याचा आर्थिक खर्च यांवरही अवलंबून असतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक परिस्थितीशी सुसंगत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य यंत्रांचा वापर महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === सुधारित लागवड तंत्र === आधुनिक भातशेतीमध्ये सुधारित वाणांची निवड, योग्य पेरणीची वेळ, रोपांची योग्य अवस्था, खत व्यवस्थापन आणि तण नियंत्रण यांना महत्त्व दिले जाते. कोकणातील भातवाणांच्या पेरणीच्या वेळेचा उत्पादनावर होणारा परिणाम तपासण्यासाठी डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधकांनी क्षेत्रीय प्रयोग केले आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> २०१५–१६ च्या खरीप हंगामात डापोली येथे करण्यात आलेल्या प्रयोगात २३वा, २४वा आणि २५वा हवामानशास्त्रीय आठवडा अशा तीन पेरणी कालावधींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात २३व्या हवामानशास्त्रीय आठवड्यात पेरलेल्या पिकाला तुलनेने अधिक धान्य व पेंढीचे उत्पादन मिळाले. या प्रयोगात कर्जत-५, पालघर-१, जया, स्वर्ण आणि कर्जत-२ या वाणांचा समावेश करण्यात आला होता.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> कोकणातील थेट पेरणीच्या भातासाठी तण व्यवस्थापनावरही संशोधन करण्यात आले आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील कृषी संशोधन केंद्र, रिपोली येथे २०१९, २०२० आणि २०२१ या खरीप हंगामांत करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय प्रयोगात विविध तणनियंत्रण पद्धतींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात तणमुक्त स्थिती तसेच काही निवडक पूर्वउगवणी आणि पश्चातउगवणी तणनियंत्रण पद्धतींमुळे उत्पादन घटकांवर आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले.<ref name="DademalEtAl2025WeedManagement">{{cite journal |last1=Dademal |first1=A. A. |last2=Jagtap |first2=D. N. |last3=More |first3=V. G. |last4=Bodake |first4=P. S. |last5=Mhaskar |first5=N. V. |last6=Pinjari |first6=S. S. |last7=Dahiphale |first7=A. V. |title=Integrated Weed Management in Kharif Direct Seeded Rice (Oryza sativa L.) in Medium Black Soil of Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Bio-resource and Stress Management |volume=16 |issue=11 |pages=1–8 |year=2025 |url=https://ojs.pphouse.org/index.php/IJBSM/article/view/6859 |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित लागवड तंत्रामध्ये स्थानिक परिस्थितीनुसार योग्य वाणाची निवडही महत्त्वाची आहे. कोकणातील कृषी संशोधनात विविध वाणांची पक्वता, उत्पादनक्षमता आणि स्थानिक हवामानाशी जुळवून घेण्याची क्षमता तपासण्यात आली आहे. त्यामुळे आधुनिक भातशेतीमध्ये एकच पद्धत संपूर्ण कोकणासाठी समान न मानता स्थानिक परिस्थितीनुसार लागवड तंत्र निवडण्यावर भर दिला जातो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === सेंद्रिय आणि शाश्वत शेती === कोकणातील भातशेतीमध्ये जमिनीची सुपीकता टिकवणे, पीक अवशेषांचा योग्य वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन आणि उपलब्ध संसाधनांचा कार्यक्षम वापर या बाबींना शाश्वत शेतीच्या दृष्टीने महत्त्व आहे. किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवर करण्यात आलेल्या अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढीवर, उत्पादनावर आणि आर्थिक परिणामांवर अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन हे जमिनीतील सेंद्रिय पदार्थ आणि पोषकद्रव्यांच्या पुनर्वापराशी संबंधित आहे. भाताच्या पेंढीचे योग्य व्यवस्थापन करून ती शेतातच वापरणे किंवा इतर कृषी उपयोगात आणणे ही संसाधनांचा पुनर्वापर करणारी पद्धत ठरू शकते. किनारी महाराष्ट्रातील प्रयोगांमध्ये पीक अवशेष व्यवस्थापन आणि खत व्यवस्थापन यांच्या विविध संयोजनांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील भातासाठी सेंद्रिय आणि अजैविक खतांच्या वापराच्या तुलनात्मक परिणामांचाही अभ्यास झाला आहे. डापोली येथील क्षेत्रीय प्रयोगात नत्राच्या विविध मात्रा आणि शेणखताच्या विविध मात्रांचा वापर करून भाताच्या वाढी, उत्पादन घटक आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम तपासण्यात आला. या संशोधनातून पोषण व्यवस्थापनामध्ये सेंद्रिय आणि अजैविक स्रोतांचा योग्य वापर हा उत्पादनक्षमता आणि आर्थिक परताव्याशी संबंधित असल्याचे दिसून आले.<ref name="WarankarEtAl2020NutrientManagement">{{cite journal |last1=Warankar |first1=V. V. |last2=Chavan |first2=Y. S. |last3=Jadhav |first3=A. N. |last4=Bahiram |first4=M. E. |last5=Gaikwad |first5=A. M. |last6=Chavan |first6=V. G. |last7=Rajemahadik |first7=V. A. |last8=Sagavekar |first8=V. V. |last9=Chavan |first9=S. A. |title=Nutrient Management in kharif Rice (Oryza sativa L.) through Inorganic and Organic Sources for Enhancing Productivity and Profitability in Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=9 |issue=12 |pages=355–364 |year=2020 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=20440&SNo=45&vol=9-12-2020 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत डाळी, भाजीपाला, दुग्धव्यवसाय, कुक्कुटपालन, फळबागा आणि इतर कृषी उपक्रम यांचे संयोजन आढळले आहे. या अभ्यासात विविध कृषी उपक्रमांचे एकत्रीकरण आणि विविधीकरण यांचा शेतीच्या नफाक्षमतेशी सकारात्मक संबंध आढळला. त्यामुळे भातशेतीला इतर कृषी उपक्रमांशी जोडणे ही कोकणातील शाश्वत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य शेती व्यवस्थेची एक दिशा मानता येते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> मात्र ''सेंद्रिय शेती'' आणि ''शाश्वत शेती'' हे समानार्थी संकल्पना नाहीत. उपलब्ध संशोधनाच्या आधारे कोकणातील सर्व भातशेती सेंद्रिय पद्धतीने केली जाते, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. आधुनिक कोकणातील शाश्वत भातशेतीचा विचार करताना मातीचे आरोग्य, पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन, संतुलित खत वापर, पाणी व्यवस्थापन, पीक विविधीकरण आणि उत्पादन खर्च यांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="PalkarEtAl2023">{{cite journal |last1=Palkar |first1=K. P. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Pinjari |first3=S. S. |last4=Kasture |first4=M. C. |last5=Dodake |first5=S. B. |title=Effect of Crop Residue and Fertilizer Management on Growth, Yield and Economics of Rice in the Coastal Region of Maharashtra |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=41 |issue=2 |pages=128–133 |year=2023 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/126544 |access-date=14 August 2026 }}</ref><ref name="ToraneEtAl2011"/> === कृषी संशोधन आणि कोकण कृषी विद्यापीठाची भूमिका === कोकणातील आधुनिक भातशेतीच्या विकासामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली आणि त्याच्या विविध संशोधन केंद्रांची महत्त्वाची भूमिका आहे. विद्यापीठाने कोकणातील भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थिती लक्षात घेऊन भातासह विविध पिकांच्या सुधारित जाती विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे. रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांसारख्या सुधारित जाती तसेच सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाणांचा विकास विद्यापीठाच्या भात संशोधनाचा भाग आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या संशोधनात केवळ वाणनिर्मितीवर भर नसून पेरणीची योग्य वेळ, उत्पादनक्षमता, खत व्यवस्थापन, तण व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण आणि स्थानिक परिस्थितीशी अनुरूप पीक व्यवस्थापन यांचाही अभ्यास केला जातो. कोकणातील पेरणीच्या वेळेवरील क्षेत्रीय प्रयोग आणि तण व्यवस्थापनावरील अलीकडील संशोधन याचे उदाहरण आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="DademalEtAl2025WeedManagement"/> कृषी अभियांत्रिकीच्या क्षेत्रातही विद्यापीठाशी संबंधित संशोधन संस्थांनी भातशेतीतील श्रम कमी करण्यासाठी विविध यंत्रे आणि तंत्रे विकसित करण्याचा प्रयत्न केला आहे. भात कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेसाठी विविध यंत्रसामग्रीच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा संशोधनामुळे कोकणातील लहान शेतकऱ्यांसाठी योग्य यांत्रिकीकरणाच्या पर्यायांचा शोध घेता आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भातशेतीसमोरील बदलत्या हवामान, मजूरटंचाई, वाढता उत्पादनखर्च आणि संसाधनांच्या कार्यक्षम वापराच्या प्रश्नांच्या पार्श्वभूमीवर कृषी संशोधनाचे महत्त्व वाढले आहे. स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाण, योग्य लागवड कालावधी, तण आणि पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा वापर आणि यांत्रिकीकरण यांचा एकत्रित अभ्यास आधुनिक भातशेतीच्या विकासासाठी महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे आधुनिक कोकणातील भातशेती ही पारंपरिक कृषिज्ञान आणि आधुनिक कृषी संशोधन यांच्या संयोगातून विकसित होत आहे. सुधारित वाण आणि लागवड तंत्रांबरोबर यांत्रिकीकरण, पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा पुनर्वापर आणि कृषी विविधीकरण यांचा वापर वाढविण्याचे प्रयत्न सुरू आहेत. या प्रक्रियेत कोकणाच्या विशिष्ट भौगोलिक आणि सामाजिक-आर्थिक परिस्थितीशी सुसंगत तंत्रज्ञानाला विशेष महत्त्व आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == भातशेतीसमोरील आव्हाने == कोकणातील भातशेतीसमोर नैसर्गिक, आर्थिक, सामाजिक आणि तांत्रिक स्वरूपाची अनेक आव्हाने आहेत. प्रदेशातील मुसळधार मोसमी पाऊस, पावसातील असमानता, लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन, कृषी मजुरांची कमतरता, वाढता उत्पादनखर्च आणि कृषी जमिनीच्या बिगरशेती वापराकडे होणारा कल यांचा भातशेतीवर परिणाम होतो. कोकणातील भात उत्पादनाच्या दीर्घकालीन अभ्यासात क्षेत्रफळात घट होत असल्याचे, तर उत्पादन आणि उत्पादकतेत तांत्रिक प्रगतीमुळे काही प्रमाणात वाढ झाल्याचे आढळले आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan">{{cite thesis |last=Shinde |first=Archana Amrut |title=Rice Production in Konkan Region—An Economic Analysis |type=M.Sc. (Agri.) thesis |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |date=June 2017 |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/items/4c28503c-4c72-4d41-a115-b9660f7ce90f |access-date=14 August 2026 }}</ref> === बदलते हवामान आणि पर्जन्यमान === कोकणातील भातशेती मोठ्या प्रमाणावर मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पर्जन्यमानातील बदलांचा पिकावर थेट परिणाम होऊ शकतो. भारतीय हवामान विभागाच्या दीर्घकालीन अभ्यासानुसार १९०१ ते २०२० या कालावधीत कोकण व गोवा विभागातील वार्षिक पर्जन्यमानात सांख्यिकीयदृष्ट्या लक्षणीय वाढीचा कल आढळला असून, दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसातही वाढीचा कल नोंदविण्यात आला आहे. त्याच अभ्यासात विविध दशकांमध्ये अतिरिक्त तसेच तुटीची पर्जन्यमानाची वर्षे आढळल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall">{{cite journal |last1=Singh |first1=Neeti |last2=Tomar |first2=C. S. |last3=Kumar |first3=Gajendra |last4=Arun |first4=S. H. |last5=Sankhala |first5=Dinesh |title=Temporal variations of rainfall over Konkan & Goa during 1901-2020 |journal=MAUSAM |volume=75 |issue=1 |pages=101–108 |year=2024 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/803 |access-date=14 August 2026 }}</ref> पर्जन्यमानाचे एकूण प्रमाण पुरेसे असले तरी त्याचे हंगामातील वितरण भातशेतीसाठी महत्त्वाचे असते. कोकण किनाऱ्यावरील दीर्घकालीन पर्जन्य अभ्यासात मोसमी पाऊस सलग पडत नसून पावसामध्ये काही कालावधीचे खंड पडू शकतात, असे आढळले आहे. त्यामुळे पावसाचे आगमन, पावसातील खंड आणि अतिवृष्टीचे कालखंड यांचा भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="Singh1973DrySpellsKonkan"> {{cite journal |last=Singh |first=Gurbachan |title=Long dry spells of short return periods during southwest monsoon along the Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=24 |issue=1 |pages=69–74 |year=1973 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/5103 }} </ref> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील आकडेवारीवर आधारित अभ्यासात भाताच्या उत्पादनाचा पर्जन्यमानाशी संबंध तपासण्यात आला. पिकाच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पाऊस आणि भाताच्या उत्पादनामध्ये महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे त्या अभ्यासात आढळले. त्यामुळे भातशेतीसाठी केवळ वार्षिक पर्जन्यमान नव्हे तर पिकाच्या वाढीच्या महत्त्वाच्या अवस्थांमध्ये पडणाऱ्या पावसाचे प्रमाणही महत्त्वाचे ठरते.<ref name="ChowdhuryDas1993RiceRainfallKonkan"> {{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 }} </ref> हवामानातील बदलांशी जुळवून घेण्याच्या प्रक्रियेत शेतकऱ्यांना हवामानाचा अचूक अंदाज, योग्य वेळी उपलब्ध होणारी माहिती आणि स्थानिक पातळीवरील कृषी मार्गदर्शन यांची आवश्यकता असते. पालघर जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासात बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेताना अचूक हवामान अंदाजाची कमतरता ही प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे.<ref name="ShelarSinghMaji2022ClimateKonkan"> {{cite journal |last1=Shelar |first1=Rohit |last2=Singh |first2=A. K. |last3=Maji |first3=Saikat |title=Constraints in Adapting the Climate change in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Extension Education |volume=58 |issue=1 |pages=169–171 |year=2022 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/IJEE/article/view/119187 }} </ref> === मजूर उपलब्धतेची समस्या === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील अनेक कामे श्रमप्रधान आहेत. लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असून, मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे भात उत्पादन आर्थिकदृष्ट्या अधिक खर्चिक होत आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> विशेषतः लावणी आणि कापणीच्या काळात मजुरांची मागणी वाढते. कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक अभ्यासांमध्ये शेतकऱ्यांना पिकाच्या महत्त्वाच्या कालखंडात आवश्यक मनुष्यबळ उपलब्ध करून देणे हे एक आव्हान असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागातील स्थलांतराच्या अभ्यासात स्थानिक रोजगाराच्या मर्यादांमुळे ग्रामीण लोकसंख्येतील काही घटक इतर भागांकडे स्थलांतर करीत असल्याचे आढळले आहे. कोकणातील स्थलांतराचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम करणाऱ्या अभ्यासात स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये श्रमशक्तीचे प्रमाण आणि शेतीबाहेरील उत्पन्नाचे महत्त्व अधिक असल्याचे दिसून आले.<ref name="ThoratEtAl2011Migration">{{cite journal |last1=Thorat |first1=V. A. |last2=Dhekale |first2=J. S. |last3=Patil |first3=H. K. |last4=Bagde |first4=S. R. |title=Impact of Migration on Rural Economy of Konkan Region |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=Conference Number |pages=556 |year=2011 |url=https://agris.fao.org/search/en/providers/122535/records/65df913a63b8185d9cad503e |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांची कमतरता कमी करण्यासाठी कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियांचे यांत्रिकीकरण हा एक पर्याय मानला जातो. कोकणातील संशोधनात रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रे यांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. मात्र लहान शेतक्षेत्रे आणि यंत्रांच्या खर्चामुळे सामायिक वापर किंवा कस्टम हायरिंगसारख्या व्यवस्थांची आवश्यकता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === शेतीखर्च आणि आर्थिक आव्हाने === भातशेतीतील उत्पादनखर्च हा कोकणातील शेतकऱ्यांसमोरील महत्त्वाचा आर्थिक प्रश्न आहे. बियाणे, खते, कीटकनाशके, मजुरी, मशागत, कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील खर्च यांचा एकत्रित परिणाम भातशेतीच्या नफाक्षमतेवर होतो. कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासात बियाणे, खते आणि मजुरीचा वाढता खर्च तसेच उत्पादनाला मिळणारी तुलनेने कमी किंमत या प्रमुख अडचणी असल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology">{{cite journal |last1=Hile |first1=R. B. |last2=Darekar |first2=A. S. |last3=Datrkar |first3=S. B. |title=Adoption assessment of production technology for paddy cultivation in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Economics and Development |volume=11 |issue=1 |pages=217–225 |year=2015 |doi=10.5958/2322-0430.2015.00023.2 |url=https://indianjournals.com/article/ijed1-11-1-023 |access-date=17 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांच्या वाढत्या किमती, योग्य वेळी कृषी निविष्ठा उपलब्ध न होणे, मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="WarwadekarEtAl2022Constraints"> {{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 }} </ref> कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक अभ्यासात हवामान, उत्पादनक्षमता आणि क्षेत्रफळातील बदल यांचा उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले आहे. उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी आधुनिक कृषितंत्रज्ञानाचा स्वीकार महत्त्वाचा ठरला असला तरी उत्पादनातील अस्थिरता आणि उत्पादनखर्च यांचा शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नावर परिणाम होतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेवरील आर्थिक अभ्यासात पीक विविधीकरण आणि विविध कृषी व्यवसायांचे एकत्रीकरण यांचा विचार करण्यात आला आहे. भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश केल्यास शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत विविध होऊ शकतात. त्यामुळे केवळ भातावर अवलंबून न राहता स्थानिक परिस्थितीनुसार विविधीकृत कृषी व्यवस्था हा आर्थिक जोखीम कमी करण्याचा एक पर्याय ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/> === शेतीजमिनीतील बदल === कोकणातील भातशेतीसमोरील आणखी एक महत्त्वाचे आव्हान म्हणजे कृषी जमिनीच्या वापरातील बदल. कोकणातील भात उत्पादनावरील दीर्घकालीन आर्थिक अभ्यासात १९८९–९० ते २०१४–१५ या कालावधीत भाताखालील क्षेत्रात घट झाल्याचे आढळले आहे. ही घट विशेषतः तत्कालीन ठाणे आणि रायगड जिल्ह्यांत अधिक होती. अभ्यासात जलद नागरीकरण, औद्योगिकीकरण आणि कृषी जमिनीचा बिगरशेती वापराकडे होणारा बदल ही त्यामागील कारणे म्हणून नमूद केली आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> भाताखालील क्षेत्रातील घट ही सर्व कोकण जिल्ह्यांमध्ये समान प्रमाणात झालेली नाही. भौगोलिक परिस्थिती, शहरीकरणाची तीव्रता, औद्योगिक विकास, जमिनीची किंमत आणि स्थानिक रोजगाराच्या संधी यांनुसार जमिनीच्या वापरातील बदलाचे स्वरूप वेगवेगळे असू शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कृषी जमिनीचे तुकडीकरण हेही कोकणातील शेतीसमोरील संरचनात्मक आव्हान आहे. लहान आणि तुकड्यात विभागलेल्या शेतजमिनीमुळे मोठ्या कृषियंत्रांचा वापर करणे, यंत्रसामग्रीचा पूर्ण क्षमतेने उपयोग करणे आणि यांत्रिकीकरणातून होणारा खर्च कमी करणे कठीण होऊ शकते. कोकणातील कृषी यांत्रिकीकरणाच्या अभ्यासात लहान शेतक्षेत्रे ही यंत्रसामग्रीच्या वापरातील महत्त्वाची मर्यादा असल्याचे दिसून येते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> जमिनीच्या वापरातील बदलांमुळे भातशेतीचे पारंपरिक कृषी क्षेत्र कमी होण्याबरोबरच ग्रामीण उत्पादनव्यवस्थेवरही परिणाम होऊ शकतो. त्यामुळे उपलब्ध कृषी जमीन टिकवून ठेवणे, पाण्याची व्यवस्था सुधारणे आणि स्थानिक परिस्थितीनुसार शेती अधिक आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य करणे ही भातशेतीच्या भविष्यासाठी महत्त्वाची आव्हाने आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> === तरुण पिढी आणि शेतीपासून दुरावणे === कोकणातील ग्रामीण समाजामध्ये शेतीबाहेरील रोजगाराच्या संधी वाढल्यामुळे तरुण पिढीच्या उपजीविकेच्या निवडींमध्ये बदल झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाशी संबंधित कृषी संशोधनाच्या नोंदींमध्ये कोकणातील सक्षम आणि तरुण पुरुष रोजगाराच्या शोधात मुंबई व पुण्यासारख्या शहरांकडे स्थलांतर करीत असल्यामुळे गावातील शेतीची जबाबदारी मागे राहिलेल्या कुटुंबीयांवर येत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKonkanMigration"> {{cite web |title=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=ICAR–Krishikosh |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/communities/67de6ba0-83e3-4e02-a1c0-35f76c98c742 }} </ref> कोकणातील स्थलांतराच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवरील अभ्यासात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांतील स्थलांतरित व स्थलांतर न केलेल्या कुटुंबांची तुलना करण्यात आली. स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये स्थलांतरित सदस्यांकडून मिळणारे उत्पन्न आणि इतर उत्पन्नस्रोत हे कुटुंबाच्या उपभोगाच्या पातळीशी संबंधित असल्याचे आढळले. स्थलांतरामुळे शेतीमध्ये आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार वाढल्याचेही त्या अभ्यासात नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> तरुण पिढी शेतीपासून दूर जाण्याचा संबंध केवळ शेतीविषयीच्या अनास्थेशी जोडणे योग्य ठरणार नाही. ग्रामीण भागातील रोजगाराच्या संधी, शेतीतील उत्पन्नाची अनिश्चितता, वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता आणि शहरांतील रोजगाराच्या तुलनेने अधिक आकर्षक संधी या सर्व घटकांचा उपजीविकेच्या निवडीवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/><ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> शेतीतील मनुष्यबळाच्या उपलब्धतेवर या बदलांचा परिणाम होऊ शकतो. पारंपरिक भातशेतीतील लावणी, कापणी आणि मळणी यांसारखी कामे श्रमप्रधान असल्यामुळे कुटुंबातील तरुण सदस्य शेतीत सक्रियपणे सहभागी न झाल्यास बाहेरील मजुरांवरील अवलंबित्व वाढू शकते. मजुरांच्या कमतरतेमुळे यांत्रिकीकरणाची गरजही वाढते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> त्यामुळे कोकणातील भातशेती टिकवण्यासाठी तरुणांना केवळ पारंपरिक शेतीकडे परत आणण्यापेक्षा शेतीला तांत्रिकदृष्ट्या आधुनिक, आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य आणि रोजगारनिर्मितीक्षम बनविणे महत्त्वाचे ठरते. सुधारित वाण, यांत्रिकीकरण, प्रक्रिया व मूल्यवर्धन, पीक विविधीकरण आणि आधुनिक कृषी तंत्रज्ञान यांचा वापर ग्रामीण तरुणांसाठी शेतीतील नव्या संधी निर्माण करण्यास सहाय्यक ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीसमोरील आव्हाने एकमेकांशी संबंधित आहेत. पर्जन्यमानातील बदल आणि हवामानातील अनिश्चितता उत्पादनावर परिणाम करू शकते; मजुरांची कमतरता उत्पादनखर्च वाढवते; वाढता खर्च आणि बाजारातील मर्यादा नफाक्षमता कमी करू शकतात; तर नागरीकरण आणि बिगरशेती वापरामुळे भाताखालील क्षेत्र कमी होऊ शकते. या सर्व घटकांच्या पार्श्वभूमीवर स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप तंत्रज्ञान, कृषी संशोधन, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण आणि शेतकऱ्यांना आर्थिकदृष्ट्या सक्षम करणाऱ्या उपाययोजना महत्त्वाच्या ठरतात.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall"/> == संवर्धन आणि भविष्यातील दिशा == कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य पारंपरिक भातवाणांचे संवर्धन, कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण, स्थानिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि पर्यावरणीयदृष्ट्या शाश्वत उत्पादनपद्धती यांच्याशी संबंधित आहे. कोकणासाठी विकसित केलेल्या सुधारित भातवाणांबरोबरच स्थानिक वाण आणि शेतकरी-आधारित बियाणेपरंपरा जतन करणे महत्त्वाचे मानले जाते. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेकडूनही स्थानिक वाणांचे संवर्धन, आनुवंशिक संसाधनांचा शाश्वत वापर आणि शेतकरी वाणांचे संरक्षण यांना महत्त्व दिले जाते.<ref name="ICARCropScience"> {{cite web |title=Crop Science |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/crop-science/crop-science |access-date=14 August 2026 }} </ref><ref name="ICARSeedConservation"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक भाताच्या जातींचे संवर्धन === कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक स्थानिक वाणांना ऐतिहासिक आणि कृषी महत्त्व आहे. विविध स्थानिक परिस्थितींशी जुळवून घेतलेले वाण त्यांच्या पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे स्वरूप, चव, उत्पादनक्षमता आणि काही जैविक ताणांना सहन करण्याची क्षमता यांमध्ये परस्परांपेक्षा भिन्न असू शकतात. त्यामुळे स्थानिक वाणांचे जतन हे केवळ सांस्कृतिक वारशाचे संरक्षण नसून भविष्यातील पीक सुधारणा आणि बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेण्यासाठी उपलब्ध आनुवंशिक विविधतेचे संरक्षणही आहे.<ref name="ICARCropScience"/> स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी शेतकरी पातळीवरील बियाणे जतन, परस्पर बियाणे देवाणघेवाण, समुदाय-आधारित बियाणे बँका आणि संस्थात्मक जनुकसंग्रह यांचा उपयोग करता येतो. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेने स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी समुदायस्तरीय बियाणे बँकांना प्रोत्साहन दिले असून, अशा व्यवस्थांमधून स्थानिक वाणांचे संकलन, साठवण आणि पुनर्वापर करता येतो.<ref name="ICARCommunitySeedBanks"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणाच्या परिस्थितीस अनुरूप अनेक सुधारित भातवाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने रत्‍नागिरी, कर्जत, पालघर, पनवेल आणि फोंडाघाट या नावांनी ओळखल्या जाणाऱ्या विविध भातवाणांसह सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाण विकसित केले आहेत. या वाणांमध्ये पक्वतेचा कालावधी, उत्पादनक्षमता आणि रोग-किडींविषयीची प्रतिक्रिया यांमध्ये विविधता आढळते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करताना त्यांची वैज्ञानिक नोंद, बियाण्याची शुद्धता, स्थानिक नाव, लागवड क्षेत्र, कृषी गुणधर्म आणि पारंपरिक उपयोग यांचे दस्तऐवजीकरण करणे आवश्यक ठरते. अशा प्रकारे शेतकरी पातळीवरील संवर्धन आणि संस्थात्मक आनुवंशिक संसाधनांचे संरक्षण यांची सांगड घालणे भविष्यातील भातशेतीसाठी उपयुक्त ठरू शकते.<ref name="ICARSeedConservation"/> === कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण === भाताच्या विविध स्थानिक वाणांचे अस्तित्व हे कृषी जैवविविधतेचा महत्त्वाचा भाग आहे. एका वाणावर मोठ्या प्रमाणात अवलंबून राहण्याऐवजी विविध आनुवंशिक वैशिष्ट्ये असलेल्या वाणांचे संवर्धन केल्यास भविष्यातील पीक सुधारणा कार्यक्रमांसाठी आनुवंशिक संसाधनांची उपलब्धता टिकवून ठेवता येते. ICARच्या पीकविज्ञान कार्यक्रमात वनस्पतींच्या आनुवंशिक संसाधनांचे संवर्धन आणि त्यांचा शाश्वत वापर हा संस्थेच्या प्रमुख उद्दिष्टांपैकी एक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ICARCropScience"/> कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण हे केवळ जनुक बँकांमध्ये बियाणे साठवण्यापुरते मर्यादित नसून शेतकरी पातळीवर स्थानिक वाणांची प्रत्यक्ष लागवड सुरू ठेवण्याशीही संबंधित आहे. अशा ''in situ'' किंवा शेतकरी-आधारित संवर्धनामुळे स्थानिक वाण त्यांच्याशी संबंधित कृषिपद्धती आणि पारंपरिक ज्ञानासह जतन होऊ शकतात.<ref name="ICARGenomeSaviour"> {{cite web |title=Plant Genome Saviour Awards to the conservers of plant diversity |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/node/6197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> ICARच्या विविध उपक्रमांमध्ये पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करणाऱ्या शेतकरी आणि समुदायांना प्रोत्साहन देण्यात आले आहे. काही समुदायांनी स्थानिक तांदळाच्या अनेक वाणांचे जतन करून त्यांची बियाणे इतर शेतकऱ्यांमध्ये वितरित केली आहेत. या अनुभवातून समुदाय-आधारित संवर्धन, बियाणे देवाणघेवाण आणि शेतकरी सहभाग यांना कृषी जैवविविधतेच्या संरक्षणात महत्त्व असल्याचे दिसते.<ref name="ICARGenomeSaviour"/> कोकणातील भातशेतीच्या संदर्भात जैवविविधतेचे संरक्षण करताना स्थानिक भातवाणांसोबत पारंपरिक पीकपद्धती, शेतबांध, भातखाचरे आणि भाताशी संबंधित इतर कृषी घटकांचेही संरक्षण महत्त्वाचे ठरते. अशा एकात्मिक दृष्टिकोनामुळे कृषी उत्पादन आणि स्थानिक पर्यावरण यांच्यातील संबंध टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="DBSKKVRiceBasedSystems"> {{cite web |title=Rice based cropping systems and technologies for Konkan region |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://archive.dbskkv.org/collection/410/document/2197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक ज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये पावसाचा अंदाज, जमिनीची अवस्था, रोपवाटिकेची वेळ, लावणीची योग्य अवस्था, स्थानिक वाणांची निवड, तण नियंत्रण, पाण्याचे नियमन, कापणी आणि बियाणे साठवण यांसंबंधी अनुभवाधारित ज्ञान विकसित झाले आहे. या ज्ञानाचा मोठा भाग शेतकरी आणि ग्रामीण समुदायांच्या प्रत्यक्ष अनुभवातून पिढ्यान्‌पिढ्या हस्तांतरित झाला आहे. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण करताना केवळ मौखिक माहिती नोंदविण्याऐवजी तिचे स्थानिक नाव, वापराची पद्धत, कालावधी, भौगोलिक संदर्भ आणि उपलब्ध वैज्ञानिक पुरावे यांसह नोंद करणे आवश्यक आहे. स्थानिक वाणांचे वैज्ञानिक वर्णन आणि शेतकरी वाणांची नोंद यामुळे भविष्यातील कृषी संशोधनासाठी उपयुक्त माहिती उपलब्ध होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/> भारतीय कृषी संशोधन परिषद आणि तिच्या संस्थांनी पारंपरिक पीकवाणांच्या संवर्धनासाठी समुदाय-आधारित बियाणे बँका, शेतकरी सहभाग आणि स्थानिक वाणांच्या नोंदणीला प्रोत्साहन दिले आहे. शेतकरी वाणांचे कायदेशीर संरक्षण आणि त्यांची नोंदणी यासाठी वनस्पती वाण आणि शेतकरी हक्क संरक्षण प्राधिकरणाशी संबंधित उपक्रमही राबविले जातात.<ref name="ICARPPVFRA"> {{cite web |title=Training-cum-awareness programme on the Protection of Plant Varieties and Farmer’s Rights |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=28 February 2025 |url=https://www.icar.gov.in/en/training-cum-awareness-programme-protection-plant-varieties-and-farmers-rights-ppvfr |access-date=14 August 2026 }} </ref> कोकणातील पारंपरिक भातशेतीच्या दस्तऐवजीकरणासाठी स्थानिक शेतकरी, कृषी विद्यापीठ, कृषी संशोधन केंद्रे, स्थानिक इतिहासाचे अभ्यासक आणि समुदाय संस्था यांचा सहभाग उपयुक्त ठरू शकतो. स्थानिक वाणांचे नाव, बियाणे जतन करण्याची पद्धत, लागवड तंत्र, कृषी अवजारे, हंगामी कामांचे वेळापत्रक आणि स्थानिक खाद्यपरंपरा यांची स्वतंत्र नोंद केल्यास या ज्ञानाचा अधिक शिस्तबद्ध संग्रह तयार होऊ शकतो. === शाश्वत भातशेती === कोकणातील शाश्वत भातशेतीमध्ये उत्पादनक्षमता आणि पर्यावरणीय संसाधनांचे संरक्षण यांचा समतोल साधणे महत्त्वाचे आहे. मातीचे आरोग्य, पाण्याचा कार्यक्षम वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा योग्य उपयोग, तण व कीड व्यवस्थापन आणि स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाणांची निवड या बाबी शाश्वत उत्पादन व्यवस्थेचा भाग ठरू शकतात.<ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology"/> किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढी, उत्पादन आणि आर्थिक परिणामांवर होणारा परिणाम तपासण्यात आला आहे. त्यामुळे पीक अवशेषांचा योग्य वापर आणि संतुलित पोषण व्यवस्थापन हे उत्पादनासोबत संसाधनांचा कार्यक्षम वापर करण्याच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील शाश्वत शेतीसाठी पीक विविधीकरणालाही महत्त्व आहे. उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत विविध पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची शक्यता निर्माण होते आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी होऊ शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> स्थानिक परिस्थितीशी जुळणाऱ्या सुधारित वाणांचा वापर, योग्य लागवड कालावधी आणि वैज्ञानिक पीक व्यवस्थापन यांनाही शाश्वत भातशेतीत महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणासाठी विविध कालावधींच्या आणि विविध कृषी परिस्थितींना अनुरूप भातवाण विकसित केल्या आहेत. त्यामुळे स्थानिक हवामान आणि जमिनीच्या परिस्थितीनुसार वाण निवडणे ही आधुनिक शाश्वत भातशेतीतील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> शाश्वत भातशेतीमध्ये पारंपरिक ज्ञान आणि आधुनिक विज्ञान यांचा समन्वय महत्त्वाचा ठरू शकतो. पारंपरिक भातखाचरे, स्थानिक वाण, पाणी व्यवस्थापन आणि स्थानिक कृषिअवजारांच्या अनुभवाचा उपयोग आधुनिक मृदा, जल, पोषण आणि पीक व्यवस्थापन तंत्रांसोबत केला जाऊ शकतो. अशा समन्वित दृष्टिकोनामुळे उत्पादनक्षमता टिकवून ठेवतानाच कृषी जैवविविधता आणि नैसर्गिक संसाधनांचे संरक्षण करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भविष्यात कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक वाणांचे संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण बियाण्यांची उपलब्धता, हवामानाशी जुळणारे उत्पादनतंत्र, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण, शेतकरी-आधारित बियाणे व्यवस्था आणि कृषी संशोधन यांचा परस्पर समन्वय आवश्यक ठरेल. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि त्याचे वैज्ञानिक मूल्यमापन केल्यास स्थानिक ज्ञान पुढील पिढ्यांसाठी अधिक व्यवस्थित स्वरूपात जतन करता येईल.<ref name="ICARSeedConservation"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य केवळ उत्पादन वाढविण्यावर अवलंबून नसून स्थानिक आनुवंशिक संसाधने, कृषी जैवविविधता, शेतकरी ज्ञान, माती आणि पाणी यांचे दीर्घकालीन संवर्धन यांच्याशी संबंधित आहे. पारंपरिक अनुभव आणि आधुनिक कृषी विज्ञान यांची सांगड घालणारी शाश्वत आणि स्थानिक परिस्थितीनुरूप शेतीव्यवस्था ही या प्रदेशासाठी पुढील दिशेचा महत्त्वाचा आधार ठरू शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="PalkarEtAl2023"/> == प्रादेशिक विविधता == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप संपूर्ण प्रदेशात एकसारखे नाही. पर्जन्यमान, भूआकार, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार भातशेतीमध्ये प्रादेशिक फरक आढळतात. ICAR–भारतीय भात संशोधन संस्थेच्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे, पालघर, रायगड, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा कोकणातील प्रमुख भात उत्पादक प्रदेश म्हणून समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="IIRR2019POS">{{cite report |title=Production Oriented Survey 2019 |publisher=ICAR–Indian Institute of Rice Research |year=2019 |url=https://www.icar-iirr.org/AICRIP/Final%20POS%202019-2020.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> २०१९ च्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणानुसार या पाचही जिल्ह्यांमध्ये भातशेतीचे मोठे क्षेत्र पावसावर आधारित सखल भातक्षेत्रांमध्ये येते. या जिल्ह्यांमध्ये स्थानिक वाणांसोबत सुधारित आणि संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> === उत्तर कोकण === उत्तर कोकणात ठाणे, पालघर आणि रायगड या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या प्रदेशात भात हे प्रमुख खरीप पीक असून २०१९ च्या ICAR–IIRR उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे जिल्ह्यात ५७,२०० हेक्टर, पालघरमध्ये ७५,५८० हेक्टर आणि रायगडमध्ये १,१७,१७३ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> उत्तर कोकणातील भातवाणांमध्ये स्थानिक तसेच सुधारित वाणांची विविधता आढळते. ठाणे जिल्ह्यात कोलम, झिनिया आणि महाडी यांसारख्या स्थानिक वाणांची, तर पालघर आणि रायगडमध्ये कर्जत, रत्‍नागिरी आणि इतर सुधारित वाणांची लागवड नोंदविण्यात आली आहे. रायगडमध्ये सह्याद्री-२ आणि सह्याद्री-३ यांसारख्या संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने उत्तर कोकणातील परिस्थितीसाठी पालघर-१, पालघर-२, कर्जत मालिकेतील विविध वाण आणि पनवेल मालिकेतील वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार पालघर-१ आणि पालघर-२ या मध्यम-उशिरा पक्व होणाऱ्या वाण आहेत, तर कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी शिफारस केलेली वाण आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> उत्तर कोकणातील भातशेतीमध्ये भातानंतर उपलब्ध ओलाव्याचा उपयोग करून कडधान्ये आणि इतर पिके घेण्याच्या पीकपद्धतीही आढळतात. त्यामुळे काही भागांत भातशेती ही विविधीकृत पीकपद्धतीचा भाग आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> === मध्य कोकण === ‘मध्य कोकण’ ही महाराष्ट्राच्या अधिकृत कृषी-हवामान विभागणीतील स्वतंत्र संज्ञा नसल्यामुळे या लेखात ती उत्तर आणि दक्षिण कोकणादरम्यानच्या मध्यवर्ती भौगोलिक पट्ट्याच्या संदर्भात वापरली आहे. या पट्ट्यात भातशेतीचे स्वरूप स्थानिक पर्जन्यमान, जमिनीची रचना, पाण्याची उपलब्धता आणि लागवडीच्या वेळेनुसार बदलते. कोकणातील भाताच्या पेरणीच्या कालावधीवर करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय अभ्यासात वेगवेगळ्या पेरणीच्या वेळांनुसार भाताच्या वाणांच्या वाढीमध्ये आणि उत्पादनामध्ये फरक आढळल्याचे नोंदविण्यात आले आहे. त्यामुळे स्थानिक हवामानाशी सुसंगत पेरणीची वेळ आणि योग्य वाणांची निवड ही भात उत्पादनातील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील पर्जन्य आणि भात उत्पादनाच्या अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे आढळले. या अभ्यासात तंत्रज्ञानाचा भाताच्या उत्पादनावर महत्त्वपूर्ण प्रभाव असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993">{{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 |access-date=14 August 2026 }}</ref> मध्य कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक वाणांसोबत सुधारित वाणांचा वापर झालेला दिसतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने रत्‍नागिरी परिसरासह संपूर्ण कोकणासाठी विविध कालावधी, जमिनीचे प्रकार आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार भातवाण विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === दक्षिण कोकण === दक्षिण कोकणात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या दोन्ही जिल्ह्यांमध्ये भात हे प्रमुख खरीप पीक असून ICAR–IIRRच्या २०१९ च्या सर्वेक्षणानुसार रत्‍नागिरीमध्ये ७२,९३२ हेक्टर आणि सिंधुदुर्गमध्ये ६८,५८७ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली होते.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातवाणांमध्ये जया, सुवर्णा, कर्जत-२, सोनम, पूजा, कोमल-१०१, ग्रीन गोल्ड मोहिनी, श्रीराम आणि तृप्ती यांचा वापर नोंदविण्यात आला आहे. सिंधुदुर्गमध्ये जया, मसुरी, सुवर्णा, कर्जत-३, कर्जत-५, सोनम, रुपाली, कोमल-१०१, सिल्की-२७७, सुप्रीम सोना आणि इतर सुधारित वाणांसोबत बेला, वळई, सोमासळ, डोंगरा, सोर्टी, कोल्ह्याची शेपटी, कोथिंबिरा/घनसाळ, तुर्या आणि येलकर यांसारख्या स्थानिक वाणांचीही नोंद आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी परिसरातील भात संशोधनामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाची महत्त्वाची भूमिका राहिली आहे. विद्यापीठाने रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३, रत्‍नागिरी-४, रत्‍नागिरी-५ आणि रत्‍नागिरी-६ यांसारख्या सुधारित वाण विकसित केल्या आहेत. रत्‍नागिरी-७ ही लाल तांदळाची मध्यम-उशिरा पक्व होणारी वाण असून २०१७ च्या विद्यापीठीय संशोधन शिफारसीत तिची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKV2017Recommendations">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> दक्षिण कोकणातील भातशेती पर्जन्यमानाशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील दीर्घकालीन अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमान आणि उत्पादन यांच्यात महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> === घाटमाथ्यालगतची भातशेती === कोकणाच्या पूर्वेकडील भागात सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारांशी संबंधित भातशेती आढळते. या भागातील भूआकार, पर्जन्यमान आणि पाण्याचा निचरा यांमुळे भातशेतीची पद्धत किनारी सखल प्रदेशापेक्षा काही प्रमाणात वेगळी असते. उताराच्या शेतांमध्ये पावसाचे पाणी अडवणे आणि मातीची धूप कमी करणे यासाठी बांधबंदिस्तीला महत्त्व असते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> घाटमाथ्यालगतच्या भागासाठी योग्य वाणांची निवड स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार केली जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या शिफारसीनुसार फोंडाघाट-१ ही उंचावरील क्षेत्रासाठी योग्य वाण आहे. कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी, तर रत्‍नागिरी-२ ही खात्रीशीर पर्जन्यमान असलेल्या सखल भातक्षेत्रांसाठी शिफारस करण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> सह्याद्रीलगतच्या भागात पर्जन्यमान तुलनेने अधिक असल्यामुळे भातशेतीसाठी पावसाचे पाणी महत्त्वाचे ठरते. मात्र पावसाचे प्रमाण आणि त्याचे वितरण पिकाच्या वाढीवर परिणाम करू शकते. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> घाटमाथ्यालगतच्या भातशेतीत स्थानिक भूआकारानुसार जलव्यवस्थापन आणि जमिनीची बांधबंदिस्ती महत्त्वाची ठरते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही स्थानिक भूभाग, पर्जन्यमान आणि कृषी कामकाज यांच्यातील संबंधांची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीच्या प्रादेशिक विविधतेत उत्तर कोकणातील ठाणे, पालघर आणि रायगडचा प्रदेश, मध्यवर्ती भौगोलिक पट्टा, दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी व सिंधुदुर्ग आणि सह्याद्रीलगतचा उताराचा प्रदेश यांचे स्वतंत्र वैशिष्ट्य दिसून येते. या विविधतेमुळे भाताच्या वाणांची निवड, लागवडीची वेळ, पाणी व्यवस्थापन आणि पीकपद्धती स्थानिक परिस्थितीनुसार बदलतात.<ref name="IIRR2019POS"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> == आर्थिक आणि सामाजिक महत्त्व == कोकणातील भातशेतीला केवळ कृषी उत्पादनाच्या दृष्टीने नव्हे, तर स्थानिक अन्नव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार आणि शेतकरी कुटुंबांच्या अर्थकारणाच्या दृष्टीनेही महत्त्व आहे. कोकणातील अनेक कृषिपद्धतींमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील मोठ्या लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेशी त्याचा थेट संबंध आहे. कोकणातील पावसावर आधारित भातशेतीवरील अभ्यासात भात हे या प्रदेशातील प्रमुख अन्नपीक असून, अनेक शेतकरी कुटुंबांच्या उपजीविकेत त्याचे महत्त्व असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019">{{cite journal |last1=Shigwan |first1=A. S. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Dalvi |first3=V. V. |title=Constraints Faced By The Tribal Farmers In Rainfed Rice Production In Konkan Region—A Village Level Study |journal=Bulletin of Environment, Pharmacology and Life Sciences |volume=8 |issue=4 |pages=49–51 |year=2019 }}</ref> भातशेतीचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेशी संबंध उत्पादनापुरता मर्यादित नसून मशागत, रोपवाटिका, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी, मळणी, वाहतूक, साठवण आणि विक्री अशा विविध टप्प्यांशी संबंधित आहे. त्यामुळे भाताचे पीक ग्रामीण भागात प्रत्यक्ष आणि अप्रत्यक्ष रोजगाराच्या संधी निर्माण करते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक अन्नसुरक्षा === कोकणातील अनेक ग्रामीण भागांत भात हा दैनंदिन आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. पावसावर आधारित भातशेतीच्या अभ्यासात कोकणातील भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेत त्याला महत्त्वाचे स्थान असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019"/> स्थानिक पातळीवर उत्पादित भातामुळे शेतकरी कुटुंबांना वर्षातील काही कालावधीसाठी स्वतःच्या अन्नाची गरज भागविण्यास मदत होते. कापणीनंतर धान्य वाळवून त्यातील काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवण्याची पद्धत कोकणातील पारंपरिक कृषिजीवनात आढळते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या उत्पादनानंतर धान्य साठविणे आणि त्याचा घरगुती वापर यासंबंधीच्या पद्धतींची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerStorage">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पावसाचे प्रमाण, त्याचे वितरण आणि पिकाच्या वाढीच्या अवस्थांशी त्याचा संबंध अन्नधान्याच्या उत्पादनासाठी महत्त्वाचा ठरतो. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमानाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> स्थानिक अन्नसुरक्षेच्या दृष्टीने पारंपरिक आणि स्थानिक भातवाणांचे जतनही महत्त्वाचे आहे. विविध वाणांचे अस्तित्व स्थानिक कृषी जैवविविधता टिकवून ठेवते आणि बदलत्या हवामान व कृषी परिस्थितींमध्ये शेतकऱ्यांना पर्यायी वाण उपलब्ध करून देते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === ग्रामीण रोजगार === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही श्रमप्रधान कृषिपद्धती आहे. शेतजमिनीची मशागत, रोपवाटिका, चिखलणी, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरची कामे या विविध टप्प्यांमध्ये मानवी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असल्याचे आढळते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारा रोजगार हा केवळ शेतकरी कुटुंबापुरता मर्यादित नसतो. हंगामी स्वरूपात शेतमजूर, यंत्रचालक, वाहतूकदार, मळणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेशी संबंधित कामगार आणि कृषी निविष्ठा पुरवठादार यांनाही या कृषी व्यवस्थेत रोजगाराच्या संधी मिळतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> मात्र कोकणातील भातशेतीमध्ये हंगामी मजुरांची उपलब्धता ही महत्त्वाची समस्या बनली आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक उत्पादनाच्या महत्त्वाच्या काळात मजुरांची कमतरता ही शेतकऱ्यांनी व्यक्त केलेल्या प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे. त्याच अभ्यासात वाढती मजुरी आणि इतर निविष्ठांचा खर्च यांचाही उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011">{{cite journal |last1=Deorukhakar |first1=A. C. |last2=Karale |first2=P. D. |last3=Nikam |first3=M. B. |title=Constraints in Adoption of Modern Technologies in Rice Production in Ratnagiri District of Maharashtra |journal=Journal of Agricultural Research and Technology |volume=36 |issue=3 |pages=460–463 |year=2011 |url=https://www.jart.co.in/uploads/168/6343_pdf.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांच्या उपलब्धतेतील बदलामुळे भातशेतीच्या काही कामांमध्ये यांत्रिकीकरणाला चालना मिळाली आहे. कोकणातील कापणी आणि काढणीनंतरच्या कामांसाठी रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रांचा अभ्यास करण्यात आला असून, अशा तंत्रज्ञानामुळे श्रमाची गरज आणि कामाचा कालावधी कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक बाजारपेठ आणि भाताचे अर्थकारण === भातशेतीचे अर्थकारण उत्पादनक्षमता, उत्पादनखर्च, मजुरी, कृषी निविष्ठा, काढणीनंतरची प्रक्रिया आणि उत्पादनाला मिळणारा बाजारभाव या घटकांवर अवलंबून असते. कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक विश्लेषणात क्षेत्रफळ, उत्पादन आणि उत्पादकतेतील बदलांसोबत भात उत्पादनाच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचाही अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासानुसार प्रति हेक्टर उत्पादनखर्चामध्ये बियाणे, खते आणि मजुरी यांचा महत्त्वाचा वाटा आहे. या अभ्यासात उत्पादनाला मिळणारा कमी दर, वाढता निविष्ठा खर्च आणि लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन या बाबी भात उत्पादनाच्या आर्थिक परिणामांवर प्रभाव टाकणाऱ्या अडचणी म्हणून नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता, प्रमुख कृषी निविष्ठांचा वाढता खर्च आणि उत्पादनाला मिळणारा तुलनेने कमी भाव या बाबी शेतकऱ्यांसमोरील प्रमुख आर्थिक अडचणी असल्याचे आढळले आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011"/> दापोली, मंडणगड आणि खेड तालुक्यांतील भात उत्पादक शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांचा वाढता खर्च, हंगामातील मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.{{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 |access-date=14 August 2026 }} </ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भाताच्या स्थानिक अर्थकारणात उत्पादनाबरोबरच काढणीनंतरची प्रक्रिया, साठवण, वाहतूक आणि बाजारपेठेपर्यंत पोहोच यांनाही महत्त्व आहे. त्यामुळे शेतकऱ्यांना मिळणारा निव्वळ आर्थिक लाभ हा केवळ प्रति हेक्टर उत्पादनावर अवलंबून नसून उत्पादनखर्च आणि विक्रीतून मिळणारे उत्पन्न यांच्यातील संबंधावरही अवलंबून असतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती स्थानिक अन्नसुरक्षा, ग्रामीण रोजगार आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था आहे. मात्र वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची उपलब्धता, बाजारभाव आणि बदलती कृषी परिस्थिती यांमुळे तिची आर्थिक व्यवहार्यता टिकविणे हे महत्त्वाचे आव्हान आहे. उत्पादनक्षमता वाढविणारे तंत्रज्ञान, योग्य वाणांची निवड, काढणीनंतरच्या प्रक्रियेचे यांत्रिकीकरण आणि पीक विविधीकरण यांमुळे भातशेती अधिक व्यवहार्य करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == चित्रदालन == <gallery mode="packed" heights="180"> File:Newcomers.jpg|कोकणातील भातशेतीचे दृश्य File:Rice Plantation.jpg|भाताची लागवड File:Konkan - Songiri Village - Ratnagiri District - Part 1 20151218 (23369027944).jpg|सोंगिरी गाव, रत्‍नागिरी जिल्हा येथील भातशेती File:Abandoned paddy field on Low-elevation Lateritic Plateau IMG 20220817 115924 06.jpg|लेटराइट पठारावरील भाताचे शेत File:Waiting for drop.jpg|पावसाची प्रतीक्षा करणारे भातशेत File:Otvane Wildlife 007.JPG|ओटवणे परिसरातील भातशेती व नैसर्गिक परिसर File:Nerur - panoramio.jpg|नेरूर परिसरातील भातशेती File:Paddy field in Maharashtra 8.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर File:Paddy field in Maharashtra 9.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर </gallery> == हेही पहा == * [[कोकण]] * [[भात]] * [[डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ]] == संदर्भ == {{reflist|2}} == बाह्य दुवे == * महाराष्ट्र शासन — गॅझेटियर विभाग * डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली * भारतीय हवामान विभाग — MAUSAM * भारतीय कृषी संशोधन परिषद (ICAR) {{कोकण लोकजीवन}} [[वर्ग:कोकण]] gr7tv4g13213rlvqh36fbpwfqityaqt 2703043 2703041 2026-08-17T09:58:16Z AdvAnantGholam 172574 2703043 wikitext text/x-wiki [[File:Paddy field in Maharashtra 6.jpg|thumb|right|upright=1.2|महाराष्ट्रातील भातशेतीचे दृश्य]] '''कोकणातील भातशेती''' ही कोकण प्रदेशातील पर्जन्यमान, भौगोलिक रचना, मातीचे प्रकार आणि पारंपरिक कृषिपद्धती यांच्याशी निगडित शेतीपद्धती आहे. कोकणातील विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख खरीप पीक राहिले आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये जिल्ह्यातील अन्नपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ९० टक्के क्षेत्र धान्यपिकांखाली होते आणि त्यामध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. त्या काळात भाताखालील क्षेत्र धान्यपिकांच्या क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Cereals |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_cereals.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील नैसर्गिक परिस्थितीशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतीवर दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा मोठा प्रभाव असून, पावसाळी हंगामातील बहुतांश पिके पावसावर अवलंबून असतात. गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस ऑक्टोबरपर्यंत राहतो आणि त्याच्या आधारे खरीप पिकांची वाढ पूर्ण होते. भाताची रोपवाटिका तयार करण्यासाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Seasons |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_seasons.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीमध्ये जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि भूभाग यांनुसार लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक आढळतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील तसेच सखल जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे कोकणातील कृषिपद्धतींना विशिष्ट स्वरूप प्राप्त झाले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> == भौगोलिक आणि हवामानविषयक पार्श्वभूमी == कोकणातील भातशेतीवर प्रदेशाच्या भौगोलिक रचनेचा आणि पर्जन्यमानाचा मोठा प्रभाव आहे. सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारापासून अरबी समुद्राच्या किनाऱ्यापर्यंत पसरलेल्या या प्रदेशात पावसाचे प्रमाण तुलनेने अधिक असून, अनेक भागांतील शेती मोसमी पावसावर अवलंबून आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जिल्ह्यातील खरीप पिकांचा मोठा भाग दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भात हे प्रमुख धान्यपीक असल्याची नोंद महाराष्ट्र शासनाच्या गॅझेटियरमध्ये आहे. १९५५–५६ च्या आकडेवारीनुसार जिल्ह्यातील धान्यपिकांमध्ये भाताचे क्षेत्र सर्वाधिक होते. कुडाळ, सावंतवाडी, खेड आणि चिपळूण या तालुक्यांमध्ये जिल्ह्यातील भाताखालील क्षेत्राचा मोठा हिस्सा असल्याचे त्या काळातील नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या लागवडीसाठी उंचावरील आणि सखल अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरमध्ये उंचावरील जमिनींसाठी ''कुर्यात'' आणि सखल जमिनींसाठी ''माळ'' या प्रकारांचा उल्लेख आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमतेतील आणि भौगोलिक स्थितीतील फरकांचा भातशेतीच्या पद्धतीवर परिणाम होत असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातशेतीचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे शेतीची कामे मोसमी पावसाच्या वेळापत्रकाशी जुळवून घेणे. जूनमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर जमिनीची मशागत केली जाते आणि भाताच्या रोपांची पुनर्लागवड करण्यासाठी जमीन तयार केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीपासून सुरू होऊन नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील भातशेतीचा अभ्यास करताना केवळ पर्जन्यमानाचा विचार न करता भूभाग, माती, पाण्याची उपलब्धता आणि पारंपरिक कृषितंत्र यांचा परस्परसंबंध विचारात घेणे आवश्यक आहे. मुसळधार पाऊस आणि उताराचा भूभाग यांमुळे रत्‍नागिरीतील कृषी कामकाजाला इतर प्रदेशांपेक्षा वेगळे स्वरूप प्राप्त झाल्याचे जिल्हा गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व === कोकणातील भातशेतीला प्रदेशाच्या कृषी अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान आहे. कोकणातील मोठ्या क्षेत्रावर भाताची लागवड केली जाते आणि खरीप हंगामातील शेतीमध्ये भात हे प्रमुख पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या अभ्यासानुसार कोकण प्रदेशात सुमारे ४.०१ लाख हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असून, सुमारे ११.२८ लाख टन उत्पादन आणि सरासरी २.८१ टन प्रति हेक्टर उत्पादकता नोंदविण्यात आली होती.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan">{{cite web |title=Rice Production in Konkan |url=https://archive.dbskkv.org/collection/420/document/2304 |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |access-date=14 August 2026 }}</ref> महाराष्ट्रातील प्रमुख भात उत्पादक जिल्ह्यांमध्ये कोकणातील रायगड, पालघर, ठाणे, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार महाराष्ट्रातील भात उत्पादनात कोकण प्रदेशाचा महत्त्वाचा वाटा आहे. रायगड जिल्ह्यात भाताखालील क्षेत्र आणि उत्पादनाचे प्रमाण कोकणातील इतर जिल्ह्यांच्या तुलनेत मोठे असल्याचेही या नोंदीत नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेतीचे महत्त्व केवळ उत्पादनाच्या प्रमाणापुरते मर्यादित नाही. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासातून भात हे विविध शेतीपद्धतींचे प्रमुख घटक असलेले पीक असल्याचे दिसून येते. भातासोबत कडधान्ये, भाजीपाला, फळबागा, दुग्धव्यवसाय आणि कुक्कुटपालन यांसारख्या उपक्रमांचे संयोजन करून विविध शेतीपद्धती विकसित झाल्याचे या अभ्यासात आढळले आहे.<ref name="ToraneEtAl2011">{{cite journal |last=Torane |first=S. R. |last2=Naik |first2=B. K. |last3=Kulkarni |first3=V. S. |last4=Talathi |first4=J. M. |title=Farming Systems Diversification in North Konkan Region of Maharashtra — An Economic Analysis |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=1 |year=2011 |pages=91–98 |url=https://ageconsearch.umn.edu/record/109422/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती ग्रामीण कुटुंबांच्या अन्नपुरवठ्याशी आणि कृषी उत्पन्नाशीही संबंधित आहे. उत्तर कोकणातील शेतीव्यवस्थांच्या अभ्यासानुसार भाताचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेतीपद्धतींमध्ये आर्थिक परताव्यात फरक आढळतो आणि शेतीतील विविध उपक्रमांचे संयोजन हे काही परिस्थितींमध्ये अधिक नफाक्षम ठरू शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भातशेतीचे प्रादेशिक महत्त्व रोजगाराच्या दृष्टीनेही दिसून येते. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका तयार करणे, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी आणि काढणीनंतरची कामे यांसाठी हंगामी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या अभ्यासात या कामांमध्ये मनुष्यबळाची आवश्यकता तसेच मजुरीच्या वाढत्या खर्चामुळे यांत्रिकीकरणाची गरज अधोरेखित करण्यात आली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Mechanization"> {{cite journal |last=Bhanage |first=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 }}</ref> कोकणातील भातशेतीला कृषी संशोधनाच्या दृष्टीनेही विशेष महत्त्व प्राप्त झाले आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीला अनुरूप भाताच्या सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्र विकसित केले आहेत. विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या सुधारित जातींमध्ये रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/> कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या पर्जन्यमान, भूभाग, कृषी परंपरा, ग्रामीण श्रम आणि स्थानिक अर्थव्यवस्थेशी परस्परांशी जोडलेली आहे. त्यामुळे भात हे कोकणातील केवळ एक प्रमुख पीक नसून प्रदेशाच्या कृषी व्यवस्थेतील महत्त्वाचा घटक म्हणून पाहता येते.<ref name="DBSKKVRiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == इतिहास आणि पारंपरिक भातशेती == कोकणातील भातशेतीचा इतिहास प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मोसमी पाऊस, जमिनीचे प्रकार आणि ग्रामीण कृषीव्यवस्थेशी जोडलेला आहे. उपलब्ध ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील नोंदींवरून किमान अठराव्या आणि एकोणिसाव्या शतकात कोकणातील अनेक भागांत भात हे महत्त्वाचे अन्नपीक आणि कृषी उत्पादनाचे साधन होते. ब्रिटिश सत्तेपूर्वी आणि ब्रिटिश काळाच्या प्रारंभी कोकणातील काही भागांतून दख्खन प्रदेशाकडे तांदळाचा पुरवठा होत असल्याची नोंद बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या गॅझेटियरमध्ये आढळते.<ref name="HistoryOfKonkanRiceTrade">{{cite web |title=History of the Konkan — General Chapters |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Gazetteer%20of%20Bombay%20Presidency/history_of_the_konkan/section_12.pdf |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> एकोणिसाव्या शतकातील रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या गॅझेटियरमध्ये भाताला शेतीतील प्रमुख पिकांपैकी एक म्हणून स्थान दिले आहे. सावंतवाडी संस्थानातील नोंदीनुसार त्या काळात भाताने एकूण लागवडीखालील क्षेत्रापैकी सुमारे निम्मे क्षेत्र व्यापले होते. पावसाळ्यातील भातशेतीसाठी जून-जुलैमध्ये लागवड सुरू करून ऑक्टोबर-नोव्हेंबरमध्ये कापणी केली जात असल्याचे वर्णन त्यात आढळते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Agriculture, Savantvadi |url=https://www.gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/savantvadi/agriculture2.html |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |access-date=14 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील जुन्या कृषी व्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये भातशेतीसाठी उंचावरील आणि सखल जमिनींचे वेगवेगळे प्रकार ओळखले जात असल्याचे दिसते. ''कुर्यात'' जमिनी आणि ''माळ'' जमिनी यांसारख्या स्थानिक वर्गीकरणांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. या जमिनींच्या पाणीधारणक्षमता आणि भौगोलिक स्थितीनुसार भात लागवडीच्या पद्धतींमध्ये फरक केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === कोकणातील भातशेतीची परंपरा === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही मोसमी पावसाच्या कालचक्राशी जुळवून घेतलेली कृषिपद्धती होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये पावसाळा सुरू झाल्यानंतर भाताच्या शेताची मशागत, पाणी साठवणे, चिखलणी आणि पुनर्लागवड यांसारख्या प्रक्रिया टप्प्याटप्प्याने केल्या जात असल्याचे वर्णन आहे. पावसाचे प्रमाण आणि जमिनीची स्थिती यांनुसार या कामांची वेळ बदलत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतीत भातासाठी जमीन तयार करताना लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पहिली नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर केली जाई आणि त्यानंतर पाण्याखाली चिखलणी करून जमीन पुनर्लागवडीसाठी योग्य केली जात असे. चिखलणीचा उद्देश मातीची रचना भाताच्या लागवडीस योग्य करणे आणि पाण्याचा निचरा कमी करणे हा होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची रोपे तयार करण्यासाठी स्वतंत्र रोपवाटिका तयार करण्याची पद्धत प्रचलित होती. काही प्रकारच्या जमिनीत उगवलेले रोप थेट लागवडीसाठी वापरले जात, तर सखल जमिनीत रोपवाटिकेत रोपे वाढवून नंतर मुख्य शेतात पुनर्लागवड केली जात असे. पारंपरिक पद्धतीत उगवलेली रोपे उपटून ती शेतात ठरावीक अंतरावर लावली जात असत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक कृषी ज्ञानाला महत्त्व होते. जमिनीचा प्रकार, पाण्याची पातळी, पावसाची सुरुवात, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांचे निरीक्षण करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि कापणी यांसाठी स्थानिक पद्धती आणि साधनांचा तपशील नोंदविला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> एकोणिसाव्या शतकातील सावंतवाडीच्या नोंदींमध्ये भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची नावेही आढळतात. त्यामध्ये ''कोथिंबिरी'', ''खिरसाळ'', ''गजवेल'', ''तावसाळ'', ''पाटणी'', ''वत्सल'' आणि ''साळ'' यांसारख्या प्रकारांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. त्याच नोंदीत इतर अनेक स्थानिक भातप्रकारांचीही नावे दिली आहेत. यावरून त्या काळात भाताच्या विविध स्थानिक प्रकारांची लागवड केली जात असल्याचे दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> === पारंपरिक कृषिपद्धती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये जमिनीची मशागत, चिखलणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण अशा सलग प्रक्रियांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये या कृषी प्रक्रियांचे स्थानिक स्वरूप आणि त्यासाठी वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचे वर्णन केले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> शेत तयार करण्यासाठी लाकडी नांगराचा वापर केला जात असे. पावसाच्या सुरुवातीला नांगरणी करून त्यानंतर शेतात पाणी साठवून चिखलणी केली जात असे. चिखलणी पूर्ण झाल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची पृष्ठभाग समतल केली जाई. समतल पृष्ठभागामुळे रोपांची पुनर्लागवड करणे सुलभ होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताची पुनर्लागवड प्रामुख्याने मजुरांच्या साहाय्याने केली जात असे. पुनर्लागवडीनंतर तण काढणे आणि आवश्यकतेनुसार आंतरमशागत केली जाई. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींनुसार भाताच्या ओळींमध्ये तण काढण्यासाठी हाताने वापरल्या जाणाऱ्या साधनांचाही उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कापणीच्या वेळी भात जमिनीजवळून विळ्याने कापला जाई. कापलेले पीक काही दिवस शेतात वाळवून भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. भाताचे भारे कठीण पृष्ठभागावर आपटून मळणी केली जाई आणि त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पेंढा व इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीनंतर धान्य उन्हात वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी पुढील हंगामासाठी स्वतःचे बियाणे राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर होत असे. कणग्यांना शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === पारंपरिक कृषी ज्ञान आणि अनुभव === पारंपरिक भातशेतीमध्ये कृषी ज्ञान हे स्थानिक पर्यावरणाच्या निरीक्षणावर आणि दीर्घकालीन अनुभवावर आधारित होते. पावसाची सुरुवात, जमिनीतील ओलावा, पाण्याची पातळी, रोपांची वाढ आणि पिकाची पक्वता यांसारख्या घटकांचा विचार करून शेतीची कामे करण्याची पद्धत होती. उपलब्ध गॅझेटियर नोंदींमध्ये या प्रक्रियांशी संबंधित स्थानिक संज्ञा, पद्धती आणि कृषी साधनांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> जमिनीच्या प्रकारानुसार लागवडपद्धती निवडणे हे पारंपरिक ज्ञानाचे महत्त्वाचे अंग होते. उंचावरील जमिनी आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम जमिनी यांच्यातील फरक लक्षात घेऊन भाताची लागवड आणि पाण्याचे व्यवस्थापन केले जात असे. सखल भागातील शेतांमध्ये पाणी धरून ठेवण्यासाठी बांध आणि पाण्याचा निचरा करण्यासाठी नियंत्रित मार्गांचा वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक कृषिपद्धतीमध्ये उपलब्ध स्थानिक साधनांचा वापर केला जात असे. लाकडी नांगर, लाकडी समतलीकरणाची फळी, विळा आणि हाताने वापरली जाणारी तण काढण्याची साधने यांचा उपयोग भातशेतीतील विविध टप्प्यांवर केला जात असे. या साधनांचा वापर स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती आणि शेतीच्या पद्धतीशी जुळवून घेतलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक पद्धतींमध्ये धान्य आणि बियाण्याचे स्वतंत्र व्यवस्थापनही महत्त्वाचे होते. स्वतःच्या शेतातील धान्यातून पुढील हंगामासाठी बियाणे राखून ठेवणे ही पद्धत होती. यामुळे शेतकऱ्यांना पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा उपलब्ध होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही केवळ पीक उत्पादनाची पद्धत नव्हती, तर पर्जन्यमान, जमीन, पाणी, स्थानिक वाण, कृषी साधने आणि शेतकऱ्यांच्या अनुभवाधारित ज्ञान यांचा परस्परसंबंध असलेली कृषीव्यवस्था होती. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमधून या व्यवस्थेची विविध रूपे आणि तिचे स्थानिक स्वरूप स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> == पारंपरिक रोपवाटिका आणि ‘रोबिंग’ पद्धत == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये रोपवाटिका तयार करण्याला महत्त्वाचे स्थान आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी ''रोबिंग'' (Robbing) ही पद्धत मोठ्या प्रमाणावर प्रचलित असल्याची नोंद आहे. या पद्धतीत भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि पुढे ती मुख्य शेतात पुनर्लागवडीसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपवाटिका तयार करण्यासाठी पावसाळ्याच्या सुरुवातीच्या काळातील ओलाव्याचा उपयोग केला जात असे. गॅझेटियरनुसार मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाच्या सरींमुळे भाताची रोपे तयार करण्याची प्रक्रिया सुरू करता येत असे आणि जूनमध्ये मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर मुख्य शेताच्या मशागतीची कामे पुढे चालत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> रोपवाटिका आणि मुख्य शेतातील कामांचा हा क्रम कोकणातील पर्जन्यमान आणि शेतीच्या हंगामी चक्राशी संबंधित होता. त्यामुळे पारंपरिक रोपवाटिका पद्धतीचा अभ्यास हा केवळ कृषितंत्राचा विषय नसून स्थानिक हवामानाशी शेतकऱ्यांनी जुळवून घेतलेल्या कृषिपद्धतीचा भाग म्हणूनही करता येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> उत्तर कोकणातील पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापनाचा स्वतंत्र अभ्यासही करण्यात आला आहे. पालघर जिल्ह्यातील आदिवासी भागात ''Rabing'' ही पारंपरिक भात रोपवाटिका व्यवस्थापन कौशल्याशी संबंधित पद्धत नोंदवण्यात आली आहे. या अभ्यासातून उत्तर कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान आणि कौशल्याचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="DahiphaleEtAl2020">{{cite journal |last=Dahiphale |first=A. V. |last2=Bhagat |first2=S. B. |last3=Mhaskar |first3=N. V. |last4=Jondhale |first4=D. G. |last5=Bedse |first5=T. J. |last6=Vanve |first6=P. B. |title=Rabing: A traditional skill of rice nursery management in tribal area of North Konkan coastal zone of Maharashtra |journal=Journal of Pharmacognosy and Phytochemistry |volume=9 |issue=5S |year=2020 |pages=435–437 |url=https://www.phytojournal.com/special-issue/2020.v9.i5S.12965/rabing-a-traditional-skill-of-rice-nursery-management-in-tribal-area-of-north-konkan-coastal-zone-of-maharashtra }}</ref> == भाताच्या जाती आणि स्थानिक वाण == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक परिस्थितीशी जुळवून घेतलेल्या विविध भातवाणांना महत्त्वाचे स्थान आहे. पर्जन्यमान, जमिनीचा प्रकार, लागवडीचा कालावधी आणि उत्पादनाची गरज यांनुसार भाताच्या विविध जातींची निवड केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही भाताच्या विविध प्रकारांचा आणि त्यांच्या लागवडीचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील भातवाणांच्या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेशीही जोडला जातो. कोकण प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा अभ्यास करताना स्थानिक पिकांच्या जाती, त्यांचे पारंपरिक उपयोग आणि स्थानिक कृषीपरिस्थितीशी त्यांचे असलेले संबंध यांचा विचार करण्यात आला आहे.<ref name="Singh2014Konkan">{{cite journal |last=Singh |first=Anurudh K. |title=Probable Agricultural Biodiversity Heritage Sites in India: XX. The Konkan Region |journal=Asian Agri-History |volume=18 |issue=3 |year=2014 |pages=257–282 |url=https://www.asianagrihistory.org/pdf/volume18/ak-singhs-paper-18-3.pdf }}</ref> कोकणासाठी काही सुधारित भातवाणांची निर्मिती आणि निवड करण्यात आली आहे. त्यापैकी ‘रत्‍नागिरी-७’ ही कोकण प्रदेशासाठी विकसित करण्यात आलेली लाल तांदळाची, अर्धबुटकी आणि अधिक उत्पादनक्षम जात म्हणून अभ्यासात नोंदविण्यात आली आहे. या वाणाच्या वैशिष्ट्यांचा आणि कोकणातील लागवडीसाठी त्याच्या उपयुक्ततेचा स्वतंत्र अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="WaghmodeEtAl2018">{{cite journal |last=Waghmode |first=B. D. |last2=Sonone |first2=N. G. |last3=Navhale |first3=V. C. |last4=Kadam |first4=S. R. |last5=Bhave |first5=S. G. |title=Ratnagiri 7 - Red Kernel, Semi Dwarf and High Yielding Rice Variety for Konkan Region of Maharashtra State in India |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=7 |issue=4 |year=2018 |pages=3442–3453 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=7655&SNo=389&vol=7-4-2018 }}</ref> भाताच्या जातींची निवड करताना पेरणीची किंवा लागवडीची वेळ हा देखील महत्त्वाचा घटक ठरतो. कोकणातील परिस्थितीत वेगवेगळ्या पेरणीच्या कालावधीनुसार भाताच्या जातींच्या प्रतिसादाचा अभ्यास करण्यात आला असून, पेरणीची वेळ आणि वाण यांचा वाढ व उत्पादनावर परिणाम होऊ शकतो असे संशोधनातून दिसून येते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017">{{cite journal |last=Jagtap |first=D. N. |last2=Mahadkar |first2=U. V. |last3=Chavan |first3=S. A. |title=Response of rice varieties to different sowing windows under Konkan conditions |journal=Agricultural Science Digest |volume=37 |issue=1 |year=2017 |pages=78–80 }}</ref> स्थानिक भातवाणांचे महत्त्व केवळ उत्पादनक्षमतेपुरते मर्यादित नसून कृषी जैवविविधता आणि स्थानिक कृषिज्ञानाच्या जतनाशीही संबंधित आहे. कोकणातील देशी भातवाणांचे संवर्धन करण्यासाठी शेतकरी आणि स्थानिक संस्थांकडून प्रयत्न केले जात असल्याचे वृत्तांकन झाले आहे.<ref name="AgrowonIndigenousRice">{{cite web |title=देशी वाणांचे संवर्धन करणारी कोकणातील शेतकरी कंपनी |url=https://agrowon.esakal.com/agro-special/farmers-company-in-konkan-for-conservation-of-indigenous-species |website=ॲग्रोवन |access-date=14 August 2026 }}</ref> स्थानिक वाणांच्या जतनामुळे भातशेतीतील आनुवंशिक विविधता टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते. त्याचबरोबर स्थानिक हवामान, माती आणि पारंपरिक कृषिपद्धतीशी जुळवून घेतलेल्या वाणांचे ज्ञान पुढील पिढ्यांपर्यंत पोहोचण्यासही त्याचा उपयोग होतो. त्यामुळे कोकणातील भातवाणांचा अभ्यास हा उत्पादनाच्या दृष्टीने तसेच कृषी वारसा आणि जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचा आहे.<ref name="Singh2014Konkan"/><ref name="AgrowonIndigenousRice"/> == भातशेतीची पारंपरिक प्रक्रिया == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही मोसमी पाऊस, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार टप्प्याटप्प्याने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भाताच्या शेतीमध्ये जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, रोपांची पुनर्लागवड किंवा थेट पेरणी, आंतरमशागत, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि धान्याची साठवण अशा परस्परांशी संबंधित प्रक्रियांचा समावेश होता.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीची सुरुवात मोसमी पावसाच्या आगमनाशी जोडलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात दक्षिण-पश्चिम मोसमी पाऊस साधारणपणे जूनमध्ये सुरू होत असे. मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचा उपयोग भाताच्या रोपवाटिकेसाठी केला जात असे, तर जूनच्या उत्तरार्धात किंवा जुलैच्या सुरुवातीला पुनर्लागवडीसाठी जमीन तयार करण्याची कामे केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> === शेतजमिनीची तयारी === भातशेतीसाठी जमीन तयार करण्याचे पहिले महत्त्वाचे काम नांगरणी होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातासाठी ''उखळणी'' म्हणून ओळखली जाणारी नांगरणी मोसमी पावसाच्या आगमनानंतर जूनच्या पहिल्या आठवड्यात केली जात असे. यासाठी प्रामुख्याने लाकडी नांगराचा वापर केला जाई. भातासाठी वापरल्या जाणाऱ्या हलक्या जमिनीत खोल नांगरणीची आवश्यकता नसून साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> नांगरणीची वेळ स्थानिक जमिनीच्या स्वरूपाशी संबंधित होती. भातशेतीच्या प्रक्रियेत चिखलणीमुळे जमीन कोरडी झाल्यानंतर कठीण होत असल्याने कापणीनंतर लगेच नांगरणी करणे अवघड ठरत असे. त्यामुळे मोसमी पावसाच्या सुरुवातीला योग्य वेळी नांगरणी करणे महत्त्वाचे मानले जात होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === राब पद्धत === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये ''राब'' ही रोपवाटिका आणि जमिनीच्या पूर्वतयारीशी संबंधित पद्धत होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये राब प्रक्रियेतून तयार होणाऱ्या राखेचा जमिनीला काही पोषक घटक मिळण्याशी संबंध नमूद केला आहे. मात्र, मोठ्या प्रमाणात सेंद्रिय खताचा वापर न झाल्यास जमिनीची भौतिक रचना कठीण होऊन पिकाच्या वाढीवर परिणाम होऊ शकतो, अशी निरीक्षणात्मक नोंदही करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कृषी विभागाने पुढील काळात राबसाहित्यातील जैविक पदार्थांचा कंपोस्ट तयार करण्यासाठी वापर करण्याची तसेच हिरवळीची खते आणि शेणखत यांचा वापर वाढविण्याची शिफारस केली होती. त्यामुळे पारंपरिक राब पद्धतीकडे केवळ रोपवाटिकेची पद्धत म्हणून न पाहता तिच्या कृषी-पर्यावरणीय परिणामांच्या संदर्भातही पाहता येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === रोपवाटिका === सखल आणि अधिक पाणीधारणक्षम जमिनींमध्ये भाताची रोपे तयार करण्यासाठी रोपवाटिका केली जात असे. भाताचे बी पेरून रोपे तयार केली जात आणि योग्य वाढ झाल्यानंतर ती उपटून मुख्य भातखाचरात पुनर्लागवड केली जात. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदीनुसार रोपवाटिकेतील बियाणे पसरून किंवा ओळींमध्ये पेरले जाऊ शकत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> उंचावरील जमिनींमध्ये मात्र रोपवाटिकेतील पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेले बी थेट चिखललेल्या शेतात पेरण्याची पद्धत वापरली जात असे. या पद्धतीला स्थानिक पातळीवर ''राहू'' पद्धत म्हटले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === चिखलणी === नांगरणीनंतर शेतात पाणी साठवून जमीन चिखलयुक्त करण्याची प्रक्रिया केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पहिल्या नांगरणीनंतर काही काळ शेतात पाणी साठवले जाई आणि जूनच्या अखेरीस किंवा जुलैच्या सुरुवातीला उभ्या पाण्यात पुन्हा नांगरणी करून चिखलणी केली जाई. आवश्यक त्या भौतिक स्थितीपर्यंत माती मऊ आणि चिकट होईपर्यंत ही प्रक्रिया केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> चिखलणीचा एक उद्देश जमिनीच्या पृष्ठभागातून पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करून भातासाठी पाणी अधिक काळ धरून ठेवण्यास अनुकूल परिस्थिती निर्माण करणे हा होता. चिखलणी झाल्यानंतर शेताची जमीन समतल करण्यासाठी बैलांच्या साहाय्याने लाकडी फळी ओढली जात असे. या फळीला स्थानिक पातळीवर ''गुतेफळी'' किंवा ''अलवत'' अशी नावे असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची लावणी === चिखलणी आणि समतलीकरण पूर्ण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील भाताची रोपे मुख्य शेतात लावली जात. रोपे उपटून लहान भाऱ्यांमध्ये बांधली जात आणि भातखाचरात नेऊन हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार एका एकरासाठी साधारणपणे आठ ते दहा व्यक्तींची आवश्यकता भासत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> रोपांची पुनर्लागवड करताना साधारणपणे दहा ते पंधरा रोपे एका समूहात घेऊन चिखलात दाबून लावली जात आणि रोपांमध्ये अंदाजे नऊ ते बारा इंच अंतर ठेवले जात असे. उंचावरील काही जमिनींमध्ये पुनर्लागवडीऐवजी मोड आलेल्या बियांचे थेट प्रसारण केले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === पिकाची निगा आणि पाणीव्यवस्थापन === पुनर्लागवडीनंतर पिकाची निगा राखण्यासाठी आंतरमशागत आणि तण काढण्याची कामे केली जात. ''कोळपी'' या तीन दातांच्या हातसाधनाचा वापर माती हलकी करण्यासाठी, मुळांना हवा मिळण्यासाठी आणि खत मातीमध्ये मिसळण्यासाठी केला जात असे. ओळीतील भातामध्ये साधारणपणे दोन ते तीन वेळा आंतरमशागत केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आंतरमशागतीनंतरही उरलेली तणे हाताने किंवा ''खुरपी''च्या साहाय्याने काढली जात. पसरवून पेरलेल्या किंवा ओळीत पुनर्लागवड न केलेल्या शेतांमध्ये अशा प्रकारची आंतरमशागत करणे तुलनेने मर्यादित असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीमध्ये पाण्याचे व्यवस्थापन प्रामुख्याने पावसावर आधारित होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील बहुसंख्य पिके मोसमी पावसावर अवलंबून असल्याची नोंद आहे. सखल जमिनींमध्ये अतिरिक्त पाणी बाहेर काढण्यासाठी शेतबांधांमध्ये आवश्यक ठिकाणी तात्पुरते मार्ग ठेवले जात असत.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भाताची कापणी आणि मळणी === भाताच्या वाणानुसार कापणीचा कालावधी बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार लवकर तयार होणाऱ्या भाताची कापणी सप्टेंबरच्या अखेरीस सुरू होत असे, तर मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांची कापणी नोव्हेंबरपर्यंत चालत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताची कापणी विळ्याने जमिनीजवळून केली जात असे. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि मळणीच्या जागी नेले जात. मळणीसाठी भाताची भारे लाकडी फळी किंवा कठीण पृष्ठभागावर आपटून दाणे वेगळे केले जात. त्यानंतर उफणणी करून धान्यापासून पाने, पेंढा आणि इतर अवशेष वेगळे केले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === धान्याची साठवणूक === मळणीनंतर धान्य उन्हात व्यवस्थित वाळवून साठवले जात असे. शेतकरी स्वतःच्या वापरासाठी तसेच पुढील हंगामातील पेरणीसाठी काही धान्य राखून ठेवत असत. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूपासून तयार केलेल्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. कणग्यांना कीटकांचा प्रवेश कमी करण्यासाठी शेणाचा लेप देण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> पारंपरिक प्रक्रियेत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या नोंदीनुसार शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत असताना दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांनी साली काढली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील पारंपरिक भातशेतीची प्रक्रिया ही पावसाच्या आगमनापासून सुरू होऊन जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, चिखलणी, पुनर्लागवड, पिकाची निगा, कापणी, मळणी आणि धान्य साठवण या सलग टप्प्यांतून पूर्ण होत असे. या प्रक्रियेत स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती, पाण्याचे नियमन, मानवी श्रम आणि पारंपरिक कृषिसाधने यांचा परस्परसंबंध दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भाताचे उत्पादन, उपयोग आणि उपउत्पादने == कोकणातील भातशेतीमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून त्याचे उत्पादन प्रामुख्याने खरीप हंगामात घेतले जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्या काळात रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताचे उत्पादन साधारण एक लाख टनांपेक्षा अधिक होते आणि भात हे जिल्ह्यातील सर्वांत महत्त्वाचे पीक होते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerProduction">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Production |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_production.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भाताचे उत्पादन वाण, जमिनीचा प्रकार, पावसाचे प्रमाण आणि लागवडीची पद्धत यांनुसार बदलत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात भाताची लागवड उंचावरील ''कुर्यात'' जमिनी तसेच सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये केली जात असल्याची नोंद आहे. लवकर, मध्यम-उशिरा आणि उशिरा तयार होणाऱ्या वाणांनुसार उत्पादनाचा कालावधीही वेगवेगळा असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या उत्पादनाचे स्थानिक वापराशी असलेले नातेही स्पष्ट होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उत्पादित होणारे धान्य मोठ्या प्रमाणावर शेतकऱ्यांच्या स्वतःच्या उपभोगासाठी वापरले जात असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. जिल्ह्यातील भाताचे उत्पादन स्थानिक गरजेच्या तुलनेत अपुरे असल्याने मोठ्या प्रमाणावर धान्यसाठा बाजारपेठेसाठी न ठेवता घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताचा प्रमुख उपयोग तांदूळ या स्वरूपात अन्न म्हणून केला जातो. पारंपरिक पद्धतीत साळीपासून तांदूळ तयार करण्यासाठी साली काढल्या जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शहरांमध्ये आणि मोठ्या गावांमध्ये तांदूळ गिरण्यांचा वापर होत होता, तर दुर्गम भागांमध्ये घरगुती पातळीवर पारंपरिक साधनांचा वापर करून साली काढण्याची पद्धत अस्तित्वात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> कोकणातील काही भागांत भातावर उकडभात किंवा ''उकडे'' तांदूळ तयार करण्याची पद्धतही प्रचलित होती. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक नोंदींनुसार जाड दाण्याच्या काही भातप्रकारांपासून उकडे तांदूळ तयार केला जात असे. या प्रक्रियेत साळीसह धान्य काही काळ उकळून नंतर वाळवले जाई आणि त्यानंतर साली काढल्या जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> तांदळापासून विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार केले जातात. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये तांदळापासून ''पोहे'' आणि ''मुरमुरे'' तयार करण्याचा उल्लेख आहे. काही भागांत भात शिजवून ''भात'', तसेच पातळ किंवा घट्ट स्वरूपातील ''आंबील'' आणि ''पेज'' यांसारख्या पदार्थांच्या रूपातही वापरला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या प्रक्रियेत तांदळाबरोबर इतर पदार्थही मिळतात. साळी काढताना ''तूस'' किंवा भाताची साल हा अवशेष निर्माण होतो. धान्याची मळणी झाल्यानंतर उरलेला ''पेंढा'' हा आणखी एक महत्त्वाचा उपउत्पादन आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भाताची मळणी झाल्यानंतर मिळणारा पेंढा साठवून ठेवून त्याचा चाऱ्यासाठी वापर केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भाताच्या काढणीनंतर मिळणाऱ्या पेंढ्याचा वापर केवळ पशुखाद्यापुरता मर्यादित नव्हता. स्थानिक परिस्थितीनुसार त्याचा उपयोग छप्पर बांधण्यासाठी आणि इतर ग्रामीण कामांसाठी केला जात असल्याचे कृषी नोंदींमध्ये आढळते. त्यामुळे भातशेतीतून मिळणारे उपउत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील विविध गरजांसाठी वापरले जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची प्रतवारी आणि प्रक्रियेदरम्यान ''कणी'' किंवा तुटलेला तांदूळही मिळतो. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार तांदूळ गिरण्यांमध्ये साली काढण्याच्या प्रक्रियेत काही दाणे तुटतात आणि हा तुटलेला तांदूळ स्वतंत्रपणे वेगळा करून तुलनेने कमी किमतीत विकला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनात बियाण्याची भूमिकाही महत्त्वाची आहे. पारंपरिक पद्धतीत शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा प्रकारे भाताचे उत्पादन हे केवळ त्या हंगामातील अन्नपुरवठ्याशी संबंधित नसून पुढील हंगामाच्या लागवडीसाठी आवश्यक बियाण्याच्या उपलब्धतेशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात कोकणातील भाताचे उत्पादन वाढविण्यासाठी सुधारित जाती आणि उत्पादनतंत्रांचा विकास करण्यात आला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीसाठी विविध सुधारित भातजाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३ तसेच सह्याद्री मालिकेतील विविध संकरित वाण विकसित करण्यात आले आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties">{{cite web |title=Crop varieties developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Varieties.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> या सुधारित वाणांमध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी आणि काही प्रमुख रोग किंवा किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार करण्यात आला आहे. उदाहरणार्थ, विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीनुसार रत्‍नागिरी-६ आणि रत्‍नागिरी-७ या वाणांची उत्पादनक्षमता अनुक्रमे सुमारे ४.५ टन प्रति हेक्टर आणि ४.५ ते ५.० टन प्रति हेक्टर इतकी नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceResearch2017">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://www.dbskkv.org/assets/pdf/recommendations/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भाताचे उत्पादन हे स्थानिक अन्नपुरवठा, पारंपरिक खाद्यसंस्कृती, बियाण्याची उपलब्धता आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांच्याशी संबंधित आहे. तांदळाबरोबर पेंढा, कणी आणि भाताची साल यांसारखी उपउत्पादनेही विविध उपयोगांत येतात. पारंपरिक उत्पादनपद्धतींबरोबर सुधारित वाण आणि आधुनिक कृषितंत्रांचा वापर वाढल्यामुळे कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप कालानुसार बदलत आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == कोकणातील भाताच्या जाती == कोकणातील भातशेतीमध्ये स्थानिक पारंपरिक वाणांपासून सुधारित आणि संकरित वाणांपर्यंत विविध प्रकार आढळतात. या विविधतेचा संबंध प्रदेशातील जमिनीचे प्रकार, पर्जन्यमान, पाण्याची उपलब्धता, पक्वतेचा कालावधी आणि स्थानिक कृषिपद्धतीशी आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडी परिसरातील भाताच्या अनेक स्थानिक प्रकारांची नोंद आढळते, तर आधुनिक काळात डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप सुधारित आणि संकरित भातवाण विकसित केले आहेत.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === पारंपरिक स्थानिक जाती === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये स्थानिक वाणांची लक्षणीय विविधता होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या एकूण तीस जातींची नोंद करण्यात आली आहे. त्यापैकी कोथिंबिरी, खिरसाळ, गजवेल, तावसाळ, पाटणी, वत्सल आणि साळ या सात जाती तुलनेने चांगल्या प्रकारच्या म्हणून नमूद करण्यात आल्या आहेत. अवचिटे, काळीनावन, काळी कडया, केडाळ, खोचरी, चिमसाळ, टायकाळा, डामगा, डोंगरे, तांबिकुडया, नवान, बिलावल, बेला, मुडगे, वरंगळ, वाकसाळ, वाळ्या, शिराई, सेमणे, सुकाळ, सोरटी आणि सोनफळ या इतर स्थानिक प्रकारांचीही नोंद त्याच गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> या स्थानिक वाणांची लागवड प्रदेशातील विविध प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताची लागवड प्रामुख्याने उंचावरील ''कुर्यात'' जमीन आणि सखल, अधिक पाणीधारणक्षम ''माळ'' जमीन अशा दोन्ही प्रकारच्या जमिनींमध्ये केली जात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे स्थानिक वाणांची निवड ही स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित असण्याची शक्यता होती; मात्र प्रत्येक वाणाची विशिष्ट पर्यावरणीय अनुकूलता स्वतंत्रपणे सिद्ध करण्यासाठी त्या वाणासंबंधी स्वतंत्र पुरावे आवश्यक आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या दाण्याच्या स्वरूपानुसार ''उकडे'' आणि ''सुरई'' असे दोन व्यापक प्रकारही नमूद केले आहेत. जाड दाण्याच्या भातापासून उकडे तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर बारीक प्रकारासाठी ही प्रक्रिया आवश्यक नसल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> स्थानिक वाणांची विविधता ही केवळ कृषी उत्पादनाशी संबंधित नव्हती. रत्‍नागिरी परिसरातील अन्नविषयक ऐतिहासिक नोंदींमध्ये तांदूळ हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याचे नमूद केले आहे. तांदळापासून उकडा आणि सुरई यांसारखे प्रकार तयार केले जात आणि भाताचा दैनंदिन आहारात मोठ्या प्रमाणावर वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_food.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भाताच्या जातींची जैवविविधता === कोकणातील पारंपरिक भातवाणांची संख्या आणि त्यांच्यातील विविधता या प्रदेशातील कृषी जैवविविधतेचा ऐतिहासिक भाग दर्शवतात. एकाच प्रदेशात विविध नावांचे आणि वैशिष्ट्यांचे वाण लागवडीखाली असल्याची नोंद जुन्या गॅझेटियरमध्ये आढळते. या वाणांची नावे, दाण्यांचे प्रकार आणि पक्वतेच्या कालावधीतील फरक यांमधून त्या काळातील भात लागवडीतील विविधता दिसून येते.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या वाणांची विविधता जमिनीच्या आणि पाण्याच्या परिस्थितीशी संबंधित कृषिपद्धतींसोबत विकसित झाली होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात उंचावरील ''कुर्यात'' आणि सखल ''माळ'' जमिनींमध्ये भाताची लागवड केली जात असे. काही ठिकाणी पुनर्लागवड केली जात असे, तर काही उंचावरील जमिनींमध्ये मोड आलेल्या बियांची थेट पेरणी केली जात असे. त्यामुळे भाताच्या लागवडीमध्ये स्थानिक पर्यावरणानुसार पद्धतींची विविधता होती.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक वाणांच्या विविधतेचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे पिकाच्या पक्वतेच्या कालावधीतील फरक. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये लवकर तयार होणाऱ्या तसेच मध्यम आणि उशिरा तयार होणाऱ्या भाताच्या प्रकारांचा उल्लेख आढळतो. पिकाच्या पक्वतेनुसार कापणीचा कालावधी बदलत असल्यामुळे विविध वाणांचा वापर शेतीच्या हंगामी नियोजनाशी संबंधित होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> स्थानिक भातवाणांची जैवविविधता ही बियाणे जतन करण्याच्या पारंपरिक पद्धतीशीही संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी मळणीनंतर मिळालेल्या धान्यातून पुढील हंगामासाठी काही धान्य बियाणे म्हणून राखून ठेवत असत. अशा पद्धतीमुळे स्थानिक पातळीवर बियाण्याचा साठा आणि लागवडीची सातत्यता राखली जात होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> तथापि, ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये नोंदलेल्या सर्व पारंपरिक वाणांची लागवड आजही मोठ्या प्रमाणावर सुरू आहे, असा निष्कर्ष केवळ या ऐतिहासिक नोंदींवरून काढता येत नाही. पारंपरिक वाणांचे वर्तमान अस्तित्व, लागवडीचे क्षेत्र आणि संवर्धनाची स्थिती निश्चित करण्यासाठी अद्ययावत कृषी संशोधन किंवा अधिकृत बियाणे-संवर्धन नोंदी आवश्यक आहेत. === सुधारित आणि आधुनिक जाती === कोकणातील भात उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी विसाव्या शतकापासून सुधारित बियाण्यांचा प्रसार करण्यात आला. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये सुधारित भातबियाण्यांच्या प्रसारासाठी शासकीय योजना राबविण्यात आल्याची नोंद आहे. १९५६–५७ आणि १९५७–५८ या कालावधीतील नोंदींमध्ये पाटणी-६, वारंगळ-४८७, वाकसाळ-२८७, पनवेल-६१, भाडस-७९, ई.के.-७०, कोलंबा-१८४ आणि के-४२ या सुधारित भातवाणांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerIrrigation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Irrigation |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_irrigation.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील कृषी परिस्थिती लक्षात घेऊन भाताच्या सुधारित जाती आणि संकरित वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाने विकसित केलेल्या भाताच्या जातींपैकी रत्‍नागिरी-१ ही लवकर तयार होणारी जात असून तिचा पक्वता कालावधी सुमारे ११५–१२० दिवस आणि नोंदविलेली उत्पादनक्षमता ३५–४० क्विंटल प्रति हेक्टर आहे. रत्‍नागिरी-२ ही उशिरा तयार होणारी जात असून तिचा कालावधी सुमारे १४५–१५० दिवस आहे. रत्‍नागिरी-३ ही सुमारे १४०–१४५ दिवसांत तयार होणारी जात असून ती उथळ सखल भातक्षेत्रासाठी योग्य असल्याचे विद्यापीठाच्या नोंदीत नमूद केले आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> कोकणातील आधुनिक भात संशोधनात संकरित वाणांचाही विकास झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन नोंदीमध्ये सह्याद्री मालिकेतील भात संकरित वाणांचा उल्लेख आहे. उदाहरणार्थ, सह्याद्री-५ या संकरित वाणाचा पक्वता कालावधी सुमारे १४०–१४५ दिवस असून, कोकणातील चाचण्यांमध्ये त्याची उत्पादनक्षमता आणि काही प्रमुख कीड व रोगांविरुद्धची सहनशीलता नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010">{{cite report |title=Research Recommendations of 2010 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2010 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2010%20English%20Recommendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित वाणांच्या विकासामध्ये उत्पादनक्षमता, पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे गुणधर्म आणि स्थानिक रोग-किडींविरुद्धची प्रतिकारक्षमता यांसारख्या गुणधर्मांचा विचार केला जातो. त्यामुळे पारंपरिक स्थानिक वाणांबरोबर सुधारित आणि संकरित वाणांचा वापर हा कोकणातील भातशेतीच्या बदलत्या कृषितंत्राचा एक भाग बनला आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKVResearchRecommendations2010"/> अशा प्रकारे कोकणातील भाताच्या जातींचा इतिहास पारंपरिक स्थानिक वाणांच्या विविधतेपासून सुधारित आणि संकरित वाणांच्या विकासापर्यंत विस्तारलेला आहे. ऐतिहासिक गॅझेटियरमधील स्थानिक वाणांची नोंद आणि आधुनिक कृषी संशोधनातून विकसित झालेल्या जाती यांमुळे कोकणातील भाताच्या आनुवंशिक आणि कृषी विविधतेचे वेगवेगळे कालखंड स्पष्ट होतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> == भातशेती आणि कोकणचे पर्यावरण == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप प्रदेशातील पर्जन्यमान, भूभाग, मातीचे प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि समुद्रकिनाऱ्याशी असलेले भौगोलिक संबंध यांच्याशी जवळून संबंधित आहे. कोकण हा अरबी समुद्र आणि सह्याद्री यांच्या दरम्यानचा अरुंद किनारी प्रदेश असून, येथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसाचा प्रभाव मोठा आहे. त्यामुळे भात हे या प्रदेशातील प्रमुख खरीप पीक बनले आहे. कोकणातील कृषी व्यवस्थेत भाताचे महत्त्व आणि त्याच्याशी संबंधित पर्यावरणीय परिस्थिती यांचा परस्परसंबंध कृषी संशोधन आणि ऐतिहासिक नोंदींमधून दिसून येतो.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils">{{cite journal |last1=Verma |first1=Ram Ratan |last2=Srivastava |first2=Tapendra Kumar |last3=Singh |first3=Pushpa |last4=Manjunath |first4=B. L. |last5=Kumar |first5=Anil |title=Spatial mapping of soil properties in Konkan region of India experiencing anthropogenic onslaught |journal=PLOS ONE |volume=16 |issue=2 |pages=e0247177 |year=2021 |url=https://journals.plos.org/plosone/article?id=10.1371/journal.pone.0247177 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === पर्जन्यमान आणि भातशेती === कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसावर आधारित आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार जूनमध्ये सुरू होणारा मोसमी पाऊस खरीप पिकांच्या वाढीसाठी महत्त्वाचा असून, भाताच्या रोपवाटिकेच्या तयारीसाठी मे महिन्याच्या उत्तरार्धातील पावसाचाही उपयोग केला जात असे. पावसाच्या आगमनाची वेळ आणि त्यानंतर उपलब्ध होणारी जमिनीतील ओलावा यांनुसार मशागत, रोपवाटिका आणि पुनर्लागवडीची कामे नियोजित केली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerSeasons"/> कोकणातील पावसाचे प्रमाण प्रदेशाच्या विविध भागांत सारखे नसले तरी भातशेतीसाठी मोसमी पावसाचे महत्त्व सर्वसाधारणपणे मोठे आहे. दक्षिण गोवा या कोकणातील भागावरील एका अभ्यासानुसार तेथे दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसामुळे जूनपासून सप्टेंबरपर्यंत, काही वेळा ऑक्टोबरच्या मध्यापर्यंत, पाऊस पडतो आणि वार्षिक पर्जन्यमान सुमारे २,९०० मिलिमीटर नोंदविण्यात आले आहे. त्या अभ्यासात भात हे सपाट तसेच उताराच्या भागांतील प्रमुख पीक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> मात्र अतिवृष्टीचा परिणाम शेतीवर होऊ शकतो. पावसाचे अल्प कालावधीत अधिक प्रमाण, पाण्याचा निचरा आणि पावसातील खंड यांनुसार भाताच्या वाढीवर परिणाम होतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीमध्ये पावसाचे पाणी धरून ठेवणे आणि अतिरिक्त पाण्याचा नियंत्रित निचरा करणे या दोन्ही बाबींना महत्त्व प्राप्त होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> === भातखाचरे आणि जलव्यवस्था === कोकणातील भातखाचरे ही पावसावर आधारित भातशेतीसाठी विकसित झालेली स्थानिक कृषी व्यवस्था आहे. भातासाठी जमीन तयार करताना नांगरणी, चिखलणी आणि समतलीकरण करून शेतात पाणी धरून ठेवण्यासाठी अनुकूल परिस्थिती निर्माण केली जाते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये चिखलणी केल्यानंतर लाकडी फळीच्या साहाय्याने शेताची जमीन समतल करण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातखाचरातील पाण्याचे व्यवस्थापन केवळ पाणी साठवण्यापुरते मर्यादित नसते. मुसळधार पावसाच्या काळात अतिरिक्त पाणी नियंत्रितपणे बाहेर काढणे आवश्यक असते. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये शेतबांधांमध्ये आवश्यकतेनुसार पाण्याच्या निचऱ्यासाठी मार्ग ठेवण्याच्या पद्धतीचा उल्लेख आहे. त्यामुळे भातखाचरांची रचना पाणी साठवण आणि निचरा या दोन्ही गरजांशी संबंधित होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक कृषी संशोधनातही कोकणातील भातशेतीसाठी पाणीव्यवस्थापनाला महत्त्व दिले जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात कोकणातील भातासाठी स्थानिक परिस्थितीनुसार उत्पादनतंत्र, सिंचन आणि जलसंधारणाशी संबंधित पद्धती विकसित करण्यावर भर देण्यात आला आहे.<ref name="DBSKKVResearch">{{cite web |title=Research |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === उताराची जमीन आणि बांधबंदिस्ती === कोकणाचा बराचसा भूभाग उताराचा आणि डोंगराळ असल्यामुळे भातशेतीसाठी सपाट किंवा तुलनेने समतल खाचरे तयार करण्याची पद्धत विकसित झाली. कोकणातील भातशेतीवरील डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या तांत्रिक नोंदीनुसार या प्रदेशात भातासाठी टेरेस किंवा पायरीसदृश शेतीचा वापर केला जातो आणि शेतांचे आकारमान तुलनेने लहान असते.<ref name="DBSKKVKonkanRiceMechanization">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |year=2016 |publisher=Indian Society of Coastal Agricultural Research |url=https://epubs.icar.org.in/ejournal/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उताराच्या जमिनीमध्ये बांधबंदिस्तीमुळे पावसाचे पाणी शेतात काही काळ धरून ठेवण्यास मदत होते. त्यामुळे मातीची धूप कमी करणे, पाण्याचा प्रवाह नियंत्रित करणे आणि भातासाठी आवश्यक ओलावा टिकवून ठेवणे शक्य होते. पारंपरिक पद्धतीत शेतबांधांची देखभाल ही भातशेतीच्या नियमित कामांपैकी एक होती.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील मातीच्या प्रकारांतही प्रादेशिक फरक आढळतो. दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांमध्ये प्रामुख्याने जांभा व जांभ्यापासून विकसित झालेल्या माती आढळतात, तर उत्तर कोकणातील काही भागांत मध्यम काळ्या मातीचा विस्तार आहे. किनारी भागांत गाळाची तसेच क्षारयुक्त माती आढळते. या मातींच्या गुणधर्मांनुसार भातशेतीची पद्धत आणि पाण्याचे व्यवस्थापन बदलते.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> === खारभूमीतील भातशेती === समुद्रकिनारा आणि खाड्यांच्या परिसरातील सखल जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्याचा प्रभाव असल्यामुळे क्षारयुक्त जमिनी निर्माण होतात. महाराष्ट्रातील खार जमिनींच्या अधिकृत नोंदीनुसार समुद्र आणि नदीखाड्यांच्या परिसरातील सपाट जमिनींमध्ये समुद्राच्या पाण्यामुळे क्षारसंचय झालेला आढळतो. अशा जमिनींच्या विकासासाठी आणि पुनर्वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाने खारभूमी विकासाची स्वतंत्र व्यवस्था निर्माण केली आहे.<ref name="KolabaGazetteerKharSoils">{{cite web |title=Kolaba District Gazetteer — Soils |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/agri_soils.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील खार जमिनींमध्ये भात हे महत्त्वाचे पीक आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार खारभूमी संशोधन केंद्र, गिरणे, पनवेल येथे भात, खारभूमी सुधारणा आणि संबंधित कृषी संशोधनावर काम केले जाते. विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये खार जमिनींसाठी भाताच्या उत्पादनतंत्राचा आणि जमिनीच्या व्यवस्थापनाचा अभ्यास समाविष्ट आहे.<ref name="DBSKKVKharlandResearchStation">{{cite web |title=Khar Land Research Station |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Research_Stations_%26_Organogram.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसमोर मुख्य अडचण म्हणजे समुद्राच्या पाण्याचा शिरकाव आणि जमिनीतील क्षारता. भारत सरकारच्या कृषी व शेतकरी कल्याण मंत्रालयाने २०२४ मध्ये राज्यसभेत दिलेल्या माहितीनुसार कोकणातील किनारी आणि खाडीच्या लगतच्या सखल भागांमध्ये समुद्राचे पाणी शिरल्यामुळे कृषी जमिनींवर क्षारयुक्त पाण्याचा परिणाम होतो. अशा जमिनींच्या कृषी वापरासाठी महाराष्ट्र शासनाकडून विविध उपाययोजना करण्यात येत असल्याचे त्या उत्तरात नमूद केले आहे.<ref name="GovtIndiaKharLand2024">{{cite report |title=Agricultural Use of Khar Lands in Konkan Region |publisher=Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, Government of India |year=2024 |date=20 December 2024 |url=https://sansad.in/getFile/annex/266/AU2898_Es7ESh.pdf?source=pqars |access-date=14 August 2026 }}</ref> खारभूमीतील भातशेतीसाठी क्षारता नियंत्रण, पाण्याचा निचरा आणि बांधांची देखभाल यांना विशेष महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधनात खार जमिनींसाठी भातासह विविध एकात्मिक शेती पद्धतींचा अभ्यास करण्यात आला आहे. काही शिफारशींमध्ये भात, भाजीपाला, नारळ, मत्स्यपालन आणि इतर घटकांचे एकत्रित व्यवस्थापन सुचविण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKharlandIFS">{{cite web |title=AICRP (SWS) — Khar Land Research Station, Panvel |website=ICAR–Central Soil Salinity Research Institute |publisher=Indian Council of Agricultural Research |url=https://cssri.res.in/aicrp-sws/ |access-date=14 August 2026 }}</ref> === भातशेती आणि कृषी जैवविविधता === कोकणातील भातशेती ही प्रदेशाच्या कृषी जैवविविधतेचा एक भाग आहे. ऐतिहासिक नोंदींमध्ये भाताच्या अनेक स्थानिक वाणांची नावे आढळतात. या वाणांची विविधता, त्यांचे पक्वतेचे कालावधी आणि स्थानिक लागवडपद्धती यांमुळे पारंपरिक भातशेतीमध्ये आनुवंशिक आणि कृषी विविधता निर्माण झाली होती.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> कोकणातील कृषी जैवविविधतेचा संबंध केवळ भाताच्या वाणांपुरता मर्यादित नाही. भातासोबत विविध कडधान्ये, तेलबिया, भाजीपाला, फळपिके आणि इतर कृषी घटकांचा समावेश असलेल्या शेतीपद्धती या प्रदेशात विकसित झाल्या आहेत. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार कोकणातील भाताधारित शेतीव्यवस्थेत पावसावर आधारित तसेच सिंचनाधारित विविध पीकपद्धती विकसित करण्यात आल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceBasedFarming">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील पर्यावरणीय परिस्थितीचा कृषी जैवविविधतेवरही परिणाम होतो. दक्षिण गोव्यावरील मातीच्या अभ्यासात कोकण प्रदेशातील मातीचे गुणधर्म स्थानिक भूआकार, पर्जन्यमान आणि मानवी हस्तक्षेपामुळे बदलत असल्याचे आढळले. मातीच्या गुणधर्मांमध्ये आढळणारी स्थानिक विविधता ही शेतीच्या व्यवस्थापनासाठी महत्त्वाची असल्याचे त्या अभ्यासात नमूद केले आहे.<ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> पारंपरिक भातवाणांचे जतन, स्थानिक बियाण्यांचे दस्तऐवजीकरण आणि प्रदेशानुरूप कृषिपद्धतींचे संवर्धन हे कृषी जैवविविधतेच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधन कार्यक्रमांमध्ये कोकणातील शेतकरी वाणांचे संकलन, त्यांचे वर्णन आणि संवर्धन यांसंबंधी प्रकल्प राबविण्यात आल्याची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVFarmersVarietiesKonkan">{{cite journal |last1=Zagade |first1=P. M. |last2=Bhairamkar |first2=M. S. |last3=Murai |first3=A. M. |last4=Sawant |first4=P. A. |title=Awareness and adoption of paddy growers about rice varieties developed by DBSKKV, Dapoli |journal=International Journal of Chemical Studies |volume=6 |issue=3 |pages=3492–3494 |year=2018 |url=https://www.chemijournal.com/archives/?ArticleId=2931&issue=3&si=&vol=6&year=2018 |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती आणि पर्यावरण यांचे नाते पाऊस, माती, पाण्याचे नियमन, उताराचा भूभाग, किनारी क्षारता आणि कृषी जैवविविधता या घटकांच्या परस्परसंबंधातून स्पष्ट होते. भातखाचरे आणि बांधबंदिस्तीपासून खारभूमी व्यवस्थापनापर्यंत विविध कृषिपद्धती या स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेत विकसित झाल्या आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="VermaEtAl2021KonkanSoils"/> == पारंपरिक कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान == कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये वापरली जाणारी कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञान ही प्रदेशाच्या भौगोलिक परिस्थिती, मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन, लहान शेतक्षेत्रे आणि भातशेतीच्या पद्धतींशी जुळवून घेतलेली होती. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार या प्रदेशातील शेतीची कामे इतर भागांपेक्षा भिन्न स्वरूपाची होती. भातशेतीच्या प्राबल्यामुळे स्थानिक शेतकऱ्यांकडील अवजारे मुख्यतः जमीन तयार करणे, चिखलणी, समतलीकरण, आंतरमशागत आणि कापणी यांसाठी वापरली जात.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Implements |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_implements.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === नांगर आणि शेतीची अवजारे === कोकणातील पारंपरिक शेतीमध्ये ''नांगर'' हे प्रमुख अवजार होते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भातशेतीसाठी वापरला जाणारा नांगर प्रामुख्याने लाकडाचा बनविला जात असे आणि तो बैलांच्या जोडीने ओढला जात असे. नांगराचे शरीर, फाळ, दांडा, मूठ आणि इतर भाग स्थानिक उपलब्ध लाकडापासून तयार केले जात. कोकणातील लहान आणि उताराच्या शेतजमिनींसाठी हा तुलनेने हलका नांगर उपयुक्त ठरत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीमध्ये नांगराचा उपयोग केवळ जमीन उलटण्यासाठी न करता चिखलणीच्या प्रक्रियेतही केला जात असे. मोसमी पाऊस सुरू झाल्यानंतर जमीन नांगरली जाई आणि त्यानंतर पाणी साठवून पुन्हा नांगरणी करून जमीन भाताच्या पुनर्लागवडीस योग्य केली जात असे. रत्‍नागिरी गॅझेटियरनुसार भातासाठी साधारणपणे दोन ते तीन वेळा नांगरणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> ''गुतेफळी'' किंवा ''गुतेफळी''सदृश दातेरी अवजाराचा उपयोग चिखलणी झालेल्या शेताची जमीन समतल करण्यासाठी केला जात असे. या अवजाराच्या साहाय्याने शेतातील मातीचे ढेकळे कमी करून जमीन सपाट केली जात असे आणि पुनर्लागवडीसाठी योग्य पृष्ठभाग तयार केला जात असे. काही ठिकाणी या अवजाराचा उपयोग पेरणीनंतर उगवलेल्या रोपांची गर्दी कमी करण्यासाठी आणि तण किंवा वनस्पती अवशेष गोळा करण्यासाठीही केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> ''मईंद'' किंवा लाकडी ढेकळफोड्या, ''कोळपी'', ''खुरपी'', फावडे, कुदळ, टिकाव आणि कुऱ्हाड यांसारखी विविध हातसाधनेही शेतीच्या वेगवेगळ्या कामांसाठी वापरली जात. ''कोळपी''चा उपयोग आंतरमशागतीसाठी करून माती हलकी करणे, मुळांना हवा मिळवून देणे आणि खत मातीमध्ये मिसळणे अशी कामे केली जात. ''खुरपी''चा वापर पिकातील तणे काढण्यासाठी केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> या अवजारांची रचना स्थानिक गरजांशी संबंधित होती. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील १९५६ च्या नोंदींमध्ये मोठ्या संख्येने लाकडी नांगर अस्तित्वात असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. यावरून त्या काळातील शेतीत स्थानिक आणि बैलचलित अवजारांचे महत्त्व स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> === पारंपरिक लावणीची साधने === कोकणातील भाताची लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित होती. चिखलणी आणि समतलीकरण झाल्यानंतर रोपवाटिकेतील रोपे उपटून भातखाचरात नेली जात आणि हाताने पुनर्लागवड केली जात असे. त्यामुळे लावणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यांत्रिक साधनांपेक्षा रोपे वाहून नेणे, भारे बांधणे आणि हाताने रोपे लावणे यांना महत्त्व होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> रोपवाटिकेतून काढलेली रोपे लहान भाऱ्यांमध्ये बांधून मुख्य शेतात नेली जात. चिखललेल्या शेतात शेतकरी किंवा मजूर हाताने रोपांचे पुंजके लावत. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक लावणीच्या प्रक्रियेत शेताची समतलता आणि चिखलाची योग्य अवस्था महत्त्वाची होती. त्यासाठी नांगरणी, चिखलणी आणि लाकडी फळी किंवा गुतेफळीच्या साहाय्याने समतलीकरण केले जात असे. त्यामुळे लावणीचे तंत्र हे स्वतंत्र साधनापेक्षा जमीन तयार करण्याच्या पारंपरिक तंत्राशी अधिक निगडित होते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> आधुनिक काळात मानवी श्रमाची गरज कमी करण्यासाठी भातलावणी आणि इतर कृषी कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याचे प्रयत्न झाले आहेत. मात्र, कोकणातील लहान, तुकड्यात विभागलेली आणि उताराची शेतजमीन तसेच अतिपर्जन्यमान यांमुळे मोठ्या यंत्रांचा वापर अनेक ठिकाणी मर्यादित राहतो. कोकणातील भातशेतीच्या यांत्रिकीकरणावरील अभ्यासांमध्ये या भौगोलिक मर्यादांचा विशेष विचार करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=G. B. |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Deshmukh |first3=P. S. |last4=Gaikwad |first4=P. B. |last5=Aware |first5=V. V. |title=Mechanization in Harvesting and Post-Harvest Operation for Paddy in Konkan Region and Its Economic Feasibility |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=34 |issue=2 |pages=43–49 |year=2016 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/92862 |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कापणी आणि मळणीची अवजारे === पारंपरिक पद्धतीत भाताची कापणी ''विळ्या''ने केली जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार पिकाची कणसे पक्व झाल्यानंतर भात जमिनीजवळून कापला जाई. कापलेले पीक दोन-तीन दिवस शेतात वाळवून त्याचे भारे बांधले जात आणि ते मळणीच्या जागी नेले जात.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> मळणीसाठी स्वतंत्र मोठ्या यंत्रांऐवजी कापलेल्या भाताच्या भाऱ्यांचा कठीण पृष्ठभागावर किंवा लाकडी फळीवर आपटून दाणे वेगळे करण्याची पद्धत वापरली जात असे. उरलेले दाणे मिळविण्यासाठी काही ठिकाणी पेंढा जनावरांच्या पायांनी तुडविला जात असे. त्यानंतर धान्य आणि पेंढा वेगळे करण्यासाठी उफणणी केली जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> विळा, सुप, टोपली आणि इतर साधी हातसाधने ही कापणी, मळणी आणि धान्य हाताळणीतील प्रमुख साधने होती. रत्‍नागिरीच्या कृषी-अवजारांच्या नोंदीमध्ये कापणीसाठी विळा आणि धान्य हाताळण्यासाठी विविध पारंपरिक साधनांचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> कोकणातील पारंपरिक कापणी-मळणी प्रक्रियेत मानवी श्रमाचे प्रमाण मोठे होते. आधुनिक काळात मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज वाढली. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, उफणणी यंत्र, रीपर, रीपर-बाइंडर आणि विविध प्रकारच्या मळणी यंत्रांच्या संयोजनांचा आर्थिक अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील अनेक शेतकऱ्यांकडे लहान आकाराची जमीन असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या सामायिक वापराच्या पद्धती यांत्रिकीकरणासाठी उपयुक्त ठरू शकतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === पारंपरिक कृषितंत्रातील स्थानिक ज्ञान === कोकणातील पारंपरिक कृषितंत्र हे स्थानिक भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थितीच्या दीर्घ अनुभवातून विकसित झाले होते. मुसळधार पाऊस, उताराची जमीन आणि भातासाठी पाणी धरून ठेवण्याची आवश्यकता यांनुसार शेतकरी जमीन तयार करण्याची वेळ, नांगरणीची पद्धत, चिखलणीची अवस्था आणि समतलीकरण यांचा निर्णय घेत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> स्थानिक ज्ञानाचा एक महत्त्वाचा भाग म्हणजे योग्य वेळी योग्य अवजाराचा वापर करणे. लाकडी नांगराचा वापर जमीन उघडण्यासाठी आणि चिखलणीसाठी, गुतेफळीचा वापर समतलीकरणासाठी, कोळपीचा वापर आंतरमशागतीसाठी आणि खुरपीचा वापर तण काढण्यासाठी केला जात असे. अशा प्रकारे प्रत्येक अवजाराचे कार्य भातशेतीच्या विशिष्ट टप्प्याशी जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/> भातशेतीतील स्थानिक ज्ञान पाण्याच्या व्यवस्थापनाशीही संबंधित होते. चिखलणी करून जमिनीतील पाण्याची झिरपणक्षमता कमी करणे, शेत समतल ठेवणे आणि शेतबांधांच्या साहाय्याने पाणी नियंत्रित करणे या पद्धतींमधून स्थानिक पर्यावरणाशी जुळवून घेतलेले तंत्रज्ञान दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील शेतजमिनींच्या आकारमानामुळे आणि भौगोलिक रचनेमुळे मोठ्या कृषियंत्रांच्या वापराला काही मर्यादा आहेत. आधुनिक संशोधनातही कोकणातील लहान आणि तुकड्यात विभागलेली जमीन, उताराची शेती आणि उच्च पर्जन्यमान या बाबी यंत्रांच्या निवडीसाठी महत्त्वाच्या असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> पारंपरिक साधनांपासून आधुनिक कृषियंत्रांपर्यंतचा हा बदल टप्प्याटप्प्याने झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणातील परिस्थितीस अनुरूप विविध कृषी अवजारे विकसित केली आहेत. त्यामध्ये भात कापणीसाठी ''वैभव विळा'' तसेच भात कापणीसाठी स्वयंप्रचलित रीपर यांचा समावेश आहे. अशा तंत्रज्ञानाचा उद्देश मानवी श्रम कमी करणे आणि कोकणातील परिस्थितीत कृषी कामांची कार्यक्षमता वाढविणे हा आहे.<ref name="DBSKKVImplements">{{cite report |title=Annual Report 2016–17 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/2023-24/Research/PDF%20Annual%20Report%20All/Annual%20Report%202016-17...DBSKKV%20English.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> अशा प्रकारे कोकणातील कृषी अवजारे आणि तंत्रज्ञानाचा विकास हा स्थानिक पर्यावरण, लहान शेतक्षेत्रे, बैलचलित शेती आणि उपलब्ध मानवी श्रम यांच्या गरजांशी संबंधित राहिला आहे. पारंपरिक लाकडी अवजारांपासून आधुनिक रीपर, मळणी यंत्रे आणि इतर यांत्रिक साधनांपर्यंतचा बदल हा कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक परिवर्तनाचा एक भाग आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerImplements"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> == भातशेती आणि ग्रामीण जीवन == कोकणातील भातशेतीचा संबंध केवळ अन्नधान्याच्या उत्पादनाशी नसून ग्रामीण कुटुंबव्यवस्था, कृषी श्रम, स्थानिक अर्थव्यवस्था आणि दैनंदिन जीवनाशीही आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरनुसार विसाव्या शतकाच्या मध्यकाळात शेती हा जिल्ह्यातील लोकांच्या उपजीविकेचा प्रमुख आधार होता. १९५१ च्या जनगणनेच्या आधारे जिल्ह्यातील सुमारे ६९ टक्के लोक शेती हा मुख्य व्यवसाय म्हणून करीत असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture: Census |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_census.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भात हे रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील प्रमुख पीक होते. १९५५–५६ मध्ये भाताने जिल्ह्यातील धान्यपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ५५ टक्के आणि एकूण पिकाखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ३५ टक्के क्षेत्र व्यापले होते. त्यामुळे भातशेतीचा ग्रामीण जीवनातील स्थानिक अन्नपुरवठा आणि कृषी अर्थव्यवस्थेशी घनिष्ठ संबंध होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === शेतकरी कुटुंब आणि भातशेती === पारंपरिक कोकणातील शेतीव्यवस्थेत शेतकरी कुटुंब हे उत्पादनाचे महत्त्वाचे एकक होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये शेतजमिनीची मालकी, भाडेपट्ट्यावरील शेती आणि प्रत्यक्ष शेती करणारे शेतकरी यांची स्वतंत्र नोंद आढळते. १९५१ च्या आकडेवारीत स्वतःच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे तसेच मुख्यतः इतरांच्या मालकीच्या जमिनीवर शेती करणारे शेतकरी आणि त्यांचे आश्रित यांचा समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> लहान शेतजमिनी आणि मर्यादित कृषी उत्पन्नामुळे कुटुंबातील सदस्यांचा शेतीच्या कामात सहभाग महत्त्वाचा ठरत असे. ग्रामीण जीवनाच्या सर्वेक्षणात शेतीवर अवलंबून असलेल्या कुटुंबांना उत्पन्नाच्या पूरक साधनांची आवश्यकता भासत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. काही कुटुंबे शेतीबरोबर संबंधित व्यवसाय करीत असत, तर काहींना शहरांमध्ये काम करणाऱ्या कुटुंबीयांकडून आर्थिक मदत मिळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Standard of Living: Rural Areas |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/std_rural.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भातशेतीतील कामांचे स्वरूप हंगामानुसार बदलत असे. जमीन तयार करणे, रोपवाटिका, लावणी, तण काढणे, कापणी आणि मळणी या कामांमध्ये कुटुंबातील सदस्यांचा प्रत्यक्ष सहभाग असे. तथापि, सर्व कामे केवळ कुटुंबीयांच्या श्रमातूनच पूर्ण होत असत, असा सार्वत्रिक निष्कर्ष काढता येत नाही. विशेषतः लावणी आणि कापणीसारख्या श्रमप्रधान काळात बाहेरील मजुरांची आवश्यकता भासत असल्याची नोंद रत्‍नागिरी गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Wages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> शेतीतून मिळणारे धान्य हे कुटुंबाच्या अन्नपुरवठ्याचा महत्त्वाचा आधार होते. ऐतिहासिक नोंदींनुसार अनेक शेतकऱ्यांना स्वतःच्या गरजा भागविण्यासाठी पुरेसे उत्पादन मिळणेही आव्हानात्मक होते. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध अन्नसुरक्षेबरोबरच कुटुंबाच्या आर्थिक स्थैर्याशीही जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerBorrowers">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Borrowers |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_borrowers.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === सामुदायिक श्रम आणि लावणीची परंपरा === कोकणातील भातशेतीतील लावणी ही मोठ्या प्रमाणावर श्रमप्रधान प्रक्रिया होती. रोपवाटिकेतून रोपे काढणे, त्यांची भारे बांधणे, ती शेतात नेणे आणि चिखललेल्या शेतात पुनर्लागवड करणे या कामांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळ आवश्यक असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या पुनर्लागवडीसाठी मोठ्या प्रमाणावर मजुरांची आवश्यकता असल्याची नोंद आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> लावणीच्या हंगामात स्थानिक मजुरांची मागणी वाढत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण मजुरीविषयक नोंदीनुसार पुनर्लागवड सुरू झाल्यानंतर मजुरांची कमतरता जाणवत असे आणि शेतकरी आपल्या गावातून किंवा जवळच्या गावांतून मजूर नियुक्त करीत असत. यावरून भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे गावपातळीवर कृषी श्रमाची मागणी वाढत असल्याचे दिसते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी मजुरी रोख रक्कम किंवा धान्याच्या स्वरूपात देण्याच्या पद्धतींचाही उल्लेख आढळतो. काही तालुक्यांमध्ये कापणी आणि मळणीसारख्या कामांसाठी रोख मजुरी दिली जात असे, तर काही ठिकाणी धान्य किंवा भोजनाच्या स्वरूपात मोबदला देण्याची प्रथा आढळत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> लावणी आणि कापणीच्या काळात गावातील उपलब्ध मनुष्यबळाचे महत्त्व त्यामुळे वाढत असे. तथापि, आधुनिक अर्थाने प्रत्येक गावात एकसमान ''सामुदायिक श्रम'' व्यवस्था अस्तित्वात होती, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढणे योग्य ठरणार नाही. उपलब्ध नोंदी मुख्यतः कुटुंबीय श्रम, स्थानिक मजूर आणि हंगामी मजुरीच्या व्यवस्थेचे दस्तऐवजीकरण करतात.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> === भातशेती आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था === भातशेतीचा रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर मोठा प्रभाव होता. १९५१ च्या नोंदीनुसार जिल्ह्यातील मोठ्या प्रमाणातील लोकसंख्या शेतीवर मुख्य किंवा पूरक उपजीविकेसाठी अवलंबून होती. शेतीबरोबर पशुपालन, वनीकरण, लागवड आणि इतर संबंधित व्यवसाय हेही उत्पन्नाचे स्रोत होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/> भातशेतीमधील उत्पादनाचा काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवला जात असे, तर उर्वरित धान्याची विक्री किंवा देवाणघेवाण केली जाऊ शकत असे. ग्रामीण जीवनावरील गॅझेटियरच्या नोंदींमध्ये रोख व्यवहारांबरोबर वस्तुविनिमयही अस्तित्वात असल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत धान्याचे आर्थिक महत्त्व केवळ बाजारातील विक्रीपुरते मर्यादित नव्हते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> भातशेतीशी संबंधित कृषी मजुरीलाही ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान होते. नांगरणी, पेरणी, कापणी आणि मळणी यांसारख्या विशिष्ट कामांसाठी मजूर नियुक्त केले जात. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध कृषी कामांसाठी रोख तसेच वस्तुरूप मजुरीच्या पद्धतींचा उल्लेख आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीच्या हंगामी स्वरूपामुळे ग्रामीण रोजगारामध्येही चढ-उतार होत असत. भाताची पेरणी आणि कापणी यांसारख्या काळात कृषी श्रमाची मागणी वाढत असे, तर शेतीची कामे कमी असलेल्या काळात काही ग्रामीण कामगारांना पर्यायी रोजगार शोधावा लागत असे. रत्‍नागिरीच्या ऐतिहासिक नोंदींमध्ये हंगामानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर रोजगारासाठी मुंबईकडे स्थलांतर करीत असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Movements of the People |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> आधुनिक काळातही कोकणातील भातशेतीमध्ये मजूर हा महत्त्वाचा उत्पादनघटक आहे. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार पारंपरिक पद्धतीतील विविध कृषी कामे मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रमावर आधारित असून ती श्रमप्रधान आहेत. मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे या कामांच्या यांत्रिकीकरणाची गरज वाढल्याचे संशोधनात नमूद केले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === भातशेती आणि लोकजीवन === भात हा कोकणातील ग्रामीण आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताचे स्थानिक अन्नव्यवस्थेतील महत्त्व आणि त्यापासून तयार होणाऱ्या विविध खाद्यपदार्थांचा उल्लेख आढळतो. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध केवळ कृषी उत्पादनाशी नसून स्थानिक आहारपद्धतीशीही जोडलेला आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> भाताच्या उत्पादनाशी संबंधित कापणी, मळणी, धान्य वाळवणे आणि साठवण या प्रक्रिया ग्रामीण जीवनातील नियमित हंगामी कामांचा भाग होत्या. धान्य साठवण्यासाठी लाकडी कोठारे आणि बांबूच्या कणग्यांचा वापर केला जात असे. पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवण्याची पद्धतही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> भातशेतीशी संबंधित हंगामी कामांमुळे गावातील श्रमव्यवस्था आणि सामाजिक व्यवहारांनाही चालना मिळत असे. लावणी आणि कापणीच्या काळात शेतमजुरांची मागणी वाढत असे आणि जवळच्या गावांमधूनही मजूर कामासाठी येत असत. त्यामुळे भातशेतीचा संबंध स्थानिक रोजगार आणि गावांमधील आर्थिक देवाणघेवाणीशी जोडलेला होता.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/> भातशेतीचा ग्रामीण जीवनाशी असलेला संबंध ऐतिहासिक स्थलांतराच्या पद्धतीतही दिसतो. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी झाल्यानंतर काही शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे शेती आणि शहरातील रोजगार यांच्यात हंगामी आर्थिक संबंध निर्माण झाले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारे ग्रामीण जीवन हे एकसंध किंवा सर्व गावांमध्ये समान स्वरूपाचे नव्हते. जमीनधारणा, शेतीचा प्रकार, कुटुंबाची आर्थिक स्थिती, मजुरीची उपलब्धता आणि इतर व्यवसाय यांनुसार शेतकरी व ग्रामीण कुटुंबांचे जीवनमान वेगवेगळे होते. रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण जीवनावरील सर्वेक्षणात मोठे शेतकरी, मध्यम शेतकरी, भाडेकरू शेतकरी, भूमिहीन मजूर आणि इतर ग्रामीण समूह यांचे वेगवेगळे आर्थिक स्तर नोंदविण्यात आले आहेत.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralStandardOfLiving"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती ही शेतकरी कुटुंब, हंगामी कृषी श्रम, स्थानिक रोजगार, अन्नव्यवस्था आणि ग्रामीण अर्थकारण यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था होती. पारंपरिक काळातील या संबंधांमध्ये कालानुसार बदल झाले असले तरी भातशेतीचे कोकणातील ग्रामीण जीवनाशी असलेले ऐतिहासिक नाते विविध कृषी आणि सामाजिक नोंदींतून स्पष्ट होते.<ref name="RatnagiriGazetteerPopulation"/><ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> == भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा == कोकणातील भातशेतीचा संबंध स्थानिक अन्नव्यवस्था, सण-उत्सव, धार्मिक आचार, लोकपरंपरा आणि ग्रामीण जीवनाशी ऐतिहासिकदृष्ट्या जोडलेला आहे. भात हे कोकणातील प्रमुख अन्नधान्य असल्यामुळे त्याचे स्थान केवळ कृषी उत्पादनापुरते मर्यादित राहिले नाही. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये भात हा लोकांच्या आहारातील प्रमुख धान्य असल्याची आणि विविध धार्मिक व सामाजिक प्रसंगी स्थानिक खाद्यपरंपरांचा वापर होत असल्याची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriSawantwadiFood">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency — Ratnagiri and Savantvadi: Food |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/pop1_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> === कृषीविधी आणि धार्मिक परंपरा === कोकणातील ग्रामीण जीवनात कृषी आणि धार्मिक परंपरा परस्परांशी संबंधित होत्या. गावातील सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांमध्ये गावप्रमुख, देवस्थानातील सेवक, पुरोहित आणि इतर ग्रामघटकांची भूमिका निश्चित असल्याचे रत्‍नागिरी-सावंतवाडी गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे. सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमांच्या वेळी गावदेवतेची पालखी मिरवणुकीने नेण्याची प्रथा तसेच विविध धार्मिक समारंभांचे सामुदायिक स्वरूप यांची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Villages |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_villages.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> धान्य आणि तांदूळ यांचा धार्मिक व्यवहारातील उपयोगही ऐतिहासिक नोंदींतून दिसतो. सावंतवाडी परिसरातील काही धार्मिक आणि सामाजिक विधींमध्ये तांदूळ अर्पण करण्याची प्रथा नोंदविण्यात आली आहे. त्यामुळे तांदूळ हा केवळ अन्नधान्य नसून काही धार्मिक व्यवहारांमध्ये वापरला जाणारा कृषीउत्पादनाचा घटकही होता.<ref name="RatnagiriGazetteerReligiousCustoms">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — The People and Their Culture |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_intro.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील धार्मिक जीवनामध्ये ग्रामदैवतांच्या उत्सवांना महत्त्व होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये ग्रामदेवतांच्या उत्सवांमध्ये कीर्तन, धार्मिक प्रवचन आणि इतर धार्मिक कार्यक्रम होत असल्याची नोंद आहे. अशा प्रसंगी स्थानिक समुदायाचा सहभाग असे आणि धार्मिक कार्यक्रम हे गावाच्या सामाजिक जीवनाचा एक भाग बनत.<ref name="RatnagiriGazetteerEntertainment">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Entertainments |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/people_entertainments.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> तथापि, भाताच्या पेरणी, लावणी किंवा कापणीशी संबंधित प्रत्येक धार्मिक विधी संपूर्ण कोकणात समान पद्धतीने प्रचलित होता, असा निष्कर्ष उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून काढता येत नाही. विविध गाव, समाजसमूह आणि स्थानिक देवपरंपरांनुसार कृषीविषयक आचारांमध्ये फरक असण्याची शक्यता होती. === भातशेती आणि लोकपरंपरा === भातशेतीभोवती विकसित झालेल्या लोकपरंपरांचा संबंध शेतीच्या हंगामी चक्राशी होता. पावसाळ्याच्या सुरुवातीपासून भाताची पेरणी, रोपवाटिका, पुनर्लागवड, तण काढणे आणि त्यानंतर कापणीपर्यंतची कामे ग्रामीण जीवनाचा महत्त्वाचा भाग होती. सावंतवाडीच्या ऐतिहासिक गॅझेटियरमध्ये भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांसाठी स्थानिक संज्ञा नोंदविण्यात आल्या आहेत—''बी'', ''रोव'', ''तरवा'', ''पोसावळे'', ''दुधगिले'' आणि ''भात''. या संज्ञा पिकाच्या वाढीचे स्थानिक निरीक्षण आणि त्यानुसार विकसित झालेले कृषी ज्ञान दर्शवतात.<ref name="RatnagiriSawantwadiAgriculture"/> भाताच्या कापणीनंतर ग्रामीण जीवनात आणखी एक महत्त्वाचा हंगामी टप्पा सुरू होत असे. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक नोंदीनुसार भाताची कापणी पूर्ण झाल्यानंतर मोठ्या संख्येने शेतकरी आणि शेतमजूर हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात आणि पुढील भातशेतीच्या हंगामासाठी पुन्हा गावाकडे परतत असत. त्यामुळे भातशेतीचे हंगामी चक्र ग्रामीण स्थलांतराच्या पद्धतीशीही जोडलेले होते.<ref name="RatnagiriGazetteerMigration"/> भातशेतीशी संबंधित लोकपरंपरा केवळ धार्मिक स्वरूपाच्या नव्हत्या. लावणी आणि कापणीच्या काळातील सामूहिक कामे, हंगामानुसार रोजगाराची उपलब्धता, धान्याची साठवण आणि स्थानिक खाद्यपद्धती यांमधूनही भातशेतीचे ग्रामीण सांस्कृतिक जीवनाशी असलेले नाते दिसून येते.<ref name="RatnagiriGazetteerRuralWages"/><ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> === भात आणि कोकणातील खाद्यसंस्कृती === भात हा रत्‍नागिरी आणि कोकणातील पारंपरिक आहाराचा प्रमुख घटक राहिला आहे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार भात हा प्रमुख अन्नधान्य असून तो डाळी, आमटी, भाज्या, ताक, नारळ आणि स्थानिक मसाल्यांसह खाल्ला जात असे. शेतकरी कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भाताबरोबर भाजी, डाळ किंवा माशांचे पदार्थ यांचा समावेश होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> तांदळाचे ''उकडा'' आणि ''सुरई'' असे प्रकारही वापरात होते. उकडा तांदूळ तयार करण्यासाठी साळीसह धान्य अंशतः उकळून वाळवले जात असे, तर सुरई प्रकारासाठी धान्य उकळण्याची प्रक्रिया केली जात नसे. या दोन प्रकारांचा वापर स्थानिक खाद्यपद्धतीत केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> शिजवलेल्या तांदळाचेही विविध प्रकार आहारात होते. गॅझेटियरमध्ये पाण्याच्या प्रमाणानुसार तयार होणाऱ्या ''भात''ाच्या पद्धतींचा तसेच उरलेल्या तांदळाच्या पाण्याचा ''पेज'' म्हणून वापर होत असल्याचा उल्लेख आहे. ''पेज'' हे विशेषतः सकाळच्या आहाराचा भाग असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> भातापासून तयार होणाऱ्या इतर पदार्थांमध्ये पोहे आणि मुरमुरे यांचा समावेश होता. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार धान्य भाजून किंवा फुलवून त्यापासून विविध खाद्यपदार्थ तयार केले जात आणि पोहे व मुरमुरे यांचा स्थानिक वापर होत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> सावंतवाडी परिसरातील खाद्यपरंपरेतही भाताचे महत्त्व दिसते. ऐतिहासिक नोंदीनुसार श्रीमंत आणि मध्यमवर्गीय कुटुंबांच्या दैनंदिन आहारात भात, डाळी आणि भाज्या यांचा समावेश होता; विशेष प्रसंगी तांदूळ आणि उडीद डाळीपासून तयार केलेले वडे यांसारखे पदार्थ केले जात.<ref name="RatnagiriSawantwadiFood"/> यामुळे कोकणातील भातशेती आणि खाद्यसंस्कृती यांचा परस्परसंबंध स्पष्ट होतो. भात हा केवळ शेतातील उत्पादन नसून दैनंदिन भोजन, पारंपरिक खाद्यपदार्थ आणि विशेष प्रसंगांच्या भोजनव्यवस्थेचा महत्त्वाचा घटक होता.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/> === धान्याशी संबंधित पारंपरिक साठवण आणि उपयोग === भाताचे धान्य कापणी व मळणीनंतर व्यवस्थित वाळवून पुढील वापरासाठी साठवले जात असे. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरनुसार शेतकरी धान्य स्वतःच्या वापरासाठी साठवत आणि पुढील हंगामासाठी बियाणे म्हणून काही धान्य राखून ठेवत असत.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> पारंपरिक साठवणुकीसाठी लाकडी कोठारे किंवा ''कोठार'' आणि बांबूपासून तयार केलेल्या ''कणग्या'' वापरल्या जात. कणगीच्या आतील भागात धान्य भरल्यानंतर तिचे तोंड बंद केले जात असे. काही ठिकाणी कणगीच्या बाहेरील बाजूस शेणाचा लेप देण्याची आणि तिचा तळ जमिनीत काही प्रमाणात रोवण्याची पद्धत नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याची साठवण ही पुढील हंगामातील शेतीशीही संबंधित होती. मळणीनंतर निवडलेले बियाणे वाळवून सुरक्षित ठेवले जाई आणि पुढील पेरणीसाठी त्याचा उपयोग केला जात असे. अशा प्रकारे साठवणुकीची प्रक्रिया एका हंगामातील उत्पादनाला पुढील हंगामाच्या कृषी चक्राशी जोडत असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्याचा उपयोग अन्नाव्यतिरिक्त विविध पारंपरिक खाद्यपदार्थ तयार करण्यासाठी केला जात असे. भातापासून पोहे, मुरमुरे आणि पेज यांसारखे पदार्थ तयार होत; तर भाताच्या प्रक्रियेतून मिळणाऱ्या पेंढ्याचा ग्रामीण जीवनात विविध उपयोग केला जात असे.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> धान्यसाठा हा ग्रामीण कुटुंबाच्या अन्नव्यवस्थेचा महत्त्वाचा आधार होता. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ऐतिहासिक नोंदीनुसार त्या काळातील उत्पादन तुलनेने कमी असल्यामुळे शेतकऱ्यांकडे साठवलेले धान्य प्रामुख्याने घरगुती वापरासाठी ठेवले जात असे; बाजारपेठेत मोठ्या प्रमाणावर विक्री करण्यासाठी अतिरिक्त साठा उपलब्ध असेलच असे नाही.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीशी संबंधित सांस्कृतिक परंपरा या कृषी उत्पादन, धार्मिक आचार, हंगामी लोकजीवन, खाद्यसंस्कृती आणि धान्यसाठवण या परस्परांशी संबंधित घटकांतून विकसित झाल्या. उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमध्ये या परंपरांचे विविध प्रादेशिक आणि सामाजिक स्वरूप दिसते; त्यामुळे संपूर्ण कोकणात एकसारखी सांस्कृतिक पद्धत होती, असा निष्कर्ष काढण्याऐवजी स्थानिक विविधता लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerFood"/><ref name="RatnagiriGazetteerVillageLife"/> == आधुनिक काळातील कोकणातील भातशेती == आधुनिक काळात कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक पद्धतींसोबत सुधारित वाण, शास्त्रीय पीक व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण, सुधारित खत व्यवस्थापन आणि कृषी संशोधनावर आधारित तंत्रज्ञानाचा वापर वाढला आहे. कोकणातील भौगोलिक परिस्थिती, उच्च पर्जन्यमान, लहान शेतक्षेत्रे आणि मनुष्यबळाची उपलब्धता या घटकांमुळे आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार या प्रदेशात विशिष्ट स्वरूपाचा राहिला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === यांत्रिकीकरण === कोकणातील भातशेतीतील अनेक कामे पारंपरिक पद्धतीने मानवी श्रमावर आधारित होती. जमीन तयार करणे, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसारख्या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता भासत असे. मात्र, कृषी मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यांमुळे भातशेतीतील विविध कामांचे यांत्रिकीकरण करण्याची गरज निर्माण झाली आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेच्या यांत्रिकीकरणाचा अभ्यास करताना विळा, पेडल-चालित मळणी यंत्र, हातचलित किंवा शक्तिचलित उफणणी यंत्र, स्वयंप्रचलित रीपर, रीपर-बाइंडर, विविध प्रकारची मळणी यंत्रे आणि कंबाईन हार्वेस्टर अशा पर्यायांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> या अभ्यासानुसार कोकणातील मोठ्या प्रमाणातील शेतकरी अल्पभूधारक असल्यामुळे कापणी, मळणी आणि उफणणीची यंत्रे स्वतंत्रपणे खरेदी करणे आर्थिकदृष्ट्या कठीण ठरू शकते. त्यामुळे यंत्रसामग्रीचा सामायिक वापर, कस्टम हायरिंग सेवा आणि कृषी अवजार बँक यांसारख्या व्यवस्थांना महत्त्व प्राप्त झाले आहे. अभ्यासात रीपर आणि रीपर-बाइंडर यांसारखी यंत्रे सीमांत आणि मध्यम शेतकऱ्यांसाठी उपयुक्त ठरू शकतात, असे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भाताच्या कापणीसाठी स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप यंत्रे विकसित करण्याचेही प्रयत्न झाले आहेत. कोकणातील कृषी अभियांत्रिकी संशोधनात भातासाठी स्ट्रिपर हार्वेस्टरसारख्या यंत्रांच्या विकासाचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा यंत्रांचा उद्देश कापणीतील श्रम आणि वेळ कमी करणे तसेच कोकणातील लहान शेतक्षेत्रांना अनुरूप तंत्रज्ञान विकसित करणे हा आहे.<ref name="DevelopmentPaddyStripperKonkan">{{cite journal |last1=Bhanage |first1=Girishkumar Balasaheb |last2=Shahare |first2=P. U. |last3=Aware |first3=V. V. |last4=Dhande |first4=K. G. |last5=Deshmukh |first5=P. S. |title=Development of stripper harvester for paddy |journal=Journal of Applied and Natural Science |volume=9 |issue=4 |pages=1943–1948 |year=2017 |doi=10.31018/jans.v9i4.1469 |url=https://journals.ansfoundation.org/index.php/jans/article/view/1469 |access-date=17 August 2026 }}</ref> यांत्रिकीकरणाचा विस्तार मात्र केवळ यंत्रांच्या उपलब्धतेवर अवलंबून नसून शेताचे आकारमान, भूभाग, पाण्याची स्थिती, यंत्राचा वापरकालावधी आणि त्याचा आर्थिक खर्च यांवरही अवलंबून असतो. त्यामुळे कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक परिस्थितीशी सुसंगत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य यंत्रांचा वापर महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === सुधारित लागवड तंत्र === आधुनिक भातशेतीमध्ये सुधारित वाणांची निवड, योग्य पेरणीची वेळ, रोपांची योग्य अवस्था, खत व्यवस्थापन आणि तण नियंत्रण यांना महत्त्व दिले जाते. कोकणातील भातवाणांच्या पेरणीच्या वेळेचा उत्पादनावर होणारा परिणाम तपासण्यासाठी डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या संशोधकांनी क्षेत्रीय प्रयोग केले आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> २०१५–१६ च्या खरीप हंगामात डापोली येथे करण्यात आलेल्या प्रयोगात २३वा, २४वा आणि २५वा हवामानशास्त्रीय आठवडा अशा तीन पेरणी कालावधींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात २३व्या हवामानशास्त्रीय आठवड्यात पेरलेल्या पिकाला तुलनेने अधिक धान्य व पेंढीचे उत्पादन मिळाले. या प्रयोगात कर्जत-५, पालघर-१, जया, स्वर्ण आणि कर्जत-२ या वाणांचा समावेश करण्यात आला होता.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> कोकणातील थेट पेरणीच्या भातासाठी तण व्यवस्थापनावरही संशोधन करण्यात आले आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील कृषी संशोधन केंद्र, रिपोली येथे २०१९, २०२० आणि २०२१ या खरीप हंगामांत करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय प्रयोगात विविध तणनियंत्रण पद्धतींची तुलना करण्यात आली. अभ्यासात तणमुक्त स्थिती तसेच काही निवडक पूर्वउगवणी आणि पश्चातउगवणी तणनियंत्रण पद्धतींमुळे उत्पादन घटकांवर आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले.<ref name="DademalEtAl2025WeedManagement">{{cite journal |last1=Dademal |first1=A. A. |last2=Jagtap |first2=D. N. |last3=More |first3=V. G. |last4=Bodake |first4=P. S. |last5=Mhaskar |first5=N. V. |last6=Pinjari |first6=S. S. |last7=Dahiphale |first7=A. V. |title=Integrated Weed Management in Kharif Direct Seeded Rice (Oryza sativa L.) in Medium Black Soil of Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Bio-resource and Stress Management |volume=16 |issue=11 |pages=1–8 |year=2025 |url=https://ojs.pphouse.org/index.php/IJBSM/article/view/6859 |access-date=14 August 2026 }}</ref> सुधारित लागवड तंत्रामध्ये स्थानिक परिस्थितीनुसार योग्य वाणाची निवडही महत्त्वाची आहे. कोकणातील कृषी संशोधनात विविध वाणांची पक्वता, उत्पादनक्षमता आणि स्थानिक हवामानाशी जुळवून घेण्याची क्षमता तपासण्यात आली आहे. त्यामुळे आधुनिक भातशेतीमध्ये एकच पद्धत संपूर्ण कोकणासाठी समान न मानता स्थानिक परिस्थितीनुसार लागवड तंत्र निवडण्यावर भर दिला जातो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> === सेंद्रिय आणि शाश्वत शेती === कोकणातील भातशेतीमध्ये जमिनीची सुपीकता टिकवणे, पीक अवशेषांचा योग्य वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन आणि उपलब्ध संसाधनांचा कार्यक्षम वापर या बाबींना शाश्वत शेतीच्या दृष्टीने महत्त्व आहे. किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवर करण्यात आलेल्या अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढीवर, उत्पादनावर आणि आर्थिक परिणामांवर अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन हे जमिनीतील सेंद्रिय पदार्थ आणि पोषकद्रव्यांच्या पुनर्वापराशी संबंधित आहे. भाताच्या पेंढीचे योग्य व्यवस्थापन करून ती शेतातच वापरणे किंवा इतर कृषी उपयोगात आणणे ही संसाधनांचा पुनर्वापर करणारी पद्धत ठरू शकते. किनारी महाराष्ट्रातील प्रयोगांमध्ये पीक अवशेष व्यवस्थापन आणि खत व्यवस्थापन यांच्या विविध संयोजनांचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील भातासाठी सेंद्रिय आणि अजैविक खतांच्या वापराच्या तुलनात्मक परिणामांचाही अभ्यास झाला आहे. डापोली येथील क्षेत्रीय प्रयोगात नत्राच्या विविध मात्रा आणि शेणखताच्या विविध मात्रांचा वापर करून भाताच्या वाढी, उत्पादन घटक आणि धान्य उत्पादनावर परिणाम तपासण्यात आला. या संशोधनातून पोषण व्यवस्थापनामध्ये सेंद्रिय आणि अजैविक स्रोतांचा योग्य वापर हा उत्पादनक्षमता आणि आर्थिक परताव्याशी संबंधित असल्याचे दिसून आले.<ref name="WarankarEtAl2020NutrientManagement">{{cite journal |last1=Warankar |first1=V. V. |last2=Chavan |first2=Y. S. |last3=Jadhav |first3=A. N. |last4=Bahiram |first4=M. E. |last5=Gaikwad |first5=A. M. |last6=Chavan |first6=V. G. |last7=Rajemahadik |first7=V. A. |last8=Sagavekar |first8=V. V. |last9=Chavan |first9=S. A. |title=Nutrient Management in kharif Rice (Oryza sativa L.) through Inorganic and Organic Sources for Enhancing Productivity and Profitability in Konkan Region of Maharashtra |journal=International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences |volume=9 |issue=12 |pages=355–364 |year=2020 |url=https://www.ijcmas.com/abstractview.php?ID=20440&SNo=45&vol=9-12-2020 |access-date=14 August 2026 }}</ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत डाळी, भाजीपाला, दुग्धव्यवसाय, कुक्कुटपालन, फळबागा आणि इतर कृषी उपक्रम यांचे संयोजन आढळले आहे. या अभ्यासात विविध कृषी उपक्रमांचे एकत्रीकरण आणि विविधीकरण यांचा शेतीच्या नफाक्षमतेशी सकारात्मक संबंध आढळला. त्यामुळे भातशेतीला इतर कृषी उपक्रमांशी जोडणे ही कोकणातील शाश्वत आणि आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य शेती व्यवस्थेची एक दिशा मानता येते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> मात्र ''सेंद्रिय शेती'' आणि ''शाश्वत शेती'' हे समानार्थी संकल्पना नाहीत. उपलब्ध संशोधनाच्या आधारे कोकणातील सर्व भातशेती सेंद्रिय पद्धतीने केली जाते, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. आधुनिक कोकणातील शाश्वत भातशेतीचा विचार करताना मातीचे आरोग्य, पीक अवशेषांचे व्यवस्थापन, संतुलित खत वापर, पाणी व्यवस्थापन, पीक विविधीकरण आणि उत्पादन खर्च यांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="PalkarEtAl2023">{{cite journal |last1=Palkar |first1=K. P. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Pinjari |first3=S. S. |last4=Kasture |first4=M. C. |last5=Dodake |first5=S. B. |title=Effect of Crop Residue and Fertilizer Management on Growth, Yield and Economics of Rice in the Coastal Region of Maharashtra |journal=Journal of the Indian Society of Coastal Agricultural Research |volume=41 |issue=2 |pages=128–133 |year=2023 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/JISCAR/article/view/126544 |access-date=14 August 2026 }}</ref><ref name="ToraneEtAl2011"/> === कृषी संशोधन आणि कोकण कृषी विद्यापीठाची भूमिका === कोकणातील आधुनिक भातशेतीच्या विकासामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली आणि त्याच्या विविध संशोधन केंद्रांची महत्त्वाची भूमिका आहे. विद्यापीठाने कोकणातील भौगोलिक आणि हवामानविषयक परिस्थिती लक्षात घेऊन भातासह विविध पिकांच्या सुधारित जाती विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने विविध पिकांच्या एकूण ९० जाती विकसित केल्या असून त्यामध्ये भाताच्या २५ सुधारित जाती आणि ५ संकरित वाणांचा समावेश आहे. रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२ आणि रत्‍नागिरी-३ यांसारख्या सुधारित जाती तसेच सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाणांचा विकास विद्यापीठाच्या भात संशोधनाचा भाग आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> विद्यापीठाच्या संशोधनात केवळ वाणनिर्मितीवर भर नसून पेरणीची योग्य वेळ, उत्पादनक्षमता, खत व्यवस्थापन, तण व्यवस्थापन, कृषी यांत्रिकीकरण आणि स्थानिक परिस्थितीशी अनुरूप पीक व्यवस्थापन यांचाही अभ्यास केला जातो. कोकणातील पेरणीच्या वेळेवरील क्षेत्रीय प्रयोग आणि तण व्यवस्थापनावरील अलीकडील संशोधन याचे उदाहरण आहेत.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="DademalEtAl2025WeedManagement"/> कृषी अभियांत्रिकीच्या क्षेत्रातही विद्यापीठाशी संबंधित संशोधन संस्थांनी भातशेतीतील श्रम कमी करण्यासाठी विविध यंत्रे आणि तंत्रे विकसित करण्याचा प्रयत्न केला आहे. भात कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेसाठी विविध यंत्रसामग्रीच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा संशोधनामुळे कोकणातील लहान शेतकऱ्यांसाठी योग्य यांत्रिकीकरणाच्या पर्यायांचा शोध घेता आला आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> कोकणातील भातशेतीसमोरील बदलत्या हवामान, मजूरटंचाई, वाढता उत्पादनखर्च आणि संसाधनांच्या कार्यक्षम वापराच्या प्रश्नांच्या पार्श्वभूमीवर कृषी संशोधनाचे महत्त्व वाढले आहे. स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाण, योग्य लागवड कालावधी, तण आणि पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा वापर आणि यांत्रिकीकरण यांचा एकत्रित अभ्यास आधुनिक भातशेतीच्या विकासासाठी महत्त्वाचा ठरतो.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/><ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे आधुनिक कोकणातील भातशेती ही पारंपरिक कृषिज्ञान आणि आधुनिक कृषी संशोधन यांच्या संयोगातून विकसित होत आहे. सुधारित वाण आणि लागवड तंत्रांबरोबर यांत्रिकीकरण, पोषण व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा पुनर्वापर आणि कृषी विविधीकरण यांचा वापर वाढविण्याचे प्रयत्न सुरू आहेत. या प्रक्रियेत कोकणाच्या विशिष्ट भौगोलिक आणि सामाजिक-आर्थिक परिस्थितीशी सुसंगत तंत्रज्ञानाला विशेष महत्त्व आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == भातशेतीसमोरील आव्हाने == कोकणातील भातशेतीसमोर नैसर्गिक, आर्थिक, सामाजिक आणि तांत्रिक स्वरूपाची अनेक आव्हाने आहेत. प्रदेशातील मुसळधार मोसमी पाऊस, पावसातील असमानता, लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन, कृषी मजुरांची कमतरता, वाढता उत्पादनखर्च आणि कृषी जमिनीच्या बिगरशेती वापराकडे होणारा कल यांचा भातशेतीवर परिणाम होतो. कोकणातील भात उत्पादनाच्या दीर्घकालीन अभ्यासात क्षेत्रफळात घट होत असल्याचे, तर उत्पादन आणि उत्पादकतेत तांत्रिक प्रगतीमुळे काही प्रमाणात वाढ झाल्याचे आढळले आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan">{{cite thesis |last=Shinde |first=Archana Amrut |title=Rice Production in Konkan Region—An Economic Analysis |type=M.Sc. (Agri.) thesis |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |date=June 2017 |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/items/4c28503c-4c72-4d41-a115-b9660f7ce90f |access-date=14 August 2026 }}</ref> === बदलते हवामान आणि पर्जन्यमान === कोकणातील भातशेती मोठ्या प्रमाणावर मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पर्जन्यमानातील बदलांचा पिकावर थेट परिणाम होऊ शकतो. भारतीय हवामान विभागाच्या दीर्घकालीन अभ्यासानुसार १९०१ ते २०२० या कालावधीत कोकण व गोवा विभागातील वार्षिक पर्जन्यमानात सांख्यिकीयदृष्ट्या लक्षणीय वाढीचा कल आढळला असून, दक्षिण-पश्चिम मोसमी पावसातही वाढीचा कल नोंदविण्यात आला आहे. त्याच अभ्यासात विविध दशकांमध्ये अतिरिक्त तसेच तुटीची पर्जन्यमानाची वर्षे आढळल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall">{{cite journal |last1=Singh |first1=Neeti |last2=Tomar |first2=C. S. |last3=Kumar |first3=Gajendra |last4=Arun |first4=S. H. |last5=Sankhala |first5=Dinesh |title=Temporal variations of rainfall over Konkan & Goa during 1901-2020 |journal=MAUSAM |volume=75 |issue=1 |pages=101–108 |year=2024 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/803 |access-date=14 August 2026 }}</ref> पर्जन्यमानाचे एकूण प्रमाण पुरेसे असले तरी त्याचे हंगामातील वितरण भातशेतीसाठी महत्त्वाचे असते. कोकण किनाऱ्यावरील दीर्घकालीन पर्जन्य अभ्यासात मोसमी पाऊस सलग पडत नसून पावसामध्ये काही कालावधीचे खंड पडू शकतात, असे आढळले आहे. त्यामुळे पावसाचे आगमन, पावसातील खंड आणि अतिवृष्टीचे कालखंड यांचा भाताच्या वाढीच्या विविध अवस्थांवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="Singh1973DrySpellsKonkan"> {{cite journal |last=Singh |first=Gurbachan |title=Long dry spells of short return periods during southwest monsoon along the Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=24 |issue=1 |pages=69–74 |year=1973 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/5103 }} </ref> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील आकडेवारीवर आधारित अभ्यासात भाताच्या उत्पादनाचा पर्जन्यमानाशी संबंध तपासण्यात आला. पिकाच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पाऊस आणि भाताच्या उत्पादनामध्ये महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे त्या अभ्यासात आढळले. त्यामुळे भातशेतीसाठी केवळ वार्षिक पर्जन्यमान नव्हे तर पिकाच्या वाढीच्या महत्त्वाच्या अवस्थांमध्ये पडणाऱ्या पावसाचे प्रमाणही महत्त्वाचे ठरते.<ref name="ChowdhuryDas1993RiceRainfallKonkan"> {{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 }} </ref> हवामानातील बदलांशी जुळवून घेण्याच्या प्रक्रियेत शेतकऱ्यांना हवामानाचा अचूक अंदाज, योग्य वेळी उपलब्ध होणारी माहिती आणि स्थानिक पातळीवरील कृषी मार्गदर्शन यांची आवश्यकता असते. पालघर जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासात बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेताना अचूक हवामान अंदाजाची कमतरता ही प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे.<ref name="ShelarSinghMaji2022ClimateKonkan"> {{cite journal |last1=Shelar |first1=Rohit |last2=Singh |first2=A. K. |last3=Maji |first3=Saikat |title=Constraints in Adapting the Climate change in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Extension Education |volume=58 |issue=1 |pages=169–171 |year=2022 |url=https://epubs.icar.org.in/index.php/IJEE/article/view/119187 }} </ref> === मजूर उपलब्धतेची समस्या === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीतील अनेक कामे श्रमप्रधान आहेत. लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि उफणणी यांसाठी मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासानुसार या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मानवी श्रम लागत असून, मजुरांची कमतरता आणि वाढती मजुरी यामुळे भात उत्पादन आर्थिकदृष्ट्या अधिक खर्चिक होत आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> विशेषतः लावणी आणि कापणीच्या काळात मजुरांची मागणी वाढते. कोकणातील भातशेतीच्या तांत्रिक अभ्यासांमध्ये शेतकऱ्यांना पिकाच्या महत्त्वाच्या कालखंडात आवश्यक मनुष्यबळ उपलब्ध करून देणे हे एक आव्हान असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागातील स्थलांतराच्या अभ्यासात स्थानिक रोजगाराच्या मर्यादांमुळे ग्रामीण लोकसंख्येतील काही घटक इतर भागांकडे स्थलांतर करीत असल्याचे आढळले आहे. कोकणातील स्थलांतराचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम करणाऱ्या अभ्यासात स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये श्रमशक्तीचे प्रमाण आणि शेतीबाहेरील उत्पन्नाचे महत्त्व अधिक असल्याचे दिसून आले.<ref name="ThoratEtAl2011Migration">{{cite journal |last1=Thorat |first1=V. A. |last2=Dhekale |first2=J. S. |last3=Patil |first3=H. K. |last4=Bagde |first4=S. R. |title=Impact of Migration on Rural Economy of Konkan Region |journal=Agricultural Economics Research Review |volume=24 |issue=Conference Number |pages=556 |year=2011 |url=https://agris.fao.org/search/en/providers/122535/records/65df913a63b8185d9cad503e |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांची कमतरता कमी करण्यासाठी कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियांचे यांत्रिकीकरण हा एक पर्याय मानला जातो. कोकणातील संशोधनात रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रे यांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. मात्र लहान शेतक्षेत्रे आणि यंत्रांच्या खर्चामुळे सामायिक वापर किंवा कस्टम हायरिंगसारख्या व्यवस्थांची आवश्यकता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === शेतीखर्च आणि आर्थिक आव्हाने === भातशेतीतील उत्पादनखर्च हा कोकणातील शेतकऱ्यांसमोरील महत्त्वाचा आर्थिक प्रश्न आहे. बियाणे, खते, कीटकनाशके, मजुरी, मशागत, कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील खर्च यांचा एकत्रित परिणाम भातशेतीच्या नफाक्षमतेवर होतो. कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासात बियाणे, खते आणि मजुरीचा वाढता खर्च तसेच उत्पादनाला मिळणारी तुलनेने कमी किंमत या प्रमुख अडचणी असल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology">{{cite journal |last1=Hile |first1=R. B. |last2=Darekar |first2=A. S. |last3=Datrkar |first3=S. B. |title=Adoption assessment of production technology for paddy cultivation in Konkan region of Maharashtra |journal=Indian Journal of Economics and Development |volume=11 |issue=1 |pages=217–225 |year=2015 |doi=10.5958/2322-0430.2015.00023.2 |url=https://indianjournals.com/article/ijed1-11-1-023 |access-date=17 August 2026 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांच्या वाढत्या किमती, योग्य वेळी कृषी निविष्ठा उपलब्ध न होणे, मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="WarwadekarEtAl2022Constraints"> {{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 }} </ref> कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक अभ्यासात हवामान, उत्पादनक्षमता आणि क्षेत्रफळातील बदल यांचा उत्पादनावर परिणाम होत असल्याचे आढळले आहे. उत्पादनक्षमता वाढविण्यासाठी आधुनिक कृषितंत्रज्ञानाचा स्वीकार महत्त्वाचा ठरला असला तरी उत्पादनातील अस्थिरता आणि उत्पादनखर्च यांचा शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नावर परिणाम होतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेवरील आर्थिक अभ्यासात पीक विविधीकरण आणि विविध कृषी व्यवसायांचे एकत्रीकरण यांचा विचार करण्यात आला आहे. भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश केल्यास शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत विविध होऊ शकतात. त्यामुळे केवळ भातावर अवलंबून न राहता स्थानिक परिस्थितीनुसार विविधीकृत कृषी व्यवस्था हा आर्थिक जोखीम कमी करण्याचा एक पर्याय ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/> === शेतीजमिनीतील बदल === कोकणातील भातशेतीसमोरील आणखी एक महत्त्वाचे आव्हान म्हणजे कृषी जमिनीच्या वापरातील बदल. कोकणातील भात उत्पादनावरील दीर्घकालीन आर्थिक अभ्यासात १९८९–९० ते २०१४–१५ या कालावधीत भाताखालील क्षेत्रात घट झाल्याचे आढळले आहे. ही घट विशेषतः तत्कालीन ठाणे आणि रायगड जिल्ह्यांत अधिक होती. अभ्यासात जलद नागरीकरण, औद्योगिकीकरण आणि कृषी जमिनीचा बिगरशेती वापराकडे होणारा बदल ही त्यामागील कारणे म्हणून नमूद केली आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> भाताखालील क्षेत्रातील घट ही सर्व कोकण जिल्ह्यांमध्ये समान प्रमाणात झालेली नाही. भौगोलिक परिस्थिती, शहरीकरणाची तीव्रता, औद्योगिक विकास, जमिनीची किंमत आणि स्थानिक रोजगाराच्या संधी यांनुसार जमिनीच्या वापरातील बदलाचे स्वरूप वेगवेगळे असू शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कृषी जमिनीचे तुकडीकरण हेही कोकणातील शेतीसमोरील संरचनात्मक आव्हान आहे. लहान आणि तुकड्यात विभागलेल्या शेतजमिनीमुळे मोठ्या कृषियंत्रांचा वापर करणे, यंत्रसामग्रीचा पूर्ण क्षमतेने उपयोग करणे आणि यांत्रिकीकरणातून होणारा खर्च कमी करणे कठीण होऊ शकते. कोकणातील कृषी यांत्रिकीकरणाच्या अभ्यासात लहान शेतक्षेत्रे ही यंत्रसामग्रीच्या वापरातील महत्त्वाची मर्यादा असल्याचे दिसून येते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> जमिनीच्या वापरातील बदलांमुळे भातशेतीचे पारंपरिक कृषी क्षेत्र कमी होण्याबरोबरच ग्रामीण उत्पादनव्यवस्थेवरही परिणाम होऊ शकतो. त्यामुळे उपलब्ध कृषी जमीन टिकवून ठेवणे, पाण्याची व्यवस्था सुधारणे आणि स्थानिक परिस्थितीनुसार शेती अधिक आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य करणे ही भातशेतीच्या भविष्यासाठी महत्त्वाची आव्हाने आहेत.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> === तरुण पिढी आणि शेतीपासून दुरावणे === कोकणातील ग्रामीण समाजामध्ये शेतीबाहेरील रोजगाराच्या संधी वाढल्यामुळे तरुण पिढीच्या उपजीविकेच्या निवडींमध्ये बदल झाला आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाशी संबंधित कृषी संशोधनाच्या नोंदींमध्ये कोकणातील सक्षम आणि तरुण पुरुष रोजगाराच्या शोधात मुंबई व पुण्यासारख्या शहरांकडे स्थलांतर करीत असल्यामुळे गावातील शेतीची जबाबदारी मागे राहिलेल्या कुटुंबीयांवर येत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="DBSKKVKonkanMigration"> {{cite web |title=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=ICAR–Krishikosh |url=https://krishikosh.egranth.ac.in/communities/67de6ba0-83e3-4e02-a1c0-35f76c98c742 }} </ref> कोकणातील स्थलांतराच्या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवरील अभ्यासात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांतील स्थलांतरित व स्थलांतर न केलेल्या कुटुंबांची तुलना करण्यात आली. स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये स्थलांतरित सदस्यांकडून मिळणारे उत्पन्न आणि इतर उत्पन्नस्रोत हे कुटुंबाच्या उपभोगाच्या पातळीशी संबंधित असल्याचे आढळले. स्थलांतरामुळे शेतीमध्ये आधुनिक तंत्रज्ञानाचा स्वीकार वाढल्याचेही त्या अभ्यासात नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> तरुण पिढी शेतीपासून दूर जाण्याचा संबंध केवळ शेतीविषयीच्या अनास्थेशी जोडणे योग्य ठरणार नाही. ग्रामीण भागातील रोजगाराच्या संधी, शेतीतील उत्पन्नाची अनिश्चितता, वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता आणि शहरांतील रोजगाराच्या तुलनेने अधिक आकर्षक संधी या सर्व घटकांचा उपजीविकेच्या निवडीवर परिणाम होऊ शकतो.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/><ref name="ThoratEtAl2011Migration"/> शेतीतील मनुष्यबळाच्या उपलब्धतेवर या बदलांचा परिणाम होऊ शकतो. पारंपरिक भातशेतीतील लावणी, कापणी आणि मळणी यांसारखी कामे श्रमप्रधान असल्यामुळे कुटुंबातील तरुण सदस्य शेतीत सक्रियपणे सहभागी न झाल्यास बाहेरील मजुरांवरील अवलंबित्व वाढू शकते. मजुरांच्या कमतरतेमुळे यांत्रिकीकरणाची गरजही वाढते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> त्यामुळे कोकणातील भातशेती टिकवण्यासाठी तरुणांना केवळ पारंपरिक शेतीकडे परत आणण्यापेक्षा शेतीला तांत्रिकदृष्ट्या आधुनिक, आर्थिकदृष्ट्या व्यवहार्य आणि रोजगारनिर्मितीक्षम बनविणे महत्त्वाचे ठरते. सुधारित वाण, यांत्रिकीकरण, प्रक्रिया व मूल्यवर्धन, पीक विविधीकरण आणि आधुनिक कृषी तंत्रज्ञान यांचा वापर ग्रामीण तरुणांसाठी शेतीतील नव्या संधी निर्माण करण्यास सहाय्यक ठरू शकतो.<ref name="ToraneEtAl2011"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीसमोरील आव्हाने एकमेकांशी संबंधित आहेत. पर्जन्यमानातील बदल आणि हवामानातील अनिश्चितता उत्पादनावर परिणाम करू शकते; मजुरांची कमतरता उत्पादनखर्च वाढवते; वाढता खर्च आणि बाजारातील मर्यादा नफाक्षमता कमी करू शकतात; तर नागरीकरण आणि बिगरशेती वापरामुळे भाताखालील क्षेत्र कमी होऊ शकते. या सर्व घटकांच्या पार्श्वभूमीवर स्थानिक परिस्थितीला अनुरूप तंत्रज्ञान, कृषी संशोधन, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण आणि शेतकऱ्यांना आर्थिकदृष्ट्या सक्षम करणाऱ्या उपाययोजना महत्त्वाच्या ठरतात.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/><ref name="SinghEtAl2024KonkanRainfall"/> == संवर्धन आणि भविष्यातील दिशा == कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य पारंपरिक भातवाणांचे संवर्धन, कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण, स्थानिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि पर्यावरणीयदृष्ट्या शाश्वत उत्पादनपद्धती यांच्याशी संबंधित आहे. कोकणासाठी विकसित केलेल्या सुधारित भातवाणांबरोबरच स्थानिक वाण आणि शेतकरी-आधारित बियाणेपरंपरा जतन करणे महत्त्वाचे मानले जाते. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेकडूनही स्थानिक वाणांचे संवर्धन, आनुवंशिक संसाधनांचा शाश्वत वापर आणि शेतकरी वाणांचे संरक्षण यांना महत्त्व दिले जाते.<ref name="ICARCropScience"> {{cite web |title=Crop Science |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/crop-science/crop-science |access-date=14 August 2026 }} </ref><ref name="ICARSeedConservation"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक भाताच्या जातींचे संवर्धन === कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक स्थानिक वाणांना ऐतिहासिक आणि कृषी महत्त्व आहे. विविध स्थानिक परिस्थितींशी जुळवून घेतलेले वाण त्यांच्या पक्वतेचा कालावधी, दाण्याचे स्वरूप, चव, उत्पादनक्षमता आणि काही जैविक ताणांना सहन करण्याची क्षमता यांमध्ये परस्परांपेक्षा भिन्न असू शकतात. त्यामुळे स्थानिक वाणांचे जतन हे केवळ सांस्कृतिक वारशाचे संरक्षण नसून भविष्यातील पीक सुधारणा आणि बदलत्या हवामानाशी जुळवून घेण्यासाठी उपलब्ध आनुवंशिक विविधतेचे संरक्षणही आहे.<ref name="ICARCropScience"/> स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी शेतकरी पातळीवरील बियाणे जतन, परस्पर बियाणे देवाणघेवाण, समुदाय-आधारित बियाणे बँका आणि संस्थात्मक जनुकसंग्रह यांचा उपयोग करता येतो. भारतीय कृषी संशोधन परिषदेने स्थानिक वाणांच्या संवर्धनासाठी समुदायस्तरीय बियाणे बँकांना प्रोत्साहन दिले असून, अशा व्यवस्थांमधून स्थानिक वाणांचे संकलन, साठवण आणि पुनर्वापर करता येतो.<ref name="ICARCommunitySeedBanks"> {{cite web |title=ICAR–CCARI Promotes Indigenous Seed Conservation Through Community Seed Bank Awareness Programme in Goa |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=15 November 2025 |url=https://icar.gov.in/en/icar-ccari-promotes-indigenous-seed-conservation-through-community-seed-bank-awareness-programme |access-date=14 August 2026 }} </ref> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणाच्या परिस्थितीस अनुरूप अनेक सुधारित भातवाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार त्याने रत्‍नागिरी, कर्जत, पालघर, पनवेल आणि फोंडाघाट या नावांनी ओळखल्या जाणाऱ्या विविध भातवाणांसह सह्याद्री मालिकेतील संकरित वाण विकसित केले आहेत. या वाणांमध्ये पक्वतेचा कालावधी, उत्पादनक्षमता आणि रोग-किडींविषयीची प्रतिक्रिया यांमध्ये विविधता आढळते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करताना त्यांची वैज्ञानिक नोंद, बियाण्याची शुद्धता, स्थानिक नाव, लागवड क्षेत्र, कृषी गुणधर्म आणि पारंपरिक उपयोग यांचे दस्तऐवजीकरण करणे आवश्यक ठरते. अशा प्रकारे शेतकरी पातळीवरील संवर्धन आणि संस्थात्मक आनुवंशिक संसाधनांचे संरक्षण यांची सांगड घालणे भविष्यातील भातशेतीसाठी उपयुक्त ठरू शकते.<ref name="ICARSeedConservation"/> === कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण === भाताच्या विविध स्थानिक वाणांचे अस्तित्व हे कृषी जैवविविधतेचा महत्त्वाचा भाग आहे. एका वाणावर मोठ्या प्रमाणात अवलंबून राहण्याऐवजी विविध आनुवंशिक वैशिष्ट्ये असलेल्या वाणांचे संवर्धन केल्यास भविष्यातील पीक सुधारणा कार्यक्रमांसाठी आनुवंशिक संसाधनांची उपलब्धता टिकवून ठेवता येते. ICARच्या पीकविज्ञान कार्यक्रमात वनस्पतींच्या आनुवंशिक संसाधनांचे संवर्धन आणि त्यांचा शाश्वत वापर हा संस्थेच्या प्रमुख उद्दिष्टांपैकी एक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ICARCropScience"/> कृषी जैवविविधतेचे संरक्षण हे केवळ जनुक बँकांमध्ये बियाणे साठवण्यापुरते मर्यादित नसून शेतकरी पातळीवर स्थानिक वाणांची प्रत्यक्ष लागवड सुरू ठेवण्याशीही संबंधित आहे. अशा ''in situ'' किंवा शेतकरी-आधारित संवर्धनामुळे स्थानिक वाण त्यांच्याशी संबंधित कृषिपद्धती आणि पारंपरिक ज्ञानासह जतन होऊ शकतात.<ref name="ICARGenomeSaviour"> {{cite web |title=Plant Genome Saviour Awards to the conservers of plant diversity |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |url=https://www.icar.gov.in/en/node/6197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> ICARच्या विविध उपक्रमांमध्ये पारंपरिक वाणांचे संवर्धन करणाऱ्या शेतकरी आणि समुदायांना प्रोत्साहन देण्यात आले आहे. काही समुदायांनी स्थानिक तांदळाच्या अनेक वाणांचे जतन करून त्यांची बियाणे इतर शेतकऱ्यांमध्ये वितरित केली आहेत. या अनुभवातून समुदाय-आधारित संवर्धन, बियाणे देवाणघेवाण आणि शेतकरी सहभाग यांना कृषी जैवविविधतेच्या संरक्षणात महत्त्व असल्याचे दिसते.<ref name="ICARGenomeSaviour"/> कोकणातील भातशेतीच्या संदर्भात जैवविविधतेचे संरक्षण करताना स्थानिक भातवाणांसोबत पारंपरिक पीकपद्धती, शेतबांध, भातखाचरे आणि भाताशी संबंधित इतर कृषी घटकांचेही संरक्षण महत्त्वाचे ठरते. अशा एकात्मिक दृष्टिकोनामुळे कृषी उत्पादन आणि स्थानिक पर्यावरण यांच्यातील संबंध टिकवून ठेवण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="DBSKKVRiceBasedSystems"> {{cite web |title=Rice based cropping systems and technologies for Konkan region |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://archive.dbskkv.org/collection/410/document/2197 |access-date=14 August 2026 }} </ref> === पारंपरिक ज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण === कोकणातील पारंपरिक भातशेतीमध्ये पावसाचा अंदाज, जमिनीची अवस्था, रोपवाटिकेची वेळ, लावणीची योग्य अवस्था, स्थानिक वाणांची निवड, तण नियंत्रण, पाण्याचे नियमन, कापणी आणि बियाणे साठवण यांसंबंधी अनुभवाधारित ज्ञान विकसित झाले आहे. या ज्ञानाचा मोठा भाग शेतकरी आणि ग्रामीण समुदायांच्या प्रत्यक्ष अनुभवातून पिढ्यान्‌पिढ्या हस्तांतरित झाला आहे. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण करताना केवळ मौखिक माहिती नोंदविण्याऐवजी तिचे स्थानिक नाव, वापराची पद्धत, कालावधी, भौगोलिक संदर्भ आणि उपलब्ध वैज्ञानिक पुरावे यांसह नोंद करणे आवश्यक आहे. स्थानिक वाणांचे वैज्ञानिक वर्णन आणि शेतकरी वाणांची नोंद यामुळे भविष्यातील कृषी संशोधनासाठी उपयुक्त माहिती उपलब्ध होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/> भारतीय कृषी संशोधन परिषद आणि तिच्या संस्थांनी पारंपरिक पीकवाणांच्या संवर्धनासाठी समुदाय-आधारित बियाणे बँका, शेतकरी सहभाग आणि स्थानिक वाणांच्या नोंदणीला प्रोत्साहन दिले आहे. शेतकरी वाणांचे कायदेशीर संरक्षण आणि त्यांची नोंदणी यासाठी वनस्पती वाण आणि शेतकरी हक्क संरक्षण प्राधिकरणाशी संबंधित उपक्रमही राबविले जातात.<ref name="ICARPPVFRA"> {{cite web |title=Training-cum-awareness programme on the Protection of Plant Varieties and Farmer’s Rights |website=Indian Council of Agricultural Research |publisher=Government of India |date=28 February 2025 |url=https://www.icar.gov.in/en/training-cum-awareness-programme-protection-plant-varieties-and-farmers-rights-ppvfr |access-date=14 August 2026 }} </ref> कोकणातील पारंपरिक भातशेतीच्या दस्तऐवजीकरणासाठी स्थानिक शेतकरी, कृषी विद्यापीठ, कृषी संशोधन केंद्रे, स्थानिक इतिहासाचे अभ्यासक आणि समुदाय संस्था यांचा सहभाग उपयुक्त ठरू शकतो. स्थानिक वाणांचे नाव, बियाणे जतन करण्याची पद्धत, लागवड तंत्र, कृषी अवजारे, हंगामी कामांचे वेळापत्रक आणि स्थानिक खाद्यपरंपरा यांची स्वतंत्र नोंद केल्यास या ज्ञानाचा अधिक शिस्तबद्ध संग्रह तयार होऊ शकतो. === शाश्वत भातशेती === कोकणातील शाश्वत भातशेतीमध्ये उत्पादनक्षमता आणि पर्यावरणीय संसाधनांचे संरक्षण यांचा समतोल साधणे महत्त्वाचे आहे. मातीचे आरोग्य, पाण्याचा कार्यक्षम वापर, संतुलित खत व्यवस्थापन, पीक अवशेषांचा योग्य उपयोग, तण व कीड व्यवस्थापन आणि स्थानिक परिस्थितीस अनुरूप वाणांची निवड या बाबी शाश्वत उत्पादन व्यवस्थेचा भाग ठरू शकतात.<ref name="PalkarEtAl2023"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology"/> किनारी महाराष्ट्रातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक अवशेष आणि खत व्यवस्थापनाच्या विविध पद्धतींचा भाताच्या वाढी, उत्पादन आणि आर्थिक परिणामांवर होणारा परिणाम तपासण्यात आला आहे. त्यामुळे पीक अवशेषांचा योग्य वापर आणि संतुलित पोषण व्यवस्थापन हे उत्पादनासोबत संसाधनांचा कार्यक्षम वापर करण्याच्या दृष्टीने महत्त्वाचे ठरते.<ref name="PalkarEtAl2023"/> कोकणातील शाश्वत शेतीसाठी पीक विविधीकरणालाही महत्त्व आहे. उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत विविध पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची शक्यता निर्माण होते आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी होऊ शकते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> स्थानिक परिस्थितीशी जुळणाऱ्या सुधारित वाणांचा वापर, योग्य लागवड कालावधी आणि वैज्ञानिक पीक व्यवस्थापन यांनाही शाश्वत भातशेतीत महत्त्व आहे. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने कोकणासाठी विविध कालावधींच्या आणि विविध कृषी परिस्थितींना अनुरूप भातवाण विकसित केल्या आहेत. त्यामुळे स्थानिक हवामान आणि जमिनीच्या परिस्थितीनुसार वाण निवडणे ही आधुनिक शाश्वत भातशेतीतील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> शाश्वत भातशेतीमध्ये पारंपरिक ज्ञान आणि आधुनिक विज्ञान यांचा समन्वय महत्त्वाचा ठरू शकतो. पारंपरिक भातखाचरे, स्थानिक वाण, पाणी व्यवस्थापन आणि स्थानिक कृषिअवजारांच्या अनुभवाचा उपयोग आधुनिक मृदा, जल, पोषण आणि पीक व्यवस्थापन तंत्रांसोबत केला जाऊ शकतो. अशा समन्वित दृष्टिकोनामुळे उत्पादनक्षमता टिकवून ठेवतानाच कृषी जैवविविधता आणि नैसर्गिक संसाधनांचे संरक्षण करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="DBSKKVProductionTechnology">{{cite web |title=Production Technologies Developed by the University |website=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth |url=https://old.dbskkv.org/Research/Technologies_Developed.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> भविष्यात कोकणातील भातशेतीसाठी स्थानिक वाणांचे संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण बियाण्यांची उपलब्धता, हवामानाशी जुळणारे उत्पादनतंत्र, यांत्रिकीकरण, पीक विविधीकरण, शेतकरी-आधारित बियाणे व्यवस्था आणि कृषी संशोधन यांचा परस्पर समन्वय आवश्यक ठरेल. पारंपरिक कृषिज्ञानाचे दस्तऐवजीकरण आणि त्याचे वैज्ञानिक मूल्यमापन केल्यास स्थानिक ज्ञान पुढील पिढ्यांसाठी अधिक व्यवस्थित स्वरूपात जतन करता येईल.<ref name="ICARSeedConservation"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेतीचे भवितव्य केवळ उत्पादन वाढविण्यावर अवलंबून नसून स्थानिक आनुवंशिक संसाधने, कृषी जैवविविधता, शेतकरी ज्ञान, माती आणि पाणी यांचे दीर्घकालीन संवर्धन यांच्याशी संबंधित आहे. पारंपरिक अनुभव आणि आधुनिक कृषी विज्ञान यांची सांगड घालणारी शाश्वत आणि स्थानिक परिस्थितीनुरूप शेतीव्यवस्था ही या प्रदेशासाठी पुढील दिशेचा महत्त्वाचा आधार ठरू शकते.<ref name="ICARCropScience"/><ref name="PalkarEtAl2023"/> == प्रादेशिक विविधता == कोकणातील भातशेतीचे स्वरूप संपूर्ण प्रदेशात एकसारखे नाही. पर्जन्यमान, भूआकार, जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक कृषिपद्धती यांनुसार भातशेतीमध्ये प्रादेशिक फरक आढळतात. ICAR–भारतीय भात संशोधन संस्थेच्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे, पालघर, रायगड, रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या जिल्ह्यांचा कोकणातील प्रमुख भात उत्पादक प्रदेश म्हणून समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="IIRR2019POS">{{cite report |title=Production Oriented Survey 2019 |publisher=ICAR–Indian Institute of Rice Research |year=2019 |url=https://www.icar-iirr.org/AICRIP/Final%20POS%202019-2020.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> २०१९ च्या उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणानुसार या पाचही जिल्ह्यांमध्ये भातशेतीचे मोठे क्षेत्र पावसावर आधारित सखल भातक्षेत्रांमध्ये येते. या जिल्ह्यांमध्ये स्थानिक वाणांसोबत सुधारित आणि संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> === उत्तर कोकण === उत्तर कोकणात ठाणे, पालघर आणि रायगड या जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या प्रदेशात भात हे प्रमुख खरीप पीक असून २०१९ च्या ICAR–IIRR उत्पादनाभिमुख सर्वेक्षणात ठाणे जिल्ह्यात ५७,२०० हेक्टर, पालघरमध्ये ७५,५८० हेक्टर आणि रायगडमध्ये १,१७,१७३ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली असल्याची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> उत्तर कोकणातील भातवाणांमध्ये स्थानिक तसेच सुधारित वाणांची विविधता आढळते. ठाणे जिल्ह्यात कोलम, झिनिया आणि महाडी यांसारख्या स्थानिक वाणांची, तर पालघर आणि रायगडमध्ये कर्जत, रत्‍नागिरी आणि इतर सुधारित वाणांची लागवड नोंदविण्यात आली आहे. रायगडमध्ये सह्याद्री-२ आणि सह्याद्री-३ यांसारख्या संकरित वाणांचाही वापर आढळतो.<ref name="IIRR2019POS"/> डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने उत्तर कोकणातील परिस्थितीसाठी पालघर-१, पालघर-२, कर्जत मालिकेतील विविध वाण आणि पनवेल मालिकेतील वाण विकसित केले आहेत. विद्यापीठाच्या नोंदीनुसार पालघर-१ आणि पालघर-२ या मध्यम-उशिरा पक्व होणाऱ्या वाण आहेत, तर कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी शिफारस केलेली वाण आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> उत्तर कोकणातील भातशेतीमध्ये भातानंतर उपलब्ध ओलाव्याचा उपयोग करून कडधान्ये आणि इतर पिके घेण्याच्या पीकपद्धतीही आढळतात. त्यामुळे काही भागांत भातशेती ही विविधीकृत पीकपद्धतीचा भाग आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> === मध्य कोकण === ‘मध्य कोकण’ ही महाराष्ट्राच्या अधिकृत कृषी-हवामान विभागणीतील स्वतंत्र संज्ञा नसल्यामुळे या लेखात ती उत्तर आणि दक्षिण कोकणादरम्यानच्या मध्यवर्ती भौगोलिक पट्ट्याच्या संदर्भात वापरली आहे. या पट्ट्यात भातशेतीचे स्वरूप स्थानिक पर्जन्यमान, जमिनीची रचना, पाण्याची उपलब्धता आणि लागवडीच्या वेळेनुसार बदलते. कोकणातील भाताच्या पेरणीच्या कालावधीवर करण्यात आलेल्या क्षेत्रीय अभ्यासात वेगवेगळ्या पेरणीच्या वेळांनुसार भाताच्या वाणांच्या वाढीमध्ये आणि उत्पादनामध्ये फरक आढळल्याचे नोंदविण्यात आले आहे. त्यामुळे स्थानिक हवामानाशी सुसंगत पेरणीची वेळ आणि योग्य वाणांची निवड ही भात उत्पादनातील महत्त्वाची बाब ठरते.<ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांतील १९५१–१९८७ या कालावधीतील पर्जन्य आणि भात उत्पादनाच्या अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध असल्याचे आढळले. या अभ्यासात तंत्रज्ञानाचा भाताच्या उत्पादनावर महत्त्वपूर्ण प्रभाव असल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993">{{cite journal |last1=Chowdhury |first1=A. |last2=Das |first2=H. P. |title=Effect of rainfall on growth and yield of rice in Konkan coast |journal=MAUSAM |volume=44 |issue=2 |pages=143–146 |year=1993 |url=https://mausamjournal.imd.gov.in/index.php/MAUSAM/article/view/3811 |access-date=14 August 2026 }}</ref> मध्य कोकणातील भातशेतीमध्ये पारंपरिक वाणांसोबत सुधारित वाणांचा वापर झालेला दिसतो. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाने रत्‍नागिरी परिसरासह संपूर्ण कोकणासाठी विविध कालावधी, जमिनीचे प्रकार आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार भातवाण विकसित केल्या आहेत.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === दक्षिण कोकण === दक्षिण कोकणात रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांचा समावेश होतो. या दोन्ही जिल्ह्यांमध्ये भात हे प्रमुख खरीप पीक असून ICAR–IIRRच्या २०१९ च्या सर्वेक्षणानुसार रत्‍नागिरीमध्ये ७२,९३२ हेक्टर आणि सिंधुदुर्गमध्ये ६८,५८७ हेक्टर क्षेत्र भाताखाली होते.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातवाणांमध्ये जया, सुवर्णा, कर्जत-२, सोनम, पूजा, कोमल-१०१, ग्रीन गोल्ड मोहिनी, श्रीराम आणि तृप्ती यांचा वापर नोंदविण्यात आला आहे. सिंधुदुर्गमध्ये जया, मसुरी, सुवर्णा, कर्जत-३, कर्जत-५, सोनम, रुपाली, कोमल-१०१, सिल्की-२७७, सुप्रीम सोना आणि इतर सुधारित वाणांसोबत बेला, वळई, सोमासळ, डोंगरा, सोर्टी, कोल्ह्याची शेपटी, कोथिंबिरा/घनसाळ, तुर्या आणि येलकर यांसारख्या स्थानिक वाणांचीही नोंद आहे.<ref name="IIRR2019POS"/> रत्‍नागिरी परिसरातील भात संशोधनामध्ये डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाची महत्त्वाची भूमिका राहिली आहे. विद्यापीठाने रत्‍नागिरी-१, रत्‍नागिरी-२, रत्‍नागिरी-३, रत्‍नागिरी-४, रत्‍नागिरी-५ आणि रत्‍नागिरी-६ यांसारख्या सुधारित वाण विकसित केल्या आहेत. रत्‍नागिरी-७ ही लाल तांदळाची मध्यम-उशिरा पक्व होणारी वाण असून २०१७ च्या विद्यापीठीय संशोधन शिफारसीत तिची नोंद आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="DBSKKV2017Recommendations">{{cite report |title=Research Recommendations of 2017 |publisher=Dr. Balasaheb Sawant Konkan Krishi Vidyapeeth, Dapoli |year=2017 |url=https://old.dbskkv.org/pdf/Recommendations/english/Joint%20Agresco-2017%20English%20Recomendations.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> दक्षिण कोकणातील भातशेती पर्जन्यमानाशी जवळून संबंधित आहे. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील दीर्घकालीन अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमान आणि उत्पादन यांच्यात महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> === घाटमाथ्यालगतची भातशेती === कोकणाच्या पूर्वेकडील भागात सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारांशी संबंधित भातशेती आढळते. या भागातील भूआकार, पर्जन्यमान आणि पाण्याचा निचरा यांमुळे भातशेतीची पद्धत किनारी सखल प्रदेशापेक्षा काही प्रमाणात वेगळी असते. उताराच्या शेतांमध्ये पावसाचे पाणी अडवणे आणि मातीची धूप कमी करणे यासाठी बांधबंदिस्तीला महत्त्व असते.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> घाटमाथ्यालगतच्या भागासाठी योग्य वाणांची निवड स्थानिक जमीन आणि पाण्याच्या परिस्थितीनुसार केली जाते. डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठाच्या शिफारसीनुसार फोंडाघाट-१ ही उंचावरील क्षेत्रासाठी योग्य वाण आहे. कर्जत-१ ही पावसावर आधारित उंचावरील क्षेत्रासाठी, तर रत्‍नागिरी-२ ही खात्रीशीर पर्जन्यमान असलेल्या सखल भातक्षेत्रांसाठी शिफारस करण्यात आली आहे.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> सह्याद्रीलगतच्या भागात पर्जन्यमान तुलनेने अधिक असल्यामुळे भातशेतीसाठी पावसाचे पाणी महत्त्वाचे ठरते. मात्र पावसाचे प्रमाण आणि त्याचे वितरण पिकाच्या वाढीवर परिणाम करू शकते. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या सुरुवातीच्या वाढीच्या अवस्थेतील पावसाचा उत्पादनाशी संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> घाटमाथ्यालगतच्या भातशेतीत स्थानिक भूआकारानुसार जलव्यवस्थापन आणि जमिनीची बांधबंदिस्ती महत्त्वाची ठरते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्येही स्थानिक भूभाग, पर्जन्यमान आणि कृषी कामकाज यांच्यातील संबंधांची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriGazetteerOperations"/> कोकणातील भातशेतीच्या प्रादेशिक विविधतेत उत्तर कोकणातील ठाणे, पालघर आणि रायगडचा प्रदेश, मध्यवर्ती भौगोलिक पट्टा, दक्षिण कोकणातील रत्‍नागिरी व सिंधुदुर्ग आणि सह्याद्रीलगतचा उताराचा प्रदेश यांचे स्वतंत्र वैशिष्ट्य दिसून येते. या विविधतेमुळे भाताच्या वाणांची निवड, लागवडीची वेळ, पाणी व्यवस्थापन आणि पीकपद्धती स्थानिक परिस्थितीनुसार बदलतात.<ref name="IIRR2019POS"/><ref name="DBSKKVRiceVarieties"/><ref name="JagtapMahadkarChavan2017"/> == आर्थिक आणि सामाजिक महत्त्व == कोकणातील भातशेतीला केवळ कृषी उत्पादनाच्या दृष्टीने नव्हे, तर स्थानिक अन्नव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार आणि शेतकरी कुटुंबांच्या अर्थकारणाच्या दृष्टीनेही महत्त्व आहे. कोकणातील अनेक कृषिपद्धतींमध्ये भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील मोठ्या लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेशी त्याचा थेट संबंध आहे. कोकणातील पावसावर आधारित भातशेतीवरील अभ्यासात भात हे या प्रदेशातील प्रमुख अन्नपीक असून, अनेक शेतकरी कुटुंबांच्या उपजीविकेत त्याचे महत्त्व असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019">{{cite journal |last1=Shigwan |first1=A. S. |last2=Meshram |first2=N. A. |last3=Dalvi |first3=V. V. |title=Constraints Faced By The Tribal Farmers In Rainfed Rice Production In Konkan Region—A Village Level Study |journal=Bulletin of Environment, Pharmacology and Life Sciences |volume=8 |issue=4 |pages=49–51 |year=2019 }}</ref> भातशेतीचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेशी संबंध उत्पादनापुरता मर्यादित नसून मशागत, रोपवाटिका, लावणी, तण व्यवस्थापन, कापणी, मळणी, वाहतूक, साठवण आणि विक्री अशा विविध टप्प्यांशी संबंधित आहे. त्यामुळे भाताचे पीक ग्रामीण भागात प्रत्यक्ष आणि अप्रत्यक्ष रोजगाराच्या संधी निर्माण करते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक अन्नसुरक्षा === कोकणातील अनेक ग्रामीण भागांत भात हा दैनंदिन आहाराचा महत्त्वाचा घटक राहिला आहे. पावसावर आधारित भातशेतीच्या अभ्यासात कोकणातील भात हे प्रमुख अन्नपीक असून, प्रदेशातील लोकसंख्येच्या अन्नव्यवस्थेत त्याला महत्त्वाचे स्थान असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="ShigwanMeshramDalvi2019"/> स्थानिक पातळीवर उत्पादित भातामुळे शेतकरी कुटुंबांना वर्षातील काही कालावधीसाठी स्वतःच्या अन्नाची गरज भागविण्यास मदत होते. कापणीनंतर धान्य वाळवून त्यातील काही भाग घरगुती वापरासाठी राखून ठेवण्याची पद्धत कोकणातील पारंपरिक कृषिजीवनात आढळते. रत्‍नागिरी जिल्हा गॅझेटियरमध्ये भाताच्या उत्पादनानंतर धान्य साठविणे आणि त्याचा घरगुती वापर यासंबंधीच्या पद्धतींची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriGazetteerCereals"/><ref name="RatnagiriGazetteerStorage">{{cite web |title=Ratnagiri District Gazetteer — Agricultural Operations |website=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |publisher=Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_operations.html |access-date=14 August 2026 }}</ref> कोकणातील भातशेती प्रामुख्याने मोसमी पावसावर अवलंबून असल्यामुळे पावसाचे प्रमाण, त्याचे वितरण आणि पिकाच्या वाढीच्या अवस्थांशी त्याचा संबंध अन्नधान्याच्या उत्पादनासाठी महत्त्वाचा ठरतो. रत्‍नागिरी आणि ठाणे जिल्ह्यांवरील अभ्यासात भाताच्या वाढीच्या सुरुवातीच्या अवस्थेतील पर्जन्यमानाचा उत्पादनाशी महत्त्वपूर्ण संबंध आढळला आहे.<ref name="ChowdhuryDas1993"/> स्थानिक अन्नसुरक्षेच्या दृष्टीने पारंपरिक आणि स्थानिक भातवाणांचे जतनही महत्त्वाचे आहे. विविध वाणांचे अस्तित्व स्थानिक कृषी जैवविविधता टिकवून ठेवते आणि बदलत्या हवामान व कृषी परिस्थितींमध्ये शेतकऱ्यांना पर्यायी वाण उपलब्ध करून देते.<ref name="DBSKKVRiceVarieties"/> === ग्रामीण रोजगार === कोकणातील पारंपरिक भातशेती ही श्रमप्रधान कृषिपद्धती आहे. शेतजमिनीची मशागत, रोपवाटिका, चिखलणी, लावणी, तण काढणे, कापणी, मळणी आणि काढणीनंतरची कामे या विविध टप्प्यांमध्ये मानवी श्रमाची आवश्यकता असते. कोकणातील भाताच्या कापणी आणि काढणीनंतरच्या प्रक्रियेवरील अभ्यासात या कामांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर मनुष्यबळाची आवश्यकता असल्याचे आढळते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> भातशेतीमुळे निर्माण होणारा रोजगार हा केवळ शेतकरी कुटुंबापुरता मर्यादित नसतो. हंगामी स्वरूपात शेतमजूर, यंत्रचालक, वाहतूकदार, मळणी व काढणीनंतरच्या प्रक्रियेशी संबंधित कामगार आणि कृषी निविष्ठा पुरवठादार यांनाही या कृषी व्यवस्थेत रोजगाराच्या संधी मिळतात.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> मात्र कोकणातील भातशेतीमध्ये हंगामी मजुरांची उपलब्धता ही महत्त्वाची समस्या बनली आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात पीक उत्पादनाच्या महत्त्वाच्या काळात मजुरांची कमतरता ही शेतकऱ्यांनी व्यक्त केलेल्या प्रमुख अडचणींपैकी एक असल्याचे आढळले आहे. त्याच अभ्यासात वाढती मजुरी आणि इतर निविष्ठांचा खर्च यांचाही उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011">{{cite journal |last1=Deorukhakar |first1=A. C. |last2=Karale |first2=P. D. |last3=Nikam |first3=M. B. |title=Constraints in Adoption of Modern Technologies in Rice Production in Ratnagiri District of Maharashtra |journal=Journal of Agricultural Research and Technology |volume=36 |issue=3 |pages=460–463 |year=2011 |url=https://www.jart.co.in/uploads/168/6343_pdf.pdf |access-date=14 August 2026 }}</ref> मजुरांच्या उपलब्धतेतील बदलामुळे भातशेतीच्या काही कामांमध्ये यांत्रिकीकरणाला चालना मिळाली आहे. कोकणातील कापणी आणि काढणीनंतरच्या कामांसाठी रीपर, रीपर-बाइंडर, मळणी यंत्रे आणि उफणणी यंत्रांचा अभ्यास करण्यात आला असून, अशा तंत्रज्ञानामुळे श्रमाची गरज आणि कामाचा कालावधी कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="BhanageEtAl2016Harvesting"/> === स्थानिक बाजारपेठ आणि भाताचे अर्थकारण === भातशेतीचे अर्थकारण उत्पादनक्षमता, उत्पादनखर्च, मजुरी, कृषी निविष्ठा, काढणीनंतरची प्रक्रिया आणि उत्पादनाला मिळणारा बाजारभाव या घटकांवर अवलंबून असते. कोकणातील भात उत्पादनाच्या आर्थिक विश्लेषणात क्षेत्रफळ, उत्पादन आणि उत्पादकतेतील बदलांसोबत भात उत्पादनाच्या आर्थिक व्यवहार्यतेचाही अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/> कोकणातील सुधारित भात उत्पादन तंत्राच्या अभ्यासानुसार प्रति हेक्टर उत्पादनखर्चामध्ये बियाणे, खते आणि मजुरी यांचा महत्त्वाचा वाटा आहे. या अभ्यासात उत्पादनाला मिळणारा कमी दर, वाढता निविष्ठा खर्च आणि लहान व तुकड्यात विभागलेली शेतजमीन या बाबी भात उत्पादनाच्या आर्थिक परिणामांवर प्रभाव टाकणाऱ्या अडचणी म्हणून नोंदविण्यात आल्या आहेत.<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील भातशेतीवरील अभ्यासात वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची कमतरता, प्रमुख कृषी निविष्ठांचा वाढता खर्च आणि उत्पादनाला मिळणारा तुलनेने कमी भाव या बाबी शेतकऱ्यांसमोरील प्रमुख आर्थिक अडचणी असल्याचे आढळले आहे.<ref name="DeorukhakarKaraleNikam2011"/> दापोली, मंडणगड आणि खेड तालुक्यांतील भात उत्पादक शेतकऱ्यांच्या अभ्यासातही बियाणे व खतांचा वाढता खर्च, हंगामातील मजुरांची कमतरता आणि उत्पादनाला मिळणारा कमी बाजारभाव या अडचणी नोंदविण्यात आल्या आहेत.{{cite journal |last1=Warwadekar |first1=S. C. |last2=Aher |first2=S. S. |last3=Mayekar |first3=S. K. |last4=Rathod |first4=P. S. |title=Constraints faced by the beneficiaries of farmers field school in adoption of rice cultivation practices and their suggestions to minimize the constraints |journal=The Pharma Innovation Journal |volume=11 |issue=1S |pages=1134–1136 |year=2022 |url=https://www.thepharmajournal.com/special-issue?ArticleId=10376&issue=1S&vol=11&year=2022 |access-date=14 August 2026 }} </ref> उत्तर कोकणातील कृषी व्यवस्थेच्या आर्थिक अभ्यासात भातासोबत इतर पिके आणि कृषीपूरक व्यवसायांचा समावेश असलेल्या विविधीकृत शेती व्यवस्थांचा अभ्यास करण्यात आला आहे. अशा विविधीकरणामुळे शेतकऱ्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत वाढविण्याची आणि एका पिकावर असलेले आर्थिक अवलंबित्व कमी करण्याची शक्यता निर्माण होते.<ref name="ToraneEtAl2011"/> भाताच्या स्थानिक अर्थकारणात उत्पादनाबरोबरच काढणीनंतरची प्रक्रिया, साठवण, वाहतूक आणि बाजारपेठेपर्यंत पोहोच यांनाही महत्त्व आहे. त्यामुळे शेतकऱ्यांना मिळणारा निव्वळ आर्थिक लाभ हा केवळ प्रति हेक्टर उत्पादनावर अवलंबून नसून उत्पादनखर्च आणि विक्रीतून मिळणारे उत्पन्न यांच्यातील संबंधावरही अवलंबून असतो.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><<ref name="HileDarekarDatrkar2015PaddyTechnology"/> अशा प्रकारे कोकणातील भातशेती स्थानिक अन्नसुरक्षा, ग्रामीण रोजगार आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांना जोडणारी कृषी व्यवस्था आहे. मात्र वाढता उत्पादनखर्च, मजुरांची उपलब्धता, बाजारभाव आणि बदलती कृषी परिस्थिती यांमुळे तिची आर्थिक व्यवहार्यता टिकविणे हे महत्त्वाचे आव्हान आहे. उत्पादनक्षमता वाढविणारे तंत्रज्ञान, योग्य वाणांची निवड, काढणीनंतरच्या प्रक्रियेचे यांत्रिकीकरण आणि पीक विविधीकरण यांमुळे भातशेती अधिक व्यवहार्य करण्यास मदत होऊ शकते.<ref name="Shinde2017RiceProductionKonkan"/><ref name="ToraneEtAl2011"/> == चित्रदालन == <gallery mode="packed" heights="180"> File:Newcomers.jpg|कोकणातील भातशेतीचे दृश्य File:Rice Plantation.jpg|भाताची लागवड File:Konkan - Songiri Village - Ratnagiri District - Part 1 20151218 (23369027944).jpg|सोंगिरी गाव, रत्‍नागिरी जिल्हा येथील भातशेती File:Abandoned paddy field on Low-elevation Lateritic Plateau IMG 20220817 115924 06.jpg|लेटराइट पठारावरील भाताचे शेत File:Waiting for drop.jpg|पावसाची प्रतीक्षा करणारे भातशेत File:Otvane Wildlife 007.JPG|ओटवणे परिसरातील भातशेती व नैसर्गिक परिसर File:Nerur - panoramio.jpg|नेरूर परिसरातील भातशेती File:Paddy field in Maharashtra 8.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर File:Paddy field in Maharashtra 9.jpg|महाराष्ट्रातील भातखाचर </gallery> == हेही पहा == * [[कोकण]] * [[भात]] * [[डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ]] == संदर्भ == {{reflist|2}} == बाह्य दुवे == * महाराष्ट्र शासन — गॅझेटियर विभाग * डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ, दापोली * भारतीय हवामान विभाग — MAUSAM * भारतीय कृषी संशोधन परिषद (ICAR) {{कोकण लोकजीवन}} [[वर्ग:कोकण]] p1o0o685th1o271k73s4jcwj2k045do २०२६ पुरुष टी२० विश्वचषक अमेरिका उप-प्रादेशिक पात्रता स्पर्धा ब 0 382817 2702899 2702693 2026-08-16T17:18:29Z Ganesh591 62733 /* बाह्य दुवे */ 2702899 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट स्पर्धा | name = २०२६ आयसीसी पुरुष टी२० विश्वचषक<br />अमेरिका उप-प्रादेशिक पात्रता स्पर्धा ब | image = | fromdate = ८ | todate = १५ मार्च २०२६ | administrator = [[आयसीसी अमेरिका]] | cricket format = [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] | tournament format = दुहेरी साखळी | host = {{flag|केमन द्वीपसमूह}} | champions = {{cr|CAY}} | runners-up = {{cr|ARG}} | participants = ४ | matches = १२ | player of the series = | most runs = {{cricon|ARG}} पेद्रो बॅरन (२७५) | most wickets = {{cricon|CAY}} रोमारियो एडवर्ड्स (११)<br/>{{cricon|SUR}} झेवी स्मिथ (११) | previous_year = २०२४ | previous_tournament = २०२४ पुरुष टी२० विश्वचषक अमेरिका उप-प्रादेशिक पात्रता | next_year = २०२६ }} '''२०२६ आयसीसी पुरुष टी२० विश्वचषक अमेरिका उप-प्रादेशिक पात्रता स्पर्धा ब''' ही [[आयसीसी पुरुष टी२० विश्वचषक|२०२८ पुरुष टी२० विश्वचषकाच्या]] पात्रता प्रक्रियेचा भाग असलेली क्रिकेट स्पर्धा होती. मार्च २०२६ मध्ये [[केमन द्वीपसमूह]] येथे या स्पर्धेचे आयोजन करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |access-date=२८ फेब्रुवारी २०२६ |title=Cayman to host first-ever International Cricket Council T20 World Cup Qualifier |last=Powery |first=Ileann |date=२६ फेब्रुवारी २०२६ |url=https://www.caymancompass.com/2026/02/26/cayman-to-host-first-ever-international-cricket-council-t20-world-cup-qualifier/ |work=Cayman Compass}}</ref><ref>{{cite web |access-date=१३ फेब्रुवारी २०२६ |title=Cayman Cricket to host 2028 ICC Men's T20 World Cup Americas Sub-regional Qualifier B in March 2026 |date=१३ फेब्रुवारी २०२६ |url=https://czarsportzauto.com/2028-icc-mens-t20-world-cup-americas-sub-regional-qualifier-b/ |work=Czarsports}}</ref> या स्पर्धेत सहभागी संघ प्रादेशिक अंतिम फेरीतील एका स्थानासाठी स्पर्धा करत होते.<ref>{{cite web |url=https://www.caymancompass.com/2026/03/12/cayman-sets-out-to-win-international-cricket-council-t20-world-cup-qualifier/ |title=Cayman sets out to win International Cricket Council T20 World Cup Qualifier |work=Cayman Compass |date=१२ मार्च २०२६ |access-date=१२ मार्च २०२६}}</ref> स्पर्धेचा विजेता म्हणून [[केमन द्वीपसमूह राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|केमन द्वीपसमूह]] प्रादेशिक अंतिम फेरीसाठी पात्र ठरला. तेथे त्यांच्यासोबत [[कॅनडा राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|कॅनडा]] आणि [[युनायटेड स्टेट्स राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|युनायटेड स्टेट्स]] हे संघ सहभागी होतील. या दोन्ही संघांना [[२०२६ आयसीसी पुरुष टी२० विश्वचषक|मागील टी२० विश्वचषकात]] सहभागी झाल्यामुळे थेट प्रवेश मिळाला होता. तसेच उप-प्रादेशिक पात्रता अ स्पर्धेचा विजेता संघही प्रादेशिक अंतिम फेरीत सहभागी होईल.<ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/cayman-islands-keep-2028-t20-world-cup-dream-alive |title=Cayman Islands keep 2028 T20 World Cup dream alive |work=International Cricket Council |date=१६ मार्च २०२६ |access-date=१६ मार्च २०२६}}</ref> ==खेळाडू== {| class="wikitable" |- ! {{cr|ARG}}<ref>{{cite web |title=Estos son los jugadores que representarán a Argentina en el Sub Regional Qualifier Americas 2026 |trans-title=२०२६ अमेरिका उप-प्रादेशिक पात्रता स्पर्धेत आर्जेन्टिनाचे प्रतिनिधित्व करणारे खेळाडू |url=https://www.facebook.com/100042138919924/posts/pfbid0WW4s5r4K2zgrEFubKxCyTDSEimP1u3qEZxEgxrMtRdVguhLJdGfbmuzsRUufgYmKl/ |access-date=४ मार्च २०२६ |work=Argentine Cricket Association |via=[[फेसबुक]] |language=es }}</ref> ! {{cr|CAY}} ! {{cr|MEX}}<ref>{{cite web |title=Ellos son los jugadores que representarán a México del 8 al 15 de marzo en Islas Caimán, en el ICC Men’s T20 World Cup Americas Sub Regional Qualifier |trans-title=८ ते १५ मार्च दरम्यान केमन द्वीपसमूह येथे आयसीसी पुरुष टी२० विश्वचषक अमेरिका उप-प्रादेशिक पात्रता स्पर्धेत मेक्सिकोचे प्रतिनिधित्व करणारे खेळाडू |url=https://www.facebook.com/100064415600606/posts/1382755163881657/?mibextid=rS40aB7S9Ucbxw6v |access-date=५ मार्च २०२६ |work=Mexico Cricket Association |via=[[फेसबुक]] |language=es }}</ref> ! {{cr|SUR}} |- | valign="top" | * पेद्रो बॅरन ([[कर्णधार (क्रिकेट)|कर्णधार]]) * गुइदो अँजलेटी * फ्रांझ बुर * हुआन कॅब्रेरा * रामिरो एस्कोबार ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * [[एर्नान फेनेल]] * [[अलेहांद्रो फर्ग्युसन]] * अगुस्तिन हुसेन * मॅन्युएल इतुर्बे * ॲलन किर्शबॉम * अगुस्तिन रिवेरो * इयान रॉबर्ट्स * लुकास रॉसी * टोमास रॉसी | valign="top" | * [[रमोन सीली]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|कर्णधार]]) * जर्मेन बेकर ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * जाहमील बुकानन * डेव्हियन कॉडनर * [[साचा दि अल्विस]] * विक धनिराम * रोमियो डुन्का * रोमॅरियो एडवर्ड्स * सॅम फॉस्टर * [[ॲलिस्टेर इफिल]] * डेमार जॉन्सन * अक्षय नायडू * [[ट्रॉय टेलर]] * एड्रियन राइट * [[कॉन्रॉय राइट]] | valign="top" | * शांतनू कावेरी ([[कर्णधार (क्रिकेट)|कर्णधार]]) * शोएब रफीक ([[कर्णधार (क्रिकेट)|उपकर्णधार]]) * प्रतीक सिंग बैस * आमिर बट * जयंथ ब्यरप्पा * डेव्हन एबोरसॉन ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * रोहित गलगलीकर * सयम कोचर * कौशल कुमार ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * भार्गव नरसिंह * धनंजय पांडा * काशीगौड पाटील * शुभांग शर्मा * गुरप्रीत सिंग | valign="top" | * अरुण गोकोएल ([[कर्णधार (क्रिकेट)|कर्णधार]]) * स्टेफन अमिरुल्लाह * सोमनाथ भरत * युवराज दयाल * ट्रॉय दुडनाथ * वेजाई हिरलाल * खेमराज जयकरण ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * जोसेफ पेरी ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * [[विश्वर शॉ]] * [[गॅव्हिन सिंग|गेविन सिंग]] * किशन सिंग * झेवी स्मिथ |} ==गुणतालिका== <section begin=PTS /> {| class="wikitable" style="text-align:center; margin:auto;" ! स्थान ! संघ ! सामने ! विजय ! पराभव ! निकाल नाही ! गुण ! निव्वळ धावगती ! स्थिती |- style="background:#ccffcc;" | १ | style="text-align:left;" | {{cr|CAY}} {{small|(यजमान)}} | ६ | ६ | ० | ० | '''१२''' | +३.५६० | प्रादेशिक अंतिम फेरीसाठी पात्र |- | २ | style="text-align:left;" | {{cr|ARG}} | ६ | ४ | २ | ० | '''८''' | +०.८३१ | rowspan="3" | स्पर्धेतून बाद |- | ३ | style="text-align:left;" | {{cr|SUR}} | ६ | १ | ५ | ० | '''२''' | −१.३८७ |- | ४ | style="text-align:left;" | {{cr|MEX}} | ६ | १ | ५ | ० | '''२''' | −२.४१३ |} <small>स्रोत: ईएसपीएनक्रिकइन्फो<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/men-s-t20-world-cup-americas-qualifier-b-2025-26-1525152/points-table-standings |title=Men's T20 World Cup Americas Qualifier B 2026 - Points Table |work=ESPNcricinfo |access-date=१५ मार्च २०२६ }}</ref></small> <section end=PTS /> ==साखळी सामने== {{Single-innings cricket match | date = ८ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|ARG}} | team2 = {{cr|CAY}} | score1 = ९८ (१७.१ षटके) | runs1 = पेद्रो बॅरॉन २० (१५) | wickets1 = कॉनरॉय राइट ४/२९ (३.१ षटके) | score2 = १०२/० (९ षटके) | runs2 = जर्मेन बेकर ५०[[नाबाद|*]] (२८) | wickets2 = | result = केमन द्वीपसमूहाने १० गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525166.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = जर्मेन लिंडो (अमेरिका) आणि आर्नोल्ड मॅडेला (कॅनडा) | motm = कॉनरॉय राइट (केमन द्वीपसमूह) | toss = अर्जेंटिनाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = विक धनिराम (केमन द्वीपसमूह) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ---- {{Single-innings cricket match | date = ८ मार्च २०२६ | time = १४:३० | team1 = {{cr-rt|MEX}} | team2 = {{cr|SUR}} | score1 = ९७ (१९.५ षटके) | runs1 = गुरप्रीत सिंग २७ (२८) | wickets1 = झेव्ही स्मिथ ४/१८ (४ षटके) | score2 = ८८/८ (२० षटके) | runs2 = झेव्ही स्मिथ १८[[नाबाद|*]] (२०) | wickets2 = गुरप्रीत सिंग २/९ (४ षटके) | result = मेक्सिकोने ९ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525167.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = आदित्य गज्जर (अमेरिका) आणि रोहन शाह (कॅनडा) | motm = गुरप्रीत सिंग (मेक्सिको) | toss = सुरिनामने नाणेफेक जिंकून प्रथम क्षेत्ररक्षण करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = सायम कोचर (मेक्सिको), सोमनाथ भरत, जोसेफ पेरी आणि किशन सिंग (सुरिनाम) यांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ---- {{Single-innings cricket match | date = ९ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|ARG}} | team2 = {{cr|SUR}} | score1 = १२९/९ (२० षटके) | runs1 = पेद्रो बॅरॉन ७३ (५२) | wickets1 = युवराज दयाल ४/१९ (४ षटके) | score2 = ११४/८ (२० षटके) | runs2 = [[विश्वर शॉ]] २६ (२१) | wickets2 = हर्नान फेनेल ३/२६ (४ षटके) | result = अर्जेंटिनाने १५ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525168.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = आदित्य गज्जर (अमेरिका) आणि आर्नोल्ड मॅडेला (कॅनडा) | motm = पेद्रो बॅरॉन (अर्जेंटिना) | toss = अर्जेंटिनाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ---- {{Single-innings cricket match | date = ९ मार्च २०२६ | time = १४:३० | team1 = {{cr-rt|MEX}} | team2 = {{cr|CAY}} | score1 = ९४/९ (२० षटके) | runs1 = गुरप्रीत सिंग २१ (२७) | wickets1 = रोमॅरियो एडवर्ड्स ५/१६ (४ षटके) | score2 = ९५/१ (१३.३ षटके) | runs2 = जर्मेन बेकर ४० (२९) | wickets2 = धनंजय पांडा १/२८ (४ षटके) | result = केमन द्वीपसमूहाने ९ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525169.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = जर्मेन लिंडो (अमेरिका) आणि रोहन शाह (कॅनडा) | motm = रोमॅरियो एडवर्ड्स (केमन द्वीपसमूह) | toss = मेक्सिकोने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = रोमॅरियो एडवर्ड्स (केमन द्वीपसमूह) हा आंतरराष्ट्रीय टी२० सामन्यात पाच बळी घेणारा केमन द्वीपसमूहाचा पहिला खेळाडू ठरला. }} ---- {{Single-innings cricket match | date = ११ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|SUR}} | team2 = {{cr|CAY}} | score1 = ९२/७ (२० षटके) | runs1 = झेव्ही स्मिथ २५[[नाबाद|*]] (२५) | wickets1 = विक धनिराम २/८ (४ षटके) | score2 = ९६/१ (१२.५ षटके) | runs2 = जर्मेन बेकर ४० (२९) | wickets2 = युवराज दयाल १/२२ (३.५ षटके) | result = केमन द्वीपसमूहाने ९ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525170.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = जर्मेन लिंडो (अमेरिका) आणि आर्नोल्ड मॅडेला (कॅनडा) | motm = [[साचा दि अल्विस|साचा डी अल्विस]] (केमन द्वीपसमूह) | toss = केमन द्वीपसमूहाने नाणेफेक जिंकून प्रथम क्षेत्ररक्षण करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ---- {{Single-innings cricket match | date = ११ मार्च २०२६ | time = १४:३० | team1 = {{cr-rt|ARG}} | team2 = {{cr|MEX}} | score1 = १५३/४ (२० षटके) | runs1 = पेद्रो बॅरॉन ६२ (५६) | wickets1 = गुरप्रीत सिंग १/१६ (३ षटके) | score2 = ९१/७ (२० षटके) | runs2 = काशिगौड पाटील २० (२०) | wickets2 = ॲलन किर्शबॉम २/१३ (३ षटके) | result = अर्जेंटिनाने ६२ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525171.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = आदित्य गज्जर (अमेरिका) आणि रोहन शाह (कॅनडा) | motm = ॲलन किर्शबॉम (अर्जेंटिना) | toss = मेक्सिकोने नाणेफेक जिंकून प्रथम क्षेत्ररक्षण करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = डेव्हॉन एबर्सॉन (मेक्सिको) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ---- {{Single-innings cricket match | date = १२ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|CAY}} | team2 = {{cr|MEX}} | score1 = १८७/३ (२० षटके) | runs1 = [[रमोन सीली]] ६३ (३१) | wickets1 = धनंजय पांडा २/३६ (४ षटके) | score2 = ९४ (१९.५ षटके) | runs2 = काशिगौड पाटील ३७ (३५) | wickets2 = रोमॅरियो एडवर्ड्स ४/१५ (४ षटके) | result = केमन द्वीपसमूहाने ९३ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525172.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = आदित्य गज्जर (अमेरिका) आणि आर्नोल्ड मॅडेला (कॅनडा) | motm = [[रमोन सीली]] (केमन द्वीपसमूह) | toss = केमन द्वीपसमूहाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = शुभांग शर्मा (मेक्सिको) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ---- {{Single-innings cricket match | date = १२ मार्च २०२६ | time = १४:३० | team1 = {{cr-rt|SUR}} | team2 = {{cr|ARG}} | score1 = १०७/७ (२० षटके) | runs1 = अरुण गोकोएल ३४[[नाबाद|*]] (३७) | wickets1 = लुकास रोसी ४/१५ (४ षटके) | score2 = १०९/३ (१७ षटके) | runs2 = पेद्रो बॅरॉन ५४ (३६) | wickets2 = झेव्ही स्मिथ २/१४ (४ षटके) | result = अर्जेंटिनाने ७ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525173.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = जर्मेन लिंडो (अमेरिका) आणि रोहन शाह (कॅनडा) | motm = लुकास रोसी (अर्जेंटिना) | toss = सुरिनामने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ---- {{Single-innings cricket match | date = १४ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|ARG}} | team2 = {{cr|MEX}} | score1 = २१५/३ (२० षटके) | runs1 = पेद्रो बॅरॉन ६५ (३८) | wickets1 = प्रतीक सिंग बैस १/११ (२ षटके) | score2 = १२३ (१९.३ षटके) | runs2 = जयंथ बैरप्पा ४३ (४३) | wickets2 = अगुस्तिन रिव्हेरो ४/१७ (४ षटके) | result = अर्जेंटिनाने ९२ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525174.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = जर्मेन लिंडो (अमेरिका) आणि आर्नोल्ड मॅडेला (कॅनडा) | motm = पेद्रो बॅरॉन (अर्जेंटिना) | toss = अर्जेंटिनाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ---- {{Single-innings cricket match | date = १४ मार्च २०२६ | time = १४:३० | team1 = {{cr-rt|SUR}} | team2 = {{cr|CAY}} | score1 = ८५/५ (२० षटके) | runs1 = युवराज दयाल ३७[[नाबाद|*]] (३०) | wickets1 = एड्रियन राइट २/६ (४ षटके) | score2 = ८६/१ (९.१ षटके) | runs2 = [[साचा दि अल्विस|साचा डी अल्विस]] ३८[[नाबाद|*]] (२८) | wickets2 = झेव्ही स्मिथ १/१३ (२ षटके) | result = केमन द्वीपसमूहाने ९ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525175.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = आदित्य गज्जर (अमेरिका) आणि रोहन शाह (कॅनडा) | motm = [[साचा दि अल्विस|साचा डी अल्विस]] (केमन द्वीपसमूह) | toss = सुरिनामने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = स्टेफन अमिरुल्लाह (सुरिनाम) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ---- {{Single-innings cricket match | date = १५ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|MEX}} | team2 = {{cr|SUR}} | score1 = १२६/९ (२० षटके) | runs1 = जयंथ बैरप्पा २७ (२२) | wickets1 = झेव्ही स्मिथ ३/१५ (४ षटके) | score2 = १२७/६ (२० षटके) | runs2 = गॅविन सिंग ५१[[नाबाद|*]] (३९) | wickets2 = आमिर बट २/२५ (४ षटके) | result = सुरिनामने ४ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525176.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = जर्मेन लिंडो (अमेरिका) आणि आर्नोल्ड मॅडेला (कॅनडा) | motm = गॅविन सिंग (सुरिनाम) | toss = सुरिनामने नाणेफेक जिंकून प्रथम क्षेत्ररक्षण करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ---- {{Single-innings cricket match | date = १५ मार्च २०२६ | time = १४:३० | team1 = {{cr-rt|ARG}} | team2 = {{cr|CAY}} | score1 = ११४/८ (२० षटके) | runs1 = ॲलन किर्शबॉम ५० (४०) | wickets1 = एड्रियन राइट ४/१४ (४ षटके) | score2 = ११६/४ (१७ षटके) | runs2 = जर्मेन बेकर ५६ (५०) | wickets2 = हर्नान फेनेल २/२८ (४ षटके) | result = केमन द्वीपसमूहाने ६ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1525177.html धावफलक] | venue = [[जिमी पॉवेल ओव्हल]], [[जॉर्जटाउन, केमन द्वीपसमूह|जॉर्जटाउन]] | umpires = आदित्य गज्जर (अमेरिका) आणि रोहन शाह (कॅनडा) | motm = एड्रियन राइट (केमन द्वीपसमूह) | toss = अर्जेंटिनाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/men-s-t20-world-cup-americas-qualifier-b-2025-26-1525152 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवर स्पर्धेचे मुख्यपृष्ठ] * [https://www.icc-cricket.com/news/cayman-islands-keep-2028-t20-world-cup-dream-alive आयसीसीवरील स्पर्धेचा आढावा] {{२०-२० विश्व अजिंक्यपद स्पर्धा}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:केमन द्वीपसमूहामधील क्रिकेट]] rnjwfv2000btv6gh6gsdsjlrkjbt569 निर्गुण भक्ती 0 382848 2703048 2702869 2026-08-17T10:38:57Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703048 wikitext text/x-wiki '''निर्गुण भक्ती''' ही भारतीय भक्तीपरंपरेतील अशी धार्मिक-सांप्रदायिक प्रवृत्ती आहे, ज्यामध्ये परमसत्तेला विशिष्ट रूप, मूर्ती किंवा भौतिक गुणांनी मर्यादित न मानता तिची उपासना केली जाते. मध्ययुगीन उत्तर भारतातील संतपरंपरेत या प्रवृत्तीचा विशेष विकास झाला. [[कबीर]], [[रविदास]], [[दादू पंथ|दादू दयाळ]] आणि इतर संतांच्या काव्यरचनेत निर्गुण भक्तीशी संबंधित विचार आढळतात. या परंपरेत ईश्वरप्राप्ती, नामस्मरण, सद्गुरू, आत्मज्ञान आणि सांसारिक आसक्तीतून मुक्ती यांसारख्या विषयांना महत्त्व दिले जाते.<ref name=":0">{{स्रोत पुस्तक|title=Praises to a Formless God: Nirguni Texts from North India (Suny Series in Religious Studies)|last=Lorenzen|first=David N.|date=1 March 1996|publisher=State Univ of New York Pr|isbn=978-0791428061|location=New York}}</ref><ref name=":1">{{स्रोत पुस्तक|title=The Bijak of Kabir|last=Hess|first=Linda|last2=Singh|first2=Shukdeo|date=18 April 2002|publisher=Oxford Univ Pr on Demand|isbn=978-0195148763}}</ref> निर्गुण भक्तीचे स्वरूप सर्व संतपरंपरांमध्ये एकसारखे नसून तिच्या संकल्पना, धार्मिक आचार आणि परमसत्तेच्या स्वरूपाबाबत विविध परंपरांमध्ये भिन्न मते आढळतात. कबीरांच्या वाणीत बाह्य कर्मकांड, जातिभेद आणि धार्मिक रूढींची समीक्षा करत अंतर्मुख भक्ती आणि परमसत्याच्या अनुभूतीवर भर दिलेला दिसतो.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=A Weaver Named Kabir: Selected Verses With A Detailed Biographical And Historical Introduction|last=Vaudeville|first=Charlotte|date=1 January 2017|publisher=Motilal Banarsidass Publishers|isbn=978-8120841956}}</ref><ref name=":1" /> निर्गुण भक्तीचा संबंध प्रामुख्याने उत्तर भारतीय संतसाहित्याशी जोडला जात असला तरी तिच्या तात्त्विक पार्श्वभूमीचा संबंध भारतीय तत्त्वज्ञानातील निर्गुण ब्रह्म, भक्ती आणि मोक्षाच्या विविध संकल्पनांशी जोडला जातो. आधुनिक काळात विविध संतपरंपरा आणि धार्मिक विचारवंतांनी निर्गुण भक्तीची स्वतंत्र व्याख्या केली आहे. त्यापैकी [[संत रामपाल]] यांच्या शिकवणीत कबीरांच्या वाणीसह विविध धर्मग्रंथांच्या आधारे निर्गुण भक्तीचे विशिष्ट स्पष्टीकरण दिले जाते.<ref name=":2">{{स्रोत पुस्तक|title=A Storm of Songs: India and the Idea of the Bhakti Movement|last=Hawley|first=John Stratton|date=28 May 2015|publisher=Harvard Univ Pr|isbn=978-0674187467}}</ref> == व्युत्पत्ती == '''निर्गुण भक्ती''' हा शब्द संस्कृतमधील '''<nowiki/>'[[निर्गुण]]'<nowiki/>''' आणि '''<nowiki/>'[[भक्ती]]'''' या दोन संज्ञांपासून बनला आहे. 'निर्गुण' हा ''निर्'' (विरहित) आणि ''गुण'' (गुण, विशेषता किंवा गुणधर्म) यांपासून बनलेला शब्द असून त्याचा सामान्य अर्थ 'गुणरहित' किंवा 'विशिष्ट गुणांनी मर्यादित नसलेले' असा होतो. भारतीय तत्त्वज्ञानात या शब्दाचा अर्थ संदर्भानुसार बदलतो.<ref>{{cite book|url=https://www.sanskrit-lexicon.uni-koeln.de/scans/MWScan/2020/web/webtc/indexcaller.php|title=A Sanskrit-English Dictionary: Etymologically and Philologically Arranged with Special Reference to Cognate Indo-European Languages|last=Monier-Williams|first=Monier|publisher=Clarendon Press|year=1899|location=Oxford}}</ref> 'भक्ती' हा शब्द संस्कृतमधील ''भज्'' या धातूपासून व्युत्पन्न झाला असून त्याचा संबंध ईश्वराविषयी भक्तिभाव, उपासना आणि समर्पणाशी आहे. त्यामुळे 'निर्गुण भक्ती'चा सामान्य अर्थ विशिष्ट साकार रूप किंवा भौतिक गुणांनी मर्यादित न मानलेल्या परमसत्तेप्रती भक्तिभाव असा केला जातो.<ref name=":0" /> निर्गुण भक्तीतील 'निर्गुण' संकल्पना आणि वेदान्तातील 'निर्गुण ब्रह्म' या संकल्पना परस्पर संबंधित असल्या तरी दोन्हींचा अर्थ सर्व धार्मिक आणि तात्त्विक परंपरांमध्ये समान नाही. त्यामुळे निर्गुण भक्तीचे स्वरूप समजून घेताना संबंधित संतपरंपरा आणि साहित्यिक संदर्भ विचारात घेणे आवश्यक आहे.<ref name=":2" /> == प्रमुख संत आणि कवी == उत्तर भारतीय संतपरंपरेतील निर्गुण भक्तीशी संबंधित प्रमुख संतांमध्ये कबीर, गुरू नानक, रैदास आणि दादू दयाळ यांचा समावेश केला जातो. या संतांच्या रचनांमध्ये निराकार किंवा निर्गुण परमसत्ता, नामस्मरण, भक्ती, आध्यात्मिक अनुभूती आणि सांसारिक आसक्तीपासून मुक्ती यांसारखे विषय आढळतात. डेव्हिड एन. लॉरेन्झेन यांनी या संतांच्या रचनांचा निर्गुण भक्तीच्या व्यापक साहित्यिक परंपरेच्या संदर्भात अभ्यास केला आहे.<ref name=":0" /> === कबीर === '''कबीर''' हे उत्तर भारतातील प्रमुख संत-कवींपैकी एक असून त्यांच्या रचनांना निर्गुण संतपरंपरेतील महत्त्वाचे स्थान दिले जाते. त्यांच्या कवितेत विशिष्ट रूप किंवा प्रतिमेपुरती मर्यादित नसलेली परमसत्ता, नाम, आत्मज्ञान आणि भक्ती यांचा उल्लेख आढळतो. कबीरांनी धार्मिक कर्मकांड, जातिभेद आणि बाह्य आडंबरांवरही टीका केली. त्यांच्या रचना विविध मौखिक आणि लिखित परंपरांमधून प्रसारित झाल्या असून ''बीजक'', ''कबीर ग्रंथावली'' आणि ''आदि ग्रंथ'' यांसारख्या संग्रहांमध्ये त्यांच्या नावाने रचना आढळतात.<ref name=":1" /> कबीरांच्या रचनांमध्ये हिंदू आणि इस्लामी धार्मिक संज्ञांचा तसेच स्थानिक संतपरंपरेतील संकल्पनांचा वापर आढळतो. त्यांच्या कवितेचा मोठा भाग साखी, सबद आणि पद या स्वरूपांत आढळतो. आधुनिक अभ्यासकांनी कबीरांच्या जीवनाविषयी उपलब्ध आख्यायिका आणि त्यांच्या नावाने प्रसारित झालेल्या साहित्यामधील ऐतिहासिक वाङ्मयीन स्तर वेगळे करून अभ्यासले आहेत.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=Dharwadkar|first=Vinay|date=Winter 2025|editor-last=Coleman|editor-first=Tracy|title=Kabir/Kabir Panth|url=https://www.researchgate.net/publication/383263243_KabirKabir_Panth|journal=Hinduism|publisher=Oxford University Press New York|publication-place=New York|volume=1}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/hi/bhakti-bodh/|title=भक्ति बोध|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=hi|access-date=2026-08-16}}</ref> === गुरू नानक === '''[[गुरू नानकदेव|गुरू नानक]]''' (१४६९–१५३९) हे शीख धर्माचे संस्थापक आणि उत्तर भारतीय संतपरंपरेतील प्रमुख कवी होते. त्यांच्या रचनांमध्ये एकेश्वरवाद, नामस्मरण, भक्ती, नैतिक जीवन आणि सामाजिक समतेवर भर दिला आहे. त्यांच्या अनेक रचना नंतर ''[[गुरू ग्रंथ साहिब]]''मध्ये समाविष्ट करण्यात आल्या. निर्गुण भक्तीच्या अभ्यासात गुरू नानक यांच्या रचनांचा कबीर, रैदास आणि दादू दयाळ यांच्या रचनांसह विचार केला जातो.<ref name=":0" /> गुरू नानक यांच्या विचारांचे स्वतंत्र शीख धार्मिक आणि तात्त्विक संदर्भ आहेत. त्यामुळे त्यांना केवळ कबीरपंथीय किंवा इतर संतपरंपरेच्या चौकटीत समाविष्ट करण्याऐवजी, त्यांच्या रचनांमधील निर्गुण संकल्पना आणि शीख धर्माच्या स्वतंत्र विकासाचा परस्परसंबंध लक्षात घेऊन अभ्यास केला जातो.<ref name=":0" /> === रैदास === '''रैदास''' ([[रविदास]]) हे उत्तर भारतातील संत-कवी असून त्यांच्या रचनांना निर्गुण संतसाहित्याच्या परंपरेत महत्त्वाचे स्थान दिले जाते. त्यांच्या कवितेत ईश्वरभक्ती, नाम, सामाजिक समता आणि आध्यात्मिक मुक्ती यांसारखे विषय आढळतात. त्यांच्या नावाने प्रसिद्ध असलेल्या काही रचना ''गुरू ग्रंथ साहिब''मध्येही समाविष्ट आहेत.<ref name=":0" /><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/en/great-devotees/sant-ravidas/|title=Sant Ravidas: Gold Janeu Brahmin Story & Guru of Meerabai|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=en|access-date=2026-08-16}}</ref> रैदासांच्या साहित्याचा संबंध त्यांच्या सामाजिक पार्श्वभूमीशी आणि तत्कालीन जातिव्यवस्थेवरील विचारांशी जोडून अभ्यासला जातो. त्यांच्या कवितेत बाह्य सामाजिक प्रतिष्ठेपेक्षा भक्ती आणि ईश्वराशी असलेल्या संबंधाला महत्त्व दिले जाते. रैदासांच्या नावाने उपलब्ध असलेल्या साहित्याच्या पाठपरंपरेचाही आधुनिक अभ्यासकांनी अभ्यास केला आहे.<ref name=":0" /> === दादू दयाळ === '''दादू दयाळ''' (१५४४–१६०३) हे राजस्थानातील प्रमुख संत-कवी आणि दादूपंथाचे संस्थापक होते. त्यांच्या रचनांमध्ये निर्गुण परमसत्ता, नामस्मरण, गुरु, भक्ती आणि धार्मिक आडंबरावरील टीका यांसारखे विषय आढळतात. त्यांच्या शिकवणीवर आधारित परंपरेला पुढे '''दादूपंथ''' म्हणून ओळखले जाऊ लागले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/en/great-devotees/sant-dadu-dayal-praise-glory-god-kabir/|title=Why Did Sant Dadu Dayal Praise the Glory of God Kabir?|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=en|access-date=2026-08-16}}</ref> दादूंच्या रचनांचे संकलन त्यांच्या अनुयायांनी केले आणि त्यांच्या नावाने विविध पदे, साख्या आणि इतर रचना प्रसारित झाल्या. दादूपंथाच्या साहित्यिक परंपरेत दादूंच्या वाणीबरोबरच इतर संतांच्या रचनांचाही समावेश झाला. त्यामुळे दादूंच्या साहित्याचा अभ्यास त्यांच्या वैयक्तिक रचनांबरोबरच दादूपंथाच्या पुढील विकासाच्या संदर्भात केला जातो.<ref name=":0" /> === धर्मदास === '''धर्मदास''' हे कबीरपंथाशी संबंधित प्रमुख संत असून त्यांच्या नावाने अनेक पदे आणि वाणी प्रचलित आहेत. कबीरपंथाच्या धर्मदासी परंपरेत धर्मदास यांना विशेष स्थान आहे. त्यांच्या संदर्भातील आख्यायिकांमध्ये कबीरांशी त्यांची भेट, दीक्षा आणि त्यानंतर कबीरांच्या शिकवणीचा प्रसार यांचे वर्णन आढळते. आधुनिक अभ्यासात धर्मदासाशी संबंधित साहित्य आणि कबीरपंथाच्या संस्थात्मक विकासाचा स्वतंत्रपणे विचार केला जातो.<ref name=":3">{{जर्नल स्रोत|last=Kumar|first=Ramesh|date=Summer 2026|title=History and Practices of Kabir Panthies in North India: A Sociological Enquiry|url=https://ir.nbu.ac.in/handle/123456789/5358|journal=Social Trends|publisher=University of North Bengal|volume=11|pages=214 - 223|issn=2348-6538}}</ref> धर्मदासांच्या नावाने प्रचलित असलेल्या रचनांमध्ये कबीर, भक्ती, गुरु, आध्यात्मिक ज्ञान आणि मुक्ती यांसारख्या विषयांचा उल्लेख आढळतो. ''कबीर सागर'' आणि इतर 'सागर' प्रकारातील ग्रंथांशी धर्मदास यांचा संबंध धर्मदासी कबीरपंथीय परंपरेत जोडला जातो; तथापि, या ग्रंथांचे लेखकत्व, संकलन आणि पाठपरंपरा यांविषयी विविध परंपरांमध्ये भिन्न मते आहेत.<ref name=":3" /><ref>{{जर्नल स्रोत|last=Parihar|first=Seema|date=Summer 2026|title=Quest for Spirituality; Existence of ‘Kabir as God’ in Hindu Scriptures|url=http://www.pbjournals.com/jhaas|journal=Journal of Historical, Archaeological and Anthropological Studies|publication-date=30 December 2024|volume=2|pages=103-107}}</ref> === इतर संत === निर्गुण संतपरंपरेशी संबंधित इतर संतांमध्ये '''[[नामदेव]], [[सेना न्हावी|सेना]], धन्ना आणि पीपा''' यांसारख्या संतांचा उल्लेख केला जातो. त्यांच्या रचनांपैकी काही रचना ''गुरू ग्रंथ साहिब''मध्ये समाविष्ट आहेत. तथापि, या सर्व संतांचे धार्मिक विचार आणि त्यांच्या निर्गुण परंपरेतील स्थान एकसमान नसल्यामुळे त्यांचा स्वतंत्र ऐतिहासिक आणि साहित्यिक संदर्भात अभ्यास केला जातो.<ref name=":0" /><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/en/great-devotees/bhagat-dhanna-jatt-a-unforgettable-story-of-honesty/|title=Bhagat Dhanna Jatt: A Unforgettable Story of Honesty|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=en|access-date=2026-08-16}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/en/way-of-living/story-bhakt-ranka-banka/|title=39. Story of Ranka and Banka {{!}} Way of Living|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=en|access-date=2026-08-16}}</ref> उत्तर भारतीय निर्गुण संतपरंपरेचा प्रभाव पुढील काळातील विविध संतसंप्रदाय आणि प्रादेशिक साहित्यपरंपरांवर पडला. या परंपरेतून पद, साखी, सबद आणि भजन यांसारख्या काव्यप्रकारांचा प्रसार झाला आणि धार्मिक विचार स्थानिक भाषांमध्ये व्यक्त करण्याची परंपरा बळकट झाली.<ref name=":0" /> == हेही पहा == * [[कबीर]] * [[कबीर पंथ|कबीरपंथ]] * [[रविदास]] * [[संत साहित्य]] * [[अद्वैत वेदांत]] * [[मोक्ष]] * [[सतलोक]] [[वर्ग:तत्त्वज्ञान]] i0wbgoyk611nplnx4mj1t5t5zk1a7a0 सदस्य चर्चा:ज्ञानेश्वर प्रल्हाद चटलेवाड 3 382850 2702884 2026-08-16T14:27:49Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2702884 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=ज्ञानेश्वर प्रल्हाद चटलेवाड}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) १९:५७, १६ ऑगस्ट २०२६ (IST) 0lwuoog9u3h3dtqckc3dpbdzpqg6akf सदस्य चर्चा:श्रीधर सोनबाराव बल्हाळ 3 382851 2702898 2026-08-16T17:07:34Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2702898 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=श्रीधर सोनबाराव बल्हाळ}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) २२:३७, १६ ऑगस्ट २०२६ (IST) 1gzcovc98gk8lxykm2bohkgjskd2vbq सदस्य चर्चा:अंगद रेवाप्पा तोरणे 3 382853 2702902 2026-08-16T19:29:21Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2702902 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=अंगद रेवाप्पा तोरणे}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) ००:५९, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) m51o3xowov232oyalutzbl5ghiho4dv लेसोथो क्रिकेट संघाचा बोत्सवाना दौरा, २०२५-२६ 0 382854 2702909 2026-08-17T01:13:14Z Ganesh591 62733 नवीन पान: {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = लेसोथो क्रिकेट संघाचा<br>बोत्सवाना दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Botswana.svg | team1_name = बोत्सवाना | team2_image = Flag of Lesotho.svg | team2_name = लेसोथो | from_date = ९ | to_date = १५ मार्च २०२६ | no_of_twenty20s = ५ | team1_twenty20s_won... 2702909 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = लेसोथो क्रिकेट संघाचा<br>बोत्सवाना दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Botswana.svg | team1_name = बोत्सवाना | team2_image = Flag of Lesotho.svg | team2_name = लेसोथो | from_date = ९ | to_date = १५ मार्च २०२६ | no_of_twenty20s = ५ | team1_twenty20s_won = ५ | team2_twenty20s_won = ० | team1_twenty20s_most_runs = [[विनू बालकृष्णन]] (७१) | team2_twenty20s_most_runs = मोहम्मद जमादार (७५) | team1_twenty20s_most_wickets = [[ध्रुव मैसूरिया]] (८) | team2_twenty20s_most_wickets = बहलाकोआना मेजारो (७) }} [[लेसोथो राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|लेसोथो क्रिकेट संघाने]] मार्च २०२६ मध्ये पाच [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी बोत्सवानाचा दौरा केला.<ref name="ESPN">[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 Lesotho tour of Botswana 2025/26]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ही मालिका ९ ते १५ मार्च २०२६ दरम्यान गॅबोरोन येथील [[बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल|बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १]] येथे खेळवण्यात आली.<ref name="Cricbuzz">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/matches Lesotho tour of Botswana, 2026]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> [[बोत्स्वाना राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|बोत्सवानाने]] पाचही सामने जिंकून मालिका ५–० ने जिंकली.<ref name="ESPN"/> मालिकेत लेसोथोच्या मोहम्मद जमादारने सर्वाधिक ७५ धावा केल्या, तर बोत्सवानाच्या [[विनू बालकृष्णन]]ने ७१ धावा केल्या.<ref name="Stats">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/stats Lesotho tour of Botswana, 2026 – Statistics]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> गोलंदाजीत बोत्सवानाच्या [[ध्रुव मैसूरिया]]ने मालिकेत सर्वाधिक ८ बळी घेतले, तर लेसोथोच्या बहलाकोआना मेजारोने ७ बळी घेतले.<ref name="Stats"/> ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवरील मालिका] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:बोत्स्वानामधील क्रिकेट]] 486wqwjm91p6mlnnma61966vji7m2tm 2702910 2702909 2026-08-17T01:13:57Z Ganesh591 62733 2702910 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = लेसोथो क्रिकेट संघाचा<br>बोत्सवाना दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Botswana.svg | team1_name = बोत्सवाना | team2_image = Flag of Lesotho.svg | team2_name = लेसोथो | from_date = ९ | to_date = १५ मार्च २०२६ | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 5 | team2_twenty20s_won = 0 | team1_twenty20s_most_runs = [[विनू बालकृष्णन]] (७१) | team2_twenty20s_most_runs = मोहम्मद जमादार (७५) | team1_twenty20s_most_wickets = [[ध्रुव मैसूरिया]] (८) | team2_twenty20s_most_wickets = बहलाकोआना मेजारो (७) }} [[लेसोथो राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|लेसोथो क्रिकेट संघाने]] मार्च २०२६ मध्ये पाच [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी बोत्सवानाचा दौरा केला.<ref name="ESPN">[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 Lesotho tour of Botswana 2025/26]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ही मालिका ९ ते १५ मार्च २०२६ दरम्यान गॅबोरोन येथील [[बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल|बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १]] येथे खेळवण्यात आली.<ref name="Cricbuzz">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/matches Lesotho tour of Botswana, 2026]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> [[बोत्स्वाना राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|बोत्सवानाने]] पाचही सामने जिंकून मालिका ५–० ने जिंकली.<ref name="ESPN"/> मालिकेत लेसोथोच्या मोहम्मद जमादारने सर्वाधिक ७५ धावा केल्या, तर बोत्सवानाच्या [[विनू बालकृष्णन]]ने ७१ धावा केल्या.<ref name="Stats">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/stats Lesotho tour of Botswana, 2026 – Statistics]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> गोलंदाजीत बोत्सवानाच्या [[ध्रुव मैसूरिया]]ने मालिकेत सर्वाधिक ८ बळी घेतले, तर लेसोथोच्या बहलाकोआना मेजारोने ७ बळी घेतले.<ref name="Stats"/> ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवरील मालिका] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:बोत्स्वानामधील क्रिकेट]] ig4odnyq9cdnme6od1qzvi0lqnwxqpo 2702917 2702910 2026-08-17T04:22:40Z Ganesh591 62733 2702917 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = लेसोथो क्रिकेट संघाचा<br>बोत्सवाना दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Botswana.svg | team1_name = बोत्सवाना | team2_image = Flag of Lesotho.svg | team2_name = लेसोथो | from_date = ९ | to_date = १५ मार्च २०२६ | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 5 | team2_twenty20s_won = 0 | team1_twenty20s_most_runs = [[विनू बालकृष्णन]] (७१) | team2_twenty20s_most_runs = मोहम्मद जमादार (७५) | team1_twenty20s_most_wickets = [[ध्रुव मैसूरिया]] (८) | team2_twenty20s_most_wickets = बहलाकोआना मेजारो (७) }} [[लेसोथो राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|लेसोथो क्रिकेट संघाने]] मार्च २०२६ मध्ये पाच [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी बोत्सवानाचा दौरा केला.<ref name="ESPN">[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 Lesotho tour of Botswana 2025/26]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ही मालिका ९ ते १५ मार्च २०२६ दरम्यान गॅबोरोन येथील [[बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल|बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १]] येथे खेळवण्यात आली.<ref name="Cricbuzz">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/matches Lesotho tour of Botswana, 2026]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> [[बोत्स्वाना राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|बोत्सवानाने]] पाचही सामने जिंकून मालिका ५–० ने जिंकली.<ref name="ESPN"/> मालिकेत लेसोथोच्या मोहम्मद जमादारने सर्वाधिक ७५ धावा केल्या, तर बोत्सवानाच्या [[विनू बालकृष्णन]]ने ७१ धावा केल्या.<ref name="Stats">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/stats Lesotho tour of Botswana, 2026 – Statistics]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> गोलंदाजीत बोत्सवानाच्या [[ध्रुव मैसूरिया]]ने मालिकेत सर्वाधिक ८ बळी घेतले, तर लेसोथोच्या बहलाकोआना मेजारोने ७ बळी घेतले.<ref name="Stats"/> ==खेळाडू== {| class="wikitable" ! {{cr|BOT}}<ref>[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-t20is-2025-26-1527276/squads Lesotho in Botswana T20Is 2025/26 – Squads]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ! {{cr|LES}}<ref>[https://czarsportzauto.com/botswana-vs-lesotho-t20i-series-2026/ Botswana Cricket to host Lesotho Men for T20I series in March 2026]. ''Czarsportz Global''. ७ मार्च २०२६.</ref> |- | valign="top" | * [[थाटायोने त्शोसे]] (कर्णधार) * [[अमीर सय्यद]] * [[विनू बालकृष्णन]] * [[लिआनो मफाने]] * [[व्हॅलेंटाईन म्बाझो]] ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * [[फेमेलो सिलास]] * [[ममोलोकी मूकेत्सी]] * [[बोएमो खुमालो]] * [[बोएमो कगोसीमांग]] * [[काटलो पिएट]] * [[लोसिका मकगले]] * लाहिरू परेरा * [[ध्रुव मैसूरिया]] * [[रेजिनाल्ड नेहोंडे]] * देव सेंथिल * [[थारिंदू परेरा]] * बोटल्हे केगाने * ब्रँडन व्हॅन झिल * [[तुमेलो मपाटणे]] | valign="top" | * अब्रार खान (कर्णधार) * [[अयाज पटेल]] * अझीम पटेल * [[बहलाकोआना मेजारो]] * [[चाचोले तलाली]] ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * इंशाफ मोहम्मद * [[लेफुलेरे मोनान्थेने]] * [[म्हाझ खान]] * मालेई खौटा * मोहम्मद जमादार * मपिती लेरोथोली * टांकी खेत्सी * [[मोहलेकी लीओला]] * त्लाबेली मोकेमाने * [[त्सेपिसो चाओना]] |} ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवरील मालिका] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:बोत्स्वानामधील क्रिकेट]] fesazhaoir3q1avfag0u3io7sch9c1l 2702919 2702917 2026-08-17T04:26:17Z Ganesh591 62733 /* खेळाडू */ 2702919 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = लेसोथो क्रिकेट संघाचा<br>बोत्सवाना दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Botswana.svg | team1_name = बोत्सवाना | team2_image = Flag of Lesotho.svg | team2_name = लेसोथो | from_date = ९ | to_date = १५ मार्च २०२६ | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 5 | team2_twenty20s_won = 0 | team1_twenty20s_most_runs = [[विनू बालकृष्णन]] (७१) | team2_twenty20s_most_runs = मोहम्मद जमादार (७५) | team1_twenty20s_most_wickets = [[ध्रुव मैसूरिया]] (८) | team2_twenty20s_most_wickets = बहलाकोआना मेजारो (७) }} [[लेसोथो राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|लेसोथो क्रिकेट संघाने]] मार्च २०२६ मध्ये पाच [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी बोत्सवानाचा दौरा केला.<ref name="ESPN">[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 Lesotho tour of Botswana 2025/26]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ही मालिका ९ ते १५ मार्च २०२६ दरम्यान गॅबोरोन येथील [[बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल|बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १]] येथे खेळवण्यात आली.<ref name="Cricbuzz">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/matches Lesotho tour of Botswana, 2026]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> [[बोत्स्वाना राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|बोत्सवानाने]] पाचही सामने जिंकून मालिका ५–० ने जिंकली.<ref name="ESPN"/> मालिकेत लेसोथोच्या मोहम्मद जमादारने सर्वाधिक ७५ धावा केल्या, तर बोत्सवानाच्या [[विनू बालकृष्णन]]ने ७१ धावा केल्या.<ref name="Stats">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/stats Lesotho tour of Botswana, 2026 – Statistics]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> गोलंदाजीत बोत्सवानाच्या [[ध्रुव मैसूरिया]]ने मालिकेत सर्वाधिक ८ बळी घेतले, तर लेसोथोच्या बहलाकोआना मेजारोने ७ बळी घेतले.<ref name="Stats"/> ==खेळाडू== {| class="wikitable" ! {{cr|BOT}}<ref>[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-t20is-2025-26-1527276/squads Lesotho in Botswana T20Is 2025/26 – Squads]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ! {{cr|LES}}<ref>[https://czarsportzauto.com/botswana-vs-lesotho-t20i-series-2026/ Botswana Cricket to host Lesotho Men for T20I series in March 2026]. ''Czarsportz Global''. ७ मार्च २०२६.</ref> |- | valign="top" | * [[थाटायोने त्शोसे]] (कर्णधार) * [[अमीर सय्यद]] * [[विनू बालकृष्णन]] * [[लिआनो मफाने]] * [[व्हॅलेंटाईन म्बाझो]] ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * [[फेमेलो सिलास]] * [[ममोलोकी मूकेत्सी]] * [[बोएमो खुमालो]] * [[बोएमो कगोसीमांग]] * [[काटलो पिएट]] * [[लोसिका मकगले]] * लाहिरू परेरा * [[ध्रुव मैसूरिया]] * [[रेजिनाल्ड नेहोंडे]] * देव सेंथिल * [[थारिंदू परेरा]] * बोटल्हे केगाने * ब्रँडन व्हॅन झिल * [[तुमेलो मपाटणे]] | valign="top" | * अब्रार खान (कर्णधार) * [[अयाज पटेल]] * अझीम पटेल * [[बहलाकोआना मेजारो]] * [[चाचोले तलाली]] ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * इंशाफ मोहम्मद * [[लेफुलेरे मोनान्थेने]] * [[म्हाझ खान]] * मालेई खौटा * मोहम्मद जमादार * मपिती लेरोथोली * टांकी खेत्सी * [[मोहलेकी लीओला]] * त्लाबेली मोकेमाने * [[त्सेपिसो चाओना]] |} ==टी२०आ मालिका== ===पहिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ९ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|LES}} | team2 = {{cr|BOT}} | score1 = ६० (१९.३ षटके) | runs1 = इंशाफ फारूक १८[[नाबाद|*]] (२३) | wickets1 = ध्रुवकुमार मैसुरिया ३/११ (४ षटके) | score2 = ६१/४ (११ षटके) | runs2 = लिआनो मफाने २० (१७) | wickets2 = वसीम याकूब २/११ (२ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-1st-t20i-1527277/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) आणि ओबर्ट मुसियामांजे (बोत्सवाना) | motm = ध्रुवकुमार मैसुरिया (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम क्षेत्ररक्षण करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = मोहम्मद जमादार, अयाज पटेल, अब्रार खान, अझीम पटेल आणि इंशाफ फारूक (सर्व लेसोथो) यांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===दुसरा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १० मार्च २०२६ | time = १४:०० | team1 = {{cr-rt|LES}} | team2 = {{cr|BOT}} | score1 = ८१/८ (२० षटके) | runs1 = लेरोथोली गॅब्रिएल ३९ (४९) | wickets1 = बोएमो खुमालो ३/१४ (४ षटके) | score2 = ८३/४ (१२.३ षटके) | runs2 = विनू बालकृष्णन २१ (२१) | wickets2 = बहलाकोआना मेजारो २/२९ (४ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-2nd-t20i-1527278/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) | motm = बोएमो खुमालो (बोत्सवाना) | toss = लेसोथोने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = लाहिरू परेरा आणि ब्रँडन व्हॅन झिल (बोत्सवाना), तसेच मालेई खौटा (लेसोथो) यांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===तिसरा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १२ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = १०२/९ (२० षटके) | runs1 = विनू बालकृष्णन २७ (३०) | wickets1 = बहलाकोआना मेजारो ३/१३ (४ षटके) | score2 = ९६/८ (२० षटके) | runs2 = इंशाफ फारूक २८ (१२) | wickets2 = ध्रुवकुमार मैसुरिया ३/११ (४ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-3rd-t20i-1527279/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि ओबर्ट मुसियामांजे (बोत्सवाना) | motm = ध्रुवकुमार मैसुरिया (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = देव सेंथिल (बोत्सवाना) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===चौथा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १३ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = १६४/७ (२० षटके) | runs1 = थाटायोने त्शोसे ४४ (२२) | wickets1 = त्सेपिसो चाओआना २/२३ (३ षटके) | score2 = ६० (१४.१ षटके) | runs2 = मोहम्मद जमादार ३१ (३२) | wickets2 = ममोलोकी मुकेत्सी ३/२० (४ षटके) | result = बोत्सवानाने १०४ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-4th-t20i-1527280/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) आणि योहान्स मुकांडी (बोत्सवाना) | motm = | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १५ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = ११४/७ (२० षटके) | runs1 = रेजिनाल्ड नेहोंडे ३३ (३४) | wickets1 = इंशाफ फारूक २/१९ (४ षटके) | score2 = ३० (१०.३ षटके) | runs2 = मोहम्मद जमादार १४ (१७) | wickets2 = काटलो पीट ४/१२ (३ षटके) | result = बोत्सवानाने ८४ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-5th-t20i-1527281/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि योहान्स मुकांडी (बोत्सवाना) | motm = काटलो पीट (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = टांकी अल्बर खेत्सी (लेसोथो) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवरील मालिका] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:बोत्स्वानामधील क्रिकेट]] okn7h2ssocfdlpp7a5yp2nq70ltxxo1 2702922 2702919 2026-08-17T04:31:58Z Ganesh591 62733 /* खेळाडू */ 2702922 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = लेसोथो क्रिकेट संघाचा<br>बोत्सवाना दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Botswana.svg | team1_name = बोत्सवाना | team2_image = Flag of Lesotho.svg | team2_name = लेसोथो | from_date = ९ | to_date = १५ मार्च २०२६ | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 5 | team2_twenty20s_won = 0 | team1_twenty20s_most_runs = [[विनू बालकृष्णन]] (७१) | team2_twenty20s_most_runs = मोहम्मद जमादार (७५) | team1_twenty20s_most_wickets = [[ध्रुव मैसूरिया]] (८) | team2_twenty20s_most_wickets = बहलाकोआना मेजारो (७) }} [[लेसोथो राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|लेसोथो क्रिकेट संघाने]] मार्च २०२६ मध्ये पाच [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी बोत्सवानाचा दौरा केला.<ref name="ESPN">[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 Lesotho tour of Botswana 2025/26]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ही मालिका ९ ते १५ मार्च २०२६ दरम्यान गॅबोरोन येथील [[बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल|बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १]] येथे खेळवण्यात आली.<ref name="Cricbuzz">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/matches Lesotho tour of Botswana, 2026]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> [[बोत्स्वाना राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|बोत्सवानाने]] पाचही सामने जिंकून मालिका ५–० ने जिंकली.<ref name="ESPN"/> मालिकेत लेसोथोच्या मोहम्मद जमादारने सर्वाधिक ७५ धावा केल्या, तर बोत्सवानाच्या [[विनू बालकृष्णन]]ने ७१ धावा केल्या.<ref name="Stats">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/stats Lesotho tour of Botswana, 2026 – Statistics]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> गोलंदाजीत बोत्सवानाच्या [[ध्रुव मैसूरिया]]ने मालिकेत सर्वाधिक ८ बळी घेतले, तर लेसोथोच्या बहलाकोआना मेजारोने ७ बळी घेतले.<ref name="Stats"/> ==खेळाडू== {| class="wikitable" ! {{cr|BOT}}<ref>[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-t20is-2025-26-1527276/squads Lesotho in Botswana T20Is 2025/26 – Squads]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ! {{cr|LES}}<ref>[https://czarsportzauto.com/botswana-vs-lesotho-t20i-series-2026/ Botswana Cricket to host Lesotho Men for T20I series in March 2026]. ''Czarsportz Global''. ७ मार्च २०२६.</ref> |- | valign="top" | * [[थाटायोने त्शोसे]] (कर्णधार) * [[अमीर सय्यद]] * [[विनू बालकृष्णन]] * लिआनो मफाने * व्हॅलेंटाईन म्बाझो ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * फेमेलो सिलास * [[ममोलोकी मूकेत्सी]] * बोएमो खुमालो * बोएमो कगोसीमांग * काटलो पिएट * लोसिका मकगले * लाहिरू परेरा * [[ध्रुव मैसूरिया]] * [[रेजिनाल्ड नेहोंडे]] * देव सेंथिल * थारिंदू परेरा * बोटल्हे केगाने * ब्रँडन व्हॅन झिल * तुमेलो मपाटणे | valign="top" | * अब्रार खान (कर्णधार) * अयाज पटेल * अझीम पटेल * बहलाकोआना मेजारो * चाचोले तलाली ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * इंशाफ मोहम्मद * लेफुलेरे मोनान्थेने * म्हाझ खान * मालेई खौटा * मोहम्मद जमादार * मपिती लेरोथोली * टांकी खेत्सी * मोहलेकी लीओला * त्लाबेली मोकेमाने * त्सेपिसो चाओना |} ==टी२०आ मालिका== ===पहिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ९ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|LES}} | team2 = {{cr|BOT}} | score1 = ६० (१९.३ षटके) | runs1 = इंशाफ फारूक १८[[नाबाद|*]] (२३) | wickets1 = ध्रुवकुमार मैसुरिया ३/११ (४ षटके) | score2 = ६१/४ (११ षटके) | runs2 = लिआनो मफाने २० (१७) | wickets2 = वसीम याकूब २/११ (२ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-1st-t20i-1527277/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) आणि ओबर्ट मुसियामांजे (बोत्सवाना) | motm = ध्रुवकुमार मैसुरिया (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम क्षेत्ररक्षण करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = मोहम्मद जमादार, अयाज पटेल, अब्रार खान, अझीम पटेल आणि इंशाफ फारूक (सर्व लेसोथो) यांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===दुसरा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १० मार्च २०२६ | time = १४:०० | team1 = {{cr-rt|LES}} | team2 = {{cr|BOT}} | score1 = ८१/८ (२० षटके) | runs1 = लेरोथोली गॅब्रिएल ३९ (४९) | wickets1 = बोएमो खुमालो ३/१४ (४ षटके) | score2 = ८३/४ (१२.३ षटके) | runs2 = विनू बालकृष्णन २१ (२१) | wickets2 = बहलाकोआना मेजारो २/२९ (४ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-2nd-t20i-1527278/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) | motm = बोएमो खुमालो (बोत्सवाना) | toss = लेसोथोने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = लाहिरू परेरा आणि ब्रँडन व्हॅन झिल (बोत्सवाना), तसेच मालेई खौटा (लेसोथो) यांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===तिसरा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १२ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = १०२/९ (२० षटके) | runs1 = विनू बालकृष्णन २७ (३०) | wickets1 = बहलाकोआना मेजारो ३/१३ (४ षटके) | score2 = ९६/८ (२० षटके) | runs2 = इंशाफ फारूक २८ (१२) | wickets2 = ध्रुवकुमार मैसुरिया ३/११ (४ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-3rd-t20i-1527279/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि ओबर्ट मुसियामांजे (बोत्सवाना) | motm = ध्रुवकुमार मैसुरिया (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = देव सेंथिल (बोत्सवाना) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===चौथा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १३ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = १६४/७ (२० षटके) | runs1 = थाटायोने त्शोसे ४४ (२२) | wickets1 = त्सेपिसो चाओआना २/२३ (३ षटके) | score2 = ६० (१४.१ षटके) | runs2 = मोहम्मद जमादार ३१ (३२) | wickets2 = ममोलोकी मुकेत्सी ३/२० (४ षटके) | result = बोत्सवानाने १०४ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-4th-t20i-1527280/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) आणि योहान्स मुकांडी (बोत्सवाना) | motm = | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १५ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = ११४/७ (२० षटके) | runs1 = रेजिनाल्ड नेहोंडे ३३ (३४) | wickets1 = इंशाफ फारूक २/१९ (४ षटके) | score2 = ३० (१०.३ षटके) | runs2 = मोहम्मद जमादार १४ (१७) | wickets2 = काटलो पीट ४/१२ (३ षटके) | result = बोत्सवानाने ८४ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-5th-t20i-1527281/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि योहान्स मुकांडी (बोत्सवाना) | motm = काटलो पीट (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = टांकी अल्बर खेत्सी (लेसोथो) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवरील मालिका] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:बोत्स्वानामधील क्रिकेट]] oxj5w5r1g30kot358bexoj3fqrlqvx4 2703050 2702922 2026-08-17T10:40:20Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703050 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = लेसोथो क्रिकेट संघाचा<br>बोत्सवाना दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Botswana.svg | team1_name = बोत्सवाना | team2_image = Flag of Lesotho.svg | team2_name = लेसोथो | from_date = ९ | to_date = १५ मार्च २०२६ | no_of_twenty20s = 5 | team1_twenty20s_won = 5 | team2_twenty20s_won = 0 | team1_twenty20s_most_runs = [[विनू बालकृष्णन]] (७१) | team2_twenty20s_most_runs = मोहम्मद जमादार (७५) | team1_twenty20s_most_wickets = [[ध्रुव मैसूरिया]] (८) | team2_twenty20s_most_wickets = बहलाकोआना मेजारो (७) }} [[लेसोथो राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|लेसोथो क्रिकेट संघाने]] मार्च २०२६ मध्ये पाच [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी बोत्सवानाचा दौरा केला.<ref name="ESPN">[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 Lesotho tour of Botswana 2025/26]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ही मालिका ९ ते १५ मार्च २०२६ दरम्यान गॅबोरोन येथील [[बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल|बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १]] येथे खेळवण्यात आली.<ref name="Cricbuzz">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/matches Lesotho tour of Botswana, 2026]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> [[बोत्स्वाना राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|बोत्सवानाने]] पाचही सामने जिंकून मालिका ५–० ने जिंकली.<ref name="ESPN"/> मालिकेत लेसोथोच्या मोहम्मद जमादारने सर्वाधिक ७५ धावा केल्या, तर बोत्सवानाच्या [[विनू बालकृष्णन]]ने ७१ धावा केल्या.<ref name="Stats">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11711/lesotho-tour-of-botswana-2026/stats Lesotho tour of Botswana, 2026 – Statistics]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> गोलंदाजीत बोत्सवानाच्या [[ध्रुव मैसूरिया]]ने मालिकेत सर्वाधिक ८ बळी घेतले, तर लेसोथोच्या बहलाकोआना मेजारोने ७ बळी घेतले.<ref name="Stats"/> ==खेळाडू== {| class="wikitable" ! {{cr|BOT}}<ref>[https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-t20is-2025-26-1527276/squads Lesotho in Botswana T20Is 2025/26 – Squads]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ! {{cr|LES}}<ref>[https://czarsportzauto.com/botswana-vs-lesotho-t20i-series-2026/ Botswana Cricket to host Lesotho Men for T20I series in March 2026]. ''Czarsportz Global''. ७ मार्च २०२६.</ref> |- | valign="top" | * [[थाटायोने त्शोसे]] (कर्णधार) * [[अमीर सय्यद]] * [[विनू बालकृष्णन]] * लिआनो मफाने * व्हॅलेंटाईन म्बाझो ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * फेमेलो सिलास * [[ममोलोकी मूकेत्सी]] * बोएमो खुमालो * बोएमो कगोसीमांग * काटलो पिएट * लोसिका मकगले * लाहिरू परेरा * [[ध्रुव मैसूरिया]] * [[रेजिनाल्ड नेहोंडे]] * देव सेंथिल * थारिंदू परेरा * बोटल्हे केगाने * ब्रँडन व्हॅन झिल * तुमेलो मपाटणे | valign="top" | * अब्रार खान (कर्णधार) * अयाज पटेल * अझीम पटेल * बहलाकोआना मेजारो * चाचोले तलाली ([[यष्टिरक्षक|यष्टीरक्षक]]) * इंशाफ मोहम्मद * लेफुलेरे मोनान्थेने * म्हाझ खान * मालेई खौटा * मोहम्मद जमादार * मपिती लेरोथोली * टांकी खेत्सी * मोहलेकी लीओला * त्लाबेली मोकेमाने * त्सेपिसो चाओना |} ==टी२०आ मालिका== ===पहिला टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = ९ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|LES}} | team2 = {{cr|BOT}} | score1 = ६० (१९.३ षटके) | runs1 = इंशाफ फारूक १८[[नाबाद|*]] (२३) | wickets1 = ध्रुवकुमार मैसुरिया ३/११ (४ षटके) | score2 = ६१/४ (११ षटके) | runs2 = लिआनो मफाने २० (१७) | wickets2 = वसीम याकूब २/११ (२ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-1st-t20i-1527277/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) आणि ओबर्ट मुसियामांजे (बोत्सवाना) | motm = ध्रुवकुमार मैसुरिया (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम क्षेत्ररक्षण करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = मोहम्मद जमादार, अयाज पटेल, अब्रार खान, अझीम पटेल आणि इंशाफ फारूक (सर्व लेसोथो) यांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===दुसरा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १० मार्च २०२६ | time = १४:०० | team1 = {{cr-rt|LES}} | team2 = {{cr|BOT}} | score1 = ८१/८ (२० षटके) | runs1 = लेरोथोली गॅब्रिएल ३९ (४९) | wickets1 = बोएमो खुमालो ३/१४ (४ षटके) | score2 = ८३/४ (१२.३ षटके) | runs2 = विनू बालकृष्णन २१ (२१) | wickets2 = बहलाकोआना मेजारो २/२९ (४ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ गडी राखून सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-2nd-t20i-1527278/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) | motm = बोएमो खुमालो (बोत्सवाना) | toss = लेसोथोने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = लाहिरू परेरा आणि ब्रँडन व्हॅन झिल (बोत्सवाना), तसेच मालेई खौटा (लेसोथो) यांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===तिसरा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १२ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = १०२/९ (२० षटके) | runs1 = विनू बालकृष्णन २७ (३०) | wickets1 = बहलाकोआना मेजारो ३/१३ (४ षटके) | score2 = ९६/८ (२० षटके) | runs2 = इंशाफ फारूक २८ (१२) | wickets2 = ध्रुवकुमार मैसुरिया ३/११ (४ षटके) | result = बोत्सवानाने ६ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-3rd-t20i-1527279/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि ओबर्ट मुसियामांजे (बोत्सवाना) | motm = ध्रुवकुमार मैसुरिया (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = देव सेंथिल (बोत्सवाना) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ===चौथा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १३ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = १६४/७ (२० षटके) | runs1 = थाटायोने त्शोसे ४४ (२२) | wickets1 = त्सेपिसो चाओआना २/२३ (३ षटके) | score2 = ६० (१४.१ षटके) | runs2 = मोहम्मद जमादार ३१ (३२) | wickets2 = ममोलोकी मुकेत्सी ३/२० (४ षटके) | result = बोत्सवानाने १०४ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-4th-t20i-1527280/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = लॉरा मोफाकेडी (बोत्सवाना) आणि योहान्स मुकांडी (बोत्सवाना) | motm = | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ===पाचवा टी२०आ=== {{Single-innings cricket match | date = १५ मार्च २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{cr-rt|BOT}} | team2 = {{cr|LES}} | score1 = ११४/७ (२० षटके) | runs1 = रेजिनाल्ड नेहोंडे ३३ (३४) | wickets1 = इंशाफ फारूक २/१९ (४ षटके) | score2 = ३० (१०.३ षटके) | runs2 = मोहम्मद जमादार १४ (१७) | wickets2 = काटलो पीट ४/१२ (३ षटके) | result = बोत्सवानाने ८४ धावांनी सामना जिंकला. | report = [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275/botswana-vs-lesotho-5th-t20i-1527281/full-scorecard धावफलक] | venue = बोत्स्वाना क्रिकेट असोसिएशन ओव्हल १, गॅबोरोन | umpires = इम्रान झाकीर (बोत्सवाना) आणि योहान्स मुकांडी (बोत्सवाना) | motm = काटलो पीट (बोत्सवाना) | toss = बोत्सवानाने नाणेफेक जिंकून प्रथम फलंदाजी करण्याचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = टांकी अल्बर खेत्सी (लेसोथो) याने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. }} ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/lesotho-in-botswana-2025-26-1527275 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवरील मालिका] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:बोत्स्वानामधील क्रिकेट]] [[वर्ग:लेसोथो क्रिकेट संघाचे बोत्सवाना दौरे|२०२५-२६]] tdr2tqkmm3smu1m9s348sq7cb1hd67k सदस्य चर्चा:Manisha Prakash Thakare 3 382855 2702911 2026-08-17T02:04:03Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2702911 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=Manisha Prakash Thakare}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) ०७:३४, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) haa845kue5f6bry7z2h6cpn4enr8vg8 डीग जिल्हा 0 382856 2702916 2026-08-17T04:17:16Z Dharmadhyaksha 28394 "[[:en:Special:Redirect/revision/1356649591|Deeg district]]" पानाचे भाषांतर करुन तयार झाले 2702916 wikitext text/x-wiki {{संदर्भयादी}}'''डीग जिल्हा''' हा भारतातील [[राजस्थान]] राज्यातील एक जिल्हा आहे. हा राजस्थानमधील एक नव्याने तयार झालेला प्रशासकीय जिल्हा आहे, जो पूर्वीच्या [[भरतपूर जिल्हा|भरतपूर जिल्ह्यातून]] वेगळा करण्यात आला आहे. डीग जिल्ह्याचे उद्घाटन ७ ऑगस्ट २०२३ रोजी झाले होते. डीग जिल्ह्याची लोकसंख्या १०,७२,७५५ आहे. डीग जिल्ह्यात दर १००० पुरुषांमागे ८९४ स्त्रिया असे लिंग गुणोत्तर आहे. लोकसंख्येच्या बाबतीत अनुसूचित जाती आणि अनुसूचित जमाती अनुक्रमे १,६३,१९९ (१५.२१%) आणि १०,६६९ (०,९९%) असे होते.<ref name="districtcensus">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/1060/download/3254/DH_2011_0807_PART_A_DCHB_BHARATPUR.pdf|title=District Census Handbook 2011 - Bharatpur|website=[[Census of India]]|publisher=[[Registrar General and Census Commissioner of India]]}}</ref> [[चित्र:Vimal_kund.jpg|इवलेसे|डीग जिल्ह्यातील कामन गावातील विमल कुंड.]] == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील जिल्हे]] [[वर्ग:इ.स. २०२३ मधील निर्मिती]] 0je8ubhxcub3azeufd53j81i4t6odni 2702920 2702916 2026-08-17T04:28:01Z Dharmadhyaksha 28394 {{माहिती संचिका}} 2702920 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''डीग जिल्हा''' हा भारतातील [[राजस्थान]] राज्यातील एक जिल्हा आहे. हा राजस्थानमधील एक नव्याने तयार झालेला प्रशासकीय जिल्हा आहे, जो पूर्वीच्या [[भरतपूर जिल्हा|भरतपूर जिल्ह्यातून]] वेगळा करण्यात आला आहे. डीग जिल्ह्याचे उद्घाटन ७ ऑगस्ट २०२३ रोजी झाले होते. डीग जिल्ह्याची लोकसंख्या १०,७२,७५५ आहे. डीग जिल्ह्यात दर १००० पुरुषांमागे ८९४ स्त्रिया असे लिंग गुणोत्तर आहे. लोकसंख्येच्या बाबतीत अनुसूचित जाती आणि अनुसूचित जमाती अनुक्रमे १,६३,१९९ (१५.२१%) आणि १०,६६९ (०,९९%) असे होते.<ref name="districtcensus">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/1060/download/3254/DH_2011_0807_PART_A_DCHB_BHARATPUR.pdf|title=District Census Handbook 2011 - Bharatpur|website=[[Census of India]]|publisher=[[Registrar General and Census Commissioner of India]]}}</ref> [[चित्र:Vimal_kund.jpg|इवलेसे|डीग जिल्ह्यातील कामन गावातील विमल कुंड.]] == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील जिल्हे]] [[वर्ग:इ.स. २०२३ मधील निर्मिती]] fxfpb218ee3aq469fcon9les2yv4vg9 2703051 2702920 2026-08-17T10:40:39Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703051 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''डीग जिल्हा''' हा भारतातील [[राजस्थान]] राज्यातील एक जिल्हा आहे. हा राजस्थानमधील एक नव्याने तयार झालेला प्रशासकीय जिल्हा आहे, जो पूर्वीच्या [[भरतपूर जिल्हा|भरतपूर जिल्ह्यातून]] वेगळा करण्यात आला आहे. डीग जिल्ह्याचे उद्घाटन ७ ऑगस्ट २०२३ रोजी झाले होते. डीग जिल्ह्याची लोकसंख्या १०,७२,७५५ आहे. डीग जिल्ह्यात दर १००० पुरुषांमागे ८९४ स्त्रिया असे लिंग गुणोत्तर आहे. लोकसंख्येच्या बाबतीत अनुसूचित जाती आणि अनुसूचित जमाती अनुक्रमे १,६३,१९९ (१५.२१%) आणि १०,६६९ (०,९९%) असे होते.<ref name="districtcensus">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/1060/download/3254/DH_2011_0807_PART_A_DCHB_BHARATPUR.pdf|title=District Census Handbook 2011 - Bharatpur|website=[[Census of India]]|publisher=[[Registrar General and Census Commissioner of India]]}}</ref> [[चित्र:Vimal_kund.jpg|इवलेसे|डीग जिल्ह्यातील कामन गावातील विमल कुंड.]] == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील जिल्हे]] [[वर्ग:इ.स. २०२३ मधील निर्मिती]] [[वर्ग:डीग जिल्हा|*]] 448j9sgqhup2ljluta6wh3rsacx19au ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाचा सायप्रस दौरा, २०२५-२६ 0 382857 2702923 2026-08-17T04:32:53Z Ganesh591 62733 नवीन पान: <!-- लेखाचे शीर्षक: ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाचा सायप्रस दौरा, २०२५-२६ -->{{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाचा<br>सायप्रस दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Cyprus.svg | team1_name = सायप्रस | team2_image =... 2702923 wikitext text/x-wiki <!-- लेखाचे शीर्षक: ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाचा सायप्रस दौरा, २०२५-२६ -->{{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाचा<br>सायप्रस दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Cyprus.svg | team1_name = सायप्रस | team2_image = Flag of Austria.svg | team2_name = ऑस्ट्रिया | from_date = १४ | to_date = १६ मार्च २०२६ | team1_captain = अलेक्झांडर सेन | team2_captain = आकिब इक्बाल | no_of_twenty20s = ४ | team1_twenty20s_won = १ | team2_twenty20s_won = १ | team1_twenty20s_most_runs = अकिला कालुगाला (५३) | team2_twenty20s_most_runs = करणबीर सिंग (७६) | team1_twenty20s_most_wickets = रोशन सिरिवर्देना (३) | team2_twenty20s_most_wickets = इरफान सफी (६) }} [[ऑस्ट्रिया राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाने]] मार्च २०२६ मध्ये चार [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी सायप्रसचा दौरा केला.<ref name="ESPNseries">[https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768 Austria tour of Cyprus 2025/26]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> सर्व सामने १४ ते १६ मार्च २०२६ दरम्यान एपिस्कोपी येथील हॅपी व्हॅली ग्राउंड २ येथे आयोजित करण्यात आले.<ref name="Cricbuzz">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11718/austria-tour-of-cyprus-2026/matches Austria tour of Cyprus 2026 – Schedule & Results]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> [[सायप्रस राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|सायप्रसने]] पहिला सामना जिंकला, तर मालिकेतील दुसरा आणि तिसरा सामना एकही चेंडू न टाकता रद्द झाला.<ref>[https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768/cyprus-vs-austria-2nd-t20i-1527771/full-scorecard Cyprus v Austria, 2nd T20I]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref><ref>[https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768/cyprus-vs-austria-3rd-t20i-1527772/full-scorecard Cyprus v Austria, 3rd T20I]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ऑस्ट्रियाने चौथा सामना सात गडी राखून जिंकल्यामुळे चार सामन्यांची मालिका १–१ अशी बरोबरीत सुटली.<ref name="fourth">[https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768/cyprus-vs-austria-4th-t20i-1527773/full-scorecard Cyprus v Austria, 4th T20I]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ऑस्ट्रियाच्या करणबीर सिंगने मालिकेत सर्वाधिक ७६ धावा केल्या, तर सायप्रसच्या अकिला कालुगालाने ५३ धावा केल्या.<ref name="stats">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11718/austria-tour-of-cyprus-2026/stats Austria tour of Cyprus 2026 – Statistics]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> गोलंदाजीत ऑस्ट्रियाच्या इरफान सफीने सहा बळी घेतले, तर सायप्रसच्या रोशन सिरिवर्देनाने तीन बळी घेतले.<ref name="stats"/> ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवरील मालिका] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:सायप्रसमधील क्रिकेट]] nk2hvdovzg8c95jv9hxrxrue27zydkz 2703052 2702923 2026-08-17T10:41:03Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703052 wikitext text/x-wiki <!-- लेखाचे शीर्षक: ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाचा सायप्रस दौरा, २०२५-२६ -->{{माहितीचौकट क्रिकेट दौरा | series_name = ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाचा<br>सायप्रस दौरा, २०२५-२६ | team1_image = Flag of Cyprus.svg | team1_name = सायप्रस | team2_image = Flag of Austria.svg | team2_name = ऑस्ट्रिया | from_date = १४ | to_date = १६ मार्च २०२६ | team1_captain = अलेक्झांडर सेन | team2_captain = आकिब इक्बाल | no_of_twenty20s = ४ | team1_twenty20s_won = १ | team2_twenty20s_won = १ | team1_twenty20s_most_runs = अकिला कालुगाला (५३) | team2_twenty20s_most_runs = करणबीर सिंग (७६) | team1_twenty20s_most_wickets = रोशन सिरिवर्देना (३) | team2_twenty20s_most_wickets = इरफान सफी (६) }} [[ऑस्ट्रिया राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाने]] मार्च २०२६ मध्ये चार [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] (टी२०आ) सामने खेळण्यासाठी सायप्रसचा दौरा केला.<ref name="ESPNseries">[https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768 Austria tour of Cyprus 2025/26]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> सर्व सामने १४ ते १६ मार्च २०२६ दरम्यान एपिस्कोपी येथील हॅपी व्हॅली ग्राउंड २ येथे आयोजित करण्यात आले.<ref name="Cricbuzz">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11718/austria-tour-of-cyprus-2026/matches Austria tour of Cyprus 2026 – Schedule & Results]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> [[सायप्रस राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|सायप्रसने]] पहिला सामना जिंकला, तर मालिकेतील दुसरा आणि तिसरा सामना एकही चेंडू न टाकता रद्द झाला.<ref>[https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768/cyprus-vs-austria-2nd-t20i-1527771/full-scorecard Cyprus v Austria, 2nd T20I]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref><ref>[https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768/cyprus-vs-austria-3rd-t20i-1527772/full-scorecard Cyprus v Austria, 3rd T20I]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ऑस्ट्रियाने चौथा सामना सात गडी राखून जिंकल्यामुळे चार सामन्यांची मालिका १–१ अशी बरोबरीत सुटली.<ref name="fourth">[https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768/cyprus-vs-austria-4th-t20i-1527773/full-scorecard Cyprus v Austria, 4th T20I]. ''ESPNcricinfo''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> ऑस्ट्रियाच्या करणबीर सिंगने मालिकेत सर्वाधिक ७६ धावा केल्या, तर सायप्रसच्या अकिला कालुगालाने ५३ धावा केल्या.<ref name="stats">[https://www.cricbuzz.com/cricket-series/11718/austria-tour-of-cyprus-2026/stats Austria tour of Cyprus 2026 – Statistics]. ''Cricbuzz''. १७ ऑगस्ट २०२६ रोजी पाहिले.</ref> गोलंदाजीत ऑस्ट्रियाच्या इरफान सफीने सहा बळी घेतले, तर सायप्रसच्या रोशन सिरिवर्देनाने तीन बळी घेतले.<ref name="stats"/> ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://www.espncricinfo.com/series/austria-in-cyprus-2025-26-1527768 ईएसपीएनक्रिकइन्फोवरील मालिका] {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२५-२६}} [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:सायप्रसमधील क्रिकेट]] [[वर्ग:ऑस्ट्रिया क्रिकेट संघाचे सायप्रस दौरे|२०२५-२६]] ila4qmwo8uz4nmxq89qz510ajrf0stl जॉर्ज रिचर्डसन 0 382858 2702926 2026-08-17T04:58:52Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''जॉर्ज रिचर्डसन''' (जन्म: १२ नोव्हेंबर २००४) हा {{Cr|JER}} संघाकडून खेळणारा [[क्रिकेट]]पटू आहे. तो उजव्या हाताने फलंदाजी आणि मध्यम जलदगती गोलंदाजी करतो. त्याने १४ एप्रिल २०२४ रोजी स्पेन रा... 2702926 wikitext text/x-wiki '''जॉर्ज रिचर्डसन''' (जन्म: १२ नोव्हेंबर २००४) हा {{Cr|JER}} संघाकडून खेळणारा [[क्रिकेट]]पटू आहे. तो उजव्या हाताने फलंदाजी आणि मध्यम जलदगती गोलंदाजी करतो. त्याने १४ एप्रिल २०२४ रोजी [[स्पेन राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|स्पेन]] विरुद्ध [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/series/jersey-in-spain-2024-1426435/spain-vs-jersey-1st-t20i-1426479/full-scorecard|title=स्पेन विरुद्ध जर्सी, पहिला आंतरराष्ट्रीय टी२० सामना - मर्सिया, १४ एप्रिल २०२४ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1278242}} lxwae9tq7ugbn4qdue91ibv5o26dwwy 2702927 2702926 2026-08-17T04:59:10Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702927 wikitext text/x-wiki '''जॉर्ज रिचर्डसन''' (जन्म: १२ नोव्हेंबर २००४) हा {{Cr|JER}} संघाकडून खेळणारा [[क्रिकेट]]पटू आहे. तो उजव्या हाताने फलंदाजी आणि मध्यम जलदगती गोलंदाजी करतो. त्याने १४ एप्रिल २०२४ रोजी [[स्पेन राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|स्पेन]] विरुद्ध [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/series/jersey-in-spain-2024-1426435/spain-vs-jersey-1st-t20i-1426479/full-scorecard|title=स्पेन विरुद्ध जर्सी, पहिला आंतरराष्ट्रीय टी२० सामना - मर्सिया, १४ एप्रिल २०२४ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1278242}} [[वर्ग:जर्सीचे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेळाडू]] pe0vkb30k4y729l1s0nj6ae687byv7l 2703053 2702927 2026-08-17T10:41:38Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703053 wikitext text/x-wiki '''जॉर्ज रिचर्डसन''' (जन्म: १२ नोव्हेंबर २००४) हा {{Cr|JER}} संघाकडून खेळणारा [[क्रिकेट]]पटू आहे. तो उजव्या हाताने फलंदाजी आणि मध्यम जलदगती गोलंदाजी करतो. त्याने १४ एप्रिल २०२४ रोजी [[स्पेन राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|स्पेन]] विरुद्ध [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/series/jersey-in-spain-2024-1426435/spain-vs-jersey-1st-t20i-1426479/full-scorecard|title=स्पेन विरुद्ध जर्सी, पहिला आंतरराष्ट्रीय टी२० सामना - मर्सिया, १४ एप्रिल २०२४ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1278242}} [[वर्ग:जर्सीचे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००४ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] qha3o43l3inzlraalg8hxs6oig2tgxm 2703054 2703053 2026-08-17T10:41:44Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703054 wikitext text/x-wiki '''जॉर्ज रिचर्डसन''' (जन्म: १२ नोव्हेंबर २००४) हा {{Cr|JER}} संघाकडून खेळणारा [[क्रिकेट]]पटू आहे. तो उजव्या हाताने फलंदाजी आणि मध्यम जलदगती गोलंदाजी करतो. त्याने १४ एप्रिल २०२४ रोजी [[स्पेन राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|स्पेन]] विरुद्ध [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/series/jersey-in-spain-2024-1426435/spain-vs-jersey-1st-t20i-1426479/full-scorecard|title=स्पेन विरुद्ध जर्सी, पहिला आंतरराष्ट्रीय टी२० सामना - मर्सिया, १४ एप्रिल २०२४ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1278242}} [[वर्ग:जर्सीचे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००४ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] 5sxptc0mhczth6idp9xzboz9y61a6rh झॅक ट्राईब 0 382859 2702928 2026-08-17T05:06:14Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''झॅक ट्राईब''' (जन्म: १६ ऑगस्ट २००१) हा {{Cr|JER}} संघाकडून खेळणारा [[क्रिकेट]]पटू आहे. तो वरच्या फळीतील फलंदाज असतून उजव्या हाताने फलंदाजी आणि लेग ब्रेक गुगली गोलंदाजी करतो. त्याने १५ ऑक्टो... 2702928 wikitext text/x-wiki '''झॅक ट्राईब''' (जन्म: १६ ऑगस्ट २००१) हा {{Cr|JER}} संघाकडून खेळणारा [[क्रिकेट]]पटू आहे. तो वरच्या फळीतील फलंदाज असतून उजव्या हाताने फलंदाजी आणि लेग ब्रेक गुगली गोलंदाजी करतो. त्याने १५ ऑक्टोबर २०२१ रोजी [[जर्मनी राष्ट्रीय क्रिकेट संघ|जर्मनी]] विरुद्ध [[आंतरराष्ट्रीय टी२०]] पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/series/icc-men-s-t20-world-cup-europe-region-qualifier-2021-22-1282731/germany-vs-jersey-1st-match-1282738/full-scorecard|title=जर्मनी विरुद्ध जर्सी, पहिला सामना - अल्मेरिया, टी-२० विश्वचषक पात्रता फेरी, १५ ऑक्टोबर २०२१ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==वैयक्तिक जीवन== ट्राइब हा व्यावसायिक क्रिकेटपटू [[एसा त्रिबे|एसा ट्राइब]] याचा मोठा भाऊ आहे.<ref name=zak>{{cite web|url=https://jerseyeveningpost.com/sport/more/cricket/2024/02/02/tribe-goes-massive-in-quest-for-dominance-down-under/|title=ट्राइबची ऑस्ट्रेलियात वर्चस्व गाजवण्याची मोठी मोहीम|publisher=जर्सी इव्हनिंग पोस्ट|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/articles/c5yr4nxvzgvo|title=डाऊन अंडर (ऑस्ट्रेलियात) जर्सीचे विश्वचषकाचे स्वप्न कसे साकार होत आहे|publisher=बीबीसी स्पोर्ट |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> त्याने नॉटिंगहॅम ट्रेंट विद्यापीठातून पदवी प्राप्त केली आहे.<ref name=zak/> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1112223}} [[वर्ग:जर्सीचे आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेळाडू]] m2im0ktyhghvydkuilvhy87eyt28ep6 श्रीचंद कृपलानी 0 382860 2702930 2026-08-17T05:13:36Z Abhijitsathe 4193 नवीन पान: {{माहितीचौकट पदाधिकारी | नाव = श्रीचंद कृपलानी | चित्र = | चित्र आकारमान= 250 px | क्रम = | पद = [[राजस्थान विधानसभा]] सदस्य | मतदारसंघ = [[निंबाहेरा विधानसभा मतदारसंघ|निंबाहेरा विधानसभा]] | कार्यक... 2702930 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट पदाधिकारी | नाव = श्रीचंद कृपलानी | चित्र = | चित्र आकारमान= 250 px | क्रम = | पद = [[राजस्थान विधानसभा]] सदस्य | मतदारसंघ = [[निंबाहेरा विधानसभा मतदारसंघ|निंबाहेरा विधानसभा]] | कार्यकाळ_आरंभ = २०२३ | कार्यकाळ_समाप्ती = | मागील = [[उदयलाल आंजना]] | पुढील = | पद1 = [[लोकसभा]] सदस्य | मतदारसंघ1 = [[चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ|चित्तोडगढ ]] | कार्यकाळ_आरंभ1 = १९९९ | कार्यकाळ_समाप्ती1 = २००९ | मागील1 = [[उदयलाल आंजना]] | पुढील1 = [[गिरीजा व्यास]] | जन्मदिनांक = {{जन्म दिनांक आणि वय|1958|7|18}} | जन्मस्थान = [[अजमेर जिल्हा]], [[राजस्थान]] | मृत्युदिनांक = | मृत्युस्थान = | राष्ट्रीयत्व = | पक्ष = [[भारतीय जनता पक्ष]] | इतरपक्ष = | धर्म = }} '''भगीरथ चौधरी''' हे भारतीय राजकारणी व विद्यमान [[भारताचे केंद्रीय मंत्रीमंडळ|केंद्रीय राज्यमंत्री]] व [[लोकसभा]] सदस्य आहेत. ते [[२०१९ लोकसभा निवडणुका]]ंमध्ये [[राजस्थान]]मधील [[अजमेर लोकसभा मतदारसंघ|अजमेर मतदारसंघातून]] [[भारतीय जनता पक्ष]]ातर्फे १७व्या व १८व्या लोकसभेवर निवडून गेले. त्या पूर्वी ते [[राजस्थान विधानसभा]] सदस्य राहिले होते. [[वर्ग:१३ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:१४ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:चित्तोडगढचे खासदार]] 3hw4k9teai8u48slyhij73660w6zdwg 2702931 2702930 2026-08-17T05:15:40Z Abhijitsathe 4193 2702931 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट पदाधिकारी | नाव = श्रीचंद कृपलानी | चित्र = | चित्र आकारमान= 250 px | क्रम = | पद = [[राजस्थान विधानसभा]] सदस्य | मतदारसंघ = [[निंबाहेरा विधानसभा मतदारसंघ|निंबाहेरा विधानसभा]] | कार्यकाळ_आरंभ = २०२३ | कार्यकाळ_समाप्ती = | मागील = [[उदयलाल आंजना]] | पुढील = | पद1 = [[लोकसभा]] सदस्य | मतदारसंघ1 = [[चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ|चित्तोडगढ ]] | कार्यकाळ_आरंभ1 = १९९९ | कार्यकाळ_समाप्ती1 = २००९ | मागील1 = [[उदयलाल आंजना]] | पुढील1 = [[गिरीजा व्यास]] | जन्मदिनांक = {{जन्म दिनांक आणि वय|1958|7|18}} | जन्मस्थान = [[अजमेर जिल्हा]], [[राजस्थान]] | मृत्युदिनांक = | मृत्युस्थान = | राष्ट्रीयत्व = | पक्ष = [[भारतीय जनता पक्ष]] | इतरपक्ष = | धर्म = }} '''श्रीचंद कृपलानी''' हे भारतीय राजकारणी व विद्यमान [[राजस्थान विधानसभा]] सदस्य व माजी [[लोकसभा]] सदस्य आहेत. ते [[१९९९ लोकसभा निवडणुका]]ंमध्ये [[राजस्थान]]मधील [[चित्तोडगढ लोकसभा मतदारसंघ|चित्तोडगढ मतदारसंघातून]] [[भारतीय जनता पक्ष]]ातर्फे १३व्या व १४व्या लोकसभेवर निवडून गेले होते. २०२३ राजस्थान विधानसभा निवडणुकीत विजय मिळवून ते चौथ्यांदा आमदार बनले आहेत. [[वर्ग:१३ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:१४ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:चित्तोडगढचे खासदार]] pr2hf1scmeybbbn08in0g9b7wqdzij7 पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ 0 382861 2702932 2026-08-17T05:20:22Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २३ जुलै | to_date... 2702932 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २३ जुलै | to_date = ४ ऑगस्ट २०२६ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[फातिमा सना]] <small>(ODIs)</small><br>[[मुनीबा अली]] <small>(T20Is)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 2 | team2_ODIs_won = 1 | team1_ODIs_most_runs = [[हर्षिता मादवी]] (१७३) | team2_ODIs_most_runs = [[सिद्रा अमीन]] (१५७) | team1_ODIs_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[नश्रा संधू]] (४) | player_of_ODI_series = [[हर्षिता मादवी]] (श्री) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 2 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = [[इमेशा दुलानी]] (१२३) | team2_twenty20s_most_runs = [[शवाल झुल्फिकार]] (१३२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[उम्म-ए-हानी]] (४) | player_of_twenty20_series = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) }} [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघ]]ाने [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघ|श्रीलंकेविरुद्ध]] सामने खेळण्यासाठी जुलै आणि ऑगस्ट २०२६ मध्ये [[श्रीलंका|श्रीलंकेचा]] दौरा केला.<ref>{{cite web |trans-title=पाकिस्तान महिला संघ जुलैमध्ये 'व्हाइट-बॉल' सामन्यांसाठी श्रीलंकेचा दौरा करणार.|title=Pakistan women set to tour Sri Lanka for white-ball games in July |url=https://www.cricinfo.com/story/pakistan-set-to-tour-sri-lanka-for-white-ball-games-in-july-1540389 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> या दौऱ्यात तीन आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय आणि तीन आंतरराष्ट्रीय टी२० सामन्यांचा समावेश होता.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/pakistan-set-to-tour-of-sri-lanka-after-the-t20-world-cup |trans-title= टी२० विश्वचषकानंतर पाकिस्तान श्रीलंकेच्या दौऱ्यावर जाणार. |title=Pakistan set to tour of Sri Lanka after the T20 World Cup |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एकदिवसीय मालिका ही २०२५-२०२९ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग होती. <ref>{{cite web |trans-title=महिलांचा भविष्यकालीन दौरा कार्यक्रम |title=Women's Future Tours Programme |url=https://images.icc-cricket.com/image/upload/prd/momiku5h9eyqzp5tohdb.pdf |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६|work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |date=४ नोव्हेंबर २०२४}}</ref जून २०२६ मध्ये, [[श्रीलंका क्रिकेट|श्रीलंका क्रिकेटने]] (SLC) २०२६ च्या मायदेशातील आंतरराष्ट्रीय हंगामाचा भाग म्हणून या दौऱ्याचे वेळापत्रक निश्चित केले. <ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय संघाचा २०२६ मधील श्रीलंका दौरा|title=Pakistan National Women’s Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/06/pakistan-national-womens-tour-of-sri-lanka-2026/ |website=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == संदर्भयादी == {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.cricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537 मालिका मुख्यपान ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर] {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२६}} [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०२६]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] i78vuhpbgno81csg9ywopm7ri3hndxl 2703023 2702932 2026-08-17T09:25:27Z Nitin.kunjir 4684 /* संघ */ 2703023 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २३ जुलै | to_date = ४ ऑगस्ट २०२६ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[फातिमा सना]] <small>(ODIs)</small><br>[[मुनीबा अली]] <small>(T20Is)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 2 | team2_ODIs_won = 1 | team1_ODIs_most_runs = [[हर्षिता मादवी]] (१७३) | team2_ODIs_most_runs = [[सिद्रा अमीन]] (१५७) | team1_ODIs_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[नश्रा संधू]] (४) | player_of_ODI_series = [[हर्षिता मादवी]] (श्री) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 2 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = [[इमेशा दुलानी]] (१२३) | team2_twenty20s_most_runs = [[शवाल झुल्फिकार]] (१३२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[उम्म-ए-हानी]] (४) | player_of_twenty20_series = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) }} [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघ]]ाने [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघ|श्रीलंकेविरुद्ध]] सामने खेळण्यासाठी जुलै आणि ऑगस्ट २०२६ मध्ये [[श्रीलंका|श्रीलंकेचा]] दौरा केला.<ref>{{cite web |trans-title=पाकिस्तान महिला संघ जुलैमध्ये 'व्हाइट-बॉल' सामन्यांसाठी श्रीलंकेचा दौरा करणार.|title=Pakistan women set to tour Sri Lanka for white-ball games in July |url=https://www.cricinfo.com/story/pakistan-set-to-tour-sri-lanka-for-white-ball-games-in-july-1540389 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> या दौऱ्यात तीन आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय आणि तीन आंतरराष्ट्रीय टी२० सामन्यांचा समावेश होता.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/pakistan-set-to-tour-of-sri-lanka-after-the-t20-world-cup |trans-title= टी२० विश्वचषकानंतर पाकिस्तान श्रीलंकेच्या दौऱ्यावर जाणार. |title=Pakistan set to tour of Sri Lanka after the T20 World Cup |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एकदिवसीय मालिका ही २०२५-२०२९ आयसीसी महिला चॅम्पियनशिपचा भाग होती. <ref>{{cite web |trans-title=महिलांचा भविष्यकालीन दौरा कार्यक्रम |title=Women's Future Tours Programme |url=https://images.icc-cricket.com/image/upload/prd/momiku5h9eyqzp5tohdb.pdf |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६|work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |date=४ नोव्हेंबर २०२४}}</ref जून २०२६ मध्ये, [[श्रीलंका क्रिकेट|श्रीलंका क्रिकेटने]] (SLC) २०२६ च्या मायदेशातील आंतरराष्ट्रीय हंगामाचा भाग म्हणून या दौऱ्याचे वेळापत्रक निश्चित केले. <ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय संघाचा २०२६ मधील श्रीलंका दौरा|title=Pakistan National Women’s Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/06/pakistan-national-womens-tour-of-sri-lanka-2026/ |website=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संघ== {| class="wikitable" style="text-align:left;margin:auto" |- !colspan="2" |{{crw|SL}} !colspan="2" |{{crw|PAK}} |- !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तानच्या श्रीलंका दौऱ्यासाठी श्रीलंकेचा महिला राष्ट्रीय एकदिवसीय संघ|title=Sri Lanka Women’s National ODI Squad for the Pakistan Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/07/womens-cricket-pakistan-tour-of-sri-lanka-2026/ |work=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |date=१९ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first=मदुष्का|last=बालसूर्या |date=२९ जुलै २०२६ |trans-title= पाकिस्तानविरुद्धच्या टी-२० मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या संघात नवोदित संजना आणि प्रबोधा यांची निवड. |title=Uncapped Sanjana, Praboda earn SL call-ups for Pakistan T20Is |url=https://www.cricinfo.com/story/uncapped-sanjana-kavindi-chamudi-praboda-earn-sri-lanka-call-ups-for-pakistan-t20is-1547960 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title=श्रीलंका मालिकेसाठी पाकिस्तान महिला संघांची घोषणा |title=Pakistan women squads announced for Sri Lanka series |url=https://www.pcb.com.pk/press-release-detail/pakistan-women-squads-announced-for-sri-lanka-series.html |work=[[पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड]] |date=१८ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first= दान्याल|last= रसूल |date=१८ जुलै २०२६ |trans-title= सनाच्या अनुपस्थितीत श्रीलंकेविरुद्धच्या नवीन स्वरूपातील पाकिस्तान टी२० संघाचे नेतृत्व मुनीबा करणार |title=Muneeba to lead new-look Pakistan T20I squad against SL in Sana's absence |url=https://www.cricinfo.com/story/sl-vs-pak-muneeba-ali-to-lead-new-look-pakistan-t20i-squad-in-fatima-sanas-absence-1546109 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अनुष्का संजीवनी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[इनोका रणवीरा]] * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[चेतना विमुक्ती]] * [[देउमी विहंगा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[हंसिमा करुणरत्ने]] * [[हर्षिता मादवी]] * [[हसिनी परेरा]] | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[कौशिनी नुत्यंगना]] * [[चामुडी प्रबोधा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[मल्की मदारा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[संजना कविंदी]] * [[हर्षिता मादवी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[हसिनी परेरा]] | * [[फातिमा सना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[आयेशा झफर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[गुल फरोझा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मुनीबा अली]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[सईदा अरूब शाह]] * [[सदफ शमास]] * [[सायरा जबीन]] * [[सिद्रा अमीन]] | * [[मुनीबा अली]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]], [[यष्टीरक्षक|य]]) * [[आयेशा झफर]] * [[इमान नसीर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[एमान फातिमा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[तुबा हसन]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[शवाल झुल्फिकार]] * [[सायरा जबीन]] * [[हुमना बिलाल]] |} == संदर्भयादी == {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.cricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537 मालिका मुख्यपान ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर] {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२६}} [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०२६]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] 5zj6v5qvau9abdh93kqwviqaemgmc7r 2703027 2703023 2026-08-17T09:27:49Z Nitin.kunjir 4684 2703027 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २३ जुलै | to_date = ४ ऑगस्ट २०२६ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[फातिमा सना]] <small>(ODIs)</small><br>[[मुनीबा अली]] <small>(T20Is)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 2 | team2_ODIs_won = 1 | team1_ODIs_most_runs = [[हर्षिता मादवी]] (१७३) | team2_ODIs_most_runs = [[सिद्रा अमीन]] (१५७) | team1_ODIs_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[नश्रा संधू]] (४) | player_of_ODI_series = [[हर्षिता मादवी]] (श्री) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 2 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = [[इमेशा दुलानी]] (१२३) | team2_twenty20s_most_runs = [[शवाल झुल्फिकार]] (१३२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[उम्म-ए-हानी]] (४) | player_of_twenty20_series = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) }} [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघ]]ाने [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघ|श्रीलंकेविरुद्ध]] सामने खेळण्यासाठी जुलै आणि ऑगस्ट २०२६ मध्ये [[श्रीलंका|श्रीलंकेचा]] दौरा केला.<ref>{{cite web |trans-title=पाकिस्तान महिला संघ जुलैमध्ये 'व्हाइट-बॉल' सामन्यांसाठी श्रीलंकेचा दौरा करणार.|title=Pakistan women set to tour Sri Lanka for white-ball games in July |url=https://www.cricinfo.com/story/pakistan-set-to-tour-sri-lanka-for-white-ball-games-in-july-1540389 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> या दौऱ्यात तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय|आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय]] आणि तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय टी२०|आंतरराष्ट्रीय टी२०]] सामन्यांचा समावेश होता.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/pakistan-set-to-tour-of-sri-lanka-after-the-t20-world-cup |trans-title= टी२० विश्वचषकानंतर पाकिस्तान श्रीलंकेच्या दौऱ्यावर जाणार. |title=Pakistan set to tour of Sri Lanka after the T20 World Cup |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एकदिवसीय मालिका ही [[२०२५–२०२९ आयसीसी महिला अजिंक्यपद]] स्पर्धेचा भाग होती. <ref>{{cite web|trans-title=महिलांचा भविष्यकालीन दौरा कार्यक्रम |title=Women's Future Tours Programme|url=https://images.icc-cricket.com/image/upload/prd/momiku5h9eyqzp5tohdb.pdf |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६|work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |date=४ नोव्हेंबर २०२४}}</ref> जून २०२६ मध्ये, [[श्रीलंका क्रिकेट|श्रीलंका क्रिकेटने]] २०२६ च्या मायदेशातील आंतरराष्ट्रीय हंगामाचा भाग म्हणून या दौऱ्याचे वेळापत्रक निश्चित केले. <ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय संघाचा २०२६ मधील श्रीलंका दौरा|title=Pakistan National Women’s Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/06/pakistan-national-womens-tour-of-sri-lanka-2026/ |website=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संघ== {| class="wikitable" style="text-align:left;margin:auto" |- !colspan="2" |{{crw|SL}} !colspan="2" |{{crw|PAK}} |- !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तानच्या श्रीलंका दौऱ्यासाठी श्रीलंकेचा महिला राष्ट्रीय एकदिवसीय संघ|title=Sri Lanka Women’s National ODI Squad for the Pakistan Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/07/womens-cricket-pakistan-tour-of-sri-lanka-2026/ |work=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |date=१९ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first=मदुष्का|last=बालसूर्या |date=२९ जुलै २०२६ |trans-title= पाकिस्तानविरुद्धच्या टी-२० मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या संघात नवोदित संजना आणि प्रबोधा यांची निवड. |title=Uncapped Sanjana, Praboda earn SL call-ups for Pakistan T20Is |url=https://www.cricinfo.com/story/uncapped-sanjana-kavindi-chamudi-praboda-earn-sri-lanka-call-ups-for-pakistan-t20is-1547960 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title=श्रीलंका मालिकेसाठी पाकिस्तान महिला संघांची घोषणा |title=Pakistan women squads announced for Sri Lanka series |url=https://www.pcb.com.pk/press-release-detail/pakistan-women-squads-announced-for-sri-lanka-series.html |work=[[पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड]] |date=१८ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first= दान्याल|last= रसूल |date=१८ जुलै २०२६ |trans-title= सनाच्या अनुपस्थितीत श्रीलंकेविरुद्धच्या नवीन स्वरूपातील पाकिस्तान टी२० संघाचे नेतृत्व मुनीबा करणार |title=Muneeba to lead new-look Pakistan T20I squad against SL in Sana's absence |url=https://www.cricinfo.com/story/sl-vs-pak-muneeba-ali-to-lead-new-look-pakistan-t20i-squad-in-fatima-sanas-absence-1546109 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अनुष्का संजीवनी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[इनोका रणवीरा]] * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[चेतना विमुक्ती]] * [[देउमी विहंगा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[हंसिमा करुणरत्ने]] * [[हर्षिता मादवी]] * [[हसिनी परेरा]] | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[कौशिनी नुत्यंगना]] * [[चामुडी प्रबोधा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[मल्की मदारा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[संजना कविंदी]] * [[हर्षिता मादवी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[हसिनी परेरा]] | * [[फातिमा सना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[आयेशा झफर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[गुल फरोझा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मुनीबा अली]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[सईदा अरूब शाह]] * [[सदफ शमास]] * [[सायरा जबीन]] * [[सिद्रा अमीन]] | * [[मुनीबा अली]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]], [[यष्टीरक्षक|य]]) * [[आयेशा झफर]] * [[इमान नसीर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[एमान फातिमा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[तुबा हसन]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[शवाल झुल्फिकार]] * [[सायरा जबीन]] * [[हुमना बिलाल]] |} == संदर्भयादी == {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.cricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537 मालिका मुख्यपान ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर] {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२६}} [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०२६]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] 6em5k79mq9m6t8wd7vmgaco088n6tom 2703066 2703027 2026-08-17T10:51:23Z Nitin.kunjir 4684 /* आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका */ 2703066 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २३ जुलै | to_date = ४ ऑगस्ट २०२६ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[फातिमा सना]] <small>(ODIs)</small><br>[[मुनीबा अली]] <small>(T20Is)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 2 | team2_ODIs_won = 1 | team1_ODIs_most_runs = [[हर्षिता मादवी]] (१७३) | team2_ODIs_most_runs = [[सिद्रा अमीन]] (१५७) | team1_ODIs_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[नश्रा संधू]] (४) | player_of_ODI_series = [[हर्षिता मादवी]] (श्री) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 2 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = [[इमेशा दुलानी]] (१२३) | team2_twenty20s_most_runs = [[शवाल झुल्फिकार]] (१३२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[उम्म-ए-हानी]] (४) | player_of_twenty20_series = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) }} [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघ]]ाने [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघ|श्रीलंकेविरुद्ध]] सामने खेळण्यासाठी जुलै आणि ऑगस्ट २०२६ मध्ये [[श्रीलंका|श्रीलंकेचा]] दौरा केला.<ref>{{cite web |trans-title=पाकिस्तान महिला संघ जुलैमध्ये 'व्हाइट-बॉल' सामन्यांसाठी श्रीलंकेचा दौरा करणार.|title=Pakistan women set to tour Sri Lanka for white-ball games in July |url=https://www.cricinfo.com/story/pakistan-set-to-tour-sri-lanka-for-white-ball-games-in-july-1540389 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> या दौऱ्यात तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय|आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय]] आणि तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय टी२०|आंतरराष्ट्रीय टी२०]] सामन्यांचा समावेश होता.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/pakistan-set-to-tour-of-sri-lanka-after-the-t20-world-cup |trans-title= टी२० विश्वचषकानंतर पाकिस्तान श्रीलंकेच्या दौऱ्यावर जाणार. |title=Pakistan set to tour of Sri Lanka after the T20 World Cup |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एकदिवसीय मालिका ही [[२०२५–२०२९ आयसीसी महिला अजिंक्यपद]] स्पर्धेचा भाग होती. <ref>{{cite web|trans-title=महिलांचा भविष्यकालीन दौरा कार्यक्रम |title=Women's Future Tours Programme|url=https://images.icc-cricket.com/image/upload/prd/momiku5h9eyqzp5tohdb.pdf |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६|work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |date=४ नोव्हेंबर २०२४}}</ref> जून २०२६ मध्ये, [[श्रीलंका क्रिकेट|श्रीलंका क्रिकेटने]] २०२६ च्या मायदेशातील आंतरराष्ट्रीय हंगामाचा भाग म्हणून या दौऱ्याचे वेळापत्रक निश्चित केले. <ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय संघाचा २०२६ मधील श्रीलंका दौरा|title=Pakistan National Women’s Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/06/pakistan-national-womens-tour-of-sri-lanka-2026/ |website=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संघ== {| class="wikitable" style="text-align:left;margin:auto" |- !colspan="2" |{{crw|SL}} !colspan="2" |{{crw|PAK}} |- !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तानच्या श्रीलंका दौऱ्यासाठी श्रीलंकेचा महिला राष्ट्रीय एकदिवसीय संघ|title=Sri Lanka Women’s National ODI Squad for the Pakistan Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/07/womens-cricket-pakistan-tour-of-sri-lanka-2026/ |work=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |date=१९ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first=मदुष्का|last=बालसूर्या |date=२९ जुलै २०२६ |trans-title= पाकिस्तानविरुद्धच्या टी-२० मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या संघात नवोदित संजना आणि प्रबोधा यांची निवड. |title=Uncapped Sanjana, Praboda earn SL call-ups for Pakistan T20Is |url=https://www.cricinfo.com/story/uncapped-sanjana-kavindi-chamudi-praboda-earn-sri-lanka-call-ups-for-pakistan-t20is-1547960 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title=श्रीलंका मालिकेसाठी पाकिस्तान महिला संघांची घोषणा |title=Pakistan women squads announced for Sri Lanka series |url=https://www.pcb.com.pk/press-release-detail/pakistan-women-squads-announced-for-sri-lanka-series.html |work=[[पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड]] |date=१८ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first= दान्याल|last= रसूल |date=१८ जुलै २०२६ |trans-title= सनाच्या अनुपस्थितीत श्रीलंकेविरुद्धच्या नवीन स्वरूपातील पाकिस्तान टी२० संघाचे नेतृत्व मुनीबा करणार |title=Muneeba to lead new-look Pakistan T20I squad against SL in Sana's absence |url=https://www.cricinfo.com/story/sl-vs-pak-muneeba-ali-to-lead-new-look-pakistan-t20i-squad-in-fatima-sanas-absence-1546109 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अनुष्का संजीवनी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[इनोका रणवीरा]] * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[चेतना विमुक्ती]] * [[देउमी विहंगा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[हंसिमा करुणरत्ने]] * [[हर्षिता मादवी]] * [[हसिनी परेरा]] | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[कौशिनी नुत्यंगना]] * [[चामुडी प्रबोधा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[मल्की मदारा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[संजना कविंदी]] * [[हर्षिता मादवी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[हसिनी परेरा]] | * [[फातिमा सना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[आयेशा झफर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[गुल फरोझा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मुनीबा अली]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[सईदा अरूब शाह]] * [[सदफ शमास]] * [[सायरा जबीन]] * [[सिद्रा अमीन]] | * [[मुनीबा अली]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]], [[यष्टीरक्षक|य]]) * [[आयेशा झफर]] * [[इमान नसीर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[एमान फातिमा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[तुबा हसन]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[शवाल झुल्फिकार]] * [[सायरा जबीन]] * [[हुमना बिलाल]] |} ==आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका== ===१ला आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१०/९ (५० षटके) | runs1 = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४६[[नाबाद|*]] (५०) | wickets1 = [[नश्रा संधू]] ३/४२ (१० षटके) | score2 = २११/५ (43 षटके) | runs2 = [[गुल फरोझा]] ७८ (७७) | wickets2 = [[कविशा दिलहारी]] २/३७ (९ षटके) | result = पाकिस्तान ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540540.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[गुल फरोझा]] (पा) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | notes = महिला अजिंक्यपद गुण: पाकिस्तान २, श्रीलंका ०. }} ===२रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २७३/५ (५० षटके) | runs1 = [[सिद्रा अमीन]] १००[[नाबाद|*]] (१२०) | wickets1 = [[चेतना विमुक्ती]] १/२६ (६ षटके) | score2 = २७५/२ (४६.५ षटके) | runs2 = [[विश्मी गुणरत्ने]] १२३ (१२३) | wickets2 = [[फातिमा सना]] १/४४ (८ षटके) | result = श्रीलंका ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540541.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[विश्मी गुणरत्ने]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[रश्मिका सेव्वांडी]]ने (श्री) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले. * [[विश्मी गुणरत्ने]] आणि [[हर्षिता मादवी]] यांनी श्रीलंकेसाठी महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यांमध्ये कोणत्याही गड्यासाठीची आतापर्यंतची सर्वोच्च भागीदारी (२०३ धावा) नोंदवली. <ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-2nd-odi-1540541/match-report |trans-title=गुणरत्ने आणि समरविक्रमा यांच्याकडून २७४ धावांच्या आव्हानाचा यशस्वी पाठलाग; मालिका बरोबरीत |title=Gunaratne, Samarawickrama ace 274 chase to level series |website=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * महिला अजिंक्यपद गुण: श्रीलंका २, पाकिस्तान ०. }} ===३रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २८ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १८७ (४० षटके) | runs1 = [[फातिमा सना]] ४१ (४९) | wickets1 = [[चामरी अटापट्टू]] ३/२७ (६ षटके) | score2 = १९१/२ (३७.२ षटके) | runs2 = [[हर्षिता मादवी]] ७१[[नाबाद|*]] (९२) | wickets2 = [[फातिमा सना]] १/३४ (८ षटके) | result = श्रीलंका ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540542.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[चामरी अटापट्टू]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = महिला अजिंक्यपद गुण: श्रीलंका २, पाकिस्तान ०. }} == संदर्भयादी == {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.cricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537 मालिका मुख्यपान ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर] {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२६}} [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०२६]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] ex7pu7q34kuqgoh8wuo7qprvz222f65 2703071 2703066 2026-08-17T11:00:29Z Nitin.kunjir 4684 /* संदर्भयादी */ 2703071 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २३ जुलै | to_date = ४ ऑगस्ट २०२६ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[फातिमा सना]] <small>(ODIs)</small><br>[[मुनीबा अली]] <small>(T20Is)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 2 | team2_ODIs_won = 1 | team1_ODIs_most_runs = [[हर्षिता मादवी]] (१७३) | team2_ODIs_most_runs = [[सिद्रा अमीन]] (१५७) | team1_ODIs_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[नश्रा संधू]] (४) | player_of_ODI_series = [[हर्षिता मादवी]] (श्री) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 2 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = [[इमेशा दुलानी]] (१२३) | team2_twenty20s_most_runs = [[शवाल झुल्फिकार]] (१३२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[उम्म-ए-हानी]] (४) | player_of_twenty20_series = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) }} [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघ]]ाने [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघ|श्रीलंकेविरुद्ध]] सामने खेळण्यासाठी जुलै आणि ऑगस्ट २०२६ मध्ये [[श्रीलंका|श्रीलंकेचा]] दौरा केला.<ref>{{cite web |trans-title=पाकिस्तान महिला संघ जुलैमध्ये 'व्हाइट-बॉल' सामन्यांसाठी श्रीलंकेचा दौरा करणार.|title=Pakistan women set to tour Sri Lanka for white-ball games in July |url=https://www.cricinfo.com/story/pakistan-set-to-tour-sri-lanka-for-white-ball-games-in-july-1540389 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> या दौऱ्यात तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय|आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय]] आणि तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय टी२०|आंतरराष्ट्रीय टी२०]] सामन्यांचा समावेश होता.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/pakistan-set-to-tour-of-sri-lanka-after-the-t20-world-cup |trans-title= टी२० विश्वचषकानंतर पाकिस्तान श्रीलंकेच्या दौऱ्यावर जाणार. |title=Pakistan set to tour of Sri Lanka after the T20 World Cup |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एकदिवसीय मालिका ही [[२०२५–२०२९ आयसीसी महिला अजिंक्यपद]] स्पर्धेचा भाग होती. <ref>{{cite web|trans-title=महिलांचा भविष्यकालीन दौरा कार्यक्रम |title=Women's Future Tours Programme|url=https://images.icc-cricket.com/image/upload/prd/momiku5h9eyqzp5tohdb.pdf |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६|work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |date=४ नोव्हेंबर २०२४}}</ref> जून २०२६ मध्ये, [[श्रीलंका क्रिकेट|श्रीलंका क्रिकेटने]] २०२६ च्या मायदेशातील आंतरराष्ट्रीय हंगामाचा भाग म्हणून या दौऱ्याचे वेळापत्रक निश्चित केले. <ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय संघाचा २०२६ मधील श्रीलंका दौरा|title=Pakistan National Women’s Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/06/pakistan-national-womens-tour-of-sri-lanka-2026/ |website=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संघ== {| class="wikitable" style="text-align:left;margin:auto" |- !colspan="2" |{{crw|SL}} !colspan="2" |{{crw|PAK}} |- !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तानच्या श्रीलंका दौऱ्यासाठी श्रीलंकेचा महिला राष्ट्रीय एकदिवसीय संघ|title=Sri Lanka Women’s National ODI Squad for the Pakistan Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/07/womens-cricket-pakistan-tour-of-sri-lanka-2026/ |work=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |date=१९ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first=मदुष्का|last=बालसूर्या |date=२९ जुलै २०२६ |trans-title= पाकिस्तानविरुद्धच्या टी-२० मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या संघात नवोदित संजना आणि प्रबोधा यांची निवड. |title=Uncapped Sanjana, Praboda earn SL call-ups for Pakistan T20Is |url=https://www.cricinfo.com/story/uncapped-sanjana-kavindi-chamudi-praboda-earn-sri-lanka-call-ups-for-pakistan-t20is-1547960 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title=श्रीलंका मालिकेसाठी पाकिस्तान महिला संघांची घोषणा |title=Pakistan women squads announced for Sri Lanka series |url=https://www.pcb.com.pk/press-release-detail/pakistan-women-squads-announced-for-sri-lanka-series.html |work=[[पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड]] |date=१८ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first= दान्याल|last= रसूल |date=१८ जुलै २०२६ |trans-title= सनाच्या अनुपस्थितीत श्रीलंकेविरुद्धच्या नवीन स्वरूपातील पाकिस्तान टी२० संघाचे नेतृत्व मुनीबा करणार |title=Muneeba to lead new-look Pakistan T20I squad against SL in Sana's absence |url=https://www.cricinfo.com/story/sl-vs-pak-muneeba-ali-to-lead-new-look-pakistan-t20i-squad-in-fatima-sanas-absence-1546109 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अनुष्का संजीवनी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[इनोका रणवीरा]] * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[चेतना विमुक्ती]] * [[देउमी विहंगा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[हंसिमा करुणरत्ने]] * [[हर्षिता मादवी]] * [[हसिनी परेरा]] | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[कौशिनी नुत्यंगना]] * [[चामुडी प्रबोधा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[मल्की मदारा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[संजना कविंदी]] * [[हर्षिता मादवी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[हसिनी परेरा]] | * [[फातिमा सना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[आयेशा झफर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[गुल फरोझा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मुनीबा अली]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[सईदा अरूब शाह]] * [[सदफ शमास]] * [[सायरा जबीन]] * [[सिद्रा अमीन]] | * [[मुनीबा अली]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]], [[यष्टीरक्षक|य]]) * [[आयेशा झफर]] * [[इमान नसीर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[एमान फातिमा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[तुबा हसन]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[शवाल झुल्फिकार]] * [[सायरा जबीन]] * [[हुमना बिलाल]] |} ==आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका== ===१ला आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१०/९ (५० षटके) | runs1 = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४६[[नाबाद|*]] (५०) | wickets1 = [[नश्रा संधू]] ३/४२ (१० षटके) | score2 = २११/५ (43 षटके) | runs2 = [[गुल फरोझा]] ७८ (७७) | wickets2 = [[कविशा दिलहारी]] २/३७ (९ षटके) | result = पाकिस्तान ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540540.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[गुल फरोझा]] (पा) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | notes = महिला अजिंक्यपद गुण: पाकिस्तान २, श्रीलंका ०. }} ===२रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २७३/५ (५० षटके) | runs1 = [[सिद्रा अमीन]] १००[[नाबाद|*]] (१२०) | wickets1 = [[चेतना विमुक्ती]] १/२६ (६ षटके) | score2 = २७५/२ (४६.५ षटके) | runs2 = [[विश्मी गुणरत्ने]] १२३ (१२३) | wickets2 = [[फातिमा सना]] १/४४ (८ षटके) | result = श्रीलंका ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540541.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[विश्मी गुणरत्ने]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[रश्मिका सेव्वांडी]]ने (श्री) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले. * [[विश्मी गुणरत्ने]] आणि [[हर्षिता मादवी]] यांनी श्रीलंकेसाठी महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यांमध्ये कोणत्याही गड्यासाठीची आतापर्यंतची सर्वोच्च भागीदारी (२०३ धावा) नोंदवली. <ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-2nd-odi-1540541/match-report |trans-title=गुणरत्ने आणि समरविक्रमा यांच्याकडून २७४ धावांच्या आव्हानाचा यशस्वी पाठलाग; मालिका बरोबरीत |title=Gunaratne, Samarawickrama ace 274 chase to level series |website=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * महिला अजिंक्यपद गुण: श्रीलंका २, पाकिस्तान ०. }} ===३रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २८ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १८७ (४० षटके) | runs1 = [[फातिमा सना]] ४१ (४९) | wickets1 = [[चामरी अटापट्टू]] ३/२७ (६ षटके) | score2 = १९१/२ (३७.२ षटके) | runs2 = [[हर्षिता मादवी]] ७१[[नाबाद|*]] (९२) | wickets2 = [[फातिमा सना]] १/३४ (८ षटके) | result = श्रीलंका ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540542.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[चामरी अटापट्टू]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = महिला अजिंक्यपद गुण: श्रीलंका २, पाकिस्तान ०. }} ==आंतरराष्ट्रीय टी२० मालिका== ===१ला आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३१ जुलै २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १७६/७ (२० षटके) | runs1 = [[शवाल झुल्फिकार]] ६३ (४१) | wickets1 = [[कविशा दिलहारी]] २/३६ (४ षटके) | score2 = १७७/४ (१९ षटके) | runs2 = [[इमेशा दुलानी]] १०१[[नाबाद|*]] (६४) | wickets2 = [[नश्रा संधू]] २/२५ (४ षटके) | result = श्रीलंका ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[इमान नसीर]], [[मोमिना रियासत]] (पा) आणि [[चामुडी प्रबोधा]] (श्री) ह्या सर्वांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. * [[इमेशा दुलानी]] (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० कारकिर्दीतील पहिले शतक झळकावले.<ref>{{cite web |url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/139712/imesha-dulanis-maiden-t20i-hundred-powers-sri-lanka-to-comfortable-win |trans-title= इमेशा दुलानीच्या कारकिर्दीतील पहिल्या आंतरराष्ट्रीय टी२० शतकाच्या जोरावर श्रीलंकेचा सहज विजय |title= Imesha Dulanis maiden T20I hundred powers Sri Lanka to comfortable win |website=[[क्रिकबझ्झ]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> }} ===२रा आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २ ऑगस्ट २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SRI}} | score1 = १७५/५ (२० षटके) | runs1 = [[शवाल झुल्फिकार]] ४८ (३५) | wickets1 = [[चामुडी प्रबोधा]] २/२७ (४ षटके) | score2 = १७८/४ (१७.४ षटके) | runs2 = [[संजना कविंदी]] ४६ (२४) | wickets2 = [[उम्म-ए-हानी]] २/२८ (४ षटके) | result = श्रीलंका ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540544.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[वृंदा राठी]] (भा) आणि [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) | motm = संजना कविंदी (श्री) | toss = पाकिस्तानने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | notes = संजना कविंदी (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. * [[चामरी अटापट्टू]] (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० कारकिर्दीतील ४,००० धावा पूर्ण केल्या. }} ===३रा आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ४ ऑगस्ट २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = ११३/६ (२० षटके) | runs1 = [[चामरी अटापट्टू]] ३४ (३३) | wickets1 = [[मोमिना रियासत]] २/१८ (४ षटके) | score2 = ११५/६ (१८.२ षटके) | runs2 = [[आयेशा झफर]] ३९ (३१) | wickets2 = [[चामरी अटापट्टू]] २/२० (४ षटके) | result = पाकिस्तान ४ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540545.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[निमाली परेरा]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[आयेशा झफर]] (पा) | toss = पाकिस्तानने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = }} == संदर्भयादी == {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.cricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537 मालिका मुख्यपान ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर] {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२६}} [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०२६]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] 6i2cdirxdjqi3cyxdjrpzp56a7jwgz5 2703111 2703071 2026-08-17T11:33:27Z Nitin.kunjir 4684 /* २रा आं.टी२० सामना */ 2703111 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २३ जुलै | to_date = ४ ऑगस्ट २०२६ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[फातिमा सना]] <small>(ODIs)</small><br>[[मुनीबा अली]] <small>(T20Is)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 2 | team2_ODIs_won = 1 | team1_ODIs_most_runs = [[हर्षिता मादवी]] (१७३) | team2_ODIs_most_runs = [[सिद्रा अमीन]] (१५७) | team1_ODIs_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[नश्रा संधू]] (४) | player_of_ODI_series = [[हर्षिता मादवी]] (श्री) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 2 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = [[इमेशा दुलानी]] (१२३) | team2_twenty20s_most_runs = [[शवाल झुल्फिकार]] (१३२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[उम्म-ए-हानी]] (४) | player_of_twenty20_series = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) }} [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघ]]ाने [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघ|श्रीलंकेविरुद्ध]] सामने खेळण्यासाठी जुलै आणि ऑगस्ट २०२६ मध्ये [[श्रीलंका|श्रीलंकेचा]] दौरा केला.<ref>{{cite web |trans-title=पाकिस्तान महिला संघ जुलैमध्ये 'व्हाइट-बॉल' सामन्यांसाठी श्रीलंकेचा दौरा करणार.|title=Pakistan women set to tour Sri Lanka for white-ball games in July |url=https://www.cricinfo.com/story/pakistan-set-to-tour-sri-lanka-for-white-ball-games-in-july-1540389 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> या दौऱ्यात तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय|आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय]] आणि तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय टी२०|आंतरराष्ट्रीय टी२०]] सामन्यांचा समावेश होता.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/pakistan-set-to-tour-of-sri-lanka-after-the-t20-world-cup |trans-title= टी२० विश्वचषकानंतर पाकिस्तान श्रीलंकेच्या दौऱ्यावर जाणार. |title=Pakistan set to tour of Sri Lanka after the T20 World Cup |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एकदिवसीय मालिका ही [[२०२५–२०२९ आयसीसी महिला अजिंक्यपद]] स्पर्धेचा भाग होती. <ref>{{cite web|trans-title=महिलांचा भविष्यकालीन दौरा कार्यक्रम |title=Women's Future Tours Programme|url=https://images.icc-cricket.com/image/upload/prd/momiku5h9eyqzp5tohdb.pdf |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६|work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |date=४ नोव्हेंबर २०२४}}</ref> जून २०२६ मध्ये, [[श्रीलंका क्रिकेट|श्रीलंका क्रिकेटने]] २०२६ च्या मायदेशातील आंतरराष्ट्रीय हंगामाचा भाग म्हणून या दौऱ्याचे वेळापत्रक निश्चित केले. <ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय संघाचा २०२६ मधील श्रीलंका दौरा|title=Pakistan National Women’s Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/06/pakistan-national-womens-tour-of-sri-lanka-2026/ |website=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संघ== {| class="wikitable" style="text-align:left;margin:auto" |- !colspan="2" |{{crw|SL}} !colspan="2" |{{crw|PAK}} |- !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तानच्या श्रीलंका दौऱ्यासाठी श्रीलंकेचा महिला राष्ट्रीय एकदिवसीय संघ|title=Sri Lanka Women’s National ODI Squad for the Pakistan Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/07/womens-cricket-pakistan-tour-of-sri-lanka-2026/ |work=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |date=१९ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first=मदुष्का|last=बालसूर्या |date=२९ जुलै २०२६ |trans-title= पाकिस्तानविरुद्धच्या टी-२० मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या संघात नवोदित संजना आणि प्रबोधा यांची निवड. |title=Uncapped Sanjana, Praboda earn SL call-ups for Pakistan T20Is |url=https://www.cricinfo.com/story/uncapped-sanjana-kavindi-chamudi-praboda-earn-sri-lanka-call-ups-for-pakistan-t20is-1547960 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title=श्रीलंका मालिकेसाठी पाकिस्तान महिला संघांची घोषणा |title=Pakistan women squads announced for Sri Lanka series |url=https://www.pcb.com.pk/press-release-detail/pakistan-women-squads-announced-for-sri-lanka-series.html |work=[[पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड]] |date=१८ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first= दान्याल|last= रसूल |date=१८ जुलै २०२६ |trans-title= सनाच्या अनुपस्थितीत श्रीलंकेविरुद्धच्या नवीन स्वरूपातील पाकिस्तान टी२० संघाचे नेतृत्व मुनीबा करणार |title=Muneeba to lead new-look Pakistan T20I squad against SL in Sana's absence |url=https://www.cricinfo.com/story/sl-vs-pak-muneeba-ali-to-lead-new-look-pakistan-t20i-squad-in-fatima-sanas-absence-1546109 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अनुष्का संजीवनी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[इनोका रणवीरा]] * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[चेतना विमुक्ती]] * [[देउमी विहंगा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[हंसिमा करुणरत्ने]] * [[हर्षिता मादवी]] * [[हसिनी परेरा]] | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[कौशिनी नुत्यंगना]] * [[चामुडी प्रबोधा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[मल्की मदारा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[संजना कविंदी]] * [[हर्षिता मादवी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[हसिनी परेरा]] | * [[फातिमा सना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[आयेशा झफर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[गुल फरोझा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मुनीबा अली]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[सईदा अरूब शाह]] * [[सदफ शमास]] * [[सायरा जबीन]] * [[सिद्रा अमीन]] | * [[मुनीबा अली]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]], [[यष्टीरक्षक|य]]) * [[आयेशा झफर]] * [[इमान नसीर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[एमान फातिमा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[तुबा हसन]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[शवाल झुल्फिकार]] * [[सायरा जबीन]] * [[हुमना बिलाल]] |} ==आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका== ===१ला आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१०/९ (५० षटके) | runs1 = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४६[[नाबाद|*]] (५०) | wickets1 = [[नश्रा संधू]] ३/४२ (१० षटके) | score2 = २११/५ (43 षटके) | runs2 = [[गुल फरोझा]] ७८ (७७) | wickets2 = [[कविशा दिलहारी]] २/३७ (९ षटके) | result = पाकिस्तान ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540540.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[गुल फरोझा]] (पा) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | notes = महिला अजिंक्यपद गुण: पाकिस्तान २, श्रीलंका ०. }} ===२रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २७३/५ (५० षटके) | runs1 = [[सिद्रा अमीन]] १००[[नाबाद|*]] (१२०) | wickets1 = [[चेतना विमुक्ती]] १/२६ (६ षटके) | score2 = २७५/२ (४६.५ षटके) | runs2 = [[विश्मी गुणरत्ने]] १२३ (१२३) | wickets2 = [[फातिमा सना]] १/४४ (८ षटके) | result = श्रीलंका ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540541.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[विश्मी गुणरत्ने]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[रश्मिका सेव्वांडी]]ने (श्री) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले. * [[विश्मी गुणरत्ने]] आणि [[हर्षिता मादवी]] यांनी श्रीलंकेसाठी महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यांमध्ये कोणत्याही गड्यासाठीची आतापर्यंतची सर्वोच्च भागीदारी (२०३ धावा) नोंदवली. <ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-2nd-odi-1540541/match-report |trans-title=गुणरत्ने आणि समरविक्रमा यांच्याकडून २७४ धावांच्या आव्हानाचा यशस्वी पाठलाग; मालिका बरोबरीत |title=Gunaratne, Samarawickrama ace 274 chase to level series |website=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * महिला अजिंक्यपद गुण: श्रीलंका २, पाकिस्तान ०. }} ===३रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २८ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १८७ (४० षटके) | runs1 = [[फातिमा सना]] ४१ (४९) | wickets1 = [[चामरी अटापट्टू]] ३/२७ (६ षटके) | score2 = १९१/२ (३७.२ षटके) | runs2 = [[हर्षिता मादवी]] ७१[[नाबाद|*]] (९२) | wickets2 = [[फातिमा सना]] १/३४ (८ षटके) | result = श्रीलंका ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540542.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[चामरी अटापट्टू]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = महिला अजिंक्यपद गुण: श्रीलंका २, पाकिस्तान ०. }} ==आंतरराष्ट्रीय टी२० मालिका== ===१ला आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३१ जुलै २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १७६/७ (२० षटके) | runs1 = [[शवाल झुल्फिकार]] ६३ (४१) | wickets1 = [[कविशा दिलहारी]] २/३६ (४ षटके) | score2 = १७७/४ (१९ षटके) | runs2 = [[इमेशा दुलानी]] १०१[[नाबाद|*]] (६४) | wickets2 = [[नश्रा संधू]] २/२५ (४ षटके) | result = श्रीलंका ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[इमान नसीर]], [[मोमिना रियासत]] (पा) आणि [[चामुडी प्रबोधा]] (श्री) ह्या सर्वांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. * [[इमेशा दुलानी]] (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० कारकिर्दीतील पहिले शतक झळकावले.<ref>{{cite web |url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/139712/imesha-dulanis-maiden-t20i-hundred-powers-sri-lanka-to-comfortable-win |trans-title= इमेशा दुलानीच्या कारकिर्दीतील पहिल्या आंतरराष्ट्रीय टी२० शतकाच्या जोरावर श्रीलंकेचा सहज विजय |title= Imesha Dulanis maiden T20I hundred powers Sri Lanka to comfortable win |website=[[क्रिकबझ्झ]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> }} ===२रा आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २ ऑगस्ट २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SRI}} | score1 = १७५/५ (२० षटके) | runs1 = [[शवाल झुल्फिकार]] ४८ (३५) | wickets1 = [[चामुडी प्रबोधा]] २/२७ (४ षटके) | score2 = १७८/४ (१७.४ षटके) | runs2 = [[संजना कविंदी]] ४६ (२४) | wickets2 = [[उम्म-ए-हानी]] २/२८ (४ षटके) | result = श्रीलंका ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540544.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[वृंदा राठी]] (भा) आणि [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) | motm = [[संजना कविंदी]] (श्री) | toss = पाकिस्तानने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | notes = संजना कविंदी (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. * [[चामरी अटापट्टू]] (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० कारकिर्दीतील ४,००० धावा पूर्ण केल्या. }} ===३रा आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ४ ऑगस्ट २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = ११३/६ (२० षटके) | runs1 = [[चामरी अटापट्टू]] ३४ (३३) | wickets1 = [[मोमिना रियासत]] २/१८ (४ षटके) | score2 = ११५/६ (१८.२ षटके) | runs2 = [[आयेशा झफर]] ३९ (३१) | wickets2 = [[चामरी अटापट्टू]] २/२० (४ षटके) | result = पाकिस्तान ४ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540545.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[निमाली परेरा]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[आयेशा झफर]] (पा) | toss = पाकिस्तानने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = }} == संदर्भयादी == {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.cricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537 मालिका मुख्यपान ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर] {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२६}} [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०२६]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] oyqw22o3ihl72gv4qd5da8nmtsqk9wr 2703117 2703111 2026-08-17T11:34:34Z Nitin.kunjir 4684 /* २रा आं.टी२० सामना */ 2703117 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket tour | series_name = पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६ | team1_image = Flag of Sri Lanka.svg | team1_name = श्रीलंका | team2_image = Flag of Pakistan.svg | team2_name = पाकिस्तान | from_date = २३ जुलै | to_date = ४ ऑगस्ट २०२६ | team1_captain = [[चामरी अटापट्टू]] | team2_captain = [[फातिमा सना]] <small>(ODIs)</small><br>[[मुनीबा अली]] <small>(T20Is)</small> | no_of_ODIs = 3 | team1_ODIs_won = 2 | team2_ODIs_won = 1 | team1_ODIs_most_runs = [[हर्षिता मादवी]] (१७३) | team2_ODIs_most_runs = [[सिद्रा अमीन]] (१५७) | team1_ODIs_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (६) | team2_ODIs_most_wickets = [[नश्रा संधू]] (४) | player_of_ODI_series = [[हर्षिता मादवी]] (श्री) | no_of_twenty20s = 3 | team1_twenty20s_won = 2 | team2_twenty20s_won = 1 | team1_twenty20s_most_runs = [[इमेशा दुलानी]] (१२३) | team2_twenty20s_most_runs = [[शवाल झुल्फिकार]] (१३२) | team1_twenty20s_most_wickets = [[कविशा दिलहारी]] (५) | team2_twenty20s_most_wickets = [[उम्म-ए-हानी]] (४) | player_of_twenty20_series = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) }} [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघ]]ाने [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघ|श्रीलंकेविरुद्ध]] सामने खेळण्यासाठी जुलै आणि ऑगस्ट २०२६ मध्ये [[श्रीलंका|श्रीलंकेचा]] दौरा केला.<ref>{{cite web |trans-title=पाकिस्तान महिला संघ जुलैमध्ये 'व्हाइट-बॉल' सामन्यांसाठी श्रीलंकेचा दौरा करणार.|title=Pakistan women set to tour Sri Lanka for white-ball games in July |url=https://www.cricinfo.com/story/pakistan-set-to-tour-sri-lanka-for-white-ball-games-in-july-1540389 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> या दौऱ्यात तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय|आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय]] आणि तीन [[महिला आंतरराष्ट्रीय टी२०|आंतरराष्ट्रीय टी२०]] सामन्यांचा समावेश होता.<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/pakistan-set-to-tour-of-sri-lanka-after-the-t20-world-cup |trans-title= टी२० विश्वचषकानंतर पाकिस्तान श्रीलंकेच्या दौऱ्यावर जाणार. |title=Pakistan set to tour of Sri Lanka after the T20 World Cup |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एकदिवसीय मालिका ही [[२०२५–२०२९ आयसीसी महिला अजिंक्यपद]] स्पर्धेचा भाग होती. <ref>{{cite web|trans-title=महिलांचा भविष्यकालीन दौरा कार्यक्रम |title=Women's Future Tours Programme|url=https://images.icc-cricket.com/image/upload/prd/momiku5h9eyqzp5tohdb.pdf |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६|work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |date=४ नोव्हेंबर २०२४}}</ref> जून २०२६ मध्ये, [[श्रीलंका क्रिकेट|श्रीलंका क्रिकेटने]] २०२६ च्या मायदेशातील आंतरराष्ट्रीय हंगामाचा भाग म्हणून या दौऱ्याचे वेळापत्रक निश्चित केले. <ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तान महिला राष्ट्रीय संघाचा २०२६ मधील श्रीलंका दौरा|title=Pakistan National Women’s Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/06/pakistan-national-womens-tour-of-sri-lanka-2026/ |website=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संघ== {| class="wikitable" style="text-align:left;margin:auto" |- !colspan="2" |{{crw|SL}} !colspan="2" |{{crw|PAK}} |- !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title= पाकिस्तानच्या श्रीलंका दौऱ्यासाठी श्रीलंकेचा महिला राष्ट्रीय एकदिवसीय संघ|title=Sri Lanka Women’s National ODI Squad for the Pakistan Tour of Sri Lanka 2026 |url=https://srilankacricket.lk/2026/07/womens-cricket-pakistan-tour-of-sri-lanka-2026/ |work=[[श्रीलंका क्रिकेट]] |date=१९ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first=मदुष्का|last=बालसूर्या |date=२९ जुलै २०२६ |trans-title= पाकिस्तानविरुद्धच्या टी-२० मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या संघात नवोदित संजना आणि प्रबोधा यांची निवड. |title=Uncapped Sanjana, Praboda earn SL call-ups for Pakistan T20Is |url=https://www.cricinfo.com/story/uncapped-sanjana-kavindi-chamudi-praboda-earn-sri-lanka-call-ups-for-pakistan-t20is-1547960 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.ए.दि.<ref>{{cite web |trans-title=श्रीलंका मालिकेसाठी पाकिस्तान महिला संघांची घोषणा |title=Pakistan women squads announced for Sri Lanka series |url=https://www.pcb.com.pk/press-release-detail/pakistan-women-squads-announced-for-sri-lanka-series.html |work=[[पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड]] |date=१८ जुलै २०२६ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> !आं.टी२०<ref>{{cite web |first= दान्याल|last= रसूल |date=१८ जुलै २०२६ |trans-title= सनाच्या अनुपस्थितीत श्रीलंकेविरुद्धच्या नवीन स्वरूपातील पाकिस्तान टी२० संघाचे नेतृत्व मुनीबा करणार |title=Muneeba to lead new-look Pakistan T20I squad against SL in Sana's absence |url=https://www.cricinfo.com/story/sl-vs-pak-muneeba-ali-to-lead-new-look-pakistan-t20i-squad-in-fatima-sanas-absence-1546109 |work=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- style="vertical-align:top" | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[अनुष्का संजीवनी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[इनोका रणवीरा]] * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[चेतना विमुक्ती]] * [[देउमी विहंगा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[हंसिमा करुणरत्ने]] * [[हर्षिता मादवी]] * [[हसिनी परेरा]] | * [[चामरी अटापट्टू]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[इमेशा दुलानी]] * [[कविशा दिलहारी]] * [[काव्या कविंदी]] * [[कौशिनी नुत्यंगना]] * [[चामुडी प्रबोधा]] * [[निमाशा मीपागे]] * [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] * [[मल्की मदारा]] * [[रश्मिका सेव्वांडी]] * [[विश्मी गुणरत्ने]] * [[सुगंदिका कुमारी]] * [[संजना कविंदी]] * [[हर्षिता मादवी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[हसिनी परेरा]] | * [[फातिमा सना]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]]) * [[आयेशा झफर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[गुल फरोझा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मुनीबा अली]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[सईदा अरूब शाह]] * [[सदफ शमास]] * [[सायरा जबीन]] * [[सिद्रा अमीन]] | * [[मुनीबा अली]] ([[कर्णधार (क्रिकेट)|क]], [[यष्टीरक्षक|य]]) * [[आयेशा झफर]] * [[इमान नसीर]] * [[उम्म-ए-हानी]] * [[एमान फातिमा]] * [[तस्मिया रुबाब]] * [[तुबा हसन]] * [[नजीहा अल्वी]] ([[यष्टीरक्षक|य]]) * [[नश्रा संधू]] * [[महाम अनीस]] * [[मोमिना रियासत]] * [[वहीदा अख्तर]] * [[शवाल झुल्फिकार]] * [[सायरा जबीन]] * [[हुमना बिलाल]] |} ==आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मालिका== ===१ला आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २३ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = २१०/९ (५० षटके) | runs1 = [[निलाक्षी डि सिल्व्हा]] ४६[[नाबाद|*]] (५०) | wickets1 = [[नश्रा संधू]] ३/४२ (१० षटके) | score2 = २११/५ (43 षटके) | runs2 = [[गुल फरोझा]] ७८ (७७) | wickets2 = [[कविशा दिलहारी]] २/३७ (९ षटके) | result = पाकिस्तान ५ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540540.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[गुल फरोझा]] (पा) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | notes = महिला अजिंक्यपद गुण: पाकिस्तान २, श्रीलंका ०. }} ===२रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २५ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = २७३/५ (५० षटके) | runs1 = [[सिद्रा अमीन]] १००[[नाबाद|*]] (१२०) | wickets1 = [[चेतना विमुक्ती]] १/२६ (६ षटके) | score2 = २७५/२ (४६.५ षटके) | runs2 = [[विश्मी गुणरत्ने]] १२३ (१२३) | wickets2 = [[फातिमा सना]] १/४४ (८ षटके) | result = श्रीलंका ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540541.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[विश्मी गुणरत्ने]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[रश्मिका सेव्वांडी]]ने (श्री) आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले. * [[विश्मी गुणरत्ने]] आणि [[हर्षिता मादवी]] यांनी श्रीलंकेसाठी महिला आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामन्यांमध्ये कोणत्याही गड्यासाठीची आतापर्यंतची सर्वोच्च भागीदारी (२०३ धावा) नोंदवली. <ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537/sri-lanka-women-vs-pakistan-women-2nd-odi-1540541/match-report |trans-title=गुणरत्ने आणि समरविक्रमा यांच्याकडून २७४ धावांच्या आव्हानाचा यशस्वी पाठलाग; मालिका बरोबरीत |title=Gunaratne, Samarawickrama ace 274 chase to level series |website=[[क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * महिला अजिंक्यपद गुण: श्रीलंका २, पाकिस्तान ०. }} ===३रा आं.ए.दि. सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २८ जुलै २०२६ | time = १०:०० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १८७ (४० षटके) | runs1 = [[फातिमा सना]] ४१ (४९) | wickets1 = [[चामरी अटापट्टू]] ३/२७ (६ षटके) | score2 = १९१/२ (३७.२ षटके) | runs2 = [[हर्षिता मादवी]] ७१[[नाबाद|*]] (९२) | wickets2 = [[फातिमा सना]] १/३४ (८ षटके) | result = श्रीलंका ८ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540542.html धावफलक] | venue = [[महिंद राजपक्ष आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हंबन्टोटा]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[चामरी अटापट्टू]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = महिला अजिंक्यपद गुण: श्रीलंका २, पाकिस्तान ०. }} ==आंतरराष्ट्रीय टी२० मालिका== ===१ला आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ३१ जुलै २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SL}} | score1 = १७६/७ (२० षटके) | runs1 = [[शवाल झुल्फिकार]] ६३ (४१) | wickets1 = [[कविशा दिलहारी]] २/३६ (४ षटके) | score2 = १७७/४ (१९ षटके) | runs2 = [[इमेशा दुलानी]] १०१[[नाबाद|*]] (६४) | wickets2 = [[नश्रा संधू]] २/२५ (४ षटके) | result = श्रीलंका ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[रनमोर मार्टिनेझ]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[इमेशा दुलानी]] (श्री) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = [[इमान नसीर]], [[मोमिना रियासत]] (पा) आणि [[चामुडी प्रबोधा]] (श्री) ह्या सर्वांनी आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. * [[इमेशा दुलानी]] (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० कारकिर्दीतील पहिले शतक झळकावले.<ref>{{cite web |url=https://www.cricbuzz.com/cricket-news/139712/imesha-dulanis-maiden-t20i-hundred-powers-sri-lanka-to-comfortable-win |trans-title= इमेशा दुलानीच्या कारकिर्दीतील पहिल्या आंतरराष्ट्रीय टी२० शतकाच्या जोरावर श्रीलंकेचा सहज विजय |title= Imesha Dulanis maiden T20I hundred powers Sri Lanka to comfortable win |website=[[क्रिकबझ्झ]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> }} ===२रा आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = २ ऑगस्ट २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|PAK}} | team2 = {{crw|SRI}} | score1 = १७५/५ (२० षटके) | runs1 = [[शवाल झुल्फिकार]] ४८ (३५) | wickets1 = [[चामुडी प्रबोधा]] २/२७ (४ षटके) | score2 = १७८/४ (१७.४ षटके) | runs2 = [[संजना कविंदी]] ४६ (२४) | wickets2 = [[उम्म-ए-हानी]] २/२८ (४ षटके) | result = श्रीलंका ६ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540544.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[वृंदा राठी]] (भा) आणि [[देदुनु सिल्वा]] (श्री) | motm = [[संजना कविंदी]] (श्री) | toss = पाकिस्तानने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | notes = [[संजना कविंदी]] (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले. * [[चामरी अटापट्टू]] (श्री) हिने आंतरराष्ट्रीय टी२० कारकिर्दीतील ४,००० धावा पूर्ण केल्या. }} ===३रा आं.टी२० सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ४ ऑगस्ट २०२६ | time = ०९:३० | team1 = {{crw-rt|SL}} | team2 = {{crw|PAK}} | score1 = ११३/६ (२० षटके) | runs1 = [[चामरी अटापट्टू]] ३४ (३३) | wickets1 = [[मोमिना रियासत]] २/१८ (४ षटके) | score2 = ११५/६ (१८.२ षटके) | runs2 = [[आयेशा झफर]] ३९ (३१) | wickets2 = [[चामरी अटापट्टू]] २/२० (४ षटके) | result = पाकिस्तान ४ गडी राखून विजयी | report = [https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540545.html धावफलक] | venue = [[रणगीरी डंबुला आंतरराष्ट्रीय स्टेडियम]], [[डंबुला]] | umpires = [[निमाली परेरा]] (श्री) आणि [[वृंदा राठी]] (भा) | motm = [[आयेशा झफर]] (पा) | toss = पाकिस्तानने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | notes = }} == संदर्भयादी == {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * [https://www.cricinfo.com/series/pakistan-women-in-sri-lanka-2026-1540537 मालिका मुख्यपान ईएसपीएन क्रिकइन्फोवर] {{श्रीलंकेचे आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट दौरे}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, २०२६}} [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे श्रीलंका दौरे|२०२६]] [[वर्ग:पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे|श्रीलंका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे]] 1mu3drd9fwae9c7jb4llx5d5lohsz9p वर्ग:आंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघांचे श्रीलंका दौरे 14 382862 2702933 2026-08-17T05:21:08Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: * 2702933 wikitext text/x-wiki * q37hcqzkhu1rsia7lbtbi2g7lh7y9gh वर्ग:नेदरलँड्स महिला क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे 14 382863 2702960 2026-08-17T05:29:57Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: * 2702960 wikitext text/x-wiki * q37hcqzkhu1rsia7lbtbi2g7lh7y9gh वर्ग:नामिबिया क्रिकेट संघाचे नेदरलँड्स दौरे 14 382864 2702979 2026-08-17T05:40:05Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: * 2702979 wikitext text/x-wiki * q37hcqzkhu1rsia7lbtbi2g7lh7y9gh 2702980 2702979 2026-08-17T05:40:26Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2702980 wikitext text/x-wiki * [[वर्ग:नामिबिया क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे]] kn4s927eeoh6uzoyclxvpnnr6s2zpan वर्ग:नामिबिया क्रिकेट संघाचे परदेशी दौरे 14 382865 2702981 2026-08-17T05:40:36Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: * 2702981 wikitext text/x-wiki * q37hcqzkhu1rsia7lbtbi2g7lh7y9gh रशीद मसूद 0 382866 2702987 2026-08-17T06:21:39Z Abhijitsathe 4193 नवीन पान: '''रशीद मसूद''' (१५ ऑगस्ट १९४७ - ५ ऑक्टोबर २०२०) हे एक भारतीय राजकारणी होते. ते पाच वेळा [[लोकसभा]] सदस्य तर चार वेळा [[राज्यसभा]] राहिले होते. [[उत्तर प्रदेश]]मधील सर्वात यशस्वी राजकारण्यांप... 2702987 wikitext text/x-wiki '''रशीद मसूद''' (१५ ऑगस्ट १९४७ - ५ ऑक्टोबर २०२०) हे एक भारतीय राजकारणी होते. ते पाच वेळा [[लोकसभा]] सदस्य तर चार वेळा [[राज्यसभा]] राहिले होते. [[उत्तर प्रदेश]]मधील सर्वात यशस्वी राजकारण्यांपैकी एक समजले जाणारे मसूद [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] पक्षाचे सदस्य होते. तसेच ते काही काळ [[जनता पक्ष]] व [[जनता दल]] ह्या पक्षांमध्येही होते. मसूद उत्तर प्रदेशच्या [[सहारनपूर लोकसभा मतदारसंघ]]ामधून [[सहावी लोकसभा|सहाव्या]], [[सातवी लोकसभा|सातव्या]], [[नववी लोकसभा|नवव्या]], [[दहावी लोकसभा|दहाव्या]] व [[चौदावी लोकसभा|चौदाव्या]] लोकसभेवर निवडून गेले होते. मसूद ह्यांच्यावर भष्ट्राचाराचे अनेक आरोप झाले होते व २०१३ साली त्यांना CBI कोर्टाने चार वर्षांची शिक्षा सुनावली. ह्यामुळे त्यांची संसदेमधून हकालपट्टी करण्य्यात आली होती. [[वर्ग: इ.स. १९४७ मधील जन्म]] [[वर्ग: इ.स. २०२० मधील मृत्यू]] [[वर्ग: ६ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: ७ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: ९ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: १० वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: १४ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: राज्यसभा सदस्य]] laxp88rrmubl0cv74j2l7d21x56h71d 2703056 2702987 2026-08-17T10:43:34Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703056 wikitext text/x-wiki '''रशीद मसूद''' (१५ ऑगस्ट १९४७ - ५ ऑक्टोबर २०२०) हे एक भारतीय राजकारणी होते. ते पाच वेळा [[लोकसभा]] सदस्य तर चार वेळा [[राज्यसभा]] राहिले होते. [[उत्तर प्रदेश]]मधील सर्वात यशस्वी राजकारण्यांपैकी एक समजले जाणारे मसूद [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] पक्षाचे सदस्य होते. तसेच ते काही काळ [[जनता पक्ष]] व [[जनता दल]] ह्या पक्षांमध्येही होते. मसूद उत्तर प्रदेशच्या [[सहारनपूर लोकसभा मतदारसंघ]]ामधून [[सहावी लोकसभा|सहाव्या]], [[सातवी लोकसभा|सातव्या]], [[नववी लोकसभा|नवव्या]], [[दहावी लोकसभा|दहाव्या]] व [[चौदावी लोकसभा|चौदाव्या]] लोकसभेवर निवडून गेले होते. मसूद ह्यांच्यावर भष्ट्राचाराचे अनेक आरोप झाले होते व २०१३ साली त्यांना CBI कोर्टाने चार वर्षांची शिक्षा सुनावली. ह्यामुळे त्यांची संसदेमधून हकालपट्टी करण्य्यात आली होती. [[वर्ग: इ.स. १९४७ मधील जन्म]] [[वर्ग: इ.स. २०२० मधील मृत्यू]] [[वर्ग: ६ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: ७ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: ९ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: १० वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: १४ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग: राज्यसभा सदस्य]] [[वर्ग:सहारनपूरचे खासदार]] sv7rrw2bhoos1qwuqmxhtfqbm98vicv एम.पी. परमेश्वरन 0 382867 2702990 2026-08-17T06:42:08Z संतोष गोरे 135680 [[:en:M. P. Parameswaran:M. P. Parameswaran]] पासून भाषांतरित 2702990 wikitext text/x-wiki '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते. o6j7nrfgn866ch0qlla4cidodyozx53 2702991 2702990 2026-08-17T06:44:37Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2702991 wikitext text/x-wiki '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील 'भाभा अणुसंशोधन केंद्रात' (BARC) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. BARC मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली. eluv3z6rj3s9vrr6bh3ixhd5tydwtay 2702992 2702991 2026-08-17T06:45:36Z संतोष गोरे 135680 2702992 wikitext text/x-wiki '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील 'भाभा अणुसंशोधन केंद्रात' (BARC) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. BARC मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} 2uj89fifs0nt8it7p3hlng011qmez2u 2702993 2702992 2026-08-17T06:49:15Z संतोष गोरे 135680 2702993 wikitext text/x-wiki '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} 13959ttst1w2wmvmj8ic7bxpp1w0xg5 2702994 2702993 2026-08-17T06:51:20Z संतोष गोरे 135680 2702994 wikitext text/x-wiki '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} 9hwsma4rqv29uyj6kicusaabqjodh28 2702995 2702994 2026-08-17T06:54:06Z संतोष गोरे 135680 /* भारतीय विज्ञान चळवळ */ 2702995 wikitext text/x-wiki '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' (KSSP) यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} rvpcteb5w2nb4d8xrwqiq965zjbk7f8 2702996 2702995 2026-08-17T06:56:58Z संतोष गोरे 135680 2702996 wikitext text/x-wiki '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} ttu1cg22eloo9wn2qj8wq4olkkv940a 2702998 2702996 2026-08-17T06:59:50Z संतोष गोरे 135680 2702998 wikitext text/x-wiki '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} 3rde3rbn22x8bpwqod6pcj1d59j7goh 2702999 2702998 2026-08-17T07:00:06Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2702999 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} 41dhg9sqh8c3q5cderg9cq5a86a92go 2703014 2702999 2026-08-17T09:19:16Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703014 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] shvdc3tqp84jq5vxf46gnbpqg0zodtd 2703015 2703014 2026-08-17T09:19:44Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703015 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] qe8n9l3xkasg4aca3clzfsm4edyfw7m 2703016 2703015 2026-08-17T09:20:29Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703016 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] j8qwmfo585hbn6j7nwb1360s2q6qdud 2703017 2703016 2026-08-17T09:20:56Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703017 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान लेखक]] mxzti785ghaswal3bqzaetwtxbrlj75 2703018 2703017 2026-08-17T09:21:15Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703018 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील लेखक]] 6eh3q1esso9o57xg8c5747fp15rs7ql 2703019 2703018 2026-08-17T09:23:27Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703019 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील अभियंते]] bswcbceiuuhfsl2r3hibgp4axg11bao 2703024 2703019 2026-08-17T09:25:28Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703024 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील अभियंते]] [[वर्ग:मल्याळम भाषेतील लेखक]] d0s01tw7wnl7tv582kgvajn0fykasvt 2703025 2703024 2026-08-17T09:25:59Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703025 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील अभियंते]] [[वर्ग:मल्याळम भाषेतील लेखक]] [[वर्ग:इंग्लिश भाषी भारतीय लेखक]] b68b6oycqjo1ip86gpvpu00yaxllv95 2703026 2703025 2026-08-17T09:26:24Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703026 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील अभियंते]] [[वर्ग:मल्याळम भाषेतील लेखक]] [[वर्ग:इंग्लिश भाषी भारतीय लेखक]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय भौतिकशास्त्रज्ञ]] p91xbljfxa06wnr44gfxfijeshk04el 2703028 2703026 2026-08-17T09:28:06Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703028 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील अभियंते]] [[वर्ग:मल्याळम भाषेतील लेखक]] [[वर्ग:इंग्लिश भाषी भारतीय लेखक]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय भौतिकशास्त्रज्ञ]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय नॉन-फिक्शन लेखक]] 99zj639ttxfg7ny3rm5prafxba3tp77 2703029 2703028 2026-08-17T09:28:21Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703029 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''एम. पी. परमेश्वरन''' (१८ जानेवारी, १९३५ - ११ ऑगस्ट, २०२६) हे एक भारतीय अणुऊर्जा अभियंता आणि शिक्षणतज्ज्ञ होते, ज्यांनी भारताच्या अणुऊर्जा कार्यक्रमात महत्त्वाची भूमिका बजावली होती. केरळ सरकारतर्फे दिला जाणारा तिसरा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार असलेल्या 'केरळ श्री' पुरस्काराने त्यांना २०२२ मध्ये सन्मानित करण्यात आले होते.<ref>{{Cite web |title=Kerala declares 1st-ever Padma-inspired awards; MT gets highest honour |url=https://www.newindianexpress.com/states/kerala/2022/nov/01/kerala-declares-1st-ever-padma-inspired-awards-mt-gets-highest-honour-2513604.html |access-date=2023-01-21 |website=The New Indian Express|date=November 2022 }}</ref> == प्रारंभिक आयुष्य == एम. पी. परमेश्वरन यांचा जन्म १८ जानेवारी १९३५ रोजी किरातूर येथे झाला. १९५६ मध्ये त्यांनी नंबुथरी विद्यालयात आणि थ्रिसूरच्या 'चर्च मिशन सोसायटी हायर सेकेंडरी स्कूल'मध्ये शिक्षण घेतले आणि थ्रिसूरच्या 'सेंट थॉमस कॉलेज'मधून प्री-डिग्री अभ्यासक्रम पूर्ण केला. त्यानंतर त्यांनी केरळमधील 'कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग, त्रिवेंद्रम' मधून इंजिनिअरिंगची पदवी प्राप्त केली. यानंतर त्यांनी मुंबईतील '[[भाभा अणुसंशोधन केंद्र|भाभा अणुसंशोधन केंद्रात]]' (बी.ए.आर.सी.) नोकरी पत्करली आणि १९७५ पर्यंत ते तिथे कार्यरत होते. बी.ए.आर.सी. मधून डेप्युटेशनवर असताना, त्यांनी १९६९ ते १९७३ या काळात केरळच्या 'राज्य भाषा संस्थेचे' सहसंचालक म्हणूनही काम केले. तसेच, १९६५ मध्ये त्यांनी 'मॉस्को पॉवर इंजिनिअरिंग इन्स्टिट्यूट'मधून न्यूक्लियर इंजिनिअरिंगमध्ये पीएचडी (पदवी) मिळवली.<ref>{{cite web|url=http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|title=Talk by Dr MP Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20101026091533/http://atlanta.aidindia.org/events/parameswaran03_flyer.html|archive-date=26 October 2010|url-status=dead}}</ref> == भारतीय विज्ञान चळवळ == १९७० च्या दशकात केरळमध्ये 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषद' या नावाने जनवादी विज्ञान चळवळ सुरू झाली, जिने राज्यातील विज्ञान शिक्षक आणि विज्ञान प्रचारकांमध्ये एका नवीन चळवळीला जन्म दिला. या चळवळीत सहभागी होण्यासाठी त्यांनी १९७५ मध्ये आपल्या नोकरीचा राजीनामा दिला. तेव्हापासून ते 'केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचे' पूर्णवेळ कार्यकर्ते बनले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली केरळ शास्त्र साहित्य परिषदेचा एक विशाल जनआंदोलनात विस्तार झाला आणि या चळवळीने देशभरातील विज्ञान प्रचारकांवर मोठा प्रभाव पाडला.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|title=India Together - A conversation with Interview with Dr. M.P. Parameswaran|accessdate=19 December 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20060424133349/http://www.indiatogether.org/interviews/iview-mpp.htm|archive-date=24 April 2006|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite book|title=Social Movements in India|editor=R. Ray and M. F. Katzen nstein|publisher=Rowman & LittlefieldPublishers|year=2005}}</ref> == केरळ शास्त्र साहित्य परिषद == केरळमध्ये 'केएसएसपी' यशस्वी झाल्यानंतर, एम. पी. परमेश्वरन यांनी या कार्याचा व्याप्ती राष्ट्रीय स्तरावर वाढवण्यासाठी पावले उचलली. १९८७ मध्ये, 'भारत जन विज्ञान जथा' या भारताच्या एका अनोख्या जनसंवाद उपक्रमाच्या राष्ट्रीय आयोजन समितीचे निमंत्रक म्हणून, त्यांनी या महाप्रचंड संवाद प्रयोगाची संकल्पना मांडण्यात, त्याचे आयोजन करण्यात आणि तो पार पाडण्यात मोलाचे योगदान दिले. भारतातील जनवादी विज्ञान चळवळींचे एक सामायिक व्यासपीठ असलेल्या 'ऑल इंडिया पीपल्स सायन्स नेटवर्क' (AIPSN) च्या स्थापनेमध्येही त्यांचा महत्त्वाचा वाटा होता.<ref>{{cite web|url=http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|title=Story Of Bharat Gyan Vigyan Samiti (BGVS)|accessdate=19 December 2009|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140510053607/http://www.bgvs.org/index.php/all-article-categories/73-story-of-bharat-gyan-vigyan-samiti-bgvs|archivedate=10 May 2014|url-status=live}}</ref> १९९० मध्ये, 'राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रमाला' पाठिंबा देण्यासाठी २ ऑक्टोबर १९९० ते १४ नोव्हेंबर १९९० दरम्यान आयोजित करण्यात आलेल्या 'भारत ज्ञान विज्ञान जथे'च्या आयोजनात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. यामुळेच 'भारत ज्ञान विज्ञान समितीची' (BGVS) स्थापना झाली, जी भारतामध्ये सुरू झालेल्या व्यापक साक्षरता मोहिमेसाठी जबाबदार होती. == विज्ञान आणि तंत्रज्ञानातील योगदान == परमेश्वरन हे एक सुप्रसिद्ध लेखक होते. त्यांनी मल्याळम भाषेत २९ आणि इंग्रजीत दोन अशी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तके लिहिली होती. त्यांच्या पुस्तकांमध्ये विज्ञानाचे अवाढव्य दर्शन घडते. किरणोत्सर्ग, अणुविज्ञान, खगोलशास्त्र, गणित, राज्यशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरणशास्त्र हे त्यांनी हाताळलेले काही प्रमुख आणि वैविध्यपूर्ण विषय आहेत. "एक नवीन जग - एक नवीन भारत" ही दृष्टी त्यांच्या विचारांना आणि कृतीला मार्गदर्शन करते. त्यांना विज्ञान लोकप्रियतेसाठी आणि साक्षरतेसाठी असे दोन राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले होते. त्यांनी विविध नियतकालिकांमध्ये ३०० हून अधिक लेख लिहिले. त्यांना भारत सरकारच्या "नवाक्षरांसाठी पुस्तके" (१९६२) आणि "मूलभूत आणि सांस्कृतिक साहित्य" (१९६४) या पुरस्कारांनी सन्मानित करण्यात आले होते. तसेच त्यांना १९८२ मध्ये बालसाहित्याचा पुरस्कारही मिळाला होता. विकेंद्रित लोकशाही आणि उपभोगवादापासून मुक्त असणारी आर्थिक उत्पादकता यावर आधारित जगाची कल्पना मांडणारे 'फोर्थ वर्ल्ड' हे वैचारिक पुस्तक लिहिल्यामुळे, त्यांना ३३ वर्षे '[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]]' चे सक्रिय सदस्य राहिल्यानंतर पक्षातून बाहेर काढण्यात आले होते. पक्षाने त्यांच्या या विचारांना मार्क्सवादी तत्त्वांचा नकार म्हणून पाहिले होते. केरळ भाषा संस्थेचे सहसंचालक म्हणून, त्यांनी टाईपरायटरसाठी मल्याळम कीबोर्डचे रूपरेषा तयार करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, जी नंतर संगणकांसाठी इन्स्क्रिप्ट लेआउटमध्ये स्वीकारली गेली. २००७ मध्ये, त्यांनी साम्यवादी नेते 'ए. के. गोपालन' यांच्या जीवनावरील 'एकेजी' (AKG) या मल्याळम चित्रपटात अभिनय केला, ज्यामध्ये एम. पी. परमेश्वरन यांनी केरळचे पहिले मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नंबुदिरीपाद यांची भूमिका साकारली होती. परमेश्वरन यांनी २००८ मध्ये 'जानकीय शास्त्र प्रस्थानम' हे पुस्तक प्रकाशित केले. या पुस्तकाची तिसरी आवृत्ती नुकतीच प्रकाशित झाली आहे. == मृत्यू == ११ ऑगस्ट, २०२६ रोजी, वयाच्या ९१ व्या वर्षी परमेश्वरन यांचा मृत्यू झाला.<ref>[https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/08/11/nuclear-scientist-m-p-parameswaran-passes-away.amp.html Nuclear scientist M P Parameswaran passes away]</ref><ref>{{Cite news |last=Bureau |first=The Hindu |date=2026-08-11 |title=M.P. Parameswaran, renowned nuclear scientist and CPI(M) theorist, dies at 92 |url=https://www.thehindu.com/news/national/kerala/mp-parameswaran-renowned-nuclear-scientist-and-cpim-theorist-dies-at-92/article71331928.ece |access-date=2026-08-11 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:परमेश्वरन, एम. पी.}} [[वर्ग:इ.स. १९३६ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय अभियंते]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील अभियंते]] [[वर्ग:मल्याळम भाषेतील लेखक]] [[वर्ग:इंग्लिश भाषी भारतीय लेखक]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय भौतिकशास्त्रज्ञ]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय नॉन-फिक्शन लेखक]] [[वर्ग:केरळमधील शास्त्रज्ञ]] 8iqcjs2cv455r2r4hygk8hfwmv432xp रितू मेनन 0 382868 2703003 2026-08-17T07:49:06Z Rohini 14253 Rohini ने लेख [[रितू मेनन]] वरुन [[रितु मेनन]] ला हलविला: अचूक नाव 2703003 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[रितु मेनन]] mxbo676jtk5ibtifw31suq3syhihz02 सदस्य:QueerEcofeminist/लोकशाही उत्सव 2 382869 2703011 2026-08-17T08:29:43Z QueerEcofeminist 12675 QueerEcofeminist ने लेख [[सदस्य:QueerEcofeminist/लोकशाही उत्सव]] वरुन [[QueerEcofeminist/लोकशाही उत्सव]] ला हलविला: प्रारंभीक मसुदा तयार झाला आता मुख्य नामविश्वात घेत येईल. 2703011 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[QueerEcofeminist/लोकशाही उत्सव]] ks4uiwtk1hoy93041nyq9gjje27azow सदस्य चर्चा:Siddhesh kamankar 3 382870 2703013 2026-08-17T08:43:00Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2703013 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=Siddhesh kamankar}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) १४:१३, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) g3bkjw5xksrntezexiqnno2trx1zw2c वर्ग:केरळमधील अभियंते 14 382871 2703020 2026-08-17T09:23:43Z संतोष गोरे 135680 2703020 wikitext text/x-wiki [[वर्ग:भारतीय अभियंते]] 80e4gclbuahidtcg0yz70ch6vw426ua फलोदी जिल्हा 0 382872 2703030 2026-08-17T09:29:00Z Dharmadhyaksha 28394 "[[:en:Special:Redirect/revision/1313382340|Phalodi district]]" पानाचे भाषांतर करुन तयार झाले 2703030 wikitext text/x-wiki '''फलोदी जिल्हा''' हा भारतातील [[राजस्थान]] राज्यातील [[राजस्थानमधील जिल्हे|जोधपूर विभागातील]] सहा जिल्ह्यांपैकी एक आहे. हा जिल्हा त्याच्या मीठ उद्योगासाठी ओळखला जातो,<ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.business-standard.com/article/news-ani/salt-town-phalodi-losing-sheen-workers-in-trouble-118120200256_1.html|title=Salt town 'Phalodi' losing sheen, workers in trouble|date=2 December 2018|work=Business Standard|archive-url=https://web.archive.org/web/20181203125403/https://www.business-standard.com/article/news-ani/salt-town-phalodi-losing-sheen-workers-in-trouble-118120200256_1.html|archive-date=3 December 2018|url-status=live}}</ref> आणि हे भारतातील सर्वात उष्ण ठिकाणांपैकी एक आहे.<ref>"In May 2016 the district of Phalodi in the west of the state set a new record for India's highest ever recorded temperature, over 51°C." {{स्रोत पुस्तक|title=Berlitz Pocket Guide Rajasthan|publisher=Apa Publications (UK) Limited|year=2019|isbn=978-1-78573-199-0|series=Insight Guides|page=[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ&pg=PT183 183]}}</ref> फलोदी शहर हे जिल्ह्याचे प्रशासकीय मुख्यालय आहे. फलोदी जिल्ह्याची स्थापना ७ ऑगस्ट २०२३ रोजी झाली.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://phalodi.rajasthan.gov.in/sm/jankalyan-category-and-entry-type/357930/1285/4/1|title=About District: District Phalodi|publisher=Government of Rajasthan}}</ref> हा परिसर पूर्वी [[जोधपूर जिल्हा|जोधपूर जिल्ह्याचा]] भाग होता. == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील जिल्हे]] [[वर्ग:इ.स. २०२३ मधील निर्मिती]] 259kzusej0p77b9cy61py217o5qumm4 2703031 2703030 2026-08-17T09:29:45Z Dharmadhyaksha 28394 {{माहिती संचिका}} 2703031 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''फलोदी जिल्हा''' हा भारतातील [[राजस्थान]] राज्यातील [[राजस्थानमधील जिल्हे|जोधपूर विभागातील]] सहा जिल्ह्यांपैकी एक आहे. हा जिल्हा त्याच्या मीठ उद्योगासाठी ओळखला जातो,<ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.business-standard.com/article/news-ani/salt-town-phalodi-losing-sheen-workers-in-trouble-118120200256_1.html|title=Salt town 'Phalodi' losing sheen, workers in trouble|date=2 December 2018|work=Business Standard|archive-url=https://web.archive.org/web/20181203125403/https://www.business-standard.com/article/news-ani/salt-town-phalodi-losing-sheen-workers-in-trouble-118120200256_1.html|archive-date=3 December 2018|url-status=live}}</ref> आणि हे भारतातील सर्वात उष्ण ठिकाणांपैकी एक आहे.<ref>"In May 2016 the district of Phalodi in the west of the state set a new record for India's highest ever recorded temperature, over 51°C." {{स्रोत पुस्तक|title=Berlitz Pocket Guide Rajasthan|publisher=Apa Publications (UK) Limited|year=2019|isbn=978-1-78573-199-0|series=Insight Guides|page=[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ&pg=PT183 183]}}</ref> फलोदी शहर हे जिल्ह्याचे प्रशासकीय मुख्यालय आहे. फलोदी जिल्ह्याची स्थापना ७ ऑगस्ट २०२३ रोजी झाली.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://phalodi.rajasthan.gov.in/sm/jankalyan-category-and-entry-type/357930/1285/4/1|title=About District: District Phalodi|publisher=Government of Rajasthan}}</ref> हा परिसर पूर्वी [[जोधपूर जिल्हा|जोधपूर जिल्ह्याचा]] भाग होता. == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील जिल्हे]] [[वर्ग:इ.स. २०२३ मधील निर्मिती]] aaxsrdp2xii74qg4v33b9vmcbzxfruf 2703058 2703031 2026-08-17T10:44:55Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703058 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''फलोदी जिल्हा''' हा भारतातील [[राजस्थान]] राज्यातील [[राजस्थानमधील जिल्हे|जोधपूर विभागातील]] सहा जिल्ह्यांपैकी एक आहे. हा जिल्हा त्याच्या मीठ उद्योगासाठी ओळखला जातो,<ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.business-standard.com/article/news-ani/salt-town-phalodi-losing-sheen-workers-in-trouble-118120200256_1.html|title=Salt town 'Phalodi' losing sheen, workers in trouble|date=2 December 2018|work=Business Standard|archive-url=https://web.archive.org/web/20181203125403/https://www.business-standard.com/article/news-ani/salt-town-phalodi-losing-sheen-workers-in-trouble-118120200256_1.html|archive-date=3 December 2018|url-status=live}}</ref> आणि हे भारतातील सर्वात उष्ण ठिकाणांपैकी एक आहे.<ref>"In May 2016 the district of Phalodi in the west of the state set a new record for India's highest ever recorded temperature, over 51°C." {{स्रोत पुस्तक|title=Berlitz Pocket Guide Rajasthan|publisher=Apa Publications (UK) Limited|year=2019|isbn=978-1-78573-199-0|series=Insight Guides|page=[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ&pg=PT183 183]}}</ref> फलोदी शहर हे जिल्ह्याचे प्रशासकीय मुख्यालय आहे. फलोदी जिल्ह्याची स्थापना ७ ऑगस्ट २०२३ रोजी झाली.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://phalodi.rajasthan.gov.in/sm/jankalyan-category-and-entry-type/357930/1285/4/1|title=About District: District Phalodi|publisher=Government of Rajasthan}}</ref> हा परिसर पूर्वी [[जोधपूर जिल्हा|जोधपूर जिल्ह्याचा]] भाग होता. == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील जिल्हे]] [[वर्ग:इ.स. २०२३ मधील निर्मिती]] [[वर्ग:फलोदी जिल्हा|*]] 0rht0p93hmypq3uudbitqbuy3rsbxnd सदस्य चर्चा:Sachin shibe 3 382873 2703032 2026-08-17T09:32:10Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2703032 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=Sachin shibe}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) १५:०२, १७ ऑगस्ट २०२६ (IST) ajmi8uz59z5rhghvct4xakw6b7odrj8 चेतना विमुक्ती 0 382874 2703033 2026-08-17T09:32:34Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''अलुथ गेदारा चेतना विमुक्ती''' (जन्म १० जानेवारी २००२; 'चेतना विमुक्ती' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव... 2703033 wikitext text/x-wiki '''अलुथ गेदारा चेतना विमुक्ती''' (जन्म १० जानेवारी २००२; 'चेतना विमुक्ती' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने जलदगती गोलंदाजी करते. ==कारकीर्द== फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, न्यूझीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठी राष्ट्रीय संघाच्या एकदिवसीय आणि टी-२० आंतरराष्ट्रीय संघात विमुक्तीची पहिल्यांदाच निवड झाली.<ref>{{cite web|url=https://femalecricket.com/sri-lanka-tour-of-new-zealand-2025/62311-u19-stars-manudi-nanayakkara-and-rashmika-sewwandi-earn-spots-in-sri-lankas-senior-squad-for-new-zealand-series.html |title=न्यूझीलंड मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या वरिष्ठ संघात १९-खालील गटातील खेळाडू मानुदी नानायक्कारा आणि रश्मिका सेव्वांडी यांची निवड. |work=फिमेल क्रिकेट |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच मालिकेत ४ मार्च २०२५ रोजी एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443568.html |title=पहिला एकदिवसीय सामना (दिवस-रात्र), नेपियर, ४ मार्च २०२५, श्रीलंका महिलांचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1054103}} pn0hvodujq1peiaj3sj95bv0vdv5tzz 2703034 2703033 2026-08-17T09:32:35Z KiranBOT II 140753 शुद्धलेखन — शहराचे अचूक नाव ([[सदस्य:KiranBOT II/typos#शहराचे अचूक नाव|अधिक माहिती]]) 2703034 wikitext text/x-wiki '''अलुथ गेदारा चेतना विमुक्ती''' (जन्म १० जानेवारी २००२; 'चेतना विमुक्ती' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने जलदगती गोलंदाजी करते. ==कारकीर्द== फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठी राष्ट्रीय संघाच्या एकदिवसीय आणि टी-२० आंतरराष्ट्रीय संघात विमुक्तीची पहिल्यांदाच निवड झाली.<ref>{{cite web|url=https://femalecricket.com/sri-lanka-tour-of-new-zealand-2025/62311-u19-stars-manudi-nanayakkara-and-rashmika-sewwandi-earn-spots-in-sri-lankas-senior-squad-for-new-zealand-series.html |title=न्यूझीलंड मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या वरिष्ठ संघात १९-खालील गटातील खेळाडू मानुदी नानायक्कारा आणि रश्मिका सेव्वांडी यांची निवड. |work=फिमेल क्रिकेट |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच मालिकेत ४ मार्च २०२५ रोजी एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443568.html |title=पहिला एकदिवसीय सामना (दिवस-रात्र), नेपियर, ४ मार्च २०२५, श्रीलंका महिलांचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1054103}} 3mo5csiu98o1df03mb2j3nvjkjlllr3 2703035 2703034 2026-08-17T09:33:08Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703035 wikitext text/x-wiki '''अलुथ गेदारा चेतना विमुक्ती''' (जन्म १० जानेवारी २००२; 'चेतना विमुक्ती' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने जलदगती गोलंदाजी करते. ==कारकीर्द== फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठी राष्ट्रीय संघाच्या एकदिवसीय आणि टी-२० आंतरराष्ट्रीय संघात विमुक्तीची पहिल्यांदाच निवड झाली.<ref>{{cite web|url=https://femalecricket.com/sri-lanka-tour-of-new-zealand-2025/62311-u19-stars-manudi-nanayakkara-and-rashmika-sewwandi-earn-spots-in-sri-lankas-senior-squad-for-new-zealand-series.html |title=न्यूझीलंड मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या वरिष्ठ संघात १९-खालील गटातील खेळाडू मानुदी नानायक्कारा आणि रश्मिका सेव्वांडी यांची निवड. |work=फिमेल क्रिकेट |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच मालिकेत ४ मार्च २०२५ रोजी एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443568.html |title=पहिला एकदिवसीय सामना (दिवस-रात्र), नेपियर, ४ मार्च २०२५, श्रीलंका महिलांचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1054103}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] mq6lp2stjq5pjhmmj9dnx5z453gieua 2703060 2703035 2026-08-17T10:45:41Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703060 wikitext text/x-wiki '''अलुथ गेदारा चेतना विमुक्ती''' (जन्म १० जानेवारी २००२; 'चेतना विमुक्ती' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने जलदगती गोलंदाजी करते. ==कारकीर्द== फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठी राष्ट्रीय संघाच्या एकदिवसीय आणि टी-२० आंतरराष्ट्रीय संघात विमुक्तीची पहिल्यांदाच निवड झाली.<ref>{{cite web|url=https://femalecricket.com/sri-lanka-tour-of-new-zealand-2025/62311-u19-stars-manudi-nanayakkara-and-rashmika-sewwandi-earn-spots-in-sri-lankas-senior-squad-for-new-zealand-series.html |title=न्यूझीलंड मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या वरिष्ठ संघात १९-खालील गटातील खेळाडू मानुदी नानायक्कारा आणि रश्मिका सेव्वांडी यांची निवड. |work=फिमेल क्रिकेट |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच मालिकेत ४ मार्च २०२५ रोजी एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443568.html |title=पहिला एकदिवसीय सामना (दिवस-रात्र), नेपियर, ४ मार्च २०२५, श्रीलंका महिलांचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1054103}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००२ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] o7snibz2sk8nwtqt7mrokp49mtvuxar 2703061 2703060 2026-08-17T10:45:47Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703061 wikitext text/x-wiki '''अलुथ गेदारा चेतना विमुक्ती''' (जन्म १० जानेवारी २००२; 'चेतना विमुक्ती' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने जलदगती गोलंदाजी करते. ==कारकीर्द== फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठी राष्ट्रीय संघाच्या एकदिवसीय आणि टी-२० आंतरराष्ट्रीय संघात विमुक्तीची पहिल्यांदाच निवड झाली.<ref>{{cite web|url=https://femalecricket.com/sri-lanka-tour-of-new-zealand-2025/62311-u19-stars-manudi-nanayakkara-and-rashmika-sewwandi-earn-spots-in-sri-lankas-senior-squad-for-new-zealand-series.html |title=न्यूझीलंड मालिकेसाठी श्रीलंकेच्या वरिष्ठ संघात १९-खालील गटातील खेळाडू मानुदी नानायक्कारा आणि रश्मिका सेव्वांडी यांची निवड. |work=फिमेल क्रिकेट |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच मालिकेत ४ मार्च २०२५ रोजी एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443568.html |title=पहिला एकदिवसीय सामना (दिवस-रात्र), नेपियर, ४ मार्च २०२५, श्रीलंका महिलांचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1054103}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००२ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] lrtsae0cu5edr55h3oq5loqzong7gdf देउमी विहंगा 0 382875 2703037 2026-08-17T09:44:17Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''देउमी विजेरत्ने विहंगा मल्लावा अराच्चिगे''' (जन्म २ ऑगस्ट २००५; 'देउमी विहंगा' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदा... 2703037 wikitext text/x-wiki '''देउमी विजेरत्ने विहंगा मल्लावा अराच्चिगे''' (जन्म २ ऑगस्ट २००५; 'देउमी विहंगा' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने ऑफ-ब्रेक गोलंदाजी करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== २०१९ मध्ये, विहंगाने 'विमेन्स सुपर प्रोव्हिन्शियल टी-२०' क्रिकेट स्पर्धेत डंबुला संघाचे प्रतिनिधित्व केले. जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात विहंगाची निवड करण्यात आली. पहिल्या १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक स्पर्धेतील सर्वोत्तम संघासाठी (टीम ऑफ द टुर्नामेंट) करण्यात आली. त्याच वर्षी एप्रिलमध्ये, बांगलादेशविरुद्धच्या सराव सामन्यासाठी 'श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड इलेव्हन' संघात तिचा समावेश करण्यात आला. एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] विहंगाची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली.<ref>{{cite web |title=भारत आणि दक्षिण आफ्रिकेविरुद्धच्या तिरंगी मालिकेसाठी श्रीलंकेचा मजबूत संघ जाहीर. |url=https://www.icc-cricket.com/news/sri-lanka-name-strong-squad-for-india-south-africa-tri-nation-series |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच स्पर्धेत २ मे २०२५ रोजी दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476982.html |title=तिसरा सामना, कोलंबो (आरपीएस), २ मे २०२५, श्रीलंका महिला वनडे त्रिकोणीय मालिका|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ९ मे रोजी दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध तिने एकदिवसीय सामन्यात पहिल्यांदाच एका डावात पाच बळी घेण्याची कामगिरी केली<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/sports/cricket/annerie-dercksen-dewmi-vihanga-achieve-records-as-sa-eye-consolation-win-in-tri-series-clash-against-sl-2025-05-09-989492 |title=ॲनेरी डेर्कसेन, देउमी विहंगा यांचे श्रीलंका तिरंगी मालिका लढतीत नेत्रदीपक विक्रम|work=इंडिया टीव्ही |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> आणि [[स्नेह राणा]] (१५ बळी) नंतर या स्पर्धेत सर्वाधिक बळी घेणारी (११ बळी) दुसरी गोलंदाज ठरली.<ref>{{cite news |url=https://www.espncricinfo.com/records/tournament/bowling-most-wickets-career/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-17032 |title=श्रीलंका महिलांच्या २०२५ च्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेत सर्वाधिक बळी |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६ |work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== *{{cricinfo|id=1352456}} ktw8xqmecd8ganelsgkvhdouo6ol3v9 2703038 2703037 2026-08-17T09:44:32Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703038 wikitext text/x-wiki '''देउमी विजेरत्ने विहंगा मल्लावा अराच्चिगे''' (जन्म २ ऑगस्ट २००५; 'देउमी विहंगा' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने ऑफ-ब्रेक गोलंदाजी करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== २०१९ मध्ये, विहंगाने 'विमेन्स सुपर प्रोव्हिन्शियल टी-२०' क्रिकेट स्पर्धेत डंबुला संघाचे प्रतिनिधित्व केले. जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात विहंगाची निवड करण्यात आली. पहिल्या १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक स्पर्धेतील सर्वोत्तम संघासाठी (टीम ऑफ द टुर्नामेंट) करण्यात आली. त्याच वर्षी एप्रिलमध्ये, बांगलादेशविरुद्धच्या सराव सामन्यासाठी 'श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड इलेव्हन' संघात तिचा समावेश करण्यात आला. एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] विहंगाची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली.<ref>{{cite web |title=भारत आणि दक्षिण आफ्रिकेविरुद्धच्या तिरंगी मालिकेसाठी श्रीलंकेचा मजबूत संघ जाहीर. |url=https://www.icc-cricket.com/news/sri-lanka-name-strong-squad-for-india-south-africa-tri-nation-series |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच स्पर्धेत २ मे २०२५ रोजी दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476982.html |title=तिसरा सामना, कोलंबो (आरपीएस), २ मे २०२५, श्रीलंका महिला वनडे त्रिकोणीय मालिका|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ९ मे रोजी दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध तिने एकदिवसीय सामन्यात पहिल्यांदाच एका डावात पाच बळी घेण्याची कामगिरी केली<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/sports/cricket/annerie-dercksen-dewmi-vihanga-achieve-records-as-sa-eye-consolation-win-in-tri-series-clash-against-sl-2025-05-09-989492 |title=ॲनेरी डेर्कसेन, देउमी विहंगा यांचे श्रीलंका तिरंगी मालिका लढतीत नेत्रदीपक विक्रम|work=इंडिया टीव्ही |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> आणि [[स्नेह राणा]] (१५ बळी) नंतर या स्पर्धेत सर्वाधिक बळी घेणारी (११ बळी) दुसरी गोलंदाज ठरली.<ref>{{cite news |url=https://www.espncricinfo.com/records/tournament/bowling-most-wickets-career/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-17032 |title=श्रीलंका महिलांच्या २०२५ च्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेत सर्वाधिक बळी |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६ |work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== *{{cricinfo|id=1352456}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] 2l7xfspn79hrgz43mbuaryantvcu19u 2703063 2703038 2026-08-17T10:47:22Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703063 wikitext text/x-wiki '''देउमी विजेरत्ने विहंगा मल्लावा अराच्चिगे''' (जन्म २ ऑगस्ट २००५; 'देउमी विहंगा' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने ऑफ-ब्रेक गोलंदाजी करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== २०१९ मध्ये, विहंगाने 'विमेन्स सुपर प्रोव्हिन्शियल टी-२०' क्रिकेट स्पर्धेत डंबुला संघाचे प्रतिनिधित्व केले. जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात विहंगाची निवड करण्यात आली. पहिल्या १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक स्पर्धेतील सर्वोत्तम संघासाठी (टीम ऑफ द टुर्नामेंट) करण्यात आली. त्याच वर्षी एप्रिलमध्ये, बांगलादेशविरुद्धच्या सराव सामन्यासाठी 'श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड इलेव्हन' संघात तिचा समावेश करण्यात आला. एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] विहंगाची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली.<ref>{{cite web |title=भारत आणि दक्षिण आफ्रिकेविरुद्धच्या तिरंगी मालिकेसाठी श्रीलंकेचा मजबूत संघ जाहीर. |url=https://www.icc-cricket.com/news/sri-lanka-name-strong-squad-for-india-south-africa-tri-nation-series |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच स्पर्धेत २ मे २०२५ रोजी दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476982.html |title=तिसरा सामना, कोलंबो (आरपीएस), २ मे २०२५, श्रीलंका महिला वनडे त्रिकोणीय मालिका|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ९ मे रोजी दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध तिने एकदिवसीय सामन्यात पहिल्यांदाच एका डावात पाच बळी घेण्याची कामगिरी केली<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/sports/cricket/annerie-dercksen-dewmi-vihanga-achieve-records-as-sa-eye-consolation-win-in-tri-series-clash-against-sl-2025-05-09-989492 |title=ॲनेरी डेर्कसेन, देउमी विहंगा यांचे श्रीलंका तिरंगी मालिका लढतीत नेत्रदीपक विक्रम|work=इंडिया टीव्ही |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> आणि [[स्नेह राणा]] (१५ बळी) नंतर या स्पर्धेत सर्वाधिक बळी घेणारी (११ बळी) दुसरी गोलंदाज ठरली.<ref>{{cite news |url=https://www.espncricinfo.com/records/tournament/bowling-most-wickets-career/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-17032 |title=श्रीलंका महिलांच्या २०२५ च्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेत सर्वाधिक बळी |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६ |work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== *{{cricinfo|id=1352456}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००५ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] itxw52fr5h5qlofwu2uj4picjbwggd5 2703064 2703063 2026-08-17T10:47:28Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703064 wikitext text/x-wiki '''देउमी विजेरत्ने विहंगा मल्लावा अराच्चिगे''' (जन्म २ ऑगस्ट २००५; 'देउमी विहंगा' म्हणून ओळखली जाणारी) ही {{Crw|SRI}} महिला क्रिकेट संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने ऑफ-ब्रेक गोलंदाजी करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== २०१९ मध्ये, विहंगाने 'विमेन्स सुपर प्रोव्हिन्शियल टी-२०' क्रिकेट स्पर्धेत डंबुला संघाचे प्रतिनिधित्व केले. जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात विहंगाची निवड करण्यात आली. पहिल्या १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक स्पर्धेतील सर्वोत्तम संघासाठी (टीम ऑफ द टुर्नामेंट) करण्यात आली. त्याच वर्षी एप्रिलमध्ये, बांगलादेशविरुद्धच्या सराव सामन्यासाठी 'श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड इलेव्हन' संघात तिचा समावेश करण्यात आला. एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] विहंगाची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली.<ref>{{cite web |title=भारत आणि दक्षिण आफ्रिकेविरुद्धच्या तिरंगी मालिकेसाठी श्रीलंकेचा मजबूत संघ जाहीर. |url=https://www.icc-cricket.com/news/sri-lanka-name-strong-squad-for-india-south-africa-tri-nation-series |work=[[आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> तिने याच स्पर्धेत २ मे २०२५ रोजी दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध एकदिवसीय क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1476982.html |title=तिसरा सामना, कोलंबो (आरपीएस), २ मे २०२५, श्रीलंका महिला वनडे त्रिकोणीय मालिका|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ९ मे रोजी दक्षिण आफ्रिकेविरुद्ध तिने एकदिवसीय सामन्यात पहिल्यांदाच एका डावात पाच बळी घेण्याची कामगिरी केली<ref>{{cite web|url=https://www.indiatvnews.com/sports/cricket/annerie-dercksen-dewmi-vihanga-achieve-records-as-sa-eye-consolation-win-in-tri-series-clash-against-sl-2025-05-09-989492 |title=ॲनेरी डेर्कसेन, देउमी विहंगा यांचे श्रीलंका तिरंगी मालिका लढतीत नेत्रदीपक विक्रम|work=इंडिया टीव्ही |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> आणि [[स्नेह राणा]] (१५ बळी) नंतर या स्पर्धेत सर्वाधिक बळी घेणारी (११ बळी) दुसरी गोलंदाज ठरली.<ref>{{cite news |url=https://www.espncricinfo.com/records/tournament/bowling-most-wickets-career/sri-lanka-women-s-odi-tri-series-2025-17032 |title=श्रीलंका महिलांच्या २०२५ च्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेत सर्वाधिक बळी |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६ |work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== *{{cricinfo|id=1352456}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००५ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] 0nc4e323hvk5cuc7n16msybqn2yn0cx झॅक मार्क ट्राईब 0 382876 2703055 2026-08-17T10:42:36Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703055 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[झॅक ट्राईब]] 3ko0rvyekxep2p1qphgzts735wuban9 फलोडी जिल्हा 0 382877 2703057 2026-08-17T10:44:32Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2703057 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[फलोदी जिल्हा]] lj585fhyy8fadahtcjjabn0mtjf2mir अलुथ गेदारा चेतना विमुक्ती 0 382878 2703059 2026-08-17T10:45:27Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703059 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[चेतना विमुक्ती]] cqu4emku9ozrk6w3s7xm93ef4uy0uor देउमी विजेरत्ने विहंगा मल्लावा अराच्चिगे 0 382879 2703062 2026-08-17T10:47:10Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703062 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[देउमी विहंगा]] rmgpmyj853zkyuqu0k24boq8qpdo2f0 मालेगांव (भोर) 0 382880 2703068 2026-08-17T10:54:38Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2703068 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[मालेगाव (भोर)]] 21z2oowz3cjfclwso5rlfsxiw8qy42n च्यांग झेमिन 0 382881 2703070 2026-08-17T10:56:44Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2703070 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[च्यांग झमिन]] 0jwtxv48bul79m36pjr3gw5x6ax0al4 निमाशा मीपागे 0 382882 2703075 2026-08-17T11:08:10Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''निमाशा मदुशानी मीपागे''' (जन्म: १५ ऑगस्ट १९९९) ही {{Crw|SRI}} क्रिकेट संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हात... 2703075 wikitext text/x-wiki '''निमाशा मदुशानी मीपागे''' (जन्म: १५ ऑगस्ट १९९९) ही {{Crw|SRI}} क्रिकेट संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हाताने [[फलंदाजी]] करते. तिने २६ डिसेंबर २०२५ रोजी, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा भारत दौरा, २०२५–२६|भारताविरुद्ध]] आंतरराष्ट्रीय टी२० आणि २० फेब्रुवारी २०२० रोजी, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा वेस्ट इंडीज दौरा, २०२५–२६|वेस्ट इंडीज विरुद्ध]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदर्पण केले. ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1380033}} 86jti2snwwfp4vtwbjpfi5bobi1l9ty 2703114 2703075 2026-08-17T11:34:18Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703114 wikitext text/x-wiki '''निमाशा मदुशानी मीपागे''' (जन्म: १५ ऑगस्ट १९९९) ही {{Crw|SRI}} क्रिकेट संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हाताने [[फलंदाजी]] करते. तिने २६ डिसेंबर २०२५ रोजी, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा भारत दौरा, २०२५–२६|भारताविरुद्ध]] आंतरराष्ट्रीय टी२० आणि २० फेब्रुवारी २०२० रोजी, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा वेस्ट इंडीज दौरा, २०२५–२६|वेस्ट इंडीज विरुद्ध]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदर्पण केले. ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1380033}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] onj99c4nkn9ji3zf7g8rasgik3wjqml 2703115 2703114 2026-08-17T11:34:27Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703115 wikitext text/x-wiki '''निमाशा मदुशानी मीपागे''' (जन्म: १५ ऑगस्ट १९९९) ही {{Crw|SRI}} क्रिकेट संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हाताने [[फलंदाजी]] करते. तिने २६ डिसेंबर २०२५ रोजी, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा भारत दौरा, २०२५–२६|भारताविरुद्ध]] आंतरराष्ट्रीय टी२० आणि २० फेब्रुवारी २०२० रोजी, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा वेस्ट इंडीज दौरा, २०२५–२६|वेस्ट इंडीज विरुद्ध]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदर्पण केले. ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1380033}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. १९९९ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] hv7j6av127el6kbsxvp6ll3rwlglgxx 2703116 2703115 2026-08-17T11:34:32Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703116 wikitext text/x-wiki '''निमाशा मदुशानी मीपागे''' (जन्म: १५ ऑगस्ट १९९९) ही {{Crw|SRI}} क्रिकेट संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हाताने [[फलंदाजी]] करते. तिने २६ डिसेंबर २०२५ रोजी, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा भारत दौरा, २०२५–२६|भारताविरुद्ध]] आंतरराष्ट्रीय टी२० आणि २० फेब्रुवारी २०२० रोजी, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा वेस्ट इंडीज दौरा, २०२५–२६|वेस्ट इंडीज विरुद्ध]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय पदर्पण केले. ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1380033}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. १९९९ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] 5iwsn7a00qhwzasry1orzkbxvzeq4od फलोदी 0 382883 2703084 2026-08-17T11:11:42Z Dharmadhyaksha 28394 "[[:en:Special:Redirect/revision/1369348047|Phalodi]]" पानाचे भाषांतर करुन तयार झाले 2703084 wikitext text/x-wiki '''फलोदी''' हे भारताच्या [[राजस्थान]] राज्यातील [[फलोदी जिल्हा|फलोदी जिल्ह्यातील]] एक शहर आहे. हे फलोदी जिल्ह्याचे मुख्यालय आहे. ऋण येथील मीठ उद्योगामुळे फलोदीला 'मिठाचे शहर' असेही म्हटले जाते. फलोदी हे [[थरचे वाळवंट|थर वाळवंटाच्या]] बफर झोनमध्ये आहे आणि तेथील शुष्क हवामानामुळे अनेकदा तीव्र तापमानाच्या परिस्थितीला सामोरे जावे लागते. फलोदीच्या इतिहासातील सर्वाधिक तापमान ५१°से आहे, जे देशातील आतापर्यंतचे सर्वाधिक सत्यापित तापमान आहे.<ref name="recordhigh">{{Cite web|url=http://www.ndtv.com/india-news/india-just-set-a-new-all-time-record-high-temperature-51-degrees-celsius-1408185|title=India Just Set A New All-Time Record High Temperature - 51 Degrees Celsius|website=NDTV.com|access-date=2016-05-20}}</ref> २०११ च्या जनगणना अहवालानूसार फलोदीची लोकसंख्या ४९,७६६ होती, त्यापैकी २६,००३ पुरुष आणि २३,७६३ स्त्रिया होत्या. फलोदीचा सरासरी साक्षरता दर ६१.८१% आहे. फलोदीमध्ये, १५.५% लोकसंख्या ६ वर्षांपेक्षा कमी वयाची आहे.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.censusindia.gov.in/pca/SearchDetails.aspx?Id=96446|title=Census of India 2011: Data from the 2011 Census, including cities, villages and towns (Provisional)|publisher=Census Commission of India}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील शहरे]] atlgmz50x9s29alw4kn4mcwtvx80qmn 2703086 2703084 2026-08-17T11:12:35Z Dharmadhyaksha 28394 {{माहिती संचिका}} 2703086 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''फलोदी''' हे भारताच्या [[राजस्थान]] राज्यातील [[फलोदी जिल्हा|फलोदी जिल्ह्यातील]] एक शहर आहे. हे फलोदी जिल्ह्याचे मुख्यालय आहे. ऋण येथील मीठ उद्योगामुळे फलोदीला 'मिठाचे शहर' असेही म्हटले जाते. फलोदी हे [[थरचे वाळवंट|थर वाळवंटाच्या]] बफर झोनमध्ये आहे आणि तेथील शुष्क हवामानामुळे अनेकदा तीव्र तापमानाच्या परिस्थितीला सामोरे जावे लागते. फलोदीच्या इतिहासातील सर्वाधिक तापमान ५१°से आहे, जे देशातील आतापर्यंतचे सर्वाधिक सत्यापित तापमान आहे.<ref name="recordhigh">{{Cite web|url=http://www.ndtv.com/india-news/india-just-set-a-new-all-time-record-high-temperature-51-degrees-celsius-1408185|title=India Just Set A New All-Time Record High Temperature - 51 Degrees Celsius|website=NDTV.com|access-date=2016-05-20}}</ref> २०११ च्या जनगणना अहवालानूसार फलोदीची लोकसंख्या ४९,७६६ होती, त्यापैकी २६,००३ पुरुष आणि २३,७६३ स्त्रिया होत्या. फलोदीचा सरासरी साक्षरता दर ६१.८१% आहे. फलोदीमध्ये, १५.५% लोकसंख्या ६ वर्षांपेक्षा कमी वयाची आहे.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.censusindia.gov.in/pca/SearchDetails.aspx?Id=96446|title=Census of India 2011: Data from the 2011 Census, including cities, villages and towns (Provisional)|publisher=Census Commission of India}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील शहरे]] ruh4ox71efkfkmnoid6t9sz6stwh4ct 2703120 2703086 2026-08-17T11:35:20Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703120 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''फलोदी''' हे भारताच्या [[राजस्थान]] राज्यातील [[फलोदी जिल्हा|फलोदी जिल्ह्यातील]] एक शहर आहे. हे फलोदी जिल्ह्याचे मुख्यालय आहे. ऋण येथील मीठ उद्योगामुळे फलोदीला 'मिठाचे शहर' असेही म्हटले जाते. फलोदी हे [[थरचे वाळवंट|थर वाळवंटाच्या]] बफर झोनमध्ये आहे आणि तेथील शुष्क हवामानामुळे अनेकदा तीव्र तापमानाच्या परिस्थितीला सामोरे जावे लागते. फलोदीच्या इतिहासातील सर्वाधिक तापमान ५१°से आहे, जे देशातील आतापर्यंतचे सर्वाधिक सत्यापित तापमान आहे.<ref name="recordhigh">{{Cite web|url=http://www.ndtv.com/india-news/india-just-set-a-new-all-time-record-high-temperature-51-degrees-celsius-1408185|title=India Just Set A New All-Time Record High Temperature - 51 Degrees Celsius|website=NDTV.com|access-date=2016-05-20}}</ref> २०११ च्या जनगणना अहवालानूसार फलोदीची लोकसंख्या ४९,७६६ होती, त्यापैकी २६,००३ पुरुष आणि २३,७६३ स्त्रिया होत्या. फलोदीचा सरासरी साक्षरता दर ६१.८१% आहे. फलोदीमध्ये, १५.५% लोकसंख्या ६ वर्षांपेक्षा कमी वयाची आहे.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.censusindia.gov.in/pca/SearchDetails.aspx?Id=96446|title=Census of India 2011: Data from the 2011 Census, including cities, villages and towns (Provisional)|publisher=Census Commission of India}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:राजस्थानमधील शहरे]] [[वर्ग:फलोदी जिल्हा]] j6vlt0066mbr1czluaereapvb5xfxa7 रश्मिका सेव्वांडी 0 382884 2703092 2026-08-17T11:19:43Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे''' (जन्म २१ ऑक्टोबर २००६; 'रश्मिका सेव्वांडी' म्हणून ओळखली जाणारी) ही एक {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती डाव्या हाताने फलंदाजी आणि उ... 2703092 wikitext text/x-wiki '''रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे''' (जन्म २१ ऑक्टोबर २००६; 'रश्मिका सेव्वांडी' म्हणून ओळखली जाणारी) ही एक {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती डाव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने वेगवान गोलंदाज करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील क्रिकेट संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात सेव्वांडीची निवड करण्यात आली होती. जून २०२४ मध्ये, [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४|वेस्ट इंडिजविरुद्धच्या मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा न्यू झीलंड दौरा, २०२४-२५|न्यूझीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठीच्या]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय आणि टी२० संघांमध्ये सेव्वांडीचा समावेश करण्यात आला. तिने याच मालिकेत १८ मार्च २०२५ रोजी आंतरराष्ट्रीय टी२० क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443573.html |title=तिसरा टी२० सामना, ड्युनेडिन, १८ मार्च २०२५, श्रीलंकेच्या महिला संघाचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. २० फेब्रुवारी २०२६ रोजी [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा वेस्ट इंडीज दौरा, २०२५–२६|वेस्ट इंडीज विरुद्ध मालिकेमध्ये]] तिला एकदिवसीय पदार्पणाची संधी मिळाली.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1523978.html|title=वेस्ट इंडीज महिला विरुद्ध श्रीलंका महिला, पहिली एकदिवसीय सामना - सेंट जॉर्ज्स, श्रीलंका महिलांचा वेस्ट इंडीज दौरा, २० फेब्रुवारी २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1380033}} r06xr9tz2cwbjhegzz1wl1qjb6ge5r4 2703093 2703092 2026-08-17T11:19:44Z KiranBOT II 140753 शुद्धलेखन — शहराचे अचूक नाव ([[सदस्य:KiranBOT II/typos#शहराचे अचूक नाव|अधिक माहिती]]) 2703093 wikitext text/x-wiki '''रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे''' (जन्म २१ ऑक्टोबर २००६; 'रश्मिका सेव्वांडी' म्हणून ओळखली जाणारी) ही एक {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती डाव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने वेगवान गोलंदाज करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील क्रिकेट संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात सेव्वांडीची निवड करण्यात आली होती. जून २०२४ मध्ये, [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४|वेस्ट इंडीजविरुद्धच्या मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा न्यू झीलंड दौरा, २०२४-२५|न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठीच्या]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय आणि टी२० संघांमध्ये सेव्वांडीचा समावेश करण्यात आला. तिने याच मालिकेत १८ मार्च २०२५ रोजी आंतरराष्ट्रीय टी२० क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443573.html |title=तिसरा टी२० सामना, ड्युनेडिन, १८ मार्च २०२५, श्रीलंकेच्या महिला संघाचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. २० फेब्रुवारी २०२६ रोजी [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा वेस्ट इंडीज दौरा, २०२५–२६|वेस्ट इंडीज विरुद्ध मालिकेमध्ये]] तिला एकदिवसीय पदार्पणाची संधी मिळाली.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1523978.html|title=वेस्ट इंडीज महिला विरुद्ध श्रीलंका महिला, पहिली एकदिवसीय सामना - सेंट जॉर्ज्स, श्रीलंका महिलांचा वेस्ट इंडीज दौरा, २० फेब्रुवारी २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1380033}} odshx1sn5igby0bs26qro84lal25ssw 2703094 2703093 2026-08-17T11:22:46Z Nitin.kunjir 4684 2703094 wikitext text/x-wiki '''रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे''' (जन्म २१ ऑक्टोबर २००६; 'रश्मिका सेव्वांडी' म्हणून ओळखली जाणारी) ही एक {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती डाव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने वेगवान गोलंदाज करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील क्रिकेट संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात सेव्वांडीची निवड करण्यात आली होती. जून २०२४ मध्ये, [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४|वेस्ट इंडीजविरुद्धच्या मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा न्यू झीलंड दौरा, २०२४-२५|न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठीच्या]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय आणि टी२० संघांमध्ये सेव्वांडीचा समावेश करण्यात आला. तिने याच मालिकेत १८ मार्च २०२५ रोजी आंतरराष्ट्रीय टी२० क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443573.html |title=तिसरा टी२० सामना, ड्युनेडिन, १८ मार्च २०२५, श्रीलंकेच्या महिला संघाचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. २५ जुलै २०२६ रोजी [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तान विरुद्ध मालिकेमध्ये]] तिला एकदिवसीय पदार्पणाची संधी मिळाली.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540541.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, दुसरा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना - हंबन्टोटा, २५ जुलै २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1380033}} lxwj2hapt9byhrs20o0ipl48lwgeazf 2703095 2703094 2026-08-17T11:22:57Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703095 wikitext text/x-wiki '''रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे''' (जन्म २१ ऑक्टोबर २००६; 'रश्मिका सेव्वांडी' म्हणून ओळखली जाणारी) ही एक {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती डाव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने वेगवान गोलंदाज करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील क्रिकेट संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात सेव्वांडीची निवड करण्यात आली होती. जून २०२४ मध्ये, [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४|वेस्ट इंडीजविरुद्धच्या मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा न्यू झीलंड दौरा, २०२४-२५|न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठीच्या]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय आणि टी२० संघांमध्ये सेव्वांडीचा समावेश करण्यात आला. तिने याच मालिकेत १८ मार्च २०२५ रोजी आंतरराष्ट्रीय टी२० क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443573.html |title=तिसरा टी२० सामना, ड्युनेडिन, १८ मार्च २०२५, श्रीलंकेच्या महिला संघाचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. २५ जुलै २०२६ रोजी [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तान विरुद्ध मालिकेमध्ये]] तिला एकदिवसीय पदार्पणाची संधी मिळाली.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540541.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, दुसरा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना - हंबन्टोटा, २५ जुलै २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1380033}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] 34u7w10u6xz1kyjsdovjf6lu00htcag 2703124 2703095 2026-08-17T11:36:04Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703124 wikitext text/x-wiki '''रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे''' (जन्म २१ ऑक्टोबर २००६; 'रश्मिका सेव्वांडी' म्हणून ओळखली जाणारी) ही एक {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती डाव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने वेगवान गोलंदाज करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील क्रिकेट संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात सेव्वांडीची निवड करण्यात आली होती. जून २०२४ मध्ये, [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४|वेस्ट इंडीजविरुद्धच्या मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा न्यू झीलंड दौरा, २०२४-२५|न्यू झीलंडविरुद्धच्या 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{{cricinfo|id=1380033}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००६ मध्य जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] tp2ayww57deptpfntyyhqxdw6fs8gq1 2703125 2703124 2026-08-17T11:36:11Z अभय नातू 206 removed [[Category:इ.स. २००६ मध्य जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703125 wikitext text/x-wiki '''रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे''' (जन्म २१ ऑक्टोबर २००६; 'रश्मिका सेव्वांडी' म्हणून ओळखली जाणारी) ही एक {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती डाव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने वेगवान गोलंदाज करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील क्रिकेट संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात सेव्वांडीची निवड करण्यात आली होती. जून २०२४ मध्ये, [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४|वेस्ट इंडीजविरुद्धच्या मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा न्यू झीलंड दौरा, २०२४-२५|न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठीच्या]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय आणि टी२० संघांमध्ये सेव्वांडीचा समावेश करण्यात आला. तिने याच मालिकेत १८ मार्च २०२५ रोजी आंतरराष्ट्रीय टी२० क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443573.html |title=तिसरा टी२० सामना, ड्युनेडिन, १८ मार्च २०२५, श्रीलंकेच्या महिला संघाचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. २५ जुलै २०२६ रोजी [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तान विरुद्ध मालिकेमध्ये]] तिला एकदिवसीय पदार्पणाची संधी मिळाली.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540541.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, दुसरा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना - हंबन्टोटा, २५ जुलै २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1380033}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००६ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] fvll453mxnriaijb5i159lnyzygwrjw 2703126 2703125 2026-08-17T11:36:15Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703126 wikitext text/x-wiki '''रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे''' (जन्म २१ ऑक्टोबर २००६; 'रश्मिका सेव्वांडी' म्हणून ओळखली जाणारी) ही एक {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी ​​क्रिकेटपटू आहे. ती डाव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने वेगवान गोलंदाज करते. तिने श्रीलंका महिलांच्या १९-वर्षांखालील क्रिकेट संघाचेही प्रतिनिधित्व केले आहे. ==कारकीर्द== जानेवारी २०२३ मध्ये, [[२०२३ आयसीसी १९ वर्षांखालील महिला टी२० विश्वचषक]] स्पर्धेसाठी श्रीलंकेच्या संघात सेव्वांडीची निवड करण्यात आली होती. जून २०२४ मध्ये, [[वेस्ट इंडीज महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२४|वेस्ट इंडीजविरुद्धच्या मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. फेब्रुवारी २०२५ मध्ये, [[श्रीलंका महिला क्रिकेट संघाचा न्यू झीलंड दौरा, २०२४-२५|न्यू झीलंडविरुद्धच्या मालिकेसाठीच्या]] आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय आणि टी२० संघांमध्ये सेव्वांडीचा समावेश करण्यात आला. तिने याच मालिकेत १८ मार्च २०२५ रोजी आंतरराष्ट्रीय टी२० क्रिकेटमध्ये पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1443573.html |title=तिसरा टी२० सामना, ड्युनेडिन, १८ मार्च २०२५, श्रीलंकेच्या महिला संघाचा न्यूझीलंड दौरा|work=ईएसपीएन क्रिकइन्फो|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> एप्रिल २०२५ मध्ये, [[२०२५ श्रीलंका महिला तिरंगी मालिका|भारत आणि दक्षिण आफ्रिका यांच्याविरुद्धच्या एकदिवसीय तिरंगी मालिकेसाठी]] तिची श्रीलंका राष्ट्रीय संघात निवड करण्यात आली. २५ जुलै २०२६ रोजी [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तान विरुद्ध मालिकेमध्ये]] तिला एकदिवसीय पदार्पणाची संधी मिळाली.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540541.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, दुसरा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना - हंबन्टोटा, २५ जुलै २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== {{cricinfo|id=1380033}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००६ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] 9o07rum2y525bjunvcayiixifek6xt6 युटीसी+१३ 0 382885 2703097 2026-08-17T11:24:17Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2703097 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[यूटीसी+१३:००]] fy75dff74fjqktkzxudiorwkz0dnk7u रनमोर मार्टिनेझ 0 382886 2703103 2026-08-17T11:28:50Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''रनमोर एथोलसन जॉन मार्टिनेझ''' (जन्म २४ जून १९६७) हे श्रीलंकेचे पंच आणि माजी प्रथम श्रेणी क्रिकेटपटू आहेत. मार्टिनेझ यांनी मोरातुवा येथील 'सेबेस्टियनाइट्स क्रिकेट अँड ॲथलेटिक क्ल... 2703103 wikitext text/x-wiki '''रनमोर एथोलसन जॉन मार्टिनेझ''' (जन्म २४ जून १९६७) हे श्रीलंकेचे पंच आणि माजी प्रथम श्रेणी क्रिकेटपटू आहेत. मार्टिनेझ यांनी मोरातुवा येथील 'सेबेस्टियनाइट्स क्रिकेट अँड ॲथलेटिक क्लब'साठी प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेळले. त्यांची कारकीर्द अल्पकालीन होती आणि त्यांनी केवळ चार प्रथम श्रेणी सामन्यांत सहभाग घेतला होता. त्यांनी १९९६ मध्ये पंच म्हणून काम करण्यास सुरुवात केली आणि २००० मध्ये त्यांची 'प्रीमियर डिव्हिजन'मध्ये पदोन्नती झाली. [[क्रिकेट विश्वचषक, २०१५|२०१५ क्रिकेट विश्वचषकातील]] सामन्यांसाठी पंच म्हणून काम करणाऱ्या वीस पंचांपैकी एक म्हणून त्यांची निवड करण्यात आली होती.<ref>{{cite web|url= http://www.icc-cricket.com/news/2014/media-releases/83319/icc-announces-match-officials-for-icc-cricket-world-cup-2015|title= आयसीसीतर्फे २०१५ आयसीसी क्रिकेट विश्वचषकासाठी सामना अधिकाऱ्यांची घोषणा.|publisher= आयसीसी क्रिकेट|date= २ डिसेंबर २०१४|access-date= १७ ऑगस्ट २०२६|url-status= dead|archive-url= https://web.archive.org/web/20150330201852/http://www.icc-cricket.com/news/2014/media-releases/83319/icc-announces-match-officials-for-icc-cricket-world-cup-2015|archive-date= २० मार्च २०१५}}</ref> जानेवारी २०१८ मध्ये, [[१९ वर्षांखालील क्रिकेट विश्वचषक, २०१८]]साठी नेमण्यात आलेल्या सतरा मैदानी पंचांपैकी एक म्हणून त्यांची निवड झाली.<ref name="2018U19">{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/media-releases/586590 |title=१९-वर्षांखालील क्रिकेट विश्वचषकासाठी सामना अधिकाऱ्यांची नियुक्ती |work=आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} dhsuq0niaocmrkgw58tsniud7ucay97 2703130 2703103 2026-08-17T11:38:02Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703130 wikitext text/x-wiki '''रनमोर एथोलसन जॉन मार्टिनेझ''' (जन्म २४ जून १९६७) हे श्रीलंकेचे पंच आणि माजी प्रथम श्रेणी क्रिकेटपटू आहेत. मार्टिनेझ यांनी मोरातुवा येथील 'सेबेस्टियनाइट्स क्रिकेट अँड ॲथलेटिक क्लब'साठी प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेळले. त्यांची कारकीर्द अल्पकालीन होती आणि त्यांनी केवळ चार प्रथम श्रेणी सामन्यांत सहभाग घेतला होता. त्यांनी १९९६ मध्ये पंच म्हणून काम करण्यास सुरुवात केली आणि २००० मध्ये त्यांची 'प्रीमियर डिव्हिजन'मध्ये पदोन्नती झाली. [[क्रिकेट विश्वचषक, २०१५|२०१५ क्रिकेट विश्वचषकातील]] सामन्यांसाठी पंच म्हणून काम करणाऱ्या वीस पंचांपैकी एक म्हणून त्यांची निवड करण्यात आली होती.<ref>{{cite web|url= http://www.icc-cricket.com/news/2014/media-releases/83319/icc-announces-match-officials-for-icc-cricket-world-cup-2015|title= आयसीसीतर्फे २०१५ आयसीसी क्रिकेट विश्वचषकासाठी सामना अधिकाऱ्यांची घोषणा.|publisher= आयसीसी क्रिकेट|date= २ डिसेंबर २०१४|access-date= १७ ऑगस्ट २०२६|url-status= dead|archive-url= https://web.archive.org/web/20150330201852/http://www.icc-cricket.com/news/2014/media-releases/83319/icc-announces-match-officials-for-icc-cricket-world-cup-2015|archive-date= २० मार्च २०१५}}</ref> जानेवारी २०१८ मध्ये, [[१९ वर्षांखालील क्रिकेट विश्वचषक, २०१८]]साठी नेमण्यात आलेल्या सतरा मैदानी पंचांपैकी एक म्हणून त्यांची निवड झाली.<ref name="2018U19">{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/media-releases/586590 |title=१९-वर्षांखालील क्रिकेट विश्वचषकासाठी सामना अधिकाऱ्यांची नियुक्ती |work=आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:क्रिकेट पंच]] 7ptadgwz4zwsn13yux5hj8awkn2abtg 2703131 2703130 2026-08-17T11:38:11Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703131 wikitext text/x-wiki '''रनमोर एथोलसन जॉन मार्टिनेझ''' (जन्म २४ जून १९६७) हे श्रीलंकेचे पंच आणि माजी प्रथम श्रेणी क्रिकेटपटू आहेत. मार्टिनेझ यांनी मोरातुवा येथील 'सेबेस्टियनाइट्स क्रिकेट अँड ॲथलेटिक क्लब'साठी प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेळले. त्यांची कारकीर्द अल्पकालीन होती आणि त्यांनी केवळ चार प्रथम श्रेणी सामन्यांत सहभाग घेतला होता. त्यांनी १९९६ मध्ये पंच म्हणून काम करण्यास सुरुवात केली आणि २००० मध्ये त्यांची 'प्रीमियर डिव्हिजन'मध्ये पदोन्नती झाली. [[क्रिकेट विश्वचषक, २०१५|२०१५ क्रिकेट विश्वचषकातील]] सामन्यांसाठी पंच म्हणून काम करणाऱ्या वीस पंचांपैकी एक म्हणून त्यांची निवड करण्यात आली होती.<ref>{{cite web|url= http://www.icc-cricket.com/news/2014/media-releases/83319/icc-announces-match-officials-for-icc-cricket-world-cup-2015|title= आयसीसीतर्फे २०१५ आयसीसी क्रिकेट विश्वचषकासाठी सामना अधिकाऱ्यांची घोषणा.|publisher= आयसीसी क्रिकेट|date= २ डिसेंबर २०१४|access-date= १७ ऑगस्ट २०२६|url-status= dead|archive-url= https://web.archive.org/web/20150330201852/http://www.icc-cricket.com/news/2014/media-releases/83319/icc-announces-match-officials-for-icc-cricket-world-cup-2015|archive-date= २० मार्च २०१५}}</ref> जानेवारी २०१८ मध्ये, [[१९ वर्षांखालील क्रिकेट विश्वचषक, २०१८]]साठी नेमण्यात आलेल्या सतरा मैदानी पंचांपैकी एक म्हणून त्यांची निवड झाली.<ref name="2018U19">{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/media-releases/586590 |title=१९-वर्षांखालील क्रिकेट विश्वचषकासाठी सामना अधिकाऱ्यांची नियुक्ती |work=आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:क्रिकेट पंच]] [[वर्ग:इ.स. १९६७ मधील जन्म]] 4sqo9qaup41hlen4hvm283jkoxto5o7 2703132 2703131 2026-08-17T11:38:17Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703132 wikitext text/x-wiki '''रनमोर एथोलसन जॉन मार्टिनेझ''' (जन्म २४ जून १९६७) हे श्रीलंकेचे पंच आणि माजी प्रथम श्रेणी क्रिकेटपटू आहेत. मार्टिनेझ यांनी मोरातुवा येथील 'सेबेस्टियनाइट्स क्रिकेट अँड ॲथलेटिक क्लब'साठी प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेळले. त्यांची कारकीर्द अल्पकालीन होती आणि त्यांनी केवळ चार प्रथम श्रेणी सामन्यांत सहभाग घेतला होता. त्यांनी १९९६ मध्ये पंच म्हणून काम करण्यास सुरुवात केली आणि २००० मध्ये त्यांची 'प्रीमियर डिव्हिजन'मध्ये पदोन्नती झाली. [[क्रिकेट विश्वचषक, २०१५|२०१५ क्रिकेट विश्वचषकातील]] सामन्यांसाठी पंच म्हणून काम करणाऱ्या वीस पंचांपैकी एक म्हणून त्यांची निवड करण्यात आली होती.<ref>{{cite web|url= http://www.icc-cricket.com/news/2014/media-releases/83319/icc-announces-match-officials-for-icc-cricket-world-cup-2015|title= आयसीसीतर्फे २०१५ आयसीसी क्रिकेट विश्वचषकासाठी सामना अधिकाऱ्यांची घोषणा.|publisher= आयसीसी क्रिकेट|date= २ डिसेंबर २०१४|access-date= १७ ऑगस्ट २०२६|url-status= dead|archive-url= https://web.archive.org/web/20150330201852/http://www.icc-cricket.com/news/2014/media-releases/83319/icc-announces-match-officials-for-icc-cricket-world-cup-2015|archive-date= २० मार्च २०१५}}</ref> जानेवारी २०१८ मध्ये, [[१९ वर्षांखालील क्रिकेट विश्वचषक, २०१८]]साठी नेमण्यात आलेल्या सतरा मैदानी पंचांपैकी एक म्हणून त्यांची निवड झाली.<ref name="2018U19">{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/media-releases/586590 |title=१९-वर्षांखालील क्रिकेट विश्वचषकासाठी सामना अधिकाऱ्यांची नियुक्ती |work=आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिती |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:क्रिकेट पंच]] [[वर्ग:इ.स. १९६७ मधील जन्म]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] 85zzka14ypub563aw82nb23wg6wuwqk फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री पुरस्कार 0 382887 2703106 2026-08-17T11:31:50Z अभय नातू 206 नामभेद 2703106 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[फिल्मफेर सर्वोत्तम अभिनेत्री पुरस्कार]] 8odc0coxmdodyil4gjx9cgyvl4qejrw फिल्मफेअर सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री समीक्षक पुरस्कार 0 382888 2703108 2026-08-17T11:32:13Z अभय नातू 206 नामभेद 2703108 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[फिल्मफेर सर्वोत्तम अभिनेत्री समीक्षक पुरस्कार]] jhywdgkrzdzxgm2n7jj8u89rsf3bdgy आलिया भट 0 382889 2703109 2026-08-17T11:32:48Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2703109 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[आलिया भट्ट]] g541ngfxbbf0dozops80mhv5twhf7ky निमाशा मदुशानी मीपागे 0 382890 2703119 2026-08-17T11:34:56Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703119 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[निमाशा मीपागे]] 356q4ve2n3zqipgncuj3enmkest3b8d फलोडी 0 382891 2703121 2026-08-17T11:35:32Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2703121 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[फलोदी]] 1241ckolsjq2p9akfqj1ih3h8ukqlai चामुडी प्रबोधा 0 382892 2703127 2026-08-17T11:36:24Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''हेवा मुनासिंघालगे चामुडी प्रबोधा''' (जन्म: २५ एप्रिल २००९, मोनारागाला येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोल... 2703127 wikitext text/x-wiki '''हेवा मुनासिंघालगे चामुडी प्रबोधा''' (जन्म: २५ एप्रिल २००९, मोनारागाला येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हाताने [[फलंदाजी]] करते. तिने ३१ जुलै २०२६ रोजी, [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तानविरुद्ध मालिकेमधून]] आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, पहिली टी-२० आंतरराष्ट्रीय लढत (दाम्बुला), ३१ जुलै २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1427043}} jwtpg9bdajuc14bz0jdjbtx4875fnod 2703129 2703127 2026-08-17T11:36:35Z Nitin.kunjir 4684 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703129 wikitext text/x-wiki '''हेवा मुनासिंघालगे चामुडी प्रबोधा''' (जन्म: २५ एप्रिल २००९, मोनारागाला येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हाताने [[फलंदाजी]] करते. तिने ३१ जुलै २०२६ रोजी, [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तानविरुद्ध मालिकेमधून]] आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, पहिली टी-२० आंतरराष्ट्रीय लढत (दाम्बुला), ३१ जुलै २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1427043}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] qhk0xu67gfakzhx219o7j5ldhm08twp 2703136 2703129 2026-08-17T11:39:49Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703136 wikitext text/x-wiki '''हेवा मुनासिंघालगे चामुडी प्रबोधा''' (जन्म: २५ एप्रिल २००९, मोनारागाला येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हाताने [[फलंदाजी]] करते. तिने ३१ जुलै २०२६ रोजी, [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तानविरुद्ध मालिकेमधून]] आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, पहिली टी-२० आंतरराष्ट्रीय लढत (दाम्बुला), ३१ जुलै २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1427043}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००९ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] 0ni74cjn12zhod6vbilci6h433ky2wp 2703137 2703136 2026-08-17T11:39:54Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703137 wikitext text/x-wiki '''हेवा मुनासिंघालगे चामुडी प्रबोधा''' (जन्म: २५ एप्रिल २००९, मोनारागाला येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी गोलंदाज आहे. ती [[डावखोरा ऑर्थोडॉक्स स्पिन|डावखुरी मंदगती ऑर्थोडॉक्स फिरकी गोलंदाजी]] आणि उजव्या हाताने [[फलंदाजी]] करते. तिने ३१ जुलै २०२६ रोजी, [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तानविरुद्ध मालिकेमधून]] आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, पहिली टी-२० आंतरराष्ट्रीय लढत (दाम्बुला), ३१ जुलै २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1427043}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००९ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] jd1mcgbqrqftusxj3tkf2661z9pc1yl रश्मिका सेव्वांडी हेवालंका गीगानागे 0 382893 2703128 2026-08-17T11:36:32Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703128 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[रश्मिका सेव्वांडी]] ryl3eoc9yujevuak03cxfhwvilw5uva रनमोर एथोलसन जॉन मार्टिनेझ 0 382894 2703133 2026-08-17T11:38:30Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703133 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[रनमोर मार्टिनेझ]] 040h2hdwrd81g78g8mduq53vehc9rie रणमोर मार्टिनेझ 0 382895 2703134 2026-08-17T11:38:51Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2703134 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[रनमोर मार्टिनेझ]] 040h2hdwrd81g78g8mduq53vehc9rie हेवा मुनासिंघालगे चामुडी प्रबोधा 0 382896 2703139 2026-08-17T11:40:06Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703139 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[चामुडी प्रबोधा]] t2h0bfzyxaqfc8trfcrgce3ufw2n0i2 संजना कविंदी 0 382897 2703142 2026-08-17T11:42:37Z Nitin.kunjir 4684 नवीन पान: '''एदिरिमुनी संजना कविंदी डी सिल्वा''' (जन्म: २५ नोव्हेंबर २००८, [[गाली]] येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी डावखुरी फलंदाज आहे. तिने देवपतीराजा विद्यालय, रथगामा येथे शालेय शिक्षण घेतले ति... 2703142 wikitext text/x-wiki '''एदिरिमुनी संजना कविंदी डी सिल्वा''' (जन्म: २५ नोव्हेंबर २००८, [[गाली]] येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी डावखुरी फलंदाज आहे. तिने देवपतीराजा विद्यालय, रथगामा येथे शालेय शिक्षण घेतले तिने २ ऑगस्ट २०२६ रोजी, [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तानविरुद्ध मालिकेमधून]] आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, दूसरा आंतरराष्ट्रीय टी२० सामना (दाम्बुला), २ ऑगस्ट २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1427035}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] t2zdnp9vgf6i4cxss6huaftjegh3kez 2703143 2703142 2026-08-17T11:47:46Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703143 wikitext text/x-wiki '''एदिरिमुनी संजना कविंदी डी सिल्वा''' (जन्म: २५ नोव्हेंबर २००८, [[गाली]] येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी डावखुरी फलंदाज आहे. तिने देवपतीराजा विद्यालय, रथगामा येथे शालेय शिक्षण घेतले तिने २ ऑगस्ट २०२६ रोजी, [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तानविरुद्ध मालिकेमधून]] आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, दूसरा आंतरराष्ट्रीय टी२० सामना (दाम्बुला), २ ऑगस्ट २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1427035}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००८ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] cy8ilsibv5b8372qp5c6xae1rvzy83c 2703144 2703143 2026-08-17T11:47:51Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2703144 wikitext text/x-wiki '''एदिरिमुनी संजना कविंदी डी सिल्वा''' (जन्म: २५ नोव्हेंबर २००८, [[गाली]] येथे) ही {{Crw|SRI}} संघाकडून खेळणारी डावखुरी फलंदाज आहे. तिने देवपतीराजा विद्यालय, रथगामा येथे शालेय शिक्षण घेतले तिने २ ऑगस्ट २०२६ रोजी, [[पाकिस्तान महिला क्रिकेट संघाचा श्रीलंका दौरा, २०२६|पाकिस्तानविरुद्ध मालिकेमधून]] आंतरराष्ट्रीय टी२० पदार्पण केले.<ref>{{cite web|url=https://www.cricinfo.com/ci/engine/match/1540543.html|title=श्रीलंका महिला विरुद्ध पाकिस्तान महिला, दूसरा आंतरराष्ट्रीय टी२० सामना (दाम्बुला), २ ऑगस्ट २०२६ - संपूर्ण धावफलक|access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ==संदर्भयादी== {{संदर्भयादी}} ==बाह्यदुवे== * {{cricinfo|id=1427035}} [[वर्ग:श्रीलंकेच्या महिला क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. २००८ मध्ये जन्मलेले क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] 5uos3tfxcbxgv1zrxr78mlvf6ifeisr एदिरिमुनी संजना कविंदी डी सिल्वा 0 382898 2703145 2026-08-17T11:48:09Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703145 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[संजना कविंदी]] rmy23xew0cn8vy3dwsbwqt0qk065sw9 जोडी एलिझाबेथ डेव्हिस 0 382899 2703146 2026-08-17T11:57:01Z अभय नातू 206 पूर्ण नाव 2703146 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[जोडी डेव्हिस]] f5sr9ddxehtdsu2v7ngfknptrecx44h